पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
[ संख्या-02 खण्ड-26] रुड़की , शनिवार, दिनांक 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु०
3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1500
07-33
भाग 1-विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
17-18
भाग 1 -क-नियम , कार्य -विधियां, आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
1500
975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6-बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975 भाग 8 - सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
05-06
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
07-क 08
उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति , स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
सचिवालय प्रशासन (अधि०) अनुभाग-01
अधिसूचना
16 दिसम्बर , 2024 ई ०
संख्या-1598 / XXXI ( 1 ) / 2024 - विविध-27/ 2014- तात्कालिक प्रभाव से उत्तराखण्ड कार्य ( बंटवारा) नियमावली, 2003 के नियम -2 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये उत्तराखण्ड सचिवालय में सचिवालय प्रशासन विभाग के अन्तर्गत सृजित अनुभागों में से "सचिवालय प्रशासन (विविध) अनुभाग -04 ° को समाप्त करते हुये निर्वाचन विभागान्तर्गत 01 अनुभाग सृजित किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
2- उक्तानुसार निर्वाचन विभाग के अधीन अनुभाग सृजित होने के फलस्वरूप सृजित अनुभाग को निर्वाचन अनुभाग के नाम से जाना जायेगा एवं निर्वाचन अनुभाग का अनुभागीय कोड-xxv होगा ।
3- "सचिवालय प्रशासन (विविध) अनुभाग -04 " के समस्त कार्यों को सचिवालय प्रशासन (विविध) अनुभाग -02 " को आवंटित किया जाता है । इसके अतिरिक्त सचिवालय प्रशासन (विविध) अनुभाग-04 में तैनात / कार्यरत समस्त कार्मिक निर्वाचन अनुभाग के कार्मिक माने जायेंगे ।
4- उत्तराखण्ड कार्य (बंटवारा) नियमावली , 2003 के अधीन सचिवालय प्रशासन विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-1093 /XXXI (1 )/ 2006 , दिनांक 28 अगस्त, 2006 एवं अधिसूचना संख्या-1600 / XXXI (1 )/ 2019 , दिनांक 28 नवम्बर , 2019 को इस सीमा तक संशोधित समझा जायेगा ।
आज्ञा से , राधा रतूड़ी, मुख्य सचिव ।
न्याय अनुभाग -1
अधिसूचना
23 दिसम्बर , 2024 ई ०
संख्या-44 / नो ०डी० / XXXVI -A- 1 / 2024-14 नो 0डी0 / 2023 - श्री राज्यपाल , नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952) की धारा -3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री ललित पटवाल , अधिवक्ता को दिनांक 23-12-2024 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये तहसील धुमाकोट, जिला पौड़ी गढवाल में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4 ) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री ललित पटवाल का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से, प्रदीप पन्त, प्रमुख सचिव , न्याय एवं विधि परामर्शी ।
09 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
In pursuance of the provisions of Clause (3 ) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No. 44/ No - D /XXXVI - A - 1 / 2024-14 No -D/2023 Dated- December 23 , 2024 .
NOTIFICATION
Appointment
December 23 , 2024
No.44/ No - D/ XXXVI - A- 1 / 2024-14 No. - D/2023 --In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act , 1952 (Act No - 53 of 1952 ) , the Governor is pleased to appoint Mr. Lalit Patwal , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 23-12-2024 for Tehsil Dhumakot , District Pauri Garhwal and in exercise of the powers conferredby sub - rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Lalit Patwal be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act .
By Order,
PRADEEP PANT, Principal Secretary, Law- cum- L.R .
समाज कल्याण अनुभाग-2
अधिसूचना
18 दिसम्बर , 2024 ई ०
संख्या-866 / XVII - 2 / 2024-05 (OBC) / 2015- राज्यपाल , उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) अधिनियम , 1994 ] अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश , 2001 की धारा 13 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके, उपर्युक्त अधिनियम की अनुसूची- एक में निम्नलिखित संशोधन करते हुए इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से संशोधित समझे जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
संशोधन
उपर्युक्त अधिनियम की अनुसूची- एक में प्रविष्टि-86 (82) पर दी गई प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि रख दी जायेगी , अर्थातः-
86 (82) . " सयाल" जाति के स्थान पर " सयाला "
आज्ञा से , डा० नीरज खैरवाल , सचिव ।
10
उत्तराखण्ड गजट, 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
In pursuance of the provisions of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of the Notification no. 866/ XVII - 2 / 2024-05( OBC )/ 2015, dated- December 18 , 2024 for general information.
NOTIFICATION
December 18 , 2024
No.866/XVII - 2 /2024-05 ( OBC) /2015 --In exercise of the powers conferred by Section 13 of the Uttarakhand { The Uttar Pradesh Service ( Reservation for Scheduled Castes , Scheduled Tribes and Other Backward Classes) Act , 1994} Adaptation and Modification Order, 2001 , the Governor is pleased to accord sanction to make following amendments in Schedule -1 of the aforesaid Act with effect form the date of publication of this notification: -
Amendment
In the above mentioned Act , in Schedule -1 , for entry 86 (82) , the following entry shall be substituted , namely: -
86( 82) . " Sayala" in place of " Sayal" caste .
By Order,
DR . NEERAJ KHARWAL , Secretary.
पर्यटन अनुभाग
अधिसूचना
30 दिसम्बर , 2024 ई ०
संख्या-264484/VI/2024- पर्यटन के क्षेत्र में 01 करोड़ से 05 करोड़ तक का निवेश करने वाले प्रदेश के स्थायी निवासियों / उद्यमियों को प्रोत्साहित एवं आर्थिक रूप से सबल बनाये जाने हेतु उत्तराखण्ड शासन , की अधिसूचना संख्या 235925/VI /2024 दिनांक 30 अगस्त, 2024 द्वारा अधिसूचित उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024 के सुचारू क्रियान्वयन हेतु परिचालन दिशानिर्देश (Operational Guidelines) (संलग्न ) प्रख्यापित किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
आज्ञा से , सचिन कुर्वे , सचिव ।
भाग 1]
11 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
VI/ 2024: दिनांक
अधिसूचना संख्याः-
दिसम्बर , 2024 का संलग्नक
1. संक्षिप्त नाम
उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024 के क्रियान्वयन हेतु परिचालन दिशानिर्देश (Operational Guidelines)
2. प्रचालन /क्रियान्वयन हेतु प्राधिकृत/ नोडल विभाग
उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद, देहरादून ।
3. परिभाषायें
उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024 के में परिभाषित शब्दावली के अतिरिक्त इस दिशानिर्देश में प्रयुक्त शब्दावली निम्नवत परिभाषित हैं-
i . " योजना " से उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024 अभिप्रेत है ।
ii . " दिशानिर्देश " से उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024 के क्रियान्वयन हेतु जारी किये जा रहे इन परिचालन दिशानिर्देशों (Operational Guidelines) अभिप्रेत है ।
iii . " इकाई " से इस योजना के अंतर्गत प्रस्तर-06 में चिन्हित पर्यटन गतिविधि / क्रियाकलाप से सम्बंधित पर्यटन इकाई, अभिप्रेत है ।
यह एकल iv . " इकाई का स्वामित्व " से इकाई / उद्यम पर मालिकाना हक, अभिप्रेत है । स्वामित्व /प्रोपराईटरशिप / पार्टनरशिप (पंजीकृत) / एल ० एल ०पी ०/ प्रा०लि० अथवा अन्य किसी विधिक संस्था के रूप में पंजीकृत इकाईयों / संस्थाओं / फर्म के रूप में हो सकता है ।
v. " उत्तराखण्ड के स्थायी निवासी / उद्यमी " से उत्तराखण्ड के स्थायी निवास प्रमाण पत्र धारक, अभिप्रेत है ।
vi . " जनपद / क्षेत्र की श्रेणी " से उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना -2024 में वित्तीय प्रोत्साहन हेतु राज्य के जनपद / क्षेत्र का ए , बी व सी श्रेणी में वर्गीकरण, अभिप्रेत है ।
vii . " विस्तारीकरण " से इस योजना के लागू के पूर्व से राज्य में स्थापित एवं कियाशील पात्र पर्यटन इकाई, अभिप्रेत है, जो इस परिचालन दिशानिर्देश की प्रस्तर-5 में परिभाषित अवसंरचना / सुविधाएं एवं विशिष्ट शर्ते तथा प्रस्तर-6 मे उल्लेखित सामान्य पात्रता की अर्हता प्राप्त कर विस्तार कर रही हो ।
12
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
viii. " व्यावसायिक संचालन की तिथि (सी० ओ०डी० )" से व्यावसायिक संचालन तिथि या वह तिथि अभिप्रेत होगी , जब पर्यटन इकाई उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवस्था पंजीकरण नियमावली 2014 (समय- समय पर यथासंशोधित) अथवा अन्य सम्बद्ध विभाग / संस्था के अन्तर्गत पंजीकरण के उपरान्त संचालन आरम्भ करती है । विस्तार / विविधीकरण इकाई हेतु व्यावसायिक संचालन का अर्थ उस तिथि से है जब पर्यटन इकाई का विस्तारित / विविधीकृत घटक/ भाग का संचालन उत्तराखण्ड़ पर्यटन एवं यात्रा व्यवस्था पंजीकरण नियमावली 2014 (समय - समय पर यथासंशोधित ) अथवा अन्य सम्बद्ध विभाग / संस्था के अन्तर्गत पंजीकरण के उपरान्त आरम्भ करता है ।
ix. " उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 " से उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 30/ XXXVI ( 3 )/ 2013/ 62 ( 1 )/2012 , दिनांक 28 जनवरी, 2013 द्वारा जारी उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 एवं समय - समय पर इसमें जारी संशोधन अभिप्रेत है ।
x. " कैफ (CAF)' ' से उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 (यथा संशोधित) तथा तदक्रम में समय- समय पर जारी नियमों के अधीन उद्यमों को प्रदान की जानी वाली अनुज्ञा/अनुमति के लिये उत्तराखण्ड सिंगल विन्डो पोर्टल पर उपलब्ध सामान्य आवेदन पत्र ( Common Application Form) अभिप्रेत है ।
xi . " राज्य/ जिला प्राधिकृत समिति" से उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम-2012 (यथा संशोधित ) के अन्तर्गत राज्य तथा जिला स्तर पर निवेश प्रस्तावों के सैद्धान्तिक अनुमोदन (CAFApproval ) हेतु गठित प्राधिकृत समितिया अभिप्रेत है ।
xii . "जिला स्तरीय पर्यटन समिति" से योजना के प्रस्तर 12-01 में जनपद स्तर पर अनुदान / वित्तीय प्रोत्साहन प्रस्तावों के भौतिक सत्यापन एवं अनुश्रवण हेतु मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति अभिप्रेत है ।
xiii . "राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति" से योजना के प्रस्तर 12-02 में अनुदान / वित्तीय प्रोत्साहन की स्वीकृति हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी , उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद , की अध्यक्षता में गठित समिति अभिप्रेत है ।
xiv . "स्टाम्प शुल्क " से भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 (उत्तराखण्ड राज्य यथाप्रवृत्त) के अधीन देय स्टाम्प शुल्क (पंजीकरण व अन्य शुल्क को छोडकर) अभिप्रेत है ।
xv . " वस्तु एवं सेवा कर (GST) '' से उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम-2017 (समय - समय पर यथा संशोधित) में यथा परिभाषित अभिप्रेत है ।
भाग 1 ]
13 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
xvi . " राज्य वस्तु एवं सेवा कर ( SGST ) " से उत्तराखण्ड वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के अंतर्गत राज्य वस्तु एवं सेवा कर अभिप्रेत है ।
4. वित्तीय प्रोत्साहन हेतु जनपद / क्षेत्र वर्गीकरण
वित्तीय प्रोत्साहनों की अनुमन्यता हेतु राज्य को निम्नलिखित 03 क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है-
श्रेणी सम्मिलित/ आच्छादित क्षेत्र
ए
हरिद्वार , नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर जिलों का सम्पूर्ण क्षेत्र
देहरादून जिले के ऐसे क्षेत्र जो श्रेणी 'बी' में सम्मिलित नहीं
है
अल्मोड़ा जिले की रानीखेत तथा अल्मोड़ा तहसील
बी
अल्मोड़ा जिले का शेष क्षेत्र (जो श्रेणी 'ए ' में सम्मिलित नहीं है)
देहरादून जिले की कालसी , चकराता तथा त्यूनी तहसील
बागेश्वर जिले की गरूड़ तहसील
पौड़ी गढ़वाल जिले की कोटद्वार, लेंसडाउन , यमकेश्वर तथा धूमाकोट तहसील
टिहरी गढ़वाल जिले की धनोल्टी तथा नरेन्द्रनगर तहसील
सी
उत्तरकाशी, चमोली , चम्पावत , रुद्रप्रयाग तथा पिथौरागढ़ जिलों का सम्पूर्ण क्षेत्र
बागेश्वर , पौडी गढवाल तथा टिहरी गढ़वाल जिलों का शेष क्षेत्र (जो श्रेणी ' बी' में सम्मिलित नहीं है)
5. वित्तीय प्रोत्साहन हेतु अनुमन्य गतिविधियां एवं अवसंरचनाएं
योजना के अन्तर्गत वित्तीय प्रोत्साहन हेतु निम्नवत् पर्यटन गतिविधियां वांछित अवसंरचना / सुविधाओं/ विशिष्ट शर्तों के अधीन अनुमन्य होगें-
पर्यटन गतिविधियां
वांछित अवसंरचना/ सुविधाएँ / विशिष्ट शर्तें
एनआईसी कोड
52211
पार्किंग स्थल ( केवल पर्यटन स्थलों पर)
अनिवार्य सुविधाएं- में पक्का पार्किंग स्थल , टिकट वेंडिंग मशीन , निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे व पर्याप्त सामान्य जनसुविधाएं (पीने का पानी, शौचालय , ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि) ।
अंन्य आनुषंगिक सुविधाएं - बूम बैरियर, रात्रि पार्किंग सुविधा हेतु लिए स्ट्रीट लाइटिंग , इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट, चालक विश्राम सुविधा, सूक्ष्म जलपान आदि ।
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उत्तराखण्ड गजट, 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
52219 रज्जु मार्ग , रस्सी पर चलने वाले प्रक्रम(Funiculars) आदि(अन्य भूतल परिवहन सेवाएँ)
55101 विद्यमान होटल /रिसॉर्ट आदि का विस्तार ।
55101 फ्लोटेल्स / फ्लोटिंग रिसॉर्ट्स
55101 हेरिटेज होटल
55101 होटल, मोटल
[भाग 1
रोपवे को उत्तराखंड रोपवे अधिनियम-2014 का पालन करना होगा । रोपवे का प्रयोग सार्वजनिक/ पर्यटन प्रयोजनों के लिए किया जाना चाहिए
बाथरूम को छोड़कर कमरे का न्यूनतम क्षेत्रफल 120 वर्ग फुट ।
बाथरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 30 वर्ग फुट ।
संबंधित प्राधिकारी से अनुमोदन / स्वीकृति ।
के जिला/ राज्य /केन्द्र सरकार संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का अनुपालन ।
बाथरूम को छोड़कर कमरे का न्यूनतम क्षेत्रफल 120 वर्ग फुट ।
बाथरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 30 वर्ग फुट ।
सीवेज उपचार संयंत्र
जल निकाय को कोई नुकसान या गिरावट न हो , यह सुनिश्चित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण और शमन प्रथाएं व उचित कचरा प्रबंधन की व्यवस्था ।
हेरिटेज होटल 1950 से पूर्व निर्मित महलों/ राजभवनों /किलों/ हवेलियों / आवासों / अन्य इमारतों में संचालित होटलों को समाविष्ट करते हैं ।
भवन का अग्रभाग , वास्तुकला सुविधाएं और सामान्य निर्माण में क्षेत्र की पारंपरिक जीवनशैली के अनुरूप विशिष्ट गुण और माहौल होना चाहिए ।
मौजूदा संरचनाओं में कोई भी विस्तार, सुधार , नवीनीकरण , परिवर्तन पारंपरिक वास्तुशिल्प शैलियों और निर्माण तकनीकों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि नया और पुराना सामंजस्यपूर्ण रूप से मिल सके ।
साफ, स्वच्छ भोजन हेतु संबंधित सुविधाओं के साथ रेस्टोरेंट / डायनिंग हॉल की व्यवस्था ।
बाथरूम को छोड़कर कमरे का न्यूनतम क्षेत्रफल 120 वर्ग फुट
बाथरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 30 वर्ग फुट भाग 1 ]
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उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
55101 स्पा एवं स्वास्थ्य रिसोर्ट / आरोग्य रिसोर्ट
पर्यटक रिसोर्ट / पर्यटक 55101 ग्राम
!
55101 क्रूज-बोट, नौका (यॉट) , हाउसबोट तथा बोट क्लब की स्थापना
55200 इको लॉज तथा बाराहमासी कैम्प (आवासीय टैंट)
साफ , स्वच्छ भोजन हेतु संबंधित सुविधाओं के साथ रेस्टोरेंट / डायनिंग हॉल की व्यवस्था ।
बाथरूम को छोड़कर कमरे का न्यूनतम क्षेत्रफल 120 वर्ग फुट
बाथरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 30 वर्ग फुट
पर्यटक ग्राम परियोजना का अर्थ निम्नलिखित में से कोई एक होगा और इसमें निम्नलिखित शामिल होंगेः
(क) पर्यटन जो राज्य में ग्रामीण जीवन, कला , संस्कृति , शिल्प, व्यंजन तथा ग्रामीण स्थानों की विरासत को प्रदर्शित करता है
(ख) अधिक समृद्ध पर्यटन अनुभव हेतु पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों के बीच परस्पर संवाद को सक्षम बनाता है
विशिष्टताओं को संबंधित प्राधिकारियों द्वारा निर्दिष्ट न्यूनतम मानदंडों से मेल खाना चाहिए ।
संबंधित प्राधिकारियों से सभी अपेक्षित सई / अनुमोदन / अनुमतियाँ प्राप्त हों ।
राज्य/ केन्द्र सरकार के पारिस्थितिक पर्यटन दिशा निर्देशों के अनुवर्ती होनी चाहिए ।
56101/
52211 राष्ट्रीय और प्रादेशिक राजमार्गों पर गैर - ईंधन मार्गीय सुविधाएं जिनमें रेस्टोरेंट तथा पार्किंग की व्यवस्था हो
82300 बैठकें, प्रोत्साहन , सम्मेलन तथा प्रदर्शनियाँ या सम्मेलन केंद्र
पर्यटन या आतिथ्य प्रशिक्षण 85499 केन्द्र
पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हो ।
साफ, स्वच्छ भोजन कैफेटेरिया / फूडप्लाजा / रेस्टोरेंट उपलब्ध हो । हेतु
पुरुषों और महिलाओं प्रत्येक के लिए कम से कम 2 और दिव्यांगों हेतु एक निःशुल्क स्वच्छ शौचालय ।
सम्मलेन सभागार में दृश्य- श्रव्य कॉन्फ्रेंसिंग एवं उच्च- निष्ठा रिकॉर्डिंग उपकरण आदि होने चाहिए, और सुविधाओं को संचालित एवं प्रबंधित करने हेतु कुशल जनशक्ति के साथ स्थल पर पर्याप्त जनसुविधाएं होनी चाहिए ।
एआईसीटीई / एनसीएचएमसीटी या केंद्र या राज्य के किसी विश्वविद्यालय/ किसी विदेशी विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान , योजना के तहत प्रोत्साहन हेतु पात्र हैं ।
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उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
55101 योग , आयुर्वेद तथा प्राकृतिक चिकित्सा रिसोर्ट
91020 संग्रहालय / वाणिज्यिक कला दीर्घाएँ
93210 मनोरंजन पार्क
41002 सांस्कृतिक एतिहासिक तथा धरोहर/ विरासत के अनुरक्षण मात्र से सम्बंधित कार्य
[भाग 1
साफ, स्वच्छ भोजन हेतु संबंधित सुविधाओं के साथ रेस्टोरेंट/ डायनिंग हॉल की व्यवस्था ।
बाथरूम को छोड़कर कमरे का न्यूनतम क्षेत्रफल 120 वर्ग फुट
बाथरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 30 वर्ग फुट
इसे पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए तथा यह सुविधा भ्रमण एवं दर्शन हेतु खुली होनी चाहिए । साथ ही स्थल पर पर्याप्त जनसुविधाएं उपलब्ध हो ।
न्यूनतम 0.5 एकड़ भूमि क्षेत्रफल
इकाई भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित "मनोरंजन सवारी सुरक्षा हेतु अनुशंसित अभ्यास संहिता " तथा "वाटर पार्कों में सुरक्षा हेतु अनुशंसित अभ्यास संहिता" का अनुपालन करेगी ।
पार्किंग , स्वच्छ भोजन हेतु कैफेटेरिया / फूडप्लाजा/रेस्टोरेंट तथा सामान्य जनसुविधाएं (पीने का पानी, शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि) की व्यवस्था हो ।
विभाग मामले - दर - मामले के आधार पर मूल्यांकन करेंगा
नोटः योजना के अन्तर्गत 'अनुमन्य गतिविधि' , सम्बन्धी सूची को संशोधित करने का अधिकार उत्तराखण्ड शासन में निहित है । अतः इस सूची में होने वाले संशोधन यथा निर्देश लागू माने जायेंगे ।
6. योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहन हेतु पात्रता की सामान्य शर्तें
इस योजनान्तर्गत वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु इकाई को प्रस्तर -05 में उल्लेखित चिन्हित पर्यटन गतिविधियों में प्राविधानित अवसंरचना / सुविधाएं तथा विशिष्ट शर्तों के साथ ही इस प्रस्तर में अद्योलिखित पात्रता की सामान्य शर्तों का अनुपालन अनिवार्य होगा:-
भाग 1 ]
17 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
i . यह योजना उत्तराखण्ड़ के ऐसे स्थायी निवासियों, जो पर्यटन क्षेत्र में 01 करोड़ से 05 करोड़ लागत की सीमान्तर्गत इस योजना में चिन्हित पर्यटन गतिविधियों में नई पर्यटन इकाई की स्थापना कर रहें हो अथवा विद्यमान पर्यटन इकाई का विस्तार कर रहे हों, के लिए लागू होगी । 01 करोड़ से कम के पूंजी निवेश पर इस योजना का लाभ प्राप्त नही होगा ।
ii . इकाई का स्वामित्व , एकल स्वामित्व/ प्रोपराईटरशिप / पार्टनरशिप (पंजीकृत) / एल ०एल ० पी० / प्रा ० लि० अथवा अन्य किसी विधिक संस्था के रूप में पंजीकृत इकाईयों / संस्थाओं / फर्म के रूप में हो सकता है ।
स्पष्टीकरण-
i. इकाई में 100 प्रतिशत स्वामित्व उत्तराखण्ड के स्थायी निवासियों का होना अनिवार्य होगा ।
ii . इकाई के व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ की तिथि से 10 वर्षों तक अनुमन्य प्रयोजन के अतिरिक्त किसी अन्य प्रयोजन हेतु उपयोग नही किया जा सकेगा ।
iii . इकाई को 10 वर्षो तक विक्रय / हस्तान्तरण नही किया जा सकेगा , किन्तु मृत्यु / पागलपन / दिवालिया / प्राकृतिक आपदा आदि जैसी अपरिहार्य परिस्थितियों में जिला स्तरीय पर्यटन समिति द्वारा अभिलेखों के परीक्षणोंपरान्त कारण की पुष्टि होने तथा उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद देहरादून की संस्तुति पर प्रमुख सचिव / सचिव पर्यटन की पूर्वानुमति से विक्रय / हस्तान्तरण केवल उत्तराखण्ड़ के स्थायी निवासियों के पक्ष में किया जा सकेगा ।
iv . किसी इकाई के स्वामित्व या अंशधारिता में परिवर्तन से पूर्व , इकाई द्वारा विभाग से इसकी पूर्वानुमति निर्धारित प्रक्रियानुसार प्राप्त करनी आवश्यक होगी , ताकि इकाई के स्वामित्व या प्रबन्धन में परिवर्तन होने की दशा में विद्यमान इकाई को मिल रहे प्रोत्साहनों का लाभ शेष अनुमन्य अवधि तक मिलता रहे ।
v. इकाई के व्यावसायिक संचालन की तिथि से 10 वर्षों के पश्चात इकाई के स्वामित्व में परिवर्तन की दशा में नया स्वामी/ अंशधारक उत्तराखण्ड़ का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा ।
vi . इकाई / अंशधारक किसी भी बैंक / वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो ।
vii . यदि इकाई की स्थापना हेतु भूमि की आवश्यकता हो, वांछित भूमि आवेदक / अंशधारक/ इकाई के नाम पर होनी आवश्यक होगी , अथवा यदि इकाई पट्टे की भूमि पर निर्मित की जानी हो, तो 10 वर्ष से अधिक की पट्टा अवधि अवशेष होनी अनिवार्य होगी ।
viii . नई इकाई की स्थापना अथवा विद्यमान इकाई के विस्तारीकरण से पूर्व उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुज्ञापन अधिनियम , 2012 (यथा संशोधित) के तहत सिंगल विन्डो पोर्टल के माध्यम से कैफ (CAF ) की सैद्धान्तिक स्वीकृति (Inprinciple Approval ) प्राप्त करना, इस 18
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[भाग 1
योजना के अन्तर्गत उल्लेखित अनुदान हेतु आवश्यक होगी ।
ix . उद्यम एकल खिड़की सुगमता और अनुज्ञापन अधिनियम, 2012 (यथा संशोधित) के तहत सिंगल विन्डो पोर्टल के माध्यम से योजना के लागू होने की तिथि के उपरान्त सैद्धान्तिक स्वीकृत कैफ (Approved CAF) इकाई इस योजना के अन्तर्गत अनुमन्य अनुदान/ प्रोत्साहन का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगी , तथा स्वीकृत कैफ (Approved CAF) की तिथि के बाद इकाई पर हुए व्यय घटकों को ही पात्र पूंजी निवेश की गणना में शामिल किया जाएगा ।
x . योजना अवधि में आवेदित एवं सैद्धान्तिक स्वीकृत कैफ ( Inprinciple Approved CAF ) इकाई ही इस योजना के अन्तर्गत प्राविधानित अनुदान / वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगी ।
xi . इकाई को कैफ अनुमोदन की तिथि से अधिकतम 03 वर्ष (तीन वर्ष) की समयावधि के भीतर निर्माण व संचालन सम्बन्धी सभी अनापत्तियां / स्वीकृतियां प्राप्ति के साथ कार्य पूर्ण कर इकाई का व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करना आवश्यक होगा ।
xii . योजना अन्तर्गत स्थापित / निर्मित की जाने वाली नवीन इकाईयों को समस्त वित्तीय प्रोत्साहनों का लाभ अनुमन्य होगा ।
xiii . योजना अंतर्गत विद्यमान इकाईयों के विस्तारीकरण किए जाने की दशा में ' पूंजीगत अनुदान' तथा ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति का लाभ अनुमन्य होगा , ऐसी इकाईयों को स्टॉप शुल्क प्रतिपूर्ति देय नहीं होंगे ।
xiv. सार्वजनिक क्षेत्र / पी ० पी ० पी ० (Public Private Partnership ) क्षेत्र के उद्यम / इकाई इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय प्रोत्साहन हेतु पात्र नहीं होगी ।
xv . पर्यटन इकाई की स्थापना हेतु भवन मानचित्र तथा ले - आउट प्लान पर सम्बन्धित विभाग / प्राधिकरण / सक्षम स्तर से स्वीकृति ( यदि लागू हो) प्राप्त हो ।
xvi . इकाई संचालन से पूर्व उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद में उत्तराखण्ड़ पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली अथवा सम्बद्ध विभाग / संस्था में पंजीकृत की गई हो ।
xvii . इकाई के सभी अनिवार्य संचालन हेतु वांछित लाइसेंस / अनुमति/ अनुज्ञा, सक्षम स्तर से प्राप्त किये गये हों ।
xviii . इकाई में राज्य के स्थायी निवासियों को न्यूनतम 70 प्रतिशत स्थायी रोजगार सतत् रूप से उपलब्ध कराना अनिवार्य है ।
xix . योजना अंतर्गत प्राविधानित समस्त अनुदान / प्रतिपूर्ति, व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने के पश्चात , इकाई द्वारा निर्धारित पोर्टल पर निर्धारित समय में ऑनलाईन दावा प्रस्तुत करने पर देय होगें ।
xx . इकाई के निवेश का निर्धारण परियोजना के विकास हेतु पात्र सिविल कार्य (भवन निर्माण) , संयंत्र व मशीनरी / उपस्कर के रूप में कुल पात्र पूंजी निवेश के आधार पर किया जायेगा ।
xxi . इकाई में पूंजीगत अनुदान हेतु "पात्र पूंजी निवेश" (Eligible Capital भाग 1]
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Investment) से अभिप्रेत तथा इसमें परिसरीय बुनियादी ढांचा (चाहरदीवारी , आंतरिक सड़कों का निर्माण तथा अन्य मूलभूत संरचनात्मक सुविधाएं) , संरचना तथा भवन, संयंत्र, स्वदेशी और आयातित मशीने तथा उपकरण , सामग्री वाहक उपकरण, यांत्रिक , विद्युत तथा नलसाजी संस्थापन, फिक्सर , फर्नीचर तथा फिटिंग , अपशिष्ट प्रबन्धन सहित अन्य सुविधाएं, ट्रांसफार्मर, जनरेटर, आबद्ध ऊर्जा संयंत्र आदि तथा परिसर में प्रयोग के लिए स्थापित अन्य सहयोगी सुविधाएं एवं तत्सम्बन्धी स्थापना शुल्क सम्मिलित है ।
स्पष्टीकरण-
(1 ) समस्त पूंजीगत सम्पतियों के लिए भुगतान कर लिया गया हो तथा परियोजना का स्वामित्व धारित हो । सभी पूंजीगत सम्पति परियोजना स्थल पर ही स्थापित तथा प्रयुक्त की जायेगी ।
(2) विस्तारीकरण परियोजनाओं हेतु पात्र पूंजी निवेश की गणना उपरोक्त उल्लिखित रीति / नियम के अनुरूप मात्र विस्तारित घटकों/ कार्यों हेतु की जायेगी ।
xxii इकाई में पूंजीगत अनुदान निर्धारण के लिये अनर्ह ( Non eligible Investment) पूंजी निवेश-
a . भूमि कय में पूंजी निवेश ।
b. इकाई के पूर्व संचालन व्यय (Pre Operating Expenditure) |
c . कैफ अनुमोदन से पूर्व इकाई पर किया गया व्यय ।
d. पूंजीकृत ब्याज (Capitalized Interest ) धनराशि ।
e. कार्यशील पूंजी (Working Capital ) / कैश क्रेडिट लिमिट ।
f. परामर्श शुल्क , डिजाईन तथा ड्राईंग्स पर व्यय ।
g . अनुज्ञा (License) , अनुमति, रायल्टी आदि पर व्यय ।
h. भूमि, भूमि समतलीकरण , भूमि विकास पर व्यय ।
i. बौद्धिक सम्पदा अधिकार, सॉफ्टवेयर , गुडविल, अमूर्त परिसम्पत्ति पर व्यय ।
स्पष्टीकरण-
(1 ) पूंजीगत अनुदान की गणना हेतु उपरोक्त अर्ह (Eligible ) एवं अनर्ह (Non eligible) पूंजी निवेश सूची से इतर किसी भी घटक / कार्य के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति का निर्णय अन्तिम व बाध्यकारी होगा ।
7.
स्टॉम्प शुल्क प्रतिपूर्ति
मात्रा नई पात्र पर्यटन इकाईयां निम्नलिखित पर लागू 100 प्रतिशत प्रभार्य स्टॉम्प शुल्क (Stamp Duty ) पर प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए पात्र होंगीः-
i . पर्यटन परियोजना हेतु भूमि/ निर्मित क्षेत्र के कय / पट्टा से संबंधित 20
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विक्रय / पट्टा विलेख पर , बशर्ते कि विक्रय पट्टा / विलेख इस योजना की अवधि के दौरान किया गया हो ।
ii . योजना की अवधि के दौरान परियोजना प्रारम्भ करने के लिए किये गये ऋण अनुबन्धों पर ।
iii . योजना की अवधि के दौरान परियोजना प्रारम्भ करने के लिए किये गये बंधक और गिरवी, पर ।
पात्रता शर्तें इकाई को यह प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए , इस दिशानिर्देश के प्रस्तर -5 तथा 6 में उल्लिखित पात्रता शर्तों के अतिरिक्त , निम्नलिखित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा-
i. यह अनुदान चिन्हित पर्यटन गतिविधियों में पात्रता की श्रेणी में आने वाले मात्र नयी इकाईयों की स्थापना पर देय होगें ।
ii . इस अनुदान के अन्तर्गत प्रस्तर-7 के प्राविधानों के अन्तर्गत प्रभार्य स्टॉम्प शुल्क (पंजीकरण व अन्य शुल्क को छोडकर ) की प्रतिपूर्ति देय होगी ।
iii. परियोजना से सम्बद्ध भूमि पर ही प्रभार्य स्टॉम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति देय होगी, जिस हेतु इकाई को इस आशय का शपथ पत्र उपलब्ध कराना होगा कि कय / लीज / पट्टे पर ली गई भूमि परियोजना हेतु वांछित न्यूनतम है, एवं उक्त भूमि 10 वर्षो तक पर्यटन प्रयोजन के अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रयोजन हेतु प्रयुक्त नही की जाएगी ।
iv. स्टॉम्प शुल्क प्रतिपूर्ति का दावा इकाई द्वारा व्यावसायिक संचालन के उपरान्त छः माह (180 दिन) के भीतर पूंजीगत अनुदान दावा के प्रथम आवेदन के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
v. स्टॉम्प शुल्क (Stamp Duty) पर प्रतिपूर्ति पर्यटन इकाई के व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ (COD) करने के उपरान्त् एकमुश्त दिया जाएगा ।
8. पूंजीगत अनुदान
श्रेणी
मात्रा
01 से 05 करोड़ तक के अनुमन्य पूंजी निवेश करने वाले पात्र पर्यटन इकाईयों हेतु अनुदान की धनराशि
श्रेणी-ए रु. 33 लाख + रू. 01 करोड़ से ऊपर के अतिरिक्त अनुमन्य पूंजी निवेश का @ 15 प्रतिशत (कुल अधिकतम रू. 80 लाख)
श्रेणी-बी रू. 33 लाख + रू . 01 करोड़ से ऊपर के अतिरिक्त अनुमन्य पूंजी निवेश का @ 25 प्रतिशत (कुल अधिकतम रू. 1.20 करोड़)
श्रेणी-सी रू. 33 लाख + रू . 01 करोड़ से ऊपर के अतिरिक्त अनुमन्य पूंजी निवेश का @ 30 प्रतिशत (कुल अधिकतम रू. 1.50 करोड़)
पात्रता शर्तें पूंजीगत अनुदान हेतु इकाई को इस दिशानिर्देश के प्रस्तर -5 एवं 6 में भाग 1 ]
21 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
उल्लिखित पात्रता शर्तों के अतिरिक्त , निम्नलिखित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा-
i. पूंजीगत अनुदान सहायता का लाभ नये अथवा विस्तारीकरण वाले विद्यमान इकाईयों को देय होगा ।
ii . पूंजीगत अनुदान प्रस्तर-6 (XVIII) में वर्णित कार्यो/ घटकों हेतु देय होगा ।
iii. पूंजीगत अनुदान दावा व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ ( COD ) करने की तिथि से छः माह (180 दिन) के भीतर निर्धारित ऑनलाईन पोर्टल पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
iv . पूंजीगत अनुदान की गणना के लिये, इस दिशानिर्देश में उल्लिखित पात्र पूंजी निवेश" (Eligible Capital Investment) में हुये मात्र उस व्यय को आंगणन में लिया जायेगा, जिसके लिये जी० एस ०टी० के अन्तर्गत पंजीकृत विक्रेता द्वारा बीजक जारी किया गया हो और उसका भुगतान इकाई द्वारा बैंक के माध्यम से किया गया हो । अपंजीकृत जी० एस ० टी० विक्रेता द्वारा जारी बीजक अथवा कैश भुगतान वाले बीजक को पात्र पूंजी निवेश के आंगणन में नहीं लिया जाएगा ।
स्पष्टीकरणः-पूंजीगत अनुदान की गणना में सी.ए. प्रमाण पत्र, चार्टर्ड सिविल अभियन्ता / पंजीकृत आर्किटेक्ट द्वारा जारी प्रमाण-पत्र एवं "पात्र पूंजी निवेश " (Eligible Capital Investment) से सम्बंधित बीजकों को संज्ञान में लिया जायेगा । उक्त अभिलेखों में पात्र पूंजी निवेश की धनराशि में भिन्नता पाये जाने पर उस न्यूनतम अनुमन्य पूंजी निवेश के आधार पर अनुदान का आंगणन किया जायेगा, जिसके विक्रेता द्वारा जारी बीजक एवं बैंक भुगतान के प्रमाण उपलब्ध हों ।
v. पूंजीगत अनुदान की गणना के लिये सिंगल विन्डो पोर्टल पर कैफ (CAF ) अनुमोदन प्राप्त होने की तिथि के उपरान्त तथा इकाई के व्यावसायिक उत्पादन प्रारम्भ करने की तिथि तक के व्यय घटकों को ही पात्र पूंजी निवेश की गणना में शामिल किया जाएगा।
9.
ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति
मात्रा
श्रेणी
ब्याज दर सहायता प्रतिपूर्ति मात्रा /सीमा
श्रेणी-ए 3 प्रतिशत (अधिकतम रू 0 4 लाख प्रतिवर्ष, प्रति इकाई)
श्रेणी-बी 3 प्रतिशत (अधिकतम रू 0 5 लाख प्रतिवर्ष , प्रति इकाई)
श्रेणी-सी 3 प्रतिशत (अधिकतम रू 0 6 लाख प्रतिवर्ष, प्रति इकाई )
पात्रता शर्तें इकाई को ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए , इस दिशानिर्देश के प्रस्तर-5 तथा 6 में उल्लिखित पात्रता शर्तों के अतिरिक्त, निम्नलिखित शर्तों 22
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
का पालन करना अनिवार्य होगा-
i. ब्याज सहायता, चिन्हित पर्यटन गतिविधियों में अनुमन्य पूंजी निवेश के वित्त पोषण हेतु अधिसूचित वाणिज्यिक बैंक , वित्तीय संस्था, राज्य सरकार के सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अथवा भारत सरकार / राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्था से इस योजना अवधि के दौरान लिये गये सावधि ऋण ( Term Loan ) पर देय होगी ।
ii . भूमि अथवा भूमि विकास पर व्यय हेतु बैंक से लिये गये सावधि ऋण पर यह प्रतिपूर्ति देय नहीं होगी ।
iii . कार्यशील पूंजी तथा कैश क्रेडिट लिमिट पर ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति देय नहीं होगी ।
iv . किसी अन्य योजना से अनुदानित ब्याज दर पर सावधि ऋण प्राप्त करने वाली इकाईयों को इस योजना के अन्तर्गत ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति देय नहीं होगी ।
v. इस योजना अंतर्गत ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति का लाभ प्राप्त इकाई द्वारा सावधि ऋण का हस्तांतरण उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद, उत्तराखण्ड देहरादून की पूर्वानुमति से किसी अन्य बैंक में किया जा सकेगा , परन्तु इस स्थिति में ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति का लाभ हस्तांतरण के समय अवशेष ऋण के सापेक्ष ही देय होगा ।
vi . ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति की गणना के लिये बैंक द्वारा सम्बंधित अवधि के लिये लागू किये गये ब्याज दर को आंगणन में लिया जायेगा ।
vii . बैंक द्वारा सावधि ऋण के सापेक्ष इकाई पर आरोपित दण्ड ब्याज अथवा अन्य किसी शुल्क पर प्रतिपूर्ति देय नहीं होगी ।
viii . ब्याज दर सहायता प्रतिपूर्ति , इकाई के व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ (COD) करने की तिथि से अधिकतम 3 वर्ष अथवा ऋण की अदायगी , मे से जो भी पहले घटित हो, तक के लिये देय होगी ।
ix . ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति का दावा इकाई के व्यावसायिक संचालन की तिथि से एक वर्ष की समाप्ति के 90 दिनों के भीतर वार्षिक आधार पर किया जायेगा ।
स्पष्टीकरणः-
1. " पात्र पूंजी निवेश " (Eligible Capital Investment ) , सावधि ऋण से न्यून आंकलन होने की स्थिति में, आंकलित पात्र पूंजी निवेश के समतुल्य सावधि ऋण की धनराशि पर आनुपातिक आधार पर ब्याज की गणना की जाएगी ।
10.
आवेदन प्रक्रिया एवं अनिवार्य अभिलेख
आवेदन प्रक्रिया- इस योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहनों के लिये आवेदन की प्रक्रिया निम्नवत होगी- 23 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21, 1946 शक सम्वत्)
i . इस योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहनों के लाभ के लिये इकाई को सिंगल विन्डो पोर्टल (https://investuttarakhand.uk.gov.in) में उपलब्ध कैफ ( CAF ) पर आवेदन करते हुये इस पर सैद्धान्तिक अनुमोदन (Inprinciple Approval ) प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा ।
ii . कौफ ( CAF ) पर सैद्धान्तिक अनुमोदन प्राप्त करने वाले पात्र इकाईयों / उद्यमों द्वारा निर्धारित समयावधि में इकाई की स्थापना करने व व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ करने के उपरान्त निर्धारित समयावधि में सिंगल विन्डो पोर्टल पर " अनुदान टैब " (Incentive Tab ) में उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना-2024 को चयन कर अनुदान आवेदन प्रस्तुत करना होगा ।
iii . अनुदान आवेदन पत्र दो भाग में होगा । आवेदन पत्र का प्रथम भाग सभी प्रकार के वित्तीय अनुदान / प्रोत्साहन के लिये अनिवार्य होगा और इसे इकाई द्वारा अनुदान दावा हेतु आवेदन करते समय प्रारम्भ में समस्त अभिलेखों सहित मात्र एक बार पूर्ण रूप से भरना आवश्यक होगा । आवेदन पत्र का द्वितीय भाग प्रत्येक वित्तीय प्रोत्साहन के लिये पृथक- पृथक होगा और इसे इकाई द्वारा पात्रता के अनुसार सम्बंधित अभिलेखों सहित आवश्यकतानुसार समय - समय पर प्रत्येक दावे हेतु भरा जा सकेगा ।
iv. पूंजीगत अनुदान की प्रथम एवं अन्य अनुवर्ती / आगामी किस्तों के दावे वार्षिक आधार पर इकाई द्वारा सम्बन्धित अभिलेखों सहित निर्धारित पोर्टल पर प्रस्तुत किये जायेंगे ।
अनिवार्य अभिलेख - योजना अंतर्गत प्राविधानित वित्तीय अनुदान / प्रोत्साहन के लिये निम्नलिखित अभिलेखों की स्वप्रमाणित प्रतियां पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा-
i . विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR ) ।
ii . उत्तराखण्ड़ का मूल / स्थाई निवास से सम्बन्धित प्रमाण पत्र। पार्टनरशिप ( पंजीकृत) / कम्पनी /साझेदार/ एल.एल.पी . स्वामित्व वाली इकाई की स्थिति में इकाई के समस्त अंशधारकों की सूची व सभी अंशधारक के मूल / स्थाई निवास सम्बन्धित प्रमाण पत्र ।
iii . सिंगल विण्ड़ों के माध्यम से सैद्धान्तिक अनुमोदन (In principle Approval ) / कैफ अनुमोदन (Approved CAF )
iv . भूमि एवं भू- स्वामित्व से सम्बंधित यथालागू प्रपत्र (यथा- खसरा , खतौनी , भूमि रजिस्ट्री प्रपत्र , लीज डीड, भू- उपयोग परिवर्तन प्रमाण - पत्र, भू- क्रय अनुमति आदि) ।
v . सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत भवन मानचित्र तथा ले - आउट प्लान (यथा स्थिति जो लागू हो) ।
vi . जी.एस.टी. पंजीयन प्रमाण - पत्र ।
vii . प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इकाई संचालन हेतु जारी सहमति पत्र (यथा स्थिति जो लागू हो ) ।
24
उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
[भाग 1
viii . अग्निशमन विभाग द्वारा इकाई संचालन हेतु जारी अनापत्ति प्रमाण- पत्र (यथा स्थिति जो लागू हो ) ।
ix. पर्यटन इकाई का उत्तराखण्ड़ पर्यटन एवं यात्रा व्यवस्था पंजीकरण नियमावली अथवा अन्य सम्बद्ध विभाग / संस्था (यथा स्थिति जो लागू हो) में पंजीकरण प्रमाण पत्र ।
x . इकाई के स्वामित्व से सम्बंधित प्रपत्र (सोसाइटी/ कम्पनी / एल.एल.पी. /साझेदारी फर्म / ट्रस्ट आदि का पंजीकरण प्रमाण - पत्र , एकल स्वामित्व की स्थिति में स्वहस्ताक्षरित बायोडाटा) ।
xi . आवेदक प्रोपराइटर / निदेशक / साझेदार/ अध्यक्ष / अधिकृत हस्ताक्षरी का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड ।
xii . इस आशय का शपथ पत्र कि इकाई द्वारा प्रस्तुत सभी तथ्य एवं अभिलेख सही हैं, व्यावसायिक संचालन के लिये अनिवार्य सभी अनापत्ति/ अनुमति / अनुज्ञां इकाई द्वारा प्राप्त कर ली गई है तथा इकाई में प्रदेश के स्थायी निवासियों को न्यूनतम 70 प्रतिशत स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है ।
xiii . सिविल निर्माण कार्य तथा संयंत्र व मशीनरी में पात्र पूंजी निवेश से सम्बंधित सारांश पत्रक (Summary Sheet) , सभी बीजक तथा भुगतान प्रमाण- पत्र (Bank Statement) |
xiv . इकाई के सावधि ऋण खाता एवं अन्य बैंक खाता के विवरण हेतु बैंक पासबुक अथवा निरस्त चैक की छायाप्रति ।
xv. इकाई का फोटोग्राफ तथा गूगल मैप लिंक ।
वित्तीय प्रोत्साहन अनिवार्य अभिलेख
क्र.सं.
1.
शुल्क
i. पब्लिक डाटा एंट्री ( PDE ) प्रपत्र की स्व- प्रमाणित प्रति ।
स्टॉम्प प्रतिपूर्ति
ii . स्टॉम्प शुल्क आंगणन की स्व-हस्ताक्षरित प्रति।
iii . भूमि न्यूनतम व अन्य किसी प्रयोजन हेतु उपयोग न किये जाने सम्बन्धी शपथ पत्र ।
2. पूंजीगत अनुदान
i. चार्टर्ड एकाउंटेंट (सी० ए ० ) द्वारा प्रमाणित भवन निर्माण , संयंत्र व मशीनरी / उपकरण का वस्तुवार एवं मूल्यवार विवरण व सारांश पत्रक (Summary Sheet) जिसमें यह स्पष्ट रूप से अंकित हो कि इनके क्रय से सम्बंधित सभी बिल एवं वाउचर्स की जांच कर लिया गया है एवं अंकित किया जा रहा समस्त विवरण नियमानुसार सही है ।
ii . चार्टर्ड सिविल अभियन्ता/ पंजीकृत आर्किटैक्ट द्वारा इकाई के पक्ष में जारी प्रमाण - पत्र , जिसमें इकाई में पूंजीगत अनुदान हेतु पात्र सिविल कार्य में अनुमन्य भाग 1 ]
25 उत्तराखण्ड गजट, 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
पूंजी निवेश का विवरण दिया गया हो ।
iii. विस्तारीकरण से सम्बन्धित इकाईयों द्वारा विस्तारीकरण के उपरान्त प्रथम तिमाही तथा विगत वर्ष के समान अवधि के जी० एस ० टी ० रिटर्न की प्रति ।
3.
i. विगत 06 माह के विद्युत बीजक की स्वप्रमाणित प्रति।
द्वितीय किस्त हेतु पूंजीगत अनुदान की
ii . जी० एस ०टी० एवं आई ० टी० आर० रिटर्न की स्वप्रमाणित प्रति ।
4. ब्याज सहायता प्रतिपूर्ति
i . बैंक द्वारा सावधि ऋण स्वीकृति / वितरण के सम्बंध में जारी पत्र की स्व- प्रमाणित प्रति ।
ii . बैंक द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें सावधि ऋण के सापेक्ष आलोच्य अवधि (व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ की तिथि से वार्षिक रूप में) आंकलित ब्याज की धनराशि व इकाई द्वारा जमा ब्याज का विवरण अंकित हो ।
iii . ब्याज जमा से सम्बंधित बैंक स्टेटमेंट की स्व- प्रमाणित प्रति ।
iv . बैंक द्वारा जारी नो डिफाल्ट सर्टिफिकेट की स्व प्रमाणित प्रति ।
11.
वित्तीय प्रोत्साहन सहायता की स्वीकृति प्रक्रिया
i. योजनान्तर्गत विभिन्न वित्तीय अनुदान / प्रतिपूर्ति हेतु निर्धारित पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाईन आवेदन पत्रों के अभिलेखों का प्रारम्भिक परीक्षण उत्तराखण्ड़ विकास परिषद में नोडल अधिकारी द्वारा परिषद में गठित टी०आई० एफ० सी० के माध्यम से किया जाएगा ।
ii . अपूर्ण अथवा अशुद्ध आवेदन पत्र को नोडल अधिकारी द्वारा इसकी प्राप्ति तिथि से 15 कार्यदिवस के अंदर अपनी पृच्छा / टिप्पणी सहित इकाई को वापस करना होगा ।
iii . अपूर्ण अथवा अशुद्ध आवेदन पत्र में समस्त कमियों / पृच्छा/ टिप्पणी को नोडल अधिकारी द्वारा यथासंभव एक बार में अंकित किया जायेगा ।
iv. पूर्ण एवं शुद्ध आवेदन पत्र को अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर विस्तृत स्क्रूटनी/संवीक्षा (टी० आई ० एफ ० सी० के माध्यम से ) के उपरान्त नोडल अधिकारी द्वारा जिला स्तरीय पर्यटन समिति (DLCT) को परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन एवं अनुश्रवण हेतु अग्रसारित किया जायेगा । v . जनपद स्तर पर गठित जिला स्तरीय पर्यटन समिति (DLCT) द्वारा अनुदान /वित्तीय प्रोत्साहन का दावा करने वाली इकाई के आवेदन पत्र 26
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
पर सत्यापन/ निरीक्षण रिपोर्ट के साथ ही अपनी संस्तुति सहित आवेदन नोडल अधिकारी , यू० टी०डी०बी० को अधिकतम 21 कार्यदिवस के भीतर पोर्टल के माध्यम से अग्रसारित की जाएगी ।
vi . जिला स्तरीय पर्यटन समिति (DLCT) से संस्तुति सहित प्राप्त सत्यापन/ निरीक्षण रिर्पोट नोडल अधिकारी, यू०टी०डी० बी० द्वारा अधिकतम 07 कार्यदिवस के भीतर अनुदान / वित्तीय सहायता का विस्तृत आंकलन तैयार किया जाएगा ।
vii . संवीक्षा/ स्क्रूटनी उपरान्त आवेदन पत्र में कमी पाये जाने पर परिषद स्तर द्वारा सम्बंधित जिला पर्यटन विकास अधिकारी / इकाई स्वामी से. पृच्छा (Query ) की जा सकेगी ।
viii . नोडल अधिकारी द्वारा संवीक्षा/ स्क्रूटनी व भौतिक सत्यापन के आधार पर विस्तृत आंकलन के उपरान्त पूर्ण एवं शुद्ध आवेदन पत्रों को योजनान्तर्गत वित्तीय अनुदान / प्रोत्साहन की स्वीकृति हेतु गठित "राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति " के समक्ष 21 कार्यदिवस के भीतर प्रस्तुत किया जायेगा ।
ix. राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति आवेदन पत्रों को योजना के दिशानिर्देश में प्राविधानित व्यवस्था के अनुसार निस्तारित करेगी ।
x. किसी प्रकरण में उच्च स्तर से मार्गदर्शन अथवा अंतर विभागीय समन्वय की आवश्यकता होने पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी , यूटीडीबी द्वारा इसे प्रमुख सचिव / सचिव , पर्यटन , उत्तराखण्ड को अग्रसारित किया जा सकेगा ।
xi . राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा अनुदान / प्रोत्साहन स्वीकृति के उपरान्त निदेशक वित्त , उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद द्वारा अधिकतम 07 कार्यदिवस में बजट की उपलब्धता के अनुसार स्वीकृत
12.
धनराशि का ऑन लाईन वितरण सुनिश्चित किया जाएगा । संस्थागत संरचना
योजना अंतर्गत गठित समितियों का विवरण निम्नवत है-
1 -जिला स्तरीय पर्यटन समिति (DLCT) .
1.
अध्यक्ष
मुख्य विकास अधिकारी
2. महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र
सदस्य
3. जिला पर्यटन विकास अधिकारी
संयोजक सदस्य
नोट- मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यकतानुसार इस समिति की बैठक में आमंत्रित किया जा सकेगा ।
कार्य एवं दायित्व
1. यह समिति जनपद स्तर पर परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन एवं अनुश्रवण हेतु उत्तरदायी होगी ।
27 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
2. निर्धारित अनुलग्नक प्रपत्र -1 पर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट, जिसमें परियोजना का कार्य पूर्ण होने व व्यावसायिक रूप से संचालित होने का विवरण हो , नियत समयान्तर्गत आवश्यक रूप से उपलब्ध करायेगी ! ..
2- राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति-
1.
अध्यक्ष
मुख्य कार्यकारी अधिकारी , यूटीडीबी-
2.
सदस्य
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी , यूटीडीबी-
सदस्य
3. निदेशक वित्त, यूटीडीबी-
4.
सदस्य
सहायक महाप्रबंधक / मुख्य प्रबंधक , राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति
सदस्य सचिव
5. सीईओ , यूटीडीबी द्वारा नामित नोडल अधिकारी-
नोट-अध्यक्ष द्वारा आवश्यकतानुसार अन्य विशेषज्ञ / विभागों को भी इस समिति की बैठक में आमंत्रित किया जा सकेगा ।
कार्य एवं दायित्व - यह समिति , योजनांतर्गत अनुदान / वित्तीय प्रोत्साहन की स्वीकृति के लिये उत्तरदायी होगी । यह समिति राज्य स्तर पर योजना की प्रगति, समीक्षा व आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर सकेगी ।
13.
वित्तीय प्रोत्साहन सहायता का वितरण
i . योजना अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहन का संवितरण , सक्षम स्तर से स्वीकृति के उपरान्त बजट की उपलब्धता के आधार पर उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद द्वारा इकाई के खाते में किया जायेगा ।
ii . बैंक से वित्त पोषित इकाई के पूंजीगत अनुदान , स्टॉम्प शुल्क प्रतिपूर्ति तथा ब्याज अनुदान प्रतिपूर्ति का वितरण सम्बंधित सावधि ऋण खाते में किया जायेगा ।
iii . स्व- वित्त पोषित इकाई की स्थिति में योजना अंतर्गत स्वीकृत सभी वित्तीय प्रोत्साहन / अनुदान, इकाई के किसी भी बैंक खाते में प्राप्त किया जा सकेगा ।
iv. पूंजीगत अनुदान सहायता तथा अन्य वित्तीय प्रोत्साहन का संवितरण , सक्षम स्तर से स्वीकृति के उपरान्त , बजट की उपलब्धता के अनुसार, निम्नवत किस्तों में किया जाएगा-
संवितरण
अनुदान का प्रकार
02 समान किस्त में (व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ की तिथि के उपरान्त, आगामी 02 वर्षों में)
पूंजीगत अनुदान 28
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
ब्याज अनुदान 03 किस्त में (व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ की तिथि के की प्रतिपूति उपरान्त, आगामी 03 वर्षों में)
स्टॉम्प शुल्क एकमुश्त (व्यावसायिक संचालन के उपरान्त पूंजीगत अनुदान प्रतिपूर्ति के साथ)
14.
अपील
i. इस योजना के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय पर्यटन समिति के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष और राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष द्वारा प्रमुख सचिव /सचिव, पर्यटन , उत्तराखण्ड शासन के समक्ष अपील की जा सकेगी ।
ii . असन्तुष्ट पक्ष द्वारा यह अपील सम्बंधित समिति का निर्णय जारी होने की तिथि से 30 दिन के अंदर किया जा सकेगा । 30 दिन के उपरान्त किये गये किसी भी अपील पर विचार नहीं किया जायेगा ।
iii . निर्धारित समयावधि में अपेक्षित कार्यवाही न होने की दशा में सक्षम उच्च स्तर पर अपील की जा सकेगी ।
अपील प्रक्रिया
i. जिला स्तरीय पर्यटन समिति / राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति के निर्णय से असंतुष्ट पक्ष द्वारा ऑन लाईन/ आफ लाईन माध्यम से अपील की जा सकेगी ।
ii . असंतुष्ट होने की दशा में असंतुष्टी का स्पष्ट कारण एवं अभिलेख , यदि कोई हो, के साथ आवदेन किया जाएगा ।
अपील निस्तारण
i . जिला स्तरीय पर्यटन समिति से असंतुष्ट अपीलकर्ता के आवेदन को नोडल अधिकारी द्वारा राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति / मुख्य कार्यकारी अधिकारी , उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद के समक्ष निर्णय हेतु प्रस्तुत किया जायेगा ।
ii . राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति से असंतुष्ट अपीलकर्ता के आवेदन को उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद, उत्तराखण्ड स्तर पर परीक्षण के उपरान्त, मुख्य कार्यकारी अधिकारी यू० टी०डी० बी० , उत्तराखण्ड द्वारा प्रमुख सचिव / सचिव पर्यटन के समक्ष निर्णय हेतु प्रस्तुत किया जायेगा ।
iii . उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद स्तर पर प्राप्त अपील को इसकी प्राप्ति तिथि से 30 दिन के अंदर निर्णय हेतु सम्बंधित समिति / अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा ।
15.
अन्य शर्तें
i. वित्तीय सहायता प्राप्त इकाई को व्यावसायिक संचालन के उपरान्त 10 वर्षो तक प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के उपरान्त अधिकतम 31 दिसम्बर तक इकाई के जी० एस ० टी० रिर्टन , आयकर रिर्टन , बैलेंस शीट (यदि लागू हो) तथा इस आशय का शपथ पत्र कि इकाई का 29 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
व्यावसायिक संचालन नियत प्रयोजन व निर्धारित पात्रता धारकों द्वारा किया जा रहा है , जमा कराना अनिवार्य होगा ।
ii . एक श्रोत से वित्तीय प्रोत्साहन / अनुदान का लाभ -प्रदेश में विभिन्न नीतियां जैसे मेगा इण्डस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट नीति, स्टार्टअप नीति , पर्यटन नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति, अरोमा पार्क नीति, जैव प्रौद्योगिकी नीति आदि प्रभावी हैं । उक्त नीतियों के साथ ही राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार द्वारा जारी अन्य नीतियों के अंतर्गत एक ही मद / घटक में वित्तीय प्रोत्साहनों का लाभ मात्र एक श्रोत से ही अनुमन्य होगा, जिससे कि एक ही प्रकार के लाभ की पुनरावृति न हो सके ।
iii . विलम्बित दावे का निस्तारण सामान्य परिस्थितियों में, अनुदान आवेदन हेतु निर्धारित समय से अधिक की अनुमति नहीं दी जाएगी, किन्तु अपरिहार्य स्थिति में पर्याप्त आधार पर राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति इस सम्बन्ध में निर्णय ले सकेगी परन्तु एक वर्ष से अधिक के विलम्ब से प्राप्त दावों पर किसी भी स्थिति में विचार नहीं किया जायेगा ।
iv . प्राकृतिक आपदा को छोड़कर, अन्य किसी कारण से लाभ प्राप्त करने वाली इकाई यदि व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ की तिथि से 10 वर्ष से पूर्व इकाई का संचालन बंद कर दिया जाता हो अथवा स्वीकृत प्रयोजन के अतिरिक्त अन्य किसी प्रयोजन में पाये जाने अथवा बिना पूर्वानुमति के विक्रय / हस्तान्तरण होने की स्थिति में योजना अन्तर्गत प्रदत्त सभी वित्तीय प्रोत्साहन की वसूली , इकाई से भू- राजस्व सादृश्य की जा सकेगी । योजना अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा नियमों की अवहेलना की स्थिति में वसूली का निर्णय लिया जा सकेगा ।
v. दिशा निर्देश में स्पष्टीकरण / परिवर्तन/ संशोधन- इस दिशा निर्देश में किसी बिन्दु पर अस्पष्टता की स्थिति में स्पष्टीकरण जारी करने का अधिकार मुख्य कार्यकारी अधिकारी , उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद, उत्तराखण्ड में निहित होगा । इस दिशा निर्देश में संशोधन अथवा परिवर्तन का अधिकार उत्तराखण्ड शासन में निहित होगा ।
vi . आवेदन पत्र प्रारूप/ पोर्टल विकास योजना अन्तर्गत वित्तीय प्रोत्साहन हेतु आवेदन पत्र प्रारूप निर्धारण , पोर्टल विकास एवं अन्य सम्बन्धित कार्यों के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी , उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद उत्तराखण्ड अधिकृत होंगे ।
समयसीमा
16.
योजना पूर्ण करने की समयसीमा कैफ अनुमोदन से अधिकतम 03 वर्ष की सीमान्तर्गत
व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ से अधिकतम छः माह (180 दिन ) के भीतर पूंजीगत अनुदान की प्रथम किस्त व स्टॉम्प शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु आवेदन
ब्याज अनुदान की प्रथम किस्त हेतु आवेदन
व्यावसायिक संचालन प्रारम्भ की तिथि से 01 वर्ष की समाप्ति के 90 दिनों के भीतर 30
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21, 1946 शक सम्वत्)
30 दिन कार्य दिवस
नोडल अधिकारी (टी० आई० एफ ० सी०) द्वारा आवेदन पत्र स्कूटनी /संवीक्षा की
21 दिन कार्य दिवस
जिला स्तरीय पर्यटन समिति द्वारा भौतिक सत्यापन/संयुक्त निरीक्षण
07 दिन कार्य दिवस
उत्तराखण्ड़ पर्यटन विकास परिषद स्तर पर अनुदान / वित्तीय सहायता का आंकलन
21 दिन कार्य दिवस
राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा स्वीकृति
07 दिन कार्य दिवस
अनुदान वितरण (वित्त निदेशक) यू० टी०डी०बी०
अनुलग्नक-प्रपत्र-1 जिला स्तरीय पर्यटन समिति ( DLCT) की संयुक्त निरीक्षण आख्या
1. समिति द्वारा संयुक्त निरीक्षण की तिथि
2. इकाई का नाम
3. इकाई के स्वामित्व सम्बन्धी विवरण
4. इकाई क्रियान्वयन स्थल का विवरण
5. संयुक्त निरीक्षण में इकाई निर्माण कार्य पूर्ण होने, विकसित की गई सुविधाओं व व्यावसायिक संचालन में पाई गई यथास्थिति का पूर्ण विवरण
6. अवस्थापना सुविधाएं यथा भवन निर्माण , आंतरिक मार्ग व अन्य सिविल कार्यो की स्थिति (पूर्ण/अपूर्ण)
7. प्लांट व मशीनरी के संयोजन की स्थिति (पूर्ण / अपूर्ण)
8. विद्युत व जल संयोजन की स्थिति का विवरण (पूर्ण / अपूर्ण)
9. इकाई में निर्मित कक्षों / सृजित सुविधाओं का विवरण
10. क्या निर्मित की गई सुविधाएं व्यावसायिक संचालन हेतु पूर्णतया तैयार है (हाँ/ नही) 31 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
11. इकाई व्यावसायिक रूप से संचालित है, तो व्यावसायिक संचालन की तिथि का उल्लेख करें ।
12. इकाई के व्यावसायिक संचालन से निरीक्षण की तिथि तक कुल कितने पर्यटकों द्वारा इकाई की सुविधाओं का उपभोग किया गया है
13. इकाई द्वारा योजना के अन्तर्गत वांछित अवसंरचना/ सुविधाएँ/ विशिष्ट शर्तों के अनुपालन की स्थिति (हाँ/नही)
14. इकाई के संचालन हेतु नियुक्त किए उत्तराखण्ड़ के स्थायी निवासी- गये कुल मानव संसाधन/ सृजित उत्तराखण्ड़ के बाहर रोजगार का विवरण निवासी- के
15. उत्तराखण्ड़ पर्यटन एवं यात्रा व्यवस्था पंजीकरण नियमावली-2014 यथा संशोधित अथवा अन्य सम्बद्ध विभाग / संस्था के अन्तर्गत पंजीकरण किया गया है। या नही । कृपया स्पष्ट विवरण सहित पंजीकरण संख्या व दिनांक अंकित करें ।
प्रमाणित किया जाता है कि जिला स्तरीय पर्यटन समिति ( DLCT ) द्वारा उपरोक्त पर्यटन इकाई का भौतिक सत्यापन किया गया है । इकाई का कार्य पूर्ण व व्यावसायिक रूप से संचालित पायी गई है । समिति द्वारा उपर्युक्त उल्लेखित इकाई को योजना के नियमों के अधीन अनुमन्य अनुदान / वित्तीय प्रोत्साहन की संस्तुति की जाती है ।
जिला पर्यटन विकास
महाप्रबन्धक,
मुख्य विकास अधिकारी
जिला उद्योग केन्द्र
अधिकारी
आज्ञा से ,
सचिन कुर्वे,
सचिव ।
32
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
सचिवालय प्रशासन (अधि०) अनुभाग-1
प्रोन्नति/विज्ञप्ति
01 जनवरी , 2025 ई०
संख्या-01 / XXXI ( 1 ) / 2025/ पदो0-01 / 2020 - उत्तराखण्ड सचिवालय सेवा के अन्तर्गत अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत श्री नन्दराम सिंह, को नियमित चयनोपरान्त अनुसचिव, वेतनमान-₹ 67,700-2,08,700 (लेवल -11) के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से अस्थाई रूप से पदोन्नत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
2- उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप उपरोक्त अनुसचिव को 01 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है ।
3- उक्त प्रोन्नति मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या-394(एस 0बी0)/ 2021 एवं रिट याचिका संख्या-221 / 2018 में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी ।
4- अनुसचिव के पद पर पदोन्नत होने वाले उक्त अधिकारी की तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
प्रोन्नति/विज्ञप्ति
01 जनवरी , 2025 ई ०
संख्या-02/XXXI ( 1 ) / 2025/ पदो0-01 / 2024 - उत्तराखण्ड सचिवालय संवर्ग के अन्तर्गत समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत श्री कमल कुमार , को नियमित चयनोपरान्त अनुभाग अधिकारी , वेतनमान -₹ 56,100-177,500 (वेतन लेवल-10) के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से अस्थाई रूप से पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
2- उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप श्री कमल कुमार , अनुभाग अधिकारी को 01 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है ।
3- उक्त प्रोन्नति मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या 394 ( एस 0 बी0) / 2021 ललित मोहन आर्य व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी ।
4- है । उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप श्री कमल कुमार, अनुभाग अधिकारी को वित्त अनुभाग -10 में तैनात किया जाता
5- श्री कमल कुमार, अनुभाग अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल पदोन्नति के पद तथा तैनाती के अनुभाग में कार्यभार ग्रहण करते हुए सचिवालय प्रशासन (अधि०) अनुभाग -01 को अवगत कराना सुनिश्चित करें ।
आज्ञा से, दीपेन्द्र कुमार चौधरी , सचिव ।
भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्) 33
गृह अनुभाग-04
शुद्धि- पत्र
27 दिसम्बर , 2024 ई ०
संख्या-900 /XX-4/2024- E- 26896- मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की संस्तुति के आधार पर थाना बनभूलपुरा, हल्द्वानी , जनपद नैनीताल में विधि विरूद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम-1967 की धारा -15 एवं 16के अन्तर्गत पंजीकृत अभियोग संख्या-21 / 2024,22/2024 एवं 23/2024 के विचारण हेतु सुश्री नीलम रात्रा , अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- द्वितीय , हल्द्वानी , नैनीताल को उनके वर्तमान प्रभार के साथ विशेष न्यायालय (Special Court) के न्यायाधीश के रूप में पदाभिहित किये जाने विषयक शासन की संशोधित अधिसूचना संख्या-895 / XX- 4/2024-E- 26896 , दिनांक 26 दिसम्बर, 2024 की पंचम एवं षष्टम पंक्ति में टंकण त्रुटिवश सुश्री नीलम रात्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय , हरिद्वार टंकित हो गया है । कृपया उक्त पंक्ति में टंकित सुश्री नीलम रात्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- द्वितीय , हरिद्वार के स्थान पर सुश्री नीलम रात्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश - द्वितीय , हल्द्वानी , नैनीताल पढा जाय ।
2- उक्त संशोधित अधिसूचना दिनांक 26 दिसम्बर, 2024 को इस सीमा तक संशोधित समझा जाय ।
रिधिम अग्रवाल , विशेष सचिव ।
पी० एस ०यू० (आर ०ई० ) 02 हिन्दी गजट/ 18- भाग 1-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO /DDN / 30/2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं, विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
December 02, 2024
No. 426 /XIV- a - 42/Admin.A/ 2013 --Shri Vinod Kumar , Additional District & Sessions Judge , Karnprayag DistrictChamoli is hereby sanctioned medical leave for 15 days w.e.f. 17.09.2024 to 01.10.2024 .
NOTIFICATION
December 02, 2024
No. 427 /XIV-a- 46 /Admin.A/ 2015 -- Shri Nadeem Ahamad , 4th Additional Civil Judge ( Sr. Div. ) , Rudrapur , District Udham Singh Nagar, is hereby sanctioned medical leave for 10 days w.e.f. 29.08.2024 to 07.09.2024.
NOTIFICATION
December 02, 2024
No. 428/XIV- a - 38/Admin.A/ 2016 -- Ms . Krishtika Gunjiyal , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Kichha , District Udham Singh Nagar is hereby sanctioned earned leave for 09 days w.e.f. 21.10.2024 to 29.10.2024 with permission to prefix 20.10.2024 as Sunday holiday and suffix 30.10.2024 to 03.11.2024 as Deepawali holidays .
17-ख 18
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
December 04, 2024
No. 429/XIV- a - 36 /Admin.A- 2 /2023 --Ms . Sonam Rawat, Judicial Magistrate - IV, Dehradun is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 30.09.2024 to 09.10.2024 with permission to prefix 29.09.2024 as Sunday holiday and suffix 10.10.2024 to 13.10.2024 as Dusshera holidays .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
निदेशालय पंचायतीराज उत्तराखण्ड
अधिसूचना
02 जनवरी , 2025 ई ०
संख्या-2548 / ग्रा.पं./पुनर्गठन-परिसीमन , 2024-25- शहरी विकास अनुभाग -3 , उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या-1475 (1 )/ IV (3) /2024-1 (04 न0 निर्वा0) / 2017 , दिनांक 04 दिसम्बर , 2024 के क्रम में जनपद टिहरी गढवाल के विकास खण्ड नरेन्द्रनगर का ग्राम बडेड़ा जो पूर्व में नगर पालिका परिषद् नरेन्द्रनगर में पूर्णरूप से सम्मिलित होने एवं वर्तमान में पृथक होकर पुनः राजस्व ग्राम बडेड़ा के रूप में अस्तित्व में आने के फलस्वरूप पंचायतीराज अनुभाग -1 , के शासनादेश संख्या-249201 / XII( 1 ) / 2024/E-68985, दिनांक 25 अक्टूबर, 2024 के दृष्टिगत उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा -3 एवं धारा -4 के उपबन्धों के अधीन तथा शासन की अधिसूचना संख्या-912 / XII / 2017-86 (20) 2017 , दिनांक 09 जून , 2017 एवं अधिसूचना संख्या-913 / XII / 2017-86(20) 2017 , दिनांक 09 जून, 2017 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं निधि यादव, निदेशक , पंचायतीराज, उत्तराखण्ड , जनपद टिहरी गढवाल की ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन से सम्बन्धित पूर्व प्रकाशित गजट संख्या -1614 , दिनांक 27 सितम्बर, 2024 में उक्त आशय का आंशिक संशोधन करते हुए एतद्वारा निम्न सारणी के स्तम्भ-1 , 2 , 3 एवं 4 में उल्लिखित गजट क्रंमाक, राजस्व ग्राम, ग्राम सभा एवं पंचायत क्षेत्र को तद्नुसार स्तम्भ-5 , 6 , 7 एवं 8 , में विनिर्दिष्ट गजट क्रंमाक , राजस्व ग्राम, ग्राम सभा एवं पंचायत क्षेत्र में सम्मिलित किए जाने की स्वीकृति प्रदान करती हूँ । यह संशोधन जिलाधिकारी , टिहरी गढवाल के प्रस्ताव / संस्तुति पंत्राक -1200, दिनांक 01.01.2025 के आधार पर जारी किया जा रहा है ।
क्षेत्र पंचायत का नाम- नरेन्द्रनगर
वर्तमान स्थिति
ग्राम सभा का नाम राजस्व ग्राम का नाम
गजट क्रंमाक
जनपद का नाम- टिहरी गढवाल
संशोधित स्थिति
राजस्व ग्राम का नाम
पंचायत क्षेत्र का नाम गजट क्रंमाक
ग्राम सभा का नाम
पंचायत क्षेत्र का नाम 2
3
4 1
1.पटेर
76
5
6
7
8
76
बडेडा बडेडा
1.बडेड़ा
बड़कोट
बड़कोट 2. बड़कोट
राजस्व ग्राम बडेड़ा पूर्णरूप से नगर पालिका परिषद नरेन्द्रनगर में शामिल ।
2.पटेर
3. बड़कोट
निधि यादव ,
निदेशक ,
पंचायतीराज , उत्तराखण्ड ।
पी० एस०यू० (आर० ई0) 02 हिन्दी गजट / 18 - भाग 1 - क-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड , रूड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN /30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 11 जनवरी , 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मेरी पुत्री के आधार कार्ड न. 803335169853 में उसका नाम परी (Pari ) दर्ज है लेकिन निजी कारणों से मैनें अपनी पुत्री का नाम परी से बदलकर वेदिका मोहन (Vedika Mohan ) कर लिया है भविष्य में मेरी पुत्री को वेदिका मोहन पुत्री ललित मोहन (Lalit Mohan) के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
ललित मोहन पुत्र श्री सोमदत्त निवासी पुराने रविदास मंदिर के पास खंजरपुर रुड़की तहसील रूडकी जिला हरिद्वार उत्तराखण्ड |
सूचना
I have changed my name from Puneet Kumar S / o Padam Singh to Puneet Kumar Tyagi S / o Padam Singh for all future purpose .
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Puneet Kumar Tyagi S /o Padam Singh R/ o Village & Post Sherpur Khelmau , Distt. -Haridwar , Uttarakhand- 247665
05- ट [भाग 8 06 उत्तराखण्ड गजट , 11 जनवरी, 2025 ई० (पौष 21 , 1946 शक सम्वत्)
सूचना
मेरी एल ०आई ० सी० पालिसी सं0 271426231 में मेरा घरेलू नाम LUCKY दर्ज है । जबकि मेरा वास्तविक नाम DIVYANSH KUMAR CHOUDHARY है । ये दोनों ही नाम मेरे है । भविष्य में मुझे DIVYANSH KUMAR CHOUDHARY S / O SANJEEV KUMAR के नाम से ही जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
DIVYANSH KUMAR CHOUDHARY S/ O SANJEEV KUMAR
निवासी खानपुर मोहम्मदपुर जट गुरूकुल नारसन रूडकी हरिद्वार , उत्तराखण्ड ।
सूचना
IN my wife Late Archana Sharma LIC Police No. 271782709 Nominee name my nick name Roshan Lal is registered while my original name is Subodh Sharma. Both name are mine . I should be known as Subodh Sharma s / o Janeshwar Prasad Sharma in future for all purpose .
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Subodh Sharma s/ o Janeshwar Prasad Sharma R/ o 956/4 , Daanth Wali Gali , Near Ganesh Chowk, Roorkee
सूचना
मैं निजी कारणों से अपना नाम MOINUDDIN से बदलकर HAMZA AHMAD कर लिया है । भविष्य में मुझे HAMZA AHMAD S / O KAMRUDDIN के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
MOINUDDIN (मौजूदा पुराना नाम) S / o KAMRUDDIN निवासी छोटा भारूवाला क्लेमेंट टाउन देहरादून, उत्तराखण्ड ।
:
पी० एस ०यू० (आर० ई ०) 02 हिन्दी गजट/ 18 -भाग 8-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड , रुड़की ।