Servants of Knowledge
Uttarakhand Weekly Gazette · Government of Uttarakhand

Notification

Published 06 February 2025

Department
Industrial Development Department
Type
Weekly
Part
Bhag 1
Notification no.
53/ई-14626/VII-A-2/2025
Identifier
in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-02-06.3069-190625233139
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN /30/ 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

खण्ड-26 ] रुड़की , शनिवार, दिनांक 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्) [ संख्या-17

विषय- सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग - अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु० सम्पूर्ण गजट का मूल्य

3075

355-368

भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

1500

भाग 1 - क- नियम , कार्य- विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

119-121

1500 भाग 2- आज्ञाएं, विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975

भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र , नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975

भाग 4- निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975

भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975

भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

975

भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975 भाग 8 - सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

975

131-148

स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि

1425

355- क 356

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

भाग 1

विज्ञप्ति- अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

पशुपालन अनुभाग -3 (मत्स्य)

अधिसूचना

13मार्च , 2024 ई०

संख्या-102/XV- 3 / 2024-06 ( 04) 2004- राज्यपाल , उत्तराखण्ड मत्स्य अधिनियम , 2003 की धारा 3 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके, उत्तराखण्ड मत्स्य नियमावली, 2013 में संशोधन करने की दृष्टि से निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं: -

उत्तराखण्ड मत्स्य (संशोधन) नियमावली , 2024

1. (1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड मत्स्य (संशोधन) नियमावली, 2024 है ।

संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

(2) यह दिनांक 01.11.2021 से प्रवृत्त हुई समझी जाएगी ।

2. उत्तराखण्ड मत्स्य नियमावली, 2013 में परिशिष्ट- छः (1 ) के क्रमांक-08 को निम्नलिखित परिशिष्ट- छः (1 ) के क्रमांक -08 का

रूप से एतद्वारा प्रतिस्थापित कर दिया जाएगा , अर्थात्ः-

संशोधन

एतद्वारा प्रतिस्थापित नियम

नियम - परिशिष्ट- छः (1 ) का क्रमांक -8

शिकारमाही सारणी

क्र ० सं०

जलक्षेत्र का नाम

अनुज्ञापित शिकारमाही विधि

1

2

3

8.

जलाशय

समस्त मान्य शिकारमाही विधियाँ

निषेध अवधि

परमिट / लाइसेंस वैद्यता अवधि

बीट आवंटन | की विधि निविदा के माध्यम से

शिकारमाही के निषिद्ध क्षेत्र का स्थान

4

5

6

7

दस वर्ष

खुली ई- निविदा के आधार पर

01 जुलाई से 30 सितम्बर तक मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा ।

आज्ञा से ,

डा० बी ० वी० आर ० सी ० पुरुषोत्तम , सचिव ।

भाग 1 ]

357

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई 0 (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

In pursuance of the provisions of Clause ( 3 ) of article 348 of the ' Constitution of India' , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 102/ XV- 3/ 2024-06( 04) 2004 Dated- March 13 , 2024 for general information .

NOTIFICATION

March 13 , 2024

No. 102 /XV- 3 / 2024-06 ( 04) 2004 --In exercise of the powers conferred by the sub - section (1 ) of section 3 of the Uttarakhand Fisheries Act , 2003 , the Governor is pleased to make the following rules with a view to further amend the Uttarakhand Fisheries Rules , 2013 : -

The Uttarakhand Fisheries (Amendment) Rules , 2024

Short Title and commencement 1. (1 ) These Rules may be called the Uttarakhand Fisheries (Amendment ) Rules , 2024.

(2) It shall be deemed to have come into force on the date 01-11-2021

InUttarakhand Fisheries Rules , 2013 Serial No. 8 of Appendix - VI ( 1 ) shall be substituted as follows , namely: -

Amendment of 2 . Serial No. 8 of Appendix -VI ( 1 )

Rule hereby substituted

Rule - Serial No.8 of Appendix - VI ( 1 )

Table of Fishing

S. No.

Nameof water body

Licensed Fishing Method

Permit/ License Validity Period

Period Prohibited

Fishing Prohibited Area of Zone Method of Beat Allocation through Tender

1

2

3

4

8

Water Reservoir

Ten Years 5

6

7

On the basis of

Opene-Tender

AllValid Fishing Methods

Fishing shall be wholly Prohibited from 01 July to 30September

By Order, DR . B.V.R.C. PURUSHOTTAM , Secretary.

358

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

औद्योगिक विकास अनुभाग -02

अधिसूचना

06 फरवरी , 2025 ई ०

संख्या-53 / ई-14626/VII -A - 2/ 2025- चूंकि , भारत सरकार द्वारा देश में औद्योगिक / आर्थिक गलियारों के चतुर्भुज निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत उत्तराखण्ड राज्य में भी संयुक्त उपक्रम गठित कर समेकित निर्माण समूह विकसित किया जाना है तथा इस हेतु किये गये समझौते के अनुपालन में राज्य द्वारा NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को Planning Authority के रूप में अधिकृत किया जाना है;

और चूंकि, अधिसूचना संख्या-30 / VII - A-2/ 2022 / 33- सिडकुल / 2015, दिनांक 07.01.2022 के द्वारा जनपद ऊधमसिंहनगर के अन्तर्गत ग्राम खुरपिया, बण्डिया, देवरिया , गौरीकला एवं भूड़ागौरी की AKIC परियोजना हेतु अधिसूचित 1019.631 एकड़ भूमि को Industrial Township के रूप में अधिसूचित किया जाना है (जिसे आगे उक्त अधिसूचित क्षेत्र का आंशिक भाग कहा गया है) । उक्त अधिसूचित क्षेत्र के आंशिक भाग के अन्तर्गत आने वाली भूमि के खसरा की विस्तृत सूची संलग्न है;

और चूंकि, उक्त कम्पनी के पास कम्पनी अधिनियम , 2013 के अधीन निगमन प्रमाण-पत्र है;

और चूंकि, अमृतसर- कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना हेतु SHA एवं SSA समझौता दिनांक 30.04.2022 को हस्ताक्षरित हुआ एवं 21.10.2022 को NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से SPV का गठन किया गया;

और चूंकि SSA के खण्ड 3.2 ( iv) ( a) , ( b ) , (c) , (d) , (e ) , (f) एवं 3.4.2 (ii ) (a) , (b) , (c), (d), (e ) , ( f) , (g ) में Planning Authority का उल्लेख है ;

और चूंकि SSA के खण्ड 3.1 (i) एवं 3.5 SHA के खण्ड 3.3.3 में औद्योगिक नगरी (Industrial Township ) का उल्लेख है ;

और चूंकि उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम , 1976 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा 51 , सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण ) अधिनियम , 1991 की धारा 2 के अनुसार राज्य सरकार साधारण अथवा विशेष आदेश के द्वारा इस अधिनियम के अन्तर्गत प्रयोग की जाने वाली शक्तियों का प्रयोग करने हेतु किसी प्राधिकरण अथवा अधिकारी को प्राधिकृत कर सकते हैं;

और चूंकि, उपरोक्त वर्णित कार्यकम के क्रियान्वयन के लिए राज्य द्वारा NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को Planning Authority के रूप में प्राधिकृत किया जाना है । ऐसे में उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा 51 , सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण) अधिनियम , 1991 की धारा 2 के अन्तर्गत राज्य सरकार NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को Planning Authority के रूप में प्राधिकृत कर सकती है ;

और चूंकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 थ के परन्तुक में यह उपबन्ध है कि राज्य किसी क्षेत्र को औद्योगिक नगरी के रूप में अधिसूचित कर सकता है ;

ऐसे में भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 थ के परन्तुक के अन्तर्गत राज्य सरकार अधिसूचना संख्या-30 दिनांक 07.01.2022 के द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत भाग 1 ]

359 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई 0 (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

ग्राम खुरपिया, बण्डिया, देवरिया, गौरीकला एवं भूड़ागौरी की AKIC परियोजना हेतु अधिसूचित 1019.631 एकड़ भूमि को औद्योगिक नगरी ( Industrial Township ) के रूप में अधिसूचित किया जाना विधिपूर्ण है ;

अतएव अब राज्यपाल-

(क) उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा, 51 , सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण) अधिनियम, 1991 की धारा 2 के अन्तर्गत NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को SSA ड्रॉफ्ट के खण्ड-3.2 के अधीन Planning Authority के रूप में प्राधिकृत करते हैं ।

(ख) उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की धारा 2 (घ) सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण) अधिनियम, 1991 की धारा 2 के द्वारा AKIC समेकित निर्माण समूह (Integrated Manufacturing Cluster ) हेतु अधिसूचना संख्या -30 दिनांक 07.01.2022 के द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के अन्तर्गत ग्राम खुरपिया, बण्डिया , देवरिया , गौरीकला एवं भूड़ागौरी की AKIC परियोजना हेतु अधिसूचित 1019.631 एकड़ भूमि को संविधान के अनुच्छेद-243 थ के अन्तर्गत औद्योगिक टाउनशिप के रूप में अधिसूचित करते हैं ।

आज्ञा से , विनय शंकर पाण्डेय , सचिव ।

आई ० एम ० सी ० हेतु प्रस्तावित खसरा नम्बर

क०सं ० गांव का नाम

खसरा न०

क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)

1

97.5651

खुरपिया 2, 7 मि० , 8 , 9 , 10, 11, 12, 16, 17, 18क, 18 ग , 20, 21मि0, 25, 74, 75, 76 , 77 , 78, 79, 80, 81 , 82, 83 , 84, 85, 86, 87, 88मि०, 89मि० 90 , 91 , 92, 93, 94 ख, 96मि०, 7, 97मि० , 98, 99, 103 , 104

बण्डिया

3.2895

2

8 /1,8/ 2 , 8/4, 6/ 1,7/1 , 5/3

देवरिया

39.1524

3

102, 90, 31 , 68 मि०

गौरीकला

4

119.080

97, 105, 106, 118 मि० , 119मि० , 125, 127, 130 , 131 , 132, 133, 134, 135 , 136, 137मि० , 139, 140, 141 , 145, 147 , 149 , 151 , 154, 156 , 157, 158

153.552

5 भूड़ागौरी 25, 85, 86 , 87 , 92 , 93 , 94, 95, 96, 98, 100, 101 , 106, 107, 108 , 109 , 111 , 112, 113 , 117, 118, 126 , 58/133, 32

कुल योग

412.6392 है० (1019.631 एकड़)

आज्ञा से , विनय शंकर पाण्डेय , सचिव ।

360

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० ( बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

In pursuance of the provision of Clause ( 3 ) of article 348 of " the Constitution of India " , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 53/ E - 14626/VII - A - 2 / 2025/04 ( 13 ) 2023 Dated- February 06 , 2025 for general information .

NOTIFICATION

February 06 , 2025

No. 53 /E -14626/VII -A- 2/ 2025/04 ( 13 )2023 --Whereas , under the national program for the quadrilateral construction of Industrial/Economic corridors in the country by the Government of India , an integrated construction group is to be developed by forming a joint venture in the state of Uttarakhand and in compliance with the agreement made for this , the SPV formed in the name of the state NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd , is to be authorized as the Planning Authority;

And WHEREAS, 1019.631 acres land notified for AKIC project of village Khurpia , Bandiya , Deoria, Gaurikala and Bhudagauri within district Udham Singh Nagar vide notification No - 30/VII- A-2/2022 /33 - Siidcul/ 2015 dated 07.01.2022 . The land is to be nitified as Industrial Township . (hereinafter referred to as the partial part of the said notified area ) . The detailed list of Khasra of the land coming under the partial part of the said notified area is attached;

AND WHEREAS , the said company has Certificate of incorporation under the Companies Act, 2013 ;

AND WHEREAS , the SHA and SSA agreement for Amritsar - Kolkata Industrial Corridor Project was signed on 30.04.2022 and SPV was formed by the name NICDC , Uttarakhand Industrial Township Ltd. On 21.10.2022;

AND WHEREAS , Clause 3.2 ( iv) ( a ) , ( b ) , ( c ) , ( d ) , ( e ) , ( f ) and 3.4.2 ( ii ) ( a ) , ( b ) , ( c) , ( d ) , ( e ) , ( f ) , (g) of the SSA the planning Authority is mentioned;

AND WHEREAS , in Clause 3.1 and 3.5 of the SSA and Clause 3.3.3 of the SHA, Industrial Township has been mentioned;

AND WHEREAS in accordance with section 51 of the Uttar Pradesh Industrial Area development Act 1976 ( as applicable to Uttarakhand ) , read with section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development ( Removal of Doubts and Validation ) Act, 1991 , the State Government may, by general or special order authorize any authority or officer to exercise the powers to be exercised under this Act ;

AND WHEREAS the SPV formed in the name of NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. has is to be authorized as the Planning Authority by the State for the implementation of the above mentioned programme. As such , under Section 51 of the Uttar Pradesh Industrial development Act , 1976 ( as applicable in Uttarakhand ) , read with section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development ( Removal of Doubts and Validation ) Act, 1991 , the State Government may authorize the SPV formed in the name of NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. as Planning Authority;

भाग 1 ]

361 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

AND WHEREAS it is provided in the proviso of article 243Q of the Constitution of India that the State may notify any area as an industrial township;

Assuch , under the proviso to Article 243Q of the Constitution of India it is lawful for the State Government to notify 1019.631 acres of land notified for the AKIC project of Khurpia , Bandia , Deoria , Gaurikala and Budagouri under District Udham Singh Nagar by the Notification No. 30 dated 07.01.2022 , as Industrial Township for ;

Now therefore the Governor-

(a) Under Section 51 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development Act , 1976 ( as applicable in Uttarakhand ) , read with section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development ( Rernoval of Doubts and Validation ) Act , 1991 , authorize the SPV formed in the name of NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. as Planning Authority under Clause-3.2 of the SSA draft .

( b) By Clause ( d) of section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development Act - 1976 ( as applicable in Uttarakhand ) , read with section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development ( Removal of Doubts and Validation ) Act , 1991 for AKIC Integrated Manufacturing Cluster by Notification No. 30 dated 07.01.2022 , Villages Khurpia , Bandia , Deoria , Gaurikala and Budagouri under District Udham singh Nagar . 1019.631 acres of land notified for AKIC project notify as industrial township under Article - 243Q of the Constitution of India .

ByOrder, VINAY SHANKAR PANDEY, Secretary.

The Proposed Khasra No. for IMC

Khasra No.

Area( In hec .)

Sr. No.

Nameof the Village

1

97.5651

Khurpia 2, 7 मि०, 8, 9 , 10, 11 , 12, 16 , 17, 18 , 18 , 20, 21मि0, 25, 74, 75, 76 , 77 , 78, 79 , 80, 81 , 82, 83, 84, 85, 86, 87 , 88मि० , 89भि० 90, 91 , 92 , 93 , 94 ख , 96मि०, 7, 97मि०, 98 , 99, 103, 104

2

Bandia

3.2895

8 /1,8 / 2 , 8/4 , 6/1 , 7/1 , 5/3

3

Deoria 102, 90, 31 , 68 मि०

39.1524

4 Gauri kala

119.080

97, 105, 106 , 118मि०, 119मि ०, 125, 127 , 130 , 131 , 132, 133, 134, 135, 136, 137मि०, 139, 140, 141 , 145 , 147, 149 , 151 , 154 , 156 , 157 , 158

5 Bhudagauri

153.552

25, 85, 86 , 87, 92 , 93 , 94 , 95 , 96 , 98, 100 , 101 , 106, 107, 108, 109 , 111 , 112 , 113 , 117 , 118 , 126 , 58/133, 32

TOTAL

412.6392 Hес . (1019.631 Acre)

By Order,

VINAY SHANKAR PANDEY, Secretary.

362

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

पंचायतीराज अनुभाग -01

विज्ञप्ति/ संशोधन

18 फरवरी , 2025 ई ०

संख्या-276289 /XII ( 1 ) / 2025 / 86 ( 20) 2017 /ई - 16706 - उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की सुसंगत धाराओं के अधीन विहित प्राधिकारी घोषित किये जाने हेतु निर्गत शासन की विज्ञप्ति संख्या-912 / XII ( 1 ) / 2017 / 86 (20 ) / 2017 , दिनांक 09.06.2017 के परिशिष्ट के क्रमांक-3 , क्रमांक -13 , क्रमांक -16 में संशोधन करते हुए प्रतिनिहित अधिकारियों को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -

क्र.सं. अधिनियम की धारा

पदाधिकारी

1.

सदस्य -ग्राम पंचायत धारा-8 (5)

अनर्हता घोषित करने वाले प्राधिकारी

अपीलीय विहित प्राधिकारी

खंड विकास अधिकारी

उप जिलाधिकारी

उप जिलाधिकारी

प्रधान/ उप प्रधान-ग्राम पंचायत

2.

सदस्य-क्षेत्र पंचायत धारा-53 (5)

मुख्य विकास अधिकारी

जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी

जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी

प्रमुख / उप प्रमुख ज्येष्ठ एवं कनिष्ठ उप प्रमुख क्षेत्र पंचायत

3.

सदस्य-जिला पंचायत धारा-90 (5)

मुख्य विकास अधिकारी

मण्डलायुक्त

जिलाधिकारी

अध्यक्ष/उपाध्यक्ष-जिला पंचायत

2.

मण्डलायुक्त

उक्त संदर्भित विज्ञप्ति संख्या- 912 , दिनांक 09.06.2017 इस सीमा तक संशोधित समझी जाय ।

आज्ञा से ,

चन्द्रेश कुमार , सचिव ।

सचिवालय प्रशासन (अधि ०) अनुभाग -1

प्रोन्नति / विज्ञप्ति

03 मार्च , 2025 ई ०

संख्या -294 / XXXI ( 1 ) / 2025/ पदो0-01 / 2020 - उत्तराखण्ड सचिवालय सेवा संवर्ग के अन्तर्गत अनु सचिव के पद पर कार्यरत श्रीमती ऋचा को नियमित चयनोपरान्त उप सचिव, वेतनमान-₹ 78800-209200 (लेवल-12) के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से अस्थाई रूप से पदोन्नत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

2- उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप श्रीमती ऋचा , उप सचिव को 01 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है ।

उक्त प्रोन्नति मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या 394 (एस 0 बी0 ) / 2021 एवं रिट याचिका संख्या 221/2018 में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी । 3-

4- उप सचिव के पद पर पदोन्नत होने वाले उक्त अधिकारी की तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जाएंगे ।

आज्ञा से ,

दीपेन्द्र कुमार चौधरी , सचिव ।

भाग 1 ]

363 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० ( बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

औद्योगिक विकास अनुभाग -02

अधिसूचना

10 मार्च , 2025 ई ०

संख्या-115 / VII -A - 2 /ई-75771 / 2025 / 02 (02)2024- अधिसूचना संख्या-580 / VII -A- 2 / ई -75771 / 02 (02) 2024 , दिनांक 11.12.2024 के द्वारा निजी औद्योगिक आस्थानों / क्षेत्रों की स्थापना हेतु नीति-2023 ( यथासंशोधित) के अन्तर्गत मै० शिव ज्योति औद्योगिक आस्थान ग्राम सिकन्दरपुर लकेश्वरी , तहसील भगवानपुर, जनपद हरिद्वार में क्रय / क्रय अनुबन्धित विभिन्न खसरा संख्याओं के सापेक्ष कुल 30.81 एकड़ भूमि की स्वीकृति प्रदान की गयी ।

2. एतद्वारा महानिदेशक/ आयुक्त उद्योग निदेशालय के पत्र संख्या-6329/ उ0नि0(12) औ ०आस्थान / 2024-25 , दिनांक 06.03.2025 के कम में निजी औद्योगिक आस्थानों/ क्षेत्रों की स्थापना हेतु नीति-2023 (यंथासंशोधित) के अन्तर्गत मै० शिव ज्योति औद्योगिक आस्थान हेतु राजस्व ग्राम सिकन्दरपुर लकेश्वरी , तहसील भगवानपुर, जनपद हरिद्वार में कय /कय अनुबन्धित स्तम्भ-1 में उल्लिखित खसरा संख्याओं के स्थान पर स्तम्भ-2 में उल्लिखित खसरा संख्याओं को प्रतिस्थापित किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -

स्तम्भ-1

स्तम्भ-2

विद्यमान प्रस्तर

एतद्वारा प्रतिस्थापित प्रस्तर

खसरा नम्बर

क.स. खसरा संख्या

भूमि का क्षेत्रफल (एकड़ में)

क्षेत्रफल (हेक्टे०)

क्षेत्रफल (एकड़)

1

288

0.5765

1.424512

30.81

313 , 304 , 479 , 316, 288

290

2

0.0095

0.023475

337, 338, 344 , 334 , 336 , 327, 328 ,

293

3

0.5665

1.399852

331,332

4

313

1.994 4.927106

325, 319

5

316

1.481

3.659501 .

6

335

0.0520

0.128495 318, 325

7

304/479

0.017 0.042006

327

8

0.352

0.86978

9

328

0.153 0.378058

10

331

0.857

2.117618

11

332

0.683

1.68767

12

334

0.0136 0.033605

13

336

0.024 0.059303

14

334

0.0136 0.033605

15

336

0.024 0.059303

16

337

0.889667

2.198337

17

338

0.116667

0.28828

18

344

0.4173 1.031134

19

337

0.889667 2.198337

20

338

0.116667

0.28828

21

318

0.5975

1.476402

22

319

0.4832

1.193971

23

325

0.5315

1.313319

24

318

0.5975 1.476402

25

319

0.4832

1.193971

26

325

0.5315

1.313319

योग

12.47107

30.81564

3- अधिसूचना संख्या-580 / VII - A-2 /ई-75771 / 02 (02) 2024, दिनांक 11.12.2024 में उल्लिखित समस्त प्रतिबन्ध एवं शर्तें यथावत रहेंगी ।

आज्ञा से,

विनय शंकर पाण्डेय ,

सचिव ।

364

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

सिंचाई अनुभाग -1

प्रोन्नति/ विज्ञप्ति

11 अप्रैल , 2025 ई ०

संख्या-43 /11 (1 )/ 2025-01 ( 42 ) ( 430 ) / 2012 (E - 17436)- सिंचाई विभाग , उत्तराखण्ड के अन्तर्गत अधिशासी अभियन्ता (सिविल) (वेतन मैट्रिक लेवल -11 , रू. 67700-206700) के पद पर कार्यरत निम्नलिखित अधिकारियों को नियमित चयनोपरान्त अधीक्षण अभियन्ता (सिविल) (वेतन मैट्रिक लेवल -13 , रू. 123100-215900) के रिक्त पदों पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पदोन्नत करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः-

कं.सं.

अधिकारी का नाम

1.

श्री महेन्द्र सिंह यादव

2.

श्री रमेश कुमार गुप्ता

2. उक्त पदोन्नत अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 01 वर्ष की विहित् परिवीक्षा पर रहेंगे ।

3. उक्त पदोन्नत अधिकारियों को वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यभार ग्रहण कराया जायेगा तथा तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।

आज्ञा से ,

डॉ. आर . राजेश कुमार ,

सचिव ।

राजस्व अनुभाग -3

अधिसूचना

16 अप्रैल , 2025 ई ०

संख्या-158 / XVIII ( 3 ) / 2025-03 ( 04 ) / 2025- राज्यपाल , उत्तर प्रदेश भू- राजस्व अधिनियम , 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3 , वर्ष 1901 ) ( उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त) की धारा 48 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये यह घोषणा करते हैं कि इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशन की तिथि से नीचे दी गई अनुसूची में उल्लिखित ग्राम सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाओं के अधीन होंगेः-

अनुसूची

परगना

जिला

तहसील

ग्राम का नाम कुल भूमि (है० )

19.92

लेटी

21.35

चोपडा

भावर चिल्किया

नैनीताल

रामनगर

27.82

रामपुर

आज्ञा से,

सुरेन्द्र नारायण पाण्डे , सचिव , राजस्व ।

भाग 1 ]

365 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

Inpursuance of the provisions of clause (3 ) of the article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 158/ XVIII ( 3) /2025-03 (04)/2025 Dated- April 16 , 2025 for general information.

NOTIFICATION

April16, 2025

No. 158 /XVIII ( 3 )/ 2025-03 ( 04 )/2025 --In exercise of the powers conferred by section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act , 1901 ( U.P. Act . No. 3 of 1901 ) , ( as applicable to the State of Uttarakhand) , the Governor is pleased to declare that the villages mentioned in the Schedule below shall be under Survey and Record Operations with effect from the date of publication of the notification in the official Gazette: -

Schedule

District

Tehsil

Pargana

Name of Village

Total Land (inHectare) 1

2

3

4

Leti

19.92

Nainital

Ramnagar Bhawar Chilkia

21.35

Chopra

27.82

Rampur

By Order ,

DR . SURENDRA NARAYAN PANDE , Secretary, Revenue .

गृह अनुभाग -05

अधिसूचना

16 अप्रैल , 2025 ई ०

संख्या-516 / XX- 5-2025-03 (16 ) 2024- उत्तर प्रदेश शरीर रचना परीक्षण अधिनियम , 1956 (The Uttar Pradesh Anatomy Act , 1956) में विहित प्रावधानों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा स्थापित (Established ) संधारित (Maintained) अथवा अभिज्ञात (Recognized ) चिकित्सा संस्थान , जिसमें कोई अस्पताल या चिकित्सा संस्थान अथवा शैक्षिक संस्थान सम्मिलित हैं तथा जो शरीर रचना शास्त्र सम्बन्धी परीक्षण एवं चीरफाड़ या दोनों के निमित्त , सरकारी गजट में प्रकाशित विज्ञप्ति द्वारा इस रूप में, राज्य सरकार द्वारा स्थापित, संधारित अथवा अभिज्ञात हो , को उत्तर प्रदेश शरीर रचना परीक्षण अधिनियम, 1956 (The Uttar Pradesh Anatomy Act , 1956 ) की धारा 2 (1 ) (क) में विहित प्राधिकृत पदाधिकारी के माध्यम से प्रशिक्षण हेतु लावारिस मानव शव ( Unclaimed Human Dead Body ) उपलब्ध कराये जाने हेतु शासनादेश संख्या -146 / XX - 3-2016-09 ( 01 ) 2016 , दिनांक 21.07.2016 को निम्नवत् विस्तारित किये जाने की राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: - 366

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

(1 ) उत्तर प्रदेश शरीर रचना परीक्षण अधिनियम , 1956 की धारा 2 (1 ) (क) में उल्लिखित "प्राधिकृत पदाधिकारी " से आशय यथास्थिति सम्बन्धित जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक से है ।.

(2) जनपद में उपलब्ध लावारिस मानव शव (Unclaimed Human Dead Body ) को प्राधिकृत पदाधिकारी (जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक) के माध्यम से उसी जनपद में स्थित राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थान को उपलब्ध कराया जा सकेगा ।

(3) जनपद में स्थित चिकित्सा संस्थान द्वारा किसी अन्य जनपद में लावारिस मानव शव प्राप्त किये जाने की अपेक्षा की जाती है तो लावारिश शव को उपलब्ध कराने हेतु प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा पुलिस मुख्यालय (पुलिस महानिदेशक) से अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात् सम्बन्धित संस्थान को उपलब्ध कराया जा सकेगा ।

2- अतः उपरोक्त विहित तथ्यों के आलोक में शासनादेश संख्या -146 / XX- 3-2016- 09(01)2016, दिनांक 21.07.2016 के प्रस्तर-2 , 3 एवं 4 में विहित तथ्यों को उक्त सीमा तक संशोधित समझा जाय एवं उक्त शासनादेश दिनांक 21.07.2016 में विहित अवशेष तथ्य एवं शर्ते यथावत रहेंगी ।

आज्ञा से , शैलेश बगौली, सचिव ।

In pursuance of the provision of clause ( 3) of Article 348 of " the Constitution of India " , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 516/XX - 5-2025-03 ( 16 ) 2024, Dated- April 16, 2025 for general information.

NOTIFICATION

April16, 2025

No. 516 /XX - 5-2025-03 ( 16 ) 2024--In accordance with the provision prescribed in the Uttar Pradesh Anatomy Act , 1956 , for providing unclaimed human dead body for training to medical institution established , maintained and recognized by State Government which includes any hospital , medical institution or educational institution established , maintained or recognized by State Government as such by notification published in Government Gazette for the purpose of anatomy science related examination and dissection or both through officer authorized prescribed in section 2( 1 ) ( a) of the Uttar Pradesh Anatomy Act , 1956 , the Governor is pleased to allow to extend the G.O. No. 146 /XX - 3-2016-09( 01 ) 2016 , dated 21.07.2016 , as follows: - 367 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई 0 ( बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

(1 ) Authorized officer mentioned in section 2 ( 1 ) (a) of the Uttar Pradesh Anatomy Act , 1956 means Senior Superintendent of Police/ Superintendent of Police of concerned district , as the case may be ;

(2) The unclaimed human dead body available in district may be made available to medical institution affiliated by State Government situated in that district through authorized officer ( Senior Superintendent of Police/ Superintendent of Police in district) ;

(3 ) If a medical institution situated in a district requires an unclaimed human dead body from another district , the unclaimed body may be made available to the said institution through the authorized officer , subject to the prior approval of the Police Headquarters (Director General of Police) .

2- NOW in the light of facts prescribed above , facts prescribed in para 2, 3 and 4 of Government order no . 146 /XX - 3-2016-09 ( 01 )2016 , dated 21-07-2016 shall be deemed to be amended to the said extent and remaining prescribed facts and conditions shall remain as it is .

By Order,

SHAILESH BAGAULI , Secretary.

गृह अनुभाग -5

अधिसूचना

22 अप्रैल , 2025 ई 0

संख्या-546 / XX- 5-2025-03 ( 10 ) 2024 टी 0 सी0-4 - राज्यपाल समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 की धारा 48 के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके समान नागरिक संहिता नियमावली, उत्तराखण्ड, 2025 में संशोधन करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं: - 368

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

रागान नागरिक संहिता (संशोधन ) नियमावली , उत्तराखण्ड, 2025

1.

संक्षिप्त नाग और प्रारम्भ

(1) इस नियगावली का संक्षिप्त नाम समान नागरिक संहिता ( संशोधन) नियमावली , उत्तराखण्ड, 2025 है ।

(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी।

2.

नियम 4 का संशोधन

समान नागरिक संहिला नियमावली , उत्तराखण्ड, 2025 के नियम 4 के उपनियम (3) में -

(i) खण्ड (क) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित कर दिया जायेगा. अर्थात्

(क) ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी या ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का प्रभार संभाल रहा अन्य कार्मिक / अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र हेतु या राज्य सरकार द्वारा नामित अन्य कार्मिक/ अधिकारी उप- निबंधक होगा।

(ii) खण्ड (घ) के पश्चात् निम्नलिखित खण्ड अन्तःस्थापित कर दिया जायेगा, अर्थात् -

(ड.) समस्त जनपदों में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम , 1908 की धारा 6 में निहित उपबंधों के अनुसार नियुक्त उप- निबंधक अपने अधिकारिता क्षेत्र में इस नियमावली * के अध्याय-4 के अतिरिक्त अन्य उपबंधों के क्रियान्वयन हेतु भी उप- निबंधक होंगे ।

आज्ञा से , शैलेश बगौली , सचिव ।

पी० एस ० यू० (आर० ई ०) 17 हिन्दी गजट / 113 - भाग 1-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/ 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार , दिनांक 26 अप्रैल, 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

भाग 1 - क

नियम , कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

March 18 , 2025

No. 57 /XIV - a - 38 /Admin.A- 2 / 2023--Shri Jatin Mittal , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Rudraprayag is hereby sanctioned earned leave for 27 days w.e.f. 25.11.2024 to 21.12.2024 with permission to prefix 24.11.2024 and suffix 22.12.2024 asSunday holidays.

NOTIFICATION

March 18 , 2025

No. 60/XIV- a - 53/Admin.A/ 2015--Ms . Suman , Civil Judge ( Sr. Div. ) , Rudraprayag , is hereby sanctioned maternity leave for 180 days w.e.f. 29.05.2024 to 24.11.2024 .

By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,

Sd/-

Registrar ( Inspection ) .

119-ख 120

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

CHARGE CERTIFICATE

(Taking over)

After availing earned leave

February 04, 2025

No. 1420 / UHC /Admin.A- 2 / 2025-- CERTIFIED that the charge of office of the Registrar ( Judicial ) , HighCourtof Uttarakhand , Nainital was taken over by the undersigned in the forenoon of 02.12.2024 after availing earned leave of 11 days w.e.f. 21.11.2024 to 01.12.2024 .

MANOJ GARBYAL , Countersigned

illegible,

Registrar General ,

High Courtof Uttarakhand , Nainital .

CHARGE CERTIFICATE

(Taking over)

After availing earned leave

February 04, 2025

No. 1421 / UHC / Admin.A- 2 / 2025--CERTIFIED that the charge of office of the Registrar ( Judicial ) , HighCourtof Uttarakhand , Nainital was taken over by the undersigned in the forenoon of 12.09.2024 after availing sanctioned earned leave w.e.f. 06.09.2024 to 10.09.2024 with permission to suffix 11.09.2024 as Nandashtmi holiday.

MANOJ GARBYAL , Countersigned

illegible,

Registrar General ,

High Courtof Uttarakhand , Nainital .

CHARGE CERTIFICATE

(Handing over)

Forearned leave

February 04, 2025

No. 1422 / UHC / Admin.A- 2 / 2025 --CERTIFIED that the charge of office of the Registrar ( Judicial ) , High Court of Uttarakhand , Nainital was handed over by the undersigned in the afternoon of 20.11.2024 to avail sanctioned earned leave w.e.f. 21.11.2024 to 01.12.2024.

MANOJ GARBYAL , Countersigned

illegible,

Registrar General ,

High Court of Uttarakhand , Nainital .

121 भाग 1 -क] उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

CHARGE CERTIFICATE

(Handing over)

For earned leave

February 04, 2025

No. 1423 / UHC /Admin.A- 2/ 2025 -- CERTIFIED that the charge of office of the Registrar ( Judicial ) , High Courtof Uttarakhand, Nainital was handed over by the undersigned in the afternoon of 05.09.2024 to avail sanctioned earned leave w.e.f. 06.09.2024 to 10.09.2024 with permission to suffix 11.09.2024 as Nandashtmi holiday.

MANOJ GARBYAL , Countersigned

illegible,

Registrar General ,

High Courtof Uttarakhand , Nainital .

पी ० एस ० यू० ( आर० ई ० ) 17 हिन्दी गजट / 113 - भाग 1 - क-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो ) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रूड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार, दिनांक 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

सूचना

मेरे आधार कार्ड नं . 989125823875 में त्रुटिवश मेरा नाम विनोद शाह गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम विनोद लाल है । भविष्य में मुझे विनोद लाल पुत्र श्यामू के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

विनोद लाल पुत्र श्यामू

निवासी-ग्राम पैडा भन्डैल्डी आरगढ़

टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड ।

131 - ट 132

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई ० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

कार्यालय नगर पंचायत इमलीखेडा जिला- हरिद्वार

उपविधि (By Laws )

13 दिसम्बर , 2024 ई ०

पत्रांक 899 / उपविधि/ 2024-25- नगर पंचायत इमलीखेडा, जिला- हरिद्वार की सीमान्तर्गत उ ० प्र० नगर पालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखंड राज्य में यथाप्रवृत्त) की धारा -298 की उपधारा-2 खण्ड- ख के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत इमलीखेडा, जिला- हरिद्वार द्वारा प्रभारी सचिव शहरी विकास उत्तराखण्ड शासन देहरादून के पत्र सं0-597 / IV(2)-श ०वि०-2017-50(सा 0) /16 दिनांक 22-05-2017 और उत्तराखण्ड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल-2017 एवं माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा पारित आदेश सं0-10 / 2015 दिनांक 10-12-2012 में दिये गए निर्देशानुसार "फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधकीय उपविधि बनायी जाती है, जो नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-301 (1 ) के अंतर्गत जनसामान्य अथवा जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पडने वाला हो, उनसे आपत्ति एवं सुझाव के लिए प्रकाशित की जा रही है

अतः जनसामान्य के अवलोकनार्थ उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अंदर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार को प्रेषित की जा सकेगी, वाद मियाद प्राप्त आपत्तियाँ एवं सुझाव पर कोई विचार नहीं किया जायेगा ।

भाग 1 : उपविधि (By Laws )

फिकल स्लज और सेप्टेज प्रबन्धन ( FSSM ) उपविधि -2024

1. शीर्षक , विस्तार और प्रारम्भ

यह उपविधि नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार " फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) " उपविधि, 2024 कहलायेगी , जो नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार के अधिकार क्षेत्र में / पर लागू होगी ।

यह उपविधि शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी हो जाएगी ।

2- अधिकार

यह उपविधि निम्नलिखित कानून के प्रावधानों को कार्यान्वयन में लाने के लिए सक्षम करता है:

a ) उ० प्र० नगर पालिका अधिनियम-1916 ( उत्तराखण्ड में यथाप्रवत्त )

b ) उत्तराखण्ड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकॉल-2017

c ) राष्ट्रीय नीति फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) -2017

d ) CPHEEO मेनूअल ऑन सीवरेज एंड सीवेज मैनेजमेंट -2013

e ) मॉड्ल बिल्डिंग उपनियम -2016 और अन्य लागू बिल्डिंग कोड

f ) मैनुअल स्कैवेंजर्स ( हाथ से मेला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास उपविधि-2013 g) IS Code 2470 Part I & II 1985 ( Reaffirmed 1996 ) code of practice for installation of septic tanks (सेप्टिक टैंक की स्थापना के लिये अभ्यास संहिता )

h ) केंद्रीय कानून नियम और विनियम ( पर्यावरण संरक्षण उपविधि -1986 )

i ) जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण उपविधि-1974

j ) उत्तराखंड के समस्त राज्य कानून पानी और स्वच्छता से सम्बंधित

3- विषय क्षेत्र

यह उपविधि नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार की प्रशासनिक सीमा के भीतर FSSM में लगे सभी हितधारकों के लिये लागू है ऑनसाईट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के स्वामी और उपयोगकर्ता , डिस्लजिंग और सेप्टेज ट्रांसपोर्टेशन ऑपरेटर, सेप्टेज उपचार और निपटान के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसीयो , शहरी स्थानीय निकाय , सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (SMC) समेत।

यह उपविधि नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार में स्थित सभी भवनों पर लागू होगा चाहे सार्वजनिक या निजी, आवासीय , वाणिज्यिक, संस्थागत, औधोगिक, प्रस्तावित, नियोजित या मौजूदा ।

4- सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( SMC)

उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकॉल 2017 अनुसार , नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( SMC ) का गठन करेगा, जिनमें निम्नलिखित सदस्य रहेंगेः

क्र.

पद

सदस्य

1

अध्यक्ष

सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट ( SDM ) ( Sub-division का नाम )

2

सदस्य सचिव

अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार भाग 8 ]

133 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

3 उत्तराखंड जल संस्थान के प्रतिनिधि ( A.E. के पद से नीचे नहीं )

सदस्य

4 उत्तराखंड पेयजल निगम के प्रतिनिधि ( A.E. के पद से नीचे नहीं )

सदस्य

5 राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि

सदस्य

6

स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि

सदस्य

7

सदस्य

अन्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जा सकता है जो SMC को तकनीकी सलाह प्रदान कर सके

नगर पंचायत इमलीखेडा जिला हरिद्वार और SMC इस उपविधि का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा इसके अंतर्गत

संचालन की निगरानी करेंगे और (non- complying actors ) पर पेनल्टी लगा सकते है । इस उपविधि में निर्धारित कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए SMC की बैठक समय - समय पर आहूत की जाएगी । अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत इमलीखेडा जो सदस्य सचिव है , SMC बैठक बुलाएंगे।

SMC की निगरानी जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति ( Monitoring Committee ) द्वारा की जाएगी, जैसा कि उत्तराखण्ड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकॉल 2017 में उल्लेखित है ।

5- ऑनसाईट सैनिटेशन सिस्टम ( oss ) का निर्माण और रखरखाव

यह खंड ऑनसाईट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS) जैसे कि सेप्टिक टैंक, गड्ढे , बायो- डाईजेस्टर आदि के निर्माण और रखरखाव में विभिन्न हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की रूपरेखा देता है।

5.1 नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार सीमांतर्गत स्थित आवासीय भवन , व्यवसायिक/ वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में ऑनसाईट सैनिटेशन सिस्टम ( oss ) के स्वामी के कर्तव्य और जिम्मेदारियां:

5.1.1 सेप्टिक टैंक / oss का डिजाइन और निर्माण-

भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके परिसर के शौचालयों में सोख गड्‌ढे के साथ सेप्टिक टैंक ( septic tank with soak pit ) या अन्य OSS का ठीक से निर्माण किया गया है , जैसा कि IS code 2470 भाग । & ॥ , 1985 ( Reaffirmed 1996 ) और CPHEEO मैनुअल-2013 में उल्लिखित है ।

भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS का समुचित कार्य हो रहा है ताकि मल या अपशिष्ट का स्राव , रिसना, रिसाव या अन्यथा बचने से पर्यावरण को कोई प्रदूषण न हो। इसके लिए OSS की समय - समय पर मरम्मत का काम (repair or retrofitting ) मालिक द्वारा किया जाएगा ।

भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS में छत का पानी , सतह- पानी , रन-ऑफ ( run - off ) या बारिश का पानी प्रवेश नहीं करेगा ।

भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS से अपशिष्टों ( effluents ) का सुरक्षित निपटान सोख गड्‌ढों या सीवर नेटवर्क के माध्यम से किया जाए ।

5.1.2 OSS का खाली कराना डिस्लजिंग ( desludging ) -

भवन स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS को नियमित रूप से खाली कराए ( तीन साल में कम से कम एक बार या टैंक दो- तिहाई भरा हो , जो भी पहले हो )

भवन स्वामी नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार को सुचित करेंगे जब सेप्टिक टैंक या containment unit की सफाई करनी है ।

जहाँ भवन स्वामी निजी डिस्लजिंग ऑपरेटर की सेवाएं ले रहे है, वे केवल उन ऑपरेटर की सेवा लेंगे जिनके पास FSSM सेवाएं प्रदान करने के लिये नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार द्वारा जारी परमिट या लाइसेंस है।

5.1.3 उपभोक्ता शुल्क का भुगतान

भवन स्वामी नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार या लाइसेंस युक्त निजी ऑपरेटर द्वारा FSSM सेवाओं के लिये उपभोक्ता शुल्क का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित करेंगे , जैसा की SMC द्वारा तय किया गया है और बाद में नगर पंचायत इमलीखेडा द्वारा अधिसूचित किया गया है ।

5.2 नगर पंचायत इमलीखेडा के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां: -

5.2.1 नगर पंचायत इमलीखेडा में स्थित सभी OSS ( septic tank , pits , biodigester etc. ) की रजिस्ट्री

नगर पंचायत इमलीखेडा अपने अधिकार क्षेत्र में निर्मित सभी OSS के एक रजिस्टर बनाए रखेगा , जिसमें सभी विवरण होंगे जैसे की भवन स्वामी का नाम, GPS स्थान , OSS का प्रकार, आकार और स्थिति, खाली करने की आवृत्ति 134

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8 आदि जैसा की उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकॉल 2017 में उल्लिखित है । इसके लिए नगर पंचायत इमलीखेडा सर्वेक्षण या अन्य तरीकों का उपयोग कर सकता है ।

सभी नए निर्माणों को शामिल करने के लिए Oss की रजिस्ट्री को अपडेट किया जाएगा ।

5.2.2.1 OSS का उचित निर्माण और डिजाइन सुनिश्चित करनाः-

नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार अपने अधिकार क्षेत्र में पंजीकृत नए निर्माणों को केवल तभी अनुमोदित करेगा जब OSS का निर्माण is code 2470 भाग -1 , भाग-।। और CPHEEO मैनुअल में निर्धारित मानकों के अनुसार है, यदि उल्लंघन है तो नगर पंचायत इमलीखेडा दोषपूर्ण निर्माण के मालिकों को नोटिस जारी करेगा ।

नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार जहाँ सम्भव हो , OSS को डिजाइन विनिर्देशों के अनुरूप में लाने के लिए रेट्रोफिटिंग ( retrofitting ) के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

5.3 SMC के कर्तव्य और जिम्मेदारियां-

SMC नगर पंचायत इमलीखेडा को समय - समय पर निगरानी करने के लिए निर्देशित करेगा यह सुनिश्चित करने के लिए कि OSS का उचित रखरखाव हो ।

SMC समय- समय पर सभी FSSM से सम्बंधित गतिविधियों की निगरानी करेगा जैसा कि उत्तराखण्ड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकॉल 2017 में उल्लिखित है ।

6. मल और सेप्टेज का खाली करवाना और परिवहन-

यह खण्ड हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है ताकि ( नगर पंचायत इमलीखेडा ) में स्थित OSS रोकथाम इकाइयों ( Containment units ) से मल और सेप्टेज ( FSS ) का उचित संग्रह/ करना हो सके तथा उपचार और सुरक्षित निपटान/पुनः उपयोग के लिए, इसका निर्धारित साइटों ( Designated sit में / Treatment facility ) तक सुरक्षित परिवहन हो सके।

6.1 FSS के संग्रह और परिवहन में नगर पंचायत इमलीखेडा के कर्तव्य और जिम्मेदारियां- 6.1.1 . डिस्लजिंग (Desludging ) और सेप्टेज परिवहन वाहनों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण-

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार अपने अधिकार क्षेत्र में उचित पंजीकरण/ लाइसेंस/ परमिट के बिना कोई भी डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को काम करने की अनुमति नहीं देगा। इसमें निजी स्वामित्व के साथ-साथ सरकार के वाहन भी शामिल है ( Nagar Panchayat, Jal Sansthan आदि ) । इसके अलावा यह नगर पंचायत इमलीखेडा के बाहर से आने वाले वाहनों ( दोनों निजी और सरकारी ) पर लागू होता है ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को अपने अधिकार क्षेत्र में संचालित करने के लिए लाइसेंस / परमिट प्रदान करेगा । राज्य FSSM प्रोटोकॉल में उल्लिखित और SMC द्वारा अधिसूचित अनिवार्य तकनीकी , प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले ऑपरेटर को ही लाइसेंस / परमिट दिए जाएंगे (अनुबंध B देखे)

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार के बाहर से आने वाले ऑपरेटर को भी (दोनों निजीं और अन्य ULB , जल संस्थान आदि के स्वामित्व वाले ) अपने उद्भव के नगर पंचायत ( Nagar Panchayat of Origin ) द्वारा लाइसेंस प्राप्त होना है , यदि उन्हें नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार के भीतर संचालन की अनुमति प्राप्त करनी है । नगर पंचायत इमलीखेडा ऐसे वाहनों की एक लोग बुक ( Log book ) बनाए रखेगा । नगर पंचायत हरिद्वार में इन वाहनों के संचालन की शर्तें SMC द्वारा उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएगी ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार यह सुनिश्चित करेगा कि ऑपरेटर के लाइसेंस समय - समय पर नवीनीकृत किए जाए जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है । लाइसेंस का नवीनीकरण के लिए अनिवार्य तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करना आवश्यक है ।

6.1.2.डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों की प्रप्तिकरण और कर्मचारियों की भर्ती-

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार यह सुनिश्चित करेगा कि अपने अधिकार क्षेत्र FSS के संग्रह और परिवहन के लिए डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पर्याप्त संख्या में हो, या तो नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार खुद वाहन प्राप्त करें या टेण्डर आमंत्रित करके निजी ऑपरेटरो का चयन करें ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार अपने वाहनों को चलाने के लिए केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही नियुक्त करेगा।

भाग 8]

135 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

जहाँ नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार निजी ऑपरेटरो की सेवाएं टेण्डर के माध्यम से ले रही है, अनुबंध प्रतिवर्ष नवीनीकृत किया जाएगा । नवीनीकरण सशर्त है ऑपरेटर के निष्पादन पर और उनके स्टेट FSSM प्रोटोकॉल में वर्णित और SMC द्वारा अधिसूचित इन वाहनों के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं का अनुपालन पर।

6.1.3 . डिस्लजिंग ऑपरेटरो की निगरानी

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन वाहन नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार से एकत्र किया FSS केवल SMC द्वारा चिह्नित स्थलों (Site )/ उपचार सुविधाओं ( Treatment facilities ) पर निस्तारण करेंगे ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन टैंकर GPS सिस्टम से युक्त है जिससे उनकी ट्रेकिंग ( Tracking ) की जा सकती है ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार FSS के संग्रह , परिवहन और निपटान के लिए जॉब कार्ड (Job Card ) पंजीकृत डिस्लजिंग ऑपरेटरो को प्रदान करेगा हर डिस्लजिंग ऑपरेशन को रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए जॉब कार्ड कि एक प्रति OSS के मालिक को सौंप दी जाएगी , जिसकी दूसरी प्रति निपटान स्थल पर और तीसरी प्रति नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार कार्यालय में जमा की जाएगी । इस जॉब कार्ड पर OSS के मालिक , डिस्लजिंग ऑपरेटर , ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर और नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार के नोडल अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार भुगतान का प्रमाण दिखाने के लिए OSS मालिकों को रसीदें प्रदान करेगा।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार इन विनियमों के उल्लंघन में पाए जाने वाले ऑपरेटर पर penalty/ दंड लगाएगा ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार किसी भी ऑपरेटर का लाइसेंस रद्द करेगा जो लाइसेंस नवीनीकृत करने में विफलता करें या इन नियमों या मैनुअल स्कैवेंजर्स ( हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास उपविधि-2013 के प्रावधानों का बार- बार उल्लंघन करें ।

6.1.4. नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार की अन्य जिम्मेदारियां-

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार निम्नलिखित जिम्मेदारियां भी निभाएगा-

अपने अधिकार क्षेत्र में सामुदायिक/ सार्वजनिक शौचालय को निर्दिष्ट अंतराल पर खाली करवाना या जब टैंक दो- तिहाई भरा हुआ हो , जो भी पहले हो ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार सीमा के भीतर स्थित भवनों का सर्वेक्षण और निरीक्षण करना और उन मालिकों या भवनों को नोटिस/ जुर्माना जारी करना जो इस उपविधि के अनुरूप नहीं है ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन परमिट के लिए अपनी वेबसाइट और प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार अपनी वेबसाइट और प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर समय - समय पर लाइसेंस प्राप्त/ पंजीकृत ऑपरेटरो की सूची को प्रकाशित करेगा ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार प्रत्येक डिस्लजिंग ऑपरेशन के बाद घरों से एकत्र किए जाने वाले फीडबैक फॉर्म प्रदान करेगा।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार App-आधारित/ फोन कॉल/ SMS आधारित डिस्लजिंग सेवाओं जैसे विकल्पों की खोज कर सकता है नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार को वास्तविक समय ( Real Time ) के आधार पर डेटाबेस को अपडेट करने और उपभोक्ता फीडबैक ( user feedback ) से अवगत कराने में मदद करें ।

शेड्यूल डिस्लजिंग ( Scheduled desludging )-उपविधि की धारा-5.1.2 में वर्णित समय अवधि के अनुसार नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित OSS को खाली करने के लिए मासिक कार्यक्रम ( Monthly schedule ) विकसित कर सकता है ।

6.2 . डिस्लजिंग (Desludging ) और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरो के कर्तव्य और जिम्मेदारियां- 6.2.1 परमिट/लाइसेंस के लिए आवेदन और मानकों के अनुपालन-

जो भी व्यक्ति नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार के अधिकार क्षेत्र FSS के संग्रह और परिवहन के लिए सेवाएं प्रदान करना चाहता है, वह नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार से अपेक्षित लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा। ( फॉर्मेट के लिए अनुबंध C1 देखे )

आवेदन देने से पहले आवेदक यह सुनिश्चित करेगा कि उनके वाहन डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिए SMC द्वारा अधिसूचित तकनीकी , प्रशासनिक , सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा कर रहे है । इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल होगा कि टैंकर पानी- तंग और रिसाव- प्रूफ ( water tight and leak proof tankers ) हो, और यांत्रिक 136

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[भाग 8

desludging उपकरण ( mechanical desludging equipment ) के साथ युक्त हो (अनुबंध B देखे ) । इसके अतिरिक्त केवल FSS की सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही काम पर रखेंगे ।

ऑपरेटर को लाइसेंस के लिए आवेदन के समय और नवीनीकरण के समय SMC द्वारा परिभाषित शुल्क का भुगतान करना होगा। ( धारा 6.3.2 देखे )

लाइसेंस प्राप्त/पंजीकृत ऑपरेटर समय- समय पर अपने लाइसेंस/परमिट के नवीनीकरण के लिए आवेदन करेंगे जैसा कि SMC द्वारा तय किए गए ।

6.2.2. संचालन के मानदंडों के अनुपालन-

ऑपरेटर SMC द्वारा तय किए गये और नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार द्वारा अधिसूचित किए गए संचालन के सभी मानदंडों का पालन करेगा। (अनुबंध C2 देखे )

ऑपरेटर नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार की सभी निगरानी आवश्यकताओं का अनुपालन करेंगे जैसे कि सेप्टेज संग्रह और परिवहन टैंकरों पर जीपीएस ट्रैकिंग ( GPS Tracking ) सक्षम करना ।

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए ।

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि सफाई के समय और निपटान के समय के बीच का अंतर 24 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए ।

6.2.3 . अधिसूचित दरों के अनुसार फीस का निर्धारण-

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे डिस्लजिंग सेवाओं के लिए SMC द्वारा अधिसूचित दरों से अधिक शुल्क OSS मालिकों से नहीं लेंगे ।

6.2.4. दस्तावेजों का रखरखाव-

ऑपरेटर को यह सुनिश्चित करना होगा कि सेप्टेज संग्रह, परिवहन और निपटान के लिए नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार द्वारा प्रदान किए गए जॉब कार्ड (Job card ) OSS के मालिक , ट्रीटमेंट यूनिट में प्लांट मैनेजर/ऑपरेटर , डिस्लजिंग ऑपरेटर और नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित होंगे और प्रतियाँ प्रत्येक को सौंपी जाएगी । (फॉर्मेट के लिए अनुबंध D देखे )

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन पर नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार द्वारा जारी ऑपरेटर लाइसेंस की एक प्रति और मोटर वाहन पंजीकरण ( motor vehicle registration ) को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

6.2.5 . श्रमिकों की सुरक्षा और सेप्टेज परिवहन के दौरान सावधानियों का पालन-

लाइसेंस युक्त डिस्लजिंग ऑपरेटर FSS के केवल यांत्रिक संग्रह और परिवहन में संलग्न होगे और मैनुअल स्कैवेंजर्स हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास उपविधि 2013 के सभी नियमों का अनुपालन करेंगे ।

ऑपरेटर सभी कर्मचारी को SMC द्वारा निर्धारित अपेक्षित सुरक्षा गियर ( Safety gear ) प्रदान करेंगे ।

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS संग्रह और परिवहन में लगे सभी कर्मचारी पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से हर साल कम से कम एक बार स्वास्थ्य जांच करवाए और नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार के रिकॉर्ड में जमा करें ।

ऑपरेटर अपने द्वारा नियोजित सेप्टेज के सफाई , परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से सम्बंधित सभी व्यक्तियों का बीमा करेंगे ।

सेप्टेज के सफाई , परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति , संपत्ति, वाहन या पर्यावरण को होने वाली किसी भी नुकसान के लिए लाइसेंस युक्त डिस्लजिंग ऑपरेटर पूरी तरह से उत्तरदायी होंगे। ऑपरेटर ऐसे मामलों में मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगे जैसा कि नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार /अदालत द्वारा अधिसूचित है ।

FSS के परिवहन के दौरान आकस्मिक रिसाव की स्थिति में, ऑपरेटर तुरंत उसको नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करेगा, पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेगा और साफ- सफाई की प्रक्रियाओं को पूरा करेगा । ऑपरेटर 24 घण्टे में नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार के सम्बंधित अधिकारियों को रिसाव और उसकी उपचारात्मक कार्रवाई के बारे में सूचित करेंगे। इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले लाइसेंस युक्त ऑपरेटरो पर जुर्माना लगाया जाएगा ।

भाग 8]

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6.3 . SMC के कर्तव्य और जिम्मेदारियां-

6.3.1 . सेप्टेज के संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क निर्धारित करना-

सेप्टेज के संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क डिस्लजिंग संचालन के ओ- एम कि व्यय आवश्यकता ( Operation & Maintenance cost ) पूरा करने के लिए प्रयुक्त होगा। SMC यह सुनिश्चित करेंगे कि उपभोक्ता शुल्क न्यूनतम रखा जाए । सभी दरों का निर्धारण हितधारकों के साथ उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से किया जायेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ता ( OSS के स्वामी ) पर कोई अनुचित बोझ नहीं है या ऑपरेटरो या नगर पंचायत इमलीखेडा को कोई नुकसान नहीं होगा और FSSM गतिविधियों को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।

SMC नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार को निर्देश दे सकता है कि उपभोक्ता शुल्क को संपत्तिकर ( Property tax ) में शामिल करें ।

SMC यह भी निर्धारित करेगा कि उपयोगकर्ता से एकत्र शुल्क नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार ( सुविधा शुल्क ) जल संस्थान ( O & M शुल्क ) और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर ( सेवा शुल्क) के बीच कैसे साझा किया जाएगा।

SMC संबंधित हितधारकों की उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से समय - समय पर इन दरों को संशोधित करेगा और उनको सुचित करेंगे ।

6.3.2 . लाइसेंस शुल्क को निर्धारित करना-

लाइसेंस देने के लिए आवेदन के प्रसंस्करण के लिए SMC एक मामूली आवेदन शुल्क निर्धारित करेगा। शुल्क का भुगतान चेक ( Cheque ) या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा किया जा सकता है जो अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार के नाम पर निम्नानुसार होगा।

डिस्लजिंग ( Desludging ) और सेप्टेज वाहन पंजीकरण शुल्क ( 1 वर्ष के लिए )

प्रारंभिक पंजीकरण शुल्कः रु-2000 प्रति वाहन i .

पंजीकरण के नवीकरण के लिए शुल्क रु -1500 प्रति वाहन ii .

नाम परिवर्तन या स्वामित्व परिवर्तन रु -1500 प्रति वाहन

iv. अन्य संशोधन आवश्यकतानुसार रु -1000 प्रति वाहन

शुल्क संशोधन के अधीन होगे (अवधि और दर SMC द्वारा तय किया जाएगा। )

(सभी दरें उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से SMC द्वारा तय किया जाएगा और नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार द्वारा अधिसूचित किया जाएगा । )

6.3.3 निगरानी की गतिविधियों-

SMC आवश्यकता के अनुसार , सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिए निष्पादन मानकों ( Performance standards ) को जारी करेगा।

SMC नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार में चलने वाले सेप्टेज परिवहन वाहनों के आवधिक निरीक्षण के लिए जिम्मेदार होगा कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार काम कर रहे है या नहीं ।

यदि ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन पाया जाता है तो, SMC नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार को सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश देगा ।

SMC कोई भी ऑपरेटर द्वारा उल्लंघन करने के लिए दंड को परिभाषित करेगा। ( अनुबंध F देखे )

6.3.4 शिकायत निवारण-

SMC FSSM सेवाओं से सम्बंधित शिकायतें OSS के मालिकों, डिस्लजिंग ऑपरेटरो और अन्य सम्बंधित व्यक्तियों से स्वीकार करेगी । यदि आवश्यक हो , SMC अपीलीय निकाय (Appellate Body ) या शिकायत निवारण क्रियाविधि (Grievance Redressal Mechanism ) बना सकते है ।

7. मल और सेप्टेज ( FSS ) का उपचार और पुनः उपयोग/निपटान-

7.1 SMC के कर्तव्य और जिम्मेदारियां-

7.1.1 उपचार और निपटान स्थल को चिह्नित करना-

SMC नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार 20-25 किमी के भीतर लाइसेंसधारी सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरो द्वारा FSS के निपटान के लिए स्थान/ उपचार केंद्र को चिह्नित करेगा और उसको अधिसूचित करेगा ।

CPHEEO की Draft Advisory on Land Application of Fecal sludge , 2020 में दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार जहाँ उपचार की सुविधा ( STP / FSTP ) उपलब्ध नहीं है तथा अस्थायी उपाय के रूप में , SMC FSS कि वैज्ञानिक लैंड एप्लीकेशन ( Scientific Land Application ) को अधिसूचित कर सकती है।

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उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8 7.2 डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर के कर्तव्य और जिम्मेदारियां-

ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे की नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार से एकत्र किया गया FSS केवल SMC द्वारा अधिसूचित साइट या उपचार केंद्र में निपटाया जाएगा।

डिस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट-युक्त FSS ( FSS containing industrial waste ) का परिवहन या निपटान नहीं किया जाएगा।

7.3 उपचार केंद्र एजेंसी के कर्तव्य और जिम्मेदारियां-

उपचार केंद्र के ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि निपटान के समय डिस्लजिंग ऑपरेटर के पास नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार द्वारा वैध लाइसेंस या परमिट है ।

उपचार केंद्र के प्रबंधक ( Plant Manager ) नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार द्वारा जारी किए गए FSS के संग्रह , परिवहन और निपटान के रिकार्ड ( Job Card ) पर हस्ताक्षर करेगा जो निपटान के समय डिस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा उत्पादित किया जाएगा।

उपचार केंद्र के संचालक FSS के निपटान के लिए टिपिंग शुल्क ( Tipping Fee ) के लिए रशीद प्रदान करेंगे ।

उपचार केंद्र सेप्टेज के उपचार के लिए उपयुक्त तकनीक अपनाएगी। इसके अलावा उपचार के बाद निस्तारण किया स्लज और अपशिष्ट जल (sludge waste water ) को केंद्रीय और राज्य नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी मानदंडों का पालन करना चाहिए। समय -समय पर उपचारित अपशिष्टों का परीक्षण करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे डिस्चार्ज मानकों (Discharge Criteria ) के अनुरूप है ।

उपचार अंतिम उत्पाद (उपचारित अपशिष्ट जल और स्लज सहित ) का अधिकतम पुनः उपयोग मानकों और मानदंडों के अनुसार, सुनिश्चित करेगा। उपचारित अपशिष्ट जल का उद्योगों, बिजली संयंत्र, सिंचाई और बागवानी उद्देश्य से पुनः उपयोग किया जाएगा। उपचारित अपशिष्ट जल को विभिन्न पुनः उपयोग आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद ही नदी/जल में डाला जाएगा।

FSS के निपटान के लिए असाधारण परिस्थितियाँ यदि उपचार केंद्र के अधिक भार ( over loading ) या FSS की अवांछनीय गुणवत्ता (undesirable quality ) के कारण उपचार केंद्र FSS को स्वीकार करने में असमर्थ है, उपचार केंद्र संचालक को सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को अस्वीकृति का कारण लिखित में देना होगा सम्बंधित कर्मियों के हस्ताक्षर के साथ । इस स्थिति में , सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को सेप्टेज को SMC द्वारा निर्दिष्ट अन्य स्थान पर निपटान करना होगा ।

7.4 नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार के कर्तव्य और जिम्मेदारियां-

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार उत्तराखण्ड पेयजल निगम , उत्तराखण्ड जल संस्थान और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा निर्देशित किसी अन्य एजेंसी की सहायता से, मौजूदा या आगामी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPS) में फीकल स्लज और सेप्टेज के सह उपचार ( co -treatment ) की क्षमता की पहचान कर सकते है और वैज्ञानिक तरीके से STP परिसर में सेप्टेज के उपचार और निपटान के लिए आवश्यक आधारिक संरचना तैयार कर सकते है ।

नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार उपचारित FSS के पुनः उपयोग की सद्भावनाओं का पता लगायेगा । खाद के रूप में फिर से उपयोग के लिए इसे किसानों को मुफ्त में वितरित किया जाएगा।

8. IEC गतिविधियाँ-

नगर पंचायत इमलीखेडा , हरिद्वार FSSM के बारे में विभिन्न हितधारकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए समय- समय पर निम्नलिखित IEC और क्षमता निर्माण (capacity building ) गतिविधियों का कार्य करेगा।

OSS मालिकों, राज मिस्त्री आदि को वैज्ञानिक रूप से OSS का डिजाइन , निर्माण तकनीक इसके आकार आदि के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए IEC को बढ़ावा देना।

FSSM में लगे कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना।

सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए SOP ( MoUHA 2018 ) के आधार पर सभी डिस्लजिंग ऑपरेटरो को नियमित प्रशिक्षण प्रदान करना ।

भाग 2: अनुबंध (Annexures )

अनुबंध A1- परिभाषाएँ

सेप्टेज प्रबंधन में मूल परिभाषा के लिए निम्नलिखित व्याख्याएँ प्रदान की गयी है:

भाग 8]

139 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

फीकल स्लज यह गड्ढे शौचालय , सेप्टिक टैंक, एक्वा प्राइवेट और ड्राई टॉयलेट जैसे ऑन-साइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के तल पर जमा हुआ पदार्थ है जो कच्चा है या आंशिक रूप से पचा हुआ है और घोल या अर्थ निर्मित रूप में होता है ।

सेप्टेज- सेप्टेज टैंक, सेसपूल , या इस तरह के ऑनसाईट उपचार सुविधा से पंप की जाने वाली तरल और ठोस (मैल , स्लज और ग्रीस ) पदार्थ जब यह समय के साथ जमा हो जाता है। इसमें कई रोग पैदा करने वाले जीव के साथ ग्रीस , ग्रिट, बाल और मलबे के संदुषण होते है।

एफ्लुएंट (effluent ) - सेप्टिक टैंक से सतह पर तैरने वाला तरल निर्वहन । इसे नालियों और सीवरों के नेटवर्क में एकत्र किया जा सकता है और उचित रूप से डिजाइन किए गए उपचार केंद्र मे उपचार किया जा सकता है ।

ऑनसाईट सैनिटेशन सिस्टम (Oss )- स्वच्छता प्रणाली जहाँ मल और अपशिष्ट जल एकत्र किया जाता है और उसी स्थान पर संग्रहीत या उपचारित किया जाता है । गड्ढे शौचालय और सेप्टिक टैंक इस के उदाहरण है ।

सेप्टिकटैंक एक भूमिगत टैंक जो अपशिष्ट जल का उपचार ठोस पदार्थों के अवसादन ( sedimentation ) और अवायवीय पाचन (anaerobic digestion ) के माध्यम से करता है। अपशिष्ट को सोखता गड्‌ढों या छोटे बोर के सीवरों में डाला जा सकता है । सेप्टिक टैंक के तल मे जमा होने वाले स्लज को समय - समय पर खाली करने और उपचारित करने की आवश्यकता होती है। ( जब यह निर्धारित गहराई तक पहुंच जाता है या निश्चित डिस्लजिंग आवृति ( desludging frequency) |

डिस्लजिंग (desludging )- सेप्टिक/ इम्हॉफ टैंक, इंटरसेप्टर टैंक , या अवसादन टैंक जैसे उपचार टैंकों से स्लज/कीचड या जमा हुए ठोस पदार्थ को निकालना ।

सीवेज- शौचालय से निर्वहन किया गया अपशिष्ट जल जिसमें मानव शरीर के अपशिष्ट पदार्थ ( मल और मूत्र आदि) , भंग या असंगत होते है । सेप्टिक टैंक या इस तरह की किसी भी सुविधा से निकलने वाली अपशिष्ट भी सीवेज है ।

सीवरेज सिस्टम सीवेज के संग्रह के लिए भूमिगत नाली को सीवर कहा जाता है । सीवरेज सिस्टम सीवर के नेटवर्क को कहलाता है जो प्रत्येक संपति से उत्पन्न सीवेज को सीवेज पम्पिंग स्टेशन तक ले जाता है , जहाँ से इसे उपचार के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मे पंप किया जाएगा ।

उपचार (treatment )- यह निर्दिष्ट सुविधाओं में सेप्टेज के आगे के प्रसंस्करण को संदर्भित करता है जिससे इसका पुनः उपयोग या सुरक्षित निपटान हो सकता है ।

सह-उपचार (co-treatment )- STP पर फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS ) का सह-उपचार एक उपचार प्रक्रिया है जिसमें STP FSS को प्राप्त करता है इसका पूर्व- उपचार करता है और उचित प्रक्रिया इकाइयों ( process units ) मे वितरित करता है ।

डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन ( septage transportation vehicles ) - वैक्यूम पंपों से युक्त वाटर- टाइट, लीक- प्रूफ टैंकर जो OSS से FSS के सुरक्षित संग्रह , इसके सुरक्षित परिवहन और निर्दिष्ट सेप्टेज उपचार सुविधाओं में इसके निपटान के लिए उपयोग किया जाता है ।

सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (SMC ) नगर पंचायत इमलीखेडा स्तर पर FSSM गतिविधियों की निगरानी के लिए गठित निकाय जिसमें सब- डिवीजनल मजिस्ट्रेट ( SDM ) , अधिशासी अधिकारी , उत्तराखंड जल संस्थान, उत्तराखंड पेयजल निगम, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और अन्य तकनीकी सलाहकार शामिल है ।

11- अनुबंध A2- लघुरूप

FSS- Faecal sludge and septage

FSSM- Faecal sludge and septage management

FSTP- Faecal sludge treatment plant

OSS- Onsite sanitation systems

SMC- Septage management cell

STP- Sewage treatment plant

ULB- Urban local body

अनुबंध B- डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को लाइसेंस प्रदान करने के लिए नियम और शर्तें ( तकनीकी , प्रशासनिक, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताएँ ) 140

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

'सभी'डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन परिचालक , निजी या नगर पंचायत इमलीखेडा के स्वामित्व वाले , सेप्टेज के सुरक्षित संग्रहण और परिवहन के लिए निम्नलिखित नियम और शर्तों को पूरा करेंगे । ये शर्तें नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार द्वारा डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है । इन प्रावधानों का उल्लंघन लाइसेंस रद्द करने के लिए उत्तरदायी होगा और उल्लंघन करने वाला ऑपरेटर निर्धारित दंड का भुगतान करने के लिए भी उत्तरदायी होगा ।

डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन संचालन के लिए लाइसेंस प्रदान करने के लिए अनिवार्य शर्तें

तकनीकी आवश्यकताएँ

हाँ नहीं OSS और मैनहोल का पता लगाने और मैनहोल खोलने के लिए बेलचा , pry बार, स्क्रूड्राइवर्स और अन्य हाथ उपकरण

FSS पंपिंग और OSS मे पानी मिलाने के लिए होज ( Hose)

टैंकर रिसाव-प्रूफ , गंध- प्रूफ ( leak- proof, odour - proof and spill - proof ) है और उचित सक्शन और डिस्चार्ज उपकरण से युक्त है ।

टैंकर नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार द्वारा ट्रैकिंग और निगरानी के लिए GPS से युक्त है ।

किसी भी औद्योगिक अपशिष्ट (industrial waste ) के परिवहन के लिए टैंकर का उपयोग नहीं किया जाता है ।

प्रशासनिक आवश्यकताएँ

हाँ नहीं वाहन के पास मोटर वाहन विभाग से पंजीकरण प्रमाण पत्र है

वाहन के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वैध प्रमाण पत्र है

वाहन के सभी नामित ड्राइवरों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है

डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिए नियुक्त सभी कर्मचारियों के पास पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र ( Health certificate ) है

डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन को नीला रंग दिया गया है जिस पर सफेद रंग में ' SEPTIC TANK WASTE ' अंग्रेजी में और 'मलकुंड अपशिष्ट' हिंदी मे लिखा है और स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

सुरक्षा आवश्यकताएँ

हाँ नही सभी कर्मचारी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों ( personal protective gear ) से लैस है जैसे की हार्ड हैट (hard hat ) और कपडे जो परावर्तक और रासायनिक स्प्लैस प्रतिरोधक ( reflective and chemical splash resistant )है ।

फेस मास्क/रेस्पिरेटर जो धूल, धुएं , सूक्ष्म जीवों आदि से बचाता है

सुरक्षात्मक हाथ दस्ताने, जूते और सुरक्षा चश्मे (glove , boot, safety goggles )

आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा किट (first aid kit )

डिसइंफेक्टेंट और स्पिल्ड सामग्रियों को इकट्ठा करने और साफ करने के लिए बैग

अन्य सुरक्षा गियर जो लागू है

अन्य आवश्यकताएँ : -

हाँ नही सभी कर्मचारियों / श्रमिकों को समय- समय पर प्रशिक्षण ( वर्ष में कम से कम एक बार ) प्रदान किया जाना है। ( उपकरण के उचित उपयोग , स्लज के सुरक्षित संग्रह, परिवहन और निपटान का संचालन और प्राथमिक चिकित्सा पर )

सरकारी अस्पताल में कर्मचारियों की आवधिक स्वास्थ्य जांच ( वर्ष मे कम से कम एक बार ) की गई है और सेप्टेज के संग्रह, परिवहन और निपटान में लगे सभी कर्मचारियों के फिटनेस प्रमाण पत्र ( fitness certificate ) प्रस्तुत की गई।

भाग 8]

141 उत्तराखण्ड गजट, 26 अप्रैल, 2025 ई ० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

IV- अनुबंध C1-नगर पंचायत इमलीखेडा में सेप्टेज संग्रह , परिवहन और निपटान की लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र

Application form for license to collect , transport and dispose FSS in Name of ULB

1. Name( s ) of the applicant ( Mr./Ms . )

2. Nationality : ( Indian/ Other )

3. Address of correspondence:

4. Address of head office or registered office:

5. Contact no .

(0):

M) :

6. Email ID:

7 .

Details of vehicles

Registered No of vehicles

Type of vehicles

GPS details

Model no .

Insurance valid upto

Tank capacity

(litters)

Pollution certificate valid upto

i

ii

iii

iv

8. Fitness certificate of vehicles valid upto :

( i) --

(ii) --

(iii ) -

(iv) -

9. List of attached documents ( self- attested ) :

Identity proof

Registration certificate

Pollution certificates

Address proof

Fitness certificate

Driving license

Certificate of insurance and policy Schedules

सेप्टेज परिवहन वाहन का मालिक नोटरी कृत रू0 10 ई - स्टाम्प पर अपने कर्मचारियों की संख्या तथा उनके नाम तथा पिता का नाम, पता और शैक्षिक योग्यता का विवरण व उनके ड्राइविंग लाइसेंस के प्रति के साथ देंगे । पंजीकरण शुल्क का भुगतान CASH/ D.D.NO. के माध्यम से किया गया है ।

बैंक का नाम

दिनांक

मैं / हम इस बात को प्रमाणित करते है कि मेरे द्वारा दी गयी जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान में यथार्थ है । मैं यह भी प्रमाणित करता हूं कि मैंने फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ.एस.एस.एम ) उपविधि ( नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार ) , 2024 पढा और समझा है । मैं सहमत हूँ कि मेरे द्वारा दी गयी कोई भी जानकारी गलत पायी गयी तो लाइसेंस के लिए आवेदन किसी भी समय रद्द करने के लिए उत्तरदायी होगा।

दिनांक:

संलग्न दस्तावेज की संख्याः

आवेदकों के हस्ताक्षरः-

V. अनुबंध C 2- नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार द्वारा जारी डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन के लिये लाइसेंस / पंजीकरण

ULB LOGO

Municipality corporation / Municipality / Town panchayat of Nagar panchayat Imlikhera

LICENCE 142

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8 In accordance with all the terms and conditions of the by -law / Regulations and any amendments made there under, municipalities act rules , the special license condition accompanying this license and applicable rules and law of government of Uttarakhand , the permission is hereby granted to:

License Holder's name

Address of head / Regd . Office

For the collection , transportation and disposal ( at designated sites / STPs ) of faecal sludge and septage from onsite containments in Nagar panchayat Imlikhera , Haridwar .

License No.

Issuing Authority:

Effective date:

Valid upto:

Details of vehicles :

Thislicense shall be subject to the compliance by the license holders of the conditions stated overleaf.

Signature and seal of issuing Authority

संचालन के नियम ओर शर्ते-

1. लाइसेंसधारी ' फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ.एस.एस.एम ) उपविधि ( नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार ) 2024 ' के प्रावधानों का अनुपालन करेंगा ।

2. लाइसेंसधारी सभी गतिविधियों को इस तरह निष्पादित करेगा ताकि इस्सुइंग अथॉरिटी/ SMC द्वारा जारी किए गए मानकों को प्राप्त कर सके।

3. लाइसेंसधारी सभी स्थानीय विधानों का अनुपालन करेगा , जो इस लाइसेंस के तहत की जा रही गतिविधियों के लिए समय - समय पर लागू हो सकते है ।

4. लाइसेंसधारी निर्दिष्ट वाहनों को अच्छी और व्यावहारिक स्थिति मे बनाए रखेगा ताकि किसी भी दुर्घटना को रोका ज सके।

5. लाइसेंसधारी केवल प्रशिक्षित कर्मियों को नियुक्त करेगा और ऐसे सभी कर्मियों को सुरक्षात्मक गियर प्रदान करेगा। कर्मियों को एक ऑनसाईट रोकथाम इकाई (onsite containment unit ) में प्रवेश करने और मैन्युअल स्कैवेंजिंग करने से प्रतिबन्धित किया जाएगा । असाधारण स्थिति मे , यह केवल अपेक्षित सावधानियों , सुरक्षा उपकरणों और नगर पंचायत इमलीखेडा की अनुमति के साथ किया जा सकता है।

6. यह लाइसेंस किसी भी अन्य सामग्री या तरल पदार्थ या किसी भी प्रकार के औद्योगिक अपशिष्ट के संग्रह और परिवहन के लिए मान्य नहीं है ।

भाग 8]

143 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

7. इस्सुइंग अथॉरिटी / SMC / नगर पंचायत इमलीखेडा इस लाइसेंस की शर्तों को बदलने या इस लाइसेंस की वैधला के दौरान समय - समय पर आगे की शर्तों को लागू करने का अधिकार रखता है ।

8. लाइसेंसधारी ऑपरेटर कों नगर पंचायत इमलीखेडा द्वारा निर्देशित सेप्टेज के संग्रह , परिवहन और निपटान की पर्याप्त और सही रिकॉर्ड बनाए रखना है ।

9. लाइसेंसधारी नगर पंचायत इमलीखेडा की सभी निगरानी आवश्यकताओं का पालन करेंगे जैसे की टैंकरों की जीपीएस ट्रैकिंग ( GPS tracking ) स्थापित करना । उसके एक्सेस राइट्स ( access rights ) अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत इमलीखेडा या नगर पंचायत इमलीखेडा द्वारा अधिसूचित एजेंसी को दिए जाएंगे ताकि वाहन को ट्रैक (track ) किया जा सके।

10. लाइसेंसधारी यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को केवल उन उपचार स्थलों पर ही ले जाया जाएगा जो नगर पंचायत इमलीखेडा / SMC द्वारा निर्दिष्ट है ।

11. FSS का परिवहन , सुरक्षा और दक्षता के लिए और व्यस्त सड़कों और पीक ट्रैफिक से बचने के लिए , पूर्व-निर्धारित मार्गों द्वारा किया जाएगा ।

12. लाइसेंसधारी ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि एकत्र किए गए सेप्टेज को किसी भी जल निकाय या किसी भी अनधिकृत भूमि में नहीं डाला जाए।

VI . अनुबंध D- नगर पंचायत इमलीखेडा मे FSS के संग्रह, परिवहन और निपटान का रिकॉर्ड

(नगर पंचायत इमलीखेडा में फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS ) के संग्रह , परिवहन और निपटान का रिकॉर्ड

दिनांक:

समयः

1. ऑनसाईट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के स्वामी का विवरण

नाम:

पता:

संपर्क नंबरः

स्थापना का प्रकार:

2. OSS सिस्टम का विवरण

निर्माण का वर्षः

पिछली डिस्लजिंग (दिनांक ):

आउटलेट ( outlet ) मौजूद है ( हाँ/ नहीं )

यदि हाँ, तो इस से जुडाः

कंटेन्मेंट ( containment ) का आकार:

परत (हाँ/नहीं)

दीवारें तलः

कक्षों की संख्याः

प्रत्येक बाफिल वाल ( baffle wall ) में छिद्र की संख्या

आयाम (मीटर में ) लंबाई:

चौडाई:

गहराई:

व्यासः

गहराई:

GPSकोऑर्डिनेट अक्षांश (latitude)

देशांतर (longitude)

संपत्ति के भीतर कंटेन्मेंट का स्थानः

3. डिस्लजिंग ( desludging )

FSS की मात्रा (क्यूबिक मीटर मे ):

डिस्लजिंग में समय ( घंटे मे):

यात्रा की लंबाई (कि.मी. मे )

आने-जाने मे समय (घंटे मे ):

4. डिस्लजिंग सेवा प्रदाता का विवरण

ऑपरेटर का नामः

वाहन पंजीकरण नंबरः

(नगर पंचायत इमलीखेडा )

लाइसेंस नंबरः

5. हस्ताक्षर

ऑपरेटर:

ड्यूटी पर कर्मचारीः

OSSस्वामी:

6. निर्दिष्ट साइट / उपचार केंद्र पर निपटान

समय ( hh : mm ) :

FSS की मात्रा (क़्यूबिक मीटर में ) :

सेप्टेज परिवहन कर्मचारियों का नामः

STP/ FSTP ऑपरेटर का नामः

7. हस्ताक्षर 144

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

वाहन मालिकः

[भाग 8

STP/FSTP ऑपरेटरः

ड्यूटी पर सेप्टेज परिवहन कर्मचारीः

नगर पंचायत इमलीखेडा अधिकारीः

VII . अनुबंध E- नगर पंचायत इमलीखेडा में डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन सेवाओं के लिये उपभोक्ता शुल्ककी सूची-

वर्ग

S. NO .

1

Kuccha house /Hut

2

Tin shed type house

3

All other house ( pucca house )

4

Shop

5 All govt./private offices

Bank

6

7

Community toilet /public toilet

Restaurant

8

9

Hotel/ guest house 01 to 10 rooms

10

Hotel/guest house 11 to 20 rooms

11

Hotel/ guest house above 20 rooms

12 Dharamshala 01 to 25 rooms

13 Dharamshala above 25 rooms

14 3- star hotel

15

5- star hotel

16

Govt. school / college ( up to 1000 students )

17

Govt. school / college ( above 1000 students )

18

Private school / college (up to 1000 students )

19

Private school / college \ ( above 1000 students )

20

रुपये में शुल्क (प्रति चक्कर 3000 लीटर तक)

सेप्टिक टैंक को खाली करने के लिए अंतराल

1000

2-3 वर्ष

1500

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

1000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

1500

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

3000

2-3 वर्ष

3500

2-3 वर्ष

4000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

3000

2-3 वर्ष

4000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

3000

2-3 वर्ष

1500

2-wheeler vehicle showroom (without service centre )

21

2-wheeler vehicle showroom ( with service centre )

22

4- wheeler vehicle showroom (with service centre)

23

4- wheeler vehicle showroom (with service centre )

24 Multiplex

25 Hostel 01 to 10 rooms

26

Hostel 11 to 20 rooms

27 Hostel 21 to 50 rooms

28 Hostel above 50 rooms

29

Marriage hall /banquet hall

Bar

30

31

Govt. hospital ( upto 20 beds )

32

Govt. Hospital ( above 20 beds )

33

Nursing home/clinic ( upto 20 beds )

34

Nursing home/ clinic ( above 20 beds )

35 Pathological lab

36

Private hospital upto 20 beds

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

3000

2-3 वर्ष

4000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

3000

2-3 वर्ष

4000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2500

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष

2000

2-3 वर्ष भाग 8]

145 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल, 2025 ई ० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

37 Private hospital 21-50 beds

2500

2-3 वर्ष

38 Private hospital above 50 beds

3000

2-3 वर्ष

39 Ricemill / other mill

1500

2-3 वर्ष

40 Any industry in sidcul area

3000

2-3 वर्ष

41 Any industry outside sidcul area

2500

2-3 वर्ष

42

2000

Any other type ??

2-3 वर्ष

नोटः उपभोक्ता शुल्क संशोधन के अधीन होगा ( SMC द्वारा तय की जाने वाली अवधि और दर पर )

VIII . अनुबंध F- Fines and penalty

प्रकार

कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई S. no .

उपविधि (भाग संख्या)

सांकेतिक जुर्माना ( Rs . मे )

2000

6.1.3

1.

नाली/सड़क/खुले क्षेत्र में अपशिष्ट जल का सीधा या असुरक्षित निर्वहन

3000

1.1 दूसरी बार उल्लंघन

1.2 तीसरी बार उल्लंघन और आगे

03महीने के लिए परमिट सेवा की शिकायत परमिट का निरस्तीकरण

2.

2000

5.1.1

OSS का अवैज्ञानिक डिजाइन और निर्माण

2.1 दूसरी बार उल्लंघन

2500

2.2 तीसरी बार उल्लंघन और आगे

आर ०टी ०ओ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के लिए परमिट को स्थगित करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।

3.

6.1.1

1000

बिना नगर पंचायत से पंजीकरण के डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों का संचालन

2000

3.1 दूसरी बार उल्लंघन

3.2 तीसरी बार उल्लंघन और आगे

5000

आर०टी ०ओ ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के लिए परमिट को स्थगित करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।

4.

4000

6.2.1

ट्रैफिक नियमों में अनुशंसित वैध प्रमाणीकरण के बिना डिस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों का संचालन

7000

4.1 दूसरी बार उल्लंघन

4.2 तीसरी बार उल्लंघन

10000

आर ०टी०ओ ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के लिए परमिट को स्थगित 146

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।

1000

6.2

5. आकस्मिकरिसाव को नियंत्रित करने में गैर-अनुपालन

5.1 दूसरी बार उल्लंघन

1500

06 माह के लिए परमिट को स्थगित करना

5.2 तीसरी बार उल्लंघन और आगे

5000

आर ०टी० ओ ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 03 माह के लिए परमिट को स्थगित करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।

6.

5000

FSTP/STP से अनुपचारित FSS का 6 निर्वहन

6.1 दूसरी बार उल्लंघन

10000

6.2 तीसरी बार उल्लंघन और आगे

15000

परमिट निरस्त

2000

7.3

नगर पंचायत इमलीखेडा/ SMC द्वारा सूचित किए गए स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर अनुपचारित FSS का निर्वहन

7.1 दूसरी बार उल्लंघन

2500

7.2 तीसरी बार उल्लंघन और आगे

4000

परमिट निरस्त

1- अनुबंध G ऑनसाईट स्वच्छता रोकथाम इकाई ( onsite sanitation containment unit ) का निर्माण विवरण-

यह अनुबंध एक साधारण सेप्टिक टैंक के डिजाइन और निर्माण के विवरण की समझ देना है देता है, जो कि फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) में उपयोग किये जाने वाले कई प्रकार के ऑनसाईट स्वच्छता रोकथाम इकाई में से एक है ।

यहां दिये गए विवरण गृह और शहरी मामलों के मंत्रालय , भारत सरकार ( MoHUA ) और केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण इंजीनियरिंग संगठन (CPHEEO ) द्वारा "मैनुअल ऑनसीवरेज एंड सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम्स " , 2013 से तैयार किये गए है। ( http://cpheeo.gov.in/cms/manual-on-sewerage-and-sewage-treatment.php )

इस मैनुअल के भाग A- अध्याय 9 का शीर्षक 'ऑन- साइट सैनिटेशन' सेप्टिक टैंक के निर्माण , संचालन और रखरखाव के विवरण के लिए संदर्भित किया जा सकता है ।

( http://cpheeo.gov.in/upload/uploadfiles/files/engineering-chapter9.pdf )

i . सेप्टिक टैंक क्या है ?

सेप्टिक टैंक एक संयुक्त अवसादन और पाचन टैंक ( combined sedimentation and digestion tank ) है जहाँ सीवेज एक से दो दिनों के लिए आयोजित किया जाता है । यहां निलंबित ठोस टैंक के नीचे तक बस जाते है और एनारोबिक पाचन से गुजरते है । यह स्लज कि मात्रा और जैव- निम्नकरणीय कार्बनिक पदार्थों में कमी के साथ-साथ कार्बन-डाइ-ऑक्साइड , मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों की रिहाई का कारण बनता है ।

सेप्टिक टैंक से बहने वाले अपशिष्ट जल आगे के उपचार की आवश्यकता होती है , और एक उचित सीवरेज सिस्टम में निपटान किया जाना चाहिए ।

सेप्टिक टैंक केवल व्यक्तिगत घरों और छोटे समुदायों और संस्थानों के लिए अनुशंसित है, जिनकी आबादी 300 से अधिक नहीं है ।

ii . सेप्टिक टैंक का डिजाइन भाग 8 ]

147 उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई ० (बैशाख 06, 1947 शक सम्वत्)

सेप्टिक टैंक को पर्याप्त मात्रा मे डिजाइन किया जाना चाहिए , और उचित इनलेट और आउटलेट की व्यवस्था होनी चाहिए। वे आमतौर पर आकार में आयताकार होते है और या तो एक सिंगल टैंक या एक डबल टैंक हो सकते है। जहां डबल टैंक होता है, पहला कम्पार्टमेंट आमतौर पर दूसरे के आकार से दो गुना होता है । तरल की गहराई 1-2 मीटर है और लम्बाई से चौडाई का अनुपात 2-3 से 1. है। ( चित्र A1 देखें )

सेप्टिक टैंक का मुख्य उद्देश्य यह है कि टॉयलेट अपशिष्ट का ठोस हिस्सा तल पर बस जाए और सतह पर मैल (scum ) जमा हो जाए । इन दो परतों (स्लज और मैल , sludge and scum ) के बीच पर्याप्त अंतर होना चाहिए ताकि केवल सीवेज बहता है इसलिए , सेप्टिक टैंक को टॉयलेट अपशिष्ट के लिए स्थिर स्थिति (stilling conditions ) प्रदान करने के लिए डिजाइन किया जाना चाहिए ताकि निलंबित ठोस वस्तु ( suspended solids ) को व्यवस्थित किया जा सके। स्लज और मैल के संचय के लिए आवश्यक मात्रा की गणना करके, टॉयलेट अपशिष्ट सेप्टिक को 24 से 48 घंटे का अवधारण समय के लिए टैंक का डिजाइन किया जाना चहिए ।

सेप्टिक टैंक को नियमित रूप से खाली किया जाना चाहिए । ( 1-3 वर्षों में एक बार )

व्यक्तिगत घरों ( 20 उपयोगकर्ताओं तक ) और आवास कॉलोनियों ( 300 उपयोगकर्ताओं तक ) के लिए सेप्टिक टैंकों के अनुशंसित आकार क्रमशःः टेबल A- 1 और A- 2 में नीचे दिये गए है।

टेबल A- 1 : 20 उपयोगकर्ताओं तक सेप्टिक टैंक के अनुशंसित आकार

उपयोगकर्ताओं की संख्या लंबाई (m)

चौडाई (m)

सफाई अंतराल के संबंध में तरल गहराई ( m )

2 साल

3 साल

5

1.5

0.75

1.0

1.05

10

2.0

0.90

1.0

1.40

15

2.0

0.90

1.3

2.00

20

2.0

1.10

1.3

1.80

नोट:

a ) यहाँ सिफारिश की गई क्षमताएँ इस धारणा पर है कि सेप्टिक टैंक में केवल शौचालय अपशिष्ट का उपचार किया जाएगा । अन्य सभी अपशिष्ट जैसा की रसोई का कचरा पानी , नहाने का पानी , सिंक से पानी का निकास , आदि को सीधे सीवेज सिस्टम में डाला जाएगा ।

b ) सेप्टिक टैंक के डिजाइन में कम से कम 300 मी.मी. ( mm ) का एक फ्री बोर्ड ( freeboard ) शामिल होना चाहिए ।

c ) सेप्टिक टैंक का आकार IS : 2470 ( part 1 ) से अनुमानित पीक डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन करते समय सटीक गणना की जाएगी ।

टेबल A- 2 रु 300 उपयोगकर्ताओं तक की आवासीय कॉलोनी के लिए सेप्टिक टैंक का अनुशंसित आकार

चौडाई (m)

लंबाई ( m )

सफाई अंतराल के संबंध में तरल गहराई ( m ) उपयोगकर्ताओं की संख्या

2 साल

3 साल

50

5.0

2.00

1.0

1.24

100

7.5

2.65

1.0

1.24

150

10.0

3.00

1.0

1.24

200

12.0

3.30

1.0

1.24

300

15.0

4.00

1.0

1.24

नोट:

a ) सेप्टिक टैंक के डिजाइन मे कम से कम 300 मी.मी. (mm ) का एक फ्री बोर्ड ( freeboard ) शामिल होना चाहिए।

b ) सेप्टिक टैंक का आकार IS : 2470 ( part1 ) से अनुमानित पीक डिस्चार्ज की मान्यताओं पर आधारित है और सेप्टिक टैंक के आकार का चयन करते समय सटीक गणना की जाएगी।

c ) 100 से अधिक की आबादी के लिए टैंक को , रखरखाव और सफाई के लिए, स्वतंत्र समानांतर कक्षों में विभाजित

किया जा सकता है ।

निर्माण विवरण

सेप्टिक टैंक क निर्माण करते समय निम्नलिखित विवरणों को ध्यान में रखा जाना चाहिए: - 148

उत्तराखण्ड गजट , 26 अप्रैल , 2025 ई० (बैशाख 06 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

सेप्टिक टैंकों का निर्माण ईंट के काम , पत्थर की चिनाईया कंक्रीट के इन सीटू या प्री- कास्ट सामग्रियों में किया जा सकता है। एस्बेस्टस सीमेंट/ एचडीपीई ( HDPE ) जैसी सामग्रियों से बने प्री-कास्ट टैंक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है , बशर्ते वे पनरोक हो और स्थिर धरती ( static earth ) और सूपरिम्पोज्ड लोड (superimposed loads ) को संभालने और स्थापित करने में पर्याप्त ताकत रखते हो

सभी सेप्टिक टैंक पर्याप्त शक्ति के पनरोक कवर के साथ प्रदान किए जाएंगे। टैंक के निरीक्षण और खाली करने के लिए पर्याप्त एक्सेस मैनहोल (न्यूनतम दो, अधिक लम्बी दिशा की विपरीत छोरों पर एक - एक ) भी प्रदान किए जाएंगे।

टैंक का फर्श सीमेंट कंक्रीट का होना चाहिए और स्लज आउटलेट की और ढलान वाला होना चाहिए । सतहों को चिकना करने और उन्हें पनरोक करने के लिए फर्श और साइड की दीवार दोनों को सीमेंट मोर्टार से प्लास्टर किया जाएगा ।

टैंक के इनलेट और आउटलेट को एक- दूसरे से यथा संभव दूर और विभिन्न स्तरों पर स्थित होना चाहिए। इसके अलावा , उन्हें उन स्तरों पर स्थित नहीं होना चाहिए जहां स्लज या मैल ( sludge or scum ) का निर्माण होता है ।

आउटलेट पाइप के इनवर्ट को इनलेप पाइप के इनवर्ट के स्तर से 5-7cm के नीचे रखा जाना चाहिए।

इनलेट और आउटलेट दोनों पर बाफल उपलब्ध कराया जाना चाहिए और 25cm से 30cm तरल में डुबना चाहिए और तरल से 15cm ऊपर रहना चाहिए । बफल्स को सीधे इनलेट पाइप के मुंह से टैंक की लंबाई के एक -पाँचवें हिस्से की दूरी पर रखा जाना चाहिए।

बडी क्षमताओं के लिए , इनलेट से टैंक की लंबाई की दो- तिहाई की दूरी पर विभाजन- दीवार के साथ निर्मित दो- कम्पार्टमेंट टैंक उचित होगा । ये दो - कम्पार्टमेंट को स्लज भंडार स्तर से उपर परस्पर जुडा होना चाहिए , पाइप या चौकोर उद्घाटन के माध्यम से , जिसका व्यास या साइड लंबाई 75mm से कम नहीं है ।

प्रत्येक सेप्टिक टैंक को वेंटिलेशन पाइप के साथ प्रदान किया जाना चाहिए , शीर्ष एक उपयुक्त मच्छर प्रूफ वायर मेष के साथ कवर किया जा रहा हैं । पाइप की ऊंचाई 20 मीटर के दायरे में उच्चतम इमारत के शीर्ष से कम से कम 2 मीटर ऊपर होनी चाहिए।

मंजू चौहान , सदस्य समिति/ अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत इमलीखेडा, हरिद्वार ।

जितेन्द्र कुमार, प्रशासक/ उप जिलाधिकारी, भगवानपुर ।

पी० एस ० यू० ( आर ०ई 0 ) 17 हिन्दी गजट / 113 - भाग 8-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

Cite this issue. Uttarakhand Weekly Gazette, Government of Uttarakhand, 06 February 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-02-06.3069-190625233139/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-02-06.3069-190625233139.