Servants of Knowledge
Uttarakhand Weekly Gazette · Government of Uttarakhand

Notification

Published 11 March 2025

Department
Judicial Section
Type
Weekly
Part
Bhag 1
Notification no.
03/नो0के0/XXXVI-A-1/2025-16 नो0के0/2003
Identifier
in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-03-11.3086-230625004238
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

[संख्या-13 खण्ड-26] रुड़की, शनिवार, दिनांक 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

विषय-सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग- अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु०

3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य

1500

269-300

भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

81-83

1500 भाग 1 -क-नियम , कार्य - विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975 भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975 भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975 भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

975

89-120

स्टोर्स पर्चेज-स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि

1425

269-क 270

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

भाग 1

विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

न्याय अनुभाग -1

अधिसूचना

नियुक्ति

11 मार्च , 2025 ई ०

संख्या-03 / नो ० के ० / XXXVI -A- 1 /2025-16 नो० के० /2003-श्री राज्यपाल, नोटरी अधिनियम, 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952 ) की धारा -3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री कमलेश कुमार पाण्डेय , अधिवक्ता को दिनांक 11-03-2025 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला अल्मोड़ा की तहसील चौखुटिया एवं द्वाराहाट में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री कमलेश कुमार पाण्डेय का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।

In pursuance of the provisions of Clause (3) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No. 03 / No - K/XXXVI - A - 1 / 2025-16 No. - K/2003 Dated- March 11 , 2025.

NOTIFICATION

Appointment

March 11 , 2025

No.03/ No - K/XXXVI -A - 1 / 2025-16 No. - K/2003 --In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act , 1952 (Act No - 53 of 1952 ) , the Governor is pleased to appoint Mr. Kamlesh Kumar Pandey, Advocate as Notary for a period of five years with effect from 11-03-2025 for Tahsil Chaukhutiya and Dwarahat of District Almora and in exercise of the powers conferred by sub - rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Kamlesh Kumar Pandey be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act .

अधिसूचना

नियुक्ति

11 मार्च , 2025 ई ०

संख्या -18 / नो ० आई ० / XXXVI - A- 1 /2025-15 नो 0 आई0 / 2021 - श्री राज्यपाल , नोटरी अधिनियम, 1952 (अधिनियम संख्या -53 , सन् 1952) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री कौस्तुभ कुमार पन्त, अधिवक्ता को दिनांक 11-03-2025 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला मुख्यालय , पिथौरागढ़ में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम -8 के उपनियम (4 ) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री कौस्तुभ कुमार पन्त का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।

आज्ञा से , प्रदीप पन्त, प्रमुख सचिव , न्याय एवं विधि परामर्शी ।

भाग 1 ]

271 उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

In pursuance of the provisions of Clause ( 3) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No. 18 / No - I /XXXVI - A - 1 / 2025-15 No. - 1 /2021 Dated- March 11 , 2025 .

NOTIFICATION

Appointment

March 11 , 2025

No.18 /No -I /XXXVI -A- 1 / 2025-15 No. -1 /2021 -- In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act, 1952 (Act No - 53 of 1952) , the Governor is pleased to appoint Mr. Kaustub Kumar Pant , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 11-03-2025 for District Headquarter Pithoragarh and in exercise of the powers conferred by sub - rule ( 4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Kaustub Kumar Pant be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act .

ByOrder, PRADEEP PANT, Principal Secretary, Law- cum- L.R .

गृह अनुभाग -1

विज्ञप्ति/ पदोन्नति

11 जनवरी , 2025 ई ०

संख्या-1/267528/2025 /XX - 1-25-E-29197- एतद्वारा , भारतीय पुलिस सेवा, उत्तराखण्ड संवर्ग के अधिकारी , डॉ ० पी ०वी० के ० प्रसाद (IPS - 1995) को सम्यक् विचारोपरान्त कार्यालय ज्ञाप संख्याः-1/265007/2024 , दिनांक 31.12.2024 द्वारा सृजित महानिदेशक रैंक , वेतन मैट्रिक्स में स्तर -16 के निःसंवर्गीय पद के सापेक्ष दिनांक 01.01.2025 से पदोन्नति प्रदान किये जाने की, श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।

विज्ञप्ति/ पदोन्नति

11 जनवरी , 2025 ई ०

संख्या-1/267531 / 2025 / XX - 1-25 - E - 29197- भारतीय पुलिस सेवा , उत्तराखण्ड संवर्ग के अधिकारी, श्री दीपम सेठ (IPS - 1995) , पुलिस महानिदेशक , उत्तराखण्ड को सम्यक् विचारोपरान्त भारतीय पुलिस सेवा (वेतन) नियमावली , 2016 के प्राविधानानुसार दिनांक 01.01.2025 से पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल मुख्यालय ) का वेतनमान, पे मैट्रिक्स में एपेक्स स्केल (लेवल -17) अनुमन्य किये जाने की, श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

विज्ञप्ति/ पदोन्नति

11 जनवरी , 2025 ई ०

संख्या-1 / 267532/2025 /XX - 1-25- E- 29197- एतद्वारा , भारतीय पुलिस सेवा , उत्तराखण्ड संवर्ग के निम्नलिखित अधिकारियों को सम्यक् विचारोपरान्त चयन वेतनमान, वेतन मैट्रिक्स में स्तर 13 के रिक्त पदों के सापेक्ष दिनांक 01.01.2025 से पदोन्नति प्रदान किये जाने की, श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -

क.स.

नाम अधिकारी बैच वर्ष

1 श्री प्रहलाद नारायण मीणा , RR - IPS - 2012

2 श्रीमती प्रीति प्रियदर्शनी , RR - IPS - 2012

3 श्री यशवन्त सिंह, SPS - IPS - 2012

आज्ञा से, शैलेश बगौली , सचिव ।.

272

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

वित्त (वे ०आ ०-सा० नि०) अनुभाग -7

अधिसूचना

प्रकीर्ण

15 जनवरी , 2025 ई०

संख्या-1 / 268168 /2025 /XXVII ( 7 ) / 25 - E - 51521 / 2023- श्री राज्यपाल , भारत का संविधान के अनुच्छेद 309द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए 'उत्तराखण्ड सामान्य भविष्य निधि नियमावली, 2006 (यथासंशोधित वर्ष 2017 ) में संशोधन करने की दृष्टि से निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं: -

उत्तराखण्ड सामान्य भविष्य निधि (संशोधन) नियमावली, 2025

संक्षिप्त नाम एवं प्रारम्भ

मूल नियमावली, 2006 के नियम-8 (1 ) एवं 8 (4) का संशोधन

स्तम्भ-1 वर्तमान नियम

8(1 )अभिदान की धनराशि अभिदाता द्वारा स्वयं इस शर्त के अधीन रहते हुऐ निर्धारित की जायेगी कि धनराशि 10 प्रतिशत से कम और उसके मूल वेतन की धनराशि से अधिक नहीं होगी और पूर्ण रूपयों में व्यक्त की जायेगी । यदि किसी नियमावली / शासनादेश में मूल वेतन की जगह परिलब्धियाँ परिभाषित हों तब तद्नुसार कार्यवाही की जाय । वित्तीय नियम खण्ड पांच भाग -1 के नियम-81 के उपनियम (3 ) के अनुसार " सम्पूर्ण कटौतियाँ एक तिहाई भाग की दर से अधिक नहीं हो सकेगी " का भी ध्यान रखा जाय ।

1. (1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड सामान्य भविष्य निधि (संशोधन) नियमावली, 2025 है ।

(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।

2. उत्तराखण्ड सामान्य भविष्य निधि नियमावली, 2006 (यथासंशोधित वर्ष 2017) (जिसे इसके पश्चात् मूल नियमावली कहा गया है) में नीचे स्तम्भ -1 में दिये गये वर्तमान नियम -8 (1) एवं 8 (4) के स्थान पर स्तम्भ-2 में दिया गया नियम रख दिया जायेगा, अर्थात्ः-

स्तम्भ-2

एतद्वारा प्रतिस्थापित नियम

8 (1 ) अभिदान की धनराशि अभिदाता द्वारा स्वयं इस शर्त के अधीन रहते हुए निर्धारित की जायेगी कि धनराशि मूल वेतन के 10 प्रतिशत से कम और उसके मूल वेतन की धनराशि से अधिक नहीं होगी और पूर्ण रूपयों में व्यक्त की जायेगी । यदि किसी नियमावली/ शासनादेश में मूल वेतन की जगह परिलब्धियाँ परिभाषित हों तब तद्नुसार कार्यवाही की जाय । वित्तीय नियम खण्ड पांच भाग -1 के नियम -81 के उपनियम (3) के अनुसार " सम्पूर्ण कटौतियाँ एक तिहाई भाग की दर से अधिक नहीं हो सकेगी" का भी ध्यान रखा जाय ।

परन्तु यह भी कि किसी वित्तीय वर्ष में अभिदान की धनराशि उस वर्ष भाग 1 ]

273 उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

8(4) इस प्रकार निर्धारित अभिदान की धनराशि को-

(क)वर्ष के दौरान किसी समय एक बार कम किया जा सकता है,

(ख) वर्ष के दौरान दो बार बढ़ाया जा सकता है ।

परन्तु जब अभिदान की धनराशि इस प्रकार कम कर दी जाय तो वह उपनियम (1 ) में विहित न्यूनतम से कम नहीं होगीः

परन्तु यह और कि यदि अभिदाता किसी कलेण्डर मास के भाग के लिए बिना वेतन के छुट्टी पर या अर्द्ध वेतन/ अर्द्ध औसत वेतन पर हो और उसने ऐसी छुट्टी के दौरान अभिदान न करने का चुनाव किया हो तो इस वेतन की धनराशि छुट्टी पर व्यतीत किये गये दिनों की संख्या जिसके अन्तर्गत ऊपर निर्दिष्ट से भिन्न छुट्टी, यदि कोई हो भी है , अनुपात में होगा ।

में जमा की गयी बकाया अंशदान और वसूल किये गये ब्याज की रकम सहित रूपये 5.00 लाख (रूपये पांच लाख) से अधिक नहीं होगी अर्थात उस वित्तीय वर्ष में रूपये 5.00 लाख (रूपये पांच लाख) की अधिकतम सीमा प्राप्त होते ही अभिदान की कटौती बन्द कर दी. जायेगी । इस हेतु न्यूनतम अभिदान की सीमा को शिथिल समझा जायेगा ।

8 (4) इस प्रकार निर्धारित अभिदान की धनराशि को-

(क) वर्ष के दौरान किसी समय एक बार कम किया जा सकता है,

(ख) वर्ष के दौरान दो बार बढ़ाया जा सकता है ।

परन्तु जब अभिदान की धनराशि इस प्रकार कम या अधिक कर दी जाय तो वह उपनियम (1 ) में विहित सीमा से कम या अधिक नहीं होगी ।

परन्तु यह और कि यदि अभिदाता किसी कलेण्डर मास के भाग के लिए बिना वेतन के छुट्टी पर या अर्द्ध वेतन / अर्द्ध औसत वेतन पर छुट्टी पर हो और उसने ऐसी छुट्टी के दौरान अभिदान न करने का चुनाव किया हो तो अभिदान की धनराशि ड्यूटी पर व्यतीत किये गये दिनों की संख्या जिसके अन्तर्गत ऊपर निर्दिष्ट से भिन्न छुट्टी, यदि कोई हो भी है, के अनुपात में होगा ।

आज्ञा से , दिलीप जावलकर , सचिव ।

274

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

सिंचाई अनुभाग -1

अधिसूचना

29 जनवरी , 2025 ई ०

संख्या-1021/E- 17211 IRR 1-01 ( 116 ) / 2021 - राज्यपाल " भारत का संविधान " के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके उत्तराखण्ड सिंचाई विभाग , अभियन्ता सेवा (सिविल / यांत्रिक) समूह 'क' सेवा नियमावली, 2003 में संशोधन करने की दृष्टि से निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं, अर्थातः-

उत्तराखण्ड सिंचाई विभाग , अभियन्ता सेवा (सिविल / यांत्रिक) समूह 'क' सेवा (संशोधन) नियमावली , 2024

संक्षिप्त नाम 1 (1 )

और प्रारम्भ

इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड सिचाई विभाग , अभियन्ता सेवा (सिविल / यांत्रिक ) समूह 'क' सेवा (संशोधन )

नियमावली, 2024 है ।

( 2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।

नियम 5 का 2

संशोधन

उत्तराखण्ड सिचाई विभाग , अभियन्ता (सिविल / यांत्रिक ) समूह 'क' सेवा नियमावली, 2003 के स्तम्भ -1 में दिये गये विद्यमान नियम 5 के उपनियम (4) के स्थान पर स्तम्भ-2 में दिया गया उपनियम रख दिया जायेगा, अर्थात

स्तम्भ-2

स्तम्भ-1

(विद्यमान नियम)

(एतद्वारा प्रतिस्थापित उपनियम) (4 ) मुख्य अभियन्ता (स्तर- एक)- सिविल शाखा में मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे मुख्य अभियन्ता (स्तर--दो) जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को 27 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो, में से पदोन्नति द्वारा;

(4) मुख्य अभियन्ता (स्तर- एक)-सिविल शाखा में मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे मुख्य अभियन्ता (स्तर-दो) जिन्होंने भर्ती के वर्ष के प्रथम दिवस को 27 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो, में से पदोन्नति द्वारा ;

परन्तु यह कि, यदि चयन वर्ष 2024-25 में उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध न हों, तो ऐसे मुख्य अभियन्ता (स्तर-दो) , जिन्होंने 23 वर्ष की सेवा (जिसमें मुख्य अभियन्ता स्तर-दो के रूप में न्यूनतम एक वर्ष की सेवा भी सम्मिलित हो) पूरी कर ली हो, को सम्मिलित करने हेतु पात्रता क्षेत्र का विस्तार किया जायेगा ।

आज्ञा से ,

डॉ० आर० राजेश कुमार ,

सचिव ।

275 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

In pursuance of the provision of Clause ( 3) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is please to order the publication of the following English translation of Notification No. 1021 /E- 17211 IRR 1-1 ( 116 ) /2021 Dehradun , Dated- January 29 , 2025 for general information .

NOTIFICATION

January 29 , 2025

No. 1021/ E -17211 IRR 1-1 ( 116 )/2021 -- In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of India , the Governor with a view to further amend in the Uttarakhand Irrigation Department Engineering Service ( Civil /Mechanical) ( Group "A " ) , makes the following rules , namely:-

The Uttarakhand Irrigation Department, Engineering Service (Civil/Mechanical ) Group " A " Service (Amendment) Rules , 2024

Short title and Commencement

1. (1 ) These Rules may be called the Uttarakhand Irrigation Department , Engineering Service (Civil/Mechanical) Group "A" Service (Amendment) Rules , 2024 .

(2) It shall came into force at once .

Amendment of rule 5

2. In the Uttarakhand Irrigation Department, Engineering Service ( Civil/Mechanical ) Group "A" Service Rule , 2003 , for the existing sub- rule (4) of rule 5 set out in column - 1 below, the subrule as set out in column -2 shall be substituted ; namely: -

Column- 1 (Existing subrule)

Column- 2 (Subrule is hereby substituted)

(4) Chief Engineer (Level - 1) -by promotion from amongst the substantively appointed Chief Engineer (Level- II) in the Civil Branch , who have completed twenty seven years service on the first day ofrecruitment;

(4) Chief Engineer ( Level- 1)-by promotion from amongst the substantively appointed Chief Engineer (Level - II) in the Civil Branch , who have completed twenty seven years service on the first day of the year of recruitment ;

276

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

Provided that if suitable candidates are not available in selection year 2024-25 , the eligibility criteria shall be extended for such Chief Engineer (Level - II) who have completed twenty three years of service (including one year service as a Chief Engineer Level- II)

ByOrder,

DR . R. RAJESH KUMAR , Secretary.

औद्योगिक विकास अनुभाग-02

अधिसूचना

06 फरवरी , 2025 ई ०

संख्या-53 / ई-14626/VII -A-2/ 2025- चूंकि, भारत सरकार द्वारा देश में औद्योगिक / आर्थिक गलियारों के चतुर्भुज निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत उत्तराखण्ड राज्य में भी संयुक्त उपक्रम गठित कर समेकित निर्माण समूह विकसित किया जाना है तथा इस हेतु किये गये समझौते के अनुपालन में राज्य द्वारा NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को Planning Authority के रूप में अधिकृत किया जाना है;

और चूंकि, अधिसूचना संख्या-30 / VII- A- 2 / 2022/33- सिडकुल / 2015, दिनांक 07.01.2022 के द्वारा जनपद ऊधमसिंहनगर के अन्तर्गत ग्राम खुरपिया, बण्डिया, देवरिया, गौरीकला एवं भूड़ागौरी की AKIC परियोजना हेतु अधिसूचित 1019.631 एकड़ भूमि को Industrial Township के रूप में अधिसूचित किया जाना है (जिसे आगे उक्त अधिसूचित. क्षेत्र का आंशिक भाग कहा गया है ) । उक्त अधिसूचित क्षेत्र के आंशिक भाग के अन्तर्गत आने वाली भूमि के खसरा की विस्तृत सूची संलग्न है;

और चूंकि, उक्त कम्पनी के पास कम्पनी अधिनियम, 2013 के अधीन निगमन प्रमाण- पत्र है;

और चूंकि, अमृतसर - कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना हेतु SHA एवं SSA समझौता दिनांक 30.04.2022 को हस्ताक्षरित हुआ एवं 21.10.2022 को NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से SPV का गठन किया गया;

और चूंकि SSA के खण्ड 3.2 ( iv ) (a ), ( b), (c ), (d) , (e ), (f) एवं 3.4.2 ( ii ) ( a) , (b) , (c) , (d), (e ) , (f) , (g ) में Planning Authority का उल्लेख है;

और चूंकि SSA के खण्ड 3.1 (ⅰ) एवं 3.5 SHA के खण्ड 3.3.3 में औद्योगिक नगरी : (Industrial Township ) का उल्लेख है;

277 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

और चूंकि उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा 51 , सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण ) अधिनियम , 1991 की धारा 2 के अनुसार राज्य सरकार साधारण अथवा विशेष आदेश के द्वारा इस अधिनियम के अन्तर्गत प्रयोग की जाने वाली शक्तियों का प्रयोग करने हेतु किसी प्राधिकरण अथवा अधिकारी को प्राधिकृत कर सकते हैं;

और चूंकि, उपरोक्त वर्णित कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए राज्य द्वारा NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को Planning Authority के रूप में प्राधिकृत किया जाना है । ऐसे में उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा 51 , सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण) अधिनियम, 1991 की धारा 2 के अन्तर्गत राज्य सरकार NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को Planning Authority के रूप में प्राधिकृत कर सकती है;

और चूंकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 थ के परन्तुक में यह उपबन्ध है कि राज्य किसी क्षेत्र को औद्योगिक नगरी के रूप में अधिसूचित कर सकता है ;

ऐसे में भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 थ के परन्तुक के अन्तर्गत राज्य सरकार अधिसूचना संख्या-30 दिनांक 07.01.2022 के द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर के अन्तर्गत ग्राम खुरपिया, बण्डिया, देवरिया, गौरीकला एवं भूड़ागौरी की AKIC परियोजना हेतु अधिसूचित 1019.631 एकड़ भूमि को औद्योगिक नगरी ( Industrial Township ) के रूप में अधिसूचित किया जाना विधिपूर्ण है ;

अतएव अब राज्यपाल-

(क) उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा, 51 , सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण) अधिनियम, 1991 की धारा 2 के अन्तर्गत NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. नाम से गठित SPV को SSA ड्रॉफ्ट के खैण्ड-3.2 के अधीन Planning Authority के रूप में प्राधिकृत करते हैं ।

(ख) उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की धारा 2 (घ) सपठित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संदेह निवारण और वैधीकरण) अधिनियम , 1991 की धारा 2 के द्वारा AKIC समेकित निर्माण समूह (Integrated Manufacturing Cluster ) हेतु अधिसूचना संख्या -30 दिनांक 07.01.2022 के द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के अन्तर्गत ग्राम खुरपिया, बण्डिया , देवरिया, गौरीकला एवं भूड़ागौरी की AKIC परियोजना हेतु अधिसूचित 1019.631 एकड़ भूमि को संविधान के अनुच्छेद-243 थ के अन्तर्गत औद्योगिक टाउनशिप के रूप में अधिसूचित करते हैं ।

278

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

आई०एम ०सी० हेतु प्रस्तावित खसरा नंम्बर

क०सं० गांव का नाम

1 खुरपिया खसरा न ०

क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)

97.5651

2, 7 मि०, 8, 9 , 10, 11, 12, 16, 17, 18 , 18 , 20, 21मि0, 25, 74, 75, 76 , 77 , 78, 79, 80, 81 , 82, 83 , 84, 85, 86, 87, 88मि०, 89मि० 90, 91 , 92, 93 , 94ख , 96मि०, 7, 97मि०, 98, 99, 103, 104

2

बण्डिया

3.2895

8/1, 8/2 , 8/4, 6/1 , 7/1 , 5/3

3

देवरिया

39.1524

102, 90, 31 , 68 मि०

4 गौरीकला

119.080

97, 105, 106, 118मि०, 119मि०, 125, 127, 130, 131 , 132 , 133, 134, 135, 136, 137मि०, 139, 140, 141 , 145, 147, 149, 151, 154, 156, 157, 158

5 भूड़ागौरी

153.552

25, 85, 86 , 87, 92 , 93, 94, 95, 96, 98, 100, 101 , 106, 107, 108, 109, 111 , 112 , 113, 117, 118, 126, 58/133, 32

कुल योग

412.6392 है० (1019.631 एकड़)

आज्ञा से, विनय शंकर पाण्डेय , सचिव ।

In pursuance of the provision of Clause ( 3 ) of Article 348 of " the Constitution of India " , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 53 / E - 14626 /VII -A- 2 /2025/ 04 ( 13 ) 2023 Dated - February 06 , 2025 for general information .

NOTIFICATION

February 06 , 2025

No. 53/E -14626 /VII -A- 2 /2025 / 04 ( 13 ) 2023 --Whereas , under the national program for the quadrilateral construction of Industrial/ Economic corridors in the country by the Government of India , an integrated construction group is to be developed by forming a joint venture in the state of Uttarakhand and in compliance with the agreement made for this , the SPV formed in the name of the state NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd , is to be authorized as the Planning Authority;

279 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई 0 (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

And WHEREAS, 1019.631 acres land notified for AKIC project of village Khurpia , Bandiya , Deoria , Gaurikala and Bhudagauri within district Udham Singh Nagar vide notification No - 30/VII- A-2/2022/33- Siidcul/2015 dated 07.01.2022 . The land is to be nitified as Industrial Township . (hereinafter referred to as the partial part of the said notified area) . The detailed list of Khasra of the land coming under the partial part of the said notified area is attached;

AND WHEREAS, the said company has Certificate of incorporation under the Companies Act, 2013;

AND WHEREAS , the SHA and SSA agreement for Amritsar - Kolkata Industrial Corridor Project was signed on 30.04.2022 and SPV was formed by the name NICDC , Uttarakhand Industrial Township Ltd. On 21.10.2022;

AND WHEREAS, Clause 3.2 ( iv) ( a ) , ( b ) , ( c ) , ( d ) , ( e ) , ( f) and 3.4.2 ( ii ) ( a ) , ( b ) , ( c) , ( d ) , ( e ) , ( f ) , (g) of the SSA the planning Authority is mentioned;

AND WHEREAS, in Clause 3.1 and 3.5 of the SSA and Clause 3.3.3 of the SHA , industrial Township has been mentioned;

AND WHEREAS in accordance with section 51 of the Uttar Pradesh Industrial Area development Act 1976 ( as applicable to Uttarakhand ) , read with section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development ( Removal of Doubts and Validation ) Act , 1991 , the State Government may, by general or special order authorize any authority or officer to exercise the powers to be exercised under this Act;

AND WHEREAS the SPV formed in the name of NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. has is to be authorized as the Planning Authority by the State for the implementation of the above mentioned programme . As such , under Section 51 of the Uttar Pradesh Industrial development Act , 1976 ( as applicable in Uttarakhand ) , read with section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development (Removal of Doubts and Validation) Act, 1991 , the State Government may authorize the SPV formed in the name of NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. as Planning Authority;

AND WHEREAS it is provided in the proviso of article 243Q of the Constitution of India that the State may notify any area as an industrial township;

Assuch, under the proviso to Article 243Q of the Constitution of India it is lawful for the State Government to notify 1019.631 acres of land notified for the AKIC project of Khurpia ,. Bandia, Deoria , Gaurikala and Budagouri under District Udham Singh Nagar by the Notification No. 30 dated 07.01.2022 , as Industrial Township for;

Now therefore the Governor-

(a) Under Section 51 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development Act, 1976 ( as applicable in Uttarakhand) , read with section 2 of the Uttar Pradesh industrial Area Development(Removal of Doubts and Validation) Act, 1991, authorize the SPV formed in the name of NICDC Uttarakhand Industrial Township Ltd. as Planning Authority under Clause-3.2 of the SSA draft .

280

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

(b) By Clause (d ) of section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Dévelopment Act- 1976 (as applicable in Uttarakhand) , read with section 2 of the Uttar Pradesh Industrial Area Development ( Removal of Doubts and Validation ) Act, 1991for AKIC Integrated Manufacturing Cluster by Notification No. 30 dated 07.01.2022, Villages Khurpia , Bandia , Deoria, Gaurikala and Budagouri under District Udham singh Nagar . 1019.631 acres of land notified for AKIC project notify as industrial township under Article - 243Q of the Constitution of India .

The Proposed Khasra No. for IMC

Khasra No.

Area( In hec.) Sr. No.

Nameof the Village

1

97.5651 Khurpia 2, 7 मि०, 8, 9 , 10, 11 , 12, 16, 17, 18 , 18 , 20, 21मि0, 25, 74, 75, 76 , 77 , 78, 79, 80, 81, 82, 83, 84, 85, 86, 87, 88 मि०, 89मि0 90, 91, 92, 93, 94ख, 96मि० , 7, 97मि०, 98, 99, 103 , 104

2 Bandia

3.2895

8/1,8 / 2, 8/4 , 6/1 , 7/1 , 5/3

3

Deoria

39.1524

102, 90, 31 , 68 मि०

4

119.080 Gauri kala 97, 105, 106, 118मि ०, 119मि०, 125, 127, 130, 131 , 132, 133 , 134, 135, 136, 137मि0, 139, 140, 141 , 145, 147, 149 , 151 , 154, 156, 157, 158

5

153.552

Bhudagauri 25, 85, 86 , 87, 92 , 93, 94, 95, 96 , 98, 100, 101 , 106, 107, 108 , 109 , 111 , 112 , 113, 117, 118 , 126, 58/133, 32

TOTAL

412.6392 Нес . (1019.631 Acre)

By Order,

VINAY SHANKAR PANDEY, Secretary.

राजस्व परिषद , उत्तराखण्ड

विज्ञप्ति

17 फरवरी , 2025 ई०

संख्या-5774 /तीन-50 / च 0 सं 0 / 2017-18 -जिलाधिकारी / जिला उप संचालक चकबन्दी, हरिद्वार के पत्र संख्या-54 / पे 0 का 0 (2024-25) , दिनांक 27 दिसम्बर 2024 एवं पत्र संख्या -55/ पे0 का0 (2024-25) दिनांक 27 दिसम्बर 2024 से की गई संस्तुति के क्रम में उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी अधिनियम, 1953 (उ ० प्र० अधिनियम संख्या-5, सन् 1954) (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) की धारा -4 की उपधारा-(2) (क) के अधीन सरकारी विज्ञप्ति संख्या-3741 / सी० एच ० आई ० ई0-454/ 53 , दिनांक 21 नवम्बर 1963 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करके 281 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

शासनादेश संख्या-43 / XVIII ( 3 ) 2025-07(21 ) 2008 , दिनांक 31 जनवरी 2025 के अनुपालन में मैं , चन्द्रेश कुमार, संचालक चकबन्दी, उत्तराखण्ड, देहरादून एतद्वारा विज्ञापित करता हूँ कि जनपद हरिद्वार के परगना रुड़की, तहसील हरिद्वार के नीचे अनुसूची में उल्लिखित ग्रामों में उपर्युक्त अधिनियम के अधीन चकबन्दी क्रियायें आरम्भ करने में इस विज्ञप्ति के गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से चकबन्दी क्रियायें की जायेगी ।

ग्राम का नाम

क०सं०

तहसील

परगना

जनपद

1-

हरिद्वार

रुड़की

शिवदासपुर उर्फ तेलीवाला हरिद्वार

2-

औरंगाबाद

रुड़की

हरिद्वार

हरिद्वार

चन्द्रेश कुमार , संचालक चकबन्दी / आयुक्त एवं सचिव ।

गृह अनुभाग -1

अधिसूचना

10 मार्च , 2025 ई ०

/ XX - 1-2025 - E - 16014- राज्यपाल , 'भारत का संविधान' के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तराखण्ड पुलिस सेवा नियमावली , 2009 में अग्रेत्तर संशोधन करने की दृष्टिसे निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं, अर्थातः-

उत्तराखण्ड पुलिस सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2025

संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

1. (1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड पुलिस सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली , 2025 है ।

नियम 17 का संशोधन

2. (2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी । उत्तराखण्ड पुलिस सेवा नियमावली, 2009 (जिसे आगे मूल नियमावली कहा गया है) में नीचे स्तम्भ -1 में दिये गये विद्यमान नियम 17 के उपनियम (1) एवं (2) के स्थान पर स्तम्भ 2 में दिये गये उपनियम रख दिये जायेंगे अर्थातः-

स्तम्भ-1 विद्यमान उपनियम

स्तम्भ-2 एतद्वारा प्रतिस्थापित उपनियम

(1 ) पुलिस उपाधीक्षक, ज्येष्ठ वेतनमान के पद पर चयन, चयन समिति की सिफारिश पर, मौलिक रूप से नियुक्त पुलिस उपाधीक्षक

कनिष्ठ वेतनमान के ऐसे सभी अधिकारियों में से किया जायेगा, जिन्होने चयन वर्ष की 01 जुलाई को पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो और उत्तराखण्ड पुलिस सेवा में स्थायी भी हो;

(1) पुलिस उपाधीक्षक , ज्येष्ठ वेतनमान के पद पर चयन , चयन समिति की सिफारिश पर, मौलिक रूप से नियुक्त पुलिस उपाधीक्षक कनिष्ठ वेतनमान के ऐसे सभी अधिकारियों में से किया जायेंगा, जिन्होने चयन वर्ष की 01 जुलाई को चार वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो और उत्तराखण्ड पुलिस सेवा में स्थायी भी हो;

परन्तु, यह कि सरकार विशेष परिस्थितियों में, कारण उल्लिखित करते हुए ज्येष्ठ वेतनमान में पदोन्नति के लिए नियत सेवा अवधि को शिथिल कर सकती है ।

परन्तु, यह कि सरकार विशेष परिस्थितियों में , कारण उल्लिखित करते हुए ज्येष्ठ वेतनमान में पदोन्नति के लिए नियत सेवा अवधि को शिथिल कर सकती है ।

(2) उक्त चयन हेतु एक चयन समिति का गठन किया जायेगा जिसमें निम्न होंगे-

(2) उक्त चयन हेतु एक चयन समिति का गठन किया जायेगा जिसमें निम्न होंगे-

(एक) अपर मुख्य सचिव/

प्रमुख सचिव/ सचिव,

(एक) मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन -अध्यक्ष

गृह विभाग , उत्तराखण्ड शासन -अध्यक्ष

(दो) सचिव/ अपर सचिव, कार्मिक,

(दो) प्रमुख सचिव, गृह, उत्तराखण्ड शासन- सदस्य

(तीन) प्रमुख सचिव/ सचिव, कार्मिक,

उत्तराखण्ड शासन (तीन) पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड -सदस्य -सदस्य

उत्तराखण्ड 282

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई0 (चैत्र 08 , 1947 शक सम्वत्)

शासन

-सदस्य

पुलिस

(चार) महानिदेशक,

उत्तराखण्ड -सदस्य

नियम 18 का संशोधन

[भाग 1

3. मूल नियमावली में नीचे स्तम्भ-1 में दिये गये विद्यमान नियम 18 के उपनियम (2) के स्थान पर स्तम्भ-2 में दिया गया उपनियम रख दिया जायेगा, अर्थातः-

स्तम्भ-1

विद्यमान उपनियम

(2) उक्त चयन हेतु एक चयन समिति का गठन किया जायेगा जिसमें निम्न होंगे-

(एक) मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन -अध्यक्ष

(दो) प्रमुख सचिव, गृह, उत्तराखण्ड शासन-सदस्य

(तीन) प्रमुख सचिव/ सचिव, कार्मिक, उत्तराखण्ड

शासन

-सदस्य

पुलिस

(चार)

महानिदेशक,

उत्तराखण्ड - सदस्य

नियम 19 का संशोधन

4.

स्तम्भ-- 1

विद्यमान उपनियम

(2) उक्त चयन हेतु एक चयन समिति का गठन किया जायेगा जिसमें निम्न होंगे-

(एक) मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन -अध्यक्ष

(दो) प्रमुख सचिव, गृह , उत्तराखण्ड शासन-सदस्य

(तीन) प्रमुख सचिव/ सचिव, कार्मिक,

उत्तराखण्ड

शासन

-सदस्य

पुलिस महानिदेशक, (चार)

उत्तराखण्ड -सदस्य

नियम 20 का संशोधन

5.

स्तम्भ -1

विद्यमान उपनियम

(1) अपर पुलिस अधीक्षक, विशेष श्रेणी के पद पर चयन पदोन्नति द्वारा , चयन समिति की संस्तुति पर मौलिक रूप से

स्तम्भ-2

एतद्द्वारा प्रतिस्थापित उपनियम

(2) उक्त चयन हेतु एक चयन समिति का गठन किया जायेगा जिसमें निम्न होंगे-

(एक) अपर मुख्य सचिव/

प्रमुख सचिव/ सचिव , गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन -अध्यक्ष

(दो) सचिव/ अपर सचिव, कार्मिक , उत्तराखण्ड शासन -सदस्य

(तीन) पुलिस महानिदेशक , उत्तराखण्ड -सदस्य

मूल नियमावली में नीचे स्तम्भ -1 में दिये गये विद्यमान नियम 19 के उपनियम (2) के स्थान पर स्तम्भ-2 में दिया गया उपनियम रख दिया जायेगा अर्थातः-

स्तम्भ-2

एतद्वारा प्रतिस्थापित उपनियम

(2) उक्त चयन हेतु एक चयन समिति का गठन किया जायेगा जिसमें निम्न होंगे-

(एक) अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव ,

अध्यक्ष गृह विभाग , उत्तराखण्ड शासन

(दो) सचिव/ अपर सचिव , कार्मिक , उत्तराखण्ड शासन

-सदस्य

(तीन) पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड - सदस्य

मूल नियमावली में नीचे स्तम्भ -1 में दिये गये विद्यमान नियम 20 के उपनियम (1 ) के स्थान पर स्तम्भ-2 में दिया गया उपनियम रख दिया जायेगा अर्थातः-

स्तम्भ-2

एतद्वारा प्रतिस्थापित उपनियम

(1 ) अपर पुलिस अधीक्षक, विशेष श्रेणी के पद पर चयन पदोन्नति द्वारा , चयन समिति की संस्तुति पर मौलिक रूप से अपर पुलिस अधीक्षक, श्रेणी-1 पर नियुक्त ऐसे 283 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

अधिकारियों में से किया जायेगा, जिन्होने चयन वर्ष की 01 जुलाई को अपर पुलिस अधीक्षक, श्रेणी-1 के पद परं 03 वर्ष की सेवा तथा कुल पन्द्रह वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो ।

अपर पुलिस अधीक्षक, श्रेणी-1 पर नियुक्त ऐसे अधिकारियों में से किया जायेगा, जिन्होने चयन वर्ष की 01 जुलाई को सोलह वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो ।

परन्तु यह कि सरकार विशेष परिस्थितियों में , कारण बताते हुए अपर पुलिस अधीक्षक, विशेष श्रेणी के पद पर पदोन्नति के लिए नियत सेवा अवधि को शिथिल कर सकती है ।

परन्तु यह कि सरकार विशेष परिस्थितियों में , कारण बताते हुए अपर पुलिस अधीक्षक , विशेष श्रेणी के पद पर पदोन्नति के लिए नियत सेवा अवधि को शिथिल कर सकती है ।

नए नियम 20 क एवं 20 ख का अन्तःस्थापन 6. मूल नियमावली के नियम 20 के पश्चात नये नियम 20 क एवं 20 ख निम्नवत अन्तःस्थापित कर दिये जायेंगे , अर्थातः-

अपर पुलिस अधीक्षक, उच्चतर वेतनमान पर चयन की प्रक्रिया

20क (1) अपर पुलिस अधीक्षक, उच्चतर वेतनमान के पद पर चयन पदोन्नति द्वारा , चयन समिति की संस्तुति पर मौलिक रूप से अपर पुलिस अधीक्षक, विशेष श्रेणी पर नियुक्त ऐसे अधिकारियों में से किया जायेगा, जिन्होने चयन वर्ष की 01 जुलाई को अपर पुलिस अधीक्षक, विशेष श्रेणी के पद पर तीन वर्ष की सेवा तथा कुल अट्ठारह वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो ।

(2) उक्त चयन एक चयन समिति के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें निम्न होंगें:-

(एक)

मुख्य

शासन-

पुलिस

महानिदेशक,

(चार)

सचिव, अध्यक्ष उत्तराखण्ड (दो) अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव , गृह, उत्तराखण्ड शासन- सदस्य (तीन) अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव, कार्मिक, उत्तराखण्ड शासन- सदस्य सदस्य

उत्तराखण्ड-

अपर पुलिस अधीक्षक, उच्चतम वेतनमान पर चयन की प्रक्रिया

20 ख (1) अपर पुलिस अधीक्षक , उच्चतम वेतनमान के पद पर चयन पदोन्नति द्वारा , चयन समिति की संस्तुति पर मौलिक रूप से अपर पुलिस अधीक्षक, उच्चतर वेतनमान पर नियुक्त ऐसे अधिकारियों में से किया जायेगा, जिन्होने चयन वर्ष की 01 जुलाई को अपर पुलिस अधीक्षक , उच्चतर वेतनमान के पद पर तीन वर्ष की सेवा तथा कुल ईक्कीस वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो ।

(2) उक्त चयन एक चयन समिति के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें निम्न होंगें:-

(एक)

मुख्य

शासन-

सचिव, अध्यक्ष उत्तराखण्ड

(दो ) अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव / सचिव , गृह ,

उत्तराखण्ड शासन- सदस्य

(तीन) अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव, कार्मिक , 284

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई0 (चैत्र 08 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

उत्तराखण्ड शासन- सदस्य

(चार) पुलिस

महानिदेशक,

उत्तराखण्ड-

7. परिशिष्ट का संशोधन

सदस्य

मूल नियमावली में विद्यमान परिशिष्ट 'क' के स्थान पर निम्न परिशिष्ट प्रतिस्थापित कर दी जायेगी , अर्थातः-

परिशिष्ट "क"

(नियम 4 का उपनियम (2) एवं 27 देंखे)

क०स ०

पद नाम

अस्थायी पदों की संख्या

वेतन मेट्रिक्स लेवल एवं ग्रेड

वेतन

1 अपर पुलिस अधीक्षक, उच्चतम वेतनमान

स्थायी पदों की संख्या

01

01

वेतन मैट्रिक्स लेवल -14 ग्रेड

वेतन-10000

2 अपर पुलिस अधीक्षक , उच्चतर वेतनमान

02

02

वेतन मैट्रिक्स लेवल-13 क

ग्रेड वेतन-8900

3 अपर पुलिस अधीक्षक, विशेष श्रेणी

06

06

वेतन मैट्रिक्स लेवल -13 ग्रेड

वितन-8700

4 अपर पुलिस अधीक्षक, श्रेणी-1

14

14

वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 ग्रेड

वेतन-7600

5 अपर पुलिस अधीक्षक, श्रेणी-2

19

19

वेतन मैट्रिक्स लेवल-11 ग्रेड

वितन-6600

6

01

23

22

वेतन मैट्रिक्स लेवल -11 ग्रेड

वेतन-6600

पुलिस उपाधीक्षक, ज्येष्ठ वेतनमान

7 पुलिस उपाधीक्षक, कनिष्ठ वितनमान

09

91

82

वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 ग्रेड

वेतन-5400

योग

10

146

156

आज्ञा से ,

शैलेश बगौली,

सचिव ।

In pursuance of the provision of Clause ( 3) ofArticle 348 of the " Constitution of India " the Governor ispleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 281295 /XX - 1- 2025 - E -16014 Dated- March 10 , 2025 for generai information .

NOTIFICATION

March 10 , 2025

No. 281295 /XX - 1-2025 - E - 16014 --In exercise of the powers conferred by the proviso of article 309 of the " Constitution of India " , the Governor is pleased to make the following rules with a view to further amend the Uttarakhand Police Service Rules , 2009 , namely: - 285 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

The Uttarakhand Police Service (Second Amendment) Rules , 2025

Short title and commencement

1. (1) These rules may be called "The Uttarakhand Police Service (Second Amendment) Rules , 2025" .

(2) They shall come into force at once .

Amendment of Rule 17

2. In the Uttarakhand Police Service Rules , 2009 (hereinafter referred to as principal rules) for sub rule (1 ) and (2) of rule 17 as set out in Column - 1 below the sub rule as set out in Column -2 shall be substituted , namely: -

Column-2

Column-1

Subrule hereby substituted

Existing Subrule

(1) Selection on the post of Deputy Superintendent of Police Senior pay scale shall be made from amongst all such officers , substantively appointed Deputy Superintendent of Police Junior Pay scale on the recommendation of the Seletion Committee, who have completed five years service of the 1st July of the selection year and are also permanent in the Uttarakhand Police Service;

(1) Selection in the Senior pay scale of Deputy Superintendent of Police shall be made from amongst substantively appointed Deputy Superintendent of Police Junior Pay scale on the recommendation of the Seletion Conmmittee, who have completed four years service of the 1st July of the selection year and are also permanent in the Uttarakhand Police Service;

Provided that Government, in special circumatances may, for reasons to be recorded, relax the period of service prescribed for promotion to the senior pay scale.

Provided that Government , in special circumatances may, for reasons to be recorded, relax the period of service prescribed for promotion to the senior pay scale .

(2) The above selection shall be made through the Selection Committee, which shall comprise as follows-

(2) The above selection shall be made through the Selection Committee , which shall comprise as follows-

(i) Additional Chief Secretary/Principal Secretary/ Secretary, Home Department Chairman

(i) Chief Secretary, Government of Uttarakhand Chairman

(ii) Secretary/Additional Secretary Personnel , Government of Uttarakhand

Member

( ii) Principal Secretary , Home, Government of Uttarakhand -Member

(iii) Director General ofPolice , Uttarakhand

-Member ( iii) Principal Secretary/ Secretary

Personnel , Government of Uttarakhand

-Member 286

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

(iv) Director General of

Police,

Uttarakhand

-Member

Amendment of rule 18

[भाग 1

3. In the principal rules for sub rule (2) of rule 18 as set out in Column - 1 below the sub rule as set out in Column- 2 shall be substituted , namely: -

Column-1

Existing subrule

(2) The above selection shall be made through the Selection Committee, whwhich shall comprise as follows-

(i) Chief Secretary, Government of Uttarakhand - Chairman

(ii) Principal Secretary , Home, Government of Uttarakhand -Member.

(iii)

Principal Secretincy/ Secretary Personnel , Government of Uttarakhand -Member

(iv) Director General of Police, Uttarakhand -Member

Amendment of rule 19

Column-1

Existing subrule Column-2

Subrule hereby substituted

(2) The above selection shall be made through the Selection Committee , which shall comprise as follows-

(i) Additional Chief Secretary/Principal Secretary/ Secretary, Home Departinen Government of Uttarakhand Chairman

(ii) Secretary/Additional Secretary Personnel , Government of Uttarakhand Member

(iii) Director General of Police , Uttarakhand

Member

4. In the principal rules for sub rule (2) of rule 19 as set out in Column - 1 below the sub rule as set out in Column -2 shall be substituted , namely: -

Column- 2

Subrule hereby substituted

(2) The above selection shallbe made through the Selection Committee , which shall comprise as follows-

(2) The above selection shall be made through the Selection Committee, which shall comprise as follows- (i) Additional Chief Secretary/Principal Secretary/Secretary, Home Department Government of Uttarakhand Chairman

(i) Chief Secretary, Government of Uttarakhand - Chairman

(ii) Secretary/Additional Secretary Personnel,Government of Uttarakhand

Member

(ii) Principal Secretary, Home , Government of Uttarakhand -Member

(iii) Director General of Police, Uttarakhand

(11) Principal Secretary/Secretary Member

Personnel , Government of Uttarakhand -Member 287 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

(iv) Director General of

Police,

Uttarakhand

-Member

5.

Amendment of rule 20

Inthe principal rules for sub rule (1 ) of rule 20 as set out in Column- 1 below the sub rule as set out in Column- 2 shall be substituted , namely: -

Column -2

Column - 1

Subrule hereby substituted Existing subrule

(1) Selection to the post of Additional Superintendent of Police Special Grade shall be made from amongst such officers substantively appointed, Additional Superintendent of Police Grade- I , who have completed three years service in Additional Superintendent of Police Grade - I and total service of fifteen years on the 1st July of the selection year, on the recommendation of Selection Committee .

(1 ) Selection to the post of Additional Superintendent of Police Special Grade shall be made from amongst substantively appointed, Additional Superintendent of Police Grade -I , who have completed sixteen years service on the 1st July of the selection year, on the recommendation of Selection Committee;

Provided that Government , in special circumstances may, for reasons to be recorded , relax the period of service prescribed for promotion to the post of Additional Superintendent of Police Special Grade .

Provided that Government, in special circumstances may , for reasons to be recorded , relax the period of service prescribed for promotion to the post of Additional Superintendent of Police SpecialGrade.

6. In the principal rules after rule 20 new Insertion of new rule 20A and 20B

Selection process to the post post of Additional Superintendent of Police Super time scale

rule 20 A and 20 B shall be inserted as follows, namely: - 20 A- Selection to the post of Additional Superintendent of Police Super time scale shall be made from amongst such officers , substantively appointed , Additional Superintendent of Police Special Grade , who have completed three years in Additional Superintendent of Police Special Grade and total service of eighteen vears on the 1st July of the selection year, on the recommendation of Selection Committee .

The above selection shall be made through he Selection Committee, which shall comprise as follows: -

(i) Chief Secretary , Government of Uttarakhand -Chairman

(ii) Additional Chief Secretary/Principal Secretary/ Secretary, Home Department Government , of Uttarakhand

Member 288

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

(iii) Additional Chief Secretary/ Principal Secretary/ Secretary, Personnel- Member

Government of Uttarakhand

(iv) Director General of Police, Uttarakhand Member

Selection process to the post of Additional Superintendent of Police Higher Grade

20 B- Selection to the post of Additional Superintendent of Police Higher Grade shall be made from amongst such officers , substantively appointed , Additional Superintendent of Police Super time scale, who have completed three years in Additional Superintendent of Police , Super time scale and total service of twenty one vears on the Ist July of the selection year, on the recommendation of Selection Committee .

The above selection shall be made through he Selection Committee , which shall comprise as follows: -

(i) Chief Secretary, Government of Uttarakhand -Chairman

(ii) Additional Chief Secretary/Principal Secretary/ Secretary , Home Department Uttarakhand Member Government of

(iii) Additional Chief Secretary/ Principal Secretary/Secretary.Personnel- Member

Government of Uttarakhand

(iv) Director General of Police , Uttarakhand Member

7.

Amendment of Appendix ' A '

In the principal rules for the existing Appendix ' A' the following appendix shall be substituted, namely: - 289

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

भाग 1 ]

APPENDIX- A

(See subrule(2) of rule 4 and rule 27)

Designation

Sr No.

Permanent Temporary Total No. of Post

Pay Matrix level and grade Pay

1

01 01

PayMatrix level 14 grade Pay 10000 Additional Superintendent of Police Higher Grade

2

02

02

PayMatrix level 13A Grade Pay 8900 Additional Superintendent ofPolice Super time scale

3

06

06

Pay Matrix level 13 Grade, Pay 8700 AddI. Superintendent of police Special Grade

4

14 14

PayMatrix level 12 Grade Pay 7600 Addl . Superintendent of police Grade- I

5

19 19

PayMatrix level 11 Grade Pay 6600 Addi. Superintendent of policeGrade- II

23 22

01

Pay Matrix level 11 Grade Pay 6600 6 Deputy Superintendent of Police Senior Pay Scale

7

82

09

91

Pay Matrix level 10 Grade Pay 5400 DeputySuperintendent of Police Junior Pay Scale

Total

146

156

10

By Order,

SHAILESH BAGAULI ,

Secretary.

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग

कार्यालय ज्ञाप

12 मार्च , 2025 ई०

संख्या-293 /VII- 3-25 / 04 (01 )एम०एस ० एम ०ई० / 2024-

उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड के प्रचालनात्मक दिशानिर्देश , 2025

1. परिचय

1.1 उत्तराखंड स्टार्टअप नीति 2023 का उद्देश्य कई राजकोषीय और गैर - राजकोषीय नीतिगत साधनों के साथ नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति का निर्माण करना है, जिससे सभी प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा । इस लक्ष्य के अनुसार , उत्तराखंड सरकार (जिसे आगे " सरकार " कहा जाएगा ) ने उत्तराखंड स्टार्टअप नीति 2023 के खंड 5.5 के तहत 200 करोड़ रूपये के कोष के साथ एक कोष के गठन की घोषणा, की है , जिसे 17 मार्च 2023 को G-O 371 /VII - 3-23 / 41 - MSME/ 2016 के माध्यम से अधिसूचित किया गया है । इस कोष को आगे से "उत्तराखंड वेंचर फंड" या यूवीएफ (UVF) के रूप में संदर्भित किया जाएगा ।

1.2

उत्तराखंड सरकार का उद्योग विभाग यूवीएफ (UVF ) के लिए कार्यान्वयन एजेंसी होगी ।

290

[आग 1 उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08 , 1947 शक सम्वत्)

2. उद्देश्य

2.1 उत्तराखंड वेंचर फंड या यूवीएफ ( UVF) सार्वजनिक निधियों का लाभ उठाकर उत्तराखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम में निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करना ।

2.2 सरकार पूंजी प्रतिबद्धताओं के माध्यम से सेबी पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोष एआईएफ (AIF) में सीमित भागीदार के रूप में भाग लेने के लिए इस कोष का उपयोग करेगी ।

2.3 सरकार अन्य सूचीबद्ध एआईएफ (AIF) में निवेश करेगी , जिनकी निवेश रणनीति यूवीएफ (UVF ) के निवेश उद्देश्य और दिशानिर्देशों को पूरा करती है । स्टार्टअप में निवेश करना, जिसका उद्देश्य उन्हें इक्विटी फंडिंग के रूप में स्केल अप फंड प्रदान करना है , ताकि वे उत्तराखंड के लिए सकारात्मक आर्थिक और सामाजिक स्पिल-ओवर प्रभावों के साथ अपने उद्यमों को सुदृढ़ और विकसित करने में सक्षम हो सकें ।

3. परिभाषाऐं

वैकल्पिक निवेश निधि (AIF)

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (आनुकल्पिक विनिधान (निवेश) निधियों) विनियम , 2012के अनुसार, "वैकल्पिक निवेश निधि " का अर्थ भारत में ट्रस्ट या कंपनी या सीमित देयता भागीदारी या निगमित निकाय के रूप में स्थापित या निगमित कोई भी निधि है , जो-

i . एक निजी रूप से एकत्रित निवेश माध्यम है जो निवेशकों से, चाहे वे भारतीय हों या विदेशी, अपने निवेशकों के लाभ के लिए एक परिभाषित निवेश नीति के अनुसार निवेश करने के लिए निधि एकत्र करता है, और

ii . भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (निक्षेपागार और सहभागी) विनियम, 1996 , भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ( सामूहिक निवेश योजना) विनियम, 1999 या निधि प्रबंधन गतिविधियों को विनियमित करने के लिए बोर्ड के किसी अन्य विनियमन के अंतर्गत शामिल नहीं है:

परन्तु कि इन विनियमों के प्रयोजन के लिए निम्नलिखित को वैकल्पिक निवेश निधि नहीं माना जाएगा-

i. कंपनी अधिनियम, 2013 , के तहत परिभाषित 'रिश्तेदारों' के लाभ के लिए स्थापित पारिवारिक ट्रस्ट,

ii . भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (शेयर आधारित कर्मचारी लाभ ) विनियम, 2014 के तहत स्थापित ईएसओपी ट्रस्ट या कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत अनुमति के अनुसार,

iii . कर्मचारी कल्याण ट्रस्ट, या कर्मचारियों के लाभ के लिए स्थापित ग्रेच्युटी ट्रस्ट ,

iv. कंपनी अधिनियम , 2013 की धारा 2 की खण्ड 46 के तहत परिभाषित 'होल्डिंग कंपनियां,

v . अन्य विशेष प्रयोजन साधन जो फंड मैनेजरों द्वारा स्थापित नहीं हैं, जिनमें प्रतिभूतिकरण ट्रस्ट शामिल हैं, जो एक विशिष्ट नियामक ढांचे के तहत विनियमित हैं,

vi . प्रतिभूतिकरण कंपनी या पुनर्निर्माण कंपनी द्वारा प्रबंधित फंड जो कि वित्तीय आस्तियों क़ा प्रतिभूतिकरण और पुनर्गठन और प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम , 2002 की धारा 3 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक के साथ पंजीकृत है, और

vii . फंड का ऐसा कोई पूल जो भारत में किसी अन्य नियामक द्वारा सीधे विनियमित है ।

कॉरपस निवेशकों / सीमित भागीदारों से एआईएफ (AIF ) द्वारा जुटाई गई कुल पूंजी प्रतिबद्धताएँ ।

291 भाग 1]

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

इक्विटी: इक्विटी वह राशि है जो किसी कंपनी के मालिक ने उसमें लगाई है या उसके पास है ।

इक्विटी इक्विटी निवेश वह धन है जो शेयर बाजार में उस कंपनी के शेयर खरीदकर किसी कंपनी में निवेश किया जाता है ।

इन्वेस्टमेंट:

बहिर्गमन: स्टार्टअप बहिर्गमन तब होता है जब किसी स्टार्टअप कंपनी का मालिक (और निवेशक) या तो लाभ के लिए या नुकसान पर कंपनी में अपना स्वामित्व या स्टॉक बेचता है ।

हर्डल दर: लाभ शेयर में भाग लेने में सक्षम होने से पहले एआईएफ ( AIF) द्वारा प्राप्त की जाने वाली न्यूनतम रिटर्न दर ।

नवाचार : उत्तराखण्ड स्टार्ट-अप नीति-2023 के खंड -1 के उप- खंड 1.11 में परिभाषित ।

निवेश अवधि : वह अवधि जिसके दौरान एआईएफ (AIF) प्रतिबद्ध पूंजी को निवेश में लगाने का लक्ष्य रखता है ।

लिमिटेड एक निवेशक जो एआईएफ (AIF ) को पूंजी देता है और जिसकी देयता उसकी पार्टनर: पूंजी प्रतिबद्धता तक सीमित होती है ।

निजी प्लेसमेंट निवेशकों को यूनिट ऑफर करने के लिए एआईएफ (AIF ) द्वारा जारी किया गया ज्ञापन दस्तावेज, जिसमें सभी फंड विवरण शामिल हैं ।

(पीपीएम):

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, एआईएफ ( AIF ) के लिए नियामक ।

प्रतिभूर्ति और

विनिमय बोर्ड :

सामाजिक उद्यमः सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने या सामाजिक समस्याओं को हल करने की दिशा में काम करने वाली संस्थाएँ ।

उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 के खंड-1 के उप खंड 1.23 में परिभाषित ।

स्टार्टअप

काउंसिल:

की शर्तों को नियंत्रित करता है ।

सब्सक्रिप्शन एआईएफ और एक निवेशक / एलपी के बीच कानूनी समझौता जो उनकी साझेदारी एग्रीमेंट:

टास्क फोर्स : उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 के खंड 1 के उप - खंड 1.26 में परिभाषित ।

यूके- स्पाईस

: उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट , स्टार्ट-अप एंड इंटरप्रिन्योरशिप ।

4. यूवीएफ (UVF) का संचालन एवं अनुश्रवण

4.1 फण्ड की स्थापना

4.1.1 उत्तराखंड स्टार्टअप नीति 2023 के खंड 5.5 के अनुसार , सरकार ने उत्तराखंड वेंचर फंड या यूवीएफ (UVF) के रूप में 200 करोड़ रूपये का कोष स्थापित किया गया है ।

4.1.2 यूवीएफ (UVF ) एक समझौते में प्रवेश करके और पूंजी प्रतिबद्धताओं को बनाकर सेबी पंजीकृत एआईएफ (AIF) में एक सीमित भागीदार के रूप में भाग लेकर फंड का संचालन करेगा।

4.1.3 यूवीएफ ( UVF) उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली-2017 या सरकार द्वारा परिभाषित नवीनतम अधिप्राप्ति नियमों के प्रावधानों के अंतर्गत प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से एआईएफ (AIF) को ऑनबोर्ड करेगा ।

4.1.4 एआईएफ (AIF) को अपने खर्च पर एक मसौदा समझौता प्रस्तुत करना होगा । यूवीएफ (UVF) मसौदा अनुबंध समझौते की समीक्षा करने के लिये अधिकृत होगा ।

292

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

4.1.5 सरकार प्रदर्शन बेंचमार्क का पालन सुनिश्चित करने और यदि आवश्यक हो तो नए एआईएफ (AIF ) को शामिल करने की सुविधा के लिए रोलिंग आधार पर पैनल को आगे बढ़ाने के लिये अधिकृत होगी । इसके लिये विशिष्ट शर्तों को सदस्यता समझौते / पीपीएम या किसी अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों में परिभाषित किया जायेगा ।

4.2 फण्ड के मार्गदर्शक सिद्धान्त

4.2.1 यूवीएफ (UVF) किसी एक एआईएफ (AIF ) में 20 करोड़ रूपये से कम और 40 करोड़ रूपये से अधिक निवेश नहीं करेगा ।

4.2.2 यूवीएफ (UVF ) किसी भी एआईएफ (AIF ) में एकल बहुमत निवेश भागीदार नहीं होगा , और सभी पूर्व - सहमत अनुपातों को इस तरह से परिभाषित किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यूवीएफ (UVF) या तो एक समान - निवेश भागीदार (50 %) या अल्पसंख्यक निवेश भागीदार होगा ।

4.2.3ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के दौरान, हर्डल दर को परिभाषित किया जाएगा जिसे सभी भागीदार एआईएफ (AIF) द्वारा स्वीकार किया जायेगा ।

4.2.4 एआईएफ (AIF) को किसी अन्य शुल्क/ कैरी रेट/लाभ साझाकरण व्यवस्था आदि से पहले सरकार को निर्दिष्ट हर्डल दर का भुगतान करना होगा । इसे सदस्यता समझौते और अन्य संबंधित दस्तावेजों में उचित रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए ।

4.3 फण्ड का संचालन एवं निवेश चक्र

4.3.1 फंड के बारे में परिचालन संबंधी निर्णय सेबी के विनियमों/ भागीदार एआईएफ (AIF) के साथ समझौतों टर्म शीट/किसी अन्य प्रचलित दस्तावेज द्वारा निर्देशित होंगे ।

4.3.2 एआईएफ (AIF) को उत्तराखंड स्टार्टअप नीति 2023 के तहत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ।

4.3.3 यदि कोई एआईएफ (AIF ) उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 के अंतर्गत गैर मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में निवेश करना चाहता है, तो उसे टास्क फोर्स से पूर्व अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा ।

ऐसे स्टार्टअप को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा-

(क) स्टार्टअप को स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत डीपीआईआईटी के साथ पंजीकृत होना चाहिए ।

(ख) स्टार्टअप को फंडिंग प्रतिबद्धता प्राप्त करने और फंडिंग की वास्तविक शुरूआत के 3 महीने के भीतर उत्तराखंड स्टार्टअप नीति 2023 के तहत मान्यता के लिए आवेदन

करना होगा। (ग) स्टार्टअप को उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक, आर्थिक या तकनीकी प्रभाव प्रदर्शित करना होगा ।

4.3.4 सरकार निवेश अवसरों के सृजन के लिये निवेशक राउण्ड टेबल, पिच डेक प्रस्तुति कार्यक्रम और नवाचार प्रदर्शनियों का आयोजन करेगी । इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से, स्टार्टअप्स और एआईएफ (AIF ) के लिए एक सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा ।

4.3.5 सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वित्तीय वर्ष की शुरूआत में यूवीएफ ( UVF) के लिए पर्याप्त बजटीय परिव्यय को मंजूरी मिल जाए ताकि भागीदार एआईएफ (AIF ) अपने निवेश पोर्टफोलियो को निर्बाध रूप से संचालित कर सकें, जैसा कि फंड के निजी प्लेसमेंट ज्ञापन (पीपीएम) / सदस्यता समझौतों के तहत प्रतिबद्ध है ।

293 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

4.3.6 यदि कोई एआईएफ (AIF) किस्तों में निवेश करता है, तो यूवीएफ (UVF ) स्टार्टअप की टर्म शीट में उल्लिखित पूर्व- सहमत अनुपातों के अनुसार किस्तों में अपनी पूंजी प्रतिबद्धता प्रदान करेगा ।

4.3.7 यूवीएफ (UVF) से पूंजी प्रतिबद्धताओं को एआईएफ द्वारा पात्र स्टार्टअप्स की सुरक्षित प्रतिबद्धताओं / सहमत टर्म शीट के सापेक्ष निकाला जाएगा । एआईएफ (AIF) को धनराशि उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध करायी जायेगी । महानिदेशक उद्योग / सीईओ यूके - स्पाईस (उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट , स्टार्टअप एण्ड इन्टरप्रिन्योरशिप ) तदनुसार धन जारी करने के लिए अधिकृत होंगे ।

4.3.8 यूवीएफ (UVF) किसी विशेष स्टार्टअप के लिए चरणबद्ध तरीके से अपनी निवेश रणनीति को संरेखित करने पर ध्यान केंद्रित करेगाः

इस चरण के दौरान, यूवीएफ (UVF) स्टार्टअप के (क) निवेश चरण (3-5 वर्ष): इस विकास/स्केलिंग चरण में निवेश करेगा।

(ख ) बहिर्गमन चरण (5-9 वर्ष): यूवीएफ (UVF) अपने परिपक्व निवेशों से अधिकतम

रिटर्न प्राप्त करने के लिए रणनीतिक बहिर्गमन को क्रियान्वित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा ।

4.3.9 स्टार्टअप से बहिर्गमन की स्थिति में, निकास राशि / परिसमापन मूल्य यूके - स्पाईस (उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एण्ड इन्टरप्रिन्योरशिप ) के पास जमा किया जाएगा और उचित समझे जाने पर पुनर्निवेश किया जा सकता है । यदि यूवीएफ ( UVF ) किसी स्टार्टअप से एआईएफ (AIF) के बहिर्गमन के बाद अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने का विकल्प चुनता है , तो इक्विटी रखने वाली इकाई के संबंध में निर्णय महानिदेशक उद्योग / सीईओ यूके स्पाईस (उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एण्ड इन्टरप्रिन्योरशिप ) के पास रहेगा ।

4.4 अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण

4.4.1 एआईएफ (AIF) यूवीएफ (UVF) को त्रैमासिक प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी ।

4.4.2 साझेदार एआईएफ (AIF) द्वारा अनुश्रवण और रिपोर्टिंग लागू भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (आनुकल्पिक विनिधान (निवेश ) निधियों) विनियम, 2012 के अनुसार होगी ।

4.4.3 स्टार्टअप काउंसिल यूवीएफ ( UVF) के लिए आवश्यकतानुसार दिशानिर्देश प्रदान करेगी , जिसमें शामिल हैं-

(क) यूवीएफ ( UVF ) का अनुश्रवण, अनुमोदन एवं मूल्यांकन ।

(ख ) पैनल में शामिल एआईएफ (AIF) को प्रतिबद्धताओं का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करना ।

4.4.4 यदि उचित समझा जाए , तो सरकार भविष्य में लाभ के पुनर्निवेश या सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार निकाय / पीएसयू या भारत सरकार से नई पूंजी के निवेश के माध्यम से यूवीएफ ( UVF ) के कोष को बढ़ाने पर विचार कर सकती है ।

4.4.5 भविष्य में , सरकार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (आनुकल्पिक विनिधान (निवेश ) निधियाँ) विनियम , 2012 के अनुसार डॉटर फंडों में निवेश या स्टार्टअप में प्रत्यक्ष निवेश के लिए यूवीएफ ( UVF ) कोष के एक हिस्से या पूरे हिस्से को सेबी - पंजीकृत एआईएफ (AIF) योजना में बना सकती है और नामित कर सकती है ।

विनय शंकर पाण्डेय , सचिव ।

294

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

In pursuance of the provision of the Clause (3) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the English translation of office Memorandum No. 293 /VII - 3-25/4 ( 1 ) -MSME/ 2024 , Dated- March 12, 2025 for general information .

OFFICE MEMORANDUM

March 12 , 2025

No. 293 /VII - 3-25/ 4( 1 ) / MSME / 2024--

The Uttarakhand Venture Fund Operational Guidelines , 2025

1 . Introduction

1.1 The Uttarakhand Startup Policy 2023 aims to create a culture of innovation ; and entrepreneurship with several fiscal and non - fiscal policy instruments benefitting all the key startup ecosystem players . In accordance with this goal , the Government of Uttarakhand ( hereafter referred to as " the government " ) has announced the formation of a fund with a corpus of INR 200 Cr under clause 5.5 of the Uttarakhand Startup Policy 2023 , notified vide G.O 371 /VII - 3-23/ 41 - MSME/ 2016dt 17 March 2023. This corpus shall be hereafter referred to as " Uttarakhand Venture Fund " or " UVF " .

1.2 The Department of Industries , Government of Uttarakhand , will be the implementing agency for UVF .

Objectives 2.

i

2.1 The Uttarakhand Venture Fund (UVF) will catalyze private sector investment in Uttarakhand's startup ecosystem by leveraging public funds .

2.2 The government will utilize this corpus to participate as a limited partner in SEBI registered Alternative Investment Funds (AIFs ) through capital commitments .

2.3 The government will invest in other empaneled AIFs , whose investment strategy meets the investment objective and guidelines of UVF viz . investing in startups with an objective to provide them scale up fund in the form of equity funding to enable them to develop and grow their enterprises with positive economic and social spill- over effects for Uttarakhand.

3. Definitions

Alternative Investment Fund

As per Securities and Exchange Board of India (Alternative Investment Funds ) Regulations , 2012 , " Alternative Investment Fund " means any fund established or incorporated in India in the form of a trust or a company or a limited liability partnership or a body corporate which , -

i . is a privately pooled investment vehicle which collects funds from investors , whether Indian or foreign , for investing it in accordance with a defined investment policy for the benefit of its investors ; and 295 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

ii . is not covered under the Securities and Exchange Board of India (Mutual Funds) Regulations , 1996 , Securities and Exchange Board of India ( Collective Investment Schemes) Regulations , 1999 or any other regulations of the Board to regulate fund management activities :

Provided that the following shall not be considered as Alternative Investment Fund for the purpose of these regulations , -

i. family trusts set up for the benefit of ' relatives ' as defined under Companies Act, 2013 ;

ii . ESOP Trusts set up under the Securities and Exchange Board of India (Share Based Employee Benefits ) Regulations , 2014 or as permitted under Companies Act, 2013 ;

iii. employee welfare trusts , or gratuity trusts set up for the benefit of employees ;

iv. ' holding companies ' as defined under clause 46 of section 2 of Companies Act , 2013;

v. other special purpose vehicles not established by fund managers , including securitization trusts , regulated under a specific regulatory framework;

vi . funds managed by securitisation company or reconstruction company which is registered with the Reserve Bank of India under Section 3 of the Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002; and

vii . any such pool of funds which is directly regulated by any other regulator in India.

Corpus

The total capital commitments raised by an AIF from investors /limited partners .

Equity

Equity is the amount of money that a company's owner has put into it or owns .

An equity investment is money that is invested in a company by purchasing shares of that company in the stock market .

Equity Investment

Exit

A startup exit is when an owner (and investors ) of a startup company sells their ownership or stock in the company , either for profit or at a loss .

Hurdle Rate

The minimum rate of return an AIF should generate before being able to participate in the profit share .

Innovation

As per sub - clause 1.11 of clause 1 of the Uttarakhand Startup Policy 2023.

The period during which the AIF aims to deploy the committed capital into investments .

Investment Period

Limited

An investor who commits capital to the AIF and whose 296

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

Partner

liability is limited to their capital commitment .

Private

The document issued by AIFs for offering units to investors , containing all fund details .

Placement Memorandum (PPM)

SEBI

Securities and Exchange Board of India , the regulator for AIFs.

Social Ventures

Entities working towards promoting social welfare or solving socialproblems .

As per sub - clause 1.23 of clause 1 of The Uttarakhand Startup Policy 2023 .

Startup Council

Subscription Agreement

The legal agreement between the AIF and an investor /LP governing the terms of their partnership .

Task Force

As per sub - clause 1.26 of clause 1 of the Uttarakhand Startup Policy 2023 .

UK- SPISE

Uttarakhand Society for Promotion of Investment , Start - up and Entrepreneurship

4. Operation and Monitoring of UVF

4.1 Establishment of funds

4.1.1As per clause 5.5 of The Uttarakhand Startup Policy 2023 , The Government has setup a corpus of INR 200Cr as Uttarakhand Venture Fund or UVF

4.1.2 UVF will operationalise the fund by participating as a limited partner in SEBI registered AIFs by entering into an agreement and making capital commitments

4.1.3 UVF will onboard AIFs through a competitive process via provisions of Uttarakhand Procurement rules 2017 , or latest procurement rules as defined by the government .

4.1.4AIFs shall present a draft Subscription Agreement at their own cost . UVF reserves the right to have the draft contract agreement reviewed .

4.1.5 The government reserves the right to carry out the empanelment on a rolling basis to ensure adherence to performance benchmarks and facilitate the inclusion of new AIFs , if required. The specific terms of the same are to be defined in the Subscription Agreement/PPM or any other relevant documents .

4.2 Guiding Principles for funds

4.2.1 UVF shall not infuse less than INR 20 Cr and not more than INR 40 Cr into one singleAIF .

4.2.2 UVF shall not be the single majority investment partner in any AIF , and all pre - agreed ratios must be defined in such a way as to ensure that UVF shall either be an equal - investment partner (50 % ) or a minority investment partner .

भाग 1 ]

297 उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

4.2.3 During the onboarding process , the hurdle rate will be defined which must be committed by all the partnering AIFs .

4.2.4 AIFs must disburse the designated hurdle rate to the government before any other fees/carry rates /profit sharing arrangement/etc : The same is to be appropriately stipulated in the Subscription Agreement and other related documents .

4.3 Operation of funds and investment cycle

4.3.1 Operational decisions regarding the fund shall be guided by the SEBI regulations / agreements with partner AIFs / term sheet/ any other prevailing document.

4.3.2AIFs shall be encouraged to invest in startups that are recognized under The Uttarakhand Startup Policy 2023 .

4.3.3 If an AIF intends to invest in startups that are not recognized by The Uttarakhand Startup Policy 2023 , it must obtain a prior no objection certificate from the Task Force .

Such startup must meet the following conditions :

a. Startup must be registered with DPIIT under Startup India Scheme.

b. Startup must apply for recognition under the Uttarakhand Startup Policy 2023 within 3 months of receiving funding commitment and actual rollout of funding .

c. Startup must demonstrate significant social , economic or technological impact for Uttarakhand .

4.3.4 The government will organize investor roundtables , pitch deck presentation events , and innovation exhibitions to facilitate a continuous pipeline of investment opportunities . Through such engagements , the government seeks to foster a collaborative ecosystem for startups and AIFs .

4.3.5 The government shall ensure that sufficient budgetary outlay is approved for UVF at the beginning of the financial year to enable partner AIFs to seamlessly operate their investment portfolios as committed under the Private Placement Memorandum ( PPM)/ Subscription Agreements of the funds.

4.3.6 If an AIF invests in tranches , UVF shall provide its capital commitment in tranches , in accordance with pre - agreed ratios outlined in the term sheet of thestartup.

4.3.7 The capital commitments from UVF shall be drawn down by the AIFs against secured commitments/ agreed term sheets of eligible startups . Such demands received from AIFs are to be fulfilled on demand basis . The Director General , Industries /CEO, UK - SPISE (Uttarakhand Society for Promotion of Investment , Startup and Entrepreneurship ) is authorized to release funds accordingly .

4.3.8 UVF will focus to align its investment strategy, phasewise , for a particular startup:

a. Investment Phase (Years 3-5) : During this phase , UVF shall invest in 298

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

growth/scaling stage of a startup .

b . Exit Phase ( Years 5-9 ) : UVF shall focus on executing strategic exits to maximize returns from its mature investments .

4.3.9 In the event of an exit from a startup , the exit amount /liquidation value shall be deposited with UK - SPISE ( Uttarakhand Society for Promotion of Investment , Startup and Entrepreneurship ) and may be reinvested as deemed appropriate . The decision regarding the entity to hold the equity, in case where UVF opts to retain its stake following the exit of an AIF from a startup, shall rest with the Director General , Industries / CEO , UK - SPISE (Uttarakhand Society for Promotion of Investment , Startup and Entrepreneurship ).

4.4 Monitoring and Oversight

4.4.1 AIFs will be required to submit quarterly performance reports to the UVF .

4.4.2 Monitoring & reporting by partner AlFs will be in accordance with applicable Securities and Exchange Board of India (Alternative Investment Funds) Regulations .

4.4.3 The Startup Council shall provide oversight as required for UVF , including:

a. Approvals around the monitoring and evaluation mechanisms of UVF .

b. Ensuring time bound disbursal of commitments to empanelled AlFs

4.4.4 If deemed appropriate , the government may consider increasing the corpus of the UVF in the future through reinvestment of gains or infusion of fresh capital from the government or any other State Government body /PSUs or Government of India .

4.4.5 In future, the government may form and designate a part or whole of the UVF corpus into a SEBI registered AIF Scheme as per the Securities and Exchange Board of India ( Alternative Investment Funds ) Regulations , 2012 , for investment in daughter funds or direct investment in startups .

VINAY SHANKAR PANDEY,

Secretary.

भाग 1 ]

299 उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

गृह (अधिष्ठान) अनुभाग -3

विज्ञप्ति/ प्रोन्नति

27 जनवरी , 2025 ई ०

संख्या-270610/ XX-3 / 2025-8 (6 ) /2012- उत्तराखण्ड पुलिस दूरसंचार विभाग में पुलिस उपाधीक्षक (पुलिस दूरसंचार) के रिक्त 01 पद पर पदोन्नति हेतु उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार में सम्पन्न हुई चयन समिति की बैठक के उपरान्त आयोग द्वारा उपलब्ध करायी गयी संस्तुति के क्रम में श्री सतेन्द्र सिंह नेगी , निरीक्षक, पुलिस दूरसंचार को पुलिस उपाधीक्षक (पुलिस दूरसंचार) , वेतनमान (रू 0 56100-177500 , लेवल-10 ) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित शर्तों के अधीन पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-

1 ). उक्त अधिकारी 'उत्तराखण्ड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग (Forgo ) नियमावली, 2020 ' के नियम 3 (1 ) में निहित प्रावधानों के अनुसार 15 दिन के भीतर पदोन्नत पद पर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे ।

2) . पदोन्नति के फलस्वरूप उक्त अधिकारी 02 वर्ष की विहित परिवीक्षा अवधि में रहेंगे ।

2- उक्त अधिकारी की तैनाती के सम्बन्ध में पृथक से आदेश निर्गत किये जायेंगे ।

विज्ञप्ति/प्रोन्नति

27 जनवरी , 2025 ई ०

संख्या-270611 / XX- 3 / 2025-2 (4 ) / 2019-उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात् सेवा विभाग में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के रिक्त 01 पद पर पदोन्नति हेतु उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार में सम्पन्न चयन समिति की बैठक के उपरान्त आयोग द्वारा उपलब्ध करायी गयी चयन संस्तुति के क्रम में श्री सुरेश चन्द्र , अग्निशमन अधिकारी को मुख्य अग्निशमन अधिकारी (वेतनमान रू 0 56100-177500 , लेवल -10) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित शर्तों के अधीन पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-

1- उक्त अधिकारी ' उत्तराखण्ड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग (Forgo ) नियमावली , 2020' के नियम 3 (1 ) में निहित प्रावधानों के अनुसार 15 दिन के भीतर पदोन्नत पद पर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे ।

2- पदोन्नति के फलस्वरूप उक्त अधिकारी 01 वर्ष की विहित परिवीक्षा अवधि में रहेंगे ।

300

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

विज्ञप्ति/प्रोन्नति

03 फरवरी , 2025 ई ०

संख्या-272324 /XX-3 / 2025-2 (4 ) / 2019- उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात् सेवा विभाग के अन्तर्गत चयन वर्ष 2024-25 में मुख्य अग्निशमन अधिकारी पद की परिणामी रिक्ति के सापेक्ष पदोन्नति हेतु उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार में सम्पन्न चयन समिति की बैठक के क्रम में आयोग द्वारा उपलब्ध करायी गयी चयन संस्तुति के आधार पर श्री शिशुपाल सिंह नेगी , अग्निशमन अधिकारी को मुख्य अग्निशमन अधिकारी (वेतनमान रू 0 56100-177500, लेवल-10) के पद पर कार्य भार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित शर्तों के अधीन पदोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-

1 ). उक्त अधिकारी 'उत्तराखण्ड राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति का परित्याग (Forgo ) नियमावली , 2020' के नियम 3 (1 ) में निहित प्रावधानों के अनुसार 15 दिन के भीतर पदोन्नत पद पर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे ।

2) . पदोन्नति के फलस्वरूप उक्त अधिकारी 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे ।

2- उक्त अधिकारी की तैनाती के सम्बन्ध में पृथक से आदेश निर्गत किये जायेंगे ।

आज्ञा से, रिधिम अग्रवाल, विशेष सचिव ।

पी० एस० यू० ( आर०ई० ) 13 हिन्दी गजट / 79-भाग 1-2025 (कम्प्यूटर /रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार , दिनांक 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

भाग 1 -क

नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

निदेशालय पंचायतीराज उत्तराखण्ड

अधिसूचना

01 फरवरी , 2025 ई ०

संख्या-2780/ ग्रा.पं./पुनर्गठन -परिसीमन, 2024-25- शहरी विकास अनुभाग -3 , उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या-236777 / IV(3) /2024-01 (13) /2021 , दिनांक 20 सितम्बर , 2024 द्वारा जनपद ऊधमसिंहनगर के विकास खण्ड जसपुर की ग्राम पंचायत गढ़ीनेगी का नगर पंचायत- गढ़ीनेगी, ऊधमसिंहनगर के रूप में गठन के दृष्टिगत पंचायतीराज अनुभाग -1 , उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश संख्या-249201 / XII (1 ) / 2024 / E - 68985 , दिनांक 25 अक्टूबर , 2024 एवं शासनादेश संख्या-253060 , दिनांक 11 नवम्बर , 2024 के क्रम में सम्पन्न कार्यवाही उपरांत उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम , 2016 की धारा-3 एवं धारा -4 के उपबन्धों के परिप्रेक्ष्य में शासन की अधिसूचना संख्या -912 /XII / 2017-86 (20) 2017, दिनांक 09 जून, 2017 एवं अधिसूचना संख्या-913 / XII /2017-86 (20) 2017, दिनांक 09 जून, 2017 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं निधि यादव, निदेशक, पंचायतीराज उत्तराखण्ड , जनपद ऊधमसिंहनगर की ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन से सम्बन्धित पूर्व प्रकाशित गजट संख्या-1618 , दिनांक 27 सितम्बर, 2024 में उक्त आंशिक संशोधन करते हुए एतद्वारा निम्न सारणी के स्तम्भ -1 , 2 , 3 एवं 4 में उल्लिखित गजट क्रंमाक, राजस्व ग्राम , ग्राम सभा एवं पंचायत क्षेत्र को तद्‌नुसार स्तम्भ -5 , 6, 7 एवं 8 में विनिर्दिष्ट गजट क्रंमाक , राजस्व ग्राम, ग्राम सभा एवं पंचायत क्षेत्र में विलुप्त/ सम्मिलित किए जाने की स्वीकृति प्रदान करती हूँ । यह संशोधन जिलाधिकारी, ऊधमसिंहनगर के प्रस्ताव / संस्तुति पंत्राक-912, दिनांक 31.01.2025 के आधार पर जारी किया जा रहा है ।

81-ख 82

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

जनपद का नाम- ऊधमसिंहनगर क्षेत्र पंचायत का नाम-जसपुर

वर्तमान स्थित्ति

संशोधित स्थिति

गजट क्रंमाक

ग्राम सभा कानाम

ग्राम सभा का नाम

गजट क्रमाक

पंचायत क्षेत्र का नाम

राजस्व ग्राम का नाम

पंचायत क्षेत्र का नाम

राजस्व ग्राम का नाम

1

2

3

4

6

5

7

8

13

गढ़ीनेगी गढ़ीनेगी

1.गढ़ीनेगी

शहरी विकास अनुभाग-3, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या- 236777 / IV(3 )/ 2024-01 ( 13 ) / 2021, दिनांक 20 सितम्बर, 2024 द्वारा ग्रास पंचायत गढ़ीनेगी का नगर पंचायत, गढ़ीनेगी जनपद ऊधमसिंहनगर के रूप में गठनोपरान्त पंचायत क्षेत्र से अस्तित्व समाप्त ।

निधि यादव , निदेशक , पंचायतीराज , उत्तराखण्ड ।

कार्यालय मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ,

देहरादून ।

अधिसूचना

07 मार्च , 2025 ई ०

संख्या-5341 / नि० अनु०-भू० उप०परि० / बी-002 / 2025- आवास विभाग के शासनादेश संख्या 1311/V-2/21-10(आ0) / 2020 दिनांक 26.7.2021 के क्रम में देहरादून महायोजना 2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित संशोधन करने के सम्बन्ध में आपत्तियाँ एवं सुझाव प्राप्त किये जाने की दृष्टि से 02 दैनिक समाचार पत्रों हिन्दुस्तान एवं दैनिक जागरण में दिनांक 17.01.2025 को विज्ञप्ति प्रकाशित करायी गयी थी । आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित 30 दिन की अवधि के भीतर प्रस्तावित भू- उपयोग परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है ।

अतएव , अब उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा 13 (2 ) के अधीन शासनादेश संख्या 1311/V- 2/21-10 (आ 0) / 2020 दिनांक 26.7.2021 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए देहरादून महायोजना-2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित निम्नलिखित संशोधन करते हैं: - 83 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत)

मौजा

खसरा नम्बर

क्र० सं०

भूखण्ड का क्षेत्रफल

भू- उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव

वर्तमान भू-उपयोग

आद्यौगिक

01

0.5818 है०

235, 236, 237 , 238/1 , 238/2

मौजा सेन्ट्रल हॉप टाउन परगना पछवादून जिला देहरादून ।

व्यवसायिक (निर्धारित महायोजना मार्ग को छोड़कर)

बंशीधर तिवारी ,

उपाध्यक्ष ।

पी ० एस ०यू० ( आर० ई0) 13 हिन्दी गजट / 79- भाग 1- क-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड , रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार, दिनांक 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

सूचना

My intermediate roll number is 131498 and residence certificate number 24062 of Uttarakhand District Magistrate Dehradun and my name is mentioned in the birth Certificate as SOHAN LAL S /O PARAMJEET SINGH whereas my name is mentioned in my Aadhar card number 813221574518 and PAN card number . NOEPS6865G. The name is registered as SOHAN S/O PARMJEET SINGH . But now due to personal reasons I have changed my name from SOHAN LAL to ROHAN KUMAR SINGH in future . I may be known and called as ROHAN KUMAR SINGH S/ O PARAMJEET SINGH .

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

Sohan Lal ( existing old name )

S / o PARAMJEET SINGH

resident 229/214 , Khurbura

Mohalla Kawali road , Dehradun

Uttarakhand .

89-ट 90

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

सूचना

शादी से पूर्व मेरा नाम भावना पाल पुत्री विनोद कुमार पाल था शादी के उपरांत मैंने अपना नाम बदलकर भावना भारद्वाज पत्नी मनीष शर्मा रख लिया है भविष्य में मुझे भावना भारद्वाज के नाम से जाना पहचाना जाए । समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

भावना भारद्वाज पत्नी मनीष शर्मा निवासी 131 कनखल ज्वालापुर रोड निकट डा. ललित वर्मा क्लीनिक कनखल हरिद्वार ।

सूचना

मेरे पुत्र का आधार कार्ड का नं0 238474618993 में उसका नाम वली शेख दर्ज है । लेकिन मैंने निजि कारणों से अपने पुत्र का नाम वली शेख से बदलकर राइयन शेख कर लिया है । भविष्य में मेरे पुत्र को राइयन शेख पुत्र शाहिला खान पत्नी स्व शेख अन्ताउल्ला के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

शाहिला खान पत्नी स्व शेख अन्ताउल्ला निवासी- नियर रवि दत्त बहुगुणा इण्टर कालेज सेवला कला चन्द्रबनी रोड पो ० माजरा देहरादून ।

सूचना

मेरी पुत्री के आधार कार्ड नंबर 512034057821 में उसका नाम रूही मखलोगा ( Ruhi Makhloga ) दर्ज है । लेकिन किसी निजी कारणों से मैंने अपनी पुत्री का नाम रूही मखलोगा (Ruhi Makhloga) से बदलकर राजवीका मखलोगा (Rajveeka Makhloga) कर लिया है । भविष्य में मेरी पुत्री को राजवीका मखलोगा (Rajveeka Makhloga ) पुत्री श्री रमेश सिंह मखलोगा ( Ramesh Singh Makhloga) के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

रमेश सिंह मखलोगा (Ramesh Singh Makhloga) निवासी- चामनी रानीचौरी टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड |

सूचना

मेरी , पुत्री के आधारकार्ड नं0. 542214234599 में त्रुटिवश उसका नाम- वैशावी नेगी गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम- वैष्णवी नेगी है । जो उसके जन्म प्रमाणपत्र पंजीकरण सं० . A- 721 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को वैष्णवी नेगी पुत्री देवेन्द्र सिंह नेगी के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए । समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

देवेन्द्र सिंह नेगी पुत्र श्री नत्थी सिंह निवासी गली नम्बर 04 हनुमान मन्दिर नीम करोलीनगर ऋषिकेश देहरादून उत्तराखण्ड ।

91 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

कार्यालय नगर पालिका परिषद्, नगला उधमसिंह नगर

ट्रेड लाइसेंस उपविधि

28 सितम्बर , 2024 ई०

पत्रांक-152/2024-25- सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि नगर पालिका परिषद्, नगला (जिला- ऊधम सिंह नगर) द्वारा उ.प्र. नगर विकास अनुभाग -1 के शासनादेश स. 1847 /9-9-97-23- ज / 97 दिनांक 9 जून 1997 द्वारा संयुक्त लाइसेंस प्रचलित करने हेतु बनायी गयी उपविधि के अनुसार नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 298 (1 ) च, छ के अन्तर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पालिका परिषद् नगला की सीमान्तर्गत व्यवसाय करने वाले विभिन्न व्यवसायियों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक संयुक्त लाइसेंस उपविधि बनाने का प्रस्ताव किया गया है, जिसे उक्त एक्ट की धारा 300 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत उन व्यक्तियों जिन पर इसका प्रभाव पड़ने की सम्भावना है , से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से विज्ञप्ति प्रकाशित की जा रही है, इस विज्ञप्ति के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर प्रशासक / अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद् नगला ( जिला ऊधम सिंह नगर) के नाम से आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत किये जा सकते है , नियत अवधि के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा ।

उपविधियाँ

१- परिभाषा- किसी बात के प्रसंग में प्रतिकूल न होने पर-

(क) यह उपविधि नगर पालिका परिषद् नगला की सीमान्तर्गत विभिन्न व्यवसायों के विनियमन हेतु उपविधि कहलायेगी।

(ख) प्रशासक/जिलाधिकारी का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के प्रभारी अधिकारी / प्रशासक से है ।

(ग) अधिशासी अधिकारी से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के अधिशासी अधिकारी से है ।

(घ ) नगर पालिका परिषद् नगला की सीमा से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला की शासन द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से है ।

(5) इत्त उपविधि के अधीन नगर पालिका परिषद् नगला के अधिशासी अधिकारी लाईसेंसिंग अधिकारी होंगे ।

2- यह उपविधि सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।

३- कोई भी व्यक्ति नगर पालिका परिषद् नगला की सीमान्तर्गत तब तक व्यवसाय नहीं कर सकता जब तक कि निन्न अनुसूची (क) में निर्धारित शुल्क जमाकर लाईसेंस प्राप्त नही कर लेता ।

4- प्रत्येक व्यवसायी अथवा उद्यमी को इस उपविधि के अधीन नगर पालिका परिषद् नगला के कार्यालय से निर्धारित शुल्क जमा करने पर प्रतिवर्ष फरवरी प्रथम सप्ताह से 31 मार्च तक लाईसेंस प्राप्त करना आवश्यक होगा जो आगामी वर्ष के लिए प्रभावी होगा ।

5- प्रत्येक ऐत्ता निर्गत/ प्राप्त लाईसेंस एक वित्तीय वर्ष के लिए ही मान्य होगा ।

6- लाईसँत्त अधिकारी को लाईसेंस निर्गत करने से पूर्व उसके विवेकानुसार व्यवसायिक प्रतिष्ठान का निरीक्षण करने का अधिकार होगा अथवा लाईसैसिंग अधिकारी द्वारा निर्दिष्ट कर्मचारी, जो निरीक्षक पद की श्रेणी से कम न हो, द्वारा व्यवसायिक प्रतिष्ठान की जांच/ संस्तुति करने पर ही लाईसेंस निर्गत किया जायेगा ।

7- लाईसेंस अधिकारी को अधिकार होगा कि लाईसेंस निर्गत करने से पूर्व खान - पान की सामग्री से सम्बंधित व्यवसायिक दुकान अथवा फल-सब्जी जो नित्यप्रति मानवीय प्रयोग के लिये विक्रय हेतु हो, की स्वच्छता तथा खाद्य पदार्थ व पेय पदार्थ सुनियोजित रूप से साफ सामान व बर्तनों में रखे होंगे जिसमें मक्खियों व धूल के कण आदि हानिकारक पदार्थ एवं कीटाणुओं का प्रभाव न पड़ सके।

8- कोई भी व्यक्ति जो संक्रामक रोग से पीड़ित हो न तो स्वयं व्यवसाय करेगा और न ही कोई व्यवसायी ऐसे किसी व्यक्ति को सेवायोजित करेगा ।

9

लाईसेंसिंग अधिकारी को इस उपविधि के अधीन खान-पान से संबंधित व्यवसायिक दुकानों, होटलों, हलवाईयों, सब्जी विक्रेताओं की दुकानों के निरीक्षण के समय पाये जाने वाली गन्दगी के लिए अथवा सड़ी - गली सब्जियों, फलों की दुकानों में रखने व विक्रय करने वाले के विरूद्ध कार्यवाही करने तथा अनुपयोगी पदार्थों को नष्ट करने का अधिकार होगा ।

92

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

10- प्रत्येक व्यवसायी को चाहिए कि वह नगर पालिका परिषद् कार्यालय से लाईसैंस प्राप्त करने हेतु प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के प्रथम सप्ताह से 31 मार्च तक 5/-रू (पांच रूपया) मूल्य का परिषद कार्यालय से निर्धारित प्रपत्र क्रथ कर लाईसेंस हेतु आवेदन करे। लाईसेंस अधिकारी उस पर समुचित जांच उपरान्त लाईसैंस निर्गत/ नवीनीकरण के आदेश पारित करेंगे ।

11- उपविधि में वर्णित किसी भी पैरा का उल्लंघन किये जाने पर लाईरौरा अधिकारी लाईराँस धारक के आवेदन पत्र को उस समय तक लम्बित रख सकता है या निरस्त कर सकता है, जब तक कि ऐसे लाईराँस धारक के आवेदक कर्ता से इस उपविधि के अधीन सफाई, स्वच्छता, नित्यप्रति खान- पान से संबंन्धित व्यवस्था व सार्वजिक प्रतिष्ठान को पूर्ण रूपेण स्वच्छ रखने आदि की व्यवस्था न की हो अथवा लाइसेसिंग अधिकारी द्वारा जांच करने पर संबंन्धित दुकानदार द्वारा निर्दिष्ट हिदायतों या सार्वजनिक हित में स्वच्छता आदि व्यवस्था सुनिश्चित रूप से न रखीहो ।

12- उपविधि के अन्तर्गत खान- पान से सम्बन्धित व्यवसायियों, दुकानदारों, व्यक्तियों को दुकान के अगल- बगल व सामने, प्रवेश कक्ष के समीप दुकान/प्रतिष्ठान का कूडा व अन्य अनुपयुक्त वस्तुएँ रखने व प्रदर्शित करने का अधिकार नहीं होगा, जो किसी भी दृष्टि से यशोमनीय लगती हो ।

13- उपविधि के अधीन लाइसेंसिंग अधिकारी द्वारा किसी भी दुकानदार व्यक्ति को लाईराँस न दिये जाने पर एक माह के अन्दर प्रशासन/अध्यक्ष /प्रभारी अधिकारी को सुनवाई हेतु अपील करने का अधिकार होगा ।

14- यदि लाईसेंस धारक अपने लाईसेंस का नवीनीकरण 31 मार्च तक नहीं करता है तब उसे लाईसेंस शुल्क पर विलम्ब शुल्क देय होगा जो कि 50.00 रू० होगा ।

15- कोई भी व्यक्ति / लाईसेंस धारक अपना व्यवसाय समाप्त करेगा तो वह अपना लाईसेंस निरस्त कराने हेतु 5/-रू. मूल्य का परिषद् कार्यालय से निर्धारित प्रपत्र क्रय कर औचित्य दर्शाते हुए आवेदन करेगा जिस पर लाईसेंस अधिकारी दुकान /प्रतिष्ठान का निरीक्षण कराकर लाईसैंस निरस्त करेगा ।

17- इस उपविधि के प्रभावी होने की तिथि से पूर्व स्वीकृत उपविधि में उल्लिखित व्यवसायों /उद्यमों आदि से सम्बंधित पूर्व लाईसेंस दरें स्वतः समाप्त हो जायेगी तथा उनके स्थान पर निम्न अनुसूची (क) में उल्लिखित दरें लागू होगी ।

नगर पालिका परिषद् नगला (जिला उधम सिंह नगर) अनुसूची-(क)

क्र.सं. विवरण

स्वीकृत दरें

होटल रेस्टोरेन्ट

1. होटल, लॉजिंग तथा गैस्ट हाउस 1 से 10 तक शैय्या-

2000.00

11 से 20 तक

4000.00

शैय्या-

20 से 30 तक

6000.00

शैय्या-

नर्सिंग होम

2. नर्सिंग होम 20 बैड तक-

2000.00

5000.00 3. नर्सिंग होम 20 बैड से उपर 50 /- प्रति बैड-

3000.00 4. प्राइवेट अस्पताल

1000.00 5. पैथॉलाजी सैन्टर -

1000.00 6. एक्स-रे क्लीनिक

1000.00 7. डेन्टल क्लीनिक

1000.00 8. प्राइवेट क्लीनिक भाग 8]

93

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

                                                             परिवहन
    9.   आटो रिक्शा दो सीटर-                                                                     500.00
    10. आटो रिक्शा चार सीटर -                                                                    500.00
    11. आटो रिक्शा सात सीटर (टैम्पो)-                                                           1000.00
    12. बैट्री चालित ई- रिक्शा-                                                                  300,00
    13. मिनि बस / मैजिक-                                                                        2000.00
    14. बस -                                                                                   2500.00
    15. तांगा                                                                                    100.00
    16. रिक्शा (मानव चालित) -                                                                   100,00
    17. रिक्शा पोलर-                                                                             100.00
    18. ठेला/ठेली-                                                                               100.00
    19. हाथ ठेला-                                                                                100.00
    20. बैलगाड़ी/भैंसा गाड़ी-                                                                    100.00
    21. ट्राली-ट्रैक्टर- व्यवसायिक(कृषि सामग्री छोडकर)-                                          100.00
    22. अन्य चार पहियों के भारी वाहन(जुगाडू व अन्य)-                                            1000.00
               (व्यापारिक उपयोग हेतु सभी वाहन )
                                                      अन्य व्यवसाय
   23. धुलाई गृह (लॉन्ड्री)-                                                                    250.00
   24. ड्राई क्लीनर-                                                                            500.00
   25. फाईनेन्स कम्पनी चिटफन्ड -                                                               3000.00
   26. इन्श्योरेन्स कम्पनी प्रति शाखा-                                                         6000.00
   27. फाउन्डिंग इन्जीनीयरिंग इन्डस्ट्रीयल -                                                   1200.00
  28. पशुवध (स्लाटर हाउस)-
                                                                                               50.00/पशु प्रतिदिन
  29. हड्डी, खाल गोदाम -
  30. बार/ बियर बार
                                                                                              6000.00
  31.  आइस फैक्ट्री-                                                                          1000.00
  32. बिल्डर्स रजिस्टर्ड
  33. देशी शराब प्रति दुकान -                                                                 6000.00
  34. विदेशी शराब प्रति दुकान -                                                               12000,00
 35. भैंसा मांस की दुकान -                                                                     300.00
 36. बकरा तथा शूकर मांस दुकान-                                                                 500.00
 37.  मुर्गा मांस विक्रेता-                                                          500.00
 38. मुर्गा/मछली विक्रेता-                                                                   1000.00
 39. पेट्रोल पम्प/डीजल पम्प थोक(आयल कं.)-
40. पेट्रोल पम्प/डीजल पम्प फुटकर-                                                            1000.00
41. दुकान अन्य पेट्रोलियम उत्पादन                                                             500.00
42. परचून की दुकान                                                                            500.00
43. हलवाई की दुकान (मिठाई, नमकीन, चाय)                                                        500,00

94

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

44. भोजनालय-

45. इमारती लोहे की दुकान-

46. इमारती लकड़ी की दुकान-

47. जूते बिक्री की दुकान -

48. फुटकर गल्ला विक्रेता-

49. बर्तन की दुकान-

50. कपड़े की दुकान (धोक)-

51. कपड़े की दुकान (फुटकर)-

52. सोने, चाँदी के आभूषणों की दुकान-

53. पुस्तक कापी व स्टेशनरी की दुकान -

54. मेडिकल स्टोर-

55. चाय, लस्सी पेय एवं अन्य पदार्थ-

56. बीड़ी सिगरेट पान व तम्बाकू की दुकान-

57. साईकिल बिक्री व पार्ट्स बिक्री -

58. साईकिल मरम्मत की दुकान-

59. विसातखाने की दुकान -

60. कृषि उपकरणों की दुकान-

61. बिजली के सामान की दुकान-

62. खाद्य तेल की दुकान (कोल्हू) -

63. कृषि खाद तथा पेस्टीसाइड्स की दुकान -

64. गल्ले के थोक व्यापारी-

65. इमारती लकड़ी के थोक व्यापारी-

66. लकड़ी फर्नीचर के व्यावसायी-

[भाग ४

500.00

1000.00

500.00

300.00

500.00

1000.00

500,00

८००.००

500.00

500.00

500.00

200,00

500.00

250.00

250.00

500.00

500.00

500.00

500.00

1500.00

2000.00

500.00

500.00

67. मोटर मरम्मत एवं अन्य वाहन (जहां पर किसी शक्तिशाली- यंत्र का प्रयोग न हो ) –

68. ईधन जलाने की लकड़ी के व्यापारी (लकड़ी टाल)-

69. पम्पिंग सेट के मरम्मतकर्ता

70. चाय की दुकान -

71. लाउडस्पीकर किराये पर देने व विद्युत सामान रिपेयरिंग-

72. बारबर -

73. डीजल, मोबिल ऑयल तथा उनसे बने पदाथों के विक्रेता-

74. खेल खिलौने आदि की दुकान-

75. दूध के विक्रेता / खोया बनाने की भट्ठी या दुकान

76. सीमेंट की दुकान

77. दूध डेयरी व घी, मक्खन मलाई विक्रेता-

78. लोहार की दुकान-

79. बढ़ई की दुकान-

80. हार्डवेयर की दुकान -

81. सब्जी की दुकान

500.00

300.00

250.00

500.00

250.00

500.00

500.00

500.00

1000.00

250.00

250.00

500.00

250,00 भाग 8 ]

95

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत)

82. फल की दुकान-                                                                            500.00
83. पी.सी.ओ.-                                                                               300.00
84. कॉमन सर्विस स्टेशन-                                                                     1000.00
85. धर्म कांटा-                                                                             2000.00
86.  ट्रान्सपोर्ट कम्पनी-                                                                    1500,00
87. ठेकेदार किसी भी तरह का कार्य करने वाला-                                                  1500.00
83.  रेता, बजरी,प्रतिघाट                                                                     2500.00
89. रेता, बजरी फुटकर में बेचने पर -                                                          1000.00
90. ईट फुटकर में बेचने पर-                                                                     500,00
91. सिनेमा हाल/ वीडियो हाल-                                                                     50.00 प्रति शो
                                                                                              2500.00
92. सर्कस एक स्थान पर ( एक बार के लिए) -
 93. फुल एवं पौधों की नर्सरी-                                                                  500.00
94. स्टोन क्रेशर -
 95. सब्जी की दुकान आढत
 96. डिश कनैक्शन के वितरणकर्ता-                                                               5000.00
 97. अन्य सभी प्रकार की दुकानें जो उक्त सूची मे न हो-                                           250.00
                                                          पशु पालन
                                                                                                  10.00
 98. प्रति पशु-                                                                                 1000.00
  99. मछली-
                                                                                                2500,00
  100. मुर्गा पालन (पोल्ट्री फार्म)-                                                             1500.00
  101. सुअर पालन-                                                                                 500.00
  102. कांजी हाउस में बन्द जानवरों पर जुर्माना -                                                   10.00
  103. प्रतिदिन खुराकी छोटे जानवर (बकरी आदि)-                                                     250.00
  104. प्रतिदिन खुराकी बड़े जानवर (गाय, भैंस, घोड़ा आदि)-
                                                            नये व्यवसाय
 105. गैस एजेंसी-                                                                                 1000.00
  106. लकडी फर्नीचर शोरूम -
  107. मोबाईल टावर (प्रति कम्पनी)
 108. जिम -                                                                                       1000.00
  109. खेल का सामान -                                                                              500.00
  110. कम्पयूटर सेल एण्ड शोरूम                                                                     1000.00
 111. कम्पयूटर सर्विस -                                                                             500.00
 112. वाहन फिल्टर (इलैक्ट्रानिक)                                                                    500.00
  113. वाहन फिल्टर साधारण -                                                                         300.00
  114. लडके - लडकियों का हास्टल (प्रति रूम) -                                                      1000.00
 115. कम्पयूटर स्क्रीन पेन्टिंग व साइन बोर्ड                                                        600.00
  116. रूई धुनाई की दुकान -                                                                          250.00

96

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

117. फेरी (सामान्य मिश्रित) -

118. बैंकैट हॉल , मैरिज हॉल-

119. शोरूम दो पहिया वाहन -

120. शोरूम तीन पहिया वाहन-

121. शोरूम चार पहिया वाहन-

122. बुटीक -

123. मार्बल/ संगमरमर पत्थर/टाईल्स दुकान-

कटिंग मशीन के साथ-

124. जूस सेन्टर -

125. कचरी मिल-

126. अण्डे के थोक व्यापारी -

127. अण्डा फुटकर -

128. सैनेट्री स्टोर-

129. गन्ने का जूस बिक्रेता (छोटा कोल्हू)-

130. घडी रेडियो टेप टेलीविज़न आदि रिपेयर-

131. फेरी दो पहिया वाहन द्वारा -

फेरी चार पहिया वाहन द्वारा

132. शराब के गोदाम (वेयर हाउस)-

अंग्रेजी-

देशी -

बीयर-

133. कोल्ड ड्रिंक्स के थोक व्यापारी -

134. मिनरल वॉटर थोक व्यापारी-

135. पॉलीहाउस प्रति (फ्लोरी कल्चर, नर्सरी)

136. दुकान गिफ्ट आदि -

137. रेता बजरी स्टॉकिस्ट-

138. टूर एण्ड ट्रेवल ऐजेन्सी-

139. निजी शिक्षण संस्थान कक्षा 1 से 5 तक

कक्षा 6 से 8 तक-

कक्षा 9 से 10 तक

कक्षा 11 से 12 तक

इन्जीनियरिंग कालेज/ मेडिकल कालेज, बी० वी०ए,-

बी०एड ०,अन्यडिप्लोमा डिग्री कोर्स-

140. आभूषण मरम्मत -

141. पेईगं गेस्ट प्रति रूम-

142. ब्यूटी पार्लर -

143. टायर विक्रेता -

144. गन हाउस

[भाग 8

250.00

1000.00

3000.00

300.00

1000.00

1500.00

250.00

600.00

600.00

250.00

500.00

250.00

250.00

250.00

500.00

25,000.00

15,000.00

500.00

1000.00

500.00

500.00

1500.00

1000.00

2000.00

3000.00

5000.00

300,00

1000.00

250,00

500,00

1000.00 भाग 8 ]

97

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत)

145. ग्लास स्टोर-

146. पटाखों का फुटकर-

147. पटाखों के थोक विक्रेता-

148. फड़ व्यवसायी प्रति दिन के प्रतिफड/प्रति वर्ष- 149. बर्फ की सिल्ली विक्रेता-

150. डैम/ जलाशय के मछली विक्रेता (यदि शहर से गुजरते है)-

151. डिस्पोजल सामग्री विक्रेता (प्रतिवन्धित सामग्री को छोडकर-) 152. प्रिन्टिंग प्रेस जिसमें तीन कर्मचारी तक हो-

प्रिन्टिंग प्रेस जिसमें पांच कर्मचारी तक कार्यरत हो-

153. कबाड़ के गोदाम एक स्थान पर जमा करना- छोटा गोदाम -

बडागोदाम-

154. एल्युमिनियम से निर्मित सामग्री की दुकान (सामान पर/विक्रेता-)

155. होम एप्लाईन्सेज(टी०वी० फीज शोरूम इत्यादि)- 156. जॉब वर्क-

157. पूराने दो पहिया वाहन विक्रेता ओटो डीलर-

पूराने चार या चार पहिया से अधिक के वाहन - 158. पतंजलि उत्पाद विक्रेता -

159. प्ले स्कूल

161. कोचिंग सेंटर-

162. उपरोक्त के अतिरिक्त -

दण्ड 600.00

500.00

500,00

500.00

1000.00

1500.00

1000.00

2500.00

1000.00

2000.00

3000.00

1500.00

2500.00

500.00

1000.00

500.00

100.00

यू०पी ० म्युनिस्पैलटिज एक्ट 1916 की धारा 299(1 ) के अधीन इन उपरोक्त उपविधियों के किसी भी अंश का उल्लंघन होने पर मु० 1000.00 (एक हजार रूपये) मात्र तक अर्थ दण्ड किया जा सकेगा । यदि समयान्तर्गत लाईसैन्स धारक ने लाईसैन्स प्राप्त नहीं किया और उल्लघंन निरन्तर जारी रहा तो प्रथम दोष सिद्ध होने की तिथि से प्रति दिन 25.00 रू0 की दर से अतिरिक्त अर्थ दण्ड दिया जायेगा अर्थ दण्ड वसूलने के विरोध में लाईसेन्स प्राप्त कर्ता को अपनी व्यक्त्तिगत परेशानी / विपदा व दुकान दीर्घकालिक समय तक के लिये दुखः सुख की व्यवस्था में बन्द पडी रहने की दशा में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा अधिशासी अधिकारी को अधिकार होगा कि ऐसे मामलों में वह अपने विवेक से ऐसे लाईसैन्स धारकों से ऐसी परिस्थिति में दण्ड वसूलें या न वसूलें ।

98

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई0 (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

भवन-कर उपविधि

सार्वजनिक सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि नगर पालिका परिषद् नगला ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 140(1 ) के द्वारा प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए अपनी सीमा के अर्न्तगत भूमि/ भवन की व्यवस्था को नियंत्रित एवं विनियमित करने हेतु भूमि / भवन कर लागू करने के लिये प्रभारी अधिकारी महोदय की स्वीकृति के अनुसार नगर पालिका अधिनियम 1916 के अन्तर्गत धारा 298 में दिये गये अधिकारों के अर्न्तगत उपविधि / उपनियम बनाने का निर्णय लिया गया हैं । जिसे उक्त अधिनियम की धारा 300 (1 ) के अपेक्षा अनुसार उन समस्त व्यक्त्तियों जिन पर इसका प्रभाव पडने की सम्भावना हैं से आपत्तियों एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से विज्ञप्ति प्रकाशित की जा रही हैं । इस विज्ञप्ति के प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर नगर पालिका परिषद् नगला के कार्यालय में प्रस्तुत किये जा सकते हैं । नियत अवधि के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों व सुझावों पर कोई विचार नही किया जायेगा ।

उपनियम भवन/ भूमि कर

1.परिभाषा-

क) .यह उपविधि नगर पालिका परिषद् नगला की सीमार्न्तगत भवन / भूमि कर के विनियमन हेतु उपविधि कहलायेगी ।

ख).प्रशासक /अध्यक्ष/प्रभारी अधिकारी का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के प्रशासक/अध्यक्ष/ प्रभारी अधिकारी से होगा ।

ग) .अधिशासी अधिकारी से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के अधिशासी अधिकारी से होगा ।

घ). सेवक से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के अधीन कर्मचारी से है ।

ड) .सीमा से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला की शासन द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से है ।

च ). निकाय का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला से हैं ।

छ).यह उपविधि सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।

भवन / भूमि कर नियमावली का प्रारुप

2. अ) - बस स्टेशनों,होटलों, कॉलेजों, अस्पातालों, सार्वजनिक मनोरंजन स्थानों और इसी प्रकार के अन्य इमारतों का वार्षिक मूल्य, इमारत इनसे की वर्तमान लागत तथा उसके अहाते की भूमि की किमत का 10 प्रतिशत माना जायेगा ।

ब) . उस भवन या भूमि का जो उपरोक्त वाक्य खण्ड "अ" में नही आता सामान और मशीनों आदि को किराये में दी गयी हो उनके किराये को घटाकर विशेष किराया आदि जब भूमि या भवन किराये पर न उठायी गयी हो तो उचित किराया जिसमें की आने की आशा हो इमारतें हो तो मुश्तरफा अहाते की समस्त इमारतें ।

3. अ) -15 दिसम्बर को या उससे पहले समस्त निकाय क्षेत्र में भीतर स्थित ऐसी इमारतों की सूची में तैयार करेगी जिसके संबंध में या मालूम हो कि उन पर कर लगाया जा सकता हैं तक निकाय में दर्ज की गयी प्रत्येक इमारत की मालियत पर और किसी ऐसी दूसरी इमारत की मालियत जो उसमें दर्ज ना हो पर जिसके संबंध में यह मालूम हो कि उस पर कर लगाया जा सकता हैं विचार करेगी और कर की यह रकम नियत करेगी जो ऐसी इमारते स्वामी पर निर्धारित की जायेगी प्रत्येक इमारत का नाम उसके स्वामी का नाम वार्षिक मालियत जो उस इमारत की निर्धारित की गयी हो और कर की रकम जो उसके स्वामी पर निर्धारित कर दी गयी हो निर्धारण सूची में दर्ज की जायेगी जो इन नियमों के संलग्न प्रपत्रों के अनुसार होगी और 20 जनवरी कों या उससे पहले की जायेगीं ।

ब) -कर दो बराबर किश्तों में अदा कर दिया जायेगां और उनकी अदायगी की दिनांक 15 मई 99 भाग 8]

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और 15 नवम्बर होगी । किन्तु इसमें प्रतियन्ध यह है कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा चाहै तो किसी किश्त कोउसकी अदायगी के लिये नियत दिनांक से पहले अदा कर सकता है ।

स) -यदि जस कर उस लिथि को उसको देना है । एक माह के अन्दर समाप्त नहीं किया गया तो वह बकाया मान लिया जायेगा ।

4.अ )--कोई व्यक्त्ति किसी भी समय अपना नाम किसी भवन या भूमि के लिये बतौर स्यागी कर की सूची में इन्द्राज कराने के लिये प्रार्थना कर सकता है और जब तक ऐसे प्रार्थना पत्र को अस्वीकृत करने के लिये पर्याप्त कारण न हो अरवीकृत नही किया गया तो उसका नाम कर सूची में इन्द्राच्ज कर दिया जायेगा ।

ब) -- यदि किसी जायदाद के स्वामी के वारे में यह सन्देह हो तो बोर्ड ( कमेटी) निर्णय देगा कि किसका नाम बत्तौर स्वामी लिखा जाये और वह निर्णय तब तक लागू रहेगा । जब तक प्रतियुक्त न्यायालय इसके विरुद्ध निर्णय न दें ।

5.31)--यदि भवन भूगि जिस पर कर लग चुका हो या लगने वाला हो के स्वामित्व के अधिकारों में परिवर्तन न हो वह व्यक्त्ति जो अपने अधिकारों का परिवर्तन करता है और वह व्यक्ति जिसकों अधिकार परिवर्तन किये जाते हैं ऐसे परिवर्तन के दस्तावेज के लिये जाने या पंजीयन करने यदि पंजीयन किया गया हो तो के तीन मास के अन्दर इस अधिकार परिवर्तन की लिखित सूचना अध्यक्ष / अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को देगा ।

ब )- यदि भवन तथा भूमि जिस पर कर लग चुका हो अथवा लगने वाला हैं के स्वामी की मृत्यु हो गई हो तो उत्तराधिकारी तीन माह के अन्दर इसकी सूचना नगर पंचायत कार्यालय कों देगा ।

6.ऐसा कोई व्यक्ति जिसके हक में परिवर्तन किया गया हो अध्यक्ष / अधिशासी अधिकारी के मॉगने पर परिवर्तन का दस्तावेज यदि कोई हो या उसकी प्रतिलिपि जो इण्डियन रजिस्ट्रेशन एक्ट 1877 के अधीन प्राप्त की गई हो दिखलायेगा ।

7.1 ) -वह व्यक्ति जिसके उपर उत्तराधिकारी के नोटिस का उत्तरादायित्त्व उपर्युक्त नियमों के अनुसार जायदाद का पिछला बकाया कर दाखिल-खारिज के स्वीकृत हो जाने के पूर्व कुल जमा कर देगा ।

2- अधिकार पाने वाला ब्यक्ति प्रत्येक जायदाद के दाखिल- खारिज के लिये 1000.00 रुपयेशुल्क कार्यालय में जमा करेगा ।

8. दाखिल खारिज के प्रार्थना पत्र अध्यक्ष / अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वीकार किये जायेगें किन्तु शर्त यह हैं कि किसी भी मामले को बोर्ड के निर्णय के लिये रख सकता हैं ।

9. यह कर अधिनियम के अनुसार अधिशासी अधिकारी की देख रेख में वसूल किया जायेगा ।

10. यदि किसी व्यक्ति का कर शेष रहेगा तो वह नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 173 (क ) के अर्न्तगत वसूल किया जायेगा । यह कर कार्यालय नगर पालिका के इन्डोर प्रणाली की ओर से वसूल किया जायेगा ।

11.माफी या वापसी प्राप्ति के लिये इमारत का स्वामी जो अलग-अलग हिस्सों पर हों इमारत पर लगाये जाने के समय ऐसेसमेन्ट लिस्ट निर्धारण सूची के तमाम इमारत वार्षिक मूल्य के अतिरिक्त उसके अलग-अलग भागों में विस्तार से लिखे जाने के लिये निकाय से प्रार्थना कर सकता हैं । 12.नगर पंचायत के भवन कर लगाने के लिये स्वामी के पास भवन जिस पर नगर पालिका कर लगाने में संबंधित अधिकार रखती हैं पर्याप्त है । चाहे वह भवन भूमि अथवा तत्संबंधी वस्तु किराये से मुक्त क्यों न हों ।

कर का विवरण

1. नगर पालिका परिषद् नगला की सीमा के अन्तर्गत भवनों / भूमि के वार्षिक मूल्य पर 5 प्रतिशत कर लगाया जायेगा । उदाहरणत 100

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[आग 8

(क) - यदि किसी भवन स्वामी के पास एक कमरे का मकान है जिसमें एक कमरा, एक रसोई, एक बरामदा तथा लैटरिंग , बाथरूम युक्त है, ऐसी दशा में एक कमरें का प्रतिमाह 300 / रूपये किराया अर्थात 3600/ रूपये वार्षिक किराया मान लिया जाये । ऐसी दशा में 5 प्रतिशत वार्षिक दर से 180/ रूपये प्रतिवर्ष भवन कर अदा करना होगा ।

(ख) - दो कमरे होने पर- 600X12X5% =360 / प्रतिवर्ष भवन कर ।

2. व्यवसायिक भवन कर दुकान , प्रतिष्ठान जो कि 15X20 फिट तक पर 8% वार्षिक भवन कर आरोपित किया जायेगा । अर्थात यदि नगला की व्यवसायिक गतिविधियों को दृष्टिगत रखते हुए कम से कम 500 / रूपये मासिक दुकान किराया गान लिया जाये ऐसी स्थिति में 8 % की दर से उक्त्त दुकान पर कर 480 / रूपये वार्षिक भवन कर आरोपित होगा । यदि भवन स्वामी अपने स्वयं के उपयोग में दुकान ला रहा है तब उक्त दर लागू होगी अन्यथा किराये पर देने पर 10% भवनकर तथा दिये जा रहे किराये की दर पर गचन कर आरोपित किया जायेगा।इसी प्रकार 10X10 की दुकान पर 5% भवन कर तथा किराया 400 / रुपये मासिक मानते हुए 240/ रूपये वार्षिक भवन कर आरोपित्त होगा ।

3. यह कर जायदाद के स्वामी पर लगाया जायेगा ।

4. यह कर निकाय या निकाय द्वारा अधिकृत कर्मचारी द्वारा प्रत्येक 5 वर्ष में आंका जायेगा और कर निर्धारण के वर्ष की सूची जो इन नियमों से संलग्न प्रपत्र के अनुसार होगी और 20 जनवरी को या उससे पूर्व पूरी कर दी जायेगीं ।

5. कर निर्धारण सूची तैयार हो जाने पर ऐसे स्थानों की सूचना दी जायेगीं जहाँ पर सूचियों देखी जा सकती हैं और सभी सम्बन्धित्त व्यक्तियों को बजरिये व्यापक प्रचार तथा स्थानीय अखवार के माध्यम से सूचित किया जायेगा इस घोषणा के 30 दिन के अन्दर आपत्तियाँ निकाय में ली जायेगीं और ऐसी आपत्तियाँ निकाय द्वारा नियत तारीख को सुनी जायेगीं ।

6.आपत्ति यदि कोई हो तो उजदार या उसके प्रतिनिधि की उपस्थिति में तय की जायेगी । उजदार या उसके प्रतिनिधि की अनुपस्थिति में आपत्तियों पर एक तरफा निर्णय लिया जायेगां और सूची में ऐसे संशोधन किये जायेगें जो आवश्यक है ।

7.जब निकाय इस प्रकार की सूची को अंतिम रुप दे चुकी हो तो वह सूची समस्त कागजात 1. सहित पुष्टिकरण के लिये नियत प्राधिकारी को भेज दी जायेगी ।

8. नियत प्राधिकारी को या कोई नियत प्राधिकारी नियुक्त न किया गया हो तो जिलाधिकारी महोदय निर्धारित सूची की जॉच करेंगें और उसे या तो उसी रुप में पुष्टि कर देगें या निकाय को उसके ऐसे बदलाव शुद्धियाँ या संसोधन करने के ऐसे आदेश देगें जो उनकी राय में आवश्यक या न्यायोचित हों और जब उपरोक्त बदलाव आदि किये जा चुके हो तो वह उस सूची की पुष्टि कर देगें और उस पर हस्ताक्षर करेगें जो इस बात का प्रतीक होगा कि वह सूची पुष्टि कर दी गयी हैं तत्पश्चात वह सूची कमेटी को लौटा दी जायेगी ।

9.उपरोक्त खण्ड 7 में पुष्टि की गयी सूची को कार्यालय नगर पालिका परिषद् नगला में जमा करा दी जायेगी और उसके बाद सार्वजनिक नोटिस देकर यह घोषणा की जायेगी कि सूची निरीक्षण के लिये उपलब्ध है,

10. इन उपविधियों के प्रभावी होने की तिथियों से भूमि/ भवन कर से संबंधित समस्त पूर्व प्रभावी उपविधियाँ स्वतः समाप्त हो जायेगी ।

11. निम्नलिखित कर से मुक्त रहेगेंः-

क) -मन्दिर, मस्जिद, धर्मशाला, इमामबाडा, दरगाह, गिरजाघर, गुरुद्वारा आदि तथा खैराती संस्थाएं सिवाय वह भाग जो किराये पर चल रही हों ।

ख) -नगर पालिका के कर्मचारियों की इमारतें जिनमें वह स्वंय रहते हैं ।

भाग 8 ]

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ग)- भूतपूर्व सैनिकों एवं सेवारत भारतीय सैनिकों को भवन कर से मुक्त रखा जायेगा । किन्तु यह छूट उन्ही भूतपूर्व सैनिकों एवं सेवारत भारतीय सैनिकों को दी जा सकेगी, जिनके अपने नाम भवन/ सम्पत्ति शासकीय अभिलेखों में दर्ज होगी । निजी उपयोग के अतिरिक्त व्यवसायिक गतिविधि हेतु किराये पर दिये गये भवन पर नियमानुसार भवन कर आरोपित होगें । जिसमें कोई छूट नही होगी ।

भवन-कर हेतु क्षेत्र विवरण

भवन कर निर्धारण हेतु पूरे नगर पालिका क्षेत्र के लिये प्रयोज्य मानक बनाये गये जो निम्नवत हैं:-

1. प्रदत्त सुविधायें

2. भवन की प्रायोगिक स्थित यथा मानसिक रूप से विक्षिप्त/ विकलांग अथवा अन्य प्रकार के समस्याग्रस्त अन्तोदय / बी० पी ०एल० परिवार। उक्त नगर पालिका परिषद् नगला के समस्त वाडौं पर लागू होगें ।

1. शहरी क्षेत्र- नगर पालिका परिषद नगला के समस्त 20 वार्ड ।

`दण्ड प्राविधान

उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 299(1 ) के प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके नगर पालिका परिषद् नगला जनपद ऊधमसिंह नगर यह आदेश देती हैं कि उपर्युक्त नियमावली के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन करने पर अर्थदण्ड दिया जायेगा जो 1000/- एक हजार तक हो सकता हैं और यदि उल्लंघन निरन्तर जारी रहे तो ऐसे प्रत्येक वर्ष के लिये जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा हैं । 50/-पचास रुपये प्रतिवर्ष अतिरिक्त अर्थदण्ड हो सकता है ।

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[भाग 8

दैनिक तहबाजारी उपविधि

सार्वजनिक सूचना

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि नगर पालिका परिषद् नगला, जनपद ऊधम सिंह नगर ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश, 2002 (संशोधन ) अधिनियम 2003 तथा नगर पालिका अधिनियम की धारा 293 में वर्णित उपधाराओं के अन्तर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर सीमा अन्तर्गत सार्वजनिक मार्गो , खडजों मार्गो , फुटपाथ स्थलों एवं नगर पालिका के निहित भूमि सार्वजनिक स्थल पर दैनिक रुप में फड़ व्यवसाय सामग्री विक्रय करने अथवा प्रयोग में लाने पर शुल्क लगाने सम्बन्धी प्रशासक महोदय से स्वीकृति प्राप्त कर एवं नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 298 के अन्तर्गत उपविधि / उपनियम बनाये जाने के अधिकारों का प्रयोग करते हुये निर्णय लिया गया है । जिसे उक्त अधिनियम की धारा 300 (1 ) अन्तर्गत उन व्यक्तियों जिन पर इसका प्रभाव पडने की संभावना है, से आपत्तियां एवं सुझाव आंमत्रित करने के उददेश्य से प्रकाशित किया जा रहा है । , विज्ञप्ति प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर प्रशासक / अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद् नगला जनपद ऊधमसिंह नगर के नाम से नगर पालिका के कार्यालय में प्रस्तुत किये जा सकते है, नियत अवधि के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों व सुझावों पर कोई विचार नही किया जोयगा । उक्त उपविधियों एवं उपनियम गलट प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे ।

तहबाजारी उपविधियाँ / उपनियम

संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ -

1-

(क) यह उपविधि " नगर पालिका परिषद् नगला तहबाजारी उपविधि 2022 " कहलायेगी ।

(ख) यह उपविधि नगर पालिका परिषद् नगला की सीमा में प्रवृत्त होगी ।

(ग ) यह नगर पालिका परिषद् नगला द्वारा प्रख्यापित किये जाने के दिनांक से प्रवृत्त होगी ।

2- परिभाषायें-

किसी विषय या प्रसंग से कोई बात प्रतिकूल न होने पर इस उपविधि में -

(क) - नगर पालिका का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला, जनपद ऊधम सिंह नगर से है ।

(ख) - सीमा का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला, जनपद ऊधम सिंह नगर की सीमा से है ।

(ग) - अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद् नगला, जनपद ऊधम सिंह नगर से है ।

(घ ) - अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला, जनपद ऊधम सिंह नगर के निर्वाचित अध्यक्ष से है ।

(ड) - प्रशासक का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला, जनपद ऊधम सिंह नगर के प्रशासक से है ।

(च) - तहबाजारी शुल्क की अनुसूची से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला, जनपद ऊधम सिंह नगर सीमान्तर्गत निर्धारित शुल्क की एतद् संलग्न दरों की अनुसूची -01 से है ।

(छ) – अधिनियम का तात्पर्य "उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका एक्ट 1916) अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश 2002 (संशोधन ) अधिनियम 2003 " से है ।

परिभाषा तहबाजारी

:

तहबाजारी का अर्थ उस शुल्क से हैं जो नगर पालिका परिषद् नगला सीमाओं के अर्न्तगत सार्वजनिक सडकों गलियों तथा खुले स्थानों का अस्थायी उपयोग के लिये संबंधित व्यक्ति/ उपभोक्ता नगर पालिका परिषद् नगला को देगा, कोई भी व्यक्ति नगर पालिका परिषद् नगला की सीमाओं के अन्दर किसी भी सार्वजनिक स्थान गली सड़क मोटर मार्ग एवं खुले हुये स्थानो पर फेरी या मजमा लगाकर हाथ ठेला या बूथ या स्टाल लगाकर या खुली जगह पर न सामान बेचेगा न बेचने के लिये प्रदर्शित करेगा न दश्तकारी का या अन्य व्यवसाय करेगा न मदारी का या नट का अन्य खेल दिखायेगा । जब तक कि इन उपनियमों से संलग्न अनुसूची के अनुसार निर्धारित दरों पर तहबाजारी शुल्क का भुगतान कर रसीद न प्राप्त कर ली गयी हो ।

103 भाग 8 ]

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नोट- विक्रय के लिये प्रदर्शित की जाने वाली चीजों के अतिरिक्त सुविधा के लिये उपयोग में लाया जाने वाला सामान या फर्नीचर भी सम्मिलित माना जायेगा ।

3- प्रत्येक ऐसा व्यक्ति जिसके द्वारा तहबाजारी देय हैं निर्धारित दरों पर भुगतान नगर पालिका परिषद् नगला के कर्मचारी /ठेकेदार को करेगा ।

4- तहबाजारी वसूल करने वाला कर्मचारी / ठेकेदार उपनियमों से संलग्न प्रपत्र बी. 2/100 पर रसीद / प्रतिपर्ण सहित और रसीद कूपन सहित शुल्क देने वाले व्यक्ति को भी रसीद जारी किया जायेगा ।

5- दैनिक वसूली का प्रगामी योग प्रत्येक रसीद के जारी होने पर प्रतिपर्ण के नीचे निश्चित स्थान पर लिखा जायेगा ।

6- किसी भी रसीद धारक को अधिशासी अधिकारी / राजस्व कर निरीक्षक अथवा नगर पालिका परिषद् नगला द्वारा अधिकृत किसी अन्य कर्मचारी द्वारा मांग करने पर अपना रसीद दिखाना होगा ।

7- ऐसा अधिकारी ऐसी जॉच जिसे वह आवश्यक समझे कर लेने पर रसीद प्रतिपर्ण से तुलना हेतु अपने पास रख लेगा और रसीद हस्ताक्षर कर धारक को वापस कर देगा ।

8- उपनियम संख्या 1 के अन्र्तगत कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान पर लकड़ी के फड़ स्टाल या बूथ का निर्माण अध्यक्ष / प्रभारी अधिकारी / प्रशासक / अधिशासी अधिकारी की लिखित स्वीकृति के प्राप्त किये बिना नहीं करेगा ।

9- किसी स्थान विशेष की स्थिति और परिस्थतियों को देखते हुये बोर्ड ऐसे स्थान को तहबाजारी के लिये निर्दिष्ट कर सकता हैं अथवा ऐसे स्थानों के लिये नगर पालिका अधिनियम की धारा 293 के अर्न्तगत समंझौतें अथवा नीलाम से विशेष दरें निर्धारित कर सकता हैं ।

10- यह उपनियम तथा इनसे संलग्न दरें उन वर्तमान फडों बूथों व स्टालों पर भी लागू होगें जो दैनिक या मासिक तहबाजारी पर पूर्व से दिये गये हैं ।

दण्ड

उतर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 299 (1 ) के प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके नगर पालिका परिषद् नगला जनपद ऊधम सिंह नगर यह आदेश देती हैं कि उपरोक्त उपनियम 1 , 5 तथा 7 के किसी भी उल्लघंन करने पर अर्थदण्ड या जुर्माना किया जायेगा जो कि रुपया 1000/- एक हजार रुपये तक हो सकता हैं तथा निरन्तर उल्लघंन की दशा में अपराध सिद्व होने की तिथि से 25 / -रु ० प्रतिदिन अर्थदण्ड हो सकता हैं ।

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[भाग 8

अनुसूची-01

क०सं ०

विवरण

1.

दर

20.00 रु प्रति टोकरी या डोका

किसी भी प्रकार की फल या सब्जी की टोकरी या डोका

2.

20.00 रु प्रति ठेली प्रतिदिन

मिठाई/ चाट या अन्य कोई वस्तु चलती फिरती हाथ ठेली पर

3.

30.00 रु प्रतिदिन

मजमा लगाकर दवाई , कपडे बेचना या अन्य कोई व्यापार या व्यवसाय करना

4.

20.00 रु प्रतिदिन

मजमा लगाकर मदारी नट जादू या अन्य खेल दिखाना सार्वजनिक अवरोधों के स्थान पर ऐसे खेल दिखाने की अनुमति नहीं दी जायेगी ।

5. फेरी पर गुब्बारें या खिलौना बेचना

6. फेरी पर चूडी बेचना

7.

10.00 रु प्रतिदिन

20.00 रु प्रतिदिन

20.00 रु प्रतिदिन

फेरी पर कपडे बर्तन या कम संख्या 5 व 6 की वस्तु को छोडकर कोई अन्य वस्तु बेचना

8.

10.00 रू प्रतिदिन प्रतिफड़

मोची , हज्जाम, दर्जी या अन्य ब्यवसाय या दस्तकारी के कार्य के लिये स्थान घेरने पर

9.

20.00 रू प्रतिदिन प्रतिफड़

फल या सब्जी बेचने के लिये स्थान घेरने के लिये स्थान घेरने पर 10X10 फिट से अधिक न हो ।

10.

प्रति वर्ग मी0 20.00 रु प्रति दिन

कपड़ा बिसाताखाना दवाई आदि 15X15 फिट से अधिक न हो ।

11.

प्रति वर्ग मी0 20.00 रु प्रति दिन

किसी भी व्यापार व्यवसाय के लिये लकडी का फड़ स्टाल या बूथ पर

0

12.

20/-रु० प्रति दिन

छूटे गये हो पर इस अनुसूची के अतिरिक्त अन्य व्यवसाय

नोट-

1. उपरोक्त दरों की अनुसूची में प्रतिदिन का अर्थ चौबीस घंटा या उसके भाग से है ।

2. केवल मेले व त्यौहारों के लिये स्थान या अस्थायी उपयोग होने पर तहबाजारी की उपरोक्त दरें दुगनी हो जायेगी ।

भाग 8]

105 उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

ठेकेदार पंजीकरण उपविधि

सार्वजनिक सूचना

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि नगर पालिका परिषद् नगला जनपद ऊधम सिंह नगर ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश, 2002 (संशोधन) अधिनियम 2003 की धारा 298 सूची (1 ) "ख " (क) के अन्तर्गत अधिकारो का प्रयोग करते हुए नगर सीमा अन्तर्गत कराये जाने वाले निर्माण कार्यों को विनियमित तथा नियन्त्रित करने के लिए उपविधि बनाई जाती है, जिसे उक्त अधिनियम की धारा 300 (1 ) अन्तर्गत उन व्यक्तियों जिन पर इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है , से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित करने के उददेश्य से प्रकाशित किये जा रहे हैं । विज्ञप्ति प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर सुझाव व आपत्ति।

प्रशासक / अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद् नगला जनपद ऊधम सिंह नगर के नाम से नगर पालिका परिषद् नगला के कार्यालय में प्रस्तुत किये जा सकते है, नियत अवधि के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों व सुझावों पर कोई विचार नही किया जोयगा ।

उक्त उपविधियों एवं उपनियम गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू होगें ।

नियमावली/उपनियम

परिभाषा

1- यह उपनियम नगर पालिका परिषद् नगला जिला ऊधम सिंह नगर की (सीमान्तर्गत एवं समस्त जिले के सीमान्तर्गत पंजीकृत ठेकेदारों की) नियमावली कहलायेगी ।

2- नगर पालिका का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला से है ।

3- इस उपनियम के अन्तर्गत ठेकेदार शब्द से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला में भवन/ सड़क आदि एंव अन्य निर्माण कार्यो के ठेके लेने हेतु अधिकृत पंजीकृत ठेकेदार से है ।

4- पंजीकरण अधिकारी से तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के अधिशासी अधिकारी / प्रशासक से है ।

5- शासकीय इन्जीनियरिंग विभागों से तात्पर्य ' उत्तराखण्ड शासन के अधीन लोक निर्माण विमाग , ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग , जल निगम आदि अन्य समस्त शासकीय तकनीकी विभाग से है ।

6- राज्य का तात्पर्य उत्तराखण्ड राज्य शासन से है ।

7- यह कि नगर पालिका परिषद् नगला सीमा अन्तर्गत नगर पालिका द्वारा सार्वजनिक भवन /सड़क/नाली/ नाले/पुलियां अथवा अन्य किसी प्रकार के निर्माण कार्य की निविदायें किये जाने हेतु निम्न प्रक्रिया/ प्रतिबन्ध इस नियमावली के शासकीय गजट में प्रकाशन के उपरान्त ठेकेदारों के पंजीकरण हेतु तत्काल प्रभाव से लागू होगें ।

8- यह कि बिना पंजीकरण के कोई भी ठेकेदार नगर पालिका परिषद् नगला में किसी प्रकार की निविदा न तो क्रय कर सकेगा, और न ही निविदा डाल सकेगा और ना ही निर्माण कार्य सम्पादित कर सकेगा ।

9- यह कि नगर पालिका परिषद् नगला में ठेकेदारों का पंजीकरण 4 श्रेणियों में होगा जैसा कि इस नियमावली के अनुलग्नक "क" में निम्न प्रकार निर्दिष्ट है ।

106

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

क्र. सं.

हैसियत |

प्रमाण पत्र

शुल्क

पंजीकरण |

नवीनीकरण शुल्क

ठेकेदारों का वर्गीकरण

कार्य का मूल्य जिसकी निविदा ठेकेदार दे सकते हैं

जमानतं धनराषि बचत पत्र के रूप में पालिका पक्ष में बन्धक होगी

2

1-

3

5

4

6

7

1 "ए" श्रेणी समस्त निर्माण कार्य

30000/-

40 लाख 15000/- 5000/ -

2 "बी" श्रेणी

20000/-

30लाख

3000/ -

10000/ -

10 लाख रू0 तक के समस्त निर्माण कार्य

3

15000/-

20लाख 5000/- 2500/ -

"सी" श्रेणी

5 लाख तक के समस्त निर्माण कार्य

4

10000/-

15 लाख 2000/- 1000/-

"डी" श्रेणी

2.5 लाख तक के समस्त निर्माण कार्य

अनुलग्नक (क)

पंजीकृत ठेकेदारों की श्रेणी निर्माण कार्यों का मूल्यांकन, हैसियत , पंजीकरण शुल्क, नवीनीकरण शुल्क तथा स्थाई जमानत का विवरण जो निविदायें कय हेतु अधिकृत होंगे ।

10- यह कि प्रत्येक नवीन पंजीकरण हेतु ठेकेदार फर्म को श्रेणी "ए" में आवेदन पत्र के साथ निम्न अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे । अभिलेखों के परीक्षण उपरान्त सही पाये जाने पर आवेदक को प्रथम श्रेणी 'ए' के पंजीकरण हेतु रू0 15000/- बिना वापसी शुल्क निकाय निधि में पंजीकरण अधिकारी के आदेश उपरान्त जमा कराना होगा । श्रेणी "बी" के नवीन पंजीकरण हेतु 10000 / - रू 0 तथा श्रेणी "सी" के नवीन पंजीकरण हेतु क्रमशः 5000 / -रू ० प्रति पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा । श्रेणी 'डी' के नवीन पंजीकरण हेतु 2000/-रू ० प्रति पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा । पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र के साथ आवेदक को निम्न अभिलेख प्रस्तुत करने होगे नवीन पंजीकरण हेतु केवल जिला ऊधम सिंह नगर के अन्तर्गत निवास करने वाले व्यक्ति/फर्म/ संस्था ही आवेदन कर सकती है ।

(1 )- स्थाई निवास प्रमाण - पत्र सम्बन्धित उपजिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त किया हुआ हो प्रस्तुत करना होगा । (2)- ठेकेदार को कम से कम 5 वर्ष के कार्य का अनुभव प्रमाण - पत्र किसी भी शासकीय / अर्द्धशासकीय विभाग का प्रस्तुत करना होगा ।

(3)- ठेकेदार को अपना चरित्र प्रमाण-पत्र वर्तमान पते के अनुसार प्रस्तुत करना होगा जो सम्बन्धित उपजिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त किया गया हो तथा जिसे प्राप्त किये हुऐ 6 माह से अधिक समय न हुआ हो ।

(4)- ठेकेदार को अपना हैसियत प्रमाण - पत्र प्रस्तुत करना होगा । जो सम्बन्धित जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त किया गया हो । जो कि 01 वर्ष से अधिक पुराना न हो ।

(5) - ठेकेदार को जी० एस ० टी ० , आयकर, श्रम विभाग , ई० पी ० एफ ० , ई० एस० आई०सी कार्यालय का पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।

(6) - ठेकेदार का अपना आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाता संख्या व पास बुक की छायाप्रति एवं बैंक का आई० एफ ० एस ० सी० कोड स्वयं प्रमाणित कर प्रस्तुत करना होगा ।

भाग 8]

107 उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08 , 1947 शक सम्वत्)

(7) - यह कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में श्रेणी 'ए ' के पंजीकृत ठेकेदारों को प्रत्येक वर्ष 31 मार्च से पूर्व आगामी वित्तीय वर्ष हेतु अपने पंजीकरण के नवीनीकरण के लिये आवेदन पत्र के साथ उक्तानुसार चरित्र प्रमाण पत्र व हैसियत सत्यापित शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा तथा नगर पालिका निधि में पंजीकरण अधिकारी के नवीनीकरण किये जाने के आदेश उपरान्त रूपया 5000 /-(रु ० पाँच हजार रूपये मात्र ) नवीनीकरण शुल्क जमा कर रसीद प्राप्त करनी होगी तथा श्रेणी 'बी' के पंजीकृत ठेकेदारों को आवेदन पत्र के साथ उक्तानुसार चरित्र प्रमाण पत्र वं हैसियत सत्यापित शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा तथा नवीनीकरण के आदेश उपरान्त रूपया 3000 /- (रू० तीन हजार रूपये मात्र) नवीनीकरण शुल्क तथा श्रेणी 'सी' के पंजीकृत ठेकेदारों को नवीनीकरण हेतु रूपये 2500/- (दो हजार पाँच रूपये) तथा श्रेणी 'डी' के पंजीकृत ठेकेदारों को नवीनीकरण हेतु रूपये 1000 /- (एक हजार रूपये) प्रति नवीनीकरण वार्षिक शुल्क जमा करना होगा । उक्त समय अवधि तक नवीनीकरण न कराने पर ठेकेदार का पंजीकरण स्वतः ही निरस्त हो जायेगा । नवीनीकरण शुल्क बिन्दु संख्या-9 की तालिकानुसार लिया जायेगा ।

(8)- स्थाई जमानत शुल्क कालम 7 को 5 वर्ष बाद बदल कर पुनः देय होगा।

11- ठेकेदारी पंजीकरण हेतु निकाय द्वारा आवश्यकतानुसार समय - समय पर सूचना प्रकाशन करने के उपरान्त पंजीकरण किये जायेगे ।

12- ठेकेदारी पंजीकरण / नवीनीकरण हेतु प्रत्येक वर्ष नवीन प्रार्थना पत्र आगामी वित्तीय वर्ष हेतु 1 मार्च से 31 मार्च से पूर्व तक दिया जायेगा । इस तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों पर विचार नही किया जायेगा ।

13- किसी भी प्रार्थना पत्र को बिना कारण बताये निरस्त करने,व पंजीकृत ठेकेदार को सन्तोषजनक कार्य न करने पर ब्लेक लिस्ट करने का अधिकार पी० डब्लू०डी० की आख्या व जे०ई० की संस्तुति पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका में निहित होगा ।

14- नवीन पंजीकरण की समस्त कार्यवाही पूर्ण होने के उपरान्त नगर पालिका द्वारा ठेकेदार को अनुलग्नक 'ख' के प्रारूप पर ठेकेदारी पंजीयन का प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा । जो निम्नानुसार होगा।

अनुलग्नक ख कार्यालय नगर पालिका परिषद् नगला ऊधम सिंह नगर ठेकेदारी पंजीकरण प्रमाण पत्र-प्रारूप

दिनांक

पत्रांक

प्रमाणित किया जाता है कि श्री/ मैं० ....पुत्र श्री.. ...निवासी.. ...का. इस नगर पालिका में श्रेणी ठेकेदारी निर्माण कार्य हेतु पंजीकरण किया गया, यह पंजीकरण 1 अप्रैल से 31 मार्च ......तक के लिये वैध होगा ।

अधिशासी अधिकारी

नगर पालिका परिषद् नगला

ऊधम सिंह नगर 108

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

15- पंजीकृत किये गये किसी भी व्यक्ति, फर्म , संस्था, समिति आदि को निम्न लिखित किसी भी कारण से ठेकेदारों की सूची से पृथक कर दिया जायेगा। ऐसे आदेश पारित करने से पूर्व सम्बन्धित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जायेगा ।

(1 )- कार्य स्वीकृति के उपरान्त कार्य सन्तोषजनक न होने की दशा में ।

(2)- टेंण्डर स्वीकृति के उपरान्त कार्य समय से आरम्म न करने की दशा में ।

(3)- पर्याप्त मूलधन, तकनीकी कर्मचारी व आवश्यक उपकरणों के अभाव की स्थिति में ।

(4)- किसी अपराध के कारण सक्षम न्यायालय द्वारा दण्डित किये जाने की स्थिति में ।

(5)- किसी भी प्रकार की मानसिक असक्षमता, (पागलपन) की स्थिति में ।

16- कार्य निर्धारित मानकों के अन्तर्गत एवं निर्धारित अवधि अथवा बढाई गयी समय अवधियों के उपरान्त भी पूर्ण न किये जाने की दशा में ठेकेदार को ब्लेंक लिस्ट किया जायेगा तथा उसके द्वारा जमा की गयी पंजीयन जमानत भुगतान किये गये बिल से काटी गयी जमानत एवं धरोहर धनराशि को भी जब्त कर लिया जायेगा । इस हेतु अधिशासी अधिकारी का निर्णय अन्तिम होगा ।

17- ऐसे निर्माण कार्य के ठेकेदार जो निर्माण कार्यो का ठेका अन्य किसी व्यक्ति को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से सब्लेट हस्तान्तरित करते पाये जायेगें, उनका पंजीकरण निरस्त करने तथा उनका नाम काली सूची में दर्ज किया जा सकता है, इस सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी द्वारा लिया गया निर्णय अन्तिम रूप से स्वीकार होगा ।

18- कार्य हेतु निर्धारित अवधि को विशेष परिस्थितियों में दो बार अधिकतम बढ़ाया जा सकेगा । प्रथम बार स्वविवेक से समयावधि अधिकतम एक माह तक बढ़ा सकते हैं । इसके उपरान्त समयावधि बढ़ाये जाने हेतु अधिशासी अधिकारी सक्षम होगें, परन्तु बढ़ाई जाने वाली अवधि किसी भी दशा में तीन माह से अधिक न होगी । यह कार्य की प्रकृति एंव परिस्थितियों पर आधारित होगा । जिसको करवाने वाले अवर अभियन्ता द्वारा ठेकेदार के प्रार्थना पत्र में अंकित किया जायेगा । कार्य समय से पूर्ण न होने पर एक प्रतिशत की दर से शेष बचे कार्य के अनुसार अवर अभियन्ता की संस्तुति पर अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रति दिन की दर के अनुसार अर्थ दण्ड लगाया जायेगा। जो कि भुगतान के साथ तब काटा जायेगा जब ठेकेदार नोटिस प्राप्ति के एक सप्ताह के अन्दर नकद जमा नही करता है।

18- ठेकेदार को सार्वजनिक निर्माण विभाग की निर्धारित मानकों एंव प्रतिमानों के अन्तर्गत इस पालिका में भी कार्य करना होगा ।

19- इस उपनियम के प्रभावी होने की तिथि से पूर्व की ठेकेदारी रजिस्ट्रेशन की सभी व्यवस्थायें स्वतः समाप्त हो जायेंगी ।

20- यह उपनियम उत्तराखण्ड गजट में अन्तिम रूप से प्रकाशित होने के दिनांक से प्रभावी होगा ।

21- नगर पालिका परिषद् नगला के कार्यालय में उक्त कार्य हेतु एक रजिस्टर होगा जिसमें समस्त पंजीकृत ठेकेदारों का विवरण निम्न प्रारूप पर अंकित होगा ।

भाग 8]

109 उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

22- अगले वित्तीय वर्ष के लिये उन्ही ठेकेदारों का नवीनीकरण किया जायेगा जिन्हें निकाय के अधिशासी अधिकारी द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं अदेय प्रमाण पत्र जारी होगा ।

23- यदि कम संख्या 22 पर नोटिस जारी होता है तो ठेकेदार को एक माह में नोटिस का निस्तारण कराना होगा ।

24- नोटिस का निस्तारण न कराने पर कम संख्या 15 के अनुसार कार्यवाही की जायेगी ।

25- शासन/ निदेशालय / प्रशासन नियमावली / बायलॉज के नियम एवं दिशा निर्देश समय समय पर संशोधित नियमावली दिशा निर्देश लागू रहेगें ।

रजिस्टर का प्रारूप

रिमार्क का वर्ष

नवीनीकरण रसीद

पंजीकरण तिथि

पंजीकरण शुल्क

क्र ० . सं०

पंजीकरण की श्रेणी

दिनाँक

नम्बर

एफ.डी.आर/

एन.एस.सी.

दिनांक

नम्बर

पंजीकरण धनराशि की शुल्क

ठेकेदार का नाम पंजीकरण हेतु स्वीकृति

11

10

9

8

7

6

5

4

3

2

1 110

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

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डोर- टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण हेतु यूजर चार्जेज उपविधि

सार्वजनिक सूचना

सर्व साधारण को सूचित करना है कि महा महिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-2 सन् 1916) (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की धारा 3 की उप धारा(1 ) के साथ पठित भारत का संविधान के अनुछेद 243 (थ) के द्वारा प्रदत् शक्तियों का प्रयोग के अन्तर्गत सरकारी गजट उत्तराखण्ड शासन- शहरी विकास अनुभाग -3 की उत्तराखण्ड शासन देहरादून के शासनादेश संख्याः-1166 / IV (3)/2021-1 (घो0) / 2019 देहरादून दिनांक 23 जुलाई 2021 के द्वारा नव गठित नगर पालिका परिषद् नगला के सृजन के उपरान्त उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-267, 276 के अन्तर्गत एवं नगरीय ठोस अवशिष्ट प्रवन्धन एवं हथालन नियम--2000(1999) एवं भारत के राज पत्र ( गजट / अधिसूचना सं0-861 ) 8 अप्रैल 2016 (संशेधित) अधिनियम में माननीय सर्वोच्च न्यायालय भारत के द्वारा दी गयी व्यवस्थाओं के अन्तर्गत लोक सुरक्षा, सुविधा एवं नियंत्रण के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद् नगला की सीमा के अन्तर्गत नगरीय ठोस अवशिष्ट प्रबन्धन एवं हथालन नियम -2000 ( 1999) / 2016 के अधीन रहते हुए नियमावली के अधीन रहते हुए नगर पालिका परिषद् नगला की सीमान्तर्गत घर घर से तथा प्रतिष्ठान से कूड़ा कचरा एकत्रीकरण के एवज में उपभोक्त्ता फीस / सेवा शुल्क / यूजर चार्जेज को अधिरोपित किये जाने हेतु उपभोक्ता फीस / सेवा शुल्क / यूजर चार्जेज कूडा एकत्रीकरण उपविधि/ नियमावली बनाये जाने हेतु नगर पालिका परिषद् नगला प्रशासक / उपजिलाधिकारी / प्रभारी अधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त नगर पालिका परिषद् नगला की सीमान्तर्गत नगरीय ठोस अवशिष्ट प्रबन्धन एवं हथालन के साथ - साथ कूडा- कचरा निस्तारण एवं उपचार तथा गंदगी करने वाले ( सार्वजनिक नाला / नाली , सडक / खडंजा, गली मे कूडा कचरा फेंकन) व्यक्तियों नागरिको व्यवसायियों दुकानदारों पर कूड़ा कचरा एकत्रीकरण के एवज में उपभोक्ता फीस / सेवा शुल्क/ यूजर चार्जेज बनाये जाने हेतु उपविधि बनाते हैं, जिसे उक्त एक्ट की धारा 300 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत उन व्यक्तियों जिन पर इसका प्रभाव पड़ने की सम्भावना है, साथ ही जनसाधारण एवं प्रभावित होने वाले व्यवसायियों/व्यपारियों/ उद्यमियों / नागरिको / शैक्षिक संस्थाओं / समाजिक / धार्मिक संस्थाओं से आपत्तियाँ एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देष्य से विज्ञप्ति प्रकाशित की जा रही है । के

अतः इस विज्ञप्ति के प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर- अन्दर अधिशासी अधिकारी / प्रशासक नगर पालिका परिषद् नगला के नाम से कार्यालय नगर पालिका परिषद् नगला में अपनी आपत्ति / सुझाव प्रस्तुत किये जा सकते हैं । नियत अवधि के उपरान्त प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नही किया जायेगा ।

उपविधि

1- परिभाषायें - जो नगर पालिका परिषद् नगला से सम्बन्धित है । यह कि-

1- यह उपविधि- नगर पालिका परिषद् नगला की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं हथालन के साथ- साथ कूड़ा- कचरा निस्तारण एवं उपचार/ दण्ड प्राविधान नियमावली / उपविधि-2022 कहलायेगी । तथा गंदगी करने वाले ( सार्वजनिक नाला/ नाली, सडक / खडंजा, गली में कूडा कचरा फेंकने ) अथवा नगर पालिका परिषद् नगला के द्वारा दी जाने वाली सफाई व्यवस्था में अडचन विघ्न डालने अथवा सफाई व्यवस्था को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों, नागरिकों 111 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

व्यवसायियों, दुकानदारों, संस्थाओं पर जुर्माना आरोपित करने हेतु, जिनका उल्लेख ऊपर किया गया है । लोक हित / नगर हित / सुरक्षा / सुविधा/नियंत्रण करने हेतु नगरीय ठोस अवशिष्ट प्रबन्धन एवं हथालन के साथ - साथ कूडा- कचरा निस्तारण एवं उपचार उपविधि-2022 कहलायेगी तथा यह गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू समझी जायेगी ।

(क) - अधिनियम-अधिनियम का तात्पर्य नगर पालिका अधिनियम 1916 उत्तराखण्ड (यू० पी ०) म्यूनसिपेलिटीज एक्ट 1916 अध्यादेश 2002 से है ।

(ख )- नगर पालिका परिषद् नगला की सीमा से तात्पर्य- नगर पालिका परिषद् नगला के सृजन हेतु शासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार निर्धारित सीमा क्षेत्र से है ।

(ग )- अधिशासी अधिकारी-अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद् नगला से हैं ।

(घ)- अध्यक्ष अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के निर्वाचित अध्यक्ष एंव प्रभारी अधिकारी-उपजिलाधिकारी/ प्रशासक जिलाधिकारी से है ।

(3)- बोर्ड- बोर्ड का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् नगला के निर्वाचित सदस्यों के सदन से है ।

(च )- दण्डाधिकारी-दण्डाधिकारी अधिकारी का तात्पय नगर पालिका परिषद् नगला के अधिशसी अधिकारी से है ।

2 - नगर पालिका परिषद् नगला की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन एवं हथालन के साथ- साथ कूडा- कचरा निस्तारण एवं उपचार नियमावली/ उपविधि-2017 के अन्तर्गत गंदगी करने वाले (सार्वजनिक नाला / नाली , सडक / खडंजा, गली मे कूडा कचरा फेंकने) अथवा नगर पालिका परिषद् नगला के द्वारा दी जाने वाली सफाई व्यवस्था में अडचन विघन डालने अथवा सफाई व्यवस्था को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों, नागरिका, व्यवसायियों, दुकानदारों, संस्थाओं पर जुर्माना आरोपित करने हेतु, जिनका उल्लेख ऊपर किया गया है पर लागू होगी।

3 - इस नियमावली / उपविधि के अन्तर्गत नगर पालिका परिषद् नगला की सम्पूर्ण सीमा में निवासरत नागरिकों व्यक्तियों एवं दुकानदार, व्यवसायियों, उद्यमियों को मा० सर्वोच्च न्यायालय भारत दिल्ली द्वारा दिये गये निर्देषो एवं व्यवस्थाओं के तहत नगरीय ठोस अपषिश्ट प्रबन्धन एवं हथालन के साथ- साथ कूड़ा- कचरा निस्तारण एवं उपचार नियमावली/ उपविधि-2017 का पालन करना अनिवार्य होगा । 4- इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को घरेलू/ दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि/ उत्पन्न कूड़े कचरे को रखने हेतु दो कूडेदानों की व्यवस्था स्वयं करनी होगी ।

5- इस नियमावली/ उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को घरेलू / दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि के कूड़े कचरे को रखने हेतु दो कूड़ेदानों में पृथक पृथक रूप से जैविक तथा अजैविक कूडा कचरा रखना होगा । जैविक कूड़ेदान के अन्दर बचा हुआ खाना, साग , सब्जी , फल के अवशेष तथा सडने/ गलने वाली जैसे गत्ता, कागज, कपडे आदि चीजे रखे जायेंगे । अजैविक कूड़ेदान में प्लास्टिक पॉलीथीन थर्माकोल व अगलनशील वस्तुएं जैसे कांच, लोहा, व अन्य चीजे आदि रखनी होगी ।

6- इस नियमावली/ उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को घरेलू/ दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि के कूड़े कचरे को नगर पालिका परिषद् नगला के अधिकृत व्यक्ति / कार्मिक को नियंत्रण हेतु हस्तगत दोनो प्रकार के कूड़ेदानों को करना होगा ।

7- इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत सार्वजनिक उपयोग हेतु निवासरत व्यक्ति को घरेलू/ दुकान, प्रतिश्ठान, उद्यम, आदि के कूड़े कचरे को नगर पालिका परिषद् नगला द्वारा जनहित एवं सफाई व्यवस्था हेतु उपलब्ध/ स्थापित कराये गये कूड़ेदानो मे ही पृथक- पृथक रूप से अपना कूड़ा- कचरा निस्तारित करना होगा ।

112

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई ० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

8- इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को घरेलू / दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि के कूडे कचरे को नगर पालिका परिषद् नगला की सार्वजनिक सडक, खडंजा, गली, नाला, नाली , में डालना प्रतिशेध रहेगा ।

9- इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को घरेलू / दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि के कूडे कचरे को यदि घर- घर से प्रतिष्ठान से प्रतिष्ठान तक नगर पालिका परिषद् नगला के अधिकृत व्यक्ति/ कार्मिक / स्वयसेवी संस्था द्वारा कूडा कचरा एकत्रीकरण किया जाता है तो निकाय द्वारा उपभोक्त फीस (यूजर चार्जेज ) के रूप में मासिक शुल्क वसूला जायेगा । जिसकी दरे निम्नवत होगी-

 क०सं०   भवन/ दुकान का विवरण        दर प्रतिमाह  क०सं०    भवन / दुकान का विवरण     दर प्रतिमाह
 1       प्रति परिवार               50.00        30      कास्ठमेटिक दुकान          200.00
 2       किराना स्टोर               100,00       31      पान मसाला                 100.00
 3       फर्नीचर की दुकान           100.00       32      कम्प्यूटर घर्म कांटा      200.00
 4       मेडिकल स्टोर               200.00       33      ठेका (अग्रेजी शराब        5000.00
 5       क्लीनिक (B'M'W) को छोडकर   500,00       34      ठेका ( देशी शराब )        200.00
 6       हॉस्पिटल                   1000.00      35      केंटीन                    100.00
 7      लैव                        500.00        36      फुट वियर शॉप              100,00
 8       ब्यूटी पार्लर             200.00        37      वेक शॉप                   100.00
 9      सिलाई सेन्टर               200.00        38     ज्वेलर्स                   500.00
 10      मोबाईल की दुकान           100.00        39      किताब की दुकान            100.00
 11     चक्की                      200.00        40      बैंक                      500.00
 12     जन सेवा केन्द्र            100.00       41      प्रोपटी डीलर (ऑफिस)       200.00
 13      सैलून                     500.00       42       बेंग की दुकान             500.00
 14      मछली की दुकान             100.00       43       फल की दुकान              200.00
 15      इक्ट्रीकल                 100.00       44       सब्जी की दुकान           200.00
 16      कपडे की दुकान             100.00       45       बैण्ड की दुकान           100,00
 17     विल्डिंग मैटेरियल की दुकान 100.00       46      फोटो स्टेट शॉप            200.00
 18     पेट्रोल पम्प               1000.00      47      होटल                      1000.00
 19     फैक्ट्री                   5000.00      48       नशा मुक्ति केन्द्र       500.00
20      कार / बाइक सर्विस          200.00       49       पशु फीड स्टोर            200.00
21      ढावा                       500.00       50      प्रेस (प्रिंटिंग)         500.00
22      प्राईवेट स्कूल             500.00       51      फल, सब्जी, फड ठेले        50.00
23      टेन्ट हाउस                              52      गैस एजेंसी                1000.00
24      फेब्रिकेशन                 1000.00      53      कबाड की दुकान             500.00

113 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08 , 1947 शक सम्वत्)

54

25

1000.00

200,00

हार्डवेयर

पेट्रोल पम्प

26

55

100.00

जीम

200.00

प्राईवेट आफिस

56

27

1000.00

कीटनाशक खाद की दुकान 200.00

राईसभिल मिले / अन्य मिलें

500.00

57 कम्पनी

केचिंग सेन्टर

28

200.00

29

200.00

डांस एकाडमी

10- इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को अपने घरेलू/ दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि का कूड़ा कचरा के एवज में उपभोक्त फीस (यूजर चार्जेज) न देने की स्थिति में सम्बन्धित/ उपभोक्ता के विरूद्ध इस उपविधि के अन्तर्गत दण्ड प्राविधान के अनुसार कार्यवाही की जायेगी ।

11 इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को अपने घरेलू/ दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि का कूडा कचरा को नगर पालिका द्वारा अधिकृत/ कार्मिक/ स्वयसेवी संस्था को न देकर अनयत्र फेंकने पर 1000 रूपया मौके पर नकद आर्थिक दण्ड किया जा सकता है ।

12 - इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति को अपने घरेलू/ दुकान, प्रतिष्ठान, उद्यम, आदि का कूड़ा कचरा के अतिरिक्त अपने व्यक्तिगत शौचालय, मूत्रालय, सैप्टिक टैंक का दूषित जल / मलवा/विष्टा/सीर्वेज आदि नगर पालिका की सार्वजनिक नाला नाली/ स्थान पर न डाल सकेगा दोषी पाये जाने पर दण्ड का भागी होगा ।

13 इस नियमावली / उपविधि के अनुसार नगर सीमान्तर्गत निवासरत व्यक्ति/ व्यवसायिक / दुकानदार / उद्यमी आदि आधीन रहते हुए कोई भी उपभोक्ता पॉलीथीन का प्रयोग नही कर सकेगा ।

14 इस नियमावली के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति /व्यवसायिक /दुकानदार/ उपभोक्ता आदि अपनी निजी अथवा सरकारी/ अर्द्धसरकारी अथवा किसी भी स्थल / स्थान पर अथवा प्लाट/ मकान/ अहाते मे कोई संप्तावकारी वस्तु/ गन्दगी कूड़ा कचरा अथवा दूषित मल आदि एकत्र न कर सकेगा ।

15- लगयत 1 से 15 के अतिरिक्त राजपत्र (गजट/ अधिसूचना-861 ) दि० 8 अप्रैल 2016 में दिये गए निदेश का भी पालन इस उपविधि / नियमावली 2017 के अन्तर्गत...उत्पन्नकर्ताओं का यह भी कर्तव्य होगा कि-

(क) उनके द्वारा उत्पन्न किए गए अपशिष्ट को पृथक्कृत और तीन पृथक शाखाओं अर्थात जैविक /अजैविक और घरेलू परिसंकटमय के तीन अलग-अलग डिब्बों में भंडारित करेगा और समय - समय पर स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा निर्देश या अधिसूचना पृथक किए गए अपशिष्टों को प्राधिकृत अपशिष्ट चुनने वालो या अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं को सैंपेगा ।

(ख) प्रयोग किए गए स्वास्थ्यकर अपशिष्ट जैसे डायपरों और स्वास्थ्यकर पैडों आदि इन उत्पादों के निर्माताओं या ब्रांड स्वामियों द्वारा उपलब्ध कराई गई थैली में या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा निर्देशित उपयुक्त लपेटन सामग्री में शुष्क अपशिष्ट या अजैविक अपशिष्ट के लिए बनाए गए डिब्बे मे उसे डालेगा;

(ग ) संनिर्माण और विध्वंस अपशिष्ट को पृथक रूप से अपने ही परिसर में भंडारित करेगा, जब कभी वह उत्पन्न होता हो, और उसे संनिर्माण और विध्वंस अपशिष्ट नियम, 2016 के अनुसार निपटान करेगा ।

(घ) अपने परिसर से उत्पन्न कृषि उद्यान और उद्यान अपशिष्ट को अपने ही परिसर में पृथक रूप से भंडारित करेगा और समय समय पर स्थानीय निकाय द्वारा निर्देषानुसार इसका निपटान करेगा;

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उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

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(2 ) कोई अपशिष्ट जनित्र उसके द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट को गली, खुले सार्वजनिक स्थानों, नाली या जलाशयों में न फेंकेगा न जलाएगा और न गाड़ेगा;

(3) सभी अपशिष्ट उत्पन्नकर्ता ऐसी उपयोक्ता फीस का संदाय करेंगे जो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्थानीय निकायों की उपविधियों में विनिर्दिश्ट किया जाए ।

(4 ) कोई व्यक्ति अग्रिम रूप से कम से कम तीन कार्य दिवस पूर्व स्थानीय निकाय को सूचित किए बिना किसी गैर अनुज्ञप्ति वाले स्थान पर एक सौ व्यक्तियों से अधिक का ऐसा कोई आयोजन या समारोह आयोजित नही करेगा । ऐसा व्यक्त्ति या ऐसे आयोजन का अयोजन स्त्रोत पर अपशिष्ट के पृथककरण की व्यवस्था करेगा और पृथक्कृत अपशिष्ट को स्थानीय निकाय द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपषिश्ट संग्रहण अभिकरण को सौंपेगा;

(5) प्रत्येक मार्ग विक्रेता अपने कार्यकलाप के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट जैसेकि खाद्य अपशिष्ट प्रयोज्य (डिस्पोजेबल ) प्लेटों, कपों, डिब्बों, रैपरों, नारियल के छिलको, षेश बचे भोजन, सब्जियों, फलों आदि के लिए प्रयोज्य पात्र रखेगा और ऐसे अपशिष्ट को स्थानीय प्राधिकरण द्वारा यथा अधिसूचना अपशिष्ट भंडारण डिपो या पात्र या वाहन में डालेगाः ।

(6) इन नियमों के अधिसूचित होने की तारीख से एक वर्श से अंदर सभी आवास कल्याण और बाजार संघ स्थानीय प्राधिकरण की भागीदारी में इन नियमों में यथा विहित जनित्रों द्वारा अपशिष्ट को स्त्रोत पर पृथक करने, पृथक किए गए अपशिष्ट को अलग -अलग पात्रों में संग्रहण करने में सहायता और पुनर्चक्रणीय सामग्री को प्राधिकृत अपशिष्ट उठाने वालों अथवा प्राधिकृत पुर्नचक्रों को सौपना सुनिश्चित करेंगे । जैव -अवक्रमणीय अपशिष्ट का जहां तक संभव होगा परिसर के अंदर संसाधित, उपचारित और कंपोस्ट करके अथवा बायोथानेशन के जरिए किया जाएगा । शेष अपशिष्ट स्थानीय प्राधिकरण द्वारा यथा निर्देशित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं या अभिकरण को दिया जाएगा ।

(7) इन नियमों के अधिसूचित होने की तारीख से एक वर्ष के अंदर 5,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी गेट लगे समुदाय और संस्थान स्थानीय प्राधिकरण की भागीदारी में इन नियमों में यथा विहित द्वारा अपशिष्ट को स्त्रोत पर ही पृथक करना, पृथक किए गए अपशिष्ट को अलग-अलग पत्रों में संग्रहण करने में सहायता करना तथा पुर्नचक्रों को सौंपना सुनिश्चित करेंगे । जैव अवक्रमणीय अपशिष्ट को अलग अलग पात्रों में संसाधित, उपचारित और कंपोस्ट करके अथवा बायोमिथानेषन के जरिए निपटान किया जाएगा । शेष अपशिष्ट स्थानीय प्राधिकरण द्वारा यथा निर्देशित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं या अभिकरण को सौंप दिया जाएगा;

(8 ) इन नियमों के अधिसूचित होने की तारीख से एक वर्ष के अंदर सभी होटल और रेस्टोरेंट स्थानीय प्राधिकरण की भागीदारी में इन नियमों में यथा विहित जनित्रों द्वारा अपशिष्ट को स्त्रोत पर पृथक करना, पृथक किए गए अपशिष्ट को अलग - अलग पात्रों में संग्रह करने में सहायता करना तथा पुनर्चक्रणीय सामग्री को प्राधिकृत अपशिष्ट उठाने वालों अथवा प्राधिकृत पुनर्चक्रकों को सौंपना सुनिश्चित करेंगे । जैव -अवक्रमणीय अपशिष्ट का जहां संभव होगा परिसर के अंदर संसाधित उपचारित और कंपोस्ट करके अथवा बायोमिथनेशन के जरिए निपटान किया जाएगा । शेष अपशिष्ट स्थानीय प्राधिकरण द्वारा यथा निर्देषित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं या अभिकरण को दिया जाएगा ।

115 भाग 8 ]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08 , 1947 शक सम्वत्)

दण्ड प्राविधान

यू० पी ० म्युनिस्पैलटिज एक्ट 1916 की धारा 299 (1 ) के अधीन इस उपरोक्त उपविधि के किसी भी अंष का उल्लंघन होने पर मु ० 5000.00 (पांच हजार रूपया मात्र) तक अर्थ दण्ड किया जा सकेगा । उल्लघंन निरन्तर जारी रहा तो प्रथम दोष सिद्ध होने की तिथि से पांच हजार दण्ड धनराशि के अतिरिक्त प्रति दिन 25.00 रूपया की दर से अतिरिक्त अर्थ दण्ड दिया जायेगा । साथ ही सम्बन्धित के विरूद्ध न्यायालय मे वाद दायर कर दिया जायेगा तथा उस पर होने वाले व्यय भार / हर्जे- खर्चे की वसूली सम्बन्धित व्यक्ति से भू- राजस्व की भाँति वसूल किया जायेगा। प्रतिपक्ष वाद समझौता समाधान की स्थिति में समझौता शुल्क के रूप मे 2000.00 रूपया अतिरिक्त वाद शुल्क देना होगा ।

ह ० (अस्पष्ट)

ह ० (अस्पष्ट)

अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद् नगला , ऊधम सिंह नगर ।

प्रभारी अधिकारी , नगर पालिका परिषद् नगला, ऊधम सिंह नगर ।

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कार्यालय नगर पालिका परिषद नगला

विज्ञप्ति

10 अक्टूबर, 2024 ई ०

सेप्टेज प्रबन्धन उपविधि

पत्रांक-167/ 2024-25- सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि, माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आवेदन सं0-10 / 2015 दिनांक-10.12.2015 के आदेश के अनुपालन में एवं नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 (यथाप्रवृत्त उत्तराखंड राज्य में) की धारा 276 में दिए गये प्राविधानों के अनुसार तथा धारा 298 के खण्ड झ (घ) ञ (घ) में दी गयी उपनियम बनाये जाने की शक्त्तियों का प्रयोग करते हुए तथा धारा -301 के अंतर्गत दी गयी शक्ति के अनुसार उपविधि का प्रकाशन कराने हेतु नगर पालिका परिषद नगला (ऊ ० सि०नगर) के प्रभारी अधिकारी महोदय द्वारा उपनियम "प्रोटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमेंट" उपनियम-2024 बनाये जाने की स्वीकृति के उपरान्त यह विज्ञप्ति इस आशय से आपत्ति/ सुझाव चाहने हेतु प्रकाशित की जा रही है, जिन व्यक्तियों पर इसका प्रभाव पड़ने जा रहा है ।

: अतः लोकहित में सुविधा, सुरक्षा एवं नियंत्रण व विनियमन करने हेतु प्रोटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमेंट उपनियम-2024 में यदि किसी संस्था व्यक्ति, व्यक्ति विशेष, फर्म उ‌द्योग, को कोई आपति/ सुझाव हो तो वे इस विज्ञप्ति की प्रकाशन तिथि से 30 दिन के भीतर अपनी लिखित आपति कार्यालय नगर पालिका परिषद नगला में प्रस्तुत कर सकता है. समय अवधि पश्चात प्राप्त होने वाली आपति अथवा सुझाव पर किसी भी दशा में विचार नहीं किया जा सकेगा। जो निम्नवत हैं-

1 -संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीख यह उपनियम नगर पालिका परिषद नगला " प्रोटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमेंट" उपनियम-2024, नियमावली कहलायेगी, जो कि विज्ञप्ति सरकारी गजट उतराखण्ड में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगी । यह उपनियम नगर पालिका परिषद नगला की सीमा के भीतर लागू होंगे ।

2- नगर पालिका परिषद नगर पालिका परिषद का आशय नगर पालिका परिषद नगला जिला ऊधम सिंह नगर के 20 वार्डों की सीमा से है ।

3- अधिशासी अधिकारी अधिशासी अधिकारी का आशय नगर पालिका परिषद नगला के कार्यपालक अधिकारी से है ।

4- अध्यक्ष अध्यक्ष का आशय नगर पालिका परिषद नगला के निर्वाचित बोर्ड के अध्यक्ष से है, बोर्ड के कार्यपालक समाप्त हो जाने पर अध्यक्ष के स्थान पर उपजिलाधिकारी , अध्यक्ष के रूप में प्रभारी अधिकारी से हैं ।

5- सेप्टेज मैनेजमेंट सेल- सेप्टेज मैनेजमेंट सेल का आशय नगर पालिका परिषद नगला में सरकारी सेवा के शासन द्वारा नामित अधिकारियों के समूह की एक गठित इकाई से है, जो कि सेप्टेज मैनेजमेन्ट सेल कहलायेगा। जिसके अध्यक्ष , उपजिलाधिकारी, किच्छा होंगे तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद नगला सदस्य सचिव होंगे और अधिशासी अभियन्ता उतराखण्ड पेयजल निगम रुद्रपुर, अधिशासी अभियन्ता उत्तराखण्ड जल संस्थान रुद्रपुर, मुख्य चिकित्साधिकारी/ प्रभारी अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रुद्रपुर एवं अवर अभियन्ता नगर पालिका परिषद नगला नामित सदस्य होंगे। 1. प्रसंग - राष्ट्र का यह अनुभव रहा है , कि सेप्टिक टैंक और अवधीय जो डिजाइन से सम्बन्धित है, स्थानीय संस्थानों द्वारा वर्षों से अनुपालन किया जा रहा है, जिसके सफल संचालन हेतु कुशल प्रबंधन की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण है कि नगर में एक उचित वैज्ञानिक प्रबंध के मामलों में सेप्टेज तकनीकी का अनुपालन किया जाता है ताकि पर्यावरण की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए सेप्टेज/फीकल स्लज सेप्टिक टैंक गड्ढे शौचालय पर्यावरण नदी एवं अन्य पानी आदि सोत को प्रदूषित न करें ।

1.1 राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रवन्धकीय नीति- इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार ने एक फॉर्मूला प्रकाशित किया है । राष्ट्रीय फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धकीय नीति वर्ष 2017

में इस दृष्टिकोण के साथ कि समस्त भारतीय शहर और नगर पूर्ण रूप से स्वच्छ तन्दुरुस्त और जीवित बने 117 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

रहें एवं अच्छी सफाई भी बनी रहे तथा प्रदूषण से मुक्ति मिल सकें जिसके साथ उम्नत स्थल स्वच्छता सेवा साथ ही फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबन्धन, ताकि सार्वजनिक उत्कृष्ट स्वास्थ्य स्तर को अधिकतम प्राप्त किया जा सके और स्वच्छ वातावरण बना रहे, जिसमें विशेषकर गरीयों पर ध्यान केन्द्रित किया आये । शहरी नीति का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ वातावरण प्रसन्न प्राथमिकता और दिशा निर्धारित करना है, ताकि राष्ट्रव्यापी अनुपालन इन सेवाओं का समस्त क्षेत्र में हो सके जैसे कि सुरक्षित और स्थाई सफाई व्यवस्था एक वास्तविकता प्रत्येक आय परिवार के लिए गलियों में नगर में और शहरों में बनी रह सकें ।

1.2 उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रबंधक प्रोटोकॉल माननीय एन०जी०टी० के आदेश संख्या 10/2005 दिनांक 10.12.2015 में निम्न निर्देश निर्गत किए गए हैं । जो कि उत्तराखण्ड में सेप्टेज प्रवन्ध के सम्वन्ध में है। "उचित प्रबन्ध योजना या प्रोटोकॉल तैयार किया जायेगा और राज्य सरकार द्वारा समस्त एजेंसी द्वारा सूचित किया जायेगा , यह आशान्वित करने के लिए कि सीवरेज की निकासी जो सामान्य सेप्टिक टैंक में या वायोडाईजेस्टर में एकत्रित की जाती है नियमित रूप से खाली की जाये और उसका समुचित प्रबन्ध किया जाये । इसके परिणामस्वरूप इस प्रकार जो खाद एकत्रित हुई है वह निःशुल्क किसानों को वितरित की जाये और इस उद्देश्य हेतु राज्य प्रशासन एक भागीदारी सम्बन्धित निकाय नगर पालिका परिषद नगला की होगी । उपरोक्त के अनुपालन में जलापूर्ति एवं सीवरेज अधिनियम 1975/ नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 शहरी विकास निदेशालय जो कि उत्तराखण्ड जल संस्थान के समन्वय से होगा उन्होंने एक प्रोटोकॉल सेप्टेज प्रबन्ध तैयार किया है जो कि सचिव' शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सूचित किया गया है । ताकि इसका अनुपालन शहरों/नगरों में हो सके आदेश सं० 597/( IV(2 )-१० वि०-2017' 50(सा० )/16 दिनांक 22.05.2017 राज्य का सेप्टेज प्रनन्धन बना रहे जो कि एकत्रीकरण , परिवहन, उपचार सेप्टेज इस प्रोटोकॉल के है । कि राज्य के शहरी अधिकारियों को योग्य बनाया जाये कि वे अपने निकाय में सेप्टेज प्रबन्धन का उच्चीकरण कर सकें और परियोजना के पूर्ण विनियोग की पहचान कर सकें और इस प्रोटोकॉल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए और आंतरिक विभागीय समन्वय हेतु एक "सेप्टेज मैनेजमेंट सेल" का गठन का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत नगर पालिका परिषद नगला , पेयजल निगम, जल संस्थान होंगे ।

2 - नगरीय उपकान्ना " फीकल स्लज एवं सेप्टेज का नियमितिकरण" सेप्टेज प्रबन्ध प्रोटोकॉल के अनुसार जो शहरी विकास विभाग उत्तराखण्ड सरकार के शा०सं०- 597/IV(2) -श० वि०-2017-50(सा०) 16 दिनांक 22.05.2017 एवं समस्त लागू होने वाले नियम या कानून या समय -समय पर शासन द्वारा संशोधित नियम या नियमावली नगर पालिका परिषद नगला नियमित ढांचा को रिक्त करने, एकत्र करने , परिवहन, सेप्टेज और फीकल स्लज के परिवहन एवं निस्तारण हेतु जैसा कि वर्णित है । फीकल स्लज एवं सेप्टेज प्रबन्धन उपनियम के अंतर्गत जो कि यहां स्वीकृत किया जाता है और इसके अनुपालन हेतु नगर पालिका परिषद नगला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत सूचित किया जाता है ।

3 उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र - इस नियमावली के उ‌द्देश्य एवं कार्य निम्नवत है -

(क) - निर्माण सेप्टिक टैंक के दैनिक रखरखाव और शौचालय के गड्ढे परिवहन इलाज और सुरक्षित रखरखाव जो कि स्लज और सेप्टेज से सम्बन्धित है ।

(ख) - बच्चों को टैंक के ढक्कन अथवा किट से दूर रखा जाये ताकि वे टैंक के स्क्रू और ताले से सुरक्षित रहें , कर्मचारी सावधान रहेंगे जब मल निस्तारण प्रक्रिया चल रही हो जो कि ढक्कन पर अधिक भार हेतु है या मेन होल का आच्छादन टूटने से बचा रहे ।

6 - सेप्टेज खाली करना और वाहन के पंजीकरण का परिवहन - 118

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6.1 नगर पालिका परिषद नगला परिवहन वाहन को दर्ज करेगा और इसका लाइसेन्स निर्गत करेगा निजी व्यवसायियों के लिए जिनके पास मशीनीकरण खाली करना और परिवहन गाड़ी उपलब्ध हो तो इस प्रकार का लाइसेन्स निर्गत करने से पूर्व यह आशान्वित करेगा यह वाहन उचित उपकरण और उचित सुरक्षा माप से सुसज्जित है तथा मानकों के अनुरूप है सेप्टेज ट्रांसपोर्ट को अपने वाहन का पंजीकरण कराने हेतु नगर पालिका परिषद नगला के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना होगा जिसके साथ वाहन परमिट प्रपत्र व परमिट प्रपत्र की प्राप्ति प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न करना होगा ।

6.2 नगर पालिका परिषद नगला सीमांतर्गत कोई भी व्यक्ति या वाहन पंजीकृत सेप्टेज ट्रांसपोर्ट द्वारा ही प्रयोग किया जायेगा । जो कि एकत्रीकरण परिवहन एवं सेप्टेज के प्रयोजन हेतु अनुमन्य है । जब तक कि इसका पंजीकरण सेप्टेज ट्रांसपोर्ट व्हीकल एस ० एम०सी० के साथ इन प्रोटोकॉलों में पंजीकृत नहीं है ।

सारणी - 1 पंजीकरण व्यय

रु 2000 = 00 प्रतिवाहन/गाड़ी

अ- प्रारम्भिक पंजीकरण

रु 1500= 00 प्रतिवाहन/गाड़ी

व- वार्षिक नवीनीकरण

रु 1000= 00 प्रतिवाहन/गाड़ी

स- नाम परिवर्तन/ स्वामित्व का परिवर्तन

रु 1500-00 प्रतिवाहन/गाड़ी

द- अन्य संशोधन आवश्यकता अनुसार

(समस्त लागत दर 10 प्रतिशत वार्षिक की दर से बढ़ेगा)

7 - उपभोक्ता लागत और इसका संचय -

7.1 इस क्षेत्र के समस्त मालिक जो सेप्टिक टैंक और शौचालय के गड्‌ढे जिनका भुगतान उपभोक्ता करेगा जैसा कि नगर पालिका परिपद नगला में फीकल स्लज और सेप्टेज उपनियम में समय -समय पर दर्शाया गया है । जो कि सेप्टिक टैंक के भरने शौचालय के गड्ढे परिवहन और फीकल स्लज एवं सेप्टेज के उपयोग हेतु है।

7.2 नगर पालिका परिपद नगला अपनी लागत से संशोधित करेगा जो कि समय -समय इससे संबंधित है। ऐसी उपयोगिता लागत परिवहन फीकल स्लज व सेप्टेज के निप्कासन हेतु है।

7.3 उपभोक्ता लागत क्षेत्र विशेष के स्थायी एकत्र किए जाए जो निम्नवत है ।

(अ) - उपभोक्ता लागत प्रत्येक रूप से नगर पालिका परिषद नगला द्वारा वसूल किया जायेगा या नगर पालिका परिपद नगला के कोष में जमा किया जाएगा जो कि सम्वन्धित भवन/ सेप्टिक मालिक से वसूल किया जाएगा ।

(व) - उपभोक्ता लागत को मासिक सिंचाई लागत या संपत्ति कर में जोड़ा जाएगा अथवा एक विशेष नगरीय

पर्यावरण फीस भुगतान जैसे कि कार्यक्रम के अंतर्गत होगा, करना होगा ।

सारणी-2 उपभोक्ता लागत

भवन का वर्ग

प्रति यात्रा लागत

क्र० स०

किराये कि अधिकतम अवधि जो सेप्टिक टैंक एवं शौचालय गड्ढे हेतु निर्धारित है।

मासिक दण्ड 5 प्रतिशत की दर सामान्य लागत के लिए जो कि निर्धारित निस्तारण के अनुपालन हेतु होगा।

1 टिन शैड वाला मकान

कम से कम 2-3 वर्ष में एक

50=00

2500-00

2 अन्य समस्त मकान

125=00

3

2500=00 भाग जो भी पहले भरा जाये

कान

125= 00

वार जव 2 टैंक होते हैं 2/3 कम से कम प्रत्येक 2 वर्ष में

4 सरकारी/निजी कार्यालय

100 =00

5 बैंक

एक वार ।

3500-00

175=00

150-00

6 सामुदायिक शौचालय/मूत्रालय भाग 8]

119

उत्तराखण्ड गजट , 29 मार्च , 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

7 रेस्टोरेंट

3500=00 8 होटल/ गेस्ट हाउस (1-10 कमरे)

3500-00 9 धर्मशाला (1-25 कमरे)

10 सरकारी स्कूल/कॉलेज

2500= 00 11 निजी स्कूल/कॉलेज

12 व्हीकल शोरूम

3500= 00 13 विवाह हॉल/बैंक्ट हॉल

3500=00 14 बार

सरकारी हॉस्पिटल

15

नर्सिंग होम/क्लिनिक

16

17 पैथोलॉजी लैब

3500-00 18| निजी अस्पताल 20 बैड तक

चावल मिल/अन्य मिल

19

100=00

175-00

175-00

100=00

125=00

100=00

175-00

175=00

150-00

150-00

150-00

175-00

150-00

नोट- उपरोक्त उपभोक्ता व्यय सांकेतिक है , उनका निर्णय और स्वीकृति नगर पालिका परिषद नगला द्वारा निर्गत किया जाएंगे।

2 - मल निस्तारण समयावधि में होगा , या जब टैंक 2/3 की आपूर्ति कर देता है। ( जैसा कि नगर पालिका परिषद नगला द्वारा स्वीकृत है)

3 - उपभोक्ता लागत 5 प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ाई जायेगी।

8 - मैकेनिज्म का निरीक्षण, क्रियान्वयन और मजबूती देना -

8.1 कोई भी व्यक्ति जो कि एस ० एम ०सी० ( सेप्टेज मैनेजमेंट सेल )/ नगर पालिका परिषद नगला द्वारा अधिकृत है

उसको पूर्ण अधिकार होगा कि वह सेप्टिक टैंक एवं हर एक मकान के शौचालय , गड्ढे या सामुदायिक/संस्थागत आदि का निरीक्षण करेगा ।

8.2 मल निस्तारण का अनुपालन न करना जैसा कि उपरोक्त वर्णित है जुर्माना अलग से लगाया जायेगा और

जुर्माने से प्राप्त धनराशि नगर पालिका परिषद कोष में जमा होगी ।

8.3 नगर पालिका परिषद नगला क्षेत्र के टैंक के खाली होने का अभिलेख रखेंगे ।

8.4 अवचेतना कार्यक्रम समय -समय पर चलाया जाएगा जो कि प्रत्येक व्यक्ति सरकार या निजी व्यवसाय के प्रशिक्षण हेतु होगी। जो कि सेप्टिक टैंक, बायोडाइजेस्टर मल निस्तारण सेप्टिक टैंक का एकत्रीकरण , मशीनरी , परिवहन निष्पादन और सेप्टेज का इलाज।

9- दुण्ड दण्ड का ढांचा उपकरण रहित/अकार्यशील जी० पी० एस ० प्रणाली निर्धन वर्ग की शिकायतें फीकल स्लज का एकत्र न करना और सेप्टेज ईलाज प्लांट/ आर ० एन ० एल ० का रजिस्ट्रेशन न करना सुरक्षित उपाय मल निस्तारण गाड़ियों का अनुपालन न करना ।

120

[भाग 8

उत्तराखण्ड गजट, 29 मार्च, 2025 ई० (चैत्र 08, 1947 शक सम्वत्)

सारणी- 3 दण्ड

शिकायत का प्रकार सं०

दण्ड या कार्यवाही वर्ष में तीन बार पकड़ी गयी विशेष रूप से मूल निस्तारण वाहन

दण्ड या कार्यवाही प्रपत्र दृष्ट्या पकड़ी गई वर्ष में एक बार मल निस्तारण वाहन

दण्डया कार्यवाही वर्ष में दोबारा पकड़ी गयी मल निस्तारण वाहन से सम्बन्धित

2500= 00

1 लोगों की सोचनीय सेवा की शिकायत

2 सेप्टेज /फीकल स्लज जैसा कि विशेष कार्य क्षेत्र में

3 पंजीकरण न करना / पंजीकरण का नवीनीकरण न करना

तीन महीने के लिए परमिट सेवा की शिकायत पर परमिट का निस्तारण

6 माह के लिए परमिट को स्थगित करना

आर०टी०ओ० को संस्तुति वाहन के पंजीकरण को निरस्त करने हेतु 3 महीने के लिए परमिट को स्थगित करना/परमिट का निरस्तीकरण के लिए स्थगित करना ।

शास्तिदण्ड

नगर पालिका परिषद नगला (ऊधम सिंह नगर) की सीमांतर्गत " प्रोटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमेन्ट" के अनुपालन हेतु माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा आवेदन सं० 10/2015 दिनांक 10.12.2015 के आदेश के अनुपालन में तथा नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 की धारा 299 ( 1 ) में प्रदत्त अधिकार एवं शक्तियों का प्रयोग करते हुए ऐसे नगरवासी जो " प्रोटोकॉल फॉर सेप्टेज मैनेजमेन्ट" की उपविधि की किसी भी धारा का उल्लंघन करेगा अथवा करता हुआ पाया जाएगा, दोषसि‌द्धि पाए जाने पर रु 5000 = 00 (पाँच हजार) का अर्थ दण्ड किया जाएगा, उल्लंघन निरंतर जारी रहा तो प्रथम दोष सिद्ध होने की स्थिति में रु 5000-00 ( पाँच हजार) के अतिरिक्त प्रतिदिन रु 100= 00 (एक सौ) की दर से अतिरिक्त अर्थदण्ड आरोपित किया जाएगा । अन्यथा सम्बन्धित के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा । उस पर होने वाले समस्त व्यय भार हर्जे खर्चे की वसूली भू- राजस्व की भांति वसूल की जाएगी । विवाद होने की स्थिति में न्यायालय क्षेत्र जिला ऊधम सिंह नगर होगा।

ह० (अस्पष्ट)

अधिशासी अधिकारी ,

नगर पालिका परिषद् नगला , ऊधम सिंह नगर ।

ह० (अस्पष्ट)

प्रभारी अधिकारी ,

नगर पालिका परिषद् नगला, ऊधम सिंह नगर ।

पी०एस ०यू० (आर०ई० ) 13 हिन्दी गजट/79-भाग 8-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।

Cite this issue. Uttarakhand Weekly Gazette, Government of Uttarakhand, 11 March 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-03-11.3086-230625004238/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-03-11.3086-230625004238.