पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/ 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-26] रुड़की , शनिवार, दिनांक 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्) [ संख्या-21
विषय - सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग - अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु ० सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
393-405
1500 भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
भाग 1 - क- नियम, कार्य - विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
1500
975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975
05-07
भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र , नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
भाग 4- निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975
975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975 भाग 8 - सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
163-168
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
393-क 394
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
न्याय अनुभाग -1
अधिसूचना
नियुक्ति
08 मई, 2025 ई ०
संख्या-20 नो- B / XXXVI - A - 1 / 2025-47 नो- बी / न्याय वि० / 2002 - श्री राज्यपाल , नोटरी अधिनियम, 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952 ) की धारा -3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री राज कुमार , अधिवक्ता को दिनांक 08-05-2025 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला मुख्यालय हरिद्वार में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री राज कुमार, अधिवक्ता का नाम उक्त अधिनियम की धारा-4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से , प्रदीप पन्त, प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी ।
In pursuance of the provisions of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 20 नो- B/ XXXVI - A- 1 / 2025-47 No. - B / Law Dept./2002 , dated May 08 , 2025 .
NOTIFICATION
Appointment
May 08, 2025
No. 20 नो- B/XXXVI - A- 1 / 2025-47 No. - B / Law Dept./2002 , --In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act , 1952 (Act No - 53 of 1952 ) , the Governor is pleased to appoint Mr. Raj Kumar , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 08-05-2025 for District Headquarter Haridwar and in exercise of the powers conferred by sub - rule (4 ) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Raj Kumar, Advocate be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act .
ByOrder, PRADEEP PANT, Principal Secretary, Law- cum-L.R .
भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 24 मई , 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
395
गृह अनुभाग -5
अधिसूचना
02 अप्रैल, 2025 ई ०
संख्या-444 / XX- 5-2024-03 ( 58 ) 2022 टी० सी० -चूंकि, केन्द्रीय सरकार ने विधि- विरूद्ध क्रियाकलाप (निवारण ) अधिनियम, 1967 ( 1967 का 37) की धारा 3 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इण्डिया (सिमी) को अधिसूचना संख्या का० आ ० 354 (अ ) तारीख 29 जनवरी , 2024 द्वारा ' विधिविरूद्ध संगम' घोषित किया है ;
और, चूंकि उक्त अधिनियम की धारा 42 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय सरकार ने तारीख 5 फरवरी , 2024 की अधिसूचना का.आ. 475 (अ) द्वारा निदेश दिया है कि सभी राज्य सरकारें और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन भी उक्त अधिनियम की धारा 7 और धारा 8 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा प्रयोग की जाने वाली शक्तियों का प्रयोग करेंगें;
और , चूंकि आदेश संख्या 14017 / 8 / 2024-एनआई- एमएफओ तारीख 05 फरवरी , 2024 के द्वारा सूचित किया गया है कि राज्य सरकार एवं संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा प्रयोग करने के लिए निदेशित शक्तियों का प्रयोग सभी राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों के किसी अधीनस्थ व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है ;
और, चूंकि उक्त अधिनियम की धारा 42 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा इस आशय के अनुमोदन की सूचना दी गयी है कि सभी राज्य सरकारें और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन , लिखित में आदेश द्वारा निदेश दे सकेंगे कि कोई शक्ति जो उसके द्वारा प्रयोग करने के लिए निदेशित है , ऐसी परिस्थितियों और शर्तों के अंतर्गत , जैसा कि निदेश में विनिर्दिष्ट हो , यथास्थिति , राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के किसी अधीनस्थ व्यक्ति द्वारा भी प्रयोग की जाएगी ।
396
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई , 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1 अतः अब, उपरोक्त प्रत्योजित शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार निदेश देती है कि सभी जिला मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक तद्नुसार शक्तियों को प्रयोग करेंगे ।
उत्तराखण्ड सरकार के आदेश पर और उत्तराखण्ड सरकार की ओर से ।
शैलेश बगौली, सचिव, उत्तराखण्ड शासन ।
Inpursuance of the provision of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 444/XX - 5-2025-03 ( 58 ) / 2022 T.C. , dated April 02 , 2025 for general Information .
NOTIFICATION
April02, 2025
No. 444 /XX - 5-2025-03 ( 58 ) / 2022 T.C.--Whereas , the Central Government , in exercise of powers conferred by sub - section ( 1 ) of section 3 of the Unlawful Activities ( Prevention ) Act , 1967 (37 of 1967) , has declared Students Islamic Movement of India ( SIMI ) as ' unlawful association ' vide notification number S.O. 354 (E ) dated the 29th January , 2024 ;
And , whereas , in exercise of the powers conferred by section 42 of the said Act, the Central Government have directed vide Notification S.O. 475 (E) dated 05th February , 2024, that all the State and Union territory administrations shall also exercise the powers exercisable by the Central Government under section 7 and section 8 of the said Act ;
And , whereas , vide order No. 14017 / 8 /2024 - NI - MFO , dated 05th February , 2024 it has been conveyed that the powers directed to be exercised by all the State Governments and Union territory administrations as above , may be exercised by any person subordinate to the State Government and Union territory administrations ;
भाग 1]
397 उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
And , Whereas , the approval of the Central Government under section 42 of the said Act is hereby conveyed that State Governments and Union territory administrations may , by order in writing , direct that any power which has been directed to be exercised by it , shall, in such circumstances and under such conditions , as may be specified in the direction, be exercised by any person subordinate to the State Government or the Union territory administrations , as the case may be .
Now, Therefore , in exercise of the aforesaid delegated powers , the State Government hereby directs that all the District Magistrates , the Senior Superintendents of Police/Superintendents of Police shall exercise the powers accordingly.
BY ORDER AND ON BEHALF OF THE GOVERNMENT OF UTTARAKHAND ,
SHAILESH BAGAULI, Secretary to the Government of Uttarakhand.
सचिवालय प्रशासन (अधि० ) अनुभाग -1
प्रोन्नति / विज्ञप्ति
01 मई, 2025 ई ०
संख्या -554 / XXXI ( 1 ) / 2025 / पदो0-01 / 2020 - उत्तराखण्ड सचिवालय सेवा संवर्ग के अन्तर्गत अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत श्री विजय कुमार मंमगाई , को नियमित चयनोपरान्त अनु सचिव , वेतनमान- ₹ 67700-208700 ( लेवल -11 ) के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से अस्थाई रूप से पदोन्नत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
2 - उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप श्री विजय कुमार ममंगाई , अनुसचिव को 01 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है ।
3 - उक्त प्रोन्नति मा ० उच्च न्यायालय , नैनीताल में योजित रिट याचिका संया 394 (एस 0 बी0 ) / 2021 एवं रिट याचिका संख्या 221/2018 में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगी ।
जाएंगे । 4 - अनुसचिव के पद पर पदोन्नत होने वाले उक्त अधिकारी की तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये 398
उत्तराखण्ड गजट, 24 मई, 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
प्रोन्नति/ विज्ञप्ति
01 मई , 2025 ई ०
संख्या -555 / XXXI ( 1 ) / 2025 / पदो0-01 / 2024 - उत्तराखण्ड सचिवालय संवर्ग के अन्तर्गत समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत सुश्री तरूण धंजीवाल को नियमित चयनोपरान्त अनुभाग अधिकारी , वेतन लेवल-10 ( वेतनमान ₹ 56,100-1,77,500) के रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से अस्थाई रूप से पदोन्नत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
है । 2- उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप सुश्री तरूण धंजीवाल , को 01 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता
3 - उक्त प्रोन्नति मा ० उच्च न्यायालय , नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या-394 ( एस ० बी०) / 2021 ललित मोहन आर्य व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगी ।
4- उक्त पदोन्नति के फलस्वरूप सुश्री तरूण धंजीवाल, अनुभाग अधिकारी को संस्कृत शिक्षा अनुभाग में तैनात किया जाता है ।
5- सुश्री तरूण धंजीवाल, अनुभाग अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल पदोन्नति के पद पर कार्यभार ग्रहण करते हुए सचिवालय प्रशासन (अधि० ) अनुभाग -01 को अवगत कराना सुनिश्चित करें ।
वित्त (पेंशन) अनुभाग-10 संख्याः 295036 / XXVII ( 10) /E - 22807 / 2022 06 मई, 2025 ई ० कार्यालय ज्ञाप
उपर्युक्त विषय के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्य सरकार के ऐसे पेंशनर, जिनकी पेंशन 7वां वेतनमान आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित की गयी है, को वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-250642 / XXVII ( 10)/E - 2807/2022, दिनांक-29.10.2024 द्वारा स्वीकृत महंगाई राहत की दरों को अतिक्रमित करते हुए दिनांक-01.01.2025 से 53 % प्रतिशत के स्थान पर 55% प्रतिशत की दर से महंगाई राहत अनुमन्य किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
आज्ञा से , दीपेन्द्र कुमार चौधरी , सचिव ।
Finance ( Pension) Section - 10 No. 295036/XXVII ( 10) /E - 22807/2022 May 06, 2025 Office Memorandum
The Undersigned is directed to say that the Governor is pleased to revise the Dearness Relief rates w.e.f. 01.01.2025 @ 55% instead of 53% superseding the earlier rates as is sanctioned vide this Office Memorandum No. 250642 /XXVII ( 10) / E-22807/2022 , Dated- 29.10.2024 March, 2024 for those pensioners whose pension is revised in accordance with the recommendation of the 7th pay Commissions .
भाग 1]
399
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
2. यह आदेश मा० उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों, स्थानीय निकायों तथा सार्वजनिक उपक्रम आदि के सिविल/ पारिवारिक पेंशनरों पर स्वतः लागू नहीं होंगे, उनके सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों द्वारा अलग से आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित होगा ।
3. यह आदेश विद्यालयी शिक्षा/प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के ऐसे शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर पेंशनरों, जिन्हें शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन/ पारिवारिक पेंशन अनुमन्य है, पर भी लागू होंगे ।
4. शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-ए- 1-252/ दस/ 10 (3 )-81 , दिनांक 27 अप्रैल, 1932 में निर्गत आदेशानुसार पेंशन पर अतिरिक्त राहत आदि के भुगतान के लिये महालेखाकार के प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं है । अतः स्वीकृत मंहगाई राहत का भुगतान उक्त कार्यालय ज्ञाप के अधीन कर दिया जाय ।
5. मंहगाई राहत स्वीकृत करने के सम्बन्ध में अन्य प्रतिबन्ध जो इस सम्बन्ध में इससे पूर्व निर्गत शासनादेशों में निर्धारित थे, यथावत् लागू रहेंगे ।
आज्ञा से ,
डा० वी० षणमुगम, सचिव ।
2. These orders will not be applicable to the judges of High Court, Chairman and Members of Uttarakhand Public Service Commission, Civil/Family Pensioners of local bodies and Public Undertaking Corporation etc. in respect of whom separate orders will have to be issued by respective department.
3. These orders will also be applicable to such teaching and non- teaching pensioners of Institutions aided from State under the Education/ Technical Education Department whose Pension/Family Pension is at par with the pensioners of the State Government.
4. As per orders issued in O.M. No- A-1-252/X/ 10 (3 ) -81 , dated April 27, 1982 the Accountant General Authority is not necessary for payment of relief of pension and as such the payment, of dearness relief as admissible under , this O.M.
5. Other terms and conditions regarding of dearness relief laid down in earlier government orders shall remain applicable as usual .
ByOrder, DR . V. SHANMUGAM , Secretary.
सामान्य प्रशासन विभाग
अधिसूचना
09मई, 2025 ई०
संख्या-626 / XXXI ( 15 ) G / 25-45 (2 ) / 2010- राज्यपाल , युद्धाभ्यास और खुले क्षेत्र में गोला चलाने तथा तोप दागने का अभ्यास अधिनियम, 1938 (अधिनियम सं० 5 सन् 1938 ) की धारा 9 की उपधारा (1 ) के अधीन शक्तिका प्रयोग करके नीचे अनुसूची में विनिर्दिष्ट क्षेत्र को ऐसा क्षेत्र परिनिश्चित करते हैं, जिसमें 01 जून, 2025 से प्रारम्भ होने वाले और 31 मई, 2030 को समाप्त होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए नियतकाल पर खुले क्षेत्र में गोला चलाने और तोप दागने का अभ्यास किया जाना प्राधिकृत किया जा सकता है ।
400
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई , 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
क्षेत्र का विवरण अनुसूची
जिला
तहसील का नाम
ग्राम का नाम क्षेत्रफल (एकड़ में) 1
2
3
4
पिथौरागढ़
पिथौरागढ़
1- ऐंचौली
5887.12
2- खड़किनी
4658.15
3564.07
3- धार धिमौड़ा
4- गैना
6902.06
1437.04
5- डाल (थरकोट)
6- स्यूनी
10031.12
7- बमनथल
1728.08
8- भीलोंत
4864,09
9- तोली फगाली
10697.15
10- इग्यार
9612.00
11- सिरमोली
556.06
8002.06
12- गुरना
13- गोगना
49512.10
14- सेरीकाण्डा
15- बिनायक
16- सिरतोली काढ़े
17- बेडा
27902.15
18- बमराडी सिमली
21553.04
19- निसनी
24441.08
20- हिमतर
14641.10
21- जाजर चिंगरी
27263,00
13777.13
22- पाटी पलचौड़ा
23- सल्ला
48391.12
24- सेल
30047.04
25- शिलिगिंया
1116.993
26- तोली
10026.08
27- लोदगाड़
14511.00
53944.06
28- बड़ाबे
29- पत्थरखानी
5129.15
30- डेयाडार
12579.06
31- मर्सेली भाट
23117.07
4453.05
32- सुन्तरापोखरी
टिप्पणीः- उक्त भूमि का स्थल - नक्शा (साइट प्लान) पिथौरागढ़ , कलेक्टर के कार्यालय में हितबद्ध व्यक्ति द्वारा निरीक्षण किया जा सकता है ।
आज्ञा से ,
विनोद कुमार सुमन,
सचिव ।
भाग 1 ]
401 उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
Inpursuance of the Clause (3 ) of Article 348 of the Constitution of India the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 626 /XXXI ( 15 ) / G/25-45 (2)/2010 , dated May 09 , 2025 for general Information .
NOTIFICATION
May 09, 2025
No. 626 /XXXI (15 ) G / 25-45 ( 2 ) / 2010 -- In exercise of the powers under sub section ( 1 ) of . section 9 of the Manoeuvres , Field Firing and Artillery Practice Act, 1938 ( C. Act no . 5 of 1938 ) , the Governor is pleased to define the area specified in the Schedule below as the area within which for the period of five years commencing on the First day of June , 2025 and ending with the Thirty First of May , 2030 carrying out , periodically of field firing and artillery practice may be authorized .
SCHEDULE
District
Name of Tehsil
Name ofVillage Area (in Acre) 1
2
3
4
5887.12
1- Aincholi
Pithoragarh Pithoragarh
2- Kharkini
4658.15
3564.07
3- Dhar Dhimora
4- Gaina
6902.06
1437.04
5- Dal (Tharkot)
10031.12
6- Syuni
7- Bamanthal
1728.08
8- Bhilont
4864.09
10697.15
9- Toli Fagaly
9612.00
10- Igyar
11- Sirmoli
556.06
8002.06
12- Gurna
49512.10
13- Gogana
14- Sarikanda
15- Binayak
16- Sirtoli Kandhe
17- Bera
27902.15
18- Bamrari Simali
21553.04
19- Nisani
24441.08
20- Himtarh
14641.10
27263.00
21- Jajar Chinagri
22- Pati Palchora
13777.13
23- Salla
48391.12
24- Sel
30047.04
1116.993
25- Silngiya
26- Toli
10026.08
14511.00
27- Lodgarh
28- Barabe
53944.06 402
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1 1
2
3
4
29- Patharkhani
5129.15
30- Deodar
12579.06
31- Marsoli Bhat
23117.07
32- Suntarapakhari
4453.05
Note: - A site plan of the said land may be inspected by the interested person in the office of the District Magistrate, Pithoragarh.
ByOrder ,
VINOD KUMAR SUMAN , Secretary.
सू० प्रौ ० , सुराज एवं वि ० प्रौ ० अनु0-03
अधिसूचना
विविध
09 मई , 2025 ई ०
संख्या-1 / 296678 / 25 E - 22662 / XXXIV ( 3 ) / 2025-20 (02 ) 14 - उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 की धारा 15 (1 ) में उल्लिखित प्रावधान के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या-1 / 286389 / 2025 / E - 22662 / XXXIV ( 3 ) / 2025-20 (02 ) 14 दिनांक 27.03.2025 द्वारा श्री एस ० रामास्वामी को उनके द्वारा अधिवर्षता आयु (65 वर्ष) पूर्ण करने पर मुख्य आयुक्त, उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग से दिनांक 21.04.2025 को सेवानिवृत्त किये जाने की श्री राज्यपाल महोदय द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है ।
2- श्री राज्यपाल उक्त अधिनियम की धारा 14(02) तथा धारा 14 (03 ) में उपबन्धित व्यवस्थानुसार मुख्य आयुक्त की रिक्ति की दशा में श्री अनिल कुमार रतूड़ी, आयुक्त, उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग को रिक्ति की अवधि में मुख्य आयुक्त में निहित शक्तियों का प्रयोग एवं कृत्यों का निर्वहन करने लिए नामित किये जाने की इस शर्त एवं प्रतिबन्ध के साथ स्वीकृति प्रदान करते हैं कि मुख्य आयुक्त के कृत्यों का निर्वहन और शक्तियों का प्रयोग करने पर आयुक्त के रूप में मिलने वाली सुविधाओं के अतिरिक्त श्री रतूड़ी को अन्य किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति , भत्ते अथवा अतिरिक्त सुविधाए देय नहीं होंगी ।
आज्ञा से ,
नितेश कुमार झा , सचिव ।
भाग 1 ]
403 उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
राजस्व अनुभाग -3
अधिसूचना
15 मई, 2025 ई ०
संख्या 88 / XVIII ( 3 ) / 2025-03 (02 ) / 2023- राज्यपाल, उत्तर प्रदेश भू- राजस्व अधिनियम , 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3 , वर्ष 1901 ) (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त ) की धारा 48 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये यह घोषणा करते हैं कि इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशन की तिथि से नीचे दी गई अनुसूची में उल्लिखित ग्राम सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाओं के अधीन होंगे :-
अनुसूची
जिला
तहसील
परगना
ग्राम का नाम
देहरादून
देहरादून
पछवादून
क्यारकुली भट्टा
आज्ञा से , डॉ० सुरेन्द्र नारायण पाण्डे, सचिव , राजस्व ।
Inpursuance of the provision of Clause (3) of the Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 88 /XVIII ( 3 ) / 2025- 03 (01 ) / 2025 , dated May 15 , 2025 for general Information .
NOTIFICATION
May 15, 2025
No. 88 /XVIII ( 3 ) /2025-03 ( 01 ) / 2025 -- In exercise of the powers conferred by section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act , 1901 ( U.P. Act , No. 3 of 1901 ) , ( as applicable to the State of Uttarakhand) , the Governor is pleased to declare that the Village mentioned in the Schedule below shall be under Survey and Record Operations with effect from the date of publication of the notification in the official Gazette : --
Schedule
District
Tehsil
Pargana
Nameof Village 1
2
3
4
Dehradun
Dehradun
Pachhuwadun
Kyarkulibhatta
ByOrder,
DR. SURENDRA NARAYAN PANDE , Secretary, Revenue .
404
उत्तराखण्ड गजट, 24 मई , 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
गृह अनुभाग -04
शुद्धि- पत्र
28 अप्रैल, 2025 ई ०
संख्या 239 / XX-4 / 2025- E-68530- गृह मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा अपने पत्र दिनांक 18.07.2024 में की गयी अपेक्षा के क्रम में देहरादून स्थित भवन संख्या-61 (प्रथम एवं द्वितीय तल) , जी० बी० ओ ० कैम्पस , 17 ई ०सी ० रोड , सर्वे चौक , देहरादून को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेन्सी (एन० आई ० ए ०) पुलिस स्टेशन के रूप में स्थापित किये जाने हेतु निर्गत अधिसूचना के हिन्दी आलेख्य संख्या-230 , दिनांक 22.04.2025 में अंकित तालिका के स्तम्भ-1 में उल्लिखित स्थान / भवन के पहले टंकण त्रुटिवश "राष्ट्रीय जांच एजेन्सी पुलिस स्टेशन" टंकित नहीं किया गया है । कृपया उक्त तालिका को निम्नानुसार पढ़ा जाय:-
स्तम्भ (1)
स्तम्भ (2)
सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य राष्ट्रीय जांच एजेन्सी पुलिस स्टेशन, भवन संख्या-61 (प्रथम एवं द्वितीय तल), जी० बी० ओ० कैम्पस , 17 ई ० सी ० रोड, सर्वे चौक , देहरादून , उत्तराखण्ड
2- उक्त अधिसूचना संख्या -230 , दिनांक 22 अप्रैल, 2025 को इस सीमा तक संशोधित समझा जाय ।
निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव ।
कृषि एवं कृषक कल्याण अनुभाग -1
कार्यालय-ज्ञाप
(पदोन्नति)
(शुद्धि-पत्र)
13 मई , 2025 ई ०
संख्या 296604 / ई-41499 / XIII - 1 / 2025-01 (53 ) 2001 - शासन के कार्यालय - ज्ञाप / पदोन्नति आदेश संख्या-294433 , दिनांक 02.05.2025 के द्वारा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग , उत्तराखण्ड के अधीन उद्यान विकास शाखा के अन्तर्गत श्रेणी -2 के प्रोन्नति के रिक्त पदों पर नियमित पदोन्नति हेतु उत्तर प्रदेश, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण समूह 'ख' सेवा नियमावली , 1993 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) के सुसंगत नियमों एवं उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग सपरामर्श चयनोन्नति (प्रक्रिया) नियमावली , 2003 के प्रासंगिक प्राविधानों के अनुसार लोक सेवा आयोग , उत्तराखण्ड, हरिद्वार की संस्तुति के आधार पर विभागान्तर्गत कार्यरत 07 अधिकारियों को तात्कालिक प्रभाव से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखण्ड के अधीन उद्यान विकास शाखा के अन्तर्गत श्रेणी -2 की रिक्ति के सापेक्ष वेतनमान (वेतनमान रू 0 56100-177500 / वेतन लेवल -10 ) में नियमित पदोन्नति प्रदान की गयी ।
2- चूंकि पदोन्नति आदेश दिनांक 02.05.2025 के क्रमांक 4 पर अंकित श्री बच्ची लाल दिनांक 31.01.2025 को सेवानिवृत्त हो चुके है । अतः शासन द्वारा निर्गत पदोन्नति आदेश के क्रमांक -4 में अंकित श्री बच्ची लाल का नाम पृथक करते हुए निम्नलिखित अधिकारियों को तात्कालिक प्रभाव से उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखण्ड के अधीन उद्यान विकास शाखा के अन्तर्गत श्रेणी-2 की रिक्ति के सापेक्ष वेतनमान (वेतनमान रू 0 56100-177500 / वेंतन लेवल-10) में नियमित पदोन्नति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है : - भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई , 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
क्र०सं ०
पदोन्नत अधिकारी
1.
श्री प्रताप सिंह रौथाड
2.
श्री राजेन्द्र प्रसाद चमोली
3.
श्री रघुवीर सिंह कोहली
4.
श्री हरीश लाल
5.
श्री हरीश चन्द्र
6.
श्री विदुर सिंह राणा
405
चयन वर्ष
अभ्युक्ति
2024-25
2024-25
2024-25
2024-25
2024-25
2024-25
3. उक्त अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वह पदोन्नति के फलस्वरूप तत्काल उक्त पद पर कार्यभार ग्रहण कर कार्यभार प्रमाणक निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के माध्यम से शासन को शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ।
4. उपर्युक्तानुसार श्रेणी-2 में पदोन्नत अधिकारियों के तैनाती आदेश उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिये वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा में विहित व्यवस्थानुसार , पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
आज्ञा से ,
महिमा रौकली, संयुक्त सचिव ।
पी ० एस ० यू० ( आर ० ई ० ) 21 हिन्दी गजट / 168 - भाग 1-2025 ( कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार , दिनांक 24 मई, 2025 ई0 (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत)
भाग 1 - क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
February 24, 2025
No. 23 / XIV - a - 39/Admin.A/2021-- Shri Santosh Pachhmi , Judicial Magistrate - III , Haridwar is hereby sanctioned medical leave for 08 days w.e.f. 19.09.2024 to 26.09.2024 .
NOTIFICATION
February 24, 2025
No. 24 /XIV- a - 38/Admin.A/ 2020--Ms . Shubhangi Gupta , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Almora is hereby sanctioned earned leave for 26 days w.e.f. 16.12.2024 to 10.01.2025 with permission to prefix 14.12.2024 & 15.12.2024 as second Saturday and Sunday holidays and suffix 11.01.2025 & 12.01.2025 as second Sunday holiday and Sunday holidays respectively.
151 -ख 152
उत्तराखण्ड गजट, 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
February 24, 2025
No. 25 / XIV - a/ 39/Admin.A/ 2012--Ms. Sweta Pandey , 2nd Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Rudrapur District U.S. Nagar is hereby sanctioned earned leave for 17 days w.e.f. 06.01.2025 to 22.01.2025 with permission to prefix 05.01.2025 as Sunday holiday.
By Order of Hon'ble the Administrative Judge,
Sd/-
Registrar (Inspection) .
NOTIFICATION
February 27, 2025
No. 30/XIV- a / 33 /Admin.A/ 2013 -- Shri Manish Mishra , Principal Judge, Family Court, Udham Singh Nagar is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 29.01.2025 to 07.02.2025 with permission to suffix 08.02.2025 & 09.02.2025 as second Saturday and Sunday holidays respectively.
By Order of Hon'ble the Vacation Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
NOTIFICATION
February 27, 2025
No. 31 / XIV - a - 30/Admin.A/ 2018--Ms . Poonam Todi , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Pithoragarh is hereby sanctioned earned leave for 30 days w.e.f. 11.11.2024 to 10.12.2024 with permission to prefix 09.11.2024 & 10.11.2024 as second Saturday and Sunday holidays .
NOTIFICATION
February 27, 2025
No. 32/XIV / a - 30/Admin.A/2021 --Ms . Anju , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Haridwar is hereby sanctioned earned leave for 12 days w.e.f. 23.11.2024 to 04.12.2024 .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar (Inspection) .
भाग 1 -क]
153 उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
निदेशालय पंचायतीराज, उत्तराखण्ड,
देहरादून
सार्वजनिक सूचना
22 अप्रैल , 2025 ई ०
संख्या 72 / 933 / जि०पं०अ० को०/ 2024-25-जिला पंचायत अधिनियम, 2016 की धारा 106 द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत सार्वजनिक सड़कों के किनारे लगने वाले व्यवसायिक बोर्डो को नियन्त्रित करने तथा उन पर लाइसेन्स शुल्क निश्चित करने हेतु निम्नानुसार उपविधियाँ सृजित की जाती है, जोकि राजकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू होगी । जिस किसी व्यक्ति को उक्त उपनियम उपविधियों के सम्बन्ध में आपत्ति / सुझाव हो तो वे 30 दिन के भीतर अपनी आपत्ति एवं सुझाव जिला पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं । नियत तिथि के उपरान्त किसी भी सुझाव पर विचार नहीं किया जायेगा ।
होर्डिंग्स उपविधियाँ
1- यह उपविधियाँ जिला पंचायत अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञापन/ बोर्ड/ होर्डिंग्स / यूनिपोल / लिखाई सूचना पट (वाल पेंटिंग ) के माध्यम से प्रचार- प्रसार कार्य के निमित्त नियन्त्रित उपविधियाँ 2024 कहलायेंगी । ये उपविधियों उत्तराखण्ड सरकारी गजट के प्रकाशन होने की तिथि से जनपद अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्र की सीमाओं के भीतर प्रभावी होंगी ।
2- (क) विज्ञापन बोर्ड / होर्डिंग्स/ यूनिपोल / लिखाई सूचना पट् (वाल पेंटिंग ) का अर्थ उस बोर्ड / होर्डिंग्स / यूनिपोल / लिखाई सूचना पट् (वाल पेण्टिंग) से है जो किसी भी व्यवसायिक / व्यापारिक दृष्टि के उददेश्य से प्रचार- प्रसार के उददेश्य से किसी सार्वजनिक सड़क (मार्गो) के किनारे अथवा निजी भवनों / भूमि पर लगे बोर्ड / लिखाई जो जनसाधारण के पढ़ने के लिये किसी भी उद्यमी, फर्म, संस्था, कम्पनी, फैक्ट्री या व्यक्ति विशेष द्वारा व्यापारिक प्रचार- प्रसार हेतु लगाये गये हों ।
(ख) नियन्त्रण का अर्थ विज्ञापन बोर्ड की सड़क के किनारे से एक निश्चित दूरी पर / मार्गो पर आवागमन नियमित संचालित कक्ष के हित में जिला पंचायत की उपविधि के अनुरूप लगाने से है ।
(ग) सड़क का अर्थ- जनपद अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची अथवा पक्की राज्यीय मार्ग / राष्ट्रीय राजमार्ग सड़कों से है ।
(घ) डिजिटल एडवरटाइजिंग डिस्प्ले बोर्ड का अर्थ, जनपद अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न भवनों / स्थानों में प्रचार- प्रसार के लिये इलैक्ट्रानिक अथवा सौर ऊर्जा चालित विज्ञापन पारदर्शी बोर्ड से है ।
3- कोई भी उद्यमी, फर्म, संस्था, कम्पनी, फैक्ट्री या व्यक्ति विशेष जनपद अल्मोड़ा के ग्रामीण क्षेत्र में व्यापारिक / व्यवसायिक एवं प्रचार- प्रसार की दृष्टि से किसी भी कच्ची अथवा पक्की राज्यीय / राष्ट्रीय सड़क के किनारे सार्वजनिक स्थानों, विकसित कस्बों, बाजारों में अथवा निजी भूमि/ भवनों पर बोर्ड/ लिखाई, जिला पंचायत अल्मोड़ा की पूर्व अनुमति लिये बिना न तो बोर्ड लगायेगा तथा न ही बोर्ड लगाने के लिये सड़क के किनारे गड्ढा खोदेगा । बिना पूर्व अनुमति लिये लगाया गया बोर्ड /होर्डिंग्स / यूनीपोल/ लिखाई, सूचना पट् (वाल पेण्टिंग) / डिजिटल एडवरटाइजिंग डिस्प्ले बोर्ड लगायेगा तथा न ही बोर्ड/ होर्डिंग्स / यूनिपोल लगाने के लिये सड़क के किनारे गड्ढा खोदेगा । बिना पूर्व अनुमति लिये लगाया गया बोर्ड / होर्डिंग्स/ यूनिपोल जिला पंचायत द्वारा उखाड़ लिया जायेगा तथा अपने कब्जे में रख लिया जायेगा और वाल पेण्टिंग को मिटा दिया जायेगा । ऐसा बोर्ड उखड़वाने अथवा लगवाने/ रखवाने में जो भी खर्च होगा वह सम्बन्धितं व्यक्ति/ संस्था से वसूल किया गया जायेगा ।
154
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1-क 4- जनसाधारण की सुविधा, सुरक्षा एवं यातायात को सुलभ बनाने की दृष्टि से सड़क / मार्गो के किनारे लगने वाले बोर्ड की दूरी सड़क से निम्न प्रकार निर्धारित की जाती है :-
(क) कोई भी व्यक्ति, संस्था, फर्म, इकाई, फैक्ट्री आदि प्रचार-प्रसार का विज्ञापन / होर्डिंग्स / यूनिपोल राष्ट्रीय मार्ग एवं राज्यीय मार्ग के मध्य से 55 फुट के अन्तर्गत अथवा दूरी पर इस प्रकार से लगायेगा, जिससे आवागमन तथा यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो ।
(ख) लिंक मार्ग या अन्य कोई पक्के मार्ग के बाहरी किनारे से 20 फुट जगह छोड़कर बोर्ड / होर्डिंग्स / यूनिपोल स्थापित किये जायेंगे ।
(ग) किसी भी कच्चे मार्ग के किनारे से 10 फुट जगह छोड़कर बोर्ड स्थापित किये जायेंगे ।
(घ) उक्त बिन्दुओं में दी गयी दूरी से कम चौड़ाई का मार्ग होने की स्थिति में बोर्ड मार्ग के अन्तिम किनारे में ही स्थापित करना होगा ।
5- बोर्ड, होर्डिंग्स / यूनिपोल की स्थापना लकड़ी की बल्ली या लोहे के गार्डर द्वारा इस प्रकार की जायेगी कि तेज हवा या तूफानों में उखड़ न सके ।
6- जनसाधारण की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिगत बोर्ड का साइज , मार्ग की चौड़ाई को ध्यान में रखते हुए 15 वर्ग फिट से अधिक न होगा।
7- बोर्ड, होर्डिंग्स / यूनिपोल / दीवारों के ऊपर लिखाई, ऐसी इंक / पेण्ट द्वारा लिखना एवं डिजिटल एडवरटाइजिंग डिस्प्ले बोर्ड में विज्ञापन करना प्रतिबन्धित होगा, जिस पर रात में वाहनों की रोशनी पड़ने पर चमक हों ।
8- विज्ञापन बोर्ड, / यूनिपोल / दीवारों एवं डिजिटल एडवरटाइजिंग डिस्प्ले बोर्ड में स्त्री अथवा पुरूष के नग्न अथवा अर्द्धनग्न फोटो प्रयोग, अश्लील भाषा का प्रयोग, जिस पर आम जनता विरोध दर्शाये, लगाना पूर्णतः प्रतिबन्धित होगा ।
9- जिला पंचायत अल्मोड़ा के अपर मुख्य अधिकारी, कार्य अधिकारी एवं कर अधिकारी अथवा इनके द्वारा अधिकृत कर्मचारी सड़क के किनारे पर लगने वाले बोर्ड को एवं सूचना पर लिखाई को इस उपविधि की किसी भी धारा का उल्लंघन पाये जाने पर लगाने, लिखने के कार्य को बीच में ही रूकवाने के लिये अधिकृत होंगे ।
10- जन सामान्य की सुविधा के दृष्टिगत् प्राप्त किसी भी शिकायत पर जिला पंचायत द्वारा सम्बन्धित लिखाई / बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति/ संस्था को दिये गये निर्देशों का तत्काल पालन करना व्यक्ति / संस्था को अनिवार्य होगा ।
11- विज्ञापन बोर्ड स्थापित करने वाले प्रत्येक व्यक्ति/ संस्था को जिला पंचायत अल्मोड़ा से लाइसेन्स लेना अनिवार्य होगा, जिसकी अवधि 01 अप्रैल से आरम्भ होगी और 31 मार्च आवर्ती वर्ष को समाप्त हो जायेगा ।
12- इन उपविधियों के लागू होने के उपरान्त नये बोर्ड लगाने वाले / लिखाई करने/ कराने वाले व्यक्ति/ संस्था को पूर्व में लाइसेन्स अधिकारी की अनुमति प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र एवं वांछित कागजात उपलब्ध कराने होंगे तथा अनुमति पत्र (लाइसेन्स) जारी होने के उपरान्त ही बोर्ड लगाना / लिखाई करना / कराना नियमित होगा अर्थात बोर्ड लगाने / लिखाई करने / करने वाले व्यक्ति/ संस्था द्वारा लाइसेन्स प्राप्त किये बिना बोर्ड स्थापित नहीं किया जायेगा ।
13- प्रत्येक वर्ष लाइसेन्स का नवीनीकरण 31 मार्च से पूर्व करा लेना अनिवार्य होगा ।
31 मार्च तक लाइसेन्स का नवीनीकरण की स्थिति प्रति माह रू 0 500.00 (पॉच सौ) विलम्ब शुल्क लगाया जायेगा । लाइसेन्स न लेने की स्थिति / लाइसेन्स शुल्क का भुगतान न करने वाले के विरूद्ध उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियिम, 2016 की धारा 106 एवं 149 के अन्तर्गत माननीय न्यायालय में वाद दायर कर दिया जायेगा । यदि मामला न्यायालय में विचाराधीन हो तो उस दशा में माननीय अध्यक्ष, जिला पंचायत अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह उचित समझे तो व्यक्ति / संस्था से लाइसेन्स शुल्क एवं विलम्ब शुल्क का मुकंदमा धन लेकर समझौता कर लें तथा ऐसी दशा में कराया गया दावा खारिज कर दिया जायेगा, खर्चा मुकदमा किसी भी रूप में 1000.00 (एक हजार) से कम एवं रू 0 2000.00 (दो हजार) से अधिक नहीं होगा, मुकदमा खर्चा जिला निधि में जमा किया जायेगा ।
भाग 1 -क]
155 उत्तराखण्ड गजट , 24 मई , 2025 ई० (ज्येष्ठ 03, 1947 शक सम्वत्).
14- इन उपविधियों के अन्तर्गत लाईसेन्स अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी होंगे । अपर मुख्य अधिकारी चाहे तो कार्य अधिकारी / कर अधिकारी एवं अपने अधीनस्थ कर्मी को इस कार्य हेतु अधिकृत कर सकते हैं ।
15- लाइसेन्स अधिकारी के निर्णय के विरूद्ध 15 दिन के भीतर अपील अध्यक्ष, जिला पंचायत को की जा सकती है । अध्यक्ष, जिला पंचायत का निर्णय अन्तिम एवं बन्धनकारी होगा ।
16- इन उपविधियों के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में विज्ञापन बोर्ड /होर्डिंग्स/ यूनिपोल / लिखायी सूचना पट् पर लाइसेन्स वसूली के कार्य को ठेका / निविदा प्रणाली से भी किया जा सकता है । ठेका अवधि समाप्त होने पर यदि राज्य / जनपद में किसी भी चुनाव हेतु आदर्श आचार संहिता प्रभावी रहती हैं तो आगामी समय 'अवधि / आदर्श आचार संहिता समाप्त होने / ठेका नीलाम तक पूर्व ठेके की राशि में जो अध्यक्ष, जिला पंचायत निर्धारित करे, वृद्धि करते हुए, ठेका अवधि बढ़ाई जा सकती । ठेका नीलाम हेतु एक समिति होगी, जिसके अध्यक्ष अपर मुख्य अधिकारी होंगे और कार्य अधिकारी / अभियन्ता, वित्तीय परामर्शदाता सदस्य होंगे । इनकी अनुपस्थिति में अन्य अधिकारी भी रखे जा सकते हैं ।
16- इन उपविधियों के अधीन ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के किनारे सार्वजनिक स्थान, विकसित कस्बों, बाजारों में विभिन्न प्रचार- प्रसार के विज्ञापन बोर्ड / होर्डिंग्स / यूनिपोल एवं लिखायी सूचना पट् पर लाइसेन्स शुल्क की | दरें प्रति बोर्ड/ होर्डिंग्स / यूनिपोल एवं लिखाई सूचना पट् की दशा में निम्नवत् होंगी:-
(क) 15 वर्ग फिट साइज के होर्डिंग्स/ विज्ञापन बोर्ड तक
रू0 2000.00 प्रति बोर्ड (ख) 15 वर्ग फिट साइज की लम्बाई - चौड़ाई से अधिक के
रू0 2500.00 अतिरिक्त सूचना पट् पर प्रतिवर्ग फिट की दर से वार्षिक शुल्क देय होगा ।
लाइसेन्स अधिकारी को अधिकार होगा कि उक्त प्रकार के प्रचार- प्रसार के विज्ञापन होर्डिंग्स पर शुल्क वसूली कार्य यथास्थिति क्षेत्रवार, विकसित कस्बावार, बाजारवार, एवं सड़करवार अलग - अलग भी कर सकते हैं ।
दण्ड
जिला पंचायत अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियिम, 2016 की धारा 106 एवं 149 के अन्तर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत अल्मोड़ा यह निर्देश देती है कि जो व्यक्ति इन उपविधियों की किसी धारा का उल्लंघन करेगा तो अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा, जो रू 0 10000.00 (दस हजार ) मात्र हो सकेगा और यदि उल्लंघन जारी रहे तो अतिरिक्त अर्थदण्ड से दण्डित होगा जो प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिये ऐसा, जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि उसमें अपराधी अपराध करता रहा है, रू 200.00 (दो सौ) मात्र प्रतिदिन तक अर्थदण्ड हो सकेगा ।
राजेश कुमार,
श्रीमती उमा सिंह, अपर मुख्य अधिकारी ,
अध्यक्ष, जिला पंचायत, अल्मोड़ा ।
जिला पंचायत , अल्मोड़ा ।
निधि यादव, निदेशक ।
पी ० एस ० यू० ( आर 0 ई0 ) 21 हिन्दी गजट / 168 - भाग 1- क -2025 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 /2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 3
स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़-पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी , ( पं० ) हरिद्वार
सूचना
15 मई , 2025 ई ०
पत्रांक 141 / पं०चु0 / 2025-26- राज्य निर्वाचन आयोग , उत्तराखण्ड, की अधिसूचना संख्या-501 / रा० नि०आ० अनु0-2/4402/2025 दिनांक 14.05.2025 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायतों सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत के अधिसूचना जारी होने की तिथि तक ऐसे पद / स्थान जो निर्वाचित प्रतिनिधियों की मृत्यु, त्याग - पत्र अथवा नामांकन न होने व अन्य कारण से रिक्त हुए है, तथा जो किसी न्यायालय के स्थगन आदेश से बाधित न हो , पर उप निर्वाचन शीघ्र कराया जाना आवश्यक है । अतः मैं कार्मेन्द्र सिंह जिला मजिस्ट्रेट/ जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) हरिद्वार प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये एतद्वारा निर्देश देता हूँ कि ऐसे सभी रिक्त पदों/ स्थानों पर उप निर्वाचन निम्नांकित विनिर्दिष्ट निम्नलिखित समय- सारणी के अनुसार सम्पन्न कराये जायेंगे:-
नाम वापसी हेतु दिनांक व समय
' मतदान का दिनांक व समय
निर्वाचन प्रतीक आवंटन का दिनांक व समय
नाम निर्देशन पत्रों को जमा करने का दिनांक व समय
नाम निर्देशन पत्रों की जांच का दिनांक व समय
मतगणना का दिनांक व समय
1
2
3
4
5
6
22.05.2025
21.05.2025 (पूर्वान्हः10.00 बजे से कार्य की समाप्ति तक)
(पूर्वान्हः 10.00 बजे से अपरान्हः 03.00 बजे तक)
22.05.2025 बजे से कार्य की (अपरान्हः 03.00 समाप्ति तक)
19.05.2025 एवं 20.05.2025 (पूर्वान्हः 10.00 बजे से अपरान्हः 05.00 बजे तक)
29.05.2025 बजे से अपरान्हः (पूर्वान्हः 08.00 05.00 बजे तक)
31.05.2025 बजे से कार्य (पूर्वान्हः 08.00 की समाप्ति तक)
5-घ 6
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 3
रिक्त पदों / स्थानों की कुल संख्या
विकास खण्ड का नाम
सदस्य ग्राम पंचायत
प्रधान ग्राम पंचायत 1
2
3
बहादराबाद
02
01
रूडकी
02
0
भगवानपुर
02
01
नारसन
03
0
लक्सर
03
0
योग-
12
02
उक्त उप निर्वाचन उत्तराखण्ड 'पंचायती राज अधिनियम, 2016 (यथासंशोधित ) के अधीन रहते हुए उ०प्र ० पंचायत राज (सदस्यों, प्रधानों और उप प्रधानों का निर्वाचन) नियमावली, 1994 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत) एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत (सदस्यों का निर्वाचन) नियमावली 1994 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत) वर्णित प्राविधानों तथा सदस्यों ग्राम पंचायत एवं प्रधान ग्राम पंचायत हेतु रिट याचिका संख्या 2302(एम० / एस ०) /2019 श्रीमती पिंकी देवी बनाम उत्तराखण्ड़ राज्य एवं अन्य में मा० उच्च न्यायालय , उत्तराखण्ड़, नैनीताल द्वारा पारित आदेश दिनांक-19.09.2019 और सदस्य क्षेत्र पंचायत हेतु रिट याचिका संख्या-441 (एम० एस०) / 2020 मो० सुनूस बनाम उत्तराखण्ड़ राज्य एवं अन्य में मा० उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड़ , नैनीताल द्वारा पारित निर्णय दिनांक-21.09.2020 का अनुपालन सुनिश्चित् करते हुए इन उप निर्वाचन में वही निर्वाचन प्रक्रिया अपनाई जायेगी । जो आयोग द्वारा निर्धारित एवं निर्देशित है । इन पदों/ स्थानों के विषय में नामांकन पत्र दाखिल करने, उनकी जांच , नाम वापसी, तथा निर्वाचन प्रतीक चिन्ह आंवटित करने का कार्य , मतों की गणना एवं परिणाम की घोषणा क्षेत्र पंचायत के मुख्यालय (विकास खण्ड स्तर) पर की जायेगी ।
| स्थान- हरिद्वार दिनांक-15.05.2025
सूचना
15 मई, 2025 ई ०
पत्रांक 142 / त्रि 0 पंचा० / उप निर्वा 0 / 2025-26 - राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड, की अधिसूचना संख्या-501 / रा ० नि० आ० अनु0-2 /4402 / 2025 दिनांक 14.05.2025 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायतों सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत के निर्वाचन का कार्यक्रम अधिसूचित किया गया है । उक्त अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग , द्वारा जनपद के सम्बन्धित समस्त निर्वाचन क्षेत्रों में जिनमें निर्वाचन कराये जा रहे है , के सम्बन्धित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता सूचना जारी होने की तिथि दिनांक 15.05.2025 से दिनांक 31.05.2025 (मतगणना समाप्ति) तक प्रभावी की जाती है:-
स्थान- हरिद्वार
दिनांक 15.05.2025
त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2025 के रिक्त पदों का विवरण-
रिक्त पद का नाम
पद का आरक्षण क्र० सं०
विकास खण्ड क़ा नाम
सम्बन्धित ग्राम पंचायत/वार्ड का नाम व संख्या
1
2.
3
4
5
1
बहादराबाद ग्राम प्रधान
ग्राम पंचायत लालढाग
अनारक्षित .
सदस्य ग्राम पंचायत जमालपुर कंला वार्ड सं0-4 अन्य महिला
सदस्य ग्राम पंचायत हद्दीवाला ग्रन्ट वार्ड सं0-8 अनारक्षित
भाग 3]
7
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
1
2.
3
2
रूडकी
4.
5
सदस्य ग्राम पंचायत
भौरी वार्ड सं0-12
महिला
सदस्य ग्राम पंचायत
रहीमपुर वार्ड सं0-8
3
ग्राम प्रधान भगवानपुर
महिला
ग्राम पंचायत लाम ग्रन्ट
महिला
सदस्य ग्राम पंचायत
अनु०ज ० जाति महिला
खेडी शिंकोहपुर वार्ड सं0-3
सदस्य ग्राम पंचायत
महिला
सुन्हेटी आल्हापुर वार्ड सं0-9
4
नारसन
सदस्य ग्राम पंचायत
टाण्डा भनेडा वार्ड सं0-1
अनु०जा० महिला
अन्य महिला
सदस्य ग्राम पंचायत
कोटवाल आलमपुर वार्ड सं0-4
सदस्य ग्राम पंचायत
ठसका वार्ड सं0-5
5
लक्सर
अनु०जा० महिला
सदस्य ग्राम पंचायत
अनारक्षित
अलावलपुर वार्ड सं0-4
सदस्य ग्राम पंचायत
अन्य पिछडा वर्ग
हबीबपुर कुडी वार्ड सं0-1
सदस्य ग्राम पंचायत
खानपुर वार्ड सं0-2
अनारक्षित
कर्मेन्द्र सिंह, जिला मजिस्ट्रेट/ जिला निर्वाचन अधिकारी (पं० ) हरिद्वार ।
पी ०एस ० यू० ( आर ० ई ० ) 21 हिन्दी गजट / 168 - भाग 3-2025 ( कम्प्यूटर /रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 24 मई, 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मैंने निजी कारणों से अपना नाम नरेन्द्र प्रसाद से बदलकर नरेन्द्र प्रसाद त्यागी कर लिया है । भविष्य में मुझे नरेन्द्र प्रसाद त्यागी पुत्र रजा राम के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
नरेन्द्र प्रसाद (मौजूदा पुराना नाम) पुत्र रजा राम निवासी-टी 113 , शिवालिक नगर स्थान भेल जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
163-ट 164
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
सूचना
मेरे पुत्री के आधार कार्ड नं. 910974334309 में उसका घरेलू नाम गौरी दर्ज हो गया है । जबकि वास्तविक नाम हिमानी है । भविष्य में उसे हिमानी पुत्री संजीव कुमार के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
संजीव कुमार, निवासी मयूर विहार कॉलोनी , मलकपुर लतीफपुर हरिद्वार, उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे पुत्र अक्षांश लोहिया की 10वीं कक्षा की अंकतालिका में त्रुटिवश मेरा नाम लीला टम्टा व पुत्र के पिता का नाम बबलू कुमार लोहिया अंकित हो गया है । जबकि मेरा सही नाम लीलावती टम्टा व पुत्र के पिता का नाम बबलू कुमार है । भविष्य में हमें सही नामों से जाना जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
श्रीमती लीलावती टम्टा पत्नी श्री बबलू कुमार निवासी म.नं. 8 सुमन नगर, धर्मपुर, देहरादून ।
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं 0 258632564038 में त्रुटिवश मेरा नाम HAMSA VARSHINI. S व मेरे जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण सं 0 6974 में त्रुटिवश मेरा नाम HAMSA VARSHINI S गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम HAMSAVARSHINI S है । जो मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 25125842 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे HAMSAVARSHINI S D / O A SWAMINATHAN के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
HAMSAVARSHINI S D/ O A SWAMINATHAN
निवासी- बी 402 , केनाल व्यू अपार्टमेंटस 39 , सिविल लाईन्स आई ० आई ० टी ० रुड़की , जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
भाग 8]
165 उत्तराखण्ड गजट , 24 मई , 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं. 728438029805 उसका नाम अभिमन्यु दर्ज है । लेकिन मैंने निजी कारणों से अपने पुत्र का नाम अभिमन्यु से बदलकर शिवाजी कर लिया है । भविष्य में मेरे पुत्र को शिवाजी पुत्र प्रवीण कुमार के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
प्रवीण कुमार
निवासी-161 वार्ड नं. 5, आदर्श कॉलोनी लक्सर हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरेआधार कार्ड नं 0 391238351365 में त्रुटिवश मेरा नाम लक्ष्मी देवी गलत दर्ज हो गया हैं । जबकि मेरा वास्तविक नाम लछी देवी है । जो मेरे जन्म प्रमाण- पत्र सं० B202505007980000001 में भी दर्ज हैं । भविष्य में मुझे लछी देवी पत्नी स्व० भूपाल सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
लछी देवी पत्नी स्व० भूपाल सिंह निवासी-सेंज चमोली उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति रोल कोड 5320 क्रमांक 0222 में त्रुटिवश मेरा नाम (JITENDRA PD SINGH ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम (JITENDRA PRASAD SINGH ) है भविष्य में मुझे (JITENDRA PRASAD SINGH ) S / O BALESHWAR SINGH के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई है ।
जितेन्द्र प्रसाद सिंह पुत्र श्री बालेश्वर सिंह निवासी लेन नं0 10 पोस्ट ऑफिस रोड देहरादून उत्तराखण्ड ।
166
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई , 2025 ई ० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
कार्यालय नगर निगम, ऋषिकेश (देहरादून)
30 अप्रैल , 2025 ई ०
पत्रांक 341 / निर्माण / 2025-26- नगर पालिका परिषद् ऋषिकेश जनपद देहरादून द्वारा उत्तराखण्ड (उ० प्र ० नगर पालिका अधिनियम-1916) अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश-2002 की धारा -298(2) लिस्ट जे० (डी० ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये नगर पालिका परिषद् ऋषिकेश के निर्माण कार्यों के सम्पादन करने हेतु ठेकेदारों के पंजीकरण एवं नियंत्रण के लिए पूर्व व्यवस्था को समाप्त करते हुये ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि बनायी गयी थी, चूँकि शासन शासनादेश के अनुसार नगर पालिका परिषद् ऋषिकेश का उच्चीकरण होकर नगर निगम ऋषिकेश हो गया , इसी क्रम में उक्त उपविधि में निम्नानुसार संशोधन किये गये है ।
ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि में संशोधन निम्न प्रकार है ।
1- परिभाषाएं:-
(1) यह उपविधि नगर निगम ऋषिकेश जनपदः- देहरादून के ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि-2025 कहलायेगी , जो शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू एवं प्रभावी होगी ।
(2) निकाय- निकाय का तात्पर्य नगर निगम ऋषिकेश से है ।
(3) बोर्ड - बोर्ड का तात्पर्य नगर निगम ऋषिकेश के निर्वाचित महापौर / पार्षदों अथवा से है ।
(4) अधिनियम- अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश , नगर निगम अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड मे यथाप्रवृत्त) संशोधन एवं उपान्तरण आदेश -2002 से है ।
(5) महापौर- महापौर का तात्पर्य नगर निगम ऋषिकेश के मेयर / प्रशासक से है ।
56 (6) नगर आयुक्त नगर आयुक्त का तात्पर्य नगर आयुक्त, नगर निगम से है ।
(7) पंजीकरण- पंजीकरण का तात्पर्य नगर निगम ऋषिकेश द्वारा कराये जाने वाले निर्माण कार्यों के सम्पादन हेतु ठेकेदारों के पंजीकरण से है ।
(8) ठेकेदार- ठेकेदार का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से जो नगर निगम ऋषिकेश में समस्त निर्माण कार्य, पुर्ननिर्माण , सामग्री , आपूर्ति एवं अन्य कार्य, जो संविदा के अन्तर्गत आते है को करने के इच्छुक व्यक्ति हो ।
(9) श्रेणी-श्रेणी का तात्पर्य ठेकेदार के प्रथम, द्वितीय , तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी से है ।
2- पंजीकरण की प्रक्रिया-
नगर निगम के समस्त निर्माण कार्य (सडक / नाली / नाला पुस्ता/ अन्य आदि ) एवं भवन निर्माण कार्यो के सम्पादन तथा सामग्री आपूर्ति हेतु ठेकेदार की चार श्रेणियां होगी इच्छुक व्यक्ति प्रथम , द्वितीय , तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में निम्न शर्तों /औपचारिकाताओं को पूर्ण कर अपना पंजीकरण करा सकता है:-
यह भारत का नागरिक हो तथा नगर निगम सीमान्तर्गत या जनपद देहरादून में कम से कम 05 वर्षों से निवास करता हो अथवा उत्तराखण्ड राज्य का निवासी हो, का प्रमाण - पत्र दो पासपोर्ट फोटो सहित देनी होगी । (1)
23 उपजिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र (जो छः माह की अवधि के अन्दर का हो) (2)
उपजिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त हैसियत प्रमाण- पत्र (श्रेणीवार हैसियत सीमा निम्न प्रकार निर्धारित की जाती (3) है ।
15.00 लाख
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
10.00 लाख
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
2.00 लाख
स- तृतीय श्रेणी के लिए
1.00 लाख
द- चतुर्थ श्रेणी के लिए
(4) प्रथम श्रेणी में- पंजीकरण कराने हेतु लोक निर्माण विभाग , जल निगम, सिचाई विभाग , ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग , नगर पंचायत/ नगर पालिका परिषद्/ नगर निगम , जल संस्थान एवं जिला पंचायत आदि विभागों में कम से कम एक वित्तीय वर्ष में 1.00 करोड व सडक/ नाली / नाला आदि एवं भवन निर्माण का 10 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण- पत्र एवं एक अभियन्ता एवं टी ०एण्ड० पी ० ( मिक्सचर मशीन / बाईबेटर / जे ० सी ० बी० / रोड रोलर / प्रिमीक्सिंग मशीन) आदि होंने आवश्यक होंगे । अनुभव प्रमाण- पत्र अधिशासी अभियन्ता/ अधिशासी अधिकारी / अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किया ' गया मान्य होगा ।
167 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई , 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
(5) द्वितीय श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उपरोक्त विभागों में कम से कम 05 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण- पत्र एवं एक वित्तीय वर्ष में 50.00 लाख के अनुबन्ध (बाण्ड) पत्र देने अनिवार्य होंगे (अनुभव प्रमाण - पत्र उपरोक्तानुसार जारी ही मान्य होगा । )
(6) तृतीय श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उपरोक्त विभागों में कम से कम 03 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण- पत्र एवं एक वित्तीय वर्ष में 15.00 लाख के अनुबन्ध (बाण्ड) पत्र देने अनिवार्य होंगे (अनुभव प्रमाण- पत्र उपरोक्तानुसार जारी ही मान्य होगा ।)
(7) चतुर्थ श्रेणी में- पंजीकरण हेतु उत्तराखण्ड सरकार / भारत सरकार के किसी भी विभाग तथा प्रथम श्रेणी के ठेकेदार द्वारा जिसके साथ कम से कम एक वर्ष का कार्य किया हो, का अनुभव प्रमाण- पत्र देना होगा ।
(8) प्रत्येक ठेकेदार का आयकर एवं व्यापार कर विभाग से पंजीकृत होना अनिवार्य है तथा आयकर एवं व्यापार कर का पंजीकरण प्रमाण-पत्र, प्रार्थना-पत्र के साथ उपलब्ध कराना आवश्यक होगा ।
3- जमानत-
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार स्थायी जमानत राशि राष्ट्रीय बचत पत्र (एन० एस० सी० ) अथवा किसान विकास पत्र में लेखाधिकारी के पदनाम से बन्ध कर आवेदन - पत्र के साथ देनी होगी ।
रु० 1,00,000.00
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
रु० 50,000.00
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
रू0 30,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
रु ० 10,000.00
द- चतुर्थ श्रेणी के लिए
4- पंजीकरण शुल्क
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार पंजीकरण शुल्क की धनराशि नगर रूप में नगर निगम ऋषिकेश कोष में जमा करनी होगी ।
रू0 25,000.00
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
रू0 20,000.00
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
रू0 15,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
रू0 10,000.00
द- चतुर्थ श्रेणी के लिए
5- पंजीकरण की अवधि
प्रत्येक वर्ष में मात्र माह अप्रैल से मई तक ठेकेदारों के पंजीकरण किए जायेंगे, पंजीकरण हेतु निर्धारित आवेदन- पत्र का प्रारूप रू 0 1000.00 नगर निगम कोष में जमा कर कय करना होगा तथा पंजीकरण हेतु आवेदन- पत्र निर्धारित प्रारूप में ही मान्य होगा , जो अवर अभियन्ता/ अधिशासीअभियन्ता की संस्तुति पर नगर आयुक्त द्वारा स्वीकृत किया जायेगा । नवीनीकरण की प्रक्रिया- 6-
ठेकेदार को प्रत्येक 02 वर्ष में निम्न श्रेणी के अनुसार अपना नवीनीकरण कराना होगाः-
नवीनीकरण की अवधि 01 अप्रैल से 31 मई तक होगी । इसके पश्चात नवीनीकरण कराने का प्रतिमाह रू० 5000.00 बिलम्ब शुल्क का भुगतान कर नवीनीकरण किया जायेग । (1)
नवीनीकरण से पूर्व प्रत्येक ठेकेदार को एक निर्धारित प्रारूप जिसका मुल्य रू 0 1000.00 होगा, नगर निगम् ऋषिकेश कार्यालय से कय किये गये विगत वर्ष में किये गये कार्यों का विवरण देना होगा । (2)
(3) के विवरण पर नगर निगम के नगर आयुक्त स्वीकृति प्रदान की जायेगी । नवीनीकरण शुल्क निम्न श्रेणी के अनुसार निगम कोष में जमा कराने तथा विगत वर्ष में किये गये कार्यो अ- प्रथम श्रेणी के लिए
6,000.00
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
3,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
2,000.00
द- चतुर्थ श्रेणी के लिए
(4) नगर आयुक्त को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी ठेकेदार के पंजीकरण के नवीनीकरण को उनके त्रुटिपूर्ण कार्य के लिए रोक सकता है ।
(5) नवीनीकरण के आवेदन - पत्र के साथ प्रत्येक वर्ष में चरित्र प्रमाण- पत्र. (जो छः माह की अवधि के अन्दर का हो) तथा तीन वर्ष के बाद नवीनतम हैसीयत प्रमाण- पत्र / नवीनीकरण के समय यदि हैसियत यथावत हो तो उसके लिए शपथ - पत्र देना होगा ।
7- निर्माण सम्पादन की सीमा-
प्रत्येग श्रेणी के ठेकेदारों को नियमानुसार कार्य के टेण्डर लेने का अधिकार होगा ।--
(1) प्रथम श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार सभी प्रकार (असीमित धनराशि) निर्माण कार्यो के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।
(2) द्वितीय श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार रू 0 50.00 लाख तक निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।
168
उत्तराखण्ड गजट , 24 मई, 2025 ई० (ज्येष्ठ 03 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
(3) तृतीय श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार रू 0 25.00 लाख निर्माण कार्यो के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।
(4) चतुर्थ श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार रू 0 10.00 लाख निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होंगे ।
8- निविदा प्रपत्र की लागत-
निविदा प्रपत्र का मुल्य समय- समय पर शासन द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार देय होगा ।
प्रत्येक ठेकेदार विभागीय कार्यों का ठेके लेने के लिए नगर निगम से निविदा प्रपत्र नकद मूल्य देकर खरीदेगा , निविदा प्रपत्र का मूल्य जमा होने के पश्चात किसी स्थिति में न तो वापिस होगा और न ही आगामी निविदाओं में समायोजित होगा । निविदा प्रपत्र निगम के पंजीकृत ठेकेदारों को ही बेचा जायेगा ।
8- निविदा स्वीकार करने का अधिकार-
ठेकेदारों द्वारा डाली गयी निविदाओं न्यून्तम निविदाओं को स्वीकृत करने का अधिकार नगर आयुक्त/ मेयर का होगा किन्तु यदि न्यून्तम निविदा आकलन से ठेकेदार के 10 प्रतिशत लाभ घटाने के बाद भी कम है, तो इस पर तकनीकी राय लेकर निर्णय लिया जायेगा । निविदा डालने के 06 माह तक उन्हीं दरों पर कार्य करने के लिए बाध्य होगा यदि ठेकेदार को निविदा डालने की तिथि से 06 माह बाद कार्यादेश दिया जाता है तो ठेकेदार उन दरों पर कार्य करने के लिए बाध्य नहीं होगा ।
10- धरोहर धनराशि-
उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति ( प्रक्यूरमेन्ट) नियम-2017 में किये गये प्राविधान एवं समय- समय पर शासन द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार अस्थायी जमानत / धरोहर धनराशि निविदा के साथ राष्ट्रीय बचत पत्र , किसान विकास -पत्र एवं एफ ०डी०आर के रूप में लेखाधिकारी के रूप में पदनाम बन्धक देनी होगी ।
11- ठेकेदार का भुगतान-
कार्य समाप्ति के पश्चात ठेकेदार का कार्य सन्तोषजनक होंने पर नियमानुसार बिल की धनराशि से समय- समय पर निर्धारित दरों के अनुसार आयकर, जी०एस ०टी० एवं जमानत की राशि काटने के उपरान्त भुगतान किया जायेगा । जमानत राशि का भुगतान 01 वर्ष बाद कार्य सन्तोषजनक होंने पर पर किया जायेगा ।
12- कार्य पूर्ण करने की अवधि-
प्रत्येक पंजीकृत ठेकेदार का यह दायित्व होगा कि वह निविदा फार्म में दिये गये कार्य अवधि के अन्तर्गत कार्य पूर्ण करे यदि समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया जाता तथा उसकी कार्य अवधि बढाने हेतु ठेकेदार समय समाप्ति से पूर्व औचित्य स्पष्ट करते हुये प्रार्थना- पत्र दिया जाता है तो अवर अभियन्ता / सहायक अभियन्ता /अधिशासी अभियन्ता की संस्तुति पर नगर आयुक्त द्वारा कार्य अवधि बढाये जाने की स्वीकृति एक बार प्रदान की जा सकती है, यदि ऐसी स्वीकृति प्रदान की जा सकती है यदि ऐसा नहीं किया गया तो ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है । ऐसी अवधि के लिए अवशेष कार्य पर 05 प्रतिशत की दर से अन्तिम बिल की धनराशि से अर्थदण्ड के रूप में कटौती कर ली जायेगी , यदि इस धनराशि की प्रतिपूर्ति बिल की धनराशि से नहीं हो पाने की स्थिति में दण्ड की अवशेष धनराशि की वसूली भू- राजस्व के बकाया की भॉति सम्बन्धित ठेकेदार से की जायेगी ।
13- पंजीकरण का निस्तरीकरण-
यदि ठेकेदार निर्धारित तिथि तक कार्य प्रारम्भ नहीं करता है अथवा कार्य सन्तोषजनक गुणवता के अनुसार स्वीकृत एस्टीमेट व साईट प्लान के अनुरूप नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में जॉच आख्या पर नगर आयुक्त द्वारा ठेकेदार का पंजीकरण निरस्त कर, ऐसे ठेकेदार का काली सूची में डाल सकता है । पंजीकरण निरस्तीकरण के फलस्वरूप ठेकेदार का ठेका स्वतः ही निरस्त किया जायेगा । और ठेकेदार द्वारा किये गये कार्यो का भुगतान नगर निगम को हुई हानि के समायोजन के पश्चात किया जायेगा ।
14- जमानत जब्त करने के अधिकार-
यदि ठेकेदार नगर निगम उपनियमों या ठेके की शर्तों, अनुबन्ध- पत्र का उल्लंघन कर नगर निगम को कोई हानि पहुँचाता है या उपविधि के नियम 13 के विपरीत कार्य करता है तो ऐसी दशा में अवर अभियन्ता / सहायक अभियन्ता/ अधिशासी अभियन्ता की जॉच आख्या पर नगर आयुक्त ठेकेदार की जमानत जब्त करने का अधिकार होगा । यदि इसके बाद भी निगम की क्षतिपूर्ति न हो सके तो शेष राशि ठेकेदार की सम्पत्ति से भू- राजस्व के बकाये की भॉति वसूल की जायेगी ।
दिनेश प्रसाद उनियाल, अधिशासी अभियन्ता, नगर निगम ऋषिकेश ।
शैलेन्द्र सिंह नेगी,
नगर आयुक्त,
नगर निगम ऋषिकेश ।
शम्भू पासवान, महापौर, नगर निगम ऋषिकेश ।
पी०एस ०यू० (आर०ई0) 21 हिन्दी गजट / 168 - भाग 8-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।