पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-26] रुड़की, शनिवार, दिनांक 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्) [ संख्या-27
विषय- सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु ० 3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1500
541-544
भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
भाग 1 - क-नियम , कार्य - विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
233-236
1500
975 भाग 2- आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
13-15
भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र , नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 975 975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975 भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
259-292
975
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
541 -क 542
उत्तराखण्ड गजट, 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
न्याय अनुभाग -1
अधिसूचना
नियुक्ति
17 जून , 2025 ई ०
संख्या-26 / नो 0 बी0 / XXXVI - A- 1 / 2025-15 नो 0 बी 0 / 2004T.C- श्री राज्यपाल , नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री कालूराम वत्स , अधिवक्ता को दिनांक 17-06-2025 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला हरिद्वार की तहसील लक्सर में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम-8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते हैं कि श्री कालूराम वत्स का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से,
प्रदीप पन्त,
प्रमुख सचिव , न्याय एवं विधि परामर्शी ।
In pursuance of the provisions of clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No.26 / No - B /XXXVI - A - 1 / 2025-15 No. - B/2004 T.C Dated- June 17, 2025 .
NOTIFICATION
Appointment
June17, 2025
No.26/ No - B / XXXVI -A - 1 / 2025-15 No. -B/2004 T.C -- In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act , 1952 (Act No - 53 of 1952) , the Governor is pleased to appoint Mr. Kalu Ram Vats , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 17-06-2025 for Tahsil Laksar of District Haridwar and in exercise of the powers conferred by sub - rule (4) of rule 8 of Notaries Rules, 1956 also directs that the name of Mr. Kalu Ram Vats be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the saidAct.
By Order ,
PRADEEP PANT,
Principal Secretary, Law- cum - L.R .
भाग 1 ]
543 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
गृह अनुभाग -5
अधिसूचना
19 जून , 2025 ई ०
संख्या-877 / XX - 5-2025-03 ( 10 ) 2025--राज्यपाल समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 की धारा 48 के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके समान नागरिक संहिता नियमावली, उत्तराखण्ड, 2025 में संशोधन करने के दृष्टिगत् निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं, अर्थातः-
समान नागरिक संहिता (द्वितीय संशोधन) नियमावली, उत्तराखण्ड, 2025
संक्षिप्त नाम 1. और प्रारम्भ
( 1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम समान नागरिक संहिता ( द्वितीय संशोधन) नियमावली , उत्तराखण्ड, 2025 है ।
(2 ) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।
नियम 9 का 2. संशोधन
समान नागरिक संहिता नियमावली, उत्तराखण्ड, 2025 के नियम 9 के उपनियम (3 ) के अंत में स्पष्टीकरण निम्नवत् अन्तःस्थापित कर दिया जाएगा, अर्थात्ः-
" स्पष्टीकरणः- पंजीकृत विवाह की अभिस्वीकृति के मामले में उपनियम (3) (ज) , (3) (ञ), ( 3) (ड)( iv) (क), (3) (ड) ( iv) (ख) , (3) (ड)( vi) (क) , (3 ) (ड) ( vi )(ख) एवं (3 )(ड)( vi ) (ग) के प्रावधान लागू नहीं होंगे । "
आज्ञा से ,
शैलेश बगौली,
सचिव ।
the In pursuance of the provision of clause (3 ) of Article 348 of "the Constitution of India " , vernor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.877 /XX - 5-2025-03 ( 10) 2025, Dated- June 19 , 2025 for general Information .
NOTIFICATION
June 19 , 2025
No.877 / XX - 5-2025-03 ( 10 ) 2025 --In exercise of the powers conferred by Section 48 of the Uniform Civil Code , Uttarakhand , 2024 , the Governor is pleased to make the following rules with a view to amend the Uniform Civil Code Rules , Uttarakhand , 2025: - 544
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई ० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
The Uniform Civil Code ( Second Amendment ) Rules , Uttarakhand , 2025
1.
Short title and commencement
(1) These Rules may be called the Uniform Civil Code (Second Amendment) Rules , Uttarakhand , 2025 .
(2) It shall come into force at once .
2.
Rule 9 Amendment of In the Uniform Civil Code Rules , Uttarakhand , 2025 , in the end of sub rule (3 ) of rule 9 explanation shall be inserted as follows , namely : - "Explanation : The provisions of sub - rules (3 ) ( h ) , ( 3 ) (j ) , (3 ) (m) ( iv ) ( a) , (3 ) ( m ) ( iv ) (b ) , (3 ) (m) (vi ) ( a) , (3 ) (m) (vi ) (b ) and (3 ) (m) (vi)(c) shall not apply in the case of acknowledgement of a registered marriage . "
ByOrder, SHAILESH BAGOULI , Secretary.
गृह अनुभाग -5
अधिसूचना
03 जुलाई , 2025 ई ०
संख्या-960 XX ( 5 )/ 25/03 (10 ) 2024-70039- गृह विभाग , उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्याः 785/ XX(5 ) 25/03 ( 10 ) 2024-70461 , दिनांक 06 जून 2025 द्वारा दिनांक 27 जनवरी , 2025 से पूर्व संपन्न हुए विवाहों के पंजीकरण / अभिस्वीकृति को दिनांक 26 जुलाई , 2025 तक निःशुल्क किये जाने का प्रावधान किया गया है । शासन द्वारा सीमित अवधि के लिये प्रावधानित इस सुविधा का जनपद स्तर पर व्यापक प्रचार- प्रसार किये जाने के निमित्त राज्य के प्रत्येक जनपद में IEC गतिविधियों हेतु ₹ 10 लाख रूपये प्रति जनपद धनराशि का प्रावधान किया जाता है ।
02- जिलाधिकारी द्वारा सुसंगत वित्तीय नियमों एवं मदों के अंतर्गत व्यय सुनिश्चित करते हुए जनपदीय नोडल अधिकारी द्वारा निर्धारित अवधि के स्वप्रमाणित बीजक शासन को भुगतान हेतु उपलब्ध कराये जायेंगे , जिनके भुगतान संबंधित अंतिम कार्यवाही पुलिस मुख्यालय , उत्तराखण्ड स्तर से संपादित की जायेगी ।
शैलेश बगौली , सचिव ।
पी० एस ० यू० ( आर ० ई ० ) 27 हिन्दी गजट / 307 - भाग 1-2025 ( कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की , शनिवार , दिनांक 05 जुलाई, 2025 ई ० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 1 - क
नियम , कार्य -विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
May 07, 2025
No. 71 /XIV- 95 /Admin.A/ 2003 --Ms . Kusum , Additional District & Sessions Judge /Special Judge ( POCSO) , Haridwar, is hereby sanctioned earned leave for 18 days w.e.f. 27.08.2024 to 13.09.2024 with permission to prefix 25.08.2025 & 26.08.2025 as Sunday and Janmashtami and suffix 14.09.2024 to 17.09.2024 as holidays.
NOTIFICATION
May07, 2025
No. 72/ XIV/ a - 33 /Admin.A/ 2017 --Ms . Minakshi Dubey, Civil Judge ( Jr. Div. ) , Ramnagar District Nainital is hereby sanctioned child care leave for 31 days w.e.f. 14.01.2025 to 13.02.2025 .
233-ख 234
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
NOTIFICATION
May 07, 2025
No. 73 /XIV- a /55/ Admin.A/ 2012 --Ms . Indu Sharma, 1st Additional Civil Judge ( Sr. Div. ) , Udham Singh Nagar is hereby sanctioned child care leave for 07 days w.e.f. 17.03.2025 to 23.03.2025 with permission to prefix 13.03.2025 to 16.03.2025 as Holi holidays .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
NOTIFICATION
May 13, 2025
No. 74 / XIV -4 / Admin.A/2008 --Ms . Pratibha Tiwari , Registrar ( Inspection ) , High Court of Uttarakhand, Nainital is hereby sanctioned earned leave for 05 days w.e.f. 23.12.2024 to 27.12.2024 with permission to prefix 22.12.2024 as Sunday holiday and suffix 28.12.2024 & 29.12.2024 as holidays , for the purpose of L.T.C.
By Order of Hon'ble the Acting Chief Justice ,
Sd/-
Registrar General .
NOTIFICATION
May 13, 2025
No. 75 /XIV / a - 43 / Admin.A/ 2017 -- Shri Laval Kumar Verma , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Chamoli is hereby sanctioned earned leave for 23 days w.e.f. 02.12.2024 to 24.12.2024 with permission to prefix 01.12.2024 as Sunday holiday and suffix 25.12.2024 to 01.01.2025 as winter vacation and New Year's holiday respectively.
NOTIFICATION
May 13, 2025
No. 76 /XIV / a - 43 / Admin.A/ 2017 --Shri Laval Kumar Verma , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Chamoli is hereby sanctioned paternity leave for 15 days w.e.f. 15.04.2025 to 29.04.2025 with permission to prefix 13.04.2025 & 14.04.2025 as Sunday & Ambedkar Jayanti holiday.
NOTIFICATION
May 13, 2025
No. 77 /XIV- a / 37 / Admin.A/ 2012--Shri Sandip Kumar Tiwari , Principal Magistrate ( 1st Class ) , Juvenile Justice Board, Dehradun , is hereby sanctioned earned leave for 14 days w.e.f. 25.01.2025 to 07.02.2025 with permission to suffix 08.02.2025 & 09.02.2025 as second Saturday and Sunday holidays respectively.
By Order of Hon'ble the Administrative Judge , Sd/-
Registrar ( Inspection ) .
भाग 1 -क]
235 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० ( आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
May 13, 2025
No. 78 /XIV- a - 40 /Admin.A/2015 --Shri Kapil Kumar Tyagi , 3rd Additional Chief Judicial Magistrate , Dehradun, is hereby sanctioned earned leave for 15 days w.e.f. 11.02.2025 to 25.02.2025 with permission to suffix 26.02.2025 asSunday holiday.
By Order of Hon'ble the Vacation Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
NOTIFICATION
May 14, 2025
No. 79 / XIV / 36 /Admin.A/ 2008--Ms . Sangeeta Rani , Additional District & Sessions Judge , Fast Track Special Court( FTSC) POCSO , U.S. Nagar is hereby sanctioned child care leave for 32 days w.e.f. 15.02.2025 to 18.03.2025.
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection) .
NOTIFICATION
May 14, 2025
No. 80 / XIV / a - 29/Admin.A- 2/ 2023 --Ms . Anjali Benjwal IVth Additional District & Sessions Judge , Dehradun is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 27.01.2025 to 05.02.2025 with permission to prefix 26.01.2025 asSunday holiday.
By Order of Hon'ble the Vacation Judge ,
Sd/-
Registrar ( Inspection).
NOTIFICATION
May 14, 2025
No. 81 /XIV- a - 33/Admin.A/2019 --Ms. Anjali Noliyal , Additional District & Sessions Judge , Ranikhet District Almora is hereby sanctioned earned leave for 10 days w.e.f. 19.04.2025 to 28.04.2025 with permission to prefix 18.04.2025 as Good Friday holiday.
NOTIFICATION
May 16, 2025
No. 82/XIV- a - 38 /Admin.A/ 2020 --Ms . Shubhangi Gupta , Civil Judge ( Jr. Div. ), Almora is hereby sanctioned medical leave for 15 days w.e.f. 17.03.2025 to 31.03.2025 .
236 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[ भाग 1 -क
NOTIFICATION
May 16, 2025
No. 83 /XIV- a - 35 /Admin.A/2015 --Shri Amit Kumar, 3rd Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun , is hereby sanctioned earned leave for 21 days w.e.f. 07.02.2025 to 27.02.2025.
NOTIFICATION
May 16, 2024
No. 84 /XIV / 12 / Admin.A/ 2008 -- Shri Ashutosh Kumar Mishra , 1st Additional District Judge , Udham Singh Nagar is hereby sanctioned medical leave for 07 days w.e.f. 21.03.2025 to 27.03.2025.
NOTIFICATION
May 16, 2025
No. 85/XIV - a - 37 /Admin.A/ 2015 -- Shri Mithilesh Pandey, Chief Judicial Magistrate , Tehri Garhwal is hereby sanctioned medical leave for 15 days w.e.f. 18.03.2025 to 01.04.2025 .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge , Sd/- Registrar ( Inspection) .
पी० एस ० यू० ( आर ० ई० ) 27 हिन्दी गजट / 307 - भाग 1 - क-2025 ( कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA / DO / DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की , शनिवार, दिनांक 05 जुलाई, 2025 ई ० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 3
स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़-पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी
(पंचास्थानि चुनावालय ) देहरादून
सूचना
23 जून, 2025 ई ०
संख्या 441 / त्रि 0 पां ०निर्वा0-2025-" भारत का संविधान " के अनुच्छेद 243 - ट में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग , उत्तराखण्ड, देहरादून की अधिसूचना संख्या-1141 / रा ० नि ० आ०अनु0-2/4324 / 2025 देहरादून दिनांक-21.06.2025 द्वारा राज्य के 12 (बारह) जनपदों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर ) की समस्त ग्राम पंचायतों के सदस्यों, ग्राम पंचायतों के प्रधानों, क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों एवं जिला पंचायतों के सदस्यों के निर्वाचन का कार्यक्रम अधिसूचित किया गया है । तद्नुसार मैं संविन बंसल , जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) , देहरादून एतद्वारा निर्देश देता हूँ कि जनपद देहरादून की समस्त ग्राम पंचायतों के सदस्यो, ग्राम पंचायतों के प्रधानों, क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों एवं जिला पंचायतों के सदस्यों के निर्वाचन राज्य निर्वाचन आयोग , उत्तराखण्ड, देहरादून के द्वारा विनिर्दिष्ट निम्नालिखित समय सारिणी के अनुसार सम्पन्न कराये जायेगेः-
13- घ 14
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
निर्वाचक चक
[भाग 3
मतदान की तिथियां
नाम वापसी
हेतु तिथि
नामांकन की तिथियां
नामांकन पत्रों की जांच की तिथियां
2
1
3
मतगणना एवं परिणामों की घोषणा
निर्वाचक प्रतीक आवंटन की तिथि
6
7
4
प्रथम चक
5
10.07.2025 (पूर्वान्ह 08. 00 बजे से अपरान्ह 05 . 00 बजे तक)
02.07.2025
(पूर्वान्ह्न 08.00
बजे से
अपरान्ह 03.00
बजे तक)
चकराता , कालसी एवं विकासनगर
29.06.2025 से 01.07. 2025 तक ( पूर्वान्ह 08.00 बजे से कार्य की समाप्ति तक)
25.06.2025 से 28.06. 2025 (पूर्वान्ह्न 08. 00 बजे से अपरान्ह 04. 00 बजे तक)
03.07.2025 ( पूर्वान्ह 08.00 बजे से कार्य की समाप्ति तक)
19.7.2025 (पूर्वान्ह08. 00 बजे से कार्य की समाप्ति तक)
-तदैव-
-तदैव-
-तदैव- -तदैव- द्वित्तीय चक डोईवाला, रायपुर एवं सहसपुर
15.07.2025 (पूर्वान्ह08. 00 बजे से अपरान्ह 05 . 00 बजे तक)
08.07.2025 (पूर्वान्ह08.00 बजे से कार्य की समाप्ति तक)
उपर्युक्त सूचना के अधीन सभी निर्वाचन अधिकारी सम्बन्धित ग्राम पंचायतों के सदस्यों, ग्राम पंचायतों के प्रधानों, क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों तथा जिला पंचायतों के सदस्यों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का (समस्त पदों/ स्थानों का आरक्षण सहित) पूर्ण विवरण देते हुए अपने स्तर से सार्वजनिक सूचना नामांकन के प्रथम दिनांक से पूर्व निर्गत करेंगें ओर उसकी प्रति अधोहस्ताक्षरी को तत्काल प्रेषित करेंगें । सदस्य ग्राम पंचायत प्रधान ग्राम पंचायत एवं सदस्य क्षेत्र पंचायत के प्रत्याशियों के नाम - निर्देशन पत्रों की विकी सम्बन्धित विकासखण्ड मुख्यालयों पर तथा सदस्य जिला पंचायत के प्रत्याशियों के नाम निर्देशन पत्रों की विकी जिला पंचायत मुख्यालय पर अधोहस्ताक्षरी द्वारा सूचना जारी करने की तिथि से (अर्थात दिनांक-23.06.2025 से दिनांक-27.06.2025 तक) कार्यालय समय मे तथा दिनांक-28.06.2025 को अपरान्ह 3.00 बजे तक निर्वाचन अधिकारी/ सहायक निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जायेगी ।
इन निर्वाचनों में वही निर्वाचन प्रकिया अपनाई जायगी, जो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित एवं निर्देशित है । सदस्य ग्राम पंचायत , प्रधान ग्राम पंचायत एवं सदस्य क्षेत्र पंचायत के पदों/ स्थानों के विषय मे नामांकन पत्र दाखिल करने, उनकी जांच करने व नाम वापसी तथा निर्वाचन प्रतीक आवंटन का कार्य क्षेत्र पंचायत (विकासखण्ड) मुख्यालय पर होगा । मतों की गणना क्षेत्र पंचायत (विकास खण्ड) के मुख्यालय पर की जायेगी तथा परिणाम भी क्षेत्र पंचायत मुख्यालय पर ही घोषित किया जायेगा ।
सदस्य जिला पंचायत के स्थानों के नामांकन पत्र दाखिल करने, उनकी जांच करने व नाम वापसी तथा निर्वाचन प्रतीक आवंटन का कार्य जिला पंचायत मुख्यालय पर होगा, किन्तु मतों की गणना सम्बन्धित क्षेत्र पंचायतों के मुख्यालय पर होगी और निर्वाचन परिणाम जिला पंचायत मुख्यालय पर घोषित किये जायेंगे ।
स्थान- देहरादून
दिनांक- 23.06.2025
सविन बंसल , जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी , (पंचायत) देहरादून ।
भाग 3]
15 उत्तराखण्ड गजट, 05 जुलाई , 2025 ई ० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी (पं ० ) नैनीताल
सूचना
24 जून , 2025 ई ०
पत्रांक 311 / पंचास्थानि / त्रिस्तरीय पं० सा0 निर्वा -2025 / सूचना / 2025- राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड, देहरादून की अधिसूचना संख्या 1242 / रा०नि ० आ०अनु0-2/4324 /2025 दिनांक 24 जून, 2025 (छाया प्रति संलग्न) के द्वारा अवगत कराया गया है कि मा०उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड द्वारा रिट याचिका संख्या 410 (एम० बी०) वर्ष 2025 गणेश दत्त काण्डपाल बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक 23.06.2025 को आदेश पारित किया गया है कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन हेतु राज्य सरकार द्वारा आरक्षण की नियमावली का प्रख्यापन विधिवत अधिसूचित न होने के कारण उक्त नियमावली के अनुपालन में आरक्षण निर्धारण एवं इसके अनुसार की गई सम्पूर्ण कार्यवाही अग्रिम आदेशों तक स्थगित की गयी है ।
राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना संख्या 1141 / रा० नि० आ० अनु0-2/4324 / 2025 देहरादून दिनांक 21 जून , 2025 क्रम में कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट / जिला निर्वाचन अधिकारी (पं०) जनपद नैनीताल द्वारा निर्गत सूचना संख्या 200 / पंचारथानि/ त्रिस्तरीय पं० सा० निर्वा-2025 / सूचना/ 2025 दिनांक 23 जून, 2025 द्वारा जनपद नैनीताल की समस्त ग्राम पंचायतों के सदस्यों, ग्राम पंचायतों के प्रधानों, क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों एवं जिला पंचायत के सदस्यों के निर्वाचन का कार्यक्रम सूचना जारी किया गया था ।
उपरोक्त कार्यक्रम में दिनांक 25.06.2025 से दिनांक 28.06.2025 ( पूर्वाह्न 08:00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक) नामांकन एवं तदोपरान्त निर्वाचन का अग्रिम कार्यक्रम निर्धारित किया गया था । चूँकि गा० उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल के आदेश से राज्य सरकार सम्बन्धी सम्पूर्ण कार्यवाही अग्रिम अदेशों तक स्थगित की गई है ।
अतः मा० राज्य निर्वाचन आयोग , उत्तराखण्ड, देहरादून के उक्त अधिसूचना के अनुपालन में जनपद द्वारा निर्गत सूचना संख्या 200 / पंचास्थानि/ त्रिस्तरीय पं० सा० निर्वा-2025 / सूचना / 2025 दिनांक 23 जून, 2025 में विनिर्दिष्ट दिनांक 25.06.2025 से नामांकन की कार्यवाही एवं अन्य कार्यवाहियां अग्रिम आदेशों तक स्थगित की जाती है ।
ह० / - जिला मजिस्ट्रेट/ जिला निर्वाचन अधिकारी ( पं०) , नैनीताल ।
पी० एस ०यू० (आर ०ई 0) 27 हिन्दी गजट / 307 - भाग - 3-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड , रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की , शनिवार, दिनांक 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं 0 884155617686 में त्रुटिवश मेरा नाम TANAY MEHROTRA दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम DEEPESH MEHROTRA है । भविष्य में मुझे DEEPESH MEHROTRA S / O VIKAS MEHROTRA के नाम से जाना व पहचाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
DEEPESH MEHROTRA
S/ O VIKAS MEHROTRA
निवासी फ्लैट नं 0126/ पी-2 , दीप गंगा अपार्टमेंट रोशनाबाद , न्यायालय हरिद्वार , उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरी पुत्री के आधार कार्ड नं 0 315615854971 में त्रुटिवश उसका नाम सिमरन अंसारी (SIMRAN ANSARI ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम सिमराह अंसारी (SIMRAH ANSARI ) है । जो उसके जन्म प्रमाण - पत्र रजि० सं ० 001613 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को सिमराह अंसारी (SIMRAH ANSARI ) D/ O NAUSHAD ALI के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
नौशाद अली पुत्र जमशैद अली निवासी 163 माहीग्रान रामपुर रोड भारत धर्म कांटा रूड़की तहसील रूडकी जिला हरिद्वार उत्तराखण्ड-247667
259- ट 260
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरी पुत्री नेहा के हाईस्कूल प्रमाणपत्र अनुक्रमांक 23051179 में त्रुटिवश माता का नाम अंजू देवी व पिता का नाम धर्मेंद्र सिंह गलत दर्ज हो गया है । जबकि माता का सही नाम मंजू देवी व पिता का सही नाम धर्मेन्द्र है । समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
धर्मेन्द्र पुत्र प्रेम लाल निवासी ग्राम दनाडा पोस्ट भरपूर तहसील देवप्रयाग जिला टिहरी - गढवाल उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे आधारकार्ड संख्या 740935483163 मैं मेरा नाम नाहिद गलत दर्ज है , जबकी सही नाम कहकशा ( KAHKASHA) पुत्री इरशाद मेरी हाईस्कूल अनुक्रमांक 21005280 मैं भी दर्ज हैं । भविष्य मैं मुझे इसी नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
कहकशा पुत्री इरशाद निवासी ग्राम शिवदासपुर उर्फ तेल्लीवाला पोस्ट धनौरी हरिद्वार उत्तराखण्ड 247667
सूचना
मनोज कुमार पाण्डेय पुत्र आद्यशरण पाण्डेय का सन्यास दीक्षा के बाद नाम महावीर दास शिष्य सत्यनारायण दास निवासी शिवम एन्कलेव रघुनाथ अटारी धाम भूपतवाला हरिद्वार हो गया है । भविष्य में इसी नाम से जाना पहचाना जाएगा ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
महावीर दास शिष्य सत्यनारायण दास निवासी शिवम एन्कलेव रघुनाथ अटारी धाम भूपतवाला हरिद्वार
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं0 465562257936 त्रुटिवश मेरा नाम मो गुलबहार गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम शोएब कुरैशी है । जो मेरे जन्म प्रमाण - पत्र सं 0 0126 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे शोएब कुरैशी पुत्र मो . इकराम के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
शोएब कुरैशी पुत्र मो . इकराम निवासी-कारगी , खेडा मंदिर , विजिलेन्स ओफिस रोड कारगी , बंजरावाला, देहरादून , उत्तराखण्ड | भाग 8 ]
261 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई ० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरेआधार कार्ड नं. 673377986264 में त्रुटिवश मेरा गलत नाम मदन सिंह नेगी (MADAN SINGH NEGI ) दर्ज हो गया है । जबकि मेरे हाई स्कूल सर्टिफिकेट अनुक्रमांक नं. 1695167 में मेरा सही नाम मदन सिंह (MADAN SINGH) दर्ज है । भविष्य में मुझे मदन सिंह (MADAN SINGH ) पुत्र दरवान सिह (DARWAN SINGH ) के नाम से जाना पहचाना पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
मदन सिंह (MADAN SINGH)
पुत्र दरवान सिह (DARWAN SINGH )
निवासी म.नं.-112 A डोगरा लाइन दुर्गा कॉलोनी , तोड़ा कल्याणपुर , रुड़की , उत्तराखण्ड-247667
सूचना
मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 261638 व आधार कार्ड नं. 704207013891 एवं मेरे सर्विस अभिलेखों में मेरा नाम Arun Kumar Bahukndi दर्ज है । जबकि मेरे पैन कार्ड नं. APEPB1240G एवं पत्नी के आधार कार्ड व बच्चों के शैक्षिक अभिलेखों में मेरा नाम Arun Kumar Bahukhandi दर्ज है । ये दोनों ही नाम मेरे ही है । भविष्य में मुझे मेरे दोनों नामों Arun Kumar Bahukndi उर्फ Arun Kumar Bahukhandi के नामों से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Arun Kumar Bahukhandi पुत्र स्व. Manorath Prasad Bahukhndi 78 मियाँवाला आनंद विहार काला की गली हर्रावाला देहरादून उत्तराखण्ड-248001
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पैन कार्ड संख्या BEGPS5145K मे मेरा नाम Mahesh Chand Sharma व पिता का नाम Mangat Ram Sharma दर्ज है, जबकि आधार कार्ड संख्या 610105888788 में मेरा नाम Mahesh Chandra Penuli व पिता का नाम Manguram दर्ज है । भविष्य में मुझे Mahesh Chandra Penuli पुत्र Manguram के नाम से जाना पहचाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
महेश चंद्र पैन्यूली पुत्र श्री मंगुराम निवासी मकान नम्बर 114 / 1 शास्त्री नगर हरिद्वार मार्ग , ऋषिकेश, जिला देहरादून उत्तराखण्ड , पिन-249202
सूचना
मैंने अपनी पुत्री का नाम अनअमता से बदलकर अलीजा (Aliza) कर लिया है भविष्य में उसे अलीजा (Aliza) के नाम से जाना पहचाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
मोहम्मद मुस्तकीम पुत्र मोहम्मद मुर्तजा निवासी-मोहल्ला- किला मंगलौर जिला- हरिद्वार 262
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
सूचना
मैंने अपना नाम शकुन्तला बौड़ाई से बदलकर सविता बौड़ाई रख लिया है । भविष्य में मुझे सविता बौड़ाई के नाम से जाना व पहचाना जाय ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
श्रीमती सविता बौड़ाई पत्नी सुनील बौड़ाई निवासी चन्द्रबनी रोड़ पो . ओ . मोहब्बेवाला, देहरादून, उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरी पुत्री को आधार कार्ड नं. 873555295251 में त्रुटिवश उसका नाम पायल गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम दिव्या गुप्ता (Divya Gupta) है । जो उसके जन्म प्रमाणपत्र पंजीकरण सं ० B202409694720000085 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को दिव्या गुप्ता (Divya Gupta) D/ o बबलू गुप्ता के नाम से जाना पहचाना व पुकरा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
बबलू गुप्ता निवासी गली नं0 33 के सामने 20 बीघा बापूग्राम शिवाजी नगर वीरभद्र ऋषिकेश , देहरादून उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं 0 218000214885 में त्रुटिवश मेरा नाम SAKSHI RAI गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम SHAKSHI RAI है । जो कि मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 5311961 व इण्टरमीडिएट अनुक्रमांक 25616188 तथा अन्य दस्तावेजों मे भी दर्ज है । भविष्य में मुझे SHAKSHI RAI D / O LATE KARAN RAI के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
SHAKSHI RAI D/ o LATE KARAN RAI निवासी बीईजी कैप रोड, नजदीक होसियारी मंदिर प्रतीत नगर रायवाला देहरादून, उत्तराखण्ड
सूचना
मेरे पेन कार्ड नं ० CFGPK7305M में त्रुटिवश मेरा नाम KESHAV CHAUHAN गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम KESHAV KUMAR है । भविष्य में मुझे KESHAV KUMAR S / O SUBHASH SINGH के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
KESHAV KUMAR S / O SUBHASH SINGH
निवासी 215 , बहादराबाद , इण्डस्ट्रीयल एरिया के पास जमालपुर खुर्द, हरिद्वार ।
भाग 8 ]
263 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा,
जनपद -पौड़ी गढ़वाल
ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियंत्रण उपविधि-2024
02 सितम्बर , 2024 ई ०
पत्रांक 346 / आदेश / 2024-25- नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा जनपद-पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखण्ड) की सीमान्तर्गत उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम -1916 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की धारा 298 (2 ) शीर्षक ( ई) उपखण्ड " बी " के अन्तर्गत दी गई शक्तियों के अधीन , नगर पालिका परिषद्, इस एक्ट के आधार पर सक्षम अधिकारी के तौर पर नगर पालिका परिषद् , दुगड़डा, जनपद - पौड़ी गढ़वाल अपने क्षेत्रान्तर्गत निर्माण कार्यो के सम्पादन करने हेतु ठेकेदारों के पंजीकरण एवं नियंत्रण के लिए ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियंत्रण उपविधि बनायी गयी है । जो नगर पालिका अधिनियम -1916 की धारा -301 (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला है उनसे आपत्ति एवं सुझाव हेतु प्रकाशित की जा रही है ।
अतः समाचार पत्र में उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर लिखित सुझाव एवं आपत्तियां अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद- पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखण्ड) को प्रेषित की जा सकेगी । वाद - मियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नही किया जायेगा । यह उपविधि गजट में प्रकाशन हेतु भेजे जाने की तिथि से लागू होगी इन उपविधियों के लागू होते ही पूर्व में लागू उपविधियां स्वतः ही निरस्त हो जाएगी ।
परिभाषाः 1-
यह उपविधि नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद-पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखण्ड) के ठेकेदारों को नियंत्रित एवं पंजीकरण उपविधि 2024 कहलायेगी । (1)
"नगर पालिका" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा , जनपद-पौड़ी गढ़वाल से है। (2)
(3) "बोर्ड" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद-पौड़ी गढ़वाल के निर्वाचित अध्यक्ष/ सभासदों से है ।
(4) "अधिनियम" का तात्पर्य उ0प्र0 नगर पालिका अधिनियम 1916 (यू0पी0 म्यूनिसिपेलिटी एक्ट सं0-2 , 1916 तथा संशोधित ) जो कि वर्तमान में उत्तराखण्ड प्रदेश में भी लागू है- से है ।
(5) "प्रशासक" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद-पौड़ी गढ़वाल के प्रशासक /अध्यक्ष जैसी भी स्थिति हो से है।
(6) "अधिशासी अधिकारी" का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद-पौड़ी गढ़वाल से है ।
(7) "पंजीकरण" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद् द्वारा कराये जाने वाले निर्माण कार्यों हेतु ठेकेदारों के पंजीकरण से है ।
(8) "ठेकेदार" का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति/फर्म से है जो नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद- पौड़ी गढ़वाल में समस्त निर्माण कार्य , सड़क/ नाली निर्माण, पुर्ननिर्माण, 264
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
सामग्री आपूर्ति एवं अन्य कार्य जो संविदा के अन्तर्गत आते हों, को करने का इच्छुक है ।
(9) "श्रेणी" का तात्पर्य ठेकेदार की प्रथम , द्वितीय , तृतीय एवं चतुर्थ (ABCD ) श्रेणी से है ।
2- पंजीकरण की प्रक्रियाः
नगर पालिका परिषद् के सड़क/नाली , पुस्ता एवं भवन के निर्माण कार्य के सम्पादन एवं सामग्री हेतु ठेकेदारों की चार श्रेणीयां होगी । इच्छुक व्यक्ति प्रथम , द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में निम्न औपचारिकताओं को पूर्ण कर अपना पंजीकरण करा सकता है-
(1) वह भारत का नागरिक हो तथा नगर सीमा , जपनद या उत्तराखण्ड प्रदेश में कम से कम 15 वर्ष से निवास करता हो। इसके लिए आवश्यक प्रमाण पत्र तथा दो पासपोर्ट साईज फोटो व जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण पत्र जो कि छः माह की अवधि के अन्दर का हो देने अनिवार्य होगें ।
(2) जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त हैसियत प्रमाण पत्र (श्रेणीवार हैसियत सीमा निम्न प्रकार निर्धारित की जाती है )
(क) प्रथम श्रेणी के लिए
30.00 लाख
(ख ) द्वितीय श्रेणी के लिए
25.00 लाख
(ग) तृतीय श्रेणी के लिए
15.00 लाख
10.00 लाख
(घ) चतुर्थ श्रेणी के लिए
(3) प्रथम श्रेणी- प्रथम श्रेणी के पंजीकरण कराने हेतु लोक निर्माण विभाग , सिंचाई विभाग, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग , नगर पालिका एवं जिला पंचायत आदि विभागों में कम से कम सड़क/ नाली एवं भवन निर्माण का 10 वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र एवं किसी एक वित्तीय वर्ष में 50.00 लाख के अनुबन्ध (बाण्ड ) पत्र देने अनिवार्य होगें। इसके अतिरिक्त स्वयं की तकनीकी अभियन्ता एवं टी०एण्ड०पी० मिक्सचर मशीन तथा बाईवरेटर आदि आवश्यक उपकरण होने आवश्यक होगें । (अनुभव प्रमाण पत्र अधिशासी अभियन्ता/अधिशासी अधिकारी/अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किया गया मान्य होगा ) ।
(4) द्वितीय श्रेणी- द्वितीय श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उपरोक्त विभागों में कम से कम 05 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण पत्र एवं किसी एक वित्तीय वर्ष में 25 लाख के अनुबन्ध (वाण्ड ) पत्र देने अनिवार्य होगें । इसके अतिरिक्त स्वयं की तकनीकी अभियन्ता एवं टी०एण्ड०पी० मिक्सचर मशीन तथा बाईवरेटर आदि आवश्यक उपकरण होने आवश्यक होगें । (अनुभव प्रमाण पत्र अधिशासी भाग 8 ]
265 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
अभियन्ता/अधिशासी अधिकारी /अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किया गया मान्य होगा ) ।
(5) तृतीय श्रेणी तृतीय श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उत्तराखण्ड सरकार / भारत सरकार के किसी भी विभाग में कम से कम 03 वर्ष का कार्य किया गया हो , का अनुभव प्रमाण पत्र देना होगा । इसके अतिरिक्त स्वयं की तकनीकी अभियन्ता एवं टी०एण्ड०पी० मिक्सचर मशीन तथा बाईवरेटर आदि आवश्यक उपकरण होने आवश्यक होगें ।
(6) चतुर्थ श्रेणी- चतुर्थ श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उत्तराखण्ड सरकार / भारत सरकार के किसी भी विभाग तथा प्रथम श्रेणी के ठेकेदार द्वारा जिसके साथ कम से कम एक वर्ष का कार्य किया गया हो, का अनुभव प्रमाण पत्र देना होगा।
(7) प्रत्येक ठेकेदार को आयकर व व्यापार कर विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य होगा तथा पंजीकरण प्रार्थना पत्र के साथ उक्त विभाग के पंजीकरण का प्रमाण पत्र देना होगा तथा पंजीकरण नम्बर के अभिलेख की छायाप्रति देनी होगी ।
3- पंजीकरण की अवधिः
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 01 अप्रैल से 30 जून तक ही ठेकेदारों के पंजीकरण किये जा सकेगें । पंजीकरण के निर्धारित प्रार्थना पत्र के प्रारूप को 200.00 पालिका कोष में जमा कर क्रय करना होगा तथा पंजीकरण हेतु प्रार्थना पत्र निर्धारित प्रारूप पर मान्य होगा जो अवर अभियन्ता की आख्या पर अधिशासी अधिकारी की संस्तुति पर अध्यक्ष/ प्रशासक द्वारा स्वीकृत किया जायेगा। तत्पश्चात् ही पंजीकरण शुल्क एवं जमानत शुल्क जमा किया जायेगा पंजीकरण की वैधता 01 अप्रैल से 31 मार्च होगी ।
4- जमानतेंः
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार स्थायी/जनरल जमानत राशि राष्ट्रीय बचत पत्र/एफ०डी०आर० के रूप में अधिशासी अधिकारी के पदनाम से बन्धक कर प्रार्थना पत्र के साथ देनी होगी-
(अ) प्रथम श्रेणी के लिए
(ब) द्वितीय श्रेणी के लिए
(स) तृतीय श्रेणी के लिए
(द) चतुर्थ श्रेणी के लिए 266
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8 5- पंजीकरण शुल्कः
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार पंजीकरण शुल्क नगद रूप में नगर पालिका कोष में जमा करना होगा। भविष्य में पंजीकरण शुल्क बढाने का अधिकार पालिका बोर्ड में निहित होगा ।
(अ) प्रथम श्रेणी के लिए
8,000.00
(ब) द्वितीय श्रेणी के लिए
6,000.00
(स) तृतीय श्रेणी के लिए
5,000.00
(द) चतुर्थ श्रेणी के लिए
3,000.00
6- नवीनीकरणः
(1) अध्यक्ष/प्रशासक जैसी भी स्थिति हो एंव अधिशासी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि किसी भी ठेकेदार के पंजीकरण के नवीनीकरण को उसके त्रुटिपूर्ण कार्य के कारण पंजीकरण/नवीनीकरण से रोका जा सकता है अथवा निरस्त किया जा सकता है ।
(2) नवीनीकरण से पूर्व प्रत्येक ठेकेदार को निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पत्र जिसका मूल्य रु0.200.00 होगा नगर पालिका कार्यालय से क्रय कर विगत वर्ष किये गये कार्यों का विवरण देना होगा । ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार नवीनीकरण शुल्क नगद रूप में नगर पालिका कोष में जमा करना होगा-
प्रथम श्रेणी के लिए
6,000.00
(अ)
द्वितीय श्रेणी के लिए
(ब )
5,000.00
4,000.00
तृतीय श्रेणी के लिए
(स)
2,000.00
चतुर्थ श्रेणी के लिए
(द)
7- निर्माण के सम्पादन की सीमाः
प्रत्येक श्रेणी के ठेकेदारों को निम्नानुसार कार्य के टेण्डर लेने का अधिकार
होगा-
(1) प्रथम श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदार सभी प्रकार (असीमित धनराशि के ) निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होगें ।
(
2) द्वितीय श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदार रू0 3.00 करोड तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होगें ।
भाग 8]
267 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई ० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
(3) तृतीय श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदार रू0. 1.50 करोड तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होगें ।
(4) चतुर्थ श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदार रू0.0.75 लाख तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकारी होगें ।
8- निविदा प्रपत्र का मूल्यः
निविदा प्रपत्र का मूल्य निर्माण कार्य के व्यय अनुमान (आंगणन ) धनराशि पर निम्न प्रकार निर्धारित किया जायेगा-
क्र.स.
कार्य की लागत
निविदा मूल्य 1.
रु0 . 50,000.00 तक
200/- 2.
रू0.1.00 लाख से 5.00 लाख तक
500/- 3.
रू0.5.00 लाख से 10.00 लाख तक
1,000/- 4.
रू0. 10.00 लाख से 20.00 लाख तक
1,500/- 5.
रू0 . 20.00 लाख से 30.00 लाख तक
2,000/- 6.
रू0.30.00 लाख से 40.00 लाख तक
2,500/- 7.
रु0.40.00 लाख से 50.00 लाख तक
3,000/- 8.
रू0. 50.00 लाख से 100.50 लाख तक
4,000/- 9.
रू0 . 100.50 लाख से ऊपर तक
5,000/-
प्रत्येक ठेकेदार विभागीय कार्यों का ठेका लेने के लिए नगर पालिका से निविदा प्रपत्र नगद मूल्य (जी०एस०टी०सहित ) देकर खरीदेगा निविदा प्रपत्र का मूल्य जमा होने के पश्चात् किसी भी स्थिति में न तो वापिस होगा और न ही आगामी निविदाओं में समायोजित होगा । निविदा प्रपत्र नगर पालिका के पंजीकृत ठेकेदारों को ही विक्रय किया जायेगा । उपरोक्त दरें शासन के निर्देशानुसार परिवर्तनीय होगी ।
9- निविदा स्वीकार करने का अधिकारः
ठेकेदार द्वारा डाली गई निविदाओं में न्यूनतम् निविदाओं को स्वीकृत करने का अधिकार अध्यक्ष/प्रशासक जैसी भी स्थिति हो व अधिशासी अधिकारी का होगा परन्तु किसी भी निविदा को बिना कारण बताये स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने का अधिकार भी अध्यक्ष/प्रशासक जैसी भी स्थिति हो को 268
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई, 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
होगा। इस दशा में पुनः निविदायें आमंत्रित की जा सकती है । निविदा डालने के 06 माह बाद तक ठेकेदार उन्ही दरों पर कार्य करने के लिए बाध्य होगा।
10- धरोहर राशिः
निविदायें डालने समय 03 प्रतिशत धरोहर धनराशि प्रत्येक श्रेणी के ठेकेदारों को प्रतिभूति के रूप में जमा करनी आवश्यक है और यह प्रतिभूति अधिशासी अधिकारी के नाम बन्धक होगी । ऐसी प्रतिभूति को पूर्व के कार्यों में जमा प्रतिभूति के रूप में मान्य नहीं किया जायेगा, जब तक कि उन्हें अवमुक्त नही किया गया हो ।
11- ठेकेदार का भुगतानः
कार्य समाप्ति के पश्चात् ठेकेदार को कार्य सन्तोषजनक होने पर नियमानुसार बिल की धनराशि से समय-समय पर निर्धारित दरों के अनुसार आयकर , व्यापार कर , रॉयल्टी एवं जमानत की राशि काटने के उपरान्त सभासद/अवर अभियन्ता के कार्य सन्तोषजनक प्रमाण पत्र पर भुगतान किया जा सकेगा। जमानत राशि का भुगतान 01 वर्ष के बाद अथवा नियमानुसार कार्य सन्तोषजनक होने पर अवर अभियन्ता की संस्तुति पर किया जा सकेगा ।
12- कार्य पूर्ण करने की अवधिः
प्रत्येक पंजीकृत ठेकेदार का यह दायित्व होगा कि वह टेण्डर फार्म में दी गई कार्य अवधि व अनुबन्ध पत्र (एग्रीमेन्ट) के अन्तर्गत कार्य पूर्ण करे । यदि समय पर कार्य पूर्ण नही किया जाता है तथा उसकी कार्य अवधि बढ़ाने हेतु ठेकेदार द्वारा समय समाप्ति से पूर्व औचित्य स्पष्ट करते हुए प्रार्थना पत्र दिया गया हो तो अवर अभियन्ता एवं अधिशासी अधिकारी की संस्तुति पर अध्यक्ष/ प्रशासक जैसी भी स्थिति हो द्वारा कार्य अवधि बढ़ाने की स्वीकृति एक बार प्रदान की जा सकती है । यदि ऐसा नहीं किया गया तो ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है । ऐसी अवधि के लिए अवशेष कार्य पर उत्तराखण्ड अधिप्रासि नियमावली 2017 में निहित प्रावधानों के अनुसार अर्थदण्ड स्वरूप कटौती कर ली जायेगी, यदि इस धनराशि की प्रतिपूर्ति बिल की धनराशि से नही हो पाने की स्थिति में दण्ड की अवशेष धनराशि की वसूली भू- राजस्व के बकाये की भांति सम्बन्धित ठेकेदार से की जायेगी । इसका उल्लेख अनुबन्धनामे में भी आवश्यक रूप से किया जायेगा ।
भाग 8]
269 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई ० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
13- पंजीकरण निरस्तीकरणः
यदि ठेकेदार निर्धारित तिथि तक कार्य प्रारम्भ नही करता है अथवा कार्य सन्तोषजनक गुणवत्ता के अनुसार स्वीकृत स्टीमेट व साईट प्लान के अनुरूप नही करता है या कार्य को किसी को सबलेट करता है तो ऐसी स्थिति में अवर अधियन्ता एवं अधिशासी अधिकारी की जांच आख्या/संस्तुति पर अध्यक्ष/ प्रशासक जैसी भी स्थिति हो द्वारा ठेकेदार के पंजीकरण को किसी भी समय निरस्त कर ठेकेदार को काली सूची में लाया जा सकता है । इसके अतिरिक्त पंजीकृत ठेकेदार के विरूद्ध जांच में जमा किया गया कोई भी अभिलेख , अनुभव प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज यदि फर्जी पाये जाते है तो सम्बन्धित ठेकेदार का पंजीकरण निरस्त किये जाने के उपरान्त प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ०आई०आर० ) दर्ज करवा दी जायेगी । पंजीकरण निरस्तीकरण के फलस्वरूप ठेकेदार को ठेका स्वतः ही निरस्त हो जायेगा और ठेकेदार द्वारा किये गये कार्य का भुगतान पालिका को हुई हानि के समायोजन के पश्चात् किया जायेगा। इसका उल्लेख अनुबन्धनामा में भी किया जायेगा।
14- जमानत जब्त करने का अधिकारः
यदि ठेकेदार नगर पालिका उपनियमों या ठेके की शर्तों, अनुबन्ध पत्र का उल्लघंन कर नगर पालिका को कोई हानि पहुंचाता है या उपविधि के नियम 13 के विपरित कार्य करता है तो ऐसी दशा में अवर अभियन्ता एवं अधिशासी अधिकारी की जांच आख्या/संस्तुति पर अध्यक्ष/ प्रशासक जैसी भी स्थिति हो को ठेकेदार के पंजीकरण को निरस्त करने, ठेकेदार को काली सूची में सम्मिलित कर ठेकेदार की जमानत जब्त करने का अधिकार होगा । यदि इसके बाद भी नगर पालिका की क्षतिपूर्ति न हो सके तो शेष राशि ठेकेदार की सम्पत्ति से भू- राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी । इसका उल्लेख अनुबन्धनामा में भी किया जायेगा ।
यह उप-नियमावली नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा जनपद-पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखण्ड ) के नगर पालिका बोर्ड की बैठक दिनांक 02.05.2022 में प्रस्ताव संख्या- 07 के द्वारा पारित की गयी।
ह० (अस्पष्ट)
ह ० (अस्पष्ट)
अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद् , दुगड्डा
पौड़ी गढ़वाल ।
प्रशासक , नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा पौड़ी गढ़वाल ।
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[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा,
जनपद -पौड़ी गढ़वाल
सार्वजनिक सूचना
22 जुलाई , 2024 ई 0
संख्या 275 / उपविधि- प्रकाशन / 2024-25 - उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम , 1916 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत) की धारा -298 की उपधारा -2 के खण्ड (झ) उपखण्ड (घ ) एवं पर्यावरण ( संरक्षण) अधिनियम , 1986 ( 1986 का अधिनियम संख्या-29) की धारा-3 , 6 एवं 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में केन्द्र सरकार द्वारा बनायी गयी ठोस कचरा प्रबन्धन नियमावली, 2016 के नियम 15 (ङ) , 15(च) एवं 15( यच) के अन्तर्गत शक्तियों के प्रयोग हेतु नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा जनपद- पौड़ी गढ़वाल द्वारा बनाए गए निम्नलिखित " ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन उप-नियम, 2016 " के लिए उपविधियों को अपने क्षेत्राधिकार में लागू करने हेतु नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद - पौड़ी गढ़वाल की बोर्ड बैठक दिनाँक 26.06.2023 के प्रस्ताव संख्या -14 के माध्यम से रखा गया । जिसे सर्वसहमति से पारित किया गया । यह नियम उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत ) की धारा -301 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत जन साधारण एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो , उनसे सुझाव एवं आपत्तियाँ प्राप्त करने हेतु प्रकाशित किये जा रहे हैं ।
अतः उक्त उप नियम के समाचार- पत्र में प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर जन साधारण एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो से लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ आमन्त्रित की जाती हैं । आपत्तियाँ एवं सुझाव अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा जनपद - पौड़ी गढ़वाल को प्रेषित की जा सकेंगी । बादमियाद प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जायेगा ।
ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन उप - नियम, 2024
अध्याय-1
सामान्य
1. संक्षिप्त नाम और लागू होने की तारीखः
(1 ) ये उप- नियम नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा ठोस " अपशिष्ट प्रबंधन उप- नियम , 2024 " कहलाएंगे।
(2) ये उप -नियम नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा में सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होंगे ।
2. ये उप -नियम नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा की सीमाओं के भीतर लागू होंगे।
3. परिभाषाएं
(1) जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इन उप नियमों में निम्नाकित परिभाषाएं लागू होंगी- (क) "बल्क उधान और बागवान कचरा" का अर्थ हैं , उद्यानों , बागों आदि से उत्सर्जित बल्क कचरा , जिसमें घास , कतरन , खरपतवार, कार्बनयुक्त काष्ठ ब्राउन सामग्री जैसे पेडों की छटाई से उत्पन्न कचरा, पेडों की कटिंग, टहनियां, लकडी की कतरन , भूसा , सूखी पत्तियां, पेड़ों की छटाई आदि से उत्पन ठोस कचरा, जो दैनिक जैव अपघटीय कचरे के संकलन में समायोजित नहीं किया जा सकता है।
271 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
(ख ) "बल्क कचरा उत्सर्जन" का अर्थ है कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम -2024 ( जिसे बाद में यहा एस.डब्ल्यू.एम नियम कहा जाएगा ) के नियम 3 ( 1) (8 ) के अंतर्गत परिभाषित बल्क कचरा उत्सर्जक और सम्बद्ध वार्ड कार्यालय के अधिशासी अधिकारी या उससे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अधिसूचित ठोस कचरा उत्सर्जक;
(ग ) "संग्रह" का अर्थ है, कचरा उत्सर्जन के स्रोतों से ठोस कचरे को उठाना और संग्रहण बिंदुओं या किसी अन्य स्थान तक पहुँचाना;
(घ ) "सक्षम प्राधिकारी" का अर्थ हैं नगर पालिका परिषद्, के अधिशासी अधिकारी , अथवा उनके द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति।
(5) "निर्माण एवं विध्वंस कचरा " का वही अर्थ होगा , जो निर्माण एवं विध्वंस कचरा नियम, 2016 नियम 3 (1) (ग ) में परिभाषित किया गया हैं ।
(च ) "स्वच्छ क्षेत्र" का अर्थ है, किसी परिसर के सामने और चारो ओर या निकटवर्ती फुटपाथ तक विस्तारित स्वच्छ सार्वजनिक स्थल , जिसमें नाली, फुटपाथ और पटरी के किनारे शामिल हैं, जिनका रख- रखाव इन उपनियमों के अन्तर्गत किया जाना हैं ।
(छ) "सामुदायिक कूड़ा घर (ढलाव )" का अर्थ है, नगर पालिका परिषद्, द्वारा स्थापित और संचालित अथवा एक या अधिक परिसरों के मालिकों और/ या अधिभोगियों द्वारा मिल कर सडक किनारे ऐसे मालिकों/ अधिभोगियों के किसी एक परिसर में अथवा समक्ष अधिकारी द्वारा अधिकृत उनके साझा परिसर में पृथक्कृत ठोस कचरे के संग्रहण के लिए स्थापित और संचालित कोई संग्रह केंद्र;
(ज) "कंटेनराइज्ड हैण्डकार्ट" का अर्थ है, ठोस कचरे के बिन्दु दर बिन्दु संग्रह हेतु नगर पालिका परिषद् या उसके द्वारा नियुक्त ऐजेंसी/ एजेंट द्वारा प्रदत्त ठेला;
(झ ) "सुपुर्दगी" का अर्थ है किसी भी श्रेणी के ठोस कचरे को नगर पालिका परिषद् के वर्कर या ऐसे कचरे की सुपुर्दगी के लिए नगर पालिका परिषद् द्वारा नियुक्त, प्राधिकृत या लाइसेंस प्रदत्त व्यक्ति को सौंपना अथवा उसे नगर पालिका परिषद् या नगर पालिका परिषद् द्वारा अधिकृत लाइसेंस प्रदत्त एजेंसी द्वारा प्रदान किए गये वाहन में डालना;
(ञ ) "ई -कचरा" का अर्थ वही होगा, जो ई-कचरा (प्रबंधन ) नियम, 2016 के नियम 3 ( 1) (आर ) में निर्दिष्ट किया गया हैं;
(ट ) "फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन ( एफसीटीएस)" का अर्थ है, एक ऊर्जा चालित मशीन, जिसका डिजाइन बिखरे हुए ठोस कचरे को कम्पैक्ट करने के लिए किया गया है और प्रचालन के समय स्थिर रहती है । प्रचालन के समय कम्पैक्टर मोबाईल भी हो सकती है, जिसे मोबाईल ट्रांसफर स्टेशन (एमटीएस ) कहा जा सकता है।
(ठ) " कूड़ा- कचरा " का अर्थ है , सभी प्रकार का कूड़ा और उसमें कोई भी ऐसा कचरा पदार्थ शामिल जिसे फेंकना अथवा संग्रह करना इन उप- नियमों के अंतर्गत प्रतिबंधित है और ऐसा करने से किसी व्यक्ति, जीव-जंतु को परेशानी होने या पर्यावरण अथवा सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के प्रति खतरा पहुँचाने की आशका हो ।
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( ड) "गंदगी फैलाने" का अर्थ है, किसी ऐसी बस्ती में गंदगी उत्सर्जित करना, डालना, दबाना अथवा तत्संबंधी अनुमति देना, जहां वह गिरती, ढलती , बहती , धुल कर, रिस कर अथवा किसी अन्य तरीके से पहुँचती हो अथवा गंदगी के उत्सर्जित होने, बह कर आने, धुल कर आने या अन्य किसी तरह से खुले या सार्वजनिक स्थल पर आने की आशंका हो ।
(ढ ) "स्वामी" का अर्थ है, जो किसी भवन, या भूमि या किसी भाग के मालिक के रुप में अधिकारों का इस्तेमाल करता है।
(ण ) "अधिभोगी/पट्टेदार" का अर्थ है, ऐसा व्यक्ति जो किसी भूमि या भवन या उसके हिस्से का अधिभोगी/ पट्टेदार हो, इसमें ऐसे व्यक्ति भी शामिल हैं, जो तत्समय किसी प्रयोजन के लिए किसी भूमि या भवन या उसके हिस्से का इस्तेमाल कर रहा है ।
(प) "पैलेटाइजेशन" का अर्थ है, एक प्रक्रिया, जिसमें पैलेट तैयार की जाती हैं, जो ठोस कचरे से बने छोटे क्यूब अथवा सिलिंडरीकल टुकडे होते हैं; और उनके ईधन पैलेट्स भी शामिल होते हैं, जिन्हे रिफ्यूज डेराइब्ड ईधन कहा जाता हैं ।
(फ ) " निर्धारित " का अर्थ है, एसडब्यूएम नियमों और/या इन उप नियमों द्वारा निर्धारित;
(ब ) "सार्वजनिक स्थल" का अर्थ है , कोई ऐसा स्थान, जो आम लोगों के इस्तेमाल और मनोरंजन के लिए सहज सुलभ हैं, भले ही वह वास्तव में लोगों द्वारा इस्तेमाल या उपभोग किया जा रहा हो या नहीं ;
(भ ) "संग्रहण" का अर्थ है, ठोस कचरे को अस्थायी तौर पर इस तरह से संग्रह करना जिससे गंदगी न फैले और मच्छर आदि कीटों, आवारा पशुओं और अत्यधिक बदबू का प्रकोप रोका जा सके;
( म ) "सैनेटरी वर्कर " का अर्थ है, नगर पालिका परिषद् के इलाकों में ठोस कचरा एकत्र करने या हटाने अथवा नालियों को साफ करने के लिये नगर पालिका परिषद् /एजेंसी द्वारा नियोजित व्यक्ति;
(य ) "शेड्यूल " का अर्थ है, इन उप नियमों से सम्बद्ध शेड्यूल,
(र ) "इस्तेमालकर्ता शुल्क/प्रभार" का अर्थ है , नगर पालिका परिषद् द्वारा समय - समय पर सक्षम प्राधिकारी के सामान्य या विशेष आदेश के जरिए कचरा उत्सर्जक पर लगाया गया शुल्क या प्रभार, ताकि ठोस कचरा संग्रह, दुलाई , प्रोसेसिंग और निपटान सेवाओं की आंशिक अथवा पूर्ण लागत कवर की जा सकें;
(ल ) "खाली प्लाट" का अर्थ है , प्राइवेट पार्टी/ व्यक्ति/सरकारी एजेंसी से सम्बद्ध कोई ऐसी भूमि या खुला स्थल , जिस पर किसी का कब्जा न हो;
(2) यहां प्रयुक्त लेकिन परिभाषित न किए शब्दों और अभिव्यक्तियों, का अर्थ वही होगा , जो ठोस कचरा प्रबंधन नियम , 2016 और निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 में अभिप्रेत होगा।
अध्याय -2
ठोस कचरे का स्रोत पर पृथक्करण और संग्रहण
4. ठोस कचरे का स्रोत पर पृथक्करण और संग्रहण
(i ) सभी कचरा उत्सर्जकों के लिए अनिवार्य होगा कि वे उनके स्वयं के स्थलों से उत्सर्जित होने वाले ठोस कचरे को नियमित रुप से पृथक करें और उसे संगृहीत करें। यह पृथक्करण मुख्य रुप से निम्नांकित 3 वर्गों में किया जायेगाः- 273 भाग 8]
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(क) गैर-जैव अपघटीय या सूखा कचरा
(ख) जैव अपघटीय या गीला कचरा
(ग ) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा और तीनों श्रेणियों के कचरे को कवर्ड कचरा डिब्बो में रखा जाएगा तथा समय समय पर जारी नगर पालिका परिषद् के निर्देशों के अनुसार पृथ्थकृत कचरे को निर्दिश्ट कचरा संग्रहकर्ताओं को सौंपेगा ।
(ii ) प्रत्येक बल्क कचरा उत्सर्जक के लिए अनिवार्य होगा कि वह स्वयं के स्थलों पर उज्सर्जित ठोस कचरे को पृथक करे और उसे संगृहीत करे निम्नाकित 3 वर्गों मेंः-
(क ) गैर-जैव अपघटीय या खुष्क कचरा
(ख ) जैव अपघटीय या गीला कचरा
(ग ) उपयुक्त कूड़ेदानों में जोखिमपूर्ण कचरा, जैविक (गीला ) कचरे को अपने परिसर में प्रोसेस कर कम्पोस्ट या बायोगैस आदि तैयार करना एवं पृथक्क्त कचरे को अधिकृत कचरा संग्रहण एंजेसी जरिए अधिकृत कचरा प्रसंस्करण अथवा निपटान केंद्रो या संग्रहण केंद्रो को सौंपेगा और उसके लिए नगर पालिका परिषद् द्वारा समय - समय पर निर्धारित दुलाई शुल्कों का भुगतान अधिकृत कचरा संग्रह एजेंसी को करेगा ।
(iii ) पृथक किए गए कचरे के संग्रहण के लिए कूड़ेदानों का रंग इस प्रकार होगाः- हराः- जैव अपघटीय कचरे के लिए; नीलाः- गैर-जैव अपघटीय या खुश्क कचरे के लिए; कालाः- घरेलू जोखिम पूर्ण कचरे के लिए
( iv ) सभी निवासी कल्याण और बाजार संगठन, नगर पालिका परिषद् के भागीदारी से, यह सुनिश्चित करेंगे कि उत्सर्जकों द्वारा स्रोत पर कचरे का पृथक्करण किया जाए , पृथक किए गए ठोस कचरे को अलग अलग डिब्बों में संगृहीत किया जाए और फिर से इस्तेमाल करने वालों को सौंपा जाय। जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेंसिग , उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा। इससे बचे कचरे को नगर पालिका परिषद् द्वारा निर्देशित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंसी को दिया जाएगा ।
(v ) 5000 वर्गमीटर क्षेत्र से अधिक क्षेत्र कब्जा रखने वाले सभी द्वारबंद समुदाय तथा संस्थान नगर पालिका परिषद् की भागीदारी के साथ सुनिश्चित करेंगे कि उत्सर्जकों द्वारा कचरे का स्रोत पर पृथक्करण हो, पृथक किए गए कचरे को अलग अलग डिब्बों में रखेंगे और पुनः उपयोग में आने वाली सामग्री को अधिकृत कूड़ा संग्रहकर्ताओं या अधिकृत पुनः इस्तेमाल करने वाले को सौंपेगे। जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग , उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन तकनीक के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा । इससे बचे हुए कचरे को नगर पालिका परिषद् द्वारा निर्देशित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंसी को दिया जाएगा ।
(vi ) सभी होटल और रेस्त्रां, नगर पालिका परिषद् के भागीदारी से, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण सुनिश्चित करेंगे, पृथक किए गए गये ठोस कचरे को अलग अलग डिब्बे में संग्रहीत करेंगे और फिर से इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री अधिकृत कचरा संग्रहकर्ताओं अथवा अधिकृत पुनः इस्तेमाल करने वालो को सौंपेगे ।
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[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई, 2025 ई ० (आषाढ़ 14 , 1947 शक सम्वत्)
जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग , उपचार और निपटान कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन तकनीकि के जरिए यथासंभव परिसर के भीतर ही किया जाएगा । इससे बचे हुए कचरे को नगर पालिका परिषद् द्वारा निर्देशित कचरा संग्रहकर्ताओं या एजेंसी को दिया जाएगा ।
(vii ) कोई व्यक्ति गैर-लाइसेंसी स्थान पर कोई ऐसा कार्यक्रम आयोजित नही करेगा, जिसमें 100 से अधिक व्यक्ति एकत्र हों, ऐसा करने के लिए यह जरुरी होगा कि अनुसूची में निर्धारित इस्तेमालकर्ता शुल्क का भुगतान करते हुए नगर पालिका परिषद् को कम से कम 3 कार्य दिवस अग्रिम लिखित जानकारी देनी होगी और ऐसा व्यक्ति या आयोजक यह सुनिश्चित करेगा कि ठोस कचरे को स्रोतो पर अलग अलग किया जाए , ताकि नगर पालिका परिषद् द्वारा निर्धारित संग्रहकर्ता या एजेंसी को सौंपा जा सके ।
(viii ) सेनिटरी उत्पादों से उत्सर्जित कचरे को तत्संबंधी विनिर्माताओं या ब्रांड मालिकों द्वारा प्रदान किए गए पाउचों अथवा अखबारों या उपयुक्त जैव अपघटीय संलेपन सामग्री में सुरक्षित तरीके से संलेपित किया जाए और उसे गैर-जैव अपघटीय या खुश्क कचरे के लिए बनाए गए कूड़ेदान में रखा जाना चाहिए ।
(ix ) प्रत्येक गली विक्रेता अपने क्रियाकलाप के दौरान उत्सर्जित होने वाली खाद्य सामग्री , निपटान योग्य प्लेटें , कप , डिब्बे, रैपर्स, नारियल के खोल, बचा हुआ भोजन, सब्जियां, फल आदि को अलग अलग करके उपयुक्त कूड़ेदानों में संग्रहित करेगा और उसे नगर पालिका परिषद् द्वारा अधिसूचित डिपो या कंटेनर या वाहन को सौंपेगा।
(x ) उद्यान और बागवानी के कचरा उत्सर्जक अपने परिसर में उत्सर्जित कचरे को अलग से एकत्र करेंगे और समय - समय पर नगर पालिका परिषद् के निर्देशों के अनुसार उसका निपटान करेंगे ।
(xi ) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे को प्रत्येक कचरा उत्सर्जक द्वारा स्टोर किया जाएगा और उसे नगर पालिका परिषद् या उसके द्वारा अथवा उत्तराखण्ड सरकार या प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा ऐसे कचरे का संग्रह के लिए साप्ताहिक/समय - समय पर उपलब्ध कराए गए वाहन तक पहुँचाया जाएगा अथवा ऐसे कचरे को उत्तराखण्ड सरकार या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अधिसूचित तरीके से निपटान के लिए निर्दिश्ट कचरा संग्रह केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।
(xii ) निर्माण कार्यों और भवनों को ढहाए जाने से उत्सर्जित कचरा , निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार अलग से एकत्र और निपटान किया जायेगा ।
(xiii ) बायो मेडिकल कचरा , ई - कचरा , जोखिमपूर्ण रासायनिक एवं औद्योगिक कचरा बिना उपचारित किए ठोस कचरे में मिश्रित नहीं किया जाएगा । ऐसे कचरे का निपटान पर्यावरण ( संरक्षण ) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए तत्संबंधी नियमों के अनुसार किया जाएगा।
(xiv ) निर्दिष्ट बूचडखानों और बाजारों को छोडकर अन्य परिसरों के प्रत्येक ऐसे मालिक/कब्जाधारी, जो किसी वाणिज्यिक गतिविधि के परिणाम स्वरुप पोल्ट्री, मछली और पशुवध संबधी कचरा उत्सर्जित करते हों, उन्हे ऐसे कचरे को अलग से बंद कंटेनर में स्वास्थ्यकर स्थिति में एकत्र करना होगा और रोजमर्रा के आधार पर निर्दिष्ट समयानुसार नगर पालिका परिषद् द्वारा इस प्रयोजन के लिए प्रदान किए गए कचरा वाहन/स्थल तक पहुँचाना होगा। ऐसे कचरे को सामुदायिक कूड़ा घरों में डालना निषेध होगा ।
भाग 8]
275 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
(xv ) पृथक किए गए जैव अपघटीय ठोस कचरे को यदि उत्सर्जकों द्वारा कम्पोस्ट न किया गया हो, तो उसे उन्हें अपने परिसर में अलग से एकत्र करना होगा और उसकी डिलिवरी निकाय श्रमिक/वाहन/कचरा एकत्रकर्ता/कचरा संग्रहकर्ता अथवा बल्क में जैव अपघटीय कचरा उत्सर्जित करने वाले निर्दिष्ट वाणिज्यिक उत्सर्जकों के लिए प्रदान कराए गए कचरा संग्रह वाहन तक पहुँचाया जाएगा । यह सुपुर्दगी समय समय पर अधिसूचित समयानुसार करनी होगी।
अध्याय-3
ठोस कचरा संग्रह
5. ठोस कचरे का संग्रह निम्नांकित अनुसार किया जाएगाः-
(i ) नगर पालिका परिषद् के सभी क्षेत्रों या वार्डों में पृथक किए गए ठोस कचरे को घर - घर जाकर संग्रह करने के बारे में एस0 डब्लू० एम० नियमों का अनुपालन किया जाएगा, जिनके अनुसार मलिन और अनौपचारिक बस्तियों सहित दैनिक आधार पर प्रत्येक घर से कचरा एकत्र किया जाएगा । इसके लिए घर- घर जाकर कचरा एकत्र करने की अनौपचारिक प्रणाली को नगर पालिका परिषद् संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत किया जाएगा ।
( ii ) प्रत्येक घर से कचरा एकत्र करने के लिए क्षेत्रवार विशेष समय निर्धारित किया जाएगा और उसे सम्बन्धित क्षेत्र में खास- खास स्थानों पर प्रचारित किया जाएगा और नगर पालिका परिषद् वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। घर -घर जाकर कचरा एकत्र करने का समय सामान्यतया प्रातः 6 बजे से 11 बजे तक निर्धारित किया जाएगा। व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक क्षेत्रों में दुकानों या किसी अन्य संस्थागत कचरा उत्सर्जकों से कचरा एकत्र करने का समय प्रातः 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा अथवा नगर पालिका परिषद् द्वारा समय - समय पर निर्धारित समय पर होगा।
( iii ) कचरे को स्व- स्थाने प्रोसेस करने वाले बल्क कचरा उत्सर्जकों से अपशिष्ट ठोस कचरे को एकत्र करने का प्रबंध किए जाएंगे ।
(iv ) सब्जी, फल , फूल , मांस , पोल्ट्री और मछली बाजार से अपशिष्ट ठोस कचरे को रोजमर्रा के आधार पर एकत्र किया जाएगा ।
(v) बागवानी और उद्यान संबंधी कचरा अलग से एकत्र किया जाएगा और उसका निपटान किया जाएगा।
इस प्रायोजन के लिए सलाह में एक या दो दिन निर्दिष्ट किए जाएंगे।
(vi ) फलों और सब्जी बाजारों , मांस और मछली बाजारों , बल्क बागवानी और उद्यानों से उत्सर्जित जैव अपघटीय कचरे का अनुकूलतम इस्तेमाल करने और संग्रहण एवं ढुलाई की लागत में कमी लाने के लिए ऐसे कचरे को उस क्षेत्र के भीतर प्रोसेस या उपचारित किया जाएगा, जिसमें वह उत्सर्जित होता है ।
(vii ) कंटेनरों में कचरे का हाथ से परिचालन निषेध है । यदि दबावों के कारण अपरिहार्य हो तो कचरे का हाथ से निपटान श्रमिकों की उचित देखभाल और सुरक्षा के साथ समुचित संरक्षण के तहत किया जाएगा ।
(viii ) कचरा उत्सर्जक अपने पृथक किए गए कचरे को नगर पालिका परिषद् द्वारा अथवा अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा तैनात होपर/ऑटो-टिप्पर्स / रिक्शा आदि वाहनों में डालने के लिए जिम्मेदार होंगे। बहुमंजिला इमारतों, अपार्टमेंटों, आवास परिसरों (इन उपनियमों के खंड 4 व उप-खंड 276
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० ( आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
(पअ) और (अ ) के अंतर्गत आने वालों को छोड कर ) से उत्सर्जित पृथक किए गए कचरे को ऐसे परिसरों के मुख्य द्वार से अथवा किसी अन्य निर्दिश्ट स्थान से एकत्र किया जाएगा ।
( ix ) कचरा संग्रह उपकरणों और वाहनों के चयन के लिए बदलती जरूरतों और प्रौद्योगिकी में नई खोजों को ध्यान में रखा जाएगा । कचरा एकत्र करने के लिए विषेश क्षमता वाले ऐसे ऑटो टिप्पर या वाहन इस्तेमाल किए जाएगें, जो ऊपर से हाईड्रोलिक तरीके से संचालित रूपर कवरिंग व्यवस्था से युक्त होंगे और उनमें जैव अपघटीय और गेर- जैव अपघटीय कचरे के लिए अलग-अलग दो कम्पार्टमेंट होंगे । ऐसे वाहनों पर हूटर भी लगा होगा ।
(x ) स्वचालित ध्वनि रिकार्डिड उपकरण , घंटी या शोर के स्वीकार्य स्तर तक सीमित हॉर्न भी कचरा संग्रह वाहन में कचरा संग्रहकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा।
(xi ) प्रत्येक प्राथमिक संग्रहण तथा दुलाई वाहन के लिए मार्ग योजनाएं और नगर पालिका परिषद् द्वारा या अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा । ये योजनाएं तालिकाबद्ध और जी०आई ०एस० मानचित्र में होगी, जो नगर पालिका परिषद् द्वारा विधिवत रुप से अनुमोदित होगी और उनमें प्रारंभिक बिन्दु, प्रारंभ करने का समय , प्रतीक्षा स्थलों, मार्ग में रुकने का समय, अंतिम बिंदु और निर्दिष्ट मार्ग के अंतिम समय का उल्लेख होगा। नगर पालिका परिषद् अथवा अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता द्वारा प्रत्येक गली में एक बोर्ड लगाया जाएगा, जिस पर प्राथमिक कचरा संग्रह और दुलाई वाहनों की समय सारणी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि क्षेत्र के निवासी निर्धारित समय पर इस सुविधा का लाभ उठा सकें । ऐसी जानकारी नगर पालिका परिषद् की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
(xii ) तंग गलियों में, जहां ऑटो टिप्पर या वाहन की सेवाएं संभव न हों, वहां एक थ्रीव्हीलर अथवा छोटे मोटरयुक्त वाहन/साईकिल रिक्सा काम पर लगाया जाएगा, जो ऊपर से हाईड्रोलिक तरीके से संचालित हूपर कवरिंग व्यवस्था से युक्त होगा और उसमें गीले और सूखे कचरे के लिए अलग अलग दो कम्पार्टमेंट होंगे । ऐसे वाहनों में टूटर लगा होगा और वह मोबाइल ट्रांसफर स्टेशन के अनुकूल होगा।
(xiii ) अत्यंत भीड भाड वाले और अधिक तंग गलियों वाले क्षेत्रों में जहां श्रीव्हीलर या छोटे वाहन भी न जा सकें वहां साइकिल रिक्शा अथवा अन्य प्रकार के उपयुक्त उपकरण तैनात किए जाएंगे।
(xiv ) ऐसी छोटी, तंग और भीडी गलियों/ लेनों में जहा श्रीव्लीहर/ रिक्शा आदि का संचालन संभव न हो , ऐसे स्थानों पर बस्ति/ गली के छोर पर खास जगह तय की जाएगी, जहां कचरा संग्रह वाहन खड़ा किया जा सके और वाहन के हेल्पर के पास एक सीटी होगी और वे सीटी बजाते हुए गली में ठोस कचरा संग्रहण के लिए वाहन के आगमन की घोषणा करेंगे । इस तरह की संग्रह प्रणाली की समय सारिणी नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी और नगर पालिका परिषद् की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी ।
(xv ) ऑटो टिप्पर , थ्रीव्हीलर्स , रिक्शा और सेवा में संलग्न किसी अन्य तरह के वाहन केवल घरों से कचरा एकत्र करेंगे, और अन्य स्रोतों जैसे ढलाव, खुले स्थलों, मैदान , कूड़ेदानों और नालियों आदि से कचरा एकत्र नहीं करेंगे ।
(xvi ) नगर पालिका परिषद् या उसके अधिसूचित अधिकृत कचरा संग्रहकर्ता प्राथमिक कचरा संग्रहण के लिए क्षेत्र की सभी गलियों/लेनों को कवर करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
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अध्याय-4
ठोस कचरे का द्वितीयक संग्रहण
6. द्वितीयक संग्रहण बिंदुओ में ठोस कचरे का संग्रहण निम्नांकित अनुसार किया जाएगा
(i ) घरों में एकत्र किया गया पृथक ठोस कचरा , कचरा स्टोरेज डिपो, सामुदायिक कूड़ा घरों या अचल या चल अंतरण स्थलों या कचरे के द्वितीयक संग्रहण के लिए नगर पालिका परिषद् द्वारा निर्दिष्ट स्थानों पर ले जाया जाएगा।
(ii ) ऐसे द्वितीयक संग्रहण बिंदुओ को कंटेनरों ( निर्दिष्ट रंग के ) से कवर किया जाएगा, जिनसे निम्नांकित के लिए अलग अलग स्टोरेज होंगेः-
(क ) गैर-जैव अपघटीय अथवा सूखा कचरा
(ख ) जैव अपघटीय अथवा गीला कचरा
(ग ) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा ।
(iii ) पृथक किए गए कचरे के संग्रहण के लिए नगर पालिका परिषद् द्वारा चिन्हित अलग- अलग कंटेनरो का इस्तेमाल निम्नांकित अनुसार किया जायेगाः-
S हराः जैव अपघटीय कचरे के लिए
S नीलाः गैर-जैव अपघटीय कचरे के लिए
S कालाः घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के लिए
नगर पालिका परिषद् समय- समय पर विभिन्न प्रकार के ठोस कचरे के संग्रहण और वितरण के लिए निर्धारित गोदामों की रंग संहिता और अन्य मानदंड अधिसूचित करेगी ताकि कचरे का सुगम और सुरक्षित संग्रहण हो सके और किसी प्रकार का मिश्रण या रिसाव न हो, जिनका अनुपालन विभिन्न प्रकार के ठोस कचरा उत्सर्जकों को करना होगा ।
(iv ) नगर पालिका परिषद् स्वयं अथवा बाहरी एजेंसियों के जरिए ठोस कचरा संग्रहण केंद्रो का संचालन इस ढंग से करेगी कि उनके आस पास अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छ स्थितियां पैदा न हों ।
(v ) द्वितीयक संग्रहण डिपुओं में विभिन्न आकार के कंटेनर नगर पालिका परिषद् या किन्ही अन्य निर्दिष्ट एजेंसियों द्वारा प्रदान किये जाएंगे, जो इस उप- नियमों में वर्णित अनुसार अलग-अलग रंगों के होंगे।
(vi ) संग्रहण केन्द्रों का निर्माण और स्थापना इस बात को ध्यान में रख कर की जाएगी कि किसी निर्दिश्ट क्षेत्र में कचरे के उत्सर्जन की मात्रा कितनी है और जनसंख्या का घनत्व कितना है।
(vii ) संग्रहण केन्द्र इस्तेमालकर्ता अनुकूल होंगे और उनका डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि उनसे कचरा ढका रहे और संग्रहण किए गये कचरे का खुले वातावरण में कोई दुष्प्रभाव न पड़े ।
(viii ) सभी आवास सहकारी समितियों, एसोसिएशनों, रिहायशी और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और द्वारबंद समुदायों का यह दायित्व होगा कि वे इन उप- नियमों द्वारा निर्धारित रंगीन कूड़ेदान रखें और स्वयं के परिसरों में समुचित स्थानों पर पर्याप्त संख्या में ऐसे कंटेनर रखें ताकि वहां हर रोज उत्सर्जित कचरा ठीक ढंग से संगृहीत किया जा सकें ।
(ix ) नगर पालिका परिषद् या उसकी कोई निर्दिष्ट एजेंसी का यह दायित्व होगा कि वे सप्ताहिक आधार पर सभी कूड़ाघरों की धुलाई और संक्रमणमुक्त बनाने की व्यवस्था करें।
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[भाग 8 (x ) सूखे कचरे ( गैर-जैव उपघटीय कचरा ) के लिए रिसाइकलिंग सेंटर ।
(क) नगर पालिका परिषद् अपने वर्तमान ढलावों अथवा पहचान किए गए खास स्थानों को आवश्कतानुसार रीसाइकलिंग केंद्रों के रुप में परिवर्तित करेगा , जिनका इस्तेमाल गलियों/ घर- घर जाकर कचरा एकत्र करने संबंधी सेवा के जरिए एकत्र किए गए सूखे कचरे को पृथक करने के लिए किया जाएगा। प्राप्त सूखे कचरे की मात्रा के अनुसार रीसाइकलिंग केंद्रों की संख्या बढाई जा सकती है ।
(ख) गली/घर - घर जाकर कचरा संग्रहण प्रणाली के जरिए और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से प्राप्त केवल सूखा कचरा (गैर-जैव अपघटीय ) इन निर्दिष्ट रीसाइकलिंग केंद्रों को स्थानातरित किया जाएगा । ये निर्दिष्ट केंद्र केवल सूखा कचरा प्राप्त करेंगे।
(ग ) परिवारों के लिए प्रावधान भी होगा कि वे अपना रीसाइकिल योग्य सूखा कचरा इन रीसाइकलिंग केंद्रों पर सीधे जमा करा सकते हैं अथवा अधिकृत एजेंटों और/ या नगर पालिका परिषद् से अधिकृत कचरा व्यापारियों को पूर्व अधिसूचित दरों के अनुसार बेच सकते हैं । इस प्रयोजन के लिए प्रत्येक रीसाइकलिंग यूनिट पर एक धर्मकांटा और काउंटर उपलब्ध कराया जाएगा । अधिकृत एजेंट और/या अधिकृत कचरा व्यापारी को इस बात की अनुमति होगी कि वे रीसाइकिल योग्य कचरे को एसडब्ल्यूएम नियमों के प्रावधानों के अनुसार द्वितीयक बाजार अथवा रीसाइकलिंग यूनिटों को बेच सकते हैं। अधिकृत एजेंट और/ या अधिकृत व्यापारी बिक्री से प्राप्त धनराशि रखने का हकदार होंगे।
(xi ) निर्दिष्ट घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के लिए संग्रहण केंद्र
(क) घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे के संग्रह के लिए एक संग्रहण केंद्र उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा , जहां निर्दिष्ट घरेलू जोखिमपूर्ण कचरे को प्राप्त किया जाएगा, ऐसा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा निदर्शों के अनुसार यथासमम्भव प्रत्येक वार्ड में स्थापित किया जाएगा और उसे कचरा प्राप्त करने का समय अधिसूचित करना होगा।
(ख ) नगर पालिका परिषद् अपनी एजेंसी को या छूटग्राही को यह दायित्व सौंप सकती है कि वह सभी कचरा उत्सर्जकों से घरेलू जोखिमपूर्ण कचरा पृथक्कृत तरीके से एकत्र करें ।
(ग ) इस तरह प्राप्त किया गया कचरा सरकार द्वारा स्थापित जोखिमपूर्ण कचरा निपटान केंद्रो पर अलग से लाया जाएगा।
अध्याय-5
ठोस कचरे की दुलाई
7. ठोस कचरे की दुलाई निम्नांकित बातों को ध्यान में रख कर की जाएगीः-
(i ) कचरे की ढुलाई के लिए प्रयुक्त वाहन भलीभाँति कवर्ड होंगे ताकि एकत्र कचरे का दुष्प्रभाव मुक्त वातावरण पर न पडे। इन वाहनो में कॉम्पैक्टर और मोबाइल ट्रांसफर स्टेशन शामिल हो सकते हैं, जो नगर पालिका परिषद् द्वारा चुनी गई प्रौद्योगिकी पर निर्भर करेंगे।
(ii ) नगर पालिका परिषद् द्वारा स्थापित संग्रहण केंद्र कचरे के निपटान के लिए हर रोज काम करेंगे। कूड़ेदान या कंटेनरों के आस- पास के क्षेत्र को साफ रखा जाएगा ।
(iii ) आवासीय और अन्य क्षेत्रों से एकत्र किया गया पृथक्कृत जैव अपघटीय कचरा प्रोसेसिंग प्लांटो जैसे कम्पोस्ट प्लांट, बायो-मिथिनेशन प्लांट या अन्य केंद्र तक कवर्ड तरीके से पहुँचाया जाएगा।
279 भाग 8]
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(iv ) जहा कहीं प्रयोज्य हो , जैव अपघटीय कचरे के लिए, ऐसे कचरे की स्व-स्थाने प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी।
(v ) एकत्र किया गया गैर-जैव अपघटीय कचरा सम्बद्व प्रोसेसिंग केंद्रो अथवा द्वितीयक संग्रहण में पहुंचाया जाएगा।
(vi ) निर्माण और विध्वंस जन्य कचरे की ढुलाई निर्माण एवं विध्वंस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी ।
(vii ) नगर पालिका परिषद् कचरे की समुचित ढंग से दुलाई के प्रबंध करेगा । गलियों को बुहारने से उत्पन्न कचरा और नालियों से निकाली गई गाद काम समाप्त होने के तत्काल बाद हटाई जाएगी ।
(viii ) ढुलाई वाहनों का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि अंतिम निपटारे से पहले कचरे के बार बार परिचालन से बचा जा सके ।
( ix ) कचरा संग्रहण के लिए काम में लगाए गए वाहन कचरे को केवल एमटीएस अथवा एफसीटीएस, जहां कहीं प्रदान किए गए हों, में जमा/स्थानांतरित करेंगे ।
(x ) यदि किसी कारणवश एमटीएस / एफसीटीएस निर्दिष्ट स्थल पर खडे नहीं पाए जाएगें, तो लदा वाहन एमटीएस अथवा एफसीटीएस के अगले निर्दिष्ट स्थल अथवा कचरे को उतारने के लिए नगर पालिका परिषद् द्वारा निर्दिष्ट स्थल तक जाएगा ।
(xi ) फिक्स्ड काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन को हूक लोडर के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाएगा ।
(xii ) कचरे की ढुलाई के दौरान विभिन्न स्रोतों से उत्सर्जित कचरे का परस्पर मिश्रण नहीं होना चाहिए। (xiii ) कचरे के गली स्तरीय संग्रहण और दुलाई सेवाएं अवकाश के दिनों सहित हर दिन उपलब्ध कराई जाएंगी ।
(xiv ) इस सेवा में संलग्न एमटीएस केवल गली स्तरीय प्रचालनों से कचरा संग्रह करने वाले निर्दिष्ट ऑटो-टिप्परों , तिपहिया या अन्य वाहनों/ कूडादानों से कचरा प्राप्त करेगा।
(xv ) परिवारों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से गली स्तरीय और घर- घर जाकर ठोस कचरा संग्रह करने में लगे ऑटो -टिप्परों , तिपहिया वाहनों , रिक्शा आदि से कचरा प्राप्त करने के लिए एक अनुमोदित रुट प्लान के अनुसार निर्दिष्ट स्थानों पर प्रतिबद्ध एमटीएस तैनात किए जाएगें।
(xvi ) एमटीएस और एफसीटीएस का डिजाइन ऐसा होगा, जो कचरे को प्राथमिक संग्रहण वाहनों से उतारने में कम से कम समय लें और कूड़ा- करकट इधर- उधर न फैले।
(xvii ) ठोस कचरे को स्थानांतरित करते समय एमटीएस और एफसीटीएस के इर्द गिर्द रिसे हुए कचरे को साफ किया जाना चाहिए , ताकि कोई रिसाव न बचे। ऐसे स्थान पर सफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद संक्रमण विरोधी पदार्थ इस्तेमाल किए जाने चहिए।
(xviii ) नगर पालिका परिषद् अथवा उसकी निर्दिष्ट एजेंसी सभी द्वितीयक संग्रहण केंद्रो पर सी० सी०टी०वी० कैमरेलगाएगी ।
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[भाग 8
अध्याय-6
ठोस कचरे की प्रोसेसिंग
8. ठोस कचरे की प्रोसेसिंगः-
(i ) नगर पालिका परिषद् ठोस कचरा प्रोसेसिंग केंद्रो और सम्बद्ध ढांचे के निर्माण, प्रचालन और रख - रखाव की स्वयं व्यवस्था करेगा अथवा किसी एजेंसी के द्वारा इस कार्य को अंजाम देगा , ताकि ठोस कचरे के विभिन्न घटकों का अनुकूलतम उपयोग किया जा सके। इसके लिए निम्नांकित प्रौद्योगिकियों सहित उपयुक्त प्रौद्योगिकी अपनाई जाएगी और शहरी विकास मंत्रालय द्वारा समय - समय पर जारी दिशा- निर्देशों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानको का अनुपालन किया जायेगाः-
(क) दुलाई की लागत और पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को निम्नवत रखने के लिए विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी , जैसे- बायो-मिथेनेशन, माइक्रोवियल कम्पोस्टिंग , वर्मी कम्पोस्टिंग , एनायरोबिक डाइजेशन अथवा जैव अपघटीय कचरे की जैव- स्थिरता के लिए कोई अन्य उपयुक्त प्रोसेसिंग पद्धति;
(ख ) केंद्रीकृत स्थलों पर स्थित मध्यम/बडे कम्पोस्टिंग/बायो- मिथेनेन प्लांटो के जरिए।
(ग ) कचरे से ऊर्जा प्रक्रियाओं के जरिए , ठोस कचरा अधारित बिजली संयंत्रो को कचरे के ज्वलनशील अंश के लिए रिफ्यूज डेराइव्य ईंधन के रुप में अथवा फीड स्टॉक आपूर्ति के रुप में ईंधन प्रदान करते हुए ;
(घ) निर्माण और विध्वंस कचरा प्रबंधन प्लांटों के जरिए ।
(ii ) नगर पालिका परिषद् रिफ्यूज डेराइव्य फ्यूल (आरडीएफ ) की खपत के लिए बाजार सृजित करने का प्रयास करेगा ।
(iii ) कचरे से बिजली बनाने वाले प्लांट में सीधे भस्मीकरण के लिए कचरे का पूर्ण पृथक्करण अनिवार्य होगा और ऐसा करना सम्बद्व अनुबंधो की कार्यशर्तों का हिस्सा होगा।
(iv ) नगर पालिका परिषद् सुनिश्चित करेगा कि कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच, कपडा आदि रीसाइकिल योग्य पदार्थ रीसाइकिल करने वाली अधिकृत एजेंसियो को भेजा जाए।
9. ठोस कचरे की प्रोसेसिंग के लिए अन्य दिशा-निर्देशः-
(i ) नगर पालिका परिषद् सभी निवासी कल्याण संगठनों, समूह आवास समितियों , बाजारों, द्वारबंद समुदायों और 5000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र रखने वाले संस्थानों , सभी होटलों एवं रेस्त्राओं, बैंक्वेट हालों और इस तरह के अन्य स्थलों पर यथासंभव कम्पोस्टिंग अथवा बायो-मिथेनेशन के जरिए जैव अपघटीय कचरे वाले अन्य कचरा उत्सर्जकों को भी जैव अपघटीय कचरे की स्व-स्थाने प्रोसेसिंग को वरीयता दी जाएगी ।
(ii ) नगर पालिका परिषद् यह नियम प्रवृत्त करेगा कि सब्जी, फल, मांस, पोल्ट्री और मछली व्यापार मंडियां अपने जैव अपघटीय कचरे की प्रोसेसिंग करते समय स्वच्छ स्थितियां बनाए रखना सुनिष्चित करें ।
(iii ) नगर पालिका परिषद् यह नियम प्रवृत्त करेगा कि बागवानी , उद्यानों और पार्कों से उत्सर्जित कचरे का निपटान अलग से यथासंभव पार्कों और उद्यानों में ही किया जाय।
(iv ) नगर पालिका परिषद् कचरा प्रबंधन में समुदाय को शामिल करने और घर पर ही कम्पोस्टिंग , बायो गैस उत्पादन, सामुदायिक स्तर पर कचरे की विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करेगा । परंतु ऐसा करते समय बदबू को नियंत्रित रखना और तत्संबंधी यूनिट के आसपास स्वच्छता स्थितियां बनाए रखना अनिवार्य होगा ।
भाग 8]
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अध्याय-7
ठोस कचरे का निपटान
10. ठोस कचरे का निपटान
नगर पालिका परिषद् अपशिष्ठ कचरे और गलियों में झाडू लगाने से उत्सर्जित कचरे तथा नालियों से निकलने वाली गाद का निपटान एस 0 डब्ल्यू० एम० नियमों के अंतर्गत निर्धारित ढंग और तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य कानून द्वारा लागू किए गए किसी अन्य दायित्व के अनुरुप करने के लिए स्वयं अथवा किसी अन्य एजेंसी के जरिए सेनिटरी लैंडफिल और सम्बद्ध ढांचे का निर्माण, प्रचालन और रख- रखाव करेगा ।
अध्याय-8
इस्तेमालकर्ता शुल्क और स्थल पर ही जुर्माना/दंड लगाना
11. ठोस कचरे का संग्रहण , ढुलाई , निपटान के लिए इस्तेमालकर्ता शुल्कः-
(क) कचरा उत्सर्जकों से कचरा संग्रहण , दुलाई और निपटान हेतु सेवाएं प्रदान करने के लिए नगर पालिका परिषद् द्वारा इस्तेमालकर्ता शुल्क निर्धारित किया जाएगा । शुल्क की दरें अनुसूची-1 में निर्दिष्ट हैं।
( ख ) कचरा उत्सर्जकों से निर्धारित इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली नगर पालिका परिषद् अथवा अधिशासी अधिकारी /नगर पालिका परिषद् द्वारा अधिकृत एजेंसी या अधिकृत व्यक्ति द्वारा की जाएगी।
(ग ) नगर पालिका परिषद् इन उपनियमों की अधिसूचना की तारीख से 3 माह के भीतर, इस्तेमालकर्ता शुल्क लगाने के प्रयोजन के लिए कचरा उत्सर्जन का डाटाबेस तैयार करेगा और इस्तेमालकर्ता शुल्क की बिलिंग/संग्रह/ वसूली के लिए समुचित व्यवस्था विकसित करेगा । डाटाबेस को नियमित रुप से अद्यतन बनाया जाएगा ।
(घ ) नगर पालिका परिषद् ऑनलाइन भुगतान के सहित इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली के लिए विभिन्न पद्धतियाँ अपनाएगा ।
( ड ) इस्तेमालकर्ता वसूली के लिए महीने में विशेष दिन निर्धारित किए जाएंगे, जिसमें प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह को वरीयता दी जाएगी ।
(च ) वार्षिक और छमाही भुगतान की प्रणाली अपनाई जाएगी। यदि इस्तेमालकर्ता शुल्क समूचे वर्ष के लिए अग्रिम अदा किया जाता है, तो ऐसे में 12 महीने के बाजए 10 महीने का शुल्क लिया जाएगा । इसी प्रकार यदि इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली का भुगतान 6 महीने के लिए किया जाता है तो शुल्क की मांग की राशि छः महीने के बजाये साढे पाँच महीने के लिए वसूल की जाएगी ।
(छ ) अनुसूची 1 में वर्णित इस्तेमालकर्ता शुल्क प्रत्येक परवर्ती वर्ष की पहली जनवरी से स्वतः 10 प्रतिशत बढ जाएगा ।
(ज ) इस्तेमालकर्ता शुल्क की वसूली केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा एक सामान्य या विशेष आदेश के जरिए अधिकृत संस्थान/व्यक्ति द्वारा की जाएगी ।
(झ ) इस्तेमालकर्ता शुल्क के भुगतान में चूक होने के मामले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा चूककर्ता से उसकी वसूली भू- राजस्व के बकाये की भाँती वसूल की जायेगी ।
12. एस 0डब्ल्यू0 एम0 नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना/दंड: -
(क) एस 0 डब्ल्यू० एम० नियमों अथवा इन उप- नियमों के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन अथवा अनुपालन करने में विफलता के लिए इन उप - नियमों के परिशिष्ट में दी गई अनुसूची 2 में वर्णित अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा ।
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[भाग 8 (ख ) उपरोक्त खंड ( क ) में वर्णित अनुसार उल्लंघन या गैर-अनुपालन की स्थिति बार- बार आने पर ऐसी प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना प्रतिदिन या महीना, जो भी लागू हो, के अनुसार लगाया जाएगा।
(ग) जुर्माना या दंड लगाने हेतु निर्दिष्ट/ प्राधिकृत अधिकारी , अधिशासी अधिकारी , अवर अभियंता, कर निरीक्षक, सब इन्स्पेक्टर, चौकी, थाना प्रभारी होंगे तथा जिला मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष सामान्य या विशेष आदेश के अधीन अन्य अधिकारियों को भी नामित कर सकते हैं । जुर्माना/ दंड राशि अनुसूची 2 में दी गई है।
(घ ) अनुसूची 2 में वर्णित जुर्माना अथवा दंड राशि प्रत्येक परवर्ती वर्ष की पहली जनवरी से स्वतः 5 प्रतिशत बढ जाएगी ।
(ड ) निर्दिष्ट/ प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा जुर्माना मौके पर लगाया और वसूल किया जाएगा। जुर्माने का भुगतान मौके पर जमा न करने में उक्त धनराशि भू- राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी एवं मामले में पर्यावरण (संरक्षण ) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत निर्धारित अभियोजन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अध्याय-9
प्रतिभागियों के दायित्व
13. कचरा उत्सर्जकों के दायित्वः-
(i ) कूड़ा फेंकने पर पाबंदी
(क ) किसी सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फैलानाः अधिकृत सार्वजनिक या निजी कूड़ादानों के सिवाय कोई व्यक्ति किसी सर्वाजनिक स्थल पर कूड़ा नहीं फैलाएगा । कोई व्यक्ति विशेष प्रयोजन के लिए प्रावधान किए गए सार्वजनिक केंद्रों या सुविधाओं को छोडकर किसी सार्वजनिक स्थल पर वाहनों की मरम्मत, बर्तन या कोई अन्य उपकरण धोने/साफ करने का काम नहीं करेगा या किसी प्रकार का संग्रहण नहीं करेगा ।
(ख ) किसी संपत्ति पर कूड़ा फैलानाः अधिकृत निजी अथवा सार्वजनिक कूड़ेदानों के सिवाय कोई व्यक्ति किसी मुक्त या रिक्त संपत्ति पर कूड़ा नही डालेगा।
(ग) वाहनों से कूड़ा फेंकनाः किसी वाहन के ड्राइवर या यात्री के रुप में कोई व्यक्ति किसी गली, सडक, फुटपाथ, खेल के मैदान, उद्यान , ट्रैफिक आइलैंड या अन्य सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा नही फैकेगा।
(घ) मालवाहक वाहन से गंदगी डालनाः कोई भी व्यक्ति तब तक किसी ट्रक या अन्य मालवाहक वाहन को नही चलाएगा , जब तक कि ऐसे वाहन का निर्माण और लदान इस प्रयोजन के लिए अधिकृत न किया गया हो ताकि सडक, फुटपाथ , खेल का मैदान , उद्यान, ट्रैफिक आइलैंड या अन्य सार्वजनिक स्थलो पर कोई लोड, पदार्थ अथवा गंदगी डालने से रोका जा सकें।
(ड) स्वयं /पालतू पशुओं से गंदगीः कुत्ता, बिल्ली आदि पालतू जानवरों के मालिकों का यह भी दायित्व होगा कि गली अथवा किसी सार्वजनिक स्थल पर ऐसे जानवरो द्वारा उत्सर्जित किसी प्रकार की गंदगी को तत्काल उठाएगा साफ करेगा और इस तरह के उत्सर्जित कचरे के समुचित निपटान के लिए समुचित उपाय करेगा , जिनमें स्वयं की सीवेज प्रणाली से निपटान को वरीयता दी जाएगी।
भाग 8 ]
283 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई ० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
(च) नालियों आदि में कचरे का निपटानः कोई व्यक्ति किसी नाली/नदी/ खुले तालाब/जल निकायों में गंदगी नही डालेगा ।
(ii ) कचरे को जलानाः सार्वजनिक स्थानों पर या निजी स्थान पर या निषेध सार्वजनिक संपत्ति पर ठोस कचरे के किसी भी प्रकार के जलाने द्वारा निपटान निषिद्वद्ध होगा ।
(iii ) "स्वच्छ क्षेत्र : प्रत्येक व्यक्ति यह प्रयास करेगा कि उसके स्वामित्व या कब्जे वाले परिसर के सामने कोई भी सार्वजनिक स्थान अथवा आस पास का क्षेत्र स्वच्छ रहें। इन स्थानो में फुटपाथ और खुली नालियां/ गटर, सडक किनारा शामिल है, जो किसी भी तरह ठोस या तरल कचरे से मुक्त होने चाहिए।
(iv ) सार्वजनिक सभाओं और किसी कारण ( जुलूस , प्रर्दशनियों, सर्कस, मेले, राजनैतिक रैलियां, वाणिज्यिक, धार्मिक, सामाजिक, सास्कृतिक कार्यक्रमों, विरोध प्रदर्शनो और प्रदर्शनो आदि सहित ) से सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों , जिनमें पुलिस विभाग और/या नगर पालिका परिषद् से अनुमति अपेक्षित हो, के मामले में ऐसी गतिविधियों के आयोजनकर्ता का यह दायित्व होगा कि वह उस क्षेत्र और आस पास के क्षेत्रों की स्वस्च्छता सुनिश्चित करें ।
(v ) ऐसे आयोजनों के मामले में आयोजक से नगर पालिका परिषद् द्वारा अधिसूचित रिफंड योग्य स्वच्छता धरोहर राशि सम्बद्ध जोनल अधिकारी द्वारा प्राप्त की जाएगी, जो कार्यक्रम की अवधि में उसके पास जमा रहेगी । यह जमा राशि कार्यक्रम पूरा होने के बाद रिफंड की जाएगी लेकिन उससे पहले यह जांच की जाएगी कि उक्त सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता बहाल कर दी गई हैं । यह धरोहर राशि सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता के लिए होगी और इसमें संपत्ति को पहुंचाई गई किसी भी प्रकार की क्षति का हर्जाना नही होगा । यदि आयोजनकर्ता , कार्यक्रम के आयोजन के परिणाम स्वरुप उत्सर्जित कचरे की सफाई , संग्रहण और दुलाई में नगर पालिका परिषद् की सेवाए प्राप्त करना चाहते हो , तो उन्हे नगर पालिका पालिका परिषद् के सम्बद्ध जोनल अधिकारी को आवेदन करना होगा तथा इस प्रायोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किया गया अपेक्षित शुल्क जमा करना होगा ।
(vi ) खाली प्लांट पर ठोस कचरा डम्प करने और गैर- निर्दिष्ट स्थानों पर निर्माण और विध्वंस कचरा डाले जाने की स्थितियों से नगर पालिका परिषद् निम्नांकित ढंग से निपटेगाः-
(क) नगर पालिका परिषद् किसी परिसर के मालिक/अधिभोगी को नोटिस भेज सकता है, जिसमें ऐसे मालिक/अधिभोगी से उक्त परिसर पर डाले गए किसी भी प्रकार के कचरे को नोटिस में वर्णित तरीके और समय सीमा के भीतर हटाने को कहा जाएगा ।
(ख ) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाएं पूरी करने में विफल रहता है, तो ऐसे व्यक्ति को समय समय पर निर्धारित दण्ड का भुगतान करना होगा ।
(ग ) यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति नोटिस में वर्णित अपेक्षाओं का अनुपालन करने में विफल रहता है तो नगर पालिका परिषद् निम्नांकित कार्यवाही कर सकती है: -
(1 ) ऐसे परिसर में प्रवेश कर कचरे को साफ करना , और (2 ) अधिभोगी से कचरा साफ करने पर किए गए व्यय को वसूल करेगा।
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[भाग 8 (vii ) डिस्पोजेबल उत्पादों और सेनिटरी नेपकिन तथा डायपर्स के विनिर्माताओं या मालिकों का दायित्वः (क) डिस्पोजेबल उत्पादों जैसे टिन , काँच , प्लास्टिक पैकेजिंग आदि के सभी विनिर्माताओं अथवा नगर पालिका परिषद् के अधिकारिक क्षेत्र में आने वाले बाजारों में ऐसे उत्पाद प्रारम्भ करने वाले ब्रैण्ड मालिकों को कचरा प्रबंधन प्रणाली के लिए नगर पालिका परिषद् को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करनी होगी । नगर पालिका परिषद् इस प्रावधान के लिए केन्द्र सरकार/ राज्य सरकार के सम्बद्ध विभागों के साथ समन्वय कर सकती है ।
(ख ) ऐसे सभी ब्रैण्ड मालिकों को, जो गैर-जैव अपघटीय पैकेजिंग सामग्री में अपने उत्पाद बेचते या विपणन करते हैं , उन्हे ऐसी प्रणाली कायम करनी होगी , जिसमें उनके उत्पादन के कारण उत्सर्जित पैकेजिंग कचरे को वापस लिया जा सके।
(ग ) सेनिटरी नेपकिन और डायपर्स विनिर्माता या ब्रैण्ड मालिक या विपणन कंपनियां इस बात की संभावनाओं का पता लगाएंगी कि उनके उत्पादो में सभी रीसाइकिल योग्य पदार्थों का इस्तेमाल किस हद तक किया जा सकता है अथवा वे अपने सेनिटरी उत्पादों के पैकेट के साथ एक ऐसा पाउच या रैपर उपलब्ध कराएंगी, जिनसें नेपकिन या डायपर का निपटान किया जा सके।
(घ) ऐसे सभी विनिर्माता , ब्रैण्ड मालिक या विपणन कंपनियां अपने उत्पादों की रैंपिग और डिस्पोजल के लिए लोगों को शिक्षित करेगी ।
14. नगर पालिका के दायित्वः
(i ) नगर पालिका परिषद् अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले भूभाग में सभी साझा गलियों/मार्ग, सार्वजनिक स्थलों, अस्थाई बस्तियों, मलिन क्षेत्रों, बाजारों , स्वयं के उद्यानों, बागों, नालियों आदि की सफाई की नियमित प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगी । वह इसके लिए मानव संसाधन और मशीने लगाएगा तथा घोषित संग्रहण कंटेनर से कचरा एकत्र करने और उसे हर रोज बंद वाहनों में अंतिम निपटान स्थल तक पहुंचाने के लिए बाध्य होगी, जिसके लिए नगर पालिका परिषद् अपने सफाई स्टाफ और वाहनों के अलावा, अनुबंध के आधार पर प्राइवेट पार्टियों को काम पर लगा सकता है, अथवा सरकारी - निजी भागीदार व्यवस्था का सहारा ले सकती है । इसके अतिरिक्त नगर पालिका परिषद् ऐसे वाणिज्यिक क्षेत्रों की पहचान करेगा, जिनमें दिन में दो बार झाडू लगाने की आवश्कता हो ।
(ii ) नगर पालिका परिषद् अथवा उसके द्वारा संलग्न अधिकृत एजेंसी सार्वजनिक मार्गों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, धार्मिक स्थलों और वाणिज्यिक क्षेत्रो आदि के आसपास पर्याप्त संख्या में और पर्याप्त आकार के कूड़ेदानों का रख - रखाव करेगी ।
(iii ) नगर पालिका परिषद् विकेंद्रीकृत और नियमित ढंग से ठोस कचरा प्रबंधन गतिविधियों के प्रयोजन के लिए प्रत्येक वार्ड में एक वार्ड अधिकारी निर्दिष्ट करेगा , ताकि वह कंटेनरों , सार्वजनिक शौचालयों, सामुदायिक शौचालयों अथवा सर्वाजनिक स्थलो पर बने पेशाबघरों, सर्वाजनिक कचरे के लिए बनाए ट्रांसफर स्टेशन , लैंडफिल प्रोसेसिंग यूनिटों आदि स्थानो की निगरानी रख सके।
( iv ) सक्षम प्राधिकारी ठोस कचरे के प्रथक्करण, संग्रह , ढुलाई, प्रसंस्करण और निपटान कार्यों की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए पर्याप्त संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा , जिसमें कम से कम अपर नगर पालिका परिषद् या समकक्ष रैंक के अधिकारियों को वरीयता दी जाएगी।
भाग 8]
285 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
(v ) प्रत्येक वार्ड निर्धारित मानदंड के आधार पर स्वीपिंग बीट्स में विभाजित किया जाएगा और उसमें तदनुरुप कार्मिक तैनात किए जाएंगे या वर्तमान तैनाती युक्तिसंगत बनायी जाएगी तथा अद्यतन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए उनके काम पर निगरानी रखी जाएगी । नगर पालिका परिषद् जहां कही अपने स्टाफ से स्वीपिंग कराने में असमर्थ होगी, तो वह अनुबंध के जरिए बाहरी एजेंसियों से यह काम करा सकती हैं। प्रत्येक बीट का निरीक्षण दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित दैनिक आधार पर सुपरवाइजिंग अधिकारियों द्वारा किया जाएगा ।
(vi ) नगर पालिका परिषद् अद्यतन सड़क/ गली क्लिनिंग मशीनों, मैकेनिकल स्वीपरो अथवा उपकरणों का इस्तेमाल करेगा, जिनसे झाडू लगाने और नालियों की सफाई की सक्षमता में सुधार होगा ।
(vii ) नगर पालिका परिषद् सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी ) अभियान के माध्यम से जागरुकता और संवेदनशीलता पैदा करेगी तथा कचरा उत्सर्जकों और अन्य हितभागियों को एसडब्ल्यूएम नियमों और इन उप- नियमों के विभिन्न प्रावधानों के बारे में प्रशिक्षित करेगी, जिसमे इस्तेमालकर्ता शुल्क और जुर्माना/दण्ड संबंधी प्रावधानों की जानकारी पर विशेष बल दिया जाएगा ।
( viii ) नगर पालिका परिषद् कचरा उत्सर्जकों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करेगा कि वे गीले कचरे का स्रोत पर ही उपचार करें । नगर पालिका परिषद् विकेंद्रीकृत प्रौद्योगिकियों , जैसे बायो-मिथेनेशन, कम्पोस्टिंगआदि अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने पर भी विचार कर सकती है । इन प्रोत्साहनों में परिवारों , निवासी कल्याण संगठनो और संस्थानों आदि को पुरस्कृत और सम्मान प्रदान करना, उनके नाम सम्बद्ध वेबसाइटों में प्रकाशित करना अथवा संपत्ति कर आदि में छूट प्रदान करना शामिल हो सकते है।
(ix ) नगर पालिका परिषद् स्वयं द्वारा रख - रखाव किए जा रहें सभी पार्कों , उद्यानों और जहां कही संभव हो , अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अन्य स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग समाप्त करेगा और उनमें कम्पोस्ट का इस्तेमाल करेगा । अनौपचारिक कचरा रीसाइकलिंग क्षेत्र द्वारा किए जाने वाले रीसाइकलिंग उपायों के लिए प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा सकते हैं ।
(x ) नगर पालिका परिषद् ठोस कचरा प्रबंधन प्रणालियों को सुचारु और औपचारिक बनाने के उपाय करेगा और यह प्रयास करेगा कि कचरा प्रबंधन में अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों (कचरा बीनने वालों ) को वरीयता दी जाए , ताकि उनके कार्य स्थितियों को उन्नत बनाया जा सके और उन्हे ठोस कचरा प्रबंधन की औपचारिक प्रणाली में समाहित एवं एकीकृत किया जा सकें।
(xi ) नगर पालिका परिषद् यह सुनिश्चित करेगा कि स्वच्छता सेवा के सुविधा प्रदाता द्वारा अपने उन श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सहित वर्दी, फ्लोरेसेंट जैकेट, दस्ताले, रेनकोट, समुचित फुटवेयर और मास्क प्रदान किए जाएं, जो ठोस कचरा परिचालन कार्य करते है और यह भी कि ऐसे श्रमिकों द्वारा इन वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाए।
(xii ) नगर पालिका परिषद् कचरे के संग्रहण, परिवहन और परिचालन में शामिल स्वयं और बाहरी एजेंसी के स्टाफ की व्यवसायिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत संरक्षा के उपयुक्त और समुचित उपकरण प्रदान करेगा।
(xiii) किसी ठोस कचरा प्रोसेसिंग या उपचार या निपटान केंद्र अथवा लैंडफिल साइट पर कोई दुर्घटना होने की स्थिति में , उस केंद्र का प्रभारी अधिकारी तत्काल नगर पालिका परिषद् को रिर्पोट करेगा , जो स्थिति की समीक्षा करने के बाद उस केंद्र के प्रभारी अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी करेगा ।
286
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[भाग 8
(xiv) नियमित जांचः अध्यक्ष द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी वार्ड के विभिन्न भागों और ठोस कचरे के संग्रहण, दुलाई, प्रोसेसिंग और निपटान से संबंधित अन्य स्थानों की नियमित जांच करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एसडब्ल्यूएम नियमों और इन उप- नियमों के विभिन्न प्रावधानों का पालन हो रहा हैं ।
(xv ) नगर पालिका परिषद् अपने मुख्यालय में कॉल सेंटर की स्थापना के जरिए सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली ( पीजीआरएस ) विकसित करेगा । इस पीजीआरएस में एसएमएस आधारित सेवा, मोबाइल अप्लीकेशन अथवा वैब आधारित सेवाएं शामिल हो सकती हैं ।
(xvi ) नगर पालिका परिषद् एसडब्ल्यूएम नियमों और उप-नियमों के कार्यान्वयन से सम्बद्ध कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए कार्ड प्रोद्योगिकियों/ आईसीटी प्रणाली कायम करेगा तथा ऐसी प्रणाली को वेतन/ दिहाडी/परिश्रमिक के साथ एकीकृत करने के प्रयास करेगी ।
(xvii ) पारदर्शिता और सार्वजनिक पहुँचः अधिक पारदर्शिता और सार्वजनिक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिका परिषद् अपनी वेबसाइट से सारी आवश्यक सूचनाऐ प्रदान करेगी ।
(xviii ) नगर पालिका परिषद् एसडब्ल्यूएम नियमों में वर्णित सभी अन्य दायित्व पूरे करेगी , जो इन उपनियमों में विशेष रुप से उल्लिखित नहीं किए गये हैं ।
अध्याय-10
विविध
15. इन उपनियमों की व्याख्या या कार्यान्वयन में कोई संदेह या कठिनाई आने की स्थिति में उसे अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद् के समक्ष रखा जाएगा , जिसका निर्णय ऐसे मामले में अंतिम होगा। 16. सरकारी निकायों के साथ समन्वयः नगर परिषद् अन्य सरकारी एजेंसियों और प्राधिकरणों के साथ समन्वय करेगा , ताकि इन उपनियमों का अनुपालन ऐसे निकायों के अधिकार क्षेत्र या नियंत्रण में आने वाले इलाकों सुनिश्चित किया जा सके। कोई कठिनाई होने की स्थिति में उत्तराखण्ड सरकार के मुख्य सचिव के समक्ष विचारार्थ रखा जाएगा ।
17. सक्षम प्राधिकारी ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 और इन उप- नियमों के समुचित कार्यान्वयन के लिए समय समय पर सामान्य या विशेष आदेश जारी कर सकते हैं
अनुसूची-1
ठोस कचरा प्रबंधन के लिए इस्तेमालकर्ता शुल्क
1 2 3
क्र० सं० अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी/ अपशिष्ट प्रतिमाह सेवा शुल्क ( यूजर चार्जेज रुपये
का प्रकार में)
1. गरीबी रेखा से नीचे के घर(बी.पी.एल कच्ची झोपडी ₹10.00 , पक्का मकान
कार्ड धारक) ₹20.00
2. ₹40.00
कम आय वाले घर( बी.पी.एल कार्ड धारक के अतिरिक्त रु 5000.00 प्रतिमाह तक की आय वाले घर ) भाग 8 ]
287
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3.
₹50.00
मध्यम आय वाले घर (रु 5000.00 से अधिक रु 10000.00 तक प्रतिमाह आय वाले घर)
4.
उपरोक्त के अतिरिक्त घर 5.
सब्जी एवं फल विक्रेता
6.
माँस एवं मछली विक्रेता
7.
रेस्टोरेन्ट
8 .
होटल/लॉजिग/गेस्ट हाऊस
9.
धर्मशाला
10.
बरातघर (चेरिटेबिल ) बरातघर (नॉन-चेरिटेबिल )
11 .
बेकरी
12 .
कार्यालय
13.
स्कूल/ शिक्षण संस्थाएं(आवासीय )
14.
₹60.00
ठेली पर फेरी में ₹0.5.00 प्रतिदिन, दुकान एवं फड पर ₹100.00 प्रतिमाह
न्यूनतम ₹200.00 10 कि ० ग्रा० तक, उससे अधिक पर ₹01.00 प्रति कि ० ग्रा० प्रतिदिन अतिरिक्त
छोटे ₹500.00 , मध्यम ₹800.00 तथा बडे 2000.00
20 बेड तक ₹300.00, 21 बेड से 40 बेड तक ₹500.00 एवं 41 से अधिक बेड तक 서 800.00
10 कमरों तक ₹150.00 प्रतिमाह , 11 से 25 तक ₹250.00 प्रतिमाह , 26 से अधिक ₹350.00 प्रतिमाह , इसके अतिरिक्त विवाह/उत्सव आयोजन पर ₹500.00 प्रतिदिन
₹500.00 प्रतिमाह एवं विवाह/ उत्सव आयोजन पर ₹1000.00 प्रति उत्सव/ विवाह
₹500.00 प्रतिमाह
50 कर्मचारियों तक ₹200.00, 51 से 100 कर्मचारियों तक ₹400.00, 101 से 300 कर्मचारियों तक ₹500.00 तथा उससे अधिक कर्मचारियों वाले कार्यालय से 1000.00
100 बेड तक के लिए ₹2000.00 , उससे अधिक ₹10.00 प्रति बेड अतिरिक्त
स्कूल/शिक्षण संस्थाएं(अनावासीय )
15.
500 विद्यार्थियों तक ₹1000.00,उससे अधिक ₹15000.00
हॉस्पिटल/नर्सिंग होम ( बायोमेडिकल वेस्ट को छोडकर )
16.
क्लीनिक/पैथोलोजी
17.
दुकान/चाय की दुकान 20 बेड तक ₹500, 21 बेड से 40 बेड तक ₹1000.00 एवं 41 से 100 बेड तक ₹2000.00, उससे अधिक ₹2500.00
क्लीनिक ₹100.00, पैथोलोजी ₹500.00
₹70.00 प्रतिमाह 288
[भाग 8
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18 .
फैक्ट्री
19.
वर्कशॉप
20.
कबाड़ी
21 .
जूस/ गन्ने का रस विक्रेता
22 .
छोटी ₹600.00, मध्यम ₹1000.00, बडी 1000.00
छोटी ₹400.00 , बडी ₹1000.00
छोटी ₹200.00, बडी ₹500.00
₹10.00 प्रतिदिन
₹1100.00 प्रति आयोजन
सार्वजनिक/निजी स्थलों पर सर्कस / प्रदर्शनी/विवाह आदि आयोजन जिनमें अपशिष्ट उत्पन्न हो
23.
ढहान तथा निर्माण सम्बन्धी अपशिष्ट
24 .
सिनेमा हॉल
25.
0.50घन मी० तक ₹200.00 , 1.0 घन मी० तक ₹400.00 , 3.0 घन मी० तक ₹1000.00 , 6.0घन मी० तक ₹2000.00 ,इससे अधिक प्रतिघन मी० ₹200.00 अधिक
₹600.00 प्रतिमाह
₹200.00 से ₹2000.00 तक
उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य ( प्रतिस्ठान की स्थिति के अनुसार )
इस्तेमालकर्ता शुल्क/ प्रभार का भुगतान मांग जारी होने से 30 दिन के भीतर न किए जाने की स्थिति में इस्तेमालकर्ता शुल्क/प्रभार पर 10 प्रतिशत की दर से विलम्ब भुगतान/प्रभार (एलपीएससी) लगाया जाएगा।
जुर्माना/दंड
उपरोक्त उप-नियमों का उल्लघंन उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा-299 (1) एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2016 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। दण्ड की धनराशि निम्नलिखित अनुसूचि-2 के अनुसार होगी । यह अधिकार अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा, जनपद- पौड़ी गढ़वाल में अन्तिम रूप से निहित होगा ।
अनुसूची-2
अपराध
निम्नांकित पर लागू
क्र० सं०
नियम/उप नियम संख्या
1
प्रत्येक चूक के लिए जुर्माना (रुपये में)
₹200.00 ₹500.00
आवासीय
बल्क जनरेटर
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1) (क)
₹10,000.00
5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले विवाह/पार्टी हाल, फेस्टिवल हाल , पार्टी लान , प्रदर्शनी और मेले स्थल
कचरे को पृथक करने और संग्रह करने तथा पृथक्कृत कचरे को इन नियमों के अनुसार सौपने में विफल रहना
₹5000.00
5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले क्लबों, सिनेमाघरों , पब्स, सामुदायिक हॉल, मल्टीप्लेक्सेज और अन्य ऐसे स्थान भाग 8]
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500.00
5000 मीटर से कम क्षेत्र वाले अन्य गैर-आवासीय स्थान
500.00
फिस, मीट विक्रेता द्वारा कूड़े को पृथ्थकरण तरीके से न रखना
उल्घनकर्ता
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2)
सडक/गली में 1. कूड़ा फेंकना, थूकना
₹200.00 से ₹500.00 एवं कार्यवाही उत्तराखण्ड कूड़ा फेकना एवं थूकना प्रतिषेध
अधिनियम 2016 केअन्तर्गत होगी।
₹500.00 2.नहाना, पेशाब करना, जानवरो को चारा खिलाना , कपडे धोना, वाहन धोना,गोबर नाली में बहाना
₹200.00
आवासीय
2
500.00 एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1 ) (ख ) और (घ )
गैर-आवासीय/ बल्क जनरेटर
नियमानुसार सेनिटरी कचरे का निपटान करने में विफल रहना। नियम के अनुसार बागवानी और उद्यान कचरे के निपटान में विफल रहना ।
1000.00 3
आवासीय
₹5000.00
गैर-आवासीय/बल्क जनरेटर
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(1) (ग)
नियम के अनुसार निर्माण और विध्वंस कचरे के निपटान में विफल रहना ।
5000.00 4
उल्लंघनकर्ता
एसडब्ल्यूएम ठोस कचरे को खुले
नियमों का नियम में जलाना
4(2) , 15 (ट) ,
ऐसा कार्यक्रम या सभा आयोजित ₹10,000.00
5 एसडब्ल्यूएम निर्धारित प्रक्रिया
नियमों का नियम काअनुपालन किए करने वाले व्यक्ति अथवा ऐसा व्यक्ति
4(4) बिना किसी गैर जिसकी ओर से ऐसा कार्यक्रम या
लाइसेंसीकृत स्थल सभा आयोजित की गई हो और इवेंट
पर 100 व्यक्तियों मैनेजर यदि कोई हो, जिसने कार्यक्रम
से अधिक की या सभा आयोजित की हो
290
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8 भागीदारी के साथ कार्यक्रम या सभा का आयोजन करना
6
₹200.00
उल्लंघनकर्ता
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(5)
नियम के अनुसार कचरे का निपटान करने में विफल रहने वाले गली विक्रेता/वेन्डर कूडादान न रखने एवं कूड़े को
पृथ्थकरण न करने,अपशिष्ट भण्डारन डिपो या पात्र या वाहन में डालने में विफल रहने पर
7
500.00
अपराधी
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(2) , 15 ( छ)
सार्वजनिक स्थलो, सडकों गलियों आदि में गंदगी फैलाना/कुत्ते/ अन्य जानवरो द्वारा मल त्याग/उत्सर्जित कचरे के निपटान में विफलता
निम्नांकित उल्लंघनों के लिए महीने में केवल एक बार जुर्माना लगाया जाएगा 8
₹10,000.00
निवासी कल्याण एसोसिएशन, आर.डब्ल्यू.ए
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 4(6)
नियमों के अनुसार कचरे का निपटान में विफलता
बजार एसोसिएशन, संघ
9
द्वारबंद समुदाय
एसडब्ल्यूएम नियमों के अनुसार
नियमों का नियम कचरे का निपटान संस्थान
4(7) में विफलता
10. एसडब्ल्यूएम नियमों के अनुसार होटल ₹50,000.00
नियमों का नियम कचरे का निपटान रेस्टोरेंट
4(8) में विफलता
भाग 8]
291 उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई ० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
₹1,00,000.00 11.
विनिर्माता और/ या ब्रॉड ऑनर/स्वामी
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 17(2)
उत्पादन के कारण सृजित पैकेजिंग कचरे को वापस लेने की प्रणाली कायम किये बिना डिस्पोजल उत्पादों की बिक्री अथवा विपणन
12.|
₹50,000.00
विनिर्माता और ब्रॉड स्वामी और विपणन कुपनियां
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 17(3)
नियमों के अनुसार उपाय करने में विफलता
13
₹50,000.00
उल्लंघनकर्ता, ग्रुप हाउसिंग सोसाईटे या मॉर्केट काम्पलेक्स आदि
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 15य (ङ)
नियमों के उपाय करने, भवन योजना में अपशिष्ट संग्रहण केन्द्र स्थापित करने में विफलता
14
1000.00
उल्लंघनकर्ता/पर्यटक
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 20(ग)
गलियों, पहाडियों, सार्वजनिक स्थलो में अपशिष्ट यथा कागज, पानी की बोतल, शराब की बोतल, सोफ्ट ड्रिंक, कैन , टैट्रा पैक अन्य कोई प्लास्टिकया कागज अपशिष्ट को फैकने पर
15
1000.00
उल्लंघनकर्ता/होटल
एसडब्ल्यूएम नियमों का नियम 20( घ )
नगर पालिका परिषद् की उप विधि को होटल/अतिथिग्रह में बोर्ड लगाकर व्यवस्था करने में विफलता 292
उत्तराखण्ड गजट , 05 जुलाई , 2025 ई० (आषाढ़ 14, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
5000.00 16
आयोजनकर्ता
सार्वजनिक सभाओं (जलूस प्रदर्शनियों, सर्कस , मेले , राजनैतिक रैलियाँ, वाणिज्यिक, धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विरोध प्रर्दशन आदि सहित से सार्वजनिक स्थलो पर आयोजित गतिविधियों के क्षेत्र एवं आस-पास के क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करने में विफलता)
गोवर्द्धन प्रसाद जोशी , अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका परिषद् , दुगड्डा पौड़ी गढ़वाल ।
सोहन सिंह सैनी , प्रशासक , नगर पालिका परिषद्, दुगड्डा पौड़ी गढ़वाल ।
पी० एस ०यू० ( आर० ई 0 ) 27 हिन्दी गजट / 307-भाग 8-2025 ( कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।