Servants of Knowledge
Uttarakhand Weekly Gazette · Government of Uttarakhand

NOTIFICATION

Published 11 September 2025

Department
Revenue Department
Type
Weekly
Part
Bhag 1
Notification no.
697/XVIII(3)/2025-03(06)/2016TC
Identifier
in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-09-11.3278-031025233959
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/ 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

खण्ड-26] रुड़की , शनिवार, दिनांक 20 सितम्बर, 2025 ई० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत) ( संख्या-38

विषय -सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग- अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु ० 3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य

1500

791-796

भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

भाग 1 - क-नियम , कार्य - विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

311-322

1500

975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र , नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975 भाग 4 - निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975 भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975 भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

377-378

975

स्टोर्स पर्चेज - स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि

1425

791-क 792

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

भाग 1

विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

न्याय अनुभाग -1

अधिसूचना

नियुक्ति

09 सितम्बर , 2025 ई ०

संख्या-28 नो- M/ XXXVI- A- 1 /2025-07 नो - एम/2010- श्री राज्यपाल, नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या -53 , सन् 1952) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री टेक चन्द्र , अधिवक्ता को दिनांक 09-09-2025 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये तहसील जसपुर, जिला ऊधमसिंह नगर में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम -8 के उपनियम (4 ) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते हैं कि श्री टेक चन्द्र का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।

आज्ञा से, प्रशान्त जोशी , प्रमुख सचिव , न्याय एवं विधि परामर्शी ।

Inpursuance of the provisions of Clause (3 ) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English translation of Notification No. 28 No - M /XXXVI - A - 1 / 2025-07 No. - M/2010 Dated- September 09 , 2025

NOTIFICATION

Appointment

September 09 , 2025

No. 28 No - M /XXXVI - A- 1 / 2025-07 No - M / 2010 -In exercise of the powers conferred by section 3 of the Notaries Act , 1952 (Act No- 53 of 1952 ) , the Governor is pleased to appoint Mr. Tek Chandra , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 09-09-2025 for Tehsil Jaspur, District Udhamsingh Nagar in exercise of the powers conferred by sub - rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Tek Chandra be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act .

By Order, PRASHANT JOSHI , Principal Secretary , Law- cum- L.R .

793 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई ० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत्)

राजस्व अनुभाग-3

अधिसूचना

11 सितम्बर , 2025 ई ०

संख्या-697 /XVIII (3)/2025-03 (06)/2016TC- राज्यपाल , उत्तर प्रदेश भू- राजस्व अधिनियम , 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3 , वर्ष 1901 ) ( उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त) की धारा 48 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये यह घोषणा करते हैं कि नीचे दी गयी अनुसूची में उल्लिखित ग्राम, जिसे शासन की अधिसूचना सं0-70 /1-14 / 2000-49 (2) -94-81 दिनांक 10 मार्च , 2000 द्वारा सर्वेक्षण एवं अभिलेख क्रियाओं के अधीन रखा गया था , में सर्वेक्षण एवं अभिलेख क्रियायें इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से बन्द हो जायेंगी ।

अनुसूची

तहसील

जिला

परगना

ग्राम का नाम

1

2

3

4

ऊधमसिंह नगर

सितारगंज

नानकमत्ता

साधूनगर

आज्ञा से ,

डॉ० सुरेन्द्र नारायण पाण्डे , सचिव , राजस्व ।

In pursuance of the provision of Clause ( 3) of the article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 697/ XVIII ( 3 ) /2025-03( 06 ) /2016TC Dated- September 11 , 2025 for general information .

NOTIFICATION

September 11 , 2025

No. 697/ XVIII ( 3 ) /2025-03 ( 06 )/ 2016TC -- In exercise of the powers conferred by section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act , 1901 ( U.P. Act . No. 3 of 1901 ) , ( as applicable to the State of Uttarakhand) , the Governor declares that the Survey and Record Operation in the village mentioned in the Schedule below which were placed under Survey and Record Operation Vide Govt . Notification No. 70 /1-14/2000-49 ( 2 ) -94-81 dated March 10 , 2000 shall be closed with effect from the date of publication of this notification in the official Gazette.

Schedule

District

Tehsil

Pargana

Name of village 1

2

3

4

Nanakmatta

Udham Singh Nagar

Sitarganj

Shadhunagar

ByOrder,

DR . SURENDRA NARAYAN PANDEY,

Secretary, Revenue 794

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई ० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

गृह अनुभाग -5

अधिसूचना

18 सितम्बर, 2025 ई ०

संख्या-1398/ XX-5-2025-05 (09)2023- राज्यपाल साधारण खण्ड अधिनियम , 1897 (अधिनियम संख्या-10 , सन् 1897) की धारा 21 के साथ पठित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (अधिनियम संख्या -46 , सन् 2023 ) की धारा 396 के अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करके उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता योजना , 2013 में संशोधन करने के दृष्टिगत निम्नलिखित योजना बनाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -

उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025

1. (1 ) इस योजना का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

(संशोधन) योजना, 2025 है ।

(2) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी ।

योजना में संशोधन

2. उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता योजना, 2013 (जिसे आगे उक्त योजना कहा गया है) में " सहायता " शब्द के स्थान पर जहां- जहां वह आते हैं " सहायता/ क्षतिपूर्ति " शब्द और चिन्ह रख दिये जायेंगे ।

प्रस्तर 3 में संशोधन

3. उक्त योजना के प्रस्तर 3 (1 ) में शब्द "अनुसूची-1 " के पश्चात् शब्द "एवं अनुसूची-2" को अन्तःस्थापित कर दिये जायेंगे ।

अनुसूची-2 अतःस्थापन

4. उक्त योजना की अनुसूची-1 के पश्चात् नयी अनुसूची -2 निम्नवत् अन्त :स्थापित कर दी जाएगी, अर्थात्:-

अनुसूची-2

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अधीन पीड़ित ।

हानि या क्षति का विवरण ।

क्र०सं०

सहायता/ क्षतिपूर्ति की धनराशि की अधिकतम सीमा ।

सहायता / क्षतिपूर्ति

की धनराशि की

न्यूनतम सीमा ।

1.     प्रवेशन लैंगिक हमला ( धारा-4)       रू0 1,00,000 /-     रू० 7,00,000 / -
2.                                         रू0 1,00,000 / -    रू0 7,00,000 /-
       गुरूत्तर प्रवेशन लैंगिक हमला
      (धारा-6)
3.    लैंगिक हमला (धारा-7)                  रू0 50,000 /-      रू0 1,00,000 /-
4.     गुरूत्तर लैंगिक हमला (धारा-9 )       रु ० 50,000 / -    रू0 2,00,000 /-
5.    लैंगिक उत्पीड़न (धारा -11 )           50 20,000 /-        रु० 1,00,000 /-
6.    अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का       रू0 50,000 /-      रू0 1,00,000 / -
      उपयोग (धारा -14) 1

आज्ञा से,

शैलेश बगौली ,

सचिव ।

795 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर, 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

In pursuance of the provision of Clause (3 ) of article 348 of " the Constitution of India " , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. 1398 /XX - 5-2025-05 ( 09 ) 2023 Dated- September 18 , 2025 for general information.

NOTIFICATION

September 18 , 2025

No. 1398 /XX - 5-2025-05 ( 09) 2023 --In exercise of powers conferred section 396 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita , 2023 (Act No. 46 of 2023 ) read with section 21 of the General Clauses Act , 1897 (Act No. 10 of 1897) with a view to amend the Uttarakhand Victim From Crime Assistance Scheme , 2013 , the Governor is pleased to allow to make the following Scheme: -

Uttarakhand Victim From Crime Assistance (Amendment)

Scheme, 2025

Short title and commencement

1. (1 ) This scheme may be called the Uttarakhand Victim From Crime Assistance (Amendment) Scheme , 2025.

(2) It shall come into force at once.

Amendment in the Scheme

2. In the Uttarakhand Victim From Crime Assistance Scheme, 2013 (hereinafter referred to as the said Scheme) , for the word " assistance " wherever they occur, the words and symbol " assistance/ compensation " shall be substituted .

Amendment in Para 3

८८ 3. In para 3 (1 ) of the said Scheme, after the word " Schedule - 1 " , the Word and Schedule - 2 shall be inserted .

4. A new Schedule - 2 shall be inserted after Schedule - 1 of the said Scheme as follows , namely: -

Schedule- 2 insertion

Schedule- 2

Victims under the Protection of Children from Sexual Offences Act , 2012 .

Description of loss or damage .

Ser No.

Maximum limit of amount of assistance/ compe nsation .

Minimum limit of amount of assistance / compensation.

Rs 7,00,000/-

Rs 1,00,000/-

1. Penetrative sexual assault (Section -4)

Rs7,00,000/-

Rs 1,00,000/-

2. Aggravated penetrative sexual assault (Section- 6) 796

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर, 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

3.

[भाग 1 Rs50,000/-

Rs 1,00,000/- Sexual assault ( Section - 7 ) 4.

Rs50,000/-

Rs 2,00,000/ - Aggravated sexual assault (Section -9)

 5.  Sexual harassment                  Rs20,000/-        Rs 1,00,000/ -
     (Section- 11)
6.                                      Rs50,000/-        Rs 1,00,000/-

Use of child for pornographic

purposes (Section - 14)

ByOrder,

SHAILESH BAGAULI , Secretary.

पी० एस ० यू० ( आर ० ई ० ) 38 हिन्दी गजट / 392 - भाग 1-2025 ( कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30/ 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार , दिनांक 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

भाग 1 -क नियम , कार्य -विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

August29 , 2025

No. 299 /XIV/ a - 33/Admin.A/ 2021--Ms . Priyanshi Nagarkoti , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Tanakpur District Champawat is hereby sanctioned earned leave for 15 days w.e.f. 16.11.2024 to 30.11.2024 with permission to prefix 15.11.2024 as Guru Nanak Jayanti and suffix 01.12.2024 as Sunday holiday.

NOTIFICATION

August 29, 2025

No.300 / XIV - a - 28 / Admin.A/ 2020 -- Ms . Jasmeet Kaur , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Ranikhet , District Almora is hereby sanctioned earned leave for 14 days w.e.f. 01.08.2025 to 14.08.2025 with permission to suffix 15.08.2025 , 16.08.2025 & 17.08.2025 as Independence day, Shri Krishna Janmashtami & Sunday holidays respectively .

NOTIFICATION

August29, 2025

No. 301 /XIV- a - 54/ Admin.A/ 2020--Ms . Upadhi Singhal , 1st Additional Civil Judge ( Jr. Div. ) , Roorkee , Haridwar is hereby sanctioned child care leave for 08 days w.e.f. 03.01.2025 to 10.01.2025 with permission to suffix 11.01.2025 & 12.01.2025 as second Saturday and Sunday holidays respectively.

311 -ख 312

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

NOTIFICATION

August 29 , 2025

No. 302 / XIV / a - 39/Admin.A/ 2017 -- Ms . Shalini Dadar, the then Civil Judge ( Jr. Div. ) , Bhikiyasen , DistrictAlmora , presently posted as Civil Judge ( Jr. Div. ) , Uttarkashi is hereby sanctioned child care leave of 10 days w.e.f. 17.07.2025 to 26.07.2025 with permission to suffix 27.07.2025 as Sunday holiday.

NOTIFICATION

August 29 , 2025

No. 303 /XIVa - 41/Admin.A/ 2021 -- Shri Devansh Rathore , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Tharali District Chamoli is hereby sanctioned earned leave for 33 days w.e.f. 24.06.2025 to 26.07.2025 with permission to suffix 27.07.2025 as Sunday holiday.

By Order of Hon'ble the Administrative Judge , Sd/-

Registrar ( Inspection) .

कार्यालय परिवहन आयुक्त उत्तराखण्ड, कुल्हान , सहस्त्रधारा रोड , देहरादून । अपीलीय अधिकारी / उप परिवहन आयुक्त हल्द्वानी / अल्मोड़ा संभागीय परिक्षेत्र (मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 19 के अन्तर्गत)

10 सितम्बर , 2025 ई ०

संख्याः--4165 /अपील -02 / विधि /2025-

अपील संख्या- / 2025

श्री मनजीत सिंह,

पुत्र श्री गुरदयाल सिंह, निवासी- ग्राम भवानीपुर दादूवाला, तहसील- जसपुर, जिला ऊधमसिंहनगर ।

-अपीलकर्ता

बनाम

अनुज्ञापन अधिकारी/

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ,

ऊधमसिंहनगर ।

-प्रतिपक्षी

संदर्भ-1 . मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 17,

2. मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 ,

3. उत्तराखण्ड मोटरयान नियमावली, 2011 का नियम 5 313 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई0 (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

अपील

فر अपीलार्थी श्री मनजीत सिंह, पुत्र श्री गुरदयाल सिंह, निवासी- ग्राम भवानीपुर दादूवाला, तहसील जसपुर, जिला उधमसिंह नगर द्वारा अपने अपीलीय प्रत्यावेदन दिनांक 19-07-2025 के माध्यम से मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा-19 की उपधारा -3 के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी , सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन ) काशीपुर के अपीलार्थी के चालन अनुज्ञप्ति संख्या- UK 0620130068618 को मोटरयान अधिनियम की धारा 19 (ङ) के अन्तर्गत निरस्त किये जाने के आदेश 1861 / लाईसेंस / UK 0620130068618 - निरस्त / 2025 दिनांक 03-07-2025 के विरूद्ध अपील दायर की गयी है । उक्त अपील अनुज्ञापन अधिकारी के आदेश की तिथि के 30 दिवस के भीतर नियमानुसार 25 रूपये के न्यायिकेतर स्टाम्प फीस सहित दायर की गयी है ।

2- अपील को सुनवाई हेतु दर्ज किया गया और उभय पक्षों को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए , दिनांक 08-08-2025 को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गयी । निर्धारित तिथि को पुकारा गया । पुकारने पर अपीलार्थी उपस्थित हुए एवं विपक्षी की ओर से उनके प्रतिनिधि श्री जयपाल सिंह राणा, वरिष्ठ सहायक उपस्थित हुए । विपक्षी द्वारा अपील के सम्बन्ध में लिखित अभिकथन प्रस्तुत किया गया , जिससे पत्रावली का भाग बनाया गया ।

3- अपने अपीलीय प्रत्यावेदन में अपीलार्थी श्री मनजीत सिंह, पुत्र श्री गुरदयाल सिंह , निवासी -ग्रामभवानीपुर दादूवाला, तहसील जसपुर, जिला उधमसिंह द्वारा अवगत कराया गया है कि प्रार्थी /अपीलार्थी द्वारा आवेदन संख्या-2153352425 दिनांक 03-06-2025 के माध्यम से उक्त चालन अनुज्ञप्ति को परिवहन यान श्रेणी हेतु नवीनीकरण कराया गया था । नवीनीकरण हेतु आवेदन के साथ नियमानुसार उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर से निर्गत मेडिकल प्रमाण पत्र (प्रारूप -1 ) संलग्न किया गया ।

4- नवीनीकरण के पश्चात् अनुज्ञापन अधिकारी ने अपीलार्थी द्वारा संलग्न मेडिकल प्रमाण-पत्र का सत्यापन करने हेतु मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एल ० डी० भट्ट उप जिला चिकित्सालय , काशीपुर , ऊधमसिंहनगर को पत्र प्रेषित किया, जिसके क्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एल ०डी० भट्ट उप जिला चिकित्सालय , काशीपुर द्वारा अपने ई- मेल पत्र दिनांक के माध्यम से अपीलार्थी द्वारा संलग्न किया गया चिकित्सा प्रमाण- पत्र के उनके चिकित्सालय द्वारा निर्गत न होने तथा वैध न होने की पुष्टि की गयी ।

5- अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा अपीलार्थी को नोटिस निर्गत करते हुए , इस सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट करने हेतु निर्देशित किया गया । अपीलार्थी ने अपने प्रतिउत्तर में स्पष्ट किया गया कि एल ०डी० भट्ट उप जिला चिकित्सालय , काशीपुर में एक व्यक्त्ति मिला जिसने अपीलार्थी को मेडिकल बनाने का आश्वासन दिया , चूंकि उक्त व्यक्ति चिकित्सालय का कर्मचारी था, का विश्वास करते हुए , अपना मेडिकल बनावाने के समस्त दस्तावेज दे दिये, कुछ समय वाद उस व्यक्ति द्वारा प्रार्थी को मेडिकल दिया गया और कहा गया कि उक्त मेडिकल पूर्णरूप से सही एवं सत्य है, तुम इसे अपना लाईसेंस नवीनीकरण में लगा सकते हो ।

314

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर, 2025 ई० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क 6- इसके अतिरिक्त अपीलार्थी द्वारा दिनांक 23-06-2025 को कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एल ०डी०भट्ट उप जिला चिकित्सालय , काशीपुर से जारी मेडिकल प्रमाण - पत्र बनावाकर कार्यालय सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन ) , काशीपुर में प्रस्तुत किया गया और निवेदन किया गया कि प्रार्थी द्वारा पूर्व में मेडिकल की जानकारी ना होने के कारण सही मेडिकल प्रस्तुत कर प्रार्थी का लाईसेंस निरस्त न करने का आवेदन किया गया, परन्तु कार्यालय सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) , काशीपुर द्वारा प्रार्थी के स्पष्टीकरण को सन्तोषजनक न मानते हुए, अपीलार्थी की चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त कर दिया गया ।

7- अपीलार्थी ने अपने अपीलीय प्रत्यावेदन में अवगत कराया है कि अपीलार्थी द्वारा जानबूझ कर लाइसेंस नवीनीकरण हेतु कोई फर्जी मेडिकल स्वयं बनाकर प्रस्तुत नहीं किया गया। जो मेडिकल प्रार्थी को कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एल ० डी० भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर से जारी हुआ तथा जिसको बनाने वाले व्यक्ति ने सही एवं सत्य बताया था, वही मेडिकल अपीलार्थी ने आवेदन के साथ प्रस्तुत किया था ।

उक्त तथ्यों के आधार पर अपीलकर्ता ने फर्जी मेडिकल प्रमाण - पत्र प्रस्तुत करने हेतु अपीलार्थी को दोषी न मानते हुए , अपीलकर्ता की चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किये जाने सम्बन्धी अनुज्ञापन अधिकारी के आदेश को अपास्त करते हुए, पुनः लाईसेंस नवीनीकरण करने के आदेश पारित करने का अनुरोध किया गया ।

8- अनुज्ञापन अधिकारी के प्रतिनिधि द्वारा अनुज्ञापन अधिकारी के लिखित अभिकथन दिनांक 06-07-2025 को अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया है कि अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा श्री मनजीत सिंह, पुत्र श्री गुरदयाल सिंह द्वारा दिनांक 03-06-2025 के आवेदन संख्या-2153352425 के साथ प्रस्तुत मेडिकल प्रमाण- पत्र (प्रारूप 1 (क) का एल ० डी० भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर से ई - मेल के माध्यम से सत्यापन कराया गया, जिसके प्रतिउत्तर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा अपने ई - मेल पत्र दिनांक 06-06-2025 के द्वारा अवगत कराया गया कि श्री मनजीत सिंह, पुत्र श्री गुरदयाल सिंह, निवासी - ग्राम भवानीपुर दादूवाला, तहसील जसपुर, जिला उधमसिंह नगर द्वारा प्रस्तुत चिकित्सा प्रमाण- पत्र वास्तविक नहीं है तथा उनके चिकित्सालय द्वारा निर्गत नहीं किया गया है । इस सम्बन्ध में कार्यालय द्वारा अपीलार्थी को प्रेषित नोटिस के क्रम में अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण दिनांक 23-06-2025 में भी अपीलार्थी इस सम्बन्ध में कोई सन्तोषजनक जवाब नहीं दे पाये ।

9- उक्त तथ्यों के आधार पर अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा कार्यालयदेश संख्या -1861 / लाईसेंस / UK 0620130068618- निरस्त / 2025 दिनांक 03-07-2025 के माध्यम से मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की 315 भाग 1-क]

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

धारा 19 (ङ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए , श्री मनजीत सिंह को जारी स्थाई लाईसेंस संख्या- UK 0620130068618 जो कि परिवहन यान श्रेणी हेतु दिनांक 05-06-2030 तक वैध था , को निरस्त कर दिया गया तथा उक्त लाईसेंस निरस्त आदेश के विरूद्ध अपील हेतु लाईसेंस धारक को पंजीकृत पत्र के माध्यम से सूचित किया गया था ।

10- अपने लिखित अभिकथन में अनुज्ञापन अधिकारी ने अवगत कराया है कि उनके द्वारा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 (ङ) के अन्तर्गत प्रदान शक्तियों का प्रयोग कर उक्त चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किया गया है । अपील के अन्तर्गत उभय पक्षों द्वारा प्रस्तुत तथ्यों, मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी को चालन अनुज्ञप्ति के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु प्रदत्त शक्तियों तथा शक्तियों के प्रयोग पर आरोपित निर्बन्धन एवं उपलब्ध विकल्पों की युक्ति- युक्त विवेचना हेतु मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 19 के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी को चालन अनुज्ञप्ति के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु प्रदत्त शक्तियों से सम्बन्धित प्राविधानों का सम्यक् परिशीलन किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है । उल्लेखनीय है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा -19 ( 1 ) के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी को अनुज्ञप्ति धारक को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् समाधान होने पर अनुज्ञप्ति में विनिर्दिष्ट सभी या किन्ही वर्गों या वर्णनों के यान चलाने की कोई अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने से किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिये निर्हित करने या अनुज्ञप्ति को प्रतिसंहृत करने की व्यवस्था है । उक्त प्राविधान का सुसंगत अंश निम्नवत् हैः-

मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 में अनुज्ञापन प्राधिकारी की, चालन अनुज्ञप्ति धारण करने से निरर्हित करने या उसे प्रतिसंहृत करने की शक्त्ति -

(1) यदि अनुज्ञापन प्राधिकारी का, चालन अनुज्ञप्ति धारक को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् यह समाधान हो जाता है कि वह-

(क) आभ्यासिक अपराधी या आभ्यासिक शराबी है; या

(

ख) स्वापक औषधि और मनःप्रभावी अधिनियम, 1985(1985 का 61) के अर्थ के अन्तर्गत किसी स्वापक औषधि या मनःप्रभावी पदार्थ का व्यसनी है: या 316

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर, 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

(ग) कोई संज्ञेय अपराध करने में मोटरयान का उपयोग कर रहा है या उपयोग कर चुका कि उसके यान चलाने से जनता को खतरा हो सकता है: या

(ड.) उसने कपट या दुर्व्यपदेशनं द्वारा किसी विशिष्ट वर्ग या वर्णन के मोटरयान की चालन-अनुज्ञप्ति या चलाने की अनुज्ञप्ति अभिप्राप्त कर ली है: या

(च) कोई ऐसा कार्य कर चुका है कि जिससे जनता को न्यूसेंस या खतरा कारित होने की संभावना है, जो केंद्रीय सरकार द्वारा इस अधिनियम के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए विहित किया जाए; या

(छ) जो धारा 22 की उपधारा (3) के परन्तुक में निर्दिष्ट परीक्षणों में बैठने में असफल रहा है या उनको उत्तीर्ण नहीं कर सका है: या (ज) अठाहर वर्ष की आयु से कम का व्यक्ति होते हुए जिसे उस व्यक्ति की लिखित अनुमति से शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या चालन- अनुज्ञप्ति दी गई है जो अनुज्ञप्ति के धारक की देखभाल करता है और जो अब ऐसी देखभाल में नहीं है,

अनुज्ञापन प्राधिकारी ऐसे कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएंगे-

(1) उस व्यक्ति को अनुज्ञप्ति में विनिर्दिष्ट सभी या किन्हीं वर्गों या वर्णनों के यान चलाने की कोई चालन अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने से, किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए निरर्हित करने का आदेश दे सकेगा

(ii) ऐसी किसी अनुज्ञप्ति को प्रतिसंहृत कर सकेगा ।

मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 19 ( 1 ) 11- मोटरयान अधिनियम, 1988 के उपरोक्त प्राविधानों, पत्रावली में उपलब्ध अभिलेखो, साक्ष्यों एवं उभय पक्ष के द्वारा प्रस्तुत तथ्यों तथा अनुज्ञापन अधिकारी के आदेश दिनांक 03-07-2025 के सम्यक् अध्ययन एवं परिशीलन के उपरान्त विधिक तथ्य इस प्रकार है: - भाग 1 -क]

317 उत्तराखण्ड गजट, 20 सितम्बर, 2025 ई० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत्)

(1 ) अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा अपीलार्थी की चालन अनुज्ञप्ति को मोटर वाहन अधिनियम , 1988 की धारा 19 (ङ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , निरस्त करने का आदेश किया गया है । उल्लेखनीय है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 (ङ) जैसा कोई प्राविधान मोटरयान अधिनियम, 1988 में नहीं है । मोटरयान अधिनियम की धारा 19 में अनुज्ञापन प्राधिकारी की, चालन -अनुज्ञप्ति धारण करने से निरर्हित करने या उसे प्रतिसंहृत करने की शक्ति शीर्षक के अन्तर्गत उपधारा (1 ) में अनुज्ञापन प्राधिकारी का, चालन अनुज्ञप्ति धारक को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् 08 तथ्यों के सम्बन्ध में समाधान हो जाने पर अनुज्ञापन अधिकारी को चालन अनुज्ञप्ति का प्रतिसहंत करना अथवा किसी अनुज्ञप्ति में विनिर्दिष्ट सभी या किन्हीं वर्गों या वर्णनों के यान चलाने की कोई चालन अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने से, किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए निरर्हित करने की शक्ति प्राप्त है ।

(2) धारा 19 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत 08 तथ्यों की सूची के बिन्दु (ङ) में कपट एवं दुर्व्यपदेशन के आधार पर किसी वाहन के वर्ग / श्रेणी विशेष की मोटरयान की चालन अनुज्ञप्ति प्राप्त करने का तथ्य भी सम्मिलित है । स्पष्ट है कि उक्त प्राविधान के आधार पर चालन अनुज्ञप्ति को निरर्हित अथवा प्रतिसंहृत किया जा सकता है । उक्त प्राविधान मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 19 (1 ) का (ङ) के अन्तर्गत है न कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 (ङ) के अन्तर्गत । वस्तुतः मोटरयान अधिनियम , 1988 के अन्तर्गत 19(ङ) जैसा कोई प्राविधान ही नहीं है ।

(3) मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 19 के परिशीलन से स्पष्ट है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19(ङ) जैसा कोई प्राविधान मोटरयान अधिनियम, 1988 में नहीं है । स्पष्ट है कि ऐसे में मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 19(ङ) , जो कि प्राविधानों में समाहित ही नहीं है , के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी को चालन अनुज्ञप्ति निरस्त करने की शक्ति प्राप्त नहीं है । स्पष्ट है कि अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा ऐसे प्राविधानों के अन्तर्गत चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किया गया है , जिसका 318

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई ० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

प्राविधान मोटरयान अधिनियम , 1988 में है ही नहीं । केवल इसी आधार पर अनुज्ञापन अधिकारी का आदेश अपास्त किये जाने योग्य है ।

(4) उक्त प्राविधान अनुज्ञापन अधिकारी को विनिर्दिष्ट सभी या किन्हीं वगों या वर्णनों के यान चलाने की कोई चालन अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने से , किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए निरर्हित करने तथा ऐसी किसी अनुज्ञप्ति को प्रतिसंहृत करने की शक्ति प्रदान करता है । स्पष्ट है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 अथवा 19 (1 ) (ङ) के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी को चालन अनुज्ञप्ति निरस्त करने की शक्ति प्राप्त नहीं है । उक्त प्रकरण में अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 19 के अन्तर्गत अपीलार्थी की चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किया गया है । स्पष्ट है कि अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा अपनी शक्ति एवं कार्यक्षेत्र तथा मोटरयान अधिनियम , 1988 में इस सम्बन्ध में दिये गये प्राविधानों से इतर क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर उक्त चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किया गया है । इस आधार पर अनुज्ञापन अधिकारी का आदेश अपास्त किये जाने योग्य है ।

(5 ) उपरोक्त प्राविधानों के अध्ययन से यह भी स्पष्ट है कि कपट या दुर्व्यपदेशन द्वारा किसी विशिष्ट वर्ग या वर्णन के मोटरयान की चालन अनुज्ञप्ति या चलाने की अनुज्ञप्ति अभिप्राप्त करने की स्थिति में मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19 के अन्तर्गत चालन अनुज्ञप्ति को प्रतिसंहृत करने के साथ- साथ अनुज्ञप्ति में विनिर्दिष्ट सभी या किन्हीं वर्गों या वर्णनों के यान चलाने की कोई चालन अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने से, किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए निरर्हित करने का विकल्प भी अनुज्ञापन अधिकारी के पास उपलब्ध है । यदि यह मान भी लिया जाये कि अपीलार्थी द्वारा कपट एवं दुर्व्यपदेशन के आधार पर अपने आवेदन के साथ फर्जी चिकित्सा प्रमाण-पत्र (प्रारूप -1 ) प्रस्तुत कर अपनी चालन अनुज्ञप्ति में परिवहन श्रेणी का नवीनीकरण कराया गया है, तो भी अनुज्ञापन अधिकारी के पास सम्पूर्ण चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किये जाने के स्थान पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नवीनीकरण कराये गये परिवहन श्रेणी / वर्ग के यान चलाने की 319 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत्)

अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने से किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए निरर्हित करने अथवा परिवहन श्रेणी हेतु कराये गये की नवीनीकरण को प्रतिसंहृत कर अपीलार्थी को पुनः उचित प्रक्रिया / औपचारिकता/ प्रमाण- पत्र के आधार पर नवीनीकरण का अवसर प्रदान करने का विकल्प उपलब्ध था, किन्तु अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा ऐसा न कर चालन अनुज्ञप्ति को पूर्णतः निरस्त कर दिया गया । अनुज्ञापन अधिकारी इस तथ्य का संज्ञान भी लेने में विफल रहे हैं कि अपीलार्थी वर्ष 2013 से व्यवसायिकं श्रेणी वाहनों के चालन हेतु अनुज्ञप्ति धारणकर्ता है तथा परिवहन निगम काशीपुर डिपों में 01 वर्ष से चालक का कार्य कर रहे हैं । उक्त चालन अनुज्ञप्ति दुपहिया , हल्का मोटरयान एवं परिवहन श्रेणी हेतु जारी की गयी है । यह उल्लेखनीय है कि उपलब्ध साक्ष्यों से अपीलकर्ता द्वारा पूर्व में कपट अथवा दुर्व्यपदेशन के आधार पर दुपहिया तथा हल्के मोटरयान वाहनों हेतु चालन अनुज्ञप्ति प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध में कोई अभिलेखीय पुष्टि नहीं होती है । इस प्रकार चालन अनुज्ञप्ति को अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा पूर्णतः निरस्त करना अपराध के सापेक्ष सजा के तार्किक / अनुपातिक होने के विधिक एवं न्याय के नैसर्सिक सिद्धान्त का उल्लंघन प्रतीत होता है । इस आधार पर अनुज्ञापन अधिकारी के आदेश को अपीलीय अधिकारी के स्तर से संशोधित किया जाना उचित प्रतीत होता है ।

(6) अपीलार्थी द्वारा फर्जी चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अपनी चालन अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण कराये जाने के आधार पर अनुज्ञप्ति प्राधिकारी द्वारा उक्त चालन अनुज्ञप्ति निरस्त की गयी है । इस सम्बन्ध में अवगत कराना है कि पत्रावली में राजकीय चिकित्सालय , काशीपुर द्वारा ऑनलाइन ओ०पी ०डी० पर्ची ( दिनांक 29-05-2025 ) जारी की गयी है , जिस पर रूपये 20 का शुल्क भी लिया गया है और पर्चे पर चिकित्साधिकारी , एल०डी० भट्ट, चिकित्सालय , काशीपुर, ऊधमसिंहनगर की मुहर लगी हुई है । ऐसा प्रतीत होता है कि अस्पताल में मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा सुनियोजित तरीके से अपीलार्थी से पैसे ऐंठकर कपट रचकर उसे फर्जी चिकित्सा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया है । इस सम्बन्ध में मुख्य 320

[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

चिकित्सा अधीक्षक एल ०डी० भट्ट उप जिला चिकित्सालय, काशीपुर द्वारा कोई जांच नहीं की गयी तथा उनके द्वारा यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि उक्त चिकित्सा प्रमाण -पत्र के साथ संलग्न पंजीकरण प्रमाण पत्र / पर्ची पर चिकित्सा अधिकारी , जी ०डी०एम० ओ ० एल०डी० भट्ट, चिकित्सालय , काशीपुर की मुहर किसके द्वारा किस उद्देश्य से लगायी गयी तथा 20 रूपये का शुल्क किसके द्वारा किस उद्देश्य से लिया गया । मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा ऐसे संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने एवं उसके चिकित्सालय के कर्मचारी होने अथवा न होने, रूपये 20.00 की फीस अभिलेखानुसार सही होने अथवा न होने तथा ऐसी स्थिति में कार्यावाही में संलिप्त संदिग्ध व्यक्ति की पहचान किये जाने के सम्बन्ध में कोई भी कार्यवाही किये जाने का प्रयास नहीं किया गया । ऐसी स्थिति में अपीलार्थी को उक्त फर्जी चिकित्सा प्रमाण - पत्र प्रस्तुत किये जाने हेतु उस पर सिद्ध करने का भार आरोपित कर उसे पूर्णतः दोषी ठहराना उचित नहीं लगता है । चिकित्सालय द्वारा उपरोक्त तथ्यों की जांच एवं पुष्टि के अभाव में अपीलार्थी को संदेह का लाभ दिया जाना उचित प्रतीत होता है ।

12- मोटरयान अधिनियम , 1988 के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी के आदेश के विरूद्ध अपील सम्बन्धी निम्नवत् प्रावधान किये गये है:-

अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा दिये गये आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति अपने पर आदेश की तामील के तीस दिन के भीतर विहित प्राधिकारी को अपील कर सकेगा जो ऐसे व्यक्ति को और उस प्राधिकारी को, जिसने आदेश दिया है, सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् अपील का विनिश्चय करेगा और अपील प्राधिकारी का विनिश्चय उस प्राधिकारी पर आबद्धकर होगा जिसने आदेश दिया था ।

मोटरयान अधिनियम की धारा 17 की उपधारा (2) मोटरयान अधिनियम की धारा 19 की उपधारा (3) के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा उपधारा (1) के अधीन दिए गए आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति उस आदेश की प्राप्ति के तीस दिन के भीतर विहित प्राधिकारी को अपील कर सकेगा और ऐसा अपील प्राधिकारी अनुज्ञापन प्राधिकारी को सूचना देगा तथा किसी भी पक्षकार द्वारा अपेक्षा किए जाने पर उसकी सुनवाई करेगा और ऐसा आदेश पारित कर सकेगा जो वह ठीक समझे और ऐसे किसी अपील प्राधिकारी द्वारा पारित किया गया आदेश अन्तिम होगा ।

मोटरयान अधिनियम की धारा 19 की उपधारा (3 ) भाग 1 -क]

321 उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर, 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

13- उत्तराखण्ड मोटरयान नियमावली , 2011 के नियम 5 के अन्तर्गत प्रावधानित है कि मोटरयान अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (8) , धारा 17 की उपधारा (2) और धारा 19 की उपधारा (3 ) के अधीन अनुज्ञापन प्राधिकारी के आदेश के विरूद्ध अपील सुनने के लिए सशक्त अधिकारी उप परिवहन आयुक्त (विधि एवं न्यायाधीकरण ) , अथवा परिवहन आयुक्त द्वारा इस हेतु नाम निर्दिष्ट अन्य अधिकारी जो उस उप परिवहन आयुक्त से निम्न स्तर का न हो , होगा ।

14- उपरोक्त प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यालय परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड के कार्यालयादेश संख्या 1306/ अधिष्ठान / दो-3 / 2024 दिनांक19 अप्रैल , 2025 के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटरयान नियमावली, 2011 के नियम 5 एवं नियम 36 के अन्तर्गत सम्भागीय परिवहन कार्यालय, अल्मोड़ा एवं हल्द्वानी के अधिकारी क्षेत्र से सम्बन्धित लाईसेन्स, पंजीयन आदि मामलों पर प्राप्त अपीलीय प्रत्यावेदनों के निस्तारण हेतु अधोहस्ताक्षरी को अपीलीय अधिकारी नामित किया गया है ।

15- स्पष्ट है कि मोटरयान अधिनियम, 1988 , केन्द्रीय मोटरयान नियमावली , 1989 तथा उत्तराखण्ड मोटरयान नियमावली, 2011 के सुसंगत प्रावधानों एवं परिवहन आयुक्त के उपरोक्त कार्यालयादेश के आलोक में अधोहस्ताक्षरी उपरोक्तानुसार प्राप्त अपील के निस्तारण हेतु निर्णय लेने / विनिश्चय करने/ आदेश पारित करने के लिये पूर्णतयः अधिकृत / सक्षम प्राधिकारी है ।

आदेश

अनुज्ञापन प्राधिकारी , काशीपुर द्वारा किया गया आदेश संख्या-1861 / UK 0620130068618/2025 दिनांक 03-07-2025 मोटरयान अधिनियम के अन्तर्गत प्रदत्त प्राप्त शक्त्तियों के अनुरूप न कर ऐसे प्राविधान के तहत किया गया है , जिसका उल्लेख / अस्तित्व मोटरयान अधिनियम , 1988 में नहीं है । यह भी स्पष्ट है कि मोटरयान अधिनियम , 1988 की धारा 13 के अन्तर्गत अनुज्ञापन अधिकारी को चालन अनुज्ञप्ति निरस्त करने की शक्ति प्राप्त नहीं है । उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अनुज्ञापन अधिकारी का सम्बन्धित चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किये जाने सम्बन्धित आदेश विधिसम्मत नहीं है । उक्त आधारों पर अपील स्वीकार करने योग्य है ।

अतः अपील स्वीकार की जाती है । मोटरयान अधिनियम, 1988 की 19 (3) के अन्तर्गत अपीलीय अधिकारी को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , अनुज्ञापन प्राधिकारी , काशीपुर के आदेश संख्या-1861 / UK 0620130068618/2025 दिनांक 03-07-2025 द्वारा प्रश्नगत चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त किये जाने के आदेश को उपान्तरित (modified ) करते हुए , सम्पूर्ण चालन अनुज्ञप्ति को निरस्त 322

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क

किये जाने के स्थान पर अपीलार्थी द्वारा फर्जी चिकित्सा प्रमाण - पत्र के आधार पर किये गये प्रश्नगत | चालन अनुज्ञप्ति में कराये गये परिवहन श्रेणी के नवीनीकरण को प्रतिसंहृत किया जाता है । अपीलार्थी | श्री मनजीत सिंह को अपनी चालन अनुज्ञप्ति में परिवहन श्रेणी के नवीनीकरण का अवसर प्रदान करते हुए , अनुज्ञापन प्राधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वें अपीलार्थी द्वारा आवश्यक अभिलेखों, | प्रमाण- पत्र / शुल्क सहित आवेदन करने तथा सम्पूर्ण औपचारिकतायें पूर्ण करने पर नियमानुसार चालन अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण करना सुनिश्चित करें । यह स्पष्ट किया जाता है कि अपीलार्थी द्वारा आवेदन संख्या-2153352425 दिनांक 03-06-2025 के आधार पर कराये गये चालन अनुज्ञप्ति में परिवहन श्रेणी के नवीनीकरण की वैधता इस आदेश के क्रम में पुनः नवीनीकरण कराये जाने तक शून्य रहेगी ।

राजीव कुमार मेहरा ,

उप परिवहन आयुक्त/ अपीलीय अधिकारी ।

पी० एस ० यू० ( आर ० ई ० ) 38 हिन्दी गजट / 392- भाग 1 - क-2025 ( कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/ 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार , दिनांक 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

सूचना

मेरी पुत्री के आधार कार्ड नं 0 354698792811 में त्रुटिवश उसका नाम जगिन्द्रा (JAGINDRA) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम जोगिन्द्रा चौहान (JOGINDRA CHAUHAN) है । जो उसके जन्म प्रमाण - पत्र पंजीकरण सं 0 B202505025460000007 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को जोगिन्द्रा चौहान (JOGINDRA CHAUHAN ) पुत्री शूरवीर सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

शूरवीर सिंह

निवासी - बागानी देहरादून, उत्तराखण्ड ।

377 - ट 378

उत्तराखण्ड गजट , 20 सितम्बर , 2025 ई० (भाद्रपद 29, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

कार्यालय- नगर पालिका परिषद्, मुनिकीरेती - ढालवाला टिहरी गढ़वाल

सार्वजनिक सूचना

08जुलाई, 2025 ई०

पत्रांक-362 / उपविधि 2025-2026 / मुनिकीरेती - नगर पालिका परिषद , मुनिकीरेती- ढालवाला सीमान्तर्गत पार्किंग एवं तहबाजारी शुल्क वसूली हेतु नगर पालिका अधिनियम (म्यूनिसिपलिटीज एक्ट) 1916 (उत्तराखण्ड) की धारा 298 (2 ) जे०डी० जैसा कि नगर पालिका परिषद्, मुनिकीरेती - ढालवाला पर प्रवृत्त होती है, की अपेक्षानुसार नगर पालिका परिषद् मुनिकीरेती- ढालवाला अपनी सीमान्तर्गत पार्किंग स्थल / तहबाजारी स्थल सम्बन्धित जिसे नियमावली संशोधन करने का प्रस्ताव करती है , उनका निम्नलिखित प्रारूप उक्त ऐक्ट की धारा 301 की उपधारा (1 ) की अपेक्षानुसार समस्त सम्बन्धित व्यक्तियों को सूचना के लिए और उसके सम्बन्ध में आपत्तियाँ तथा सुझाव आमन्त्रित करने के उद्देश्य से प्रकाशित की जाती है ।

1. प्रस्तावित नियमावली के सम्बन्ध में सम्स्त आपत्तियों एवं सुझाव अधिशासी अधिकारी / अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती- ढालवाला को सम्बोधित और लिखित रूप से प्रेषित किये जाने चाहिए , केवल उन्हीं आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार किया जायेगा जो इस नियमावली के समाचार पत्र में प्रकाशन की तिथि के एक माह के अन्दर प्राप्त होगें ।

2. नगर पालिका परिषद पार्किंग एवं तहबाजारी स्थल का संशोधन- उत्तराखण्ड गजट 1 फरवरी 2003 ई ० नियमावली 209/ ग ०पा० / 2003 - सं ० 05 उपविधि 2003 के साथ प्रकाशित नगर पालिका परिषद, मुनिकीरेती - ढालवाला जनपद - टिहरी गढवाल में पार्किंग स्थल व तहबाजारी नियमावली के उपनियम के नीचे स्तम्भ -1 में दिये गये नियम के स्थान पर स्तम्भ -2 में दिये नियम लागू किये जायेगें , उक्त परिवर्तित स्थान शासकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू होंगी ।

संशोधित पार्किंग एवं तहबाजारी का क्षेत्र पूर्व में पार्किंग का क्षेत्रफल

नगर पालिका परिषद , मुनिकीरेती - ढालवाला की सीमा में निम्नलिखित स्थान वाहनों के पार्किंग स्टैंड के रूप में निर्धारित किये जाते हैं-

1- पार्किंग प्रथम ( शिवानन्द पार्किंग) का क्षेत्र पूरब में निकाय की दुकानें, पश्चिम में निकाय की दुकानें, उत्तर में बद्रीनाथ मोटर मार्ग , दक्षिण में गंगा नदी ।

1 -नाव घाट मार्ग के प्रारम्भ से परमार्थ निकेतन के गोदाम

2- पार्किंग द्वितीय ( कुम्भमेला पार्किंग) का क्षेत्र पूरब में शुलभ शौचालय, पश्चिम में पूर्णानन्द खेल मैदान, उत्तर में पूर्णानन्द डिग्री कॉलेज, दक्षिण में आस्था पथ ।

तक, सड़क के दोनों ओर एवं लक्ष्मण झूला मार्ग पर पानी की टंकी तक के किनारे होते हुए खारासोत पुलिया तक के पास दोनों ओर केवल हल्के वाहन टैक्सी , कार , जीप, मोटर , स्कूटर, विक्रम , ऑटोरिक्शा तथा तांगा व सामान ढोने / उतारने के प्रयोजनार्थ हाथ ठेली ।

3- पार्किंग तृतीय (कुट्टी माता पार्किंग ) का क्षेत्र पूरब में पैट्रोल पम्प पश्चिम में वन भूमि, उत्तर में बद्रीनाथ मोटर मार्ग , दक्षिण में गंगा नदी ।

2- खारासोत नाला तथा मंगलाश्रम के बीच गंगा नदी के किनारे वाली भूमि सभी प्रकार के वाहनों के लिये ।

3 - नगर पंचायत मुनिकीरेती लिखित आज्ञा अन्य किसी भी सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर आज्ञा में उपलिखित प्रकार के वाहनो के लिए अथवा सामान्य आदेश द्वारा निर्धारित सरकारी सार्वजनिक भूमि पर आदेश में उल्लेखिता वाहनो के लिएः

4- पार्किंग चतुर्थ ( खारास्रोत पार्किंग ) का क्षेत्र पूरब में खारास्रोत नदी, पश्चिम में बद्रीनाथ बाईपास मोटर मार्ग , उत्तर में बाईपास खारास्रोत पुल, दक्षिण में निकाय की दुकाने ।

5 - तहबाजारी नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती - ढालवाला का सम्पूर्ण क्षेत्र ।

(1 ) खाराश्रोत नाला से शीशम बाडा तक समस्त कुम्भ मेला मैदान गंगा नदी के किनारे खाली भूमि सभी प्रकार के पार्किंग हेतु खाराश्रोत पुलिया से कैलाश गेट सड़क के दोनो ओर ।

अंकिता जोशी,

अधिशासी अधिकारी ।

नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष ।

पी ० एस ० यू० ( आर० ई ० ) 38 हिन्दी गजट / 392- भाग 8-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

Cite this issue. Uttarakhand Weekly Gazette, Government of Uttarakhand, 11 September 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-09-11.3278-031025233959/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand_weekly.2025-09-11.3278-031025233959.