पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN/ 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-26] रुड़की, शनिवार, दिनांक 01 नवम्बर, 2025 ई ० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्) [ संख्या-44
विषय-सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं, जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु० सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
1500
849-858
भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति , स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
345-349
भाग 1 - क-नियम, कार्य - विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
1500
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन , नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय ) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4-निदेशक , शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल, उत्तराखण्ड
975 भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975 भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
415-425
975
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
849-क 850
[भाग 1
उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर , 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
नियोजन अनुभाग -1
कार्यालय आदेश / पदोन्नति
16 अक्टूबर , 2025 ई०
संख्या-667 /XXVI / एक (14) / 2019- उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार की संस्तुति के आधार पर निम्न तालिका में अंकित कार्मिकों को सेतु/ राज्य योजना आयोग में रिक्त 'शोध अधिकारी' , वेतनमान लेवल-10 (56100-177500) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल एतद्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान की जाती हैः-
कार्मिक का नाम
पदोन्नति पद तथा वेतनमान
वर्तमान धारित पद /.
वेतनमान
क्र. सं.
1.
2.
1 श्री मनोज कुमार सिंह बिष्ट
4.
3.
शोध अधिकारी लेवल-10 (56100-177500) ग्रेड पे-5400
अपर शोध अधिकारी
लेवल-7 (44900-142400)
ग्रेड पे-4600
2 डॉ० बसन्त कुमार जोशी
शोध अधिकारी लेवल-10 (56100-177500) ग्रेड पे-5400
अपर शोध अधिकारी
लेवल-7 (44900-142400)
ग्रेड पे-4600
3 श्री कमल किशोर पन्त
शोध अधिकारी लेवल-10 (56100-177500) ग्रेड पे-5400
अपर शोध अधिकारी
लेवल-7 (44900-142400)
ग्रेड पे-4600
2- उक्त अधिकारियों यथा श्री बिष्ट, डॉ ० जोशी एवं श्री पन्त को उत्तराखण्ड राज्य योजना आयोग शोध (राजपत्रित) सेवा नियमावली , 2019 में उल्लिखित प्राविधानों के अनुरूप कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 02 वर्ष परिवीक्षा अवधि पर रखा जाता है ।
3- अतः सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे तत्काल अपने नवीन पद पर कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें ।
आज्ञा से, आर० मीनाक्षी सुन्दरम, प्रमुख सचिव ।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग
कार्यालय ज्ञाप
17 अक्टूबर , 2025 ई०
संख्या-1216 / ई-33434/VII -3-25/ 34- एम ० एस ०एम० ई०/2016 - राज्यपाल, एतद्वारा सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग , उत्तराखण्ड शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या-999, दिनांक 26 मई , 2016 द्वारा प्रख्यापित राज्य के राजकीय औद्योगिक आस्थानों में शेड / भूखण्डों के आवंटन / निरस्तीकरण/ स्थानान्तरण / किराया आदि के सम्बन्ध में एकीकृत (Integrated) प्रक्रिया (समय- समय पर यथा संशोधित ) में नीचे स्तम्भ-1 में दी गई वर्तमान प्रावधान के स्थान पर स्तम्भ-2 में उल्लिखित प्रावधान प्रतिस्थापित किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
851
उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 1 ]
स्तम्भ-1 प्रस्तर संख्या
वर्तमान प्रावधान
प्रस्तर-3 S.No. 14 a
स्तम्भ-2
प्रतिस्थापित/संशोधित प्रावधान
Export Oriented and Ancillary/ Vendor Units for Large and Medium Industries
प्रस्तर-6 (1)
प्रस्तर-3 S.No. 14 a Export Oriented and Ancillary/Vendor Units for Large and Medium Industries/ Industries of Priority or Most- Priority Category under Uttarakhand MSME Policy- 2023 .
विभागीय औद्योगिक आस्थानों में भूखण्ड का आवंटन विनिर्माणक उद्योगों के अतिरिक्त सेवा क्षेत्र की निम्नांकित चिन्हित गतिविधियों (Annexure- 1 & 2) के संचालन/ स्थापना के लिये किया जायेगा- सेवा क्षेत्र की चिन्हित गतिविधियां
जैव प्रौद्योगिकी (Annexure- 1 ) सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवायें (Annexure-2)
2 प्रस्तर-7
प्रस्तर-6 (1 ) विभागीय औद्योगिक आस्थानों में भूखण्ड का आवंटन विनिर्माणक एवं सेवा क्षेत्र के उद्यमों हेतु किया जायेगा, परन्तु किसी विभागीय औद्योगिक आस्थान में आवंटन योग्य भूमि के कुल क्षेत्रफल का अधिकतम 05 प्रतिशत ही सेवा क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों हेतु आवंटित किया जा सकेगा । यदि किसी विभागीय औद्योगिक आस्थान में पूर्व से 05 प्रतिशत अथवा इससे अधिक भूमि सेवा क्षेत्र की किसी गतिविधि के लिए आवंटित हो तो इस संशोधन के आधार पर सेवा क्षेत्र हेतु पुनः अतिरिक्त आवंटन नहीं किया जायेगा ।
प्रस्तर-7 2.उद्यमियों को भूखण्ड का कब्जा निम्नलिखित कार्यवाही पूर्ण (जो कि विलम्बतम 6 माह के अन्तर्गत पूर्ण की जाये) करने के उपरान्त दी जायेगीः-
2. उद्यमियों को भूखण्ड का कब्जा निम्नलिखित कार्यवाही पूर्ण (जो कि विलम्बतम 6 माह के अन्तर्गत पूर्ण की जाये) करने की उपरान्त दी जायेः-
(क) वित्त संस्था द्वारा आवंटी के पक्ष में ऋण स्वीकृत कर दी जाये ।
(क) आवंटी उद्यमी द्वारा सम्बंधित उद्यम की स्थापना हेतु एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम- 2012 के अंतर्गत कैफ (CAF) पर सैद्धान्तिक स्वीकृति प्राप्त कर ली जाये ।
(ख) वित्त संस्था द्वारा आवंटी के पक्ष में ऋण स्वीकृत कर दिया जाये ।
(ख) प्लान्ट एवं मशीनरी क्रय किये जाने हेतु आवंटी द्वारा फर्म को आदेश दे दिये गये हैं । यह कार्यवाही भी 6 माह के अन्तर्गत पूर्ण किया जाना आवश्यक होगा ।
(ग) प्लान्ट एवं मशीनरी क्रय किये जाने हेतु आवंटी द्वारा फर्म को आदेश दे दिये गये हैं । यह कार्यवाही भी 6 माह के अन्तर्गत पूर्ण किया जाना आवश्यक होगा ।
(ग) स्वतः वित्त पोषण के मामले में प्लान्ट एवं मशीनरी क्रय किये जाने हेतु फर्म को आदेश देने की कार्यवाही 6 माह में पूरी कर लेनी की स्थिति में कब्जा दे दिया जाये ।
852
उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
(घ) स्वतः वित्त पोषण के मामले में प्लान्ट एवं मशीनरी क्रय किये जाने हेतु फर्म को आदेश देने की कार्यवाही 6 माह में पूरी कर लेने की स्थिति में कब्जा दे दिया जाये ।
(घ) यदि 10 प्रतिशत का भुगतान 30 दिन के अन्तर्गत न किया जाये तो आवंटन निरस्त कर दिया जाये और आवंटन प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों में कर दिया जाये ।
(ङ) यदि 10 प्रतिशत का भुगतान 30 दिन के अन्तर्गत न किया जाये तो आवंटन निरस्त कर दिया जाये और आवंटन प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों में कर दिया जाये ।
(च) क, ख, ग एवं ङ की कार्यवाही निर्धारित अवधि में पूर्ण नहीं की गयी हो तो ऐसी स्थिति में आवंटन 6 माह की समाप्ति पर निरस्त करते हुये प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को आवंटन दिया जायेगा ।
(च) क, ख एवंग की कार्यवाही न तो पूर्ण की गयी हो तो ऐसी स्थिति में आवंटन 6 माह की समाप्ति पर निरस्त कर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को आवंटन दिया जाये । अथवा
प्रस्तर-8 आवंटनोंपरान्त अनुश्रवण -
प्रस्तर-8 आवंटनोंपरान्त अनुश्रवण एवं निरस्तीकरण (क) भूखण्ड/ शेड्स के आवंटन के पश्चात् आवंटन पत्र में उल्लिखित अवधि के अन्दर इकाई की स्थापना सुनिश्चित कराने का उत्तरदायित्व महाप्रबन्धक का होगा । यदि उद्योग की स्थापना में व्यवहारिक कारणों से विलम्ब हो रहा हो , तो छः माह की समयवृद्धि, इकाई द्वारा किये गये प्रयासों से संतुष्ट होने पर जिला उद्योग मित्र समिति दे
सकेगी । अनुवर्ती समयवृद्धि महानिदेशक / आयुक्त उद्योग के आदेश से ही सम्भव होगी ।
भूखण्ड / शेड्स के आवंटन के पश्चात आवंटन पत्र में उल्लिखित अवधि के अन्दर इकाई की स्थापना सुनिश्चित कराने का उत्तरदायित्व महाप्रबन्धक का होगा । यदि उद्योग की स्थापना में व्यवहारिक कारणों से विलम्ब हो रहा हो, तो छः माह की समयवृद्धि, इकाई द्वारा किये गये प्रयासों से संतुष्ट होने पर जिला उद्योग मित्र की प्राधिकृत समिति दे सकेगी । तदन्तर समयवृद्धि निदेशक उद्योग के आदेश से ही सम्भव होगी ।
यदि कोई आवंटी समय से उद्योग स्थापना हेतु प्रयास नही करता है तथा समयवृद्धि का प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत नही करता है, तो निर्धारित अवधि की समाप्ति के बाद आवंटी को कारण बताओ नोटिस महाप्रबन्धक द्वारा जारी किया जायेगा और नोटिस जारी होने के 02 माह के भीतर आवंटने निरस्तीकरण की कार्यवाही सम्पन्न की जायेगी । इस प्रकार अनुश्रवण सुनिश्चित करना महाप्रबन्धक का दायित्व होगा ।
यदि कोई आवंटी समय से उद्योग स्थापना हेतु प्रयास नही करता है तथा समयवृद्धि का प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत नहीं करता है, तो निर्धारित अवधि की समाप्ति के बाद आवंटी को कारण बताओ नोटिस महाप्रबन्धक द्वारा जारी किया जायेगा और नोटिस जारी होने के 2 माह के अन्दर आवंटन निरस्तीकरण की कार्यवाही सम्पन्न की जायेगी । इस प्रकार अनुश्रवण सुनिश्चित करना महाप्रबन्धक का दायित्व होगा ।
यदि आवंटी द्वारा उद्योग स्थापना करते हुये वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने के उपरान्त उद्यम का परिचालन बन्द कर दिया जाता है तो महाप्रबन्धक, 853 उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 1]
जिला उद्योग केन्द्र द्वारा नोटिस जारी किया जायेगा । नोटिस जारी होने की दिनांक से 03 माह के भीतर यदि आवंटी द्वारा उत्पादन कार्य प्रारम्भ नहीं किया जाता है
तो आवंटन निरस्तीकरण की कार्यवाही की जायेगी ।
(ख) उक्त के अतिरिक्त निम्नलिखित परिस्थितियों में भी महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र द्वारा नोटिस जारी करते हुये , नोटिस जारी होने की दिनांक से 02 माह के भीतर निरस्तीकरण की कार्यवाही की जायेगी--
(i ) महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र तथा सीडा (SIDA ) की अनुमति के बिना भूखण्ड/ शेड विभाजन / मर्जर / अतिरिक्त निर्माण किया जाना ।
(ii ) महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र की अनुमति के बिना आवंटन से भिन्न प्रयोजन हेतु भूखण्ड / शेड का उपयोग किया जाना ।
(iii ) महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र की अनुमति के बिना भूखण्ड / शेड को उपपट्टा अथवा किराये पर देना ।
(iv) किसी उद्यम हेतु अनिवार्य लाईसेंस /अनुज्ञा/ अनापत्ति के बिना उद्यम का संचालन करना ।
(v) किसी उद्यम द्वारा उद्यम संचालन के प्रमाण के रूप में अपेक्षित अभिलेख- यथा जी.एस.टी. रिटर्न, आयकर रिटर्न, विद्युत बीजक, कच्चा माल क्रय बिल आदि मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं करने पर ।
भूखण्ड/ शेड के निरस्तीकरणं पर निर्णय हेतु जिला उद्योग मित्र समिति अधिकृत होगी ।
कीमत का भुगतानः-
प्रस्तर-9
प्रस्तर-9 कीमत का भुगतानः-भूखण्ड/ शेड के मूल्य का 10 प्रतिशत भुगतान आवंटन आदेश जारी करते समय तथा शेष 90 प्रतिशत का भुगतान, आवंटन का वित्तीय वर्ष एवं इससे अगले वित्तीय वर्ष को छोड़कर, आगामी 03 वर्षों में 03 समान किश्तों में 6.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज सहित किया जायेगा । आवंटी द्वारा निर्धारित अवधि तक भुगतान नहीं किये जाने की स्थिति में शेष धनराशि पर 3.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष का ब्याज भी लिया भूखण्ड/ शेड के मूल्य का 10 प्रतिशत आवंटन आदेश जारी करते समय तथा शेष 90 प्रतिशत भाग का भुगतान 15 वार्षिक किस्तों में 6.5 प्रतिशत ब्याज सहित वसूल किया जायेगा । उद्योग स्थापना हेतु प्रभावी कार्यवाही किए जाने की पुष्टि होने पर आवंटन आदेश के प्रथम दो वर्षों से कोई किस्त निर्धारित नही होगी । आवंटी द्वारा 854
उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर , 2025 ई ० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
निर्धारित अवधि तक भुगतान नही किया जाता है तो बकाया राशि पर 3.5 प्रतिशत दण्ड ब्याज भी लिया जायेगा ।
जायेगा । आवंटी द्वारा भूखण्ड आवंटन की दिनांक से 01 वर्ष के अंतर्गत भूखण्ड की निर्धारित कीमत का भुगतान कर दिये जाने की स्थिति में कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा ।
प्रस्तर -10 (ङ)
किराया देने वाला उद्यमी मासिक किराए का 10 प्रतिशत राज्य सरकार को बतौर लेबी भुगतान करेगा और लेवी का भुगतान त्रैमासिक रूप से किया जायेगा । महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र लेवी के रूप में प्राप्त धनराशि राजस्व खाते में जमा करेंगे ।
प्रस्तर-10 (ङ) भूखण्ड/ शेड के किसी अंश को उपपट्टा ( Sub - Lease ) /किराया पर दिये जाने की स्थिति में मूल आवंटी द्वारा कुल वार्षिक किराये का 20 प्रतिशत राज्य सरकार को बतौर लेवी भुगतान किया जायेगा । यह धनराशि आवंटी द्वारा किरायानामा की दिनांक के आधार पर प्रत्येक वर्ष में अग्रिम रूप से, महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र के माध्यम से राजकोष के सम्बंधित लेखाशीर्षक में जमा कराया जायेगा ।
2. प्रस्तर-12 में उप प्रस्तर 6 के बाद निम्नलिखित उप प्रस्तर अंतःस्थापित कर दिये जायेंगे , अर्थात्ः-
( 7) मूल आवंटी/ किरायेदार / उपपट्टेदार द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के प्रस्तर-12 में नए उप प्रस्तरों का अंतःस्थापन उपरान्त 06 माह के भीतर उद्यम से सम्बंधित जी.एस.टी. वार्षिक रिटर्न तथा आयकर रिटर्न की प्रति अनिवार्य रूप से सम्बंधित जिला उद्योग केन्द्र में जमा किया जायेगा ।
(8)औद्योगिक आस्थान के वार्षिक रख - रखाव, ई.टी.पी. , एस.टी.पी. का दायित्व आवंटी एवं उनके द्वारा निर्मित समिति का होगा ।
(9)औद्योगिक आस्थान के अंतर्गत अनिवार्य न्यूनतम आधारभूत सुविधाओं का विकास सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा किया जायेगा ।
10. औद्योगिक आस्थानः अंतर्गत भूखण्ड आवंटन / भूखण्ड विभाजन अथवा मर्जर / उपपट्टा (Sub-Lease ) / किराये पर देना/ उत्पाद परिवर्तन / बंधक (Mortgage ) आदि क्रियाकलाप हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया विकसित की जायेगी ।
2- जायेगा । सम्बन्धित सेवाओं के लिये केवल स्थानीय निवासियों को ही अवसर प्रदान किया आज्ञा से,
विनय शंकर पाण्डेय , सचिव ।
In pursuance of the provision of the clause (3 ) of article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English Translation of Notification No. 1216/VII - 3-25/34 - MSME / 2016 , Dated- October 17 , 2025 for general information .
Office Memoraridum
October 17 , 2025
No. 1217 / E - 33434/VII - 3-25 /34 - MSME / 2016 --In the Integrated Process (as amended from time to time) regarding allotment /cancellation / transfer/ rent etc. of sheds / plots in the State Industrial Estates of the State promulgated by the Office Memorandum No. 999 , Dated May 26 , 2016 of the Micro , Small and Medium Enterprises Section , Government of Uttarakhand , the Governor is pleased to allow to substitute the existing provisions mentioned in Column - 1 below , with the provisions mentioned in Column-2- भाग 1 ]
855 उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर , 2025 ई ० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्)
Para No.
Column- 1
Column-2
Substituted/Amended Provision Existing Provision
Para -3 S.No. 14 a
Export Oriented and Ancillary/ Vendor Units for Large and Medium Industries
Para -3 S.No. 14 a Export Oriented and Ancillary/ Vendor Units for Large and Medium Industries/ Industries of Priority or Most-Priority Category under Uttarakhand MSME Policy-2023 .
Para -6 (1)
Land in departmental industrial establishments will be allotted for operation/establishment of the following identified activities of service sector ( Annexure - 1 & 2) in addition to industries - manufacturing
Identified activities of service sector-
Biotechnology (Annexure - 1)
Information Technology and Information Technology
Enabled Services . (Annexure -2)
Para- 6 (1) Allotment of Land in departmental industrial establishments shall be made for manufacturing and service sector enterprises , but only a maximum of 05% of the total area of the allotted land in any departmental industrial estate may be allotted for various activities of the service sector. If 05% or more land in any departmental industrial estate is already allotted for any activity of the service sector , then additional allotment will not be made for the service sector again , on the basis of this amendment .
Para -7.2
Para-7 . 2.The entrepreneurs will be given possession of the plot after completing the following proceedings ( which should be completed within the maximum period of 6 months) : -
2. The entrepreneurs should be given possession of the plot after completing the following proceedings ( which should be completed within 6 months at the latest) -
(a) The financial institution should sanction the loan in favour of the allottee.
(a) The allottee entrepreneur should obtain in -principle approval on CAF ( Common Application Form) under Single Window Facilitation and Clearance Act, 2012 for setting up the concerned enterprise.
(b) The financial institution has sanctioned the loan in favour of the allottee .
(b) The allottee has given orders to the firm for purchasing plant and machinery . This procedure should also be completed within 6 months . ( c) The allottee has given orders to the firm for purchasing plant and machinery . This process will also be required to be completed within 6 months.
(c) In the case of self- financing , possession should be given , if the procedure of giving orders to the firm for purchasing plant and machinery is completed within 6 months .
( d) In case of self- financing , possession should be given in case the proceedings of giving orders to the firm for purchasing plant and machinery are completed within 6 months .
(d) If the payment of 10 % is not made within 30 days , the allotment should be cancelled and the allotment should be made to the candidates on the waiting list .
(e) If the payment of 10% is not made within 30 days , the allotment should be cancelled and the allotment should be made among the candidates in the waiting list .
(f) if the proceedings of a, b and have not been completed , then in such a situation the allotment should be cancelled after the completion of 6 months and the candidates on the waiting list should be allotted . Or
(f) If the process of a, b , c and e is not completed within the prescribed period , in such a situation the allotment will be cancelled after the expiry of 6 months and the allotment will be given to the candidates in the waiting list .
Para-8 Monitoring after allotment -
Para- 8 Post Allotment Monitoring and cancellation-
(a) After allotment of plots/sheds , it will be the responsibility of the General Manager to ensure establishment of the unit within the
( a) After allotment of plots/sheds , the General Manager will be responsible for ensuring establishment of the unit within the period mentioned in the allotment 856
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
letter . If there is delay in setting up the industry due to practical reasons , then the District Udyog Mitra Samiti may grant an extension of six months on being satisfied with the efforts made by the unit . Followed extension of time willbe possible only by the order of the Director General/ Commissioner of Industries .
period mentioned in the allotment letter . If there is delay in setting up the industry due to practical reasons , then six months' time extension can be given by the empowered committee of District Udyog Mitra, if satisfied with the efforts made by the unit . Thereafter , extension of time will be possible only by the order of the Director of Industries .
If any allottee does not make efforts to set up the industry on time and does not submit an application for extension of time, then after the expiry of the stipulated period, a show cause notice will be issued to the allottee by the General Manager and the process for cancellation of allotment will be completed within 02 months of issuance of the notice . It will be the responsibility of the General Manager to ensure such monitoring.
If any allottee does not make efforts to set up the industry on time and does not submit an application for extension of time , then after the expiry of the stipulated period , a show cause notice will be issued to the allottee by the General Manager and the process of cancellation of allotment will be completed within 2 months of issuance of the notice . Thus , it will be the responsibility of the General Manager to ensure monitoring.
If the allottee establishes an industry and ceases operation after commencing commercial production , then a notice will be issued to him by the General Manager , District Industries Centre . If the allottee does not commence production within 03 months from the date of issue of notice, then process for cancellation of aliounent will be taken .
(b) Apart from the above , in the following circumstances also , by issuing notice by the General Manager, District Industries Centre the cancellation proceedings will be initiated within 02 months from the date of issue of notice-
(i ).Division/merger/additional construction of plot/ shed without the permission of General Manager , District Industries Centre and SIDA .
( ii ) Using plot/shed for purpose other than the allotted purpose , without the permission of General Manager , District Industries Centre .
( iii) Sub - lease or renting of plot/shed without the permission of General Manager, District Industries Centre .
(iv), Operating an enterprise without the necessary License /Permission/No Objection Certificate .
(v) failure to produce required records as proof of operation of enterprise , such as GST Returns , Income Tax returns , Electricity invoices, Raw material purchase bills etc. on demand .
The District Udyog Mitra Samiti will be authorized to take a decision on cancellation of plot/ shed .
857 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
Para-9
Para- 9 Payment of price: -
Payment of price:-
10% of the price of plot/shed will be paid at the time of issuing allotment order and the remaining 90% will be paid in 03 equal instalments in the next 03 years , excluding the financial year of allotment and the next financial year , along with interest at the rate of 6.5% per annum . In case the allottee does not make the payment within the stipulated period, interest of 3.5% per annum will also be charged on the remaining amount . No interest will be charged if the aliottee pays the stipulated price of the plot within one year from the date of allotment of the plot .
10% of the price of the plot/shed will be collected at the time of issuing allotment order and the remaining 90% willbe paid in 15 annual instalments along with6.5% interest. On confirmation of effective action taken for setting up the industry, no instalment will be fixed for the first two years of the allotment order . If the allottee does not make the payment within the stipulated period, then 3.5% penalty interest will also be charged on the outstanding amount .
Para- 10 (E)
The entrepreneur paying the rent will pay 10 percent of the monthly rent as levy to the State Government and the levy will be paid quarterly . The General Manager , District Industries Centre will deposit the amount received as levy in the revenue account .
Para - 10 ( E ) In case a part of the plot/shed is given on sublease/rent, 20 percent of the total annual rent will be paid by the original allotteeto the State Government as levy . This amount will be deposited by the allottee in the concerned account head of the treasury in advance every year on the basis of the date of lease agreement through the General Manager , District Industries Centre .
2. In Para- 12 after sub Para - 6 , the following sub - paras shall be inserted ; namely- Insertion of new sub -paras in para 12
(7) The original allottee/tenant/ sub -lease holder shali compulsorily submit a copy of the GST annual return and income tax return related to the enterprise to the concemedDistrict Industry Centre within 06 months after the end of cach financial year.
(8 ) The allottes and the committee formed by them shall be responsible for the annual maintenance , ETP, STP of the industrial establishment .
(9) The development of the mandatory minimum infrastructure facilities under the industrial estate shall be done by the Micro , Small and Medium Enterprises Department .
(10) An online process shall be developed for activities like plot allotment /plot division or merger/sublease/renting/product change/mortgageetc. under the industrial estate .
2-Only local residents will be provided opportunity for the related services .
ByOrder,
VINAY SHANKAR PANDEY,
Secretary.
858
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर , 2025 ई ० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
उच्च शिक्षा अनुभाग-2
कार्यालय- ज्ञाप (संशोधन)
17 अक्टूबर, 2025 ई०
संख्या-338390 / XXIV -C- 2 / 2025-13 (06)2013- शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या -171368 , दिनांक 28.11.2023 द्वारा राजकीय आदर्श महाविद्यालय , देवीधूरा (चम्पावत) का नाम ' शहीद सूबेदार मेजर नंदन सिंह चम्याल राजकीय महाविद्यालय , देवीधूरा (चम्पावत)" किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी थी ।
2- पुनः जिलाधिकारी , चम्पावत के पत्र दिनांक 10.07.2025 एवं निदेशक , उच्च शिक्षा विभाग के पत्र दिनांक 22.11.2024 के क्रम में उच्च स्तर पर सम्यक् विचारोपरान्त एतद्वारा " शहीद सूबेदार मेजर नंदन सिंह चम्याल राजकीय महाविद्यालय , देवीधूरा (चम्पावत) के नाम में आंशिक संशोधन करते हुये महाविद्यालय का नाम " शहीद नंदन सिंह चम्याल राजकीय आदर्श महाविद्यालय, देवीधूरा (चम्पावत ) किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है ।
3- उक्त कार्यालय ज्ञाप दिनांक 28.11.2023 को इस सीमा तक संशोधित समझा जाय ।
डॉ० रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव।
कृषि एवं कृषक कल्याण अनुभाग -1
कार्यालय-ज्ञाप
(विज्ञप्ति/ पदोन्नति)
30 सितम्बर , 2025 ई०
संख्या-334990/ ई० पत्रा0-35324/ 17 (06) /2016 / XIII - 1 / 2025- उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार के पत्र संख्याः-118 / 02 / डी० पी० सी० / सेवा-2 /2025-26, दिनांकः11.09.2025 द्वारा रेशम विकास विभाग के अन्तर्गत सहायक निदेशक (रेशम) के रिक्त पद पर पदोन्नति हेतु विभागीय चयन समिति की संस्तुति तथा उत्तराखण्ड रेशम विकास (अधिकारी वर्ग 'क' एवं 'ख' ) सेवा नियमावली, 2011 में निहित प्राविधानानुसार निम्नलिखित कार्मिक /अधिकारी को चयन वर्ष 2025-26 हेतु तात्कालिक प्रभाव से निरीक्षक (रेशम ) वेतन लेवल-5, वेतन बैण्ड रू 0 29200-92300 से सहायक निदेशक (रेशम) वेतनमान रू0 15600-39100, ग्रेड वेतन रू0 5400 यथा संशोधित वेतन लेवल-10 , रू० 56100-177500 के पद पर नियमित पदोन्नति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
कार्मिक/ अधिकारी का नाम
क्र०स ०
01.
श्री विमल कुमार
2. उक्त कार्मिक / अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वह पदोन्नति के फलस्वरूप तत्काल उक्त पद पर कार्यभार ग्रहण कर , कार्यभार प्रमाण-पत्र निदेशक , रेशम विभाग के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ।
उपर्युक्तानुसार श्रेणी-2 में पदोन्नत अधिकारी के तैनाती आदेश उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिये वार्षिक 3. स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा में विहित व्यवस्थानुसार पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
आज्ञा से,
डॉ० आनन्द श्रीवास्तव , अपर सचिव ।
पी० एस ० यू० (आर०ई०) 44 हिन्दी गजट / 463-भाग 1-2025 (कम्प्यूटर/ रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 /2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
भाग 1 - क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
UTTARAKHAND STATE LEGAL SERVICES AUTHORITY
HIGH COURT CAMPUS , NAINITAL
NOTIFICATION
October 13, 2025
No. 2278 / III - A- 05/ SLSA/2025 -- Smt . Seema Dungrakoti , Secretary, District Legal Services Authority, Dehradun is hereby sanctioned Child Care Leave for a period of 15 days w.e.f. 15.09.2025 to 29.09.2025with permission to prefix 14.09.2025 as Sunday holiday and suffix 30.09.2025, 01.10.2025 and 02.10.2025 as Dussehra Holidays in light of the Office Memorandum No. 11 /xxvii (7 ) 34/2011 , dated 30.05.2011 issued by Govt. of Uttarakhand.
By Order of the Hon'ble Executive Chairman , Sd/-
PRADEEP KUMAR MANI , Member Secretary.
345-ख [भाग 1 -क 346
उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत)
UTTARAKHAND PUBLIC SERVICES TRIBUNAL, DEHRADUN
CHARGE CERTIFICATE
September 15, 2025
No. 256 / PST /Admn.IV/ 2025 / D.Dun -- Certified that after availing the CCL since 04.08.25 to 12.09.25 (40days ) ( Prefixing 03.08.2025 as Sunday Holiday and Suffixing 13.09.2025 and 14.09.25 as Second Saturday and Sunday Holiday) , sanctionedby the Under Secretary, Labour, Govt . of Uttarakhand , the additional charge of Registrar, Uttarakhand Public Services Tribunal , Dehradun has been taken over, as denoted hereunder, in the forenoon of 15.09.2025
KAHKASHA KHAN, Registrar. Uttarakhand Public Services Tribunal Dehradun.
Counter Signature ,
JUSTICE U.C.DHYANI ,
Chairman,
Uttarakhand Public Services Tribunal ,
Dehradun.
कार्यालय आयुक्त
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग , उत्तराखण्ड,
काशीपुर (ऊधमसिंह नगर)
विज्ञप्ति
06 अक्टूबर , 2025 ई ०
पत्रांक-1461 / C/ ख- क्रय अनुभाग / ग० आ ० / 2025-26- उत्तराखण्ड गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम , 1953 की धारा 12 (2) के अन्तर्गत चीनी मिलों की गन्ना आवश्यकता निर्धारित किये जाने का प्राविधान है । उत्तराखण्ड राज्य की चीनी मिलों को पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना आवश्यकता निर्धारण किये जाने के सम्बन्ध में कार्यालय पत्र संख्या 754 / सी दिनांक 19 जुलाई , 2025 द्वारा प्रस्ताव / सूचनाऐं उपलब्ध कराये जाने हेतु राज्य की समस्त सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों को निर्देशित किया गया । तद्क्रम में राज्य की समस्त सहकारी , सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना आवश्यकता निर्धारण के सम्बन्ध में प्रस्ताव /सूचनाऐं उपलब्ध कराई गई ।
पेराई सत्र 2024-25 में राज्य में कुल 90365 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई की गईं तथा अनुमानित 731 . 10 लाख कुन्तल गन्ने का उत्पादन हुआ । गन्ना उत्पादन के सापेक्ष राज्य की चीनी मिलों द्वारा कुल 391.40 लाख कुन्तल गन्ना पेराई की गई, इस प्रकार औसत ड्राल लगभग 54 प्रतिशत रहा। प्रायः यह अनुभव किया जाता रहा है कि जिस पेराई सत्र में चीनी मिलों द्वारा गन्ना औषकों के गन्ना मूल्य का नियमित रूप से भुगतान नहीं किया जाता है, तो आगामी पेराई सत्र में औषकों की गन्ने की खेती के प्रति रुचि कम हो जाती है तथा गन्ने का व्यावर्तन होने की प्रबल सम्भावना बनी रहती है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव चीनी मिलों को आगामी पेराई सत्र में होने वाली गन्ना पेराई पर पड़ता है एवं चीनी मिलों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप गन्ने की आपूर्ति नहीं हो पाती है । पेराई सत्र 2024-25 हेतु राज्य की चीनी मिलों द्वारा की गई गन्ना पेराई के सापेक्ष राज्य सरकार द्वारा निर्धारित गन्ना मूल्य दर के अनुसार कुल देय गन्ना मूल्य अंकन रूपये 1449.97 करोड़ के सापेक्ष अद्यावधिक अंकन रूपये 1429.79 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है तथा चीनी मिल इकबालपुर पर अंकन रूपये 20.17 करोड़ गन्ना मूल्य की धनराशि वर्तमान में भी अवशेष है, जो कि कुल देयता का 01 प्रतिशत है । उक्त के अतिरिक्त जनपद हरिद्वार स्थित निजी क्षेत्र चीनी मिल इकबालपुर के विरूद्ध वर्तमान में भी पेराई सत्र 347
उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
2018-19 कां रूपये 106.04 करोड़ गन्ना मूल्य वर्तमान में भी लम्बित है । चीनी मिल इकबालपुर के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के सम्बन्ध में माननीय उच्च न्यायालय , उत्तराखण्ड , नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या 215 ( PIL) 2019 नितिन बनाम केन्द्र सरकार व अन्य में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णयादेश दिनांक 11 फरवरी , 2020 एवं. दिनांक 03 मार्च, 2020 के अनुपालन में अग्रेत्तर कार्यवाही गतिमान है ।
उपरोक्त वर्णित तथ्यों एवं तदूविषयक चीनी मिलों की पंजीकृत पेराई क्षमता , विगत तीन पेराई सत्रों में की गई गन्ना पेराई, औसत गन्ना पेराई तथा चीनी मिलों के कुल कार्य दिवसों एवं औसत कार्य दिवसों का परीक्षण करने उपरान्त प्रकाश में आया कि:-
1. पेराई सत्र 2024-25 में राज्य की सहकारी ( बाजपुर एवं नादेही) तथा सार्वजनिक ( किच्छा एवं डोईवाला) द्वारा औसतन 99 दिवस पेराई कार्य किया गया एवं विगत तीन पेराई सत्रों में औसतन 112 दिवस पेराई कार्य किया गया । अतः राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों के संदर्भ में पेराई सत्र 2025-26 हेतु उक्त चीनी मिलों की मांग /प्रस्ताव /उपलब्धता के अनुसार ही गन्ना आवश्यकता का निर्धारण किया जा रहा है ।
2. पेराई सत्र 2024-25 में राज्य की निजी क्षेत्र की चीनी बकसर 159 दिवस, चीनी मिल लिब्बरहेड़ी 158 दिवस , चीनी मिल इकबालपुर 115 दिवस तथा चीनी मिल सितारगंज द्वारा 106 दिवस ही कार्य किया गया । इस प्रकार उक्त चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2024-25 में औसतन 135 दिवस पेराई कार्य किया गया है । निजी क्षेत्र के चीनी मिलों के संदर्भ में चूंकि चीनी मिलों द्वारा उपलब्ध कराई मांग अत्यधिक है तथा चारों निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा विगत 03 पेराई सत्रों में औसतन 139 दिवसों में पेराई कार्य किया गया है । अतः पेराई सत्र 2025-26 हेतु निजी क्षेत्र की चीनी मिलों की गन्ना आवश्यकता 160 कार्य दिवसों के अनुसार निर्धारित की जा रही है ।
3. गन्नी आवश्यकता निर्धारण उपरान्त यदि किसी चीनी मिल द्वारा अपनी पेराई क्षमता में वृद्धि की जाती है, तो विस्तारीकरण उपरान्त पेराई क्षमता के आधार पर गन्ना आवश्यकता मानी जायेगी । जिनं चीनी मिलों द्वारा पेराई क्षमता में वृद्धि कर ली गई है , उनके द्वारा अपने परिक्षेत्र में ही गन्ना उत्पादन बढ़ाकर गन्ने की आवश्यकता की पूर्ति की जायेगी , किसी अन्य चीनी मिल के गन्ना क्षेत्र दिये जाने की मांग नहीं की जायेगी ।
अतः सम्यक् विचारोपरान्त उत्तराखण्ड गन्ना ( पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम , 1953 की धारा 12 (2 ) के अन्तर्गत मैं त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड राज्य में अवस्थित चीनी मिलों की पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ने की आवश्यकता का अनुमान निम्नानुसार निर्धारण करते हुए सरकारी गजट में प्रकाशित करने की आज्ञा देता हूँ : -
पेराई सत्र 2025-26 हेतु उत्तराखण्ड राज्य की चीनी मिलों की गन्ना आवश्यकता
क्र०सं०
नाम चीनी मिल जनपद
पंजीकृत पेराई क्षमता (T.C.D.)
निर्धारित गन्ना आवश्यकता (लाख कु०)
(अ) सहकारी क्षेत्र
1.. दि बाजपुर कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लि० , बाजपुर ऊधमसिंह नगर 4000 45.00 2. दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लि० , नादेही ऊधमसिंह नगर 2000 28.00
(ब) सार्वजनिक क्षेत्र
3. किच्छा शुगर कम्पनी लि० , किच्छा 4. डोईवाला शुगर कम्पनी लि० , डोईवाला
4000
45.00
ऊधमसिंह नगर
2500
30.00
देहरादून
(स) निजी क्षेत्र
5.
2500
40.00
ऊधमसिंह नगर
जे० जी ०एन ० शुगर एण्ड बायोफ्यूल्स प्रा ०लि० , सितारगंज
6. उत्तम शुगर मिल्स लि० , लिब्बरहेड़ी 7. धनश्री एग्रो प्रोडक्ट्स प्रा० लि०, इकबालपुर 8. आर०बी०एन० एस ० शुगर मिल्स लि० , लकसर
8000
128.00
हरिद्वार.
5500
88.00
हरिद्वार
13000
208.00
हरिद्वार
उपरोक्तानुसार निर्धारित गन्ना आवश्यकता से अधिक पेराई किये जाने की स्थिति में तद्नुसार संज्ञान लिया जायेगा ।
त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ,
आयुक्त,
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तराखण्ड ।
348
उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
कार्यालय उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी
टनकपुर (चम्पावत)
कार्यालयादेश
25 सितम्बर , 2025 ई ०
पत्रांक-2079/निलम्बन / 2025- वाहन दुर्घटनाओं पर नियन्त्रण एवं जन सुरक्षा के दृष्टिगत हेलमेट /ओवरलोडिंग / ओवर स्पीड / मोबाइल का प्रयोग / शराब पीकर वाहन चलाना आदि अभियोगो में संलिप्त वाहन चालकों के चालन अनुज्ञप्ति को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के दिशा- निर्देशों के अनुपालन में निम्नलिखित चालकों के चालन अनुज्ञप्ति को निरर्हित ( माह सितम्बर, 25) निम्न अवधि तक मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानानुसार अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया जाता है:-
लाइसेन्स धारक का नाम व पता
स
अभियोग
निलम्बन अवधि
लाइसेन्स संख्या/
श्रेणी एवं वैधता
1
संस्तुतिकर्ता अधिकारी
UK - 0320230000525
श्री सुमित जोशी पुत्र श्री प्रेम प्रकाश, बिरगुल , जनपद चम्पावत ।
2.
दिनांक 25.09. 2025 से दिनांक पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना ।
24.12.2025 तक
UK - 0320230005364
श्री दीपक चन्द्र भट्ट पुत्र श्री टीका राम भट्ट, जमार, लोहाघाट, जनपद चम्पावत ।
3
उपरोक्त्तानुसार बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
UK- 0420030154513
श्री सुरेश चन्द्र जोशी पुत्र श्री आनन्द बल्लभ , दुर्गापालपुर, मोतीराम, हल्दूचौड, लालकुआँ, नैनीताल ।
4
उपरोक्तानुसार बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
उपरोक्तानुसार
UK- 0320230001066
श्री दीवान सिंह पुत्र श्री त्रिलोक सिंह, धौन, जनपद चम्पावत ।
5.
पुलिस अधीक्षक,
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
उपरोक्तानुसार
UK- 0320160030823
श्री रमेश चन्द्र बिष्ट पुत्र श्री जगदीश चन्द्र, डांडा विष्ट, जनपद चम्पावत ।
6.
चम्पावत । पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना!
उपरोक्तानुसार
UK- 0320200001750
श्री रवि भट्ट पुत्र श्री तुलसी भट्ट, अमोडी, जनपद चम्पावत ।
7.
पुलिस बिना हेल्मेट के वाहन अधीक्षक, का संचालन करना । चम्पावत ।
UK- 0320170034186
श्री मुंत्याज पुत्र श्री इश्तियाक अहमद , बिगराबाग , खटीमा , जनपद ऊधम सिंह नगर ।
8.
पुलिस बिना हेल्मेट के वाहन उपरोक्तानुसार अधीक्षक, का संचालन करना । चम्पावत!
UK- 0320240008471
संजना तिवारी पुत्री श्री सुरेश तिवारी , वार्ड नं. 03 शारदा कालोनी, टनकपुर, जनपद चम्पावत ।
9.
पुलिस बिना हेल्मेट के वाहन उपरोक्तानुसार अधीक्षक, का संचालन करना । चम्पावत ।
UK- 0320240000148
श्री मनोज पाण्डेय पुत्र श्री सुरेश चन्द्र पाण्डेय , तल्लीहाट चम्पावत, जनपद चम्पावत ।
10.
उपरोक्तानुसार पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करना।
उपरोक्तानुसार
UK- 0320240004389
श्री अभय कुमार पुत्र श्री शंकर राम, मुडियानी , धुरा, पुलिस बिना हेल्मेट के वाहन
जनपद चम्पावत । अधीक्षक, का संचालन करना ।
चम्पावत ।
UK - 0419970185275
11. श्री सुनील अधिकारी पुत्र श्री दरबान सिंह अधिकारी , बसेरा , छत्तगुल्ला , जनपद अल्मोडा ।
उपरोक्तानुसार पुलिस अधीक्षक,
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
चम्पावत ।
उपरोक्तानुसार
UK-0320230001367
12. श्री रोहित वर्मा पुत्र श्री दिनेश लाल, खोलासुनर , जनपद चम्पावत ।
13.
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
UK - 0320230002271
श्री राहुल नाथ पुत्र श्री गोपाल नाथ, चौकी , पोस्ट पुलिस बिना हेल्मेट के वाहन उपरोक्तानुसार फुंगर, जनपद चम्पावत । अधीक्षक, का संचालन करना ।
UK- 1120130005827
14. श्री मुकेश कुमार पुत्र श्री पदम दत्त, खौब परेती , थराली , जनपद चम्पावत ।
उपरोक्तानुसार चम्पावत । पुलिस अधीक्षक,
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
उपरोक्तानुसार
UK-0320170033773
15. श्री चन्द्र मोहन सिंह चौहान पुत्र श्री भूपेन्द्र पाल, सिंह चौहान , चमतोला, रीठाखाल , पाटी, जनपद चम्पावत ।
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
चम्पावत । पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
भाग 1 -क]
349
उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० ( कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
UK - 0520090004504
16. श्री महेन्द्र सिंह लुन्ठी पुत्र श्री आनन्द सिंह लुन्ठी ,| लिन्थुरा, महरखाश, जनपद पिथौरागढ़ ।
उपरोक्तानुसार तीव्र गति में वाहन का संचालन करना ।
पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
UK- 0520190047773
17. श्री संजय सिंह पुत्र श्री घनश्याम सिंह , Humkapita, डीडीहाट, जनपद पिथौरागढ़ ।
उपरोक्तानुसार तीव्र गति में वाहन का संचालन करना ।
पुलिस अधीक्षक, चम्पावत ।
UK- 0320230006848
18. श्री कमिल खान पुत्र श्री मोहम्मद शफिक, वार्ड नं . 01. गोटिया, खटीमा , जनपद ऊधम सिंह नगर ।
उपरोक्तानुसार प्रवर्तन टनकपुर दल, बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
UK - 0320210005374
19. श्री नदीम अहमद पुत्र श्री मोहम्मद सबीर , इस्लाम नगर, वार्ड नं. 03 , उमरूखुर्द, खटीमा, जनपद ऊधम सिंह नगर ।
उपरोक्तानुसार प्रवर्तन दल, टनकपुर
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
UK- 0320080014333
20. श्री गोविन्द सिंह पुत्र श्री हीरा सिंह , वार्ड नं. 05, नई बस्ती, टनकपुर, जनपद चम्पावत ।
प्रवर्तन दल,
उपरोक्तानुसार
टनकपुर
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
UP- 2520100027901
21. मो. तहमीर पुत्र अयुब अहमद , सुनहरी मस्जिद, बहेड़ी , जनपद बरेली, उ.प्र.।
उपरोक्तानुसार प्रवर्तन टनकपुर दल, भार वाहन में सवारी बैठाना ।
UP- 3720160014325
22. श्री अमित त्यागी पुत्र श्री सुरेश, म.न. 187, पीर नगर, सोदना, हापुड़ , उ.प्र.
23.
उपरोक्तानुसार प्रवर्तन दल , टनकपुर
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
UK- 0320110005757
श्री सोहित यादव पुत्र प्रसिधन . टी.वी टावर हास्पिटल रोड, टनकपुर, पोस्ट टनकपुर, जनपद चम्पावत ।
उपरोक्तानुसार बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
पुलिस निरीक्षक यातायात (पश्चिम) , जयपुर, राजस्थान ।
कार्यालयादेश
30 सितम्बर , 2025 ई ०
पत्रांक-2102/निलम्बन/2025- वाहन दुर्घटनाओं पर नियन्त्रण एवं जन सुरक्षा के दृष्टिगत हेलमेट / ओवरलोडिंग / ओवर स्पीड / मोबाइल का प्रयोग / शराब पीकर वाहन चलाना आदि अभियोगो में संलिप्त वाहन चालकों के चालन अनुज्ञप्ति को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के दिशा- निर्देशों के अनुपालन में निम्नलिखित चालकों के चालन अनुज्ञप्ति को निरर्हित (माह सितम्बर, 25) निम्न अवधि तक मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानानुसार अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया जाता है
क्र.
लाइसेन्स धारक का नाम व पता
स.
अभियोग
निलम्बन अवधि
लाइसेन्स संख्या/
श्रेणी एवं वैधता
1
संस्तुतिकर्ता अधिकारी
UK- 0320180003823
श्री मनोज सिंह अधिकारी पुत्र श्री सुभाष सिंह अधिकारी , आमबाग, टनकपुर, जनपद चम्पावत ।
2.
प्रवर्तन दल, टनकपुर
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
दिनांक 30.09. 2025 से दिनांक 29.12.2025 तक
UP - 32A20120020712
श्री विपिन कुमार कश्यप पुत्र श्री घूरू, निगोहन आंशिक, मोहन लाल गंज, लखनऊ, उ.प्र. ।
3
उपरोक्त्तानुसार प्रवर्तन टनकपुर दल, भार वाहन में सवारी बैठाना ।
UK-0320180003043
श्री अजय चन्द पुत्र श्री राकेश चन्द, ककराली गेट, टनकपुर, जनपद चम्पावत ।
उपरोक्तानुसार प्रवर्तन दल, टनकपुर
बिना हेल्मेट के वाहन का संचालन करना ।
सुरेन्द्र कुमार , लाइसेसिंग अथॉरिटी ,
टनकपुर चम्पावत ।
पी० एस ०यू० (आर० ई०) 44 हिन्दी गजट / 463- भाग 1 - क-2025 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड , रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN/ 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
मेरे पुत्र हितेश शर्मा के हाईस्कूल के अनुक्रमांक नं0 25111360 में त्रुटिवश माता का नाम शीला शर्मा व पिता का नाम सुशील शर्मा गलत दर्ज हो गया है । जबकि माता का सही नाम शीला व पिता का सही नाम सुशील चन्द्र शर्मा है । जो पुत्र के जन्म प्रमाण - पत्र पंजीकरण सं0 20080707947 में भी दर्ज है । भविष्य में हमे सही नामों से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
सुशील चन्द्र शर्मा
निवासी-म० नं0 394 , फ्रेंडस कॉलोनी लेन नं0 01 , बल्लूपुर चौक देहरादून उत्तराखण्ड ।
415-ट 416
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मैं विनोद सिंह रावत एवं मेरी पत्नी श्रीमती दीपा निवासी एम-25 दुर्गा कालोनी हिमालय विद्यालय के पास रुड़की जिला हरिद्वार उत्तराखंड ने भी भरत सिंह मारतोलिया उनकी पत्नी श्रीमती रेखा देवी निवासी ग्राम परसारी तहसील बड़गांव जिला चमोली उत्तराखंड की पुत्री जिनका नाम अपूर्वी है । जिनको हमारे विनोद सिंह रावत एवं श्रीमती दीपा द्वारा दत्तक पुत्री के रूप में दत्तक विलेख / गोदनामा संख्या 161 / IV2023 , दिनांक 17.4.2023 के अंतर्गत नियमानुसार गोद ले लिया है । भविष्य में हमें अपूर्वी के माता श्रीमती दीपा व पिता श्री विनोद सिंह रावत के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
विनोद सिंह रावत
निवासी एम-25 दुर्गा कॉलोनी, हिमालय विद्यालय के पास रुड़की, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड ।
सूचना
मेरे शैक्षिक प्रमाण पत्रों व सेवा अभिलेखों में मेरा नाम जामतू दास (JAMTU DAS ) दर्ज है । लेकिन मेरे आधार कार्ड नं0 337552081395 में मेरा नाम जे.डी. वर्मा (JAY. DEE . VERMA) व डी० एल ० नं ० UK-07201202033694 में मेरा नाम जे.डी. वर्मा (J.D. VERMA) है । जामतू दास (JAMTU DAS ) उर्फ जे.डी. वर्मा (J.D. VERMA) उर्फ (JAY.DEE. VERMA) उक्त सभी नाम मेरे ही है । भविष्य में मुझे उक्त सभी नामों से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
जामतू दास (JAMTU DAS) पुत्र स्व० श्री जोगनू निवासी-चिंरजिपुर विकासनगर देहरादून
उत्तराखण्ड
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं 0 298548749395 में त्रुटिवश मेरा नाम अम्रता (Amarta ) दर्ज हो गया है , जो कि गलत है । जबकि मेरा वास्तविक नाम अमृता देवी (Amrita Devi ) है । जोकि मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 0496337 एवं पहचान पत्र सं ० IRI0293571 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे अमृता देवी (Amrita Devi ) पत्नी सोनू सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
अमृता देवी (Amrita Devi ) पत्नी सोनू सिंह निवासी-बिजोपुरा , लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखण्ड ।
भाग 8]
417 उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर , 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
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मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं. 292984815274 में त्रुटिवश उसका घरेलू नाम नीर (NEER ) गलत दर्ज है । जबकि मेरे पुत्र का वास्तविक नाम शुदयांश है । जो उसके जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण सं 3281 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को शुदयांश पुत्र श्री दीपक के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
दीपक
निवासी-389 , धोबी गली , पुरानी तहसील रूडकी जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
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मेरी पुत्री के आधार कार्ड नं0 737715809202 में उसका नाम हर्षिता पुत्री श्री विनय शंकर पाण्डेय दर्ज है । लेकिन अब निजी कारणों से मैंने अपनी पुत्री का नाम हर्षिता से बदलकर वेदांशी (VEDANSHI) कर लिया है । जो उसके जन्म प्रमाण- पत्र पंजीकरण सं 0 431 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को वेदांशी (VEDANSHI) पुत्री श्री विनय शंकर पाण्डेय पुत्र महा प्रसाद पाण्डेय एवं सुषमा पाण्डेय पत्नी श्री विनय शंकर पाण्डेय के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
विनय शंकर पाण्डेय पुत्र महा प्रसाद पाण्डेय निवासी-क्यू53 फेस -3 शिवालिक नगर रानीपुर रेंज हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
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मेरे पुत्र के आधार कार्ड नंबर- 832882380323 में त्रुटिवश उसका नाम Shiavakant Mishra गलत दर्ज हो गया है जबकि मेरे पुत्र का सही नाम Shivakant Mishra है । जो उसके जन्म प्रमाण- पत्र पंजीकरण संख्या B-2017: 5-90069-001758 में दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को Shivakant Mishra S /o Kavita W/ o Rajesh Mishra के नाम से जाना पहचाना पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Kavita W/ o Rajesh Mishra
निवासी खंजरपुर , रुड़की जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड -247667 418
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर , 2025 ई ० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
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मेरे पूर्व में बने फोटो पहचान पत्र में मेरा नाम चंद्रा मोहन सिंग (Chandra Mohan Singh ) भूलवश गलत दर्ज हो गया था । जबकि मेरा सही नाम चंद्र मोहन सिंह ( Chandru Mohan Singh ) है । जो कि मेरे फोटो पहचान पत्र सं . ZER1501576 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे मेरे सही नाम से जाना- पहचाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
चंद्रू मोहन सिंह पुत्र प्रेम सिंह निवासी रायवाला , तहसील- ऋषिकेश जिला- देहरादून ।
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मेरे भारतीय वायु सेना के सेवा अभिलेखों में मेरी माता का नाम Suchita दर्ज है जबकि मेरी माता के आधार कार्ड नं . 459689873993 व पैन कार्ड नं . AKZPD8791J एवं पहचान पत्र UP/85 /421 /726267 उसका नाम चिन्ता देवी ( Chinta Devi ) दर्ज हैं Suchita उर्फ चिन्ता देवी ( Chinta Devi ) ये दोनों मेरी माता के नाम है भविष्य में मेरी माता को Suchita उर्फ चिन्ता देवी ( Chinta Devi ) दोनों ही नाम से जाना पहचाना जाए
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Ajeet Singh Chauhan S/o Mange Ram निवासी- गांव-डेलना, पोस्ट- झबरेडा, जिला- हरिद्वार , उत्तराखंड ।
सूचना
मेरी पुत्री के आधार कार्ड नं. 286483991717 में उसका नाम समृद्धि वर्मा ( SAMRIDHI VERMA) दर्ज है । लेकिन अब निजी कारणों से मैंने अपनी पुत्री का नाम समृद्धि वर्मा ( SAMRIDHI VERMA) से बदलकर आकांक्षा वर्मा ( AKANKSHA VERMA ) कर लिया है । भविष्य में मेरी पुत्री को आकांक्षा वर्मा (AKANKSHA VERMA ) पुत्री मोहित वर्मा के नाम से जाना, पहचाना , लिखा व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
मोहित वर्मा
निवासी 3 सी, 298/1 , श्याम विहार फेस 1 , हरिद्वार , हरिद्वार , उत्तराखंड-249408 419 उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर , 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
भाग 8 ]
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I have changed my name from NISHA THAPA to NISHA RANA after marriage for all future purpose. In future it would be read as Nisha Rana W/o- Sh. Manoj Rana .
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई है ।
Nisha Rana W/o Sh . Manoj Rana R/ o -Punkal Village , P.O. Bhagwantpur, Dehradun, Uttarakhand- 248009
सूचना
शादी से पूर्व मेरा नाम KM NISHA D/ O MANOHAR SINGH था । लेकिन शादी के उपरान्त मैंने अपना नाम KM NISHA से बदलकर निशा बिष्ट ( NISHA BISHT) कर लिया है जोकि मेरे स्थाई निवास प्रमाण- पत्र UK25ES0100343695 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे निशा बिष्ट ( NISHA BISHT) पत्नी मनोज बिष्ट के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
निशा बिष्ट ( NISHA BISHT) पत्नी मनोज बिष्ट निवासी-मैगड़ीस्टेट तह०- गरुड जिला बागेश्वर उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं. 719841801057 में मेरा घरेलू नाम वाशु (VASHU ) दर्ज हो गया है जबकि मेरा वास्तविक नाम वशुदेव ( VASHUDEV) है जोकि मेरी हाई स्कूल की मार्कशीट रोल नं . 22019070 में भी दर्ज है भविष्य में मुझे वशुदेव (VASHUDEV) पुत्र महक सिंह के नाम से जाना पहचाना व पढ़ा- लिखा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
वशुदेव ( VASHUDEV) पुत्र महक सिंह निवासी मुबारिकपुर अलीपुर , हरिद्वार उत्तराखण्ड 247663 420
उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
सूचना
मेरे पासपोर्ट नं . J6667467 में त्रुटिवश मेरा नाम Tauqeer Ahmad Ansari गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम Tavkeer Ahmad Ansari है । जो मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 0320789 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे Tavkeer Ahmad Ansari S/o Mohd Saleem के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Tavkeer Ahmad Ansari S /o Mohd Saleem निवासी-निकट चुन्गी नं. 05, मिर्धगान मंगलौर पो. मंगलौर टाउन जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं . 5308-0598-5733 में त्रुटिवश उसका नाम अंश कश्यप ( Ansh Kashyap ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरे पुत्र का वास्तविक नाम कृष्णा ( Krishna ) है । जो उसके जन्म प्रमाण-पत्र पंजीकरण सं. 1264 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को कृष्णा (Krishna) पुत्र श्री गोपी चंद्र के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
गोपी चंद्र
निवासी-477 /1 चावमंडी रुड़की जिला-हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे आधार कार्ड नंबर 884897189523 में त्रुटिवश मेरा नाम नेत्रो देवी (NETRO DEVI ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम नेत्रा देवी ( NETRA DEVI ) है । जो मेरे पहचान - पत्र सं ० ZMV0867838 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे नेत्रा देवी (NETRA DEVI ) D/ O MESHO RAM के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
नेत्रा देवी (NETRA DEVI ) D / O MESHO RAM
निवासी- विंग नंबर 4 बैरक नंबर 4/4 , प्रेम नगर देहरादून उत्तराखण्ड ।
भाग 8]
421 उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर , 2025 ई० (कार्तिक 10 , 1947 शक सम्वत्)
कार्यालय नगर पंचायत बदरीनाथ, चमोली
सार्वजनिक सूचना
19 अगस्त, 2025 ई ०
पत्रांक-156/ उपविधि संशोधन / 2025-26- नगर पालिका / नगर पंचायत अधिनियम-1916 की धारा 298 झ (घ ) के एवं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 ( 1986 का 29) की धारा 3,6 एवं 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में केन्द्र सरकार द्वारा बनाई गयी ठोस कचार प्रबन्ध नियमावली, 2016 के नियम 15 (ड) , 15(च) एवं 15(यच) के अन्तर्गत शक्तियों तथा निदेशक , शहरी विकास निदेशालय के कार्यालयी पत्रांक सं ० 586 / श०वि० नि० / 2019, दिनांक 21.5.2019 द्वारा दिये गये निर्देशों के पालन में नगर पचांयत बदरीनाथ , जिला चमोली द्वारा नगर पंचायत बदरीनाथ उपविधि-2019 21 अक्टूबर , 2019 ई0 बनाई गयी है , इस उपविधि में बोर्ड बैठक के प्रस्ताव के क्रम में निर्धारित शुल्क निम्नानुसार संशोधित किया जाता है , जो नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा -301 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत जनसामान्य अथवा जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो उनसे आपत्ति व सुझाव हेतु प्रकाशित की जा रही है ।
अतः समाचार पत्रों में संशोधित उपविधि के प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के भीतर लिखित सुझाव एवं आपत्तियाँ अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बदरीनाथ को प्रेषित की जा सकेगी , वाद मियाद आपत्तियों एवं सुझावों पर कोई विचार नहीं किया जायेगाः-
संशोधन पश्चात् लागू उपविधि में मुद्रित किये जाने वाला उपनियम/अभियुक्ति पूर्व उपविधि अनुसार लागू(मुद्रित) उपनियम/अभियुक्ति
पूर्व उपविधि में मुद्रित स्थान
04.
होटल/लॉज/ गेस्ट हाउस
400
700
300 800
150 100 200 कमरे(0-10)
500
1000
400 1500
कमरे (20-50)
होटल/लॉज/गे 50 स्ट हाउस
1000
1700
800 2000
कमरे50 से अधिक
05
10
20
30
40
400
700
300 800 धर्मशाला
धर्मशाला कमरे(0-10)
500
1000
400 1500
कमरे(20-50 )
1000
1700
800 2000
कमरे50 से अधिक
10
150 400 200 300
400
700
300 800 रेस्टोरेन्ट
ढाबे
500
1000
400 1500
रेस्टोरेन्ट
14
50
150 100 200
50
100
75 200 दुकान
दुकान
17
नगर पंचायतः बदरीनाथ के अधिशासी अधिकारी/ प्रभारी अधिकारी द्वारा अपने स्तर से शुल्क में संशोधन किया जा सकता है।
ह० (अस्पष्ट)
ह० (अस्पष्ट) अधिशासी अधिकारी ,
प्रभारी अधिकारी ,
नगर पंचायत बदरीनाथ ।
नगर पंचायत बदरीनाथ ।
422
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
कार्यालय- नगर निगम काशीपुर जिला- ऊधमसिंहनगर
22 अप्रैल, 2025 ई०
पत्रांक-69/ मु० कार्यालय / 2025-26- नगर निगम काशीपुर जिला ऊधम सिंह नगर (उत्तराखण्ड) ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 यथा प्रवृत्त उत्तराखण्ड) की धारा 541 के अन्तर्गत नगर निगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित हाट बाजार में लगने वाले फड़ / ठेला आदि हेतु उपविधि बनाये जाने की कार्यवाही की जाती है ।
नगर निगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाले हाट बाजार हेतु उपविधि
01- नगर निगम सीमान्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित होने वाले हाट बाजार हेतु उपविधि विद्यमान उपविधियों को अतिक्रमित करते हुए यह उपविधि नगर निगम काशीपुर की सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत निजी सम्पत्ति पर संचालित हाट बाजार को नियन्त्रित करने हेतु निजी सम्पत्ति पर हाट बाजार हेतु उपविधि वर्ष 2025 कहलायेगी जो यह गजट प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।
02-परिभाषा:-
(क)- अधिनियम-अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश अधिनियम 1959 यथा प्रभावी उत्तराखण्ड से है ।
(ख)- नगर निगम सीमा से तात्पर्य नगर निगम काशीपुर हेतु शासन द्वारा निर्धारित क्षेत्र से है ।
(ग) - नगर आयुक्त-नगर आयुक्त का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर में शासन के कार्मिक विभाग/ शासन से तैनात नगर आयुक्त से है ।
(घ) - मेयर -मेयर का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित मेयर ( महापौर ) से है ।
(ड)- प्रशासक- प्रशासक का तात्पर्य राज्य सरकार द्वारा मेयर के स्थान पर नामित अधिकारी से होगा ।
(च)- बोर्ड - बोर्ड का तात्पर्य नगर निगम काशीपुर के निर्वाचित बोर्ड से है ।
(छ) - शासन- शासन से तात्पर्य उत्तराखण्ड शासन से है ।
(ज) - प्रतिवर्ष- प्रतिवर्ष से तात्पर्य वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च तक है ।
भाग 8]
423 उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
03- नगर निगम काशीपुर की सीमा के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी निजी सम्पत्ति पर हाट बाजार लगाने हेतु नगर निगम काशीपुर द्वारा इस उपनियम के तहत निर्धारित शुल्क का भुगतान कर अनुमति उपरान्त ही हाट बाजार का स्थापन/संचालन कर सकते हैं ।
04- निजी सम्पत्ति पर हाट बाजार संचालन हेतु नगर निगम काशीपुर द्वारा नगरान्तर्गत व्यवसाय करने हेतु जारी किये जाने वाला ट्रेड लाईसेन्स प्राप्त करना अनिवार्य होगा ।
05- हाट बाजार संचालन हेतु निम्नानुसार व्यवस्थाएं हाट बाजार संचालक द्वारा स्वयं की जानी अनिवार्य होंगी: -
1
( 1 ) पार्किंग हेतु पर्याप्त क्षेत्र (बाजार लगने वाले कुल क्षेत्र का 10 से 15 प्रतिशत
(2 ) बाजार में संचरण हेतु पथ मार्ग/ रास्ता ( बाजार लगने वाले कुल क्षेत्र का 20 से 25 प्रतिशत)
(3) पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था ।
(4) शौचालय की व्यवस्था ( महिला/ पुरुष के लिए पृथक-पृथक )
(5) दुकानदारों के लिए विद्युत संयोजन तथा स्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था ।
(6 ) अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था।
(7) सुरक्षा की दृष्टि से सी०सी०टी०वी० व पर्याप्त कैमरे तथा इसका कम-से- कम 01 माह के बैकअप की व्यवस्था की जाये ।
(8 ) बाजार का अधिकृत मानचित्रकार द्वारा बना नक्शा प्रस्तुत करना होगा ।
(9 ) बाजार में लगने वाले सभी फड़ व्यवसायियों को प्रस्तावित दुकानों की लम्बाई चौड़ाई के अनुसार निर्धारित दर सार्वजनिक स्थल पर दृष्टव्य स्थान पर बड़े अक्षरों में जिसे कि आसानी से पढ़ा जा सके प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। जिसकी एक प्रति नगर निगम कार्यालय में जमा करनी अनिवार्य होगी।
(10 )हाट बाजार का प्रबन्धन एवं संचालन इस प्रकार किया जायेगा कि बाजार से लगे हुए सार्वजनिक मार्ग में यातायात किसी भी प्रकार से बाधित न हो । हाट बाजार के कारण यातायात बाधित होने पर लाईसेन्स प्राप्तकर्ता नियमानुसार दण्ड का भागी होगा द्वितीय बार दण्ड की धनराशि दुगनी होगी ।
424
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
(11 ) बाजार सम्बन्धी भूमि के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे एवं यदि भूमि किराये पर ली गयी है तो नॉन ज्यूडिशल शपथ पत्र पर किरायानामा प्रस्तुत करना होगा।
06- हाट बाजार का समय- समय पर/आवश्यकतानुसार निरीक्षण करने का अधिकार नगर आयुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी (सहायक नगर आयुक्त/कर अधीक्षक/कर निरीक्षक) को होगा ।
07- हाट बाजार में किसी भी सामग्री की बिक्री प्रतिबन्धित पॉलीथीन/ प्लास्टिकथर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादों में नहीं की जायेगी तथा प्रतिबन्धित पॉलीथीन/प्लास्टिक थर्माकोल एवं अन्य प्रतिबन्धित उत्पादों का उपयोग किये जाने पर नियमानुसार जुर्माना आरोपित किया जायेगा ।
08- नगर निगम सीमान्तर्गत लगने वाले हाट बाजार में कोई भी व्यक्ति/संस्था ऐसी वस्तुओं का व्यवसाय नहीं करेगा जिस पर राज्य सरकार/ शासन द्वारा पूर्ण निषेध किया जा चुका हो।
09- केन्द्र या राज्य सरकार या अन्य विधिनिहित संस्था के द्वारा निगम के नियन्त्रण हेतु लाईसेन्स इन उपविधियों से भिन्न होंगे।
10. नगर निगम सीमान्तर्गत समस्त निजी सम्पत्ति/ भूमि पर संचालित होने वाले हाट बाजारो हेतु वार्षिक मांग क्षेत्रफल के आधार पर निम्नानुसार होगीं: -
क्र० सं०
भूमि जिस पर हाट बाजार संचालित है का क्षेत्रफल एकड़ में
सप्ताह में दो दिन संचालित होने वाले हाट बाजार हेतु
सप्ताह में एक दिन संचालित होने वाले हाट बाजार हेतु निर्धारित वार्षिक मांग निर्धारित वार्षिक मांग
सप्ताह में तीन दिन संचालित होने वाले हाट बाजार हेतु निर्धारित वार्षिक मांग
2.50 लाख
1.25 लाख
3.75 लाख 010 से 0.5 एकड़ तक
2.50 लाख
5.00 लाख
7.50 लाख 02 0.5 से 01 एकड़ तक
5.00 लाख
10.00 लाख
15.00 लाख 0301 एकड़ से अधिक
11. सार्वजनिक स्थलों पर संचालित होने वाले समस्त हाट बाजारों के संचालन हेतु नीलामी/निविदा/निविदा की न्यूनतेम दरे नगर निगम द्वारा निर्धारित की जायेगी, उच्चतम बोलीदाता/निविदादाता द्वारा ही उक्त क्षेत्र में निजी हाट बाजार संचालन की अनुमति नियमानुसार शुल्क निगम कोष में जमा कराये जाने के उपरान्त ही दी जायेगी ।
425 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट, 01 नवम्बर, 2025 ई० (कार्तिक 10, 1947 शक सम्वत्)
12- निर्धारित शुल्क का 25 प्रतिशत जमा करने के उपरान्त ही लाईसेन्स देय होगा ।
13- उपविधि द्वारा लिए जाने वाले शुल्क की धनराशि पूर्णांक में नहीं होने पर निकटतम अधिकतम पूर्णांक के रूप में गणना की जायेगी।
14- हाट बाजार में आने वाले बाहरी व्यक्तियों (उत्तराखण्ड से पृथक) का अभिलेखीय सत्यापन अनिवार्य होगा ।
15- मांस की बिक्री हेतु लगने वाली दुकानों एवं फड़ों में प्रत्येक प्रकार के मांस का रख - रखाव विक्रय मानकों के अनुरूप किया जाना भी अनिवार्य होगा। 16- हाट बाजार संचालक को स्वयं के व्यय पर हाट बाजार संचालन स्थल पर एक बोर्ड लगाना होगा जिस पर फड ठेले की दरें अंकित करनी अनिवार्य होंगी ।
17- हाट बाजार की कुल राशि को अनुबन्ध की शर्तों के अनुसार जमा कराना अनिवार्य होगा। अपरिहार्य परिस्थिति में नगर आयुक्त की अनुमति से समयावधि में परिवर्तन किया जा सकता है परन्तु उसमें दो माह से अधिक का विलम्ब स्वीकृत नहीं होगा।
18- बिना अनुमति के हाट बाजार संचालित किये जाने पर उस क्षेत्र में नीलामी/निविदा द्वारा संचालित हाट बाजार की धनराशि का दो गुना धनराशि जमा करनी होगी जो किसी भी दशा में रू0 25000 से कम नहीं होगी ।
हाट बाजार लगाये जाने हेतु उपरोक्त शर्तों में से किसी एक शर्त का भी उल्लंघन करने पर बाजार लगाये जाने वाले व्यक्ति/ संस्था पर रू0 25000 तक का अर्थदण्ड लगाया जा सकता है । आरोपित शर्तों का तीन बार से अधिक उल्लंघन करने पर अनुज्ञप्ति निरस्त की जायेगी । अर्थदण्ड को यदि व्यक्ति/संस्था द्वारा निगम कोष में नहीं जमा किया जाता है तो भू- राजस्व की भांति वसूला जायेगा ।
स्थान: -
दिनांक:-
रविन्द्र सिंह बिष्ट,
नगर आयुक्त,
नगर निगम काशीपुर ।
दीपक बाली, महापौर, नगर निगम काशीपुर ।
पी० एस ०यू० (आर० ई० ) 44 हिन्दी गजट /463 भाग 8-2025 ( कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड , रुड़की ।