पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-27] रुड़की, शनिवार, दिनांक 03 जनवरी, 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्) ( संख्या -01
विषय- सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु० 3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1500
01-10
भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500
01-11
भाग 1 -क- नियम , कार्य -विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र , नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4- निदेशक , शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6- बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
भाग 8 - सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
01-08
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
01-क [भाग 1 02 उत्तराखण्ड गजट, 03 जनवरी, 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
न्याय अनुभाग -1
अधिसूचना
नियुक्ति
16 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या-78 नो - बी / XXXVI -A-1 /2025-03 नो -बी / 2003 - श्री राज्यपाल, नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952) की धारा -3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्रीमती कविता रानी , अधिवक्ता को दिनांक 16-12-2025 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला मुख्यालय हरिद्वार में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम -8 के उपनियम (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्रीमती कविता रानी का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से, प्रशान्त जोशी , प्रमुख सचिव , न्याय एवं विधि परामर्शी ।
In pursuance of the provisions of clause ( 3 ) of article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No. 78 No - B /XXXVI - A - 1 / 2025-03 No - B /2003 , Dated- December 16 , 2025 .
NOTIFICATION
Appointment
December 16 , 2025
No. 78 No - B /XXXVI - A- 1 / 2025-03 No - B/ 2003 -- In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act, 1952 ( Act No- 53 of 1952 ) , the Governor is pleased to appoint Mrs. Kavita Rani , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 16-12-2025 for District Headquarter Haridwar and in exercise of the powers conferred by sub- rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mrs. Kavita Rani be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act .
By Order , PRASHANT JOSHI , Principal Secretary, Law- cum - L.R.
भाग 1 ]
03
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी, 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग -5
अधिसूचना
नियुक्ति
03 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या-349884 / XXVIII ( 5 ) / 2025 ( E - 43530 )- उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग के अन्तर्गत सृजित / रिक्त पदों के सापेक्ष उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा किये गये चयन के फलस्वरूप की गई संस्तुति के आधार पर प्रतीक्षा सूची में चयनित अभ्यर्थियों को एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर तालिका में उनके नाम के सम्मुख अंकित तैनाती स्थल पर वेतन मैट्रिक्स लेवल-13 (क) वेतन ₹1,31,100-2,16,600 में निम्नलिखित शर्तों के अधीन अस्थाई रूप से नियुक्त करते हुए कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
पिता/ पति का नाम विभाग का नाम
क्र० अभ्यर्थी का नाम सं०
जन्म तिथि नियुक्ति का स्थान
5
6
4 एनॉटामी
1 2 1 डॉ० वेमावरपु महेश
3 श्री वी० श्रीनिवास राव
2 डॉ० प्रियंका डोभाल श्री अविरल डोभाल रा० मे० का ० हरिद्वार
28.08.1981
रा ०मे० का० हल्द्वानी
कम्प्यूनिटी मेडिसिन
एस० श्री सेक्कप्पन 23.02.1987
फॉरेंसिक मेडिसिन
3डॉ० वल्लियप्पन
17.04.1990 रा०मे 0 का0 श्रीनगर
(1) उपरोक्त तालिका में अंकित अभ्यर्थी को सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य के समक्ष अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगें । योगदान दिये जाने के पश्चात अभ्यर्थी के समस्त वांछित प्रपत्र/ प्रमाण पत्रों का सत्यापन सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा कराया जायेगा ।
(2) उपरोक्त तालिका में अंकित अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन पृथक से सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्यों द्वारा किया जायेगा । अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के चयनित अभ्यर्थी के जाति प्रमाण पत्र की जॉच भी सम्बन्धित शासनादेशों के निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाय । अभ्यर्थी के सत्यापन संबंधी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायी जायेगी । यदि संबंधित अभ्यर्थियों को चरित्र एवं पूर्ववृत्त सेवा में नियुक्ति हेतु उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो उनकी यह नियुक्ति तात्कालिक प्रभाव से निरस्त समझी जायेगी एवं इसकी सूचना तत्काल शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को प्रेषित की जायेगी ।
(3) उपरोक्त तालिका में अंकित अभ्यर्थी अपने नियुक्ति पत्र सहित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु सक्षम चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थिति होंगें । स्वास्थ्य परीक्षण में अयोग्य घोषित किये गये अभ्यर्थी के प्रकरण शासन को संदर्भित किये जायेंगें ।
(4) उक्त नव नियुक्त अभ्यर्थियों को उक्त वेतनमान में वेतन के अतिरिक्त समय- समय पर जारी शासनादेशों के अन्तर्गत अनुमन्य मंहगाई भत्ता तथा अन्य भत्ते भी देय होंगे ।
04
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
(5) नवनियुक्त अभ्यर्थी 15 दिनों के भीतर अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु योगदान कर दें । इस अवधि के भीतर वे अपने तैनाती से संबधित वांछित सभी प्रमाण - पत्र प्रस्तुत करेंगे । यदि वे इस अवधि के भीतर अपने योगदान स्थल पर योगदान की सूचना नहीं देते हैं, तो उनका अभ्यर्थन स्वतः समाप्त माना जायेगा ।
(6) नियुक्ति स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु अभ्यर्थियों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता आदि देय नही होगा ।
(7) अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण से पूर्व सम्बन्धित प्राचार्य के समक्ष निम्न प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करने होंगे :-
i. स्वयं के विरूद्ध अभियोजन न चलाये जाने तथा न्यायालय द्वारा दण्डित न किये जाने के संबंध में एक घोषणा- पत्र (संलग्न प्रारूप में) ।
ii . उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल द्वारा निर्गत स्थाई पंजीकरण की दो प्रतियां ।
iii . ओथ एलीजियन्स का प्रमाण- पत्र ।
iv . गोपनीयता का प्रमाण- पत्र ।
v . चल तथा अचल सम्पत्ति का प्रमाण-पत्र ।
vi . लिखित रूप से एक अन्डरटेकिंग कि यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन के पश्चात उन्हे सरकारी सेवा के लिए उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो उनकी यह नियुक्ति स्वतः निरस्त समझी जायेगी, जिसके लिए वे किसी क्षतिपूर्ति के हकदार नही होंगे ।
vii . एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने का घोषणा-पत्र (संलग्न प्रारूप में) ।
viii . सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदत्त स्वस्थता प्रमाण- पत्र ।
ix. दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण ।
2- चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग में उक्त अभ्यर्थियों की ज्येष्ठता उत्तराखण्ड, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से प्राप्त वरिष्ठता क्रम के आधार पर सुसंगत नियमों के अनुसार अवधारित की जायेगी ।
3- चयनित पद पर मौलिक रूप से नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत 02 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है तथा परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को किसी अन्यत्र संस्थान हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाएगा ।
4- सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा यह देख लिया जाए की अभ्यर्थी उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल में पंजीकृत है तथा उनके मेडिकल काउन्सिल प्रमाण-पत्र एवं स्नातक/ स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा के प्रमाण- पत्र का मूल रूप से जांच कर, इन प्रमाण - पत्रों की दो-दो प्रतियां स्वयं प्रमाणित कर उत्तराखण्ड शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को उपलब्ध कराया जाय ।
5- चयनित अभ्यर्थियों की सेवायें उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत राज्य के अन्य मेडिकल कालेजों में स्थानान्तरणीय होंगी ।
भाग 1 ]
05
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
अधिसूचना
नियुक्ति
03 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या-349886 / XXVIII ( 5 ) / 2025 ( E - 43530 ) - उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग के अन्तर्गत सृजित / रिक्त पदों के सापेक्ष उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा किये गये चयन के फलस्वरूप की गई संस्तुति के आधार पर प्रतीक्षा सूची में चयनित अभ्यर्थियों को प्रोफेसर के पद पर तालिका में उनके नाम के सम्मुख अंकित तैनाती स्थल पर वेतन मैट्रिक्स लेवल -14 , वेतन 1,44,200-2,18,200 में निम्नलिखित शर्तों के अधीन अस्थाई रूप से नियुक्त करते हुए कार्यभार ग्रहण किये जाने की तिथि से तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
क्र ० अभ्यर्थी का नाम पिता/ पति का नाम विभाग का नाम
सं०
2
1
3 जन्म तिथि नियुक्ति का स्थान
4
श्री अशोक कुमार बहल 1 डॉ० नीलिमा बहल
6
5
रा 0मे0 का0 देहरादून
पैथोलॉजी
2 डॉ० चन्द्र मधु शर्मा श्री योगेश कुमार शर्मा 04.04.1979
पीडियाट्रिक्स
29.07.1982 रा ०मे0 का0 श्रीनगर
(1 ) उपरोक्त तालिका में अंकित अभ्यर्थी को सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य के समक्ष अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगें । योगदान दिये जाने के पश्चात अभ्यर्थी के समस्त वांछित प्रपत्र/ प्रमाण पत्रों का सत्यापन सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा कराया जायेगा ।
(2) उपरोक्त तालिका में अंकित अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन पृथक से सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्यों द्वारा किया जायेगा । अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछडा वर्ग के चयनित अभ्यर्थी के जाति प्रमाण पत्र की जॉच भी सम्बन्धित शासनादेशों के निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाय । अभ्यर्थी के सत्यापन संबंधी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायी जायेगी । यदि संबंधित अभ्यर्थियों को चरित्र एवं पूर्ववृत्त सेवा में नियुक्ति हेतु उपयुक्त नहीं पाया जाता है , तो उनकी यह नियुक्ति तात्कालिक प्रभाव से निरस्त समझी जायेगी एवं इसकी सूचना तत्काल शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को प्रेषित की जायेगी ।
(3) उपरोक्त तालिका में अंकित अभ्यर्थी अपने नियुक्ति पत्र सहित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु सक्षम चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थिति होंगें । स्वास्थ्यं परीक्षण में अयोग्य घोषित किये गये अभ्यर्थी के प्रकरण शासन को संदर्भित किये जायेंगें ।
(4) उक्त नव नियुक्त अभ्यर्थियों को उक्त वेतनमान में वेतन के अतिरिक्त समय - समय पर जारी शासनादेशों के अन्तर्गत अनुमन्य मंहगाई भत्ता तथा अन्य भत्ते भी देय होंगे ।
(5 ) नवनियुक्त अभ्यर्थी 15 दिनों के भीतर अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु योगदान कर दें । इस अवधि के भीतर वे अपने तैनाती से संबधित वांछित सभी प्रमाण - पत्र प्रस्तुत करेंगे । यदि वे इस अवधि के भीतर अपने योगदान स्थल पर योगदान की सूचना नहीं देते हैं, तो उनका अभ्यर्थन स्वतः समाप्त माना जायेगा ।
06
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
(6) नियुक्ति स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु अभ्यर्थियों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता आदि देय नही होगा ।
(7) अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण से पूर्व सम्बन्धित प्राचार्य के समक्ष निम्न प्रमाण - पत्र प्रस्तुत करने होंगे:-
i. स्वयं के विरूद्ध अभियोजन न चलाये जाने तथा न्यायालय द्वारा दण्डित न किये जाने के संबंध में एक घोषणा- पत्र (संलग्न प्रारूप में) ।
ii . उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल द्वारा निर्गत स्थाई पंजीकरण की दो प्रतियां ।
iii . ओथ एलीजियन्स का प्रमाण-पत्र ।
iv. गोपनीयता का प्रमाण-पत्र ।
v . चल तथा अचल सम्पत्ति का प्रमाण-पत्र ।
vi . लिखित रूप से एक अन्डरटेकिंग कि यदि चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन के पश्चात उन्हे सरकारी सेवा के लिए उपयुक्त नहीं पाया जाता है , तो उनकी यह नियुक्ति स्वतः निरस्त समझी जायेगी , जिसके लिए वे किसी क्षतिपूर्ति के हकदार नही होंगे ।
vii . एक से अधिक जीवित पति / पत्नी न होने का घोषणा-पत्र (संलग्न प्रारूप में ) ।
viii . सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदत्त स्वस्थता प्रमाण-पत्र ।
ix. दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण ।
2- चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग में उक्त अभ्यर्थियों की ज्येष्ठता उत्तराखण्ड, चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से प्राप्त वरिष्ठता क्रम के आधार पर सुसंगत नियमों के अनुसार अवधारित की जायेगी ।
3- चयनित पद पर मौलिक रूप से नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत 02 वर्ष की विहित परिवीक्षा पर रखा जाता है तथा परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को किसी अन्यत्र संस्थान हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाएगा ।
4- सम्बन्धित मेडिकल कालेज के प्राचार्य द्वारा यह देख लिया जाए की अभ्यर्थी उत्तराखण्ड मेडिकल काउन्सिल में पंजीकृत है तथा उनके मेडिकल काउन्सिल प्रमाण- पत्र एवं स्नातक / स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा के प्रमाण - पत्र का मूल रूप से जांच कर, इन प्रमाण- पत्रों की दो- दो प्रतियां स्वयं प्रमाणित कर उत्तराखण्ड शासन एवं उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को उपलब्ध कराया जाय ।
5- चयनित अभ्यर्थियों की सेवायें उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली-2014 में निहित प्राविधानों के अंतर्गत राज्य के अन्य मेडिकल कालेजों में स्थानान्तरणीय होंगी ।
आज्ञा से , डॉ ० आर० राजेश कुमार, सचिव ।
भाग 1 ]
07 उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
श्रम अनुभाग
अधिसूचना
08 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या-350938 / VIII -1 / 25-53 ( श्रम )/2025- श्री राज्यपाल , उत्तराखण्ड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) अधिनियम , 2017 की धारा 6 की उपधारा (2) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित होने की तिथि से उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत समस्त दुकानों / प्रतिष्ठानों में महिला कर्मकारों को रात्रि पाली में रात्रि 09:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक निम्नलिखित शर्तों के अधीन कार्य करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
(1) प्रत्येक महिला कर्मकार से रात्रि पाली में कार्य के संबंध में उसकी सहमति प्राप्त की जाएगी । यदि कोई महिला कर्मकार रात्रि पाली में कार्य करने से असहमति व्यक्त करती है तो, उसका नियोजक द्वारा किसी प्रकार से प्रपीडन नहीं किया जायेगा ।
:
(2) महिला कर्मकारों की नियुक्ति एवं रोजगार से संबंधित कार्यवाही प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961 के संरक्षण एवं कल्याणकारी प्रावधानों के अनुसार की जाएगी ।
(3) नियोजक द्वारा महिला कर्मकारों से कार्य कराये जाने की सूचना संबंधित श्रम अधिकारी व थाना प्रभारी को उपलब्ध करायी जायेगी ।
(4) महिला कर्मकारों हेतु उनके निवास स्थान तक पिक-अप एवं ड्राप की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये पैनिक बटन (इमरजेंसी अलार्म) एवं जी०पी० एस० आधारित (G.P.S enabled ) पर्याप्त परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी तथा वाहन एवं कार्यस्थल पर पुलिस हैल्पलाईन नम्बर, पुलिस थाना/ पुलिस चौकी के नम्बर दृश्य स्थान पर चस्पा किये जायेंगे ।
(5) नियोजक द्वारा परिवहन चालक एवं परिचालक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जायेगा ।
(6) नियोजक द्वारा महिला कर्मकारों के लिये सुरक्षित, संरक्षित एवं स्वस्थ कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित की जायेंगी , ताकि उन्हें रोजगार से संबंधित किसी भी प्रकार की असुविधा या हानि न हो ।
(7) नियोजक द्वारा महिला कर्मकारों हेतु शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल आदि सुविधायें अधिनियम की सुसंगत धाराओं के प्राविधानों के अनुसार उपलब्ध करायी जायेगी ।
(8) महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष ) अधिनियम, 2013 (The Sexual Harassment of Women at workplace (Prevention , Prohibition and Redressal ) Act , 2013 ) के सभी लागू प्राविधानों का नियोजक द्वारा पूर्णतः अनुपालन कराया जायेगा ।
(9) दुकान और स्थापन के प्रत्येक प्रवेश एवं निकास द्वार तथा उन सभी कार्यस्थलों पर जहां महिला कर्मकार कार्यरत हैं, या होंगी सी०सी० टी०वी० कैमरे स्थापित एवं सुचारू रूप से संचालित किये जायेंगे ।
आज्ञा से , डॉ ० श्रीधर बाबू अद्दांकी , सचिव ।
08
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई ० ( पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 1
Inpursuance of the provision of clause ( 3 ) of article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English Translation of Notification No. 350938 VIII - 1/ 25-53 ( Labour ) / 2025 , Dated- December 08 , 2025 for general information.
NOTIFICATION
December08 , 2025
No. 350936 VIII - 1 / 25-53 ( Labour) /2025 --In exercise of the powers conferred by sub - section ( 2) of Section 6 , of the Uttarakhand Shops and Establishments ( Regulation of Employment and Conditions of Service ) Act , 2017 , the Governor is pleased to allow , with effect from the date of publication of this notification in the official gazette , women employees working in all shops/ establishments in the State of Uttarakhand to work during night shift 09:00 PM to 06:00 AM subject to the following conditions:
i 1. Consent will be obtained from every women employée for working in the night shift. If any women employee expresses disagreement with working in the night shift , she shall not be coerced in any manner by her employer for the same .
2. Proceeding regarding appointment and employment of Women employees shall be done in accordance with the protective and welfare provisions of the Maternity Benefit Act, 1961 .
3. Information regarding the employment of women employee by the employer shall be provided to the concerned labour officer and the police station in charge .
4. Panic button (emergency aların ) and GPS enabled adequate transportation system shall be ensured to provide pick - up and drop- off facilities for women employee up to their place of residence. Police helpline numbers and the police station/police sub station numbers will be displayed prominently on vehicles and at workplaces .
5. Police verification of transport drivers and conductors will be mandatorily carried out by the employer .
6. The employer shall ensure safe , secure , and healthy working conditions shall be ensured for women employee so that they do not face any detriment/disadvantage related to their employment at the work place.
7. Facilities such as toilets , changing room , drinking water, etc. , shall be provided for women employee in accordance with the relevant provisions of the Act.
8. The employer shall fully comply with all applicable provisions of the Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention , Prohibition and Redressal ) Act, 2013 .
9. CCTV cameras shall be installed and operated properly at every entry and exit gate of the shops and establishment, as well as at all workplaces where women employee are employed or will be employed.
By Order,
DR . SHRIDHAR BABU ADDANKI ,
Secretary.
भाग 1 ]
09 उत्तराखण्ड गजट, 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
वित्त (वे ० आ०- सा ०नि०) अनुभाग -7
अधिसूचना
18 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या -1/354126 / xxvii (7 ) 2025 / E - 88441- राज्यपाल " भारत का संविधान " के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन नियम, 2016 में संशोधन करने की दृष्टि से निम्नलिखित नियम बनाते हैं:-
उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन (प्रथम संशोधन) नियम, 2025
संक्षिप्त नाम एवं प्रारम्भ
1. (1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन (प्रथम संशोधन) नियम, 2025 है ।
(2) यह नियम 01 जनवरी , 2016 से प्रवृत्त समझे जाएंगे ।
01 जनवरी , 2016 को 2. अथवा उसके पश्चात प्रोन्नति पर वेतन का निर्धारण
उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन नियम, 2016 के नियम-13 के उप नियम, (i ) (ii ) में दिये गये वर्तमान नियम स्तम्भ -1 के स्थान पर स्तम्भ-2 में उल्लिखित नियम रख दिये जायेंगेः-
स्तम्भ-2
स्तम्भ-1
वर्तमान नियम
एतद्वारा प्रतिस्थापित नियम
13 (i) एक वेतनवृद्धि उस स्तर 13 (ⅰ) शैक्षणिक संवर्ग सहित समस्त राज्य (Level ) में दी जायेगी जिसमें से कर्मचारियों की पदोन्नति की स्थिति में कर्मचारी पदोन्नति किया जा रहा वेतन निर्धारण हेतु एक वेतनवृद्धि उस स्तर है और उसे उस पद जिसमें (Level) में दी जायेगी जिसमें से कर्मचारी पदोन्नति दी गयी है , के स्तर पदोन्नति किया जा रहा है और उसे उस (Level ) में इस प्रकार प्राप्त राशि पद जिसमें पदोन्नति दी गयी है, के स्तर के समतुल्य किसी कोष्ठिका में (Level) में इस प्रकार प्राप्त राशि के रखा जायेगा और यदि ऐसी कोई समतुल्य किसी कोष्ठिका में रखा जायेगा कोष्ठिका उस लेवल जिसमें और यदि ऐसी कोई कोष्ठिका उस लेवल पदोन्नति दी गयी है, में उपलब्ध जिसमें पदोन्नति दी गयी है, में उपलब्ध नहीं है तो उसे उस लेवल से नहीं है तो उसे उस लेवल में अगली अगली उच्चतर कोष्ठिका में रखा उच्चतर कोष्ठिका में रखा जायेगा ।
जायेगा ।
10
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी, 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
(ii) सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन अथवा समयमान/चयन वेतनमान के मामलों में भी उक्त प्रक्रियानुसार वेतन निर्धारित किया जायेगा ।
(ii) शैक्षणिक संवर्ग को छोड़कर अन्य राज्य कर्मचारियों को अनुमन्य सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन अथवा समयमान / चयन वेतनमान के मामलों में भी उक्त (i ) में निर्धारित प्रक्रियानुसार वेतन निर्धारित किया जायेगा ।
शैक्षणिक संवर्ग में प्राथमिक / माध्यमिक शिक्षकों हेतु चयन/ प्रोन्नत वेतनमान संबंधी विशिष्ट व्यवस्था विद्यमान है , जिसके अन्तर्गत 10/12 वर्ष की सेवा पर उच्चतर वेतनमान अनुमन्य किया जाता है । किसी शिक्षक को उक्त लाभ अनुमन्य कराये जाने की स्थिति में वेतन निर्धारण पूर्व निर्धारित व्यवस्थानुसार इस प्रकार किया जायेगाः-
1. - चयन/ प्रोन्नत वेतनमान की अनुमन्यता के मामले में संबंधित शिक्षक को वेतन साधारण वेतनमान/ चयन वेतनमान, जैसे भी स्थिति हो , में वेतन मैट्रिक्स के लेवल में प्राप्त कोष्ठिका से चयन / प्रोन्नत वेतनमान, जो भी स्थिति हो, में अगले प्रक्रम / अगली कोष्ठिका में निर्धारित किया जायेगा । चयन वेतनमान /प्रोन्नत वेतनमान के समय वेतनवृद्धि (Increment ) देय नहीं होगी ।
2. - चयन/ प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त शिक्षकों की पदोन्नति यदि समान वेतनमान में होती है, तो वेतन का निर्धारण प्राप्त वेतन स्तर में अनुमन्य कोष्ठिका से अगली कोष्ठिका में किया जायेगा ।
2- उपनियम-(i ) व (ii) के पश्चात दी गयी तालिका में उल्लिखित उदाहरण मात्र पदोन्नति व उसके समान वेतन निर्धारण के प्रकरणों हेतु लागू रहेगा ।
आज्ञा से ,
दिलीप जावलकर ,
सचिव ।
पी० एस ० यू० (आर ० ई० ) 01 हिन्दी गजट / 01 - भाग 1-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30/ 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 03 जनवरी, 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 1 - क
नियम, कार्य-विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग
अधिसूचना
27 नवम्बर , 2025 ई ०
सं. F-9(34) ( ii ) RG / UERC/ 2025/1329: विद्युत् अधिनियम , 2023 की धारा 86 ( 1 ) ( e ) के साथ पठित धारा 181 के अधीन प्रदत्त शक्तियों व इस निमित्त समस्त सामर्थ्यकारी शक्तियों का प्रयोग करते हुए व पूर्व प्रकाशन के उपरांत उत्तराखंड विद्युत् नियामक आयोग उविनिआ (नवीकरणीय उर्जा स्रोतों तथा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह- उत्पादन केन्द्रों से विद्युत् आपूर्ति के लिए टैरिफ व अन्य शर्तें ) अधिनियम, 2023 (मूल अधिनियम ) तथा इसमें किये गए पश्चातवर्ती संशोधन, यदि कोई हों, में एतद्वारा निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थातः
1. संक्षिप्त नाम, प्रारंभ और निर्वचनः
( 1 ) इन विनियमों का नाम उविनिआ (नवीकरणीय उर्जा स्रोतों तथा गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह- उत्पादन केन्द्रों से विद्युत् आपूर्ति के लिए टैरिफ व अन्य शर्तें ) (द्वितीय संशोधन ) विनियम, 2025 होगा।
01-ख 02
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
( 2 ) ये अधिनियम इनकी अधिसूचना की तिथि से प्रवृत्त होंगे तथा जब तक कि पहले समीक्षा न कर ली जाये अथवा आयोग द्वारा इनकी अवधि न बढाई जाये , मूल विनियमों के प्रारंभ होने की तिथि से 5 वर्ष की अवधि हेतु प्रवृत्त होंगे ।
2. विनियम 2 , अर्थात मूल अधिनियम, 2023 के 'लागू होने की परिधि और विस्तार' में संशोधनः
संशोधित अधिनियम अधिसूचना की तिथि से प्रवृत्त होगा तथा इसे निम्नलिखित रूप में पढ़ा जायेगा:
(1) ये विनियम उन सभी मामलों में लागू होंगे जहाँ इन विनियमों के प्रभावी होने के पश्चात कमीशंड हुए नवीकरणीय उर्जा आधारित उत्पादन केन्द्रों अथवा बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली (बीईएसएस) से विद्युत् की आपूर्ति इन विनियमों के विनियम 4 में विनिर्दिष्ट योग्यता मापदंडों के पूर्ण होने की शर्त के अधीन उत्तराखंड राज्य के भीतर वितरण अनुज्ञापियों अथवा स्थानीय ग्रामीण ग्रिड्स को की जा रही है।
परन्तु अवस्थिति और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर, बीईएसएस परियोजनाओं से प्राप्त लाभों की पहचान डिस्कॉम द्वारा की जाएगी। तथापि, यदि इनकी पहचान किसी अन्य संस्था द्वारा की जाती है तो यह डिस्कॉम की स्वीकार्यता के अधीन होगी;
परन्तु आगे यह कि अध्याय 4 एवं 5 के विनियम (विनियम 27 के उप-विनियम (1) के खंड (बी) एवं (सी) को छोड़ कर) उन उत्पादन केन्द्रों पर लागू नहीं होंगे जो इन विनियमों के लागू होने से पहले से कार्यरत हैं तथा उनके वर्तमान टैरिफ ही लागू रहेंगे;
परन्तु यह भी कि विनियम 11 के उप-विनियम (3) के खंड (डी), विनियम 15 के उप- विनियम 7 के दूसरे व तीसरे परंतुक उन केन्द्रों पर लागू होंगे जो इन विनियमों के प्रभावी होने से पहले लगाये गए हैं;
परन्तु टैरिफ संगणना के मानक उन केन्द्रों की कमीशनिंग के वर्ष के दौरान प्रचलित विनियमों के अनुसार होंगे;
परन्तु यह भी कि ऐसे केंद्र जो इन विनियमों के प्रभावी होने से पहले कमीशंड हुए हैं उन पर विनियम 16 (1 ) (सी) में विनिर्दिष्ट किये गए अनुसार सौर ताप / पी/वी उत्पादन केन्द्रों के लिए जेनेरिक टैरिफ के अतिरिक्त 12 पैसा / यूनिट तथा लघु जल संयंत्रों पर जेनेरिक टैरिफ के अतिरिक्त 5 पैसा / यूनिट सामान्यीकृत सम टैरिफ भी लागू होगा;
परन्तु यह भी कि अध्याय 4 और 5 के विनियमों को छोड़ कर अन्य विनियम उत्तराखंड राज्य में स्थित उन अन्य उत्पादन केन्द्रों पर लागू होंगे जो ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों पर आधारित हैं, जिनमें गैर जीवाश्म ईंधन आधारित सह-उत्पादन सम्मिलित है और जो राज्य पारेषण और/या वितरण प्रणाली का उपयोग करने वाले राज्य के वितरण अनुज्ञापी से अन्यथा किसी व्यक्ति को विद्युत् पारेषित और/ या आपूर्ति करते हों।
(2) वर्तमान विद्युत् परियोजनाएं जो इस समय तृतीय पक्ष को विद्युत् आपूर्ति कर रही हैं, उन के पास यह विकल्प होगा कि वे स्थानीय ग्रिड को अथवा इन विनियमों के विनियम 7 के उपबंधों के अधीन वितरण अनुज्ञापी को आपूर्ति आरम्भ कर सकती हैं। यह आपूर्ति उसी सामान्य टैरिफ पर की जाएगी जो उनकी परियोजना प्रारंभ होने के समय लागू था, अथवा 03 भाग 1 -क]
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वे आयोग से परियोजना विशिष्ट टैरिफ भी अवधारित करवा सकती हैं। यह विकल्प परियोजना के शेष जीवन काल के लिए होगा तथा एक बार आरम्भ हो जाने पर इसे परिवर्तित करने की अनुमति नहीं होगी।
(3) इन विनियमों के अधीन पवन, बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली, सौर पीवी और सौर ताप ऊर्जा हेतु विनिर्दिष्ट सामान्य टैरिफ अधिकतम टैरिफ होगा तथा वितरण अनुज्ञापी स्वयं अथवा किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से इन उत्पादकों / विकासकर्ताओं से ऊर्जा /बीईएसएस सेवाओं की अधिप्राप्ति हेतु टैरिफ आधारित प्रतियोगी बोली आमंत्रित करेंगे. वितरण अनुज्ञापी न्यूनतम बोली लगाने वाले उत्पादकों / विकासकर्ताओं के साथ ऊर्जा क्रय करार करेंगे ।
परन्तु योग्य सरकारी संगठनों द्वारा किसी विकासकर्ता के माध्यम से नहर के ऊपर या नहर के किनारे लगाये जाने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र का कार्यान्वयन टैरिफ आधारित बोली प्रक्रिया द्वारा किया जायेगा । ऐसे मामलों में इन संयंत्रों से ऊर्जा के विक्रय हेतु पीपीए योग्य सरकारी संगठनों के साथ वितरण अनुज्ञापी के साथ हस्ताक्षरित किया जायेगा जिन्हें अपने संसाधनों के इस्तेमाल हेतु एल 1 बोलीदाता द्वारा बोली लगाये गए टैरिफ का 4% मार्जिन प्राप्त होगा। तथापि, टैरिफ और उस पर 4% मार्जिन का जोड़ कमीशनिंग के वर्ष हेतु आयोग द्वारा अवधारित जेनेरिक टैरिफ से अधिक नहीं होना चाहिए ।
परन्तु किसी मध्यस्थ एजेंसी के मामले में, डिस्कॉम हेतु बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली के लागू किये जाने के लिए ट्रेडिंग मार्जिन 5 पैसा प्रति यूनिट होगा। एल-1 टैरिफ और उसमें 5 पैसे का मार्जिन जोड़ कर यह कमीशनिंग के वर्ष हेतु आयोग द्वारा अवधारित जेनेरिक टैरिफ से अधिक नहीं होना चाहिए ।
परन्तु आगे यह कि वितरण अनुज्ञापी द्वारा ऊर्जा के क्रय हेतु किया जाने वाला ऊर्जा क्रय करार किसी भी दशा में विनियमों के अनुसार आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट टैरिफ सीमा से अधिक पर निष्पादित नहीं किया जायेगा।
(4) इन विनियमों के अंतर्गत आने वाले उत्पादन केन्द्रों को एक उत्पादक कंपनी का उत्पादन केंद्र माना जायेगा तथा विद्युत् अधिनियम, 2003 के अधीन ऐसी उत्पादक कंपनी को सौंपे गए सभी कृत्य, दायित्व इन उत्पादक केन्द्रों पर लागू होंगे।
3. मूल विनियम , 2023 के विनियम 3 के उप- विनियम ( 1 ) (iii ) के पश्चात 'बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली' की परिभाषा जोड़नाः
"(iii) (ए) 'बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली' अथवा 'बीईएसएस' से ऐसी प्रणाली अभिप्रेत है जिस के द्वारा इलेक्ट्रोकेमिकल बैटरीज (लेड एसिड, लि-आयन, सॉलिड स्टेट बैटरीज, फ्लो बैटरीज, निकेल - केडमिऍम इत्यादि) विधियों व प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किया जायेगा जो ऐसी सुविधा प्रदान करती हो जिसमें रासायनिक ऊर्जा को स्टोर किया जा सके और जो स्टोर की गई ऊर्जा को विद्युत् के रूप में प्रदान कर सके, जिसमें अनुषांगिक सुविधाएँ (ग्रिड सपोर्ट) सम्मिलित हो किन्तु इस तक सीमित न हो ।" 04
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[भाग 1 -क 4. मूल विनियम, 2023 के विनियम 3 के उप-विनियम (1 ) (xiii ) के पश्चात 'चार्ज रैंप रेट' और 'ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की चक्र दक्षता' ( Cycle Efficiency) की परिभाषा जोड़ना.
" (xxx )(ए) " चार्ज रैंप रेट" से वह तीव्रता अभिप्रेत है जिसमें विद्युत् भण्डारण संसाधन चार्ज की शून्य अवस्था से चार्ज की पूर्ण अवस्था में परिवर्तित होते हैं।
(xxx) (बी) "ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की साइकिल/राउंड ट्रिप दक्षता" से बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की स्वतः डिस्चार्ज हानि का विचार किये बिना एक एकल चक्र में बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की डिस्चार्ज क्षमता और बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली की चार्ज क्षमता के मध्य का अनुपात अभिप्रेत है । "
5. मूल विनियम, 2023 के विनियम 3 के उप - विनियम ( 1 ) ( vi ) अर्थात 'परिभाषाएं' में संशोधनः " (xvi ) " वाणिज्यिक प्रचालन अथवा कमीशनिंग (सीओडी) की तिथि" से एक यूनिट के सन्दर्भ में एक सफल परिक्षण द्वारा अधिकतम सतत रेटिंग प्राप्त कर लेने पर घोषित तिथि, और एक उत्पादन केंद्र के सन्दर्भ में उत्पादन केंद्र की अंतिम यूनिट अथवा ब्लाक के वाणिज्यिक प्रचालन की तिथि अभिप्रेत है तथा 'कमीशनिंग' शब्द का अर्थ तदनुसार लगाया जायेगा।
परन्तु लघु जल संयंत्रों के मामले में कमीशनिंग की तिथि अधिकतम सतत रेटिंग की प्राप्ति नहीं जोड़ी जाएगी लेकिन उत्पादकर्ता को कमीशनिंग के तीन वर्ष के भीतर इसे प्रदर्शित करना होगा।
सौर पीवी संयंत्र की कमीशनिंग की तिथि वह तिथि मानी जाएगी जिस दिन सभी तरह की परियोजना के पूर्ण हो जाने के पश्चात् अनुज्ञापी के ग्रिड में सर्वप्रथम ऊर्जा पहुंचेगी, इससे पहले निम्नलिखित दो पूर्वपेक्षाओं का अनुपालन करना होगा, अर्थात;
(i ) वितरण अनुज्ञापी द्वारा विद्युत् मीटरों का संस्थापन. वितरण अनुज्ञापी सभी तरह से पूर्ण आवेदन प्राप्त होने की तिथि से 7 दिन के भीतर मीटर संस्थापित करेगा ।
(ii ) विद्युत् निरीक्षक द्वारा अनुमति प्रमाणपत्र जारी करना।
परन्तु न्यूनतम 75% कार्य निष्पादन अनुपात जो किलोवाट या मेगावाट में, आकलित संस्थापन क्षमता पर आधारित हो, उपरोक्त दो पूर्वपेक्षाओं के अनुपालन पर अनुज्ञापी के ग्रिड में ऊर्जा के प्रथम अंतःस्थापन की तिथि से दस ( 10) दिनों के भीतर प्रदर्शित किया जाये। इससे सम्बंधित प्रमाणपत्र वितरण अनुज्ञापी द्वारा जारी किया जायेगा।
एक बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली के लिए सीओडी से परीक्षण प्रणाली की सफल कमीशनिंग और कार्य निष्पादन परीक्षण के पश्चात् परियोजना विकासकर्ता अथवा कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा घोषित वह तिथि अभिप्रेत होगी जिस पर बीईएसएस सहमत हुए तकनीकी मानदंडों के अनुसार और निम्नलिखित शर्तों के अधीन संविदाकृत क्षमता प्रदान कर रहा है:
(i ) प्रणाली की सफलता पूर्वक कमीशनिंग कर ली गई है तथा लागू तकनीकी मानकों (जैसे सीईए ग्रिड मानक विनियम, आईईई/आईईसी मानक, या यूटिलिटी विशिष्ट कमीशनिंग शिष्टाचार) के अनुसार परीक्षण कर लिया गया है तथा विद्युत् निरीक्षक द्वारा अनुमति प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है।
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(ii) अंतःस्थापन, ग्रिड सिंक्रोनाईजेशन और मीटरिंग से सम्बंधित सभी संविदाकृत बाध्यताएं पूरी कर ली गई हैं. वितरण अनुज्ञापी सभी तरह से पूर्ण आवेदन की प्राप्ति से 7 दिनों के भीतर मीटर संस्थापित करेगा।
(iii) वितरण अनुज्ञापी द्वारा नियत किये गए तकनीकी विनिर्देशों (जैसे चार्जिंग डिस्चार्जिंग चक्र, रिस्पांस टाइम, इत्यादि) के अनुसार न्यूनतम अवधि हेतु प्रणाली कार्य निष्पादन का प्रदर्शन।
6. मूल विनियम, 2023 के विनियम 3 के उप- विनियम (1 ) (xx ) के पश्चात 'डिस्चार्ज रैंप रेट' की परिभाषा जोड़नाः " (xix ) (ए ) " डिस्चार्ज रैंप रेट" से वह तीव्रता अभिप्रेत है जिसमें विद्युत् भण्डारण संसाधन परंपरागत उत्पादकों की रैंप रेट की भांति शून्य आउटपुट से पूर्ण आउटपुट में परिवर्तित होते हैं।"
7. मूल विनियम, 2023 के विनियम 3 के उप - विनियम (1 ) ( bcv ) (vii ) के पश्चात ' बीईएसएस का उपयोगी जीवन' जोड़नाः
" (viii ) बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली - पांच वर्ष के विस्तार हेतु विकल्प के साथ 12 वर्ष . किन्तु विस्तारित अवधि हेतु टैरिफ मूल टैरिफ का 50% होगा।
तथापि, यदि प्रौद्योगिक व्यवधान/नव परिवर्तन के कारण अथवा किसी अन्य कारण से बीईएसएस के उपयोगी जीवन में परिवर्तन होता है / विस्तारित जीवन काल निर्धारित करने की आवश्यकता होती है तो आयोग इसे निर्धारित कर सकता है ।
8. मूल विनियम, 2023 के विनियम 4 के उप -विनियम 2 (जे ) अर्थात 'गैर परंपरागत / नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत पर आधारित उत्पादन केंद्र के रूप में अर्ह होने के लिए योग्यता मापदंड' के पश्चात उपबंध जोड़नाः
" (के) बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली- यह परियोजना विनियम 3 (1) (ii ) (ए) के अधीन परिभाषित रूप में एक बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली कहलाने के लिए अर्ह होगी। "
9. मूल अधिनियम, 2023 के विनियम 11 "टैरिफ्स" के उप- विनियम (2 ) के प्रथम परंतुक मैं संशोधनः
"परन्तु निम्नलिखित को परियोजना विशिष्ट टैरिफ की मांग का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा:
(i) किसी प्रकार का कोई सौर ऊर्जा संयंत्र;
(ii) पवन ऊर्जा संयंत्र;
(iii ) बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली, और
(iv) 1 मेगावाट तक की संस्थापित क्षमता वाली अन्य आर ई आधारित ऊर्जा परियोजनाएं । "
10. मूल विनियम, 2023 के विनियम 12 अर्थात नियत्रण अवधि अथवा समीक्षा अवधि में संशोधनः
"(1 ) इन विनियमों के अधीन नियंत्रण अवधि अथवा समीक्षा अवधि पांच वर्षों की होगी, जिनमें से प्रथम वर्ष वित्त वर्ष 2023-24 होगा ।
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[भाग 1 -क
परन्तु सौर पी वी, कैनाल बैंक एवं कैनाल टॉप सौर पी वी, सौर तापीय, नगरीय ठोस अपशिष्ट आधारित ऊर्जा परियोजनाएं, उच्छिष्ट से प्राप्त ईंधन आधारित ऊर्जा परियोजनाएं, बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली और ग्रिड इंटरैक्टिव रूफ टॉप और लघु सौर पी वी परियोजनाओं की बेंचमार्क पूंजीगत लागत की आयोग द्वारा वार्षिक रूप से समीक्षा की जाएगी ।
परन्तु आगे यह कि नियंत्रण अवधि के दौरान कमीशंड आरई परियोजनाओं के लिए इन विनियमों के अनुसार अवधारित टैरिफ सम्पूर्ण अवधि के लिए लागू होना जारी रहेगा ।
किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, आयोग जब कभी आवश्यक हो और जिस सीमा तक वह पर्याप्त समझे, केंद्र / राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित नवीकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पृथक बेंचमार्क पूंजीगत लागत और स्तरीकृत टैरिफ भी अवधारित कर सकता है । "
11. मूल विनियम , 2023 के विनियम 18 के उप- विनियम (सी ) अर्थात ' अवक्षय' मैं संशोधनः
" (सी) टैरिफ अवधि के प्रथम 15 वर्ष हेतु अवक्षय दर 4.67% प्रति वर्ष होगी और शेष अवक्षय परियोजना लागत के 10% के रूप में परियोजना का रक्षित संपत्ति मूल्य मानते हुए, 16वें वर्ष से आगे परियोजना के उपयोगी जीवन में विस्तृत होगा ।
परन्तु बैटरी ऊर्जा भण्डारण के उपयोगी जीवन हेतु 7.50% प्रति वर्ष की दर, परियोजना का रक्षित मूल्य परियोजना लागत का 10% मानते हुए ली जाएगी।
12. मूल विनियम, 2023 के विनियम 20 के उप- विनियम (1 ) अर्थात ' कार्यकारी पूँजी पर ब्याज' मैं संशोधनः
"(1) पवन ऊर्जा परियोजनाओं, लघु जल विद्युत्, सौर पीवी, कैनाल बैंक और कैनाल टॉप सौर पीवी, बीइएसएस, सौर ताप और जीआरपीवी/जीएसपीवी ऊर्जा परियोजनाओं के सम्बन्ध में पूंजीगत आवश्यकताओं की संगणना निम्नलिखित के अनुसार की जाएगी।"
13. मूल विनियम, 2023 के विनियम 35 के अधीन सारिणी में संशोधनः
पूँजी लागत
कमीशनिंग के वर्ष हेतु ओ एंड एम व्यय
क्षमता उपयोगिता सौर पीवी संयंत्र प्रकार
कारक
(रु. लाख मेगावाट)
(रु.लाख/मेगावाट)
322.00
कैनाल बैंक सौर पीवी संयंत्र
16.24
19%
343.00
कैनाल टॉप सौर पीवी संयंत्र
14. मूल विनियम, 2023 के विनियम 39 के पश्चात विनियम 39. ए अर्थात "बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली" मापदंड जोड़नाः
"39. ए बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली
1. बैटरी ऊर्जा भण्डारण प्रणाली के लिए जेनेरिक टैरिफ के अवधारण हेतु प्रौद्योगिकी विशिष्ट । मापदंड इन विनियमों की अधिसूचना की तिथि के पश्चात् कमीशंड किये जायेंगे और वे निम्नलिखित रूप में होंगे:
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भाग 1 - क]
अवनति i
एक वर्ष में मानकीय उपलब्धता
पूंजीगत लागत (रु. लाख /MWh )
कमीशनिंग के वर्ष के लिए ओ एंड एम् व्यय
रु.250
95%
टैरिफ अवधि हेतु 2.5 %
प्रथम वर्ष हेतु पूंजीगत लागत का 1.25 % तथा टैरिफ अवधि हेतु 5.72 % प्रति वर्ष की वृद्धि
2. बीईएसएस की वार्षिक उपलब्धता से वर्ष के दौरान सभी समय ब्लॉक्स पर प्रणाली की उपलब्धता अभिप्रेत है जिसमें लाभार्थी को बीईएसएस की चार्जिंग/डिस्चार्मिंग हेतु अनुसूचित शक्ति प्राप्त है जिसका परिकलन निम्नांकित तरीके से किया जायेगाः
एक समय ब्लाक पर उपलब्धता = [ वास्तविक अंतःक्षेपण अथवा ड्रावल MUi (ए) / अनुसूचित अंतःक्षेपण या ड्रावल MUi (बी) ] x 100
i . वर्ष में ith टाइम ब्लाक (15 मिनट) को संदर्भित करता है जहाँ MUi (बी ) # 01
ii . MUi (ए) = अनुज्ञापी अथवा लाभार्थी और बीईएसएसडी के मध्य सहमत प्रेषण अनुसूची जिसे अंततः MUs में ith टाइम ब्लाक में चार्जिंग / डिस्चार्जिंग के लिए एसएलडीसी को भेजा जायेगा।
iii . MUi (बी) = MUs में ith टाइम ब्लाक में चार्जिंग / डिस्चार्जिंग के लिए वितरण अनुज्ञापी अथवा लाभार्थी द्वारा बीईएसएस को उपलब्ध कराई गई अनुसूची।
3. डिस्चार्ज की मानकीय गहराई 85% होगी।
4. प्रति दिन पूर्ण चार्ज और डिस्चार्ज चक्र के लिए अधिमानतः 2 चक्र होंगे।
5. बीईएसएस के लागत और प्रचालक पहलुओं जैसे चार्जिंग ऊर्जा की लागत, अनुसूचीकरण, चार्ज एवं डिस्चार्ज, अवस्थिति इत्यादि के सम्बन्ध में बीईएसएस के अधिकतम उपयोग हेतु वितरण अनुज्ञापी एसएलडीसी के साथ परामर्श कर एक विस्तृत प्रक्रिया तैयार करेगा और इन विनियमों की अधिसूचना की तिथि से 3 माह के भीतर अनुमोदन हेतु इसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेगा । "
15. मूल विनियम, 2023 विनियम 53 , अर्थात 'कठिनाइयाँ दूर करने की शक्ति' के अधीन निम्नलिखित परंतुक जोड़नाः
" परन्तु बीईएसएस परियोजनाओं के लिए, अनुकूलन के उद्देश्य से और इसे लागू करने में । होने वाली किसी विसंगति, कठिनाई को दूर करने के लिए या समय-समय पर जारी सरकारी नीतियों के कारण अथवा उनको प्रभावी करने में या बीईएसएस प्रौद्योगिकियों में कोई प्रौद्योगिक परिवर्तन या इनसे सम्बंधित किन्ही कारणों पर किसी स्पष्टीकरण की आवश्यकता होने पर आयोग आदेश द्वारा इसे उपलब्ध करवा सकता है । " 08
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
16. मूल विनियम , 2023 के परिशिष्ट । की सारिणी-7 अर्थात ' कैनाल बैंक सौर पीवी और कैनाल टॉप सौर पीवी ऊर्जा परियोजनाओं के लिए स्थिर प्रभारों (आरएफसी) की स्तरीकृत दर' में संशोधनः
कैनाल टॉप सौर पीवी ऊर्जा संयंत्र
कैनाल बैंक सौर पीवी
ऊर्जा संयंत्र
विवरण
(रु./kwh )
4.68
4.50
सकल टैरिफ
0.20
0.19
घटा कर: Acc. Dep लाभ
4.48
4.31
शुद्ध टैरिफ
17. द्वितीय संशोधन के अधीन बीईएसएस हेतु तय किये गए वित्तीय/तकनीकी मानकों पर आधारित मूल विनियम, 2023 के परिशिष्ट-1 के अधीन सारिणी 11. " बायोमास रैंरैकाईन साइकिल आधारित परियोजनाओं हेतु रु . / kwh में स्थिर प्रभारों (आरएफसी ) की स्तरीकृत दर " के पश्चात सारिणी का जोड़ना जिसे निम्न लिखित रूप में पढ़ा जायेगाः
बीईएसएस परियोजनाओं के लिए रु./kwh में स्थिर प्रभारों (आरएफसी) की स्तरीकृत दर
बीईएसएस
विवरण
(रु./kwh)
5.78
सकल टैरिफ
0.00
घटा कर: Acc . Dep . लाभ
5.78
शुद्ध टैरिफ
आयोग के आदेश से ,
दीपक पाण्डे,
सचिव (प्रभारी) ।
09
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० ( पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
भाग 1 -क]
न्यायालय नियत प्राधिकारी / अपर जिलाधिकारी (वि० / रा०) जिला- ऊधम सिंह नगर
अधिकतम जोत सीमा आकार पत्र-6
(नियम-14 देखिये)
अधिसूचना
21 नवम्बर , 2025 ई ०
संख्या-1390/ 2025-
सीलिंग वाद संख्या 51/82 वर्ष 1974-75
उत्तर प्रदेश वर्तमान उत्तराखण्ड अधिकतम जोत सीमा आरोपण अधिनियम 1980 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-1 1961 ) की धारा 14 की उपधारा (4 ) के उपबन्धों के अनुसरण में मैं कौस्तुभ मिश्र, नियत प्राधिकारी /अपर जिलाधिकारी (वि ० / रा० ) उधम सिंह नगर एतद्वारा अधिसूचना करता हूँ कि उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 2 , 1975 और उत्तर प्रदेश अधिनियम 20, 1976 के साथ पठित उ० प्र ० अधिनियम संख्या 1. 1961 के उपबन्धों के अधीन निम्नलिखित भूमि अतिरिक्त घोषित की जाती है:-
1-नियत प्राधिकारी के हस्ताक्षर :-
2- तहसील / परगना :-
3-जिला
:-
बाजपुर
उधम सिंह नगर ।
विवरण
मूल खातेदार के खाते से अतिरिक्त घोषित सीलिंग भूमि का
जिला
क० सं०
क्षेत्रफल अभ्युक्ि खाता हाल क्षेत्रफल असिंचित
संख्या खसरा नं०
राजस्व ग्राम
मूल खातेदार का नाम पित्नाम और निवास स्थान
/ परगना तहसील
(है०)/ बीघा
सिंचित त (है०)
09
10
08
07
05 06
03
04 01
02
01
4.0470/ 64 बीघा
6/2
बिचपुरी 17
02
उ ०सिं०न० बाजपुर 6/3
28
बिचपुरी
महेन्द्र कौर बेवा प्रीतम
4.4320/ 70 बीघा 02 बिस्वा
0.0280 / 09 बिस्वा
बिचपुरी 28 9अ
03 04
सिंह, तहसील- बाजपुर
334मि 3.0530/
गुमसानी 77
05
48 बीघा 05 बिस्वा
/4मि 4.0470 /64 बीघा
गुमसानी 93 334
कुल रकवा 15.6070हे ०/ 246 बीघा 16 बिस्वा
कौस्तुभ मिश्र ,
नियत प्राधिकारी /
अपर जिलाधिकारी (वि ० / रा ० ) ,
उधम सिंह नगर ।
10
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
कार्यालय मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
29 अक्टूबर , 2025 ई 0
संख्या-2802 / नि0अनु०-भू०उप० परि० / बी-019 / 2025-आवास विभाग के शासनादेश संख्या 1311 /V- 2 / 21-10 (आ0 ) / 2020 दिनांक 26.7.2021 के क्रम में देहरादून महायोजना -2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित संशोधन करने के सम्बन्ध में आपत्तियों एवं सुझाव प्राप्त किये जाने की दृष्टि से 02 दैनिक समाचार पत्रों राष्ट्रीय सहारा एवं दैनिक भास्कर में दिनांक 13.09.2025 को विज्ञप्ति प्रकाशित करायी गयी थी । आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित 30 दिन की अवधि के भीतर प्रस्तावित भू- उपयोग परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है ।
अतएव , अब उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा 13 (2 ) के अधीन शासनादेश संख्या 1311 /V- 2/ 21-10 ( 0) / 2020 दिनांक 26.7.2021 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए देहरादून महायोजना -2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित निम्नलिखित संशोधन करते हैं:-
खसरा नम्बर
मौजा
क्र०सं०
भूखण्ड का क्षेत्रफल
वर्तमान भू-उपयोग
भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव
आवासीय 01
सार्वजनिक/अर्ध-- सार्वजनिक
4026.85 वर्गमीटर
548 ग एवं 548 ख
मौजा बिधौली, परगना पछवादून, तहसील विकासनगर देहरादून
अधिसूचना
29 अक्टूबर , 2025 ई ०
संख्या-2803 / नि0अनु०-भू०उप० परि० / बी-021 / 2025 - आवास विभाग के शासनादेश संख्या 1311 /V-2 /21-10 (आ0) / 2020 दिनांक 26.7.2021 के क्रम में देहरादून महायोजना-2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित संशोधन करने के सम्बन्ध में आपत्तियाँ एवं सुझाव प्राप्त किये जाने की दृष्टि से 02 दैनिक समाचार पत्रों अमर उजाला में दिनांक 07.08.2025 एवं दैनिक जागरण में दिनांक 23.09.2025 को विज्ञप्ति प्रकाशित करायी गयी थी । आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित 30 दिन की अवधि के भीतर प्रस्तावित भू- उपयोग परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है ।
अतएव , अब उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 संशोधन ) अधिनियम 2013 की धारा 13 (2) के अधीन शासनादेश संख्या 1311 / V- 2 / 21-10 (आ0) / 2020 दिनांक 26.7.2021 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए देहरादून महायोजना -2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित निम्नलिखित संशोधन करते हैं:-
क्र०स०
मौजा
खसरा नम्बर
भूखण्ड का क्षेत्रफल
वर्तमान भू - उपयोग
भू- उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव
01
आवासीय
कृषि
5408 वर्गमीटर
1066, 1068क एवं
1069क
मौजा गल्जवाड़ी परगना पछवादून तहसील देहरादून ।
भाग 1 -क]
11
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी, 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
अधिसूचना
29 अक्टूबर , 2025 ई 0
संख्या-2804 / नि0अनु ०-भू० उप ०परि० / बी-022 / 2025- आवास विभाग के शासनादेश संख्या 1311 / V- 2/21-10 (आ0) / 2020 दिनांक 26.7.2021 के क्रम में देहरादून महायोजना-2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित संशोधन करने के सम्बन्ध में आपत्तियों एवं सुझाव प्राप्त किये जाने की दृष्टि से 02 दैनिक समाचार पत्रों अमर उजाला में दिनांक 07.08.2025 एवं दैनिक जागरण में दिनांक 23.09.2025 को विज्ञप्ति प्रकाशित करायी गयी थी । आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत करने हेतु निर्धारित 30 दिन की अवधि के भीतर प्रस्तावित भू- उपयोग परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है ।
अतएव , अब उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा 13 (2) के अधीन शासनादेश संख्या 1311 / V- 2 / 21-10 (आ0) / 2020 दिनांक 26.7.2021 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए देहरादून महायोजना -2025 में नीचे दी गयी अनुसूची में यथावर्णित निम्नलिखित संशोधन करते हैं:-
भौजा
खसरा नम्बर
क्र० सं०
01 मौजा गल्जवाड़ी परगना पछवादून तहसील देहरादून ।
वर्तमान भू- उपयोग
भूखण्ड का क्षेत्रफल
भू- उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव
आवासीय
कृषि
8049 वर्गमीटर
1062घ (ओल्ड खसरा नं0 627 मि०) , 1064 (ओल्ड खसरा नं0 627 मि०) , 1065 ( ओल्ड खसरा नं0 627 मि०) , 1067 क (ओल्ड खसरा नं0 629 मि०) , 1068ग (ओल्ड खसरा नं0 631 )
बंशीधर तिवारी , उपाध्यक्ष ।
पी० एस ०यू० (आर०ई० ) 01 हिन्दी गजट / 01 - भाग 1 - क-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
NOTICE
NO LEGAL RESPONSIBILITY IS ACCEPTED FOR THE PUBLICATION OF ADVERTISEMENTS / PUBLIC NOTICES IN THIS PART OF THE GAZETTE OF UTTARAKHAND . PERSONS NOTIFYING THE SOLELY, ADVERTISEMENTS / PUBLIC NOTICES WILL REMAIN RESPONSIBLE FOR THE LEGAL CONSEQUENCES AND ALSO FOR ANY OTHER MISREPRESENTATION ETC.
BY ORDER Additional Director
I am Pankaj krishan Hiteshi , in my high school roll number 0111360 and internmediate roll number 083165, my mother name is Rajani Hiteshi and father name is Narendra Hiteshi . Where as my mother correct name is Rajni which is recorded in her Aadhar card number 576950538841 and my father correct name is Narendra Sharma which is recorded in his Aadhar card number 333242938496. In future my parents should be known and called by their correct names .
गई हैं । समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली
Pankaj Krishan Hiteshi
S/o Narendra Sharma
resident of Pepal Dhar Almora Uttarakhand
01 -ट 02
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरे पति स्व. प्रेम सिह के अभिलेखों में त्रुटिवश मेरा नाम कमला देवी दर्ज हो गया है । मेरा वास्तविक नाम आनन्दी देवी है , जो कि मेरे आधार कार्ड संख्या 939102937146 व उत्तरजीवी प्रमाणपत्र UK25ES0700027274 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे आनन्दी देवी पत्नी स्व. प्रेम सिंह के नाम से जाना - पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
आनन्दी देवी पत्नी स्व. प्रेम सिंह निवासी ग्राम स्यालकंडी (धूरा -धनाई) , कोटद्वार , गढ़वाल
सूचना
मेरेआधार कार्ड नं0 760986024264 में मेरा नाम अनामिका (Anamika ) दर्ज है । लेकिन अब निजी कारणों से मैंने अपना नाम अनामिका (Anamika ) से बदलकर याशिका ध्यानी ( Yashika Dhyani ) कर लिया है । जो मेरे जन्म प्रमाण- पत्र पंजी सं० 20080505892 व कक्षा 8 की अंकतालिका रोल नं0 38 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे याशिका ध्यानी (Yashika Dhyani ) D / O Amit Dhyani के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
याशिका ध्यानी (Yashika Dhyani ) D/OAmitDhyani निवासी डांडा लाखौन , सहस्त्रधारा रोड , आई टी पार्क , रायपुर , रायपुर , देहरादून, उत्तराखंड ।
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं . 540716523420 में त्रुटिवश मेरा नाम बिमलौती देवी ( BIMLAUTI DEVI ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम बिमलावती देवी ( BIMLAWATI DEVI ) है । जो मेरे जन्म प्रमाण- पत्र पंजी सं० B20251062149000025 व पासपोर्ट में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे बिमलावती देवी ( BIMLAWATI DEVI ) पत्नी श्री जगदीश ठाकुर के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
बिमलावती देवी ( BIMLAWATI DEVI ) पत्नी श्री जगदीश ठाकुर निवासी ए /12 शिवाजी कॉलोनी विलेज ढंडेरा पो ० मिलाप नगर रुड़की हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
03 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं0-3710 6251 8892 में मेरा नाम SON DEVI दर्ज है जो कि गलत हैं एवं फोटो पहचान पत्र नं ० IJV0367979 में भी त्रुटिवश मेरा नाम SOHANI DEEE दर्ज हो रखा है जो कि यह भी गलत है जबकि मेरा वास्तविक नाम SOHANI DEVI है । जो मेरे स्थाई निवास प्रमाण पत्र प्रमाण पत्र संख्या UK - 25E50100441277 दिनांक 25.08.2025 में एवं पति के भारतीय सैन्य सेवा से निवृत्त सेवानिवृत्त बुक (DISCHARGE BOOK) नं0 149 दिनांक 30.06.1995 में भी दर्ज है व सही है । भविष्य में मुझे सही नाम SOHANI DEVI से जाना पहचाना व पुकारा जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Sohani Devi W/ o Late Dharam Singh
निवासी 03 ग्राम व पो ० ओ ० श्रीकोट, जौनपुर, जिला टिहरी गढ़वाल , उत्तराखण्ड-249186
सूचना
मेरे , आधार कार्ड नं0 401876010706 में त्रुटिवश मेरा नाम पैमिदा ( Paimida) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम फेमिदा खातून (Femida Khatoon) है । जो मेरे पहचान पत्र सं ० WWZ0729269 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे ( Famida Khatoon ) पत्नी शरीफ अहमद के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
(Famida Khatoon) पत्नी शरीफ अहमद निवासी- म० नं 0 110/5 , चन्दर नगर देहरादून , उत्तराखण्ड ।
सूचना
मैं बीनू थापा पत्नी स्व० करन बहादुर थापा निवासी म०नं० 18, श्यामपुर , अम्बीवाला , जिला देहरादून । मेरे पति के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पेंशनर पी० पी० ओ ० सं ० UK/DDN /0599 के कागजात में मेरा नाम त्रुटिवश बिशनू गलत दर्ज है , जबकि मेरा सही नाम बीनू थापा है , जो मेरे आधार कार्ड नं ० 652094163792 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे बीनू थापा पत्नी स्व ० करन बहादुर थापा के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
बीनू थापा पत्नी स्व० करन बहादुर थापा निवासी म० नं ० 18 , श्यामपुर , अम्बीवाला, जिला देहरादून ।
04
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई ० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरा आधार कार्ड नं0- 524277191376 में त्रुटिवश मेरा घरेलू नाम जय सिंह ( JAY SINGH ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम सब्बल सिंह ( SABBAL SINGH ) है । जो कि मेरे कक्षा-5 के लीविंग सर्टीफिकेट क्र 0 सं 0 05 व पहचान पत्र सं० TMD0730242 एवं भूमि अभिलेख खसरा खतौनी में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे सब्बल सिंह ( SABBAL SINGH ) पुत्र श्री कृति सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए । निवासी- 33 ग्राम - कोट, पो ०ओ०- भटगांव, तहसील - बालगंगा , जिला- टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
सब्बल सिंह ( SABBAL SINGH ) पुत्र श्री कृति सिंह निवासी- 33 ग्राम- कोट, पो ० ओ०- भटगांव, तहसील- बालगंगा, जिला- टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरी पुत्री के आधार कार्ड नं.- 322990019491 में त्रुटिवश उसका नाम धुर्विका गर्ग (Dhurvika Garg ) दर्ज हो गया है , जोकि गलत है । जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम धुर्वी गर्ग (Dhruvi Garg ) है । जोकि उसके जन्म प्रमाण- पत्र पंजीकरण सं . B - 2020 : 5-90028-000958 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को धुर्वी गर्ग (Dhruvi Garg ) पुत्री अमित गर्ग के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
अमित गर्ग
निवासी- प्रेम विहार कॉलोनी, ऋषिकेश , श्यामपुर, एस न टेंपल , देहरादून, उत्तराखण्ड ।
सूचना
मैंने निजी कारणों से अपना नाम कान्ती से बदलकर किरन देवी सिलवाल कर लिया है जो कि मेरे आधार कार्ड नं . 208 19924 7704 व पैन कार्ड नं . AMBPD2488C में भी दर्ज है भविष्य में मुझे किरन देवी सिलवाल पत्नी श्री रविन्द्र सिंह सिलवाल के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
कान्ती ( मौजूदा पुराना नाम) पत्नी श्री रविन्द्र सिंह सिलवाल निवासी संकरो चौराश टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड 05 भाग ४]
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी, 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं. 787727517994 में उसका नाम RUDRA TARIYAL दर्ज है । लेकिन मैंने निजी कारणों से अपने पुत्र का नाम RUDRA TARIYAL से बदलकर रूद्रांश सिंह तारियाल (RUDRANSH SINGH TARIYAL ) कर लिया है जो उसके जन्म प्रमाण - पत्र पंजीकरण सं. B 202405901700013184 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को रूद्रांश सिंह तारियाल (RUDRANSH SINGH TARIYAL ) पुत्र किरण पत्नी श्री सुरेश सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
किरण पत्नी श्री सुरेश सिंह निवासी - शिव शक्ति मंदिर विष्णु माया तुन्तोवाला मेहुवाला देहरादून उत्तराखण्ड ।
सूचना
मैं पूजा गिरी पत्नी हिमांशु गिरी मैंने अपने पुत्र का नाम रिद्धिश गिरी से बदलकर राघव गिरी रख लिया है अब मेरे पुत्र को राघव गिरी के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाये ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
पूजा गिरी पत्नी हिमांशु गिरी गोसाई गली नई बस्ती भीमगाड़ा हरिद्वार
सूचना
RELIANCE INDUSTRIES LIMITED SHARE CERTIFICATE REGISTER FILIO ΝΟ . 102388022 AND CERTIFICATE NO . 66502141 में त्रुटिवश मेरा नाम ASHA RUNDON दर्ज हो गया है । जोकि गलत है । जबकि मेरा वास्तविक नाम ASHARANI हैं । भविष्य में मुझे ASHARANI W / O late Shri YOGRAJ SINGH के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
ASHA RANI W/ O late Shri YOGRAJ SINGH निवासी-03 , चीनी गोदाम रोड़ , गुमानीवाला देहरादून उत्तराखण्ड ।
06
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
सूचना
My name in the educational records of my daughter Bhavna Dobliyal , my name Manjula Dobliyal and her father's name Rakesh Dobilyal have been wrongly recorded . While my correct name is Manjula Devi and her father's correct name is Rakesh Singh .
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Manjula Devi W/ o Rakesh Singh
R/ O Shanti Nagar, Rishikesh
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं0-2970 0560 9996 में त्रुटिवश मेरा नाम GOKUL SINGH S /O RAM SINGH गलत दर्ज हो रखा है जबकि मेरा वास्तविक नाम GOKAL SINGH S / O RAM SINGH जो कि मेरे हाईस्कूल अंक प्रमाण पत्र अनुक्रमांक 0439140 एवं इण्टरमीडिएट अनुक्रमांक नं0-0221026 एवं फोटो पहचान पत्र क्रमांक ABN0322792 में भी दर्ज है व सही है भविष्य में मुझे GOKAL SINGH S / O RAM SINGH के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाय ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
GOKAL SINGH S / O RAM SINGH
निवासी- विलेज डांगी, डंगी , रूद्रप्रयाग , उत्तराखंड ।
सूचना
मेरी पुत्री के आधार कार्ड नंबर 808174089722 में त्रुटिवश उसका घरेलू नाम चन्नी दर्ज हो गया है, जोकि गलत है , जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम देविका ( DEVIKA ) है , जो कि उसके जन्म प्रमाण पत्र संख्या 42 में भी दर्ज है , भविष्य में मेरी पुत्री को देविका ( DEVIKA) पुत्री सोनू कुमार के नाम से जाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
सोनू कुमार पुत्र अतर सिंह निवासी सीधडु , तहसील लक्सर , हरिद्वार 07 भाग 8 ]
उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13, 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं 0 474730410240 में त्रुटिवश उसका घरेलू नाम प्रिन्स ( PRINCE ) दर्ज हो गया है जबकि मेरे पुत्र का वास्तविक नाम पुनीत साहू ( PUNIT SAHU) है जोकि उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट जिसका अनुक्रमांक सं0 25001260 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को पुनीत साहू (PUNIT SAHU ) पुत्र सोनू के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
सोनू
नि० मो . तेलीयान , ज्वालापुर, हरिद्वार उत्तराखण्ड
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं. 469354722843 में त्रुटिवश मेरा नाम जमुना देवी ( Jamuna Devi ) दर्ज हो गया है , जो कि गलत है । जबकि मेरा वास्तविक नाम जमना देवी ( Jamna Devi ) है । जोकि मेरे जन्म प्रमाण - पत्र पंजीकरण सं . B20250501574000006 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे जमना देवी ( Jamna Devi) पत्नी स्व. मोर सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
जमना देवी ( Jamna Devi ) पत्नी स्व. मोर सिंह निवासी- हदियाना मल्ला, टिहरी गढ़वाल , हदियानाखोली, उत्तराखण्ड |
सूचना
मेरी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान कोर्स सिनियर सेकेन्ड्री के नामांकन संख्या 340250233502 में मेरा नाम नितिन सिंह राणा गलत दर्ज है , जबकि मेरा सही नाम नितिन राणा है । भविष्य में मुझे इसी नाम से जाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
नितिन राणा पुत्र दीपक सिंह राणा गली नंबर 10 , श्यामपुर, सत्यनारायण मन्दिर, ऋषिकेश ।
08
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 03 जनवरी , 2026 ई० (पौष 13 , 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं. 657577659489 में त्रुटिवश उसका नाम आदी कुमार गलत दर्ज है जबकि मेरे पुत्र का वास्तविक नाम Aditya Chaudhary है । जो उसके स्थाई निवास प्रमाण पत्र सं . में UK25ES0100104137 व जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण सं . B202405078010000025 में भी दर्ज है भविष्य में मेरे पुत्र को Aditya Chaudhary S/o Arvind Kumar के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Arvind Kumar
निवासी- सिकंदरपुर मवाल हरिद्वार गुरुकुल नारसन उत्तराखंड
सूचना
मेरे आन्ध्रा बैंक अकाउन्ट नं. 122610100026652 में त्रुटिवश मेरा घरेलू नाम Master Krishna Singh गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम अंशुमन सिंह Anshuman Singh है । जो मेरे आधार कार्ड नं. 202796796465 व हाईस्कूल अनुक्रमांक 25119728 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे अंशुमन सिंह (Anshuman Singh ) पुत्र श्री राकेश कुमार सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
अंशुमन सिंह ( Anshuman Singh ) पुत्र श्री राकेश कुमार सिंह निवासी- ए 51 , अरिहन्त विहार हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
सूचना
पुत्री ANSHIKA PRASHAR की हाईस्कूल अंकतालिका अनुक्रमांक 25114758 वर्ष 2021 में माता का नाम त्रुटिवश ANAMIKA PRASHAR दर्ज हो गया है । जबकि माता का सही नाम ANAMIKA है । पुत्री के शैक्षिक अभिलेखों में माता का सही नाम दर्ज किया जाना न्यायोचित होगा ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
अनामिका पत्नी कुलदीप कुमार निवासी तेलपुर, विकासनगर, देहरादून
पी० एस ० यू० (आर० ई ० ) 01 हिन्दी गजट / 01 -भाग 8-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।