पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN/ 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
खण्ड-27] रुड़की , शनिवार, दिनांक 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्) [ संख्या-08
विषय - सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग -अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु०
3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1500
115-118
भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500 भाग 1 -क-नियम, कार्य -विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
39-47
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र , नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6 -बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7- इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
65-91
स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
115-क 116
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
भाग 1
विज्ञप्ति- अवकाश, नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
न्याय अनुभाग -1
अधिसूचना / नियुक्ति
11 फरवरी , 2026 ई ०
संख्या-04 / नो ०ई ० / XXXVI -A - 1 /2026-06 नो 0 ई0 / 2010-श्री राज्यपाल, नोटरी अधिनियम , 1952 (अधिनियम संख्या-53 , सन् 1952) की धारा-3 के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री आशीष भण्डारी, अधिवक्ता को दिनांक 11-02-2026 से अग्रेत्तर पांच वर्ष की अवधि के लिये जिला टिहरी गढ़वाल की तहसील नरेन्द्र नगर में नोटरी नियुक्त करते हैं और नोटरीज रूल्स 1956 के नियम -8 के उपनियम (4 ) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके यह भी निदेश देते है कि श्री आशीष भण्डारी का नाम उक्त अधिनियम की धारा -4 के अधीन रखे गये नोटरी पंजिका में प्रविष्ट किया जाय ।
आज्ञा से ,
अमित कुमार सिरोही, प्रमुख सचिव , न्याय एवं विधि परामर्शी ।
In pursuance of the provisions of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution , the Governor is pleased to order the publication of following English Translation of Notification No. 04 / No - E /XXXVI - A - 1/ 2026-06 No. - E/2010 Dated- February 11 , 2026.
Notification/Appointment
February 11 , 2026
No. 04/ No - E / XXXVI - A - 1 / 2026-06 No. - E / 2010 --In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Notaries Act , 1952 ( Act No- 53 of 1952 ) , the Governor is pleased to appoint Mr. Ashish Bhandari , Advocate as Notary for a period of five years with effect from 11-02-2026 for Tahsil Narendra Nagar of District Tehri Garhwal and in exercise of the powers conferred by sub - rule (4) of rule 8 of Notaries Rules , 1956 also directs that the name of Mr. Ashish Bhandari be entered in the register of Notaries maintained under Section 4 of the said Act.
ByOrder, AMIT KUMAR SIROHI , Principal Secretary, Law - cum- L.R.
भाग 1 ]
117 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
गृह अनुभाग -1
कार्यालय आदेश
09 फरवरी , 2026 ई ०
संख्या-1 / 368765 / 2026 / XX -1-2026- ई- 97550- पुलिस विभागान्तर्गत पुलिस मुख्यालय संवर्ग में " पुलिस उपाधीक्षक (एम) / कार्यालय अधीक्षक के रिक्त पदों पर पदोन्नति हेतु " उत्तर प्रदेश उप अधीक्षक (लिपिक संवर्ग ) सेवा नियमावली , 1993 " (उत्तराखण्ड राज्य में यथाप्रवृत्त ) के संगत प्राविधानों के अनुसार गठित चयन समिति की बैठक दिनांक 29.01.2026 में चयन समिति द्वारा दी गयी संस्तुतियों के आधार पर निम्नलिखित निरीक्षक (एम) / अनुभाग अधिकारियों को " पुलिस उपाधीक्षक (एम ) / कार्यालय अधीक्षक (वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 ) के पदों पर पदोन्नति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
1- श्री चन्दन सिंह ,
2- श्री जीवन सिंह बिष्ट ।
2. उक्तानुसार पदोन्नति के फलस्वरूप पदोन्नत अधिकारियों को "पुलिस उपाधीक्षक (एम) / कार्यालय अधीक्षक के पद पर उनकी मौलिक नियुक्ति की तिथि से " उत्तर प्रदेश उप अधीक्षक (लिपिक संवर्ग ) सेवा नियमावली , 1993 " के नियम 10 के अन्तर्गत यथास्थिति 01 वर्ष की परिवीक्षा पर रखा जायेगा ।
उक्तवत पदोन्नति , मा० उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में योजित रिट पिटीशन संख्या 1022/2020 (एस / एस) रविन्द्र सिंह व अन्य बनाम राज्य व अन्य में पारित होने वाले अन्तिम आदेश के अधीन रहेगी ।
आज्ञा से ,
शैलेश बगौली, सचिव ।
राजस्व अनुभाग -03
अधिसूचना
10 फरवरी , 2026 ई ०
संख्या-83 / XVIII (3 )/ 2026-03 ( 09 ) 2025- राज्यपाल , उत्तर प्रदेश भू- राजस्व अधिनियम , 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3, वर्ष 1901 ) (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त ) की धारा -48 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये यह घोषणा करते हैं कि शासन की अधिसूचना सं0-661 / XVIII (3 ) / 2025-03 (09) / 2025 दिनांक 04 सितम्बर , 2025 द्वारा नीचे अनुसूची में उल्लिखित ग्राम को सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाओं के अधीन रखा गया था , में सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियायें इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की दिनांक से बन्द हो जायेगी ।
118
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
अनुसूची
जनपद
तहसील
परगना
गांव का नाम
1
3
2
4
छः खाता
नैनीताल
नैनीताल
पटवाडांगर
आज्ञा से, डॉ० सुरेन्द्र नारायण पाण्डे , सचिव, राजस्व ।
In pursuance of the provision of Clause ( 3 ) of the Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English Translation of Notification No. 83 / XVIII ( 3 ) /2026-03 ( 09 ) 2025 Dated- February 10 , 2026 for general information.
NOTIFICATION
February 10 , 2026
No. 83 / XVIII ( 3)/ 2026-03 ( 09) 2025 -- In exercise of the powers conferred by Section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act , 1901 ( U.P. Act No. 3 of 1901 ) , (as applicable to the State of Uttarakhand) , the Governor declare that the Survey and Record Operation in the village mentioned in the Schedule below which were kept under Survey and Record Operation vide Govt . Notification No. 661 /XVIII ( 3 ) 2025-3 ( 9) 2025 Dated 04 September, 2025 shall be closed with effect from the date of publication of this notification in the official Gazette: -
Schedule
District
Tehsil
Name of Village
Pargana
1
4
3
Nainital
2 Nainital
Chha khata
Patwadangar
ByOrder,
DR . SURENDRA NARAYAN PANDEY, Secretary, Revenue
पी० एस ० यू० (आर० ई० ) 08 हिन्दी गजट / 36- भाग 1-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 21 फरवरी, 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम , कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND AT NAINITAL
NOTIFICATION
July08, 2025
No. 151/ UHC / Admin.A- 2 / 2025
Shri Sundeep Kumar, Civil Judge (Sr. Div . ) , Haridwar is posted as Chief Judicial Magistrate , Haridwar , vice Shri Avinash Kumar Srivastava .
No. 152 / UHC / Admin.A - 2 /2025
Ms. Gunjan Singh , Chief Judicial Magistrate , Bageshwar is transferred and posted asCivil Judge ( Sr. Div . ) , Udham Singh Nagar , vice Shri Hemant Singh .
No. 153 / UHC/ Admin.A- 2 /2025
Shri Jayendra Singh , Secretary, District Legal Services Authority , Bageshwar is repatriated , transferred and posted as Chief Judicial Magistrate , Udham Singh Nagar , viceMs. Anita Gunjiyal .
39-ख 40
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
No. 154 / UHC / Admin.A- 2/ 2025
Shri Hemant Singh , Civil Judge (Sr. Div. ) , Udham Singh Nagar is posted as 1st Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Udham Singh Nagar, vice Ms. Indu Sharma .
No. 155/ UHC , Admin.A- 2/ 2025
Ms. Jyoti Bala , Civil Judge (Sr. Div. ) , Haldwani , District Nainital is transferred and posted as Chief Judicial Magistrate , Pauri Garhwal , vice Shri Laxman Singh .
i
No. 156 / UHC / Admin.A - 2/ 2025
Ms. Rinky Sahni , 1st Additional Civil Judge. (Sr. Div. ) , Dehradun is posted as Chief Judicial Magistrate , Dehradun , vice Shri Sayed Gufran .
No. 157 / UHC/ Admin.A - 2 / 2025
Shri Shahazad Ahmad Wahid , 1st Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Haridwar is transferred and posted as Civil Judge ( Sr. Div . ) , Pauri Garhwal , vice Ms. Neha Qayyum .
No. 158/UHC/ Admin.A- 2/ 2025
Shri Mohammad Yaqoob , Civil Judge ( Sr. Div . ) , Tehri Garhwal is posted as Chief Judicial Magistrate , Tehri Garhwal , vice Shri Mithilesh Pandey.
No. 159 /UHC/ Admin.A- 2/ 2025
Ms. Chhavi Bansal , Chief Judicial Magistrate , Chamoli is transferred and posted as Civil Judge ( Sr. Div . ) , Haridwar , vice Shri Sundeep Kumar .
No. 160 / UHC/Admin.A- 2/ 2025
Ms. Vibha Yadav , 2nd Additional Civil Judge ( Sr. Div . ) , Haridwar is posted as 1st Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Haridwar , vice Shri Shahazad Ahmad Wahid.
No. 161/ UHC / Admin.A - 2/2025
Shri Sayed Gufran , Chief Judicial Magistrate , Dehradun is posted as Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun , vice Shri Rahul Kumar Srivastava .
No. 162 / UHC /Admin.A- 2 /2025
Ms. Indu Sharma , 1st Additional Civil Judge ( Sr. Div . ) , Udham Singh Nagar is posted as 3rd Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Udham Singh Nagar , vice Ms. Nazish Kaleem.
No. 163 / UHC /Admin.A - 2/ 2025
Shri Sandip Kumar Tiwari , Principal Magistrate , Juvenile Justice Board , Dehradun is transferred and posted as Chief Judicial Magistrate , Bageshwar , vice Ms. Gunjan Singh.
भाग 1 -क]
41 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्) No. 164 / UHC/ Admin.A- 2 / 2025
Ms. Sweta Pandey , 2nd Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Udham Singh Nagar is transferred and posted as Principal Magistrate , Juvenile Justice Board , Dehradun , vice Shri Sandip Kumar Tiwari .
No. 165/ UHC/ Admin.A - 2/ 2025
Ms. Shweta Rana Chauhan , Secretary , District Legal Services Authority , Uttarkashi is repatriated , transferred and posted as 1st Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun , vice Ms. Rinky Sahni .
No. 166 / UHC/ Admin.A- 2 / 2025
Shri Avinash Kumar Srivastava , Chief Judicial Magistrate , Haridwar is posted as Additional Chief Judicial Magistrate , Haridwar, vice Shri Imran Mohammand Khan .
No. 167/ UHC/Admin.A - 2/2025
Ms. Tricha Rawat , Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Roorkee , District Haridwar is transferred and posted as Civil Judge ( Sr. Div . ) , Khatima , District Udham Singh Nagar, vice Ms. Durga .
No. 168/ UHC / Admin.A- 2/ 2025
Ms. Neha Qayyum , Civil Judge (Sr. Div .) , Pauri Garhwal is transferred and posted as 2nd Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun , vice Ms. Anita Kumari .
No. 169 / UHC/ Admin.A - 2 / 2025
Shri Akram Ali , Secretary , District Legal Services Authority , Pauri Garhwal is repatriated , trarısferred and posted as 3rd Additional Civil Judge ( Sr. Div . ) , Dehradun , vice Shri Amit Kumar .
No. 170/ UHC / Admin.A - 2/ 2025
Shri Neeraj Kumar, Civil Judge ( Sr. Div . ) , Bageshwar is transferred and posted as 4th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Udham Singh Nagar , vice Shri Nadeem Ahamad .
No. 171 / UHC/ Admin.A- 2 / 2025
Shri Akhilesh Kumar Pandey , Additional Chief Judicial Magistrate , Haldwani , District Nainital is transferred and posted as 4th Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun , vice Ms. Mamta Pant .
No. 172/ UHC/ Admin.A - 2/ 2025
Shri Imran Mohammad Khan , Additional Chief Judicial Magistrate , Haridwar is: transferred and posted as Additional Chief Judicial Magistrate ( Railways ) , Haldwani District Nainital , vice Shri Dhirendra Bhatt .
42
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई0 (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
No. 173 / UHC / Admin.A - 2 /2025
Shri Sachin Kumar Pathak , Civil Judge (Sr. Div . ) , Karnprayag , District Chamoli is transferred and posted as Chief Judicial Magistrate , Chamoli , vice Ms. Chhavi Bansal .
No. 174 / UHC/ Admin.A-2/2025
Ms. Durga , Civil Judge ( Sr. Div . ) , Khatima , District Udham Singh Nagar is transferred and posted as 2nd Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Haridwar, vice Ms. Vibha Yadav.
No. 1.75 / UHC / Admin.A- 2 / 2025
Ms. Afiya Mateen , Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Tehri Garhwal is posted as Civil Judge (Sr. Div . ) , Tehri Garhwal , vice Shri Mohammad Yaqoob .
No. 176/ UHC / Admin.A- 2 /2025
Shri Amit Kumar , 3rd Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun is posted as 5th Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun , vice Ms. Anamika Singh .
No. 177 / UHC / Admin.A - 2 /2025
Shri Mithilesh Pandey , Chief Judicial Magistrate , Tehri Garhwal is posted as Additional Civil Judge ( Sr. Div . ) , Tehri Garhwal , vice Ms. Afiya Mateen .
No. 178 / UHC/Admin.A- 2/ 2025
Shri Ravi Ranjan , Secretary , District Legal Services Authority , Rudraprayag is repatriated , transferred and posted as Additional Chief Judicial Magistrate , Haldwani , District Nainital , vice Shri Akhilesh Kumar Pandey .
No. 179 / UHC /Admin.A- 2 / 2025
Shri Kapil Kumar Tyagi , 3rd Additional Chief Judicial Magistrate , Dehradun is transferred and posted as Additional Chief Judicial Magistrate , Roorkee , District Haridwar , vice Ms. Bushra Kamal .
No. 180 / UHC/ Admin.A- 2 /2025
Ms. Mamta Pant , 4th Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun is posted as 6th Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun , vice Shri Dharmendra Shah .
No. 181 / UHC/Admin.A- 2 / 2025
Ms. Anamika Singh , 5th Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun is posted as 7th Additional Civil Judge ( Sr. Div . ) , Dehradun , vice Shri Sachin Kumar .
No. 182 / UHC/ Admin.A - 2 / 2025
Shri Nadeem Ahamad , 4th Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Udham Singh Nagar is transferred and posted as Civil Judge (Sr. Div . ) , Karnprayag , District Chamoli , vice Shri Sachin Kumar Pathak .
भाग 1 -क]
43 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
No. 183/ UHC/ Admin.A- 2 /2025
Shri Dharmendra Shah , 6th Additional Civil Judge ( Sr. Div . ) , Dehradun is transferred and posted as Civil Judge (Sr. Div . ) , Kashipur , District Udham Singh Nagar , vice Ms. Payal Singh .
1 No. 184/ UHC/ Admin.A- 2 / 2025
Ms. Sahista Bano , 4th Additional Chief Judicial Magistrate , Dehradun is posted as 3rd Additional Chief Judicial Magistrate , Dehradun , vice Shri Kapil Kumar Tyagi .
No. 185/ UHC/ Admin.A- 2/2025
Ms. Bushra Kamal , Additional Chief Judicial Magistrate , Roorkee , District Haridwar is transferred and posted as Civil Judge ( Sr. Div. ) , Haldwani , District Nainital , vice Ms. Jyoti Bala .
Note:
(A) Recommendation of the name of Ms. Anita Kumari , 2nd Additional Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun is being sent to the Uttarakhand State Legal Services Authority ( SLSA) , Nainital for her posting as Secretary , District Legal Services Authority , Bageshwar, vice Shri Jayendra Singh .
(B) Recommendation of the name of Ms. Payal Singh , Civil Judge ( Sr. Div . ) , Kashipur , District Udham Singh Nagar is being sent to the Uttarakhand State Legal Services Authority (SLSA) , Nainital for her posting as Secretary , District Legal Services Authority , Rudraprayag , vice Shri Ravi Ranjan .
(C) Recommendation of the name of Ms. Nazish Kaleem , 3rd Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Udham Singh Nagar is being sent to the Uttarakhand State Legal Services Authority ( SLSA ) , Nainital for her posting as Secretary , District Legal Services Authority , Pauri Garhwal , vice Shri Akram Ali .
(D) Recommendation of the name of Shri Sachin Kumar , 7th Additional Civil Judge (Sr. Div. ) , Dehradun is being sent to the Uttarakhand State Legal Services Authority (SLSA ) , Nainital for his posting as Secretary , District Legal Services Authority , Uttarkashi , vice Ms. Shweta Rana Chauhan .
All above orders shall come into force w.e.f. 1.5.07.2025 44
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
No. 186 / UHC /Admin.A- 2/2025
Ms. Parul Thapliyal , Judicial Magistrate , Rudraprayag is transferred and posted as Judicial Magistrate - I , Haldwani , District Nainital , vice Shri Mohit Mahesh .
No. 187 / UHC / Admin.A- 2/2025
Ms. Poonam Todi , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Pithoragarh is transferred and posted as Civil Judge (Jr. Div . ) , Kashipur , District Udham Singh Nagar , vice Ms. Karishma Dangwal .
No. 188 / UHC /Admin.A- 2/ 2025
Ms. Urvashi Rawat , Assistant Director , Uttarakhand Judicial & Legal Academy, Bhowali , District Nainital is transferred and posted as Civil Judge ( Jr. Div . ) , Nainital , vice Ms. Tanuja Kashyap .
No. 189/ UHC/Admin.A- 2/2025
Shri Shalender Kumar Yadav , Civil Judge (Jr. Div . ) , Kirtinagar , District Tehri Garhwal is transferred and posted as Judicial Magistrate - II , Haridwar , vice Shri Shiv Singh .
No. 190/ UHC / Admin.A- 2/ 2025
Ms. Chairab Batra , Judicial Magistrate , Uttarkashi is transferred and posted as Judicial Magistrate - II , Roorkee , District Haridwar, vice Ms. Udisha Singh .
No. 191 / UHC/ Admin.A - 2/ 2025
Ms. Karishma Dangwal , Civil Judge (Jr. Div . ) , Kashipur , District Udham Singh Nagar is transferred and posted as Judicial Magistrate , Uttarkashi , vice Ms. Chairab Batra .
No. 192 /UHC /Admin.A- 2 /2025
Ms. Tanuja Kashyap , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Nainital is transferred and posted as , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Haridwar, vice Ms. Anju .
No. 193 / UHC / Admin.A- 2/ 2025
Shri Manoj Singh Rana , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Jaspur, District Udham Singh Nagar is transferred and posted as Civil Judge ( Jr. Div . ) , Mussoorie , District Dehradun , vice Shri Samshad Ali .
No. 194 / UHC /Admin.A - 2 /2025
Shri Kartikeya Joshi , Civil Judge (Jr. Div . ) , Karnprayag , District Chamoli is transferred and posted as Assistant Director , Uttarakhand Judicial & Legal Academy , Bhowali , District Nainital , vice Ms. Urvashi Rawat .
भाग 1 -क]
45 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई0 (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
No. 195 / UHC/ Admin.A- 2/2025
Shri Mohit Mahesh , Judicial Magistrate - I , Haldwani , District Nainital is transferred and posted as Civil Judge ( Jr. Div . ) , Karnprayag , District Chamoli , vice Shri Kartikeya Joshi .
No. 196/ UHC /Admin.A- 2/2025
Ms. Shubhangi Gupta , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Almora is transferred and posted as Judicial Magistrate - II , Haldwani , District Nainital , vice Shri Vishal Goyal .
No. 197 / UHC /Admin.A- 2/ 2025
Shri Ravi Arora , Judicial Magistrate , Almora is transferred and posted as Civil Judge ( Jr. Div . ) , Haldwani , District Nainital , vice Shri Adarsh Tripathi .
No. 198/ UHC /Admin.A- 2/2025
Shri Chetan Singh Gautam , 2nd Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Kashipur, District Udham Singh Nagar is transferred and posted as Civil Judge (Jr. Div . ) , Kirtinagar , District Tehri Garhwal , vice Shri Shalender Kumar Yadav .
No. 199/ UHC /Admin.A- 2/ 2025
Ms. Avantika Singh Chaudhary , Civil Judge (Jr. Div . ) , Didihat , District Pithoragarh is transferred and posted as 1st Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Roorkee , District Haridwar , vice Ms. Upadhi Singhal .
No. 200 /UHC/ Admin.A- 2/2025
Shri Vishal Goyal , Judicial Magistrate - II , Haldwani , District Nainital is transferred and posted as Civil Judge (Jr. Div . ) , Champawat , vice Ms. Jahan Ara Ansari .
No. 201 / UHC / Admin.A- 2/ 2025
Shri Shiv Singh , Judicial Magistrate - II , Haridwar is transferred and posted as Civil Judge (Jr. Div . ) , Pithoragarh , vice Ms. Poonam Todi .
No. 202 / UHC / Admin.A- 2/ 2025
Shri Rohit Kumar Pandey, Civil Judge (Jr. Div . ) , Ukhimath , District Rudraprayag is transferred and posted as Judicial Magistrate - III , Haridwar, vice Shri Santosh Pachhmi .
No. 203 / UHC/Admin.A- 2/ 2025
Ms. Upadhi Singhal , 1st Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Roorkee , District Haridwar is posted as 2nd Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Roorkee , District Haridwar , vice Shri Nawal Singh Bisht .
46
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02,1947 शक सम्वत्)
[भाग 1 -क
No. 204 / UHC / Admin.A- 2/ 2025
Ms. Udisha Singh , Judicial Magistrate - II , Roorkee , District Haridwar is transferred and posted as Civil Judge (Jr. Div . ) , Almora , vice Ms. Shubhangi Gupta .
No. 205 / UHC/Admin.A- 2/ 2025
Shri Adarsh Tripathi , Civil Judge (Jr. Div . ) , Haldwani , District Nainital is posted as 1st Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Haldwani , District Nainital , vice Ms. Gulistan Anjum .
No. 206 / UHC/ Admin.A- 2/ 2025
Ms. Anju , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Haridwar is transferred and posted as Judicial Magistrate , Ramnagar , District Nainital , vice Shri Siddhartha Kumar .
No. 207 / UHC /Admin.A- 2/ 2025
Ms. Sneha Narang , 1st Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Haridwar is transferred and posted as 2nd Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Nainital , vice Ms. Aaysha Farheen .
No. 208 / UHC/Admin.A - 2/ 2025
Ms. Gulistan Anjum , 1st Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Haldwani , District Nainital is transferred and posted as Civil Judge ( Jr. Div . ) , Didihat , District Pithoragarh , vice Ms. Avantika Singh Chaudhary .
No. 209 /UHC/Admin.A- 2/ 2025
Ms. Aaysha Farheen , 2nd Additional Civil Judge (Jr. Div . ) , Nainital is transferred and posted as 2nd Additional Civil Judge (Jr. Div. ) , Kashipur, District Udham Singh Nagar , vice Shri Chetan Singh Gautam .
No. 210 / UHC/Admin.A-2/ 2025
Ms. Jahan Ara Ansari , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Champawat is transferred and posted as Civil Judge (Jr. Div . ) , Jaspur , District Udham Singh Nagar , vice Shri Manoj Singh Rana .
No. 211 / UHC /Admin.A- 2/ 2025
Shri Santosh Pachhmi , Judicial Magistrate - III , Haridwar is transferred and posted as Civil Judge ( Jr. Div . ) , Ukhimath , District Rudraprayag , vice Shri Rohit Kumar Pandey.
No. 212 / UHC/ Admin.A- 2 /2025
Shri Samshad Ali , Civil Judge ( Jr. Div . ) , Mussoorie , District Dehradun is transferred and posted as 1st Additional Civil Judge ( Jr. Div . ) , Haridwar, vice Ms. Sneha Narang.
भाग 1 -क]
47 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
No. 213 / UHC/Admin.A- 2/2025
Shri Siddhartha Kumar, Judicial Magistrate , Ramnagar, District Nainital is transferred and posted as Judicial Magistrate , Rudraprayag , vice Ms. Parul Thapliyal .
No. 214/ UHC/ Admin.A- 2/ 2025
Shri Nawal Singh Bisht, 2nd Additional Civil Judge ( Jr. Div. ) , Roorkee , District Haridwar is transferred and posted as Judicial Magistrate , Almora , vice Shri Ravi Arora .
Note:
All above orders shall come into force w.e.f. 15.07.2025 .
By Order of the Court ,
Sd/-
YOGESH KUMAR GUPTA , Registrar General .
पी ० एस ० यू० ( आर ०ई ० ) 08 हिन्दी गजट / 36 -भाग 1 - क-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय, उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की , शनिवार, दिनांक 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
NOTICE
NO LEGAL RESPONSIBILITY IS ACCEPTED FOR THE PUBLICATION OF ADVERTISEMENTS / PUBLIC NOTICES IN THIS PART OF THE GAZETTE OF UTTARAKHAND. PERSONS NOTIFYING THE SOLELY, RESPONSIBLE FOR THE LEGAL ADVERTISEMENTS / PUBLIC NOTICES WILL REMAIN CONSEQUENCES AND ALSO FOR ANY OTHER MISREPRESENTATION ETC.
BY ORDER Additional Director
मेरे विभागीय सेवा के कुछ अभिलेखों में मेरा नाम हरेन्द्र सिंह (HARENDRA SINGH ) दर्ज हैं लेकिन अब निजी कारणों से मैंने अपना नाम हरेन्द्र सिंह (HARENDRA SINGH ) से बदलकर हरेन्द्र सिंह रावत (HARENDRA SINGH RAWAT) कर लिया हैं जो मेरे आधार कार्ड नं 0 5688 9557 9246 व पेन कार्ड नं0 BEGPS6644H में भी दर्ज हैं भविष्य में मुझे हरेन्द्र सिंह रावत ( HARENDRA SINGH RAWAT) पुत्र श्री अजीत सिंह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
हरेन्द्र सिंह रावत (HARENDRA SINGH RAWAT ) पुत्र श्री अजीत सिंह निवासी- सी 65 , सेक्टर -2 , डिफेन्स कालोनी , देहरादून (उत्तराखण्ड)
65- ट 66
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
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मेरे आधार कार्ड नं . 386010311061 में त्रुटिवश मेरा नाम सरोज शाह ( SAROJ SHAH ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम सरस्वती देवी (SARASWATI DEVI ) है । जोकि मेरे जन्म प्रमाण -पत्र पंजीकरण सं ० B202505059330000013 एवं पहचान पत्र सं० NKB0528398 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे सरस्वती देवी ( SARASWATI DEVI) पत्नी स्व० हरि लाल शाह के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
सरस्वती देवी ( SARASWATI DEVI ) पत्नी स्व० हरि लाल शाह निवासी 17 कर्णप्रयाग , चमोली , उत्तराखण्ड
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मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 137070 आधार कार्ड 6656 7954 7069 व पेन कार्ड AKWPK4775G में मेरा नाम Akhalesh Kumar दर्ज है , जबकि मेरे डिप्लोमा अनुक्रमांक 1464 बच्चो के शैक्षिक प्रमाणपत्रो , पत्नी के आधार नम्बर 6210 1635 7756 में मेरा नाम Akhilesh Kumar दर्ज है । Akhalesh Kumar उर्फ Akhilesh Kumar दोनो मेरे ही नाम है । भविष्य में मुझे दोनो ही नामो से जाना व पुकारा एवं पहचाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकतायें मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Akhalesh Kumar उर्फ Akhilesh Kumar पुत्र भगत सिंह निवासी 38/1 सुनहेरा रोड काली माता मन्दिर , सरस्वती विहार , सुनहेरा रूडकी, जिला हरिद्वार , उत्तराखण्ड ।
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मेरे पुत्र देव तोमर के हाईस्कूल अनुक्रमांक नं. 25128027 में त्रुटिवश माता का नाम पूनम तोमर व पिता का नाम अजय तोमर गलत दर्ज हो गया है । जबकि माता का सही नाम पूनम देवी व पिता का सही नाम अजय कुमार है । जो पुत्र के जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण सं. 002263 में भी दर्ज है । भविष्य में सही नामों से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
अजय कुमार पुत्र नकली राम निवासी -480 , गणेशपुर रुड़की जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड | भाग 8]
67 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० ( फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
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मेरी पुत्री के आधार कार्ड नं 0 630516086693 में त्रुटिवश उसका नाम आशी सैनी (ASSHI SAINI ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम अंशिका (ANSHIKA) हैं । जो उसके जन्म प्रमाण- पत्र पंजीकरण सं 0 326 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को अंशिका ( ANSHIKA) D / O ANSHUL SAINI के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
ANSHUL SAINI
निवासी गली नं 0 25 , कृष्णा नगर रुड़की जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
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InmyAadhar Card due To an error my Name is written Roopali Mahawar alias Roopa Gupta in my Aadhar card 849287155469 which is also recorded in my permanent residence certificate no . UK 25 ES 0100080690 in the future . I should be known and in identified only as Roopali Mahawar w/ o Shri Ghanshyam Mahawar.
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Roopali Mahawar
w/ o Shri Ghanshyam Mahawar
ward no.7 , Devdutt Marg
Vikasnagar Dehradun
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मेरे नाबालिग पुत्र के आधार कार्ड नं. 533301297656 में त्रुटिवश उसका नाम आराध्य गोयल (Aradhay Goyal ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरे पुत्र का सही नाम अर्जुन गोयल (Arjun goyal ) है । जो उसके जन्म प्रमाण - पत्र पंजी . सं 0 5007 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को अर्जुन गोयल (Arjun Goyal ) पुत्र श्री दीपक गोयल के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
दीपक गोयल
निवासी-869 , नया आदर्श नगर रुड़की जिला- हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
68
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
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मेरे पुत्र Aryan के हाई स्कूल अनुक्रमांक 25127970 में त्रुटिवश पिता का नाम Sanjay गलत दर्ज हो गया है । जबकि पिता का वास्तविक नाम Sanjay Kumar है जो की पुत्र के जन्म प्रमाण पत्र संख्या- 58 एवं पिता के आधार कार्ड 939217631507 में भी दर्ज है भविष्य में मेरे पुत्र को Aryan पुत्र Sanjay Kumar के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
SanjayKumar
निवासी 45 मोहल्ला ढन्डेरा अशोक नगर रुड़की हरिद्वार ।
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मेरे पुत्र Sachin Bhandari के हाईस्कूल अनुक्रमांक 25113897 में त्रुटिवश छात्र के पिता का नाम Pritam Singh व माता का नाम Parvati गलत दर्ज हो गया है । जबकि छात्र के पिता का सही नाम Pritam Singh Bhandari है । जो पिता के आधार कार्ड नं0 8195 4771 4289 है एवं माता का सही नाम Parvati Bhandari है । जो माता के आधार कार्ड नं 0 6376 6384 6782 में भी दर्ज है । भविष्य में हमे सही नामों से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Pritam Singh Bhandari निवासी आदर्श कॉलोनी, राज्य निर्वाचन आयोग रिंग रोड़ , नेहरूग्राम देहरादून उत्तराखण्ड ।
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मेरे आधारकार्ड नं 0 . 345141636062 में त्रुटिवश मेरा नाम - पार्वती पुजारा गलत दर्ज है, जबकि मेरा वास्तविक नाम - पारबती देवी ( PARBATI DEVI ) है । जो मेरे , पेनकार्ड नं 0 . DDCPD1639C में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे पारबती देवी ( PARBATI DEVI ) पत्नी स्व ० गोपाल सिंह के नाम से जाना- पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
पारबती देवी ( PARBATI DEVI ) पत्नी स्व० गोपाल सिंह
निवासी- मोहबेवाला, आशारोरी देहरादून, उत्तराखण्ड ।
भाग 8]
69 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
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मेरी पुत्री SAAKSHI JAGWAN के हाईस्कूल वर्ष-2017 अनुक्रमांक 5309993 एवं इण्टरमीडिएट वर्ष- 2019 अनुक्रमांक 5809326 में त्रुटिवश पिता का SHORT NAME HS JAGWAN गलत दर्ज हो गया है जबकि पिता का वास्तविक और पूरा नाम हुकम सिंह जगवाण ( HUKAM SINGH JAGWAN ) है । जो कि पुत्री के जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण संख्या 20010905147 एवं पिता के आधार कार्ड नं 0 305230444057 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को SAAKSHI JAGWAN पुत्री हुकम सिंह जगवाण ( HUKAM SINGH JAGWAN ) के नाम से जाना पहचाना जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
हुकम सिंह जगवाण
(HUKAM SINGH JAGWAN )
निवासी-193 दीप नगर अजबपुर कलां देहरादून उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे पुत्र के आधार कार्ड नं 0 9275 5429 4180 में त्रुटिवश उसका नाम Thapliyal Divyansh Mukesh गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरे पुत्र का वास्तविक नाम दिव्यांश थपलियाल (Divyansh Thapliyal ) है । जोकि उसके हाईस्कूल अनुक्रमांक 25033149 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को दिव्यांश थपलियाल (Divyansh Thapliyal) पुत्र प्रतिभा थपलियाल के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
प्रतिभा थपलियाल पत्नी स्व० मुकेश थपलियाल निवासी लेन नं0 20 नागेंद्र सकलानी मार्ग बंजारावाला देहरादून उत्तराखण्ड
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं . 379884042699 में त्रुटिवश मेरा नाम कान्हा सिंह ( Kanha Singh ) एवं पिता का नाम रमेश सिंह ( Ramesh Singh) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम कन्हैया पंवार (Kanhaiya Panwar ) एवं पिता का नाम रमेश सिंह पंवार ( Ramesh Singh Panwar) है । जो कि मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 22042081 एवं जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण सं ० B202505003160000002 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे कन्हैया पंवार (Kanhaiya Panwar) पुत्र रमेश सिंह पंवार (Ramesh Singh Panwar ) के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
कन्हैया पंवार ( Kanhaiya Panwar)
पुत्र रमेश सिंह पंवार (Ramesh Singh Panwar) निवासी ग्राम पटारा, पात्रा, पत्र, उत्तरकाशी, उत्तराखंड ।
70
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मेरी पुत्री के आधार कार्ड सं0 951748176020 में त्रुटिवश उसका घरेलू नाम शनाया राजपूत (SHANAYA RAJPUT ) दर्ज हो गया है जबकि मेरी पुत्री का वास्तविक नाम त्वेषा राजपूत ( TVESHA RAJPUT) है जोकि उसके जन्म प्रमाण -पत्र पंजीकरण सं० B - 2022 : 5-90170-001691 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को त्वेषा राजपूत पुत्री नवनीत सिंह चौहान के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
नवनीत सिंह चौहान
नि० म०नं० 34 , गली नं 0 1 , वाटर टैंक के पास , ब्लॉक बी-1 सरस्वती विहार माता मंदिर मार्ग , अजबपुर खुर्द,
देहरादून उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरा आधार कार्ड सं 0 347885882912 में त्रुटिवश मेरा नाम कमल सिंह बरबाण गलत दर्ज हो गया है , जबकि मेरा सही नाम कमलु सिंह है , जो स्थाई निवास प्रमाण पत्र संख्या UK25ES0100321334 पहचान पत्र नं० DZY1006717 में भी दर्ज है , भविष्य में मुझे कमलु सिंह पुत्र श्री रूपसू के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
कमलु सिंह पुत्र श्री रूपसू निवासी कण्डार गांव मल्ला पो ० सरीट थौलधार टिहरी गढ़वाल 877 उत्तराखण्ड
सूचना
मेरे आधार कार्ड नं 0 719703898971 में त्रुटिवश मेरा नाम आसमीम (ASMEEM) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम आसमीन (AASMEEN ) है । जोकि मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक नं0 0017319 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे आसमीन (AASMEEN ) W/ O SAJID के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
आसमीन ( AASMEEN ) W/O SAJID निवासी-108 , रावली महदूद , हरिद्वार, उत्तराखंड ।
सूचना
मेरेआधार कार्ड नं 0 4681 3736 4529 में त्रुटिवश मेरा नाम आरव चौहान गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम दिव्यांशु चौहान है । जो मेरे हाईस्कूल अनुक्रमांक 25120213 व स्थाई निवास प्रमाण- पत्र सं UK25ES0100279251 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे दिव्यांशु चौहान पुत्र श्री अरविन्द चौहान के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
दिव्यांशु चौहान पुत्र श्री अरविन्द चौहान निवासी- रावली महदूद बहादराबाद हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
भाग 8]
71 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई0 (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
सूचना
मैं ब्रह्मचारी सौभाग्य पुत्र श्री सुदर्शन साहू मैंने सन्यास धारण करने के पश्चात अपना नाम ब्रह्मचारी सौभाग्य से बदलकर स्वामी स्वरूपानंद शिष्य निगमानंद सरस्वती देव रख लिया है भविष्य में मुझे स्वामी स्वरूपानंद शिष्य निगमानंद सरस्वती देव के नाम से जाना व पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
स्वामी स्वरूपानंद शिष्य निगमानंद सरस्वती देव निवासी मुखिया गली आदर्श नगर भूपतवाला हरिद्वार
सूचना
मैं RANAVEETA EMP . CODE A24407 PANASONIC LIFE SOLUTIONS INDIA PVT . LTD . में त्रुटिवश मेरे पति का नाम PAPPU गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरे पति का सही नाम DHARMENDRA है । जो उनके आधार कार्ड नं 0 945801304433 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे RANAVEETA W/ O DHARMENDRA के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
RANAVEETA W/ O DHARMENDRA
निवासी - जमालपुर कलां हरिद्वार उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरे आर्मी सर्विस अभिलेख में त्रुटि वस मेरा नाम सोम प्रकाश Som Parkash वह पत्नी का नाम MissAnita एवं पुत्री का नाम Varsha व दूसरी पुत्री का नाम SHELJA गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम Som Prakash Sharma है । जो मेरे हाई स्कूल प्रमाण पत्र अनुकर्माक 1245428 मैं भी दर्ज है वह पत्नी का सही नाम Anita Sharma हैं । जो उसके आधार कार्ड नंबर 297330298414 मैं भी दर्ज है एवं पुत्री का सही नाम Varsha Sharma है । जो पुत्री के हाई स्कूल प्रमाण पत्र अनुक्रमांक 5299 35 5 मैं भी दर्ज है तथा दूसरी पुत्री का सही नाम SHAILJA Sharma है । जो पुत्री के हाई स्कूल प्रमाण पत्र अनुक्रमांक नंबर 5 32 0949 मैं भी दर्ज है । भविष्य में हमें अभिलेखों में सही नाम से जाना वह पहचान वह पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
SOM Prakash Sharma s /o Ram dayal Sharma
निवासी- प्लांट नंबर ए 3 राज विहार फेज -1 जगजीतपुर हरिद्वार कनखल उत्तराखंड 72
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
कार्यालय - नगर पंचायत भगवानपुर, जिला- हरिद्वार
29 अगस्त, 2025 ई ०
पत्रांक -493 / न ० पं ० भ ० / 2025-26 - नगर पंचायत भगवानपुर , हरिद्वार सीमान्तर्गत उ ० प्र ० नगर पालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड में यथा प्रवृत्त) की धारा -298 की उपधारा -2 खण्ड- (ज ) का (च) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा -128 के तहत विज्ञापन पटों को नियन्त्रित करने एवं विज्ञापन शुल्क वसूली के उद्देश्य से "विज्ञापन नियन्त्रण एवं शुल्क वसूली उपविधि -2025 " नगर पंचायत भगवानपुर , हरिद्वार द्वारा बनायी गयी है , नगर पालिका अधिनियम -1916 की धारा -301 (1 ) के अन्तर्गत नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार द्वारा सार्वजनिक सूचना पत्रांक-245 / विज्ञापन - उपविधि / 2025-26 दिनांक 23-06-2025 के माध्यम से जनसामान्य एवं जिन पर इस उपविधि का प्रभाव पड़ने वाला हो , उनसे आपत्ति एवं सुझाव हेतु "हिन्दुस्तान एवं मानव जगत " हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशन कराया गया था । नियत अवधि के अन्तर्गत इस निकाय को उक्त उपविधि पर जनसामान्य से कोई आपत्ति / सुझाव प्राप्त नहीं हुए हैं ।
अतएव उपविधि को विधिवत् रूप से नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार क्षेत्र में लागू करने हेतु अन्तिम रूप से सरकारी गजट में नोटिफिकेशन प्रकाशित किया जा रहा है: -
विज्ञापन नियन्त्रण एवं शुल्क वसूली उपविधि -2025
1.संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ-
क- यह उपविधि नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार "विज्ञापन नियन्त्रण एवं शुल्क वसूली उपविधि-2025" कहलायेगी ।
ख- यह उपविधि नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार की सीमा में प्रवृत्त होगी ।
ग- यह उपविधि नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार द्वारा प्रख्यापित अथवा शासकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी ।
73 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
2.परिभाषाएँ-
किसी विषय या प्रसंग से कोई वाद प्रतिकूल न होने पर इस उपविधि में- (क) "नगर पंचायत" का तात्पर्य नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार से हैं ।
(ख ) "सीमा " का तात्पर्य नगर पंचायत भगवानपुर , हरिद्वार की सीमाओं से हैं ।
(ग ) "अधिशासी अधिकारी " का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत भगवानपुर , हरिद्वार से हैं ।
(घ) "अध्यक्ष" का तात्पर्य नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार के अध्यक्ष / प्रशासक से है ।
(इ) "बोर्ड " का तात्पर्य नगर पंचायत भगवानपुर, हरिद्वार के निर्वाचित अध्यक्ष / सदस्यों अथवा प्रशासक से है ।
(च) "अधिनियम " का तात्पर्य 30प्र0 नगर पालिका अधिनियम-1916 (उत्तराखण्ड में यथाप्रवृत्त) संशोधन एवं उपान्तण आदेश -2002 से है ।
(छ) "विज्ञापन" का तात्पर्य नगर पंचायत भगवानपुर, भगवानपुर की सीमान्तर्गत प्रदर्शित किये जाने वाले विज्ञापन पट, होर्डिंग , यूनिपोल, बोर्ड एवं अन्य प्रचार सामग्री से हैं ।
3. विज्ञापन पट्ट (होर्डिंग / यूनिपोल ) स्थल के अनुसार सड़कों के समानान्तर लगाये जायेंगें , छोटे यूनिपोल पेन्टेड सर्फेस से 2.5 मीटर की दूरी पर 5 × 3 फिट एवं सड़क से 8 फुट ऊंचाई पर होंगें। मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रान्तीय मार्ग पर यूनिपोल के बीच कम से कम 50 मीटर की दूरी होगी ।
4. यूनिपोल /होर्डिंग सड़क से समानान्तर लगाये जायेंगें , जिससे यातायात सुगमता से संचालित हो सके एवं होर्डिंग के कारण सड़क दुर्घटना न होने के उद्देश्य से जहां आवश्यकता होगी , वहां से इन यूनिपोल / होर्डिंग को 25 डिग्री के कोण से कम भी किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर सड़क के समानान्तर लगाने के निर्देश भी दिये जा सकते हैं ।
5. होर्डिंग / यूनिपोल का अधिकतम साईज 20 × 10 फिट होगा ।
74
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8 6. होर्डिंग दो लोहे / पाईप के स्तम्भ एवं यूनिपोल लोहे/ पाईप के स्तम्भ की संरचना मजबूत व फ्रेम के आकार की होनी चाहिये जिससे आंधी, तूफान आदि से न गिर पायेगी । अतः इनकी संरचना के सम्बन्ध में स्ट्रक्चर इन्जीनियर की रिपोर्ट आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करनी होगी।
7 . विज्ञापन पट्ट इस प्रकार निर्मित होगा कि वे भाग -6 , संरचनात्मक अभिकल्प खण्ड -1 , राष्ट्रीय भवन संहिता, 2005 के भार, बल और प्रभाव में दिये गये आंधी , भूकम्प और अन्य लोड को सुरक्षित रूप से सहन कर सके ।
8 . मुख्य चैराहों व मोड़ों पर 25-25 मीटर दूरी तक होर्डिंग / यूनिपोल नहीं लगाये जायेंगें ।
9. प्रत्येक होर्डिंग के सम्बन्ध में सड़कवार एक यूनीक कोड नम्बर तय किया जायेगा जिसके विवरण में उस होर्डिंग का आकार प्रकार होर्डिंग विज्ञापन एजेन्सी का नाम लगाने का स्थान , स्वीकृति तिथि , रसीद नम्बर व उस होर्डिंग का सड़क से एंगल भी वर्णित किया जायेगा।
10. नगर पंचायत सीमा में विज्ञापन पट्ट लगाये जाने हेतु विज्ञापन एजेन्सियों द्वारा प्रत्येक वर्ष विज्ञापन पट्ट लगाने से पूर्व नगर पंचायत कार्यालय में पंजीकरण कराया जायेगा । इस प्रकार केवल पंजीकृत एजेन्सियों को ही विज्ञापन पट्ट लगाये जाने की अनुमति दी जायेगी । पंजीकरण प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 1 जनवरी से 31 मार्च तक किया जायेगा ।
11. नगर पंचायत भगवानपुर , हरिद्वार में विज्ञापन एजेन्सियों को पंजीकृत किये जाने हेतु प्रथम बार पंजीकरण राशि रू 0 20,000.00 पंचायत कोष में जमा करानी होगी , तत्पश्चात् पंजीकृत एजेन्सी अगले प्रत्येक वित्तीय वर्ष हेतु रू ० 5,000.00 की धनराशि नवीनीकरण के रूप में नगर पंचायत कोष में जमा करनी होगी ।
12. नगर पंचायत सीमा में लगाये जाने वाले विज्ञापन पट्टों एवं अन्य प्रचार सामग्री आदि की न्यूनतम निर्धारित विज्ञापन शुल्क की दरें निम्नवत् होगी । निर्धारित विज्ञापन दरों के आधार पर विज्ञापन का ठेका सार्वजनिक भाग 8]
75 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
नीलामी/निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सर्वोच्च बोलीदाता/ निविदादाता को दिया जायेगा ।
विज्ञापन शुल्क की दरें
क्र.सं.
विवरण
यूनिट
न्यूनतम निर्धारित दर (रू० में )
1.
150.00
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष एन ० एच ०/प्रान्तीय मार्गो के किनारे स्थित विज्ञापन /होर्डिंग्स (जो स्ट्रक्चर खड़ा कर लगाये गये हों )
100.00
2.
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष नगर पंचायत के मुख्य मार्ग एवं आन्तरिक मोहल्लों के सार्वजनिक स्थलों पर लगने वाले विज्ञापन , होर्डिंग्स आदि (जो स्ट्रक्चर खड़ा कर लगाये गये हों )
3 .
1000.00 प्रति पोल/ प्रतिवर्ष इन्डीकेटर बोर्ड ( आई ० एच० पी ०) ( 3× 2 फिट ) पोल क्योक्स 2 ( 3 × 2 फिट)
75.00
4.
प्रति वर्गफिट/ प्रतिवर्ष फ्लाईओवर कालम (10×20 फिट)
75.00
5.
प्रति वर्गफिट/ प्रतिवर्ष पुल/पुल के कालम पर ( 10 × 20 फिट)
50.00
6.
प्रति वर्गफिट/ प्रतिवर्ष प्रोटेक्शन स्क्रीम / नाला कल्वर्ट (8×15 फिट)
20.00
7 .
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष निजी बस / पब्लिक बस एडवरटाईजिंग 4 × 15 फिट (दोनों साईड ) बैक साइड 3 × 3 फिट
50.00
8 .
प्रति वर्गफिट /प्रतिवर्ष डिलवरी वाहन/टैक्सी वाहन/सर्विस 76
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
9. डिमोस्टेशन वाहन
10. बिल्डिंग रैंप 80 × 20 फिट
11. पार्किंग (दो डिसप्ले बोर्ड ) 3 × 5 फिट
12.
ट्री- गार्ड 1.5× 1.5 फिट
13.
ट्रैफिक बैरीकैटिंग
14.
ट्रैफिक पोस्ट/पुलिस बूथ के ऊपर कियोस्क 2 × 3 फिट
15.
सार्वजनिक शौचालय दो साईड वाल 8 × 10 फिट
16. रोड डिवाईडर / सड़क के किनारे यूनिपोल 20× 10 लगाये जाने पर
17 .
गैन्ट्री ( स्वागत द्वार ) रोड की सम्पूर्ण छोड़ने के पश्चात लगाये जाने पर
18. लाउडस्पीकर द्वारा प्रचार अतिरिक्त दिन के लिए
19.
इवेन्ट एण्ड एक्जीबिशन/मेला एक
दिन का अतिरिक्त दिन के लिए
20. बस शैल्टर 26 × 5 फिट
21. बिजली/ टेलीफोन के खम्बों पर 3×2 फिट
22.
बैलून ( गुब्बारा ) पर विज्ञापन
23
अन्य प्रकार के बड़े विज्ञापन/होर्डिंग्स
[भाग 8
200.00
प्रतिदिन
50.00
प्रति वर्गफिट/ प्रतिवर्ष
100.00
प्रति वर्गफिट/ प्रतिवर्ष
50.00
प्रति वर्गफिट/ प्रतिवर्ष
200.00
प्रति बैरीकैटिंग
200.00
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
100.00
प्रति वर्गफिट/प्रतिवर्ष
200.00
प्रति वर्गफिट/ प्रतिवर्ष
200.00
प्रति वर्गफिट /प्रतिवर्ष
200.00
प्रतिदिन
5,000.00
प्रतिदिन
500.00
प्रतिदिन
50.00
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
200.00
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष
100.00
प्रति बैलून / प्रतिवर्ष
100.00
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष 77 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 ,1947 शक सम्वत्) 24
50.00
प्रकार के छोटे अन्य विज्ञापन/होर्डिंग्स
प्रति वर्गफिट / प्रतिवर्ष 13. नगर पंचायत द्वारा विज्ञापन शुल्क का ठेका 03 वर्ष , 05 वर्ष अथवा 10 वर्ष तक के लिए दिया जा सकता है। विज्ञापन शुल्क के 03 वर्ष से अधिक की अवधि के ठेके की धनराशि में प्रत्येक 03 वर्ष के पश्चात 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी ।
14. विज्ञापन शुल्क की दरों में वृद्धि प्रचलित वर्तमान बाजारी मूल्य के आधार पर निर्धारित की जायेगी , जिसमें विज्ञापन कर भी समाहित होगा।
15. विज्ञापन शुल्क का ठेका/नीलामी उत्तराखण्ड राज्य अधिप्राप्ति नियमावली- 2017 के अनुसार की जाएगी ।
16. विज्ञापन शुल्क की नीलामी में प्रतिभाग करने वाले ठेकेदार/ नीलामीदाता को प्रस्तावित नीलामी / ठेके की 10 प्रतिशत धनराशि प्रतिभूति ( धरोहर ) के रूप में निविदा प्रपत्र के साथ जमा करनी अनिवार्य होगी ।
17. दुकान / प्रतिष्ठान के नाम पट्टों के साथ किए जाने वाले विज्ञापनों से विज्ञापन कर की वसूली नगर पंचायत द्वारा स्वयं अथवा उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली-2017 के अनुसार ठेके/ नीलामी के माध्यम से की जाएगी ।
18. विज्ञापन/होर्डिंग लगाये जाने / हटाये जाने के दौरान किसी भी प्रकार की होने वाली क्षतिपूर्ति को संबंधित विज्ञापनकर्ता से वसूल किया जायेगा ।
19. निम्नलिखित क्षेत्रों मे विज्ञापन पट्ट प्रतिबन्धित रहेगा-
i नगर पंचायत या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा घोषित स्थलों पर ।
ii नगर पंचायत कार्यालय के आसपास ।
iii ऐतिहासिक या राष्ट्रीय स्मारकों, सार्वजनिक भवनों और दीवारों , चिकित्सालयों , शैक्षणिक संस्थाओं, सार्वजनिक कार्यालयों और धार्मिक स्थलों / पूजा स्थलों के चारो ओर ।
78
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
iV ऐसी सघनता या चमक वाले प्रदीप्त विज्ञापन और विज्ञापन पट्ट जिससे चैंध उत्पन्न हो या चालक अथवा पैदल चलने वालों की दृष्टि बाधित होती हो या जिससे किसी चालन क्रिया में विघ्न पड़ता हो।
V मार्ग के पार लटकाए गये पट्टो, भिति पत्रकों, वस्त्र-झण्डियों या पत्रक पर जिनसे चालक का ध्यान विचलित होता हो और या इसलिए परिसंकटमय हो ।
Vi यातायात नियन्त्रण के लिए लगे चिन्ह, संकेतक आदि में विघ्न व्यवधान उत्पन्न, पैदल चलने वाले मार्गों में व्यवधान उत्पन्न एवं चौराहों पर उनकी दृश्यता बाधित होने संबंधी ।
Vii निजी भवनों पर होर्डिंग्स/ यूनीपोल के विज्ञापन लगाये जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।
20. नगर पंचायत सीमान्तर्गत सम्प्रदर्शित किये जाने वाले ग्लोसाईन/साईन बोर्ड जो दुकानों के नाम के साथ या स्वतन्त्र रूप से किसी वस्तु के विषय , गुण आदि के बारे में उल्लेख हो, जनसाधारण को विज्ञापन की भांति आकर्षित करता हो, के विज्ञापनकर्ता से विज्ञापन शुल्क की वसूली की जायेगी ।
21. नगर पंचायत की सीमाओं के भीतर निजी व व्यवसायिक प्रतिष्ठान का स्वामी या अन्यथा अधिभोग करने वाला कोई व्यक्ति स्वयं के व्यवसाय को प्रोत्साहित करने हेतु निर्धारित साईज का विज्ञापन बिना किसी पूर्वानुमति के प्रदर्शित कर सकेगा, परन्तु यह कि यदि निजी व्यवसाय के विज्ञापन के साथ- साथ या स्वतन्त्र रूप से किसी वस्तु के विषय, गुण आदि के संबंध में व्यवसायिक विज्ञापन का प्रदर्शन किया जाता है तो ऐसे विज्ञापनों के निर्धारित कर को अदा करना बाध्यता होगी ।
22. ऐसे विज्ञापन / विज्ञापन पट्टों की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी जो उत्तराखण्ड लोक सम्पत्ति विरूपण निवारण नियमावली -2009 में विहित प्राविधानों का उल्लंघन करते हों ।
79 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
23. विज्ञापन शुल्क के ठेके की 50 प्रतिशत धनराशि का भुगतान 07 दिवस के भीतर जमा करना होगा तथा अवशेष 50 प्रतिशत धनराशि का भुगतान 06 माह के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा । एक माह तक शुल्क जमा न होने पर सम्बन्धित विज्ञापन एजेन्सी का पंजीकरण निरस्त करते हुए ब्लैक लिस्ट कर दिया जायेगा तथा बकाया विज्ञापन शुल्क की वसूली भू- राजस्व की भांति वसूल की जायेगी ।
24. ठेकेदार/फर्म/ एजेन्सी / कम्पनी द्वारा अपने स्वयं के खाते से विज्ञापन शुल्क का भुगतान बैंक ड्राफ्ट, बैंकर्स चैक , नकद अथवा ऑनलाईन के माध्यम से जमा किया जा सकता है । ऑनलाईन भुगतान किये जाने की सूचना नगर पंचायत के कार्यालय में देनी अनिवार्य होगी ।
25. विज्ञापनकर्ता ऐसी अवधि, जिसके लिए अनुज्ञा दी गयी थी, की समाप्ति से एक सप्ताह के भीतर विज्ञापन को हटा देंगे या उसे मिटा देंगे ।
26. विज्ञापन बोर्ड या विज्ञापन पट्ट अनुज्ञात स्थान पर ही प्रतिष्ठापित किये जायेंगे , प्रदर्शित किये जायेंगे, संप्रदर्शित किये जायेंगे या परिनिर्मित किये जायेंगे ।
27. विज्ञापनों से अवस्थापन का कलात्मक सौन्दर्य नष्ट नहीं होना चाहिए ।
विज्ञापनों को वृक्षों या काष्ठमय पेड़ पौधों में गाड़ा , बांधा नहीं जाएगा। 28 .
29. ऐसे विज्ञापन जिनके दोनों ओर विज्ञापन लिखे होंगे , वहां विज्ञापन शुल्क दुगने हो जायेंगे , जिसकी वसूली नगर पंचायत द्वारा पृथक से की जायेगी ।
30. पोल विज्ञापन पट्टिकाएं पूर्णतः अज्वलनशील पदार्थ से निर्मित होंगी तथा इसका आकार 2.5 फिट x 3.5 फिट से अधिक नहीं होगा ।
31. इन्डिकेटर बोर्ड या अन्य बोर्ड जहां दोनों ओर विज्ञापन लिखें होगें वहाँ निर्धारित शुल्क दुगुने हो जायेगें, इन्डिकेटर बोर्ड का साईज 5 × 3 फीट का होगा ।
32. प्रत्येक तिराहों एवं चौराहे में जहां कि समय - समय पर विज्ञापन पट्ट एकदम रास्ते के किनारे से एक दूसरे के अगल - बगल से आने वाले वाहनों का एक दूसरे को देखने में कठिनाई होती है तथा यातायात में बाधा 80
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
उत्पन्न होती है , इन चौराहों एवं तिराहों में केन्द्र से चारों ओर पथों पर 25 मीटर तक विज्ञापन पट्ट लगाने में प्रतिबन्ध रहेगा ।
33 . पोल कियोस्क का साईज 2 × 3 फिट होगा।
34. सरकार द्वारा समय - समय पर प्रतिबन्धित उत्पादों जैसे - शराब, तम्बाकू, धूम्रपान एवं अश्लील, जातिसूचक, धार्मिक भावनाओं को उत्तेजित करने वाले , पशु क्रूरता , हिंसात्मक, विध्वंसक उत्पाद, हथियारों से सम्बन्धित उत्पाद सम्बन्धी विज्ञापनों का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा ।
35. किसी भी विज्ञापन एजेन्सी द्वारा यदि स्वीकृत पट्ट के इतर कोई विज्ञापन प्रदर्शित किया हुआ पाया गया , तो बिना किसी नोटिस के विज्ञापन एजेन्सी का पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा ।
36. जनहित अथवा यातायात की दृष्टि से एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार यदि किसी स्वीकृत विज्ञापन पट्ट को हटाने की आवश्यकता होती है तो बिना किसी नोटिस के विज्ञापन पट्ट हटा दिया जायेगा, जिस पर कोई प्रतिकर देय नहीं होगा ।
37. यूनियन रोड़ कांग्रेस द्वारा रोड साईन ( आई 0 आर 0 सी 0 ) 67-2001 में निर्धारित कलरों / मानकों का प्रयोग ही विज्ञापन पट्टों के लिए अनुमन्य होगा। विज्ञापन पट्टों में प्रयोग किये जाने वाले रंग एवं फोन्ट साईज ऑफिशियल ट्रैफिक साइन के समान एवं वाहन चालक को भ्रमित करने वाले नहीं होगें ।
38. रोड पटरी , निजी भवनों एवं भूमियों पर किसी भी प्रकार के विज्ञापन अवैध रूप से लगाने पर विज्ञापन एजेन्सी, ठेकेदार एवं भवन स्वामी से रू० 25,000/- जुर्माना वसूल किया जायेगा एवं अवैध विज्ञापन पट्ट को तत्काल हटाते हुए विज्ञापन एजेन्सी का पंजीकरण एवं ठेका निरस्त कर दिया जायेगा । इस पर होने वाले व्यय की वसूली विज्ञापन एजेन्सी एवं ठेकेदार से की जायेगी ।
39. जनहित में नगर पंचायत में पंजीकृत विज्ञापन एजेन्सियों को जो भी विज्ञापन पट्ट स्वीकृत किये जायेगें, उन पर सुन्दर , स्वच्छ, भगवानपुर का स्लोगन निःशुल्क प्रदर्शित किये जायेगें । यातायात की दृष्टि से पुलिस भाग 8]
81 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
विभाग द्वारा लगाये जाने वाले विज्ञापन के लिए होर्डिंग्स/ यूनीपोल में उनकी आवश्यकता अनुसार निःशुल्क स्थान दिया जायेगा।
40. नगर पंचायत भगवानपुर के अधिशासी अधिकारी के निर्देशानुसार समय- समय पर आवश्यकतानुसार विज्ञापन पट्ट निःशुल्क प्रदर्शित किये जायेंगे ।
41. उपरोक्त शर्तों में से किसी भी शर्त का उल्लंघन पाये जाने पर बिना किसी नोटिस के एजेन्सी का पंजीकरण निरस्त करते हुए एजेन्सी को ब्लैक लिस्ट करने का अधिकार बोर्ड मे निहित होगा ।
42. किसी भी प्रकार का संशय या विवाद होने की स्थिति में नगर पंचायत भगवानपुर , हरिद्वार के बोर्ड का निर्णय दोनों पक्षों को मान्य होगा।
शास्ति
उपरोक्त उपविधि का उल्लघंन नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-299 ( 1 ) के अन्तर्गत दण्डनीय होगा , जो रू0 1000.00 तक हो सकेगा और जब ऐसा भंग निरन्तर किया जाय, तो अग्रेत्तर जुर्माना किया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्धि के दिनांक के पश्चात ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना सिद्ध हो , रू 0 250.00 तक हो सकेगा। यह अधिकार अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत, भगवानपुर जिला हरिद्वार में अन्तिम रूप में निहित होगा ।
सुरेन्द्र कुमार ,
अधिशासी अधिकारी ,
नगर पंचायत भगवानपुर,
जिला- हरिद्वार ।
गुलबहार , अध्यक्ष , नगर पंचायत भगवानपुर , जिला-हरिद्वार ।
82
[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02,1947 शक सम्वत्)
कार्यालय - नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर (हरिद्वार)
ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि 2022
24 जनवरी , 2026 ई ०
पत्रांक-434 / न०पं०सु०आ०/2025-26-
1. परिभाषाएं-
(1) यह उपविधि नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर जनपद हरिद्वार के ठेकेदारी पंजीकरण एवं नियन्त्रण उपविधि 2022 कहलायेगी, जो शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू एवं प्रभावी होगी ।
(2) निकाय -निकाय का तात्पर्य नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर से है ।
(3 ) बोर्ड का तात्पर्य नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के निर्वाचित अध्यक्ष/ सभासदों से है ।
(4) अधिनियम-अधिनियम का तात्पर्य उत्तरप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 (उत्तराखण्डमें यथाप्रवृत्त) संशोधन एवं उपान्तरण आदेश 2002 से हैं ।
(5) अध्यक्ष- अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के निर्वाचित अध्यक्ष से है ।
(6) प्रभारी अधिकारी-प्रभारी अधिकारी का तात्पर्य नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के प्रभारी अधिकारी से है ।
(7) प्रशासक- प्रशासक का तात्पर्य नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के प्रशासक/ जिला मजिस्ट्रेट , हरिद्वार / अपर उप जिलाधिकारी / ज्वाइण्टमजिस्ट्रेट रूडकी से है ।
(8) ठेकेदार- ठेकेदार का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर में समस्त निर्माण कार्य , पुनर्निर्माण, सामग्री आपूर्ति एवं अन्य कार्य जो संविदा के अन्तर्गत आते हों, को करने का इच्छुक व्यक्ति/ फर्म हो ।
(9) श्रेणी श्रेणी का तात्पर्य ठेकेदार की प्रथम , द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी से है ।
2- पंजिकरण की प्रक्रियाः-
नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के निर्माण कार्य (सडक/ नाली / नाला/पुस्ता/अन्य) एवं भवन के निर्माण कार्यो के सम्पादन तथा सामग्री आपूर्ति हेतु ठेकेदार की तीन श्रेणियां होगी । इच्छुक व्यक्ति प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में निम्न शर्तों/ औपचारिकताओं को पूर्ण कर अपना पंजीकरण करा सकता है: -
(1) वह भारत का नागरिक हो तथा नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर सीमान्तर्गत या जनपद हरिद्वार मे कम से कम 5 वर्ष से निवास करता हो , अथवा उत्तराखण्ड राज्य का निवासी हो, का प्रमाण- पत्र, दो पास पोर्ट साईज फोटो सहित देनी होगी ।
(2) जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त अद्यतन चरित्र प्रमाण - पत्र ।
(3) जिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त है सियत प्रमाण - पत्र (श्रेणीवार हैसियत सीमा निम्न प्रकार निर्धारित की जाती है) ।
10.00 लाख
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
05.00 लाख
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
03.00 लाख
स- तृतीय श्रेणी के लिए
(4) प्रथम श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु लोक निर्माण विभाग , जल निगम , सिचाई विभाग, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग , नगर पंचायत / नगर पालिका परिषद , जल संस्थान एवं जिला पंचायत आदि विभागो मे कम से कम सडक / नाली / नाला आदि एवं भवन निर्माण का 83 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02,1947 शक सम्वत्)
05 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण- पत्र एवं एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 50.00 लाख के अनुबन्ध (बाण्ड) पत्र देने होगें । इसके अतिरिक्त स्वयं का तकनीकी अभियन्ता एवं टी० एण्ड ०पी ० (मिक्सचर मशीन / बाईबरेटर / जे ० सी ० बी० / रोड रोलर / प्रिमीक्सिंग मशीन) आदि होने आवश्यक होगें । अनुभव प्रमाण- पत्र अधिशासी अभियन्ता/ अधिशासी अधिकारी /अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी किया गया मान्य होगा ।
(5) द्वितीय श्रेणी में पंजीकरण कराने हेतु उपरोक्त विभागों मे कम से कम 5 वर्ष कार्य करने का अनुभव प्रमाण- पत्र एवं एक वित्तीय वर्ष मे 25.00 लाख के अनुबन्ध (बाण्ड) पत्र देने अनिवार्य होगें (अनुभव प्रमाण- पत्र उपरोक्तानुसार जारी ही मान्य होगा) ।
(6) तृतीय श्रेणी में पंजीकरण हेतु उत्तराखण्ड सरकार / भारत सरकार के किसी भी विभागतथा प्रथम श्रेणी के ठेकेदार द्वारा जिसके साथ कम से कम दो वर्ष का कार्य किया हो, का अनुभव प्रमाण- पत्र देना होगा ।
(7) प्रत्येक ठेकेदार, आयकर एवं व्यापार कर विभाग में पंजीकृत होना अनिवार्य है , तथा आयकर एवं व्यापारकर का पंजीकरण प्रमाण - पत्र प्रार्थना पत्र के साथ उपलब्ध कराना आवश्यक होगा ।
(8) नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर में उक्तानुसार ठेकेदारी पंजीकरण का अधिकार अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर में निहित होगा ।
3-जमानत-
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार स्थायी जमानत राशि राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) अथवा किसान विकास पत्र के रूप मे अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के पदनाम से बन्धक कर आवेदन पत्र के साथ देनी होगी ।
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
ब - द्वितीय श्रेणी के लिए
35,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
25,000.00
4- पंजीकरण शुल्कः-
ठेकेदार को निम्न श्रेणी के अनुसार पंजीकरण शुल्क की धनराशि नगद रूप मे नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर के कोष मे जमा करनी होगी ।
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
7,000.00
5,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
5- पंजीकरण की अवधिः-
प्रत्येक वर्ष मे मात्र माह अप्रैल से जुलाई तक ठेकेदारो के पंजीकरण किये जायेगें । पंजीकरण हेतु निर्धारित आवेदन पत्र का प्रारूप रू 0 100.00 नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर कोष मे जमाकर क्रय करना होगा तथा पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में ही मान्य होगा, जो अवर अभियन्ता की संस्तुति पर अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जायेगा ।
6- नवीनीकरण की प्रक्रियाः-
ठेकेदारो को प्रत्येक वर्ष मे निम्न श्रेणी के अनुसार अपना नवीनी करण कराना होगाः-
(1) नवीनी करण की अवधि 01 अप्रैल से 31 जुलाई तक होगी । इसके पश्चात नवीनी करण कराने पर प्रतिमाह रू 0 1,000.00 विलम्ब शुल्क का भुगतान कर नवीनी करण किया जायेगा ।
(2) नवीनीकरण से पूर्व प्रत्येक ठेकेदार को एक निर्धारित प्रारूप पर जिसका मूल्य रू ० 100.00 होगा, नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर कार्यालय से क्रय कर विगत वर्ष मे किये गये कार्यों का विवरण देना होगा ।
84
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
(3) नवीनीकरण शुल्क निम्न श्रेणी के अनुसार नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के कोष मे जमा कराने तथा विगत वर्ष मे किये गये कार्यों के विवरण पर नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वीकृति प्रदान की जायेगीः-
3,000.00
अ- प्रथम श्रेणी के लिए
2,500.00
ब- द्वितीय श्रेणी के लिए
2,000.00
स- तृतीय श्रेणी के लिए
(4) अधिशासी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी ठेकेदार के पंजीकरण के नवीनीकरण कोउ सके त्रुटि पूर्ण कार्य के लिए रोक सकताहै ।
(5) नवीनीकरण के आवेदन पत्र के साथ प्रत्येक वर्ष मे चरित्र- पत्र (जो छः माह की अवधि के अन्दर का हो) तथा तीन वर्ष बाद नवीनतम है सियत प्रमाण-पत्र / नवीनीकरण के समय यदि है सियत यथावत् हो तो उसके लिये शपथ- पत्र देना होगा ।
7-निर्माण के सम्पादन के सीमाः-
प्रत्येक श्रेणी के ठेकेदारो को निम्नानुसार कार्य के टेण्डर लेने का अधिकार होगाः-
(1 ) प्रथम श्रेणी मे पंजीकृत ठेकेदार सभी प्रकार (असीमित धनराशि के) निर्माण कार्यो के टेण्डर लेने के अधिकार होगें ।
(2) द्वितीय श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार रू 0 05.00 लाख तक के निर्माण कार्यो के टेण्डर लेने के अधिकार होगें ।
(3) तृतीय श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदार रू 03.00 लाख तक के निर्माण कार्यों के टेण्डर लेने के अधिकार होगें ।
8 -निविदा प्रपत्र की लागतः-
निविदा प्रपत्र का मूल्य निर्माण कार्य के व्यय अनुमार (आगणन) धनराशि पर निम्न प्रकार निर्धारित किया जायेगा । या समय - समय पर जारी लोक निर्माण विभाग के निविदा प्रपत्र मूल्य के अनुसार देय होगा ।
कार्यों की लागत
निविदाप्रपत्र मूल्य
(रूपये में) (रूपये में)
100.00
अ- रू 0 1,00,000 तक
200.00
ब- रू0 1,00,001 से रू 0 2,00,000 तक
400.00
स- रू0 2,00,001 से रू0 3,00,000 तक
500.00
द- रू 0 3,00,001 से रू0 4,00,000 तक
600.00
य- रू 0 4,00,001 से रू 0 5,00,000 तक
700.00
र- रू0 5,00,001 से रू0 6,00,000 तक
800.00
ल- रू 0 6,00,001 से रू0 7,00,000 तक
निरन्तर .
भाग 8]
85 उत्तराखण्ड गजट, 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
प्रत्येक ठेकेदार विभागीय कार्यो का ठेका लेने के लिए नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर से निविदा प्रपत्र नकद मूल्य देकर खरीदेगा । निविदा प्रपत्र का मूल्य, जमा होने के पश्चात किसी भी स्थिति मे न तो वापिस होगा और न ही आगामी निविदाओं मे समायोजित होगा । निविदा प्रपत्र नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर के पंजीकृत ठेकेदारो को ही विक्रय किये जायेंगे ।
9 - निविदा स्वीकार / अस्वीकारकरने का अधिकारः-
ठेकेदार द्वारा डाली गई निविदाओं मे न्यूनतम निविदाओं को स्वीकृत करने का अधिकार अधिशासीअ धिकारी / अध्यक्ष का होगा, किन्तु यदि न्यूनतम निविदा आंकलन से ठेकेदार के 10 प्रतिशत लाभ घटाने के बाद भी कम है, तो इस पर तकनीकी राय लेकर निर्णय लिया जायेगा । निविदा डालने के 6 माह तक उन्ही दरों पर कार्य करने के लिए ठेकेदार बाध्य होगा । यदि ठेकेदार को निविदा डालने की तिथि से 6 माह बाद कार्या देश दिया जाता है तो ठेकेदार उन दरों पर कार्य करने के लिए बाध्य नही होगा । बिना कोई कारण बताये किसी एक निविदा अथवा समस्त निविदाओं को निरस्त करने का अधिकार अध्यक्ष / प्रभारी अधिकारी / प्रशासक, नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर में निहित होगा जिसके सम्बन्ध में ठेकेदार को कोई उजरबसर नही होगा ।
10-धरोहरराशिः-
उत्तराखण्ड अधिप्राप्ती (प्रीक्यूरमेंट पॉलिसी) नियम 2017 मे किये गये प्राविधान के अनुसार स्थायी जमानत / धरोहर धनराशि निविदा के साथ राष्ट्रीय बचत पत्र , किसान विकास पत्र एवं एफ० डी०आर० के रूप में जो अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के पदनाम से बन्धक हो , देनी होगी ।
11 - ठेकेदार का भुगतानः-
कार्य समाप्ति के पश्चात ठेकेदार का कार्य सन्तोषजनक होने पर नियमानुसार बिल की धनराशि से समय - समय पर निर्धारित दरों के अनुसारं आयकर, व्यापारकर एवं जमानत की राशि काटने के उपरान्त भुगतान किया जायेगा । जमानत राशि का भुगतान 6 माह बाद कार्य सन्तोष जनक होने पर अवरअभियन्ता की संस्तुति पर किया जायेगा ।
12-कार्यपूर्णकरने की अवधिः-
प्रत्येक पंजीकृत ठेकेदार का यह दायित्व होगा कि निविदा फार्म में दी गयी कार्य अवधि के अन्तर्गत कार्य पूर्ण करें । यदि समय पर कार्य पूर्ण नही किया जाता है तथा उसकी कार्य अवधि बढाने हेतु ठेकेदार द्वारा समय समाप्ति से पूर्व औचित्य स्पष्ट करते हुए प्रार्थना- पत्र दिया जाता है तो अवर अभियन्ता / अधिशासी अधिकारी की संस्तुतिपर अध्यक्ष द्वारा कार्य अवधि बढाने की स्वीकृति एक बार प्रदान की जा सकती है । यदि ऐसा नही किया गया तो ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है । ऐसी अवधि के लिए अवशेष कार्य पर 5 प्रतिशत की दर से अन्तिम बिल की धनराशि से अर्थ दण्ड के रूप कटौती कर ली जायेगी, यदि इस धनराशि की प्रति पूर्ति बिल की धनराशि से नही हो पाने की स्थिति मे दण्ड की अवशेष धनराशि की वसूली भू- राजस्व के बकाया की भॉति सम्बन्धित ठेकेदार से की जायेगी ।
86
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
[भाग 8
13- पंजीकरण का निस्तीकरणः-
यदि ठेकेदार निर्धारित तिथि तक कार्य प्रारम्भ नही करता है अथवा कार्य सन्तोषजनक गुण्वत्ता के अनुसार स्वीकृत स्टीमेंट व साईटप्लान के अनुरूप नही करता है अथवा नगर पंचायत के किसी कार्मिक के साथ अव्यवहार एवं अभद्रता करताहै या किसी प्रकार का अनुचित दबाव डालता है , तो ऐसी स्थिति मे अवर अभियन्ता एवं अधिशासी अधिकारी की जांच | आख्या/ संस्तुति पर अध्यक्ष/प्रभारी अधिकारी द्वारा ठेकेदार के पंजीकरण को निरस्तकर ऐसे ठेकेदार को काली सूची मे डाल सकता है । पंजीकरण निरस्तीकरण के फलस्वरूप ठेकेदार का ठेका स्वतः ही निरस्त हो जायेगा और ठेकेदार द्वारा किये गये कार्यो का भुगतान नगर पंचायत को हुई हानि के समायोजन के पश्चात किया जायेगा ।
14- जमानत जब्त करने का अधिकारः-
यदि ठेकेदार नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर के उपनियमों या ठेके की शर्तों अनुबन्ध- पत्र का उल्लघंन कर नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर को कोई हानि पहुँचाता है या उपविधि के नियम 13 के विपरित कार्य करता है तो ऐसी दशा मे अवर अभियन्ता एवं अधिशासी अधिकारी की जांच आख्या / संस्तुतिपर अध्यक्ष को ठेकेदार की जमानत जब्त करने का अधिकार होगा । यदि इसके बाद भी नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर की क्षतिपूर्ति न हो सकें तो शेष राशि ठेकेदार की सम्पत्ति से भू- राजस्व के बकाये की भांति वसूल की जायेगी ।
सुरेन्द्र कुमार , अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर , जनपद - हरिद्वार ।
गोपाल राम बिलवाल , (P.C.S) . उपजिलाधिकारी लकसर / प्रशासक , नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर (हरिद्वार) 87 भाग 8]
उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई 0 (फाल्गुन 02, 1947 शक सम्वत्)
कार्यालय - नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर, जनपद- हरिद्वार
23 अप्रैल , 2024 ई ०
पत्रांक -08 / फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन /2023-24-
भाग 1: उपनियम (By-Laws)
उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 अनुसार फीकल स्वज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ.एस.एस.एम) उपनियम नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर, 2024
सचिव उत्तराखंड शासन के पत्रांक-597/ IV ( 2 ) - शा ० वि०-2017-50 (सा0 ) , 16 दिनांक 22 मई 2017 के द्वारा दिये गये निर्देशो के अनुपालन मे नगर पालिका अधिनियम 1916 ( यथाप्रवृत्त उत्तराखण्ड राज्य में ) की धारा 276 में दिये गये प्राविधानों के अनुसार तथा धारा 298 के खण्ड झ ( घ ) ' ( घ ) में दी गयी उपनियम बनाये जाने की " शाक्तियों का प्रयोग करते हुये अपने अधिकार क्षेत्र में फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन (एफ.एस.एस.एम ) ( FSSM ) सुव्यवस्थित करने के लिए निम्नलिखित अनुसार बनाया जाना हैः-
1.
शीर्षक , विस्तार और प्रारंभ
यह उपनियम नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( एफ.एस.एस.एम ) उपनियम, 2024" कहलाएंगे । ये नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर के समस्त अधिकार क्षेत्र में / पर लागू होंगे।
अधिकार
2.
यह उपनियम निम्नलिखित कानून के प्रावधानों को कार्यान्वयन में लाने के लिए सक्षम करता हैः
a) उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल, 2017 व अन्य केन्द्र/ राज्य सरकार के विभागों के उक्त से सम्बंधित नियम वं उपनियम।
3. विषय क्षेत्र
यह उपनियम नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर की प्रशासनिक सीमा के भीतर FSSM में लगे सभी हितधारकों के लिए लागू है दृ ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( ओ.एस.एस ) ( OSS ) के स्वामी एवं उपयोगकर्ता, डीस्लजिंग एवं सेप्टज ट्रांसपोर्टेशन आपरेटर, सेप्टेज उपचार और निपटान के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियां , शहरी स्थानीय निकाय , सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (एस.एम.सी ) आदि।
यह उपनियम नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर में स्थित सभी भवनों पर लागू होगा चाहे वे हो सार्वजनिक या निजी , आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक, अन्य संस्थान प्रस्तावित, नियोजित या मौजूदा आदि ।
4.
सेप्टेज मैनेजमेंट सेल ( एस.एम.सी ) ( SMC )
उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 अनुसार , नगर पंचायत , सुल्तानपुर आदमपुर एक सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (SMC) का गठन करेगा जिनमें निम्नलिखित सदस्य रहेंगे:
S.No.
सदस्य
पद
1
अध्यक्ष उपजिलाधिकारी , लक्सर ।
2
सचिव अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर ।
सदस्य 3 उत्तराखंड जल संस्थान के प्रतिनिधि ( AE- के पद से नीचे नहीं ) ।
4.
सदस्य उत्तराखंड पेयजल निगम के प्रतिनिधि ( AE- के पद से नीचे नहीं ) ।
सदस्य 5 राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि।
6
सदस्य स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि ।
7
सदस्य अन्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जा सकता है जो SMC को तकनीकी सलाह प्रदान कर सके ।
नगर पंचायत और SIMC इस उपनियम का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा इसके अंर्तगत संचालन की निगरानी करेंगे और अनुपालन न करने वालों पर ( non - complying actors ) पेनल्टी लगा सकते हैं । इस उपनियम में निर्धारित कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए SMC की बैठक समय- समय पर आहूत की जाएगी । अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत , सुल्तानपुर आदमपुर , जो सदस्य सचिव हैं , SMC बैठक बुलाएंगे ।
SMC की निगरानी जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति ( Monitoring Committee ) द्वारा की जाएगी , जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है ।
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5. ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (ओ.एस.एस ) (OSS ) का निर्माण और रखरखाव
यह खंड ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) ( जैसे कि सेप्टिक टैंक , गड्ढे, बयो-डाइजेस्टर आदि ) के निर्माण और रखरखाव में विभिन्न हितधारकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की रूपरेखा देता है।
5.1 . नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर में स्थित घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के स्वामी के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँः
5.1.1. सेप्टिक टैंक/OSS का डिजाइन और निर्माण
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके परिसर के शौचालयों में सोख गड्ढे के साथ सेप्टिक टैंक ( Septic Tank with soak pit ) या अन्य OSS का ठीक से निर्माण किया गया है, जैसा कि IS Code 2470 भाग । 8 ।। 1985 ( Reaffirmed 1996) और CPHEEO मैनुअल , 2013 में उल्लिखित है ।
* स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS का समुचित कार्य हो रहा है ताकि मल या अपशिष्ट का साव , रिसना, रिसाव या अन्यथा बचने से पर्यावरण को कोई प्रदूषण न हो । इसके लिए OSS की समय -समय पर मरम्मत का काम ( repair or retrofitting ) मालिक द्वारा किया जाएगा ।
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS में छत का पानी, सतह- पानी , रन-ऑफ ( run - off ) या बारिश का पानी प्रवेश नहीं करेगा ।
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS से अपशिष्टों ( effluents ) का सुरक्षित निपटान सोख गड्ढों या सीवर नेटवर्क के माध्यम से ही किया जाए।
5.1.2. OSS का खाली कराना (डीस्लजिंग ) ( desludging )
स्वामी यह सुनिश्चित करेंगे कि OSS को नियमित रूप खाली कराएँ ( तीन से पाँचः साल में कम से कम एक बार या टैंक दो- तिहाई भरा हो , जो भी पहले हो ) ।
स्वामी, नगर पंचायत , सुल्तानपुर आदमपुर को सूचित करेंगे जब सेप्टिक टैंक या Containment Unit की सफाई करनी है ।
जहां स्वामी निजी डीस्लजिंग ऑपरेटर की सेवाएं ले रहे हैं, वे केवल उन ऑपरेटरों की सेवा लेंगे जिनके पास FSSM सेवाएँ प्रदान करने के लिय नगर पंचायत , द्वारा जारी परमिट या लाइसेंस है।
5.1.3. उपभोक्ता शुल्क का भुगतान
स्वामी नगर पंचायत या लाइसेंस युक्त निजी ऑपरेटरों द्वारा FSSM सेवाओं के लिए उपभोक्ता शुल्क का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित करेंगे , जैसा कि SMC द्वारा तय किया गया है और बाद में नगर पंचायत द्वारा अधिसूचित किया गया है।
5.2. नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर कर्तव्य एवं जिम्मेदारियाँ
5.2.1 . नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर में स्थित सभी OSS ( Septic Tank , Pits , Biodigester etc ) की रजिस्ट्री
* नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर अपने अधिकार क्षेत्र में निर्मित सभी OSS का एक रजिस्टर बनाए रखेगा , जिसमें सभी विवरण होंगे जैसे कि स्वाभी का नाम, OSS का प्रकार, आकार और स्थिति, खाली करने की आवृत्ति आदि जैसा कि उत्तराखंड राज्य सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकोल 2017 में उल्लिखित है । इसके लिए नगर पंचायत सर्वेक्षण या अन्य तरीकों का उपयोग कर सकता है ।
सभी नए निर्माणों को शामिल करने के लिए OSS की रजिस्ट्री को समय- समय पर अपडेट किया जाएगा।
6. मल और सेप्टेज का खाली करवाना और परिवहन
यह खंड हितधारकों के कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों को रेखांकित करता है ताकि नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर, में स्थित OSS रोकथाम इकाइयों (Containment units ) से मल और सेप्टेज ( FSS ) का उचित संग्रह / खालीकरन हो सके तथा उपचार और सुरक्षित निपटानध्पुनः उपयोग के लिए, इसका निर्धारीत स्थलों ( designated sites /treatment facility ) तक सुरक्षित परिवहन हो सके ।
6.1. FSS के संग्रह और परिवहन में नगर पंचायत के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ
6.1.1. डीस्लजिंग ( Desludging ) और सेप्टेज परिवहन वाहनों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण
* नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर अपने अधिकार क्षेत्र में पंजीकरण लाइसेंस परमिट के बिना कोई भी डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को काम करने की अनुमति नहीं देगा । इसमें निजी स्वामित्व के साथ- साथ सरकारी वाहन भी शामिल हैं ( NAGAR PANCHAYAT, JAL SANSTHAN आदि) । इसके अलावा यह नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के बाहर से आने वाले वाहनों ( दोनों निजी और सरकारी ) पर लागू होता है।
नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों को अपने अधिकार क्षेत्र में संचालित करने के लिए लाइसेंस परमिट प्रदान करेगा । राज्य FSSM प्रोटोकॉल में उल्लिखित और SMC द्वारा अधिसूचित अनिवार्य तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले ऑपरेटरों को ही लाइसेंस परमिट दिए जाएंगे ।
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6.1.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों की प्रप्तिकरण और कर्मचारियों की भर्ती
नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर यह सुनिश्चित करेगा कि अपने अधिकार क्षेत्र FSS के संग्रह और परिवहन के लिए डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पर्याप्त संख्या में हों, या तो नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर खुद वाहन प्राप्त करे या टेंडर आमंत्रित करके निजी ऑपरेटरों का चयन करें।
जहां नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर निजी ऑपरेटरों की सेवाएं टेंडर के माध्यम से ले रही है, अनुबंध प्रतिवर्ष दो वर्ष में नवीनीकृत किया जाएगा । नवीनीकरण सशर्त हैं ऑपरेटर के निष्पादन पर और उनके राज्य FSSM प्रोटोकॉल में वर्णित और SIMC द्वारा अधिसूचित इन वाहनों के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं का अनुपालन पर होगा ।
डीस्लजिंग ऑपरेटरों की निगरानी
नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर यह सुनिश्चित करेगा कि सभी सेप्टेज परिवहन वाहन नगर पंचायत , सुल्तानपुर आदमपुर से एकत्र किया गया FSS केवल SIMC द्वारा चिन्हित स्थलों ( Site ) उपचार सुविधाओं ( treatment facilities ) पर निस्तारण करेंगे ।
6.2. डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियाँ
परमिट/लाइसेंस के लिए आवेदन और मानकों के अनुपालन | 6.2.1.
जो भी व्यक्ति नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर के अधिकार क्षेत्र में FSS के संग्रह और परिवहन के लिए सेवाएँ प्रदान करना चाहता है , वह नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर से अपेक्षित लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा ।
* आवेदन देने से पहले, आवेदक यह सुनिश्चित करेगा कि उनके वाहन डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहनों के लिये SMC द्वारा अधिसूचित तकनीकी , प्रशासनिक, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं । इसमें यह सुनिश्चित करना शामिल होगा कि टैंकर पानी-तंग और रिसाव- प्रूफ ( water & tight and leak & peoof tankers ) हो, और यांत्रिक desludging उपकरण ( mechanical desludging equipment ) के साथ युक्त हो । इसके अतिरिक्त केवल FSS के सुरक्षित संभालन में प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्तियों को ही काम पर रखेंगे। 6.2.2 . संचालन के मानदंडों के अनुपालन
ऑपरेटर SMC द्वारा तय किए गए और नगर पंचायत द्वारा अधिसूचित किए गए संचालन के सभी मानदंडों का पालन करेगा ।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि सफाई के समय और निपटान के समय के बीच का अंतर 24 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए।
6.2.3. श्रमिकों की सुरक्षा और सेप्टेज परिवहन के दौरान सावधानियों का पालन
* लाइसेंस - युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर FSS के केवल यांत्रिक संग्रह ( mechanical desludging ) और परिवहन में संलग्न होंगे , और ' मैनुअल स्कैवेंजर्स ( हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों ) के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास उपनियम, 2013 ' के सभी नियमों का अनुपालन करेंगे।
ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि FSS संग्रह और परिवहन में लगे सभी कर्मचारी पंजीकृत चिकित्सक या सरकारी अस्पताल से हर साल कम से कम एक बार स्वास्थ्य जांच करवाएँ और नगर पंचायत , सुल्तानपुर आदमपुर के रिकॉर्ड में जमा करें ।
ऑपरेटर अपने द्वारा नियोजित, सेप्टेज के सफाई, परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से संबंधित *
सभी व्यक्तियों का बीमा करेंगे ।
* सेप्टेज की सफाई, परिवहन और निपटान की प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति, संपत्ति, वाहन या पर्यावरण को होने वाले किसी भी नुकसान के लिए लाइसेंस युक्त डीस्लजिंग ऑपरेटर पूरी तरह से उत्तरदायी होंगे। ऑपरेटर ऐसे मामलों में मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे , जैसा कि नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर अदालत द्वारा अधिसूचित है ।
* FSS के परिवहन के दौरान आकस्मिक रिसाव की स्थिति में, ऑपरेटर तुरंत उसको नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करेगा , पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेगा, और साफ- सफाई की प्रक्रियाओं को पूरा करेगा । ऑपरेटर 24 घंटे में नगर पंचायत के संबंधित अधिकारियों को रिसाव और उसकी उपचारात्मक कार्रवाई के बारे में सूचित करेंगे । इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले लाइसेंस युक्त ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाया जाएगा ।
6.3.
SIMC के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ
6.3.1. सेप्टेज के संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क निर्धारित करना
सेप्टेज संग्रह और परिवहन के लिए उपभोक्ता शुल्क, डीस्लजिंग संचालन के ओ. एम. की व्यय आवश्यकता ( Operation & Maintanance cost ) पूरा करने के लिए प्रयुक्त होगा । SMC यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता शुल्क न्यूनतम रखा जाए। सभी दरों का निर्धारण हितधारकों के साथ उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ता ( OSS के स्वामी) पर कोई अनुचित बोझ नहीं है या ऑपरेटरों या नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर को कोई अनुचित नुकसान नहीं होगा और FSSM गतिविधियों को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके ।
*
SMC नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर को निर्देश दे सकता है कि उपभोक्ता शुल्क को संपत्ति कर ( property tax ) में शामिल करें ।
90
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SMC यह भी निर्धारित करेगा कि उपभोक्ता से एकत्र उपयोगकर्ता शुल्क नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर (सुविधा शुल्क) , जल संस्थान, रुड़की ( O- M शुल्क ) और सेप्टेज ट्रांसपोर्टर ( सेवा शुल्क ) के बीच कैसे साझा किया जाएगा ।
SMC संबंधित हितधारकों से उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से समय - समय पर इन दरों को संशोधित करेगा और उनको सूचित करेंगे ।
नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर में सेप्टेज संग्रह और परिवहन सेवाओं हेतु निम्नलिखित दरें लागू होंगी: - नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के स्वय के वाहन की दर 1500 रू0 प्रति चक्कर ।
अन्य निजी वाहन की दर 2000 रु० प्रति चक्कर ।
6.3.2. लाइसेंसिंग शुल्क को निर्धारित करना
उक्त दर S.T.P./F.S.T.P. की दूरी के अनुसार SMC द्वारा परिवर्तन किया जायेगा।
लाइसेंस देने के लिए आवेदन के प्रसंस्करण के लिए SMC एक मामूली आवेदन शुल्क निर्धारित करेगा । शुल्क का भुगतान नगद या चेक ( Cheque ) या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा किया जा सकता है जो अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर के नाम पर निम्नानुसार होगाः
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन पंजीकरण शुल्क
i- प्रारंभिक पंजीकरण शुल्कः रु 1000 प्रति वाहन
ii- पंजीकरण के नवीकरण के लिए शुल्कः रु 500 प्रति वाहन प्रति वर्ष
यदि दो वर्ष हेतु नवीकरण किया जाता हैं तो 10 प्रतिशत की छूट रहेगी
शुल्क संशोधन के अधीन होंगे (अवधि और दर SMC द्वारा तय किया जाएगा )
(सभी दरें उचित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से SMC द्वारा तय किया जाएगा और नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर द्वारा अधिसूचित किया जाएगा ) ।
पंजीकरण का नवीकरण 31 मार्च तक करना होगा अन्यता विलम्ब शुल्क 100 रु ० लिया जायेगा।
उल्लिखित उपनियमो का उल्लंघन करने पर नगर पंचायत ,सुल्तानपुर आदमपुर द्वारा सम्बन्धीत से 10,000 रु० तक का अर्थ वसूला जायेगा या निर्गत किये गये लाईसेन्स को निरस्त किया जा सकता है या दोनो कार्यवाही की जा सकती है।
शिकायत निवारण 6.3.3 .
SMC/ FSSM सेवाओं से संबंधित शिकायतें OSS के मालिकों, डीस्लजिंग ऑपरेटरों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से स्वीकार करेगी। यदि आवश्यक हो, SMC अपीलीय निकाय ( Appellate Body ) या शिकायत निवारण क्रियाविधि ( Grievance Redressal Mechanism ) बना सकते हैं ।
/
मल और सेप्टेज ( FSS ) का उपचार और पुनःउपयोग निपटान 7.
SIMC के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां 7.1.
उपचार और निपटान स्थल को चिन्हित करना 7.1.1 .
* SMC नगर निगम , हरिद्वार में आगामी फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट ( FSTP ) कार्यात्मक होने तक लाइसेंसधारी सेप्टेज परिवहन ऑपरेटरों से FSS का निपटारा सुरक्षित स्थान पर करवायेगा।
* नगर निगम, हरिद्वार FSTP के शुरू होने के बाद , SMC नए सेप्टेज निपटान स्थान नगर निगम , हरिद्वार FSTP को सूचित करने के साथ सभी लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों को सूचित करेगा । SMC नगर पंचायत , सुल्तानपुर आदमपुर एवं रुड़की FSTP के बीच की दूरी ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता शुल्क संशोधित कर सकता है ।
7.1.2. उपचार केन्द्र एजेंसी के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां
* उपचार केन्द्र के ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर के पास नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर द्वारा जारी वैध लाइसेंस या परमिट है ।
* उपचार केन्द्र के प्रबंधक ( plant manager ) नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर द्वारा जारी किए गए FSS के संग्रह , परिवहन और निपटान के रिकॉर्ड ( रवड़ बंलक ) पर हस्ताक्षर करेंगे जो निपटान के समय डीस्लजिंग ऑपरेटर द्वारा उत्पादित किया जाएगा ।
उपचार केन्द्र के संचालक FSS के निपटान के लिए टिपिंग शुल्क ( tipping fee ) के लिए रसीद प्रदान करेंगे ।
उपचार केन्द्र सेप्टेज के उपचार के लिए उपयुक्त तकनीक अपनाएगा । इसके अलावा , उपचार के बाद निस्तारण किया स्लज और अपशिष्ट जल (sludge and wastewater ) को केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा जारी मानदंडों का पालन करना चाहिए । समय -समय पर उपचारित अपशिष्टों का परीक्षण करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे डिस्चार्ज मानकों ( discharge criteria ) के अनुरूप है ।
भाग 8 ]
91 उत्तराखण्ड गजट , 21 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 02 , 1947 शक सम्वत्)
उपचार अंतिम उत्पाद (उपचारित अपशिष्ट जल और स्लज सहित) का अधिकतम पुनः उपयोग, मानकों और मानदंडों के अनुसार , सुनिश्चित किया जाएगा। उपचारित अपशिष्ट जल का उद्योगों, बिजली संयंत्र, सिंचाई और बागवानी उद्देश्य से पुनः उपयोग में लाया जाएगा। उपचारित अपशिष्ट जल को विभिन्न पुनः उपयोग आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद ही नदी जल में डाला जाएगा ।
FSS के निपटान के दौरान असाधारण परिस्थितियांः यदि उपचार केन्द्र के अधिक भार ( overloading ) या FSS की अवांछनीय गुणवत्ता (undersirable quality ) के कारण उपचार केन्द्र FSS को स्वीकार करने में असमर्थ है, उपचार केन्द्र संचालक को सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को अस्वीकृति का कारण लिखित में देना होगा संबंधित कर्मियों के हस्ताक्षर के साथ। इस स्थिति में , सेप्टेज परिवहन ऑपरेटर को सेप्टेज को SMC द्वारा निर्दिष्ट अन्य स्थान पर निपटान करना होगा ।
परिभाषाएं
सेप्टेज प्रबंधन में मूल परिभाषा के लिए निम्नलिखित व्याख्याएं प्रदान की गई हैंः
फीकल स्लज यह गड्ढे शौचालय , सेप्टिक टैंक , एक्या प्राइवेट और ड्राई टॉयलेट जैसे ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम ( OSS ) के तल पर जमा हुआ पदार्थ हैं, जो कच्चा है या आंशिक रूप से पचा हुआ है, और घोल या अर्धनिर्मित रूप में होता है।
सेप्टेज सेप्टिक टैंक, इस तरह के ऑनसाइट उपचार सुविधा से पंप की जाने वाली तरल और ठोस (मैल , स्लज और ग्रीस ) पदार्थ जब यह समय के साथ जमा हो जाता है । इसमें कई रोग पैदा करने वाले जीव के साथ ग्रीस, ग्रिट , बाल और मलने से प्रदूषित होता है।
एफ्लुएंट (effluent ) सेप्टिक टैंक से सतह पर तैरनेवाला तरल निर्वहन । इसे नालियों और सीवरों के नेटवर्क में एकत्र किया जा सकता है और उचित रूप से डिजाइन किए गए उपचार केन्द्र में उपचार किया जा सकता हैं ।
ऑनसाइट सैनिटेशन सिस्टम (OSS ) स्वच्छता प्रणाली जहां मल और अपशिष्ट जल एकत्र किया जाता है और उसी स्थान पर संग्रहीत या उपचारित किया जाता है। गड्ढे शौचालय और सेप्टिक टैंक इसके उदाहरण हैं ।
सेप्टिक टैंक एक भूमिगत टैंक जो अपशिष्ट जल का उपचार ठोस पदार्थों के अवसादन (sedimentation ) और अवायवीय पाचन (naerobic digestion ) के माध्यम से करता है । अपशिष्ट को सोखता गड्ढों या छोटे बोर के सीवरों में डाला जा सकता है। सेप्टिक टैंक के तल पर जमा होने वाले स्लज को समय समय पर खाली करने और उपचारित करने की आवश्यकता होती है ( जब यह निर्धारित गहराई तक पहुंच जाता है या निश्चित डीस्लजिंग आवृति (desludging frequency ) पर ।
डीस्तजिंग ( Desludging ) सेप्टिक / इम्हॉफ टैंक, इंटरसेप्टर टैंक या अवसादन टैंक जैसे उपचार टैंकों से स्लज/कीचड़ या जमा हुए ठोस पदार्थ को निकालना ।
सीवेज - शौचालय से निर्वहन किया गया अपशिष्ट जल जिसमें मानव शरीर के अपशिष्ट पदार्थ ( मल और मूत्र आदि ), भंग या असंगत , होते हैं। सेप्टिक टैंक या इस तरह की किसी भी सुविधा से निकलने वाली अपशिष्ट भी सीवेज हैं ।
सीवरेज सिस्टम सीवेज के संग्रह के लिए भूमिगत नाली को सीवर कहा जाता है। सीवरेज सिस्टम सीवर के नेटवर्क को कहलाता है जो प्रत्येक संपत्ति से उत्पन्न सीवेज को सीवेज पम्पिंग स्टेशन तक ले जाता है, जहां से इसे उपचार के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पंप किया जाएगा
उपचार (treatment) - यह निर्दिष्ट सुविधाओं में सेप्टेज के आगे के प्रसंस्करण को संदर्भित करता है जिस्से इसका पुनः उपयोग या सुरक्षित निपटान हो सकता है।
सह -उपचार ( co-treatment) STP पर फीकल स्लज और सेप्टेज ( FSS ) का सह- उपचार एक उपचार प्रक्रिया है जिसमें STP FSS को प्राप्त करता है , इसका पूर्व-उपचार करता है, और उचित प्रक्रिया इकाइयों (process units ) में वितरित करता है।
डीस्लजिंग और सेप्टेज परिवहन वाहन (Septage Transportation Vegicles ) वैक्यूम पंपों से युक्त वाटर- टाइट , लीक -प्रूफ टैंकर जो OSS से FSS के सुरक्षित संग्रह, इसके सुरक्षित परिवहन और निर्दिष्ट सेप्टेज उपचार सुविधाओं में इसके निपटान के लिए उपयोग किया जाता है ।
सेप्टेज मैनेजमेंट सेल (एस.एम.सी ) (SMC ) नगर पंचायत, सुल्तानपुर आदमपुर स्तर पर FSSM गतिविधियों की निगरानी के लिए गठित निकाय जिसमें उपजिलाधिकारी (SDM ),अधिशासी अधिकारी, उत्तराखंड जल संस्थान, उत्तराखंड पेयजल निगम, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और अन्य तकनीकी सलाहकार शामिल हैं ।
फीकल स्लज और सेप्टेज प्रबंधन ( FSSM ) के लिए नगर पंचायत,सुल्तानपुर आदमपुर द्वारा उपरोक्तानुसार उपनियम बनाये जा रहे जिस व्यक्ति/संस्था के द्वारा उक्त उपनियम के सम्बन्ध में कोई आपत्ति या सुझाव दिया जाना है वह 30 दिन के अन्दर लिखित रूप मे निकाय कार्यालय में दे सकता है। समय अविधि उपरान्त किसी भी आपत्ति या सुझाव पर विचार नही किया जायेगा ।
ह० (अस्पष्ट)
अधिशासी अधिकारी , नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर , जिला हरिद्वार ।
ह० (अस्पष्ट) प्रशासक , नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर , जिला हरिद्वार ।
पी ० एस ०यू० ( आर ०ई० ) 08 हिन्दी गजट / 36 - भाग 8-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।