Servants of Knowledge
Uttarakhand Weekly Gazette · Government of Uttarakhand

NOTIFICATION

Published 12 February 2026

Department
Home Department
Type
Weekly
Part
Bhag 1
Notification no.
370226/XX-3/2026-01(19)2024/E-80683
Identifier
in.gazette.uttarakhand_weekly.2026-02-12.4425-160326105448
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की

खण्ड-27] रुड़की , शनिवार, दिनांक 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्) [ संख्या-09

विषय-सूची

प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग - अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग - अलग खण्ड बन सकें

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

रु०

3075 सम्पूर्ण गजट का मूल्य

1500

119-133

भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति , स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

1500

49-55

भाग 1 -क- नियम, कार्य - विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान , जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण

975 भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़ - पत्र , नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया

975 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड

975 भाग 5 - एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड

975 भाग 6 -बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

भाग 7-इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

975

भाग 8- सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

975

93-106

स्टोर्स पर्चेज- स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि

1425

119-क 120

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

भाग 1

विज्ञप्ति- अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

गृह अनुभाग -3

अधिसूचना

विविध

12 फरवरी , 2026 ई ०

संख्या-370226 / XX - 3 / 2026-01 ( 19 ) 2024 / E- 80683- राज्यपाल , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के अधीन प्रभावी एंव निष्पक्ष अभियोजन की दृष्टि से राज्य में अवर न्यायालय से मा० उच्च न्यायालय तक अभियोजकों की नियुक्ति के प्रचलित समस्त तरीके एकीकृत करते हुए राज्य में " एकीकृत अभियोजन सेवा " की स्थापना करने हेतु उक्त संहिता की धारा 18 , 19 एवं 20 के अधीन नियुक्त समस्त लोक अभियोजकों एवं अन्य अधिकारियों के समस्त कार्य पर प्रभावी नियन्त्रण एवं पर्यवेक्षण हेतु पृथक से अभियोजन निदेशालय स्थापित किये जाने की स्वीकृति प्रदान करते हैं ।

2- अभियोजन निदेशालय का मुख्यालय देहरादून में होगा, अभियोजन निदेशालय में एक अभियोजन निदेशक और उतने अभियोजन उप निदेशक हो सकेंगे, जैसा राज्य सरकार समय - समय पर शासनादेशों के माध्यम से नियत करे , और प्रत्येक जिले में भी स्थापित होने वाले जिला अभियोजन निदेशालय में उतने अभियोजन उप निदेशक और अभियोजन सहायक निदेशक हो सकेंगे, जैसा राज्य सरकार समय- समय पर शासनादेशों के माध्यम से नियत करें ।

3- अभियोजन निदेशालय का प्रधान अभियोजन निदेशक होगा , जो राज्य में गृह विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कृत्य करेगा ।

4- कोई व्यक्ति अभियोजन निदेशक के रूप में नियुक्ति के लिए तभी पात्र होगा, यदि । वह अधिवक्ता के रूप में कम से कम पंद्रह वर्ष तक व्यवसाय में रहा है या सेशन न्यायाधीश है या रहा है । उस अवधि के बारे में , जिसके दौरान किसी व्यक्ति ने लोक अभियोजक या अपर लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक या अन्य अभियोजन अधिकारी के रूप में , चाहें वह किसी भी नाम से ज्ञात हो , सेवायें की है (चाहें इस संहिता | के प्रारम्भ के पहले की गयी हो या पश्चात्) यह समझा जायेगा कि वह ऐसी अवधि है जिसके दौरान ऐसे व्यक्ति ने अधिवक्ता के रूप में विधि व्यवसाय किया है ।

5- अभियोजन निदेशक के पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की जाएगी , जिसे न सिर्फ उत्तराखण्ड राज्य में न्यायिक/ अभियोजन कार्यों का अपेक्षित अनुभव हो, अपितु वह उक्त कार्यों हेतु विशेषतया दक्ष हो तथा अपराध न्याय प्रणाली के समस्त स्तम्भों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य संचालित करने में दक्षता रखता हो तथा उसे विवेचना एवं अन्य प्रकरणों । में विधिक अभिमत, विचारण , अपील, पुनरीक्षण , रिट याचिका इत्यादि समस्त कार्यवाहियों की समुचित जानकारी एवं अनुभव भी हो ।

121 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

6- सेवानिवृत्त सेशन न्यायाधीश हेतु निदेशक, अभियोजन के पद पर अधिवर्षता आयु पैसठ (65) वर्ष अथवा अधिकतम कार्यकाल 05 वर्ष तक, इनमें से जो भी पहले हो तथा ऐसे व्यक्ति, जिसने अधिवक्ता के रूप में कम से कम 15 वर्ष तक व्यवसाय किया हो या सेशन न्यायाधीश हो , निदेशक अभियोजन के पद पर अधिवर्षता आयु साठ (60) वर्ष होगी ।

7- उत्तराखण्ड राज्य में अभियोजन निदेशक का चयन और नियुक्ति मुख्य सचिव , उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में गठित सर्च कमेटी द्वारा की जाएगी , जो निम्नानुसार होगी:-

अध्यक्ष

(क) मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन ।

(ख) अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव/ सचिव, गृह विभाग उत्तराखण्ड शासन । सदस्य

सदस्य

(ग) प्रमुख सचिव/ सचिव , न्याय एवं विधि परामर्शी, उत्तराखण्ड शासन ।

सदस्य

(घ) पुलिस महानिदेशक , उत्तराखण्ड ।

सदस्य

(ङ) राज्य सरकार द्वारा नामित मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल , उत्तराखण्ड के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ।

8- निदेशक अभियोजन उत्तराखण्ड के चयन की प्रक्रिया का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा ।

9 उत्तराखण्ड अभियोजन अधिकारी सेवा नियमावली , 2015 के अन्तर्गत नियुक्त समस्त संयुक्त निदेशक (विधि / अभियोजन) , जो 15 वर्षो तक के अधिवक्ता व्यवसाय का अनुभव धारित करते है , तद्नुसार उन्हें उक्त संहिता की धारा 20 के अन्तर्गत अभियोजन उप निदेशक नियुक्त किया जायेगा ।

10- उत्तराखण्ड अभियोजन अधिकारी सेवा नियमावली, 2015 के अन्तर्गत नियुक्त समस्त ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी , जो 07 वर्षों तक अधिवक्ता व्यवसाय का अनुभव धारित करते है , तद्नुसार उन्हें उक्त संहिता की धारा 20 (1 ) (ख ) के अन्तर्गत अभियोजन सहायक निदेशक नियुक्त किया जायेगा ।

11- प्रत्येक अभियोजन उप निदेशक या अभियोजन सहायक निदेशक, अभियोजन निदेशक के अधीनस्थ होंगे ; और प्रत्येक अभियोजन सहायक निदेशक, अभियोजन उप निदेशक के अधीनस्थ होंगे ।

12- उच्च न्यायालय में मामलों का संचालन करने के लिए, संहिता की धारा 18 की उपधारा (1 ) या उपधारा (8 ) के अधीन राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रत्येक लोक अभियोजक , अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक , अभियोजन निदेशक के अधीनस्थ होंगे ।

13- उक्त संहिता की धारा 18 की उपधारा (३ ) या उपधारा (8 ) के अधीन जिला न्यायालयों में मामलों का संचालन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रत्येक लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक और विशेष लोक अभियोजक और संहिता की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के अधीन नियुक्त प्रत्येक सहायक लोक अभियोजक, जनपदीय अभियोजन उप निदेशक के अधीनस्थ होंगे ।

14- राज्य के महाधिवक्ता पर इस अधिसूचना का विस्तार नहीं होगा ।

122

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 09 , 1947 शक सम्वत्)

15- निदेशालय के मुख्यालय हेतु तथा जिला कार्यालयों के लिए स्थाई एवं अस्थाई पद , सम्प्रति सृजित पदों के अतिरिक्त , राज्य सरकार द्वारा यथावश्यकता समय- समय पर पद | सृजित किये जा सकेगें ।

16- स्वीकृत पदधारकों को अपने पद हेतु राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर जारी नियत वेतन / मानदेय अनुमन्य होगा ।

17- चूंकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 20 के अन्तर्गत अभियोजन निदेशालय की स्थापना, अधिकारी एवं कर्मचारी वर्ग के वेतन/ मानदेय , भत्तों आदि पर होने वाले व्यय तथा स्टाफ कार, साज - सज्जा आदि के क्रय व अन्य मदों पर होने वाले व्यय के लिये चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय -व्ययक में कोई प्रावधान नही है और यह व्यय अत्यावश्यक एवं अपरिहार्य है । अतः इस प्रयोजन के लिये सम्प्रति कार्यरत अभियोजन निदेशालय का सम्पूर्ण अधिष्ठान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , 2023 की धारा 20 के अन्तर्गत स्थापित अभियोजन निदेशालय के रूप में समामेलित हो जाएगा तथा निकट भविष्य में उक्त नवस्थापित अभियोजन निदेशालय हेतु धनराशि पृथकतया राज्य विधान सभा के अनुमोदन से आवंटित की जाएगी ।

18- साज- सज्जा , उपकरण , फर्नीचर, स्टाफ कार आदि का क्रय निदेशक, अभियोजन निदेशालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों के अनुसार किया जायेगा तथा क्रय किये गये वस्तुओं का विवरण वे यथासमय शासन को सूचित करेंगे तथा उसका लेखा जोखा विधिवत् रखना सुनिश्चित करेंगे ।

19- अभियोजन निदेशालय का विद्यमान ढांचा फिलहाल निरंतर कार्यरत रहेगा । अभियोजन निदेशालय मुख्यालय तथा जनपदीय अभियोजन निदेशालय के अधिकारियों एवं सहायक स्टाफ की संख्या, उनके कार्य क्षेत्र तथा आवश्यक उपकरण एवं संसाधन हेतु बजट आवंटन के संबंध में राज्य सरकार समय - समय पर शासनादेशों के माध्यम से उपबंध कर सकेगी ।

20- अभियोजन निदेशक , अभियोजन उप निदेशक , अभियोजन सहायक निदेशक, अभियोजन अधिकारी तथा सहायक अभियोजन अधिकारी जिसमें संहिता की धारा 20 के अन्तर्गत लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, विशेष लोक अभियोजक एवं सहायक लोक अभियोजक भी सम्मिलित हैं, के कर्तव्य एवं दायित्व समय - समय पर राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना / शासनादेशों के माध्यम से सुनिश्चित किये जा सकेंगे ।

21- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 20 के अन्तर्गत अभियोजन निदेशालय की स्थापना के फलस्वरूप विद्यमान अभियोजन निदेशालय के लिये पूर्व स्वीकृत सहायक अभियोजन अधिकारी / अभियोजन अधिकारी / ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी , संयुक्त निदेशक अभियोजन, अपर निदेशक अभियोजन के समस्त पद तथा निदेशक अभियोजन के कार्यालयों के लिये 13 जनपदों में पद तथा कार्यरत समस्त अधिकारी / कर्मचारी इस अधिसूचना के प्रवृत्त होने की दिनांक से नवस्थापित अभियोजन निदेशालय के प्रशासकीय नियन्त्रण में आ जायेगें ।

22- अभियोजन निदेशालय की स्थापना के तुरन्त बाद ही समस्त अभियोजकों एवं निदेशालय के अधिक कर्मचारी के गोपनीय मंतव्यों एवं प्रविष्टियों एवं आहरण वितरण आदि के संबंध में व्यवस्था प्रतिपादित कर दी जाए , जब तक उक्त व्यवस्था प्रतिपादित नहीं की जाती वर्तमान में प्रभावी व्यवस्था प्रचलित रहेगी ।

123 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09,1947 शक सम्वत्)

23- उपर्युक्त के अतिरिक्त अभियोजन निदेशालय के संबंध में निम्नलिखित निर्णय भी लिये गये हैं:-

(क) अभियोजन निदेशालय गृह विभाग के अधीन होगा और इसके अन्तर्गत , न्यायिक एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट न्यायालयों , सत्र न्यायालयों एवं मा० उच्च न्यायालय के अभियोजन कार्य तथा समस्त अभियोजक, समस्त सहायक निदेशक/ जनपदीय उप निदेशक के समस्त कार्य नियन्त्रण का कार्य होगा ।

(ख ) अभियोजन निदेशालय मुख्यालय पर अभियोजन निदेशक की सहायता के लिए न्यूनतम एक उप निदेशक (विधि) नियुक्त किये जाएंगे ।

(ग) प्रत्येक जनपद पर सम्प्रति स्थापित संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय को जनपदीय अभियोजन निदेशालय माना जाएगा , जिसके प्रधान जनपदीय उप निदेशक अभियोजन होंगे ।

(घ) नयी व्यवस्था को सफल एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट की प्रभारी की भूमिका रहेगी और वह अभियोजन कार्यों तथा अभियोजन कार्यालय के अधिकारियों के कार्यों का पर्यवेक्षण एवं उनकी समीक्षा में पूर्ण रुचि लेंगे । इस सम्बन्ध में वह यह भी सुनिश्चित करेंगे कि निम्नलिखित उत्तरदायित्वों का निर्वाहन किया जायेः-

(i) जिला मजिस्ट्रेट जनपद में जनपदीय उप निदेशक अभियोजन के कार्यों का पर्यवेक्षण एवं समीक्षा करेंगे ।

(ii ) जिला मजिस्ट्रेट जनपद के विभिन्न न्यायालयों में पैरवी करने वाले अभियोजकों के बीच समुचित समन्वय सुनिश्चित करेंगे ।

(ङ) अभियोजन निदेशक उत्तराखण्ड, उप निदेशक (विधि) , अभियोजन उपनिदेशक, अभियोजन सहायक निदेशक एवं समस्त श्रेणी के अभियोजकों के कर्त्तव्य एवं शक्तियां और कृत्य राज्य सरकार द्वारा समय - समय पर अधिसूचना के माध्यम से निर्धारित किये जायेगें । यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि जब तक उक्त अधिसूचनाएं निर्गत नहीं की जाती हैं, तब तक सम्प्रति निर्धारित कर्त्तव्य , दायित्व, शक्ति कृत्यों का निर्वहन संबंधित द्वारा किया जाता रहेगा । राज्य में अभियोजन विभाग के ढ़ाँचे का सुदृढ़ीकरण होने तक संहिता की धारा 18 की उपधारा (6) में उपबंधित प्रावधान राज्य में लागू रहेंगे ।

(च) उपर्युक्त मदों पर होने वाला व्यय संबंधित वित्तीय वर्ष के आय - व्ययक के अनुदान संख्या 10 के लेखाशीर्षक 2055 - पुलिस- 00-001 - निदेशन और प्रशासन एवं 13 - अभियोजन अधिष्ठान की सुसंगत इकाईयों के नामे डाला जायेगा ।

(छ) राज्य सरकार इस अधिसूचना के प्रावधानों को लागू करने के उद्देश्य से नियम और विनियम बना सकेगी तथा अधिसूचना, शासनादेश और निर्देश जारी कर सकेगी ।

(ज) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 20 के प्रावधानों के अन्तर्गत निर्धारित अभियोजकों के पदनामों तथा उत्तराखण्ड अभियोजन विभाग में पूर्व से प्रचलित अभियोजकों के पदनामों का विवरण परिशिष्ट 'क' में संलग्न है ।

आज्ञा से, शैलेश बगौली , सचिव ।

124

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

परिशिष्ट ' क'

क०सं० उत्तराखण्ड अभियोजन विभाग में पूर्व से प्रचलित अभियोजकों के पदनाम

वेतनमान (रूपये/लेवल)

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में निर्धारित अभियोजकों के पदनाम

2

1

4

3

सहायक लोक अभियोजक

1. सहायक अधिकारी अभियोजन

44900-142400 (लेवल-7)

लोक अभियोजक

2. अभियोजन अधिकारी

56100-177500 (लेवल-10)

सहायक निदेशक

3. ज्येष्ठ अधिकारी अभियोजन

67700-208700 (लेवल-11)

उप निदेशक

संयुक्त निदेशक

4.

7800-209200 (लेवल-12)

आज्ञा से,

शैलेश बगौली ,

सचिव ।

125 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

Inpursuance of the provisions of Clause ( 3 ) of Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation ofNotification No. 370226 /XX - 3/2026 /01 ( 19 )2024/E- 80683

Notification

Miscellaneous

February 12, 2026

No. 370226 /XX -3 / 2026-01 ( 19 ) 2024 E- 80683-- Under the provisions of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita , 2023 , and with the objective of ensuring effective and impartial prosecution , for the purpose of consolidating all existing methods of appointment of prosecutors for conducting prosecutions in the State from the Courts of Judicial Magistrates up to the Hon'ble High Court , the Governor, in exercise of the powers conferred under sections 18 , 19 and 20 of the said Sanhita , and for effective control and supervision over the work of all Public Prosecutors and other officers appointed thereunder, is pleased to accord approval for the establishment of a separate Directorate of Prosecution in the State .

2- The headquarters of the Directorate of Prosecution shall be in Dehradun . There may be one Director of Prosecution and such number of Deputy Directors of Prosecution in the Directorate of Prosecution as may be determined by the State Government from time to time through Government Orders . Similarly, in each district, in the District Prosecution Directorate to be established , there may be such number of Deputy Directors of Prosecution and Assistant Directors of Prosecution as may be determined by the State Government from time to time through Government Orders .

3- The head of the Directorate of Prosecution shall be the Director of Prosecution , who shall function under the administrative control of the Home Department of the State .

4- Aperson shall be eligible for appointment as Director of Prosecution if he has been in practice as an advocate for not less than fifteen years , or is or has been a Sessions Judge . For the said period , the time during which a person has rendered services as a Fublic Prosecutor, Additional Public Prosecutor, Assistant Public Prosecutor, or any other prosecuting officer, by whatever name called, (whether before or after the commencement of this Sanhita, ) shall be deemed to be a period during which such person has practiced the legal profession as an advocate .

5. Appointment to the post of Director of Prosecution shall be made of a person who not only has the requisite experience of judicial/prosecution work in the State of Uttarakhand, but is also specially competent for the said work and possesses the ability to coordinate with all pillars of the criminal justice system and also has adequate knowledge and experience of all proceedings including legal opinions , trials , appeals , revisions , writ petitions, etc.

6- For superannuation from the post of Director of Prosecution, in the case of a retired Sessions Judge , the maximum age limit shall be 65 years or maximum tenure of 5 year, whichever is earlier . In the case of an advocate having not less than 15 years of practice , or a person who is a Sessions Judge , the maximum age limit for superannuation as Director of Prosecution shall be 60 years .

7- In the State of Uttarakhand , the selection and appointment of the Director of Prosecution shall be made by a Search Committee constituted under the chairmanship of the Chief Secretary, Government of Uttarakhand , which shall comprise the following members :- i 126

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

(a) Chief Secretary , Government of Uttarakhand

Chairperson

Member (b) Additional Chief Secretary / Principal Secretary / Secretary , Home Department , Government of Uttarakhand

Member (c) Principal Secretary/ Secretary, Law and Legal Remembrancer, Government of Uttarakhand

Member (d) Director General of Police , Uttarakhand

Member (e) A retired Judge of the Hon'ble High Court of Uttarakhand , Nainital , nominated by the State Government

8- The procedure for selection of the Director of Prosecution , Uttarakhand , shall be determined by the State Government .

9- All Joint Directors ( Law /Prosecution) appointed under the Uttarakhand Prosecution Officers Service Rules , 2015, who possess 15 years experience of practice , as an advocate shall, accordingly, be appointed as Deputy Directors of Prosecution under Section 20 of the said Sanhita .

10- All Senior Prosecution Officers appointed under the Uttarakhand Prosecution Officers Service Rules , 2015, who possess 7 years experience of practice as an advocate shall , accordingly, be appointed as Assistant Directors of Prosecution under Section 20 ( 1 ) (b) of the said Sanhita .

11- Each Deputy Director of Prosecution or Assistant Director of Prosecution shall be subordinate to the Director of Prosecution , and each Assistant Director of Prosecution shall be subordinate to the Deputy Director of Prosecution .

12- Forconducting cases in the High Court , every Public Prosecutor, Additional Public Prosecutor, and Special Public Prosecutor appointed by the State Government under sub section ( 1 ) or sub section ( 8 ) Section 18 of the Sanhita shall function under the control of the Director of Prosecution .

13- Forconducting cases in District Courts , every Public Prosecutor, Additional Public Prosecutor, and Special Public Prosecutor appointed by the State Government under sub section ( 3 ) or sub section (8) of section 18 the said Sanhita , and every Assistant Public Prosecutor appointed under sub section (1 ) of section 19 of the said Sanhita , shall function under the control of the Deputy Director of Prosecution in the district .

14- This notification shall not apply to the Advocate General of the State.

15- Permanent and temporary posts for the Headquarter of the Directorate and for the District Offices other then presently created posts , may be created by the State Government from time to time, as per necessity .

16- The bearers of the approved posts shall be pay/honorarium and allowances as prescribed by the State Government, from time to time for the respective posts .

17- Since, there is no provision in the budget of the current financial year 2025-26 for the Directorate of Porsecution under Section 20 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 , expenditure on pay honorarium and allowances of officers and employees and 127 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 09,1947 शक सम्वत्)

expenditure on the purchase of staff cars , furnishing , and other items , and since such expenditure is essential and unavoidable , therefore , the entire establishment of the presently functioning Directorate of Prosecution shall be merged with the Directorate of Prosecution established under Section 20 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita , 2023 , and in the near future, funds for the said newly established Directorate of Prosecution shall be allocated separately with the approval of the State Legislative Assembly.

18- The purchase of furnishing , equipment , furniture , staff car etc. , shall be done by the Director, Prosecution Directorate as per prescribed procedure and rules and he shall duly intimate to the Government in due course about details of the items purchased and will ensure the account is maintained properly .

19- The existing structure of the Directorate of Prosecution shall , for the present , continue to function. With regard to the number of officers and supporting staff at the Headquarters and District Directorates of Prosecution, their jurisdiction, and the budget allocation for necessary equipment and resources , the State Government may make provisions from time to time through Government orders .

20- The duties and responsibilities of the Director of Prosecution, Deputy Directors of Prosecution , Assistant Director of Prosecution, Prosecution Officers , and Assistant Prosecution Officers , including Public Prosecutors , Additional Public Prosecutors , Special Public Prosecutors, and Assistant Public Prosecutors appointed under section 20 of the Sanhita, shall be determined and ensured by the State Government from time to time through notifications and Government orders .

21- Consequent upon the establishment of the Directorate of Prosecution under section 20 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita , 2023 , all previously sanctioned posts for the existing Directorate of Prosecution-namely Assistant Prosecution Officer/ Prosecution Officer/Senior Prosecution Officer, Joint Director of Prosecution, Additional Director of Prosecution, and all posts in the offices of the Director of Prosecution in 13 districts , along with all officers and employees working thereon , shall, from the date of issue of this notification, come under the administrative control of the newly established Directorate of Prosecution .

22- Immediately after the establishment of the Directorate of Prosecution , arrangements be made regarding the confidential reports and drawing disbursement etc. of all prosecutors and the officers and employees of the Directorate of prosecution, till the said arrangement is not implemented , the currently prevailing system will remain in force .

23- In addition to the above , the following decisions have also been taken with regard to the Directorate of Prosecution :-

(a) The Directorate of Prosecution shall function under the Home Department and the prosecution work before the Judicial and Executive Magistrates ' Courts , Sessions Courts and the Hon'ble High Court and the entire work of all prosecutors and all Assistant Directors /District Deputy Directors shall also be under control and supervision of Home department .

(b) At least one Deputy Director ( Law) shall be appointed to assist the Director of Prosecution at the Directorate of Prosecution Headquarters .

(c) Presently established office of the Joint Director of Prosecution in each district shall be deemed as the District Prosecution Directorate, which shall be headed by the District Deputy Director Prosecution .

128

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1

(d) To implement the new system successfully and effectively, there shall be the effective role of District Magistrate at the district level and he shall take full interest in the supervision and review of the prosecution work and the work of the officers of the Prosecution Office . In this regard , he shall also ensure the following :-

i. The District Magistrate shall supervise and review the work of the District Deputy Director of Prosecution in the district .

ii . The District Magistrate shall ensure proper coordination between the prosecutors prosecuting in various Courts of the district .

(e) The duties , powers , and functions of the Director of Prosecution , Uttarakhand, Deputy Director ( Law) , Deputy Director of Prosecution , Assistant Director of Prosecution, and prosecutors of all categories shall be determined by the State Government from time to time through notifications . It shall also be ensured that until the said notifications are issued, the prescribed duties , powers , and functions shall continue to be performed by the concerned . Until the strengthening of the structure of Prosecution Department in the State is completed , the provisions specified in sub- section ( 6) of Section 18 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita shall remain applicable in the State.

(f) The expenditure incurred on the above items shall be debited , in the relevant financial year's income-expenditure estimates , under Grant No. 10 (MajorHead 2055 - Police - 00-001 - Direction and Administration) and Grant No. 13 (Prosecution Department) in the name of the concerned units .

(g) For the purpose of implementing the provisions of this notification , the State Government may make rules and regulations and may issue notifications , government orders , and directions .

(h) The designations of the Public Prosecutors as prescribed under Section 20 of the Bharatiya Nagrik Suraksha Sanhita, 2023 , and the designations of the PublicProsecutors previously existing in Uttarakhand Prosecution Department are detailed in Annexure 'A ' .

ByOrder,

SHAILESH BAGAULI ,

Secretary.

129 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

Annexure 'A '

Sr.

No.

Payscale in Rupees/level Designation of the Public Designation of the Public Prosecutors Previously existing Prosecutors as prescribed in Uttarakhand Prosecution the Bharatiya Nagrik Department Suraksha Samhita, 2023

11

2

3

4

1. Assistant Prosecution officer Assistant Publice Prosecutor 44900-142400 (Level-7)

2. Prosecution officer

Publice Prosecutor

56100-177500 (Level-10)

3. Senior Prosecution officer Assistant Director

67700-208700 (Level- 11)

4. Joint Director

Deputy Director

78800-209200 (Level- 12)

ByOrder, SHAILESH BAGAULI , Secretary.

राजस्व अनुभाग -03

अधिसूचना

13 फरवरी , 2026 ई ०

संख्या-87 / XVIII (3 ) / 2026-3 ( 1 ) 2026 - राज्यपाल, उत्तर प्रदेश भू- राजस्व अधिनियम , 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3 , वर्ष 1901 ) (उत्तराखण्ड राज्य में यथा प्रवृत्त ) की धारा 48 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये यह घोषणा करते हैं कि इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशन की दिनांक से नीचे दी गई अनुसूची में उल्लिखित ग्राम, सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाओं के अधीन रहेंगे ।

अनुसूची

जनपद तहसील

परगना

गांव का नाम

कुल क्षेत्रफल

1

2

3

4

5

हरिद्वार हरिद्वार

नजीबाबाद

पीलीपड़ाव

2092/10 बीघा खसरा न0 . 01 से 610

आज्ञा से,

डॉ ० सुरेन्द्र नारायण पाण्डे , सचिव ।

130

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई0 (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

Inpursuance of the provision of Clause ( 3 ) of the Article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English Translation of Notification No. 87 / XVIII ( 3 ) / 2026-3 ( 1 )2026 Dated- February 13 , 2026 for general information .

NOTIFICATION

February 13 , 2026

No. 87 /XVIII ( 3 )/ 2026-3 ( 1 ) 2026 --In exercise of the powers conferred by Section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act , 1901 ( U.P. Act No. 3 of 1901 ) , ( as applicable to the State of Uttarakhand ) , the Governor is pleased to declare that the village mentioned in the Schedule below shall be under Survey and Record Operations with effect from the date of publication of the notification in the official Gazette: -

Schedule

Tehsil

Total Area

District

Pargana Name of Village

Haridwar

Haridwar Najibabad

Piliparao

2092/10 Bigha Khasra No. 1 to 610

ByOrder,

DR . SURENDRA NARAYAN PANDEY, Secretary, Revenue

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग

अधिसूचना

24 फरवरी , 2026 ई ०

संख्या-100 / VII - 3-26/ 182- उद्योग / 2001 - राज्यपाल , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 की धारा 21 की उपधारा (1 ) तथा (2) सपठित उत्तराखण्ड राज्य सूक्ष्म तथा लघु उद्यम सुकरीकरण परिषद् नियमावली, 2018 के नियम 5 के उपनियम (1 ) तथा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एवं इस सम्बंध में पूर्व में जारी अधिसूचना संख्या 297 / VII /182 उद्योग / 2001 , दिनांक 03 जून 2011 (समय - समय पर यथासंशोधित ) को अधिक्रमित करते हुए सूक्ष्म तथा लघु उद्यम सुकरीकरण परिषद् का निम्नवत् गठन किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-

1.

अध्यक्ष (पदेन) महानिदेशक / आयुक्त, उद्योग

सदस्य 2.

उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञ के रूप में अपर निदेशक , उद्योग

सदस्य बैंकिग विशेषज्ञ के रूप में संयोजक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति

3.

सदस्य 4.

वित्त एवं एकाउन्ट विशेषज्ञ के रूप में वित्त नियंत्रक, उद्योग

सदस्य 5.

सीआईआई उत्तराखण्ड के अध्यक्ष , उद्योग संघों के प्रतिनिधि के रूप में

2- सूक्ष्म तथा लघु उद्यम सुकरीकरण परिषद् के उपरोक्त सदस्यों की पदावधि 02 वर्ष की होगी और वे उक्त नियमावली के नियम 8 के अनुसार कृत्यों का निष्पादन और शक्तियों का प्रयोग करेंगे ।

आज्ञा से ,

विनय शंकर पाण्डेय , सचिव ।

131 भाग 1 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

Inpursuance of the provisions of Clause ( 3) of Article 348 of the ' Constitution of India ' , the Governor is pleased to order the publication of the following English Translation of Notification No. 100/ VII - 3-26/182 Industry/ 2001 Dehradun , dated February 24 , 2026 for general information :

February 24 , 2026

No. 100 /VII - 3-26 / 182 Industry/ 2001 -- In exercise of the powers conferred under sub - section ( 1 ) and (2) of section 21 of the Micro , Small and Medium Enterprises Development Act , 2006 , read with sub - rules ( 1 ) and (2) of rule 5 of the Uttarakhand State Micro and Small Enterprises Facilitation Council Rules , 2018 , and in supersession of earlier Notification No.297 /VII /182 -Industry/2001 , dated 03 June 2011 ( as amended from time to time) issued in this regard , the Governor is pleased to allow to constitution of the Micro and Small Enter- prises Facilitation Council as follows:

1. Director General / Commissioner, Industries-

Chairperson ( Ex - officio)

Member

2. Additional Director, Industries , as an expert from the industry sector-

Member

3. Convenor , State Level Bankers Committee , as a banking expert-

Member

4. Finance Controller, Industries , as a finance and accounts expert-

Member

5. President , CII Uttarakhand , as representative of industry associations-

(2) The tenure of the above members of the Micro and Small Enterprises Facilitation Council shall be two years , and they shall discharge the duties and exercise the powers as per rule 8 of the said rules .

By Order,

VINAY SHANKAR PANDEY.. Secretary.

शहरी विकास अनुभाग -3

अनन्तिम अधिसूचना

13 फरवरी , 2026 ई०

संख्या -370687 / IV( 3 )/ 2026-11 ( 03 निर्वा० ) / 2022 - मा० उच्च न्यायालय , उत्तराखण्ड, नैनीताल में योजित रिट याचिका संख्या-1327 / 2025 (एम ० एस० ) मौ ० रफीक बनाम उत्तराखण्ड राज्य , रिट याचिका संख्या -176 / 2024 (पी ० आई० एल ० ) मौ ० यासीन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं रिट याचिका संख्या-20/ 2025 ( एम 0बी0) नैमुलशन खान बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य के संबंध में मा० उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 12.12.2025 को नगर पालिका परिषद , सिरौंलीकला के गठन संबंधी अधिसूचना दिनांक 19.05.2025 के क्रम में आरक्षण / परिसीमन की कार्यवाही किये जाने के आदेश पारित किये गये है, जोकि मा ० न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी ।

132

[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

अतः नगर पालिका परिषद्, सिरौलीकलां , जनपद ऊधमसिंहनगर के वार्डों के परिसीमन के सम्बन्ध में अधिसूचना का निम्नलिखित प्रारूप जिसे श्री राज्यपाल उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916) (अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश , 2007) की धारा-11 क एवं धारा -11 ख में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके जारी करने का प्रस्ताव करते है , उक्त धारा की उपधारा (2) की अपेक्षानुसार सम्बद्ध व्यक्तियों की सूचना के लिये आपत्तियां आमंत्रित करने के लिये एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है ।

प्रस्तावित अधिसूचना के सम्बन्ध में आपत्तियां, यदि कोई हो, तो वह लिखित रूप में जिलाधिकारी , ऊधमसिंहनगर को प्रेषित की जायेगी । केवल उन्हीं आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार किया जायेगा, जो इस अधिसूचना के प्रकाशन के दिनांक से 07 दिनों के भीतर प्राप्त होंगी ।

प्रस्तावित अधिसूचना

उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916) (अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश , 2007 ) की धारा-11 क एवं धारा -11 ख की उपधारा (1 ) के अधीन शक्ति का प्रयोग करके श्री राज्यपाल संलग्न सूची में उल्लिखित नगर पालिका परिषद्, सिरौलीकलां, जनपद- ऊधमसिंहनगर क्षेत्र के वार्डों के परिसीमन के सम्बन्ध में निम्नलिखित आदेश जारी करते हैं :-

(1 ) निर्वाचन के प्रयोजन के लिये उक्त नगर पालिका परिषद् क्षेत्र को संलग्न अनुसूची में उल्लिखित वार्डों में विभाजित किया जायेगा ।

(2) प्रत्येक वार्ड का परिसीमन ऐसा होगा , जैसा संलग्न अनुसूची के स्तम्भ-1 से 5 में उल्लिखित किया गया है ।

आज्ञा से ,

संतोष बड़ोनी,

अपर सचिव ।

अनुसूची

नगर पालिका परिषद् सिरौलीकलां, जिला ऊधमसिंहनगर ।

वार्ड की सीमा

क्र०सं०

वार्ड की जनसंख्या

वार्ड का नाम

वार्ड में सम्मिलित मौहल्लों के नाम

1

2

3

4

5

1

3501

मण्डी

वार्ड (01 )

पूरबः- कब्रिस्तान पुलिया से लैफ्ट पाहा नहर उत्तर की ओर किच्छा सीमा तक ।

मण्डी क्षेत्र , सिंह कालौनी , सुन्दरबाग व सत्संग भवन कब्रिस्तान बस्ती क्षेत्र, बरेली किच्छा एन ०एच ० का दक्षिणी भाग दोपहरिया सीमा तक ।

पश्चिमः- खलुवा नला

उत्तरः- किच्छा नगर

पालिका के वार्ड संख्या 14

व 15 की सीमा ।

दक्षिणः- ग्राम- दोपहरिया

की सीमा तक ।

भाग 1 ]

133

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

1

2

3

4 2

3870

04 बीघा

5

पूरबः- रेलवे लाईन ।

(02)

वार्ड

04 बीघा, सद्दाम गौटिया, निशात जूनियर हाई स्कूल, पुराना बैंक ऑफ बड़ौदा क्षेत्र

पश्चिमः- लैफ्ट पाहा नहर किच्छा सीमा से कब्रिस्तान की पुलिया तक ।

उत्तरः- सरकारी गुल सरहद नगर पालिका परिषद् किच्छा ।

दक्षिणः- कब्रिस्तान की पुलिया से नासिर प्रधान से होते हुए प्रा ० विद्यालय तक का उत्तरी भाग रेलवे क्रॉसिंग तक ।

3

3027

पंचायत घर वार्ड (03)

महेन्द्र फार्म, बंगाली कालौनी पुलभट्टा, पंचायत घर, रजा मस्जिद का उत्तरी भाग

पूरबः- गोला नदी पश्चिमः- प्राथमिक विद्यालय के सामने की सड़क पॉपुलर मोड़ तक

उत्तर:- सिरौलीकलां व पुलभट्टा रेलवे क्रॉसिंग वाली सड़क

दक्षिणः- पॉपलरोड को जाने वाली सड़क रजा मस्जिद से रेलवे लाईन तक का उत्तरी भाग ।

4

3327 पूरबः- रेलवे लाईन , गोला नदी का पुल ।

इन्दिरा नगर वार्ड (04)

पश्चिमः- एन ०एच० से इन्दिरानगर को जाने वाली सड़क का कोना ।

इन्दिरानगर क्षेत्र दक्षिणी भाग , मौलाना आजाद स्कूल क्षेत्र मैडम का गोदाम, सूरजमल , ट्रांसपोर्ट नगर व एन ०एच ० का दक्षिणी भाग ग्राम दोपहरिया तक ।

उत्तरः- इन्दिरा नगर वाली सड़क कब्रिस्तान पुलिया से नासिर प्रधान के घर होते हुये प्राथमिक विद्यालय तक ।

दक्षिणः- सरहद दोपहरिया

आज्ञा से ,

संतोष बड़ोनी,

अपर सचिव ।

पी० एस ०यू० (आर ०ई० ) 09 हिन्दी गजट / 37 - भाग 1-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN /30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार, दिनांक 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत)

भाग 1 - क

नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

July10, 2025

No. 216 /XIV - a - 41 / Admin.A /2016 -- Shri Puneet Kumar , Civil Judge ( Jr. Div. ) , Bageshwar is hereby sanctioned paternity leave for 15 days w.e.f. 12.11.2024 to 26.11.2024 .

By Order of Hon'ble the Administrative Judge , Sd/-

Registrar (Inspection) .

49-ख 50

[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट, 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

HIGH COURT OF UTTARAKHAND AT NAINITAL

NOTIFICATION

July08, 2025

No. 126/ UHC /Admin.A- 2 /2025

Shri Pradeep Pant , Principal Secretary ( Law) -cum- L.R . , Government of Uttarakhand , Dehradun is repatriated , transferred and posted as Director , Uttarakhand Judicial & Legal Academy , Bhowali , District Nainital , vice Shri Harish Kumar Goel .

No. 127 / UHC / Admin.A- 2/ 2025

Shri Harish Kumar Goel , Director , Uttarakhand Judicial & Legal Academy, Bhowali , District Nainital is transferred and posted as District & Sessions Judge, Nainital , in the vacant Court .

No. 128 / UHC /Admin.A - 2 / 2025

Shri Narender Dutt , District & Sessions Judge , Bageshwar is transferred and posted as District & Sessions Judge , Haridwar , vice Shri Prashant Joshi .

No. 129 / UHC/Admin.A-2/2025

Shri Amit Kumar Sirohi , Legal Advisor to Hon'ble the Governor of Uttarakhand , Dehradun is repatriated , transferred and posted as District & Sessions Judge , Tehri Garhwal , in the vacant Court .

No. 130 /UHC /Admin.A- 2/2025

Shri Dharam Singh , Chairman , Permanent Lok Adalat , Haridwar [presently attached with the High Court of Uttarakhand, Nainital as OSD ] is repatriated , transferred and posted as District & Sessions Judge , Pauri Garhwal , vice Shri Ajay Chaudhary.

No. 131 / UHC / Admin.A- 2 /2025

Shri Pankaj Tomar , Additional District & Sessions Judge , Fast Track Special Court: (FTSC) POCSO Act , Dehradun is transferred and posted as District & Sessions Judge, Bageshwar , vice Shri Narender Dutt .

No. 132 / UHC / Admin.A- 2 / 2025

Shri Kanwar Amninder Singh , 1st Additional District & Sessions Judge , Haldwani , District Nainital is transferred and posted 1st Additional District & Sessions Judge , Rishikesh , District Dehradun , vice Shri Ajay Dungrakoti .

No. 133 / UHC/Admin.A- 2 /2025

Ms. Neelam Ratra , 2nd Additional District & Sessions Judge , Haldwani , District Nainital is transferred and posted as 1st Additional District & Sessions Judge , Haridwar , viceMs. Anjushree Juyal .

51 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

No. 134/ UHC/ Admin.A -2 / 2025

Ms. Anjushree Juyal , 1st Additional District & Sessions Judge , Haridwar is posted as 2nd Additional District & Sessions Judge , Haridwar , vice Shri Sanjeev Kumar .

No. 135 / UHC /Admin.A - 2/ 2025

Shri Sujeet Kumar , Registrar , High Court of Uttarakhand , Nainital is transferred and posted as 1st Additional District & Sessions Judge , Haldwani , District Nainital , vice Shri Kanwar Amninder Singh .

No. 136 / UHC /Admin.A- 2/ 2025

Shri Sanjeev Kumar, 2nd Additional District & Sessions Judge, Haridwar is transferred and posted as 1st Additional District & Sessions Judge , Nainital , vice Shri Vikram .

No. 137 / UHC / Admin.A- 2 / 2025

Shri Ambika Pant , Additional District & Sessions Judge , Fast Track Special Court ( FTSC) , POCSO Act , Roorkee , District Haridwar is posted as 1st Additional District & Sessions Judge , Roorkee , District Haridwar , vice Shri Ramesh Singh .

No. 138 / UHC/ Admin.A- 2 /2025

Shri Kuldeep Sharma , Additional Principal Judge , Family Court , Vikasnagar District Dehradun is transferred and posted as 2nd Additional District & Sessions Judge, Nainital , in the vacant Court .

No. 139 / UHC /Admin.A- 2 /2025

Shri Rakesh Kumar Singh , Presiding Officer, Labour Court , Dehradun is repatriated , transferred and posted as 3rd Additional District & Sessions Judge , Haridwar , vice Shri Anirudh Bhatt .

No. 140 / UHC / Admin.A- 2 / 2025

Ms. Rajani Shukla , Additional Secretary (Law) -cum-Additional L.R. , Government of Uttarakhand is repatriated and posted as Additional District & Sessions Judge, Fast Track Special Court ( FTSC) POCSO Act , Dehradun , vice Shri Pankaj Tomar .

No. 141 / UHC/ Admin.A- 2/ 2025

Shri Vikram , 1st Additional District & Sessions Judge , Nainital is transferred and posted as Registrar , High Court of Uttarakhand , Nainital , vice Shri Sujeet Kumar.

52

[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09 , 1947 शक सम्वत्)

No. 142/ UHC/ Admin.A- 2/ 2025

Shri Ajay Dungrakoti , 1st Additional District & Sessions Judge , Rishikesh , District Dehradun is posted as 2nd Additional District & Sessions Judge , Rishikesh , District Dehradun , in the vacant Court .

No. 143/ UHC/ Admin.A- 2 / 2025

Shri Sudhir Kumar Singh , Additional Secretary ( Law) -cum-Additional L.R. , Government of Uttarakhand , Dehradun is repatriated , transferred and posted as Additional District & Sessions Judge , Laksar, District Haridwar , in the vacant Court .

No. 144 / UHC/ Admin.A - 2 /2025

Shri Uday Pratap Singh , Additional Principal Judge , Family Court , Khatima , District Udham Singh Nagar is transferred and posted as Additional District & Sessions Judge , Ramnagar , District Nainital , vice Shri Sayan Singh .

No. 145/ UHC/ Admin.A- 2/ 2025

Ms. Savita Chamoli , Legal Advisor to Uttarakhand Public Service Commission , Haridwar is repatriated , transferred and posted as 2nd Additional District & Sessions Judge, Haldwani , District Nainital , vice Ms. Neelam Ratra .

No. 146/ UHC/ Admin.A- 2/ 2025

Shri Man Mohan Singh , Presiding Officer , Industrial Tribunal - cum- Labour Court , Haldwani , District Nainital is repatriated and posted as F.T.C./Additional District & Sessions Judge ( POCSO Act) , Haldwani , District Nainital , vice Shri Sudhir Tomar .

No. 147 / UHC/ Admin.A- 2/ 2025

Shri Ramesh Singh , 1st Additional District & Sessions Judge , Roorkee , District Haridwar is posted as Additional District & Sessions Judge , Fast Track Special Court ( FTSC) , POCSO Act , Roorkee , District Haridwar , vice Shri Ambika Pant .

No. 148/ UHC/ Admin.A- 2 / 2025

Pursuant to Government Notification No. 387/ XXX( 4 ) /2024-04 ( 1 ) / 2018 dated 20th December , 2024 ; Shri Arun Vohra , O.S.D./Deputy Secretary , Uttarakhand State Legal Services Authority , Nainital , on his promotion in Uttarakhand Higher Judicial Service Cadre in the pay scale of Rs . 144840-194660 ( J - 5 ) , is posted as 5th Additional District & Sessions Judge , Haridwar, in the vacant Court .

भाग 1 -क]

53 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

No. 149 / UHC/ Admin.A- 2/ 2025

Pursuant to Government Notification No. 387/XXX ( 4 ) /2024-04 ( 1 ) / 2018 dated 20th December , 2024 ; Shri Laxman Singh , Chief Judicial Magistrate , Pauri Garhwal , on his promotion in Uttarakhand Higher Judicial Service Cadre in the pay scale of Rs . 144840-194660 ( J - 5) , is posted as F.T.C./Additional District & Sessions Judge , POCSO Act, Haridwar , vice Ms. Kusum .

No. 150 / UHC/ Admin.A- 2 / 2025

Pursuant to Government Notification No. 387/ XXX ( 4 )/ 2024-04 ( 1 )/ 2018 dated 20th December , 2024 ; Shri Rahul Kumar Srivastava , Civil Judge (Sr. Div . ) , Dehradun , on his promotion in Uttarakhand Higher Judicial Service Cadre in the pay scale of Rs. 144840-194660 (J - 5 ) , is posted as 5th Additional District & Sessions Judge , Dehradun , in the vacant Court .

Note:

(A) Recommendation of the name of Shri Prashant Joshi , District & Sessions Judge , Haridwar is being sent to the State Government for his posting as Principal Secretary ( Law ) -cum- L.R . , Government of Uttarakhand , Dehradun , vice Shri Pradeep Pant .

(B) Recommendation of the name of Ms. Kahkasha Khan , Registrar , Uttarakhand Public Service Tribunal , Dehradun is being sent to the State Government for her posting as Presiding Officer, Labour Court , Dehradun , vice Shri Rakesh Kumar Singh .

(C) Recommendation of the name of Shri Vijayant Kumar , Presiding Officer , Fooci Safety Appellate Tribunal , Haldwani , District Nainital is being sent to the State Government for his posting as Presiding Officer , Industrial Tribunal - cum- Labour Court , Haldwani , District Nainital , vice Shri Man Mohan Singh .

(D) Recommendation of the name of Shri Ajay Chaudhary , District & Sessions Judge , Pauri Garhwal is being sent to the State Government for his posting as Principal Judge, Family Court , Haridwar , vice Ms. Rama Pandey.

(E) Recommendation of the name of Ms. Neetu Joshi , Presiding Officer , Labour Court Kashipur , District Udham Singh Nagar is being sent to the Uttarakhand State Legal Services Authority (SLSA ) , Nainital for her posting as Chairman , Permanent Lok Adalat , Haridwar , vice Shri Dharam Singh .

(F) Recommendation of the name of Ms. Rama Pandey , Principal Judge , Family Court , Haridwar is being sent to the State Government for her posting as Presiding Officer , Labour Court , Kashipur, District Udham Singh Nagar, vice Ms. Neetu Joshi .

54

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

[भाग 1 -क (G) Recommendation of the name of Shri Sayan Singh , Additional District & Sessions Judge, Ramnagar , District Nainital is being sent to the State Government for his posting as Additional Principal Judge , Family Court , Khatima , District Udham Singh Nagar , vice Shri Uday Pratap Singh . i

(H) Recommendation of the name of Shri Anirudh Bhatt , 3rd Additional District & Sessions, Judge , Haridwar is being sent to the State Government for his posting as Additional District Judge , Commercial Court , Haldwani , District Nainital , in the vacant Court .

(I) Recommendation of the name of Shri Manish Kumar Pandey , Registrar , State Consumer Disputes Redressal Commission , Uttarakhand , Dehradun is being sent to the State Government for his posting as Additional Secretary ( Law) -cum- Additional L.R. , Government of Uttarakhand , Dehradun , vice Shri Sudhir Kumar Singh .

(J ) Recommendation of the name of Ms. Kusum , F.T.C./Additional District & Sessions Judge , POCSO Act , Haridwar is being sent to the Uttarakhand State Legal Services Authority ( SLSA ) , Nainital for her posting as Chairman , Permanent Lok Adalat , Tehri Garhwal , in the vacant post .

(K) Recommendation of the name of Shri Sudhir Tomar , F.T.C./Additional District & Sessions Judge ( POCSO Act) , Haldwani , District Nainital is being sent to the Uttarakhand State Legal Services Authority (SLSA) , Nainital for his posting as Chairman , Permanent Lok Adalat , Nainital , in the vacant post .

(L) Recommendation of the name of Ms. Anita Gunjiyal , Chief Judicial Magistrate , Udham Singh Nagar, who has been promoted in HJS Cadre vide Governmer.t Notification No. 87 /XXX ( 4 ) / 2024-04 ( 1 ) / 2018 dated 20th December, 2024 in the pay scale of Rs . 144840-194660 ( J - 5 ) , is being sent to the State Government for her posting as Additional Principal Judge , Family Court , Udham Singh Nagar , in the vacant Court .

(M) Recommendation of the name of Shri Dhirendra Bhatt , Additional Chief Judicial Magistrate (Railways ) , Haldwani , District Nainital , who has been promoted in HJS Cadre vide Government Notification No. 87 /XXX ( 4 ) / 2024-04 ( 1 ) / 2018 dated 20t December , 2024 in the pay scale of Rs . 144840-194660 ( J - 5 ) , is being sent to the State Government for his posting as Additional Principal Judge - II , Family Court , Roorkee , District Haridwar , in the vacant Court.

All above orders shall come into force w.e.f. 15.07.2025 .

By Order of the Court ,

Sd/- YOGESH KUMAR GUPTA ,

Registrar General .

55 भाग 1 -क]

उत्तराखण्ड गजट, 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL

NOTIFICATION

July15, 2025

No. 246 / UHC/ Admin.A - 2 / 2025 -- Vide letter No. 1 / 313199 /XXX ( 4 ) / 2025-04 ( 27 )/ 2023 dated 11.07.2025 , Shri Navneet Pandey, Additional Secretary, Personnel & Vigilance Section - 04 , Government of Uttarakhand has communicated to this Hon'ble Court that Technical Resignation of Ms. Priya Agrawal , Special Judicial Magistrate ( CBI ) , Dehradun has been accepted w.e.f. afternoon of 11.07.2025 to join Haryana Civil Services ( Judicial Branch ) . The above stated letter reads as under :

"उपरोक्त विषय से संबंधित आपके पत्र दिनांक 20 जून, 2025 के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तराखण्ड सरकारी सेवक त्याग पत्र नियमावली, 2003 के नियम-2 के खण्ड (दो) के परन्तुक में दी गयी व्यवस्थानुसार, नोटिस की बाध्यता से छूट प्रदान करते हुए हरियाणा सिविल सेवा (न्यायिक शाखा) में योगदान दिये जाने हेतु सुश्री प्रिया अग्रवाल, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई), देहरादून का, इस आदेश के जारी होने के दिनांक के अपराह्न से तकनीकी त्याग पत्र स्वीकार किया जाता है ।

नवनीत पाण्डे अपर सचिव "

Sd/- YOGESH KUMAR GUPTA , Registrar General .

HIGH COURT OF UTTARAKHAND AT NAINITAL

NOTIFICATION

July16, 2025

No. 247 / UHC /Admin.A - 2 / 2025-- Shri Dharam Singh , Chairman , Permanent Lok Adalat , Haridwar , who was attached with the High Court of Uttarakhand , Nainital as Officer on Special Duty ( OSD ) vide order dated 18.06.2025 , is hereby relieved from his attachment with the High Court of Uttarakhand , Nainital with immediate effect .

By Order of Hon'ble the Chief Justice ,

Sd/- YOGESH KUMAR GUPTA , Registrar General .

पी ० एस ०यू० (आर ० ई० ) 09 हिन्दी गजट / 37 - भाग 1 - क-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026

सरकारी गजट, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित

रुड़की, शनिवार , दिनांक 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

भाग 8

सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि

सूचना

NOTICE

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BY ORDER Additional Director

मेरे मैं RAMESH KUMAR CHOWDRI एस० बी ० आई ० के पी० पी० ओ ० में त्रुटिवश पत्नी का नाम NEERU CHOWDRI दर्ज हो गया है । जबकि मेरी पत्नी का सही नाम NEERU KOUL है । जो उनके आधार कार्ड नं0 887627081354 व पेन कार्ड नं ० AERPK1312E में भी दर्ज है । भविष्य में पत्नी को NEERU KOUL W / O RAMESH KUMAR CHOWDRI के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

RAMESH KUMAR CHOWDRI

निवासी-153 / 2 सोलानीपुरम रुड़की जिला हरिद्वार उत्तराखंड

93- ट 94

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

सूचना

मेरे आधार कार्ड संख्या 530221218242 में त्रुटिवश मेरा नाम जया राजपूत (JAYA RAJPUT) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम जया (JAYA) है । जो मेरे पेन कार्ड नं . CSKPJ4071N व पहचान पत्र सं . IZU0934786 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे जया (JAYA) पत्नी श्री शिव चंद के नाम से जाना, पहचाना व पुकारा जाये ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

जया (JAYA ) पत्नी श्री शिव चंद निवासी म.नं. 118 , लाटोवाली , कनखल , हरिद्वार उत्तराखण्ड ।

सूचना

मेरी पुत्री के आधार कार्ड न ० गया है , जो कि गलत है । जबकि मेरी उसके जन्म प्रमाण पत्र पंजीकृण सं. 9096 2293 1320 में त्रुटिवश उसका घरेलू नाम दिक्की (Dikki ) दर्ज हो पुत्री का वास्तविक नाम आराध्या राठौर (Aaradhya Rathour) है । जो कि B -2021 : 590069-008831 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को आराध्या राठौर (Aaradhya Rathour) पुत्री सुन्दर लाल के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाये ।

समस्त विधिक औपचारिकताएं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

दिनांक 12.12.2025

सुन्दर लाल पुत्र श्री बिरम सिंह निवासी 89 , मकदूमपुर रामनगर , मखदूमपुर , झबरेडा जिला हरिद्वार , उत्तराखण्ड ।

सूचना

मेरे आधार कार्ड नं 3300 1399 8604 में त्रुटिवश मेरा नाम कमल थापा गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम सन्नी थापा है । जो मेरे स्थाई निवास प्रमाण- पत्र पत्र 6421 व पहचान पत्र नं०. LSR0986588 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे सन्नी थापा पुत्र ओम प्रकाश के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।

समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

सन्नी थापा पुत्र ओम प्रकाश निवासी-1149 विष्णु कॉलोनी हरिद्वार उत्तराखण्ड | 95 भाग 8 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

सूचना

मेरे आधार कार्ड नं 7606 6049 1369 में त्रुटिवश मेरा नाम राजी देवी (Raji Devi ) गलत दर्ज हो गया है । जबकि मेरा वास्तविक नाम राजे देवी ( Raje Devi ) है । जो मेरे जन्म प्रमाण - पत्र पंजीकरण सं ० B202505013120000012 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे राजे देवी (Raje Devi ) W/o Rup Singh के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए । निवासी - बीना घोलतीर, रूद्रप्रयाग उत्तराखण्ड

समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।

राजे देवी (Raje Devi ) W/ o Rup Singh निवासी-बीना घोलतीर , रुद्रप्रयाग उत्तराखण्ड 96

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट, 28 फरवरी , 2026 ई0 (फाल्गुन 09 , 1947 शक सम्वत्)

कार्यालय वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी नगर निगम देहरादून

उपविधि

22 जनवरी , 2026 ई ०

पत्रांक-390 (V.A) - नगर निगम , देहरादून की सीमा के अन्तर्गत पालतु / निराश्रित श्वानों (डॉग ) से सम्बन्धित उपविधियां /नियम

नियम 1- यह उपविधि नगर निगम , देहरादून पालतु / निराश्रित श्वानों (डॉग ) से सम्बन्धित उपविधि 2025 कहलायेगी।

नियम 2- यह उपविधि सरकारी गजट उत्तराखण्ड में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।

परिभाषायेंः- नियम 3-

1. " नगर निगम " से तात्पर्य नगर निगम , देहरादून व उसकी सीमा से है ।

II . " नगर आयुक्त " से तात्पर्य नगर निगम, देहरादून के नगर आयुक्त से है ।

" अधिनियम " का तात्पर्य उत्तर प्रदेश , नगर निगम अधिनियम 1959 (उत्तराखण्ड राज्य में यथाप्रवृत्त ) से है ।

IV. " ए ०बी ०सी० " से तात्पर्य एनिमल बर्थ कंट्रोल केंद्र से है।

V. "शेल्टर हाउस " से जहाँ श्वान पशुओं को अस्थायी या स्थायी आधार पर रखा जाता है ।

VI . "बोर्डिंग केनेल/ बोर्डिंग केनेल संचालक " में वह व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह शामिल है जो पालतू पशुओं/पक्षियों केनेल या किसी अन्य प्रतिष्ठान में अस्थायी आवास के लिए शुल्क के आधार पर रखते हैं ।

VII . "पालतू पशु" में कुत्ता, बिल्ली, खरगोश, गिनी पिग , हम्सटर , चूहे या चूहे श्रेणी के कृंतक, पालतू पक्षी और ऐसे अन्य प्रकार के पशु शामिल हैं, जिनका स्वामित्व और व्यापार किसी अन्य कानून , नियम या विनियमों द्वारा निषिद्ध नहीं है ।

VIII . "स्वामी " से तात्पर्य केवल स्वामी से ही नहीं, बल्किवर्तमान में मौजूद अभिरक्षा या किसी अन्य व्यक्तिके कब्जे में पशु में से भी है ।

IX . "डॉग " से देसी/ विदेशी नस्ल वाले श्वान/ कुत्ते जिनमें उनके पिल्ले (बच्चे ) भी शामिल हैं ।

Χ. " ब्रिड़िग श्रेणी / ब्रीडर्स " से तात्पर्य वह व्यक्ति या व्यक्तियों जो श्वान पशुओं से प्रजनन करवाने उनसे बच्चे पैदा करवाने तथा व्यापार करने से है ।

ΧΙ . " घरेलू / नॉन ब्रीडिंग श्रेणी " से तात्पर्य श्वान पशुओं से व्यापार न करने हेतु है ।

XII . " रजिस्ट्रीकरण का प्रमाण पत्र " से इन नियमों के अधीन जारी रजिस्ट्रीकरण का प्रमाणपत्र है ।

XIII . "राज्य बोर्ड " से राज्य सरकार द्वारा राज्य में गठित राज्य पशु कल्याण बोर्ड है ।

XIV. ब्रीडर / " प्रजनक " से ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह से है जो कुत्तों और पिल्लों के प्रजनन और बिक्री के लिए विशिष्ट नस्लों के कुत्तों का स्वामी है , और इसमें बोर्डिंग केनेल संचालक , मध्यवर्ती संचालक और व्यापारी शामिल हैं ।

XV. "व्यापारी " से वह व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह शामिल है जो किसी प्रजनक या पालतू जानवरों की दुकान से, या अपने स्वयं के प्रजनन केंद्र से प्राप्त कुत्तों और पिल्लों को बेचता है , या बिक्री के लिए आयातित करता है , या किसी अन्य तरीके से प्राप्त करता है ।

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उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

XVI . "पेट शॉप " से कोई दुकान, स्थान या परिसर शामिल है, जहाँ पालतू पशुओं को बिक्री के लिए रखा या प्रदर्शित किया जाता है अथवा पालतु पशु हेतु खाद्य सामग्री एवं उपयोग में आने वाले विभिन्न सामान का व्यापार किया जाता है ।

XVII . " पंजीकरण " से तात्पर्य नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त करना ।

नियम 4- प्रत्येक पालतू श्वान (कुत्ता ) जिसकी आयु तीन माह अथवा इससे अधिक हो का नगर निगम , देहरादून की सीमा के अंदर रखने/ पालने ( घर के परिसर में ) पर इसका पंजीकरण नगर निगम , देहरादून में कराना आवश्यक होगा , जो पंजीकरण / नवीनीकरण की तिथि से एक वर्ष तक वैद्य रहेगा । बिना पंजीकरण अगर कोई श्वान ( कुत्ता ) पालता है तो परिशिष्ट -02 (क्र 0 सं0-01 क) के अनुरूप अर्थदण्ड के साथ उनके पालतू श्वान पशु को जब्त करने की कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है । पंजीकरण / लाईसेंस के वैद्य रहने के दौरान यदि श्वान का एन्टी रेबीज वैक्सीनेशन की वैद्यता समाप्त हो जाती है तो लाईसेंस स्वतः ही निरस्त माना जायेगा तथा लाईसेंस अवधि पूर्ण होने से पूर्व वैक्सीनेशन की अवधि समाप्त होने की स्थिति में वैक्सीनेशन (रेबीज ) न कराने अथवा वैक्सीनेशन ( रेबीज ) की सूचना उपलब्ध न कराने पर परिशिष्ट-02 (क्र0 स0-01 ख ) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही की जायेगी । विलंब से प्रेषित सभी श्वान प्रजातियों के लिये नवीनीकरण प्रार्थना- पत्र पर वेद्यता तिथि से 30 दिवस के उपरांत परिशिष्ट-02 (क्र0सं0-01 ग) के अनुरूप विलंब शुल्क देय होगा ।

नियम 5- पालतू श्वानों के पंजीकरण हेतु किसी पंजीकृत पशु चिकित्सक द्वारा निर्गत एण्टी रेबीज टीकाकरण प्रमाण - पत्र तथा बन्ध्यकरण प्रमाण-पत्र (केवल अति आक्रामक श्वान पशुओं हेतु ) होना अनिवार्य होगा।

नियम 6- कोई भी श्वान स्वामी अपने पालतु श्वान को खुले में ना ही शौच करायेगा ना ही सार्वजनिक स्थलों/पार्कों आदि स्थान पर । यदि ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो परिशिष्ट -02 (क्र 0 सं0-02) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही अमल में लायी जायेगी ।

नियम 7- कोई भी श्वानस्वामी अपने पालतु श्वान को स्वयं या केयरटेकर की निगरानी के बिना घर के बाहर नहीं ले जायेगा तथा पट्टा, मजल, चैन के साथ ही सार्वजनिक स्थलों/ पार्कों में ले जा सकेगा मजल की अनिवार्यता श्वान हेतु श्वान स्वामी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर ले जाते समय अपने साथ ले जाने तक सीमित है । जनहित में आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग किया जाना आवश्यक होगा । अन्य सामान्य लोगों के द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर सुझाव देने एवं सामान्यजन में डर का माहौल होने पर अपने श्वान पशु को अलग करेगा । यदि ऐसा करता हुआ न पाया गया तथा शिकायत की स्थिति में परिशिष्ट-02 (क्र0सं0-03 ) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही अमल में लायी जायेगी ।

निम्नलिखित तालिका के अनुसार श्वान पशु का पंजीकरण कराया जा सकेगाः नियम 8-

क्र.सं.

आवासीय क्षेत्र का क्षेत्रफल ( वर्ग गज में) श्वान पशु की संख्या / प्रति श्रेणी

300

1 01 अति आक्रामक श्रेणी नॉन ब्रीडिंग श्रेणी हेतु

200

2 02 सामान्य श्वान श्रेणी नॉन ब्रीडिंग श्रेणी हेतु

300

3 04 सामान्य श्वान श्रेणी नॉन ब्रीडिंग श्रेणी हेतु

4 05 या 05 से अधिक पालतु श्वान/ निराश्रित श्वान श्वान पशु शेल्टर के प्रावधान लागू होंगे। Annexure-A

1. पाँच या पाँच से अधिक पालतु श्वान / निराश्रित श्वान पालने पर प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर (जो स्वतः अपने धन से अथवा दान के धन से चल रहा है और सरकार की फंडिंग पर नहीं) के प्रावधान लागू होंगे ।

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II . प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर एक निश्चित क्षेत्र में होगा तथा वहाँ पर्यवेक्षण एवं पर्याप्त देखभाल की सुविधा होगी। प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर की सूचना अनिवार्यतः नगर निगम को उपलब्ध करायी जायेगी ।

प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर (पाँच या पाँच से अधिक पालतु श्वान / निराश्रित श्वान पाले जाने / देखभाल किये जाने हेतु ) तथा बोर्डिंग केनेल (पालतु श्वान/ निराश्रित श्वान रखने हेतु ) हेतु नगर निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा तथा नगर निगम से पंजीकरण उपरांत छः माह के भीतर उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा एवं माननीय न्यायालयों द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों व अधिनियमों का पालन करना भी अनिवार्य होगा ।

IV. बोर्डिंग केनेल ( पालतु श्वान/निराश्रित श्वान रखने हेतु ) का प्रत्येक एक वर्ष में लाइसेंस एवं नवीनीकरण किया जायेगा। जिसका निर्धारित शुल्क परिशिष्ट -01 (क्र0सं0-01 ) के अनुसार नगर निगम को देय होगा । नगर निगम के प्राधिकृत अधिकारी समय- समय पर लाइसेंस का निरीक्षण करेंगे । बोर्डिंग केनेल हेतु उपविधि के प्रकाशन होने के एक माह के भीतर पंजीकरण कराना आवश्यक होगा ऐसा न करने पर परिशिष्ट -02 (क्र 0 सं0-4 क) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही की जायेगी । बोर्डिंग केनेल हेतु पंजीकरण समाप्ति की तिथि से 15 दिवस के भीतर पंजीकरण /नवीनीकरण न कराने पर विलंब शुल्क परिशिष्ट -02 ( क्र 0 सं0-4 ख ) के अनुसार देय होगा ।

V. प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर ( पाँच या पाँच से अधिक पालतु श्वान/निराश्रित श्वान पाले जाने /देखभाल किये जाने हेतु ) का प्रत्येक एक वर्ष में लाइसेंस का नवीनीकरण किया जायेगा । प्राइवेट श्वान पशु शुल्टर हेतु लाईसेंस एवं नवीनीकरण शुल्क परिशिष्ट -01 (क्र0 सं0-02 क) के अनुरूप तथा प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर में रखे हुये प्रति श्वान हेतु निर्धारित पंजीकरण शुल्क (श्वान के नस्ल के अनुसार ) परिशिष्ट-01 (क्र 0 सं0-02 ख ग घ) के अनुसार नगर निगम को देय होगा। नगर निगम के प्राधिकृत अधिकारी समय - समय पर लाइसेंस का निरीक्षण करेंगे । पंजीकरण न करने की दशा में कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है ।

VI . प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर / बोर्डिंग केनेल यदि किसी आवासीय क्षेत्र के निकट स्थित होगा तो उसमें पशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सभी प्रावधान पूर्ण करने होगें तथा यदि ऐसे श्वान पशु शेल्टर / बोर्डिंग केनेल पर ए ० डब्ल्यू० बी ०आई / एस ० पी० सी ०ए ०/स्टेट एनिमल वेलफेयर बोर्ड के प्रावधानों को पूर्ण नहीं किया जाता है तो इस पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है ।

नियम 9- ऐसे प्रत्येक व्यक्ति जो श्वान (कुत्ते) के स्वामी हो वो एस ०पी ०सी ० ए०/ भारत सरकार / राज्य सरकार/मा ० न्यायालय /किसी न्यायधीकरण द्वारा समय - समय पर जारी आदेश और निर्णय का भी पालन करना अनुज्ञा धारक की जिम्मेदारी होगी ऐसे न करने पर उपविधि का उल्लंघन माना जायेगा (Annexure -B ) ।

नियम 10- प्रत्येक ऐसे श्वान (कुत्ते ) जिसका पंजीकरण होना है, के ( 1 ) लिंग (2) रंग (3) नस्ल (यदि ज्ञात हो ) (4) रेबीज टीकाकरण की तिथि की सूचना सहित पशुचिकित्सा अनुभाग, नगर निगम , देहरादून को उसके स्वामी द्वारा निर्धारित माध्यमों पर आवेदन कर प्रेषित करना होगा अथवा नगर निगम की वेबसाईट पर आवेदन करना अनिवार्य होगा।

| - श्वान पशुओं का पंजीकरण दो श्रेणियों में होगा ।

a ) घरेलू (नॉन ब्रीडिंग )

b) ब्रिडिंग श्रेणी 99 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

11- घरेलू श्रेणी के पशुस्वामी को सामान्य श्धानपशु के पंजीकरण / लाईसेंस हेतु शुल्क परिशिष्ट -01 (क्र0सं0-03 क) के अनुरूप तथा पीटबुल ( Pitbull) रॉट वीलर ( Rottweiler ) तथा डोगो अर्जेन्टीनों (Dogo Argentino) , अमेरिकैन बुलडॉग (American Bulldog) एवं अन्य अति आक्रामक श्धानपशुओं (Annexure -C ) हेतु पंजीकरण/ लाईसेंस शुल्क परिशिष्ट-01 (क्र 0 सं0-03 ख) के अनुरूप जमा करना होगा । अति आक्रामक श्वानपशुओं के नौ माह की आयु पूर्ण होने के उपरांत उसका ए० बी ० सी० सर्जरी प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा तथा आवेदन पत्र के साथ श्वान ( कुत्ते ) को एंटी रेबीज वैक्सीन का टीका लगा होने का प्रमाण -पत्र भी प्रस्तुत करना होगा ।

इच्छुक श्वान प्रेमियों द्वारा निराश्रित श्वानों को गोद लिये जाने हेतु संबंधित नगर निगम से प्राप्त प्रारूप ( अति सरल भाषा में तथा न्यूनतम औपचारिकताओं के साथ ) के अनुरूप निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से आवेदन किया जायेगा, गोद लिये गये धानों को चिन्हित कर उन्हें गोद लेने की विधिवत् अनुमति प्रदान की जायेगी , परन्तु एक बार गोद लिये जाने के उपरांत संबंधित व्यक्ति/संस्था द्वारा गोद लिये गये श्वानों का परित्याग नहीं किया जायेगा ऐसा तभी सम्भव है जब विधिवत् तरीके से गोद लिये गये श्वान का पंजीकरण गोद लिये गये स्वामी द्वारा कराया जायेगा । ऐसे श्वानों का पंजीकरण नगर निगम द्वारा निःशुल्क किया जायेगा तथा नगर निगम के ए.बी.सी. सेण्टर में ए.बी.सी. सर्जरी एवं प्रथम वैक्सीन भी निःशुल्क लगायी जायेगी ।

IV- पालतु श्वान स्वामी को लाईसेंस लेने की तिथि से एक वर्ष पूर्ण होने के उपरांत पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए आवेदन वर्तमान में निर्धारित शुल्क (अथवा जो भी नगर निगम द्वारा उस वर्ष के लिये निर्धारित किया जायेगा ) परिशिष्ट-01 (क्र०सं०-04 क एवं ख) सहित प्रेषित करना होगा ।

V- नगर निगम, देहरादून अर्न्तगत समस्त आर 0 डब्ल्यू० ए० ( RWA) से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने सोसायटी के पालतु श्वानमालिकों की जानकारी नगर निगम को उपलब्ध करायेंगें । ऐसे धान स्वामियों जिनके द्वारा अपने पालतु धानों का ससमय पंजीकरण/ नवीनीकरण तथा टीकाकरण नहीं कराया जाता है तथा वह श्वान स्वामी आर 0 डब्ल्यू0 ए 0 ( RWA) का निवासी है तो ऐसे श्वान स्वामियों के लिये आर 0 डब्ल्यू0 ए0 ( RWA ) भी उत्तरदायी होगा तथा श्वान स्वामी के प्रतिनिधि के रूप में नोटिस की कार्यवाही आर ० डब्ल्यू० ए ० ( RWA ) पर की जायेगी ।

VI- पालतु श्वान स्वामी द्वारा अपने श्वानों को परित्याग करना गम्भीर अपराध की श्रेणी में आयेगा ऐसे श्वान स्वामियों के दोषी पाये जाने पर एफ ० आई ० आर ० की जा सकती है तथा परिशिष्ट -02 (क्र 0 सं0-05 ) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही की जायेगी।

नियम 11- पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण ( पालतू पशु दुकान ) नियम, 2018: (Annexure -D) के नियम -03 द्वारा पंजीकरण के बिना पालतू पशु दुकानों के प्रचालन को प्रतिषेधित किया गया है तथा नियम -14 के अनुसार किसी भी पालतू पशु दुकान को स्थानीय प्राधिकारी द्वारा अनुज्ञप्ति तब तक नहीं दी जायेगी, जब तक पालतू पशु दुकान हेतु उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड से पंजीकरण प्रमाण- पत्र प्राप्त न कर लिया हो । पालतु पशु दुकान के पंजीकरण / लाईसेंस नगर निगम, देहरादून द्वारा इस प्रतिबन्ध के साथ प्राप्त किया जा सकता है कि वह छः माह के भीतर उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड से पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करेगा।

नियम 12- पेट शॉप (पालतू पशु दुकान ) हेतु उपविधि के प्रकाशन उपरांत एक माह के भीतर लाईसेंस लेना अनिवार्य होगा जिसका निर्धारित शुल्क पंजीकरण एवं नवीनीकरण हेतु परिशिष्ट-01 (क्र 0सं0-05 क ख ) के अनुरूप 100

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

देय होगा । तत्पश्चात उपविधि के प्रकाशित होने से एक माह के भीतर पंजीकरण न कराने पर परिशिष्ट- 02 (क्र 0स0-06 क) के अनुरूप देय होगा तथा पंजीकरण समाप्ति की तिथि से 30 दिवस के भीतर नवीनीकरण न कराने पर विलंब शुल्क परिशिष्ट -02 (क्र0 सं0-06 ख ) के अनुरूप देय होगा।

नियम 13- ब्रीडिंग फार्म के स्वामी द्वारा ब्रीडिंग फार्म का पंजीकरण उपविधि के प्रकाशित होने की तिथि से एक माह के भीतर कराना अनिवार्य होगा जिस पंजीकरण शुल्क परिशिष्ट-01 (क्र 0 सं0-06 क) के अनुरूप तथा ब्रिडिंग श्रेणी के श्वानों हेतु लाईसेंस शुल्क परिशिष्ट-01 (क्र 0 सं0-06 ख) के अनुरूप देय होगा। पशु स्वामी को पशु ब्रिडिंग नियमों के पालन का शपथ - पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा व ब्रिड़िग फार्म हेतु नगर निगम में पंजीकरण की तिथि से उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड से छः माह के भीतर पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने की स्थिति में परिशिष्ट -02 (क्र 0 सं0-07 क ख ) के अनुरूप प्रतिमाह की दर से देय होगा । ब्रीडिंग फार्म का नवीनीकरण न कराने पर परिशिष्ट-02 (क्र0सं0-07 ग ) के तहत विलंब शुल्क देय होगा । ब्रीडिंग फार्म के संचालक का यह उत्तरदायित्व होगा कि नगर निगम देहरादून क्षेत्रार्न्तगत वह जिस भी श्वान मालिक को श्वान ( किसी भी आयु का ) विक्रय करेगा उसका विक्रय का प्रमाण - पत्र नगर निगम को प्रस्तुत करेगा तथा उस श्वान का पंजीकरण ब्रीडिंग फार्म के संचालक द्वारा (श्वान मालिक के नाम ) कराना आवश्यक होगा (यदि श्धान 03 माह से अधिक का हो ) । ऐसा न करने पर उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकती है ।

नियम 14- प्रत्येक पालतु श्वान (कुत्ते ) के पंजीकरण के पश्चात उसके पंजीयन संख्या का टोकन जारी किया जायेगा जो पालतु श्वान के गले में सदैव उपलब्ध रहेगा । भविष्य में टोकन के स्थान पर माइक्रोचिप अथवा अन्य कोई व्यवस्था लागू होने पर उसी प्रकार का प्रावधान किया जायेगा।

नियम 15- किसी भी लाईसेंस के टोकन के खो जाने की दशा में उसके स्वामी की लिखित सूचना पर दूसरा टोकन परिशिष्ट -01 (क्र 0 सं0-07 ) के अनुरूप जारी किया जा सकेगा कुत्ते के गले में टोकन ना पाये जाने की स्थिति में श्वान ( कुत्ता ) लाईसेंस रहित माना जायेगा।

नियम 16- देहरादून नगर निगम द्वारा पीटबुल ( Pitbull) रॉट वीलर ( Rottweiler ) तथा डोगो अर्जेन्टीनों ( Dogo Argentino) , अमेरिकैन बुलडॉग (American Bulldog ) एवं अन्य (Annexure -C) जैसे आक्रामक श्वानों का ब्रीडिंग ( Breeding ) प्रतिबन्धित किया जाता है । जिस किसी के पास पहले से ये श्वान हैं , वो उन श्वानों का पंजीकरण इस शर्त के आधार पर करायेगें कि यदि वह श्वान नौ माह की आयु को पूर्ण कर चुका है तो पंजीकरण की अवधि से तीन माह के भीतर उसका नसबंदी कर प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करेगें तथा यदि इन प्रजातियों के श्वान नौ माह से कम आयु के हैं तो उसका बधियाकरण प्रमाण- पत्र उस श्वान के बारह माह की आयु पूर्ण होने तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा अन्यथा परिशिष्ट-02 (क्र0 सं0-08 क) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही की जायेगी तथा वैक्सीनेशन ( रेबीज ) अपडेट न कराने अथवा वैक्सीनेशन (रेबीज) की सूचना उपलब्ध न कराने पर परिशिष्ट -02 (क्र 0स0-08 ख ) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही की जायेगी । विलंब से प्रेषित श्वानों के लिये नवीनीकरण प्रार्थना-पत्र पर वेद्यता तिथि से 30 दिवस के उपरांत परिशिष्ट -02 (क्र0 सं0-08 ग) के अनुरूप विलंब शुल्क देय होगा।

नियम 17- पालतु श्वान के किसी को काटे जाने पर शिकायत आने के क्रम में सामान्य श्वान द्वारा काटे जाने पर मामूली घाव अथवा गम्भीर घाव के लिये परिशिष्ट-02 ( क्र 0 सं0-09 क, ख ) तथा अति आक्रामक श्वान के काटे जाने पर (जैसे पिटबुल / राटविलर आदि ) परिशिष्ट -02 (क्र 0 सं0-09 ग) के अनुरूप अर्थदण्ड की कार्यवाही मौके पर जाकर प्राथमिक जांच उपरांत अनिवार्य रूप से की जायेगी । साथ ही पालतू धान के मी पर पुलिस में एफआईआर दर्ज की जा सकती है और उनका श्वान जब्त किया जा सकता है ।

101 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

नियम 18- पालतु श्वानों के अत्यधिक भौंकने की बार- बार शिकायत आने पर परिशिष्ट -02 (क्र0 सं0-10 ) के अनुरूप अर्थदण्ड एवं नोटिसी कार्यवाही की जा सकती है । ऐसे अत्यधिक भौंकने वाले श्वानों को (जो असमय जैसे देर रात में अथवा पड़ोसियों के अत्यधिक बीमार होने पर अथवा किसी अन्य बहुत जरूरी कारण से की गई शिकायत के क्रम में ) पशु श्वान स्वामी द्वारा समय - समय पर मजल लगाकर रखना होगा ।

नियम 19- प्रत्येक ऐसा पालतु श्वान (कुत्ता ) जो सार्वजनिक स्थल पर बिना गले में टोकन के पाया जायेगा पकड़कर जब्त किया जा सकता है । यदि मालिक संग बिना टोकन के पाया जाएगा तो परिशिष्ट-02 (क्र 0सं0-11 ) के अनुरूप अर्थदण्ड आरोपित किया जाएगा ।

नियम 20- नगर निगम / RWA (रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसायटी ) आवारा श्वान को खाना खिलाने के लिए फीडिंग पॉइंट/ स्थान चिह्नित करेगी ।

1. पशु प्रेमी नगर निगम / RWA (रेजीडेंट्स वेलफेयर सोसायटी ) द्वारा स्थापित किए फीडिंग स्थान पर ही आवारा श्वान को खाना खिलाना अनिवार्य होगा. चिह्नित फीडिंग पॉइंट के अलावा खाना खिलाने पर परिशिष्ट -02 (क्र0 सं0-12 क) के अनुरूप अर्थदण्ड आरोपित किया जाएगा ।

II . फीड स्पॉट नामित करते समय श्वानों की आबादी और उनके संबंधित क्षेत्रों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पारस्परिक रूप से सहमत (आर ०डब्ल्यू० ए ० , नगर निगम तथा पशु प्रेमी द्वारा सुझाये गये स्थान ) स्थान पर होना चाहिए जो बच्चों के खेलने के क्षेत्रों , प्रवेश और निकास बिंदुओं , सीढियों से दूर होंगे तथा स्कूल , धर्मस्थल , वैवाहिक स्थल आदि ऐसे क्षेत्रों से या ऐसे क्षेत्रों में होंगे जहां बच्चों और ज्येष्ठ नागरिकों द्वारा कम में कम बार आने की संभावना हो ।

बच्चों , ज्येष्ठ नागरिकों , खेलों के लिए आवाजाही के आधार पर भोजन का समय निर्धारित करना , जिसमें बच्चों और ज्येष्ठ नागरिकों द्वारा कम से कम बार आने की संभावना हो ।

IV . प्रत्येक भोजन स्थल के समीप स्पष्ट सूचना पट्ट लगाए जाएंगे ।

V. फीडर ये सुनिश्चित करेगा/ करेगी की फीडिंग पॉइंट कर कोई गंदगी ना हो । ऐसा होने पर इनके विरुद्ध परिशिष्ट -02 (क्र0 सं0-12 ख ) के अनुरूप अर्थदण्ड कार्यवाही अमल में लायी जा सकती है।

नियम 21- श्वानों के काटने अथवा रेबीज की शिकायतों हेतुः-

1. नगर निगम द्वारा जारी 24x7 पशु हेल्पलाइन नम्बरों पर सूचना दर्ज की जा सकती है जो काटने की घटनाओं अथवा रेबीज की आशंका संबंधी शिकायतों का निस्तारण ABC Rules , 2023 के Rule 16, (Annexure attached) के अनुसार तथा माननीय न्यायालयों के द्वारा समय- समय पर दिये गये आदेशों /दिशा - निर्देशों तथा अन्य विधिवत माध्यमों से प्राप्त सुझावों के आधार पर किया जायेगा ।

II . प्रत्येक शिकायत हेतु स्थायी रजिस्टर में केस संख्या सहित निम्न सूचना दर्ज की जाएगी:

* शिकायतकर्ता का नाम व पता

* तिथि एवं समय

* शिकायत का स्वरूप

श्वानों द्वारा बार- बार काटने तथा अत्यधिक आक्रामक श्वान की शिकायत प्राप्त होने पर संबधित क्षेत्र के पशुचिकित्सा अधिकारी / मोबाइल वैन के पशुचिकित्सक/एस ० पी ० सी ० ए० के प्रतिनिधि में से किन्ही दो के द्वारा पुष्टि होने पर ऐसे श्वानों को पकड़कर निगरानी हेतु 102

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09,1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

ए ० बी० सी० केंद्र/ डॉग शैल्टर में रखा जाएगा तथा निगरानी का समय समाप्त होने पर यदि श्वान के लक्षण रेबीज के नही होते है तो उसको यथा स्थान पर छोड दिया जायेगा।

IV. यदि रेबीज नहीं है , परंतु अन्य रोग या आक्रामकता हो, तो श्वान AWO (एनिमल वेलफेयर आर्गनाईजेशन ) को सौंपा जाएगा , जो उचित उपचार के पश्चात निगरानी / क्वारांटइन पूर्ण होने पर उसे समय - समय पर माननीय न्यायालयों द्वारा प्राप्त सुझावों एवं आदेशों अथवा अन्य नियमों अनुसार उचित स्थान पर मुक्त करेगा ।

V. रेबीज से मृत श्वानों के शवों का Incinerator या निर्देशित विधियों से निस्तारण किया जाएगा ।

VI . कोई भी श्वान मालिक अपने पालतू श्वान को घर के अन्दर दिनभर बाँध कर नहीं रखेगा जिससे की पड़ोसी को कोई तकलीफ़ हो और श्वान को भी अनावश क्रूरता / दर्द हो। यथासम्भव श्धान मालिक यह प्रयास एवं व्यवस्था करेगा कि अपने पालतु श्वान को प्रशिक्षण भी प्रदान करें जिससे कि वह अनावश्यक रूप से भौंकने एवं आक्रामकता का परिचय न दे ।

VII . प्रत्येक नगर निगम को एबीसी, 2023 (Annexure attached) के नियम 9 के अनुसार पशु जन्म नियंत्रण निगरानी समिति (ABC Monitoring Committee ) का गठन करना होगा।

VIII . नगर निगम द्वारा प्राधिकृत अन्य कोई अधिकारी / कर्मचारी किसी श्वान / कुत्ते के गृह किउचित देखभाल आदि का निरीक्षण किसी भी दिवस कर सकता है । पालतू पशु स्वामी को इस निमित्त नगर निगम द्वारा प्राधिकृत अधिकारी/ कर्मचारी के आदेशों/ सुझावों होगा । पालन करना अनिवार्य

ह० (अस्पष्ट)

नगर आयुक्त , नगर निगम , देहरादून 103 भाग 8]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

परिशिष्ट -01

नगर निगम देहरादून द्वारा श्धान पशुओं के नियमावली 2025 के अर्न्तगत लाईसेंस /नवीनीकरण शुल्क

नियम संख्या क्रं०सं ०

विवरण

शुल्क

1

नियम 08 ( iv )

बोर्डिंग केनेल हेतु लाइसेंस एवं नवीनीकरण

रू0 3000/- प्रति वर्ष

रू 0 1000/- प्रति वर्ष (क) प्राइवेट श्वान पशु शेल्टर हेतु लाइसेंस एवं नवीनीकरण

i

रू0 200/- प्रतिपशु प्रति वर्ष (ख ) देशी नस्ल के श्वान हेतु पंजीकरण एवं नवीनीकरण शुल्क 15 श्वान तक

15 श्वान से अधिक (सोलहवें से ) होने पर

रू0 50/- प्रति श्वान पशु 2

नियम 08 (v)

रू0 300/- प्रतिपशु प्रति वर्ष (ग ) अन्य नस्ल के सामान्य प्रजाति के श्वान हेतु पंजीकरण एवं नवीनीकरण शुल्क 10 श्वान तक

10श्वान से अधिक (ग्यारहवें से ) होने पर

रू0 50/- प्रति श्वान पशु

रू0750 /-

(घ) अन्य नस्ल के बडी प्रजाति/ अति आक्रामक श्वान का पंजीकरण एवं नवीनीकरण शुल्क क्रमशः एक वर्ष हेतु 05 श्वान तक

रू0 250/- प्रति धान पशु 05 श्वान से अधिक होने पर पंजीकरण/ नवीनीकरण शुल्क

रू0 500/- प्रति श्वान पशु

3

नियम 10 ( ii )

(क) घरेलू श्रेणी/ नॉन ब्रीडिंग के सामान्य पालतु श्वान (कुत्ता ) पशु का पंजीकरण/ लाईसेंस शुल्क एक वर्ष हेतु

रू0 2000/- प्रति श्वान पशु (ख ) बड़ी प्रजाति तथा अति आक्रामक श्वानपशुओं हेतु (Annexure attached ) पंजीकरण/ लाईसेंस शुल्कएक वर्ष हेतु

रू0 750/- प्रति धान पशु

4

नियम 10 ( iv)

(क ) बड़ी प्रजाति तथा अति आक्रामक श्धानपशुओं हेतु (Annexure attached ) नवीनीकरण शुल्क एक वर्ष हेतु

रू0 300/- प्रति श्वान पशु (ख ) घरेलू श्रेणी/नॉन ब्रीडिंग के सामान्य पालतु श्वान (कुत्ता ) पशु का नवीनीकरण शुल्क एक वर्ष हेतु 104

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी, 2026 ई० (फाल्गुन 09 , 1947 शक सम्वत्)

[भाग 8

5

नियम 12

रू0 2000 /- प्रति वर्ष (क ) पेट शॉप हेतु लाईसेंस शुल्क

रू0 1000 / - प्रति वर्ष (ख ) पेट शॉप हेतु नवीनीकरण शुल्क

रू0 2000/- प्रति तीन वर्ष (क ) ब्रीडिंग फार्म का पंजीकरण हेतु शुल्क ब्रीडर द्वारा

6

नियम 13

(ख ) ब्रिडिंग श्रेणी हेतु लाईसेंस शुल्क Breeder

द्वारा

रू0 200/ - प्रति धान प्रतिवर्ष

7

नियम 15

रू0 100/- प्रति धान लाईसेंस के टोकन के खो जाने की दशा में दूसरा टोकन जारी करने हेतु शुल्क 105 भाग 8 ]

उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई० (फाल्गुन 09, 1947 शक सम्वत्)

परिशिष्ट-02

नगर निगम देहरादून द्वारा श्वान पशुओं के नियमावली 2025 के अर्न्तगत अनिवार्य अर्थदण्ड (चालान /जुर्माना) शुल्क

क्र०सं०

नियम

विवरण

शुल्क

रू० 5000 / - प्रति श्वान (क) बिना पंजीकरण श्वान पाले जाने पर (घरेलू/ नॉन ब्रीडिंग/सामान्य श्वान )

1

नियम 04

रू0 2000/ - प्रतिमाह (ख ) वैक्सीनेशन (रेबीज टीकाकरण ) अपडेट न कराने पर

रू० 500/- प्रतिमाह प्रति श्धान

( ग) नवीनीकरण विलंब शुल्क (वैद्यता समाप्त होने की तिथि से एक माह (30 दिवस ) के उपरांत )

रू0 3000 / - प्रति श्वान 2

नियम 06

पालतु श्वान को सार्वजनिक स्थलों / पार्कों तथा खुले में शोच कराने पर ( परन्तु यदि वह तत्काल साफ करता है तो जुर्माना लागू नहीं होगा )

रू0 3000 / - प्रति श्वान 3

नियम 07

पालतु श्वान को स्वयं या केयरटेकर की निगरानी के बिना घर के बाहर तथा बिना पट्टा, मजल एवं चैन के सार्वजनिक स्थलों /पार्कों में ले जाने पर

रू 0 500 / - प्रतिमाह

4.

(क ) बोर्डिंग केनेल हेतु उपविधि के प्रकाशन होने के एक माह के भीतर पंजीकरण न कराने पर

नियम 8 ( IV)

रू 0 500 / - प्रतिमाह ( ख ) बोर्डिंग केनेल हेतु पंजीकरण समाप्ति की तिथि से पन्द्रह दिवस के भीतर नवीनीकरण न कराने पर विलंब शुल्क

5

10

नियम

रू0 20,000/- प्रति श्वान पालतु श्वान स्वामी द्वारा अपने श्वानों को परित्याग करने पर

(VI)

रू 0 300 / - प्रतिमाह (क ) पेट शॉप ( पालतू पशु दुकान ) हेतु उपविधि के प्रकाशन उपरांत एक माह के भीतर लाईसेंस न लेने पर

6

नियम 12

रू0 200 /- प्रतिमाह (ख ) पंजीकरण समाप्ति पर नवीनीकरण न कराने पर विलंब शुल्क

रू0 200/ - प्रतिमाह (क ) ब्रिड़िग फार्म हेतु उपविधि प्रकाशित होने से एक माह के भीतर पंजीकरण न कराने से प्रतिमाह विलंब शुल्क

रू0 500/- प्रतिमाह 7

नियम 13

(ख ) ब्रिड़िग फार्म हेतु नगर निगम में पंजीकरण की तिथि से उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड से छः माह के भीतर पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त न कराने पर

रू0 300/- प्रतिमाह (ग ) ब्रीडिंग फार्म का पंजीकरण समाप्त होने की तिथि से 30दिन उपरांत पंजीकरण नवीनीकरण न कराने पर विलंब शुल्क 106

[भाग 8 उत्तराखण्ड गजट , 28 फरवरी , 2026 ई ० (फाल्गुन 09 , 1947 शक सम्वत्)

रू0 20,000/- प्रति श्धान

8

नियम 16

(क) पीटबुल ( Pitbull ) रॉट वीलर ( Rottweiler) तथा डोगो अर्जेन्टीनों ( Dogo Argentino ) , अमेरिकैन बुलडॉग (American Bulldog) एवं अन्य (Annexure attached) जैसे आक्रामक श्वानों का पंजीकरण एवं नसबंदी न कराने पर

(ख ) वैक्सीनेशन (रेबीज टीकाकरण ) अपडेट न कराने पर रु० 5000 / - प्रतिमाह

( ग ) नवीनीकरण विलंब शुल्क ( वैद्यता समाप्त होने की तिथि से एक माह (30 दिवस ) के उपरांत )

रु ० 500/ - प्रतिमाह प्रति धान

(क) पालतु श्वान के काटे जाने पर सामान्य घाव होने पर रू0 5,000/ -

रू0 15,000/- 9

(ख ) पालतु श्वान के काटे जाने पर बड़े घाव होने पर

नियम 17

रू0 30,000/ - (ग ) बड़ी प्रजाति के अति आक्रामक पालतु श्वान के काटे जाने पर गम्भीर घाव होने पर

10

नियम 18

रू0 2,000/ - पालतु श्वानों के अत्यधिक भौंकने की बार- बार शिकायत आने पर जांच उपरांत

11

नियम 19

रू० 300/- प्रति श्वान पालतु श्वान जो सार्वजनिक स्थल पर बिना गले में टोकन के मालिक संग पाये जाने पर

नियम 20 (1 )

रू0 2000 /- प्रत्येक बार (क ) चिह्नित फीडिंग पॉइंट के अतिरिक्त खाना खिलाने पर

12

नियम 20 (V)

रु० 1000/- प्रत्येक बार (ख ) फीडर द्वारा फीडिंग प्वांइट पर गंदगी करने पर

ह ० ( अस्पष्ट)

नगर आयुक्त,

नगर निगम , देहरादून

पी० एस ० यू० ( आर० ई ० ) 09 हिन्दी गजट / 37 - भाग 8-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो ) ।

मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।

Cite this issue. Uttarakhand Weekly Gazette, Government of Uttarakhand, 12 February 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarakhand_weekly.2026-02-12.4425-160326105448/. Archive identifier in.gazette.uttarakhand_weekly.2026-02-12.4425-160326105448.