पंजीकरण संख्या- UA/ DO / DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की
[ संख्या-29 खण्ड–27 ] रुड़की , शनिवार, दिनांक 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
विषय - सूची
प्रत्येक भाग के पृष्ठ अलग - अलग दिये गए हैं , जिससे उनके अलग -अलग खण्ड बन सकें
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु०
सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075
1500
407-467
भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
1500
177-179
भाग 1 - क-नियम , कार्य -विधियां, आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
975 भाग 2-आज्ञाएं , विज्ञप्तियां , नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां , भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों के उद्धरण
975 भाग 3- स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, नगर प्रशासन, नोटीफाइड एरिया, टाउन एरिया एवं निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा पंचायतीराज आदि के निदेश जिन्हें विभिन्न आयुक्तों अथवा जिलाधिकारियों ने जारी किया
975 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तराखण्ड
975 भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल , उत्तराखण्ड
975 भाग 6-बिल , जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किए गए या प्रस्तुत किए जाने से पहले प्रकाशित किए गए तथा सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 7 - इलेक्शन कमीशन ऑफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975 भाग 8-सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
975
329-331
स्टोर्स पर्चेज - स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ - पत्र आदि
1425
407-क 408
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान- नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
नागरिक उड्डयन अनुभाग
अधिसूचना
10 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या-775 / IX / 01 (20) 2023 - राज्यपाल उत्तराखण्ड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत दूरस्थ पर्वतीय भू- भाग में आपातकालीन चिकित्सा , आपदा व पर्यटन आदि आवश्यक सेवाओं और सुविधाओं के निर्बाध रूप से वायु मार्ग से पहुंच बढाये जाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड निजी हैलीपैड एवं हैलीपोर्ट नीति , 2025 अधिसूचित किए जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
उत्तराखण्ड निजी हैलीपैड एवं हैलीपोर्ट नीति, 2025
1. प्रस्तावना
उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ एक महत्वाकांक्षी सशक्त उत्तराखण्ड मिशन शुरू किया है । जहाँ राज्य का पर्वतीय भू- भाग एक ओर प्राकृतिक सुन्दरता से व्याप्त है वही दूसरी ओर आपातकालीन चिकित्सा, आपदा सेवाओं और पर्यटन के मामले में पहुँच (संयोजकता) हेतु विशिष्ट चुनौतियां भी पेश करता है । इन चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार हैलीपैड और हैलीपोर्ट की अपार संभावनाओं को पहचानती है ।
इस आलोक में , राज्य में नागरिक उड्डयन के बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए उत्तरदायी उत्तराखण्ड सरकार के अधीन नोडल निकाय, उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (" यूकाडा" या " प्राधिकरण ") के माध्यम से " उत्तराखण्ड निजी हैलीपैड और हैलीपोर्ट नीति, 2025 " प्रस्तुत की है ।
इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य राज्य भर में पहुंच और सुगम्यता (कनेक्टिविटी) को बढ़ावा देना ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दूरदराज के क्षेत्र भी आवश्यक सेवाओं और सुविधाओं से निर्बाध रूप से जुड़े रहें । हैलीपैड आपात स्थिति के दौरान जीवन रेखा के रूप में काम करेंगे , जिससे गंभीर चिकित्सा उपचार हेतु त्वरित एवं कुशल निकासी संभव होगी । इसके अलावा , हैलीपैड / हैलीपोर्ट बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने से पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे समृद्ध यात्रियों को राज्य के सुरम्य क्षेत्रों तक त्वरित आवागमन सम्भव होगा ।
यह नीति सतत और समावेशी विकास के सिद्धांतों पर आधारित है । यह निजी निवेश को प्रोत्साहित करता है और नियामक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करता है । जैसा कि राज्य इस परिवर्तनकारी यात्रा पर आगे बढ़ रहा है , यह यूकाडा का भविष्य का दृष्टिकोण है जहां हमारे पर्वतीय राज्य का हर कोना प्रगति के पंखों द्वारा समर्थित हो जिनका प्रतीक हैलीपैड और हैलीपोर्ट हैं ।
भाग 1 ]
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2. दृष्टिकोण एवं उद्देश्य
दृष्टिकोण का विवरण
" सुव्यवस्थित नियमों के माध्यम से कनेक्टिविटी एवं पर्यटन को बढ़ावा देना तथा निजी क्षेत्र के हैलीपैड विकास व बुनियादी ढांचे के निवेश को प्रोत्साहित करना "
उद्देश्य
उत्तराखण्ड सरकार पर्यटन और चिकित्सा एवं आपदा सेवाओं जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए परिवहन के साधन के रूप में हेलीकॉप्टरों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देना चाहती है । तद्नुसार, नीति के उद्देश्य इस प्रकार हैं:
कनेक्टिविटी बढ़ानाः विशेष रूप से दूरस्थ और पर्यटन- संचालित क्षेत्रों में पहुंच में सुधार के लिए रणनीतिक रूप से स्थित हैलीपैड/ हैलीपोर्ट का एक नेटवर्क विकसित करना , जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आसान परिवहन विकल्प उपलब्ध हों ।
पर्यटन को बढ़ावाः लोकप्रिय स्थलों, सांस्कृतिक स्थलों और प्राकृतिक आकर्षणों तक आसान पहुंच प्रदान करके, पर्यटन विकास के लिए उत्प्रेरक के रूप में हैलीपैड और हैलीपोर्ट का उपयोग करना, जिससे समग्र आगंतुक अनुभव में वृद्धि हो ।
निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करनाः निजी निवेशकों को आकर्षित करने और आवाजाही के अल्पसेवित क्षेत्रों में हैलीपैड / हैलीपोर्ट के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कर प्रोत्साहन , अनुदाने और अन्य वित्तीय लाभ प्रदान करना ।
निगरानी और मूल्यांकनः कनेक्टिविटी एवं पर्यटन उद्देश्यों को प्राप्त करने में नीति की प्रभावशीलता का नियमित रूप से आकलन करना तथा इसकी निरंतर सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समायोजन करना ।
3. नीति की वैधता
यह नीति 31 मार्च, 2028 तक अथवा नई नीति द्वारा अधिक्रमित किए जाने तक प्रभावी रहेगी ।
4. हैलीपैड और हैलीपोर्ट
हैलीपैड को हवाई अड्डे या किसी संरचना पर एक निर्धारित क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है जिसका उपयोग हेलीकॉप्टरों के आगमन व प्रस्थान के लिए पूर्ण या आंशिक रूप से किया जाता है । भारत में हैलीपैडों को नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (हवाई अड्डा मानक) के उपयोग हेतु डी.जी.सी.ए. द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों की धारा -4, श्रेणी "बी" , भाग I, II , III , का पालन करना होगा ।
हैलीपोर्ट को हवाई अड्डे या किसी संरचना पर एक निर्धारित क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है जिसका उपयोग हेलीकॉप्टरों के आगमन व प्रस्थान और सतह की आवाजाही के लिए पूर्ण या आंशिक रूप से किया जाता है । हैलीपैड को मुख्य लैंडिंग / टेक ऑफ सुविधा के रूप में शामिल करने के अलावा, हेलीपोर्ट में आमतौर पर हेलीकॉप्टरों के लिए ईंधन भरने, रखरखाव और अन्य मूल्य वर्धित सेवाओं के प्रावधान भी होते हैं । भारत में हैलीपोर्टों को नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (हवाई अड्डा मानकों) के 410
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उपयोग हेतु डी.जी.सी.ए. द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों की धारा -4, श्रेणी "बी" , भाग I, II, III, का पालन करना होगा ।
5. हैलीपैड /हैलीपोर्ट विकास और प्रोत्साहन
विकल्प 1- भू-स्वामी द्वारा हैलीपैड/ हैलीपोर्ट विकास के लिए प्राधिकरण को पट्टे पर भूमि प्रदान करना (एक निर्दिष्ट अवधि के लिए ओ एंड एम अधिकारों के साथ)
चयन प्रक्रिया
प्राधिकरण उन क्षेत्रों (पर्यटन स्थलों और अन्य स्थानों) को अधिसूचित करेगा, जहां उसका लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हैलीपैड और हैलीपोट विकसित करना है ।
प्राधिकरण खुले एवं पारदर्शी रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा ।
प्राधिकरण सड़क पहुंच, विकास व्यवहार्यता , प्रमुख पर्यटन स्थलों और नागरिक केंद्रों से दूरी आदि के आधार पर प्राप्त आवेदनों में से प्रति अधिसूचित क्षेत्र में एक या एक से अधिक भू- खण्ड (खण्डों) का चयन करेगा ।
भू- खण्ड के चयन के बाद , आवेदकों/ भू- स्वामियों को प्राधिकरण द्वारा एक एलओए जारी किया जाएगा और उन्हें यूकाडा के पक्ष में एक पट्टा विलेख पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होगी । पट्टा विलेख न्यूनतन 15 वर्ष की अवधि (ईओआई में निर्दिष्ट अवधि तक) के लिए वैद्य होगा ।
पात्रता
अधिसूचित क्षेत्रों के भू- स्वामी रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे ।
भूमि आवश्यकताएँः
हैलीपैड के लिए - भू- स्वामियों (या आवेदकों) के पास न्यूनतम निर्दिष्ट सड़क पहुंच के साथ न्यूनतम 1,000 वर्ग मीटर समतल भूमि क्षेत्र (30 मीटर x 30 मीटर की न्यूनतम लंबाई और चौड़ाई के साथ ) हो (प्राधिकरण ईओआई में संशोधित भूमि और सड़क पहुंच आवश्यकताओं को सुधार करने का अधिकार रखता है ) ।
हैलीपोर्ट के लिए भू- स्वामी (या आवेदकों) के पास न्यूनतम निर्दिष्ट सड़क पहुंच के साथ न्यूनतम 4,000 वर्ग मीटर समतल भूमि क्षेत्र (प्रत्येक तरफ न्यूनतम 50 मीटर) है । (प्राधिकरण ईओआई में संशोधित भूमि और सड़क पहुंच आवश्यकताओं को सुधार करने का अधिकार रखता है)
आवेदक को निम्नलिखित को आवेदन /ईओआई के भाग के रूप में प्रस्तुत करना होगा भाग 1 ]
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निर्धारित मापदंड के अनुसार भूमि का स्थान।
आवेदक द्वारा भूमि के स्वामित्व का प्रमाण (वहां पट्टाधारित संपत्ति को अनुमति है जहां उप- पट्टे दिए जा सकते हैं) ।
मुख्य सड़क से दूरी ।
भूमि का परिमाण।
आवेदन की जांच के बाद प्राधिकरण द्वारा अपेक्षित कोई अन्य दस्तावेज ।
विकास
चयनित भू- खण्ड को प्राधिकरण द्वारा उसके डिजाइन और विनिर्देशों और डीजीसीए नियमों के आधार पर हैलीपैड और हैलीपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
हैलीपैड / हैलीपोर्ट के वित्तपोषण और विकास की पूरी लागत का वहन प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा ।
प्राधिकरण एलओए पर हस्ताक्षर करने की तारीख से अधिकतम एक वर्ष के भीतर हैलीपैड / हैलीपोर्ट की सीओडी प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होगा ।
प्राधिकरण हैलीपैड / हैलीपोर्ट के विकास व संचालन के साथ रखरखाव के लिए सभी प्रासंगिक अनुमोदन (संचालन के लिए डीजीसीए लाइसेंस सहित) प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होगा ।
ओ एंड एम
प्राधिकरण के पास लीज डीड (" ओ एंड एम अवधि" ) पर हस्ताक्षर करने से 15 साल की अवधि (या ईओआई में निर्दिष्ट) के लिए विकसित हैलीपैड / हैलीपोर्ट पर विशेष मार्गाधिकार (आरओडब्ल्यू) और ओ एंड एम अधिकार होंगे ।
प्राधिकरण हैलीपैड /हैलीपोर्ट पर सभी उड़ान गतिविधियों की निगरानी और विनियमन करेगा ।
प्राधिकरण हैलीपैड / हैलीपोर्ट को परिचालन की देखभाल परिचालनगत तत्परता, सुरक्षा आदि सहित सभी व्यय वहन करेगा ।
प्राधिकरण ओ एंड एम अवधि के दौरान हैलीपैड/ हैलीपोर्ट उपयोगकर्ताओं से सभी राजस्व एकत्र करेगा ।
पट्टा किराया और राजस्व हिस्सेदारी
आवेदकों/ भू- स्वामियों को पट्टा (ग्राउण्ड का किराया) 100 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रति वर्ष का भुगतान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सफल आवेदक / भू- स्वामी 50 % राजस्व हिस्से का हकदार होगा, अर्थात् उसकी अधीनस्थ भूमि पर विकसित हैलीपैड / हैलीपोर्ट के ओ एंड एम से उत्पन्न सभी राजस्व का पचास प्रतिशत। इसे पिछली तिमाही की समाप्ति के 2 महीने के भीतर यूकाडा द्वारा दिया जाएगा ।
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[भाग 1
हैलीपैड /हैलीपोर्ट के उपयोगकर्ताओं से सभी लैंडिंग और पार्किंग शुल्क प्राधिकरण द्वारा एकत्र किए जाएंगे ।
यूकाडा समय - समय पर संशोधनों के साथ लैंडिंग और पार्किंग शुल्क अधिसूचित करता है, जो राज्य में सरकार द्वारा संचालित सभी हैलीपैड और हैलीपोर्ट पर लागू होते हैं, जिसमें इन नीति के अन्तर्गत विकसित हैलीपैड /हैलीपोर्ट भी सम्मिलित हैं ।
इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण विकसित हैलीपैड/ हैलीपोर्ट पर प्रदान की जा रही अन्य मूल्य वर्धित सेवाओं ( ईंधन, मरम्मत , सफाई , आदि) के आधार पर भी राजस्व एकत्र करेगा, जैसा भी मामला हो ।
भू-स्वामी को राजस्व हिस्सेदारी प्रदान करने और गणना करने के उद्देश्य से राजस्व गणना त्रैमासिक आधार पर की जाएगी ।
ओ एंड एम अवधि के पश्चात
आपसी सहमति से पट्टा बढ़ाया जा सकता है ।
ओ एंड एम अवधि के बाद, प्राधिकरण उस पर निर्मित सभी अचल संपत्तियों सहित जहाँ है जैसा है के आधार पर आवेदक को भूमि वापस कर देगा।
आवेदक हैलीपैड / हैलीपोर्ट को एक निजी सुविधा के रूप में संचालित करना जारी रखने या किसी अन्य उद्देश्य के लिए भूमि का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा, जैसा उचित समझा जाए ।
विकल्प 2 भू- स्वामी जो अपनी भूमि पर हैलीपैड/हैलीपोर्ट का वित्तपोषण और विकास करने के इच्छुक हैं
चयन प्रक्रिया
प्राधिकरण उन क्षेत्रों ( पर्यटन स्थलों और अन्य स्थानों) को अधिसूचित करेगा, जहां उसका लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हैलीपैड / हैलीपोर्ट विकसित करना है ।
प्राधिकरण एक खुली और पारदर्शी ईओआई प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा ।
प्राधिकरण सड़क पहुंच , विकास व्यवहार्यता, प्रमुख पर्यटन स्थलों और नागरिक केंद्रों से दूरी आदि के आधार पर प्राप्त आवेदनों में से प्रति अधिसूचित क्षेत्र में एक / एक से अधिक भू- खण्ड का चयन करेगा ।
उनके भू- खण्ड के चयन के बाद , आवेदकों / भू- स्वामियों को ईओआई में निर्दिष्ट अवधि के लिए प्राधिकरण द्वारा विकास के लिए एक सशर्त लाइसेंस जारी किया जाएगा ।
Θ पात्रता
अधिसूचित क्षेत्रों के भू- स्वामी ईओआई प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे ।
भाग 1 ]
413 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
भूमि आवश्याकताएँ:
हैलीपैड के लिए - भू- खामियों (या आवेदकों ) के पास न्यूनतम निर्दिष्ट सड़क पहुंच के साथ न्यूनतम 1,000 वर्ग मीटर समतल भूमि क्षेत्र (30 मीटर x 30 मीटर की न्यूनतम लंबाई और चौड़ाई के साथ ) है (प्राधिकरण ईओआई में संशोधित भूमि और सड़क पहुंच आवश्यकताओं को निर्दिष्ट करने का अधिकार रखता है) ।
हैलीपोर्ट के लिए - भू-स्वामियों (या आवेदकों) के पास न्यूनतम निर्दिष्ट सड़क पहुंच के साथ न्यूनतम 4,000 वर्ग मीटर समतल भूमि क्षेत्र (प्रत्येक तरफ न्यूनतम 50 मीटर) है (प्राधिकरण ईओआई में संशोधित भूमि और सड़क पहुंच आवश्यकताओं को निर्दिष्ट करने का अधिकार रखता है ) ।
हैलीपैड/हैलीपोर्ट के विकास के लिए पूंजी आवश्यकताएँ (सांकेतिक)
हैलीपैड के लिए - INR 10-20 लाख ।
हैलीपोर्ट के लिए -INR 2-3 करोड़
आवेदक को निम्नलिखित आवेदन/ ईओआई भाग के रूप में प्रस्तुत करना होगा
निर्धारित मापदंड के अनुसार भूमि का स्थान ।
आवेदक द्वारा भूमि के स्वामित्व का प्रमाण (वहां पट्टाधारित संपत्ति को अनुमति है जहां उप- पट्टे दिए जा सकते हैं)
मुख्य सड़क से दूरी ।
भूमि का परिमाण ।
आवेदन की जांच के बाद प्राधिकरण द्वारा अपेक्षित कोई अन्य दस्तावेज ।
विकास
विकसित करने के लिए सशर्त लाइसेंस प्राप्त होने पर, चयनित आवेदकों को प्राधिकरण द्वारा प्रदान किये गये डिजाईन और विनिर्देशों के आधार पर, अपने भू- खण्ड को हैलीपैड/ हैलीपोर्ट के रूप में विकसित करना होगा ।
प्राधिकरण डिजाइन और विशिष्टताओं के आधार पर एक अनुमोदित पूंजी लागत अनुमान (CAPEX अनुमान) प्रदान करेगा ( केवल मार्गदर्शन के लिए ) ।
हैलीपैड / हैलीपोर्ट के वित्तपोषण और विकास की पूरी लागत आवेदक द्वारा वहन की जाएगी, जिसमें लागत में कोई भी वृद्धि शामिल है ।
प्राधिकरण हैलीपैड / हैलीपोर्ट के विकास और संचालन एवं रखरखाव (ओ एण्ड एम ) के लिए सभी प्रासंगिक अनुमोदन प्राप्त करने में आवेदक की सहायता करेगा ।
आवेदकों / भू- स्वामियों को विकास के लिए सशर्त लाइसेंस प्राप्त होने की तारीख से अधिकतम करना होगा और हैलीपैड / हैलीपोर्ट के सीओडी के लिए एक वर्ष के भीतर सभी विकास पूरा आवेदन करना होगा ।
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[भाग 1
आवेदक / भू- स्वामी हैलीपैड/ हैलीपोर्ट के विकास और ओ एंड एम के लिए सभी प्रासंगिक अनुम्मोदन (डीजीसीए लाइसेंस/ संचालन के लिए 'अनुमोदन सहित ) प्राप्त करने के उत्तरदायी होंगे । प्राधिकरण इसमें सहायता करेगा (डीजीसीए लाइसेंस /संचालन के लिए अनुमोदन सहित)
संचालना एवं रखरखाव (ओ एंड एम) एवं राजस्व संबंधी विचार
आवेदक / भू- स्वामी मालिक डीजीसीए लाइसेंस / अनुमोदन की वैधता अवधि के दौरान हैलीपैड / हैलीपोर्ट के उपयोगकर्ताओं से सभी राजस्व एकत्र करेंगे ।
चयनित आवेदक को हैलीपैड/ हैलीपोर्ट के विभिन्न उपयोगकर्ताओं से राजस्व एकत्र करने और विनियोजित करने का अधिकार होगा ।
० हैलीपैड / हैलीपोर्ट को लैंडिंग और पार्किंग शुल्क पर अधिकतम सीमा का पालन करना होगा, जिसे यूकाडा ( UCADA ) द्वारा समय- समय पर अधिसूचित किया जाएगा ।
अन्य सभी मूल्यवर्धन सेवाओं पर बाजार में निर्धारित दर से शुल्क लिया जा सकता है ।
इस नीति की शर्तों के अन्तर्गत पूंजीगत सब्सिडी प्राप्त करने वाले आवेदकों को सीओडी की तारीख से कम से कम 10 वर्षों तक हैलीपैड / हैलीपोर्ट को चालू रखना होगा (वैध डीजीसीए द्वारा जारी लाइसेंस और अन्य अनुमोदन के साथ ) । उल्लंघन के मामले में , पहले से भुगतान की गई पूंजीगत सब्सिडी प्रासंगिक नियमों के अनुसार ब्याज सहित वसूल की जाएगी ।
आवेदक को पूंजीगत सब्सिडी
प्राधिकरण 50 % के बराबर पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करेगा विषयगत हैलीपैड / हैलीपोर्ट या यूकाडा ( UCADA) द्वारा प्रदान किए गए पूंजी लागत (कैपेक्स) अनुमान के लिए ईसीए के विकास पर किए गए वास्तविक पूंजी व्यय, जो भी कम हो ।
आवेदक को पूंजीगत सब्सिडी का भुगतान 2 समान किस्तों में किया जाएगा । पहली किस्त का भुगतान 50 % काम पूरा होने के बाद किया जाएगा (जिसका मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा) दूसरी और अंतिम किस्त का भुगतान हैलीपैड / हैलीपोर्ट का सीओडी तारीख से तीन महीने बाद किया जाएगा । :
6. प्रोत्साहन प्राप्त करने वाले उद्यमों पर दायित्व
इस नीति के अन्तर्गत विकसित हैलीपैड / हैलीपोर्ट को प्राकृतिक आपदाओं / आपातकालीन स्थितियों में प्राधिकरण / प्राधिकरण द्वारा नामित विभाग / सरकारी एजेंसी को निःशुल्क पहुंच और पार्किंग प्रदान करना आवश्यक होगा ।
7. कार्यान्वयन तंत्र
यूकाडा ( UCADA ) नीति के लिए प्रशासनिक और कार्यान्वयन एजेंसी होगी ।
यूकाडा ( UCADA) एक खुली और पारदर्शी रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) प्रक्रिया के माध्यम से इच्छुक भू- स्वामियों से भागीदारी हेतु आमंत्रित करेगा ।
प्रोत्साहन/ सब्सिडी के दावे और वितरण की प्रक्रिया इस नीति के परिचालन दिशानिर्देशों में विस्तृत रूप में दी जायेगी , जिसे यूकाडा द्वारा अधिसूचित किया जाएगा । "
4
8. परिशिष्ट
परिवर्षी शब्द
सीओडी - वाणिज्यिक परिचालन तिथि ।
भाग 1 ]
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डीजीसीए - महानिदेशक नागरिक उड्डयन
MOCA - नागरिक उड्डयन मंत्रालय
यूकाडा - उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण
एलओए – कार्य स्वीकृति पत्र
परिभाषाएं
(क) "वाणिज्यिक परिचालन तिथि " या " सीओडी" से वह तारीख अभिप्रेत है जिस दिन हैलीपैड वाणिज्यिक संचालन शुरू करता है / जैसा कि यूकाडा द्वारा प्रमाणित है ।
(ख) " अर्ह पूंजीगत संपत्ति " या "ईसीए " से और इसके अन्तर्गत स्थल बुनियादी ढांचा निर्माण (बाड़ लगाना, आंतरिक सड़कों का निर्माण, और अन्य बुनियादी ढांचागत सुविधाएं) सम्मिलित होंगे संरचनाएं एवं इमारतें , संयंत्र , स्वदेशी और आयातित मशीनरी और उपकरण, सामग्री प्रबंधन उपकरण , मैकेनिकल , इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग प्रतिष्ठान, फिक्स्चर , फर्नीचर और फिटिंग्स, अपशिष्ट उपचार सुविधाओं , ट्रांसफार्मर, जनरेटर, कैप्टिव पावर प्लांट, आदि और अन्य सहायक सुविधाओं सहित उपयोगिताएँ, हैलीपैड / हैलीपोर्ट के विकास और संचालन के लिए आवश्यक हो । ईसीए में सम्मिलित नहीं है: -
(i ) भूमि
(ii) अमूर्त परिसंपत्तियां जिनमें बिना किसी सीमा के बौद्धिक संपदा अधिकार और गुडविल सम्मिलित है ।
सभी पूंजीगत परिसंपत्तियो का भुगतान हो चुका जाना चाहिए और परियोजना के स्वामित्व में होनी चाहिए । सभी पूंजीगत परिसंपत्तियों का उपयोग और स्थापना केवल हैलीपैड /हैलीपोर्ट साइट के भीतर ही की जानी चाहिए । ईसीए में योग्य निवेश में सम्मिलित नहीं होंगेः-
(i ) पूर्व निर्माण व्यय और परामर्श की लागत
(ii) पूंजीकृत ब्याज
(iii) कार्यशील पूंजी
(ग) हैलीपैड / हैलीपोर्ट
हवाई अड्डा या किसी संरचना पर निर्धारित क्षेत्र जिसका उपयोग पूर्ण या आंशिक रूप से हेलीकॉप्टरों के आगमन , प्रस्थान और सतह पर आवाजाही के लिए लागू डीजीसीए दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाना है ।
नागरिक उड्डयन आवश्यकताएँ ( हवाई अड्डा मानक) , धारा -4 , श्रेणी " बी ", भाग I , II , III का पालन करना और डीजीसीए द्वारा जारी वैध लाइसेंस धारण करना ।
पट्टा किराया
इस नीति की शर्तों के अधीन हैलीपैड / हैलीपोर्ट के विकास के लिए यूकाडा को पट्टे पर जमीन उपलब्ध कराने वाले भू-स्वामी को प्रति वर्ग मीटर के आधार पर वार्षिक किराया देय होगा।
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उत्तराखण्ड गजट, 18 जुलाई, 2026 ई ० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
In pursuance of the provision of clause (3 ) of article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.775 / IX/ 01 ( 20 ) 2023 Dated- December 10 , 2025 for general information .
NOTIFICATION
December 10 , 2025
No. 775 / IX / 01 ( 20 ) 2023 -- In view of the adverse geographical conditions of the State of Uttarakhand , the Governor, is pleased to notify Uttarakhand Private Helipad and Heliport Policy, 2025 with the objective of increasing uninterrupted air access to essential services and facilities like emergency medical , disaster and tourism etc. in the remote mountainous areas .
The Uttarakhand Private Helipad and Heliport Policy, 2025
1. PREFACE
Government of Uttarakhand has embarked on an ambitious Sashakt Uttarakhand Mission with a goal to double the State's GSDP. While the hilly terrain of the State is blessed with natural beauty on one side , it also presents unique challenges in terms of connectivity, emergency medical and disaster services , and tourism . To address these challenges , the State Government recognizes the immense potential of helipads and heliports.
In this light , Uttarakhand Civil Aviation Development Authority ( " UCADA " or the "Authority " ) , nodal body under the Government of Uttarakhand responsible for development of civil aviation infrastructure and ecosystem in the State , has introduced the " Uttarakhand Helipad & Heliport Policy, 2025 " .
The primary objective of this policy is to boost accessibility and connectivity across the State , ensuring that even the remotest areas are seamlessly linked to essential services and facilities . Helipads will serve as lifelines during emergencies , enabling rapid and efficient evacuation for critical medical care . Moreover, the promotion of helipad /heliport infrastructure would also boost the tourism sector, affording affluerit travellers ' faster access topicturesque parts of the State .
This policy is based on principles of sustainable development and indusive growth . It encourages private investment and streamlines regulatory processes . As the State embarks on this transformative journey, it is UCADA's vision of a future where every corner of our hilly State is supported by the wings of progress symbolized by helipads and heliports .
भाग 1 ]
417 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
2. VISION & OBJECTIVES
VISION STATEMENT
" Foster connectivity, boost tourism , and incentivize private - sector helipad development and infrastructure investment through streamlined rules "
OBJECTIVES
The Government of Uttarakhand wants to promote widespread usage of helicopters as a means of transportation for tourism , and essential services like medical and disaster services . In line , the objectives of the policy are as below:
Enhance Connectivity : Develop a network of strategically located helipads / heliports to improve accessibility, particularly in remote and tourism- driven areas , facilitating smoother transportation options for locals and tourists .
Boost Tourism : Utilize helipads/ heliports as a catalyst for tourism growth by providing easy access to popular destinations, cultural sites, and natural attractions , enhancing the overall visitor experience .
Incentivize the Private Sector : Offer tax incentives , grants and other financial benefits to attract private investors and stimulate the development of helipads / heliports in under - served regions .
Monitoring and Evaluation : Regularly assess the Policy's effectiveness in achieving connectivity and tourism objectives , making necessary adjustments to ensure its continued success .
3. VALIDITY OF POLICY
Thispolicy shall remain in effect till March 31st , 2028 , or till supersededby a new policy.
4. HELIPADS & HELIPORTS
Helipad is defined as the aerodrome or a defined area on a structure intended to be used wholly or in part for the arrival , departure of helicopters . Helipads in . India must abide by applicable DGCA guidelines - Civil Aviation Requirements ( Aerodrome Standards ) , Section 4, category 'B ', Part I , II , III .
Heliport is defined as the aerodrome or a defined area on a structure intended to be used wholly or inpart for the arrival , departure and surface movement of helicopters . Apart from including helipads as core landing/take off facility, heliports usually also contain provisions for fuelling , maintenance and other value - added services for helicopters . Heliports in India must abide by applicable DGCA guidelines - Civil Aviation Requirements (Aerodrome Standards ) , Section 4, category ' B ' , Part I , II , III .
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[भाग 1
5. HELIPAD/ HELIPORT DEVELOPMENT AND INCENTIVES
OPTION 1 LANDOWNERS PROVIDING LAND TO AUTHORITY FOR DEVELOPMENT OF HELIPAD / HELIPORT ON LEASE ( WITH O & M RIGHTS FOR A DESIGNATED PERIOD)
Selection Process
o The Authority shall notify areas ( tourist destinations and other locations) , where it aims to develop the helipads/heliports for improved connectivity.
The Authority shall invite applications through an open and transparent Expression of Interest process.
The Authority shall select one/multiple land parcel (s ) per notified area from the Applications received on the basis of the road access , development feasibility, distance from key tourist destinations and civic centres , etc.
Post selection of their land parcel , Applicants/ landowners shall be issued a LoA by the Authority and required to sign a lease deed in favour of UCADA . The lease deed shall be for a minimum period of 15 years ( term as specified in the Eol ) .
Eligibility
o Landowners within notified areas shall be eligible to participate in theEol process .
Land Requirements :
For Helipads The landowners ( or Applicants ) holding minimum1,000.sqm of flat land area (with minimum length and breadth of 30 m X 30 m ) with minimum specified road access ( the Authority retains the right of specifying modified land and road access requirements in the EOI )
For Heliports The landowners ( or Applicants ) holding minimum 4,000 sqm of flat land area ( with each side of minimum 50 m) with minimum specified road access ( the Authority retains the right of specifying modified land and road access requirements in the EOI )
Applicant must submit the following as part of the Application/Eol :
Location of land as per the defined criteria
Proof of ownership ( leasehold property is allowed where sub- leases can be granted ) of land by the Applicant
Distance from main road
Dimensions of the land भाग 1 ]
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Any other documents as required by the Authority post scrutiny of Application .
Development
Ο Theselected land parcels shall be developed as helipads/ heliports by the Authority, on the basis of its design and specifications and applicable DGCA regulations .
The entire cost of financing and developing the helipad /heliport shall be borne by the Authority,
Ο The Authority shall be responsible for achieving COD of the helipad / heliport within a maximum of one year from the date of signing of LoA .
Ο The Authority shall be responsible for procuring all relevant approvals ( including DGCA license for operations ) for the development and O & M of the helipad/heliport .
O& M
The Authority shall have exclusive Right of Way and O & M rights on the developed helipads / heliports for a period of 15 years ( or as specified in the Eol ) from signing of the lease deed ( " O & M Period " ) .
The . Authority shall monitor and regulate all flight activity at the helipad / heliport .
The Authority shall make incur all expenses in maintaining the helipad /heliport to operational readiness , including safety, etc. The Authority shall collect all revenues from the users of the helipads / heliports during the 0 & M period .
Lease Rentand Revenue Share
The Applicants / landowners shall be paid a lease rent (ground rent) of INR 100 per sqm per year.
Additionally, the successful Applicant / landowner shall be entitled to a revenue share of 50% i.e. , fifty percent of all revenues generated from the O &M of helipad/ heliport developed at his subject land . The same shall be shared by UCADA within 2 months of close of the previous quarter.
All landing and parking charges shall be collected by the Authority from the users of helipads / heliports .
UCADA notifies , with modifications from time to time , landing and parking charges , which are applicable to all Government run helipads and heliports in the State , including helipads / heliports developed under this Policy.
Further, the Authority shall also collect revenue on the basis of the other value - added services ( fuelling , repair, cleaning , 420
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
etc.) being provided at the developed helipad / heliport , as the case may be .
Revenue computation shall be done on a quarterly basis for thepurpose of calculating and providing revenue share to the landowner.
Post O& M Period
The lease may be extended with mutual agreement .
Post O &M Period , the Authority shall return the land along with all immovable assets constructed over it to the Applicant on an as - is- where- isbasis .
The Applicant shall be free to continue to operate the helipad / heliport as a private facility or utilize the land for some other purposes , as deemed fit .
OPTION 2 LANDOWNERS WILLING TO FINANCE AND DEVELOP HELIPAD/HELIPORT ON THEIR OWN LANDS
Selection Process
The Authority shall notify areas ( tourist destinations and other locations ) , where it aims to develop the helipads /heliports for improved connectivity.
The Authority shall invite applications through an open and transparent EOI process .
The Authority shall select one / multiple land parcel (s) per notified area from the Applications received on the basis of the road access , development feasibility, distance from key tourist destinations and civiccentres , etc.
Post selection of their land parcel , Applicants/ landowners shall be issued a conditional license to develop , by the Authority for the term as specified in the Eol .
Eligibility
Θ Landowners within notified areas shall be eligible to participate in the Eol process.
Land Requirements:
For helipads The landowners ( or Applicants) holding minimum 1,000 sqm of flat land area ( with minimum length and breadth of 30 m X 30 m ) with minimum specified road access ( the Authority retains the right of specifying modified land and road access requirements in the EOI ) भाग 1]
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For heliports The landowners ( or Applicants ) holding minimum 4,000 sqm of flat land area ( with each side of minimum 50 m) with minimum specified road access ( the Authority retains the right of specifying modified land and road accessrequirements in the EOI )
Capital Requirements helipad/heliport (indicative) for development of Forhelipads - INR 10-20 Lakhs
For heliports -INR 2-3 Cr
Applicant must submit the following as part of the Application/ Eol :
Location of land as per the defined criteria
Proof of ownership ( leasehold property is allowed where sub- leases can be granted ) of land by the Applicant .
Distance from main road
Dimensioris of the land
Any other documents as required by the Authority post scrutiny of Application .
Development
Upon receipt of the conditional license to develop , the selected Applicants shall have to develop their land parcels as helipads / heliports, on the basis of the design and specifications provided by theAuthority.
The Authority shall provide ( for guidance only) an approved capital cost estimate ( CAPEX Estimate ) on the basis of the design and specifications.
o The entire cost of financing and developing the helipad /heliport shall be borne by the Applicant , including any escalations in the cost .
Ο The Authority shall assist the Applicant in procuring all relevant approvals for the development and O& M of the helipad/ heliport .
TheApplicants / landowners shall complete all development and apply for COD of the helipad / heliport within a maximum of one year from the date of receipt of conditional license to develop .
Ο TheApplicants / landowners shall be responsible for procuring all relevant approvals ( including DGCA license /approval for operations ) for the development and O & M of the helipad / heliport . The Authority shall support in the same ( including DGCA license / approval for operations )
Operation & Maintenance Revenue Considerations
o The Applicants / landowners shall collect all revenues from the users of the helipads / heliports during the term of validity of the DGCA license / approval .
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[भाग 1 Ο Selected Applicant shall have the right to collect and appropriate revenue from various users of helipad /heliport .
Helipad / heliport must adhere to the maximum capping on landing and parking charges , which will be notified by UCADA from time to time .
All other value addition services may be charged at market determined rates .
Ο TheApplicants receiving capital subsidy under the terms of this policy shall have to keep the helipad / heliport operational (with valid DGCA issued license and other approvals ) for a minimum of 10 years from the date of COD . In case of violation , the capital subsidy paid already will be recovered along with interest as per relevant rules .
Capital Subsidy to Applicant
The Authority shall provide capital subsidy equivalent to 50% of [actual capital expense incurred on development of ECA for the subject helipad / heliport OR CAPEX estimate provided by UCADA] , whichever is lower.
Capital subsidy shall be paid to the Applicant in 2 equal instalments . First instalment shall be paid after 50% of thework is completed . (the same will be assessed by the Authority) The second and final instalment shall be paid after three months from the date of COD of the helipad / heliport .
6. OBLIGATIONS ON ENTERPRISES AVAILING INCENTIVES
Helipads/ heliports developed under this policy shall be required to grant the Authority /Authority - nominated Department/Government Agency free access and parking in events of natural disasters /emergencies .
7. IMPLEMENTATION MECHANISM .
UCADA shall be administrative and implementation agency for the Policy.
UCADA shall invite participation from interested landowners through an open and transparent Eol process .
Process for claim and disbursement of incentive/subsidy shall be detailed in Operational Guidelines for this policy, to be notified by UCADA .
8. APPENDIX
ACRONYMS
COD - Commercial Operation Date
DGCA - Director General Civil Aviation
MOCA- Ministry of Civil Aviation भाग 1 ]
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UCADA - Uttarakhand Civil Aviation Development Authority
LoA - Letter of Award
DEFINITIONS
(a) " Commencement of commercial operations " or " COD " means the date on which the helipad commences commercial operations / as certified by UCADA.
(b) " Eligible Capital Assets " or " ECA " shall mean and include site - level infrastructure (fencing , construction of internal roads , and other basic infrastructure facilities) ; structures & buildings ; plants , indigenous & ! imported machinery & equipment, material handling equipment ; mechanical , electrical & plumbing installations, fixtures , furniture & fittings ; utilities including waste treatment facilities , transformers , generators , captive power plants, etc. , and other supportive facilities ; necessary for development and operationalisation of helipad / heliports . ECA shall not include:
(i) Land
(ii) Intangible assets including , without limitation , Intellectual Property rights and goodwill .
All capital assets should have been paid for and should be owned by the project . All capital assets should be used and installed only within the helipad / heliport site . Eligible investment in ECA shall not include:
(i ) Pre - construction expenses and cost of consultant
(ii ) Capitalized interest .
(iii ) Working capital
(c) Helipad / Heliport
Aerodrome or a defined area on a structure intended to be used wholly or in part for the arrival , departure and surface movement of helicopters , abiding by applicable DGCA guidelines- Civil Aviation Requirements (Aerodrome Standards ) , Section 4 , category ' B ' , Part I , II , III and holding a valid DGCA- issued license .
Lease Rent
Annual rent on a per sqm basis shall be payable to landowner who has provided land to UCADA, for development of helipad / heliport, on lease under the terms of this policy.
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[भाग 1
अधिसूचना
10 दिसम्बर , 2025 ई ०
संख्या-776 / IX / 2025-01 (02) 2024- राज्यपाल , उत्तराखण्ड राज्य में नागरिक उड्डयन विभाग के बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए राज्यन्तर्गत निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट पालिसी , 2025 को व्यवस्थित रूप से क्रियान्वित किये जाने हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाये जाने की स्वीकृति प्रदान करते है, अर्थात्ः-
उत्तराखण्ड निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट नियमावली, 2025
संक्षिप्त नाम तथा विस्तार 1. (1 ) इस नियमावली का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट नियमावली 2025 है ।
(2 ) इसका विस्तार उत्तराखण्ड निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट नीति, 2025 के अन्तर्गत स्थापित निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट पर होगा ।
क्रियान्वयन
2. (1 ) उत्तराखण्ड निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट नीति, 2025 का क्रियान्वयन करने का उत्तरदायित्व यूकाडा का होगा ।
(2) उत्तराखण्ड निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट नीति, 2025 के अन्तर्गत हेलीपैड तथा हेलीपोर्ट निम्नलिखित दो प्रकार से विकसित किये जायेंगे ।
(i ) विकल्प 1 -आवेदक द्वारा हेलीपैड/ हेलीपोर्ट विकास के लिए यूकाडा को लीज पर भूमि प्रदान की जायेगी ।
(ii ) विकल्प 2 -आवेदक द्वारा स्वयं की जमीन पर हेलीपैड / हेलीपोर्ट का स्व-वित्तपोषण और विकास किया जाएगा ।
(3) यह नियमावली 31 मार्च, 2028 तक अथवा नई नीति अपनाने तक प्रभावी रहेगी ।
परिभाषांए 3. जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस नियमावली में
(क) "COD- Commercial Operation Date (वाणिज्य संचालन तिथि) " से यूकाडा द्वारा प्रमाणित वह दिनांक जिस दिनांक से हेलीपैड / हेलीपोर्ट वाणिज्यिक संचालन प्रारम्भ करें, अभिप्रेत है ।
(ख) " DGCA " से नागर विमानन महानिदेशालय अभिप्रेत है ।
(T) "ECA - Eligible Capital Asset (अर्ह पूंजीगत सम्पत्ति) " से भूमि तथा अन्य प्रकार के अधिकार के अतिरिक्त भवन, मशीनरी, विद्युत उपकरण आदि अभिप्रेत हैं ।
(घ)" हेलीपैड " से एक ऐसा परिभाषित क्षेत्र जिसका उपयोग हेलीकॉप्टर के आवागमन हेतु पूर्ण या आंशिक रूप से किया जाता है अभिप्रेत है , तथा यह भारत में डी०जी०सी ० ए० द्वारा लागू हेलीपैड दिशा निर्देशों- नागर उड्डयन आवश्यकताएं (एयरोड्रोम मानक) खण्ड-4 श्रेणी "b" भाग-1 , 2 तथा 3 से आबंधित है ।
(ड. ) " हेलीपोर्ट" से एक ऐसा परिभाषित क्षेत्र जिसका उपयोग हेलीकॉप्टरों के आवागमन , सतह पर आवाजाही हेतु पूर्ण या आंशिक रूप से किया जाता है अभिप्रेत है, तथा इसमें हेलीकॉप्टर के लिए मुख्य रूप से जमीन पर उतरने तथा जमीन से उड़ने के लिए हेलीपैड को सम्मिलित करते हुए, हेलीपोर्ट में सामान्य भाग 1 ]
425 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
ईंधन, अनुरक्षण एवं दूसरी - मूल्य वर्धित सेवाओं को उपलब्ध करानाः सम्मिलित है तथा यह भारत में डी०जी ० सी० ए० द्वारा लागू हेलीपैड दिशा निर्देशों- नागर उड्डयन आवश्यकताएं ( एयरोड्रोम मानक) खण्ड-4 श्रेणी "b " भाग -1 , 2 तथा 3 से आबंधित है ।
(च) " Lease Rent " से नीति की शर्तों के अन्तर्गत हेलीपैड / हेलीपोर्ट के विकास के लिए भू- स्वामी जिसके द्वारा यूकाडा को भूमि उपलब्ध करायी गयी है , को प्रतिवर्ष प्रतिवर्ग मीटर के आधार पर यूकाडा द्वारा किये जाने वाले किराये का भुगतान , अभिप्रेत है ।
(छ) " UCADA" (यूकाडा) से उत्तराखण्ड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है ।
नियम व प्रक्रियांए 4. (1 ) यूकाडा यह आकलन करेगा कि किस क्षेत्र में हेलीपैड / हेलीपोर्ट के लिए उपयुक्त भूमि की आवश्यकता है ।
(2) यूकाडा यह आकलन करेगा कि उस क्षेत्र / खण्ड में हेलीपैड की आवश्यकता है अथवा हेलीपोर्ट की।
(3) यूकाडा निम्न विवरणों के साथ EOI (Expression of Interest) (रूचि की अभिव्यक्ति ) तैयार करेगाः-
(क) क्षेत्र जहां भूमि की आवश्यकता है
(ख) कितनी भूमि की आवश्यकता है (हेलीपैड / हेलीपोर्ट )
(ग) पात्रता मानदण्ड
(घ) आवश्यक दस्तावेज
अर्हता
5. (1 ) जिस स्थान पर यूकाडा हेलीपैड / हेलीपोर्ट विकसित करने के लिए स्थान चयनित करेगा उस स्थान के सभी भू- स्वामी EOI (Expression of Interest) (रूचि की अभिव्यक्ति ) में आवेदन कर सकते है ।
(2 ) ऐसे भू- स्वामी जिनकी स्वयं की भूमि हो अथवा पट्टे पर दी गयी भूमि हो और जिसे लीज पर देने का अधिकार प्रदान किया गया हो ।
(3) हेलीपैड (i) . न्यूनतम 1000 वर्गमीटर सम्मतल भूमि ( लम्बाई x चौड़ाई 30rn X 30m )
(ii) . भू- स्थल तक पहुँच मार्ग होना आवश्यक होगा ।
हेलीपोर्ट - ( i) . न्यूनतमं 4000 वर्गमीटर समतल भूमि (लम्बाई x चौड़ाई 50m X 50m )
(ii). भू- स्थल तक पहुँच मार्ग होना आवश्यक होगा।
(4) आवेदक अपने आवेदन के साथ निम्न अभिलेख प्रस्तुत करेगा-
(क) परिभाषित मानदडों के अनुसार भूमि की अवस्थिति एवं निर्देशांक (अक्षांश, देशान्तर)
(ख ) भूमि का स्वामित्व के प्रमाणिक दस्तावेज जैसे - पंजीकृत -विक्रय विलेख, अधिकार - अभिलेख (record of right) , खाता- खतौनी , सम्पत्ति कर रसीद, 426
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[भाग 1 (ग) यदि भूमि लीज पर दी गई है तो उप - पट्टे के लिए पट्टाकर्ता से अनापत्ति प्रमाण - पत्र ( एनओसी)
(घ) भूमि के आयाम (लम्बाई x चौड़ाई )
(ङ) सड़क (पहुंच मार्ग) से दूरी
(च) निकटस्थ शहर / नगर से दूरी
(छ) यूकाडा द्वारा आवश्यक समझे जाने वाले अन्य विवरण
(ज) प्रस्ताव एवं निर्धारित प्रपत्र में शपथ - पत्र
(5) एक बार इच्छुक पार्टियों से दस्तावेजों सहित प्रस्ताव प्राप्त हो जाने पर, इस उद्देश्य के लिए | यूकाडा द्वारा गठित एक समिति द्वारा प्रस्ताव और दस्तावेजों की जांच की जाएगी । समिति में निम्नलिखित | सदस्य होंगे-
(क) मुख्य कार्यकारी अधिकारी , यूकाडा ।
(ख) अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी , यूकाडा।
(ग) वित्त नियंत्रक, यूकाडा ।
(घ) हैड ऑफ ऑपरेशन, यूकाडा ।
(ङ) सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा नामित लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता के पद से अन्यून प्रतिनिधि ।
(च) सम्बन्धित क्षेत्र के उप जिलाधिकारी ।
(छ) यूंकाडा द्वारा आवश्यक समझा गया कोई अन्य अधिकारी ।
(6) समिति प्रस्ताव और दस्तावेजों की सत्यता की जांच करेगी ।
(7) प्रस्ताव एवं दस्तावेज उपयुक्त पाये जाने पर, अधिकतम 15 दिनों के भीतर स्थल का हवाई सर्वेक्षण और आवश्यकता पड़ने पर जमीनी सर्वेक्षण किया जायेगा ।
(8) समिति द्वारा सभी उपयुक्त स्थलों की पुनः जांच की जायेगी तथा सर्वाधिक उपयुक्त स्थल का चयन किया जायेगा । सबसे उपयुक्त स्थल का मूल्यांकन निम्नलिखित तथ्यों पर विचार करके किया जायेगा- (क) सड़क पहुँच
(ख) विकास व्यवहार्यता
(ग) पर्यटन स्थलों/प्रमुख स्थलों से दूरी
(घ) प्रमुख नागरिक केंद्रों से दूरी
(ङ) कोई अन्य पक्ष या विपक्ष ।
(9) भूमि की अनुपयुक्त्ता / उपयुक्त्ता के सम्बन्ध में भू- स्वामियों को ईमेल द्वारा सूचित किया जाएगा ।
(10) चयनित सबसे उपयुक्त स्थल के भू- स्वामी को भी तद्नुसार सूचित किया जाएगा ।
427 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
द्वारा विकल्प-1
6. (1 ) विकास
आवेदक हैलीपैड/हैलीपोर्ट विकास के लिए यूकाडा को लीज पर भूमि उपलब्ध कराया जाना ।
(क) चयनित भूमि के मालिक को Letter of Award जारी किया जाएगा ।
(ख ) पट्टाकर्ता को यूकाडा के पक्ष में, न्यूनतम 15 वर्ष की अवधि के लिए 100 रूपये प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष की दर से किराये / पट्टे पर दिये जाने हेतु, पट्टा, विलेख (लीज डीड) पर हस्ताक्षर करना होगा । (ग) पट्टा, विलेख (लीज डीड) पर हस्ताक्षर करने के 15 दिनों के भीतर निर्माण एजेंसी द्वारा हेलीपैड / हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए एक विस्तृत डीपीआर तैयार की जाएगी ।
(घ) समिति द्वारा विस्तृत डीपीआर की समीक्षा की जाएगी और सभी आपत्तियों / प्रेक्षणों का निपटारा करने के बाद 15 दिनो के भीतर डीपीआर अनुमोदित की जायेगी ।
(ङ) चयनित भू- खण्ड को, Letter of Award जारी होने के 08 महीने के भीतर डिजाइन और विनिर्देश और लागू डीजीसीए नियमों के आधार पर, यूकाडा द्वारा हेलीपैड/ हेलीपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा ।
(च) हेलीपोर्ट / हेलीपैड के वित्तपोषण और विकास की पूरी लागत यूकाडा द्वारा वहन की जाएगी ।
(छ) निर्माण कार्य की प्रगति के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी , यूकाडा की अध्यक्षता में एक मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी ।
(ज) Letter of Award जारी होने की दिनांक से अधिकतम एक वर्ष के भीतर यूकाडा हेलीपैड / हेलीपोर्ट की वणिज्यिक संचालन तिथि (COD ) प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होगा ।
(झ) यूकाडा हेलीपैड/ हेलीपोर्ट के विकास और संचालन एवं रखरखाव के लिए सभी प्रासंगिक अनुमोदन (संचालन एवं प्रबंधन के लिए डीजीसीए लाइसेंस सहित) प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होगा ।
(2) संचालन एवं प्रबंधन
(क) Letter of Award जारी होने की दिनांक से 15 वर्षों तक, हेलीपैड / हेलीपोर्ट पर यूकाडा का विशिष्ट संचालन एवं प्रबंधन अधिकार रहेगा ।
(ख) संचालन एवं प्रबंधन अवधि में इन हेलीपैड/ हेलीपोर्ट के उपयोगकर्ताओं से यूकाडा द्वारा राजस्व प्राप्त किया जायेगा ।
(3 ) पट्ट्टा किराया और राजस्व
(क) सभी लागू लैंडिंग और पार्किंग शुल्क यूकाडा द्वारा एकत्र किए जाएगा ।
(ख) यूकाडा हेलीपैड / हेलीपोर्ट पर उपलब्ध मूल्य वर्धित सेवाओं के लिए शुल्क भी एकत्र करेगा ।
(ग) मूल्य वर्धित शुल्क यूकाडा द्वारा तय किए जाएगें ।
(घ) अर्जित समस्त राजस्व का 50 प्रतिशत चयनित पट्टाकर्ता (Iessor) को दिया जाएगा।
(ङ) परियोजना ( project ) के लिए यूकाडा द्वारा एक एस्क्रो खाता ( escrow account) खोला जाएगा ।
(च) हेलीपैड/ हेलीपोर्ट से अर्जित समस्त राजस्व उक्त खाते में जमा किया जाएगा ।
(छ) राजस्व गणना प्रत्येक तिमाही में की जाएगी ।
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[भाग 1
(ज) अर्जित राजस्व का 50 प्रतिशत, प्रत्येक तिमाही की समाप्ति के 15 दिनों की अवधि में, पट्टाकर्ता ( lessor) को वितरित कर दिया जाएगा ।
(झ) लीज अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की तारीख से , प्रत्येक बारह माह के पश्चात् 100 रूपये प्रति वर्ग मी० प्रति वर्ष की दर से लीज किराया चयनित पट्टाकर्ता (Iessor) को दिया जाएगा । यह भुगतान बारह माह पूर्ण होने के 15 दिन के भीतर किया जाएगा ।
(4) संचालन एवं प्रबंधन के बाद की अवधि
(क) पट्टे की अवधि की समाप्ति पर , आपसी सहमति से पट्टा बढ़ाया जा सकता है ।
(ख) समझौते ( agreement) की समाप्ति के बाद यूकाडा, जहां है जैसा है ( as is where is ) के आधार पर , समस्त भूमि एवं उस पर निर्मित अचल संपत्ति सहित भूमि पट्टाकर्ता को वापस कर देगा ।
(ग) पट्टाकर्ता हेलीपैड/ हेलीपोर्ट को एक निजी सुविधा के रूप में संचालित करना जारी रखने या उचित समझे जाने वाले किसी अन्य उद्देश्य के लिए भूमि का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा ।
विकल्प -2
7. (1) विकास
भूस्वामी अपनी भूमि पर हेलीपैड/ हेलीपोर्ट का स्व-वित्तपोषण और विकास करने का. इच्छुक होना। (क) चयनित बोलीदाता को लैटर ऑफ अवार्ड जारी किया जाएगा ।
(ख) यूकाडा एक कार्य एजेन्सी के माध्यम से हेलीपैड / हेलीपोर्ट के डिजाइन, विनिर्देशों और पूंजीगत व्यय के साथ एक मॉडल डीपीआर तैयार करेगा और लेटर ऑफ अवार्ड पर हस्ताक्षर करने के 15 दिनों के भीतर इसे चयनित बोलीदाता को प्रदान करेगा ।
(ग) चयनित बोलीदाता यूकाडा के साथ एक पंजीकृत समझौते पर, नियम और शर्तों के अनुसार हस्ताक्षर करेगा ।
(घ) हेलीपैड / हैलीपोर्ट के वित्त पोषण और विकास की पूरी लागत (लागत में किसी भी वृद्धि सहित) , चयनित बोलीदाता की होगी ।
(ङ) यूकाडा से मॉडल डीपीआर प्राप्त होने के दिनांक से 01 वर्ष की अवधि के भीतर चयनित बोलीदाता को हेलीपैड/हेलीपोर्ट का निर्माण करना होगा ।
(च) चयनित बोलीदाता डीजीसीए लाइसेंस / मंजूरी सहित सभी अनुमोदनों के लिए उत्तरदायी होगा, हालांकि यूकाडा इसके लिए सभी सहायता /समर्थन प्रदान करेगा ।
(छ) कार्य की प्रगति की समीक्षा के लिए सीईओ, यूकाडा की अध्यक्षता में एक मासिक समीक्षा बैठक आहूत कीजाएगी ।
(2) संचालन एवं प्रबंधन
(क) सभी संचालन, रखरखाव और प्रबंधन का उत्तरदायित्व चयनित बोलीदाता का होगा ।
(ख) चयनित बोलीदाता यह सुनिश्चित करेगा कि सभी मानदंडों का कठोरता से पालन किया जाए ।
(ग) चयनित बोलीदातां द्वारा उत्तराखंड सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर , संभी लैंडिंग पार्किंग शुल्क लगाया और एकत्र किया जाएगा ।
(घ) सरकारी हेलीकॉप्टर और सरकारी कार्य के लिए प्रयुक्त हेलीकॉप्टर को सभी लैंडिंग पार्किंग शुल्कों से छूट दी जाएगी ।
(ङ) यूकाडा से दरों की प्रारंभिक मंजूरी के बाद , सभी मूल्य वर्धित सेवाओं का शुल्क चयनित बोलीदाता द्वारा लिया और एकत्र किया जा सकता है ।
भाग 1 ]
429 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
(च) चयनित बोलीदाता द्वारा, वाणिज्यिक संचालन तिथि (COD ) से 10 वर्ष की अवधि तक हेलीपैड / हेलीपोर्ट को हर समय चालू रखना होगा ।
(3) पूंजीगत सब्सिडी
(क) यूकाडा सम्बन्धित हेलीपैड / हेलीपोर्ट के लिए , ECA के विकास पर होने वाले वास्तविक पूंजी व्यय या यूकाडा द्वारा उपलब्ध कराये गये पूंजीगत व्यय ( CAPEX ) आकलन , इनमें से जो भी कम हो के 50 प्रतिशत के बराबर पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करेगा ।
(ख) यूकाडा द्वारा नामित विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा व्यय और कार्य की गुणवत्ता का मूल्यांकन मासिक आधार पर किया जायेगा । मासिक रिपोर्ट समिति के समक्ष रखी जायेगी ।
(ग) स्वीकृत पूंजीगत व्यय ( CAPEX ) के आधार पर, पूंजीगत सब्सिडी की पहली किस्त का भुगतान चयनित बोलीदाता को , 50 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद किया जाएगा ।
(घ) अंतिम भुगतान वाणिज्यिक संचालन की दिनांक से तीन महीने के भीतर किया जायेगा ।
(ङ) सब्सिडी का दावा करने की प्रक्रिया निम्नानुसार होगी-
(i) चयनित बोलीदाता , Letter of Award प्राप्त होने की दिनांक से 15 दिनों के भीतर पूंजीगत व्यय ( CAPEX ) सहित विस्तृत डी० पी ०आर ० तैयार करेगा ।
(ii) यूकाडा भी कार्यदायी संस्था के माध्यम से पूंजीगत व्यय ( CAPEX) सहित विस्तृत डी० पी ०आर ० तैयार करेगा ।
(iii ) समिति द्वारा डीपीआर और पूंजीगत व्यय ( CAPEX ) दोनो की जांच की जाएगी और डीपीआर प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर कम लागत वाली डीपीआर और पूंजीगत व्यय ( CAPEX) का चयन किया जाएगा । (iv) चयनित बोलीदाता और यूकाडा एक पंजीकृत समझौता, जिसमें सभी नियम और शर्ते सूचीबद्ध होंगी पर हस्ताक्षर करेंगे ।
(v) पंजीकृत समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिनांक से 01 वर्ष के भीतर हेलीपैड / हेलीपोर्ट का निर्माण पूरा हो जाना चाहिए ।
(vi) 50 प्रतिशत कार्य पूरा होने के पश्चात् बोलीदाता द्वारा प्रथम किस्त के लिए आवेदन किया जायेगा ।
(vii) यूकाडा कार्य पूर्ण होने का आकलन करने के लिए एक एजेंसी को नियुक्त करेगा । नियुक्ति के एक सप्ताह के भीतर एजेंसी द्वारा रिपोर्ट समिति को सौंपी जाएगी ।
( viii ) समिति की मंजूरी के दस दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा । (ix) अंतिम भुगतान के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जायेगी ।
निरस्तीकरण 8. उपरोक्त दोनो विकल्पों के अनुबन्ध करने के पश्चात् अनुबन्ध की शर्तों का उल्लघंन करने पर यूकाडा द्वारा उक्त कार्य में जितनी भी धनराशि व्यय की गई है , का समस्त भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा तथा विकल्प 2 में यूकाडा द्वारा दी गई समस्त पूँजीगत सब्सिडी Capital Subsidy भी यूकाडा को वापस करना अनिवार्य होगा ।
अन्य शर्ते 9. (1 ) अनुबन्ध की समस्त अवधि में शासकीय कार्य के लिए सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
(2) अनुबन्धकर्ता के द्वारा तैयार करवाये गये आंगणन में सम्मिलित डिजाइन को कमेटी में सम्मिलित अधीक्षण अभियन्ता द्वारा पुनरीक्षण के प्रश्चात् संस्तुति सहित आख्या प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
(3) हेलीपैड या हेलीपोर्ट के आसपास स्थित भूमि पर निर्माण करने की स्वीकृति के लिए नागर विमानन महानिदेशालय ( DGCA) के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा ।
उपरोक्त के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट नीति, 2025 के अन्तर्गत ' अग्रेत्तर आवश्यक कार्यवाही उत्तराखण्ड निजी हेलीपैड एवं हेलीपोर्ट नियमावली , 2025 में वर्णित नियमों के अन्तर्गत की जायेगी ।
आज्ञा से , सचिन कुर्वे , सचिव ।
In pursuance of the provision of clause ( 3 ) of article 348 of the Constitution of India , the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No.776 / IX / 2025-01 ( 02) 2024 Dated- December 10 , 2025 for general information.
NOTIFICATION
December 10 , 2025
No. 776/ IX/ 2025-01 ( 02 ) 2024-- The Governor , for the systematic implementation of the Private Helipad and Heliport Policy, 2025 within the State , for the development of the infrastructure and ecosystem of the Civil Aviation Department in the State of Uttarakhand , allow to make the following rules , namely-
The Uttarakhand Private Helipad and Heliport Rules , 2025
Short title and extent
1. (1) These rules may be called the Uttarakhand Private Helipad and Heliport Rules , 2025
(2) It shall extend to private helipads and heliports established under the Uttarakhand Private Helipad and Heliport Policy , 2025 .
Implementation 2. (1 ) UCADA shall be responsible for implementing the Uttarakhand Private Helipad and Heliport Policy , 2025
(2) Under the Uttarakhand Private Helipad and Heliport Policy 2025 , Helipads and Heliports will be developed in the following two ways .
(i) Option 1- Land will be provided by the applicant to UCADA on lease for development of Helipad/Heliport .
(ii) Option 2- Helipad/Heliport will be self- financed and developed by the applicant on his own land .
(3) These rules shall remain in effect until 31 March, 2028 or until a new policy is adopted .
Definitions
3. In these Rules , unless the context otherwise requires , भाग 1 ]
431 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
( a) " COD" - ' Commercial Operation Date- " means the date certified by UCADA from which the helipad/heliport starts commercial operation .
(b) DGCA means Directorate General of Civil Aviation
(c) ECA- "Eligible Capital Asset " means building , machinery , and electrical equipment etc. , other than land and other types of rights .
(d) "Helipad" means a defined area used wholly or partially for the movement of helicopters and is covered by the Helipadi Guidelines issued by DGCA in India- Civil Aviation Requirements (Aerodrome Standards) section 4 Category " b " Parts 1,2 & 3 .
(e) " Helliport " means a defined'area used wholly or partially for the movement and landing of helicopters , and includes a helipad primarily for the purpose of landing and take - off of helicopters , providing general fuel maintenance and other value- added services at heliports , and it is covered by the Helipad Guidelines issued by the DGCA in India- Civil Aviation Requirement (Aerodrome Stardards) Section -4 Category -b Parts 1,2 and 3 .
(f) " Lease Rent " means the rent payable by UCADA on per square meter basis per annum to the landowner who has made land available to UCADA for development of helipad/heliport under the terms of the policy .
(g) UCADA means Uttarakhand Civil Aviation Development Authority.
amd 4.
Rules Procedures
( 1 ) UCADA will assess the area where suitable land is required for helipad/ heliport.
(2) UCADA will assess whether the area/parcel requires a helipad or a heliport.
(3) UCADA will prepare EOI (Express of Interest) with the following details: -
(a) Area where land is required .
(b) How much Land is required (helipad/heliport)
(c) Eligibility Criteria
(d) Required Documents
5.
Eligibility
(1) All land owners of the land/area where UCADA has selected the site for development of helipad/heliport can apply in EOI (Express of Interest) .
(2) Landowner who owns land or have leased out land and have been given the rights to lease it out .
(3) Helipad- ( i) Minimum 1000 sq.mtr of level/Plain land ( required length x Width : 30 m x 30m
(ii) There must be an access road to the land site .
Heliport- ( i ) Minimum of 4000 square meters of level land (required length x width : 50m x 50m ) .
(ii ) There must be an access road to the land site .
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[भाग 1
(4) The applicant shall submit the following documents along with hisapplication -
(a) Location and coordinates ofthe land according to defined criteria (altitude/longitude)
(b) Authentic documents of ownership of the land such as registered sale deedl , record of rights, Khata -khatauni , property tax receipt.
(c) No objection certificate (NOC) from the lessor for sub - lease, if the land is leased .
(d) Dimensions of the land ( length X width) .
(e) Distance from road (access route) .
(1) Distance from the nearest city/town.
(g) Such other details as may be considered necessary by the UCADA .
(h) Proposal and affidavit in the prescribed format .
(5) Once the proposals along with documents are received from the interested parties, the proposals and documents will be scrutinized by a committee constituted by UCADA for this purpose . The committee will consist ofthe following member :
(A) Chief Executive Officer, UCADA.
(B) Additional Chief Executive Officer , UCADA.
(C) Finance Controller , UCADA .
(D) Head of Operation , UCADA .
(E) A representative not below the post of Superintending Engineering of the Public Works Department nominated by the Secretary, Civil Aviation Department Government of Uttarakhand .
(F) Sub-Divisional Magistrate of the concerned area .
(G) Any other officer as considered necessary by UCADA.
(6) The committee shall examine the authenticity of the proposal and documents .
(7) If the proposal and documents are found suitable , aerial survey of the site and, if required , ground survey shall be conducted within a maximum period of 15 days .
(8) All suitable sites will be re - examined by the committee and the most suitable site will be selected . The most suitable site will be evaluated taking into consideration the following factors : -
(a) Road Access .
(b) Development feasibility .
(c) Distance from tourist sports /major landmark .
भाग 1 ]
433 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई ० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
(dl) Distarace from majorcivic centers .
(e) Amy other pros and cons .
(9) Landowners will be in formied by email regarding unsuitability/ suitability ofthe land.
(10) The land owner of the most suitable site selected shall also be informed accordingly.
Option 1 .
6.
(1) Development
(a) Letter of Award will be issued to the owner of the selected land .
Applicant willl provide land on lease to UCADA for helipad/heliport development .
(b) The lessor has to sign a lease deed in favor of UCADA for rent/ lease of the land at the rate of Rs.100 per square meter per annum for a minimum period of 15 years .
(c) A detailed DPR will be prepared for the construction of helipad/heliport by the construction agency within 15 days of signing the lease deed.
(d) The detailed DPR will be reviewed by the Committee and after resolving all the objections/observations the DPR will be approved within 15 days .
(e) The selected land parcel will be developed as a helipad /heliport by UCADA , within 08 months from the date of issue of letter of award based on design and specification as applicable DGCA rules.
(f) The entire cost of financing and development of the heliport/helipad will be borne by UCADA .
(g) A monthly review meeting under the chairmanship of Chief Executive officer, UCADA for the progress of construction work will be organized.
(h) UCADA shall be responsible for achieving Commercial Operation Date (COD) of the helipad/heliport within a maximum period of one year from the date of issue of letter of Award .
( i) UCADA will be responsible for obtaining all relevant approvals (including DGCA License to operate & manage) for the development and operation and maintenance of the helipad/heliport .
(2) Operation and Management
(a) UCADA will have exclusive operation and management rights over the helipad/ heliport for a period of 15 years from the date of issue of the letter of award.
(b) Revenue will be received by the UCADA from the users of 434
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
helipads/Theliport managerment period .
(3) Lease remtamd revemue
(a) All applicable letting and parking fees will be collected by UCADA .
(b) UCADA will also collect fees for value added services provided at the helipad/heliport .
(c) These pricing charges will be decided by UCADA.
(d) 50 percent of all revenue earned will be given to the selected lessor.
(e) An escrow account will be opened by UÇADA for the project .
(f) All revenue earned from the helipad/heliport will be deposited in the said account.
(g) Revenue calculation will be done every quarterly .
(li) 50 per cent of the revenue earned shall be distributed to the lessor within 15 days of the end of each quarter.
(i) Lease rent at the rate of Rs.100 per Square Meter per annum will be paid to the selected lessor after every twelve months from the date of signing the lease agreement. This payment will be made within 15 days of completion of twelve months .
(4) Post-operation and management period
(a) On expiry of the lease period , the lease may be extended by mutual consent .
(b) After the termination of the agreement , UCADA shall return the land including all land and immovable property constructed thereon to the lessor on as is where basis is .
(c) The lessor shall be free to continue to operate the helipad/heliport as a private facility or use the land for any other purpose as deemed fit.
Option 2 -
7.
(1) Development
(a) Letter of Award will be issued to the selected bidder .
Land owners are willing to self- finance and develop helipad/heliport on their land
(b) UCADA shall prepare a model DPR with design , specification and capital expenditure of the helipad/heliport through an executing agency and provide the same to the selected bidder within 15 days ofsigning of letter of Award .
(c) The selected bidder shall sign a registered agreement with UCADA as per the terms and conditions .
भाग 1 ]
435 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई ० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
(d) The entire cost of finaricing and development of the helipad/ Theliport, (including any escalation in the cost) will be borne by the selected biddler .
(e) The selected bidder must corriplete the construction of the Thelipad/ heliport within a period of one year from the date of receiving the model DPR from UCADA .
(f) The selected bidder will be responsible for all approvals including DGCA licerise/clearance , however UCADA will provide all assistance/ support for the same .
(g) A monthly review meeting will be held under the chairmanship ofCEO , UCADA to review the progress of the work .
(2) Operation and management
(a) All operations, maintenance and management will be the responsibility of the selected bidder .
(b) The selected bidder will ensure that all the norms are strictly adhered to .
(c) All landing parking charges will be levied and collected by the selected bidder, at the rates determined by the Government of Uttarakhand .
(d) Government helicopters and helicopter used for Government work will be exempted from all landing parking charges .
(e) After initial approval of rates from UCADA , all value - added service may be charged and collected by the selected bidder
(f) The helipad/heliport shall be maintained at all times by the selected bidder for a period of 10 years from the date of Commercial Operation Date (COD) .
(3) Capital Subsidy
(a) For UCADA related helipad/heliport, the actual capital expenditure incurred on development of ECA or UCADA will provide capital subsidy equal to 50% of the CAPEX estimate provided by UCADA, whichever is lower .
(b) The expenditure and quality of work will be evaluated on a monthly basis by an expert agency nominated by UCADA . The monthly report will be placed before the committee .
(c) Payment of first instalment of capital subsidy to the selected bidder , based on the approved CAPEX, shall be made after 50 percent of the work is completed .
(d) Final payment shall be made within three months from the date of commercial operation .
(e) The procedure for claiming subsidy shall be as follows : -
(i) The selected bidder shall prepare a detailed DPR including CAPEX within 15 days from the date of receipt of letter of award.
436
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
(ii) UCADA shall also prepare the detailed DPR including CAPEX through the implementing agency .
(iii) The committee will review both the DPR and CAPEX , and within one week of receiving the DPR, the DPR and CAPEX with the lowest cost will be selected .
(iv) The selected bidder and UCADA will sign a registered agreement listing/containing all the terms and condition .
(v) The construction of the helipad/heliport must be completed within one year from the date of signing the registered agreement.
(vi) Application for first instalment shall be made by bidder after 50 percent completion of the work .
(vii ) The UCADA shall appoint an agency to assess the completion of the work . The report of the agency shall be submitted to the committee within one week of the appointment.
(viii ) The payment shall be made within ten days of the approval ofthe Committee .
(ix) The same procedure will be followed for final payment as well.
8.
Cancellation
In case of violation of the terms of the contract after entering into the contract in both the above options , it will be mandatory to pay entire amount spent by UCADA in the said work and in option 2, all the capital subsidy given by UCADA will also be refunded to UCADA .
9. (1) It will be mandatory to provide all facilities for government work free of cost during the entire period of contract .
Other Terms & Conditions
(2) The Superintending Engineer included in the committee shall have to submit a report with his recommendations after reviewing the design included in the estimate prepared by the contractor .
(3) For obtaining permission for construction on land around helipad or heliport, it will be mandatory to follow the rules of Directorate General ofCivil Aviation (DGCA) .
In continuation of the above , further necessary action under the Private Helipad and Heliport Policy , 2025 will be taken under the rules mentioned in the Uttarakhand Private Helipad and Heliport Rules , 2025 , in the State of Uttarakhand .
By Order, SACHIN KURVE , Secretary.
437 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
वित्त अनुभाग -6
विज्ञप्ति/नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-377 / 2396 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी सुश्री अदिति जैन पुत्री श्री रमेश चन्द्र जैन ( प्लाट न0 , 72 , द्वितीय तल , लेन नं0-1 , साई एन्कलेव सेक्टर -23 , दवारका, बगडोला, राज नगर -2 , दक्षिण पश्चिमी दिल्ली , पिन कोड-110077) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400 ) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- सुश्री अदिति जैन, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली , 2002 (यथासंशोधित ) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण - पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/ घोषणा- पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगेः-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण -पत्र, उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई ० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण - पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण- पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण - पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति / पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा ० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस /बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या -121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य , रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या -125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस/ बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या -144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
439 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई ० ( आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/ नियुक्ति
03जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-378 / 2397 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी सुश्री तितिक्षा जोशी पुत्री श्री हेम चन्द्र जोशी ( ग्राम- नायल सकनोली , पट्टी- कलेरी बेरीनाग , पिथौरागढ़ , उत्तराखण्ड, पिन कोड- 262531 ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400 ) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से, आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- सुश्री तितिक्षा जोशी, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण, चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय - समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण- पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभांग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण- पत्र/ घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक-एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट, 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण- पत्र।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा - पत्र।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति / पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/ बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149(एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य , रिट याचिका संख्या-144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस/ बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/आदेशों के अधीन रहेगी ।
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9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है.। तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
441 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-379 / ई 0 2398 / 2026- उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी श्री कमलदीप सिंह पिलख्वाल पुत्र श्री ललित मोहन सिंह पिलख्वाल (ग्राम- जाख सौड़ा, पो०- कपड़खान, जिला- अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड, पिन कोड- 263601 ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- श्री कमलदीप सिंह पिलख्वाल, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे ।.
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली , 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय - समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के. स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड: प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण- पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण- पत्र / घोषणा- पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक- एक स्व- प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
442
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण- पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन , शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस/ बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या -25 (एस/बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस / बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
443 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/ नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-380 / 2399 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी श्री प्रमोद सती पुत्र श्री ओम प्रकाश सती ( पुरुषोत्तम सदन साकेत विहार हिम्मतपुर मल्ला , हल्द्वानी, उत्तराखण्ड, पिन कोड-263139) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से, आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- . श्री प्रमोद सती, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली , 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी। अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण- पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।.
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण- पत्र / घोषणा- पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग/ प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण- पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण - पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी / रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण - पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस / बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस / बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी ) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस / बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय / आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
445 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/नियुक्ति
03 जुलाई, 2026 ई ०
संख्या-381 / 2400 / 2026- उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी सुश्री कृतिका कुलाश्री पुत्री श्री राजेन्द्र प्रसाद कुलाश्री ( मकान नं 0 52 , भरतपुरी , रामनगर , नैनीताल , ' उत्तराखण्ड , 244715 ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू ० 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से, आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- सुश्री कृतिका कुलाश्री, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के संत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण- पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण- पत्र/ घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगेः-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक-एक .स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई ० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग/ प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण - पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण - पत्र जो सेवारत हों. तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा-पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा ० उच्च न्यायालय , नैनीताल में रिट याचिका संख्या -48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस / बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य , रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस / बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या -253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/ बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
447 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-382 / ई 0 2401 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी सुश्री ऐनी जोशी पुत्री श्री जी.सी. जोशी ( ग्राम - बाबरी , पो ० ऑ०- रनमन , जिला- अल्मोड़ा , उत्तराखण्ड, पिन कोड -263638) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू० 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400 ) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- सुश्री ऐनी जोशी, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों /आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण- पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण- पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/ घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक - एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
448
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी /रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या -48 (PIL ) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य , रिट याचिका संख्या-18 (एस/ बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/ बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस / बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/ बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
449 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-383 / ई 0 2402 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी श्री प्रभाकर सिंह परमार पुत्र श्री रमेश चन्द्र सिंह परमार ( ग्राम - सिंगोली , पो ० ओ०- गनियाधोली , रानीखेत , अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड , पिन कोड-263645 ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- श्री प्रभाकर सिंह परमार, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन , शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली , 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण- पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण- पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के क्रम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/ घोषणा- पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण- पत्र, उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण - पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी / रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा-पत्र।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति / पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या -48 (PIL ) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/ बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124(एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस / बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस /बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/ बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
451 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई ० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/ नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-384 / 2403 / 2026- उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी श्रीमती ज्योति बोहरा , पत्नी श्री अंकित सिंह मेहर ( ग्राम- चैसर , पो०ऑ० - बिन , पिथौरागढ़ , उत्तराखण्ड , 262501 ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से, आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- श्रीमती ज्योति बोहरा, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण, चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन , शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण -पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के क्रम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण- पत्र / घोषणा- पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगेः-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक-एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण - पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण- पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा ० उच्च न्यायालय , नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस/ बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/ बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124(एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस / बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य , रिट याचिका संख्या -149 (एस/ बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या -144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय / आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
453 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-385 / 2404 / 2026 -उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी श्रीमती सपना चनालिया, पुत्री श्री महेन्द्र चनालिया ( मकान नं0 279 , तुलसा निवास , शक्ति विहार कॉलोनी , रुड़की हरिद्वार -247667) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू ० 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400 ) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- श्रीमती सपना चनालिया, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली , 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगीं । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण- पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के क्रम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/ घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
454
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट, 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण- पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/ बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या -121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124(एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस / बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी वं अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस/ बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/ बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
455 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/ नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-386 / 2405 / 2026- उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी सुश्री रितु बिष्ट पुत्री श्री दरवान सिंह बिष्ट ( भिक्यिासैन , अल्मोड़ा , उत्तराखण्ड, पिन कोड- 263667) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 ( अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- सुश्री रितु बिष्ट, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण, | चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण -पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार 'द्वारा समय -समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण- पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण- पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/ घोषणा- पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे: -
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण- पत्र, उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
456
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा ( यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग/ प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण- पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण -पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति / पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस/ बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस / बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124(एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य , रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस/ बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस / बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस /बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/ बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते हैं तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
457 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई ० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/ नियुक्ति
03जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-387 / 2406 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी सुश्री बबीता लोवियाल पुत्री श्री दिनेश चंद्र लोवियाल ( देव पार्वती कुंज , धनपुरी , हल्द्वानी , उत्तराखण्ड) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से, आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- सुश्री बबीता लोवियाल, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से, प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय - समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण- पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/ घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगेः-
1. शैक्षिक योग्यता , आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण - पत्र , उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण - पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा-पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस/ बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या -25 (एस/बी) ऑफ 2025 गौरव कुमारः बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस /बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149(एस / बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस / बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस/ बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/ बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की ज़ायेगी ।
भाग 1 ]
459 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/ नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-388 / 2407 / 2026- उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी श्री अम्बरीष प्रसाद नौटियाल पुत्र श्री सुमन प्रसाद नौटियाल ( ग्राम- गुलाडी, पो ० ऑ०- गड़ोली , तहसील - बडकोट , जिला - उत्तरकाशी, उत्तराखण्ड , पिन कोड-249141 ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी, वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू 0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400 ) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- श्री अम्बरीष प्रसाद नौटियाल , डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण , चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
.4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय - समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों /आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दनं सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र *एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता , आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण-पत्र, उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
460
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई ० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण -पत्र, उनकी एक- एक स्व- प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण- पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण- पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण- पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/ बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस/ बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस/ बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस/बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय / आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
भाग 1 ]
461 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति/ नियुक्ति
03जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-389 / 2408 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल / प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी सुश्री अपूर्वा थपलियाल पुत्री श्री मातृका प्रसाद थपलियाल (थपलियाल भवन , सी / ओ ० रमेश दिनेश पुस्तकालय , हनुमान चौक, उत्तरकाशी , 249193 ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू0 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400 ) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में प्रस्तावित " आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- सुश्री अपूर्वा थपलियाल , डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण, चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण -पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली , 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों/ आदेशों में विहितं प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण-पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण- पत्र , आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के कम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र /घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगेः-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण -पत्र, उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।
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उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 1
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा वः संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय , नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या -25 (एस / बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या -121 (एस/ बी) : ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस / बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस/ बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231 (एस/बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय / आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगी । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
463 भाग 1 ]
उत्तराखण्ड गजट, 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
विज्ञप्ति / नियुक्ति
03 जुलाई , 2026 ई०
संख्या-390 / 2409 / 2026 - उत्तराखण्ड सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा , 2024 के आधार पर उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग , हरिद्वार द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत अभ्यर्थी श्री रविन्द्र सिंह तोमर पुत्र श्री सरदार सिंह तोमर (लाईन जीवनगढ़ , कैनाल रोड़, निकट अंकिता लाइब्रेरी , विकासनगर देहरादून ) को उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी , वेतन मैट्रिक्स लेवल -10 (अपुनरीक्षित वेतनमान रू ० 15600-39100 ग्रेड वेतन 5400) के पद पर डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम " में योगदान आख्या प्रस्तुत करने की तिथि से , आगामी प्रस्तरों में उल्लिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन अस्थायी / औपबन्धिक रूप से नियुक्ति प्रदान करते हुए 02 वर्ष की अवधि हेतु परिवीक्षाधीन रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है ।
2- श्री रविन्द्र सिंह तोमर, डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में दिनांक 15.07.2026 से प्रारम्भ होने वाले "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम" में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे ।
3- यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं औपबन्धिक है तथा यदि अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण, चरित्र एवं पूर्ववृत्त के सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो उक्त नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा ।
4- एतद्वारा नियुक्त अभ्यर्थी की सेवाएं उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली , 2002 (यथासंशोधित) तथा राजकीय सेवकों की सेवा शर्तों के संबंध में सामान्य रूप से लागू व सरकार द्वारा समय- समय पर प्रख्यापित किये जाने वाले अन्य संगत विनियमों / आदेशों में विहित प्राविधानों के अधीन रहेंगी ।
5- अभ्यर्थी के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही डॉ रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी , नैनीताल में महानिदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण विभाग द्वारा की जाएगी । अभ्यर्थी के चरित्र प्रमाण- पत्र, शैक्षिक अर्हता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण- पत्र एवं अन्य अभिलेखों तथा पूर्ववृत्त के सत्यापन की कार्यवाही नियुक्ति आदेश निर्गत होने के 06 माह की अवधि के अन्तर्गत प्रशासनिक विभाग द्वारा सम्पन्न कर ली जाएगी ।
6- इस नियुक्ति के क्रम में अभ्यर्थी को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा व्यय अथवा अन्य भत्ते अनुमन्य नहीं होंगे ।
7- संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में योगदान प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्न प्रमाण-पत्र/ घोषणा-पत्र प्रस्तुत किये जाने होंगे:-
1. शैक्षिक योग्यता, आयु तथा आरक्षित श्रेणी संबंधी मूल प्रमाण- पत्र , उनकी एक- एक स्व-प्रमाणित छायाप्रतियों के साथ ।.
464
[भाग 1 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
2. अभ्यर्थी द्वारा केन्द्र अथवा राज्य सरकार के अधीन अब तक की गयी सेवा (यदि कोई हो) से संबंधित घोषणा व संबंधित विभाग / प्रतिष्ठान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण - पत्र ।
3. दो ऐसे राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण - पत्र जो सेवारत हों तथा अभ्यर्थी के संबंधी/ रिश्तेदार न हों ।
4. अभ्यर्थी द्वारा धारित चल एवं अचल सम्पत्ति का घोषणा- पत्र ।
5. इस आशय की घोषण कि यदि अभ्यर्थी के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन, शैक्षिक अर्हता अथवा आरक्षण श्रेणी संबंधी प्रमाण-पत्रों आदि के सत्यापन पर उसके संबंध में कोई प्रतिकूल तथ्य प्रकाश में आता है तो इस नियुक्ति को स्वतः ही समाप्त समझा जाएगा ।
6. अभ्यर्थी के विवाहित होने की दशा में एक से अधिक जीवित पति/ पत्नी न होने के संबंध में घोषणा ।
8- यह नियुक्ति मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका संख्या-48 (PIL) ऑफ 2024 सत्यदेव त्यागी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-18 (एस / बी) ऑफ 2025 आकांक्षा बुधलाकोटी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-25 (एस/ बी) ऑफ 2025 गौरव कुमार बनाम उत्तराखण्ड राज्य, रिट याचिका संख्या-121 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य , रिट याचिका संख्या-124 (एस / बी) ऑफ 2024 जीवन चन्द्र पाठक एवं नवीन तिवारी बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-125 (एस / बी) ऑफ 2024 संजय पंत बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-149 (एस/ बी) ऑफ 2024 गुलफाम अली राजी एवं राजेन्द्र सिंह सौन बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या -144 (एस/ बी) ऑफ 2024 सूचिता जोशी व अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य, रिट याचिका संख्या-150 (एस / बी) ऑफ 2024 कृपाल सिंह और अन्य बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-253 (एस / बी) ऑफ 2024 त्रिलोक सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य और अन्य, रिट याचिका संख्या-231- (एस/बी) ऑफ 2025 विमल चन्द्र बनाम उत्तरी राज्य एवं अन्य में पारित होने वाले अंतिम निर्णय/ आदेशों के अधीन रहेगी ।
9- संबंधित अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वे उपरोक्त शर्तों के अधीन उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत वित्त अधिकारी के पद पर संबंधित प्रशिक्षण संस्थान में प्रस्तावित "आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकम" में अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे । यदि उपरोक्तानुसार योगदान आख्या प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते है तो यह समझा जायेगा कि अभ्यर्थी उक्त पद पर नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीं है । तद्नुसार उनके अभ्यर्थन को निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी ।
आज्ञा से , दिलीप जावलकर, सचिव ।
भाग 1 ]
465
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
वन अनुभाग -1
विज्ञप्ति/ सेवानिवृत्ति
01 जुलाई , 2026 ई ०
संख्या-1354 / X-1-2026-14 ( 03 ) / 2022- E-14586- श्री उमेश चन्द्र तिवारी , भा ० व ० से ० , प्रभागीय वनाधिकारी , तराई केन्द्रीय वन प्रभाग , रूद्रपुर, जिनकी जन्मतिथि 09.11.1966 (नौ नवम्बर सन् उन्नीस सौ छियासठ ) है , 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण कर दिनांक 30.11.2026 के अपरान्ह को राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो जायेंगे ।
हिमांशु खुराना, अपर सचिव ।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-2
प्रोन्नति/विज्ञप्ति
29 जून, 2026 ई ०
संख्या -1/ 408931 / 26/XXVIII - 2-2026/E- file- Comp No - 39750/2022- उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागान्तर्गत फार्मासिस्ट संवर्ग में फार्मेसी अधिकारी ( फार्मासिस्ट) से मुख्य फार्मेसी अधिकारी (चीफ फार्मासिस्ट) के रिक्त पदों पर पदोन्नति हेतु दिनांक 25.06.2026 को सम्पन्न विभागीय चयन समिति की बैठक में प्रदत्त संस्तुति के क्रम में नियमित चयनोपरान्त विभागान्तर्गत फार्मेसी अधिकारी (फार्मासिस्ट) वेतनमान रू०- 9300-34800 , पे - मैट्रिक्स लेवल- 06 पर कार्यरत निम्नलिखित कार्मिकों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी (चीफ फार्मासिस्ट) वेतनमान रू ० 56100-177500 पे - मैट्रिक्स लेवल-10 के रिक्त पदों पर कार्य भार ग्रहण करने की तिथि से पदोन्नति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
क्र.स. कार्मिक का नाम क्र.स.
कार्मिक का नाम
1. श्री नवीन चन्द्र जोशी
क्र.स. कार्मिक का नाम
36. श्री हरीश चन्द्र सिंह
2. श्री बी० बी० जोशी
71. श्री अमर लाल नथवाल
72. श्री जयदीप बिष्ट
37. श्री मनोज कुमार टम्टा
3. श्री रतनमणि नौटियाल
38. 73. श्री एस० पी० एस ० रावत
श्री सुधीर कुमार वर्मा
4. श्री धर्मेन्द्र सिंह रौतेला
39.
श्री देवेन्द्र प्रसाद जोशी
5. श्री जी० एस० कोरंगा
40. 74. श्री बलबीर सिंह नेगी
श्री मानवेन्द्र सिंह लिंगवाल
6. श्री देवेन्द्र बल्लभ पंत
75. श्री सुरेन्द्र सिंह पंवार
76. श्री बीरेन्द्र सिंह रावत
41. श्री विष्णुगिरी
7. श्री गीता राम बडोनी
42. 77. श्री गम्भीर सिंह नेगी
श्री चन्दन सिंह भण्डारी
8. श्री जनार्दन पंत
43. श्री महेश चन्द्र वर्मा
44. 78. श्री जीत सिंह धनाता
79. श्री बॉके लाल आर्या
श्री भुवन लाल वर्मा
9. श्री मानवेन्द्र सिंह पुण्डीर
45. श्री कल्याण नाथ गोस्वामी
10. श्री सुखदेव प्रसाद
11. श्री कृष्ण सिंह गडिया 46. 80 श्री वी० पी ० भट्ट
श्री सुरेश चन्द्र पाटनी
47. 81. श्री सतीश चन्द्र कुकरेती
श्री गोविन्द राम आर्या
श्री सुरेश चन्द्र सकलानी
12.
श्री कमला राम नौटियाल
13.
48. 82. श्री एम० सी ० भट्ट
83. श्री नवल किशोर गोस्वामी
श्री आनन्द बल्लभ भट्ट
14. श्री दीपक राणा
49.
श्री गिरीश चन्द्र तिवारी
50 .
84. श्री हरीश चन्द्र जोशी
श्री रवीन्द्र सिंह मेहता
15. श्री एस०के ० भट्ट
16. श्री डी० पी० खन्साली
51 .
85. श्री गोपाल दत्त जोशी
श्री हरदेव व्यास
86.
श्री सुरेन्द्र सिंह शाही
17. श्री सोहन लाल भद्री
52. श्री सोबन सिंह मेहर
श्री जी० पी० मिश्रा
53. 87.
श्री गिरीश चन्द्र जोशी
श्री भूपेश जोशी
18.
19. श्रीमती किरन राय
88. श्री दिनेश चन्द्र नौटियाल
54. श्री महेश चन्द्र
89. श्री मनोज बडथ्वाल 466
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई ० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
20. श्री तान सिंह
55.
[भाग 1
श्री मोहन नाथ गोस्वामी
56.
90. श्री कमल सिंह बिष्ट
श्री राकेश मोहन मिश्रा
21. श्री एस ० एस ० पुरसोडा
57. 22. श्री मुकुल राय
91. श्री अमर सिंह नेगी
92. श्रीमती आशा शर्मा
श्री जे ० एस० कुवर
58 .
श्री दर्शन सिंह
23. श्री मनोज कुमार आर्या 93. श्री वीरेन्द्र दत्त पेटवाल 24. श्री देवकी नन्दन जोशी 59. 94. श्री रतन लाल
श्री के ० सी० रतूडी
25. श्री कमल राम आर्या
60.
श्री टी ० सी० उप्रेती
95. श्री अनिल प्रसाद पुरी
61. श्री नरेन्द्र सिंह रावत
26. श्री के ० एल ० नौटियाल 96. श्री रामपाल सिंह 27. श्री सी० के ० भट्ट 62. 97. श्री किशोर चन्द्र विश्वकर्मा
श्री सुरेश वर्मा
63.
श्री चन्द्र शेखर जोशी
28. श्री कुशला शाह 98. श्रीमती सीमा रावत 29. श्री मुकेश नौटियाल 64. 99. श्री कीर्ति राम गोनियाल
कु० मंजू नेगी
65.
श्री प्रकाश लाल वर्मा
30. सुश्री शबाना परवीन अन्सारी
31. श्री गोबिन्द बल्लभ तिवारी
श्री कुन्दन सिंह चौहान
100.
श्री जगदीश प्रसाद भारद्वाज
66.
32. श्री जे ० के ० पंत
67.
101. श्री दलवीर सिंह
श्री महेशा नन्द सती
102.
श्री आर० एल० टम्टा
33. श्री अनूप सिंह रावत 68.
श्री मिनेष कुमार
श्री तारा सिंह
34.
69.
श्री जी० एस ० थलवाल
35. श्री कविन्द्र सिंह अधिकारी 70. श्री दर्शन सिंह
दिव्यांग श्रेणी
कार्मिक का नाम क्र. स.
1. श्री भरत सिह
2. श्री यशवीर गुसाई
कार्मिक का नाम
क्र. स.
3. श्री सुनील चन्द्र जोशी
4. श्री जमशेद अली
2- उक्त पदोन्नत अधिकारियों को मुख्य फार्मेसी अधिकारी (चीफ फार्मेसी अधिकारी ) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 02 वर्ष की विहित परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा । 3-
उक्त पदोन्नत अधिकारियों के तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
आज्ञा से ,
शिवेन्द्र नारायण सिंह,
संयुक्त सचिव ।
भाग 1 ]
467 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
कृषि एवं कृषक कल्याण अनुभाग -1
कार्यालय- आदेश
25 जून , 2026 ई ०
संख्या-425 / ई -69922 / XIII - 1 / 2026-03 (2 ) 2003 - उत्तर प्रदेश कृषि (समूह ' क' पद) सेवा नियमावली, 1992 यथा संशोधित नियमावली, 2021 तथा उत्तरांचल सरकारी सेवक (पदोन्नति द्वारा भर्ती के लिए मानदण्ड) नियमावली , 2004 तथा कार्मिक विभाग के शासनादेश संख्याः- 182 , दिनांकः 26.02.2010 में उल्लिखित व्यवस्था के आलोक में विभागीय चयन समिति के माध्यम से नियमित चयनोपरान्त कृषि विभागान्तर्गत उप निदेशक , श्रेणी-1 के पद पर कार्यरत निम्नलिखित अधिकारियों की संयुक्त निदेशक , कृषि विभाग , उत्तराखण्ड वेतन मैट्रिक्स रू ० 78,800-2,09,200 , लेवल -12 के 03 रिक्त पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पदोन्नति प्रदान करते हुए दो वर्ष की विहित परिवीक्षा अवधि में रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: - (1 ) श्री अजय कुमार
(2) श्री सुरेश चन्द्र सिंह
(3) डॉ० अभय सक्सेना
2. उक्त पदोन्नत अधिकारी के तैनाती आदेश उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 में विहित व्यवस्थानुसार पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
3. उक्त पदोन्नत पद अधिकारी कार्यभार ग्रहण करते हुए , अपनी योगदान आख्या निदेशक, कृषि के माध्यम से तत्काल शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ।
आज्ञा से , देवेन्द्र सिंह चौहान , उप सचिव ।
पी० एस ० यू० ( आर०ई० ) 29 हिन्दी गजट/ 231 - भाग 1-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो) ।
मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA/ DO/ DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य-विधियां , आज्ञाएं , विज्ञप्तियां इत्यादि जिनको उत्तराखण्ड के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
HIGH COURT OF UTTARAKHAND , NAINITAL
NOTIFICATION
May 29, 2026
No. 216 / XIV - a - 18 /Admin.A/ 2009--Shri Vinod Kumar Burman , Civil Judge (Sr. Div . ) , Rishikesh , District Dehradun is hereby sanctioned earned leave for 26 days w.e.f. 16.02.2026 to 13.03.2026 with permission to prefix 14.02.2026 & 15.02.2026 as second Saturday & Sunday holidays and suffix 14.03.2026 & 15.03.2026 assecond Saturday and Sunday holidays respectively.
NOTIFICATION
May 29, 2026
No. 217 /XIV- a/40/Admin.A/ 2008 -Ms . Deepali Sharma , Additional District & Sessions Judge/ Special Court, NDPS Act , Rudrapur, District U.S. Nagar is hereby sanctioned medical leave for 13 days w.e.f. 21.04.2026 to 03.05.2026 .
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar (Inspection) .
177-ख 178
[भाग 1 -क उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई , 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
NOTIFICATION
May 29 , 2026
No. 218 / XIV / 36/ Admin.A/ 2008--Ms . Sangeeta Rani , Additional District & Sessions Judge , Fast Track Special Court , POCSO Act ( FTSC ) , U.S. Nagar is hereby sanctioned child care leave for 10 days w.e.f. 09.02.2026 to 18.02.2026 with permission to prefix 08.02.2026 as Sunday holiday .
By Order of Hon'ble the Vacation Judge ,
Sd/- Registrar (Inspection) .
NOTIFICATION
May 29, 2026
No. 219 / XIV - 74/ Admin.A/ 2003--Shri Bharat Bhushan Pandey, Additional Principal Judge -l , Family Court, RoorkeeDistrict Haridwar, is hereby sanctioned earned leave for 06 days w.e.f. 20.04.2026 to 25.04.2026 with permission to prefix 19.04.2026 & suffix 26.04.2026 as Sunday holidays .
NOTIFICATION
May 29, 2026
No. 220/ XIV - a / 35/Admin.A/ 2012-- Shri Harsh Yadav, the then Civil Judge ( Sr. Div. ) , Nainital , presently posted as OSD / Deputy Secretary, Uttarakhand State Legal Services Authority, Nainital is hereby sanctioned earned leave for 11 days w.e.f. 20.04.2026 to 30.04.2026 with permission to suffix 01.05.2026 as Buddha Purnima holiday.
By Order of Hon'ble the Administrative Judge ,
Sd/-
Registrar (Inspection) .
NOTIFICATION
May 29th , 2026
[Refer to Rule 7 (1 ) of " Uttarakhand High Court (Designation of Senior Advocates ) Rules , 2018 " ]
No. 221 / UHC / Admin.A/ 2026-- By virtue of the power vested in the High Court of Uttarakhand under Section 16 of the Advocates Act , 1961 and based upon the decision of Hon'ble High Court of Uttarakhand taken in its meeting held on 23.07.2025, following Advocates are designated as Senior Advocate with immediate effect:
1. Shri B.D. Kandpal .
2. Shri R.S. Sammal .
3. Shri Lokendra Dobhal .
4.
Shri Amit Bhatt.
5. Shri Satyendra Singh Lingwal .
6. Shri Vijay Bhatt .
7 . Shri Jagjeet Singh Virk .
By Order of Hon'ble the Chief Justice , Sd/-
YOGESH KUMAR GUPTA ,
Registrar General .
भाग 1 -क]
179 उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
HIGH COURT OF UTTARAKHAND AT NAINITAL
NOTIFICATION
June 03, 2026
No. 223 / UHC / Admin.A- 2 / 2026 -- Pursuant to Rule 27 ( i ) of the Uttarakhand Higher Judicial Service Rules , 2004 ( as amended ) ; the High Court is pleased to grant the 'Selection Grade' of ₹ 1,63,030-2,19,090 ( J - 6 ) to Shri Sahdev Singh ( HJS) , w.e.f. 03.12.2018 .
NOTIFICATION
June03 , 2026
No. 224 / UHC / Admin.A- 2 / 2026 -- Pursuant to Rule 27 (ii) of the Uttarakhand Higher Judicial Service Rules , 2004 ( as amended ) ; the High Court is pleased to grant the ' Super Time Scale ' of ₹ 1,99,100-2,24,100 ( J -7) to Ms. Sujata Singh ( HJS) , w.e.f. 29.01.2026 .
By Order of the Court , Sd/-
YOGESH KUMAR GUPTA , Registrar General .
पी०एस ०यू० ( आर० ई0 ) 29 हिन्दी गजट / 231 - भाग 1 - क-2026 ( कम्प्यूटर / रीजियो ) । मुद्रक एवम् प्रकाशक- अपर निदेशक , राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।
पंजीकरण संख्या- UA / DO/ DDN / 30 / 2024-2026
सरकारी गजट, उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित
रुड़की, शनिवार, दिनांक 18 जुलाई, 2026 ई ० (आषाढ़ 27 , 1948 शक सम्वत्)
भाग 8
सूचना एवं अन्य वैयक्तिक विज्ञापन आदि
सूचना
NOTICE
NO LEGAL RESPONSIBILITY IS ACCEPTED FOR THE PUBLICATION OF ADVERTISEMENTS / PUBLIC NOTICES IN THIS PART OF THE GAZETTE ADVERTISEMENTS /PUBLIC NOTICES WILL REMAIN OF UTTARAKHAND. PERSONS NOTIFYING THE SOLELY , RESPONSIBLE FOR THE LEGAL CONSEQUENCES AND ALSO FOR ANY OTHER MISREPRESENTATION ETC.
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे नाबालिग पुत्र के आधार कार्ड सं0 2976 0352 5318 में उसका नाम अक्षित राणा अंकित है, जो कि गलत है । जबकि मेरे पुत्र के जन्म प्रमाण- पत्र सं. UK 25 ES 0100600374 में अक्षत ठाकुर अंकित है, जो कि सही है । भविष्य में मेरे पुत्र को अक्षत ठाकुर पुत्र अमित कुमार के नाम से जाना- पहचाना, लिखा-पढ़ा व पुकारा जाये ।
BY ORDER Additional Director
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई
है ।
अमित कुमार पुत्र श्री सुभाष, निवासी ग्राम व पोस्ट भलस्वागाज तहसील भगवानपुर, जिला हरिद्वार
329- ट 330
उत्तराखण्ड गजट , 18 जुलाई, 2026 ई० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
[भाग 8
सूचना
मेरे जन्म प्रमाण - पत्र पंजी संख्या 1218/2008 दिनांक 15.04.2008 में मेरा नाम प्रियांशी (Priyanshi ) दर्ज है । लेकिन मेरे निजी कारणों से अपना नाम प्रियांशी (Priyanshi ) से बदलकर अम्बिका रघुवंशी (Ambika Raghuvanshi ) कर लिया है । जो मेरे शैक्षिक अभिलेखों एवं आधार कार्ड नं0 437473452044 में भी दर्ज है । भविष्य में मुझे अम्बिका रघुवंशी (Ambika Raghuvanshi ) पुत्री श्री विवेक रघुवंशी के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
अम्बिका रघुवंशी पुत्री श्री विवेक रघुवंशी निवासी आर० बी० 3 , इन्दिरा नगर कॉलोनी , न्यू फॉरेस्ट, देहरादून, उत्तराखण्ड ।
सूचना
मेरी नाबालिग पुत्री के आधार कार्ड नं. 544757463444 में उसका नाम नित्तिका पुरोहित (NITTIKA PUROHIT ) दर्ज है । लेकिन मैंने निजी कारणों से अपनी पुत्री का नाम नित्तिका पुरोहित (NITTIKA PUROHIT ) से बदलकर नित्तिका आर्य (NITTIKA ARYA) कर लिया है । जो उसके जन्म प्रमाण-पत्र पंजी सं ० B - 2020 : 5- 90170-014745 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरी पुत्री को नित्तिका आर्य (NITTIKA ARYA ) D / O SUNNY ARYA के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
SUNNY ARYA
निवासी -83 , बकरालवाला देहरादून जी० पी ० देहरादून, उत्तराखण्ड ।
सूचना
MY name has been incorrectly recorded as Siddh Jain in my LIC policy number 25 56 55 997 , whereas my actual name is Utkarsh Jain , which is also recorded in my high school roll number 2512 3997 and Aadhaar card number 9636 73 32 25 68. In the future , I should be known , identified , and addressed as Utkarsh Jain, son of Sachin Jain, resident of Mohalla Saravgyan , Manglaur , Tehsil Roorkee , District Haridwar, Uttarakhand .
समस्त विधिक औपचारिकताऐं मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
Utkarsh Jain , son of Sachin Jain , resident of Mohalla Saravgyan , Manglaur, Tehsil Roorkee ,
District Haridwar, Uttarakhand भाग 8]
331 उत्तराखण्ड गजट, 18 जुलाई, 2026 ई ० (आषाढ़ 27, 1948 शक सम्वत्)
सूचना
मेरे नाबालिक पुत्र के आधार कार्ड नं. 550186627978 में त्रुटिवश उसका घरेलू नाम जयंत चौधरी (JAYANT CHOUDHARY) गलत दर्ज हो गया है , जबकि मेरे पुत्र का वास्तविक नाम विशु चौधरी ( VISHU CHAUDHARY) है । जोकि उसके जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण सं० B- 2024: 5-07744-000017 में भी दर्ज है । भविष्य में मेरे पुत्र को विशु चौधरी (VISHU CHAUDHARY ) पुत्र राज कुमार के नाम से जाना पहचाना व पुकारा जाए ।
समस्त विधिक औपचारिकताएँ मेरे द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं ।
राज कुमार
निवासी ग्राम मानकपुर आदमपुर, जिला-हरिद्वार , राज्य- उत्तराखण्ड-247668 .
पी ० एस ० यू० (आर० ई० ) 29 हिन्दी गज़ट / 231 - भाग 8-2026 (कम्प्यूटर / रीजियो ) । मुद्रक एवम् प्रकाशक-अपर निदेशक, राजकीय मुद्रणालय , उत्तराखण्ड, रुड़की ।