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Uttar Pradesh Extraordinary Gazette · Government of Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021

Published 04 January 2021

Department
Higher Education Department
Type
Extraordinary
Notification no.
39/सत्तर-1-2022-20(44)-2020
Subdepartment
Anubhag-1
Identifier
in.gazette.uttarpradesh_extraordinary.2021-01-04.c_202211021635037263
Languages
English, Hindi
Published at
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क्रम-संख्या–4 (च)

रजिस्ट्रेशन नम्बर-एस०एस०पी०/एल०-

डब्लू०/एन०पी०-91/2014-16

लाइसेन्स टू पोस्ट ऐट कन्सेशनल रेट —

(सामान्य परिनियम नियम)

पौष 14, 1943 शक सम्वत्‌

mRrj çns'k 'kklu mPp f'k{kk vuqHkkx-1 ———— la[;k 39/सत्तर-1–2022-20(44)-2020 y[kuÅ, 4 tuojh] 2022

————

अधिसूचना

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 12 सन्‌ 2019) की धारा 58 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल, उत्तर प्रदेश राज्य में निजी विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने की प्रक्रिया को विनियमित करने की दृष्टि से निम्नलिखित नियमावली बनाती हैंः-

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021

1-(1) यह नियमावली उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021

संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ कही जायेगी।

(2) यह सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश राज्य के लिये लागू होगी। (3) यह गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से प्रवृत्त होगी।

परिभाषाएं

2-जब तक सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस नियमावली में;-

(क) ''अधिनियम'' का तात्पर्य उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019

(उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 12 सन्‌ 2019) से है;

(ख) ''संलग्न भूमि'' का तात्पर्य विश्वविद्यालय हेतु प्रस्तावित भूखण्डों की पारस्परिक सम्बद्धता के सम्बन्ध में जारी अधिसूचना संख्या-2047/सत्तर-1-2020 -20(1)/2019 टी0सी0-2, दिनाँक 10.11.2020 द्वारा यथा संलग्न के रूप में परिभाषित भूमि से है;

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 2 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

(ग) ''मूल्यांकन समिति'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा 5 की उप धारा (1) के अधीन गठित मूल्यांकन समिति से है;

(घ) ''शासन'' का तात्पर्य उत्तर प्रदेश शासन से है;

(ड.) ''भूमि'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा 3 के अधीन किसी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु अपेक्षित भूमि से है ;

(च) ''आशय-पत्र'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा 6 की उप धारा (1) के अधीन जारी आशय-पत्र से है;

(छ) ''स्थायी विन्यास निधि'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा 3 की उप धारा (क) के अधीन '5.00 करोड़ रूपये की स्थायी विन्यास निधि' से है;

(ज) ''प्रस्ताव'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा 4 के अधीन नया विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने हेतु प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव से है;

(झ) ''नगरीय क्षेत्र'' और ''ग्रामीण क्षेत्र'' का तात्पर्य इस नियमावली के नियम 4 में यथा उल्लिखित क्षेत्र से है;

भू स्वामित्व 3-यदि निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने या परिसर दूरस्थ केन्द्र हेतु प्रायोजक निकाय द्वारा प्रस्तावित भूमि ग्रामीण क्षेत्र में हो तो इसे प्रायोजक निकाय के नाम से खतौनी में सम्यक्‌ रूप से अभिलिखित किया जाना आवश्यक होगा और यदि यह नगरीय क्षेत्र में हो तो इसका आवंटन/निष्पादन, प्राधिकरण/स्थानीय निकाय द्वारा प्रायोजक निकाय के नाम से किया जाना आवश्यक होगा। कब्जा प्रमाण-पत्र भी प्राधिकरण/स्थानीय निकाय द्वारा सम्बन्धित प्रायोजक निकाय के पक्ष में जारी किया जाना आवश्यक होगा। भू-स्वामित्व और उसके कब्जे का निर्विवाद होना आवश्यक है।

अधिनियम की व्याख्या के अनुसार, धारा 3 के खण्ड (ख) में, प्रायोजक निकाय द्वारा स्थापित किसी महाविद्यालय अथवा शैक्षिक संस्था के नाम की भूमि, इस अधिनियम के अधीन विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रयोजनार्थ प्रायोजक निकाय द्वारा सम्यक रूप से धारित की गयी समझी जायेगी।

नगरीय क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र

4-(1) (क) नगरीय क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने हेतु अधिनियम की धारा 3 के अनुसार नगरीय क्षेत्र में न्यूनतम 20 एकड़ संलग्न भूमि का धारित किया जाना आवश्यक होगा। अधिसूचना संख्या-76/सत्तर-1-2020-20(1)/2019 टी0सी0-2, दिनाँक 25.01.2020 के अनुसार 'नगरीय क्षेत्र' का तात्पर्य नगर विकास विभाग द्वारा अधिसूचित नगर निगम, नगर पालिका परिषद्‌, नगर पंचायत के क्षेत्र तथा महानगरीय क्षेत्र; आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा अधिसूचित विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद्‌, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र या औद्योगिक विकास विभाग द्वारा अधिसूचित औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र से है।''

(ख) ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने हेतु न्यूनतम 50 एकड़ संलग्न भूमि धारित किया जाना आवश्यक होगा।

(2) परिसर दूरस्थ केन्द्र स्थापित करने हेतु मानक निम्नवत्‌ होंगे :-

(क) महाविद्यालय हेतु ग्रामीण क्षेत्र में 10 हजार वर्ग मीटर तथा नगरीय क्षेत्र में 5 हजार वर्ग मीटर भूमि का मानक निर्धारित है।

(ख) अभियंत्रण एवं तकनीकी संस्थान हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि का मानक 7.5 एकड़ तथा नगरीय क्षेत्रों में 2.5 एकड़ विहित है।

(ग) मैदानी क्षेत्रों में कृषि शिक्षा संस्थानोंं के लिये 30 हेक्टेयर भूमि का मानक विहित है।

(घ) चिकित्सा शिक्षा संस्थानों हेतु 10 एकड़ भूमि का मानक नियत है।

मानकों के सम्बन्ध में, सम्बन्धित विभागों/विनियामक निकायों आदि द्वारा समय-समय पर किये गये संशोधन एवं परिवर्द्धन लागू होंगे।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 3 (3) प्रायोजक निकाय द्वारा 12.5 एकड़ से अधिक भूमि धारित किये जाने के लिये राज्य सरकार के समुचित प्राधिकारी से प्राप्त अनुज्ञा, आवेदन-पत्र के साथ संलग्न की जायेगी। यदि तत्‌सम्बन्ध में अनुज्ञा प्राप्त न की गयी हो तो राजस्व विभाग के आदेश संख्या-11/2021/928/एक-1-2021-रा0-1, दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 के अंतर्गत कृत कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया जायेगा।

5-निजी विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्रस्थापित किये जाने हेतु प्रस्तावित भूमि की समीपस्थता

भूमि के सम्पूर्ण भूखण्ड एक दूसरे से समीपस्थ/पाश्र्वस्थ होंगे;

या अधिसूचना संख्या - 2047 / सत्तर - 1 - 2020 - 20 (1) / 2019 टी0सी0-।।,

दिनाँक 10.11.2020 के अनुसार किसी निजी विश्वविद्यालय हेतु यदि प्रस्तावित भूमि किसी सार्वजनिक मार्ग, राज्य/राष्ट्रीय राजमार्ग, सार्वजनिक सम्पर्क मार्ग, किसी ग्राम के चकरोड, किसी नाला सिंचाई जल-प्रणाली या अन्य सार्वजनिक भूमि से विभाजित हो तो उक्त भूमि समीपस्थ मानी जायेगी, जो निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगीः-

(क) विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र हेतु भवन यह सुनिश्चित करते हुये निर्मित किये जायेंगे कि वे सार्वजनिक मार्ग या सार्वजनिक भूमि के लिये बाधक न हों और साथ ही साथ ऐसी सड़कों के सम्बन्ध में विनियामक निकायों द्वारा बनायी गयी विधियों/उप

विधियों, जो तत्समय प्रवृत्त हों, का उल्लंघन न हो;

(ख) सार्वजनिक मार्ग/सार्वजनिक भूमि की ओर के परिसर के दो भागों के मध्य की दूरी 500 मीटर से अधिक नहीं होगी और परिसर के दो भागों के मध्य कोई निजी भूमि नहीं

होगी;

(ग) यदि भूमि किसी नाला से विभाजित हो तो प्रायोजक निकाय को इस प्रकार भवन निर्मित करना होगा और परिसर विकसित करना होगा जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नाला के प्राकृतिक प्रवाह में कोई व्यवधान न हो। प्रायोजक निकाय नाला के दोनों ओर की अपनी भूमि पर हरित पट्‌टी विकसित कर सकता है अथवा सीमा दीवाल निर्मित कर सकता है ;

(घ) प्रायोजक निकाय की भूमि तक परिरूद्ध सड़क/मार्ग, गूल तथा नाला आदि का विनिमय, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश संख्या-33/ 745/एक-1-2016-20(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 और तत्‌सम्बन्ध में जारी अन्य निदेशों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अधीन किया जायेगा। सार्वजनिक सड़क/सार्वजनिक भूमि का विनिमय किये जाने तक सड़क, चकरोड, नाला और अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति लोक उपयोग हेतु प्रायोजक निकाय द्वारा खुले रखे जायेंगे और वे भवन निर्माण या परिसर विकास द्वारा बंद नहीं किये जायेंगे और प्रायोजक निकाय उन्हें समुचित भू-दृश्यकरण या हरित पट्‌टी के माध्यम से परिरक्षित करेगा ;

(ङ) प्रायोजक निकाय की भूमि से गुजरने वाली सड़क/मार्ग, गूल, नाला आदि की व्यवस्था राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश संख्या-33/745/एक-1-2016- 20(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016 और तत्‌सम्बन्ध में जारी अन्य निदेशों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अधीन की जायेगी।

सार्वजनिक सड़क/सार्वजनिक भूमि का विनिमय किये जाने तक सड़क, चकरोड, नाला और अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति, प्रायोजक निकाय द्वारा उपर्युक्त प्रस्तर (घ) में यथा उल्लिखित रूप में सार्वजनिक उपयोग के लिये खुले रखे जायेंगे।

(च) यदि प्रायोजक निकाय की भूमि के मध्य में स्थित सार्वजनिक भूमि विनिमय योग्य न हो अर्थात इसका विद्यमान सरकारी नियमों के अनुसार विनिमय नहीं किया जा सकता है, तो इसे प्रायोजक निकाय द्वारा सार्वजनिक उपयोग के लिये सदैव खुला रखा जायेगा, और प्रायोजक निकाय अपने हक की ऐसी भूमि के चारो ओर सीमा दीवाल निर्मित कर सकता है। अग्रतर यह कि ऐसी सार्वजनिक भूमि के क्षेत्रफल की गणना विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र की भूमि के लिये नहीं की जायेगीः544 RPH 2022 data 4e makep data 6 4 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 परन्तु यह कि विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र के प्रस्ताव पर विचार, आशय-पत्र स्वीकृत करने के लिये किया जायेगा और तत्पश्चात्‌ जब अन्य शर्तें प्रायोजक निकाय द्वारा पूरी कर दी जायेंगी तब विश्वविद्यालय का नाम अधिनियम में उल्लिखित अनुसूची में इस शर्त के साथ सम्मिलित किये जाने के लिये सुविचारित किया जायेगा कि आशय-पत्र जारी किये जाने के दिनांक से दो वर्ष के भीतर, प्रायोजक निकाय को सार्वजनिक भूमि का विनिमय सुनिश्चित करना होगा और उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से राजस्व विभाग को सूचित करना होगा। यदि प्रायोजक निकाय द्वारा विहित समय के भीतर विनिमय निष्पादित नहीं किया जाता है, तो उच्च शिक्षा विभाग, न्याय विभाग के परामर्श से विश्वविद्यालय का नाम अधिनियम की अनुसूची से हटा देगा।

सन्नियमों के अनुसार भूमि धारित किये जाने का सत्यापन

6-मूल्यांकन समिति में सम्बन्धित जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नाम निर्दिष्ट अधिकारी, (जो उप जिलाधिकारी से अन्यून हो) भू-स्वामित्व, भूखण्ड निरन्तरता, प्रस्तावित भूमि में सम्मिलित सरकारी भूमि का विवरण और समुचित प्राधिकारी द्वारा 12.50 एकड़ से अधिक भू-क्रय किये जाने सम्बन्धी अनुज्ञा सम्बन्धी निरीक्षण रिपोर्ट में व्यक्तिगत रूप से अपनी टिप्पणियां देगा और सुसंगत दस्तावेज भी उपलब्ध करायेगा।

वित्तीय व्यवहार्यता 7-(क) प्रायोजक निकाय की वित्तीय स्थिति का निर्धारण, चार्टर्ड एकाउन्टेंट द्वारा पिछले 03 वर्षों के लेखा परीक्षित तुलन-पत्र आय और व्यय के लेखा के आधार पर कुल आय और बचत तथा प्रायोजक निकाय द्वारा लिये गये ऋण तथा उनके उपयोग को ध्यान में रखते हुये किया जायेगा और विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र के संचालन हेतु उसके द्वारा वित्तीय व्यवहार्यता से सम्बन्धित टिप्पणियां की जायेंगी। मूल्यांकन समिति के सदस्य के रूप में वित्त अधिकारी प्रायोजक निकाय की वित्तीय सामथ्र्य का निर्धारण करने के लिये उत्तरदायी होगा।

(ख) प्रायोजक निकाय की वित्तीय सामथ्र्य के सम्बन्ध में, परियोजना रिपोर्ट निम्नलिखित बिन्दुओं पर चार्टर्ड अकांउंटेंट की रिपोर्ट/विवरण के साथ उपलब्ध करायी जायेगी :-

एक गत 3 वर्षों की आस्ति देनदारी अनुपात अर्थात्‌ कुल आस्तियों और कुल

देनदारियों का अनुपात।

दो गत्‌ 03 वित्तीय वर्षों की समाप्ति पर शुद्धमूल्य अर्थात्‌ कुल आस्तियां माइनस (-) तीन वित्तीय वर्षों की समाप्ति पर कुल देनदारियां और गत 3 वर्षाें का रूझान। शुद्धमूल्य धनात्मक होना चाहिए।

तीन गत 3 वर्षों की ऋण इक्वीटी अनुपात

चार निजी विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन से सम्बन्धित दिनांक विषयक

प्रायोजक निकाय की वित्तीय व्यवहार्यता पर टिप्पणी।

(ग) प्रायोजक निकाय वित्तीय सामथ्र्य के सम्बन्ध में परियोजना रिपोर्ट के साथ निम्नलिखित बिन्दुओं पर रिपोर्ट/विवरण उपलब्ध करायेगा :-

एक प्रायोजक निकाय के सम्बन्ध में यह विवरण कि प्रायोजक निकाय की कुल आस्तियां, उसकी कुल देनदारियों से अधिक हैं, शुद्धमूल्य धनात्मक है, ऋण का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है और गत तीन वर्षों के दौरान ऋण इक्वीटी अनुपात निरन्तर घटता रहा है।

दो प्रायोजक निकाय द्वारा आगामी तीन वर्षों में कितना व्यय अपेक्षित है और

किन स्रोतों से इसे पूरा किया जायेगा, उसका विवरण।

तीन गत तीन वर्षों एवं आगामी तीन वर्षों का वर्षवार आय-व्यय तथा अधिशेष का

विवरण।

चार निजी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं संचालन हेतु प्रायोजक निकाय की

अद्यतन वित्तीय व्यवहार्यता।

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 5

(घ) मूल्यांकन/निरीक्षण समिति, प्रायोजक निकाय की गत तीन वर्षाें की आस्ति-देयता अनुपात के संदर्भ में इस बिन्दु का परीक्षण करेगी और एक स्पष्ट राय देगी कि प्रायोजक निकाय प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन के लिये वित्तीय रूप से व्यवहार्य है अथवा नही है। प्रायोजक निकाय के वित्तीय रूप से व्यवहार्य होने के लिये यह आवश्यक है कि कुल आस्तियां कुल देनदारियों से अधिक होनी चाहिए और उसका शुद्ध मूल्य धनात्मक होना चाहिए, प्रायोजक निकाय द्वारा बैंक या वित्तीय संस्था से लिये गये ऋण के सापेक्ष किस्तों का नियमित भुगतान किया जाना चाहिए। यह भी अवलोकित किया जायेगा कि स्वीकृत ऋण की धनराशि में क्रमशः कमी आ रही है। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित बैंक से पुष्टिकरण पत्र प्रायोजक संस्था द्वारा प्राप्त कर प्रस्तुत किया जायेगा।

मूल्यांकन/निरीक्षण समिति द्वारा संस्था के चार्टर्ड अकांउटेन्ट से प्रायोजक निकाय की वित्तीय सक्षमता के सम्बन्ध में टिप्पणियां प्राप्त की जायेंगी और प्रायोजक संस्था के तीन वर्षाें के वार्षिक खातों का सम्यक्‌ अध्ययन करके नियम 7 (ख) एवं 7 (ग) के बिन्दुओं पर सूचना देते हुए प्रायोजक संस्था की वित्तीय सक्षमता के सम्बन्ध में मूल्यांकन/निरीक्षण समिति की रिपोर्ट एवं तत्सम्बन्धी स्पष्ट मन्तव्य उपलब्ध कराया जायेगा।

आवेदन करने की प्रक्रिया

8-विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र के लिये आवेदन पत्र परिशिष्ट-2 में यथा प्रदत्त प्रारूप में प्रस्तुत किया जायेगा। सरकार, समयबद्ध रीति से ऑनलाइन आवेदन कराने के लिये एक पद्धति विकसित करने का प्रयास करेगी। निजी विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और प्रस्ताव सहित आवेदन पत्र और साथ ही साथ राज्य सरकार द्वारा समय समय पर नियत तथा अपर सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद्‌, लखनऊ के पक्ष में संदेय आवेदन शुल्क का डिमाण्ड ड्राफ्ट प्रयोजक निकाय द्वारा ऑनलाईन आवेदन किये जाने के दिनांक से पन्द्रह दिन के भीतर प्रस्तुत किया जायेगा।

आवेदन पत्र के साथ प्राप्त आवेदन धनराशि, उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के बैंक खाते में जमा की जायेगी और उसका पूर्ण विवरण किसी पृथक बही में अभिलिखित किया जायेगा। आवेदन पत्रों के साथ प्राप्त इस धनराशि का व्यय, सरकार के पूर्वानुमोदन से किया जायेगा।

9-प्रायोजक निकाय परिशिष्ट 2 में यथाविहित प्रारूप पर आवेदन करेेगा जिसमें आवेदन-पत्र के साथ वांछित सूचना निम्नलिखित सूचना, निम्नलिखित अभिलेखों को संलग्न करते हुये प्रस्तुत की जायेंगीः-

क- यदि भूमि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है :-

1. ग्राम/ग्रामों के नाम........... तहसील.......

सम्मिलित भूखण्डों की संख्या......

2. प्रस्तावित क्षेत्रफल...............

3. निर्विवाद स्वामित्व विषयक उप जिलाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र

4. खतौनी की प्रमाणित प्रति के अनुसार प्रस्तावित गाटों का स्वामित्व

5. उप जिलाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के अनुसार समस्त प्रस्तावित भूखण्डों

की समीपस्थता की प्रास्थिति

6. प्रस्तावित भूमि को चिह्नित करते हुये उप जिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित राजस्व

मानचित्र संलग्न किये जाने की प्रास्थिति

(प्रस्तावित भूमि एक से अधिक ग्रामों में होने की स्थिति में सभी ग्रामों का

पृथक-पृथक व एक संयुक्त राजस्व मानचित्र संलग्न किया जायेगा)

7. प्रस्तावित स्थल को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग की चौड़ाई का

विवरण

8. प्रस्तावित भूमि के मध्य स्थित सरकारी भूमि का विवरण निम्नवत प्रस्तुत किया

जायेगाः-

(1) उप जिलाधिकारी द्वारा प्र्रमाणित राजस्व मानचित्र में चिह्नित, यदि वे विनिमय

योग्य हों तो हरे रंग से तथा यदि विनिमय योग्य न हों तो लाल रंग में प्रस्तुत किये जायेंगे।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 (2) सरकारी/सार्वजनिक उपयोग की भूमि का विवरण निम्नलिखित सारिणी में

क्रमांक भूखण्ड संख्या क्षेत्रफल प्रकृति टिप्पणी विनिमय योग्य अथवा गैर विनिमय योग्य
1 2 3 4 5

हेतु प्रस्तुत वाद/आवेदन-पत्र का विवरण एवं अद्यतन प्रास्थिति।

9. अधिनियम की धारा 3 एवं धारा 4 के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट।

ख- यदि प्रस्तावित भूमि विकास प्राधिकरण अथवा औद्यौगिक विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित होः-

ऐसी स्थिति में, निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न किये जायेंगे-

(1) सम्बन्धित नगरीय निकाय की अधिसूचना संख्या एवं दिनांक तथा उसकी प्रति। (2) प्रायोजक निकाय के नाम से जारी आवंटन पत्र। (3) प्राधिकरण द्वारा निष्पादित विक्रय विलेख/पट्टा विलेख। (4) कब्जा प्रमाण-पत्र। (5) प्रस्तावित भूमि पर निजी विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना एवं

संचालन हेतु प्राधिकरण का अनापत्ति पत्र (अद्यतन)।

(6) प्रस्तावित भूमि के भूखण्डों के संलग्न (Contiguous) होने का प्रमाण-पत्र। (7) प्रस्तावित भवन निर्माण मानचित्र पर प्राधिकरण की स्वीकृति। यदि भवन प्रस्तावित भूमि पर पूर्व में ही निर्मित हो तो विश्वविद्यालय और परिसर दूरस्थ केन्द्र के संचालन हेतु प्राधिकरण की अनापत्ति।

(8) अधिनियम की धारा 3 एवं धारा 4 के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट।

ग- प्रस्तावित भूमि के नगरीय क्षेत्र में स्थित होने किन्तु किसी प्राधिकरण द्वारा आबंटित न होने की स्थिति में-

निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न की जायेंगीः- (1) यदि प्रस्तावित भूमि ऊपर नियम 4(1)(क) में यथा प्रदत्त नगरीय क्षेत्र की परिभाषा से आच्छादित हो और किसी प्राधिकरण द्वारा आबंटित न हो तो सम्बन्धित नगरीय निकाय/विकास प्राधिकरण आदि की अधिसूचना की एक प्रति उसके सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित की जायेगी जिसमें प्रस्तावित भूमि को नगरीय क्षेत्र में सम्मिलित किये जाने से सम्बन्धित सूचना स्पष्ट रूप से उल्लिखित हो।

(2) स्वामित्व विषयक नगर निकाय के आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि। (3) प्रायोजक निकाय द्वारा स्वामित्व प्राप्त भूमि के समस्त भूखण्डों/सम्पूर्ण क्षेत्रफल की पारस्परिक समीपस्थता का प्रमाण-पत्र, जो उप जिलाधिकारी की श्रेणी से अनिम्न अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।

(4) उप जिलाधिकारी/नगरीय निकाय के सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित राजस्व मानचित्र, जिसमें प्रायोजक निकाय द्वारा प्रस्तावित भूमि को स्पष्ट रूप से पीले रंग से चिह्नित किया गया हो।

(5) विकास प्राधिकरण/नगर निकाय द्वारा स्वीकृत भवन मानचित्र। (6) प्रस्तावित भूमि पर निजी विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना एवं संचालन हेतु विकास प्राधिकरण/नगरीय निकाय का अनापत्ति पत्र।

(7) अधिनियम की धारा 3 एवं धारा 4 के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट। 10-(क) सम्बन्धित महानगरीय क्षेत्र, नगर पालिका परिषद्‌, नगर निगम और नगर पंचायत, विकास प्राधिकरण, आवास एवं विकास परिषद, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा मानचित्र स्वीकृत किये जाने के पश्चात्‌ ही प्रस्तावित भूमि पर भवन, प्रायोजक निकाय द्वारा निर्मित किया जायेगा।

सन्नियमों के अनुसार भवन निर्माण किया जाना और भवन उपलब्ध कराया जाना544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 7 (ख) यदि प्रस्तावित भूमि पर भवन पहले ही निर्मित हो तो निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के संचालन के लिए पूर्व निर्मित भवन का उपयोग करने के संबंध में सम्बन्धित महानगरीय क्षेत्र, नगर पालिका परिषद, नगर निगम और नगर पंचायत, विकास प्राधिकरण, आवास एवं विकास परिषद, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र तथा औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण से अनापत्ति प्राप्त की जायेगी और उसे आवेदन पत्र के साथ उपलब्ध कराया जायेगा।

(ग) मूल्यांकन और निरीक्षण समिति में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नाम निर्दिष्ट सदस्य द्वारा यह सत्यापित किया जायेगा कि प्रस्तावित भवन निर्माण सरकारी भूमि पर नहीं है, भवन प्रस्तावित भूखण्डों पर निर्मित है और प्रस्तावित भूमि से भिन्न भूखण्ड पर कोई भवन निर्मित नहीं है। प्रस्तावित भूमि के भूखण्डों/आवंटित भूखण्डों पर भवन निर्माण मानचित्र में चिन्हित/अंकित किया जायेगा और उसे प्रमाणित किया जायेगा।

भूमि/भूमि बंधक रखने के सापेक्ष ऋण के संबंध में 11-यदि प्रायोजक निकाय द्वारा प्रस्तावित भूमि के सापेक्ष पूर्व में बैंक अथवा वित्तीय संस्था से ऋण लिया गया हो जिसके सापेक्ष प्रस्तावित भूमि बंधक रखी गयी हो तो प्रायोजक निकाय द्वारा परिशिष्ट-6 में यथा प्रदत्त प्रारूप पर एक शपथ-पत्र प्रस्तुत किया जायेगा जिसमें यह वचन दिया जायेगा कि प्रायोजक निकाय द्वारा ग्रहीत उक्त ऋण का उपयोग विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र से भिन्न प्रयोजन के लिये नहीं किया जायेगा और पहले से निर्मित भवन तथा सम्पत्तियाँ एवं महाविद्यालय, प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के अंग होंगे।

इसके अतिरिक्त निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना के लिये ऋण प्रदाता संस्था की 'अनापत्ति' प्रायोजक निकाय द्वारा इस प्रतिबद्धता के साथ उपलब्ध करायी जायेगी कि ऋण की किस्त का भुगतान नियमित रूप से किया जायेगा।

तत्पश्चात्‌ भविष्य में तत्समय विद्यमान विधि के अधीन प्रस्तावित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना करने के प्रयोजनार्थ ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये किसी बैंक या वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को प्रायोजक निकाय द्वारा विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु प्रस्तावित उक्त भूमि को बंधक नहीं रखा जायेगा। बंधक रखी गयी सम्पत्ति पर बैंक/ऋण प्रदाता का प्रभार प्रभावित नहीं होगा और यह प्रभार सम्बन्धित प्राधिकारी द्वारा विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की प्रास्थिति प्राप्त करने के ठीक पश्चात्‌ नवस्थापित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के नाम से पंजीकृत किया जायेगा।

भविष्य में, केवल इस भूमि के सापेक्ष ऋण प्राप्त किया जायेगा और भविष्य में प्राप्त

किये जाने वाले ऋण की सूचना राज्य सरकार को समय से उपलब्ध करायी जायेगी।

पूर्वाेक्त शपथ-पत्र की एक प्रति प्रायोजक निकाय द्वारा ऋण प्रदाता बैंक/वित्तीय

संस्था को उपलब्ध करायी जायेगी और इसकी सूचना शासन को प्रस्तुत की जायेगी।

प्रायोजक निकाय द्वारा शपथ-पत्र में यह घोषित किया जायेगा कि अधिनियम की समस्त धाराओं और उसमें उल्लिखित शर्ताें को क्रियान्वित करना बाध्यकारी होगा और कोई सूचना असत्य पाये जाने पर उक्त निजी विश्वविद्यालय तथा प्रायोजक निकाय के विरूद्ध विधि के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

मूल्यांकन के लिये निरीक्षण

12-अधिनियम की धारा 5 के अधीन प्रस्ताव का मूल्यांकन, गठित मूल्यांकन समिति द्वारा किया जायेगा और निरीक्षण के समय, रिपोर्ट निम्नलिखित बिन्दुओं का परीक्षण किये जाने के पश्चात्‌ प्रस्तुत की जायेगीः-

1-कुल आय, व्यय और बचतों तथा साथ ही साथ नियम 7 के निबंधनो के अनुसार ऋण और उनके उपयोग के संबंध में प्रायोजक निकाय के वित्तीय सामथ्र्य पर एक सुस्पष्ट टिप्पणी, विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र संचालित करने हेतु की जायेगी।

प्रायोजक निकाय द्वारा गत तीन वर्षाें के लेखा परीक्षित तुलन पत्र के आधार पर प्रायोजक निकाय की वित्तीय सामथ्र्य पर एक सुस्पष्ट टिप्पणी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र संचालित करने हेतु की जायेगी।

2-भू-स्वामित्व सहित भूमि, भूखण्ड निरन्तरता, प्रस्तावित भूमि में सम्मिलित सरकारी भूमि विवरण और 12.50 एकड़ से अधिक भूमि क्रय विषयक समुचित प्राधिकारी की अनुज्ञा से सम्बन्धित समस्त महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर रिपोर्ट, सम्बन्धित जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नाम निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा स्पष्ट तौर पर व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत की जायेगी और समस्त सम्बन्धित अभिलेख उपलब्ध कराये जायेंगे।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 8 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 3-समिति द्वारा सुस्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी कि क्या प्रायोजक निकाय अधिनियम में उल्लिखित शर्तों, विशेष रूप से अधिनियम की धारा 3 के अधीन शर्तों को पूरी करता है।

4-समिति के प्रत्येक सदस्य का दिनांक सहित हस्ताक्षर, नाम और पदनाम प्रस्तावित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की निरीक्षण रिपोर्ट में तथा उसके समस्त अनुलग्नकों पर भी अंकित किये जायेंगे।

5-विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के लिये प्रस्तावित भूमि पर संचालित महाविद्यालयों/संस्थाओं के सम्बन्ध में वित्तीय सामथ्र्य तथा विवरण विषयक सुस्पष्ट संस्तुति तथा तत्संबंधी कार्ययोजना, मूल्यांकन समिति में सम्मिलित कुलसचिव, वित्त अधिकारी और कुलपति द्वारा उपलब्ध कराये जायेंगे।

6-मूल्यांकन समिति द्वारा रिपोर्ट, परिशिष्ट-3 के अधीन विहित प्ररूप पर उपलब्ध करायी जायेगी।

आशय-पत्र जारी किये जाने हेतु विचारार्थ बिन्दु

13-अधिसूचना दिनांक 10-11-2021 को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित भूमि का भू स्वामित्व तथा नगरीय क्षेत्र में होने के कारण भूमि का क्षेत्रफल तथा उसकी प्रास्थिति (यदि प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिसूचना दिनांक 25-01-2020 के अधीन नगरीय क्षेत्र में प्रस्तावित हो) भूमि की संलग्नता बंधकमुक्त हुयी भूमि की प्रास्थिति, सम्बन्धित प्राधिकरण/स्थानीय निकाय का अनापत्ति प्रमाणपत्र, भू-धारण से सम्बन्धित सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा और मूल्यांकन समिति रिपार्ट में प्रायोजक निकाय की व्यवहार्यता से सम्बन्धित मूल्यांकन/संस्तुति। आशय पत्र जारी किया जाना

14-मूल्यांकन समिति द्वारा प्रस्ताव का मूल्यांकन किये जाने के पश्चात्‌ निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु आशय-पत्र जारी किये जाने से सम्बन्धित संस्तुति किये जाने के लिये, निम्नलिखित उच्च स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगाः-

1- मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन - अध्यक्ष 2- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, - सदस्य वित्त एवं संस्थागत वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश शासन 3- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, - सदस्य राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन 4- प्रमुख सचिव, न्याय विभाग, उत्तर प्रदेश शासन - सदस्य 5- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, आवास - सदस्य एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन 6- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, - सदस्य नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन 7- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, अवस्थापना - सदस्य एवं औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन 8- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा - सदस्य विभाग, उत्तर प्रदेश शासन 9- विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, - सदस्य-सचिव उत्तर प्रदेश शासन विभाग उक्त उच्च स्तरीय समिति के समक्ष निम्न बिन्दुओं पर अपना मन्तव्य एवं संस्तुति प्रस्तुत करेगा :-

(1) प्रस्तावित भूमि के स्वामित्व की पुष्टि (2) भूमि के नगरीय क्षेत्र/ग्रामीण क्षेत्र में होने की स्थिति (3) भूमि की संलग्नता की प्रास्थिति (4) प्रस्तावित भूमि में शासकीय भूमि की प्रास्थिति (5) 12.50 एकड़ से अधिक धारित भूमि के विनियमितीकरण की प्रास्थिति (6) प्रायोजक इकाई की वित्तीय व्यवहार्यता की पुष्टि (7) प्रस्तावित भूमि की मुख्य मार्ग से सम्पर्क की प्रास्थिति (8) भूमि के बंधक मुक्त होने की स्थिति (9) प्राधिकरण की अनापत्ति उपरोक्त उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के पश्चात्‌, प्रायोजक निकाय को आशय-पत्र जारी करने हेतु मंत्रिमंडल का अनुमोदन प्राप्त करना होगा और तत्पश्चात्‌ आशय पत्र, परिशिष्ट-4 में दिये गये प्रारूप के अनुसार जारी किया जायेगा।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 9 अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाना 15-परिशिष्ट-5 में यथाविहित शपथ-पत्र या आशयपत्र में उल्लिखित शर्तों को विस्तृत रूप में प्रतिपादित करते हुए 100 रू0 का स्टाम्प पत्र अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन यथा अवधारित आशय पत्र जारी किये जाने के दिनांक के दो वर्ष की अवधि के भीतर प्रायोजक निकाय द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा।

16-(1) राज्य सरकार द्वारा जारी आशय-पत्र के आधार पर प्रायोजक निकाय द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अनुज्ञा प्राप्त की जायेगी और उसे राज्य सरकार को प्रस्तुत की जायेगी।

परिसर दूरस्थ केन्द्र/केन्द्रों की स्थापना हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अनुज्ञा प्राप्त किया जाना

(2) अधिनियम की धारा 7 (क) के अधीन आशय-पत्र जारी किये जाने के एक माह के भीतर, प्रायोजक निकाय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को अनुज्ञा के लिये आवेदन करेगा और यदि आवेदन किये जाने के दिनांक से 01 वर्ष के भीतर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का विनिश्चय प्राप्त नहीं किया जाता है तो यह समझा जायेगा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को आशय-पत्र के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नहीं है, तद्‌नुसार, यह अवधारित करते हुए कि तत्सम्बन्ध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की अनुज्ञा है, परिसर दूरस्थ केन्द्र स्थापित किये जाने के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा विनिश्चय किया जायेगा।

(3) आशय-पत्र के अनुसार परिसर दूरस्थ केन्द्र संचालित किये जाने के लिये समस्त अवसंरचनात्मक सुविधाएंं सृजित की जायेंगी और अनुज्ञा में उल्लिखित पाठ्‌यक्रम संचालित करने के लिये अपेक्षित अनापत्ति प्रमाण-पत्र या अनुमोदन, यदि कोई हों, केन्द्र/राज्य सरकार अथवा केन्द्र/राज्य निकायों से प्राप्त किया जायेगा और राज्य सरकार से सम्बन्धित समस्त विवरण उपलब्ध कराने के पश्चात परिसर दूरस्थ केन्द्र संचालित किये जाने से सम्बन्धित सूचना राज्य सरकार को प्रस्तुत की जायेगी।

(4) उपनियम (3) के अधीन प्रायोजक निकाय की रिपोर्ट प्राप्त करने के पश्चात यदि राज्य सरकार का यह समाधान हो जाय कि परिसर दूरस्थ केन्द्र स्थापित किया जाना न्यायोचित है तो वह अनुज्ञा के अनुसार परिसर दूरस्थ केन्द्र को उसके नाम और स्थान से संचालित करने की अनुज्ञा प्रदान कर सकती है।

संचालन की अनुज्ञा हेतु निरीक्षण

17-दो वर्ष की अवधि के भीतर प्रायोजक निकाय से अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त किये जाने पर, शपथपत्र में प्रस्तुत कथनोें और दस्तावेजों का सत्यापन सरकार द्वारा सम्यक्‌ प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए किया जायेगा और स्थलीय सत्यापन के प्रयोजनार्थ एक निरीक्षण और सत्यापन समिति गठित की जायेगी। निरीक्षण और सत्यापन समिति का गठन निम्नवत्‌ होगाः- 1-उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के अधीन स्थापित किसी राज्य

विश्वविद्यालय का एक कुलपति;

2-संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन से अनिम्न श्रेणी का एक अधिकारी; 3-उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं लेखा-सेवा के संयुक्त निदेशक की श्रेणी से

अनिम्न एक अधिकारी;

4-सम्बन्धित जिले के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामनिर्दिष्ट परगना मजिस्ट्रेट की श्रेणी से

अनिम्न एक अधिकारी;

5-राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के

अधीन स्थापित किसी विश्वविद्यालय का एक कुलसचिव।

18-निरीक्षण और सत्यापन समिति, शपथपत्र में यथा उपदर्शित अनुपालन रिपोर्ट का सत्यापन करते समय निम्नलिखित बिन्दुओं पर रिपोर्ट अनुलग्नक 7 के प्रारूप पर प्रस्तुत करेगीः-

निरीक्षण और सत्यापन समिति द्वारा अनुपालन रिपोर्ट का सत्यापन किया जाना

1- प्रस्तावित भूमि का स्वामित्व; 2- प्रस्तावित भूमि की समीपस्थता; 3- 12.5 एकड़ से अधिक भूमि क्रय किये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदान की गयी अनुज्ञा अथवा राजस्व विभाग के आदेश संख्या-11/2021/928/ एक-1-2021-रा0-1, दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 के अधीन प्रायोजक निकाय द्वारा कृत कार्यवाही ;

4- प्रस्तावित विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु प्रस्तावित भूमि के नगरीय क्षेत्र में स्थित होने की स्थिति में, महानगरीय क्षेत्र, नगर पालिका परिषद, नगर निगम तथा नगर पंचायत, विकास प्राधिकरण, आवास एवं विकास परिषद, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र तथा औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण की अनापत्ति;

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 10 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

5-प्रस्तावित विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र के भवन की प्रास्थिति और प्रस्तावित भूमि के भूखण्डों पर भवन निर्माण का साक्ष्य;

6-निजी विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र के प्रयोजन हेतु पहले से विद्यमान पूर्व निर्मित भवन के उपयोग के संबंध में महानगरीय क्षेत्र, नगर पालिका परिषद, नगर निगम तथा नगर पंचायत, विकास प्राधिकरण, आवास एवं विकास परिषद, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र तथा औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण की अनापत्ति का विवरण ;

7-प्रस्तावित भूमि के सापेक्ष प्रायोजक निकाय द्वारा ग्रहण किये गये ऋण की प्रास्थिति तथा इस संबंध में प्रायोजक निकाय के शपथ पत्र पर टिप्पणी;

8-इस सन्दर्भ में प्रस्तावित विश्वविद्यालय अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र संचालित करने के लिये प्रायोजक निकाय की वित्तीय सामथ्र्य तथा परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता;

9-प्रस्तावित भूमि पर पूर्व में विद्यमान शैक्षिक तथा अन्य संस्थाओं की प्रास्थिति।

संचालन हेतु प्राधिकार पत्र

19-यदि आशय पत्र और अधिनियम में उल्लिखित शर्तों का प्रायोजक निकाय द्वारा अनुपालन किये जाने के सम्बन्ध में राज्य सरकार का समाधान हो जाता है तो विभाग, उपर्युक्त पैरा 17 में उल्लिखित बिन्दुओं पर सुस्पष्ट आशय और संस्तुति अंकित करके कोई निजी विश्वविद्यालय स्थापित करेगा और उक्त अनुमोदन, निजी विश्वविद्यालय का नाम अधिनियम की अनुसूची में जोड़नेे अथवा परिसर दूरस्थ केन्द्र संचालित करने के लिये मंत्रिमण्डल को प्रस्ताव प्रस्तुत करके प्राप्त किया जायेगा, और संचालन हेतु प्राधिकार पत्र परिशिष्ट-8 में दिये गये प्रारूप में जारी किया जायेगा।

रदद्‌करण 20-यदि अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन जारी आशय पत्र जारी किये जाने के दिनांक से दो वर्ष के भीतर प्रायोजक निकाय द्वारा अनुपालन रिपोर्ट से सम्बन्धित शपथपत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो आशय पत्र रद्‌द किया समझा जायेगा।

आज्ञा से,

मोनिका एस0 गर्ग,

अपर मुख्य सचिव।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 11

परिशिष्ट-1

इस अधिनियम के अधीन विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रयोजनों के लिये प्रायोजक निकाय को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी अर्थात्‌ :-

(क) न्यूनतम 05 (पाँच) करोड़ रूपये की स्थायी विन्यास निधि सृजित करना ; (ख) विश्वविद्यालय के लिए चिह्नित नगरीय क्षेत्रों में न्यूनतम बीस एकड़ अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम पचास एकड़ की संलग्न भूमि सम्यक्‌ रूप से धारित करनाः

परन्तु यह कि प्रायोजक निकाय विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली हेतु ऐसी भूमि अथवा उसके किसी आंशिक भाग का विक्रय, अन्तरण अथवा पट्‌टा नहीं करेगी और न ही अधिनियम में उल्लिखित प्रयोजनों से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये इसका उपयोग करेगाः

परन्तु यह और कि विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये स्थापित बैंक एवं वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को बंधक नहीं रखी जायेेगी।

(ग) खण्ड (ख) में निर्दिष्ट भूमि पर कम से कम चौबीस हजार वर्ग मीटर फर्शी क्षेत्रफल में भवन का निर्माण करना जिसमें से कम से कम पचास प्रतिशत क्षेत्रफल का उपयोग शैक्षणिक तथा प्रशासनिक प्रयोजनों के लिये किया जायेगा;

(घ) खण्ड (ख) में निर्दिष्ट भवन के कार्यालयों और प्रयोगशालाओं में न्यूनतम 2 (दो)े करोड़ रूपये के उपस्कर, कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां, खण्ड (ख) में उल्लिखित भवनों से भिन्न अवसंरचनात्मक सुविधायें तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां प्रतिष्ठापित करना तथा आगामी पाँच वर्षो में न्यूनतम 6 (छः) करोड़ रूपये के कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां तथा अवसंरचनात्मक सुविधायें (उपरोक्त (ख) में उल्लिखित भवन को छोड़कर) तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां उपाप्त करने के लिए उपक्रम प्रतिष्ठापित करना;

(ङ) प्रत्येक विभाग या शाखा में विनियामक निकायों द्वारा यथाविहित आचार्याें, सह- आचार्याें तथा सहायक आचार्याें और सहायक कर्मचारिवृन्द के सदस्यों की नियुक्ति करना। प्रत्येक विभाग/शाखा में कम से कम पचहत्तर प्रतिशत नियमित अध्यापक विश्वविद्यालय के नियमित कर्मचारी होंगे ;

(च) पुस्तकालय हेतु प्रत्येक वर्ष दस लाख रूपये मूल्य की पुस्तकें व पत्रिकाओं तथा ऑनलाइन संसाधनों को क्रय करनाः परन्तु यह कि दस लाख रूपये के व्यय में कमी होने की स्थिति में इसकी प्रतिपूर्ति अगले वर्ष में की जायेगी;

(छ) विनियामक निकायों के मानकों के अनुसार छात्रों के लिए पाठ्‌यक्रमेतर गतिविधियों, पाठ्‌यचर्या से भिन्न गतिविधियाेंं, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों, खेल-कूदों, राष्ट्रीय सेवा योजना तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर की व्यवस्था करना;

(ज) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्‌, भारतीय बार काउंसिल और केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा स्थापित अन्य विनियामक निकायों द्वारा निर्धारित मानकाें एवं शर्तो और विनियमों के अनुरूप होना;

(झ) विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा अध्यापकों के लिए भविष्य निधि स्थापित करना तथा अन्य कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ करना;

(ञ) विश्वविद्यालय के प्रशासन और कार्यप्रणाली के लिये परिनियम, अध्यादेश और विनियम बनाना ; (ट) विश्वविद्यालय द्वारा की गई कोई व्यवस्था इस अधिनियम तथा विनियामक निकायों के उपबन्धों से असंगत नहीं होगी;

(ठ) विश्वविद्यालय की पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना और विनियामक निकायों से प्राप्त अनापत्तियों को सार्वजनिक करना;

(ड) राज्य सरकार द्वारा अपेक्षित प्रारूप और समय पर राज्य सरकार को सूचना उपलब्ध कराना ; (ढ) सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर, नकल रोकने के उपायों, प्रवेशों, परीक्षाओं, उपाधियों एवं प्रमाण-पत्रों आदि के लिये राज्य सरकार द्वारा स्थापित प्रतिमानों का अनुपालन करना;

(ण) विश्वविद्यालय में प्रवेश तथा फीस संरचना की पारदर्शी प्रक्रिया तथा मानक का विनिश्चय प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने के पूर्व किया जायेगा तथा सार्वजनिक किया जायेगा। प्रवेश का अंतिम दिनांक, सामान्य544 RPH 2022 data 4e makep data 6 12 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार होगा। विदेशी छात्रों की प्रवेश नीति का विनिश्चय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद्‌ द्वारा किया जायेगा जो राज्य सरकार तथा विनियामक निकायों द्वारा अधिकथित मानकों के अनुरूप होगी;

(त) यथाविहित सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर का अनुसरण करना ; और (थ) इस अधिनियम के अनुरूप ऐसी अन्य शर्तों को पूरा करने का दायित्व ग्रहण करना, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना के पूर्व अधिकथित किया जाय।

(द) विश्वविद्यालय के परिसर के भीतर अथवा विश्वविद्यालय के नाम से राष्ट्रविरोधी क्रियाकलाप करने या उनका सम्वर्द्धन करने में किसी व्यक्ति को न तो संलिप्त होने और न ही उसकी अनुज्ञा देने का वचन देना। विश्वविद्यालय में पाये गये ऐसे क्रियाकलाप के मामले में, इसे विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने की शर्तों का महा उल्लंघन माना जायेगा और सरकार इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन उपबन्धों के अनुसार कार्यवाही कर सकती है।

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544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 13

परिशिष्ट-2

(2) पत्राचार का पता- (2) पत्राचार का पता- (2) नवीनीकरण की तिथि

(3) संस्था का स्वरूप : ट्रस्ट/सोसायटी/कम्पनी 1-प्रायोजक संस्था के आय के स्रोत

2-विगत तीन वर्षाें के सम्परीक्षित लेखे के अनुसार वर्षवार कुल आस्तियों एवं देनदारियों का अनुपात

3-गत तीन वर्षों की समाप्ति पर शुद्ध मूल्य (Net Worth)

4-गत तीन वर्षों का ऋण-इक्वीटी अनुपात

5-नियमावली के नियम 7(ग) के बिन्दु एक, दो, तीन व चार पर सूचनाएं। 6- (सी0ए0 के नाम व तिथि सहित) 7- नगरीय है या ग्रामीण ?

यदि नगरीय क्षेत्र में हो, तो :

क-नगरीय क्षेत्र का परिभाषित क्षेत्र....... (नियम...के अनुसार)

ख- अधिसूचना सं0 व दिनांक (प्रति संलग्न की जाये)

:

1-ग्राम/ ग्रामों के नाम...........तहसील.... सम्मिलित गाटाओं की संख्या...... 2-प्रस्तावित क्षेत्रफल............... 3-निर्विवाद स्वामित्व विषयक उपजिलाधिकारी का प्रमाण-पत्र............... 4-खतौनी की प्रमाणित प्रति के अनुसार प्रस्तावित गाटों का स्वामित्व............... 5-प्रस्तावित समस्त गाटों की संयुक्तता का उपजिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त प्रमाण-पत्र के आधार अनुसार संयुक्तता की स्थिति...............

6-प्रस्तावित भूमि को दर्शित करते हुये उपजिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित राजस्व मानचित्र संलग्न किये जाने की स्थिति...............

(प्रस्तावित भूमि एक से अधिक ग्रामों में होने की दशा में सभी ग्रामों का पृथक-पृथक व एक संयुक्त राजस्व मानचित्र संलग्न किया जाये) 7-मुख्य मार्ग से जुड़े संपर्क मार्ग की चौड़ाई का विवरण...............

8-प्रस्तावित भूमि के मध्य स्थित शासकीय भूमि का विवरण :-

विस्तृत विवरण निम्नानुसार प्रस्तुत किया जायेः-

(i) उप जिलाधिकारी द्वारा प्र्रमाणित राजस्व मानचित्रों में प्रदर्शित यदि वे विनिमय योग्य हो तो हरे रंग से तथा विनिमय योग्य न होने की दशा में लाल रंग से प्रदर्शित की जाय।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 14 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

क्र0सं0 गाटा संख्या क्षेत्रफल नवैयत अभ्युक्ति-विनिमय योग्य है अथवा नहीं?
1 2 3 4 5

वाद/आवेदन-पत्र का विवरण एवं अद्यतन स्थिति। निम्नांकित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न की जायें- (1) सम्बन्धित नगरीय निकाय की अधिसूचना संख्या एवं दिनांक (2) प्रायोजक निकाय के नाम से निर्गत आवंटन पत्र। (3) प्राधिकरण द्वारा निष्पादित विक्रय विलेख/आवंटन लीज डीड। (4) कब्जा प्रमाण-पत्र। (5) प्रस्तावित भूमि पर सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा निर्गत विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु प्राधिकरण अनापत्ति पत्र। (अद्यतन) प्रस्तावित भवन निर्माण मानचित्र पर प्राधिकरण की स्वीकृति दिनांक....... या

(6) प्रस्तावित भूमि के भूखण्डों के संलग्न (Contiguous) होने का प्रमाण-पत्र। (7) (8) प्रस्तावित स्थल पर पूर्व में ही भवन निर्मित होने की दशा में उस भवन में विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के संचालन हेतु प्राधिकरण की अनापत्ति का दिनांक.....

(निम्नांकित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न की जायें-)

(1) यदि प्रस्तावित भूमि नगरीय क्षेत्र की परिभाषा से आच्छादित हो तो सम्बन्धित नगरीय निकाय/विकास प्राधिकरण आदि की अधिसूचना की उस संस्था के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रतिलिपि जिसमें प्रस्तावित भूमि के उस निकाय क्षेत्र में सम्मिलित होने की स्पष्ट जानकारी दी गयी हो। (2) स्वामित्व विषयक नगर निकाय के आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि (3) प्रायोजक निकाय द्वारा धारित भूमि के सभी गाटों/ सम्पूर्ण क्षेत्रफल की परस्पर संयुक्तता का प्रमाण-पत्र जो उप जिलाधिकारी से अनिम्न स्तर के अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।

(4) उप जिलाधिकारी/नगरीय निकाय के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित राजस्व मानचित्र जिसमें प्रायोजक निकाय द्वारा प्रस्तावित भूमि को स्पष्ट रूप से पीले रंग से दर्शाया गया हो।

(5) प्रस्तावित भूमि पर निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना एवं संचालन हेतु विकास प्राधिकरण/नगर निकाय/विनियमित क्षेत्र आदि का अनापत्ति पत्र। क्या प्रस्तावित भूमि किसी मार्ग/नाला/ सड़क आदि से विभाजित है? यदि,हॉंंंंंं तो क्या वह नियम-5 में वर्णित प्राविधानों से आच्छादित होगी?

क- ..........द्वारा प्रदत्त अनुमति का दिनांक...... अथवा ख-राजस्व विभाग के आदेश संख्या-11/2021/928/एक-1-2021-रा0-1, दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 के अन्तर्गत कृत कार्यवाही का विवरण 1-भवन का निर्मित क्षेत्रफल :

क- शैक्षिक कार्यों हेतु........वर्ग माी0

ख-प्रशासनिक कार्याें हेतु....वर्ग मी0

कुल क्षेत्रफल : .....वर्ग मी0544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 15 2-सक्षम आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित भवन का मानचित्र (संलग्न किया जाये)

3-उपजिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित भवन का ऐसा नक्शा जिसमें भवन निर्माण को प्रस्तावित भूमि की गाटा संख्याओं पर Project कर दर्शाया गया हो,को संलग्न किया जाये..................

4-प्रस्तावित भवन में निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के संचालन हेतु विकास प्राधिकरण/नगर निकाय की अनापत्ति.............

5-भवन के सरकारी भूमि पर निर्मित होने के विषय में घोषणा संलग्न की जाये।

10-प्रायोजक संस्था के पास शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, यदि हो, को सम्मिलित करते हुए शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता.............

11-विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर के विकास, प्रस्तावित निर्माण कार्य एवं विकसित की जाने वाली अवस्थापना सुविधाओं तथा आवश्यक उपकरणों आदि के क्रय की विस्तृत योजना व प्रथम पाँच वर्षाे का चरणबद्ध कार्यक्रम.................

12-अगले पाँच वर्षाें में पूंजीगत व्यय के लिए चरणबद्ध परिव्यय तथा उसके वित्त पोषण के स्रोत...................

..

13-विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित शैक्षिक एवं शोध कायक्रमों का विवरण तथा प्रदेश के विकास व रोजगार की आवश्यकताओं के सापेक्ष इनकी प्रासंगिकता, तथा प्रथम पाँच वर्षाें में इन कार्यक्रमों की फेजिंग (Phasing) वर्षवार नामांकन के लक्ष्य सहित..................

14-सम्बन्धित डिसिप्लन्स (disciplines) में, प्रायोजक संस्था के पास उपलब्ध अनुभव एवं निपुणता..................

15-प्रस्तावित सुविधाओं, पाठ्‌यचर्या शोध जिनको आरम्भ किया जाना है................

16-अनुमानित आर्वतक व्यय पाठ्‌यचर्यावार या गतिविधिवार (ंactivity wise) वित्त पोषण के स्रोत तथा अनुमानित व्यय प्रति छात्र...................

17-साधन जुटाने (mobilization of resources) की योजना व पूंजी (cost of capital) तथा इन साधनों की अदायगी की योजना.....................

18-निधि (funds) के आन्तरिक सृजन (internal generation) की योजना

19-प्रस्तावित फीस ढांचा तथा इकाई लागत (unit cost) में शामिल व्यय के विवरण, गरीब छात्रों , विकलांग छात्रों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए फीस में प्रस्तावित छूट/रियायत, छात्रवृत्ति आदि का विवरण..............

20-विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्‌यक्रमों एवं शोध विषयों में छात्र प्रवेश हेतु प्रस्तावित चयन पद्धति...........

21-विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित पद्धति............

22-यदि विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम संचालित करना चाहती है तो प्रस्तावित अध्ययन केन्द्रों का विवरण...........

23-यदि विश्वविद्यालय स्थानीय अनुभूत आवश्यकताओं के दृष्टिगत कोई कार्यक्रम संचालित करना चाहती है तो इस हेतु प्रस्तावित विशिष्ट शिक्षण, प्रशिक्षण या शोध गतिविधियां..............................ं

24-यदि विश्वविद्यालय किसानों, महिलाओं तथा उद्योगों के लिए कोई कार्यक्रम प्रस्तावित करती है तो उसका विवरण..............................

25-विश्वविद्यालय में खेल-कूद से सम्बन्धित क्रीड़ा स्थल व अन्य सुविधाओं व कार्यक्रमों तथा एन0सी0सी0, एन0एस0एस0, स्काउट एवं गाइड, आदि प्रशिक्षण गतिविधियाें का विवरण..............................

26-शैक्षणिक सम्परीक्षा (academic auditing) के लिए प्रस्तावित व्यवस्था..............................

27-विश्वविद्यालय की स्थापना की आवश्यकता का औचित्य ..............................

28-विनियामक निकाय (regulating bodies) के नियमों/मानकों को पालन करने की बचनबद्धता..............................

29-अन्य ऐसा विवरण जो प्रायोजक संस्था देना चाहें..............................

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 16 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

30-ऐसे अन्य विवरण जो कि अधिनियम/नियमावली के अन्तर्गत अपेक्षित हों ..............................

1-आवेदन का दिनांक :

हस्ताक्षर

2-संलग्नकों का विवरण :

हस्ताक्षरकर्ता का नाम - पदनाम-

1- 2- 3- 4-544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 17 परिशिष्ट-3 1-

प्रस्तावित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र का नाम एवं मुख्यालय का पता

2- प्रस्तावित भूमि का विवरण : क-ग्राम/ग्रामों के नाम....... ख-तहसील का नाम.......... ग-जनपद का नाम ......... (यदि प्रस्तावित भूमि नगरीय क्षेत्र के अन्तर्गत स्थित हो तो उसका पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया जाये)

3- 1-प्रायोजक संस्था के पंजीकरण की संख्या व तिथि

2-नवीनीकरण की तिथि 3-संस्था का स्वरूप : ट्रस्ट/सोसायटी/कम्पनी

(प्रायोजक संस्था के पंजीकृत होने का प्रमाण, संविधान,उपनियम,आर्टीकल्स ऑफ एसोसिएशन एवं नियमावली आदि सुसंगत अभिलेख संलग्न किये जायें) 4- विश्वविद्यालय के उद्‌देश्य 5-

1-प्रायोजक संस्था के आय के स्रोत 2-विगत तीन वर्षाें के सम्परीक्षित लेखे के अनुसार वर्षवार कुल आस्तियों एवं

देनदारियों का अनुपात

3-गत तीन वर्षों की समाप्ति पर शुद्ध मूल्य (Net Worth) 4-गत तीन वर्षों का ऋण-इक्वीटी अनुपात 5-नियमावली के नियम 7(ग) के बिन्दु एक, दो, तीन व चार पर सूचनाएं। (सी0ए0 के नाम व तिथि सहित) 6- विश्वविद्यालय की स्थापना का क्षेत्र नगरीय है या ग्रामीण ?

यदि नगरीय क्षेत्र में हो,तो :

क-नगरीय क्षेत्र का परिभाषित क्षेत्र....... (नियम...के अनुसार) ख- अधिसूचना सं0 व दिनांक (प्रति संलग्न की जाये)544 RPH 2022 data 4e makep data 6 18 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 7- भूमि की उपलब्धता :

1-ग्राम/ ग्रामों के नाम...........तहसील.... सम्मिलित गाटाओं की संख्या...... 2-प्रस्तावित क्षेत्रफल............... 3-निर्विवाद स्वामित्व विषयक उपजिलाधिकारी का प्रमाण-पत्र 4-खतौनी की प्रमाणित प्रति के अनुसार प्रस्तावित गाटों का स्वामित्व 5-प्रस्तावित समस्त गाटों की संयुक्तता का उपजिलाधिकारी द्वारा प्रदत्त

प्रमाण-पत्र के आधार अनुसार संयुक्तता की स्थिति

6-प्रस्तावित भूमि को दर्शित करते हुये उपजिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित राजस्व

मानचित्र संलग्न किये जाने की स्थिति (प्रस्तावित भूमि एक से अधिक ग्रामों में होने की दशा में सभी ग्रामों का पृथक-पृथक व एक संयुक्त राजस्व मानचित्र संलग्न किया जाये)

7-मुख्य मार्ग से जुड़े संपर्क मार्ग की चौड़ाई का विवरण 8-प्रस्तावित भूमि के मध्य स्थित शासकीय भूमि का विवरण :-

विस्तृत विवरण निम्नानुसार प्रस्तुत किया जायेः-

(i) उपजिलाधिकारी द्वारा प्र्रमाणित राजस्व मानचित्रों में प्रदर्शित यदि वे विनिमय योग्य हो तो हरे रंग से तथा विनिमय योग्य न होने की दशा में लाल रंग से प्रदर्शित की जाय।

(ii) सरकारी/सार्वजनिक उपयोग की भूमि का विवरण निम्नानुसार

क्र0सं0 गाटा संख्या क्षेत्रफल नवैयत अभ्युक्ति-विनिमय योग्य है अथवा नहीं?
1 2 3 4 5

(iii) प्रायोजक निकाय द्वारा सरकारी/सार्वजनिक उपयोगिता वाली भूमि के विनिमय हेतु प्रस्तुत किये गये वाद/आवेदन-पत्र का विवरण एवं अद्यतन स्थिति। निम्नांकित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न की जायें- (1) सम्बन्धित नगरीय निकाय की अधिसूचना संख्या एवं दिनांक। (2) प्रायोजक निकाय के नाम से निर्गत आवंटन पत्र। (3) प्राधिकरण द्वारा निष्पादित विक्रय विलेख/आवंटन लीज डीड। (4) कब्जा प्रमाण-पत्र। (5) प्रस्तावित भूमि पर सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा निर्गत विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु प्राधिकरण अनापत्ति पत्र। (अद्यतन) (6) प्रस्तावित भूमि के भूखण्डों के संलग्न (Contiguous) होने का (7)

(8)

(9)

प्रमाण-पत्र। प्रस्तावित भवन निर्माण मानचित्र पर प्राधिकरण की स्वीकृति दिनांक....... या प्रस्तावित स्थल पर पूर्व में ही भवन निर्मित होने की दशा में उस भवन में विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के संचालन हेतु प्राधिकरण की अनापत्ति का दिनांक..... भवन सरकारी भूमि पर निर्मित न होने के विषय में परीक्षण आख्या544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 19

(निम्नांकित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न की जायें-)

(1) यदि प्रस्तावित भूमि नगरीय क्षेत्र की परिभाषा से आच्छादित हो तो सम्बन्धित नगरीय निकाय/विकास प्राधिकरण आदि की अधिसूचना की उस संस्था के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रतिलिपि जिसमें प्रस्तावित भूमि के उस निकाय क्षेत्र में सम्मिलित होने की स्पष्ट जानकारी दी गयी हो।

(2) स्वामित्व विषयक नगर निकाय के आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि। (3) प्रायोजक निकाय द्वारा धारित भूमि के सभी गाटों/ सम्पूर्ण क्षेत्रफल की

परस्पर संयुक्तता का प्रमाण-पत्र जो उपजिलाधिकारी से अनिम्न स्तर के अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।

(4) उप जिलाधिकारी/नगरीय निकाय के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित राजस्व मानचित्र जिसमें प्रायोजक निकाय द्वारा प्रस्तावित भूमि को स्पष्ट रूप से पीले रंग से दर्शाया गया हो।

(5) प्रस्तावित भूमि पर निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना

एवं संचालन हेतु प्राधिकरण का अनापत्ति पत्र।

8-

प्रस्तावित भूमि की संलग्नता/संयुक्तता पर टिप्पणीः-

क्या प्रस्तावित भूमि किसी मार्ग/नाला/ सड़क आदि से विभाजित है?

9-

यदि,हॉंंंंंं तो क्या वह नियम .....में वर्णित प्राविधानों से आच्छादित होगी? प्रायोजक संस्था द्वारा 12.5 एकड़ से अधिक भूमि क्रय किये जाने की दशा में सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त किये जाने की प्रास्थितिः- क- ..........द्वारा प्रदत्त अनुमति का दिनांक...... अथवा ख-राजस्व विभाग के आदेश संख्या 11/2021/928/एक-1-2021-रा0-1

दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 के अन्तर्गत कृत कार्यवाही का विवरण

प्रस्तावित भूमि के सम्बन्ध में समिति का मन्तव्य। ≠ ≠ 10- 11- यदि प्रस्तावित स्थल पर पूर्व से भवन विद्यमान हों तो भवन की उपलब्धता एवं

अवस्थापना सुविधाओं का विवरण :-

1-प्रस्तावित भूमि नगरीय क्षेत्र मेंं स्थित होने की दशा में, प्रस्तावित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु प्राधिकरण/ नगर निकाय की अनापत्ति की स्थिति (प्रति संलग्न की जाये) 2-भवन का निर्मित क्षेत्रफल :

क- शैक्षिक कार्यों हेतु........वर्ग माी0 ख-प्रशासनिक कार्याें हेतु....वर्ग मी0 कुल क्षेत्रफल : .....वर्ग मी0

3-सक्षम आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित भवन का मानचित्र (संलग्न किया जाये) 4-उपजिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित भवन का ऐसा नक्शा जिसमें भवन निर्माण को प्रस्तावित भूमि की गाटा संख्याओं पर Project कर दर्शाया गया हो,को संलग्न किया जाये।

5-भवन के नक्शे को किसके स्तर से स्वीकृत किया गया है? प्रमाणित प्रति

संलग्न की जाये।

6-भवन के सरकारी भूमि पर निर्मित न होने के विषय में परीक्षण आख्या। उपजिलाधिकारी, तहसील....,श्री......... द्वारा दिनांक ....... को प्रमाणित नक्शा जिसके अनुसार भवन गाटा संख्या.. .........में निर्मित है। 12- यदि प्रस्तावित स्थल पर पूर्व से भवन विद्यमान नहीं है और प्रस्तावित स्थल नगरीय

क्षेत्र में स्थित है, तो

क-प्रस्तावित स्थल पर निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना

एवं संचालन हेतु विकास प्राधिकरण/नगरीय निकाय की अनापत्ति।

ख-भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रास्थिति 13- प्रस्तावित स्थल पर पूर्व से संचालित संस्थाओं का विवरण तथा विश्वविद्यालय की544 RPH 2022 data 4e makep data 6 20 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 स्थापना के उपरान्त उनके संबंध में कार्ययोजना :-

1............................................. 2............................................. 3.............................................

14- प्रायोजक संस्था के पास शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, यदि हो, को सम्मिलित

करते हुए शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता

15- विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर के विकास, प्रस्तावित निर्माण कार्य एवं विकसित की जाने वाली अवस्थापना सुविधाओं तथा आवश्यक उपकरणों आदि के क्रय की विस्तृत योजना व प्रथम पॉच वर्षाे का चरणबद्ध कार्यक्रम

16- अगले पॉच वर्षाें में पूंजीगत व्यय के लिए चरणबद्ध परिव्यय तथा उसके वित्त

पोषण के स्रोत

17- विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र द्वारा प्रस्तावित शैक्षिक एवं शोध कायक्रमों का विवरण तथा प्रदेश के विकास व रोजगार की आवश्यकताओं के सापेक्ष इनकी प्रासंगिकता, तथा प्रथम पॉच वर्षाें में इन कार्यक्रमों की फेजिंग (Phasing) वर्षवार नामांकन के लक्ष्य सहित।

18- सम्बन्धित डिसिप्लन्स (disciplines) में, प्रायोजक संस्था के पास उपलब्ध अनुभव

एवं निपुणता

19- प्रस्तावित सुविधाओं, पाठ्‌यचर्या शोध जिनको आरम्भ किया जाना है। 20- अनुमानित आर्वतक व्यय पाठ्‌यचर्यावार या गतिविधिवार (ंactivity wise) वित्त

पोषण के स्रोत तथा अनुमानित व्यय प्रति छात्र

21- साधन जुटाने (mobilization of resources) की योजना व पूंजी (cost of

capital) तथा इन साधनों की अदायगी की योजना

22- निधि (funds) के आन्तरिक सृजन (internal generation) की योजना । प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय...............की स्थापना के लिये प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव का उ0प्र0 निजी विश्वविद्यालय अधिनियम,2019 के प्राविधानों के आलोक में हम अधोहस्ताक्षरी सदस्यगण द्वारा दिनांक .........को स्थल निरीक्षण किया गया एवं प्रायोजक संस्था द्वारा प्रस्तुत किये गये अभिलेखों का सम्य्‌क परीक्षण किया गया। उक्त के परिप्रेक्ष्य में यह पाया गया कि प्रायोजक संस्था उक्त अधिनियम में वर्णित अर्हताओं को पूरा करती है जिसके आधार पर समिति द्वारा प्रायोजक संस्था को आशय-पत्र दिये जाने की संस्तुति की जाती है। ≠ ≠ ≠ .................................. .............................. ............................ .................................. ............................... ............................. ≠ प्रायोजक संस्था की वित्तीय सबलता के सम्बन्ध में सम्य्‌क परीक्षण कर अपनी स्पष्ट संस्तुति प्रस्तुत किये जाने हेतु समिति में सम्मिलित वित्त अधिकारी उत्तरदायी होंगे। ≠ ≠ भूमि के सम्बन्ध में समस्त बिन्दुओं पर, स्थल-निरीक्षण तथा भू-अभिलेखों के गहन एवं सम्य्‌क परीक्षणोपरान्त अपनी स्पष्ट संस्तुति अंकित करने हेतु समिति में सम्मिलित जिलाधिकारी के द्वारा नामित प्रतिनिधि उत्तरदायी होंगे। ≠ ≠ ≠ यदि समिति द्वारा यह पाया जाता है कि प्रायोजक संस्था निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में विहित अर्हताओं या शर्तों को पूरा नहीं करती है तो समिति द्वारा कारणों को स्पष्ट रूप से अंंकित करते हुये अपना तद्‌विषयक मन्तव्य शासन को उपलब्ध कराया जाये।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 21

परिशिष्ट-4

संख्या- /सत्तर-1- - पे्रषक,

.........................

अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन।

सेवा में,

सचिव/अध्यक्ष,

प्रायोजक संस्था का नाम व पता........................... .................

उच्च शिक्षा अनुभाग-1 लखनऊ : दिनांक : ................... विषयः- .................. समिति, ..................... द्वारा निजी क्षेत्र में प्रस्तावित ...................... उत्तर प्रदेश की स्थापना हेतु 'आशय-पत्र'।

महोदय,

उपर्युक्त विषयक प्रायोजक संस्था ..................... द्वारा निजी क्षेत्र में प्रस्तावित ..................उत्तर प्रदेश की स्थापना के प्रस्ताव के परीक्षणोपरान्त उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा 6 के प्राविधानों के अन्तर्गत सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के उपरान्त निम्नांकित शर्तों के अधीन 'आशय-पत्र' निर्गत किया जाता है :-

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अधीन विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रयोजनों के लिये प्रायोजक निकाय को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी अर्थात्‌ :-

(क) न्यूनतम 05 (पांच) करोड़ रूपये की स्थायी विन्यास निधि सृजित करना ;

(ख) विश्वविद्यालय के लिए चिह्नित नगरीय क्षेत्रों में न्यूनतम बीस एकड़ अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम पचास एकड़ की संलग्न भूमि सम्यक्‌ रूप से धारित करनाः

परन्तु यह कि प्रायोजक निकाय विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली हेतु ऐसी भूमि अथवा उसके किसी आंशिक भाग का विक्रय, अन्तरण अथवा पट्‌टा नहीं करेगी और न ही अधिनियम में उल्लिखित प्रयोजनों से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये इसका उपयोग करेगाः

परन्तु यह और कि विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये स्थापित बैंक एवं वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को बंधक नहीं रखी जायेेगी।

(ग) खण्ड (ख) में निर्दिष्ट भूमि पर कम से कम चौबीस हजार वर्ग मीटर फर्शी क्षेत्रफल में भवन का निर्माण करना जिसमें से कम से कम पचास प्रतिशत क्षेत्रफल का उपयोग शैक्षणिक तथा प्रशासनिक प्रयोजनों के लिये किया जायेगा;

(घ) खण्ड (ख) में निर्दिष्ट भवन के कार्यालयों और प्रयोगशालाओं में न्यूनतम 2 (दो)े करोड़ रूपये के उपस्कर, कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां, खण्ड (ख) में उल्लिखित भवनों से भिन्न अवसंरचनात्मक सुविधायें तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां प्रतिष्ठापित करना तथा आगामी पांच वर्षो में न्यूनतम 6 (छः) करोड़ रूपये के कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां तथा अवसंरचनात्मक सुविधायें [उपरोक्त (ख) में उल्लिखित भवन को छोड़कर] तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां उपाप्त करने के लिए उपक्रम प्रतिष्ठापित करना;

(ङ) प्रत्येक विभाग या शाखा में विनियामक निकायों द्वारा यथाविहित आचार्याें, सह-आचार्याें तथा सहायक आचार्याें और सहायक कर्मचारिवृन्द के सदस्यों की नियुक्ति करना। प्रत्येक विभाग/ शाखा में कम से कम पचहत्तर प्रतिशत नियमित अध्यापक विश्वविद्यालय के नियमित कर्मचारी होंगे ;

(च) पुस्तकालय हेतु प्रत्येक वर्ष दस लाख रूपये मूल्य की पुस्तकें व पत्रिकाओं तथा ऑनलाइन संसाधनों को क्रय करनाः परन्तु यह कि दस लाख रूपये के व्यय में कमी होने की स्थिति में इसकी प्रतिपूर्ति अगले वर्ष में की जायेगी;

(छ) विनियामक निकायों के मानकों के अनुसार छात्रों के लिए पाठ्‌यक्रमेतर गतिविधियों, पाठ्‌यचर्या से भिन्न544 RPH 2022 data 4e makep data 6 22 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 गतिविधियाेंं, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों, खेल-कूदों, राष्ट्रीय सेवा योजना तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर की व्यवस्था करना;

(ज) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्‌, भारतीय बार काउंसिल और केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा स्थापित अन्य विनियामक निकायों द्वारा निर्धारित मानकाें एवं शर्तो और विनियमों के अनुरूप होना;

(झ) विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा अध्यापकों के लिए भविष्य निधि स्थापित करना तथा अन्य कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ करना;

(ञ) विश्वविद्यालय के प्रशासन और कार्यप्रणाली के लिये परिनियम, अध्यादेश और विनियम बनाना ; (ट) विश्वविद्यालय द्वारा की गई कोई व्यवस्था इस अधिनियम तथा विनियामक निकायों के उपबन्धों से असंगत नहीं होगी;

(ठ) विश्वविद्यालय की पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना और विनियामक निकायों से प्राप्त अनापत्तियों को सार्वजनिक करना;

(ड) राज्य सरकार द्वारा अपेक्षित प्रारूप और समय पर राज्य सरकार को सूचना उपलब्ध कराना ; (ढ) सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर, नकल रोकने के उपायों, प्रवेशों, परीक्षाओं, उपाधियों एवं प्रमाण-पत्रों आदि के लिये राज्य सरकार द्वारा स्थापित प्रतिमानों का अनुपालन करना;

(ण) विश्वविद्यालय में प्रवेश तथा फीस संरचना की पारदर्शी प्रक्रिया तथा मानक का विनिश्चय प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने के पूर्व किया जायेगा तथा सार्वजनिक किया जायेगा। प्रवेश का अंतिम दिनांक, सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार होगा। विदेशी छात्रों की प्रवेश नीति का विनिश्चय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद्‌ द्वारा किया जायेगा जो राज्य सरकार तथा विनियामक निकायों द्वारा अधिकथित मानकों के अनुरूप होगी;

(त) यथाविहित सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर का अनुसरण करना ; और (थ) इस अधिनियम के अनुरूप ऐसी अन्य शर्तों को पूरा करने का दायित्व ग्रहण करना, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना के पूर्व अधिकथित किया जाय;

(द) विश्वविद्यालय के परिसर के भीतर अथवा विश्वविद्यालय के नाम से राष्ट्रविरोधी क्रियाकलाप करने या उनका सम्वर्द्धन करने में किसी व्यक्ति को न तो संलिप्त होने और न ही उसकी अनुज्ञा देने का वचन देना। विश्वविद्यालय में पाये गये ऐसे क्रियाकलाप के मामले में, इसे विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने की शर्तों का महा उल्लंघन माना जायेगा और सरकार इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन उपबन्धों के अनुसार कार्यवाही कर सकती है।

2-प्रस्तावित भूमि के मध्य स्थित शासकीय भूमि का विनिमय प्रायोजक संस्था द्वारा नियमानुसार कराते हुये शासन को सूचित किया जायेगा।

3-प्रायोजक संस्था द्वारा 12.5 एकड़ से अधिक भूमि क्रय किये जाने की दशा में सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त किये जाने का विवरण अथवा राजस्व विभाग के आदेश संख्या 11/2021/928/ एक-1-2021- रा0-1 दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 के अन्तर्गत कृत कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया जायेगा।

4-प्रायोजक संस्था द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए स्थापित बैंक एवं वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को बंधक नहीं रखेगा, इसके परिप्रेक्ष्य में प्रस्तावित भूमि के सापेक्ष ऋण/भूमि बन्धक रखे जाने की अद्यतन स्थिति।

प्रायोजक संस्था द्वारा भूमि अथवा भवन आदि को बन्धक रखे जाने की स्थिति में नियमावली के नियम 11 के अनुसार पूर्ण विवरण व शपथ-पत्र भी प्राप्त कर संलग्न किया जायेगा।

5-प्रायोजक संस्था द्वारा भवन का नक्शा सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत कराकर निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत किया जायेगा।

6-प्रस्तावित भूमि पर निजी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु सम्बन्धित प्राधिकरण/नगर निकाय का अनापत्ति पत्र संलग्न किया जायेगा।

7-अन्य शर्तें जो प्रकरण विशेष में निर्धारित की जाएं। 8-उपर्युक्त शर्तों के अधीन निर्गत किये गये आशय-पत्र के सम्बन्ध में प्रायोजक संस्था द्वारा प्रस्तुत किये गये प्रतिशपथ-पत्र में अधिनियम, 2019, उसके अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन किये जाने की वचनबद्धता दी जायेगी। प्रतिशपथ-पत्र में कपटपूर्ण, असत्य एवं भ्रामक सूचना प्रस्तुत किये जाने की दशा में आशय-पत्र निरस्त कर दिया जायेगा।

9-'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' की धारा 6 की उपधारा (1) में प्रायोजक निकाय से धारा 3 में विनिर्दिष्ट अपेक्षाओं और शर्तों को पूर्ण किया जाना और राज्य सरकार को उसकी अनुपालन आख्या544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 23 प्रतिशपथ-पत्र के साथ 'आशय-पत्र' जारी किये जाने के दिनांक से अधिकतम 02 वर्ष की अवधि के भीतर प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। अधिनियम की धारा 3 में विश्वविद्यालय की स्थापना की शर्तों का उल्लेख है।

उपर्युक्त शर्तों के अधीन निर्गत किये गये 'आशय-पत्र' के सम्बन्ध में प्रायोजक संस्था द्वारा अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट 02 वर्ष की अवधि के भीतर अधिनियम की धारा 3 के उपबन्धों का अनुपालन करने में विफल रहने की दशा में निर्गत किया गया 'आशय-पत्र' राज्य सरकार द्वारा वापस ले लिया जायेगा।

भवदीय,

( )

अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव संख्या- (1)/सत्तर-1- -तद्‌दिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :-

1- निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। 2- अपर सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद्‌, इंदिरा भवन, लखनऊ।

आज्ञा से,

( ) विशेष सचिव544 RPH 2022 data 4e makep data 6 24 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 ¼# ds LVkEi isij ij½ प्रायोजक संस्था...............................................द्वारा निजी क्षेत्र में प्रस्तावित विश्वविद्यालय ......................................

................................................की स्थापना हेतु उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 (अधिनियम) के धारा 6 के अन्तर्गत उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पत्र संख्या-............../सत्तर-1-.................-.................... दिनॅाक............... द्वारा निर्गत आशय पत्र के सन्दर्भ में अनुरोध है कि मुझे ......................................विश्वविद्यालय शैक्षिक सत्र ............. से संचालित करने की अनुमति देने का कष्ट करें क्योंकि मेरे द्वारा उक्त अधिनियम की सभी शर्तों का पालन कर लिया गया है, जिनमें से कुछ मुख्य शर्तों का विवरण निम्नवत्‌ हैः-

1-निजी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा सम्यक रूप से प्रमाणित प्रायोजक संस्था की रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र तथा उपविधियों की प्रतियाँ अनुलग्नक 1(1)-1 ( ) पर प्रस्तुत की जा रही हैं। 2.1..........................................विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु वांछित स्थायी विन्यास निधि रू0...............की धनराशि से सृजित कर ली गयी है। यह धनराशि बैंक ............................की शाखा....................................में स्थायी जमा रसीद/प्रमाण-पत्र सं0..................दिनांक..........................द्वारा निवेश की गयी है। प्रमाण के रूप में एफ डी को निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के पास सेफ कस्टडी में जमा कर एफ डी की प्राप्ति की प्रमाणित प्रति इस शपथ-पत्र के साथ अनुलग्नक सं0 2 के रूप में संलग्न कर रहा हूं।

2.2 निधि के संबंध में अधिनियम की धारा 43 में उल्लिखित शर्तों का मेरे द्वारा पालन किया जायेगा। 2.3 सृृजित निधि की वैधता दिनांक................तक है। उक्त तिथि से पूर्व मेरे द्वारा इसका नवीनीकरण निरन्तर रूप से करवाया जायेगा, ताकि इसका स्वरूप स्थायी रहे और शासन को इसकी सूचना हर शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व दी जायेगी। विश्वविद्यालय हेतु अधिनियम में उल्लिखित मानकानुसार वांछित भूमि उपलब्ध है जिसका विस्तृत विवरण निम्नवत्‌ है :-

3.1-प्रस्तावित विश्वविद्यालय की भूमि नगरीय क्षेत्र.............. की सीमा के अन्तर्गत स्थित है। वर्तमान में उपलब्ध भूमि का कुल क्षेत्रफल............. एकड़ है जो अधिनियम के भूमि सम्बन्धी न्यूनतम मानकों की पूर्ति करता है। भूमि के क्षेत्रफल तथा भूमि प्रायोजक संस्था....................................................के नाम/स्वामित्व में होने के प्रमाण स्वरूप मैं................... की प्रमाणित प्रतिलिपि अनुलग्नक सं0-3(1) के रूप में संलग्न कर रहा हूँ। प्रश्नगत निकाय को नगरीय क्षेत्र घोषित किये जाने की अधिसूचना एवं प्रस्तावित भूमि उसकी सीमान्तर्गत होने के प्रमाण स्वरूप सक्षम अधिकारी.....................................................का प्रमाण-पत्र दिनांक.................................अनुलग्नक सं0-3(2) प्रस्तुत किया जा रहा है। भूमि प्रायोजक संस्था के स्वामित्व व कब्जे में है तथा निर्विवाद है। भूमि परस्पर सटी हुई है जिसका प्रमाण नजरी नक्शे के रूप में अनुलग्नक संख्या-3(3) संलग्न है। प्रस्तावित भूमि के संबंध में राजस्व प्राधिकारी -- उप जिलाधिकारी................................../अपर जिलाधिकारी............................................../जिलाधिकारी...................................... द्वारा हस्ताक्षरित आख्या दिनांक............................. अनुलग्नक 3(4) संलग्न है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय की भूमि ग्रामीण क्षेत्र के अन्तर्गत आती है। प्रश्नगत भूमि ग्राम................................ तहसील................................ जनपद................................ में स्थित है। भूमि का कुल क्षेत्रफल ................. एकड़ है, कुल गाटे.............. हैं जो परस्पर सटे हुए हैं। भूमि के स्वामित्व के प्रमाण स्वरूप ग्राम................................की खतौनी फसली वर्ष................ खसरा फसली वर्ष................तथा राजस्व मानचित्र, राजस्व ग्राम ................अनुलग्नक सं0-3(1)-3(3) के रूप में संलग्न है। वर्तमान में भूमि प्रायोजक संस्था के स्वामित्व व कब्जे में है, और पूर्णतः निर्विवाद है। भूमि के परस्पर सटे होने के प्रमाण स्वरूप नजरी नक्शा अनुलग्नक 3(4) संलग्न है। प्रस्तावित भूमि के सम्बन्ध में राजस्व प्राधिकारी---उप जिलाधिकारी........................../अपर जिलाधिकारी................................ /जिलाधिकारी................................की हस्ताक्षरित आख्या दिनांक ........................... अनुलग्नक सं0-3(5) संलग्न हैं।

(जो विकल्प लागू ना हो, वह काट दें)

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 25

3.2-प्रायोजक संस्था द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु ................ एकड़ भूमि का क्रय किया गया है, जिसके फलस्वरूप संस्था के नाम कुल................ एकड़ भूमि वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में अंकित है। 12.50 एकड़ से अधिक भूमि क्रय किये जाने के सम्बन्ध में राजस्व संहिता की धारा 89 (यथासंशोधित) में उल्लिखित सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त अनुमति अनुलग्नक सं0-3(6) के रूप में संलग्न है। राजस्व विभाग के आदेश संख्या-11/2021/928/ एक-1-2021-रा0-1 दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 के अन्तर्गत कृत कार्यवाही का विवरण अनुलग्नक 3(7) के रूप में संलग्न है।

(जो लागू न हो, वह काट दें)

3.3-प्रायोजक निकाय द्वारा विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली हेतु ऐसी भूमि अथवा उसके किसी आंशिक भाग का विक्रय, अन्तरण अथवा पट्‌टा नहीं किया गया है और ना ही किया जाएगा और न ही इस अधिनियम में उल्लिखित प्रयोजनों से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये इस भूमि उपयोग किया जाएगा। ः-प्रायोजक संस्था..................................................द्वारा निजी क्षेत्र में प्रस्तावित विश्वविद्यालय.......................................

.......................................की स्थापना नगरीय/ग्रामीण क्षेत्र में स्थित भूमि पर प्रस्तावित है, जिसका क्षेत्रफल.............. है। उक्त भूमि गाटा/रकबा...............जनपद.........................................की तहसील....................... के राजस्व ग्राम.......................में स्थित है। निजी क्षेत्र में प्रस्तावित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के लिए निर्दिष्ट भूमि के मध्य सरकारी भूमि के रूप में (चकरोड़, नाली, गूल, बंजर, परती, पोखर, ग्राम समाज आदि, जो लागू हो, उसे लिखा जाय) कुल रकबा. ...............*अवस्थित है। विश्वविद्यालय के लिए निर्दिष्ट भूमि के मध्य अवस्थित सरकारी भूमि गाटा/रकबा................ का विश्वविद्यालय की निर्दिष्ट भूमि गाटा/रकबा..................से 03 माह में विनिमय की कार्यवाही सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से करा ली जायेगी। इस सम्बन्ध में आवेदन-पत्र उप जिलाधिकारी/सक्षम प्राधिकारी के समक्ष दिनांक ......... .. को प्रस्तुत किया गया है, जिसकी छाया प्रति संलग्न की जा रही है। * अधिसूचना दिनांक 10-11-2020 से आच्छादित है। सरकारी भूमि का समायोजन किये जाने का उपरान्त प्रायोजक संस्था के स्वामित्व में मानक के अनुसार ...............एकड़ भूमि विश्वविद्यालय का नाम...................की स्थापना हेतु उपलब्ध है। 4-

उक्त भूमि को विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये स्थापित बैंक एवं वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को प्रायोजक निकाय द्वारा बंधक नहीं रखा गया है और ना ही रखा जाएगा। उक्त भूमि को.................................बैंक/वित्तीय संस्था) के पास दिनांक.......................... से बंधक रखा गया है जिसके सापेक्ष रु............................................ का ऋण........................................................................................................................ ............... प्रयोजन हेतु लिया गया था। ऋण स्वी—ति पत्र, बंधक पत्र और ऋण भुगतान की अद्‌यतन स्थिति............... .............. (बैंक/वित्तीय संस्था) द्वारा सत्यापित प्रति अनुलग्नक 4(1)-4(3) पर प्रस्तुत हैं। इस ऋण तथा भूमि बंधक को मात्र विश्वविद्यालय के प्रयोजन हेतु उपभोग किया जा रहा है। उक्त भूमि को भविष्य में भी विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए स्थापित बैंक एवं वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को प्रायोजक निकाय द्वारा बंधक नहीं रखा जाएगा।

(जो विकल्प लागू ना हो, वह काट दें)

24000 वर्ग मी0 फर्शी क्षेत्रफल में मानक के सापेक्ष .......... वर्ग मी0 फर्शी क्षेत्रफल का भवन का उपलब्ध है। इस संबंध में आर्किटेक्ट का प्रमाण-पत्र अनुलग्नक ......... संलग्न है जिसमें कक्षों की संख्या, उनके उपयोग का विवरण एवं आकार का उल्लेख है। निर्मित भवन का मानचित्र............... (प्राधिकरण का नाम) द्वारा स्वीकृत है और प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु ...........................................(प्राधिकरण का नाम) की अनापत्ति अनुलग्नक ........ संलग्न है। शपथी द्वारा शपथ पूर्वक कथन किया जाता है कि वह वर्तमान संचालित संस्था (महाविद्यालय) ................का ................से दिनांक ................तक ................ विश्वविद्यालय से असम्बद्धीकरण करवाकर शासन को सूचित करेगा व शैक्षिक सत्र ................की तिथि ................से उक्त संस्था के स्वरूप में छात्रों के प्रवेश लेना बन्द कर देगा। साथ ही प्रश्नगत भूमि को प्रस्तावित विश्वविद्यालय ................................ ................की स्थापना हेतु प्रायोजक निकाय ................को वर्षवार निम्न प्रकार अन्तरित करेगा :-

1-वर्ष (सत्र) ............... 2-वर्ष (सत्र) ...............

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 26 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

दिनॅाक ..................तक मानक के अनुसार शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर स्टाफ की नियुक्ति कर ली जायेगी तथा उसकी आख्या शासन को उपलब्ध करायी जायेगी। विश्वविद्यालय की स्थापना के पश्चात कर्मचारियों तथा अध्यापकों के लिए 03 माह में भविष्य निधि स्थापित की जायेगी जिसकी सूचना शासन को दिनांक............. तक उपलब्ध कराई जाएगी। निर्दिष्ट भवन के कार्यालयों और प्रयोगशालाआें में न्यूनतम 02 करोड़ रुपये के उपस्कर, कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां एवं उक्त बिन्दु 4 में उल्लिखित भवनों से भिन्न अवसंरचनात्मक सुविधायें तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां मानकों के अनुसार प्रतिष्ठापित कर ली जाएगी जिसकी सूचना शासन को दिनांक................. तक उपलब्ध कराई जाएगी। आगामी पांच वर्षो में न्यूनतम 6 करोड़ रूपये के कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां, तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियों, उपस्कर प्रतिष्ठापित कर ली जायेगी। इसका विभागवार/विषयवार/पाठ्‌यक्रमवार विवरण अनुलग्नक सं0-5/6 के रूप में संलग्न है, जिसमें वर्तमान में प्रतिष्ठापित उपकरणों तथा भविष्य में वर्षवार क्रय किये जाने वाले उपकरणों का विवरण दिया गया है। हर शैक्षिक सत्र आरंभ होने से पूर्व इसकी अद्‌यतन सूचना एवं प्रगति शासन को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रायोजक संस्था विश्वविद्यालय द्वारा अधिनियम की धारा 12 एवं 13 में उल्लिखित प्रवेश और शैक्षणिक मानक तथा आरक्षण के प्राविधानों का पालन करेगी। प्रायोजक संस्था अधिनियम की धारा 44 के अनुसार विश्वविद्यालय एक सामान्य निधि स्थापित करेगी तथा धारा 45 के अनुसार एक विकास निधि भी स्थापित करेगी।

मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि उपरोक्त समस्त तथ्य एवं सूचनायें मेरी अधिकतम जानकारी के अनुसार सत्य है तथा कोई आवश्यक तथ्य या सूचना छिपाई नहीं गयी है। अधिनियम में उल्लिखित समस्त धाराओं एवं शर्तों का पालन करने हेतु मैं स्वयं को आबद्ध करता हूँ। किसी भी सूचना के असत्य पाये जाने पर उक्त निजी विश्वविद्यालय के तथा मेरे विरूद्ध यथा विधि कार्यवाही की जा सकती है।

दिनांक :

हस्ताक्षर

नाम : (शपथकर्ता)

स्थान :

प्रायोजक निकाय का नाम-

सत्यापन544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 27 प्रायोजक निकाय..........................को निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र............... की स्थापना हेतु 'आशय-पत्र' प्रदान किया गया था जिसमें परिनिष्चित शर्तों की पूर्ति करने के पष्चात्‌ अनुपालन आख्या का शपथ-पत्र दिनांक .............................. को उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेष राज्य के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है,तत्पष्चात्‌ शपथी द्वारा शपथपूर्वक निम्नवत्‌ कथन किया जाता हैः-

2- यह कि निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु, कुल .........................एकड़ भूमि प्रस्तावित की गयी है जिसके सापेक्ष लिये गये ऋण एवं बन्धक रखी गयी भूमि का अद्यतन विवरण निम्नानुसार हैः-

क्रम संख्या ऋण लिये जाने का दिनांक बैंक/वित्तीय संस्था का नाम संस्था का नाम, जिसके लिये ऋण लिया गया ह ै ऋण की धनराषि ऋण लिये जाने का प योजन ्र बंधक रखी गयी भूमि का विवरण भुगतान किये जाने ह ेतु ऋण का अवषेश अतिषेश टिप्पणियाँ
गाटा संख्या क्षेत्रफल (एकड़ म ) ं े
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
समस्त बंधक रखे गये भूखण्ड क्षेत्रफल

3- यह कि निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना से पूर्व लिये गये पूर्वोक्त ऋण का प्रयोग, प्रायोजक निकाय द्वारा प्रस्तावित भूमि पर निम्नलिखित प्रयोजनों हेतु किया गया हैः- (क)...................... (ख)...................... (ग)......................

4- यह कि लिये गये पूर्वोक्त ऋण की धनराशि का प्रयोग, ऋण-प्रदाता संस्था द्वारा उपबंधित प्रयोजन से भिन्न प्रयोजन हेतु नहीं किया गया है।

5- यह कि निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना के लिये प्रस्तावित भूमि पर पहले से निर्मित भवन एवं आस्तियां तथा महाविद्यालय............(नाम) प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय............के अंग होंगे।

6- यह कि ऋण प्रदाता संस्था ......................... द्वारा बन्धक रखी गयी भूमि, जिस पर वर्तमान में.......................(संस्था का नाम ) संचालित की जा रही है, पर निजी विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना हेतु अनापत्ति प्रदान कर दी गयी है, जो इस शपथ-पत्र के अनुलग्नक-1 के रूप में संलग्न है।

8-

7- यह कि ऋण-प्रदाता की अपेक्षानुसार ऋण की धनराशि के प्रतिसंदाय हेतु देय किस्तों का भुगतान नियमित रूप से किया जाता रहेगा तथा अवषेश ऋण एवं प्रस्तावित भूमि के सापेक्ष भविश्य में लिए जाने वाले ऋण का उपयोग, केवल प्रस्तावित विष्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र हेतु किया जाएगा तथा उससे भिन्न किसी प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा। यह कि उत्तर प्रदेष निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा 3 की उपधारा (ख) के अधीन विनिर्दिश्ट उपबंधों के अनुसार विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र स्थापित करने हेतु पूर्वोक्त भूमि को, प्रायोजक निकाय द्वारा तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिये स्थापित बैंक अथवा वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को बन्धक नहीं रखा जायेगा।

9- यह कि बन्धक रखी गयी सम्पत्ति पर बैंक/ऋण-प्रदाता का हित तथा प्रभार, ऋण प्रदाता द्वारा प्रदान की गयी अनापत्ति से प्रभावित नहीं होंगे जो अनुलग्नक संख्या 1 के रूप में संलग्न है और इस प्रभार को वर्तमान में संचालित शैक्षिक संस्था द्वारा विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की प्रास्थिति प्राप्त करने के पष्चात विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना के ठीक पष्चात्‌ सम्बन्धित अधिकारी द्वारा नव-स्थापित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र के नाम से रजिस्ट्रीकृत करा लिया जायेगा।

10- यह कि भविष्य में लिये जाने वाले ऋण की विस्तृत सूचना भी शपथी द्वारा समय के समुचित प्रक्रम में राज्य सरकार को 11-

प्रदान की जायेगी। यह कि शपथ-पत्र की प्रति, बैंक/ऋण-प्रदाता को दिनांक......................को उपलब्ध करा दी गयी है, जिसकी रसीद अनुलग्नक-2 के रूप में संलग्न है।

शपथी का हस्ताक्षर

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 28 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

घोषणा मैं शपथपूर्वक यह कथन करता हूँ कि शपथ-पत्र के प्रस्तर 1 से प्रस्तर 9 तक में प्रस्तुत की गई सूचना मेरी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार सत्य है और मैं पूर्वोक्त प्रस्तरों में मेरे द्वारा कृत वचनबद्वता का अनुसरण करने के लिये बाध्य हूँ। यदि मेरे द्वारा बैंक/वित्तीय संस्था तथा राज्य सरकार के प्रति कृत वचनबद्धता में कोई अतिक्रमण या व्यतिक्रम/विचलन का पाया जाता है तो मेरे विरूद्व कार्यवाहियां विधि के अनुसार प्रारम्भ की जा सकती हैं, जिस पर मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी।

शपथी का हस्ताक्षर544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 29

परिशिष्ट-7

प्रायोजक संस्था.........................को निजी क्षेत्र में ........................विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु शासनादेश संख्या-........... ............................दिनांक ..................द्वारा आशय पत्र निर्गत किया गया है। प्रायोजक संस्था द्वारा आशय पत्र में उल्लिखित शर्तों की पूर्ति किये जाने के सम्बन्ध में शासन को प्रेषित किये गये शपथ पत्र दिनांक ........... में प्रस्तुत किये गये अभिकथनों एवं वचनबद्धताओं के सत्यापन हेतु उ0प्र0 शासन द्वारा कार्यालय ज्ञाप दिनांक द्वारा निम्नलिखित समिति का गठन किया गया :-

1- - अध्यक्ष
2- - सदस्य
3- - सदस्य
4- - सदस्य
5- - सदस्य

उपर्युक्त समिति ने प्रस्तावित .......................विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु प्रायोजक संस्था द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के सापेक्ष दिनांक ........को स्थलीय निरीक्षण/सत्यापन किया गया, जिसके संदर्भ में प्रस्ताव में संलग्न अभिलेखों एवं आशय-पत्र के अनुसार परीक्षणोपरान्त वांछित बिन्दुओं पर समिति की आख्या निम्नवत्‌ है :-

1- प्रायोजक निकाय का विवरण :

1-प्रायोजक संस्था के पंजीकरण की संख्या व तिथि 2-नवीनीकरण की तिथि 3-संस्था का स्वरूप : ट्रस्ट/सोसायटी/कम्पनी (प्रायोजक संस्था के पंजीकृत होने का प्रमाण, संविधान,उपनियम,आर्टीकल्स ऑफ एसोसिएशन एवं नियमावली आदि सुसंगत अभिलेख जिन्हें संस्था के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया हो,संलग्न किये जायें) 2- प्रस्तावित विश्वविद्यालय का नाम व स्थान तथा प्रस्तावित भूमि का विवरण 3- विश्वविद्यालय के उद्‌देश्य : 4- प्रायोजक निकाय से वित्तीय संसाधनों से संबंधित सूचना तथा पिछले तीन वर्षों की लेखा परीक्षित लेखों का विवरण :

1-प्रायोजक संस्था के आय के स्रोत 2-विगत तीन वर्षाें के सम्परीक्षित लेखे के अनुसार वर्षवार कुल आस्तियों एवं देनदारियों का अनुपात 3-गत तीन वर्षों की समाप्ति पर शुद्ध मूल्य (Net Worth) 4-गत तीन वर्षों का ऋण-इक्वीटी अनुपात 5-नियमावली के नियम 7(ग) के बिन्दु एक, दो, तीन व चार पर सूचनाएं। (सी0ए0 के नाम व तिथि सहित) 5- न्यूनतम 5 (पांच) करोड़ रूपये की स्थायी विन्यास निधि सृजित करना।

क- विन्यास निधि का स्वरूप ख- निदेशक,उ0शि0 को प्राप्त कराये जाने का दिनांक (प्रति संलग्न की जाये)544 RPH 2022 data 4e makep data 6 30 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 ग- नवीनीकरण कराये जाने विषयक शपथ-पत्र ( मूल रूप में)

6- विश्वविद्यालय के लिए चिन्हित नगरीय क्षेत्रों में न्यूनतम बीस एकड़ अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 50 एकड़ की संलग्न सम्यक्‌ रूप से धारित किये जाने की अद्यतन स्थिति 1. स्वामित्व-खतौनी की प्रति 2(क) शासकीय भूमि के विनिमय किये जाने की अद्यतन स्थिति :- (सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत विनिमय आदेश की प्रति ,जमा की राशि की रसीद,विनिमय उपरान्त निर्गत खतौनी व राजस्व मानचित्र की प्रमाणित प्रतिलिपियां संलग्न की जायें ) 2(ख) जो शासकीय भूमि विनिमय योग्य नहीं है उसके सम्बन्ध में टिप्पणी 3. संलग्नता/संयुक्तता-प्रस्तावित भूमि के सम्बन्ध में उप जिलाधिकारी द्वारा निर्गत संयुक्तता प्रमाण-पत्र संलग्न किया जाय। 4. प्रस्तावित भूमि के मध्य निजी भूमि अवस्थित है अथवा नहींें। 5. प्रायोजक निकाय, विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की कार्यप्रणाली हेतु ऐसी भूमि अथवा उसके किसी आंशिक भाग का विक्रय, अंतरण अथवा पट्‌टा नहीं करेगा और न ही इस अधिनियम में उल्लिखित प्रयोजनों से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए इसका उपयोग करेगा,इस बिन्दु पर टिप्पणी प्रस्तुत की जायेगी। 6. विश्वविद्यालय स्थापित करने हेतु तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन ऋण प्राप्त करने से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए स्थापित बैंक एवं वित्तीय संस्था से भिन्न किसी व्यक्ति को बंधक नहीं रखेगा, इसके परिप्रेक्ष्य में प्रस्तावित भूमि के सापेक्ष ऋण/भूमि बन्धक रखे जाने की अद्यतन स्थिति। प्रायोजक संस्था द्वारा भूमि अथवा भवन आदि को बन्धक रखे जाने की स्थिति में नियमावली के नियम 11 के अनुसार पूर्ण विवरण व परिशिष्ट 6 के अनुसार शपथ-पत्र भी प्राप्त कर संलग्न किया जायेगा। 7. प्रायोजक संस्था द्वारा 12.5 एकड़ से अधिक भूमि क्रय किये जाने की दशा में सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त किये जाने की प्रास्थितिः- क- अनुमति प्रदाता प्राधिकारी का विवरण........अनुमति पत्र की प्रति संलग्न की जाय। ख- अनुमति का दिनांक...... अथवा ख- राजस्व विभाग के आदेश संख्या-11/2021/928/एक-1-2021-रा0-1 दिनांक 26 अक्टूबर, 2021 के अन्तर्गत कृत कार्यवाही का विवरण * इस बिन्दु पर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि की टिप्पणी (भूमि के सम्बन्ध में समस्त बिन्दुओं पर, स्थल-निरीक्षण तथा भू-अभिलेखों के गहन एवं सम्य्‌क परीक्षणोपरान्त अपनी स्पष्ट संस्तुति अंकित करने हेतु समिति में सम्मिलित जिलाधिकारी के द्वारा नामित प्रतिनिधि उत्तरदायी होंगे)

7- खण्ड (ख) में निर्दिष्ट भूमि पर कम से कम चौबीस हजार वर्ग मीटर के फर्शी क्षेत्रफल में भवन का निर्माण करना, जिसमें से कम से कम पचास प्रतिशत क्षेत्रफल का उपयोग शैक्षणिक तथा प्रशासनिक प्रयोजनों के लिए किया जायेगा,इस परिप्रेक्ष्य में निम्नानुसार विवरण प्रस्तुत किया जाये- भवन की उपलब्धता एवं अवस्थापना सुविधाओं का विवरण :- 1. भवन का निर्मित क्षेत्रफल : क- शैक्षिक कार्यों हेतु........वर्ग माी0 ख-प्रशासनिक कार्याें हेतु....वर्ग मी0 कुल क्षेत्रफल : .....वर्ग मी0 2. सक्षम आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित भवन का मानचित्र (संलग्न किया जाये)

उप जिलाधिकारी, तहसील....,श्री.........द्वारा दिनांक .......को प्रमाणित नक्शा जिसके अनुसार भवन गाटा संख्या...........में निर्मित है। निर्मित भवन सरकारी भूमि पर नहीं बना है। 3. उपजिलाधिकारी द्वारा प्रमाणित भवन का ऐसा नक्शा जिसमें भवन निर्माण को प्रस्तावित भूमि की गाटा संख्याओं पर Project कर दर्शाया गया हो,को संलग्न किया जाये। 4. भवन के नक्शे को किसके स्तर से स्वीकृत किया गया है? प्रमाणित प्रति संलग्न की जाये। 5. स्थल नगरीय क्षेत्र में होने की दशा में प्रस्तावित विश्वविद्यालय या परिसर दूरस्थ केन्द्र की स्थापना एवं संचालन हेतु विकास प्राधिकरण/नगर निकाय की अनापत्ति544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 31 8- आगामी शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय के संचालन के दृष्टिगत वर्तमान में उपलब्ध उपस्कर, कम्प्यूटर, फर्नीचर एवं अवसंरचनात्मक सुविधाओं का उल्लेख खण्ड (ख) में निर्दिष्ट भवनों के कार्यालयों और प्रयोगशालाओं में न्यूनतम 2(दो) करोड़ रूपये के उपस्कर, कम्प्यूटर, फर्नीचर आस्तियां खंड (ख) में उल्लिखित भवनों से भिन्न अवसंरचनात्मक सुविधायें तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियाँ प्रतिस्थापित करना तथा आगामी पांच वर्षों में न्यूनतम 6 (छः) करोड़ रूपये के कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां तथा अवसंरचनात्मक सुविधायें [उपरोक्त (ख) में उल्लिखित भवनों को छोड़कर] तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां उपाप्त करने के लिए उपक्रम प्रति स्थापित करना,इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

9- प्रत्येक विभाग या शाखा में विनियामक निकायों द्वारा यथाविहित, आचार्यों, सह आचार्यों तथा सहायक आचार्यों और सहायक कर्मचारीवृन्द के सदस्यों की नियुक्ति करना। प्रत्येक विभाग /शाखा में कम से कम पचहत्तर प्रतिशत नियमित अध्यापक विश्वविद्यालय के नियमित कर्मचारी होंगे, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

10- पुस्तकालय हेतु प्रत्येक वर्ष दस लाख रूपए मूल्य की पुस्तकें व पत्रिकाओं तथा ऑनलाइन संसाधनों को क्रय करना : परन्तु यह कि दस लाख रूपये के व्यय में कमी होने की स्थिति में इसकी प्रतिपूर्ति अगले वर्ष में की जायेगी, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये। प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिये पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति-

11- प्रथम संचालन वर्ष में विश्वविद्यालय के पाठ्‌यक्रम में प्रवेश हेतु छात्रों का चयन करने हेतु अपनाई जाने वाली प्रस्तावित प्रणाली, इस सम्बन्ध में निरीक्षण समिति की स्पष्ट टिप्पणी संलग्न की जाय।

12- विश्वविद्यालय में अध्यापकों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अपनाई जाने वाली प्रस्तावित प्रणाली, इस सम्बन्ध में नियुक्तियों की अद्यतन स्थिति का विवरण दिया जाये व बचनबद्धता दिये जाने की स्थिति में प्रायोजक संस्था द्वारा दिये गये शपथ-पत्र को संलग्न करते हुये स्पष्ट टिप्पणी अंकित की जाय।

13- विनियामक निकायों के मानकों के अनुसार छात्रों के लिए पाठयक्रमेतर गतिविधियों, पाठ्‌यचर्या से भिन्न गतिविधियों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों, खेल-कूदों, राष्ट्रीय कैडेट कोर की व्यवस्था करना , इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही तथा व्यवस्था का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये। प्रायोजक संस्था द्वारा अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाय-............................

14- ऐसे निजी विश्वविद्यालय, जिनके द्वारा UGC (Establishment of and maintenance of standards in Private Universities) Regulations, 2003 के शुरूआत से पूर्व ही कार्य करना प्रारम्भ कर दिया गया है व इस विनियमन की अधिसूचना के तीन महीने के अंदर पालन करेंगे तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को अनुपालन किये जाने की पुष्टि करेंगे। आदेश के अनुपालन में असफलता किसी भी डिग्री/डिप्लोमा जो निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त है, वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम की धारा 22(3) के अधीन अनिर्दिष्ट हो जायेंगे और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम की धारा 24 के अधीन दण्डनीय होगा। इस बिन्दु पर अद्यतन स्थिति।

15- ऐसे निजी विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अन्य सम्बन्धित सांविधिक संस्था जैसे आल इण्डिया काउन्सिल फार टेक्निकल एजुकेशन, बार काउन्सिल आफ इण्डिया, डिस्टेन्स एजुकेशन काउंसिल, डेन्टल काउंसिल आफ इण्डिया, इण्डियन नर्सिंग काउंसिल, मेडिकल काउंसिल आफ इण्डिया, नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन, फार्मेसी काउंसिल आफ इण्डिया इत्यादि समय-समय पर दिये गये कार्यक्रम, संकाय, संरचनात्मक सुविधायें, वित्तीय सबलता इत्यादि के सम्बन्ध में न्यूनतम शर्तों को पूरी करेगें।

16- निजी विश्वविद्यालय इन कार्यक्रमों के प्रारंभ करने के पूर्व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप पर विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु प्रथम स्नातक एवं परास्नातक डिग्री /डिप्लोमा कार्यक्रम जिसमें पाठ्‌यक्रम संरचना, कन्टेन्ट्‌स, अध्यापन, लर्निग प्रक्रिया, परीक्षा तथा मूल्यांकन पद्धति तथा योग्यता मापदण्ड सम्मिलित हो, से सम्बन्धित सूचना प्रदान करेंगे। प्रवेश प्रणाली एवं फीस का निर्धारण यू0जी0सी0 एवं अन्य सम्बन्धित सांविधिक संस्था के द्वारा544 RPH 2022 data 4e makep data 6 32 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार होगा।

17- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्‌, भारतीय बार काउंसिल और केंद्र या राज्य सरकार द्वारा स्थापित अन्य विनियामक निकायों द्वारा निर्धारित मानकों एवं शर्तों और विनियमों के अनुरूप होना, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये तथा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

18- विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा अध्यापकों के लिए भविष्य निधि स्थापित करना तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं को प्रारम्भ करना, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये। 19- विश्वविद्यालय के प्रशासन और कार्यप्रणाली के लिए परिनियम, अध्यादेश और विनियम बनाना, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा प्रदत्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

20- विश्वविद्यालय द्वारा की गई कोई व्यवस्था इस अधिनियम तथा विनियामक निकायों के उपबंधों से असंगत नहीं होगी, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा प्रदत्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

21- विश्वविद्यालय की पारदर्शी प्रणाली सुनिश्चित करना और विनियामक निकायों से प्राप्त अनापत्तियों को सार्वजनिक करना, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

22- राज्य सरकार द्वारा अपेक्षित प्रारूप और समय पर राज्य सरकार को सूचना उपलब्ध कराना, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा प्रदत्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

23- सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर, नकल रोकने के उपायों, प्र्रवेश परीक्षाओं, उपाधियों एवं प्रमाण-पत्रों आदि के लिए राज्य सरकार द्वारा स्थापित प्रतिमानों का अनुपालन करना, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा प्रदत्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

24- विश्वविद्यालय में प्रवेश फीस संरचना की परदर्शी प्रक्रिया तथा मानक का विनिश्चय प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने के पूर्व किया जायेगा और सार्वजनिक किया जायेगा। प्रवेश का अंतिम दिनांक, सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार होगा : विदेशी छात्रों के प्रवेश नीति का विनिश्चय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा किया जायेगा, जो राज्य सरकार तथा विनियामक निकायों द्वारा अभिकथित मानकों के अनुरूप होगी, इस परिप्रेक्ष्य मंंें समिति द्वारा विवरण अंकित करते हुये प्रायोजक संस्था द्वारा प्रदत्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

25. यथाविहित सामान्य शैक्षणिक कैलेण्डर का अनुसरण करना, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा प्रदत्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

26. इस अधिनियम के अनुरूप ऐसी अन्य शर्तों को पूरा करने का दायित्व ग्रहण करना जैसा कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना पूर्व अधिकथित किया जाए, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

27- विश्वविद्यालय के परिसर के भीतर या विश्वविद्यालय के नाम से राष्ट्रविरोधी क्रियाकलाप करने या उनका सम्वर्द्धन करने में किसी व्यक्ति को न तो संलिप्त होने और न ही उसकी अनुज्ञा देेने का वचन देना। विश्वविद्यालय में पाये गये ऐसे किसी क्रियाकलाप के मामले में इसे विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने की शर्तों का महाउल्लंघन माना जायेगा और सरकार इस अधिनियम या तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन उपबंधों के अनुसार कार्यवाही कर सकती है, इस परिप्रेक्ष्य मंंें प्रायोजक संस्था द्वारा की गयी अद्यतन कार्यवाही का विवरण दिया जाये अथवा प्राप्त बचनबद्धता के शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

28- विश्वविद्यालय द्वारा उपक्रमित किये जाने हेतु प्रस्तावित अध्ययन तथा अनुसंधान के कार्यक्रमों की प्रकृति तथा उनका प्रकार और राज्य के विकास संबंधी लक्ष्यों तथा नियोजन संबंधी आवश्यकताओं हेतु उनकी प्रासंगिकता और पाठ्‌यक्रमवार नामांकन लक्ष्यों सहित प्रथम पांच वर्षों से अधिक के ऐसे कार्यक्रमों को चरणवद्ध किया जाना,उनका विस्तृृत विवरण प्राप्त कर प्रस्तुत किया जाये व यह देखा जाये कि प्रस्तुत किये गये ये विवरण सन्तोषजनक हैं अथवा नहीं।

29- अध्यापन तथा अध्यापनेत्तर कर्मचारियों सहित प्रस्तावित शैक्षणिक सुविधाओं का विवरण। उपलब्ध सुविधाओं का विवरण दिया जाये व बचनबद्धता दिये जाने की स्थिति में प्रायोजक संस्था द्वारा दिये गये शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

30- प्रारम्भ किये जाने हेतु प्रस्तावित सुविधाएं, पाठ्‌यक्रम तथा अनुसंधान,इस सम्बन्ध में उपलब्ध सुविधाओं544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 33 का विवरण दिया जाये व बचनबद्धता दिये जाने की स्थिति में प्रायोजक संस्था द्वारा दिये गये शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

31- प्रायोजक निकाय को उपलब्ध संबंधित शाखाओं में अनुभवन तथा विशेषज्ञता : 32- विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने से पूर्व दायित्व ग्रहण किये जाने वाले परिसर के विकास हेतु योजनाओं का विवरण यथा-भवन निर्माण, संरचनात्मक सुख-सुविधाओं का विकास, अवसंरचनात्मक सुविधाएं तथा उपकरणों आदि का उपापन और प्रथम पांच वर्षों के लिए चरणवद्ध कार्यक्रम, इस सम्बन्ध में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण दिया जाये व बचनबद्धता दिये जाने की स्थिति में प्रायोजक संस्था द्वारा दिये गये शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

33- आगामी पांच वर्षों के लिए प्रस्तावित पूंजीगत व्यय के लिए चरणवद्ध परिव्यय, इस सम्बन्ध बचनबद्धता दिये जाने की स्थिति में प्रायोजक संस्था द्वारा दिये गये शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

34- साधन जुटाने की योजना सहित निधियों के स्रोत तथा उनकी पूंजीगत लागत तथा ऐसे स्रोतों के प्रतिसंदाय की रीति,प्रायोजक संस्था द्वारा प्रस्तुत किये गये विवरण के परीक्षणोपरान्त समिति द्वारा आख्या अंकित की जाये।

35- क्या विश्वविद्यालय का स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित कोई कार्यक्रम उपक्रमित करने का प्रस्ताव है, यदि ऐसा है तो उद्‌देश्य की पूर्ति हेतु विश्वविद्यालय द्वारा उपक्रमित किए जाने वाले विशिष्ट अध्यापन, प्रशिक्षण या अनुसंधान सम्बन्धी गतिविधियों की प्रकृति का विवरण प्रस्तुत किया जाये।

36- क्या विश्वविद्यालय कृषकों, महिलाओं तथा स्थानीय उद्योगों की सुविधा के लिए कोई कार्यक्रम प्रस्तावित करने का प्रस्ताव है, यदि ऐसा है तो उसका विवरण प्रस्तुत किया जाए।

37- खेल-कूद एवं क्रीड़ा तथा पाठ्‌येत्तर क्रियाकलाप तथा एन.एस.एस., रोवर एंड रेंजर आदि हेतु उपलब्ध तथा सृजित किए जाने हेतु प्रस्तावित क्रीड़ा स्थलों तथा अन्य सुविधाओं का विवरण, इस सम्बन्ध में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण दिया जाये व बचनबद्धता दिये जाने की स्थिति में प्रायोजक संस्था द्वारा दिये गये शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये।

38- शैक्षणिक उत्कृष्टता, यदि कोई हो,के लिए प्रस्तावित व्यवस्था का विवरण 39- ऐसे अन्य विवरण, जिसे प्रायोजक निकाय देना चाहे (नवोन्मेषी कार्य/पाठ्‌यक्रम आदि) 40- ऐसे अन्य विवरण, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विनिश्चित किया जाए, इस सम्बन्ध में प्रायोजक संस्था द्वारा दी गयी बचनबद्धता विषयक शपथ-पत्र को संलग्न किया जाये। प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय...............की स्थापना के लिये प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव पर प्रायोजक संस्था ... ........ को दिनांक ....... को आशय-पत्र निर्गत किया गया था जिसकी अनुपालन आख्या प्रस्तुत किये जाने पर गठित समिति के हम अधोहस्ताक्षरी सदस्यगण द्वारा दिनांक........ को स्थल निरीक्षण किया गया एवं प्रायोजक संस्था द्वारा प्रस्तुत किये गये अभिलेखों का सम्य्‌क परीक्षण किया गया। स्थल निरीक्षण एवं अभिलेखों के परीक्षण तथा प्रायोजक संस्था के पदाधिकारियों से प्राप्त की गयी जानकारी के आधार पर समिति द्वारा यह पाया गया है कि प्रायोजक संस्था द्वारा अपने अनुपालन विषयक प्रस्तुत किये गये शपथ-पत्र दिनांक में वर्णित तथ्य व सूचनायें सही हैं। प्रायोजक संस्था द्वारा आशय-पत्र में वर्णित शर्तों मंें से शर्त संख्या.........से ....... तक की पूर्ति कर ली गयी है व शर्त संख्या.......से .........तक की पूर्ति हेतु शपथ-पत्रों को प्रस्तुत कर बचनबद्धता प्रस्तुत की गयी है। इस प्रकार उ0प्र0निजी विश्वविद्यालय अधिनियम,2019 विहित प्राविधानों व तद्‌विष्यक प्रख्यापित नियमावली के विहित प्राविधानों व अर्हताओं को प्रायोजक संस्था द्वारा पूरा किया जा रहा है, अतः समिति द्वारा सर्वसम्मति से प्रायोजक संस्था ......... द्वारा प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय ...........का नाम उ0प्र0 निजी विश्वविद्यालय अधिनियम,2019 अनुसूची में सम्मिलित करने/परिसर दूरस्थ केन्द्र स्थापित करने हेतु संस्तुति की जाती है। ≠ ≠ ≠

......................................

........................................... ..............................................

.......................................... .......................................... ≠ भूमि के सम्बन्ध में समस्त बिन्दुओं पर, स्थल-निरीक्षण तथा भू-अभिलेखों के गहन एवं सम्य्‌क परीक्षणोपरान्त अपनी स्पष्ट संस्तुति में सम्मिलित जिलाधिकारी के द्वारा नामित प्रतिनिधि उत्तरदायी होंगे। ≠ ≠ प्रायोजक संस्था की वित्तीय सबलता के सम्बन्ध में सम्य्‌्‌क परीक्षण कर अपनी संस्तुति प्रस्तुत किये जाने हेतु समिति में सम्मिलित वित्त अधिकारी उत्तरदायी होंगे।544 RPH 2022 data 4e makep data 6 34 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 परिशिष्ट-8 (पत्र)

उत्तर प्रदेश शासन

उच्च शिक्षा अनुभाग-1

संख्या- /सत्तर-1-2021- लखनऊ : दिनांक : , 2021

प्रायोजक संस्था का नाम व पता ------------------- निजी क्षेत्र के अन्तर्गत जनपद-................ में आपके द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय............. की स्थापना के प्रस्ताव के सम्बन्ध अवगत कराना है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय का नाम उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2019 (अध्यादेश संख्या 12.04.2021 सन्‌ 2021) द्वारा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की अनुसूची-2 में क्रमाक ........ पर सम्मिलित किया गया है। इस सम्बन्ध में विश्वविद्यालय............. के संचालन की अनुज्ञा विषयक अधिसूचना संख्या.......... /सत्तर-1-2021- दिनांक ..............., 2021 तथा संचालन प्राधिकार पत्र संख्या-............./2021 प्रेषित करते हुए अपेक्षा की जा रही है कि संचालन प्राधिकार-पत्र में उल्लिखित शर्तों के अधीन ही उक्त अधिसूचना के परिपे्रक्ष्य में विश्वविद्यालय.................. का संचालन किया जायेगा। संलग्नक-यथोक्त

( ) विशेष सचिव। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :- (1) सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, बहादुरशाह जफर मार्ग, नई दिल्ली, 110002। ([email protected]) (2) मंडलायुक्त, ................ (3) जिलाधिकारी, ............ (4) कुलपति, ............. (5) कुलसचिव, ..................... (6) उपाध्यक्ष, सम्बन्धित विकास प्राधिकरण। (7) निदेशक, बोर्ड आफ टेक्नीकल एजुकेशन, लखनऊ। (8) निजी सचिव, मुख्य सचिव/अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, वित्त विभाग/न्याय विभाग/ राजस्व विभाग/आवास एवं शहरी नियोजन विभाग/संस्थागत वित्त विभाग/चिकित्सा शिक्षा विभाग। (9) उच्च शिक्षा विभाग के समस्त अनुभाग। (10) गार्ड फाइल।

आज्ञा से,

( ) अनुसचिव।

--------------------------------------------------------------

पत्र संख्या- /सत्तर-1-2021- दिनांक जून, 2021 पृष्ठ संख्या-1544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 35

उत्तर प्रदेश शासन

उच्च शिक्षा अनुभाग-1

संख्या- /सत्तर-1-2021-

लखनऊ : दिनांक : , 2021 चूंकि, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2021 (उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या 4 सन्‌ 2021) द्वारा यथा संशोधित, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 12 सन्‌ 2019) के माध्यम से प्रायोजक संस्था........... द्वारा प्रायोजित, विश्वविद्यालय.............., उत्तर प्रदेश नामक एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। अतएव, अब, पूर्वोक्त अधिनियम धारा 7 की उपधारा (1) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके, राज्यपाल, पूर्वोक्त विश्वविद्यालय को ................., उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालय.................,उत्तर प्रदेश के नाम से चलाने की अनुज्ञा देती हैं।

( ) अपर मुख्य सचिव।

----------------------------------------------------------------------

पत्र संख्या- /सत्तर-1-2021- दिनांक जून, 2021 पृष्ठ संख्या-2544 RPH 2022 data 4e makep data 6 36 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

Uttar Pradesh Shasan

Uchcha Shiksha Anubhag-1

In pursuance of the provisions of clause (3) of Article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of notification no. ………/70-1-2021…… dated ……. June, 2021:

Notification

No.- / 70-1-2021-………….. Lucknow : dated: June, 2021

WHEREAS a private University with the name of University………, Uttar Pradesh sponsored by ……………….., Uttar Pradesh has been established vide the Uttar Pradesh Private Universities Act, 2019 (U.P. Act no. 12 of 2019), as amended by the Uttar Pradesh Private Universities (Amendment) Ordinance, 2021 (U.P. Ordinance no. 4 of 2021).

NOW, THEREFORE, in exercise of the powers under sub-section (1) of section 7 of the aforesaid Act, the Governor is pleased to permit the aforesaid University to operate with the name ………… University, ……., Uttar Pradesh in ………, Uttar Pradesh.

By order,

( ) Apar Mukhya Sachiv.

---------------------------------------------------------------------- पत्र संख्या- /सत्तर-1-2021- दिनांक जून, 2021 पृष्ठ संख्या-3544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 37

उत्तर प्रदेश शासन

उच्च शिक्षा अनुभाग-1

------------------------- उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अधीन प्रायोजक संस्था ............... द्वारा निजी क्षेत्र में . .................... की स्थापना हेतु प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त उपरोक्त अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के अन्तर्गत शासनादेश संख्या-........./सत्तर-1-2020 दिनांक ........... द्वारा प्रायोजक संस्था.......... .. को आशय-पत्र निर्गत किया गया। प्रायोजक संस्था द्वारा आशय-पत्र में उल्लिखित शर्तों की पूर्ति किये जाने के सम्बन्ध में पत्र दिनांक ........... द्वारा प्रस्तुत की गयी अनुपालन आख्या पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त राज्य सरकार का समाधान हो गया है कि प्रायोजक निकाय द्वारा धारा 6 की उपधारा (1) के उपबंधों का अनुपालन किया गया है। विधायी अनुभाग-1, उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना संख्या-.........../79-वि-1- 21-2(क)3/2021 दिनांक ............ द्वारा अधिसूचित उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2021 के माध्यम से उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के साथ संलग्न अनुसूची 2 में क्रमांक 29 के नीचे क्रमांक ....... पर सम्मिलित किया गया है। अतएव उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा 7 की उपधारा (1) के अन्तर्गत विश्वविद्यालय.............. को शैक्षिक सत्र .............. से संचालित करने की अनुज्ञा श्री राज्यपाल निम्नांकित शर्तों के अधीन प्रदान करते हैं :-

(1) प्रायोजक संस्था............... के लिये ग्राम-........., तहसील-........., जनपद-......... में प्रस्तावित की गयी .

....... एकड़ भूमि के चारो ओर बाउण्ड्रीवाल का निर्माण करेगी। भविष्य में निजी विश्वविद्यालय की भूमि का क्षेत्रफल कम नहीं किया जायेगा तथा इसके किसी भी भू-भाग का उपयोग किसी अन्य उद्‌देश्य के लिये नहीं किया जायेगा। इसके अतिरिक्त आपकी संस्था द्वारा राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश के नियमों, अधिनियमों तथा शासनादेशों का अक्षरशः पालन किया जायेगा।

(2) उपरोक्त प्रस्तावित भूमि पर संचालित महाविद्यालय को उनसे सम्बन्धित विश्वविद्यालयों तथा संस्थाओं से असम्बद्धीकरण कराते हुए शैक्षिक सत्र ........ से महाविद्यालय के रूप में छात्रों का प्रवेश लेना बंद कर दिया जायेगा।

(3) विश्वविद्यालय की भूमि विकास प्राधिकरण का नाम.............के क्षेत्रान्तर्गत है। विश्वविद्यालय के लिये निर्मित भवन विकास प्राधिकरण/नगर निकाय के नियमों से असंगत नहीं होगा तथा भविष्य में संभावित निर्माण के सम्बन्ध में मानचित्र स्वीकृत कराया जायेगा।

(4) प्रायोजक संस्था द्वारा UGC (Establishment Of And Maintenance Of Standards In Private Universities) Regulations, 2003 तथा समय-समय पर UGC एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत आदेशों का पूर्णतया पालन किया जायेगा।

(5) निजी विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अन्य सम्बन्धित सांविधिक संस्था जैसे आल इण्डिया काउन्सिल फार टेक्निकल एजुकेशन, बार काउन्सिल आफ इण्डिया, डिस्टेन्स एजुकेशन काउंसिल, डेन्टल काउंसिल आफ इण्डिया, इण्डियन नर्सिंग काउंसिल, मेडिकल काउंसिल आफ इण्डिया, नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन, फार्मेसी काउंसिल आफ इण्डिया इत्यादि समय-समय पर दिये गये कार्यक्रम, संकाय, संरचनात्मक सुविधायें, वित्तीय सबलता इत्यादि के सम्बन्ध में न्यूनतम शर्तों को पूरी करेगा।

(6) निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रथम स्नातक एवं परास्नातक डिग्री/डिप्लोमा कार्यक्रम जिसमें पाठ्‌यक्रम संरचना, विषयवस्तु (contents), अध्यापन एवं अधिगम प्रक्रिया, परीक्षा तथा मूल्यांकन पद्धति एवं छात्रों के प्रवेश हेतु योग्यता मानदण्ड सम्मिलित हों, के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विहित प्रारूप पर सम्पूर्ण सुसंगत सूचनायें इन पाठ्‌यक्रमों को प्रारंभ किये जाने से पूर्व उपलब्ध करायी जायेंगी।

-------------------------------------------------------

पत्र संख्या-/सत्तर-1-2021-दिनांक जून, 2021 पृष्ठ संख्या-4544 RPH 2022 data 4e makep data 6 38 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 (7) प्रवेश प्रणाली एवं फीस का निर्धारण यू0जी0सी0 एवं अन्य सम्बन्धित सांविधिक संस्था के द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश के अनुसार होगा।

(8) यदि विश्वविद्यालय का कामकाज असंतोषजनक रहता है तो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा उक्त विश्वविद्यालय को बन्द करने हेतु निर्देशित किया जायेगा, जिसका अनुपालन विश्वविद्यालय को अनिवार्यतः करना होगा। ऐसी स्थिति में पूर्व से उसमें नामांकित छात्रों के हितों को सुरक्षित किया जायेगा।

(9़) उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा 3 की उपधारा (ख) में निर्दिष्ट भवन के कार्यालयों और प्रयोगशालाओं में न्यूनतम 2 (दो)े करोड़ रूपये के उपस्कर, कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां, खण्ड (ख) में उल्लिखित भवनों से भिन्न अवसंरचनात्मक सुविधायें तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां प्रतिष्ठापित करना तथा आगामी पांच वर्षो में न्यूनतम 6 (छः) करोड़ रूपये के कम्प्यूटर, फर्नीचर, आस्तियां तथा अवसंरचनात्मक सुविधायें (उपरोक्त (ख) में उल्लिखित भवन को छोड़कर) तथा अन्य उपभोज्य और गैर उपभोज्य सामग्रियां उपाप्त करने के लिए उपक्रम प्रतिष्ठापित किया जायेगा।

(10) प्रत्येक विभाग या शाखा में विनियामक निकायों द्वारा यथाविहित आचार्याें, सह-आचार्याें तथा सहायक आचार्याें और सहायक कर्मचारिवृन्द के सदस्यों की नियुक्ति की जायेंगी एवं प्रत्येक विभाग/शाखा में कम से कम पचहत्तर प्रतिशत नियमित अध्यापक विश्वविद्यालय के नियमित कर्मचारी रखना सुनिश्चित किया जायेगा।

(11) विनियामक निकायों के मानकों के अनुसार छात्रों के लिए पाठ्‌यक्रमेतर गतिविधियों, पाठ्‌यचर्या से भिन्न गतिविधियाेंं, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों, खेल-कूदों, राष्ट्रीय सेवा योजना तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर की व्यवस्था की जायेगी।

(12) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्‌, भारतीय बार काउंसिल और केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा स्थापित अन्य विनियामक निकायों द्वारा निर्धारित मानकाें एवं शर्तो का अनुपालन किया जायेगा।

(13) विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा अध्यापकों के लिए भविष्य निधि स्थापित की जायेगीं तथा अन्य कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की जायेंगी।

(14) विश्वविद्यालय के प्रशासन और कार्यप्रणाली के लिये परिनियम, अध्यादेश और विनियम 03 माह में बनाये जायेंगे।

(15) अन्य शर्तें जो सम्बन्धित विभागों (राजस्व, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, संस्थागत वित्त विभाग आदि) द्वारा निर्दिष्ट की जाएं यथा शासकीय भूमि को जनउपयोग हेतु खुला एवं रिक्त रखना, निर्माण हेतु विशिष्ट नियमों का अनुपालन आदि........

उपरोक्त के अतिरिक्त प्रायोजक संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा 3 की उपधारा (ट) से (द) में उल्लिखित शर्तो, जिनकी पूर्ति किये जाने के सम्बन्ध पत्र दिनांक ............. द्वारा वचनबद्धता दी गयी थी, की पूर्ति की किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।

( ) अपर मुख्य सचिव। -------------------------------------------------------

पत्र संख्या-/सत्तर-1-2021-दिनांक जून, 2021 पृष्ठ संख्या-5544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 39 IN pursuance of the provisions of clause (3) of Article 348 of the constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of notification no. 39/LXX-1–2022- 20(44)-2020, Dated January 4, 2022 :

No. 39/LXX-1–2022-20(44)-2020

Dated Lucknow, January 4, 2022

IN exercise of the powers conferred by section 58 of the Uttar Pradesh Private Universities Act, 2019 (U.P. Act no. 12, 2019), the Governor is pleased to make the following rules with a view to regulate the procedure of establishment of private universities in the State of Uttar Pradesh.

UTTAR PRADESH PRIVATE UNIVERSITIES (ESTABLISHMENT) RULES, 2021

1. (1) These rules may be called The Uttar Pradesh Private Universities

(Establishment) Rules, 2021.

Short title, extent and commencement (2) They shall apply to the whole of the State of Uttar Pradesh.

(3) They shall come into force from the date of their publication in the

Gazette.

Definitions

2. In these rules, unless the context otherwise requires,-

(a) "Act" means the Uttar Pradesh Private Universities Act, 2019 (U.P.

Act no. 12 of 2019);

(b) "Contiguous Land" means the land defined as contiguous vide

Notification no. 2047/Sattar-1-2020-20(1)-2019 TC-2, dated November 10,

2020 issued in relation to mutual contiguity of land plots proposed for the

university;

(c) "Evaluation Committee" means the evaluation committee constituted

under sub section (1) of section 5 of the Act;

(d) "Government" means the State Government of Uttar Pradesh;

(e) "Land" means the land required for the establishment of a University

under section 3 of the Act;

(f) "Letter of Intent" means the letter of intent issued under sub section

(1) of section 6 of the Act;

(g) "Permanent Endowment Fund" means 'the permanent endowment

fund of Rs. 5.00 Crores' under sub section (a) of section 3 of the Act;

(h) "Proposal" means the proposal presented for establishment of new

university under section 4 of the Act;

(i) "Urban Area" and "Rural Area" means the area as mentioned in rule 4

of these rules.

Ownership of

Land

3. If the land proposed by the sponsoring body for the establishment of a private university is in rural area, it must be duly recorded in the name of the sponsoring body in the Khatauni, and if it is in urban area then it must be allotted/executed in the name of the sponsoring body by the authority/local body. Possession certificate must also be issued by the authority/local body in favour of the concerned sponsoring body. The ownership and possession of the land must be undisputed.

According to explanation in the Act, in clause (b) of section 3, the land in the name of a college or educational institution established by the sponsoring body shall also be deemed to be duly possessed by a sponsoring body for the purpose of establishing a University under this Act.

Urban Area and Rural Area

4. (1) (a) For the establishment of university in the urban area, holding of minimum 20 acres of contiguous land in the urban area as per section 3 of the act shall be mandatory. As per notification no.76/Sattar-1-2020-20(1)-2019 TC-2, dated January 25, 2020, 'Urban Area' means the area of a Municipal Corporation, a Municipal Council, a Nagar Panchayat and a Metropolitan Area notified by Urban544 RPH 2022 data 4e makep data 6 40 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 Development Department, a Development Authority, Area of a Housing Board, a Special Area Development Authority, a Viniyamit Kshetra notified by Housing and Urban Planning Department or an Industrial Development Authority notified by Industrial Development Department.``

(b) For the establishment of university in the rural areas, holding of minimum 50 acres of contiguous land shall be mandatory.

(2) The standards for setting up off-campus center will be as follows:-

(a) The standard of land for the college is 10 thousand square meters in rural areas and 5000 square meters in urban areas.

(b) For engineering and technical institute, the standard of land is 7.5 acres in rural areas and 2.5 acres in urban areas.

(c) The standard of 30 hectares of land has been prescribed for agricultural educational institutions in the plain areas.

(d) The standard of 10 acres of land is fixed for medical education institutions.

In relation to the standards, amendments and additions made from time to time by the concerned departments/regulatory bodies etc. will be applicable.

(3) Permission obtained by the sponsoring body from the appropriate authority of the State Government for holding of more than 12.5 acres of land shall be attached with the application form. If permission has not been obtained in this regard, then details of action taken under Revenue Department's mandate number-11/2021/928/A-1-2021-R0- 1, dated October 26, 2021 will be presented.

5. For establishment of a private university or off-campus centre, all the plots Contiguity of Land

of the proposed land shall be contiguous/adjacent to each other;

OR As per Notification no. 2047 / Sattar - 1 - 2020 - 20(1) - 2019 TC - II, dated November 10, 2020 for any private university if the proposed land is divided by any public road, State/National Highway, Public link way, chak road of any village, any rivulet, irrigation water channel or other public land, then the said land will be treated as contiguous shall be subject to the following conditions:-

(a) The buildings for university or off–campus centre shall be constructed ensuring that they do not cause any obstruction in the public road or public land and at the same time there shall be no violation of laws/bye-laws made by regulatory bodies of such roads which are in force for time being;

(b) The distance between two parts of the campus along the sides of public road/public land shall not be more than 500 meters and there shall not be any private land in between the two parts of the campus;

(c) In case the land is divided by a drain, sponsoring body shall construct the building and develop the campus so as to ensure that there is no obstruction to the natural flow of the drain. The sponsoring body may develop green belt or construct boundary wall on its land along both the sides of the drain (naala);

(d) The road/passage, gool, drain, etc. confined to the land of sponsoring body shall get exchanged under the procedure laid down by Department of Revenue, Government of Uttar Pradesh vide Government order no.33/745/Ek- 1-2016-20(5)-2016, dated June 3, 2016 and other directions issued in reference of the case;

Till the time the exchange of public road/public land is executed, the road, chak road, drain and other public property shall be kept open by the sponsoring body for public utilization and shall not be closed by construction of building or development of campus and the sponsoring agency shall preserve it by appropriate landscaping or green belt;

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 41

(e) The road/passage, gool, drain, etc. passing through the land of sponsoring body shall be settled under the procedure laid down by the Department of Revenue, Government of Uttar Pradesh vide Government order no.33/745/Ek-1-2016-20(5)-2016, dated June 3, 2016 and other directions issued in reference of the case.

Till the exchange of the public road/public land is executed, the road, chak road, drain and other public property shall be kept open for public utilization by the sponsoring body as mentioned in para (d) above;

(f) If the public land lying in the middle of the land of sponsoring body is non-exchangeable, i.e, it cannot be exchanged as per the existing government rules, then it shall forever be kept open for public utilization by the sponsoring body, and the sponsoring body may construct boundary wall around such land under its title. Further, the area of such public land shall not be counted towards the land for the university or off-campus centre:

Provided that the proposal for university shall be considered for grant of the Letter of Intent and subsequently when the other conditions are fulfilled by the sponsoring body, the name of the university shall be considered for inclusion in the Schedule mentioned in the Act with the condition that within two years of the date of issue of the Letter of Intent, the sponsoring body shall ensure exchange of public land and inform the Department of Revenue through Department of Higher Education. In case the exchange is not executed by sponsoring body within the prescribed time, the Department of Higher Education in consultation with the Department of Law, shall strike off the name of the university from the Schedule of the Act.

Verification of Holding of the land as per norms 6. The officer (not below the rank of Sub-Divisional Officer) nominated by the concerned District Magistrate in the Evaluation Committee, shall personally give his comments in the inspection report regarding ownership of the land, continuity of the plots, details of Government land included in the proposed land, permission regarding the purchase of more than 12.50 acres of land by the appropriate authority and shall also furnish the relevant document (s).

Financial Viability 7. (a) Financial position of the sponsoring body shall be assessed by the Chartered Accountant on the basis of audited balance sheet, income and expenditure account for the last three years in regard to the total income and savings along with the loans taken by the sponsoring body and its usage and comments shall be given by him regarding financial viability for the operation of the university or off-campus centre. Finance Officer, included as the member of Evaluation Committee shall be responsible for the assessment of financial strength of the sponsoring body.

(b) With regard to the financial strength of the sponsoring body, the project report will be provided with the its Chartered Accountant's report/details on the following points:-

I Asset Liability Ratio For last 3 years i.e Ratio of Total Assets and Total Liabilities.
II Networth as at end of last 3 financial years i.e Total Assets minus (-) Total liabilities as at the end of three financial years and the trend of last 3 years. Networth should be Positive.
III Debt Equity ratio For last 3 Years
IV Comment on Financial viability of the sponsoring body as on date, regarding establishment and operation of the private university
I. The details regarding the sponsoring body that the total assets of the sponsoring body are more than its total liabilities, the net worth is positive, the loan is being repaid regularly and during the last three years, the Debt-Equity ratio has been continuously decreasing.
II Details of how much expenditure will be required by the sponsoring body in the next three years and from what sources it will be met.
III Year wise details of income-expenditure and surplus should be given – for the last three years and the next three years.
IV Latest financial viability of sponsoring body for establishment and operation of private university.
544 RPH 2022 data 4e makep data 6 42 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

(d) The evaluation/inspection committee will examine this point in the context of the sponsoring body's Assets Liabilities ratio of the previous 03 years, and provide a clear opinion whether the sponsoring body is financially viable for the establishment and operation of the proposed private university or not. In order for the sponsoring body to be financially viable it is necessary that the total Assets should be more than the total Liabilities and its Networth must be positive, regular payment of installments should be made by the sponsoring body in relation to the loan taken from the bank or financial institutions. It will also be seen that the amount of loan sanctioned is decreasing progressively. In this regard, confirmation letter from the concerned bank will be obtained by the sponsoring body in this regard and will be presented.

The comments of the Chartered Accountant of the institution regarding the financial strength of the sponsoring body will be obtained by the evaluation / inspection committee and after due study of the annual accounts of the sponsoring body for 3 years, giving information on the points of rule 7 (b) and 7 (c), the financial viability of the sponsoring body, the report and clear recommendation of the evaluation/inspection committee regarding financial viability will be made available

Application process

8. The application form for University or Off-campus centre will be submitted in the form as given in Appendix-2. The government will endeavor to develop a methodology for making applications online in a time bound manner. Application form with detailed project report and proposal for establishment of private university or off-campus center as well as demand draft of application fee as fixed by the State Government from time to time and payable in favour of Additional Secretary, Uttar Pradesh State Council of Higher Education, Lucknow. The application will be submitted by the sponsoring body within fifteen days from the date of online application.

The application money received along with the application form will be deposited in the bank account of Uttar Pradesh State Council of Higher Education and its full details will be recorded in a separate book. The expenditure of this amount received along with the applications will be done with the prior approval of the government.

9. Sponsoring body shall apply on the format as prescribed in Appendix-2 wherein the following information shall be presented enclosing therewith the following documents:-

Information required along with the Application letter

A. In case the land is situated in the rural area :-

1. Name of village/villages…………. Tehsil………….

Number of plots included ……………..

2. Proposed area………….

3. The Certificate issued by the Sub Divisional Officer regarding undisputed ownership

4. The ownership of proposed plots as per certified copy of the Khatauni.

5. The status of contiguity of all proposed plots as per certificate issued by the Sub Divisional Officer.

6. The status of enclosing revenue map certified by the Sub Divisional Officer marking the proposed land544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 43 (in case of the proposed land is in more than one villages, separate maps of all

villages and one joint revenue map shall be enclosed)

7. The detail of width of link road connecting the proposed site with the main

road.

8. The detail of Government land situated in the middle of the proposed land,

shall be submitted as under:-

(1) Marked in the revenue map certified by Sub Divisional Officer, they shall be presented in green colour if they are exchangeable and in red colour if non-exchangeable.

(2) The detail of Government/public utility land shall also be presented in

Serial no. Plot no. Area Nature Comment – Exchangeable or Non- exchangeable
1 2 3 4 5

(3) The detail and up-to-date status of case/application letter presented by

sponsoring body for exchange of Government/public utility land.

9. Detailed Project Report as per Sections 3 and 4 of the Act.

B. In case the proposed land is allotted by the Land Development

Authority or Industrial Development Authority :-

In this situation, following documents shall be enclosed –

(1) The date and number of notification of the concerned urban body and its

copy .

(2) The allotment letter issued in the name of the sponsoring body . (3) The sale deed/lease deed executed by the Authority. (4) Possession certificate. (5) The (up-to-date) No Objection Certificate of the Authority for the establishment and operation of the private university or off-campus center on the proposed land.

(6) Certificate for contiguity of the plots of the proposed land. (7) Sanction of the Authority on the proposed building construction map. In case the building is already constructed on the proposed land, then No Objection of the Authority for the operation of the university or off-campus center on that building.

(8) Detailed Project Report as per Sections 3 and 4 of the Act.

C. In case the proposed land is in the urban area but has not been allotted

by any Authority :-

Certified copies of the following documents shall be enclosed:-

(1) In case the proposed land is covered by the definition of urban area as given in rule 4(1)(a) and is not allotted by any Authority, then a copy of notification of concerned urban body/development authority etc. certified by its competent officer in which information regarding inclusion of the proposed land in urban area is clearly mentioned.

(2) Certified copy of the order of urban body regarding ownership. (3) Certificate of mutual contiguity of all plots/total area of land owned by the sponsoring body, issued by an officer not below the rank of Deputy Collector.

(4) The revenue map certified by the Sub Divisional Officer/ competent officer of the urban body, in which the land proposed by the sponsoring body has been marked clearly in yellow colour.

(5) Building map sanctioned by development authority/urban body.

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 44 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

(6) No Objection Certificate of development authority/ urban body for establishment and operation of private university or off-campus center on the proposed land. (7) Detailed Project Report as per sections 3 and 4 of the Act.

Availability of building and Contruction of buiding as per norms

10. (a) Building on the proposed land shall be constructed by the sponsoring body only after having the map sanctioned by the concerned metropolitan area, municipal council, municipal corporation and Nagar Panchayat, development authority, Housing and Development Council, special area development authority, regulated sector and the area of industrial development authority.

(b) In case a building is already constructed on the proposed land, then no- objection shall be obtained from the concerned metropolitan area, municipal council, municipal corporation and Nagar Panchayat, development authority, Housing and Development Council, special area development authority, regulated sector and the area of industrial development authority with regard to the use of the pre constructed building for operation of the private university or off-campus centre and the same shall be made available along with the application.

(c) It shall also be verified by the member nominated by the District Magistrate in the Evaluation and Inspection Committee that the construction of the proposed building is not on the Government land, the building is constructed on the proposed plots and no building is constructed on the plot other than the proposed land. Building construction on the plots/ allotted plots of the proposed land shall be projected/ marked on the map and shall be certified.

Regarding loan against the land/ land mortgage

11. In case a loan has been taken earlier by the sponsoring body against the proposed land from a bank or financial institution, against which the proposed land has been mortgaged, then an affidavit shall be furnished by the sponsoring body on the format as given in Appendix-6, giving the undertaking that such loan availed by the sponsoring body shall not in any way be used for the purposes other than the establishment of the university or off-campus center, the already constructed buildings and properties and colleges shall be part of the proposed private university or off- campus center. Besides this, 'no-objection' of the loan provider institution for the establishment of private university or Off-campus centre shall be made available by the sponsoring body with the commitment that the payment of installments of loan shall be made regularly.

After that, in future, the aforesaid land proposed for the establishment of the university or off-campus centre shall not be mortgaged by the sponsoring body to any individual other than a bank or financial institution for any purpose other than that of availing loan for the purpose of establishing the proposed university or off-campus center under the law existing at the time. The charge of the bank/loan-provider on the mortgaged property shall not be affected and this charge shall be registered in the name of newly established university or off-campus center by the concerned authority, just after getting the status of the university.

In future, loan shall be availed against this land only and the information of loan to be availed in future shall be made available to the Government in time.

A copy of the aforesaid affidavit shall be made available by the sponsoring body to the lending bank/financial institution and its information shall be submitted to the State. It shall be declared by the sponsoring body in the affidavit that it shall be binding to implement all sections of and the conditions mentioned in the Act and on any information found to be untrue, proceedings shall be made against the said private university and sponsoring body as per law.

Inspection for evaluation

12. Under section 5 of the Act, proposal shall be evaluated by the constituted evaluation committee and at the time of inspection, report shall be presented after examining the following points:-

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(1) A clear note on the financial strength of the sponsoring body with respect to the total income, expenditure and savings as well as the loans and their utilization in terms of rule 7 shall be made for the operation of the university or off-campus centre. Based on the audited balance sheet of the sponsoring body for the last three years, a clear comment on the financial capability of the sponsoring body will be made for the running of the university.

(2) The report on all important issues relating to the land including ownership of the land, contiguity of the plots, detail of Government land included in the proposed land, permission of the appropriate authority in relation to purchase of more than 12.50 acres of land shall be clearly presented personally by the officer nominated by the concerned District Magistrate and all related documents shall be made available.

(3) Clear report shall be submitted by the Committee as to whether sponsoring body fulfills the terms and conditions defined under the Act especially those under sections 3 of the Act or when will the same be done by the sponsoring body.

(4) Signature, name and designation of every member of the Committee with date shall be marked on inspection report of the proposed university or off-campus centre and also on all its annexures.

(5) Clear recommendation in relation to financial strength and details regarding colleges/institutions running on the land proposed for the university or off-campus centre and action plan with respect to them shall be made available by the Registrar, Finance officer and Vice-Chancellor included in the evaluation committee.

(6) Report by the Evaluation Committee shall be made available on the

format prescribed under Appendix – 3.

13. Land ownership of the proposed land, area, status of the land being in

urban area (if the proposed university is proposed in urban area under notification dated

Points to consider for issuance of Letter of Intent 25.01.2020), in view of the notification dated 10.11.2021, contiguity of the land, the

status of the land being mortgage-free, the NOC of the concerned authority/local body,

the permission of the competent authority regarding the holding of the land and

evaluation/recommendation in relation to the financial viability of the sponsoring body,

in evaluation Committee report.

Issuance of Letter of Intent

14. For establishment of university or off-campus centre in the private sector, after evaluation of the proposal by the Evaluation Committee, for making the recommendation regarding Issuance of the Letter of Intent the same shall be presented before the following high level Committee:-

1. Chief Secretary, State of Uttar Pradesh Chairman
2. Additional Chief Secretary/ Principal Secretary, Finance and Institutional Finance Department, State of Uttar Pradesh Member
3. Additional Chief Secretary/Principal Secretary, Revenue Department, State of Uttar Pradesh Member
4. Principal Secretary, Law Department, State of Uttar Pradesh Member
5. Additional Chief Secretary/Principal Secretary, Housing and Urban Planning Department, State of Uttar Pradesh Member
6. Additional Chief Secretary/ Principal Secretary, Urban Development Department, State of Uttar Pradesh Member
7. Additional Chief Secretary/Principal Secretary, Infrastructure and Industrial Development Department, State of Uttar Pradesh Member
8. Additional Chief Secretary/ Principal Secretary, Higher Education Department, State of Uttar Pradesh Member
9. Special Secretary, Higher Education Department, State of Uttar Pradesh Member Secretary
544 RPH 2022 data 4e makep data 6 46 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022

The department will present its opinion and recommendation on the following points before the said high level committee:-

(1) Confirmation of the ownership of the proposed land (2) The condition of the land being in the urban area/rural area (3) Status of contiguity of land (4) Status of Government land in the proposed land (5) Status of regularization of land held more than 12.50 acres (6) Verification of the financial viability of the sponsoring entity (7) Status of connectivity of the proposed land to the main road (8) The condition of the land being free from mortgage (9) No Objection of Authority After recommendation of the above high level Committee, approval of the Cabinet shall be obtained for issuance of Letter of Intent to the sponsoring body and thereafter Letter of Intent will be issued as per the format given under Appendix – 4.

Submission of compliance report

15. Affidavit, as prescribed in Appendix– 5, on a stamp paper of Rs. 100/- elaborating fulfillment of conditions mentioned in the Letter of Intent shall be presented by the sponsoring body within a period of two years from the date of issuance of Letter of Intent as determined under sub-section (2) of section 6 of the Act.

16. (1) The permission of the University Grants Commission will be obtained by the sponsoring body on the basis of the Letter of Intent issued by the State Government and will be presented to the State Government.

Permission of University Grants Commission to be obtained for establishing off- campus centre / centres.

(2) Within one month after the Letter of Intent under section 7(a) of the Act is issued, the sponsoring body will apply for permission to the University Grants Commission and if the decision of the University Grants Commission is not received within one year from the date of application, it will be deemed that the Letter of Intent. The University Grants Commission has no objection in relation to this and accordingly, assuming that the permission of the University Grants Commission is there, the decision will be taken by the State Government regarding the establishment of off- campus centre.

(3) According to the Letter of Intent, all the infrastructure facilities will be created for the operation of the off-campus centre and the required no-objection certificates or approvals, if any, will be obtained from the Central/State Government or Central/State regulatory bodies for conducting the courses mentioned in the permission and after providing all the details related to the State Government, information about the operation of the off-campus centre will be presented to the State Government.

(4) After receiving the report of the sponsoring body under sub-rule (3), if the State Government is satisfied that the establishment of the off-campus centre is justified, then it may allow to operate the off-campus centre by name and place as per the permission.

Inspection for permission of operation

17. On receipt of the compliance report from the sponsoring body within the period of two years, the statements and documents presented in the affidavit shall be verified by Government following due procedure and for the purposes of verification at site, an inspection and verification committee shall be constituted. The compostion of the Inspection and Verification Committee will be as follows:-

1. A Vice-Chancellor of a State University established under the Uttar Pradesh State Universities Act, 1973.

2. An officer not below the rank of Joint Secretary, Government of Uttar Pradesh. 3. An officer not below the rank of Joint Director of Finance and Accounts Services of the Government of Uttar Pradesh.

4. An officer not below the rank of a Pargana Magistrate, nominated by the District Magistrate of the district concerned.

544 RPH 2022 data 4e makep data 6 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2022 47

5. A Registrar of a University established under the Uttar Pradesh State Universities

Act, 1973, to be nominated by the State Government.

18. The Inspection and Verification Committee, while verifying the compliance report as indicated in the affidavit, shall present report on the format prescribed under Appendix-7 on the following points:-

Verification of compliance report of by the Inspection and Verification Committee

1. Ownership of the proposed land. 2. Contiguity of the proposed land. 3. In relation to the purchase of land more than 12.5 acres, the permission granted by the competent authority or the action taken by the sponsoring body under the Revenue Department's mandate number-11/2021/928/A-1-2021-R0-1, dated October 26, 2021.

4. No objection of metropolitan area, municipal council, municipal corporation and Nagar Panchayat, development authority, Housing and Development Council, special area development authority, regulated sector and the area of industrial development authority for establishment of proposed university or off-campus centre, in case of proposed land being situated in the urban area.

5. Status of building of proposed university or off-campus centre, proof of

construction of building on the plots of the proposed land.

6. Details of no-objection of metropolitan area, municipal council, municipal corporation and Nagar Panchayat, development authority, Housing and Development Council, Special area development authority, regulated sector and the area of industrial development authority in relation to use of already existing pre-constructed building for the purpose of private university or off-campus centre.

7. Status of loan availed by the sponsoring body against the proposed land and

comment on the sponsoring body's affidavit in this regard.

8. Financial strength of sponsoring body for operation of proposed university or off-

campus centre, in this context and financial viability of the project.

9. Status of educational and other institutions existing earlier on the proposed land.

Authority letter for operation

19. If the State Government is satisfied in the event of the Letter of Intent and the conditions mentioned in the Act being complied with by the sponsoring body, then the department will set up a private university by marking clear intention and recommendation on the points mentioned in the above paragraph 17 and the said approval will be obtained by submitting a proposal to the cabinet for adding the name of the private university, to the schedule of the Act or for the operation of the off- campus centre, and the authorization letter for operation will be issued in the format given in Appendix-8.

Cancellation

20. In case the affidavit relating to compliance report is not submitted by the sponsoring body within two years from the date of issuance of Letter of Intent issued under sub-section (2) of section 6 of the Act, the Letter of Intent shall be deemed to have been cancelled.

By order,

MONIKA S. GARG,

Apar Mukhya Sachiv.

पी0एस0यू0पी0-ए0पी0 544 राजपत्र-2022-(1205)-599 प्रतियां-(कम्प्यूटर/टी0/ऑफसेट)। पी0एस0यू0पी0-ए0पी0 5 सा0 उच्च शिक्षा-2022-(1206)-500 प्रतियां-(कम्प्यूटर/टी0/ऑफसेट)।544 RPH 2022 data 4e makep data 6

Cite this issue. Uttar Pradesh Extraordinary Gazette, Government of Uttar Pradesh, 04 January 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarpradesh_extraordinary.2021-01-04.c_202211021635037263/. Archive identifier in.gazette.uttarpradesh_extraordinary.2021-01-04.c_202211021635037263.