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Uttar Pradesh Extraordinary Gazette · Government of Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की वर्ष 2021-22 की कार्य-योजना

Published 22 September 2021

Department
Urban Development Department
Type
Extraordinary
Notification no.
1034/नौ-9-2021-45 ज-17 टी0सी0
Subdepartment
Anubhag-9
Identifier
in.gazette.uttarpradesh_extraordinary.2021-09-22.c_202301211510373679
Languages
English, Hindi
Published at
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क्रम-संख्या-185 रजिस्ट्रेशन नम्बर-एस॰एस॰पी॰/एल॰- डब्लू०/एन॰पी॰-91/2014-16 लाइसेन्स टू पोस्ट ऐट कन्सेशनल रेट — (परिनियत आदेश) नगर विकास अनुभाग-9 संख्या 1034/नौ–9-2021-45 ज-17 टी0सी0 लखनऊ, 22 सितम्बर, 2021 ------ अधिसूचना भारत के 13वें वित्त आयोग द्वारा निर्देशित सुधारों के दृष्टिगत उ0प्र0 सरकार द्वारा प्रदेश की नगरीय निकायों में वस्तुनिष्ठ, वैज्ञानिक और पारदर्शी पद्धति से सम्पत्तियों के मूल्यांकन एवं कर निर्धारण तथा निकायों में वित्तीय संसाधन के सृजन और विकास में प्रभावी परामर्श और संस्तुतियां देने के उद्‌देश्य से उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड अधिनियम, 2011 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 11 सन्‌ 2011) लागू किया गया और उसकी धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन अधिसूचना संख्या 649/नौ-9-2011, दिनांक 30 मार्च, 2011 द्वारा उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड की स्थापना की गई। उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग द्वारा उक्त अधिनियम के अधीन उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड (प्रक्रिया का विनियमन एवं इसके कृत्यों का निष्पादन) नियमावली, दिनांक 17 अगस्त, 2016 को प्रख्यापित की गयी है। 2-उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड अधिनियम, 2011 की धारा 10 के खण्ड (झ) और नियमावली, 2016 के नियम 19 के उपनियम (2) में बोर्ड की वार्षिक कार्य-योजना तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करने और सरकारी गजट में प्रकाशित करने के प्राविधानों के अधीन बोर्ड की वर्ष 2021-22 की कार्य-योजना निम्नवत्‌ हैः- (1) प्रदेश के 05 नगर निगमों, 20 नगर पालिका परिषदों और 50 नगर पंचायतों की वित्तीय क्षमता का आकलन और विगत तीन वर्षों की वित्तीय उपलब्धियों की तुलनात्मक समीक्षा और अध्ययन किया जायेगा। इन नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों का चिन्हांकन उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड द्वारा किया जायेगा। (2) नगरीय निकायों मे ं विद्यमान राजस्व मदों मे ं अभिवृद्धि, राजस्व स्रोतों के इष्टतम दोहन और आय के नये संसाधनों के सृजन के प्रयासों पर कृत कार्यवाही की समीक्षा की जायेगी। 322 RPH 2021 (Nagar Vikas Anubhag-9) data 4e
2 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 22 सितम्बर, 2021

(3) राज्य में नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों की सभी सम्पत्तियों को प्रगणित कराने और डाटाबेस तैयार करने की दिशा में अपेक्षित अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

(4) नगरीय निकायों में सम्पत्ति कर, जल कर, और अन्य राजस्व संसाधन प्रणाली की समीक्षा करने तथा इस दिशा में सम्बन्धित नगरीय निकायों तथा राजस्व अधिकारियों को संवेदनशील बनाने के लिए उत्तर प्रदेश नगरपालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट मण्डलों और जनपदों में नगर पालिकाओं के वित्तीय संसाधनों के संबंध में कार्यशालाएँ और बैठकें आयोजित की जाएगी। इनमें नगरीय निकायों में सम्पत्तियों के मूल्यांकन और वार्षिक मूल्य के निर्धारण में पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ और प्रभावी प्रक्रिया पर प्रकाश डाला जायेगा, स्वकर निर्धारण को जनप्रिय बनाने के उपायों पर विशेषज्ञतापरक विचार विनिमय किया जायेगा, कराच्छादन में वृद्धि और तत्सम्बन्धी विधियों और नियमों पर व्यापक प्रकाश डाला जाएगा। निकायों के अधिकारियों को इस संबंध में समुचित रूप से प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रयोक्ता प्रभारों, लाइसेंस शुल्क और अन्य करेतर मदों में शुल्क के अधिरोपण और उनके सापेक्ष सेवाओं/सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नगरीय निकायों को जागरूक और दक्ष बनाने का प्रयास किया जायेगा। ये कार्य कोविड-19 का प्रकोप समाप्त होने की स्थिति में ही सम्पन्न हो सकेंगे। (5) नगरीय निकायों में सम्पत्ति कर के निर्धारण के दृष्टिगत निकाय सीमान्तर्गत अवस्थित विभिन्न श्रेणी की सम्पत्तियों के मूल्यांकन, मासिक किराया दर निर्धारण और वार्षिक मूल्य की गणना के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अभिकल्पित किए जाने की कार्यवाही की जायेगी। नगरीय निकायों में कर निर्धारण के निमित्त किए गए मूल्यांकनों और वार्षिक मूल्य के यदाकदा (random) सत्यापन और जाँच की भी कार्यवाही की जायेगी।

(6) विभिन्न नगरीय निकायों के क्षेेत्रान्तर्गत आने वाली केन्द्र सरकार के भवनों से सेवा प्रभार लिए जाने की स्थिति सम्बन्धी आँकड़ों का संकलन कर इस संबंध में बोर्ड द्वारा नगरीय निकायों को उपलब्ध कराई गई पुस्तिका के सन्दर्भ में नगरीय निकायों द्वारा कृत कार्यवाही और सेवा प्रभार के संग्रह की प्रगति की समीक्षा की जायेगी।

(7) नवगठित और उच्चीकृत नगरीय निकायों में उपलब्ध वित्तीय संसाधन तथा राजस्व स्रोतों के चिन्हांकन और सृजन निकाय क्षेत्र में अवस्थित सम्पत्तियों का मूल्यांकन और कर निर्धारण तथा प्रयोक्ता प्रभारों आदि की दिशा में निकाय के अधिकारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित और जागरूक करने की दिशा में कार्यवाही की जायेगी। (8) राज्य सरकार की अधिसूचना में विनिर्दिष्ट जिन 42 नगरीय निकायों में गृह कर अधिरोपण हेतु भवनों का मूल्यांकन और कराच्छादन सुनिश्चित किया गया है, उनके कर सम्बन्धी लेखों, अभिलेखों और कराच्छादन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

(9) राज्य सरकार की अधिसूचना द्वारा राज्य की जिन नगरीय निकायों में सम्पत्तियों के मूल्यांकन के लिए विनिर्दिष्ट किया जाएगा, उनकी सीमान्तर्गत स्थित विभिन्न प्रकार की सम्पत्तियों का मूल्यांकन सुनिश्चित कर कराधिरोपण की कार्यवाही कराई जायेगी। सम्पत्तियों के मूल्यांकन कराधान और करों के संग्रह की प्रक्रिया और रीति तथा तत्सम्बन्धी अभिलेखों के रख-रखाव और डिजिटाइजेशन से वहाँ के कर्मचारियों/अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

(10) सम्पत्ति कर के विवादों को न्याय निर्णीत करने की प्रक्रिया और विनियमन के लिए उत्तर प्रदेश नगरपालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड अधिनियम, 2011 की धारा 37 के अधीन अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने के लिए यथावश्यक विनियम को अन्तिम रूप प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी।

(11) प्रदेश में नगरीय निकायों के वित्तीय संसाधनों के सृजन और विकास, कर एवं करेतर स्रोतों विशेषकर सम्पत्ति कर, प्रयोक्ता प्रभारों और शुल्कों के अधिरोपण, देयों की संग्रह प्रणाली आदि को सरल, सहज, पारदर्शी और जनानुकूल बनाने के उद्देश्य से उनका अध्ययन कर संस्तुतियाँ देने और उपयुक्त आधार सुझाने के दृष्टिकोण से देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर वहाँ की नगरीय निकायों का अध्ययन किया जायेगा और अभिनव प्रयोगों के दृष्टिगत हितकारी संस्तुतियाँ प्रस्तुत की जायेगी।

(12) राज्य सरकार द्वारा भवनों/सम्पत्तियों के मूल्यांकन हेतु जिन नगरीय निकायों को विनिर्दिष्ट किया जायेगा, उनकी सीमा में स्थित भवनों/सम्पत्तियों का मूल्यांकन कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।

(13) नगरीय निकायों के कृत्यों के निष्पादन, कराच्छादन, अवस्थापना सुविधाओं के प्रबन्धन और सम्पत्तियों के चिन्हांकन आदि में भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी0आई0एस0) की उपयोगिता से नगरीय निकायों के कार्मिकों को अवगत कराने के उद्देश्य से 'नगरीय निकायों में भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग' पुस्तिका का प्रकाशन कराया गया है। नगरीय निकायों में उपर्युक्त उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में कृत कार्यवाही और तत्सम्बन्धी अभिलेखों के रख-रखाव के साथ वित्तीय संसाधनों के सृजन में निकाय किस स्तर तक पहुँच सका है, इसका अनुश्रवण किया जायेगा।322 RPH 2021 (Nagar Vikas Anubhag-9) data 4e उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 22 सितम्बर, 2021 3 (14) नगरीय निकायों की वित्तीय क्षमता संवर्धन के उपायों के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों/विशेषज्ञ संस्थाओं की सेवायें प्राप्त की जा सकेंगी।

(15) प्रदेश के नगरीय निकायों के अधिकारियों को नगरीय निकायों में वित्तीय संसाधनों के विकास, वित्तीय प्रबन्धन, क्षमता संवर्धन, कराच्छादन, करेतर मदों और तत्सम्बन्धी अन्यान्य विषयों के संबंध में नगरीय निकाय निदेशालय तथा नगरीय शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के साथ संयुक्त रूप से प्रशिक्षित और दक्ष किया जायेगा। विभिन्न प्रकार और कालावधि में प्रशिक्षण देने के लिए बोर्ड द्वारा तैयार किए गए माड्‌यूल के आधार पर समय-समय पर अध्ययन सामग्री तैयार कराई जायेगी।

(16) राज्य सरकार द्वारा अपेक्षा करने अथवा नगरीय निकाय द्वारा अनुरोध किए जाने पर यथापेक्षित प्रयोक्ता प्रभारों, वित्तीय संसाधनों के सृजन, कराधिरोपण के निमित्त सम्पत्तियों के चिन्हांकन और मूल्यांकन, क्षेत्र आधारित किराया मूल्य के निर्धारण, स्व कर निर्धारण प्रणाली के क्रियान्वयन, वित्तीय संसाधनों से सम्बन्धित उपविधियों के गठन, देयों के भुगतान के सरलीकरण और अभिलेखों के डिजीटलाइजेशन आदि के संबंध में सम्यक्‌ अध्ययनोपरान्त विशेषज्ञतापरक परामर्श दिये जायेंगे।

(17) नगरीय निकायों द्वारा निर्मित दूकानों/भवनों/भू-खण्डों के निस्तारण अथवा किराये पर उठाये जाने के विषय में समुचित दिशा निर्देश के अभाव में नगरीय निकायों को इससे समुचित वित्तीय लाभ नहीं मिल पाता। इसके लिये प्रदेश के विभिन्न अभिकरणों और संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही नीतियों और प्रावधानों का अध्ययन कर इस संबंध में नीति बनाये जाने का कार्य किया जाएगा जिसमें नव-निर्मित सम्पत्तियों के साथ-साथ पूर्व से विद्यमान सम्पत्तियों और अलाभकारी सम्पत्तियों को भी सम्मिलित किया जाएगा।

(18) प्रदेश की नगरीय निकायों में नगरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास और मरम्मत में बड़ी धनराशि व्यय की जाती है। नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में इस कार्य को समुचित मानक और गुणवत्ता के अनुरूप सम्पन्न कराने में तकनीकी स्टाफ की कमी होने के कारण प्रायः गैरतकनीकी स्टाफ द्वारा ही पर्यवेक्षण का कार्य किया जाता है। ऐसे कार्मिकों को कार्य के विषय में तकनीकी जानकारी रहने पर वे उनका उपयोग कर सकेंगे। परिणामस्वरूप कार्यों में गुणवत्ता आयेगी और धन के अपव्यय पर नियन्त्रण रखा जा सकेगा। इसी को दृष्टिगत रखते हुए सिविल निर्माण के संबंध में सरल भाषा में सामान्य जानकारी देने के लिए पुस्तिका का प्रकाशन किया जाएगा।

(19) अन्य ऐसे प्रावधानित कृत्यों को निष्पादित किया जायेगा या ऐसे संगत विषयों पर परामर्श, संस्तुति, अभिमत या टिप्पणी प्रस्तुत की जायेगी जैसा कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बोर्ड से अपेक्षा की जायेगी अथवा प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा अनुरोध किया जायेगा।

(20) अन्य ऐसे कृत्यों को निष्पादित किया जायेगा जैसा समय-समय पर उत्तर प्रदेश नगरपालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड द्वारा अपने गठन के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु आवश्यक समझा जाय।

आज्ञा से, अनिल कुमार-III, सचिव।

पी0एस0यू0पी0-ए0पी0 322 राजपत्र-2021-(684)-599 प्रतियां-(कम्प्यूटर/टी0/ऑफसेट)। पी0एस0यू0पी0-ए0पी0 1 सा0 नगर विकास-2021-(685)-100 प्रतियां-(कम्प्यूटर/टी0/ऑफसेट)।322 RPH 2021 (Nagar Vikas Anubhag-9) data 4e

Cite this issue. Uttar Pradesh Extraordinary Gazette, Government of Uttar Pradesh, 22 September 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarpradesh_extraordinary.2021-09-22.c_202301211510373679/. Archive identifier in.gazette.uttarpradesh_extraordinary.2021-09-22.c_202301211510373679.