क्रम-संख्या-205
रजिस्ट्रेशन नम्बर–एस0एस0पी0/एल0.
डब्लू/एन0पी0-91/2014-16
लाइसेन्स टू पोस्ट ऐट कन्सेशनल रेट
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(परिनियत आदेश)
कार्तिक 1, 1943 शक सम्वत्
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संख्या 2232/77-3-21-42(एम)-2020
लखनऊ, 23 अक्टूबर, 2021
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अधिसूचना
चूंकि प्रारम्भिक अधिसूचना संख्या 222/77-3-21-42(एम)-2020, लखनऊ दिनांक 20 जनवरी, 2021 जिला गौतमबुद्धनगर, तहसील दादरी, परगना दादरी स्थित ग्राम कटेहरा में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक प्रयोजन अर्थात् ''दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर (मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं इन्टीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब)'' परियोजना के लिए 4.2047 हेक्टेयर भूमि अर्जित करने के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (अधिनियम संख्या 30 सन् 2013)(जिसे आगे ''उक्त अधिनियम'' कहा गया है) की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन जारी की गई थी और अंततः दिनांक 23 जनवरी, 2021 को प्रकाशित की गयी थी। डिप्टी कलेक्टर, दादरी, जिला गौतमबुद्धनगर को परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन के प्रयोजनार्थ से प्रशासक नियुक्त किया गया था। 2-उक्त अधिनियम की धारा 15 की उपधारा (2) के अधीन उपबन्ध के अनुसरण में प्रस्तुत की गई कलेक्टर की रिपोर्ट पर विचार करने के पश्चात् राज्यपाल, उक्त अधिनियम की धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन घोषणा करती हैं कि उनका यह समाधान हो गया है कि अनुसूची ''क'' में उल्लिखित भूमि का क्षेत्रफल, लोक प्रयोजन के लिए आवश्यक है और अनुसूची ''ख'' में उल्लिखित फ्लैट्स जो ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर ओमीक्रोन-1ए में निर्मित बहुमंजिला इमारत में स्थित हैं, को विस्थापित परिवारों के पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन हेतु पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
3-राज्यपाल अग्रतर उक्त अधिनियम की धारा 19 की उपधारा (2) के अधीन जिला गौतमबुद्धनगर के कलेक्टर को इस आशय की घोषणा प्रकाशित के साथ पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन योजना का सारांश प्रकाशित करने के लिए निदेश देती हैं। पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन योजना का सारांश इसके साथ संलग्न है। 2 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 23 अक्टूबर, 2021
अनुसूची-क
(प्रस्तावित अर्जन के अधीन भूमि)
| जिला | तहसील | परगना | ग्राम | भूखण्ड संख्या | अर्जित किये जाने वाले क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| गौतमबुद्धनगर | दादरी | दादरी | कटेहरा | 117 | 0.3310 |
| 147M | 0.3653 | ||||
| 156M | 0.0843 | ||||
| 265M | 1.0132 | ||||
| 268M | 0.3365 | ||||
| 270 | 0.4000 | ||||
| 273M | 0.3090 | ||||
| 274 | 0.3490 | ||||
| 277M | 0.2646 | ||||
| 293M | 0.1265 | ||||
| 294M | 0.1620 | ||||
| 313M | 0.0620 | ||||
| 317 | 0.0290 | ||||
| 318 | 0.1210 | ||||
| 323M | 0.0405 | ||||
| 339M | 0.2108 | ||||
| कुल | 4.2047 हेक्टेयर |
अनुसूची-ख (विस्थापित परिवारों के लिए व्यवस्थापन क्षेत्र के रूप में चिन्हित भूखण्ड/भवन/फ्लैट का विवरण)
| जिला | तहसील | परगना | ग ्राम/सेक्टर | भूखण्ड/भवन/ फ्लैट संख्या | पुनर्वासन हेतु चिन्हित भूखण्ड/भवन/फ्लैट का क्षेत्रफल (वर्गमी0 में) |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| गौतमबुद्धनगर | सदर | सदर | ओमीक्रोन-1ए | 1401/D | 58.18 |
| 1402/D | 58.18 | ||||
| 1403/D | 58.18 | ||||
| 1404/D | 58.18 | ||||
| 1405/D | 58.18 | ||||
| 1406/D | 58.18 | ||||
| 1407/D | 58.18 |
टिप्पणीः- अर्जन के प्रयोजनार्थ उक्त भूमि का स्थल नक्शा कलेक्टर, जिला गौतमबुद्धनगर के कार्यालय में देखा जा सकता है।
आज्ञा से,
अरविन्द कुमार,
अपर मुख्य सचिव। उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 23 अक्टूबर, 2021 3
सारांश (Summary)
जनपद गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर (मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं इन्टीग्रेटेड ट्रान्सपोर्ट हब) परियोजना का जो भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य Smart Cities के रूप में नव औद्योगिक नगरों की स्थापना करना तथा अवस्थापना सैक्टरों का नई प्रोद्योगिकी विकास द्वारा अभिसरण करना है। यह परियोजना भारत के 6 राज्यों, जिनमें उत्तर प्रदेश एक है, में औद्योगिक प्रगति बढ़ाने तथा रोजगार के अवसर उत्पन्न करने हेतु सशक्त सैक्टर निर्माण हेतु प्रारम्भ की गयी है तथा जापान सरकार के सहयोग से संचालित हैं इस योजना में राज्य सरकार का अंश भूमि प्रदान करना है तथा भारत के विनिर्माण और सेवा के आधार का विस्तार करना और इसे वैश्विक विनिर्माण और व्यापारिक केन्द्र के रूप में विकसित करना है। यह परियोजना रेल मंत्रालय भारत सरकार की वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना जो उत्तर प्रदेश के दादरी से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से गुजरते हुए महाराष्ट्र के मुम्बई के समीप जवाहर लाल पत्रण पर जाकर समाप्त होती है, के साथ विकसित की जा रही हैं डीएमआईसी परियोजना को विकसित करने से न केवल वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को हाई स्पीड कैपेसिटी कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत में योजनाबद्ध शहरीकरण के बढ़ने में भी प्रमुख भूमिका निभायेगा। इस परियोजना के निर्माण से नये औद्योगिक शहरों के अलावा अवसंरचनात्मक संलियत संसाधन यथा विद्युत संयंत्र, जल आपूर्ति, परिवहन और संचार तंत्र सुदृढ़ होगा।
अधिनियम, 2013 की धारा 16, 17 एवं नियमावली, 2016 के नियम-24 व 25 तथा अधिनियम, 2013 की दूसरी व तीसरी अनुसूची में वर्णित प्राविधानों तथा स्थलीय सर्वेक्षण के आधार पर पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन योजना का मसौदे का ड्राफ्ट दिनांक 21.08.2021 को तैयार की गयी। भूमि पर स्थित स्थावर संपत्तियों एवं अधिनियम, 2013 की धारा 16, 17 एवं नियमावली, 2016 के नियम-24 व 25 तथा अधिनियम, 2013 की दूसरी व तीसरी अनुसूची में वर्णित प्राविधानों के अन्तर्गत तैयार पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन योजना का मसौदे का ड्राफ्ट पर आपत्ति/सुझाव आमंन्त्रित करने हेतु ड्राफ्ट रिपोर्ट जनसामान्य के अवलोकन हेतु पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन प्रशासक/उपजिलाधिकारी दादरी, तहसील, दादरी के कार्यालय, कलेक्टर/अपर जिलाधिकारी (भू0अ0) के एच-169, चितवन एस्टेट, सैक्टर गामा-2, ग्रेटर नौएडा स्थित कार्यालय तथा संबंधित ग्रामों के लेखपालों को प्रभावित क्षेत्र में उपलब्ध कराने हेतु प्रकाशित की गयी। साथ ही जनपद गौतमबुद्धनगर की वेबसाईट gbnagar.nic.in पर दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर नामक पोर्टल पर अपलोड भी किया गया।
अधिनियम, 2013 की धारा 16 (5) एवं नियमावली 2016 के नियम-24 के उपनियम 6 व 7 के अन्तर्गत पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन योजना का मसौदे के ड्राफ्ट पर प्रभावित क्षेत्र में लोक सुनवाई दिनांक 26-08-2021/31-08-2021 व 27-08-2021 को की गयी, जिसकी सार्वजनिक सूचना प्रभावित क्षेत्रों में प्रचलित दो स्थानीय दैनिक समाचार पत्र "दैनिक जागरण" एवं "अमर उजाला" में दिनांक 24-08-2021 व 29-08-2021 को प्रकाशित कराई गई एवं लाउड स्पीकर के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराया गया।
प्रस्तावित दिल्ली-मुम्बई, इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर (मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं इन्टीग्रेटेड ट्रान्सपोर्ट हब) परियोजना की स्थापना हेतु भूमि का अर्जन करने में एक मुख्य बिन्दु कुटुम्बों के विस्थापन का भी हैं। परियोजना के लिए कुल 07 कुटुम्बों को विस्थापित करने की आवश्यकता है, जिससे विस्थापित कुटुम्बों की सामाजिक/आर्थिक/सांस्—तिक/धार्मिक पृष्ठभूमि/मान्यताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विस्थापित कुटुम्बों की इन सामाजिक/आर्थिक/सांस्—तिक/धार्मिक पृष्ठभूमि/मान्यताओं एवं स्थापन क्षेत्र में उपलब्ध करायी जाने वाली छोटी-छोटी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन (R&R) स्कीम का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन (R&R) स्कीम के मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार हैंः-
प्रश्नगत परियोजना में सृजित होने वाले रोजगारों में परियोजना से प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को विभिन्न संस्थाओं (सरकारी एवं गैर-सरकारी) के माध्यम से आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान कराते हुए यथासंभव योग्यतानुसार अनिवार्य रूप से प्राथमिकता देते हुए प्रभावित कुटुम्बों के एक सदस्य को रोजगार दिये जाने की व्यवस्था की जायेगी।
या
रोजगार न उपलब्ध होने की दशा में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 5.00 लाख रुपये एक ही बार में एकमुश्त देय होंगे।
या 4 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 23 अक्टूबर, 2021 वार्षिक नीतियां जो —षि श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक के समुचित सूचकांकन के अनुसार 20 वर्ष तक प्रति परिवार/कुटुम्ब जो 2.00 हजार रुपये प्रति माह से कम नहीं होगी, दी जायेगी।
प्रश्नगत परियोजना हेतु भूमि के अर्जन से ग्राम कटैहरा के कुल 07 परिवार प्रभावित विस्थापित हो रहे है, जिन्हें अपेक्षक निकाय/ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टर ओमीक्रोन-1ए में निर्मित बहुमंजिली इमारत में स्थित फ्लैट क्षेत्रफल 58.18 वर्ग मीटर (प्रत्येक) दिया जायेगा। भू-अर्जन अधिनियम, 2013 (RFCTLARR Act, 2013) की तीसरी अनुसूची के अनुसार आवश्यक मूलभूत अवसंरचनात्मक सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी तथा भूमि अर्जन अधिनियम, 2013 की द्वितीय अनुसूची के बिन्दु संख्या 11 के अनुसार प्रत्येक विस्थापित कुटुम्ब को आवंटित फ्लैट या मकान के रजिस्ट्रीकरण के लिए संदेय स्टाम्प शुल्क और अन्य फीस का वहन अपेक्षक निकाय द्वारा किया जायेगा। विस्थापित कुटुम्बों को आवंटित मकानों या फ्लैट के लिए सभी बिल्लगमों से मुक्त होंगे तथा आवंटित मकान या फ्लैट प्रभावित कुटुम्ब की पत्नी और पति दोनों के संयुक्त नाम में हो सकेगा।
विस्थापित कुटुम्बों को अपेक्षक निकाय/ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा सैक्टर ओमीक्रोन-1ए में निर्मित बहुमंजिला इमारत में स्थित फ्लैट क्षेत्रफल 58.18 वर्ग मीटर (प्रत्येक) दिये जायेंगे। जहाँ अधिनियम, 2013 (RFCTLARR Act, 2013) की तीसरी अनुसूची के अनुसार आवश्यक मूलभूत अवसंरचनात्मक सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी।
प्रभावित/विस्थापित कुटुम्बों को उनकी आबादी भूमि के अतिरिक्त आबादी पर बनी परिसम्पत्तियों का मूल्यांकन एवं भुगतान अधिनियम, 2013 (RFCTLARR Act, 2013) में निहित प्राविधान के अनुसार कलेक्टर/अपर जिलाधिकारी (भू0अ0) द्वारा किया जायेगा।
प्रत्येक विस्थापित कुटुम्ब को कलेक्टर के अधिनिर्णय की तारीख से एक वर्ष की अवधि तक 3,000.00 रुपये प्रतिमाह जीवन निर्वाह भत्ता दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त अनुसूचीगत क्षेत्र से विस्थापित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विस्थापित कुटुम्ब को 50,000.00 रुपये एक बार में एकमुश्त दिये जायेंगे।
विस्थापन क्षेत्र में विस्थापन होने की दशा में प्रत्येक प्रभावित कुटुम्ब जो विस्थापित होगा, को परिवहन खर्च के रूप में 50,000.00 रुपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी।
ऐसे विस्थापित कुटुम्ब, जो पशुबाड़ा या छोटी दुकान रखते हैं, उन्हें विस्थापित क्षेत्र में पशुबाड़ा या छोटी दुकान के निर्माण के लिए 25,000.00 रुपये एक बार वित्तीय सहायता दी जायेगी।
अनुसूची-2 के उपबन्ध के अनुसार कारीगरों, छोटे व्यापारियों और कतिपय अन्य को एक बार अनुदान के रूप में 25,000.00 रुपये वित्तीय सहायता दी जायेगी।
प्रत्येक प्रभावित कुटुम्ब को पुनव्र्यवस्थापन भत्तें के रूप में 50,000.00 रुपये की धनराशि एकमुश्त एक बार में दी जायेगी।
पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन स्कीम का क्रियान्वयन 2 वर्ष के अन्दर पूर्ण किया जायेगा। इसी अवधि में प्रभावित/कुटुम्बों को देय मकानों/फ्लैट का निर्माण मानकों के अनुरूप अपेक्षक निकाय/ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जायेगा। अधिनियम, 2013 की अनुसूची-3 में वर्णित आधारभूत अवसंरचनाओं/आवश्यकताओं की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए प्रभावित/विस्थापित कुटुम्बों को पुनव्र्यवस्थापित किया जायेगा।
उपरोक्तानुसार अधिनियम, 2013 की धारा 16 एवं उत्तर प्रदेश नियमावली, 2016 के नियम 24 व 25 के अन्तर्गत तथा अधिनियम की दूसरी व तीसरी अनुसूची में वर्णित व्यवस्था के अनुरूप तैयार की गयी पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन प्रारूप स्कीम के क्रम में भू-अर्जन अधिकारी/कलेक्टर, गौतमबुद्धनगर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें।
आलोक कुमार गुप्ता प्रशासक, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन/ उपजिलाधिकारी, दादरी गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 23 अक्टूबर, 2021 5 IN pursuance of the provisions of clause (3) of Article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of notification no.2232/ LXXVII-3-21-42(M)-2020, dated October 23, 2021:
No. 2232/ LXXVII-3-21-42(M)-2020
Dated Lucknow, October 23, 2021
Whereas preliminary notification no. 222/77-3-21-42(M)-2020 dated January 20, 2021 was issued under sub-section (1) of section 11 of the Right to Fair Compensation And Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation And Resettlement Act, 2013 (Act no. 30 of 2013) (hereinafter referred as the said Act) for acquisition of 4.2047 hectares of land in the Village Katehra, Pargana Dadri, Tehsil Dadri, District Gautambuddha Nagar for public purpose namely "project of Delhi-Mumbai Industrial Corridor (Multi Modal Logistic Hub & Integrated Transport Hub)" through the Greater Noida Industrial Development Authority and lastly published on January 23, 2021. The Deputy Collector, Dadri, District Gautambuddha Nagar was appointed as Administrator for the purpose of Rehabilitation and Resettlement of the project affected families.
2. After considering the report of the Collector submitted in pursuance of provision under sub- section (2) of the section 15 of the said Act, the Governor is pleased to declare under sub-section (1) of section 19 of the said Act that he is satisfied that the area of the land mentioned in the given Schedule "A" is needed for public purpose and the flats which are situated in constructed multi-storey building in Sector Omicron-1A of Greater Noida Industrial Development Authority as given in Schedule "B" has been identified as the Rehabilitation and Resettlement Area for the purpose of Rehabilitation and Resettlement of the displaced families.
3. The Governor is further pleased under sub-section (2) of section 19 of the said Act, to direct the Collector of District Gautambuddha Nagar to publish a summary of the Rehabilitation and Resettlement Scheme with publication of the declaration to this effect. The Summary of the Rehabilitation and Resettlement Scheme is attached herewith.
SCHEDULE-A
(Land Under Proposed Acquisition)
| District | Tehsil | Pargana | Village | Plot No. | Area To Be Acquired (In Hect) |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| G.B. Nagar | Dadri | Dadri | Katehra | 117 | 0.3310 |
| 147M | 0.3653 | ||||
| 156M | 0.0843 | ||||
| 265M | 1.0132 | ||||
| 268M | 0.3365 | ||||
| 270 | 0.4000 | ||||
| 273M | 0.3090 | ||||
| 274 | 0.3490 | ||||
| 277M | 0.2646 | ||||
| 293M | 0.1265 | ||||
| 294M | 0.1620 | ||||
| 313M | 0.0620 | ||||
| 317 | 0.0290 | ||||
| 318 | 0.1210 | ||||
| 323M | 0.0405 | ||||
| 339M | 0.2108 | ||||
| Total | 4.2047 Hect. |
SCHEDULE-B
(Plot/House/Flat Identified As Settlement Area For Displaced Families)
| District | Tehsil | Pargana | Village | Plot/ House/ Flat No. | Area of Plot/House/Flat Earmarked For Rehabilitation (In Sqm.) |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| G.B. Nagar | Sadar | Sadar | Omicron-1A | 1401/D | 58.18 |
| 1402/D | 58.18 | ||||
| 1403/D | 58.18 | ||||
| 1404/D | 58.18 | ||||
| 1405/D | 58.18 | ||||
| 1406/D | 58.18 | ||||
| 1407/D | 58.18 |
Note: A plan of land may be inspected in the office of the Collector, District Gautambuddh Nagar for the purpose of acquisition.
By order,
ARVIND KUMAR,
Apar Mukhya Sachiv.
पी0एस0यू0पी0-ए0पी0 359 राजपत्र-2021-(814)-599 प्रतियां-(कम्प्यूटर/टी0/ऑफसेट)। पी0एस0यू0पी0-ए0पी0 12 सा0 औद्योगिक विकास-2021-(815)-250-(कम्प्यूटर/टी0/ऑफसेट)।