क्रमसंख्या 227 (ख) रजिस्टर्ड नं0 एल0 डब्ल्यू/एन0पी0 561 लाइसेन्स नं0 डब्ल्यू0 पी041
(लाइसेन्स टू पोस्ट ऐट कन्सेशनल रेंट)
भाग-4, खण्ड (ख)
( परिनियत आदेश )
प्रयागराज मंगलवार, 30 नवम्बर, 2021 ई0 (अग्रहायण 9, 1943 शक संवत्)
संख्या 1202/5720213(20)/2013
लखनऊ, दिनांक : 30 नवम्बर, 2021 ई0
अधिसूचना
प0आ0-413
उत्तर प्रदेश राज्य के अन्तर्गत जनपद कासगंज स्थित सूकर क्षेत्र, सोरों उत्तर प्रदेश, भारत का पौराणिक व प्राचीन तीर्थ स्थल है। यहां भगवान श्री विष्णु के तृतीय अवतार भगवान श्री वराह ने पृथ्वी का उद्धार कर स्वयं हरिपदी गंगा कुण्ड स्थान से स्वर्गारोहण किया था। सोरों सूकर क्षेत्र महर्षि कपिल की तपस्थली, बारह गंगा वृदगंगा और भागीदरथी गंगा स्थित हैं यहां भारत के अति प्राचीन तीन वट वृक्षों में से एक वट वृक्ष (गृध्रवट) है। विभिन्न पुराणों यथाविष्णु पुराण, बराह पुराण, पदम पुराण एवं देवी भागवत पुराण में इस क्षेत्र की महत्ता का वर्णन किया गया है। इस तीर्थ क्षेत्र में देश के विभिन्न अंचलों से अपने धार्मिक कार्यों को पूर्ण करने के साथ अपने मृतक परिवारीजनों की अस्थित विसर्जन करने, पिण्ड श्राद्ध करने के साथ एकादशी, पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, मेला मार्गशीर्ष आदि पर स्नान 2 उार प्रदेश असाधारण गजट, 30 नवम्बर, 2021 ई0 2-अतः उ0प्र0 राज्य के नगरपालिका परिषद्, सोरों सूकर क्षेत्र जनपद कासगंज के निम्नलिखित 25 वार्डों के अधिसूचित क्षेत्र को एतद्द्वारा पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाता है-
(1) घटिया, (2) बदरिया दक्षिण, (3) कटरा उत्तर, (4) स्टेशन, (5) कटरा पश्चिम, (6) योगमार्ग उत्तर, (7) कटरा पूरब, (8) लहरा पूरब, (9) कायस्थान योगमार्ग, (10) रामसिंहपुरा, (11) कटरामठ, (12) बदरिया पश्चिम, (13) बड़ा बाजार, (14) लहरा पश्चिम, (15) बदरिया पूरब, (16) मढ़ई, (17) चन्दन चौक, (18) बदरिया मध्य, (19) चक्रतीर्थ दक्षिण, (20) अन्दर दहलान, (21) चक्रतीर्थ उत्तर, (22) चौंसठ, (23) चौदहपौर, (24) बाहर दहलान, (25) योगमार्ग पश्चिम।
आज्ञा से, अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव। पी0एस0यू0पी0-23 असाधारण गजट-18122017-500 प्रतियां (डी0टी0पी0/आफसेट)।