क्रम-संख्या-55
रजिस्ट्रेशन नं0-एस0एस0पी0/एल0 डब्लू/एन0पी0-91/2014-19 लाइसेन्स टू पोस्ट ऐट कन्सेशनल रेट
सरकारी गजट, उत्तर प्रदेश mÙkj çns'kh; ljdkj }kjk çdkf'kr vlk/kkj.k
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लखनऊ, मंगलवार, दिनांक 29 मार्च, 2022 08 चैत्र, शक सम्वत् 1944
विधान परिषद् सचिवालय
उत्तर प्रदेश
(संसदीय अनुभाग)
संख्या-121/वि0प0-18सं0/2008
लखनऊ, दिनांक : 29 मार्च, 2022
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अधिसूचना प्रकीर्ण चूंकि, उत्तर प्रदेश विधान परिषद् की नियम पुनरीक्षण समिति के प्रतिवेदन (2017-2018) व प्रतिवेदन (2018-2019), जो उत्तर प्रदेश विधान परिषद् की क्रमशः दिनांक 27 मार्च, 2018 व 30 अगस्त, 2018 की बैठक में प्रस्तुत किये गये, उक्त में प्रस्तावित सिफारिशों को सदन की मेज पर रखे रहने की निर्धारित कालावधि उत्तर प्रदेश विधान परिषद् की प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन नियमावली के नियम-222 के अन्तर्गत पूर्ण हो चुकी है और उक्त निर्धारित कालावधि में किसी संशोधन की सूचना प्राप्त नहीं हुई।
अतः उक्त सिफारिशें उपर्युक्त नियम-222 के उप नियम (ख) के अन्तर्गत स्वीकृत समझी गयी हैं। तद्नुसार उत्तर प्रदेश विधान परिषद् की प्रक्रिया तथा कार्य-संचालन नियमावली, जिसे आगे उक्त नियमावली कहा गया है, के संगत नियम एतद्द्वारा सर्वसाधारण के सूचनार्थ अधिसूचित किये जाते हैं :-
2 उत्तर प्रदेश असाधारण गजट दिनांक 29 मार्च, 2022 ई0उक्त नियमावली के नियम-107(1), 115(2), 119(3)(क) व (ख) के स्थान पर स्तम्भ-2 में दिये गये नियम रख दिये जाय :-
| स्तम्भ-1 | स्तम्भ-2 |
| वर्तमान नियम | संशोधित नियम |
| नियम संख्या-107 (1) | नियम संख्या-107 (1) |
| (1) किसी बैठक हेतु उस दिन प्राप्त कार्य-स्थगन नियमानुसार प्रस्ताव की सूचनाओं में से सभापति अधिकतम 5 ऐसी सूचनाओं को चयनित करेंगे जो नियम-105 की शर्तों को पूरा करती हों और सभापति के मत में महत्वपूर्ण हो ं। उक्त 5 सूचनाओं को ग्राह्यता के प्रश्न पर निर्णय लेते समय सदन में सुना जा सकता है। उस दिन प्राप्त अन्य सूचनाएं व्यपगत हो जायेंगी। | (1) किसी बैठक हेतु उस दिन प्राप्त कार्य-स्थगन नियमानुसार प्रस्ताव की सूचनाओं में से सभापति अधिकतम 7 ऐसी सूचनाओं को चयनित करेंगे जो नियम-105 की शर्तों को पूरा करती हों और सभापति के मत में महत्वपूर्ण हों। उक्त 7 सूचनाओं को ग्राह्यता के प्रश्न पर निर्णय लेते समय सदन में सुना जा सकता है। उस दिन प्राप्त अन्य सूचनाएं व्यपगत हो जायेंगी। |
| नियम संख्या-115 | नियम संख्या-115 |
| (2) जब तक सभापति अन्यथा विनिश्चय न करें सदन की किसी बैठक के लिए ध्यानाकर्षण की प्राप्त सूचनाओं मे ं से अधिकतम 6 सूचनाएं स्वीकार की जायेंगी और उस तिथि को प्राप्त अन्य सूचनाएं व्यपगत हो जायेंगी। सम्बन्धित मंत्री यदि चाहें तो ऐसी सूचना के विषय में अपना संक्षिप्त वक्तव्य सदन में तुरन्त दे सकते हैं। | (2) जब तक सभापति अन्यथा विनिश्चय न करें सदन की किसी बैठक के लिए ध्यानाकर्षण की प्राप्त सूचनाओं में से अधिकतम 6 सूचनाएं स्वीकार की जायेंगी, इसके अतिरिक्त सभापति की अनुमति से 6 सूचनाएं बिना पढ़े प्रस्तुत की जा सकेंगी और उस तिथि को प्राप्त अन्य सूचनाएं व्यपगत हो जायेंगी। सम्बन्धित मंत्री यदि चाहे तो ऐसी सूचना के विषय में अपना संक्षिप्त वक्तव्य सदन में तुरन्त दे सकते हैं। |
| नियम संख्या-119(3) | नियम संख्या-119(3) |
| (क) ''सदस्य जिस प्रश्न का उत्तर अल्प सूचना पर चाहते हो ं, उस प्रश्न के अल्प सूचना पर पूछे जाने के संक्षेप में कारण देंगे। अल्पसूचित प्रश्न सदन का सत्र आहूत होने पर परिषद् की प्रथम बैठक प्रारम्भ होने के अधिकतम सात दिन पूर्व से ही दिये जा सकेंगे। कोई कारण न दिये जाने की स्थिति में प्रश्न एक तारांकित प्रश्न के रूप में माना जायेगा। अल्पसूचित प्रश्न दो तारांक लगाकर इंगित किये जायेंगे।'' | ( क) ''सदस्य जिस प्रश्न का उत्तर अल्प सूचना पर चाहते हों, उस प्रश्न के अल्प सूचना पर पूछे जाने के संक्षेप में कारण देंगे। अल्पसूचित प्रश्न सदन आहूत हो जाने के बाद दिये जा सकेंगे। अल्पसूचित प्रश्न पूछने की तात्कालिकता व लोक महत्व के संदर्भ में कारण का उल्लेख न किये जाने पर प्रश्न तारांकित प्रश्न के रूप में माना जायेगा। अल्पसूचित प्रश्न दो तारांक लगाकर इंगित किये जायेंगे।'' |
| (ख) ''सभापति द्वारा स्वीकृत अल्पसूचित प्रश्न सम्बन्धित मंत्री के परामर्श से अल्प सूचना पर उत्तर देने हेतु सदन के सम्बन्धित विभाग क े लिये आवंटित आगामी वार की कार्य-सूची में रखा जायेगा : परन्तु सभापति के विचार से यदि प्रश्न का उत्तर अल्प सूचना पर दिया जाना सम्भव नहीं है तो वे उसे तारांकित प्रश्न के रूप में यथास्थिति कार्य-सूची में रखने के निर्देश दे सकेंगे।'' | (ख) ''सभापति द्वारा स्वीकृत अल्पसूचित प्रश्न सम्बन्धित मंत्री को सूचित किये जाने पर अधिकतम पांच (5) दिनों की अवधि की अल्प सूचना पर उत्तर देने हेतु सदन के सम्बन्धित विभाग के लिये आवंटित आगामी वार की कार्य-सूची में रखा जायेगा : परन्तु सभापति के विचार से यदि प्रश्न का अल्प सूचना पर उत्तर दिया जाना सम्भव नहीं है तो उसे तारांकित प्रश्न के रूप में यथास्थिति कार्य-सूची में रखने के निर्देेश दे सकेंगे।'' |
आज्ञा से, डा0 राजेश सिंह प्रमुख सचिव। पी0एस0यू0पी0-एल0 60 राजपत्र (454)-29-03-2022-200 प्रतियां।