रजिस्टर्ड नं० - ए०डी०-4
लाइसेन्स सं० - डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
खण्ड 74 ] प्रयागराज , शनिवार , 6 जून , 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्) [ संख्या 22
विषय -सूची
हर भाग के पन्ने अलग - अलग किये गये हैं , जिससे इनके अलग - अलग खण्ड बन सके ।
विषय
वार्षिक
विषय
वार्षिक
पृष्ठ
पृष्ठ संख्या
संख्या चन्दा
चन्दा
रु०
रु० सम्पूर्ण गजट का मूल्य
1-3
3075 भाग 4- निदेशक , शिक्षा विभाग, उत्तर
प्रदेश
975
741-742
975 भाग 1 -विज्ञप्ति-अवकाश , नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल, उत्तर प्रदेश भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये
975
(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
1500
भाग 1 -क-नियम, कार्य-विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि , जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
503-518
भाग 6 - क-भारतीय संसद के ऐक्ट
भाग 1 -ख (1 ) औद्योगिक न्यायाधिकरणों के अभिनिर्णय
भाग 1 -ख (2) श्रम न्यायालयों के अभिनिर्णय
भाग 7-(क) बिल , जो राज्य की धारा सभाओं में प्रस्तुत किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये
(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975
भाग 7- क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं के ऐक्ट
147-148 भाग 2-आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण
भाग 7-ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
225-234 975
भाग 8 - सरकारी कागज- पत्र, दबाई हुई रूई की गाठों का विवरण-पत्र, जन्म-मरण के आँकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट , बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि Jeg
भाग 3 - स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़पत्र, खण्ड क-नगरपालिका परिषद्, खण्ड ख - नगर पंचायत, खण्ड ग -निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्ड घ- जिला पंचायत
1425
975 स्टोर्स- पचेज विभाग का क्रोड़ पत्र
100 क 742
[भाग 1
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून , 2020 ई ० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस ।
राजस्व विभाग
अनुभाग-14
अधिसूचना
30 अप्रैल , 2020 ई ०
सं0 227/ एक-14 / 2020- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8 सन् 2012) की धारा 43 की उपधारा (1 ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल घोषणा करती हैं कि इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से नीचे अनुसूची में विनिर्दिष्ट जिला गोण्डा के दो ग्राम, सर्वेक्षण एवं अभिलेख क्रियाओं के अधीन होंगे-
अनुसूची
जिला
क्र०सं०
तहसील
1
2
3
1
गोण्डा
तरबगंज 2
गोण्डा
तरबगंज परगना
ग्राम का नाम
4
5
नवाबगंज
नवाबगंज
माझा राठ माझा दुर्गागंज
आज्ञा से , रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव ।
IN pursuance of provisions of clause (3 ) of Article 348 of the Constitution, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of notification no. 227/1-14/2020 , datedApril 30, 2020:
No. 227/1-14/2020 April 30, 2020 .
IN exercise of the power under sub - section ( 1) of Section 43 of the Uttar Pradesh Revenue Code, 2006 (Uttar Pradesh Act no . 8 of 2012) , the Governor is pleased to declare that the two village of District- Gonda specified in the Schedule below shall be placed under Survey and Record Operations with effect from the date of publication of this notification in Gazette-
SCHEDULE
Sl.no.
District
Tehsil
2
1
3
1
Gonda
2
Gonda
TarabGanj Tarab Ganj
पी ० एस०यू०पी०-10 हिन्दी गजट- भाग 1-2020 ई० ।
Pargana
Village
4
5
Majha Rath Majha Durga Ganj Nawabganj Nawabganj
Byorder, RENUKA KUMAR, UpperMukhya Sachiv .
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन- सामग्री , उ ० प्र ० , प्रयागराज ।
रजिस्टर्ड नं ०- ए०डी०-4
लाइसेन्स सं० - डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 6 जून , 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय , विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया ।
कार्यालय , आयुक्त , वाराणसी मण्डल , वाराणसी
12मई, 2020 ई0
सं0 2385/8-15 (2018-2021 ) रा०स ० उ० प्र० शासन, राजस्व अनुभाग-1 के शासनादेश संख्या 32/744 / एक-1-2016-20 (5) /2016 , दिनांक 03 जून , 2016 , के प्रस्तर 4(1 ) (ग) में किये गये प्राविधान तथा उक्त शासनादेश के प्रस्तर 4(1 ) (ज) , (झ) , (ट) व (ड) एवं उ० प्र० राजस्व संहिता , 2006 की धारा 59 की उपधारा (2) में दी गयी व्यवस्थानुसार , उ ० प्र ० शासन, राजस्व अनुभाग -1 की अधिसूचना संख्या 28 /744/ एक-1-2016-20 (5 )/2016, दिनांक 03 जून , 2016 एवं शासनादेश संख्या 818 / नौ-5-19-56 सा /2018 , दिनांक 07 मार्च , 2019 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों के अधीन मैं, दीपक अग्रवाल, आयुक्त, वाराणसी मण्डल , वाराणसी अधोलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक अनुसूची के स्तम्भ -6 में उल्लिखित गांव सभा में निहित थी, को फिर से अपने अधिकार में लेता हूँ:
परगना
जिला तहसील
क्र० सं०
ग्राम का नाम अनुसूची
खाता संख्या
क्षेत्रफल
आराजी सं०
ग्राम सभा का नाम
4
1
2
3
5
विवरण , प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनर्ग्रहीत की जा रही है
6
7
8
9
10
हेक्टेयर
1.518
शादियाबाद जलालाबाद जलालाबाद
जखनियाँ
1 गाजीपुर
2297 सं०
ग्राम सभा जलालाबाद में स्टेडियम की स्थापना हेतु ।
02800 5-1/कृषि योग्य भूमि- नईपरती (परती जदीद)
दीपक अग्रवाल , आयुक्त, वाराणसी मण्डल , वाराणसी ।
68ख 504
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई० (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
[भाग 1 -क
कार्यालय , अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई निर्माण खण्ड प्रथम , लखनऊ
17 जुलाई, 2019 ई०
सं० 462/ सिं० नि० ख ०प्र० ल०- उत्तर प्रदेश सहभागी सिंचाई प्रबंधन अधिनियम , 2009 (अधिनियम संख्या 4 , सन् 2009) की धारा 6 की उपधारा (1 ) में निहित प्राविधानों के अनुरूप सिंचाई विभाग की नहरों से निकले राजबहों पर बनी राजबहा समितियों के परिचालन क्षेत्र का निर्धारण निम्नलिखित अनुसूची के अनुसार एतद्वारा किया जाता है-
अनुसूची
खण्ड का नाम
नहर का नाम क्र० सं०
समिति का नाम
पैतृक नहर का
नाम
1
3
परिचालन क्षेत्र का क्षेत्रफल
4
2
1
बारा रजबहा 5
6
हेक्टेयर
बारा रजबहा समिति
1750
हैदरगढ़ शाखा
सिंचाई निर्माण खण्ड-प्रथम , लखनऊ
2
ककरी रजबहा
770
बारा रजबहा
3
लाही रजबहा ककरी रजबहा समिति
781 लाही रजबहा समिति
हैदरगढ़ शाखा
4
लिल्हौरा रजबहा समिति
593
हैदरगढ़ शाखा
लिल्हौरा रजबहा
5
3255
इन्हौना रजबहा
सुबेहा रजबहा
6
खानपुर रजबहा इन्हौना रजबहा समिति
909
सुबेहा रजबहा समिति
सुबेहा रजबहा
7
क्रिसिया रजबहा
1075 क्रिसिया रजबहा समिति
सुबेहा रजबहा
8
2248
इन्हौना रजबहा
सिंहपुर रजबहा
9
सिंहपुर रजबहा समिति
806
शिवरतनगंज रजबहा समिति
सिंहपुर रजबहा
शिवरतनगंज रजबहा
10
भवानीपुर रजबहा
769
भवानीपुर रजबहा समिति
सिंहपुर रजबहा
11
राजापुर रजबहा
3142
सिंहपुर रजबहा
12
रस्तेमऊ रजबहा राजापुर रजबहा समिति
1466
रस्तेमऊ रजबहा समिति
सिंहपुर रजबहा
13
हारीमऊ रजबहा
1129 हारीमऊ रजबहा समिति
राजपुर रजबहा
14
5000 इन्हौना रजबहा समिति
हैदरगढ़ शाखा
इन्हौना रजबहा
15
1415
इन्हौना रजबहा
सिन्दुरवा रजबहा
16
गेरावां रजबहा सिन्दुरवा रजबहा समिति
1728 गेरावां रजबहा समिति
इन्हौना रजबहा
17
908
इन्हौना रजबहा
बाहरपुर रजबहा
18
कटेहटी रजबहा बाहरपुर रजबहा समिति
कटेहटी रजबहा समिति
1146
इन्हौना रजबहा
19
देवकली रजबहा
1322 देवकली रजबहा समिति
इन्हौना रजबहा
भाग 1 -क]
505
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई 0 (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
टिप्पणी- उक्त राजबहा समितियों के परिचालन क्षेत्र का खसरा मानचित्र एवं अन्य अभिलेख अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खण्ड- प्रथम, लखनऊ के खण्डीय कार्यालय में देखा जा सकता है ।
कौशिक कुन्डू
अधिशासी अभियन्ता , सिंचाई निर्माण खण्ड-प्रथम, लखनऊ ।
कार्यालय , अधिशासी अभियन्ता, ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर
13 सितम्बर, 2019 ई०
सं० 1324/ड्रे ० ख ० सि० / पिम / अधिसूचना- उत्तर प्रदेश सहभागी सिंचाई प्रबन्धन अधिनियम, 2009 (अधिनियम संख्या 4, सन् 2009) की धारा 6 की उपधारा (1 ) में निहित प्राविधानों के अनुरूप ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर (सिंचाई विभाग) की अल्पिका समितियों के परिचालन क्षेत्र का निर्धारण निम्नलिखित अनुसूची के अनुसार एतद्वारा किया जाता है-
अनुसूची
खण्ड का नाम
क्र० सं०
पैतृक नहर का नाम
1
2
3
1
सिद्धार्थनगर बानगंगा मुख्य नहर अल्पिका समिति का नाम
परिचालन क्षेत्र का क्षेत्रफल
5 4
हेक्टेयर
438.000
नरायनपुर अल्पिका समिति
ड्रेनेज खण्ड ,
2
807.000
अतरी अल्पिका समिति
3
344.000
डफरा अल्पिका समिति
4
छतहरी अल्पिका समिति
5
711.000
949.000
भावपुर अल्पिका समिति
6
347.000
महला अल्पिका समिति
858.000
लखनपारा अल्पिका समिति
7
8
1515.000
उदयपुर अल्पिका समिति
9
1619.000
नौगढ़ अल्पिका समिति
10
560.000
जगदीशपुर अल्पिका समिति
11
836.000
तुरकौलिया अल्पिका समिति
12
153.000
उसका अल्पिका समिति
13
375.000
चौरासी हेड अल्पिका समिति
365.000
चौरासी टेल अल्पिका समिति
14
15
1118.000
चम्पापुर अल्पिका समिति
16
1568.000
चेतरा अल्पिका समिति
17
586.000
कटया अल्पिका समिति
18
380.000
धुसुरी अल्पिका समिति
19
1469.000
कोड़रा अल्पिका समिति 506
[भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई0 (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
1
3 2
20
ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर बानगंगा मुख्य नहर 4
5
हेक्टेयर
737.000
कपिया अल्पिका समिति
21
383.000
सेमरा फीडर अल्पिका समिति
22
608.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति -1
23
877.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति-2
24
741.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति -3
25
835.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति -4
26
686.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति -5
27
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति-6
28
473.000
430.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति-7
29
733.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति -8
30
620.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति-9
31
540.000
फेडरेटेड बानगंगा नहर अल्पिका समिति-10
32
626.000
फेडरेटेड बानगंगा नदी अल्पिका समिति
33
288.000
फेडरेटेड चिल्हियां राजवाहा हेड अल्पिका समिति
34
856.000
फेडरेटेड चिल्हियां राजवाहा टेल अल्पिका समिति
35
290.000
फेडरेटेड हरैया राजवाहा हेड अल्पिका समिति
36
548.000
फेडरेटेड हरैया राजवाहा मध्य अल्पिका समिति
37
429.000
फेडरेटेड हरैया राजवाहा टेल अल्पिका समिति
25698.000 योग ..
टिप्पणी- उक्त अल्पिका समितियों के परिचालन क्षेत्र का खसरा मानचित्र एवं अन्य अभिलेख ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर के खण्डीय कार्यालय में देखा जा सकता है ।
सं० 1325 / ड्रे ० ख० सि ० / पिम / अधिसूचना - उत्तर प्रदेश सहभागी सिंचाई प्रबन्धन अधिनियम , 2009 (अधिनियम संख्या 4 , सन् 2009) की धारा 6 की उपधारा (1 ) में निहित प्राविधानों के अनुरूप सिंचाई विभाग की नहरों से निकले कुलावा समितियों के परिचालन क्षेत्र का निर्धारण निम्नलिखित अनुसूची के अनुसार एतद्वारा किया जाता है-
अनुसूची
खण्ड का नाम
पैतृक नहर का नाम क्र० सं०
3 1
2
1
ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर बानगंगा मुख्य नहर
2
कुलावा समिति का नाम
परिचालन क्षेत्र का क्षेत्रफल
4
5
हेक्टेयर
82 1
2
37 भाग 1 -क]
507
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई० (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
1 2 3 4 5
हेक्टेयर
3 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर बानगंगा मुख्य नहर 3 95
4 4 68
5 5 31
6 6 36
7 7 6
8 8 65
9 9 158
10 10 30
11 11 51
12 12 53
13 13 78
14 14 94
15 15 116
16 16 60
17 17 21
18 18 186
19 19 31
20 20 187
21 21 77
22 22 59
23 23 42
24 24 90
25 25 43
26 26 109
27 27 52
28 27-अ 80
29 28 80
30 29 46
31 30 63
32 31 67
33 32 111
508
[भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई0 (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
1 2 3 4 5
हेक्टेयर
34 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर बानगंगा मुख्य नहर 33 96
35 34 84
36 35 60
37 36 30
38 37 84
39 38 67
40 39 96
41 40 140
42 41 69
43 42 68
44 43 127
45 44 60
46 45 50
47 46 86
48 47 43
49 48 84
50 49 33
51 50 66
52 51 88
53 52 124
54 53 51
55 54 36
56 55 13
57 56 29
58 57 25
59 58 33
60 59 54
61 60 20
62 61 32
63 62 8
64 63 91
भाग 1 -क]
509
उत्तर प्रदेश गजट , 6 जून, 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
510 उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई ० (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्) [भाग 1 -क
1 1 2 2 3 3 4 4 5 5
हेक्टेयर हेक्टेयर
65 96 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर बानगंगा मुख्य नहर बानगंगा मुख्य नहर 64 93 30 8
66 97 65 94 22 25
67 98 66 95 44 34
68 99 66-अ 96 157 15
100 69 67 97 25 57
101 70 68 98 85 33
102 71 69 99 28 51
103 72 नरायनपुर माइनर 70 100 72 35
104 73 71 101 33 23
105 74 72 102 93 80
106 75 73 103 93 38
107 76 74 104 138 17
108 77 75 105 57 67
109 78 76 106 100 12
110 79 77 107 48 57
111 80 78 108 45 14
112 81 79 109 (टेल) 104 60
113 82 अतरी माइनर 80 110 57 16
114 83 81 111 199 48
115 84 82 112 25 61
116 85 83 113 36 20
117 86 84 114 15 26
118 87 85 115 43 12
119 88 85-अ 116 43 15
120 89 86 117 27 57
121 90 87 118 69 13
122 91 88 119 82 80
123 92 89 120 40 9
124 93 90 121 100 73
125 94 122 (टेल) 91 318 143
126 95 छतहरी माइनर 92 123 196 10
भाग 1 -क]
511
उत्तर प्रदेश गजट , 6 जून, 2020 ई0 (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
1 2 3 127 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर छतहरी माइनर 128 129 130 131 132 डफरा माइनर 133 134 135 136 137 138 भावपुर माइनर 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 चिल्हिया राजवहा 151 152 153 154 155 156 157
69ख
4 5
हेक्टेयर
124 47
125 9
126 58
127 29
128 (टेल) 372
129 22
130 60
131 31
132 67
133 36
134 (टेल) 128
135 33
136 31
137 63
138 165
139 159
140 56
141 68
142 45
143 38
144 121
145 33
146 (टेल) 137
147 19
148 46
149 37
150 30
151 67
152 18
153 42
154 29
512
[भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई 0 (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
1 2 3 4 5
हेक्टेयर
158 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर चिल्हिया राजवहा 155 63
159 156 17
160 157 80
161 158 17
162 159 190
163 160 35
164 161 46
165 162(टेल) 408
166 कटया माइनर 163 18
167 164 24
168 165 61
169 166 22
170 167 27
171 168 68
172 169 40
173 170 (टेल) 326
174 धुसुरी माइनर 171 63
175 172 35
176 173 35
177 174 52
178 175 54
179 176 (टेल) 141
180 कोड़ा माइनर 177 43
181 178 21
182 179 85
183 180 80
184 181 234
185 182 64
186 183 40
187 184 61
188 185 62
भाग 1 -क]
513
उत्तर प्रदेश गजट , 6 जून, 2020 ई0 (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
1 2 3 4 5
हेक्टेयर
189 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर कोड़रा माइनर 186 67
190 187 94
191 188 87
192 189 172
193 190 111
194 191 (टेल) 248
195 कपिया माइनर 192 49
196 193 35
197 194 47
198 195 61
199 196 57
200 197 77
201 198 88
202 199 51
203 200 54
204 201 (टेल) 218
205 महला माइनर 202 32
206 203 21
207 204 81
208 205 45
209 206(टेल) 168
210 लखनपारा माइनर 207 19
211 208 101
212 209 43
213 210 165
214 211 105
215 212 34
216 213 36
217 214 29
218 215 68
219 216 44
514
[भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई ० (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
1
2
3
220 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर लखनपारा माइनर 221 उदयपुर माइनर 222 223 224 225 226 227 228 229 230 231 232 233 234 235 236 237 238 239 240 241 नौगढ़ माइनर 242 243 244 245 246 247 248 249 250
4
5
हेक्टेयर
217 (टेल) 214 218 28 219 42 220 86 221 115 222 99 223 115 224 76 225 193 226 57 227 54 228 85 229 12 230 38 231 93 232 27 233 113 234 41 235 63 236 24 237 (टेल) 154 238 54 239 94 240 26 241 36 242 55 243 54 244 106 245 22 246 116 247 89
भाग 1 -क]
515
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई 0 (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
1 2 3 4 5
हेक्टेयर
251 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर नौगढ़ माइनर 248 22
252 249 102
253 250 68
254 251 75
255 252 45
256 253 28
257 254 65
258 255 64
259 256 79
260 257 29
261 258 124
262 259 50
263 260 (टेल) 216
264 हरैया माइनर 261 95
265 262 32
266 263 20
267 264 55
268 265 18
269 266 35
270 267 35
271 268 41
272 269 79
273 270 29
274 271 194
275 272 63
276 273 110
277 274 32
278 275 36
279 276 58
280 277 73
281 278 54
516
[भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
1
2
3
282 ड्रेनेज खण्ड , सिद्धार्थनगर हरैया माइनर 283 284 285 चौरासी माइनर 286 287 288 289 290 291 292 293 294 295 296 297 298 299 300 301 302 303 304 305 जगदीशपुर माइनर 306 307 308 309 310 311 312
5
4
हेक्टेयर
279 67 280 44 281 (टेल) 97 282 16 283 18 284 32 285 38 286 20 287 40 288 42 289 57 290 77 291 35 292 63 293 32 294 31 295 16 296 58 297 20 298 59 299 24 300 29 301 (टेल) 33 302 52 303 36 304 76 305 38 306 98 307 60 308 32 309 35
भाग 1 -क]
517
उत्तर प्रदेश गजट , 6 जून , 2020 ई0 (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
1 2 3 4 5
हेक्टेयर
313 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर जगदीशपुर माइनर 310 52
314 311 30
315 312 22
316 313 (टेल) 29
317 तुरकौलिया माइनर 314 80
318 315 51
319 316 52
320 317 103
321 318 113
322 319 35
323 320 28
324 321 41
325 322 26
326 323(टेल) 307
327 उसका माइनर 324 23
328 325 46
329 326(टेल) 84
330 चम्पापुर माइनर 327 19
331 328 46
332 329 87
333 330 17
334 331 101
335 332 38
336 333 52
337 334 32
338 335 130
339 336 34
340 337 58
341 338 17
342 339 64
343 340 48
344 341 9
345 342 6
346 343 62
347 344 29
518
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई0 (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
1
2
3
348 ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर चम्पापुर माइनर
349
350
351
352
चेतरा माइनर
353
354
355
356
357
358
359
360
361
362
363
364
365
366
367
368
सेमरा फीडर
369
370
371
डायरेक्ट कुलावे
372
373
374
[भाग 1 -क
4
5
हेक्टेयर
345
30
346
27
347
70
142 348 (टेल)
349
124
350
108
351
27
352
23
353
153
354
40
355
71
150 356
357
64
358
135
359
47
360
74
361
141
362
95
363
28
288 364 (टेल)
83
365
366
148
367
152
368
249
190 369
370
140
371
47
374
25698
योग ..
टिप्पणी- उक्त कुलावा समितियों के परिचालन क्षेत्र का खसरा मानचित्र एवं अन्य अभिलेख ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर के खण्डीय कार्यालय में देखा जा सकता है ।
पी० एस ० यू० पी०-10 हिन्दी गजट- भाग 1 - क-2020 ई ० ।
ह ० (अस्पष्ट) , अधिशासी अभियन्ता, ड्रेनेज खण्ड, सिद्धार्थनगर ।
मुद्रक एवं प्रकाशक- निदेशक , मुद्रण एवं लेखन- सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
रजिस्टर्ड नं ० - ए०डी०-4
लाइसेन्स सं० - डब्ल्यू० पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 6 जून 2020 ई ० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
भाग -4
निदेशक, शिक्षा विभाग , उत्तर प्रदेश
कार्यालय सचिव , माध्यमिक शिक्षा परिषद , उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ।
29मई , 2020 ई 0
पत्रांकः परिषद-9 / 17- सर्वसाधारण की जानकारी हेतु विज्ञापित एवं प्रसारित है कि शासन ने अपने पत्र संख्या-2032/15-7-2019-1 (25) /2018 दिनांक 20 दिसम्बर , 2019 यथा संशोधित पत्र संख्या-585/15-7-2020- 1 (25) /2018 दिनांक 20 अप्रैल, 2020 द्वारा इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के अधीन निर्मित परिषद विनियमों के अध्याय - बारह के विनियम-20 (क) , 20 (ख ) , 21 (ग) , 21 (घ) तथा विनियम-22 (6) को निम्नवत् संशोधित किये जाने की स्वीकृति अधिनियम की धारा -16(2) के अन्तर्गत प्रदान कर दी है:-
विनियम -20 (क) हाईस्कूल के सन्दर्भ में :-
वर्तमान विनियम
संशोधित विनियम
विनियम -20 (क) (1 ) हाईस्कूल स्तर पर छः लिखित विषयों में से किन्ही पांच विषयों में उत्तीर्ण होने पर परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जायेगा । जिस विषय में परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हो उसे उसी वर्ष की जुलाई माह में पुनः परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जायेगी । उत्तीर्ण होने की दशा में परीक्षार्थी को अनुत्तीर्ण हुये विषय में आगे अध्ययन करने की सुविधा रहेगी ।
विनियम-20 (क) (1 ) हाईस्कूल स्तर पर छः लिखित विषयों में से किन्ही पांच विषयों में उत्तीर्ण होने पर परीक्षार्थी को उत्तीर्ण घोषित किया जायेगा । जिस विषय में परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हो उसे उसी वर्ष की मई माह में इम्प्रूवमेन्ट परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जायेगी । इम्प्रूवमेन्ट परीक्षा में उत्तीर्ण होने की दशा में परीक्षार्थी को अनुत्तीर्ण हुये विषय में उसी वर्ष कक्षा-11 में आगे अध्ययन करने की सुविधा रहेगी ।
(2) हाईस्कूल स्तर पर दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी को उनकी इच्छानुसार किसी एक विषय में कम्पार्टमेन्ट परीक्षा देने की अनुमति मई माह में प्रदान की जायेगी । यह सुविधा केवल एक विषय तक ही सीमित रहेगी ।
(2) हाईस्कूल स्तर पर दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी को उनकी इच्छानुसार किसी एक विषय में इम्प्रूवमेन्ट या कम्पार्टमेन्ट परीक्षा देने की अनुमति जुलाई माह में प्रदान की जायेगी । यह सुविधा केवल एक विषय तक ही
150 ङ 3 भाग 4]
उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
वर्तमान विनियम
संशोधित विनियम
(4) इण्टरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित कोई परीक्षार्थी यदि किसी एक विषय में अनुत्तीर्ण हो, उसे अनुत्तीर्ण हुये विषय में उसी वर्ष मई माह में आयोजित होने वाली कम्पार्टमेंट परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जायेगी ।
(4) इण्टरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित कोई परीक्षार्थी यदि किसी एक विषय में अनुत्तीर्ण हो, उसे अनुत्तीर्ण हुये विषय में उसी वर्ष मई माह में आयोजित होने वाली कम्पार्टमेन्ट परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जायगी । छात्र के अंक पत्र सह प्रमाण-पत्र में इस आशय का अंकन नही किया जायेगा कि परीक्षार्थी ने कम्पार्टमेन्ट परीक्षा दी है ।
कृषि वर्ग हेतु निर्धारित किसी एक प्रश्न पत्र में अथवा व्यावसायिक वर्ग हेतु निर्धारित ट्रेड विषय के किसी एक प्रश्न पत्र में अनुत्तीर्ण होने पर परीक्षार्थी को अनुत्तीर्ण हुये प्रश्न पत्र में कम्पार्टमेन्ट परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की जायेगी ।
छात्र के अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में इस आशय का अंकन नहीं किया जायेगा कि परीक्षार्थी ने कम्पार्टमेंट परीक्षा दी है ।
विनियम -21 (ग ) समस्त आवेदन- पत्र परीक्षाफल घोषणा की तिथि से 30 दिन की अवधि के अन्दर परिषद कार्यालय को अवश्य प्राप्त हो जाने चाहिए । निर्धारित अवधि के पश्चात् प्राप्त आवेदन -पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी । आवेदन-पत्र के साथ एक सादा लिफाफा पते सहित (जिस पते पर परीक्षार्थी सन्निरीक्षा परिणाम की सूचना चाहता है ) संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिस पर रजिस्ट्री हेतु निर्धारित शुल्क का डाक टिकट लगा हो ।
विनियम-21 (ग) समस्त आवेदन-पत्र परीक्षाफल घोषणा की तिथि से 25 दिन की अवधि के अन्दर परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय में परिषद की वेबसाइट पर ऑन लाइन (online ) माध्यम से प्राप्त हो जाने चाहिए । निर्धारित अवधि के पश्चात् प्राप्त आवेदन-पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी । क्षेत्रीय कार्यालय में सीधे अथवा कोरियर अथवा डाक से भेजा गया कोई भी आवेदन-पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा ।
21 (घ) हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तकों की सन्निरीक्षा हेतु आवेदित समस्त मामलों का निस्तारण करते हुये उसका परिणाम परीक्षा वर्ष की 15 जुलाई तक परिषद की वेबसाइट पर घोषित कर दिया जायेगा ।
21 (घ) इण्टरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तकों की सन्निरीक्षा हेतु आवेदित समस्त मामलों का निस्तारण परीक्षा वर्ष की 31 जुलाई तक तथा हाईस्कूल की उत्तर पुस्तकों की सन्निरीक्षा हेतु आवेदित समस्त मामलों का निस्तारण परीक्षा वर्ष की 15 अगस्त तक कर दिया जायेगा । सन्निरीक्षा की समाप्ति पर परीक्षार्थियों को उनके द्वारा उल्लिखित पते पर सन्निरीक्षा परिणाम की सूचना दी जायेगी ।
विनियम-22(6)
शुल्क
(6) विखण्डित
(6) इण्टरमीडिएट की एक विषय में कम्पार्टमेंट परीक्षा में प्रविष्ट होने वाले परीक्षार्थी से शुल्क रु० 300.00 |
नीना श्रीवास्तव, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश , प्रयागराज ।
पी० एस ० यू० पी०-10 हिन्दी गजट- भाग 4-2020 ई० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन- सामग्री, उत्तर प्रदेश , प्रयागराज ।
पी० एस ० यू० पी०-1 मा ० शि० प०-02-06-2020-1000 प्रतियां (मोनो / डी० टी० पी० / आफसेट) ।
GAZ-Part-4-06-06-2020 -Mc-3 2
[भाग 4 उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून, 2020 ई ० (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
वर्तमान विनियम
संशोधित विनियम
सीमित रहेगी । अंक - पत्र में इस आशय का अंकन नहीं किया जायेगा कि परीक्षार्थी ने इम्प्रूवमेन्ट या पूरक परीक्षा दी है । ऐसे परीक्षार्थियों को हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण होने की दशा में उसी वर्ष कक्षा 11 में प्रवेश दिया जायेगा ।
अंक-पत्र में इस आशय का अंकन नहीं किया जायेगा कि परीक्षार्थी ने कम्पार्टमेंट परीक्षा दी है । ऐसे परीक्षार्थियों को हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण होने की दशा में उसी वर्ष कक्षा-11 में प्रवेश दिया जायेगा ।
विनियम-20 (ख ) इण्टर परीक्षा (सामान्य तथा व्यावसायिक) के सन्दर्भ में :-
वर्तमान विनियम
संशोधित विनियम
विनियम-20(ख)
विनियम-20(ख ) (1 ) परिषद की इण्टरमीडिएट
क्रम 1 से 3 तक यथावत् ।
परीक्षा में प्रविष्ट परीक्षार्थी यदि किन्ही दो विषयों जिसमें प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं होती है में अनुत्तीर्ण रहे और दोनों विषयों में उसे पृथक-पृथक 25 प्रतिशत या अधिक अंक मिले हो तो उसे उन अनुत्तीर्ण हुए विषयों में पाठ्यक्रम समिति द्वारा निर्धारित उत्तीर्णाक तक अंक पाने के लिए उसके सम्पूर्ण योग के आधार पर परीक्षा समिति द्वारा समय - समय पर निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक अंक अनुग्रहांक के रूप में देकर उत्तीण घोषित किया जायेगा और श्रेणी दी जायेगी ।
(2) परिषद की परीक्षा में प्रविष्ट किसी परीक्षार्थी को जो ऐसे विषयों का चयन करता है जिसमें लिखित के साथ- साथ प्रयोगात्मक परीक्षा भी होती है को अनुग्रहांक हेतु प्रयोगात्मक वाले दो विषयों जिसमें वह अनुत्तीर्ण रहता है , में लिखित तथा प्रयोगात्मक परीक्षा में अलग-अलग 25 प्रतिशत या अधिक अंक पाना अनिवार्य होगा । इस प्रकार प्रयोगात्मक वाले विषयों में परीक्षार्थी द्वारा लिखित तथा प्रयोगात्मक दोनों खण्डों में अलग- अलग 25 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर ही वह अनुग्रहांक पाने के लिए हकदार होगा । प्रतिबन्ध यह है कि परीक्षार्थी को एक खण्ड लिखित अथवा प्रयोगात्मक खण्ड में से किसी एक ही खण्ड में अनुग्रहांक देय होगा ।
किसी भी दशा में परीक्षार्थी को दोनों खण्डों (लिखित तथा प्रयोगात्मक) में अनुत्तीर्ण होने पर अनुग्रहांक देय नही होगा । ऐसे परीक्षार्थी को अनुत्तीर्ण हुए विषय में पाठ्यक्रम समिति द्वारा निर्धारित उत्तीर्णाक तक अंक पाने के लिए उसके सम्पूर्ण योग के आधार पर परीक्षा समिति द्वारा समय -समय पर निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक अंक अनुग्रहांक के रूप में देकर उत्तीर्ण घोषित किया जायेगा और श्रेणी दी जायेगी । प्रयोगात्मक विषयों में लिखित तथा प्रयोगात्मक खण्डों हेतु पाठ्यक्रम समिति द्वारा निर्धारित पृथक-पृथक पूर्णांक के आधार पर 25 प्रतिशत अंको का निर्धारण किया जायेगा ।
(3) अभ्यर्थी को दो विषयों में आठ अंक की सीमा तक ही अनुग्रहांक उनकी अर्हतानुसार देय होगा ।
रजिस्टर्ड नं ० - ए ०डी०-4
लाइसेन्स सं ० - डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 6 जून , 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
भाग 7-ख
इलेक्शन कमीशन आफ इण्डिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां ।
भारत निर्वाचन आयोग
17 मार्च , 2020 ई ०
नई दिल्ली तारीख: 27 फाल्गुन, 1941 (शक)
अधिसूचना
सं० 82/उ ० प्र ० - लो ० स ० /18 / 2019 (इला० )- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 ( 1951 का 43) की धारा 106 के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग , 2019 की निर्वाचन याचिका संख्या 18 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दिनांक 7 जनवरी, 2020 के निर्णय को एतद्वारा प्रकाशित करता है ।
आदेश से, अनुज जयपुरियार, वरिष्ठ प्रधान सचिव, भारत निर्वाचन आयोग ।
ELECTION COMMISSION OF INDIA
17thMarch, 2020
New Delhi dated the :
Phalguna 27, 1941 (Saka) .
No. 82 /UP- HP / 18/2019 (Alld. )-In pursuance of section 106 of the Representation of the People Act, 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the Judgement dated 7th January , 2020 of the High Court of Judicature at Allahabad in Election Petition no . 18 of 2019 .
25 ञञ 148
[भाग 7-ख उत्तर प्रदेश गजट , 6 जून, 2020 ई० (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
IN THE HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
Election Petition No. 18 of 2019 .
(Under section 80 of the Representation of People Act) .
District : MIRZAPUR Ramcharan S/o Late Sarayu,
R/o Village-Pachokhara , P.S. -Madihan ,
District-Mirzapur .
Petitioner .
VERSUS
1. Anupriya Patel D/ o Dr. Sone Lal Patel , Loksabha Member , 79, Loksabha Constituency , Mirzapur, R/ o Bharuhana , Mirzapur, District- Mirzapur.
2. The Returning Officer, 79 , Loksabha, Loksabha Constituency, Mirzapur , District-Mirzapur .
..Respondents .
Court No.-41 .
Case : Election Petition No. 18 of 2019 .
Petitioner : Ramcharan .
Respondent : Anupriya Patel And Another .
Counsel for Petitioner : In Person, Devendra Deo Gupta, Ramcharan.
Counsel for Respondent : Manvendra Nath Singh , K. R. Singh .
Hon'ble Mrs. Sunita Agarwal, J.
Sri Devendra Deo Gupta, Learned Advocate appearing on behalf of the election petitioner and Sri Ramcharan the election petitioner in person, are present in the Court. Sri Manvendra Nath Singh and Sri K. R. Singh , Learned Advocates appearing on behalf of returned candidate i.e. respondent no . 2 are also present .
Sri Devendra Deo Gupta, Learned Advocate states that having gone through the details given in the written statement filed on behalf of the returned candidate , the election petitioner and the counsel appearing on his behalf found that the challenge to the result of election on the ground of improper rejection of the nomination paper of the election petitioner, is unsustainable .
petition. The election petitioner namely Ramcharan , therefore , does not propose to pursue the election In view of the statements of Sri Devendra Deo Gupta, Learned Advocate as also Sri Ramcharan, the electionpetitioner present in person, the election petition is dismissed as not pressed.
Order dated : 07-01-2020 .
(Sd.) Mrs. SUNITA AGARWAL, J.
By order,
ANUJ JAIPURIAR , Senior Principal Secretary , Election Commission of India .
आज्ञा से, अजय कुमार शुक्ला, सचिव ।
पी० एस ०यू०पी०-10 हिन्दी गजट- भाग 7-ख-2020 ई० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक- निदेशक, मुद्रण एवं लेखन - सामग्री, उ० प्र० , प्रयागराज । पी० एस ०यू० पी०-4 निर्वाचन-04-06-2020-25 प्रतियां- (डी० टी०पी ० / आफसेट) ।
रजिस्टर्ड नं ० - ए०डी०-4
लाइसेन्स सं ०- डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 6 जून , 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
भाग 8
सरकारी कागज - पत्र , दबाई हुई रूई की गांठों का विवरण - पत्र, जन्म - मरण के आंकड़े , रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार- भाव , सूचना, विज्ञापन इत्यादि ।
कार्यालय , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस )
05 अगस्त, 2019 ई ०
सं0 2680- सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ, जनपद हाथरस अपनी सीमा में स्थित शत- प्रतिशत भवन व भूमि की सम्पत्ति कर से आच्छादित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन के आदेश संख्या 408 / नौ-9-10-63 ज / 95 टी० सी० , नगर विकास अनुभाग-9 , लखनऊ, दिनांक 22 फरवरी , 2010 , शासनादेश संख्या 1278 / 9-9-12-205ज /17, नगर विकास अनुभाग -9 , लखनऊ, दिनांक 08 जून, 2017 के अनुपालन में नगरपालिका सीमान्तर्गत स्थित सम्पत्तियों पर सम्पत्तिकर, गृहकर एवं जलकर के प्रत्येक दो वर्ष में (द्विवार्षिक) कर निर्धारण हेतु नगरपालिका अधिनियम , 1916 की धारा 298 (1 ) के अनुसार स्वतः कर निर्धारण नियमावली, 2019 बनाई गई है, जो शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगी । इस नियमावली / उपविधि को बोर्ड बैठक दिनांक 09 जनवरी , 2019 के प्रस्ताव संख्या 4 के अधीन स्वीकृति प्रदान की गई है, स्वकर कर निर्धारण नियमावली वर्ष, 2019 एवं नियमावली के किसी भी बिन्दु पर आपत्ति के लिये पत्रांक संख्या 2469, दिनांक 29 मई, 2019 के द्वारा दिनांक 30 मई, 2019 को "अमर उजाला " , "दैनिक जागरण " एवं " हिन्दुस्तान " के अंकों में प्रकाशन कराया गया है । किसी भी व्यक्ति को आपत्ति हो तो वह नियमावली के प्रकाशन की तिथि से एक पखवाड़ा अर्थात् 15 दिवस के अन्दर कार्यालय को लिखित रूप से आपत्ति प्राप्त करायें , लेकिन किसी के द्वारा कोई आपत्ति कार्यालय को प्राप्त नहीं कराई गयी है ।
नियमावली
1 -नाम- यह नियमावली स्वकर निर्धारण नियमावली नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) के नाम से जानी जायेगी , जिसका तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ सीमान्तर्गत सम्पत्तियों पर गृहकर एवं जलकर अधिरोपण एवं उद्ग्रहण से है । उक्त गृहकर एवं जलकर नियमावली प्रभावी होने के दिनांक से नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ में लागू पूर्व गृहकर एवं जलकर नियमावली निष्प्रभावी हो जायेगी ।
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2-अर्थ-स्वकर निर्धारण प्रणाली के अन्तर्गत भवन स्वामी स्वयं ही अपने भवन की माप कर इस नियमावली में उल्लिखित शर्तों एवं करों के आधार पर गणना कर भवन पर कर निर्धारण कर सकेगा ।
3- परिभाषायें- इस नियमावली में-
(i) " नगरपालिका " से तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) से है ।
(ii) " अधिनियम " से तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस ) से है ।
(iii) " अधिशासी अधिकारी " का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस ) से है, जो कर निर्धारण का अधिकारी होगा । अधिशासी अधिकारी कर निर्धारण शक्तियों का प्रयोग अपने अधीनस्थ, कर अधीक्षक / राजस्व निरीक्षक अथवा समय- समय पर अधिशासी अधिकारी द्वारा निहित प्राधिकारी द्वारा किया जायेगा ।
(iv) "अध्यक्ष/प्रशासक / बोर्ड " का तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) से है ।
(v) " भवन/ भूमि" से तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) की सीमा में स्थिति भवन/ भूमि से है ।
(vi) "स्वामी" का तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) की सीमान्तर्गत भवन एवं भूमि के स्वामी से है ।
(vii) " अध्यासी" का तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) की सीमान्तर्गत भवन एवं भूमि पर अध्यासन करने वाले व्यक्तियों से है ।
(viii) " स्वकर निर्धारण " से तात्पर्य उस व्यवस्था से है, जिसे उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अपने आदेश संख्या 408 /नौ-9-10-63ज / 95 टी० सी० , दिनांक 22 फरवरी , 2010 एवं शासनादेश संख्या 1275 / नौ-9-10- 63 ज/12 , नगर विकास अनुभाग -9 , लखनऊ, दिनांक 10 सितम्बर, 2012 एवं शासनादेश संख्या 428 /नौ-9-2017-38ज /17 , नगर विकास अनुभाग -9 , लखनऊ, दिनांक 08 जून, 2017 के द्वारा उत्तर प्रदेश की समस्त निकायों में लागू किया गया है ।
(ix) "आवासीय भवन" से तात्पर्य उस भवन से है जिसका प्रयोग / स्वामी / अध्यासी द्वारा निवास (अध्यासन) के रूप में किया जा रहा है ।
(x) " व्यावसायिक भवन" से तात्पर्य उस भवन से है जिसमें आवासीय के साथ- साथ व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हों ।
(xi) " मिश्रित भवन" से तात्पर्य उस भवन से है जिसमें आवासीय के साथ - साथ व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं ।
(xii) "पक्का भवन" से तात्पर्य ऐसे भवन से है जिसकी छत आर० सी० सी० या आर० बी० सी० पद्धति से निर्मित हो तथा आधुनिक भवन निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया हो ।
(xiii) "अन्य पक्का भवन" से तात्पर्य ऐसे भवन से है जिसकी कड़ी, पटियों से निर्मित हो ।
(xiv) "कच्चा भवन" से तात्पर्य ऐसे भवन से है जिसकी छत अस्थायी साधनों यथा छप्पर, टीन शेड, प्लास्टिक, लोहा, सीमेन्ट की चादर इत्यादि से निर्मित हो ।
(xv) " मासिक किराया " से तात्पर्य इस नियमावली में भवन / भूमि के कारपेट आच्छादित क्षेत्रफल के लिये निर्धारित प्रतिवर्ग फुट किराये से है ।
(xvi) " वार्षिक मूल्य" से तात्पर्य नगरपालिका अधिनियम , 1916 की धारा 140 में उल्लिखित वार्षिक मूल्य से है ।
(xvii) " आच्छादित क्षेत्रफल" से तात्पर्य उस निर्मित भवन के प्रत्येक तल के कुल आच्छादित क्षेत्र से है ।
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(xviii) " कारपेट एरिया" से तात्पर्य भवन के उस क्षेत्र से है जहां कारपेट बिछाया जा सके ।
(xix) " मोहल्ले की श्रेणी" से तात्पर्य मोहल्ले के विकास की स्थिति , भवनों की स्थिति, नाली, सड़क , खड़न्जा, लोगों के स्थायी रहन- सहन से है ।
(xx) " मार्ग की चौड़ाई " से तात्पर्य मार्ग के दोनों ओर स्थित दोनों सरकारी नाली / नाला के बीच की दूरी से है ।
(xxi) " करों का आरोपण एवं उद्ग्रहण " का उद्देश्य मात्र सार्वजनिक प्रयोजनार्थ कर अधिरोपण से है । किसी भी प्रकार के स्वामित्व निर्धारण से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है ।
4-वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर आंगणित कर से सम्बन्धित आधारभूत तथ्य-
अधिशासी अधिकारी , नगर पालिका क्षेत्र या उसके भाग में नियमावली में निहित रीति के अनुसार क्षेत्रवार समय- समय पर किराया दर और कर निर्धारण सूची तैयार करायेंगे ।
(क) इस अधिनियम के किसी भी अन्य उपबन्ध में किसी बात के प्रतिकूल होते हुये भी किसी भवन के सम्बन्ध में कर भुगतान के लिये प्राथमिक रूप से उत्तरदायी स्वामी या अध्यासी अपने द्वारा संदेय सम्पत्ति कर की धनराशि के सम्बन्ध में प्रतिवर्ष अपनी देनदारी का निर्धारण स्वयं कर सकता है और ऐसा करने में वह धारा 140 के उपबन्धों के अनुसार भवन के वार्षिक मूल्य का अवधारण स्वयं कर सकता है और अपने द्वारा इस रीति से इस प्रकार निर्धारित करने के साथ ऐसे स्वनिर्धारण विवरण ऐसे प्रपत्र में जैसा कि विदित किया जाये जमा कर सकता है ।
(ख) सर्वेक्षण के दौरान आवासीय और व्यावसायिक भवनों की पृथक् पृथक् संख्या आवंटित की जायें । यदि कोई भवन आवासीय है तो उसको 1-1 और 1-2 तथा यदि भवन व्यावसायिक है तो इसे उसे 1-1 सी, 1-2सी आदि डाले जायेंगे और यदि भवन मिश्रित है तो उसे 1-1 सी आर संख्या डाली जायेगी ।
(ग) व्यवसायिक भवनों पर कर निर्धारण नगरपालिका अधिनियम, 1916 में उल्लिखित नियमों के अनुसार आवासीय भवनों की तुला में 12 गुणा किया जायेगा ।
(घ) भवनों का पूर्ण विवरण निर्धारित प्रपत्र पर भरकर नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस ) के कार्यालय में जमा किया जायेगा और यदि भवन निर्माणाधीन है तो निर्माण पूर्ण होने के 15 दिवस के अन्दर नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र पर विवरण भरकर जमा करना होगा ।
(ङ) यदि 15 दिवस के अन्दर स्वकर निर्धारण प्रणाली के अनुसार भवन स्वामी/ अध्यासी द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर सूचना भर कर नगरपालिका में जमा नहीं की जाती है तो नगरपालिका उक्त सम्पत्ति का वार्षिक मूल्य आंकलित कर स्वतः ही कर निर्धारित कर देगी जिसे भवन स्वामी / अध्यासी को अनिवार्य रूप से देना होगा ।
5-कारपेट एरिया की गणना निम्नानुसार की जायेगी-
(1 ) कक्ष-आन्तरिक आयाम की पूर्ण माप ।
(2) आच्छादित बरामदा आन्तरिक आयाम की पूर्ण माप ।
(3) बालकनी, गलियारा , रसोई घर और भण्डार गृह आन्तरिक आयाम की 50 प्रतिशत माप ।
(4) गैराज-आन्तरिक आयाम की चौथाई माप अथवा कारपेट एरिया-आच्छादित क्षेत्रफल का 80 प्रतिशत भाग ।
नोट- स्नानागार, शौचालय, द्वार मण्डप और जीना से आच्छादित क्षेत्रफल कारपेट का अंग नहीं होगा ।
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6- कर निर्धारण- कर का निर्धारण निम्नांकित के आधार पर किया जायेगा-
(क) वार्षिक मूल्य की गणना- वार्षिक मूल्य कारपेट एरिया × निर्धारित प्रति ईकाई का क्षेत्रफल किराया दर × 12 आच्छादित क्षेत्रफल का 80 प्रतिशत निर्धारित प्रति इकाई का क्षेत्रफल किराया दर × 12
(ख) कर निर्धारण दर- गृहकर वार्षिक मूल्य का 7 प्रतिशत तथा जलकर वार्षिक मूल्य का 10 प्रतिशत देय होगा।
7-करों का भुगतान अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा प्राधिकृत बनाये गये नियम के अधीन निर्धारित भवन/ भूमि ( सम्पत्ति) कर के भुगतान हेतु स्वामी / अध्यासी को बिल प्रेषित करेगा, जिसमें एक ऐसा दिनांक निर्दिष्ट होगा जो नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ कार्यालय अथवा उसके द्वारा अधिसूचित बैंक में नियमानुसार कर का भुगतान किया जायेगा । स्वःकर निर्धारण का भुगतान सार्वजनिक सूचना द्वारा सूचित किये जाने पर भी निर्धारित तिथि तक जमा किया जायेगा । निर्धारित अवधि में कर की वसूली की जायेगी । कर का भुगतान समय से न करने पर नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) उसे नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा (क) एवं 291 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये भू- राजस्व के रूप में वसूल करने हेतु स्वतंत्र होगी ।
8- स्वतः अध्यासित भवनों के लिये छूट-
(क) 10 वर्ष तक के पुराने भवनों के वार्षिक मूल्यांकन में 25 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी ।
(ख) 10 वर्ष से 20 वर्ष तक के पुराने भवनों के वार्षिक मूल्यांकन में 32.5 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी ।
(ग) 20 वर्ष से अधिक पुराने भवनों के वार्षिक मूल्यांकन में 40 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी ।
9-किराये पर उठे आवासीय भवन-
(क) [1 ] 10 वर्ष तक के पुराने भवनों के वार्षिक मूल्यांकन में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी ।
[2] 10 से 20 वर्ष तक के पुराने भवनों के वार्षिक मूल्यांकन में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी ।
[3] 20 वर्ष से अधिक पुराने भवनों के वार्षिक मूल्यांकन में कोई वृद्धि नहीं होगी ।
(ख) किराये पर उठे व्यवसायिक भवन का मूल्यांकन अनुबन्ध में उल्लिखित वास्तविक किराये या किराया मूल्यांकन जो अधिक हो से किया जायेगा ।
10- व्यावसायिक सम्पत्तियों से तात्पर्य वह सभी प्रकार की सम्पत्तियां जिन पर किसी प्रकार का व्यवसाय कार्य किया जा रहा हो ।
11 -औद्योगिक सम्पत्तियों से तात्पर्य - वह सभी प्रकार की सम्पत्तियां जिन पर किसी प्रकार का औद्योगिक कार्य किया जा रहा हो ।
12- निम्नलिखित सम्पत्तियां करों के उद्ग्रहण से मुक्त होंगी-
(क) मृतकों के निस्तारण से सम्बन्धित प्रयोजन के लिये अनन्य रूप से प्रयुक्त भवन या भूमि ।
(ख) भवनों और भूमि या उनके भाग , जिनका अधिभोग और उपभोग अनन्य रूप से सार्वजनिक पूजा या धर्मार्थ प्रायोजनों, अनुसंधान एवं विकास के सरकारी सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त संस्थानों के मैदान , कृषि क्षेत्र और उद्यान, सरकारी सहायता प्राप्त या गैर सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं के खेल के मैदान या क्रीड़ा स्टेडियम के लिये किया जाता हो ।
(ग) भवन, जिनका उपयोग अनन्य रूप से विद्यालय या इण्टरमीडिएट कालेज के रूप में किया जाता हो , चाहे वे राज्य सरकार द्वारा मान्यता हो अथवा न हो ।
(घ) प्राचीन स्मारक परिरक्षण अधिनियम , 1904 में यथा परिभाषित प्राचीन संस्मारक , जो किसी ऐसे संस्मारक के सम्बन्ध में राज्य सरकार के किसी निर्देश के अध्याधीन हो ।
(ङ) किसी स्वामी द्वारा अध्यासित ऐसा आवासीय भवन जो 30 वर्ग मी ० के माप वाले या 15 वर्ग मी० तक के कारपेट क्षेत्रफल वाले भूखण्ड पर निर्मित हो, परन्तु उसके स्वामी के स्वामित्व में नगरपालिका सीमान्तर्गत कोई अन्य भवन न हो ।
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(च) सेवारत / सेवानिवृत्त सैन्य कर्मचारियों द्वारा स्वयं के उपयोग हेतु प्रयुक्त भवन का सामान्य कर शासनादेश के अधीन होगा ।
(छ) समस्त भवन एवं सम्पत्ति जो नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ के स्वामित्व में हो ।
नोट- परन्तु उक्त सम्पत्तियों में यदि अन्य व्यवसायिक कार्य किया जाता है, तो तदानुसार उन पर कर निर्धारण एवं उद्ग्रहण किया जायेगा ।
स्पष्टीकरण - उ ०प्र ० शहरी भवन (किराये पर देने, किराये तथा बेदखली का विनियमन) अधिनियम , 1972 के प्रयोजन के लिये किसी भवन का मानक किराया, अनुबन्धित किराया या युक्तियुक्त वार्षिक किराये को भवन के वार्षिक मूल्य की गणना करते समय हिसाब में नहीं लिया जायेगा बल्कि उसके किराये का निर्धारण उ० प्र० नगरपालिका अधिनियम, 1916 के प्राविधानों के अनुसार किया जायेगा ऐसे भवनों के करों की देयता अब किरायेदार की होगी ।
13-जिन भवनों / व्यापारिक भवनों के किरायेदार/ अध्यासी को ही गृहकर, जलकर का भुगतान करना होगा, परन्तु करों के भुगतान से उसका स्वामित्त्व सिद्ध नहीं होगा ।
14-(क) गृहकर एवं जलकर की देयता वार्षिक होगी अर्थात् 01 अप्रैल से 31 मार्च तक ।
(ख ) लगातार दो वर्ष तक करों का भुगतान न करने पर सम्बन्धित करदाता से 5 प्रतिशत सरचार्ज वसूला जायेगा ।
15-अर्थदण्ड- उ० प्र० नगरपालिका अधिनियम , 1916 की धारा 299 (1 ) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस ) आदेश करती है कि उपर्युक्त नियमावली के किसी भी नियम का उल्लंघन करना दण्डनीय अपराध होगा, जिसके जुर्माने की सीमा रु0 1,000.00 (एक हजार रुपये मात्र) तक हो सकती है और यदि उल्लंघन जारी रहे तो प्रथम दोष सिद्ध होने के दिनांक के पश्चात् से प्रत्येक दिन के लिये जिसके बारे में ये सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है , अतिरिक्त जुर्माना किया जा सकता है , जो कि रु0 25.00 (पच्चीस रु० मात्र) प्रतिदिन हो सकता है ।
16-जब कभी भवन स्वामी द्वारा अध्यासित भवन को किराये पर दिया गया हो या किराये से वापस अपने अध्यासन में लिया गया हो तो इसके 03 माह के अन्दर प्रपत्र 'ख' में ही पुनः विवरण प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा ।
17 -जब कभी भवन के कारपेट एरिया / भूमि के क्षेत्रफल अथवा दोनों में कोई परिवर्तन या परिवर्द्धन किया जाता है तो इसके 03 माह के अन्दर यथा स्थिति भवन स्वामी / अध्यासी द्वारा प्रपत्र 'ख' में ही पुनः विवरण प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा ।
18-जिन भवनों / भूमि को नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ द्वारा भवन / भूमि की संज्ञा दी जा चुकी है , उन्हें भी प्रपत्र 'क' और 'ख' पर उपरोक्तानुसार भरकर जमा करना अनिवार्य है तथा उनके भवन/ भूमि पर यदि कोई पूर्व बकाया है, तो प्रपत्र 'क' के अनुसार देय कर एवं कर भी जमा करेंगे ।
19- मकानों के हस्तान्तरण सम्बन्धी नियम- नगरपालिका विशेष परिस्थितियों में-
(क) यदि किसी भवन अथवा भूमि का जिस पर कर आरोपित है बैनामा के आधार पर स्वामित्व हस्तान्तरित होता है, तो स्वामित्व पाने वाला व्यक्ति या संस्था ऐसे हस्तान्तरण की सूचना नगरपालिका को 03 माह के अन्दर देना अनिवार्य होगा । अन्यथा 03 माह उपरान्त और 01 वर्ष के अन्दर सूचना देने पर बैनामा में अंकित मालियत / सरकारी मूल्यांकित दर की धनराशि का 01 प्रतिशत विलम्ब शुल्क जमा करना होगा । अन्यथा रु0 50.00 प्रतिवर्ष की दर से अतिरिक्त विलम्ब शुल्क भी देय होगा । तदानुसार नगरपालिका नियमानुसार नामान्तरण की कार्यवाही सुनिश्चित करेगी ।
(ख) यदि किसी करदाता अथवा भवन/ भूमि के स्वामी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके वारिस को करदाता की मृत्यु दिनांक का प्रमाण - पत्र एवं वारिसान प्रमाण - पत्र 03 माह के अन्दर लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा । अन्यथा की स्थिति में 03 माह उपरान्त और 01 वर्ष के अन्दर उसकी सूचना देने पर अंकन रु० 1,000.00 विलम्ब शुल्क देना होगा । अन्यथा रु0 50.00 प्रतिवर्ष की दर से अतिरिक्त विलम्ब शुल्क भी देय होगा । तदानुसार नगरपालिका नियमानुसार नामान्तरण की कार्यवाही सुनिश्चित करेगी ।
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20- मुख्य मार्ग का तात्पर्य - मुख्य मार्ग में वे सभी सड़के आयेंगी, जिसकी चौड़ाई 30 फुट तक है ।
21- अन्य मार्ग का तात्पर्य - मुख्य मार्ग से अन्दर के मार्ग व मोहल्ला/ कालोनी में जाने वाली सड़कें एवं समस्त गलियां अन्य मार्गों में आयेंगी ।
22- प्रतिवर्ग फुट मासिक किराये का तात्पर्य अधिशासी अधिकारी , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ द्वारा सत्यापित मासिक किराया प्रतिवर्ग फुट से है ।
23- अन्तिम निर्णय अधिशासी अधिकारी में निहित होगा ।
जायेगा । 24- आपत्तियों का निराकरण एवं निस्तारण अधिशासी अधिकारी अथवा उसके द्वारा गठित समिति द्वारा किया
25 - कर निर्धारण सूची / पंजिका में भवन / भूखण्ड के स्वामियों के नामों एवं गृहकर एवं जलकर में परिवर्तन अधिशासी अधिकारी अथवा उसके द्वारा गठित समिति द्वारा किया जायेगा ।
26- नगरपालिका द्वारा अपने किसी प्रकार के पेयजल संसाधनों से सर्वसाधारण को पेयजल उपलब्ध कराये जाने वाले अधिष्ठान से 200 मीटर अर्द्धव्यास के भीतर सम्पत्तियों पर जलकर का अधिरोपण एवं उद्ग्रहण किया जायेगा । जलमूल्य एवं मीटर किराये का निर्धारण जल सम्भरण एवं जल परिवय नियमावली तथा शासनादेश संख्या 960 / नौ - 2-2013-95 सा/ 2009, दिनांक 26 अप्रैल , 2013 अथवा समय- समय पर जारी शासनादेश के अनुक्रम में किया जायेगा।
27- अधिशासी अधिकारी , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) को प्रत्येक दो वर्ष में करों का पुनरीक्षण / पुनः निर्धारण का अधिकार होगा । अपरिहार्य परिस्थितियों में यदि प्रत्येक दो वर्ष में सम्पत्ति कर, गृहकर एवं जलकर आदि के पुननिर्धारण नहीं हो सका तो अधिशासी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वे न्यूनतम 10 प्रतिशत की वृद्धि कर के करों की वसूली सुनिश्चित करायेंगे ।
28- नगरपालिका द्वारा प्रत्येक तीन माह में भवनों के नवनिर्माण / परिवर्धन/ परिवर्तन की स्थिति में कराच्छादन हेतु सर्वे करायेगी तथा उन पर तत्समय प्रचलित दरों पर कर निर्धारण करेगी तथा कर निर्धारण सूची में परिवर्धन करेगी । इस प्रकार परिवर्तित करों का भुगतान स्वामी / अध्यासी अनिवार्य रूप से करना होगा ।
29- स्वःकर निर्धारण के सम्बन्ध में निर्धारित प्रपत्र पर सूचना देनी होगी । गलत सूचना देने पर अंकन रु० 5,000.00 अर्थदण्ड देना होगा तदानुसार नगरपालिका अधिनियम , 1916 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी ।
30-अधिशासी अधिकारी , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ द्वारा अपनी सीमान्तर्गत स्थित भवनों / भूमियों का वार्षिक मूल्यांकन निम्न दरों पर निर्धारित किया जायेगा ।
सम्पत्ति कर (गृहकर व जलकर) स्वमूल्यांकन व्यवस्था का विवरण वर्गवार निर्धारण मासिक किराया दर
प्रतिवर्ग फुट (रुपये में)
पक्काभवन (R.C.C.) भवन की प्रकृति , फर्श की प्रकृति / सड़क की प्रकृति
2.00 क (24 मी० से अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित भवन)
1.50 ख (12 से 24 मी ० तक चौड़ी सड़क पर स्थित भवन)
1.25 ग (12 मी0 से कम चौड़ी सड़क पर स्थित भवन)
कच्चा भवन भूमि/प्लाट अन्य पक्का भवन
पक्काभवन (R.C.C. )
0.75 1.00
0.75
1.50
0.50 1.25
1.00
0.50
0.50 1.00
0.75
0.50
सरोज देवी,
अध्यक्ष,
नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ , हाथरस ।
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कार्यालय , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस )
01 अगस्त, 2019 ई ०
सं ० 2668 - नगरपालिका अधिनियम, 2016 की दिनांक धारा 128 की उपधारा (7) के प्रावधानों के अनुसार नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ सीमान्तर्गत ई - रिक्शा / ई - कार्डस / ई- भार वाहन विनियमित एवं नियंत्रित करने की उपविधि बनाने हेतु पालिका बोर्ड द्वारा प्रस्ताव संख्या 04 के बिन्दु संख्या 02 , दिनांक 09 जनवरी , 2019 के द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई है, उक्त उपविधि का प्रकाशन कार्यालय के पत्र संख्या 2217 , दिनांक 12 फरवरी , 2019 के द्वारा दैनिक "अमर उजाला " , " हिन्दुस्तान " एवं " दैनिक जागरण " , दिनांक 13 फरवरी, 2019 के अंक में इस तिथि से 15 दिन के अन्दर अपनी लिखित आपत्ति / सुझाव कार्यालय , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ (हाथरस) में प्रस्तुत कर सकता है । लेकिन निर्धारित समयावधि में कोई आपत्ति / सुझाव प्राप्त नहीं हुआ है ।
तदुपरान्त पालिका बोर्ड द्वारा प्रस्ताव संख्या 04 के बिन्दु सं ० 02, दिनांक 09 जनवरी , 2019 के द्वारा उक्त उपविधि को सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया है ।
अतः ई- रिक्शा/ ई-कार्डस / ई- भार वाहन सम्बन्धी उपविधि को वसूली के लिये सरकारी गजट में किये जाने हेतु सादर प्रेषित है ।
उपविधि
1- यह उपविधि पालिका सीमान्तर्गत ई - रिक्शा / ई-कार्डस / ई-भार वाहन विनियमित एवं नियंत्रित करने की उपविधि नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ , 2018 कहलायेगी ।
2-यह उपविधि सरकारी गजट , उ०प्र० में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगी ।
3- परिभाषा- इस उपविधियों में अब तक विषय अथवा प्रसंग से कोई बात प्रतिकूल न हो-
(क) " अधिनियम" का तात्पर्य नगरपालिका अधिनियम, 1916 से है ।
(ख) "बोर्ड" का तात्पर्य नगरपालिका परिषद् बोर्ड, सिकन्दराराऊ से है ।
(ग) "सीमान्तर्गत " से तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ की सीमा से है ।
(घ) "अध्यक्ष" का तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ के अध्यक्ष से है ।
(ङ) " अधिशासी अधिकारी" का तात्पर्य नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ के अधिशासी अधिकारी से है ।
(च ) " अनुज्ञप्ति अधिकारी " से तात्पर्य अधिशासी अधिकारी जिस अधिकारी को अनुज्ञप्ति जारी करने हेतु नामित करें, प्रभारी अधिकारी लाइसेंस/ कर अधीक्षक लाइसेंस से है ।
(छ) "अनुज्ञप्ति ग्रहिता " का तात्पर्य उस व्यक्ति से है, जो ई - रिक्शा / ई-कार्डस / ई- भार वाहन चलाने की अनुमति प्राप्त किया हो ।
लाइसेंस की शर्तें एवं नियम-
सिकन्दराराऊ नगरपालिका की सीमान्तर्गत अनुज्ञप्ति अधिकारी से अनुज्ञप्ति प्राप्त किये बिना कोई ई- रिक्शा/ ई-कार्डस / ई- भार वाहन नहीं चलाया जा सकता है । निम्नलिखित दशा में ई- रिक्शा/ ई-कार्डस / ई- भार वाहन का अनुज्ञप्ति- पत्र दिया जा सकेगा अथवा नवीनीकरण हो सकेगा-
(1 ) ई- रिक्शा/ ई-कार्डस / ई- भार वाहन सुदृढ़ तथा चालू अवस्था में हो ।
(2) ई- रिक्शा / ई- कार्डस / ई- भार वाहन के लिये भविष्य में सम्भागीय परिवहन विभाग द्वारा उक्त वाहन का लाइसेंस निर्गत किया जाता है , तो नगरपालिका कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
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[भाग 8 उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून , 2020 ई० (ज्येष्ठ 16 , 1942 शक संवत्)
(3) ई-रिक्शा / ई-कार्डस / ई- भार वाहन चालक की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष होगी तथा चालक स्वस्थ्य हो तथा किसी भी संक्रामित ग्रस्त न हो , रिक्शा पंजीकरण एवं नवीनीकरण करते समय चिकित्सक स्वास्थ्य प्रमाण- पत्र प्रस्तुत करना होगा । शासन द्वारा स्वीकृत आकार व स्वरूप के अनुरूप हो ।
(4) ई - रिक्शा / ई-कार्डस /ई- भार वाहन की छतरी पानी रोकने वाले वस्त्र अथवा अन्य पदार्थ की हो और सवारी सीट के अन्दर कुशन का अस्तर हो अथवा रेगजीन की बनी हो ।
(5) ई- रिक्शा / ई- कार्डस / ई- भार वाहन में हेड लाइट, घण्टी और खतरा सूचक लालबत्ती बीच में पीछे हो ।
(6) नगरपालिका द्वारा अनधिकृत रूप से पकड़े गये ई- रिक्शा / ई- कार्डस / ई- भार वाहन चलित पर रु0 50.00 प्रति दिवस अर्थदण्ड देय होगा तथा 15 दिवस के पश्चात् अधिशासी अधिकारी अनुज्ञप्ति अधिकारी द्वारा ई- रिक्शा स्वामी को सूचना देकर और दैनिक समाचार - पत्रों में प्रकाशन कराने के पश्चात् ई - रिक्शा/ ई- कार्डस / ई - भार वाहन को नीलाम कर दिया जायेगा । नीलामी अवधि समाप्त होने से पूर्व समस्त व्यय और अवशेष अनुज्ञप्ति शुल्क देने पर ई- रिक्शा मुक्त करा सकेगा ।
अनुज्ञप्ति ग्रहित को निम्नलिखित प्रतिबन्धों का पालन करना आवश्यक होगा-
1 -कोई भी अनुज्ञप्ति न तो किसी निषेध दृष्य का प्रयोग करेगा न ही किसी ई- रिक्शा में बैठने वाली सवारी को ऐसा करने देगा । किसी भी प्रकार का मद्यपान जिनमें एल्कोहल अधिक हो, प्रयोग अथवा सेवन नहीं करेगा ।
2-अधिशासी अधिकारी एवं अनुज्ञप्ति अधिकारी उसके द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी को कोई ई-रिक्शा / ई-कार्डस / ई- भार वाहन का निरीक्षण करने का अधिकारी होगा ।
3 -अनुज्ञप्ति अधिकारी की अनुमति के बिना कोई अनुज्ञप्ति किसी अन्य व्यक्ति अथवा स्थान के नाम से परिवर्तित अथवा हस्तान्तरित नहीं किया जायेगा ।
4-अधिशासी अधिकारी , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ अथवा उसके द्वारा नामित अनुज्ञप्ति अधिकारी / कर अधीक्षक लाइसेंस उपविधियों से सम्बन्धित अनुज्ञप्ति जारी करेगा और वही अनुज्ञप्ति अधिकारी होगा ।
5- प्रत्येक अनुज्ञप्ति जो उपविधियों के अधीन स्वीकार किया जायेगा, उसकी अवधि प्रतिवर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च , के लिए होगा । अनुज्ञप्ति प्राप्त करने या नवीनीकरण कराने के लिए प्रार्थना-पत्र 31 मई तक अनुज्ञप्ति अधिकारी , नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ के कार्यालय में आवश्यक रूप से प्रत्येक रूप से प्रस्तुत करके अनुज्ञप्ति- पत्र नियमानुसार प्राप्त करना होगा । निर्धारित अवधि (31 मई से पूर्व 10 प्रतिशत की छूट दी जायेगी) के पश्चात् प्राप्त अनुज्ञप्ति करने या नवीनीकरण प्रार्थना-पत्रों पर निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त 20 प्रतिशत शुल्क देय होगा । प्रथम बार इस नई उपविधि के प्रभावी दिनांक से अगले 02 माह की अन्तिम दिनांक तक 10 प्रतिशत छूट देय होगा । तत्पश्चात् निर्धारित शुल्क पर 20 प्रतिशत सरचार्ज देय होगा ।
6- इन उपविधियों का उल्लंघन करने पर अधिशासी अधिकारी / नामित अनुज्ञप्ति अधिकारी / कर अधीक्षक लाइसेंस किसी भी अनुज्ञा को निलम्बित / रद्द कर सकता है तथा बिना अनुज्ञा ई -रिक्शा/ई-कार्डस /ई- भार वाहन के संचालक के विरुद्ध विधि कार्यवाही अथवा दण्डित करने हेतु सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही एवं नगरपालिका अधिनियम, 1916 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत सक्षम न्यायालय में अभियोग प्रस्तुत कर सकता है ।
7-अनुज्ञप्ति अधिकारी द्वारा अनुज्ञप्ति को निलम्बित अथवा रद्द करने अथवा अन्य इस उपविधि से सम्बन्धित किसी आदेश के विरुद्ध की तिथि से 15 दिन में प्रतिवेदन अधिशासी अधिकारी के नाम प्रेषित किया जा सकता है । जिसमें अधिशासी अधिकारी का निर्णय मान्य होगा । यदि अधिशासी अधिकारी समझें तो प्रकरण बोर्ड को सन्दर्भित किया जा सकता है । जिसमें बोर्ड का निर्णय अन्तिम एवं बन्धनकारी होगा ।
8- ई - रिक्शा चालक का दुर्घटना बीमा रु ० एक लाख का किया जायेगा । बीमा व्यय स्वयं पालिका द्वारा वहन किया जायेगा ।
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उत्तर प्रदेश गजट, 6 जून , 2020 ई० (ज्येष्ठ 16, 1942 शक संवत्)
9- ई- रिक्शा पंजीकरण करते समय आवेदक को निर्धारित रूट चयनित करना होगा । निर्धारित रूट के अतिरिक्त अन्य रूट पर रिक्शा संचालन करने पर जुर्माना आदि की कार्यवाही की जायेगी ।
होंगे । 10- ई-रिक्शा पंजीकरण करते समय पहचान- पत्र , निवास प्रमाण-पत्र , ई - रिक्शा सम्बन्धी अभिलेख प्रस्तुत करने
11- ई-रिक्शा पंजीकरण उपरांत पंजीकरण नम्बर प्लेट पर पालिका द्वारा दिया गया स्लोगन अनिवार्य रूप से लगाना होगा ।
12- ई-रिक्शा पर किसी भी प्रकार का विज्ञापन अंकित होने पर विज्ञापन कर जमा करना होगा ।
इन उपविधियों के अन्तर्गत निम्नलिखित शुल्क देय होगा-
(1 ) ई- रिक्शा सवारी 05 सीटर (मय चालक) वार्षिक दर रु 0 400.00 |
(2) ई - रिक्शा भार वाहन वार्षिक दर रु 0 600.00 |
शास्ति
नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ उपरोक्त नियमावली के किसी भी नियम का उल्लंघन अथवा भंग करने वाले व्यक्ति पर रु० 800.00 अर्थदण्ड लिया जायेगा । यदि उल्लंघन निरन्तर जारी रहे तो प्रथम अभियोग के सिद्ध होने के पश्चात् रु 0 50.00 अतिरिक्त अर्थदण्ड देय होगा । अर्थदण्ड करने का अधिकारी अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ में निहित होगा ।
सरोज देवी, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद्, सिकन्दराराऊ , (हाथरस) ।
सूचना
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेसर्स ओम प्रकाश यादव कान्स्ट्रक्शन ग्राम व पो ० पतिला गौसपुर में प्रथम पक्ष के रूप में ओम प्रकाश यादव फर्म में प्रोपराइटर थे । स्वेच्छा से फर्म से अलग हो गये हैं । अब वर्तमान में फर्म का प्रोपराइटर बाल चन्द यादव है ।
बालचन्द ।
NOTICE
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स "काजल रोडलाइन्स" , मोहल्ला दीपा सराय , पो० सम्भल, तह० व जिला सम्भल (यू० पी० ) नामक फर्म में दिनांक 24 फरवरी , 2020 को सुर्रे हबीब पुत्र श्री रफीक अहमद, निवासी मोहल्ला हिन्दुपुरा खेड़ा, सम्भल , तह० व जिला सम्भल की मृत्यु हो गई है तथा दिनांक 28 फरवरी , 2020 को श्री दिलनवाज अख्तर पुत्र श्री मौ ० हुसैन व श्री सगीर अहमद पुत्र श्री जहीर अहमद रिटायर हो गये हैं तथा उक्त फर्म पर रिटायर्ड पार्टनर की कोई देनदारी व लेनदारी बकाया नहीं है तथा अब वर्तमान में तीन पार्टनर नदीप अहमद , श्री बिलाल व श्री गुलजार रह गये हैं ।
It is to be informed to everybody that my name was Ram Prasad s/o Bal Kishan . I have changed my above name to Ram Prasad Yadav s/ o Bal Kishan Yadav. Address : Vill -Parsiabujurg, Post-Pokharbhinda, P/S Farenda, Distt. -Maharajganj . Pin. 273155 .
नदीम अहमद, पार्टनर,
I should be known and identified by this name .
RAM PRASAD .
फर्म मेसर्स "काजल रोडलाइन्स" , मोहल्ला दीपा सराय , पो ० सम्भल, तह० व जिला सम्भल ( यू० पी ०) ।
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सूचना
सूचना
एतद्वारा सर्वसाधारण को यह सूचित किया जाता है कि मैं , शरद अग्रवाल पुत्र श्री हनुमान प्रसाद अग्रवाल , निवासी 551 , झा/ 138 , रामनगर भिलावा, आलमबाग , लखनऊ , आयु 36 वर्ष , दिनांक 07 अप्रैल , 2018 से मेसर्स शिव शक्ति पैकेजिंग सॅल्यूशन पता-134 /325, बशीरतगंज , लखनऊ नामक साझीदारी फर्म से अपनी साझीदारी का परित्याग करता हूं ।
मैं इन्किसार अली (Inkisar Ali) पुत्र इफ्तिखार अली फारुकी, निवासी 425/175 बिस्मिल नगर अम्बरगंज , लखनऊ वर्तमान में सेवानिवृत्त हूं मेरे समस्त प्रमाण पत्रों में इन्किसार अली अंकित है किन्तु पूर्व से ही मैं अपने प्रिय नाम इन्किसार अली फारुकी (Inkisar Ali Farooqui) के नाम से जाना व पहचाना जाता हूं, सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि दोनों नाम मेरे ही हैं । भविष्य में मुझे इन्किसार अली फारुकी के नाम से जाना व पहचाना जाय ।
अतः उक्त दिनांक के पश्चात् उपरोक्त फर्म द्वारा किसी भी किये कार्य या कार्यों के लिये किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं रहूंगा ।
Farooqui.
पूर्वपार्टनर, शरद अग्रवाल ।
पी० एस ०यू० पी०-10 हिन्दी गजट- भाग-8-2020 ई ० । मुद्रक और प्रकाशक निदेशक, मुद्रण एवं लेखन- सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ।