रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
प्रयागराज, शनिवार, 1 जनवरी, 2022 ई० (पौष 11, 1943 शक संवत्) [संख्या 1 प्रयागराज, शनिवार, 1 जनवरी, 2022 ई० (पौष 11, 1943 शक संवत्) खण्ड 76] प्रयागराज, शनिवार, 1 जनवरी, 2022 ई० (पौष 11, 1943 शक संवत्)
विषय-सूची हर भाग के पन्ने अलग-अलग किये गये हैं, जिससे इनके अलग.अलग खण्ड बन सके। हर भाग के पन्ने अलग
अलग खण्ड बन सके।
विषय पृष्ठ संख्या
विषय
पृष्ठ संख्या वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
रु0
वार्षिक चन्दा रु0
3075 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग, उार भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग, उार
प्रदेश
1-2
1-24
975 975 सम्पूर्ण गजट का मूल्य भाग 1-विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
975
1500
भाग 5-एकाउन्टेन्ट जनरल, उार प्रदेश भाग 5-एकाउन्टेन्ट जनरल, उार प्रदेश भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किये गये या प्रस्तुत किये जाने प्रस्तुत किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये (ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
1-34
भाग 1-क-नियम, कार्यविधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
भाग 1-ख (1) औद्योगिक न्यायाधिकरणों
भाग 6-क-भारतीय संसद के ऐक्ट
के अभिनिर्णय
भाग 1-ख (2)-श्रम न्यायालयों के
भाग 6-क-भारतीय संसद के ऐक्ट भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा सभाओं में प्रस्तुत किये जाने के पहले सभाओं में प्रस्तुत किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये
अभिनिर्णय
(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट भाग 7-क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं भाग 7-क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं
975
के ऐक्ट
भाग 7-ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ भाग 7-ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
..
975
..
भाग 2-आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण
पत्र, दबाई हुई
भाग 8-सरकारी कागजपत्र, दबाई हुई पत्र, जन्म
रूई की गाठों का विवरणपत्र, जन्म मरण के आँकड़े, रोगग्रस्त होने वालों मरण के आँकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि
भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़पत्र, खण्ड क-नगरपालिका परिषद्, खण्ड ख-नगर पंचायत, खण्ड ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्ड घ-जिला पंचायत
975 1-40 .. 1425
1-2 975 स्टोर्स-पर्चेज विभाग का क्रोड़ पत्र
1 क2 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1 आवश्यक सूचना 1-गजट के न मिलने की सूचना गजट में प्रकाशित होने से 15 दिन के अन्दर निदेशक, मुद्रण एवं लेखन.सामग्री, उार प्रदेश, प्रयागराज को प्राप्त होनी चाहिये। उसके बाद के परिवादों की कोई सुनवाई न होगी। केवल गजट की वही प्रतियां पुनः बगैर कीमत भेजी जा सकेंगी जो डिलीवरी न होने के कारण वापस आई हों।
2-सम्पूर्ण गजट के ग्राहकों को असाधारण गजट की सम्पूर्ति की जाती है। असाधारण गजट नवीन राजकीय मुद्रणालय, ऐशबाग, लखनऊ से वितरित होता है। अतः असाधारण गजट के सम्बन्ध में यदि कोई पत्र.व्यवहार करना हो तो —पया उक्त पते पर ही करें। सम्पूर्ण गजट का वार्षिक एवं अर्द्धवार्षिक चन्दा 20 सितम्बर, 1997 से क्रमशः रु0 3,075.00 एवं रु0 1,560.00 हो गया है।
3-गजट के प्रत्येक भाग का वार्षिक चन्दा प्रत्येक के सामने अलग.अलग अंकित है। भाग. 1 का वार्षिक चन्दा रु0 1,500.00 तथा छमाही चन्दा रु0 780,00 है। स्टोर्स.पर्चेज का वार्षिक चन्दा रु0 1,425.00 तथा अर्द्धवार्षिक चन्दा रु0 750.00 है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक भाग का वार्षिक चन्दा रु0 975.00 तथा अर्द्धवार्षिक रु0 555.00 है।
प्रत्येक गजट अथवा गजट (साधारण अथवा असाधारण) के भागों के वार्षिक एवं अर्द्धवार्षिक चन्दे की राशि में यदि कोई परिवर्तन किन्हीं अपरिहार्य कारणोंवश होता है तो उसकी सूचना अलग से दी जायेगी।
4-उार प्रदेश राजपत्र (गजट) के स्थायी ग्राहकों को सूचित किया जाता है कि वे अर्द्धवार्षिक और वार्षिक चन्दा समाप्त होने की तारीख से एक मास पूर्व ही अपना नवीन चन्दा गजट के लिये इस कार्यालय को भेज देने की कृपा करें, जिससे गजट के भेजने का क्रम टूटने न पावे और नियमित रूप से उन्हें हम गजट भेजते रहें। इससे ग्राहकों को भी असुविधा नहीं होगी और वे निश्चित समय पर गजट प्राप्त कर सकेंगे।
इस सम्बन्ध में, मैं यह भी सूचित करना आवश्यक समझता हूं कि पूर्ण वर्ष के ग्राहक अब जनवरी से दिसम्बर तक के लिये ही बनाये जायेंगे। इनके बीच के महीनों में चन्दा प्राप्त होने पर ग्राहकों का नाम उसी वर्ष के जुलाई से दिसम्बर तक के लिये तथा जैसी स्थिति होगी, अंकित किया जायेगा।
ग्राहकों से यह भी निवेदन है कि वे अपने पत्रों का उार शीघ्र पाने के लिये पत्र-व्यवहार करते समय अपनी ग्राहक संख्या अवश्य लिखें अन्यथा उार देने में इस कार्यालय को कठिनाई या विलम्ब हो सकता है।
डॉ0 अनिल कुमार, निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, विभाग, उ0प्र0, प्रयागराज।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 3भाग 1
विज्ञप्तिअवकाश, नियुक्ति, स्थाननियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस।
नियुक्ति विभाग
अनुभाग1
सेवानिवृत्ति
30 नवम्बर, 2021 ई0
सं0 1324/दो1202119/1(4)/2010-उत्तर प्रदेश संवर्ग के निम्नलिखित अधिकारी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर दिनांक 30 नवम्बर, 2021 को अपरान्ह में भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होंगे-
1-श्री भगेलू राम शास्त्री, आई0ए0एस0 (एस0सी0एस02003), चकबन्दी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
2-श्री सूर्यमणि लालचन्द, आईए0एस0 (एस0सी0एस2010), अपर आयुक्त, वाणिज्यकर, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
आज्ञा से, धनन्जय शुक्ला, विशेष सचिव।
गृह विभाग
[पुलिस सेवायें]
अनुभाग2
सेवानिवृत्ति
09 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 जीआई333/छःपु0से0221पीएफ-11/03(एन)-श्री नासिर कमाल, आईपीएसआरआर1986 (उ0प्र0 संवर्ग), जो वर्तमान में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं, के प्रार्थनापत्र दिनांक 23 सितम्बर, 2021 द्वारा अखिल भारतीय सेवा (डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट्स) नियमावली, 1958 के नियम 16 (2) के अन्तर्गत उनकी अधिवर्षता आयु पूर्ण होने के पूर्व दिनांक 04 जनवरी, 2022 से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया था, इस सम्बन्ध में गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या 24020/218/99आईपीएसII, दिनांक 26 नवम्बर, 2021 द्वारा अपनी स्वीकृति दे दी गयी है।
2-श्री नासिर कमाल, आईपीएसआरआर1986 (उ0प्र0 संवर्ग) के प्रार्थनापत्र में किये गये अनुरोध एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान की गयी स्वीकृति पर सम्यक् विचारोपरान्त श्री नासिर कमाल, आईपीएस-आरआर-1986 (उ0प्र0 संवर्ग) को अखिल भारतीय सेवा (डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट्स) नियमावली, 1958 के नियम 16 (2) के अन्तर्गत उनकी अधिवर्षता आयु पूर्ण होने के पूर्व दिनांक 04 जनवरी, 2022 से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
आज्ञा से, अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव।
4 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1औद्योगिक विकास विभाग
अनुभाग4
नियुक्ति
30 नवम्बर, 2021 ई0
सं0 5674/7742191यूपीसीडा/21-इन्वेस्ट यू0पी0 में वाहन चालक के पद पर कार्यरत स्व0 प्रदीप कुमार यादव की मृत्यु होने के फलस्वरूप मृतक आश्रित कोटे के अन्तर्गत नियुक्त किये जाने के सम्बन्ध में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 के पत्रांक इन्वेस्ट यूपी/75/202122, दिनांक 21 अक्टूबर, 2021 द्वारा की गयी संस्तुति के क्रम में उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवक के आश्रितों की भर्ती नियमावली, 1974 (यथासंशोधित) को औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिये अंगीकृत किये जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश दिनांक 30 जून, 2021 में उल्लिखित प्राविधान के दृष्टिगत श्री पारस यादव पुत्र स्व0 प्रदीप कुमार यादव की मृतक आश्रित के रूप में नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से कनिष्ठ सहायक के पद पर वेतनमान रु0 5,20020,200.00 एवं ग्रेड पे रु0 2,000.00 में अस्थायी रूप से निम्नलिखित शर्तों के अधीन एतद्द्वारा नियुक्ति प्रदान की जाती है-
(1) श्री पारस यादव को 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा।
(2) श्री पारस यादव द्वारा मृतक सरकारी सेवक के परिवार के अन्य सदस्यों का अनुरक्षण किया जायेगा, जो कि स्वयं का अनुरक्षण करने में असमर्थ हैं और उक्त मृत सरकारी सेवक पर उसकी मृत्यु के ठीक पूर्व आश्रित थे। यदि श्री पारस यादव द्वारा अनुरक्षण करने से इंकार किया जाता है तो उनकी सेवायें उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के अनुसरण में समाप्त की जा सकती है।
(3) श्री पारस यादव द्वारा 01 वर्ष के भीतर ही कम्प्यूटर प्रचालन में सी0सी0सी0 प्रमाणपत्र के साथ हिन्दी टंकण में 25 शब्द प्रति मिनट की अपेक्षित गति प्राप्त कर ली जायेगी और यदि वह ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उनकी सामान्य वार्षिक वेतनवृद्धि रोक ली जायेगी तथा कम्प्यूटर प्रचालन में अपेक्षित प्रमाणपत्र और टंकण में अपेक्षित गति प्राप्त करने के लिये उन्हें 01 वर्ष की अग्रेतर अवधि प्रदान की जायेगी और यदि बढ़ायी गयी अवधि में भी वह कम्प्यूटर प्रचालन में अपेक्षित प्रमाणपत्र और टंकण में अपेक्षित गति प्राप्त करने में विफल रहते हैं तो उनकी सेवायें समाप्त कर दी जायेंगी।
(4) श्री पारस यादव की सेवायें उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण केन्द्रीयित सेवा नियमावली, 2018 से संचालित होंगी।
2-उपर्युक्त शर्तों के अधीन नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपनी योगदान आख्या नियुक्ति पत्र प्राप्त होने की तिथि से 30 दिन के अन्दर अवश्य प्रस्तुत करना होगा अन्यथा नियुक्ति पत्र निरस्त मान लिया जायेगा।
आज्ञा से, अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव।
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग
पदोन्नति
01 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 1452(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्यरत श्री एस0 के0 सिंह को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, भूतत्वभाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 5 एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में संयुक्त निदेशक के रिक्त पद (वेतनमान रु0 78,8002,09,200 पे मैट्रिक्स लेवल12) पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पदोन्नति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1511(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में ज्येष्ठ खान अधिकारी एवं अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ के पद पर कार्यरत श्री अमित कौशिक, ज्येष्ठ खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में संयुक्त निदेशक के रिक्त पद (वेतनमान रु0 78,8002,09,200.00 पे मैट्रिक्स लेवल12) पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पदोन्नति प्रदान किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1512(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री राम पदारथ सिंह, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधििकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर जयेष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1513(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री अनन्त कुमार सिंह, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1514(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री भूपेन्द्र यादव, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1515(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री मोहम्मद महबूब, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान6 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1 अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1516(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री कमलेश कुमार राय, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1517(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री राकेश बहादुर सिंह, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1518(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री अजय कुमार यादव, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1519(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री शैलेन्द्र सिंह, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 73-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1520(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 में खान अधिकारी के पद पर तैनात श्री आशीष कुमार, खान अधिकारी को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, ज्येष्ठ खान अधिकारी (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) के रिक्त पद पर पदोन्नति किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त अधिकारी अग्रिम आदेशों तक अपने वर्तमान तैनाती स्थान पर ज्येष्ठ खान अधिकारी के पद पर कार्य करते रहेंगे।
3-उपरोक्त पदोन्नति मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ, लखनऊ में योजित रिट याचिका संख्या 20035/2021 (एस/एस) दिनेश कुमार बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित होने वाले आदेश के अधीन होगी।
सं0 1521(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-श्री अजय प्रताप सिंह, सहायक रसायनज्ञ, मुख्यालय, लखनऊ को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में रसायनज्ञ के रिक्त पद (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) पर पदोन्नति प्रदान करते हुये मुख्यालय, लखनऊ में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त आदेश कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।
सं0 1522(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-श्री संदीप चटर्जी, सहायक भूभौतिकविद्, मुख्यालय, लखनऊ को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में भूभैतिकविद् के रिक्त पद (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) पर पदोन्नति प्रदान करते हुये मुख्यालय, लखनऊ में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त आदेश कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।
सं0 1523(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-श्री विमलेश कुमार जायसवाल, सहायक रसायनज्ञ, मुख्यालय, लखनऊ को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में रसायनज्ञ के रिक्त पद (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) पर पदोन्नति प्रदान करते हुये मुख्यालय, लखनऊ में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त आदेश कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।
सं0 1524(1)/86202106(अधि0)/2008टी0सी0-श्रीमती मनीषा सिंह, सहायक भूवैज्ञानिक, मुख्यालय, लखनऊ को विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के आधार पर, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ में भूवैज्ञानिक के रिक्त पद (वेतनमान रु0 67,7002,08,700.00 पे मैट्रिक्स लेवल11) पर पदोन्नति प्रदान करते हुये मुख्यालय, लखनऊ में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-उक्त आदेश कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।
आज्ञा से,
डॉ0 रोशन जैकब,
सचिव।
8 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1लोक निर्माण विभाग
अनुभाग4
पदोन्नति
25 नवम्बर, 2021 ई0
सं0 3076/2342101वास्तु/16-उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में ज्येष्ठ वास्तुविद के पद पर कार्यरत श्री शैलेन्द्र कुमार को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मुख्य वास्तुविद के ग्रेड पे रु0 8,900.00 मैट्रिक्स लेवल13क में नियमित पदोन्नति प्रदान करते हुये उन्हें मुख्य वास्तुविद, प्रमुख अभियन्ता कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के रिक्त पद पर तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2-श्री शैलेन्द्र कुमार, प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के कार्यालय में योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे।
30 नवम्बर, 2021 ई0
सं0 5001/2342182 जनरल/2021-सहायक अभियन्ता (सिविल की पदोन्नत श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 के प्राविधानों के अन्तर्गत लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये चयन के फलस्वरूप आयोग के पत्र संख्या 807/01/पी/एस 6/202122, दिनांक 02 नवम्बर, 2021 में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक् विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग के निम्नलिखित अवर अभियन्ता (सिविल/प्राविधिक) को सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड2 रु0 15,600 39,100, ग्रेड पे 5,400.00 (पुनरीक्षित पे बैण्ड3 के लेवल 10) में नियमित रूप से कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नत द्वारा नियुक्त करते हुये 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखे जाने की श्री राज्यपाल एतद्द्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
अवर अभियन्ता (सिविल) से सहायक अभियन्ता (सिविल)
क्र0 ज्येष्ठता क्रमांक नाम
1 2 3
सर्वश्री-
1 4341 अवधेश कमार मिश्रा
2 4767 दीनबन्धु सिंह
3 4770 रामावतार शर्मा
4 4771 अजीत कुमार पाल
5 4772 वीरेन्द्र कुमार पाण्डे
6 4781 मुन्ना लाल
7 4782 चन्द्र प्रकाश
8 4783 राजेन्द्र प्रसाद चौधरी
9 4784 अकबाल अहमद
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 9
1 2 3
सर्वश्री-
10 4790 सुनील कुमार
11 4795 राजेन्द्र प्रसाद
12 4800 राजेन्द्र पाल
13 4806 काली चरण
14 4811 नन्द लाल
15 4812 मुरलीधर
16 4813 शिव प्रसाद वर्मा
17 4830 विनीत कुमार निगम
18 4831 अरविन्द कुमार श्रीवास्तव
19 4833 अनिल कुमार
20 4834 अजीत सिंह
21 4836 सुनील दत्त शर्मा
22 4837 नागेन्द्र नारायण सिंह
23 4838ए शिव बरन सिंह
24 4839 मोतीराम
25 4840 अर्जुन सिंह
26 4842 ओम प्रकाश सिंह
27 4843 अशोक कुमार गुप्ता
28 4844 शैलेन्द्र कुमार मिश्र
29 4845 अनिल कुमार नायक
30 4846 मो0 तारिक
31 4853 कृष्ण मुरारी चौहान
32 4854 कमलेश कुमार रस्तोगी
33 4855 श्रीराम प्रसाद
34 4862 महावीर प्रसाद
35 4869 चन्द्रभान
36 4872 देवेन्द्र कुमार द्विवेदी
37 4879 अरविन्द मिश्रा
2 क10 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1
1 2 3
सर्वश्री-
38 4880 धर्मेन्द्र सिंह
39 4885 चन्द्रभूषण
40 4886 विनोद कुमार
41 4890 प्रभात शंकर
42 4892 आशीष गुप्ता
43 4896 प्रमोद कुमार सिंह यादव
44 4897 उदय प्रताप
45 4898 राकेश कुमार
46 4900 शिव नरायण पाण्डेय
47 4901 मोहन चन्द्र पाण्डेय
48 4906 अमरेन्द्र प्रताप सिंह
49 4910 अजीत कुमार
50 4913 पशुपति नाथ त्रिपाठी
51 4914 संजीत श्रीवास्तव
52 4917 अजय कुमार सिंह
53 4918 श्याम प्रकाश पाण्डेय
54 4919 मनोज कुमार त्यागी
55 4920 चरन सिंह
56 4922 विजय कुमार
57 4923 विनोद कुमार सिंह
58 4924 हरि कृष्ण अस्थाना
59 4927 सत्येन्द्र कुमार
60 4929 धीरेन्द्र किशोर शरण
61 4930 भूपेन्द्र कुमार सिंह
62 4931 अरूण कुमार सिंह
63 4932 संदीप त्यागी
64 4934 संतोष कुमार सिंह
65 4936 अरविन्दर पाल सिंह
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 11
1 2 3
सर्वश्री-
66 4939 रघुवीर
67 4941 राजेश कुमार त्रिपाठी
68 4942 अरविन्द कुमार पोरवाल
69 4945 धमेन्द्र कुमार अग्रवाल
70 4948 पंकज मौर्य
71 4950 विष्णु पाल सिंह कुशवाहा
72 4951 दिनेश भाटिया
73 4952 राकेश कुमार राय
74 4954 नन्द किशोर
75 4956 दिनेश सिंह
76 4957 शैलेन्द्र कुमार
अवर अभियन्ता (प्राविधिक) से सहायक अभियन्ता (सिविल)
क्र0 ज्येष्ठता क्रमांक नाम
1 2 3
सर्वश्री-
1 386 हरिदास मौर्य
2 429 राणा प्रताप सिंह
3 432 राम विलास मौर्य
4 434 सुभाष चन्द्र
2-उक्त पदोन्नति आदेश प्रश्नगत चयन से संबंधित यदि अन्य कोई याचिका अथवा प्रत्यावेदन विचाराधीन हो तो यह चयन उक्त याचिका/विचाराधीन प्रत्यावेदन/विभागीय कार्यवाही में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगी।
3-प्रस्तर-1 की तालिका1 के क्रमांक 64 से क्रमांक 76 पर अंकित अवर अभियन्ता (सिविल) की सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति दिनांक 01 दिसम्बर, 2021 से प्रभावी माने जायेंगे।
4-उक्त अभियन्तागण के तैनाती आदेश प्रथक् से जारी किये जायेंगे।
संशोधन
01 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 5010/2342182 जनरल/2021-सहायक अभियन्ता (सिविल) की पदोन्नत श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 के प्राविधानों के अन्तर्गत लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये चयन के फलस्वरूप आयोग के पत्र संख्या 807/01/पी/एस 6/202122, दिनांक 02 नवम्बर, 2021 में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक् विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग के अवर अभियन्ता (सिविल/प्राविधिक) को सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड2 रु0 15,60039,100.00 ग्रेड पे 5,400.00 (पुनरीक्षित पे बैण्ड3 के लेवल 10) में नियमित रूप से कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नत द्वारा12 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1 नियुक्त करते हुये 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखे जाने विषयक कार्यालय ज्ञाप संख्या 5001/2342182 जनरल/2021, दिनांक 30 नवम्बर, 2021 के क्रमांक 28 (ज्येष्ठता क्रमांक 4844) पर टंकण त्रुटिवश "शैलेश कुमार मिश्र" के स्थान पर शैलेन्द्र कुमार मिश्र" अंकित हो गया है। अतः संदर्भित कार्यालय ज्ञाप दिनांक 30 नवम्बर, 2021 में क्रमांक 28 (ज्येष्ठता क्रमांक 4844 पर अंकित "शैलेन्द्र कुमार मिश्र" के स्थान पर "शैलेश कुमार मिश्र" पढ़ा जाय।
2-उक्त कार्यालय ज्ञाप दिनांक 30 नवम्बर, 2021 इस सीमा तक संशोधित समझा जाय।
3-उक्त के अतिरिक्त कार्यालय ज्ञाप दिनांक 30 नवम्बर, 2021 की शेष शर्तें यथावत् रहेंगी।
आज्ञा से,
दुर्गा सिंह,
अनुसचिव।
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुभाग4 नियुक्ति 16 नवम्बर, 2021 ई0
सं0 1442/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (यांत्रिक) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री शुभम कुमार मिश्रा पुत्र श्री नरेन्द्र मिश्रा, निवासी 180सी, 40एम, 60 फिट रोड पूर्वांचल चौराहा, जनपद प्रयागराज को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल 10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद कौशाम्बी में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी। (2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 13सं0 1443/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (यांत्रिक) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री विकास कुमार पुत्र श्री विजय सिंह, निवासी निकट सती का मन्दिर, 100 फिट रोड, विनोद विहार कालोनी, टेढी भाग्य, आगरा को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद मथुरा में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी। (2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत मंहगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
(9) इनके शैक्षिक अर्हता सम्बन्धी अभिलेखों का सत्यापन अभी तक नहीं हो पाया है। अतः इनके वेतन का आहरण शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के उपरान्त ही किया जाये। सं0 1444/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (यांत्रिक) लघु सिंचाई के पद पर चयनित सुश्री गरिमा द्विवेदी पुत्री श्री गिरिजा शंकर द्विवेदी, निवासी म0नं079 टी0, संध्या बिहार कालोनी, सलेमपुर उर्फ मुगलपुर, झुंगिया, जनपद गोरखपुर को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल 10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद महराजगंज में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
14 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1445/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (—षि) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री श्याम मोहन चौधरी पुत्र श्री अरूण कुमार चौधरी, 17 फेज3 मिथिलापुरी, देलापीर, इजातनगर, बरेली को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल 10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये कार्यालय निदेशक, लघु सिंचाई एवं जल प्रयोग प्रशिक्षण केन्द्र, बख्शी का तालाब, लखनऊ में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 15(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1446/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (यांत्रिक) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री प्रवीण कुमार गौतम पुत्र श्री सुभाष राम, निवासी ग्रा0 व पो0 कंझीत, जनपद आजमगढ़ को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद वाराणसी में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत मंहगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं है और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1447/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग मेें सहायक अभियन्ता (यांत्रिक) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री संतोष कुमार गौतम पुत्र श्री राजा राम, निवासी16 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1 भामेपारा, इकौना, जनपद श्रावस्ती को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद सुलतानपुर में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं है और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1448/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग मेें सहायक अभियन्ता (सिविल) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री जितेन्द्र कुमार सैनी पुत्र स्व0 स्वाराज सिंह, निवासी ई0डब्ल्यू0एसए 133 हिमगीरी कालोनी, काठ रोड, मुरादाबाद को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद रामपुर में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत मंहगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 17(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
(9) इनके शैक्षिक अर्हता सम्बन्धी अभिलेखों का सत्यापन अभी तक नहीं हो पाया है। अतः इनके वेतन का आहरण शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के उपरान्त ही किया जाये।
सं0 1449/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग मेें सहायक अभियन्ता (सिविल) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री रजत रूहेला पुत्र श्री राजेन्द्र कुमार, निवासी 41 वाहिद नगर, स्ट्रीट, नियर सम्राट सीनेमा, नजीबाबाद, जनपद बिजनौर को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद मुजफ्फरनगर में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1955 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं है और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
3 क18 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1 (6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1450/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (कृषि) लघु सिंचाई के पद पर चयनित सुश्री रीतु कमारी पुत्री श्री दिलीप कुमार, निवासी ग्राम व पो0 केशवपुर, जिला चन्दौली, उ0प्र0 को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद संतरविदास नगर (भदोही) में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ायी जा सकती है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं हैं।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा। यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करती हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गयी हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 19सं0 1451/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (कृषि) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री राहुल कुमार पुत्र श्री जवाहिर लाल, निवासी ग्रा0 कल्याणपुर, पो0निगतपुर, जनपदमिर्जापुर को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल 10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद सोनभद्र में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं हैं।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा।
यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं है और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
(9) इनके शैक्षिक अर्हता सम्बन्धी अभिलेखों का सत्यापन अभी तक नहीं हो पाया है। अतः इनके वेतन का आहरण शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के उपरान्त ही किया जाये।
सं0 1452/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (कृषि) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री रवीन्द्र कुमार पुत्र श्री सरनाम सिंह, निवासी ग्रा0बसैत,20 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1 पो0बसैत, जनपदमैनपुरी को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद इटावा में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा।
यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1453/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (कृषि) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री नरेन्द्र कुमार पुत्र श्री महेश प्रसाद, निवासी ग्रा0 फूलपुर, पो0 मोना सवारन, तह0 गोलागोकरननाथ, जनपद लखीमपुरखीरी को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद शाहजहांपुर में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 21(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा।
यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
(9) इनके शैक्षिक अर्हता सम्बन्धी अभिलेखों का सत्यापन अभी तक नहीं हो पाया है। अतः इनके वेतन का आहरण शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के उपरान्त ही किया जाये।
सं0 1454/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग मेें सहायक अभियन्ता (सिविल) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री अजय कुमार गौतम पुत्र श्री परमेश्वरदीन, निवासी ग्रा0 व पो0 पंखाभरी, जनपद बाराबंकी को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद लखनऊ में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
22 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा।
यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1455/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (कृषि) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री अंशु गौरव पुत्र श्री इन्द्रपाल सिंह, निवासी 106 ग्रा0 धनौरा, तह0 स्वार, जनपद रामपुर को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद हापुड़ में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
भाग 1] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 23(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा।
यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
सं0 1456/764202124(31)/2014-लोक सेवा आयोग, उ0प्र0, प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में सहायक अभियन्ता (कृषि) लघु सिंचाई के पद पर चयनित श्री विपिन कुमार पुत्र श्री जसकरन लाल, निवासी ग्रा0 व पो0 अहमदनगर, जनपद लखीमपुरखीरी को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई विभाग) में सहायक अभियन्ता के पद पर वेतनमान रु0 56,1001,77,500, पे लेवल10 में निम्न प्रतिबन्धों के अधीन मौलिक रूप से नियुक्त करते हुये जनपद फर्रूखाबाद में तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) इनकी परिवीक्षा अवधि 02 वर्ष (जिसे नियमानुसार बढ़ाया जा सकता है) की होगी।
(2) इन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उक्त वेतनमान में मिलने वाले वेतन के अतिरिक्त शासन द्वारा समयसमय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता एवं अनुमन्य भत्ते भी देय होंगे।
(3) कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व इनके द्वारा उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 (3) के अन्तर्गत अपनी चलअचल सम्पत्तियों का विवरण सहित घोषणापत्र उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के अन्तर्गत इस आशय का घोषणापत्र उपलब्ध कराया जायेगा कि उनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां/पति नहीं है।
24 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1(5) आदेश की प्रति प्राप्ति के 15 दिन के अन्दर इनके द्वारा तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करते हुये योगदान आख्या शासन एवं मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, उ0प्र0, लखनऊ को उपलब्ध कराया जायेगा।
यदि वे निर्धारित समयावधि के अन्दर युक्तियुक्त कारण के बिना योगदान नहीं करते हैं तो यह समझा जायेगा कि वे उक्त पद पर योगदान करने के इच्छुक नहीं हैं और तद्नुसार उनका अभ्यर्थन समाप्त करने की कार्यवाही करने पर विचार किया जायेगा।
(6) इनकी सेवा शर्तें शासन द्वारा निर्गत की गयी नियमावलियों एवं शासनादेशों के अधीन विनियमित होंगी।
(7) इनकी ज्येष्ठता उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक ज्येष्ठता नियमावली, 1991 (अद्यावधिक संशोधन सहित) के सुसंगत नियमों के अनुसार आयोग द्वारा तैयार की गयी श्रेष्ठता सूची के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
(8) इस आदेश के निर्गमन के पश्चात् यदि संज्ञान में आता है कि वांछित शैक्षिक/प्रशिक्षण/अनुभव सम्बन्धी योग्यता के सम्बन्ध में यदि कोई आवश्यक तथा महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अथवा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर ये चयनित होने में सफल हो गये हैं, तो इसके लिये वह स्वयं जिम्मेदार होंगे एवं इनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी तथा भविष्य में उक्त पद के प्रति उनका कोई दावा/अधिकार मान्य नहीं होगा।
आज्ञा से, अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव।
पी0एस0यू0पी0-40 हिन्दी गजट-भाग 1-2022 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखनसामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 1 जनवरी, 2022 ई० (पौष 11, 1943 शक संवत्)
भाग 1-क नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया।
No. 1310/Admin.(Services)-2021–Sri Shyam HIGH COURT OF JUDICATURE AT
Babu, Special Chief Judicial Magistrate, Meerut to ALLAHABAD
be Chief Judicial Magistrate, Chandauli vice NOTIFICATION
Sri Vibhanshu Sudheer.
April 09, 2021
He is also appointed under section 11 (2) of the No. 1306/Admin.(Services)-2021–Sri Rajmangal Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of Singh Yadav, Chief Judicial Magistrate, Shamli to 1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying be Chief Judicial Magistrate, Firozabad vice
cases relating to Economic Offences at Chandauli.
Sri Ashok Kumar YadavIII.
No. 1311/Admin.(Services)-2021–Sri Vibhanshu No. 1307/Admin.(Services)-2021–Sri Ashok Sudheer, Chief Judicial Magistrate, Chandauli to be Kumar YadavIII, Chief Judicial Magistrate, Civil Judge, Senior Division, Chandauli vice Firozabad to be Chief Judicial Magistrate, Jhansi Sushri Ruchi Srivastava.
vice Sri Devendra Nath Goswami.
No. 1312/Admin.(Services)-2021– Sushri Ruchi
Srivastava, Civil Judge, Senior Division, Chandauli No. 1308/Admin.(Services)-2021–Sri Devendra
to be Additional Chief Judicial Magistrate, Nath Goswami, Chief Judicial Magistrate, Jhansi to
Lakhimpur Kheri in the vacant court.
be Chief Judicial Magistrate, Meerut vice
Sri Hemant Kumar Kushwaha.
She is also appointed under section 11 (2) of
the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of No. 1309/Admin.(Services)-2021–Sri Hemant
1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying Kumar Kushwaha, Chief Judicial Magistrate, Meerut
cases relating to Economic Offences at Lakhimpur to be Special Chief Judicial Magistrate, Meerut vice
Kheri.
Sri Shyam Babu.
1 ख2 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क No. 1313/Admin.(Services)-2021–Sri Vijay
No. 1321/Admin.(Services)-2021–Sri Naveen
Kumar Singh, Additional Chief Judicial Magistrate Kumar, Additional Civil Judge, Junior Division,
(Northern Railway), Varanasi to be Chief Judicial GarmukteshwarHapur is promoted and posted as
Magistrate, Pilibhit vice Smt. Chir Kumaritva.
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional
Chief Judicial Magistrate, Agra.
No. 1314/Admin.(Services)-2021–Smt. Chir
Kumaritva, Chief Judicial Magistrate, Pilibhit to be No. 1322/Admin.(Services)-2021–Sri Arpit
Chief Judicial Magistrate, Gonda vice Sri Hari Ram. Singh, Civil Judge, Junior Division, Agra is
promoted and posted as Additional Civil Judge, No. 1315/Admin.(Services)-2021–Sri Hari Ram,
Senior Division/Additional Chief Judicial Chief Judicial Magistrate, Gonda to be Additional
Magistrate, Agra.
Civil Judge, Senior Division/Additional Chief
Judicial Magistrate, Meerut.
No. 1323/Admin.(Services)-2021–Sri Ajay
Kumar, Civil Judge, Junior Division, Saidpur No. 1316/Admin.(Services)-2021–Sri Mahendra
Ghazipur is promoted and posted as Additional Civil Kumar Pandey, Civil Judge, Senior Division,
Judge, Senior Division/ Additional Chief Judicial BaberuBanda is promoted and posted as Civil
Magistrate, Agra.
Judge, Senior Division (Fast Track Court), Varanasi
vice Sri Ashutosh Tiwari.
No. 1324/Admin.(Services)-2021–Sri Anuj
Kumar Jauher, Civil Judge, Junior Division Bisauli No. 1317/Admin.(Services)-2021–Sri Ashutosh
Budaun is promoted and posted as Civil Judge, Tiwari, Civil Judge, Senior Division (Fast Track
Senior Division (Fast Track Court), Agra in the Court), Varanasi to be Additional Civil Judge,
vacant court.
Senior Division/Additional Chief Judicial
Magistrate, Shahjahanpur.
No. 1325/Admin.(Services)-2021–Sushri Nancy
Dhunna, Civil Judge, Junior Division, Meerut is No. 1318/Admin.(Services)-2021–Sushri Mukta
promoted and posted as Additional Civil Judge, Tyagi, Civil Judge, Junior Division, Shamli at
Senior Division/Additional Chief Judicial Kairana is promoted and posted as Additional Chief
Magistrate, Aligarh.
Judicial Magistrate, Agra in the vacant court.
No. 1326/Admin.(Services)-2021–Sri Sachin She is also appointed under section 11 (2) of
Maurya, Civil Judge, Junior Division, Kulpahar the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of
Mahoba is promoted and posted as Additional Civil 1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial cases relating to Economic Offences at Agra.
Magistrate, Aligarh.
No. 1319/Admin.(Services)-2021–Sri Sumit
No. 1327/Admin.(Services)-2021–Smt. Anjali Chaudhary, Civil Judge, Junior Division, Gunnaur
Rani, Civil Judge, Junior Division, Hasanpur Sambhal at Chandausi is promoted and posted as
Amroha is promoted and posted as Civil Judge, Secretary (Full Time), District Legal Services
Senior Division (Fast Track court), Aligarh vice
Authority, Agra in the vacant court.
Smt. Anisha.
No. 1320/Admin.(Services)-2021–Sri Arjun,
No. 1328/Admin.(Services)-2021–Smt. Anisha,
Civil Judge, Junior Division, SambhalSambhal at
Civil Judge, Senior Division (Fast Track Court),
Chandausi is promoted and posted as Additional
Aligarh to be Additional Civil Judge, Senior
Civil Judge, Senior Division/Additional Chief Division/Additional Chief Judicial Magistrate,
Judicial Magistrate, Agra.
Aligarh.
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 3No. 1329/Admin.(Services)-2021–Sri Manas
No. 1337/Admin.(Services)-2021–Sri Devendra
Pratap Singh, Additional Civil Judge, Junior Division, Vatsa, Civil Judge, Junior Division, Puwayan
Faizabad is promoted and posted as Civil Judge, Shahjahanpur is promoted and posted as Additional
Senior Division (Fast Track Court), Azamgarh in the Civil Judge, Senior Division/Additional Chief
vacant court.
Judicial Magistrate, Allahabad.
No. 1338/Admin.(Services)-2021–Smt. Shikha No. 1330/Admin.(Services)-2021–Sri Arun
Yadav, Civil Judge, Junior Division, Bahraich is Kumar, Registrar, Land Acquisition, Rehabilitation
promoted and posted as Secretary (Full Time), and Resettlement Authority, Basti is promoted and
District Legal Services Authority, Bahraich in the posted as Additional Civil Judge, Senior Division/
vacant court.
Additional Chief Judicial Magistrate, Allahabad.
No. 1339/Admin.(Services)-2021–Smt. Ranjana No. 1331/Admin.(Services)-2021–Sri Mohd.
Saroj, Civil Judge, Junior Division, Allahabad is Sajid Civil Judge, Junior Division, Tilhar
promoted and posted as Additional Civil Judge, Shahjahanpur is promoted and posted as Civil Judge,
Senior Division/Additional Chief Judicial Senior Division (Fast Track Court), Allahabad vice
Magistrate, Barabanki.
Sri Tarkeshwari Prasad Singh.
No. 1340/Admin.(Services)-2021–Sri Vipin No. 1332/Admin.(Services)-2021–Sri Tarkeshwari
Yadav, Additional Civil Judge, Junior Division, Prasad Singh, Civil Judge, Senior Division (Fast
ChakiaChandauli is promoted and posted as Track Court), Allahabad to be Additional Civil
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
Chief Judicial Magistrate, Barabanki.
Magistrate, Allahabad.
No. 1341/Admin.(Services)-2021–Sri Anubhav No. 1333/Admin.(Services)-2021–Sushri Kumud
Katiyar, Civil Judge, Junior Division, Mehrauni Upadhyay, Additional Civil Judge, Junior Division
Lalitpur is promoted and posted as Additional Civil Varanasi is promoted and posted as Additional Chief
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial Judicial Magistrate, Ambedkar Nagar at Akbarpur.
Magistrate, Bareilly.
No. 1334/Admin.(Services)-2021–Sri Diwakar
No. 1342/Admin.(Services)-2021–Sushri Sadhana Kumar, Judicial Magistrate, First Class, Varanasi is
Giri, Judicial Magistrate, First Class, Faizabad is promoted and posted as Secretary (Full Time),
promoted and posted as Additional Chief Judicial District Legal Services Authority, Auraiya in the
Magistrate, Bhadohi at Gyanpur in the vacant court.
vacant court.
She is also appointed under section 11 (2) of No. 1335/Admin.(Services)-2021–Sushri Anita,
the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of Civil Judge, Junior Division, Faizabad is promoted
1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying
and posted as Secretary (Full Time), District Legal
cases relating to Economic Offences at Bhadohi at
Services Authority, Azamgarh in the vacant court.
Gyanpur.
No. 1336/Admin.(Services)-2021–Sri Anupam
No. 1343/Admin.(Services)-2021–Sri Shobit
Dubey, Judicial Magistrate, First Class, Azamgarh is Bansal, Nyayadhikari, Gram Nyayalaya, Baraut
promoted and posted as Additional Civil Judge, Baghpat is promoted and posted as Additional Civil
Senior Division/Additional Chief Judicial Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
Magistrate, Azamgarh.
Magistrate, Bijnor.
4 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कNo. 1344/Admin.(Services)-2021–Sushri Neelam Chitrakoot is promoted and posted as Civil Judge,
Senior Division (Fast Track Court), Chitrakoot in the Saroj, Civil Judge, Junior Division, Sultanpur is
vacant court.
promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
(Fast Track Court), Bijnor in the vacant court.
No. 1352/Admin.(Services)-2021–Smt. Urooj
Fatima, Civil Judge, Junior Division, Mohammadi No. 1345/Admin.(Services)-2021–Sri Amod
Lakhimpur Kheri is promoted and posted as Kanth, Civil Judge, Junior Division, KhairAligarh
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional is promoted and posted as Additional Chief Judicial
Chief Judicial Magistrate, Etawah.
Magistrate, NaginaBijnor in the vacant court.
He is also appointed under section 11 (2) of the No. 1353/Admin.(Services)-2021–Sri Narendra
Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of Kumar, Civil Judge, Junior Division, Bijnor is
1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying promoted and posted as Additional Civil Judge,
cases relating to Economic Offences at Nagina Senior Division/Additional Chief Judicial
Bijnor.
Magistrate, Etawah.
No. 1346/Admin.(Services)-2021–Sri Mohd.
No. 1354/Admin.(Services)-2021–Smt. Ankita
Sajid, Civil Judge, Junior Division, Haidargarh Dhama, Additional Civil Judge, Junior Division,
Barabanki is promoted and posted as Additional Bijnor is promoted and posted as Civil Judge, Senior
Civil Judge, Senior Division/Additional Chief Division (Fast Track Court), Etawah in the vacant
Judicial Magistrate, Budaun.
court.
No. 1347/Admin.(Services)-2021–Sushri Priyanka,
No. 1355/Admin.(Services)-2021–Smt. Pallavi
Registrar, Land Acquisition, Rehabilitation and
Singh, Judicial Magistrate, First Class, Allahabad is
Resettlement Authority, Agra is promoted and
promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
posted as Civil Judge, Senior Division (Fast Track
(Fast Track Court), Faizabad in the vacant court.
Court), Budaun in the vacant court.
No. 1356/Admin.(Services)-2021–Sushri Shahnaz
No. 1348/Admin.(Services)-2021–Smt. Shraddha
Ansari, Civil Judge, Junior Division, Faridpur
Deva, Civil Judge, Junior Division, JalesarEtah is
Bareilly is promoted and posted as Additional Civil
promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
(Fast Track Court), Bulandshahar.
Magistrate, Bareilly.
No. 1349/Admin.(Services)-2021–Sushri Kamayani
No. 1357/Admin.(Services)-2021–Smt. Anuradha Dubey, Judicial Magistrate, First Class, Raebareli is
Shukla, Special Judicial Magistrate (Air and Water promoted and posted as Secretary (Full Time),
Pollution), Lucknow is promoted and posted as District Legal Services Authority, Chandauli in the
Secretary (Full Time), District Legal Services vacant court.
Authority, Fatehpur in the vacant court.
No. 1350/Admin.(Services)-2021–Smt. Vidushi
No. 1358/Admin.(Services)-2021–On reversion Meha, Judicial Magistrate, First Class, Lucknow is
to the regular line Sushri Roma Gupta, Law Officer promoted and posted as Secretary (Full Time),
(Women) U. P. Rajya Mahila Ayog, Lucknow is District Legal Services Authority, Chitrakoot in the
promoted and posted as Additional Civil Judge, vacant court.
Senior Division/Additional Chief Judicial No. 1351/Admin.(Services)-2021–Sri Praveen
Magistrate, Fatehpur.
Kumar, Nyayadhikari, Gram Nyayalaya, Manikpurभाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 5 No. 1359/Admin.(Services)-2021–Sri Mahendra and posted as Secretary (Full Time), District Legal
Singh Paswan, Judicial Magistrate, First Class, Services Authority, Gonda in the vacant court.
Barabanki is promoted and posted as Civil Judge,
No. 1367/Admin.(Services)-2021–Sri Krishn Senior Division (Fast Track Court), Fatehpur in the
Pratap Singh, Civil Judge, Junior Division, Kasia vacant court.
Kushinagar is promoted and posted as Additional
Civil Judge, Senior Division/Additional Chief No. 1360/Admin.(Services)-2021–Sri Suvrat
Judicial Magistrate, Gonda.
Pathak, Special Judicial Magistrate (CBI), Lucknow
is promoted and posted as Civil Judge, Senior
No. 1368/Admin.(Services)-2021–Sushri Naseha
Division (Fast Track Court), Firozabad in the vacant
Waseem, Civil Judge, Junior Division, Deoria is
court.
promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
(Fast Track Court), Gonda in the vacant court.
No. 1361/Admin.(Services)-2021–Sri Avadhesh
Kumar, Civil Judge, Junior Division, JewarGautam
No. 1369/Admin.(Services)-2021–Sri Deepak
Buddha Nagar is promoted and posted as Civil Nath Saraswati, Civil Judge, Junior Division,
Judge, Senior Division (Fast Track Court), Gautam Bhadohi at Gyanpur is promoted and posted as
Buddha Nagar vice Sri Vikas Kumar Verma.
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional
Chief Judicial Magistrate, Gorakhpur.
No. 1362/Admin.(Services)-2021–Sri Vikas
Kumar Verma, Civil Judge, Senior Division (Fast
No. 1370/Admin.(Services)-2021–Sri Prabhash
Track Court), Gautam Buddha Nagar to be Tripathi, Judicial Magistrate, First Class, Bhadohi at
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional Gyanpur is promoted and posted as Additional Civil
Chief Judicial Magistrate, Gautam Buddha Nagar. Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
Magistrate, Gorakhpur.
No. 1363/Admin.(Services)-2021–Sri Prafful
No. 1371/Admin.(Services)-2021–Sri Chandan Kumar Chaudhary, Civil Judge, Junior Division,
Kumar Singh, Civil Judge, Junior Division, Ambedkar Nagar at Akbarpur is promoted and
NajibabadBijnor is promoted and posted as posted as Additional Civil Judge, Senior
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional Division/Additional Chief Judicial Magistrate,
Chief Judicial Magistrate, Gorakhpur.
Ghaziabad.
No. 1372/Admin.(Services)-2021–Sri Vikash No. 1364/Admin.(Services)-2021–Sri Abhishek
Kumar Singh, Civil Judge, Junior Division, Garotha Jaiswal, Registrar, Land Acquisition, Rehabilitation
Jhansi is promoted and posted as IICivil Judge, and Resettlement Authority, Faizabad is promoted
Senior Division, Hapur in the vacant court.
and posted as Additional Civil Judge, Senior
Division/Additional Chief Judicial Magistrate,
No. 1373/Admin.(Services)-2021–Smt. Rashmi Ghaziabad.
Chand, Civil Judge, Junior Division, Faizabad is
promoted and posted as Additional Civil Judge, No. 1365/Admin.(Services)-2021–Sri Sandeep
Senior Division/Additional Chief Judicial Singh, Civil Judge, Junior Division, Jalaun at Orai is
Magistrate, Hardoi.
promoted and posted as Additional Civil Judge,
Senior Division/Additional Chief Judicial
No. 1374/Admin.(Services)-2021–Smt. Partibha, Magistrate, Ghaziabad.
Civil Judge, Junior Division, Muzaffarnagar is
No. 1366/Admin.(Services)-2021–Sushri Sushama, promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
Civil Judge, Junior Division, Jaunpur is promoted (Fast Track Court), Hathras in the vacant court.
6 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कNo.1375/Admin.(Services)-2021–Sri Gajendra
No. 1383/Admin.(Services)-2021–Sri Alok Yadav,
Singh, Civil Judge, Junior Division, Mathura is Additional Civil Judge, Junior Division, Bhadohi at
promoted and posted as Civil Judge, Senior Division Gyanpur is promoted and posted as Additional Civil
(Fast Track Court), Jalaun at Orai in the vacant Judge, Senior Division/ Additional Chief
court.
Metropolitan Magistrate, Kanpur Nagar.
No. 1384/Admin.(Services)-2021–Dr. Vivek No. 1376/Admin.(Services)-2021–Sushri Sucheta
Kumar, Civil Judge, Junior Division, Dumariaganj Chaurasia, Civil Judge, Junior Division, Raebareli is
Siddharth Nagar is promoted and posted as promoted and posted as Additional Civil Judge,
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional Senior Division/Additional Chief Judicial
Chief Metropolitan Magistrate, Kanpur Nagar.
Magistrate, Jaunpur.
No. 1385/Admin.(Services)-2021–Sri Vineet No. 1377/Admin.(Services)-2021–Smt. Shwetsa
Kumar Yadav, Civil Judge, Junior Division/ Judicial Chandra, Judicial Magistrate, First Class, Gonda is
Magistrate, Lalganj AjharaPratapgarh is promoted promoted and posted as Additional Civil Judge,
Senior Division/Additional Chief Judicial and posted as Additional Civil Judge, Senior
Magistrate, Jaunpur.
Division/Additional Chief Metropolitan Magistrate,
Kanpur Nagar.
No. 1378/Admin.(Services)-2021–Sushri Smriti
Chaurasia, Civil Judge, Junior Division, Safipur
No. 1386/Admin.(Services)-2021–Sri Virendra
Unnao is promoted and posted as Civil Judge, Senior
Kumar, Civil Judge, Junior Division, Kayamganj Division (Fast Track Court), Jaunpur in the vacant
Farrukhabad is promoted and posted as Additional court.
Civil Judge, Senior Division/Additional Chief
Metropolitan Magistrate, Kanpur Nagar.
No. 1379/Admin.(Services)-2021–Sushri Shital
Priyadarshi, Nyayadhikari, Gram Nyayalaya, Gola
No. 1387/Admin.(Services)-2021–Sri Gyanendra Gorakhpur is promoted and posted as Secretary (Full
Kumar, Metropolitan Magistrate, Kanpur Nagar is Time), District Legal Services Authority, Jhansi in
promoted and posted as Additional Civil Judge, the vacant court.
Senior Division/Additional Chief Metropolitan
Magistrate, Kanpur Nagar.
No. 1380/Admin.(Services)-2021–Sri Kanhaiya
Ji, Civil Judge, Junior Division, AtrauliAligarh is
No. 1388/Admin.(Services)-2021–Sri Vijay promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
Bhan, Judicial Magistrate, First Class, Ballia is (Fast Track Court), Jhansi in the vacant court.
promoted and posted as Additional Civil Judge,
Senior Division/Additional Chief Metropolitan No. 1381/Admin.(Services)-2021–Sri Anuj Kumar
Magistrate, Kanpur Nagar.
Thakur, Judicial Magistrate, First Class, Ballia is
promoted and posted as Additional Civil Judge,
No. 1389/Admin.(Services)-2021–Sushri Nitisha Senior Division/Additional Chief Metropolitan
Singh, Additional Civil Judge, Junior Division, Magistrate, Kanpur Nagar.
Lucknow is promoted and posted as Secretary (Full
Time), District Legal Services Authority, Kasganj in No. 1382/Admin.(Services)-2021–Sushri Sneha,
the vacant court.
Civil Judge, Junior Division, Kanpur Nagar is
promoted and posted as Additional Civil Judge,
No. 1390/Admin.(Services)-2021–Sri Avinash
Senior Division/Additional Chief Metropolitan Chandra Gautam, Judicial Magistrate, First Class,
Magistrate, Kanpur Nagar.
Faizabad is promoted and posted as Secretary (Fullभाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 7 Time), District Legal Services Authority, Lakhimpur
No. 1398/Admin.(Services)-2021–Sri Abhishek
Kheri in the vacant court.
Khare, Civil Judge, Junior Division, Charkhari
Mahoba is promoted and posted as Additional Civil No. 1391/Admin.(Services)-2021–Smt. Kurnika
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial Awadh, Registrar, Land Acquisition, Rehabilitation
Magistrate, Lucknow.
and Resettlement Authority, Gautam Buddha Nagar
No. 1399/Admin.(Services)-2021–Sushri Gargi is promoted and posted as Additional Civil Judge,
Sharma, Civil Judge, Junior Division, Etawah is Senior Division/Additional Chief Judicial
promoted and posted as Additional Civil Judge, Magistrate, Lakhimpur Kheri.
Senior Division/Additional Chief Judicial No. 1392/Admin.(Services)-2021–Smt. Mona
Magistrate, Lucknow.
Singh, Civil Judge, Junior Division, Mirzapur is
No. 1400/Admin.(Services)-2021–Sri Shantanu promoted and posted as Additional Civil Judge,
Tyagi, Registrar, Land Acquisition, Rehabilitation Senior Division/Additional Chief Judicial
and Resettlement Authority, Jhansi is promoted and Magistrate, Lakhimpur Kheri.
posted as Additional Civil Judge, Senior
No. 1393/Admin.(Services)-2021–Smt. Chhavi Division/Additional Chief Judicial Magistrate,
Kumari, Civil Judge, Junior Division, Gorkhpur is Lucknow.
promoted and posted as Additional Civil Judge,
No. 1401/Admin.(Services)-2021–Smt. Ranjini Senior Division/Additional Chief Judicial
Shukla, Civil Judge, Junior Division, Lucknow is Magistrate, Lakhimpur Kheri.
promoted and posted as Additional Civil Judge,
Senior Division/Additional Chief Judicial No. 1394/Admin.(Services)-2021–Sri Sawan
Magistrate, Lucknow.
Kumar Vikas, Civil Judge, Junior Division, Purva
Unnao is promoted and posted as Civil Judge, Senior
No. 1402/Admin.(Services)-2021–Sri Prashant
Division (Fast Track Court), Lakhimpur Kheri in the
Mishra, Judicial Magistrate, First Class, Lucknow is
vacant court.
promoted and posted as Additional Civil Judge,
Senior Division/Additional Chief Judicial No. 1395/Admin.(Services)-2021–Sri Akshaydeep
Magistrate, Lucknow.
Yadav, Civil Judge, Junior Division, Chhata
Mathura is promoted and posted as Civil Judge, No. 1403/Admin.(Services)-2021–Sri Swatantra
Senior Division (Fast Track Court), Lalitpur in the Singh Rawat, Civil Judge, Junior Division,
vacant court.
MusafirkhanaSultanpur is promoted and posted as
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional No. 1396/Admin.(Services)-2021–Sri Ambrish
Chief Judicial Magistrate, Lucknow.
Kumar Srivastava, Civil Judge, Junior Division,
No. 1404/Admin.(Services)-2021–Sri Prag Basti is promoted and posted as Additional Civil
Dutt Shukla, Civil Judge, Junior Division, Barabanki Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
is promoted and posted as Secretary (Full Time), Magistrate, Lucknow.
District Legal Services Authority, Maharajganj in No. 1397/Admin.(Services)-2021–Smt. Ila
the vacant court.
Chaudhary, Civil Judge, Junior Division, Lucknow
No. 1405/Admin.(Services)-2021–Sri Balwant is promoted and posted as Additional Civil Judge,
Kumar Bharti, Judicial Magistrate, First Class, Mau Senior Division/Additional Chief Judicial
is promoted and posted as Civil Judge, Senior Magistrate, Lucknow.
8 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कDivision (Fast Track Court), Maharajganj in the
No. 1413/Admin.(Services)-2021–Smt. Swati
vacant court.
Chandra, Civil Judge, Junior Division, Meerut is
promoted and posted as Additional Civil Judge, No. 1406/Admin.(Services)-2021–Sri Satyendra
Senior Division/Additional Chief Judicial Kumar Chaudhary, Nyayadhikari, Gram Nyayalaya,
Magistrate, Meerut.
SidhauliSitapur is promoted and posted as Secretary
No. 1414/Admin.(Services)-2021–Sri Anoop (Full Time), District Legal Services Authority,
Kumar Pandey, Judicial Magistrate, First Class, Mainpuri in the vacant court.
Basti is promoted and posted as Additional Civil No. 1407/Admin.(Services)-2021–Sri Ravi
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
Kumar Sagar, Civil Judge, Junior Division, Aonla
Magistrate, Moradabad.
Bareilly is promoted and posted as Civil Judge,
No. 1415/Admin.(Services)-2021–Smt. Smita Senior Division (Fast Track Court), Mainpuri in the
Goswami, Civil Judge, Junior Division, vacant court.
GarhmukteshwarHapur is promoted and posted as
No. 1408/Admin.(Services)-2021–Sushri Anupam Additional Civil Judge, Senior Division/Additional
Singh, Civil Judge, Junior Division, Bisalpur Chief Judicial Magistrate, Moradabad.
Pilibhit is promoted and posted as Additional Civil
No. 1416/Admin.(Services)-2021–Sri Danvir
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
Singh, Civil Judge, Junior Division, KalpiJalaun at
Magistrate, Mathura.
Orai is promoted and posted as Additional Civil
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial No. 1409/Admin.(Services)-2021–Sri Vikas
Magistrate, Moradabad.
Chaudhary, Registrar, Land Acquisition,
Rehabilitation and Resettlement Authority, Bareilly
No. 1417/Admin.(Services)-2021–Sri Sarvesh
is promoted and posted as Additional Civil Judge, Singh Yadav, Civil Judge, Junior Division, Atarra
Banda is promoted and posted as Civil Judge, Senior Senior Division/Additional Chief Judicial
Division (Fast Track Court), Moradabad vice Magistrate, Mathura.
Sri Nitiwan Nigam.
No. 1410/Admin.(Services)-2021–Sri Neeraj
No. 1418/Admin.(Services)-2021–Sri Nitiwan Gond, Judicial Magistrate, First Class, Deoria is
Nigam, Civil Judge, Senior Division (Fast Track promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
Court), Moradabad to be Additional Civil Judge, (Fast Track Court), Mathura in the vacant court.
Senior Division/Additional Chief Judicial
No. 1411/Admin.(Services)-2021–Sushri Priti
Magistrate, Moradabad.
Bhushan, Civil Judge, Junior Division, Tanda
No. 1419/Admin.(Services)-2021–Smt. Priyanka Ambedkar Nagar is promoted and posted as Civil
Rani, Civil Judge, Junior Division, Khurja Judge, Senior Division (Fast Track Court), Mau in
Bulandshahar is promoted and posted as Civil Judge, the vacant court.
Senior Division (Fast Track Court), Pilibhit in the
vacant court.
No. 1412/Admin.(Services)-2021–Sri Parag
Yadav, Registrar, Land Acquisition, Rehabilitation
No. 1420/Admin.(Services)-2021–Sri Niraj
and Resettlement Authority, Meerut is promoted and
Kumar Tripathi, Civil Judge, Junior Division,
posted as Additional Civil Judge, Senior Azamgarh is promoted and posted as Secretary (Full
Division/Additional Chief Judicial Magistrate, Time), District Legal Services Authority, Pratapgarh
Meerut.
in the vacant court.
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 9No. 1421/Admin.(Services)-2021–Smt. Archana promoted and posted as Additional Civil Judge,
Senior Division/Additional Chief Judicial Tiwari, Judicial Magistrate, First Class, Varanasi is
Magistrate, Shahjahanpur.
promoted and posted as Additional Civil Judge,
Senior Division, Pratapgarh.
No. 1430/Admin.(Services)-2021–Sri Mohd.
Zulqarnain Alam, Civil Judge, Junior Division, No. 1422/Admin.(Services)-2021–Sri Balram
SardhanaMeerut is promoted and posted as Civil Das, Civil Judge, Junior Division, Azamgarh is
Judge, Senior Division (Fast Track Court), promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
Shahjahanpur in the vacant court.
(Fast Track Court), Pratapgarh in the vacant court.
No. 1431/Admin.(Services)-2021–Smt. Siddiqui No. 1423/Admin.(Services)-2021–Sri Sumit
Saima Jarrar Alam, Civil Judge, Junior Division, Kumar, Civil Judge, Junior Division, Mau
ChakiaChandauli is promoted and posted as Chitrakoot is promoted and posted as Additional
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional Civil Judge, Senior Division/Additional Chief
Chief Judicial Magistrate, Sultanpur.
Judicial Magistrate, Raebareli.
No. 1432/Admin.(Services)-2021–Sri Kshitish No. 1424/Admin.(Services)-2021–Sri Suryabhan
Pandey, Civil Judge, Junior Division, Lucknow is Kumar Verma, Civil Judge, Junior Division, Iglas
promoted and posted as Civil Judge, Senior Division Aligarh is promoted and posted as Additional Civil
(Fast Track Court), Sultanpur in the vacant court.
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial
No. 1433/Admin.(Services)-2021–Sri Ujjwal Magistrate, Raebareli.
Upadhyay, Civil Judge, Junior Division, Maudaha No. 1425/Admin.(Services)-2021–Smt. Anita
Hamirpur is promoted and posted as Additional Singh, Civil Judge, Junior Division, Aligarh is
Civil Judge, Senior Division/Additional Chief promoted and posted as Civil Judge, Senior Division
Judicial Magistrate, Varanasi.
(Fast Track Court), Raebareli in the vacant court.
April 12, 2021
No. 1426/Admin.(Services)-2021–Smt. Anchal
Kasana, Civil Judge, Junior Division, Saharanpur is
No. 1434/Admin.(Services)-2021–In supersession promoted and posted as Additional Civil Judge,
of Court's Notification no. 1257/Admin. (Services)/ Senior Division/Additional Chief Judicial
2021, dated April 9, 2021, Sri Sudhanshu Shekar Magistrate, Rampur.
Upadhyay, Additional Civil Judge, Senior Division,
No. 1427/Admin.(Services)-2021–Sri Brahmpal Sant Kabir Nagar to be Additional Civil Judge,
Singh, Civil Judge, Junior Division, Sadabad Senior Division/ Additional Chief Judicial
Hathras is promoted and posted as Civil Judge,
Magistrate, Ghaziabad.
Senior Division (Fast Track Court), Rampur in the
No. 1435/Admin.(Services)-2021–Sri Milind vacant court.
Kumar Singh, Additional Civil Judge, Senior No. 1428/Admin.(Services)-2021–Sri Mayank
Division/Additional Chief Judicial Magistrate, Prakash, Civil Judge, Junior Division,
Ghaziabad to be Additional Chief Judicial MahmoodabadSitapur is promoted and posted as
Magistrate, Ghaziabad.
Additional Civil Judge, Senior Division/Additional
He is also appointed under section 11 (2) of the Chief Judicial Magistrate, Saharanpur.
Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of No. 1429/Admin.(Services)-2021–Smt. Asma
1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying Sultana, Judicial Magistrate, First Class, Meerut is
cases relating to Economic Offences at Ghaziabad.
2 ख10 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क No. 1436/Admin.(Services)-2021–Smt. Neha Additional Civil Judge, Senior Division/ Additional
Rungta, Additional Civil Judge, Senior Division/ Chief Judicial Magistrate, Amroha.
Additional Chief Judicial Magistrate, Ghaziabad to
No. 1443/Admin.(Services)-2021–Sushri Akanksha be Secretary (Full Time), District Legal Services
Garg, Additional Civil Judge, Senior Division/
Authority, Ghaziabad.
Additional Chief Judicial Magistrate, Amroha to be
Civil Judge, Senior Division (Fast Track Court), No. 1437/Admin.(Services)-2021–In supersession
Amroha.
of Court's Notification no. 1149/Admin. (Services)/
2021, dated April 9, 2021, Sri Shubham Verma,
No. 1444/Admin.(Services)-2021–In Partial
Civil Judge, Senior Division, Mau to be Additional
modification in Court's Notification no. 1313/
Civil Judge, Senior Division/Additional Chief Admin. (Services)/2021, dated April 9, 2021, the
Judicial Magistrate, Ghaziabad.
words "Additional Chief Judicial Magistrate
(Northern Railway) be read as Additional Chief No. 1438/Admin.(Services)-2021–In supersession
Judicial Magistrate (Northern Eastern Railway).
of Court's Notification no. 1125/Admin. (Services)/
2021, dated April 9, 2021, Sri Pradeep Kumar No. 1445/Admin.(Services)-2021–In supersession
of Court's Notification no. 737/Admin. (Services)/ Kushwaha, Civil Judge, Junior Division,
2021, dated April 9, 2021, Sri Mahendra SinghIII, MohammadabadGhazipur is promoted and posted
Additional District & Sessions Judge, Ambedkar as Additional Civil Judge, Senior Division/
Nagar at Akbarpur to be Special Judge, Budaun for Additional Chief Judicial Magistrate, Gautam
trying cases under section 14 of the Scheduled Buddha Nagar.
Castes and the Scheduled Tribes (Prevention of No. 1439/Admin.(Services)-2021–In supersession
Atrocities) Act, 1989 (Act no. 33 of 1989) in the of Court's Notification no. 1362/Admin. (Services)/
exclusive special court vice Sri Rama Shanker. 2021, dated April 9, 2021, Sri Vikas Kumar Verma,
No. 1446/Admin.(Services)-2021–Sri Rama Civil Judge, Senior Division (Fast Track Court),
Shanker, Special Judge/Additional District & Gautam Buddha Nagar to be Secretary (Full Time),
Sessions Judge, Budaun to be Additional District & District Legal Services Authority, Gautam Buddha
Sessions Judge/Special Judge, Budaun vice Nagar.
Smt. Machala Agarwal.
No. 1440/Admin.(Services)-2021–In supersession
He is also appointed under section 5 (2) of of Court's Notification no. 1315/Admin. (Services)/
U. P. Dacoity Affected Areas Act, 1983 as Special 2021, dated April 9, 2021, Sri Hari Ram, Chief
Judge at Budaun against the special court created for Judicial Magistrate, Gonda to be Secretary (Full
trying cases under the said Act.
Time), District Legal Services Authority, Meerut.
No. 1447/Admin.(Services)-2021–Smt. Machala
No. 1441/Admin.(Services)-2021–Sri Himanshu
Agarwal, Special Judge/Additional District &
Kumar Singh, Secretary (Full Time), District Legal Sessions Judge, Budaun to be Additional District &
Services Authority, Meerut to be Additional Civil Sessions Judge/ Special Judge, Budaun vice
Judge, Senior Division/Additional Chief Judicial Sri Shakti Putra Tomar.
Magistrate, Meerut.
She is also appointed under section 12A of
U. P. Essential Commodities (Special Provision) No. 1442/Admin.(Services)-2021–In supersession
Act, 1981, as Special Judge, at Budaun against the of Court's Notification no. 1244/Admin. (Services)/
Special court created for trying cases under the said 2021, dated April 9, 2021, Smt. Durgesh Nandini,
Act.
Civil Judge, Senior Division, Amroha to beभाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 11 No. 1448/Admin.(Services)-2021–In supersession trying cases covered under the Protection of
of Court's Notification no. 739/Admin. (Services)/ Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
2021, dated April 9, 2021, Sri Udai Bhan Singh,
No. 1455/Admin.(Services)-2021–Sri Mahendra Additional Principal Judge, Family Court, Sultanpur
Nath, Additional District & Sessions Judge, to be Additional District & Sessions Judge, Budaun.
Balrampur to be Additional District & Sessions April 15, 2021
Judge/ Special Judge, Balrampur in the exclusive
No. 1449/Admin.(Services)-2021–Sri Premendra Court for trying cases covered under the Protection
Kumar, Additional District & Sessions Judge, Agra
of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
to be Additional District & Sessions Judge/ Special
2012.
Judge, Agra in the exclusive Court for trying cases
No. 1456/Admin.(Services)-2021–Sri Ram Dayal, covered under the Protection of Children from
Additional District & Sessions Judge, Bareilly to be Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Additional District & Sessions Judge/ Special Judge, No. 1450/Admin.(Services)-2021–Sri Veer
Bareilly in the exclusive Court for trying cases Bhadra, Additional District & Sessions Judge,
covered under the Protection of Children from Allahabad to be Additional District & Sessions
Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Judge/ Special Judge, Allahabad in the exclusive
Court for trying cases covered under the Protection
No. 1457/Admin.(Services)-2021–Km. Parul Jain,
of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
Additional District & Sessions Judge, Bijnor to be 2012.
Additional District & Sessions Judge/ Special Judge,
No. 1451/Admin.(Services)-2021–Sri Ashish Bijnor in the exclusive Court for trying cases
Verma, Additional District & Sessions Judge,
covered under the Protection of Children from
Ambedkar Nagar at Akbarpur to be Additional
Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
District & Sessions Judge/ Special Judge, Ambedkar
No. 1458/Admin.(Services)-2021–Sri Rajendra Nagar at Akbarpur in the exclusive Court for trying
Prasad, Additional District & Sessions Judge, cases covered under the Protection of Children from
Chandauli to be Additional District & Sessions Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Judge/ Special Judge, Chandauli in the exclusive No. 1452/Admin.(Services)-2021–Sri Vikas
Court for trying cases covered under the Protection Goyal, Additional District & Sessions Judge,
of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, Auraiya to be Additional District & Sessions Judge/
2012.
Special Judge, Auraiya in the exclusive Court for
trying cases covered under the Protection of
No. 1459/Admin.(Services)-2021–Sri Rakesh Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Patel, Additional District & Sessions Judge, Deoria
No. 1453/Admin.(Services)-2021–Sri Ravish to be Additional District & Sessions Judge/ Special
Kumar Attri, Additional District & Sessions Judge,
Judge, Deoria in the exclusive Court for trying cases
Azamgarh to be Additional District & Sessions
covered under the Protection of Children from Judge/ Special Judge, Azamgarh in the exclusive
Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Court for trying cases covered under the Protection
No. 1460/Admin.(Services)-2021–Sri Ram Pratap of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
Singh Rana, Additional District & Sessions Judge, 2012.
Etawah to be Additional District & Sessions Judge/ No. 1454/Admin.(Services)-2021–Sri Varun
Special Judge, Etawah in the exclusive Court for Mohit Nigam, Additional District & Sessions Judge,
trying cases covered under the Protection of Bahraich to be Additional District & Sessions Judge/
Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Special Judge, Bahraich in the exclusive Court for12 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क No. 1461/Admin.(Services)-2021–Sri Shailendra of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
Verma, Additional District & Sessions Judge, 2012.
Faizabad to be Additional District & Sessions Judge/
No. 1468/Admin.(Services)-2021–Smt. Shweta Special Judge, Faizabad in the exclusive Court for
Dixit, Additional District & Sessions Judge, Hapur trying cases covered under the Protection of
to be Additional District & Sessions Judge/ Special Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Judge, Hapur in the exclusive Court for trying cases
No. 1462/Admin.(Services)-2021–Sri Prem
covered under the Protection of Children from
Shankar, Additional District & Sessions Judge,
Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Farrukhabad to be Additional District & Sessions
No. 1469/Admin.(Services)-2021–Sri Sunil Kumar Judge/ Special Judge, Farrukhabad in the exclusive
SinghII, Additional District & Sessions Judge, Court for trying cases covered under the Protection
Hardoi to be Additional District & Sessions Judge/ of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
Special Judge, Hardoi in the exclusive Court for 2012.
trying cases covered under the Protection of
No. 1463/Admin.(Services)-2021–Sri Mohd.
Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Ahmad Khan, Additional District & Sessions Judge,
No. 1470/Admin.(Services)-2021–Sri Kashi Prasad Fatehpur to be Additional District & Sessions Judge/
Singh Yadav, Additional District & Sessions Judge, Special Judge, Fatehpur in the exclusive Court for
Jaunpur to be Additional District & Sessions Judge/ trying cases covered under the Protection of
Special Judge, Jaunpur in the exclusive Court for Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
trying cases covered under the Protection of No. 1464/Admin.(Services)-2021–Sri Alok
Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
Pandey, Additional District & Sessions Judge,
No. 1471/Admin.(Services)-2021–Smt. Anjana, Firozabad to be Additional District & Sessions
Additional District & Sessions Judge, Jhansi to be Judge/ Special Judge, Firozabad in the exclusive
Additional District & Sessions Judge/ Special Judge, Court for trying cases covered under the Protection
Jhansi in the exclusive Court for trying cases of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
covered under the Protection of Children from 2012.
Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
No. 1465/Admin.(Services)-2021–Sri Niranjan
No. 1472/Admin.(Services)-2021–Sri Arvind Kumar, Additional District & Sessions Judge,
KumarII, Additional District & Sessions Judge, Gautam Buddha Nagar to be Additional District &
Kaushambi to be Additional District & Sessions Sessions Judge/ Special Judge, Gautam Buddha
Judge/ Special Judge, Kaushambi in the exclusive Nagar in the exclusive Court for trying cases
Court for trying cases covered under the Protection covered under the Protection of Children from
of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
2012.
No. 1466/Admin.(Services)-2021–Sri Harshvardhan,
No. 1473/Admin.(Services)-2021–Sri Rajesh Additional District & Sessions Judge, Ghaziabad to
Parasher, Additional District & Sessions Judge, be Additional District & Sessions Judge/ Special
Maharajganj to be Additional District & Sessions Judge, Ghaziabad in the exclusive Court for trying
Judge/ Special Judge, Maharajganj in the exclusive cases covered under the Protection of Children from
Court for trying cases covered under the Protection Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, No. 1467/Admin.(Services)-2021–Sri Manraj
2012.
Singh, Additional District & Sessions Judge,
No. 1474/Admin.(Services)-2021–Smt. Poonam, Ghazipur to be Additional District & Sessions
Additional District & Sessions Judge, Mainpuri to be Judge/ Special Judge, Ghazipur in the exclusive
Additional District & Sessions Judge/ Special Judge, Court for trying cases covered under the Protectionभाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 13 Mainpuri in the exclusive Court for trying cases the Protection of Children from Sexual Offences
(POCSO) Act, 2012.
covered under the Protection of Children from
Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
No. 1481/Admin.(Services)-2020–Sri, Pawan
Kumar Sharma, Additional District & Sessions No. 1475/Admin.(Services)-2021–Smt. Shabih
Judge, Sultanpur to be Additional District & Zehara, Additional District & Sessions Judge, Mau
to be Additional District & Sessions Judge/ Special Sessions Judge/ Special Judge, Sultanpur in the
Judge, Mau in the exclusive Court for trying cases exclusive Court for trying cases covered under the
covered under the Protection of Children from
Protection of Children from Sexual Offences
Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.
(POCSO) Act, 2012.
No. 1476/Admin.(Services)-2021–Dr. Keshav
Goyal, Additional District & Sessions Judge,
Moradabad to be Additional District & Sessions
By order of the Court, ASHISH GARG, Registrar General.
Judge/ Special Judge, Moradabad in the exclusive
May 05, 2021
Court for trying cases covered under the Protection
of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
No. 1482/Admin.(Services)-2021–Pursuant to
2012.
Government Notification No. 08/2021/223/VIINyay
2202158G/2001 dated March 01, 2021, No. 1477/Admin.(Services)-2020–Smt. Archna
Sri Chandra Mohan Mishra, Additional District & Gupta, Additional District & Sessions Judge (Fast
Sessions Judge, Faizabad to be Additional Principal Track Court), Pilibhit to be Additional District &
Sessions Judge/ Special Judge, Pilibhit in the Judge, Family Court, Faizabad.
exclusive Court for trying cases covered under the
No. 1483/Admin.(Services)-2021–Pursuant to
Protection of Children from Sexual Offences
Government Office Memorandum No. 287/II4 (POCSO) Act, 2012.
2021, dated April 16, 2021, Sri Pradeep KumarIII,
No. 1478/Admin.(Services)-2020–Sri Shailendra Additional District & Sessions Judge, Unnao is
Kumar Verma, Additional District & Sessions
appointed/posted as Registrar, U. P. State Consumer
Judge, Ramabai Nagar (Kanpur Dehat) to be
Disputes Redressal Commission, Lucknow on
Additional District & Sessions Judge/ Special Judge,
deputation basis.
Ramabai Nagar (Kanpur Dehat) in the exclusive
Court for trying cases covered under the Protection
of Children from Sexual Offences (POCSO) Act,
By order of the Court, VATSAL SRIVASTAVA, I/c. Registrar General.
2012.
No. 1479/Admin.(Services)-2020–Sri Jainuddin
May 07, 2021
Ansari, Additional District & Sessions Judge, Sant
No. 1484/Admin.(Services)-2021–In exercise Kabir Nagar to be Additional District & Sessions
of the powers conferred under Clause 12D (Note) of Judge/ Special Judge, Sant Kabir Nagar in the
Financial Hand Book, VolumeV (PartI), Chapter exclusive Court for trying cases covered under the
II, High Court of Judicature at Allahabad hereby Protection of Children from Sexual Offences
delegates Financial Powers to Sri Dinesh KumarI, (POCSO) Act, 2012.
Additional District & Sessions Judge, Bijnor till the No. 1480/Admin.(Services)-2020–Sri Abhay
new District & Sessions Judge assumes charge of the Krishna Tiwari, Additional District & Sessions
office.
Judge, Siddharth Nagar to be Additional District &
Sessions Judge/ Special Judge, Siddharth Nagar in
No. 1485/Admin.(Services)-2021–In exercise
the exclusive Court for trying cases covered under
of the powers conferred under Clause 12D (Note) of14 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क Financial Hand Book, VolumeV (PartI), Chapter Varanasi to be Secretary (Full Time), District Legal
II, High Court of Judicature at Allahabad hereby Services Authority, Varanasi vice Sri Vishv Jeet
delegates Financial Powers to Sri Raj Bahadur Singh Singh.
Maurya, Additional District & Sessions Judge,
No. 1492/Admin.(Services)-2021–Sri Vishv Hamirpur till the new District & Sessions Judge
Jeet Singh, Secretary (Full Time), District Legal assumes charge of the office.
Services Authority, Varanasi to be Additional Chief
May 11, 2021
Judicial Magistrate, Varanasi vice Sri Ashish Kumar
Rai.
No. 1486/Admin.(Services)-2021–Sri Nitivan
Nigam, Additional Civil Judge, Sinior Division/
He is also appointed under section 11 (2) of the Additional Chief Judicial Magistrate, Moradabad to
Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of be Secretary (Full Time), District Legal Services
1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying Authority, Moradabad vice Sri Sachin Kumar Dixit.
cases relating to Economic Offences at Varanasi.
No. 1487/Admin.(Services)-2021–Sri Sachin Kumar
No. 1493/Admin.(Services)-2021–Sri Ashish Dixit, Secretary (Full Time), District Legal Services
Authority, Moradabad to be Additional Chief Kumar Rai, Additional Chief Judicial Magistrate,
Judicial Magistrate, Moradabad vice Sri Vinay Varanasi to be Additional Chief Judicial Magistrate
Kumar Jaiswal.
(Northern Eastern Railway), Varanasi in the vacant
court.
He is also appointed under section 11 (2) of the
Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of
No. 1494/Admin.(Services)-2021–Sri Devendra 1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying
KumarII, Additional Civil Judge, Senior Division/ cases relating to Economic Offences at Moradabad.
Additional Chief Judicial Magistrate, Gorakhpur to
No. 1488/Admin.(Services)-2021–Sri Vinay
be Secretary (Full Time), District Legal Services
Kumar Jaiswal, Additional Chief Judicial
Authority, Gorakhpur vice Sri Rahul Kumar Singh.
Magistrate, Moradabad to be Additional Chief
No. 1495/Admin.(Services)-2021–Sri Rahul Judicial Magistrate, (Northern Railway), Moradabad
in the vacant court.
Kumar Singh, Secretary (Full Time), District Legal
Services Authority, Gorakhpur to be Additional No. 1489/Admin.(Services)-2021–Sri Ashwarya
Chief Judicial Magistrate, Gorakhpur vice Pratap Singh, Additional Civil Judge, Senior
Sri Shivam Kumar.
Division/Additional Chief Judicial Magistrate,
Aligarh to be Additional Chief Judicial Magistrate,
He is also appointed under section 11 (2) of the (Northern Railway), Aligarh in the vacant court.
Code of Criminal Procedure, 1973 (Act no. 2 of
No. 1490/Admin.(Services)-2021–Sri Vikas
1974) as Judicial Magistrate, First Class for trying
Chaudhary, Additional Civil Judge, Senior Division/
cases relating to Economic Offences at Gorakhpur.
Additional Chief Judicial Magistrate, Mathura to be
No. 1496/Admin.(Services)-2021–Sri Shivam Additional Chief Judicial Magistrate, (Railway),
Kumar, Additional Chief Judicial Magistrate, Mathura in the vacant court.
Gorakhpur to be Additional Chief Judicial No. 1491/Admin.(Services)-2021–Smt. Kumud
Magistrate (Northern Railway), Gorakhpur in the Lata Tripathi, Additional Civil Judge, Senior
vacant court.
Division/Additional Chief Judicial Magistrate,भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 15 May 11, 2021
Additional Chief Judicial Magistrate, Lucknow to be
Additional Chief Judicial Magistrate, (Special Court No. 1497/Admin.(Services)-2021–On reversion
Ayodhya Prakaran), Lucknow in the vacant court.
to the regular line Sri Durgesh, Registrar, Central
Administrative Tribunal, Patna Bench to be
May 18, 2021
Additional District & Sessions Judge (Fast Track
No. 1504/Admin.(Services)-2021–Pursuant to
Court), Ghazipur against the Fast Track Court
Government Notification No. U. O. 41/VIPu921
created under the scheme of 14th Finance
332G/91 T.C.Nyay2, dated May 13, 2021,
Commission vice Sri Sanjay Kumar YadavI.
Sri Alok Kumar Singh, Additional District &
Sessions Judge, Varanasi is appointed/posted as No. 1498/Admin.(Services)-2021–Sri Sanjay
Additional District & Sessions Judge/Special Judge, Kumar YadavI, Additional District & Sessions
Special Court No. 2 (Prevention of Corruption Act), Judge (Fast Track Court), Ghazipur to be Additional
Varanasi in the vacant court.
District & Sessions Judge (Fast Track Court),
Ghazipur for trying cases of crime against women
May 20, 2021
vice Sri Vishnu Chandra Vaish.
No. 1505/Admin.(Services)-2021–Sri Atul
No. 1499/Admin.(Services)-2021–Sri Vishnu Kumar Gupta, Presiding Officer, Land Acquisition,
Rehabilitation and Resettlement Authority, Bareilly Chandra Vaish, Additional District & Sessions
to be District & Sessions Judge, Bijnor in the vacant Judge (Fast Track Court), Ghazipur to be Additional
court.
District & Sessions Judge, Ghazipur.
No. 1506/Admin.(Services)-2021–Sri Viqar May 12, 2021
Ahmed Ansari, Presiding Officer, Commercial
No. 1500/Admin.(Services)-2021–Smt. Farha
Court, Kanpur to be District & Sessions Judge,
Jameel, Additional Civil Judge, Senior Division/
Hamirpur in the vacant court.
Additional Chief Judicial Magistrate, Lucknow to be
No. 1507/Admin.(Services)-2021–Sri Bhanu Secretary (Full Time), District Legal Services
Deo Sharma, Presiding Officer, Motor Accident Authority, Lucknow vice Sri Ranvijay Singh.
Claim, Tribunal, Budaun to be Presiding Officer,
Commercial Court, Kanpur.
No. 1501/Admin.(Services)-2021–Sri Ranvijay
Singh, Secretary (Full Time), District Legal Services
May 21, 2021
Authority, Lucknow to be Additional Chief Judicial
No. 1508/Admin.(Services)-2021–In exercise Magistrate (Northern Railway), Lucknow in the
of the powers conferred under Clause 12D (Note) of vacant court.
Financial Hand Book, VolumeV (PartI),
No. 1502/Admin.(Services)-2021–Sri Prashant ChapterII, High Court of Judicature at Allahabad
Mishra, Additional Civil Judge, Senior Division/ hereby delegates Financial Powers to Sri Rajesh
Additional Chief Judicial Magistrate, Lucknow to be KumarV, Additional Principal Judge, Family Court,
Additional Chief Judicial Magistrate, (Northern Sant Kabir Nagar till the new Principal Judge,
Family Court assumes charge of the office.
Eastern Railway), Lucknow in the vacant court.
No. 1503/Admin.(Services)-2021–Sri Satyabir
Singh, Additional Civil Judge, Senior Division/
By order of the Court, ASHISH GARG, Registrar General.
16 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कसम्भल (बहजोई) के जिलाधिकारी की आज्ञायें
15 सितम्बर, 2021 ई0
सं0 34/डी0एल0आर0सी0/202021-शासनादेश संख्या32/744/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 35/740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, संजीव रंजन, जिलाधिकारी, सम्भल निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित नगर पालिका परिषद्, बहजोई के प्रबन्धन में निहित थी। पुलिस मालखाने, सम्भल के भवन निर्माण की स्थापना हेतु, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं :
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना ग्राम गाटा संख्या
श्रेणी
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 सम्भल चन्दौसी चन्दौसी बहजोई 681 0.520 बंजर पुलिस मालखाने, सम्भल के
भवन निर्माण हेतु।
उपरोक्तानुसार राजस्व अभिलेखों में अमलदरामद किया जाये।
23 सितम्बर, 2021 ई0
सं0 35/डी0एल0आर0सी0/202021-शासनादेश संख्या32/744/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 35/740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, संजीव रंजन, जिलाधिकारी, सम्भल निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित ग्राम पंचायत, बहजोई देहात, तहसील चन्दौसी के प्रबन्धन में निहित थी। कार्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक, सम्भल के भवन निर्माण की स्थापना हेतु, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं :
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की
जिला तहसील परगना ग्राम गाटा संख्या
श्रेणी
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है)
679मि0 0.243 बंजर जिला विद्यालय निरीक्षक, क्र0 सं0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 सम्भल चन्दौसी चन्दौसी बहजोई देहात
सम्भल के भवन निर्माण हेतु।
उपरोक्तानुसार राजस्व अभिलेखों में अमलदरामद किया जाये।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी, सम्भल (बहजोई)।
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 17जालौन स्थान (उरई) के जिलाधिकारी की आज्ञायें
24 सितम्बर, 2021 ई0
सं0 02/8डी0एल0आर0सी0-शासनादेश संख्या740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 741/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, प्रियंका निरंजन, आई0ए0एस0, जिलाधिकारी, जालौन स्थान उरई, निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 03 जून, 2016 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित ग्राम पंचायतों/स्थानीय प्राधिकरणों के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेती हूं :
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना गांव गाटा संख्या
श्रेणी/ प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 जालौन जालौन जालौन लौना 27ग 0.275 श्रेणी 5(3)ड़
बंजर भूमि
नगरपालिका परिषद् जालौन के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु।
श्रेणी 5(3)ड़ बंजर भूमि
2 29ख 0.365 में से रकबा 0.265
योग .. 0.540
उक्त गांवसभा की भूमि इस प्रतिबन्ध के साथ पुनर्ग्रहीत करती हूं कि उक्त भूमि का प्रयोजन सम्बन्धित विभाग/संस्था किसी अन्य प्रयोजन में नहीं करेंगे तथा उनको उक्त भूमि को विक्रय करने/किसी अन्य को कब्जे में देने का अधिकार नहीं होगा। यदि सम्बन्धित विभाग/संस्था द्वारा उक्त प्रतिबन्ध का उल्लंघन किया जाता है तो उक्त पुनर्ग्रहण स्वतः समाप्त समझा जायेगा। इसके अतिरिक्त वर्णित भूमि मु0 रु0 10,64,000.00 (मु0 दस लाख चौसठ हजार रुपया मात्र) की कीमत एवं मु0 रु0 3,000.00 (तीन हजार रुपया) वार्षिक किराया लेखा शीर्षक0029 भूराजस्व में जमा धनराशि देय होती है तो उसे अदा करने के लिये संबंधित विभाग/पूर्ण रूप से बाध्य रहेंगे। उक्त शर्तों के उल्लंघन होने की दशा में यह आदेश स्वतः निष्प्रभावी माना जायेगा।
25 सितम्बर, 2021 ई0
सं0 03/8डी0एल0आर0सी0-शासनादेश संख्या740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8, सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 741/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, प्रियंका निरंजन, आई0ए0एस0, जिलाधिकारी, जालौन स्थान उरई, निम्नलिखित अनुसूची के स्तम्भ संख्या 6 में उल्लिखित भूमि को, शासनादेश संख्या32/744/एक12016
3 ख18 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क 20(5)/2010, दिनांक 03 जून, 2016 के प्रस्तर 4(ग) में विहित प्राविधानों के अनुसार उक्त भूमि जो ग्राम
पंचायतों/स्थानी प्राधिकरणों के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेती हूं :
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना ग्राम गाटा संख्या
श्रेणी/ प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 जालौन उरई उरई किशोरा 107/2 5.382 श्रेणी 6(4) बेहड़ भूमि
कृषि उपज भण्डारण हेतु केन्द्रीय बेयर हाउस के निर्माण हेतु केन्द्रीय भण्डारण निगम (भारत सरकार का उपक्रम)।
उक्त गांवसभा की भूमि इस प्रतिबन्ध के साथ पुनर्ग्रहीत करता हूं कि उक्त भूमि का प्रयोजन सम्बन्धित विभाग/संस्था किसी अन्य प्रयोजन में नहीं करेंगे तथा उनको उक्त भूमि को विक्रय करने/किसी अन्य को कब्जे में देने का अधिकार नहीं होगा। यदि सम्बन्धित विभाग/संस्था द्वारा उक्त प्रतिबन्ध का उल्लंघन किया जाता है तो उक्त पुनर्ग्रहण स्वतः समाप्त समझा जायेगा। इसके अतिरिक्त वर्णित भूमि मु0 रु0 2,36,80,800.00 (मु0 दो करोड़ छत्तीस लाख अस्सी हजार आठ सौ रुपया मात्र) भूमि की कीमत एवं वार्षिक किराया मु0 रु0 6,651.00 (छः हजार छः सौ इक्यावन रुपया) लेखाशीर्षक 0029 भूराजस्व में जमा करने पर 30 वर्ष की अवधि के लिये उपरोक्त विभाग को पट्टे पर दी जाती है। वार्षिक किराया की धनराशि विभाग को प्रतिवर्ष जमा करनी होगी। उक्त शर्तों के उल्लंघन होने की दशा में यह आदेश स्वतः निष्प्रभावी माना जायेगा।
प्रियंका निरंजन, जिलाधिकारी, जालौन स्थान उरई।
महोबा के जिलाधिकारी की आज्ञा
27 सितम्बर, 2021 ई0
सं0 811/57/डी0एल0आर0सी012एपुनगर््रहण/202122-शासनादेश संख्या258/रा01/2016(1)/73, दिनांक 05 मार्च, 1974 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, सत्येन्द्र कुमार, जिलाधिकारी, महोबा निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 05 मार्च, 1974 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 6 में उल्लिखित ग्राम पंचायत के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं :
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना गांव/ मौजा
गाटा संख्या
श्रेणी/प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 महोबा महोबा महोबा मुड़हरा 619 3.059 में से 0.500
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को जनपदीय ड्रग वेयर हाऊस की स्थापना हेतु।
श्रेणी 53ड़ अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि
सत्येन्द्र कुमार, जिलाधिकारी, महोबा।
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 19बुलन्दशहर के जिलाधिकारी की आज्ञायें 06 अक्टूबर, 2021 ई0 सं0 1697/डी0एल0आर0सी0-शासनादेश संख्या 744/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8, सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, जिलाधिकारी, बुलन्दशहर नीचे अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 03 जून, 2016 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित भूमि ग्राम पौटा कबूलपुर, तहसील स्याना, जिला बुलन्दशहर के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं। उपजिलाधिकारी स्याना ने अपनी आख्या पत्रांक 999/रा0का0, दिनांक 05 अक्टूबर, 2021 के द्वारा उपलब्ध कराये गये पुनगर््रहण प्रस्ताव दिनांक 04 अक्टूबर, 2021 व भू0प्र0स0 पौटा कबूलपुर के प्रस्ताव दिनांक 10 सितम्बर, 2021 के आधार पर अनुसूची में वर्णित भूमि क्षेत्रफल 0.016 हे0 भूमि शासनादेश संख्या यू0ओ070/एक12021 राजस्व अनुभाग1, लखनऊ, दिनांक 02 जून, 2021 के अनुपालन में उ0प्र0 शासन के औद्योगिक विकास विभाग के निवर्तन पर रखते हुये उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु निःशुल्क हस्तान्तरित की जाती है :
अनुसूची
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना ग्राम/ कस्बा
खसरा संख्या
विशेष प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/ प्रकृति
1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 बुलन्दशहर स्याना स्याना पौटा
कबूलपुर
915 0.016 नवीन परती
उ0प्र0 शासन के औद्योगिक विकास विभाग के निवर्तन पर रखते हुये उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु।
सं0 1698/डी0एल0आर0सी0-शासनादेश संख्या 744/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, जिलाधिकारी, बुलन्दशहर नीचे अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 03 जून, 2016 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित भूमि ग्राम हिंगवाड़ा, तहसील स्याना, जिला बुलन्दशहर के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं। उपजिलाधिकारी स्याना ने अपनी आख्या पत्रांक 999/रा0का0, दिनांक 05 अक्टूबर, 2021 के द्वारा उपलब्ध कराये गये पुनगर््रहण प्रस्ताव दिनांक 04 अक्टूबर, 2021 व भू0प्र0स0 हिंगवाड़ा के प्रस्ताव दिनांक 10 सितम्बर, 2021 के आधार पर अनुसूची में वर्णित भूमि क्षेत्रफल 0.002 हे0 भूमि शासनादेश संख्या यू0ओ070/एक12021 राजस्व अनुभाग1, लखनऊ, दिनांक 02 जून, 2021 के अनुपालन में उ0प्र0 शासन के औद्योगिक विकास विभाग के निवर्तन पर रखते हुये उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु निःशुल्क हस्तान्तरित की जाती है :
अनुसूची
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना ग्राम/ कस्बा
खसरा संख्या
विशेष प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/ प्रकृति
1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 बुलन्दशहर स्याना स्याना हिंगवाड़ा 629ख 0.002 नवीन परती
उ0प्र0 शासन के औद्योगिक विकास विभाग के निवर्तन पर रखते हुये उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु।
20 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कसं0 1699/डी0एल0आर0सी0-शासनादेश संख्या 744/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, जिलाधिकारी, बुलन्दशहर नीचे अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 03 जून, 2016 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित भूमि बीहटा, तहसील स्याना, जिला बुलन्दशहर के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं। उपजिलाधिकारी स्याना ने अपनी आख्या पत्रांक 999/रा0का0, दिनांक 05 अक्टूबर, 2021 के द्वारा उपलब्ध कराये गये पुनगर््रहण प्रस्ताव दिनांक 04 अक्टूबर, 2021 व भू0प्र0स0 बीहटा के प्रस्ताव दिनांक 08 सितम्बर, 2021 के आधार पर अनुसूची में वर्णित भूमि क्षेत्रफल 0.609 हे0 भूमि शासनादेश संख्या यू0ओ070/एक12021 राजस्व अनुभाग1 लखनऊ, दिनांक 02 जून, 2021 के अनुपालन में उ0प्र0 शासन के औद्योगिक विकास विभाग के निवर्तन पर रखते हुये उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु निःशुल्क हस्तान्तरित की जाती है :
अनुसूची
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना ग्राम/ कस्बा
खसरा संख्या
विशेष प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/ प्रकृति
1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 बुलन्दशहर स्याना स्याना बीहटा 79 0.609 नवीन परती
उ0प्र0 शासन के औद्योगिक विकास विभाग के निवर्तन पर रखते हुये उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु।
ह0 (अस्पष्ट), जिलाधिकारी, बुलन्दशहर।
ललितपुर के जिलाधिकारी की आज्ञा
30 सितम्बर, 2021 ई0
सं0 3039/आठएल0ए0सी0पुर्न0(202122)-शासनादेश संख्या 258/16(1)/1973/राजस्व1, दिनांक 05 मई, 1981 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8, सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 28/741/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, अन्नावि दिनेशकुमार, जिलाधिकारी, ललितपुर निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 05 सितम्बर, 1986 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित ग्राम पंचायतों/स्थानीय प्राधिकरणों के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं। उक्त भूमि इस शर्त के साथ पुनगर््रहीत की जाती है कि रेलवे विभाग द्वारा रास्ते को बाधित नहीं किया जायेगा एवं रास्ते पर से पुल आदि बनाये जाने के अतिरिक्त उसके प्राकृतिक स्वरूप को परिवर्तित नहीं किया जायेगा :
जिला तहसील परगना गांव
क्र0 सं0
अनुसूची गाटा संख्या क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/ प्रकृति
गांवसभा/ स्थानीय प्राधिकारी
0.014
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है) 1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 ललितपुर ललितपुर ललितपुर ऐरा ग्राम सभा ऐरा
449मि0 566
0.221
झांसी बीना तीसरी रेल लाइन परियोजना हेतु रेलवे विभाग, भारत सरकार को।
62, रास्ता 53ग, पशुचर
योग . . 0.235भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 21 20 अक्टूबर, 2021 ई0 सं0177/आठएल0ए0सी0पुर्न0(20222)-शासनादेश संख्या 258/रा0116(1)/73, दिनांक 05 मार्च, 1974 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 35/740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, अन्नावि दिनेशकुमार, जिलाधिकारी, ललितपुर निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 05 मार्च, 1974 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित ग्राम पंचायतों/स्थानीय प्राधिकरणों के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं :
जिला तहसील परगना गांव
क्र0 सं0
अनुसूची गाटा संख्या
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/ प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है)
गांवसभा/ स्थानीय प्राधिकारी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 ललितपुर महरौनी महरौनी किसरदा 354 0.250 64,
टौरिया
ग्राम समाज किसरदा
नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश को मसौरा- सिंदवाहा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना हेतु।
अन्नावि दिनेशकुमार, जिलाधिकारी, ललितपुर।
मेरठ के जिलाधिकारी की आज्ञा 14 अक्टूबर, 2021 ई0 सं0 1799/सातडी0एल0आर0सी0/पुर्न0/2021-शासनादेश संख्या 744/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8, सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 में दी गयी प्रयोक्तव्य शक्तियों का उपयोग करते हुये, मैं के0 बालाजी, जिलाधिकारी, मेरठ निम्न अनुसूची के स्तम्भ6 में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 03 जून, 2016 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची में उल्लिखित ग्राम पंचायत/स्थानीय प्राधिकरण के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं तथा उप जिलाधिकारी, मेरठ द्वारा उपलब्ध कराये गये पुनगर््रहण प्रस्ताव/संस्तुति दिनांक 11 अक्टूबर, 2021 के आधार पर अनुसूची के अनुसार उल्लिखित भूमि, शासनादेश संख्या 744/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 में दी गयी व्यवस्थानुसार जनपदीय ड्रगवेयर हाउस की स्थापना हेतु चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उ0प्र0 शासन, लखनऊ के निवर्तन पर रखते हैं :
अनुसूची
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना ग्राम गाटा संख्या
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है)
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/ प्रकृति
1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 मेरठ मेरठ सरावा खरखौदा 1066
क
0.5000 अथवा 5000 वर्ग मीटर
बंजर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उ0प्र0 शासन, लखनऊ के निवर्तन पर रखते हुये जनपदीय ड्रग वेयर हाऊस की स्थापना हेतु।
के0 बालाजी, जिलाधिकारी, मेरठ।
22 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कआगरा के जिलाधिकारी की आज्ञा
22 अक्टूबर, 2021 ई0
सं0 890/प/डी0एल0आर0सी0-उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8, सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 35/740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, प्रभु एन0 सिंह, जिलाधिकारी, आगरा निम्नांकित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपर्युक्त शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 05 में उल्लिखित ग्राम पंचायत के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूं तथा कॉलम 6 व 7 में उल्लिखित विवरण के अनुसार मल्टीपरपज सीड स्टोर एण्ड टेक्नोलॉजी डिसेमिनेशन सेंटर के निर्माण हेतु कृषि विभाग के निवर्तन पर रखते हुये निःशुल्क हस्तान्तरण करता हूं :
अनुसूची
क्र0 जनपद तहसील परगना राजस्व गाटा/प्लाट भूमि की विवरण (प्रयोजन जिसके सं0
ग्राम
श्रेणी लिये भूमि पुनगर््रहीत की
संख्या क्षेत्रफल
जा रही है)
1 2 3 4 5 6 7 8 9
हेक्टेयर श्रेणी
1 आगरा खेरागढ़ खेरागढ़ जगनेर 931 0.1730
मल्टीपरपज सीड स्टोर
5(3)(ड़)
में से
एण्ड टेक्नोलॉजी
बंजर
0.0750
डिसेमिनेशन सेंटर के
निर्माण हेतु (उक्त भूमि
कृषि विभाग के निवर्तन
पर रहेगी।)
प्रभु एन0 सिंह, जिलाधिकारी, आगरा।
गाजियाबाद के जिलाधिकारी की आज्ञा
26 अक्टूबर, 2021 ई0
सं0 1278/सातडी0एल0आर0सी0गा0बाद/विनियम/2021-उपजिलाधिकारी, मोदीनगर के पत्र संख्या 184/र0का0मोदीनगर/पुनगर््रहण2021, दिनांक 30 सितम्बर, 2021 के आलोक में एवं व्यापक जनहित के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8 सन् 2012) की धारा 77 की उपधारा 2, सपठित धारा 101 एवं उत्तर प्रदेश शासन, राजस्व अनुभाग1 लखनऊ की अधिसूचना संख्या 688/एक1202020(5)/2016, दिनांक 06 जुलाई, 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुये मैं, राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी, गाजियाबादभाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 23 ग्राम भोजपुर, परगना जलालाबाद, तहसील मोदीनगर, जिला गाजियाबाद स्थित चकमार्ग के खाते में दर्ज खसरा संख्या 1481 रकबा 0.0175 हे0 एवं नाली के खाते में दर्ज खसरा संख्या 1478 रकबा 0.0107 हे0, कुल खसरा नम्बरान 02 कुल रकबा 0.0282 हे0 के सशुल्क श्रेणी परिवर्तन किये जाने व डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया लि0 रेलवे मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के नाम दर्ज ग्राम भोजपुर, परगना जलालाबाद, तहसील मोदीनगर, जिला गाजियाबाद स्थिति भूमि खसरा नम्बर 1479 रकबा 0.0423 हे0 व 1496 रकबा 0.0063 हे0 व 1477 रकबा 0.0240 हे0 कुल खसरा नम्बरान 03 कुल रकबा 0.0726 हे0 से विनिमय किये जाने की अनुमति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान करता हूं :
1-उक्त भूमियों का विनिमय/श्रेणी परिवर्तन पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर परियोजना हेतु अपरिहार्य परिस्थितियों में किया जा रहा है। डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया लि0 रेलवे मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली से श्रेणी परिवर्तन हेतु जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सर्किल रेट का 25 प्रतिशत धनराशि अंकन रुपया 6,35,250.00 (छः लाख पैंतीस हजार दौ सौ पचास रुपये) निर्धारित लेखा शीर्षक ''0029भूराजस्व800अन्य प्राप्तियां 08 मालिकाना राजस्व806प्रकीर्ण प्राप्तियां'' के नाम जमा कराया जायेगा।
2-उपजिलाधिकारी, मोदीनगर द्वारा ग्राम भोजपुर, परगना जलालाबाद, तहसील मोदीनगर जनपद गाजियाबाद स्थित विनिमय के माध्यम से प्राप्त डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया लि0 रेलवे मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली की भूमि को चकमार्ग एवं नाली के रूप में तथा डीएफसीसीआईएल को दी जाने वाली ग्राम सभा भूमि स्थित ग्राम भोजपुर, परगना जलालाबाद, तहसील मोदीनगर, जनपद गाजियबाद का श्रेणी परिवर्तन शुल्क निर्धारित लेखा शीर्षक ने नियमानुसार प्रक्रिया अन्तर्गत जमा कराने के उपरान्त डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया लि0 रेलवे मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के नाम दर्ज करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
3-लोक प्रयोजन की भूमि का श्रेणी परिवर्तन/विनिमय का आदेश प्राप्त होने पर उपजिलाधिकारी, मोदीनगर अधिकार अभिलेख (खतौनी) और मानचित्र में तदनुसार संशोधन की कार्यवाही 15 दिन में पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे।
4-उक्त सभी शर्तों एवं प्रतिबन्धों का अनुपालन उपजिलाधिकारी, मोदीनगर द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा।
राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी, गाजियाबाद।
अलीगढ़ के जिलाधिकारी की आज्ञा
27 अक्टूबर, 2021 ई0
सं0 756 (iv)/डी0एल0आर0सी0-उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व अनुभाग1 के शासनादेश संख्या 68/32 (जी)1979रा1, दिनांक 05 सितम्बर, 1986 का आंशिक परिष्कार करते हुये और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8, सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासनादेश संख्या 744/एक12016 20(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं, सेल्वा कुमारी जे0, जिलाधिकारी, अलीगढ़ निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उक्त शासनादेश दिनांक 05 सितम्बर, 1986 के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित ग्राम पंचायतों/स्थानीय प्राधिकरणों के प्रबन्धन में निहित थी, को फिर से अपने अधिकार में लेकर उसे जनपद अलीगढ़ की तहसील गभाना की नगर पंचायत, चण्डौस के डम्पिंग ग्राउण्ड हेतु24 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क शासनादेश संख्या 818/नौ51956सा/2018, नगर विकास अनुभाग 5 लखनऊ, दिनांक 07 मार्च, 2019 में दी गयी
व्यवस्थानुसार नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के पक्ष में निःशुल्क हस्तान्तरित करती हूं। इस भूमि
का अन्यथा उपयोग नहीं होगा :
अनुसूची
जिला तहसील परगना गांव गाटा क्षेत्रफल भूमि की
क्र0 सं0
श्रेणी/प्रकृति
संख्या
विवरण प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है
1 2 3 4 5 6 7 8 9
हेक्टेयर
1 अलीगढ़ गभाना चण्डौस चण्डौस 789 0.5760 53ड़ बंजर नगर पंचायत, चण्डौस के डम्पिंग ग्राउण्ड हेतु।
नगर विकास विभाग, उ0प्र0 शासन, लखनऊ के निवर्तन पर।
सेल्वा कुमारी जे0, जिलाधिकारी, अलीगढ़।
कानपुर देहात के जिलाधिकारी की आज्ञा
09 नवम्बर, 2021 ई0
सं0 455/डी0एल0आर0सी0का0दे0पुनगर््रहण/2021-उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या8, सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासनादेश संख्या 744/एक12016 20(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 व शासनादेश संख्या 740/एक1201620(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 में दिये गये निर्देशों तथा शासकीय अधिसूचना संख्या 687/एक1202020(5)/2016, दिनांक 06 जुलाई, 2020 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का उपयोग करते हुये मैं, जितेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर देहात निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उक्त शासनादेश दिनांक 05 सितम्बर, 1986 के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 06 में उल्लिखित भूमि, जो अब तक निम्न अनुसूची के स्तम्भ5 में उल्लिखित ग्राम पंचायत/स्थानीय प्राधिकरण के प्रबन्धन में निहित थी, को फिर से अपने अधिकार में लेता हूं :
क्र0 सं0
जिला परगना व तहसील
ग्राम खाता संख्या
अनुसूची गाटा संख्या
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/ प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है)
अकबरपुर कुम्भी 00456 592मि0 0.500मि0 64
1 2 3 4 5 6 7 8 9 हेक्टेयर 1 कानपुर देहात
ऊसर
ड्रग वेयर हाऊस की स्थापना हेतु (चिकित्सा विभाग, उत्तर प्रदेश)।
जितेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर देहात।
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 25जनता के प्रयोजनार्थ भूमि नियोजन की विज्ञप्तियां
03 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 541/आठवि0भू0अ0अ0/अधिसूचना/गोण्डा/2021-सरयू नहर खण्ड1 गोण्डा, जनपद गोण्डा द्वारा अपेक्षित सार्वजनिक प्रयोजन हेतु सरयू नहर परियोजना के अधीन महादेवा माइनर के निर्माण हेतु जनपद गोण्डा, तहसील तरबगंज, परगना डिक्सिर, ग्राम परसदा रकबा 0.150 हे0 में भूमि के सम्बन्ध में भूअर्जन पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अन्तर्गत जो प्रारम्भिक अधिसूचना संख्या 475/आठवि0भू0अ0अ0/गोण्डा (अधि0सू0)/202021, दिनांक 26 अगस्त, 2021 को निर्गत की गयी थी तथा अन्तिम रूप से दिनांक 18 सितम्बर, 2021 को प्रकाशित की गयी थी।
अधिनियम की धारा 15 की उपधारा (2) के प्राविधानों के अनुपालन में कलेक्टर भूमि अर्जन प्रयोजनार्थ गोण्डा द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दिनांक 27 नवम्बर, 2021 पर विचारोपरान्त धारा 19 की उपधारा (1) के अन्तर्गत राज्यपाल घोषणा करने का निदेश देते हैं कि उन्हें यह समाधान हो गया है कि अनुसूची "क" में वर्णित भूमि का क्षेत्रफल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु आवश्यक है तथा अनुसूची "ख" में उल्लिखित जनपद गोण्डा, तहसील तरबगंज, परगना डिक्सिर, ग्राम परसदा की सम्बन्धित ग्राम की शून्य हेक्टेयर भूमि को विस्थापित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यव्यस्थापन हेतु पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
राज्यपाल अग्रेतर निदेश देते हैं कि अधिनियम की धारा 19 की उपधारा (2) के अधीन इस प्रभाव का घोषणा के प्रकाशन के साथ पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन योजना के सारांश के प्रकाशन की आवश्यकता नहीं है। (सरयू नहर खण्ड1, गोण्डा द्वारा सार्वजनिक प्रयोजन यथा सरयू परियोजना के अन्तर्गत महादेवा माइनर नहर निर्माण के लिये अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि से कोई हितबद्ध व्यक्ति विस्थापित नहीं हो रहा है :
अनुसूची "क"
(प्रस्तावित अर्जन के अन्तर्गत भूमि)
जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित क्षेत्रफल
1 2 3 4 5 6
हेक्टेयर गोण्डा तरबगंज डिक्सिर परसदा 359 0.150
अनुसूची "ख"
(विस्थापित परिवारों के लिये व्यवस्थापन क्षेत्र के रूप में चिन्हित भूमि)
जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित क्षेत्रफल
1 2 3 4 5 6
हेक्टेयर गोण्डा तरबगंज डिक्सिर शून्य शून्य शून्य
टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थलीय नक्शा कलेक्टर, गोण्डा के कार्यालय में देखा जा सकता है।
(ह0 अस्पष्ट),
जिलाधिकारी, गोण्डा।
4 ख26 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क No. 541/VIII-S.L.A.O./Notification/Gonda/2021–Whereas Preliminary Notification No. 745/ VIIIS.L.A.O./Gonda/202021, Dated 26082021 was issued under Subsection 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 in respect of 0.150 hectares of land in VillageParsada, ParganaDiksir, TehsilTarabganj, DistrictGonda is required for public purpose, namely, Project Mahadeva minor under Saryu Canal Project through Saryu Nahar Khand1, Gonda and lastly published on dated 18 September, 2021.
After considering the report of the Collector dated 27112021 submitted in pursuance to provision under Subsection (2) of the Section 15 of the Act, the Governor is pleased to declare under Section 19 (1) of the Act that he is satisfied that the area of the land mentioned in the given Schedule ''A'' is needed for public purpose.
The Governor is further pleased under Subsection (2) of Section 19 of the Act, to direct the Collector of Gonda to publish a summary of the Rehabilition and Resettlement scheme with publication of the declaration to this effect. (No interested person is getting displaced in the acquisition process of proposed land for Saryu Nahar Khand1 Gonda under public purpose i.e. Saryu Project Mahadeva Minor).
SCHEDULE-''A''
(Land Under Proposed Acquisition)
District Tehsil Pargana Village Plot No. Area to be acquired
1 2 3 4 5 6
Hectare
Gonda Tarabganj Diksir Parsada 359 0.150
SCHEDULE-''B''
(Market Land in the Area of Rehabilitation and Resettlement for displaced families)
District Tehsil Pargana Village Plot No. Area to be acquired
1 2 3 4 5 6
Hectare
Gonda Tarabganj Diksir 00 00 00
NOTE–A plan of land may be inspected in the Office of the Collector, Gonda for the purpose of acquisition.
(Sd.) ILLEGIBLE,
Collector, Gonda.
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 2716 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 1468-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के उद्देश्य हेतु) राय है, कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा अधि0 अभि0 मध्य गंगा निर्माण खण्ड6, मेरठ के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) अमरोहा राजवाहा के निर्माण हेतु जनपद अमरोहा तहसील नौगावां सादात, परगना धनौरा, ग्राम मुकारी में कुल 0.2700 हेे0 भूमि की आवश्यकता है।
2-राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा..........................दिनांक.........................
को अनुमोदित किया गया है।
3-सामाजिक सामाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार हैः-लागू नही।
...................................................................
...................................................................
...................................................................
4-भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य परिवार के विस्थापित होने की संभावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत हैः-
डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर ................. को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यस्थापन के उद्देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।
5-अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते है।
अनुसूची
जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला क्षेत्रफल 1 2 3 4 5 6
हेक्टेयर अमरोहा नौगावां सादात धनौरा मुकारी 152 0.2700
6-अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं।
7-अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
8-अधिनियम की धारा 11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नही कर सकता है।
टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा अमरोहा के कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है।
ह0 (अस्पष्ट), राज्य सरकार/कलेक्टर, अमरोहा।
28 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कNOTIFICATION
December 16, 2021
No. 1468–Under Subsection (1) of Section 11 of The Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013. Whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (For the purpose of Appropriate Government) is satisfied that a total of 0.2700 Hectares of land is required in the VillageMukari, ParganaDhanoura, TehsilNaugawan Sadat, DistrictAmroha is required for the public purpose, namely Project Madhya Ganga Canal Project (StageII) though Canal Construction (name of requiring body).
2. Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assesment Agency and submits its recommendations to the Appropriate Government × which has approved its recommendation on Date ......×........
3. The summary of the Social Impact Assessment Report as Follows–
Under Section to 2 (1) of the Land Acquisition Act, 2013, Social Impact Assessment is not applicable on the Irrigation Department.
4. A total of .............families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–
.................................................................................................................................................................
.................................................................................................................................................................
Deputy Collector/Assistant Collector ……………is appointed Adminstrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.
5. Therefore, The Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the schedule below is needed for public purpose :
SCHEDULE
District Tehsil Pargana Village Plot No. Area To Be Acquired
1 2 3 4 5 6
Hectare Amroha Naugawan Sadat Dhanoura Mukari 152 0.2700
6. The Government is also pleased to authorise the Collector for the purpose of land acquisition to takes necessary steps to entreupon and survey of land, take level of any land, dig or subsoil into the sub oil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.
7. Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within (days) 60 after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.
8. Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale /purchase , specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.
NOTE : A plan of the land may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.
(Sd.) ILLEGIBLE, State Government/Collector, Amroha.
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 29सं0 1470-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के उद्देश्य हेतु) राय है, कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा अधि0 अभि0 मध्य गंगा निर्माण खण्ड6, मेरठ के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) अमरोहा राजवाहा के निर्माण हेतु जनपद अमरोहा तहसील नौगावां सादात, परगना धनौरा, ग्राम मादनखेड़ा में कुल 0.3750 हेे0 भूमि की आवश्यकता है।
2-राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा..........................दिनांक......................... को अनुमोदित किया गया है।
3-सामाजिक सामाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-
.....................................................................
.....................................................................
.....................................................................
4-भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य परिवार के विस्थापित होने की संभावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत है-
डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर .................... को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यस्थापन के उद्देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।
5-अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते है।
अनुसूची
जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला क्षेत्रफल
1 2 3 4 5 6
हेक्टेयर अमरोहा नौगावां धनौरा मादन खेड़ा 54 0.2100 सादात 117 0.1650
योग. . 0.3750
6-अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल/कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं।
7-अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
8-अधिनियम की धारा 11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नही कर सकता है।
टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा अमरोहा के कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है।
(ह0 अस्पष्ट), राज्य सरकार/कलेक्टर अमरोहा।
30 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कNo. 1470–Under Subsection (1) of Section 11 of The Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013. Whereas of Government of Uttar Pradesh/Collector (For the Purpose of Appropriate Government) is satisfied that a total of 0.3750 Hectares of land is required in the VillageMadan Khera, ParganaDhanoura, TehsilNaugawan Sadat, District Amroha is required for the public purpose, namely Project Madhya Ganga canal Project (StageII) through Canal Construction (Name of requiring body).
2. Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assesment Agency and submits its recommendations to the Appropriate Government …×.. which has approved its recommendation on Date ......×........
3. The summary of the Social Impact Assessment Report as Follows–
Under Section to 2 (1) of the Land Acquisition Act, 2013, Social Impact Assessment is not applicable on the Irrigation Department.
4. A total of ............. families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–
.................................................................................................................................................................
.................................................................................................................................................................
Deputy Collector/Assistant Collector …………………. is appointed Adminstrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.
5. Therefore, The Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the schedule below is needed for public purpose :
SCHEDULE
District Tehsil Pargana Village Plot No. Area To Be Acquired
1 2 3 4 5 6
Hectare Amroha Naugawan Dhanoura Madan Khera 54 0.2100 Sadat 117 0.1650
Total. . 0.3750
6. The Government is also pleased to authorise the Collector for the purpose of land acquisition to takes necessary steps to entreupon and survey of land, take level of any land, dig or subsoil into the sub oil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.
7. Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within (days) 60 after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.
8. Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale /purchase , specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.
NOTE : A plan of the may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.
(Sd.) ILLEGIBLE,
State Government/Collector,
Amroha.
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 31सं0 1472-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के उद्देश्य हेतु) राय है, कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा अधि0 अभि0 मध्य गंगा निर्माण खण्ड6, मेरठ के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) अमरोहा राजवाहा के निर्माण हेतु जनपद अमरोहा तहसील नौगावां सादात, परगना धनौरा, ग्राम मूढा खेड़ा में कुल 0.1260 हेे0 भूमि की आवश्यकता है।
2-राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा..........................दिनांक......................... को अनुमोदित किया गया है।
3-सामाजिक सामाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-लागू नहीं।
.....................................................................
.....................................................................
.....................................................................
4-भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य परिवार के विस्थापित होने की संभावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत है-
डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर........................को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यस्थापन के उद्देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।
5-अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते है।
अनुसूची
जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला क्षेत्रफल
1 2 3 4 5 6
हेक्टेयर अमरोहा नौगावां सादात धनौरा मूढा खेड़ा 26 0.1260
6-अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल/कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं। 7-अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
8-अधिनियम की धारा 11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नही कर सकता है।
टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा अमरोहा के कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है।
(ह0 अस्पष्ट),
राज्य सरकार/कलेक्टर अमरोहा।
32 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1कNo. 1472–Under Subsection (1) of Section 11 of The Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013. Whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (For the Purpose of Appropriate Government) is satisfied that a total of 0.1260 hectares of land is required in the VillageMunda Khera, ParganaDhanaura, TehsilNaugawan Sadat, District Amroha is required for the public purpose, namely Project Madhya Ganga Canal Project (StageII) through Canal Construction (Name of requiring body).
2. Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assesment Agency and submits its recommendations to the Appropriate Government × which has approved its recommendations Date .......×.......
3. The summary of the Social Impact Assessment Report as Follows–
Under Section to (1) of the Land Acquisition Act, 2013, Social Impact Assessment is not applicable on the Irrigation Department.
4. A total of …………………families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–
……………………………………………………
……………………………………………………
Deputy Collector/Assistant Collector…………..is appointed Adminstrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.
5. Therefore, The Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose :
SCHEDULE
District Tehsil Pargana Village Plot No. Area To Be Acquired
1 2 3 4 5 6
Hectare Amroha Naugawan Sadat Dhanoura Munda Khera 26 0.1260
6. The Government is also pleased to authorise the Collector for the purpose of land acquisition to takes necessary steps to entreupon and survey of land, take level of any land, dig or subsoil into the sub oil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.
7. Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within (days) 60 after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.
8. Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale /purchase , specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.
NOTE : A plan of land may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.
(Sd.) ILLEGIBLE,
State Government/Collector,
Amroha.
भाग 1क] उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 33सं0 1474-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के प्रयोजन हेतु) राय है, कि सिंचाई एवं जल संंसाधन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा अधि0 अभि0 मध्य गंगा निर्माण खण्ड9, सम्भल (आपेक्षक निकाय का नाम) के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) अमरोहा चन्दौसी शाखा के निर्माण हेतु जनपद अमरोहा, तहसील धनौरा, परगना धनौरा, ग्राम नरैना कलां में कुल 0.5373 हेे0 भूमि की आवश्यकता है।
2-राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा..........................दिनांक......................... को अनुमोदित किया गया है।
3-सामाजिक सामाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-
सामाजिक समाघात लागू नही है।
4-भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य परिवार के विस्थापित होने की संभावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत है-
डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर ..........................को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यस्थापन के उद्देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।
5-अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते है।
अनुसूची
जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला क्षेत्रफल
1 2 3 4 5 6
हेक्टेयर अमरोहा धनौरा धनौरा नरैना कलां 173 0.2592 156 0.2761 योग . . 0.5373
6-अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल/कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं। 7-अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
8-अधिनियम की धारा 11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नही कर सकता है।
टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है।
(ह0 अस्पष्ट),
राज्य सरकार/कलेक्टर, अमरोहा।
5 ख34 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 1क No. 1474–Under Subsection (1) of Section 11 of The Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013. Whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (For the Purpose of Appropriate Government) is satisfied that a total of 0.5373 hectares of land is required in the VillageNaraina Kalan, ParganaDhanoura, TehsilDhanoura, DistrictAmroha is required for the public purpose, namely Project Madhya Ganga Canal Project (StageII) through Canal Construction (Name of requiring body).
2. Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assesment Agency and submits its recommendations to the Appropriate Government......X........
3. The summary of the Social Impact Assessment Report as Follows–
Under Section to 2(1) of the land Acquisition Act, 2013, Social Impact Assessment is not applicable on the Irrigation Department.
4. A total of ……………………families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–
……………………………………………………….
……………………………………………………….
Deputy Collector/Assistant Collector ………………. is appointed as Adminstrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.
5. Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose :
SCHEDULE-A
(LAND UNDER PROPOSED ACQUISITION)
District Tehsil Pargana Village Plot No. Area Earmarked For
Rehabiliation
1 2 3 4 5 6
Hectare Amroha Dhanoura Dhanoura Naraina Kalan 156 0.2781
173 0.2592
Total.. 0.5373
6. The Government is also pleased to authorise the Collector for the purpose of land acquisition to takes necessary steps to entreupon and survey of land, take level of any land, dig or subsoil into the sub oil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.
7. Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within (days) 60 after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.
8. Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale /purchase , specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.
NOTE : A plan of land may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.
(Sd.) ILLEGIBLE,
State Government/Collector, Amroha.
पी0एस0यू0पी0-40 हिन्दी गजट-भाग 1क-2021 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखनसामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 1 जनवरी, 2022 ई० (पौष 11, 1943 शक संवत्)
भाग 3 स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़पत्र, खण्डक-नगरपालिका परिषद्, खण्डख-नगर पंचायत, खण्डग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्डघ-जिला पंचायत।
खण्ड-घ-जिला पंचायत
28 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 334/21L.B.Aउपविधि-उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत, अधिनियम, 1961 (यथासंशोधित) की धारा 142 एवं 143 के साथ पठित धारा 239 के अधीन दी गयी शक्ति का प्रयोग कर जिला पंचायत हमीरपुर द्वारा जनपद हमीरपुर अथवा अन्य जनपदों के ग्रामीण क्षेत्र की नदियों या उनके तट से बालू, मोरम, रेत या अन्य खनिजों गिट्टी, कोयला, बजरी, भस्सी, खारों से निकलने वाली मिट्टी को लेने, एकत्रित करने तथा उसे जिले में जिले से बाहर व्यवसायिक उद्देश्य से परिवहन करने वाले शक्ति चालित वाहन या पशुचालित वाहन यथा ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक, मिनी ट्रक, डम्फर, पशु गाड़ी या मानवचालित नौका को नियन्त्रित एवं विनियमित करने हेतु उपविधि संख्या 447/23 एल0बी0ए0 जिनकी पुष्टि आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बांदा द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 242 (2) में दी गयी शक्ति का प्रयेाग कर की गयी थी, राजपत्र (गजट) में प्रकाशन के दिनांक 16 मार्च, 2015 से प्रभावी है। उक्त अधिनियम की धारा 239 में दी गयी व्यवस्थानुरूप जिलापंचायत, हमीरपुर के द्वारा उपविधि की धारा 06 में उल्लिखित शुल्क दरों में निम्नानुसार संशोधन किया गया है जो उक्त अधिनियम की धारा 242 में प्रदत्त शक्ति का प्रयोग कर आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल बांदा की पुष्टि उपरान्त राजकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी-
क्र0सं0 परिवहन का माध्यम वर्तमान में वसूली
हेतु प्रभारी दरें
संशोधित एवं प्रभारी दर 1
2
3 4
रु0 रु0 1 पशुओं से खींची जाने वाली गाड़ी
10 प्रति फेरी 20 प्रति फेरी 2 मानव चालित नाव
20 प्रति फेरी 40 प्रति फेरी 3 ट्रैक्टरट्राली
50 प्रति फेरी 100 प्रति फेरी
1 घ2 उत्तर प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 3 1
2
3 4
4 ट्रक-
रु0 रु0
(1) मिनी ट्रक (लाइट गुड्स वेहिकिल्स) 100 प्रति फेरी 200 प्रति फेरी
(2) ट्रक (लाइट गुड्स वेहिकिल्स 6 चक्का) 150 प्रति फेरी 300 प्रति फेरी
(3) भारी ट्रक (हैवी वेहिकिल्स 10 चक्का या अधिक) 200 प्रति फेरी 400 प्रति फेरी
सम्बन्धित उपविधियों के शेष उपबन्ध पूर्व में उ0प्र0 गजट में प्रकाशित उपरोक्त संदर्भित उपविधि दिनांक 16 मार्च, 2015 के अनुसार यथावत् रहेगी।
दण्ड
जिला पंचायत हमीरपुर, उ0प्र0 क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (यथासंशोधित) की धारा 240 के अन्तर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये निर्देश देती है। कोई भी व्यक्ति, कम्पनी, पार्टनरशिप फर्म या संस्था इन उपविधियों को या उपविधि के किसी अंश का उल्लंघन करेगा/करेगी वह अर्थ दण्ड से दण्डनीय होगा। जो रु0 1,000.00 (रुपये एक हजार मात्र) तक हो सकेगा और जब यह उल्लंघन जारी रहे तो अतिरिक्त अर्थदण्ड से दण्डनीय होगा जो प्रथम दोष सिद्धि के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिये जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि उसमें अपराधी अपराध करता रहा है रु0 50.00 (रुपये पचास मात्र) तक हो सकेगा अथवा यदि अर्थदण्ड का भुगतान न किया जाये तो कारावास से दण्डनीय होगा जो तीन मास तक का हो सकेगा।
ह0 (अस्पष्ट), आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बांदा।
पी0एस0यू0पी0-40 हिन्दी गजट-भाग 3-2022 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखनसामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 1 जनवरी, 2022 ई० (पौष 11, 1943 शक संवत्)
भाग4
निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश कार्यालय, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
30 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 परिषद-9/740-सर्वसाधारण की जानकारी हेतु विज्ञापित एवं प्रसारित है कि शासन के पत्र संख्या 1490/पन्द्रह921 संस्कृत शिक्षा अनुभाग (मा0शि0अनु09) लखनऊ, दिनांक 27 दिसम्बर, 2021 द्वारा प्रदेश के अशासकीय मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के संचालन हेतु आदर्श प्रशासन योजना लागू किये जाने के सम्बन्ध में इण्टरमीडिए शिक्षा अधिनियम1921 के भाग2 (क) के परिषद के विनियम के अध्यायएक के विनियम14 में (अं) जोड़े जाने हेतु श्री राज्यपाल द्वारा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम की धारा16क (4) के अधीन शक्ति का प्रयोग करते हुए स्वीकृति प्रदान की गई है। विनियम में संशोधन का प्रारूप निम्न प्रकार हैः-
वर्तमान व्यवस्था 14-मुख्य सिद्धान्त जिस पर प्रशासन को योजना का अनुमोदन किया जायेगा यह होगा कि वह निम्नांकित नियमों के अनुसार हो-
संशोधन 14-मुख्य सिद्धान्त जिस पर प्रशासन को योजना का अनुमोदन किया जायेगा यह होगा कि वह निम्नांकित नियमों के अनुसार हो-
(अ) प्रशासन की योजना प्रबन्ध समिति के उचित एवं प्रभावी कार्यान्वयन की व्यवस्था करें।
(अ) प्रशासन की योजना प्रबन्ध समिति के उचित एवं प्रभावी कार्यान्वयन की व्यवस्था करें।
(आ) प्रबन्ध समिति गठित करने की विधि, उसके सदस्यों की योग्यतायें, एवं अयोग्यतायें, उनके कार्यालय की अवधि, उसकी बैठकें बुलाने और उनमें कार्य संचालित करने की विधि निर्धारित की जायेगी।
(आ) प्रबन्ध समिति गठित करने की विधि, उसके सदस्यों की योग्यतायें, एवं अयोग्यतायें, उनके कार्यालय की अवधि, उसकी बैठकें बुलाने और उनमें कार्य संचालित करने की विधि निर्धारित की जायेगी।
(इ) समस्त निर्णय प्रबन्ध समिति द्वारा किए जायेंगे और प्रतिनिधान के अधिकार, यदि कोई हुए तो सीमित होगें तथा स्पष्ट रूप से कथित होगें।
(इ) समस्त निर्णय प्रबन्ध समिति द्वारा किए जायेंगे और प्रतिनिधान के अधिकार, यदि कोई हुए तो सीमित होगें तथा स्पष्ट रूप से कथित होगें।
(ई) प्रबन्ध समिति एवं उसके सदस्यों के अधिकार और कर्तव्य स्पष्ट रूप से कथित होंगें।
(ई) प्रबन्ध समिति एवं उसके सदस्यों के अधिकार और कर्तव्य स्पष्ट रूप से कथित होंगें।
1 ङ2 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 4 वर्तमान व्यवस्था
संशोधन
(उ) अधिकारों का वितरण भलीभाँति संतुलित रहेगा तथा व्यक्तिगत और वर्गीय हितों की प्रधानता का परिहार होगा।
(उ) अधिकारों का वितरण भलीभॉति संतुलित रहेगा तथा व्यक्तिगत और वर्गीय हितों की प्रधानता का परिहार होगा।
(ऊ) आचार्य, प्रधानाध्यापक तथा अध्यापकों के चयन के लिए समिति का गठन एवं अधिनियम और विनियमों के अन्तर्गत उसके कार्यान्वयन का प्राविधान।
(ऊ) आचार्य, प्रधानाध्यापक तथा अध्यापकों के चयन के लिए समिति का गठन एवं अधिनियम और विनियमों के अन्तर्गत उसके कार्यान्वयन का प्राविधान।
(ए) प्रशासन की योजना यह व्यवस्था करेगी कि संस्थाओं के कर्मचारियों की सेवा की शर्त और दशायें अधिनियम और विनियमों से अनुशासित होगी।
(ए) प्रशासन की योजना यह व्यवस्था करेगी कि संस्थाओं के कर्मचारियों की सेवा की शर्त और दशायें अधिनियम और विनियमों से अनुशासित होगी।
(ऐ) प्रशासन की योजना संस्था की सम्पत्ति के अनुरक्षण एवं सुरक्षा और निधियों के विनियोग एवं उपयोग के साथ ही लेखा की नियमित जॉच और सम्परीक्षण की व्यवस्था करेगें और उनके दुर्विनियोग, दुरूपयोग एवं क्षय के विरूद्ध उपाय निश्चित करेगी।
(ऐ) प्रशासन की योजना संस्था की सम्पत्ति के अनुरक्षण एवं सुरक्षा और निधियों के विनियोग एवं उपयोग के साथ ही लेखा की नियमित जॉच और सम्परीक्षण की व्यवस्था करेगें और उनके दुर्विनियोग, दुरूपयोग एवं क्षय के विरूद्ध उपाय निश्चित करेगी।
(ओ) योजना में मण्डलीय उपशिक्षा निदेशक अथवा उप शिक्षा निदेशक(महिला) द्वारा घोषित प्रबन्ध के अधिकार सम्बन्धी झगड़ों के तुरन्त निपटारे की तथा झगड़े की अवधि में संस्था के प्रबन्ध की व्यवस्था होगी।
(ओ) योजना में मण्डलीय उपशिक्षा निदेशक अथवा उपशिक्षा निदेशक (महिला) द्वारा घोषित प्रबन्ध के अधिकार सम्बन्धी झगड़ों के तुरन्त निपटारे की तथा झगड़े की अवधि में संस्था के प्रबन्ध की व्यवस्था होगी।
(औ) योजना का कोई उपबन्ध शिक्षा संहिता के सम्बद्ध अनुच्छेदों के विपरीत न होगा जहाँ कि ये अनुच्छेद अधिनियम और विनियमों से असम्बद्ध नहीं है।
(औ) योजना का कोई उपबन्ध शिक्षा संहिता के सम्बद्ध अनुच्छेदों के विपरीत न होगा जहाँ कि ये अनुच्छेद अधिनियम और विनियमों से असम्बद्ध नहीं है।
(अं) किसी विधि, लेख्य या किसी न्यायालय की डिक्री या आदेश अथवा अन्य संलेख में किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी प्रत्येक संस्था के लिए एक प्रशासन योजना होगी, परन्तु यदि किसी निकाय या प्राधिकारी द्वारा प्रदेश के कम से कम 50 प्रतिशत जनपदों को आच्छादित करते हुए न्यूनतम सौ से अधिक मान्यता प्राप्त संस्थाओं का संचालन/अनुरक्षण किये जाने की दशा में उस निकाय या प्राधिकारी की संस्थाओं के लिए अधिनियम में विहित व्यवस्था के अनुसार एक ही प्रशासन योजना हो सकेगी।
दिब्यकान्त शुक्ल, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
पी0एस0यू0पी0-40 हिन्दी गजट-भाग 4-2022 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखनसामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। पी0एस0यू0पी0-29 मा0शि0प0-311220212,000 प्रतियां (मोनो/डी0टी0पी0/आफसेट)।
रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 1 जनवरी, 2022 ई० (पौष 11, 1943 शक संवत्)
भाग 8
सरकारी कागजपत्र, दबाई हुई रुई की गांठों का विवरणपत्र, जन्ममरण के आंकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजारभाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि।
नगर निगम बरेली
10 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 308/एस0टी0/अ0न0आ0/202122-नगर निगम, बरेली द्वारा नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 401, 438, 451, 452 व 541 (20) (41) व (49) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके नगर निगम बरेली टावर स्थापना नियंत्रण एवं विनियमन उपविधि बनायी गयी है। जिसे मा0 कार्यकारिणी समिति द्वारा अपने प्रस्ताव संख्या 6/55 दिनांक 03 नवम्बर, 2020 एवं मा0 सदन ने अपने प्रस्ताव संख्या 14/110 (vii) दिनांक 22 दिसम्बर, 2020 द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव स्वीकार करते हुये पारित किया गया है। तद्नुसार कार्यालय पत्र संख्या 173/एस0टी0/अ0न0आ0का0/202021, दिनांक 15 फरवरी, 2021 को उक्त विज्ञप्ति दैनिक समाचारपत्र "दैनिक जागरण" एवं दैनिक "हिन्दुस्तान" में 15 दिवस में आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किये जाने हेतु विज्ञप्ति का प्रकाशन कराते हुये नगर निगम की वेबसाईट nagarnigambareilly.com पर भी अपलोड करा दिया गया। किन्तु निर्धारित अवधि तक कोई आपत्ति और सुझाव प्राप्त नहीं हुये। तत्क्रम में उपविधि का गजट कराये जाने हेतु प्रस्ताव मा0 सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है। जोकि निम्नवत् है-
'' टावर स्थापना नियंत्रण एवं विनियमन उपविधि, 2020''
नगर निगम, बरेली द्वारा नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 401, 438, 451, 452 व 541 (20) (41) व (49) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके नगर निगम बरेली टावर स्थापना नियंत्रण एवं विनियमन उपविधि, 2020। 1-संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ-
(1) यह उपविधि नगर निगम बरेली (टावर स्थापना नियंत्रण एवं विनियमन) उपविधि 2018 कही जायेगी। (2) यह नगर निगम बरेली की सीमा मे लागू होगी। (3) यह गजट मे प्रकाशित होने के दिनांक से प्रवृत्त होगी।
2-परिभाषायें-
(1) जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस उपविधि में-
(एक) ''अधिनियम'' से तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 से है, (दो) ''टावर'' से तात्पर्य रेडियो, दूरदर्शन मोबाईल फोन या अन्य फोन या दूरसंचार सम्बन्धी अन्य माध्यमों के संकेतक या रश्मियां भेजने और संयोजन तथा संवाहकर्ता स्थापित रखने हेतु निर्मित ऊंची संरचना से है।
1 ट2 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8 (तीन) ''सेवा प्रदाता'' का तात्पर्य किसी कम्पनी, उसके कर्मचारी अभिकर्ता, अनापत्तिपी, संविदा कर्ता या अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों से है जिसके द्वारा अथवा पर्यवेक्षण में टावर लगाया जाना प्रस्तावित हो या लगाया गया हो,
(चार) '' भवन'' के अन्र्तगत मकान घर के बाहर के कक्ष छादक झोपड़ी या अन्य घिरा हुआ स्थान या ढांचा है चाहे वह पत्थर ईट लकड़ी मिटटी धातु या अन्य किसी वस्तु से बना हो और चाहे वह मनुष्यों का रहने के लिये या अन्यथा प्रयुक्त होता हो और इसके अन्र्तगत बरामदे, चबूतरे मकानों की कुर्सियों दरवाजे की सीढियों, दीवालें तथा हाते की दीवालें और मेड़ तथा ऐसे ही अन्य निर्माण भी है।
(पॉच) ''भूमि'' के अन्तर्गत ऐसी भूमि है जिस पर कोई निर्माण हो अथवा निर्माण हो चुका है अथवा जो पानी से ढकी हो, भूमि से उत्पन्न होने वाले लाभ, भूमि से संलग्न अथवा भूमि से संलग्न किसी वस्तु से स्थाई सूत्र से बांधी हुई वस्तुयें, और वे अधिकार हैं जो किसी सड़क के सम्बन्ध में विधायन द्वारा सृजित हुये हों,
(छः) ''निगम'' से तात्पर्य नगर निगम, बरेली से है,
(2) इस उपविधि में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित और अधिनियम से परिभाषित शब्दों और पदों, के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम मे उनके लिये समनुदेशित हों।
3-प्रतिषेध-
(1) नगर आयुक्त से पूर्व में लिखित अनापत्तियां प्राप्त किये बिना कोई सेवा प्रदाता कम्पनी, कर्मचारी अभिकर्ता, अनापत्तिपी या संविदाकर्ता या कोई व्यक्ति निगम की सीमा के भीतर किसी भूमि या भवन या वाहन पर कोई टावर या इसी प्रकार की अन्य संरचना जिससे किसी सामान्य प्रज्ञावाले व्यक्ति को टावर होने का आभास हो न तो प्रतिष्ठापित करेगा न परिनिर्मित करेगा, न खड़ा करेगा, न गाडे़गा।
(2) निगम की सीमाओं के भीतर किसी भूमि या भवन का स्वामी या अन्य अधिभोग करने वाला कोई व्यक्ति नगर आयुक्त की लिखित पूर्व अनापत्ति के बिना ऐसे भूमि या भवन के किसी भाग पर कोई टावर न प्रतिष्ठापित करेगा, न परिनिर्मित करेगा, न खड़ा करेगा, न गाडे़गा, और नही किसी व्यक्ति कम्पनी संस्था या उसके कर्मचारी अभिकर्ता या अनापत्तिपी को ऐसे भवन या भूमि पर कोई टावर प्रतिष्ठापित करने देगा न परिनिर्मित करेगा, न खड़ा करेगा, न गाडे़गा।
(3) कोई टावर इस रीति से स्थापित नही किया जायेगा जिससे यातायात अथवा समीपस्थ भवनों तथा उनके अध्यासियों को नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता अथवा लोक सुरक्षा में किसी प्रकार का व्यवधान हो।
4-अनापत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया-
(1) अनापत्ति प्राप्त करने के लिये प्रत्येक आवेदन विनिर्दिष्ट प्रपत्र में किया जायेगा जिसे रु0 1,000.00 भुगतान करके नगर निगम के कार्यालय से या निगम बेबसाइट से डाउन लोड कर प्राप्त किया जा सकता है। नगर निगम कार्यालय से प्राप्त आवेदनपत्र प्रस्तुत करते समय आवेदनपत्र के साथ रसीद संलग्न करनी होगी, और बेबसाइट से डाउन लोड किया गया आवेदनपत्र प्रस्तुत करते समय उसके साथ आवेदनपत्र के मूल्य का बैंक ड्राफ्ट प्रस्तुत किया जायेगा।
(2) आवेदक द्वारा भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा जारी अपेक्षित लाईसेेन्स अथवा पंजीकरण प्रमाणपत्र संलग्न किया जायेगा।
(3) प्रत्येक आवेदनपत्र में ऐसी भूमि, भवन या स्थान के सम्बन्ध में विस्तृत सूचना निहित होगी जहां ऐसी भूमि, भवन या स्थान के पास प्रस्तावित टावर प्रतिष्ठापित किया जाना, परिनिर्मित किया जाना खड़ा किया जाना, गाड़ा जाना, चिपकाया जाना या लटकाया जाना वांछित हो।
(4) आवेदनपत्र के साथ टावर की प्रस्तावित संरचना के आकार का विवरण नगर आयुक्त द्वारा अनुमोदित, संरचना, अभियन्ता से सुदृढता सम्बन्धी रिपोर्ट, आवश्यक चित्र तथा संगणना प्रस्तुत की जायेगी।
(5) आवेदक द्वारा भूमि अथवा भवन का स्वामित्व प्रमाणपत्र आवेदनपत्र के साथ प्रस्तुत किया जायेगा। यदि आवेदक ऐसी भूमि या भवन का स्वामी न हो तो आवेदनपत्र के साथ ऐसी भूमि या भवन के स्वामी की लिखित अनुमति एवं उसके स्वामित्व प्रमाणपत्र साथ संलग्न करनी होगी।
(6) भूमि या भवन के प्रत्येक स्वामी को यह लिखित समझौता करना होगा कि किसी व्यतिक्रम की स्थिति में यह टावर हेतु देय प्रत्येक प्रकार के शुल्क का भुगतान करने के लिये दायी होगा।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 3(7) टावर से सम्बन्धित विवरण जैसे ऊॅचाई, भार, भूतल पर स्थापित या छत पर एन्टिना की संख्या तथा अन्य अपेक्षित सूचनायें और विशिष्टयां अंकित की जायेगी।
(8) आटोमोटिव रिसर्च एसोशिएशन ऑफ इण्डिया (ARAI) द्वारा डीजी जनरेटर सेट के निर्माता को जारी टाइप टेस्ट सर्टीफिकेट (type teast certificate) की प्रति आवेदनपत्र के साथ संलग्न किया जाना अपेक्षित होगा।
(9) ऊॅचे भवनों की दशा में विभाग की अनापत्ति के क्लिंयरेन्स प्राप्त किया जायेगा।
(10) संरक्षित वन क्षेत्र में विभाग की अनापत्ति वांछित होगी।
(11) सेवा प्रदाता कम्पनी अथवा उसके प्रतिनिधि से किये गये अनुबन्ध में दी गयी शर्तों अथवा किसी ऐसे प्राविधान जो शासन/प्रशासन अथवा नगर निगम स्तर से किसी नीति अथवा मानक में कोई परिवर्तन होता है, तो वह अनापत्तिपी सेवा प्रदाता कम्पनी को मान्य होगा।
5-अनापत्ति प्रदान किये जाने की शर्त-
(1) किसी टावर को प्रतिष्ठापित करने, परिनिर्मित करने, खड़ा करने या गाड़ने की अनापत्ति निम्नलिखित निर्बन्धनों एवं शर्तों के अधीन प्रदान की जायेगी-
(क) अनापत्ति केवल उसी अवधि तक के लिए प्रभावी होगी जिस अवधि के लिये प्रदान की गयी हो, बशर्ते शुल्क इस उपविधि के अधीन संदत्त और जमा किया गया हो।
(ख) टावर को समुचित स्थितियों और दशाओं में रखा और अनुरक्षित किया जायेगा।
(ग) प्रदान की गई अनापत्ति अन्तरणीय नही होगी।
(घ) सेवा प्रदाता कम्पनी या व्यक्ति ऐसी अवधि जिसके लिये अनापत्ति दी गई थी, की समाप्ति के एक सप्ताह के पूर्व अनापत्ति नवीनीकरण हेतु निर्धारित शुल्क जमा करेगा। शुल्क न जमा करने की स्थिति में एक सप्ताह में टावर हटा दिया जायेगा।
(ङ) टावर अनापत्तित स्थान पर ही प्रतिष्ठापित किये जायेंगे परिनिर्मित किये जायेंगंें टावर किसी हैरिटेज/संरक्षित स्मारकों/भवनों पर स्थापित नही किये जायेगें।
(च) टावर से समीपस्थ भवनों के आवागमन, प्रकाश और वातायन में किसी भी रूप में व्यवधान नही डाला जायेगा और न ही लोक बाधा अथवा यातायात में बाधा उत्पन्न की जायेगी।
(छ) लोकहित में नगर आयुक्त या उसके इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह अनापत्ति अवधि समाप्त होने से पूर्व भी अनापत्तिपत्र को निलम्बित कर दे।
(ज) ढांचो, अवलम्बों और पटि्टयों सहित टावर की अज्वलनशील सामग्री से निर्मित किये जायेंगे। समस्त धात्विक पूर्जों के वैद्युत भूआच्छादन की व्यवस्था की जायेगी और सभी वायरिंग सुरक्षित और रोधित रखी जायेगी।
(झ) भूमि अथवा छत पर लगाने वाले बेस द्वारा रिसीविंग सिस्टम (बी0टी0एस0) के सम्बन्ध मे भवन के ढांचे की डिजायन तथा टावर के स्थायित्व और सुदृढता के प्रमाणपत्र के सम्बन्ध में स्थानीय निकाय या राज्य सरकार का सी0बी0आर0आई0 रूड़की या आई0आई0टी0 एन0आई0आई0टी0 या किसी अन्य संस्था के अधिकृत संरचना, अभियन्ता द्वारा की गयी लिखित आख्या अपेक्षित होगा।
(ञ) किसी भवन के छत पर कोई टावर इस प्रकार प्रतिष्ठापित नही किया जायेगा जिससे छत के एक भाग से दूसरे भाग मे मुक्त प्रवेश में व्यवधान हो।
(ट) कोई टावर किसी छत पर तब तक प्रतिष्ठापित नही किया जायेगा जब तक सम्पूर्ण छत अज्वलनशील सामग्री का न हो।
(ठ) कोई टावर विद्यमान भवन एलाइनमेन्ट से बाहर किसी भी दशा में नही बढेगा।
(ड) प्रत्येक टावर को पूर्णतया सुरक्षित रखा जायेगा। ऐसे भवन या संरचना जिस पर प्रतिष्ठापित या परिनिर्मित हो, का सम्पूर्ण भार भवन के संरचनात्मक मार्गों में सुरक्षित रूप से संवितरित होंगे।
(ढ) विमान पत्तनों के समीप टावर स्थापना हेतु विमान पत्तन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा।
4 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8(ण) टावर के स्थापना हेतु प्रथम वरीयता वन क्षेत्र एवं द्वितीय वरीयता आबादी से दूर खुले या सार्वजनिक क्षेत्र को दिया जायेगा। टावर आवासीय क्षेत्रोें में लगाने से बचा जाय किन्तु जहां यह सम्भव न हो वहां यथासम्भव खुली भूमि पर उसे स्थापित किया जाय।
(त) टावर पर लगा एन्टिना समीपस्थ भवन से न्यूनतम 03 मी0 दूर और उसका निम्न धरातल अथवा छत से न्यूनतम 03 मी0 की ऊॅचाई पर होगा।
(थ) टावर की स्थापना किसी शैक्षिक संस्थान अस्पताल परिसर अथवा सकरी गलियॉ (जिनकी चौ0 5 मी0 से कम हो) में नही की जायेंगी। टावर किसी अस्पताल अथवा शैक्षिक संस्था के 100 मी0 त्रिज्या में स्थापित नही किये जायेगें।
(द) टावरों की स्थापना हेतु (भूमिगत या छत पर) एन्टीना के ठीक सामने कोई बिल्डिंग इत्यादि होने की स्थिति में टावर/बिल्डिंग की न्यूनतम दूरी निम्नवत होगी-
क्रमांक गुणज एन्टीना की संख्या एन्टीना से बिल्डिंग/संरचना की दूरी (सुरक्षित दूरी)
1 2
1 2 2 4 3 6 4 8 5 10 6 12 3
(मी0 में) 35 45 55 65 70 75
(ध) क्षेत्र विशेष में कई कम्पनियों द्वारा ट्रांसमिशन स्थल वांछित होने पर उन्हें यथा सम्भव एक ही टावर पर स्थापित कराना होगा।
(न) टावर अथवा उस पर स्थापित एंटिना तक सामान्य जन के पहुंच को समुचित तरीके जैसे कटीले तार, छत पर जाने के दरवाजे अथवा बाउण्ड्री वाल बनाकर गेट पर ताला आदि लगा कर प्रतिबन्धित किया जायेगा। अनुरक्षण कर्मियों को भी यथासम्भव कम से कम अवधि के लिये टावर तक पहुंचने की अनुमति दी जायेगी।
(प) टावर स्थल पर साइन बोर्ड उपलब्ध कराया जायेगा जो स्पष्ट दृष्टव्य होगा और चेतावनी चिन्ह स्थल के प्रवेश द्वार पर लगाना होगा, जिसमे स्पष्ट रूप मे अंकित किया जाये-
[1] विकिरण का खतरा, कृपया अन्दर प्रवेश न करें।
[2] प्रतिबन्धित क्षेत्र।
(फ) सेवा/अवस्थापना प्रदाता कम्पनियों द्वारा भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (डॉट) के टर्म सेल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार रेडिएशन के सभी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(ब) प्रत्येक सेवा/अवस्थापन प्रदाता कम्पनी, उसके अभिकर्ता, अनापत्तिपी, कर्मचारी या स्वामी द्वारा टावर स्थापना के समय स्थल के चारों ओर बेरीकेटिंग, टिन आदि लगाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
(भ) ऐसे स्थलों जहाँ यातायात हेतु दृष्यता में बाधा और व्यवधान उत्पन्न हो वहां टावर लगाने की अनापत्ति नही दी जायेगी।
(म) जहां इससे स्थानीय नगरीय सुविधायें प्रभावित हो वहां अनुमति देय नही होगी।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 5(य) आवेदक द्वारा विभिन्न सम्बन्धित विभागों और प्राधिकारियों से आवश्यकतानुसार अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना आवश्यक होगा।
(र) टावर की स्थापना मरम्मत या सम्बन्धित अन्य कार्याें के सम्पादन के समय या पश्चात् जन सुविधा का पूर्ण दायित्व आवेदक अथवा सेवा प्रदाता का होगा। किसी प्रकार की दुर्घटना या क्षति और उसके परिणामों के लिये आवेदक या सेवा प्रदाता उत्तरदायी होगा।
(ल) टावर पर किसी प्रकार का विज्ञापन सम्प्रदर्शित नही किया जा सकेगा।
(व) भारत सरकार द्वारा इस सम्बन्ध मे समयसमय पर निर्धारित अन्य नियम और शर्ताें का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
(श) बिना नगर निगम की अनापत्ति प्रमाणपत्र के टावर लगाने पर रु0 30,000.00 जुर्माना व टावर की जब्ती अथवा दोनों लगाये जायें।
6-क्षतिपूर्ति बन्ध-पत्र
(क) प्रत्येक सेवा प्रदाता कम्पनी उसके अभिकर्ता, अनापत्तिपी, कर्मचारी या स्वामी द्वारा टावर या टावर की स्थापना से हुई दुर्घटना या किसी हानि के लिये क्षतिपूर्ति बन्धपत्र प्रस्तुत किया जायेगा।
(ख) प्रत्येक स्थापित टावर की वजह से किसी प्रकार की जन हानि होती है। तो प्रत्येक सेवा प्रदाता कम्पनी, अनापत्ति, कर्मचारी या समस्त प्रकार की क्षतिपूर्ति हेतु पूर्णतया जिम्मेदार होगा।
7-सम्पत्ति कर का आरोपण-
टावर के पास निर्मित जनरेटर कक्ष, उपकरण कक्ष, चौकीदार कक्ष या अन्य कक्षों पर अधिनियम के संुंसगत प्राविधानों के अधीन सम्पत्ति कर का आरोपण किया जायेगा साथ ही अनावासीय भवनों हेतु शासन द्वारा बनायी गयी गृहकर/जलकर नियमावली के अनुसार निर्धारित किये गये गृहकर/जलकर की धनराशि अनापत्ति शुल्क के अतिरिक्त वसूली जायेगी, जिसका सम्बन्ध अनापत्ति शुल्क से नही होगा।
8-अनापत्ति की अवधि और नवीनीकरण-
नगर निगम बरेली के सम्पत्ति विभाग द्वारा टावर स्थापना की अनापत्ति एवं नवीनीकरण आदि की कार्यवाही सम्पादित की जायेगी। किसी टावर की अनापत्ति अधिकतम 02 वर्ष के लिये दी जायेगी, 02 वर्ष पश्चात् पुनः टावर स्थापना की नवीनीकरण कराना होगा। अनापत्ति शुल्क 02 वर्ष के लिये अग्रिम रूप से जमा किया जा सकता है। 9-टावर को हटाने की शक्ति तथा स्थान परिवर्तन-
(क) यदि कोई टावर उपविधि के उल्लंघन में प्रतिष्ठापित किया जाता है, परिनिर्मित किया जाता है, खड़ा किया जाता है, या गाड़ा जाता है, या लोक सुरक्षा के लिये परिसंकटमय या खतरनाक हो या सुरक्षित यातायात संचालन हेतु बाधा और अशान्ति का कारण हो, तो नगर आयुक्त या उसके द्वारा इस निमित प्राधिकृत अधिकारी किसी नोटिस के बिना उसे हटवा सकता है और जमा प्रतिभूति से अधिक धनराशि व्यय होती है, तो नियमानुसार उसका अांकलन कर नोटिस के माध्यम से वसूली की कार्यवाही सम्बन्धित सेवा प्रदाता कम्पनी अथवा प्रतिनिधि से की जायेगी।
(ख) किन्हीं कारणों से यदि टावर के स्थान मे परिवर्तन किया जाता है, तो उस पर आने वाले समस्त क्षतिपूर्ति/व्यय का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व अनापत्तिपी/सेवा प्रदाता कम्पनी का होगा
10-टावर पर निर्बन्धन-
किसी संविदा या अनुबन्ध मे अन्तर्विष्ट किसी बात के प्रतिकूल होते हुये भी किसी टावर को प्रतिष्ठापित करने, परिनिर्मित करने खड़ा करने, या गाड़ने की अनापत्ति निम्नलिखित स्थिति में नही दी जायेगी-
(क) टावर संस्थापक कम्पनी को टावर के शीर्ष पर लाल बल्ब लगाना अनिवार्य होगा।
(ख) ऐसी रीति से और ऐसे स्थानोें पर जिससे यातायात में बाधा उत्पन्न होती हो।
(ग) राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग, यान मार्ग के छोर से 20 मी0 के भीतर।
(घ) अन्य मार्गों के यानमार्ग के छोर से 10 मी0 के भीतर।
(ङ) ऐतिहासिक या राष्ट्रीय स्मारकों, सार्वजनिक भवनों, चिकित्सालयों, शैक्षिक संस्थाओं, सार्वजनिक कार्यालयों और पूजा स्थलों के ऊपर।
(च) जब इससे स्थानीय, नागरिक सुविधायें प्रभावित और बाधित हो।
6 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8(छ) किसी परिसर के बाहर क्षेपित हो।
(ज) दो टावरों के बीच की दूरी कम से कम 100 मी0 से कम न हो।
(झ) विद्यालय/चिकित्सालय /सार्वजनिक कार्यालय आदि के आसपास अनापत्ति नहीं दी जायेगी।
(ञ) विवाद की स्थिति में सुनवाई/निर्णय लेने के अधिकार मा0 कार्यकारिणी समिति का होगा'' (ट) राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार द्वारा घोषित निषिद्ध क्षेत्र के भीतर हो।
(ठ) उपरोक्त अनापत्ति शुल्क एवं प्रतिभूत धनराशि जमा कराते हुये नगर निगम बरेली द्वारा एन0ओ0सी0 जारी की जायेगी। तदोपरान्त बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा नगरीय क्षेत्र में टावर लगाये जाने हेतु अनुमति/अनापत्ति प्रदान की जायेगी।
11-निषिद्ध क्षेत्र की घोषणा-
नगर निगम राज्य सरकार या केन्द्र सरकार किसी स्थान या स्थानों, क्षेत्र या क्षेत्रों को टावर प्रतिष्ठापित करने परिनिर्मित करने, खड़ा करने, या गाड़ने के लिये निषिद्ध घोषित कर सकती है।
12-अनुरक्षण-
(1) सभी टावर जिनके लिये अनापत्ति अपेक्षित है, अवलम्बों बधनी, रस्सा और स्थिर के साथ भली प्रकार मरम्मत किये जायेंगे, जोकि ढांचागत और कलात्मक दोनों ही दृष्टिकोण से होगी और यदि चमकीले अज्वलनषील सामग्री से निर्मित नही है तो उन पर मोर्चा आदि से रोकने हेतु रंग रोगन किया जायेगा।
(2) प्रत्येक सेवा प्रदाता कम्पनी, उसके कर्मचारी, अभिकर्ता, अनापत्ति या व्यक्ति का यह कर्तव्य और दायित्व होगा कि वह टावर से आच्छादित परिसर में सफाई, स्वच्छता और स्वास्थ्य सम्बन्धी परिस्थितियों का ध्यान रखें। 13-प्रवेश और निरीक्षण की शक्ति-
नगर आयुक्त या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई अधिकारी या सेवक कोई निरीक्षण, खोजमाप या जाँच करने के प्रयोजन के लिये या ऐसा कार्य निष्पादित करने के लिये जो इस उपविधि के अधीन हो, किसी उपबन्ध के अनुसरण के सहायकों या श्रमिकों के साथ या उसके बिना किसी परिसर या उसमें प्रवेश कर सकता है। 14-शुल्क का निर्धारण तथा भुगतान की रीति-
(1) नगर निगम बरेली सीमा क्षेत्र में स्थापित टावरों हेतु वार्षिक शुल्क रु0 50,000.00 प्रति टावर और प्रतिभूति (धरोहर धनराशि) धनराशि रु0 30,000.00 प्र्रति टावर होगी, वार्षिक शुल्क आगामी वित्तीय वर्ष प्रारम्भ होने के पूर्व देय होगी तथा प्रतिभूति धनराशि टावर स्थापित किये जाने की अनुमति लिये जाने के पूर्व नगर निगम बरेली के पक्ष मे देय होगी। उक्त देय धनराशि का भवन/भूमि पर आरोपित गृहकर/जलकर से कोई सम्बन्ध नही होगा।
(2) वार्षिक शुल्क एकल किस्त में संदेय होगा। जब तक पूर्ण धनराशि का भुगतान न किया जाय तब तक किसी टावर को प्रतिष्ठापित करने, परिनिर्मित करने, खड़ा करने गाड़़ने की अनुमति नही दी जायेगी।
(3) किसी कटौती के न होने पर प्रतिभूति की पूरी धनराशि और कटौती अथवा, समायोजन होने पर अवशेष धनराशि अनापत्ति समाप्त होने कीे तिथि से एक सप्ताह में बिना ब्याज के वापस कर दी जायेगी।
15-शास्ति और अपराधों की प्रशमन-
(1) इस उपविधि के उपबन्धों का किसी प्रकार से उल्लंघन ऐसे जुर्माने से जो रु0 पांच हजार तक हो सकता है और उल्लंघन करते रहने की दशा में प्रथम उल्लंघन तिथि की सिद्धि के पश्चात् प्रत्येक ऐसे दिन के लिये जिस दौरान ऐसा उल्लंघन जारी रहा, ऐसे जुर्माने, जो पांच सौ रुपये तक हो सकता है, से दण्डनीय होगा।
(2) इस उपविधि के अधीन दण्डनीय किसी अपराध को अपराधी के लिये निर्धारित के आधे से अन्यून और तीन चौथाई से अनाधिक धनराशि वसूल करने पर नगर आयुक्त या उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा प्रशमित किया जा सकता है।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 7अनुसूची
कार्यालय, नगर निगम बरेली
टावर स्थापना हेतु आवेदन-पत्र
(नियम 4 (1) देखें)
मूल्य रु0 1,000.00 1-आवेदक का नाम ...............................................................................................................
2-(1) अभिकरण, प्रतिष्ठान कम्पनी या संस्था का नाम....................................................
3-(2) बेबसाइट (यदि कोई हो,) ..................................................................................
पता (1) अभिकरण, प्रतिष्ठान कम्पनी या संस्था का नाम....................................
.......................................................................................................................
(2) आवेदक का नाम....................................................................................................
(3) दूरभाष संख्या .......................................................................................................
(4) ई-मेल ....................................................................................................................
4-आवेदित टावर का प्रकार.............................................................................................................
5-टावर का आकार(ऊंचाई सहित) ..............................................................................................
6-स्थल मानचित्र सहित स्थल की अवस्थिति ...........................................................................
7-भूमि, भवन या स्थान के स्वामी का नाम ...............................................................................
8-(एक) स्वामित्व प्रमाणपत्र के साथ स्वामी की लिखित अनुमति संलग्न की जाय।
(दो) स्वामी द्वारा इस आषय का शपथपत्र कि चूक की दषा में टावर स्थापना हेतु देय समस्त शुल्कों के भुगतान का दायी होगासंलग्न किया जाये।
(तीन) नगर आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्धारित
9-वार्षिक शुल्क-रु0 ......................................................
10-निर्धारित प्रतिभूति शुल्क-रु0 ................................
(दो) किस्त की धनराशि
11-अन्य विवरण ............................................................
संलग्नक ....................................................................
स्थान .........................................................................
दिनांक .....................................................................
ह0 (अस्पष्ट), नगर आयुक्त, नगर निगम,बरेली।
8 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8नगर निगम बरेली
10 दिसम्बर, 2021 ई0
सं0 309/एस0टी0/अ0न0आ0/202122-उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 2, सन् 1959) की धारा 129, 305, 306 एवं 452 एवं 541 (48) में प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत नगर निगम, बरेली सीमा क्षेत्र में लगे आकाश चिन्ह, विज्ञापनों का विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति शुल्क वसूली हेतु नगर निगम अधिनियम की धारा 542 के अंतर्गत प्रस्तावित नगर निगम, बरेली (आकाश चिन्ह, विज्ञापनों का विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति शुल्क निर्धारण और वसूली) उपविधि 2020' को मा0 सदन के प्रस्ताव संख्या 12/108 दिनांक 22 दिसम्बर, 2020 सर्वसम्मति से स्वीकार होने के उपरान्त नगर निगम, बरेली की बेवसाईट nagarnigambareilly.com एवं पत्रांक/157/एस0टी0/अ0न0आ0/202021 दिनांक 15 फरवरी, 2021, के द्वारा समाचारपत्रों में दिनांक 16 फरवरी, 2021 को "दैनिक जागरण" में प्रकाशन कराकर आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किये गये, नियत अवधि में प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर सुनवाई एवम् विचारोपरान्त निम्नलिखित नियमावली दिनांक 28 अगस्त, 2021 को मा0 बोर्ड के समक्ष सादर विचारार्थ एवम् निर्णयार्थ प्रस्तुत की गयी। उपविधि को मा0 सदन द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है।
उपविधि गजट प्रकाशन के दिनांक से लागू होगी।
नगर निगम, बरेली (आकाश चिन्ह, विज्ञापनों का विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति
शुल्क निर्धारण और वसूली) उपविधि 2020'
उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 2, सन् 1959) की धारा 129, 305, 306 एवं 452 एवं 541 (48) में प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत नगर निगम, बरेली सीमा क्षेत्र में लगे आकाश चिन्ह, विज्ञापनों का विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति शुल्क वसूली हेतु नगर निगम अधिनियम की धारा 542 के अंतर्गत प्रस्तावित नगर निगम, बरेली (आकाश चिन्ह, विज्ञापनों का विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति शुल्क निर्धारण और वसूली) उपविधि, 2020।
1-संक्षिप्त नाम विस्तार और प्रारम्भ-(1) यह उपविधि नगर निगम , बरेली (विज्ञापन पर अनुज्ञा शुल्क का निर्धारण और वसूली) उपविधि 2020'' कही जायेगी।
(2) इसका विस्तार नगर निगम , बरेली के सम्पूर्ण क्षेत्र में होगा।
(3) यह गजट में प्रकाषित होने के दिनांक से प्रवृत्त होगी।
2-परिभाषायें-(1) जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस उपविधि में-
(एक) 'अधिनियम' से तात्पर्य उत्तर प्रदेष नगर निगम अधिनियम, 1959 से है।
(दो) ''विज्ञापनकर्ता'' का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से जिसे इस उपविधि के अधीन कोई विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट परिनिर्मित करने, प्रदर्शित करने, संप्रदर्शित करने, लगाने, चिपकाने, लिखने, चित्रित करने या लटकाने के लिए लिखित अनुमति प्रदान की गयी हो, और ऐसे व्यक्ति मे ंउसका अभिकर्ता प्रतिनिधि या सेवक सम्मिलित है और भूमि तथा भवन का स्वामी भी सम्मिलित है।
(तीन) ''विज्ञापन प्रतीक'' का तात्पर्य विज्ञापन के प्रयोजनों के लिये या तत्संबंध में सूचना देने के लिए या जनता को किसी स्थान, व्यक्ति लोक निष्पादन, वस्तु या वाणिज्यिक माल, जो भीभाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 9 हो, के प्रति आकर्षित करने के लिए किसी सतह या संरचना से है जिसमें ऐसे प्रतीक अक्षर या दृष्टांत अनुप्रयुक्त हों, और जो द्वारों के बाहर किसी भी रीति जो भी हो, से संप्रदर्शित हो, और उक्त सतह या संरचना या किसी भवन से संलग्न हो, उसका भाग हो या उससे संयोजित हो, या जो किसी वृक्ष या भूमि या किसी खम्भों, स्क्रीन बाड़ या विज्ञापन पटट् से जुड़ी हो या जो खाली स्थान पर संप्रदर्शित हो।
(चार) '' गुब्बारा'' का तात्पर्य गैस से भरे हुए ऐसे किसी गुब्बारे से है जो भूमि पर किसी बिन्दु से बंधा हो और कपड़े आदि के किसी फरहरे से या उसके बिना हवा में लहरा रहा हो।
(पांच) ''पताका'' (बैनर) का तात्पर्य ऐसी किसी नम्य आधार से है जिस पर कोई प्रतिकृति या चित्र संप्रदर्शित किये जा सकते है।
(छः) ''पताका विज्ञापन'' का तात्पर्य किसी प्रतीक से है जो अपने संप्रदर्शन की सतह के रूप में किसी पताका का उपयोग कर रहा हो।
(सात) ''चिन्हित स्थल'' का तात्पर्य नगर आयुक्त के अनुमोदन के पश्चात् तैयार किये गये ब्लू प्रिन्ट से है।
(आठ) ''निगम'' का तात्पर्य नगर निगम , बरेली से है।
(नौ) ''विद्युतीय प्रतीक'' का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जिसमें विद्युतीय साजसज्जे, जो प्रतीकों के महत्वपूर्ण अंग है, प्रयुक्त किये जाते है।
(दस) ''गैन्ट्री विज्ञापन'' का तात्पर्य सड़क के दोनों ओर लोहे का मजबूत पिलर गाड़कर उसके ऊपर न्यूनतम निर्दिष्ट ऊॅचाई पर आयताकार विज्ञापन प्रतीक से है।
(ग्यारह) ''भूविज्ञापन'' का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी भवन से लगा हुआ न हो, और जो भूमि पर या किसी खम्भें, स्क्रीन, बाडा या विज्ञापन पट्ट पर परिनिर्मित या चित्रित हो और जनता के लिये दृश्य हो।
(बारह) ''प्रदीप्त प्रतीक'' का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जो स्थायी या अन्यथा हो और किसी कार्य प्रणाली प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रकाश द्वारा उसे प्रदीप्त किये जाने पर आधारित हो।
(तेरह) ''शामियाना विज्ञापन'' का तात्पर्य ऐसे किसी विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी शामियाना वितान या ऐसी अन्य आच्छादित संरचना से सम्बद्व हो या उससे टंगा हुआ हो जो किसी भवन से बाहर निकला हुआ हो और उससे अवलम्बित हो तथा जो भवन की दीवार एवं भवन की सीमा रेखा से बाहर की ओर हो और अस्थायी रूप से संप्रदर्शित किया गया हो।
(चौदह) ''प्रक्षेपित प्रतीक'' का तात्पर्य ऐसे किसी विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी भवन से लगा हुआ हो और उससे 300 मिलीमीटर से अधिक बाहर की ओर हो।
2 ट10 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8 (पन्द्रह) ''मार्ग अधिकार'' का तात्पर्य सड़क के प्रयोजनार्थ सुरक्षित और संरक्षित भूमि की चौड़ाई से है।
(सोलह) ''छत विज्ञापन'' का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन से है जो किसी भवन की प्राचीर या छत के किसी भाग पर या उसके ऊपर निर्मित हों या रखा गया है जिसमें किसी भवन की छत पर चित्रित विज्ञापन सम्मिलित है।
(सत्रह) ''अनुसूची'' का तात्पर्य इस उपविधि में संलग्न अनुसूची से है।
(अठ्ठारह) ''बस सायबानों (शेल्टर) पर विज्ञापन'' का तात्पर्य किसी बस संचालन के अधीन बस सायबान के ऊपर अथवा भीतर की ओर से प्रकाशित किये गये, टागें गये, अथवा चित्रित किये गये विज्ञापन प्रतीक से है।
(उन्नीस) ''पुष्प पात्र (फ्लावर पॉट) स्टैण्ड विज्ञापन'' का तात्पर्य शहर के अनुमन्य डिवाइडरों पर अथवा सड़क/फुटपाथ के अन्तिम छोर पर पर्यावरण की दृष्टिकोण से अनुकूल मौसमी पौधे फ्लावर पॉट स्टैण्ड पर अनुमन्य/विहित आकार का विज्ञापन पट्ट लगाने के पश्चात् लगाये जाने से है।
(बीस) ''जनसुविधा स्थान पर विज्ञापन'' का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन से है जो किसी जनसुविधा स्थान के ऊपर/पास अथवा उसके भीतर किसी भी रीति से लगाये गये विज्ञापन से है।
(इक्कीस) ''टै्रफिक/पुलिस बूथ अथवा टै्रफिक लाईलैण्ड पर विज्ञापन'' का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी टै्रफिक/पुलिस बूथ अथवा टै्रफिक आईलैण्ड के ऊपर अथवा उसके चारों ओर लगाया/लटकाया/चित्रित किया जाये।
(बाइस) ''प्रतीक संरचना'' का तात्पर्य किसी ऐस संरचना से है जिसमें कोई प्रतीक अवलम्बित हो।
(तेइस) ''अस्थायी विज्ञापन'' का तात्पर्य अवकाश दिवसों या लोक प्रदर्शनों हेतु अलंकारिक प्रदर्शनों सहित, किसी सीमित अवधि के प्रदर्शन के लिये वांछित किसी विज्ञापन प्रतीक, झण्डा या वस्त्र, कैनवेस, कपड़े या किसी संरचनात्मक ढांचा से या उसके बिना किसी अन्य हल्की सामग्री से निर्मित अन्य विज्ञापन युक्ति से है।
(चौबीस) ''अनुज्ञा शुल्क'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा 541 की उपधारा 48 के निर्दिष्ट विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क से है।
(पच्चीस) 'ट्री गार्ड विज्ञापन'' का तात्पर्य अनुमन्य डिवाइडरों पर अथवा सड़क/फुटपाथ के अन्तिम छोर पर पर्यावरण के दृष्टिकोण से अनुकूल पौधे लगाने के पश्चात् ट्री गार्ड पर अनुमन्य/विहित आकार के संप्रदर्शित विज्ञापन प्रतीक से है।
(छब्बीस) ''बरांडा प्रतीक'' का तात्पर्य किसी बरांडा से सम्बद्व, उससे संयोजित या उससे टांगे गये विज्ञापन से है।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 11(2) इस उपविधि में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित और अधिनियम में परिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके लिए समनुदेशित है।
3-स्थल चयन के लिये समिति का गठन-(1) नगर आयुक्त द्वारा अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में मुख्य अभियन्ता एवम् विज्ञापन प्रभारी की समिति का गठन किया जायेगा जो विज्ञापन अथवा विज्ञापन पट्टक के लिये उचित और उपयुक्त स्थलों की पहचान करने के साथसाथ उनके आकार, ऊंचाई और सौन्दर्यात्मक पहलू का विनिश्चय करेगी।, जोकि स्थलों को चयन कर सूची नगर आयुक्त को प्रस्तुत करेगी।
(2) समिति द्वारा परिलक्षित स्थलों पर अनुज्ञा प्राप्त करने के लिये नगर आयुक्त द्वारा कम से कम दो प्रख्यात दैनिक समाचारपत्रों के माध्यम से आवेदनपत्र आमंत्रित किये जायेंगे।
(3) स्थलों की पहचान और समिति की संस्तुति के पश्चात् ही विज्ञापनों ओर विज्ञापन पटों की अनुज्ञा दी जायेगी।
4-प्रतिषेध-(1) नगर आयुक्त से पूर्व में लिखित अनुज्ञा प्राप्त किये बिना कोई व्यक्ति निगम की सीमा के भीतर किसी भवन, पुल, मार्ग, फुटपाथ, उपरिगामी सेतु या उससे संलग्न भूमि या ट्री गार्ड, नगर प्राचीर, बाउन्ड्रीवाल, नगर द्वार, विद्युत या टेलीफोन के खम्भें, चल वाहनों या किसी भी खुले स्थान पर कोई विज्ञापन या किसी प्रकार की सूचना या चित्र, जिससे किसी सामान्य प्रज्ञा वाले व्यक्ति को विज्ञापन होने का आभास हो, न तो परिनिर्मित करेगा न प्रदर्शित करेगा, न संप्रदर्शित करेगा, न चिपकायेगा न लगायेगा, न लिखेगा, न चित्रित करेगा या न लटकायेगा।
(2) नगम की सीमाओं के भीतर किसी भूमि या भवन का स्वामी, अध्यासी या अन्यथा अधिभोग करने वाला कोई व्यक्ति नगर आयुक्त की लिखित अनुज्ञा के बिना ऐसी भूमि या भवन के किसी भाग पर कोई विज्ञापन न तो परिनिर्मित करेगा, न प्रदर्शित करेगा, न सम्प्रदर्शित करेगा, न लगायेगा, न चिपकायेगा, न लिखेगा, न चित्रित करेगा, न लटकायेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे भवन या भूमि पर कोई विज्ञापन परिनिर्मित करने या लटकाने देगा, यदि ऐसा किसी सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक मार्ग से दृश्य हो।
(3) कोई विज्ञापन पट्ट इस रीति से प्रतिष्ठापित नही किया जायेगा कि यातायात के संचालन में अग्र एवं पाश्र्व भाग के दर्शित होने में कोई व्यवधान हो।
(4) नगर निगम की सीमा में किसी सरकारी भवन/सम्पत्ति पर स्टीकर, पोस्टर, पम्फलेट इत्यादि चिपकाना पूर्णतया निषेध होगा।
5-विज्ञापन कर्ताआेंं का पंजीकरण एवं नवीनीकरण-(1) विज्ञापनकर्ता/विज्ञापन एजेंसियों को पंजीकरण हेतु रु0 50,000.00 (पचास हजार रुपये) पंजीकरण शुल्क एवं रु0 2,00,000.00 (दो लाख रुपये) धरोहर धनराशि जमा करना अनिवार्य होगा।
(2) प्ांजीकरण अनुज्ञा प्राप्त करने के लिये प्रत्येक आवेदन अनुसूची-1 में विर्निर्दिष्ट विहित प्रपत्र में किया जायेगा, जिसे रु0 1,000.00 भुगतान करके नगर निगम के कार्यालय से प्राप्त किया जायेगा या निगम की वेबसाईट से डाउनलोड भी किया जा सकता है, तथापि आवेदनपत्र प्रस्तुत करते समय आवेदनपत्र के मूल्य की रसीद आवेदनपत्र के साथ प्रस्तुत की जायेगी।
(3) अग्रिम वर्षों हेतु नवीनीकरण शुल्क 10,000.00 जमा करना अनिवार्य होगा।
(4) पंजीकरण हेतु नियम व शर्तें निर्धारित करने का अधिकार नगर आयुक्त में निहित होगा।
12 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 86-अनुज्ञा प्राप्त करने की प्रक्रिया-(1) अनुज्ञा प्राप्त करने के लिये प्रत्येक आवेदन अनुसूचीएक में विनिर्दिष्ट विहित प्रपत्र में किया जायेगा, जिसे रु0 1,000.00 का भुगतान करके नगर निगम के कार्यालय से प्राप्त किया जायेगा।
आवेदनपत्र प्रस्तुत करते समय आवेदनपत्र के मूल्य की रसीद आवेदनपत्र के साथ प्रस्तुत की जायेगी।
(2) उपनियम (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक आवेदनपत्र में ऐसी भूमि, भवन या स्थान के संबंध में विस्तृत सूचना, ऐसी भूमि के स्थल नक्शा सहित निहित होगी जहॉ ऐसी भूमि, भवन या स्थान के पास प्रस्तावित विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट पर परिनिर्मित किया जाना, प्रदर्शित किया जाना, सम्प्रदर्शित किया जाना, लगाया जाना, या लटकाया जाना वांछित हो और उसमें निम्नलिखित सूचना सम्मिलित होगी-
(क) प्रत्येक भूविज्ञापन पट्ट की भूमितल से ऊॅचाई, अवस्थिति, ढांचे की बनावट आदि की विशिष्टियों को उपविधि में निर्धारित मानक के अनुरूप आवश्यक अभिकल्प संगणना आवेदनपत्र के साथ प्रस्तुत किया जायेगा।
(ख) पूर्ववर्ती विज्ञापनों के अतिरिक्त छत-विज्ञापनों, प्रक्षिप्त विज्ञापनों या भूप्रतीकों के मामले में सहायक क्रिया विधियों और स्थिरकस्थानों के समस्त घटक और यदि नगर आयुक्त द्वारा अपेक्षित हो तो आवश्यक अभिकल्प संगणनाएं आवेदनपत्र के साथ प्रस्तुत की जायेगी।
(ग) कोई अन्य विशिष्टियां, जो नगर आयुक्त द्वारा अपेक्षित हो।
(घ) गुब्बारा विज्ञापन के मामले में नगर आयुक्त द्वारा यथा अपेक्षित आवश्यक सूचना विज्ञापनकर्ता को उपलब्ध करायी जायेगी।
(3) यदि विज्ञापन किसी सार्वजनिक मार्ग के पाश्र्व भाग पर या किसी निजी परिसर में कोई संरचना लगाकर प्रदर्शित किया जाना या संप्रदर्शित किया जाना वांछित हो तो ऐसे आवेदनपत्र के साथ निम्नलिखित विवरण भी प्रस्तुत किये जायेंगे-
(क) विज्ञापन और प्रस्तावित संरचना के आकार का विवरण।
(ख) नगर आयुक्त द्वारा सम्यक् रूप से अनुमोदित संरचना अभियन्ता से सम्बन्धित भवन की सुदृढ़ता सम्बन्धी रिपोर्ट।
(ग) भू/भवन स्वामी की सहमति का अनुबन्ध पत्र, आवेदन, आवश्यक चित्रों और संरचनासंगणनाओं सहित नगर आयुक्त द्वारा सम्यक्, रूप से अनुमोदित संरचना अभियन्ता के माध्यम से किया जायेगा। अभिकल्प संगणनाओं में लिया गया ''वायुभार राष्ट्रीय भवन संहिता, 2005 के संरचना अभिकल्प, धारा 1 भार बल और प्रभाव'' के भाग4 के अनुसार होगा।
(घ) विकास प्राधिकरण/आवास विकास परिषद का अनापत्ति प्रमाणपत्र,
(4) यदि विज्ञापन या विज्ञापन पटट किसी निजी भूमि या भवन या निजी भवन के सामने, उसके किसी भाग पर परिनिर्मित किया जाना, प्रदर्शित किया जाना, लगाया जाना, चिपकाया जाना, लिखा जाना, चित्रित किया जाना या लटकाया जाना वांछित हो और आवेदक ऐसी भूमि या भवन का स्वामी न हो तो आवेदनपत्र में ऐसी भूमि या भवन के स्वामी की लिखित अनुज्ञा/निष्पादित अनुबन्ध की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।
(5) उपनियम (4) में निर्दिष्ट भूमि या भवन के प्रत्येक स्वामी को लिखित रूप में वचन देना होगा कि किसी व्यक्तिक्रम की स्थिति में वह विज्ञापनकर्ता हेतु देय अनुज्ञा शुल्क का भुगतान करने के लिये स्वंय दायी होगा। नगर आयुक्त अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को विज्ञापन पट्ट हटाने हेतु परिसर में प्रवेश का अधिकार होगा।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 13(6) यदि भूमि का कोई स्वामी अपनी निजी भूमि पर विज्ञापन संप्रदर्शित करना चाहें तो उसे आवेदनपत्र के साथ विस्तृत सूचना प्रस्तुत करनी होगी और इस उपविधि के अधीन अनुज्ञा लेनी होगी।
(7) यदि कोई व्यक्ति किसी ट्रीगार्ड/फ्लावर पॉट को परिनिर्मित करने की अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात् ऐसे ट्रीगार्डो/फ्लावर पॉट पर कोई विज्ञापन प्रदर्शित या संप्रदर्शित करता है तो वह इस उपविधि के अधीन अनुज्ञा शुल्क के भुगतान करने का दायी होगा।
(8) अनुज्ञा ऐसी शर्तो के अधीन रहते हुये प्रदान की जायेगी जो नगर आयुक्त द्वारा लोक सुरक्षा और शिष्टाचार के हित में अधिरोपित की जाय।
(9) प्रत्येक आवेदनपत्र के साथ प्रस्तावित सम्पूर्ण प्रीमियम अथवा नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित प्रथम किश्त की धनराशि जमा करने की रसीद संलग्न करनी होगी, परन्तु यह कि प्रीमियम की अवशेष धनराशि नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर जमा करनी होगी।
7-क अनुज्ञा प्राप्त करने की शर्ते-(1) किसी विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट परिनिर्मित करने, प्रदर्शित करने, संप्रदर्शित करने, लगाने, या लटकाने की अनुज्ञा निम्नलिखित निर्बन्धन एवं शर्तो पर प्रदान की जायेगी, यह कि-
(क) अनुज्ञा केवल उस अवधि तक के लिये प्रभावी होगी जिस अवधि के लिये प्रदान की गयी हो, परन्तु यह कि अनुज्ञा शुल्क या प्रीमियम सहित अनुज्ञा शुल्क, इस उपविधि के अनुसार नगर निगम निधि में संदत्त और जमा किया गया हो।
(ख) विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट पर ऐसे रंगों और आकारों में लिखा जायेगा, चिपकाया जायेगा, समुद्धृत किया जायेगा, चित्रित किया जायेगा जैसा कि नगर आयुक्त द्वारा अनुमोदित किया जाये और विज्ञापन पट्ट चाहे भूमि पर या भवन पर प्रतिष्ठापित किया गया हो, की ऊॅचाई 6.2 मीटर व चौड़ाई 12.4 मीटर से अधिक नही होगी। दो सन्निकट विज्ञापनों पट्टों के मध्य की दूरी 20 मीटर से कम नही होगी। यूनीपोल लगाये जाने की दशा में दो यूनीपोल/कैंटीलीवर के मध्य की दूरी 80 मीटर से कम नही होगी। विज्ञापन/विज्ञापन पट चौराहे से 40 मीटर के भीतर स्थापित नही किया जायेगा।
(ग) विज्ञापन या विज्ञापन पट को समुचित दशा में रखा एवं अनुरक्षित किया जायेगा।
(घ) प्रदान की गयी अनुज्ञा अन्तरणीय नही होगी।
(ङ) विज्ञापन या विज्ञापन पट की विषय वस्तु या उसके विवरण में नगर आयुक्त की लिखित अनुज्ञा के बिना परिवर्तन नही किया जायेगा।
(च) विज्ञापनकर्ता ऐसी अवधि, जिसके लिए अनुज्ञा दी गयी थी, की समाप्ति से एक सप्ताह के भीतर विज्ञापन को हटा देगें या उसे मिटा देंगे।
(छ) विज्ञापन बोर्ड या विज्ञापन पट्ट अनुज्ञात स्थान पर ही प्रतिष्ठापित किये जायेंगें, संप्रदर्शित किये जायेगें या परिनिर्मित किये जायेंगे।
(ज) मार्ग/फुटपाथ के लिए खुली छोडी गयी भूमि पैदल चलने वालों, साईकिल वालों आदि के लिए सुरक्षित रूप में चलने के लिये उपलब्ध रहेगी।
(झ) भवनों, यदि कोई हो, जो प्रतीकों और विज्ञापन पट्टों के समीप स्थित हो, के प्रकाश और वातायन में किसी भी रूप में बाधित नही होगें।
14 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8() लोकहित में नगर आयुक्त को यह अधिकार होगा कि वह अवधि समाप्त होने के पूर्व भी अनुज्ञापत्र को निलम्बित कर दें, जिसके पश्चात् विज्ञापनकर्ता विज्ञापन को हटा देगा।
(ट) विज्ञापनकर्ता को इस उपविधि में उल्लिखित सभी शर्तो और नगर आयुक्त, नगर निगम , बरेली द्वारा समयसमय पर जारी किये गये निर्देशों का पालन करना होगा।
(ठ) विज्ञापनों से अवस्थान का कलात्मक सौन्दर्य नष्ट नही होना चाहिए। किसी प्रकार के विज्ञापन हेतु पर्यावरण विभाग द्वारा प्रतिबन्धित प्लास्टिक का प्रयोग निषिद्व होगा।
(ड) भवन से सम्बन्धित विज्ञापन पट्टों से भिन्न विज्ञापन पट्ट ऐसे भवनों यथा चिकित्सालयों, शैक्षिक संस्थाओं, न्यायालयों, सार्वजनिक कार्यालयों, संग्रहालायों, धार्मिक पूजा के निमित्त अर्पित भवनों और राष्ट्रीय महत्व के भवनों के समक्ष प्रदर्शित करने की अनुज्ञा नही होगी।
(ढ) विज्ञापन पट्टों का अनुरक्षण तथा निरीक्षण उनके अवलम्ब नियम24 के अनुसार होगें।
(ण) समस्त विज्ञापन नियम16 ''समस्त विज्ञापनों के लिये सामान्य अपेक्षाए'' में दी गयी सामान्य अपेक्षाओं के अनुरूप होगें।
(त) विज्ञापनों को वृक्षों या काष्ठमय पेडपौधों में गाड़ा, बांधा नही जायेगा।
(2) नगर आयुक्त द्वारा प्रदान की गयी लिखित अनुज्ञा तत्काल समाप्त हो जायेगी-
(क) यदि कोई विज्ञापन या उसका कोई भाग किसी दुर्घटना या किन्हीं अन्य कारण से गिर जाता है।
(ख) यदि विज्ञापन पट में कोई परिवर्द्धन, उसे सुरक्षित रखने के प्रयोजन को छोड़कर किया जाता है अथवा नगर आयुक्त की अनुमति के बिना किया जाता है।
(ग) यदि विज्ञापन पट या उसके भाग में कोई परिवर्तन किया जाता है।
(घ) यदि उस भवन या सरंचनाओं में कोई परिवर्द्धन या परिवर्तन किया जाता है जिस पर या उसके ऊपर विज्ञापन परिनिर्मित किया गया हो, और यदि ऐसे परिवर्द्धन या परिवर्तन में विज्ञापन पट या उसके किसी भाग का व्यवधान सम्मिलित है।
(ङ) यदि ऐसा भवन या संरचना, जिस पर या जिसके ऊपर विज्ञापन पट्ट परिनिर्मित, नियत या अवरुद्ध हो, भंजित या नष्ट हो जाती है।
8-आवेदन-पत्रों की अस्वीकृति के आधार-नियम4 के अधीन अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक आवेदनपत्र निम्नलिखित किसी या उससे अधिक आधारों पर अस्वीकृत किया जा सकता है, यह कि-
(क) आवेदनपत्र में अपेक्षित सूचना और विवरण अन्तर्विष्ट न हो या वह इस उपविधि के अनुरूप न हो।
(ख) प्रस्तावित विज्ञापन अशिष्ट, अश्लील, घृणास्पद, वीभत्स या आपत्तिजनक प्रकृति का या नगर निगम पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला या राजनैतिक अभियान को उकसाने वाला या जनता अथवा किसी विशिष्ट वर्ग के व्यक्तियों हेतु अनिष्टकर या क्षतिकारक प्रभाव डालने वाली प्रकृति का हो या ऐसे स्थान पर ऐसी रीति से या किसी ऐसे माध्यम से संप्रदर्शित हो, जैसा कि नगर आयुक्त की राय में, उसमें किसी पडोस की सुविधाओं पर क्षतिकारक प्रभाव पड़ने या विकृत होने की सम्भावना हो या इसमें आपत्तिजनक लेख या अश्लील नग्न रेखाचित्र या चित्र या मदोन्मत्तता का कोई प्रतीक अन्तर्विष्ट हो।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 15(ग) तम्बाकू, से निर्मित पदार्थ सिगरेट इत्यादि के सेवन को प्रोत्साहित करने वाला हो।
(घ) प्रस्तावित विज्ञापन से लोक शांति या प्रशांति भंग होने की सम्भावना हो या लोकनीति और एकता के विरुद्ध हो।
(ङ) प्रस्तावित विज्ञापन पट से तूफान या अंधड़ के दौरान जीवन या सम्पत्ति के लिए क्षति उत्पन्न होने की सम्भावना हो।
(च) प्रस्तावित विज्ञापन पट से यातायात में अशांति या खतरा उत्पन्न होने की सम्भावना हो।
(छ) प्रस्तावित विज्ञापन स्थल तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के उपबंधों से असंगत हो।
(ज) विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट किसी भूमि या भवन पर परिनिर्मित किया जाना या सम्प्रदर्शित किया जाना वांछनीय हो और ऐसी भूमि या भवन के संबंध में धारा-172 में निर्दिष्ट सम्पत्ति कर आवेदन करने के दिनांक को असंदत्त हो।
(झ) अन्य कोई कारण जिसे नगर आयुक्त नगर निगम के हित व जनहित में उचित समझें।
किसी विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट को परिनिर्मित करने, प्रदर्शित करने, सम्प्रदर्शित करने, लगाने, या लटकाने हेतु चिन्हित/नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित स्थल पर निम्नलिखित या उससे अधिक रीति से नगर आयुक्त की अनुमति से किया जाना विधि संगत होगा।
9-अनुज्ञा प्रदान करने की रीति-(एक) सार्वजनिक सूचना के माध्यम से आवेदन/प्रस्ताव प्राप्त कर।
(दो) सार्वजनिक सूचना के माध्यम से निविदा आमन्त्रित कर।
(तीन) निर्धारित नियमों एवं शर्तो के अधीन पूर्व में प्रदान की गई अनुज्ञा का नवीनीकरण किया जा सकता है, किन्तु अनुज्ञा किसी भी दशा में नही दी जायेगी, यदि यातायात एवं फुटपाथ पर पैदल चलने में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न हो रहा हो।
(चार) निजी स्थल/भवन पर विज्ञापन की अनुमति परिसर के मालिक की लिखित सहमति पर इस उपविधि में दिये गये उपबंधों के अधीन दी जा सकती है।
(पांच) विज्ञापन हेतु प्राप्त आवेदनपत्रों पर अनुज्ञा और नवीनीकरण के लिए आवेदनपत्रों को अधिकतम 15 दिनों के अन्दर निर्णय लेकर विज्ञापनकर्ता को सूचित किया जायेगा। यदि नीलामी/निविदा के माध्यम से अनुज्ञा प्रदान किया जाना है तो नीलामी/निविदा की तिथि से 15 दिनों के अन्दर निर्णय लेकर नीलामी/निविदा में भाग लेने वाले विज्ञापनकर्ताओं को सूचित किया जायेगा।
10-अनुज्ञा की अवधि-अनुज्ञा की अवधि वही होगी जो अनुज्ञापत्र में विनिर्दिष्ट हो। वार्षिक अनुज्ञा, अनुज्ञा के दिनांक से एक वर्ष की अधिकतम अवधि या उस वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक, जिसमें अनुज्ञा स्वीकार की गयी, इनमें जो भी पहले हो, होगी।
11-अनुज्ञा का नवीनीकरण-नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित प्रीमियम/सम्पूर्ण विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क जमा करने के पश्चात् अनुज्ञा का नवीकरण नियम 6 (3) व 6 (4) के अधीन किया जा सकता है। इसके लिए विज्ञापनकर्ता को अनुसूची1 के रूप में संलग्न विहित प्रारूप पर आवेदनपत्र प्रस्तुत करना होगा। अनुज्ञा के नवीनीकरण होने के पश्चात् देय प्रीमियम/विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क जमा करना होगा।
16 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 812-विज्ञापन या विज्ञापन पट हटाने की शक्ति-(1) यदि कोई विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट इस उपविधि के उल्लघंन में परिनिर्मित किया जाता है, प्रदर्शित किया जाता है, संप्रदर्शित किया जाता है, लगाया जाता है, चिपकाया जाता है, लिखा जाता है, चित्रित किया जाता है या लटकाया जाता है या लोक सुरक्षा के लिए परिसंकटमय या खतरनाक हो या वह सुरक्षित यातायात संचालन हेतु अशांति का कारण हो तो नगर आयुक्त या नगर आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी विज्ञापनकर्ता को किसी नोटिस के बिना उसे हटवा सकता या मिटवा सकता है और जमा प्रतिभूति से निम्नलिखित धनराशियों की वसूली कर सकता है-
(एक) इस प्रकार हटाये जाने या मिटाये जाने का व्यय, और
(दो) ऐसी अवधि, जिसके दौरान ऐसा विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट ऐसे उल्लघंन में परिनिर्मित किया गया था, प्रदर्शित किया गया था, संप्रदर्शित किया गया था, लगाया गया था,या लटकाया गया था, के लिए क्षतियों की धनराशि।
(2) जब कभी कोई विज्ञापन नगर आयुक्त अथवा नगर आयुक्त द्वारा अधिकृत विज्ञापन प्रभारी के किसी नोटिस या आदेश या अन्यथा के परिणामस्वरूप हटाया जाता है तब ऐसे भवन या स्थल, जिस पर या जिससे ऐसा विज्ञापन संप्रदर्शित किया गया था, में किसी क्षति या विकृति को नगर आयुक्त के समाधान पर्यन्त ठीक किया जायेगा। यदि विज्ञापन हटाये जाने के दौरान मार्ग/सड़क/फुटपाथ/यातायात संकेतक या कोई अन्य लोक उपयोगिता की सेवायें क्षतिग्रस्त हो जाती है तो विज्ञापनकर्ता से वसूल की गयी धनराशि को निगम द्वारा सम्बन्धित विभाग को अन्तरित किया जायेगा।
13-विज्ञापन पर निर्बन्धन-(1) किसी संविदा या करार में अन्तर्विष्ट किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी कोई विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट परिनिर्मित नही किया जायेगा, प्रदर्शित नही किया जायेगा, संप्रदर्शित नही किया जायेगा, चिपकाया नही जायेगा, लिखा नही जायेगा, चित्रित नही किया जायेगा या लटकाया नही जायेगा।
(एक) यदि विज्ञापन पट आकार में 12.2 मीटर ग 6.2 मीटर से अधिक हो और इसका तल आधार भूतल से ऊपर 02 मीटर से कम हो।
(दो) यह किसी मार्ग, मार्ग संधियों या सेतुओं के अनुप्रस्थ भाग के मध्य से होते हुए मार्ग से नापे गये 30 मीटर के भीतर किसी स्थान पर अवस्थित हो।
(तीन) यह मार्ग के समानान्तर न हो या इससे स्थानीय या पैदल चलने वाले नागरिकों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती हो या बाधा उत्पन्न होने की सम्भावना हो।
(चार) नगर आयुक्त की राय में प्रस्तावित स्थल विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट के लिए अनुपयुक्त हो।
(पांच) यह मार्ग के आसपास एवं मार्ग पटरी/पगडंडी पर रखा गया हो।
(छः) यह किसी निजी परिसर के बाहर क्षेपित हो जिस पर यह इस प्रकार परिनिर्मित, प्रदर्शित या संप्रदर्शित हो।
(सात) यह ऐतिहासिक या राष्ट्रीय स्मारकों, सार्वजनिक भवनों और दीवारों चिकित्सालयों, शैक्षणिक संस्थाओं, न्यायालयों, सार्वजनिक कार्यालयों और पूजा स्थलों के चारों और अवस्थित हो।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 17(आठ) स्थल नियम22 के अधीन इस प्रयोजनार्थ निगम या राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार द्वारा घोषित प्रतिषिद्व क्षेत्र के भीतर पड़ता हो।
(नौ) जर्जर स्थिति में हो जिसके आंधीपानी (बरसात) में गिरने की सम्भावना हो।
(2) विज्ञापनों और विज्ञापन पट्टों को निम्नलिखित रूप में अनुज्ञा नही दी जायेगी-
(एक) ऐसी रीति से और ऐसे स्थानों पर जिसमें कि यातायात के पहॅुचने, या संविलीन होने, प्रतिच्छेदित होने की दृश्यता में बाधा व्यवधान उत्पन्न होता है।
(दो) राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग के दांयी ओर के भीतर और राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गो के पड़ने वाले मोड के 10 मीटर के भीतर एवं समस्त प्रमुख चौराहे के मध्य की दूरी के 30 मीटर के भीतर।
(तीन) किसी लोक प्राधिकरण यथा यातायात प्राधिकरण, लोक परिवहन प्राधिकरण या स्थानीय प्राधिकरण या लोक निर्माण विभाग या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आदेशों के अधीन मार्ग से होते हुये यातायात के विनियमन के लिए परिनिर्मित किसी लाइन बोर्ड के 50 मीटर के भीतर।
(चार) ऐसे रूप में जिसमें लोक प्राधिकरणों द्वारा यातायात नियंत्रण के लिए परिनिर्मित किसी चिन्ह, संकेतन या अन्य युक्ति के निर्वचन में विध्न व्यवधान उत्पन्न हो।
(पांच) किसी मार्ग के पार लटकाये गये पट्टों, भित्त पत्रकों, वस्त्रझण्डियां या पत्रक पर जिनसे चालक का ध्यान विचलित होता हो और इसलिए परिसंकटमय हो।
(छः) ऐसे रूप में जिसमें पैदल चलने वालों के मार्ग में व्यवधान उत्पन्न हो और चौराहे पर उनकी दृश्यता बाधित हो।
(सात) जब इनसे स्थानीय सुविधायें प्रभावित हों।
(3) (एक) निजी भवनों पर पोस्टर चिपकाने अथवा वालॅ राइटिंग के साथसाथ सार्वजनिक भवनों, दिशा सूचकों और महत्वपूर्ण सूचनाओं/नोटिस वाले विज्ञापनपटों पर पोस्टर लगाना अथवा कुछ लिखना पूर्णतः प्रतिबन्धित एवं दण्डनीय अपराध होगा।
(दो) सड़क पर क्रास बैनर पूर्णतः प्रतिबन्धित होगा।
(तीन) गैन्ट्री प्रतीक के लिए यह आवश्यक होगा कि गैन्ट्री के दोनो छोरों पर स्थान बोधक, दिशा सूचक शब्द एवं दूरी का उल्लेख किया जाय, जो विज्ञापन के कुल आकार का न्यूनतम 30 प्रतिशत से कम नही होगा। गैन्ट्री की सड़क से न्यूनतम ऊॅचाई इस प्रकार रखी जायेगी कि सामान लदा हुआ भारी ट्रक नीचे से आसानी से गुजर सकें।
(चार) फ्लावर पॉट में मौसमी पुष्पों वाले पौधे ही लगाये जा सकेगें। कैक्टस वाले फ्लावर पॉट अनुमन्य नही होंगे।
(पांच) सड़क के किनारे अथवा डिवाईडर पर लगे किसी भी बड़े वृक्ष जो स्वावलम्बी हो चुके है एवं बड़े वृक्ष के नीचे ट्रीगार्ड/फ्लावर पॉट लगाकर विज्ञापन प्रदार्शित किया जाना निषिद्ध होगा।
3 ट18 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8 (छः) किसी भी पोल पर अधिकतम दो कियॉस्क जिनके पाश्र्व भाग आपस में इस प्रकार सटे होंगे जिसमें एक दिशा से एक ही कियॉस्क दृश्य होगा, अनुमन्य होंगे।
(4) निम्नलिखित प्रकार के प्रदीप्त विज्ञापनों और विज्ञापन पट्टों की अनुज्ञा नही होगी।
(एक) ऐसी सघनता या चमक वाले प्रदीप्त विज्ञापन और विज्ञापन पट्ट जिसमें चौंध उत्पन्न हो या चालक अथवा पैदल चलने वालों की दृष्टि बाधित होती हो या जिससें चालन की किसी क्रिया में विघ्न पड़ता हो।
(दो) विज्ञापन और विज्ञापन पट्ट जो इस रूप में प्रदीप्त हो जिससे कि किसी शासकीय यातायात विज्ञापन पट्ट युक्ति या संकेतक का प्रभाव बाधित होता हो या क्षीण होता हो। 14-छत के ऊपर के विज्ञापन पटों के सम्बन्ध में निर्बन्धन-(1)किसी भवन की छत पर परिनिर्मित, प्रदर्शित या संप्रदर्शित किये जाने वाले विज्ञापनों या विज्ञापन पट्टों के मामले में केवल प्लास्टिक की विनायल या वस्त्र पत्रक ही अनुमन्य है।
(2) नियम6 और नियम13 के अधीन रहते हुये किसी भवन की छत पर विज्ञापन पट्ट की ऊॅचाई अधिकतम 6.2 मीटर व चौड़ाई 12.4 मीटर से अधिक नही होगी और चौडाई किसी भी दशा में भवन की क्षेतिज चौड़ाई से अधिक नही होगी।
15-विज्ञापन पटों के प्रकार-विज्ञापन निम्नलिखित प्रकार के होंगें-
(क) वैद्युत और प्रदीप्त विज्ञापन/वैद्युत, डिजिटल विज्ञापन
(ख) एल0ई0डी0 स्क्रीन
(ग) भूविज्ञापन (यूनीपोल/एक स्तम्भ विज्ञापन पट/कैन्टीलीवर/गेट ऐन्ट्री)
(घ) छत विज्ञापन (रूफ टॉप)
(ङ) बरामदा/दुकान विज्ञापन
(च) शामियाना विज्ञापन
(छ) आकाशीय विज्ञापन
(ज) अस्थायी एवं विविध विज्ञापन
(झ) ट्रैफिक/पुलिस बूथ अथवा टै्रफिक आईलैण्ड विज्ञापन
() जन सुविधा स्थान पर विज्ञापन
(ट) विशेष प्रकार की छतरी विज्ञापन
(ठ) द्वार विज्ञापन, गुब्बारा विज्ञापन
(ड) ट्री गार्ड/फ्लावर पॉट डिस्पले
(ढ) गैन्ट्री विज्ञापनभाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 19 (ण) बिल्डिंग ग्लास, फसाड वॉलरैप, वाटर टैंक विज्ञापन
(त) फुट ओवर ब्रिज
(थ) प्रचार वाहन
(द) रैन बसेरा पर विज्ञापन
(घ) पानी की टंकी पर विज्ञापन
(न) विद्युत पोल पर क्योस्क
(प) सांकेतिक पट
(क) वैद्युत विज्ञापन क-1 वैद्युत विज्ञापन की सामग्री-जहॉ प्रतीक पूर्णतः पुंज प्रकाश युक्त विज्ञापन हो, उसे और प्रदीप्त विज्ञापन
छोड़कर प्रत्येक वैद्युत विज्ञापन अज्वलनशील सामग्री से निर्मित किया जाएगा।
क-2 वैद्युत विज्ञापनों और प्रदीप्त विज्ञानों का स्थापन :
प्रत्येक वैद्युत विज्ञापन और प्रदीप्त विज्ञापन को राष्ट्रीय भवन संहिता 2005, भाग-8 भवन सेवायें धारा-2, विद्युत एवं समवर्गीय स्थापना के अनुसार स्थापित किया जाएगा।
क-3 लाल, तृणमणि जैया या हरे रंग में कोई प्रदीप्त विज्ञापन, किसी प्रदीप्त यातायात विज्ञापन के 10 मीटर की क्षैतिज दूरी के भीतर परिनिर्मित या अनुरक्षित नही किया जाएगा।
क-4 दो मंजिल से कम की ऊॅचाई पर या पगडण्डी से 6.2 मीटर ऊपर जो भी अधिक हो, पर सफेद प्रकाश से भिन्न प्रकाश द्वारा प्रदीप्त समस्त विज्ञापन पट्ट समुचित रूप से प्रदर्शित किये जाएंगे जिससे कि यातायात के नियंत्रण में विज्ञापन पट्ट या संकेतक से होने वाले किसी प्रकार के व्यवधान को संतोषजनक रूप से रोका जा सकें।
क-5 गहन प्रदीप्ति ः कोई व्यक्ति ऐसा कोई विज्ञापन परिनिर्मित नही करेगा जो ऐसे गहन प्रदीप्ति का हो जिससे कि संलग्न या निकट के भवनों के निवासियों को व्यवधान उत्पन्न हो। ऐसे परिनिर्माण के लिए दी गयी किसी अनुज्ञा के होते हुये भी किसी ऐसे विज्ञापन, जो परिनिर्माण के पश्चात् नगर आयुक्त की राय में ऐसी गहन प्रदीप्ति का हो, जिससे कि संलग्न या निकट के भवनों के निवासियों को व्यवधान उत्पन्न हो, को नगर आयुक्त के आदेश के आधार पर सम्बन्धित स्थल के स्वामी द्वारा ऐसी युक्तियुक्त अवधि, जैसा कि नगर आयुक्त विनिर्दिष्ट करें, के भीतर समुचित रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा या उसे हटा दिया जाएगा।
क-6 परिचालन अवधि : नगर आयुक्त की राय में जन सुख सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के हित में आवश्यक विज्ञापन से भिन्न कोई वैद्युत विज्ञापन, मध्यरात्रि और सूर्योदय के मध्य प्रचालित नही किया जायेगा।
20 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8क-7 चौंधने वाला, ओझल करने वाला और जीवंतता प्रदान करने वाली ः विज्ञापन पटि्टका जिसकी बारम्बारता प्रति मिनट 30 चौंध से अधिक हो, इस प्रकार परिनिर्मित की जाएगी कि ऐसे विज्ञापन पट्टों का न्यूनतम छोर भूतल से 9 मीटर
ऊपर से कम न हो।
क-8 विमानपत्तनों के निकट प्रदीप्त विज्ञापनों के लिए विमानपत्तन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र किया जाना चाहिए।
(ख) भूविज्ञापन ख-1 सामग्री ः ढांचों, अवलम्बों और पट्टी सहित 6 मीटर से अधिक ऊंचाई वाला प्रत्येक भू-विज्ञापन नियम 16 के उप नियम (4) में दी गयी सामग्री को छोड़कर अज्वलनशील सामग्री से निर्मित किया जाएगा।
ख-2 आयाम ः कोई भी भू-विज्ञापन भूमि के ऊपर 6 मीटर से अधिक की ऊॅचाई में परिनिर्मित नही किया जाएगा। प्रकाश परावर्तन विज्ञापन के अग्रभाग या मुख भाग के ऊपर जा सकता है।
ख-3 अवलम्ब और स्थिरक स्थान ः प्रत्येक भूविज्ञापन को भूमि पर दृढ़तापूर्वक अवलम्बित और स्थिर किया जाएगा। अवलम्ब और स्थिरक, सुसाध्यतानुसार
संसाधित काष्ठ के होगें या संक्षारण रोध या चिनाई या कंक्रीट हेतु संसाधित धातु
के होगें।
ख-4 स्थल सफाई : किसी स्थल जिस पर कोई भूविज्ञापन परिनिर्मित हो, का स्वामी नगर आयुक्त के अनुमोदन हेतु स्थल के ऐसे भाग जो मार्ग से दृश्य हो, को स्वच्छ, साफ, निर्मल और समस्त गन्दे पदार्थो तथा कुरूप स्थितियों से मुक्त रखने के लिए उत्तरदायी होगा।
ख-5 यातायात में अवरोध : ऐसा कोई भूविज्ञापन परिनिर्मित नही किया जाएगा जिससे कि किसी भवन के मुक्त प्रवेश में या उसके निकास में व्यवधान उत्पन्न हो।
ख-6 तल निर्बाधन ः सभी भूविज्ञापनों का तल आधार भूमि में कम से कम 2 मीटर ऊपर होगा किन्तु अंतरावर्ती स्थान को जालदार कार्य या पटल सजावटी व्यवस्था से पूरा किया जा सकता है।
(ग) छत विज्ञापन ग-1 सामग्री ः नियम 16 के उप नियम (4) में दी गयी व्यवस्था को छोड़कर ढॉचे, अवलम्बों और पटिट्यों सहित प्रत्येक छत विज्ञापन पटिट्का को अज्जवलनशील सामग्री से निर्मित किया जाएगा। समस्त धात्विक पुर्जो के वैद्युत भूआच्छादन की व्यवस्था की जाएगी और जहॉ ज्वलनशील सामग्रियां अक्षरों या अन्य साजसज्जों में अनुज्ञात हो वहॉ समस्त लेख और नलिकाएं उसमें मुक्त और रोधित रखी जाएगी।
ग-2 अवस्थिति :
(क) किसी भवन के छत पर कोई छत विज्ञापन, इस प्रकार नही रखा जाएगा जिससे कि छत के एक भाग से दूसरे भाग में मुक्त प्रवेश में व्यवधान उत्पन्न हो।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 21(ख) कोई छत विज्ञापन किसी भवन के छत पर या उसके ऊपर तब तक नही रखा जाएगा तब तक सम्पूर्ण छत का निर्माण अज्जवलनशील सामग्री का न हो।
ग-3 क्षेपण (प्रोजेक्शन) : कोई क्षेपण विज्ञापन भवन की विद्यमान भवन लाईन जिस पर यह परिनिर्मित हो के परे/प्रक्षेपित नही होगा अथवा वह छत के ऊपर किसी भी दिशा में नही बढे़गा।
ग-4 अवलम्ब और स्थिरक ः प्रत्येक छत विज्ञापन को पूर्णतया सुरक्षित रखा जाएगा
और उसे ऐसे भवन, जिस पर या जिसके ऊपर यह परिनिर्मित हो, पर स्थिर किया जाएगा। सम्पूर्ण भार भवन के संरचनात्मक भागों में सुरक्षित रूप में संवितरित होंगे।
ग-5 विमानपत्तनों के समीप छत विज्ञापनों हेतु विमानपत्तन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाना चाहियें।
ग-7 विकास प्राधिकरण/आवास विकास परिषद से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।
(घ) बरामदा विज्ञापन घ-1 सामग्री : प्रत्येक बरामदा विज्ञापन नियम 16 के उप नियम (4) में दी गयी व्यवस्था को छोड़कर पूर्णतः अज्वलनषील सामग्री से निर्मित किया जाएगा।
घ-2 आयाम ः कोई बरामदा विज्ञापन 01 मीटर से अधिक ऊॅचा नही होना चाहिए।
किसी बरामदा से लटकाया जाने वाला कोई बरामदा विज्ञापन लम्बाई में 2.5 मीटर
और मोटाई में 50 मिलीमीटर से अधिक नही होगा, इसके सिवाय विज्ञापन के प्रमुख अग्रभागों के मध्य मापित और पूर्णतया धातुगत तार युक्त शीशे से निर्मित मोटाई में 200 मीटर से अनधिक मापवाला बरामदा बाक्स विज्ञापन, परिनिर्मित किया जा सकता है।
घ-3 संरेखण ः प्रत्येक बरामदा विज्ञापन, भवन, लाइन, के समान्तर स्थापित किया
जाऐगा, सिवाय इसके कि किसी बरामदा से लटकने वाले ऐसे किसी विज्ञापन को भवन लाइन के समकोण पर स्थापित किया जायेगा।
घ-4 स्थान ः- बरामदा पटि्टका को, जो लटकाने वाले विज्ञापन पट्ट से भिन्न हो, निम्नलिखित स्थानों पर लगाया जाएगा-
(एक) बरामदा छत की ओरी के ठीक ऊपर इस तरह से कि वह छत के गाटर से पिछले भाग से वहिर्निष्ट न हो।
(दो) बरामदा मुंडेर या आलंब के सामने किन्तु उसके ऊपर या नीचे नही, परन्तु ऐसी मुंडेर या आलंब ठोस हो और विज्ञापन पटि्टका ऐसी मुंडेर आलंब के बाहरी अग्रभाग से 20 से.मी. से अधिक वहिर्निष्ट न हो।
(तीन) पेन्ट किए हुए विज्ञापन पटि्टकाओं की दशा में बरामदा धरनों या मुडेरों पर।
22 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8घ-5 लटकते हुए बरामदा विज्ञापन पटि्टकाओं की ऊॅचाई-किसी बरामदें से लटकता हुआ प्रत्येक बरामदा विज्ञापन पटि्टका इस प्रकार से लगायी जाएगी कि ऐसी पटि्टका का सबसे निचला भाग खड़जा से कम से कम 2.5 मीटर ऊॅचाई पर हो।
घ-6 प्रक्षेपण ः घ4 में यथा उपबन्धित के सिवाय कोई भी बरामदा विज्ञापन पटि्टका उस लाइन से, जिससे वह लगी हो, बाहर निकली हुई नही होगी।
(ङ) दीवार विज्ञापन-प्रत्येक दीवार विज्ञापन पट्ट 3 ग 3 मीटर को एक यूनिट मानते हुए बिना किसी ज्वलनशील पदार्थ के परिनिर्मित किया जायेगा।
(क) प्रतिबन्धित क्षेत्रों/सार्वजनिक कार्यालयों, न्यायालयों, धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थाओं, राष्ट्रीय स्मारकों आदि की दीवारों पर विज्ञापन प्रतिषिद्व रहेगा।
(ख) नगर/स्थल के कलात्मक सौंदर्य, व अन्य विशिष्टियों के दीवार विज्ञापन के सम्बन्ध में मामले में नगर आयुक्त द्वारा निर्णय लिया जायेगा।
(च) प्रक्षेपण विज्ञापन च-1 सामग्री : प्रत्येक प्रक्षेपण विज्ञापन पटि्टका और उसका अवम्लब एवं चौखट पूर्णतः अज्वलनशील पदार्थ से निर्मित होगा।
पटि्टकाएं
च-2 प्रक्षेपण एवं ऊॅचाई : कोई भी प्रक्षेपण पटिट्का अपने अवलम्ब या चौखट की किसी भाग में भवन के बाहर 02 मीटर से अधिक प्रक्षिप्त नही होगी, किन्तु यह मार्ग के सामने भूखण्ड लाइन के बाहर प्रक्षिप्त नही होगी, जब यह मार्ग में प्रक्षिप्त होती हो तो यह सड़क के 2.5 मीटर की स्पष्ट ऊॅचाई पर होगी।
(क) समस्त प्रक्षेपण पटि्टकाओं के अक्ष भवन के मुख्य अग्रभाग के दाहिने कोण पर होंगे। जहॉ अग्रभाग के लिए वी-निर्माण किया गया हो, वहॉ भवन के सामने विज्ञापन पटि्टका का आधार कुल प्रक्षेपण की सीमा से अधिक नही होगा।
(ख) कोई भी प्रक्षेपण पटि्टका छत की ओर के ऊपर या भवन आकृति के उस भाग, जिससे वह लगी हो, के ऊपर नही निकली होगी।
(ग) किसी प्रक्षेपण पटि्टका की अधिकतम ऊॅचाई 6 मीटर होगी।
च-3 अवलम्ब एवं संलग्नक : प्रत्येक प्रक्षेपण पटि्टका किसी भवन से सुरक्षित रूप से लगी होगी जिससे किसी भी दिशा में उसके संचलन को संरक्षण रोधी धातु दीवारगीर, रॉड्स ऐंकर्स, अवलम्ब, चेन्स या वायररोप्स, जो इस प्रयोजन के लिए निर्मित हो, द्वारा रोका जा सके और इस प्रकार व्यवस्थित की जा सकें कि इस प्रकार लगाये जाने की आधी युक्तियॉ परिस्थितिवश विज्ञापन पटि्टका को थाम सकें। स्टैपल्स या कीलों का प्रयोग किसी भवन के किसी प्रक्षेपण विज्ञापन पटि्टका को कसने के लिए नही किया जायेगा।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 23च-4 अतिरिक्त भार : ऐसी प्रक्षेपण संबंधी संरचनाएं जो किसी सीढी पर या अन्य सेवाई युक्ति में, चाहें वह सेवाई युक्ति के लिए विशेष रूप से बनायी गयी हों या न हो, किसी व्यक्ति को थामने के लिए प्रयोग में लायी जा सकती हो, पूर्वानुमानित अतिरिक्त भार को थामने के लिए सक्षम होगी किन्तु किसी भी दशा में कल्पित रूप से भार डालने के बिन्दु पर या अत्यधिक उत्केन्द्रीय भार डालने के बिन्दु पर डाला गया केन्द्रित क्षैतिज भार 500 किलोग्राम से और ऊध्र्वधर केन्द्रित भार 1500 किलोग्राम के कम के लिए सक्षम नही होगी। भवन संघटक, जिससे प्रक्षेपण विज्ञापन पटि्टका लगाई जाय इस प्रकार निर्मित होगा कि अतिरिक्त भार को थाम सकें।
(छः) शामियाना छ-1 समग्री ः शामियाना विज्ञापन पटि्टकाएं पूर्ण रूप से धातु या अन्य अनुमोदित विज्ञापन पटि्टका
अज्वलनशील पदार्थो से निर्मित होंगी।
छ-2 ऊॅचाई ः ऐसी विज्ञापन पटि्टकाएं 02 मीटर से ऊॅची नही होगी और न तो वे शामियाना की पट्टी से नीचें और न पगडंडी से ऊपर 2.5 मीटर से नीचे होगी।
छ-3 लम्बाई : शामियाना विज्ञापन पटि्टकाएं पूरी लम्बाई से अधिक हो सकती है किन्तु वे किसी भी दशा में शामियाना के छोर से बाहर प्रक्षिप्त नही होगी।
(ज) आकाश विज्ञापन ज आकाश विज्ञापन पटि्टका ः आकाश विज्ञापन पटि्टकाओं के मामले में ऐसी पटि्टका
आकाश विज्ञापन पटि्टका की ऊॅचाई 30 मीटर से अधिक नही होगी। न्यूनतम
ऊॅचाई ऐसी होनी चाहिए कि उससे वाहन या पैदल संबंधी आवागमन में अवरोध या वाधा उत्पन्न न हो।
(झ) अस्थायी विज्ञापन झ अस्थाई विज्ञापन पटि्टकाएं ः सचन सर्कस विज्ञापन पटि्टकाएं मेला विज्ञापन पटि्टका
पटि्टकाएं एवं सार्वजनिक समारोहों के दौरान सजावट।
झ-1 प्रकार : झ-2 के अनुसार यथा परिनिर्मित अस्थायी विज्ञापन पटि्टकाओं से भिन्न निम्नलिखित विज्ञापन पटि्टकाओं में से कोई विज्ञापन पटि्टका परिनिर्मित नही की जायेगी :-
(क) कोई ऐसी विज्ञापन पटि्टका जो बरामदा के स्तम्भों पर या उनके बीच पेंट की या
लगायी गयी हो।
(ख) कोई ऐसी विज्ञापन पटि्टका जो किसी बरामदा या बालकनी की किसी पट्टी बेयर, बीम या आलम्ब के ऊपर या नीेचे प्रक्षिप्त हो।
(ग) कोई विज्ञापन पटि्टका जो प्रदीप्त या प्रकाशमान हो और जो किसी बरामदा या बालकनी के किसी ढाल या गोल किनारे के पट्टी, बेयरर, बीम या आलम्ब पर
लगायी गयी हो।
(घ) किसी सड़क के आरपार परिनिर्मित कोई पताका विज्ञापन पटि्टका।
24 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8(ङ) विज्ञापन पटि्टका को एक दिशा से दूसरी दिशा में लटकने से रोकने के लिए
कोई ऐसी विज्ञापन पटि्टका जो सुरक्षित रूप से न लगी हो।
(च) कपड़े पेपर मैच या समान या सदृश सामग्री से निर्मित कोई विज्ञापन पटि्टका किन्तु उनके अन्तर्गत होर्डिंग या घरों के लाईसेन्स प्राप्त पेपर विज्ञापन पटि्टकाएं नही है।
(छ) अनन्य रूप से आवासीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए गए या प्रयोग किए जाने के लिए आशायित किसी भूखण्ड पर कोई विज्ञापन पटि्टकाएं जो किसी ब्रास प्लेट या बोर्ड से भिन्न हो और आकार में अधिमानतः 600 मिलीमीटर गुणे 450 मिलीमीटर से अधिक न हो व किसी आवास की दीवार या प्रवेश द्वार या दरवाजे या गेट पर लगी हो और फ्लैट के किसी ब्लाक के मामले में प्रवेश हाल के दीवार या किसी फ्लैट के किसी प्रवेश द्वार पर लगी हो,
(ज) पेड़ों चट्टानों या पहाडियों या तत्समान प्राकृतिक स्थलों पर कोई विज्ञापन पटि्टका।
झ-2 अस्थाई विज्ञापन पटि्टकाओं की आवश्यकता :
(एक) सार्वजनिक समारोहों के दौरान सभी अस्थायी विज्ञापन, सचल सर्कस और मेला चिन्ह और पटि्टकाएं सजावट नगर आयुक्त के अनुमोदन के अनुसार होंगे और इस प्रकार परिनिर्मित होंगे कि उससे किसी रास्ते में अवरोध न पहॅुचे और आग के
जोखिम को कम करने में बाधा न पहॅुचे।
(दो) ऐसी किसी विज्ञापन पटि्टका पर अंकित विज्ञापन केवल कारोबार, उद्योग या किसी ऐसे अन्य व्यवसाय से सम्बन्धित होगा जो उस परिसर में या उसके भीतर किया जा रहा हो जिस पर विज्ञापन पटि्टका परिनिर्मित या लगायी गयी हो।
अस्थायी विज्ञापन पटि्टका को जैसे ही वह फट जाय या क्षतिग्रस्त हो जाय यथाशीघ्र और किसी भी दशा में, परिनिर्माण के पश्चात् जब तक विस्तारित न किया जाय, 14 दिन के भीतर हटा दिया जायेगा।
(तीन) नगर आयुक्त किसी अस्थायी विज्ञापन पटि्टका या सजावट को तत्काल हटाने के
आदेश यदि उसकी राय में सार्वजनिक सुविधा व सुरक्षा के हित में आवश्यक हो, देने के लिए सशक्त होगा।
(चार) पोल विज्ञापन पटि्टका : पोल विज्ञापन पटि्टकाएं पूर्णतया अज्वलनशील पदार्थ से निर्मित होगी और यथास्थिति, भूमि या छत की आवश्यकताओं के अनुरूप होगी।
ऐसी विज्ञापन पटि्टकाएं स्ट्रीट लाइन के बाहर तक बढ़ाई जा सकती है, यदि वे प्रक्षेपण विज्ञापन पटि्टकाओं के उपबन्धों के अनुकूल हों।
(पांच) अधिकतम आकार : अस्थाई विज्ञापन पटि्टकाएं क्षेत्रफल में 10 वर्गमीटर से अधिक नही होगी।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 25(छः) प्रक्षेपण : कपड़े की अस्थाई विज्ञापन पटि्टकाएं और तत्समान ज्वलनशील निर्माण किसी मार्ग या सार्वजनिक स्थान के ऊपर या उसके अन्दर 300 मिलीमीटर से अधिक नही बढे़गी सिवाय उस दशा के जब ऐसी चिन्हं पटि्टकाएं बिना फ्रेम के निर्मित होने पर किसी सायबान या शमियाना के सामने अवलम्ब के रूप में लगाई जा सकती है या उसकी निचली पट्टी से लटकाई जा सकती है किन्तु वे
फुटपाथ के 2.5 मीटर से अधिक निकट तक नही बढ़ी होनी चाहिए।
(सात) विशेष अनुमति ः भवन से लटकती हुई या पोल पर लटकती हुई सभी ऐसी
अस्थाई झण्डियां जो मार्ग या सार्वजनिक स्थलों के आरपार बढ़ जायें, नगर
आयुक्त के अनुमोदन के अधीन होंगी।
टिप्पणी-मनोरंजन और अन्य कार्यक्रमों में संबंधित इश्तहार को इश्तहार फलक से भिन्न भवन की दीवारों पर नही लगाया जाएगा। ऐसे इश्तहारों और पोस्टरों के लिए उत्तरदायी संगठन ऐसे विरूपण और विज्ञापन पटि्टकाओं को न हटाने के लिए उत्तरदायी माने जायेंगें।
16-सभी विज्ञापन पटों/पटि्टकाओं के लिए सामान्य अपेक्षाऐं-(1) भार ः विज्ञापन पटि्टकाएं इस प्रकार निर्मित होंगी कि वे भाग6 संरचनात्मक अभिकल्प खण्ड1, राष्ट्रीय भवन संहिता 2005 के भार बल और प्रभाव में दिये गये आंधी डेड से सिस्मिक और अन्य लोड को सुरक्षित रूप से सहन कर सकें।
(2) प्रदीप्ति : कोई भी विज्ञापन पटि्टका जो विद्युत साधनों और विद्युत युक्तियों या वायरिंग से भिन्न हो, राष्ट्रीय भवन संहिता 2005 के भाग-8 भवन सेवाएं खण्ड-2 विद्युत और सम्बद्व संस्थापन की अपेक्षाओं के अनुसार संस्थापित या प्रकाशित नही की जायेगी। किसी भी दशा में कोई खुली चिंगारी या दीप्ति प्रदर्शन के उद्देश्यों के लिए तब तक नही इस्तेमाल की जायेगी, जब तक वह नगर आयुक्त द्वारा विशेष रूप से अनुमोदित न हो।
(3) विज्ञापन पटि्टकाओं की डिजाइन और स्थान :
(क) किसी भी विज्ञापन पटि्टका से पदयात्रियों के आवागमन, अग्नि से बचाव, निकास, या अग्नि शमन प्रायोजनों के साधन के रूप में प्रयुक्त दरवाजे या खिड़की या द्वार में रूकावट नही आयेगी।
(ख) किसी भी पटि्टका से प्रकाश व संवातन के द्वार में किसी प्रकार या ढंग से रूकावट नही होगी।
(ग) यदि संभव हो, विज्ञापन पटि्टकाओं को एक साथ सम्मिलित रूप में एकल की जानी चाहिए। भू दृश्य में अव्यवस्थित विज्ञापन पटि्टका से बचना चाहिए।
(घ) अनावश्यक खंभों को कम करने और विज्ञापन पटि्टकाओं को प्रकाशित करने को सुगम बनाने के लिए पटि्टकाएं लाइटिंग फिक्स्चर से युक्त होनी चाहिए।
(ङ) सूचना विज्ञापन पटि्टकाएं स्वाभाविक सभा स्थलों पर लगाई जानी चाहिए और उन्हें दर्शनीय फर्नीचर के अभिकल्प में सम्मिलित किया जाना चाहिए।
(च) जहॉ विज्ञापन पटि्टकाओं से पैदल आवागमन में बाधा पहुॅचें वहॉ विज्ञापन पटि्टका को लगाये जाने से बचना चाहियें।
4 ट26 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8 (छ) विज्ञापन पटि्टका इस प्रकार लगानी चाहिए जिससे कि सामने से और पीछे से पदयात्रियों का आवागमन संभव हो सकें।
(ज) दृष्टिहीनों और आंशिक रूप से दृष्टिहीनों के लिए पठनीय बनाने के उभरे हुए अक्षरों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
(झ) कोई भी विज्ञापन पटि्टका किसी भी वृक्ष या झाड़ी में नही लगायी जायेगी।
(4) दहनशील पदार्थो का प्रयोग-
(एक) सजावटी विशिष्टता : ढलाई, ढक्कन लगाने, ब्लाक्स, अक्षरों व जाली के लिए जहॉ अनुमति हो और पूर्णतः सजावटी विशिष्टता वाले विज्ञापन पटि्टकाओं के लिए प्रयोग किये जा सकने वाले लकड़ी के सदृश दहनशील विशेषता वाले लकडी या प्लास्टिक या अन्य पदार्थ।
(दो) विज्ञापन पटि्टका का फलक ः विज्ञापन पटि्टका का अग्रभाग अनुमोदित दहनशील पदार्थ से बना होना चाहिए, परन्तु प्रत्येक अग्रभाग का क्षेत्रफल 10 वर्गमीटर से अधिक नही होना चाहिए और विद्युत लाइटिंग की वायरिंग धातु की नाली में बन्द होनी चाहिए और फलक से 5 सेन्टीमीटर से अन्यून के निकास के साथ संस्थापित होनी चाहिए।
(5) विज्ञापन पटि्टकाओं को हटाये जाने से नुकसान या विरूपण : जब भी कोई विज्ञापन पटि्टका हटाई जाये चाहे यह कार्य नगर आुयक्त की नोटिस या उसके आदेश के कारण हो या अन्यथा हो, ऐसे भवन या स्थल जिस पर या जिससे ऐसी विज्ञापन पटि्टका, प्रदर्शित की गयी थी, में किसी नुकसान या विरूपण की क्षतिपूर्ति विज्ञापनकर्ता से की जायेगी। यदि विज्ञापन पटि्टका के हटाये जाने के दौरान सड़क की सतह/फुटपाथ/यातायात सिग्नल या किसी अन्य सार्वजनिक उपयोगिता सेवा को क्षति पहुॅचायी है तो विज्ञापनकर्ता से वसूल की गयी धनराशि से निगम द्वारा तत्काल मरम्मत करा देना चाहिए।
(6) अनुज्ञा पत्र के ब्योरे का प्रदर्शन ः अनुज्ञापत्र का ब्यौरा और अनुज्ञा की सम्पत्ति का दिनांक प्रत्येक विज्ञापन पटि्टका पर इस प्रकार लगाया जाएगा कि इसे नग्न नेत्रों से देखा व पढ़ा जा सकें।
17-दुकानों पर विज्ञापन-किसी दुकान पर कोई भी विज्ञापन नगर आयुक्त की पूर्व अनुमति के बगैर और अनुज्ञा शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना दफ्ती लटकाकर, स्टीकर चस्पा करके, पेंटिग, लेखन द्वारा या किसी अन्य विधि से संप्रदर्शन द्वारा प्रदर्शित नही किया जायेगा।
स्पष्टीकरण :
(एक) यदि सामग्री बेचे जाने वाली दुकान का नाम अथवा उसके बिना भी, फलक लटकाकर, पेंन्टिंग द्वारा या किसी भी अन्य विधि से संप्रदर्शित या प्रदर्शित किया जाय, तो प्रत्येक दुकान के लिए केवल एक ऐसे विज्ञापन पट्ट को विज्ञापन नही माना जाएगा और वह इस उपविधि के अधीन विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क देय नही होगा।
(दो) परन्तु यदि कोई विज्ञापन लटकाकर, चिपकाकर अथवा किसी अन्य रीति से इस प्रकार संप्रदर्शित किया जाय कि उसमें विक्रय की जाने वाली वस्तुओं का उल्लेख हो और गुण आदि का विवरण हो तथा वह सामान्य जनता का ध्यान विज्ञापन के रूप में स्वतन्त्र रूप से आकर्षित कर रहा हो तो वह इस उपविधि के अधीन विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क देय होगा।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 2718-मार्गाधिकार (राष्ट्रीय राजमार्ग/राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को छोड़कर) के भीतर अनुज्ञा प्राप्त विज्ञापन-सम्बन्धित मार्ग की क्षमता, क्षेत्र के सम्पूर्ण सौंदर्य बोध और सार्वजनिक सुरक्षा पर निर्भर करते हुए निम्नलिखित विज्ञापनों को मार्गाधिकार के भीतर राष्ट्रीय राजमार्ग/राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को छोड़कर, अनुज्ञा प्रदान की जायेगी-
(1) मार्ग प्रकाश के खम्भों पर विज्ञापन-
(एक) अभिकल्प : विज्ञापन फलक का आकार चौड़ाई 0.79 मीटर गुणे 1.2 मीटर से अधिक नही रखी जायेगी और विज्ञापन के निचले तल की भूतल से ऊॅचाई 2.5 मीटर से कम नही रखी जायेगी। किसी भी दशा में विज्ञापन फलक वाहन मार्ग में प्रक्षिप्त नही होगा।
(2) बस सायबानों पर विज्ञापन-अभिकल्प : बस सायबानों (बस शेल्टर) के विज्ञापन फलक पर क्षेत्र व मार्ग नम्बर को देखने के लिए 1.5 मीटर फलक की लम्बाई को छोड़ते हुए विज्ञापन की अनुज्ञा प्रदान की जायेगी। बस सायबान पर विज्ञापन पट की लम्बाई सायबान की कुल लम्बाई से अधिक न होगी तथा अधिकतम ऊॅचाई 0.90 मीटर रखी जायेगी। प्रत्येक बस सायबान निगम द्वारा उपलब्ध करायी गयी डिजाइन के अनुसार ही निर्मित कराया जायेगा तथा उस पर नगरीय परिवहन विभाग द्वारा अनुमोदित किराया सूची, सिटी बसों का रूट नम्बर एवं उसके निर्धारित मार्ग का विवरण अंकित करना अनिवार्य होगा। सम्बन्धित विज्ञापनकर्ता, जिसे बस सायबान पर विज्ञापन प्रदर्शन की अनुज्ञा प्रदान की गयी हो, उसे बस सायबान का अनुरक्षण स्वयं के व्यय पर समयसमय पर कराना अनिवार्य होगा।
(3) स्थानों की पहचान के लिए महत्वपूर्ण जंक्शनों पर विज्ञापन-नियम13 में विहित यातायात सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर पहुॅचाने को सुगम बनाने के लिए नगर आयुक्त द्वारा महत्वपूर्ण मार्ग जंक्शनों पर 2 मीटर ग 0.35 मीटर आकार की पट्टी से युक्त मानक रूप में फलक लगाये जा सकते है।
विज्ञापनकर्ता को नगर आयुक्त के अनुमोदन के अनुसार फलक की पटि्टयों पर संस्तुत रंग व आकार में नामों, दूरी व दिशा आदि पेंन्ट करने की अनुज्ञा होगी।
(4) यातायात रोटरी/सड़क ः नगर आयुक्त यातायात विभाग (राजपत्रित अधिकारी/यातायात प्रभारी) के परामर्श से यातायात रोटरी/सड़क/यातायात बूथ के विकास व रख-रखाव की अनुज्ञा दे सकते है। यातायात रोटरी/आईलैण्ड/यातायात/पुलिस बूथ पर उसकी कुल चौड़ाई एवं ऊॅचाई से अधिक का विज्ञापन प्रदर्शित नही किया जायेगा तथा विज्ञापन की ऊॅचाई अधिकतम 0.90 मीटर रखी जायेगी। इसके लिए विज्ञापनकर्ता को उपविधि में विहित दरों पर विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क तथा निर्धारित न्यूनतम प्रीमियम जमा करना होगा।
(5) मैदानों, पगडंडियों के किनारे रक्षक पटि्टयॉ : नगर आयुक्त अभिकरण को मैदान/पगडंडी के किनारे रक्षक पटि्टयों की व्यवस्था करने एवं उनका रखरखाव करने के साथ-साथ अभिकरण को नगर आयुक्त द्वारा यथाअनुमोदित पटि्टयों पर नाम/उत्पाद को संप्रदर्शित करने की अनुज्ञा प्रदान कर सकते है। अभिकरण रक्षक पट्टी के अभिकल्प के लिए नगर आयुक्त को अनुमोदन प्राप्त करने और नगर आयुक्त के संतोषप्रद रूप में समय-समय पर रक्षक पट्टी/विभाजक का रख-रखाव करने और मुख्यतः पेन्ट करने के लिए आबद्वकर होगा। इस पर लगने वाले विज्ञापन पट का अधिकतम आकार 0.45 मीटर गुणे 0.75 मीटर होगा तथा सड़क से न्यूनतम ऊॅचाई 2.5 मी0 होगी।
(6) वृक्ष रक्षक (ट्री गार्ड) : नगर आयुक्त अभिकरण को पौधों के चारों तरफ अनुमोदित अभिकल्प के वृक्ष रक्षक की व्यवस्था एवं रखरखाव करने के साथसाथ अभिकरण को नगर आयुक्त द्वारा यथा अनुमोदित वृक्ष रक्षकों पर नाम/उत्पाद का संप्रदर्शित करने की अनुज्ञा दे सकता है परन्तु 0.90 मीटर से कम चौड़े डिवाईडरों पर ट्रीगार्ड लगाये जाने की अनुमति नही होगी।
28 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8(7) पुष्प पात्र स्टैण्ड (फ्लावर पॉट स्टैण्ड) ः नगर आयुक्त किसी अभिकरण को सड़क विभाजक पर अनुमोदित अभिकल्प के पुष्प पात्र स्टैण्ड की व्यवस्था एवं रखरखाव करने की अनुज्ञा प्रदान कर सकते हैं। दो पुष्प पात्र स्टैण्डों के मध्य कम से कम 05 मीटर की दूरी होनी चाहिए। अधिकतम 0.45 गुणे 0.75 मीटर माप के विज्ञापन पट्ट अपने दोनों और संप्रदर्शित किये जा सकते हैं, परन्तु सड़क सतह से ऊपर विज्ञापन पट्ट के निचले भाग का उध्र्व निकास 2.5 मीटर से कम नही होना चाहिए। परन्तु यह कि विज्ञापन पट्ट की चौड़ाई दोनों ओर के विभाजकों की चौड़ाई से 0.25 मीटर कम होगी ओर पुष्प पात्र को उसके संरेखण (विभाजक के दिशा के समानान्तर) में रखा जाएगा।
19-छूट (1) इस उपविधि की कोई बात निम्नलिखित विज्ञापनों एवं विज्ञापन पट्टों पर लागू नही होगी-
(एक) यदि किसी कार्यालय, दुकान या अधिष्ठान का केवल नाम किसी ऐसे विज्ञापन पट्ट पर प्रदर्शित किया जाता है जो ऐसे कार्यालय, दुकान या अधिष्ठान पर परिनिर्मित या संस्थापित किया गया हो।
(दो) यदि किसी आवासीय भवन के स्वामी का केवल नाम व पता ऐसे भवन से लगे किसी विज्ञापन पट्ट पर प्रदर्शित किया जाये।
(तीन) किसी सरकारी या अर्द्धसरकारी कार्यालय का नाम व पता ऐसे परिसरों के भीतर रखें किसी विज्ञापन पट्ट पर प्रदर्शित किया जायेगा।
(चार) यातायात विभाग द्वारा प्रदत्त सभी यातायात विज्ञापन पट्ट, संकेतन, यातयात चेतावनी और संदेश, किसी न्यायालय के आदेश या निर्देशों के अधीन संप्रदर्शित सभी नोटिसें, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को इंगित करने वाले सभी विज्ञापन पट्ट, परन्तु उनकी माप 0.6 मीटर गुणे 0.6 मीटर से अधिक न हो।
(पांच) यदि विज्ञापन पट्ट किसी भवन की खिड़की के भीतर प्रदर्शित किये जायं, किन्तु उसमें भवन का प्रकाश व संवातन प्रभावित न हो।
(छः) यदि यह ऐसी भूमि या भवन, जिस पर ऐसा विज्ञापन प्रदर्शित किया जाता है, के भीतर चलाये जा रहे व्यापार या कारोबार से या ऐसी भूमि या भवन के विक्रय मनोरंजन या बैक या अक्षरांकन या उसके भीतर किसी अन्य कार्य से या किसी ऐसी टै्रमकार, ओमनीबस या अन्य वाहन, जिस पर ऐसा विज्ञापन प्रदर्शित किया जाता हो, के स्वामी द्वारा चलाये जा रहे व्यापार या कारोबार से संबंधित हो, परन्तु यह 0.90 वर्गमीटर से अधिक न हो।
(सात) इसके अतिरिक्त नियम 19 के उप नियम (2) से (5) के अधीन आच्छादित विज्ञापन पट्टों के लिए किसी अनुज्ञा की आवश्यकता नही है। फिर भी ऐसी छूट से यह अर्थ नही लगाया जायेगा कि विज्ञापन पट्ट का स्वामी इस उपविधि के अनुपालन में परिनिर्माण या रखरखाव के उत्तरादायित्व से निर्मुक्त है।
(2) दीवार विज्ञापन पट्ट : नीचे सूचीबद्ध दीवारों के लिये किसी अनुज्ञापत्र की आवश्यकता नही होगी-
(एक) भण्डारण विज्ञापन पट्ट ः किसी प्रदर्शित खिड़की के ऊपर किसी भण्डारण या कारबार अधिष्ठान के दरवाजे के ऊपर परिनिर्मित या अप्रकाशित विज्ञापन पट्ट जो मालिक के नाम और उसमें संचालित कारबार की प्रकृति को घोषित करते हों, विज्ञापन पट्ट 01 मीटर से ऊॅचे और कारबार अधिष्ठान की चौड़ाई से अधिक नही होने चाहिए।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 29(दो) सरकारी भवन विज्ञापन पट्ट ः किसी नगर पालिका राज्य या केन्द्रीय सरकार के भवन पर परिनिर्मित ऐसे विज्ञापन पट्ट जो अध्यासन के नाम प्रकृति या सूचना घोषित करते हों।
(तीन) नाम पट्ट ः किसी भवन या संरचना पर परिनिर्मित कोई ऐसा विज्ञापन पट्ट जो भवन के अध्यासी के नाम कां इंगित करता हो और जो क्षेत्रफल में 0.5 वर्गमीटर से अधिक न हो।
(चार) ऐसे विज्ञापन पट्ट जो किसी यात्रा मार्ग, स्टेशन या सार्वजनिक सुविधा के स्थानों की ओर इंगित करते हों।
(3) अस्थाई विज्ञापन पट्ट-[एक] निर्माण स्थल संकेत : निर्माण संकेत, इंजीनियर एवं वास्तुविद के संकेत, और अन्य समान संकेत जो निर्माण अभियान के सम्बन्ध में नगर आयुक्त द्वारा प्राधिकृत किये जायें।
[दो] विशेष संप्रदर्शिन संकेत : अवकाशों, सार्वजनिक प्रदर्शनियों या नागरिक कल्याण की प्रोन्नति या धमार्थ प्रयोजन के लिए प्रयोग किये जाने वाले विशेष सजावटी संप्रदर्शन, जिस पर, कोई वाणिज्यिक विज्ञापन न हो, परन्तु यह कि नगर आयुक्त किसी परिणामिक नुकसान के लिये उत्तरादायी नही हो। (नियम15 झ(2) अस्थाई विज्ञापन पट्ट के लिए आवश्यकता' देखिए)
20-विशेष विज्ञापन-(1) यदि अनुसूची2, जिसके अन्तर्गत प्रतिषिद्व क्षेत्र भी है, द्वारा कोई विशेष या सार्वजनिक हित का विज्ञापन आच्छादित नही है तो नगर आयुक्त उसे ऐसे अनुबन्ध एवं शर्तों पर और इस उपविधि द्वारा निर्धारित अनुज्ञा शुल्क के दो गुना, अनुज्ञा शुल्क के भुगतान पर परिनिर्मित करने, प्रदर्शित करने, संप्रदर्शित करने, लगाने या लटकाने की अनुज्ञा प्रदान कर सकते हैं।
21-विशेष नियंत्रण क्षेत्र-(1) जब कभी नगर आयुक्त की राय में इस उपविधि में निर्बन्धनों के अनुसार अन्यथा अनुमति विज्ञापन युक्ति से निगम के अधिकार क्षेत्र के भीतर किसी विशिष्ट क्षेत्र को क्षति पहुॅचने या उसके विरूपित होने की सम्भावना हो, तो वह ऐसे क्षेत्र को विशेष नियन्त्रण क्षेत्र घोषित कर सकता है। सार्वजनिक उपयोग के पार्कों और भूमि को भी विशेष नियन्त्रण क्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया जा सकता है।
(2) उपनियम (1) के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुये, ऐसे क्षेत्र के भीतर किसी विज्ञापन का परिनिर्माण और प्रदर्शन निषिद्ध किया जायेगा या किसी प्रकार से जैसा कि नगर आयुक्त द्वारा आवश्यक समझा जाय सीमित किया जायेगा। नगर आयुक्त निगम की अधिकारिता वाले क्षेत्र में व्यापक प्रसार वाले किसी एक या अधिक समाचार पत्रों में, ऐसे क्षेत्र की घोषणा करने के सम्बन्ध में अपने आशय को प्रकाशित करेगा। ऐसे क्षेत्र के भीतर सम्पत्ति का कोई स्वामी, जो ऐसी घोषणा से व्यथित अनुभव करे, ऐसे क्षेत्र की घोषणा के विरुद्ध ऐसे प्रकाशन से एक माह के भीतर नगर आयुक्त को अपील कर सकता है, जिसका विनिश्चय अन्तिम होगा।
(3) किसी बरामदा/दुकान विज्ञापन की शब्दावली, विशेष नियंत्रण के किसी क्षेत्र में नगर आयुक्त द्वारा अनुमत हो, स्वामी या फर्म के नाम, जो उस परिसर के अध्यासी हों, तक सीमित होगी। भवन या संस्था का नाम, चलाये जा रहे साधारण व्यवसाय या व्यापार का नाम यथा '' ज्वैलर्स'' 'कैफे' ''डांसिग'' या भवन के प्रवेश की स्थिति के सम्बन्ध में सूचना हो सकती है या सिनेमा या नाटक कार्यक्रम के सम्बन्ध में या इसी प्रकार की कोई सूचना हो सकती है। किसी भी बरामदे के विज्ञापन में विशेष नियन्त्रण के किसी क्षेत्र में व्यापार की किसी विशिष्ट वस्तु का विज्ञापन नही होगा और न ही मूल्य या मूल्य में कमी से सम्बन्धित ऐसा कोई विज्ञापन होगा।
(4) विशेष नियंत्रण के क्षेत्र से तीस मीटर दूरी के भीतर उप नियम (3) के अधीन दी गयी अनुज्ञा के सिवाय समान्यतः कोई अन्य विज्ञापन पट्ट नही प्रदर्शित होगा।
30 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 822-निषिद्व क्षेत्र की घोषणा-निगम या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार किसी क्षेत्र या किन्हीं क्षेत्रों को विज्ञापन या विज्ञापनपटों का परिनिर्माण, प्रदर्शन, संप्रदर्शन, लगाना, चिपकाना, लेखन, आरेखण या लटकाने के लिए निषिद्ध घोषित करें। इस प्रकार के आदेश के विरुद्ध घोषणा की तिथि से एक माह के भीतर अपील आयुक्त, बरेली मण्डल के समक्ष की जा सकती है।
23-झण्डियों पर रोक-(1) कोई भी व्यक्ति नगर आयुक्त से पूर्व में प्राप्त लिखित अनुज्ञा के बिना किसी झण्डी का प्रदर्शन, सम्प्रदर्शन या लटाने की क्रिया नही करेगा।
(2) कोई भी अनुज्ञा निगम या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा निषिद्ध क्षेत्र के रूप में निर्धारित क्षेत्र में इस उपविधि के अधीन प्रदान नही की जायेगी।
(3) इस उपविधि का उल्लंघन कोई भी व्यक्ति ऐसे शास्ति का दायी होगा, जो नगर आयुक्त द्वारा अधिरोपित की जाय और वह प्रति झण्डी दो सौ रुपये से कम नहीं होगी।
(4) नगर आयुक्त इस नियम में निर्दिष्ट झण्डी को हटा सकता है और उसे समाप्त या विनष्ट कर सकता है।
24-अनुरक्षण और निरीक्षण-(1) अनुरक्षण : सभी विज्ञापन जिनके लिए अनुज्ञा अपेक्षित है, उन्हें अवलम्बों, बंंधनी, रस्सा और स्थिरक के साथ भली प्रकार मरम्मत किये जायेगे, जो कि ढांचागत और कलात्मक दोनों ही दृष्टिकोण से होगी और जब चमकीले या अनुमोदित अज्वलनशील सामग्री से निर्मित नही होंगे तो उन पर मोर्चा लगने से रोकने के लिए रंगरोगन समयसमय पर किया जायेगा।
(2) सुव्यवस्था 'ः प्रत्येक विज्ञापन के स्वामी का यह कर्तव्य और उत्तरादायित्व होगा कि वह विज्ञापन हेतु छेके गये परिसर में सफाई, स्वच्छता, आवश्यक मरम्मत और स्वास्थ्य सम्बन्धी परिस्थितियों का ध्यान रखें।
(3) निरीक्षण : प्रत्येक विज्ञापन, जिसके लिए परमिट जारी किया गया हो और प्रत्येक विद्यमान विज्ञापन जिसके लिए कोई परमिट अपेक्षित हो, का निरीक्षण प्रत्येक पंचाग वर्ष में कम से कम एक बार किया जायेगा।
25-प्रवेश और निरीक्षण की शक्ति-नगर आयुक्त या इस निमित्त उसके द्वारा प्राधिकृत कोई निगम अधिकारी या सेवक कोई निरीक्षण, खोज, पर्यवेक्षण, माप या जांच करने के प्रयोजन के लिए या ऐसा कार्य निष्पादित करने के लिए जो इस उपविधि द्वारा तद्धीन प्राधिकृत हो या जो किसी प्रयोजन के लिए आवश्यक हो या इस उपविधि के किसी उपबंध के अनुसरण में सहायकों या श्रमिकों के साथ या उनके बिना किसी परिसर में या उस पर प्रवेश कर सकता है, परन्तु-
(एक) सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य के सिवाय, अन्य किसी समय, अध्यासी को नोटिस दिये बिना अथवा भूमि या भवन के स्वामी/अध्यासी के न होने पर भूमि/भवन में प्रवेश नही किया जायेगा।
(दो) प्रत्येक स्थिति में ऐसी भूमि या भवन से महिला, यदि कोई हो तो, हट सकने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जायेगा।
(तीन) जहां तक ऐसे प्रयोजन की आवश्यकताओं के अनुरूप हो जिसके लिए प्रवेश किया गया है।
प्रविष्ट की गयी भूमि या भवन के अध्यासियों के सामाजिक और धार्मिक उपयोगिताओं की ओर सम्यक, ध्यान दिया जायेगा।
26-क्षेत्रों का वर्गीकरण-विज्ञापनों पर अनुज्ञा शुल्क के प्रयोजनार्थ प्रतिषिद्ध क्षेत्र व अन्य क्षेत्रों के वर्गीकरणभाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 31 का विनिश्चय नगर आयुक्त द्वारा निम्नलिखित वर्गो में किया जायेगा-
(एक) निषिद्ध श्रेणी क्षेत्र
(दो) प्रवर श्रेणी क्षेत्र
(तीन) 'अ' श्रेणी क्षेत्र
(चार) 'ब' श्रेणी क्षेत्र
(पांच) 'स' श्रेणी क्षेत्र
(एक) (क) निजी भूमि भवन एवं सार्वजनिक स्थल विज्ञापन के अन्तर्गत किसी भी प्रकार के विज्ञापन प्रचार हेतु निषिद्ध क्षेत्र :
(ख) स्थल विज्ञापन के अन्तर्गत होर्डिग एवं यूनीपोल हेतु प्रतिबन्धित क्षेत्र :
(1) राष्ट्रीय राजमार्ग/भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाले मार्ग।
(2) नगर आयुक्त वी0वी0आई0पी0 मूवमेंट, यातायात एवं सुरक्षा की दृष्टि से तथा भविष्य में मैट्रो रेल हेतु निर्धारित रूट पर पिलर के निर्माण को निर्माण के दृष्टिगत रखते हुए किसी भी क्षेत्र को प्रचार हेतु प्रतिबन्धित क्षेत्र घोषित किये जाने के लिए अधिकृत होंगे।
(दो) प्रवर श्रेणी क्षेत्र-प्रवर श्रेणी क्षेत्र : सिविल लाईन, रामपुर गार्डन क्षेत्र, रेलवे जंक्षन, पुरानी चुंगी चौकी से चौकी चौराहा होते हुए पटेल चौक मार्ग, कुतुबखाना, घंटाघर क्षेत्र, पटेल चौक से चौपला चौराहा माल गोदाम रोड होते हुए पुलिस लाईन रोड, सिटी स्टेशन मार्ग, चौकी चौराहा से कालेज रोड चौराहा, प्रभा टाकीज मार्ग, शाहमत गंज चौराहा तथा रोडवेज स्टेशन के आसपास राजेन्द्र नगर चौराहा, प्रेमनगर चौराहा क्षेत्र, जनकपुरी टीबरी, आवास विकास कालोनी क्षेत्र, शाहजहांपुर व पीलभीत बाईपास मार्ग, शाहमतगंज व मार्केट के आसपास, सत्या पेट्रोल पम्प के आसपास, कोहाड़ापीर।
(तीन) 'अ' श्रेणी क्षेत्र-'अ' श्रेणी क्षेत्र : माडल टाउन, प्रभात नगर, शाहदाना कालोनी, एकतानगर, गांधीनगर, इन्द्रानगर, नरकुलागंज, कानूनगोयान, नैनीताल रोड, रामपुर रोड व ओवर ब्रिज क्षेत्र, किला क्षेत्र नेकपुर के आस पास, बदायूं मार्ग, तालाब चौधरी रेलवे क्रासिंग के आसपास।
(चार) 'ब' श्रेणी क्षेत्र-'ब' श्रेणी क्षेत्र : शाहदाना, सुभाष नगर, सब्जी मण्डी, आई0वी0आर0आई0 रोड, गंगापुर, काली बाड़ी, माधो बाड़ी, सिकलापुर, बांसमण्डी, सरायखाम, गुलाबनगर
(पांच) 'स' श्रेणी क्षेत्र-कालोनी तथा मोहल्ले की मुख्य मार्गों को छोड़ कर अन्दर वाला भाग तथा ऐसे क्षेत्र जो ऊपर उल्लिखित नही हैं। (प्रतिबन्धित क्षेत्रों को छोड़कर)
27-हटाये जाने की लागत-नियम 12 के उप नियम (1) में निर्दिष्ट किसी विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट को हटाये जाने पर सामग्री जब्त करते हुये साफ किये जाने की लागत निम्नवत होगी-
(क) 6.1 ग 3.05 मीटर या उससे कम के प्रति विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट के हटाने की वास्तविक आय।
(ख) ऊपर खण्ड (क) में निर्दिष्ट विज्ञापनों या विज्ञापन पट्टों से बडे प्रति विज्ञापन एवं विज्ञापन पट्ट को हटाने की लागत।
32 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8(ग) निजी भवन पर (छत के ऊपर) किसी विज्ञापन अथवा सम्पूर्ण विज्ञापन पट को हटाने की लागत।
(घ) किसी सार्वजनिक अथवा निजी दीवारों पर की गयी पेंन्टिग के माध्यम से किये गये प्रचार को साफ करने की लागत-
रु0
(क) 6.1 ग 3.05 मीटर या उससे कम के प्रति विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट 5,000.00 के हटाने की वास्तविक आय -
(ख) ऊपर खण्ड (क) में निर्दिष्ट विज्ञापनों या विज्ञापन पट्टों से बडे प्रति 10,000.00 विज्ञापन एवं विज्ञापन पट्ट को हटाने की लागत -
(ग) निजी भवन पर (छत के ऊपर) किसी विज्ञापन अथवा सम्पूर्ण विज्ञापन 20,000.00 पट को हटाने की लागत
प्रति विज्ञापन पट
(घ) किसी सार्वजनिक अथवा निजी दीवारों पर की गयी पेंन्टिग के माध्यम 100.00 प्रति वर्ग से किये गये प्रचार को साफ करने लागत
फिट
28-अपराधों के लिए दण्ड और उनका प्रशमन-(1) इस उपविधि के उपबन्धों का किसी प्रकार का उल्लंघन ऐसे जुर्माने से जो रु0 10,000.00 (दस हजार रुपये) तक हो सकता है और उल्लंघन करते रहने की दशा में, प्रथम उल्लंघन की दोषसिद्धि के पश्चात्, प्रत्येक ऐसे दिन के लिए, जिस दौरान ऐसा उल्लंघन जारी रहा हो, ऐसे जुर्माने से, जो रु0 500.00 (पांच सौ रुपये) प्रतिदिन तक एंव प्राथमिकी दर्ज कराये जाने तक हो सकता है, दण्डनीय होगा।
(2) उप नियम (1) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस उपविधि के अधीन दण्डनीय किसी अपराध को अपराध के लिए निर्धारित धनराशि के आधे से अन्यून और तीन चौथाई से अनधिक धनराशि वसूल करने पर नगर आयुक्त या इस निमित्त उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा प्रशमित किया जा सकता है।
प्रपत्र सं0................................. मूल्य रु0 1,000.00
अनुसूची-1
पंजीकरण फॉर्म
(देखिए उप-विधि 5(1))
नगर निगम, बरेली
बाहरी विज्ञापन प्रदर्षन के लिये पंजीकरण
01-कम्पनी अधिनियम, 2013 (2013 का केन्द्रीय अधिनियम 18) या समिति दायित्व भागीदारी अधिनियम, 2008 (2009 का केन्द्रीय अधिनियम, 6) में रजिस्ट्रेशन व्यौरों सहित कम्पनी/फर्म/अभिकरण/स्वामी का नाम-........................................
...........................................................................................................................................................................................................................
02-रजिस्टर्ड पता ........................................................................................................................................................................................
03-टेलीफोन नम्बर..............................................................................................व्यापार.....................................................................
फैक्स..................................................................................ईमेल पता ...............................................................................................
04-निदेशकों/स्वामियों/भागीदारों के ब्योरे ................................................................................
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 33| क्र0सं0 | फर्म का नाम | डी0आई0एन0 नम्बर | मोबाईल नं0 | ई-मेल पता |
| 1 | ||||
| 2 |
05-कम्पनी के समय ज्ञापन तथा संगम अनुच्छेद ...............................................................................................................................
06-पिछले 03 वर्षों के विज्ञापन कारोबार में अभिकरण का अनुभव, व्यौरे यदि उपलब्ध हों ......................................................
...................................................................................................................................................................................................................
07-अभिकरण के प्रत्येक निदेशक के कार्य अनुभव का विवरण.........................................................................................................
08-निदेशक का विवरण, जो किसी अन्य अभिकरण के निदेशक रहते हुए किसी मामलें मेें दोषी रहे हों ............................
...................................................................................................................................................................................................................
09-पिछले 03 वर्षों की बैलेंसशीट, यदि उपलब्ध हो, .........................................................................................................................
10-अभिकरण के प्राधिकृत हस्ताक्षरी के लिये न किसी व्यक्तिक निदेशक बोर्ड(संकल्प पारित करके) प्राधिकारपत्र............
..................................................................................................................................................................................................................
11-बरेली नगर निगम मे ंपिछले 05 वर्षों में प्राप्त विज्ञापन अधिकार/अनुमति के व्यौरे,............................................................
...................................................................................................................................................................................................................
12-वचन के अभिकरण, बरेली नगर निगम में उसके विरुद्ध कोई राशि लम्बित नही हैं.............................................................
..................................................................................................................................................................................................................
13-संस्था की किस्म.....................................................................................................................................................................................
14-पैन नम्बर ...............................................................................................................................................................................................
15-जी0एस0टी0 नम्बर ...............................................................................................................................................................................
16-पंजीकरण राषि .....................................................................................................................................................................................
17-आवेदक फर्म/कम्पनी को पिछले 03 वर्षों में किसी भी सरकारी संस्था द्वारा काली सूची में डाला नही गया है- हॉ नहीं
18-आवेदक फर्म/कम्पनी में कोई लम्बित बकाया नही है- हॉ नहीं
19-यदि हां कुल लम्बित राशि का विवरण दें......................................................................
20-आवेदक फर्म/कम्पनी मेेें कोई भी मामला न्यायालय में लम्बित नही है- हॉ नहीं मैं/हम, इस इसके द्वारा बनाई गई विज्ञापन उपविधि/पॉलिसी के निबन्धनों तथा शर्तों तथा मार्गदर्शनोें का पालन करूंगा/करेंगे- हॉ सहमत
उपरोक्त सूचीबद्ध सूचना भी सत्य तथा प्रमाणिक है तथा इसके सम्बन्ध मेंं प्रतिकूल निष्कर्ष के मामले मेें रजिस्टे्रशन रद्द हो जायेगा जमा करें
5 ट34 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8 (ऑफ लाईन प्रस्तुतिकरण के मामलें मेेंं, कृपया इस प्रारूप प्रिंट आउट लें तथा '' नगर आयुक्त, बरेली नगर निगम में भुगतान योग्य'' के पक्ष में नगर निगम द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट ऐसी धनराशि के डिमान्ड ड्राफ्ट सहित इसे प्रस्तुत करें)।
टिप्पणी-यह केवल एक प्रतीकी प्रारूप है तथा समय-समय पर ..............................के नगर निगम द्वारा रूपान्तरण/संषोधन के अध्याधीन है। वेबसाइट से नवीनतम संस्करण हमेेशा प्रयोग किया जाना है।
नोट-सभी सूचना भरना अनिवार्य है।
आवेदक के हस्ताक्षर/मोहर
नाम ..........................................
पता ..........................................
दूरभाष .....................................
प्रपत्र सं0..................... मूल्य रु0 1,000.00
अनुसूची-2
(नियम 6(1) देखें)
विज्ञापन चिन्ह स्थापित करने की अनुमति हेतु आवेदन-पत्र
आवेदक/विज्ञापनकर्ता का नाम......................................................................................................
विज्ञापनकर्ता का पासपोर्ट आकार का रंगीन चित्र 1-अभिकरण, प्रतिष्ठान, कम्पनी या संस्था का नाम.................................................................................
........................................................................................................................................................................
पता.................................................................................................................................................................
........................................................................................................................................................................
2-आवेदित विज्ञापन या विज्ञापन पट का प्रकार.................................................................................................................................
3-विज्ञापन या विज्ञापन पट का आकार (लम्बाई × चौड़ाई मीटर में)...........................................................................................
4-स्थल नक्शा सहित स्थल की अवस्थिति..........................................................................................................................................
5-भूमि, भवन या स्थान के स्वामी या निवासी का नाम ...................................................................................................................
...................................................................................................................................................................................................................
6-क्या यह सार्वजनिक स्थल है या व्यक्तिगत भूमि या भवन है ? ..............................................................................................
7-(एक) यदि निजी स्थल या भवन है तो स्वामित्व प्रमाणपत्र के साथ भू/भवन स्वामी की लिखित अनुमति, विकास प्राधिकरण/आवास विकास परिषद का अनापत्ति प्रमाण-पत्र संलग्न करें।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 35(दो) भू/भवन स्वामी द्वारा इस आशय का वचनपत्र, कि विज्ञापनकर्ता की चूक की दशा में वह देय अनुज्ञा शुल्क के भुगतान का दायी होगा, संलग्न करें।
(तीन) नगर आयुक्त द्वारा अनुमोदित संरचना अभियन्ता (Structure Engineer) द्वारा दिया गया भवन के भार वहन क्षमता सम्बन्धी रिपोर्ट।
8-(एक) अनुसूची2 के अनुसार वार्षिक अनुज्ञा शुल्क..........................................................................................................................
(दो) किश्त की धनराशि........................................................................................................................................................................
9-देय प्रीमियम/नवीनीकरण अनुज्ञा शुल्क.............................................................................................................................................
10-कोई अन्य विवरण ................................................................................................................................................................................
संलग्नक-
दिनांक :
आवेदक के हस्ताक्षर,
दूरभाष नं0
मोबाईल नं0
अनुसूची-3
(नियम 26 देखें)
विज्ञापन और विज्ञापन पट पर अनुज्ञा शुल्क की दरें
अनुज्ञा शुल्क की दरें-
1-एक स्तम्भ विज्ञापन पट - 20x10 (वर्ग मीटर)
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र ः रु0 2,240.00 (दो हजार दो सौ चालिस) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) ''अ'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,680.00 (एक हजार छः सौ अस्सी) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) ''ब'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,400.00 (एक हजार चार सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) ''स'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,120.00 (ग्यारह सौ बीस) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
2-एकस्तम्भ (यूनीपोल) पर विज्ञापन पट- 30×10 (वर्गमी0) एवं 20×10 (वर्गमी0)
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र ः रु0 3,500.00 (तीन हजार पांच सौ ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) ''अ'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 2,800.00 (दो हजार आठ सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) ''ब'' श्रेणी क्षेत्र : रु0 2,100.00 (दो हजार एक सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) ''स'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,400.00 (एक हजार चार सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
36 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8
3-कैन्टीलीवर पर विज्ञापन-20×10 ( वर्गमी0)
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,875.00 (एक हजार आठ सौ पिचहत्तर) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) ''अ'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,650.00 (एक हजार छः सौ पचास) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) ''ब'' श्रेणी क्षेत्र : रु0 1,500.00 (एक हजार पांच सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) ''स'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,350.00 (एक हजार तीन सौ पचास) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
4-गेट एन्ट्री पर विज्ञापन-50×10 ( वर्गमी0)/सड़क की चौड़ाई के आधार पर
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र ः रु0 2625.00 (दो हजार छः सौ पच्चीस) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) ''अ'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 2250.00 (दो हजार दो सौ पचास) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) ''ब'' श्रेणी क्षेत्र : रु0 1875.00 (एक हजार आठ सौ पिचहत्तर) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) ''स'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1500.00 (एक हजार पांच सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
5-विद्युत पोल/ट्रीगॉर्ड/फ्लॉवर पॉट/जन सुविधा पर विज्ञापन पट-
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र ः रु0 3,000.00 (तीन हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) ''अ'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 2,250.00 (दो हजार दो सौ पचास) प्रति वर्ग मीटर प्रतिवर्ष
(3) ''ब'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 1,500.00 (एक हजार पांच सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) ''स'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 750.00 (सात सौ पचास) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
6-बस शेल्टर/पुलिस बूथ/टै्रफिक आईलैण्ड-
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र ः रु0 4,500.00 (चार हजार पांच सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) ''अ'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 3,750.00 (तीन हजार सात सौ पचास) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) ''ब'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 3000.00 (तीन हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) ''स'' श्रेणी क्षेत्र ः रु0 2250.00 (दो हजार दो सौ पचास) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
7-(1) एल0ई0डी0 स्क्रीन के माध्यम से संचालित विज्ञापन हेतु उपरोक्त अनुज्ञा शुल्क के क्रम संख्या1 से 4 तक निर्दिष्ट दरों पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त अनुज्ञा शुल्क देय होगा।
(2) ट्यूबलाइट, एल0ई0डी0 लाईट, सोडियम लाईट, बल्ब व अन्य माध्यम से प्रकाशित/संचालित विज्ञापन पट हेतु उपरोक्त अनुज्ञा शुल्क के क्रम संख्या1 से 4 तक निर्दिष्ट दरों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त अनुज्ञा शुल्क देय होगा।
(3) निजी भूमि/भवनों पर प्रदर्शित विज्ञापनों हेतु उपरोक्त अनुज्ञा शुल्क के क्रम संख्या1 से 2 की निर्दिष्ट दरों का 75 प्रतिशत अनुज्ञा शुल्क देय होगा।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 378-(1) शक्ति चालित चार पहिया वाहन पर विज्ञापन (सड़क प्रदर्शन को छोड़कर)
(एक) हल्का वाहन ः रु0 625.50.00 (छः सौ पचच्चीस रु0 पचास पैसा) प्रतिमाह प्रति वाहन (दो) भारी वाहन ः रु0 2,500.00 (दो हजार पांच सौ) प्रतिमाह प्रति वाहन
(2) सड़क प्रदर्शन निम्नलिखित दर पर-
(एक) तीन पहिया ः रु0 225.00 (दो सौ पच्चीस) प्रति दिन
(दो) चार पहिया ः रु0 450.00 (चार सौ पचास) प्रति दिन
(तीन) छः पहिया ः रु0 1125.00 (एक हजार एक सौ पच्चीस) प्रति दिन
नोट : यदि वाहनों पर डिजिटल/इलेक्ट्रोनिक माध्यमों से प्रदर्शन किया जाता है, तो उपरोक्त दरें 100 प्रतिशत वृद्धि के साथ देय होगा।
9-गुब्बारे ः रु0 750.00 (सात सौ पचास) प्रतिदिन
10-छतरी (कैनोपी) ः रु0 337.00 (तीन सौ सैंतीस) प्रतिदिन
11-ऑटों रिक्शा थ्रीव्हीलर ः रु0 150.00 (एक सौ पचास) प्रतिमाह प्रति आटो
12-बसों पर ः रु0 300.00 (तीन सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिमाह
13-रेलवे की जमीन व छावनी परिषद की जमीन पर लगने वाली होर्डिंग जिसका भाग सड़क के सम्मुख होने की दशा में अनुसूची2 में अंकित अनुज्ञा शुल्क की दरों के क्रमांक1 के अनुसार 75 प्रतिशत देय होगा।
14-उत्सव, मेला, प्रदर्शनी, सर्कस तथा इस प्रकार जनता को आकर्षित करने वाले प्रदर्शन पर न्यूनतम 3 माह का अनुज्ञा शुल्क मद संख्या1 के अनुसार लिया जायेगा।
15-ध्वनि विस्तारक यंत्र : रु0 150.00 प्रति बाक्स/स्पीकर प्रति दिन
16-जिन मदों का उल्लेख ऊपर नही किया गया है उनका अनुज्ञा शुल्क क्रमांक1 के अनुसार देय होगा। 17-निजी भूमि/भवन पर स्ट्रक्चर लागने से पूर्व भवन की मजबूती, स्ट्रक्चरल इंजीनियर से भवन की गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण का प्रमाणपत्र, भवन स्वामी का अनुबंधनामा, विकास प्राधिकरण/आवास विकास परिषद का अनापत्ति प्रमाणपत्र सम्बन्धित को प्रस्तुत करना होगा।
18-अनुसूची में 1 से 15 तक विनिर्दिष्ट अनुज्ञा शुल्क की दरें अनुवर्ती वित्तीय वर्ष जिसमें यह उपविधि प्रवृत्त हुई हो, के दो वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद दस प्रतिशत तक बढ़ी हुई समझी जायेगी। तत्पश्चात् इसी प्रकार की वृद्वि प्रत्येक दो वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात् प्रभावी होगी।
स्पष्टीकरण-
1-अनुज्ञा शुल्क अग्रिम रूप से संदेय योग्य होगा।
2-यदि कोई विज्ञापनकर्ता किसी विज्ञापन को 03 माह से अधिक अवधि के लिये प्रदर्शित करना चाहता है तो नगर आयुक्त निर्देश कर सकते हैं कि अनुज्ञा शुल्क मासिक आधार पर आंगणित होगा। सम्पूर्ण धनराशि एक बार में जमा करायी जायेगी।
3-अनुज्ञा शुल्क के सभी अवशेष अधिनियम के अध्याय इक्कीस के अनुसार वसूली योग्य होंगे। 4-31 मार्च से पूर्व पूरे वित्तीय वर्ष की धनराशि जमा करने पर 7.5 (सात दशमलव पांच) प्रतिशत छूट प्रदान की जाये।
ह0 (अस्पष्ट), नगर आयुक्त, नगर निगम, बरेली।
38 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8सूचना
Sunita Sahu W/o Sanjeev Gupta, निवासी 96 अतरसुइया प्रयागराज है दोनों नाम एक ही महिला के हैं, भविष्य में मुझे Sunita Sahu के नाम से जाना पहचाना जाये।
सुनीता साहू,
96 अतरसुइया, प्रयागराज।
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि सर्वसाधारण को सूचित करना है M/s. Initiatrix Technologies, 311, 3rd Floor, Tower A, Ithum IT Park Plot No.A40, Sector62, Noida, Distt. G. B. Nagar201301 की साझीदारी को दिनांक 18 अक्टूबर, 2021 को दोनों साझीदार श्री विपिन कुमार एवं श्री पीयूष झा साझीदार की सहमति से विघटित किया गया है। यह घोषणा करता हूं कि एतद्द्वारा यह प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
M/s. KUNWAR BAHADUR SHRI KRISHAN Prem Nagar Kaimganj Farrukhabad पार्टनरशिप डीड
दिनांक 12 अगस्त, 2021 से निम्न परिवर्तन की सूचना
देता हूं-
Vipin Kumar, Partner M/s. Initiatrix Technologies, 311, 3rd Floor, Tower A, Ithum IT Park, Plot No.A40, Sector62, Noida, Distt. G. B. Nagar201301.
1-यह कि पार्टनरशिप डीड दिनांक 01 अक्टूबर,
2008 के नियमित साझीदार Vimal Kumar Gupta S/o सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा
Shri Krishna Gupta, R/o Mohl Bagia, Sohan Lal Kaimganj दिनांक 12 अगस्त, 2021 से अपनी स्वेच्छा से जीवन बीमा निगम कारपोरेशन ऑफ इण्डिया की पालिसी
पृथक् हो गये हैं।
संख्या 310849299 है, जिसमें मेरा नाम अनुष्का केसरवानी
यह कि दिनांक 03 सितम्बर, 2021 से उक्त फर्म पुत्री राजीव कुमार केसरवानी लिखा है जो कि मेरा घर
की साझीदारी की स्थिति निम्नवत् है-
का नाम है जब कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार मेरा
1. Shri Ajay Kumar Gupta S/o Shri Krishna नाम माधवी केसरवानी है, भविष्य में मुझे माधवी केसरवानी
Gupta R/o Mohl Bagia Sohan Lal, Kaimganj, के नाम से जाना पहचाना व लिखा व पढ़ा जाये।
Farrukhabad.
माधवी केसरवानी,
2. Shri Praveen Kumar Gupta S/o Shri Krishna
पुत्री स्व0 राजीव कुमार केसरवानी,
Gupta R/o Mohl Bagia Sohan Lal Kaimganj,
निवासिनी1329/900 चन्दापुर का, Farrukhabad.
हाता, मुट्ठीगंज, प्रयागराज।
Ajay Kumar Gupta, साझीदार,
NOTICE
M/s. Kunwar Bahadur Shri Krishan.
I Achchhe Lal Yadava (Service No. JC820474K)
S/o Late Ram Sudhar Yadava, Residing at Village
सूचना
Beed, PostMujahi Bazar Patti, Pratapgarh, U.P.
230135. I have changed my name to Achchhe Lal
Yadav S/o Ram Sudhar Yadav for all purposes vide
affidavit (INUP 74870498382965T) dated 21122021.
प्यारी देवी और सुनारी देवी दोनों नाम एक ही महिला का है, मेरे पति के सर्विस रिकार्ड व अन्य रिकार्ड में गलती से मेरा नाम प्यारी देवी अंकित हो गया था जो गलत है। भविष्य में मुझे सुनारी देवी के नाम से जाना पहचाना जाये।
ACHCHHE LAL YADAV.
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र के शैक्षिक अभिलेखों में त्रुटिवश माता का नाम Sunita Gupta अंकित हो गया है, जो कि गलत है, सही नाम
सुनारी देवी, पत्नी भोलानाथ यादव, पता-म0नं0 1/685 ठठेरी बाजार, गोलाघाट, भीटी, थाना-रामनगर वाराणसी, उ0प्र0।
भाग 8] उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) 39सूचना
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि
एल0आई0सी0 पालिसी संख्या 310520967 में मेरा नाम
प्रवेश मिश्रा गलती से हो गया था मेरे आधार कार्ड में
मेरा सही नाम आशुतोष मिश्रा है। आशुतोष मिश्रा एवं
प्रवेश मिश्रा दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। अतः भविष्य
में मुझे आशुतोष मिश्रा पुत्र उमेश मिश्रा, निवासी 1293
किदवई नगर अल्लापुर, प्रयागराज के नाम से जाना व
पहचाना जाता है।
आशुतोष मिश्रा।
सूचना
यह कि मे0 अम्बिका उद्योग (पैकेजिंग्स) स्थित
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स मोडर्न इन्जीनियरिंग वक्र्स, बी47, सेक्टर10, नोएडा, जिला गौतमबुद्धनगर, उ0प्र0 जिसकी पत्रावली संख्या 17437एम, पंजीकृत दिनांक 19 जून, 1992 की पार्टनरशिप डीड, दिनांक 01 अप्रैल, 1992 के अनुसार साझीदार श्री नसरूद्दीन, श्री रहीमुद्दीन वर्तमान पता एल52, निकट मेट्रो हास्पिटल, सेक्टर11, नोएडा, गौतमबुद्धनगर, श्री अनवर वर्तमान पताके11, निकट मेट्रो हास्पिटल, सेक्टर11, नोएडा, गौतमबुद्धनगर थे। सभी साझीदारों के द्वारा आपसी सहमती से फर्म की डीड ऑफ डिजोल्यूशन ऑफ पार्टनरशिप (विघटन डीड) दिनांक 02 अप्रैल, 2019 पर हस्ताक्षर कर फर्म साझेदारी का विघटन कर लिया गया है। साझीदार स्व0 नसरूद्दीन की मृत्यु दिनांक 09 मई, 2021 में हो चुकी है। 52बी, उद्योग नगर (दादा नगर) कानपुर208022 एक
रहीमुद्दीन, साझेदार फर्म है के साझेदार श्री राहुल चतुर्वेदी एवं केशव
साझीदार।
प्रसाद चतुर्वेदी का आकस्मिक स्वर्गवास दिनांक 23 अप्रैल,
सूचना
2021 को कोविड19 बीमारी के दौरान हो गया था। अतः
साझेदारी फर्म में उपर्युक्त दोनों साझेदारों के स्थान पर
मधु चतुर्वेदी फर्म की साझेदार बनी हैं। अतः उपर्युक्त फर्म
अब मधु चतुर्वेदी एवं प्रवीर चतुर्वेदी साझेदारों के द्वारा
संचालित है सनद रहे वक्त पर काम आवे।
मधु चतुर्वेदी,
पार्टनर।
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म
मेसर्स ए0एम0 एन्टरप्राईजेज, आर9/165, सेक्टर09,
राजनगर, गाजियाबाद, उ0प्र0-201002 पंजीकरण संख्या
1-24249-एम की पार्टनरशिप रिटायरमेंट डीड, दिनांक
फर्म मेसर्स श्री लक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज, ठण्डी सड़क, जिला फर्रूखाबाद में दिनांक 01 अप्रैल, 2019 को श्रीमती रेनू अग्रवाल पत्नी श्री अशोक कुमार अग्रवाल, नि0 पृथ्वी दरवाजा, कायमगंज, फर्रूखाबाद रिटायर्ड हो गयी हैं तथा श्री वासु देव अग्रवाल पुत्र श्री उमेश चन्द्र अग्रवाल, नि0 5/96, मित्तूकूंचा, फर्रूखाबाद को सम्मिलित हो गये हैं तथा वर्तमान में श्री उमेश चन्द्र अग्रवाल पुत्र स्व0 लक्ष्मी नारायन अग्रवाल, नि0 5/96, मित्तूकूंचा, फर्रूखाबाद एवं श्रीमती उमा देवी अग्रवाल पत्नी स्व0 लक्ष्मी नारायन अग्रवाल, नि0 5-96, मित्तूकूंचा, फर्रूखाबाद एवं श्रीमती नीलू अग्रवाल पत्नी श्री उमेश चन्द्र अग्रवाल, निवासी 5/96, मित्तूकूंचा, फर्रूखाबाद एवं श्री वासु देव अग्रवाल पुत्र श्री उमेश चन्द्र अग्रवाल, नि0 5/96, मित्तूकूंचा, फर्रूखाबाद पार्टनर हैं।
30 सितम्बर, 2018 के अनुसार साझीदार 1-श्री अतुल
गुप्ता, 2-श्री अशोक सिंह, 3-श्री चित्रेश सिंह,
4-श्री अम्बरीश तिवारी, 5-श्री अभिनव तिवारी,
6-श्री अनुज चौधरी थे। फर्म की रिटायरमेन्ट डीड,
उमेश चन्द्र अग्रवाल, पार्टनर, मेसर्स लक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज, ठण्डी सड़क, जिला फर्रूखाबाद।
दिनांक 01 अप्रैल, 2021 के अनुसार श्री अम्बरीश तिवारी
सूचना
फर्म साझेदारी से अपनी स्वेच्छा व सहमती से सेवानिवृत्त
हो गये हैं। वर्तमान साझीदार अतुल गुप्ता, अशोक सिंह,
चित्रेश सिंह, अभिनव तिवारी, अनुज चौधरी रहे।
सूचित किया जाता है कि भागीदारी फर्म मेसर्स अशोक मैटल वक्र्स 13ए/822 बी नुनिहाई, शाहदरा, आगरा, फिरोजाबाद रोड, आगरा में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार है-
अभिनव तिवारी,
साझीदार।
फर्म में दिनांक 01 अप्रैल, 2021 को रविन्द्र कुमार
अग्रवाल पुत्र श्री सतीश चन्द्र अग्रवाल, निवासी 222440 उार प्रदेश गजट, 1 जनवरी, 2022 ई0 (पौष 11, 1943 शक संवत्) [भाग 8 सिद्धार्थ एन्क्लेव, मऊ रोड, खन्दारी, आगरा को उक्त फर्म
सूचना
की साझेदारी में सम्मिलित कर लिया गया है तथा उक्त
दिनांक 01 अप्रैल, 2021 को ही सतीश चन्द्र अग्रवाल पुत्र
स्व0 शान्ती प्रकाश अग्रवाल, निवासी 2224 सिद्धार्थ
एन्कलेव, मऊ रोड, खन्दारी, आगरा उक्त फर्म की
साझेदारी से अपनी स्वेच्छा से पृथक् हो गये हैं। वर्तमान
में श्रीमती अन्जू अग्रवाल तथा श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल
भागीदार हो गये हैं। फर्म के पूर्व भागीदार श्री सतीश
चन्द्र अग्रवाल जी का दिनांक 15 मई, 2021 को निधन हो
गया है।
श्रीमती अन्जू अग्रवाल,
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स क्रेजी बेकरी उद्योग आर/ओ0 श्री प्रमोदय भवन 10 पार्क रोड सिविल लाइन्स, गोरखपुर, उ0प्र0 नामक फर्म में साझेदारी डीड, दिनांक 15 अगस्त, 2017 से श्रीमती उपमा अग्रवाल एवं श्री सचिन अग्रवाल जी साझेदार थे। उक्त फर्म कार्यालय सहायक रजिस्ट्रार फम्र्स सोसायटी एवं चिट्स, गोरखपुर में पंजीकरण संख्या जी5075 पर पंजीकृत है। यह की साझेदार डीड दिनांक 30 मार्च, 2020 से मे0 क्रेजी स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड आर/ओ0डी0एल02, सेक्टर 13 गीडा, गोरखपुर, उ0प्र0 सी0आई0एन0 U51224UP1995PTC019164 अपने डायरेक्टर श्री नवीन अग्रवाल द्वारा साझेदार के रूप में शामिल हैं। उक्त फर्म में किसी का कोई लेनदेन बकाया नहीं है।
मेसर्स अशोक मैटल वक्र्स,
13ए/822 बी नुनिहाई, शाहदरा,
आगराफिरोजाबाद रोड, आगरा।
उपमा अग्रवाल, साझेदार, मेसर्स क्रेजी बेकरी उद्योग, सिविल लाइन्स, गोरखपुर, उ0प्र0।
पी0एस0यू0पी0-40 हिन्दी गजट-भाग 8-2022 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखनसामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।