रजिस्टर्ड नं०-१०डी०-4
लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू० पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
खण्ड 76] प्रयागराज , शनिवार , 9 अप्रैल , 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्) [ संख्या 15
विषय-सूची
हर भाग के पन्ने अलग -अलग किये गये हैं , जिससे इनके अलग.अलग खण्ड बन सके ।
विषय
विषय
पृष्ठ संख्या वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
वार्षिक चन्दा
रु०
सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश
975
401-423
975
भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल, उत्तर प्रदेश
भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत्त किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये
975
1500 (ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
207-226
भाग 1 - क-नियम, कार्य-विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
भाग 6- क-भारतीय संसद के ऐक्ट
भाग 1 -ख (1 ) औद्योगिक न्यायाधिकरणों के अभिनिर्णय
भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा। सभाओं में प्रस्तुत्त किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये
भाग 1 -ख (2) श्रम न्यायालयों के अभिनिर्णय
(ख ) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975
भाग 7- क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं के ऐक्ट
भाग 7- ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
भाग 2- आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण
139-164 975
भाग 8 -सरकारी कागज पत्र दबाई हुई रूई की गाठों का विवरण- पत्र, जन्म- मरण के ऑकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि
भाग 3- स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़पत्र, खण्ड क- नगरपालिका परिषद, खण्ड ख- नगर पंचायत, खण्ड ग -निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्ड घ-जिला पंचायत
1425
स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ पत्र
975
56 क 402
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस।
नियुक्तिविभाग
अनुभाग-5
विज्ञप्ति/नियुक्ति
18 जनवरी, 2022 ई०
फाइल नं0 02-5099/13/ 2022-51/ 13347 / 2022 - छत्तीसगढ़ शासन के आदेश संख्या-ई1-11 / 2021/ एक- 2 दिनांक 07 जनवरी, 2022 द्वारा अवगत कराय गया है कि सुश्री श्रुति सिंह, आई० ए० एस० (छत्तीसगढ़ -2006) को भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुपरटाईम स्केल रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मैट्रिक्स में लेवल-14) में दिनांक 01 जनवरी, 2022 से प्रोफार्मा प्रोन्नति प्रदान की गयी है ।
2-उत्तर प्रदेश संवर्ग में वर्ष 2006 बैच के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुपर टाईम स्केल रु01,44,200-2,18,200 (पे मैट्रिक्स में लेवल -14) में दिनांक 01 जनवरी, 2022 से प्रोन्नति प्रदान की गयी है । सुश्री श्रुति सिंह वर्तमान में उत्तर प्रदेश सेवा में अन्तर्राज्यीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं । अतः सम्यक विचारोपरान्त श्री राज्यपाल, सुश्री श्रुति सिंह, आई ० ए० एस० (छत्तीसगढ़ -2006) को दिनांक 01 जनवरी, 2022 से भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुपरटाईम स्केल 50 1,44,200-2,18,200 (पे मैट्रिक्स में लेवल -14) में प्रोफार्मा प्रोन्नति अनुमन्य किये जाने की स्वीकृति एतद्वारा प्रदान करते हैं ।
आज्ञा से. धनन्जय शुक्ला, विशेष सचिव।
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग
अनुभाग-1
प्रोन्नति
27 जनवरी, 2022 ई०
सं0 21/22-1-2022-107/99-कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग के अन्तर्गत अधीक्षक कारागार (वेतनमान रु0 15,600-39,100, ग्रेड वेतन रु 0 5,400 यथा संशोधित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10) के पद पर कार्यरत श्री शशि कान्त सिंह को उनकी वर्तमान तैनाती के स्थान पर ही कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वरिष्ठ अधीक्षक श्रेणी-1 (वेतनमान रु0 15,600-39,100, ग्रेड वेतन रु0 6,600 यथा संशोधित वेतन मैट्रिक्स लेवल-11 ) के पद पर प्रोन्नति प्रदान करने की राज्यपाल महोदय एतद्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं ।
आज्ञा से,
अवनीश कुमार अवस्थी अपर मुख्य सचिव ।
गृह विभाग
[पुलिस सेवायें]
अनुभाग-1
प्रोन्नति
05 जनवरी, 2022 ई०
सं० 19/छःपु०से0-1-2022-01 (अधियाचन)/ 2021- चयन वर्ष 2021-2022 में प्रान्तीय पुलिस सेवा संवर्ग में पुलिस निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नति कोटे में अवधारित वास्तविक / परिणामी / सम्भावित रिक्तियों भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
403 के सापेक्ष उ० प्र० लोक सेवा आयोग, प्रयागराज में विभागीय चयन समिति की दिनांक 01 जनवरी, 2022 को अपरान्ह 01.30 बजे सम्पन्न बैठक में सम्यक विचारोपरान्त की गयी संस्तुति उ० प्र० लोक सेवा आयोग , प्रयागराज के पत्र संख्या- 65/03/ पी० /सेवा-1 / 2021-2022 दिनांक 04 जनवरी , 2022 द्वारा उपलब्ध करायी गयी ।
अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, उ० प्र ० द्वारा उपलब्ध करायी सूचना के अनुसार माह दिसम्बर, 2021 में प्रोन्नति कोटे के अन्तर्गत पुलिस उपाधीक्षक के पद पर रिक्तियों की वास्तविक संख्या 26 है ।
2-चयन वर्ष 2021-2022 में प्रान्तीय पुलिस सेवा के पदोन्नति कोटे में पुलिस उपाधीक्षक पद पर उपलब्ध रिक्तियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश के अधीन गठित विभागीय चयन समिति की बैठक दिनांक 01 जनवरी, 2022 के क्रम में मा० आयोग की संस्तुति के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित पुलिस निरीक्षकों की पुलिस उपाधीक्षक साधारण वेतनमान रु0 15.600-39.100. ग्रेड वेतन रु0 5,400 पुनरीक्षित पे - मैट्रिक्स लेवल-10. रु0 56.100- 1,77.500 में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नत करने की श्री राज्यपाल महोदया एतद्द्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं:
नाम
ज्येष्ठता सूची का क्रमांक (नया)
क्रम संख्या
ज्येष्ठता सूची का क्रमांक (पुराना)
4
1
2
3
सर्वश्री/श्रीमती-
1
13
08
विनोद कुमार शर्मा
2
14
09
उदय प्रताप सिंह
44
14
3
अजय कुमार चौहान
4
15
51
रीता शुक्ला
5
17
60
बृजेन्द्रसिंह भडाना
6
89
21
संजय कुमार वर्मा
104
22
7
सुधीर कुमार त्यागी
प्रेम नारायण तिवारी
B 127 25 9 147 27
कौशल किशोर चौधरी
10 153 29 सुनील वर्मा 11 154 30
श्याम बहादुर सिंह
12
संजीव कटियार
155
31
156
32
13
नरसिंह नारायन शर्मा
14
157
33
सुनीता सिंह
15
158
34
मनोज कुमार शर्मा
16
159
35
सुनील कुमार राय
17 160 36 सुरेश सिंह 18 161 37
विजय लक्ष्मी पाण्डेय
19
163
38
सैयद मो० असगर
404
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
3
1
4
2
सर्वश्री/श्रीमती-
20
164
39
सुनीता कुमारी
21
165
40
अनिल कुमार सचान
22
407
41
विनय कुमार सिंह
23
166
43
श्रीप्रकाश सिंह
24
167
44
संतोष कुमार सिंह
25
169
46
देवेन्द्र कुमार शर्मा
26
170
47
अरूण कुमार मिश्रा
प्रश्नगत चयन रिट याचिका संख्या-34799 (एस/ एस) / 2019 में मा० उच्च न्यायालय , लखनऊ खण्डपीठ लखनऊ में पारित आदेश दिनांक 22 सितम्बर, 2021 के विरुद्ध मा ० उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ, लखनऊ में योजित विशेष अपील संख्या-410/ 2021 उ ०प्र ० राज्य बनाम विजय सिंह तथा मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में लम्बित रिट याचिका संख्या-20914/ 2018 केशवचन्द्र राय बनाम उ० प्र ० राज्य एवं तदसम्बन्धी अन्य रिट याचिकाओं सहित यदि कोई प्रत्यावेदन/विभागीय कार्यवाही लम्बित हो तो उसमें पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगा ।
3 - उपर्युक्त प्रोन्नत आदेश में सम्मिलित कार्मिकों की तैनाती पूर्व पुलिस महानिदेशक, उ०प्र०/ अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, उ ०प्र ० लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि उक्त कार्मिकों के विरूद्ध किसी भी प्रकार की विभागीय/ अनुशासनिक कार्यवाही एवं ई०ओ ० डब्लू/ ए० सी०ओ० / सीबीसीआईडी/ सतर्कता जांच आदि प्रचलित/ लम्बित नहीं है । इस सम्बन्ध में अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, उ ० प्र० लखनऊ स्वयं सन्तुष्ट हो लेंगे और यदि पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत किसी कार्मिक के विरुद्ध कोई भी प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आता है तो तत्काल सम्बन्धित कार्मिक की प्रोन्नति प्रतिबन्धित करते हुए उसकी सूचना शासन को उपलब्ध करायी जायेगी ।
4-पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत कार्मिकों की तैनाती का आदेश निर्गत किये जाने से पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन , उ० प्र ० लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रोन्नत कोटे में रिक्ति वास्तविक रूप से उपलब्ध है । प्रोन्नति कोटा में वास्तविक रूप से रिक्तियाँ उपलब्ध होने पर ही प्रोन्नत आदेश के सापेक्ष तैनाती का आदेश पुलिस महानिदेशक, उ० प्र ० द्वारा निर्गत किया जायेगा ।
5-उपर्युक्त प्रोन्नत अधिकारी 02 वर्ष की अवधि तक परिवीक्षाधीन रहेंगे ।
प्रोन्नति
07 जनवरी, 2022 ई०
सं० 41/छःपु०से0-1-2022-पी० एफ०-02/ 2022- उत्तर प्रदेश प्रान्तीय पुलिस सेवा संवर्ग में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक, साधारण वेतनमान ( रु० 15,600-39.100 , ग्रेड वेलन रु0 5.400 पुनरीक्षित पे-मैट्रिक्स लेवल-10, रु0 56,100- 1,77,500) में कार्यरत निम्नलिखित अधिकारियों को विभागीय चयन समिति की बैठक दिनांक 07 जनवरी, 2022 में की गयी संस्तुति के अनुक्रम में उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वर्तमान तैनाती के स्थान पर ही पुलिस उपाधीक्षक, ज्येष्ठ वेतनमान (रु० 15,600-39,100 , रु0 6,600 पुनरीक्षित वेतनमान पे - मैट्रिक्स पे - लेवल-11 , रु0 67,700-2,08,700) में प्रोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं।
आवंटन वर्ष
ज्येष्ठता क्रमांक
क्रम संख्या
अधिकारी का नाम
4 1
2
3
सर्वश्री/ श्रीमती/सुश्री-
1
547
समीक्षा यादव
2013 2
549
2013 भाष्कर वर्मा भाग 1 ]
405
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
1 2 3 4
सर्वश्री/श्रीमती/सुश्री-
3 अजेय कुमार शर्मा 590 2013
4 बलदेव सिंह खनेड़ा 607 2013
5 अम्बरीश भदौरिया 623 2013
6 उमेश शर्मा 626 2013
7 ब्रम्ह सिंह 629 2013
8 वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 635 2013
9 उमाशंकर सिंह 639 2013
10 रजनीश कुमार यादव 659 2014
11 कमर मजीद 669 2014
12 रामकृष्ण तिवारी 684 2014
13 देव नारायन यादव 685 2014
14 अभिषेक कुमार पाण्डेय 686 2014
15 रत्नेश्वर सिंह 687 2014
16 आलोक कुमार अग्रहरि 689 2014
17 त्रयम्बनाथ दुबे 690 2014
18 आशीष प्रताप सिंह 691 2014
19 नईम खान मंसूरी 693 2014
20 सतीश चन्द्र पाण्डेय 694 2014
21 सीमा यादव 695 2014
22 शेषमणिउपाध्याय 696 2014
23 यतेन्द्र सिंह नागर 697 2014
24 सुरेश कुमार 698 2014
25 शकील अहमद 699 2014
26 विकास श्रीवास्तव 700 2014
27 अजय कुमार त्रिपाठी 701 2014
28 अखिलेश राय 702 2014
29 सौम्या पाण्डेय 703 2014
30 गया दत्त मिश्र 704 2014
406
[भाग 1
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
1
2
सर्वश्री/श्रीमती/ सुश्री-
31 अरविन्द कुमार
32
नीरज सिंह
33
जगमोहन सिंह बुटोला 3
4
2014
705
707
2014
708
2014
2-उपर्युक्त प्रोन्नति आदेश रिक्तियों / परिणामी रिक्तियों (ऐसी रिक्तियां जिन पर मुहरबन्द लिफाफा, आस्थगित चयन अथवा अन्य किसी प्रकार से किसी व्यक्ति का धारणाधिकार न हो) के वास्तविक रूप में उपलब्ध होने पर उनकी ज्येष्ठता क्रम में ही निर्गत किये जायेंगे ।
3-उपर्युक्त प्रोन्नत अधिकारियों की तैनाती के आदेश पृथक् से निर्गत किये जायेंगे ।
सं० 42/छःपु० से0-1-2022- पी0एफ0-01 / 2022- उत्तर प्रदेश प्रान्तीय पुलिस सेवा संवर्ग में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक, (ज्येष्ठ वेतनमान रु0 15,600-39,100, ग्रेड वेतन रु० 6,600 पुनरीक्षित वेतनमान पे - मैट्रिक्स लेवल-11 , रु० 67,700-1,91,000) में कार्यरत निम्नलिखित अधिकारियों को विभागीय चयन समिति की बैठक दिनांक 07 जनवरी , 2022 में सम्यक् विचारोपरान्त की गयी संस्तुति के अनुक्रम में उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वर्तमान तैनाती के स्थान पर ही अपर पुलिस अधीक्षक, (वेतनमान रु0 15,600-39,100 , 50 7,600 पुनरीक्षित वेतनमान मैट्रिक्स पे -लेवल-12. रु078,800-2,09,200) में प्रोन्नत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं ।
क्रम संख्या
अधिकारी का नाम
1
2
सर्वश्री/ श्रीमती/ सुश्री-
अमित किशोर श्रीवास्तव 1
2
नितेश सिंह
3 कालूसिंह
4
अल्काधर्मराज सिंह
5
चक्रपाणि त्रिपाठी
6
बृजेश कुमार सिंह
7
विजय शंकर मिश्रा
8 पीयूष कुमार सिंह
9
आतिश कुमार सिंह
10
अनिल कुमार
11 अरुण कुमार सिंह
12
श्रीकान्त प्रजापति
13
अल्का
आवंटन वर्ष ज्येष्ठता क्रमांक
3
4
341
2004
351
2005
359
2005
2006
362
363
2006
2006
364
365
2006
2006
366
367
2006
368
2006
370
2006
371
2006
372
2006 भाग 1 ]
407
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
1 2 3 4
सर्वश्री/ श्रीमती/ सुश्री-
14 प्रदीप कुमार वर्मा 373 2006
15 अशोक कुमार सिंह 374 2006
16 विमा सिंह 375 2006
17 बबिता सिंह 376 2006
18 रचना मिश्रा 377 2006
19 मुकेश चन्द्र उत्तम 378 2006
20 कृपा शंकर 379 2006
21 कृष्णकान्त सरोज 380 2006
22 रंजन सिंह 381 2006
23 महेन्द्र पाल सिंह 382 2006
24 भीम कुमार गौतम 383 2006
25 धरम सिंह मार्छाल 387 2006
26 राजेश कुमार 389 2007
27 प्रवीण कुमार यादव 391 2007
28 दुर्गा प्रसाद तिवारी 392 2007
29 ज्ञानवती तिवारी 393 2007
30 अखिलेश सिंह 394 2007
31 विजेन्द्र द्विवेदी 396 2007
32 निशांक शर्मा 397 2007
33 डॉ० राकेश कुमार मिश्र 398 2007
34 रुपेश सिंह 400 2007
35 जितेन्द्र कुमार दुबे 401 2007
36 राजीव कुमार सिंह 404 2007
37 श्वेता श्रीवास्तव 406 2007
38 अल्का भटनागर 407 2007
39 विशाल यादव 409 2007
40 गीतान्जली सिंह 410 2007
41 अमित कुमार नागर 411 2007
42 अमिता सिंह 412 2007
2-उपर्युक्त प्रोन्नति आदेश रिक्तियों/ परिणामी रिक्तियों (ऐसी रिक्तियां जिन पर मुहरबन्द लिफाफा , आस्थगित चयन अथवा अन्य किसी प्रकार से किसी व्यक्ति का धारणाधिकार न हो) के वास्तविक रूप में उपलब्ध होने पर उनकी ज्येष्ठता क्रम में ही निर्गत किये जायेंगे ।
3-उपर्युक्त प्रोन्नत अधिकारियों की तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे ।
408
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट , 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
शुद्धि-पत्र
09जनवरी, 2022 ई०
सं० 47/छःपु० से0-1-2022- पी0एफ0-01 / 2022- उत्तर प्रदेश प्रान्तीय पुलिस सेवा संवर्ग में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक, ज्येष्ठ वेतनमान रु0 15,600-39,100, ग्रेड पे रु० 6,600 पुनरीक्षित मैट्रिक्स पे- लेवल-11 , रु० 67,700- 1,91,000) में कार्यरत अधिकारियों को विभागीय चयन समिति की बैठक दिनांक 07 जनवरी, 2022 में की गयी संस्तुति के पश्चात् शासन द्वारा प्रोन्नति/ विज्ञप्ति सं0-42/ छःपु० से0-1-2022- पी0 एफ0-01 / 2022 दिनांक 07 जनवरी , 2022 द्वारा 42अधिकारियों को प्रोन्नति प्रदान की गयी ।
2-शासन के संज्ञान में आया है कि उक्त आदेश 07 जनवरी, 2022 के क्रमांक 32 पर अंकित श्री निशांक शर्मा, (ज्येष्ठता क्रमांक-397) तत्कालीन क्षेत्राधिकारी, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर के विरुद्ध शासन के कार्यालय आदेश ई-फाइल नं0 6-17001 (008 )/ 1 / 2021 दिनांक 05 मई, 2021 द्वारा अपराध सं0-421 / 2018 थाना कसना, जनपद गौतमबुद्धनगर की विवेचना में की गयी आपराधिक षडयन्त्र के दृष्टिगत उनके विरुद्ध धारा-120 बी भादंवि व 7(सी), 7ए व ४ भ्र०नि०अधि० 1988 यथा संशोधित व धारा-218 भादंवि के अन्तर्गत धारा -19 भ्र०नि ०अधि० 1988 व धारा-197 द०प्र०सं० के अन्तर्गत अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है । उक्तानुसार प्रदान की गयी अभियोजन की स्वीकृति के पश्चात् श्री निशांक शर्मा, (ज्येष्ठता क्रमांक-397) तत्कालीन क्षेत्राधिकारी, ग्रेटर नोएडा. गौतमबुद्धनगर के विरुद्ध मा० न्यायालय, सी०बी०आई० गाजियाबाद में आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है ।
3 -अतः उक्त तथ्यों के दृष्टिगत श्री निशांक शर्मा, (ज्येष्ठता क्रमांक-397) की पदोन्नति आदेश सं० 42/छःपु०से०-1-2022- पी0 एफ0-01 /2022 दिनांक 07 जनवरी, 2022 को तात्कालिक प्रभाव से उक्त आदेश के निर्गमन की तिथि दिनांक 07 जनवरी, 2022 से संशोधित/ रिकॉल/ निरस्त किया जाता है ।
4-उक्त आदेश सं0-42/छःपु०से०-1-2022-पी 0 एफ0-01 / 2022 दिनांक 07 जनवरी, 2022 इस सीमा तक संशोधित समझा जायेगा ।
प्रोन्नति
07 जनवरी, 2022 ई०
सं० 4012/ छःपु०से०-1-2021-रिट-29/ 2021 - मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में रिट याचिका संख्या-ए- 11409/2021 शैलेन्द्र कुमार शर्मा व अन्य बनाम उ० प्र ० राज्य व अन्य योजित की गयी। मा० न्यायालय द्वारा योजित्त याचिका में दिनांक 27 सितम्बर, 2021 को आदेश पारित किया गया, जिसका प्रभावी अंश निम्नवत् है:
After hearing learned counsel for the parties and going through the record, it is evident that once petitionershave been exonerated and minor penalty of censure inficted on them have been revoked then they are entitled tobe considered for promotion, for which purpose respondents are directed to convene review DPC on the same parameters on which DPC was convened on 18 February, 2021 and consider the case of the petitioners afresh on the basis of fresh material and pass appropriate orders within 30 days from the date of receipt of computer downloaded copy in PDF form of this order strictly in accordance with law.
In aboveterms, writ petition is disposed of |
2- मा० उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के अनुपालन में याची श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह, ज्येष्ठता क्रमांक -56 एवं श्री उमेश कुमार पाण्डेय , ज्येष्ठता क्रमांक-76 के दण्डादेश निरस्त किये जाने के फलस्वरूप प्रत्यावेदन दिनांक 30 सितम्बर, 2021 के क्रम में शासन के पत्र दिनांक 20 अक्टूबर, 2021 अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन से आख्या/ प्रस्ताव प्राप्त किया गया । अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन द्वारा अपने पत्र दिनांक 27 अक्टूबर, 2021 द्वारा उपलब्ध करायी गयी आख्या पर सम्यक विचारोपरान्त शासन द्वारा निर्णय लेते हुए शासन के पत्र दिनांक 09 नवम्बर, 409 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
2021 द्वारा याचीगणों से सम्बन्धित ब्राडशीट मूलरूप में मा० उच्च न्यायालय में लम्बित विभिन्न रिट याचिकाओं एवं विशेष अपीलों/अवमाननावाद में मा० उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अधीन रिव्यू डीपीसी कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही कराये जाने का अनुरोध किया गया ।
3 -शासन के उक्त प्रस्ताव पर मा ० उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 27 सितम्बर, 2021 के अनुपालन में चयन वर्ष 2020-2021 में निरीक्षक पुलिस से पुलिस उपाधीक्षक प्रोन्नत कोटे में अनुपूरक डीपीसी कराये जाने हेतु विभागीय चयन समिति की दिनांक 15 दिसम्बर, 2021 को अपरान्ह 04.00 बजे उ० प्र ० लोक सेवा आयोग, प्रयागराज, मुख्यालय, में सम्पन्न बैठक में सम्यक विचारोपरान्त की गयी संस्तुति उ०प्र० लोक सेवा आयोग , प्रयागराज के पत्र संख्या-61/10/ पी०/ सेवा-1/ 2020-2021 दिनांक 22 दिसम्बर, 2021 द्वारा उपलब्ध करायी गयी ।
4-चयन वर्ष 2020-2021 में निरीक्षक पुलिस से पुलिस उपाधीक्षक प्रोन्नत कोटे में पुलिस उपाधीक्षक पद पर उपलब्ध 02 रिक्तियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश के अधीन गठित विभागीय चयन समिति की बैठक दिनांक 15 दिसम्बर , 2021 के क्रम में मा० आयोग की संस्तुति के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित पुलिस निरीक्षकों की पुलिस उपाधीक्षक साधारण वेतनमान रु० 15,600-39,100, ग्रेड वेतन रु0 5,400 पुनरीक्षित पे- मैट्रिक्स लेवल-10, रु0 56,100- 1,77,500) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नत करने की श्री राज्यपाल महोदया एतद्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं:
नाम
क्रम संख्या ज्येष्ठता क्रमांक
2
3
1
56
1
श्री शैलेन्द्र कुमार शर्मा
2
76
श्री उमेश कुमार पाण्डेय
प्रश्नगत चयन मा ० उच्च न्यायालय में योजित रिट याचिका संख्या-ए-11409/ 2021 शैलेन्द्र कुमार शर्मा व अन्य बनाम उ० प्र ० राज्य व अन्य तथा प्रकरण में यदि अन्य कोई याचिका लम्बित हो तो प्रश्नगत चयन उक्त याचिका में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगा ।
5-उपर्युक्त प्रोन्नत आदेश में सम्मिलित कार्मिकों की तैनाती से पूर्व पुलिस महानिदेशक, उ ०प्र ०/ अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, उ० प्र ० लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि उक्त कार्मिकों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की विभागीय / अनुशासनिक कार्यवाही एवं ई ०ओ ० डब्लू० / ए०सी०ओ ० / सीबीसीआईडी/ सतर्कता जांच आदि प्रचलित/ लम्बित नहीं है । इस सम्बन्ध में अपर पुलिस महानिदेशक , प्रशासन, उ ० प्र ० लखनऊ स्वयं संतुष्ट हो लेंगे और यदि पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत किसी कार्मिक के विरुद्ध कोई भी प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आता है तो तत्काल सम्बन्धित कार्मिक की प्रोन्नति प्रतिबन्धित करते हुए उसकी सूचना शासन को उपलब्ध करायी जायेगी ।
6- पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत कार्मिकों की तैनात का आदेश निर्गत किये जाने से पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, उ ० प्र ० लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रोन्नत कोटे में रिक्ति वास्तविक रूप से उपलब्ध है । प्रोन्नति कोटा में वास्तविक रूप से रिक्तियाँ उपलब्ध होने पर ही प्रोन्नत आदेश के सापेक्ष तैनाती का आदेश पुलिस महानिदेशक, उ ० प्र० द्वारा निर्गत किया जायेगा ।
7-उपर्युक्त प्रोन्नत अधिकारी 02 वर्ष की अवधि तक परिवीक्षाधीन रहेंगे ।
आज्ञा से,
अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव ।
57 क 410
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
लोक निर्माण विभाग
अनुभाग-4
नियुक्ति
31 दिसम्बर, 2021 ई ०
सं0 7053/23-4-21-82 जनरल / 2021 - सहायक अभियन्ता (सिविल) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 के प्राविधानों के अन्तर्गत लोक सेवा आयोग , उ०प्र०, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये चयन के फलस्वरूप आयोग के पत्र संख्या 807/01/ पी/ एस-6/ 2021-22, दिनांक02 नवम्बर, 2021 में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक् विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग के निम्नलिखित अवर अभियन्ता (सिविल / प्राविधिक) को सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड-2 रु015,600-39,100, ग्रेड पे रु0 5,400 (पुनरीक्षित पे- बैण्ड-3 के लेवल -10 ) में नियमित रूप से कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नत द्वारा नियुक्त करते हुए 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखे जाने की श्री राज्यपाल एतद्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं ।
अवर अभियन्ता (सिविल) से सहायक अभियन्ता (सिविल)
क्रम संख्या ज्येष्ठता क्रमांक नाम
1 2 3
सर्वश्री/श्रीमती-
1 4959 पवन कुमार
2 4961 राम लाल सिंह
3 4962 सुनील कुमार गुप्ता
4 4963 तेज बलि सिंह
5 4964 देवी चरन
6 4965 उदित भटनागर
7 4967 कुलदीप सिंह
8 4968 सै० अफ्सार अली
9 4969 विमल कुमार मिश्र
10 4970 राजेश कुमार द्विवेदी
11 4971 ईश्वर पाल
12 4973 हीरामणि
13 4975 अशोक कुमार बंसल
14 4976 संतोष कुमार दीक्षित
15 4977 विपिन कुमार
411 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
3
1
2
सर्वश्री/श्रीमती-
16
4978
रामेन्द्र सिंह
17
4980
प्रयोश कुमार
18
4981
जय शंकर चौबे
19
4982
महफुजुर रहमान
20
4983
भीष्म दत्त शर्मा
21
4985
मनोज कुमार सेंगर
2- उक्त पदोन्नति आदेश प्रश्नगत चयन से सम्बन्धित यदि अन्य कोई याचिका अथवा प्रत्यावेदन विचाराधीन हो तो यह चयन उक्त याचिका/ विचाराधीन प्रत्यावेदन/ विभागीय कार्यवाही में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगी।
3-अवर अभियन्ता (सिविल ) की सहायक अभियन्ता ( सिविल) के पद पर उक्त पदोन्नति दिनांक 01 जनवरी, 2022 से प्रभावी माने जायेंगे ।
4-उक्त अभियत्तागण के तैनाती आदेश पृथक से जारी किये जायेंगे ।
आज्ञा से.
दुर्गा सिंह, अनु सचिव ।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग
अनुभाग -13
औपबंधिक नियुक्ति
03 नवम्बर , 2021 ई०
सं० 1542/ सत्ताईस - 13-2021-49 / 21 - लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ ०प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री गौरव पुत्र श्री संग्राम का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
क्र०
गृह
नाम/पिता जन्म-तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
जनपद
का नाम
सर्वश्री-
29032
25-12-1995
अम्बेडकर संग्राम,
56 गौरव/संग्राम
दुधौरा, संग्राम, दुधौरा,
नगर रामपुर मगुराडिला, रामपुर मगुराडिলা,
अम्बेडकर
नगर,
नगर, अम्बेडकर
उ०प्र० 224227
उ०प्र० 224227 412
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
[भाग 1
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021/1/4/2011-का-4-2021. दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल ) के पद पर वेतन बैण्ड रु० 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति - पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार , इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा- भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ-साथ शासन द्वारा समय - समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह मली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/2021/1/4/2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
भाग 1 ]
413
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
[III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र ।
सं0 1543/ सत्ताईस-13-2021-49/ 21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ ० प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री आकाश राय पुत्र श्री अरविन्द प्रत्ताप राय का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
जन्म तिथि अनुक्रमांक नाम/ पिता
कानाम
सर्वश्री-
आकाश राय/ 04-05-1993 46247 57
अरविन्द प्रताप
राय
स्थाई पता
गृह
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति जनपद
गाजीपुर आकाश राय, 1758 आकाश राय, 1758
शेरपुर खुर्द, शेरपुर शेरपुर खुर्द, शेरपुर कलॉ, गाजीपुर, कलॉ. गाजीपुर, उ०प्र० 233227
उ०प्र० 233227
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021 /1 / 4/ 2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग , उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ० प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/ विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण-पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार , इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा- मत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेत्तन के साथ -साथ शासन द्वारा समय-समय पर स्वीकृत्त महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह मली- भाति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- 414
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
पत्र/ कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें। उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021 /1 / 4/ 2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता , सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ I ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1544/ सत्ताईस-13-2021-49/21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/ विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उ० प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री सौरभ यादव पुत्र श्री धर्मेन्द्र यादव का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
स्थाई पता
जन्म तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
गृह जनपद
नाम/पित्ता का नाम
सर्वश्री-
58 सौरम यादव/ 12-03-1995 87781 अम्बेडकर धर्मेन्द्र यादव, ग्राम धर्मेन्द्र यादव, ग्राम धर्मेन्द्र यादव
नगर इमादपुर, पो० अमोला, इमादपुर, पो०
अम्बेडकर नगर, अमोला, अम्बेडकर
उ०प्र० 224139
नगर, उ0प्र0 224139
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021/1/ 4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ० प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु० 15.600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र ० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/ विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण- पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल 415 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा- भत्ता इत्त्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय -समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/2021 /1 /4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन- पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण -पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1545/ सत्ताईस-13-2021-49/ 21- लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/ विशेष चयन) परीक्षा , 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उ० प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री शिवम कुमार पुत्र श्री राकेश कुमार का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
स्थाई पता
जन्म तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति नाम/पिता का नाम
गृह जनपद
सर्वश्री-
राकेश कुमार, आई ० राकेश कुमार, आई ०
डबल
एफ० 85,
एफ० 85, डबल
59 शिवम कुमार/ 11-05-1998 40002 शाहजहांपुर राकेश कुमार
स्टेट, स्टोरी ,
स्टेट,
स्टोरी, फैक्टरी
फैक्टरी
उ०प्र०
उ०प्र०
शाहजहांपुर,
242001
शाहजहांपुर, 242001 416
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
[भाग 1
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021/1/4/2011-का-4-2021. दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल ) के पद पर वेतन बैण्ड रु० 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति - पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार , इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा- भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ-साथ शासन द्वारा समय - समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह मली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/2021/1/4/2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
417 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
[III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र ।
सं0 1546/ सत्ताईस-13-2021-49 /21-लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ० प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी सुश्री रोली वर्मा पुत्री श्री बिड़ला वर्मा का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति क्र
० नाम/ पिता का जन्म तिथि अनुक्रमांक गृह
नाम
जनपद
रोली वर्मा C/o बिड़ला
रोली वर्मा C/o 60 सुश्री रोली वर्मा/ 24-02-1995 49200 अयोध्या बिड़ला वर्मा
बिड़ला वर्मा, 28
वर्मा, 28 रामगंज
बेलवारी खान, अंकारीपुर, रामगंज बेलवारी खान,
अयोध्या, उ०प्र० 224141
अंकारीपुर, अयोध्या,
उ०प्र ० 224141
2-शासनादेश संख्या04/ 2021/1/4/2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग , उ ०प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ ० प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति- पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति / पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा -भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय -समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
58क 418
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
[भाग 1
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह मली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021 / 1 / 4/ 2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण- पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV ] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1547/ सत्ताईस-13-2021-49 / 21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/ विशेष चयन ) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल ) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ०प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री नितेश कुमार गुप्ता पुत्र श्री आदर्श गुप्ता का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
स्थाई पता
जन्म-तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
गृह जनपद
नाम/पिता कानाम
सर्वश्री-
61 नितेश
86716 गोरखपुर
आदर्श गुप्ता, 136 कुमार 15-02-1993
माया बाजार रेती माया बाजार रेती रोड गुप्ता/आदर्श
गुप्ता
इलेक्ट्रानिक्स,
उ०प्र ०
आदर्श गुप्ता, 136 रोड रूपेश इलेक्ट्रानिक्स, रूपेश
गोरखपुर,
गोरखपुर, उ०प्र० 273001
273001
2-शासनादेश संख्या04/ 2021/1/4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ० प्र० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु 0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्त्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं- 419 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/ विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2 ) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3 ) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति / पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेत्तन के साथ- साथ शासन द्वारा समय- समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7 ) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/ कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021 /1 / 4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण -पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ I ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV ] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1548/ सत्ताईस-13-2021-49 / 21-लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा ( सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा , 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल ) सिंचाई एवं जल 420
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट , 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री शशांक शाही पुत्र श्री शिवाजी शाही का विवरण निम्नवत है-
क्र०
स्थाई पता
नाम/ पिता जन्म तिथि अनुक्रमांक गृह
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति का नाम
जनपद
सर्वश्री-
62 शशांक शाही/ 12-07-1997 135881 कुशीनगर शिवाजी शाही
शशांक शाही, ग्राम शशांक शाही, ग्राम अरुसवा, पो० अरूसवा, पो० लछिया. लछिया, कुशीनगर, कुशीनगर, उ०प्र० 274401 274401
2-शासनादेश संख्या04/ 2021 /1/ 4/2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ० प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ ० प्र ० में सहायक अभियन्ता ( सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण-पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति / पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ - साथ शासन द्वारा समय- समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह गली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यस्त रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ भाग 1 ]
421
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
शासनादेश संख्या04/2021 /1 / 4/ 2011-का-4-2021. दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण - पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1549/ सत्ताईस-13-2021-49/21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/ विशेष चयन ) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ ०प्र ०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री अजित कुमार सिंह पुत्र श्री अनन्त कुमार सिंह का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
जन्म-तिथि अनुक्रमांक स्थाई पता पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
गृह जनपद
नाम/पिता का नाम
सर्वश्री-
अजित
62
कुमार 06-04-1995 28167 गोरखपुर
सिंह/अनन्त
कुमार सिंह
अजित कुमार सिंह, अजित कुमार सिंह,
सी-130-216ए,
सी-130-216ए,
गुलाली बाटिका, गुलाली बाटिका, जेल
शाहपुर,
जेल रोड,
रोड,
शाहपुर,
उ०प्र०
उ०प्र ० गोरखपुर,
गोरखपुर,
273006
273006
2-शासनादेश संख्या04/ 2021/ 1 /4/ 2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ० प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
422
उत्तर प्रदेश गजट , 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
[भाग 1
(2 ) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण-पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार , इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय - समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021 / 1 /4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8 ) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[1] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र ।
सं० 1550/ सत्ताईस-13-2021-49 /21-लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा , 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ ०प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री लवकान्त चौहान पुत्र श्री ब्रिजेश चौहान का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
जन्म-तिथि अनुक्रमांक
क्र० पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
गृह जनपद
नाम/पिता का नाम
सर्वश्री-
63
01-01-1996 58054 गौतमबुद्ध नगर
लवकान्त चौहान/ब्रिजेश चौहान
लवकान्त चौहान पुत्र ब्रिजेश चौहान, एचडी-148, से0-135 डूप्लेक्स विला, गौतमबुद्धनगर उ०प्र० 201303
लवकान्त चौहान पुत्र ब्रिजेश चौहान, हाउस नं० 109 छलेरी स्ट्रीट नं० 2 गौतमबुद्धनगर उ० प्र ० 201301 423 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट , 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021 /1/ 4/2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित्त व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग , उ ० प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु० 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र ० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा- पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण-पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति / पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठत्ता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ-साथ शासन द्वारा समय- समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग- पत्र/ कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021 / 1 /4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन-पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ I ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
आज्ञा से. फूल चन्द्र, संयुक्त सचिव ।
पी०एस०यू०पी०-2 हिन्दी गजट- भाग 1-2022 ई० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ।
रजिस्टर्ड नं ० - ए०डी०-4
लाइसेन्स सं ०- डब्ल्यू० पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 9 अप्रैल , 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि , जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया ।
जनता के प्रयोजनार्थ भूमि नियोजन की विज्ञप्तियां
14मार्च, 2022 ई०
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की अधिसूचना
सं० 1445/आङ-वि०भू० अ०अ० (सं ० सं० ) / प्रयागराज भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के अधीन कलेक्टर प्रयागराज की राय है कि अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग , प्रयागराज को जनपद प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के अन्तर्गत मुगलसराय- इलाहाबाद रेल सेक्शन (डी० एफ० सी०सी० रूट) के किमी 775 /13-15 के ग्राम दिधिया के समीप मिर्जापुर-सिरसा मार्ग के मध्य रेल सम्पार संख्या 20 -सी पर रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण हेतु जनपद प्रयागराज, तहसील मेजा, परगना खैरागढ़, ग्राम दिधिया की 0.7175 हे० भूमि की आवश्यकता है ।
2-राज्य सामाजिक समाधात निर्धारण एजेन्सी निदेशक, गोविन्द बल्लभ पंत संस्थान, सामाजिकी वानिकी संघटक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है, तथा समुचित सरकार/कलेक्टर, प्रयागराज को अपनी अनुशंसा दिनांक 10 जनवरी, 2022 को प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा दिनांक 11 मार्च, 2022 को अनुमोदित किया गया है ।
3-प्रयागराज शहर की बढ़ती हुई जनसंख्या की आवागमन की समस्या के समाधान हेतु जनपद प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के अन्तर्गत मुगलसरांय- इलाहाबाद रेल सेक्शन (डी० एफ ०सी०सी० रूट) के किमी 775/13-15 के ग्राम दिधिया के समीप मिर्जापुर- सिरसा मार्ग के मध्य रेल सम्पार संख्या 20 - सी पर रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण किया जाना जनहित के लिए सर्वोत्तम विकल्प है । भूमि का हस्तांतरण अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज के पक्ष में किया जाना है । नियमानुसार अर्जन कार्यवाही की जाय।
4-भूमि अर्जन के कारण कोई परिवार विस्थापित नहीं हो रहा है ।
31 ख 208
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
[भाग 1-क
5 -अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते हैं:
अनुसूची
जिला
क्र० स ०
तहसील
परगना
4 1
2
3
1
प्रयागराज
मेजा खैरागढ़
2
3
4
5
6
7
B
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
गाटा संख्या
ग्राम
अर्जित क्षेत्रफल
7 5
6
हेक्टेयर
दिधिया
400
0.0126
400
0.0126
400
0.0126
400
0.0126
0.0972
404
0.0118
406
406
0.0118
459
0.0396
501
0.0019
501
0.0019
501
0.0019
501
0.0057
501
0.0057
500
0.0007
0.0007
500
500
0.0004
500
0.0004
502
0.0095
0.0050
502
0.0050
502
502
0.0073
502
0.0026
502
0.0012
502
0.0012
0.0012
502
0.0012
502
502
0.0012
504
0.0128
508-मि०
0.0090
508-मि०
0.0090
0.0100 509-मि०
509-मि०
0.0100
510-मि०
0.0265
510-मि०
0.0265 भाग 1 -क
209
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
1 2 3 4 5 6 7.
हेक्टेयर
35 प्रयागराज मेजा खैरागढ़ दिघिया 510-मि० 0.0265
36 510-मि० 0.0265
37 512-मि० 0.0055
38 513-मि० 0.0730
39 514-मि० 0.0110
40 514-मि० 0.0110
41 514-मि० 0.0110
42 514-मि० 0.0110
43 515-मि० 0.0056
44 515-मि0 0.0056
45 515-मि० 0.0056
46 515-मि० 0.0056
47 515-मि० 0.0011
48 515-मि० 0.0011
49 515-मि० 0.0011
50 515-मि० 0.0011
51 515-मि० 0.0011
52 516-मि० 0.0081
53 516-मि० 0.0061
54 516-मि० 0.0061
55 516-मि० 0.0061
56 516-मि० 0.0061
57 516-मि० 0.0061
58 516-मि० 0.0245
59 516-मि० 0.0245
60 501 0.00425
61 510 0.0095
62 510 0.0095
210
भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई ० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
1
3
4
2
63
मेजा
प्रयागराज
खैरागढ़
64
65
66
67
5
6
7.
हेक्टेयर
दिधिया
0.0060 502-मि०
505-मि०
0.0055
517-मि०
0.0142
517-मि०
0.0090
517-मि०
0.0012
0.7175 कुल योग..
6 -अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर को प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं ।
7-अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो, अधिसूचना के प्रकाशन के 60 दिन के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है ।
किसी भी भू-स्वामी को यदि मौखिक अथवा सुनवाई का अवसर चाहते हों तो वे किसी भी कार्य दिवस में विज्ञप्ति प्रकाशन के 60 दिन के अन्दर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं ।
8-अधिनियम की धारा 11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय / क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है ।
टिप्पणी- उक्त भूमि का स्थलीय नक्शा कलेक्टर, प्रयागराज स्थित कार्यालय में देखा जा सकता है ।
अतएव पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन हेतु कोई भूमि चिन्हित करने और पुनर्वासन पुनर्व्यवस्थापन योजना का सारांश प्रकाशित किये जाने की कोई आवश्यकता नहीं है ।
अनुसूची "क"
क्र० सं० जिला
परगना
तहसील
1
2
3
4
1
मेजा
प्रयागराज
खैरागढ़ 2
3
4
5
6
7
8
9
गाटा संख्या
ग्राम
अर्जित क्षेत्रफल
5
6
7
हेक्टेयर
400
0.0126 दिधिया
400
0.0126
400
0.0126
400
0.0126
404
0.0972
406
0.0118
406
0.0118
459
0.0396
501
0.0019 भाग 1 -क
211
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
1 2 3 4 5 6 7.
हेक्टेयर
10 प्रयागराज मेजा खैरागढ़ दिधिया 501 0.0019
11 501 0.0019
12 501 0.0057
13 501 0.0057
14 500 0.0007
15 500 0.0007
16 500 0.0004
17 500 0.0004
18 502 0.0095
19 502 0.0050
20 502 0.0050
21 502 0.0073
22 502 0.0026
23 502 0.0012
24 502 0.0012
25 502 0.0012
26 0.0012
502
27 502 0.0012
28 504 0.0128
29 508-मि० 0.0090
30 508-मि० 0.0090
31 509-मि० 0,0100
32 509-मि० 0.0100
33 510-मि० 0.0265
34 510-मि० 0.0265
35 510-मि० 0.0265
36 510-मि० 0.0265
37 512-मि० 0.0055
38 513-मि० 0.0730
39 514-मि० 0.0110
40 514-मि० 0.0110
41 514-मि० 0.0110
42 514-मि० 0.0110
43 515-मि० 0.0056
44 515-मि० 0.0056
45 515-मि० 0.0056
212
भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई ० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
1
3
4
2
प्रयागराज
46
मेजा
खैरागढ़
47
48
49
50
51
52
53
54
55
56
57
58
59
60
61
62
63
64
65
66
67
5
6
7.
हेक्टेयर
515-मि०
0.0056 दिघिया
0.0011 515-मि०
515-मि०
0.0011
515-मि०
0.0011
0.0011 515-मि०
0.0011 515-मि०
516-मि०
0.0061
516-मि०
0.0061
516-मि०
0.0061
0.0061 516-मि०
516-मि०
0.0061
516-मि०
0.0061
0.0245 516-मि०
0.0245 516-मि०
501
0.00425
510
0.00950
510
0.00950
0.00600 502-मि०
505-मि०
0.00550
517-मि०
0.01420
517-मि०
0.00900
517-मि०
0,00120
0.7175
कुल योग..
अनुसूची "ख"
जिला
तहसील
क्र० सं०
परगना
2
3
4 1
मेजा
1
प्रयागराज
खैरागढ़ ग्राम
भूखण्ड संख्या पुर्नवासन हेतु चिन्हित क्षेत्रफल
6
5
7
हेक्टेयर
शून्य
शून्य
शून्य
ह० (अस्पष्ट), जिलाधिकारी, प्रयागराज ।
213 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
NOTIFICATION
March 14, 2022
No. 1445/VIII - S.L.A.O./(J.0) Prayagraj -Under sub - section ( 1 ) of Section 11 of the Rightto Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 , whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector ( for the purpose of Appropriate Government/Executive Engineers , P. D. P.W.D., Prayagraj) is satisfied that Total of 0.7175 Hectares of land is required in the Tehsil -Meja Village Dighiya Area 0.7175 Ha. District Prayagraj is required for public purpose , namely, Northern Central Railway (Mughalsarai -Allahabad Section ) on D.F.C. route ROB No.-20C.
2.Social Impact Assessment Study was carried out by the State social Impact Assessment Agency Director, Govind Ballabh Pant Institute , Jhusi, Prayagraj and it has submitted its recommendations to Uttar Pradesh LetterDated: 10 January, 2022. As Approved as date 11-03-2022.
3.The Summary of Social impact Assessment Report is as follows;
(a) Prima-facia the committee felt that the proposed project is very much serving public purpose as the construction of Northern Central Railway (Mughalsarai -Allahabad Section) on D.F.C. Route ROB No. -20C. not only integrate the region geographically but also play an instrumental role for the socio -economic growth ofthe region.
(b) " In an initial interaction with the land loosers , the committee noted that most of the stakeholders are willing to sell their land provided they get adequate compensation for their land lost, moreover, the villagers also agreed that the Northern Central Railway (Mughalsarai-Allahabad Section) on D.F.C. Route ROB No. -20C will prove beneficial for the socio-economic development ofthe region."
4.No Family are likely to be displaced due to the land acquisition for this project.
5. Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose.
SCHEDULE
District Tehsil
PlotNo.
Pargana
Area to be acquired
Village
SI . No.
4
7 2
3
S
6
1
Hectare
400
0.0126 Meja Khairagrah Dighiya
1 Prayagraj
2
400
0.0126
3
400
0.0126
4
400
0.0126
5
404
0.0972
6
406
0.0118
7
406
0.0118
8
459
0.0396 214
भाग 1-क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
2
3
4
9 Prayagraj Meja Khairagrah 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43
6
S
7
Hectare
Dighiya 501 0.0019
501 0.0019
501 0.0019
501 0.0057
501 0.0057
500 0.0007
500 0.0007
500 0.0004
500 0.0004
502 0.0095
502 0.0050
502 0.0050
502 0.0073
502 0.0026
502 0.0012
502 0.0012
502 0.0012
502 0.0012
502 0.0012
504 0.0128
508-M 0.0090
508-M 0.0090
509-M 0.0100
509-M 0.0100
510-M 0.0265
510-M 0.0265
510-M 0.0265
510-M 0.0265
512-M 0.0055
513-M 0.0730
514-M 0.0110
514-M 0.0110
514-M 0.0110
514-M 0.0110
515-M 0.0056
भाग 1 -क
215
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
4 1
2
3
44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67
6
S
7
Hectare
515-M 0.0056 515-M 0.0056 515-M 0.0056 515-M 0.0011 515-M 0.0011 515-M 0.0011 515-M 0.0011 515-M 0.0011 516-M 0.0061 516-M 0.0061 516-M 0.0061 516-M 0.0061 516-M 0.0061 516-M 0.0061 516-M 0.0245 516-M 0.0245 501 0.00425 510 0.00950 510 0.00950 502-M 0.00600 505-M 0.00550 517-M 0.01420 517-M 0.00900 517-M 0.00120 Total.. 0.7175
6. The Governor is also pleased to authorised the Collector for the purpose of the land acquisitionto take necessary steps to enter upon and survey of land, Take levels of any land, dig or sub- soil into the sub- soil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under Section 12 oftheAct.
7. Under Section 15 of the Act, any person interested in the land may within (days) 60 after the publication ofthis notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector-Prayagraj .
8. Under Section 11 (4) of the Act , no person shall make any transaction or cause any transaction of land ie. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector -Prayagraj.
NOTE-A plan of land maybe inspected in the Office of the Collector Prayagraj for the purpose of acquisition.
(Sd) ILLEGIBLE, Collector, Prayagraj.
32ख 216
भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
14मार्च, 2022 ई०
भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकारअधिनियम , 2013 की धारा 11 की अधिसूचना
सं० 1446/आठ-वि०भू० अ० अ० (सं० सं०) / प्रयागराज भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के अधीन कलेक्टर प्रयागराज की राय है कि अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग , प्रयागराज को जनपद प्रयागराज में इलाहाबाद-बामपुर मार्ग पर सम्पार सं० 17 - सी पर उत्तर मध्य रेलवे के मुगलसराय- इलाहाबाद सेक्शन के डी० एफ ०सी ० सी० मार्ग पर 02 लेन रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण हेतु जनपद प्रयागराज, तहसील मेजा, परगना माण्डा, ग्राम सरवनपुर, बादपुर उपरहार एवं चकडीहा की 0.4633 हे० भूमि की आवश्यकता है ।
2-राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी निदेशक, गोविन्द बल्लभ पंत संस्थान, सामाजिकी वानिकी संघटक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है, तथा समुचित सरकार/ कलेक्टर, प्रयागराज को अपनी अनुशंसा दिनांक 10 जनवरी, 2022 को प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा दिनांक 11 मार्च, 2022 को अनुमोदित किया गया है ।
3-प्रयागराज शहर की बढ़ती हुई जनसंख्या की आवागमन की समस्या के समाधान हेतु जनपद प्रयागराज में इलाहाबाद-बामपुर मार्ग पर सम्पार सं0 17-सी पर उत्तर मध्य रेलवे के मुगलसराय- इलाहाबाद सेवशन के डी० एफ०सी०सी० मार्ग पर 02 लेन रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण किया जाना जनहित के लिए सर्वोत्तम विकल्प है । भूमि का हस्तांतरण अधिशासी अभियन्ता , प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज के पक्ष में किया जाना है । नियमानुसार अर्जन कार्यवाही की जाय ।
4- भूमि अर्जन के कारण कोई परिवार विस्थापित नहीं हो रहा है ।
5-अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते हैं :
अनुसूची
जिला
परगना
तहसील
ग्राम
गाटा संख्या अर्जित क्षेत्रफल क्र० स०
1
6
2
3
4
5
7
हेक्टेयर
मेजा
प्रयागराज
माण्डा
70
1
0.0246
सरवनपुर
70
0.0247 2
70
0.0247 3
0.0740
ग्राम-सरवनपुर का योग.
4
917
0.0070
बादपुर उपरहार (मानपुर)
5
917
0.0014
6
917
0.0014
7
917
0.0014 भाग 1 -क
217
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
4 1
2
3
8 प्रयागराज मेजा माण्डा
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
5
6
7
हेक्टेयर
917
0.0014
बादपुर उपरहार (मानपुर)
0.0014
917
911
0.0030
0.0020
911
911
0.0020
911
0.0020
911
0.0020
911
0.0020
0.0020
911
916
0.0140
915
0.0020
915
0.0020
915
0.0020
0.0020
915
0.0015
913
913
0.0015
0.0015
913
913
0.0015
912
0.0060
बादपुर उपरहार (परवा)
909
0.0110
बादपुर उपरहार (बादपुर)
929
0.0150
930
0.0050
930
0,0050
931
0.0200
0.0090
938
बजटा टप्पा 96 कंतित मिर्जापुर
33 बादपुर उपरहार (सरवनपुर) 939 0.0020 34 939 0.0030 35 940 0.0090
बजटा टप्पा 96 कंतित मिर्जापुर
218
भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई ० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
1
2
4
3
36
मेजा
प्रयागराज
माण्डा
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50
51
52
53
54
55
56
57
58
5
6
7
हेक्टेयर
0.0540
942(ख)
बादपुर उपरहार (मानपुर)
0.00125
914
914
0.00125
914
0.00125
914
0.00125
0.0200
942(क)
बादपुर उपरहार (बादपुर)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.2121
ग्राम-बादपुर ऊपरहार का योग..
0.0008
83
चकडीहा (कुखुडी)
84
0.0455 चकडीहा
84
0.0455
0.0162
156
0.0460
137मि०
93
0.0110
94
0.0120
0.1770 ग्राम चकडीहा का योग..
0.4633
कुल योग..
6-अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर को प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं ।
219 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
7-अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो, अधिसूचना के प्रकाशन के 60 दिन के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है ।
किसी भी भू-स्वामी को यदि मौखिक अथवा सुनवाई का अवसर चाहते हों तो वे किसी भी कार्य दिवस में विज्ञप्ति प्रकाशन के 60 दिन के अन्दर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं ।
8-अधिनियम की धारा 11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय / क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है ।
टिप्पणी- उक्त भूमि का स्थलीय नक्शा कलेक्टर , प्रयागराज स्थित कार्यालय में देखा जा सकता है ।
अतएव पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन हेतु कोई भूमि चिन्हित करने और पुनर्वासन पुनर्व्यवस्थापन योजना का सारांश प्रकाशित किये जाने की कोई आवश्यकता नहीं है ।
अनुसूची "क"
तहसील परगना
ग्राम
गाटा संख्या अर्जित जिला
क्षेत्रफल क्र० सं०
1
4
3
5
6
7 2
हेक्टेयर
मेजा
70
0.0246 1
प्रयागराज
माण्डा
सरवनपुर
2
70
0.0247
3
0.0247
70
0.0740
ग्राम -सरवनपुर का योग..
917
0.0070 4
बादपुर उपरहार (मानपुर)
5
917
0.0014
6
917
0.0014
917
7
0.0014
8
917
0.0014
9
917
0.0014
10
911
0.0030
बादपुर उपरहार (बामपुर)
11
911
0.0020
12
911
0.0020
13
911
0.0020 14
911
0.0020 15
911
0.0020 220
भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
1
2
4
3
मेजा
16 प्रयागराज
माण्डा 5
6
7
हेक्टेयर
911
0.0020 बादपुर उपरहार (बामपुर)
17
916
0.0140
बादपुर उपरहार (मानपुर)
18 915 0.0020 19 915 0.0020 20 915 0.0020 21 915 0.0020 22 913 0.0015 23 913 0.0015 24 913 0.0015 25 913 0.0015 26 912 0.0060
बादपुर उपरहार (परवा)
27
909
0.0110 बादपुर उपरहार (बादपुर)
28 929 0.0150 29 930 0.0050 30 930 0.0050 31 931 0.0200 32 938 0.0090
बजटा टप्पा 96 कंतित मिर्जापुर
33
939
0.0020
बादपुर उपरहार (सरवनपुर)
34 939 0.0030 35 940 0.0090
बजटा टप्पा 96 कंतित मिर्जापुर
36
0.0540
942(ख)
बादपुर उपरहार (मानपुर)
37 914 0.00125 38 914 0.00125 39 914 0.00125 40 914 0.00125 41 942(क) 0.0200
बादपुर उपरहार (बादपुर)
42 942(क) 0.0200 43 942(क) 0.0200
भाग 1 -क
221
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
1
2
3
4
44 प्रयागराज मेजा माण्डा 5
6
7
हेक्टेयर
0.0200
942(क)
बादपुर उपरहार (बादपुर)
45
46
47
48
49
50
51
52
53
54
55
56
57
58
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.0200
942(क)
0.2121
ग्राम-बादपुर ऊपरहार का योग..
83
0.0008
चकडीहा (कुखुडी)
84
चकडीहा
0.0455
84
0.0455
0.0162
156
137मि०
0.0460
93
0.0110
94
0.0120
ग्राम-चकडीहा का योग.. 0.1770
0.4633
कुल योग..
अनुसूची "ख"
परगना क्र० सं० जिला
तहसील
2
3
1
4
1
प्रयागराज
मेजा
माण्डा ग्राम
भूखण्ड संख्या पुर्नवासन हेतु चिन्हित क्षेत्रफल
6
7 5
हेक्टेयर
शून्य शून्य
शून्य
ह० (अस्पष्ट).
जिलाधिकारी, प्रयागराज ।
222
भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
NOTIFICATION
March 14, 2022
No. 1446/VIII - S.L.A.O./ (J.0 ) Prayagraj -Under sub- section ( 1 ) of Section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 , whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector ( for the purpose of Appropriate Government/Executive Engineer/ P.D . P.W.D. Prayagraj) is satisfied that Total of 0.4633 Hectares of land is required in the Tehsil-Meja Village Sarwanpur , Badpur Uparhar & Chakdiha Area 0.4633 Ha. District Prayagraj is required for public purpose. namely, R.O.B. in Lieu of Level Crossing No. 17- C at Km . 768/ 19-21 on Mughal Sarai Allahabad Rail Section At Allahabad - Bampur Road in Distt . Prayagraj ..
2.Social Impact Assessment Study was carried out by the State social Impact Assessment Agency Director, Govind Ballabh Pant Institute , Jhusi , Prayagraj and it has submitted its recommendations to Uttar Pradesh LetterDated 10 January, 2022. As Approved date 11-03-2022.
3.The Summary of Social impact Assessment Report is as follows ;
(a) Prima -facia the committee felt that the proposed project is very much serving public purpose as the construction of R.O.B. in Lieu of Level Crossing No. 17-C at Km. 768/ 19-21 on Mughal Sarai Allahabad Rail Section At Allahabad Bampur Road in Distt. Prayagraj . not only integrate the region geographically but also play an instrumental role for the socio-economic growth oftheregion.
(b) "In an initial interaction with the land loosers , the committee noted that most of the stakeholders are willing to sell their land provided they get adequate compensation for their land lost, moreover, the villagers also agreed that the R.O.B. in Lieu of Level Crossing No. 17- C at Km. 768/19-21 on Mughal Sarai Allahabad Rail Section At Allahabad Bampur Road in Distt. Prayagraj . will prove beneficial for the socio-economic development of the region. "
4.No Family are likely to be displaced due to the land acquisition for this project.
5. There fore , The Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose.
SCHEDULE
District Tehsil Pargana SI. No.
2
1
3
4
Meza Manda 1 Prayagraj
Village
Plot No.
Areatobe acquired
7 5
6
Hectare
70
0.0246 Sarwanpur
2 70 0.0247
3 70 0.0247
Village Sarwanpur Total.. 0.0740
4 917 0.0070
Badpur Uparhar (Manpur)
5 917 0.0014 6 917 0.0014 7 917 0.0014 8 917 0.0014 9 917 0.0014 10 911 0.0030
Badpur Uparhar (Bampur)
11 911 0.0020 12 911 0.0020 13 911 0.0020 14 911 0.0020 15 911 0.0020 16 911 0.0020
भाग 1 -क
223
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1844 शक संवत्)
1
2
3
4
17
Meza Manda Prayagraj
5
6
7
Hectare
916
0.0140
Badpur Uparhar (Manpur)
18 915 0.0020 19 915 0.0020 20 915 0.0020 21 915 0.0020 22 913 0.0015 23 913 0.0015 24 913 0.0015 25 913 0.0015 26 912 0.0060
Badpur Uparhar ( Parwa)
27
909
0.0110
Badpur Uparhar(Badpur)
28 929 0.0150 29 930 0.0050 30 930 0.0050 31 931 0.0200 32 938 0.0090
Bajta Tappa 96 Kantit Mirzapur
33
939
0.0020
Badpur Uparhar ( Sarwanpur)
34 939 0.0030 35 940 0.0090
Bajta Tappa 96 Kantit Mirzapur
36
0.0540
942 (Kha)
Badpur Uparhar (Manpur)
37 914 0.00125 38 914 0.00125 39 914 0.00125 40 914 0,00125 41 942(Ka) 0.0200
Badpur Uparhar (Badpur)
42 942(Ka) 0.0200 43 942(Ka) 0.0200 44 942(Ka) 0.0200 45 942(Ka) 0.0200 46 942(Ka) 0.0200 47 942(Ka) 0.0200
33 ख 224
भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
2
4 1
3
48 Prayagraj Meza Manda 5
6
7
Hectare
0.0200
942 (Ka)
Badpur Uparhar (Badpur)
49 942 (Ka) 0.0200
50 942( Ka) 0,0200
51 942(Ka) 0.0200
VillageBadpur Uparhar Total.. 0.2121
52 83 0.0008
Chakdiha ( Kukudi )
53
54
55
56
57
58
Chakdiha
84 0.0455
84
0.0455 Chakdiha
156
0.0162
137Mi. 0.0460
93
0.0110.
94
0.0120.
0.1770 Village Chakdiha Total ..
Grand Total .. 0.4633
6. The Governor is also pleased to authorised the Collector for the purpose of land the acquisition to take necessary steps to enter upon and survey of land, Take levels of any land , dig or sub - soil into the sub- soil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under Section 12 oftheAct.
7. Under Section 15 of the Act, any person interested in the land may within ( days ) 60 after the publication of this notification , make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector Prayagraj.
8. Under Section 11 (4 ) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale/purchase , specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector Prayagraj .
NOTE-A plan of land maybe inspected in the Officer of the Collector Prayagraj for the purpose of acquisition.
(SA) ILLEGIBLE, Collector,Prayagraj.
225 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र19, 1844 शक संवत्)
01 अप्रैल, 2022 ई ०
सं० 9482/ अ०जि०भू०अ० /आगरा - भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के अधीन उत्तर प्रदेश / कलेक्टर (समुचित सरकार के उद्देश्य हेतु) राय है कि 43 वीं वाहिनी पीएसी एटा के माध्यम से प्रशिक्षण केन्द्र, जनपद एटा, तहसील एटा, परगना एटा सकीट ग्राम रारपट्टी में कुल 0.232 हे ० भूमि की आवश्यकता है ।
2-राज्य सामाजिक समाधात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है, तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित द्वारा दिनांक 30 मई, 2019 को अनुमोदित किया गया है ।
3-सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-
(i ) 43वीं वाहिनी पी०ए०सी० प्रशिक्षण केन्द्र एटा के लिये भूमि का अधिग्रहण किया गया है ।
(ii) इस परियोजना के निर्माण से कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
4- भूमि अर्जन के कारण कुल विस्थापन के लिये अपरिहार्य निम्नवत् है- परिवार के विस्थापित होने की संभावना है एक
डिप्टी कलेक्टर/ असिस्टेंट कलेक्टर को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के उद्देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है ।
5-अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते हैं:
अनुसूची
District
Tehsil
PlotNo.
Pargana
Village
Areatobe Acquired
4
2
3
5
6 1
Hectare
0.232 Etah
Etah Sakeet
987
Etah
Rarpatti
6-अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण , खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर को प्राधिकृत करने हेतु निदेश देते हैं ।
7-अधिनियम की चारा 15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो. अधिसूचना के प्रकाशन के 60 दिन के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है ।
8 -अधिनियम की धारा 11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय / क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है ।
टिप्पणी- उक्त भूमि का स्थलीय नक्शा कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है ।
ह० (अस्पष्ट), जिलाधिकारी, आगरा ।
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उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र19, 1944 शक संवत्)
[भाग 1-क
NOTIFICATION
April 01, 2022
No. 9482/अ ०जि०भू०अ०/ आगरा- Under sub - section ( 1 ) of Section 11 of the Right Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 , whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector ( for the purpose of Appropriate Government ) is satisfied that Total of 0.232 hectares of land is required in the Village- Rarpatti , Pargana -Etah Sakeet , Tehsil-Etah, District-Etah is required for public purpose, namely, Project 43th Vahini PAC Prashikshan Kendra , Etah .
1. Social Impact Assessment Study was carried outby the State Social Impact Assessment Agency and submitted its recommendations to the Appropriate Government which as approved its recommendation on dated 30-05-2019.
2. The Summary of the Social Impact Assessment Report as follows:
(i) Land is acquired for public purpose namely Project 43th Vahini PAC Etah.
(ii)There is no any other entry effect construction ofthis Project.
3. A total of family are likely to be displaced due to the land acquisition . The reason necessitating such displacement is as under:
Deputy Collector/Assistant Collector . .x ....... is appointed as Administrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected familes .
4. Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose.
SCHEDULE
District
Tehsil
PlotNo.
Pargana
Village
Areatobe acquired 2
3
4
5
6
Hectare
Etah
Etah
987
0.232
Etah Sakeet Rarpatti
5. The Governor is also pleased to authorised the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps to enterupon and survey of land, Take levels of any land, dig or sub- soil into the sub- soil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under Section 12 oftheAct.
6. Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within ( days ) 60 after the publication of this notification , make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.
7. Under section 11 (4) of the Act , no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale/purchase , specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land. from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.
NOTE-A plan of land maybe inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.
(Sd.) ILLEGIBLE , Collector.Agra.
पी०एस ० यू० पी०-2 हिन्दी गजट- भाग 1 -क-2022 ई० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ।
रजिस्टर्ड नं ०- ए०डी०-4
लाइसेन्स सं ०- डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 9 अप्रैल , 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
भाग 8
सरकारी कागज-पत्र , दबाई हुई रूई की गांठों का विवरण- पत्र, जन्म- मरण के आंकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े , फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार- भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि ।
कार्यालय, नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर
31 दिसम्बर , 2021 ई०
सं० 606/न० प ०बु०/ 2021-22- इस कार्यालय के पत्रांक 19 / न०पं० बु०/2018-19 दिनांक 08 जनवरी, 2019 के द्वारा नगरपालिका अधिनियम, 1916 (2) की धारा 298 (2) सूची-1 एच ० एफ ० के अधीन नगर पंचायत, बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर ने अपनी सीमा के अन्तर्गत विज्ञापन सम्बन्धी उपनियम बनाये जाने के पश्चात् उनका प्रकाशन समाचार- पत्र अमर उजाला व हिन्दुस्तान, मेरठ के अंक दिनांक 10 जनवरी , 2019 को उपनियमों के सम्बन्ध में आपत्ति एवं सुझाव प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के भीतर आमन्त्रित किये जाने के उद्देश्य से कराया गया था । नियत अवधि में दो आपत्तियों प्राप्त होने पर इस निकाय की बोर्ड बैठक दिनांक 04 जून 2019 के एजेण्डा संख्या 5 के द्वारा नियमावली में संशोधन कर पुनः समाचार- पत्र हिन्दुस्तान व पश्चिम ज्योति के अंक दिनांक 17 अक्टूबर, 2019 में नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 142 के अधीन प्रकाशन कराकर धारा 143 के अन्तर्गत 30 दिवस के भीतर आपत्तियों एवं सुझाव आमन्त्रित करने हेतु प्रकाशित कराई गई थी। नियत अवधि में कोई आपत्ति एवं सुझाव नगर पंचायत कार्यालय में प्राप्त नहीं हुई है । उक्त उपविधि/ विनियमावली नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 301 की उपधारा (2 ) के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त उपविधि गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी समझी जायेगी ।
विज्ञापन विनियमन व नियंत्रण उपविधि, 2020
1-यह उपविधि विज्ञापन विनियमन व नियन्त्रण उपविधि, 2020 कहलायेगी ।
2-परिभाषाएँ-
(क) "विज्ञापन का तात्पर्य किसी भी प्रकार के प्रकाशन/ सूचना/ विज्ञप्ति से है । जिसका उपयोग प्रचार - प्रसार के उदद्देश्य से किया गया हो, जिसके अन्तर्गत दीवार पर लिखना, पोस्टर, बैनर, बिल होर्डिंग, क्योक्स, केन्टीलीवर, एलपोल , यूनीपोल, गुब्बारा पर लिखकर प्रकाशन या पोस्टर इत्यादि चिपकाकर उपयोग किया गया हो. जिसे आमजन के द्वारा देखा या पढ़ा जा सके ।
(ख) "भवन का तात्पर्य किसी भी प्रकार के बने ढाँचे से है, जो किसी भी मैटिरियल से बना हो जिसकी बाहरी दीवार और चार दीवारी हो अथवा किस अन्य भाग से है ।
(ग) "सक्षम अधिकारी का आशय अधिशासी अधिकारी / लाईसेन्स अधिकारी से होगा ।
3-कोई भी व्यक्ति/ संस्था / एजेन्सी नगर पंचायत बुढ़ाना की सीमा के अन्तर्गत किसी भी स्थान पर बिना किसी भवन/ ढाँचे पर विज्ञापन उद्देश्य से किसी भी प्रकार की सूचना, पम्पलेट, बिल, पोस्टर, होर्डिंग तथा किसी अन्य
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उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19 , 1944 शक संवत्)
[भाग 8
प्रकार के विज्ञापन प्रचार माध्यम (अधिशासी अधिकारी / लाईसेसिंग अधिकारी) की बिना अनुमति के नहीं लगायेगा/ प्रचार-प्रसार करेगा ।
4-किसी भी प्रकार के ऐसे विज्ञापन जो सामाजिक रूप से अश्लील, अभद्र, आपत्तिजनक अथवा किसी व्यक्ति/ समूह की भावना को ठेस पहुँचाने वाले हों, पर पूर्ण प्रतिबन्ध होगा ।
5-किसी भी ऐसे स्थान (राष्ट्रीय मार्ग की पटरी, नगर के मुख्य चौराहे) पर जिससे आवागमन/ यातायात में बाधा या जन असुविधा उत्पन्न हो तथा मा० उच्चतम न्यायालय /अन्य समस्त अधिकारिता सम्पन्न न्यायालय या शासनादेशों के द्वारा प्रतिबन्धित क्षेत्र पर किसी भी प्रकार के विज्ञापन बोर्ड या दीवार पर लिखना, पोस्टर हैण्डबिल इत्यादि विज्ञापन के प्रचार- प्रसार पर पूर्ण प्रतिबन्ध होगा ।
6-किसी भी प्रकार के विज्ञापन हेतु स्थल का उल्लेख आवेदक / व्यक्ति/ संस्था एजेन्सी के लिखित रूप से दो प्रतियों में पंचायत का निर्धारित प्रोफार्म आवेदन-पत्र मय साइंट की फोटो सहित देना अनिवार्य होगा । जिस पर स्थल एवं भाषा सम्बन्धी विभागीय जॉच रिपोर्ट पर सन्तुष्ट होने की दशा में अधिशासी अधिकारी / लाईसेसिंग अधिकारी के द्वारा अनुमति प्रदान की जायेगी तथा मा० अध्यक्ष / प्रशासक नगर पंचायत बुढ़ाना के अनुमोदन उपरान्त ही अनुमति सम्बन्धी कार्य आदेश सम्बन्धित व्यक्ति/ फर्म/ संस्था/ विज्ञापनदाता/विज्ञापनकर्ता/ विज्ञापन एजेन्सी को निर्गत किया जायेगा। कार्य आदेश के उपरान्त ही चयनित स्थलों पर विज्ञापन पट यथा होर्डिंग, कैन्टीलीवर, एलपोल, यूनीपोल, आई० एच० पी० क्योक्स इत्यादि लगाये जायेगें । विज्ञापन पटों आदि की अनुमति की निश्चित अवधि मात्र एक वर्ष तक हीअनुमन्य होगी ।
7-अधिशासी अधिकारी के पास यह अधिकार सुरक्षित होगा कि जनहित में आवश्यकता समझें तो अनुमति दे या न दें अथवा कारणों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए प्रतिदिन सहित अनुमति प्रदान करें ।
8-किसी भी प्रकार के विवाद की दशा में प्रभावित पक्ष सात दिवस के भीतर अपनी अपील याचिका अध्यक्ष/ प्रशासक नगर पंचायत बुढ़ाना के समक्ष रखने / दायर करने का अधिकार होगा । समस्त तथ्यों पर विचारोपरान्त मा० अध्यक्ष/ प्रशासक नगर नगर पंचायत बुढ़ाना के द्वारा 90 दिन के भीतर निर्णय अन्तिम रूप से प्रभावी होगा ।
9-कोई भी विज्ञापनकर्ता/व्यक्ति/ संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी नगर पंचायत बुढ़ाना में अपनी फर्म/ संस्था/ एजेन्सी का पंजीकरण कराने हेतु नगर पंचायत से निर्धारित प्रोफार्म क्रय करने हेतु एक साधारण आवेदन-पत्र मय अपना आधार कार्ड, पहचान- पत्र, आयकर पेन कार्ड, राष्ट्रीय बैंक पास बुक की सत्यापित प्रति व जी० एस ० टी० नम्बर सहित कार्ड की सत्यापित प्रति संलग्न करके प्रस्तुत करेगा तथा जिसके पास पंजीकरण के निर्धारित प्रोफार्म को निर्धारित शुल्क अंकन रु 0 1,000.00 नगर पंचायत कोष में जमा कराकर क्रय प्राप्त करेगा तथा उसको भरकर नगर पंचायत में प्रस्तुत करेगा । इसके उपरान्त ही नगर पंचायत द्वारा नियमानुसार पंजीकरण की कार्यवाही की जायेगी ।
10-पंजीकृत विज्ञापनकर्ता / व्यक्ति/ संस्था / विज्ञापन एजेन्सी को आगामी वित्तीय वर्ष में विज्ञापन प्रचार- प्रसार कराने हेतु अपनी फर्म/ संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी इत्यादि का नवीनीकरण कराना आवश्यक होगा । इसके उपरान्त ही आगामी वित्तीय वर्ष हेतू विज्ञापन प्रचार- प्रसार हेतु नियमानुसार इस उपविधि, 2020 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत ही अनुमति/स्वीकृति प्रदान की जायेगी। अपनी फर्म/ संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी इत्यादि का नवीनीकरण कराने हेतु निर्धारित शुल्क अंकन रु0 1,000.00 नगर पंचायत कोष में जमा कराने होंगे । इसके उपरान्त ही पंजीकरण/नवीनीकरण का प्रोफार्म क्रय / प्राप्त करने उपरान्त भरकर आवश्यक अभिलेखों सहित प्रस्तुत करना होगा । जिस पर उस फर्म/संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी इत्यादि का नियमानुसार नवीनीकरण किये जाने हेतु कार्यवाही की जायेगी।
11 - नगर पंचायत द्वारा पंजीकृत / नवीनीकरण व्यक्ति/ विज्ञापनकर्ता/ फर्म/ संस्था/विज्ञापन एजेन्सी को किसी भी वित्तीय वर्ष हेतु विज्ञापन बोर्डो इत्यादि की अनुमति/ स्वीकृति हेतु नगर पंचायत द्वारा निर्धारित प्रोफार्म को निर्धारित शुल्क अंकन रु0 500.00 पालिका कोष में जमा करके क्रय / प्राप्त करेगा तथा उसको भरकर जिन स्थलों इत्यादि पर विज्ञापन बोर्ड आदि लगाकर विज्ञापन प्रचार-प्रसार करना हो, उसकी साईट फोटो इत्यादि आवश्यक अभिलेखों सहित नगर पंचायत में प्रस्तुत करेगा । इसके उपरान्त ही नियमानुसार विज्ञापन बोडों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने की अनुमति/ स्वीकृति दी जायेगी ।
12- नगर पंचायत द्वारा जिस व्यक्ति/ विज्ञापनकर्ता/फर्म/ संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी की नियमानुसार पंजीकरण की स्वीकृति/ अनुमति प्रदान की जायेगी उस व्यक्ति/ विज्ञापनकर्ता / फर्म / संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी के द्वारा पंजीकरण हेतु अंकन रु0 10,000.00 नगर पंचायत कोष में जमा कराने होंगे तथा आगामी वित्तीय वर्ष हेतु अपनी फर्म/ संस्था / विज्ञापन एजेन्सी आदि की नियमानुसार नवीनीकरण की अनुमति/ स्वीकृति प्रदान की जायेगी । उसको नवीनीकरण हेतु निर्धारित शुल्क अंकन रु0 5,000.00 नगर पंचायत कोष में जमा कराने होंगे ।
13- नगर पंचायत से नियमानुसार पंजीकरण या नवीनीकरण कराने के उपरान्त अधिकृत व्यक्ति/ विज्ञापनकर्ता/विज्ञापनदाता / फर्म / संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी जिन स्थलो पर विज्ञापन बोर्ड इत्यादि लगाने की नगर पंचायत से अनुमति/ स्वीकृति चाहेंगे तो नगर पंचायत से प्राप्त निर्धारित प्रोफार्म को भरकर आवश्यक अभिलेखों सहित भाग 8 ]
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उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत)
स्थलों की सूची साईट फोटो सहित इस उपविधि की धारा 6 में इंगित निर्देशान्तर्गत निर्धारित दो प्रतियों में आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा जिस पर नियमानुसार नगर पंचायत द्वारा अनुमति/ स्वीकृति दी जा सकती है ।
14- नगर पंचायत बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर सीमान्तर्गत विज्ञापन प्रचार- प्रसार हेतु विज्ञापन विनियम व नियन्त्रण उपविधि, 2020 के अन्तर्गत निम्नांकित प्रकार से दरें प्रभावी होंगे जिसके अनुसार ही पंजीकृत/ नवीनीकृत विज्ञापनकर्ता/फर्म / संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी आदि को निम्नवत् विज्ञापनों की बाबत निर्धारित विज्ञापन शुल्क का भुगतान नगर पंचायत कोष में करना अनिवार्य होगा जो निम्नवत् होगी -
(क) दीवार पर लिखना
वार्षिक 12.00 रुपये प्रति वर्ग फुट
प्रतिमाह 05.00 रुपये प्रति वर्ग फुट
(ख) पोस्टर लगाना, बैनर आदि अधिकतम साईज (20x30")
वार्षिक 50.00 रुपये प्रति वर्ग फुट
(ग) लोहे के टिन (होर्डिंग / आई.एच.पी./ क्योक्स आदि ) के विज्ञापन बोर्ड
(घ) प्राइवेट भवनों/ मार्किटों की छतों पर
(ङ) यूनीपोल / कैन्टीलीवर / एल० पोल
वार्षिक 50.00 रुपये प्रति वर्ग फुट
प्रतिमाह 12.50 रुपये प्रति वर्ग फुट
वार्षिक 150.00 रुपये प्रति वर्ग फुट
प्रतिमाह 250.00 रुपये प्रति वर्ग फुट
(च) विद्युत् नियन्त्रित/ चालित न्यानसाईन एल ०ई ०डी० आदि
प्रतिमाह 05.00 रुपये प्रति वर्गफुट
वार्षिक 50.00 रुपये प्रति वर्गफुट
(छ) नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर सीमान्तर्गत लगाये गये धार्मिक, राजनैतिक विज्ञापन पट्टों पर भी अन्य व्यवसायिक विज्ञापन पटों की दर लागू रहेगी ।
(ज) गुब्बारो पर प्रदर्शित विज्ञापन
(झ) छतरी/ कनोपी पर प्रदर्शित विज्ञापन
(ण) गेन्ट्री पर प्रदर्शित विज्ञापन
(त) ऑटो चालित वाहनों पर प्रदर्शित विज्ञापन 800.00 रुपये प्रतिदिन
800.00 रुपये प्रतिदिन
प्रतिमाह 100.00 रुपये प्रति वर्गफुट
प्रतिमाह 200.00 रुपये प्रति वर्गफुट
15-किसी भी प्रकार के विज्ञापन बोर्ड यदि प्राकृतिक आपदा जैसे तूफान, भू- कम्प आदि से टूटकर किसी भवन, ढाँचे अथवा यातायात आवागमन में किसी व्यक्ति, पशु के जानमाल इत्यादि की क्षति होती है तो सम्बन्धित विज्ञापनकर्ता/फर्म/व्यक्ति/ संस्था विज्ञापन एजेन्सी ही हर्ज , खर्चे व कानूनी तौर पर कार्यवाही हेतु जिम्मेदार रहेगी । नगर पंचायत बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर इसके लिये जिम्मेदार नहीं होगी।
16- नगर पंचायत बुढ़ाना की सीमान्तर्गत महावीर तिराहा, कुरैशी वाली पुलिया चौ० चरण सिंह तिराहा, दयानन्द चौक, भारत टाकीज चौक इत्यादि प्रतिबन्धित क्षेत्रों को छोड़कर सड़क के दोनों ओर परीक्षण/ निरीक्षण उपरान्त ही मान्य होने की स्थिति में ही विज्ञापन पट्ट की अनुमति प्रदान की जायेगी।
17-किसी भी पंजीकृत व्यक्ति/ फर्म/ संस्था / विज्ञापनकर्ता/ विज्ञापन एजेन्सी को प्राईवेट भवनों/ मार्किटों की छतों पर विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति भवन / मार्किट स्वामी के साथ सम्बन्धित पंजीकृत विज्ञापनकर्ता /विज्ञापन एजेन्सी/ फर्म/ संस्था द्वारा किये गये अनुबन्ध की प्रमाणित कापी तथा सहमति- पत्र भी निर्धारित आवेदन-पत्र के साथ संलग्न करना होगा । इसके उपरान्त ही अधिशासी अधिकारी / लाईसेंसिंग अधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान की जायेगी ।
18-विज्ञापन वैध स्वीकृति/ अनुमति की समाप्ति के पश्चात् अथवा बिना वैध स्वीकृति/ अनुमति के स्थापित किया गया विज्ञापन बोर्ड, पोस्टर, बैनर हटाकर विज्ञापन सामग्री को जब्त करने का अधिकार नगर पंचायत बुढ़ाना मे निहित होगा तथा हटाने का हर्जा, खर्चा वसूल करने का अधिकार भी सम्बन्धित विज्ञापनकर्ता/विज्ञापन एजेन्सी/ फर्म/ संस्था से होगा तो हटाने की तिथि से एक माह के बाद नीलाम करने का अधिकार नगर पंचायत बुढ़ाना में निहित होगा साथ ही वित्तीय वर्ष समाप्ति पर अगले वित्तीय वर्ष में विलम्बतम 15 दिन के अन्दर पुनः अनुमति प्राप्त करनी होगी।
19-निम्नांकित प्रकार के विज्ञापनों पर इस उपविधि ( नियमावली) के नियम प्रभावी नहीं होगें- (क) केन्द्रीय / राज्य सरकार विभागीय विज्ञापन बोर्ड, बैनर, पोस्टर आदि ।
(ख) किसी व्यवसायी द्वारा अपनी दुकान/ भवन पर अपने निजी व्यवसाय से सम्बन्धित स्वयं पहचान हेतु लगाया गया विज्ञापन पट्ट/ बैनर आदि ।
(ग ) इसके अतिरिक्त किसी विशेष परिस्थिति में विज्ञापन लगाने के लिये निःशुल्क अनुमति का अधिकार अधिशासी अधिकारी / लाईसेसिंग अधिकारी में निहित होगा ।
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[भाग 8
20-कोई भी विज्ञापनदाता /विज्ञापनकर्ता/ फर्म/ संस्था/ विज्ञापन एजेन्सी का स्वामी किसी चालित वाहन पर विज्ञापन कर रहा हो उससे ठेली/ रिक्शा/ चालित वाहन से नियमानुसार नगर पंचायत द्वारा निर्धारित लाईसेन्स शुल्क जमा कराते हुए उक्तानुसार निर्धारित विज्ञापन शुल्क की दर से ही जमा कराना होगा ।
21-किसी भी दुकान या अन्य व्यवसायिक संस्था के आगे अपनी संस्था के नाम अलावा यदि किसी भी प्रकार अन्य के विज्ञापन बोर्ड प्रचार- प्रसार हेतु लगाये जाते हैं, तो उसे विज्ञापन की श्रेणी में माना जायेगा तथा उनसे निर्धारित विज्ञापन शुल्क जमा कराया जायेगा ।
22-कोई भी विज्ञापनदाता / विज्ञापनकर्ता/ संस्था / फर्म / विज्ञापन एजेन्सी का स्वामी इस उपविधि (नियमावली) के प्राविधानों का उल्लंघन करके किसी भी विज्ञापन सामग्री को विज्ञापन बोर्ड आदि पर लगाकर उपयोग करता है तो वह दोषी माना जायेगा । ऐसे दोषी पर उ०प्र० नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 299 के अन्तर्गत आर्थिक दण्ड अधिरोपित होगा ।
शास्ति(दण्ड)
उ०प्र० नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 299 (1 ) के द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके नगर पंचायत बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा इस उपविधि के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन करने वाले पर रु0 1000.00 अर्थदण्ड किया जा सकता है और उल्लंघन निरन्तर जारी रहने की दशा में दोष सिद्ध होने की दशा में अपराधी से ऐसे प्रतिदिन के लिये रु0 25.00 प्रतिदिन अर्थदण्ड लिया जा सकता है ।
बाला त्यागी, अध्यक्ष, नगर पंचायत, बुढ़ाना, मुजफ्फरपुर।
कार्यालय, नगर पंचायत, बुढाना, मुजफ्फरनगर
31 दिसम्बर , 2021 ई ०
सं० 607/न० प० बु०/ 2021-22- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि शासनादेश संख्या 406/ नौ-9-1997-95 जनरल/ 96 , दिनांक 10 फरवरी, 1997 के प्रस्तर-6 में पारित आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916(2) संशोधन 1994 की धारा 298 सूची-1 ञ- प्रकीर्ण ( घ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत बुढ़ाना ( मुजफ्फरनगर ) अपनी सीमा के अन्तर्गत विद्युत् विभाग द्वारा स्थापित ट्रांसफारमर्स और सब स्टेशनों पर किराया (शुल्क / फीस) निर्धारण एवं वसूली विनियमन एवं नियमन तथा नियंत्रण हेतु उपविधि बनाई है. जिसे नगर पंचायत बुढ़ाना ने अपनी बोर्ड बैठक दिनांक 06 जनवरी, 2018 के प्रस्ताव संख्या 06 के द्वारा स्वीकार किया है । उपविधि का प्रकाशन समाचार-पत्र "अमर उजाला' के अंक दिनांक 04 मार्च, 2018 व मुजफ्फरनगर बुलेटिन के अंक दिनांक 05 मार्च, 2018 में प्रकाशन कराकर उपविधि प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर आपत्त्ति एवं सुझाव मांगे गये थे । नियत अवधि के अन्दर कोई आपत्ति एवं सुझाव नगर पंचायत कार्यालय में प्राप्त न होने की दशा में उक्त उपविधि/विनियमावली को अन्तिम रूप से लागू करने हेतु अन्तिम सूचना पुष्टि हेतु पुनः समाचार - पत्र " हिन्दुस्तान" व पश्चिम ज्योति के अंक दिनांक 06 अप्रैल, 2018 में प्रकाशित कराई गई है । नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 301 की उपधारा (2) के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त नियमावली गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी समझी जायेगी।
विद्युत विभाग द्वारा स्थापित ट्रांसफारमर्स/ सबस्टेशन विनियमन तथा नियंत्रण नियमावली , 2018
उपविधि
1-संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ-
(क) यह उपविधि नगर पंचायत बुढाना (मुजफ्फरनगर ) के सीमा के अन्तर्गत विद्युत् विभाग द्वारा स्थापित ट्रांसफारमर्स/सबस्टेशन पर किराया निर्धारण एवं वसूली विनियमन एवं नियमन तथा नियंत्रण नियमावली (उपविधि) 2018 कहलायेगी ।
(ख) यह उपविधि नगर पंचायत बुढ़ाना ( मुजफ्फरनगर) द्वारा सरकारी गजट प्रकाशन में प्रकाशित किये जाने की तिथि से लागू होगी ।
2-परिभाषाएँ-
जब तक कोई प्रसंग प्रतिकूल न हो, इस उपविधि में-
(क) अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम संख्या-2 सन्1916 से है ।
143 भाग 8 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत)
(ख ) नगर पंचायत का तात्पर्य नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर से है ।
(ग) अध्यक्ष / प्रशासक का तात्पर्य नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष / प्रशासक से है ।
(घ) बोर्ड का तात्पर्य नगर पंचायत बुढाना, मुजफ्फरनगर के निर्वाचित बोर्ड अथवा शासन द्वारा स्थापित की गई व्यवस्था से है ।
(ङ) अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर के अधिशासी अधिकारी से है ।
(च) किराया का तात्पर्य इस उपविधि के अन्तर्गत आरोपित किराया से है ।
(छ) ट्रांसफारमर्स/ सब स्टेशन का तात्पर्य विद्युत् विभाग द्वारा नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर की सीमा अन्तर्गत स्थापित ट्रांसफारमर्स / सब स्टेशन से है ।
3-नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर केवल उन्हीं ट्रांसफारमर्स/ सब स्टेशन पर वार्षिक किराया अधिरोपित कर, विद्युत विभाग से वसूल करेगी अथवा बिजली के बिल में उक्त धनराशि समयोजित करेगी जो ट्रांसफारमर्स/सब स्टेशन नगर पंचायत बुढ़ाना की सीमा के अन्दर स्थापित होंगें ।
4- नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर की सीमा क्षेत्र के अन्तर्गत स्थापित ट्रांसफारमर्स/ सब स्टेशन पर वार्षिक किराया प्रतिवर्ष , प्रतिवर्गफुट की दर से निर्धारित शुल्क, वसूल या समायोजित करेगी।
होगा। 5- निर्धारित किया गया शुल्क प्रति वर्ष 01 अप्रैल से 31 मार्च तक जमा करना अथवा समायोजन कराना
6-ट्रांसफारमर्स/सब स्टेशन पर वार्षिक किराया की दर निम्न प्रकार होगी:-
क्र०सं० किराये का निर्धारण
किराये की दर
1
रु0 120 प्रति वर्ग फुट (प्रतिवर्ष) विद्युत् विभाग द्वारा स्थापित ट्रांसफारमर्स / सब स्टेशन
7- उपरोक्त किराया के संबंध में यदि कोई विवाद उत्पन्न होता है तो अध्यक्ष / प्रशासक / अधिशासी अधिकारी का निर्णय अंतिम होगा । जब तक कि वह निर्णय किसी सक्षम न्यायालय द्वारा खंडित अथवा स्थगित न कर दिया जाये। किराया से संबंधित उत्पन्न होने वाले वादों का न्याय क्षेत्र जनपद मुजफ्फरनगर होगा ।
दण्ड
उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 299 की उपधारा ( 1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर निर्देश देती है कि इस उपविधि का उल्लंघन करने वाला दण्ड का भागी होगा । जो रू० 1.000 ( एक हजार रूपये) तक हो सकता है और उल्लंघन निरंतर जारी रहने की दशा में प्रत्येक दिन के लिये जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है तो रु 0 25 (पच्चीस रुपये) प्रतिदिन अतिरिक्त अर्थदण्ड लिया जा सकता है ।
बाला त्यागी,
अध्यक्ष, नगर पंचायत बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर ।
कार्यालय, नगर पंचायत , बुढ़ाना , मुजफ्फरनगर
31 दिसम्बर, 2021 ई 0
सं० 608/न०पं० बु० /2021-22- नगर पंचायत बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 293 व 298 के अन्तर्गत वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत 'ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2016 के अन्तर्गत वांछित व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन एवं विनियमन हेतु उपविधि बनायी है । उपविधि का प्रकाशन समाचार-पत्र 'अमर उजाला' व ' मुजफ्फरनगर बुलेटिन के अंक दिनांक 10 जनवरी, 2020 में नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 142 के अधीन कराकर धारा 143 के अन्तर्गत एक माह के भीतर आपत्तियों एवं सुझाव आमन्त्रित किये गये थे । नियत अवधि में कोई आपत्ति एवं सुझाव नगर पंचायत कार्यालय में प्राप्त नहीं हुए हैं । नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 301 की उपधारा (2) के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि उक्त उपविधि गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी समझी जायेगी ।
नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि, 2020
1-संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ इस उपविधि का नाम "नगर पंचायत बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर की नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि, 2020" कहलायेगी तथा सरकारी गजट में प्रकाशन के दिनांक से लागू/ प्रभावी होगी । यह उपविधि उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 के अन्तर्गत संशोधित होने की तिथि तक प्रभावी रहेगी। इस प्रकार के संशोधन स्थानीय समाचार- पत्र में पर्याप्त नोटिस देकर प्रकाशित किये जायेगे ।
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2-लागू होना-यह उपविधि नगर पंचायत बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर की सीमा में ( गविष्य में विस्तारण के फलस्वरूप संशोधित सीमायें इसमें सम्मिलित मानी जायेगी ) लागू होगी एवं सभी सार्वजनिक स्थलों, सभी ठोस अपशिष्ट उत्पादन करने वालों, प्रत्येक स्वामित्व /अध्यासन वाले परिसर से सम्बन्धित व्यक्तियों पर जो नगर पंचायत, बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर की सीमा में है पर लागू होगी ।
3. इस उपविधि में जब तक कि इस संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो उपविधि एवं परिशिष्ट में प्रयुक्त शब्दों की परिभाषा निम्नवत् है ।
परिभाषाएं
जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस नियमावली में:-
1-" अभिकरण या अभिकर्ता" से तात्पर्य नगर पंचायत बुढ़ाना जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति या संस्था या एजेन्सी या फर्म या संविदाकर्ता से है, जो उसकी ओर से गलियों की सफाई और अपशिष्ट के संग्रह, प्रबन्धन, परिवहन, भण्डारण, पृथक्कीरण संग्रहण, यूजर चार्ज शमन शुल्क के संग्रह आदि कृत्य का निर्वहन करें ।
2-"जैवनाशित अपशिष्ट (बायोडिग्रेडिबल वेस्ट)" से तात्पर्य जीवाणु या अन्य जीवित प्राणियों द्वारा अपघटित या नामित किये जाने योग्य कूड़ा -कचरा या अपशिष्ट सामग्री से है । उदाहरण स्वरूप पेड पौधों/ जानवरों से जनित अपशिष्ट जैसे रसोई अपशिष्ट, भोजन एवं फूलों का अपशिष्ट, पत्तियों , बगीचों का अपशिष्ट, जानवरों का गोबर मीट/ मछली का अपशिष्ट अथवा अन्य कोई पदार्थ जो माइक्रोआर्गेनिज्म द्वारा डिग्रेड/डिकम्पोज हो सकता है ।
3-"जैवचिकित्सा अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट) " से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जो किसी प्राणी या जन्तु के निदान या उपचार के दौरान या अनुसंधान क्रियाकलापों में या जीवों के उत्पादन या परीक्षण में सृजित हो । इसके अन्तर्गत अनुसूची तीन में उल्लिखित श्रेणियों भी सम्मिलित है ।
4-"शुष्क अपशिष्ट से तात्पर्य " बायो डिग्रेडिबल अपशिष्ट और गली के निष्क्रिय कूड़ा करकट से भिन्न अपशिष्ट से है और जिसके अन्तर्गत री- साइकेबल अपशिष्ट, नान-रीसाइकेबल अपशिष्ट, ज्वलनशील अपशिष्ट और सेनेटरी नैपकिन और डाइपर आदि से है।
5-"घरेलू परिसंकटमय ( हजार्डस) अपशिष्ट" से तात्पर्य घरेलू स्तर पर उत्पन्न संक्रामक/हानिकारक अपशिष्टो जैसे फेके हुए पेंट के ड्रम, कीटनाशी के डिब्बे, सी० एफ० एल ० बल्ब, ट्यूबलाईटे, अवधि समाप्त औषधियों, टूटे हुए पारा वाले थर्मामीटर, प्रयुक्त बैटरिया, प्रयुक्त सुइयों तथा सिरिंज और संदूषित पट्टियों आदि से है ।
6-"बायो मीथेनेशन से तात्पर्य " ऐसी प्रक्रिया से है जिसमें माइक्रोबियल एक्शन द्वारा कार्बनिक पदार्थ का इन्जाइमी डीकम्पोजीशन/ ब्रेकिंग डाउन होता है जिसके कारण मीथेन से भरपूर बायोगैस का उत्पादन होता है ।
7-"द्वार-द्वार संग्रहण से तात्पर्य " घरो , दुकानों वाणिज्यिक प्रतिष्ठानो, कार्यालयों, संस्थागत या किसी अन्य गैर आवासीय परिसरों के द्वार तक जाकर ठोस अपशिष्ट का संग्रहण करना और जिसके अन्तर्गत किसी आवासीय सोसायटी, बहुमंजिले भवन या अपार्टमेन्ट, बडे आवासीय वाणिज्यक या संस्थागत काम्पलेक्स या परिसरों में भूतल पर प्रवेश द्वार या किसी अभिहित स्थल से ठोस अपशिष्ट का संग्रहण करने से है ।
8-"विकेन्दित प्रसंस्करण " से तात्पर्य बायोडिग्रेडिबल अपशिष्ट के प्रसंस्करण को अधिकतम करने के लिए बिखरी हुई सुविधाओं की संस्थापना और उत्त्पादन के स्रोत से निकटतम रीसाइकेबल सामाग्रियों की प्रति प्राप्ति करने से है ताकि प्रसंस्करण या निपटान के लिए अपशिष्ट का न्यूनतम् परिहवन करना पड़े ।
9-"ब्रांड ऑनर से तात्पर्य" ऐसी किसी व्यक्ति अथवा कम्पनी से है जो किसी सामग्री की एक रजिस्टर्ड ब्रांड लेबल के अन्तर्गत वाणिज्य विक्रय करती है ।
10-"निपटान से तात्पर्य" भूजल, सतही जल, परिवेशी वायु के संदूषण तथा पशुओं या पक्षियों के आकर्षण को रोकने के लिए तथा विनिर्दिष्ट भूमि पर प्रसंस्करण उपरान्त अपशिष्ट, ठोस अपशिष्ट और निष्क्रिय गली का कूड़ा करकट और सतही नाले की सिल्ट का अन्तिम तथा सुरक्षित निपटान से है ।
11-"नगर निकाय" से तात्पर्य नगर पंचायत बुढ़ाना से है.
12-"बृहद अपशिष्ट सृजक ( बल्क वेस्ट जनरेटर) से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट उत्पादकों से है जो औसतन 100 किलोग्राम की दर से अधिक अपशिष्ट उत्पादित करते है तथा इनमें केन्द्रीय / राज्य सरकार के विभागों अथवा उपक्रमों, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक 145 भाग 8 ]
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या प्राईवेट सेक्टर की कम्पनियों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्कूलों कॉलेजो, विश्वविद्यालयों, अन्य शैक्षिक संस्थाओं, छात्रावासों, होटलों, वाणिज्यिक स्थापनाओं , बाजारों, पूजा स्थलों, स्टेडियमों और खेल परिसरों द्वारा अधिकृत भवन या अन्य प्रयोगकर्ता जैसे कि क्लब, जिमखाना, शादीघर, मनोरंजन परिसर भी शामिल हैं, आदि से है ।
13-"संग्रहण" से तात्पर्य नियत संग्रहण स्थलों या अन्य स्थानों से नगरीय ठोस अपशिष्ट के उठाने और हटाने से है ।
14-"स्रोत पर संग्रहण " से तात्पर्य किसी भवन के परिसर या भवनों के किसी समूह के परिसरों के भीतर से नगर निकाय द्वारा नगरीय ठोस अपशिष्ट के संग्रहण से है । इसे घर-घर संग्रहण भी कहा जा सकता है ।
15-"सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र" से तात्पर्य किसी ऐसी भण्डारण सुवधिा से है जिसकी व्यवस्था तथा रख - रखाव नगरीय ठोस अपशिष्ट के भण्डारण हेतु एक या उससे अधिक परिसरों के स्वामियों और/ या अध्यासियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है ।
16 "कम्पोस्ट खाद निर्माण से तात्पर्य ऐसी नियन्त्रित प्रक्रिया से है जिसमें कार्बनिक पदार्थ का जैविकीय अपघटन एरोबिक/ एनएरोबिक अन्तर्ग्रस्त है । इसके अन्तर्गत कृमिक खाद निर्माण भी है, जो जैव अवक्रमणीय अपशिष्ट को वनस्पतिक खाद में परिवर्तित करने हेतु केंचुओं के प्रयोग की एक प्रक्रिया है ।
17-"निर्माण व ध्वस्तीकरण सम्बन्धी अपशिष्ट" से तात्पर्य निर्माण, पुर्ननिर्माण, मरम्मत और ध्वस्तीकरण संक्रिता से निकलने वाली भवन सामग्री, मलवा और रोडी से उत्पन्न अपशिष्ट से है । 18-" ई-वेस्ट" से तात्पर्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों से उत्पन्न अपशिष्ट से है यथा पुराने ट्रांजिस्टर, रेडियो, टेलीविजन, कम्प्यूटर, लेपटॉप, या अन्य इलेक्ट्रोनिक गेजेट आदि ।
19-" अपशिष्ट छँटाई केन्द्र" से तात्पर्य किसी ऐसी अभिहित भूमि शेड छत्तरी, या ढांचे से है जो किसी नगर निकाय की या सरकारी भूमि पर या अपशिष्ट को प्राप्त करने या उसकी छटाई करने के लिए प्राधिकृत किसी सार्वजनिक जगह पर स्थित हों ।
20-" अपशिष्ट उत्पादक" से तात्पर्य नगर निकाय की सीमा में नगरीय ठोस अपशिष्ट का उत्पादन करने वाले किसी व्यक्ति या संस्था से है ।
21-"निष्क्रिय ठोस अपशिष्ट से तात्पर्य " किसी ठोस अपशिष्ट या प्रसंस्करण के अवशेष से है जिसके भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणधर्म उसे सफाई सम्बन्धी गड्ढे के लिए उपयुक्त बनाते हैं ।
22-"कूडा कचरा से तात्पर्य " किसी प्रकार का ठोस या तरल घरेलू या वाणिज्यिक कचरा, मलबा या कूडा या किसी प्रकार का शीशा धातु आदि के टुकडे कागज कपडा लकड़ी खाना वाहन के परित्यक्त भाग, फर्नीचर या फर्नीचर के भाग , निर्माण से ध्वस्त सामग्री, उद्यान अपशिष्ट कतरन, ठोस बालू या पत्थर और किसी सार्वजनिक स्थान पर जमा की गयी कोई अन्य सामग्री पदार्थ या वस्तु से है ।
23-"संग्रहण" से तात्पर्य कूडे कचरे को ऐसे स्थान पर रखने से है, जहाँ पर वह गिराया या उतारा जाता है अथवा बह कर आता है , रिसता या अन्य प्रकार से बह कर आता है या किसी सार्वजनिक स्थान में या उस पर उसके गिराने, उतारने, बह कर आने, रिसने या किसी प्रकार से आने की संभावना हो ।
24-"स्थानीय क्षेत्र नागरिक समूह" स्थानीय क्षेत्र नागरिक समूह से तात्पर्य आवासीय वाणिज्यिक परिसरों के स्वामियों या अध्यासियों के किसी समूह या किसी विशिष्ट पड़ोस के ऐसे स्वामियों या अध्यासियों की समितियों या संगठनों से है जो नागर निकाय द्वारा विनिर्दिष्ट मानदण्ड के आधार पर परिभाषित किये गये हो, जो उस क्षेत्र में सफाई बनाये रखने और अपशिष्ट में कमी करने, पृथक्क्रण और पुर्नचक्रण के लिए उत्तरदायित्व लेने के लिए आगे आये हो और उसके उद्देश्य और प्रयोजन के अन्तर्गत सफाई बनाये रखना और अपशिष्ट के पृथक्करण और पुर्नचक्रण भी सम्मिलित हो और उसे नगर निकाय द्वारा स्थानीय क्षेत्र नागरिक समूह के रूप में अनुमोदित किया गया हो ।
25-"मार्ग विक्रेता (स्ट्रीट वेण्डर)" से तात्पर्य किसी गली, लेन, पार्श्व-पथ, पैदल पथ, खडंजा, सार्वजनिक उद्यान या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर या प्राइवेट क्षेत्र, अस्थायी रूप से निर्मित संरचना या स्थान से स्थान घूम कर साधारण जनता को दैनिक उपयोग के वस्तु, माल . खाद्य सामग्री या वाणिज्यिक वस्तु के विक्रय करने या उन्हें एक 146
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स्थान से दूसरे स्थान तथा स्थानान्तरित करने में लगे व्यक्ति से है जिसके अन्तर्गत फेरीवाला आदि सम्मिलित है ।
26-"नगरीय ठोस अपशिष्ट" के अन्तर्गत नगर निकाय में उत्पादित ऐसा वाणिज्यक, आवासीय और अन्य अपशिष्ट भी है, जो ठोस या अर्द्धठोस रूप में हो ।
27-"गैर सरकारी संगठन या स्वयंसेवी संगठन" से तात्पर्य नगर के ऐसे गैर सरकारी संगठन से है, जो नगर में सिविल सोसाइटी संगठन और गैर सरकारी संगठन का एक प्रतिनिधित्व निकाय है, सुसंगत अधिनियमों के तहत पंजीकृत हो ।
28-"अध्यासी" से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो किसी भी प्रयोजन के लिए किसी भूमि या किसी भवन या उसके भाग का अध्यासी है या अन्यथा रूप से उपयोग कर रहा है ।
29-"स्वामी से तात्पर्य " ऐसे व्यक्ति से है जो किसी भवन भूमि या उसके भाग के स्वामी के अधिकारों का प्रयोग कर रहा है ।
30-"प्रस्रांकरण" से तात्पर्य ऐसे किसी वैज्ञानिक प्रस्संकरण से है जिसके द्वारा ठोस अपशिष्ट पुनर्चक्रण या भू- भरण स्थल हेतु उपयुक्त बनाने के प्रयोजन के लिए प्रस्संकरण हेतु अभिक्रियित किया गया है ।
31-"पुनर्चक्रमण" से तात्पर्य नये उत्पादों को उत्पादित करने हेतु पृथक्कृत गैर जैव विकृत ठोस अपशिष्ट को ऐसी कच्ची सामग्री में परिवर्तित करने की प्रक्रिया से है. जो मूल उत्त्पादों के समान हो सकती है या नहीं हो सकती है ।
32-" कचरा निस्तारण प्रभार से तात्पर्य" नगर निकाय द्वारा समय -समय पर विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट उत्पादकों से नगरीय ठोस अपशिष्ट के संग्रह , परिवहन और निस्तारण के लिए अधिसूचित फीस या प्रभार से है । इसमें विभिन्न प्रकार के लाईसेंसी के लिए यथा प्रयोज्य व्यापार कचरा प्रभार सम्मिलित है ।
33-" प्रयोक्ता शुल्क" से तात्पर्य उस कार्य के संदर्भ में निर्धारित यूजर चार्ज से है ।
34-"पृथक्क्रण " से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट को विनिर्दिष्टि समूह के जैद नाशित परिसंकटमय जैव चिकित्सीय निर्माण और ध्वंश सामूहिक उद्यान और बागवानी एवं समस्त अन्य अपशिष्ट को पृथक करने से है ।
35-"छँटाई" करना से तात्पर्य मिश्रित अपशिष्ट से पुनचक्रण योग्य विभिन्न संघटकों और प्रवर्गों जैसे कागज, प्लास्टिक, गत्ता , धातु कॉच आदि को समुचित पुनः चक्रण सुविधा में पृथक् करना सम्मिलित है ।
36-"भण्डारण" से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट के उस रीति से अस्थायी संग्रहण से है जिससे कि कूड़ा करकट के बिखराव, रोगवाहको के आकर्षण, आवारा पशुओं और अतिशय दुर्गन्ध को रोका जा सकें ।
37-"परिवहन " से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट के एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने से है ।
38-"विहित प्राधिकारी" में अधिशासी अधिकारी से सफाई कर्मचारी तक समस्त अधिकारी/ कर्मचारी सम्मिलित माने जायेंगे ।
39-"अनाधिकृत स्थल " से तात्पर्य सम्बन्धित्त कार्य व्यवहार/ क्रिया के लिये अधिकृत अथवा निश्चित्/निर्धारित स्थल के अतिरिक्त सभी स्थलों से है । इस नियमावली में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 या पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016 में उनके लिए क्रमशः समुनिदेशित है जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो ।
इस उपविधि के अन्तर्गत उपरोक्त दी गयी परिभाषा से सम्बन्धित दायित्वों / कर्तव्यों / कार्यों का विवरण प्रतिशोध , शस्ति, प्रशमन आदि का विवरण निम्नवत् है ।
2 प्रत्येक अपशिष्ट उत्पन्नकर्ता-
अपशिष्ट उत्पन्नकर्ताओं
के सामान्य कर्तव्य
(क) उनके द्वारा उत्पन्न किये गये अपशिष्ट को पृथक्कृत और तीन पृथक् शाखाओं अर्थात बायोडिग्रेडिबल नान-बायोडिग्रेबल और घरेलू हजार्डस अपशिष्ट के तीन अलग -अलग रंग के डिब्बो क्रमशः हरा , पीला एवं लाल में भंडारित करेगा और समय -समय पर नगर पंचायत द्वारा निर्गत निर्देश या अधिसूचना के अनुसार पृथक किये गये अपशिष्टों को प्राधिकृत अपशिष्ट चुनने वालों या अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं को सौंपेगा ।
(ख) प्रयोग किये गये स्वास्थ्यकर अपशिष्ट जैसे डायरपरों और स्वास्थ्यकर पैडों आदि इन उत्पादों के निर्माताओं या ब्रांड स्वामियों द्वारा उपलब्ध करायी गई थैली में या स्थानीय 147 भाग 8 ]
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प्राधिकारियों द्वारा यथा निर्देशित उपयुक्त लपेटन (रैपर) सामग्री में शुष्क अपशिष्ट या अजैविक निम्नीकरण अपशिष्ट हेतु बनाये गये डिब्बे में उसे डालेगा ।
(ग) अपने परिसर से उत्पन्न कृषि उद्यान अपशिष्ट और उद्यान अपशिष्ट को अपने ही परिसर में पृथक रूप से भंडारित करेगा और समय-समय पर स्थानीय निकाय के निर्देशानुसार इसका निपटान करेगा ।
(2) कोई अपशिष्ट उत्पादक उसके द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट को गली, खुले सार्वजनिक स्थानों, नाली / नालों या जलाशयों में न फेकेगा न जलायेगा और न गाडेगा ।
(3) सभी अपशिष्ट उत्पन्नकर्ता ऐसी उपयोक्ता फीस का भुगतान करेंगे जो ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिये नगर पंचायत की उपविधि में विनिर्दिष्ट किया गया है ।
(4) कोई व्यक्ति अग्रिम रूप से कार्यक्रम की तिथि से कम से कम तीन कार्य दिवस पूर्वस्थानीय निकाय को सूचित किये बिना किसी गैर अनुज्ञप्ति वाले स्थान पर एक सौ व्यक्तियों से अधिक का ऐसा कोई आयोजन या समारोह आयोजित नही करेगा । ऐसी व्यक्ति या ऐसे आयोजन का आयोजक स्रोत पर अपशिष्ट के पृथक्करण की व्यवस्था करेगा और पृथक्कृत अपशिष्ट को नगर पंचायत द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपशिष्ट संग्रहण अभिकरण को सौपेगा तथा इस संदर्भ में दी गयी अनुमति की सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा ।
(5) प्रत्येक पक्ष विक्रेता ( स्ट्रीट वेन्डर) अपने कार्यकलाप के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट जैसे कि खाद्य अपशिष्ट प्रयोजन (डिस्पोजेबल) , प्लेटों, कपों, डिब्बों, रैपरों , नारियल के छिलकों शेष बचे भोजन सब्जियों फलों आदि के लिये उपयुक्त पात्र रखेगा और ऐसे अपशिष्ट को नगर पंचायत द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपशिष्ट संग्रहण अभिकरण को सौपेगा अन्यथा समीपस्थ सम्बन्धित अपशिष्ट संग्रह पात्रों में डालेगा ।
(6) 5000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी गेट लगे समुदाय और संस्थान नगर निकाय की भागीदारी में इन नियमों में यथा विहित उत्पादकों द्वारा अपशिष्ट को स्त्रोत पर ही पृथक करना, पृथक किये गये अपशिष्ट को अलग-अलग पात्रों में संग्रहण करने में सहायता करना तथा पुनर्चक्र कों को सौपना सुनिश्चित करेगे । जैव अवक्रमणीय अपशिष्ट को अलग-अलग पात्रों में संग्रहण करने में सहायता करना तथा पुनर्चक्र को सौंपना सुनिश्चित करेंगे । जैव अवक्रमणीय अपशिष्ट का जहाँ तक संभव होगा परिसर के अन्दर संसाधित उपचारित और कम्पोस्टिंग करके अथवा बायोमीथेनेशन के जरिये निपटान किया जायेगा । शेष अपशिष्ट नगर पंचायत द्वारा यथा निर्देशित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं या अभिकरण को सौंप दिया जायेगा ।
(7) सभी बृहद अपशिष्ट सृजक नगर निकाय की भागीदारी में इन नियमों में यथा विहित उत्पादकों द्वारा अपशिष्ट को स्त्रोत पर पृथक करने, पृथक किये गये अपशिष्ट को अलग -अलग पात्रों में संग्रहण करने और पुनर्चक्रणीय सामग्री को प्राधिकृत अपशिष्ट उठाने वालों अथवा प्राधिकृत पुनर्चक्रकों को सौपना सुनिश्चित करेंगे । बृहद अपशिष्ट उत्पादक द्वारा बायोडिग्रेबल अपशिष्ट का परिसर के अन्दर अंसाधित, उपचारित और कंपोस्टिंग करके अथवा बायो मिथेनाइजेशन के जरिये निपटाने अनिवार्य रूप से किया जायेगा । शेष अपशिष्ट नगर निकाय द्वारा यथा निर्देशित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओ या अभिकरण को सौंप दिया जायेगा ।
3
प्रतिषेध
(1 ) कोई व्यक्ति स्वयं या दूसरे व्यक्ति द्वारा किसी भी साधन से जानबूझकर या अन्य किसी सार्वजनिक स्थान निजी या सार्वजनिक जल निकासी कार्यों से सम्बद्ध नाली, गली, गड्ढा, सम्वातन पाईप और फिटिंगों में कोई कूडा कचरा, या अपशिष्ट नहीं फेंकेगा या फेंकवायेगा जिससे निम्नलिखित की सम्भावना हो-
(i ) जल निकास और मल नालियों को क्षति पहुँचने की
(ii) नाली एवं मल पदार्थ के निर्वाध प्रवाह या उसके उपचार और व्ययन में बाधा पडने की
(iii ) खतरत्ताक होने या उपताप कारित करने या जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने की
(2) कोई भी व्यक्ति विनिर्दिष्ट रूप से उपबंधित लोक सुविधाओं के सिवाय प्रसुविधाओं के किसी सार्वजनिक स्थल पर स्नान नहीं करेगा न ही थूकेंगा न पेशाब करेगा न ही उसे विकृत्त करेगा न पशुओं और चिडियों के समूह को खिलायेगा और न ही पशुओं, वाहनों बर्तनों या किसी अन्य वस्तु का प्रक्षालन करेगा ।
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(3) कोई व्यक्ति स्वामी या अधिभोगी स्वामित्व प्राप्त या अध्यासित किसी परिसर के सामने या उससे संलग्न किसी सार्वजनिक स्थल को किसी प्रकार के अपशिष्ट चाहे वह द्रव्य अर्द्धठोस या ठोस पदार्थ हो जिसमें मल प्रवाह और अपशिष्ट जल भी सम्मिलित है, से गन्दा नहीं करेगा ।
(4) कोई भी व्यक्ति खुले में शौच / पेशाब न तो स्वयं करेगा और न ही अपने पालक से करायेगा ।
(5) पालतु पशुओं के स्वामी किसी भी दशा में उन्हें खुला नहीं छोडेगें क्योकि इससे मार्गों/ खुले सार्वजनिक स्थलों पर उनके मलमूत्र से गंदगी. आवागमन में अवरोध एवं दुर्घटना होने की सम्भावना बनी रहती है ।
(6) कोई भी व्यक्ति घाटों, सीढ़ियों, सड़कों के डिवाईडर, नाम पटों, साइनेज या मार्ग दर्शक बोडों अथवा इसी प्रकार के सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर या अन्य सामग्री चिपका कर या अन्य प्रकार से गंदगी नहीं करेगा ।
(7) कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं थर्मोकोल आइटम्स का उत्पादन वितरण, भण्डारण एवं विक्रय नहीं करेगा ।
(8 ) कोई भी व्यक्ति सड़क, मार्ग या अनाधिकृत स्थल पर जानवरों का गोबर, लीद पचौनी, या अन्य इसी प्रकार के पदार्थ न तो डालेगा और न ही डलवायेगा ।
(9) कोई भी व्यक्ति, जानवरों का पालक/ स्वामी ड्रेनेज/ सीवरेज सिस्टम में गोबर सिस्टम में गोबर इत्यादि डालकर गन्दगी नहीं करेगा ।
(10) कोई भी व्यक्ति या उसका पालक किसी सार्वजनिक स्थल , सड़क, पार्क आदि में अपशिष्ट नहीं डालेगा । इन स्थानों की सफाई हो जाने के बाद अपशिष्ट डालकर गन्दगी करने पर अथवा सफाईकर्मी द्वारा घर- घर से अपशिष्ट एकत्रित करने के बाद यदि किसी व्यक्ति द्वारा गली या सड़क पर कूड़ा डालते हुए पाया जाता है तो अपशिष्ट को स्थल से हटाकर निस्तारण स्थल तक ले जाने का व्यय सम्बन्धित उल्लंघनकर्ता से वसूल किया जायेगा।
4 (1 ) घरेलू अपशिष्ट का घर-घर संग्रहणः-
नगरीय ठोस अपशिष्ट का सग्रहण
(क) प्रत्येक सफाईकर्मी को कंटेनरयुक्त हाथठेला तथा एक घण्टी या सीटी उपलब्ध करायी जायेगी । प्रत्येक कर्मी का सफाई बीट में सफाई तथा निश्चित की गई संख्या में भवनों के अपशिष्ट संग्रहण का दायित्व सौंपा जायेगा । सफाईकर्मी घण्टी या सीटी बजाकर सफाई तथा घरों से अपशिष्ट संग्रहण का कार्य यथा-निर्धारित समयावधि में एवं यथा- निर्धारित स्वरूप में करेगा ।
(ख) नागर निकाय वैकल्पिक रूप में घर- घर में अपशिष्ट संग्रहण के लिए कन्टेनरयुक्त वाहन/ मोटरवाहन की व्यवस्था कर सकेगा ।
वाहन चालक, घर या बीट में हार्न बजाकर अपने आने की सूचना देगा, स्वामी या अध्यासी अपने घरेलू अपशिष्ट को सीधे कन्टेनर में डालेगा ।
(ग) किसी कारणवश उप नियम (क) अथवा (ख) में अंकित व्यवस्था संभव न होने पर स्वयं सेवी संगठनों, अभिकरणों अथवा ठेकेदारों द्वारा प्रतिदिन घर - घर से अपशिष्ट संग्रहण का कार्य कराया जा सकेगा । ( घ) भवन स्वामी या अध्यासी से प्रयोक्ता शुल्क भी वसूला जा सकेगा।
(2) होटल अपशिष्ट का संग्रहण होटल या रेस्तरा द्वारा अपशिष्ट संग्रहण के लिए स्वयं की व्यवस्था की जायेगी । नगर निकाय द्वारा यह व्यवस्था सम्पूर्ण लागत मूल्य के भुगतान के आधार पर की जा सकेगी ।
(3) शादी घरों, कल्यॉण मण्डपों एवं सामुदायिक केन्द्रों के अपशिष्ट का संग्रहण-शादी घरों, कल्यॉण मण्डपों, सामुदायिक केन्द्रों से प्रतिदिन अपशिष्ट संग्रहण के लिए नगर निकायों द्वारा सम्पूर्ण लागत मूल्य के भुगतान के आधार पर की जा सकेगी । यह व्यवस्था ठेकेदारों द्वारा अथवा अभिकर
ण/ अभिकर्ताओं द्वारा भी करायी जा सकेगी ।
(4) वधशाला अपशिष्ट तथा मृत पशुओं की अस्थियों का निस्तारण वैज्ञानिक रीति से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दिशा निर्देशों के अनुसार की जायेगी । इस अपशिष्ट को नगरीय ठोस अपशिष्ट में सम्मिलित नहीं किया जायेगा ।
(5) औद्योगिक अपशिष्ट का संग्रहण परिवाहन और निस्तारण औद्योगिक आस्थानों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुसार किया जायेगा ।
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(6) अनुपचारित जैव चिकित्सा अपशिष्ट (जैसा अनुसूची-3 में सूचीबद्ध है) का विनिर्दिष्ट प्रकार के आच्छादित पात्रों में भण्डारित किया जायेगा और अपशिष्ट के प्रत्येक उत्पादक द्वारा संग्रह वाहन को सौंपा जायेगा जिसकी व्यवस्था साप्ताहिक समयान्तर से नगर निकाय द्वारा या किसी अभिकरण द्वारा की जायेगी या ऐसे अपशिष्ट के संग्रह के लिए अभिहित केन्द्र को ऐसी रीति से निस्तारण करने के लिए सौंपा जायेगा जो जैव चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबन्धन और व्यवस्था) नियमावली 2000 के अनुसार आदेशित हों ।
(7) निर्माण और ध्वस्तीकरण सम्बंधी अपशिष्ट के भण्डारण और निस्तारण के सम्बंध में लघु सृजकों ( घरेलू स्तर) के लिए यह उत्तरदायित्व पूर्ण होगा कि वह प्रारम्भिक अवस्था में भी पृथक- पृथक किये गये निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट का भण्डारण करेंगे एवं नगर पंचायत द्वारा निर्धारित स्थल पर उसका परिवहन कर डालेगा, अन्यथा की स्थिति में उत्पादक, नगर निकाय या उसके अभिकर्ता से सम्पर्क स्थापित करेंगे जो उत्पादक से पृथक पृथक किये गये निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट को उठाने के लिए वाहन उपलब्ध करायेगा जिसका एक विनिर्दिष्ट प्रभार होगा । तदुपरान्त इस अपशिष्ट को प्रसंस्करण केन्द्र को भेज दिया जायेगा ।
(8) सभी जैव अनाशित (नान-बायोडिग्रेडिबल) व ई -अपशिष्ट पुनः प्रयोग करने योग्य और पुनः प्रयोग न करने योग्य अपशिष्ट का भण्डारण अपशिष्ट के प्रत्येक उत्पादक द्वारा पृथक-पृथक किया जायेगा और उसे निर्दिष्ट अपशिष्ट संग्रह वाहन को सौंपा जायेगा, जिसकी व्यवस्था नगर निकाय या उसके अभिकर्ताओं द्वारा ऐसे स्थानों और ऐसे समय पर की जायेगी जैसा कि ऐसे अपशिष्ट को संग्रह करने के लिए समय -समय पर सम्बन्धित अधिकारी द्वारा अधिसूचित किया जायेगा या नगर निकाय या सरकारी या निजी भूमि पर स्थापित लाईसेन्स प्राप्त ऐसे अपशिष्ट के छटान केन्द्रों को दिया जायेगा । चिथड़ा बिनने वाली सहकारी संस्थाओ, लाईसेन्स प्राप्त पुनः प्रयोगकर्ताओं या कबाड़ियों को, अपशिष्ट संग्रह सेवाओं की व्यवस्था करने के लिए नगर निकाय के लाईसेन्स प्राप्त अभिकर्ताओं के साथ ऐसे अपशिष्ट छटान केन्द्रों के संचालन के लिए नियुक्त किया जा सकता है । (पुनः प्रयोग करने योग्य अपशिष्ट के प्रकार की विस्तृत सूची अनुसूची दो में दी गई है) ।
(9) उद्यान और बागवानी अपशिष्ट की प्रारम्भिक अवस्था में ही कम्पोस्ट खाद बनायी जायेगी । जहां स्थल पर ही कम्पोस्ट खाद बनाना सम्भव न हो नगर निकाय अधिसूचित उचित फीस लेकर पृथक- पृथक किये गये उद्यान और बागबानी अपशिष्ट का संग्रह और परिवहन जारी रखेगा ।
(10) आवासीय और अन्य क्षेत्रों से संग्रहित अपशिष्ट को हाथठेला गाड़ियों से सामुदायिक अपशिष्ट संग्रह स्थल पर डाला जायेगा ।
(11 ) किसी प्रकार के अपशिष्ट को जलाया नहीं जायेगा ।
5
(1) प्रत्येक व्यक्ति, स्वामी या अध्यासी या अपशिष्ट उत्पादक नगरीय ठोस अपशिष्ट को अपशिष्ट उत्पादन स्त्रोत के आधार पर निम्नलिखत श्रेणियों में पृथक करेगा-
नगरीय ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण
(क) जैव नाशित (बायोडिग्रेडिबल) अपशिष्ट
(ख) जैव अनाशित (नानबायोडिग्रेडिबल ) अपशिष्ट
(ग) जैव चिकित्सीय (बायोमेडिकल) अपशिष्ट
(घ) घरेलू परिसंकटमय (हजार्ड्स) अपशिष्ट
(ड) सी० एण्ड डी० वेस्ट( निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट)
(च) ई-वेस्ट
(2) पृथक्करण के लिए नगर निकाय द्वारा जनजागरण एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम चलाया जायेगा । इस हेतु जन कल्याण समितियों, गैर सरकारी संगठनों, कक्ष समितियों तथा नागरिक समूहों को सम्मिलित किया जायेगा ।
(1 ) नगर निकाय नगरीय ठोस अपशिष्ट के भण्डारण की सुविधाओं की स्थापना और अनुरक्षण इस नीति से करेगा कि आस -पास अस्वास्थ्यकर स्थिति न उत्पन्न हो ।
नगरीय ठोस अपशिष्ट का भण्डारण 6
(2) भण्डारण सुविधा सुगम स्थल पर होगी ।
(3) भण्डारण सुविधा इस प्रकार की हो कि वहां किसी प्रकार का प्रदूषण तथा गन्दगी न फैले ।
(4) नगरीय ठोस अपशिष्ट का भण्डारण व हथालन सुगमतापूर्वक हो सके, अतः यह कार्य मशीनों द्वारा किया जाना श्रेयस्कर होगा ।
(5) जहां किसी सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र चाहे वह खुले स्थान में हो या 150
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बन्द शेड में जो किसी परिसर में हो या सार्वजनिक स्थान पर स्थित हो, से नगर निकाय वाहनों द्वारा सीधे ही नगरीय ठोस अपशिष्ट का संग्रह किया जाता हो वहां ठोस को पृथक- पृथक किये गये अपशिष्ट के विभिन्न प्रकारों के लिए व्यवस्था किये गये अनुसार जमा किया जायेगा ।
7
सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र
अपशिष्ट उत्पादकों द्वारा पृथक्कृत ठोस अपशिष्ट का निस्तारण इस हेतु उपबंधित्त अपशिष्ट वाहनों तथा अपशिष्ट भण्डार केन्द्रों में किया जायेगा जहा से नगर निकायों द्वारा संग्रह वाहन ऐसे अपशिष्ट का प्रतिदिन समय पर संग्रहित करेंगा जैसा अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई अधिकारी समय - समय पर अधिसूचित करें ।
8
ढाँचागत सुविधाओं की व्यवस्था
नगर निकाय इस नियमावली के प्रावधानों के अनुपालन में नागरिकों की सहायता करने के लिए पर्याप्त ढॉचागत सुविधाओं की व्यवस्था करेगा । अपशिष्ट संग्रह सेवाओं के अतिरिक्त कूड़ा फेंकने के लिए डस्टबिन, सामुदायिक भण्डारण केन्द्र अपशिष्ट छैटान केन्द्र और कम्पोस्ट खाद बनाने के केन्द्रों की स्थापना की जायेगी । जहां कहीं सम्भव और आवश्यक हो यह कार्य स्थानीय नागरिकों के परामर्श और सहभागिता से किया जायेगा । मलिन बस्तियों में सामुदायिक शौचालयों और प्रक्षालन सुविधाओं की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जायेगी, जिसमें संगठनों या स्थानीय क्षेत्र के नागरिक समूहों पर आधारित स्थानीय समुदायों की भागीदारी होगी ।
9
सुविधा और सहायता उपलब्ध करना
अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कम्पोस्ट खाद बनाने वाले विशेषज्ञों लाईसेन्स प्राप्त कबाड़ियों, पुनः प्रयोग करने वाले व्यापारियों, कूड़ेदान विनिर्माताओं, पुनः प्रयोग करने में सिद्धहस्त अभिकरणों की सूची बनायेगा और उसे प्रकाशित करेगा, जिससे कि अपशिष्ट को पुनः प्रयोग करने योग्य बनाने में नागरिकों को सुविधा और सहायता मिल सके । कर्मचारियों और पंजीकृत व्यक्तियों और संगठनों के नाम और टेलीफोन नम्बर नगर निकाय के सम्बिन्धित कार्यालयों से उपलब्ध कराये जायेंगे । ये संगठन इस प्रक्रियाओं के सम्बंध में प्रशिक्षण, दिशा निर्देश और सहायता प्रदान कर सकते हैं । स्वयंसेवी संस्थाओं और क्षेत्रीय नागरिक समूहों के माध्यम से इसके बारे में जागरुकता उत्पन्न की जायेगी ।
10
नागर निकाय होटलों, रेस्तरां और अपशिष्ट के अन्य सृजकों पर कूड़ा कचरा निस्तारण प्रभार लगायेगा । अपशिष्ट प्रभार का निर्धारण अधिशासी अधिकारी द्वारा अपशिष्ट की मात्रा को दृष्टिगत रखते हुए अनुपातिक सिद्धान्त के आधार पर किया जायेगा ।
कूड़ा कचरा निस्तारण प्रभार का लगाया जाना कम्पोस्ट खाद 11 को बनाया जाना
अपशिष्ट के सूजकों को प्रोत्साहित किया जाये कि वे अपने जैवनाशित अपशिष्ट से कम्पोस्ट खाद बनायें जायें और उसे अपने बगीचों और अपने निजी परिसरों में लागये गये पेड़ों और आस-पास के पेड़ों में डाले । इस कार्य से बची हुई कम्पोस्ट खाद को नगर निकाय निविर्दिष्ट निर्धारित मूल्य पर क्रय कर सकेगा ।
12
नगरीय ठोस अपशिष्ट का प्रसंस्करण
(1) जहाँ कहीं सम्भव हो नगर निकाय सार्वजनिक पार्को, क्रीड़ा स्थल, मनोरंजन, उद्यानों, अधिक मात्रा में खाली भूमि चाहे वह नगर निकाय या किसी अन्य सार्वजनिक प्राधिकरण या सरकारी विभाग के स्वामित्व में हो या उसके द्वारा अनारक्षित हो पर लघु प्रसंस्करण इकाईयों ( कम्पोस्ट खाद बनाना या जैव मीथेनीकरण ) स्थापित करेगा । ऐसी इकाईयों की स्थपना तथा अनुरक्षण गैर सरकारी संगठनों अभिकताओं व्यवस्था अधिकारियों, ठेकेदारों, किरायेदारों द्वारा भी की जा सकती है । ये संस्थाओं स्थानीय समुदाय के लिए नमूनों का प्रदर्शन करेगी और इस प्रकार से कार्य करेगी जिससे समाज या पर्यावरण को कोई असुविधा या हानि न हो ।
(2) नगर निकाय नदियों, झीलों, तालाबों, पूजा स्थलों आदि के पास कतिपय निर्दिष्ट स्थलों से पूजा सामग्रियों (फूल, पत्ती, फल) को विशेष पात्रों या कलशों में इकट्ठा करने हेतु या तो स्वयं दायित्व लेगा या इच्छुक संगठनों को प्राधिकृत करेगा । इन कलशों या पात्रों से इकट्ठा की गयी सामग्री को उपर्युक्त स्थान पर गाड़ा जायेगा या कम्पोस्टिंग इकाइयों द्वारा विशेष रूप से व्यवस्था की जायेगी ।
(3) अपशिष्ट के परिवहन लागत को कम करने और अपशिष्ट के स्थानीय प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के वृहत्तर लक्ष्य को प्राप्त करने की दृष्टि से सम्बन्धित अधिकारी से नोटिस प्राप्त करने वाले अपशिष्ट के किसी उत्पादक के लिए यह अपेक्षित होगा कि वह यथाविनिर्दिष्ट उपयुक्त नोटिस की अवधि के पश्चात् उद्गम स्थल पर या नोटिस में इस प्रयोजनार्थ अभिहित स्थलों पर जैवनाशित्त अपशिष्ट को प्रसंस्कृत करें ।
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(4) नगर निकाय ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए यथा-आवश्यक एक से अधिक भूमि भरण स्थलों का चिन्हीकरण विकास और अनुरक्षण करेगी और उसमें ऐसे निष्क्रिय ठोस अपशिष्टों को जो पुनर्चक्रण अथवा प्रसंस्करण के लिए समुचित न हो डाला जायेगा।
(5) पुनर्चक्रण योग्य अपनायेंगी ।
नगरीय ठोस अपशिष्ट का परिवहन
13 अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारी किसी सार्वजनिक या निजी स्थल पर अपशिष्ट एकत्रीकरण का बिन्दु चिन्हित करायेगा । जहां नगर निकाय द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली गाड़ी को दिये जाने के लिए एकत्रित अपशिष्ट को लाया जायेगा । कूड़ा गाडी की सेवायें नगर निकाय द्वारा मार्ग (रूट) योजना के अनुसार एकत्रित कूड़े को इकट्ठा करने के लिए उपलब्ध करायी जायेगी । अपशिष्ट के परिवहन हेतु प्रयुक्त होने वाले वाहन में रखा गया कूड़ा ढँका रहेगा ।
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स्त्रोत पर ही एकत्रीकरण
भवन स्वामियों या अध्यासियों द्वारा भवनों या भवन समूहों के परिसर के भीतर उपलब्ध कूड़ा स्त्रोत स्थान से एकत्रीकरण की व्यवस्था की जा सकेगी और नगर निकाय की गाड़ीयों/कर्मचारियों द्वारा उस कूड़ा पात्रों तक ऐसे समय तक पहुंचाई जायेगी जैसा अधिसूचित किया जाये ।
15
सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र
आपवादिक मामलों में जहां स्थान-स्थान पर एकत्रीकरण या स्त्रोत पर ही एकत्रीकरण सम्भव न हो, वहां नगर निकाय द्वारा सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र का सार्वजनिक सड़कों पर या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जहां आवश्यक और सम्भव हो, रखरखाव किया जायेगा जैसा कि अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त अधिकृत कोई प्राधिकारी द्वारा अवधारित किया जाये ।
अपशिष्ट छटाई केन्द्र
16 पुनर्चक्रीय और अपुनर्चक्रीय अपशिष्ट की छटाई कार्य को विनियमित करने तथा सुविधापूर्ण बनाने के लिए सम्बन्धित अधिकारी अपने अपशिष्ट छटाई केन्द्रों की व्यवस्था करेगा जो आवश्यक और सम्भव हो । ये अपशिष्ट छटाई केन्द्र नगर निकाय की भूमि पर या सरकारी अथवा अन्य निकायों की भूमि पर हो सकते हैं, जो इस प्रयोजनार्थ विशेष रूप से शेड या गुमटी के रूप में उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध कराये जायेंगे । इनकी व्यवस्था कूड़ा बीनने वालों की रजिस्टर्ड सहकारी समितियों या अनुज्ञा प्राप्त रीसाइक्लर्स या नगर निकाय द्वारा नियुक्त अथवा प्राधिकृत अन्य अभिकरणों द्वारा भी की जायेगी ।
छंटाई के बाद अवशेष अपुनर्चक्रीय कूड़े को प्रसंस्करण या भूमि भराव के लिए ऐसे छंटाई केन्द्रों से कूड़ा निस्तारण स्थलों पर भेजा जायेगा । ऐसे अपशिष्ट छंटाई केन्द्रों पर विभिन्न प्रकार के कूड़े को अधिसूचित दरों पर क्रय एवं विक्रय का कार्य अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस हेतु प्राधिकृत अधिकारी द्वारा किया जायेगा।
स्थानीय नागरिक समूह
17 स्वेच्छिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों अथवा स्थानीय नागरिक समूहों का विनिर्दिष्ट प्रशासनिक प्रभार इकट्ठा करने हेतु अनुबन्ध के आधार पर नगर निकाय द्वारा प्राधिकृत किया जा सकेगा जिससे वे अपने क्षेत्र को साफ रख सके । सड़को की सफाई, कूड़े के एकत्रीकरण, परिवहन, कम्पोस्टिंग आदि के लिए निर्धारित इकाई दरों पर नगर निकाय या स्वामियों या अध्यासियों से भुगतान प्राप्त कर सकेंगे । पंजीकरण प्रक्रिया माडल उपविधियों तथा स्थानीय नागरिक समूहों, स्वैच्छिक संस्थाओं अथवा गैर सरकारी संगठनों हेतु माडल अनुबन्ध का प्रारूप नगर पंचायत की कार्यकारिणी समिति के अनुमोदन पर उपलब्ध करायी जायेगी ।
जागरुकता शिक्षा और प्रशिक्षण
18 अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस हेतु प्राधिकृत अधिकारी स्वयंसेवी संस्थाओं, स्थानीय नागरिक समूहों, नगर निकायकर्मी और उसके अभिकर्ता नगर के स्कूल, आवासीय समितियों, गन्दी बस्तियों, दुकानों फेरी वालों, कार्यालय, स्कूलों, औद्योगिक इकाईयों, वाणिज्यिक यूनियनों, सकल एरिया सिटिजन ग्रुप आदि से सफाई के सम्बंध में शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण आवश्यकताओं का पता लगाया जायेगा । उसके पश्चात् इन सबकी शिक्षा, जागरुकता, सहभागिता एवं प्रशिक्षण के लिए एक समन्वित योजना एवं रणनीति तैयार कर उसे कार्यान्वित की जायेगी । इसमें नगर निकाय की कक्ष समितियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जायेगा ।
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अपशिष्ट प्रबन्धन केलिए जनसहभागिता को प्रोत्साहन
जन सहभागिता और सहयोग से किये गये सफाई कार्य और अपशिष्ट प्रबन्धन के सर्वोत्तम कार्यों के लिए नगर निकाय द्वारा प्रशंसा- पत्र और पुरस्कार प्रदान किया जायेगा तथा प्रचारित किया जायेगा । इसकी सूचना और विवरण निकाय के कार्यालयों तथा नगर निकाय वेबसाईट पर उपलब्ध रहेंगे ।
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शिकायतों का निस्तारण
नगर निकाय इस नियमावली के प्राविधानों के क्रियान्वयन हेतु कम्प्लेण्ट मैनेजमेण्ट सिस्टम को संचालित करेगा या एक समुचित नया आनलाईन कम्प्लेण्ट मैनेजमेण्ट सिस्टम तैयार करेगा । शिकायतों और कृत कार्यवाही की रिपोर्ट के आंकडे आनलाईन ग्रिवान्स मैनेजमेण्ट सिस्टम (ओ०जी० एम ० एम०)/ सिटिजन्स पोर्टल में प्रदर्शित की जायेगी ।
नागरिकों की 21 सफाई टीम
अधिशासी अधिकारी, नगर निकाय क्षेत्र में स्वच्छता एवं सफाई कार्यों में विशेष रुचि एवं सहयोग प्रदान करने वाले नागरिकों को स्वच्छताग्राही नामित कर सकता है ।
सम्बन्धित नागरिक नगर के प्रत्येक बार्ड में सफाई टीम का भी गठन कर सकते है तथा सर्वेक्षण करके सफाई के अनुश्रवण हेतु नियमित रिपोर्ट उपलब्ध करा सकते हैं । इन रिपोटों का नगर निकाय कार्मिकों को अग्रसारित किया जायेगा ताकि इसके माध्यम से उस क्षेत्र की सफाई और अनुश्रवण सुनिश्श्चत हो सके। इसमें नगर निकाय की कक्ष समितियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जायेगा ।
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आकस्मिक निरीक्षण
अनुपालन को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से नगर निकाय की म्युनिसिपल सीमाओं में सम्बन्धित अधिकारी अपने-अपने वार्डों के विभिन्न भागों में किसी भी समय (दिन या रात) आकस्मिक जांच करेंगे । किसी उल्लंघन के लिए अर्थदण्ड आरोपित किया जा सकेगा । निरीक्षण के दौरान पाये जाने वाले कूड़े- कचरे की सफाई नगर निकाय द्वारा की जायेगी और उसमें अन्तर्ग्रस्त व्यय उल्लंघनकर्ता से वसूला जा सकेगा ।
23 (1 ) मलिन बस्तियों की सफाई के सम्बंध में दायित्वः-
नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन में दायित्व
[क] अधिशासी अधिकारी ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए जहां-जहां भी योग्य समुदाय आधारित संगठन आगे आये , वर्तमान में अनाच्छादित क्षेत्रों में उनके वार्डों के अन्तर्गत दत्तक बस्ती योजना (मलिन बस्ती अपनाने को अन्तर्गत) का विस्तार करेंगे ।
(ख) जहां आवश्यक हो नगर निकाय की गाड़ी पृथकीकृत ठोस अपशिष्ट का संग्रह करने के लिए मलिन बस्ती के बाहर किसी स्थान पर नियत समय पर उपलब्ध करायी जायेगी ।
[ग] अपवादिक मामलों में जब तक गाड़ी की सेवायें तत्समय सार्वजनिक मार्ग या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर किसी चिन्हित बिन्दु पर अपेक्षित अन्तराल पर उपलब्ध नहीं करायी जा सकती हो, नगर निकाय द्वारा मानव सेवित सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण कूडादान की व्यवस्था की जायेगी जहां कूड़ा उत्पन्न करने वालों के द्वारा पृथकीकृत अपशिष्ट जमा किया जायेगा और वहां से नगर निकाय ऐसे अपशिष्ट का संग्रह करेगी ।
(2) मुर्गी पालन, मछली और बूचड़खाना अपशिष्ट उत्पादक के दायित्वः चिन्हित बूचडखानों और बाजारों से भिन्न किसी भू-गृहादि का स्वामी या अध्यासी जो मुर्गी, मछली और बूचड़खाना अपशिष्ट को किसी व्यवसायिक गतिविधि के फलस्वरूप उत्पन्न करता है डंकी हुई. स्वच्छ स्थिति में उसका पृथक् भण्डारण करेगा और इस प्रयोजन के लिए उपलब्ध कराये गये नगर निकाय के संग्रह बाहन को विनिर्दिष्ट समय पर दैनिक रूप से पहुंचायेगा । किसी सामुदायिक कूड़ादान में ऐसे अपशिष्ट का जमा करना निषिद्ध हैं और अर्थदण्ड की अनुसूची में इंगित अर्थदण्ड का भागी होगा ।
(3) ठेले वालों/ फेरी वालों के दायित्वः प्रत्येक ठेले वालों या फेरी वालों सामान बेचने की गतिविधि से उत्पन्न किसी अपशिष्ट के संग्रह के लिए अलग -अलग डिब्बे या कूड़ेदान रखेगा । सम्यक् रूम से पृथक किये गये अपशिष्ट को नगर कूड़ा गाड़ी या निकाय चिन्हित सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण कूड़ादान तक पहुंचाने का दायित्व कूड़ा उत्पन्न करने वाले का होगा ।
(4) नाली की सफाई का दायित्वः घरेलू नाली वाले भू- गृहादि के स्वामी अथवा अध्यासी का यह दायित्व होगा कि वह यह सुनिश्चित करें कि वह घर की नाली में कोई अपशिष्ट नहीं इकट्ठा करेगा और नगर निकाय द्वारा यथा अधिसूचित ऐसे स्थान और ऐसे समय पर नगर निकाय द्वारा उपलब्ध कराये गये अपशिष्ट संग्रह वाहन तक ठोस अपशिष्ट को अलग -अलग करके पहुंचाया जाये । ऐसा करने में विफल रहने पर अर्थदण्ड की अनुसूची के सुनसार अर्थदण्ड का भागी होगा ।
जहां ऐसे भू- गृहादि का स्वामी या अध्यासी घर की नाली की सफाई के लिए नगर निकाय की सेवायें प्राप्त करने की इच्छा करता है तो उसे नगर निकाय से सम्बन्धित वार्ड कार्यालय में आवेदन करना होगा । नगर निकाय द्वारा यथा निर्धारित प्रयोक्ता शुल्क का भुगतान प्राप्त कर घर की नाली की सफाई कराई जा सकेगी ।
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(5) पालतू पशु स्वामी का दायित्वः किसी पालतू पशु के स्वामी का यह दायित्व होगा कि गली या सार्वजनिक स्थान पर पालतू पशु द्वारा फैलाई गयी, किसी गन्दगी को शीघ्रता से हटा दे अन्यथा ऐसे अपशिष्ट के समुचित निस्तारण के लिए अर्थदण्डकी अनुसूची के अनुसार अर्थदण्ड का भागी होगा ।
(6) सार्वजनिक सम्मेलन और समारोह आयोजनकर्ता का दायित्व सार्वजनिक स्थान पर आयोजित किसी भी प्रकार के सार्वजनिक सम्मेलन और समारोह (जिसमें जुलूस प्रदर्शनी, सर्कस मेलों या राजनैतिक दलों की रैली, व्यावसायिक, धार्मिक, सामाजिक सांस्कृतिक समारोह विरोध प्रदर्शन धरना-प्रदर्शन इत्यादि शामिल है) के लिए जिसमें पुलिस और/या नगर निकाय की अनुमति अपेक्षित है समारोह या सम्मेलन के संयोजक का यह दायित्व होगा कि वह उस क्षेत्र और संलग्न क्षेत्रों की सफाई सुनिश्चित करें ।
नगर निकाय द्वारा यथा अधिसूचित प्रतिदेय स्वच्छता प्रभार प्रयोक्ता आयोजक से समारोह की अवधि के लिए सम्बन्धित कार्यालय में जमा कराया जायेगा । यह प्रभार केवल सार्वजनिक स्थल की सफाई के लिए होगा । इसमें सम्पत्ति की क्षति आच्छादित नहीं होगी ।
(7) निपटान योग्य उत्पादों तथा स्वास्थ्यकर नैपकीनों और डाइपरों के विनिर्माताओं या ब्राण्ड स्वामियों के कर्तव्यः-
(क) निपटान योग्य उत्पादों जैसे टिन, कांच, प्लास्टिक पैकेजिंग इत्यादि के सभी निर्माताओं या ऐसे उत्पादों को बाजार में लाने वाले ब्राण्ड स्वामी अपशिष्ट प्रबन्धक प्रणाली की स्थापना के लिए स्थानीय निकायों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेंगे ।
(ख) गैर नान बायोडिग्रेडिबुल पैकेजिंग सामग्री में अपने उत्पादों की बिक्री या विपणन करने वाले ऐसे सभी ब्राण्ड स्वामी उनके उत्पाद के कारण उत्पन्न हुए पैकंजिंग अपशिष्ट को वापस ग्रहण करने के लिए प्रणाली की व्यवस्था करेंगे ।
(ग) स्वास्थ्यकर नैपकीनों तथा डाइपरों के विनिर्माताओं या ब्राण्ड स्वामियों या विपणन कम्पनियों द्वारा अपनी उत्पादों में सभी पुनर्चक्रण योग्य सामग्रियों के प्रयोग की सम्भाव्यता का पता लगायेंगे या अपने स्वास्थ्यकर उत्पादों के पैकेट के साथ प्रत्येक नैपकीन या डाइपर के निस्तारण के लिए पाउच या रैपर उपलब्ध करायेंगे ।
(घ) ऐसे सभी विनिर्माताओं या ब्राण्ड स्वामियों या विपणन कम्पनियों द्वारा अपनी उत्पादों को लपेटने और उनका निस्तारण करने के सम्बंध में लोगों को जानकारी दी जायेगी ।
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नियमों के उल्लंघन के लिए शास्ति
उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम , 1916 की धारा 299 की उपधारा (1 ) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर निकाय निश्चित् करती है कि इस उपविधि के किसी भी नियम का उल्लंघन करना अथवा उल्लंघन के दुष्प्रेरित करना दण्डनीय अपराध होगा । ऐसे व्यक्ति, संस्था अथवा अन्य के विरुद्ध नियमानुसार अभियोजना संस्थित किया जायेगा ।
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अपराधों का प्रशमन
इस नियमावली के अधीन दण्डनीय कोई अपराध अधिशासी अधिकारी /अधिशासी अधिकारी द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा शमन शुल्क की ऐसी धनराशि के जैसा कि संलग्न अनुसूची-1 में उल्लिखित है, वसूल करके प्रशमित किया जा सकता है और जहां अपराध का इस प्रकार प्रशमन-
(क) अभियोजन संस्थित किये जाने से पूर्व किया जाता है वहां अपराधी ऐसे अपराध के लिए अभियोजन का भागी नहीं होगा और यदि वह अभिरक्षा में हो तो स्वतंत्र कर दिया जायेगा ।
(ख) अभियोजन संस्थित किये जाने के पश्चात् किया जाता है, वहां प्रशमन से अपराधी दोषमुक्त हो जायेगा ।
उल्लंघन करने वाले व्यक्ति / संस्था/ समूह को विहित प्राधिकारी / कर्मचारी की पृक्षा पर अपना नाम व पत्ता घोषित करना अनिवार्य होगा अन्यथा की स्थिति में भारतीय दण्ड संहिता के उपबन्धों के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु विहित अधिकारी / कर्मचारी स्वतंत्र होगा और ऐसे व्यक्ति / संस्था अथवा समूह के भार साधक व्यक्ति को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए स्थानीय थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी/ पुलिस कर्मियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंप देगा ।
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अनुसूची-1
नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि, 2020
प्रशमन शुल्क तालिका (ड्राफ्ट)
उल्लंघन
नगर पंचायत द्वारा
प्रशमन शुल्क
2
1
1 व्यक्ति/ संस्था द्वारा किसी अनाधिकृत स्थल पर कोई अपशिष्ट फैलाना / फेंकना, थूकना , मूत्र विसर्जन करना , जानवरों / चिडियों को अनिर्दिष्ट स्थान पर खिलाना, उपकरण व वाहनों की धुलाई, कपड़े धोना, सार्वजनिक स्थान, नदी, तालाब या कुंड में गंदगी फैलाना ।
2 मार्ग , पार्क, घाटों आदि सार्वजनिक स्थल की सफाई हो जाने के बाद अपशिष्ट डालने पर ।
3 घाटों, सीढ़ियों, सड़कों के डिवाइडर, नाम पट्टी, साइनेज या मार्गदर्शक बोडों अथवा इसी प्रकार के सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर या अन्य सामग्री चिपकाकर या अन्य प्रकार से गंदगी करने /कराने पर ।
4 पालतू पशुओं को खुला छोड़कर मार्गों /खुले सार्वजनिक स्थलों पर उनके मलमूत्र से गंदगी, आवागमन में अवरोध पैदा करने / कराने पर ।
5 नाले, नालियों, ड्रेनेज/ सीवरेज सिस्टम में गोबर इत्यादि डालकर गन्दगी करने पर-
(क) घरेलू पालक (5 जानवरों तक) 5 5 (ख) व्यावसायिक पालक (5 जानवरों से अधिक)
6 डस्टबिन / स्टोरेज कन्टेनर के बाहर अपशिष्ट फैलाना।
7 किसी परिसर में 24 घंटे से अधिक की अवधि के लिए कूड़ा-करकट को बनाये रखना ।
8 कानून का उल्लंघन करते हुए शव का अनियमित निस्तारण
9 अपने परिसर को स्वच्छ रखने में असफल रहना-
(क) डबलिंग यूनिट/ भवन/फ्लैट
(ख) दुकान/बूथ
(ग) माल / मल्टीप्लेक्स/शॉपिंग और होटल
(घ) शैक्षणिक / धार्मिक/ अन्य संस्थान
10 प्रतिबन्धित पॉलीथीन/ थर्माकोल आइटम्स का उत्पादन, वितरण, भण्डारण एवं विक्रय करने पर मात्रा के अनुसार पॉलीथीन कैरी बैग, प्लास्टिक और थर्माकोल वस्तुओं की मात्रा
(क) [1 ] 100 ग्राम तक
[2 ] 101 ग्राम से 500 ग्राम तक
[3] 501 ग्राम से 1 किलोग्राम तक प्रत्येक बार
पुनः उल्लंघनः की दशा में प्रशमन शुल्क
अपशिष्ट उत्पादक के दायित्वों का निर्वहन करने की दशा में प्रशासकीय व्यय की धनराशि
3
4
5
रु०
रु०
500.00
शून्य प्रशमन शुल्क का दो गुना
1000.00 1,000.00
1000.00 500.00
500.00
1000.00
1,000.00
10000.00 5,000.00
500.00
शून्य
500.00
500.00
1,000.00
शून्य
शून्य
500.00
500.00
2,000.00
शून्य प्रशमन शुल्क का दो गुना
1,000.00
2,000.00
5,000.00 155 भाग 8 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत)
3
1
2
4
5
रु०
रु०
[4] 1 किलोग्राम से 5 किलोग्राम तक
शून्य
25,000.00
[5] 5 किलोग्राम से अधिक ।
शून्य
25,000.00
(ख) किसी संस्था/ वाणिज्यिक संस्था / वाणिज्यिक प्रतिष्ठान/ शैक्षिकसंस्थाना/कार्यालय / होटल/ दुकानों/ रॅस्तराओं मिष्ठान/ दुकानों, ढाबो/ औद्योगिक प्रतिष्ठानों/ भोजन कक्षों आदि द्वारा परिसर के अन्तर्गत और सड़कों, मार्गों, नालों, नदियों, झीलों, तालाबों, वन क्षेत्रों, सार्वजनिक पार्को, समस्त सार्वजनिक स्थलों आदि पर प्लास्टिक अपशिष्ट का फेंका जाना । व्यक्तियों द्वारा किन्ही प्रतिष्ठानों तथा कार्यालयों/ होटलों/ मिष्ठान भण्डार निजी या वाणिज्यिक शैक्षिकसंस्थाओं/ दुकानों/ रेस्तराओं /
1,000.00
(ग) दुकानों और ढाबों/ औद्योगिक प्रतिष्ठानों/ भोजन कक्षो आदि में और सड़क मागों, नदियों, झीलों, सार्वजनिक पाकों, वन क्षेत्रों और समस्त सार्वजनिक स्थलों आदि पर प्लास्टिक अपशिष्ट का फेंका जाना ।
11 बिना पृथक किये हुए तथा बिना अलग -अलग निर्धारित बिन में रखे हुए कूड़े को सौंपना
500.00
(क) व्यक्तिगत भवन / दुकान/ बूथ
(ख) माल / मल्टीप्लेक्स / शॉपिंग / शॉपिंग ,आर फेड/होटलमैरिज पैलेस
2,000.00
5,000.00
(ग) शैक्षणिक / धार्मिक / अन्य संस्थान
(घ) औद्योगिक भूखण्ड/ यूनिट/ इवेंट आरगेनाईजर्स
प्रशमन शुल्क एवं
प्रतिमाह अपशिष्ट के परिवहन का वास्तविक व्यय 12 वृहद अपशिष्ट (100 किलो ग्राम प्रतिदिन से अधिक) उत्सर्जकों द्वारा अपशिष्ट के उपचार के लिए आवश्यक सुविधाओं का निर्माण न करना ।
4,000.00
प्रशमन शुल्क एवं अपशिष्ट के परिवहन का वास्तविक व्यय 13 विनिर्दिष्ट परिसंकटमय अपशिष्ट (हजार्डस वेस्ट) को सार्वजनिक अथवा प्राइवेट स्थल पर डम्प करने पर ।
5,000.00
14 बायोमेडिकल अपशिष्ट को अन्य अपशिष्ट के साथ डम्प करने पर ।
प्रशमन शुल्क एवं अपशिष्ट के परिवहन का वास्तविक व्यय
1,000.00 2,000.00
15 विनिर्दिष्ट परन्तु परिसंकटमय अपशिष्ट को यथाविनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर ।
1,000.00 2,000.00
16 जैव चिकित्सीय अपशिष्ट की यथा विनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर ।
कालम-3 की प्रशमन शुल्क एवं
दो गुनी राशि अपशिष्ट के परिवहन का वास्तविक व्यय 17 निर्माण और ढहाने के अपशिष्ट का यथाविनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से भण्डारण न करने / अधिकृत एजेंसी को डिलीवरी न करने पर:-
(क) आवासीय (प्लाट/ फ्लैट/ आवास)
500.00
(ख) दुकान/बूथ
1,000.00
(ग) व्यवसायिक / संस्थागत/औद्योगिक /अन्य
2,000.00
26 2 156
उत्तर प्रदेश गजट , 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
[भाग 8
4
1
2
5
3 रु०
रु०
500.00
500,00
18 शुष्क अपशिष्ट ई-वेस्ट की यथा विनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर ।
1,000.00 2,000.00
1,000.00 19 उद्यान अपशिष्ट और पेड़ों की छंटाई के कूडे की यथा विनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर ।
अपशिष्ट जलाकर निस्तारण करने पर ।
500.00
20
1,000.00
500.00 1,000.00
21 खुले में शौच करने पर ।
500.00 1,000.00
22 पालतू जानवरों के अपशिष्ट को सार्वजनिक गलियों/सड़कों/पार्क में फेंकना ।
500,00
1,000.00
23 घरेलू अपशिष्ट से भिन्न मछली, मुर्गा और अपशिष्ट की यथा निर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर ।
100.00
200,00
24 बिना डिब्बा/अपशिष्ट टोकरी के ठेले वालों / फेरी वाले/ दुकानदारों के लिए ।
2,000.00
25 घर की नाली नही बनाने के लिए ।
1,000.00
5,000.00 10,000.00
26 सार्वजनिक सम्मेलन / समारोह के पश्चात 24 घंटे के भीतर सफाई न करने के लिए ।
प्रशमन शुल्क एवं अपशिष्ट के परिवहन का वास्तविक व्यय
अनुसूची-2
जैवनाशित और पुनर्वक्रीय अपशिष्ट की सूची
जैवनाशित अपशिष्ट से तात्पर्य जीवाणु या अन्य जीवित प्राणियों द्वारा अपघटित या नाशित किये जाने योग्य कूडा कचरा या अपशिष्ट सामग्री से है ।
पुनर्चक्रीय अपशिष्ट का तात्पर्य ऐसे शुष्क अपशिष्ट से है जिसे नयी वस्तुओं के उत्पादन से है जिसे नयी वस्तुओं के उत्पादन के लिए कच्ची सामग्री में एक प्रक्रिया के माध्यम से हो सकता है और नहीं भी हो सकता ।
जैसे रसोई घर का अपशिष्ट जिसमें चाय की पत्ती, अण्डे के छिलके , फल, सब्जियों के छिलके, मांस और हड्डियां, उद्यान व पत्तियों का कूड़ा करकट जिसमें फूल भी है, पशुओं का कूड़ा करकट, गोबर, सफाई के बाद की गंदगी. नारियल के छिलके , राख , अन्य इसी कोटि के अपशिष्ट
जैसे समाचार- पत्र, कागज, पुस्तकें, पत्रिकायें , शीशा, धातु के पदार्थ और तार , प्लास्टिक, फटे कपडे , चमडा, रैक्सीन, रबर, लकड़ी/ फर्नीचर, पैकिंग के सामान व अन्य इसी कोटि के अपशिष्ट
अनुसूची-3
जैव चिकित्सीय अपशिष्ट की सूची
जैव चिकित्सीय अपशिष्ट
जैव चिकित्सीय अपशिष्ट का तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जो मनुष्यों या पशुओं के निदान या बेहोशी के दौरान या उनसे सम्बन्धित शोध कार्यों के दौरान या जीव विज्ञान के उत्पादन या परीक्षण के दौरान उत्पन्न होता है ।
1-धारदार अपशिष्ट सुईयां, सिरींज , ब्लेड. शीशा इत्यादि जिसे छेद या कटाव हो सकता है इसमें प्रयुक्तः और अप्रयुक्त धारदार दोनों है ।
2-बेकार दवाईयों और साइटोटानिक्स औषधियां अवसान तिथि के बाद की दूषित और बेकार दवाईयों का अपशिष्ट
3-ठोस अपशिष्ट-रक्त और शरीर द्रव के दूषित सामग्री जिसमें रूई, पटटी, प्लास्टर पटटी, कपडे की पटटी, बिस्तर, चादर और रक्त से दूषित अन्य सामग्री ।
भाग 8 ]
157
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत)
अनुसूची-4
आवासीय/अनावासीय भवनों के परिसर का कूड़ा उठाने के लिए प्रस्तावित प्रयोक्ता शुल्क / यूजर चार्ज
आवासीय
विवरण
1
2
श्रेणी क गृहकर से छूट वाले परिवार
श्रेणी ख 50 वर्ग मी० क्षेत्रफल तक आवासीय इकाई
श्रेणी ग
दर/ प्रतिमाह
3
रु०
10.00 प्रतिमाह
20.00 प्रतिमाह
30.00 प्रतिमाह
50 वर्ग मी० क्षेत्रफल से अधिक 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक आवासीय इकाई
श्रेणी घ
40.00 प्रतिमाह
100 वर्ग मी० क्षेत्रफल से अधिक 200 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक आवासीय इकाई
श्रेणी ड 200 वर्गमीटर क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्रफल वाली आवासीय इकाई
श्रेणी च
50.00 प्रतिमाह
30.00 प्रतिमाह हाउसिंग सोसायटी, अपार्टमैन्ट प्रति फ्लैट, यात्री धर्मशालायें / धर्मशाला
आवासीय/व्यवसायिक-
श्रेणी क 100 वर्गफीट क्षेत्रफल तक की दुकान
श्रेणी ख 100 वर्गफीट से 200 वर्गफीट क्षेत्रफल तक की दुकान
श्रेणी ग 200 वर्गफीट क्षेत्रफल से अधिक की दुकान
श्रेणी घ पब्लिक स्कूल तथा कोचिंग सेन्टर 100 छात्र तथा छात्राएँ तक 20.00 प्रतिमाह
30.00 प्रतिमाह
50.00 प्रतिमाह
50.00 प्रतिमाह
75.00 प्रतिमाह
पब्लिकस्कूल तथा कोचिंग सेन्टर 101 से 500 छात्र तथा छात्राऐं तक
100.00 प्रतिमाह
पब्लिकस्कूल तथा कोचिंग सेन्टर 501 से ज्यादा छात्र तथा छात्राएँ तक
श्रेणी ड
200.00 प्रतिमाह
इंजीनियरिंग कॉलेज , मेडिकल कॉलेज , मैनेजमेन्ट कॉलेज एवंप्राईवेट, स्नातक/ स्नातकोत्तर कॉलेज सेन्टर, शॉपिंग कम ऑफिस काम्पलैक्स, प्राईवेट शिक्षण, संस्थाए, प्राईवेट हास्टल
श्रेणी च
200.00 प्रतिमाह
बैंक कार्यालय, एलआईसी कार्यालय , मैरिज होम, वैक्विट हॉल, सिनेमा हाल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेन्ट इत्यादि तथा होटल 10 कमरों तक
माल्स, क्लब, होटल 10 कमरों से अधिक श्रेणी छ
श्रेणी ज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र / सरकारी अस्पताल
श्रेणी डा प्राईवेट हॉस्पिटल , नर्सिंग होम (बेड युक्त)
श्रेणी ट
पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक, दवाईयों की दुकान
श्रेणी ड अन्य सरकारी कार्यालय / सरकारी स्कूल
श्रेणी ण
500.00 प्रतिमाह
100.00 प्रतिमाह
500.00 प्रतिमाह
100.00 प्रतिमाह
50.00 प्रतिमाह
1,000.00 प्रतिमाह रिटेल चैन्स (जैसे बिग बाजार, विशाल मेगा मार्ट, मैट्रो बाजार आदि)
श्रेणी त रोड साईड वेन्डर (वेन्डर जोन सहित) 5.00 प्रतिमाह 158
[भाग 8
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
1
2
श्रेणी थ
3
रु०
10.00 प्रतिमाह
रोड साईड फास्ट फूड कार्नर, चाय / जूस की दुकान व चाट हाउस आदि ।
श्रेणी द गोदाम एवं वेयरहाउस 1000 वर्गफीट
श्रेणी न शराब की दुकाने
श्रेणी प हाट मार्केट, साप्ताहिक बाजार
श्रेणी फ शोरूम, सर्विस सेन्टर, छोटे गैराज
श्रेणी ब प्रदर्शनी ग्राउन्ड मेला
श्रेणी भ
100.00 प्रतिमाह
200.00 प्रतिमाह
20.00 प्रतिस्टाल
100.00 प्रतिमाह
100.00 प्रतिमाह
100.00 प्रतिमाह
छोटे कुटीर उद्योग कार्यशालायें (गैर खतरनाक/ प्रदूषक) प्रतिदिन 10 कि0 अपशिष्ट
श्रेणी म प्रिंटिंग प्रेस, पैट्रोल पम्प
श्रेणी र
100.00 प्रतिमाह
ऐसे भवन जिनमे पालतू पशु ( गाय , भैंस, बकरी, सुअर आदि) पाल रखे हो, जिनका व्यवसायिक उपयोग न किया जाता हो ।
श्रेणी ल अन्य जो उपरोक्त में से छूट गया हो ।
10.00 प्रतिमाह निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त देय होगा ।
जो नगर पंचायत बुढ़ाना द्वारा निर्धारित किया जाये ।
नोटः-1 -प्रयोक्ता शुल्क भुगतान न करने की दशा में अधिशासी अधिकारी या उनके प्राधिकृत अधिकारी को इन उपविधियों में वर्धित की गई दरों के अनुसार देय धनराशि के अतिरिक्त उसका 20 गुना तक शमन शुल्क (कम्पाउन्डिंग फीस) वसूल करने का अधिकार होगा ।
2- यदि कोई उपभोक्ता एक वर्ष का प्रायोक्ता शुल्क अग्रिम (एडवांस) जमा करता है तो 01 माह के प्रयोक्ता शुल्क की छूट प्राप्त करने का अधिकारी होगा ।
3-विधवा/ बेसहारा महिला/ दिव्यांग एकल रूप से (50 वर्ग गज मकान में स्वयं निवास करते हो) प्रयोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा, जिसका प्रमाण-पत्र प्रत्येक वर्ष नगर पंचायत बुढ़ाना से प्राप्त करना होगा । यदि भवन अथवा भवन का आंशिक भाग किराये पर दिया गया है तो वह भवन स्वामी छूट प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं होगा ।
4-वह वरिष्ठ नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर हो तथा 100 वर्ग गज तक के मकान में निवास करते हो एवं शारीरिक अथवा मानसिक रूप में अस्वस्थ हो एवं उनके साथ वृद्ध पत्नी के अतिरिक्त अन्य कोई परिवारजन, अथवा अन्य साहयक आवासित न हो उनको प्रायोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा परन्तु ऐसे वरिष्ठ नागरिक को नगर पंचायत बुढ़ाना से इस सम्बंध में प्रमाण - पत्र प्राप्त करना होगा तथा प्रतिवर्ष उसका नवीनीकरण कराना होगा ।
5-जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपरोक्त अनुसूची-4 की सीमा में नहीं आयेगे । इनका निस्तारण जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबन्धन नियम-2016 के अन्तर्गत होगा ।
6-प्रयोक्ता शुल्क अनुसूची-4 में वर्णित शुल्क प्रत्येक 2 वर्ष में नगर पंचायत द्वारा पुनरीक्षित की जा सकेगी । पुनरीक्षण का अधिकार अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बुढ़ाना में निहित होगा । उपरोक्त उपविधि में पुनरीक्षण के पश्चात् शुल्क में की गयी वृद्धि किसी भी दशा में 10 प्रतिशत से कम नहीं होगी ।
जायेगी । 7-यह उपविधि के प्रभावी होने की तिथि से इस विषय में सम्बन्धित पूर्व में प्रचलित उपविधि निरस्त हो
बाला त्यागी, अध्यक्ष, नगर पंचायत, बुढाना, मुजफ्फरनगर।
159 भाग 8 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
कार्यालय, नगर पंचायत , कबरई (महोबा)
02अप्रैल, 2022 ई ०
सं० 04/ न० पं० क०/ गजट/ 2022-23 - उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 298 (2) के अधीन नगर पंचायत, कबरई द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि, 2017 तैयार की गयी है, जिसे दैनिक " आज" कानपुर समाचार-पत्र को दिनांक 06 अक्टूबर, 2021 के अंक में प्रकाशित कराया जा चुका है । निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है । अतः इसे राजकीय गजट में प्रकाशित किया जाता है । यह उपविधि राजकीय गजट में प्रकाशित तिथि से प्रभावी होगी ।
ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि
1- संक्षिप्त शीर्ष नाम प्रारम्भ और आपत्ति ।
2-यह नियमावली सरकारी गजट में प्रकाशित के दिनांक से प्रभावी मानी जायेगी ।
परिभाषायें 5 विषय या प्रसंग में कोई बात प्रतिकूल होने पर इस नियमावली में-
(क) अधिनियम" का तात्पर्य उ ० प्र० नगरपालिका परिषद् अधिनियम, 1916 से है ।
(ख) नगर पंचायत से तात्पर्य नगर पंचायत कबरई , (महोबा) से है ।
(ग) शुल्क का तात्पर्य नगर पंचायत में वर्जित मदों पर लगाये शुल्क से है ।
(घ) प्रशासक / अध्यक्ष/ प्रभावी अधिकारी / अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य प्रशासक / अध्यक्ष/ प्रभार अधिकारी/अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, कबरई (महोबा) से है ।
(ङ) निरीक्षणकर्ता से तात्पर्य कर निरीक्षक या जिसको नगर पंचायत, कबरई ( महोबा) द्वारा अधिकृत किया गया है ।
3-नियमावली में दी गयी तालिका में वर्णित मदों पर निर्धारण धनराशि को नगर पंचायत कबरई (महोबा) की सीमा में रहते हुये प्रतिदिन/ प्रति घटना शुल्क के रूप में देना होगा ।
4-नियमावली में दी गयी पालिका में वर्णित मदों पर शुल्क दिये जाने की सूची तैयार करने का अधिकार अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कबरई (महोबा) का होगा ।
5-अधिशासी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि ये प्रत्येक 5 वर्ष में उपविधि का पुनरीक्षण करायेंगे अपरिहार्य परिस्थितियों में यदि उपविधि का पुनरीक्षण न हो सकता हो तो प्रत्येक 5 वर्ष में निर्धारिण चार्ज में 10 प्रतिशित की वृद्धि करते हुये शुल्क वसूलना सुनिश्चित करायेंगे ।
कृत्य
क्र० सं०
नगर पंचायत द्वारा आरोपित धनराशि
2
1
3 50
500.00 प्रतिदिन 1 आवासीय भवन स्वामियों द्वारा खुले में कचरा डालने पर
550.00 प्रतिदिन 2 दुकानदारों द्वारा खुले में कचरा डालने पर
1,500.00 प्रतिदिन 3 रेस्टोरेन्ट मालिक द्वारा खुले में कचरा डालने पर
2,500.00 प्रतिदिन 4 होटल मालिकों द्वारा खुले में कचरा डालने पर
1,000,00 प्रतिदिन 5 औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा खुले में कचरा डालने पर
500.00 प्रतिदिन फ्रूट आदि ठेला व्यवसायियों द्वारा खुले में कचरा डालने पर 6 हलवाई, चाट पकौड़ी, फास्ट फूड, आईसक्रीम, गन्ने का रस एवं अन्य जूस सब्जी एवं
7 गोबर सार्वजनिक स्थानों पर डालने पर
2,000.00 प्रतिदिन
8
1,000.00 प्रतिदिन निजी ट्रैक्टरों द्वारा बजरी , कचरा, मलबा, गोबर इत्यादि परिवहन करते हुये नगर पंचायत की सड़क पर अपनी सामग्री बिखेरने व गन्दगी फैलाने पर 160
[भाग 8 उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
3 1
2
रु०
1,000.00 प्रतिदिन 9 सरकारी भवनों, चौराहों एवं शहरी चार दीवारी की दीवारों व उसके गेटों पर निजी वाणिज्यिक प्रचार- प्रसार हेतु पोस्टर चिपकाने, स्लोगन लिखकर सरकारी दीवारें ऐतिहासिक भवनों की सुन्दरता को खराब करने व बैनर्स लगाने पर उस संस्था के मालिक अथवा मौके पर पाये गये व्यक्त्ति से (प्रत्येक कृत्य पर)
प्रतिकृत्य 10 बिना सक्षम स्वीकृति के रोडकट करने पर तथा नाली तोड़ने की दशा में
1,500.00 तथा मरम्मत चार्ज
500.00 प्रतिदिन 11 अपने मकान भवन का सीवरेज कनेक्शन नहीं लेकर सीवरेज की गन्दगी आम नाली/ नाले में बहाने पर
1,000.00 प्रतिदिन 12 क्रमांक 02 से 06 तक वर्णित व्यवसायियों द्वारा अपने व्यवसाय स्थल का कचरा एकत्रित रखने के लिये निर्धारित कचरा पात्र आवश्यक क्षमता का नहीं रखने पर
500.00 प्रतिदिन 13 दुकानदार अथवा ठेला व्यवसायियों द्वारा सड़क पर बैठकर स्कूटर व साइकिल रिपेयरिंग कर आयल मिट्टी व पानी फैलाकर गन्दगी करने पर
14
500.00 प्रतिदिन नीट की दुकानों के सामने दुकानदार द्वारा काटे गये जानवरों की हड्डियों, मलबा , मलीदा, खून, मुर्गे के पंख, अण्डों के छिलके इत्यादि सड़क पर आम रास्तों में डालकर गन्दगी फैलाने पर
500.00 प्रतिदिन 15 आम रास्ता , सड़क व मकान के सामने गाय , भैंस बकरी, कुत्ते, भेड़, ऊंट, गधा, घोडा, सुअर इत्यादि पालतू जानवरों से गन्दगी फैलोन पर
500.00 प्रतिदिन 16 शादी विवाह स्थलों के बाहर खुले में कचरा डालने पर
1,000.00 प्रतिदिन 17 आम रास्ता, सड़क पर खुले में या टेन्ट लगाकर खुलेआम मांस मछली पकाने व अंश सड़क पर डालने व गन्दगी फैलाने पर
500.00 प्रतिदिन 18 सार्वजनिक स्थान, जमीन व सड़क के किनारे बैठकर छिलके व अंश सड़क पर डालने व गन्दगी फैलाने पर
500.00 प्रतिदिन 19 हेयर कटिंग सैलून, ब्यूटीपार्लरों द्वारा आम रास्ता व सड़क पर गन्दगी, बाल इत्यादि डालने पर
500.00 प्रतिदिन 20 दुकानदारों अथवा व्यवसायियों द्वारा आम रास्ता, सड़क अथवा दुकानों के सामने की खाली सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर भवन सामग्री डालकर व्यवसाय करने पर
2,500.00 प्रतिदिन 21 आम रास्ता, सड़क, फुटपाथ, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर जूते, चप्पल, खाद्य सामग्री बेचना, भोजनालय ढाबा चलाकर गन्दगी फैलाने पर
500.00 प्रतिदिन 22 प्राइवेट अस्पताल , नर्सिंग होम, क्लीनिक, दवाखाना इत्यादि द्वारा आम रास्तों, सड़क, फुटपाथ पर गन्दगी डालकर गन्दगी फैलाने पर
1,500.00 प्रतिदिन 23 सड़क के किनारे वाशिंग मशीन लगाकर गाड़ियों की धुलाई करने की दशा में
500.00 प्रतिदिन तथा पानी का कनेक्शन
काटने का चार्ज 24 विभिन्न चिकित्सालय संस्थानों जैसे प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलाजी इत्यादि के जैव चिकित्सीय अपशिष्ट को नगरीय ठोस अपशिष्ट में अथवा सार्वजनिक स्थानों पर डालने पर
500.00 प्रति घटना 25 खुले में शौच करने पर
100.00 प्रति घटना 26 खुले में पेशाब करने पर
100.00 प्रतिदिन 27 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर नीला एवं हरा डस्टबिन न रखने पर
28 पान मसाला/ गुटखा इत्यादि की पीक सड़क, पटरी, दीवार व सरकारी भवन में थूकने व धूम्रपान करने पर
पहली बार पाये जाने पर 100.00 दोबारा पाये जाने पर 500.00
200.00 प्रति घटना 29 नाली में कूड़ा/ कचरा इत्यादि डालकर नाली अवरुद्ध करने पर
200.00 प्रति घटना 30 घरेलू (तेजाब, हार्पिक, सेनेटरी पैड इत्यादि) तथा विनाशकारी इलेक्ट्रोनिक कचरा खुले में डालने पर
1,00.00 प्रतिदिन 31 खाली प्लाट में सालिड वेस्ट (कचरा, गोबर इत्यादि) फेंकने पर
3,000 प्रति घटना 32 बल्क वेस्ट उत्पादक द्वारा अपने परिक्षेत्र में कचरा फैलाने/ इधर- उधर फेंकने तथा आग लगाने इत्यादि पर 161 भाग 8 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत)
1
3
2
रु०
1,000.00 प्रतिदिन 33 मकान की तोड़-फोड़/ पुनः निर्माण / नव निर्माण से उत्पन्न कचरे को खाली प्लाट/सरकारी भूमि तथा इधर- उधर फेंकने पर
100.00 प्रतिदिन घरेलू 34 गीले एवं सूखे कूड़े को पृथक् पृथक न देने पर
5,000.00 प्रति घटना (मैरिज होम, वैवाहिक स्थल प्रति इत्यादि) हाल
500.00 प्रति घटना (व्यवसायिक स्थल)
35 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ( NGT ) की धारा के अन्तर्गत नगर पंचायत सीमान्तर्गत कूड़ा जलाने पर
5,000.00 का जुर्माना प्रति घटना तत्काल वसूल किया जायेगा 5,000.00 का जुर्माना प्रति घटना 36 मा० उच्च न्यायालय की सुनवाई दिनांक 09 नवम्बर, 2016 पर नगर विकास अनुभाग के आदेश संख्या 3595/ नौ-5-2016-29 रिट 2014 , दिनांक 08 नवम्बर, 2016 एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की धारा के अन्तर्गत नगर पंचायत सीमान्तर्गत भवन निर्माण सामग्री (C & D ) की सड़क फुटपाथ, खाली पलाट में डालने पर
100 ग्राम तक 1,000 101 ग्राम से 500 तक 200
37 उ०प्र ० विकास अनुभाग -7 के शासन संख्या 1056 /9-7-28-29 (लखनऊ 18 दिनांक 15 जुलाई, 2018 के अनुपालन में 50 माइक्रोन से कम घनत्व के प्लास्टिक कैरी बैगों और 50 अथवा इससे अधिक माइक्रोन के घनत्व के निस्तारण योग्य कैरी बैग जिनके विनिर्माण का नाम और रजिस्ट्रीकरण संख्या न हो, के उपयोग तथा प्लास्टिक या थर्माकोल से निर्मित एक बार उपयोग के पश्चात् निस्तारण योग्य कपों, गिलासों, प्लेटों, चम्मों, टबलरों का विनिर्माण, विक्रय , वितरण, भण्डारण , परिवहन, आयात या निर्यात करते हुये पकड़े जाने पर ।
501 ग्राम से 1 किलोग्राम तक 5,000 1 किलोग्राम से 5 किलोग्राम तक 10000 रु० 5 किलोग्राम से अधिक 25,000
दण्ड
उपरोक्त शुल्क प्रथम बार उल्लंघन करने पर आरोपित किया जायेगा । घटना की पुनरावृत्ति करने पर 2 से 3 गुना तक दण्ड वसूल किया जायेगा । जुर्माना लगाये जाने का अधिकारी/ अधिशाषी अधिकारी अथवा नगर पंचायत कबरई (महोबा) में निहित होगा ।
मूलचन्द्र, अध्यक्ष, नगर पंचायत, कबरई (महोबा) ।
कार्यालय, उ ०प्र ० शिया सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ
अधिसूचना
उ०प्र० शिया सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ में सेण्ट्रल वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 65(5), के अन्तर्गत बोर्ड
की बैठक दिनांक 31 मार्च, 2022 के अन्तर्गत निम्नलिखित अवकाफ को सीधे नियन्त्रण में लेते हुये प्रशासक पद पर इस शर्त के साथ नियुक्त किया गया है कि प्रशासक वक्फ अधिनियम, 1995 में दिये गये प्राविधानों के अन्तर्गत कार्य करेंगे-
वक्फ का नाम
प्रशासक का नाम और पता
स्थित/ जनपद
क्र० सं०
पंजीयन संख्या
प्रशासक की नियुक्ति कीअवधि 3
4
5
6 1
2
1
लखनऊ
06 माह T-1011
चक्फ मीर खुदा बक्श (कर्बला ताल कटोरा)
श्री से ० जैगम अब्बास रिजवी पुत्र श्री गयूरुल हसन रिजवी, निवासी म०नं० 120- ए ब्लाक- ए०, हुसैनी मार्केट, कर्बला ताल कटोरा, लखनऊ 162
[भाग 8 उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
2
4
5
6 1
3
कर्बला T-1997
01 वर्ष वक्फ
2
न्यूहैदराबाद,
हजरत
लखनऊ
रौजा
कासिम
श्री से० शौजब अब्बास पुत्र श्री मो० हुसैन, निवासी 27/6/4, 3वे लेन, उत्तरौला हाऊस , राजाराम मोहन राय मार्ग, निकट कृषि भवन, लखनऊ ।
अली जैदी,
अध्यक्ष,
उ०प्र० शिया सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ ।
सूचना
तोसनीवाल, श्री हरि प्रसाद तोसनीवाल, श्री गौरी प्रसाद तोसनीवाल, श्री निर्मल कुमार तोसनीवाल, श्री शरद कुमार तोसनीवाल, श्रीमती सारिका देवी तोसनीवाल, श्रीमती लक्ष्मी देवी तोसनीवाल साझीदार थे । संशोधित डीड 01 दिसम्बर, 2012 के अनुसार साझीदारी में श्रीमती कौशल्या देवी तोसनीवाल को शामिल किया गया है तथा श्री रामचन्दर तोसनीवाल , श्री गौरी प्रसाद तोसनीवाल, श्री निर्मल कुमार तोसनीवाल, श्री शरद कुमार तोसनीवाल , श्रीमती सारिका देवी तोसनीवाल , श्रीमती लक्ष्मी देवी तोसनीवाल साझीदारी से स्वेच्छा से पृथक् हो गये हैं तथा प्रथम भागीदार श्री रामचन्दर का स्वर्गवास दिनांक 18 जुलाई , 2015 को हो गया है । वर्तमान में फर्म में श्री हरि प्रसाद तोसनीवाल एवं श्रीमती कौशल्या देवी तोसनीवाल साझीदार हैं ।
सर्वसाधारण को सूचित करना है कि मैसर्स ओम इन्टरप्राईजेज 47, कोजी कालोनी, मवाना रोड, अपोजिट डिफेन्स कालोनी, मेरठ (उ0 प्र0 ) 250001 की साझीदारी में श्री सचिन नागर, श्री गणेश चन्द्र एवं श्रीमती विपिन कुमारी साझीदार थे । दिनांक 07 फरवरी , 2022 को श्री मोहित कुमार फर्म की साझीदारी में सम्मिलित हुए हैं तथा श्री गणेश चन्द्र एवं सचिन नागर फर्म की साझीदारी से अपना-अपना हिसाब- किताब ले - देकर अलग हो गये । वर्तमान में फर्म की साझीदारी में श्रीमती विपिन कुमारी एवं मोहित कुमार साझीदार हैं । यह घोषणा करती हूँ कि एतद्वारा यह प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी हैं ।
विपिन कुमारी,
हरि प्रसाद तोसनीवाल, पार्टनर ।
साझीदार,
सूचना
मेसर्स ओम इन्टरप्राईजेज,
47, कोजी कालोनी, मवाना रोड, अपोजिट डिफेन्स कालोनी, मेरठ (उ० प्र० ) ।
NOTICE
सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स कनोडिया आटो सेन्टर, 73/24, कलक्टरगंज, कानपुर-208001 के विधान में भागीदारी डीड दिनांक 07 मार्च , 2022 से फर्म की साझीदारी में चाँदनी कनोडिया पुत्री श्री सुरेश कुमार कनोडिया निवासिनी 128/379 के ब्लाक, किदवई नगर, कानपुर को शामिल किया गया है । वर्तमान में फर्म में श्री सुरेश कुमार कनोडिया. सुमेधा कनोडिया एवं चाँदनी कनोडिया साझीदार हैं ।
Notice is hereby given that my daughter's correct name is Vainiza while by mistake has been mentioned Vainizah in Class 10th Passing Certificate 2021 of CBSE Board . Farhat Nazneen W/o Siraj Ahmad479 , Dariyabad , Prayagraj .
Farhat Nazneen .
सुमेधा कनोडिया, पार्टनर ।
सूचना
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मे० महावीर इण्टर प्राइजेज, ग्रा० टूण्डली, टूण्डला, जिला फिरोजाबाद में स्थित है एफआईआर /0006912 उपरोक्त सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स-किसान कृषि यंत्र उद्योग, 18-सी, पोखरपुर, लाल बंगला, कानपुर-208010 की भागीदारी डीड दिनांक 01 अप्रैल, 2006 के अनुसार फर्म में श्री रामचन्दर 163 भाग 8 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
तृतीय साझेदार निखिल अवस्थी पुत्र प्रभात कुमार अवस्थी. निवासी 537 -बीएचए/ 150 भारत नगर, सीतापुर रोड, लखनऊ साझेदारी फर्म से दिनांक 05 मार्च, 2022 से हट गये हैं । उक्त तिथि से पूर्व के तृतीय साझेदार का भविष्य में कोई लेना- देना नहीं होगा । वर्तमान में उक्त फर्म में निर्मला अवस्थी प्रथम एवं प्रभात कुमार अवस्थी द्वितीय साझेदार के रूप में सम्मिलित हैं ।
फर्म में साझेदार विजय बहादुर पुत्र स्व० महावीर सिंह, लाल बहादुर सिंह पुत्र स्व० महावीर सिंह, संदीप चौधरी पुत्र स्व० महावीर सिंह, राज बहादुर पुत्र स्व० महावीर सिंह, सभी साझेदारों ने अपनी फर्म दिनांक 21 सितम्बर, 2019को संचालन की थी, आज दिनांक 12 अप्रैल, 2021 को श्री रितिक चौधरी पुत्र श्री कुलदीप सिंह नये साझेदार सम्मिलित हो गये हैं अब फर्म को विजय बहादुर, लाल बहादुर सिंह, संदीप चौधरी, राज बहादुर एवं श्री रितिक संचालित करेंगे ।
एतदद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक रूप से औपचारिकताओं को पालन स्वयं मेरे द्वारा किया गया है ।
निर्मला अवस्थी, साझेदार, विजय बहादुर, साझेदार, मे० महावीर इण्टरप्राइजेज, ग्रा० टूण्डली टूण्डला. जिला फिरोजाबाद ।
सूचना
मेसर्स श्री रामकृष्ण गैस सर्विस, 31 एल ०जी० एफ ० , रीगल प्लाजा, सी०पी०-103 , रिंग रोड, से० 16, इन्दिरा नगर, लखनऊ -226016|
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेसर्स हरीराम मोतीलाल सर्विस स्टेशन , शेरगढ़, तहसील -छाता, जिला-मथुरा (उ०प्र०) में श्री के० एस ० सागर उक्त फर्म में 40% के, श्री शशिकान्त सागर 30% के व रविकान्त सागर 30% के. भागीदार रहे हैं, परन्तु दिनांक 06 जुलाई, 2021 को उक्त फर्म के प्रारम्भिक व मुख्य भागीदार श्री के०एस ० सागर का वृद्धावस्था के कारण आकस्मिक निधन हो गया है । अतः अब फर्म में उपरोक्त मृतक की 40% की भागीदारी का आधा-आधा हिस्सा यानि कि 20%-20% फर्म में विद्यमान उनके दोनों भागीदार पुत्रों के हिस्से (30%-30%) में शामिल होकर क्रमशः श्री शशिकान्त सागर का 50 % तथा रविकान्त सागर 50% के साझेदार नियत हैं ।
शशिकान्त सागर,
पार्टनर,
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मे० गर्ग रीसर्फेसिंग एण्ड कन्स्ट्रक्शन , एफ-4 ब्लाक नं० 41 /4 बी, 1 फ्लोर फ्रेंड्स टॉवर, संजय पैलेस आगरा में स्थित है उपरोक्त फर्म में हम श्री राजेन्द्र प्रसाद गर्ग, श्रीमती नेहा अग्रवाल, श्री नीरज कुमार अग्रवाल, श्रीमती प्रेमरानी गर्ग , श्री आलोक गर्ग , निवासीगण कमला नगर, आगरा सभी साझेदारों ने अपनी फर्म दिनांक 26 जून, 2007 को संचालन की थीं. दिनांक 01 अप्रैल , 2022 श्रीमती नेहा अग्रवाल, श्री नीरज अग्रवाल, निवासीगण कमला नगर, आगरा फर्म से पृथक् हो गये हैं । दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से श्री समर्थ गर्ग साझेदार हो गये हैं । अब फर्म को
श्री राजेन्द्र प्रसाद गर्ग, श्री आलोक गर्ग, श्रीमती प्रेमरानी गर्ग, श्री समर्थ गर्ग संचालित करेंगे ।
मेसर्स हरीराम मोतीलाल , सर्विस स्टेशन, शेरगढ़, तहसील -छाता, जिला-मथुरा (उ ०प्र०) ।
सूचना
राजेन्द्र प्रसाद गर्ग, साझेदार ।
सूचना
फर्म मे० गौरांग कोल्ड स्टोरेज खसरा नं0 179/1 ग्राम गढ़ी रामपाल मौजा बडोवरा खुर्द, पो० अ० शमसाबाद, तहसील फतेहाबाद, जिला आगरा पत्रावली संख्या एजी/ 5966 में दिनांक 01 अप्रैल, 2015 आनन्द बरूआ पुत्र श्री हरीशंकर बरुआ, निवासी एम० 8 रश्मि सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स श्री रामकृष्ण गैस सर्विस 31 एल०जी ० एफ० , रीगल प्लाजा, सी० पी०-103 , रिंग रोड, से0-16 , इन्दिरा नगर, लखनऊ-226016, रजि० सं० 201980 का पंजीकरण दिनांक 29 अक्टूबर, 2016 को कराया गया था एवं संशोधन दिनांक 04 मार्च , 2019 को कराया गया था उक्त फर्म में निर्मला अवस्थी प्रथम एवं प्रभात कुमार अवस्थी द्वितीय एवं निखिल अवस्थी तृतीय साझीदार थे, जिसमें
27 2 164
[भाग 8 उत्तर प्रदेश गजट, 9 अप्रैल, 2022 ई० (चैत्र 19, 1944 शक संवत्)
अब्दुल्लाह अंसारी पुत्र मो० खालिद, लखनऊ एवं श्रीमती योजना सिंह पत्नी ए० के० सिंह, लखनऊ फर्म में है । जिसकी सूचना दी जा रही है ।
अब्दुल्लाअन्सारी, साझेदार, 1004/जी० डब्लू० एफ ० अपार्टमेन्ट, गोमतीनगर, एक्सटेन्शन गोमतीनगर , लखनऊ ।
नगर कमला नगर, आगरा एवं श्रीमती रजनी बरूआ पत्नी श्री आनन्द बरूआ, निवासी एम-४ रश्मि नगर कमला नगर, आगरा फर्म की भागीदारी सम्मिलित हुये दिनांक 12 फरवरी, 2022 को भी श्री हरीशंकर बरूआ पुत्र श्री ज्वाला प्रसाद बरूआ, निवासी एम -8 रश्मि नगर कमला नगर, आगरा का निधन हो चुका है वर्तमान में साझेदार मिथलेश बरुआ, आनन्द बरुआ, रजनी बरूआ साझीदार है ।
सूचना
सूचित किया जाता है कि भागीदारी फर्म मे० टीकाराम बच्चन लाल , जी०टी० रोड, बेवर, जिला मैनपुरी में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार है-
आनन्द बरुआ, साझेदार, मे० गौरांग कोल्ड स्टोरेज, खसरा नं0 179/1 ग्राम गढ़ी रामपाल, मौजा वडोवरा खुर्द, पो० आ० शमसाबाद, तहसील फतेहाबाद, जिला आगरा ।
सूचना
फर्म में दिनांक 07 फरवरी , 2022 को श्री वात्सल्य गुप्ता पुत्र श्री विवेक शंकर गुप्ता, निवासी ग्राम व पोस्ट बेवर, जिला मैनपुरी नये भागीदार के रूप में सम्मिलित हो गये हैं तथा उक्त दिनांक को ही फर्म के पूर्व प्रथम पक्ष भागीदार श्री रामसरन गुप्ता पुत्र श्री बच्चन लाल, निवासी ग्राम व पोस्ट बेवर, जिला मैनपुरी अपनी स्वेच्छा से फर्म से पृथक हो गये हैं । अब फर्म में श्री विवेक शंकर गुप्ता व श्री वात्सल्य गुप्ता भागीदार हो गये हैं ।
विवेक शंकर गुप्ता, भागीदार, मे० टीकाराम बच्चन लाल, जी०टी० रोड, बेवर, जिला मैनपुरी ।
एतद्वारा सूचित किया जाता है कि मेसर्स ऐरी बिल्डर्स, ए -701 , सप्तम तल रॉयल इस्टेट अपार्टमेन्ट वृन्दावन योजना , रायबरेली रोड, लखनऊ की साझेदारी फर्म 1932 साझेदारी अधिनियम के अन्तर्गत लखनऊ से पंजीकृत है जिसमें दिनांक 30 नवम्बर, 2019 से फर्म की साझेदारी से एक साझेदार इमरान अहमद पुत्र मोहम्मद नबी ग्राम व पोस्ट मंगरवा रायपुर, थाना गम्भीरपुर, जिला आजमगढ़, उ०प्र० से निकल रहे हैं, वर्तमान में फर्म में तीन साझेदार मो० आरिफ पुत्र मो० शुएब, लखनऊ,
पी० एस० यू०पी०-2 हिन्दी गजट-भाग 8-2022 ई ० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, उ० प्र० , प्रयागराज ।