रजिस्टर्ड नं०-१०डी०-4
लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू० पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
खण्ड 76] प्रयागराज , शनिवार , 21 मई , 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्) संख्या 21
विषय-सूची
हर भाग के पन्ने अलग -अलग किये गये हैं , जिससे इनके अलग.अलग खण्ड बन सके ।
विषय
विषय
पृष्ठ संख्या वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
वार्षिक चन्दा
रु०
सम्पूर्ण गजट का मूल्य
3075 भाग 4-निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश
975
539-552
975
भाग 5- एकाउन्टेन्ट जनरल, उत्तर प्रदेश
भाग 1 - विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत्त किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये
975
1500 (ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 1 - क-नियम, कार्य-विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया
भाग 6- क-भारतीय संसद के ऐक्ट
भाग 1 -ख (1 ) औद्योगिक न्यायाधिकरणों के अभिनिर्णय
भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा। सभाओं में प्रस्तुत्त किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये
भाग 1 -ख (2) श्रम न्यायालयों के अभिनिर्णय
(ख ) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975
भाग 7- क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं के ऐक्ट
भाग 7- ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां
975
भाग 2- आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया , हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण
213-248 975
विवरण -पत्र भाग 8 -सरकारी कागज पत्र दबाई हुई रूई की गाठों का विवरण- पत्र, जन्म- मरण के आँकड़े , रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि
भाग 3- स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़पत्र, खण्ड क- नगरपालिका परिषद, खण्ड ख- नगर पंचायत, खण्ड ग-निर्वाचन ( स्थानीय निकाय) तथा खण्ड घ-जिला पंचायत
1425
75-96
स्टोर्स पर्चेज विभाग का क्रोड़ पत्र
975
75 क 540
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
[भाग 1
भाग 1
विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण , अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग
अनुभाग-13
औपबंधिक नियुक्ति
03नवम्बर , 2021 ई ०
सं० 1625/ सत्ताईस-13-2021-49/21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ० प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी सुश्री अपूर्वा भण्डारी पुत्री श्री अजय कुमार भण्डारी का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
अभ्युक्ति क्र० नाम/ पिता का जन्म तिथि अनुक्रमांक गृह जनपद
पत्र-व्यवहार का पता
नाम
सर्वश्री-
142 अपूर्वा भण्डारी/ 12-02-1992 44309
अपूर्वा मण्डारी, 353,
देहरादून
353 वनबिहार बल्लूपुर,
अपूर्वा भण्डारी, 353 , 353 वनबिहार बल्लूपुर
(उत्तराखण्ड)
अजय कुमार भण्डारी
देहरादून,
देहरादून,
उत्तराखण्ड-248001
उत्तराखण्ड-248001
2-शासनादेश संख्या04/ 2021 /1/4/ 2011-का-4-2021. दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ ० प्र० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ० प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्त्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति- पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2 ) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा- भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
541 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31. 1944 शक संवत्)
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ-साथ शासन द्वारा समय- समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/ कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें। उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण - पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04 / 2021 /1/4/ 2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण - पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ I ] केवल एक जीवित पति होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र ।
सं० 1626/ सत्ताईस-13-2021-49/21-लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन ) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उ० प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री आरजू कुमार पुत्र श्री राकेश कुमार का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
स्थाई पता
जन्म-तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
गृह जनपद
नाम/पिता कानाम
सर्वश्री-
143 आरजू कुमार/ 13-01-1994 50589 प्रयागराज राकेश कुमार , 603 ए 1 , राकेश कुमार
सोहबतियाबाग, प्रयागराज,
उ०प्र०-211006
राकेश कुमार, 603ए1 , सोहबतियाबाग, प्रयागराज, उ०प्र०-211006
2-शासनादेश संख्या04/ 2021 /1 / 4/ 2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल , 2021 में उल्लिखित्त व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ० प्र ० में सहायक अभियन्ता ( सिविल ) के पद पर वेतन बैण्ड रु०. 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5.400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ० प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत 542
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति / पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय -समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/ कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04 / 2021/1 /4/ 2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल , 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता , सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण- पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं0 1627/ सत्ताईस-13-2021-49/ 21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा , 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ ०प्र ०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी सुश्री सौम्या सिंह पुत्री श्री जितेन्द्र कुमार सिंह का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति जन्म तिथि अनुक्रमांक
क्र०
गृह जनपद
नाम/ पिता का नाम
सर्वश्री-
पुत्री जितेन्द्र कुमार सिंह, 111 16, 111 , पुत्री जितेन्द्र कुमार सिंह , 111 16, 111 , 144सौम्या सिंह/ जितेन्द्र कुमार सिंह 15-11-1993 61941 लखनऊ
16 गोल्ड कम्पाउण्ड; 16 गोल्ड कम्पाउण्ड,
मयूर रेजीडेंसी एक्सटेंशन, मयूर रेजीडेंसी एक्सटेंशन्,
लखनऊ उ0 प्र0-226016
लखनऊ उ0प्र0-226016
543 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021/1/4/2011-का-4-2021. दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल ) के पद पर वेतन बैण्ड रु० 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति - पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार , इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5 ) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय -समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण - पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021/1/4/ 2011- का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल , 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण -पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण- पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ I ] केवल एक जीवित पति होने का प्रमाण -पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण ।
544
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31. 1944 शक संवत्)
[III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र ।
सं० 1628/ सत्ताईस-13-2021-49/ 21- लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता ( सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ० प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेत्तु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री गौरव कुमार गुप्ता पुत्र श्री विनोद गुप्ता का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
स्थाई पता
जन्म तिथि अनुक्रमांक
नाम/ पिता
गृह
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
जनपद
कानाम
सर्वश्री-
145 गौरव
कुशीनगर विनोद गुप्ता दुदही, विनोद गुप्ता दुदही, कुमार 08-07-1996 40592
किराना मण्डी, किराना
मण्डी, गुप्ता/विनोद
उ०प्र०- गुप्ता
उ० प्र०- कुशीनगर
274302
कुशीनगर 274302
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021 /1/4/ 2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ० प्र० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु०. 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शतों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्त्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/ विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय - समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही 545 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021/1 /4/ 2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल , 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यमार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ I ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1629/ सत्ताईस-13-2021-49 / 21-लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल ) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उ ० प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी सुश्री निष्ठा सिंह पुत्री श्री राम मिलन का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
गृह जनपद
क्र० नाम/ पिता का जन्म तिथि अनुक्रमांक पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति नाम
सर्वश्री-
निष्ठा सिंह, 43 25 146 निष्ठा सिंह/ राम 01-05-1996 83016 प्रयागराज निष्ठा सिंह, 43 25 मिलन
सी- II दयानन्द मार्ग, सी- II दयानन्द मार्ग ,
सिविल लाइन्स, प्रयागराज, सिविल लाइन्स, प्रयागराज,
उ०प्र०-211001
उ०प्र०-211001
2-शासनादेश संख्या04/ 2021/1/ 4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग , उ०प्र ०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ० प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्त्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा- पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति- पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
546
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31. 1944 शक संवत्)
[भाग 1
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति / पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय-समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/ कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण- पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04 / 2021/1/4/ 2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल , 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पति होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[III] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1630/ सत्ताईस-13-2021-49 / 21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित्त सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/ विशेष चयन ) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ० प्र ०, प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री नवीन कुमार पुत्र श्री सुरेश कुमार का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
जन्म तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
गृह जनपद
क्र० नाम/ पिता का नाम
सर्वश्री-
147 नवीन कुमार/ 01-04-1994 15516 गाजियाबाद सुरेश कुमार
नवीन कुमार, आरसी 10. दीपक बिहार खोड़ा कालोनी गाजियाबाद, उ०प्र०-201309
प्रीति, फ्लैट नं0 602 ब्लाक-के० , सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट मुखर्जी नगर, नई दिल्ली, दिल्ली-110009 547 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
2-शासनादेश संख्या 04/ 2021/1/4/2011-का-4-2021. दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ०प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु० 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्त्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/ विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बत्ताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण-पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार , इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा- भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय -समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली- भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग -पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुत्ति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र ( N.O.C.) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04 / 2021/1 /4 /2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण -पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण- पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
76 क 548
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( बैशाख 31. 1944 शक संवत्)
[भाग 1
सं० 1631/ सत्ताईस-13-2021-49/ 21 -लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य / विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उ ०प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री त्रिवेणी पटले पुत्री सुश्री उदेलाल पटले का विवरण निम्नवत् है-
क्र०
स्थाई पता
जन्म तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति
गृह जनपद
नाम/पिता कानाम
सर्वश्री-
बालाघाट ,
148 त्रिवेणी पटले/ 05-08-1996 36464 उदेलाल पटले
म०प्र०
म०प्र०-
481445
उदेलाल पटले , गांव उदेलाल पटले, गांव मानेगांव, पोस्ट मानेगांव, मानेगांव, पोस्ट मानेगांव, बालाघाट. म०प्र०- बालाघाट, 481445
2-शासनादेश संख्या04/ 2021/1/4/2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग , उ० प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ ० प्र ० में सहायक अभियन्ता ( सिविल ) के पद पर वेतन बैण्ड रु0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्त्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठत्ता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ-साथ शासन द्वारा समय - समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा 549 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31. 1944 शक संवत्)
अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04/ 2021/1/4/ 2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पति होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II ] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV ] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र ।
सं० 1632/ सत्ताईस-13-2021-49/ 21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा ( सामान्य / विशेष चयन ) परीक्षा , 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग , उ ० प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी श्री राज कुंवर पुत्र श्री संजय कुमार का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
क्र०
जन्म तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति नाम/ पिता का नाम
गृह जनपद
सर्वश्री-
गोरखपुर संजय कुमार 7ए संजय कुमार 7ए 149 राज कुंवर/ संजय 16-01-1995 118978 कुमार
नियर एल्यूमिनियम नियर एल्यूमिनियम
फैक्टरी सुडिया कुआं, फैक्टरी सुडिया कुआं,
बशारतपुर, गोरखपुर, बशारतपुर, गोरखपुर,
उ०प्र०-273004
उ०प्र०-273004
2-शासनादेश संख्या04/ 2021 / 1 /4/ 2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग, उ०प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ ० प्र ० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु 0 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उ० प्र ० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वःसत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
550
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( बैशाख 31. 1944 शक संवत्)
[भाग 1
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण-पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार, इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति / पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा-भत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठत्ता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी ।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ- साथ शासन द्वारा समय - समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/ कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04 / 2021 /1/4/2011-का-4-2021 , दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण- पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[ 1 ] केवल एक जीवित पत्नी होने का प्रमाण-पत्र ।
[ II] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल-अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[ III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र ।
सं० 1633/ सत्ताईस-13-2021-49 /21-लोक सेवा आयोग , उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित्त सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा ( सामान्य/ विशेष चयन) परीक्षा, 2019 के आधार पर सहायक अभियन्ता (सिविल) सिंचाई एवं जल 551 भाग 1 ]
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
संसाधन विभाग के सीधी भर्ती के रिक्त पद पर चयनित अभ्यर्थियों के सापेक्ष लोक सेवा आयोग, उ०प्र ० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत किये गये अभ्यर्थी सुश्री स्वप्निल आनन्द पुत्री श्री जगराम वर्मा का विवरण निम्नवत् है-
स्थाई पता
नाम/ पिता का जन्म तिथि अनुक्रमांक
पत्र-व्यवहार का पता अभ्युक्ति क्र० गृह
जनपद
नाम
सर्वश्री-
7024 लखनऊ
150 स्वप्निल आनन्द / 28-10-1997
जगराम वर्मा
स्वप्निल आनन्द, 168 स्वप्निल आनन्द, 168 विराट खण्ड 2. विराट खण्ड गोमतीनगर, लखनऊ गोमतीनगर, लखनऊ- 2. 226010
226010
2-शासनादेश संख्या04/ 2021 / 1 /4/ 2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुरूप लोक सेवा आयोग , उ ० प्र० , प्रयागराज द्वारा नियुक्ति हेतु संस्तुत उपर्युक्त अभ्यर्थी को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ ०प्र० में सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर वेतन बैण्ड रु० 15,600-39,100 (ग्रेड पे रु0 5,400) में कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र० में 02 वर्ष की परिवीक्षा पर औपबंधिक रूप से नियुक्ति किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(1 ) अभ्यर्थी को उक्त औपबंधिक नियुक्ति इस शर्त के साथ प्रदान की जा रही है कि यदि अभ्यर्थी का चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापित नहीं होता है या अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वः सत्यापन या घोषणा-पत्र में कोई गलत सूचना दी गयी है तो औपबंधिक नियुक्ति-पत्र तत्काल निरस्त कर दिया जायेगा और परिणाम स्वरूप अन्य आपराधिक/विधिक कार्यवाही भी की जायेगी ।
(2) यह नियुक्ति नितान्त औपबंधिक एवं अस्थायी है । यदि बाद में अभ्यर्थियों के सम्बन्ध में दिये गये प्रमाण-पत्र एवं अन्य सेवा शर्तों को असत्य पाया जाता है तो उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये तत्काल समाप्त कर दी जायेगी और असत्य प्रमाण- पत्र दिये जाने के सम्बन्ध में नियमानुसार विभागीय आपराधिक (क्रिमिनल) कार्यवाही की जायेगी ।
(3) उक्त अभ्यर्थी को अपना कार्यभार , इस आदेश के निर्गत होने के एक माह के अन्दर अवश्य ग्रहण कर लेना होगा । यदि अभ्यर्थी इस अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जायेगा ।
(4) अभ्यर्थी को अपनी नियुक्ति/ पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने हेतु कोई यात्रा- मत्ता इत्यादि देय नहीं होगा ।
(5) उक्त अभ्यर्थी की ज्येष्ठता बाद में नियमानुसार निर्धारित की जायेगी।
(6) नवचयनित सहायक अभियन्ता को वेतन के साथ-साथ शासन द्वारा समय - समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता व अन्य देय भत्ते भी नियमानुसार अनुमन्य होंगे ।
(7 ) अभ्यर्थी के कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व कार्यालय प्रमुख अभियन्ता के संबंधित अधिकारी यह भली-भांति सुनिश्चित कर लेंगे कि अभ्यर्थी यदि पूर्व में अन्यत्र कहीं कार्यरत रहा हो तो उनके द्वारा तकनीकी त्याग-पत्र/कार्यमुक्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार किये जायें । उक्त के साथ ही 552
[भाग 1 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31. 1944 शक संवत्)
औपबंधिक रूप से चयनित जिन अभ्यर्थियों की आयोग द्वारा सशर्त संस्तुति प्रेषित की गयी है उनके द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र (N.O.C. ) उपलब्ध कराये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये । इसी के साथ शासनादेश संख्या 04 / 2021/1 /4/ 2011-का-4-2021, दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्रों में सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा-पत्र प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही योगदान आख्या स्वीकार की जाये ।
(8) कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग , उत्तर प्रदेश के अधिकारी अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण कराने से पूर्व उनके मूल प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की आवश्यक जांच स्वयं कराना सुनिश्चित करेंगे तथा प्रत्येक प्रमाण-पत्र एवं डिग्रियों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमाण-पत्रों के साथ शासन को कार्यभार प्रमाणक सहित तुरन्त प्रेषित करेंगे-
[I ] केवल एक जीवित पति होने का प्रमाण- पत्र ।
[ II] अभ्यर्थी द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से अपनी चल -अचल सम्पत्ति का विवरण ।
[III ] राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित अभ्यर्थी के पासपोर्ट साइज की 02 फोटो ।
[ IV] अभ्यर्थी द्वारा उपलब्ध कराया गया सत्यापन पत्र एवं स्वःघोषणा- पत्र ।
आज्ञा से, फूल चन्द्र, संयुक्त सचिव ।
पी० एस ०यू०पी०-8 हिन्दी गजट- भाग1-2022 ई० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ।
रजिस्टर्ड नं ० - ए०डी०-4
लाइसेन्स सं ०- डब्ल्यू० पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 21 मई , 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
भाग 1 -क
नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि , जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया ।
जनता के प्रयोजनार्थ भूमि नियोजन की विज्ञप्तियां
11 अप्रैल, 2022 ई०
सं० 55/आठ-अ ०जि०(भू०अ०) कानपुर नगर- भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (अधिनियम सं0-30 सन् 2013 ) (जिसे आगे उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के अधीन चूंकि उ ० प्र ० सरकार का यह समाधान हो गया है कि जिला कानपुर नगर तहसील नर्वल के ग्राम-साढ़ की 36.8377 हे० भूमि की लोक प्रयोजन अर्थात उ०प्र ० एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण के माध्यम से डिफेन्स इन्डस्ट्रियल कोरीडोर परियोजना हेतु आवश्यकता है।
2-गिरी विकास अध्ययन संस्थान लखनऊ द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण सम्बन्धी अध्ययन किया गया है. जिसने उ०प्र० सरकार को अपनी संस्तुति प्रस्तुत की गई, जिसने दिनांक 22 नवम्बर, 2021 को अनुमोदित कर दिया गया है ।
3-संक्षेप में सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट और सामाजिक समाघात प्रबन्ध योजना से सम्बन्धित बहुशाखीय विशेषज्ञ समूह की संस्तुतियां निम्नानुसार है-
(क) इस परियोजना के फलस्वरूप प्रभावित ग्राम के कृषि योग्य क्षेत्रफल में कमी आना स्वाभाविक है, किन्तु प्रभावित कृषकों को अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार प्रत्तिकर प्रदान करके इस धनराशि के अनुवर्ती उपयोग से अवशेष जोत का उन्नयन, फार्म मशीनरी में वृद्धि एवं सिंचाई के साधनों के विकास के फलस्वरूप उत्पादन में आने वाली कमी को निश्चित रूप से पूर्ण किया जा सकता है ।
(ख) परियोजना ग्राम के सम्पूर्ण अथवा अधिकांश भाग को प्रभावित नहीं कर रही है और न ही इस परियोजना सेकोई प्रमुख आबादी प्रभावित हो रही है । इस कारण परियोजना से विस्थापन की सम्भावना नगण्य है ।
(ग) परियोजना में भूमि अर्जन से प्राप्त प्रतिकर की धनराशि से वैकल्पिक रोजगार के अवसरों में वृद्धि बेहतर आवासीय सुविधाओं का निर्माण , परिवहन के साधनों का विकास तथा उत्तम कृषि तकनीकी का विकास होना अवश्यभावी है । इसमें कृषि भूमि की कमी को पूर्ण किया जा सकता है ।
46ख 314
[भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
(घ) अतएवं बहुशाखीय विशेषज्ञ समूह की संस्तुतियां निम्नानुसार है-
1-डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के संरेखण के अन्तर्गत आने वाली भूमि का लगभग 80 प्रतिशत भूमि प्रभावित कृषकों से आपसी सहमति के आधार पर परियोजना के पक्ष में बैनामा के माध्यम से क्रय की जा चुकी है । चूंकि अधिकांश भूमि का क्रय हो चुका है और यह परियोजना लोक प्रयोजन की है, जिसके निमित्त जनपद कानपुर नगर में कृषकों की अवशेष भूमि के अर्जन की कार्यवाही किया जाना जनहित में है ।
2-इस क्षेत्र में रक्षा औद्योगिक गलियारा के निर्माण होने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे । जैसे परिवहन, होटल , आवास , शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन, सड़क एवं विद्युत की सुविधाओं में वृद्धि होगी । सम्भावना है कि उक्त परियोजना के संचालन के परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोगों का सामाजिक आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे । अतः इस परियोजना से सम्भावित लाभ परियोजना के सामाजिक खर्च एवं प्रतिकूल सामाजिक समाधातों की तुलना में कहीं अधिक है । परियोजना के आवश्यक कुल भूमि के सापेक्ष अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि अत्यन्त कम है ।
3-समिति की उपरोक्त संस्तुतियों के सन्दर्भ में यह उल्लेखनीय है कि डिफेन्स इन्डस्ट्रियल कोरीडोर परियोजना द्वारा प्रभावित क्षेत्र के लिए सर्किल दर का पुनरीक्षण, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग / कलेक्टर, कानपुर नगर द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जायेगा ।
कलेक्टर द्वारा भूमि के बाजार मूल्य का अवधारण किये जाने की प्रक्रिया उक्त अधिनियम की धारा 26 में उल्लिखित है । उक्त धारा की उपधारा (1 ) के खण्ड (ख) में यह भी उल्लिखित है कि निकटतम समीपस्थ क्षेत्र में स्थित समान प्रकार की भूमि के औसत विक्रय मूल्य का अवधारण, कलेक्टर द्वारा किया जायेगा ।
4-इस परियोजना हेतु भूमि अर्जन के कारण कोई परिवार विस्थापित नहीं हो रहा है ।
5 -अतएव राज्यपाल सामान्य सूचना हेतु यह अधिसूचित करती हैं कि नीचे अनुसूची में उल्लिखित भूमि की लोक प्रयोजन हेतु आवश्यकता है-
अनुसूची
तहसील
जनपद
परगना
ग्राम
अर्जित किये जाने वाला क्षेत्रफल
भू-खण्ड संख्या
6
3
1
5
2
4
हेक्टेयर
नर्वल
नर्वल
2961
0.0689
साढ़
कानुपर नगर
0.1332
2967
0.0327
2971
0.0680
3012
0.0102
3025
0.0204
3026
0.4405
3027
0.0409
3029
1.7127
3039
0.0700
3040 315 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
6 2
5
3
4
हेक्टेयर
0.0204 नवल
नर्वल
3051
साढ़
कानुपर नगर
0.2458
3069
3081
0.0300
3082
0,0360
3086
0.0161
3087
0.0034
3088
0.0030
3089
0.0170
3095
0.0727
3108
0.1500
3110
0.1029
3114
0.5766
3116
0.6512
3131
0.0420
3136
0.1700
0.0865
3143
0.0287
3146
3149
0.0030
3150
0.0326
3154
0.0215
3170
0.0305
3171
0.0320
0.0307
3202
3227
0.0092
3228
0.0107
3229
0.0107
0.0005
3230
3232
0,0427
3237
0.0012
3238
0.0012
3239
0.0047
3242
0.0092
0.0005
3244 316
['भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
6 2
5
3
4
हेक्टेयर नवल
नर्वल
3245
0.0007
साढ़
कानुपर नगर
3246
0.0005
3248
0.0007
3249
0,0007
0.0210
3251
0.0005
3252
3253
0.0012
3254
0.0012
3285
0.2282
3321
0.0126
3335
0.0099
3364
0.1150
3380
0.0280
3386
0.7080
3387
0.7236
3402
0,1377
3406
0.4710
3408
0.6570
3415
0.2753
3428
0.4150
3430
0.3803
3436
0.3930
0.0310
3449
0.0270
3458
3459
0.0370
3461
0.0973
3470
0.2334
3472
0.2216
3492
0.2370
3506
0.0819
3512
0.1697
0.2780
3518
3520
0.0128 317 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
6
5
2
3
4
हेक्टेयर नवल
नर्वल
3521
0.0449
साढ़
कानुपर नगर
3526
0.0180
3527
0.0180
3528
0.0178
3529
0.0180
0.0180
3530
3531
0.0182
3532
0.0300
0.0300
3533
3534
0.0558
3536
0.1258
0.0512
3629
3643
0.1741
3650
0.1592
3657
0.0928
3676
0,1192
3679
0.0300
3684
0.1424
3692
0.3393
3696
0.1053
3721
0.0235
3727
0.1857
0.1430
3731
3733
0.8684
3735
0.1255
3736
0.0997
0.6373
3761
3765
0.1628
1.2112
3779
3781
0.2860
0.1992
3782
20120
3789
0.5663
3795 318
['भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
6 2
5
4
3
हेक्टेयर नवल
नर्वल
3796
1.7000
साढ़
कानुपर नगर
3797
0.2453
3829
0.0360
3836
0.1125
3837
0.1125
3838
0.1125
3839
0.1125
3842
0.00367
3843
0.0100
3848
0.2750
3849
0.3154
0.0132
2990-ख
2995-ख
0.0031
0.0122
2997-ख
3027-ख
0.4405
0.0031
3028-ख
0.0028
3032-ख
3065-ख
0.2867
3065-ग
0.2048
3074-ख
0.19175
3080-घ
0.0025
3080-5
0.0095
0.0076
3080 -ग
3107-ख
0.0089
0.0028
3109-ख
3122-क
0.0104
0.0296
3125-क
0.0032
3127-क
3128-क
0.0020
3129-5
0.0040
3130-ख
0.0324
3130 -क
0.0130
3133-क
0.0144 319 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
6 2
5
3
4
हेक्टेयर नवल
3134-ख
नर्वल
0.0072
साढ़
कानुपर नगर
0.1137
3137-5
3139-क
0.0104
3140-क
0.0104
3141-क
0.0192
0.0756
3152-क
3153-क
0.0144
3156-च
0.0578
3158-ভ
0.1458
3161-
0.2510
3161-ग
0.7575
3187-ख
0.0200
0.0150
3193-ख
3194-ख
0.0155
3208-क
0.1500
3271-क
0.0102
0.0102
3271-ग
0.0192
3277-क
3278-क.
0.0288
3279-क
0.0224
3280-क
0.1024
3284-क
0.0606
3286-ख
0.2901
3288-ख
0.0091
3338-ख
0.0307
0.0205
3354-ख
0.1936
3383-क
0.3000
3399-मि०
3421-क
0.0204
3424-5
0.0870
3425-ख
0.0195
3425-क
0.0511
3464-छ
0.0322 320
['भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
6 2
5
3
4
हेक्टेयर नवल
नर्वल
3515-ख
0.0345
साढ़
कानुपर नगर
3515-क
0.0459
3519-ख
0.4100
3522-ख
0.1778
3523-ख
0.1367
3627-घ
0.0308
3627-ख
0.2458
0.0615
3627-क
3628-ख
0.1026
3639-ख
0.0111
3640-घ
0.00009
3640-ख
0.0010
3640-5
0.0010
3652-घ
0.0260
352-क
0.0520
3710-ख
0.00125
3711-घ
0.0011
3711-ख
0.0936
3711-क.
0.0015
3711-5
0.0011
0.0011
3711-छ
3711-च
0.0045
0.1240
3724-घ
0.1336
3778-ख
3799-घ
0.0180
0.0175
3801 -ख
0.0184
3801-क
3803-ख
0.0250
3803-क
0.0329
3812-ख
0.0725
3812-क
0.0798
0.0977
3814-घ
0.0767
3815-ख 321 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
2
5
6
3
4
हेक्टेयर नवल
नर्वल
3815-क
0.0843
साढ़
कानुपर नगर
2974
0.8514
3161-झ
0.6714
0.0015
3733/3875-क
0.0011
3733/ 3875-ख
0.0015
3733/3875-ग
0:0010
3733/3875-घ
3825-ग
0.3000
0.2500
3802-ग
3859-घ
0.3000
0.3000
3351-घ
0.3000
3859-3
3519-घ
0.4000
3351-ग
0.3000
0.3000
3350-ग
0,3000
3859-ग
3350-घ
0.3000
0.2380
3498-3
0.0600
3519-ग
0.4000
3519-
0.2000
3289-ग
3289-घ
0,6000
3289-ख
0.2000
3161-5
0.0650
0.0700
3161-2
0.0700
3161-0
47ख 322
['भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1
6
5
2
4
3
हेक्टेयर नर्वल
नर्वल
0.0700
3161-
साढ़
कानुपर नगर
0.2710
3161-ढ
3161-ण
0.2810
3161-घ
0.2810
0.2150
3390-3
3161 -द
0.0650
3282
0.0640
0.0700
3161-न
3419-ख
0.0920
3161-प
0.0630
3161-त
0.1310
36.8377
योग..
7-राज्यपाल, उक्त अधिनियम की धारा 12 के अधीन यथा उपबन्धित तथा विनिर्दिष्ट रूप में भूमि अर्जन के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने और भूमि में प्रवेश करने तथा उसका सर्वेक्षण करने, किसी भूमि का समतलीकरण करने, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु अपेक्षित समस्त कार्य करने के लिए भी कलेक्टर को प्राधिकृत करती हैं ।
8-उक्त अधिनियम की धारा 15 के अधीन भूमि में हितबद्ध कोई व्यक्ति, इस अधिसूचना के प्रकाशित किये जाने पश्चात् 60 दिन के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अर्जन करने के लिए लिखित रूप में कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है ।
9 -उक्त अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन, कोई व्यक्ति, इस अधिसूचना के प्रकाशित किये जाने के दिनांक से भूमि अर्जन की कार्यवाहियां पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा अथवा उसका संव्यवहार अर्थात विक्र / क्रय नहीं करने देगा अथवा ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा अपर जिलाधिकारी ( भूमि अध्यापित) 37/17 वेस्टकाट भवन, माल रोड, कानपुर नगर के कार्यालय में देखा जा सकता है ।
ह० (अस्पष्ट), जिलाधिकारी, कानपुर नगर।
323 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
NOTIFICATION
April 11 , 2022
No. 55/VIII -ADM ( L.A. ) Kanpur Nagar-Under sub -section ( 1 ) of section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition . Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 (Act no. 30 of 2013) (hereinafter referred to as the " said Act" ) whereas the Government of Uttar Pradesh is satisfied that a total of 36.8377 Hectares of land is required in the Village- Sandh in Tahsil- Narval, District-Kanpur Nagar for public purpose, namely first phase of Defence Industrial Corridor Project through Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority.
1. Social Impact Assessment study was carried outby the State Social Impact Assessment Agency Girivikas Adhyayan Institute , Lucknow which submitted its recommendations to the Government of Uttar Pradesh, which has approved its recommendation on 22.11.2021.
2.Inbrief, recommendation of Multi Disciplinary Expert Group Rearding Social Impact Assesment Report and Social Impact Management Plan is as follows-
(a) The reduction in area suitable for agriculture in villages affected by and as a result of the Project is obvious , but by compensating the affected farmers as per the provisions of the Act and subsequent utilization of this amount for the developmentby betterment of the remaining agricultural Land patch, increase in farm machinery and development of means of irrigation, the loss ofproduction can definitelybe compensatedfor.
(b) The project in not affecting the complete or major area of any village. The project is not affecting any major population either . For this reason the displacement because of the project is negligible.
(c) Development in alternate employment opportunities , construction of better residential facilities ,development of means of transportation and development of better agriculture techniques is certain because of the compensation amount obtainedby the acquisition of land for the project.
This wouldbe able to compensate for the loss of agricultural land.
(d) Mostly pulses and oilseeds are cultivated in the affected area and the production of rice is almost negligible . Different emplyment opportunities will be made available in direct and indirect waysby the construction of the project in this area .
(e) Therefore, the recommendations of Multi Disciplinary Expert Group is as follows:
1. About 80 Percent of the land falling under the alignment of the Defence Industrial Corridor Project has been procured in favour of the project on the basis of mutual consent from the affected farmers. Sincemost of the land has been occupied and this project is of public purpose, for which acquisition is to be taken to acquire the remaining land of the farmers in Kanpur Nagar District .
2.Due to the construction of Defence industrial Corridor in this area, people will get various types of employment opportunities directly and indirectly such as transport , hotel, housing , education , health , entertainment etc. and road and electricity facilities will increase . There is a possibility that as a result of the operation of the said project, the people of the area willbe socio -economically prosperous . Therefore, the potential benefits are advantageous .
3. In reference with the above recommendations by the committee, it is worthy to be noted that the revision of circle rate for the area affectedby Defence Industrial Corridor Project, will be doneby Stamp 324
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
(भाग 1 -क
and Registration Department/Collector, Kanpur Nagar as per the stipulated procedure.
Procedure for determination of market value of landby Collector is mentioned in Section -26 of said Act. It is also mentioned in Clause (b ) of sub - section ( 1 ) of the said section, that average sale price for similar type of land, situated on the nearest vicinity area will be determined by the Collector.
4.No family is likely tobe displaced, due to land acquisition for this project.
5. Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the schedule below, is needed for public purpose:
SCHEDULE
Tehsil
District
Paragna
1
2
3
Narval
Narval KanpurNagar
Gatano.
Village
Areatobe acquired
6 4
5
Hectare
2961
0.0689 Sandh
0.1332
2967
0.0327
2971
0.0680
3012
0.0102
3025
0.0204
3026
0.4405
3027
0.0409
3029
1.7127
3039
0.0700
3040
0.0204
3051
0.2458
3069
0.0300
3081
3082
0.0360
3086
0.0161
3087
0.0034
3088
0.0030
3089
0.0170
3095
0.0727
3108
0.1500
3110
0.1029 325 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
2
3
4
5
6 1
Hectare Narval
Sandh
3114
0.5766 KanpurNagar Narval
3116
0.6512
0.0420
3131
3136
0.1700
3143
0.0865
3146
0.0287
0.0030
3149
3150
0.0326
3154
0.0215
3170
0.0305
3171
0.0320
3202
0.0307
0.0092
3227
3228
0.0107
3229
0.0107
3230
0.0005
3232
0.0427
3237
0.0012
0.0012
3238
3239
0.0047
3242
0.0092
3244
0.0005
3245
0.0007
3246
0.0005
3248
0.0007
3249
0.0007
3251
0.0210 326
(भाग 1-क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
5
2
3
4
6 1
Hectare Narval
Narval
Sandh
3252
0.0005 KanpurNagar
3253
0.0012
3254
0.0012
0.2282
3285
3321
0.0126
3335
0.0099
3364
0.1150
3380
0.0280
3386
0.7080
0.7236
3387
3402
0.1377
3406
0.4710
3408
0.6570
3415
0.2753
3428
0.4150
3430
0.3803
3436
0.3930
3449
0.0310
3458
0.0270
3459
0.0370
3461
0.0973
3470
0.2334
3472
0.2216
3492
0.2370
3506
0.0819
3512
0.1697
3518
0.2780 327 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
5
2
3
4
6 1
Hectare Narval
Sandh
3520
0.0128 KanpurNagar Narval
3521
0.0449
3526
0.0180
3527
0.0180
3528
0,0178
3529
0.0180
0.0180
3530
3531
0.0182
3532
0.0300
0,0300
3533
0.0558
3534
3536
0.1258
3629
0.0512
0.1741
3643
3650
0.1592
3657
0.0928
3676
0.1192
3679
0.0300
3684
0.1424
3692
0.3393
3696
0.1053
3721
0.0235
3727
0.1857
3731
0.1430
3733
0.8684
3735
0.1255
3736
0.0997 328
(भाग 1-क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
5
2
3
4
6 1
Hectare Narval
Narval
Sandh
3761
KanpurNagar
0.6373
3765
0.1628
3779
1.2112
3781
0.2860
3782
0,1992
3789
2.0120
3795
0.5663
3796
1,7000
3797
0.2453
0,0360
3829
3836
0.1125
0.1125
3837
0.1125
3838
3839
0.1125
3842
0.00367
0.0100
3843
3848
0.2750
3849
0.3154
0.0132
2990-Kha
2995-Kha
0.0031
2997-Kha
0.0122
3027-Kha
0.4405
3028-Kha
0.0031
0.0028
3032-Kha
3065-Kha
0.2867
3065-Ga
0.2048
3074-Kha
0.19175
0.0025
3080-Gha 329 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
5
2
3
4
6 1
Hectare Narval
Sandh
3080-N
0.0095 KanpurNagar Narval
3080-Ga
0.0076
3107-Kha
0.0089
0.0028
3109-Kha
3122-Ka
0,0104
3125-Ka
0.0296
3127-Ka
0.0032
3128-Ka
0.0020
3129-Ka
0.0040
3130-Kha
0.0324
0.0130
3130-Ka
3133 -Ka
0.0144
0.0072
3134-Kha
3137 -N
0.1137
3139-Ka
0.0104
0.0104
3140-Ka
3141 -Ka
0.0192
3152-Ka
0.0756
3153-Ka
0.0144
3156-Cha
0.0578
3158 -N
0.1458
3161 -Chha
0.2510
3161-Ga
0.7575
3187-Kha
0.0200
0.0150
3193-Kha
0.0155
3194-Kha
3208-Ka
0.1500
3271-Ka
0.0102
48 ख 330
(भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
2
3
4
5
6 1
Hectare Narval
Sandh
Narval
3271-Ga
0.0102 KanpurNagar
3277-Ka
0.0192
3278-Ka
0.0288
3279-Ka
0.0224
3280 -Ka
0.1024
3284-Ka
0.0606
0.2901
3286-Kha
3288-Kha
0.0091
0.0307
3338-Kha
3354-Kha
0.0205
3383 -Ka
0.1936
0.3000
3399-M
3421 -Ka
0.0204
3424-Ka
0.0870
3425-Kha
0.0195
3425-Ka
0.0511
3464-Chha
0.0322
0.0345
3515-Kha
3515-Ka
0,0459
0.4100
3519-Kha
3522-Kha
0.1778
3523-Kha
0.1367
3627-Gha
0.0308
3627-Kha
0.2458
3627-Ka
0.0615
3628-Kha
0.1026
0.0111
3639-Kha 331 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
2
3
5
6
4
1
Hectare Narval
Sandh
3640-Gha
0.00009 KanpurNagar Narval
3640-Kha
0.0010
3640-N
0.0010
0.0260
3652-Gha
3652-Ka
0.0520
0.00125
3710-Kha
0.0011
3711-Gha
3711-Kha
0.0936
3711 -Ka
0.0015
0.0011
3711 -N
0.0011
3711-Chha
0.0045
3711-Cha
3724-Gha
0.1240
0.1336
3778-Kha
0.0180
3799-Gha
3801 -Kha
0.0175
3801-Ka
0.0184
3803 -Kha
0.0250
3803-Ka
0.0329
0.0725
3812-Kha
0.0798
3812-Ka
3814-Gha
0.0977
0.0767
3815-Kha
3815 -Ka
0.0843
2974
0.8514
3161-Jha
0.6714
3733/3875-Ka
0.0015
3733/3875 - Kha
0.0011
0.0015
3733/3875-Ga
3733/3875-Gha
0.0010
0.3000
3825-Ga
0.2500
3802-Ga
0.3000
3859-Gha
0,3000
3351-Gha
3859-N
0.3000
3519-Gha
0,4000
3351-Ga
0.3000 332
(भाग 1 -क उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत)
4
6 2
3
5
Hectare
3350-Ga
Narval
Narval
Sandh
0.3000 KanpurNagar
0,3000
3859-Ga
3350-Gha
0.3000
3498-N
0.2380
0.0600
3519-Ga
3519 -N
0,4000
3289-Ga
0.2000
3289-Gha
0.6000
0.2000
3289-Kha
3161-Da
0.0650
3161 -Ta
0.0700
3161-Tha
0.0700
3161 -N
0.0700
0.2710
3161-Dha
0.2810
3161-Adan
0.2810
3161-Dha
3390-N
0.2150
3161-Da
0.0650
3282
0.0640
3161-N
0.0700
3419-Kha
0.0920
3161-Pa
0.0630
3161 -Ta
0.1310
36.8377
Total:
6. The Governor is also pleased to authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps to enterupon and survey of land , take levels of any land, dig anddo all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act .
7. Under section 15 of the Act , any person interested in the land may within 60 days after the publication of this notification , make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.
8. Under section 11 (4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land te. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.
NOTE :A site Plan of the land may be inspected in the Office of the Additional District Magistrate (L..A.) 37/17 Westcott Building Mall Road, Kanpur Nagar.
(Sd.) ILLEGIBLE, Collector. KanpurNagar.
333 भाग 1 -क
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
कार्यालय, चकबन्दी आयुक्त, उत्तर प्रदेश,
लखनऊ
31 मार्च, 2022 ई०
सं० 1082/जी0-232/ 63-08- उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी अधिनियम, 1953 (उ० प्र० अधिनियम सं० 5-1954 ई०) की धारा 52 (1 ) के अधीन सरकारी विज्ञप्ति सं० 1769/सी० एच०-1-91-58, दिनांक 07 अगस्त, 1958 तथा शासनादेश सं० 23/ 1 / 1-(5) 1991- टी० सी०आर०-1 , दिनांक 01 अप्रैल , 1991 में किये गये प्राविधान के अनुसार उपधारा (1 -क) उपधारा (1 ) के अधीन यथा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करके मैं . रणवीर प्रसाद, चकबन्दी संचालक , उत्तर प्रदेश, एतद्द्वारा विज्ञापित करता हूँ कि इस विज्ञप्ति के सरकारी गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से तहसील मवाना, परगना हस्तिनापुर, जनपद मेरठ के ग्राम शाहपुर खादर में चकबन्दी क्रियायें समाप्त हो गयी हैं ।
रणवीर प्रसाद, चकबन्दी संचालक, उत्तर प्रदेश ।
सं० 1081 /जी0-172/ 2021-22- उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी अधिनियम, 1953 (उ०प्र० अधिनियम सं0 5-1954 ई०) की धारा 52(1 ) के अधीन सरकारी विज्ञप्ति सं० 1769/सी0 एच0-1-91-58, दिनांक 07 अगस्त, 1958 तथा शासनादेश सं ० 23 /1 /1-(5) 1991-टी0 सी0आर0-1 , दिनांक 01 अप्रैल, 1991 में किये गये प्राविधान के अनुसार उपधारा ( 1 -क) उपधारा (1 ) के अधीन यथा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करके मैं, रणवीर प्रसाद, चकबन्दी संचालक, उत्तर प्रदेश, एतद्वारा विज्ञापित करता हूँ कि इस विज्ञप्ति के सरकारी गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से तहसील आंवला, परगना सिरौली, जनपद बरेली के ग्राम गुवरहाई में चकबन्दी क्रियायें समाप्त हो गयी हैं ।
पी०एस ०यू० पी०-8 हिन्दी गजट- भाग 1-क-2022 ई० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री , उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ।
रजिस्टर्ड नं०-१०डी०-4
लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू० पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 21 मई , 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
भाग 3
स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़- पत्र, खण्ड-क- नगरपालिका परिषद, खण्ड- ख- नगर पंचायत, खण्ड-ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय ) तथा खण्ड- घ- जिला पंचायत ।
खण्ड-घ-जिला पंचायत
27 अप्रैल, 2022 ई०
ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत भवनों के नक्शों एवं निर्माण को नियन्त्रित एवं विनियमित करने सम्बन्धी उपविधि
सं० 1861 / एल० बी० ए० / 2022-23 - उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 ( यथा संशोधित) धारा 239 (1 ) एवं धारा 239(2) के साथ पठित्त अधिनियम की धारा 143 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर के जिला पंचायत कासगंज ने ग्रामीण क्षेत्र , जो कि उक्त अधिनियम की धारा 2 ( 10) में परिभाषित है, में से इस क्षेत्र में स्थापित किसी विकास प्राधिकरण एवं उ० प्र० औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 की धारा 2 (डी) में घोषित औद्योगिक विकास क्षेत्र को हटाते हुये शेष ग्राम्य क्षेत्र के अन्तर्गत बनने वाले सभी प्रकार के भवनों के नक्शों एवं निर्माण को नियंत्रित एवं विनियमित करने के उद्देश्य से निम्न उपविधियां बनायी है तथा यह भी निर्देशित करती है कि उपविधियों को जनसाधारण की जानकारी हेतु दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित कर जनसाधारण को सूचनार्थ एवं उसके विचार/ आपत्तियां आमन्त्रित की जाये, जो इस विज्ञापन के 30 दिवस के अन्दर प्राप्त होंगे । तत्पश्चात् उन्हें अन्तिम रूप देकर नियत प्राधिकारी आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल अलीगढ़ के अनुमोदन हेतु प्रेषित की जायेगी ।
अतः मैं, गौरव दयाल, आयुक्त, अलीगढ़, मण्डल अलीगढ़ उक्त अधिनियम की धारा 242(2) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके इनकी पुष्टि करते हुये एतदद्वारा प्रकाशित करता हूं । यह उपविधियां प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।
1-अधिनियम का तात्पर्य उ० प्र ० क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 से है ।
2-ग्राम क्षेत्र से तात्पर्य जिले में स्थित प्रत्येक नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद, छावनी तथा नगर निगम क्षेत्र के अतिरिक्त उस क्षेत्र को हटाते हुए जो कि किसी विकास प्राधिकरण या यू०पी ० एस ०आई०डी० सी० के द्वारा अधिग्रहीत किया गया हो एवं जिसके अधिग्रहण की सूचना पूर्ण विवरण सहित यथा ग्राम का नाम, गाटा/ खसरा संख्या, अधिग्रहीत क्षेत्रफल आदि गजट में प्रकाशित की जा चुकी हो ।
12घ 76
[भाग 3 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
3-विनियमन का मतलब भवन के मूल निर्माण एवं बने हुए भवन में अतिरिक्त निर्माण एवं फेरबदल की कार्यवाही को विनियमित करने से है ।
4-मानचित्र से तात्पर्य भवन के ड्राइंग , डिजाईन एवं विशिष्टियों के अनुसार कागज / इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस पर बने उस नक्शे से है, जोकि पंजीकृत बास्तुविद के द्वारा बनाकर प्रस्तुत किया गया हो एवं डिजाइन योग्य (Elegible) अभियन्ता द्वारा तैयार किया गया हो ।
5-निर्माण कार्य का तात्पर्य किसी भवन का निर्माण करना, पुनः निर्माण करना या उसमें सारवान विचलन करना है ।
6-भवन की ऊंचाई का तात्पर्य संलग्न किसी नाली के टाप से लेकर उस भवन के सबसे ऊंचे बिन्दु तक नापी गयी लम्बवत (Vertical) ऊंचाई से एवं ढलान वाली छत के लिए दो गहराईयों के बीच से है । भवन की ऊंचाई में मम्टी, मशीनरूम, पानी की टंकी, एन्टीना आदि की ऊंचाई सम्मिलित नहीं होगी ।
7- छज्जा का तात्पर्य ऐसे ढलाननुमा या भूमि के क्षितिज के अनुसार बाहर निकला हुआ भाग जो कि सामान्यतया सूरज या बारिश से बचाव के लिए बनाया जाता है ।
8- ड्रेनेज का तात्पर्य उस व्यवस्था से है, जिसका निर्माण किसी तरल पदार्थ जैसे रसोई, स्नानगृह से विसर्जित पानी आदि को हटाने के लिए किया जाता है. इसके अन्तर्गत नाली व पाइप भी सम्मिलित है ।
9 -निर्मित भवन का तात्पर्य ऐसे भवन से है, जोकि परिभाषित ग्रामीण क्षेत्र में इन उपविधियों के लागू होने से पहले अस्तित्व में आ चुका है अथवा जिला पंचायत की स्वीकृति के बिना निर्मित किया गया हो ।
10-तल (Floor Level ) का तात्पर्य किसी मंजिल के उस निचले खंड से है, जहां पर सामान्यतः किसी भवन में चला फिरा जाता हो ।
11 - फ्लोर एरिया रेशियो (FAR ) का तात्पर्य उस भागफल से है, जो सभी तलों से आच्छादित कुल क्षेत्रफल को भू-खण्ड के क्षेत्रफल से भाग देने से प्राप्त होता है ।
12-भू-आच्छादन(Ground Coverage) का तात्पर्य भू- तल पर बने सभी निर्माण द्वारा घेरे गये क्षेत्रफल से है ।
13-ग्रुप हाउसिंग का तात्पर्य उस परिसर से है, जिसके अन्दर आवासीय फ्लैट अथवा स्वतंत्र आवासीय (Independent Apartment Unit ) इकाई बनी हों तथा मूल सुविधाओं जैसे पार्किंग , पार्क, बाजार, जनसुविधायें आदि का प्रावधान हो ।
14-ले -आउट प्लान का तात्पर्य उस नक्शे से है, जोकि किसी स्थल के समस्त भू- खण्ड, भवन खण्ड, मार्ग, खुली जगह, आने-जाने के बिन्दु, पार्किंग व्यवस्था, भू- निर्माण (Landscaping) अथवा विभिन्न आकार की प्लाटिंग की समस्त जानकारी व अन्य विवरण को इंगित करने वाला प्लान से है ।
15-प्राविधिक (Technical ) व्यक्ति का तात्पर्य निम्नलिखित से है-
(अ) अभियंता अभियंता, जिला पंचायत ।
(ब) अवर अभियंता इस उपविधि में अवर अभियंता का तात्पर्य उस अवर अभियंता से है जिसको अभियंता, जिला पंचायत द्वारा भवन के नक्शों की स्वीकृति की कार्यवाही के लिए निर्देशित (Designated) किया गया हो ।
16-कार्य अधिकारी का तात्पर्य कार्य अधिकारी, जिला पंचायत से है ।
17-अधिभोग (Occupancy ) का तात्पर्य उस प्रयोजन से है, जिसके लिए भवन या उसका भाग प्रयोग में लाया जाना है , जिसके अन्तर्गत सहायक अधिभोग भी सम्मिलित है ।
77 भाग 31
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
18-स्वामी का तात्पर्य व्यक्ति, व्यक्तियों का समूह, कम्पनी, ट्रस्ट, पंजीकृत संस्था राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार के विभाग एवं अन्य प्राधिकरण जिसके/ जिनके नाम में भूमि का स्वामित्व सम्बन्धित अभिलेखों में दर्ज है ।
19-रेन वाटर हार्वेस्टिंग का तात्पर्य बरसात के पानी को उपयोग करके विभिन्न तकनीकों से भू- गर्भ जल के स्तर को ऊंचा उठाने से है ।
20-सेटबैक का तात्पर्य किसी भवन के चारों तरफ यथा स्थिति या मानक के अनुसार एवं बाउन्ड्री दीवार के बीच छोड़ी गयी खाली जगह अथवा रास्ते से है ।
21-अपर मुख्य अधिकारी का तात्पर्य अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, कासगंज से है ।
22-जिला पंचायत का तात्पर्य अधिनियम की धारा 17(1 ) में संघटित जिला पंचायत, कासगंज से है ।
23-अध्यक्ष का तात्पर्य अध्यक्ष, जिला पंचायत, कासगंज से है ।
24-बहु मंजिली भवन (Multy Storey) चार मंजिल अथवा 15 मीटर से अधिक ऊंचाई का भवन बहु मंजिल कहलायेगा ।
25-मंजिल का तात्पर्य भवन के उस भाग से है, जो किसी तल की सतह और इसके उपर के अनुवर्ती तल के बीच हो और यदि इसके उपर कोई तल न हों, तो वह स्थान जो तल और इसके ऊपर की छत के मध्य हों ।
26- भवन का तात्पर्य ऐसी स्थायी प्रकृति के निर्माण अथवा संरचना से है. जो कि किसी भी प्रकार की सामग्री से निर्माण किया जाये, एवं उसका प्रत्येक माग चाहे मानव प्रयोग या अन्यथा किसी अन्य प्रयोग में लाया जा रहा हो एवं उसके अन्तर्गत बुनियाद, कुर्सी क्षेत्र, दीवार, फर्श, छत, चिमनी, पानी की व्यवस्था, स्थायी प्लेटफार्म, बरान्डा, बालकनी, कार्नेस या छज्जा या भवन का अन्य भाग जो किसी खुले भू- भाग को ढकने के उददेश्य से बनाया जायेगा । इसके अन्तर्गत टैन्ट, शामियाना, तिरपाल आदि जोकि पूर्णतः अस्थायी रूप से किसी समारोह के लिये लगाये जाते हैं. वह भवन की परिभाषा में सम्मिलित नहीं होंगे ।
27-आवासीय भवन के अन्तर्गत वे भवन सम्मिलित होंगे जिनमें सामान्यतः आवासीय प्रयोजन के प्राविधान सहित शयन सुविधा के साथ खाना बनाने तथा शौचालय की सुविधा हो । इसमें एक अथवा एक से अधिक आवासीय इकाई शामिल है ।
28-व्यवसायिक / वाणिज्यिक भवन के अन्तर्गत वे भवन या भवन का वह भाग जो दुकानों, भण्डारण बाजार व्यवसायिक वस्तुओं के प्रदर्शन, थोक या फुटकर बिक्री, व्यवसाय से सम्बन्धित कार्यकलाप होटल, पैट्रोल पम्प, कन्वीनिएन्स स्टोर्स एवं सुविधाएं जो माल व्यवसायिक माल की बिक्री से अनुशांगिक हों और उसी भवन में स्थित हॉ सम्मिलित होंगे अथवा ऐसे भवन/ स्थल जिनका प्रयोग धनोपार्जन हेतु किया जाना हो ।
29-संकटमय भवन के अन्तर्गत भवन या भवन के वह भाग सम्मिलित होंगे जिनमें अत्यधिक ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री या उत्त्पाद का संग्रहण, वितरण , उत्पादन या प्रक्रम (प्रोसेसिंग) का कार्य होता हो या जो अत्याधिक ज्वलनशील हो या जो ज्वलनशील भाप या विस्फोटक पैदा करता हो या जो अत्यधिक कारोसिव, जहरीली या खतरनाक क्षार, तेजाब हो या अन्य द्रव्य पदार्थ, रासायनिक पदार्थ जिनमें ज्वाला, माप पैदा होती हो, विस्फोटक जहरीले इरीटेन्ट या कारोसिव गैसें पैदा होती हों या जिनमें धूल के विस्फोटक मिश्रण पैदा करने वाली सामग्री या जिनके परिणाम स्वरूप ठोस पदार्थ छोटे-छोटे कणों में विभाजित हो जाता हो और जिनमें तत्काल ज्वलन प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती हो , के संग्रहण वितरण या प्रक्रम (प्रोसेसिंग ) के लिए प्रयुक्त किया जाता हो ।
30-भवन गतिविधि/भवन निर्माण का तात्पर्य किसी भवन के बनाने या पुनः बनाने या उसमें सारवान विचलन या ध्वस्त करने की कार्यवाही मानी जायेगी ।
31-पार्किंग स्थल का तात्पर्य ऐसे चारदीवारी में बंद या खुले स्थान से है. जहां पर वाहन इकट्ठे रूप में खड़े हो सकते हैं, परन्तु इसके लिए आवश्यक है, कि उक्त स्थान पर आने-जाने के लिए एक सुगम एवं स्वतंत्र जोड़ने वाला मार्ग बना हो ।
78
[भाग 3 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
इन उपविधियों में जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है, परन्तु वे उक्त परिभाषाओं में सम्मिलित नहीं है, का तात्पर्य वही होगा, जोकि ऐसे शब्दों का National building Code एवं Bureau of Indian standards यथा संशोधित में माना जाता है । किसी विरोधाभाष की स्थिति में अधिनियम के प्रावधान प्रभावी माने जायेंगे ।
यह उपविधियां जिला पंचायत, कासगंज के उक्त परिभाषित ग्रामीण क्षेत्र में जोकि इन उपविधियों के लिए परिभाषित किया गया है, में किसी भी व्यक्ति, ठेकेदार, कंपनी, फर्म या संस्था , सहकारी समिति, सोसाईटी, राजकीय विभाग द्वारा निर्माण कराये जाने वाले आवासीय , व्यावसायिक, औद्योगिक भवन, शिक्षण संस्थान, फार्म हाउस, ग्रुप हाऊसिंग, दुकानों, मार्केट, धर्मार्थ अथवा जनहितार्थ भवन इत्यादि का लेआउट प्लान एवं निर्मित भवनों में परिवर्धन विस्तार को नियन्त्रित एवं विनियमित करने की उपविधियां कहलायेंगी ।
(क) नक्शा स्वीकृत न कराने की परिस्थितियां
ऐसे प्रकरण / निर्माण कार्य जिनमें उपविधियों के अन्तर्गत नक्शा स्वीकार कराना आवश्यक नहीं होगा ।
1-उक्त परिभाषित ग्राम्य क्षेत्र में निम्नलिखित परिस्थितियों में भवन निर्माण , परिवर्तन, विस्तार की स्वीकृति हेतु प्रार्थना-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी ।
(अ) ये उपविधियां कच्चे मकानों एवं गांव के मूल निवासी के शुद्धतया निजी आवास / कृषि कार्य हेतु बनाये जाने वाले 300 वर्गमी० क्षेत्रफल एवं दो मंजिल तक ऊँचे आवासीय भवनों पर लागू नहीं होंगी परन्तु सुरक्षित डिजाईन व निर्माण की जिम्मेदारी मालिक की होगी एवं उक्त निर्माण / कार्यवाही करने से पूर्व जिला पंचायत को एक लिखित सूचना देनी होगी ।
(ब) सफेदी व रंग -रोगन के लिए ।
(स) प्लास्टर व फर्श मरम्मत के लिए ।
(य ) पूर्व स्थान पर छत पुनर्निर्माण के लिए ।
(२) प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त भवन के हिस्से का पुनर्निर्माण ।
(व) मिट्टी खोदने या मिट्टी से गड्ढा भरना ।
(ख) प्रार्थना-पत्र, भू-अभिलेख व नक्शे
उक्त ग्राम्य क्षेत्र में कोई भी नया निर्माण , पुराने भवन में परिवर्तन या परिवर्द्धन, विस्तार या भू- खण्ड के ले- आउट की स्वीकृति का आशय रखने वाला स्वामी इन उपविधियों के अनुसार, ऐसा करने से एक माह पहले अपर मुख्य अधिकारी , जिला पंचायत को एक आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित अभिलेख तथा सूचनायें प्रस्तुत करेगा एवं पावती रसीद प्राप्त करेगा ।
1-स्थल का नक्शा निम्नवत् दिया जायेगा-
ले.आउट प्लान का पैमाना 1:500 होगा ।
की.प्लान का पैमाना 1: 1000 होगा ।
बिल्डिंग प्लान का पैमाना 1: 100 होगा ।
स्थल के चारों तरफ की सीमायें उनके नाम, तथा समीपवर्ती भूमि का संक्षिप्त विवरण तथा भूमि मालिक का नाम। समीपवर्ती मार्ग अथवा मार्गों का विवरण तथा निर्माणाधीन भवन से मार्ग की दूरी । स्थल के नक्शे के साथ भूमि के स्वामित्व का प्रमाण पत्र जैसे विक्रय आलेख , दाखिल खारिज , खतौनी आलेख ।
2-प्रस्तावित भवन / परियोजना का नक्शा उपरोक्त वर्णित पैमाने के अनुसार होगा-
(अ) प्रत्येक मंजिल के ढके हुए भाग का नक्शा विवरण सहित ।
(ब) नक्शे पर पंजीकृत वास्तुविद् का पंजीकरण नम्बर, नाम व पता सहित हस्ताक्षर ।
(स) नक्शे पर भूस्वामी अथवा स्वामियों के नाम व पता सहित हस्ताक्षर ।
79 भाग 31
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
(य) भूस्वामी अथवा स्वामियों द्वारा नक्शा स्वीकृति के लिए प्रार्थना-पत्र ।
(२) भवन/ परियोजना के बनाने व उपयोग का उद्देश्य जैसे आवासीय, व्यावसायिक, शिक्षण, धर्मार्थ अथवा जनहितार्थ भवन ।
(ल) स्थल का कीप्लान, ले -आउट प्लान, फ्लोर- प्लान, एलिवेशन, भवन की ऊंचाई , सेक्सन, स्ट्रक्चर विवरण, रैन हार्वेस्टिंग प्रणाली, बेसमेंट, लैंडस्केप प्लान, वातानुकूलित प्लांट, सीवेज जल निस्तारण व्यवस्था अग्नि निकास जीने की स्थिति व अन्य विवरण ।
(व) नक्शे पर परियोजना का नाम, शीर्षक, भूखण्ड का खसरा. ग्राम, तहसील सहित पूरा पत्ता ।
(स) नक्शे पर भू-खण्ड का क्षेत्रफल, ग्राउंड कवरेज, हर तल का क्षेत्रफल, बेसमेंट का क्षेत्रफल आदि का विवरण ।
3 -बहुमंजिली भवन (मल्टी स्टोरी) चार मंजिल अथवा 15 मीटर से अधिक ऊंचाई के भवन में नक्शे पर निम्नलिखित अतिरिक्त सूचना भी देनी होगी-
अग्निशमन प्रणाली की व्यवस्था आपात सीढ़ी व निकासी , अग्निसुरक्षा लिफ्ट अग्निअलार्म आदि का विवरण व ठिकाने Location निर्माण कार्य एवं निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री की विशिष्टियां आदि।
(ग) नक्शा स्वीकृति प्रदान न करने की परिस्थितियां
निम्नलिखित परिस्थितियों में भवन निर्माण, परिवर्तन, विस्तार की किसी भू- खण्ड पर स्वीकृति प्रदान नहीं की जायेगी यदि-
(अ) प्रस्तावति भवन- उपयोग अनुमन्य भू- उपयोग से भिन्न है ।
(ब) प्रस्तावित निर्माण धार्मिक प्रकृति का है और उससे किसी समाज की धार्मिक भावनायें आहत होती हों ।
(स) प्रस्तावित निर्माण का उपयोग लोगों की भावनायें भड़कानें का स्रोत (Source of Annoyance ) अथवा आस-पास रहने वालों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डालता हो ।
(घ) तकनीकी अनुदेश (Technical Instructions)
1-(क) एक आवास गृह में 4.5 व्यक्ति प्रति गृह माना ( Consider ) गया है ।
(ख) भवन के भू-तल पर स्टिल्ट पार्किंग ( Stilt Parking ) अधिकतम 2.4 मी० ऊँचाई तक अनुमन्य होगी ।
(ग) लिंटल ( Lintel ) अथवा छत स्तर पर छज्जा अधिकतम क्रमशः 0.45 मी० एवं 0.75 मी० चौड़ा होगा।
(घ) बेसमेंट का निर्माण भवन की सीमा से बाहर नहीं किया जायेगा । बेसमेंट की फर्श से सीलिंग तक की अधिकतम उंचाई 4.5 मीटर तथा बाहर की नाली से बेसमेंट की अधिकतम उंचाई 1.5 मीटर होगी । स्ट्रक्चर स्थिरता के आधार पर बेसमेंट सन्निकट (Adjacent ) प्लाट से 2.0 मीटर दूरी तक निर्मित किया जा सकता है ।
(ङ) बहु मंजिली भवन में कम से कम एक सामान (Goods )/मालवाहक लिफ्ट का प्रावधान करना होगा ।
(च) राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) 2005 के प्रावधान के अनुसार ग्रुप हाउसिंग के दो ब्लॉक में न्यूनतम 6.0 मीटर से 16.0 मीटर की दूरी । भवन की 18.0 मीटर उंचाई तक 6.0 मीटर इसके पश्चात् प्रत्येक 3.0 मी० अतिरिक्त उंचाई के लिए ब्लाक की दूरी 1.0 मीटर बढ़ाई जायेगी । भू- खण्ड के डेड एन्ड (Dead End ) पर ब्लॉक की अधिकतम दूरी 9.0 मी० होगी ।
(छ) बहु मंजिली भवन में चार तलों के बाद एक सेवा तल अनुमन्य होगा किसी भवन में अधिकतम 3 सेवा तल का प्रावधान किया जा सकता है सेवा तल की अधिकतम उंचाई 2.4 मी० होगी ।
2-निम्नलिखित निर्माण/ सुविधाओं के लिए भू- खण्ड का 10 प्रतिशत क्षेत्रफल, मू-आच्छादन ( Ground Coverage) में अतिरिक्त जोड़ा जा सकता है ।
(क) जनरेटर कक्ष, सुरक्षा मचान, सुरक्षा केबिन, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, ड्राईवर रूम, विद्युत् उपकेन्द्र आदि ।
(ख) मम्टी, मशीन रूम, पम्प हाउस, जल-मल प्लांट ।
(ग ) ढके हुए पैदल पथ आदि ।
3-(क) आवासीय भवन में कमरे का आकार 2.4 मीटर एवं 9.5 वर्गमीटर से कम न होना चहिए ।
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(ख) छत की सीलिंग की ऊंचाई 2.75 मी0 से कम न होनी चाहिए ।
(ग) ए०सी० कमरे की ऊंचाई 2.40 मीटर से कम न होनी चाहिए ।
(घ) रसोई घर की ऊंचाई 2.75 मी०, आकार 1.80 मी० एव 5.00 वर्ग मीटर से कम न होना चाहिए ।
(ङ) संयुक्त संडास (Toilet) का आकार 1.20 मी0 एवं 2.20 वर्ग मीटर से कम न होना चाहिए ।
(च) खिड़की व रोशनदान का क्षेत्रफल फर्श के क्षेत्रफल का 10 प्रतिशत से कम न होना चाहिए ।
(छ) तीन मंजिल तक के भवन में सीढ़ी की चौड़ाई 1.00 मीटर एवं इससे अधिक उंचे भवन में 1:50 मीटर से कम न होनी चाहिए ।
4-(क) पार्क, टोट-लोट्स (Tot-Lots ), लैंड स्केप (Landscape ) आदि का क्षेत्रफल भू- खण्ड के क्षेत्रफल का 15 प्रतिशत होगा ।
(ख) 30 मीटर तक के मार्ग पर स्थित समस्त प्रकार के भवनों की अधिकतम ऊंचाई सड़क की विद्यमान चौड़ाई तथा अनुमन्य फ्रन्ट सेट बैंक के योग का डेढ़ गुना होगी ।
होगी । (ग) भूकम्प रोधी व सुरक्षित डिजाईन की जिम्मेदारी वास्तुविद् एवं उसके अन्तर्गत कार्यरत डिजाईनर की
5-स्वीकृत किये गये भवन में जल आपूर्ति एवं मल-मूत्र एवं बेकार पानी के निस्तारण ( Disposal ) की व्यवस्था स्वामी द्वारा स्वयं की जायेगी । जिला पंचायत, गोरखपुर का इसके लिए कोई उत्तरदायित्व, व्यय अधिभार नहीं होगा । बेसमेंट में इलेक्ट्रिक ट्रांसफार्मर की स्थापना, ज्वलनशील, विस्फोटक सामग्री आदि का भण्डारण नहीं किया जा सकेगा ।
(ङ) रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
भवन एवं पक्की सड़कों के द्वारा भू- खण्ड के प्रत्येक 300 वर्गमीटर के भू-आच्छादन (Ground Coverage) पर एक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होगा । प्रत्येक 1000 वर्गमीटर के भू-आच्छादन (Ground Coverage) पर एक अतिरिक्त रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना होगा ।
(च) विकसित जनपदों की सूची-1
लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर नगर, वाराणसी, मथुरा, इलाहाबाद , बरेली, सहारनपुर, अलीगढ़, गोरखपुर, मुरादाबाद, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर एवं झांसी ।
(छ) भू-आच्छादन एवं फ्लोर एरिया रेशियो ( FAR)
विभिन्न भवनों हेतु भू-आच्छादन एवं फ्लोर एरिया रेशियो ( FAR) के मानक निम्नवत् होंगे-
क्रमांक
भवन एवं भू-उपयोग
फ्लोर एरिया
रेशियो( FAR )
भू आच्छादन प्रतिशत
भवन की अधिकतम ऊंचाई अन्य जनपदों में (मीटर)
भवन की अधिकतम ऊंचाई सूची (1 ) के अनुसार जनपदों में (मीटर)
4
1
3
2
6
5
3.00
15
15
80
1 (1) आवासीय भवन भू-खण्ड 500 वर्ग मीटर तक
65
15
4.00
15
(II) आवासीय भवन भू- खण्ड 500- 2000 वर्ग मीटर तक
50
3.00
30
21 2 ग्रुप हाउसिंग योजना, रैन बसेरा (Night Shelter)
60
1.00
18
12 3 औद्योगिक भवन
4 व्यावसायिक भवन-
30
40
2.50
21 (i) सुविधा (Convenient ) शापिंग केन्द्र, शापिंग माल्स , व्यावसायिक केन्द्र, होटल
40
24
1.50
18 (ii ) बैंक, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स भाग 31
81
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
1
2
3
60 ( iii) वेयर हाउस , गोदाम
60
(iv) दुकानें व मार्केट
5 संस्थागत एवं शैक्षणिक भवन-
50 (i) सभी उच्च शिक्षण संस्थान , विश्वविद्यालय, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, डिग्री कालेज आदि
50 (ii) हायर सेकेंडरी, प्राईमरी, नर्सरी स्कूल, क्रेच सेंटर आदि
75
(iii) हॉस्पिटल, डिस्पेंसरी, चिकित्सालय, लैब, नर्सिंग होम आदि
6 धर्मार्थ अथवा जनहितार्थ भवन-
50
30
(i ) सामुदायिक केन्द्र क्लब, बारात. घर, जिमखाना, अग्निशमन केन्द्र, डाकघर, पुलिस स्टेशन
40
(ii) धर्मशाला, लॉज, अतिथिगृह, हॉस्टल
40 ( iii) धर्मकांटा, पेट्रोल पम्प, गैस गोदाम, शीत गृह
7 कार्यालय भवन-
40
सरकारी, अर्द्धसरकारी , कॉपरेटिव एवं अन्य कार्यालय भवन
20 8 क्रीड़ा एवं मनोरंजन कॉम्पलेक्स, शूटिंग रेंज , सामाजिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र
9 नर्सरी
10
30 10 बस स्टेशन, बस डिपो , कार्यशाला
10 11 फार्म हाउस
10 12 डेरी फार्म
20
13 मुर्गा, सूअर, बकरी फार्म
100
14 ए०टी०एम०
4
5
6
1.50
15
18
10 1.50
15
24
15 1.50
2.50
15
24
2.50
24
15
10 1.20
15
10 1.50
15
2.50
15
10
0.50
10
G
2.00
30
15
15
10 0.40
0.50
6
6
2.00
15
12
10
6 0.15
10
0.15
6
6
6
0.30
1.00
6
6 82
[भाग 3
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
(ज) सेट बैंक ( Set Back)
क्रमांक भू-खण्ड का क्षेत्रफल (वर्ग मीटर)
सामने (Front) मीटर
2
1
3
1
3.0
150 तक
3.0 2
151-300
3
4.5
301-500
4
501-2000
6.0
5
2001-6000
7.5
6
6001-12000
9,0
7
12.0 12001-20000
8
20001-40000
15.0
9
16.0 40001 से अधिक
पीछः(Reer) मीटर
खुला स्थान % तक
लैंड स्कंपिंग (Landscaping)
साईड (Side) मीटर
4
6
5
7
0.0
1.5
25
एक वृक्ष प्रति
100 वर्ग मीटर
0.0
3.0
तदेव
25
तदेव
3.0
3.0
25
3.0
3.0
तदेव
25
6.0
4.5
तदेव
25
6.0
6.0
तदेव
25
7.5
7.5
तदेव
50
9.0
तदेव
9.0
50
12.0
50 12.0
तदेव
(झ) पार्किंग स्थान
क्रमांक
भवन/भू-खण्ड
1
2
1
पार्किंग स्थान ECU
3
एक ECU प्रति 80 वर्ग मीटर स्वीकृत (ECU) का
ग्रुप हाउसिंग योजना
2 संस्थागत एवं शैक्षणिक भवन
एक ECU प्रति 100 वर्ग मीटर स्वीकृत ( ECU ) का
3 औद्योगिक भवन
एक ECU प्रति 100 वर्ग मीटर स्वीकृत ( ECU ) का
4 व्यावसायिक भवन
एक ECU प्रति 30 वर्ग मीटर स्वीकृत ( ECU ) का
5 सामाजिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र एक ECU प्रति 50 वर्ग मीटर स्वीकृत ( ECU ) का
6
एक ECU प्रति 2 वर्ग मीटर अतिथि रूम के लिए
लॉज, अतिथिगृह, हॉस्टल
7 हॉस्पिटल, नर्सिंग होम
एक ECU प्रति 65 वर्ग मीटर स्वीकृत ( ECU ) का
8 सिनेमा, मल्टीप्लेक्स
एक ECU प्रति 15 सीट्स
9 आवासीय भवन
एक ECU प्रति 150 वर्ग मीटर स्वीकृत (ECU ) का
(अ) अग्नि शमन पद्धति, अग्नि सुरक्षा एवं सर्विसेस
(i ) तीन मंजिल अथया 15 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों और विशिष्ट भवन यथा संस्थागत एवं शैक्षणिक भवन, व्यावसायिक भवन, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स 400 वर्ग मीटर से अधिक भूआच्छादन के भवन में अग्नि निकास हेतु एक जीना बाहर की दीवार पर एवं अग्नि सुरक्षा के अन्य सभी प्रावधान करने होंगे । भवन के चारों तरफ बाउन्ड्री दीवार के साथ साथ 6 मीटर चौड़ा मार्ग का प्रावधान करना होगा, जिसमें दमकलों के चालन हेतु कम से कम 4 मीटर चौड़ाई का परिवहन मार्ग (Carriage Way ) होगा ।
( ii ) अग्नि निकास जीने की न्यूनतम चौड़ाई 1.2 मीटर, ट्रेड की न्यूनतम चौड़ाई 28 से० मी० , राईजर अधिकतम 19से०मी०, एक फ्लाईट में अधिकतम राईजरों की संख्या 16 तक सीमित होगी ।
भाग 31
83
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
(iii) अग्नि निकास जीने तक पहुँच दूरी 15 मीटर से अधिक न होनी चाहिए ।
(iv) घुमावदार अग्नि निकास जीने का प्रावधान 10 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों में नहीं किया जायेगा ।
(v) उपरोक्त भवनों हेतु अग्नि शमन विभाग के सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी ।
(vi ) उपरोक्त भवनों में उत्तर प्रदेश अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा अधिनियम (6) 2005 एवं राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) 2005 भाग 4 के अनुसार प्रावधान किया जायेगा जैसे स्वचालित स्प्रिंक्लर पद्धति, फर्स्ट एंड हॉज रील्स, स्वचालित अग्नि संसूचन और चेतावनी पद्धति, सार्वजनिक संबोधन व्यवस्था, निकास मार्ग के संकेत चिन्ह, फायर मैन, स्विच युक्त फायर लिफ्ट, वेट राइजर डाउन कॉर्नर सिस्टम आदि ।
(ट) इलेक्ट्रिक लाईन से दूरी
क्रमांक
विवरण
1
2
1
उर्ध्वाकार दूरी मीटर क्षैतिज दूरी मीटर
3
4
2.4
1.2
लो एंड मीडियम वोल्टेज लाईन तथा सर्विस लाईन 2 हाई वोल्टेज लाईन 33000 वोल्टेज तक
3 एक्स्ट्राहाई वोल्टेज लाईन
3.7
1.8
3.7+ (0.305 एम) 1.8 + (0.305एम) प्रत्येक अतिरिक्त प्रत्येक अतिरिक्त 33000 वोल्टेज पर 33000 वोल्टेज पर
(ड) नक्शे स्वीकृति की दरें
(क) आवासीय भवन एवं शैक्षणिक भवन- सूची ( i ) के अनुसार जनपदों में सभी तलों पर फर्श से ढंके भाग पर यह दर रुपये 25.00 प्रति वर्ग मीटर होगी ।
(ख) व्यावसायिक एवं व्यापारिक भवन- सूची (1 ) के अनुसार जनपदों में सभी तलों पर फर्श से ढके भाग पर यह दर रुपये 50.00 प्रति वर्ग मीटर होगी ।
(ग) [ i ] भूमि की प्लाटिंग-भूमि को योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न आकार के प्लाटों में बांटना है ।
[ii ] भूमि विकास-भूमि पर योजनाबद्ध तरीके से पार्क, उद्यान बनाना, फार्म हाउस विकसित करना, नर्सरी लगाना, शादी बैंकट हाल आदि ।
[iii ] भूमि का उपभोग भूमि का विभिन्न प्रकार के सामानों के भण्डारण हेतु प्रयोग करना जैसे निर्माण सामग्री, कन्टेनर, ईंधन आर०सी०सी० पाईप आदि ।
[ iv] किसी परियोजना का ले आउट प्लान (तल पट मानचित्र) जनपद में रुपये 20.00 प्रति वर्ग मीटर होगी ।
(घ) पुराने भवन को ध्वस्त करने के पश्चात् पुनः निर्माण करने की दशा में अनुज्ञा शुल्क की दरें नये भवन की दरों के समान होंगी ।
(ङ) स्वीकृत भवन के नक्शे में संशोधन होने की दशा में अनुज्ञा शुल्क की दरें नये भवन की दरों की एक चौथाई होंगी
(च ) बेसमेंट, स्टिल्ट, पोडियम सेवा क्षेत्र व अन्य आच्छादित क्षेत्र की अनुज्ञा शुल्क में गणना की जायेगी ।
13 घ 84
[भाग 3 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
(छ) यदि स्वीकृति के नवीनीकरण का आवेदन, अनुज्ञा अवधि समाप्ति से पूर्व किया जाता है तो स्वीकृति के नवीनीकरण की दरें मूल दरों की 10 प्रतिशत होंगी । एक बार में अनुज्ञा की अवधि एक वर्ष व अधिकतम दो वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है । अनुज्ञा अवधि समाप्ति के पश्चात् नवीनीकरण की दरें मूल दरों की 50 प्रतिशत होंगी ।
(ज) उपविधियों के अनुसार, जिला पंचायत से नक्शों की स्वीकृति के बिना निर्माण करने, किसी भूमि पर व्यवसाय करने, स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण करने अथवा जिला पंचायत भवन उपविधि की किसी धारा या उपधारा का उल्लंघन करने पर अर्थ- दण्ड के रूप में समझौता शुल्क ( Compounding Fees ) रोपित किया जायेगा । समझौता शुल्क (Compounding Fees ) प्रस्तावित भवन अथवा ले-आउट प्लान (तल पट मानचित्र) पर परिस्थिति अनुसार, कुल शुल्क की गणना का कम से कम 20 प्रतिशत से अधिकतम 50 प्रतिशत अतिरिक्त होगा । समझौता शुल्क (Compounding Fees ) विभाग में जमा होने के उपरान्त पूर्व में निर्मित भवन के नक्शों की स्वीकृति प्रदान की जा सकती है । समझौते की कार्यवाही अधिनियम की धारा 248 में दी गई व्यवस्था से नियन्त्रित होगी ।
(झ) जनपद कासगंज के पूर्णता प्रमाण-पत्र ( Completion Certificate) जारी करने की दरें 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर होंगी । ये दरें सभी तलों के कुल आच्छादित क्षेत्रफल पर लागू होंगी ।
(ण) सूची ( 1) के अनुसार जनपद कासगंज में बाउन्ड्री वाल स्वीकृति की दर 10.00 रुपये प्रति मीटर होगी ।
नोट-(शुल्क निर्धारण हेतु भवन के सभी तलों पर फर्श के कुल क्षेत्रफल की गणना करनी होगी । )
(ण) अनुज्ञा-पत्र जारी करने की प्रक्रिया
1-स्वामी द्वारा आवेदन पत्र के साथ प्रस्तावित भवन/ परियोजना के नक्शे एवं स्वामित्व के भूअभिलेख अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत के कार्यालय में जमा किये जायेंगे एवं आवेदक को इस प्रस्तुतिकरण की दिनांकित पावती दी जायेगी ।
2-ऐसे आवेदन पत्र एवं उसके साथ संलग्नकों को अपर मुख्य अधिकारी तत्काल कार्य अधिकारी तत्काल कार्य अधिकारी को भूअभिलेखों के परीक्षण हेतु पृष्ठांकित कर देगा ।
3-कार्य अधिकारी ऐसे प्राप्त आवेदन पर उपरोक्त कार्यवाही पूर्ण करके अधिकतम एक सप्ताह में सम्बन्धित अभिलेख अपर मुख्य अधिकारी , जिला पंचायत को प्रस्तुत कर देगा । कार्य अधिकारी की तैनाती न होने की दशा में उपरोक्त कार्यवाही अपर मुख्य अधिकारी द्वारा स्वयं की जायेगी ।
4-कार्य अधिकारी से प्राप्त आख्या को अपर मुख्य अधिकारी तत्काल अभियन्ता, जिला पंचायत को पृष्ठांकित कर देगा ।
5-अभियन्ता द्वारा प्रस्तावित परियोजना के स्थलीय सर्वेक्षण हेतु निर्देशित क्मेपहदंजमकद्ध अवर अभियन्ता को स्थल के सर्वेक्षण हेतु आदेशित किया जायेगा ।
6-अवर अभियन्ता द्वारा स्थल सर्वेक्षण की आख्या अधिकतम एक सप्ताह में अभियन्ता, जिला पंचायत को प्रस्तुत की जायेगी ।
7-अवर अभियन्ता से सर्वेक्षण आख्या प्राप्त होने के उपरान्त बहुमंजिली भवन, व्यावसायिक भवन, संकटमय भवन एवं शैक्षणिक भवन अथवा अन्य महत्त्वपूर्ण परियोजना के नक्शा पारित करने से पहले अभियन्ता जिला पंचायत द्वारा प्रस्तावित परियोजना के स्थल का सर्वेक्षण अनिवार्य होगा ।
8 -अभियन्ता द्वारा स्थल की सर्वेक्षण आख्या प्रस्तुत करने के उपरान्त सर्वेक्षण आख्या का परीक्षण किया जायेगा । परियोजना के नक्शों की स्वीकृति हेतु अवर अभियन्ता से एक अंतरिम शुल्क की गणना करके अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को सूचित किया जायेगा । आवेदक द्वारा आंगणित अन्तरिम शुल्क की 20 प्रतिशत धनराशि 85 भाग 31
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अग्रिम रूप से नोटिस प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर कार्यालय जिला पंचायत में जमा करनी होगी । इसके उपरान्त ही नक्शें के विषय में अग्रिम कार्यवाही की जायेगी । प्रतिबन्ध यह है कि नक्शा पारित होने के स्तर पर आवेदक मांग पत्र के अनुसार निर्धारित अवधि में यदि शुल्क जमा करता है तो उक्त धनराशि समायोजित (Adjust) हो जायेगी अन्यथा की दशा में जमा धनराशि जब्त हो जायेगी ।
9-जिला पंचायत के अभियन्ता द्वारा परियोजना की संभाव्यता, (Possibility), सुगमता ( Convenience), साध्यता (Feasibility) , तकनीकी जांच व जिला पंचायत भवन उपविधि में तकनीकी प्रावधानों एवं नक्शों का परीक्षण किया जायेगा । आवश्कता समझने परः नक्शों में संशोधन हेतु आवेदनकर्ता को निर्देशित किया जायेगा ।
10-अभियन्ता द्वारा परियोजना तकनीकी दृष्टि से सुस्थित ( Sound ) पाये जाने पर अपनी तकनीकी आख्या अपर मुख्य अधिकारी को अधिकतम 15 दिन में प्रस्तुत करनी होगी । अवर अभियन्ता से आंगणित शुल्क की धनराशि का विवरण प्रतिपरीक्षण (Cross Verification ) कराके तकनीकी आख्या के साथ संलग्न करना होगा ।
11-अपर मुख्य अधिकारी उक्त आख्या प्राप्त होने पर कार्य अधिकारी एवं अभियन्ता द्वारा प्राप्त आख्याओं का परीक्षण करके आवेदक को शुल्क जमा करने का मांग. पत्र जारी करेंगे । जिसमें आवेदक को शुल्क जमा करने के लिए एक माह का समय दिया जायेगा ।
12-आवेदक द्वारा नक्शा शुल्क निर्धारित समय में जमा कराना होगा । जिला निधि की रोकड़ बही में शुल्क की प्रविष्टि के उपरान्त अपर मुख्य अधिकारी द्वारा नक्शे की स्वीकृति प्रदान की जायेगी ।
13-उपरोक्त समस्त कार्यवाही पूर्ण होने के उपरान्त आवेदक को अनुज्ञा. पत्र अपर मुख्य अधिकारी के हस्ताक्षर से आवश्यक शर्तों के साथ जारी किया जायेगा । नक्शों पर अपर मुख्य अधिकारी एवं अभियन्ता द्वारा संयुक्त हस्ताक्षर से स्वीकृति प्रदान की जायेगी ।
14- यदि जिला पंचायत द्वारा आवेदन प्राप्ति के दो माह के भीतर आवेदक को कोई सूचना अथवा शुल्क की मांग पत्र जारी नहीं किया जाता है, तो आवेदक द्वारा निर्धारित दो माह की अवधि के समाप्ति के दिनांक से 20 दिन के भीतर प्रकरण अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के संज्ञान में लिखित रूप से लाया जायेगा । यदि इस पर भी अपर मुख्य अधिकारी 10 दिन में कोई कार्यवाही नहीं करता है तो पूर्व में प्रस्तुत नक्शा एवं निर्माण की स्वीकृति मानित स्वीकृति (Deemed Sanction ) मानी जायेगी ।
विवाद- उक्त कार्यवाही में किसी विवाद होने की दशा में या स्वीकृत नक्शा किन्हीं कारणों से निरस्त होने की दशा में या ऐसी कार्यवाही उत्पन्न होने के दिनांक से 30 दिन के भीतर प्रकरण अध्यक्ष, जिला पंचायत को सन्दर्मित किया जायेगा, जिसमें उनको अपना अनुदेश ऐसे प्रकरण की प्राप्ति के 30 दिन के भीतर देना होगा एवं उनका ये आदेश उभयपक्षों पर बन्धनकारी होगा ।
(त) सामान्य अनुदेश (General Instructions)
1 -भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार एवं पुरातत्व विभाग द्वारा सुरक्षित ऐतिहासिक स्मारक, ईमारत या स्थल के 200 मीटर के दायरे में निर्माण की अनुमति नहीं दी जायेगी । 200 मीटर से 1.5 किलो मीटर के दायरे में निर्माण की मंजिलो एवं ऊंचाई की अनुमति तत्समय आवश्यक और उचित कारण सहित दी जायेगी ।
2-भूखण्ड की सीमा से बाहर कोई निर्माण अनुमन्य नहीं होगा ।
3-भवन के भूत्तल पर स्टिल्ट पार्किंग (Stilt Parking), वाहन पार्किंग , बेसमेन्ट वाहन पार्किंग , भण्डारण व सुविधाओं के रख- रखाव व सेवा तल ( Service Floor ) भण्डारण व सुविधाओं के रख- रखाव इत्यादि हेतु उपयोग किया जाये तो इनका क्षेत्रफल एफ ० ए०आर० में शामिल नहीं होगा ।
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4-निकटतम हवाई अड्डा चाहे विमानापत्तन प्राधिकरण (Airport Authority ) द्वारा नियन्त्रित हो या रक्षा विभाग अथवा अन्य शासकीय विभाग द्वारा नियन्त्रित हो के 05 किमी० की परिधि में 30 मी० से ऊंचे भवन के आवेदनकर्ता को उक्त वर्णित प्रतिष्ठानों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा ।
5-उपरोक्त उपविधि में सभी बातों के होते हुए भी जिला पंचायत, गोरखपुर यदि उचित व आवश्यक समझे तो. कारणों का उल्लेख करते हुए किसी भवन में भू-आच्छादन, फ्लोर एरिया रेसियो ( FAR) अथवा अधिकतम ऊंचाई में परिवर्तन की स्वीकृति प्रदान कर सकती है ।
6-उपरोक्त सूची में उल्लिखित, भवनों के अतिरिक्त भवनों एवं गतिविधियों के नियमों व विनियमों का निर्धारण, जिला पंचायत द्वारा इस प्रकार के समकक्ष ( Similar) भवनों एवं गतिविधियों के लिए निर्धारित उपविधियों के अनुसार किया जायेगा।
7- मल्टी लेवल पार्किंग में संरचनात्मक एवं सुरक्षा की शर्तों के अधीन अधिकतम दो बेसमेन्ट अनुमन्य होंगे ।
होगी। 8-इन उपविधियों के आधीन जारी अनुज्ञा जारी होने के दिनांक से तीन वर्ष की अवधि के लिए वैध एवं मान्य
9-इन उपविधियों के पालन न करने की दशा में सम्बन्धित उल्लंघनकर्ता के विरुद्ध सी० आर० पी०सी० की धारा 133 के अन्र्तगत जिला पंचायत द्वारा कार्यवाही की जायेगी ।
(थ) अनुज्ञा की शर्ते
अनुज्ञा-पत्र जारी होने के उपरान्त यदि यह संज्ञान में आये कि नक्शे स्वीकृति हेतु आवेदक द्वारा प्रस्तुत अभिलेख फर्जी है अथवा गलत विवरण दिया गया है तो जिला पंचायत द्वारा दी गई नक्शों की स्वीकृति निरस्त की जा सकती है, किया गया निर्माण ध्वस्त किया जा सकता है अथवा सील ( Seal ) किया जा सकता है ।
(क) अपर मुख्य अधिकारी को अधिकार होगा कि वह, अभियन्ता जिला पंचायत की संस्तुति पर, वास्तुविद् द्वारा प्रस्तुत नक्शों में संशोधन अथवा परिवर्तन कर दे अथवा स्वीकार कर दें ।
(ख) पंजीकृत वास्तुविद् द्वारा तैयार एवं हस्ताक्षरित नक्शे ही मान्य होंगे । परियोजना का डिजाईन वास्तुविद के अन्र्तगत कार्य करने वाले योग्य अभियन्ता द्वारा कराया जायेगा ।
(ग ) कोई भी व्यक्ति, कम्पनी, फर्म या संस्था, राजकीय विभाग अथवा ठेकेदार आदि द्वारा प्रस्तावित मानचित्र जिला पंचायत से स्वीकृत होने के बावजूद अन्य उन सभी विभागों से जिनमे लाइसेंस/अनापत्ति प्रमाण- पत्र लिया जाना आवश्यक है, अनुमति प्राप्त करने का उत्तरदायित्त्व आवेदक का होगा ।
उपरोक्त उपविधियों के सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति / संस्था/ फर्म/ कम्पनी/ अन्य को उक्त की किसी धारा या प्राविधान के सम्बन्ध में कोई आपत्ति हो तो वह प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर वांछित दस्तावेजों / साक्ष्यों सहित अपनी लिखित आपत्ति कार्यालय जिला पंचायत, कासगंज में स्पीड पोस्ट/ व्यक्तिगत रूप से प्राप्त करा सकता है ।
दण्ड
उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम , 1961 की धारा 240 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत, कासगंज यह निर्देश देती है कि जो व्यक्ति इन उपविधियों का उल्लंघन करेगा वह अर्थदण्ड से दण्डनीय होगा, जो अंकन रु० 1,000.00 तक होगा, जो प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है रु० 50.00 प्रतिदिन हो सकेगा अथवा अर्थदण्ड का भुगतान न किया जाये तो कारावास से दण्डित किया जायेगा, जो कि तीन माह तक हो सकेगा ।
गौरव दयाल , आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ ।
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ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत प्रयोगार्थ संग्रह केन्द्र, उत्पादन, बिक्री केन्द्रों सम्बन्धी उपविधि ।
27 अप्रैल, 2022 ई ०
सं० 1862/ एल० बी० ए० /2022-23- उ ०प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा 239 (बी) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर जनपद कासगंज के ग्रामीण क्षेत्र में प्रयोगार्थ , संग्रह केन्द्र, उत्पादन एवं बिक्री केन्द्र को विनियमित करने के उद्देश्य से उपविधियां बनाने का प्रस्ताव करती है तथा निर्देश देती है, कि इन उपविधियों को सर्वसाधारण के सुझाव एवं आपत्ति आमन्त्रण हेतु प्रकाशित की जा रही है । प्रकाशन की तिथि से तीस दिवस के अन्दर जिला पंचायत कासगंज को प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर ही विचार किया जावेगा । तत्पश्चात् इन उपविधियों को अन्तिम रूपदेकर अधिनियम की धारा 242 (2) के अधीन अनुमोदनार्थ नियत प्राधिकारी/ आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ को प्रेषित की जायेगी ।
अतः मै० गौरव दयाल , आयुक्त अलीगढ, मण्डल अलीगढ, उक्त अधिनियम की धारा 242 (2) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर के इनकी पुष्टि करते हुये एतद् द्वारा प्रकाशित करता हूँ। यह उपविधियों प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।
उपविधियां
ग्रामीण क्षेत्र अन्तर्गत प्रयोगार्थ, संग्रह केन्द्र उत्पादन एवं बिक्री केन्द्र
क्र० लाइसेंस शुल्क सं० 1 2 3 1 चीनी मिल 2 सल्फर प्लान्ट 5,000.00 3 गन्ना पेरने के क्रेसर / शक्ति चालक प्रेसर 2,000.00 4 खाड़ मशीन पावर 1,000.00 5 खाड़ मशीन दस्ती 500.00 6 आटा चक्की 500.00 7 तेल कोल्हू 1,000.00 8 धान कूटने की मशीन 500.00 9 रूई धुनने की मशीन 500.00 10 आरा मशीन व खराद मशीन (लकडी) 1,000.00 11 धान से चावल निकालने का कारखाना ( बड़ा) 5,000.00 12 धान से चावल निकालने का कारखाना (छोटा) 1,000.00 13 दूध से पाउडर या दूध से अन्य सामान बनाने का मिल 14 सरिया बनाने का मिल 15 आलू, फल एवं सब्जियों को सुरक्षित रखने हेतु कोल्ड स्टोरेज 16 पत्थर, ईंट की रोड़ी तोड़ने व पीसने का कारखाना 2,000.00 17 बर्फ या बर्फ से वस्तुयें बनाने का कारखाना 1,000.00 18 साबुन कारखाना 1,000.00 19 कांच का सामान बनाना 1,000.00 20 पेट्रोल, डीजल तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थ का संग्रह 5,000.00
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उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
1 2 21 डीजल संग्रह केन्द्र (डीजल पेटी) 22 मिनी सीमेन्ट प्लान्ट 23 कपास से बिनौला निकालने की मशीन 24 प्लास्टिक, नाइलोन की वस्तुऐ बनाने का कारखाना 25 गैस गोदाम 26 चकोरी प्लान्ट 27 मेन्थाप्लान्ट 28 तम्बाकू कूटने का कारखाना 29 सीमेन्ट गिट्टी से ईंट बनाने का कारखाना (इण्टरलाकिंग इंट) 30 खराद मशीन (लोहे की) / बैल्डिग कार्य 31 बिस्किट, ब्रेड, पापे बनाने का कारखाना 32 फ्लोर मिल 33 दाल मिल 34 कृषि सम्बन्धी यन्त्र बनाने का कार्य 35 प्लाई बोर्ड बनाने का कार्य 36 मैरिज होम गेस्ट हाउस 37 मुर्गीफार्म 38 कृषि योग्य दवाईयों की दुकान 39 स्पेयर पार्ट्स की दुकान 40 लकड़ी से कोयला बनाना 41 पेठा बनाने का कार्य 42 अचार मुरब्बा बनाने व बेचने का कार्य 43 टीन डिब्बा बनाने का कार्य/ बक्सा, कुठिया, कूलर 44 इंट साँचा बनाने का कार्य 45 लकड़ी से फर्नीचर बनाने व बेचने का कार्य 46 प्लास्टिक के सामान की दुकान 47 वारदाना की दुकान 48 चिलर प्लांट 49 अतिशबाजी बनाने का कार्य 50 धर्म काँटा 51 अन्य मील या फैक्ट्री
दण्ड
[भाग 3
3 रु० 1,000.00 5,000.00 500.00 2,000.00 5,000.00 2,000.00 2,000.00 2,000.00 5,000.00 1,000.00 2,000.00 2,000.00 5,000.00 5,000.00 2,000.00 1,000.00 500.00 500.00 2,000.00 2,000.00 500.00 1,000.00 500.00 500.00 2,000.00 1,000.00 1,000.00
उ०प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 240 के अन्तर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग कर जिला पंचायत कासगंज यह निर्देश देती है, किसी व्यक्ति द्वारा इन उपविधियों का उल्लंघन करने पर मु० रु० 1,000.00 अर्थ दण्ड से दण्डित किया जावेगा और जब तक ऐसा उल्लंघन जारी रहेगा तब तक अतिरिक्त दण्ड से दण्डित किया जायेगा जो प्रथम दोष सिद्ध होने के बाद प्रत्येक ऐसे दिन के लिए जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाय कि अपराधी अपराध करता रहा है मु ० रु० 100.00 प्रतिदिन होगा यदि अर्थ दण्ड का भुगतान नहीं करता है तो तीन माह का काराबास का दण्ड दिया जा सकता है ।
गौरव दयाल,
आयुक्त,
अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ ।
89 भाग 31
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
27 अप्रैल, 2022 ई ०
ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत चिमनी ईंट भट्टा, टाइल्स अनुज्ञा-पत्र, चूने की भट्टियों सम्बन्धी उपविधि
सं०1863/ एल ०बी० ए०/2022-23- उ ० प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम , 1961 की धारा 239 (बी) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर जनपद कासगंज के ग्रामीण क्षेत्र में संचालित चिमनी ईंट भट्टा, टाइल्स अनुज्ञा-पत्र, व चूने की भट्टियों की विनियमित करने तथा उनको नियन्त्रित करने के उद्देश्य से उपविधियां बनाने का प्रस्ताव करती हैं तथा निर्देश देती है कि इन उपविधियों को जनसाधारण को सूचनार्थ एवं उन पर सुझाव एवं आपत्तियां आमन्त्रित करने हेतु स्थानीय समाचार- पत्र में प्रकाशित कराया जाय । प्रकाशन की तिथि से तीस दिवस के अन्दर जिला पंचायत, कासगंज को प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों पर विचार किया जायेगा । तत्पश्चात् इन उपविधियों को अन्तिम रूप देकर अधिनियम की धारा 242 (2) के अधीन अनुमोदनार्थ नियत प्राधिकारी / आयुक्त अलीगढ़ मण्डल अलीगढ़ को प्रेषित की जायेगी ।
अतः मै. गौरव दयाल, आयुक्त अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ उक्त अधिनियम की धारा 242(2 ) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर के इनकी पुष्टि करते हुये एतद्वारा प्रकाशित करता हूँ। यह उपविधियों प्रकाशन की तिथि से प्रभावीहोगी ।
उपविधियां
1-जनपद कासगंज के ग्रामीण क्षेत्र में कोई व्यक्ति किसी स्थान का प्रयोग चिमनी ईंट भट्टा, इंट पकाने व चूने की भट्टी चलाने के लिए जिला पंचायत कासगंज से अनुज्ञा. पत्र प्राप्त किए बिना नहीं करेगा ।
2-किसी गाँव की आबादी जगह राजकीय भवन, सार्वजनिक स्थान, निरीक्षण भवन, मिट्टी का तेल, पैट्रोलियम, डीजल ऑयल, या अन्य व्यापारिक वस्तु या आग पकड़ने वाली वस्तुएं जैसे ईंधन, इमारती लकड़ी आदि के संग्रह करने के स्थान से 01 (एक) किलोमीटर की दूरी के भीतर किसी स्थान पर स्थापित नहीं किया जायेगा
3-कोई चिमनी ईंट भट्टा किसी नगर परिषद् अथवा नगर निगम के क्षेत्र से 5.00 किमी० की दूरी के भीतर स्थापित नहीं किया जावेगा । उपरोक्त निर्बन्धों के अधीन आवासीय क्षेत्र से कम से कम 500 मी० दूर स्थापित किया जायेगा । जिनकी न्यून्तम जन संख्या 100.150 व्यक्तियों का हो अथवा 20 कच्चे या तो पक्के घर हों, किसी आवासीय क्षेत्र 1.00 किमी० दूर जिसकी जनसंख्या 150 व्यक्तियों अथवा 20 घरों से अधिक, चाहे कच्चे या पक्के हों. से अधिक हों ।
4-कोई चिमनी ईंट भट्टा रेलवे ट्रैक के किनारों से 200 मी० की दूरी के भीतर स्थापित नहीं किया जायेगा।
5-कोई चिमनी ईट भट्टा राष्ट्रीय या राज्य मार्ग के दोनों किनारों से 300 मी० दूरी के भीतर स्थापित नहीं किया जायेगा ।
8 -कोई चिमनी ईंट भट्टा किसी मुख्य जिला सड़क/ लोक निर्माण विभाग सड़कों के दोनों किनारों से 100 मी0 की दूरी के भीतर स्थापित नहीं किया जायेगा ।
जायेगा । 7-कोई चिमनी ईंट भट्टा पहले से स्थापित किसी ईंट भट्टा से 800 मी० के भीतर स्थापित नहीं किया
8-आम के बगीचे/ मिश्रित फलों (आम और अन्य) बगीचों ( जिसमें कम से कम 100 फलदार वृक्ष हों) संयुक्त नर्सरी के किनारे से चिमनी ईंट भट्टा से दूरियां प्रत्येक दिशा में 800 मी० से कम नहीं होगी । उल्लिखित दूरिया फल के प्रकार जिसका एकल अथवा सामूहिक क्षेत्रफल 2.5 एकड़ से कम न हो, से निरपेक्ष रूप से लागू होगी । दूरी का मापन ईंट भट्टा की चिमनी से लेकर भट्टा की ओर पड़ने वाली आम/ फलदार बगीचे के वृक्षों की प्रथम / निकटत्तम पंक्ति तक किया जायेगा ।
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[भाग 3 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
9-चिमनी ईंट भट्टे के प्रयोग में आने वाला स्थान इतना होना चाहिए जिसमें सामान को गाड़ियों या ठेलों में लादने या उतारने का काम किया जा सके । ताकि सामान उतारने व लादने में सार्वजनिक मार्ग में बाधा न हो ।
10-अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप पर किया जायेगा । जो निर्धारित शुल्क जमा कर जिला पंचायत कासगंज कार्यालय से प्राप्त किया जायेगा इसका मूल्य नये चिमनी मट्टे के लिए मु० रु0 200.00 तथा नवीनीकरण के लिए मु० रु० 100.00 प्रत्ति आवेदन होगा ।
11-अनुज्ञापत्र लाइसेंस के लिए प्रार्थना पत्र में चिमनी भट्ट के प्रयोग में आने वाले स्थान का पूरा ब्यौरा होना चाहिए । उक्त कार्य स्थल का नजरी नक्शा भूमिधरी/ किरायानामा के बिना अनुज्ञा. पत्र जारी नहीं किया जायेगा ।
12-प्रत्येक अनुज्ञापत्र या उसके नवीनीकरण का वार्षिक शुल्क निम्न प्रकार होगा शुल्क देकर लाइसेंस प्राप्त करना और उसे आगामी वर्षों में उसके नवीनीकरण का दायित्व कारोबार करने वाले पर होगा । 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक नवीनीकरण न कराने पर चिमनी ईंट भट्टा के लिए विलम्ब शुल्क रु० 1,000.00 प्रतिमाह देना होगा नवीन चिमनी भट्ट पर विलम्ब शुल्क देय नहीं होगा ।
10000.00
(1) फिक्स चिमनी गट्टा बीस पाये तक
15000.00
(2) फिक्स चिमनी भट्टा बीस पाये से अधिक
2000.00
(3) टाइल्स
2000.00
(4) चूना भट्टी
13-ईंटों की पथाई के लिए एतदर्थ चिन्हित क्षेत्र में मिट्टी की खुदाई करते समय भूमि की खड़ी कटाई न की जावे। अपितु ढालदार रीति में 1: 3 के अनुपात की जानी जाहिए, जिससे कि कृषि भूमि का क्षरण न्यूनत्तम हो ।
14-चिमनी ईट भट्टा की फुकाई के सम्बन्ध में अथवा खनन पट्टा के लिए जिला पंचायत/ सम्बन्धित जिला प्रशासन द्वारा कोई अनुज्ञप्ति तब तक नहीं प्रदान की जायेगी जब तक कि राज्य बोर्ड द्वारा जारी की गयी विधिमान्य पूर्वसहमति (अनापत्ति प्रमाण. पत्र ) ईट भट्टा के स्वामी द्वारा प्राप्त न कर ली गयी हो ।
15- इन उपविधियों के अन्तर्गत चिमनी भट्टों का निरीक्षण और उनके अनुज्ञा. पत्रों की जांच करने का अधिकार जिला पंचायत के अधिकारियों एवं राजस्व निरीक्षकों का होगा ।
16-इन उपनियिमों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जिला पंचायत अधिनियम की धारा 247 के अन्तर्गत वाद प्रस्तुत करने का अधिकार अध्यक्ष, जिला पंचायत कासगंज एवं उनके द्वारा अधिकृत पंचायत के कर्मचारियों को होगा ।
17-चिमनी भट्टा, टाइल्स, चूना भट्टी मालिक यदि लाइसेंस अधिकारी के किसी आदेश का पालन न करें, तो उसके विरुद्ध धारा 133 सी०आर ० पी ० सी० के अधीन कार्यवाही जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी ।
18-ये उपविधियों गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू होंगी ।
दण्ड
उ०प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 240 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर जिला पंचायत, कासगंज यह निर्देश देती है, कि इन उपविधियों का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति मु ० रु० 1,000.00 के अर्थ दण्ड से दण्डनीय होगा और प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके लिए यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है । रु० 50.00 प्रतिदिन तक अर्थदण्ड हो सकेगा । अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर कारावास के दण्ड से दण्डित किया जायेगा जिसकी अवधि तीन मास तक हो सकेगी ।
गौरव दयाल,
आयुक्त,
अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ ।
91 भाग 31
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
27 अप्रैल, 2022 ई०
दूर संचार एवं अन्य प्रकार के टावरों को नियंत्रित एवं विनियमित करने सम्बन्धी उपविधि
सं० 1864/ एल०बी० ए०/ 2022-23- उपविधियों को जनसाधारण की जानकारी हेतु दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित कर जनसाधारण को सूचनार्थ एंव उसके विचार/ आपत्तियों आमन्त्रित की जाये, जो इस विज्ञापन के 30 दिवस के अन्दर प्राप्त होंगे । तत्पश्चात उन्हे अन्तिम रूप देकर नियत प्राधिकारी आयुक्त अलीगढ़ मण्डल, अलीगढः के अनुमोदन हेतु प्रेषित की जायेगी ।
अतः में, गौरव दयाल, आयुक्त अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ , उक्त अधिनियम की धारा 242 (2) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर के इनकी पुष्टि करते हुये एतद्वारा प्रकाशित करता हूँ । यह उपविधियों प्रकाशन की तिथि से प्रभावीहोगी।
उपविधियाँ
1 -यह उपविधियों जिला पंचायत, कासगंज के समस्त ग्रामीण क्षेत्र में वर्तमान एवं भविष्य में लगने वाले दूर संचार एवं अन्य प्रकार के टावरों को नियंत्रित एवं विनियमित करने सम्बन्धी उपविधियों कहलायेगी ।
2-कोई भी व्यक्ति/ फर्म / कम्पनी / संस्था / अन्य आदि जिला पंचायत की परिधि में निजी/ किराये पर डीलरशिप अथवा दूर संचार अथवा अन्य प्रकार के किसी टावर की स्थापना जिला पंचायत से अनुज्ञा प्राप्त किये बिना नहीं करेगा ।
3-परिभाषायें-
से है । [ 1 ] 'अधिनियम' का तात्त्पर्य उ० प्र ० क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 ( यथा संशोधित)
[II ] 'जिला पंचायत' का तात्पर्य जिला पंचायत, कासगंज से है ।
[III ] 'अध्यक्ष का तात्पर्य जिला पंचायत, कासगंज से है ।
[ IV] 'ग्रामीण क्षेत्र' का तात्पर्य अधिनियम की धारा 2 (10) परिभाषित कासगंज जनपद के ग्रामीण क्षेत्र से है ।
[V] 'अपर मुख्य अधिकारी से तात्पर्य अपर मुख्य अधिकारी कासगंज, जिला पंचायत कासगंज से है ।
[VI ] 'लाईसेन्स अधिकारी का तात्पर्य अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, कासगंज से है ।
4-किसी भी दूरसंचार टावर के स्थापित करने से कम से कम एक माह पूर्व अपना आवेदन- पत्र लाईसेन्स सक्षम अधिकारी/लाईसेन्स अधिकारी को उसके मानको के अनुरूप टावर की ऊचाई, चौड़ाई स्थान, प्लान सहित आदि आवेदन- पत्र में स्पष्ट करते हुए प्रस्तुत करना होगा ।
5-लाईसेन्स अधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना स्थापित टावर को जब्त करने का अधिकार अध्यक्ष, जिला पंचायत में सुरक्षित होगा ।
6-स्थापित टावरों के निर्माण को विनियमित और नियंत्रित करने के सम्बन्ध में उपविधियों के प्रकाशन के दो माह के भीतर अपना आवेदन-पत्र मानको सहित लाईसेन्स अधिकारी को प्रस्तुत करने पर स्वीकार किया जायेगा । नये टावर का निर्माण जिला पंचायत से लाईसेन्स प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा ।
7-कोई भी व्यक्ति/ फर्म/ कम्पनी/ संस्था एवं अन्य को इस आशय का शपथ- पत्र प्रस्तुत करना होगा, कि उनके द्वारा स्थापित टावर से पर्यावरण एवं जन साधारण को कोई क्षति नहीं होगी ।
8 -किसी टावर के मालिक को इस आधार पर छूट नहीं प्रदान की जायेगी, कि उसने अन्य किसी निकास अथवा संस्था अथवा सरकारी विभाग से अनुज्ञा-पत्र /लाईसेन्स प्राप्त कर लिया है ।
9 -टावरों की विद्युत आपूर्ति के लिए यदि आवश्यक हो तो साइलेन्ट प्रकृति के केनोपी युक्त जनरेटर का प्रयोग अनिवार्य होगा ।
10-इस उपविधि के अधीन लाईसेन्स पाने वाले व्यक्ति / फर्म / कम्पनी/ संस्था/ अन्य को स्वास्थ्य के सम्बन्ध में निम्नलिखित शर्तों का पालन करना होगा-
[ 1 ] कोई भी दूर संचार टावर किसी पब्लिक भवन/ निजी भवन की छत, सार्वजनिक मार्ग पर स्थापित नहीं किया जायेगा ।
[ II ] शिक्षण/ चिकित्सा संस्थानों, पेट्रोल पम्प एवं गैस गोदाम में टावर की अनुज्ञा देय नहीं होगा ।
[III ] अनाधिकृत रूप से निर्मित भवन पर टावर का निर्माण अनुमन्य नहीं होगा ।
[ IV] यदि टावर का निर्माण भवन की छत पर किया जाता है , तो टावर का निचला भाग भवन की छत से न्यूनतम 3 मीटर ऊपर होना चाहिए ।
[V] टावर की देख रेख हेतु लगाये गये मजदूर 18 वर्ष से कम आयु का नहीं होना चाहिए ।
14 घ 92
[भाग 3 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
[VI ] टावर हेतु आवश्यक भवन आदि की फर्श की नालियों पक्की होनी चाहिए तथा उसमें आवश्यकतानुसार मरम्मत होती रहे । प्रयोग किये हेतु पानी को बाहर निकालने हेतु ऐसी नालियों बनाई जाये जो स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से अपेक्षित हो ।
[VII ] लाईसेन्स अधिकारी के सन्तोषानुसार टावर का अहाता सभी समय स्वच्छ, और सन्तोषजनक अवस्था में रखना होगा ।
[ VIII ] ऐसे व्यक्ति को टावर में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जायेगी , जो किसी संक्रामक रोग से ग्रसित हों ।
[ IX] शासन द्वारा समाजित सुरक्षा, स्वच्छता की दृष्टि से अपनाई नीतियों से सम्बन्धी शासनादेश स्वतः लागू समक्षा जायेगा ।
[ X] इलेक्ट्रो मैग्नेटिक वेव्स, बाईब्रेशन, ध्वनि प्रदूषण आदि के रूप में होने वाले दुष्परिणामों के नियंत्रण हेतु भारत सरकार/ राज्य सरकार अथवा अन्य शासकीय अभिकरण द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।
[XI ] टावर परिसर के प्रवेश द्वार पर उचित स्थान पर चेतावनी सूचक, साईन बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा । जिसमें खतरा (Radio Frequency) आर० एफ ० विकरण कृपया प्रवेश न करें लिखा जाये ।
[XII ] किसी भी टावर के स्थापित करने को अनुमति से पूर्व भूमि की प्रकृति उसकी लोकेशन, शान्ति व्यवस्था एवं जनता की प्रत्तिकिया इत्यादि आवश्यक पहलुओं पर सम्बन्धित उप जिलाधिकारी , क्षेत्राधिकारी से परीक्षण कराकर अनिवार्य रूप से संतुष्टि ली जायेगी ।
11-नवीनीकरण की अवधि-अवधि प्रत्येक वित्तीय वर्ष हेतु 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी । यदि नियमित समय अवधि में नवीनीकरण नहीं कराया जाता है, तो 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक 50 प्रतिशत विलम्ब शुल्क जमा करना होगा । इसके उपरान्त लाईसेन्स न लेने पर टावर स्वामी / फर्म / कम्पनी / संस्था / अन्य आदि के विरूद्ध न्यायालय में चालान की कार्यवाही की जायेगी। यह उपविधि पूर्व से स्थापित टावर स्वामी/ फर्म/ कम्पनी/ संस्था / अन्य आदि पर भी लागू होगी ।
12-लाईसेन्स शुल्क नवीनीकरण शुल्क प्रत्येक वर्ष (03- Sector Antenna Mount) हेतु मु० रु0 25,000.00 प्रति टावर, (04-Sector Antenna Mount) हेतु मु० रु० 35,000.00 प्रति टावर तथा (06-Sector Antenna Mount) हेतु मु० रु० 40,000.00 प्रति टावर होगा । जो माह मार्च तक जमा करना होगा । यह उपविधि पूर्व से स्थापित टावर स्वामी/फर्म/ कम्पनी/ संस्था/ अन्य आदि पर भी लागू होगी ।
13- यदि किसी टावर के कारण कोई दुर्घटना होती है , तो उसकी प्रतिपूर्ति सम्बन्धित स्वामी / फर्म/ कम्पनी/ संस्था/ अन्य को करनी होगी ।
14- दूरसंचार टावर के स्वामी/ फर्म/ कम्पनी / संस्था / अन्य के मालिक को जिसकी भूमि पर टावर स्थापित किया जा रहा है । भूमि / स्थल स्वामी में अनुबन्ध/ सहमति-पत्र जिला पंचायत में जमा करना होगा ।
15-किसी भी आवेदन-पत्र को स्वीकार / अस्वीकार करने का अधिकार लाईसेन्स अधिकारी को होगा ।
16-किसी भी टावर में किसी भी प्रकार का परिवर्तन बिना लाईसेन्स अधिकारी की पूर्व अनुमति के नहीं किया जायेगा ।
17-केन्द्र अथवा राज्य सरकार या अन्य कोई विधि विहित संस्था के नियंत्रण हेतु लाईसेन्स यदि कोई हो से भिन्न यह लाईसेन्स होगा ।
18-लाईसेन्स अधिकारी के निर्णय से क्षुब्ध कोई व्यक्ति ऐसे निर्णय के दिनांक से 30 दिन के अन्दर अध्यक्ष, जिला पंचायत कासगंज के यहाँ अपील कर सकेगा । अध्यक्ष, जिला पंचायत कासगंज का निर्णय अन्तिम एवं बाध्यकारी होगा।
दण्ड
उ०प्र० क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम , 1961 ( यथा संशोधित 1994) की धारा 240 में प्रदत्त अधिकारों के अन्तर्गत जिला पंचायत, कासगंज यह निर्देश देती है, कि जो व्यक्ति इन उपविधियों का उल्लंघन करेगा, वह अर्थ दण्ड से दण्डनीय होगा । जो रु० 1,000.00 तक देय होगा और यदि ऐसा उल्लंघन जारी रहे तो अतिरिक्त अर्थदण्ड से दण्डनीय होगा, जो प्रथम दोष सिद्धि के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये, कि अपराधी अपराध करता रहा है, मु० रु० 100.00 प्रतिदिन तक हो सकेगा अथवा यदि अर्थदण्ड का भुगतान न किया जाये त्तो कारावास से दण्डनीय होगा, जो तीन मास तक का हो सकेगा ।
गौरव दयाल, आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ ।
93 भाग 31
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
27 अप्रैल, 2022 ई ०
ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत पशु मेले. पशु पैंठ, प्रदर्शनी, औद्यौगिक प्रदर्शनी सम्बन्धी उपविधि
सं० 1865/ एल ०बी०ए ० /2022-23-उ० प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम , 1961 की धारा 239 (बी) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर जनपद कासगंज के ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले पशुमेलों, पशु पैठों, प्रदर्शनी, औद्योगिक प्रदर्शनी को विनियमित करने के उद्देश्य से उपविधियां बनाने का प्रस्ताव करती है तथा निर्देश देती है, कि इन उपविधियों को जन साधारण को सूचनार्थ एवं उन पर सुझाव एवं आपत्तियां आमन्त्रित करने हेतु स्थानीय समाचार- पत्र में प्रकाशित कराया जावे । प्रकाशन की तिथि से तीस दिवस के अन्दर जिला पंचायत , कासगंज को प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों पर ही विचार किया जायेगा । तत्पश्चात् इन उपविधियों को अन्तिम रूप देकर अधिनियम की धारा 242 (2) के अधीन अनुमोदनार्थ नियत प्राधिकारी / आयुक्त अलीगढ़ मण्डल अलीगढ़ को प्रेषित की जायेगी ।
अतः मै, गौरव दयाल , आयुक्त अलीगढ मण्डल , अलीगढ़, उक्त अधिनियम की धारा 242(2) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर के इनकी पुष्टि करते हुये एतद्वारा प्रकाशित करता हूँ । यह उपविधियों प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी ।
उपविधियां
1-यह उपविधियां जनपद कासगंज के ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले पशु मेलों पशु पैठों, मेले प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी के विनियमितीकरण सम्बन्धी उवविधियां कहलायेगी ।
2-यह उपविधियां उ० प्र ० सरकारी गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होंगी ।
3-यह उपविधियां पशु मेलों, पशु पैठों, प्रदर्शनियों एवं औद्योगिक प्रदर्शनियों पर लागू होगी । जो उपविधियां लागू होने की तिथि से पूर्व लग रही हों अथवा उसके बाद लगायी जायेगी ।
4- इन उपविधियों के अधीन जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत लाइसेंस अधिकारी होगा ।
5- लाइसेंस अधिकारी के किसी भी आदेश के विरुद्ध आदेश निर्गत होने के 15 दिन के अन्दर अध्यक्ष, जिला पंचायत कासगंज के समक्ष अपील प्रस्तुत की जा सकती है । अध्यक्ष का निर्णय अन्तिम रूप से मान्य होगा ।
6-कोई भी व्यक्ति जिला पंचायत कासगंज से लाइसेंस प्राप्त किए बगैर जिला पंचायत, कासगंज के ग्रामीण क्षेत्र में पशुमेला, पशुपैठ, प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी का आयोजन नहीं करेगा । और यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस प्राप्त किए ऐसे आयोजन करता है तो वह उपविधियों में प्राविधानित दण्ड का भागी होगा ।
7-कोई भी भूमिधर व्यक्ति अपनी भूमिधरी भूमि में पशुमेला, पशु पैंठ, मेला प्रदर्शनी, औद्योगिक प्रदर्शनी आदि का आयोजन पूर्व स्वीकृति लाइसेंस प्राप्त करके कर सकता है । लाइसेंस प्राप्त करने हेतु निम्न औपचारिकताएँ पूर्ण करनी आवश्यक होगी-
(अ) पशु मेला, पशु पैठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी आदि के स्वामी को स्थल का स्वामी होने का प्रमाण-पत्र अथवा खसरा व खतौनी आदि की प्रति एवं प्रस्तावित भूमि का नक्शा नजरी अपने प्रार्थना-प्रत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा ।
(ब) पशु मेले, पशु पैंठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी आदि के आयोजन के दिनों का स्पष्ट उल्लेख मेला स्वामी को करना होगा, लाइसेंस अधिकारी को अधिकार होगा कि वह इस विचार को ध्यान में रखते हुए आवेदक द्वारा निर्धारित दिनों में पशु मेला, पशु पैठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी का आयोजन पहले से रहा हो तो अपने स्वविवेक से दिनों में परिवर्तन कर सकते है ।
94
[भाग 3 उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
8 - नवीन पशु मेला, पशु पैंठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी आदि आयोजन करने सम्बन्धी प्राप्त प्रार्थना पत्र की जांच लाइसेंस अधिकारी, राजस्व निरीक्षक अथवा सम्बन्धित क्षेत्र का करसमाहर्ता द्वारा की जायेगी तथा जांच आख्या में पाये गये तथ्यों के आधार पर निर्धारित शुल्क जमां कर लाइसेंस निर्गत किया जायेगा ।
9-जिला पंचायत की उपविधियों के अनुसार लगने वाली पशु पैंठ / पशु मेले स्थल से एक ही दिन में दूसरी उसी दिन लगने वाली पशु पैठ/ पशु मेले की दूरी लगभग 06 कि ० मी० होना अति आवश्यक है ।
10- प्रत्येक व्यक्ति जो पशु मेला, पशु पैंठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी आदि का आयोजन करना चाहता है। यात्रियों एवं पशुओं के लिए पानी एवं छाया की व्यवस्था का उचित प्रबन्ध करेगा तथा स्थल की स्वच्छत्ता एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा ।
11-जिला पंचायत कासगंज के अध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी, कार्य अधिकारी , कर अधिकारी , राजस्व निरीक्षक को अधिकार होगा कि वह मेला स्थल का किसी भी समय निरीक्षण कर सकते हैं । निरीक्षण के समय यदि यह पाया जाता है , कि सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा उपरोक्त उपविधियों की किसी भी धारा का उल्लघंन किया जा रहा है तो निरीक्षणकर्ता की निरीक्षण आख्या पर लाइसेंस अधिकारी मेला मालिक को स्पष्टीकरण का मौका देगा और स्पष्टीकरण से सन्तुष्ट न होने पर निलम्बित अथवा निरस्त कर सकते हैं ।
12-प्रत्येक पशु मेला, पशु पैंठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी के स्वामी का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह पशु मेला, पशु पैठ, में दलालों को प्रवेश नहीं करने दिया जाय। ऐसा पाये जाने पर लाइसेंस अधिकारी को अधिकार होगा कि वह स्वयं सन्तुष्ट न होने पर लाइसेंस निरस्त कर दें ।
13- प्रत्येक व्यक्ति जो पशु मेला, पशु पैंठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी लगाना अथवा चलाना चाहते है. निम्न शुल्क देना होगा और यथावत लाइसेंस के नवीनीकरण पर भी देय होगा ।
10,000.00 प्रतिमेला/ प्रतिवर्ष
(1) पशु मेला
5,000.00 प्रतिपैठ , प्रतिवर्ष
(2) पशु पैंठ
1,000.00 प्रतिमेला/ प्रतिवर्ष
(3) मेला (फूलडोल)
3,000.00 प्रति प्रदर्शनी, प्रतिवर्ष
(4) मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी
14-उपरोक्त औपचारिकताएँ स्थल निरीक्षण आख्या प्राप्त होने पर ही लाइसेंस अधिकारी लाइसेंस निर्गत करेंगे ।
15- पशु मेला, पशु पैठ, मेला प्रदर्शनी एवं औद्योगिक प्रदर्शनी आदि के लिए वर्ष की गणना 01 अप्रैल से 31 मार्च तक की होगी ।
16-लाइसेंस अधिकारी के किसी भी आदेश के विरुद्ध अपील अध्यक्ष जिला पंचायत को की जायेगी ।
दण्ड
उ०प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 240 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर जिला पंचायत कासगंज यह निर्देश देती है कि कोई भी व्यक्ति इन उपविधियों के किसी भी उपनियम का उल्लंघन करने पर मु० रु० 2,000.00 के अर्थदण्ड से दण्डनीय होगा और प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके लिए यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है । रु0 100.00 प्रतिदिन तक अर्थदण्ड हो सकेगा । अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर कारावास दण्ड से दण्डित किया जायेगा । जिसकी अवधि तीन मास तक हो सकेगी ।
गौरव दयाल,
आयुक्त,
अलीगढ़ मण्डल,अलीगढ़।
95 भाग 3]
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
27 अप्रैल, 2022 ई०
ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत संचालित/ स्थापित दुकानों और बाजारों को विनियमित करने सम्बन्धी उपविधि ।
सं०1866/ एल ० बी०ए०/2022-23- उ ०प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 239 (बी) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर जनपद कासगंज के ग्रामीण क्षेत्र में (जिले की नगर पालिकाओं, टाउन एरियाओं और नगर पंचायतों के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर) संचालित/ स्थापित बाजारों और दुकानों को विनियमित करने के उद्देश्य से उपविधियां बनाने का प्रस्ताव करती है तथा निर्देश देती है, कि इन उपविधियों को सर्व साधारण के सुझाव एवं आपत्ति आमन्त्रण हेतु प्रकाशित की जा रही है । प्रकाशन की तिथि से तीस दिवस के अन्दर जिला पंचायत, कासगंज को प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर ही विचार किया जावेगा, तत्पश्चात् इन उपविधियों को अन्तिम रूप देकर अधिनियम की धारा 242 (2) के अधीन अनुमोदनार्थ नियत प्राधिकारी / आयुक्त. अलीगढ़ मण्डल. अलीगढ़ को प्रेषित की जावेगी ।
अतः मै, गौरव दयाल , आयुक्त अलीगढ़ , मण्डल अलीगढ़, उक्त अधिनियम की धारा 242 (2) के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके इनकी पुष्टि करते हुये एतद्वारा प्रकाशित करता हूँ । यह उपविधियों प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगी।
उपविधियां
1 -यह उपविधियां जिला पंचायत, कासगंज के ग्रामीण क्षेत्रों में, बाजारों में स्थायी निर्मित दुकानों को विनियमित करने सम्बन्धी उपविधियां कहलायेंगी ।
2- इन उपविधियों के अधीन जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी लाइसेंस अधिकारी होंगे ।
3- यह उपविधियां उ०प्र ० गजट में प्रकाशन होने की तिथि से प्रभावी होंगी ।
4- इन उपविधियों के अधीन कोई भी व्यक्ति जनपद कासगंज के ग्रामीण क्षेत्रों (जिले की नगर पालिकाओं, टाउन एरियाओं और नगर पंचायत के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर) दुकानों और बाजारों का तब तक व्यापार नहीं कर सकेगा, जब तक कि उसने जिला पंचायत, कासगंज से निर्धारित शुल्क जमा कर अनुज्ञा प्राप्त न कर ली हो ।
5-इन उपविधियों के अधीन वित्तीय वर्ष की गणना 01 अप्रैल से प्रारम्भ होकर 31 मार्च तक होगी ।
6-जिला पंचायत , कासगंज के लाइसेंस अधिकारी के किसी भी आदेश के विरुद्ध आदेश निर्गत होने के 15 (पन्द्रह) दिन के अन्दर अध्यक्ष जिला पंचायत, कासगंज को अपील प्रस्तुत की जा सकती है । अध्यक्ष जिला पंचायत का निर्णय अन्तिम एवं बन्धनकारी होगा ।
7- प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान का ब्योरा एक तख्ती पर पता सहित लिखकर टांगने होंगे और तख्ती पर अनुज्ञा की अवधि अंकित करनी होगी ।
होगा- 8- सार्वजनिक ग्रामीण बाजारों में दुकान करने वाले दुकानदारों को निम्नलिखित लाइसेंस शुल्क अदा करना
व्यवसाय
क्र०सं०
निर्धारित लाइसेन्स शुल्क प्रतिवर्ष
2
3
1
रु०
500.00 1 कपड़े की दुकान/ कपड़ा रेडीमेड की दुकान छोटी, बड़ी
2
500.00 खाद्य सामग्री की दुकान जिसमें, हलवाई, बूरा, बतासा, गुड़, चीनी आदि
सम्मिलित हैं छोटी, बड़ी
3
500.00 संयुक्त समाज की दुकान नलकूप, हैण्डपम्प विक्रेता
4
500.00 पान, तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट की दुकान
500.00 5 परचूनी की दुकान छोटी, बड़ी
6 सुनारी की दुकान व सर्राफा
7
500.00 जूट/बिसातखाना
8
500.00 बर्तन की दुकान
9
500.00 जूता, चप्पल, दर्जी की दुकान 96
[भाग 3
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( बैशाख 31 , 1944 शक संवत)
1 2 10 गल्ले की छोटी दुकान / फड़ पर लगी दुकान 11 गल्ले की आढ़त थोक व्यापारी 12 मेडीकल स्टोर 13 चिकित्सक/ मेडीकल प्रैक्टिशनर 14 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान 15 सीमेन्ट की दुकान, बालू, गिट्टी, चम्बल 16 खाद की दुकान 17 टेन्ट शामियाना की दुकान छोटी, बड़ी 18 पेन्ट, चूना आदि 19 मद्यपान के व्यवसाय-अंग्रेजी शराब 20 देशी शराब की दुकान 21 साइकिल विक्रेता की दुकान 22 मोटर साइकिल / स्कूटर मरम्मत की दुकान 23 साइकिल मरम्मत की दुकान 24 सब्जी की दुकान 25 दूध बेचने का व्यवसाय 26 दूध से क्रीम निकालने की मशीन 27 टेलीविजन/ घड़ी विक्रेता 28 कम्प्यूटर/फोटो स्टेट की दुकान 29 चाट, पकौड़ी की दुकान 30 बांस, बल्ली, गाटर, फन्टी, चाली आदि की दुकान 31 मोटर साइकिल / स्कूटर एजेन्सी 32 बक्सा, अलमारी व कूलर आदि की दुकान 33 नाईगीरी की दुकान 34 शासन द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सालय एवं नर्सिंग होम 35 ट्रैक्टर ऐजेन्सी 36 फोर व्हीलर ऐजेन्सी 37 थी-व्हीलर ऐजेन्सी 38 दूध डेयरी 39 होटल/ढाबा 40 रेस्टोरेन्ट 41 मोबाइल विक्रेता एवं मोबाइल पार्टस की छोटी दुकानें 42 मोबाइल विक्रेता एवं मोबाइल पार्ट्स की बड़ी दुकानें 43 अन्य व्यवसाय
दण्ड
3 रु० 500.00 1,000.00 1,500.00 2,000.00 1,000.00 1,500.00 1,000.00 1,000.00 2,000.00 3,000.00 1,000.00 1,000.00 500.00 250.00 500.00 1,000.00 500.00 500.00 250.00 1,000.00 2,000.00 2,000.00 250.00 5,000.00 5,000.00 3,000.00 2,000.00 1,000.00 2,000.00 1,000.00 2,000.00 5,000.00
उ०प्र० क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 240 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर जिला पंचायत , कासगंज यह निर्देश देती है, कि इन उपविधियों का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति अंकन रु0 1,000.00 के अर्थदण्ड से दण्डनीय होगा और प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात् ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके लिए यह सिद्ध हो जाय कि अपराधी अपराध करता रहा है, उस पर रु0 100.00 प्रतिदिन अर्थदण्ड हो सकेगा । अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर कारावास के दण्ड से दण्डित किया जायेगा जिसकी अवधि तीन मास तक हो सकेगी ।
पी०एस ०यू०पी०-8 हिन्दी गजट - भाग 3-2022 ई० ।
गौरव दयाल, आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ ।
मुद्रक एवं प्रकाशक- निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, उत्तर प्रदेश , प्रयागराज ।
रजिस्टर्ड नं ० - ए०डी०-4
लाइसेन्स सं ०- डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
सरकारी गज़ट , उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित
प्रयागराज , शनिवार , 21 मई , 2022 ई० (बैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
भाग 8
सरकारी कागज- पत्र , दबाई हुई रूई की गांठों का विवरण- पत्र , जन्म- मरण के आंकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार- भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि ।
कार्यालय, नगर निगम , अलीगढ़
16अप्रैल, 2022 ई०
सं० 28/डि०वि०/न० नि० अली० / 2022-23 नगर निगम सामान्य अधिवेशन दिनांक 10 फरवरी, 2020 प्रस्ताव संख्या 3 अनुमोदन उपरान्त, उ ०प्र० नगर निगम अधिनियम, 1959 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 2 सन् 1956) की धारा 305, 306, एवं 452 में प्रदत्त अधिकारों के अन्तर्गत नगर निगम सीमा में लगे आकाश चिन्ह, विज्ञापनों का विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञा शुल्क वसूली हेतु नगर निगम अधिनियम की धारा 541 (48 ) के अधीन शक्ति का प्रयोग करते हुए अलीगढ़ नगर निगम (विज्ञापन एवं अनुज्ञा शुल्क का निर्धारण और वसूली) उपविधि-2019 का प्रारूप दो दैनिक समाचार- पत्रों क्रमशः दैनिक जागरण एवं अमर उजाला में दिनांक 18 जून, 2021 को जन- साधारण को सूचित करते हुए आपत्ति आमंत्रित करने हेतु सूचना प्रकाशित कराई गयी। निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति प्राप्त न होने पर नगर निगम अधिवेशन दिनांक 27 दिसम्बर, 2021 प्रस्ताव संख्या 29 द्वारा सर्व सम्मति से पुष्टि उपरान्त गजट प्रकाशन कराया जा रहा है । यह उपविधि (नियमावली) सरकारी गजट के प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होगी ।
अलीगढ़ नगर निगम (विज्ञापन पर अनुज्ञा शुल्क का निर्धारण और वसूली) उपविधि, 2019 1-संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ (1)
(1 ) यह उपविधि 'अलीगढ़ नगर निगम ( विज्ञापन पर अनुज्ञा शुल्क का निर्धारण और वसूली) उपविधि, 2019' कही जायेगी ।
1-संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ
(2) इसका विस्तार नगर निगम अलीगढ़ के सम्पूर्ण क्षेत्र में होगा ।
(3) यह गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से प्रवृत्त होगी ।
2-परिभाषायें (1 ) जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस उपविधि में-
(एक) "अधिनियम" का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 से है, (दो) "विज्ञापनकर्ता" का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से जिसे इस उपविधि के अधीन कोई
36 ट 214
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( बैशाख 31. 1944 शक संवत)
[भाग 8
विज्ञापन या विज्ञापन पटट परिनिर्मित करने, प्रदर्शित करने, संप्रदर्शित करने, लगाने, चिपकाने, लिखने, चित्रित करने या लटकाने के लिए लिखित अनुमति प्रदान की गयी हो, और ऐसे व्यक्ति में उसका अभिकर्ता, प्रतिनिधि या सेवक सम्मिलित है और भूमि तथा भवन का स्वामी भी सम्मिलित है,
(तीन) "विज्ञापन प्रतीक का तात्पर्य विज्ञापन के प्रयोजनों के लिए या तत्संबंध में सूचना देने के लिए या जनता को किसी स्थान, व्यक्ति लोक निष्पादन, वस्तु या वाणिज्यिक माल, जो भी हो, के प्रति आकर्षित करने के लिए किसी सतह या संरचना से है जिसमें ऐसे प्रतीक अक्षर या दृष्टांत अनुप्रयुक्त हों और जो द्वारों के बाहर किसी भी रीति जो भी हो, से संप्रदर्शित हो, और उक्त सतह या संरचना या किसी भवन से संलग्न हो, उसका भाग हो या उससे संयोजित हो. या जो किसी वृक्ष या भूमि या किसी खम्मे, स्क्रीन बाड़ या विज्ञापन पट्ट से जुड़ी हो या जो खाली स्थान पर संप्रदर्शित हो;
(
चार) गुब्बारा" का तात्पर्य गैस से भरे हुए ऐसे किसी गुब्बारे से है जो भूमि पर किसी बिन्दु से बंधा हो और कपड़े आदि के किसी फरहरे से या उसके बिना हवा में लहरा रहा हो,
(
पाँच) "पताका" (बैनर) का तात्पर्य ऐसी किसी नम्य आधार से है जिस पर कोई प्रतिकृति या चित्र संप्रदर्शित किये जा सकते हैं,
(
छः) "पताका विज्ञापन" का तात्पर्य किसी प्रतीक से है जो अपने संप्रदर्शन की सतह के रूप में किसी पताका का उपयोग कर रहा हो;
(सात) "समिति" का तात्पर्य नियम-3 के अधीन गठित स्थल चयन समिति से है;
(आठ) निगम का तात्पर्य अलीगढ़ नगर निगम से है.
(नौ) 'विद्युतीय प्रतीक' का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जिसमें विद्युतीय साज- सज्जे, जो प्रतीकों के महत्वपूर्ण अंग हैं. प्रयुक्त किये जाते हैं;
(दस) "गैन्ट्री विज्ञापन" का तात्पर्य सड़क के दोनों ओर लोहे का मजबूत पिलर गाड़कर उसके ऊपर न्यूनतम निर्दिष्ट ऊँचाई पर आयताकार विज्ञापन प्रतीक से है,
(
ग्यारह) "भू-विज्ञापन" का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी भवन से लगा हुआ न हो, और जो भूमि पर या किसी खम्भे, स्क्रीन, बाड़ा या विज्ञापन पट्ट पर परिनिर्मित या चित्रित हो और जनता के लिए दृश्य हो,
(बारह) "प्रदीप्त प्रतीक" का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जो स्थायी या अन्यथा हो और जिसकी कार्यप्रणाली प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रकाश द्वारा उसे प्रदीप्त किये जाने पर आधारित हो;
(तेरह) "शामियाना विज्ञापन" का तात्पर्य ऐसे किसी विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी शामियाना वितान या ऐसी अन्य आच्छादित संरचना से सम्बद्ध हो या उससे टंगा हुआ हो जो किसी भवन से बाहर निकला हुआ हो और उससे अवलम्बित हो तथा जो भवन की दीवार एवं भवन की सीमा रेखा से बाहर की ओर हो और अस्थायी रूप से संप्रदर्शित किया गया हो,
(चौदह) प्रक्षेपित प्रतीक का तात्पर्य ऐसे किसी विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी भवनः से लगा हुआ हो और उससे 300 मिलीमीटर से अधिक बाहर की ओर हो, (
पन्द्रह) "मार्ग अधिकार का तात्पर्य सड़क के प्रयोजनार्थ सुरक्षित और संरक्षित भूमि कीचौड़ाई से है:
(
सोलह) "छत विज्ञापन" का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन से है जो किसी भवन की प्राचीर या छत के किसी भाग पर या उसके ऊपर निर्मित हों या रखा गया है जिसमें किसी भवन की छत पर चित्रित विज्ञापन सम्मिलित है:
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(सत्रह) "अनुसूची" का तात्पर्य इस उपविधि से संलग्न अनुसूची से है:
(अट्ठारह) बस सायबानों (शेल्टर) पर विज्ञापन का तात्पर्य किसी बस संचालन के अधीन बस सायबान के ऊपर अथवा भीतर की ओर से प्रकाशित किये गये , टागें गये, अथवा चित्रित किये गये विज्ञापन प्रतीक से है,
(उन्नीस) "पुष्प पात्र (फ्लावर पॉट) स्टैण्ड विज्ञापन" का तात्पर्य शहर के अनुमन्य डिवाइडरों पर अथवा सड़क / फुटपाथ के अन्तिम छोर पर पर्यावरण की दृष्टिकोण से अनुकूल मौसमी पौधे फ्लावर पॉट स्टैण्ड पर अनुमन्य / विहित आकार का विज्ञापन पट्ट लगाने के पश्चात लगाये जाने से है:
(बीस) जनसुविधा स्थान पर विज्ञापन" का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन से है जो किसी जनसुविधा स्थान के ऊपर/ पास अथवा उसके भीतर किसी भी रीति से लगाये गये विज्ञापन से है:
(इक्कीस) 'ट्रैफिक पुलिस बूथ अथवा ट्रैफिक आईलैण्ड पर विज्ञापन" का तात्पर्य ऐसे विज्ञापन प्रतीक से है जो किसी ट्रैफिक/ पुलिस बूथ अथवा ट्रैफिक आईलैण्ड के ऊपर अथवा उसके चारों ओर लगाया / लटकाया/ चित्रित किया जाये,
(बाइस) "प्रतीक संरचना का तात्पर्य किसी ऐसी संरचना से है जिससे कोई प्रतीक अवलम्बित हो;
(तेइस) "अस्थायी विज्ञापन का तात्पर्य अवकाश दिवसों या लोक प्रदर्शनों हेतु अलंकारिक प्रदर्शनों सहित , किसी सीमित अवधि के प्रदर्शन के लिये वांछित किसी विज्ञापन प्रतीक, झण्डा या वस्त्र, कैनवेस, कपड़े या किसी संरचनात्मक ढांचा से या उसके बिना किसी अन्य हल्की सामग्री से निर्मित अन्य विज्ञापन युक्ति से है,
(चौबीस) " अनुज्ञा शुल्क " का तात्पर्य अधिनियम की धारा 541 की उपधारा 48 के निर्दिष्ट विज्ञापन शुल्क से है;
(पच्चीस) 'ट्री गार्ड विज्ञापन का तात्पर्य अनुमन्य डिवाइडरों पर अथवा सड़क/फुटपाथ के अंतिम छोर पर पर्यावरण के दृष्टिकोण से अनुकूल पौधे लगाने के पश्चात् ट्री गार्ड पर अनुमन्य/ विहित आकार के संप्रदर्शित विज्ञापन प्रतीक से है
(छब्बीस) "बरांडा प्रतीक" का तात्पर्य किसी बरांडा से सम्बद्ध , उससे संयोजित या उससे टांगे गये विज्ञापन से है,
(सत्ताइस) "दीवार प्रत्तीक का तात्पर्य किसी क्षेपण प्रतीक से भिन्न ऐसे किसी विज्ञापन से है जो किसी भवन की वाह्य सतह या उसके संरचनात्मक भाग से सीधे सम्बद्ध हो या उस पर चित्रित किया गया या चिपकाया गया हो ।
(2) इस उपविधि में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित और अधिनियम में परिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके लिये समनुदेशित हैं, 3-स्थल
चयन के लिये समिति का गठन
(1) नगर आयुक्त अथवा अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट के लिये उचित और उपयुक्त स्थलों की पहचान करने के लिये और उसके आकार, ऊँचाई और सौन्दर्यात्मक पहलू का विनिश्चय करने के लिये अलीगढ़ नगर निगम में एक समिति का गठन किया जायेगा, 216
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[भाग 8
(2) समिति में निम्नलिखित होंगे-
अध्यक्ष
(एक) नगर आयुक्त अथवा नगर आयुक्त द्वारा नामित अपर नगर आयुक्तः
सदस्य
(दो) मुख्य अभियन्ता, नगर निगम,
सदस्य
सचिव, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण,
(तीन)
सदस्य
(चार) परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (जहाँ स्थल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.) से सम्बन्धित हो);
सदस्य
(पाँच) अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग तथा रेलवे का प्रतिनिधि (जहाँ स्थल लोक निर्माण विभाग अथवा रेलवे से सम्बन्धित हो),
सदस्य
(छः) नगर में यातायात का प्रभारी राजपत्रित अधिकारी (यातायात पुलिस विभाग) ,
सदस्य
(सात) क्षेत्रीय प्रबन्धक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (जहाँ स्थल बस शेल्टर के आवंटन से सम्बन्धित हो);
(
आठ) निगम का यातायात अभियन्ता या कोई अधिकारी सदस्य / सचिव जो अधिशासी अभियन्ता की श्रेणी से निम्न न हो,
टिप्पणी नगर आयुक्त, महापौर के परामर्श से किसी एक या एक से अधिक सदस्य को, जैसा वह उचित समझे सहयोजित कर सकता है ।
(3) समिति द्वारा परिलक्षित स्थलों पर अनुज्ञा प्रदान करने के लिये नगर आयुक्त द्वारा कम से कम दो प्रख्यात दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से आवेदन-पत्र आमंत्रित किये जायेंगे । विज्ञापन में प्रत्येक प्रस्तावित स्थल के संबंध में नगर आयुक्त द्वारा न्यूनतम प्रीमियम विनिर्दिष्ट होनी चाहिये ।
(4) स्थलों की पहचान और समिति की संस्तुति के पश्चात् ही विज्ञापनों और विज्ञापन पट्टों की अनुज्ञा दी जायेगी ।
4-प्रतिषेध
(1) नगर आयुक्त से पूर्व में लिखित अनुज्ञा प्राप्त किये बिना कोई व्यक्ति निगम की सीमा के भीतर किसी भवन , पुल, मार्ग, फुटपाथ, उपरिगामी सेतु या उससे संलग्न भूमि या ट्री गार्ड, नगर प्राचीर, बाउन्ड्रीवाल, नगर द्वार , विद्युत या टेलीफोन के खम्भे, चल वाहनों या किसी भी खुले स्थान पर कोई विज्ञापन या किसी प्रकार की सूचना या चित्र, जिससे किसी सामान्य प्रज्ञा वाले व्यक्ति को विज्ञापन होने का आभास हो , न तो परिनिर्मित करेगा न प्रदर्शित करेगा, न संप्रदर्शित करेगा, न चिपकायेगा न लगायेगा, न लिखेगा, न चित्रित करेगा या न लटकायेगा ।
(2) निगम की सीमाओं के भीतर किसी भूमि या भवन का स्वामी, अध्यासी या अन्यथा अधिभोग करने वाला कोई व्यक्ति नगर आयुक्त की लिखित अनुज्ञा के बिना ऐसी भूमि या भवन के किसी भाग पर कोई विज्ञापन न तो परिनिर्मित करेगा, न प्रदर्शित करेगा, न सम्प्रदर्शित करेगा, न लगायेगा, न चिपकायेगा, न लिखेगा, न चित्रित करेगा न लटकायेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे भवन या भूमि पर कोई विज्ञापन परिनिर्मित करने देगा, न प्रदर्शित, सम्प्रदर्शित, चिपकाने, लिखने, चित्रित करने या लटकाने देगा. यदि ऐसा किसी सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक मार्ग से दृश्य हो।
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(3) कोई विज्ञापन पटट इस रीति से प्रतिष्ठापित नहीं किया जायेगा कि यातायात के संचालन में अग्र एवं पार्श्व भाग के दर्शित होने में कोई व्यवधान हो ।
जायेगा । (4) कोई विज्ञापन पट्ट राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग के दाहिनी ओर और राष्ट्रीय / राज्य राजमार्ग के छोर से 10 मीटर के भीतर प्रतिष्ठापित नहीं किया
(5) कोई विज्ञापन पट्ट इस नियम के अधीन यथा विनिर्दिष्ट मार्गो के सिवाय अन्य मार्गों के छोर के 10 मीटर के भीतर प्रतिष्ठापित नहीं किया जायेगा ।
5-विज्ञापन कर्ताओं का पंजीकरण एवं नवीनीकरण
(1) विज्ञापनकर्ता/विज्ञापन एजेन्सी को "ए" श्रेणी में पंजीकरण हेतु रु० 60,000.00 (साठ हजार) पंजीकरण शुल्क एवं रु० 2,00,000.00 (दो लाख) धरोहर धनराशि, "बी" श्रेणी में पंजीकरण हेतु रु0 40,000.00 (चालीस हजार) पंजीकरण शुल्क एवं रु0 1,50,000.00 (एक लाख पचास हजार) धरोहर धनराशि, एवं "सी" श्रेणी में पंजीकरण हेतु रु० 25,000.00 ( पच्चीस हजार) पंजीकरण शुल्क एवं रु० 1,00,000.00 ( एक लाख) धरोहर धनराशि जमा करना होगा ।
(2) अनुज्ञा प्राप्त करने के लिये प्रत्येक आवेदन अनुसूची-1 में विनिर्दिष्ट विहित प्रपत्र में किया जायेगा, जिसे पाँच सौ रुपये भुगतान करके नगर निगम के कार्यालय से प्राप्त किया जायेगा या निगम के वेबसाइट से डाउनलोड भी किया जा सकता है, तथापि आवेदन-पत्र प्रस्तुत करते समय आवेदन -पत्र के मूल्य की रसीद आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत की जायेगी ।
(3) पंजीकरण का नवीनीकरण वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ होने से सात दिन के अन्दर कराना अनिवार्य होगा । नवीनीकरण शुल्क "ए" श्रेणी हेतु रु0 40,000.00 (चालीस हजार) , "बी" श्रेणी हेतु रु० 30,000.00 (तीस हजार) एवं "सी" श्रेणी हेतु रु० 20,000.00 (बीस हजार ) होगा । "ए " श्रेणी में पंजीकृत विज्ञापनकर्ता/ एजेन्सी ही नीलामी / निविदा प्रक्रिया में भाग लेने हेतु अर्ह होंगी ।
6-अनुज्ञा प्राप्त करने की प्रक्रिया
(1) अनुज्ञा प्राप्त करने के लिये प्रत्येक आवेदन अनुसूची- एक में विनिर्दिष्ट विहित प्रपत्र में किया जायेगा जिसे रु० 1000.00 का भुगतान करके नगर निगम के कार्यालय से प्राप्त किया जाएगा । आवेदन पत्र प्रस्तुत करते समय आवेदन- पत्र के मूल्य की रसीद आवेदन- पत्र के साथ प्रस्तुत की जायेगी ।
(2) उपनियम (1 ) में निर्दिष्ट प्रत्येक आवेदन-पत्र में ऐसी भूमि, भवन या स्थान के संबंध में विस्तृत सूचना, ऐसी भूमि के स्थल नक्शा सहित निहित होगी जहाँ ऐसी भूमि, भवन या स्थान के पास प्रस्तावित विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट पर परिनिर्मित किया जाना , प्रदर्शित किया जाना, सम्प्रदर्शित किया जाना , लगाया जाना, चिपकाया जाना, लिखा जाना या लटकाया जाना वांछित हो और उसमें निम्नलिखित सूचना सम्मिलित होगीः-
(क) प्रत्येक भू- विज्ञापन पट्ट की भूमितल से ऊँचाई, अवस्थिति, ढाँचे की बनावट आदि की विशिष्टियों को आवंटन समिति द्वारा तय किया जायेगा और उसी के अनुरूप आवश्यक अभिकल्प संगणना आवेदन-पत्र में प्रस्तुत की जायेंगी;
(ख) पूर्ववर्ती विज्ञापनों के अतिरिक्त छत-विज्ञापनों, प्रक्षिप्त विज्ञापनों या भू- प्रतीकों के मामले में सहायक क्रिया विधियों और स्थिरक- स्थानों के समस्त घटक और यदि नगर आयुक्त द्वारा अपेक्षित हो तो आवश्यक अभिकल्प संगणनायें आवेदन- पत्र के साथ प्रस्तुत की जायेगी:
(ग) कोई अन्य विशिष्टियों, जो नगर आयुक्त द्वारा अपेक्षित हों,
(घ) गुब्बारा विज्ञापन के मामले में नगर आयुक्त द्वारा यथा अपेक्षित आवश्यक सूचना विज्ञापनकर्ता को उपलब्ध करायी जायेगी ।
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(3) यदि विज्ञापन किसी सार्वजनिक मार्ग के पार्श्व भाग पर या किसी निजी परिसर में कोई संरचना लगाकर प्रदर्शित किया जाना या संप्रदर्शित किया जाना वांछित हो तो ऐसे आवेदन- पत्र के साथ निम्नलिखित्त विवरण भी प्रस्तुत किये जायेंगे:-
(क) विज्ञापन और प्रस्तावित संरचना के आकार का विवरण,
(ख) नगर आयुक्त द्वारा सम्यक् रूप से अनुमोदित संरचना अभियन्ता से सम्बन्धित भवन की सुदृढ़ता सम्बन्धी रिपोर्ट,
(ग) भू/ भवन स्वामी की सहमति का अनुबन्ध-पत्र,
आवेदन, आवश्यक चित्रों और संरचना संगणनाओं सहित नगर आयुक्त द्वारा सम्यक् रूप से अनुमोदित संरचना अभियन्ता की माध्यम से किया जायेगा । अभिकल्प संगणनाओं में लिया गया "वायुभार राष्ट्रीय भवन संहिता, 2005 के "संरचना अभिकल्प, धारा -1 भार बल और प्रभाव के भाग-4 के अनुसार होगा।
(घ) विकास प्राधिकरण / आवास विकास परिषद का अनापत्ति प्रमाण-पत्र;
(4) यदि विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट किसी निजी भूमि या भवन या उसके किसी भाग पर परिनिर्मित किया जाना, प्रदर्शित किया जाना, लगाया जाना, चिपकाया जाना, लिखा जाना, चित्रित किया जाना या लटकाया जाना वांछित हो और आवेदक ऐसी भूमि या भवन का स्वामी न हो तो आवेदन- पत्र में ऐसी भूमि या भवन के स्वामी की लिखित अनुज्ञा/ निष्पादित अनुबन्ध की प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा ।
(5) उपनियम (4) में निर्दिष्ट भूमि या भवन के प्रत्येक स्वामी को लिखित रूप में वचन देना होगा कि किसी व्यतिक्रम की स्थिति में वह विज्ञापनकर्ता हेतु देय अनुज्ञा शुल्क का भुगतान करने के लिये दायी होगा । नगर आयुक्त अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को विज्ञापन पट्ट हटाने हेतु परिसर में प्रवेश का अधिकार होगा ।
(6) यदि भूमि का कोई स्वामी अपनी निजी भूमि पर विज्ञापन संप्रदर्शित करना चाहे तो उसे आवेदन- पत्र के साथ विस्तृत सूचना प्रस्तुत करनी होगी और इस उपविधि के अधीन अनुज्ञा लेनी होगी ।
(7) यदि कोई व्यक्ति किसी ट्रीगार्ड/ फ्लावर पॉट को परिनिर्मित करने की अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात ऐसे ट्रीगार्डो / फ्लावर पॉट पर कोई विज्ञापन प्रदर्शित या संप्रदर्शित करता है तो वह इस उपविधि के अधीन अनुज्ञा शुल्क भुगतान करने का दायी होगा ।
अनुज्ञा ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए प्रदान की जायेगी जो नगर आयुक्त द्वारा लोक सुरक्षा और शिष्टाचार के हित में अधिरोपित की जाय । (8)
(9) प्रत्येक आवेदन-पत्र के साथ प्रस्तावित सम्पूर्ण प्रीमियम अथवा नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित प्रथम किश्त की धनराशि संलग्न करनी होगी, परन्तु यह कि प्रीमियम की अवशेष धनराशि नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर जमा करना होगा ।
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(1)
6-क-अनुज्ञा प्राप्त करने
की शर्ते
किसी विज्ञापन या विज्ञापन पटट परिनिर्मित करने , प्रदर्शित करने, संप्रदर्शित करने, लगाने, चिपकाने, लिखने, चित्रित करने या लटकाने की अनुज्ञा निम्नलिखित निबन्धन एवं शर्तों पर प्रदान की जायेगी, यहकिः-
(क) अनुज्ञा केवल उस अवधि तक के लिए प्रभावी होगी जिस अवधि के लिये प्रदान की गयी हो, परन्तु यह कि अनुज्ञा शुल्क या प्रीमियम सहित अनुज्ञा शुल्क, इस उपविधि के अनुसार नगर निधि में संदत्त और जमा किया गया हो,
(ख) विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट पर ऐसे रंगों और आकारों में लिखा जायेगा, चिपकाया जायेगा, समुद्धृत किया जायेगा, चित्रित किया जायेगा जैसा कि नगर आयुक्त द्वारा अनुमोदित किया जाये और विज्ञापन पट्ट चाहे भूमि पर या भवन पर प्रतिष्ठापित किया गया हो, की ऊँचाई 6.2 मीटर व चौड़ाई 12.4 मीटर से अधिक नहीं होगी । दो सन्निकट विज्ञापनों पट्टों के मध्य की दूरी 10 मीटर से कम नहीं होगी । यूनीपोल लगाये जाने की दशा में दो यूनीपोल के मध्य की दूरी 15 मीटर से कम नहीं होगी;
(ग) विज्ञापन या विज्ञापन पट को समुचित दशा में रखा एवं अनुरक्षित किया जायेगा:
(घ) प्रदान की गयी अनुज्ञा अन्तरणीय नहीं होगी;
(ङ) विज्ञापन या विज्ञापन पट की विषय वस्तु या उसके विवरण में नगर आयुक्त की लिखित अनुज्ञा के बिना परिवर्तन नहीं किया जायेगा;
(च) विज्ञापनकर्ता ऐसी अवधि, जिसके लिए अनुज्ञा दी गयी थी, की समाप्ति से एक सप्ताह के भीतर विज्ञापन को हटा देंगे या उसे मिटा देंगे:
(छ) विज्ञापन बोर्ड या विज्ञापन पट्ट अनुज्ञात स्थान पर ही प्रतिष्ठापित किये जायेंगे , संप्रदर्शित किये जायेंगे या परिनिर्मित किये जायेंगे,
(ज) मार्ग/ फुटपाथ के लिये खुली छोड़ी गयी भूमि पैदल चलने वालों, साइकिल वालों आदि के लिए सुरक्षित रूप में चलने के लिये उपलब्ध रहेगी, (झ) भवनों, यदि कोई हो, जो प्रतीकों और विज्ञापन पट्टों के समीप स्थित हो, के प्रकाश और वातायन किसी भी रूप में बाधित नहीं होंगे:
(अ) लोकहित में नगर आयुक्त को यह अधिकार होगा कि वह अवधि समाप्त होने के पूर्व भी अनुज्ञा-पत्र को निलम्बित कर दे, जिसके पश्चात् विज्ञापनकर्ता विज्ञापन को हटा देगा:
(ट) विज्ञापनकर्ता को इस उपविधि और नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित उपविधि का पालन करना होगा,
(ठ) विज्ञापनों से अवस्थान का कलात्मक सौन्दर्य नष्ट नहीं होना चाहिए । किसी प्रकार के विज्ञापन हेतु पर्यावरण विभाग द्वारा प्रतिबन्धित प्लास्टिक का प्रयोग निषिद्ध होगा;
(ङ) भवन से सम्बन्धित विज्ञापन पट्टों से भिन्न विज्ञापन पट्ट ऐसे भवनों यथा चिकित्सालयों, शैक्षिक संस्थाओं , न्यायालयों , सार्वजनिक कार्यालयों, संग्रहालयों, धार्मिक पूजा के निमित्त अर्पित भवनों और राष्ट्रीय महत्व के भवनों के समक्ष प्रदर्शित करने की अनुज्ञा नहीं होगी:
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(ढ) विज्ञापन पट्टों का अनुरक्षण तथा निरीक्षण उनके अवलम्ब नियम 24 के अनुसार होगें,
(ण) समस्त विज्ञापन नियम 16 समस्त विज्ञापनों के लिये सामान्य अपेक्षाएं में दी गयी सामान्य अपेक्षाओं के अनुरूप होंगे ,
(त) विज्ञापनों को वृक्षों या काष्ठमय पेड- पौधों में गाड़ा, बांधा नहीं जायेगा,
(2) नगर आयुक्त द्वारा प्रदान की गयी लिखित अनुज्ञा या उसका नवीनीकरण तत्काल समाप्त हो जायेगा-
(क) यदि कोई विज्ञापन या उसका कोई भाग किसी दुर्घटना या किन्हीं अन्य कारण से गिर जाता है:
(
ख ) यदि कोई परिवर्द्धन, उसे सुरक्षित रखने के प्रयोजन को छोड़कर नगर आयुक्त के निर्देश के अधीन किया जाता है:
(ग) यदि विज्ञापन पट या उसके भाग में कोई परिवर्तन किया जाता है .
(घ) यदि उस भवन या संरचनाओं में कोई परिवर्द्धन या परिवर्तन किया जाता है
जिस पर या जिसके ऊपर विज्ञापन परिनिर्मित किया गया हो, और यदि ऐसे परिवर्द्धन या परिवर्तन में विज्ञापन पट या उसके किसी भाग का व्यवधान सम्मिलित है; या.
(ड) यदि ऐसा भवन या संरचना , जिस पर या जिसके ऊपर विज्ञापन पट्ट परिनिर्मित, नियत या अवरुद्ध हो, भंजित या नष्ट हो जाती है ।
(1)
6-ख- प्रीमियम
नगर आयुक्त प्रत्येक स्थल के लिये स्थल के महत्व के अनुसार न्यूनतम प्रीमियम की धनराशि नियत करेगा ।
(2) मुहरबंद लिफाफे में प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लियें न्यूनतम सात दिन का समय दिया जायेगा ।
(3) प्रस्ताव के साथ उसमें उल्लिखित पूर्ण धनराशि अथवा 50 प्रतिशत धनराशि का बैंक ड्राफ्ट/ बैंकर चेक संलग्न होनी चाहिए । प्रीमियम की शेष धनराशि प्रस्ताव की स्वीकृति के पश्चात् नगर आयुक्त द्वारा यथा निर्दिष्ट अवधि के अंदर जमा करनी होगी ।
(1)
7-आवंटन समिति
नगर आयुक्त की अध्यक्षता में प्रत्येक निगम में एक आवंटन समिति गठित की जायेगी, जिसमें निम्नलिखित सदस्य होंगे:-
सदस्य
(एक) नगर आयुक्त द्वारा नामित अपर नगर आयुक्त
सदस्य
निगम का मुख्य अभियन्ता
(दो)
सदस्य
(तीन) मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
सदस्य
(चार) कर निर्धारण अधिकारी
सदस्य
(पांच) निगम में तैनात यातायात सेल (ट्रैफिक सेल) का अभियन्ता
सदस्य
छ) सम्बन्धित जोन का जोनल अधिकारी
(
सदस्य/सचिव
(
सात) प्रभारी अधिकारी , विज्ञापन एवं विज्ञापन पट्ट जो सहायक नगर आयुक्त/कर निर्धारण अधिकारी की श्रेणी से निम्न न हो
टिप्पणी नगर आयुक्त, महापौर के परामर्श से एक या एक से अधिक सदस्य सहयोजित कर सकते हैं. जैसा वह उचित समझे ।
221 भाग 8 ]
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(2) समिति सार्वजनिक भूमि/ नगर निगम में निहित भूमि (गली. फुटपाथ, (एक) डिवाइडर, तिराहा , चौराहा , आईलैण्ड पार्क, या कोई सार्वजनिक स्थल) पर स्ट्रक्चर निर्मित करने हेतु उस स्थल के व्यावसायिक महत्व एवं उस स्थल के माध्यम से होकर गुजरने वाले व्यक्तियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रीमियम की न्यूनतम धनराशि निर्धारित करेगी,
(दो) समिति इस उपविधि में विनिर्दिष्ट प्रतिमानों के अनुसार आवेदन-पत्रों, निविदाओं, प्रस्तावों की संवीक्षा करेंगी और तद्नुसार अनुमोदित करेगी ।
(3) नियम 26 के अधीन अनुज्ञा शुल्क सहित प्रीमियम की पूर्ण प्रस्तावित धनराशि जमा करने के पश्चात् उच्चतम् प्रस्ताव करने वाले आवेदक को अनुज्ञा प्रदान करेगी ।
(4)
सदस्य सचिव समिति द्वारा सम्यक् रूप से अनुमोदित अनुज्ञा आदेश जारी करेगा।
(5) विज्ञापनकर्ता द्वारा निगम में अनुमोदित प्रीमियम की धनराशि अथवा नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित प्रथम किस्त की धनराशि एवं विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क की धनराशि जमा करने के पश्चात् ही उसे अनुज्ञा आदेश जारी किया जायेगा।
(6) यदि उच्चतम प्रीमियम प्रस्तावित करने वाला आवेदक किन्हीं कारणों से अनुमोदित प्रीमियम एवं विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क की धनराशि जमा नहीं करता है और निविदा से अपना प्रस्ताव वापस लेता है तो उसके द्वारा नीलामी/ निविदा के लिये जमा की गयी धनराशि जब्त कर ली जाएगी ।
(7) विस्तृत सूचना, अनुदेश और निबंधन एवं शर्तें अनुज्ञा आदेश में उल्लिखित की जायेंगी ।
(8) विज्ञापन ( यथा-होर्डिंग, यूनीपोल, बस शेल्टर , गैन्ट्री इत्यादि) के लिए प्रत्येक स्थल की नीलामी या निविदा एवं विद्युत, टेलीफोन खम्भों, ट्री- गार्ड/ फ्लावर पॉट पर विज्ञापन की नीलामी/ निविदा एक ही रूप में उपर्युक्त रीति से की जायेगी ।
(9) यदि कोई विज्ञापन निजी भवन या भूमि पर संप्रदर्शित किया जाना वांछनीय हो तो अनुसूची-2 में विनिर्दिष्ट वार्षिक विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क, विज्ञापनकर्ता द्वारा संदेय होगा ।
(10) यदि विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट किसी सार्वजनिक मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग / राज्य राजमार्ग को छोड़कर जहाँ इसकी अनुज्ञा न हो ) या इससे संलग्न भूमि या किसी सार्वजनिक स्थान, विद्युत या टेलीफोन खम्भों या ट्रीगार्ड या चहारदीवारी पर संप्रदर्शित किया जाना, परिनिर्मित किया जाना या प्रदर्शित किया जाना हो, तो अनुसूची-2 में विनिर्दिष्ट वार्षिक अनुज्ञा शुल्क उच्चतम् प्रीमियम की निर्धारित धनराशि आवेदक द्वारा संदेय होगी ।
नियम 4 के अधीन अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक आवेदन पत्र निम्नलिखित किसी एक या उससे अधिक आधारों पर अस्वीकृत किया जा सकता है, यहकिः- 8-आवेदन-पत्रों कीअस्वीकृति के आधार
(क) आवेदन-पत्र में अपेक्षित सूचना और विवरण अन्तर्विष्ट न हो या वह इस उपविधि के अनुरूप न हो ।
37 ट 222
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(ख) प्रस्तावित विज्ञापन अशिष्ट, अश्लील, घृणास्पद, वीभत्स या आपत्तिजनक प्रकृति का या नगर निगम पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला या राजनैतिक अभियान को उकसाने वाला या जनता अथवा किसी विशिष्ट वर्ग के व्यक्तियों हेतु अनिष्टकर या क्षतिकारक प्रभाव डालने वाली प्रकृति का हो या ऐसे स्थान पर ऐसी रीति से या किसी ऐसे माध्यम से संप्रदर्शित हो , जैसा कि नगर आयुक्त की राय में, उसमें किसी पड़ोस की सुविधाओं पर क्षतिकारक प्रभाव पड़ने या विकृत होने की सम्भावना हो या इसमें आपत्तिजनक लेख या अश्लील नग्न रेखाचित्र या चित्र या मदोन्मत्तता का कोई प्रतीक अन्तर्विष्ट हो ।
(ग) तम्बाकू से निर्मित पदार्थ सिगरेट इत्यादि के सेवन को प्रोत्साहित करने वाला हो,
(घ) प्रस्तावित विज्ञापन से लोक शांति या प्रशांति भंग होने की सम्भावना हो या लोकनीति और एकता के विरुद्ध हो:
(ङ) प्रस्तावित विज्ञापन से तूफान या अंधड़ के दौरान जीवन या सम्पत्ति के लिए क्षति उत्पन्न होने की सम्भावना हो ,
(च) प्रस्तावित विज्ञापन से यातायात में अशांति या खतरा उत्पन्न होने की सम्भावना हो
(छ) प्रस्तावित विज्ञापन स्थल तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के उपबंधों से असंगत हो;
(ज) विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट किसी भूमि या भवन पर परिनिर्मित किया जाना या सम्प्रदर्शित किया जाना वांछनीय हो और ऐसी भूमि या भवन के संबंध में धारा 172 में निर्दिष्ट सम्पत्ति कर आवेदन करने के दिनांक को असंदत्त हो;
(झ) अन्य कोई कारण जिसे नगर आयुक्त नगर निगम के हित व जनहित में उचित समझे ।
9-अनुज्ञा
प्रदान करने
की रीति
किसी विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट को परिनिर्मित करने , प्रदर्शित करने, सम्प्रदर्शित करने, लगाने, चिपकाने, लिखने, चित्रित करने या लटकाने हेतु आवंटन समिति की संस्तुति पर निम्नलिखित एक या उससे अधिक रीति से अनुज्ञा प्रदान करना नगर आयुक्त के लिए विधि सम्मत होगाः-
(एक) सार्वजनिक नीलामी द्वारा
(दो) निविदा आमंत्रित करने के द्वारा
(
तीन) निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अधीन पूर्व में प्रदान की गई अनुज्ञा के नवीनीकरण के द्वारा किन्तु अनुज्ञा किसी भी दशा में नहीं दी जायेगी, जिससे यातायात एवं फुटपाथ पर पैदल चलने में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न हो;
(चार) निजी स्थल / भवन पर विज्ञापन की अनुमति परिसर के मालिक की सहमति पर इस नियम के अन्य उपबंधों के अधीन दी जा सकती है.
(पाँच) विज्ञापन हेतु प्राप्त आवेदन- पत्रों पर अनुज्ञा और नवीनीकरण के लिए आवेदन- पत्रों को अधिकतम 15 दिनों के अंदर निर्णय लेकर विज्ञापनकर्ता को सूचित किया जायेगा । यदि नीलामी निविदा के माध्यम से अनुज्ञा प्रदान किया जाना है तो नीलामी/ निविदा की तिथि से 15 दिनों के अंदर निर्णय लेकर नीलामी/निविदा में भाग लेने वाले विज्ञापनकर्ताओं को सूचित किया जायेगा ।
223 भाग 8 ]
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10-अनुज्ञा कीअवधि
अनुज्ञा की अवधि वही होगी जो अनुज्ञा-पत्र में विनिर्दिष्ट है । वार्षिक अनुज्ञा, अनुज्ञा के दिनांक से एक वर्ष की अधिकतम अवधि या उस वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक, जिसमें अनुज्ञा स्वीकार की गयी इनमें जो भी पहले हो, होगी ।
11-अनुज्ञा का नवीनीकरण
नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित प्रीमियम / नवीनीकरण शुल्क एवं सम्पूर्ण विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क जमा करने के पश्चात् अनुज्ञा का नवींकरण नियम 6(3 ) के अधीन किया जा सकता है। इसके लिए विज्ञापनकर्ता को अनुसूची-1 के रूप में संलग्न विहित प्रारूप पर आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना होगा । अनुज्ञा के नवींकरण होने के पश्चात् देय प्रीमियम/ नवीनीकरण शुल्क एवं विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क जमा करना होगा ।
12-विज्ञापन
या विज्ञापन
पट हटाने
की शक्ति
(1) यदि कोई विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट इस उपविधि के उल्लंघन में परिनिर्मित किया जाता है, प्रदर्शित किया जाता है, संप्रदर्शित किया जाता है, लगाया जाता है. चिपकाया जाता है, लिखा जाता है, चित्रित किया जाता है या लटकाया जाता है या लोक सुरक्षा के लिए परिसंकटमय या खतरनाक हो या वह सुरक्षित यातायात संचालन हेतु अशांति का कारण हो तो समिति विज्ञापनकर्ता को किसी नोटिस के बिना उसे हटवा सकती या मिटवा सकती है और जमा प्रतिभूत्ति से निम्नलिखित धनराशियों की वसूली कर सकती हैः-
(एक) इस प्रकार हटाये जाने या मिटाये जाने का व्यय, और
(दो) ऐसी अवधि, जिसके दौरान ऐसा विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट ऐसे उल्लंघन में परिनिर्मित किया गया था, प्रदर्शित किया गया था, संप्रदर्शित किया गया था , लगाया गया था, चिपकाया गया था, लिखा गया था, चित्रित किया गया था या लटकाया गया था. के लिए क्षतियों की धनराशि ।
(2) जब कभी कोई विज्ञापन नगर आयुक्त द्वारा किसी नोटिस या आदेश या अन्यथा के परिणामस्वरूप हटाया जाता है तब ऐसे भवन या स्थल , जिस पर या जिससे ऐसा विज्ञापन संप्रदर्शित किया गया था, में किसी क्षति या विकृति को नगर आयुक्त के समाधान पर्यन्त ठीक किया जायेगा । यदि विज्ञापन हटाये जाने के दौरान मार्ग/ सड़क / फुटपाथ / यातायात संकेतक या कोई अन्य लोक उपयोगिता की सेवायें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तो विज्ञापनकर्ता से वसूल की गयी धनराशि को निगम द्वारा सम्बन्धित विभाग को अन्तरित कर दिया जाना चाहिये ।
13-विज्ञापन पर निर्बन्धन
(1) किसी संविदा या करार में अन्तर्विष्ट किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी कोई विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट परिनिर्मित नहीं किया जायेगा, प्रदर्शित नहीं किया जायेगा, संप्रदर्शित नहीं किया जायेगा, चिपकाया नहीं जायेगा, लिखा नहीं जायेगा, चित्रित नहीं किया जायेगा या लटकाया नहीं जायेगा, यदि, (एक) यह आकार में 12.2 मीटर 6.2 मीटर से अधिक हो और इसका तल आधार भूतल से ऊपर 02 मीटर से कम हो;
(दो) यह किसी मार्ग, मार्ग संधियों या सेतुओं के अनुप्रस्थ भाग के मध्य से होते हुए मार्ग से नापे गये 30 मीटर के भीतर किसी स्थान पर अवस्थित हो.
(तीन) यह मार्ग के समानान्तर न हो या इससे यानीय या पैदल चलने वाले यातायात में बाधा उत्पन्न होती हो या बाधा उत्पन्न होने की सम्भावना हो,
(चार) समिति की राय में प्रस्तावित स्थल विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट के लिए अनुपयुक्तहोः 224
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[भाग 8
(पाँच) यह मार्ग के आर- पार एवं मार्ग पटरी / पगडंडी पर रखा गया हो:
(छ ) यह किसी निजी परिसर के बाहर क्षेपित हो जिस पर यह इस प्रकार परिनिर्मित , प्रदर्शित या संप्रदर्शित हो;
(सात) यह ऐतिहासिक या राष्ट्रीय स्मारकों, सार्वजनिक भवनों और दीवारों चिकित्सालयों, शैक्षणिक संस्थाओं, न्यायालयों, सार्वजनिक कार्यालयों और पूजा स्थलों के चारों ओर अवस्थित हो,
(आठ) स्थल नियम 22 के अधीन इस प्रयोजनार्थ निगम या राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार द्वारा घोषित प्रतिषिद्ध क्षेत्र के भीतर पड़ता हो,
(नौ) जर्जर स्थिति में हो जिसके आंधी- पानी ( बरसात) में गिरने की सम्भावना हो ।
(2) विज्ञापनों और विज्ञापन पट्टों को निम्नलिखित रूप में अनुज्ञा नहीं दी जायेगी:
(एक) ऐसी रीति से और ऐसे स्थानों पर जिससे कि यातातात के पहुँचने, या संविलीन होने, प्रतिच्छेदित होने की दृश्यता में बाधा या व्यवधान उत्पन्न होता हो;
(दो) राष्ट्रीय / राज्य राजमार्गों के दांयी ओर के भीतर और राष्ट्रीय/ राज्य राजमार्गों के पड़ने वाले मोड़ के 10 मीटर के भीतर एवं समस्त प्रमुख चौराहों के मध्य की दूरी के 30 मीटर के भीतर,
(तीन) किसी लोक प्राधिकरण यथा यातायात प्राधिकरण , लोक परिवहन प्राधिकरण या स्थानीय प्राधिकरण या लोक निर्माण विभाग या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आदेशों के अधीन मार्ग से होते हुए यातायात के विनियमन के लिए परिनिर्मित किसी साइन बोर्ड के 50 मीटर के भीतर;
(चार) ऐसे रूप में जिससे लोक प्राधिकरणों द्वारा यातायात नियंत्रण के लिए परिनिर्मित किसी चिन्ह, संकेतक या अन्य युक्ति के निर्वचन में विघ्न व्यवधान उत्पन्न हो.
(पाँच) किसी मार्ग के पार लटकाये गये पट्टों, भित्ति पत्रकों, वस्त्र-झण्डियां या पत्रक पर जिनसे चालक का ध्यान विचलित होता हो और इसलिए परिसंकटमय हो;
(छ) ऐसे रूप में जिससे पैदल चलने वालों के मार्ग में व्यवधान उत्पन्न हो और चौराहे पर उनकी दृश्यता बाधित हो,
(सात) जब इनसे स्थानीय सुविधाये प्रभावित हों ।
(3) निजी भवनों पर पोस्टर चिपकाने अथवा वॉल राइटिंग के पूर्व भवन स्वामी की (एक) लिखित अनुमति आवश्यक होगी । सार्वजनिक भवनों, दिशा- सूचकों और महत्वपूर्ण सूचनाओं / नोटिस वाले विज्ञापन-पटों पर पोस्टर लगाना अथवा कुछ लिखना पूर्णतः प्रतिबन्धित एवं दण्डनीय अपराध होगा;
(दो) सड़क पर क्रास बैनर पूर्णतः प्रतिबन्धित होगा;
(तीन) गैन्ट्री प्रतीक के लिए यह आवश्यक होगा कि गैन्ट्री के दोनों छोरों पर स्थान बोधक, दिशासूचक शब्द एवं दूरी का उल्लेख किया जाय जो विज्ञापन के कुल आकार का न्यूनतम 30 प्रतिशत से कम नहीं होगा । गैन्ट्री की सड़क से न्यूनतम ऊँचाई इस प्रकार रखी जायेगी कि सामान लदा हुआ भारी ट्रक नीचे से आसानी से गुजर सके,
(चार) फ्लावर पॉट में मौसमी पुष्पों वाले पौधे ही लगाये जा सकेंगे । कैक्टस वाले फ्लावर पॉट अनुमन्य नहीं होंगे:
(पाँच) सड़क के किनारे अथवा डिवाइडर पर लगे किसी भी बड़े वृक्ष जो स्वावलम्बी हो चुके है एवं बड़े वृक्ष के नीचे ट्री- गार्ड/ फ्लावर पॉट लगा कर विज्ञापन प्रदर्शित किया जाना निषिद्ध होगा;
225 भाग 8]
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(छः
) किसी भी पोल पर अधिकतम दो कियॉस्क जिनके पार्श्व भाग आपस में इस प्रकार सटे होंगे जिसमें एक दिशा से एक ही कियॉस्क दृश्य होगा, अनुमन्य
होंगे ।
(4) निम्नलिखित प्रकार के प्रदीप्त विज्ञापनों और विज्ञापन पट्टों की अनुज्ञा नहीं होगी
(एक
) ऐसी सधनता या चमक वाले प्रदीप्त विज्ञापन और विज्ञापन पट्ट जिससे चौध उत्पन्न हो या चालक अथवा पैदल चलने वालों की दृष्टि बाधित होती हो या जिससे चालन की किसी क्रिया में विघ्न पड़ता हो ।
(
दो) विज्ञापन और विज्ञापन पट्ट जो इस रूप में प्रदीप्त हों जिससे कि किसी शासकीय यातायात विज्ञापन पट्ट युक्ति या संकेतक का प्रभाव बाधित होता हो या क्षीण होता हो ।
(1 ) किसी भवन की छत पर परिनिर्मित, प्रदर्शित या संप्रदर्शित किये जाने वाले विज्ञापनों या विज्ञापन पट्टों के मामले में केवल प्लास्टिक की विनायल या
वस्त्र पत्रक ही अनुमन्य हैं ।
14-छत के उपर के विज्ञापन पटों के सम्बन्ध में निर्बन्धन
(
2) नियम-6 और नियम-13 के अधीन रहते हुए किसी भवन की छत पर विज्ञापन पट्ट की ऊँचाई अधिकत्तम 6.2 मीटर व चौड़ाई 12.4 मीटर से अधिक नहीं होगी और चौड़ाई किसी भी दशा में भवन की क्षैतिज चौड़ाई से अधिक नहीं होगी।
विज्ञापन निम्नलिखित प्रकार के होंगे:-
15-विज्ञापन पटों के प्रकार
(क) वैद्युत और प्रदीप्त विज्ञापन/ वैद्युत, डिजिटल विज्ञापन
(ख) एल०ई० डी० स्क्रीन
(ग) भू-विज्ञापन (केवल यूनीपोल)
(घ) छत विज्ञापन
(ङ) बरामदा/ दुकान विज्ञापन
(च) दीवार विज्ञापन
(छ) प्रक्षिप्त विज्ञापन
(ज) शामियाना विज्ञापन
(झ) आकाशीय विज्ञापन
(ञ) अस्थायी एवं विविध विज्ञापन
(ट) ट्रैफिक/ पुलिस बूथ अथवा ट्रैफिक आईलैण्ड विज्ञापन
(ठ) जन सुविधा स्थान पर विज्ञापन
(ड) विशेष प्रकार की छतरी विज्ञापन
(ढ) पताका/ झण्डी विज्ञापन, द्वार विज्ञापन, गुब्बारा विज्ञापन
(ण) ट्री गार्ड/ पलावर पॉट डिस्प्ले
(त) गैन्ट्री विज्ञापन 226
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[भाग 8
(थ) बिल्डिंग ग्लास , फसाड वॉलरैप , वाटर टैंक विज्ञापन
(द) फुट ओवर ब्रिज
(घ) प्रचार वाहन
(न) रैन बसेरा पर विज्ञापन
(प) पानी की टंकी पर विज्ञापन
(फ) विद्युत पोल पर क्यास्क
(ब) सांकेतिक पट
(क) वैद्युत
क
विज्ञापन
-1 वैद्युत्त विज्ञापन की सामग्री जहाँ प्रतीक पूर्णतः पुंज प्रकाश युक्त विज्ञापन हो. उसे छोड़कर प्रत्येक वैद्युत विज्ञापन अज्वलनशील सामग्री से निर्मित किया जायेगा ।
प्रदीप्त
क
-2 वैद्युत्त विज्ञापनों और प्रदीप्त विज्ञापनों का स्थापन
और विज्ञापन
प्रत्येक वैद्युत विज्ञापन और प्रदीप्त विज्ञापन को राष्ट्रीय भवन संहिता 2005, भाग-8 भवन सेवायें धारा 2. विद्युत एवं समवर्गीय स्थापन के अनुसार स्थापित किया जायेगा ।
क-3 लाल, तृणमणि जैसा या हरे रंग में कोई प्रदीप्त विज्ञापन, किसी प्रदीप्त यात्तायात विज्ञापन के 10 मीटर की क्षैतिज दूरी के भीतर परिनिर्मित या अनुरक्षित नहीं किया जाएगा ।
क-4 दो मंजिल से कम की ऊँचाई पर या पगडण्डी से 6.2 मीटर ऊपर जो भी अधिक हो, पर सफेद प्रकाश से भिन्न प्रकाश द्वारा प्रदीप्त समस्त विज्ञापन पट्ट समुचित रूप से प्रदर्शित किये जायेंगे जिससे कि यातायात के नियंत्रण में विज्ञापन पट्ट या संकेतक से होने वाले किसी प्रकार के व्यवधान को संतोषजनक रूप से रोका जा सके ।
क
-5 गहन प्रदीप्ति कोई व्यक्ति ऐसा कोई विज्ञापन परिनिर्मित नहीं करेगा जो ऐसे गहन प्रदीप्ति का हो जिससे कि संलग्न या निकट के भवनों के निवासियों को व्यवधान उत्पन्न हो । ऐसे परिनिर्माण के लिए दी गयी किसी अनुज्ञा के होते हुए भी किसी ऐसे विज्ञापन, जो परिनिर्माण के पश्चात् नगर आयुक्त की राय में ऐसी गहन प्रदीप्ति का हो, जिससे कि संलग्न या निकट के भवनों के निवासियों को व्यवधान उत्पन्न हो, को नगर आयुक्त के आदेश के आधार पर संबंधित स्थल के स्वामी द्वारा ऐसी युक्ति- युक्त अवधि, जैसा कि नगर आयुक्त विनिर्दिष्ट करें, के भीतर समुचित रूप में परिवर्तित कर दिया जायेगा या उसे हटा दिया जायेगा ।
क-6 परिचालन अवधिः नगर आयुक्त की राय में जन सुख सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के हित में आवश्यक विज्ञापन से भिन्न कोई वैद्युत विज्ञापन , मध्यरात्रि और सूर्योदय के मध्य प्रचालित नहीं किया जायेगा ।
क-7 चौंधने वाला, ओझल करने वाला और जीवंतता प्रदान करने वालाः कोई चौधने वाला, ओझल करने वाला या जीवंतता परक विज्ञापन पट्टिका जिसकी बारम्बारता प्रति मिनट 30 चौंध से अधिक हो, इस प्रकार परिनिर्मित की जायेगी कि ऐसे विज्ञापन पट्टों का न्यूनतम छोर भूतल से 9 मीटर ऊपर से कम न हो।
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भाग 8]
क-8 विमानपत्तनों के निकट प्रदीप्त विज्ञापनों के लिए विमानपत्तन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए ।
ख
(ख) भू- विज्ञापन
-1 सामग्री ढांचों, अवलम्बों और पट्टी सहित 6 मीटर से अधिक ऊंचाई वाला प्रत्येक भू-विज्ञापन नियम 16 के उप नियम (4 ) में दी गयी सामग्री को छोड़कर अज्वलनशील सामग्री से निर्मित किया जायेगा ।
ख
-2 आयाम कोई भी भू- विज्ञापन भूमि के ऊपर 6 मीटर से अधिक की ऊँचाई में परिनिर्मित नहीं किया जायेगा । प्रकाश परावर्तन विज्ञापन के अग्रभाग या मुख भाग के ऊपर जा सकता है ।
ख-3 अवलम्ब और स्थिरक स्थान प्रत्येक भू-विज्ञापन को भूमि पर दृढ़तापूर्वक अवलम्बित और स्थिर किया जाएगा । अवलम्ब और स्थिरक, सुसाध्यतानुसार संसाधित्त काष्ठ के होंगे या संक्षारण रोध या चिनाई या कंक्रीट हेतु संसाधित धातु के होंगे ।
ख
-4 स्थल सफाई किसी स्थल जिस पर कोई भू-विज्ञापन परिनिर्मित हो, का स्वामी नगर आयुक्त के अनुमोदन हेतु स्थल के ऐसे भाग जो मार्ग से दृश्य हो , को स्वच्छ, साफ, निर्मल और समस्त गन्दे पदार्थों तथा कुरूप स्थितियों से मुक्त रखने के लिए उत्तरदायी होगा ।
ख-5 यातायात में अवरोध ऐसा कोई भू-विज्ञापन परिनिर्मित नहीं किया जायेगा जिससे कि किसी भवन के मुक्त प्रवेश में या उसके निकास में व्यवधान उत्पन्न
हो।
ख-6 तल निर्बाधन सभी भू-विज्ञापनों का तल आधार भूमि में कम से कम 2 मीटर ऊपर होगा किन्तु अंतरावर्ती स्थान को जालदार कार्य या पटल सजावटी व्यवस्था से पूरा किया जा सकता है ।
ख-7 भू-चित्रित विज्ञापन, जहाँ लागू हों, नियम 16 की अपेक्षाओं के अनुरूप होंगे ।
(ग) छत्त विज्ञापन
ग-1 सामग्री: नियम 16 के उप नियम (4) में दी गयी व्यवस्था को छोड़कर ढाँचे, अवलम्बों और पट्टियों सहित प्रत्येक छत विज्ञापन पट्टिका को अज्वलनशील सामग्री से निर्मित किया जायेगा । समस्त घात्विक पुजों के वैद्युत भू-आच्छादन कीव्यवस्था की जाएगी और जहाँ ज्वलनशील सामग्रियों अक्षरों या अन्य साज- सज्जों में अनुज्ञात हो वहाँ समस्त लेख और नलिकाएं उसमें मुक्त और रोधित रखी जायेगी ।
ग-2 अवस्थितिः
(क) किसी भवन के छत पर कोई छत विज्ञापन, इस प्रकार नहीं रखा जायेगा जिससे कि छत के एक भाग से दूसरे भाग में मुक्त प्रवेश में व्यवधान उत्पन्न हो ।
(ख) कोई छत विज्ञापन किसी भवन के छत पर या उसके ऊपर तब तक नहीं रखा जायेगा तब तक सम्पूर्ण छत का निर्माण अज्वलनशील सामग्री का न हो ।
ग-3 क्षेपण (प्रोजेक्शन) कोई क्षेपण विज्ञापन भवन की विद्यमान भवन लाइन जिस पर यह परिनिर्मित हो के परे/ प्रक्षेपित नहीं होगा अथवा वह छत के ऊपर किसी भी दिशा में नहीं बढ़ेगा ।
228
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[भाग 8
ग-4 अवलम्ब और स्थिरक प्रत्येक छत विज्ञापन को पूर्णतया सुरक्षित रखा जायेगा और उसे ऐसे भवन , जिस पर या जिसके ऊपर यह परिनिर्मित हो, पर स्थिर किया जायेगा । सम्पूर्ण भार भवन के संरचनात्मक भागों में सुरक्षित रूप में संवितरित होंगे ।
ग
-5 विमानपत्तनों के समीप छत विज्ञापनों हेतु विमानपत्तन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए ।
ग
-6 चित्रित छत विज्ञापन, जहाँ प्रयोज्य हों, नियम 16 समस्त विज्ञापनों हेतु सामान्य अपेक्षाएं के अनुरूप होंगे ।
ग
-7 विकास प्राधिकरण / आवास विकास परिषद से अनापत्ति प्रमाण- पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए ।
घ
(घ) बरामदा विज्ञापन
-1 सामग्री प्रत्येक बरामदा विज्ञापन नियम 16 के उप नियम (4) में दी गयी व्यवस्था को छोड़कर पूर्णतः अज्वलनशील सामग्री से निर्मित किया जायेगा ।
घ-2 आयाम कोई बरामदा विज्ञापन 01 मीटर से अधिक ऊँचा नहीं होना चाहिए । किसी बरामदा से लटकाया जाने वाला कोई बरामदा विज्ञापन लम्बाई में 2.5 मीटर और मोटाई में 50 मिलीमीटर से अधिक नहीं होगा , इसके सिवाय विज्ञापन के प्रमुख अग्रभागों के मध्य मापित और पूर्णतया धातुगत तार युक्त शीशे से निर्मित मोटाई में 200 मीटर से अनधिक मापवाला बरामदा बाक्स विज्ञापन, परिनिर्मित किया जा सकता है ।
घ
-3 संरेखण प्रत्येक बरामदा विज्ञापन, भवन , लाइन के समान्तर स्थापित किया जायेगा , सिवाय इसके कि किसी बरामदा से लटकने वाले ऐसे किसी विज्ञापन को भवन लाइन के समकोण पर स्थापित किया जायेगा ।
घ
-4 स्थान बरामदा पट्टिका को, जो लटकाने वाले विज्ञापन पट्ट से भिन्न हो, निम्नलिखित स्थानों पर लगाया जायेगा-
(एक) बरामदा छत की ओरी के ठीक ऊपर इस तरह से कि वह छत के गटर से पिछले भाग से बहिर्निष्ट न हो ।
(दो) बरामदा मुंडेर या आलंब के सामने किन्तु उसके ऊपर या नीचे नहीं, परन्तु ऐसी मुंडेर या आलंब ठोस हो और विज्ञापन पट्टिका ऐसी मुंडेर आलंब के बाहरी अग्रभाग से 20 से.मी. से अधिक वहिर्निष्ट न हो ।
(तीन) पेन्ट किये हुए विज्ञापन पट्टिकाओं की दशा में बरामदा धरनों या मुडेरों पर।
घ-5 लटकते हुए बरामदा विज्ञापन पट्टिकाओं की ऊँचाई किसी बरामदे से लटकता हुआ प्रत्येक बरामदा विज्ञापन पट्टिका इस प्रकार से लगायी जायेगी कि ऐसी पट्टिका का सबसे निचला भाग खड़ंजा से कम से कम 2.5 मीटर ऊँचाई पर हो ।
घ-6 प्रक्षेपण घ-4 में यथा उपबन्धित के सिवाय कोई भी बरामदा विज्ञापन पट्टिका उस लाइन से, जिससे वह लगी हो. बाहर निकली हुई नहीं होगी ।
(ङ) दीवार विज्ञापन
प्रत्येक दीवार विज्ञापन पट्ट 3 गुणे 3 मीटर को एक यूनिट मानते हुए बिना किसी ज्वलनशील पदार्थ के परिनिर्मित किया जायेगा ।
(क) प्रतिबन्धित क्षेत्रों/ सार्वजनिक कार्यालयों , न्यायालयों, धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थाओं, राष्ट्रीय स्मारकों आदि की दीवारों पर विज्ञापन प्रतिषिद्ध रहेगा ।
(ख) नगर/ स्थल के कलात्मक सौंदर्य, व अन्य विशिष्टियों के दीवार विज्ञापन के सम्बन्ध में मामले में नगर आयुक्त द्वारा निर्णय लिया जायेगा ।
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भाग 8]
च-1 सामग्री प्रत्येक प्रक्षेपण विज्ञापन पट्टिका और उसका अवलम्ब एवं चौखट पूर्णतः अज्वलनशील पदार्थ से निर्मित होगा ।
(च) प्रक्षेपण विज्ञापन पट्टिकाएं
च -2 प्रक्षेपण एवं ऊँचाई कोई भी प्रक्षेपण पट्टिका अपने अवलम्ब या चौखट के
किसी भाग में भवन के बाहर 02 मीटर से अधिक प्रक्षिप्त नहीं होगी किन्तु यह मार्ग के सामने भूखण्ड लाइन के बाहर प्रक्षिप्त नहीं होगी, जब यह मार्ग में प्रक्षिप्त होती हो तो यह सड़क के 2.5 मीटर की स्पष्ट ऊँचाई पर होगी ।
(क) समस्त प्रक्षेपण पट्टिकाओं के अक्ष भवन के मुख्य अग्रभाग के दाहिने कोण पर होंगे । जहाँ अग्रभाग के लिए वी-निर्माण किया गया हो, वहाँ भवन के सामने विज्ञापन पट्टिका का आधार कुल प्रक्षेपण की सीमा से अधिक नहीं होगा ।
(ख) कोई भी प्रक्षेपण पट्टिका छत की ओरी के ऊपर या भवन आकृति के उस भाग, जिससे वह लगी हो , के ऊपर नहीं निकली होगी ।
(ग) किसी प्रक्षेपण पट्टिका की अधिकतम ऊँचाई 6 मीटर होगी ।
च-3 अवलम्ब एवं संलग्नक प्रत्येक प्रक्षेपण पट्टिका किसी भवन से सुरक्षित रूप से लगी होगी जिससे किसी भी दिशा में उसके संचलन को संरक्षण रोधी धातु दीवारगीर, रॉड्स ऐंकर्स, अवलम्ब, चेन्स या वायररोप्स , जो इस प्रयोजन के लिए निर्मित हो, द्वारा रोका जा सके और इस प्रकार व्यवस्थित की जा सके कि इस प्रकार लगाये जाने की आधी युक्तियाँ परिस्थितिवश विज्ञापन पट्टिका को थाम सकें । स्टैपल्स या कीलों का प्रयोग किसी भवन के किसी प्रक्षेपण विज्ञापन पट्टिका को कसने के लिए नहीं किया जायेगा ।
च-4 अतिरिक्त भार ऐसी प्रक्षेपण संबंधी संरचनाएं जो किसी सीढ़ी पर या अन्य सेवाई युक्ति में, चाहे वह सेवाई युक्ति के लिए विशेष रूप से बनायी गयी हों या न हो, किसी व्यक्ति को थामने के लिए प्रयोग में लायी जा सकती हो, पूर्वानुमानित अतिरिक्त भार को थामने के लिए सक्षम होगी किन्तु किसी भी दशा में कल्पित रूप से भार डालने के बिन्दु पर या अत्यधिक उत्केन्द्रीय भार डालने के बिन्दु पर डाला गया केन्द्रित क्षैतिज भार 500 किलोग्राम से और ऊर्ध्वाधर केन्द्रित भार 1500 किलोग्राम के कम के लिए सक्षम नहीं होगी । भवन संघटक, जिससे प्रक्षेपण विज्ञापन पट्टिका लगाई जाय इस प्रकार निर्मित होगा कि अतिरिक्त भार को थाम सके ।
छ-1 सामग्री: शामियाना विज्ञापन पट्टिकाएँ पूर्ण रूप से धातु या अन्य अनुमोदित अज्वलनशील पदार्थों से निर्मित होंगी ।
(छः)शामियाना विज्ञापन पट्टिका
छ-2 ऊँचाई ऐसी विज्ञापन पट्टिकाएँ 02 मीटर से ऊँची नहीं होगी और न तो वे शामियाना की पट्टी से नीचें और न पगडंडी से ऊपर 2.5 मीटर से नीचे होंगी ।
छ-३ लग्बाई शामियाना विज्ञापन पट्टिकाएँ पूरी लम्बाई से अधिक हो सकती हैं किन्तु वे किसी भी दशा में शामियाना के छोर से बाहर प्रक्षिप्त नहीं होंगी ।
(ज) आकाश विज्ञापन पट्टिका
ज आकाश विज्ञापन पट्टिका आकाश विज्ञापन पट्टिकाओं के मामले में ऐसी आकाश विज्ञापन पट्टिका की ऊँचाई 30 मीटर से अधिक नहीं होगी । न्यूनतम ऊँचाई ऐसी होनी चाहिए कि उससे वाहन या पैदल संबंधी आवागमन में अवरोध या वाधा उत्पन्न न हो ।
38 ट 230
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
[भाग 8
झ अस्थाई विज्ञापन पट्टिकाएँ सचल सर्कस विज्ञापन पट्टिकाएं मेला विज्ञापन पट्टिकाएँ एवं सार्वजनिक समारोहों के दौरान सजावट ।
(झ) अस्थायी विज्ञापन पट्टिका
झ-1 प्रकार : झ-2 के अनुसार यथा परिनिर्मित अस्थायी विज्ञापन पट्टिकाओं से भिन्न निम्नलिखित विज्ञापन पट्टिकाओं में से कोई विज्ञापन पट्टिका परिनिर्मित नहीं की जायेगीः-
(क) कोई ऐसी विज्ञापन पट्टिका जो बरामदा के स्तम्भों पर या उनके बीच पेंट की या लगायी गयी हो ।
(ख) कोई ऐसी विज्ञापन पट्टिका जो किसी बरामदा या बालकनी की किसी पट्टी बेयरर, बीम या आलम्ब के ऊपर या नीचे प्रक्षिप्त हो ।
(ग) कोई विज्ञापन पट्टिका जो प्रदीप्त या प्रकाशमान हो और जो किसी बरामदा या बालकनी के किसी ढाल या गोल किनारे के पट्टी, बेयरर, बीम या आलम्ब पर लगायी गयी हो ।
(घ) किसी सड़क के आर- पार परिनिर्मित कोई पताका विज्ञापन पट्टिका ।
(
ड़) विज्ञापन पट्टिका को एक दिशा से दूसरी दिशा में लटकने से रोकने के लिए कोई ऐसी विज्ञापन पट्टिका जो सुरक्षित रूप से न लगी हो ।
(च) कपड़े पेपर मैच या समान या सदृश सामग्री से निर्मित कोई विज्ञापन पट्टिका किन्तु उनके अन्तर्गत होर्डिंग या घरों के
लाइसेन्स प्राप्त पेपर विज्ञापन पट्टिकाएं नहीं हैं ।
(छ) अनन्य रूप से आवासीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किये गये या प्रयोग किए जाने के लिये आशायित किसी भूखण्ड पर कोई विज्ञापन पट्टिकाएं जो किसी ब्रास प्लेट या बोर्ड से भिन्न हो और आकार में अधिमानतः 600 मिलीमीटर गुणे 450 मिलीमीटर से अधिक न हो व किसी आवास की दीवार या प्रवेश द्वार या दरवाजे या गेट पर लगी हो और फ्लैट के किसी ब्लाक के मामले में प्रवेश हाल के दीवार या किसी फ्लैट के किसी प्रवेश द्वार पर लगी हो, और
(ज) पेड़ों, चट्टानों या पहाड़ियों या तत्समान प्राकृतिक स्थलों पर कोई विज्ञापन पट्टिका ।
-2 अस्थाई विज्ञापन पट्टिकाओं की आवश्यकत्ता:
डा
(एक) सार्वजनिक समारोहों के दौरान सभी अस्थायी विज्ञापन , सचल सर्कस और मेला चिन्ह और पट्टिकाएं सजावट नगर आयुक्त के अनुमोदन के अनुसार होंगे और इस प्रकार परिनिर्मित होंगे कि उससे किसी रास्ते में अवरोध न पहुँचे और आग के जोखिम को कम करने में बाधा न पहुँचे ।
(दो) ऐसी किसी विज्ञापन पट्टिका पर अंकित विज्ञापन केवल कारोबार, उद्योग या किसी ऐसे अन्य व्यवसाय से संबंधित होगा जो उस परिसर में या उसके भीतर किया जा रहा हो जिस पर विज्ञापन पट्टिका परिनिर्मित या लगायी गयी हो । अस्थायी विज्ञापन पट्टिका को जैसे ही 231 भाग 8]
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वह फट जाय या क्षतिग्रस्त हो जाय यथाशीघ्र और किसी भी दशा में, परिनिर्माण के पश्चात् जब तक विस्तारित न किया जाय , 14 दिन के भीतर हटा दिया जायेगा ।
(तीन) नगर आयुक्त किसी अस्थायी विज्ञापन पट्टिका या सजावट को तत्काल हटाने के आदेश यदि उसकी राय में सार्वजनिक सुविधा व सुरक्षा के हित में आवश्यक हो, देने के लिए सशक्त होगा ।
(चार) पोल विज्ञापन पट्टिका पोल विज्ञापन पट्टिकाएं पूर्णतया अज्वलनशील पदार्थ से निर्मित होंगी और यथास्थिति, भूमि या छत की आवश्यकताओं के अनुरूप होंगी । ऐसी विज्ञापन पट्टिकाएं स्ट्रीट लाइन के बाहर तक बढ़ाई जा सकती हैं, यदि वे प्रक्षेपण विज्ञापन पट्टिकाओं के उपबन्धों के अनुकूल हों।
(पाँच) झण्डी या कपडे की विज्ञापन पट्टिकाएं किसी भवन से संलग्न या उससे लटकने वाली अस्थायी विज्ञापन पट्टिकाएं और झण्डियां जो कपड़े या ज्वलनशील पदार्थ से निर्मित हों, सुदृढ़ रूप से बनी होंगी और अपने अवलंब से सुरक्षित रूप से लगी होंगी । जैसे ही वे फट जाये या क्षतिग्रस्त हो जायें , उन्हें यथाशीघ्र और परिनिर्माण के अधिकतम 14 दिन के पूर्व ही हटा लिया जायेगा सिवाय उस दशा के जब वे किसी सायबाल या शामियाना से लटकाये जाने के लिए अस्थायी विज्ञापन पट्टिकाओं को, 10 दिन की अवधि तक लटकाये जाने के लिए अनुमति प्राप्त हों ।
(छः) अधिकतम आकार अस्थाई विज्ञापन पट्टिकाएं क्षेत्रफल में 10 वर्ग मीटर से अधिक नहीं होंगी ।
(सात) प्रक्षेपण कपड़े की अस्थाई विज्ञापन पट्टिकाएं और तत्समान ज्वलनशील निर्माण किसी मार्ग या सार्वजनिक स्थान के ऊपर या उसके अन्दर 300 मिलीमीटर से अधिक नहीं बढ़ेंगीं सिवाय उस दशा के जब ऐसी चिन्हं पट्टिकाएँ बिना फ्रेम के निर्मित होने पर किसी सायबान या शामियाना के सामने अवलम्ब के रूप में लगाई जा सकती हैं या उसकी निचली पट्टी से लटकाई जा सकती है किन्तु वे फुटपाथ के 2.5 मीटर से अधिक निकट तक नहीं बढ़ी होनी चाहिए ।
( आठ) विशेष अनुमत्ति भवन से लटकती हुई या पोल पर लटकती हुई
सभी ऐसी अस्थाई झण्डियाँ जो मार्ग या सार्वजनिक स्थलों के आर-पार बढ़ जाये , नगर आयुक्त के अनुमोदन के अधीन होंगी ।
(नौ) नगर निगम द्वारा स्थापित किये गये बिल फलक को अस्थाई इश्तहारों, विज्ञापन पट्टिकाओं, प्रतीकों, मनोरंजन आदि के लिए प्रयोग में लाया जायेगा जिससे कि नगर की दीवारें विरूपित न हों ।
टिप्पणी मनोरंजन और अन्य कार्यक्रमों से संबंधित इश्तहार को इश्तहार फलक से भिन्न भवन की दीवारों पर नहीं लगाया जायेगा । ऐसे इश्तहार और पोस्टरों के लिए 232
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उत्तरदायी संगठन ऐसे विरूपण और विज्ञापन पट्टिकाओं को न हटाने के लिए उत्तरदायी माने जायेंगे ।
16-सभी
(1)
विज्ञापन-
पटों/पट्टि
काओं के
भारः विज्ञापन पट्टिकाएँ इस प्रकार निर्मित होंगी कि वे भाग-6 संरचनात्मक अभिकल्प खण्ड-1 , राष्ट्रीय भवन संहिता 2005 के भार बल और प्रभाव में दिये गये आँधी डेड से सिस्मिक और अन्य लोड को सुरक्षित रूप से सहन कर सके।
लिए सामान्य
अपेक्षाएँ
(2) प्रदीप्ति: कोई भी विज्ञापन पट्टिका जो विद्युत साधनों और विद्युत युक्तियों या वायरिंग से भिन्न हो, राष्ट्रीय भवन संहिता 2005 के भाग -8 भवन सेवायें खण्ड-2 विद्युत और सम्बद्ध संस्थापन की अपेक्षाओं के अनुसार संस्थापित्त या प्रकाशित नहीं की जायेगी । किसी भी दशा में कोई खुली चिंगारी या दीप्ति प्रदर्शन के उद्देश्यों के लिए तब तक नहीं इस्तेमाल की जायेगी, जब तक वह नगर आयुक्त द्वारा विशेष रूप से अनुमोदित न हो ।
(3) विज्ञापन पट्टिकाओं की डिजाइन और स्थान:
(
क) किसी भी विज्ञापन पट्टिका से पदयात्रियों के आवागमन, अग्नि से बचाव, निकास, या अग्नि शमन प्रायोजनों के साधन के रूप में प्रयुक्त दरवाजे या खिड़की या द्वार में रूकावट नहीं आयेगी ।
(ख) किसी भी पट्टिका से प्रकाश व संवातन के द्वार में किसी प्रकार या ढंग से रूकावट नहीं होगी ।
(ग) यदि संभव हो, विज्ञापन पट्टिकाओं को एक साथ सम्मिलित रूप में एकल की जानी चाहिए । भू- दृश्य में अव्यवस्थित विज्ञापन पट्टिका से बचना चाहिए ।
(घ) अनावश्यक खंभों को कम करने और विज्ञापन पट्टिकाओं को प्रकाशित करने को सुगम बनाने के लिए पट्टिकाएँ लाइटिंग फिक्स्चर से युक्त होनी चाहिए ।
(ड) सूचना विज्ञापन पट्टिकाएँ स्वाभाविक सभा स्थलों पर लगाई जानी चाहिए और उन्हें दर्शनीय फर्नीचर के अभिकल्प में सम्मिलित किया जाना चाहिए ।
(च) जहाँ विज्ञापन पट्टिकाओं से पैदल आवागमन में बाधा पहुँचे वहाँ विज्ञापन पट्टिकाओं को लगाये जाने से बचना चाहिये ।
(छ) विज्ञापन पट्टिका इस प्रकार लगानी चाहिए जिससे कि सामने से और पीछे से पद यात्रियों का आवागमन संभव हो सके ।
(ज) दृष्टिहीनों और आंशिक रूप से दृष्टिहीनों के लिए पठनीय बनाने के लिए विज्ञापन पट्टिका के किनारे ब्रेल पट्टियाँ लगाई जानी चाहिए या उमरे हुए अक्षरों का प्रयोग किया जाना चाहिए ।
(झ) कोई भी विज्ञापन पट्टिका किसी भी वृक्ष या झाड़ी में नहीं लगायी जायेगी ।
दहनशील पदार्थों का प्रयोग:
(4)
(एक) सजावटी विशिष्टता ढलाई , ढक्कन लगाने , ब्लाक्स, अक्षरों व जाली के लिए जहाँ अनुमति हो और पूर्णतः सजावटी विशिष्टता वाले विज्ञापन पट्टिकाओं के लिए प्रयोग किये जा सकने वाले लकड़ी के सदृश दहनशील विशेषता वाले लकड़ी या प्लास्टिक या अन्य पदार्थ ।
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(दो) विज्ञापन पट्टिका का फलक विज्ञापन पट्टिका का अग्रभाग अनुमोदित दहनशील पदार्थ से बना होना चाहिए , परन्तु प्रत्येक अग्रभाग का क्षेत्रफल 10 वर्गमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए और विद्युत लाइटिंग की वायरिंग धातु की नाली में बन्द होनी चाहिए और फलक से 5 सेन्टीमीटर से अन्यून के निकास के साथ संस्थापित होनी चाहिए ।
(5) विज्ञापन पट्टिकाओं को हटाये जाने से नुकसान या विरूपण:
जब भी कोई विज्ञापन पट्टिका हटाई जाये चाहे यह कार्य नगर आयुक्त की नोटिस या उसके आदेश के कारण हो या अन्यथा हो, ऐसे भवन या स्थल जिस पर या जिससे ऐसी विज्ञापन पट्टिका, प्रदर्शित की गयी थी, में किसी नुकसान या विरूपण की क्षतिपूर्ति विज्ञापनकर्ता से की जायेगी । यदि विज्ञापन पट्टिका के हटाये जाने के दौरान सड़क की सतह/ फुटपाथ/ यातायात सिग्नल या किसी अन्य सार्वजनिक उपयोगिता सेवा को क्षति पहुँचाती है तो विज्ञापनकर्ता से वसूल की गयी धनराशि को निगम द्वारा सम्बन्धित विभाग को अन्तरित कर देना चाहिए अथवा तत्काल मरम्मत करा देना चाहिए ।
(6) अनुज्ञा पत्र के ब्योरे का प्रदर्शन अनुज्ञा- पत्र का ब्यौरा और अनुज्ञा की समाप्ति का दिनांक प्रत्येक विज्ञापन पट्टिका पर इस प्रकार लगाया जायेगा कि इसे नग्न नेत्रों से देखा व पढ़ा जा सके ।
17-दुकानों परविज्ञापन
किसी दुकान पर कोई भी विज्ञापन नगर आयुक्त की पूर्व अनुमति के बगैर और अनुज्ञा शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना दपती लटकाकर, स्टीकर चस्पा करके, पेंटिंग, लेखन द्वारा या किसी अन्य विधि से संप्रदर्शन द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जायेगा ।
स्पष्टीकरण:
(एक) यदि सामग्री बेचे जाने वाली दुकान का नाम अथवा उसके बिना भी, फलक लटकाकर, पेन्टिंग द्वारा या किसी भी अन्य विधि से संप्रदर्शित या प्रदर्शित किया जाय तो प्रत्येक दुकान के लिए केवल एक ऐसे विज्ञापन पट्ट को विज्ञापन नहीं माना जायेगा और वह इस उपविधि के अधीन विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क देय नहीं होगा ।
(दो) परन्तु यदि कोई विज्ञापन लटकाकर, चिपकाकर अथवा किसी अन्य रीति से इस प्रकार संप्रदर्शित किया जाय कि उसमें विक्रय की जाने वाली वस्तुओं का उल्लेख हो और गुण आदि का विवरण हो तथा वह सामान्य जनता का ध्यान विज्ञापन के रूप में स्वतंत्र रूप से आकर्षित कर रहा हो तो वह इस उपविधि के अधीन विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क देय होगा ।
सम्बन्धित मार्ग की क्षमता, क्षेत्र के सम्पूर्ण सौंदर्यबोध और सार्वजनिक सुरक्षा पर निर्भर करते हुए निम्नलिखित विज्ञापनों को मार्गाधिकार के भीतर राष्ट्रीय राजमार्ग/राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को छोडकर, अनुज्ञा प्रदान की जायेगी-
(1) मार्ग प्रकाश के खम्भों पर विज्ञापन-
18-मार्गाधिकार (राष्ट्रीय राजमार्ग/राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को छोड़कर) के भीतर अनुज्ञा प्राप्त विज्ञापन
(एक) अभिकल्पः विज्ञापन फलक का आकार चौड़ाई 0.79 मीटर गुणे 1.2 मीटर से अधिक नहीं रखी जायेगी और विज्ञापन के निचले तल की भूतल से ऊँचाई 2.5 मीटर से कम नहीं रखी जायेगी । किसी भी दशा में विज्ञापन फलक वाहन मार्ग में प्रक्षिप्त नहीं होगा ।
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(2) बस सायबानों पर विज्ञापनः-
अभिकल्पः बस सायबानो (बस शेल्टर) के विज्ञापन फलक पर क्षेत्र व मार्ग नम्बर को देखने के लिए 1.5 मीटर फलक की लम्बाई को छोड़ते हुए विज्ञापन की अनुज्ञा प्रदान की जायेगी । बस सायबान पर विज्ञापन पट की लम्बाई सायबान की कुल लम्बाई से अधिक न होगी तथा अधिकतम ऊँचाई 0.90 मीटर रखी जायेगी । प्रत्येक बस सायबान निगम द्वारा उपलब्ध करायी गयी डिजाइन के अनुसार ही निर्मित कराया जायेगा तथा उस पर नगरीय परिवहन विभाग द्वारा अनुमोदित किराया सूची, सिटी बसों का रूट नंबर एवं उसके निर्धारित मार्ग का विवरण अंकित करना अनिवार्य होगा । सम्बन्धित विज्ञापनकर्ता, जिसे बस सायबान पर विज्ञापन प्रदर्शन की अनुज्ञा प्रदान की गयी हो, उसे बस सायबान का अनुरक्षण स्वयं के व्यय पर समय- समय पर कराना अनिवार्य होगा ।
(3) रथानों की पहचान के लिए महत्वपूर्ण जंक्शनों पर विज्ञापन-नियम-13 में विहित यातायात सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर पहुँचाने को सुगम बनाने के लिए नगर आयुक्त द्वारा महत्त्वपूर्ण मार्ग जंक्शनों पर 2 मीटर × 0.35 मीटर आकार की पट्टी से युक्त मानक रूप में फलक लगाये जा सकते हैं । विज्ञापनकर्ता को नगर आयुक्त के अनुमोदन के अनुसार फलक की पट्टियों पर संस्तुत्त रंग व आकार में नामों , दूरी व दिशा आदि पेंन्ट करने की अनुज्ञा होगी ।
(4) यातायात रोटरी / सड़क नगर आयुक्त यातायात विभाग (राजपत्रित अधिकारी/ यातायात प्रभारी) के परामर्श से आवंटन समिति की संस्तुति पर यातायात रोटरी/ सड़क/ यातायात बूथ के विकास व रख-रखाव की अनुज्ञा दे सकते हैं । यातायात रोटरी / आईलैण्ड/ यातायात पुलिस बूथ पर उसकी कुल चौड़ाई एवं ऊँचाई से अधिक का विज्ञापन प्रदर्शित नहीं किया जायेगा तथा विज्ञापन की ऊँचाई अधिकतम 0.90 मीटर रखी जायेगी । इसके लिए विज्ञापनकर्ता को उपविधि में विहित दरों पर विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क तथा आवंटन समिति द्वारा निर्धारित न्यूनतम प्रीमियम जमा करना होगा ।
(5) मैदानों, पगडंडियों के किनारे रक्षक पट्टियाँ नगर आयुक्त अभिकरण को मैदान/ पगडंडी के किनारे रक्षक पट्टियों की व्यवस्था करने एवं उनका रखरखाव करने के साथ -साथ अभिकरण को नगर आयुक्त द्वारा यथाअनुमोदित पट्टियों पर नाम/ उत्पाद को संप्रदर्शित करने की अनुज्ञा प्रदान कर सकते है । अभिकरण रक्षक पट्टी के अभिकल्प के लिए नगर आयुक्त को अनुमोदन प्राप्त करने और नगर आयुक्त के संतोषप्रद रूप में समय-समय पर रक्षक पट्टी/विभाजक का रख- रखाव करने और मुख्यतः पेन्ट करने के लिए आबद्धकर होगा । इस पर लगने वाले विज्ञापन पट का अधिकतम आकार 0.45 मी० गुणे 0.75 मी० होगा तथा सड़क से न्यूनतम ऊँचाई 2.5 मी० होगी ।
(6) वृक्ष रक्षक (ट्री गार्ड) नगर आयुक्त अभिकरण को पौधों के चारों तरफ अनुमोदित अभिकल्प के वृक्ष रक्षक की व्यवस्था एवं रखरखाव करने के साथ- साथ अभिकरण को नगर आयुक्त द्वारा यथा अनुमोदित वृक्ष रक्षकों पर नाम/उत्पाद को संप्रदर्शित करने की अनुज्ञा दे सकता है परन्तु 0.90 मीटर से कम चौड़े डिवाईडरों पर ट्री - गार्ड लगाये जाने की अनुमति नहीं होगी ।
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(7) पुष्प पात्र स्टैण्ड (पलावर पॉट स्टैण्ड) नगर आयुक्त किसी अभिकरण को सड़क विभाजक पर अनुमोदित अभिकल्प के पुष्प पात्र स्टैण्ड की व्यवस्था एवं रख- रखाव करने की अनुज्ञा प्रदान कर सकते है । दो पुष्प पात्र स्टैण्डों के मध्य कम से कम 05 मीटर की दूरी होनी चाहिए । अधिकतम 0.45 गुणे 0.75 मीटर माप के विज्ञापन पट्ट अपने दोनों ओर संप्रदर्शित किये जा सकते है, परन्तु सड़क सतह से ऊपर विज्ञापन पट्ट के निचले भाग का उर्ध्व निकास 2.5 मीटर से कम नहीं होना चाहिए ।
परन्तु यह कि विज्ञापन पट्ट की चौड़ाई दोनों ओर के विभाजको की चौड़ाई से 0.25 मीटर कम होगी और पुष्प पात्र को उसके संरेखण (विभाजक के दिशा के समानान्तर) में स्खा जायेगा ।
(1)
19-छूट
इस उपविधि की कोई बात निम्नलिखित विज्ञापनों एवं विज्ञापन पट्टों पर लागू नहींहोगी-
(एक) यदि किसी कार्यालय, दुकान या अधिष्ठान का केवल नाम किसी ऐसे विज्ञापन पट्ट पर प्रदर्शित किया जाता है जो ऐसे कार्यालय, दुकान या अधिष्ठान पर परिनिर्मित या संस्थापित किया गया हो ।
(दो) यदि किसी आवासीय भवन के स्वामी का केवल नाम व पता ऐसे भवन से लगे किसी विज्ञापन पट्ट पर प्रदर्शित किया जाये ।
(तीन) किसी सरकारी या अर्द्धसरकारी कार्यालय का नाम व पता ऐसे परिसरों के भीतर रखे किसी विज्ञापन पट्ट पर प्रदर्शित किया जायेगा ।
(चार) यातायात विभाग द्वारा प्रदत्त सभी यातायात विज्ञापन पट्ट, संकेतक, यातायात चेतावनी और संदेश , किसी न्यायालय के आदेश या निर्देशों के अधीन संप्रदर्शित सभी नोटिसें, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को इंगित करने वाले सभी विज्ञापन पट्ट, परन्तु उनकी माप 0.6 मीटर गुणे 0.6 मीटर से अधिक न हो ।
(पाँच) यदि विज्ञापन पट्ट किसी भवन की खिड़की के भीतर प्रदर्शित किये जाय किन्तु उसमें भवन का प्रकाश व संवातन प्रभावित न हो ।
(छः) यदि यह ऐसी भूमि या भवन, जिस पर ऐसा विज्ञापन प्रदर्शित किया जाता है, के भीतर चलाये जा रहे व्यापार या कारोबार से या ऐसी भूमि या भवन के विक्रय मनोरंजन या बैठक या अक्षरांकन या उसके भीतर किसी अन्य कार्य से या किसी ऐसी ट्रैमकार, ओमनीबस या अन्य वाहन, जिस पर ऐसा विज्ञापन प्रदर्शित किया जाता हो, के स्वामी द्वारा चलाये जा रहे व्यापार या कारबार से संबंधित हो, परन्तु यह 90 वर्गमीटर से अधिक न हो ।
(सात) इसके अतिरिक्त नियम 19 के उप नियम (2) से (5) के अधीन आच्छादित्त विज्ञापन पट्टों के लिए किसी अनुज्ञा की आवश्यकता नहीं है । फिर भी ऐसी छूट से यह अर्थ नहीं लगाया जायेगा कि विज्ञापन पट्ट का स्वामी इस उपविधि के अनुपालन में परिनिर्माण या रखरखाव के उत्तरदायित्व से निर्मुक्त है।
(2) दीवार विज्ञापन पट्ट नीचे सूचीबद्ध दीवारों के लिए किसी अनुज्ञा पत्र की आवश्यकता नहीं होगी ।
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(एक) भण्डारण विज्ञापन पट्ट किसी प्रदर्शन खिड़की के ऊपर किसी भण्डारण या कारबार अधिष्ठान के दरवाजे के ऊपर परिनिर्मित या अप्रकाशित विज्ञापन पट्ट जो मालिक के नाम और उसमें संचालित कारबार की प्रकृति को घोषित करते हों, विज्ञापन पट्ट 01 मीटर से ऊँचे और कारवार अधिष्ठान की चौड़ाई से अधिक नहीं होने चाहिए ।
(दो) सरकारी भवन विज्ञापन पट्ट किसी नगर पालिका राज्य या केन्द्रीय सरकार के भवन पर परिनिर्मित ऐसे विज्ञापन पट्ट जो अध्यासन के नाम प्रकृति या सूचना को घोषित करते हों ।
(तीन) नाम पट्ट किसी भवन या संरचना पर परिनिर्मित कोई ऐसा विज्ञापन पट्ट जो भवन के अध्यासी के नाम को इंगित करता हो और जो क्षेत्रफल में 0.5 वर्ग मीटर से अधिक न हो ।
(चार ) ऐसे विज्ञापन पट्ट जो किसी यात्रा मार्ग, स्टेशन या सार्वजनिक सुविधा के स्थानों की ओर इंगित करते हों ।
(3) अस्थाई विज्ञापन पट्ट
(एक) निर्माण स्थल संकेत अन्य समान संकेत जो प्राधिकृत किये जायें । निर्माण संकेत, इंजीनियर एवं वास्तुविद के संकेत, और निर्माण अभियान के सम्बन्ध में नगर आयुक्त द्वारा (दो) विशेष संप्रदर्शन संकेत अवकाशों, सार्वजनिक प्रदर्शन या नागरिक कल्याण की प्रोन्नति या धमार्थ प्रयोजन के लिए प्रयोग किये जाने वाले विशेष सजावटी संप्रदर्शन , जिस पर, कोई वाणिज्यिक विज्ञापन न हो, परन्तु यह कि नगर आयुक्त किसी परिणामिक नुकसान के लिये उत्तरदायी नहीं है । (नियम-15 झ(2) 'अस्थाई विज्ञापन पट्ट के लिए आवश्यकता' देखिए)
20-विशेष विज्ञापन
(1) यदि अनुसूची-2, जिसके अन्तर्गत प्रतिषिद्ध क्षेत्र भी है, द्वारा कोई विशेष या सार्वजनिक हित का विज्ञापन आच्छादित नहीं है तो नगर आयुक्त उसे ऐसे अनुबन्ध एवं शर्तों पर और इस उपविधि द्वारा निर्धारित अनुज्ञा शुल्क के दो गुना, अनुज्ञा शुल्क के भुगतान पर परिनिर्मित करने , प्रदर्शित करने, संप्रदर्शित करने, लगाने, चस्पा करने, लिखने, रेखांकन करने या लटकाने की अनुज्ञा प्रदान कर सकते हैं ।
(2) प्रत्येक ऐसे अनुज्ञा अनुज्ञा के दिनांक से एक माह तक के लिए विधिमान्य होगी । ऊपर उल्लिखित अवधि की समाप्ति पर अनुज्ञा को अग्रतर एक माह के लिए बढ़ाया जा सकता है । यदि अनुज्ञा की आवश्यकता किसी अग्रतर अवधि के लिए हो तो नगर आयुक्त के समक्ष स्वीकृति का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए ।
21-विशेष नियंत्रण क्षेत्र
(1) जब कभी नगर आयुक्त की राय में इस उपविधि में निबन्धनों के अनुसार अन्यथा अनुमति विज्ञापन युक्ति से निगम के अधिकार क्षेत्र के भीतर किसी विशिष्ट क्षेत्र को क्षति पहुँचने या उसके विरूपित होने की सम्भावना हो, तो वह ऐसे क्षेत्र को विशेष नियन्त्रण क्षेत्र घोषित कर सकता है । सार्वजनिक उपयोग के पार्को और भूमि को भी विशेष नियन्त्रण क्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया जा सकता है ।
(2) उपनियम ( 1 ) के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए , ऐसे क्षेत्र के भीतर किसी विज्ञापन का परिनिर्माण और प्रदर्शन निषिद्ध किया जायेगा या किसी प्रकार से जैसा कि नगर आयुक्त द्वारा आवश्यक समझा जाय सीमित किया जायेगा । नगर आयुक्त निगम की अधिकारिता वाले क्षेत्र में व्यापक प्रसार वाले किसी एक 237 उत्तर प्रदेश गजट , 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
भाग 8]
या अधिक समाचार पत्रों में, ऐसे क्षेत्र की घोषणा करने के सम्बन्ध में अपने आशय को प्रकाशित करेगा । ऐसे क्षेत्र के भीतर सम्पत्ति का कोई स्वामी , जो ऐसी घोषणा से व्यथित अनुभव करे , ऐसे क्षेत्र की घोषणा के विरुद्ध ऐसे प्रकाशन से एक माह के भीतर नगर आयुक्त को अपील कर सकता है, जिसका विनिश्चय अन्तिम होगा ।
(3) किसी बरामदा/ दुकान विज्ञापन की शब्दावली, विशेष नियंत्रण के किसी क्षेत्र में नगर आयुक्त द्वारा अनुमत हो , स्वामी या फर्म के नाम, जो उस परिसर के अध्यासी हो , तक सीमित होगी । भवन या संस्था का नाम, चलाये जा रहे साधारण व्यवसाय या व्यापार का नाम यथा "ज्वैलर्स" " कैफे" "डांसिंग" या भवन के प्रवेश की स्थिति के सम्बन्ध में सूचना हो सकती है या सिनेमा या नाटक कार्यक्रम के सम्बन्ध में या इसी प्रकार की कोई सूचना हो सकती है । किसी भी बरामदे के विज्ञापन में विशेष नियन्त्रण के किसी क्षेत्र में व्यापार की किसी विशिष्ट वस्तु का विज्ञापन नहीं होगा और न ही मूल्य या मूल्य में कमी से सम्बन्धित ऐसा कोई विज्ञापन होगा ।
(4) विशेष नियंत्रण के क्षेत्र से तीस मीटर दूरी के भीतर उप नियम (3 ) के अधीन दी गयी अनुज्ञा के सिवाय समान्यतः कोई अन्य विज्ञापन पट्ट नहीं प्रदर्शित होगा ।
22-निषिद्ध
क्षेत्र की
घोषणा
निगम या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार किसी क्षेत्र या किन्हीं क्षेत्रों को विज्ञापन या विज्ञापनपटों का परिनिर्माण , प्रदर्शन, संप्रदर्शन , लगाना, चिपकाना, लेखन, आरेखण या लटकाने के लिए निषिद्ध घोषित करें । इस प्रकार के आदेश के विरुद्ध घोषणा की तिथि से एक माह के भीतर अपील आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल के समक्ष की जा सकती है ।
23-झण्डियों पर रोक
(1) कोई भी व्यक्ति नगर आयुक्त से पूर्व में प्राप्त लिखित अनुज्ञा के बिना किसी झण्डी का प्रदर्शन, सम्प्रदर्शन या लटकाने की क्रिया नहीं करेगा ।
(2) कोई भी अनुज्ञा निगम या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा निषिद्ध क्षेत्र के रूप में निर्धारित क्षेत्र में इस उपविधि के अधीन प्रदान नहीं की जायेगी ।
(3) इस उपविधि का उल्लंघन कोई भी व्यक्ति ऐसी शास्ति का दायी होगा, जो नगर आयुक्त द्वारा अधिरोपित की जाय और वह प्रति झण्डी दो सौ रुपये से कम नहीं होगी ।
(4) नगर आयुक्त इस नियम में निर्दिष्ट झण्डी को हटा सकता है और उसे समपह या विनष्ट कर सकता है ।
24-अनुरक्षण और निरीक्षण
(1) अनुरक्षण: सभी विज्ञापन जिनके लिए अनुज्ञा अपेक्षित है, उन्हें अवलम्बों, बंधनी, रस्सा और स्थिरक के साथ भली प्रकार मरम्मत किये जायेंगे जो कि ढांचागत और कलात्मक दोनों ही दृष्टिकोण से होगी और जब चमकीले या अनुमोदित अज्वलनशील सामग्री से निर्मित नहीं होंगे तो उन पर मोर्चा लगने से रोकने के लिए रंग- रोगन समय - समय पर किया जायेगा ।
(2) सुव्यवस्था प्रत्येक विज्ञापन के स्वामी का यह कर्तव्य और उत्तरदायित्व होगा कि वह विज्ञापन हेतु छेके गये परिसर में सफाई, स्वच्छता, आवश्यक मरम्मत और स्वास्थ्य सम्बन्धी परिस्थितियों का ध्यान रखे ।
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[भाग 8
(3) निरीक्षण प्रत्येक विज्ञापन, जिसके लिए परमिट जारी किया गया हो और प्रत्येक विद्यमान विज्ञापन जिसके लिए कोई परमिट अपेक्षित हो, का निरीक्षण प्रत्येक पंचाग वर्ष में कम से कम एक बार किया जायेगा ।
25-प्रवेश
और
निरीक्षण की
शक्ति
नगर आयुक्त या इस निमित्त उसके द्वारा प्राधिकृत कोई निगम अधिकारी या सेवक कोई निरीक्षण , खोज, पर्यवेक्षण , माप या जाँच करने के प्रयोजन के लिए या ऐसा कार्य निष्पादित करने के लिए जो इस उपविधि द्वारा तद्धीन प्राधिकृत हो या जो किसी प्रयोजन के लिए आवश्यक हो या इस उपविधि के किसी उपबंध के अनुसरण में सहायकों या श्रमिकों के साथ या उनके बिना किसी परिसर में या उस पर प्रवेश कर सकता है, परन्तु-
(एक) सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य के सिवाय , अन्य किसी समय, अध्यासी को नोटिस दिये बिना अथवा भूमि या भवन के स्वामी/ अध्यासी के न होने पर भूमि/ भवन में प्रवेश नहीं किया जायेगा ।
(
दो) प्रत्येक स्थिति में ऐसी भूमि या भवन से महिला, यदि कोई हो तो, हट सकने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जायेगा ।
(तीन) जहाँ तक ऐसे प्रयोजन की आवश्यकताओं के अनुरूप हो जिसके लिए प्रवेश किया गया है । प्रविष्ट की गयी भूमि या भवन के अध्यासियों के सामाजिक और धार्मिक उपयोगिताओं की ओर सम्यक् ध्यान दिया जायेगा ।
(1)
26-भुगतान कीरीति
अनुसूची-2 में विनिर्दिष्ट वार्षिक अनुज्ञा शुल्क एकल किश्त में अथवा दो समान किस्तों में संदेय होगा । बिना देय धनराशि जमा किये एवं बिना अनुज्ञा प्राप्त किये कोई विज्ञापन पट्ट या विज्ञापन परिनिर्मित/ संप्रदर्शित नहीं किया जायेगा । प्रथम किस्त वित्तीय वर्ष प्रारम्भ होने अथवा स्वीकृत्ति के समय जो पूर्व हो, तथा दूसरी किस्त 30 सितम्बर के पूर्व देय होगी ।
(2) यदि कोई विज्ञापन छः माह से कम अवधि हेतु प्रदर्शित किया जाता है तो अनुज्ञा शुल्क अनुसूची-2 में अंकित दरों की 50 प्रतिशत धनराशि के बराबर देय होगा ।
(3) किसी विशेष प्रयोजन हेतु यदि किसी विज्ञापन को तीन माह अथवा उससे कम अवधि हेतु प्रदर्शित करता है तो अनुज्ञा शुल्क की दरें अनुसूची-2 में अंकित दरों पर मासिक आधार पर एक किस्त में देय होंगी ।
27-क्षेत्रों
का
विज्ञापनों पर अनुज्ञा शुल्क के प्रयोजनार्थ क्षेत्रों के वर्गीकरण का विनिश्चय नगर आयुक्त द्वारा निम्नलिखित वर्गों में किया जायेगा-
वर्गीकरण
(एक) प्रवर श्रेणी क्षेत्र
(दो) 'अ' श्रेणी क्षेत्र
(तीन) 'ब' श्रेणी क्षेत्र
(चार) 'स' श्रेणी क्षेत्र
प्रवर श्रेणी क्षेत्र:
(एक)
स्मार्ट सिटी ए.बी.डी. एरिया का स्मार्ट रोड।
रामघाट रोड पर मीनक्षी सिनेमा हाल से ग्रेट वैल्यूमाल तक।
गाँधीपार्क चौराहे से सारसील चौराहे तक ।
239 भाग 8]
उत्तर प्रदेश गजट , 21 मई , 2022 ई० ( वैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
सेन्टर पाइन्ट चौराहे से केलानगर चौराहे तक ।
बरछी बहादुर से कार्यालय नगर निगम, लाल डिग्गी तिराहे होते हुए यूनिवर्सिटी सर्किलतक ।
कठपुला से जमालपुर फाटक तक ।
केला नगर चौराहे से लक्ष्मीबाई मार्ग होते हुए रामघाट रोड तक।
'अ' श्रेणी क्षेत्र:
(दो)
मेडीकल कालेज रोड ।
लाल डिग्गी चौराहे से (चौराहे से 200 मी० छोड़कर)अब्दुल्ला कालेज होते हुए रामघाट रोड तक ।
धनीपुर मण्डी से गाँधीपार्क चौराहे तक (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) ।
रूसा हास्पीटल से गाँधीपार्क चौराहे तक (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) ।
मालगोदाम के सामने सुभाष रोड होते हुए सब्जी मण्डी चौराहे तक ।
अग्रसेन चौराहे (कठपुला) से बारहद्वारी तक ।
एटा चुंगी से क्वार्सी चौराहे होते हुए सर्किट हाउस तक (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) ।
सारसौल चौराहे से देहली रोड चौराहे तक (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) ।
'ब' श्रेणी क्षेत्र:
(तीन)
सर्किट हाउस के 100 मी० आगे से अनूप शहर रोड तक।
सारसौल चौराहे (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) से नादापुल की तरफ नगर निगम सीमा तक।
नादापुल नगर निगम सीमा से खैर रोड होते हुए देहलीगेट चौराहे तक (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) ।
सासनीगेट चौराहे से (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) मथुरा रोड नगर निगम सीमा तक ।
सूत मिल चौराहे (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) से जमालपुर फाटक तक।
एटा चुंगी से कमालपुर बाईपास नगर निगम सीमा तक।
देहलीगेट चौराहे से उदयसिंह जैन रोड होते हुए, बारहद्वारी चौराहे होते हुए गाँधीपार्क तक (चौराहे से 200 मी० छोड़कर) ।
'स' श्रेणी क्षेत्र:
(चार)
कालोनी तथा मोहल्ले की मुख्य मार्गों को छोड़कर अन्दर वाला भाग तथा ऐसे क्षेत्र जो ऊपर उल्लिखित नही है ( प्रतिबन्धित क्षेत्रों को छोड़कर) ।
28-हटाये
जाने की
नियम 12 के उप नियम (1 ) में निर्दिष्ट किसी विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट को हटाने या साफ किये जाने की लागत निम्नवत् होगी-
लागत
रु0 10,000.00 (क) 6.1 × 3.05 मीटर या उससे कम के विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट के हटाने की वास्तविक लागत
रु० 15,000.00 (ख) ऊपर खण्ड (क) में निर्दिष्ट विज्ञापनों या विज्ञापन पट्टों से भिन्न किसी विज्ञापन एवं विज्ञापन पट्ट को हटाने की लागत
रु0 5,000.00 (ग) किसी विज्ञापन या विज्ञापन पट्ट को साफ करने की लागत
रु० 30,000.00 (घ) निजी भवन पर (छत के ऊपर) किसी विज्ञापन को हटाने कीलागत 240
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[भाग 8
29-अपराधों
के लिए
दण्ड और
उनका
प्रशमन
(1 ) इस उपविधि के उपबन्धों का किसी प्रकार का उल्लंघन ऐसे जुर्माने से जो रु० 10,000.00 (दस हजार रुपये) तक हो सकता है और उल्लंघन करते रहने की दशा में, प्रथम उल्लंघन की दोष सिद्धि के पश्चात्, प्रत्त्येक ऐसे दिन के लिए, जिस दौरान ऐसा उल्लंघन जारी रहा हो, ऐसे जुर्माने से, जो रु0 500.00 (छः सौ रुपये) प्रतिदिन तक हो सकता है, दण्डनीय होगा ।
(2) उप नियम (1 ) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इस उपविधि के अधीन दण्डनीय किसी अपराध को अपराध के लिए निर्धारित धनराशि के आधे से अन्यून और तीन चौथाई से अनधिक धनराशि वसूल करने पर नगर आयुक्त द्वारा प्रशमित किया जा सकता है ।
आवश्यकता पडने पर उपविधि में
संशोधन
उपविधि में अन्य बातों के होते हुए भी यदि भविष्य में किसी नियम अथवा उसके किसी अंश में अथवा विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क की दरों में संशोधन की आवश्यकता प्रतीत होती है तो कार्यकारिणी समिति/ नगर निगम सदन उक्त उपविधि में संशोधन करने के लिए अधिकृत होंगी/होगा ।
प्रपत्र सं.
मूल्य रु० 1,000.00
अनुसूची-1 (नियम 6(1) देखें) विज्ञापन चिन्ह स्थापित करने की अनुमति हेतु आवेदन-पत्र
1-आवेदक/विज्ञापनकर्ता का नाम
2-अभिकरण, प्रतिष्ठान, कम्पनी या संस्था का नाम
विज्ञापनकर्ता का पासपोर्ट आकार का रंगीन चित्र
3-पता...
4-आवेदित विज्ञापन या विज्ञापन पट का प्रकार
5-विज्ञापन या विज्ञापन पट का आकार ( लम्बाई X चौड़ाई मीटर में)
6-स्थल नक्शा सहित स्थल की अवस्थिति
7-भूमि, भवन या स्थान के स्वामी या निवासी का नाम
8-क्या यह सार्वजनिक स्थल है या व्यक्तिगत भूमि या भवन है ?
9-(एक) यदि निजी स्थल या भवन हैं तो स्वामित्व प्रमाण- पत्र के साथ भू/ भवन स्वामी की लिखित अनुमति, विकास प्राधिकरण/ आवास विकास परिषद का अनापत्ति प्रमाण - पत्र संलग्न करें ।
(दो) भू/ भवन स्वामी द्वारा इस आशय का वचन-पत्र, कि विज्ञापनकर्ता की चूक की दशा में वह देय अनुज्ञा शुल्क के मुगतान का दायी होगा, संलग्न करें ।
(तीन) नगर आयुक्त द्वारा अनुमोदित संरचना अभियन्ता (Structure Engineer ) द्वारा दिया गया भवन के भार वहन क्षमता सम्बन्धी रिपोर्ट ।
241 भाग 8 ]
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10-(एक) अनुसूची-2 के अनुसार वार्षिक अनुज्ञा शुल्क
(दो) किश्त की धनराशि
11-देय प्रीमियम/ नवीनीकरण अनुज्ञा शुल्क
12-कोई अन्य विवरण
संलग्नकः
दिनांक:
आवेदक के हस्ताक्षर
दूरभाष नं०
मोबाइल नं०
अनुसूची-2
(नियम 26 देखे)
विज्ञापन और विज्ञापन पट पर अनुज्ञा शुल्क की दरें
1. निगम द्वारा स्वामित्वाधीन विज्ञापन पट के निर्माण और प्रदर्शन के लिए- भूमि, दीवार और भवन, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर विज्ञापन या
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र : रु0 3,200.00 (तीन हजार दो सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) "अ" श्रेणी क्षेत्र : रु0 2,400.00 (दो हजार चार सौं) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) "ब" श्रेणी क्षेत्र : रु० 2,000.00 (दो हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) "स" श्रेणी क्षेत्र रु0 1,600.00 (एक हजार छः सौ) प्रति वर्ग मीटर प्रतिवर्ष
2. एकस्तम्म (यूनीपोल ) पर विज्ञापन पट-
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र : रु० 5,000.00 (पाँच हजार ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) "अ" श्रेणी क्षेत्र रु० 4,000.00 (चार हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) "ब" श्रेणी क्षेत्र : रु० 3,000.00 (तीन हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) "स" श्रेणी क्षेत्र : रु० 2,000.00 (दो हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
3. विद्युत पोल/ट्री-गॉर्ड / फ्लॉवर पॉट/ जन सुविधा पर विज्ञापन पट-
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र : रु0 5,000.00 (पाँच हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) "अ" श्रेणी क्षेत्र : रु०.4,000.00 (चार हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) "ब" श्रेणी क्षेत्र रु० 3,000.00 (तीन हजार पाँच सौ) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) "स" श्रेणी क्षेत्र : रु0.2,000.00 (दो हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
4. बस शेल्टर/ पुलिस बूध / ट्रैफिक आईलैण्ड/ कैन्ट्रीलीवर पोल (ट्रैफिक सिग्नल) / गैन्ट्री:-
(1) प्रवर श्रेणी क्षेत्र रु० 6,000.00 (छः हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(2) अ श्रेणी क्षेत्र रु0 5,000.00 (पाँच हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(3) व श्रेणी क्षेत्र रु0 4,000.00 (चार हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
(4) स श्रेणी क्षेत्र 50. 3,000.00 (तीन हजार) प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
5
(1) एल०ई०डी० स्क्रीन के माध्यम से संचालित विज्ञापन हेतु उपरोक्त क्रम संख्या 1 से 4 तक निर्दिष्ट दरों पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त अनुज्ञा शुल्क देय होगा ।
(2) ट्यूबलाइट, एल ०ई०डी० लाईट, सोडियम लाईट, बल्ब व अन्य माध्यम से प्रकाशित/ संचालित विज्ञापन पट हेतु उपरोक्त क्रम संख्या 1 से 4 तक निर्दिष्ट दरों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त अनुज्ञा शुल्क देय होगा ।
242
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[भाग 8
(3) निजी भूमि/ भवनों पर प्रदर्शित विज्ञापनों हेतु उपरोक्त क्रम संख्या 1 व 2 की निर्दिष्ट दरों का 75 प्रतिशत अनुज्ञा शुल्क देय होगा ।
6.
(1) शक्ति चालित चार पहिया वाहन पर विज्ञापन (सड़क प्रदर्शन को छोडकर)
(एक) हल्कावाहन: रु0 10,000.00 (दस हजार) प्रतिवर्ष प्रति वाहन
रु० 40,000.00 (चालीस हजार) प्रतिवर्ष प्रति वाहन
(दो) भारी वाहन :
(2) सड़क प्रदर्शन निम्नलिखित दर पर-
(एक)
तीन पहिया
: रु0 300.00 (तीन सौ) प्रति दिन
(दो)
चार पहिया
: रु० 1,000.00 (एक हजार) प्रति दिन
छः पहिया
(तीन)
: रु० 1,500.00 (एक हजार पाँच सौ) प्रति दिन
7. पोस्टर
रु0 1,000.00 (एक हजार) प्रति सैकड़ा
8. पर्चा (हैण्ड बिल) : रु० 2,000.00 (दो हजार) प्रति हजार 9. पताका (बैनर) : रु0 300.00 (तीन सी) प्रति बैनर 10 गुब्बारे は रु० 1,000.00 (एक हजार) प्रतिदिन 11. छत्तरी (कैनोपी) : रु0 500.00 (पाँच सौ) प्रतिदिन 12. आटो रिक्शा श्री- व्हीलर रु० 2,000.00 (दो हजार) प्रतिवर्ष प्रति आटो 13. बसों पर:
रु0 4,000.00 प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष
14. दीवारों पर वॉल राइटिंग-अनुज्ञा शुल्क की दर मद संख्या-1 के अनुसार
15. रेलवे की जमीन पर लगने वाली होर्डिंग जिसका भाग सड़क के सम्मुख होने की दशा में अनुसूची-2 में अंकित अनुज्ञा शुल्क की दरों के क्रमांक-1 के अनुसार 75 प्रतिशत देय होगा ।
16. उत्सव, मेला, प्रदर्शनी, सर्कस तथा इस प्रकार जनता को आकर्षित करने वाले प्रदर्शन पर न्यूनतम 3 माह का अनुज्ञा शुल्क मद संख्या-1 के अनुसार लिया जायेगा ।
17. ध्वनि विस्तारक यंत्र रु0 200.00 प्रति बाक्स / स्पीकर प्रति दिन
18. जिन मदों का उल्लेख ऊपर नहीं किया गया है उनका अनुज्ञा शुल्क क्रमांक-1 के अनुसार देय होगा ।
19. निजी भूमि/ भवन पर स्ट्रक्चर लगाने से पूर्व भवन की मजबूती, स्ट्रक्चरल इंजीनियर से भवन की गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण का प्रमाण- पत्र, भवन स्वामी का अनुबंधनामा, विकास प्राधिकरण / आवास विकास परिषद का अनापत्ति प्रमाण पत्र सम्बन्धित को प्रस्तुत करना होगा ।
20. इस अनुसूची में विनिर्दिष्ट अनुज्ञा शुल्क की दरें अनुवर्ती वित्तीय वर्ष जिसमें यह उपविधि प्रवृत्त हुई हो, के दो वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद दस प्रतिशत तक बढ़ी हुई समझी जायेगी । तत्पश्चात् इसी प्रकार की वृद्धि प्रत्येक दो वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात् प्रभावी होगी ।
21. अनुज्ञा शुल्क अग्रिम रूप से संदेय योग्य होगा ।
स्पष्टीकरणः-
1. यदि कोई विज्ञापनकर्ता किसी विज्ञापन को 3 माह से अधिक अवधि के लिये प्रदर्शित करना चाहता है तो नगर आयुक्त निर्देश दे सकते है कि अनुज्ञा शुल्क मासिक आधार पर आंगणित होगा । सम्पूर्ण धनराशि एक बार में जमा करायी जायेगी ।
2. अनुज्ञा शुल्क के सभी अवशेष अधिनियम के अध्याय इक्कीस के अनुसार वसूली योग्य होंगे ।
ह० (अस्पष्ट),
नगर आयुक्त, नगर निगम, अलीगढ़ ।
243 भाग 8]
उत्तर प्रदेश गजट , 21 मई, 2022 ई ० (वैशाख 31. 1944 शक संवत्)
कार्यालय, नगरपालिका परिषद्, खैर, (अलीगढ़)
20जनवरी, 2020
सं० 634/न०पा ० प० खैर/ 2019-20 दिनांक 20 जनवरी, 2020 के माध्यम से संयुक्त प्रान्त नगर पालिका अधिनियम, 1916 यू०पी० ऐक्ट संख्या-2, 1916 की धारा 298 ड के खण्ड एवं उत्तर प्रदेश नगर विकास अनुभाग-9 द्वारा जारी शासनादेश संख्या 2844/ नौ-9-07-107ज /2006 दिनांक 04 अगस्त , 2007 में दिये गये निर्देशों के अनुपालन तथा निकाय बोर्ड की बैठक दिनांक 26 जून, 2018 के प्रस्ताव संख्या 4 के क्रम में नगर पालिका परिषद खैर, अलीगढ़ द्वारा नगरीय फेरी तथा सड़क पटरी पर करोबार (विनियम एवं प्रबन्धन) उपविधि, 2014 तैयार की गयी है। जिसका प्रकाशन इस आशय से किया जा रहा है कि नगरवासियों व प्रभावित व्यक्ति/ समूह अपने अमूल्य सुझाव व आपत्तियों से नगर पालिका परिषद् खैर को अवगत करा सके ।
समस्त नगर वासियों व प्राभावित व्यक्तियों / समूह से अपेक्षा है कि प्रकाशन दिनांक से 30 दिवस के अन्दर अपने सुझाव व आपत्तियां नगर पालिका परिषद् खैर कार्यालय को प्राप्त करायें जिससे उन पर विचारोपरान्त समुचित निर्णय किया जा सके । समयावधि पश्चात् कोई भी आपत्ति स्वीकार नहीं की जायेगी के सम्बन्धित प्रकाशन दैनिक समाचार -पत्र दैनिक जागरण/ पंजाब केसरी में दिनांक 11 जुलाई , 2018 को प्रकाशित कर आपत्तियों एवं सुझाव आमंत्रित किये गये थे, परन्तु निर्धारित अवधि के अन्दर कोई आपत्ति एवं सुझाव इस कार्यालय को प्राप्त नहीं हुये । मा० बोर्ड के प्रस्ताव संख्या 22-10-2020 को सर्वसम्मति से अग्रेतर कार्यवाही हेतु अधिशासी अधिकारी को अधिकृत करते हुये स्वीकृति प्रदान की गयी है ।
अतएव नियमावली नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 131 (1 ) के अपेक्षानुसारः सरकारी गजट में सर्वसाधारण को सूचनार्थ प्रकाशित की जा रही है, जो प्रकाशन की तिथि से प्रभावी मानी जायेगी ।
नगरीय फेरी तथा सड़क पटरी पर कारोबार (विनियम एवं प्रबंधन) उपविधि, 2014
1 -संक्षिप्त शीर्ष नाम , प्रारम्भ और प्रवृत्ति (क) यह नियमावली नगर पालिका परिषद् खैर जनपद अलीगढ़ नगरीय फेरी तथा सड़क पटरी पर कारोबार (विनियम एवं प्रबंधन) उपविधि, 2012 कहलायेगी ।
(ख) ग्रह उपविधि नगर पालिका सीमा में एवं उपरोक्त प्रयोजनार्थ समय - समय पर नियत सीमा में प्रभावी होगी ।
(ग) यह गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से प्रभावी मानी जायेगी ।
2-परिभाषायें विषय या प्रसंग में कोई बात प्रतिकूल न होने पर इस उपविधि में-
(क) "अधिनियम" का तात्पर्य उ० प्र० नगरपालिका अधिनियम, 1916 से है :
(ख) "नगर" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, खैर सीमान्तर्गत नगर पालिका परिषद् खैर से है ।
(ग) "नगर पालिका" का तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, खैर जनपद अलीगढ़ से है ।
(घ) " अधिशासी अधिकारी " का तात्पर्य नगर पालिका परिषद्, खैर जनपद अलीगढ़ के अधिशासी अधिकारी से है ।
(ङ) "फेरी वाला " का तात्पर्य एसे व्यक्ति से है जो बिना किसी स्थायी संरचना के किन्तु अस्थायी स्थिति संरचना या चलती- फिरती दुकान से या सिर पर रखकर बिक्री के लिए जनता को सामान या सेवाए प्रदान करता है । फेरी बाले पटरियों या अन्य सार्वजनिक निजी क्षेत्रों पर स्थान ग्रहण कर स्थित हो सकते हैं, या इस प्रकार चलते- फिरते हो सकते हैं कि वे ठेलागाड़ी पर, साइकिल पर , या अपने सिर पर टोकरी रखकर या चलती हुयी बस आदि में चलकर अपनी सामान का विक्रय कर सकते हैं ।
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उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० (वैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
[भाग 8
(च) "सड़क पर पटरी" से तात्पर्य सड़क के फुटपाथ की ओर स्थित भाग अथवा किनारे स्थित माग से है । शुल्क का तात्पर्य वार्षिक, मासिक या प्रतिदिन से है ।
3-ऐसे शब्द या पदों के जो इसमें परिभाषित नहीं है, किन्तु अधिनियम में परिभाषित हैं, वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके लिए समनुदेशित है ।
4-(क) कोई भी व्यक्ति इस उपविधि के अधीन शुल्क भुगतान किये बिना किसी सार्वजनिक स्थान या खुली भूमि पर कोई सामान बेचना, सामान प्रदर्शित करने या लगाने के लिये या वाहन खड़ा करने के लिये किसी स्थल का उपयोग नहीं करेगा अथवा फेरी द्वारा सामान की बिक्री नहीं करेगा ।
(ख) नगर पालिका सीमान्तर्गत नगर के व्यस्ततम् क्षेत्रों को छोड़कर सभी क्षेत्र फेरी क्षेत्र कहलाये जायेंगे ।
(ग) फेरी क्षेत्रों फेरी वाले बाजारों का विनिश्चय फेरी कर्ताओं और मार्ग फेरी वालों की सेवायें उनके सामान की मांग के अनुसार किया जायेगा ।
(घ) नगर फेरी समिति के निम्नलिखित सदस्य होंगे-
अध्यक्ष (अ) अध्यक्ष नगर पालिका परिषद् खैर अलीगढ़
सदस्य (ब) प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय अलीगढ़ द्वारा निर्दिष्ट तहसील स्तरीय अधिकारी
सदस्य (स) क्षेत्राधिकारी खैर द्वारा निर्दिष्ट यातायात एवं स्थनीय निकाय पुलिस अधिकारी
सदस्य (द) व्यापारी संगठनों, जनकल्याण समितियों और मलिन बस्तियों में से अध्यक्ष नगर पालिका खैर द्वारा एक सदस्य जिनका कार्यकाल बोर्ड के कार्यालय के अनुसार होगा
सदस्य (य) पुराने फेरी वालों के संगठन के अध्यक्ष नगर पालिका खैर द्वारा नामित दो प्रतिनिध जिनमें एक महिला प्रतिनिधि होना आवश्यक होगा तथा जिनका कार्यकाल बोर्ड के कार्यकाल के अनुसार होगा ।
(र) अधिशासी अधिकारी
सदस्य/सचिव
5- नगर फेरी समिति के निम्नांकित कृत्य होंगे-
(क) नगर पालिका प्राधिकारी द्वार मार्ग फेरी वालों को दी जाने वाली सुविधाओं का अनुश्रवण कराना ।
(ख) फेरी के लिये निबन्धन एवं शतों का नियत करना ।
(ग) चूक करने वालों के विरुद्ध सुधारात्मक कार्यवाही करना ।
(घ) सक्षम प्राधिकारी द्वारा यथा प्राधिकारी शुल्कों या अन्य प्रभारों का संग्रहण करना ।
(ङ) फेरी नीति का क्रियान्वयन और निष्पादन का अनुश्रवण करना ।
(च) फेरी के लिए निर्दिष्ट प्रतिमानों के अंतर्गत पुनर्मूल्यांकन / प्रभारों की संस्तुति करना ।
(छ) फेरी वालों को पंजीकृत करने की शक्ति अधिशासी अधिकारी अथवा उसके द्वारा निर्मित प्राधिकृत किसी अधिकारी में निहित होगा ।
245 भाग 8]
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6-शुल्क की वसूली-
(क) निर्धारित शुल्क के भुगतान पर फेरी करने वालों को विहित रसीद जारी की जायेगी ।
(ख) निर्धारित शुल्क फेरी वाला प्रतिदिन/ मासिक अथवा वार्षिक शुल्क जमा कर सकता है ।
(ग) नगर पालिका पदाधिकारी उक्त फेरी तथा सड़क पटरियों पर कारोबार करने वालों से वसूली इस नामित नियुक्त किये गये नगर पंचायत कर्मियों से अथवा वार्षिक ठेका नीलामी के द्वारा करा सकते हैं ।
(घ) नगर पालिका द्वारा यदि वसूली ठेकेदार के माध्यम से करायी जाती है तो ठेकेदार नियत शुल्क ही नगर फेरी तथा सड़क कारोबार कर्ता से वसूल कर सकेंगे ।
7-सुविधायें- नगर पालिका द्वारा मार्ग फेरी वालों तथा सड़क कारोबार कर्ताओं को निम्नलिखित सुविधाएं मासिक प्रभार पर संदेय होगी-
(क) ठोस अपशिष्ट निपटान के सम्बन्ध में।
(ख) पेयजल का उपबन्ध ।
(ग) प्रकाश व्यवस्था का उपबन्ध ।
(घ) अन्य सुविधाएं जो नगर पंचायत की दृष्टि में आवश्यकता एवं उपयुक्त हों ।
8 नगर फेरी तथा सड़क पटरियों पर कारोबार हेतु प्रबन्धन एवं नियन्त्रण
(क) शास्ति अधिरोपण, वेदखली, अधिकरण अधिशासी अधिकारी अथवा उसके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा किया जायेगा ।
(ख) यदि जहां लोक बाधा उत्पन्न की गयी हो वहां पर स्थान को खाली करने का सम्यक् नोटिस के बाद अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा ।
(ग) नगर पालिका को आवश्यकता पड़ने पर उस स्थान को खाली करने के लिये 24 घण्टे की नोटिस दी जायेगी और यदि स्थान अधिसूचित समय में खाली नहीं किया गया तो अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा और यदि नोटिस तथा अर्थदण्ड अधिरोपित करने के उपरान्त भी स्थान खाली नहीं किया जाता है. केवल उसी स्थिति में बेदखली का आश्रय लिया जायेगा ।
(घ) अधिहरित सामानों के सम्बन्ध में मार्ग फेरी वाले युक्ति - युक्त समय के भीतर अधिशासी अधिकारी या उसके द्वारा निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी अवधारित किये गये विहित शुल्क भुगतान पर अपना सामान वापिस पाने के अधिकारी होंगे ।
9-फेरी कर्ता जिन निबन्धों तथा शर्तों के आधार पर कारोबार करेंगे वे निम्नलिखित हैं- (क) मार्ग के आत्यांतिक किनारे पर 2 बाई 2 मीटर का क्षेत्र कहीं भी इस रूप में विद्यमान होगा कि स्थानीय तथा पैदल यातायात में बाधा उत्पन्न न हो और दुकानों तथा आवासों तक की पहुंच बन्द न हो ।
(ख) फेरीकर्ताओं द्वारा जनता अथवा ग्रहाकों को आकर्शित करने के लिए कोई वाद्ययन्त्र या संगीत बजाकर कोई शोर नहीं किया जा सकेगा ।
40 ट 246
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[भाग 8
(ग ) फेरी नगर पालिका द्वारा नियत किये जाने वाले विहित शुल्क के भुगतान के आधार पर की जायेगी तथापि विहित शुल्क के मुगतान से फेरीकर्ता विहित अवधि के परे अपना कारोबार करने के लिए प्राधिकृत नहीं समझा जायेगा ।
(घ) फेरीकर्ताओं मार्गों तथा पटरियों की सफाई के लिए और किसी नगर पालिका कार्य को करने के लिए नगर सफाई कर्मचारी वर्ग को पूर्ण सहयोग देंगे ।
(ङ) जनहित में किसी भी समय पूर्व नोटिस दिये बिना फेरी अनुज्ञप्त है को निरस्त किया जा सकता है और फेरीकर्ता को फेरी या बिक्री करने से निबन्धित किया जा सकता है ।
(च ) फेरीकर्ता को अपना परिवेश शुद्ध एवं स्वच्छ रखना होगा । किसी प्रकार की गन्दगी, प्रदूषण सृजित नहीं की जायेगी और पर्यावरण को किसी प्रकार की छति पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जायेगी ।
(छ) यदि किसी फेरीकर्ता द्वारा किसी भी समय विहित शर्तों का उल्लंघन किया जाता है अथवा उसके कारोबार से यातायात में अवरोध या वातावरण दूषित किया जाना सत्यापित हो जाता है तो उसके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जायेगी ।
10-शुल्क की दरें-
प्रतिदिन
वार्षिक मासिक
300.00
10,00 1
3200.00
प्रत्येक 2 मीटर 2 मीटर क्षेत्र/ हाथ ठेला, लकड़ी या टीन के खोखे आदि के लिए या इससे कम परन्तु 2मीटर 2 मीटर की अधिक होने पर उक्त उपरोक्त अनुपातानुसार शुल्क देय होगा ।
2
12.00
260.00
दुकानों के सामने फड़ लगाने पर 2 मीटर के लिए या इससे कम परन्तु 2 मीटर 2 मीटर अधिक होने पर उपरोक्त अनुपातानुसार शुल्क देया होगा । 3 मीटर 3600.00
शस्ति
संयुक्त प्रान्त नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 299 (1 ) के द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पालिका परिषद् खैर यह निर्देश देती है कि उपरोक्त किसी भी नियम के प्रस्तर का उल्लंघन करने पर दण्ड दिया जायेगा जो रुपये 1,000.00 ( एक हजार रुपये) तक हो सकता है यदि उल्लंघन जारी रहता है तो प्रत्येक दिन के लिए जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है तो रुपये 100.00 (एक सौ रुपये) प्रतिदिन अतिरिक्त दण्ड दिया जा सकता है ।
ह० (अस्पष्ट), अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद्, खैर, अलीगढ़ ।
247 भाग 8 ]
उत्तर प्रदेश गजट , 21 मई , 2022 ई० ( वैशाख 31 , 1944 शक संवत्)
सूचना
रानी तनेजा एवं श्री राजीव तनेजा ने उक्त फर्म से त्याग- पत्र दे दिया है तथा रेणू तनेजा नई भागीदार बनी है । दिनांक 27 मई, 2021 में श्रीमति दर्शन रानी तनेजा का स्वर्गवास हो चुका है । अब फर्म में डा० वेद प्रकाश तनेजा एवं रेणू तनेजा पार्टनर है ।
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि विवाह के पूर्व मेरा नाम श्वेता गर्ग था विवाहोपरान्त मैंने अपना नाम श्वेता अग्रवाल रख लिया है उपर्युक्त दोनो नाम मेरा ही है । भविष्य में मुझे श्वेता अग्रवाल पत्नी मनोज कुमार अग्रवाल के नाम से जाना व पहचाना जाये ।
डा० वेद प्रकाश तनेजा, 397. पटेल नगर , नई मण्डी, मुजफ्फरनगर, उ०प0-251001 | श्रीमती श्वेता अग्रवाल, निवासिनी-118/113, खुशहाल पर्वत, कल्याणी देवी, जनपद प्रयागराज ।
NOTICE
सूचना
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मैं अभिषेक मिश्रा के पिता का नाम (ARUN KUMAR) एवं माता का नाम ( KIRAN DEVI ) है जो कि सही है, त्रुटिवश मेरे इण्टरमीडिएट के सर्टीफिकेट, मार्कशीट में पिता का नाम (A.K. MISHRA) तथा माता का नाम (KIRAN MISHRA) अंकित हो गया है जो कि गलत है । उपरोक्त दोनों नाम मेरे माता-पिता के ही हैं । भविष्य में मेरेपिता जी को (ARUN KUMAR) तथा माता जी को ( KIRAN DEVI ) के नाम से जाना एवं पहचाना जाय ।
अभिषेक मिश्रा ।
Public Notice is hereby given that the Partnership firm M/ s . Manas Builders having Registered Office at 17/24, Indira Nagar Lucknow Subsists from the day of 20th April , 2006 Between Shri Dhyan Singh , Shri Braj Kishore Mishra and Shri Ashok Mehrotra . By virtue of Partner change in constitutiondt. 01 October , 2021 the existing partners admitted Shri Hari Kishore Mishra S/o Late S. N. Mishra as New Partner with effect from 01th October , 2021. There will be four partners in our firm ie M/ s . Manas Builders ie Shri Dhyan Singh , Shri Braj Kishore Mishra , Shri Ashok Mehrotra and Shri Hari Kishore Mishra.
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Dhyan Singh. Partner
सूचना
फर्म फतह चन्द एण्ड संस रामराज में श्री मिलाप चन्द तनेजा एवं श्री श्याम लाल तनेजा दो पार्टनर थे दिनांक 04 नवम्बर, 2020 में श्री मिलाप चन्द की मृत्यु के बाद दिनांक 05 नवम्बर, 2020 उक्त फर्म में क्रमशः तीन पार्टनर श्री श्याम लाल तनेजा पुत्र स्व ० फतह चन्द तनेजा, श्री मनमोहन तनेजा पुत्र स्व० मिलाप चन्द तनेजा एवं श्रीमति रेखा तनेजा पत्नी स्व० गौरव तनेजा पार्टनर हैं ।
श्यामलाल तनेजा, म०नं0 780 , गली नं० 11, गांधी कालोनी, मुजफ्फरनगर उ ०प०-251001 |
सूचना
एत्द द्वारा सूचित किया जाता है कि मेसर्स-सुरिन्दर सिंह खुराना एण्ड अमृत कौर, पता-49 सी, श्रृंगारनगर, आलमबाग, जिला- लखनऊ-226005 , पंजीकरण संख्या- एल ०यू ०सी०/ 0009474 में 1 -श्री सुरिन्दर सिंह खुराना पुत्र श्री प्रीतम सिंह, निवासी-49 सी, अंगारनगर, आलमबाग, जिला-लखनऊ-226005, 2-श्रीमती अमृत कौर पत्नी श्री सुरिन्दर सिंह खुराना निवासी-49 सी, अंगारनगर, आलमबाग , जिला-लखनऊ-226005 दो साझेदार थे । उक्त फर्म दिनांक 31 मार्च, 2022 को विघटित्त किया जा रहा है ।
साझेदार, सुरिन्दर सिंह खुराना, मेसर्स सुरिन्दर सिंह खुराना एण्ड अमृत कौर, जिला-लखनऊ ।
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि राधे ऑयल मोरना, जिला मुजफ्फरनगर में तीन भागीदार थे, ड० वेद प्रकाश तनेजा, श्रीमति दर्शन रानी तनेजा एवं राजीव तनेजा । दिनांक 15 मई , 2021 को श्रीमति दर्शन 248
उत्तर प्रदेश गजट, 21 मई, 2022 ई० ( वैशाख 31 , 19:44 शक संवत्)
[भाग 8
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तीनों नाम प्रार्थिनी का ही है । भविष्य में प्रार्थिनी को स्निग्धा मुखर्जी पत्नी तरुण मुखर्जी के नाम से जाना व पहचाना जाय ।
स्निग्धा मुखर्जी, 11/1015 इंदिरा नगर, लखनऊ ।
सूचना
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि प्रियंका मिश्रा के पिता का नाम ( ARUN KUMAR) एवं मात्ता का नाम (KIRAN DEVI ) जो कि सही है, त्रुटिवश मेरे हाईस्कूल के सर्टीफिकेट, मार्कशीट में पिता का नाम (A.K. MISHRA ) तथा माता का नाम ( KIRAN MISHRA) अंकित हो गया है जो कि गलत है । उपरोक्त दोनों नाम मेरे माता- पिता के ही हैं । भविष्य में मेरे पिता जी को ( ARUN KUMAR) तथा माता जी को (KIRAN DEVI) के नाम से जाना एवं पहचाना जाय ।
प्रियंका मिश्रा ।
सूचना
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेसर्स- मान्यता सर्विस स्टेशन , ग्राम-अम्मापुर, पोस्ट-मनवा, जिला- सीतापुर में साझेदारी दिनांक 07 मार्च, 2018 को द्वितीय साझीदार मधु मिश्रा से की गयी थी । जिसमें प्रथम पक्ष कन्हैया लाल खेतान द्वितीय पक्ष मधु मिश्रा से दिनांक 07 मार्च, 2022 से आपसी समझौते के तहत समस्त लेन- देन निपटाने के पश्चात् अलग हो गये हैं जिससे फर्म साझीदार के दिनांक 07 मार्च, 2022 से विघटित हो गयी है । जिसकी सूचना दी जा रही है ।
साझेदार, कन्हैया लाल खेतान, मान्यता सर्विस स्टेशन , सीतापुर ।
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि प्रार्थिनी का नाम विवाह पूर्व इति भट्टाचार्य पुत्री स्व० रूपायन भट्टाचार्य था । विवाह के उपरान्त प्रार्थिनी ने अपना नाम स्निग्धा मुखर्जी पत्नी तरुण मुखर्जी रख लिया है । प्रार्थिनी ने जी०बी०नि० की पॉलिसी संख्या 213189547 में त्रुटिवश घर का नाम इति मुखर्जी अंकित करा दिया है । उपरोक्त
पी०एस ०यू०पी०-8 हिन्दी गजट- भाग 8-2022 ई ० ।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन- सामग्री, उ ०प्र०, प्रयागराज ।