Servants of Knowledge
Uttar Pradesh Ordinary Gazette · Government of Uttar Pradesh

Government and Private Ordinary Gazette

Published 10 August 2024

Department
All Department
Type
Ordinary
Gazette no.
32
Volume Num
78
Identifier
in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2024-08-10.c_202408121504573037
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) खण्ड 78] प्रयागराज, शनिवार, 10 अगस्त, 2024 ई० (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [संख्या 32

विषय-सूची

हर भाग के पन्ने अलग-अलग किये गये हैं, जिससे इनके अलग-अलग खण्ड बन सके।

विशय पृष्ठ संख्या

विशय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

3075 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग, उार प्रदेश

भाग 5-एकाउन्टेन्ट जनरल, उार प्रदेश

611-624

वार्षिक चन्दा सम्पूर्ण गजट का मूल्य रु0 रु0 .. 975 भाग 1- विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार 975 और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

975

भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये

1500

(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

भाग 1-क- नियम, कार्य-विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद्‌ ने जारी किया 669-670

भाग 1-ख (1) औद्योगिक न्यायाधिकरणों भाग 6-क-भारतीय संसद के ऐक्ट

के अभिनिर्णय

भाग 1-ख (2)-श्रम न्यायालयों के

अभिनिर्णय

भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा सभाओं में प्रस्तुत किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये

(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

975

भाग 7-क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं के ऐक्ट

भाग 2-आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण .. 975

भाग 7-ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां ..

भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग का

क्रोड़पत्र, खण्ड क-नगरपालिका

परिषद्‌, खण्ड ख-नगर पंचायत,

खण्ड ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय)

भाग 8-सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गाठों का विवरण-पत्र, जन्म- मरण के आँकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि 641-659 975

स्टोर्स-पर्चेज विभाग का क्रोड़ पत्र .. 1425 तथा खण्ड घ-जिला पंचायत 99-120 975

92 क612 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

भाग 1

विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस। गृह (गोपन) विभाग

अनुभाग-3

अधिसूचना

10 जुलाई, 2024 ई0

सं0 I/689366/2024-सी0एक्स0-3-चूँकि नीचे अनुसूची में नामित और सविस्तार वर्णित भू-गृहादि ऐसा स्थान है, जिसका प्रयोग बीना रिफाइनरी, मध्य प्रदेश से पनकी, कानपुर नगर टर्मिनल तक पाइपलाइन के माध्यम से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के लिए किया जाता है;

और चूँकि उससे सम्बन्धित या उसके नष्ट होने या उसमें रूकावट या विघ्न पड़ने की सूचना से शत्रु को लाभ पहुँचेगा,

और चूंकि भारत का संविधान के अनुच्छेद-258 के खण्ड (1) के अनुसरण में, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने, भारत के गजट, असाधारण दिनांक 11 मई, 1963 के भाग दो की धारा-3 की उपधारा (2) में प्रकाशित अधिसूचना संख्या-एस0ओ0 1285, दिनांक 04 मई, 1963 द्वारा शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 (अधिनियम संख्या-19, सन्‌ 1923) की धारा-2 के खण्ड (8) के उपखण्ड (ग) तथा (घ) में विनिर्दिष्ट किसी मामले के सम्बन्ध में केन्द्रीय सरकार के कृत्यों को उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को न्यस्त किया है।

अतएव, अब, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना संख्या-एस0ओ0 1285, दिनांक 04 मई, 1963 के साथ पठित पूर्वोक्त अधिनियम की धारा-2 के खण्ड (8) के उपखण्ड (घ) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल नीचे दी गयी अनुसूची में नामित और सविस्तार वर्णित भू-गृहादि को पूर्वोक्त अधिनियम के प्रयोजनों के लिए एक "प्रतिषिद्ध स्थान" घोषित करती हैं और राज्यपाल अग्रतर यह निदेश देती हैं कि इस अधिसूचना की एक प्रति अंग्रेजी में और उस स्थान की जनभाषा में उक्त भू-गृहादि पर लगायी जायेगी।

अनुसूची

प्रतिषिद्ध स्थान का नाम और विनिर्देश

भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के गाटा संख्या-168 इण्टरमीडिएट पम्पिंग (आई0पी0) स्टेशन-1 ग्राम-महेबा, तहसील-टहरौली, जिला-झांसी, उत्तर प्रदेश।

पूर्व में गाटा संख्या-169, मरुरानीपुर गुरसरॉय सड़क।

पश्चिम मेें गाटा संख्या-167, नाली।

उत्तर में गाटा संख्या-168, शिवप्रसाद व संतोष कुमार का बाकी बचा भाग।

दक्षिण में गाटा संख्या-159, चकमार्ग।

आज्ञा से, ए0 वी0 राजामौलि, सचिव।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 613

GOPAN DEPARTMENT

Anubhag-3

The Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification No. I/689368/2024-CX-3, dated July 10, 2024 for general information :

NOTIFICATION

July 10, 2024

No. I/689368/2024-CX-3–WHEREAS the premises named, detailed and described in the Schedule given below is a place used for supplying petroleum products from Bina Refinery, Madhya Pradesh to Panki, Kanpur Terminal through Pipeline :

AND WHEREAS an information with respect thereto, or the destruction or obstruction thereof, or interference therewith, would be useful to an enemy;

AND WHEREAS in pursuance of clause (1) of Article 258 of the Constitution of India, the Ministry of Home Affairs, Government of India has vide Notification no. S.O. 1285 dated 4th May, 1963, published in Part-II, section 3, sub-section (ii) of the Gazette of India, Extraordinary dated 11th May, 1963, entrusted the functions of the Central Government to the State Government of Uttar Pradesh in relation to any matter specified in sub-clauses (c) and (d) of clause (8) of section 2 of the Official Secrets Act, 1923 (Act no. 19 of 1923).

NOW, THEREFORE, in exercise of the powers under sub-clause (d) of clause (8) of section 2 of the aforesaid Act, read with Government of India, Ministry of Home Affairs Notification No. S.O. 1285, dated 04th May, 19631 the Governor is pleased to declare the premises named, detailed and described in the schedule given below to be a "Prohibited Place" for the purposes of the aforesaid Act and the Governor is further pleased to direct that a copy of this Notification in English and in the vernacular of the locality be affixed to the said premises.

SCHEDULE

Name and specifications of the prohibited place.

Bharat Petroleum Corporation Limited Gata No. 168 Intermediate Pigging (IP) Station-1

at Village Maheba, Tehsil-Tehrauli, District-Jhansi, Uttar Pradesh.

In East Gata No. 169, Mauranipur Gursray Road.

In West Gata No. 167, Drain.

In North Remain part of gata namber 168, Shivprasad and Santosh Kumar.

In South Gata No. 159, Chak Road.

By order, A. V. RAJAMAULI, Secretary.

614 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

नियुक्ति विभाग

अनुभाग-3

कार्यालय-ज्ञाप

14 जुलाई, 2023 ई0

सं0 I/350408/2023-महानिदेशक, उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी, लखनऊ के पत्र संख्या-42, दिनांक 13 अप्रैल, 2023 के माध्यम से श्रीमती अनुराधा रानी, उपजिलाधिकारी (परिवीक्षाधीन) का विवाहोपरान्त नाम परिवर्तित किये जाने संबंधी प्रार्थना-पत्र दिनांक 06 अप्रैल, 2023 आवश्यक कार्यवाही हेतु उपलब्ध कराया गया है।

2-सम्यक्‌ विचारोपरान्त एम0जी0ओ0 के प्रस्तर-250(2) के अधीन सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2021 के माध्यम से उ0 प्र0 सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) हेतु चयनित श्रीमती अनुराधा रानी, उपजिलाधिकारी (परिवीक्षाधीन), जनपद-हापुड़ का नाम विवाहोपरान्त परिवर्तित कर समस्त अभिलेखों में ''श्रीमती अनुराधा सिंह, पत्नी श्री देवी दयाल सिंह'' किये जाने की एतद्‌द्वारा स्वी—ति प्रदान की जाती है।

आज्ञा से, मदन सिंह गब्र्याल, विशेष सचिव।

अनुभाग-1

सेवानिवृत्ति

31 जुलाई, 2023 ई0

सं0 607/दो-1-2023-19/1(4)/2010-उत्तर प्रदेश संवर्ग के निम्नलिखित अधिकारी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर दिनांक 31 जुलाई, 2023 को अपरान्ह में भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होंगे-

1- श्री नवनीत कुमार सहगल, आई0ए0एस0 (आर0आर0-1988), अपर मुख्य सचिव खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग, उ0प्र0 शासन।

2- श्री श्रीश चन्द्र वर्मा, आई0ए0एस0 (एस0सी0एस0-2010) अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, लखनऊ।

अनुभाग-5

प्रोन्नति

07 अगस्त, 2023 ई0

सं0 1431/दो-5-2023-35(27)/2020-श्री राज्यपाल भारतीय प्रशासनिक सेवा में उत्तर प्रदेश संवर्ग के वर्ष- 2005 बैच के आई0ए0एस0 अधिकारी श्री गुर्राला श्रीनिवासुलु को नियुक्ति अनुभाग-5 की विज्ञप्ति/नियुक्ति संख्या- 1787/दो-5-2021-19(3)/2016 दिनांक 01 जनवरी, 2021 द्वारा उनके आसन्न कनिष्ठ श्री योगेश्वर राम मिश्र की सुपर टाईम वेतनमान रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मेट्रिक्स में लेवल-14) में प्रोन्नति की तिथि 01 जनवरी, 2021 से भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुपर टाईम वेतनमान रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मेट्रिक्स में लेवल-14) में एतद्‌द्वारा नोशनल प्रोन्नति प्रदान करती हैं।

सं0 1431(2)/दो-5-2023-35(27)/2020-श्री राज्यपाल भारतीय प्रशासनिक सेवा में उत्तर प्रदेश संवर्ग के वर्ष- 2007 बैच के आई0ए0एस0 अधिकारी श्री नवीन कुमार जी0एस0 को नियुक्ति अनुभाग-5 की विज्ञप्ति/नियुक्ति संख्या- 1675/दो-5-2022-35(27)/2020 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 द्वारा उनके आसन्न कनिष्ठ डॉ0 मुथुकुमारस्वामी बी0 की सुपर टाईम वेतनमान रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मेट्रिक्स में लेवल-14) में प्रोन्नति की तिथि 01 जनवरी, 2023 से भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुपर टाईम वेतनमान रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मेट्रिक्स में लेवल-14) में एतद्‌द्वारा नोशनल प्रोन्नति प्रदान करती हैं।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 615

अनुभाग-1

18 अगस्त, 2023 ई0

सं0 I/371436/2023-नियुक्ति अनुभाग-5 की विज्ञप्ति/नियुक्ति संख्या-1431/दो-5-2023-35(27)/2020, दिनांक 07 अगस्त, 2023 एवं संख्या-1431(2)/दो-5-2023-35(27)/2020, दिनांक 07 अगस्त, 2023 के माध्यम से क्रमशः श्री गुर्राला श्रीनिवासुलु, आई0ए0एस0 (आर0आर0-2005) एवं श्री नवीन कुमार जी0एस0, आई0ए0एस0 (आर0आर0-2007) को भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुपरटाईम वेतनमान रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मैट्रिक्स में लेवल- 14) में प्रोन्नति प्रदान की गयी है।

2- सुपरटाईम वेतनमान में प्रोन्नति के फलस्वरूप श्री गुर्राला श्रीनिवासुलु एवं श्री नवीन कुमार जी0एस0, आई0ए0एस0 को निम्नलिखित पदनाम एतदद्वारा प्रदान किया जाता है-

1- श्री गुर्राला श्रीनिवासुलु, आई0ए0एस0 (आर0आर0-2005), सचिव, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन।

2- श्री नवीन कुमार जी0एस0, आई0ए0एस0 (आर0आर0-2007), सचिव, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं आयुक्त, चकबन्दी, उत्तर प्रदेश।

आज्ञा से, धनन्जय शुक्ला, विशेष सचिव।

अनुभाग-4

कार्यालय-ज्ञाप

28 अगस्त, 2023 ई0

सं0 641/दो-4-2023-26/2(5)/2011-महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के विभिन्न पत्रों के क्रम में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के अधिकारियों द्वारा अर्जित की गई एल0एल0एम0 डिग्री/डॉक्टरेट उपाधि को अधोलिखित तालिका में अंकित विवरणानुसार उनके सेवा सम्बन्धी अभिलेखों में रखे जाने की स्वी—ति एतद्‌द्वारा प्रदान की जाती है-

वर्ष क्र0 सं0

न्यायिक अधिकारी का नाम/पदनाम/तैनाती स्थल

विश्वविद्यालय का नाम

डिग्री/ उपाधि

महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद से प्राप्त पत्र संख्या एवं दिनांक

1 2

3 4 5 6

सर्वश्रीमती-

1 शिवा पाण्डेय, स्पेशल जज

पी0एच0डी0 2021 (ई0सी0 एक्ट), पीलीभीत

संख्या-10533/IV-6446/ एडमिन(ए-1),

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

दिनांक 08.08.2023

एल0एल0एम0 2022 2 सपना त्रिपाठी-I, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरदोई

संख्या-10718/IV-3068/ एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 11.08.2023

2- उक्त तालिका के क्रम संख्या-1 पर अंकित न्यायिक अधिकारी के नाम के पहले डॉ0 लिखे जाने की अनुमति प्रदान की जाती है।

आज्ञा से, मदन सिंह गब्र्याल, विशेष सचिव।

616 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

अनुभाग-1

सेवानिवृत्ति

सं0 676/दो-1-2023-19/1(4)/2010-उत्तर प्रदेश संवर्ग के निम्नलिखित अधिकारी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर दिनांक 31 अगस्त, 2023 को अपरान्ह में भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त होंगे-

1- श्री संजीव कुमार मित्तल, आई0ए0एस0 (आर0आर0-1987), अध्यक्ष, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश, लखनऊ

2- श्री अच्छे लाल सिंह यादव, आई0ए0एस0 (एस0सी0एस0-2013) विशेष सचिव, सहकारिता विभाग, उत्तर प्रदेश शासन।

आज्ञा से, धनन्जय शुक्ला, विशेष सचिव।

अनुभाग-4

कार्यालय-ज्ञाप

12 सितम्बर, 2023 ई0

सं0 778/दो-4-2023-26/2(5)/2011-महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के विभिन्न पत्रों के क्रम में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के अधिकारियों द्वारा अर्जित की गई एल0एल0एम0 डिग्री को अधोलिखित तालिका में अंकित विवरणानुसार उनके सेवा सम्बन्धी अभिलेखों में रखे जाने की स्वी—ति एतद्‌द्वारा प्रदान की जाती है-

वर्ष क्र0 सं0

न्यायिक अधिकारी का नाम/पदनाम/तैनाती स्थल

विश्वविद्यालय का नाम

डिग्री/ उपाधि

महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद से प्राप्त पत्र संख्या एवं दिनांक

1 2 3 4 5 6

सर्वश्री-

1 जितेन्द्र मिश्रा, तत्कालीन स्पेशल संख्या-11558/IV-3278

एल0एल0एम0 2022

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 30.08.2023

जज (ई0सी0 एक्ट), मिर्जापुर सम्प्रति अपर जिला जज (पोक्सो), मैनपुरी

2 धु्रवेश सिंह यादव, तत्कालीन संख्या-11271/IV-4483

एल0एल0एम0 2019

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 25.08.2023

जुडिशियल मजिस्ट्रेट, रायबरेली सम्प्रति सिविल जज (जूनियर डिवीजन), जौनपुर

3 अभिषेक श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार संख्या-11494/IV-3287

एल0एल0एम0 2022

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 29.08.2023

(जुडिशियल) (इन्फ्रास्ट्रक्चर), मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, प्रयागराज

आज्ञा से, मदन सिंह गब्र्याल, विशेष सचिव।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 617

अनुभाग-2

कार्यालय-ज्ञाप

22 सितम्बर, 2023 ई0

सं0 I/393635/2023-विभागीय चयन समिति की संस्तुति पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त महामहिम राज्यपाल महोदया उ0प्र0 सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के चयन वेतनमान, वेतन बैण्ड-3, रु0-15,600-39,100 ग्रेड पे रु0-7,600/- (पे मैट्रिक्स लेबल-12) में कार्यरत/सेवानिवृत्त निम्नलिखित अधिकारीगण को विशेष वेतनमान, वेतन बैण्ड-4, रु0-37,400- 67,000 ग्रेड पे रु0-8,700/- (पे मैट्रिक्स लेवल-13) में वर्तमान पद पर उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-3 में अंकित कनिष्ठ की प्रोन्नति की तिथि से प्राकल्पिक प्रोन्नति तथा सेवारत अधिकारीगण को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वास्तविक प्रोन्नति प्रदान किये जाने की सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं-

क्रम सं0 अधिकारी का नाम/बैच/वर्तमान तैनाती प्राकल्पिक प्रोन्नति की तिथि 1 2

3 सर्वश्री/श्रीमती-

1 जगत पाल सिंह, सेवानिवृत्त पी0सी0एस0 कनिष्ठ की प्रोन्नति की तिथि

24.12.2016 से 2 लवकुश कुमार त्रिपाठी, बैच 2006, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे तथा

ग्रामीण जलापूर्ति) ललितपुर

कनिष्ठ की प्रोन्नति की तिथि 03.08.2018 से 3 प्रीति जायसवाल, बैच 2004, अपर आयुक्त, बरेली मण्डल बरेली। कनिष्ठ की प्रोन्नति की तिथि

03.08.2018 से 4 मनोज, बैच 2006, संयुक्त आवास आयुक्त, आवास विकास परिषद्‌,

लखनऊ

कनिष्ठ की प्रोन्नति की तिथि 03.08.2018 से 5 बच्चा लाल, 2006 बैच, सेवानिवृत्त पी0सी0एस0 कनिष्ठ की प्रोन्नति की तिथि

03.08.2018 से

सं0 I/393642/2023-विभागीय चयन समिति की संस्तुति पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त महामहिम राज्यपाल महोदया उ0प्र0 सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के विशेष वेतनमान, वेतन बैण्ड-4, रु0-37,400-67,000 ग्रेड पे रु0-8,700/- (पे मैट्रिक्स लेवल-13) में कार्यरत्‌/अधिकारीगण को उच्चतर वेतनमान, वेतन बैण्ड-4, रु0-37,400-67,000 ग्रेड पे रु0- 8,900/- (पे मैट्रिक्स लेवल-13क) में वर्तमान पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नति प्रदान किये जाने की सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं-

क्रम सं0 अधिकारी का नाम/बैच एवं पदनाम

1 2

सर्वश्री/श्रीमती-

1 प्रीति जायसवाल, 2004, अपर आयुक्त, बरेली मण्डल, बरेली।

2 संतोष कुमार वैश्य, 2004, मुख्य विकास अधिकारी, गाजीपुर।

3 आनन्द कुमार शुक्ल, 2004, अपर निदेशक, सूडा, लखनऊ।

4 अरविन्द कुमार मिश्र, 2004, मुख्य विकास अधिकारी, फर्रूखाबाद।

5 विजय कुमार-II, 2004, मुख्य विकास अधिकारी, सहारनपुर।

618 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

1 2

6 अवनीश सक्सेना, 2004, सचिव, उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ।

7 ऋतु सुहास, 2004, अपर निदेशक, स्थानीय निकाय निदेशालय, लखनऊ।

8 राजेश कुमार, 2004, अपर आयुक्त आगरा मण्डल, आगरा।

9 शत्रोहन वैश्य, 2004, सचिव, विकास प्राधिकारण, कानपुर।

10 रवीन्द्र कुमार, 2004, स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन।

11 हिमांशु गौतम, 2004, अपर आयुक्त मेरठ मण्डल, मेरठ।

12 मुकेश चन्द्र, 2004, संयुक्त प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 सहकारी चीनी मिल्स संघ लि0 लखनऊ।

13 नरेन्द्र सिंह-II, 2006, अपर आयुक्त (प्रशासन), परिवहन आयुक्त कार्यालय, उ0प्र0 लखनऊ।

14 राम सिंह गौतम, 2006, अपर जिलाधिकारी (वि0रा0) पीलीभीत।

15 रजनीश राय, 2006, मुख्य राजस्व अधिकारी, देवरिया।

16 बच्चू सिंह, 2006, अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकाल एवं कानून व्यवस्था), वाराणसी।

17 भगवान शरण, 2006, अपर आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल अलीगढ़।

18 नन्द लाल सिंह, 2006, संयुक्त आयुक्त, ग्राम्य विकास निदेशालय, उ0प्र0 लखनऊ।

19 बृजनाथ यादव, 2006, अपर आयुक्त, मुरादाबाद मण्डल मुरादाबाद।

सं0 I/393651/2023-उ0प्र0 सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के उच्चतर वेतनमान, वेतन बैंण्ड-4, रु0 37,400- 67,000 ग्रेड पे रु0 8,900/- (पे मैट्रिक्स लेवल-13क) से उच्चतम वेतनमान, वेतन बैण्ड-4, रु0-37,400-67,000 ग्रेड पे रु0 10,000/- (पे मैट्रिक्स लेवल-14) में पदोन्नति हेतु दिनांक 13 सितम्बर, 2023 को सम्पन्न विभागीय चयन समिति की बैठक में समिति द्वारा की गई संस्तुति के –ष्टिगत श्री राजेश कुमार प्रजापति, तत्कालीन पी0सी0एस0, बैच 2000 सम्प्रति आई0ए0एस0, (विशेष सचिव, —षि उत्पादन शाखा, उ0प्र0 शासन) को उच्चत्तम वेतनमान, वेतन बैण्ड-4, रु0 37,400-67,000 ग्रेड पे रु0 10,000/- (पे मैट्रिक्स लेवल-14) में उनके कनिष्ठ की प्रोन्नति (पी0सी0एस0 संवर्ग में) की तिथि 01 सितम्बर, 2020 से प्राकल्पिक प्रोन्नति प्रदान करने की महामहिम राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं।

सं0 I/393654/2023-उ0प्र0 सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के उच्चतर वेतनमान, वेतन बैंण्ड-4, रु0 37,400- 67,000 ग्रेड पे रु0 8,900/- (पे मैट्रिक्स लेवल-13क) से उच्चतम वेतनमान, वेतन बैण्ड-4, रु0-37,400-67,000 ग्रेड पे रु0 10,000/- (पे मैट्रिक्स लेवल-14) में पदोन्नति हेतु दिनांक 13 सितम्बर, 2023 को सम्पन्न विभागीय चयन समिति की बैठक में समिति द्वारा की गई संस्तुति के –ष्टिगत श्री रमेश चन्द्र, तत्कालीन पी0सी0एस0, बैच 2000 सम्प्रति आई0ए0एस0, (विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग, उ0प्र0 शासन) को उच्चत्तम वेतनमान, वेतन बैण्ड-4, रु0 37,400-67,000 ग्रेड पे रु0 10,000/- (पे मैट्रिक्स लेवल-14) में उनके कनिष्ठ की प्रोन्नति (पी0सी0एस0 संवर्ग में) की तिथि 01 सितम्बर, 2020 से प्राकल्पिक प्रोन्नति प्रदान करने की महामहिम राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं।

आज्ञा से, डा0 देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 619

अनुभाग-4

कार्यालय-ज्ञाप

29 सितम्बर, 2023 ई0

सं0 857/दो-4-2023-26/2(5)/2011-महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के विभिन्न पत्रों के क्रम में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के अधिकारियों द्वारा अर्जित की गई एल0एल0एम0 डिग्री/डॉक्टरेट उपाधि को अधोलिखित तालिका में अंकित विवरणानुसार उनके सेवा सम्बन्धी अभिलेखों में रखे जाने की स्वी—ति एतद्‌द्वारा प्रदान की जाती है-

वर्ष क्र0 सं0

न्यायिक अधिकारी का नाम/पदनाम/तैनाती स्थल

विश्वविद्यालय का नाम

डिग्री/ उपाधि

महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद से प्राप्त पत्र संख्या एवं दिनांक

1 2 3 4 5 6

सर्वश्री/श्रीमती/सुश्री-

संख्या-12193/IV-5044

एल0एल0एम0 2021

दिल्ली विश्वविद्यालय

/एडमिन(ए-1),

दिनांक 15.09.2023

1 सिद्दी जय प्रकाश, तत्कालीन न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय, अमरोहा सम्प्रति अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन), देवरिया

2 संजय वीर सिंह, अपर जिला एवं संख्या-12150/IV-4199

एल0एल0एम0 2020 सत्र न्यायाधीश, अमरोहा

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 14.09.2023

3 राकेश वशिष्ट, अपर जिला एवं संख्या-12128/IV-3248

एल0एल0एम0 2022 सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 14.09.2023

4 ललित सिंह, भूमि अर्जन संख्या-12209/IV-5230

एल0एल0एम0 2021

/एडमिन(ए-1),

पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन प्राधिकरण, कानपुर नगर

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 15.09.2023

5 आयुषी पाण्डेय, अपर सिविल संख्या-12211/IV-4872

एल0एल0एम0 2021

/एडमिन(ए-1),

जज (जूनियर डिवीजन), गोरखपुर

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 15.09.2023

6 मीता सिंह, तत्कालीन विशेष जज संख्या-12213/IV-3122

एल0एल0एम0 2013

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 15.09.2023

(एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम), गोण्डा सम्प्रति विशेष जज (ई0सी0 एक्ट), मैनपुरी

93 क620 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1 1 2 3 4 5 6

सर्वश्री/श्रीमती/सुश्री-

7 श्री संदीप गुप्ता-I, रजिस्ट्रार संख्या-12283/IV-3157

एल0एल0एम0 2022 उ0प्र0 सूचना आयोग, लखनऊ

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 16.09.2023

8 निश्चल शुक्ला, उप सचिव, संख्या-12217/IV-4244

एल0एल0एम0 2022

/एडमिन(ए-1),

उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 15.09.2023

9 शुभी अग्रवाल, अपर सिविल जज संख्या-12285/IV-4845

एल0एल0एम0 2021 (जूनियर डिवीजन), वाराणसी

/एडमिन(ए-1),

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र

दिनांक 16.09.2023

10 सत्येन्द्र कुमार चौधरी, अपर मुख्य संख्या-12157/IV-4382

पी0एच0डी0 2022 न्यायिक मजिस्ट्रेट, मैनपुरी

/एडमिन(ए-1),

लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ

दिनांक 15.09.2023

2- उक्त तालिका के क्रम संख्या-10 पर अंकित न्यायिक अधिकारी का नाम के पहले डॉ0 लिखे जाने की अनुमति प्रदान की जाती है।

आज्ञा से, मदन सिंह गब्र्याल, विशेष सचिव।

श्रम विभाग

अनुभाग-2

नियुक्ति/तैनाती

10 फरवरी, 2024 ई0

सं0 02/2024/211/36-2-2024-डॉ0 प्रदीप कुमार, सेवानिवृत्त, आई0ए0एस0 को औद्योगिक न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, औद्योगिक न्यायाधिकरण (1), प्रयागराज के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- डॉ0 प्रदीप कुमार की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

3- डॉ0 प्रदीप कुमार की उक्त नियुक्ति मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में विचाराधीन सिविल मिस0 याचिका संख्या-7206/2005, चन्द्रशेखर बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 621

सं0 03/2024/212/36-2-2024-श्री प्रेम प्रकाश पाल, सेवानिवृत्त, पी0सी0एस0 को औद्योगिक न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, औद्योगिक न्यायाधिकरण (2), लखनऊ के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री प्रेम प्रकाश पाल की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

3- श्री प्रेम प्रकाश पाल की उक्त नियुक्ति मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में विचाराधीन सिविल मिस0 याचिका संख्या-7206/2005, चन्द्रशेखर बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

सं0 04/2024/213/36-2-2024-डॉ0 दीपक स्वरूप सक्सेना, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को औद्योगिक न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, औद्योगिक न्यायाधिकरण (3), कानपुर के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- डॉ0 दीपक स्वरूप सक्सेना की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

सं0 05/2024/214/36-2-2024-श्री ओमबीर, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को औद्योगिक न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, औद्योगिक न्यायाधिकरण (4), आगरा के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री ओमबीर की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

सं0 06/2024/215/36-2-2024-श्री अविनाश सक्सेना (सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश) पीठासीन अधिकारी, भूमि अर्जन एवं पुनव्र्यवस्थापन प्राधिकरण, कानपुर नगर को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय (2), कानपुर के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री अविनाश सक्सेना की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

622 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

सं0 07/2024/216/36-2-2024-श्री चन्द्र भानु सिंह, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण, अलीगढ़ को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय (3), कानपुर के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री चन्द्र भानु सिंह की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

सं0 08/2024/217/36-2-2024-श्री रवि प्रकाश गुप्ता, सेवानिवृत्त उप श्रमायुक्त को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, आगरा के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री रवि प्रकाश गुप्ता की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

3- श्री रवि प्रकाश गुप्ता की उक्त नियुक्ति मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में विचाराधीन सिविल मिस0 याचिका संख्या-7206/2005, चन्द्रशेखर बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

सं0 09/2024/218/36-2-2024-श्री बृजेन्द्र कुमार शैलाट, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, सहारनपुर के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री बृजेन्द्र कुमार शैलाट की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

सं0 10/2024/219/36-2-2024-श्री सुधीर कुमार-III, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय (1), गाजियाबाद के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री सुधीर कुमार-III की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 623

सं0 11/2024/220/36-2-2024-श्री अवनीश कुमार शर्मा, सेवानिवृत्त आई0ए0एस0 को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, फिरोजाबाद के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री अवनीश कुमार शर्मा की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

3- श्री अवनीश कुमार शर्मा की उक्त नियुक्ति मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में विचाराधीन सिविल मिस0 याचिका संख्या-7206/2005, चन्द्रशेखर बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

सं0 12/2024/221/36-2-2024-श्री अयाज अहमद, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, रामपुर के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री अयाज अहमद की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

सं0 13/2024/222/36-2-2024-श्री आनन्द कुमार, सेवानिवृत्त आई0ए0एस0 को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, झॉसी के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री आनन्द कुमार की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

3- श्री आनन्द कुमार की उक्त नियुक्ति मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में विचाराधीन सिविल मिस0 याचिका संख्या-7206/2005, चन्द्रशेखर बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में पारित अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

624 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

सं0 14/2024/223/36-2-2024-श्री शशि भूषण पाण्डेय, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने, जो भी पहले घटित हो, तक के लिए नियुक्त करने तथा पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, मिर्जापुर के पद पर तैनात करने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री शशि भूषण पाण्डेय की नियुक्ति/सेवायें उ0प्र0 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-28), औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 (सन्‌ 1947 का अधिनियम संख्या-14) के सुसंगत प्राविधानों तथा उ0प्र0 श्रम न्यायालय एवं औद्योगिक न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारी (नियुक्ति एवं नियोजन की शर्तें) नियमावली, 1996 तथा इसमें समय-समय पर किये गये संशोधनों में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत होगी।

आज्ञा से, अनिल कुमार-III, प्रमुख सचिव।

पी0एस0यू0पी0-19 हिन्दी गजट-भाग 1-2024 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 10 अगस्त, 2024 ई० (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌)

भाग 1-क

नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद्‌ ने जारी किया।

जनता के प्रयोजनार्थ भूमि नियोजन की विज्ञप्ति

(भूमि अध्याप्ति अनुभाग)

06 जुलाई, 2024 ई0

भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता

का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-11 की अधिसूचना

सं0 457/वि0भू0अ0अ0/सं0सं0/मथुरा/2024-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-11 की उपधारा (1) के अधीन कलेक्टर मथुरा की राय है कि अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड-1, लोक निर्माण विभाग, मथुरा के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन के लिये जनपद- मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे से वृन्दावन (पागल बाबा मन्दिर) तक (अ0जि0मा0) 04 लेन मार्ग के निर्माण (लम्बाई 7.278) एवं मार्ग निर्माण के संरेखण में आ रही यमुना नदी पर 02 लेन सेतु के निर्माण हेतु जनपद-मथुरा, तहसील मांट, परगना, मांट, ग्राम ढकू में रकवा 0.006072 हे0 एवं ग्राम पानीगांव रकवा 1.798815 हे0 तद्‌नुसार कुल 1.804887 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है।

2-राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है, तथा कलेक्टर, मथुरा को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे कलेक्टर, मथुरा द्वारा दिनाक 25 जून, 2024 को अनुमोदित किया गया है।

3-संक्षेप में, सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट और सामाजिक समाघात प्रबन्ध योजना से सम्बन्धित गठित कमेटी की संस्तुतियां निम्नानुसार हैः-

(क) दिल्ली, नोएडा तथा अन्य जगहों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा वृन्दावन जाने में कम समय के साथ-साथ ट्रैफिक का भी सामना नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान एवं भविष्य में वृन्दावन आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ एवं उनकी आस्था को ध्यान में रखते हुये उक्त मार्ग का निर्माण किया जाना आवश्यक है। प्रभावित परिवारों के पास पर्याप्त मात्रा में भूमि है और इस लिये उपरोक्त कुल 1.804887 हेक्टेयर भूमि देने से प्रभावित परिवारों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। यमुना एक्सप्रेसवे से वृन्दावन (पागल बाबा मन्दिर) तक (अ0जि0मा0) 04 लेन मार्ग के निर्माण (लम्बाई 7.278) एवं

95 ख670 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क मार्ग निर्माण के संरेखण में आ रही यमुना नदी पर 02 लेन सेतु के निर्माण के लिये भूमि अर्जन की कार्यवाही किया जाना जनहित में है और इससे लोक प्रयोजन की पूर्ति और सामाजिक लाभ के उद्‌देश्य की पूर्ति होती है।

(ख) परियोजना के निर्माण के फलस्वरुप भूमि अर्जन से सम्भावित लाभ मार्ग निर्माण के सामाजिक खर्च एवं प्रतिकूल सामाजिक समाघातों की तुलना में कही अधिक है। मार्ग निर्माण के संरेखण में प्रभावित भूमि जिसको लोक निर्माण विभाग द्वारा क्रय कर लिया गया है, की तुलना में अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि अत्यन्त कम है।

4-इस परियोजना हेतु भूमि अर्जन के कारण कोई परिवार विस्थापित नही हो रहा है।

5-अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देती हैं।

सारणी

जिला तहसील परगना ग्राम भू-खण्ड संख्या अर्जित किया जाने वाला क्षेत्रफल 1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर मथुरा मांट मांट ढकू 02 मि0

0.006072 01

0.006072 777

0.648785 774 मि0

0.0519 773

0.0887 772 मि0

0.77223 555

0.0699 259 मि0

0.1673 06

1.798815 योग . . 1.804887 6-अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर को प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देती हैं। 7-अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो, अधिसूचना के प्रकाशन के 60 दिन के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। 8-अधिनियम की धारा-11 (4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का सव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नही कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थलीय कार्यालय, जिलाधिकारी, मथुरा (भूमि अध्याप्ति अनुभाग) के कार्यालय में देखा जा सकता है।

राकेश कुमार, कलेक्टर, भूमि अध्याप्ति प्रयोजनार्थ, मथुरा।

पी0एस0यू0पी0-19 हिन्दी गजट-भाग 1-क-2024 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 10 अगस्त, 2024 ई० (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌)

भाग 3

स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़-पत्र, खण्ड-क-नगरपालिका परिषद्‌, खण्ड-ख-नगर पंचायत, खण्ड-ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्ड-घ-जिला पंचायत।

खण्ड-घ जिला पंचायत, मथुरा मानक उपविधि (STANDARD BYE-LAWS) 18 जून, 2024 ई0

सं0 2472/21-1/2023-24-उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम 1961 (यथा संशोधित) की धारा- 239 (1) एवं धारा-239 (2) के साथ पठित अधिनियम की धारा-143 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके जिला पंचायत, मथुरा ने ग्राम्य क्षेत्र, जो कि उक्त अधिनियम की धारा-2 (10) में परिभाषित हेै, में से इस क्षेत्र में स्थापित किसी विकास प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 की धारा-2 (D) में घोषित औधोगिक विकास क्षेत्र को हटाते हुए शेष ग्राम्य क्षेत्र के अन्तर्गत बनने वाले सभी प्रकार के भवनों के नक्शों एवं निर्माण को नियंत्रित एवं विनियमित करने के उददेश्य से निम्न उपविधियां बनायी हैं, जिसकी मैं रितु माहेश्वरी, आयुक्त, आगरा मण्डल, आगरा उक्त अधिनियम की धारा-242(2) के अन्तर्गत दी गयी शक्ति का प्रयोग कर पुष्टि करती हूँ, जो सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगी।

भाग-1

प्रस्तावना एवं परिभाषाऐं

1-अधिनियम का तात्पर्य उ0प्र0 क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 से है।

2-''ग्राम्य क्षेत्र'' से तात्पर्य जिले में स्थित प्रत्येक नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद, छावनी तथा नगर निगम क्षेत्र के अतिरिक्त उस क्षेत्र को हटाते हुए जो कि किसी विकास प्राधिकरण या यू0पी0एस0आई0डी0सी0 के द्वारा अधिग्रहीत किया गया हो एवं जिसके अधिग्रहण की सूचना पूर्ण विवरण सहित यथा ग्राम का नाम, गाटा/खसरा संख्या, अधिग्रहीत क्षेत्रफल आदि सरकारी गजट में प्रकाशित की जा चुकी हो।

18 घ100 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3 3-''विनियमन'' का तात्पर्य भवन के मूल निर्माण एवं बने हुए भवन में अतिरिक्त निर्माण एवं फेरबदल की कार्यवाही को विनियमित करने से है।

4-''मानचित्र'' से तात्पर्य भवन के ड्राइंग, डिजाईन एवं विशिष्टियों के अनुसार कागज/इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस पर बने उस नक्शे से है, जो कि पंजीकृत वास्तुविद के द्वारा बनाकर प्रस्तुत किया गया हो एवं डिजाइन योग्य (Elegible) अभियन्ता द्वारा तैयार किया गया हो।

5-निर्माण कार्य का तात्पर्य किसी भवन में निर्माण करना, पुनः निर्माण करना या उसमें सारवान विचलन करना या उसको ध्वस्त करने से है।

6-''भवन की ऊंचाई'' का तात्पर्य संलग्न किसी नाली के टाप से लेकर उस भवन के सबसे ऊंचे बिन्दु तक नापी गयी लम्बवत (Vertical) ऊंचाई से एवं ढलान वाली छत के लिए दो गहराईयों के बीच से है। भवन की ऊंचाई में मम्टी, मशीनरूम, पानी की टंकी, एन्टीना आदि की ऊंचाई सम्मिलित नहीं होगी ।

7-''छज्जा'' का तात्पर्य ऐसे ढलाननुमा या भूमि के क्षितिज के अनुसार बाहर निकला हुआ भाग जो कि सामान्यतया सूरज या बारिश से बचाव के लिए बनाया जाता है।

8-''ड्रेनेज'' का तात्पर्य उस व्यवस्था से है, जिसका निर्माण किसी तरल पदार्थ जैसे रसोई, स्नानगृह, से विसर्जित पानी आदि को हटाने के लिए किया जाता है, इसके अन्तर्गत नाली व पाइप भी सम्मिलित है।

9-''निर्मित भवन'' का तात्पर्य ऐसे भवन से है, जोकि परिभाषित ग्रामीण क्षेत्र में इन उपविधियों के लागू होने से पहले अस्तित्व में आ चुका है अथवा जिला पंचायत की स्वीकृति के बिना निर्मित किया गया हो ।

10-''तल''(Floor Level) का तात्पर्य किसी मंजिल के उस निचले खंड से है, जहां पर सामान्यतः किसी भवन में चला फिरा जाता हो।

11-''फ्लोर एरिया रेशियो'' (FAR) का तात्पर्य उस भागफल से है, जो सभी तलो के आच्छादित कुल क्षेत्रफल को भू-खण्ड के क्षेत्रफल से भाग देने से प्राप्त होता है।

12-''भू-आच्छादन'' (Ground Coverage) का तात्पर्य भूतल पर बने सभी निर्माण द्वारा घेरे गये क्षेत्रफल से है।

13-''ग्रुप हाउसिंग'' का तात्पर्य उस परिसर से है, जिसके अन्दर आवासीय फ्लैट अथवा स्वतंत्र आवासीय (Independent Apartment Unit) इकाई बनी हों तथा मूल सुविधाओं जैसे पार्किंग, पार्क, बाजार, जनसुविधायें आदि का प्रावधान हो।

14-''ले-आउट प्लान'' का तात्पर्य उस नक्शे से है, जो कि किसी स्थल के समस्त भूखण्ड, भवन खण्ड, मार्ग, खुली जगह, आने-जाने के बिन्दु, पार्किंग व्यवस्था, भूनिर्माण (Landscaping) अथवा विभिन्न आकार की प्लाटिंग की समस्त जानकारी व अन्य विवरण को इंगित करने वाला प्लान से है।

15-''प्राविधिक (Technical) व्यक्ति'' का तात्पर्य निम्नलिखित से हैः-

अ-''अभियंता''-अभियंता, जिला पंचायत, मथुरा से है ।

ब-''अवर अभियंता''-इस उपविधि में अवर अभियंता का तात्पर्य उस अवर अभियंता से है जिसको अभियंता, जिला पंचायत, मथुरा द्वारा भवन के नक्शों की स्वीकृति की कार्यवाही के लिए निदेशित (Designated) किया गया हो।

16-''कार्य अधिकारी'' का तात्पर्य कार्य अधिकारी, जिला पंचायत, मथुरा से है।

17-''अधिभोग'' (Occupancy) का तात्पर्य उस प्रयोजन से है, जिसके लिए भवन या उसका भाग प्रयोग में लाया जाना है, जिसके अन्तर्गत सहायक अधिभोग भी सम्मिलित है।

18-''स्वामी'' का तात्पर्य व्यक्ति, व्यक्तियों का समूह, कम्पनी, ट्रस्ट, पंजीकृत संस्था राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार के विभाग एवं अन्य प्राधिकरण जिसके/जिनके नाम में भूमि का स्वामित्व सम्बन्धित अभिलेखों में दर्ज है।

भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 101

19-''रेन वाटर हार्वेस्टिंग'' का तात्पर्य बरसात के पानी को उपयोग करके विभिन्न तकनीकों से भू-गर्भ जल के स्तर को ऊंचा उठाने से है।

20-''सेटबैक'' का तात्पर्य किसी भवन के चारो तरफ यथा स्थिति या मानक के अनुसार एवं बाउन्ड्री दीवार के बीच छोड़ी गयी खाली जगह अथवा रास्ते से है।

21-''अपर मुख्य अधिकारी'' का तात्पर्य अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, मथुरा से है।

22-''जिला पंचायत'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा-17 (1) में संघटित जिला पंचायत़़, मथुरा से है।

23-''अध्यक्ष'' का तात्पर्य अध्यक्ष, जिला पंचायत, मथुरा से है।

24-''बहु मंजिली भवन'' (Multy Storey) चार मंजिल अथवा 15 मीटर से अधिक ऊंचाई का भवन बहु मंजिल कहलायेगा।

25-''मंजिल'' का तात्पर्य भवन के उस भाग से है, जो किसी तल की सतह और इसके उपर के अनुवर्ती तल के बीच हो और यदि इसके उपर कोई तल न हों, तो वह स्थान जो तल और इसके उपर की छत के मध्य हों।

26-''भवन'' का तात्पर्य ऐसी स्थायी प्रकृति के निर्माण अथवा संरचना से है, जोकि किसी भी प्रकार की सामग्री से निर्माण किया जायें, एवं उसका प्रत्येक भाग चाहें मानव प्रयोग या अन्यथा किसी प्रयोग में लाया जा रहा हो एवं उसके अन्तर्गत बुनियाद, कुर्सी क्षेत्र, दीवार, फर्श, छत, चिमनी, पानी की व्यवस्था, स्थायी प्लैटफार्म, बरान्डा, बालकनी, कार्नस या छज्जा या भवन का अन्य भाग जो किसी खुले भुभाग को ढकने के उददेश्य से बनाया जायेगा। इसके अन्तर्गत टैन्ट, शामियाना, तिरपाल आदि जोकि पूर्णतः अस्थायी रूप से किसी समारोह के लिये लगाये जाते है, वह भवन की परिभाषा में सम्मिलित नहीं होंगे।

27-''आवासीय भवन'' के अन्तर्गत वे भवन सम्मिलित होंगे जिनमें सामान्यतः आवासीय प्रयोजन के प्राविधान सहित शयन सुविधा के साथ खाना बनाने तथा शौचालय की सुविधा हो। इसमें एक अथवा एक से अधिक आवासीय इकाई शामिल है।

28-''व्यवसायिक/वाणिज्यिक भवन'' के अन्तर्गत वे भवन या भवन का वह भाग जो दुकानों, भण्डारण बाजार, व्यवसायिक वस्तुओं के प्रदर्षन, थोक या फुटकर बिक्री, व्यवसाय से सम्बन्धित कार्यकलाप होटल, पैट्रोल पम्प, कन्वीनिएन्स स्टोर्स एवं सुविधाएं जो माल व्यवसायिक माल की बिक्री से अनुषांगिक हों और उसी भवन में स्थित हों सम्मिलित होंगे अथवा ऐसे भवन/स्थल जिनका प्रयोग धनोपार्जन हेतु किया जाना हो।

29-''संकटमय भवन'' के अन्तर्गत भवन या भवन के वह भाग सम्मिलित होंगे जिनमें अत्यधिक ज्वलनषील या विस्फोटक सामग्री या उत्पाद का संग्रहण, वितरण, उत्पादन या प्रक्रम (प्रोसेसिंग) का कार्य होता हो या जो अत्याधिक ज्वलनशील हो या जो ज्वलनषील भाप या विस्फोटक पैदा करता हो या जो अत्यधिक कारोसिव, जहरीली या खतरनाक क्षार, तेजाब हो या अन्य द्रव्य पदार्थ, रासायनिक पदार्थ जिनमें ज्वाला, भाप पैदा होती हो, विस्फोटक जहरीले इरीटेन्ट या कारोसिव गैसे पैदा होती हो या जिनमें धूल के विस्फोटक मिश्रण पैदा करने वाली सामग्री या जिनके परिणाम स्वरूप ठोस पदार्थ छोटे-2 कणों में विभाजित हो जाता हो और जिनमें तत्काल ज्वलन प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती हो, के संग्रहण वितरण या प्रक्रम (प्रोसेसिंग) के लिए प्रयुक्त किया जाता हो।

30-''भवन गतिविधि/भवन निर्माण'' का तात्पर्य किसी भवन के बनाने या पुनः बनाने या उसमें सारवान विचलन या ध्वस्त करने की कार्यवाही मानी जायेगी।

31-''पार्किंग स्थल'' का तात्पर्य ऐसे चारदीवारी में बंद या खुले स्थान से है, जहां पर वाहन इकट्‌ठे रूप में खडे़ हो सकते है, परन्तु इसके लिए आवश्यक है, कि उक्त स्थान पर आने-जाने के लिए एक सुगम एवं स्वतंत्र जोड़ने वाला मार्ग बना हो।

इन उपविधियों में जिन शब्दों का प्रयोग किया गया है, परन्तु वे उक्त परिभाषाओं में सम्मिलित नहीं है, का तात्पर्य वही होगा, जोकि ऐसे शब्दों का National Building Code, एवं Bureau of Indian Standards के (यथा संषोधित) में माना जाता है। किसी विरोधाभास की स्थिति में अधिनियम के प्रावधान प्रभावी माने जायेंगे।

102 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3

भाग-2

उपविधि

ये उपविधियां जिला पंचायत, मथुरा के उक्त परिभाषित ग्रामीण क्षेत्र में जोकि इन उपविधियों के लिए परिभाषित किया गया है, में किसी भी व्यक्ति, ठेकेदार कंपनी, फर्म या संस्था, सहकारी समिति, सोसाईटी, राजकीय विभाग द्वारा निर्माण कराये जाने वाले आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक भवन, शिक्षण संस्थान, फार्म हाउस, ग्रुप हाऊसिंग, दुकानों, मार्केट, धर्मार्थ अथवा जनहितार्थ भवन इत्यादि का ले-आउट प्लान या भवन प्लान एवं निर्मित भवनों में परिवर्तन, परिवर्धन, विस्तार को नियन्त्रित एवं विनियमित करने की उपविधियां कहलायेंगी ।

(क) नक्शा स्वीकृत न कराने की परिस्थितियां

ऐसे प्रकरण/निर्माण कार्य जिनमें उपविधियों के अन्तर्गत नक्शा स्वीकार कराना आवश्यक नहीं होगा ।

1-उक्त परिभाषित ग्राम्य क्षेत्र में निम्नलिखित परिस्थितियों में भवन निर्माण, परिवर्तन, विस्तार की स्वीकृति हेतु प्रार्थना-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी ।

(अ) ये उपविधियांकच्चे मकानों एवं गांव के मूल निवासी के शुद्धतया निजी आवास/कृषि कार्य हेतु बनाये जाने वाले 300 वर्गमी0 क्षेत्रफल एवं दो मंजिल तक ऊँचेआवासीय भवनों पर लागू नहीं होंगी परन्तु सुरक्षित डिजाईन व निर्माण की जिम्मेदारी मालिक की होगी एवं उक्त निर्माण/कार्यवाही करने से पूर्व जिला पंचायत, मथुरा को एक लिखित सूचना देनी होगी।

(ब) सफेदी व रंग-रोगन के लिए ।

(स) प्लास्टर व फर्श मरम्मत के लिए ।

(य) पूर्व स्थान पर छत पुनर्निर्माण के लिए ।

(र) प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त भवन के हिस्से का पुनर्निर्माण ।

(द) मिट्‌टी खोदने या मिट्‌टी से गड्‌डा भरना।

(ख) प्रार्थना-पत्र, भू-अभिलेख व नक्शे

उक्त ग्राम्य क्षेत्र में कोई भी नया निर्माण, पुराने भवन में परिवर्तन या परिवर्धन, विस्तार या भू-खण्ड के ले- आउट की स्वीकृति का आशय रखने वाला स्वामी, इन उपविधियों के अनुसार, ऐसा करने से एक माह पहले अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, मथुरा को एक आवेदन-पत्र के साथ निम्नलिखित अभिलेख तथा सूचनायें प्रस्तुत करेगा एवं पावती रसीद प्राप्त करेगा-

1-स्थल का नक्शा निम्नवत दिया जायेगाः-

ले-आउट प्लान का पैमाना 1ः500 होगा।

की-प्लान का पैमाना 1ः1000 होगा।

बिल्डिंग प्लान का पैमाना 1ः100 होगा।

स्थल के चारों तरफ की सीमायें उनके नाम तथा समीपवर्ती भूमि का संक्षिप्त विवरण तथा भूमि मालिक का नाम।

समीपवर्ती मार्ग अथवा मार्गों का विवरण तथा निर्माणाधीन भवन से मार्ग की दूरी।

स्थल के नक्शे के साथ भूमि के स्वामित्व का प्रमाण-पत्र जैसे विक्रय आलेख, दाखिल खारिज, खतौनी आलेख। 2-प्रस्तावित भवन/परियोजना का नक्शा उपरोक्त वर्णित पैमाने के अनुसार निम्नवत्‌ होगा-

(अ) प्रत्येक मंजिल के ढके हुए भाग का नक्शा विवरण सहित।

(ब) नक्शे पर पंजी—त वास्तुविद का पंजीकरण नंबर, नाम व पता सहित हस्ताक्षर।

भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 103

(स) नक्शे पर भू-स्वामी अथवा स्वामियों के नाम व पता सहित हस्ताक्षर।

(य) भू-स्वामी अथवा स्वामियों द्वारा नक्शा स्वी—ति के लिये प्रार्थना-पत्र।

(र) भवन/परियोजना के बनाने व उपयोग का उद्देश्य जैसे आवासीय, व्यवसायिक, शिक्षण, धर्मार्थ, अथवा जनहितार्थ भवन।

(ल) स्थल का की-प्लान, ले-आउट प्लान, फ्लोर-प्लान, एलिवेशन, भवन की ऊँचाई, सेक्सन, स्ट्रक्चर विवरण, रैन हार्वेस्टिंग प्रणाली, बेसमेंट, लैंडस्केप प्लान, वातानुकूलित प्लांट, सीवेज-जल निस्तारण व्यवस्था अग्नि निकास, जीने की स्थिति व अन्य विवरण।

(व) नक्शे पर परियोजना का नाम, शीर्षक, भू-खण्ड का खसरा, ग्राम, तहसील सहित पूरा पता।

(स) नक्शे पर भू-खण्ड का क्षेत्रफल, ग्राउंड कवरेज, हर तल का क्षेत्रफल, बसेमेंट का क्षेत्रफल आदि का विवरण।

3-बहु मंजिली भवन (मल्टी स्टोरी) चार मंजिल अथवा 15 मीटर से अधिक ऊँचाई के भवन में नक्शे पर निम्नलिखित अतिरिक्त सूचना भी देनी होगी-

अग्निशमन प्रणाली की व्यवस्था आपात सीढी व निकासी, अग्निसुरक्षा लिफ्ट, अग्निअलार्म आदि का विवरण व ठिकाने (Location), सीवेज व्यवस्था निर्माण कार्य निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री की विशिष्टियाँ आदि।

(ग) नक्शा स्वी—ति प्रदान न करने की परिस्थितियां

निम्नलिखित परिस्थितियों में भवन निर्माण, परिवर्तन, विस्तार की किसी भू-खण्ड पर स्वी—ति प्रदान नहीं की जायेगी यदि-

(अ) प्रस्तावित भवन-उपयोग अनुम्य भू-उपयोग से भिन्न है।

(ब) प्रस्तावित निर्माण धार्मिक प्र—ति का है और उससे किसी समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हों।

(स) प्रस्तावित निर्माण का उपयोग लोगों की भावनाएं भड़काने का स्रोत (Source Of Annoyance) अथवा आस-पास रहने वालों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डालता हो ।

(घ) तकनीकि अनुदेश (Technical Instructions)

1. (क) एक आवास गृह में 4.50 व्यक्ति प्रति गृह माना (Consider) गया है ।

(ख) भवन के भू-तल पर स्टिल्ट पार्किंग (Stilt Parking) अधिकतम 2.40 मीटर ऊँचाई तक अनुमन्य होगी (ग) लिंटल (Lintel) अथवा छत स्तर पर छज्जा अधिकतम क्रमशः 0.45 मीटर एवं 0.75 मीटर चौड़ा होगा।

(घ) बेसमेंट का निर्माण भवन की सीमा से बाहर नहीं किया जाएगा। बेसमेंट की फर्श से सीलिंग तक की अधिकतम ऊँचाई 4.50 मीटर तथा बाहर की नाली से बेसमेंट की अधिकतम ऊँचाई 1.50 मीटर होगी ।

स्ट्रक्चर स्थिरता के आधार पर बेसमेंट सन्निकट (Adjacent) प्लाट से 2.00 मीटर दूरी तक निर्मित किया जा सकता है।

(ड़) बहु मंजिली भवन में कम से कम एक सामान (Goods) मालवाहक लिफ्ट का प्रावधान करना होगा।

(च) राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) 2005 के प्रावधान के अनुसार ग्रुप हाउसिंग के दो ब्लॉक में न्यूनतम 6.0 मीटर से 16.0 मीटर की दूरी होगी। भवन की 18.0 मीटर ऊँचाई तक 6.0 मीटर इसके पश्चात प्रत्येक 3.0 मीटर अतिरिक्त ऊँचाई के लिए ब्लॉक की दूरी 1.0 मीटर बढ़ाई जाएगी। भू-खण्ड के डैड एन्ड (Dead End) पर ब्लॉक की अधिकतम दूरी 9.0 मीटर होगी।

104 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3

(छ) बहु मंजिली भवन में चार तलों के बाद एक सेवा तल अनुमन्य होगा किसी भवन में अधिकतम 3 सेवा तल का प्रावधान किया जा सकता है। सेवा तल की अधिकतम ऊँचाई 2.4 मीटर होगी।

2. निम्नलिखित निर्माण/सुविधाओं के लिये भू-खण्ड का 10 प्रतिशत क्षेत्रफल, भू-आच्छादन (Ground Coverage) में अतिरिक्त जोड़ा जा सकता है -

(क) जेनरेटर कक्ष, सुरक्षा केबिन, सुरक्षा मचान, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, ड्राईवर रूम, विद्युत उप केन्द्र आदि।

(ख) मम्टी, मशीन रूम, पम्प हाउस, जल-मल प्लांट।

(ग) ढके हुए पैदल पथ आदि ।

3. (क) आवासीय भवन में कमरे का आकर 2.40 मीटर एवं 9.50 वर्ग मीटर से कम न होना चाहिए।

(ख) छत की सीलिंग की ऊंचाई 2.75 मीटर से कम न होनी चाहिए।

(ग) ऐ०सी० कमरे की ऊंचाई 2.40 मीटर से कम न होनी चाहिए।

(घ) रसोईघर की ऊंचाई 2.75 मीटर, आकर 1.80 मीटर एवं 5.00 वर्ग मीटर से कम न होना चाहिए।

(ड़) संयुक्त संडास (Toilet) का आकर 1.20 मीटर एवं 2.20 वर्ग मीटर से कम न होना चाहिए।

(च) खिड़की व रोशनदान का क्षेत्रफल फर्श के क्षेत्रफल का 10% से कम न होना चाहिए।

(छ) तीन मंजिल तक के भवन में सीढ़ी की चौड़ाई 1.00 मीटर एवं इससे अधिक ऊँचे भवन में 1.50 मीटर से कम न होनी चाहिए।

4. (क) पार्क, टोट-लोट्‌स (Tot-Lots), लैंड स्केप (Landscape) आदि का क्षेत्रफल भू-खण्ड के क्षेत्रफल का 15% होगा।

(ख) 30 मीटर तक के मार्ग पर स्थित समस्त प्रकार के भवनों की अधिकतम ऊँचाई सड़क की विद्यमान चौड़ाई तथा अनुमन्य फ्रंट सेट-बैक के योग का डेढ़ गुना होगी।

(ग) भूकम्प रोधी व सुरक्षित डिजाईन की जिम्मेदारी वास्तुविद एवं उसके अन्तर्गत कार्यरत डिजाईनर की होगी।

5-स्वीकृत किये गये भवन में जल आपूर्ति एवं मल-मूत्र एवं बेकार पानी के निस्तारण (Disposal) की व्यवस्था स्वामी द्वारा स्वयं की जायेगी। जिला पंचायत का इसके लिए कोई उत्तरदायित्व व्यय अधिभार नहीं होगा ।

6-बेसमेंट में इलेक्ट्रिक ट्रांस्फार्मर की स्थापना, ज्वलनशील, विस्फोटक सामग्री आदि का भण्डारण नहीं किया जा सकेगा।

(ड़) रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

भवन एवं पक्की सडकों के द्वारा भूखंड के प्रत्येक 300 वर्ग मीटर के भू-आच्छादन (Ground Coverage) पर एक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होगा। प्रत्येक 1000 वर्ग मीटर के भू-आच्छादन (Ground Coverage) पर एक अतिरिक्त रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करना होगा।

(च) विकसित जनपदों की सूची (I)

लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर नगर, वाराणसी, मथुरा, इलाहाबाद, बरेली, सहारनपुर, अलीगढ, गोरखपुर, मुरादाबाद, हापुड, शामली, मुजफफरनगर, एवं झांसी ।

भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 105

(छ) भू-आच्छादन एवं फ्लोर एरिया रेशियो (FAR)

विभिन्न भवनों हेतु भू-आच्छादन एवं फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) के मानक निम्नवत होंगे ।

भवन एवं भू-उपयोग भू-आच्छादन

क्र0 सं0

प्रतिशत

फ्‌लोर एरिया रेशियो (FAR)

भवन की अधिकतम ऊॅंचाई सूची (I) के अनुसार (मीटर) 1 2

3 4 5 1 (i) आवासीय भवन भूखण्ड 500 वर्ग मीटर तक 80 3.00 15 (ii) आवासीय भवन भूखण्ड 500-2000 वर्ग मीटर तक 65 4.00 15 2 ग्रुप हाउसिंग, रैन बसेरा (Night Shelter) 50 3.00 30 3 औद्योगिक भवन

60 1.00 18 4 व्यावसायिक भवन

(i) सुविधा (Convenient) शॉपिंग केन्द्र, शॉपिंग मॉल्स, 40 2.50 30 व्यावसायिक केन्द्र, होटल

(ii) बैंक, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स,

40 1.50 24 (iii) वेयरहाउस, गोदाम 60 1.50 18 (iv) दुकाने व मार्केट

60 1.50 15 5 संस्थागत एवं शैक्षणिक भवन-

(i) सभी उच्च शिक्षण संस्थान, विश्वविद्यालय, अनुसंधान एवं          50           1.50            24
    प्रशिक्षण संस्थान, डिग्री कॉलेज आदि
(ii) हायर सेकंडरी, प्राईमरी,नर्सरी स्कूल क्रेच सेंटर आदि          50           1.50            24
(iii) हॉस्पिटल, डिस्पेंसरी, चिकित्सालय, लैब, नर्सिंग होम आदि      75           2.50            24

6 धर्मार्थ अथवा जनहितार्थ भवन-

                                                                  50          1.20             15
(i)  सामुदायिक  केंद्र  क्लब,  बारात घर,  जिमखाना,  अग्निशमन      30          1.50             15
   केंद्र, डाकघर, पुलिस स्टेशन
(ii) धर्मशाला, लॉज, अतिथि गृह, हॉस्टल                             40          2.50             15
(iii) धर्मकांटा, पेट्रोल पम्प, गैस गोदाम शीतगृह                   40          0.50             10

7 कार्यालय भवन-

     (i) सरकारी, अर्द्ध सरकारी, कॉर्पोरेट एवं अन्य कार्यालय भवन      40          2.00            30
 8   क्रीडा एवं मनोरंजन कॉम्प्लेक्स, शूटिंग रैंज, सामाजिक एवं        20          0.40            15
     सांस्—तिक केंद्र
 9   नर्सरी                                                          10          0.50            6
10    बस स्टेशन, बस डिपो, कार्यशाला                                  30          2.00            15
11   फार्म हाउस                                                      10          0.15            10
12   डेरी फार्म                                                      10          0.15            10
13   मुर्गा, सूअर, बकरी फार्म                                        20          0.30            6
14   ए० टी० एम०                                                      100         1.00            6
106 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3

(ज) सेट-बेक (Set-back)

साईड साईड

क्रमाँक भू-खण्ड का क्षेत्रफल

लैंड स्केपिंग (Landscaping)

खुला स्थान प्रतिशत तक (वर्गमीटर)

(Side) (Rear)

सामने (Front) मीटर

मीटर मीटर

1 2 3 4 5 6 7

(झ) पार्किंग-स्थान

3

भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 107

(ii) अग्नि निकास जीने की न्यूनतम चौड़ाई 1.2 मीटर, ट्रेड की न्यूनतम चौड़ाई 28 से०मी०, राईजर अधिकतम 19 से०मी०, एक फ्लाईट में अधिकतम राईजरों की संख्या 16 तक सीमित होगी।

(iii) अग्नि निकास जीने तक पहुँच दूरी 15 मीटर से अधिक न होनी चाहिए।

(iv) घुमावदार अग्नि निकास जीने का प्रावधान 10 मीटर से अधिक ऊँचे भवनों में नहीं किया जाएगा।

(v) उपरोक्त भवनों हेतु अग्नि शमन विभाग के सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। अनापत्ति प्रमाण-पत्र की छाया प्रति जिला पंचायत, मथुरा को प्रस्तुत करनी होगी।

(vi) उपरोक्त भवनों में उत्तर प्रदेश अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा अधिनियम, (6) 2005 एवं राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) 2005, भाग-4 के अनुसार प्रावधान किया जाएगा जैसे-स्वचालित स्प्रिंक्लर पद्धति, फर्स्‌ट एण्ड होज रील्स, स्वचालित अग्नि संसूचन और चेतावनी पद्धति, सार्वजनिक संबोधन व्यवस्था, निकास मार्ग के संकेत चिन्ह, फायर मैंन स्विच युक्त फायर लिफ्ट, वेट राइजर डाउन कॉर्नर सिस्टम आदि ।

(ट) इलेक्ट्रिक लाईन से दूरी

क्रमांक विवरण उघ्र्वावाकार दूरी मीटर क्षैतिज दूरी मीटर 1 2

3

4 1 लो एण्ड मीडियम वोल्टेज लाईन तथा

2.4 1.2 सर्विस लाईन

2 हाई वोल्टेज लाईन 33000 वोल्टेज तक 3.7 1.8 3 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज लाईन 3.7+(0.305M) प्रत्येक

अतिरिक्त 33000 वोल्टेज पर

1.8+(0.305M) प्रत्येक अतिरिक्त 33000 वोल्टेज पर

ठ) मोबाइल टावर्स की स्थापना

(क) मोबाइल टावर्स की स्थापना हेतु भवन स्वामी एवं आवासीय कल्याण समिति (RWA) की अनापत्ति प्रस्तुत करनी होगी।

(ख) जनरेटर केवल 'साइलैंट' प्र—ति के होंगे तथा भू-तल पर ही लगाए जाएंगे।

(ग) यदि टावर का निर्माण भवन की छत पर किया जाता है तो टावर का निचला भाग भवन की छत से न्यूनतम 3 मीटर ऊपर होना चाहिए।

(घ) जहाँ अपेक्षित हो, वहां टावर के निर्माण से पूर्व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया/वायुसेना का अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

(ङ) सेवा ऑपरेटर कम्पनी और भवन स्वामी को संयुक्त हस्ताक्षर से इस आश्य का शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा कि यदि टावर निर्माण के फलस्वरूप आस-पास के भवन एवं जान-माल को किसी भी प्रकार की क्षति पहुँचती है तो उसकी क्षतिपूर्ति का समस्त दायित्व सम्बंधित कम्पनी और भवन स्वामी का होगा ।

(च) इलेक्ट्रोमेग्नेटिक वेव्स, रेडियो विकिरण, वायब्रेसन (कम्पन) आदि के रूप में होने वाले दुष्परिणामों के नियंत्रण हेतु भारत सरकार/राज्य सरकार अथवा अन्य शासकीय अभिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

(छ) अनुज्ञा-पत्र जारी करने के लिये जिला पंचायत मथुरा में प्रथम बार शुल्क के रूप में 1,00,000.00 रूपये जमा कराने होंगे। यह शुल्क एक वर्ष की अवधि के लिए होगा तथा अप्रत्यापर्णीय (Non-Refundable) होगा। अनुज्ञा के नवीनीकरण के लिए प्रथम बार की शुल्क का 10 प्रतिशत प्रति वर्ष जमा कराने होंगे।

(ज) शैक्षणिक संस्था, हॉस्पिटल, अधिक घनत्व वाली आवासीय बस्ती, अथवा धार्मिक भवन/स्थल आदि पर या इनके 100 मीटर के दायरे में मोबाइल टावर की स्थापना नहीं की जायेगी।

19 घ108 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3

(ड) नक्शा/मानचित्र स्वी—ति की दरें

(क) आवासीय भवन एवं शैक्षणिक भवन-सभी तलों पर फर्श से ढके भाग पर 50.00 रूपये प्रति वर्ग मीटर होगी।

(ख) व्यावसायिक एवं व्यापारिक भवन-सभी तलों पर फर्श से ढके भाग पर 100.00 रूपये प्रति वर्ग मीटर होगी।

(ग) (i) भूमि की प्लाटिंग-भूमि को योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न आकार के प्लाटों में बाँटना।

(ii) भूमि विकास-भूमि पर योजनाबद्ध तरीके से पार्क, उद्यान बनाना, फार्म हाउस विकसित करना, नर्सरी लगाना, शादी बारात घर/ बैंकट हाल आदि बनाना।

(i) भूमि का उपभोग- भूमि का विभिन्न प्रकार के सामानों के भण्डारण हेतु प्रयोग करना जैसे- निर्माण सामग्री, कंटेनर, ईंधन आर०सी०सी० पाईप आदि।

(iv) किसी परियोजना का ले आउट प्लान (तलपट मानचित्र)।

(घ) पुराने भवन को ध्वस्त्त करने के पश्चात्‌ पुनः निर्माण करने की दशा में अनुज्ञा शुल्क की दरें नये भवन की दरों के समान होंगी ।

(ङ) स्वी—त भवन के नक्शे में संशोधन होने की दशा में अनुज्ञा शुल्क की दरें नये भवन की दरों की एक चौथाई होंगी।

(च) बेसमेंट, स्टिल्ट, पोडियम, सेवा क्षेत्र व अन्य आच्छादित क्षेत्र की, अनुज्ञा शुल्क में गणना की जाएगी।

(छ) यदि स्वी—ती के नवीनीकरण का आवेदन, अनुज्ञा अवधि समाप्ति से पूर्व किया जाता है तो स्वी—ति के नवीनीकरण की दरें मूल दरों की 10 प्रतिशत होंगी । एक बार में अनुज्ञा की अवधि एक वर्ष व अधिकतम दो वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है । अनुज्ञा अवधि समाप्ति के पश्चात्‌ नवीनीकरण की दरें मूल दरों की 50 प्रतिशत होंगी।

(ज) उपविधियों के अनुसार, जिला पंचायत से नक्शों की स्वी—ति के बिना निर्माण करने, किसी भूमि पर व्यवसाय करने, स्वी—त नक्शे से इतर निर्माण करने, अथवा जिला पंचायत भवन उपविधि की किसी धारा या उपधारा का उल्लंघन करने पर अर्थ-दण्ड के रूप में समझौता शुल्क (Compounding Fees) रोपित किया जाएगा। समझौता शुल्क (Compounding Fees) प्रस्तावित भवन अथवा (Draft Map) पर परिस्थिति अनुसार, कुल शुल्क की गणना का कम से कम 20 प्रतिशत से अधिकतम 50 प्रतिशत अतिरिक्त होगा। समझौता शुल्क (Compounding Fees) विभाग में जमा होने के उपरांत पूर्व में निर्मित भवन के नक्शों की स्वी—ति प्रदान की जा सकती है । समझौते की कार्यवाही अधिनियम की धारा-248 में दी गयी व्यवस्था से नियन्त्रित होगी।

(झ) पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) जारी करने की दरें 20.00 रूपये प्रति वर्ग मीटर होंगी। ये दरें सभी तलों के कुल आच्छादित क्षेत्रफल पर लागू होंगी।

(ण) बाउन्ड्री वाल स्वीकृति की दरें 10.00 रूपये प्रति मीटर होगी।

नोट-(शुल्क निर्धारण हेतु, भवन के सभी तलों पर फर्श के कुल क्षेत्रफल की गणना करनी होगी)

(ण) अनुज्ञा-पत्र जारी करने की प्रक्रिया

1-स्वामी द्वारा आवेदन-पत्र के साथ प्रस्तावित भवन/परियोजना के नक्शे एवं स्वामित्व के भू-अभिलेख अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, मथुरा के कार्यालय में जमा किये जायेंगे एवं आवेदक को इस प्रस्तुतिकरण की दिनांकित पावती दी जायेगी।

2-ऐसे आवेदन-पत्र एवं उसके साथ संलग्नकों को अपर मुख्य अधिकारी तत्काल कार्य अधिकारी को भू- अभिलेखों के परीक्षण हेतु पृष्ठांकित कर देंगे।

भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 109

3-कार्य अधिकारी ऐसे प्राप्त आवेदन पर उपरोक्त कार्यवाही पूर्ण करके अधिकतम एक सप्ताह में सम्बन्धित अभिलेख अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, मथुरा को प्रस्तुत कर देगा। कार्य अधिकारी की तैनाती न होने की दशा में उपरोक्त कार्यवाही अपर मुख्य अधिकारी द्वारा स्वयं की जायेगी।

4-कार्य अधिकारी से प्राप्त आख्या को अपर मुख्य अधिकारी तत्काल अभियंता, जिला पंचायत, मथुरा को पृष्ठांकित कर देंगे।

5-अभियंता द्वारा प्रस्तावित परियोजना के स्थलीय सर्वेक्षण हेतु निदेशित (Designated) अवर अभियंता को स्थल के सर्वेक्षण हेतु आदेशित किया जायेगा।

6-अवर अभियंता द्वारा स्थल सर्वेक्षण की आख्या अधिकतम एक सप्ताह में अभियंता, जिला पंचायत, मथुरा को प्रस्तुत की जायेगी।

7-अवर अभियंता से सर्वेक्षण आख्या प्राप्त होने के उपरान्त बहुमंजिली भवन, व्यवसायिक भवन, संकटमय भवन एवं शेैक्षणिक भवन अथवा अन्य महत्वपूर्ण परियोजना के नक्शा पारित करने से पहले अभियंता जिला पंचायत द्वारा प्रस्तावित परियोजना के स्थल का सर्वेक्षण अनिवार्य होगा।

8-अभियंता द्वारा स्थल की सर्वेक्षण उपरान्त अवर अभियंता द्वारा प्रस्तुत सर्वेक्षण आख्या का तकनीकी परीक्षण किया जायेगा। भवन/ परियोजना के नक्शों की स्वीकृति हेतु अवर अभियंता से एक अंतरिम शुल्क की गणना कराके अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को सूचित किया जायेगा। आवेदक द्वारा आंगणित अन्तरिम शुल्क की 25% धनराशि अग्रिम रूप सेे नोटिस प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर कार्यालय जिला पंचायत में जमा करनी होगी।

इसके उपरान्त ही नक्शे के विषय में अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। प्रतिबंध यह है, कि नक्शा पारित होने के स्तर पर आवेदक मांग-पत्र के अनुसार निर्धारित अवधि में यदि शुल्क जमा करता है, तो उक्त धनराशि समायोजित (Adjust) हो जायेगी । अन्यथा की दशा में जमा धनराशि जब्त हो जायेगी।

9-जिला पंचायत, मथुरा के अभियंता द्वारा परियोजना की संभाव्यता (Possibility), सुगमता (Convenience), साध्यता (Feasibility), तकनीकि जांच व जिला पंचायत, मथुरा की भवन उपविधि में तकनीकि प्रावधानों एवं नक्शाें का परीक्षण किया जायेगा। आवश्यकता समझने पर नक्शों में संशोधन हेतु आवेदन कर्ता को निर्देशित किया जायेगा।

10-अभियंता द्वारा परियोजना तकनीकि दृष्टि से सुस्थित (Sound) पाये जाने पर अपनी तकनीकि आख्या अपर मुख्य अधिकारी को अधिकतम 15 दिन में प्रस्तुत करनी होगी। अवर अभियंता से आंगणित शुल्क की धनराशि का विवरण प्रतिपरीक्षण (Cross Verification) कराके तकनीकि आख्या के साथ संलग्न करना होगा।

11-अपर मुख्य अधिकारी उक्त आख्या प्राप्त होने पर कार्य अधिकारी एवं अभियंता द्वारा प्राप्त आख्याओं का परीक्षण करके आवेदक को शुल्क जमा करने का मांग-पत्र जारी करेंगे। जिसमें आवेदक को शुल्क जमा करने के लियें एक माह का समय दिया जायेगा।

12-आवेदक द्वारा नक्शा शुल्क निर्धारित समय में जमा कराना होगा। जिला निधि की रोकड़ बही में शुल्क की प्रविष्टि के उपरान्त अपर मुख्य अधिकारी द्वारा नक्शे की स्वीकृति प्रदान की जायेगी।

13-उपरोक्त समस्त कार्यवाही पूर्ण होने के उपरान्त आवेदक को अनुज्ञा-पत्र अपर मुख्य अधिकारी एवं अभियंता के संयुक्त हस्ताक्षर से आवश्यक शर्तों के साथ जारी किया जायेगा। मानचित्र/नक्शों पर अपर मुख्य अधिकारी, अभियंता एवं अवर अभियंता द्वारा संयुक्त हस्ताक्षर से स्वीकृति प्रदान की जायेगी।

14-यदि जिला पंचायत द्वारा आवेदन प्राप्ति के दो माह के भीतर आवेदक को कोई सूचना अथवा शुल्क की मांग पत्र जारी नहीं किया जाता है, तो आवेदक द्वारा निर्धारित दो माह की अवधि के समाप्ति के दिनांक से 20 दिन के भीतर प्रकरण अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत के संज्ञान में लिखित रूप से लाया जायेगा। यदि इस पर भी110 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3 अपर मुख्य अधिकारी 10 दिन में कोई कार्यवाही नहीं करता है, तो पूर्व में प्रस्तुत नक्शा एवं निर्माण की स्वीकृति मानित स्वीकृति (Deemed Sanction) मानी जायेगी।

विवाद-उक्त कार्यवाही में किसी विवाद होने की दशा में या स्वीकृत नक्शा किन्हीं कारणों से निरस्त होने की दशा में या ऐसी कार्यवाही उत्पन्न होने के दिनांक से 30 दिन के भीतर प्रकरण अध्यक्ष, जिला पंचायत, मथुरा को संदर्भित किया जायेगा। जिसमें उनको अपना अनुदेश ऐसे प्रकरण की प्राप्ति के 30 दिन के भीतर देना होगा एवं उनका ये आदेश उभयपक्षों पर अन्तिम एवं बन्धनकारी होगा। पक्षकारों को अध्यक्ष, जिला पंचायत, मथुरा के आदेश के विरुद्ध अपील आयुक्त, आगरा मण्डल, आगरा के समक्ष प्रस्तुत करने की अधिकारिता होगी ।

(त) सामान्य अनुदेश (General Instructions)

1-भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार एवं पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित एतिहासिक स्मारक, इमारत या स्थल के 200 मीटर के दायरे में निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। 200 मीटर से 1.5 किलो मीटर के दायरे में निर्माण की मंजिलों एवं ऊँचाई की अनुमति, तत्समय आवश्यक और उचित कारण सहित दी जाएगी।

2-भू-खण्ड की सीमा से बाहर कोई निर्माण अनुमन्य नहीं होगा।

3-भवन के भू-तल पर स्टिल्ट पार्किंग (Stilt Parking) वाहन पार्किंग, बेसमेंट वाहन पार्किंग, भण्डारण व सुविधाओं के रख-रखाव व सेवा तल (Service Floor) भण्डारण व सुविधाओं के रख-रखाव इत्यादि हेतु उपयोग किया जाये तो इनका क्षेत्रफल (Floor Area Ratio ( FAR) में शामिल नहीं होगा।

4-निकटतम हवाई अड्‌डा चाहे विमानापत्तन प्राधिकरण (Airport Authority) द्वारा नियन्त्रित हो या रक्षा विभाग अथवा अन्य शासकीय विभाग द्वारा नियन्त्रित हो, के 05 किमी0 की परिधि में 30 मी0 से ऊंचे भवन के आवेदनकर्ता को उक्त वर्णित प्रतिष्ठानों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना होगा। जिसकी प्रति जिला पंचायत, मथुरा को उपलब्ध करानी होगी।

5-उपरोक्त उपविधि में सभी बातों के होते हुए भी जिला पंचायत यदि उचित व आवश्यक समझे तो, कारणों का उल्लेख करते हुए किसी भवन में भू-आच्छादन, फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) अथवा अधिकतम ऊँचाई में परिवर्तन की स्वी—ति प्रदान कर सकती है।

6-उपरोक्त सूची में उल्लिखित, भवनों के अतिरिक्त भवनों एवं गतिविधियों के नियमों व विनियमों का निर्धारण, जिला पंचायत, मथुरा द्वारा, इस प्रकार के समकक्ष (Similar) भवनों एवं गतिविधियों के लिए निर्धारित उपविधियों के अनुसार किया जायेगा।

7-मल्टी लेवल पार्किंग में संरचनात्मक एवं सुरक्षा की शर्तों के अधीन अधिकतम दो बेसमेंट अनुमन्य होंगे।

8-इन उपविधियों के आधीन जारी अनुज्ञा जारी होने के दिनांक से तीन वर्ष की अवधि के लिए वैध एवं मान्य होगी।

9-इन उपविधियों के पालन न करने की दशा में सम्बन्धित उल्लंधनकर्ता के विरुद्ध सी0आर0पी0सी0 की धारा-133 के अन्तर्गत जिला पंचातय, मथुरा द्वारा कार्यवाही की जायेगी।

(थ) अनुज्ञा की शर्तें

अनुज्ञा-पत्र जारी होने के उपरान्त यदि यह संज्ञान में आये की नक्शे स्वी—ति हेतु आवेदक द्वारा प्रस्तुत अभिलेख फर्जी हैं अथवा गलत विवरण दिया गया है तो जिला पंचायत, मथुरा द्वारा दी गयी नक्शों की स्वी—ति निरस्त की जा सकती है, किया गया निर्माण ध्वस्त किया जा सकता है अथवा सील (Seal) किया जा सकता है।

(क) अपर मुख्य अधिकारी को अधिकार होगा की वह, अभियंता, जिला पंचायत की संस्तुति पर, वास्तुविद द्वारा प्रस्तुत नक्शों में संशोधन अथवा परिवर्तन कर दे अथवा स्वीकार कर दें।

भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 111

(ख) पंजी—त वास्तुविद द्वारा तैयार एवं हस्ताक्षरित नक्शे ही मान्य होंगे। परियोजना का डिजाईन वास्तुविद के अंतर्गत कार्य करने वाले योग्य अभियंता द्वारा तैयार कराया जाएगा।

(ग) कोई भी व्यक्ति, कम्पनी, फर्म या संस्था, राजकीय विभाग अथवा ठेकेदार आदि द्वारा प्रस्तावित मानचित्र जिला पंचायत से स्वी—त होने के बावजूद अन्य उन सभी विभागों से जिनसे निमयानुसार लाईसेंस/अनापत्ति प्रमाण-पत्र लिया जाना आवश्यक है, अनुमति प्राप्त करने का उत्तरदायित्व आवेदक का होगा।

भाग-3

(द) दण्ड

उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-240 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुएजिला पंचायत, मथुरा यह निर्देश देती है कि जो व्यक्ति इन उपविधियों का उल्लंघन करेगा, वह अर्थ-दण्ड से दण्डनीय होगा । जो एक हजार तक हो सकेगा और जब ऐसा उल्लंघन जारी रहे तो अतिरिक्त अर्थ-दण्ड से दण्डनीय होगा, जो प्रथम दोष सिद्धि के पश्चात्‌ ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि उसमें अपराधी अपराध करता रहा है, पचास रूपये तक हो सकेगा, अथवा यदि अर्थ-दण्ड का भुगतान न किया जाये तो कारावास से दण्डनीय होगा, जोे तीन मास तक हो सकेगा।

रितु माहेश्वरी, आयुक्त, आगरा मण्डल, आगरा।

कार्यालय जिला पंचायत, चित्रकूट

(उपविधि संशोधन)

दिनांक 19 जून, 2024 ई0

सं0 864/21-एल0बी0ए0-उपविधि/2024-25-शासनादेश संख्या-1152/33-2-2017-62जी/2018 पंचायतीराज अनुभाग-2 लखनऊ, दिनांक 04.04.2018 के साथ प्राप्त प्रस्ताव के क्रम में जिला पंचायत चित्रकूट के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत प्रभावी उपविधि संख्या-5130/एल0बी0ए0/जि0पं0चि0/2005-2006, समस्त औद्योगिक इकाईयों, कारखानों/फैक्ट्री/मिलों, मशीनों आदि को नियंत्रित एवं विनियमित करने के उद्‌देश्य से उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम-1961 यथा संशोधित की धारा-239 (2) के अन्तर्गत पूर्व प्र्रचलित/स्वीकृत उपविधि के स्थान पर संशोधित उपविधि बनाई गई है। शासन द्वारा लाइसेंस शुल्क की दरों में एकरुपता लाये जाने के उद्‌देश्य से गठित समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव/प्रदत्त लाइसेंस दरों के अनुसार संशोधित उपविधि जिला पंचायत, चित्रकूट (उ0प्र0) की बैठक दिनांक 25.05.2023 के प्रस्ताव संख्या-10 के अन्तर्गत वर्तमान प्रचलित उपविधि में संशोधन करने का प्रस्ताव जिला पंचायत, चित्रकूट की बैठक से सर्वसम्मति से पारित किया गया है तथा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत, अधिनियम, की धारा-242 (2) में दी गयी शक्ति का प्र्रयोग कर प्रकाशित की गयी है। यह उपविधि राजपत्र (गजट) में प्र्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगी, इन उपविधियों के प्रभावी होने के दिनांक से इस विषय से सम्बन्धित पूर्व में प्रचलित उपविधियॉ स्वतः निरस्त हों जायेंंगी।

परिभाषायें-

(क) अधिनियम का तात्पर्य उ0प्र0 क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम-1961 यथा संशोधित से है।

(ख) ग्रामीण क्षेत्र का तात्पर्य उ0प्र0 क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत, अधिनियम, का तात्पर्य उ0प्र0 क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम-1961 की धारा-2(10) से परिभाषित जनपद में चित्रकूट में ग्रामीण क्षेत्र से है।

112 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3

(ग) औद्योगिक इकाइयों, कारखानों/फैक्ट्री/मिल, मशीनों आदि का तात्पर्य उन सभी कारखानों से है जिसमें उत्पादक प्रक्रिया हो रही है तथा उत्पादन में बिजली, इंजन, भाप, तेल, पानी, पेट्रोल, हवा या किसी अन्य यांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किसी भी प्रकार का उत्पादन हो रहा हो।

(घ) स्वामी/मालिक का तात्पर्य, फर्म संस्था, समिति, कम्पनी निगम के मालिक भागीदारी, प्रबन्धक अथवा उस व्यक्ति से है जो किसी भी समय औद्योगिक इकाई कारखाना मिल/फैक्टरी मशीनों की देखरेख कर रहा हो।

उपविधि-

(1) यह उपविधियाँ जनपद-चित्रकूट में औद्योगिक इकाइयों कारखानों मिलों/मशीनों आदि को नियन्त्रित एवं विनियमित करने वाली उपविधि कहलायेगी।

(2) यह उपविधि शासकीय गजट में प्रकाशन तिथि से जनपद में प्रभावी होगी।

(3) कोई भी व्यक्ति/स्वामी/मालिक जनपद-चित्रकूट के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत किसी भी औद्योगिक इकाईयों, कारखाना, फैक्ट्री, मिल/मशीन आदि की स्थापना/संचालन का कार्य तब तक नहीं करेगा जब तक उसने इस उपविधियोें के अन्तर्गत निर्धारित शुल्क जमा कर लाइसेंस प्राप्त न कर लिया हो।

(4) अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, चित्रकूट या उनके द्वारा अधिकृत इस उपविधियों के अन्तर्गत लाइसेंसिंग अधिकारी होंगे उपविधि के अन्तर्गत लाइसेंस की अवधि 01 अप्रैल से 31 मार्च तक 01 वर्ष के लिए होगी।

(5) 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को अनुज्ञा-पत्र (लाइसेंस) जारी नहीं किया जायेगा।

(6) संक्रामक, प्रसंगिक अथवा घृणास्पद रोग से रोगी को तथा 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को कारखाना/मिल/ फैक्ट्री आदि में कार्य करने की अनुमति प्रदान नहीं की जायेगी।

(7) अनुज्ञाधारी/लाइसेंस धारक को उपरोक्त वर्णित औद्योगिक इकाइयों को प्रत्येक स्वच्छ एवं स्वास्थप्रद स्थिति में रखा जायेगा।

(8) कारखाना/औद्योगिक इकाइयों की चिमनी को पड़ोस की समीप ऊँची इमारत से 20 फुट ऊंचाई में रखना होगा।

(9) औद्योगिक इकाई/मिल, कारखाना की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वार प्रमाणित ऐसे यंत्र लगाना होगा जिससे स्वच्छ एवं स्वास्थप्रद पानी कारखाने के बाहर निकले एवं कारखाने के बाहर निकले पानी निकासी पक्की नाली बनाकर इस प्रकार करनी होगी जैसा लाइसेंस अधिकारी, जिला स्वास्थ अधिकारी एवं प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के अधिकारी उचित समझे।

(10) औद्योगिक इकाई/कारखाना/मिल आदि से निकलने वाले गंदे पानी अथवा गन्दे छोभकर अथवा हानिप्रद पदार्थ को किसी नदी तालाब या जल संरक्षण के अन्य श्र्रोत या उसमें किसी ऐसे निर्दिष्ट भाग में जिसका पानी साधारणतया पीने या स्नान करने के प्रयोजनों के लिये उपयोग में लाया जाता हो नहीं डाला जायेगा।

(11) औद्योगिक इकाई/कारखाना/मिल आदि से उत्पादन हेतु प्रयोग में लाया जाने वाला कच्चा माल यदि खराब हो गया है या उसमें अपमिश्रण का अंदेशा हो और वह उत्पादन में प्रयोग हेतु अयोग्य हो गया हो तो उसका अधिग्रहण कर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार उसको नष्ट अथवा निस्तारित किया जायेगा, जिसका प्रतिकर स्वामी/मालिक को नहीं मिलेगा।

(12) औद्योगिक इकाई, कारखाना, मिल, फैक्ट्री, संचालन से पूर्व प्रोजेक्ट का नक्सा सहित लाइसेंस प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा तब तक औद्योगिक इकाई की स्थापना नहीं की जायेगी जब तक उसने लाइसेंस प्राप्त न कर लिया हो। अवहेलना की दशा में सी0आर0पी0सी0जी0 की धारा-133 के प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी।

(13) औद्योगिक इकाई/कारखाना में शौचालय व स्वास्थ्य सम्बन्धी प्राथमिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।

भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 113

(14) कारखाना/मिल मालिक (स्वामी) को अध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी, कार्य अधिकारी, कर अधिकारी, राजस्व/ कर निरीक्षक, जिला स्वास्थ निरीक्षक को निरीक्षण हेतु सुविधा प्रदान करना आवश्यक एवं अनिवार्य होगा।

(15) कारखाना/मिल मालिक को अपने औद्योगिक इकाइयों में शोर गुल रोकने हेतु ध्वनिरोधक यंत्रों को लगाना आवश्यक होगा।

(16) कारखाने की स्थापना हेतु पंचायत के अवर अभियन्ताओं, अभियन्ता की निशुल्क सेवायें प्राप्त की जा सकती है।

(17) कारखाना/मिल मालिक को राजस्व/कर निरीक्षक द्वारा प्रमाणित निरीक्षण पंजिका का रखना अनिवार्य होगा।

(18) लाइसेंस अधिकारी को इस उपविधि की किसी भी धारा का आंशिक पूर्ण उल्लघंन की दशा में लाइसेंस निलम्बित अथवा निरस्त करने का अधिकार निहित है, ऐसे आदेश के विरूद्ध 30 दिन के अन्दर अध्यक्ष, जिला पंचायत, चित्रकूट को अपील की जा सकती है, जिनका निर्णय अन्तिम व बाध्यकारी होगा।

(19) उपविधि के अन्तर्गत जारी लाइसेंस का नवीनीकरण अगामी वित्तीय वर्ष के माह अप्रैल के अन्तिम तिथि तक कराया जाना आवश्यक होगा यदि वह आगे कार्य नहीं करना चाहता है तो लिखित रूप से सूचना देनी होगी निर्धारित अवधि के उपरान्त लाइसेंस शुल्क का 25 प्रतिशत अतिरिक्त विलम्ब शुल्क सहित नवीनीकरण कराया जा सकेगा।

(20) उपविधि में वर्णित लाइसेंस शुल्क की दरें इस उपविधि के शासकीय गजट में प्रकाशन तिथि के उपरान्त उ0प्र0 शासन के पंचायतीराज अनुभाग की राजाज्ञा संख्या-2004(1)/33-2-2001-26जी/2001 दिनांक 26 सितम्बर, 2001 द्वारा नियमित दरों में संशोधन का अधिकार पंचायत में निहित है।

(21) इन उपविधियों के अन्तर्गत निम्नलिखित औद्योगिक इकाईयों/कारखाना/मिल, फैक्ट्री मशीन आदि से निम्न लिखित शुल्क प्रतिवर्ष देय होगा :-

क्र0

वार्षिक लाइसेंस विभिन्न प्रकार के उद्योगों का विवरण

सं0

शुल्क

1

2

3

रु0

50,000.00 1 चीनी मिल

4,000.00 2 क्रेशर हाईड्रोलिक सल्फीटेशन

4,000.00 3 क्रेशर नॉन हाईड्रोलिक सल्फीटेशन

2,500.00 4 क्रेशर नॉन हाईड्रोलिक नॉन सल्फीटेशन

400.00 5 शक्ति चालित गन्ना पेरने का कोल्हू

1,000.00 6 शक्ति चालित केन्द्रापग (खाण्ड मशीन)

200.00 7 हस्त चालित केन्द्रापग (खाण्ड मशीन)

300.00 8 उत्पादन प्रक्रिया में सहयोग कर रहा क्रिस्टीलाइजर

2,500.00114 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3 1

2

10 एक्सपेलर
11 आरा मशीन
12 खराद मशीन
13 पावर लूम (प्रत्येक)
14 रेशम व कपड़ा बनाने का कारखाना
15 सरिया बनाने का कारखाना
16 लोहा बनाने का कारखाना (प्रति भट्‌ठी)
17 बर्फ बनाने का कारखाना (200 सिल्ली तक)
18 बर्फ बनाने का कारखाना (उपरोक्त से अधिक)
19 गत्ता बनाने का कारखाना (बड़ा)
20 पेपरकोन बनाने का कारखाना
21 पेपर रोल बनाने का कारखाना
22 कागज बनाने का कारखाना (10 टन क्षमता)

3

रु0

                                                                                                         500.00
                                                                                                        2,000.00
                                                                                                        1,000.00
                                                                                                        1,000.00
                                                                                                        4,000.00
                                                                                                       15,000.00
                                                                                                        5,000.00
                                                                                                        2,000.00
                                                                                                        4,000.00
                                                                                                        7,000.00
                                                                                                        4,000.00
                                                                                                        8,000.00
                                                                                                       10,000.00
23 कागज बनाने का कारखाना (10 टन से अधिक 20 टन क्षमता तक) 15,000.00
24 कागज बनाने का कारखाना (20 टन से अधिक 30 टन क्षमता तक) 30,000.00
25 कागज बनाने का कारखाना (30 टन क्षमता से अधिक)    50,000.00
26 दूध का पाउडर या दूध से अन्य पदार्थ बनाने का कारखाना 10,000.00
27 चिलिंग प्लान्ट                                   8,000.00
28 स्टील, आयरन आदि से पाइप बनाने का कारखाना (2'' मोटाई तक) 25,000.00
29 स्टील, आयरन आदि से पाइप बनाने का कारखाना (2'' मोटाई से अधिक) 50,000.00
30 मशीन या यंत्र बनाने का कारखाना                   7,000.00
31 फल, सब्जियां एवं खाद्य पदार्थ सुरक्षित रखने का कारखाना (कोल्ड स्टोरेज 50 10,000.00
     हजार बैग तक)
32 फल, सब्जियां एवं खाद्य पदार्थ सुरक्षित रखने का कारखाना (कोल्ड स्टोरेज 50 15,000.00
     हजार बैग से अधिक क्षमता पर)
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 115

1

2

3

रु0

33 पिक्चर ट्‌यूब बनाने का कारखाना                                5,000.00
34 हाटमिक्स प्लान्ट                                              10,000.00
35 रबड़ की वस्तुएं बनाने का कारखाना                              2,000.00
36 चीनी मिट्‌टी के बर्तन या टाईल्स बनाने का छोटा कारखाना         2,000.00
37 चीनी मिट्‌टी के बर्तन या टाईल्स बनाने का बड़ा कारखाना         7,000.00
38 मसाले की ईंट आदि बनाने का कारखाना (सिरेमिक्स)                 8,000.00
39 पीतल, एल्युमिनियम, स्टील, शीशा, तांबा व टीन आदि से वस्तुएं बनाना 4,000.00
40 वनस्पति/देशी घी या रिफाइण्ड आयल बनाने का कारखाना              15,000.00
41 शराब, स्प्रिट या एल्कोहल बनाने का कारखाना                     50,000.00
42 कृषि सम्बन्धी यंत्र बनाने का कारखाना                          4,000.00
43 फर्टीलाइजर या कीटनाशक दवाई बनाने का कारखाना                   10,000.00
44 खाण्डसारी उद्योग के यंत्र बनाने का कारखाना                    5,000.00
45 प्लास्टिक का दाना, फिल्म या बैग बनाने का कारखाना              4,000.00
46 प्लास्टिक के पाइप, टैंक बनाने का कारखाना                      7,000.00
47 बिजली के सामान बनाने का कारखाना                               4,000.00
48 कपड़ा, कम्बल आदि की रंगा ई/छपाई या फिनिशिंग का कारखाना (छोटा) 2,000.00
49 कपड़ा, कम्बल आदि की रंगाई/छपाई या फिनिशिंग का कारखाना (बड़ा)  8,000.00
50 सीमेन्ट बनाने का कारखाना                                      10,000.00
51 फ्लोर मिल                                                     10,000.00
52 दाल मिल                                                       5,000.00
53 रिईनफोस्र्ड, सीमेन्ट क्रंकीट आदि के ह्‌यूम पाइप बनाने का कारखाना 10,000.00
54 टेलीविजन बनाने का कारखाना                                     10,000.00
55 माचिस बनाने का कारखाना                                        10,000.00

20 घ116 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3 1

2

57 मोमबत्ती बनाने का कारखाना
58 विनियर एण्ड शॉ मिल
59 पेय पदार्थ बनाने का कारखाना/फैक्ट्री
60 मिनरल वाटर बनाने का कारखाना
61 साकिट बनाने का कारखाना
62 प्लाईवुड या माइका बनाने का कारखाना
63 दवाई बनाने का कारखाना
64 गत्ते के डिब्बे बनाने का कारखाना
65 लैमिनेशन का कारखाना
66 दूध पैकेजिंग का कारखाना
67 केमिकल बनाने का कारखाना
68 डबलरोटी या बिस्कूट बनाने का कारखाना
69 गैस आदि बनाने का कारखाना
70 गैस के सिलेण्डर बनाने का कारखाना
71 वेल्डिंग राड्‌स बनाने का कारखाना
72 पीतल की राड्‌स बनाने का कारखाना
73 ढलाई करने का कारखाना
74 स्टील अलमारी, बक्से, मेज आदि बनाने का कारखाना
75 पशु आहार बनाने का कारखाना
76 धागा बनाने का कारखाना
77 धागा डबलिंग का कारखाना
78 दरी, कालीन आदि ब नाने का कारखाना
79 साबुन बनाने का कारखाना
80 डिटर्जेंट बनाने का कारखाना

3

रु0

 3,000.00
 7,000.00
50,000.00
15,000.00
 5,000.00
10,000.00
 7,000.00
 3,000.00
 5,000.00
 6,000.00
 8,000.00
 5,000.00
 5,000.00
 8,000.00
 6,000.00
 6,000.00
 6,000.00
 6,000.00
 5,000.00
 4,000.00
 7,000.00
 7,000.00
 2,000.00
 7,000.00
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 117

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2

81 पट्‌टा बनाने का कारखाना
82 कमानी पट्‌टा बनाने का कारखाना
83 रबड़ के टायर ट्‌यूब बनाने का कारखाना
84 टायर रिट्रेडिंग
85 तिरपाल बनाने का कारखाना
86 आतिशबाजी सम्बन्धी सामान बनाने का कारखाना

{{^{{FOOTNOTE 3 }}}}

रु0

                                                                                                                               3,000.00
                                                                                                                               7,000.00
                                                                                                                              15,000.00
                                                                                                                               4,000.00
                                                                                                                              10,000.00
                                                                                                                              10,000.00
87 ग्रीस, मोबिल आयल, काला तेल आदि बनाने का कारखाना                         5,000.00
88 चार पहिया बनाने का कारखाना                                            1,00,000.00
89 दो पहिया बनाने का कारखाना                                              50,000.00
90 तार बनाने का कारखाना                                                   15,000.00
91 तार की जाली बनाने का कारखाना                                            3,500.00
92 लालटेन बनाने का कारखाना                                                 3,000.00
93 रेगमाल बनाने का कारखाना                                                 4,000.00
94 बैट्री बनाने का कारखाना                                                 5,000.00
95 पंखा या कूलर बनाने का कारखाना                                           5,000.00
96 रंग बनाने का कारखाना                                                    5,000.00
97 गम, टेप बनाने का कारखाना                                                4,000.00
98 आटो मोटर्स बनाने का कारखाना                                             5,000.00
99 निकिल पालिस (प्लटिंग) करने का कारखाना                                   5,000.00
 100 रांगा बनाने का कारखाना                                              5,000.00
 101 गैस चूल्हा या उसके पाटर््‌स बनाने का कारखाना                        5,000.00
 102 हड्‌डी मिल                                                         25,000.00
 103 सरेश मिल                                                            5,000.00
118 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3

1

2

104 पेट्रोल मिल
105  डीजल मिल
106 गैस वाटलिंग प्लाण्ट
107 सादा या काला नमक बनाने का कारखाना
108 प्रिटिंग प्रेस या आफसेट प्र्रेस
109 सिनेमा हाल
110 विडियो सिनेमा हाल
111 मुर्गा/मुर्गी दाना का कारखाना/फैक्ट्री
112 पेट्रोल पम्प का टौंक बनाने का कारखाना
113 रेडीमेड गारमेन्ट्‌स का कारखाना
114 फोम के गद्‌दे बनाने का कारखाना
115 स्लाटर हाउस/इंटीग्रेटेड फूड प्रोसेसिंग प्लाण्ट
116 ट्रान्सफार्मर फैक्ट्री
117 स्टील के बर्तन बनाने का कारखाना
118 एयर कंडीशनर बनाने का कारखाना
119 जूट, सन व नायलान बनाने का कारखाना
120 शीशा ब नाने का कारखाना
121 पिपरमिण्ट बनाने का कारखाना
122 चमड़ा टेनरी का कारखाना
123 जैविक कारखाना
124 फिक्स चिमनी ईंट भट्‌ठा (20 पाये तक)
125 फिक्स चिमनी ईंट भट्‌ठा (20 पाये से अधिक)
126 स्टोन क्रेशर

3

रु0

 4,000.00
 5,000.00
 25,000.00
 2,000.00
 2,500.00
 4,000.00
 2,500.00
 3,000.00
 10,000.00
 15,000.00
 15,000.00
1,00,000.00
 20,000.00
 15,000.00
 10,000.00
 5,000.00
 3,000.00
 2,000.00
 25,000.00
 5,000.00
 10,000.00
 15,000.00
 15,000.00
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 119

उपरोक्त के अतिरिक्त उद्योगों को निम्न श्रेणी में विभक्त करते हुए अधिकतम लाइसेंस फीस सम्मुख

अंकित धनराशि के अन्तर्गत निर्धारित की जा सकती हैं :-

क्र0

मद/व्यवसाय का नाम/कारखाने का नाम प्रस्तावित लाइसेंस शुल्क

सं0

1

2

3

रु0

1 सुक्ष्म/कुटीर उद्योग (Micro) (लागत 25 लाख रूपये तक) 1,000.00 से 5,000.00

2 लघु उद्योग (Small) (लागत 25 लाख से 05 करोड़ तक) 6,000.00 से 20,000.00

3 मध्यम उद्योग (Medium) (लागत 05 करोड़ से 10 करोड़ तक) 21,000.00 से 50,000.00

4 भारी उद्योग (Heavy) (लागत 10 करोड़ से अधिक) 51,000.00 से 1,00,000.00

दण्ड

उत्तर प्रदेश क्षेत्र समिति तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-240 के अन्तर्गत प्राप्त अधिकारों के प्रयोग करते हुये जिला पंचायत, चित्रकूट यह निर्देश देती है कि जो व्यक्ति/संस्था/कम्पनी इन उपविधियों का उल्लंघन करेगा या अर्थदण्ड से वह दण्डनीय होगा जो 1,000.00 रूपये (मु0-एक हजार रूपये) तक हो सकेगा और जब ऐसा उल्लंघन जारी रहेगा तो प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात्‌ प्रत्येक ऐसे दिन के लिये जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि उसमें अपराधी अपराध करता रहा है तो रुपया पचास प्रति दिन के हिसाब से अर्थदण्ड हो सकेगा, अर्थ दण्ड का भुगतान न करने की दशा में कारावास से दण्डित किया जायेगा, जो तीन मास तक हो सकेगा।

सं0 865/21-एल0बी0ए0-उपविधि/2024-25-जिला पंचायत, चित्रकूट (उ0प्र0) के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत ठेकेदारी को नियन्त्रित एवं विनियमित सम्बन्धी उपविधि संख्या-584/एल0बी0ए0 उपविधि/जि0पं0-चित्रकूट/ 2005-2006, जो इलाहाबाद उ0प्र0 गजट शनिवार, 24 दिसम्बर, 2005 ई0 (पौष-3, 1027 शक संवत्‌) 2005 द्वारा प्रकाशित एवं प्रभावी है। उत्तर प्रदेश जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत-1961 की यथा संशोधन की धारा-239 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत इस उपविधि के प्रस्तर संख्या-12,13,14 में संशोधन कर बनाई गयी है, जो उपविधि जिला पंचायत, चित्रकूट (उ0प्र0) की बैठक दिनांक 08.11.2023 को आहूत बैठक में प्रस्ताव संख्या-5 द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया है, तथा उत्तर प्रदेष क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत, अधिनियम, की धारा-242(2) में दी गयी शक्ति का प्रयोग कर प्रकाषित की गयी है। यह संशोधन कर बनाई गयी उपविधि राजपत्र (गजट) में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगी, इस उपविधि के प्रभावी होने के दिनांक से इस विषय से सम्बन्धित पूर्व प्रचलित उपविधियॉं स्वतः निरस्त हो जायेंगी।

120 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 3

वर्तमान स्वीकृत उपविधि में प्राविधान प्रस्तावित संशोधन उपविधि में क्र0 सं0

प्राविधान (संशोधित दरें )

1

2

3

12, विलोपित 1 प्रस्तर-12, जिला पंचायत, चित्रकूट में पंजीकृत ठेकेदारों को उपविधि के अनुसार निर्धारित लाइसेंस शुल्क जमा कराकर श्रेणीबद्ध किया जायेगा।

2 प्रस्तर-13, वर्णित उपविधि के अन्तर्गत जिला पंचायत, चित्रकूट द्वारा ठेकेदारों को निम्नवत्‌ श्रेणी में निर्धारित लाइसेंस शुल्क जमा कर पंजीकृत किया जायेगा।

जिला पंचायत, चित्रकूट के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत जनपद- चित्रकूट (उ0प्र0) के शासकीय/ अर्धशासकीय/स्वायत्त एवं प्राइवेट आदि समस्त क्षेत्रों में (अ) 10 लाख से अधिक का ठेका कार्य लेने वाले व्यक्ति/ संस्था, कम्पनी "ए" श्रेणी के ठेकेदार होंगे और उनके लाइसेंस शुल्क मु0 3,000.00 रूपये प्रतिवर्ष होगा।

(ब) 05 लाख से 10 लाख रूपये तक की राशि के ठेका कार्य लेने वाले व्यक्ति/संस्था, कम्पनी "बी" श्रेणी के ठेकेदार होंगे और उनके लिए लाइसेंस शुल्क मु0 2,000.00 रूपये प्रतिवर्ष होगा।

ठेकेदारी कार्य/निर्माण कार्य करने वाले समस्त ठेकेदारों को वार्षिक ठेकेदारी लाइसेंस शुल्क मु0-6,000.00 रूपये जमा कर लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

(स) 02 लाख से 05 लाख रूपये तक की राशि के ठेका कार्य लेने वाले व्यक्ति/संस्था, कम्पनी "सी" श्रेणी के ठेकेदार होंगे और उनके लिए लाइसेंस षुल्क मु0 1,500.00 रूपये प्रतिवर्ष होगा।

(द) 02 लाख रूपये तक की सीमा के अन्तर्गत ठेका कार्य लेने वाले व्यक्ति/संस्था, कम्पनी "डी" श्रेणी के ठेकेदार होंगे और उनके लिए लाइसेंस शुल्क मु0 1,000.00 रूपये प्रतिवर्ष होगा।

14-विलोपित 3 प्रस्तर-14, जिला पंचायत, चित्रकूट द्वारा जिस सरकारी विभाग/ सम्बद्ध विभाग की संस्तुति सहित अपने आवेदन में चाही गई श्रेणी का निर्धारित शुल्क अदा करने पर नया लाइसेंस निर्गत किया जायेगा, ऐसी दशा में पूर्व में नीचे श्रेणी का लाइसेंस स्वतः निरस्त हो जायेगा।

(ह0) अस्पष्ट, आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा (उ0प्र0)।

पी0एस0यू0पी0-19 हिन्दी गजट-भाग 3-2024 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 10 अगस्त, 2024 ई० (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌)

भाग 8

सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गांठों का विवरण-पत्र, जन्म-मरण के आंकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार-भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि।

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद

(भूमि अर्जन अनुभाग)

उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद अधिनियम-1965 (उ0प्र0 अधिनियम-1,1966)

की धारा-28 के अन्तर्गत

सूचना

दिनांक 16 जुलाई, 2024 ई0

सं0-592/एल0ए0सी0/एच0क्यू-(मो0 3)-उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद ने लखनऊ नगर की बढ़ती हुयी आवासीय समस्या के निराकरण हेतु आवासीय योजना "भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना संख्या-3, मोहनलालगंज, लखनऊ" प्रस्तावित की जा रही है।

योजना में समाविश्ट क्षेत्र की सीमायें निम्न प्रकार हैः-

उत्तरः पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खसरा सं0 818 भाग, खसरा सं0 816 भाग, खसरा सं0-815 भाग, खसरा सं0- 816/951 भाग, खसरा सं0 836 भाग, ग्राम बेली, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ खसरा सं0 1451 भाग, खसरा सं0 1447 भाग, खसरा सं01448 भाग, खसरा सं01436 भाग, खसरा सं01438 भाग, खसरा सं01431 भाग, खसरा सं01432 भाग, खसरा सं01418,खसरा सं01417 भाग, खसरा सं01412

90 ट642 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8 भाग, खसरा सं01403 भाग, खसरा सं01404 भाग, खसरा सं01365 भाग, खसरा सं01367 भाग, खसरा सं0 1368 भाग, खसरा सं0 1370 भाग, खसरा सं0 1212 भाग, खसरा सं0 1210 भाग, खसरा सं0 1211 भाग, ग्राम शिवलर, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ, खसरा सं0162 भाग, खसरा सं0161 भाग, खसरा सं0160 भाग, खसरा सं023 भाग, खसरा सं013 भाग, खसरा सं014 भाग, खसरा सं015 भाग, खसरा सं0 16 भाग, खसरा सं0 17 भाग, खसरा सं0 38 भाग, खसरा सं0 36 भाग, खसरा सं0 35 भाग, खसरा सं074 भाग, खसरा सं078 भाग, खसरा सं080,खसरा सं081 भाग, खसरा सं0109 भाग, खसरा सं085 भाग, खसरा सं086 भाग, खसरा सं087 भाग, खसरा सं0104 भाग, खसरा सं088 भाग, खसरा सं089 भाग, खसरा सं0100 भाग, खसरा सं0 103 भाग, खसरा सं092 भाग, खसरा सं0101 भाग, खसरा सं093 भाग, खसरा सं0102 भाग, खसरा सं099 भाग, ग्राम देहरामऊ, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ खसरा सं0 57 भाग, खसरा सं0 2 भाग, खसरा सं0 3 भाग, खसरा सं0 7 भाग, खसरा सं0 11 भाग, खसरा सं019 भाग, खसरा सं020 भाग, खसरा सं039 भाग, खसरा सं040 भाग, खसरा सं0221 भाग, खसरा सं0220 भाग, खसरा स0218 भाग, खसरा सं0217 भाग, खसरा सं0215 भाग, खसरा सं0 212 भाग, खसरा सं0211 भाग, खसरा सं0199 भाग, खसरा सं0198 भाग, खसरा सं0328 भाग, खसरा सं0331 भाग, खसरा सं0332 भाग, ग्राम पहासा, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ।

पूरबः खसरा सं030,खसरा सं029,खसरा सं027,खसरा सं024,खसरा सं023,खसरा सं022,खसरा सं0 21,खसरा सं020,खसरा सं018,ग्राम सिठौली कला, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ, खसरा सं0 1, ग्राम रायपुर, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ, खसरा सं0 175, ग्राम पहासा, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ, खसरा सं0 123, खसरा सं0 131, खसरा सं0 132, खसरा सं0 133, खसरा सं0 135, खसरा सं0 136, खसरा सं0 137, खसरा सं0 141, खसरा सं0 142, खसरा सं0 143, ग्राम इचवलिया, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ, खसरा सं0 1338, खसरा सं0 1339, ग्राम महुराकला परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ।

दक्षिणः इन्दिरा कैनाल पर खसरा सं0112,ग्राम हबुआपुर, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ, खसरा सं0526,ग्राम सिठौली कला, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ।

पश्चिमः मोहनलालगंज-गोसाईगंज मुख्य सड़क खसरा सं0766,ग्राम बेली, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ, खसरा सं094,ग्राम हबुआपुर, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, लखनऊ।

योजना में समाविश्ट भूमि का विवरण व मानचित्र, कार्यालय आवास आयुक्त(भूमि अर्जन अनुभाग), उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, 104,महात्मा गाँधी मार्ग, लखनऊ अथवा कार्यालय अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड लखनऊ-07,भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 643 उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, आँफिस काम्पलेक्स, सेक्टर-09,वृन्दावन योजना, लखनऊ में किसी भी कार्यदिवस में पूर्वान्ह 11ः00 बजे से अपरान्ह 02ः00 बजे तक देखे जा सकते है।

योजना के क्षेत्र में स्थित निर्माणों व योजना की सीमा के 500.00 मीटर के अन्तर्गत आने वाली भूमि/निर्माण के भू-स्वामियों पर उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद अधिनियम-1965 के प्राविधानों के अनुसार बेटरमेन्ट फी/विकास व्यय भी अधिभारित होगा।

योजना के विपरीत आपत्तियों को, इस नोटिस के प्रथम बार उ0प्र0 गजट में प्रकाशन की तारीख से 30 दिन के अन्दर, कार्यालय आवास आयुक्त (भूमि अर्जन अनुभाग), उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, 104,महात्मा गाँधी मार्ग, लखनऊ अथवा कार्यालय अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड-लखनऊ-7, उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, ऑफिस काम्पलेक्स, सेक्टर-09, वृन्दावन योजना, लखनऊ में प्राप्त किया जायेगा। निर्धारित समय के बाद कोई आपत्ति स्वीकार नहीं की जायेगी। प्रस्तुत की जाने वाली आपत्ति में योजना का सही नाम व योजना में समाविश्ट आपत्तिकर्ता की भूमि/भवन/ग्राम का नाम/खसरा नम्बर/भूमि का क्षेत्रफल एवं अन्य सभी विवरण स्पश्ट रूप से अंकित होने चाहिये।

डा0 बलकार सिंह आवास आयुक्त

Notice under Section-28 of the U.P. Avas Evam Vikas Parishad Adhiniyam 1965

(U.P. Act. No.-1-1966)

Notice

DATE-16 JULY, 2024

No-592/एल0ए0सी0/एच0क्यु0-(मो0 3) The U.P. Awas Evam Vikas Parishad has framed a new scheme, called ' Bhoomi Vikas Evam Grihasthan Yojna No. 03 Mohanlalganj, Lucknow' to solve the housing problem of the Lucknow city. The boundaries of the comprised area in the scheme are as follows:-

North: On Purvanchal Expressway Khasra No. 818 Part, Khasra No. 816 Part, Khasra No. 815 Part, Khasra No. 816/951 Part, Khasra No. 836 Part, Village- Beli, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No. 1451 Part, Khasra No. 1447 Part, Khasra No. 1448 Part, Khasra No. 1436 Part, Khasra No. 1438 Part, Khasra No. 1431 Part, Khasra No. 1432 Part, Khasra No. 1418, Khasra No. 1417 Part, Khasra No. 1412 Part, Khasra No. 1403 Part, KhasraNo. 1404 Part, Khasra No. 1365 Part, Khasra No. 1367 Part, Khasra No. 1368 Part, Khasra No. 1370 Part, Khasra No. 1212 Part, Khasra No. 1210 Part, Khasra No. 1211 Part,644 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8 Village- Shiwlar, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No. 162 Part, Khasra No. 161 Part, Khasra No. 160 Part, Khasra No. 23 Part, Khasra No. 13 Part, Khasra No. 14 Part, Khasra No. 15 Part, Khasra No.16 Part, Khasra No, 17 Part, Khasra No. 38 Part, Khasra No. 36 Part, Khasra No. 35 Part, Khasra No. 74 Part, Khasra No. 78 Part, Khasra No. 80, Khasra No. 81 Part, Khasra No. 109 Part, Khasra No. 85 Part, Khasra No. 86 Part, Khasra No. 87 Part, Khasra No. 104 Part, Khasra No. 88 Part, Khasra No. 89 Part, Khasra No. 100 Part, Khasra No. 103 Part, Khasra No. 92 Part, Khasra No. 101 Part, Khasra No. 93 Part, Khasra No. 102 Part, Khasra No.99 Part, Village Dehramau, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No. 57 Part, Khasra No. 2 Part, Khasra No. 3 Part, Khasra No. 7 Part, Khasra No. 11 Part, Khasra No. 19 Part, Khasra No. 20 Part, Khasra No. 39 Part, Khasra No. 40 Part, Khasra No. 221 Part, Khasra No. 220 Part, Khasra No. 218 Part, Khasra No. 217 Part, Khasra No. 215 Part, Khasra No. 212 Part, Khasra No. 211 Part, Khasra No. 199 Part, Khasra No. 198 Part, Khasra No.328 Part, Khasra No. 331 Part, Khasra No. 332 Part, Village- Pahasa, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow.

East: Khasra No. 30, Khasra No. 29, Khasra No. 27, Khasra No. 24, Khasra No. 23, Khasra No. 22, Khasra No. 21, Khasra No. 20, Khasra No. 18, Village-Sithauli Kala, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No. 01, Village-Raypur, Pargana & Tehsil-Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No. 175, Village-Pahasa, Pargana & Tehsil Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No.123, Khasra No. 131, Khasra No. 132, Khasra No. 133, Khasra No. 135, Khasra No. 136, Khasra No. 137, Khasra No. 141, Khasra No. 142, Khasra No. 143. Village- Echwaliya, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No. 1338, Khasra No. 1339, Village-Mahurakala, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow.

South: On Indira Canal Khasra No. 112, Village-Habuapur, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow. Khasra No. 526, Village-Sithauli Kala, Pargana & Tehsil-Mohanlalganj, Lucknow.

West: On Mohanlalganj-Gosaiganj Main Road Khasra No. 766, Village-Beli, Pargana & Tehsil- Mohanlalganj, Lucknow, Khasra No. 94, Village-Habuapur, Pargana & Tehsil Mohanlalganj, Lucknow.

The details of the land incorporated in the scheme and map can be seen in the office of Housing Commissioner (Land Acquisition Section), U.P. Avas Evam Vikas Parishad, 104,भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 645 Mahatma Gandhi Marg, Lucknow or in the office of Executive Engineer, Construction Division Lucknow-07, U.P. Awas Evam Vikas Parishad, Office Complex, Sector-09, Vrindavan Yojna, Lucknow on any working day between 11:00 AM to 02:00 PM.

The Land owners of the structures situated in the scheme and land/structure within 500.00 metre of the boundary of the scheme will also be liable to pay betterment fee/development charges according to requisite rules/provisions of U.P. Avas Evam Vikas Parishad Adhiniyam-1965.

The objections against the scheme shall be received at the office of Housing Commissioner (Land Acquisition Section), U.P. Avas Evam Vikas Parishad, 104, Mahatma Gandhi Marg, Lucknow or in the office of Executive Engineer, Construction Division Lucknow-07, U.P. Avas Evam Vikas Parishad, Office Complex, Sector-09, Vrindavan Yojna, Lucknow within 30 days from the first publication of this notice in Gazette Uttar Pradesh. After the due date, no objection will be accepted. The objection so submitted should clearly mark out the correct name of the scheme and the land/building/village name/Khasra number/Area of Land of the objector incorporated in the scheme and all other details.

Dr. Balkar Singh, Housing Commissioner.

कार्यालय, नगर निगम, गोरखपुर

24 जुलाई, 2024 ई0

सं0 205/अ0न0आ0/रेन्ट/न0न0गो0/2024-25-उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-2 सन्‌ 1959) की धारा-541 के खण्ड (20), (21), (22), (23), (24), और (25) के अधीन शक्ति का प्रयोग करते हुये नगर निगम गोरखपुर द्वारा नगर निगम सीमान्तर्गत दुधारु पशुओं को नियंत्रित और विनियमित करने के लिये उक्त अधिनियम की धारा-544 के अधीन यथा अपेक्षित नगर निगम गोरखपुर द्वारा दुधारु पशुओं/डेयरी सम्बन्धी अनुज्ञप्ति, नियंत्रण और विनियमन उपविधि 2023 बनाई जाती है। जिसे उक्त अधिनियम की धारा-542 एवं 543 की अपेक्षानुसार सरकारी गजट में प्रकाशित की जायेगी।

नगर निगम गोरखपुर दुधारु पशुओं/डेयरी सम्बन्धी अनुज्ञप्ति

नियंत्रण और विनियमन उपविधि 2023

संक्षिप्त नाम विस्तार और प्रारम्भ-

1-(क) यह उपविधि नगर निगम गोरखपुर दुधारु पशुओं का नियंत्रण और विनियमन उपविधि उपविधि 2023 कही जायेगी।

(ख) उपविधि गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्ति लागू होगी।

(ग) यह उपविधि नगर निगम सीमान्तर्गत दुधारु पशुओं/डेयरी संचालकों/स्वामियों पर लागू होगी।

646 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

परिभाषायें-

2-जब तक कि विषय या सन्दर्भ में कोई धारा प्रतिकूल न हो इस उपविधि में-

(क) ''अधिनियम'' का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 (उ0प्र0 अधिनियम, संख्या 03 सन्‌ 1959) से है।

(ख) ''पशु'' का तात्पर्य गाय, भैंस, बकरी, भेड़ से है चाहे वह दूध देती हों या न देती हों किन्तु जिनका दूध मानवों द्वारा उपयोग किया जा सकता हो या उपयोग किया जा रहा हो किन्तु इसके अन्तर्गत दूध पीने वाला बछड़ा, बछिया, पड़िया, पड़वा नही है।

(ग) ''प्रपत्र'' का तात्पर्य इस उपविधि के साथ संलग्न प्रपत्र से है।

(घ) ''लाइसेन्स प्राधिकारी'' का तात्पर्य नगर आयुक्त द्वारा उपविधि प्रपत्र-2 के अधीन लाइसेन्स जारी करने के लिये प्राधिकृत नगर निगम के किसी अधिकारी से है।

(ङ) ''नगर निगम'' का तात्पर्य नगर निगम गोरखपुर से है।

(च) ''नगर आयुक्त'' का तात्पर्य अधिनियम की धारा-58 के अधीन नियुक्त किसी अधिकारी से है और इसके अन्तर्गत उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी भी है।

(छ) ''स्वामी'' का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसके पास व्यक्तिगत प्रयोग के लिये या अन्यथा कोई पशु हो।

(ज) ''निरीक्षण अधिकारी'' का तात्पर्य नगर आयुक्त द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी/कर्मचारी से है।

(झ) ''वर्ष'' से वित्तीय वर्ष अभिप्रेत होगा।

(ञ) ऐसे शब्दों और पदों को जो इस उपविधि में परिभाषित नहीं है किन्तु उपविधि में प्रयुक्त है वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके लिये दिये गये है।

उपविधि की शर्तें-

1-इस निमित्त बनाई गई या जारी की गई कोई उपविधि या निर्देश को इस उपविधि से प्रारम्भ होने के ठीक पूर्व प्रवृत्त रही हो निष्यप्रभावी हो जायेगी।

2-ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जो स्वामी हो अपने स्वामी होने के दिनांक से 15 दिन के भीतर अपने स्वामी होने के साक्ष्य को प्रपत्र-1 में नगर आयुक्त को सूचित करेगा।

3-प्रत्येक व्यक्ति अपने पशुओं के सम्बन्ध में प्रत्येक वर्ष अप्रैल मास से लाइसेन्स फीस का भुगतान करेगा और एतद्‌ पश्चात्‌ यथा उपबन्धित औपचारिकताओं को पूरा करने के पश्चात्‌ ठीक अनुवर्ती वर्ष के लिये लाइसेन्स प्राप्त करेगा।

4-प्रत्येक स्वामी लाइसेन्स प्राधिकारी को लाइसेन्स की स्वीकृति के लिये प्रपत्र-2 में आवेदन-पत्र प्रस्तुत करेगा। आवेदन-पत्र में पशुओं की ठीक संख्या और उनसे सम्बन्धित सुसंगत ब्योरे होने चाहिये। स्वामी अन्य कोई सूचना जो लाइसेन्स प्राधिकारी द्वारा अपेक्षित हो, देने के लिये भी दायी होगा।

5-यदि लाइसेन्स प्राधिकारी का समाधान हो जाय कि इस उपविधि के अधीन स्वामी को लाइसेन्स दिया जा सकता है तो वह प्रपत्र-3 में लाइसेन्स जारी करेगा।

6-लाइसेन्स प्राधिकारी स्वामी को लाइसेन्स फीस के भुगतान के लिये नोटिस दे सकता है और उससे किसी भी सुसंगत सूचना को भेजने की अपेक्षा कर सकता है यदि उसे ऐसा विश्वास करने का कारण हो कि स्वामी ने इस उपविधि के अधीन लाइसेन्स प्राप्त नहीं किया है।

7-जहॉं ऐसा कोई पशु जिसके सम्बन्ध में स्वामी लाइसेन्स फीस के भुगतान का दायी हो, मर जाय या बेच दिया जाय या किसी अन्य स्थानों को अन्तरित कर दिया जाय तो स्वामी लाइसेन्स प्राधिकारी को इस घटना के 15 दिन के भीतर लिखित रूप में तथ्य की सूचना देगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 647

8-स्वामी अपने पशुओं को स्वस्थ दशा और स्वच्छ स्थान में रखेगा और नीचे बनाये जा रहे उपबन्धों का अनुपालन करेगा-

(क) प्रत्येक पशु के लिये (बकरी और भेड़ को छोड़कर) 3.3 x 2.60 मीटर का स्थान होगा।

(ख) स्वामी का यह कर्तव्य होगा कि वह प्रत्येक पशु गृह के लिये निम्नलिखित व्यवस्था सुनिश्चित करेंः-

(एक) पक्का फर्श प्लस्तर किया हुआ या नाली सहित खड़ंजो का निमार्ण इस प्रकार किया जायेगा कि यह बात सुनिश्चित हो जाय कि पशुओं का मूत्र इत्यादि पशु गृह से बाहर बह जाय। स्वामी सप्ताह में एक बार कीटनाशों दवाओं से पशु गृह की सफाई से सुनिश्चित करेगा

(दो) पशु गृह के कुल क्षेत्र के 1/8 भाग में खिड़की दरवाजा या संघाराम होगा जिससे हवा प्रकाश आदि पशुओं को आसानी से मिलता रहे।

(तीन) प्रत्येक फर्श (मिट्‌टी के फर्श) के लिए यह आवश्यक है कि उस पर प्रत्येक जोडे़ में 10.6 सेन्टीमीटर मोटा पुआल आदि बिछा दिया जाय और उसे प्रति सप्ताह बदला जाए और ऐसे करते समय कीटनाशी दवा का छिड़काव भी किया जाय।

(चार) किसी कच्चे या पक्के पशु गृह के घर को स्लैब या एस्वेस्टस शीट, टीन, खपरैल या पन्नियों से ढका जायेगा कि पशु वर्षा, धूप और ठंड से सुरक्षित रहेंं।

(पाँच) स्वामी नियमित रुप से प्रतिदिन प्रातः 7 बजे के पूर्व गोबर व अप्रयुक्त चारा, भूसा, घास या किसी अप्रयुक्त सामग्री को हटायेगा और उसे पशु गृह से कम से कम 6.86 मीटर दूर किसी स्थान पर फेकेगा/रखेगा।

11-दूधशालाओं का फर्श इटों का या सीमेन्ट का होगा ताकि पानी बाहर निकल जाय। दूधशालाओं को नित्य कीटनाशी से साफ किया जायेगा और धोया जायेगा। किसी दूग्धशाला से 4.85 मीटर की परिधि के भीतर गोबर या कूड़ा-करकट या अन्य कोई सामग्री एकत्र नही की जायेगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी या निगम द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के सन्तोषानुसार पशु गृह और या डेरी फार्म की सफाई सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।

12-दूध एकत्र करने वाली बाल्टियों और उस स्थान को जहाँ दूध रखा जाय उचित रूप से साफ करना और धोना आवश्यक होगा। दूहने से पहले पशुओं के थनों को साफ करना और धोना होगा।

13-समुचित रूप से ढके दूध को किसी स्वच्छ और सूखे स्थान पर रखा जायेगा और सामान्यतः दूहने के 24 घंटे के भीतर दूध के रूप में उसका उपयोग किया जायेगा।

14-लाइसेन्स प्राधिकारी की अपेक्षानुसार स्वामी रोगी, पशुओं को स्वस्थ्य पशुओं से अनिवार्य रूप से अलग रखेगा। यदि कोई पशु बीमार हो जाय तो पशु की बीमारी की लिखित सूचना नगर स्वास्थ्य अधिकारी पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी को दी जायेगी। स्वामी यह भी सुनिश्चित करेगा कि बीमार पशु का दूध न तो उपयोग में लाया जाय न बेचा जाय और न किसी व्यक्ति को प्रयोग के लिये दिया जाय।

15-(1) कोई स्वामी किसी पशु को किसी सार्वजनिक स्थान में जैसे गली, सड़क, पार्क, या सड़क के आस-पास खुला या छुट्‌टा न तो छोड़ेगा और न चरायेगा।

(2) लाइसेन्सधारी को यह सुनिश्चित करने का कर्तव्य होगा कि गोरखपुर नगर निगम सीमा के भीतर सड़कों पर और यातायात की विनियमित करने की उपविधि के अनुसार ही पशुआें को ले जाने की अनुमति दी जाय।

(3) यदि नगर आयुक्त की राय में लोक हित में पशुआें को नगर निगम की सीमाओं के भीतर किसी विशेष क्षेत्र स्थान, सड़क, पार्क में या पार्क के पाश्र्व में रखना आवश्यक हो, तो नगर आयुक्त के आदेशों का अनुपालन करना स्वामी का कर्तव्य होगा।

648 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

16-लाइसेन्सधारी की लिखित सूचना पर नगर निगम गोबर और कूड़ा करकट आदि को हटाने की व्यवस्था करेगी। लाइसेन्सधारी इस प्रकार हटाने के लिये आवश्यक व्यय का भुगतान करने का दायी होगा।

17-नगर निगम का पशु चिकित्सक बीमार पशुओं के लिये आवश्यक परामर्श और कीट-नाशी दवाएं निःशुल्क देना।

18-लाइसेन्सधारी क्षेत्र की सफाई और धुलाई के लिए संग्रहण की पर्याप्त व्यवस्था करेगा और नगर निगम भी लाइसेन्सधारी से नियमों के अधीन व्यय लेकर उसकी व्यवस्था करेगी।

19-(1)- लाइसेन्स फीस स्वामी द्वारा प्रतिवर्ष अप्रैल मास में अग्रिम रूप से निम्नवत देय होगा-

(क) गाय और उसकी संतति जोे एक वर्ष से अधिक कोः रु0 500/- प्रति पशु

(ख) भैंस और उसकी संतति जो एक वर्ष से अधिक होः रु0 1000/- प्रति पशु

(2) इस उपविधि के अधीन प्राप्त लाइसेन्स पहली अप्रैल से एक वर्ष की अवधि के लिये प्रभावी होगा। एक मुस्त फीस का भुगतान करने पर लाइसेन्स एक वर्ष से अधिक के लिये भी दिया जा सकता है।

(3) यदि किसी लाइसेन्सधारी ने इस उपविधि के अधीन माह अप्रैल से पहले लाइसेन्स प्राप्त नही किया है तो उसे प्रथम माह के लिये 100/- रुपया और प्रति अनुवर्ती माह लिये 50/- रुपया प्रति माह अतिरिक्त फीस का भुगतान करना होगा।

(4) यदि कोई व्यक्ति किसी पशु पर स्वामित्व किसी वर्ष में 30 अप्रैल के बाद आकर करे तो वह लाइसेन्स प्राधिकारी को इसके लिये समुचित साक्ष्य देने के पश्चात्‌ उपविधि (3) के अधीन विलम्ब शुल्क का भुगतान किये बिना इस उपविधि के अधीन लाइसेन्स प्राप्त कर सकता है।

20-लाइसेन्स प्राधिकारी या कोई अन्य अधिकारी या नगर आयुक्त द्वारा इस निमिा प्राधिकृत कर्मचारी किसी पशु दूधशाला, दूध बेचने की दुकान के स्थान पर पशुओं की उचित देख-भाल और दूध के पात्रों (कन्टेनरों) का निरीक्षण कर सकता है। निरीक्षण किसी भी दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच किया जा सकता है। स्वामी के लिये नगर आयुक्त या इस निमिा प्राधिकृत अधिकारी या कर्मचारी के अनुदेशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

21-उपर्युक्त निरीक्षण के सन्दर्भ में किसी विवाद के मामले में स्वामी नगर आयुक्त को प्रत्यावेदन कर सकता है। ऐसे प्रत्यावेदन पर नगर आयुक्त का विनिश्चय अन्तिम होगा।

22-लाइसेन्स प्राधिकारी से जन स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखकर किसी व्यक्ति को नगर निगम की सीमाओं के भीतर किसी स्थान पर किसी पशु को रखने, विक्रय करने या विक्रय के लिये करने से रोक सकता है। वह लाइसेन्स देने से मना भी कर सकता है, लाइसेन्स को निलम्बित या रद्‌ कर सकता है।

23-नगर स्वास्थ्य अधिकारी/पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी या इस उपविधि के अधीन नगर आयुक्त द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी लाइसेन्स प्राधिकारी होगा। लाइसेन्स प्राधिकारी को शक्तियों की प्रयोग केवल ऐसे अधिकारियों द्वारा ही किया जायेगा जो इस प्रयोग के लिये सम्यक रूप से प्राधिकृत हों।

24-लाइसेन्स का नवीनीकरण स्वामित्व का कोई हक प्रदान नही करेगा। यह लाइसेन्स प्राधिकारी के विवेक पर होगा कि वह स्वामी को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात्‌ किसी लाइसेन्स को स्वीकृत करे या स्वीकृति करने से इन्कार करे या नवीकरण करे या करने से इनकार करे और ऐसे मामले में लाइसेन्स को स्वीकृत करने से इनकार करने या लाइसेन्स का नवीनीकरण करने से इनकार करने का कारण अभिलिखित किये जायेंगे।

25-प्रत्येक लाइसेन्स के साथ एक टोकन दिया जायेगा। इस प्रकार दिया गया टोकन पशु की गर्दन में बाधा जायेगा जिससे कि यह टोकन निरीक्षण अधिकारी या कर्मचारी को स्पष्ट रूप से दिखाई दे। लाइसेन्स फीस के अतिरिक्त टोकन का मूल्य लाइसेन्स धारी के द्वारा दिया जायेगा। एक टोकन का मूल्य ऐसा होगा जैसा नगर निगम द्वारा समय-समय पर अवधारित किया जाय। लाइसेन्स प्राधिकारी द्वारा टोकन के मूल्य का भुगतान करने की रसीद दी जायेगी।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 649

26-इस उपविधि के अधीन प्रपत्र-2 का विक्रय किया जा सकेगा और उस पर छपी हुई धनराशि का भुगतान करने पर उसे नगर निगम के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।

शास्ति

नगर निगम अधिनियम की धारा-550 के अधीन लिखित का प्रयोग करके गोरखपुर नगर निगम एतद्‌द्वारा यह निर्देश देते हैं कि इस उपविधि में दिये गये किसी उपकरण का उल्लंघन की दशा में उक्त अधिनियम की धारा-550 में प्राविधानित दण्ड दिया जायेगा जो निम्नवत्‌ होगा-

1-प्रथम बार आदेशों के उल्लंघन में अवैध डेयरी के संचालक पर रु0 1000/- प्रति पशु जुर्माना लगाया जाये।

2-द्वितीय बार आदेशों के उल्लंघन में अवैध डेयरी के संचालक पर रु0 2000/- प्रति पशु जुर्माना लगाया जाये।

3-अवैघ डेयरियों पर अधिकतम रु0 50,000/- तक का जुर्माना प्रस्तावित किया जाये।

4-आदेशोें के उल्लंघन की पुनरावृत्ति में अवैध डेरियों पर कार्यवाही करते हुए जब्त पशुओं की नीलामी की जाये।

(क) नीलामी हेतु एक कमेटी का गठन किया जाय।

(ख) रु0 20,000/- प्रति पशु अपदूषण कारण पशु (व्यस्क)

(ग) रु0 10,000/- प्रति पशु (पड़वा, पड़िया, बछड़ा/बछिया)

(घ) निःशुल्क प्रति पशु (दूध पीता बच्चा)

5-अवैध डेयरियों के सम्बन्ध में मा0 न्यायालय, एन0जी0टी0 तथा शासनादेश द्वारा पारित दिशा-निर्देश ही प्रभावी माने जायेंगे।

6-ऐसे पशु पालक जिनके पास दो या दो से कम पशु हैं और अपने भूमि पर उनका पालन-पोषण कर रहा है उसको डेयरी की श्रेणी में नही रखा जायेगा।

दिनांक 24 जुलाई, 2024 ई0

सं0 205/अ0न0आ0/रेन्ट/न0न0गो0/2024-25-नगर निगम, गोरखपुर (श्वान/कुत्ते) संबंधी अनुज्ञप्ति, नियंत्रण और विनियमन उपविधि-2023 को सरकारी गजट में प्रकाशन से पूर्व इस आशय से प्रकाशित की जा रही है कि इस संंबंध में किसी को कोई आपत्ति/सुझाव हो तो वह लिखित रूप से नगर आयुक्त, नगर निगम गोरखपुर को सम्बोधित 15 दिवस के अन्दर प्रस्तुत कर सकता हैं निर्धारित समयावधि के उपरान्त प्राप्त होने वाली आपत्ति/सुझाव पर कोई विचार नहीं किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-02 सन्‌ 1959) धारा-541 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अधीन शक्ति का प्रयोग करते हुए नगर निगम, गोरखपुर द्वारा नगर निगम सीमान्तर्गत सुरक्षा या शौक के उद्‌देश्य से पाले जाने वाले श्वान/कुत्तें सम्बन्धी अनुज्ञप्ति, नियन्त्रण और विनियमन हेतु नगर निगम गोरखपुर श्वान/कुत्ते के अनुज्ञप्ति, नियन्त्रण अैर विनियमन उपविधि-2023 बनायी जाती है जिसे उक्त अधिनियम के 542 एवं 543 की अपेक्षानुसार सरकारी गजट में प्रकाशित की जायेगी।

91 ट650 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

गोरखपुर नगर निगम (श्वान/कुत्ते) सम्बन्धी अनुज्ञप्ति, नियन्त्रण और विनियमन उपविधि-2023

1-संक्षिप्त नाम विस्तार और प्रारम्भ (1) यह कि नगर निगम (श्वान/कुत्ते सम्बन्धी अनुज्ञप्ति, नियन्त्रण और विनियमन) उपविधि 2023 कही जायेगी।

2-यह उपविधि गजट में प्रकाशन के दिनांक से लागू की जायेगी।

3-यह गोरखपुर नगर निगम सीमा के अन्दर व्यक्ति द्वारा सुरक्षा व्यवस्था या शौक हेतु रखे गये श्वान/कुत्ते सम्बन्घित स्वामी पर लागू होगी।

4-इस निमित बनायी गयी या जारी की गयी उपविधि या निर्देश जो उपविधि के प्रारम्भ से ठीक पूर्व प्रवृत्त रही हो निष्प्रभावी हो जायेगी।

(1) परिभाषायें- अब तक विषय या सन्दर्भ में कोई धारा प्रतिकूल न हो इस उपविधि में-

(क) अधिनियम का तात्पर्य नगर निगम अधिनियम 1959 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या-03 सन्‌ 1959) से है।

(ख) नगर निगम का तात्पर्य गोरखपुर नगर निगम से है।

(ग) श्वान/कुत्ते से तात्पर्य ऐसे पालतू पशुओं से है, जिसको नगर निगम, गोरखपुर सीमा में सुरक्षा व्यवस्था या शौक या विक्रय के उद्‌देश्य से पाला जाये।

(घ) निरीक्षण अधिकारी का तात्पर्य नगर आयुक्त द्वारा इस निमित प्राधिकृत किसी अधिकारी/कर्मचारी से है।

(ङ) अनुज्ञापित व्यक्ति का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो किसी श्वान/कुत्ते के स्वामी हो और जिसने उपविधि के अन्तर्गत गोरखपुर नगर निगम की सीमा में सुरक्षा व्यवस्था अथवा शौक के लिए श्वान/कुत्तों को पालने हेतु नगर निगम के नगर आयुक्त से अनुज्ञा प्राप्त कर ली है।

(च) अनुज्ञा का तात्पर्य इस उपविधि के अधीन प्रदत्त अनुज्ञा से है।

(छ) वर्ष से वित्तिय वर्ष अभिप्रेत होगा।

(2) ऐसे शब्दों और पदों को जो इस उपविधि में परिभाषित नही है किन्तु उपविधि में प्रयुक्त है यही अर्थ होगें जो अधिनियम में उनके लिए दिये गये हैं।

(3) प्रतिषेध- कोई भी व्यक्ति गोरखपुर नगर निगम की सीमा में किसी भवन अथवा स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था अथवा शौक के लिए किसी भी श्वान/कुत्ते को नही पालेगा या पालने देगा या विक्रय करेगा, जब तक सुरक्षा व्यवस्था अथवा शौक अथवा विक्रय के लिए पाले गये श्वान/कुत्ते के श्वामी द्वारा इस उपविधि के अधीन अनुज्ञा प्राप्त कर ली गयी हो।

(4) अनुज्ञा और उसकी उपविधि- प्रत्येक –ष्टि से संतुष्ट हो जाने के उपरान्त नगर आयुक्त द्वारा इस उपविधि के अधीन आवेदक द्वारा नगर निगम के सीमा में सुरक्षा एवं शौक के उद्देश्य से श्वान/कुत्ते को पालने हेतु एक वर्ष के लिए इस उपबन्ध अनुज्ञा प्रदान की जायेगी कि अनुज्ञा के शर्तों के उल्लंघन पर किसी भी समय अनुज्ञा (लाइसेंस) निलम्बित या निरस्त कर दिया जायेगा।

(5) अनुज्ञा की शर्ते-

(I) ऐसे प्रत्येक व्यक्ति जो श्वान/कुत्ते के स्वामी हो अपने स्वामी होने के दिनांक से 15 दिन के भीतर अपने श्वान/कुत्ते के स्वामी होने के साक्ष्य/प्रमाण के साथ नगर निगम को सूचित करेंगे। एस०पी०सी०ए०/Peta/भारत सरकार/राज्य सरकार/मा0 न्यायालय/किसी न्यायधीकरण द्वारा समय-समय पर जारी आदेश और निर्णय का भी पालन करना अनुज्ञा धारक की जिम्मेदारी होगी ऐसे न करने पर उपविधि का उल्लंघन माना जायेगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 651

(II) कोई श्वान/कुत्ते के स्वामी अपने पालतू पशु को किसी सार्वजनिक स्थान यथा गली सड़क, पार्क या लिफ्ट/सीढ़ी के आस-पास खुला नहीं छोड़ेगे।

(III) कोई श्वान/कुत्ते के स्वामी अपने पालतू पशु को इस प्रकार से रखेगा या बांधेगा कि उसके पड़ोसी या किसी अन्य व्यक्ति को पालतू पशु से कोई आपति/परेशानी न हो।

(IV) श्वान/कुत्ते के गृह स्वच्छ होना आवश्यक होगा। श्वान/कुत्ते के गृह को प्रतिदिन धुलाई एवं कीटनाशकों को छिड़काव करना आवश्यक होगा।

(V) प्रत्येक श्वान/कुत्ते के स्वामी अपने पालतू पशु के संबंध में प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह अनुज्ञा शुल्क का भुगतान करेगा तथा उपबन्धित औपचारिकाताओं को पूरा करने के उपरान्त एक वर्ष के लिए अनुज्ञा शुल्क का भुगतान करेगा तथा उपबन्धित औपचारिकाताओं को पूरा करने के उपरान्त एक वर्ष के लिए अनुज्ञा प्राप्त करेगा।

(VI) प्रत्येक श्वान/कुत्ते के स्वामी लाइसेंस प्राधिकारी/नगर आयुक्त को अनुज्ञा स्वीकृति के लिए आवेदन प्रस्तुत करेगा। आवेदन-पत्र में श्वान/कुत्ते के लिंग, रंग, जाति तथा टीकाकरण, बन्ध्याकरण से सम्बन्धित समस्त सूचना अंकित करेगा। श्वान/कुत्ते सम्बन्धी कोई सूचना जो व्यक्तिगत प्राधिकारी द्वारा अपेक्षित हो प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होगा।

(VII) जहॉ ऐसे कोई पालतू पशु मर जाये अथवा बेच दिया जाये या अन्य किसी व्यक्ति या स्थान को स्थानान्तरित कर दिया जाये तो पालतू पशु स्वामी लाइसेंस प्राधिकारी को तथ्य की सूचना घटना के 15 दिन के अन्दर लिखित रूप से प्रस्तुत करेगा।

(VIII) सभी पालतू श्वानों का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

(IX) पालतू श्वानाें के पंजीकरण हेतु किसी वैध पशु चिकित्सक द्वारा निर्गत एण्टी रेबीज टीकाकरण प्रमाण-पत्र तथा बध्याकरण प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य होगा। श्वानों का बध्याकरण 01 वर्ष की उम्र होने के पश्चात्‌ कराया जायेगा तथा विशेष परिस्थिति में जैसे मेडिकल स्थिति में छूट प्रदान की जा सकती है।

(X) 200 वर्ग गज में अधिकतम 02 पालतू श्वानों तथा 30 वर्ग गज में अधिकतम 04 पालतू श्वानों का पंजीकरण किया जायेगा।

(XI) आवेदन करने वाले पशु स्वामियों को उनके द्वारा पाले जा रहे श्वानों से पब्लिक न्यूसेंस न करने सम्बंधी शपथ-पत्र भी देना होगा।

(XII) 5 या 5 से अधिक श्वान होने पर पशु शेल्टर के प्रावधान लागू होगें, जिसे आवासीय क्षेत्र में नहीं रखा जा सकेगा।

(XIII) पालतू श्वानों के गंदगी की सफाई की सम्पूर्ण जिम्मेदारी श्वान मालिक की होगी। इसके अतिरिक्त आवारा श्वानों के ध्यान रखने की जिम्मेदारी AOA/RAW की होगी।

(XIV) कोई भी व्यक्ति किसी के घर के सामने श्वानों का न खाना खिलायेगा न गंदगी फैलायेगा।

(XV) पशु प्रेमी AOA/RAW स्थापित करते हुये आवारा श्वान के खाना खिलाने हेतु श्वान फीडिंग स्थान तय करें।

(XVI) सार्वजनिक स्थान जैसे-पार्क/लिफ्ट में श्वान को ले जाते समय मजल (Muzzle) लगाना अनिवार्य होगा, परन्तु अत्यधिक गर्मी के मौसम में जहॉ लोग कम हो (Muzzle) हटा सकते है।

(XVII) गोरखपुर नगर निगम द्वारा पीटबुल (Pitbul) रॉट वीलर (Roitweiller) तथा डोगो अर्जेन्टीनों (Dogo Argentino) जैसे आक्रामक श्वानों का पंजीकरण तथा ब्रीडिंग (Breeding) प्रतिबन्धित किया जाता है।

(XVIII) उपरोक्त नियमों की अवहेलना पर प्रति श्वान रु0 5,000.00 अर्थदण्ड के रूप में लगाया जायेगा।

652 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

(6) पेट शाप/दुकानों हेतु नियम व शर्तेः-

1-गोरखपुर नगर निगम सीमान्तर्गत सभी पेट शाप को नगर निगम द्वारा निर्गत अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य होगा 2-उक्त अनुज्ञप्ति की फीस अंकन मूल्य रु0 5,000.00 प्रति वर्ष होगी। अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण 30 दिवस के भीतर कराना अनिवार्य होगा।

3-अनुज्ञप्ति के आवेदन के पूर्व पेट शाप को पशुओं के प्रति कु्ररता का निवारण नियम 2018 के अनुसार राज्य बोर्ड से पंजीकरण प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

4-पेट शाप का विक्रय किये गये सभी पशुओं का अभिलेख रखना अनिवार्य होगा।

5-उक्त नियमों की अवहेलना पर अंकन रु0 5,000.00 अर्थदण्ड के रूप में लगाया जायेगा।

6-माननीय सर्वोच्च न्यायालय एनिमल वेलफेयर बोर्ड आफ इण्डिया तथा उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश उक्त नियमों पर प्रभावी माने जायेगें।

(7) निरीक्षण का अधिकार एवं लाइसेंस प्राधिकारी-

(1) नगर आयुक्त अथवा उसके द्वारा प्राधि—त अन्य कोई अधिकारी/कर्मचारी किसी श्वान/कुत्ते के गृह कि उचित देखभाल आदि का निरीक्षण किसी भी दिवस किसी भी समय कर सकता है। पालतू पशु स्वामी को इस निमित्त नगर आयुक्त या उसके द्वारा प्राधि—त अधिकारी/कर्मचारी के आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा।

(2) नगर आयुक्त द्वारा प्राधि—त अन्य कोई अधिकारी/कर्मचारी लाइसेंस प्राधिकारी होगा।

(8) श्वान/कुत्ते का रहने का स्थान-

(1) पालतू पशु स्वामी अपने श्वान/कुत्ते को स्वच्छ स्थान पर रखेगा और निम्नलिखित उपबन्धों का पालन करेगा।

(9) अनुज्ञा शुल्क-

(I) पालतू पशु स्वामी द्वारा पालतू पशुओं को रखने हेतु निम्नलिखित निर्धारित अनुज्ञा शुल्क रु0 200/- प्रति वर्ष अप्रैल माह में अग्रिम रूप से देय होगी।

(II) इस उपविधि के अधीन प्राप्त लाइसेंस 01 अप्रैल से 31 मार्च अर्थात्‌ एक वर्ष के लिए प्रभावी होगा।

(III) श्वान/कुत्ते के वर्गीकरण का अधिकार निगम द्वारा प्राधि—त पशु चिकित्सक के आख्या के आधार पर लाइसेंस प्राधिकारी/नगर आयुक्त को होगा।

प्रत्येक अनुज्ञा के साथ लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा 01 मैटल का टोकन जिसका मूल्य पालतू. पशु स्वामी द्वारा अनुज्ञा शुल्क के साथ जमा करना आवश्यक होगा, पालतू पशु स्वामी को प्रदान किया जायेगा। जिस पालतू पशु के गर्दन में मजबूत चमड़े या अन्य किसी पट्टे के साथ बाधा जाना आवश्यक होगा जिससे निरीक्षण अधिकारी/कर्मचारी को स्पष्ट रूप से दिखायी दे।

(10) अनुज्ञा का नवीनीकरण-

(I) अनुज्ञा 01 अप्रैल से 31 मार्च तक की अवधि के लिए होगी और वर्ष में किसी भी माह में अनुज्ञा प्रदत्त होने पर पूरे वर्ष का शुल्क देय होगा, जो रु0 100.00 प्रति श्वान होगा।

(II) अनुज्ञा का नवीनीकरण नगर आयुक्त/लाईसेंस प्राधिकारी के पूर्णतया संतुष्ट हो जाने के उपरान्त ही किया जायेगा।

(III) अनुज्ञा नवीनीकरण हेतु आवेदन-पत्र अप्रैल के प्रथम सप्ताह में प्रत्येक दशा में प्रस्तुत किया जायेगा और उसके साथ नगर निगम कोष में नवीनकरण शुल्क जमा कर दिये गये/होने का रसीद संलग्न की जायेगी।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 653

(IV) यदि ऐसा आवेदन पत्र 01 मई के उपरान्त किन्तु 31 मई के पूर्व प्रस्तुत किया जाता है तो नगर निगम अधिनियम-1959 की अनुसूची में निर्धारित विलम्ब शुल्क रु० 100.00 जमा करना आवश्यक होगा।

(V) यदि 01 जून अथवा उसके पश्चात आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया जाता है तो उस स्थिति में अनुज्ञा शुल्क विलम्ब शुल्क के साथ अनुसूची में निर्धारित जुर्माना रु 50.00 प्रतिदिन की दर से जुर्माना करने के उपरान्त ही अनुज्ञा का नवीनीकरण किया जा सकेगा।

(11) अनुज्ञा का निलम्बन निरस्तीकरण- यदि किसी अनुज्ञा धारक द्वारा किसी भी समय लाइसेंस की शर्तो अथवा लाइसेंस में अभिलिखित किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है/करता है जो कि सत्यापित हो जाता है तो उस स्थिति में अनुज्ञा धारक को बचाव का युक्ति-युक्त अवसर दिये जाने के पश्चात्‌ निलम्बित कर दी जायेगी और अपराध सिद्ध की दशा में निरस्त कर दी जायेगी। पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने पर उसको जब्त कर लिया जायेगा और अनुज्ञा निरस्त कर दी जायेगी।

(12) निषेध-अनुज्ञा निलम्बित अथवा निरस्त हो जाने के उपरान्त उक्त अनुज्ञा के अधीन अनुज्ञाधारक को नगर निगम सीमा में सुरक्षा व्यवस्था अथवा शौक के उद्देश्य से नहीं रख सकेगा। ऐसा पाये जाने की दशा में पालतू पशु को जब्त कर लिया जायेगा।

(13) प्रशमन/अपील-लाइसेंस प्राधिकारी के आदेशों के विरुद्ध वाद उत्पन्न होने की दशा में नगर आयुक्त के आदेश के दिनांक से 30 दिवस के अन्दर अपील प्रस्तुत की जा सकेगी तथा नगर आयुक्त के आदेशों के समक्ष मण्डलायुक्त की अगले 30 दिन के अन्दर अपील प्रस्तुत की जा सकेगी।

(14) शास्ति-नगर निगम अधिनियम की धारा-550 के अन्तर्गत शक्ति प्रयोग करके गोरखपुर नगर निगम एतत्‌द्वारा यह निर्देश देती है कि इस उपविधि में दिये गये किसी उपबन्ध के उल्लंघन की दशा में जुर्माना जो कि रु0 1000.00 तक हो सकता है और निरन्तर उल्लंघन की दशा में जुर्माना से जो प्रथम दोष सिद्ध की दिनांक के पश्चात प्रत्येक ऐसे दिन के लिए जिसमें यह साबित हो जाये कि अपराधी ने अपराध जारी रखा है, रु0 100.00 प्रतिदिन देय होगा एवं दण्डनीय अपराध होगा।

(15) नगर निगम की तरफ से लोगों को सलाह है कि अमेरिकन पिटबुल, सेंटविलर, सिवोरियन, हुसकी, डाबरमैन पिन्सचर तथा वाक्सर बीड के कुत्ते एवं ऐसे खतरनाक पालतू पशुओं को नही पालना चाहिए जो कभी भी हमलावर हो सकते है। इन पालतू पशुओं को पालने के लिए गोरखपुर नगर निगम से लाइसेंस लेना जरूरी होगा।

अगर पालतू पशुओं का लाइसेंस गोरखपुर नगर निगम से नहीं लिया गया है तो रु0 5,000.00 पशु की दर से जुर्माना वसूला जायेगा।

(16) यदि किसी पालतू पशु स्वामी को अपने पालतू पशु में रैबीज व अन्य बीमारी के लक्षण जैसे मूंह से अधिक लार आना, काटने दौड़ना आदि नजर आये तो तत्काल इसकी सूचना नगर निगम, गोरखपुर को दें जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो, अन्यथा की स्थिति में कोई अप्रिय घटना घटित होता है तो उस पालतू पशु स्वामी पर रु0 5,000.00 जुर्माने के साथ विधिक कार्यवाही की जायेगी।

(17) श्वान/कुत्ते के स्वामी द्वारा अपने श्वान/कुत्ते को घर से बाहर निकालने से पहले श्वान/कुत्ते को चैन से बाधना अनिवार्य होगा एवं श्वान/कुत्ते के सम्बन्ध में मुंह पर मजल लगायी जानी आवश्यक होगी।

(ह0) अस्पस्ट, अपर नगर आयुक्त नगर निगम, गोरखपुर।

654 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

सूचना

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र

का सही नाम अक्षय मिश्र पुत्र प्रवीण कुमार मिश्र है जो

उसके शैक्षिक अभिलेख में अकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के

आधार कार्ड सं0 7562 4271 9020 में उसका नाम अदुत्य

मिश्र अंकित है जो उसका घरेलू नाम है। भविष्य में मेरे

पुत्र को अक्षय मिश्र पुत्र प्रवीण कुमार मिश्र के नाम से

जाना व पहचाना जाये।

सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम वैभवी जायसवाल पुत्री शंकर प्रसाद जायसवाल है। जो उसकी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं जन्म प्रमाण-पत्र में अंकित है त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार क्रमांक संख्या-4786 7920 5275 में सोनाक्षी जायसवाल अंकित हो गया है, जो घरेलू नाम हे। भविष्य में मेरी पुत्री को वैभवी जायसवाल पुत्री शंकर प्रसाद जायसवाल के नाम से जाना और पहचाना जाय।

प्रवीण कुमार मिश्र, पुत्र श्री अंनग पाल मिश्र, ग्राम-तुलापुर पो-सिकन्दरा, जिला-प्रयागराज, यू0पी0-212109 शंकर प्रसाद जायसवाल, भरथरा, लोहता स्टेशन रोड, कान्हा नगर कालोनी, लोहता, वाराणसी।

सूचना

सूचना

सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम

टि्‌वकंल सक्सेना है जो कि उसके शैक्षिक अभिलेख में

अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड संख्या-4469

8947 4260, में घर का नाम पूर्णिमां अंकित हो गया है।

उपरोक्त दोनो नाम मेरी पुत्री का ही है। भविष्य में मेरी सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम प्रेम कुमार दुबे पुत्र स्वर्गीय परमहंस दुबे है, जो मेरे शैक्षिक अभिलेख, आधार कार्ड, पैन कार्ड में अंकित है। त्रुटिवश मेरे सेवा से सम्बन्धित अभिलेखों, PPO में मेरा नाम प्रेम कुमार पुत्र स्वर्गीय परमहंस दुबे अंकित हो गया है जो कि त्रुटिपूर्ण है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम प्रेम कुमार दुबे पुत्र स्वर्गीय परमहंस दुबे के नाम से जाना एवम्‌ पहचाना जाय।

पुत्री को टि्‌वंकल सक्सेना पुत्री विजय सक्सेना के नाम से

जाना व पहचाना जाये।

विजय सक्सेना पता-432/512, पुराना कटरा, प्रयागराज।

प्रेेम कुमार दूबे, ग्राम-पोस्ट, मुरारपुर तहसील-गोला, जिला-गोरखपुर।

सूचना

सूचना

मेरे पुत्र का सही नाम सत्यम यादव हे जो उसके

शैक्षिक अभिलेखाें में अंकित हे। त्रुटिवश मेरे पुत्र के

आधार कार्ड सं0 8358 2970 2375 में मेरे पुत्र का नाम

अरूण कुमार यादव अंकित हो गया हे जो कि गलत है

भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम सत्यम यादव पुत्र सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम यश द्विवेदी है। जो कि उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0 5826 2299 8593 में घर का नाम कृष्णा द्विवेदी अंकित हो गया है। उपरोक्त दोनो नाम मेरे पुत्र के ही है। भविष्य में मेरे पुत्र को यश द्विवेदी पुत्र आनन्द कुमार द्विवेदी के नाम से जाना व पहचाना जाये। निशा द्विवेदी पत्नी स्व0 आनन्द कुमार, नि0-राम नगर, रूरा कानपुर देहात, पिनकोड-209303

अरूण कुमार के नाम से जाना व पहचाना जाये।

अरूण कुमार, पता-उगापुर बरिस्ता कला हंडिया, जनपद-प्रयागराज।

निशा द्विवेदी, पत्नी स्व0 आनन्द कुमार, नि0-रामनगर रूरा कानपुर देहात, पिनकोड-209303भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 655

सूचना

से अलग हो गये है तथा इनका फर्म से कोई लेना देना बकाया नही है तथा अब इनके स्थान पर दिनांक 20 जुलाई, 2024 को नई साझेदार श्रीमती अंजू अग्रवाल पत्नी श्री आदेश कुमार गुप्ता स्वेच्छा से इस फर्म मे नई साझेदार आई है। तथा अब इस फर्म में अब क्रम से दो पार्टनर हो गये है। श्री आदेश कुमार गुप्ता पुत्र श्री मंगल सैन गुप्ता (2) श्रीमती अंजू अग्रवाल पत्नी श्री आदेश कुमार गुप्ता हो गये है।

आदेश कुमार गुप्ता साझेदार।

.

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित करना है कि मेसर्स वंश एच0पी0गैस, ग्राम- फिरोजपुर पोस्ट-खुर्जा तहसील-खुर्जा जनपद-बुलन्दशहर (उ0प्र0) की साझीदारीनामा दिनांकः 09 अक्टूबर, 2017 के अनुसार अनिल कुमार एवं श्रीमती रेखा देवी साझीदार थे। दिनांक 25 अप्रैल, 2024 से प्रभावी विघटित साझीदारीनामा के अनुसार उपरोक्त दोनो साझीदारों द्वारा अपना अपना हिसाब किताब ले देकर स्वेच्छा से अलग अलग हो गये है। फर्म की साझीदारी को विघटित कर लिया गया है यह घोषणा करता हॅू कि एतद्‌द्वारा यह प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स AANYA H.P. GAS GRAMIN VITRAK, DATAR NAGAR-PARWAI, DIST-JHANSI U.P. वर्तमान में पंजीकृत है जिसके साझेदारों का विवरण निम्न प्रकार है।-

अनिल कुमार पूर्व साझीदार, मेसर्स वंश एच0पी0गैस, ग्राम- फिरोजपुर पोस्ट-खुर्जा तहसील-खुर्जा, जनपद-बुलन्दशहर, (उ0प्र0)।

1-BRIJMOHAN SHIVHARE 2-RASHMI SHIVHARE

सूचना

जिसमें दिनांक 15 जुलाई, 2024 से ANKIT VAIDYA, ADARSH VAIDYA शामिल हो रहे उसके बाद दिनांक 02 अगस्त, 2024 को BRIJMOHAN SHIVHARE एवं RASHMI SHIVHARE अपनी स्वेच्छा से पृथक हो रहे हैं।

एतद द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक रूप से औपचारिकताआें का पालन स्वयं मेरे द्वारा किया गया है।

ANKIT VAIDYA साझेदार मेसर्स AANYA H.P. GAS GRAMIN VITRAK, DATAR NAGAR-PARWAI,

DIST-JHANSI U.P.

सूचना

सर्वसाधारण सूचित किया जाता है कि मेसर्स कुंज फिलिंग स्टेशन, ग्राम नवाबपुरा मण्डी धनौरा, जिला-अमरोहा (यू0पी0) पंजीकरण सं0 जेपीएन-0011807 में पंजीकरण के समय दो साझीदार श्री अमर गोयल पुत्र श्री सुरेश चन्द्र गोयल एवं श्री संजीव कुमार पुत्र सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेसर्स श्री बालाजी ट्रेडर्स पता शॉप नं0 39 सैकेण्ड फ्लोर आनंदम स्क्वायेर आनंदम स्टेट विला आनंदम विलेज धारगल जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश की पार्टनर्सशिप 01 फरवरी, 2024 को हुई थी जिसमें हम क्रम से दो पार्टनर थे (1) श्री अमित कुमार मित्तल C/o श्री सतीश कुमार मित्तल (2) श्री गौरव मित्तल पूत्र श्री सतीश कुमार मित्तल थे। संशोधित साझीदारीनामा के अनुसार दिनांक 17 जुलई, 2024 की साझीदारी के अनुसार साझेदार (2) श्री गौरव मित्तल पुत्र श्री सतीश कुमार मित्तल स्वेच्छा से इस फर्म से अलग हो गये हैं तथा इनका फर्म से कोई लेना देना बकाया नही है तथा अब इनके स्थान पर दिनांक 17 जुलाई, 2024 को नये साझेदार श्री आदेश कुमार गुप्ता पुत्र श्री मंगल सैन गुप्ता स्वेच्छा से इस फर्म मे नये साझेदार आये है। तथा अब इस फर्म में अब क्रम से दो पार्टनर हो गये है। (1) श्री अमित कुमार मित्तल C/o श्री सतीश कुमार मित्तल (2) श्री आदेश कुमार गुप्ता पुत्र श्री मंगल सैन गुप्ता हो गये है। और संशोधित साझीदारीनामा के अनुसार दिनांक 20 जुलाई, 2024 की साझीदारी के अनुसार साझेदार (1) श्री अमित कुमार मित्तल C/o श्री सतीश कुमार मित्तल स्वेच्छा से इस फर्म656 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

सूचना

सर्वसाधारण सूचित किया जाता है कि मेसर्स दीपेश

जायसवाल एण्ड अदर्स, पता-72, नवादा शेखान, बरेली

उत्तर प्रदेश जिसकी पंजीकरण सं0-B-13442 है, यह श्री रामचन्द्र सिंह थे। अब दोनो साझीदार उक्त व्यापार को साझीदारी में चलाना नहीं चाहते हैं, जिस कारण दोनों साझीदारों ने अपसी सहमति से दिनांक 25 जुलाई, 2024 को उक्त फर्म डिजोल्व कर दी है, तथा फर्म पर कोई देनदारी व लेनदारी बकाया नहीं है।

उपरोक्त फर्म दिनांक 01 नवम्बर, 2013 से निरन्तर सुचारू

रूप से कार्य कर रही है, उपरोक्त फर्म में एक नये

साझेदार के रूप में श्री शमीम अहमद पुत्र श्री शकील

अहमद पता 3- हजियापुर, बरेली, उत्तर प्रदेश 243005

दिनांक 20 जनवरी, 2023 से स्वेच्छा से सम्मिलित हो रहा अमर गोयल एवं संजीव कुमार, साझीदार, मेसर्स कुंज फिलिंग स्टेशन, ग्राम नवाबपुरा मण्डी धनौरा, जिला-अमरोहा (यू0पी0)

है। उपरोक्त फर्म में वर्तमान में कुल तीन साझेदार क्रमशः

श्री मनोज कुमार जायसवाल श्री नीरज जायसवाल, श्री

शमीम अहमद साझेदार हैं।

सूचना

सूचित किया जाता है कि मेरे पिता जी का सही

नाम रवि प्रकाश मिश्रा है, जो उनके शैक्षिक अभिलेखों,

आधार कार्ड व पैन कार्ड में अंकित है, त्रुटिवश मेरे

हाईस्कूल अंक पत्र प्रमाण पत्र अनुक्रमांक 23160205 Year

श्री नीरज जायसवाल साझेदार मेसर्स दीपेश जायसवाल, एण्ड अदर्स, पता-72, नवादा शेखान, बरेली उत्तर प्रदेश।

2022 में मेरे पिता का नाम रवि मिश्रा अंकित है, जो

गलत है।

सूचना

सर्वसाधारण सूचित किया जाता है कि मेसर्स

दिलनवाज ट्रान्सपोर्ट एजेन्सी पैट्रोल पम्प के सामने वंश वशिष्ट, पुत्र श्री रवि प्रकाश मिश्रा, निवासी केशपुरम कालोनी, गोरखनाथ, गोरखपुर (उ0प्र0)।

चन्दौसी, रोड कुन्दरकी, जिला-मुरादाबाद पंजीकरण सं0

एम0बी0डी0- 3396 नामक फर्म में तीन पार्टनर श्रीमती

विमलेश, श्रीमती उमा यादव एवं श्री मौ0 साजिद थे।

सूचना

पार्टनर श्री मौ0 साजिद ने दिनांक 22 सितम्बर, 2022 को सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म M/s

रिटायरमेन्ट लेकर अपनी साझीदारी समाप्त कर ली है, SAANVI INDUSTRITES, पता-Junction Road, Village

इस प्रकार उक्त फर्म में अब वर्तमान में दो पार्टनर श्रीमती Gauspur Taina, Near Third Mile Stone Plaza Petrol pump,

विमलेश एवं श्रीमती उमा यादव रह गयी है। रिटायरमेन्ट Khurja, Bulandshahr U.P. 203131 पंजीकरण संख्या

लेने वाले पार्टनर की उक्त फर्म पर अब कोई बीयूएल/0014918 दिनांक 25 अप्रैल, 2023 की

लेनदारी/देनदारी नहीं है। दिनांक 22 सितम्बर, 2022 को पार्टनरशीप डीड दिनांक 18 अप्रैल, 2023 के अनुसार फर्म

फर्म का पता परिवर्तित करके शिव विहार कॉलोनी साझीदार 1. धीरज कुमार व 2. श्री शुभम गर्ग थे। फर्म

नालापार नियर मानसरोवर थाना मझोला, मुरादाबाद कर की पार्टनरशीप डीड दिनांक 31 मार्च, 2024 के अनुसार

दिया गया है।

साझीदार श्री शुभम गर्ग पूर्ण सहमती व स्वेच्छा से

सेवानिवृत्त हो गये है व नवीन साझीदार-नीरज चौधरी

फर्म साझेदारी में नवीन साझीदार की हैसियत से सम्मलित

हुये है।

धीरज कुमार, साझीदार।

विमलेश, पार्टनर, मेसर्स दिलनवाज ट्रान्सपोर्ट एजेन्सी, शिव विहार कॉलोनी, नालापार नियर मानसरोवर, थाना मझोला, मुरादाबादभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 657 कुमार गुप्त, श्री भारद्वाज कुमार गुप्त, श्री जय भारती

सूचना

कुमार गुप्त, श्री अमृत लाल कसौधन, श्रीमती आरती देवी सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म

श्री विश्वभारती कुमार गुप्ता व श्री आनन्द भारती गुप्ता मेसर्स इण्डियन इन्फ्राटेक 1 फ्लोर शॉप 22 एण्ड 24 चर्च

एवं श्री सज्ञान भारती गुप्ता जी है। उक्त फर्म में किसी काम्प्लेक्स इनफ्रंट आफ सेंट ऐनड्रियूस इण्टर कॉलेज

का कोई लेन देन बकाया नहीं है।

टाउनहाल शास्त्री चौक गोरखपुर उ0प्र0 नामक फर्म में

साझेदार डीड दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से नौशाद अहमद

एवं मोहम्मद अयान जी साझेदार थे। यह की उक्त फर्म

कार्यालय सहायक निबंधक फम्र्स सोसाइटी एवं चिट्‌स

गोरखपुर में पंजीकरण सं0 GOR/0009938 पर पंजीकृत

श्री जयराज कुमार गुप्त, साझेदार, मेसर्स गोपाल मेडिकल हॉल, फार्मेसी आर/ओ बरहज, जिला देवरिया उ0प्र0 है। यह की उक्त फर्म के साझेदारी डीड दिनांक 01 मई,

2024 से मोहम्मद अयान जी उक्त फर्म से अपना हक

और हिस्सा ले कर रिटायर्ड हो चुके है तथा मोहम्मद

सूचना

अहमद पुत्र ज़फर वासिम जी उक्त फर्म में साझेदार के

सर्वसाधारण सूचित किया जाता है यह कि मेरा सही रूप में शामिल हो चुके है । अब उक्त फर्म में क्रमशः

नाम अनिल कुमार शर्मा पुत्र कृष्ण बाबू है जो मेरे शैक्षिक नौशाद अहमद एवं मोहम्मद अहमद जी है। उक्त फर्म में

अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड किसी का कोई लेन देन बकाया नहीं है।

संख्या-3644 7414 8642 में मेरा नाम रिंकू शर्मा अंकित

हो गया है जो मेरा गलत नाम है। भविष्य में मुझे मेरे

सही नाम अनिल कुमार शर्मा पुत्र कृष्ण बाबू के नाम से

जाना व पहचाना जाये। अनिल कुमार शर्मा पुत्र कृष्ण

बाबू, पता- मं0नं0-211/213 बक्शी खुर्द दारागंज

प्रयागराज उ0प्र0-211006

नौशाद अहमद साझेदार, मेसर्स इण्डियन इन्फ्राटेक 1 फ्लोर शॉप, 22 एण्ड 24 चर्च काम्प्लेक्स, इनफ्रंट आफ सेंट ऐनड्रियूस, इण्टर कॉलेज टाउनहाल शास्त्री चौक, गोरखपुर उ0प्र0।

अनिल कुमार शर्मा।

सूचना

सूचना

सर्वसाधारण सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स

गोपाल मेडिकल हॉल फार्मेसी आर/ओ बरहज जिला सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम

देवरिया उ0प्र0 नामक फर्म में साझेदारी डीड दिनांक 22

नैतिक केसरवानी पुत्र नीरज केसरवानी है जो उसके

अगस्त, 2005 से श्री गोपाल प्रसाद कसौधन, श्री जयराज

शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार

कुमार गुप्त, श्री भारद्वाज कुमार गुप्त, एवं श्री जय भारती

कार्ड संख्या 8824 4596 3648 में उसका नाम अनन्य कुमार गुप्त जी साझेदार थे। यह कि उक्त फर्म के

अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र साझेदार श्री गोपाल प्रसाद कसौधन जी की मृत्यु दिनांक

को उसके सही नाम नैतिक केसरवानी पुत्र नीरज 02 मार्च, 2024 को हो चुकी है तथा साझेदारी डीड

केसरवानी के नाम से जाना व पहचाना जाये।

दिनांक 20 मई, 2024 से श्रीमती आरती देवी, श्री अमृत

लाल कसौधन, श्री विश्वभारती कुमार गुप्त व श्री आनन्द

भारती गुप्ता एवं श्री सज्ञान भारती गुप्ता जी उक्त फर्म में

साझेदार के रूप में शामिल हुए है। अब साझेदारी डीड

नीरज केसरवानी पुत्र जुग्गी लाल केसरवानी निवासी ग्राम भरवारी पोस्ट भरवारी, कौशाम्बी।

दिनांक 20 मई, 2024 से उक्त फर्म में क्रमशः श्री जयराज

92 ट658 उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8 यह है कि भागीदार डीड दिनांक 28 अक्टूबर, 2022

सूचना

के अनुसार श्रीमती नीशू गुप्ता पत्नी श्री उमा शंकर मेरी पुत्री का सही नाम अनुश्री पुत्री पिन्टू कुमार है,

खण्डेलवाल तथा श्रीमती सुप्रिया पत्नी श्री आकाश जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश उसके

खण्डेलवाल निवासी-339, सेठ का मढ़, गंगा मन्दिर, आधार कार्ड संख्या 2696 1700 7459 में कुमकुम अंकित

भरतपुर उक्त फर्म में नये भागीदार के रूप में सम्मिलित हो गया है। जो उसका घरेलू नाम है। भविष्य में मेरी पुत्री

हो गई हैं और फर्म के पूर्व भागीदार श्री उमाशंकर को अनुश्री पुत्री पिन्टू कुमार निवासी ग्राम बटौआं, पोस्ट-

खण्डेलवाल पुत्र श्री अशोक कुमार खण्डेलवाल तथा सीखड़, जिला-मीरजापुर, उत्तर प्रदेश के नाम से जाना व

श्री आकाश खण्डेलवाल पुत्र श्री अशोक कुमार पहचाना जाये।

खण्डेलवाल, निवासीगण 339, सेठ का मढ़, गंगा मन्दिर,

पिन्टू कुमार

भरतपुर अपनी स्वेच्छा से उक्त दिनांक से फर्म से अलग

हो गये है। अब फर्म में श्रीमती नीशू गुप्ता व श्रीमती

सुप्रिया ही भागीदार रह गई हैं।

सूचना

सूचित किया जाता है कि साझेदारी फर्म मे0

श्री श्याम डवलपर्स, 2/703 बेगम बाग, अलीगढ़ में

परिवर्तन की सूचना इस प्रकार है-

यह है कि दिनांक 27 मई, 2023 को फर्म के

नीशू गुप्ता भागीदार मे0 शक्ति फ्लोर मिल, 249, मानवेन्द्र नगर, नयति हॉस्पीटल के पीछे, एन0एच0-2, तहसील व जिला मथुरा।

साझेदार श्री सतेन्द्र कुमार शर्मा पुत्र श्री जगदीश प्रसाद

शर्मा, निवासी 2/703 बेगम बाग, विष्णुपुरी अलीगढ़

श्री राकेश कुमार सिंह पुत्र श्री ऋषिपाल सिंह, निवासी-

सूचना

एच0आई0जी0 19-ए/1 विकास नगर, ए0डी0ए0 आगरा

रोड, अलीगढ़ तथा श्रीमती कश्मीरा पत्नी श्री राकेश कुमार सूचित किया जाता है कि साझेदारी फर्म मे0

सिंह निवासी एच0आई0जी0 19-ए/1 विकास नगर, वन्डर ग्लास वक्र्स, एस0एन0रोड, फिरोजाबाद में परिवर्तन

ए0डी0ए0 आगरा रोड, अलीगढ़ फर्म की साझेदारी

की सूचना इस प्रकार है-

से स्वेच्छा से पृथक हो गये है। अब फर्म में श्री अमित

यह है कि दिनांक 01 जुलाई, 2024 को गोविन्द कुमार शर्मा, श्री हेमेन्द्र कुमार शर्मा तथा श्री रवि कुमार

कुमार पुत्र श्री नरेन्द्र मोहन निवासी-एस-7 व्हाईट हाउस, साझेदार है।

जवाहर नगर, खन्दारी आगरा को फर्म में सम्मिलित कर

लिया गया है तथा उक्त दिनांक को ही फर्म के साझेदार

श्रीमती बिल्किस बेगम पुत्री श्री असफाक अली, निवासी

मुश्ताक मन्जिल कटरा पठानान, फिरोजाबाद फर्म की

साझेदार अमित कुमार मे0 श्री श्याम डवलपर्स, 2/703 बेगम बाग, अलीगढ़।

साझेदारी से स्वेच्छा से पृथक हो गयी है। अब फर्म में श्री

असलम परवेज तथा श्री गोविन्द कुमार साझेदार है।

सूचना

असलम परवेज साझेदार मे0 वन्डर ग्लास वक्र्स, एस0एन0रोड, फिरोजाबाद सूचित किया जाता है कि भागीदारी फर्म मे0 शक्ति फ्लोर मिल, 249, मानवेन्द्र नगर, नयति हॉस्पीटल के पीछे, एन0एच0-2, तहसील व जिला मथुरा के भागीदारों/विद्यान में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार है-भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 10 अगस्त, 2024 ई0 (श्रावण 19, 1946 शक संवत्‌) 659

NOTICE

सूचना

I Sanjay Kumar Sonkar S/o Late Chhote Lal R/o

Ward no. 4 Shastri Nagar panchayat Chakia, PS

Chakia Distt Chandauli. state that my son name

is Aryansh in school records. In Aadhar card his

name is Yaksh which is in-correct whereas हमने अपनी साझेदारी फर्म मॉडर्न ग्लास इण्डस्ट्रीज जिसका पैन संख्या AAGFM5716M है, का दिनांक 01 अगस्त, 2024 से नाम परिवर्तित कर RGI राइज ग्लास इण्डस्ट्रीज कर लिया है भविष्य में मॉडर्न ग्लास इण्डस्ट्रीज को इसी नाम से जाना जायेगा।

correct name is Aryansh now onwards will be सुरेश चन्द्र बंसल, साझीदार, पता-662, शिव नगर, जलेसर रोड, फिरोजाबाद-283203 known and recalled by Aryansh name only.

Sanjay Kumar Sonkar.

पी0एस0यू0पी0-19 हिन्दी गजट-भाग 8-2024 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।


  1. तथैव 25 3 301-500 तथैव 25 4 501-2000 तथैव 25 5 2001-6000 तथैव 25 6 6001-12000 तथैव 25 7 12001-20000 तथैव 50 9 40001 से अधिक तथैव 50 क्रमॉंक भवन/भू-खण्ड पार्किग स्थान ECU (Equivalent Car Unit) ↩
  2. 2 1 ग्रुप हाउसिंग योजना एक ECU प्रति 80 वर्ग मीटर स्वीकृत (FAR) का 2 संस्थागत एवं शैक्षणिक भवन एक ECU प्रति 100 वर्ग मीटर स्वीकृत (FAR) का 3 औद्योगिक भवन एक ECU प्रति 100 वर्ग मीटर स्वीकृत (FAR) का 4 व्यावसायिक भवन एक ECU प्रति 30 वर्ग मीटर स्वीकृत (FAR) का 5 समाजिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र एक ECU प्रति 50 वर्ग मीटर स्वीकृत (FAR) का 6 लॉज, अतिथि गृह, हॉस्टल एक ECU प्रति 2 अतिथि रूम के लिए 7 हॉस्पिटल, नर्सिंग होम एक ECU प्रति 65 वर्ग मीटर स्वीकृत (FAR) का 8 सिनेमा, मल्टीप्लेक्स एक ECU प्रति 15 सीट्‌स 9 आवासीय भवन एक ECU प्रति 150 वर्ग मीटर स्वीकृत (FAR) का (ञ) अग्नि शमन पद्धति, अग्नि सुरक्षा एवं सर्विसेस (i) तीन मंजिल अथवा 15 मीटर से अधिक ऊँचे भवनों और विशिष्ट भवन यथा-संस्थागत एवं शैक्षणिक भवन, व्यावसायिक भवन, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स 400 वर्ग मीटर से अधिक भू-आच्छादन के भवन में अग्नि निकास हेतु एक जीना बाहर की दीवार पर एवं अग्नि सुरक्षा के अन्य सभी प्रावधान करने होंगे। भवन के चारों तरफ बाउन्ड्री दिवार के साथ-साथ 6 मीटर चौडा मार्ग का प्रावधान करना होगा। जिसमें दमकलों के चालन हेतु कम से कम 4 मीटर चौड़ाई का परिवहन मार्ग (Carriage Way) होगा। ↩
  3. ↩
  4. ↩
  5. एक वृक्ष प्रति 100 वर्ग मीटर 25 2 151-300 तथैव 50 8 20001-40000 ↩
  6. ↩
  7. ↩
  8. ↩
  9. ↩
  10. ↩
  11. ↩
  12. धान कूटने का मिल (राइस सेलर) ↩
Cite this issue. Uttar Pradesh Ordinary Gazette, Government of Uttar Pradesh, 10 August 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2024-08-10.c_202408121504573037/. Archive identifier in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2024-08-10.c_202408121504573037.