रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)
खण्ड 78] प्रयागराज, शनिवार, 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [संख्या 39
विषय-सूची
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विषय पृष्ठ संख्या
विषय
वार्षिक चन्दा
पृष्ठ संख्या
वार्षिक चन्दा सम्पूर्ण गजट का मूल्य रु0 रु0
3075 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग, उार प्रदेश .. 975 975
भाग 5-एकाउन्टेन्ट जनरल, उार प्रदेश
761-768
भाग 1- विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस
975
भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये
1500
(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
भाग 1-क- नियम, कार्य-विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया 775-782
भाग 1-ख (1) औद्योगिक न्यायाधिकरणों भाग 6-क-भारतीय संसद के ऐक्ट
के अभिनिर्णय
भाग 1-ख (2)-श्रम न्यायालयों के
अभिनिर्णय
भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा सभाओं में प्रस्तुत किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये
(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट
975
भाग 7-क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं के ऐक्ट
भाग 2-आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण .. 975
भाग 7-ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां ..
भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग का
क्रोड़पत्र, खण्ड क-नगरपालिका
परिषद्, खण्ड ख-नगर पंचायत,
खण्ड ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय)
भाग 8-सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गाठों का विवरण-पत्र, जन्म- मरण के आँकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि 931-980 975
स्टोर्स-पर्चेज विभाग का क्रोड़ पत्र .. 1425 तथा खण्ड घ-जिला पंचायत 153-160 975
114 क762 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 1 भाग 1 विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस।
निबन्धन विभाग
नियुक्ति
15 सितम्बर, 2023 ई0
सं0 3775/290/तीन-ए-425/शि0का0लख0/2023-सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2022 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन, कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र संख्या-91/आयोग/47-का-4-2023 दिनांक 01 जून, 2023 द्वारा आवंटित अभ्यर्थियों की सूची के अनुसार अभ्यर्थियों का चरित्र सत्यापन/स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए नियुक्ति-पत्र निर्गत करने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र दिनांक 01 जून, 2023 के अनुक्रम में नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण करते हुए श्री मो0 इरशाद, पुत्र श्री अब्दुल क्यूम, निवासी-ग्राम व पोस्ट- उड़ैयाडीह, तहसील-पट्टी, जनपद-प्रतापगढ़ को उप रजिस्ट्रार के पद पर वेतन बैण्ड-3 वेतनमान रु0 15,600-39,100 ग्रेड वेतन रु0 5,400/- यथा-संशोधित पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10, रु0 56,100/- से रु0 1,77,500/- में पदभार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित शर्तों के अधीन नियुक्ति प्रदान की जाती हैं-
2-श्री मो0 इरशाद, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगें तथा परिवीक्षा अवधि में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यदि वह परिवीक्षाकाल में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहते हैं अथवा इनके कार्य एवं आचरण से ऐसा प्रतीत होता है कि वह उप रजिस्ट्रार के पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए उपयुक्त नहीं है तो इनकी सेवायें बिना किसी प्रतिकर के उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-19(3) के अनुसार परिवीक्षा अवधि के मध्य अथवा अन्त में समाप्त कर दी जायेगी। श्री मो0 इरशाद को देय वेतन इत्यादि उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-22 एवं 23 तथा समय-समय पर यथा-संशोधित नियमों के अधीन अनुमन्य होंगी। यह नियुक्ति पूर्णतया अस्थायी है तथा किसी भी समय एक माह की नोटिस अथवा एक माह का वेतन देकर समाप्त की जा सकती है।
3-नियुक्ति आदेश की प्राप्ति पर उप रजिस्ट्रार के पद पर, पदभार ग्रहण करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्नांकित प्रमाण-पत्र/सूचनाएं प्रस्तुत की जाएगी-
1- आयु, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता/आरक्षण सम्बन्धी प्रमाण-पत्रों की स्वप्रमाणित छायाप्रतियाँ।
2- केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अन्तर्गत की गयी अब तक की सेवा के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
3- इण्डियन आफिसियल सिक्रेट्स एक्ट, 1923 के प्राविधानों के पढ़े जाने के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
4- अपने कर्जदार न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
5- एक से अधिक पत्नी/पति न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
6- समस्त चल-अचल सम्पत्ति से सम्बन्धित निर्धारित प्रारूप पर घोषणा-पत्र।
7- दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र मूलरूप में।
8- भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 7634-नियुक्त अभ्यर्थी की सेवायें उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 (समय-समय पर संशोधित) के प्राविधानों से शासित होगी तथा ऐसी अन्य समस्त शर्ते भी उन पर लागू होंगी, जो समय-समय पर शासन द्वारा निर्धारित की जायेंगी।
5-नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-20 तथा समय-समय पर यथासंशोधित नियमों के अन्तर्गत स्थायीकरण किया जायेगा।
6-विहित प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरान्त स्वतंत्र रूप से उप रजिस्ट्रार के पद पर तैनाती होने पर रु0 750/- (रु0 सात सौ पचास मात्र) का बचत पत्र महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश के पक्ष में जमानत के रूप में तैनाती स्थल के जिला में जमा करनी होगी तथा साक्ष्य स्वरूप छाया प्रति इस कार्यालय को प्रेषित करेंगे।
7-नव नियुक्त/उप रजिस्ट्रार पदभार ग्रहण करने की तिथि से उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-18(6) के अन्तर्गत छः सप्ताह का नियमानुसार प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण की अवधि में शासनादेश संख्या-253/नौ-आर/20-1927 दिनांक 29 अगस्त, 1927 के अन्तर्गत अंगूठा लेने का भी प्रशिक्षण जिला पुलिस कार्यालय से प्राप्त करेंगे।
8-श्री मो0 इरशाद को सूचित किया जाता कि वह नियुक्ति आदेश प्राप्त होने के पश्चात दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक सहायक महानिरीक्षक निबन्धन, प्रतापगढ़ के कार्यालय में पदभार ग्रहण करने हेतु अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे तथा उपर्युक्त प्रस्तर-3 में उल्लिखित अभिलेखों/घोषणा-पत्र के साथ प्रस्तुत करेंगे। यदि श्री मो0 इरशाद दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक योगदान आख्या प्रस्तुत नहीं करते है, तो यह नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी, जिसके उपरान्त कोई भी निवेदन/प्रार्थना-पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।
9-श्री मो0 इरशाद, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने के उपरान्त सम्बन्धित कार्यालय में प्रशिक्षण के मध्य दिनांक 16 अक्टूबर, 2023 से दिनांक 23 अक्टूबर, 2023 तक कार्यालय महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश शिविर कार्यालय, लखनऊ में उपस्थित रहकर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। व्यवहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरान्त शेष अवधि का प्रशिक्षण सम्बन्धित कार्यालय में उपस्थित होकर प्राप्त करेंगे।
10-श्री मो0 इरशाद, उप रजिस्ट्रार को प्रथम नियुक्ति पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कोई यात्रा-भत्ता अनुमन्य नहीं होगा।
सं0 3778/288/तीन-ए-425/शि0का0लख0/2023-सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2022 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन, कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र संख्या-91/आयोग/47-का-4-2023 दिनांक 01 जून, 2023 द्वारा आवंटित अभ्यर्थियों की सूची के अनुसार अभ्यर्थियों का चरित्र सत्यापन/स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए नियुक्ति-पत्र निर्गत करने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र दिनांक 01 जून, 2023 के अनुक्रम में नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण करते हुए श्री कपिल तिवारी, पुत्र स्व0 शशिकान्त तिवारी, निवासी-ग्राम व पोस्ट जगन्नाथपुर, गोपीगंज जनपद-सन्तरविदास नगर (भदोही) को उप रजिस्ट्रार के पद पर वेतन बैण्ड-3 वेतनमान रु0 15,600-39,100 ग्रेड वेतन रु0 5,400/- यथा-संशोधित पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10, रु0 56,100/- से रु0 1,77,500/- में पदभार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित शर्तों के अधीन नियुक्ति प्रदान की जाती हैं-764 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 1 2-श्री कपिल तिवारी, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगें तथा परिवीक्षा अवधि में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यदि वह परिवीक्षाकाल में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहते हैं अथवा इनके कार्य एवं आचरण से ऐसा प्रतीत होता है कि वह उप रजिस्ट्रार के पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए उपयुक्त नहीं है तो इनकी सेवायें बिना किसी प्रतिकर के उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-19(3) के अनुसार परिवीक्षा अवधि के मध्य अथवा अन्त में समाप्त कर दी जायेगी। श्री कपिल तिवारी को देय वेतन इत्यादि उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-22 एवं 23 तथा समय-समय पर यथा-संशोधित नियमों के अधीन अनुमन्य होंगी। यह नियुक्ति पूर्णतया अस्थायी है तथा किसी भी समय एक माह की नोटिस अथवा एक माह का वेतन देकर समाप्त की जा सकती है।
3-नियुक्ति आदेश की प्राप्ति पर उप रजिस्ट्रार के पद पर, पदभार ग्रहण करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्नांकित प्रमाण-पत्र/सूचनाएं प्रस्तुत की जाएगी-
1- आयु, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता/आरक्षण सम्बन्धी प्रमाण-पत्रों की स्वप्रमाणित छायाप्रतियाँ।
2- केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अन्तर्गत की गयी अब तक की सेवा के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
3- इण्डियन आफिसियल सिक्रेट्स एक्ट, 1923 के प्राविधानों के पढ़े जाने के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
4- अपने कर्जदार न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
5- एक से अधिक पत्नी/पति न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
6- समस्त चल-अचल सम्पत्ति से सम्बन्धित निर्धारित प्रारूप पर घोषणा-पत्र।
7- दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र मूलरूप में।
8- भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
4-नियुक्त अभ्यर्थी की सेवायें उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 (समय-समय पर संशोधित) के प्राविधानों से शासित होगी तथा ऐसी अन्य समस्त शर्ते भी उन पर लागू होंगी, जो समय-समय पर शासन द्वारा निर्धारित की जायेंगी।
5-नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-20 तथा समय-समय पर यथासंशोधित नियमों के अन्तर्गत स्थायीकरण किया जायेगा।
6-विहित प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरान्त स्वतंत्र रूप से उप रजिस्ट्रार के पद पर तैनाती होने पर रु0 750/- (रु0 सात सौ पचास मात्र) का बचत पत्र महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश के पक्ष में जमानत के रूप में तैनाती स्थल के जिला में जमा करनी होगी तथा साक्ष्य स्वरूप छायाप्रति इस कार्यालय को प्रेषित करेंगे।
7-नव नियुक्त/उप रजिस्ट्रार पदभार ग्रहण करने की तिथि से उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-18(6) के अन्तर्गत छः सप्ताह का नियमानुसार प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण की अवधि में शासनादेश संख्या-253/नौ-आर/20-1927 दिनांक 29 अगस्त, 1927 के अन्तर्गत अंगूठा लेने का भी प्रशिक्षण जिला पुलिस कार्यालय से प्राप्त करेंगे।
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 7658-श्री कपिल तिवारी को सूचित किया जाता कि वह नियुक्ति आदेश प्राप्त होने के पश्चात दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक सहायक महानिरीक्षक निबन्धन, सन्तरविदास नगर (भदोही) के कार्यालय में पदभार ग्रहण करने हेतु अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे तथा उपर्युक्त प्रस्तर-3 में उल्लिखित अभिलेखों/घोषणा-पत्र के साथ प्रस्तुत करेंगे। यदि श्री कपिल तिवारी दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक योगदान आख्या प्रस्तुत नहीं करते है, तो यह नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी, जिसके उपरान्त कोई भी निवेदन/प्रार्थना-पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।
9-श्री कपिल तिवारी, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने के उपरान्त सम्बन्धित कार्यालय में प्रशिक्षण के मध्य दिनांक 16 अक्टूबर, 2023 से दिनांक 20 अक्टूबर, 2023 तक कार्यालय महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश शिविर कार्यालय, लखनऊ में उपस्थित रहकर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। व्यवहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरान्त शेष अवधि का प्रशिक्षण सम्बन्धित कार्यालय में उपस्थित होकर प्राप्त करेंगे।
10- श्री कपिल तिवारी, उप रजिस्ट्रार को प्रथम नियुक्ति पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कोई यात्रा- भत्ता अनुमन्य नहीं होगा।
सं0 3779/289/तीन-ए-425/शि0का0लख0/2023-सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2022 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन, कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र संख्या-91/आयोग/47-का-4-2023 दिनांक 01 जून, 2023 द्वारा आवंटित अभ्यर्थियों की सूची के अनुसार अभ्यर्थियों का चरित्र सत्यापन/स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए नियुक्ति-पत्र निर्गत करने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र दिनांक 01 जून, 2023 के अनुक्रम में नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण करते हुए श्री चन्द्र रेणू विक्रम, पुत्र श्री जय सिंह, निवासी-म0नं0 डी-61, हनुमान नगर, लाइन पार, जनपद-मुरादाबाद को उप रजिस्ट्रार के पद पर वेतन बैण्ड-3 वेतनमान रु0 15,600-39,100 ग्रेड वेतन रु0 5,400/- यथा-संशोधित पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10, रु0 56,100/- से रु0 1,77,500/- में पदभार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित शर्तों के अधीन नियुक्ति प्रदान की जाती हैं-
2- श्री चन्द्र रेणू विक्रम, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगें तथा परिवीक्षा अवधि में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यदि यह परिवीक्षाकाल में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहते हैं अथवा इनके कार्य एवं आचरण से ऐसा प्रतीत होता है कि वह उप रजिस्ट्रार के पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए उपयुक्त नहीं है तो इनकी सेवायें बिना किसी प्रतिकर के उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-19(3) के अनुसार परिवीक्षा अवधि के मध्य अथवा अन्त में समाप्त कर दी जायेगी। श्री चन्द्र रेणू विक्रम को देय वेतन इत्यादि उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-22 एवं 23 तथा समय-समय पर यथा- संशोधित नियमों के अधीन अनुमन्य होंगी। यह नियुक्ति पूर्णतया अस्थायी है तथा किसी भी समय एक माह की नोटिस अथवा एक माह का वेतन देकर समाप्त की जा सकती है।
3- नियुक्ति आदेश की प्राप्ति पर उप रजिस्ट्रार के पद पर, पदभार ग्रहण करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्नांकित प्रमाण-पत्र/सूचनाएं प्रस्तुत की जाएगी-
(1) आयु, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता/आरक्षण सम्बन्धी प्रमाण-पत्रों की स्वप्रमाणित छाया प्रतियाँ।
(2) केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अन्तर्गत की गयी अब तक की सेवा के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
766 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 1(3) इण्डियन आफिसियल सिक्रेट्स एक्ट, 1923 के प्राविधानों के पढ़े जाने के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
(4) अपने कर्जदार न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
(5) एक से अधिक पत्नी/पति न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
(6) समस्त चल-अचल सम्पत्ति से सम्बन्धित निर्धारित प्रारूप पर घोषणा-पत्र।
(7) दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र मूलरूप में।
(8) भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
4- नियुक्त अभ्यर्थी की सेवायें उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 (समय-समय पर संशोधित) के प्राविधानों से शासित होगी तथा ऐसी अन्य समस्त शर्ते भी उन पर लागू होंगी, जो समय-समय पर शासन द्वारा निर्धारित की जायेंगी।
5- नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-20 तथा समय-समय पर यथासंशोधित नियमों के अन्तर्गत स्थायीकरण किया जायेगा।
6- विहित प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरान्त स्वतंत्र रूप से उप रजिस्ट्रार के पद पर तैनाती होने पर रु0 750/- (रु0 सात सौ पचास मात्र) का बचत पत्र महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश के पक्ष में जमानत के रूप में तैनाती स्थल के जिला में जमा करनी होगी तथा साक्ष्य स्वरूप छायाप्रति इस कार्यालय को प्रेषित करेंगे।
7- नव नियुक्त/उप रजिस्ट्रार पदभार ग्रहण करने की तिथि से उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-18(6) के अन्तर्गत छः सप्ताह का नियमानुसार प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण की अवधि में शासनादेश संख्या-253/नौ-आर/20-1927 दिनांक 29 अगस्त, 1927 के अन्तर्गत अंगूठा लेने का भी प्रशिक्षण जिला पुलिस कार्यालय से प्राप्त करेंगे।
8- श्री चन्द्र रेणू विक्रम को सूचित किया जाता कि वह नियुक्ति आदेश प्राप्त होने के पश्चात दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक सहायक महानिरीक्षक निबन्धन, मुरादाबाद के कार्यालय में पदभार ग्रहण करने हेतु अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे तथा उपर्युक्त प्रस्तर-3 में उल्लिखित अभिलेखों/घोषणा-पत्र के साथ प्रस्तुत करेंगे। यदि श्री चन्द्र रेणू विक्रम दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक योगदान आख्या प्रस्तुत नहीं करते है, तो यह नियुक्ति निरस्त कर दी जायेगी, जिसके उपरान्त कोई भी निवेदन/प्रार्थना-पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।
9- श्री चन्द्र रेणू विक्रम, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने के उपरान्त सम्बन्धित कार्यालय में प्रशिक्षण के मध्य दिनांक 16 अक्टूबर, 2023 से दिनांक 20 अक्टूबर, 2023 तक कार्यालय महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश शिविर कार्यालय, लखनऊ में उपस्थित रहकर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। व्यवहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरान्त शेष अवधि का प्रशिक्षण सम्बन्धित कार्यालय में उपस्थित होकर प्राप्त करेंगे।
10- श्री चन्द्र रेणू विक्रम, उप रजिस्ट्रार को प्रथम नियुक्ति पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कोई यात्रा- भत्ता अनुमन्य नहीं होगा।
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 76729 सितम्बर, 2023 ई0
सं0 3941/287/तीन-ए-425/शि0का0लख0/2023-सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, 2022 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन, कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र-संख्या-91/आयोग/47-का-4-2023 दिनांक 01 जून, 2023 द्वारा आवंटित अभ्यर्थियों की सूची के अनुसार अभ्यर्थियों का चरित्र सत्यापन/स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए नियुक्ति-पत्र निर्गत करने के निर्देश प्रदान किये गये हैं। कार्मिक अनुभाग-4 के पत्र दिनांक 01 जून, 2023 के अनुक्रम में नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण करते हुए श्री अम्बुज कुमार मिश्रा, पुत्र श्री उमा शंकर मिश्र, निवासी- म0नं0-25बी, ग्राम-अहिरौली पोस्ट व्यवहरा, जनपद-आजमगढ़ को उप रजिस्ट्रार के पद पर वेतन बैण्ड-3 वेतनमान रु0 15,600-39,100 ग्रेड वेतन रु0 5,400/- यथा-संशोधित पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10, रु0 56,100/- से रु0 1,77,500/- में पदभार ग्रहण करने की तिथि से निम्नलिखित शर्तों के अधीन नियुक्ति प्रदान की जाती हैं-
2-श्री अम्बुज कुमार मिश्रा, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगें तथा परिवीक्षा अवधि में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यदि वह परिवीक्षाकाल में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहते हैं अथवा इनके कार्य एवं आचरण से ऐसा प्रतीत होता है कि वह उप रजिस्ट्रार के पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए उपयुक्त नहीं है तो इनकी सेवायें बिना किसी प्रतिकर के उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-19(3) के अनुसार परिवीक्षा अवधि के मध्य अथवा अन्त में समाप्त कर दी जायेगी।
श्री अम्बुज कुमार मिश्रा को देय वेतन इत्यादि उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-22 एवं 23 तथा समय- समय पर यथा-संशोधित नियमों के अधीन अनुमन्य होंगी। यह नियुक्ति पूर्णतया अस्थायी है तथा किसी भी समय एक माह की नोटिस अथवा एक माह का वेतन देकर समाप्त की जा सकती है।
3-उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम 20 के अन्तर्गत स्थाई होने तक यह नियुक्ति पूर्णतया अस्थायी होगी एवं उ0प्र0 अस्थायी शासकीय सेवक नियमावली, 1975 के नियम 3 के अन्तर्गत किसी भी समय एक माह की नोटिस अथवा एक माह का वेतन देकर समाप्त की जा सकती है।
4-नियुक्ति आदेश की प्राप्ति पर उप रजिस्ट्रार के पद पर, पदभार ग्रहण करते समय अभ्यर्थी द्वारा निम्नांकित प्रमाण-पत्र/सूचनाएं प्रस्तुत की जाएगी-
(1) आयु, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता/आरक्षण सम्बन्धी प्रमाण-पत्रों की स्वप्रमाणित छाया प्रतियाँ।
(2) केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार के अन्तर्गत की गयी अब तक की सेवा के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
(3) इण्डियन आफिसियल सिक्रेट्स एक्ट, 1923 के प्राविधानों के पढ़े जाने के सम्बन्ध में घोषणा-पत्र।
(4) अपने कर्जदार न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
(5) एक से अधिक पत्नी/पति न होने के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
(6) समस्त चल-अचल सम्पत्ति से सम्बन्धित निर्धारित प्रारूप पर घोषणा-पत्र।
(7) दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र मूलरूप में।
(8) भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा के सम्बन्ध में शपथ-पत्र।
768 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 15-नियुक्त अभ्यर्थी की सेवायें उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 (समय-समय पर संशोधित) के प्राविधानों से शासित होगी तथा ऐसी अन्य समस्त शर्ते भी उन पर लागू होंगी, जो समय-समय पर शासन द्वारा निर्धारित की जायेंगी।
6-श्री अम्बुज कुमार मिश्रा को सूचित किया जाता कि वह नियुक्ति आदेश प्राप्त होने के पश्चात दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक सहायक महानिरीक्षक निबन्धन, आजमगढ़ के कार्यालय में पदभार ग्रहण करने हेतु अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे तथा उपर्युक्त प्रस्तर-4 में उल्लिखित अभिलेखों/घोषणा-पत्र के साथ प्रस्तुत करेंगे। यदि श्री अम्बुज कुमार मिश्रा दिनांक 12 अक्टूबर, 2023 तक योगदान आख्या प्रस्तुत नहीं करते है, तो यह नियुक्ति निरस्त की जा सकती है, जिसके उपरान्त कोई भी निवेदन/प्रार्थना-पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।
7-श्री अम्बुज कुमार मिश्रा, उप रजिस्ट्रार के पद पर पदभार ग्रहण करने के उपरान्त सम्बन्धित कार्यालय में प्रशिक्षण के मध्य दिनांक 16 अक्टूबर, 2023 से दिनांक 23 अक्टूबर, 2023 तक कार्यालय महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश शिविर कार्यालय, लखनऊ में उपस्थित रहकर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। व्यवहारिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरान्त शेष अवधि का प्रशिक्षण सम्बन्धित कार्यालय में उपस्थित होकर प्राप्त करेंगे।
8-नियुक्त अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश उप रजिस्ट्रार सेवा नियमावली, 1983 के नियम-20 तथा समय-समय पर यथासंशोधित नियमों के अन्तर्गत स्थायीकरण किया जायेगा।
9-विहित प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरान्त स्वतंत्र रूप से उप रजिस्ट्रार के पद पर तैनाती होने पर रु0 750/ (रु0 सात सौ पचास मात्र) का बचत पत्र महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश के पक्ष में जमानत के रूप में तैनाती स्थल के जिला में जमा करना होगा तथा साक्ष्य स्वरूप छाया प्रति इस कार्यालय को प्रेषित करेंगी।
10-श्री अम्बुज कुमार मिश्रा, उप रजिस्ट्रार को प्रथम नियुक्ति पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कोई यात्रा-भत्ता अनुमन्य नहीं होगा।
कंचन वर्मा,
महानिरीक्षक निबन्धन,
उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
पी0एस0यू0पी0-26 हिन्दी गजट-भाग 1-2024 ई0।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।
रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक संवत्)
भाग 1-क
नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद् ने जारी किया।
आगरा के जिलाधिकारी की आज्ञायें
17 फरवरी, 2023 ई0
सं0 2165/डीएलआरसी0-उ0प्र0 राजस्व संहिता, 2006 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या 8 सन् 2012) की धारा-59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा सपठित उ0प्र0 राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम-55 द्वारा प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या-35/740/एक-1-2016-20(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए, मैं नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी, आगरा निम्नांकित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपर्युक्त शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ-5 में उल्लिखित ग्राम पंचायत के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूँ तथा कॉलम-6 व 7 में उल्लिखित विवरण के अनुसार उक्त भूमि ''सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट'' की स्थापना हेतु उ0प्र0 शासन के नगर विकास विभाग के निवर्तन पर रखते हुए नगर आयुक्त, नगर निगम, आगरा को निःशुल्क हस्तान्तरित करता हूँ-
अनुसूची-1
जनपद तहसील परगना राजस्व ग्राम गाटा/प्लॉट भूमि की
क्र0 सं0
श्रेणी
संख्या क्षेत्रफल
विवरण/प्रयोजन, जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है
1 2 3 4 5 6 7 8 9
हेक्टेयर
1 आगरा एत्मादपुर एत्मादपुर पोइया 969मि0 13.984 में बंजर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान्ट
की स्थापना हेतु
से 0.0500
नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी, आगरा।
111 ख776 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 1-क
महोबा के जिलाधिकारी की आज्ञायें
आकार-पत्र-1
25 फरवरी, 2023 ई0
सं0 571/डी0एल0आर0सी0-12ए-पुनगर््रहण/2022-23-शासनादेश संख्या-258/रा0-1/16(1)-73 दिनांक 05 मार्च, 1974 का आंशिक परिष्कार करते हुए और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या-8 सन् 2012) की धारा-59 की उपधारा-(4) के खण्ड-(ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम-55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या-740/एक-1-2016-20(5)-2016 दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए मैं मनोज कुमार जिलाधिकारी, महोबा निम्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 05 मार्च, 1974 के शासनादेश के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ-6 में उल्लिखित ग्राम पंचायत के प्रबन्धन में निहित थी को फिर से अपने अधिकार में लेता हूँ।
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना गांव/ मौजा
गाटा संख्या
प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है)
1 2 3 4 5 6 7 8 9
हेक्टेयर
श्रेणी-5-3-ख कृषि
1 महोबा चरखारी चरखारी सालट 845ड़ 7.400 में से 2.000
जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत प्रभावित आरक्षित वन भूमि के क्षतिपूर्ति गैर वानिकी प्रयोग हेतु वन एवं वन्य जीव प्रभाग महोबा को (क्षतिपूरक वनीकरण हेतु)
योग्य बंजर-ऐसे वन जिसमें अन्य प्रकार के वृक्ष, झाड़ियों के झुण्ड, झाड़िया इत्यादि (जंगलात ग्राम समाज)
मनोज कुमार, जिलाधिकारी, महोबा।
हमीरपुर के जिलाधिकारी की आज्ञायें
24 मार्च, 2023 ई0
सं0 684/डी0एल0आर0सी0-12ए-पुनर्ग्रहण (राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल) 2022-23-उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या 8 सन् 2012) की धारा-59 की उपधारा-(4) के खण्ड 1(ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्तियों एवं शासनादेश संख्या-744/एक-1बी-(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये मैं डॉ0 चन्द्र भूषण, जिलाधिकारी हमीरपुर निम्न प्रस्तावित भूमि स्थित ग्राम सुरौली बुजुर्ग डांडा परगना सुमेरपुर तहसील हमीरपुर जिला हमीरपुर के गाटा संख्या-776च रकवा 0.081 हे0 में से 0.0270 हे0 बीहड़, मालियत 27,000/- (मु0 सत्ताइस हजार रुपये मात्र) को ग्राम सुरौली बुजुर्गभाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 777 डांडा में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल, सुरौली बुजुर्ग डांडा के पक्ष में पुनगर््रहण किये जाने हेतु उपजिलाधिकारी हमीरपुर की संस्तुति आख्या दिनांक 02 मई, 2022 एवं तहसीलदार हमीरपुर के पत्र संख्या-1471/रा0नि0(कार्या0)-भू-आवण्टन (2022-23) दिनांक 10 मई, 2022 के आलोक एवं शासनादेश दिनांक 03 जून, 2016 में दिये गये प्राविधानों के क्रम में उक्त भूमि इस प्रतिबन्ध के साथ पुनगर््रहीत करता हूँ कि उक्त भूमि का प्रयोजन सम्बन्धित विभाग/संस्था किसी अन्य प्रयोजन में नहीं करेंगे तथा उनको उक्त भूमि को विक्रय करने/किसी अन्य को कब्जे में देने का अधिकार नहीं होगा।
यदि सम्बन्धित विभाग/संस्था द्वारा उक्त प्रतिबन्धों का उल्लंघन किया जाता है तो उक्त पुनगर््रहण आदेश स्वतः ही समाप्त समझा जायेगा। इसके अतिरिक्त यदि भविष्य में किन्हीं कारणों/नियम के अन्र्तगत उपवर्णित धनराशि देय होती है तो उसे अदा करने के लिये सम्बन्धित विभाग/संस्था पूर्ण रूप से बाध्य रहेंगे। उक्त प्रतिबन्धों के अधीन गांव सभा से पुनगर््रहण करके निःशुल्क दिये जाने हेतु की प्रस्तावित भूमि का विवरण निम्नवत है-
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना मौजा गाटा संख्या
श्रेणी /प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिये भूमि पुनगर््रहीत की जा रही है)
1 2 3 4 5 6 7 8 9
हेक्टेयर
बीहड़ राजकीय आयुर्वेदिक
776-च 0.081 में
से 0.0270
1 हमीरपुर हमीरपुर सुमेरपुर सुरौली बुजुर्ग डांडा
अस्पताल, सुरौली बुजुर्ग डांडा के पक्ष में।
डॉ0 चन्द्र भूषण, जिलाधिकारी, हमीरपुर।
गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी की आज्ञायें
28 अप्रैल, 2023 ई0
सं0 2155/डी0एल0आर0सी0/2023-उ0प्र0 राजस्व संहिता, 2006 की धारा-59 तथा शासनादेश सं0- 32/744/एक-1-2016-20(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016, शासनादेश सं0 5/2018/1934/एक-2018-रा0-1 दिनांक 04 सितम्बर, 2018 एवं शासनादेश सं0 689/एक-1-2020-20(5)/2016 दिनांक 06 जुलाई, 2020 में उल्लिखित प्राविधानों तथा उपजिलाधिकारी सदर द्वारा प्रेषित आख्या दिनांक 27 अप्रैल, 2023 को –ष्टिगत रखते हुए मैं, मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर निम्न अनुसूची के स्तम्भ 5 व 6 में उल्लिखित ग्राम सभा की भूमि को फिर से अपने अधिकार में लेता हूँ तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सुनियोजित विकास हेतु पुनर्ग्रहण की जाने वाली भूमि का मूल्य रु0 13,87,500 एवं पूंजी—त मूल्य रु0 278 सहित कुल मूल्य रु0 13,87,778 (कुल धनराशि तेरह लाख, सत्तासी हजार, सात सौ अठहत्तर) निर्धारित लेखाशीर्षक में जमा किये जाने के अधीन ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सुनियोजित विकास हेतु औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के पक्ष में हस्तान्तरित करता हूँ-778 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 1-क
अनुसूची
जिला तहसील परगना ग्राम खसरा क्षेत्रफल विवरण भूमि पुनगर््रहीत करने हेतु
सं0
विशेष प्रयोजन
1 2 3 4 5 6 7 8
हेक्टेयर
गौतमबुद्धनगर सदर दनकौर तुगलपुर 479 0.0370 ग्राम सभा,
बंजर
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सुनियोजित विकास हेतु।
31 अक्टूबर, 2023 ई0
सं0 364/डी0एल0आर0सी0/2023-उ0प्र0 राजस्व संहिता, 2006 की धारा-59 तथा उ0प्र0 शासन नगर विकास अनुभाग-5 के शासनादेश संख्या-818/नौ-5-19-56सा/2018 दिनाक 07 मार्च, 2019 एवं शासनादेश संख्या- 4154/नौ-5-19-56सा/2018 दिनांक 09 अक्टूबर, 2019 एवं उ0प्र0 शासन राजस्व अनुभाग-1 के शासनादेश संख्या 32/744/एक-1-2016-20(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016 में उल्लिखित प्राविधानों तथा उपजिलाधिकारी दादरी द्वारा प्रेषित आख्या दिनांक 30 सितम्बर, 2023 को –ष्टिगत रखते हुए मैं, मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर निम्न अनुसूची के स्तम्भ 5 व 6 में उल्लिखित ग्राम सभा की भूमि को फिर से अपने अधिकार में लेता हूँ तथा नगर विकास विभाग, उ0प्र0 शासन के निवर्तन पर रखते हुए नगरपालिका परिषद् दादरी के सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के निर्माण हेतु उ0प्र0 शासन नगर विकास अनुभाग-5 के उपरोक्त शासनादेश दिनांक 07 मार्च, 2019 व 09 अक्टूबर, 2019 में वर्णित प्राविधानों के क्रम में निःशुल्क हस्तान्तरित करता हूँ-
अनुसूची
जिला तहसील परगना ग्राम खसरा क्षेत्रफल विवरण भूमि पुनगर््रहीत
सं0
करने हेतु विशेष प्रयोजन
1 2 3 4 5 6 7 8
हेक्टेयर
गौतमबुद्धनगर दादरी दादरी बिसाहड़ा 2311 3.1510 श्रेणी 6(4) ऊसर नगरपालिका
परिषद् दादरी के सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट के निर्माण हेतु।
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर।
भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 779मेरठ के जिलाधिकारी की आज्ञायें
भू-लेख अनुभाग
अधिसूचना
31 मई, 2022 ई0
सं0 1192/सात-डी0एल0आर0सी0/स्वामित्व योजना/2020-उत्तर प्रदेश शासन, राजस्व अनुभाग-14, लखनऊ की अधिसूचना संख्या 179/एक-14/2020 दिनांक 25 अप्रैल, 2022 के द्वारा जनपद मेरठ के 56 ग्राम, ग्राम आबादी के क्षेत्रों के सर्वेक्षण एवं अभिलेख क्रियाओं के प्रयोजनार्थ, गजट में अधिसूचना के दिनांक से, भारत सरकार की स्वामित्व योजना के अधीन रखे गये हैं।
अतः दीपक मीणा, जिलाधिकारी मेरठ, राजस्व परिषद् के पत्र दिनांक 27 जुलाई, 2020 के क्रम में उक्त अधिसूचना में प्रकाशित ग्रामों में से निम्नलिखित ग्रामों में अधिसूचना के दिनांक से ग्राम आबादी क्षेत्रों की सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया संपादित किये जाने के आदेश देता हूँ-
अनुसूची
क्रम सं0 जनपद का नाम तहसील का नाम विकास खण्ड ग्राम का नाम 1 2 3 4 5
1 मेरठ मेरठ रोहटा
मिर्जापुर 2
,, लाहौरगढ़ 3
,, गोविन्दपुर उर्फ घसौली 4
जानी चौबला 5
,, रसूलपुर धौलडी 6
,, बसा टीकरी 7
,, जौहरा 8
,, सालेहनगर 9
रजपुरा मामीपुर
किनानगर 10
,,
11
खरखौदा अजराडा 12 मवाना मवाना गडीना 13
,, गगसौना 14
,, दूधली बांगर 15
हस्तिनापुर गुढा 16
माछरा लालपुर 17
,, नंगली अब्दुल्ला780 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 1-क 1 2 3 4 5
18 मेरठ सरधना सरूरपुर रतौली
19
सरधना औरंगनगर राडधना
20
,, सलावा
21
,, सलावा आंशिक
22
दौराला बडकली नेकपुर
23
सिवाया जमाउल्लापुर
15 सितम्बर, 2023 ई0
सं0 1267/सात-डी0एल0आर0सी0/2023-उप जिलाधिकारी, सरधना की आख्या दिनांक 15 फरवरी, 2023/ 05 अप्रैल, 2023 के क्रम में, शासनादेश संख्या-744/एक-1/2016-20(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुए और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या 8 सन् 2012) की धारा 59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उ0प्र0 राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या-687/एक-1-2020-20(5)/2016 दिनांक 06 जुलाई, 2020 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए, मैं, दीपक मीणा, जिलाधिकारी मेरठ नवीन परती की भूमि खसरा संख्या-173-मि0 रकबा 0.2070 हे0 में से 0.0500 हे0 अर्थात 500 वर्ग मीटर को खाद के गड्ढे के रूप में आरक्षित करने तथा इसके स्थान पर वर्तमान खाद के गड्ढे की भूमि खसरा संख्या 741 रकबा 0.1520 हे0 में से 0.0500 हे0 को नवीन परती के रूप में श्रेणी परिवर्तन करते हुए, भूमि खसरा संख्या 741 रकबा 0.1520 हे0 के 500 वर्ग मीटर स्थित ग्राम सकौती, परगना दौराला, तहसील सरधना को 15 शैय्या आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना किये जाने हेतु निःशुल्क पुर्नग्रहण कर आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निवर्तन पर रखता हूँ।
अनुसूची
जिला तहसील परगना ग्राम खसरा संख्या
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी/प्रकृति विवरण (प्रयोजन जिसके लिए भूमि पुनगर््रहीत की रही है)
1 2 3 4 5 6 7 8
हेक्टेयर
मेरठ सरधना दौराला सकौती 741 0.0500 नवीन परती 15 शैय्या आयुर्वेदिक
चिकित्सालय की स्थापना हेतु आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निवर्तन पर।
दीपक मीणा, जिलाधिकारी, मेरठ।
भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 781झाँसी के जिलाधिकारी की आज्ञायें
21 नवम्बर, 2023 ई0
सं0 1175/12ए-डी0एल0आर0सी0/2023-24-उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या 8 सन् 2012) की धारा-59 के अधीन प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासनादेश संख्या-744/एक-4-2016- 20(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016 एवं शासनादेश संख्या-687/एक-1-2020-20(5)/2016 दिनांक 06 जुलाई, 2020 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुये संलग्न अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त शासनादेशों के अनुसार अनुसूची के स्तम्भ 6 में उल्लिखित मौजा चिरगॉव खुर्द, तहसील मोंठ जिला झाँसी के प्रबन्ध में निहित थी, अद्योहस्ताक्षरी द्वारा फिर से अपने अधिकार में लिया जाता है।
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की श्रेणी
क्रम सं0
जिला तहसील परगना गांव गाटा संख्या
/प्रकृति
विवरण (प्रयोजन जिसके लिए भूमि पुनगर््रहीत की रही है)
1 2 3 4 5 6 7 8 9
हेक्टेयर
1 झाँसी माेंठ माेंठ चिरगॉव 445मि0 0.346 श्रेणी-5-3-ड़
खुर्द
बंजर
नवीन राजकीय हाईस्कूल ग्राम चिरगॉव खुर्द, (भवन निर्माण हेतु) (निःशुल्क)
ह0 (अस्पष्ट), जिलाधिकारी, झाँसी।
गजियाबाद के जिलाधिकारी की आज्ञायें
आदेश
25 नवम्बर, 2023 ई0
सं0 267/सात-डी0एल0आर0सी0-2023-शासनादेश सं0-32/744/एक-1-2016-20(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुए और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम सं0-8 सन् 2012) की धारा-59 की उपधारा (4) के खण्ड (ग) तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासनादेश सं0-35/740/एक-1-2016-20(5)/2016 दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए मैं, राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी, गाजियाबाद निम्न अनुसूची के स्तम्भ 6 व 7 (गाटा संख्या व क्षेत्रफल) में उल्लिखित भूमि, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 03 जून, 2018 के शासनादेश के अनुसार ग्राम सभा/स्थानीय प्राधिकारी में निहित थी, को फिर से अपने अधिकार में लेता हूँ।
अनुसूची
क्षेत्रफल भूमि की
क्र0 सं0
जिला तहसील परगना ग्राम गाटा सं0
श्रेणी/ प्रकृति
विवरण परियोजना जिसके लिए भूमि का पुर्नग्रहण किया जा रहा है।
1 2 3 4 5 6 7 8 9
हेक्टेयर
1 गाजियाबाद गाजियाबाद जलालाबाद जलालाबाद 419 0.0510 श्रेणी-5-2
बंजर
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना हेतु
राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी, गाजियाबाद।
782 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 1-कबुलन्दशहर के जिलाधिकारी की आज्ञायें
आदेश
06 दिसम्बर, 2023 ई0
सं0 1293/डी0एल0आर0सी0/2023-शासनादेश संख्या-744/एक-1-2016-20(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 का आंशिक परिष्कार करते हुए और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8 सन् 2012) की धारा-59 की उपधारा-4 के खण्ड (ग) तथा उ0प्र0 राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम 55 द्वारा प्राप्त शक्ति का प्रयोग करके तथा शासकीय अधिसूचना संख्या-740/एक-1-2016-20(5)/2016, दिनांक 03 जून, 2016 द्वारा प्रतिनिहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए, मैं, चन्द्र प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी बुलन्दशहर नीचे अनुसूची में उल्लिखित भूमि को, जो अब तक उपरोक्त दिनांक 03 जून, 2016 के शासनादेश के अनुसार अनुसूचि के स्तम्भ 6 में उल्लिखित ग्राम अमरथल उर्फ ऊॅचागॉव, परगना अहार, तहसील स्याना, जिला बुलन्दशहर के प्रबन्धन में निहित थी, फिर से अपने अधिकार में लेता हूॅ। उपजिलाधिकारी स्याना द्वारा उपलब्ध कराये गये पुर्नग्रहण प्रस्ताव दिनांक 29 नवम्बर, 2023 व स्वप्रेरणा प्रस्ताव दिनांक 29 नवम्बर, 2023 के आधार पर अनुसूची में वर्णित भूमि गाटा संख्या-194स क्षेत्रफल 0.5790 हे0 में से 0.4890 हे0 ''उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना'' के अन्तर्गत पंचायतीराज विभाग के निर्वतन में रखते हुए खेल के मैदान हेतु निःशुल्क हस्तान्तरित की जाती है।
अनुसूची
जिला तहसील परगना ग्राम/
क्षेत्रफल भूमि की
खसरा संख्या
श्रेणी/प्रकृति
कस्बा
विशेष प्रयोजन जिसके लिए भूमि पुनगर््रहित की जा रही है।
1 2 3 4 5 6 7 8
हेक्टेयर
बुलन्दशहर स्याना अहार अमरथल उर्फ
5-3 बंजर पंचायतीराज विभाग के
ऊॅचागॉव
194स 0.5790 में
से 0.4890
निवर्तन में रखते हुए खेल के मैदान हेतु।
चन्द्र प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी, बुलन्दशहर।
पी0एस0यू0पी0-26 हिन्दी गजट-भाग 1-क-2024 ई0।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।
रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक संवत्)
भाग 3
स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़-पत्र, खण्ड-क-नगरपालिका परिषद्, खण्ड-ख-नगर पंचायत, खण्ड-ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्ड-घ-जिला पंचायत। खण्ड-घ
जिला पंचायत, बाराबंकी
अचल सम्पत्ति विनियमितिकरण हेतु नवीन उपविधि
17 सितम्बर, 2024 ई0
सं0 स्था0नि0सहा0/इक्कीस-1(2024-25)/1339-उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (यथा संशोधित) की धारा-239(1) एवं धारा-239 (2) के साथ पठित अधिनियम की धारा-143 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके जिला पंचायत, बाराबंकी द्वारा जनपद बाराबंकी के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जिला पंचायत बाराबंकी द्वारा निर्मित भवन, दुकान, मार्केट, डाक बंगला, आवासीय भवन, आदि को नियमित एवं नियंत्रित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत बाराबंकी ''अचल सम्पत्ति विनियमितिकरण उपविधि'' बनाई गयी है। जिसकी मैं, गौरव दयाल, आयुक्त, अयोध्या मण्डल, अयोध्या उक्त अधिनियम की धारा-242 (2) के अन्तर्गत दी गयी शक्ति का प्रयोग कर पुष्टि करता हॅू, जो सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी।
उपविधियॉ
परिभाषायें-
01-यह उपविधि ''जिला पंचायत, बाराबंकी अचल सम्पत्ति(भवन, दुकान, मार्केट, डाक बंगला, आवासीय भवन, आदि) विनियमितीकरण उपविधि'' कहलायेगी, तथा सरकारी गजट में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होगी।
02-यह उपविधि जनपद बाराबंकी में जिला पंचायत बाराबंकी की दुकानों एवं भवनों पर प्रभावी होगी।
03-उपविधि में निम्नलिखित शब्दों का क्या तात्पर्य होगा उसके सामने अंकित कर दिया गया है।
27 घ154 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 3 (क) ''अधिनियम'' का तात्पर्य उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (यथा संशोधित) से है।
(ख) ''धारा'' तथा ''उपधारा'' का तात्पर्य उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (यथा संशोधित) की धारा तथा उपधारा से है।
(ग) ''अध्यक्ष'' का तात्पर्य अध्यक्ष, जिला पंचायत बाराबंकी से होगा।
(घ) ''अपर मुख्य अधिकारी'' का तात्पर्य अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत बाराबंकी से होगा।
(ड) ''जिला पंचायत'' का तात्पर्य जिला पंचायत बाराबंकी से होगा।
(च) ''भवन'' का तात्पर्य जिला पंचायत बाराबंकी के भवन, दुकान, मार्केट, डाक बंगला, आवासीय भवन, अथवा अन्य किसी प्रकार की इमारत आदि से होगा।
(छ) ''अनुज्ञप्ति'' का तात्पर्य मासिक लाईसेंस शुल्क (मासिक किराया) अथवा पट्टे से होगा।
(ज) ''अनुज्ञप्तिधारी'' का तात्पर्य लाइसेंसदार/आवंटी से होगा।
(झ) ''उत्तराधिकारी'' का तात्पर्य आवंटी के मृत्यु के उपरान्त उसके पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री एवं वैध उत्तराधिकारी जो आवंटी के साथ समान्यता रहते हो, से होगा।
खण्ड-क
04-जिला पंचायत अपनी किसी भवन को शुल्क पर दे सकती है जो उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 (यथा संशोधित) की धाराओं, नियमों, उपनियमों एवं शासनादेशों के अन्तर्गत होगा।
05-जिला पंचायत अपनी भूमि पर दुकानें, आवास एवं अन्य भवन का निर्माण कराकर मासिक लाईसेंस शुल्क (मासिक किराये) पर किसी भी व्यक्ति को दे सकती है, जो इस उपविधि के उपनियमों के तहत दिया गया माना जायेगा।
06-अनुज्ञप्ति की दर का निर्धारण जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार किया जायेगा। जो अंतिम होगा तथा दर अंग्रेजी माह के अनुसार आंकलित की जायेगी।
07-कितने समय के लिये आवंटन किया जा रहा है, इसका निर्धारण अपर मुख्य अधिकारी द्वारा किया जाएगा। जो अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।
08-इस उपविधि के गजट में प्रकाशित होने पर जो पुराने अनुज्ञप्तिधारी हैं, का शुल्क अपर मुख्य अधिकारी द्वारा संशोधित करके पूर्व अनुज्ञप्तिधारियों को रजिस्टर्ड डाक द्वारा पंचायत में उपलब्ध पते पर सूचित कर दिया जाएगा। यदि रजिस्टर्ड सूचना किसी भी कारण वापस आयेगी तो उसकी प्रतिलिपि अनुज्ञप्तिधारी को आवंटित भवन पर जिला पंचायत बाराबंकी के कर्मचारियों द्वारा चस्पा कर दिया जाएगा एवं केवल कर्मचारियों की रिपोर्ट पर ''सूचना चस्पा कर दिया गया'' आवंटी पर सूचना तामील माना जाएगा।
09-यदि किसी भी व्यक्ति को अपर मुख्य अधिकारी के आदेश के विरुद्ध कुछ कहना हो तो उसे रजिस्टर्ड नोटिस के वापसी एवं नोटिस को भवन पर चस्पा होने के पन्द्रह दिन के अन्दर अपील अध्यक्ष के समक्ष दाखिल करना होगा, यदि विलम्ब होगा तो उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी। अपील पर अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा।
10-इस उपविधि के प्रकाशन के पश्चात यदि किसी भवन को आवंटित किया जाता है तो उस पर प्रीमियम एवं जमानत जो नॉन-रिफण्डेबल होगा, भी लिया जायेगा जिसका निर्धारण अपर मुख्य अधिकारी द्वारा किया जायेगा।
11-आवंटन 01-15 वर्षों के लिये शर्तों के अधीन किया जा सकता है तथा यदि आवंटन एक वर्ष से अधिक का किया जाता है तो हर वर्ष अप्रैल, माह में अनुज्ञप्तिधारी द्वारा रु0 100.00 के स्टाम्प पर नोटरी जमा करके नवीनीकरण हेतु आवेदन-पत्र दिया जायेगा तथा अनुज्ञप्तिधारी यदि नियमों, उपनियमों का उल्लंघन न किया गया हो तोभाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 155 नवीनीकरण अपर मुख्य अधिकारी द्वारा कर दिया जायेगा लेकिन यदि जिला पंचायत को भवन की आवश्यकता है तो उसे 30 दिन का समय लेकर खाली कराने की भी कार्यवाही कर सकते हैं। 15 वर्ष के पश्चात अपर मुख्य अधिकारी/लाईसेंसिंग अधिकारी जिला पंचायत बाराबंकी को अधिकार होगा कि वह जनपद मुख्यालय पर कम से कम रु0 1,00,000/- व अधिकतम रु0 2,00,000/- तक एवं अन्य स्थानों पर कम से कम रु0 50,000/- व अधिकतम रु0 1,00,000/- तक जमानत जमा कराकर आवंटन पुनः 01-15 वर्षों हेतु बढ़ा सकते है।
12-प्रत्येक 03 वर्ष पर अपर मुख्य अधिकारी शुल्क को पुनरीक्षित कर सकते है जो उस तिथि को लागू शुल्क का 25 प्रतिशत बढोत्तरी कर होगा। अथवा समय -समय पर जारी होने वाले शासनादेशों के अनुसार किया जायेगा।
13-आवंटन आदेश के पश्चात अनुज्ञप्तिधारी को जिला पंचायत बाराबंकी में जनरल स्टाम्प पर निर्धारित प्रारूप पर इन्हीं उपविधियों के तहत इकरारनामा कराना अनिवार्य होगा। यदि अनुज्ञप्तिधारी इकरारनामा किये बगैर किसी भवन पर कब्जा करते है अथवा भवन आवंटन की तिथि समाप्त हो जाने के उपरान्त बिना अवंटन नवीनीकरण कराये भवन पर कब्जा बनाये रहता है तो, वो आपराधिक कृत्य होगा तथा क्षति के रूप में उनसे अनुज्ञप्ति का 03 गुना वसूल किया जायेगा या नियमानुसार भवन खाली भी कराया जा सकता है भले ही उन्होंने शुल्क जमा कर दिया हो।
14-निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त यदि किसी प्रकार का टैक्स अथवा लेवी दुकान एवं भवन पर नगर क्षेत्र अथवा शासन द्वारा निर्धारित होता है तो उसे आवंटी को ही देना होगा।
15-अनुज्ञप्तिधारी आवंटित भवन पर कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा जिससे अगल-बगल के लोगों को परेशानी हो।
16-अनुज्ञप्तिधारी आवंटित भवन को किसी अन्य को सब-लेट (उप अनुज्ञप्ति पर) नहीं कर सकता भले ही वह व्यक्ति उसके परिवार का ही हो।
17-अनुज्ञप्तिधारी भवन में किसी प्रकार का परिवर्तन तथा परिवर्द्धन बगैर अपर मुख्य अधिकारी के लिखित अनुमति के नहीं कर सकता। उपविधि प्रकाशित होने से पूर्व या उसके पश्चात किसी भी अनुज्ञप्तिधारी द्वारा किसी भी प्रकार का परिवर्तन तथा परिवर्द्धन किये जाने पर अपर मुख्य अधिकारी/लाईसेंसिंग अधिकारी जिला पंचायत बाराबंकी को अधिकार होगा कि वह मूल आवंटित भवन के क्षेत्रफल के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के परिवर्तित तथा परिवर्द्धित क्षेत्रफल के प्रीमियम/अनुज्ञप्ति का निर्धारण कर सकता है। उक्त निर्धारण पूर्व आवंटित भवन के क्षेत्रफल के बराबर व उससे कम होने की दशा में जमानत की धनराशि जनपद मुख्यालय पर कम से कम रु0 1,00,000/- व अधिकतम रु0 2,00,000/- तक एवं अन्य स्थानों पर कम से कम रु0 50,000/- व अधिकतम रु0 1,00,000/- तक, तथा अधिक होने की दशा में जमानत की धनराशि का निर्धारण संशोधित क्षेत्रफल के अनुसार निर्धारित किया जायेगा। उक्त अतिरिक्त क्षेत्रफल के अनुज्ञप्ति का निर्धारण जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार किया जायेगा।
18-अनुज्ञप्तिधारी यदि शुल्क पिछले माह का एक सप्ताह के अन्दर जमा कर देगा तो उसे 05 प्रतिशत तक छूट दिया जा सकेगा जो रुपये के पूर्णांक में होगा।
19-अनुज्ञप्तिधारी यदि पिछले माह का शुल्क एक सप्ताह के अन्दर नहीं जमा करेगा तो दुसरे सप्ताह से 10 प्रतिशत सरचार्ज प्रतिमाह विलम्ब कर देना पड़ेगा जो रुपये के पूर्णांक में होगा।
20-भवन की मरम्मत यदि जिला पंचायत बाराबंकी द्वारा इस उपविधि के प्रकाशन की तिथि के बाद नहीं कराई जायेगी तो एक वर्ष में एक माह के शुल्क के बराबर अनुज्ञप्तिधारी अपर मुख्य अधिकारी से आदेश लेकर मरम्मत करा सकता है तथा मरम्मत कार्य कराये जाने का शपथ-पत्र मय फोटोग्राफ प्रस्तुत करना होगा। जिसका समायोजन शुल्क में पंचायत को करना होगा।
21-किसी अनुज्ञप्तिधारी को जिला पंचायत से आवंटन निरस्त, किराये बकाया धन व अन्य विशेष सूचना डाक द्वारा दिया जायेगा जिसकी प्रतिलिपि जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने हेतु भेज दिया जायेगा। इसकी एक प्रतिलिपि अनुज्ञप्तिधारी को आवंटित भवन पर जिला पंचायत बाराबंकी के कर्मचारियों द्वारा चस्पा कर दिया जाएगा एवं केवल कर्मचारियों की रिपोर्ट पर ''सूचना चस्पा कर दिया गया'' आवंटी पर सूचना तामील माना जाएगा।
156 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 322-लाईसेंस अधिकारी के निर्णय के विरूद्ध आपत्तिकर्ता 30 दिन के अन्दर अध्यक्ष, जिला पंचायत, बाराबंकी के समक्ष अपील कर सकता है, जिसका निर्णय अन्तिम एवं बाध्यकारी होगा। अध्यक्ष, जिला पंचायत के आदेश के विरुद्ध पक्षकारों को आयुक्त महोदय, अयोध्या मण्डल, अयोध्या के समक्ष अपील करने की अधिकारिता होगी।
23-अध्यक्ष के निर्णय के विपरीत कोई भी व्यक्ति उक्त न्यायालय में जा सकता है लेकिन जो भी शुल्क बकाया होगा उसे पोस्ट आफिस में अपर मुख्य अधिकारी के नाम बतौर जमानत जमा कर देगा तथा इस पासबुक में हर माह निर्धारित शुल्क आवंटी जमा करता रहेगा। पासबुक अपर मुख्य अधिकारी के नाम बन्धक रहेगा। न्यायालय के निर्णय के आधार पर इस धन को मय सूद जिस पक्ष को देय होगा, दे दिया जायेगा।
24-शुल्क अथवा सरचार्ज की वसूली उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 के अध्याय 8 की धाराओं के अन्तर्गत वसूली व्यय के साथ किया जा सकेगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो आर0सी0 जारी करके राजस्व विभाग से भी वसूली कराई जा सकती है।
25-जिला पंचायत के किसी भी प्रकार के भवन पर उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धाराओं, नियमों, उपनियमों पंचायतीराज के शासनादेशों एवं इस उपविधि में वर्णित उपनियमों के अतिरिक्त कोई नियम आदेश प्रभावी नहीं होंगे।
26-जिला पंचायत सक्षम प्राधिकारी/जिला प्रशासन से भी अनुरोध कर सकता है कि भवन खाली करा दे तथा बकाया वसूल करा देवें।
27-अनुज्ञप्तिधारी की मृत्युपरांत 03 माह के अंदर दुकान हस्तानांतरण उसके परिवार के किसी एक विधिक वारिस को किए जाने के संबंध में कार्यवाही का अधिकार अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, बाराबंकी में निहित होगा। आवेदन के साथ समस्त सम्बंधित अभिलेखों के अतिरिक्त परिवार के अन्य विधिक वारिसों का अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिसके उपरान्त प्राप्त अभिलेखों के आधार पर ही शेष अवधि के लिये भवन आवंटित किया जा सकेगा। आवंटी के स्वयं के अनुरोध पर उसके परिवार के किसी एक सदस्य अथवा अन्य हिस्सेदार (पार्टनर) को दुकान हस्तानांतरण के संबंध में अपर मुख्य अधिकारी/लाइसेंसिंग अधिकारी जिला पंचायत, बाराबंकी को यह अधिकार होगा कि यदि वह इस बात से संतुष्ट हो जाए की वास्तव में दुकान सबलेट (उप अनुज्ञप्ति पर) नहीं की जा रही है, तो वह दुकान का हस्तानांतरण वर्तमान आवंटी के लिखित अनुरोध (शपथ-पत्र) पर जनपद मुख्यालय पर कम से कम रु0 1,00,000/- एवं अधिकतम रु0 2,00,000/- तक तथा अन्य स्थानों पर कम से कम रु0 50,000/- एवं अधिकतम रु0 1,00,000/- तक जमानत नियत करके हस्तांतरित की जा सकती है, जमानत की धनराशि में वृद्धि/संशोधन का अधिकार अपर मुख्य अधिकारी/लाइसेंसिंग अधिकारी में निहित होगा। परंतु यह प्रमाणित होने पर कि दुकान सबलेट किया जा रहा है, तो दुकान को आवंटी से रिक्त कराकर व्यापक प्रचार-प्रसार के उपरांत खुली बोली द्वारा अधिकतम बोलीदाता के नाम आवंटित की जाएगी, संदर्भित प्रकरण में अंतिम निर्णय लाइसेंसिंग अधिकारी जिला पंचायत, बाराबंकी को होगा। यह नियम उपविधि प्रकाशित होने से पूर्व या उसके पश्चात आवंटी की मृत्युपरांत लागू होगा।
28-आवासीय भवन जिला पंचायत कर्मचारी के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को शुल्क पर नहीं दिया जायेगा।
29-आवासीय भवन जिला पंचायत के कर्मचारियों, अधिकारियों को स्टैण्डर्ड रेट अथवा 10 प्रतिशत वेतन में, जो कम हो, पर शुल्क लिया जायेगा।
30-आवासीय भवन को जिला पंचायत अपने लिए, अपने कर्मचारी के लिये आवश्यकता पड़ने एवं कर्मचारी के सेवानिवृत्त हो जाने की दशा में 30 दिन की सूचना पर अपर मुख्य अधिकारी आवंटन निरस्त करके भवन खाली करा सकते हैं। सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी को आवंटित आवासीय भवन सेवानिवृत्त की तिथि से 30 दिवस के अन्दर खाली करना होगा, अन्यथा की दशा में बाजार दर पर शुल्क लिया जायेगा एवं आवासीय भवन खाली कराया जायेगा।
खण्ड-ख
01-यात्री डाक बंगले में निवास के लिये प्रार्थना-पत्र के साथ अग्रिम किराया जमा करने पर अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत की स्वी—ति से 03 दिनों तक निवास कर सकेंगे।
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 15702-यात्री 03 दिनों से अधिक एवं 07 दिन तक निवास की आवश्यकता होने पर अग्रिम किराया जमा करने पर अपर मुख्य अधिकारी की स्वी—ति से 03 दिनों से अधिक एवं 07 दिन तक निवास कर सकेंगें।
03-कोई भी व्यक्ति डाक बंगले में 07 दिन से अधिक निवास नहीं कर सकेगा।
04-जिला पंचायत के सदस्यगण भी डाक बंगले में अपर मुख्य अधिकारी की स्वी—ति से उपरोक्तानुसार किराया अग्रिम जमा करने पर निवास कर सकेंगे।
05-जिला पंचायत की आवश्यकता होने पर कभी भी डाक बंगला खाली कराया जा सकेगा।
06-यात्री द्वारा डाक बंगले के रजिस्टर में जो डाक बंगले के चौकीदार/केयरटेकर के पास उपलब्ध रहेगा, में आने की तिथि एवं समय अंकित करना तथा पहचान-पत्र की स्वहस्ताक्षरित छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। 07-डाक बंगला में सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी ठहरने वाले यात्री पर स्वयं की ही होगी।
08-राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार के अधिकारी/कर्मचारी भी विशेष परिस्थितियों में अपर मुख्य अधिकारी की संस्तुति के आधार पर अध्यक्ष, जिला पंचायत की स्वी—ति से उपविधि के अन्तर्गत सामान्य दरों के अनुरूप ही किराया अग्रिम जमा करने पर डाक बंगले में निवास कर सकेंगे।
09-डाक बंगले का सामान खो जाने या टूट जाने की दशा में सामान का मूल्य सम्बन्धित यात्रियों को देय होगा। भुगतान न करने पर जिला पंचायत अधिनियम के अधीन प्रचलित नियमावली में उल्लिखित रीति से वसूली की कार्यवाही की जा सकेगी।
10-माननीय मंत्रीगण, प्रान्तीय एवं केन्द्रीय सरकार, लोकसभा एवं राज्यसभा के अध्यक्ष/विधा़नसभा एवं विधान परिषद् के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/विधायक/सांसद/राज्य सभा सदस्य/विधान परिषद् से सदस्यों के सरकारी कार्य हेतु 03 दिनों तक निवास करने पर 250/- रुपये प्रतिदिन सेवा शुल्क देय होगा।
10(क)-03 दिनों से अधिक निवास करने का 500/- रूपया प्रतिदिन के हिसाब से किराया देय होगा। 11-अध्यक्ष जिला पंचायत/जिलाधिकारी बाराबंकी को डाक बंगला निःशुल्क आवंटित किये जाने का अधिकार होगा। 12-डाक बंगले में ठहरने हेतु निम्न तालिका के अनुसार किराया देय होगा :-
तालिका
बंगले में ठहरने वाले यात्री का विवरण डाक बंगले के किराये का विवरण प्रतिदिन प्रतिसूट क्र0 सं0
1 केन्द्रीय एवं प्रान्तीय सरकार के मंत्रीगण व लोकसभा तथा राज्यसभा के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सांसद/विधान सभा व विधान परिषद के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य, विधान सभा/सदस्य, विधान परिषद्
सरकारी कार्य हेतु ठहरने पर केवल सेवा शुल्क जैसा उपविधि 10 में निर्धारित है, 03 दिन तक ठहरने पर देय होगी। इससे अधिक अवधि के लिये उपविधि 10(क) के अनुसार किराया देय होगा।
2 सदस्य, जिला पंचायत एवं पत्रकार तथा स्वतंत्रता
संग्राम सेनानी
03 दिनों तक ठहरने पर रु0 500/ प्रतिदिन व 03 दिन से अधिक एवं 07 दिन तक रु0 750/ प्रतिदिन।
3 केन्द्रीय एवं प्रान्तीय कार्यालयों के अधिकारी/कर्मचारी रु0 500/ प्रतिदिन
4 जिला पंचायत अधिकारी/कर्मचारी रु0 500/ प्रतिदिन
5 अन्य व्यक्तियों के लिये रु0 5,000/ प्रतिदिन
6 फिल्म/टी0वी0 शो की शूटिंग/अन्य कार्यक्रम हेतु। रु0 20,000/ प्रतिदिन
डाक बंगला परिसर सहित।
158 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 313-कार्यालय जिला पंचायत बाराबंकी के परिसर स्थित सभागार में कार्यक्रम आयोजन के लिये प्रार्थना-पत्र के साथ रु0 10,000/- का अग्रिम किराया जमा करने पर अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत की स्वी—ति से सभागार का प्रयोग कर सकेंगे। जनरेटर का प्रयोग किये जाने पर रु0 200/- प्रतिधंटे के हिसाब से देय होगा।
14-अध्यक्ष जिला पंचायत बाराबंकी को सभागार निःशुल्क आवंटित किये जाने का अधिकार होगा।
दण्ड
उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-240 के अंतर्गत प्राप्त अधिकार का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत बाराबंकी यह निर्देश देती है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा इन उपविधियों का उल्लंघन करने पर रु0 1000/- अर्थदण्ड से दण्डित किया जाएगा, जब ऐसा उल्लंघन जारी रहेगा तब अतिरिक्त दण्ड से दण्डित किया जाएगा जो प्रथम दोष सिद्ध होने के बाद प्रत्येक ऐसे दिन के लिए जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है, मु0 रु0 10/-प्रतिदिन होगा, यदि अर्थदण्ड भुगतान नहीं करता है तो 03 महीने का कारावास दण्ड दिया जा सकता है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत बाराबंकी द्वारा न्यायिक दण्डाधिकारी (जुडीशियल मजिस्ट्रेट) के यहां अभियोग-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा और न्यायालय के समक्ष अपराध सिद्ध होने पर न्यायालय पंचायत के पक्ष में आवंटी द्वारा देय धनराशि एवं उस पर बैंक ब्याज तथा अर्थदण्ड के साथ वसूल करेगी जो जिला पंचायत बाराबंकी के जिला निधि में जमा होगा।
निरसन
इस उपविधि के प्रभावी होने के दिनांक से इस विषय से सम्बंधित पूर्व में प्रचलित उपविधियॉ निरस्त हो जायेंगी।
विज्ञापन बोर्ड नियन्त्रण हेतु नवीन उपविधि
सं0 स्था0नि0सहा0/इक्कीस-1(2024-25)/1339-उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (यथा संशोधित) की धारा-239(1) एवं धारा-239 (2) के साथ पठित अधिनियम की धारा-143 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके जिला पंचायत, बाराबंकी द्वारा जनपद-बाराबंकी के ग्रामीण क्षेत्रों की समस्त कच्ची अथवा पक्की सड़कों के किनारे लगाये जाने वाले टिन या अन्य धातु अथवा फलैक्स/कपड़ा एवं इलेक्ट्रानिक तकनीक आदि से बने व्यावसायिक विज्ञापन बोर्डों को नियमित एवं नियंत्रित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत बाराबंकी ''विज्ञापन बोर्ड नियन्त्रण उपविधि'' बनाई गयी है। जिसकी मैं गौरव दयाल, आयुक्त, अयोध्या मण्डल, अयोध्या उक्त अधिनियम की धारा-242 (2) के अन्तर्गत दी गयी शक्ति का प्रयोग कर पुष्टि करता हॅू, जो सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी।
उपविधियां
01-यह उपविधियॉ "जिला पंचायत, बाराबंकी विज्ञापन बोर्ड नियन्त्रण उपविधि" कहलायेंगी, तथा सरकारी गजट में प्रकाशन के दिनांक से प्रभावी होंगी।
02-(क) ''विज्ञापन बोर्ड'' का तात्पर्य उस बोर्ड से है जो व्यावसायिक प्रचार एवं प्रसार हेतु किसी सार्वजनिक सड़क के किनारे जन साधारण के पढ़ने के लिए लगाया जायेगा।
(ख) ''नियंत्रण'' का तात्पर्य विज्ञापन बोर्ड को सड़क के किनारे से एक निश्चित दूरी पर जिला पंचायत की उपविधियों के अनुरूप लगाने से है।
03-कोई भी व्यक्ति एवं संस्था जनपद बाराबंकी के ग्रामीण क्षेत्र में व्यावसायिक –ष्टि से किसी कच्ची अथवा पक्की सड़क के किनारे जिला पंचायत, बाराबंकी की पूर्व अनुमति लिये बिना न तो विज्ञापन बोर्ड लगायेगा और न ही कोई बोर्ड लगाने के लिए सड़क के किनारे गड्ढ़ा खोदेगा। बिना पूर्व अनुमति के लगाया गया बोर्ड जिला पंचायत बाराबंकी द्वारा उखाड़ या काट दिया जायेगा तथा अपने कब्जे में रख लिया जायेगा। ऐसा बोर्ड उखड़वा या कटवा कर रखवाये जाने में जो भी खर्चा होगा वह सम्बन्धित व्यक्ति/संस्था से वसूल किया जायेगा।
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 15904-जन साधारण की सुविधा, सुरक्षा एवं यातायात को सुलभ बनाने की –ष्टि से सड़क के किनारे लगने वाले बोर्ड की दूरी सड़क से निम्न प्रकार निर्धारित की जाती है-
(क) राष्ट्रीय मार्ग एवं राज्य मार्ग के किनारे बनी कच्ची पटरी के बाहरी किनारे से 45 फूट छोड़कर ही विज्ञापन बोर्ड लगाये जायेंगे।
(ख) लिंक मार्ग या अन्य कोई पक्के मार्ग के बाहरी किनारे से 40 फूट जगह छोड़कर विज्ञापन बोर्ड स्थापित किये जायेंगे।
(ग) किसी भी कच्चे मार्ग के किनारे से 8 फुट जगह छोड़कर विज्ञापन बोर्ड स्थापित किये जायेंगे।
(घ) उक्त बिन्दूओं में दी गई दूरी से कम चौड़ाई का मार्ग होने की स्थिति में विज्ञापन बोर्ड मार्ग के अन्तिम किनारे पर स्थापित करना होगा।
(ड) उपरोक्त (क)-(घ) तक में दूरी के सम्बंध में लोक निर्माण विभाग द्वारा नियत दूरी से प्रतिकूल होने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित दूरी मान्य होगी, अथवा उपरोक्त कार्य हेतु सम्बंधित विभाग से नियत दूरी के सम्बंध में अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
05-बोर्ड की स्थापना लकड़ी की बल्ली या लोहे के गार्डर या यूनि पोल द्वारा इस प्रकार की जायेगी कि तेज हवा व तूफान में वे उखड़ न सके। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विज्ञापन बोर्ड लगाने वाले की होगी।
06-जन साधारण की सुविधा एवं सुरक्षा को –ष्टिगत रखते हुए विज्ञापन बोर्ड का साइज मार्ग की चौड़ाई को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जायेगा, जो 45 फूट से अधिक ऊॅचा नहीं होगा। इससे बड़ा बोर्ड स्थापित करने के लिए लाईसेंस अधिकारी द्वारा अधि—त अधिकारी/कर्मचारी की मानक जॉच आख्या के उपरान्त ही अनुमति पत्र/लाईसेंस निर्गत किया जाना सम्भव होगा। विज्ञापन बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति द्वारा सुरक्षित स्ट्रक्चर के सम्बंध में स्ट्रक्चर इंजिनियर का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
07-विज्ञापन बोर्ड के ऊपर ऐसी इंक/पेन्ट द्वारा लिखाई प्रतिबन्धित होगी, जिन पर रात में वाहनों की रोशनी पड़ने पर चकाचौंध उत्पन्न होती हो।
08-किसी भी बोर्ड पर अश्लील भाषा का लिखना व अश्लील चित्रों का प्रदर्शन तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले शब्दों का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित होगा।
09-विज्ञापन बोर्ड पर स्त्री अथवा पुरूष के नग्न अथवा अर्धनग्न फोटो, जिन पर आम जनता विरोध दर्शाये लगाना पूर्ण प्रतिबन्धित होगा।
10-जिला पंचायत, बाराबंकी के अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी, कार्य अधिकारी, अभियन्ता, अवर अभियन्ता एवं कर अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधि—त कर्मचारी सड़क के किनारों पर लगने वाले बोर्ड सम्बन्धी उपविधि की किसी भी धारा का उल्लघंन पाये जाने पर लगाने/लिखने के कार्य को बीच में ही रुकवाने के लिए अधि—त होंगे।
11-जन सामान्य की सुविधा की –ष्टि से प्राप्त किसी भी शिकायत पर जिला पंचायत द्वारा सम्बन्धित बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति/संस्था को दिये गये निर्देशों का तत्काल पालन करना अनिवार्य होगा।
12-विज्ञापन बोर्ड को स्थापित करने वाले प्रत्येक व्यक्ति/संस्था को जिला पंचायत, बाराबंकी से लाईसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाईसेंस वार्षिक होगा जिसकी अवधि 01 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी।
13-इन उपविधियों के लागू होने के उपरान्त नये बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति/संस्था को लाईसेंस अधिकारी की अनुमति प्राप्त करने हेतु आवेदन-पत्र एवं वॉछित अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे, तथा अनुमति-पत्र/लाईसेंस जारी होने के उपरान्त ही विज्ञापन बोर्ड लगाना नियमित होगा अर्थात् बोर्ड लगाने वाला व्यक्ति/संस्था द्वारा लाईसेंस प्राप्त किये बिना विज्ञापन बोर्ड स्थापित नहीं किया जायेगा।
14-प्रत्येक वर्ष लाईसेंस का नवीनीकरण 31 मार्च से पूर्व करा लेना अनिवार्य होगा। 31 मार्च तक लाईसेंस का नवीनीकरण न कराने की स्थिति में प्रत्येक माह रु0 200.00 का विलम्ब शुल्क देय होगा। लाईसेंस न लेने की स्थिति में उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-240 के अधीन मा0 न्यायालय में वाद योजित160 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 3 किया जायेगा तथा वाद कम्पाउण्ड कराने की स्थिति में आंगणित लाईसेंस शुल्क सहित 50 प्रतिशत कम्पाउण्ड शुल्क अतिरिक्त देय होगा।
15-पूर्व से लगे समस्त विज्ञापन बोर्डो से सम्बन्धित व्यक्ति/संस्था द्वारा उपविधियों के प्रकाशन के एक माह के अन्दर आवेदन-पत्र एवं वाछित कागजात प्रस्तुत कर लाईसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उक्त निर्धारित अवधि के भीतर लाईसेंस लेने की स्थिति में उपविधि के नियम-14 के अनुरूप कार्यवाही की जायेगी।
16-इन उपविधियों के अन्तर्गत अपर मुख्य अधिकारी लाईसेंस अधिकारी होगें। अपर मुख्य अधिकारी चाहें तो कार्य अधिकारी को इस कार्य हेतु अधि—त कर सकते हैं।
17-लाईसेंस अधिकारी के निर्णय के विरूद्ध आपत्तिकर्ता 30 दिन के अन्दर अध्यक्ष, जिला पंचायत, बाराबंकी के समक्ष अपील कर सकता है, जिसका निर्णय अन्तिम एवं बाध्यकारी होगा। अध्यक्ष, जिला पंचायत के आदेश के विरुद्ध पक्षकारों को आयुक्त महोदय, अयोध्या मण्डल, अयोध्या के समक्ष अपील करने की अधिकारिता होगी।
18-इन उपविधियों के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों के किनारे विज्ञापन बोर्ड स्थापित करने का वार्षिक लाईसेंस शुल्क अंकन रु0 1,000/- अथवा रु0 20/- प्रतिवर्ग फुट जो भी अधिक हो देय होगा। इलेक्ट्रानिक/एल0ई0डी0/अन्य नवीन तकनीक से लगाये गये विज्ञापन बोर्डों के वार्षिक लाईसेंस शुल्क का निर्धारण कार्य अधिकारी एवं अभियन्ता तथा वित्तीय परामर्शदाता की समिति द्वारा निर्धारित किया जायेगा।
19-ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत स्थापित विज्ञापन बोर्डों से उपविधियों के अनुसार लाईसेंस शुल्क वसूली का कार्य जिला पंचायत द्वारा विकास खण्ड, तहसील, सम्पूर्ण जनपद हेतु ठेके पर 01/03 वर्षों हेतु दिया जा सकता है।
20-भारत सरकार/राज्य सरकार/चुनाव आयोग/जिला प्रशासन द्वारा विज्ञापन बोर्डों को हटाने के निर्देश को सम्बंधित ठेकेदार द्वारा स्वयं के खर्च पर हटाने की कार्यवाही करनी होगी।
दण्ड
उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-240 के अंतर्गत प्राप्त अधिकार का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत बाराबंकी यह निर्देश देती है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा इन उपविधियों का उल्लंघन करने पर रु0 1000/- अर्थदण्ड से दण्डित किया जाएगा, जब ऐसा उल्लंघन जारी रहेगा तब अतिरिक्त दण्ड से दण्डित किया जाएगा जो प्रथम दोष सिद्ध होने के बाद प्रत्येक ऐसे दिन के लिए जिसके बारे में यह सिद्ध हो जाये कि अपराधी अपराध करता रहा है, मु0 रु0 10/-प्रतिदिन होगा, यदि अर्थदण्ड भुगतान नहीं करता है तो 03 महीने का कारावास दण्ड दिया जा सकता है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत बाराबंकी द्वारा न्यायिक दण्डाधिकारी (जुडीशियल मजिस्ट्रेट) के यहां अभियोग-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा और न्यायालय के समक्ष अपराध सिद्ध होने पर न्यायालय पंचायत के पक्ष में आवंटी द्वारा देय धनराशि एवं उस पर बैंक ब्याज तथा अर्थदण्ड के साथ वसूल करेगी जो जिला पंचायत बाराबंकी के जिला निधि में जमा होगा।
निरसन
इस उपविधि के प्रभावी होने के दिनांक से इस विषय से सम्बंधित पूर्व में प्रचलित उपविधियॉ निरस्त हो जायेंगी।
गौरव दयाल, आयुक्त, अयोध्या मण्डल, अयोध्या।
पी0एस0यू0पी0-26 हिन्दी गजट-भाग 3-2024 ई0।
मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।
रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 28 सितम्बर, 2024 ई० (आश्विन 06, 1946 शक संवत्)
भाग 8
सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गांठों का विवरण-पत्र, जन्म-मरण के आंकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार-भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद
भूमि अर्जन अनुभाग, मुख्यालय
उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, अधिनियम-1965 (अधिनियम-1, सन 1966) की धारा-32(1)
नोटिस
24 अगस्त, 2024 ई0
सं0 803/LAC-HQ-1(भाग-1)-उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद, अधिनियम-1965 (अधिनियम-1, सन् 1966) की धारा-32(1) के अंतर्गत एतद्द्वारा यह विज्ञप्ति किया जाता है कि उपरोक्त अधिनियम की धारा-31(2) द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए ''नई जेल रोड भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना, मोहनलालगंज, लखनऊ'' फेज-II'' नामक योजना की जो उक्त अधिनियम की धारा-28 के अधीन उ0प्र0 गजट दिनांक 22 जुलाई, 2023 के भाग-आठ के पृष्ठ संख्या-337-338 पर प्रथम बार प्रकाशित हुयी थी और उक्त योजना हेतु परिषद अधिनियम की धारा-31(1) की स्वी—ति मा0 परिषद, की 266वीं बैठक दिनांक 12 जून, 2024 में मद संख्या-266/25 पर प्रदान की गयी थी, उक्त योजना में समाविष्ट ग्राम मोहारीकला एवं सिठौली खुर्द के सम्बन्ध में उ0प्र0 राज्य सरकार के आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-2 के पत्र संख्या-1107/आठ-2-24-01एच0बी0/2024, लखनऊ दिनांक 02 अगस्त, 2024 द्वारा उक्त योजना हेतु श्री राज्यपाल की स्वी—ति से अवगत कराया गया है।
उक्त योजना ''नई जेल रोड भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना, मोहनलालगंज, लखनऊ'' फेज-II'' के अन्तर्गत ग्राम-मोहारीकला एवं शिठौलीखुर्द, परगना व तहसील-मोहनलालगंज, जिला-लखनऊ की अर्जन हेतु प्रस्तावित की जाने वाली भूगि का विवरण निम्नवत् है-
127 ट932 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8 क्रम ग्राम व परगना व खसरा संख्या कुल
धारा-28 के
नियोजन समिति धारा-31 के संख्या तहसील व जिला
क्षेत्रफल अन्तर्गत अर्जन द्वारा समायोजित अन्तर्गत का नाम
हेतु प्रस्तावित
अर्जन मुक्त प्रस्तावित
क्षेत्रफल
क्षेत्रफल क्षेत्रफल
1 2 3 4 5 6 7
हेक्टेयर हेक्टेयर हेक्टेयर हेक्टेयर
1 मोहारी कला 640 3.5400 0.2530 0 0.2530
1 सिठौली खुर्द 1 6.9520 6.9520 0 6.9520
2 3 7.7180 7.4660 0 7.4660
3 4 1.2650 1.2650 0 1.2650
4 5 0.8980 0.8980 0.0015 0.8965
5 6 0.8060 0.8060 0 0.8060
6 7 0.9760 0.9760 0 0.9760
7 8 0.3950 0.3950 0 0.3950
8 10 0.6320 0.4900 0 0.4900
9 14 0.7340 0.2880 0 0.2880
10 19 0.6960 0.2320 0 0.2320
11 20 0.2810 0.2810 0 0.2810
12 21 0.5030 0.5030 0 0.5030
13 22 0.3070 0.3070 0 0.3070
14 25 0.6260 0.3130 0.0112 0.3018
15 26 0.6080 0.6080 0 0.6080
16 84 0.0250 0.0250 0.0054 0.0196
17 85 0.0240 0.0240 0 0.0240
18 86 0.0250 0.0250 0 0.0250
19 87 0.2560 0.2560 0.0093 0.2467
20 88 0.3271 0.3271 0 0.3271
21 92 0.8110 0.8110 0 0.8110
योजना हेतु प्रस्तावित कुल क्षेत्रफल 28.4051 23.5011 0.0274 23.4737
डॉ0 बलकार सिंह,
आवास आयुक्त।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 933U. P. HOUSING AND DEVELOPMENT BOARD
Land Acquisition Section, Head Quarters
Under Section 32 (1) of U.P. Housing and Development Board Act, 1965 (U.P. Act-1 of 1966)
NOTICE
August 24, 2024
No. 803/ LAC-HQ-1(भाग-1)-"Notification is hereby issued under Section 32(1) of the Uttar Pradesh Housing and Development Board Act, 1965 (Act-1, 1966) that, in exercise of the powers conferred by Section 31(2) of the said Act, the scheme named 'New Jail Road Bhoomi Vikas Evam Grihasthan Yojana, Mohanlalganj, Lucknow Phase-II, which was first published under Section 82 of the said Act in Part Eight on pages 337-338 of the Uttar Pradesh Gazette dated 887..78.82, and for which approval under Section 31(1) of the Act was granted by the Honorable Board in its 822th meeting dated 487.278.81 under item number 266/25 has been approved by the Governor as informed by the Uttar Pradesh State Government's Housing and Urban Planning Section-8 through letter number 1107/8-2-24-01HB/2024 Lucknow dated .87.278.81, in relation to the Villages of Moharikala and Sithaulikurd included in the said scheme.
The details of the land proposed for acquisition under the 'New Jail Road Bhoomi Vikas Evam Grihasthan Yojana, Mohanlalganj, Lucknow phase-II in the Villages of Moharikala and Sithaulikurd, Pargana and Tehsil Mohanlalganj, District Lucknow are as follows-
Sl. No. Village,
Gata No. Total Proposed Adjusted area Area of land Pargana, Tehsil
Area Area in recommended by to be & District
Section-28 the planning acquired in
committee and section 31
the board meeting
1 2 3 4 5 6 7
Hectare Hectare Hectare Hectare
1 Mohari Kala 046 2741.. .7842. 6 0.2530 1 Sithouli Kurd 1 6.9520 6.9520 . 6.9520 2 3 7.7180 7.4660 0 7.4660 3 4 1.2650 1.2650 0 1.2650 4 5 0.8980 0.8980 .7..44 0.8965 5 6 0.8060 0.8060 0 0.8060 6 7 0.9760 0.9760 0 0.9760 7 8 0.3950 0.3950 0 0.3950 8 10 0.6320 0.4900 0 0.4900 9 14 0.7340 0.2880 0 0.2880 10 19 0.6960 0.2320 0 0.2320 11 20 0.2810 0.2810 0 0.2810 12 21 0.5030 0.5030 0 0.5030934 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8
1 2 3 4 5 6 7
Hectare Hectare Hectare Hectare
13 Sithouli Kurd 22 0.3070 0.3070 0 0.3070 14 25 0.6260 0.3130 .7.448 0.3018 15 26 0.6080 0.6080 . 0.6080 16 84 0.0250 0.0250 .7..41 0.0196 17 85 0.0240 0.0240 . 0.0240 18 86 0.0250 0.0250 . 0.0250 19 87 0.2560 0.2560 .7...2 0.2467 20 88 0.3271 0.3271 . 0.3271 21 92 0.8110 0.8110 . 0.8110 Total Proposed Area for Scheme 28.4051 23.5011 0.0274 23.4737
Dr. Balkar Singh,
Housing Commissioner.
कार्यालय, नगर पालिका परिषद, देवरिया, जनपद-देवरिया
उपविधि
20 अगस्त, 2024 ई0
सं0 1217/स0अनु0-2024-25/देवरिया-नगर पालिका परिषद, देवरिया द्वारा नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 298 एवं उसमें दी गई उपधाराओं तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी शासनादेशों में दिये गये दिशा-निर्देशों के क्रम में ऑन साइट स्वच्छता व्यवस्था के अपशिष्ट (फीकल स्लज, सेप्टेज और अपशिष्ट जल) के डी-स्लजिंग, परिवहन एवं ट्रीटमेन्ट तत्संबंधी और प्रासंगिक अथवा आनुषांगिक मामलों के लिए उपविधि तैयार किया गया है। ऑन साइट स्वच्छता व्यवस्था के अपशिष्ट (फीकल स्लज, सेप्टेज और अपशिष्ट जल) के डी-स्लजिंग, परिवहन एवं ट्रीटमेंट तत्संबंधी और प्रासंगिक अथवा आनुषांगिक मामलों के लिए उपविधि तैयार किया गया है। यह उपविधि दैनिक समाचार-पत्र राष्ट्रीय सहारा दिनांक 18 दिसम्बर, 2022 तथा हिन्दुस्तान दिनांक 18 दिसम्बर, 2022 में आपत्ति एवं सुझाव हेतु प्रकाषित कराकर 15 दिवस के अन्दर आपत्ति एवं सुझाव मॉगा गया लेकिन निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। अतः यह उपविधि राजकीय गजट में प्रकाषित होने के तिथि से प्रभावी होगी उपविधि का विवरण निम्नवत है-
उपविधि अध्याय-1 प्रारंभिक
1-लघु-शीर्षक और प्रारम्भ-
(i) 'इन विनियमों को ''फीकल स्लज, सेप्टेज एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन (F.S.S.W.M.) विनियम 2022'' कहा जाएगा।'भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 935 (ii) 'ये विनियम उत्तर प्रदेश के राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से नगर पालिका परिषद, देवरिया (N.P.P.D.) की प्रशासनिक सीमा के भीतर लागू होंगे।
2-परिभाषायें-
(i)''एक्सेस कवर'' से तात्पर्य है-निरीक्षण, सफाई और अन्य रख-रखाव कार्यों के लिए ऑनसाइट स्वच्छता व्यवस्था (O.S.S.) तक पहुँच के लिए प्रयुक्त खुले हिस्से पर उपयुक्त ढक्कन।
(ii) N.P.P.D.पंजी—त वैक्यूम टैंकर'' से तात्पर्य है-राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्दिष्ट उद्देश्य को पूरा करने के लिए विधिवत पंजी—त वैक्यूमटैंकर, जिसका N.P.P.D. द्वारा फीकल स्लज एवंसेप्टेज (एफएसएस) के डी- रलजिंग, परिवहन और निपटान के लिए निरीक्षण और पंजीकरण किया गया हो।
(iii) "विकेन्द्री—त अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली (DWWT)" एक ऐसी एप्रोच है जिसमें व्यक्तिगत घरों, आवासीय सोसायटियों, अलग-अलग पड़े समुदायों, उद्योगों, संस्थानों या सृजन स्थल के समीप से अपशिष्ट जल के संग्रहण, ट्रीटमेंट और निपटान/पुनः उपयोग शामिल है। डी0डब्ल्यू0डब्ल्यू0टी0 से अपशिष्ट जल के तरल, ठोस, दोनों भागों का उपचार किया जाता है।
(iv) "निर्दिष्ट अधिकारी" से तात्पर्य है-N.P.P.D. का ऐसा अधिकारी, जिस अधिशासी अधिकारी द्वारा लाइसेंस जारी करने या उसे निर्दिष्ट किये गये किसी अन्य कार्य के निष्पादन के लिए अधि—त किया गया है;
(v) "डी-स्लजिंग" से लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर अथवा N.P.P.D. के प्रशिक्षित स्वच्छता कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता व्यवस्था (0.S.S.) से एफ0एस0एस0 को खाली करने का काम अभिप्रेत है;
(vi) "निपटान"से एफएसएस का किसी अधिसूचित स्थान पर परिवहन और प्रवाहित करना/ले जाने का काम अभिप्रेत है;
(vii) "उत्प्रवाही" किसी ओ0एस0एस0 से स्रावित द्रव्य है। सेप्टेज से निकलने वाले द्रव्य को भी उत्प्रवाही कहा जाता है;
(viii) "फीकल स्लज" से ओ0एस0एस0 की नीचे बैठी सामग्री अभिप्रेत है। फीकल स्लज के लक्षणों को मोटे तौर पर घर-दर-घर, शहर-दर-शहर और देश-दर-देश भिन्न किया जा सकता है। फीकल स्लज की भौतिक, रासायनिक और जैविक विशेषताएँ भंडारण की अवधि, तापमान, मिट्टी की दशा, स्वच्छता व्यवस्था (0.S.S.) में भू-जल या सतही जल का प्रवेश, डी-स्लजिंग तकनीक और पैटर्न से प्रभावित होती है।
(ix) 'फीकल स्लज व सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट (F.S.S.T.P.)" सुरक्षित निपटान और पुनः उपयोग के लिए ठोस एवं तरल भागों का विनिर्धारित मानकों तक ट्रीटमेंट करने के लिए एक स्वतंत्र एफ0एस0एस0 ट्रीटमेंट सुविधा है। इससे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस टीपी) भी अभिप्रेत किया जा सकता है, अगर वहॉ फीकल स्लज / सेप्टेज को सीवेज के साथ को-ट्रीट किया जाता है।
(X) ''लाइसेंस'' से तात्पर्य है-किसी व्यक्ति को दी गई लिखित अनुमति, जिसका उद्देश्य फीकल स्लज एवं सेंप्टेज प्रबंधन (F.S.S.M.) की सेवाओं का निर्वहन करना है जिसमें N.P.P.D. के निर्दिष्ट अधिकारी के हस्ताक्षर के तहत उद्देष्य,सत्र नाम और पता, मार्ग तथा वैधता आदि का उल्लेख किया गया हो।
(xi) ''लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर'' से तात्पर्य है-डी-स्लजिंग करने और अधिसूचित स्ािान पर एफ0एस0एस0 के परिवहन के लिए लाइसेंस रखने वाला कोई भी व्यक्ति;
(xii) ''अधिसूचित स्थान'' से तात्पर्य है-एफ0एस0एस0 पहुँचाने और निपटान का स्थान जिसे N.P.P.D. द्वारा परिभाषित और निर्धारित किया जाता है;
936 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8(xiii) ''ऑनसाइट स्वच्छता व्यवस्था (O.S.S.)'' ऐसी स्वच्छता तकनीक/व्यवस्था, जिसमें मलमूत्र एकत्रित/ ट्रीट किया जाता है जहाँ पर वह उत्पन्न होता;
(xiv) ''प्रचालक'' से तात्पर्य है-एफ0एस0एस0 के डी-स्लजिंग, परिवहन अथवा ट्रीटमेंट का व्यवसाय करने वाला व्यक्ति।
(xv) ''व्यक्ति'' प्रासंगिक कानूनों के तहत शामिल एक व्यक्ति, एक एजेंसी, एक ट्रस्ट, एक समाज, एक फर्म अथवा एक कम्पनी, व्यक्तियों का एक संगठन अथवा व्यक्तियों का एक निकाय शामिल है, चाहे वह नियमित हो या नहीं।
(xvi) ''षेड्यूल्ड डी-स्लजिंग''-सेंट्रल पब्लिक हेल्थ एंड एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग आर्गेनाईजेषन (सी0पी0एच0ई0ई0ओ0) की सिफारिषों के आधार पर 2-3 वर्ष के अंतराल पर ओ0एस0एस0 को नियमित रूप से खाली करने की प्रक्रिया।
(xvii) ''सेप्टेज'' सेप्टिक टैंक से डी-स्लज किया गया फीकल स्लज है।
(xviii) ''सीवेज'' अपषिष्ट जल है जिसे सीवरों के जरिये एक से दूसरे स्थान ले जाया जाता है;
(xix) ''सीवर'' से तात्पर्य है-समुदाय के अपषिष्ट जल, जिसे अन्यथा सीवेज कहा जाता है, को प्रवाहित करने के प्रयोजनों के लिए उपलब्ध कराई गई भूमिगत पाईप लाईन।
(xx) ''सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट/ट्रीटमेंट प्लांट'' से तात्पर्य है-वह स्थान जहाँ सीवेज को सुरक्षित निपटान और पुनः उपयोग के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार ट्रीट किया जाता है;
(xxi) "कार्यबल" से तात्पर्य है- षहर में अधिषासी अधिकारी और अध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित शहरी स्वच्छता कार्यबल। समिति के सदस्यों का उनके सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों, षिक्षकों द्वारा सह-चयन किया जा सकता है;
(xxii) "N7P7P7D के प्रषिक्षित स्वच्छता कर्मी" से तात्पर्य है-N.P.P.D के स्वामित्व वाले वैक्यूम टैंकर का उपयोगकर एफ0एस0एस0 के डी-स्लजींग और परिवहन के उद्देष्य के लिए N.P.P.D के सेवारत/अनुबंधित कर्मचारी;
(xxiii) "परिवहन" से तात्पर्य है- N.P.P.D पंजी—त वैक्यूम टैंकर से एफ0एस0एस0 कोडी-स्लजींग के स्थान से किसी अधिसूचित स्थान तक सुरक्षित तरीके से ले जाना;
(xxiv) "ट्रीटमेंट" से तात्पर्य है-प्रदूषण को कम करने या उसकी रोकथाम के लिए एफ0एस0एस0/ सीवेज/अपषिष्ट जल के भौतिक, रासायनिक, जैवि और रेडियोधर्मी लक्षणों में परिवर्तन करने के लिए बनाई गई कोई वैज्ञानिक विधि या प्रक्रिया;
(xxv) "वैक्यूम टैंकर" एक ऐसा वाहन है जिसमें एफ0एस0एस0 को ओ0एस0एस0 से वायु द्वारा खींचने के लिए बनाया गया पंप व टैंक होता है। इन वाहनों का उपयोग डी-स्लज किये गये एफ.एस.एस. के परिवहन के लिए भी किया जाता है;
(xxvi) "अपषिष्ट जल" से तात्पर्य है-घरेलू/व्यवसायिक मानव गतिविधि से आने वाला तरल अपषिष्ट, जिसमें शौचालय, रसोई घर और साफ-सफाई की गतिविधि शामिल है, किन्तु विनिर्माण और औद्योगिक गतिविधि से आने वाला अपषिष्ट शामिल नहीं है। आमतौर पर, यह मल जल बरसाती जल (स्टॉर्म वॉटर) के लिए बनी नालियों से प्रवाहित किया जाता है, इस प्रकार इसमें बरसाती जल भी शामिल होता है। इन विनियमों में प्रयुक्त और इन विनियमों में अपरिभाषित और यहां इसमें उपर अपरिभाषित किन्तु समय-समय पर लागू अधिनियम अथवा किसी अन्य कानून में परिभाषित अन्य सभी शब्दों और अभिव्यक्तियों से क्रमषः अधिनियम या कानून में निर्दिष्ट अर्थ अभिप्रेत होगा और ऐसा न होने पर, उनसे जल आपूर्ति और सीवेज ट्रीटमेंट/निपटान उद्योग मे ंसामान्यतः समझा जाने वाला अर्थ अभिप्रेत होगा।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 937(xxvii) "टोल-फ्री नम्बर" से तात्पर्य है-निकाय द्वारा उपलब्ध कराया गया वह दूरभाष नम्बर, जिस पर आम जनमानस द्वारा N.P.P.D के अधिकारी/कर्मचारी से सम्पर्क कर डी-स्लजींग कराने हेतु सूचना दी जाय। उक्त टोल- फ्री नम्बर अथवा सम्पर्क नम्बर निकाय द्वारा समय-समय पर इलेक्ट्रानिक मीडिया, शोसल मीडिया (फेसबुक पेज, ट्वीटर हैण्डल), एल0ई0डी0 स्क्रीन, प्रिंट मीडिया व आई0ई0सी0 गतिविधयों द्वारा प्रचारित किया जायेगा।
अध्याय-II
अपषिष्ट जल प्रबंधन
3-परिसर के अपषिष्ट जल का प्रबंधन और निपटान-
प्रत्येक संपाि मालिक/धारक (आवासीय और वाणिज्यिक, प्रस्तावित या मौजूदा सहित किंतु इन्हीं तक सीमित नहीं) यह सुनिष्चित करने के लिए उत्तरदायी होगा (होगी) कि उनके परिसर से अपषिष्ट जल का निम्नलिखित में से किसी एक या एकाधिक तरीकों से ट्रीटमेंट अथवा निपटान किया जाता है,अर्थातः
(i) यदि परिसर की सीमा से सीवर 30 (तीस) मीटर के भीतर या यथा व्यवहार्य किसी अन्य दूरी पर उपलब्ध है, संपाि को शुल्क (यदि कोई हो) के भुगतान पर और यथा अपेक्षित अन्य प्रक्रियाओं के पूरा करने पर सीवरेज प्रणाली से जोड़े।
(ii) अपषिष्ट जल को एन.पी..पी..डी.. द्वारा अनुमोदित समुदाय या स्थानीय क्षेत्र ट्रीटमेंट सुविधा में प्रवाहित किया जाये।
(iii) जिस संपाि से प्रतिदिन 10 हजार लीटर से अधिक अपषिष्ट जल उत्पन्न होता है और जिसके परिसर के भीतर 500 वर्गमीटर से अधिक हरित क्षेत्र है वहां एक डी.डब्ल्यू.डब्ल्यू.टी.संस्थापित करेगा ताकि संपाि में उत्पन्न अपषिष्ट का ट्रीटमेंट किया जा सके। संपाि मालिक/मालकिन, ट्रीटेड अपषिष्ट जल का बागवानी/फ्लषिंग के लिए पुनः उपयोगकर, इस प्रकार ताजे जल पर निर्भरता कम करना सुनिष्चित करेगा।
(iv) परिसर का अपषिष्ट जल ओ.एस.एस. में डिस्चार्ज हो रहा हो जिसका कोई आउटलेट न हो।
अध्याय-III
ऑनसाईट स्वच्छता व्यवस्थाएं
4-ओ0एस0एस0 का डिजाइन, निर्माण और रख-रखाव-
(i) ओ0एस0एस0 का डिजाइन, निर्माण और इसकी संस्थापना समय-समय पर यथाः संषोधित "मैन्युअल ऑनसीवरेज एण्ड सीवेज ट्रीटमेंट" सिस्टम, 2013 CPHEEO के प्रावधानों के अनुसार अथवा N.P.P.D या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा जारी किए गये किसी अन्य स्वी—त मजबूतइंजीनियरिंग प्रैक्टिस के अनुसा रहोंगे।
(ii) ओ0एस0एस0 से जुड़ी संपत्ति का मालिक/धारक, उससे निकलने वाले एफ0एस0एस0 की देख-रेख, रख- रखाव और सुरक्षित निपटान के लिए उत्तरदायी होगा।
(iii) परिसर का मालिक/धारक N.P.P.D. द्वारा यथा निर्धारित लागत के भुगतान पर नियमित आधार पर (प्रत्येक 2-3 वर्ष ) में डी-स्लजिंग कराएगा।
(iv) परिसर का मालिक/धारक यह सुनिश्चित करेगा कि उसके ओ0एस0एस0 में खराबी अथवा गलत निर्माण के कारण एफ0एस0एस0 के खुले क्षेत्र में सीधे प्रवाह या नाली में प्रवाहित होने के कारण पर्यावरण में कोई प्रदूषण न हो।
(v) परिसर का मालिक/धारक यह सुनिश्चित करेगा कि लाइसेंस प्राप्त या N.P.P.D के प्रशिक्षित स्वच्छता कर्मी के द्वारा पर्याप्त सुरक्षित उपायों को अपनाते हुए ओ0एस0एस0 को यांत्रिक रूप से साफ किया जाए और इस प्रयोजन के लिए कोई मैनुअल सफाई न की जाए।
938 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8(vi) N.P.P.D. या इसके निर्दिष्ट अधिकारी को गैर-अनुपालन के लिए परिसर का निरिक्षण करने का अधिकार है। N.P.P.D. परिसर के मालिक/धारक को एक समय सीमा के भीतर अपनी लागत पर फीकल स्लज, सेप्टेज एवं अपशिष्ट जल (F.S.S.W.) के प्रबंधन और निपटान से संबंधित रेट्रोफिटिंग/गैर-अनुपालन में सुधार करने के लिए नोटिस जारी कर सकती है।
(vii) N.P.P.D. अपने विवेक से, संपत्ति मालिक/धारक को रेट्रोफिटिंग/गैर-अनुरूपी प्रणालियों में सुधार करने और वैकल्पिक प्रणालियों का सुझाव देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के लिए प्रोत्साहन दे सकती है।
अध्याय-IV
एफ0एस0एस0 के डी-स्लजिंग और परिवहन के लिए पंजीकरण तथा लाइसेंसिंग
5-N.P.P.D द्वारा लाइसेंस जारी किया जाना-
(i) N.P.P.D., निजी ऑपरेटर(रों) द्वारा स्वामित्व अथवा किराए पर लिए वैक्यूम टैंकर(रों) का पंजीयन करेगा, जो वर्तमान में देवरिया शहर में डी-स्लजिंग की सेवा प्रदान कर रहे हैं।
(ii) N.P.P.D. अपने कर्मचारियों सहित ऑपरेटरों के लिए इनफॉर्मेशन, एजुकेशन एण्ड कम्यूनिकेशन (आई0ई0सी0) गतिविधियां करेंगी, जहां उन्हें एफ0एस0एस0 को सुरक्षित रूप से डी-स्लज और परिवहन के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को नियोजित करने के लिए संवेदनशील और प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण पंजीकरण की अंतिम तिथि के बाद 01 महीने के भीतर किया जाएगा।
(iii) एक बार ऑपरेटर को लगता है कि वह लाइसेंस के मापदण्डों का सफलता पूर्वक अनुपालन करता है, तो वह इन विनियमों के प्रपत्र-1 का उपयोग करते हुए इसके लिए आवेदन करेगा (करेगी)। यह प्रशिक्षण पूरा होने के अधिकतम 02 महीने के भीतर किया जाएगा।
(iv) N.P.P.D एफ0एस0एस0 कोडी-स्लज करने और इसके परिवहन के लिए ऑपरेटर को लाइसेंस जारी करेगी।
(v) लाइसेंस इन विनियमों के प्रपत्र-2 में निर्धारित प्रारूप में जारी किया जाएगा, और जारी होने की तारीख से एक वर्ष वैध होगा, अन्यथा इसे पहले रद्द नहीं किया गया हो और इसकी समाप्ति पर इसे नवीनी—त किया जा सकेगा, जो कि लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर द्वारा नियम और शर्ताें की पूर्ति और निर्धारित शुल्क (नगरपालिका परिषद, देवरिया के मा0 बोर्ड द्वारा स्वी—त दर) के भुगतान आधार पर होगा।
(vi) N.P.P.D. आवेदक के स्वामित्व या किराए पर लिए गए वैक्यूम टैंकर(रों) को पंजी—त करेगी। N.P.P.D. अपनी संतुष्टि के लिए वाहन का निरीक्षण करेगी। N.P.P.D. को उन वाहनों के पंजीकरण को अस्वीकार करने या रद्द करने का अधिकार है जिनके विषय में N.P.P.D. मानती है, इन विनियमों के अनुच्छेद-15 में उल्लिखित मापदण्डों को पूरा नहीं किया गया हो अथवा जो शहर की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
6-लाइसेंस जारी करने हेतु मापदण्ड-
(i) लाइसेंस प्राप्त करने के लिए योग्य आवेदक से तात्पर्य इन नियमों के अनुच्छेद-2 (XV) में परिभाषित ''व्यक्ति''है।
(ii) आवेदक के पास उचित वैक्यूम/सक्शन और डिस्चार्जिंग व्यवस्था के साथ रिसाव-रहित (लीक-प्रूफ), गंध और छलकल-रोधी (स्पिल-प्रूफ) वैक्यूम टैंकर स्वामित्व में अथवा किराये पर होना/होने चाहिए।
(iii) देवरिया में परिचालन किये जाने के लिए वाहन के पास परिवहन विभाग का वैध परमिट या पंजीकरण प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।
(iv) आवेदक N.P.P.D. के साथ अपने वैक्यूम टैंकर (रों) को पंजी—त करेगा।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 939(v) आवेदक यह शपथ करेगा कि उसके द्वारा स्वामित्व में अथवा किराए पर लिए गए वैक्यूम टैंकर, इन नियमों के अनुच्छेद-15 में उल्लिखित मापदण्डों को पूरा करते हैं।
(vi) आवेदक N.P.P.D अथवा N.P.P.D द्वारा नियुक्त एजेंसी द्वारा इस उद्देश्य के लिए श्रमिकों को पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित करने का कार्य करेगा।
(vii) आवेदक सुरक्षा गियरों और अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पी0पी0ई0) के साथ श्रमिकों को लैस करने का कार्य करेगा, जो कि अधिसूचित स्थानों से एफ0एस0एस0 के सुरक्षित रूप से डी-स्लज, परिवहन और निपटान करने के लिए जरूरी होगा। ये आवश्यक पीपीई इस विनियम के परिशिष्ट में उल्लिखित सूची के अनुसार होगा। 7-लाइसेंस के लिए आवेदन-
एफ0एस0एस0 के डी-स्लज, परिवहन और निपटान के लिए लाइसेंस प्राप्त करने हेतु आवेदन, इसके नियम और शर्तों सहित इन विनियमों के प्रपत्र-1 के रूप में संलग्न निर्धारित प्रारूप में और N.P.P.D के निर्दिष्ट अधिकारी(रियों) द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
8-लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए आवेदकों को आमंत्रण-
N.P.P.D अपना वेबसाइट पर और प्रमुख समाचार-पत्रों तथा अन्य प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से समय- समय पर सम्भावित आवेदकों को लाइसेंस हेतु आवेदन के लिए आमंत्रित करने के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी। 9-लाइसेंस के लिए आवेदन शुल्क-
N.P.P.D. लाइसेंस प्रदान करने के लिए, आवेदन को प्रक्रियागत करने हेतु समय-समय पर निर्धारित आवेदन- शुल्क प्रभारित कर सकती है। यह शुल्क गैर-वापसी योग्य होगा और इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से अथवा N.P.P.D पक्ष में डिमांड-ड्राफ्ट द्वारा भुगतान किया जा सकता है।
10-परफॉरमेंस गारंटी-
लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर, बैंक गारंटी के तौर पर परफॉरमेंस (कार्य-प्रदर्शन) गारंटी की निर्धारित राशि जमा करेगा जैसा कि N.P.P.D द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया गया हो, जिसे विनियमों के तहत किसी भी उल्लंघन के मामले में जब्त कर लिया जाएगा।
11-लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर का प्रचार-
N.P.P.D. समय-समय पर लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर(रों) को अपनी वेबसाइट पर प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी।
12-लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर का प्रचार-
N.P.P.D. इन नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी, साथ ही साथ एफ0एस0एस0 को डी-स्लज, परिवहन और निपटान हेतु लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर को संलग्न करने की आवश्यकता के बारे में भी जागरूक करेगी।
अध्याय-V
एफ0एस0एस0 की डी-स्लजिंग एवं परिवहन
13-संपत्ति का मालिक/धारक केवल लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर को ही संलग्न करेगा-
(i) एफ0एस0एस0 की डी-स्लजिंग और परिवहन के लिए N.P.P.D के लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों या N.P.P.D के प्रशिक्षित स्वच्छता कर्मियों की सेवाओं को संलग्न करना सम्पत्ति के प्रत्येक मालिक/धारक का कर्तव्य होगा।
128 ट940 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8 (ii) मालिक/धारक इस बात की पुष्टि करेगा (करेगी) कि डी स्लजर(रों) को जारी किया गया लाइसेंस, कार्य के निष्पादन की तारीख तक वैध है। वह इन विनियमों के प्रपत्र-3 में निर्धारित एफ0एस0एस0 की डी-स्लजिंग, परिवहन एवं निपटान के रिकॉर्ड फॉर्म पर अपने हस्ताक्षर भी करेगा (करेगी)।
14-एफ0एस0एस0 की डी-स्लजिंग एवं परिवहन के लिए शुल्क-
(i) एफ0एस0एस0 की डी-स्लज करने और इसके अधिसूचित स्थानों तक परिवहन के लिए शुल्क को N.P.P.D. के निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया जायेगा।
(ii) जब N.P.P.D. शहर में शेड्यूल्ड डी-स्लजिंग के कार्य को कार्यान्वित करने का निर्णय लेगी, तब डी-स्लजिंग शुल्क को 'सैनिटेषन चार्ज' द्वारा प्रति स्थापित किया जाएगा, अथवा इसे सम्पत्ति/जलकर में शामिल किया जा सकता है, जिसे समय-समय पर N.P.P.D. द्वारा अधिसूचित किया जायेगा।
(iii) लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर समय-समय पर N.P.P.D. द्वारा अधिसूचित राषि से अधिक, सम्पत्ति के मालिक/धारक से कोई राषि वसूल नहीं करेगा (करेगी)।
(iv) एफ0एस0एस0 की डी-स्लजिंग एवं अधिसूचित स्थानों तक परिवहन के लिए अधिसूचित शुल्क से अधिक किसी भी शुल्क की मांग, लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर को उनके लाइसेंस रद्द किये जाने के लिए जिम्मेदार बनाया गया है और इन विनियमों के उल्लंघन के लिए उन पर निर्धारित जुर्माना लगाया जाएगा।
15-एफ0एस0एस0 के परिवहन के लिए वाहन-
(i) एफ0एस0एस0 को केवल लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर(रों), या N.P.P.D. के प्रशिक्षित स्वच्छता कर्मियों द्वारा ही डी-स्लज एवं अधिसूचित स्थानों तक परिवहन किया जाएगा।
(ii) वैक्यूम टैंकर(रों) को 6 महिने की अवधि के लिए पंजीकृत किया जा सकता है, भले ही सभी डी-स्लजिंग वाहन संबंन्धित आवश्यक शर्तें पूरी न की गई हों। ऐसे मामलों में, संबंधित ऑपरेटर को इस निश्चित समय सीमा के भीतर वैक्यूम टैंकर को अपग्रेड करना होगा।
(iii) एफ0एस0एस0 के सुरक्षित और कुशल परिवहन के लिए वाहनों को केवल निर्दिष्ट मार्गों (जैसा कि समय -समय पर N.P.P.D. द्वारा चिन्हित किया जाएगा) पर ही चलना होगा।
(iv) एफ0एस0एस0 की डी-स्लजिंग एवं अधिसूचित स्थानों तक परिवहन के लिए उपयोग किये जाने वाले वाहन पर N.P.P.D. द्वारा जारी किये गये ऑपरेटर लाइसेंस एवं पंजीकरण की एक प्रति (कापी) प्रमुखता से प्रदर्षित/चस्पा की जाएगी।
(v) वैक्यूम टैंकरों को पीले रंग से रंगा जाएगा तथा लाल रंग में ''सेप्टिक टैंक वेस्ट'' (SEPTIC TANK WASTE) (अंग्रेजी में) व ''मलकुुंड अपशिष्ट'' (हिन्दी में) लिखकर (सावधानियों को) चिन्हित किया जाएगा।
(vi) एफ0एस0एस0 के परिवहन के लिए उपयोग किये जाने वाले प्रत्येक वाहन में एक जीपीएस उपकरण लगाया जाएगा, और निर्दिष्ट अधिकारी और N.P.P.D. द्वारा अधिसूचित एजेंसी को ऐसे वाहनों के ट्रैकिंग के लिए इसके एक्सेस/पहुंच अधिकार दिए जायेंगे।
16-परिवहन के दौरान सावधानियां-
लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा(करेगी) कि डी-स्लजिंग के स्थान से निपटान के अधिसूचित स्थान के बीच परिवहन के दौरान एफ0एस0एस0 का कोई रिसाव/छलकाव नहीं हो।
17-दुर्घटना के मामले में सुरक्षात्मक उपाय-
एफ0एस0एस0 को डी-स्लजिंग के स्थान से निपटान के अधिसूचित स्थान के बीच परिवहन के दौरान प्रदूषण से बचने के लिए आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा।
18-दुर्घटना होने पर लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर की जिम्मेदारी/देयता-भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 941 किसी भी दुर्घटना या आपदा के होने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति, संपत्ति या पर्यावरण को हुए किसी भी नुकसान के लिए लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर पूरी तरह से और पूर्ण रूपेण उत्तरदायी होगा (होगी), और पीड़ितों/उनके कानूनी वारिसों को अपने स्वयं के खर्चे पर किसी भी क्षतिपूर्ति/मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा (होगी), यदि इसे किसी प्राधिकरण/न्यायालय द्वारा प्रभारित किया जाता है।
19-तैनात कर्मी(यों) के लिए सुरक्षा-उपाय-
लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर सभी सुरक्षा उपायों को प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होगा, जिसमें हाथ चलित गैस-डिटेक्टर, गैस-मास्क, सुरक्षात्मक गियर, ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ऑक्सीजन-मास्क, और प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स आदि शामिल हैं, और ऐसे अन्य उपायों को प्रदान करने के लिए भी जिन्हें इन विनियमों के साथ-साथ ''हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013'' में तथा इसके अधीन बनाए गए नियमों में निर्दिष्ट किया गया है।
20-एफ0एस0एस0 का निपटान-
(i) लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर समय-समय पर N.P.P.D द्वारा अधिसूचित स्थानों पर ही एफ0एस0एस0 का निपटान करेगा (करेगी)।
(ii) लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर विधिवत् तौर पर भरा और हस्ताक्षरित किया एफ0एस0एस0 की डी-स्लजिंग, परिवहन एवं निपटान का रिकॉर्ड फॉर्म N.P.P.D के निर्दिष्ट अधिकारी को जमा करेगा (करेगी)।
21-कर्मियों का प्रषिक्षण-
लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर एफ0एस0एस0 के डी-स्लजिंग, परिवहन और निपटान में तैनात कर्मी(यों) के आवधिक प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार होगा (होगी)।
22-कर्मियों की नियमित स्वास्थ्य जाँच-
लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर यह सुनिष्चत करने के लिए जिम्मेदार होगा (होगी) कि प्रत्येक कर्मी की, जिन्हें ऐसे कार्य में नियोजित किया गया है, प्रतिवर्ष कम-से-कम दो बार स्वास्थ्य जाँच की जाती हो और इसका प्रलेख N.P.P.D को प्रस्तुत किया जाता हो, ऐसा नहीं किए जाने पर लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर ऐसे जुर्माना/अर्थ दण्ड देने के लिए उत्तरदायी होगा(होगी), जैसा कि समय-समय पर अधिसूचित किया जाता है।
23-बीमा-
एफ0एस0एस0 को डी-स्लज, परिवहन करने और निपटान की प्रक्रिया के दौरान दुर्घटना की स्थिति में लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर द्वारा तैनात कर्मी(यों) को पीड़ितों/उनके कानूनी वारिसों को ''हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013'' और 2003 की रिट याचिका संख्या-583 (सफाई कर्मचारी आंदोलन एवं अन्य बनाम भारतीय संघ एवं अन्य) में अपेक्स कोर्ट के आदेष दिनांक 27 मार्च, 2014 के तहत मुआवजा देने के लिए बीमा किया जाएगा।
24-जुर्माना/अर्थदण्ड/लाइसेंस रद्द करना-
इन विनियमों सहित ''हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013'' के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन के मामले में लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर ऐसे जुर्माना/अर्थदण्ड देने के लिए उत्तरदायी होगा (होगी), जैसा कि समय-समय पर अधिसूचित किया गया हो एवं डी-स्लज ऑपरेटर द्वारा ओ0एस0एस0 से एकत्र किये गये स्लज को पालिका द्वारा अधिसूचित स्थान पर डिस्चार्ज करने के बजाय खुले अथवा बन्द नालियों/नालों, जलाषयों (तालाब, पोखर, नदी) एवं खुले स्थानों (खेत, प्लाट, गड्ढो) आदि पर किये जाने की स्थिति में लाइसेंस को रद्द करना और कार्यबल या निर्दिष्ट अधिकारी(यों) की सिफारिष के अनुसार पर फॉरमेंस गारंटी को जब्त करना शामिल है।
942 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8अध्याय-VI
एफ0एस0एस0डब्ल्यू0 के उपचार एवं पुनःउपयोग/निपटान
25-उपचार/निपटान स्थल(लों) की पहचान-
N.P.P.D ऐसे स्थान(नों) की पहचान करेगी और अधिसूचित करेगी, जहां एफ0एस0एस0डब्ल्यू0 को लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटर या N.P.P.D के प्रषिक्षित स्वच्छता कर्मियों द्वारा उपचार/निपटान किया जाएगा।
26-एफ0एस0एस0डब्ल्यू0 की प्राप्ति हेतु अधो संरचना का सृजन-
N.P.P.D आवष्यक बुनियादी अधोसंरचना तैयार करेगी और पंंजी—त वाहन(नों) द्वारा लाए गए एफ0एस0एस0डब्ल्यू0 के उपचार/निपटान की सुविधा के लिए अधिसूचित स्थानों पर आवष्यक उपकरण प्रदान करेगी। 27-एफ0एस0एस0 प्राप्त करने के लिए कर्मियों की तैनाती-
प्रत्येक अधिसूचित स्थानों पर एफ0एस0एस0 प्राप्त करने और इसे संबंधित उपचार सुविधा में स्थानांतरित करने हेतु एन.पी.पी.डी. या संचालक फर्म/संस्था पर्याप्त संख्या में कर्मियों को तैनात करेगी।
28-एफएसएस प्राप्ति का समय-
N.P.P.D द्वारा समय-समय पर अधिसूचित घण्टे के दौरान प्रत्येक अधिसूचित स्थान(नों) पर N.P.P.D या संचालक फर्म/संस्था के तैनात कर्मियों द्वारा एफ0एस0एस0 प्राप्त किया जाएगा।
29-औद्योगिक अपषिष्टों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए-
औद्योगिक अपषिष्टों युक्त एफ0एस0एस0 को अधिसूचित स्थान(नों) पर अनुमति नहीं दी जाएगी। 30-एफ0एस0एस0एम0 में प्रषिक्षण-
एन.पी.पी.डी. द्वारा अधिसूचित स्थान(नों) पर तैनात कर्मियों को एफ0एस0एस0 प्राप्त करने और उपचार/निपटान के लिए प्रषिक्षित किया जाएगा।
31-उपचारित एफ0एस0एस0डब्ल्यू0 का पुनः उपयोग-
(i) N.P.P.D किसानों को अनुपचारित एफ0एस0एस0 डब्ल्यू के —षि अनुप्रयोग से होने वाले स्वास्थ्य और पर्यावर्णीय दुष्प्रभावों के बारे में जागरुक करेगी, और एफ0एस0एस0टीपी0 से उपचारित एफएसएसडब्ल्यू का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
(ii) N.P.P.D शहर में डीडब्ल्यूडब्ल्यूटी से उपचारित अपषिष्ट जल का उपयोग बागवानी और किसी अन्य उद्देष्य के लिए करेगी, जिसमें ताजे पानी के बदले में इसका उपयोग किया जा सकता है।
(iii) N.P.P.D किसी भी निर्माण गतिविधि के परियोजना प्रस्तावक परियोजना के आस-पास के क्षेत्र (01 कि0मी0 के दायरे) में उपलब्ध किसी भी उपचारित अपषिष्ट-जल का उपयोग निर्माण गतिविधियों के लिए करेंगे। केवल उपचारित अपषिष्ट-जल की अपर्याप्त उपलब्धता/अनुपलब्धता के मामलों में, प्रस्तावक अन्य उपलब्ध विकल्पों का पता लगाने और इस हेतु अनुमोदन लेने के लिए एन.पी.पी.डी.से परामर्ष करेगा।
अध्याय-VII
32-प्रषासनिक नियंत्रण और प्रवर्तन-
(i) इन नियमों के प्रषासनिक और प्रवर्तन अधिकार अधिषासी अधिकारी या निर्दिष्ट अधिकारी के पास निहित है, जिन्हें विधिवत् तौर पर अधिकारी द्वारा प्राधि—त किया गया है।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 943(ii) डी-स्लजिंग, परिवहन या उपचार की सेवाएं प्रदान करने के लिए N.P.P.D समय-समय पर उपयोगकर्ता शुल्क निर्धारित और अधिसूचित कर सकती है। इसकी लागत वसूली सुनिष्चित करने के लिए, उपयोगकर्ताओं को इन सेवाओं हेतु भुगतान करना होगा।
33-निरीक्षण के लिए विषेष अधिकार-
इन विनियमों के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रवर्तन के उद्देष्य से, N.P.P.D के पास किसी भी समय किसी भी परिसर, परिवहन वाहनों और एफएसएसडब्ल्यू उपचार सुविधा के निरीक्षण का अधिकार होगा।
34-उल्लंघन और दण्ड-
(i) इन नियमों के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन के दोषी किसी भी व्यक्ति को इसके अनुपालन के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
(ii) कोई भी व्यक्ति इन नियमों के तहत दण्डात्मक प्रावधानों के लिए जिम्मेदार होगा(होगी), यदि ऐसा व्यक्ति-
(क) उल्लंघन करता है अथवा इन नियमों के किसी भी प्रावधान का पालन करने में विफल रहता है;
(ख) इन विनियमों के तहत किसी भी अधिकार के निर्वहन अथवा किसी भी कर्तव्य के अनुपालन में उसे सौंपे गए अधिकार के तहत कार्य करने वाले N.P.P.D के किसी निर्दिष्ट अधिकारी या अन्य अधिकारी के साथ बाधा, रोक या हस्तक्षेप करता है;
(ग) किसी भी ओ0एस0एस0/सीवर को डी-स्लज करने के लिए हाथ से किए जाने वाले कार्य का सहारा लेता है।
(iii) इन नियमों के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को परिषिष्ट में इंगित राषि के साथ और संबंधित कानून के तहत मुकदमा चलाकर दडित किया जाएगा, और साथ ही एफ0एस0एस0 परिवहन वाहन, एफएसएसडब्ल्यू उपचार सुविधा या संपत्ति को जब्त किया जाएगा, जैसा भी मामला हो।
(iv) जहां कहीं ऐसे किसी भी मामले में, जिसमें परिषिष्ट में स्पष्ट रूप से जुर्माना इंगित नहीं किया गया है, दोषी पाए गए व्यक्ति को पाँच हजार भारतीय रुपये (रु0 5,000.00) के जुर्माने के साथ दंडित किया जाएगा और इसके बाद निरंतर उल्लंघन के मामले में एक हज़ार भारतीय रुपये (रु0 1,000.00) प्रतिदिन की दर से एक अतिरिक्त जुर्माना राषि के साथ ऐसे जारी उल्लंघन के लिए उस अवधि हेतु दंडित किया जाएगा।
(v) संदेह के समाधान के लिए, एतद् घोषित किया जाता है कि इन विनियमों में स्पष्ट तौर पर ऐसा कुछ नहीं होने के बावजूद किसी व्यक्ति को किसी भी अन्य संबंधित अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने और दंडित होने से नहीं रोका जा सकता है, जो उस समय लागू हो तथा जिन्हें ऐसे —त्य अथवा चूक हेतु इन नियमों के तहत दंडनीय किया गया है।
35-अपील-
कोई भी व्यक्ति जो इन नियमों के तहत N.P.P.D के किसी निर्दिष्ट अधिकारी के निर्णय से व्यथित हो, अधिषासी अधिकारी को ऐसे निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकता(सकती) है (इन विनियमों के प्रपत्र-4 में संलग्न प्रारूप में) और यदि निर्णय अधिषासी अधिकारी द्वारा किया गया है, तो अपील उस आदेष की प्रति प्राप्त होने की तारीख से तीस दिनों की अवधि के भीतर कार्य बल को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके विरुद्ध अपील की गई थी।
36-विवाद समाधान उपबंध-
कोई भी विवाद, जो इन विनियमों के संचालन के संबंध में उठाया गया हो/उत्पन्न हुआ हो उनका समाधान भारतीय कानूनों के तहत सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा, और जिनका अधिकार क्षेत्र केवल देवरिया शहर होगा।
944 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 837-संदर्भ दस्तावेज-
नियमों के कार्यान्वयन और निष्पादन की आसानी के लिए, इन नियमों के परिषिष्ट में प्रदान किए गए मानकों, रणनीतियों, मैनुअल, दिषा-निर्देषों और नीतियों की सूची को संदर्भित किया जा सकता है, क्योंकि वे समय-समय पर संषोधित किए जाएंगे।
38-राज्य सरकार के निर्देष इन विनियमों के पूरक होंगे-
राज्य सरकार इन नियमों के प्रवर्तन व निष्पादन में कठिनाइयों को दूर करने के लिए एफएसएसडब्ल्यूएम के संबंध में निर्देष जारी कर सकता है।
(ह0) अस्पष्ट, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद्, देवरिया।
कार्यालय नगर पंचायत अजमतगढ़, जनपद आजमगढ़
स्वकर निर्धारण नियमावली
15 जुलाई, 2024 ई0
सं0 83/न0पं0अज0/2024-25-शासनादेश सं0-135/9-9-11-190 द्वि0रा0वि0मा0/04 नगर विकास अनुभाग-9 दिनांक 18 मार्च, 2011 द्वारा नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतो मे गृहकर निर्धारण हेतु स्वकर मूल्यांकन व्यवस्था प्रभावी किये जाने हेतुु आदेशित किया गया है। उक्त शासनादेश के क्रम में नगर पंचायत अजमतगढ़ जनपद आजमगढ़ क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले भवनों/भूखण्डों के वार्षिक किराया मूल्य की गणना हेतु नगर क्षेत्र के समस्त मोहल्लों के अन्तर्गत भवनों/भूखण्डों के प्रत्येक समूह के लिए कारपेट एरिया/क्षेत्रफल के प्रतिवर्ग फुट किराये की न्यूनतम मासिक दर निर्धारित की जा रही है, तथा उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1960 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-2 सन् 1916) की धारा-128 के अधीन शक्ति का प्रयोग करते हुये अधिसूचना 3732XX III-466 दिनांक 25 मार्च, 1943 तथा अधिसूचना संख्या-404-V/XI-140-1936 दिनांक 10 फरवरी, 1939 के अधीन प्रकाशित विज्ञप्ति क्रमशः गृहकर जलकर नियमावली में संशोधित करते हुये उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-8 सन् 2011 की पठित धारा-128, प्रतिस्थापना करते हुये उल्लिखित धाराओं की शक्ति का प्रयोग करते हुये नगर पंचायत अजमतगढ़ सम्पत्ति कर, गृहकर, जलकर नियमावली बनायी है। जिसे नगर पालिका अधिनियम में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये सर्व साधारण से 15 दिवस के अन्दर आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत करने हेतु इस कार्यालय के पत्र संख्या-45 व 45(1)/न0पं0अज0/2024-25 दिनांक 11 जून, 2024 द्वारा राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्र व दैनिक रणपूजा समाचार पत्र में विज्ञप्ति प्रकाशित कराया गया था, नियत अविध के अन्दर कोई भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। अतः नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-301 की उपधारा (2) के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है, कि उक्त नियमावली एवं मासिक किराया दर प्रतिवर्ग फुट शासकीय गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी समझी जायेगी।
नगर पंचायत अजमतगढ़ जनपद आजमगढ़ स्वकर निर्धारण सम्पत्तिकर
(गृहकर-जलकर) नियमावली-2023
नगर विकास अनुभाग-9 की शासनादेश संख्या 135/9-9-11-190-दि0रा0वि0आ0/04 दिनांक 18 मार्च,
2011 द्वारा नगर पंचायत अजमतगढ़ स्वकर निर्धारण सम्पत्तिकर (गृहकर-जलकर) नियमावली-2023
नियमावली
1- यह नियमावली नगर पंचायत अजमतगढ़ की सीमा में स्थित भवनों तथा सम्पत्तियों पर स्वतः कर निर्धारण नियमावली 2024 कही जायेगी।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 9452- यह नियमावली नगर पंचायत अजमतगढ़ की सीमा में लागू होती है।
3- यह नियमावली राजकीय गजट में प्रकाशन के पश्चात इसी वित्तीय वर्ष 2024-25 से लागू होगी। 4- ''नगर पंचायत'' का तात्पर्य नगर पंचायत अजमतगढ़ से है।
5- ''अधिशासी अधिकारी'' का तात्पर्य नगर पंचायत अजमतगढ़ के अधिशासी अधिकारी से है। 6- ''प्रशासक/बोर्ड'' का तात्पर्य नगर पंचायत अजमतगढ़ के प्रशासक/बोर्ड से है।
7- ''अध्यक्ष/प्रशासक/प्रभारी अधिकारी'' का तात्पर्य नगर पंचायत अजमतगढ़ के अध्यक्ष/प्रशासक/प्रभारी अधिकारी से है।
8- ''अधिनियम'' का तात्पर्य संयुक्त प्रान्त नगर पालिका अधिनियम 1916 से है।
9- ''शासनादेश'' का तात्पर्य उ0प्र0 शासन द्वारा जारी आदेशों/निर्देशों से है।
10- कोई भी व्यक्ति यदि नगर पंचायत अजमतगढ़ की सीमा में भवन/भूमि के स्वामी/अध्यासी है तो वें भवन/भूमि के सम्पत्ति कर का निर्धारण स्वमूल्यांकन द्वारा कर लेगें। इसके लिये नगर पंचायत अजमतगढ़ से एक आवेदन पत्र (प्रपत्र क और प्रपत्र ख) प्राप्त करके अपनें मकान का व्यौरा देकर उपविधि में दी गई निर्धारित दर के अनुसार स्वयं ख कर निर्धारिण करेंगें।
11- आवेदन पत्र (प्रपत्र क और प्रपत्र ख) नगर पंचायत अजमतगढ़ से निर्धारित शुल्क जमा कर प्राप्त किया जा सकता है।
12- जिन भवन/भूमि स्वामी/अध्यासियों द्वारा स्व कर निर्धारिण का विकल्प नही अपनाया जायेगा, तो उनके सम्बन्ध में कर का निर्धारण व वसूली की कार्यवाही नियमानुसार नगर पंचायत अजमतगढ़ जनपद आजमगढ़ द्वारा की जायेगी। 13- भवन/भूमि के स्वामी/अध्यासियों द्वारा आवेदन पत्र में गलत तथ्य/सूचना देनें पर उसको रुपयेे 1,000.00 से अनाधिक अर्थदण्ड देय होगा।
14- भवन- इसमे वह सभी आहते, उपघर आदि, तथा यदि एक सयुक्त परिसर में कई भवन स्थित है तो इस परिसर के सभी इमारतों के परिसर की भूमि सहित भवन कहा जायेगा और भवनों का तात्पर्य नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा में अकिंत परिभाषा से है।
15- ''सम्पत्ति'' का तात्पर्य किसी भवन/भूमि या दोनो से है।
16- ''आच्छादित क्षेत्रफल'' का तात्पर्य कुर्सी के ऊपर जिस पर भवन निर्मित है, के प्रत्येक तल के आच्छादित क्षेत्रफल से है।
17- कारपेट एरिया की गणना निम्नानुसार की जायेगी-
1- कमरे- आन्तरिक आयाम की पूर्णमाप।
2- आच्छादित बरामदा- आन्तरिक आयाम की पूर्णमाप।
3- बालकनी, कारी डोर, रसोई व भण्डार गृह-आन्तरिक आयाम की 50 फीसदी माप।
4- गैराज-आन्तरिक आयाम की एक चौथाई माप।
5- स्नानगृह, शौचालय पोर्टिका और जीने से आच्छादित क्षेत्र-कारपेट एरिया का भाग नही होगा।
अथवा
कारपेट एरिया- आच्छादित क्षेत्रफल का 80 प्रतिशत भाग।
946 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 818- कर का निर्धारण निम्नाकिंत के आधार पर किया जायेगा।
1- वर्षिक मूल्य की गणना वार्षिक मूल्य = कारपेट एरिया x निर्धारण प्रति ईकाई का क्षेत्रफल मासिक
किराया दर x12
या
आच्छादित क्षेत्रफल x निर्धारित प्रति ईकाई का क्षेत्रफल का किराया दर x 12 x 80%
19- करों का भुगतान अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा प्रतिकृत कोई अधिकारी बनाये गये नियम अधीन निर्धारित भवन/भूमि (सम्पत्ति) कर के भुगतान हेतु स्वामी/अध्यासी को बिल भेजेगा, जिसमें एक ऐसा दिन निर्दिश होगा, नगर पंचायत अजमतगढ़ जनपद आजमगढ़ कार्यालय अथवा उसके द्वारा अधिसूचित बैंक में कर का भुगतान किया जायेगा। स्वकर निर्धारण का भुगतान सार्वजनिक सूचना द्वारा सूचित किये जाने पर भी निर्धारित तिथि तक किया जायेगा। निर्धारित अवधि में भुगतान न करने की दशा में नियमावली में दी गई शक्ति तथा नगर पंचायत अधिनियम 1916 की धारा 173(क) के भी अनुसार कर की वसूली की जायेगी। धारा 173(क) की कार्यवाही कर खर्च तथा व्यय धनराशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी लिया जायेगा।
1-यह एक नगर पालिका बोर्ड की ओर से अध्यक्ष/प्रभारी अधिकारी/अधिशासी अधिकारी जैसी भी परिस्थिति नगर पालिका अधिनियम की धारा 158(1)(2) के अन्तर्गत पत्र भेजकर किसी भवन/भूमि स्वामी की उसकी सम्पत्ति आदि के बारे में विवरण प्रस्तुत करनें तथा अन्य दस्तावेज मागनें व प्राप्त करने का अधिकार होगा।
2-इस उपविधि के किसी भी प्रविधान के बारे में नगर पंचायत अजमतगढ़ यदि संतुष्ट है कि उपविधि के किसी भी प्रविधान का दुरूपयोग परिषद द्वारा किया जा रहा है, अथवा कोई प्रविधान जनहित में नही है, तो उक्त प्राविधान को निरस्त करने, छूट देने अथवा संशोधित करने का अधिकार अध्यक्ष नगर पंचायत अजमतगढ़ को होगा।
20- स्वतः अवसित भवनो के लिए छूट-
1- 10 वर्ष तक के पुराने भवनो के वार्षिक मूल्यांकन में 25 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी।
2- 10 वर्ष से 20 वर्ष तक के पुराने भवनों के वार्षिक मूल्यांकन में 32.5 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी।
3- 20 वर्ष से अधिक पुराने भवनो के वार्षिक मूल्यांकन में 45 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी।
नोट- व्यवसायिक/औधोगिक भवन/भूमि होने की दशा में कोई छूट अनुमन्य नहीं होगी।
21- किराये पर उठे आवासीय भवन- किराये के भवनों मेें वार्षिक किराया मूल्यांकन निर्धारित दर पर होगा परन्तु नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 140(2) में यह प्रतिबन्ध है कि जहाँ नगर पंचायत किराये में किसी कारण से आसाधारण परिस्थितियों में किसी भवन का वार्षिक मूल्य यदि उर्पयुक्त रीति से गणना की गई हो अत्यधिक हो, नगर पंचायत किसी भी धनराशि पर जो उसे न्याय संगत प्रतीत हो वार्षिक मूल्य नियम कर सकती है।
22- व्यवसायिक सम्पत्तियों से तात्पर्य- सभी प्रकार की फुटकर दुकाने, शोरूम बेकरी आटाचक्की कोयला लकड़ी कृषि उपकरणो के विक्रय केन्द्र, शीतगृह, रिजार्ट, होटल, व वेब-साइट, रेस्टोरेन्ट, भोजनालय, जलपान गृह, रेस्टोरेन्ट कैन्टीन, सिनेमा व मल्टीप्लेक्स, अस्थाई सिनेमा पी0सी0ओ0 पेट्रोल व डीजल फिलिंग स्टेशन गोदाम/गैस अधिष्ठापन भण्डारण, तथा गोदाम निजी कार्यालय बैंक वाणिज्य कार्यालय से है।
23- औद्योगिक सम्पत्तियों से तात्पर्य- सेवा/कुटीर उद्योग, सूचना प्रौद्योगिक/साफ्टवेयर टेक्नोलाजी/ एल0पी0जी0 व फीलिंग प्लाट विद्युत उत्पादन/संयत्र/केन्द्र आदि से है।
24- इन्स्टीट्यूशनल (संस्थागत) सम्पत्तियों से तात्पर्य- राजकीय अर्धराजकीय स्थानीय निकाय कार्यालय श्रमिक कल्याण केन्द्र पी0ए0सी0 पुलिस लाईन, मौसम अनुसंधान केन्द्र, वायरलेस केन्द्र्र, अतिथि गृह, निरीक्षण गृह, धर्मशाला, रैनबसेरा, लाजिंग बोर्डिंग हाउस, छात्रावास, अनाथालय सुधरालय, कारागार, हैंड़ीकैप, चिल्ड्रेन हाउस, शिशुगृहभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 947 एवं दिवस देखभाल केन्द्र वृद्धावस्था केन्द्र, प्राथमिक शैक्षिक संस्थान उच्च माध्यमिक इण्टर/महाविद्यालय/विश्व विद्यालय/पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग विशिष्ट शैक्षिक संस्थान आई0टी0आई0 डाकघर, तारघर पुलिसस्टेशन/चौकी अग्नि शमन केन्द्र, पुस्तकालय/वाचनालय, नाद्य प्रशिक्षण केन्द्र कला केन्द्र, सिलाई बुनाई, कढ़ाई, पेन्टिंग, कम्प्यूटर प्रशिक्षण इत्यादि। आडिटोरियम, नाद्यशाला, थियेटर, योग, सामुदायिक केन्द्र, धार्मिक केन्द्र, बारात घर, कान्फ्रेंस एवं मीटिंग हाल, प्रर्दशनी केन्द्र, रेडियों व टेलीवीजन कार्यालय/केन्द्र नर्सिंग होम व अस्पताल आदि।
नोट- जो भी सामाजिक, धार्मिक राजनैतिक संस्थायें निःशुल्क व जनहित में कार्य कर रही है वे कर से मुक्त होगीं। परन्तु जिस धार्मिक/राजनीतिक संस्था का जितने भाग का उपयोग व्यवसायिक होगा, उस पर कर देय होगा।
25- रेन्ट कन्ट्रोल के मकान- रेंट कन्ट्रोल अधिनियम 1972 के अधीन आने वाले आवासीय भवनों पर पंचायत अजमतगढ़ प्रत्येक करों की गणना के लिये वार्षिक किराये का निर्धारण रेंट कन्ट्रोल अधिनियम के अनुसार नही किया जायेगा, ऐसे भवनो के कराें की देयता उ0प्र0 नगर पालिका अधिनियम-1916 के प्राविधानो के अन्र्तगत शासनादेश संख्या-135/9-9-11-190 द्वि0रा0वि0मा0/04 नगर विकास अनुभाग-9 दिनांक 18 मार्च, 2011 निर्धारित की जायेगी।
26- जिन भवनों/व्यवसायिक भवनों में किरायेदार और सर्वे में भवन स्वामी का पता नही चलता है तो ऐसे भवनों में किरायेदार/अध्यासी को ही गृहकर-जलकर का भुगतान करना होगा।
27- कराें में छूट-
(क)- गृहकर/जलकर की देयता वार्षिक होगी। 01 अप्रैल से 30 सितम्बर के मध्य कर जमा कर दिये जाने की दशा में 10 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी। इसके पश्चात् कर जमा करने पर कोई छूट अनुमन्य नहीं होगी।
(ख)- सम्बंधित वर्ष में कर जमा नही करने की दशा में आगामी वित्तीय वर्ष में गृहकर/जलकर पर 12 प्रतिशत सरचार्ज देय होगा।
28- सम्बंधित सूचना प्रपत्र (क) प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। भवन के क्षेत्रफल एवं दरों के सम्बन्ध में कोई त्रुटिपूर्ण विवरण होने की दशा में स्वामी/अध्यासी से सम्पत्ति की देयता में होेने वाले अन्तर के चार गुना धनराशि, शास्ति (जुर्माना) के रूप में ली जायेगी। निर्धारित अवधि तक विवरण न जमा करने की दशा में 50 वर्ग मीटर/200 वर्ग मीटर/400 वर्ग मीटर तथा उससे अधिक भूखण्ड पर क्रमशः 1,000.00/ 2,000.00/3,000.00/5,000.00 रुपयेे तक शास्ति (जुर्माना) आरोपित करके वसूल किया जायेगा तथा 30 दिन के विलम्ब की स्थिति में शास्ति (जुर्माना) का 05 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जायेगा।
29- भवन किराये पर देने या रिक्त होने, भवन में निर्माण/पुर्ननिर्माण होने से आच्छादित क्षेत्रफल (कारपेट एरिया) में वृद्धि होने पर तथा भवन के व्यवसायिक/औद्योगिक प्रयोग होने पर 60 दिनो के अन्दर प्रपत्र ख में ही पुनः विवरण भवन स्वामी/अध्यासी द्वारा कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर अथवा इसमें किसी प्रकार कि चूक करने पर सम्पत्ति कर की दुगनी धनराशि अथवा रुपया 100/- प्रतिदिन की दर से जो भी कम हो शास्ति का भुगतान करना होगा।
30- जिन भवनों/भूमि को नगर पंचायत अजमतगढ़, जनपद आजमगढ़ द्वारा भवन/भूमि की संज्ञा दी चुकी है उन्हे भी प्रपत्र ''क'' और प्रपत्र ''ख'' पर उपरोक्तानुसार भरकर जमा करना अनिवार्य है तथा उसके भवन/भूमि पर आदि कोई पूर्व का बकाया है तो प्रपत्र ''क'' के अनुसार देय कर एवं पूर्व बकाया कर भी जमा करेगें।
31- मकानों को दर्ज करनें सम्बन्धि नियम- कोई भी व्यक्ति किसी भी समय यदि किसी भी भवन या भूमि पर अपना नाम अध्यासी अथवा स्वामी के रूप में करदाता सूची में अंकित कराना चाहता है तो उसे निर्धारित प्रपत्र के साथ साक्ष्य सहित नगर पालिका परिषद द्वारा निर्धारित शुल्क जमाकर आवेदन करना होगा और यदि उसके नाम के सम्बन्ध में कोई आवेदन निरस्त करने हेतु विचाराधीन है तो उसका उल्लेख लिखित रूप में आवेदन पत्र में किया जायेगा अन्यथा उसके बाद कर सूची में आवेदन एवं साक्ष्य के अनुसार नाम कर निर्धारण सूची में अंकित कर दिया जायेगा।
129 ट948 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8
32- मकानों के हस्तान्तरण सम्बन्धी नियम-
(क)- यदि किसी भवन अथवा भूमि का जिस पर कर आरोपित है स्वामित्व हस्तान्तरण होता है, तो स्वामित्व हस्तान्तरित करनें वाले व्यक्ति तथा संस्था अथवा स्वामित्व पाने वाला व्यक्ति या संस्था ऐसे हस्तान्तरण के तीन माह के अन्दर उसकी सूचना साक्ष्य सहित नगर पंचायत द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करकें निर्धारित प्रपत्र आवेदन पत्र अधिशासी अधिकारी को प्रेषित करना अनिवार्य होगा।
(ख)- यदि किसी कर दाता अथवा भवन/भूमि के स्वामी की मृत्यु हो जाती है तो उसके वारिस को मृत्यु के दिनांक से 03 माह के अन्दर इसकी लिखित सूचना नगर पंचायत द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करके आवेदन पत्र साक्ष्य सहित अधिशासी अधिकारी को देना होगा। निर्धारित शुल्क 1,000.00 रुपये होगा।
(ग)- यदि किसी भूमि/भवन का वारिस/उत्तराधिकारी 03 माह के अन्दर सूचना देने में असफल रहता है तो 03 माह के बाद प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करने पर उसे अधिकतम मु0 100/- प्रतिवर्ष अथवा नगर पालिका द्वारा निर्धारित विलम्ब शुल्क लिया जायेगा।
33- कर निर्धारण दर-
(i)- गृहकर वार्षिक मूल्य का 10 प्रतिशत तथा जलकर वार्षिक मूल्य का 5 प्रतिशत देय होगा।
(ii)- किसी स्वामी द्वारा अध्यासित भवन जो 30 वर्गमीटर या 322.8 वर्गफुट की माप वाले तथा 15 वर्गमीटर या 161.4 वर्गफुट तक कारपेट क्षेत्रफल वाले भू-खण्ड पर निर्मित हो, उसके स्वामी के स्वामित्व में नगर पंचायत अजमतगढ़ में सीमा के अन्तर्गत कोई अन्य भवन/भू-खण्ड न हो वार्षिक मूल्य की गणना नही की जायेगी, कर से मुक्त होगें।
34- जलकर- जलमूल्य के जलकर से अधिक होने की स्थिति में जलमूल्य देय होगा तथा जलमूल्य जलकर से कम होने की स्थित में जलकर देय होगा।
35- मुख्य मार्ग से तात्पर्य- मुख्य सड़क प्रान्तिय मार्ग।
36- अन्य मार्ग से तात्पर्य- मुख्य मार्ग से अन्दर मोहल्ला/कालोनी में जाने वाली सड़कें अन्य मार्ग में आयेगी।
37- अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत अजमतगढ़ द्वारा नगर पंचायत अजमतगढ़ सीमा में स्थित भवनों/भूमियों का वार्षिक मूल्यांकन नीचे दिये गये न्यूनतम दरों पर निर्धारित की जायेगी।
38- कर हर 02 वर्ष बाद 10 प्रतिशत स्वतः बढ़ जायेगा।
39- न्यूनतम मासिक किराये की दर का निर्धारण अधिशासी अधिकारी वार्ड के भीतर प्रत्येक 02 वर्ष में एक बार यथास्थिति भवनों के प्रत्येक समूह के लिये कारपेट एरिया को प्रति ईकाई क्षेत्रफल (वर्गफुट) न्यूनतम मासिक किराये की दर या भूमि के प्रत्येक समूह के लिये क्षेत्रफल की प्रति ईकाई (वर्गफुट) लागू न्यूनतम मासिक किराये की दर निम्न को ध्यान में रखते हुए नियत करेगा।
(क)- भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के प्रयोजन के लिये कलेक्टर द्वारा निर्धारित सर्किल दर और ऐसे भवन या भूमि के लिए क्षेत्र में वर्तमान किराये की न्यूनतम दर।
(ख)- प्रतिबन्ध यह कि ऐसे मासिक किराये की दर नियत करने के पूर्व अधिशासी अधिकारी ऐसी प्रस्तावित दरों को ऐसे नगर में प्रचालित दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से अधिसूचित करेगा, और तत्पश्चात हितवद्व व्यक्तियों को आपत्तियों दाखिल करने के लिये न्यूनतम 15 दिवस का समय देगा। प्राप्त आपत्तियों को 15 भिन्न-भिन्न बण्डलो का अधिकतम संख्या में समूह बनाने के पश्चात ऐसी सभी आपत्तियों पर वार्डवार सुनवाई की जायेगी। प्रत्येक बण्डल में, यथास्थिति भवनो के एक समूह के लिए प्राप्त आपत्तियों रहेगी। सभी आपत्तियों का निस्तारण स्वयंभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 949 अधिशासी अधिकारी द्वारा प्रधिकृत किसी अधिकारी द्वारा आपत्तिकर्ताओं की कुल संख्या के कम से कम दस प्रतिशत व्यक्तियों को सुनवाई का अवसर प्रदान के पश्चात किया जायेगा। यह आवश्यक नही होगा कि सभी आपत्तिकर्तओं को या हितबद्ध व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से सुना जायेगा। आपत्तियों का बंण्डलवार विनिश्चित किया जायेगा।
(ग)- सम्पत्ति का (गृहकर-जलकर) स्वकर निर्धारण प्रक्रिया के अन्तर्गत नगर पंचायत अजमतगढ़ जनपद आजमगढ़ क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले समस्त वार्डो/मोहल्ले के भवनो/भू-खण्डो की प्रतिवर्ग फुट किराये की न्यूनतम मासिक दर निम्नवत् है-
सड़क चौडाई आर0सी0सी0/आर0बी0सी0 छत सहित पक्का भवन हेतु
अन्य पक्का भवन हेतु
कच्चा भवन हेतु
रिक्त भूमि/ भू-खण्ड हेतु
1
2 3 4 5
रु0- रु0- रु0- रु0-
0.40 0.35 0.20 0.15 10.1 मीटर से अधिक मार्ग पर स्थित भवन/भूमि
0.35 0.30 0.15 0.10 3.1 मीटर से 10 मीटर तक चौड़ाई वाले मार्ग पर स्थित भवन/भूमि
0.20 0.15 0.10 0.05 3 मीटर से कम चौड़ाई वाले मार्ग पर स्थित भवन/भूमि
वार्डों के नाम- सुभाष चन्द्र बोस नगर वार्ड, महादेव नगर वार्ड, जानकीपुरम वार्ड, रामपुर वार्ड, जमीन मेघई वार्ड, गुरूगोविन्द नगर वार्ड, राजीव नगर वार्ड, इन्दिरा नगर वार्ड, गौरीशंकर नगर वार्ड, मछली शहर वार्ड, अली नगर वार्ड।
भवन/भूमि अनावासिक/व्यवसायिक हो अथवा भागतः भाग अनावासीय होेने की दशा में उक्त अनावासीय भवन/भूमि/भवन के भाग हेतु निर्धारित प्रति वर्ग फीट क्षेत्रीय आवासीय दरो में गुणांक निम्न प्रकार लागू होगा-
(1)- प्रत्येक वाणिज्य काम्पलेक्स, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान बैंक कार्यालय, होटल 0 से 3 स्टार, निजी होटल, कोचिंग व प्रशिक्षण संस्थान (राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त को छोडकर) गुणांक 5 गुना,
(2)- प्रत्येक प्रकार के क्लीनिक, पालिक्लीनिक, डाइग्नोंटिक्स केन्द्र, प्रयोगशालाये, नर्सिंगहोम, चिकित्सालय, मेडिकल स्टोर, स्वास्थ्य परिचार्या केन्द्र, पेट्रोल पम्प, गैस एजेन्सी, डिपो गोदाम, सामुदायिक भवन, कल्याण मंडप, विवाह क्लब, इसी प्रकार के अन्य भवन औद्योगिक मील/कारखाना, सरकारी, अर्धसरकारी सार्वजनिक उपक्रम में कार्यालय- 6 गुना,
(3)- टावर, होल्डिंग वाले भवन, टी0वी0 टावर, दूरसंचार टावर या कोई अन्य टावर व विद्युत पोल तथा विद्युत ट्रान्सफार्मर जो भवन की सतह पर या शिखर पर या खुले स्थान प्रति स्थापति किये गये है- 10 गुना,
(4)- माल्स, 4 सितारा व उससे ऊपर के होटल, पब्स बार, वासगृह, जहां भोजन के साथ मदिरा परोसी जाती है- 6 गुना,
(5)- क्रीड़ा केन्द्र जैसे जिम स्वास्थ्य केन्द्र, थियेटर, छात्रावास, लाज, व्यवसायिक उद्देश्य से आवासीय किरायेदारी- 5 गुना,
(6)- अन्य प्रकार के अनावासीय भवन जो उपर्युक्त श्रेणियों में उल्लिखित नही है- 3 गुना।
40- स्वकर प्रणाली गजट होने के पूर्व का बकाया गृहकर/व्यवसाय कर की वसूली पूर्व स्वीकृत दर (2009-10 से 2013-14) से लिया जायेगा।
950 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8कार्यालय नगर पंचायत अजमतगढ़, जनपद आजमगढ़
प्रपत्र ''क''
सम्पत्ति कर स्व-निर्धारण प्रपत्र
1.
i. स्वामी/अध्यासी का नाम ...........................................................................................................................................................
ii. स्वामी/अध्यासी के पिता का नाम ...........................................................................................................................................
iii. भवन/मकान भू भाग पर स्थित ...............................................................................................................................................
iv. किसी भी व्यक्ति का नाम हो तो ..............................................................................................................................................
v. अगर भवन पर नाम नही हो तो ...............................................................................................................................................
vi. स्वामी/अध्यासी का स्थाई पता ...............................................................................................................................................
2. निम्नलिखित का भवन सम्बन्धी व्यौरा ................................................................................................................................................
I. समस्त कमरों और आच्छादित बरामदों का पूर्ण आन्तरिक आयाम (वर्ग फुट में) ..........................................................
II. समस्त बालकनी, कारीडोर, रसोई और भण्डार गृह का आन्तरिक आयाम की 50 प्रतिशत माप (वर्ग फुट में) ..... ...........................................................................................................................................................................................................
III. समस्त गैराज का आन्तरिक आयाम की एक चौथाई माप (वर्ग फुट में) ................................................................
टिप्पणी - स्नानगृह, शौचालय पोर्टिकों और जीनें द्वारा आच्छादित क्षेत्र कारपेट ऐरिया का भाग नही होगा।
3. भवन का कारपेट ऐरिया (वर्ग फुट में)- =(i)1/2 (ii) 1/4 (iii) वर्ग फुट
4.
I. भूमि का क्षेत्रफल जिस पर भवन निर्मित है (वर्ग फुट में) ................................................................
II. भूमि का क्षेत्रफल यदि उस पर कोई भवन निर्मित न हो (वर्ग फुट में) ................................................................
5. (अ) भवन अवस्थित है
1. 10.1 मीटर से अधिक चौड़ाई वाले मार्ग पर
2. 3.1 से 10 मीटर तक चौड़ाई वाले मार्ग पर
3. 03 मीटर से कम चौड़ाई वाले मार्ग पर
(ब) भवन के निर्माण की प्रकृति
1. पक्का भवन, आर0सी0सी0 छत या आर0बी0बी0सी0 छत सहित
2. अन्य पक्का भवन
3. कच्चा भवन अर्थात समस्त अन्य भवन तो (1) और (2) में आच्छादित नही है।
(स) भूमि (यदि भूमि पर कोई भवन निर्मित नही है) अवस्थित है।
1. 10.1 मीटर से अधिक की चौड़ाई वाले मार्ग पर
2. 3.1 मीटर से 10 मीटर तक चौड़ाई वाले मार्ग पर
3. 03 मीटर से कम चौड़ाई वाले मार्ग पर
टिप्पणी- कृपया उपर्युक्त 1,2 या 3 के खाने में जो भी रही हो उसमें सही का निशान लगायें।
6. भवन स्वामी द्वारा अध्यासित है या किराये पर है। कृपया उनमें से किसी एक का उल्लेख करें।
टिप्पणी - यदि वह एक वर्ष से कम की अवधि से खाली है तो उसे स्वामी द्वारा अध्यासित समझा जायेगा। यदि वह एक वर्ष से अधिक ही अवधि से खाली है तो उसे खाली उल्लिखित किया जायेगा।
7. भवन के निर्माण का वर्ष ..................................................................................................................................................................
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 9518. (I) अधिशासी अधिकारी द्वारा भवन के लिए निर्धारित किराये की न्यूनतम मासिक दर ............................. प्रतिवर्ग फुट।
(II) अधिशासी अधिकारी द्वारा भूमि के लिए निर्धारित किराये की न्यूनतम मासिक दर यदि उस पर कोई भवन निर्मित न हो रु0 ..................................................... प्रति वर्गफुट।
9. (I) भवन का वार्षिक मूल्य=12x अधिशासी अधिकारी द्वारा निर्धारित किराये की न्यूनतम मासिक दर x भवन कारपेट एरिया मूल्य = 12x8(i)x भवन का कारपेट एरिया (3)
या
12x अधिशासी अधिकारी द्वारा निर्धारित न्यूनतम मासिक किराया दर x आच्छादित क्षेत्रफल का 80 प्रतिशत (II) भूमि का वार्षिक मूल्य यदि उस पर कोई भवन निर्मित न हो=12x अधिशासी अधिकारी द्वारा निर्धारित न्यूनतम मासिक किराया दर x भूमि का क्षेत्रफल का 80 प्रतिशत = 12x8(ii)x4(ii)
10. (1) भवन का सामान्य गृहकर=यथा अवधारित वार्षिक मूल्य x सामान्य गृहकर दर/100
(2) भवन का जलकर = यथा अवधारित वार्षिक मूल्य x जलकर दर/100
(3) भवन का निस्तारण कर = यथा अवधारित वार्षिक मूल्य x जल निस्तारण दर/100
(4) भवन का स्वच्छता कर = यथा अवधारित वार्षिक मूल्य x स्वच्छता की दर/100
11. भूमि पर सामान्य कर यदि उस पर कोई भवन निर्मित न हो = 9(ii) में यथा उल्लिखित वार्षिक मूल्य x सामान्य कर दर/100
12. अधिशासी अधिकारी द्वारा कर जमा करनें के लिए निर्धारित नियत दिनांक- ................................................... 13. जमा किये गये कर विवरण -
क्र0सं0 कर बकाया वर्तमान कर योग महायोग जमा कर की रसीद संख्या
व दिनांक
1 2 3 4 5 6 7
1 गृहकर
2 जलकर
सत्यापन
मैं एतद्द्वारा घोषित करता हूँ कि स्वमूल्यांकन कर विवरण में प्रस्तुत किये गये व्यौरे जहां तक मेरी जानकारी और विश्वास है ठीक और पूर्ण है। उक्त मूल्यांकन मात्र कर संचय हेतु किया जा रहा है। जिसका स्वामित्व से कोई सम्बन्ध नहीं है। दिनांक ........................................................... अनुप्रमाणक साक्षी अभिस्वीकृति हस्ताक्षर ........................................................ हस्ताक्षर .................................................. नाम ............................................................... नाम ......................................................... पिता-माता का नाम.................................. पिता-माता का नाम.............................. पूरा पता ...................................................... पूरा पता .................................................
नोट- प्रपत्र क, ख भवन स्वामी के प्राप्ति की तिथि से 15 दिवस के अन्दर वांछित सूचना भरकर कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में प्राप्त करायें, अन्यथा विभाग द्वारा प्रपत्र ख स्वयं भरकर आपके भवन का कर निर्धारण कर दिया जायेगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं आपकी होगी।
952 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8कार्यालय नगर पंचायत अजमतगढ़, जनपद आजमगढ़
प्रपत्र ''ख''
सम्पत्ति कर स्व-निर्धारण प्रपत्र
1.
I. स्वामी/अध्यासी का नाम ..............................................................................................................................................
II. स्वामी/अध्यासी के पिता का नाम ...........................................................................................................................................
III. भवन/मकान भू भाग पर स्थित ...............................................................................................................................................
IV. किसी भी व्यक्ति का नाम हो तो ..............................................................................................................................................
V. अगर भवन पर नाम नही हो तो ...............................................................................................................................................
VI. स्वामी/अध्यासी का स्थाई पता ...............................................................................................................................................
2. निम्नलिखित का भवन सम्बन्धी व्यौरा ..............................................................................................................................................
I. समस्त कमरों और आच्छादित बरामदों का पूर्ण आन्तरिक आयाम (वर्ग फुट में) ..........................................................
II. समस्त बालकनी, कारीडोर, रसोई और भण्डार गृह का आन्तरिक आयाम की 50 प्रतिशत माप (वर्ग फुट में) ..... ...........................................................................................................................................................................................................
III. समस्त गैराज का आन्तरिक आयाम की एक चौथाई माप (वर्ग फुट में) ........................................................................
टिप्पणी - स्नानगृह, शौचालय पोर्टिकों और जीनें द्वारा आच्छादित क्षेत्र कारपेट ऐरिया का भाग नही होगा।
3. भवन का कारपेट ऐरिया (वर्ग फुट में)- =(i)1/2 (ii) 1/4 (iii) वर्ग फुट
4.
I. भूमि का क्षेत्रफल जिस पर भवन निर्मित है (वर्ग फुट में) ..................................................................................................
II. भूमि का क्षेत्रफल यदि उस पर कोई भवन निर्मित न हो (वर्ग फुट में) ..........................................................................
5. (अ) भवन अवस्थित है
1. 10.1 मीटर से अधिक चौड़ाई वाले मार्ग पर
2. 3.1 से 10 मीटर तक चौड़ाई वाले मार्ग पर
3. 03 मीटर से कम चौड़ाई वाले मार्ग पर
(ब) भवन के निर्माण की प्रकृति
1. पक्का भवन, आर0सी0सी0 छत या आर0बी0बी0सी0 छत सहित
2. अन्य पक्का भवन
3. कच्चा भवन अर्थात समस्त अन्य भवन तो (1) और (2) में आच्छादित नही है।
(स) भूमि (यदि भूमि पर कोई भवन निर्मित नही है) अवस्थित है।
1. 10.1 मीटर से अधिक की चौड़ाई वाले मार्ग पर
2. 3.1 मीटर से 10 मीटर तक चौड़ाई वाले मार्ग पर
3. 03 मीटर से कम चौड़ाई वाले मार्ग पर
टिप्पणी- कृपया उपर्युक्त 1,2 या 3 के खाने में जो भी रही हो उसमें सही का निशान लगायें।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 9536. भवन स्वामी द्वारा अध्यासित है या किराये पर है। कृपया उनमें से किसी एक का उल्लेख करें।
टिप्पणी - यदि वह एक वर्ष से कम की अवधि से खाली है तो उसे स्वामी द्वारा अध्यासित समझा जायेगा। यदि वह एक वर्ष से अधिक की अवधि से खाली है तो उसे खाली उल्लिखित किया जायेगा।
7. भवन के निर्माण का वर्ष .............................................
सत्यापन
मैं एतद्द्वारा घोषित करता हूँ कि स्वमूल्यांकन कर विवरण में प्रस्तुत किये गये व्यौरे जहां तक मेरी जानकारी और विश्वास है सत्य एवं पूर्ण है। विवरण सम्बन्धि किसी प्रकार की त्रुटि का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व मेरा है, नियत सरचार्ज भी देने का हकदार हूँ तथा सम्पत्ति विवाद उत्पन्न होेने की दशा में स्वयं उत्तरदायी रहूँगा।
दिनांक ...........................................................
अनुप्रमाणक साक्षी अभिस्वीकृति हस्ताक्षर ........................................................ हस्ताक्षर ..................................................
नाम ............................................................... नाम .........................................................
पिता-माता का नाम.................................. पिता-माता का नाम.............................. पूरा पता ...................................................... पूरा पता .................................................
अभिस्वीकृति
जिस व्यक्ति से प्रपत्र ''क'' एवं ''ख'' प्राप्त किया उसका विवरण नीचे दिये गये है।
I. स्वामी/अध्यासी का नाम ...........................................................................................................................................................
II. स्वामी/अध्यासी के पिता का नाम ...........................................................................................................................................
III. भवन/मकान भू भाग पर स्थित ...............................................................................................................................................
IV. किसी भी व्यक्ति का नाम हो तो ..............................................................................................................................................
V. अगर भवन पर नाम नही हो तो ...............................................................................................................................................
VI. स्वामी/अध्यासी का स्थाई पता ...............................................................................................................................................
नोट- इस प्रविष्ट का अंकन मात्र 'कर' संचय की दृष्टि से है।
दिनांक- कर्मचारी हस्ताक्षर..................................................
नाम- ..................................................................
पदनाम -.............................................................
आज्ञा से, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत अजमतगढ़, आजमगढ़।
954 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8उपविधि सूचना
संयुक्त प्रान्त नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 298(2) व अन्य अधिकारों का प्रयोग कर के नगर पंचायत अजमतगढ़ सीमा अन्तर्गत भवन के निर्माण को नियन्त्रण करने के लिए पुनः निर्माण, संशोधन, परिवर्तन के सम्बन्ध में बनायी गयी उपविधि का पाण्डूलेखा नगर पालिका की धारा 301(2) के अन्तर्गत तैयार करके विहित रीति से प्रकाशित करती है। इस उपविधि का प्रभाव जिन लोगों पर पड़ने की सम्भावना हो, उन व्यक्तियों से आपाि व सुझाव इस उपविधि की प्रकाशन की तिथि से 30 दिन के अन्दर आमंत्रित किया जाता है, निर्धारित अवधि के बाद प्राप्त आपाियों एवं सुझावों पर कोई विचार नही किया जायेगा। आपाि एवं सुझाव निर्धारित समय के अन्दर अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष/प्रशासक नगर पंचायत अजमतगढ़ को सम्बोधित किया जाना चाहिए। यह उपविधि गजट में प्रकाशन की दिनाँक से प्रभावी मानी जायेगी।
1- संक्षिप्त नाम व विस्तार- यह उपविधि नगर पंचायत अजमतगढ़, जनपद आजमगढ़ की भवन निर्माण उपविधि सन् 2023 के नाम से पुकारी जायेगी। इसका प्रभाव नगर पंचायत अजमतगढ़, आजमगढ़ की सीमा में निर्माण होने वाले भवनों पर होगा।
2- प्रभाव- यह उपविधि नगर पंचायत अजमतगढ़, आजमगढ़ के नाम से शासकीय गजट में प्रकाशित होने के दिनाँक से प्रभावी होगी।
3- नगर पंचायत का तात्पर्य नगर पंचायत अजमतगढ़, आजमगढ़ से है।
4- अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष/प्रशासक का तात्पर्य नगर पंचायत अजमतगढ, आजमगढ़ के अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष/प्रशासक से है।
5- नगर पालिका अधिनियम का तात्पर्य उार प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 से है।
6- भवन का तात्पर्य नगर पंचायत अजमतगढ, आजमगढ़ की सीमा में निर्माण होने वाले भवनों से है, जिनका निर्माण/ पुर्ननिर्माण/संशोधन/परिवर्धन/परिवर्तन समय-समय पर किया जायेगा।
7- यह उपविधि के लागू होते ही नगर पंचायत अजमतगढ, आजमगढ़ में प्रचलित वर्तमान नियमों के उपबन्ध उस सीमा तक जहाँ तक इन उपनियमों से असंगत हो, प्रभाव शून्य समझे जायेगें।
8- भवन निर्माण संशोधन, पुर्ननिर्माण के पूर्व स्वामी/अध्यासी को नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 178 क अन्तर्गत आवेदन के साथ प्रस्तावित भवन निर्माण ड्राइंग की दो प्रति, प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करना होगा, जिसमें सेक्शन प्लान फ्रन्ट एलीवेशन कम से कम दो सेक्शन/जलनिकास व्यवस्था प्लान सैण्ट्रिक है कि ड्राइंग साइट प्लान जिसमें चारों ओर से भवन व भूमि की स्थिति स्पष्ट देना होगा तथा प्रस्तावित भवन का आगणन एवं अनुसूची प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
(ब)- ड्राइंग 1ः1 के पैमाने ब्लू प्रिन्ट पेपर पर बनाकर प्रस्तुत करना होगा।
(स)- भवन निर्माण में कमरे आदि नियत क्षेत्रफल के अनुसार स्पष्ट होगा।
9- (1)- कक्ष की खिड़की आदि संवातन हेतु दीवार के क्षेत्रफल का कम से कम 10 प्रतिशत होगी।
(2)- दरवाजे की ऊचाई कम से कम 1.80 मीटर कुर्सी तल पर से होगी।
(3)- मुख्य बाहरी दीवाल की मोटाई कम से कम 23 सेमी0 होगी, बाउण्ड्री दीवाल की मोटाई 18 सेमी0 मोटी रक्खी जा सकती है।
(4)- दो से अधिक मंजिल की ऊचाई के निर्माण हेतु प्रस्तावित ड्राइंग के साथ नींव को अभिकल्प भी संकल्प करना आवश्यक होगा।
10- छत की ऊचाई कम से कम 12 फुट होगी।
11- प्रत्येक मंजिल हेतु ड्राइंग से अलग-अलग प्लान स्पष्ट करना होगा।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 95512- भवन निर्माण में निम्न विवरण के अनुसार खाली क्षेत्र छोड़ देना होगा।
13- भवन मानचित्र स्वीकृत करने हेतु शुल्क-
(अ)- ड्राइंग बनाने हेतु नगर पंचायत द्वारा तकनीकी अर्हता प्राप्त व्यक्तियों का पंजीकरण किया जायेगा, जिसको प्रतिवर्ष 10,000.00 रुपया शुल्क जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त प्रति ड्राइंग रु0 500.00 की धनराशि ड्राफ्टमैन को कार्यालय में जमा करना होगा, उपरोक्त धनराशि न जमा करने पर उनका पंजीकरण रद्द माना जायेगा।
14- नगर पंचायत द्वारा स्वीकृत मानचित्र के आधार पर ही निर्माण कार्य किया जायेगा, जो ड्राइंग बनाने वाले पंजीकृत ड्राइंग के अनुसार कराने का प्रमाण-पत्र भी उक्त व्यक्ति को देना होगा।
15- नक्शा के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को 500.00 रूपये अतिरिक्त शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।
यदि विलम्ब होता है तो शुल्क रु0 1,000.00 अतिरक्ति लगेगा।
16- नगर पंचायत के द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध कार्य कराने पर मानचित्र स्वतः निरस्त माना जायेगा और अर्थ दण्ड रु0 1,000.00 वसूल किया जायेगा।
17- भवन निर्माण सम्बन्धी स्वीकृति प्राप्त करने हेतु प्रत्येक व्यक्ति को प्रस्तावित भूखण्ड का तैयार किया गया संलग्न मानचित्र सहित आवेदन पत्र निम्नवत निर्धारित शुल्क दर के अनुसार धनराशि जमा करने के उपरान्त नगर पंचायत कार्यालय में दाखिला मान्य होगा।
(क)- भवन मानचित्र के अनुसार रु0 50,000.00 (पचास हजार) से रु0 5,00,000.00 (पाँच लाख) तक के लागत का 0.30 प्रतिशत धनराशि शुल्क रुप में नगर पंचायत कार्यालय में जमा करना होगा।
(ख)- रु0 5,00,001.00 (पाँच लाख एक) से रु0 10,00,000.00 (दस लाख) तक के लागत के भवन निर्माण हेतु लागत का 0.40 प्रतिशत धनराशि नगर पंचायत कार्यालय में जमा करना होगा।
(ग)- रु0 10,00,001.00 (दस लाख एक) से रु0 20,00,000.00 (बीस लाख) तक लागत के भवन निर्माण हेतु अधिकतम लागत का 0.60 प्रतिशत शुल्क नगर पंचायत कार्यालय में जमा करना होगा।
(घ)- रु0 20,00,001.00 (बीस लाख एक) या इससे अधिक लागत तक के भवन निर्माण हेतु अधिकतम 20,000.00 रु0 (बीस हजार) शुल्क नगर पंचायत कार्यालय में जमा करना आवश्यक होगा।
(ड)- प्रोजेक्शन भू-खण्ड के क्षेत्र के बाहर सीढ़ी, छज्जा आदि निकालने की अनुमति नही होगी।
18- (1)- निर्धारित आवेदन प्रारूप पर प्राप्त भवन निर्माण हेतु प्रार्थना-पत्र के साथ भू-स्वामीत्व का प्रमाण-पत्र तथा प्रस्तावित भवन निमार्ण हेतु ड्राइंग की दो प्रति संलग्न कर कार्यालय नगर पंचायत में जमा करना होगा।
(2)- प्रार्थना-पत्र के उपरान्त प्रस्तावित भवन के चारों ओर के भू-स्वामियों को नोटिस देकर सूचित किया जायेगा कि वे एक सप्ताह के अन्दर यदि आपत्ति हो अपना पक्ष प्रस्तुत करें, यदि एक सप्ताह के अन्दर कोई आपत्ति नहीं प्राप्त होती है तो यह समझा जायेगा कि उक्त निर्माण से किसी को कोई आपत्ति नहीं है और स्वीकृत की अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
(3)- प्रस्तावित ड्राइंग की आवश्यकतानुसार आख्या प्राप्त करने के उपरान्त ही स्वीकृति पर विचार किया जायेगा।
(4)- प्रस्तावित निर्माण को सन्निकट सड़क, नाली, सीढ़ी, गली आदि से तीन फीट अपनी जमीन छोड़कर निर्माण कार्य प्रारम्भ करना होगा।
(5)- उपरोक्तानुसार भवन निर्माण की स्वीकृति अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष/प्रशासक/द्वारा दी जायेगी, जो स्वीकृत के दिनाँक से एक वर्ष के लिए मान्य होगी।
(6)- यदि निर्माण कार्य एक वर्ष में नही पूरा किया जा सकता है तो पुनः नवीनीकरण हेतु आवेदन-पत्र आवेदक को निर्धारित शुल्क के साथ जमा करना होगा। नवीनीकरण अगले वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा।
130 ट956 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8 (7)- एक बार स्वीकृत की अवधि बढ़ जाने पर पुनः अवधि बढ़ाने की स्वीकृति नही दी जायेगी। आवेदक को नये सिरे से अवशेष निर्माण हेतु स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।
19-निरीक्षण-
(1)- नगर पंचायत द्वारा स्वीकृत भवन निर्माण ड्रांइग के अनुसार किये जा रहे निर्माण कार्य को अधिशासी/अध्यक्ष/ प्रशासक अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया जा सकता है।
(2)- यदि निर्माण कार्य नियम के विपरीत अथवा स्वीकृत मानचित्र के विरुद्ध किया जा रहा है तो अधिशासी अधिकारी को यह अधिकार होगा कि निर्माण कार्य को तुरन्त रोकवा देंगे और नियम के विरुद्ध कार्य कराने पर रुपये 1,000.00 अर्थ दण्ड तथा नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 186 के अन्तर्गत ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जा सकती है।
(3)- इस उपविधि के अनुसार दी गयी स्वीकृति के उपरान्त यदि यह तथ्य संज्ञान में आता है कि आवेदक द्वारा गलत साक्ष्य प्रस्तुत करके नक्शा स्वीकृत करा लिया गया है तो स्वीकृत मानचित्र स्वतः निरस्त समझा जायेगा और स्वीकृत मानचित्र को निरस्त कर दिया जायेगा।
(4)- किसी भी अतिक्रमण को जो किसी भी सड़क, गली अथवा सार्वजनिक भूमि आदि पर किया जा रहा हो तो नगर पंचायत को अधिकार होगा कि यह उसे हटवा दे।
20- नगर पंचायत को अवैध निर्माण को रोकवाने तथा अनाधिकृत निर्माण के भवन को गिराने का अधिकार धारा 186 के तहत अधिशासी अधिकारी किसी भी समय नोटिस देकर भूमि के स्वामी अथवा अध्यासी को किसी भवन के अथवा भवन के किसी भाग के निर्माण अथवा कोई निर्माण अथवा पुनर्निर्माण, परिवर्तन करने से रोक सकता है । उन दिशाओं मे जब कि वह ऐसा निर्माण पुनः परिवर्तन निर्माण अथवा परिवर्तन धारा 186 के अधीन अपराध समझे तो किसी भी रीति के भवन को गिराने के आदेश दे सकता है, जैसा वह आवश्यक समझे।
21- रेन वाटर हारवेस्ंिटग की प्रकिया लागू करना होगा।
22- कतिपय मामलों में नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 180 क में आमोद स्थल की निर्माण की स्वीकृति के समय राज्य सरकार की पूर्व अनुमोदन के बाद दी जायेगी।
दण्ड
नगर पंचायत अजमतगढ़, जनपद आजमगढ़ संयुक्त प्रान्त नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 299 के अन्तर्गत यह आदेश देती है,ै कि इस उपविधि के किसी भी भाग का उल्लंघन करने, भंग किया जाना जुर्माने से दण्डनीय होगा, जो 1,000.00 रुपया (एक हजार रुपये) तक हो सकेगा और जब ऐसा भंग निरन्तर किया जावें तो अग्रेतर जुर्माना किया जायेगा जो प्रथम दोष सिद्ध के दिनाँक के पश्चात ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना सिद्ध हो, रुपया 25.00 तक हो सकेगा।
उपर्युक्त भवन मानचित से सम्बन्धित उपविधि का बोर्ड के सदस्यों द्वारा चर्चा की गयी तथा पूर्ण सहमति प्रदान किया गया।
शो टैक्स- नगर पंचायत सीमान्तर्गत मनोरंजन के माध्यम से फिल्म प्रदर्शित किया जाता है, तो ऐसे स्वामीयों से रुपये 50.00 प्रति शो की दर से वसूला जायेगा।
विज्ञापन कर- रुपये 6.00 प्रति वर्ग फुट प्रति माह देय होगा।
नगर पंचायत अजमतगढ़ दुकान एवं बारात घर पर किराया शुल्क-
1- दुकान का किराया रुपये 1,000.00 प्रति माह न्युनतम। सक्षम अधिकारी समयानुसार किराए की नई दर निर्धारित कर सकते हैं
2- बारात घर किराया रुपये 2,000.00 प्रति दिन तथा कार्यक्रम के उपरान्त बारात घर की सफाई एवं जनित कूडे़ का निस्तारण शुल्क अलग से देय होगा।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 957अनापत्ति प्रमाण पत्र शुल्क-
1- मछली फुटकर बिक्री रुपये 500.00 प्रति वर्ष ।
2- मछली थोक बिक्री रुपये 1,000.00 प्रति वर्ष ।
3- फल फुटकर बिक्री रुपये 500.00 प्रति वर्ष ।
4- फल थोक बिक्री रुपये 2,000.00 प्रति वर्ष ।
5- सब्जी फुटकर बिक्री रुपये 500.00 प्रति वर्ष ।
6- सब्जी थोक बिक्री रुपये 2,000.00 प्रति वर्ष ।
7- अण्डा फुटकर बिक्री रुपये 500.00 प्रति वर्ष ।
8- अण्डा थोक बिक्री रुपये 2,000.00 प्रति वर्ष ।
9- मूर्गा, बकरा, भैंस, भैसा रुपये 1,000.00 प्रति वर्ष ।
विविध शुल्क की दरें-
1- प्रमाण पत्र शुल्क रुपये 50.00 पति प्रमाण पत्र।
2- पानी टैंकर का किराया शादी विवाह एवं सामाजिक कार्य में रुपये 500.00 मात्र नगर सीमा के बाहर जाने पर रुपये 1,000.00 मात्र शुल्क लगेगा।
3- लड़कियों की शादी व ब्रम्हभोज में पानी टैंकर का शुल्क नहीं लगेगा।
4- एम्बुलेंस व शववाहन नगरवासियों को निःशुल्क दिया जायेगा।
5- सीवर सेक्शन मशीन के उपयोग हेतु नगर पंचायत सीमान्तर्गत रुपये 2,000.00 मात्र प्रति चक्कर प्रति टैंकर तथा नगर सीमा के बाहर रुपये 4,000.00 प्रति चक्कर प्रति टैंकर शुल्क लगेगा।
6- मोबाईल ट्वॉयलेट का किराया शादी विवाह एवं सामाजिक कार्य में रुपये 3,000.00 मात्र नगर सीमा के अन्दर तथा नगर सीमा से बाहर रुपये 5,000.00 मात्र शुल्क लगेगा।
अन्य व्यवसाय पर शुल्क-
1- नगर पंचायत सीमान्तर्गत पेट्रोल पम्प पर व्यवसायिक शुल्क रुपये 5,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
2- नगर पंचायत सीमान्तर्गत कोचिंग संस्थान पर रुपये 1,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
3- नगर पंचायत सीमान्तर्गत गेस्ट हाउस/अतिथि गृह पर व्यवसायिक शुल्क रुपये 10,000.00 मात्र प्रति वर्ष। 4- नगर पंचायत सीमान्तर्गत रेस्टोरेन्ट ढाबा पर रुपये 2,000.00 प्रति वर्ष ।
5- नगर पंचायत सीमान्तर्गत आटा चक्की, तेल पेराई तथा रुई धुनाई मशीन पर रुपये 1,000.00 मात्र प्रति वर्ष। 6- नगर पंचायत सीमान्तर्गत आरा मशीन, आईस फैक्ट्री पर रुपये 2,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
7- नगर पंचायत सीमान्तर्गत RO प्लांट एव निजी जलापूर्ति पर रुपये 2,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
8- नगर पंचायत सीमान्तर्गत मोटरसाईकित एजेन्सी एवं टै्रक्टर एजेन्सी पर रुपये 3,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
9- नगर पंचायत सीमान्तर्गत इंट भट्ठो पर रुपये 10,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
10- नगर पंचायत सीमान्तर्गत समस्त बैंको पर रुपये 5,000.00 प्रति वर्ष ।
11- नगर पंचायत सीमान्तर्गत सेट्रींग व तक्था, बल्ली कड़िया पर रुपये 2,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
12- नगर पंचायत सीमान्तर्गत देशी शराब की दुकान पर रुपये 5,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
958 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 813- नगर पंचायत सीमान्तर्गत विदेशी शराब की दुकान पर रुपये 10,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
14- नगर पंचायत सीमान्तर्गत बार/बियर की दुकान पर रुपये 10,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
15- नगर पंचायत सीमान्तर्गत मॉडल शाप की दुकान पर रुपये 15,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
16- नगर पंचायत सीमान्तर्गत भवन निर्माण हेतु सामग्री जैसे-सिमेन्ट सरिया मोरंग बालू इत्यादि पर रुपये 5,000.00 मात्र प्रति वर्ष ।
अन्य शुल्क एवं जुर्माना-
1- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हेतु यूजर चार्ज रुपये 20.00 मात्र घरेलू एवं व्यवसायिक पर रुपये 50.00 मात्र।
2- जल कनेक्शन के लिए रोड कटिंग चार्ज रुपये 2,000.00 मात्र प्रति कनेक्शन एवं जमानत राशि रुपये 600.
00 प्रति कनेक्शन।
3- नगर पंचायत सीमान्तर्गत जे0सी0बी0 किराया रुपये 1,000.00 मात्र प्रति घण्टा एवं बाहर जाने आने पर समय शुल्क।
4- सार्वजनिक सथानों, नाला/नालियों में कूड़ा कचरा एवं गंदगी फैलाने पर रुपये 500.00 मात्र जुर्माना।
5- एन0जी0टी0 एक्ट 2010 की धारा 15,16 के अन्तर्गत नगर क्षेत्र में खूले में कूड़ा जलाने पर अर्थ दण्ड प्रति प्रकरण रुपये 5,000.00 मात्र एवं सड़क के किनारे भवन निर्माण सामग्री एकत्रित करने व मलबा रखे जाने पर रुपये 50,000.00 मात्र का जुर्माना वसूल किया जायेगा।
6- नगर पंचायत सीमान्तर्गत नाला/नाली सड़क एवं अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति पर अवैध कब्जा पाये जाने पर पेनाल्टी रुपये 1,000.00 मात्र प्रति प्रकरण तथा पूनर्वृत्ती करने पर रुपये 5,000.00 मात्र प्रति प्रकरण जुर्माना लगेगा।
7- छोटी बाउन्ड्रीयुक्त भुखण्ड या मकानों के मध्य खाली भुखण्ड पडोसियों के द्वारा कूड़ा-कचरा फेकने को दृष्टिगत रखते हुए उनके द्वारा अपने खाली भुखण्डो एवं छोटी बाउन्ड्रीवाल पर न्युनतम 2 मीटर ऊंची बाउन्ड्रीवाल न कराने पर रुपये 2,500.00 मात्र का जुर्माना लगेगा।
8- गाय/भैंस/सुअर इत्यादि सभी प्रकार के पालतू जानवरों को खूला छोड़ने पर पकडे़ जाने पर रुपये 500.
00 मात्र प्रति प्रकरण प्रतिदिन जुर्माना लगेगा।
9- सी0 एण्ड0 डी0 वेस्ट नगर पंचायत द्वारा उठाने पर रुपये 200.00 मात्र प्रति ट्राली जुर्माना लगेगा। तथा प्रयोग हेतु नगर पंचायत से लेने पर रुपये 100.00 मात्र देय होगा।
10- ठेकेदार का पंजीकरण रुपये 15,000.00 प्रति वर्ष तथा नवीनीकरण हेतु रुपये 5,000.00 मात्र वार्षिक शुल्क लगेगा।
उपर्युक्त नियमो का उलंघन करने पर निर्धारित शुल्क/दण्ड का 2 से 10 गुना तक वसूल किया जा सकता है। यदि अपराध निरन्तर जारी रहेगा तो अतिरिक्त दण्ड लगाया जायेगा। जो प्रथम दोष सिद्ध होने की तिथि से या प्रमाणित हो जाने पर की अपराधी ने निरन्तर अपराध जारी रखा हो तो रुपये 25.00 मात्र प्रति दिन की दर से जोड़कर जुर्माना लगाया जायेगा। तथा जुर्माने के साथ-साथ 3 माह तक कारावास तक का दण्ड न्यायालय से दिया जा सकता है।
(ह0) अस्पष्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत अजमतगढ़, आजमगढ़।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 959कार्यालय नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज
अचल सम्पत्ति हस्तान्तरण उपविधि
05 अगस्त, 2024 ई0
सं0 224/न0पं0पनियरा/2024-25-नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज द्वारा नगरीय सीमा के अन्र्तगत अचल सम्पत्तियों के निबन्धन पर कर आरोपण करने से सम्बंधित नियमावली के आलेख को उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 128(1), (13B) के अधीन बनाया गया है। उक्त आलेख उपविधि का प्रकाशन दैनिक समाचार-पत्र में दिनांक 18 फरवरी, 2021 को अमर उजाला व दिनांक 18 फरवरी, 2021 को हिन्दुस्तान में प्रकाशित कराया गया। जिसमे 15 दिवस के अन्दर नगर पंचायत, पनियरा कार्यालय में आपत्ति व सुझाव मांगा गया था। परन्तु निर्धारित अवधि में आपत्ति एवं सुझााव प्राप्त नही हुआ। नगर पंचायत, पनियरा द्वारा बोर्ड बैठक दिनांक 05 सितम्बर, 2023 प्रस्ताव संख्या-10 द्वारा सर्वसम्मति से सहमति प्रदान किया गया निम्नवत् उपविधि को गजट में प्रकाशन कि तिथि से प्रभावी माना जायेगा।
आलेख
उ0प्र0 नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 297 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज द्वारा अपनी सीमा के अन्तर्गत अचल सम्पत्तियों हस्तान्तरण के अनुबन्ध पर कर आरोपण एवं वसूली के नियम प्रस्तावित किये गये हैं। जो नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज की अचल सम्पत्ति हस्तान्तरण के अनुबन्ध पर कर आरोपण नियमावली कहलायेगी।
उपविधि
1-इन नियमों के अन्तर्गत अचल सम्पत्ति (इम्यूबेबिल प्रापर्टी) पर कर का तात्पर्य उस टैक्स से है, जो यू0 पी0 म्युनिसिपल एक्ट 1916, की धारा 128 (1), (13B) के अधीन समस्त प्रकार के अचल सम्पत्तियों में भवन, भवन निर्माण हेतु क्रय की गई भूमि, निवास, आवासीय, व्यापरिक अथवा औद्योगिक उद्देश्यों हेतु क्रय किये गये भवन (इमारतों) आदि पर लगाया जायेगा।
2-अचल सम्पत्ति क्रय पर कर निर्धारण भारतीय स्टाम्प एक्ट, 1899 के अनुसार नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज की सीमा के अन्तर्गत प्रत्येक प्रकार की सम्पत्ति को क्रय किये जाने हेतु अनुबन्ध-पत्र पर लागू स्टाम्प शुल्क के अनुसार उस धनराशि अथवा मूल्य पर कथित ऐक्ट के अनुसार स्टाम्प शुल्क प्रभार्य का आकलन किया गया हो उस पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त कर की दर से रजिस्ट्री होते समय ही क्रय कर्ता से वसूल किया जायेगा।
3-यह कर अचल सम्पत्ति की रजिस्ट्री होते समय ही उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सम्बन्धित रजिस्ट्रार द्वारा क्रय कर्ता से नकद भुगतान के रूप में वसूल किया जायेगा और ऐसी वसूली में होने वाले आवश्यक व्ययों को
काटकर नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 128-ए(2) के अनुसार शेष धनराशि का भुगतान नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज को कर दिया जायेगा।
4-नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज की सीमा के अन्दर स्थित अचल सम्पत्ति का कोई भी हस्तान्तरण विक्रय अथवा बन्धकनामा तक तक वैध नही माना जायेगा, जब तक की उक्त फीस की धनराशि उस पर जमा नही कर दी जाती है।
दण्ड
उ0प्र0 नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 299(1) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज यह आदेश देती है कि इस नियमावली में दिये गये उप नियमों में किसी प्रकार का उल्लंघन करने पर रु0 1,000 (एक हजार) अर्थ दण्ड किया जा सकता है, जो किसी भी दशा में रु0 250 (दो सौ पचास) से कम नही होगा।
(ह0) अस्पष्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज।
960 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8कार्यालय नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज
विविधकर
उपविधि
05 अगस्त, 2024 ई0
सं0 223/न0पं0पनियरा/2024-25-उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 (उ0प्र0 अधिनियम संख्या-02 सन्् 1916) कि धारा 298 तथा उसके साथ अंकित सूची-1 के अधीन शक्ति का प्रयोग कर के नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज अपने सीमान्र्तगत विविधकर शुल्क (उपविधि) नियमावली 2023 बनायी है। उक्त आलेख उपविधि का प्रकाशन दैनिक समाचार-पत्र में दिनांक 02 अगस्त, 2023 को अमर उजाला व दिनांक 02 अगस्त, 2023 को दैनिक जागरण में प्रकाशित कराया गया। जिसमें 30 दिवस के अन्दर नगर पंचायत पनियरा, कार्यालय में आपत्ति व सुझाव मांगा गया था। परन्तु निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति एवं सुझााव प्राप्त नही हुआ। नगर पंचायत पनियरा, द्वारा बोर्ड बैठक दिनांक-05/09/2023 प्रस्ताव संख्या-09 द्वारा सर्वसम्मिति से सहमति प्रदान किया गया। यह उपविधि राजकीय गजट में प्रकाशन के बाद से लागू/प्रभावी मानी जायेगी।
1-संक्षिप्त नाम प्रसार और प्रारम्भ-
(क) यह उपविधि विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली 2023 कहलायेगी।
(ख) यह उपविधि नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज सीमा के अन्तर्गत लागू होगा।
(ग) यह उपविधि नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज द्वारा गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से लागू होगी।
2-परिभाषाए-
(क) अधिनियम का तात्पर्य उत्तर प्रदेश पालिका अधिनियम सन् 1916 है।
(ख) अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज के अध्यक्ष से है।
(ग) अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज के अधिशासी अधिकारी से हैं।
(घ) नगर पंचायत का तात्पर्य नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज से है।
3-ठोष अपशिष्ट प्रबन्धन/विविध-
(1) नाला/नाली सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने पर जुर्माना रु0 100.00 प्रति प्रकरण।
(2) नाला/नाली सार्वजनिक जगहों मार्गो पर गंदगी फैलाने की पुनरावृति करने पर जुर्माना शुल्क रु0 500.00 प्रति प्रकरण।
(3) किसी स्वामी के मरे हुये बडे़ जानवर उठाने पर रु0 600.00 प्रति पशु।
(4) किसी स्वामी के मरे हुये छोटे जानवर उठाने पर रु0 300.00 प्रति पशु।
(5) किसी व्यक्ति के शादी विवाह एवं अन्य उत्सव मे सफाई हेतु शुल्क रु0 1,000.00 प्रति प्रकरण।
(6) किसी स्थायी या अस्थायी दुकान, चाट/फल/मोमोज/चाउमीन/अण्डा की दुकान एंव ठेले आदि पर डस्टबीन न होने पर शुल्क रु0 500.00 प्रति दुकान।
(7) गृहस्वामी के द्वारा अपने मकान के सामने कुड़ा बहाने पर जुर्माना रु0 200.00 प्रति मकान, पुनरावृति करने पर रु0 500.00 प्रति मकान, कुड़ा/कचरा जलाये जाने पर जुर्माना रु0 1,000.00 एंव पुनरावृति करने पर जुर्माना रु0 2,000.00 प्रति मकान।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 961(8) सड़क के किनारे मोरंग, बालू, ईट भवन सामाग्री (मलबा) पाये जाने, नालीयों रिटेनिंग वाल के उपर अतिक्रमण, सड़क के किनारे अवैध गुमटी खोखा इत्यादि व सड़क के किनारे फुटपाथ पर दुकानों का सामान फैलाने रात के समय अथवा दिन में सड़क पर दो या चार पहिया वाहन खड़ा कर रास्ता अवरूद्ध करने, बीच सड़क में शादी विवाह या अन्य प्रयोजन कर रास्ता अवरूद्ध करने पर जुर्माना रु0 500.00 प्रतिदिन।
(9) डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज द्वारा अनुबन्धित संस्था होने पर यूजर चार्ज के रुप मे घरेलू शुल्क रु0 20.00 एवं 30.00 तथा 50.00 प्रतिमाह, व्यावसयिक शुल्क रु0 100.00 प्रतिमाह, प्रति प्रतिष्ठान तथा गेस्ट हाउस, बैंक शराब की दुकान, नर्सिंग होम आदि बल्क वेस्ट जनरेटर रु0 500.00 प्रतिदिन एवं प्रति गेस्ट हाउस/प्रतिबुकिंग।
(10) नगर पंचायत पनियरा, की सीमा में निर्मित होने वाले सार्वजनिक शौचालयों के मुत्रालयों का प्रयोग करने वाले पर प्रति व्यक्ति शुल्क रु0 2.00 एवं सार्वजनिक शौचालय प्रयोग करने वाले व्यक्ति से यूजर चार्ज शुल्क रु0 5.00 लिया जायेगा।
(11) नगर पंचायत पनियरा मे स्थित नाला/नाली/सड़क/रिटेनिंगवाल व अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति पर अवैध कब्जा/अतिक्रमण पाये जाने पर जुर्माना शुल्क रु0 2,000.00 प्रतिव्यक्ति, अवैध कब्जा/अतिक्रमण कार्यालय नगर पंचायत पनियरा, के संज्ञान में आने पर कार्यालय द्वारा नोटिस प्राप्त करने या नोटिस लेने से इनकार करने के दिनांक के एक दिन बाद से अवैध कब्जा/अतिक्रमण हटाये जाने की तिथि तक प्रति दिन जुर्माना रु0 100.00 के हिसाब से वसूल किया जायेगा।
(12) नगर पंचायत पनियरा, सीमान्तर्गत खुले में शौच करते पकडे़ जाने पर जुर्माना रु0 200.00 प्रति व्यक्ति तथा पुनरावृत्ति करते पाये जाने पर जुर्माना रु0 500.00 प्रतिव्यक्ति।
(13) नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज सीमान्र्तगत महापुरुषों की प्रतिमाओं पार्को/डिवाइडरों/ फुटपाथों/नगर पंचायत के स्वामित्व के भवनों पर पोस्टर/बैनर लगाने पर/चिपकाने पर जुूर्माना रु0 2,000.00 देय होगा।
(14) नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज सीमान्तर्गत सार्वजनिक सड़को, नाला, फुटपाथ, डिवाइडरों आदि को तोड़ने, क्षति करने पर जुर्माना रु0 3,000.00 प्रति वर्गमीटर।
(15) उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीवन अनाशित कूड़ा-कचरा (उपयोग निस्तारण एवं विनमय) अधिनियम 2000 एवं उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीवन अनाशित कूड़ा-कचरा उपयोग और निस्तारण का विनमय संशोधन अधिनियम 2018 नगर पंचायत पनियरा, पर पुर्णतः लागू माना जाये।
(16) नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज सीमान्तर्गत सार्वजनिक स्थानाें, नगर पंचायत के स्वामित्व के भवनों विद्युत पोलाें फुटपाथाें, डिवाइडरों आदि पर प्रचार-प्रसार, प्रर्दशन आदि करने पर, किसी साइज का पोस्टर लगाने पर जुर्माना रु0 100.0 प्रति पोस्टर, बास या लोहे का खम्भा गाड़ कर होर्डिंग लगाने पर रु0 500.00 प्रतिवर्ग मीटर होगा। विज्ञापन हेतु पोस्टर लगाने के लिये नगर पंचायत पनियरा से अनुमति प्राप्त करने पर रु0 50.00 प्रति पोस्टर एवं होडिंग पर रु0 300.00 प्रति वर्ग मीटर लागू होगा। पोस्टर/ होडिंग लगाने की अवधि कार्यालय के अनुमति के दिनांक से तीन माह तक के लिये प्रभावी होगी। उक्त नियम का प्रभाव सरकारी बैनरों पोस्टरों पर लागू नही होगा।
(17) नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज द्वारा निर्मित विवाह घर सार्वजनिक शौचालय, कार्यालय भवन, रैनबसेरा, पार्क, तालाबों आदि पर लगाये गये लाईट, दरवाजे पेड़ पौधों स्ट्रीट लाईटों को क्षतिग्रस्त करने पर जुर्माना रु0 1,000.00 प्रति अद्द किया जायेगा।
(18) नगर पंचायत पनियरा, सीमान्तर्गत खुले में लघु शंका (पेसाब) करते पकडे़ जाने पर जुर्माना रु0 50.00 प्रति व्यक्ति तथा पुनरावृति करते पाये जाने पर जुर्माना रु0 100.00 प्रति व्यक्ति।
(19) नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज द्वारा बनाये गये उपनियम की शर्तो में किसी प्रकार का संशोधन नगर पंचायत पनियरा, बोर्ड के प्रस्ताव द्वारा ही किया जा सकता है। जिसका राजकीय गजट में प्रकाशन कराना अनिवार्य नही होगा।
962 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8उ0 प्र0 नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 299 के अन्तर्गत यदि कोई भी व्यक्ति उपनियमों की किसी भी धारा का उल्लंघन करेगा/करायेगा/करने मे प्रोत्साहन देगा उस व्यक्ति पर ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि के पैरा 01 से 18 तक के प्राविधानिक दण्ड से दण्डित किया जा सकता है। जुर्माना न जमा करने पर 03 माह तक कारावास का दण्ड भी सक्षम न्यायालय द्वारा दिया जा सकता है।
(ह0) अस्पष्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज।
कार्यालय नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज
गृहकर उपविधि
05 अगस्त, 2024 ई0
सं0 222/न0पं0पनियरा/2024-25-उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 (यू0पी0 नं0 2,1916) की धारा-128 की उपधारा (1) के खण्ड (1) में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग कर नगर पंचायत पनियरा-महराजगंज द्वारा अपनी सीमा के अन्दर गृहकर के निर्धारण एवं वसूली के लिए उपविधि बनाया गया है जिसका निम्नलिखित प्रारूप उक्त एक्ट की धारा-301 की उपधारा (1) की अपेक्षानुसार सम्बन्धित सभी व्यक्तियों को सूचना के लिये तथा इसके सम्बन्ध में सुझाव तथा आपत्तियां आमंत्रित करने के उद्देश्य से प्रकाशित किया जाता है ।
उक्त आलेख उपविधि का प्रकाशन दैनिक समाचार-पत्र में दिनांक 27 फरवरी 2024 को हिन्दुस्तान व दिनांक 27 फरवरी, 2024 को दैनिक जागरण में प्रकाशित कराया गया। जिसमें 15 दिवस के अन्दर नगर पंचायत पनियरा कार्यालय में आपत्ति व सुझाव मांगा गया था। परन्तु निर्धारित अवधि में आपत्ति एवं सुझााव प्राप्त नही हुआ। नगर पंचायत पनियरा द्वारा बोर्ड बैठक दिनांक 26/12/2023 प्रस्ताव संख्या-08 द्वारा सर्वसम्मति से सहमति प्रदान किया गया। यह उपविधि राजकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू/प्रभावी मानी जायेगी।
उपविधियां
नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज द्वारा नगर पंचायत सीमा के अन्दर स्थित सभी इमारतों अथवा जमीन या दोनों पर वार्षिक किराये के मूल्य पर भवन तथा भूमि पर निम्नलिखित नियमों के अन्तर्गत कर लगाया जायेगा-
1-रेलवे स्टेशनों, छात्रावासों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, चिकित्सालयों, कारखानाें, धर्मशालाओं, शरणालयों और ऐसे ही अन्य भवनों की दशा में वार्षिक मूल्य से तात्पर्य है, भवन निर्माण करने की वर्तमान अनुमानित लागत और उसके अनुलग्न भूमि के अनुमानित लागत में जोड़कर प्राप्त हुई धनराशि का 5 प्रतिशत माना जायेगा ।
2-भवन के अन्तर्गत यदि कोई अहाता हो तो वह भी सम्मलित होगा ।
3-नगर पंचायत पनियरा द्वारा पंचवर्षीय गृहकर निर्धारित किया जायेगा तथा प्रत्येक वर्ष नव निर्मित भवनों पर गृहकर आरोपित करने के लिये नियमानुसार अलग से कार्यवाही की जायेगी। उसके लिये नियमित रूप से सर्वे तथा कर निर्धारण का कार्य किया जायेगा ।
4-गृहकर का निर्धारण अधिशासी अधिकारी द्वारा अथवा अधिशासी अधिकारी द्वारा नियुक्त कर्मचारी द्वारा किया जायेगा ।
5-(क) 15 दिसम्बर या उसके पहले नगरपालिका अपने क्षेत्र के भीतर स्थित सभी इमारतों की सूची तैयार करेगी जिसके सम्बन्ध में यह मालूम हो कि उन पर "कर" लागाया जा सकता है तब नगर पंचायत में दर्ज की गयी प्रत्येक इमारत की मालकियत पर और किसी ऐसी दुसरी प्रत्येक इमारत की मालकियत पर जो उसमें दर्ज न हो जिसके सम्बन्ध में यह मालूम हो कि उस पर "कर" लगाया जा सकता है, विचार करेगी और "कर" की यह कर नियत करेगी जो ऐसी इमारत के स्वामी पर निर्धारित की जायेगी। प्रत्येक इमारत का नाम उसके स्वामी का नाम, वार्षिकभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 963 मालकियत जो इस इमारत की निर्धारित की गई हो और "कर" की रकम जो उनके स्वामी पर निर्धारित की गयी हो निर्धारित सूची में दर्ज की जायेगी जो इन नियमों से संलग्न प्रपत्र के अनुसार होगी और 20 जनवरी को या उससे पहले पूरी की जायेगी ।
(ख) यह "कर" दो बराबर किश्तों में अदा किया जायेगा और उनकी आदायगी दिनांक 15 मई और 15 नवम्बर होगा किन्तु इसमें प्रतिबन्ध है । यदि कोई व्यक्ति चाहे तो किश्त उसकी अदायगी के नियत समय से पहले जमा कर सकता है ।
(ग) यदि यह टैक्स उस तिथि को जिसको टैक्स देना है उस तारीख को जमा नहीं की गई तो यह बकाया मानी जायेगी ।
6-(1) कोई व्यक्ति किसी भी समय अपना नाम किसी भवन या भूमि या दोनों जैसी कि स्थिति हो "कर" निर्धारण सूची में स्वामी के रूप में अपना नाम दर्ज कराने के लिये आवेदन-पत्र दे सकता है और जब तक कि ऐसे आवेदन-पत्र को स्वीकार करने के लिये पर्याप्त कारण न हो ऐसा अस्वी—त का विवरण लिखित में होगा और अस्वी—त नहीं किया गया तो उसका नाम कर की सूची में दर्ज कर लिया जायेगा ।
(2) जब यह संशय उपस्थित हो कि किसी भवन या भूमि के स्वामी के स्थान पर किस व्यक्ति का नाम लिखा जाय तो इसका निर्णय अधिशासी अधिकारी द्वारा होगा उनका निर्णय जब तक कि कोई सक्षम न्यायालय रद्द न कर दे, प्रभावी होगा ।
7-(1) यदि किसी भवन या भूमि जिस पर यह कर निर्धारित हो चुका या जिस पर यह कर लगने वाला हो तो अपने अधिकार हस्तान्तरित करने वाला व्यक्ति और वह व्यक्ति जिसे हस्तान्तरित किये जाय। हस्तानान्तरण के विलेख इन्स्ट्रमेन्ट आफ ट्रान्सफर के निष्पादन के या यदि उसकी रजिस्ट्री करायी जाय, तो रजिस्ट्री होने के या विलेख निष्पादित किया गया हो, तो अधिकारी के सुपुर्द किये जाने के तीन महीने के अन्दर ऐसे हस्तान्तरण का लिखित नोटिस अधिशासी अधिकारी को देना होगा ।
(2) यदि किसी भवन या भूमि का स्वामी जिस पर यह कर निर्धारित किया गया हो या जिसे यह कर अदा करना पड़ता हो मर जाये तो उसके उत्तराधिकारी के रूप में या अन्यथा उसके सम्पत्ति पर अधिकार प्राप्त करने वाला व्यक्ति इसी प्रकार अपने उत्तराधिकार प्राप्त करने के तीन माह के भीतर ऐसे अधिकारो का उत्तराधिकारी होने की सूचना नगर पंचायत कार्यालय में देना होगा ।
8-(1) पूर्ववर्ती अंतिम नियम के अधीन दिये जाने वाले नोटिस में उक्त नियम में उल्लखित समरूप विवरण स्पष्ट रूप से और ठीक-ठीक दिये जायेंगे।
(2) कोई ऐसा हस्तान्तरित "ट्रान्सफरी" यदि अधिशासी अधिकारी के द्वारा उसमें ऐसी मांग की जाय, हस्तान्तरण के विलेख इन्स्ट्रमेन्ट आफ ट्रान्सफर की यदि कोई हो या इण्डियन रजिस्ट्रेशन ऐक्ट, 1977 के अधीन प्राप्त की गई, उसकी प्रतिलिपि को प्रस्तुत करेगा ।
9-(1) वह व्यक्ति जिसके उत्तराधिकारी के नोटिस को उत्तरदायित्व उपरोक्त नियमों के अनुसार जयदाद का पिछला बकाया "कर" दाखिल-खारिज की स्वी—ति हो जाने के पूर्व कुल जमा कर देगा ।
(2) अधिकार पाने वाले व्यक्ति प्रत्येक जायदाद के दाखिल खारिज के लिए 200 (दो सौ) रुपया शुल्क कार्यालय में जमा करेगा ।
10-दाखिल-खारिज के प्रार्थना-पत्र अधिशासी अधिकारी द्वारा स्वीकार किये जायेंगे किन्तु शर्त यह है कि वह किसी भी मामले को बोर्ड के निर्णय के लिये रख सकता है ।
11- यह "कर" ऐक्ट के अनुसार अध्यक्ष/अधिशासी अधिकारी की देख-रेख में वसूल किया जायेगा ।
12- माफी या वापसी प्राप्ति के लिये इमारत का स्वामी जो अलग-अलग हिस्सों में इमारत हो जाने पर लगाये जाने के समय एसेस्मेंट लिस्ट निर्धारण सूची के तमाम इमारत वार्षिक मूल्य के अतिरिक्त उसके अलग-अलग भागों में विस्तार से लिखे जाने के लिये नगर पंचायत से प्रार्थना कर सकता है ।
131 ट964 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8 13- भवन तथा भूमि कर की वसूली समय-समय पर संशोधित उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 के अनुसार की जायेगी ।
14- यदि किसी सम्पत्ति पर किसी वर्ष 31 जनवरी तक कर की धनराशि शेष रह जयेगी तो उस वर्ष की कर की धनराशि पर 10 प्रतिशत की धनराशि बकाया शुल्क के रूप में वसूली की जायेगी ।
15- नगर पंचायत पनियरा को भवन "कर" लगाने के लिये स्वामी के पास भवन जिस पर नगर पंचायत पनियरा "कर" लगाने में सम्बन्धित अधिकार रखती है पर्याप्त है । चाहे वह भवन भूमि अथवा तद्सम्बन्धी वस्तु किराये से मुक्त क्यों न हो ।
"कर" का विवरण
1-नगर पंचायत पनियरा गृहकर, भवन या भूमि जिसका वार्षिक मूल्य 1200 (बारह सौ रूपया) तक हो, 5 प्रतिशत तथा 1200 (बारह सौ रूपया) से अधिक वार्षिक मूल्य पर 10 प्रतिशत की दर से निर्धारित किया जायेगा।
2-यह कर जायदाद के स्वामी पर लागाया जायेगा ।
3-यह कर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अथवा अधिशासी अधिकारी द्वारा अधि—त कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक 5 वर्ष में एक बार आंका जायेगा और "कर" निर्धारण के वर्ष की सूची जो इन नियमों से संलंग्न प्रपत्र के अनुसार होगी और 30 जनवरी को या उसके पूर्व पूरी कर दी जायेगी ।
4-"कर" निर्धारण सूची तैयार हो जाने पर ऐसे स्थानों की सूचना दी जायेगी जहां पर सूचियां देखी जा सकती हैं और भी सम्बन्धित पंक्तियों की बजरये व्यापक प्रचार तथा स्थानीय अखबारों के माध्यम से सूचित किया जायेगा । इस घोषणा के तीस दिन के अन्दर आपत्तियां नगर पंचायत पनियरा में ली जायेंगी और ऐसी आपत्ति नगर पंचायत पनियरा द्वारा नियत तारीख को सुनी जायेगी ।
5-आपत्ति यदि कोई हो तो उज्रदार या उसके प्रतिनिधि की उपस्थिति में तय की जायेगी । उज्रदार या उसके प्रतिनिधि की अनुपस्थिति में आपत्ति पर एक तरफा निर्णय ले लिया जायेगा तथा सूची में ऐसे संशोधन किये जायेंगे जो आवश्यक हो ं।
6-निम्नलिखित भवन या भूमि गृहकर से मुक्त होंगे-
(1) भवन या भूमि जिसका वार्षिक मूल्य 360 रूपया उससे कम हो ।
(2) भवन या भूमि का अंश जो केवल सार्वजनिक उपासना, कब्रगाह, मजार अनाथालय, गौशाला, धर्मशाला, पड़ाव रजिस्टर्ड सार्वजनिक पुस्तकालय के प्रयोग में आता हों ।
(3) नगर पंचायत के सब भवन और भूमि ।
(4) जेल, अस्पताल,सरकारी दवाखाना, कोर्ट-पुलिस, मालखाना, कलेक्ट्रेट, रेकार्ड रूम, लिटिमेन्ट शाला, तहसील भवन, जिलाधिकारी तथा अन्य मजिस्ट्रेटों के कोर्ट रूम, सदर खजाना कार्यालय व खाजाना के गार्ड रूम तथा सदर लाकअप। किन्तु उपरोक्त संस्थाओं/शासन द्वारा किराये पर अथवा व्यवसाय पर उठाये जाने वाले भवन कर से मुक्त नहीं होंगे।
नोट-जो धर्मशाला केवल सार्वजनिक प्रयोग के लिए हो उन्हीं को गृहकर से मुक्त किया जाय ।
दण्ड
उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम (सं0-2) 1916 की धारा-299 के द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके नगर पंचायत पनियरा यह आदेश देती है कि उपर्युक्त नियमावली के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन करने पर अर्थ दण्ड दिया जायेगा जो 1000 रुपये हो सकता है और यदि उल्लंघन निरंतर जारी रहा तो प्रत्येक दिन के लिये उसके बारे में सिद्ध हो जाय कि अपराधी अपराध करता रहा है तो 25 रुपया प्रतिदिन अतिरिक्त अर्थ दण्ड हो सकता है।
(ह0) अस्पष्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 965कार्यालय नगर पंचायत पनियरा, जनपद महराजगंज
भवन निर्माण उपविधि, 2024
05 अगस्त, 2024 ई0
सं0 221/न0पं0पनियरा/2024-25-नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज द्वारा उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा-298 की सूची-1 (क) के द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज सीमान्तर्गत भवन निर्माण, पुननिर्माण या परिवर्तन को विनियमित एंव उपविधि 2024 बनायी गयी है, नगर पंचायत पनियरा बोर्ड बैठक दिनांक 26 दिसम्बर, 2023 के प्रस्ताव संख्या 03 को स्वीकृत किया गया उक्त आलेख उपविधि का प्रकाशन दैनिक समाचार-पत्र में दिनांक 26 जून, 2024 को अमर उजाला व दिनांक 26 जून, 2024 को राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित कराया गया। जिसमें निर्धारित अवधि 15 दिवस के अन्दर आपत्ति व सुझाव मांगा गया था। निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति एवं सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। अतः यह उपविधि गजट में प्रकाशन तिथि से प्रभावी मानी जायेगी।
परिभाषाएं-
1-संक्षिप्त नाम-यह नियमावली नगर पंचायत पनियरा, जनपद-महराजगंज भवन निर्माण उपविधि 2024 कहलायेगी।
2-प्रसार-इस उपविधि का प्रसार नगर पंचायत पनियरा,जनपद-महराजगंज की सम्पूर्ण सीमा (समय-समय पर शासन द्वारा यथा संशोधित) में होगी।
3-प्रभाव-यह नियमावली शासकीय गजट में प्रकाशन होने की तिथि से प्रभावी होगी।
4-नगर पंंचायत पनियरा का तात्पर्य नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज से है।
5-अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पंचायत पनियरा के अध्यक्ष से है।
6-अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य नगर पंचायत पनियरा में कार्यरत अधिशासी अधिकारी से है। 7-नगरपालिका अधिनियम, 1916 से तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 या उसमें समय -समय पर होने वाले संशोधित अधिनियम से है।
8-बेसमेन्ट'' का तात्पर्य भू-तल के नीचे या अंशतः भू-तल के नीचे के निर्माण से है।
9-''स्टिल्ट फ्लोर'' का तात्पर्य प्लिन्थ से खम्भो (पिलर्स) पर बनी हुई संरचना जो न्यनूतम दो तरफ से खुली हो, फर्श से बीम तक अधिकतम ऊँचाई 7 फुट हो एवं पार्किगं के प्रयोजनार्थ अभिप्रेत हो, से है।
10-आच्छादित क्षेत्रफल'' का तात्पर्य कुर्सी तल के ऊपर आच्छादित तल क्षेत्र से है जिसके ऊपर भवन निर्माण हो। निम्नलिखित संरचनाएं आच्छादित क्षेत्रफल के अन्तर्गत शामिल नहीं होंगी-
(क) बाग, राकरी, कुआं एवं कुएं से सम्बन्धित कोई संरचना, प्लान्ट नर्सरी, वाटरपूल, अनाच्छादित स्वीमिंगपूल, पेड़ के चाराें ओर प्लेटफार्म, टैंक, फाउन्टेन, बैंच , खुला चबूतरा।
(ख) ड्रेनेज कल्वर्ट, कैच-पिट, गलीपिट, चैम्बर, गटर, आदि।
(ग) चहारदीवारी, प्रवेश द्वार, मंजिल रहित पोर्च एवं पोर्टिको, कैनोपी, स्लाइड, झूला, अनाच्छादित सीढ़ी, अनाच्छादित रैम्प, आदि।
(घ) वाचमैन बूथ, पम्प-हाउस, गारबेज शाफ्ट, विद्युत् केबिन एवं ंिवभिन्न सेवाआें से सम्बन्धित ऐसे अन्य 'यूटीलिटीज स्ट्रक्चरर्स'।
11-तल क्षेत्रफल'' (फ्लोर एरिया) का तात्पर्य भवन के किसी तल पर आच्छादित क्षेत्रफल से है।
966 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 812-तल क्षेत्रफल अनुपात'' (एफ.ए.आर.) का तात्पर्य किसी भू-खण्ड के कुल क्षेत्रफल से भवन के कुल तल क्षेत्रफल को विभाजित करने से प्राप्त भागफल से है।
13-निवास योग्य कमरे'' का तात्पर्य अधिभोग के लिए अध्यासित अथवा अभिकल्पित कमरे से है, चाहे यह अध्ययन, रहने, शयन, खाने हेतु हो, किन्तु इसमें रसोईघर, स्नानगृह, शौचालय, बर्तन साफ करने व रखने की जगह और स्टोर रूम, कारीडोर, बेसमेन्ट, बरसाती (अटिक) तथा अन्य स्थान जो प्रायः रहने हेतु प्रयुक्त नहीं किए जाते हैं, सम्मिलित नहीं हाेंगे।
14-''आवासीय भवन'' के अन्र्तगत वे भवन सम्मिलित होंगे जिनमें सामान्यतः आवासीय प्रयोजन के प्राविधान सहित शयन सुविधा के साथ खाना बनाने तथा शौचालय की सुविधा हो इसमें 'एक' अथवा 'एक से अधिक' आवासीय इकाई शामिल है।
15-व्यवसायिक/वाणिज्यिक भवन'' के अन्तगर्त भवन या भवन का वह भाग जो दुकानों, भण्डारण, बाजार, व्यवसायिक वस्तुआें के प्रदर्शन, थोक या फुटकर बिक्री, व्यवसाय से सम्बन्धित कार्य-कलाप, जो व्यवसायिक माल की बिक्री से अनुशांगिक हाें और उसी भवन में स्थित हाें, सम्मिलित हाेंगे।
16-शैक्षिक भवन'' के अन्तर्गत वे भवन सम्मिलित हाेंगे जिनमें स्कूल, कालेज या प्रतिष्ठान जहांॅ शिक्षा या प्रशिक्षण हेतु लोग एकत्र होते हो।
17-''कार्यालय भवन'' के अन्तर्गत वह भवन या भवन का कोई भाग सम्मिलित होगा जो किसी अभिकरण, संस्था, एवं प्रतिष्ठान के प्रशासनिक कार्यो के सम्पादन तथा लेखाें और अभिलेखाें के अनुरक्षण के लिए प्रयुक्त होता हो।
18-आद्यौगिक भवन'' के अन्तर्गत वह भवन या भवन का वह भाग या सरंचना सम्मिलित हाेंगे जिनमें किसी प्रकार के उत्पाद या सामग्री बनाई जाती हो संयोजन किए जाते हाें या प्रक्रम (प्रोसेसिंग) किए जाते हाें।
19-''संग्रहगार भवन'' के अन्तर्गत ऐसे भवन या भवन के वह भाग सम्मिलित हाेंगे जो मुख्यतयः माल के संग्रहण या भण्डारण हेतु प्रयोग में आते हो उदाहरणार्थ, वेयरहाउस, शीतगृह, फ्रीट डिपो, ट्रान्जिट शेड्स, स्टोर हाउस, धान्यागार (बार्न) और अस्तबल आदि।
20-''कुर्सी'' (प्लिन्थ) से तात्पर्य किसी संरचना के उस भाग से है जो चाराें ओर की भूमि की सतह से ठीक ऊपर हो तथा भू-तल के फर्ष तक हो।
21-''कुर्सी का क्षेत्रफल'' से तात्पर्य वह निर्मित क्षेत्रफल है जो बेसमेंट, भू-तल अथवा किसी मंिजल के फर्श तल पर नापा जाए।
22-''सैट-बैक लाइन'' का तात्पर्य भू-खण्ड की सीमाओ के समानान्तर रेखा से है जो भवन निर्माण उपविधि में निर्दिष्ट की गई हो और जिसके बाहर भू-खण्ड की सीमाओं की ओर कोई निर्माण करना अनुमन्य न हो।
23-''भू-खण्ड'' का तात्पर्य भूमि के उस भाग से है जो चाराें ओर निश्चित सीमाआें से घिरा हो।
24-''कोने का भू-खण्ड'' का तात्पर्य उस भू-खण्ड से है जो दो या अधिक परस्पर काटने/मिलने वाली सड़कों परस्थित हो।
25-''मंजिल'' का तात्पर्य भवन के उस भाग से है, जो किसी तल की सतह और इसके ऊपर के अनुवर्ती तलके बीच हो और यदि इसके ऊपर कोई तल न हा,े तो वह स्थान जो तल और इसके ऊपर की छत के मध्य हो।
26-''सड़क'' (स्ट्रीट) का तात्पर्य-स्ट्रीट, गली, लेन, पथ-वे, संकरी गली (ऐले), रास्ते (पैसेज), कैरियर-वे, पगडण्डी (फुट-व)े, स्क्वायर, खुले पुल, चाहे वह सार्वजनिक मार्ग हाें या न हाें या जिसके ऊपर जनसाधारण को विकास कार्य के पूरा होने के बाद बिना किसी रोक-टोक के चलने, गुजरने का या आने-जाने का अधिकार हो, चाहे वह किसी योजना में विद्यमान हो या प्रस्तावित हो उसमें सब प्रकार के बन्धे, स्टार्म वाटर ड्रेन, वर्षा जल के नाले, पुलिया, साइड वाल, ट्रैफिक आइलैण्ड, रिटेनिंग वाल, बैरियर एवं रेलिंग, जो 'राइट-आफ-वे, के भीतर हो, शामिल होंगे।
27-''सड़क की चौड़ाई'' का तात्पर्य सड़क की कुल चौड़ाई अथवा 'राइट-आफ-वे' से है।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 96728-''बरामदा'' से तात्पर्य ऐसे आच्छादित क्षेत्रफल से है जिसमें कम से कम एक पाश्र्व बाहर की ओर खुला हो एवं ऊपर के तलों मे खुले पाश्र्व की ओर अधिकतम एक मीटर उंॅंचाई तक के पैरापिट का प्राविधान हो।
29-'भवन की ऊॅचाई' से तात्पर्य आस-पास की भूिम के औसत सतह से भवन के अन्तिम तल के टेरस से तक की ऊॅचाई से है।
30-''पार्क एवं खुले स्थल'' का तात्पर्य ऐसेे स्थल से है, जो खुला तथा अनिर्मित हो या जिसका विन्यास एवं विकास सार्वजनिक पार्क या उद्यान के रूप में किया गया हो। ''
31-''ले-आउट प्लान/सब डिवीजऩ प्लान/उप-विभाजन तलपट मानचित्र'' का तात्पर्य किसी भूिम अथवा उसके भाग को एक से अधिक भू-खण्डाें में विक्रय हेतु अथवा अन्यथा उप-विभाजित किए जाने से है, जिसके अन्र्तगत सडक़ों का विन्यास, भू-खण्डाें के माप सहित सैट-बैक लाइन्स तथा विकास की पद्धति (यथा-रो-हाउसिंग, सेमी-डिटैच्ड, डिटैच्ड ग्रुप हाउसिंग) दर्शायी गई हो एवं समस्त भू-खण्डाें के आकार, उपयोग, क्षेत्रफल का विवरण दिया गया हो।''
टिप्पणीः वे शब्द या पद जो इन उपविधियाें में प्रयुक्त किए गए हाें परन्तु परिभाषित नहीं किए गए हैं, उनके वही अर्थ हाेंगे जैसा उन्हें उत्तर प्रदेश भवन उपविधि, 2018/उपविधियाें/अधिनियम/नशे, नल, बिल्डिंग, काडे में निर्दिष्ट किया गया है।
उपविधियों की प्रयोज्यता-
(I) यह उपविधियॉ किसी भू-खण्ड के विकास, पुनर्विकास, अथवा भवन के निर्माण, पुनर्निर्माण या परिवर्तन किए जाने पर यथास्थिति समस्त भवन अथवा स्वसम्पन्न भाग पर गिराने के बाद अवशेष भाग पर तथा भू-उपयोग परिवर्तन की स्थिति में प्रभावित भवन के समस्त भाग के लिए प्रयोज्य होंगी।
(II) विकास एवं निर्माण सम्बन्धी ऐसी अपेक्षाए/प्राविधान जो इस उपविधि में नही हैं, के सम्बन्ध में नेशनल बिल्डिंग कोड तथा आई.एस./बी.आई.एस. के प्राविधानाें का अनुपालन किया जाएगा।
आवदेन-पत्र यथास्थिति निम्नलिखित सूचनाआें और दस्तावेजाें के साथ जमा किया जाएगा-
1 मानचित्रों के चार सेट नियत शुल्क अदा करने की रसीद सहित जमा किए जाएंगे।
2 जमा किये जाने वाले मानचित्राें में की प्लान', 'साइट प्लान', तलपट मानचित्र' और 'सर्विसेज प्लान' भी शामिल होंगे।
3 समस्त मानचित्र अनुज्ञापित व्यक्ति द्वारा तैयार किए जाएंगे और उनके द्वारा नाम, अनुज्ञप्ति संख्या दर्शाते हुए हस्ताक्षर किए जाएंगे इसके अतिरिक्त भू/भवन स्वामी के हस्ताक्षर भी हाेंगे।
नगर पंचायत पनियरा के लाइसेंस प्राप्त-
4 ड्राफ्टमैन को भवन मानचित्र प्रस्तुत करने की अनुमति 1000 वर्ग फुट व दो तल तक होगी। ड्राफ्टमैन की न्यूनतम योग्यता तीन-वर्ष डिप्लोमा सिविल व डिप्लोमा आर्किटेक्चर व 10 वर्ष का कार्य अनुभव निर्माण व आर्किटेक्चर में प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। पंजीयन शुल्क रु0 5,000 (पांच हजार रूपये)े होगा जो निकाय के कोष में एक वर्ष तक मानचित्र प्रस्तुत करने के लिए जमा की जाएगी जो प्रतिदेय नहीं होगी। नगर पंचायत पनियरा से लाइसेंस प्राप्त ड्राफ्टमैन को प्रति वर्ष 2500 रूपये नवीनीकरण हेतु कोष में जमा करनी होगी अन्यथा अवधि समाप्त होने पर लाइसेंस नवीनीकरण नहीं की जाएगी।
5 1001 वर्ग फुट से 3000 वर्ग फुट तक व तीन तल तक मानचित्र प्रस्तुत करने की अनुमति डिग्री धारक इंजीनियर की होगी। डिग्री सिविल इंजीनियर को 6 वर्ष का कार्य अनुभव निर्माण व आर्किटेक्चर में प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। पंजीयन शुल्क रु0 8,000 (आठ हजार रूपये)े होगा जो निकाय के कोष में एक वर्ष तक मानचित्र प्रस्तुत करने के लिए जमा की जाएगी जो प्रतिदेय नहीं होगी। नगर पंचायत पनियरा से लाइसेंस प्राप्त डिग्री इजींनियर को प्रति वर्ष 4000 रूपये नवीनीकरण हेतु कोष में जमा करनी होगी अन्यथा अवधि समाप्त होने पर लाइसेंस नवीनीकरण नहीं की जाएगी।
968 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 86 डिग्री आर्किटेक्ट को (Council of Architecture) से लाइसेंस प्राप्त होना अनिवार्य है व 5 वर्ष का कार्य अनुभव होना अनिवार्य है। पंजीयन शुल्क रु0 10,000 (दस हजार रूपये) होगा जो निकाय के कोष में एक वर्ष तक मानचित्र प्रस्तुत करने के लिए जमा की जाएगी जो प्रतिदेय नहीं होगी। नगर पंचायत पनियरा से लाइसेंस प्राप्त डिग्री आर्किटेक्ट को प्रति वर्ष रु0 5,000 रूपये नवीनीकरण हेतु कोष में जमा करनी होगी अन्यथा अवधि समाप्त होने पर लाइसेंस नवीनीकरण नहीं की जाएगी।
7 भवन के प्लान और एलीवेशन तथा सेक्शन 1ः10 ,000 से कम पैमाने पर नही होंगे और उसमें निम्नलिखित विवरण दर्शाए जाऐंगे :-
8 समस्त तलों के तल मानचित्र सहित आच्छादित क्षेत्रफल, कमरों के आकार, जीने, रैम्प (लिफ्ट सहित)।
9 भवन के प्रत्येक भाग का उपयोग या अधिभोग।
10 मूलभूत सेवाआें के वास्तविक स्थान शौचालय, सिंक, बाथ, जल-प्रदाय, जल-निकास तथा मल-निस्तारण हेतु सोक पिट/सैप्टिक टैंक अथवा सीवर लाइन से कनेक्शन।
11 जल प्रवाहित शौचालय की व्यवस्था।
सूचनाएं एवं दस्तावेज-
12 पंजी—त बैनामा की छायाप्रति, इन्तखाब/ खतौनी, आधार कार्ड की छायाप्रति, पैन कार्ड (लेबर ससे जमा करने हेतु), आवेदक/आवेदिका की एक फोटो, रु0 10/- का ई-स्टाम्प पेपर, स्थल का फोटोग्राफ व शमन मानचित्र हेतु निर्मित भवन का फोटोग्राफ
नियम एवं शर्ते-
रु0 100/- प्रति आवासीय भवन पर मानचित्र दाखिला (परमिट) शुल्क लिया जाएगा।
रु0 200/- प्रति व्यावसायिक भवन पर मानचित्र दाखिला (परमिट) शुल्क लिया जाएगा।
नगर पंचायत मानचित्र का प्रारूप रु0 20/- प्रति फाइल निश्चित होगी जो मानचित्र प्रस्तुत करते समय गड़ना में प्रति फाइल ली जाएगी।
रु0 2/- प्रति वर्ग फुट शुल्क आवासीय भवन में आच्छादित क्षेत्रफल पर लिया जाएगा।
रु0 4/- प्रति वर्ग फुट शुल्क व्यावसायिक भवन में आच्छादित क्षेत्रफल पर लिया जाएगा।
रु0 3/- प्रति वर्ग फुट शुल्क मिश्रित आवासीय/ मिश्रित व्यावसायिक भवन में आच्छादित क्षेत्रफल पर लिया जाएगा।
श्रम विभाग द्वारा भवन के आच्छादित क्षेत्रफल पर भवन के निर्माण लागत का 1ः श्रम विभाग के कोष में जमा करना अनिवार्य होगा।
मानचित्र स्वी—त होनेे के उपरांत आवदेक/आवेदिका को तीन वर्ष के भीतर भवन का निर्माण कर लेना होगा अथवा मानचित्र की अवधि समाप्त हो जाने पर भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। तीन वर्ष की प्रारम्भिक स्वीकृति की अवधि समाप्त हो जाने के पूर्व भू-स्वामी द्वारा प्रार्थना-पत्र दिए जाने पर नगर पचांयत ऐसी शर्तो और प्रतिबन्धों के अधीन रहते हुए जो वह आरोपित करना उचित समझे, अधिकतम 1 वर्ष के लिए निर्धारित नवीनीकरण/मानचित्र शुल्क लेकर समयावृद्धि दे सकता है।
नवीनीकरण/मानचित्र शुल्क
रु0 2/- प्रति वर्ग फुट शुल्क भवन में आच्छादित क्षेत्रफल पर लिया जाएगा।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 969सेट-बैक
1-आवासीय व व्यवसायिक भवन ः- भूखण्डीय विकास के अन्तर्गत आवासीय व व्यवसायिक भवनों में अधिकतम तीन मंिजल निर्माण अनुमन्य होगा जिसकी अधिकतम ऊॅचाई स्टिल्ट के साथ 41 फुट तथा स्टिल्ट के बिना34 फुट होगी एवं सैट-बैक निम्नवत् होंगे :-
| भख्ूाण्ड का क्षेत्रफल (वर्ग फुट) | सैट-बैक (फुट) | |
| अग्र भाग | पृष्ठ भाग | |
| 1500 तक | 3 | ..... |
| 1501 से अधिक 3000 तक | 5 | 3 |
| 3001 से अधिक 5000 तक | 10 | 5 |
2-कोने के भूखण्ड में सैट-बैक सम्बन्धित भूखण्ड के फ्रन्ट सैट-बैक के समान होगा।
3-भवनाें में प्रकाश एवं संवातन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
4-सेट बैक में छूट- खुले स्थान मे छत/छज्जे का निर्माण किया जा सकता है, जो खुले स्थान की चौड़ाई 5-के आधे से अधिक तथा अधिकतम 3 फुट होगा, परन्तु उक्त छत/छज्जे के ऊपर किसी प्रकार का निर्माण अनुमन्य नहीं होगा।
6-3000 से अधिक प्रस्तावित व्यवसायिक भवन हेतु स्थानीय मुख्य शमन अधिकारी से अग्निशमन सुरक्षा सम्बन्धी अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा।
7-1500 से अधिक 3000 तक के भवनों में पृष्ठ सेट-बैक के 40 प्रतिशत भाग पर निर्माण अनुमन्य होगा। 8-5000 से अधिक तथा निम्न (संस्थागत/सामुदायिक, शिक्षण सस्ंथाय, औद्योगिक भवन, कार्यालय भवनों, भण्डारण भवनाें, होटल, थोक व्यवसायिक भवनों, चिकित्सा भवनाें, सेवा-उद्योग, आदि) के मानचित्र की स्वी—ति महराजगंज विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के भवन निर्माण एवं विकास उपविधि में निर्धारित मानकाें के अनुसार प्राधिकरण के अनुमति उपरांत दी जाएगी।
9-उक्त आराजी पर भवन निर्माण से पुरातत्व विभाग के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं होगा। आराजी पुरातात्विक क्षेत्र की परिधि से लगभग 300 मीटर दूरी पर स्थित होगी। पुराताविक क्षेत्र की परिधि 300 मीटर के भीतर के भूमि/भवनाें को मानचित्र स्वी—त कराने हेतु स्थानीय पुरातत्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा।
10-मानचित्र स्वीकृति हेतु दाखिल मानचित्र की स्थलीय/तकनीकी जॉच कर अवर अभियन्ता द्वारा निम्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर उपलब्ध कराये जाने की आख्या प्रस्तुत की जा सकती हैः-
(1) अग्निशमन विभाग,
(2) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण,
(3) अ0वि0नि0इ0 (राष्ट्रीय राजमार्ग), लो0नि0वि0, महराजगंज,
(4) भूकम्प रोधी, जल संचयन, स्ट्रक्चरल इंजीनियर
(5) लेखपाल की आख्या
(6) नगर पंचायत से अदेय प्रमाण-पत्र
(7) स्थल की फोटोग्राफ चाराें तरफ से970 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8 (8) विमानपत्तन प्राधिकरण, उड्डयन विभाग से भवन की ऊॅचाई संबंधी अनापत्ति इत्यादि अन्य कार्यालय द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र।
आवेदक/आवेदिका द्वारा उपरोक्त विभागाें से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना होगा। निर्धारित अवधि में अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त न होने पर 30 दिन के उपरांत मानचित्र को निरस्त करने की कार्यवाही कर दी जाएगी जिसके लिये पृथक से कोई आदेश निर्गत नही किये जायेंगे।
भवन निर्माण हेतु अनिवार्यतायें-
1 मार्ग की न्यूनतम चाडै़ाई 15 फुट होगी। मार्ग की मौजूदा चौड़ाई कम होने पर भू-खण्ड मे रोड वाइडनिंग दर्शाते हुए मानचित्र प्रस्तुत करनी होगी।
2 ऐसे खिड़की या दरवाजे या रोशनदान का खोलना अथवा बन्द करना, जो किसी दूसरे की सम्पत्ति की ओर न खुलते हो।
3 3000 वर्ग फुट से अधिक के भू-खण्ड में निर्मित भवन में वर्षा जल के संचयन, संरक्षण एवं हार्वेस्टिंग हेतु आवश्यक संरचनाओं (भूिमगत वाटर टैंक सहित) का निमार्ण करना अनिवार्य होगा।
4 पर्यावरण की –ष्टि से उ0प्र0 राज्य वन नीति अधिनियम के अन्तर्गत पेड़ लगाना व उसकी देख-रेख करना अनिवार्य है। निर्धारित सख्या में वृक्षारोपण न किये जाने की दशा मे मानचित्र अनुज्ञा स्वतः समाप्त हो जायेगी, जिसके लिये पृथक से कोई आदेश निर्गत नही किये जायेगे।
5 2000 वर्ग फुट से कम क्षेत्रफल के भूखण्ड पर एक पेड़।
6 2001 से 3000 वर्ग फुट क्षेत्रफल के भूखण्ड पर दो पेड़।
7 3001 से 5000 वर्ग फुट क्षेत्रफल के भूखण्ड पर चार पेड़।
8 5001 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल के भू-खण्ड में प्रति 1000 वर्ग फुट क्षेत्रफल या इसके भाग पर एक पेड़ समूह आवासीय योजना (गु्रप हाउसिग) मे प्रति हेक्टेयर 50 पेड़।
9 तीन मंजिल से अधिक अथवा 41 फुट एवं अधिक ऊॅंचे भवनाें और विशिष्ट भवन यथा-शैक्षिक, असेम्बली, संस्थागत, औद्येागिक, संग्रहण एवं संकटमय उपयोग वाले भवनाें तथा उपर्युक्त उपयोगाें के मिश्रित अधिवासाें वाले भवनाें, जिनका भू-आच्छादन 5000 वर्ग फुट से अधिक हो, के भवन मानचित्राें में नेशनल बिल्डिंग कोड-2005 के भाग-4 की अपेक्षाआें के साथ-साथ निम्नलिखित अतिरिक्त विवरण दर्शाना आवश्यक होगाः- (क) अग्निशमन संयंत्राें एवं वाहनाें के पहुॅंच मार्ग, वाहनाें के मुड़ने के स्थान, भवन के चाराें ओर वाहनाें के आवागमन हेतु सर्कुलेशन क्षेत्र तथा पार्किग व्यवस्था।
(ख) फायर एस्केप, स्टयेर केस।
(ग) मुख्य सीढ़ियाें का आकार (चौड़ाई) तथा उसके साथ बालकनी, कारिडोर व लॉबी से प्रवेश के विवरण।
(घ) लिफ्ट के प्राविधान सहित लिफ्ट कक्ष की स्थिति।
(च) कचरा डालने का कक्ष, शूटस तथा सर्विस डक्ट्स।
(छ) वातानुकूलित पद्धति, फायर डैम्पर, यान्त्रिक संवातन पद्धति, विद्युत् सेवाएं तथा सभी सेवाआें के पाइप्स, आदि।
(ज) विद्युत एलार्म पद्धति का विवरण।
(झ) स्थाई पानी की टंकी तथा उसकी क्षमता।
(ञ) रूफ-टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 9711 प्रस्तावित निर्माण संरचनात्मक सुरक्षा, भूकम्प राध्ेाी व्यवस्था, अग्निशमन सुरक्षा, प्रदष्ूाण नियंत्रण एवं अन्य संकटमय दृष्टिकोण से सुरक्षित होना चाहिए तथा उक्त के सम्बन्ध में समस्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र मानचित्र के साथ सलंग्न होना चाहिए।
2 "पुरातत्व विभाग द्वारा घोषित सरंक्षित स्मारकों/हैरिटेज स्थलाें के प्रोहबिटेड एरिया के अन्दर निर्माण अनुज्ञा देय नही होगी तथा इसके पश्चात रेगुलेटेड एरिया के क्षेत्र में किसी भी निर्माण की अनुज्ञा "दि एनसिएन्टमान्यूमेन्ट्स एण्ड आर्कियोलॉजिकल साइट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1958 (यथा संशोधित) के प्राविधानों के अधीन पुरातत्व विभाग द्वारा प्रदत्त अनापत्ति के आधार पर देय होगी।"
3 कमरे में प्रकाश व संवातन हेतु एक या एक से अधिक खुले भाग जैसे खिड़कियॉ,ं रोशनदान होंगे, जो कि खुले स्थान अथवा बरामदे, की ओर खुलेंगे। भवन में प्रकाश एवं संवातन की व्यवस्था शाफ़्ट द्वारा भी की जा सकेगी।
अन्य आन्तरिक संरचनाएं
जीना
1 आवासीय भवनों में आन्तरिक जीने की पैड़ी की चौड़ाई न्यूनतम 10 इंच होगी तथा अन्य भवनाें में पैड़ी की चौड़ाई न्यूनतम 12 इंच होगी।
2 आवासीय भवनों में राइजर अधिकतम 8 इंच ऊँचा और अन्य भवनाें में 6 इंच ऊँचा होगा।
3 आवासीय भवनों में एक उठान में अधिकतम 12 राइजर तक होंगा तथा अन्य भवनाें में उनकी संख्या 15 तक हो सकेगी।
चहारदीवारी-
1 सामने की कम्पाउण्ड दीवार की अधिकतम ऊंचाँई 8 फुट होगी जिसका न्यूनतम 3 फुट ऊपरी भागजाली/ग्रिलयुक्त होगा।
2 पीछे की तथा पाश्र्व की कम्पाउण्ड दीवारों की अधिकतम ऊँचाई 8 फुट होगी।
3 कोने के भू-खण्ड में सड़क की तरफ की कम्पाउण्ड दीवार की ऊँचाई 6 फुट से अधिक नही होगी।
4 उक्त उपबन्ध सैनेटोरियम, कारखाना, कार्यालय, सस्ंथागत भवनाें पर लागू नही हांगे।
भू-गेह (बेसमेन्ट)
1 बेसमेन्ट को रिहायसी उपयोग में नहीं लाया जायेगा तथा बेसमेन्ट में शौचालय या रसोईघर का निर्माण अनुमन्य नहीं होगा।
2 आन्तरिक खुले स्थल (कोर्टयार्ड) तथा शाफट् के नीचे बेसमेन्ट का निर्माण अनुमन्य होगा।
3 बेसमेंट का निर्माण बगल की संपत्तियों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी सुनिश्चित करते हुए भूखण्ड की सभी सीमाआें
4 से न्यूनतम 6 फुट छोड़ने के बाद ही अनुमन्य होगा ।
बेसमेन्ट का प्रयोजन निम्नानुसार होगा
(क) घरेलू सामान, अज्वलनशील पदार्थ या अन्य सामान का भण्डारण,
(ख) आवासीय भवन से भिन्न भवनाें में डार्करूम, कोष कक्ष, बैक सेलर, आदि,
(ग) वातानुकूलन उपकरण एवं अन्य मशीनें जो भवन की अनिवार्य संरक्षा के लिए लगाई जाएं,
(घ) पार्किग स्थल और गैराज,
132 ट972 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8 (च) पुस्तकालयाें के अज्वलनशील भण्डार कक्ष (स्टैकिंग रुम)।
1 बेसमेंट का प्रत्येक भाग, फर्श से बीम तक न्यूनतम 7 फुट तथा अधितकतम 15 फुट ऊँचा होगा।
2 बेसमेन्ट में पर्याप्त संवातन सुनिश्चित किया जाएगा।
3 बेसमेन्ट की सीलिंग संलग्न रोड लेवल से न्यूनतम 3 फुट तथा अधिकतम 4 फुट ऊपर होगी।
4 सतह का पानी बेसमेन्ट में प्रवेश न करने पाए, इस हेतु व्यवस्था करनी होगी।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु अपेक्षाए
1 जलरोध की समस्या से ग्रस्त क्षेत्राें को छोड़कर अन्य क्षेत्राें में 3000 वर्ग फुट से अधिक क्षत्रेफल के समस्त उपयोगाें के भू-खण्डों तथा सभी योजनाआें मे छताें एवं खुले स्थानाें से प्राप्त हाने वाले बरसाती जल को उपयुक्त रिचार्जिंग स्ट्रक्चर के माध्यम से ग्राउन्ड वाटर रिचार्जिंग तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार भूिमगत अथवा भूमि के उपर सगं्रहण हतेु आवश्यक प्राविधान किया जायेगा।
सोलर वाटर हीटिंग संयन्त्र हेतु अपेक्षाएं
निम्न प्रकृति के किसी भी प्रस्तावित भवन निर्माण में पानी गर्म करने हेतु सोलर वाटर हीटर संयन्त्र की स्थापना की अपेक्षाओं के अनुसार सुनिश्चित की जाएगीः-
1 अस्पताल तथा नर्सिंग होम, होटल, अतिथि गृह, विश्राम गृह, भवन निर्माण उपविधि 2023 छात्रावास, महाविद्यालय/प्राविधिक संस्थाए/प्रशिक्षण केन्द्र, सशस्त्र बल/अर्द्ध-सैनिक बल एवं पुलिस बल के बैरक, सामुदायिक केन्द्र, बैंक्वटे हाल, बारात घर तथा इसी प्रकार के अन्य भवन 5000 वर्ग फुट एवं अधिक क्षेत्रफल के आवासीय भवन।
शारीरिक रुप से अशक्त व्यक्तियों हेतु अपेक्षाएं
समस्त जनोपयोगीे भवनाें तथा सार्वजनिक सुविधा स्थलाें पर शारीरिक रूप से अशक्त व्यक्तियाें की आवश्यकताआें, सुरक्षा एव संरक्षा हेतु अवरोध मुक्त परिसर के सृजन के लिए प्राविधान सुनिश्चित किए जाएंगे।
भूकम्प रोधी निर्माण हेतु अपेक्षाए
भूतल सहित 3 मंजिल से अधिक अथवा 41 फुट से अधिक ऊॅचाई के भवन तथा 5000 वर्ग फुट से अधिक भू- आच्छादन के सभी अवस्थापना सुविधाओं (यथा वाटर वक्र्स एवं ओवर हैड टेंक, टेलीफोन एक्सचेंज, ब्रिज एवं कल्वर्ट, विद्युत् उत्पादन केन्द्र एवं विद्युत् सब-स्टेशन तथा विद्युत् टावर, अस्पताल, छविगृह, ऑडीटोरियम, सभाभवन, शैक्षिक संस्थायें, बस टर्मिनल, आदि) पर भूकम्प रोधी निर्माण सम्बन्धी अपेक्षाएं लागू होगी।
1 भवन निर्माण हेतु मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर के हस्ताक्षर युक्त भवन की नींव एवं सुपरस्ट्रक्चर डिजाइन की पूर्ण गणनाये एवं स्ट्रक्चरल मानचित्र स्वीकृति सम्बन्धी प्रपत्रों के साथ प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही भवन निर्माण हेतु नियत प्राधिकारी को जो मानचित्र पे्रषित किये जायेंगे, उन सभी मानचित्राें पर भू-स्वामी, पजींकृत आर्किटेक्ट के साथ-साथ स्ट्रक्चरल डिजाइन करने वाले स्ट्रक्चरल इजींनियर तथा सर्विस डिजाइन तैयार करने वाले सर्विस इन्जीनियर के पूरे नाम तथा मुहर युक्त हस्ताक्षर से भूकम्प रोधी डिजाइन होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
अपराधाेंं का शमन उपविधि-
उत्तर प्रदेष नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 185-किसी भवन का अवैध निर्माण या परिवर्तन - कोई भी व्यक्ति जो धारा 178 द्वारा अपेक्षित नोटिस दिये बिना या धारा 180 की उपधारा (5) के उपबन्धों का या नगरपालिका के ऐसे आदेश का, जिसमें स्वीकृति देने से इन्कार किया गया हो, या धारा 180 के या किन्हीं उपविधियों के अधीन नगरपालिका द्वारा दिये गये किन्हीं लिखित निदेशों का उल्लंघन करके किसी भवन या भवन के भाग का निर्माण, पुनर्निर्माण या उसमें कोई तात्विक परिवर्तन या किसी कुएं का निर्माण या विस्तार आरम्भ करें, जारी रखे या समाप्त करें, सिद्ध दोष ठहराये जाने पर जुर्माने का भागी होगा जो एक हजार रुपये, तक हो सकता है, किन्तु जो न्यायालय के निर्माण में उल्लिखित विशेष और पर्याप्त प्रतिकूल कारणों के न होने पर, दो सौ पचास रुपया से कम न होगा।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) 973उत्तर प्रदेष नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 186 - निर्माण कार्य को रोकने तथा निर्मित भवन को गिरा देने की नगरपालिका, की शक्ति - नगरपालिका, किसी भी समय किसी भूमि के स्वामी या अध्यासी को किसी भवन या भवन के भाग के निर्माण, पुनर्निर्माण या परिवर्तन या उसमें किसी कुयें के निर्माण या विस्तार की किसी ऐसी दशा में जहॉ नगरपालिका का यह विचार हो कि इस प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण, परिवर्तन, निर्माण या विस्तार धारा 185 के अधीन कोई अपराध है, लिखित नोटिस देकर रोकने का निर्देश दे सकता है और इसी प्रकार, यथास्थिति ऐसे भवन या भवन के भाग या कुयें में परिवर्तन करने या उसके गिरा देने का जिसे वह आवश्यक समझे, निर्देश दे सकता है।
नगर पंचायत (पनियरा) में मानचित्र स्वी—ति हेतु प्रणाली
भवन मानचित्र स्वी—ति हेतु आवेदक/आवेदिका द्वारा प्रस्तुत औपचारिकताएं/अभिलेख
1 पंजी—त बैनामा की छाया प्रति
2 इंतेखाब/खतौनी (तहसील द्वारा मोहर लगा हुआ या इंटरनेट द्वारा प्रिंटआउट एक महीने के भीतर का)
3 आवेदक/आवेदिका के आधार कार्ड की छायाप्रति
4 आवेदक/आवेदिका का एक फोटो
5 स्थल का फोटोग्राफ चार अदद
6 रु0 10/- का स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र नोटरी के साथ
7 समस्त मानचित्र अनुज्ञापित व्यक्ति द्वारा तैयार किए जाएंगे और उनके द्वारा नाम, अनुज्ञप्ति संख्या दर्शाते हुए हस्ताक्षर किए जाएगें इसके अतिरिक्त भू/भवन स्वामी के हस्ताक्षर भी हाेंगे।
8 मानचित्राें के चार सेट नियत शुल्क अदा करने की रसीद सहित जमा किए जाएंगे।
9 आवेदन प्राप्त होने की तिथि से 7 दिन के भीतर स्थल का निरिक्षण सम्बंधित अवर अभियंता द्वारा पूर्ण किया जायेगा और निरीक्षण आंख्या विभाग को उपलब्ध किया जायेगा।
10 प्रस्तुत मानचित्र का निरीक्षण होने और सही होने के उपरांत अवर अभियंता द्वारा गड़ना एवं जांच की रिपोर्ट अधिशासी अधिकारी को अग्रेषित किया जायेगा अधिशासी अधिकारी के हस्ताक्षर उपरांत आवेदक/आवेदिका को द्वितीय शुल्क जमा करने हेतु सूचित किया जायेगा।
11 द्वितीय शुल्क जमा होने के उपरांत अवर अभियंता द्वारा मानचित्र स्वी—ति हेतु रिपोर्ट हस्ताक्षर कर एवं नक्शे के दो प्रति पर हस्ताक्षर कर अधिशासी अधिकारी एवं अध्यक्ष को अग्रेषित की जाएगी।
12 अधिशासाी अधिकारी एवं अध्यक्ष द्वारा तैयार स्वी—ति प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर एवं नक्शे के दोनों प्रतिपर जिस पर अवर अभियंता का हस्ताक्षर है पर हस्ताक्षर कर मानचित्र स्वी—ति प्रदान की जायेगी।
13 आवेदक/आवेदिका को स्वी—ति प्रपत्र की एक प्रति एवं नक्शे की एक प्रति सौपी जायेगी जिस पर नगर पंचायत के नियम एवं शर्ताे के साथ स्वी—ति दी गई है। एक बार दी गई अनुज्ञा अधिकतम तीन वर्ष के लिए वैध होगी।
(ह0) अस्पष्ट, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत पनियरा, महराजगंज।
974 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8के प्रमाण पत्र, अनुक्रमांक-5774533 सन् 2010 में माता सूचना
तथा पिता का नाम क्रमशः (Shiv Kumari Verma) तथा
(Ajay Verma) हो गया है। जो कि गलत है। एतद् द्वारा
यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के संबंध में
विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई।
पूजा वर्मा, गोपालपुर, पोस्ट विकवाजितपुर, जिला सुल्तानपुर।
सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम आरूष त्रिक्खा पुत्र मयंक शर्मा है जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0 381046003792 में उसका नाम सार्थक शर्मा अंकित हो गया है जो कि गलत है भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम आरूष त्रिक्खा पुत्र मयंक शर्मा के नाम से जाना व पहचाना जाये।
सूचना
एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूरी की गई।
सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम
कृति पुत्री मनोज कुमार तिवारी है जो उसके शैक्षिक
अभिलेख में अंकित है त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड
सं0 9649 5023 6096 में उसका नाम महक अंकित हो मयंक शर्मा, पुत्र मनोज शर्मा, निवासी 108/167 पी रोड, जिला कानपुर नगर-208012
गया है जो कि गलत है भविष्य में मेरी पुत्री को उसके
सही नाम कृति पुत्री मनोज कुमार तिवारी के नाम से सूचना
जाना व पहचाना जाय।
एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि
उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं
मेरे द्वारा पूरी की गयी है।
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम अनमोल कुमार विश्वकर्मा पुत्र कैलाश प्रसाद विश्वकर्मा है। जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं05332 5446 3003 में उसका नाम अंश कुमार विश्वकर्मा अंकित हो गया है जो कि गलत है भविष्य मे मेरे पुत्र को उसके सही नाम अनमोल कुमार विश्वकर्मा पुत्र कैलाश प्रसाद विश्वकर्मा के नाम से जाना व पहचाना जाय।
बबिता देवी, पत्नी मनोज कुमार तिवारी, पता-दमोदरपुर उर्फ तिवारीपुर, पोस्ट सिंगरामऊ (सहसाें),
जिला प्रयागराज।
एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूरी की गई।
सूचना
सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम धीरेन्द्र
कुमार श्रीवास्तव (Dhirendra Kumar Srivastava) पुत्र स्व0 कैलाश प्रसाद विश्वकर्मा, पुत्र स्व0 कल्लू राम विश्वकर्मा, ग्राम कोइली ढढ़ोरपुर, पो0-ढढ़ोरपुर, जिला वाराणसी।
विष्णु कुमार श्रीवास्तव है जो कि मेरे शैक्षिक प्रमाण पत्र,
आधार कार्ड, पैन कार्ड में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र
(Abhitesh Srivastava) के हाईस्कूल के अंक प्रमाण पत्र सूचना
(अनुक्रमांक नं0-23235342/2023) में मेरा नाम डी0के0 मेरी माता तथा पिता का सही नाम क्रमशः (Shiv
श्रीवास्तव (D K Srivastava) अंकित हो गया है, जो कि Kumari) तथा (Ajay Kumar Verma) है। जो उनके
गलत है।
आधार कार्ड तथा मृत्यु प्रमाण पत्र में अंकित है। मेरे इंटरभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 21 सितम्बर, 2024 ई0 (भाद्रपद 30, 1946 शक संवत्) 975 एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि
उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं
एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
मेरे द्वारा पूरी की गयी है।
धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, पुत्र स्व0 विष्णु कुमार श्रीवास्तव, निवासी-20, नवनीत विहार सोसाईटी, सेक्टर-9 इन्दिरा नगर लखनऊ।
सुमित वर्मा, पुत्र विन्देश्वरी वर्मा, निवासी- सी019/15इ-ए-12, बादशाह बाग थाना चेतगंज, जिला वाराणसी।
सूचना
सूचना
सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम धीरेन्द्र
सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम
कुमार श्रीवास्तव (Dhirendra Kumar Srivastava) पुत्र स्व0
संकर्षण मिश्र पुत्र वरूण कुमार मिश्र है। जो उसके शैक्षिक
विष्णु कुमार श्रीवास्तव है जो कि मेरे शैक्षिक प्रमाण पत्र,
अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड
आधार कार्ड, पैन कार्ड में अंकित है। त्रुटिवश मरे पुत्र सं0 7292 1762 7981 में उसका नाम सम्पूर्ण अंकित हो
(Ajitesh Srivastava) के हाईस्कूल के अंक प्रमाण पत्र गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके
सही नाम संकर्षण मिश्र पुत्र वरूण कुमार मिश्र के नाम से (अनुक्रमांक नं0-23235348/2023) में मेरा नाम डी0के0
जाना व पहचाना जाय।
श्रीवास्तव (D K Srivastava) अंकित हो गया है, जो कि
एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि गलत है।
उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि
मेरे द्वारा पूरी की गयी है।
उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं
मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
वरूण कुमार मिश्र, पुत्र देवराज मिश्र, पता-सुपरावारी पोस्ट सिंगरामऊ, (सहसों), जिला प्रयागराज।
धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, पुत्र स्व0 विष्णु कुमार श्रीवास्तव, निवासी-20, नवनीत विहार सोसाईटी, सेक्टर-9 इन्दिरा नगर लखनऊ।
सूचना
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि पंजीकृत
फर्म मेसर्स शेरखान एण्ड सन्स, 264डी/345 तुलसीपुर, सूचना
प्रयागराज में तबरेज अली पुत्र मुनव्वर अली निवासी सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र
मकान नं.121 डोंडीपुर, प्रयागराज दिनांक 04 जनवरी, का सही नाम कियांश वर्मा पुत्र सुमित वर्मा है, जो उसके
2023 को उक्त फर्म में बतौर भागीदार शामिल हुए हैं।
जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, तथा उसके शैक्षिक प्रमाण
अब फर्म में भागीदारों की भागीदारी का अनुपात क्रमशः
पत्र में अंकित है, मैने अपने पुत्र का स्वास्थ ठीक न रहने
मोहम्मद आरिफ खान का 04 प्रातिशत, मोहम्मद ताहिर
के कारण अपने ज्योतिषाचार्य के अनुसार उसका नाम खान का 03 प्रतिशत, संजीव कुमार गुप्ता का 90 प्रतिशत
कियांश वर्मा से बदल कर यक्षित वर्मा रख लिया है। एवं तबरेज अली का 03 प्रतिशत होगा।
भविष्य में मेरे पुत्र को यक्षित वर्मा पुत्र सुमित वर्मा के नाम
संजीव कुमार गुप्ता,
से जाना व पहचाना जाय।
भागीदार976 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8
सूचना
तथा शैक्षिक अभिलेख में अंकित है त्रुटिवश मेरे पुत्र के हाईस्कूल के अंक प्रमाण पत्र वर्ष 2023 अनुक्रमांक-23294222 में मेरा, पत्नी व पुत्र का नाम KAMAL KHATURYA, ROSHNI KHATURYA तथा TUSHAR KHATURYA अंकित हो गया है जो गलत है।
KAMAL KUMAR KHATURIA, गोकुल नगर, कंचनपुर, बी0एल0डब्लू0, वाराणसी।
सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम शिवम सिंह पुत्र सुनील कुमार सिंह है, जो उसके शैक्षिक अभिलेख पर एवं आधार कार्ड पर अंकित है। मैने अपने पुत्र का स्वास्थ ठीक न रहने के कारण अपने ज्योतिषाचार्य के अनुसार इसका नाम शिवम सिंह से बदल कर शुभांश सिंह रख लिया है। भविष्य में मेरे पुत्र को शुभांश सिंह पुत्र सुनील कुमार सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाये।
सूचना
एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
सुनील कुमार सिंह, 1348/4 ए शास्त्री नगर, सुलतानपुर उ0प्र0।
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम साईराम यादव पुत्र उदय प्रताप यादव है। जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं-8488 0533 4173 में उसका नाम सर्वेश यादव अंकित हो गया है। जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम साईराम यादव पुत्र उदय प्रताप यादव के नाम से जाना व पहचाना जाय।
सूचना
एतद् द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपयुर्क्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
उदय प्रताप यादव, पो0- खुलुआ, ग्रा0-मझली पट्टी, मिर्जापुर।
सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम रितु भूटानी पत्नी दीप तिवारी है जो मेरे आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं शैक्षणिक अभिलेखों में अंकित है त्रुटिवश मेरी पुत्री के हाई स्कूल के अंक प्रमाण-पत्र (अनुक्रमांक- 21131239) में मेरा नाम रितु तिवारी अंकित हो गया है जो कि गलत है भविष्य में मुझे मेरे सही नाम रितु भूटानी पत्नी दीप तिवारी के नाम से जाना व पहचाना जाए।
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताए मेरे द्वारा स्वयं पूर्ण की गयी है।
पिता का नाम JAI PRAKASH PATEL है जो उनके आधार कार्ड पैन कार्ड, शैक्षिक अभिलेख तथा मेरे हाईस्कूल के अंक प्रमाण पत्र में अकित है। त्रुटिवश मेरे इण्टरमीडिएट अंक पत्र एवं प्रमाण पत्र रितु भूटानी, पत्नी दीप तिवारी, पता-201,ट्यूलिप टावर, स्टेडियम रोड जिला बरेली।
(अनुक्रमांक1697858) में मेरे पिता का नाम J P PATEL अंकित हों गया है जो कि गलत है।
सूचना
एतद्द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताए मेरे द्वारा स्वयं पूर्ण की गयी है।
सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा तथा मेरी पत्नी व पुत्र का सही नाम क्रमशः KAMAL
KUMAR KHATURIA, POOJA KHATURIA, TUSHAR KHATURIA है जो हम लोगों के आधार कार्ड पैन कार्ड
शिखा पटेल, पुत्री जय प्रकाश पटेल, निवासी-ग्राम सोनवल, पोस्ट खुजरिया, थाना सिन्दुरिया, जनपद महराजगंज।
भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 21 सितम्बर, 2024 ई0 (भाद्रपद 30, 1946 शक संवत्) 977सूचना
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म
रॉयल लोजिस्टिक्स पता फस्र्ट फ्लोर नियर शिव मन्दिर
होजरी काम्पलैक्स सैक्टर 83 फेस 2 ग्राम याकूबपुर
नोएडा गौतमबुद्वनगर, उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के सम्बन्ध
में आपको सूचित करना है कि हमारी फर्म की पार्टनर
शिप 01 अप्रैल, 2011 को हुई थी जिसमें पहले दो पार्टनर
थे। (1) श्री अमित बंंसल पुत्र स्व0 श्याम लाल (2) श्री
सुनील बेनीवाल पुत्र श्री परमेश थे। दिनांक 07 जून,
2024 की साझेदारी के अनुसार साझेदार (2) श्री सुनील
बेनीवाल पुत्र श्री परमेश स्वेच्छा से इस फर्म से अलग हो
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि पंजीकृत फर्म मे0 ए0के0 कान्स्ट्रक्शन 62ए/1 चक एस0सी0 बसु रोड प्रयागराज की भागीदार श्रीमती गायत्री केसरवानी दिनांक 03 अप्रैल, 2023 को स्वेच्छापूर्वक उक्त फर्म से अपनी भागीदारी समाप्त करते हुए अलग हो गई है। अब फर्म में अनिल कुमार गुप्ता तथा अरिन गुप्ता कुल दो भागीदार है। जिनका भागीदारी अनुपात क्रमशः अनिल कुमार गुप्ता 50 प्रतिशत तथा अरिन गुप्ता 50 प्रतिशत का होगा। फर्म से अलग हुई भागीदार श्रीमती गायत्री केसरवानी से उक्त फर्म से सम्बन्धित किसी भी प्रकार का लेन देन तथा दायित्व शेष नहीं है।
गये है तथा इनका फर्म से कोई लेना देना बकाया नही है
अनिल कुमार गुप्ता, तथा अब इनके स्थान पर दिनांक 07 जून, 2024 को नई
भागीदार साझेदार श्रीमती अरूणा बंसल पत्नी श्री अमित बंसल
स्वेच्छा से इस फर्म में नये साझेदार आये है। तथा अब
इस फर्म में अब क्रम से निम्न दो साझेदार (1) श्री अमित
सूचना
बंसल पुत्र स्व0 श्याम लाल (2) श्रीमती अरूणा बंसल
पत्नी श्री अमित बंसल हो गये है। दिनांक 07 जून, 2024
की साझीदारी के अनुसार फर्म का पता फस्र्ट फ्लोर नियर
शिव मन्दिर होजरी काम्पलैक्स सैक्टर 83 फेस 2 ग्राम
याकूबपुर नोएडा गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश से बदल कर
प्लाट नं0 बी 36 सैक्टर 69 ट्रांसपोर्ट नगर नोएडा जिला
गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश हो गया है।
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स जय दुर्गा टिम्बर एण्ड प्रोडक्ट, पता-बी-52, सैक्टर-4, नोएडा जिला गौतमबुद्धनगर डिप्टी रजिस्ट्रार, फम्र्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, मेरठ मण्डल मेरठ के द्वारा रजिस्ट्रेशन/फईल नं0-22039-एम पर पंजीकृत है। पार्टनरशीप डीड दि0 17 जनवरी, 2005 के अनुसार फर्म साझीदार 1- श्री राम लखन शाह व 2- श्री माझी शाह अमित बंसल, साझेदार
सूचना
थे। Retirement cum admission partnership deed दि0 08 अगस्त, 2024 के अनुसार फर्म साझीदार- श्री माझी शाह सेवानिवृत्त व श्रीमती दुखनी देवी नवीन साझीदार की हैसियत से सम्मलित हुये है। वर्तमान साझीदार 1-श्री राम लखन, 2-श्रीमती दुखनी देवी है। फर्म के साझीदार राम लखन शाह का वर्तमान पता- सी-199, सैक्टर-20, नोएडा जनपद गौतमबुद्धनगर उ0प्र0-201301
राम लखन शाह, साझीदार
सूचना
मे0 भगवान राम आइस एण्ड कोल्ड स्टोरेज, खसरा नं0102ए, व 102 बी फूलपुर इनायत नगर देवरी रोड आगरा में स्थित है उपरोक्त फर्म में साझेदार श्री बिजेन्द्र सिंह चौहान पुत्र श्री रूप सिंह चौहान, श्री मुनेन्द्र सिंह पुत्र श्री बिजेन्द्र सिंह चौहान, श्रीमती शैली पत्नी श्री सुरेश बाबू सभी साझेदारों ने अपनी फर्म दिनांक 01 जनवरी, 2024 को संचालन की थी दिनांक 01 जुलाई, 2024 से श्रीमती शैली पत्नी श्री सुरेश बाबू अपनी स्वेच्छा से अलग हो गयी है फर्म में उनका कोई लेन देन बकाया नही है। अब फर्म को श्री बिजेन्द्र सिंह चौहान, श्री मुनेन्द्र सिंह संचालित करेंगे।
विजेन्द्र सिंह चौहान, साझेदार
सर्वसाधारण को सूचित करना है कि मेसर्स नारायणी कोन्ट्रेक्टर्स एण्ड इन्जीनियर्स, सी-135, ब्रज विहार, गाजियाबाद को संशोधित साझीदारी दिनांक 16978 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8
सूचना
अगस्त, 2013 के अनुसार श्री ललित त्यागी एवं श्री मनीष राज गौतम थे। दिनांक 01 अप्रैल, 2022 को श्रीमती स्वेता त्यागी फर्म की साझीदारी में सम्मिलित हुई तथा श्री ललित त्यागी हिसाब-किताब ले-देकर स्वेच्छा से अलग हो गये हैं दिनांक 01 अप्रैल, 2022 (प्रभावी दिनांकः 01 अप्रैल, 2022) के अनुसार श्री मनीष राज गौतम एवं श्रीमती स्वेता त्यागी साझीदार है तथा संशोधित साझीदारीनामा दिनांक 01 अप्रैल, 2020 के अनुसार फर्म का पता परिवर्तित कर ''वार्ड नं0-4, मौहल्ला-बिचपटिया, खरखौदा जिला-मेरठ-245206'' कर दिया गया है। यह घोषणा करता हूॅ कि एतद्द्वारा यह प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
सर्वसाधारण को सूचित करना है कि फर्म मेसर्स शाकुम्बरी स्टोर, पंजीकृत पता- 59-ए, तिलक रोड़, बेगम बाग, मेरठ व अन्य पता-9/323-ए, सेक्टर-19 नोएडा, जनपद गौतमबुद्धनगर उ0प्र0-201301 कार्यालय डिप्टी राजिस्ट्रार, फम्र्स सोसाइटीज एवं चिट्स द्वारा पंजीकरण संख्या-21908-एम, दि0 13 सितम्बर, 2004 में पंजीकृत थी। फर्म के साझीदारीनामा दि0 01 मई, 2004 के अनुसार फर्म साझीदार-1-श्री मोहन लाल, 2 श्री मुकेश कुमार थे। विघटन डीड दि0 12 सितम्बर, 2024 प्रभावी दि0 12 दिसम्बर, 2019 के अनुसार फर्म साझीदार श्री मोहन लाल जी का स्वर्गवास होने के कारण फर्म साझेदारी विघटित हो गयी है।
मुकेश कुमार, साझीदार मनीष राज गौतम, साझीदार, मेसर्स नारायणी कोन्ट्रेक्टर्स, एण्ड इन्जीनियर्स, वार्ड नं0-4, मौहल्ला-बिचपटिया, खरखौदा जिला-मेरठ।
सूचना
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म, मेसर्स-अग्रवाल ब्रद्र्स अमीरगंज, महमूदाबाद,
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स ''होराम सिंह'', ग्राम मऊ, पो0 काजीपुर निकट पॉलीटेक्निक, जिला मुरादाबाद (यू0पी0) नामक फर्म में दिनांक 26 अप्रैल, 2022 को सुशील पुत्र श्री होराम सिंह निवासी ग्राम मऊ निकट पॉलीटैक्निक, जिला मुरादाबाद की मृत्यु हो गयी है तथा दिनांक 27 अप्रैल, 2022 को समर पाल पुत्र श्री होराम सिंह निवासी ग्राम मऊ निकट पॉलिटैक्निक, जिला मुरादाबाद शामिल हो गये है तथा अब वर्तमान में दो पार्टनर श्री होराम सिंह (50%) व श्री समर पाल (50%) रह गये है।
श्री होराम सिंह, पार्टनर, फर्म मेसर्स ''होराम सिंह'', ग्राम मऊ, पो0 काजीपुर, निकट पॉलीटेक्निक, जिला मुरादाबाद (यू0पी0) जिला-सीतापुर 261203 रजिस्ट्रेशन सं0 SIT/0003188 का पंजीकरण दिनांक 16 अप्रैल, 2019 को कराया गया था जिसमें केशव कुमार अग्रवाल, राजेश कुमार अग्रवाल एवं श्रीमती संतोष अग्रवाल साझीदार थे। उक्त फर्म के प्रथम साझीदार केशव कुमार अग्रवाल का निधन 05 नवम्बर, 2022 को हो गया है तथा उनके स्थान पर श्री तुषार अग्रवाल निवासी-मो0 अमीरगंज तह-महमूदाबाद, जिला सीतापुर 261203 को प्रथम साझेदार दिनांक 10 नवम्बर, 2022 से शामिल कर लिया गया हैं। वर्तमान में उक्त फर्म में तुषार अग्रवाल प्रथम, राजेश कुमार अग्रवाल द्वितीय एवं श्रीमती संतोष अग्रवाल तृतीय साझेदार के रूप में सम्मिलित हैं।
सूचना
एतद् द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक रूप से औपचारिकताओं का पालन स्वयं मेरे द्वारा किया गया है।
एत्त द्वारा सूचित किया जाता है कि मेसर्स डी एन
एस इंजीनियर्स, पता-41 रविन्द्र र्गाडन सेक्टर ई अलीगंज राजेश कुमार अग्रवाल, साझेदार
लखनऊ, लखनऊ-220024 से पंजीकृत है। फर्म में दोभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 21 सितम्बर, 2024 ई0 (भाद्रपद 30, 1946 शक संवत्) 979 साझेदार क्रमशः श्री आयुष सिंगल पुत्र श्री देवकी नंदन
सिंगल एवं श्री देवकी नंदन सिंगल पुत्र श्री रूप चंद सिंह
साझेदार थे दिनांक 01 अप्रैल, 2024 को एक साझेदार श्री
अमन सिंगल पुत्र श्री आयुष सिंगल शामिल हो रहे है।
वर्तमान में तीन साझेदार क्रमशः श्री आयुष सिंगल, श्री
देवकीनंदन सिंगल एवं श्री अमन सिंगल साझेदार है।
देवकीनंदन सिंगल, साझेदार, डी एन एस इंजीनियर्स।
बांसगाव कालोनी, जनपद गोरखपुर उ0प्र0 नामक फर्म में साझेदारी डीड दिनांक 08 जुलाई, 2007 से श्री राजवंश सिंह एवं श्री जय नारायण सिंह जी साझीदार थे। यह की उक्त फर्म कार्यालय सहायक निबंधक फम्र्स सोसाइटी एवं चिट्स गोरखपुर में पत्रावली सं0 G-5175 पर पंजीकृत है। यह की उक्त फर्म के साझेदारी डीड दिनांक 01 मई, 2024 से श्रीमती रीना सिंह जी उक्त फर्म में साझेदार के रूप में शामिल हो चुकी है, अब उक्त फर्म में क्रमशः श्री राजवंश सिंह व श्री जय नारायण सिंह एवं श्रीमती रीना सिंह जी है। उक्त फर्म में किसी का कोई लेन देन बकाया नहीं है।
सूचना
सर्वसाधारण को सूचित करना है कि मेसर्स
श्री सांवलिया इस्टेट, डी-22, सैक्टर-27, नोएडा,
जिला-गौतमबुद्धनगर (उ0प्र0)-201301 की संशोधित
राजवंश सिंह, साझेदार, मेसर्स नारायण इण्टरप्राइजेज, मं0नं0-116 एम, बिलन्दपुर, बांसगाव कालोनी, जनपद गोरखपुर उ0प्र0 साझीदारीनामा दिनांक 19 जनवरी, 2023 के अनुसार श्री
आशीष गोयल, श्री पीयुष गोयल, श्री राकेश कुमार एवं
M/s Tech Tack Business Solutions Limited,
सूचना
represented by Mr. Sajjan Goyal साझीदार थे।
एत्त द्वारा सूचित किया जाता है कि मेसर्स-सांई दिनांक 15 फरवरी, 2023 को M/s Tech Tack
विजन बेवरेज, शाप नं0-12, मानिक मोती काम्प्लेक्स कैन्ट
Business Solutions Limited represented by Mr. रोड़, कैन्ट जिला-लखनऊ की साझेदारी फर्म 1932
Sajjan Goyal अपना हिसाब-किताब ले-देकर अलग हो साझेदारी अधिनियम के अन्तर्गत लखनऊ से पंजीकृत है
जिसमें दिनांक 16 मई, 2024 को फर्म की नई शाखा जाने के कारण वर्तमान में श्री आशीष गोयल, श्री पीयूष
कार्यालय प्लाट नं0-के-20 मेजरिंग ऐरिया 660 स्क्वायर गोयल एवं श्री राकेश कुमार सझीदार है। यह घोषणा
मीटर इन इन्डस्ट्रियल एरिया एट एग्रो पार्क फेस-2, कुर्सी करता हूॅ कि एतद्द्वारा यह प्रमणित किया जाता है कि
रोड़, ग्राम-जुग्गौर परगना एण्ड तहसील-फतेहपुर, उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं
जिला-बाराबंकी में खोल दी गई है।
मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
श्रीमती रूचिका कपूर, मेसर्स-सांई विजन बेवरेज, लखनऊ।
आशीष गोयल, साझीदार, मेसर्स श्री सांवलिया इस्टेट, डी-22, सैक्टर-27, नोएडा, जिला-गौतमबुद्धनगर (उ0प्र0)
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सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे
सूचना
माता तथा मेरे पिता का सही नाम क्रमशः MEERA
YADAV तथा PREM CHAND है जो कि उनके
आधार कार्ड, Pan Card में अंकित है। त्रुटिवश मेरे सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स नारायण इण्टरप्राइजेज, मं0नं0-116 एम, बिलन्दपुर
133 ट980 उार प्रदेश गजट, 28 सितम्बर, 2024 ई0 (आश्विन 06, 1946 शक संवत्) [ भाग 8 हाईस्कूल के अंंक प्रमाण पत्र (Roll No-23170689) में
सूचना
मेरे माता-पिता का नाम क्रमशः MEERA DEVI तथा
PREM CHAND YADAV अंकित हो गया है, जो
कि गलत है।
एतद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकवायें मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।
सर्वसाधारण को सूचित करना है कि मेरे पुत्र का सही नाम आकर्ष कुमार पुत्र राकेश कुमार है जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड संख्या-927226759890 में उसका नाम अक्षत यादव अंकित हो गया है जो कि गलत है, भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम आकर्ष कुमार पुत्र राकेश कुमार के नाम जाना व पहचाना जाए।
POOJA YADAV ग्राम-बन्तवार, पो0-बारीडीहा, संत कबीर नगर, उ0प्र0।
राकेश कुमार, पुत्र लालता प्रसाद, ग्राम व पोस्ट रोही, जिला सन्त रविदास नगर भदोही।
पी0एस0यू0पी0-26 हिन्दी गजट-भाग 8-2024 ई0। मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उ0प्र0, प्रयागराज।