Servants of Knowledge
Uttar Pradesh Ordinary Gazette · Government of Uttar Pradesh

Government and Private Ordinary Gazette

Published 07 December 2024

Department
All Department
Type
Ordinary
Gazette no.
49
Volume Num
78
Identifier
in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2024-12-07.c_202412111647106886
Languages
English, Hindi
Published at
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रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट)

खण्ड 78] प्रयागराज, शनिवार, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [संख्या 49

विषय-सूची

हर भाग के पन्ने अलग-अलग किये गये हैं, जिससे इनके अलग-अलग खण्ड बन सके।

विषय पृष्ठ संख्या

विषय

वार्षिक चन्दा

पृष्ठ संख्या

वार्षिक चन्दा सम्पूर्ण गजट का मूल्य रु0 रु0

3075 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग, उार प्रदेश 15-256 975 975

भाग 5-एकाउन्टेन्ट जनरल, उार प्रदेश

897-908

भाग 1- विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

975

भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये

1500

(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

भाग 1-क- नियम, कार्य-विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद्‌ ने जारी किया 911-930

भाग 1-ख (1) औद्योगिक न्यायाधिकरणों भाग 6-क-भारतीय संसद के ऐक्ट

के अभिनिर्णय

भाग 1-ख (2)-श्रम न्यायालयों के

अभिनिर्णय

भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा सभाओं में प्रस्तुत किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये

(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट

975

भाग 7-क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं के ऐक्ट

भाग 2-आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण .. 975

भाग 7-ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां ..

भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग का

क्रोड़पत्र, खण्ड क-नगरपालिका

परिषद्‌, खण्ड ख-नगर पंचायत,

खण्ड ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय)

भाग 8-सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गाठों का विवरण-पत्र, जन्म- मरण के आँकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि 1167-1199 975

स्टोर्स-पर्चेज विभाग का क्रोड़ पत्र .. 1425 तथा खण्ड घ-जिला पंचायत .. 975

135 क898 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1 भाग 1 विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस।

विधान सभा सचिवालय

अधिष्ठान अनुभाग

सेवानिवृत्त

01 जनवरी, 2024 ई0

सं0 01/43/अधि0/88-वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-56(क) के अन्तर्गत श्री राम किशोर, संयुक्त सचिव, विधान सभा सचिवालय, उत्तर प्रदेश दिनांक 07 दिसम्बर, 2023 को 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूरी करने के उपरान्त दिनांक 31 दिसम्बर, 2023 के अपराह्‌न से सेवानिवृत्त हो गये।

सं0 02/वि0स0/अधि0/73/93-वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-56(क) के अन्तर्गत श्री धु्रवेश प्रकाश तिवारी, उप सचिव, विधान सभा सचिवालय, उत्तर प्रदेश दिनांक 11 दिसम्बर, 2023 को 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूरी करने के उपरान्त दिनांक 31 दिसम्बर, 2023 के अपराह्‌न से सेवानिवृत्त हो गये।

31 जनवरी, 2024 ई0

सं0 I/11363/2024-वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-56(क) के अन्तर्गत श्री अशोक कुमार, विशेष सचिव, विधान सभा सचिवालय, उत्तर प्रदेश दिनांक 31 जनवरी, 2024 को 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूरी करने के उपरान्त अपराह्‌न से सेवानिवृत्त हो गये।

सं0 I/11364/2024-वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-56(क) के अन्तर्गत श्री मुकुल साहू, प्रधान प्रतिवेदक, विधान सभा सचिवालय, उत्तर प्रदेश दिनांक 02 जनवरी, 2024 को 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूरी करने के उपरान्त दिनांक 31 जनवरी, 2024 को अपराह्‌न से सेवानिवृत्त हो गये।

पदोन्नति

19 फरवरी, 2024 ई0

सं0 55/वि0स0/अधि0/6/97 टीसी-विज्ञप्ति/प्रकीर्ण संख्या-01/43/अधि0/88 दिनांक 01 जनवरी, 2024 द्वारा श्री राम किशोर, संयुक्त सचिव के दिनांक 31 दिसम्बर, 2023 को अपरान्ह से सेवानिवृत्ति होने जाने के फलस्वरूप रिक्त संयुक्त सचिव के पद तथा उसकी श्रृंखला में उपसचिव, अनुसचिव एवं अनुभाग अधिकारी के पद पर निम्नलिखित कार्मिको को उनके नाम के सम्मुख अंकित पद एवं वेतनमान में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से स्थानापन्न रूप से पदोन्नत किया जाता है-भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 899 क्र0 सं0 नाम एवं पदनाम पदोन्नति का पद सतवें वेतन आयोग द्वारा

पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल 1 2

3 4 सर्वश्री-

1 विमल शंकर मिश्र, उपसचिव संयुक्त सचिव 13 2 नीरज कुमार सचान, अनुसचिव उप सचिव 12 3 अरुण कुमार मैसी, अनुभाग अधिकारी अनुसचिव 11 4 रोहित कुमार खरे, समीक्षा अधिकारी अनुभाग अधिकारी 10 2- उक्त पदोन्नतियां वैभागिक आदेश संख्या-391/वि0स0/अधि0/105/88 टी0सी0 दिनांक 09 मार्च, 2022 द्वारा प्रसारित अनन्तिम ज्येष्ठता सूची के सापेक्ष प्रख्यापित की जाने वाली अन्तिम ज्येष्ठता सूची के अधीन परिवर्तनीय तथा प्रभावी होंगी।

सं0 56/वि0स0/अधि0/6/97 टीसी-विज्ञप्ति/प्रकीर्ण संख्या-02/वि0स0/अधि0/73/93 दिनांक 01 जनवरी, 2024 द्वारा श्री धु्रवेश प्रकाश तिवारी, उप सचिव के दिनांक 31 दिसम्बर, 2023 को अपरान्ह से सेवानिवृत्ति होने जाने के फलस्वरूप रिक्त उपसचिव के पद तथा उसकी श्रृंखला में अनुसचिव, अनुभाग अधिकारी के पद पर निम्नलिखित कार्मिको को उनके नाम के सम्मुख अंकित पद एवं वेतनमान में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से स्थानापन्न रूप से पदोन्नत किया जाता है-

क्र0 सं0 नाम एवं पदनाम पदोन्नति का पद सतवें वेतन आयोग द्वारा

पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल 1 2

3 4 सर्वश्री-

1 शैलेन्द्र नाथ मिश्र, अनुसचिव उप सचिव 12 2 अभय कुमार पाठक, अनुभाग अधिकारी अनु सचिव 11 3 पंकज कुमार श्रीवास्तव, समीक्षा अधिकारी अनुभाग अधिकारी 10 2- उक्त पदोन्नतियां वैभागिक आदेश संख्या-391/वि0स0/अधि0/105/88 टी0सी0 दिनांक 09 मार्च, 2022 द्वारा प्रसारित अनन्तिम ज्येष्ठता सूची के सापेक्ष प्रख्यापित की जाने वाली अन्तिम ज्येष्ठता सूची के अधीन परिवर्तनीय तथा प्रभावी होंगी।

सं0 57/वि0स0/अधि0/6/97 टीसी-विज्ञप्ति/प्रकीर्ण संख्या-I/11363/2024 दिनांक 31 जनवरी, 2024 द्वारा श्री अशोक कुमार, विशेष सचिव के दिनांक 31 जनवरी, 2024 को अपरान्ह से सेवानिवृत्ति हो जाने के फलस्वरूप रिक्त विशेष सचिव के पद तथा उसकी श्रृंखला में संयुक्त सचिव, उपसचिव, अनुसचिव एवं अनुभाग अधिकारी के पद पर निम्नलिखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख अंकित पद एवं वेतनमान में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से स्थानापन्न रूप से पदोन्नत किया जाता है-900 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1 क्र0 सं0 नाम एवं पदनाम पदोन्नति का पद सतवें वेतन आयोग द्वारा

पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल 1 2

3 4 सर्वश्री/श्रीमती-

1 अजीत कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव विशेष सचिव 13A 2 मंजू जायसवाल, उपसचिव संयुक्त सचिव 13 3 सविता कुमारी, अनुसचिव उप सचिव 12 4 ओम प्रकाश कुशवाहा, अनुभाग अधिकारी अनुसचिव 11 5 औरंगजेब आलम, समीक्षा अधिकारी अनुभाग अधिकारी 10 2- उक्त पदोन्नतियां वैभागिक आदेश संख्या-391/वि0स0/अधि0/105/88 टी0सी0 दिनांक 09 मार्च, 2022 द्वारा प्रसारित अनन्तिम ज्येष्ठता सूची के सापेक्ष प्रख्यापित की जाने वाली अन्तिम ज्येष्ठता सूची के अधीन परिवर्तनीय तथा प्रभावी होंगी।

सं0 58/वि0स0/अधि0/6/97 टीसी-विज्ञप्ति/प्रकीर्ण संख्या-I/11420/2024 File No. 1-03/238/2022-1 दिनांक 01 फरवरी, 2024 द्वारा श्री मुकुल कुमार साहू, प्रधान प्रतिवेदक के दिनांक 31 जनवरी, 2024 को अपरान्ह से सेवानिवृत्ति हो जाने के फलस्वरूप रिक्त प्रधान प्रतिवेदक तथा उसकी श्रृंखला में प्रमुख प्रतिवेदक, मुख्य प्रतिवेदक एवं उप मुख्य प्रतिवेदक के पद पर निम्नलिखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख अंकित पद एवं वेतनमान में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से स्थानापन्न रूप से पदोन्नत किया जाता है-

क्र0 सं0 नाम एवं पदनाम पदोन्नति का पद सतवें वेतन आयोग द्वारा

पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल 1 2

3 4 सर्वश्री/श्रीमती-

1 अनिला राम, प्रमुख प्रतिवेदक प्रधान प्रतिवेदक (निःसंवर्गीय) 13A 2 शांता प्रसाद दीक्षित, मुख्य प्रतिवेदक प्रमुख प्रतिवेदक 13 3 गीता जुयाल, उप मुख्य प्रतिवेदक मुख्य प्रतिवेदक 12 4 रोशनी गौतम, प्रतिवेदक उप मुख्य प्रतिवेदक 11

आज्ञा से, प्रदीप कुमार दुबे, प्रमुख सचिव।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 901

सचिवालय प्रशासन विभाग

अनुभाग-1 (अधि0)

पदोन्नति

06 मई, 2024 ई0

सं0 I/555337/20-1001(002)/2/2023-श्री राज्यपाल महोदय उ0प्र0 सचिवालय सेवा के अधिकारी श्रीमती रेखा श्रीवास्तव, अनुभाग अधिकारी/उपनिदेशक, सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंध संस्थान, प्रयागराज को वर्तमान तैनाती के विभाग में ही अनु सचिव के पद (वेतनमान रुपये 15,600-39,100 (ग्रेड वेतन-6,600), पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल- 11) पर पदोन्नति प्रदान किये जाने की स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्रीमती रेखा श्रीवास्तव को प्रोन्नति के पद पर योगदान देने की तिथि से ही अनु सचिव के पद पर प्रोन्नत माना जायेगा।

3- श्रीमती रेखा श्रीवास्तव की प्रोन्नति के पद पर तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे।

सं0 I/555339/20-1001(002)/2/2023-श्री राज्यपाल महोदय उ0प्र0 सचिवालय सेवा के अधिकारी श्री रमाकान्त शुक्ल, अनु सचिव, न्याय विभाग को वर्तमान तैनाती के विभाग में ही उप सचिव के पद (वेतनमान रुपये 15,600-39,100 (ग्रेड वेतन-7,600), पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-12) पर पदोन्नति प्रदान किये जाने की स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री रमाकान्त शुक्ल को प्रोन्नति के पद पर वर्तमान तैनाती के विभाग में योगदान देने की तिथि से ही उप सचिव के पद पर प्रोन्नत माना जायेगा।

3- श्री रमाकान्त शुक्ल की तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे।

सं0 I/555341/20-1001(002)/2/2023-श्री राज्यपाल महोदय उ0प्र0 सचिवालय सेवा के अधिकारी श्री शकील अहमद सिद्‌दीकी, उप सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग को वर्तमान तैनाती के विभाग में ही संयुक्त सचिव के पद (वेतनमान रुपये 37,400-67,000 (ग्रेड वेतन-8,700), पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-13) पर उनके कनिष्ठ श्री अम्बरीष कुमार सिंह यादव की संयुक्त सचिव के पद पर पदोन्नति के दिनांक 01 जनवरी, 2024 से नोशनल पदोन्नति दिये जाने एवं कार्यभार ग्रहण करने से वास्तविक पदोन्नति किये जाने की स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्री शकील अहमद सिद्‌दीकी की प्रोन्नति के पद पर तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे।

30 मई, 2024 ई0

सं0 1063/20-1001(002)/2/2023-श्री राज्यपाल महोदय उ0प्र0 सचिवालय सेवा के अधिकारी श्रीमती शुभ्रा, अनुभाग अधिकारी, प्रशासनिक सुधार विभाग को वर्तमान तैनाती के विभाग में ही अनु सचिव के पद (वेतनमान रुपये 15,600-39,100 (ग्रेड वेतन-6,600), पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-11) पर पदोन्नति प्रदान किये जाने की स्वी—ति प्रदान करती हैं।

2- श्रीमती शुभ्रा की प्रोन्नति के पद पर तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेंगे।

3- यह आदेश दिनांक 01 जून, 2024 से प्रभावी माना जायेगा।,

डा0 उमेश चन्द्र वर्मा, अनु सचिव।

902 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

राजस्व विभाग

अनुभाग-6

प्रोन्नति/तैनाती

12 जनवरी, 2024 ई0

संख्या-42/एक-6-2024- तत्कालीक प्रभाव से राजस्व परिषद उ0प्र0 में अनुभाग अधिकारी के पद पर कार्यरत श्री कृष्ण कुमार, को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से निबंधक, राजस्व परिषद, प्रयागराज के पद (वेतनमान रु0 15,600-39,100 ग्रेड पे रु0 5400) पर पदोन्नत करते हुए तैनात किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती है।

2- श्री कृष्ण कुमार को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक परिवीक्षा नियमावली, 2013 के अन्तर्गत एक वर्ष के लिए परिवीक्षा पर रखा जाता है।

3- प्रोन्नत अधिकारी तत्काल अपने वर्तमान पद से अवमुक्त होकर प्रोन्नति के पद पर योगदान प्रस्तुत करें और उसकी सूचना शासन को तत्काल उपलबध करायें।

आज्ञा से,

सुधीर गर्ग

अपर मुख्य सचिव।

अनुभाग-8

प्रोन्नति

28 दिसम्बर, 2023 ई0

संख्या-I/458173/एक-8-2023-रा0-8/1-8001(002)/2/2022-श्री राज्यपाल महोदया चकबन्दी विभाग में कार्यरत निम्नलिखित बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दीगण को वर्तमान तैनाती के जनपद में उप संचालक चकबन्दी के पद पर (ग्रेड पे रु0 6,600/-) पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-11 पर अस्थायी रूप से प्रोन्नति प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान करती हैः-

क्र0सं0 बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी का नाम

1 2

1 श्री दूधनाथ पाण्डेय

2 श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता

3 श्री मेघवरण

4 श्री धनराज यादव

5 श्री अशोक कुमार सिंह

2-उक्त बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दीगण को प्रोन्नति के पद पर योगदान देने की तिथि से ही उप संचालक चकबन्दी के पद पर प्रोन्नत माना जायेगा।

3-प्रोन्नति के फल स्वरूप उक्त अधिकारीगण उप संचालक चकबन्दी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से एक वर्ष की परिवीक्षा, यदि इस अवधि को बढ़ाया न जाय, पर रहेंगे।

4-उक्त अधिकारीगण की तैनाती के संबंध में पृथक से आदेष निर्गत किये जायेंगे।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 903

05 जनवरी, 2024 ई0

संख्या-I/464147/एक-8-2024-रा0-8-श्री राज्यपाल महोदया चकबन्दी विभाग में कार्यरत निम्नलिखित चकबन्दी अधिकारीगण को वर्तमान तैनाती के जनपद में बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के पद पर (ग्रेड वेतन रु0 5,400/-) पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 पर अस्थायी रूप से प्रोन्नति प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान करती हैः-

क्र0सं0 चकबन्दी अधिकारी का नाम तैनाती का स्थान ज्येष्ठता क्रमांक 1 2

सर्वश्री-

1 रमजान बख्श

2 विनय कुमार सिंह 3 4

ल्लितपुर 49 रायबरेली 50 3 भारत सिंह कासगंज 52 4 स्वतंत्रवीर सिंह यादव 5 सुखेन्द्र सिंह

शाहजहांपुर 54 प्रयागराज 55 6 शिवमूरत सिंह कुशवाहा सिद्धार्थनगर 57 7 प्रकाश चन्द्र औरैया 58 8 संजय कुमार विष्वास कुशीनगर 63 9 नरेन्द्र सिंह

हरदोई 64 10 पवन कुमार सिन्धु देवरिया 65 2-उक्त चकबन्दी अधिकारीगण को प्रोन्नति के पद पर योगदान देने की तिथि से ही बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के पद पर प्रोन्नत माना जायेगा। 3-प्रोन्नति के फलस्वरूप उक्त चकबन्दी अधिकारीगण बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 01 वर्ष की परिवीक्षा, यदि इस अवधि को बढ़ाया न जाय, पर रहेंगे।

4-उक्त नव प्रोन्नत बन्दोबस्त अधिकरी चकबन्दीगण की तैानाती के सम्बन्ध में पृथक से आदेश निर्गत किये जायेंगे।

प्रोन्नति/तैनाती

08 जनवरी, 2024 ई0

संख्या-46/एक-8-2024-रा0-8-श्री राज्यपाल महोदया चकबन्दी विभाग में कार्यरत श्री प्रजापति ममगई, चकबन्दी अधिकारी, जनपद बदायूॅ को वर्तमान तैनाती के जनपद में बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के पद पर (ग्रेड वेतन रु0 5,400/-) पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 पर उनके कनिष्ठ श्री पवन कुमार सिंह की प्रोन्नति के दिनांक 31 मई, 2023 से नोशनल प्रोन्नति एवं कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वास्तविक प्रोन्नति अस्थायी रूप से प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान करती है।

904 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

2-प्रोन्नति के फलस्वरूप श्री प्रजापति ममगई बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के पद पर कार्य भार ग्रहण करने की तिथि से 01 वर्ष की परिवीक्षा, यदि इस अवधि को बढ़ावा न जाय, पर रहेंगे।

3-श्री प्रजापति ममगई, नवप्रोन्नत बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी की तैनाती के सम्बन्ध में पृथक से आदेश निर्गत किया जायेगा।

आज्ञा से,

सुधीर गर्ग,

अपर मुख्य सचिव।

सेवानिवृत्त

15 मार्च, 2024

संख्या-I/520363/1-8001(099)/8/2023/एक-8-2024/रा0-8-चकबन्दी आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ के पत्र संख्या-424/ई0-123/2018-19(से0नि0) दिनांक 20 फरवरी, 2024 द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के आधार पर उ0प्र0 चकबन्दी सेवा के निम्नलिखित अपर संचालक चकबन्दी (प्रा0)/उप संचालकगण चकबन्दी/बन्दोबस्त अधिकारीगण चकबन्दी 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण कर तालिका के कॉलम 6 में उल्लिखित तिथि से सेवानिवृत्त होंगेः-

पदनाम जनपद जन्मतिथि सेवानिवृत्ति

क्र0 सं0

बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी का नाम

की तिथि

ज्येष्ठता सूची दि0 11.11.2020 के अनुसार क्रमांक

1 2 3 4 5 6 7

1 श्री तरूण कुमार मिश्र अ0सं0च0प्रा0 मुख्यालय 04.07.1964 31.07.2024 2

2 श्री ओम प्रकाश गुप्ता उ0सं0च0 अयोध्या 07.07.1964 31.07.2024 13

3 श्री मेघ वरण उ0सं0च0 सिद्धार्थनगर 21.05.1964 31.05.2024 22

4 श्री डा0 राजेश त्रिपाठी ब0अ0च0 फर्रूखाबाद 06.06.1964 30.06.2024 32

5 श्री जगदीप यादव ब0अ0च0 महाराजगंज 03.07.1964 31.07.2024 41

6 श्री तेज प्रकाश सिंह ब0अ0च0 शाहजहांपुर 09.04.1964 30.04.2024 45

ब0अ0च0 फतेहपुर 01.07.1964 30.06.2024 50 7 श्री बद्री नरायण उपाध्याय

8 श्री राजकुमार ब0अ0च0 कौशाम्बी 10.06.1964 30.06.2024 53

आज्ञा से,

पी0 गुरू प्रसाद, प्रमुख सचिव।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 905

अनुभाग-14

अधिसूचना

15 जनवरी, 2024 ई0

संख्या-467/एक-14-2023-उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8 सन्‌ 2012) की धारा 43 की उपधारा (3) के साथ पठित उत्तर प्रदेश लैण्ड रेवेन्यू एक्ट 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3 सन्‌ 1901) की धारा 48 के अधीन शक्तियों को प्रयोग करके राज्यपाल घोषणा करती हैं कि नीचे अनुसूची में उल्लिखित जिला गोरखपुर के तीनों ग्रामों, में सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाएँ जो सरकारी अधिसूचना संख्या-323/1-14/2001-49(2)/95 दिनांक 29 जनवरी, 2001 द्वारा उक्त संक्रियाओं के अधीन रखे गये थे, इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से बन्द की जाती हैं।

अनुसूची

क्रम संख्या जिला तहसील परगना ग्राम का नाम

1 2 3 4 5

1. गोरखपुर गोला धुरियापार कौडिया एह0

2. गोरखपुर गोला चिल्लूपार परसिया मदवार

3. गोरखपुर बांसगाँव भौवापार रकहट एह0

आज्ञा से, सुधीर गर्ग, अपर मुख्य सचिव।

REVENUE DEPARTMENT

Anubhag-14

In pursuance of provisions of clause (3) of Article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification no. 467/1-14-2023, dated 15 January, 2024 :

NOTIFICATION

January 15, 2024

No. 467/1-14-2023-In exercise of the powers under section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act, 1901 (U.P. Act no. 3 of 1901) read with sub-section (3) of section 43 of the Uttar Pradesh Revenue Code, 2006 (U.P. Act. No. 8 of 2012), the Governor is pleased to declare that Survey and Record Operations in Three Villages of District Gorakhpur mentioned in the Schedule below, which were placed under the said operations vide Government Notification no. 323/1-14-2001-49(2)/95 dated 29 January, 2001 are closed with effect from the date of publication of this notification in the Gazette.

136 क906 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

SCHEDULE

Sl. No. District Tehsil Pargana Village

1 2 3 4 5

1 Gorakhpur Gola Dhuriyapar Kouriya Ehat.

2 Gorakhpur Gola Chillupar Parsiya Madwar

3 Gorakhpur Bansgoan Bhouwapar Rakhat Ehat.

By order, SUDHIR GARG, Additional Chief Secretary.

अनुभाग-14

अधिसूचना

16 फरवरी, 2024

संख्या-742/एक-14-2023-उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8 सन्‌ 2012) की धारा 43 की उपधारा (3) के साथ पठित उत्तर प्रदेश लैण्ड रेवेन्यू एक्ट, 1901 (यू0पी0 एक्ट संख्या-3 सन्‌ 1901) की धारा 48 के अधीन शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल घोषणा करती हैं कि नीचे अनुसूची में उल्लिखित जिला कन्नौज के एक ग्राम में सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियाएं, जो सरकारी अधिसूचना संख्या-1620/1-14-94-52(2) -90-9-90- राजस्व-14, दिनांक 31 अगस्त, 1914 द्वारा उक्त संक्रियाओं के अधीन रखा गया था, इस अधिसूचना के गजट में प्रकासशित किये जाने के दिनांक से बन्द की जाती है।

अनुसूची

क्रम संख्या जिला तहसील परगना ग्राम का नाम

1 कन्नौज सदर कन्नौज कन्नौज बलीदादपुर

आज्ञा से, सुधीर गर्ग, अपर मुख्य सचिव।

REVENUE DEPARTMENT

Anubhag-14

In pursuance of provisions of clause (3) of Article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification no. 742/1-14-2023, dated 16 February, 2024:

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 907

NOTIFICATION

February 16, 2024

No. 742/1-14-2023-In exercise of the powers under section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act, 1901 (U.P. Act no. 3 of 1901) read with sub-section (3) of section 43 of the Uttar Pradesh Revenue Code, 2006 (U.P. Act no. 8 of 2012), the Governor is pleased to declare that Survey and Record Operations in One Village of District Kannauj mentioned in the Schedule below, which was placed under the said operations vide Government Notification no. 1620/1-14-94-50(2)-90-9-90-Revenue-14 dated 31 August, 1994 are closed with effect from the date of publication of this notification in the Gazette.

SCHEDULE

Sl. No. District Tehsil Pargana Village

1 2 3 4 5

1 Kannauj Sadar Kannauj Kannauj Baleedadpur

By order, SUDHIR GARG, Additional Chief Secretary.

अनुभाग-14

अधिसूचना

12 फरवरी, 2024 ई0

संख्या-943/एक-14-2023-उत्तर प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1901 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3 सन्‌ 1901) की धारा 48 के साथ पठित उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8 सन्‌ 2012) की धारा 43 की उपधारा (3) अधीन शक्तियों को प्रयोग करके राज्यपाल घोषणा करती है कि नीचे अनुसूची में उल्लिखित जिला झाँसी के चार ग्रामों में सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रियायें, जो सरकारी अधिसूचना संख्या 52 (98)/91-199-91-रा-14, दिनांक 25 जुलाई, 1995 द्‌वारा उक्त संक्रियाओं के अधीन रखे गये थे, इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से बन्द की जायेगी।

अनुसूची

क्रम संख्या जिला तहसील परगना ग््राम

1 2 3 4 5

1 झाँसी झाँसी झाँसी डंगरवाहा

,,

2 ,,

,, बरूआपुरा

,,

3 ,,

,, बाजना

,,

4 ,,

,, कलोथरा

आज्ञा से, जी0 एस0 नवीन कुमार, सचिव।

908 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1

REVENUE DEPARTMENT

Anubhag-14

In pursuance of provisions of clause (3) of Article 348 of the Constitution of India, the Governor is pleased to order the publication of the following English translation of Notification no. 943/1-14-2023, dated 12 February, 2024:

NOTIFICATION

February 12, 2024

No. 943/1-14-2023-In exercise of the powers under sub-section (3) of section 43 of the Uttar Pradesh Revenue Code, 2006 (U.P. Act no. 8 of 2012) read with section 48 of the Uttar Pradesh Land Revenue Act, 1901 (U.P. Act no. 3 of 1901), the Governor is pleased to declare that Survey and Record Operations in Four Villages of District Jhansi mentioned in the Schedule below, which were placed under the said Operations vide Government Notification no. 52(98)/91-199-Rev- 14 dated July 25, 1995 are closed with effect from the date of publication of publication of this notification in the Gazette.

SCHEDULE

Sl. No. District Tehsil Pargana Village

1 2 3 4 5

1 Jhansi Jhansi Jhansi Dangarwaha

2 Jhansi Jhansi Jhansi Baruapura

3 Jhansi Jhansi Jhansi Bajna

4 Jhansi Jhansi Jhansi Kalothara

By order,

G. S. Naveen Kumar, Secretary.

पी0एस0यू0पी0-36 हिन्दी गजट-भाग 1-2024 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌)

भाग 1-क

नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद्‌ ने जारी किया।

जनता के प्रयोजनार्थ भूमि नियोजन की विज्ञप्तियां

कार्यालय जिलाधिकारी, मथुरा

भूमि अध्याप्ति अनुभाग

भूमि-अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का

अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-11 की अधिसूचना

24 सितम्बर, 2024 ई0

सं0 693/वि0भू0अ0अ0/सं0सं0/मथुरा/2024-भूमि-अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन कलेक्टर, मथुरा की राय है, कि अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, मथुरा के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन के लिए जनपद मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के चारों ओर सर्विस रोड के निर्माण हेतु जनपद-मथुरा, तहसील-गोवर्धन, परगना- गोवर्धन, राजस्व ग्राम-गोवर्धन ब्राह्‌मणान/क्षे0 0.093199 हे0, गोवर्धन गोरवा/क्षे0 0.707000 हे0, आन्यौर/क्षे0 1.819423 हे0, जतीपुरा/क्षे0 0.302996 हे0, सकीतरा/क्षे0 1.020000 हे0 एवं राधाकुण्ड/क्षे0 0.193600 हे0 तदनुसार कुल क्षेत्रफल 4.136218 हे0 भूमि की आवश्यकता है।

2- राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण गठित कमेटी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण का अध्ययन किया गया है तथा कलेक्टर मथुरा को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे कलेक्टर मथुरा द्वारा दिनांक 05 सितम्बर, 2024 को अनुमोदित किया गया है।

3- संक्षेप में, सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट और सामाजिक समाघात प्रबन्ध योजना, से सम्बन्धित गठित कमेटी की संस्तुतियां निम्नानुसार हैं-

(क)- जनपद मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के चारों ओर सर्विस रोड के निर्माण हेतु राजस्व ग्राम- गोवर्धन ब्राह्‌मणान/क्षे0 0.093199 हे0, गोवर्धन गोरवा/क्षे0 0.707000 हे0, आन्यौर/क्षे0 1.819423 हे0, जतीपुरा/क्षे0 0.302996 हे0, सकीतरा/क्षे0 1.020000 हे0 एवं राधाकुण्ड/क्षे0 0.193600 हे0 तदनुसार कुल क्षेत्रफल 4.136218 हे0

130 ख912 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क भूमि अर्जन की कार्यवाही किया जाना जनहित में है और इससे लोक प्रयोजन की पूर्ति और सामाजिक लाभ व सामाजिक कल्याण के उद्देश्य की पूर्ति होती है। उक्त मार्ग निर्माण से जनपद मथुरा का चहुँमुखी विकास हो सकेगा।

(ख)- भूमि के अर्जन से सम्भावित लाभ मार्ग निर्माण के सामाजिक खर्च एवं प्रतिकूल सामाजिक समाघातों की तुलना में कहीं अधिक है। मार्ग निर्माण के संरेखण में प्रभावित कुल भूमि जिसको लोक निर्माण विभाग द्वारा क्रय कर लिया गया है कि तुलना में अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि अत्यन्त कम है।

4- इस परियोजना हेतु भूमि अर्जन के कारण कोई परिवार विस्थापित नहीं हो रहा है।

5- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते हैं-

सारणी

जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने

वाला क्षेत्रफल 1 2 3 4 5 6 हेक्टेयर मथुरा गोवर्धन गोवर्धन गोवर्धन गोरवा 773 0.024000

784 0.062303

814 0.006896 योग . . 0.093199 324 0.317000

325 0.390000 योग . . 0.707000 72 0.160000

76 0.108000

88 0.034200

130 0.360000

225 0.120000

343 0.068000

381 0.007000

386 0.061600

396 0.120000

397 0.312000

398 0.013600

404 0.184000

71अ 0.043200

66 0.005000

93 0.034600भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 913 1 2 3 4 5 6 हेक्टेयर मथुरा गोवर्धन गोवर्धन गोवर्धन गोरवा 96 0.114891

153 0.041332

379 0.016000

318 0.016000 योग . . 1.819423 जतीपुरा 310 0.011200

338 0.056000

703 0.124000

131 0.020000

348 0.003200

347 0.077796

404 0.010800 योग . . 0.302996 सकीतरा 249 0.152000

257 0.298000

329 0.080000

470 0.200000

651 0.080000

669 0.100000

441 0.010000

438 0.100000 योग. . 1.020000 राधाकुण्ड 785 0.028000

834 0.096000

837 0.025600

877 0.044000 योग . . 0.193600 योग . . 4.136218 6- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर प्राधि—त करने हेतु निर्देश देते है।

914 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

7- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

8- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा कार्यालय जिलाधिकारी, मथुरा (भूमि अध्याप्ति अनुभाग) के कार्यालय में देखा जा सकता है।

राकेश कुमार, कलेक्टर, (भूमि अध्याप्ति प्रयोजनार्थ), मथुरा।

OFFICE OF THE DISTRICT MAGISTRATE, MATHURA

(Land Acquisition Section)

Notification of Section-11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Land

Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013

September 24, 2024

No. 693/S.L.A.0./J.O./Mathura/2024–Under sub-section (1) of Section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, the Collector, Mathura is of the opinion that for the construction of service road around Govardhan Parikrama Marg in district Mathura for public purpose through Executive Engineer, Provincial Division, Public Works Department, Mathura, area 0.093199 hectare in Village-Govardhan Brahmanan, area 0.707000 hectare in Village-Govardhan Gorwa, area 1.819423 hectare in Village-Anyaur, area 0.302996 hectare in Village-Jatipura, area 1.020000 hectare in Village- Sakeetara and area 0.193600 hectare in Village- Radhakund Pargana-Govardhan, Tehsil- Govardhan, District-Mathura accordingly total land area of 4.136218 hectare is required.

2- Social Impact Assessment study has been carried out by the State Social Impact Assessment Committee and its recommendation has been submitted to Collector, Mathura, which has been approved by Collector, Mathura on dated September 05, 2024.

3- In brief, the recommendations of the committee constituted regarding the Social Impact Assessment report and Social Impact Management Plan are as follows:-

(a)- For the construction of service road around Govardhan Parikrama Marg in Mathura district, the acquisition of land in revenue villages-Govardhan Brahmanan/area 0.093199 hectare, Govardhan Gorwa/area 0.707000 hectare, Anyaur/area 1.819423 hectare, Jatipura/area 0.302996 hectare, Sakeetara/area 1.020000 hectare and Radhakund/area 0.193600 hectare, accordingly total area of 4.136218 hectare is in public interest and it fulfills the public purpose and the objective of social benefit and social welfare. The construction of the said road will lead to all-round development of Mathura district.

(b)- The potential benefits of land acquisition are far more than the social costs and adverse social impacts of road construction. The land proposed for acquisition is very less in comparison to the total land affected in the alignment of road construction which has been purchased by the Public Works Department.

4- No family is being displaced due to land acquisition for this project.

5- Therefore, the Governor is pleased to consent for notifying for general information the land mentioned in the following Schedule for public purpose.

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 915

SCHEDULE

District Tehsil Pargana Village Plot no. Area to be acquired 1 2 3 4 5 6

Hectare Mathura Govardhan Govardhan Govardhan Brahmanan 773 0.024000

784 0.062303

814 0.006896

Total . . 0.093199

324 0.317000

325 0.390000

Total . . 0.707000

Anyaur                72         0.160000
                      76         0.108000
                      88         0.034200
                     130         0.360000
                     225         0.120000
                     343         0.068000
                     381         0.007000
                     386         0.061600
                     396         0.120000
                     397         0.312000
                     398         0.013600
                     404         0.184000
                     71A         0.043200
                      66         0.005000
                      93         0.034600
                      96         0.114891
                     153         0.041332
                     379         0.016000
                     318         0.016000

Total . . 1.819423

Jatipura 310 0.011200

338 0.056000916 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क 1 2 3 4 5 6

Hectare

Mathura Govardhan Govardhan Jatipura 703 0.124000

131 0.020000

348 0.003200

347 0.077796

404 0.010800

Total . . 0.302996

Sakeetara             249         0.152000
                      257         0.298000
                      329         0.080000
                      470         0.200000
                      651         0.080000
                      669         0.100000
                      441         0.010000
                      438         0.100000

Total . . 1.020000

Radhakund             785         0.028000
                      834         0.096000
                      837         0.025600
                      877         0.044000

Total . . 0.193600

Grand Total . . 4.136218

6- The Governor is also pleased to authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps and conduct survey of land, levelling of any land, digging and do all the acts required for the proper execution of the work as provided and specified under Section 12 of the Act.

7- Under Section 15 of the Act, any person having interest in the land may submit an objection in writing to the Collector against the acquisition of land in his area within 60 (days) of the publication of the notification.

8- Under Section 11(4) of the Act, no person, shall make or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.

Note- The site map of the said land can be inspected in the office of the District Magistrate, Mathura (Land Acquisition Section).

Rakesh Kumar, Collector, Mathura, (For the purpose of Land Acquisition).

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 917

सं0 694/वि0भू0अ0अ0/सं0सं0/मथुरा/2024-भूमि-अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन कलेक्टर, मथुरा की राय है, कि अधिशासी अभियन्ता, निर्माण खण्ड-1, लोक निर्माण विभाग, मथुरा के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन के लिए जनपद मथुरा में (बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के अन्तर्गत हथौडा से अड्डा मार्ग के नवनिर्माण कार्य हेतु जनपद-मथुरा, तहसील-महावन, परगना-महावन, ग्राम-हथौडा रकवा 0.197463 हे0 भूमि की आवश्यकता है।

2- राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण गठित कमेटी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण का अध्ययन किया गया है तथा कलेक्टर मथुरा को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे कलेक्टर मथुरा द्वारा दिनांक 06 सितम्बर, 2024 को अनुमोदित किया गया है।

3- संक्षेप में, सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट और सामाजिक समाघात प्रबन्ध योजना से सम्बन्धित गठित कमेटी की संस्तुतियां निम्नानुसार हैं-

(क)- जनपद मथुरा में बृज चौरासी कोस परिक्रमा के अन्तर्गत हथौडा से अड्‌डा मार्ग के नवनिर्माण कार्य हेतु ग्राम हथौडा की 0.197463 हेे0 भूमि अर्जन की कार्यवाही किया जाना जनहित में है और इससे लोक प्रयोजन की पूर्ति और सामाजिक लाभ व सामाजिक कल्याण के उद्देश्य की पूर्ति होती है। उक्त मार्ग निर्माण से जनपद मथुरा का चहुँमुखी विकास हो सकेगा।

(ख)- भूमि के अर्जन से सम्भावित लाभ मार्ग निर्माण के सामाजिक खर्च एवं प्रतिकूल सामाजिक समाघातों की तुलना में कहीं अधिक है। मार्ग निर्माण के संरेखण में प्रभावित कुल भूमि जिसको लोक निर्माण विभाग द्वारा क्रय कर लिया गया है की तुलना में अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि अत्यन्त कम है।

4- इस परियोजना हेतु भूमि अर्जन के कारण कोई परिवार विस्थापित नहीं हो रहा है।

5- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते हैं-

सारणी

जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला

क्षेत्रफल 1 2 3 4 5 6 हेक्टेयर मथुरा महावन महावन हथौड़ा 285 0.0014 416 0.0101 427 मि0 0.001463 431 0.00275 435 0.00275 432 0.0094 434 0.0060 437 0.0097 451 0.1300 455 0.0239 योग. . 0.197463918 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क 6- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर प्राधि—त करने हेतु निर्देश देते है।

7- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

8- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा कार्यालय जिलाधिकारी, मथुरा (भूमि अध्याप्ति अनुभाग) के कार्यालय में देखा जा सकता है।

राकेश कुमार, कलेक्टर, (भूमि अध्याप्ति प्रयोजनार्थ), मथुरा।

No. 694/S.L.A.0./J.O./Mathura/2024–Under sub-section (1) of Section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, the Collector, Mathura is of the opinion that for the new construction work of Road from Hathoda to Adda lying under Brij Chaurasi Kos Parikrama Marg in District Mathura for public purpose through Executive Engineer, Construction Block-1, Public Works Department, Mathura, land measuring 0.197463 hectare in Village-Hathoda, Pargana-Mahavan, Tehsil-Mahavan, District-Mathura is required.

2- Social Impact Assessment study has been carried out by the State Social Impact Assessment Committee and its recommendation has been submitted to Collector, Mathura, which has been approved by Collector, Mathura on dated September 06, 2024.

3- In brief, the recommendations of the committee constituted regarding the Social Impact Assessment report and Social Impact Management Plan are as follows:-

(a)- In Mathura district, the acquisition of 0.197463 hectares of land of village Hathoda for the new construction work of road from Hathoda to Adda lying under Brij Chaurasi Kos Parikrama is in public interest and it fulfills the public purpose and the objective of social benefit and social welfare. The construction of the said road will lead to all-round development of Mathura district.

(b)- The potential benefits of land acquisition is far more than the social costs and adverse social impacts of road construction. The land proposed for acquisition is very less as compared to the total land affected in the alignment of road construction which has been purchased by the Public Works Department.

4- No family is being displaced due to land acquisition for this project.

5- Therefore, the Governor is pleased to consent for notifying for general information the land mentioned in the following Schedule for public purpose.

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 919

SCHEDULE

District Tehsil Pargana Village Plot no. Area to be

acquired

1 2 3 4 5 6

Hectares Mathura Mahavan Mahavan Hathoda 285 0.0014

416 0.0101

427 M 0.001463

431 0.00275

435 0.00275

432 0.0094

434 0.0060

437 0.0097

451 0.1300

455 0.0239

Total . . 0.197463

6- The Governor is also pleased to authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps and conduct survey of land, levelling of any land, digging and do all the acts required for the proper execution of the work as provided and specified under section 12 of the Act.

7- Under Section 15 of the Act, any person having interest in the land may submit an objection in writing to the Collector against the acquisition of land in his area within 60 (days) of the publication of the notification.

8- Under Section 11(4) of the Act, no person, shall make or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.

Note- The site map of the said land can be inspected in the office of the District Magistrate, Mathura (Land Acquisition Section).

Rakesh Kumar, Collector, Mathura, (For the purpose of Land Acquisition).

सं0 695/वि0भू0अ0अ0/सं0सं0/मथुरा/2024-भूमि-अर्जन, पुनर्वास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन कलेक्टर, मथुरा की राय है, कि मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुनियोजित आवासीय विकास हेतु जनपद- मथुरा, तहसील-सदर, परगना-वृन्दावन, ग्राम-वाटी में रकबा 1.1580 हे0 भूमि की आवश्यकता है।

131 ख920 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क 2- राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण गठित कमेटी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण का अध्ययन किया गया है तथा कलेक्टर मथुरा को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे कलेक्टर मथुरा द्वारा दिनांक 23 अगस्त, 2024 को अनुमोदित किया गया है।

3- संक्षेप में, सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट और सामाजिक समाघात प्रबन्ध योजना से सम्बन्धित गठित कमेटी की संस्तुतियां निम्नानुसार हैं-

(क)- मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा अर्जन की जाने वाली भूमि से लोगों पर और क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा तथा जनमानस के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होने पर उनका चौमुखी विकास होगा।

(ख)- परियोजना के निर्माण के फलस्वरूप भूमि अर्जन से सम्भावित लाभ आवासीय योजना के सामाजिक खर्च एवं प्रतिकूल सामाजिक समाघातों की तुलना में कहीं अधिक है। आवासीय योजना के संरेखण में प्रभावित भूमि जिसको मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा क्रय कर लिया गया है, की तुलना में अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि अत्यन्त कम है। राजस्व ग्राम वाटी स्थित भूमि का अर्जन किया जाना जन उपयोगी सिद्ध होगा।

4- इस परियोजना हेतु भूमि अर्जन के कारण कोई परिवार विस्थापित नहीं हो रहा है।

5- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते हैं-

सारणी

जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला

क्षेत्रफल

1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर

मथुरा सदर वृन्दावन वाटी 337 0.3840

338 0.3880

339 0.3860

योग. . 1.1580

6- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर प्राधि—त करने हेतु निर्देश देते है।

7- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

8- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का संव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा कार्यालय जिलाधिकारी, मथुरा (भूमि अध्याप्ति अनुभाग) के कार्यालय में देखा जा सकता है।

राकेश कुमार, कलेक्टर, (भूमि अध्याप्ति प्रयोजनार्थ), मथुरा।

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 921

No. 695/S.L.A.0./J.O./Mathura/2024–Under sub-section (1) of Section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, the Collector, Mathura is of the opinion that for planned housing development for public purpose through Mathura-Vrindavan Development Authority land measuring 1.1580 hectare in Village-Vati, Pargana- Vrindavan, Tehsil-Sadar, District-Mathura is required.

2- Social Impact Assessment study has been carried out by the State Social Impact Assessment Committee and its recommendation has been submitted to Collector, Mathura, which has been approved by Collector, Mathura on dated August 23, 2024.

3- In brief, the recommendations of the committee constituted regarding the Social Impact Assessment report and Social Impact Management Plan are as follows:-

(a)- The acquisition of land by Mathura-Vrindavan Development Authority will have a positive impact on the people and the area, and with the availability of housing facilities for the people, their all-round development will take place.

(b)- The potential benefits of land acquisition as a result of the housing scheme are far more than the social costs and adverse social impacts of the housing scheme. The land proposed for acquisition is very less as compared to the affected land lying in the alignment of the housing scheme which has been purchased by the Mathura-Vrindavan Development Authority. The acquisition of land situated in revenue village Vati will prove to be useful for the public.

4- No family is being displaced due to land acquisition for this project.

5- Therefore, the Governor is pleased to consent for notifying for general information the land mentioned in the following Schedule for public purpose.

SCHEDULE

District Tehsil Pargana Village Plot no. Area to be

acquired

1 2 3 4 5 6

Hectare

Mathura Sadar Vrindavan Vati 337 0.3840

338 0.3880

339 0.3860

Total . . 1.1580

6- The Governor is also pleased to authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps and conduct survey of land, levelling of any land, digging and do all the acts required for the proper execution of the work as provided and specified under section 12 of the Act.

7- Under Section 15 of the Act, any person having interest in the land may submit an objection in writing to the Collector against the acquisition of land in his area within 60 (days) of the publication of the notification.

922 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

8- Under Section 11(4) of the Act, no person, shall make or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.

Note- The site map of the said land can be inspected in the office of the District Magistrate, Mathura (Land Acquisition Section).

Rakesh Kumar, Collector, Mathura, (For the purpose of Land Acquisition).

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश

प्रारूप-19

[नियम-27 का उपनियम (1)]

(अधिनियम की धारा-19 की उपधारा (1) के अन्तर्गत)

अधिसूचना

04 अक्टूबर, 2024 ई0

सं0 312/आठ-वि0भू0अ0अ0/बांदा/2024-चूंकि प्रारम्भिक अधिसूचना संख्या-176/आठ-वि0भू0अ0अ0/ बांदा, दिनांक 08 जून, 2024 लोक प्रयोजन, अर्थात उप परियोजना प्रबन्धक सेतु निर्माण इकाई हमीरपुर के माध्यम से जनपद-हमीरपुर में चन्द्रावल नदी पर मौदहा छिमौली सेतु के स्थायी निर्माण हेतु ग्राम-मौदहा, तहसील-मौदहा की कुल रकबा 0.8444 हे0 कृषक भूमि के सम्बन्ध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 [अधिनियम संख्या-30 सन्‌ 2013 (जिसे आगे उक्त अधिनियम कहा गया है)] की धारा- 11 की उपधारा (1) के अन्तर्गत जो प्रारम्भिक अधिसूचना दिनांक 08 जून, 2024 को जारी की गयी तथा राजकीय गजट में दिनांक 17 अगस्त, 2024 को प्रकाशित की गयी थी।

2-अधिनियम की धारा-15 की उपधारा (2) के प्राविधानों के अनुपालन में प्रस्तुत रिपोर्ट के विचारोपरान्त कलेक्टर उक्त अधिनियम की धारा-19(1) के अन्तर्गत घोषणा करते है कि उनका यह समाधान हो गया है कि नीचे अनुसूची ''क'' में वर्णित भूमि का क्षेत्रफल लोक प्रयोजन हेतु आवश्यक है तथा अनुसूची ''ख'' में यथा प्रदत्त ग्राम, परगना और जिला में कोई भूमि विस्थापित परिवारों के पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन के लिये चिन्हित नहीं की गयी हैं (इस परियोजना हेतु भूमि अर्जन के कारण किसी परिवार का विस्थापित होना सम्भाव्य नहीं है)।

3-कलेक्टर अग्रेत्तर उक्त अधिनियम की धारा-19 की उपधारा (2) के अधीन इस आशय की घोषणा के प्रकाशन के साथ पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन योजना के सारांश के प्रकाशित करने के लिये निर्देशित देते है। चूंकि जनपद-हमीरपुर में चन्द्रावल नदी पर मौदहा छिमौली सेतु के स्थायी निर्माण हेतु भूमि अर्जन से कोई परिवार विस्थापित न होने के कारण पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन हेतु किसी भूमि को चिन्हित करने और पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन योजना के सारांश के प्रकाशन की कोई आवश्यकता नहीं है-भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 923

अनुसूची-''क''

(प्रस्तावित अर्जन के अन्तर्गत भूमि)

जनपद तहसील परगना ग्राम भू-खण्ड सं0 अर्जित किया जाने

वाला क्षेत्रफल

1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर

हमीरपुर मौदहा मौदहा मौदहा 3670 0.8444

अनुसूची-''ख'' (विस्थापित परिवारों के लिए व्यवस्थापन क्षेत्र के रूप में चिहिन्त भूमि)

जनपद तहसील परगना ग्राम भू-खण्ड सं0 पुनर्वासन हेतु चिन्हित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

1 2 3 4 5 6

हमीरपुर मौदहा मौदहा मौदहा - -

(इस परियोजना हेतु भूमि अर्जन के कारण किसी परिवार का विस्थापित होना सम्भाव्य नहीं है)।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल-नक्शा सेतु निर्माण इकाई हमीरपुर/विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, बांदा के कार्यालय में देखा जा सकता है।

(ह0) अस्पष्ट, कलेक्टर, हमीरपुर।

FORM-19

[Sub-rule (1) of rule 27]

DECLARATION BY APPROPRIATE GOVERMENT/COLLECTOR

[UNDER SUB-SECTION (1) OF SECTION 19 OF THE ACT]

NOTIFICATION

October 04, 2024

No. 312/VIII-S.L.A.O./Banda/2024–Since the preliminary notification no. 176/VIII-S.L.A.O./ Banda/2024 dated 08.06.2024 for the permanent construction of Chandrawal River on Maudaha Chhimauli Bridge in Hamirpur District through the Public purpose, i.e. Deputy Project Manager, Bridge Construction Unit, Hamirpur, Village-Maudaha Tehsil Maudaha. Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilition and Resettlement Act, 2013 [Act No. 30 of 2013 (hereinafter referred to as the above) in relation to agricultural land of total area 0.8444 hectares. Under sub-section (1) of section-11 of the said Act], the preliminary notification no. dated 08.06.2024 was issued and published in the Official Gazette on 17-08-2024.

2. After considering the report submitted in compliance with the provisions under sub section (2) of the section 15 of the Act, The Collector hereby declares under section 19 (1) of the said Act that he is satisfied that the area of land described in Schedule "A" below is required for public purpose and no land in the Village, Pargana and District as given in Schedule "B" has been identified for rehabilitation and resettlement of displaced families. (It is not likely that any family will be displaced due to land acquisition for this project).

924 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

3. The Collector further directs to publish the summary of the rehabilitation and resettlement plan along with the publication of a declaration to this effect under sub section (2) of section 19 of the said Act. Since no family is displaced due to land acquisition for the permanent construction Chandrawal River on Maudaha Chhimouli Bridge in Hamirpur District there is no need to identify any land for rehabilitation and resettlement and to publish the summary of the rehabilitation and resettlement plan.

SCHEDULE-A

(Land under proposed acquisition)

District Tehsil Pargana Village Plot No. Area to be acquired 1 2 3 4 5 6

Hectares Hamirpur Maudaha Maudaha Maudaha 3670 0.8444

SCHEDULE-B

(Land earmarked as settlement area for displaced families)

District Tehsil Pargana Village Plot No. Area earmarked for

rehabilitation

1 2 3 4 5 6

Hectares Hamirpur Maudaha Maudaha Maudaha - -

(It is not likely that any family will be displaced due to land acquisition for this project).

NOTE: A site map of the said land can be seen in the Office of Bridge Construction Unit Hamirpur/Special Land Acquisition Officer, Banda.

(Sd.) ILLIGIBLE, Collector, Hamirpur.

कार्यालय जिलाधिकारी, प्रयागराज

प्रारूप-18

नियम-20 का उपनियम (2)

समुचित सरकार/कलेक्टर द्वारा प्रारम्भिक अधिसूचना

[(अधिनियम की धारा-11 की उपधारा (1) के अन्तर्गत)]

उत्तर प्रदेश सरकार, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज

अधिसूचना

23 नवम्बर, 2024 ई0

सं0 500/आठ-सो0कु0-वि0भू0अ0अ0(सं0सं0)प्रयागराज-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर, प्रयागराज (समुचित सरकार के उद्देश्य हेतु) की राय है, कि जनपद प्रयागराज में ग्राम सभा-शाहाभाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 925 उर्फ पीपलगांव (जनपद प्रयागराज में प्रयागराज-कानपुर रेल खण्ड के बेगम बाजार-भगवतपुर मार्ग पर स्थित रेलवे क्रासिंग संख्या 3ए पर निर्माणाधीन दो लेन रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण हेतु Section Officer, D9IAF) Government of India Department of Defence, Room No 208-D South Block New Delhi letter no. Air HQ/S17726/32/ATS/227/D(IAF)/2023 dated 23.06.2023 द्वारा निम्न शर्तों के अनुसार रेल उपरिगामी सेतु का अवशेष कार्य पूर्ण करने हेतु NOC प्रदान की गई है-

The recommencement of ROB work is concurred, subject to U. P. Govt. incurring the cost of the following towards extending the runway by 350m on other side & relocation of associated infrastructure at AF Stn, Prayagraj –

(xxxiii) Acquisition of land measuring 350m x 65m (East of runway).

(xxxiv) Compensation to private owners on newly acquired land and for those structures forming obstacles as per obstacle limitation surfaces.

(xxxv) Extension of runway by 350 meters and ancillary works.

(xxxvi) Re-installation of approach lights and navigational aids/ Airfield facilities belonging to AAI/IAF.

अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज (आपेक्षक निकाय) की रिपोर्ट/प्रस्ताव दिनांक 22 नवम्बर, 2024 के द्वारा जनपद प्रयागराज में प्रयागराज-कानपुर रेल खण्ड के बेगम बाजार-भगवतपुर मार्ग पर स्थित रेलवे क्रासिंग संख्या 3ए पर निर्माणाधीन दो लेन रेल उपरिगामी सेतु के निर्माण हेतु भारतीय वायुसेना द्वारा दी गई अनापत्ति निहित में शर्तों के अनुसार भारतीय वायुसेना स्थित एयरपोर्ट के रन-वे विस्तार हेतु जनपद प्रयागराज, तहसील सदर, परगना सदर, ग्राम शाहा उर्फ पीपलगांव की 0.461993 हे0 भूमि की आवश्यकता है।

2- डिप्टी क्लेक्टर/असिस्टेन्ट कलेक्टर/उप जिलाधिकारी, प्रयागराज को पुनर्ग्रहण एवं पुनराव्यवस्थापन के उद्‌देश्य से प्रशासक नियुक्त किया गया है।

3- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते हैं।

अनुसूची

क्र0सं0 जिला तहसील ग्राम गाटा संख्या प्रस्तावित अर्जित

क्षेत्रफल

1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर

1 प्रयागराज सदर शाहा उर्फ पीपलगांव 64 मि0 0.0310

2 90 0.0114

3 161 0.011433

4 161 0.011665

5 161 0.011665

6 161 0.011433926 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

 1         2            3                4                5                      6
                                                                               हेक्टेयर
 7      प्रयागराज      स्दर     शाहा उर्फ पीपलगांव       161                  0.010266
 8                                                       161                  0.006779
 9                                                       162                   0.0230
10                                                       163                  0.025224
11                                                       163                  0.015605
12                                                       163                  0.024618
13                                                       163                  0.007611
14                                                       163                  0.00546
15                                                       165                   0.1755
16                                                       192                  0.009072
17                                                       192                   0.0182
18                                                       193                  0.003883
19                                                       193                  0.003884
20                                                       194                  0.006734
21                                                       194                  0.006733
22                                                       163                  0.012600
23                                                       163                  0.012628
24                                                       192                  0.005600
                                                           योग . .            0.461993
भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 927

4- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूमि अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल कलेक्टर को प्राधिकृत करने हेतु निदेश देते हैं।

5- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति, जिसका हित भूमि में निहित हो, अधिसूचना के प्रकाशन के 30 दिन के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर, भूमि अध्याप्ति प्रयोजनार्थ, प्रयागराज/विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (सं0सं0) प्रयागराज के कार्यालय में उपस्थित होकर आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

6- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का सव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी- उक्त भूमि का स्थल नक्शा कलेक्टर, प्रयागराज/उप जिलाधिकारी, सदर, प्रयागराज/अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज/कलेक्टर, भूमि अध्याप्ति प्रयोजनार्थ/विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (सं0सं0) प्रयागराज के कार्यालय में देखा जा सकता है।

अनुसूची-ख

(विस्थापित परिवारों के लिए व्यवस्थापन क्षेत्र के रूप में चिन्हित भूमि)

जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 पुनर्वासन हेतु चिन्हित क्षेत्रफल (हे0 में)

1 2 3 4 5 6

उक्त योजना हेतु कोई भी भू-स्वामी विस्थापित नही हो रहा है। इसलिए भूमि चिन्हित किए जाने की आवश्यकता नही है।

रविन्द्र कुमार मॉदड़, राज्य सरकार/कलेक्टर, प्रयागराज।

Form-18

[Sub-rule (2) of the Rule 20]

Preliminary Notification by Appropriate Government/Collector

[Under sub-section(1) of Section 11 of the Act]

GOVERNMENT OF UTTAR PRADESH

PROVINCIAL WORKS DIVISION DEPARTMENT

NOTIFICATION

November 23, 2024

No. 500/8-So.Ku.-S.L.A.O.(J.O.)PRG.–Under sub-section (1) of Section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (for the purpose of Appropriate Government) is satisfied that for the construction ROB at Crossing No. 3A at Km. 836/11-13 on Prayagraj- CNB Section on Bhagwatpur-Prayagraj -Kanpur

132 ख928 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क Road (G.T. Road) in District Prayagraj, Section Officer, D9IAF) Government of India Department of Defence, Room No. 208-D South Block New Delhi letter no. Air HQ/S17726/32/ATS/227/D(IAF)/2023 dated 23.06.2023, under following terms & conditions, NOC has been provided–

The recommencement of ROB work is concurred, subject to U. P. Govt. incurring the cost of the following towards extending the runway by 350m on other side & relocation of associated infrastructure at AF Stn., Prayagraj–

(xxxiii) Acquisition of land measuring 350m x 65m (east of runway).

(xxxiv) Compensation to private owners on newly acquired land and for those structures forming obstacles as per obstacle limitation surfaces.

(xxxv) Extension of runway by 350 meters and ancillary works.

(xxxvi) Re-installation of approach lights and navigational aids/ Airfield facilities belonging to AAI/IAF.

1. On the reports/ Proposal sent by the Executive Engineer, Provincial Division P.W.D. Prayagraj (Requiring body) to provide land Area of 0.461993 Hect.in village Shaha alias Pipalgaon, Tehsil-Sadar, District-Prayagraj of land is required for Extension of runway of airport located at Indian Air Force as per the conditions contained in the no objection given by Indian Air Force Construction ROB at Crossing No. 3A at Km. 836/11-13 on Prayagraj- CNB Section on Bhagwatpur-Prayagraj-Kanpur Road (G.T. Road) in District Prayagraj.

2. Therefore, The Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose.

SCHEDULE

Land Details

Sr. No. District Tehsil Village Plot No. Area to be acquired

1 2 3 4 5 6

Hectare

1       Prayagraj       Sadar         Shaha alias Pipalgaon        64 Mi            0.031000
2           ,,             ,,                   ,,                  90              0.011400
3           ,,             ,,                   ,,                  161             0.011433
4           ,,             ,,                   ,,                  161             0.011665
5           ,,             ,,                   ,,                  161             0.011665
6           ,,             ,,                   ,,                  161             0.011433
7           ,,             ,,                   ,,                  161             0.010266
भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 929

1 2 3 4 5 6

Hectare

 8      Prayagraj        Sadar         Shaha alias Pipalgaon         161             0.006779
 9          ,,             ,,                    ,,                  162             0.023000
10          ,,             ,,                    ,,                  163             0.025224
11          ,,             ,,                    ,,                  163             0.015605
12          ,,             ,,                    ,,                  163             0.024618
13          ,,             ,,                    ,,                  163             0.007611
14          ,,             ,,                    ,,                  163             0.005460
15          ,,             ,,                    ,,                  165             0.175500
16          ,,             ,,                    ,,                  192             0.009072
17          ,,             ,,                    ,,                  192             0.018200
18          ,,             ,,                    ,,                  193             0.003883
19          ,,             ,,                    ,,                  193             0.003884
20          ,,             ,,                    ,,                  194             0.006734
21          ,,             ,,                    ,,                  194             0.006733
22          ,,             ,,                    ,,                  163             0.012600
23          ,,             ,,                    ,,                  163             0.012628
24          ,,             ,,                    ,,                  192             0.005600
                                                                     Total . .       0.461993

3. The Governor is also pleased to authorised the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps to enter upon and survey of land, Take levels of any land, dig or sub-soil into the sub- soil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under Section 12 of the Act.

4. Under Section 15 of the Act, any person interested in the land may within (days) 30 after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Office of Collector (for land acquisition) /S.L.A.O.(J.O.)Prayagraj or Office of the Sub Divisional Magistrate, Sadar, Prayagraj.

930 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

5. Under Section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector Prayagraj.

NOTE– A plan of land may be inspected in the Office of the Collector/S.L.A.O.(J.O.) Prayagraj/ S.D.M., Sadar,Prayagraj for the purpose of acquisition.

Ravindra Kumar Mander,

State Government/Collector,

Prayagraj.

पी0एस0यू0पी0-36 हिन्दी गजट-भाग 1-क-2024 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌)

भाग 4

निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश

12 अगस्त, 2024 ई0

सं0 मा0शि0प0/परिषद्‌-9/384-सर्वसाधारण की जानकारी हेतु विज्ञापित एवं प्रसारित है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌ उत्तर प्रदेश द्वारा शैक्षिक सत्र 2024-25 (परीक्षा वर्ष 2025) ही हाईस्कूल (कक्षा 9 व 10) हेतु निम्नवत्‌ पाठ्‌यक्रम निर्धारण किया जाता है।

विषय-हिन्दी कक्षा-9 खण्ड-अ पूर्णांक-20

4. काव्य सौन्दर्य के तत्व 3×1=3 रस- श्रृंगार एवं वीर (परिभाषा, उदाहरण एवं पहचान) छन्द- चौपाई एवं दोहा (लक्षण एवं उदाहरण)े शब्दालंकार- अनुप्रास, यमक, श्लेष (परिभाषा, उदाहरण एवं पहचान) 5. हिन्दी व्याकरण तथा शब्द रचना 5×1=5 वर्तनी तथा विराम चिह्‌न शब्द रचना-तद्‌भव, तत्सम, विलोम, पर्यायवाची समास- अव्ययीभाव, तत्पुरुष 6. संस्कृत व्याकरण- 4×1=4 सन्धि-गुण, दीर्घ शब्दरूप-राम, हरि, भानु, अस्मद्‌। धातुरूप-गम्‌, भू, कृ, (लट्‌, लोट, विधिलिंग, लङ तथा लृटलकार)

7 ङ16 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड-ब पूर्णांक-50

(वर्णनात्मक प्रश्न) 1. गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न 3×2=6 2. काव्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न 3×2=6 3. संस्कृत हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से (क) गद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद 13=4 (ख) पद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद 13=4 4. निर्धारित एकांकी से (कथानक, चरित्र-चित्रण एवं तथ्याधारित प्रश्न) 5×1=5 5. निर्धारित पाठ के लेखकों एवं कवियों का जीवन परिचय एवं रचनाएं 44=8 6. पाठ्‌यवस्तु से एक श्लोक जो प्रश्नपत्र में न आया हो 2×1=2 7. संस्कृत के निर्धारित पाठों पर आधारित दो प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर 22=4 8. मुहावरे एवं लोकोक्तियां- अर्थ एवं वाक्य प्रयोग 2×1=2 9. हिन्दी के दो सरल वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद 22=4 10. पत्र लेखन (प्रार्थना पत्र) 5×1=5 शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(गद्य)

लेखक प्रताप नारायण मिश्र

प्रेमचन्द

पाठ बात स्मृति श्रीराम शर्मा ठेले पर हिमालय धर्मवीर भारती मंत्र गुरूनानक देव हजारी प्रसाद द्विवेदी गिल्लू महादेवी वर्मा निष्ठामूर्ति कस्तूरबा काका कालेलकर रवीन्द्र नाथ टैगोर तोता- सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(काव्य) कबीर साखी मीराबाई पदावली रहीम दोहा जयशंकर प्रसाद पुनर्मिलन भारतेन्दु हरिश्चन्द्र प्रेम माधुरी सूर्यकान्त त्रिपाठी ''निराला'' दान मैथिलीशरण गुप्त पंचवटी हरिवंश राय बच्चन पथ की पहचान संत रैदास प्रभु जी तुम चन्दन हम पानी नागार्जुन बादल को घिरते देखा सोहन लाल द्विवेदी उन्हें प्रणाम केदार नाथ अग्रवाल अच्छा होता शिव मंगल सिंह सुमन युगवाणीभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 17

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(संस्कृत)

वन्दना, पुरुषोत्तमः रामः, सुभाषितानि, परमहंस-रामकृष्ण, कृष्णः गोपाल नन्दनः, सदाचारः सिद्धिमन्त्रः।

निर्धारित एकांकी-

दीपदान राम कुमार वर्मा लक्ष्मी का स्वागत उपेन्द्र नाथ ''अश्क''

व्यवहार सेठ गोविन्द दास सीमा रेखा विष्णु प्रभाकर

नये मेहमान उदय शंकर भट्‌ट

विषय-प्रारम्भिक हिन्दी

कक्षा-9

खण्ड-अ पूर्णांक-20

(सड़क सुरक्षा में केवल ज्ञानात्मक एवं बोधात्मक आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछें जायेगें)।

4. काव्य सौन्दर्य के तत्व- 3×1=3 रस-श्रृंगार एवं वीर (परिभाषा, एवं उदाहरण) छन्द-चौपाई एवं दोहा (परिभाषा, एवं उदाहरण) अलंकार- अनुप्रास, यमक, श्लेष (परिभाषा, एवं उदाहरण) 5. हिन्दी व्याकरण तथा शब्द रचना- 5×1=5 वर्तनी तथा विराम चिह्‌न शब्द रचना-तद्‌भव, तत्सम, विलोम, पर्यायवाची समास-अव्ययीभाव, तत्पुरुष - संस्कृत व्याकरण- 4×1=4 सन्धि-गुण, दीर्घ शब्दरूप-राम, हरि, भानु, अस्मद्‌ धातुरूप-गम्‌, भू, कृ, (लट्‌, लोट, विधिलिंग, लङ तथा लृटलकार)

खण्ड-ब पूर्णांक-50

(वर्णनात्मक प्रश्न)
1.      गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न                             3×2=6
2.      काव्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न                            3×2=6
3.      संस्कृत हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से
   (क)  गद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद                                                            13=4
   (ख) पद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद                                                             13=4
4.      निर्धारित एकांकी से (कथानक, चरित्र-चित्रण एवं तथ्याधारित प्रश्न)                            5×1=5
5.       निर्धारित पाठ के लेखकों एवं कवियों का जीवन परिचय एवं रचनाएं                                 44=8
6.      पाठ्‌यवस्तु से एक श्लोक जो प्रश्नपत्र में न आया हो                                          2×1=2
7.      संस्कृत के निर्धारित पाठों पर आधारित दो प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर                        22=4
8.      मुहावरे एवं लोकोक्तियां- अर्थ एवं वाक्य प्रयोग                                              2×1=2
9.      हिन्दी के दो सरल वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद                                               22=4
10.     पत्र लेखन        (प्रार्थना पत्र)                                                           5×1=5
18 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन-

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)  अगस्त माह              10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)    दिसम्बर माह            10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)            नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(गद्य)

पाठ लेखक बात मंत्र

प्रताप नारायण मिश्र प्रेमचन्द

गुरूनानक देव हजारी प्रसाद द्विवेदी

गिल्लू महादेवी वर्मा

निष्ठामूर्ति कस्तूरबा काका कालेलकर

तोता

रवीन्द्र नाथ टैॅगोर

सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(काव्य)

कबीर साखी

मीराबाई पदावली

रहीम दोहा

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र प्रेम माधुरी

मैथिलीशरण गुप्त पंचवटी

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(संस्कृत)

वन्दना, पुरुषोत्तमः रामः, सुभाषितानि, परमहंस-रामकृष्ण, कृष्णगोपालः नन्दनः, सिद्धिमन्त्र, सदाचारः।

निर्धारित एकांकी-

दीपदान राम कुमार वर्मा

लक्ष्मी का स्वागत उपेन्द्र नाथ ''अश्क''

व्यवहार सेठ गोविन्द दास सीमा रेखा विष्णु प्रभाकर

नये मेहमान उदय शंकर भट्‌टभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 19

Class –IX

Syllabus–English

There will be one question paper of 70 marks. Internal Assessment will be for 30 marks.

Reading 10 marks 1. One short unseen passage followed by three MCQs. 3x1=3 2. One unseen passage followed by three very short answer type questions. 3x2=6 And one vocabulary based question 1 Writing Skills 10 marks 3. Letter (formal/informal)/Application . 4 4. Descriptive paragraph/Report/ Article (based on given verbal/figurative input)in about 80-

Grammar 15 marks

5x1=5

7. Translation of a short passage from Hindi to English. 4 Literature 35 marks Beehive (23 marks)

Prose (15 marks)

8. Two MCQs based on the given extract. 2x1=2 9. Three MCQs based on lessons. 3x1=3 10. Two short answer type questions in about 30-40 words each. 2x3=6 11. One long answer type question in about 60 words. 4 12.

Poetry (08 marks)

12. Two MCQs based on the given extract. 2x1=2 13. One short answer type question based on poetry lessons in about 30-40 words . 3

or

14. Central idea of the given poem. 3 Moments (12 marks)

15. Five MCQs based on prescribed lessons. 5x1=5 16. One short answer type question in about 30-40 words. 3 17. One long answer type question in about 60 words. 420 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

Prescribed books and Lessons

Beehive (Text Book)

Prose –

       1.     The Fun They Had –                      Isaac Asimov
       2.     The Sound of Music
              I. Evelyn Glennine –                    Deborah Cowley
              II. Bismillah Khan
       3.     The Little Girl –                       Katherine Mansfield
       4.     A Truly Beautiful Mind
       5.     The Snake and the Mirror                 Vaikom Muhammad Basheer
       6.     My Childhood –                          A.P.J. Abdul Kalam
       7.     Reach for the Top
             (I) Santosh Yadav
             (II) Maria Sharapova
       8.     Kathmandu –                             Vikram Seth
       9.    If I were you –                          Douglas James
Poetry –
1.     The Road Not Taken –                           Robert Frost
2.     Wind –                                         Subramania Bharati
3.     Rain on the Roof –                             Coates Kinney
4.     The Lake Isle of Innisfree –                   William Butler Yeats
5.     A Legend of the Northland –                    Phoebe Cary
6.     No Men Are Foreign –                           James Kirkup
7.     On Killing a Tree –                            Gieve Patel
8.     A Slumber Did My Spirit Seal –                 William Wordsworth
Moments (Supplementary Reader) –
1.     The Lost Child –                               Mulk Raj Anand
2.     The Adventures of Toto –                       Ruskin Bond
3.     Iswaran the Storyteller –                      R.K. Laxman
4.     In the Kingdom of Fools –                      A.K. Ramanujan
5.     The Happy Prince –                             Oscar Wilde
6.     Weathering the Storm in Ersama-                Harsh Mander
7.     The Last Leaf –                                O Henry
8.     A House is not a Home –                        Zan Gaudioso
9.     The Beggar –                                   Anton Chekhov
Words & Expression [Eng. Work book]

For the Academic Session 2024-25

The internal assessment should be conducted as follows:- 1. First Internal Assessment (Oral Expression Based) August 10 Marks 2. Second Internal Assessment(Creative Writing Based) December 10 Marks Four Monthly Tests- 10 Marks 1. First Monthly Test (MCQs Based) May 2. Second Monthly Test (Descriptive Questions Based) July 3. Third Monthly Test (MCQs Based) November 4. Fourth Monthly Test (Descriptive Questions Based) December The Sum of the marks obtained in all the four monthly Tests should be converted into 10 Marks.

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 21

विषय-संस्कृत

(कक्षा-9)

एक प्रश्न-पत्र 70 अंकों का तथा समय 03 घण्टे होगा।

इस विषय में 70 अंकों की लिखित परीक्षा होगी तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा। सम्पूर्ण पाठ्‌यक्रम के आधार पर प्रश्न-पत्र में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का भी उल्लेख होगा तथा उसके उत्तर के रूप में तीन या चार उत्तर प्रश्न-पत्र में अंकित होंगे। उनमें से एक शुद्ध उत्तर होगा। उसका उल्लेख पुस्तिका में छात्र को अंकित करना होगा तथा उनका अंक विभाजन निम्नवत्‌ होगा-

खण्ड 'क' (गद्य, पद्य तथा आशुपाठ)

(35 अंक)

गद्य                                                                                   11 अंक
       1-गद्यांश का हिन्दी में अनुवाद                                                  4 अंक
         2-पाठ सारांश (अधिकतम 80 शब्द)                                                 4 अंक
       3-बहुविकल्पीय प्रश्न                                                            1x3=3 अंक

पद्य

15 अंक

1-लोक की हिन्दी में व्याख्या

4 अंक 2-सूक्ति की हिन्दी में व्याख्या

3 अंक 3-श्लोक का संस्कृत में अर्थ

4 अंक 4-बहुविकल्पीय प्रश्न

1x4=4 अंक आशुपाठ-

9 अंक

1-पात्रों का चरित्र-चित्रण (हिन्दी में)

6 अंक 2-बहुविकल्पीय प्रश्न

1x3=3 अंक

खण्ड 'ख' (व्याकरण, अनुवाद, रचना)

(35 अंक)

व्याकरण-

1-माहेश्वर सूत्र एवं वर्णों का उच्चारण स्थान

3 अंक 2-सन्धि--स्वर एवं व्यंजन सन्धियों का परिचय।

3 अंक 3-शब्द रूप

03 अंक 4-धातुरूप- 03 अंक 5-समास—समास की सामान्य परिभाषा एवं विग्रह सहित उदाहरण- 03 अंक 6-कारक-समस्त कारकों एवं विभक्तियों का सामान्य परिचय। 03 अंक

7-उपसर्ग का सामान्य परिचय। 02 अंक अनुवाद-

हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद। 06 अंक रचना-

1-पत्रलेखन। 05 अंक 2-संस्कृत शब्दों का संस्कृत वाक्यों में प्रयोग। 04 अंक

8 ङ22 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 निर्धारित पाठ्‌य पुस्तकें- निम्नलिखित पाठ्‌य-पुस्तकों के सम्मुख अंकित पाठ्‌यवस्तु (माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌ द्वारा निर्धारित अंश/पाठ का अध्ययन करना होगा) संस्कृत गद्य भारती- संस्कृत गद्य साहित्य का विकास माङ्‌गलिकम्‌। 1-अस्माकं राष्ट्रियप्रतीकानि। 2-आदिकविः वाल्मीकिः। 3-बन्धुत्वस्य सन्देष्टा रविदासः। 4-आजादः चन्द्रशेखरः। 5-भारतवर्षम्‌। 6-परमवीरः अब्दुलहमीदः। 7-पुण्यसलिला गङ्‌गा। 8-पर्यावरणशुद्धिः। 9-अन्तरिक्षं विज्ञानम्‌। 10-भारतीय संविधानस्य निर्माता डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकरः। संस्कृत पद्य पीयूषम्‌- मंगलाचरणम्‌। 1-रामस्य पितृभक्ति। 2-सुभाषितानि। 3-अन्योक्ति-मौक्तिकानि। 4-भारतदेशः। 5-नारी-महिमा। 6-क्रिंयाकारक-कुतूहलम्‌। 7-नीतिनवनीतम्‌। 8-यक्षयुधिष्ठिर संलापः। 9-आरोग्य साधनानि। परिशिष्ट (टिप्पणी एवं पाठ सारांश) संस्कृत कथा नाटक कौमुदी-

1-गार्गीयाज्ञवल्क्यसंवादः। 2-वत्सराजनिग्रहः। 3-न गङ्‌गदत्तः पुनरेति कूपम्‌। 4-शकुन्तलायाः पतिगृहगमनम्‌।

व्याकरण- 1-माहेश्वर सूत्रों के आधार पर स्वर एवं व्यंजन का सामान्य ज्ञान तथा स्वर एवं व्यंजन का सामान्य परिचय। 2-संधि-

1-स्वर संधि- अकःसवर्णे दीर्घः, आद्‌गुणः, वृद्धिरेचि, इकोयणचि, एचोsयवायावः।

2-व्यंजन संधि- स्तोः श्चुना श्चुः, टुना टुः, झलां जशोsन्ते।

3-शब्द रूप-

पुंलिङ्‌ग-राम, हरि, गुरु। स्त्रीलिङ्‌ग-रमा, मति, वाच्‌। सर्वनाम-सर्व, तद्‌, युष्मद्‌, अस्मद्‌, 1 से 10 तक के संख्या शब्दों का ज्ञान।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 23

4-धातुरूप- (लट्‌, लृट्‌, लोट्‌, लङ्‌, तथा विधिलिङ्‌ लकारो में)- परस्मैपद-पठ्‌, गम्‌, अस्‌, शक्‌, प्रच्छ्‌। आत्मनेपद- लभ्‌। उभयपद- याच्‌, ग्रह्‌, कथ्‌।

5-समास—समास की सामान्य परिभाषा एवं विग्रह सहित उदाहरण- तत्पुरुष, कर्मधारय, द्वन्द्व। 6-कारक-समस्त कारकों एवं विभक्तियों का सामान्य परिचय। 7-उपसर्ग का सामान्य परिचय।

8-अनुवाद- हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद। रचना- 1-पत्रलेखन। 2-संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग।

आन्तरिक मूल्यांकन- अंक 30

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन-

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

कक्षा-9 विषय-उर्दू उर्दू विषय में 70 अंक का लिखित प्रश्न-पत्र होगा तथा 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

उर्दू विषय में 70 अंक का एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा।

खण्ड (अ) पूर्णांक-35

1-व्याकरण और प्रयोग 9 अंक

व्याकरण के केवल उसी तत्व पर बल दिया जायेगा जो भाषा के प्रयोगात्मक ज्ञान और उसके सम्भाषण एवं लेखन में प्रयोग हो। व्याकरण का अध्ययन एक विषय के रूप में अनिवार्य नहीं है परन्तु छात्रों को कक्षा में पाठों को पढ़ाते समय भाषा में व्याकरण के महत्व तथा उसके सही प्रयोग का ज्ञान साथ ही छात्रों को इसके अनुवाद तथा उसके संगठन का सही अध्ययन कराना चाहिए।

2- पद्य 9 अंक

       (गजल, मसनवी, रूबाई)
3-     रचना
        (अ) निबन्ध लेखन (सामान्य रुचि के विषयों पर)                                        5 अंक
       (ब) पत्र लेखन (व्यक्तिगत और आवेदन-पत्र 150 शब्दों तक।)                               5 अंक
4-     अपठित ज्ञान (150 शब्द)                                                               7 अंक
24 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड (ब) पूर्णांक-35 1- गद्य 14 अंक (1) मीर अम्मन-सैर चौथे दरवेश की

(2) गालिब (खुतूत) (1) मिर्जा अलाउद्‌दीन अहमद खान अलाई के नाम

(2) मीर महदी मजरूह के नाम

(3) मुंशी हरगोपाल तफता के नाम

(3) सर सैयद अहमद खान-बहस-ओ तकरार

(4) मुहम्मद हुसैन आजाद (1) मिर्जा मजहर जाने जानाँ

(2) सैयद मुहम्मद मीर सोज

(5) डिप्टी नजीर अहमद- फहमीदा और बड़ी बेटी नईमा की लड़ाई

(6) अलताफ हुसैन हाली- मिर्जा गालिब के हालात

(7) रतन नाथ सरशार- (1) मेहरी का सरापा

(2) रेल का सफर

(ब) निर्धारित गद्य पुस्तक के लेखकों की जीवनी तथा साहित्य में उनके योगदान के बारे में ज्ञान। 4 अंक 2-पद्य

गजलः- 1-वली दकिनी- आज दिस्ता है हाल कुछ का कुछ

2-सौदा-जो गुजरी मुझ पे मत उस से कहो, हुआ सो हुआ

3-मीर तकी मीर-(1) उल्टी हो गई सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

(2) हस्ती अपनी हबाब की सी है

4-दर्द (1) जी में है सैरे अदम कीजिएगा

(2) तू अपने दिल से गैर की उलफत न खो सका

5-आतिश- बदन सा शहर नहीं दिल सा बादशाह नहीं

6-ज़ौक़- उसे हमने बहुत ढूढाँ न पाया

7-गालिब-(1) यह न थी हमारी किस्मत कि विसाले यार होता

(2) हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले

8-मोमिन-वोह जो हममे तुममे करार था तुम्हें याद हो कि न याद हो

9-दाग- खातिर से या लिहाज से मै मान तो गया

मसनवी-मीर हसन रूबाई-मीर अनीस व हाली (ब) निर्धारित पद्य पुस्तक के कवियों की जीवनी तथा साहित्य में उनके योगदान के बारे में ज्ञान। 5 अंक शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह                  10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह                10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 25

विषय-गुजराती

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्नपत्र तीन घंटे का होगा।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण (क) शब्द भेद की पहचान (ख) शब्द का पर्याय एवं विपरीत अर्थ (ग) सन्धि 2-रचना- (अ) दिये हुये विषय पर एक वाक्य खण्ड का लेखन

15 05 05 05 15 10 या

05 05 दिये हुये बिन्दुओं से एक कहानी निरूपित करना (ब) पत्र लेखन (व्यक्तिगत) 3-अपठित गद्य खंड का ज्ञान (विवरणात्मक और वर्णनात्मक)

भाग (ब) 35 अंक

15 10 10 1-गद्य (पाठ्‌य पुस्तक पर आधारित लघु प्रश्न) 2-पद्य सन्दर्भ सहित (व्याख्या तथा कविता का भाव) 3-सहायक पुस्तक (स्वाध्ययन) (सामान्य प्रकार के प्रश्न पूछे जायेंगे)

निर्धारित पुस्तक 1-गुजराती वाचन माला स्टैन्डर्ड 9, 1992 संस्करण, प्रकाशक-गुजराती राज्यशाला पाठ्‌य-पुस्तक मण्डल, पुराना विधान सभा गृह, सेक्टर 17, गांधीनगर, गुजरात। गद्य-निम्नांकित पाठ पढ़ने होंगे- पाठ संख्या- 2-कुण्डी-जी0 ब्रेकर 4-सुवर्मापूनों अतिथि-जी0 त्रिपाठी 6-आवा रे आमे आवा-बकुले त्रिवेदी 10-प्रिटोरिया जतन-गांधी जी 14-वचन-मणी लाल द्विवेदी 16-स्वर्ग अने पृथ्वी-स्नेही रश्मी 18-नाना भाई-दर्शक 22-अखा न उन्डन-आर0 बी0 देसाई 23-खातू दोषी-दिलीप रनपुरा 25-अविराम में युद्ध-धूमकेतु पद्य-निम्नांकित पाठ पढ़ने होंगे- 1-प्रथम परनाम मोरा-आर0 बी0 पाठक 5-नानुन सरमुख गोकालियम-नारिन्हा मेहता 7-अटारिया-बाल मुकुन्द देव 9-बंशीवाला/आणों मारा देश-मीराबाई 15-बनो फोटोग्राफ-सुन्दरम्‌ 19-यारी बाला-हरिन्द दूबे 31-दुही मुकतक हैकू-दलपत राम इत्यादि सहायक पुस्तक (स्वाध्ययन) 4-आबू चाचा (गद्य)-माधव रामानुज 11-धुवांधार (गद्य)-काका कालेलकर 12-स्वतंत्रता (पद्य)-हशित बच26 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

आन्तरिक मूल्यांकन अंक 30

शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक दो माह में-(अन्तिम सप्ताह में)

प्रथम-अगस्त माह में - अंक 10- वाचन (वाद-विवाद, भाषण, विचाराभिव्यक्ति आदि) द्वितीय-अक्टूबर माह में -अंक 10 - (व्याकरण सम्बन्धी) तृतीय-दिसम्बर माह में-अंक 10-सृजनात्मक (नाटक, कहानी, व्यक्ति पत्र लेखन, अपठित आदि)

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)             नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पंजाबी

कक्षा-9

इसमें 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा।

भाग (एक)

पद्य पाठ-

पूर्णांक 35 अंक

20 अंक

1-प्रसंग-अर्थ एवं भाव अर्थ 2-कविता का सारांश 3-किसी कवि से सम्बन्धित प्रश्न

गद्य पाठ-

15 अंक

1-कहानी, एकांकी, जीवनी, सफरनामा, निबन्ध

2-विषय वस्तु प्रश्न

भाग (दो) 35 अंक

व्याकरण-

1-मुहावरे और लोकोक्तियां 03 2-शुद्ध-अशुद्ध 02 3-वाक दण्ड 03 4-समानार्थक शब्द 03 5-विलोम शब्द 02 6-विराम चिन्ह 02 7-अनुवाद-(क) हिन्दी से पंजाबी 04 (ख) पंजाबी से हिन्दी 04 08 8-निबन्ध प्रचलित विषयों पर 9-पत्र लेखन (व्यक्तिगत-पत्र, आवेदन-पत्र एवं प्रार्थना-पत्र) 04 निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तकें-

1-गद्य-पद्य (भाग-एक) गुरूवचन सिंह 2-कहानी (एकांकी) हरिसरण कौर 3-पंजाबी व्याकरण लेख रचना ज्ञानी लाल सिंहभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 27

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-बंगला

कक्षा-9

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट कार्य होगा। पूर्णांक 100

भाग ''अ'' 35 अंक

व्याकरण- (1) बंगला भाषा का स्पष्ट उच्चारण-स्वर एवं उसके प्रकार 4 अंक मुख्य शब्दों के भेद- 4 अंक स्वर सन्धि- 4 अंक समास (तत्पुरुष, द्वन्द्व और द्विगु)- 6 अंक प्रत्यय, मुहावरे तथा लोकोक्ति- 5 अंक सरल वाक्य परिवर्तन (स्वीकारात्मक, नकारात्मक, प्रश्नवाचक, विधि सूचकवाक्य)- 5 अंक (2) रचना

(1) विभिन्न प्रकार के पत्र लेखन (औपचारिक तथा अनौपचारिक)- 4 अंक (2) विचारों का संक्षिप्तीकरण अथवा विस्तार- 3 अंक

भाग ''ब'' 35 अंक 1-गद्य (विस्तृत अध्ययन)

(क) पठित खण्ड पर सामान्य प्रश्न- 5 अंक (ख) दिये गये खण्ड की व्याख्या- 5 अंक (ग) संक्षिप्त विवरण (उद्‌देश्य एवं लाक्षणिक और भाव के संदर्भ में)- 3 अंक निर्धारित पुस्तकें-पाठ संकलन (गद्य भाग केवल) संस्करण सन्‌ 1987 प्रकाशक बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन वेस्ट बंगाल कलकत्ता

निम्नलिखित पाठ पढ़ने होगें

(i) भरत और दुष्यन्त मिलन

(ii) पालमोर पथे

(iii) राज सिंह और मानिक लाल

(iv) विद्या सागर

(v) पल्ली समाज

(vi) अपुर कल्पना

(vii) यात्रा पथे

(viii) भारत वर्तमान और भविष्य28 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

2-उपन्यास

अम अन्तीर भेपू-विभूतिभूषण बनर्जी, बनर्जी प्रकाशन सिंगनेटा प्रेस पाप एक बालपुर कलकत्ता-23 (क) सामान्य प्रश्न- 5 अंक व्याख्या- 5 अंक संक्षिप्त विवरण- 2 अंक जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा एवं टै्रफिक रूल्स की जानकारी हेतु प्रश्न निबन्ध रूप में पूछे जायेंगे।

3- पद्य

(1) रामेर विलाप (2) दिनादिन (3) छात्र दलेर गान (4) भोरई (5) छात्र धारा (6) नकसी कोथार माठ (7) लोहार व्यथा

सार संक्षेप और प्रश्न-

व्याख्या- 5 अंक तथा संक्षिप्त विवरण

3+2=5 अंक

निर्धारित पुस्तकें-पाठ संकलन (पद्य भाग केवल)- 1987 संस्करण बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन पश्चिम बंगाल कलकत्ता द्वारा प्रकाशित।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-मराठी

कक्षा-9

केवल प्रश्न-पत्र

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट कार्य होगा।

पूर्णांक 100 अंक

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण- (क) शब्द भेद का ज्ञान। 15 अंक 15 अंक (ख) पर्यायवाची तथा विपरीतार्थक 2-रचना- 15 अंक (क) सामान्य विषयों पर पैराग्राफ लेखन (ख) सामान्य विषयों पर पत्र-लेखन

3-अपठित गद्य खण्ड का ज्ञान- 05 अंकभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 29

भाग-(ब) 35 अंक

1-गद्य- 15 अंक

(क) पाठ्‌य-पुस्तक पर आधारित संक्षिप्त प्रश्न (ख) व्याख्या

निर्धारित पुस्तकें

कुमार भारती-1994

एन0एस0 फड़के

पी0के0 अत्रे

निम्नलिखित पाठों का अध्ययन करना होगा- पाठ लेखक का नाम (2) सेती साथी पानी महात्मा फूले (4) कालेकेश (5) एक अपूर्ण संध्या एन0बी0 गाडगिल (6) एक एकचावेद (9) निरवार कुसुमावती देष पाण्डेय (11) कर्मवीररांच्या अठवानी पी0जी0 पाटिल (13) मषी वेडमेनटेन्ची साधना नन्दू नाटेकर (14) बंगाला (17) सौर ऊर्जा

प्रकाश मोरे

निरन्जन घाटे

2-पद्य-

10 अंक

(क) सन्दर्भ व्याख्या (ख) पद्य का भाव

पाठ्‌य पुस्तक

भारतीय (1994) में से निम्नलिखित कविताओं का अध्ययन करना है- पाठ कवि का नाम 1-नमंदेवानची अभंगवानी नामदेव 4-तुकारामची अभंग तुकाराम 5-षक्ति गौरव रामदास 8-वात चक्र केशव सूत 9-निजाल्या तीन हावरी बी0 आर0 ताम्बे दत्ता 10-प्रतिभाविहंग

3-लघु कहानियां-

(निर्धारित कहानी में से पांच लघु उत्तरीय प्रश्न का उत्तर) निम्नलिखित कहानी का अध्ययन करना है- कहानी कवि का नाम 7-जिस्यातिल जुन्जा दामू धोत्रे 15-धूने आर0 आर0 बोराउ

16-संतराची प्रति सरकार कुमार केतकर

निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तक गद्य, पद्य और कहानियां

कुमार भारती (कक्षा 9 के लिए) 1994 संस्करण

प्रकाशक-महाराष्ट्र स्टेट सेकेन्डरी एजूकेशन बोर्ड, पुणे।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन निम्नवत्‌ कराये जाने की संस्तुति की जाती हैः-

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह30 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                      जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-असमी

कक्षा-9

1-व्याकरण-

15 अंक

(क) मुख्य शब्द भेद (ख) वाक्य संरचना में प्रयुक्त अशुद्धियों को चिन्हित करना (ग) लोकोक्तियों एवं मुहावरों का प्रयोग (घ) विराम चिन्हों का प्रयोग

2-रचना-

(क) सामान्य विषयों पर निबन्ध लेखन (ख) सामान्य विषयों पर पत्र लेखन

20 अंक 12 8 संदर्भ पुस्तक-

1-वहल व्याकरण-ले0 सत्यनाथ वोरा, बरूआ एजेंसी गुवाहाटी 78100 2-असमियां भाषा बीदिका-ले0 प्रियदास तालुकदार, प्रकाशक-एल0बी0एस0 प्रकाशन, अम्बारी गुवाहाटी-78100 3-असमियां रचना विधि-ले0 प्रधानाचार्य गिरधर शर्मा, प्राप्ति स्थान, आसाम बुक डिपो गुवाहाटी

1-पद्य-

भाग (ब) 35 अंक

15 अंक

6

9

(क) निर्धारित खण्ड की व्याख्या (ख) निर्धारित पुस्तक से सामान्य प्रश्न

गद्य एवं पद्य के लिए निर्धारित पुस्तक

माध्यमिक साहित्य चयन प्रकाशक आसाम स्टेट टेक्स्ट बुक, प्रोडक्शन एण्ड पब्लिकेशन लिमिटेड गुवाहाटी 78002। निम्नलिखित पद्य का अध्ययन करना होगा-

1-ककुती 2-बाबाजुग 3-मंगलारगीत 4-जिकिट अख्जारी

2-गद्य-

15 अंक

6 1-पठित खण्ड की व्याख्या 2-संक्षिप्त विवरण (निर्धारित पुस्तक से पौराणिक, ऐतिहासिक, लाक्षणिक तकनीकी या भावात्मक संदर्भ में)। 3 6 3-पठित खण्ड से सामान्य प्रश्न निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा-

1-भोकेन्द्र बरूआ 2-वैज्ञानिक दृष्टिभगी और जन संयोग 3-आसामारा जानाखातिर गढ़ानी और संस्कृति 4-गौरव 3-अविस्तृत अध्ययन-

5 अंक

निर्धारित पुस्तकें पारिजात हरन खौर चीरधरा, पिम्पारा गोछवां नट द्वारा संकलित श्री जोगेश दास (लायर्स बुक स्टोर, गुवाहाटी)। केवल पारिजान हरन द्वारा श्री शंकर देव का अध्ययन किया जाना है।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 31

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन निम्नवत्‌ कराये जाने की संस्तुति की जाती हैः- 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-उड़िया

पूर्णांक-70 कक्षा-9

भाग-क 35 अंक

1-व्याकरण

2-रचना

20 अंक (क) उड़िया भाषा का स्पष्ट उच्चारण स्वर और वर्गीकरण। 07 अंक (ख) मुख्य शब्द भेद (स्वर, संधि, समास, द्वन्द्व और द्विगु) 07 अंक (ग) वाक्य परिवर्तन (स्वीकारात्मक, नकारात्मक, प्रश्नवाचक) 06 अंक 15 अंक 8 अंक 7 अंक (क) पत्र लेखन-(औपचारिक एवं अनौपचारिक) (ख) अपठित गद्यांश

भाग-ख पूर्णांक-35

गद्य-विस्तृत अध्ययन हेतु

18 अंक 06 अंक (क) पाठ्‌य पुस्तक पर आधारित सामान्य प्रश्न (ख) पठित खण्ड की व्याख्या 06 अंक (ग) संक्षिप्त विवरण-(उद्‌देश्य, लाक्षणिक, तकनीकी एवं भाव संदर्भ में) 06 अंक निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा- 1-जातीय जीवन 2-शिख्या ओ शासन 3-बामनर हात ओ आकाशार चन्द्र 5-प्रकृत बन्धु 6-ओड़िया साहित्य कथा 7-समुह दृष्टिी

06 अंक

निम्नलिखित सहायक पुस्तकों में पठित अंश (गल्फों एवं एकांकी का) पाठों का अध्ययन करना होगा। 1-बुढ़ा शंखारी 2-पतका उत्तोलन 3-डिमिरी फुलो 4-दल बेहेरा 5-दुरो पाहाड़

पद्य-(1) निर्धारित पद्य पाठों पर सामान्य प्रश्न

(2) व्याख्या

06 अंक 05 अंक निम्नलिखित पद्य पाठों का अध्ययन करना होगा

1-काहा मुख अनाइ बंचिबि 2-हे मोर कलम 3-माणिष भाई 4-गोप प्रयाण 6-माटिर मणिष 5-पाइक बधुर उद्‌बोधन

गद्य, पद्य एवं गल्फों एकांकी के लिये निर्धारित पुस्तकें :- प्रकाशक साहित्य-बोर्ड आफ सेकेन्डरी एजूकेशन उड़ीसा। प्रकाशक-कटक पब्लिकेशन उड़ीसा

9 ङ32 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कन्नड़

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा। भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण-

17 (क) निर्धारित पुस्तक के आधार पर वाक्य परिवर्तन (ख) विराम चिन्हों का संशोधन (ग) पर्यायवाची तथा विपरीतार्थक

व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि छात्रों में भाषा व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषीय चातुर्य को बढ़ावा मिल सके। 2-रचना-

(क) व्यावहारिक एवं दैनिक जीवन एवं व्यावहारिक अनुभवों से सम्बन्धित टॉपिक पर पैराग्राफ लेखन 4 (ख) पत्र लेखन (व्यक्तिगत, व्यापारिक तथा कार्यालयीय सम्बन्ध में दैनिक जीवन के सन्दर्भ मेें) 5 (15 पंक्ति से अधिक न हो)।

5 3-संक्षिप्त लेखन-

4 4-लोकोक्तियां एवं मुहावरे-

भाग (ब) 35 अंक

निर्धारित पुस्तक-

कन्नड भारतीय-9, प्रकाशक-राव कर्नाटक पब्लिकेशन, पो0ओ0 बाक्स 5159 बंगलोर-1

(अ) गद्य (विस्तृत अध्ययन)

14 निम्नलिखित पाठ पढ़ना होगा- (1) पाण्डुमलमाली (2) श्री कृष्ण साधना (3) आईस्टीन चित्र गलु (4) मागू कालीसिदा पाठा (5) कोडेथ विचार (6) बूट पालिश (7) बन्दुरीना हवलादा डन्डेगलू (8) बेली युवा श्री मोलाकेयाली (9) माया (10) मरियाला गादा साग्राज्य (11) वन्या जीबोगालू भट्‌टू परिसारा (12) महारात्रि (13) पंजारा पारोक्शी (14) गम्भीरेभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 33

(ब) पद्य-

14 निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना होगा- (1) हचेबू कन्नडद दीपा (2) चुटुकामल (3) नन्नाहाडू (4) बोडो बह्‌मे (5) काला (6) नन्ना हा अगेय (7) बचन गालू (8) डेन्कू बलाडा नायकारे (9) बीसतु सुखस्प्रू सत्वम्‌ (10) नूनाखरावलेख

7 (स) अविस्तृत अध्ययन-

श्री शंकराचायारू-प्रकाशक, नेशनल बुक ट्रस्ट, ग्रीन पार्क, नई दिल्ली निम्न अध्याय का अध्ययन किया जाना है- (1) जनाना माटूटू बलया (2) कलातियन्डा काशीगे (3) विजयायात्रे

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- सिन्धी

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा।

भाग (अ) 35

अंक

1-व्याकरण-

(क) काल और उसके प्रकार (ख) वचन (ग) लिंग

12 4 4 4

2- कहावतें एवं मुहावरे-

3+3=6

3-निबन्ध-निम्नलिखित विषयों में से 200 शब्दों तक एक निबन्ध

10 (1) राष्ट्रीय पर्व (2) सिन्धी त्योहार (3) सिन्धी महापुरूष (4) सिन्धी साहित्यकार

4-पत्र लेखन-

7 दैनिक जीवन पर आधारित 10 से 15 पंक्तियों का एक पत्र34 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

भाग (ब) 35

13 1-गद्य- (क) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठों में से एक प्रश्न 5 (ख) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठों में से एक गद्यांश का प्रसंग संदर्भ, साहित्यिक सौन्दर्य सहित व्याख्या। 1+1+2+4=8 2-पद्य-

13 (क) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित दो या तीन प्रश्न 6 (ख) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठों में से एक पद्यांश का संदर्भ काव्यगत सौन्दर्य सहित व्याख्या।

1+2+4=7 3-कहानी-अडिब्रंगु, सोखिती, फुन्दणुयलुकहानीविसारियांन विषिरनि लेखक-लोकनाथु। 4+5=9 निर्धारित पाठ्‌य पुस्तकें-

(1) व्याकरण, कहावतें, पदबन्ध, मुहावरे, निबन्ध तथा पत्र लेखन के लिए मथ्यो सिन्धी व्याकरण (देवनागरी) ले0 दयाराम बंसणमल मीरचन्दानी, प्रकाशक सिन्धू ब्रह्‌मू शिक्षा सम्मेलन एवं देवनागरी सिन्धी सभा, मुम्बई।

प्राप्ति स्थान-(1) कमला हाईस्कूल-खार-मुम्बई-400052 (2) हिन्दुस्तान किताबघर-19-21 हमाम स्ट्रीट, मुम्बई मथ्यो सिन्धी व्याकरण पुस्तक से फहाका 1 से 20 तक इस्तलाह एक से 20 तक तथा अदबीगुलदस्तों के पाठों के अन्त में अभ्यास के लिए दिए अंशों का अध्ययन भी किया जाना होगा।

(2) सहायक पुस्तक- सन्दर्भ के लिए- सिन्धी भाषा (व्याकरण एवं प्रयोग) लेखन, प्रकाशक, विक्रेता-डा0 मुरलीधर जैतली, डी0 127 विवेक विहार, नई दिल्ली-95

(3) गद्य एवं पद्य के लिए- अदवी गुलदस्तों-लेखक डा0 कन्हैया लाल लेखवाणी। प्रकाशक एवं विक्रेता-निदेशक, भारतीय भाषा संस्थान मानस गंगोत्री, विनोवा रोड, मैसूर।

''अदवी गुलदस्तों'' के गद्य भाग में 1 से 10 तक के पाठ एवं पद्य भाग 1 से 5 तक के पाठों का अध्ययन किया जाना होगा। सिन्धी-पद्य-कहानी के लिये पुस्तक विसरिया न विसरीन

संशोधित प्रकाशन स्थान-सिंधी वेलफेयर सोसायटी एस0जी0-1 राजपाल प्लाजा कानपुर रोड, आलमबाग, लखनऊ। शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर ) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर ) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर ) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर ) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-तमिल

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा। अंक 70 खण्ड (अ) 35 15 1-व्याकरण-

निम्नलिखित क्षेत्रों के पहचान हेतु प्रारम्भिक ज्ञान- (i) EZHUTHU, Mathal and saarbu, Chattu and Vinnaamaatirai, Ezhuthu poli (ii) PADAM, pabupadam, Pahaappadam and pabupede Urruppuhal Iyarsol, Tririsol and Tisaichol. (iii) PUNARCHI, Vetrumai and Alvazhi punsrehi, Chattu and vina punarchi, Achsara, Punarchi and Kutriyaluhare, Pumarchi.

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 35

5 2-मुहावरें तथा लोकोक्तियां- परिभाषा एवं प्रयोग-

(निम्नलिखित पुस्तक के पृष्ठ 135 और 154 तक में उल्लिखित मुहावरों का अध्ययन किया जाना है) उपर्युक्त क्रम 1 और 2 हेतु सन्दर्भ पुस्तक-

तमिल इलाक्कानाम TAMIL (Ilakkanam) कक्षा-9 के लिए (संशोधित संस्करण 1992) प्रकाशक, तमिलनाडु Text Book सोसाइटी, मद्रास-6

10 3-रचना- निबन्ध लेखन-दिए हुए बिन्दुओं पर (लगभग 100 शब्दों में) या

दिए हुए विषय पर स्वतन्त्र रचना

05 4-अपठित गद्य खण्ड का ज्ञान

खण्ड (ब) 35

15 5-पद्य- तमिल टेक्स्ट बुक-कक्षा-9 के लिए (1994 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6 निम्नलिखित पद्य पढ़ना है-

Sec I-- Irai Vaszhthu

Sec II--1. Thirnkkural

2. Pazhamozhi

Sec III--1. Silppathika aram

Sec VI-- Marumalarchi Paadalgal

6-गद्य-

10 तमिल Text Book- कक्षा-9 के लिए (गद्य भाग) (1994 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी मद्रास-6

(पाठ 1 से 7 तक केवल पढ़ना है)

7-अविस्तृत अध्ययन-

10 Thiru VI-KA, Yuzhuum Theudum (1994 संस्करण) ले0 शक्ति वासन सुब्रमणियम प्रकाशक मेसर्स पारोनिलयस, 184 ब्राडवे, मद्रास-60000

(पाठ 1 से 10 कक्षा-9 में अध्ययन करना है)

पुस्तक की विषय वस्तु से प्रश्न पूछे जायेंगे-

(1) निबन्धात्मक

दो लघुस्तरीय

06 2+2=04 शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
36 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-तेलुगू

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र होगा तथा समयावधि तीन घण्टे होगी।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण-

निम्नलिखित का विस्तृत अध्ययन-

(क) समसकृता सनघुलू स्वर्ण, दीर्घ सन्धि, गुंण-सन्धि, वृद्धि सन्धि, यनादेशा सन्धि 6 (ख) तेलुगू संघुलू अकारा उकारा संघुलू

4

(ग) Nannar Dhaiu : Pakritivikriti, Vyutpatyardhaltu, Earyayapagalu. 8 2-लोकोक्ति और मुहावरे और उनका प्रयोग (अत्यधिक प्रचलित) 3-अपठित गद्य खण्ड (लगभग 100 शब्द) का ज्ञान 4-निबन्ध पैराग्राफ लेखन- 100 शब्द

6 6 5

1-गद्य

भाग (ब) 35 अंक

15

तेलुगू वाचाकामू (Telugu Vachakammu) (कक्षा-9) प्रकाशक आन्ध्र प्रदेश सरकार (नया संस्करण 1987) निम्नलिखित का अध्ययन करना होगा।

1-स्वभाषा 2-सोभानाद्री 3-शकुना पारीपानानाम

4-समसकृति 5-गुरूदेयडडू रवीन्द्रूडू 6-जनपद गयाकुलू

7-देवालपालू 8-इवारू गोप्पा

10 2-पद्य-

द तेलुगू वाचाकामू (The Telugu Vachakammu) (कक्षा-9) प्रकाशक आन्ध्र प्रदेश सरकार (नया संस्करण 1987) निम्नलिखित पाठों का अध्ययन करना होगा।

1-राजाधर्माम 2-पार्वतीतपासू

7-समुद्र मन्थानाम्र।

10 3-अविस्तृत अध्ययन हेतु- तेलुगू उपवाचकामू (Telugu Upvachakammu) (कक्षा-9) आन्ध्र केशरी आन्ध्र प्रदेश सरकार (नया संस्करण 1987) दो निबन्धात्मक प्रश्न पाठ्‌य पुस्तक से पूंछे जायेंगे।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 37

विषय-मलयालम

कक्षा-9

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण

15 (1) कतृवाच्य और कर्मवाच्य परिवर्तन (2) वाक्य संशोधन (3) शब्द अध्ययन (4) विपरीतार्थक एवं पर्यायवाची शब्द व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि छात्रों में भाषा व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषा चातुर्य को बढ़ावा मिल सके। 2-रचना-

7

35 13 1-गद्य

केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1992 संस्करण (केवल गद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम। निम्नांकित पांच पाठों का अध्ययन करना- (1) मथरू देवो भव (2) पाटाचोनची चोरू (3) इका लोकम (4) यशुदेवन (5) स्वातिपुत सम्निधीइल

13 2-पद्य-

केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1992 संस्करण (केवल पद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम। निम्नांकित पांच पद्यों का अध्ययन किया जाना है-- (1) काव्यनार्णाकी (2) शिष्यानम मकनम (3) अवानीपघम (4) अपहस्थान्या सुयोधनम्‌ (5) वालूथवानम

3-अविस्तृत अध्ययन हेतु (संक्षिप्त कहानियों का संकलन)-

09

निर्धारित पुस्तक

उर्मिला (1987 संस्करण)

प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन
1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह              10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह            10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
38 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय नेपाली

कक्षा-9

1-व्याकरण-

भाग (अ) 35 अंक

14

(क) शब्द उच्चारण और ध्वनि के अनुरूप परिवर्तन (स्वर, लय आदि) (ख) शब्द भेद (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अव्यय) (ग) सरल वाक्यों की रचना

2-सन्दर्भ पुस्तक-

सरल नैपाली व्याकरण-ले0 राजनारायण प्रधान और जगत, क्षेत्रीय प्रकाशक श्याम ब्रदर्स चौक बाजार, दार्जिलिंग (2) अपठित गद्यांश का ज्ञान जो खेल कूद, सामाजिक घटनाओं और पारिवारिक वातावरण पर आधारित होंगे। 7 3- रचना-

7

7 (क) पत्र लेखन- (1) मित्र/सम्बन्धी को पारिवारिक विषय पर। (2) अवकाश प्रार्थना-पत्र शुल्क मुक्ति प्रार्थना-पत्र तथा निर्धन छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में (ख) निबन्ध लेखन- सामाजिक समस्यायें, खेल-कूद, पारिवारिक वातावरण, राष्ट्रीय एकता, नैतिकता और पारिस्थितिक आदि के संदर्भ में।

भाग (ब) 35 अंक

14 1-गद्य-

नैपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम, गंगटोक अध्ययन के लिए पाठ-

निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना है- (1) अभागी- गुरूप्रसाद मैनाली (2) दीबी चश्मा- बी0पी0 कोइराला (3) फान्टियर- शिव कुमार राय (4) चिट्‌ठी- बद्रीनाथ भट्‌ट राई (5) म्यांगा कोचिहान-लेनसिंग बंगडेल (6) चामू थापा- भीम निधि तिवारी

2-पद्य-

9

12 नैपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम, गंगटोक निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना है- (1) बसन्त कोकिल लेंखनाथ पौडियाल (2) सदीक्षा- धरनीधर शर्मा (3) कर्मा- बालकृष्ण साय (4) औहेवर्षा- माधव प्रसाद घिमसी (5) योजिन्दगी खोके जिन्दगी-कौतुवाल (6) कटाई योसिर झुकच्छा भाने-सोहन ठाकुरी 3-रैपिड रीडिंग-

कथा बिम्ब-प्रकाशन शिक्षा निदेशालय गंगटोक (सिक्किम) निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना है- (1) निर्णय- पूर्णाराय (2) जादूगर- एनटोली फान्स (3) जीवन यात्राया- एम0एन0 गुरूग (4) नूरआलम- शिवकुमार राय

नोट- निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक से लघुस्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न पूछे जायेंगे।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 39

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-पालि

कक्षा-9

3255=15

05 इस विषय में प्रश्न-पत्र 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा। 1–गद्य–पालि–जातकावलि पाठ 1 से 7 तक (सुंसुमारजातकं, वानरिन्दजातकं, बकजातकं, सीहचम्मजातकं, राधाजातकं, नच्चजातकं, उलूकजातकं)। 15 (क) दो अवतरणों में से किसी एक अवतरण का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद। 28=10 (ख) किन्हीं दो जातकों में से किसी एक जातक की कथा हिन्दी अथवा अंग्रेजी में। 05 2–पद्य–धम्मपद पाठ 1 से 5 तक –(यमकवग्गो, अप्पमादवग्गो, चित्तवग्गो, पुप्फवग्गो, बालवग्गो)। 15 05 (क) दो गाथाओं में से किसी एक गाथा का हिन्दी अनुवाद। 05 (ख) दो वग्गो में से किसी एक वग्गो का हिन्दी अथवा अंग्रेजी में सारांश। 05 (ग) धम्मपद के पाठ 1 से 5 के अन्तवर्ती गाथा का उल्लेख। 3–अपठित–गद्य–निर्धारित पाठ (सीलानिसंसजातकं, जम्मसाटकजातकं, उच्छङ्‌गजातकं)। 05 4–सहायक पुस्तक वोधिचर्या विधि– 10 परित्राण परिच्छेद से आवाहन, महामंगल सुत्त, महामंगल गाथा– (किसी एक गाथा की हिन्दी व्याख्या अथवा पूजा विधि का वर्णन)। 5–व्याकरण (क) शब्द रूप–पुलिंग-बुद्ध। स्त्रीलिंग–लता। नपुंसकलिंग–फल। (ख) धातुरूप–वर्तमान काल– पठ, गम, भू, चज सक, हिंस के रूप। (ग) संधि–स्वर संधि– सरोलोपो सरे, परोक्वचि, न द्वे वा, यवा सरे, ए ओ नं। (घ) समास– तत्पुरूष एवं बहुब्रीहि का सामान्य परिभाषा तथा उदाहरण। 6–अनुवाद हिन्दी के पाँच वाक्यों का वर्तमानकालिक क्रिया में अनुवाद अथवा निबन्ध– पालि भाषा में पाँच वाक्य लिखना। भगवा, बुद्धो, धम्मपदं, मम विज्जालयों, सारनाथो, चत्तारि अरिय–सच्चानि, यातायातंसुरक्खा।

05 7–पालि साहित्य के इतिहास का संक्षिप्त परिचय– प्रथम संगीत, सुत्तपिटक-दीघ निकाय, मन्झिम निकाय, संयुक्त निकाय, अंगुत्तर निकाय, खुद्‌दक निकाय। निर्धारित पुस्तकें–

(1) पालिजातका वलि– पं0 बटुक नाथ शर्मा

प्रकाशक-मास्टर खेलाड़ी लाल एण्ड सन्स, वाराणसी।

(2) पद्य-धम्मपद– सम्पादित-भिक्षु धर्मरक्षित,

प्रकाशक- ज्ञानमण्डल, वाराणसी।

10 ङ40 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 (3) सिगालवादसुत्तं- अनुवादक डा0 भिक्षु स्वरूपानन्द, सम्यक्‌ प्रकाशन दिल्ली, 2010 (4) पालि साहित्य का इतिहास- लेखक भिक्षु धर्मरक्षित, प्रकाशक ज्ञानमण्डल लिमिडेड, वाराणसी।

(क) पालि व्याकरण – भिक्षु धर्मरक्षित, प्रकाशक ज्ञानमण्डल, लिमिडेड, वाराणसी।

(ख) मैनुअल ऑफ पालि– लेखक-सी0सी0 जोशी, ओरियन्टल बुक एजेन्सी, पूना।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-अरबी

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंक का लिखित प्रश्न.पत्र होगा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

खण्ड (अ) 35 अंक

व्याकरण-

(क) 1–आसान जुमलों की बनावट (मुब्तेदा और खबर)।

2– इस्म की बनावट और उसके अकसाम।

3-फेल माजी की तारीफ और उसके अकसाम।

4-मोरक्कब जारी (जार और मजरूर)।

5-मोरक्कब इशारी (इस्मे इशारह और मशारून अलैह)।

6-इस्मे फाइल और इस्मेमफउल की बनावट।

7-मुरक्कब तौसीफी (सिफत और मौसूफ)।

8-मुरक्कबइज़ाफी (मुज़ाफ़ और मुज़ाफ अ़लैह)।

(ख) अल्फाज के मानी और उनका इस्तेमाल।

05 2– क–अरबी के साधारण वाक्यों का अंग्रेजी अथवा उर्दू अथवा हिन्दी में अनुवाद। 05 ख–अंग्रेजी अथवा उर्दू अथवा हिन्दी के साधारण वाक्यों का अरबी मेें अनुवाद। 05 3– आसान अरबी जुमलों का इस्तेमाल– 10 जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा तथा ट्रैफिक रूल्स की जानकारी हेतु सवालात मजमून की शक्ल में पूँछे जायेंगे।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 41

खण्ड (ब)

35 अंक

1–गद्य

25 अलकिरात.उर.रशीदह, भाग–1, लेखक–अब्दुलफत्ताह और अलीउमर (मतबूआ मिश्र) पब्लिकेशन–एम0 रशीद एण्ड सन्स, उर्दू बाजार, जामा मस्जिद, दिल्ली–1100461

असबाक़ जो निसाब में शामिल है–

शीर्षक

पाठ संख्या

3

1–कलबी

4

2–अस्सौर

8

3–अज्ज़मन

9

4–अलमतर

13

5–अस्सबीय व अलफील

18

6–अलअसद व अलफार

24

7–अर्राईवज्जेब

28

8–अतलाकुत्तयूर

36

9–अलहद्‌दाद

44

10–वल्दुननज़ीबुन

49

11–अश्शर्रो बिश्शर्रे

50

12–फस्लुर्रबीअ

53

13–हलावतुलकस्ब

58

14–महत्तता सिक्कतुलहदीद

59

15–तारीख़ उल.कुर्सी

2–पद्य

10

10

16–अत्ताइरो

17–तरनीमतुलवलदे फिस्सबाहे 27

18–तरनीमतुलउम्में लिस्साबीये फिलमसाये 33

42

19–अलफारो

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
42 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय- फारसी (कक्षा-9) इस विषय में 70 अंकों का लिखित प्रश्न-पत्र होगा तथा 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

भाग (अ) 35 अंक

(1) व्याकरण– 10

(क) संज्ञा।

(ख) सर्वनाम।

(ग) अव्यय।

(घ) क्रिया।

(ङ) व्युत्पत्ति।

नोट–निर्धारित पाठों पर आधारित।

(2) अनुवाद– 88=16 (क) फारसी के सरल वाक्यों का अंग्रेजी अथवा हिन्दी अथवा उर्दू में अनुवाद।

(ख) अंग्रेजी, हिन्दी अथवा उर्दू के सरल वाक्यों का फारसी अनुवाद। (3) फारसी के सरल शब्दों का वाक्यों में प्रयोग। 05 (4) (क) रिक्तियों की पूर्ति– 04

अथवा

(ख) निबन्ध- जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ट्रॉफिक रूल्स की जानकारी हेतु प्रश्न निबन्ध के रूप में पूछे जायेंगे।

भाग (ब) 35 अंक

पाठ्‌य पुस्तक (गद्य तथा पद्य)

2015=35 निर्धारित पुस्तक–Following Lesson Poems from the book I entitled

FARSI-DASTOOR (KITABI-I-AW WALA Part-1 for Class IX (1977) by Dr. S.Z. Khanlari by

M/S.I. Jarah-a-Adablyyat-a-Delhi, Jayyad Press, Ballimaram, Delhi–110006

Lesson to be studied :

1–Be-name-e-Ezad Bakshainda

2–Dastane-e-Khair-O-Shar (Part-1).

3–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi.

4–Pisarak-fida-kar.

5–Mehman-nawazi.

6–Umar-khayyam.

7–Manazora-e-nakashse-soozan poem.

8–Arish kamanzir.

9–Isfahan-e-Nisf-Jahan-1.

10–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi. S fool zaman.

11–Isfahan-e-Daorfar.

12–Karana-e-Daprfar.

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 43

13–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi. (Farsi shukas).

14–Suzman-e-Mutahid.

15–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi.

16–Chasma-e-Sang (Poem).

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- सामाजिक विज्ञान

(कक्षा-9)

पूर्णांक- 100

      इसमें एक लिखित प्रश्नपत्र-70 अंकों एवं 30 अंकों का प्रोजेक्ट कार्य होगा;
र्                                                                                  अंक
       I          भारत और समकालीन विश्व-1 (इतिहास)                                   20
       II          समकालीन भारत -1 (भूगोल)                                           20
      III        लोकतांत्रिक राजनीति (नागरिकशास्त्र)                                 15
      IV         अर्थव्यवस्था (अर्थशास्त्र)                                          15
                                                                          योग        70
                 आन्तरिक मूंल्याकन                                                   30
                                                                          योग       100

(I)

भारत और समकालीन विश्व-1 (इतिहास) 20 अंक

खण्ड-1 घटनायें और प्रक्रियायें 09 अंक इकाई(1) फ्रांसिसी क्रान्ति

1. पुरातन शासन व्यवस्था और उसकी समस्यायें (संकट) 2. क्रान्ति के लिये उत्तरदायी सामाजिक तत्त्व। 3. तत्कालीन क्रान्तिकारी समूह और विचार 4. विरासत

इकाई(2) यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रान्ति

1. जारवाद (राजत्व) का संकट 2. 1905 से 1917 के मध्य सामाजिक आन्दोलनों की प्रकृति। 3. प्रथम विश्व युद्ध और सोवियत राज्य की स्थापना। 4. विरासत

इकाई(3) नात्सीवाद और हिटलर का उदय

1. सामाजिक लोकतंत्र का विकास 2. जर्मनी में संकट, हिटलर के उदय का मूल कारण 3. नाजीवाद की विचारधारा 4. नाजीवाद का प्रभाव44 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड-2

जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज 06 अंक

इकाई (4) वन्य समाज और उपनिवेशवाद 1. जीविकोपार्जन और जंगल के बीच सम्बन्ध 2. उपनिवेशवाद के अन्तर्गत वन्य समाज (नीतियों) में हुये परिवर्तन, केस अध्ययन- मुख्यतः दो वन्य आन्दोलनों में प्रथम औपनिवेशिक भारत में (बस्तर) और दूसरा इण्डोनेशिया का। इकाई (5) आधुनिक विश्व में चरवाहे 1. पशुचारण-जीवन निर्वाह के रूप में 2. पशुचारण के विभिन्न प्रकार (स्वरूप) 3. औपनिवेशिक शासन और आधुनिक राज्य में चरवाहों का जीवन केस अध्ययन- मुख्यतः दो चरवाहा समूह- एक अफ्रीका का और दूसरा भारत का।

05 अंक (6) मानचित्र कार्य- 1 फ्रांसिसी क्रांति- फ्रांस का रूपरेखीय मानचित्र (चिन्हित तथा पहचानने/नामांकित करने हेतु)

क-बोरडाक्स ख-नान्तेस ग-पेरिस घ-मार्सेल्स

2 यूरोप में समाजवाद तथा रूस की क्रान्ति- विश्व का रूपरेखीय मानचित्र (चिन्हित, पहचानने/नामांकित करने हेतु)

क-प्रथम विश्व युद्ध के प्रमुख देश (केन्द्रीय शक्तियाँ तथा मित्र शक्तियाँ) ख-केन्द्रीय शक्तियाँ- जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, तुर्की (ओटोमन साम्राज्य) ग-मित्र शक्तियाँ- फ्रांस, इंग्लैंड, (रूस), अमेरिका

3 नाजीवाद तथा हिटलर का उदय- विश्व का रूपरेखीय मानचित्र (चिन्हित, पहचानने/नामांकित करने हेतु) क-द्वितीय विश्व युद्ध के प्रमुख देश- धुरी शक्तियाँ-जर्मनी, इटली, जापान मित्र शक्तियाँ-यूनाईटेड किंगडम, फ्रांस, पूर्व यूनियन सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक, संयुक्त राज्य अमेरिका। ख-जर्मन विस्तार के अन्तर्गत क्षेत्र (नाजी शक्ति) ऑस्ट्रिया, पोलैण्ड, चेकोस्लोवाकिया (मानचित्र में केवल स्लोवाकिया), डेनमार्क, लिथुआनिया, फ्रांस, बेल्जियम। नोट-दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र से संबंधित पाँच प्रश्न पूंँछे जायेंगे।

(II)

समकालीन भारत-1 (भूगोल) 20 अंक

इकाई-1 07 अंक

(i) भारत-आकार एवं स्थिति-भारत तथा विश्व, भारत के पड़ोसी देश।

(ii) भारत का भौतिक स्वरूप-मुख्य भौगोलिक वितरण (हिमालय पर्वत श्रंखला, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, भारतीय मरूस्थल, तटीय मैदान, द्वीप समूह)।

(iii) अपवाह-भारत में अपवाह तन्त्र, हिमालय की नदियाँ प्रायद्वीपीय नदियाँ, झीलें, नदियों का अर्थव्यवस्था में महत्व।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 45

इकाई-2 08 अंक (iV) जलवायु- जलवायवी नियंत्रण, भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक, ऋतुएं, मानसून का आगमन, वापसी, वर्षा का वितरण, मानसून एकता का परिचायक ।

(V) प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी-वनस्पति के प्रकार, वन्य प्राणी, पादप और वन्य जीव सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाये गये कदम।

(Vi) जनसंख्या-जनसंख्या का आकार एवं वितरण, जनसंख्या वृद्वि एवं जनसंख्या परिवर्तन की प्रक्रिया, किशोर जनसंख्या, राष्ट्रीय जनसंख्या नीति।

3. मानचित्र कार्य- 05 अंक

1-भारत-आकार तथा स्थिति

1-भारत- राजधानियों सहित राज्य, कर्क रेखा, मकर रेखा, मानक भूमध्य, सबसे दक्षिणी, सबसे उत्तरी, सबसे पूर्वी तथा सबसे पश्चिमी बिंदु (चिन्हित तथा नामांकित करना) 2-भारत की प्राकृतिक विशेषताएँ-

पर्वत श्रेणियाँ- काराकोरम, शिवालिक, अरावली, विन्ध्य, सतपुड़ा, पश्चिमी तथा पूर्वी घाट, जांस्कर। पर्वत चोटियाँ- के-2, कंचनजंघा, अनाईमुडी

पठार- दक्खन का पठार, छोटा नागपुर का पठार, मालवा पठार तटीय मैदान- कोंकण, मालाबार, कोरोमंडल तथा Northern Circars (चिन्हित तथा नामांकित करना)

3-अपवाह तंत्र- नदियाँ (केवल चिन्हित करने हेतु)

क) हिमालयी नदी तंत्र-सिंधु, गंगा तथा सतलज ख) प्रायद्वीपीय नदियाँ-नर्मदा, ताप्ती, कावेरी, कृष्णा, गोदावरी, महानदी। झीलें-वुलर, पुलीकट, साम्भर, चिल्का, वेम्बनाद, कोल्लेरू

4-जलवायु-

चिन्हित करने हेतु शहर-तिरूवनंतपुरम, चेन्नई, जोधपुर, बैंगलूरू, मुम्बई, कोलकाता, लेह, शिलांग, दिल्ली, नागपुर (चिन्हित तथा नामांकित करना)

5-प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य जीवन- वनस्पति का प्रकार-ऊष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन, ऊष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन, कंटीले वन, पर्वतीय वन तथा मैंग्रोव (केवल चिन्हित करने हेतु) राष्ट्रीय उद्यान-कार्बेट, काजीरंगा, रणथम्भौर, शिवपुरी, कान्हा, सिमलीपाल तथा मानस पक्षी अभयारण्य-भरतपुर तथा रंगनथिट्‌टो वन्यजीव अभयारण्य-सरिस्का, मदुमलाई, राजाजी, दचिगाम (चिन्हित तथा नामांकित करने हेतु) 6-जनसंख्या (चिन्हित तथा नामांकित करना)-

सबसे बड़े और छोटे राज्य।

नोट-दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र से संबंधित पाँच प्रश्न पूंँछे जायेंगे।

(III)

लोकतांत्रिक राजनीति-1

(नागरिक शास्त्र) 15 अंक

इकाई-1

(i) लोकतंत्र क्या एवं क्यूँ ?- 06 अंक

लोकतंत्र को परिभाषित करने के विभिन्न तरीके क्या हैं? लोकतंत्र शासन का सर्वाधिक प्रचलित स्वरूप क्यों बन चुका है? लोकतंत्र के विकल्प क्या हैं ? क्या लोकतंत्र अपने मौजूदा विकल्पों से श्रेष्ठ है? क्या प्रत्येक लोकतंत्र में समान संस्थाएँ और आदर्श होने चाहिए? (ii) संविधान निर्माण - भारत लोकतंत्र बना-क्यूँ और कैसे ? भारतीय संविधान कैसे विकसित हुआ है? भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं ? भारत में किस प्रकार से लोकतंत्र निरंतर रचित एवं पुर्नरचित हुआ है?

46 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-2 09 अंक (iii) चुनावी राजनीति-

हम प्रतिनिधियों का चुनाव कैसे एवं क्यूँ करते हैं? हमारे यहाँ राजनीतिक दलों में प्रतिद्वंदिता क्यों है ? चुनावी राजनीति में नागरिकों की सहभागिता किस प्रकार बदल गई है?स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के तरीके क्या हैं? (i) संस्थाओं की कार्यप्रणाली- देश कैसे शासित होता है? हमारे लोकतंत्र में संसद की क्या भूमिका है? भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मन्त्रिपरिषद की क्या भूमिका होती है? ये कैसे एक-दूसरे से सम्बन्धित हैं? (ii) लोकतांत्रिक अधिकार-

हमें संविधान में अधिकारों की आवश्यकता क्यूँ है? भारतीय संविधान में नागरिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मौलिक अधिकार क्या हैं? न्यायपालिका किस प्रकार से नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है? न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के क्या उपाय है।

(IV)

(अर्थशास्त्र) 15 अंक

इकाई-1 07 अंक पालमपुर गाँव की कहानी- अवलोकन, उत्पादन का संगठन, पालमपुर में खेती, पालमपुर में गैर कृषि क्रियाएं। 2. संसाधन के रूप में जनसंख्या (लोग) - परिचय, पुरुषों और महिलाओं के आर्थिक क्रिया-कलाप, जनसंख्या की गुणवत्ता स्वास्थ्य बेरोजगारी।

इकाई-2 08 अंक 3. निर्धनता-एक चुनौती- परिचय, निर्धनता के दो विशिष्ट मामले, सामाजिक वैज्ञानिको की दृष्टि में निर्धनता, निर्धनता रेखा, निर्धनता के अनुमान, असुरक्षित समूह, अन्तर्राज्यीय असमानतायें, वैश्विक निर्धनता परिदृश्य निर्धनता के कारण, निर्धनता निरोधी उपाय, भावी चुनौतियाँ। 4. भारत में खाद्य सुरक्षा -

खाद्य सुरक्षा क्या है? क्यों खाद्य असुरक्षित कौन है? भारत में खाद्य सुरक्षा, बफर स्टॉक, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सा0वि0प्र0 की वर्तमान स्थिति, भारतीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013, सहकारी समितियों की खाद्य सुरक्षा में भूमिका।

प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि

• शिक्षार्थी भारत के गीत, नृत्य, पर्व और निश्चित मौसम में प्रमुख प्रकार के भोजन की पहचान, साथ ही क्या एक क्षेत्र की दूसरे क्षेत्र से कुछ समानता है? इसकी पहचान करें। शिक्षार्थी द्वारा अपने विद्यालय क्षेत्र के आस-पास की वनस्पति एवं पशु जगत से पदार्थों/सूचनाओं को एकत्र करना। इसमें उन प्रजातियों की सूची बनाना, जिनका अस्तित्व खतरे में है एवं उनको सुरक्षित करने से सम्बन्धित प्रयासों की सूचना सूचीबद्ध करना।

पोस्टर-

प्रोजेक्ट कार्य-

(क) महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं दिव्यांगों की सुरक्षा से सम्बन्धित प्रोजेक्ट कार्य। (ख) वर्तमान समस्या-जैसे यातायात सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सुरक्षा से सम्बन्धित कुछ घटनाओं को एकत्रित कर उसे लिखना तथा समस्या से बचाव हेतु सुझाव लिखना, तथा सरकारी हेल्पलाइनों की जानकारी प्राप्त करना।

(ग) भारत के स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं के योगदान की सूची बनाना। (घ) भूगोल में स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा निदान के उपाय ढूँढना। (ङ) स्थानीय स्तर पर दिव्यांगों, एवं वृ़द्धों की सूची बनवाना तथा उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को समझाना और उसे लिपिबद्ध करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 47

(च) नगरों में वर्तमान पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा उससे बचने के कुछ उपाय लिखना आदि।

(छ) नगरों में बुजुर्ग दम्पत्तियों के साथ होने वाली कुछ घटनाओं का उल्लेख एवं बचाव के उपाय लिखना आदि।

• नदी-प्रदूषण। • वनों का क्षरण एवं पारिस्थितिकीय असंतुलन।

नोट- कोई समान गतिविधि भी चुनी जा सकती है।

प्रोजेक्ट कार्य - • शिक्षक अपने विवेकानुसार पाठ्‌यक्रम से सबंधित छात्र/छात्राओं को वितरित कर सकते हैं। • अपेक्षित उद्‌देश्यों की पूर्ति हेतु यह आवश्यक होगा कि प्रधानाचार्य/अध्यापक द्वारा विभिन्न स्थानीय सरकारी संस्थाएँ और संगठन जैसे आपदा प्रबंधन संस्थाएँ, सहायक, पुनर्वास और आपदा प्रबन्धन विभागों द्वारा (राज्यों के) जिलाधिकारी कार्यालय/उप आयुक्तों, अग्निशमन सेवा, पुलिस, नागरिक सुरक्षा आदि के द्वारा सहायता लिया जाना आवश्यक होगा।

प्रोजेक्ट कार्य हेतु अंक वितरण :

1. विषय वस्तु की मौलिकता एवं शुद्धता - 1 अंक 2. प्रस्तुतीकरण तथा रचनात्मकता - 1 अंक 3. प्रोजेक्ट पूरा करने की प्रक्रिया - पहल करना, सहयोगिता, सहभागिता तथा समयबद्धता - 1 अंक 4. विषयवस्तु आत्मसात करने हेतु मौखिक अथवा लिखित परीक्षा - 2 अंक

नोट-प्रोजेक्ट कार्य का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा। (5 + 5)

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि) अगस्त माह 10 अंक (5 + 5) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य /गतिविधि) दिसम्बर माह 10 अंक (5 + 5) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-विज्ञान

(कक्षा-9)

इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंकों का मासिक टेस्ट, प्रयोगात्मक एवं प्रोजेक्ट कार्य होगा।

क्र0 सं0 इकाई

1. द्रव्य-प्रकृति एवं व्यवहार 2. सजीव जगत में संगठन 3. गति, बल तथा कार्य 4. खाद्य उत्पादन योग

आन्तरिक मूल्यांकन

कुल योग

अंक 20 20 25 05 70 30 100 इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा केवल प्रश्नपत्र की होगी तथा 30 अंकों का प्रयोगात्मक एवं प्रोजेक्ट कार्य होगा।

11 ङ48 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-1 द्रव्य एवं व्यवहार 20 अंक

द्रव्य की परिभाषा, ठोस, द्रव तथा गैसीय अवस्था के लक्षण- आकार, आयतन, घनत्व, अवस्था में परिवर्तन-गलनांक (ऊष्मा का अवशोषण) हिमांक, क्वथनांक, वाष्पन (वाष्पीकरण के कारण शीतलता) संघनन, ऊध्र्वपातन।

द्रव्य की प्रकृति-तत्व, यौगिक तथा मिश्रण, समांगी तथा विषमांगी मिश्रण, कोलाइड तथा निलम्बन।

कण प्रकृति, आधारभूत इकाइयाँ-परमाणु एवं अणु, रासायनिक संयोजन के नियम, स्थिर अनुपात का नियम, द्रव्यमान संरक्षण का नियम, परमाणु द्रव्यमान तथा आण्विक द्रव्यमान, परमाणु की संरचना-इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन/संयोजकता, सामान्य यौगिकों के रासायनिक सूत्र, समस्थानिक तथा समभारिक।

इकाई-2 सजीव जगत में संगठन 20 अंक

(i) कोशिका-कोशिका जीवन की आधारभूत इकाई, प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिका, बहुकोशिकीय जीव, कोशिका कला एवं कोशिका भित्ति, कोशिकांग एवं कोशिका द्रव्य, क्लोरोप्लास्ट, माइटोकान्ड्रिया, रिक्तिकाएं, एण्डोप्लाज्मिक रैटीक्युलम, गाल्जीकाय, केन्द्रक, क्रोमोसोम्स।

(ii) ऊतक, अंग, अंगतन्त्र, जीव-जंतु एवं वनस्पति ऊतक, संरचना और कार्य, (जन्तुओं में चार प्रकार के ऊतक- एपीथीलियम, संयोजी, पेशी एवं तंत्रिका), विभज्योतकी एवं स्थायी ऊतक (वनस्पतियों में)।

इकाई-3 : गति, बल और कार्य 25 अंक

गति-दूरी और विस्थापन, वेग; एक सरल रेखा में एकसमान और असमान गति; त्वरण, एकसमान गति एवं एकसमान त्वरित गति के लिए दूरी-समय तथा वेग-समय ग्राफ, एकसमान वृत्तीय गति की प्रारम्भिक धारणा।

बल एवं न्यूटन का नियम-बल एवं गति, न्यूटन के गति का नियम, क्रिया एवं प्रतिक्रिया बल, वस्तु का जड़त्व, जड़त्व तथा द्रव्यमान, संवेग, बल एवं त्वरण।

गुरूत्वाकर्षण-गुरुत्वाकर्षण, गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम, पृथ्वी का गुरुत्वीय बल (गुरुत्व), गुरुत्वीय त्वरण, द्रव्यमान और भार, मुक्त पतन।

प्लवन -प्रणोद तथा दाब, आर्किमीडीज का सिद्धान्त, उत्प्लावनबल,

कार्य, ऊर्जा एवं सामथ्र्य-बल द्वारा किया गया कार्य, ऊर्जा, सामथ्र्य, गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण का नियम।

ध्वनि-ध्वनि की प्रकृति और विभिन्न माध्यमों में इसका संचरण, ध्वनि की चाल, मनुष्यों में श्रव्यता का परिसर, पराध्वनि, ध्वनि का परावर्तन, प्रतिध्वनि।

इकाई-4 : खाद्य उत्पादन 05 अंक

पादप एवं जन्तु जनन एवं गुणवत्ता संवर्धन हेतु चयन एवं प्रबन्धन, खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग, रोग एवं कीटों से बचाव, आर्गेनिक कृषि।

प्रयोगात्मक प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्याँकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा, प्रयोगात्मक परीक्षा का अंक विभाजन निम्नवत्‌ हैः-

1-तीन प्रयोग - 23 = 06 अंक

2-मौखिक कार्य - = 02 अंक

3-सत्रीय कार्य - = 03 अंक कुल अंक = 11 अंकभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 49

प्रयोगात्मक कार्यों की सूची

1. निम्नांकित विलयन तैयार करना-

(a) नमक, चीनी तथा फिटकरी का वास्तविक विलयन बनाना। (b) मिट्‌टी, खड़िया और महीन बालू का जल में निलम्बन तैयार करना। (c) जल में मण्ड और जल में अण्डे की सफेदी की कोलाइड का निम्न के आधार पर अन्तर स्पष्ट करना- (i) पारदर्शिता (ii) छानना (iii) स्थायित्व

2. निम्नांकित तैयार करना-

(i) मिश्रण (ii) यौगिक निम्नांकित तथ्यों के आधार पर लौहचूर्ण तथा सल्फर पाउडर के मध्य अन्तर स्पष्ट करना- (i) दिखावट (समजातीयता तथा विषमजातीयता) (ii) चुम्बक के प्रति व्यवहार (iii) कार्बन डाईसल्फाइड विलायक के प्रति व्यवहार (iv) ऊष्मा का प्रभाव

3. निम्नलिखित अभिक्रियाएँ क्रियान्वित करना तथा उन्हें भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में वर्गीकृत करना-

(a) जल में लौह तथा कापर सल्फेट विलयन (b) मैग्नीशियम छीलन का वायु में दहन (c) जिंक तथा सल्फ्यूरिक अम्ल (d) कापर सल्फेट क्रिस्टल को गर्म करना (e) सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड का जल में विलयन

4. प्याज की झिल्ली एवं मानव गाल की कोशिकाओं की अस्थायी अभिरंजित स्लाइड तैयार करना। निरीक्षण तथा रेखांकित चित्र बनाना।

5. पौधों में पेरेन्काइमा, कोलेनकाइमा एवं स्केलेरेन्काइमा ऊतकों की पहचान करना, जंतुओं में अरेखित, रेखित एवं कार्डियक पेशी, तंत्रिका कोशिका की तैयार स्लाइड्‌स का अध्ययन, पहचान एवं नामांकित चित्रण।

6. बर्फ का गलनांक एवं जल का क्वथनांक ज्ञात करना। 7. ध्वनि के परावर्तन के नियम का सत्यापन करना। 8. कमानीदार तराजू तथा मापक सिलेन्डर का उपयोग करके किसी ठोस (जल से अधिक घनत्व) का घनत्व ज्ञात करना।

9. किसी ठोस को निम्न में विसर्जित करने पर उसके भार में होने वाले हानि के मध्य सम्बन्ध स्थापित करना-

(a) नल का जल (b) खारे पानी में किन्हीं दो विभिन्न ठोसों को डालने पर उनके द्वारा विस्थापित जल का भार 10. खिचे हुए धागे में कंपन संचरण (फैलाव/प्रसार) की गति ज्ञात करना। 11. रासायनिक क्रिया में द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का सत्यापन करना। टिप्पणी-प्रत्येक विद्यार्थी के पास विज्ञान की एक प्रयोगात्मक नोट बुक होगी जिसमें प्रयोगात्मक कार्य का दैनिक रिकॉर्ड दर्ज किया जायेगा, जिसकी सही ढंग से जाँच होनी चाहिये और इसे प्रयोगात्मक परीक्षा के समय प्रस्तुत किया जाय। प्रोजेक्ट कार्य की सूची 09 अंक नोटः-दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। प्रत्येक खण्डों (भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान) में से एक-एक प्रोजेक्ट कार्य व प्रोजेक्ट फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। तीनों प्रोजेक्ट का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा।

1. दैनिक जीवन में रसायनों का महत्व-

(रसोई, भोजन, दवा, वस्त्र, सौन्दर्य प्रसाधनों आदि में रसायन की भूमिका)।

50 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

2. विभिन्न स्रोतों (कुआँ, नल, तालाब, नदी) से जल के नमूने लेकर उनकी शुद्धता की जाँच करना तथा अशुद्ध पानी को पीने योग्य बनाने का एक प्रोजेक्ट तैयार करना। 3. दूध तथा घी के विभिन्न नमूने लेकर उसमें वनस्पति की मिलावट का पता लगाना- (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा चीनी द्वारा)।

4. विभिन्न पदार्थों (यूरिया, ग्लूकोस, सुक्रोस व नमक आदि) को घोलने पर पानी के क्वथनाँक पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना।

5. अपने आस-पास प्रयोग होने वाले आदर्श श्याम पिण्डों को सूचीबद्ध कीजिए तथा दैनिक जीवन में विकिरण ऊर्जा के प्रभाव का सचित्र अध्ययन करना।

6. विभिन्न वाद्ययंत्रों की सूची बनाकर दर्शाइये कि उन वाद्य यंत्रों के कौन से भाग में कम्पन होता है।

7. तरंग मशीन का मॉडल तैयार करके जल की सतह पर उत्पन्न होने वाली तरंग का सचित्र अध्ययन करना।

8. अपने क्षेत्र में पाये जाने वाले पक्षियों की चित्रात्मक सूची तैयार करके इनके आवास एवं वास-स्थान की जानकारी प्राप्त करना।

9. (D.N.A.) (डी ऑक्सी राइबोन्यूक्लिक अम्ल) का मॉडल तैयार करना। 10. स्थानीय जल प्रदूषण के कारणों की जानकारी प्राप्त करना एवं प्रोटोजोएन्स, मछली, एल्गी पर जल प्रदूषण के प्रभाव का अध्ययन।

11. प्याज की झिल्ली की अभिरंजित स्लाइड बनाकर सूक्ष्मदर्शीय प्रेक्षण द्वारा कोशिका की संरचना का अध्ययन।

12. एक चार्ट पेपर पर विभिन्न प्रकार की गति का सचित्र व सोदाहरण अध्ययन करना। 13. वैश्विक-तपन का मानव जीवन पर प्रभाव का सचित्र अध्ययन करना। 14. पर्यावरण प्रदूषण व ओजोन परत अपक्षय में रसायनों की भूमिका। 15. आस-पास के खेतों का भ्रमण करें तथा किसानों से पता लगायें कि वह किस फसल के लिये कौन-कौन से उर्वरक का प्रयोग करते हैं। इन उर्वरकों की पोषक तत्वों की सूची बनाइये।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- गणित

(कक्षा-9)

समय- 3 घंटा इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का प्रोजेक्ट कार्य होगा।

इकाई इकाई का नाम अंक

 I       संख्या पद्धति                                                                       12
 II       बीजगणित                                                                            22
III      निर्देशांक ज्यामिति                                                                 04
IV       ज्यामिति                                                                            16
V        मेन्सुरेशन                                                                          12
VI       सांख्यिकी                                                                           04
                                                                              योग . .        70
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 51

इकाई-1 : संख्या पद्धति 12 अंक

1. वास्तविक संख्याएँ प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्णांकों, परिमेय संख्याओं का संख्या रेखा पर निरूपण की समीक्षा।

आवर्ती/सांत दशमलव के रूप में परिमेय संख्याएँ। वास्तविक संख्याओं पर संक्रियाएँ।

2. अनावर्ती/असांत दशमलव के उदाहरण। अपरिमेय संख्याओ जैसे का अस्तित्व और उनका

3,2

संख्या रेखा पर निरूपण।

3. वास्तविक संख्या के nth root की परिभाषा।

4. दिये गये वास्तविक संख्या x के लिए का अस्तित्व और ज्यामितीय व्याख्या के साथ इसका संख्या

x

रेखा पर निरूपण।

1

1

xba 

yx 

5. तथा तरह के वास्तविक संख्याओं का परिमेयीकरण (संक्षिप्त अर्थों में) जहाँ x और y प्राकृतिक संख्याएँ हैं और a और b पूर्णांक है।

5. पूर्ण घात वाले घातांकों के नियम का पुनः स्मरण (पुनरावलोकन) करना। धन वास्तविक आधार वाले परिमेय घातांक (विशेष स्थितियों में ही, सामान्य नियमों की जानकारी रखना)।

इकाई-2 : बीजगणित 22 अंक 1. बहुपद-एक चर वाले बहुपदों की परिभाषा उदाहरण तथा प्रति उदाहरण के साथ, बहुपद के गुणांक। बहुपद के पद और शून्य बहुपद। एकपदीय, द्विपदीय तथा त्रिपदीय। बहुपद के शून्यक और गुणनखण्ड। गुणखण्डन प्रमेय का कथन और सत्यापन। ax2+bx+c, a0 का गुणनखण्ड जहां a, b और c वास्तविक संख्याएँ हैं और गुणनखण्ड प्रमेय द्वारा त्रिघात बहुपद का गुणनखण्ड।

बीजगणितीय व्यंजक और सर्वसमिकाओं का पुनः स्मरण। सर्वसमिकाओं का सत्यापन-

x2 – y2 = (x+y) (x–y)

(x+a) (x+b) = x2+(a+b)x+ab और बहुपद के गुणनखण्ड में इनका उपयोग।

2. दो चर राशियों में रैखिक समीकरण -

एक चर राशि में रैखिक समीकरण, दो चरों में रैखिक समीकरण की जानकारी। ax + by + c = 0 प्रकार के रैखिक समीकरण पर विशेष ध्यान। सिद्ध करना कि दो चर वाले रैखिक समीकरण के अनन्ततः अनेक हल होते हैं और उनके वास्तविक संख्याओं के क्रमिक युग्म में लिखे जाने की परख करना, उनका निरूपण तथा रेखा पर उनका अंकन। वास्तविक जीवन से संबंधित उदाहरण तथा समस्या प्रश्न। इकाई-3 : निर्देशांक ज्यामिति - 04 अंक कार्तीय तल, किसी बिन्दु के निर्देशांक, कार्तीय तल से सम्बन्धित नाम तथा पारिभाषिक शब्द (Term), संकेतन।

52 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-4 : ज्यामिति 16 अंक

(1) यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय -

भारत में ज्यामिति तथा यूक्लिड की ज्यामिति। इतिहास, यूक्लिड की परिभाषाएँ, अभिग्रहीत और अभिधारणाएँ।

यूक्लिड के पाँच अभिधारणाएँ। अभिधारणा और प्रमेय के बीच सम्बन्ध, उदाहरण

(अभिधारणा) 1. दिए हुए दो भिन्न बिन्दुओं से होकर एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है। (प्रमेय) 2. (सिद्ध करना) दो भिन्न रेखाओं में एक से अधिक बिन्दु उभयनिष्ठ नहीं हो सकते।

2. रेखा और कोण-

(क) यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो, तो इस प्रकार बने दोनों आसन्न कोणों का योग 1800 होता है और विपरीत भी सत्य हो।

(ख) यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं। (सिद्ध करना है) (ग) वे रेखाएँ जो एक ही रेखा के समान्तर हों, परस्पर समान्तर होती हैं।

3. त्रिभुज-

(क) दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण, दूसरे त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच के कोण के बराबर हों। (SAS सर्वांगसमता)

(ख) दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनकी अन्तर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के दो कोणों और उनकी अन्तर्गत भुजा के बराबर हों। ( ASA सर्वांगसमता )

(ग) यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ एक अन्य त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। ( SSS सर्वांगसमता )

(घ) यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। (RHS सर्वांगसमता )

(ड) किसी त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं। (च) किसी त्रिभुज में समान कोणों के सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं।

4. चतुर्भुज-

(क) किसी समान्तर चतुर्भुज का एक विकर्ण उसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित करता है। (ख) एक समान्तर चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं और विपरीत भी सत्य है। (ग) एक समान्तर चतुर्भुज में सम्मुख कोण बराबर होते हैं और विपरीत भी सत्य है। (घ) समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को (परस्पर) समद्विभाजित करते हैं और विपरीत भी सत्य है। (ङ) एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने वाला रेखाखण्ड तीसरी भुजा के समान्तर होता है तथा विपरीत भी सत्य है।

5. वृत्त-

(क) वृत्त की बराबर जीवाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अंतरित करती है तथा विपरीत भी सत्य है। (ख) एक वृत्त के केन्द्र से एक जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। वृत्त के केन्द्र से जीवा को समद्विभाजित करने के लिए खींची गयी रेखा जीवा पर लम्ब होती है।

(ग) एक वृत्त की (या सर्वांगसम वृत्तों की) बराबर जीवाएँ केन्द्र से (या केन्द्रों से) समान दूरी पर होती है। विपरीत भी सत्य है।

(घ) एक चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।

(ङ) एक ही वृत्तखण्ड के कोण बराबर होते हैं। (च) यदि दो बिन्दुओं को मिलाने वाला रेखाखण्ड, उसको अंतर्विष्ट करने वाली रेखा के एक ही ओर स्थित दो अन्य बिन्दुओं पर समान कोण अंतरित करें, तो चारों बिन्दु एक वृत्त पर स्थित होते हैं। (अर्थात वे चक्रीय होते हैं)

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 53

इकाई-6 : सांख्यिकी 04 अंक

    1.   सांख्यिकी- सारणीकृत, अवर्गीकृत/वर्गीकृत, बारम्बारता ग्राफ, बारम्बारता बहुभुज।
प्रोजेक्ट कार्य  अंक विभाजन
शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन
1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (परीक्षा + प्रोजक्ट)              अगस्त माह                         5+5 अंक
प्रोजेक्ट-
( ''भारत का परम्परागत गणित ज्ञान नामक पुस्तिका से तैयार करायें)
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(परीक्षा + प्रोजक्ट)             दिसम्बर माह                       5+5 अंक
3-चार मासिक परीक्षाएं                                                                                  10 अंक
    •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)  मई माह
    •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)       जुलाई माह
    •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह
    •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)       दिसम्बर माह
          चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
नोट-निम्नलिखित (बिन्दु 1 से 10 तक) में से कोई एक प्रोजेक्ट प्रत्येक छात्र से तैयार करायें। तथा एक प्रोजेक्ट
बिन्दु-11 से अनिवार्य रूप से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट अपने स्तर से भी दे सकते हैं।
(1)      विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों की वास्तुकला एवं निर्माण में भूमिका का अध्ययन करना।
(2)      मध्यकाल के किसी एक भारतीय गणितज्ञ (आर्यभट्‌ट, श्रीधराचार्य, महावीराचार्य आदि) के व्यक्तित्व एवं कृतित्व
         पर प्रकाश डालना।

1554 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 निर्धारित पुस्तक– कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्य एवं आंतरिक मूल्यांकन 2010=30 नोट :–दिये गये प्रोेजेक्ट सूची में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। प्रत्येक खण्ड में से एक प्रोजेक्ट कराना अनिवार्य है। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 05 अंक का होगा। 10 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर मासिक परीक्षा द्वारा होगा ः

1–पुस्तकालय व लेखाकर्म।

2–दोहरा लेखा प्रणाली-परिचय/सिद्धान्त।

3–रोजनामचा आशय व लेखाकर्मों के नियम।

4–तलपट बनाने की विधियाँ।

5–भारतीय बही खाता प्रणाली–कच्ची रोकड़ बही।

6–भारतीय बही खाता प्रणाली–पक्की रोकड़ बही।

7–जमा व नाम नकल बही।

8–व्यापारिक कार्यालय के कार्य।

9–प्रतिलिपिकरण की प्रणालियाँ।

10–व्यापारिक-पत्र के मुख्य अंग।

11–मुद्रा का जन्म व विकास।

12–मुद्रा के कार्य।

13–भारतीय मुद्रा प्रणाली का सामान्य परिचय।

14–अर्थशास्त्र के विभाग।

15–अर्थशास्त्र के अध्ययन से विभिन्न वर्गों के लाभ।

'ौक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य)                       अगस्त माह                10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य तथा परीक्षा)          दिसम्बर माह              10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- चित्रकला

कक्षा–9

20 अंको का बहुविकल्पीय परीक्षा भी होगी, जिसका उत्तर OMR Sheet पर दिया जायेगा। इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घंटे का होगा। प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें से किन्ही दो खण्डों के प्रश्न करने होंगे।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 55

30 अंक खण्ड–क (प्राविधिक)

इस खण्ड में कुल पाँच प्रश्न होंगे, जिसमें से कुल तीन प्रश्न करने होंगे। 15 अंकों का अक्षर लेखन अनिवार्य होगा। शेष प्रश्न 10-10 अंकों के होंगे :–

1– रेखाओं तथा कोणों पर आधारित ज्यामितीय निर्देश।

2– अनुपात तथा समानुपात (रेखा तथा कोण)।

3– त्रिभुज (समद्विबाहु, समबाहु आदि)।

4– चतुर्भुज (वर्ग, आयत, पतंगाकार आदि)।

5– बहुभुज (पंचभुज आदि)।

6– अक्षर लेखन (बड़े अक्षर एवं तिरछे)।

30 अंक खण्ड– ख (आलेखन)

दिये गये वर्ग अथवा आयत में एक या दो आवृत्ति के किसी भारतीय पुष्प (कमल, सूरजमुखी, गुलाब, कनेर, जीनिया, डहेलिया आदि) पर आधारित मौलिक आलेखन वस्त्र पर छपाई (टेक्सटाइल डिजाइन) अथवा अल्पना के दृष्टिकोण से तैयार करना।

चित्र दो सपाट रंगों में पूर्ण किया जाये।

खण्ड–ग (मानव आकृति)

1010꞊ 20 अंक साधारण पृष्ठ भूमि में सम्पूर्ण आकृति के एक वर्गीय (मोनोक्रोम) चित्रांकन, बालक, किशोर, युवा अथवा वृद्ध (स्त्री, पुरुष) का स्मृति से दिये गये विषय के अनुसार चित्र बनाया जाये। चित्र पेंसिल, क्रेयान अथवा काली स्याही (ब्लैक स्केच पेन) से लगभग पूरे पृष्ठ पर बनाया जाये। मानव शरीर एवं उसके विविध अंगों के अनुपात पर ध्यान दिया जाये।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट ः–परियोजना कार्य तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें से किन्हीं दो खण्डों से दो परियोजना कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। प्रत्येक परियोजना कार्य पाँच अंक का है। इसके अतिरिक्त 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है।

परियोजना कार्य सैद्धान्तिक, तकनीकी कौशल तथा माध्यम (जलरंग, पोस्टर रंग, पेंसल, चारकोल, क्रेयान, इंक आदि) के उपयुक्त प्रयोग पर आधारित होगा।

परियोजना कार्य में संयोजन, सौन्दर्य (आकर्षण) अनुपात, लय के सिद्धान्तों का ध्यान रखते हुये पूर्ण किया जाये।

खण्ड–क (प्राविधिक)

1–रेखाओं एवं कोणों पर आधारित किसी वास्तु (आर्कीटेक्चर) की परिकल्पना करें और उसके पाश्र्व को ज्यामितीय आधार पर पूर्ण करें जिससे यह ज्ञात हो कि ज्यामितीय ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग विद्यार्थी कर सकेगा। 2–त्रिभुज एवं उसके वैविध्य का ज्ञान पर बने हेतु सिटी स्केप, लैण्ड स्केप के ज्यामितीय आरेख बनाये जो पूर्णतः त्रिभुजाकार में हो। 3–वर्ग/आयत (चतुर्भुज) के क्षेत्रफल ज्ञात करने की विधि को उदाहरण सहित व्यक्त करें जिससे यह ज्ञात हो कि विद्यार्थी इसका व्यावहारिक उपयोग कर सकेगा। 4–बहुभुज की उपयोगिता को सिद्ध करने वाले कोई 10 उदाहरण दें और उसे सचित्र वर्णन करेंं।

12 ङ56 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 5–विद्यार्थी के अक्षर लेखन (Calligraphy) के परख करने के लिये कम से कम बीस वाक्य लिखें जो कलात्मक, कोंणात्मक, तिरछा, अलंकारिक आदि प्रकार के हों।

खण्ड–ख (आलेखन)

6–आलेखन की उपयोगिता को रेखांकित करते हुये किसी वर्ग अथवा आयत में भारतीय पुष्पों के साथ एक मौलिक वस्त्र छपाई (टेक्सटाइल डिजाइन) की रचना करें।

7–कोई अल्पना या रंगोली की रचना करें जो चूर्णित, शुष्क एवं आदर््र माध्यम के साथ पूर्ण किया जाय।

8–अलंकारिक एवं ज्यामितीय आलेखन की रचना करें, उसे जलरंग द्वारा पूर्ण करें।

9–पेंसिल एवं चारकोल द्वारा आलेखन तैयार करें जिसमें रंग का उपयोग न हो किन्तु आकर्षण एवं लय की स्थिति कायम रहे।

10–पोस्टर कलर अथवा वैक्स कलर के साथ अल्पना की रचना करें (वैक्स का टेक्चर यथावत्‌ रखें उसे मिलाइये नहीं)।

खण्ड–ग (मानव आकृति)

11–एक वर्णीय (मोनोक्रोम) चित्रण पद्धति द्वारा बालक, किशोर, वृद्ध, पुरुष की मानव आकृति सृजित करेें।

12–पेंसिल, चारकोल, वैक्स द्वारा बालिका, किशोरी एवं वृद्धा की आकृति सृजित करें।

13–पेंसिल अथवा पेन द्वारा कार्यरत मानव आकृति का शीघ्रता में रेखांकन किया जाय जिसमें गति का बोध हो।

14–स्त्री, पुरूष, बालक-बालिका के शरीरानुपात को ध्यान में रखते हुये जलरंगी चित्रण करें।

15–किसी स्त्री-पुरूष, बच्चा-बच्ची का वास्तविक चित्र अंकित करें तथा पुनः उसी को कार्टून में परिवर्तित करेें।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (दो प्रोजेक्ट कार्य प्रत्येक 05 अंक का) अगस्त माह 10 अंक (55)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(एक प्रोजेक्ट कार्य तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                         मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                              जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                       नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                             दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-रंजन कला

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घन्टे का होगा। प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा जिसमें से किन्हीं दो खण्डों के प्रश्न हल करने होंगे।

खण्ड–क (चित्र संयोजन) 45 अंक भारतीय चित्रण शैली अथवा स्वतन्त्र शैली में काल्पनिक चित्र जिसमें कम से कम एक मानव आकृति एवं पृष्ठ भूमि में साधारण दृश्य अंकित किये जायें। दिये जल रंग अथवा पोस्टर रंग में तैयार किया जाये। चित्र लगभग पूरे पृष्ठ पर बनाया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 57

खण्ड–ख (वस्तु चित्रण) 25 अंक

साधारण जीवन में दैनिक उपभोग की घरेलू वस्तुयें, पालतू जानवर, साग-सब्जी और फल-फूल आदि किन्हीं दो वस्तुओं का स्मृति से चित्र, छाया प्रकाश दर्शाते हुये अंकित करना। चित्र एक वर्ण (मोनोक्रोम) पेंसिल, क्रेयान, काली स्याही में चित्रित किया जाये।

खण्ड–ग (चित्रकला के मूलतत्व) 25 अंक इस खण्ड में पाँच प्रश्न होंगे, जिसमें से कुल तीन प्रश्न करने होंगे।

(1) रेखा (Line)A

(2) रंग या वर्ण (Colour)A

(3) तान (Tone)A

(4) पोत (Texture)A

(5) आकृति (Form)A

(6) अन्तराल (Space)A (7) षडंग (चित्रकला के 6 अंग)।

पुस्तकें :–कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें। प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन के अन्तर्गत 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये तथा 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

प्रोजेक्ट कार्य की सूची

नोट :–निम्नलिखित में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 5 अंक का है।

निम्नलिखित कथनों के रंगीन पोस्टर बनाकर घर में एवं विद्यालय में लगायें :– (1) जल ही जीवन है। (2) अधिक अन्न उपजाओ। (3) सच बोलो। (4) प्रातः उठो। (5) बड़ों का आदर करो। (6) किसी भारतीय चित्रकार का चित्रकला में योगदान। (7) सड़क सुरक्षा के संकेतकों एवं टै्रफिक सिग्नल को दर्शाना।

प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक

'ौक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (दो प्रोजेक्ट कार्य प्रत्येक 05 अंक का) अगस्त माह 10 अंक (55)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(एक प्रोजेक्ट कार्य तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                    मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                         जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                  नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                        दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
58 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-9

(केवल बालिकाओं के लिये)

इस विषय में एक प्रश्न-पत्र 70 अंकों का तथा समय तीन घण्टे का होगा।

क्रम संख्या इकाई अंक 1 गृह प्रबन्ध 15 2 स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात 15 10 3 वस्त्र और सूत विज्ञान 4 भोजन तथा पोषण विज्ञान 15 5 प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15 कुल योग-70 अंक

प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन– 30 अंक

योग–100 अंक

15

1–गृह प्रबन्ध

(1) गृह विज्ञान के तत्व और क्षेत्र।

(2) व्यवस्था की परिभाषा गृह और परिवार के सम्बन्ध में।

(3) कार्य व्यवस्था, प्रभाव डालने वाले कारक, साधन, पारिवारिक आय, परिवार–

कल्याण, परिवार के सदस्यों की संख्या और उनका व्यवहार एवं अभिरुचि।

(4) अर्थ व्यवस्था–परिवार की मूलभूत आवश्यकतायें।

15

2–स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात (1) स्वास्थ्य की परिभाषा, व्यक्तिगत स्वास्थ्य की देखरेख और रक्षा। व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता एवं भोजन और स्वास्थ्य।

(2) स्थानीय स्वास्थ्य संस्थाओं का प्रशासन और सेवायें, उनसे सहायता प्राप्त करना।

(3) वायु–शुद्ध वायु का महत्व तथा संचालन, पर्यावरण एवं प्रदूषण का जन जीवन पर प्रभाव।

(4) अशुद्ध वायु से होने वाले रोग।

(5) यातायात सम्बन्धी नियम-सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित शर्तों को समझना, मोटर वाहनों द्वारा सड़क का उपयोग करने वाले अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के प्रति कर्तव्य, मार्ग अधिकारः समझ-बाएँ मुड़े, दाएँ मुडे़ और यू-टर्न।

10

3–वस्त्र और सूत विज्ञान

(1) कपड़ों के तन्तु, कपड़ों के प्रकार, जीवन में उनका प्रयोग।

(2) व्यक्तिगत सज्जा–उचित वेष-भूषा (मौसम और अवसर के अनुकूल) व्यक्तिगत वेश-भूषा।

15

4–भोजन तथा पोषण विज्ञान

(1) निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का संगठन, वर्गीकरण, उनके कार्य, अनाज, दालें और मेवे, सब्जी और फल, दूध और दूध से बने पदार्थ, वसा और तेल, माँस, मछली, अंडे, जंक फूड।

(2) संतुलित आहार-कुपोषण एवं कुपोषण जनित व्याधियाँ-एनीमिया, क्वाशरकोर, मेरेस्मस, सूखा रोग, रतौंधी स्कर्वी आदि, कम खाना (एनारैक्सिया नरवोसा) और अतिसार (बुलिमिया नरवोसा)

5–प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15

(1) प्राथमिक चिकित्सा के मुख्य सिद्धान्त। (2) सामान्य घरेलू दुर्घटनायें और उनसे बचाव। (3) सामान्य घरेलू देशज औषधियाँ।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 59

(4) तिकोनी एवं लम्बी पटि्‌टयाँ और उनका प्रयोग।

(5) गृह परिचर्या की परिभाषा–परिचारिका के गुण।

(6) रोगी का कमरा–चुनाव तैयारी, सफाई और प्रकाश का प्रबन्ध। (7) बिस्तर, बिस्तर लगाना, चादर बदलना। प्रयोगात्मक 15 प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा।

खण्ड (क) वस्त्र और सूत विज्ञान

1–कपड़ों के पाँच विभिन्न प्रकार के नमूनों की पहचान एवं संग्रह।

2–किन्हीं छः विभिन्न फैन्सी टांकों से किसी एक वस्तु की कढ़ाई करना।

3–बची खुची एवं निष्प्रयोज्य सामग्री द्वारा सजावट की कोई एक वस्तु तैयार करना।

खण्ड (ख) भोजन तथा पोषण विज्ञान

1–पाचन अंगों का चित्रांकन।

2–प्रत्येक खाद्य तत्वों का संकलन चार्ट द्वारा।

3–छात्रा (किशोरी) के एक दिन के संतुलित आहार की तालिका बनाना चार्ट द्वारा।

खण्ड (ग) (प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या)

1–तिकोनी पट्‌टी का प्रयोग (सिर, हथेली, कोहनी, एड़ी एवं घुटने की पट्‌टी) खपच्चियों का प्रयोग। 2–बिस्तर लगाना और चादर बदलना।

निर्धारित पाठ्‌य पुस्तकें– कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यार्थियों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्यों की सूची नोट ः–दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से करायें। प्रोजेक्ट कार्यों की फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रोजेक्ट पाँच अंक का है। शिक्षक पाठ्‌यक्रम से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। प्रोजेक्ट कार्य का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

1–गृह विज्ञान में समावेश होने वाले विषयों की सूची बनाइये।

2–स्वास्थ्य कार्यों में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं की भूमिका।

3–वायु प्रदूषण–प्रदूषण के कारण, प्रभाव तथा रोकथाम के उपाय में आपकी भूमिका।

4–दर्जी से कपड़े एकत्र करना एवं वानस्पतिक तन्तु, जान्तव तन्तु एवं कृत्रिम तन्तु को तालिकाबद्ध करना।

5–किशोरावस्था (13 से 18 वर्ष) के लिये एक दिन का संतुलित आहार का चार्ट तैयार करना। 6–एक चार्ट पेपर पर पाचन तंत्र का नामांकित चित्र बनाना।

7–वाटर फिल्टर एवं एक्वागार्ड का उपयोग।

8–प्राथमिक उपचार बॉक्स तैयार करना।

9–एक चार्ट पेपर पर तन्तुओं के वर्गीकरण को दर्शाना एवं पाठ्‌यक्रमानुसार तन्तुओं को चिपकाना। 10–बच्चों से उनके एक दिन के आहार की सूची तैयार करना एवं उसमें विद्यमान पोषक तत्वों को सूचीबद्ध करना।

11–दूध एक पूर्ण आहार है, चार्ट द्वारा प्रस्तुत करना।

12–गृह परिचारिका के गुणों की सूची बनाना।

60 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक ) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-9

(बालकों के लिए तथा उन बालिकाओं के लिए जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया हैं) पाठ्‌यक्रम एवं पाठ्‌य पुस्तकों की स्थिति वही रहेगी जो इस विवरण पत्रिका में गृहविज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए) विषय हेतु निर्धारित है।

विषय-मानव विज्ञान

(कक्षा-9)

इस विषय में एक प्रश्न-पत्र 70 अंकों का होगा। प्रश्न-पत्र तीन घंटे का होगा।

(पुरातात्विक मानव विज्ञान) पूर्णांक : 70 अंक इकाई–1 (क) पृथ्वी पर मानव जीवन का आरम्भ एवं भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन की कालावधि। 5 (ख) आरम्भिक प्रति नूतन काल में मानव जीवन की विद्यमानता के प्रमाण 10 (1) मानव जीवाष्म अवशेष। (2) मानव निर्मित उपकरण। इकाई–2

पृथ्वी पर हिमयुग

10

10 5 10 (क) काल, अवधि, क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन क्रम एवं संख्या, प्राणी जीवन एवं वनस्पतियाँ। 10 (ख) हिमयुग के घटित होने के प्रमाण 10 (1) हिमनद। (2) मोरेन। (3) नदी सोपान। (ग) पर्यावरणीय विषमता और मानव अस्तित्व, आवास, भोजन संग्रहण, घुमन्तू जीवन, वृन्द समूह, आत्मभिव्यक्ति हेतु कला का आरम्भ। इकाई–3 (क) होलोसीन (अतिनूतन काल) की पर्यावरणीय विशेषतायें। (ख) उपकरण तथा अन्य प्रमुख सांस्कृतिक उपलब्धियाँ। (ग) ऐतिहासिक कालावधि के अन्तर्गत मध्यपाषाण, नवपाषाण। पाठ्‌य पुस्तकें– कोई भी पुस्तक निर्धारित एवं संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालय के प्रधान/विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्य इस विषय में 30 अंक का प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन होगा। विषय अध्यापक दिये गये प्रोजेक्ट में से तीन प्रोजेक्ट अवश्य तैयार करायें। विषय अध्यापक छात्र हित में अपने स्तर पर कोई अन्य प्रोजेक्ट भी करा सकते हैं– (1) पर्यावरणीय विषमता और मानव अस्तित्व। (2) प्राणी जीवन एवं वनस्पतियाँ।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 61

(3) मानव जीवाश्म अवशेष। (4) होलोसीन की पर्यावरणीय विशेषतायें। (5) हिमनद एवं हिमयुग। (6) मानव निर्मित उपकरण का वर्गीकरण। (7) घुमन्तू जीवन।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक ) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कश्मीरी

कक्षा-9

5 निम्नलिखित का अध्ययन किया जाना है- (1) वचन (2) लिंग 5 (3) समानार्थक एवं विपरीतार्थक 5 (4)पाठ्‌य पुस्तक में वर्णित शब्दों का प्रयोग 3 (5) काल 2

10 2-पैराग्राफ लेखन-

दिये हुए तीन विषयों पर 50 शब्दों का पैराग्राफ लेखन

05 3-लिपि एवं वर्तनी-

दिये हुए लगभग 30 शब्दों के पाठ्‌यांश में उल्लिखित विशिष्ट चिन्हों वाले शब्दों तथा वर्तनी को शुद्ध करना-

भाग (ब) 35 अंक

1-गद्य-

निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे- (1) काशीर (2) काशीर-जुबान व अदब (3) बादशाह (4) काशीर तालमी निम्न प्रकार से प्रश्न पूँछे जाये- (क) पाठ्‌य पुस्तक से दिये गये पाठ्‌यांश का अंग्रेजी/उर्दू/हिन्दी में अनुवाद 5 (ख) गद्य पाठ का संक्षिप्तीकरण 5 (ग) पाठ्‌य पुस्तक से प्रश्न

10 2-पद्य-

निम्नलिखित पद्यों का अध्ययन किया जाय- (1) बख-त-सुरकी (2) पम्पेरीनामा (3) बाहर आओ62 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 10 5 (4) काशीर जुबान (5) इसान कम (6) रूबाई (जी0आर0 नजस्की) निम्न प्रकार से प्रश्न पूंछे जायेंगे- (अ) दिये गये पद्यांश को गद्यांश में बदलना। (ब) पद्य का संक्षिप्तीकरण निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक- (1) कशूर निषाद (कक्षा-09 तथा 10 के लिए) प्रकाशक-जे ऐण्ड के स्टेट बोर्ड आफ हाईस्कूल एण्ड इण्टरमीडिएट बोर्ड

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                      जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-संगीत (गायन)

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न.पत्र तीन घंटे का होगा।

शास्त्रीय शब्दावली की परिभाषा एवं व्याख्या, संगीत स्वर, सप्तक, शुद्ध और विकृत स्वर, अलंकार, आलाप, विवादी, पकड़, राग, जाति, औड़व, षाडव, सम्पूर्ण, ताल, मात्रा, लय, पाठ्‌यक्रम के रागों का परिचय। 1–संगीत का इतिहास एवं रागों का अध्ययन।

2–पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषता, स्वर, विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त।

3–रागों के आलाप तान लिखने की योग्यता।

4–तालों का ताल परिचय लिखने की तथा इगुन, दुगुन, लय में लिखने (कहरवा, झपताल, तीनताल) की योग्यता होनी चाहिये।

5–गीतों का सरल आलाप, तान सहित लिपिबद्ध करने की योग्यता।

6–स्वर समूहों के छोटे-छोटे टुकड़ों के आधार पर राग पहचानने की योग्यता।

7–अमीर खुसरो एवं भातखण्डे की जीवनी।

8–राग यमन तथा खमाज रागों का विस्तृत अध्ययन, प्रत्येक में एक-एक गीत के साथ तीन-तीन आलाप एवं चार-चार तान तालबद्ध करके गाने की योग्यता।

9–बिलावल, भूपाली, आसावरी, रागों का परिचय एवं प्रत्येक का गीत स्वर लिपि सहित लिखने एवं गाने की योग्यता।

10–प्रत्येक राग का सरगम गीत तथा लक्षण गीत सिखाया जाना चाहिये।

11–प्रत्येक रागों का आरोह-अवरोह पकड़ गाना आना चाहिये।

नोट :–उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों पर आधारित प्रयोगात्मक परीक्षा ली जायेगी जो 10 अंकों की होगी तथा 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये निर्धारित है जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 63

प्रोजेक्ट कार्य नोट :–निम्नलिखित में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं। 1–सप्तक के तीन प्रकार, प्रत्येक सप्तक के स्वर चिन्ह तथा एक सप्तक की दूसरे सप्तक से ऊँचाई अथवा निचाई को स्वरों की आन्दोलन संख्याओं के माध्यम से प्रदर्शित कीजिये। 2–हिन्दुस्तानी संगीत के दस थाटों के नाम तथा प्रत्येक थाट के स्वरों को तालिकाबद्ध कीजिये। 3–चार प्राचीन संगीत वाद्यों के चित्र एकत्र कीजिये तथा उनके नामों का उल्लेख करते हुये उन्हें अपनी स्क्रैप बुक में चिपकाइये। 4–चार आधुनिक वाद्य यन्त्रों के विषय में लिखिये तथा उनके चित्र भी चिपकाइये। 5–एक चार्ट पेपर पर तानपुरे का चित्रण कीजिये तथा उनके अंगों का उल्लेख करते हुये उन्हे अपनी स्क्रैप बुक में चिपकायेे। 6–श्री विष्णु नारायण भातखण्डे द्वारा रचित संगीत पुस्तकों की एक सूची तैयार कीजिये। 7–स्वरों के शुद्ध एवं विकृत प्रकारों को चार्ट पेपर पर अंकित कीजिये। 8–चार प्रमुख भारतीय नृत्य शैलियों के नाम, चित्र एवं उनसे सम्बन्धित शीर्ष कलाकारों के नाम स्क्रैप बुक में अंकित कीजिये। 9–एक चार्ट पेपर पर तबले का चित्र बनाइये तथा अंगों के नाम दर्शाइये। 10–गायन से सम्बन्धित कुछ नवीन कलाकारों के नाम एकत्र कीजिये। शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- संगीत (वादन)

(कक्षा-9) खण्डों का अंक विभाजन नहीं है।

संगीत वादन पाठ्‌यक्रम दो भागों में क्रमशः प्रथम भाग अवनद्ध वाद्य (तबला एवं पखावज) तथा द्वितीय भाग तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य लेने वाले विद्यार्थियों के लिये निर्धारित है-

प्रथम भाग-अवनद्ध भाग (तबला एवं पखावज) हेतु

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न.पत्र तीन घंटे का होगा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट/आन्तरिक मूल्यांकन कार्य होगा। पूर्णांक- 100 अंक

खण्ड-क

शास्त्रीय शब्दों की परिभाषा एवं व्याख्या– मात्रा, लय, खाली, ताली (भारी), सम, ताल, तिहाई, टुकड़ा, परन।

खण्ड-ख

संगीत का इतिहास एवं रागों का अध्ययन– 1–वादन पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषतायें– 2–तालों के टुकड़े, परन आदि लिखने तथा बजाने की योग्यता। 3- ठेके के कुछ बोलों के आधार पर तालों को पहचानने की योग्यता। 4–अमीर खुसरो एवं भातखण्डे की जीवनी, तबला, पखावज या मृदंग में से कोई एक वाद्य ले सकता है। 5–तबला और पखावज–(अपने वाद्यों के अंगों का सचित्र वर्णन तथा मिलाने की विधि का ज्ञान)– (1) तीनताल, एकताल, झपताल में से प्रत्येक में दो कायदा, दो टुकड़े और दो तिहाइयाँ लिखने तथा बजाने की योग्यता।

(2) दादरा, रूपक एवं सूलताल तालों के साधारण ठेके तथा उनकी दुगुन में ताली देकर बोलने का अभ्यास।

13 ङ64 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 (3) तीनताल, झपताल, दादरा, एकताल से परिचित होना चाहिये। (4) भारतीय वाद्यों का वर्गीकरण।

नोट :–उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों की आन्तरिक प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। जिसके लिये 10 अंक निर्धारित किये गये हैं तथा 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये हैं। इनका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :– किन्हीं तीन का चयन कर प्रोजेक्ट तैयार कीजिये। 1–अपने वाद्य को सचित्र चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिये। 2–हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के संगीत में दिये योगदान को वर्णित कीजिये। 3–खुले बोल व बन्द बोलों की तालों को उदाहरण सहित अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिये। 4–वाद्यों के वर्गीकरण को समझाते हुये प्रत्येक प्रकारों के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइये। 5–अपने वाद्य की परम्परा को बताते हुये किसी प्रसिद्ध घराने की चर्चा कीजिये। 6–उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध कलाकारों की सूची बनाकर उनको दिये जाने वाले पुरस्कार व क्षेत्र को बताइये। 7–किसी महान संगीतज्ञ का चित्र बनाकर संक्षिप्त जीवन परिचय चार्ट के माध्यम से दीजिये। 8–किसी संगीत समारोह का आँखों देखा हाल अपने शब्दों में वर्णित कीजिये। 9–संगीत के किसी एक वाद्य का मॉडल बनाइये। 10–शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध वाद्यों के चित्र एकत्रित कर उन्हें बजाने वाले कलाकारों के नाम चित्र सहित सम्मुख लगाइये।

द्वितीय भाग-(तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य) हेतु

(सितार, सरोद, सारंगी, इसराज अथवा दिलरूबा, वायलिन, बाँसुरी, गिटार आदि)

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न पत्र 3 घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट/लिखित प्रयोगात्मक) कार्य किया जायेगा। पूर्णांक-100

खण्ड-क

शास्त्रीय शब्दों की परिभाषा एवं व्याख्या- संगीत, श्रुति, थाट, पकड़, जमजमा स्वर (शुद्ध एवं विकृत), आलाप, राग, आरोह, अवरोह, वादी, संवादी, तोड़ा, मात्रा, लय, खाली, ताली, सम, तिहाई। संगीत का इतिहास एवं रागों का अध्ययन- 1- चयनित वाद्य के अंगों का सचित्र वर्णन एवं वाद्य मिलाने की विधि। जीवनी- अमीर खुसरो, पं0 विष्णु नारायण भातखण्डे। 2- भारतीय वाद्यों का वर्गीकरण। 3- गत की परिभाषा एवं प्रकारों का अध्ययन। 4- स्वर समूहों के माध्यम से रागों को पहचानने की योग्यता। 5- वादन पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषतायें- स्वर विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त। 6- गत को लिपिबद्ध करने की योग्यता (सरल स्वर विस्तार एवं तोड़ों के साथ) 7- राग यमन एवं खमाज राग का विस्तृत अध्ययन। 8- राग बिलावल एवं असावरी राग का सामान्य अध्ययन। 9- तालें-झपताल, ताल दादरा, कहरवा ताल, एक ताल का ज्ञान। 10- भूपाली राग में आरोह, अवरोह, पकड़ लिखने की योग्यता। नोट- उपर्युक्त निर्धारित रागों की आन्तरिक परीक्षा विद्यालय स्तर पर होगी।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :– किन्हीं तीन का चयन कर प्रोजेक्ट तैयार कीजिये। 1–अपने वाद्य को सचित्र चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिये। 2–हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के संगीत में दिये योगदान को वर्णित कीजिये।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 65

3–खुले बोल व बन्द बोलों की तालों को उदाहरण सहित अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिये। 4–वाद्यों के वर्गीकरण को समझाते हुये प्रत्येक प्रकारों के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइये। 5–अपने वाद्य की परम्परा को बताते हुये किसी प्रसिद्ध घराने की चर्चा कीजिये। 6–उत्तर भारतीय हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध कलाकारों की सूची बनाकर उनको दिये जाने वाले पुरस्कार व क्षेत्र को बताइये। 7–किसी महान संगीतज्ञ का चित्र बनाकर संक्षिप्त जीवन परिचय चार्ट के माध्यम से दीजिये। 8–किसी संगीत समारोह का आँखों देखा हाल अपने शब्दों में वर्णित कीजिये। 9–संगीत के किसी एक वाद्य का मॉडल बनाइये। 10–शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध वाद्यों के चित्र एकत्रित कर उन्हें बजाने वाले कलाकारों के नाम चित्र सहित सम्मुख लगाइये। 11- चल ठाठ व अचल ठाठ के सितार को समझाये। शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रोजेक्ट तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

वषिय-सलिाई

(कक्षा-9)

इस वषिय में 70 अंकों की लखिति परीक्षा एंि 30 अंक आन्तररक मूलयांकन का होगा। न्यूनतम उत्र्तीाांक

क्रमशः 23 एंि 10 कु िंतथा उत्तीर्णांक 33 अंक हैं।

र्पूाांक 100

नोट: 70 अंकों की लखिति परीक्षा में एक अंक के 20 बहुवकिलपीय प्रश्न (ंिड अ) खनिके उत्तर OMR शीट पर देने होंगे, 50 अंक के वर्णानात्मक प्रश्न (ंिड ब; अलतघिु-9x2, घिु-5x4, दीघघ उत्तरीय–2x6) होंगे।

इकाई

        1-वलिन्नि प्रकार के  कपडों (सूती, ऊनी, रेशमी, लसन्थेटटक) के  तन्तु िउनकी वशिेषतायें।          7 अंक
        2-सूती, ऊनी, रेशमी, लसन्थेटटक कपडों पर ोिहा (प्रेस) करने की वलि।ि                           7 अंक
        3-लसािई में प्रयोग होने ािीि सामग्री का ज्ञान।                                               7 अंक
        4-ािगे का ज्ञान।                                                                              7 अंक
        5-पयाघर्रि सुरक्षा अथघ स्रिूप तथा पयाघर्रि और लसािई का सम्बन्।ि                             7 अंक
        6-प्रदूर्ष क्या है? उनके  वलिन्नि प्रकार का प्राि।ि                                           7 अंक
        7-लसािई टयिा के  समय प्रदूर्ष के  असिर।                                                       7 अंक
        8- मान िशरीर- प्रकार एंि गठन।                                                                 7 अंक
        9-नाप ेिने की प्र्राीि- प्रत्यक्ष प्र्राीि तथा अप्रत्यक्ष प्र्राीि                            7 अंक
        10-सादा  पायािमा,  पेटीकोट,  बंगाि  कु ताघ,  फ्रॉक,  पररािनों  की  नाप  लनििा,  रेाि  लत्रि  बनाना  तथा  पेपर
कटटंग करना।                                                                                          7 अंक

प्रयोगात्मक पाठ्यक्रम: प्रयोगात्मक परीक्षा का मूलयांकन वद्यिायि स्तर पर आन्तररक होगा।

1-पेपर कटटंग- सादा पायािमा, पेटीकोट, बंगाि कु ताघ, फ्रॉक सम्बखन्ति पररािनों के नापों की ािनकारी एंि

रेािलत्रि बनाने का अभ्यास।

66 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

2-पेटीकोट, फ्रॉक, पायािमा, प्रेलसंग उपकर्रों की ािनकारी एंि उपयोलगता स्त्रिों की लसािई सम्बन्ीि पररािनों की हाथ लसािई, का,ि बटन एंि र्पूघ रूर्पे टलिनलशंग का ज्ञान एंि अभ्यास करना।

प्रोजेक्ट कायों की ूिची-

नोट: टदये गये प्रोेिक्ट सूीि में से कोई तीन प्रोेिक्ट छात्रों से करायें, प्रोेिक्ट कायों की ािइ ितैयार करना अलनाियघ होगा।

1-वलिन्नि प्रकार के स्त्रि (ऊनी, सूती, रेशमी, नायािन) पर ,िि साबुन एंि ोिने की वलि िका प्राि ि 2- लसािई एक काि

3- लसािई टकट

4-ािगों का गिीकर्र

5-पयाघर्रि और लसािई।

6-लसािई एंि सािटिी टााँके

7-लसािई एंि सािटिी सामान

8-स्त्रिो का नीिनीकर्र

9-एक ािइ ितैयार करें खसिमें पाठ्यमिानुसार सीि स्त्रिों की नाप एंि पेपर कटटंग गिायें। 10-एक ािइ ि तैयार करें खसिमें पाठ्यमिानुसार सीि स्त्रिों की नाप लेििं एंि छोटे-छोटे स्त्रि लस ि कर गिायें।

आन्तररक मूलयांकन लनम्नति कराये ािने की संस्तुलत की ािती है- शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1.प्रथम आन्तरकि मूलयाांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोेिक्ट कायघ अगस्त माह 10 अंक (5+5) 2- द्वतिीय आन्तरकि मूलयाांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोेिक्ट कायघ टदसम्बर माह 10अंक (5+5) 3- चा िमासकि पीिक्षाएां 10 अंक i . प्रथम मालसक परीक्षा (बहुवकिलपीयप्रश्नों (MCQ) के आािर पर) मई i i . टतिीय मालसक परीक्षा र्(घिनात्मक परीक्षा के आािर पर) ुिािई

i i i . तृतीय मालसक परीक्षा (बहुवकिलपीयप्रश्नों (MCQ) के आािर पर) नम्बिर i v. तिुथघ मालसक परीक्षा र्(घिनात्मक परीक्षा के आािर पर) टदसम्बर ािरों मालसक परीक्षाओं के प्राप्ांकों के योग को 10 अंकों में पररलितघत टकया ािय।

विषय-कम्प्यूटर

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न पत्र तीन घंटे का होगा।

1- कम्प्यूटर फंडामेटल्स एवं अनुप्रयोग 10 अंक

A) 1.1 कम्प्यूटर परिचय एवं विकास

1.2 कम्प्यूटर के प्रकार एवं आर्किटेक्चर 1.3 हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर एवम उनके प्रकार 1.4 नंबर सिस्टम : बाइनरी, डेसीमल, ओक्टल, हेक्सा डेसीमल प्रणाली

1.5 बाइनरी एवम्‌ डेसीमल प्रणाली में परस्पर रूपांतरण (फ्रेक्शनल कन्वर्जन सहित)

B) 1.6 बाइनरी ऑपरेशन (जोडना, घटाना, गुणा, भाग) 10 अंक 1.7 लॉजिकल ऑपरेटर्स (AND, OR, NOT, NAND, NOR) और उनकी ट्रुथ टेबलभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 67

2- ऑपरेटिंग सिस्टम

A) 2-1 ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय (विंडोज एवं लाइनेक्स) 10 अंक 2-3 ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य, प्रकार एवं अवयव

2.3 लाइनेक्स का इतिहास, मौलिक गुण एवं विषेषताएं

2.4 लाइनेक्स का स्वरूप ( GUI और CLI )

B) 2.5 लाइनेक्स : इंटरनल कमांड 10 अंक 2.6 लाइनेक्स : एक्सटरनल कमांड

2.7 वीं- आइ टेक्स्ट एडिटर

3 ऑफिस से परिचय 10 अंक

3.1 वर्ड प्रोसेसिंग के तत्व एवं विधि

3.2 प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर के तत्व एवं विधि

3.3 स्प्रैडशीट के तत्व एवं चार्ट निमार्ण

4 प्रोग्रामिंग तकनीक 10 अंक

4.1 प्रोग्रामिंग तकनीक का परिचय

4.2 एल्गोरिथम, फ्लोचार्ट, सुडोकोड एवं डिसीजन टेबल

4.3 प्रोग्रामिंग लैंगवेज का परिचय

5- कम्प्यूटर कम्युनिकेशन एवम्‌ नेटवर्क 10 अंक

5.1 प्राथमिक संचार मॉडल एवम्‌ उनके प्रकार

5.2 कम्युनिकेशन मीडिया (सिम्प्लेक्स और पूर्ण डूप्लेक्स)

5.3 नेटवर्क की परिभाषा

5.4 नेटवर्क के प्रकार (LAN, MAN,WAN)

5.5 नेटवर्क टोपोलॉजी (Topology)

5.6 इंटरनेट (Internet) तथा इंट्रानेट(Intranet) की परिभाषा एवम्‌ उसके उपयोग

प्रयोगात्मक- 30 अंक

1. कम्प्यूटर हार्डवेयर का स्केच बनाना एवं अध्ययन करना। 2. कम्प्यूटर सिस्टम सॉफ्टवेयर एवं एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का इंस्टालेशन करना। 3. लाइनेक्स के इंटरनल तथा एक्सटर्नल कमांड का अध्ययन एवं फाइल निर्माण। 4. लाइनेक्स आपरेटिंग सिस्टम की विषेषताओं का अध्ययन। 5. वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हुये अभिलेख तैयार करना।

(उदाहरण- टाइम टेबल, बायोडाटा, निबंध इत्यादि) 6. स्प्रेडशीट का उपयोग करते हुये अभिलेख तैयार करना। 7. प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हुये प्रेजेंटेशन तैयार करना।

(सड़क सुरक्षा मानकों को दर्शाने वाले सभी संकेतों के एनिमेटेड स्लाइड्‌स विकसित करें)।

8. कम्प्यूटर नेटवर्क (टोपोलॉजी) का निर्माण करना। 9. कम्प्यूटर के रख-रखाव का अभ्यास करना। 10. नजदीकी कम्प्यूटर सेंटर का भ्रमण।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55)68 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

3-चार मासिक परीक्षाएं                                                                              10 अंक
     •   प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                 मई माह
     •   द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                     जुलाई माह
     •   तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                              नवम्बर माह
     •   चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                   दिसम्बर माह
           चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कृषि

(कक्षा-9)

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100 1. जलवायु विज्ञान–उत्तर प्रदेश तथा भारत में मौसम और ऋतुएँ। फसलों पर अनुकूल तथ प्रतिकूल मौसम का प्रभाव। वर्षा, उसमें वार्षिक तथा ऋतुगत परिवर्तन, उसके वितरण का फसलों तथा कृषि क्रियाओं पर प्रभाव।

2 अंक 2. मृदायें–मृदा निर्माण, मृदा संगठन, मिट्‌टी के भौतिक गुण–मृदा गठन, मृदा विन्यास, रंध्रावकाश, सुघट्‌यता, घनत्व, ससंजन और असंजन, भूमि ताप, मृदा जल उ0प्र0 के मृदाओं का संक्षिप्त विवरण। 10 अंक 3. सिंचाई और जल निकास–(क) पौधों को जल की आवश्यकता, नमी संरक्षण, अत्यधिक जल से हानियाँ, जल-निकास की सामान्य विधियाँ।

(ख) उत्थापक के प्रकार, उनके नाम, वाशर रहट तथा शक्ति चलित पम्प का विशेष ज्ञान। 10 अंक 4. खाद तथा उर्वरक–पौधों के आवश्यक पोषक तत्व और उनके स्रोत, जैविक खाद, गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, हरी खाद, खलियाँ आदि।

10 अंक 5. कर्षण–जुताई के उद्देश्य और जुताई की विधियाँ।

03 अंक 6. कृषि यन्त्र–(क) विभिन्न प्रकार के हल जैसे-देशी, मेस्टन, शाबाश केयर, यू0पी0 नं0–2 10 अंक (ख) कल्टीवेटर।

(ग) हैरो– खूँटीदार, कमानीदार, तिकोनिया।

(घ) अन्य यन्त्र–पटेला, रोलर, करहा।

(ङ) हाथ के औजार– खुरपी, हो, रैक तथा फावड़ा।

फसलों की खेती।

7. फसलों का वर्गीकरण–फसल चक्र, शुष्क खेती, दियारा खेती, मिश्रित खेती, मिलवाँ फसल तथा बहु 03 अंक

तथा बरसीम।

8. निम्न फसलों की खेती–मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर, कपास, सोयाबीन, उर्द, मूँग, जौ, चना, मटर, सरसों 10 अंक 9. पशुपालन–गाय, भैंस, भेड़ तथा बकरी की उन्नत नस्लें।

10 अंक 10. लेखपाल के कागजात–गाँव का नक्शा तथा खतौनी, जोत-बही तथा उसकी उपयोगिता। 02 अंक

प्रयोगात्मक

1–बीज शैय्या तैयार करना।

2–कृषि यन्त्र, बीज, खरपतवार की पहचान।

3–मौखिक।

4–वार्षिक अभिलेख।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 69

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :–निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी बनवा सकते हैं। 1–ऋतुओं का वर्णन एवं उसमें उगाई जाने वाली फसलों का अध्ययन करना।

2–मृदा के भौतिक गुणों का अध्ययन करना।

3–विभिन्न प्रकार की जैविक खाद व रासायनिक खाद का अध्ययन करना।

4–विभिन्न ऋतुओं में उगने वाले खरपतवारों का अध्ययन करना।

5–फसलों में उपयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के कृषि यन्त्रों का अध्ययन करना।

6–जैविक व रासायनिक खाद में पाये जाने वाले प्रतिशत तत्वों का अध्ययन करना।

7–सिंचाई की विधियों एवं उससे होने वाले लाभ व हानियों का अध्ययन करना।

8–विभिन्न फसलों में दिये जाने वाले उर्वरकों का अध्ययन करना।

9–बलुई मिट्‌टी में उगाई जाने वाली फसलों तथा उसके सुधारने के उपाय का अध्ययन करना। 10-फसलों की पंक्तियों में बुआई से उत्पादन पर प्रभाव का अध्ययन करना।

नोट :–प्रोजेक्ट कार्य एवं प्रयोगात्मक परीक्षा का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-हेल्थ केयर

(कक्षा-9)

विषय वस्तु तालिका पूर्णाकः 70 अंक

10 अंक

इकाई-1 स्वास्थ्य देखभाग प्रदायगी प्रणाली स्वास्थ्य देखभाल प्रदायगी प्रणाली को समझना।

अस्पताल के घटकों और गतिविधियों को अभिज्ञान करना। चिकित्सालय की भूमिका और कार्यों को समझना। विभिन्न पुनर्वास देखभाल सुविधाओं की पहचान, पुनर्वास केन्द्र के कार्यो का उल्लेख करना। दीर्घ अवधि तक देखभाल करने वाली सुविधाओं का वर्णन। आश्रम देखभाल का ज्ञान, मरणासन्न रोगियों की देखभाल।

15 अंक

इकाई-2 रोगी देखभाल सहायक की भूमिका रोगी देखभाल सहायक की भूमिका।

70 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

रोगी की दैनिक देखभाल की विभिन्न गतिविधियां। रोगी के आराम के लिये आवश्यक मूलभूत घटकों को पहचनना। रोगी की सुरक्षा। उत्तम रोगी देखभाल सहायक की विशेषतायें। विभिन्न जैव चिकित्सा अपशिष्टों की पहचान और इसका निस्तारण।

12 अंक

इकाई-3 व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वच्छता मानक अच्छे स्वच्छता अभ्यास का प्रदर्शन।

अच्छे स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक। हाथ धोने का महत्व। व्यक्तिगत तैयारी का प्रदर्शन।

इकाई-4 प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया 13 अंक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के अनिवार्य घटक।

उत्तरजीविता की श्रृंखला।

10 अंक

इकाई-5 टीकाकरण विभिन्न प्रकार की प्रतिरक्षा के बीच अन्तर।

टीकाकरण अनुसूची को तैयार करना। विश्वव्यापी टीकाकरण कार्यक्रमों के मुख्य घटकों की पहचान। पल्स टीकाकरण कार्यक्रम के मुख्य घटकों की पहचान।

10 अंक

इकाई-6 कार्यस्थल में संचार संचार के तत्वों की पहचान।

संचार के प्रभावी कौशल।

आंतरिक मूल्यांकन पूर्णाकः 30 अंक प्रोजेक्ट कार्य 1. विद्यालयों में चिकित्सीय उपकरणों का प्रदर्शन/अस्पताल का भ्रमण। चिकित्सीय उपकरणों का चित्र बनाना, जैसे रक्तचाप मापी, तापमापी, भारमापी, लम्बाई मापक, स्टेथोस्कोप, टार्च आदि।

2. रोगी का बिस्तर तैयार करना। जैव चिकित्सीय अपशिष्टों के निस्तारण की विधियां। रोगियों के दैनिक देखभाल का निरीक्षण, साफ-सफाई, स्नान बिस्तर लगाना, वाइटल्स (श्वसन की दर, शरीर का तापमान, दिल की धड़कन आदि की माप), दवा देना, मौखिक, IM, IV । जैव चिकित्सीय अपशिष्ट, फाइल में Colour Coding Chart (वर्ण कूट चार्ट) बनाना। 3. हाथ धोने की विधियों का प्रायोगिक प्रदर्शन-

घर एवं कार्यस्थल पर, एवं शल्य क्रिया से पूर्व।

स्वथ्य जीवन शैली हेतु पोस्टर बनाना- सफाई, व्यायाम, खान-पान की आदतें, योगा, मानसिक शान्ति। हाथो को साफ रखने एवं नाखूनों को कटने का चार्ट बनाना।

4. सड़क/टै्रफिक दुर्घटना में चिकित्सीय आपात प्रबन्धन का रोल प्ले।

ABC [ Airway, Breathing, Circulation] का प्रदर्शन। प्राथमिक चिकित्सा किट को तैयार करना- प्रयोग।

5. प्रतिरक्षण के अन्तर्गत आने वाली बीमारियों एवं पल्स कार्यक्रम पर सामूहिक चर्चा।

विश्वव्यापी प्रतिरक्षण [Universal Immunization] समय-सारणी का चार्ट बनाना। 6. अस्पताल में रोगी एवं परिचारक के प्रथम संवाद का रोल प्ले।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 71

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                         मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                              जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                       नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                             दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-

(कक्षा-9) उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 102 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) आटोमैकेनिक के रूप में। (2) सेल्समैन के रूप में। (3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन। (4) शोरूम स्थापित करना। (5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में।

लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक 12 अंक इकाई-1 उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, उद्यमी के गुण एवं विकास,

स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनायें। लघु उद्योग की परिभाषा, महत्व तथा विशेषताएं, लघु उद्योग लगाने के पद, सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के नाम एवं कार्य, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

09 अंक

इकाई-2 आटोमोबाइल का इतिहास एवं क्रमिक विकास, विभिन्न प्रकार के ऑटोमोबाइल का

वर्गीकरण, भारत में स्थापित विभिन्न ऑटोमोबाइल उद्योग एवं उनके उत्पाद।

15 अंक

इकाई-3 ऑटोमोबाइल के मुख्य भाग-फ्रेम, सस्पेंशन, धुरी, पहिया, चेचिस, टायर, इंजन, पारेषण प्रणाली, नियंत्रण प्रणाली, बॉडी, दरवाजे, सीट, डिक्की आदि की पहचान, कार्य एवं उपयोग। विभिन्न प्रकार के आटोमोबाइल का परिचय-कार, जीप, ट्रैक्टर, बस, ट्रक, ऑटोरिक्शा/टैम्पो, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड आदि, ट्रेड नाम, मेक, क्षमता एवं निर्माता, विशिष्टियां तथा तकनीकी डाटा।

12 अंक

इकाई-4 ऑटोमोबाइल में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रकार के इंजन-कार्य सिद्धान्त, पेट्रोल,

डीजल एवं गैस इंजन, कम्प्रेशन रेशियो का महत्व एवं दक्षता।

15 अंक

इकाई-5 ऑटोमोबाइल की विभिन्न प्रणालियों की जानकारी-ईंधन सप्लाई प्रणाली (कार्बोयूरेटर एवं इन्जक्टर) इग्नीशन प्रणाली, शीतलन प्रणाली, स्टार्टिंग प्रणाली, शक्ति संचालन प्रणाली, स्टीयरिंग प्रणाली, ब्रेक प्रणाली आदि का सामान्य परिचय, कार्य एवं पहचान।

14 ङ72 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पूर्णांक 30 अंक

7 अंक इकाई-6 सुरक्षा की सामान्य बातें, मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा। आंतरिक मूल्यांकन प्रत्येक त्रैमासिक में कोई एक प्रोजेक्ट (कुल 3 प्रोजेक्ट) (1) कार/बस/स्कूटर/ट्रक मोटरसाईकल एवं मोपेड का अध्ययन करना। (2) शोरूम एवं गैराज का भ्रमण करना एवं उनके चित्र बनाना। (3) मरम्मत करने वाले औजारों की सूची एवं उनके चित्र बनाना। (4) इंजन में स्नेहन एवं सफाई का अध्ययन करना। (5) अन्तर्दहन इंजन के मॉडल का अध्ययन (डीजल/पेट्रोल)। (6) विभिन्न आटो व्हीकिल्स के चेचिस का अध्ययन करना तथा उनके रेखा चित्र

खींचना।

(7) इंजन को स्टार्ट एवं बन्द करने का अध्ययन करना। (8) बॉडी व्यवस्था का अध्ययन करना। (9) शॉक एब्जार्बर का अध्ययन करना। (10) बाजार से सामग्री क्रय करने का अभ्यास करना।

संस्तुत पुस्तकें

(1)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                             कृष्णानन्द शर्मा
(2) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                              सी0बी0 गुप्ता
(3) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                              धनपत राय एण्ड शुक्ला
(4) बेसिक ऑटोमोबाइल                                    सी0पी0 बक्स

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक

14 अंक

लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 प्रस्तावना-1-खुदरा व्यापार क्या है ? 2-अर्थ एवं परिभाषा 3-गुण एवं विशेषताएं 4-खुदरा व्यापार के आवश्यक तत्व 5-खुदरा व्यापार का महत्वभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 73

14 अंक

14 अंक

14 अंक

14 अंक

इकाई-2 1-स्थानीय स्तर पर उत्पादों का प्रबन्धन- (1) क-संगठित क्षेत्र ख-असंगठित क्षेत्र (2) क-छोटे पैमाने पर खुदरा व्यापार ख-बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार 2-स्थानीय स्तर पर खुदरा/फुटकर व्यापार के अन्य उपाय। इकाई-3 1-खुदरा/फुटकर व्यापारी के कार्य 2-खुदरा या फुटकर व्यापारी की सेवायें- उत्पादक के प्रति उपभोक्ता या ग्राहक के प्रति समाज के प्रति इकाई-4 1-खुदरा व्यापार में व्यापारी की सफलता के उपाय- 1-उपयुक्त स्थिति 2-विक्रय कला 3-अनुभव 4-सजावट 5-अन्य उपाय 2-बुनियादी स्वच्छता और सुरक्षा अभ्यास। इकाई-5 1- विभिन्न स्टोर/दुकान 2- श्रृंखलाबद्ध दुकानें। 3- बिग बाजार 4- सुपर बाजार इत्यादि।

30 अंक

आंतरिक मूल्यांकन- प्रत्येक त्रैमासिक में कोई एक प्रोजेक्ट (कुल 3 प्रोजेक्ट) 1-विद्यालय स्तर पर खुदरा व्यापार का प्रशिक्षण (क्रय-विक्रय के सन्दर्भ में) 2-खुदरा व्यापार का व्यावहारिक प्रशिक्षण (संगठित क्षेत्र की इकाई द्वारा) 3-खुदरा व्यापार के संदर्भ में स्थानीय स्तर पर सर्वेक्षण 4-क्रय-विक्रय 5-अन्य व्यावहारिक अनुभव 6-खुदरा व्यापार के सम्बन्ध में विद्यालय स्तर पर विचार गोष्ठी आयोजित करना। 7-खुदरा व्यापार के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के

सम्बन्ध में ज्ञान।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
74 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

उद्‌देश्य- (1) राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अस्मिता की रक्षा का भाव उत्पन्न होना। (2) सुरक्षा के महत्व एवं आवश्यकता को समझना। (3) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (4) आकस्मिकता एवं खतरों से निपटने की योग्यता का विकास करना। (5) प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता को समझते हुए सम्बन्धित सामान्य जानकारी होना। (6) सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी के महत्व को समझना। (7) सुरक्षा हेतु सभी नागरिकों को कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व का बोध कराना। (8) संवाद दक्षता एवं व्यक्तित्व का विकास करना। रोजगार के अवसर- 1-पाठ्‌यक्रम में प्रवीणता प्राप्त करने के पश्चात्‌ सम्बन्धित छात्र एवं छात्रायें भविष्य में देश की सुरक्षा बलों से सम्बन्धित विभिन्न सेवाओं में सैनिक एवं अधिकारियों के रूप में अपनी समझ के आधार पर पर्याप्त योगदान दे सकते हैं। 2-सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न संस्थाओं में सुरक्षा कर्मी के रूप में रोजगार की प्राप्ति हो सकती है।

पूर्णांक 70 अंक

17 अंक

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 सुरक्षा के मूलाधार 1- सुरक्षा की अवधारणा, अर्थ एवं परिभाषायें 2- सुरक्षा का उद्‌देश्य 3- सुरक्षा के विभिन्न तत्व, आन्तरिक एवं वाह्‌य 4- सुरक्षा के प्रकार-व्यापक सुरक्षा, सामान्य सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुरक्षा, आन्तरिक एवं वाह्‌य सुरक्षा, सैनिक सुरक्षा, आर्थिक एवं औद्योगिक सुरक्षा इत्यादि

5- सुरक्षा से सम्बन्धित चुनौतियां एवं समाधान

17 अंक

इकाई-2 स्वास्थ्य सुरक्षा 1- स्वास्थ्य सुरक्षा के घटक-व्यायाम, सक्षमता, समन्वय एवं धैर्य, चिकित्सालय,

दवायें एवं प्रशिक्षित चिकित्सक।

18 अंक

2- शारीरिक स्वस्थता का महत्व एवं भूमिका। 3- व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत विकास। 4- स्वास्थ्य सुरक्षा से सम्बन्धित अधः संरचना एवं विधिक पक्ष। इकाई-3 आपदा प्रबन्धन एवं सुरक्षा 1- आपदा प्रबन्धन-निहितार्थ। 2- प्राकृतिक एवं मानवीय आपदायें-कारण एवं प्रभाव। 3- आपदा एवं आपातकालीन प्रबन्धन। 4- आपदा प्रबन्धन के विभिन्न सोपान। 5- आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित विभिन्न संस्थायें। 6- नागरिक सुरक्षा संगठन-अग्नि शमन सेवा, बचाव सेवा एवं प्राथमिक चिकित्सा सेवा। इकाई-4 सुरक्षा एवं प्राथमिक चिकित्सा 18 अंक 1- प्राथमिक चिकित्सा के आधारभूत सिद्धान्त। 2- प्राथमिक चिकित्सा सम्बन्धी उपकरण एवं सुविधायें। 3- प्राथमिक चिकित्सा के सामान्य नियम। 4- स्वास्थ्य आपात एवं प्राथमिक चिकित्सा। 5- स्वास्थ्य आकस्मिकता का अर्थ एवं कारण। 6- शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 75

7- सार्वजनिक स्थल, कारखानों तथा संगठनों में कार्यरत सुरक्षा सेवकों के स्वास्थ्य

एवं कार्य क्षमता को प्रभावित करने वाले कारक।

8- बुखार, लू, अस्थमा, पीठ दर्द, घाव, रूधिरस्राव, जलना, साँप/कुत्ते का काटना, कीट डंक, श्वसन एवं परिसंचरण से सम्बन्धित समस्याएं आदि बीमारियों में प्राथमिक चिकित्सा।

पूर्णांक 30 अंक

आंतरिक मूल्यांकन- प्रत्येक त्रैमासिक में कोई एक प्रोजेक्ट (कुल 3 प्रोजेक्ट) 1-व्यायाम का अभ्यास-विभिन्न प्रकार के शारीरिक ड्रिल एवं योग। 2-नागरिक सुरक्षा-प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन। 3-प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं को सूचीबद्ध करना। 4-आकस्मिकता के समय प्रयुक्त होने वाले टेलीफोन नम्बरों को सूचीबद्ध करना। 5-आपदा से प्रभावी रूप से निपटने के लिए एक काल्पनिक आपदा योजना तैयार

करना।

6-सिक्योरिटी एलार्म का प्रयोग। 7-फायर स्टेशन का भ्रमण कर अग्निशमन यंत्र की कार्यविधि का अध्ययन। 8-एक औद्योगिक संस्थान/कार्यालय का भ्रमण आयोजित कर आकस्मिकता/खतरों

हेतु संस्था द्वारा सुरक्षा के उपायों एवं लगाये गये उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

9-ओ0 आर0 एस0 का घोल तैयार करना। 10-थर्मामीटर का प्रयोग। 11-प्राथमिक चिकित्सा उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

उद्‌देश्य- आज के विज्ञान जगत में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का अभूतपूर्व स्थान है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयाम सामाजिक रूप से प्रतिस्थापित हो चुके हैं। जैसे-मोबाइल, इंटरनेट आदि। देश को ''डिजिटल इंडिया'' का स्वरूप देने में इनका विशेष योगदान अवश्यम्भावी है।

पूर्णांक 70

अंक

सैद्धान्तिक

लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना

अनिवार्य है।

8 अंक

76 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

8 अंक

इकाई-3 वर्ड प्रोसेसिंग आफिस का मूल परिचय, वर्ड प्रोसेसिंग के तत्व एवं विधि, फार्मेटिंग, एडीटिंग, सजावट एवं प्रिटिंग एवं अन्य प्राथमिक कमाण्ड्‌स।

9 अंक

इकाई-4 स्प्रेडशीट स्प्रेडशीट का परिचय, इसके तत्व, सेल, कालम और रोज, डेटा, एन्ट्री संशोधन, स्प्रेडशीट की संरचना।

9 अंक

इकाई-5 इन्टरनेट इन्टरनेट का परिचय, इसका प्रारूप और इसके द्वारा सेवायें, कम्प्यूटर के इन्टरनेट ऐक्सिस, इन्टरनेट के लाभ एवं उपयोग।

8 अंक

इकाई-6 WWW एवं वेब ब्राउजर वेब का परिचय, WWW, भिन्न प्रकार के वेब ब्राउजर साफ्टवेयर, सर्चिंग, सर्च इंजन।

10 अंक

 इकाई-7     कम्युनिकेशन एवं वेब ब्राउजिंग
                    ई-मेल का परिचय एवं अवयव, इसके प्रकार एवं उपयोग वेब ब्राउजिंग के लाभ
             और इसकी उपयोगिता ।
 इकाई-8     पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन                                                            10 अंक
                   कम्प्यूटर द्वारा प्रेजेन्टेशन, प्रेजेन्टेशन सॉफ्टवेयर के तत्व स्लाइड्‌स का निर्माण।
आन्तरिक मूल्यांकन (जिसमें 20 अंक का प्रोजेक्ट कार्य तथा 10 अंक की मासिक परीक्षा होगी।            30 अंक

निम्नलिखित में से कोई चार प्रोजेक्ट (प्रत्येक 05 अंक)

4X5=20 अंक 1-वर्ड का विस्तृत अध्ययन। 2-इन्टरनेट का प्राथमिक ज्ञान। 3-स्प्रेड शीट का विस्तृत अध्ययन। 4-पावर प्वाइंट का विस्तृत अध्ययन। 5-कम्प्यूटर की कार्य प्रणाली का रेखा-चित्र द्वारा प्रस्तुतिकरण/अध्ययन। 6-ऑपरेटिंग सिस्टम की कार्य प्रणाली का विस्तृत अध्ययन। 7-लाइनेक्स के फाइल एवं डाइरेक्टरी सम्बन्धी कमाण्ड्‌स का प्रयोग।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

   •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)      मई माह
   •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)         जुलाई माह
   •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह
   •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)        दिसम्बर माह
चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

वषिय–प्लम्बि

(कक्षा-9)

उद्देश्यः-

1. छात्रों को प्ंिवबंग ट्रेड के महत् िएंि उपयोलगता की ािनकारी देना।

2. छात्रों को प्ंिवबंग कायों के लनष्पादन की मू िप्रटयिा और सामग्री यिन की ािनकारी देना। 3. छात्रों को सुरक्षा एंि सााििलनयाें की ािनकारी देना।

4. छात्रों में व्यसिाय के प्रलत रूल िपैदा करना।

5. छात्रों में उद्यलमता र्गुों का वकिास करना एंि उन्हें स्रिोगिार की ओर प्रेररत करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 77

ोिजगा िके अःििि-

1. प्ंिबर/पाइप टटिर के रूप में रोगिार।

2. स्तिः रोगिार या नकिार के रूप में कायघ करना।

3. पाइप और पाइप टटिटंग एंि सैलनटरी टटिटंग के वेिि ता के रूप में कायघ करना।

4. पेट्रो िपंप, ईनि आपूलतघ प्र्राीि में इरेक्टर के रूप में कायघ करना।

5. ट्यूबेि िऑपरेटर के रूप में कायघ करना।

ैिद्धान्न्तक पाठ्यक्रम

र्पूाांकः 70 अांक

इकाई-1. उद्यसमता एािं स्ोििजगा-ि

8 अांक

उद्यम, उद्यमी और उद्यलमता की पररािषा, उद्यमी के र्गु एंि वकिास, घिु उद्योग स्थावपत करने का कायघ पद, सरकारी एंि गैर सरकारी संस्थानों से वत्तिीय एंि गैर वत्तिीय सहायता की ािनकारी, स् ि रोगिार के लएि पररयोनिा प्रस्ता िबनाना, वलिन्नि स् िरोगिार योनिाओं का पररयि।

इकाई-2. प्लांवबांग का महत्-ि

7 अांक

प्ंिवबंग का इलतहास, घरेूि एंि औद्योलगक कायों में प्ंिवबंग का महत्,ि ाििपूलतघ, लसंािई, ईनि, गैस आपूलतघ, सीेि िटडस्पो,िि षिाघ ििसंरक्र्ष तथा स्नान गृह, शौाियि एंि ए0सी0 गिाने में प्ंिवबंग कायों की उपयोलगता, ाियररंग तथा द्र िप्रािह में प्ंिवबंग का महत्,ि उदाहर्र तथा के स स्टडी। कृ वष कायों में तथा ाियर वगिेड कायों में प्ंिवबंग कायघ , ािटर खस्प्रंकरि के कायघ। प्ंिवबंग का विष्यि ििसंरक्र्ष एंि ग्रीन प्ंिवबंग।

इकाई-3. ुिक्षिा एािं प्राथसमक उपचा-ि

10 अांक

दुघघटना का अलप्रिाय, दुघघटना के सामान्य कार्र एंि बाि,ि प्ंिवबंग कायघ के दौरान व्यवगित सुरक्षा औािरों की सुरक्षा तथा मशीनों की सुरक्षा, लशक्षा, सुरक्षा के सामान्य लनयम, वद्यिुत, अखनन से सुरक्षा, अखननशमन यंत्रों की ािनकारी एंि कायघ गैस ररसा िमें सुरक्षा लनयम सुरक्षा ड्रेस।

प्राथलमक उपािर, कृ वत्रम श्वसन की वलियिां।

इकाई-4. प्लांवबांग कायय के पदाथय एािं ािमग्री- 15 अांक

प्ंिवबंग व्यसिाय में प्रयु िहोने ािेि पदाथों का गिीकर्र, ौिह एंि अौिह ाितु, लमश्राितु, टटंबर, प्ािखस्टक आटद की टकस्म, पहािन एंि वशिेषताएं, उनके उपयोग तथा यिन के कारक। वलिन्नि प्रकार के पाइप एंि ट्यूब प्रयु िसामग्री कार् घिन एंि उपयोग-ौिह पाइप, ढािि ोिहा पाइप ीि आई पाइप, ेिड पाइप, तांबे का पाइप, एलयूलमलनयम पाइप, एस्बेस्टस पाइप, कं ीिट पाइप, प्ािखस्टक पाइप आटद, गास्के ट, सीमेंट, श्वेत सीसा तथा पैटकं ग सामग्री ैिसे ािगा, टेप, ूिट आटद की संखक्षप् ािनकारी तथा उपयोग।

इकाई-5. पाइप द्वद्विटांग एािं ािंयोजक- 15 अांक

ंिबाई बढाने ािेि संयोकि – सॉके ट, ैििं,ि कपलंिग, लनपु,ि टदशा पररतिघन करने ािेि संयोकि- एलबो, बेंड, रेटडयस, ािं िािइन ािेि संयोकि- ॉिस, टी, ािई साइ िपररतिघन करने ािेि संयोकि ैिसे ररड्यूसर, ािइन अरिोकि ैिसे प्गि, कै प आटद की बनाटि, उपयोग आटद पहािन का संखक्षप् वर्रिि।

इकाई-6. प्रािह सनयांत्रक-

15 अांक

वलिन्नि प्रकार के ािल िएंि कॉक टोंटी, ाियर हाइड्रेंट, ररीि िािल,ि ेिक ािल िकी पहािन एंि गिाने का तरीका। उनकी ािं ि करना, मरम्मत करना तथा अनुरक्र्ष। िि वतिर्र प्र्राीि तथा गंदे िि लनकासी प्र्राीि का अध्ययन।

(आन्तरिक मूल्यांकन-20 अंक का प्रयोगात्मक कार्य तथा 10 अंक की मासिक परीक्षा पर आधारित होगा)

78 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रयोगात्मक कायय

1. प्राथलमक उपािर में पट्टी बांनिे का अभ्यास तथा कृ वत्रम श्वसन देने का अभ्यास।

2. प्ंिवबंग ड्रॉइंग पढना।

3. टकसी ािं िकी ंिबाई, मोटाई ौिडाई तथा गोािई ज्ञात करना।

4. मृदु इस्पात के टु कडे को टदए गए साइ िमें हेक्सा से काटना तथा लविपंग करना।

5. ॉिब में 10 एमएम का टड्र िसे छे द करना तथा आंतररक ूिडी काटना।

6. ीि आई पाइप पर ूिडी बनाना तथा साके ट कसना।

7. ीि आई पाइप को बंकन मशीन पर मोडने का अभ्यास।

8. गंदे ििकी लनकासी के लएि पाइप को सीरि से ोिडना।

9. नया पाइप कनेक्शन बनाना तथा उसमें टोंटी गिाना।

10. षिाघ ििको संरखक्षत करने के लएि पाइप टटिटंग करना।

11. पाइप में ीिके िकी मरम्मत करना।

12. पी ीि सी पाइप टटिटंग का प्रयोग करना।

13. प्ंिवबंग के औािरों की मरम्मत करना।

14. साािर्र ोिड बनाना।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोग कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)             नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

ािंस्तुत पुस्तकों की ूिची

1. कायघशााि तकनीकी ेिकि आर के ाि।ि

2. किघ शॉप टेक्नोॉिीि ेिकि एक के हारिा

3. किघ शॉप ट्रेलनंग मैनुअ िके टप्शन पखलशिसघ ुिलयिाना।

4. Manual on workshop practice by K Venkata Reddy New Delhi

5. किघ शॉप टेक्नोॉिीि ेिकि बी एस रघुंिशी

6. किघ शॉप टेक्नोॉिीि ेिकि एएिस बााि टाटा माग्रो टह िपखलशिसघ न्यू टदलीि

7. किघ शॉप इंीिलनयररंग ेिकि ेिबी खंिद औलयिा

8. सैलनटेशन इंीिलनयररंग ेिकि मनीष लससोटदया

9. प्ंिवबंग टडािइन प्रैखक्टस ेिकि एस ीि दे ििलकिरभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 79

औजारों और उपकरणों की सूची

1. Rule Steel 300 mm both in inch and mm

2. Rule Wooden 4 fold, 600 mm

3. Hacksaw Frame adjustable for 250 to 300 mm

4. Scriber 200 mm

5. Centre punch 100 mm

6. Chisel Cold, flat 20 mm

7. Hammer ball peen 800 grams

8. Hammer ball peen 50 grams

9. File flat rough 300 mm

10. Levl spirit wooden 300 mm

11. Plumb bob 50 grams

12. Trowel C-125-IS: 6013

13. Still son wrench 200 & 350 mm

14. Screw Driver 250 mm

15. Wooden Mallet small IS: 2022

16. Cutting pliers 200 mm IS: 3650

17. Steel tape (5m)

18. Surface plate 400×400 mm Grade

19. Marking Table 900×600×900 mm

20. 'V' Blocks with clamps 80/7-63A IS 2949

21. Combination set 200 mm

22. Universal Scribing Block 300 mm

23. Hand Vice Jaw 50 mm

24. File flat Smooth 200 mm

25. File Half Round Rough 300 mm

26. File Square rough 250 mm

27. File Square Smooth 200 mm

28. File Triangular Rough 250 mm

29. Chisel Cold Flat 20 mm×300 mm

30. Chisel Cross Cut 6×150 mm IS-402

31. Top and tap wrench

32. Screw pitch gauge

33. Hand hacksaw frame 300 mm

34. Spanner monkey up to 50 mm

35. Soldar Iron and bit 5Nos

36. Pipe Cutter wheel type 6mmto 25mm

37. Snip Straight and bent 250 mm

38. Try square 200 mm

39. Inside and outside Calliper 150 mm

40. Tenon saw, Hand Saw

41. Mortise, Firmer Chisel 6mm, 8mm, 10mm, 12mm, 15mm, 25mm Each

42. Mallet Medium IS: 2922

15 ङ80 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 43. Blow lamp 500 millilitre

44. Scribing gauge

45. Soil pot with brush

46. D.E. Spanners 6mm to 32mm IS:2028

47. Bending Spring

48. Plumbers Ladle

49. Caulking Toll 50. Pipe Die and Die stock (1/4" to 21/2") with complete set

51. Pipe vice up to 75 mm IS-2587

52. Still son pattern pipe wrenches 450 mm IS-4003

53. Chain pipe wrench 90mm-650 is 4123

54. Adjustable spanner 12" IS-6149

55. Pipe bender manually operated

56. Drill Twist (straight shank) 1.5 mm to 13mm

57. Wash Basin (16" ×14"×10")

58. Water closet (European type p) complete with over head cistern

59. Urinal wall type complete with automatic system

60. Water meter

61. Fire Extinguisher (CO2 and DCP)

62. Fire Buckets with stand

63. Pedestalgromder machine

64. Leg vice 75mm jaw with Stand IS-2588

65. Hand drill machine up to 13mm capacity with drill chuck (Electric)

66. Working bech 2400×1200×750mm with 4 voice 125 mm jaws

67. Double face hammers

वषिय–इलेक्रीसयिन

(कक्षा-9)

उद्देश्यः-

1. छात्रों में उद्यसमता र्गुों का वकिा िकनिा।

2. छात्रों को आगे चलक िस्ोििजगा िकी ओ िप्रेरति कनिा।

3. छात्रों को व्याििय की ओ िरूसच पैदा कनिा।

4. छात्रों को इलेक्रीसयिन रेड के महत् िएािं उपयोसगता की जानकाीि देना।

5. छात्रों को इलेक्रीसयिन कायों के निष्पादन के मूल प्रद्वक्रया, औजा िएािं सामग्री के चयन की जानकाीि देना।

6. छात्रों को कायय कतिे मिय ुिक्षिा सनयमों की जानकाीि देना।

ोिजगा िके अःििि-

1. वसिन्नि प्रसतष्ठानों में इलेक्रीसयिन एािं ाियमिैन के रूप में।

2. विद्युत मोट िमैके सनक इलेक्रीसयिन के रूप में।

3. विद्युत म्बिन्न्ति स्यिां का व्याििय (विद्युत की दुकान)।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 81

ैिद्धान्न्तक पाठ्यक्रम

र्पूाांकः 70 अांक

इकाई-1.

07 अांक

उद्यम, उद्यमी एािं उद्यसमता की पराििषा, उद्यमी के र्गु एािं वकिा,ि लघु उद्योग स्थावपत कनिे के पद, कििाीि एािं गै ि

कििाीि ािंस्थाओां ेि हिायता, वसिन्नि स्ोििजगा ियोजनाओां की जानकाीि।

इकाई-2.

08 अांक

दुघयटना की पराििषा, दुघयटना के र्का ितथा बचा,ि ुिक्षिा के मूल सनयम, विद्युत के कायय कनिे में व्यवगित ुिक्षिा एािं

उपर्कोिं की ुिक्षिा, ुिक्षिा उपस्क,ि ुिक्षिा पोस्ट,ि ुिक्षिा सनयमालिी, प्राथसमक उपचा,ि डैन्ज िािसनांग, अन्नन ेि ुिक्षिा,

विद्युत ेि लगने ािली अन्नन को बुझाने वाले अन्नन मिन यांत्र, कृ वत्रम श्वनि की ािंन्क्षप्त जानकाीि।

इकाई-3.

10 अांक

विद्युत के मूल सद्धिान्त, विद्युत परपिथ, विद्युत ािाि, वािििन्त,ि विद्युत ािहक बल, ेिल एािं बैरी, बैरी चान्जांग के

प्रका,ि वद्यिुत उत्पादन एािं वर्ति िव्यस्थिा की न्क्षिप्त जानकाीि, प्रसतोि,ि प्रसतोि िके ािमान्य सनयम, चालकता, वसिष्ठि

प्रसतोि,ि अच्छे चालक के र्गु, मुख्य रूप ेि उपयोग में आने ािले चालक पदाथों के नाम एािं उनके ािमान्य र्गु

ािमान्यतः उपयोग में आने ािले प्रसतोिकि पदाथय तथा उनका उपयोग, विद्युत ािाि के ऊष्मीय प्राि िका प्रान्म्किि ज्ञान

इनका दैसनक जीनि में व्यहिारकि उपयोग जैेि- हीट,ि गीज,ि विद्युत के तली, प्रे िआयनि आद्वद के रूप में।

ािािमापी, ोिलटतामापी, ािट मीट,ि ऊजाय मापी का प्रान्म्किि ज्ञान एािं मापन में इनका उपयोग, विद्युत ऊजाय का मापन

एािं घेिलू विद्युत खपत की लागत की र्गना। विद्युत खपत की र्गना, विद्युत ऊजाय (द्वकलोािट घण्टा) ,कामसयियल

यूसनट में म्बिन्।ि

10 अांक

चालक, कु चालक पदाथय, चुम्बकीय पदाथय, इनकी पहचान र्गु एािं उपयोसगता, लौह एािं अलौह ाितुएां तथा इनके यान्न्त्रक

एािं वद्यिुतीय र्गु, ाियरािंग ािमग्री, ता ि एािं के वबल तथा उनके अन्त।ि घेिलू ाियरािंग में उपयोग होने ािले ता ि के

प्रका।ि

ािंयु िप्लाय िनोज प्लाय,ि स्क्रू डाइ,िि सनयान टेस्ट,ि द्वलि मीिन, इनकी पहचान एािं उपयोग।

इकाई-7. 10 अांक 05 अांक ािािमापी, ोिलटता मापी, वि िमापी, ऊजाय मापी, एक मागीय न्स्चि, द्वमिागीय न्स्चि, 5 एम्पीय िन्स्चि, 15-एम्पीय ि न्स्चि, 5- एम्पीय ि3 वपन ािके ट, विद्युत घण्टी, 15 एम्पीय ि3 वपन ािके ट, विद्युत लैम्प, ट्यूबलाइट, बज,ि पांखा, ए0ीि0 एािं डी0ीि0 का तािंग रूप। विद्युत जसनत परमिार्न्त्र प्रत्यातियक आद्वद।

घेिलू ाियरािंग 05 अांक

ाियरािंग ािमग्री, ािय ि के प्रका ि जैेि- न्स्चि ािके ट, होलड,ि ीिसलांग ोिज, न्स्चि बोडय आद्वद एािं इनकी वेििषताांये,

ाितिीय विद्युत सनयम, ूि-म्बिन्नि की पराििषा एािं इकिे प्रकाऱ घेिलू ाियरािंग में द्वकन द्वकन वबन्दुओां का ूि-म्बिन्नि द्वकया

जाना चाद्वहए

82 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रयोगात्मक कायय

1. विद्युत उपर्कोिं की पहचान एािं परपिथ में म्बिन्नि।

2. एम्पीय िमीट िएािं ोिलट मीट िकी हिायता ेि द्वकीि काययाि िकी ािाि एािं ोिलटता मापन।

3. घेिलू ाियरािंग में ऊजाय मापी का द्वकीि काययाि िके ािथ ािंयोजन।

4. एक श्र्रेी क्रम एािं एक मिान्त िक्रम में लैम्प होलड िएािं एक ािके ट वबन्दु ेि सनसमयत एक्सटेंशन बोडय बनाना।

7- प्रसतोिोिं का श्र्रेी औ िमिान्त िक्रम में ािंयोजन एािं मितुलय प्रसतोि िज्ञात कनिा।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य)                   अगस्त माह        10 अंक (55)
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य)                 दिसम्बर माह      10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार  पर)            नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पुस्तकों की ूिची

1. ािमान्य असयिाांवत्रकी अयि-ि ािाि जे0के 0 कपू ि

प्रकानि – ािति ाितिी प्रकानि एण्ड कम्पनी ेिस्टनय कचहीि ोिड मेठि- 250001

2. विद्युत असयिांत्र्र के अयि-ि ािाि डा0 टी0 डी0 वस्टि।

3. विद्युत लागत एािं आर्गन- ािाि डा0 टी0 डी0 वस्टि।

प्रकानि – द्वकोि िपन्ललयिि 159-B आजाद नग,ि ािऊथ मलाका, इलाहाबाद- 211003

4. विद्युत तकनीद्वक- ािाि सािंह एण्ड हजिाहा

प्रकानि – यूनीटेक पन्ललयिि ािािकृ र्ष् समनि मागय, अमीनाबाद, लखनऊ- 226001

विशय-आपदा प्रबन्धन

कक्षा-9

उद्‌देष्य- 1- स्कूल में विभिन्न आपदाओं के विषय में जागरूकता प्रदान करना। 2- किसी भी आपदा के घटने पर विद्यार्थीयों को स्वतः बचाव कार्य में मद्‌द करने के लिए तैयार रहना। 3- स्कूल स्तर पर मॉडल आपदा प्रबन्धन प्लान के बारे में अवगत होना। 4- रोजगार के अवसर- इस पाठ्‌यक्रम से राज्य सरकार, केन्द्र सरकार एवं एन0जी0ओ0 में सहायक के पद पर अवसर प्राप्त होता है।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांकः 70 अंक

इकाई-1 15 अंक

परिचय-आपदा का तात्पर्य, भारत एवं विष्व में घटित आपदाये एवं परिस्थितियाँ, नुकसान, मुख्य आपदाओं के उदाहरण, भारत सरकार द्वारा संचालित आपदा संबंधित कार्यों की जानकारी, प्राकृतिक आपदा राहत कोष एवं आपदा नियंत्रण बोर्ड के कार्य।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 83

इकाई-2 15 अंक आपदा की परिभाषा, किस्म-प्राकृतिक एवं मानवजनित अति- संवेदनषील आपदायें उनके कारण, असुरक्षित दषायें, जोखिम, आपदाओं का वर्गीकरण (भूगर्भीय जोखिम, जल एवं जलवायु सम्बंधित जोखिम, पर्यावरण सम्बंधित जोखिम, रासायनिक, परमाणु, औद्योगिक जोखिम एवं दुर्घटना आदि, उदाहरण एवं व्याख्या)

इकाई-3 15 अंक विभिन्न प्रकार की आपदाओं का विस्तृत वर्णन- भूकंप, बाढ़, सूखा, चक्रवात, सुनामी, बादल फटना, ज्वालामुखी, भूक्षरण एवं भू स्खलन, बवंडर, तूफान, आंधी, शीत एवं ग्रीष्म वायु, ओला वृस्टि, महामारी कारण एवं लक्षण, प्रभाव क्षेत्र, पैटर्न, परिणाम आदि की उदाहरण सहित व्याख्या।

इकाई-4 15 अंक मानव जनित आपदाः- दुर्घटना जनित, नाव, सड़क, रेल, वायुयान, समुद्री वाहन, व जंगल एवं बस्ती की आग, बिल्डिंग का गिरना, स्टेंम्पीड़ (भगदड़), रेडियोएक्टिव प्रदूषण, आतंकवादी हमला, युद्ध बायोटेरज्म, विद्युतीय, विशक्तिीकरण, महामारी आदि की दषाएं, प्रमुख घटनाएं, प्रभाव, औद्योगिक गतिविधियां। इकाई-5 10 अंक आपदा नियंत्रणः- पूर्वानुमान, चेतावनी, बचाव की योजना, तैयारी, विभिन्न आपदाओं के समय किये जाने वाले एवं न किये जाने वाले कार्य, बचाव के उपाय, आपदा की मापन, इकाई मैपिंग एवं मूल्यांकन, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी, नियंत्रण की स्थापना।

प्रयोगात्मक विषय (Practical)- प्रयोग-1ः वायुमण्डीय दाब मापना प्रयोग-2ः आदर््रता (Humidity) मापना प्रयोग-3ः तापक्रम मापना, मानव एवं विवरण प्रयोग-4ः वायु-वेग एवं वायु दिषा मापना एवं विवरण प्रयोग-5ः आपदा सुरक्षा उपकरणों का अध्ययन

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

संस्तुत पुस्तकें- 1- आपदा एवं आपदा प्रबन्धन- महेष कुमार 2- Disastar Management- Dr. I.Sundar 3- Disastar Management- IGNOU Help Book

4- Environment and Disater Management- Vijram and Ravi (IAS)

5- Together Together a Saber India-

6- Natural Hazards and Disastar Management By – B.C. Jat

7- Natural Hazards and Disastar Management By – R.B. Singh

8- Disastar Management – By Sulphey M.M.

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9- Disastar Management- Harsh K. Gupta

10- Disastar Management- Marinalini Panday

11- Disastar Management- S. Mukherjee

उपकरणों की सूची- 1- विभिन्न प्रकार के अग्नि सामक यंत्र( Cylinder) - 1 नग 2- प्राथमिक उपचार बाक्स- 3 नग 3- कम्बल- 2 नग 4- सीढ़ी- 1 नग 5- बालू की बाल्टी- 3 नग 6- स्ट्रेचर- 1 नग 7- रस्सी- 1 गठ्‌ठर 8- हथौड़ी- 2 नग 9- एक्मकेवेटर- 1 नग 10- सीढ़ी- 1 नग 11- डम्पर- 2 नग

विषय-सोलर सिस्टम रिपेयर

कक्षा-9

उद्‌देश्य- छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। छात्रों का व्यवसाय की ओर रूचि पैदा करना। छात्रों का सौर ऊर्जा के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी देना। छात्रों को सोलर-सिस्टम के रख रखाव एवं औजार सम्बन्धी सामग्री के चयन की जानकारी देना। छात्रों को कार्य करते समय सुरक्षा नियमों की जानकारी देना। छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। छात्रों को सौर ऊर्जा एवं फोटो वोल्टायिक तकनीकी एवं उपकरणों की जानकारी देना। छात्रों को सोलर ऊर्जा के घरेलू एवं औद्योगिक उपयोग की जानकारी देना। छात्रों को सौर ऊर्जा प्रणाली की संस्थापन, अनुरक्षण की जानकारी देना।

रोजगार के अवसरः- सोलर सिस्टम के विक्रेता/उपकरणों के विक्रेता के रूप में। सोलर संयन्त्रों के स्थापन, रिपेयरिंग एवं अनुरक्षक के रूप में। रिपेयर वर्कशाप संचालक के रूप में। शो रूम संस्थापक के रूप में।

सोलर सिस्टम रिपेयर

कक्षा-9

पूर्णांक-70

इकाई-1 उद्यमिता विकास 10 उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा, उद्यमी के गुण एवं विकास, लघु उद्योग, स्थापित करने के पद, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं की सहायता, विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी। इकाई-2 दुर्घटना, सुरक्षा उपाय एवं प्राथमिक उपचार 10 दुर्घटना की परिभाषा, कारण तथा बचाव, व्यक्तिगत सुरक्षा, सुरक्षा के मूल नियम, अग्नि से सुरक्षा एवं अग्निशमन यंत्र, विद्युत से सुरक्षा, सी़ढ़ियों के सुरक्षित उपयोग, ऊँचाई की जगह पर कार्य करने में सुरक्षा, सेफ्टी बेल/डे्रस प्राथमिक उपचार एवं कृत्रिम श्वसन की जानकारी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 85

इकाई-3 विद्युत एवं इलेक्ट्रानिक्स के मूल सिद्धांत 15

वोल्टेज, धारा, प्रतिरोध आदि मात्रकों की परिभाषा एवं इकाई, मापन, डी0सी0 एवं ए0सी0पावर, विद्युत ऊर्जा की परिभाषा एवं गणना। सौर विकिरण, नेट मीटरिंग, विद्युतीय एवं गैर विद्युतीय मात्रकों मापन। विद्युत के उत्पादन के विभिन्न तरीके (हाइड्रो, थर्मल, न्युक्लियर, सौर एवं पवन ऊर्जा आदि), विद्युत एवं इलेक्ट्रानिक अवयवों के संकेत, विद्युत परिपथ (ए0सी0 एवं डी0सी0) परिचय सामान्य गणना (अवरोधो के)

इलेक्ट्रानिक्स के मूल सिद्धांत- चालक, कुचालक, अर्धचालक का परिचय, सोलर प्रणाली में लगने वाले कम्पोनेंट-कार्य, पहचान, संकेत एवं परिक्षण, तार एवं केबिल के किस्म तथा पदार्थ, वायरिंग के प्रकार, सामग्री वायन साइजिंग, जंक्शन वाक्स, केबलिंग, ऐरे कम्बाइनर वाक्स। अर्थिंग महत्व एवं किस्में। वायरिंग के दोष, मरम्मत एवं अनुरक्षण।

इकाई-4 सौर ऊर्जा एवं सोलर पैनेल 15 सौर ऊर्जा का परिचय, उपलब्धता, तीव्रता, रिकार्डिंग उपयोग। फोटोवोल्टायिक सेल का परिचय, रूपान्तरण (फोटोवोल्टायिक) लाभ-हानि, सोलर सेल के प्रकार, विभिन्न मंत्रों में प्रकार, सोलर पैनेल फोटोवोल्टायिक ऐरे (Array) का कनेक्शन (लोड के अनुसार) फोटोवोल्टायिक माड्‌यूल एवं कनेक्शन की जानकारी। दोष (फॉल्ट)- कारण, मरम्मत एवं अनुरक्षण

इकाई-5 सोलर चार्ज कन्ट्रोलर, बैटरी, इनवर्टर 10 सोलर चार्ज कन्ट्रोलर- परिचय, प्रकार (वल्स विड्‌य माड्‌यूलेसन, मैक्सिमम पावर प्वाइण्ट ट्रैकिंग) कार्य सिद्धान्त उपयोग

बैटरी- कार्य एवं प्रकार, संयोजन, पैरामीटर, फोटोवोल्टायिक सिस्टम के लिए बैटरी का चयन, चार्जिंग, टेस्टिंग एवं इंस्टालेशन की संक्षिप्त जानकारी

इनवर्टर- कार्य एवं अवयव, उपयोग कंट्रोलर, बैटरी एवं इनवर्टर के दोष, रखरखाव एवं कार्य-सावधानियां

इकाई-6 इंस्टालेशन एवं ट्रबलशूटिंग 10 स्टैण्ड अलोन एवं पी0वी0 सोलर सिस्टम का इंस्टालेशन एवं बाधा-खोज (ट्रबलशूटिंग), अनुरक्षण दैनिक, साप्ताहिक, मासिक एवं वार्षिक कार्य

पुर्जों को बदलना एवं री असेम्बलिंग

पुस्तकों की सूची

1. बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग-वी.के.मेहता 2. बेसिक इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग- वी.के.मेहता 3. सोलर एनर्जी- एस.पी.सुखाल्में, जे.के.नायक 4. औद्योगिक सुरक्षा- राठौड़, चंगेरिया 5. उद्यमिता एवं स्वतः रोजगार- आर.के.लाल

प्रयोगात्मक कार्य

1. सुरक्षा उपकरणों का अध्ययन 2. प्राथमिक उपचार एवं कृत्रिम श्वसन का अभ्यास 3. विद्युत परिपथ में विभव, धारा एवं प्रतिरोध मापन 4. अर्थिंग करना। 5. इलेक्ट्रानिक्स कम्पोनेंट का परीक्षण करना। 6. फ्लोरोसेंट लैम्प का कनेक्सन एवं ऊर्जा का मापन। 7. समान्तर विद्युत परिपथ में वोल्टेज एवं करेंट मापना। 8. फोटोवोल्टायिक सेल के वोल्टेज का मापन। 9. बैटरी को समान्तर एवं श्रेणी क्रम में जोड़ना। 10. सोलर पी0वी0 सेल को जोड़कर बल्ब जलाना। 11. इन्वर्टर की सफाई एवं मोवहालिंग करना।

86 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

12. बैटरी की टेस्टिंग करना तथा चार्जिंग करना। 13. चार्ज कंट्रोलर का अध्ययन एवं चित्रण। 14-इनवर्टर कनेक्शन करना 15. इनवर्टर आउटपुट को मापना।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

   •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                         मई माह
   •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                              जुलाई माह
   •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                       नवम्बर माह
   •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                             दिसम्बर माह
चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

औजारों और उपकरणों की सूची

- इलेक्ट्रिकल टेस्टर - कन्ट्रोलर, इन्वर्टर - प्लामर - सोलर कुकर - स्क्रू ड्राइवर - ड्रीलिग मशीन - स्पैनर - बेल्डिंग मशीन - स्ट्रीपर एवं कटर - पाइप रिंच - सोल्डरिंग - पाइप कटर - हैकसा - हैमर - मेजरिंग टेप - अमीटर - वोल्टमीटर - वाटमीटर - मल्टीमीटर - मेगर - हाइड्रोमीटर - सोल इनसुलेशन मीटर - सन साइन रिकार्डर - सोलर पैनल - बैटरी मॉडल

1. मिनी सोलर इनवर्टर 2. टू वे वायरिंग 3. सीरीज सर्किट में बल्ब जलाना 4. पैरेलल सर्किट में बल्ब जलाना

विषय-मोबाइल रिपेयरिंग

कक्षा-9

उद्‌देश्य- (1) मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम है। मोबाइल न केवल संचार बल्कि मनोरंजन का भी सशक्त माध्यम है। मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हा रहा है। अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 87

(2) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (3) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (4) छात्रों को 10़2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपर्युक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (5) छात्रों में व्यावसाय के प्रति रुचि जाग्रत करना।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक

इकाई-1 15 अंक -मोबाइल की सामान्य जानकारी -मोबाइल फोन की कार्य प्रणाली -CDMै तथा GSM -मोबाइल फोन के भाग (Part of mobile) स्पीकर, कैमरा, बैटरी, बजर, एल0सी0डी0 एन्टिना इत्यादि। इकाई-2 15 अंक -मोबाइल में प्रयुक्त होने वाले घटकों का विवरण -मोबाइल फोन की मरम्मत में प्रयुक्त होने वाले उपकरण, अनुरक्षण एवं रख रखाव। इकाई-3 15 अंक -सोल्डरिंग का उपयोग विभिन्न प्रकार के मोबाइल फोन को खोलना एवं बन्द करना। -सिम इंसर्ट करना (सिंगल एवं डबल) -बैटरी लगाना। इकाई-4 15 अंक -मोबाइल में 2जी तथा 3जी सेवा। -मोबाइल के विभिन्न भागों का निरीक्षण। -विभिन्न प्रकार के ICs के नाम तथा उनके कार्य। -मोबाइल फोन का ब्लाक आरेख। इकाई-5 10 अंक -परिपथ (सर्किट) के विभिन्न भागों का अध्ययन करना। -जम्पर के साथ प्रकाश, ध्वनि तथा कम्पन आदि के लिये परिपथ (IC आधार पर) प्रयोगात्मक कार्य -मोबाइल को ऑन/ऑफ करना। -मोबाइल में उपलब्ध अनुप्रयोग के बारें में जानना। -मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की जानकारी प्राप्त करना। -वालपेपर, थीम, कैलेण्डर दिनांक इत्यादि सेट करना। -की पैड, वाल्यूम (Volume) सेट करना। -चार्जर, इयर फोन, पावर सप्लाई इत्यादि। -डिसप्ले सेटिंग। -मोबाइल फोन में प्रोफाइल सेट करना। -मेमोरी कार्ड की जानकारी क्षमता व कार्य। -मोबाइल के विभिन्न मॉडलों की जानकारी।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                         मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                               जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                       नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                              दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

16 ङ88 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.)

कक्षा-9

पाठ्‌यक्रम का उद्‌देश्य-राष्ट्र निर्माण एवं विकास में छात्र छात्राओं को उन्मुख करना, उनमें चरित्र निर्माण, नेतृत्व के गुण और विषेष दक्षता दिलाने के साथ-साथ उनमें सुरक्षा, सामाजिक राजनैतिक, आर्थिक पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन जैसी समस्याओं और चुनौतियों के लिए जागरूक करना है। जिसमें इनका भविष्य उज्ज्वल एवं उन्नतिशील तथा अनुशासित बन सके। राष्ट्रीय कैडेट कोर विषय में 70 अंकों का एक लिखित प्रश्न पत्र होगा इसका उत्तीर्ण अंक 23 होगा, प्रोजेक्ट कार्य (आंतरिक मूल्यांकन) 30 अंक का होगा, इसका उत्तीर्ण अंक 10 होगा लिखित तथा प्रोजेक्ट कार्य में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.)

कक्षा-9 पूर्णांक 70 अंक

इकाई-1 राष्ट्रीय कैडेट कोर 15 अंक (क) उद्‌देश्य एवं लक्ष्य (ख) परिभाषा क्षेत्र एवं उपयोगिता (ग) सामाजिक विषयों से संम्बन्ध अन्य क्रियाकलाप जैसे- खेलकूद, सामाजिक कार्य स्काउट गाइड आदि से समन्वय।

इकाई-2 राष्ट्रीय एकता एवं धर्म निरपेक्षता 15 अंक (क) राष्ट्रीय एकता की परिभाषा आवश्यकता उपयोगिता (ख) धर्म निरपेक्षता की परिभाषा आवश्यकता उपयोगिता (ग) सामाजिक समन्वय के प्रति जागरूकतां

इकाई-3 राष्ट्रीय सुरक्षा 15 अंक (क) राष्ट्रीय सुरक्षा का अर्थ उपयोगिता एवं महत्व। (ख) सशस्त्र सेनाओं एवं अर्द्ध सैन्य बल का समायज्ञ तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर से समन्वय बनाना। (ग) आंतरिक सुरक्षा का तात्पर्य एवं महत्व। इकाई-4 स्वास्थ्य प्राथिमिक उपचार 15 अंक (क) शारीरिक स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य लक्ष्य एवं महत्व। (ख) स्वस्थ्य रहने के उपाय (ग) प्राथमिक उपचार का तात्पर्य महत्व एवं उपयोग (घ) स्वच्छता की उपादेयता व्यक्तिगत स्वच्छता परिवेशी स्वच्छता इकाई-5 प्रमुख युद्ध एवं उनसे प्राप्त शिक्षाएं 10 अंक (क) 1948, 1962, 1965, 1971 एवं कारगिल संघर्ष (कारण, संक्रिया परिणाम एवं प्राप्त शिक्षाएं) (ख) भारतीय सेना के वीर सपूत

प्रोजेक्ट वर्क

1. प्राथमिक उपचार 2. थल सेना के रैंक व बैंच का अध्ययन 3. दैनिक समाचार पत्रों का संकलन करना। 4. नौ सेना के रैंक व बैंच का अध्ययन 5. वायु सेना के रैंक व बैंच का अध्ययन 6. मौखिक एवं ड्रिल परीक्षण (DRILL TEST)

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माहभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 89

•    तृतीय मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                        नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                               दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

एन0सी0सी0 (प्रयोगात्मक)

उपकरण एवं अन्य सामाग्री की सूची

1. टोपोश्शीट (मानचित्र) जिला एवं प्रदेश 2. सर्विस प्रोटेक्टर मार्क A 3. प्रिज्मैटिक दिक्‌सूचक (कम्पास) 4. नक्शे (मानचित्र) (अ) संकेतिक चिन्हों का मानचित्र

(ब) भारत एवं पड़ोसी राष्ट्र (स) भारत भौगोलिक (द) भारत हिन्द महासागर

5. प्रयोगात्मक नोाटबुक

(क) नैतिक, योग तथा खेल एवं शारीरिक शिक्षा

कक्षा-9

इस विषय में 50 अंकों की लिखित परीक्षा का एक प्रश्न-पत्र तीन घन्टे का होगा। इसके साथ ही 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा भी होगी। प्रयोगात्मक तथा लिखित परीक्षा विद्यालय स्तर पर आयोजित की जायेगी। लिखित तथा प्रयोगात्मक परीक्षा में विद्यालय स्तर पर किऐ गये मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को ए0बी0सी0 श्रेणी प्रदान की जायेगी जिसका अंकन छात्र के अंंकपत्र तथा प्रमाण.पत्र में किया जायेगा। उद्‌देश्य-

(1) बालकों का सर्वांगीण विकास एवं नैतिक गुणों का उन्नयन करना। (2) बालकों के वैयक्तिक, सामाजिक एवं शैक्षिक जीवन में नेैतिक भावना का विकास करना। (3) बालकों में स्वस्थ्य नेतृत्व, उत्तरदायित्व वहन करने की क्षमता, समय पालन, सदाचार, शिष्टाचार, विनम्रता, साहस, अनुशासन, आत्म सम्मान, आत्म संयम, समाज सेवा, सभी धर्मों के प्रति आदर एवं सहिष्णुता तथा विश्व बन्धुत्व की भावना का विकास करना।

(4) सुदृढ़ शरीर का निर्माण करने हेतु शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं की अभिवृद्धि। (5) बालकों के श्रम के प्रति आदर एवं आत्म निर्भर बनने हेतु उत्पादक कार्यों के प्रति अभिरुचि का सम्वर्द्धन करना।

(6) समाज सेवा की भावना का सृजन करना। (7) स्वास्थ्य के प्रति सतत्‌ जागरूकता तथा क्रीड़ा शालीनता की भावना का विकास करना। (8) बालकों का मानसिक, शारीरिक, नैतिक, सामाजिक एवं संवेदात्मक विकास करना।

नैतिक शिक्षा

पुस्तक मानव अधिकार अध्ययन, प्रकाशक माइंडशेयर

उद्‌देश्य :

 दैनिकचर्या में ''योग'' करने की आदत (स्वभाव या संस्कार) का विकास।  योग के विविध अभ्यासों (आसन, प्राणायाम, ध्यान विधियों) के द्वारा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पाने का सामथ्र्य विकसित करना।

90 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

 किशोरवय की समस्याएं एवं सामान्य व्याधियों को समझकर उनका निदान करने में योग निर्देशन एवं आयुर्वेदिक उपचार करने की क्षमता का विकास करना।

 प्रेरक प्रसंगो से जीवन मूल्यों को समझाने और उन्हें अपने जीवन में उतारने के लिये प्रोत्साहित करना।

 ''अष्टांगयोग'' के माध्यम से यम.नियमादि को जानकर,योग को समझने की सामथ्र्य विकसित करना।

 अभ्यासादि के क्रम में चक्र विवेचन,श्शरीर रचना एवं क्रियाविज्ञान से सम्बन्ध को समझने की क्षमता का विकास करना।

 शरीर को स्वस्थ्य रखने की क्रियाओं (षट्‌कर्म) की जानकारी एवं उनका प्रयोग करना।  योग विषयक शब्द कोष के माध्यम से योग के कठिन शब्दों को समझने की क्षमता विकसित करना।

योग 20 अंक

3 अंक

5 अंक

1-योग एवं योग शिक्षा • योग : अर्थ एवं परिभाषा • योग की भ्रान्तियाँ : पारम्परिक, आधुनिक 2- अष्टांग योग • आसन

▪ आसन की परिभाषा ▪ उद्‌देश्य ▪ आसनों का वर्गीकरण

• प्रभाव

• शारीरिक, मानसिक, चिकित्सीय

3- अष्टांग योग • अष्टांग योग का संक्षिप्त परिचय 4 अंक • यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान,

समाधि

4-शारीरिक.मानसिक

2 अंक

• किशोरावस्था में शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन व

विशेषताएँ

परिवर्तनः योग निर्देशन • किशोरावस्था में मार्गदर्शन एवं योग की भूमिका

6 अंक

5- स्वास्थ्य एवं आहार  •   युक्त आहार क्या है?
                       •   आहार के प्रकार
                           •  सात्विक आहार
                           •  राजसिक आहार
                           •   तामसिक आहार
                          •  आहार-सम्बन्धी आवश्यक नियम

खेल एवं शारीरिक शिक्षा 15 अंक

इकाई-1 शारीरिक शिक्षा- 02

अर्थ, परिभाषा, उद्‌देश्य एवं क्षेत्र

इकाई-2 शारीरिक शिक्षा का विकास व वृद्धि--

02 अर्थ, सिद्धान्त, वृद्धि एवं विकास में अन्तर, वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करने वाले कारक, कालानुक्रम, आयु, शारीरिक संरचनात्मक आयु एवं शारीरिक तथा मानसिक आयु, बैटरी परीक्षण (शारीरिक क्षमता का मापदण्ड)

इकाई-3 स्वास्थ्य--

03 अर्थ, परिभाषा, स्वास्थ्य के नियमों की जानकारी, स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले कारक, प्रमुख बीमारियां, स्वास्थ्य के नियमों के पालन की आदत डालना, व्यायाम द्वारा बीमारियों को दूर करना, संतुलित आहार।

इकाई-4 कंकाल तंत्र

02 परिचय, शारीरिक ढाँचे की क्रिया.कलाप, हडि्‌डयों के प्रकार, शारीरिक अस्थियाँ, जोड़ों के प्रकार, जोड़ों की गति।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 91

इकाई-5 खेल एवं प्रतियोगिता--

02 खेल का अर्थ, सिद्धान्त, प्रतियोगिता का अर्थ, आन्तरिक व वाह्‌य प्रतियोगिता का अर्थ व महत्व, विभिन्न स्तरों पर वाह्‌य प्रतियोगिता, जनपदीय, मण्डलीय, प्रान्तीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय। भारत के महत्वपूर्ण टूर्नामेन्ट, राष्ट्र मण्डलीय खेल, एशिया खेल, ओलम्पिक खेल, टै्रक टूर्नामेन्ट के बारे में जानकारी देना।

इकाई-6 प्रारम्भिक व्यायाम एवं अन्तिम अवस्था--

02 परिचय, प्रकार, प्रभावी कारक, प्रारम्भिक व्यायाम का महत्व, प्रारम्भिक व्यायाम की विधि एवं अवधि, अन्तिम अवस्था (Cooling Down) का अर्थ, महत्व।

02 इकाई-7 शारीरिक सुरक्षा-

1- इसके अन्र्तगत दो पहिया वाहन चलाते समय सदैव हेल्मेट का प्रयोग करे।

2-चार पहिया वाहन चलाते समय चालक, चालक एवं आगे एवं पीछे बैठने वाले व्यक्ति को सुरक्षा की दृष्टि सीट बेल्ट पहनना आवश्यक है। 3-दो पहिया/चार पहिया वाहन चलाते समय चालक मोबाइल का प्रयोग न करे।

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-50

क्र0 सं0 मद (क्रीड़ा) कार्य कलाप वैकल्पिक 1 अभ्यास सारिणीयाँ अभ्यास सारिणी सामूहिक पी0टी0 योगाभ्यास, सारंग आसन, मत्स्य आसन, उद्‌दीपन, अग्निसार, सुप्त बज्र आसन। 1 अंक

2 अंक

2     कवायद मार्च                अधिकारी   को  पत्रिका  देना  व  इनाम
                               लेना,  धीमी चाल  से  तेजचाल   में  आना,
                               तेजचाल   से  धीमी  चाल  में  आना, दायें
                                तथा बायें दिशा बदलना
3     लेजियम                    मोर चाल,   मोर चाल   आगे की,  मोर चाल

2 अंक

दायें और बायें

4 जिम्नास्टिक/लोकनृत्य

4 अंक वाल्टिंग बाक्स, लॉग बाक्स, ब्रांड शहतीर (1) हाथ की पहुँच के ऊपर शहतीर

पकड़ना-दायें-बायें चलना

(2) हाथ के पहुँच के ऊपर शहतीर

लटककर झूले के साथ पकड़ना (क) जिम्नास्टिक लड़कों के लिए 1-नकीकस सादा 2-तबक फाड़ 3-मयूर पंखी 4-बगली फरार 5-दस रंग 6-पिरामिड (मयूरासन)

(3) हाथ पहुँच के ऊपर शहतीर हाथ

बदलते हुये पकड़ना

लोकनृत्य

(ख) लोकनृत्य लड़कियों के लिए

2 लोकनृत्य एक उसी क्षेत्र का दूसरा

उसी क्षेत्र के बाहर का

लड़कों के लिए

नृत्य अधिक शारीरिक श्रम वाले

दो लोकनृत्य एक उसी क्षेत्र का दूसरा उसी क्षेत्र के बाहर का होना चाहिए।

कक्षा के लिए 3 अंक निर्धारित खेलों में भाग लेना।

5 बड़े खेल निम्नलिखित खेलों के आधारभूत कुशलतायें फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन (जो सुविधायें विद्यालय में उपलब्ध)

6 छोटे खेल 1-लाइन फुटबाल 3 अंक 2-पिन बाल 3-दायरे का फुटबाल92 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

4 अंक

4 अंक

4-हैण्ड बाल 5-कीप द बाल अप 6-उछलकर चलते हुए छूना/पकड़ना 7-कप्तान बाल 8-छूना व बैठकर बचना 9-चलती हुयी प्रतिभायें 10-दायरे की हाकी 7 रिले 1-लीपफ्राग रिले 2-ग्रेस्प एण्ड पुल रिले 3-बैक वर्ड रिले 4-तिलंगा रिले 5-चेन रिले 6-बाल पासिंग रिले 7-पिक अ बैक रिले 8-व्हील बैटरी रिले 8 (क) धावन तथा मैदानी प्रतियोगितायें

1-100 मी0 दौड़ 2-400 मी0 दौड़ 3-लम्बी छलांग 4-ऊँची छलांग 5-उछल कदम और कूद

6-4×100 मी0 रिले

7-शाट पुट

4 अंक

(ख) परीक्षण पदयात्रा राष्ट्रीय शारीरिक दक्षता परीक्षण 3.22 से 6.44 किलोमीटर 9 मुकाबले का खेल (क) साधारण मुकाबले 1-टेक आफ दि टेल 2-पुश आफ दि बेंच 3-पुश आफ दि स्ट्रल 4-पुश इन्टू पिट 5-मेक पुल

(ख) सामूहिक मुकाबले 1-फोर्सिंग दि गेट

2-ब्रेक दि वाल 3-स्मगलिंग 4-प्रिसन ब्रेक

(ग) कुश्ती पैंतरे

(1) (क) यू का पैंतरा

(ख) सामने का पैंतरा (ग) नजदीक (2) पीछे का पैंतरा (3) नीचे का पैंतरा (4) प्रिन्स

(1) कटार चलाना, आक्रमण व बचाव (2) बायें तथा दाहिने ओर प्रहार करके बचाव (3) पेट का निचला भाग (खोज प्रहार)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 93 10 राष्ट्रीय आदर्श तथा अच्छी

3 अंक

नागरिकता व्यावहारिक परियोजनायें तथा सामूहिक गान

(क) राष्ट्रीय आदर्श व अच्छी

नागरिकता

(ख) व्यावहारिक

परियोजनायें

1-अच्छी आदतें 2-हमारे संविधान के मूल आधार 1-प्राथमिक उपचार 2-समाज सेवा 3-खेल.कूद का आयोजन 4-कैंप लगाना

(ग) सामूहिक गीत राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय भाषा में, एक किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा में

तथा एक राष्ट्र भाषा में।

परिचय

▪ सूर्य-नमस्कार के लाभ

▪ विधि

12- आसन और स्वास्थ्य • पेट के बल किए जाने वाले आसन (Prone Postur मे) 2 अंक ▪ पूर्णधनुरासन 13- मुद्रा • अपानवायु मुद्रा, सूर्यमुद्रा पूर्व अध्ययन अभ्यास, ज्ञानमुद्रा, वायुमुद्रा, शून्यमुद्रा, पृथ्वी मुद्रा, प्राणमुद्रा 3 अंक 14- बन्ध • जालन्धर बन्ध 4 अंक

• उड्‌डीयान बन्ध

• मूलबन्ध

• महाबन्ध

15- प्राणायाम एवं स्वास्थ्य        •  भस्त्रिका, कपालभाति (प्राणायाम)                 4 अंक
                                       ▪ पूरक, रेचक व कुम्भव की अवधारणा
                                       ▪ बाह्य प्राणायाम, अनुलोम.विलोम,
                                       ▪    नाड़ीशोधन
16- योग निद्रा                      •    योग निद्रा की प्रयोग विधि                  3 अंक
17- त्राटक                          •  ज्योति त्राटक                                  2 अंक

निम्नलिखित महापुरुषों की जीवनगाथा का अध्ययन

1. चन्द्रशेखर आजाद 2. बिरसा मुण्डा 3. बेगम हजरत महल 4. वीर कुॅवर सिंह 5. ईश्वर चन्द्र विद्यासागर 6. गौतम बु़द्ध 7. ज्योतिबा फूले 8. छत्रपति शिवाजी 9. विनायक दामोदर सावरकर 10. विनोबा भावे 11. श्रीनिवास रामानुजन 12. जगदीश चन्द्र बोस94 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

43-(ख) समाजोपयोगी उत्पादक कार्य

कक्षा-9

स्थानीय सुविधानुसार निम्नलिखित में से कोई एक कार्य कराया जाय--

1--विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां बोना। 2--विद्यालय में घास का लान तैयार करना। 3--गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाना। 4--विद्यालय की बाउन्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना। 5--वृक्षारोपण। 6--कताई-बुनाई। 7--काष्ठ-शिल्प। 8--ग्रन्थ-शिल्प। 9--चर्म-शिल्प। 10--धातु-शिल्प। 11--धुलाई, रफू, बखिया। 12--रंगाई और छपाई। 13--सिलाई। 14--मूर्ति कला। 15--मत्स्य पालन। 16--मुधमक्खी पालन। 17--मुर्गी पालन। 18--साग-सब्जी का उत्पादन। 19--फल संरक्षण। 20--रेशम तथा टसर काम। 21--सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण। 22--हाथ से कागज बनाना। 23--फोटो ग्राफी। 24--रेडियो मरम्मत। 25--घड़ी मरम्मत। 26--चाक तथा मोमबत्ती बनाना। 27--कालीन व दरी का निर्माण। 28--फूलों, फलों तथा सब्जियों के पौधे तैयार करना। 29--लकड़ी, मिट्‌टी आदि के खिलौने का निर्माण। 30--बेकरी और कन्फेक्शनरी का काम। 31--उपर्युक्त की सुविधा न होने पर कोई स्थानीय प्रचलित कार्य।

उपर्युक्त कार्यों के लिए निर्धारित पाठ्‌यक्रम-

(एक) विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां

बोना

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि ऋतु फूल-पत्तियों के लगाने तथा सब्जियों को बोने से जहाँ एक ओर आस-पास की वायु शुद्ध होती है, प्रदूषण दूर होता है, वहीं दूसरी ओर ताजी सब्जियां खाने को मिलती हैं, जिससे शरीर के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक विटामिन तथा खनिज लवणों की आपूर्ति होती है।

(2) छात्रों में ऋतु के अनुसार फूल-पत्तियों तथा सब्जियों का चयन कर उन्हें लगाने तथा उनकी खेती करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) स्थानीय परिवेश एवं जलवायु को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालय की भूमि पर ऋतु के अनुसार फूल-पत्तियों तथा सब्जियों का चयन कर उनकी पौध तैयार करना।

(2) पौध लगाने के लिए उचित भूमि (क्यारियों) को तैयार करना, उसमें अपेक्षित कम्पोस्ट खाद तथा रासायनिक उर्वरक उचित मात्रा में डालना।

(3) बीजों को बोने के पूर्व उनका आवश्यकतानुसर शोधन करना। (4) वर्षाकाल में लौकी, तरोई, गोभी, बैंगन, टमाटर, मिर्चा, गुलमेंहदी, जीनिया, गेंदा आदि के पौध लगाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 95

(दो) विद्यालय में घास की लॉन तैयार करना

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि मैदान में घास लगाने से विद्यालय के सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ भूमि का कटाव नहीं होता, भूमि में फिसलन नहीं होती, लान की हरी-हरी घास नेत्रों को रोशनी के लिए लाभदायक होती है तथा घास के बढ़ने पर उससे पशुओं के लिये चारा भी उपलब्ध हो सकता है।

(2) छात्रों में विद्यालय तथा घर के आस-पास की रिक्त भूमि पर घासों के लान तैयार करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) भूमि तैयार करने तथा घास लगाने के लिए आवश्यक औजारों तथा सामग्रियों की जानकारी, प्रयोग विधि, सावधानियां तथा सुरक्षा के उद्‌देश्यों की जानकारी।

(2) लान (मैदान) से कंकड़, पत्थर साफ कर भूमि को खोदकर भुरभुरी बनाना। (3) मिट्‌टी में कम्पोस्ट खाद तथा अपेक्षित उर्वरक डालना। घास लगाने के लिए तैयार करना। (4) भूमि में आवश्यक सिंचाई कर मिट्‌टी में नमी पैदा करना तथा पुनः भूमि की गुड़ाई कर पटेला लगाना तथा भूमि को समतल बनाना।

(तीन) गमलों में दीर्घ जीवी, शोभायुक्त पौधे लगाना

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि घर के आस-पास भूमि की कमी या अभाव होने पर भी गमलों में दीर्घ-जीवी शोभायुक्त पौधे लगाये जा सकते हैं जिनसे पर्यावरणीय प्रदूषण कम किया जा सकता है।

(2) छात्रों में सुरुचि एवं सौन्दर्य भावना जागृत करने के लिए गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाने के लिए आवश्यक उपकरणों, सामग्रियों, मिट्‌टी तथा उर्वरकों की जानकारी।

(2) गमलों मे कम्पोस्ट खाद (गोबर की सड़ी खाद) युक्त मिट्‌टी भरने का अभ्यास। (3) जुलाई से सितम्बर के मध्य गमलों में फर्न (विभिन्न प्रकार के घास, क्रोटन, विभिन्न प्रकार के कैक्टस, युफार्विया) आदि लगाना।

(4) नियमित रूप से गमलों में सिंचाई करना।

(चार) विद्यालय की बाउण्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना

उद्‌देश्य-

(1) विद्यालय को बोध कराना कि विद्यालय की शोभा इसकी बाउण्ड्री पर हेज तथा लतायें लगाने से बढ़ती हैं साथ ही इससे पर्यावरणीय प्रदूषण कम होता है तथा मिट्‌टी का क्षरण रुकता है।

(2) छात्रों में विद्यालय (साथ ही घर) की बाउण्ड्री पर हेज अथवा लतायें लगाने का शौक तथा कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) हेज तथा लतायें लगाने के लिए आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी, उपविधियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) हेज लगाने हेतु मेंहदी, नीलकांटा (डयूरेटा) सुदर्शन, जस्तीशिया, बस्तशिया छोटी, हेज, चांदनी आदि में से किसी उपयुक्त तथा मन पसन्द हेज का चुनाव करना, वर्षा ऋतु में उसे लगाना।

(पाँच) वृक्षारोपण

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना है कि वृक्ष मानव जाति के अस्तित्व के लिये आवश्यक है, इससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचता है, भूमि का कटाव रुकता है, समय पर उपयुक्त वर्षा होती है, भोज्य पदार्थ, औषधियां, इमारती तथा ईंधन की लकड़ियां प्राप्त होती हैं। वृक्ष वास्तविक अर्थ में मानव के सच्चे मित्र एवं रक्षक हैं।

(2) छात्रों में वृक्षारोपण का शौक तथा कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम-

(1) वृक्षारोपण हेतु आवश्यक औजारों तथा सामग्रियों की जानकारी, उनकी प्रयोग विधि, सावधानियां तथा सुरक्षा के उपायों की जानकारी प्राप्त करना।

(2) वृक्षारोपण हेतु उपयोगी वृक्षों की पौध तथा कलम तैयार करना। (3) वृक्षारोपण के लिए गड्‌ढे़ खोदकर उसमें कम्पोस्ट तथा आवश्यक उर्वरक डालना। (4) तैयार गड्‌ढ़ों में वर्षा ऋतु में वृक्षों के पौध लगाना।

17 ङ96 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(छः) कताई-बुनाई

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को सूत, खजूर की पत्ती, नाइलोन का धागा तथा सुतली से बुनाई करने का बोध कराना। (2) आसनी बनाना, चटाई बुनना तथा टाट-पट्‌टी बुनने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) विभिन्न प्रकार की तकली व रूई के प्रकार की जानकारी प्राप्त करना। (2) कताई में काम आने वाले विभिन्न उपकरणों एवं औजारों की जानकारी। (3) कताई-बुनाई में आवश्यक सावधानियों एवं सुरक्षा नियमों का ज्ञान प्राप्त करना। (4) रूई बुनाई तथा पूनी बनाने का अभ्यास। (5) तकली तथा चरखे पर सूत कातने तथा अटेरन पर सूत लपेटने और गुण्डियां तैयार करने का अभ्यास।

(सात) काष्ठ-शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि भव्य इमारतों तथा फर्नीचरों के निर्माण तथा सजावट की वस्तुयें तैयार करने में काष्ट शिल्प का ज्ञान नितान्त आवश्यक है।

(2) इस कला द्वारा छात्रों के हाथ, नेत्र और मस्तिष्क में सामंजस्य स्थापित होता है।

पाठ्‌यक्रम--

(1) काष्ठ शिल्प में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों एवं औजारों की जानकारी, उनके प्रयोग की सावधानियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) यंत्र प्रयोग एवं कार्य करने का विधिवत्‌ अभ्यास।

(आठ) ग्रन्थ शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को पुस्तकों एवं अभ्यास पुस्तिकाओं को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने का बोध कराना। (2) छात्रों में पुस्तकों को सिलने तथा उनकी जिल्दसाजी का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) ग्रन्थशिल्प में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों तथा औजारों की जानकारी, उसके विधिवत्‌ प्रयोग करने का अभ्यास, सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय, यंत्रों के रख-रखाव की जानकारी।

(2) साधारण पुस्तकों और नोट-बुकों के पन्ने मोडऩा, उनकी सिलाई करना (जुजबन्दी तथा सादी दोनों प्रकार की) किनारे काटना, पीठ गोल करना, रक्षक कागज लगाना, आवरण चढ़ाना तथा उनकी सुसज्जा करना।

(3) पुस्तक आवरण का लेखन तैयार कर उनकी सुरक्षा करना।

(नौ) चर्म शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि दैनिक जीवन में चर्म से बनी वस्तुयें कितनी उपयोगी हैं। (2) छात्रों में चर्म से विभिन्न प्रकार की दैनिक जीवनोपयोगी वस्तुओं के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) चर्म शिल्प में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों, औजारों तथा सामग्री की जानकारी, उनके विधिवत्‌ प्रयोग करने का अभ्यास सावधानियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) चर्म से तैयार की गयी वस्तुओं में बटन लगाने का अभ्यास। (3) कागज से विभिन्न प्रकार के मॉडल बनाना, औजारों से सही ढंग से काटना, चिपकाना, चमड़े की पट्‌टी लगाने का अभ्यास।

(दस) धातु-शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को धातु-अधातु में अन्तर तथा धातु के महत्व का बोध कराना। (2) छात्रों में धातुओं से बनी दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली वस्तुओं के मामूली टूट-फूट की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) धातु-शिल्प में प्रयोग होने वाले उपकरणों एवं औजारों तथा सामग्रियों की जानकारी, उनके प्रयोग विधि का अभ्यास, सावधानियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) यंत्रों के उचित ढंग से रख-रखाव की जानकारी। (3) लोहा, टीन, तांबा, एल्युमीनियम, शीशा, जस्ता आदि धातुओं की जानकारी तथा उनसे बनने वाली वस्तुओं की जानकारी तथा उनके मामूली टूट-फूट की मरम्मत करने का अभ्यास।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 97

(ग्यारह) धुलाई, रफू तथा बखिया

उद्‌देश्य-

छात्रों को बोध कराना है कि धुलाई-रफू तथा बखिया द्वारा प्रत्येक परिवार में प्रयोग होने वाले वस्त्रों को अधिक समय तक पूर्ण चमक-दमक के साथ चलाया जा सकता है तथा इस प्रकार आर्थिक बचत की जा सकती है। पाठ्‌यक्रम--

(1) धुलाई, रफू तथा बखिया के उपकरणों, साज-सज्जा तथा सामग्रियों की जानकारी, सही प्रयोग सावधानियां रख-रखाव सुरक्षा के उपाय।

(2) विभिन्न देशों के बने वस्त्रों की जानकारी। (3) प्रक्षालन के विभिन्न प्रकारों की जानकारी तथा अभ्यास। (4) विभिन्न प्रकार के धब्बे हटाने की जानकारी तथा अभ्यास।

(बारह) रंगाई तथा छपाई

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि हर प्रकार के वस्त्रों की किस प्रकार रंगाई तथा छपाई कर उन्हें नयनाभिराम तथा आकर्षक बनाया जा सकता है।

(2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की रंगाई के कौशल का विकास कराना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) रंगाई तथा छपाई हेतु प्रयुक्त होने वाले उपकरणों, साज-सज्जा तथा सामग्रियों की जानकारी, सही प्रयोग विधि का अभ्यास, सावधानियां तथा उनका रख-रखाव।

(2) विभिन्न प्रकार के टेक्सटाइल रेशों की पहचान का अभ्यास। (3) कोरी वस्तुओं की अशुद्धियों को निकाल कर उन्हें रंगाने योग्य बनाने का अभ्यास। (4) सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों पर नमक के रंगों की विधि का अभ्यास।

(तेरह) सिलाई

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि सिलाई कला के अभ्यास से पर्याप्त धन की बचत की जा सकती है। (2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की सिलाई के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) सिलाई के उपकरणों, साज-सज्जा तथा सामग्रियों की जानकारी उनके सही प्रयोग विधि का अभ्यास सावधानियां तथा रख-रखाव की जानकारी।

(2) विभिन्न प्रकार के कपड़ों के सिकुड़ने आदि की प्रवृत्ति की जानकारी। (3) सूती, ऊनी तथा रेशमी कपड़ों पर लोहा करने की विधि का अभ्यास। (4) सूती, ऊनी तथा रेशमी की सिलाई हेतु सही धागों के चुनाव का अभ्यास।

(चौदह) मूर्ति कला

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि मूर्ति-कला का जीवन से कितना गहरा सम्बन्ध है। यह विगत स्मृतियों को जीवित रखने का एक मुखर साधन है।

(2) छात्रों में मूर्ति-कला के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) मूर्ति-कला में प्रयोग होने वाले औजारों तथा अन्य सामग्रियों की जानकारी, उनकी प्रयोग विधि का ज्ञान, सावधानियां, रख-रखाव तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) मिट्‌टी व अन्य रद्‌दी वस्तुओं, प्लास्टर आफ पेरिस, कागज की लुग्दी को कार्योपयोगी बनाने की विधि का अभ्यास।

(3) अच्छी मिट्‌टी व कागज की लुगदी की पहचान का अभ्यास। (4) भटि्‌ठयां बनाने की कला की जानकारी। (5) टूटे बर्तनों व मूर्तियों को जोड़ने की कला की जानकारी।

(पन्द्रह) मत्स्य पालन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि मत्स्य पालन से पौष्टिक आहार प्राप्त होता है, मत्स्योत्पादन एक लाभकारी उद्योग है।

(2) छात्रों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करना तथा सही विधि से मत्स्य पालन करना सिखाना।

98 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पाठ्‌यक्रम--

(1) मत्स्य पालन के काम आने वाली सामग्रियों की जानकारी। (2) मत्स्य पकड़ने के उपकरणों जैसे बंसी, जाल, नाव तथा जहाज की जानकारी तथा छात्र द्वारा मत्स्य पकड़ने का अभ्यास।

(3) मत्स्य पालन के सामान्य सिद्धान्त, प्रजनन एवं पोषण की जानकारी। (4) मत्स्य की सुरक्षा, जीवाणु सम्बन्धी खराबी, इसके कारण तथा सुरक्षा के उपायों की जानकारी।

(सोलह) मधुमक्खी पालन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि मधु एकत्र करने के लिए मधु मक्खियों को पाला जा सकता है। (2) छात्रों को बोध कराना कि मधु अनेक दशाओं में प्रयुक्त होती है तथा अत्यन्त स्वास्थबर्द्धक भोज्य पदार्थ है।

(3) छात्रों में मधुमक्खियों को मौन गृह में रखना तथा उनके रख-रखाव और शहद निकालने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) मधुमक्खी पालन तथा शहद निकालने के लिये आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी। (2) मौन गृह की व्यवस्था करना। (3) मधुमक्खियों को बक्से में रखने के दोनों प्रकारों की जानकारी (1) मौनवंश में धनछट होने पर इन्हें ड्रम या कनस्टर छोड़कर, धूल उड़ाकर या पानी की बौछार कर रोक लेने की जानकारी तथा अभ्यास, स्वामीबैग से पकड़कर इन्हें बक्से में डालकर क्वानगट लाने की जानकारी, (2) मौनवंश को जाले से अथवा पेड़ की खोखल से स्थानान्तरित कर मौन गृह में लाना।

(4) मधुमक्खियों द्वारा छत्ता बनाने के लिये रात के समय चीनी का घोल प्याले में रख कर उसमें दूध या सूखी घास डालकर ऊपरी व भीतरी ढक्कन के बीच में रखने की जानकारी।

(5) धुआँ देकर मधुमक्खियों को भगाकर छत्तें को काटकर मौन गृह में फ्रेमों में फिट करना तथा रानी मक्खी को पकड़कर बक्से में डालना जिससे सभी मधुमक्खियां उस बक्से में आने लगें।

(6) बक्सों को ऐसे स्थान पर रखना जहाँ सभी मधुमक्खियों के आवागमन में किसी प्रकार की रुकावट न हो।

(सत्रह) मुर्गी पालन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि प्रोटीन भोजन का एक मुख्य अवयव है। प्रोटीन का सरलता से उपलब्ध होने वाला प्रमुख साधन अण्डा है, जिसे मुर्गी पालन से प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में मुर्गी के आवास-व्यवस्था, रख-रखाव व रोग तथा उसके उपचार, मुर्गी फार्म के हिसाब से रख-रखाव का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) मुर्गी के आवास-व्यवस्था का प्रबन्ध करना। (2) मुर्गियों के साधारण रख-रखाव की जानकारी प्राप्त करना। (3) मुर्गी से विभिन्न रोगों की जानकारी, उसके उपचार एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी। (4) मुर्गी पालन प्रारम्भ करने के लिये उचित नस्ल की जानकारी तथा चुनाव। (5) स्थानीय मांग के अनुसार यदि अंडों की खपत अधिक है तो अण्डे देने वाली नस्ल की मुर्गियों का पालन करना तथा यदि बाजार में मांस की अधिक खपत है तो मांस के लिये पाली जाने वाली नस्लों का चयन कर मुर्गियों को पालना।

(अट्‌ठारह) शाक-सब्जी का उत्पादन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि हमारे संतुलित आहार में शाक-सब्जी का कितना महत्वपूर्ण स्थान है तथा ये सब प्रकार के विटामिन्स, खनिजों एवं लवणों की आपूर्ति कर हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं तथा रोगों से लड़ने की क्षमता उत्पन्न करते हैं।

(2) छात्रों में मौसम के अनुसार शाक-सब्जी को पैदा करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) शाक-सब्जी उत्पन्न कराने के लिये अच्छी मिट्‌टी की जानकारी, भूमि तैयार करना, सही मात्रा में आवश्यक खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करना।

(2) शाक-सब्जी की खेती में प्रयोग आने वाली कृषि उपकरणों तथा औजारों की जानकारी, उनके प्रयोग की विधि, सावधानियां एवं उनका रख-रखाव।

(3) अधिक उपज देने वाले बीजों की जानकारी एवं उनका चुनाव।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 99

(4) बीज-शोधन प्रक्रिया की जानकारी तथा अभ्यास। (5) शाक-सब्जी बोने के पूर्व भूमि में उचित मात्रा में नमी बनाये रखने की जानकारी, सिंचाई के समय तथा सही मात्रा की जानकारी तथा अभ्यास।

(6) मौसम के अनुसार शाक-सब्जी की खेती करने का अभ्यास, जिसमें कम लागत में अच्छी उपज प्राप्त हो सके।

(उन्नीस) फल संरक्षण

उद्‌देश्य--

(1) फलों के नष्ट होने की प्रक्रिया का छात्रों को बोध कराना। (2) विभिन्न प्रकार के फलों के संरक्षण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) फल संरक्षण हेतु आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी। (2) जेली, जैम, आचार, मुरब्बा, सास, कैचप तथा स्क्वैश की सामान्य जानकारी, उनमें परस्पर अन्तर की जानकारी तथा यह जानना कि कौन सा फल किस वस्तु के लिये तैयार करने में प्रयोग में लाया जाता है।

(3) प्रत्येक प्रकार की वस्तु (जैसे जेली, जैम, अचार आदि) तैयार करने के लिये उनमें प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल (जैसे फल, चीनी, नमक, तेल, घी, मसाले आदि) की सही मात्रा (अनुपात) की जानकारी।

(4) अमरूद की जेली बनाने का अभ्यास। (5) पपीते का जैम बनाने का अभ्यास। (6) आम, मिर्चा, कटहल का अचार बनाने का अभ्यास। (7) गाजर, मूली, शलजम, गोभी, सिंघाड़ा आदि का मिश्रित अचार बनाने का अभ्यास। (8) आवंले का मुरब्बा बनाने का अभ्यास।

(बीस) रेशम तथा टसर का काम

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि रेशम के कीटों का पालन कर रेशम का धागा प्राप्त किया जा सकता है। (2) छात्रों में शहतूत के पौधों का उत्पादन करना, शहतूत के पौधों पर रेशम के कीटों का पालन करना, प्यूपा (कोया) एकत्र कर उनसे रेशम का धागा प्राप्त करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) रेशम कीट पालन हेतु आवश्यक उपकरण एवं सामग्रियों की जानकारी सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय। (2) शहतूत की पत्ती का उत्पादन। (3) रेशम कीट पालन एवं कोया उत्पादन। (4) कोये सुखाना एवं कोये की रोलिंग पर धागों (रेशम सूत) का उत्पादन करना। (5) पत्तियों को ट्रे में धीरे-धीरे डालने का अभ्यास करना जिसमें कोयो को चोट न पहुंचे। (6) पुरानी पत्तियों को समय से तत्परतापूर्वक टे्र से हटाते रहना।

(इक्कीस) सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि सुतली तथा टाट-पट्‌टी कुटीर उद्योग है जिसमें ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था सुधारने में सहायता मिल सकती है तथा कम पूंजी में इसे प्रारम्भ किया जा सकता है एवं इसके लिए कच्चा माल सुगमता से प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में सुतली तथा टाट-पट्‌टी के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) सुतली एवं टाट-पट्‌टी के निर्माण के लिये आवश्यक उपकरणों, औजारों एवं सामग्रियों की जानकारी सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय।

(2) अच्छे रेशमों की जांच पड़ताल करना तथा रेशों के विभिन्न प्रकारों की जानकारी प्राप्त करना एवं पहचानने का अभ्यास करना।

(3) सुतली कातने तथा उसके 2 प्लाई, 3 प्लाई तथा 4 प्लाई धागों का निर्माण करना। (4) कच्चे माल को एकत्र करने में बरतने योग्य सावधानियाें की जानकारी प्राप्त करना तथा उनका अभ्यास करना।

(बाइस) हाथ से कागज बनाना

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि आधुनिक युग में ज्ञान के विकास तथा उसे सुरक्षित रखने में कागज का महान योगदान है।

(2) छात्रों में हाथ से कागज बनाने के कौशल का विकास करना।

100 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पाठ्‌यक्रम--

(1) हाथ से कागज बनाने में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों तथा कच्चे माल की जानकारी, (क) प्रकृति के पदार्थों से मिलने वाला कच्चा माल, (ख) रद्‌दी कागज का उपयोग।

(2) कच्चे माल को गलाने तथा साफ करने की विधियों की जानकारी तथा अभ्यास (प्रकृति से प्राप्त होने वाले वस्तुओं को छोटे टुकड़ों में काटना, रासायनिक पदार्थों द्वारा गलाना, उबालना, कुटाई करना, कुंटी हुई लुग्दी में सफेदी लाने का अभ्यास, लुग्दी तथा रासायनिक पदार्थों को अलग करने की विधि)।

(3) तैयार लुग्दी की पहचान का अभ्यास। (4) तैयार लुग्दी से कागज उठाना। (5) हाथ से कागज उठाने की विधियां।

(तेइस) फोटाग्राफी

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि विगत स्मृतियों को साकार रूप से सुरक्षित रखने के लिये फोटोग्राफी एक सशक्त माध्यम है।

(2) छात्रों को फोटो खींचने, उसका डेवलपमेन्ट करने, प्रिटिंग तथा एनलार्जमेन्ट करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) निगेटिव फिल्मों को तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी। (2) फोटोग्राफी के लिए आवश्यक उपकरणों, साज-सज्जा सामग्रियों की जानकारी उसका रख-रखाव तथा आवश्यक सावधानियों की जानकारी, सुरक्षा के नियमों को जानना।

(3) साधारण कैमरा, बाक्स कैमरा, डबल कैमरा, टिबल लेन्स कैमरा की जानकारी, फोल्ंिडग कैमरा आदि का प्रयोग करना तथा रख-रखाव, सावधानियों की जानकारी।

(4) कैमरा के मुख्य पुर्जें की जानकारी, उनका प्रयोग तथा सावधानियां। (5) डार्क रूम की जानकारी, फोटोग्राफी में प्रकाश का महत्व। (6) फोटो खींचने का अभ्यास, फोटोग्राफी हेतु आकर्षक पोज की स्थिति समझाने की जानकरी तथा अभ्यास (आउट डोर तथा इन्डोर फोटोग्राफी का अभ्यास)।

(7) कैमरे में रील भरने तथा फोटो खींचने के बाद जब भर जाये तो उसे बाहर निकालने के अभ्यास तथा सावधानियां।

(8) कैमरा द्वारा लाइट के अनुरूप इक्सपोजर देने तथा टाइपिंग का अभ्यास। (9) निगेटिव फिल्म तैयार करने का अभ्यास। (10) विभिन्न रसायनों से डेवलपर तैयार करना तथा फिल्म को डेवलेप करने का अभ्यास।

(चौबीस) रेडियो मरम्मत

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को रेडियो, ट्रान्जिस्टर, टेपरिकार्डर तथा टू-इन-वन के बारे में बोध करना। (2) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर को असेम्बली एवं रिपेयरिंग का कौशल विकसित करना। (3) टेप रिकार्डर तथा टू-इन-वन की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) रेडियो तथा इलेक्ट्रानिक का साधारण ज्ञान प्राप्त करना। (2) विद्युत की सामान्य जानकारी। (3) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर के प्रकारों की जानकारी। (4) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर के विभिन्न पाटर््‌स तथा उनके कार्यों की जानकारी। (5) ट्रान्जिस्टर रिसीवर पाटर््‌स की जानकारी। (6) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर के दोषों को ढूढ़ना तथा उनको ठीक करने का अभ्यास।

(पच्चीस) घड़ी मरम्मत

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों में कम लागत में घड़ियों की मरम्मत तथा रख-रखाव की क्षमता का विकास करना। (2) मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल प्रकार की कलाई घड़ी, टेबुल घड़ी तथा दीवार घड़ी की मरम्मत सर्विसिंग और संयोजन (असेम्बली) का कौशल विकसित करना।

(3) छोटे-छोटे कल-पुर्जों को लेकर किये जाने वाले कार्यों में बरतने योग्य सावधानियों का अभ्यास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) घड़ीसाजों के औजारों की पहचान एवं उनके उपयोग करने की विधियों का अभ्यास तथा सावधानियां। (2) विभिन्न प्रकार की मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल घड़ियों का अध्ययन।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 101

(3) घड़ी के कल-पुर्जों की बनावट एवं कार्य प्रणाली का अध्ययन। (4) घड़ियों की खुलाई, सफाई, आयलिंग एवं बधाई। (5) पुर्जों की मरम्मत एवं जांच तथा सही ढंग से नये पाटर््‌स की फिटिंग करना। (6) हेयर स्प्रिंग, टाइम सेटिंग का अभ्यास।

(छब्बीस) चाक एवं मोमबत्ती बनाना

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि कम लागत की पूंजी में चाक एवं मोमबत्ती बनाने का लघु कुटीर उद्योग प्रारम्भ किया जा सकता है जिसकी खपत आस-पास के परिवेश में हो सकती है।

(2) छात्रों में चाक एवं मोमबत्ती बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम-- चाक एवं मोमबत्ती बनाने के लिये आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी, सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय। चाक बनाने हेतु--

(1) चाक बनाने के सांचे (गनमेटल तथा एल्यूमिनियम) की जानकारी, सांचों के कसने के लिये पेच की जानकारी, उनके प्रयोग का अभ्यास।

(2) कच्चे माल (प्लास्टर आफ पेरिस तथा चीनी मिट्‌टी) की जानकारी तथा प्रयोग विधि की जानकारी एवं अभ्यास।

(3) 10ः1 के अनुपात में प्लास्टर आफ पेरिस तथा चीनी मिट्‌टी मिलाकर आवश्यकतानुसार पानी मिला कर लकड़ी के पतले तख्ते से संमिश्रण को खोदने का अभ्यास करना जिससे वह गाढ़ा लेई सदृश्य तैयार हो जाय।

(4) उपर्युक्त समिश्रण को मोबिल आयल लगे सांचे के छिद्रों में भरना तथा सांचे में 10-15 मिनट तक प्लास्टर आफ पेरिस के सूख जाने पर सांचे को खोलकर चाक को बाहर निकाल कर सुखा लेना।

(5) सूखे हुये चाकों को पैकिंग कर बाजार में विक्रय हेतु तैयार करना।

मोमबत्ती बनाने हेतु--

(1) मोमबत्ती बनाने के लिये एल्यूमिनियम से बने सांचे की जानकारी तथा प्रयोग का अभ्यास। (2) मोमबत्ती हेतु कच्चे माल-पैराफीन, मोम सूत तथा आयल रंग की जानकारी एवं प्रयोग विधि की जानकारी।

(3) सांचे के पलड़ों को खोलकर रूई की सहायता से अन्दर आयलिंग करना, सांचे में धागा लगाने के स्थान पर धागा लगाना तथा सांचे के पलड़ों को मिलाकर सांचे को बन्द करना।

(4) पैराफीन, मोम को किसी पात्र में आग पर पिघलाकर सांचे के छिद्रों में घोलना तथा सांचे की पूरी तरह से पिघली मोम से भर जाने पर सांचे को ठंडे पानी के टब में डुबाना।

(सत्ताइस) कालीन तथा दरी का निर्माण

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि अवसरों पर बिछाने तथा ड्राइंग रूम को सजाने में कालीन तथा दरी का भारी उपयोग होता है।

(2) छात्रों में कालीन तथा दरी बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) कालीन तथा दरी के निर्माण में प्रयोग होने वाले उपकरण तथा कच्चे माल की जानकारी। (2) सूत छांटना तथा सूत खोलना। (3) सूत की कटाई। (4) तागा लगाना।

(5) दरी बुनाई की तकनीकी की जानकारी व बुनाई का अभ्यास।

(अट्‌ठाइस) फलों तथा सब्जियों का पौध तैयार करना

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि अच्छी प्रजाति के पौध तैयार कर उनके सही रोपण द्वारा पौधे शीघ्र बढ़ते हैं तथा उनसे उत्पादन भी अधिक होता है।

(2) छात्रों में मौसम के अनुसार सब्जियों तथा फूलों का चयन कर उसकी पौध तैयार करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) पौधों का चयन स्थानीय आवश्यकता एवं सुविधा को रखते हुए मौसम के अनुसार उगाई जाने वाली सब्जियों, फलों तथा फूलों की सूची तैयार करना।

102 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(2) वर्षा काल में लौकी, गोभी, बैंगन, टमाटर, मिर्चा, गुल मेंहदी, जीनिया, गेंदा, पपीता इत्यादि की पौध तैयार करना।

(3) शीतकाल में फूलगोभी, पातगोभी, गांठगोभी, प्याज, कलेण्डुला, डहेलिया, नैस्ट्रोशियन, गुलदावदी, सूरजमुखी इत्यादि की पौध तैयार करना।

(4) ग्रीष्मकाल में कना, कोचिव, पोटूलाका वरगीनिया इत्यादि की पौध तैयार करना। (5) अक्टूबर, नवम्बर में गुलाब की पौधे तैयार करना।

(उन्तीस) लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने का निर्माण

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने बच्चों के लिये आकर्षण के केन्द्र तथा घर पर तथा ड्राइंग रूम सजाने के लिये सुन्दर साधन होते हैं।

(2) छात्रों में लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) लकड़ी के खिलौने बनाने में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों/औजारों तथा कच्चे माल की जानकारी। (2) औजारों का प्रयोग करने का अभ्यास एवं सावधानियां। (3) विभिन्न प्रकार के डिजाइनों के अनुसार वन पीस तथा मेनी पीस में लकड़ी के खिलौने तैयार करने का अभ्यास।

(4) लकड़ी के खिलौने पर फिनिशिंग टच देना तथा पालिश करने का अभ्यास। (5) मिट्‌टी के खिलौने बनाने के लिये उपयुक्त मिट्‌टी की जानकारी, चुनाव उसे तैयार करना। (6) खिलौने के सांचों की प्रयोग की विधि की जानकारी। (7) सांचे के खिलौने को निकालने, सुखाने तथा भट्‌ठी में उपयुक्त आंच में पकाने की कला जानकारी तथा अभ्यास।

(तीस) बेकरी तथा कन्फेक्शनरी का काम

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना है कि सामान्यतः नाश्ते में प्रयोग किये जाने वाले बिस्कुट तथा केक आदि सरलता से घर में बनाये जा सकते हैं।

(2) छात्रों को बिस्कुट, केक, पेस्ट्री तथा पावरोटी बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) बेकरी तथा कन्फेक्शनरी के काम में उपयोग में आने वाले आवश्यक उपकरणों/औजारों तथा ओवन की जानकारी।

(2) बिस्कुट, केक, पेस्ट्री तथा पावरोटी में प्रयुक्त होने वाली सामग्री तथा उनकी सही मात्रा के अनुपात की जानकारी।

(3) पावरोटी, बनाने की विधियां--स्टेट की विधि, (ख) साल्ट डिलाइट विधि, (ग) नो टाइप की विधि, (घ) स्पेजडी विधि का ज्ञान प्राप्त करना।

(4) ब्रेड बनाने की प्रक्रिया--(1) फ्लाई परमेन्ट, (2) मिक्सिंग, (3) नोडिंग, (4) प्रथम फर्मा, (5) इण्टरमीडिएट प्रूफ, (6) मीलिंग एवं पैडिंग, (7) प्रूफिंग, (8) बेकिंग, (9) कलिंग, (10) स्लाई सिंग तथा (11) रैपिंग।

सामाजिक सेवा

(1) सामान्य व्यवहार की बातें, जैसे--सड़कों पर चलने, वाहन चलाने एवं सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार के नियम। (2) कक्षा सजावट। (3) नशाबन्दी एवं धूम्रपान आदि व्यसनों के कुप्रभाव से अवगत कराना। सामान्य निर्देश (1) विद्यालय का प्रारम्भ सामूहिक प्रार्थना एवं दैनिक प्रतिज्ञा से होना चाहिए। (2) प्रार्थना स्थल पर सप्ताह में दो बार प्राधानाचार्य, शिक्षकों, विशेष अतिथियों एवं छात्रों द्वारा नैतिक मूल्यों को जगाने वाले दो मिनट के प्रवचन कराये जायें। (3) विद्यालय में समय-समय पर अभिनव, लेख, कहानी, सूक्ति, कविता पाइ, अन्त्याक्षरी आदि को प्रतियोगिताओं, महापुरुषों के जन्म दिनों तथा वार्षिकोत्सव एवं राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन किया जाय। (4) छात्रों को प्रतिदिन निर्धारित व्यायाम एवं योगदान करने के लिये प्रेरित किया जाय। (5) सामूहिक व्यायाम एवं खेलों का आयोजन किया जाय। (6) समाज सेवा के कार्य के अन्तर्गत विद्यालय प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यालय की सफाई, मरम्मत एवं सजावट तथा पुस्तकालय सेवा जैसे रचनात्मक कार्य भी कराये जाये।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 103

3--मूल्यांकन-- 1--उपर्युक्त पाठ्‌यक्रम का मूल्यांकन पूर्णतया आन्तरिक होगा। 2--प्रत्येक छात्र को एक डायरी रखनी होगी, जिसमें उसके द्वारा दिये गये कार्य नैतिक सत्‌ प्रयास शारीरिक शिक्षा अन्तर्गत किये गये अभ्यासों, कृत समाजोपयोगी, उत्पादक कार्यों एवं सामाजिक के रूप में किये गये प्रयत्नों तथा कार्यों का मासिक विवरण सम्बन्धित अध्यापक द्वारा अंकित हो तथा प्रत्येक माह के अन्त में यह विवरण मूल्यांकन हेतु कक्षाध्यापक के माध्यम से प्रधानाचार्य के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। 3--मूल्यांकन के आधार पर इसमें तीन श्रेणियां ए, बी, सी प्रदान की जायेगी। जिन छात्रों ने कार्य न पूरा किया हो तो उन्हें तब तक सामान्य परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित नहीं किया जायेगा, जब तक कि निर्धारित कार्य पूरा न कर लें जो छात्र उपर्युक्त तीनों श्रेणियों में से किसी भी श्रेणी के योग्य नहीं पाये जायेंगे, उनकी विवरण पुस्तिका (डायरी) में तद्‌नुसार प्रविष्टि कर दी जायेगी तथा ऐसा छात्र मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए अर्ह न होगा। निर्धारित पुस्तकें-- कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालय के प्रधान सम्बन्धित विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपर्युक्त पुस्तक का चयन कर लें।

44-पूर्व व्यावसायिक का पाठ्‌यक्रम

(1) टे्रड-टेक्सटाइल डिजाइन

उद्‌देश्य-- 1--छात्रों में उद्यमता गुणों का विकास करना। 2--छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3--छात्रों को 10+2 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रड का चयन करने में सहायता करना। 4--छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। स्वरोजगार के अवसर-- टेक्सटाइल डिजाइन टे्रड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं-- (क) वेतनभोगी रोजगार--

(1) टेक्साइल इन्डस्ट्रीज में निम्न पदों पर रोजगार प्राप्त हो सकता है--

(क) सहायक रंगाई मास्टर, (ख) सहायक छपाई मास्टर।

(2) छोटेे कारखानों में--

छपाई, रंगाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में।

(ख) स्वरोजगार के रूप में--

(1) घरेलू व्यवसाय के रूप में छपाई कार्य, रंगाई कार्य करके माल को स्वयं बेच सकता है या बड़े उद्योगों में सप्लाई कर सकता है।

(2) ग्राहकों की आवश्यकतानुसार आर्डर लेकर कार्य पूरा करके अपनी आय कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन--

टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक--

इकाई 1--

(क) उद्यमिता बोध--उद्यम एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाओं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओ का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2--

(क) टेक्सटाइल परिचय--रेश, धागा, कपड़े का सामान्य ज्ञान। (ख) टेक्सटाइल से सम्बन्धित डिजाइन का अध्ययन--बुनाई, रंगाई, छपाई, वाश, पेंटिग का साधारण नमूना तैयार करना।

18 ङ104 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई 3--

(क) डिजाइन तैयार करने के मूलभूत सिद्धान्त तथा प्रारम्भिक डिजाइन का प्रमुख नमूना तैयार करना। (ख) डिजाइन में रंगों एवं रंग योजना प्रयोग। विभिन्न प्रकार के डिजाइन अवधारणा का निर्माण करना जिसकी हम छपाई, रंगाई व पेंटिग में प्रयोग कर सकते हैं।

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(1) रेशों की पहचान--सूती, ऊनी, रेशमी। परीक्षण विधि--मौलिक, जलाकर। (2) कपड़े/धागे की रंगाई, छपाई के लिए तैयार करना। उबालना, विरंजन करना--मारकीन और कच्चा सूत। (3) नमक के रंगों से छपाई करना--रूमाल या दुपट्‌टा कपड़ा--सूती कपड़ा/धागा। (4) नप्थोल रंग से रंगाई करना--तीन गहरे रंग का प्रयोग, इन रंगों का प्रयोग पर्दे इत्यादि पर किया जा सकता है।

(5) ठप्पे (कपड़ों के) द्वारा छपाई--मेजपोश, रूमाल, तकिया का गिलाफ। कपड़ा--सूती।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक

3

4 1 2 1 वस्त्र विज्ञान के मूल सिद्धान्त जे0 पी0 शैरी विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा। प्रो0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुक डिपो, लखनऊ। 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिवार (तृतीय

संस्करण)

एस0 सी0 ई0 आर0 टी0, नई दिल्ली।

3 हाउस होल्ड टेक्सटाइल दुर्गादत्त बुक कम्पनी, नई दिल्ली। 4 टेक्सटाइल केयर एण्ड डिजाइन एन0 सी0 ई0 आर0 टी0 एक्सप्लेनर, इन्स्ट्रक्शनल, मैटेरियल फार क्लासेज, दिल्ली IX-X

(2) टे्रड--पुस्तकालय विज्ञान

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों में 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक पुस्तकालय विज्ञान टे्रड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि उत्पन्न करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव उत्पन्न करना। (6) छात्रों को पुस्तकालय विज्ञान टे्रड की प्रारम्भिक जानकारी से अवगत कराना।

रोजगार के अवसर--

(1) वेतनभोगी रोजगार के अवसर-- (क) ग्रामीण, कम्युनिटी सेन्टर, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, अनौपचारिक शिक्षा केन्द्र, पंचायत तथा अन्य लघु स्तरीय पुस्तकालयों में रोजगार के अवसर।

(ख) विभिन्न श्रेणी के पुस्तकालयों में पुस्तक प्रदाता, जनेटर, पुस्तक सरंक्षण सहायक तथा शार्टर के रूप में रोजगार के अवसर।

(2) स्वरोजगार के अवसर-- (क) पुस्तकालय का अध्ययन-सामग्रियों की जिल्दबन्दी का व्यवसाय। (ख) पुस्तकालय उपकरण एवं उपस्कर निर्माण का व्यवसाय। (ग) पुस्तकालय एवं उसकी अध्ययन सामग्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षण का व्यवसाय।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन--

टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इनकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगा।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक (लिखित परीक्षा)

1--(क) उद्यमिता बोध--उद्यम, उद्यमती एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या। वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनायें। उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता के गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ। राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग सहायक सरकारी तथा गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग कीभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 105 स्थापना प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का परिचय।

2--पुस्तकालय का परिचय, परिभाषा, उद्‌देश्य, आवश्यकता एवं महत्व, पुस्तकालयों के विभिन्न प्रकार (रूप) पुस्तकालय विज्ञान के पांच सिद्धान्तों की अवधारणा।

3--पुस्तकालय उपकरण उपस्कर एवं साज-सज्जा। 4--पुस्तकालय अध्ययन--सामग्री की अवाप्ति प्रक्रिया, उनके उपयोग हेतु सुनियोजन, फलक व्यवस्था तथा प्रदायक सेवा। प्रतिकाओं का अभिलेख एवं रख-रखाव।

प्रयोगात्मक

(1) लघु प्रयोगः पुस्तकालयों के निम्नलिखित उपकरणों का प्रारूप तैयार करना-- बुक-प्लेट, बुक-लेबिल, तिथि-पत्रों, पुस्तक-पत्र, पुस्तक-पाकेट, पुस्तकालय-पत्रक, सूची-पत्रक, सूचना निर्देशक-पत्र, तिथि निर्देशक, बुक सपोर्टर।

(2) दीर्घ प्रयोगः (क) पुस्ताकालय के निम्नलिखित उपस्करों एवं उपकरणों का प्रारूप (डिजाइन तैयार करना)-- परिग्रहण-पंजिका, समाचार-पत्र तथा पत्रिका-पंजिका, निर्गम पंजिका, कैटलाग, कैबिनेट चार्जिंग टे्र, डिसप्ले, रेक, एटलस, स्टैण्ड, शब्दकोष स्टैण्ड।

पुस्तकों की मरम्मत, जुजबन्दी एवं सादी सिलाई द्वारा जिल्दबन्दी करना। (ख) वर्गीकरण एवं सूचीकरण प्रायोगिक का मूल्यांकन, सत्रीय कार्य के अन्तर्गत (आगे उल्लिखित क्रम संख्या 4 एवं 5 पर आधारित कार्य करना)। (1) सत्रीय कार्य--

छात्र कक्षा 9 में निम्नलिखित कार्य करेंगे और उनका अभिलेख तैयार कर सत्रीय कार्य के मूल्यांकन हेतु सुरक्षित रखेंगे :

1--पचास पुस्तकों की परिग्रहण पंजिका में प्रविष्टि। 2--पांच पुस्तकों का उपयोग हेतु सुनियोजन। 3--पत्र-पत्रिका से पांच समाचार-पत्र तथा दस पत्रिकाओं की प्रविष्टि। 4--सौ पुस्तकों का ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति से तीन अंकों तक का वर्गांक बनाना। 5--पचीस पुस्तकों के मुख्य, अतिरिक्त एवं अन्तर्देशी संलेख को पत्रक स्वरूप सूचीकरण ए0ए0सी0आर0-2 के अनुसार बनाना।

(2) व्यावहारिक अध्ययन-- 1--छात्र द्वारा किन्हीं दो पुस्तकालयों की कार्य-प्रणाली का ज्ञान प्राप्त कर दस पृष्ठों की आख्या प्रस्तुत करना।

2--किसी जिल्दसाज की दुकान पर भौतिक ग्रन्थ विज्ञान एवं जिल्दसाजी का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना एवं किये गये कार्य का विवरण प्रस्तुत करना।

3--ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति के तृतीय सारांश में प्रयुक्त पदो ंके हिन्दी समानार्थी शब्दों का ज्ञान।

निर्धारित पुस्तकें--

कोई भी पुस्तक निर्धारित एवं संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के सम्बन्धित विषय के अध्यापक पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तकों का चयन कर लें।

(3) टे्रड--पाकशास्त्र

उद्‌देश्य--

1--भोजन से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों का ज्ञान कराना। 2--भिन्न भोज्य-सामग्रियों की प्रकृति तथा रासायनिक संगठन के आधार पर भोजन पकाने की विधियों से अवगत कराना।

3--व्यावसायिक रूप से विक्रय योग्य बनाने की क्षमता उत्पन्न करना। 4--विभिन्न प्रदेशों के विशिष्ट व्यंजनों की जानकारी देना। 5--विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने की विधियों के आदान-प्रदान द्वारा राष्ट्रीय एकता की भावना जागृत करना।

6--खाद्य-सामग्रियों एवं उत्पादों में संदूषण के कारणों से अवगत कराना। 7--व्यावसायिक अभिरुचि को बढ़ाना।े 8--समाज में भोजन की आदतों एवं पोषण स्तर में वृद्धि लाना अर्थात्‌ पोषण अल्पता के कारण होने वाले रोगों में कमी लाना।

9--छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक टे्रड का चयन में करने सहायता करना। 10--छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना।

106 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

रोजगार के अवसर--

(क) वेतनभोगी-- 1--किसी होटल में नौकरी की जा सकती है। 2--खान-पान उद्योग के अन्य स्वरूपों जैसे- अस्पताल, छात्रावास, फैक्ट्री एवं परिवहन कैटरिंग संस्थान में नौकरी की जा सकती है।

(ख) स्वरोजगार-- 1--भोजनालय स्थापित किया जा सकता है। 2--होटल (राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे जहां वाहन खड़ा करने व उसके रख-रखाव, व्यक्तियों के रहने एवं भोजन की व्यवस्था हो) स्थापित किया जा सकता है।

3--पाकशास्त्र के प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कर, उनका संचालन किया जा सकता है। 4--पाकशास्त्र से सम्बन्धित उपकरणों/संयत्रों की विक्रय का एक जानकारी केन्द्र स्थापित किया जा सकता है। पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन--

टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक--

इकाई 1--

(क) उद्यमिता बोध--उद्यम एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावना में उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं रोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2--

रिशेफ शटनिंग विपिंग (1) पाक कला की परिभाषा, उत्पत्ति एवं उद्‌देश्य। (2) पाकशास्त्र की शब्दावली-- एरोमेट्‌स म्लीचिंग वैटर कांगूलेट वोटिंग क्रोटोस फैरामेल डो जूलियन कुजीन

ग्लूटेन

रेजिंग एजेन्ट्‌स

गार्निज आदव रु0 आग्रटिन

मिन्स सांटे इकाई 3--

1--कच्ची खाद्य सामग्रियों का परिचय एवं उनको खरीदते समय ध्यान देने योग्य मानक--नमक, द्रव तेल एवं वसा, रेजिंग एजेन्ट्‌स, मिठास देने वाले पदार्थ, गाढ़ापन देने वाले पदार्थ, अण्डा, अनाज, दालें, सब्जियां, मांस, मछली।

2--भोजन पकाने की विधियां--उबालना, पोचिंग, ब्रेजिंग, भाप द्वारा पकाना, स्ट्‌यूइंग, फ्राइंग, रोप्टिस, ग्रिलिंग या बालिंग, बेंकिग या ग्रिडलिंग।

प्रयोगात्मक

(1) भारतीय व्यंजन (खाद्य उत्पाद)--

1--चावल--वेजिटेबिल पुलाव, प्लेन फ्राइड राइस, कोकोनट मली राइस, बिरयानी। 2--रोटी--मिस्सी रोटी, भरवी पराठा, नान, कचौड़ी। 3--दाल--दाल मक्खनी, सूखी मसाला दाल। 4--सब्जी--बेजिटेविल कोफ्ता, वेजिटेबिल कोरमा, भरवा शिमला मिर्च या टमाटर, पनीर पंसादीबा, सूखी सब्जी।

5--मांस--कोरमा, शामी कबाव, रोगनजोश, मटर कीमा, मटर चिकन।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 107

6--रायता--बूंदी, खीरा, टमाटर, आलू। 7--सलाद--सलाद काटना, सजाना। 8--मीठा--गुलाब जामुन, रसगुल्ले, बर्फी, फिरनी। 9--स्नैक्स--समोसा कटलेट्‌स, वेजिटेबल रोल्स, वेजिटेबल कबाव। 10--पेय पदार्थ--चाय, काफी, कोल्ड काफी, लस्सी। 11--अण्डा--एगकरी, आमलेट, स्क्रैम्बल्ड एग, पोच एग।

(2) पाश्चात्य व्यंजन--

1--सूप--क्रीम का आफ टोमैटो सूप, धुली मसूर की दाल का सूप, मिक्सड वेजिटेबल सूप। 2--वेजिटेबल--बैक्ड वेजिटेबल, बैक्ड पोर्ट टी, साटे पोज, क्रीम्ड कैरट्‌स। 3--मीट एवं मछली--आइरिस स्ट्‌यू, वैक्ट फिश, फिशफिंगर्स। 4--चायनीज--चाऊमीन, चायनीज फ्राईड राइस। 5--पुडिंग्स--ब्रेड बटर पुडिंग, कैरेमल कस्टर्ड फ्रूट क्रीम।

(3) प्रान्तीय-- उत्तर भारतीय--छोले भटूरे, फिश लाई ढोकला। दक्षिण भारतीय--इडली, डोसा, सांभर, नारियल चटनी।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम व पता

1 2 3 4 1 भारतीय एवं पाश्चात्य पाकशास्त्र के सिद्धान्त एवं व्यंजन विधियां

सुश्री अनुपम चौहान हिन्दी प्रचारक संस्थान, पो0 बा0 नं0- 1106 पिशाच मोचन, वाराणसी।

2 आहार एवं पोषण विज्ञान श्रीमती ऊषा टंडन स्वास्तिक प्रकाशन एवं पुस्तक

विक्रेता, अस्पताल मार्ग, आगरा।

(4) टेड्र-छाया चित्रण (फोटाग्राफी)

उद्‌देश्य-- छाया चित्रण मात्र एक ललित कला ही नहीं है, अपितु एक स्वतन्त्र व्यवसाय के रूप में तेजी से उभरा है। व्यक्ति चित्रण के साथ-साथ यह जर्नलिज्म का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधानों, तकनीकी क्रियाओं को स्पष्ट करने एवं अध्ययन करने में तथा शिक्षण कार्य के अपेक्षाकृत सुगम बनाने एवं प्रभावकारी बनाने में हो रहा है। छाया चित्रण का अध्ययन न केवल व्यक्तित्व विकास एवं सौन्दर्यबोध को प्रखर करने में सशक्त है अपितु वह उपार्जन क्षमता भी प्रदान करेगा। छाया चित्रण के प्रारम्भिक अध्ययन के उद्‌देश्यों की पूर्ति के लिए इसके ज्ञान को निम्नलिखित अध्यायों में निरूपित किया गया है-- (1) स्वरोजगार। (2) छाया-चित्रण परिचय, नया संक्षिप्त इतिहास, व्यावसायिक उपयोगिता एवं आधारभूत सम्बन्धित विषयों (फन्डामेन्टल सब्जेक्ट्‌स) का आवश्यक ज्ञान। (3) छाया-चित्रण सम्बन्धी उपकरणों का ज्ञान एवं प्रकाश संवेदित (फोटो सेन्सिटिव, रासायनिक यौगिकों के उपयोग एवं चित्रण कुशलता) सम्बन्धी जानकारी। (4) बाक्स कमरा एवं उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी, इसमें छाया-चित्रण के लिए कैमरे के बिम्ब उद्‌भाषित (एक्सपोज) करना तथा रसायनों के उपयोग, फिल्म पर बने बिम्ब से संवेदनशील कागज पर प्रतिबिम्ब निरूपण प्रणाली सम्मिलित है। (5) छाया चित्रण सम्बन्धी सहायक उपकरण, प्रकाश के विभिन्न स्रोत तथा चित्र का सुरुचिपूर्ण ज्यामितिक प्रारूप निर्धारण (कम्पोजीशन) करने की जानकारी। (6) छाया चित्रण के विभिन्न क्षेत्रों में से दो विशिष्ट क्षेत्रों--(1) व्यक्ति चित्र (पोटे्रट) तथा (2) प्राकृतिक दृश्यावली अंकन (लैण्डस्कैप) का अपेक्षाकृत विस्तृत जानकारी। कार्य के अवसर-- (1) स्वरोजगार--

1--फ्रीलान्स फोटो जर्नलिस्ट (स्वैच्छिक फोटो पत्रकारिता)। 2--कला भवन स्वामित्व।

108 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(2) वेतनभोगी रोजगार--

1--छाया चित्रकार के पद पर--

--शोध संस्थानों में, --औद्योगिक संस्थानों में, --मुद्रणालयों में, --संग्रहालयों में, कला भवनों आदि में, --शिक्षा संस्थाओं में, --समाचार (दैनिक एवं पाक्षिक) पत्र-पत्रिकाओं में आदि।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- (1) (क) उद्यमिता बोध--उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं संभावनाएं। उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, रक्त प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

(2) फोटोग्राफी--परिचय, संक्षिप्त इतिहास उपयोगिता--

1--कैमरों के प्रकार, पिन, होल, घुक्स, फोल्डिंग, रिफ्लैक्स, फील्ड कैमरा, मिनिएचर (लघु) तथा सब मिनिएचर (अति लघु)।

2--कैमरा के विभिन्न अंग--

(क) लेन्स--विभिन्न प्रकार के लेन्स, फोकल बिन्दु, फोकल दूरी, साधारण लेन्सों द्वारा वस्तु के बिम्ब का बनाना। क्षेत्र की गहनता रेखाचित्र द्वारा समझना।

लेन्सों में दोष--वर्णीय (क्रोमेटिक) एंव गोलीय, दोषों का निवारण : नार्मल वाइड एंगिल तथा टेलीफोटो लेन्स।

(ख) अपरचर या द्वाराक--कार्य, विभिन्न प्रकार, रचना, संख्या। (ग) शट या कपाट--कार्य, विभिन्न प्रकार जैसे, लीफ/ब्लेड शटर फोकल प्लेन आदि उनकी रचना।

(घ) दृश्यदर्शी (Veiw find), सीधा दृश्यदर्शी, दर्पण ग्राउन्ड ग्लास (घिसा हुआ कांच) तथा दर्पण पटा प्रिज्म दृश्यदर्शी।

(ङ) फिल्म प्रकोष्ठ (Film chamber) रचना, फिल्म की हाथ द्वारा (मैनुअल) तथा आटोमेटिक बाइंडिंग।

(3) फोटोग्राफिक फिल्म तथा पेपर, प्रकाशन संवेदनशील पदार्थ, फोटोग्राफिक फिल्म तथा पेपर की संरचना तथा उनके प्रकार। धीमा (स्लो), मध्यम (मीडियम) तथा तेज (फास्ट) फिल्में। फिल्मों की गति व्यक्त करने के लिए ए0एस0ए0 तथा डिम (Dim) पद्धति। पैक्रोमेटिक तथा आर्थोक्रोमेटिक फिल्में तथा पेपर। पेपर के विभिन्न ग्रेड एवं वेट, विभिन्न प्रकार की फिल्में।

प्रयोगात्मक

प्रयोगात्मक लघु-- 1--कैमरे (बाक्स) की संरचना का अध्ययन कीजिए एवं चित्र खीचिंए (सभी भागों का नाम लिखिए)। 2--कैमरे (बाक्स) का संचालन सीखना। 3--कैमरे के साथ उपयोग होने वाले फ्लेश, एक्सपोजर, मोटर ट्राइपाड स्टे्रन्ड इत्यादि का अध्ययन। 4--किसी निगेटिव का कान्ट्रेक्ट प्रिन्ट बनाना। 5--किसी निगेटिव का एनलार्जमेन्ट बनाना। 6--किसी प्रिन्ट की टूनिंग तथा ग्लेजिंग तथा पेस्टिंग करना। 7--पीले फिल्टर का प्रयोग कर फोटो लेना। 8--बनाने के बाद प्रिन्ट के defect (त्रुटियों) का अध्ययन तथा साधारण त्रुटियों को दूर करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 109

प्रयोगात्मक दीर्घ-- 1-कैमरे के शटर स्पीड एवं एपन्चर का उद्‌भासन (एक्सपेजर) समय पर प्रभाव का अध्ययन, फोटो खींच कर करना। 2-फोटो खींचकर या रेफ्लेक्स कैमरे द्वारा Aperture के फोकस की गहनता, depth तथा Sharpness पर प्रकाश का अध्ययन करना। 3-एनलारजर की रचना एवं संचालन का अध्ययन करना, सही उद्‌भासन समय निकालना एवं लीवर/अन्डर एक्सपोजर का अध्ययन। 4-निगेटिव के ग्रेड का अध्ययन तथा प्रिन्ट के लिए विभिन्न पेपर ग्रेड के भाव का अध्ययन। 5-उद्‌भासन समय पर फिल्म की गति के प्रभाव का अध्ययन। 6-चित्र के कम्पोजीशन का अध्ययन करना। 7-बच्चे, महिला एवं वृद्ध के पोर्टे्रट खींचना। 8-लैण्ड स्केप फोटो खींचना। 9-डार्क रूम के साज सामान तथा ले-आउट का अध्ययन करना। 10-डेवलपमेन्ट टाइप का चित्र पर प्रभाव एवं ओवर/अन्डर डेवलपमेन्ट का अध्ययन। 11-बाक्स कैमरे द्वारा कम से कम एक कलर फोटो लेना तथा अध्ययन करना। 12-किसी विषय पर प्रोजेक्ट Project करना, जैसे पोर्टे्रट, लैण्ड स्कैप।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम व पता

4

1 2 3 1 डायमण्ड कम्पलीट फोटोग्राफी श्रीकृष्ण श्रीवास्तव डायमण्ड पाकेट बुक्स, दिल्ली

वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी। 2 फोटोग्राफी सहज पार्ट अशोक डे इण्डियन क्टिोरियल, पब्लिशर्स, कलकत्ता। वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी।

3 ट्रिक फोटोग्राफी एण्ड कलर

ए0 एच0 हाशमी युनिवर्सल बुक सेन्टर, लखनऊ।

प्रासेसिंग

4 प्रैक्टिकल फोटोग्राफी ए0 एच0 हाशमी तदैव 5 गुड फोटोग्राफी कोडक यूनिवर्सल बुकसेलर, लखनऊ। 6 फोटोग्राफी स्पोट्‌र्स कोडक तदेव 7 मोविमेकर एच0 बी0 कोडक यूनिवर्सल बुकसेलर, लखनऊ। 8 दी होम वीडियो पिक्चर कोडक तदेव 9 फोकल गाइड टू टे्रडिंग कोडक तदेव 10 फोकल गाइड मूवी मेकिंग कोडक तदेव 11 दी फोकल गाइड टू साइड टेंड कोडक तदेव 12 दी फोकल गाइड टू एक्शन कोडक तदेव तदेव

फोटोग्राफी

13 दी पाकेट गाइड टू फोटोग्राफी कोडक तदेव 14 गाइड टू परफेक्ट पिक्चर कोडक तदेव 15 वे आफ प्रैक्टिकल फोटोग्राफी कोडक तदेव

(5) टे्रेड-बेकिंग एवं कनफेक्शनरी

उद्‌देश्य- 1--छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2--छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3--छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रड का चयन करने में सहायता करना। 4--छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना।

110 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

स्वरोजगार के अवसर-- बेकरी एवं कन्फेक्शनरी व्यवसाय में शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं : (क) वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में-- 1--बेकरी उद्योग में नौकरी। 2--होटल/मेस में नौकरी। 3--कच्चे पदार्थों के भण्डारण में प्रभारी के रूप में। (ख) स्वरोजगार-- 1--कुटीर उद्योग स्थापित करना। 2--कच्चे माल के क्रय-विक्रय का धन्धा चलाया जा सकता है। 3--बिक्री कार्य में। पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (1) उद्यमिता बोध-- उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं, उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-- लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ। राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगर की योजनाओं का परिचय। इकाई 2-- (1) बेकरी विज्ञान का ज्ञान, महत्व एवं उद्‌देश्य। (2) बेकरी उपकरणों का संक्षिप्त ज्ञान, बेकरी ओवन एवं भट्‌ठी। (3) बेकरी तकनीकी शब्दावली। (4) क, ब्रेड बनाने की विधियों के नाम,

ख, स्टे्रट डी विधि से ब्रेड बनाने का विस्तृत तरीका, ग, ब्रेड बनाने की विभिन्न प्रक्रियाओं का संक्षिप्त ज्ञान, घ, ब्रेड की बीमारियों के नाम व बचाव।

इकाई 3-- बेकरी व कन्फेक्शनरी में प्रयुक्त होने वाले कच्ची सामग्री का संक्षिप्त ज्ञान (मैदा, चीनी, घी, अण्डा, यीष्ट नमक, पानी, दूध, बेकिंग पाउडर, सुगन्ध, रंग, कोको एवं चाकलेट, सोयाबीन, आटा (मक्का आटा))।

प्रयोगात्मक-- लघु प्रयोग-- 1--कोकोनट कुकीज 2--कैश्यूनट कुकीज 3--कैश्यूनट बिस्कुट 4--जीरा बिस्कुट 5--बटर स्पंज केक 6--स्वीस रोल 7--डैकोरेटिव पेस्ट्री 8--रायल नाइसिंग, क्रीम आइसिंग 9--गम पेस्ट 10--मिल्क टाफी दीर्घ प्रयोग-- 1--ब्रेड स्टेट डी विधि से 2--फ्रूट बन्स 3--स्वीट बन्सभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 111 4--ब्रेड रोल 5--फ्रूट केक 6--वेजीटेबिल पैटीज 7--हाटक्रास बन्स 8--पाइन एपिल पेस्ट्री 9--बर्थडे केक (विव आइसिंग)

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम मूल्य 1 2 3 4 5 रुपया . . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 30.00 1 अप-टू-डेट कन्फेक्शनरी

इण्डस्ट्रीज

2 दी सुगम बुक आफ बेकिंग . . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 20.00 50.00 3 बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी सिद्धान्त

एवं विधियां

सुश्री अति उत्तमा

चौहान

हिन्दी प्रचारक संस्थान, मी0 21/20, पिशाचमोचन, वाराणसी-221010, पो0 बा0-1106, पिशाचमोचन, वाराणसी

4 किचन गाइड 5 बेकिंग बी0 एन0 अग्निहोत्री कृषि साहित्य प्रकाशक, नरही,

. . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 70.00 50.00

लखनऊ

85.00 6 बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी राम किशोर अग्रवाल भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ 142, विजय नगर, वेस्ट कचहरी रोड, मेरठ

(6) टे्रड--मधुमक्खी पालन

(1) मधुमक्खी पालन औद्योगिकरण की जानकारी प्राप्त कर बढ़ती हुई बेरोजगाारी को दूर करना एवं बेरोजगारी दूर करने के लिये अन्य राष्ट्रीय योजनाओं को छात्रों को समझाना।

(2) शुद्ध मधु-मोम उत्पादन की मात्रा की वृद्धि करना तथा बिक्री कर के प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करना तथा बच्चों को उद्यमिता प्रदान कर उद्यमी बनाना।

(3) बच्चों, बीमार एवं कमजोर व्यक्तियों के लिए उपयोगी वस्तु (मधु) औषधि एवं पौष्टिक उत्पादन करके आय में वृद्धि करना। (4) ग्रामीण अंचल के निर्धनों के लिए आय का साधन स्रोत। (5) कम पूंजी लगाकर मधुमक्खी पालन कर शहद के रूप में फूलों के रस को एकत्रित करना। (6) मधुमक्खी पालन उद्योग में दक्षता, निपुणता प्राप्त कर जीवकोपार्जन के लिए उत्तम बनाना। (7) मधुमक्खी पालन उद्योग के लिए मौनगृह, छोटे उपकरणों का ज्ञान प्राप्त करना।

(8) मधुमक्खी पालन द्वारा किसानों एवं बागवानों की फसलों, फलों का उत्पादन 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक वृद्धि करने का ज्ञान प्राप्त करना।

(9) मोम-पराग, रावल, जैली, मौन विष, प्रोपेजिस का ज्ञान, उपयोग की जानकारी प्राप्त करना। रोजगार के अवसर-- (क) वेतनभोगी--

1--मधुमक्खी पालक सहायक 2--मौन पालक प्रदर्शक 3--सहायक मौन पालक 4--सहायक काष्ठ कला प्रशिक्षक या शिक्षक 5--सहायक मधु विकास निरीक्षक 6--मधुमक्खी पालक शिक्षक या प्रशिक्षक

19 ङ112 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 7--मधु विकास निरीक्षक 8--शोध सहायक (मधुमक्खी पालन)

(ख) स्वरोजगार--

1--मधु मोम उत्पादक 2--मोमों छत्तादार उत्पादक 3--मौन गृह एवं उपकरण निर्माणकर्ता एवं बिक्रेता 4--पराग, रायल, जेली, मौन, विष उत्पादक 5--मौन वंश प्रजनन करके विक्रय करना 6--शहद, मोम, रायल, जेली से औषधि निर्माण करना

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- इस टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगा।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (क) उद्यमिता बोध--उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, तथा लघु उद्योग में सहायक सहकारी एवं गैर सरकारी एजेसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2-- मौन पालन की परिभाषा, व्यक्ति समाज एवं राष्ट्र के लिए महत्व तथा भारत वर्ष में एवं इस प्रदेश में मधुमक्खी पालन का इतिहास एवं विकास की सम्भावनाएं। जन्तु जगत में मौन (मधुमक्खी) का जैविक स्थान। देश में पायी जाने वाली मधुमक्खयों की जातियों की पहचान, स्वभाव, सामान्य व्यवहार, तुलनात्मक अध्ययन एवं उपयोगिता। इकाई 3-- (1) मधुमक्खी की शरीर की वाह्‌य रचना, सिर, धड़ एवं उदर तथा प्रत्येक खण्ड में पाये जाने वाले अंग जैसे मुखांग, स्पर्शन्द्रिय, (एन्टिना) आंख, पंख, मौन ग्रन्थियां, पेट तथा डंक की पहचान एवं उपयोगिता। 1-मधुमक्खी का विकास, मौन का जीवन चक्र, मौन परिवार का संगठन, कमेरी, नर एवं नारी की पहचान तथा उनके छत्तों की पहचान एवं उनके कार्य। 2-मौन प्रबन्ध (हनी बी मैनेजमेन्ट) की परिभाषा, साधारण एवं ऋतु के अनुसार मौन प्रबन्ध की देख-रेख, प्राकृतिक मधुमक्खी परिवार को मौन गृह में बसाना। बगछूट, घर छूट, लूटपाट, कर्मठ मौन की पहचान, नियंत्रण के उपाय।

प्रयोगात्मक

(क) दीर्घ प्रयोग-- 1--विभिन्न मधुमक्खी की जातियों की पहचान कराना और अभ्यास पुस्तिका पर उनका चित्र बनाना। 2--मौन की जीवन-चक्र (अण्डा, लार्वा, प्यूपा एवं वयस्क) की पहचान कराना। 3--मधुमक्खी के वाह्‌य शरीर का चित्र बनाना और उसके प्रत्येक अंगों की प्रयोगात्मक कार्य कराना। 4--मौन परिवार में प्रत्येक सदस्य (कमेरी, नर और नारी) की पहचान कराना। 5--भारतीय एवं इटैलियन मौन गृह निर्माण के सिद्धान्त (सीमान्तर) आकार को बताना। 6--मधु निष्कासन यन्त्र का चित्र बनवाना तथा शहद निकालने की विधि का प्रयोगात्मक कार्य कराना। 7--मौसमवार फूलों का सर्वे कराना तथा इसकी पर-परागण क्रियाओं में मौनों के योगदान को बताना एवं पुष्प संग्रह कराना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 113

(ख) लघु प्रयोग-- 1--रानी, कमेरी एवं नर के छत्तों की पहचान कराना। 2--तलपट, शिशु खंड, मधु खण्ड, डमी, इनर कवर, ऊपर ढक्कन, फ्रेम की पहचान कराना। 3--मधुमक्खी के शत्रु बर्रें, मोमी पतंगा, छिपकली, चीटें, हानिकारक पक्षियों की पहचान कराना। 4--क्वीन केच, न्यूक्लियस, मौन वाहक पिंजड़ा, हाइव टूल, मुहरक्षक, जाली, दस्ताने, प्यालियां, क्वीन गेट इत्यादि उपकरणों की पहचान कराना। 5--विभिन्न प्रकार के शहद जैसे सरसों, यूक्लिपट्‌स, शहजन, नीबू प्रजाति, सूरजमुखी, बेर, लीची, नीम एवं मिश्रित फलों की शहद की पहचान कराना।

पुस्तकों की सूची

1--प्रारम्भिक मौन पालन                                                  ले0 योगेश्वर सिंह
 2--प्राइमारी लेशन आफ बी कीपिंग                                         . .
3--बी कीपिंग आफ इण्डिया                                                 डा0 सरदार सिंह
 4--सफल मौन पालन                                                        श्री बच्ची सिंह राव
 5--रोचक मौन पालन                                                       . .
6--मौन पालन प्रश्नोत्तरी                                                . .
 7--मधु मक्खी की   मनोहारी बाजार                                          डा0 विष्ठ (आई0  सी0 आई0
प्रकाशन)
 8--रोगों के अचूक दवा शहद                                               डा0 हीरा लाल

(7) टे्रड--पौधशाला

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को उद्यमिता के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी कराना। (2) पौधशाला व्यवसाय का प्राविधिक जानकारी कराना।

(3) उन्नत किस्म के अधिकाधिक पौधे तैयार करना। (4) कम पूंजी से अधिक उत्पादन करना तथा अधिक लाभ प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर होना।

(5) पौधशाला व्यवसाय में दक्षता प्राप्त करना तथा साथ ही साथ 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त व्यवसाय के चयन में सहायक होना।

(6) भूमि सुधार तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग प्रदान करना। (7) श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना।

(8) आत्म निर्भर करना। (9) एक कुशल नागरिक के रूप में राष्ट्र निमार्ण में सहायक होना। (10) विद्यालय में एक सुसज्जित उद्यान का निर्माण।

रोजगार के अवसर-- पौधशाला व्यवसाय की शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्नलिखित रोजगार के अवसर मिल सकते हैं-- (क) वेतनभोगी--

1--माली का कार्य करना। 2--पौधशाला प्रभारी का कार्य करना। 3--पौधशाला में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी का अवसर प्राप्त करना।

(ख) स्वरोजगार--

1--अपनी पौधशाला तैयार करना। 2--बीजोत्पादन तथा बीज व्यवसाय अपनाना। 3--पौधशाला उद्योग सम्बन्धी यंत्रों, उपकरणों, उर्वरकों तथा कीटनाशकों के क्रय-विक्रय की दुकान चलाना।

4--थोक एवं फुटकर शीघ्र आपूर्ति कार्य करना।

114 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (क) उद्यमिता बोध--उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषायें एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सहकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2-- पौधशाला--परिचय, परिभाषा, महत्व, वर्तमान दशा एवं भविष्य। पौधशाला के लिए स्थान का चुनाव, भूमि की तैयारी तथा रेखांकन एवं उनके विभिन्न अंगों तथा मातृ, वृक्ष, क्षेत्र, गमला क्षेत्र, प्रतिरोपण क्षेत्रों तथा प्रवर्धन क्षेत्र का ज्ञान। 1--पौधशाला के दैनिक कार्य उपकरण एवं आवश्यक सामग्री की जानकारी। 2--भूमि, खाद, भू-परिष्करण की सामान्य जानकारी। इकाई 3-- 1--बीज शैय्या--परिचय, लाभ, हानि, बीज शैय्या तैयार करने की विधि, आकार, निर्धारण, मिट्‌टी की भूमि शोधन, खाद, सिंचाई, जल निकास एवं देखभाल। 2--एक वर्षीय, बहुवर्षीय सब्जियों तथा शोभाकार पौधों की पौध तैयार करने की विधि का अध्ययन। 3--वानिकी की सामान्य जानकारी तथा वानिकी वृक्षों की पौध तैयार करना। 4--पौधों की सिंचाई, जल निकास, निराई-गुड़ाई एवं फसल सुरक्षा की विधियों की जानकारी।

प्रयोगात्मक

(अ) लघु प्रयोग-- 1--गमला मापन। 2--गमला भरना। 3--बीजों की पहचान। 4--बीजों की शुद्धता की जांच। 5--उपकरणों की पहचान। 6--पौधों (सब्जी, फलदार, फूल, शोभकार तथा छायादार) एवं वानिकी पौधों की पहचान। 7--खाद एवं उर्वरकों की पहचान। 8--मिट्‌टी की पहचान। (ब) दीर्घ प्रयोग-- 1--आदर्श नमूना बरसदी का रेखांकन। 2--बीज शैय्या बनाना। 3--ऋतुवार बीज शैय्या बनाना। 4--ऋतुवार गमला मिश्रण तैयार करना। 5--तना, कलम तैयार करना। 6--बूटी लगाना। 7--कलिकायन से पौधे तैयार करना। 8--भेड़ कलम से पौधे तैयार करना। 9--पौध रोपण। 10--गमले एवं क्यारी से पौधे निकालना। 11--पौधबन्दी (पैकिंग करना) 12--पौधशाला भ्रमण। 13--अभिलेख तथा आय-व्यय तैयार करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 115

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक

4

1 2 3 1 भारत में फलों की खेती डा0 एम0 एल0 लावनिया सिंघल बुक डिपो, बड़ौत, मेरठ। 2 सब्जियां एवं पुष्प उत्पादन डा0 के0 एन0 दुबे भारती भण्डार, बड़ौत, मेरठ। 3 पौधशाला प्रौद्योगिकी डा0 ओमपाल सिंह अलंकार पुस्तक भवन, बड़ौत, मेरठ। 4 पौधशाला व्यवसाय श्री कोठारी एवं श्री ए0 बी0 रंजना प्रकाशन मन्दिर, आगरा।

श्रीवास्तव 5 नर्सरी मैनुअल डा0 गौरी शंकर इलाहाबाद। 6 फल विज्ञान डा0 रामनाथ सिंह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई

दिल्ली।

7 उद्यान विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायन लाल, इलाहाबाद।

(8) टे्रड-आटोमोबाइल

12 अंक

04 अंक

उद्‌देश्य-- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को टे्रड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर-- (1) आटोमैकेनिक के रूप में। (2) सेल्समैन के रूप में। (3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन। (4) शोरूम स्थापित करना। (5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णाक 50 अंक 07 अंक इकाई-1 उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, उद्यमी के गुण एवं विकास, स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। लघु उद्योग की परिभाषा, महत्व तथा विशेषताएं, लघु उद्योग लगाने के पद, सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के नाम एवं कार्य, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2 07 अंक आटोमोबाइल का इतिहास एवं क्रमिक विकास, विभिन्न प्रकार के आटोमोबाइल का वर्गीकरण, भारत में स्थापित विभिन्न आटोमोबाइल उद्योग एवं उनके उत्पाद। इकाई-3 आटोमोबाइल के मुख्य भाग-फ्रेम, सस्पेंशन, धुरी, पहिया, चेचिस, टायर, इंजन, पारेषण प्रणाली, नियंत्रण प्रणाली, बाडी, दरवाजे, सीट, डिक्की अदि की पहचान, कार्य एवं उपयोग। विभिन्न प्रकार के आटोमोबाइल का परिचय-कार, जीप, टै्रक्टर, बस, ट्रक, आटोरिक्शा/टैम्पों, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड आदि, टे्रड नाम, मेक, क्षमता एवं निर्माता, विशिष्टियां तथा तकनीकी डाटा। इकाई-4 08 अंक आटोमोबाइल में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रकार के इंजन-कार्य सिद्धान्त, पेट्रोल, डीजल एवं गैस इंजन, कम्प्रेशन रेशियों का महत्व एवं दक्षता। इकाई-5 12 अंक आटोमोबाइल की विभिन्न प्रणालियों की जानकारी-ईंधन सप्लाई प्रणाली (कारवूरेटर एवं इन्जक्टर) इग्नीशन प्रणाली, शीतलन प्रणाली, स्टार्टिंग प्रणाली, शक्ति संचालन प्रणाली, स्टीयरिंग प्रणाली, ब्रेक प्रणाली आदि का सामान्य परिचय, कार्य एवं पहचान। इकाई-6 सुरक्षा की सामान्य बातें, मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा।

116 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पूर्णांक-50 अंक

प्रयोगात्मक (1) कार/बस/स्कूटर/ट्रक एवं मोपेड का अध्ययन करना। (2) शोरूम एवं गैराज का भ्रमण कराना एवं उनके चित्र बनाना। (3) मरम्मत करने वाले औजारों की सूची एवं उनके चित्र बनाना। (4) इंजन में स्नेहन एवं सफाई का अध्ययन करना। (5) अन्र्तदहन इंजन के मॉडल का अध्ययन (डीजल/पेट्रोल)। (6) विभिन्न आटो ब्हीकिल्स के चेचिस का अध्ययन करना तथा उनके रेखा चित्र खींचना। (7) इंजन को स्टार्ट एवं बन्द करने का अध्ययन करना। (8) बाडी व्यवस्था का अध्ययन करना। (9) शाक एब्जार्बर का अध्ययन करना। (10) बाजार से सामग्री क्रय करने का अभ्यास करना।

संस्तुत पुस्तकें

(1)  आटोमोबाइल इंज ीनियरिंग                                         कृष्णानन्द शर्मा
(2) आटोमोबाइल इंजीनियरिंग                                           सी0 बी0 गुप्ता
(3)  आटोमोबाइल इंज ीनियरिंग                                          धनपत राय ऐन्ड शुक्ला
(4) बेसिक आटोमोबाइल                                                 स्ी0 पी0 बक्स

(9) टे्रड--धुलाई रंगाई

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

(3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रूचि पैदा करना।

(5) छात्रों का कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना।

(6) छात्रों को टे्रड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर-- (क) वेतनभोगी रोजगार--

1--रंगाई-धुलाई की दुकानों में सहायक कर्मचारी के पद पर कार्य कर सकता है। 2--रंगाई के कारखाने में रंगाई मास्टर के पद पर कार्य कर सकता है। 3--सरकारी संस्थाओं में वस्त्र सफाई विभाग में कार्य प्राप्त कर सकता है।

(ख) स्वरोजगार--

1--ड्राई क्लीनिंग की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 2--डाईनिंग (रंगाई) की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 3--चरक की दुकान या उद्योग लगाने में सहायक हो सकता है। 4--कम लागत में इस्तरी करने, माड़ी लगाने की दुकान खोलकर कार्य कर सकता है। 5--रंगाई छपाई का छोटा रोजगार कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी। नोट : अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं है।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (क) उद्यमिता बोध-- उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की आख्या एवं उद्यमिता प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-- लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2-- (1) तन्तुओं का वर्गीकरण तथा उनकी पहचान करना (और जलाकर), सूती, ऊनी, रेशमी, बयान, पालीस्टर। (2) धागों का वर्गीकरण तथ उनका ज्ञान--साधारण, प्लाई, फैन्सी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 117

(3) विभिन्न रंगों का विभिन्न कपड़ों के लिये आवश्यकता। (4) कपड़ों को रंगने से पहले उनको तैयार करना।

[क] उबालना। [ख] विरंजन करना।

(5) रंगने के बाद कपड़ों की फिनिशिंग--

[क] माड़ी लगाना। [ख] तनाव देना। [ग] चरक। [घ] इस्तरी। [ड] तह लगाना।

इकाई 3-- (1) धुलाई का उद्‌देश्य एवं महत्व। (2) धुलाई का सिद्धान्त, तकनीक के सुझाव तथा आवश्यक सावधानियां। (3) धुलाई के उपकरण (प्राचीन या आधुनिक)। (4) प्रारम्भिक धुलाई एवं पारम्परिक धुलाई। (5) विभिन्न प्रकार की माड़ी तथा नील देना। (6) विभिन्न प्रकार के धब्बे छुड़ाना--

चाय, काफी, चाकलेट, अण्डा, रक्त, हल्दी, तेल, कालिख, जंक, पान।

प्रयोगात्मक

(1) विभिन्न वस्तुओं का संग्रह एवं पहचानना (देखकर जलाकर) :

[क] वनस्पति तन्तु। [ख] पशु से प्राप्त होने वाला तन्तु। [ग] खनिज तन्तु। [घ] कृत्रिम तन्तु।

(2) विभिन्न धागों का संग्रह--साधारण प्लाई। (3) विभिन्न प्रकार के वस्त्रों और शेड कार्ड को संग्रहीत करके फाइल बनाना। (4) विभिन्न प्रकार के कपड़ों को रंगना (15 इंच x 15 इंच) (सूती, रेशमी, ऊनी, कृत्रिम कपड़े, धोना, सुखाना प्रेस व तह लगाना)। (5) नील लगाना, कलफ लगाना। (6) दाग छुड़ाना--

(1) चाय (2) कॉफी (3) हल्दी (4) जंक (5) रक्त (6) मशीन का तेल (7) स्याही (8) अण्डा (9) पान (10) ग्रीस

(7) धागे को रंगना--सूती, ऊनी। (8) डायरेक्ट रंगों के विभिन्न रंगों के मिश्रण द्वारा डिजाइन बनाना--6 नमूने (15 इंच x 15 इंच) टाइ एण्ड डाई प्रिटिंग द्वारा। (9) नेप्थाल रंगों के द्वारा एक नमूना तैयार करना (15 इंच x 15 इंच)। (10) फेडिंग परीक्षण सूती, ऊनी, रेशमी, रेयान (4 इंच x 4 इंच)। (11) सूखी धुलाई--शाल, स्वेटर, रेशमी, फैन्सी कपड़े। (12) टेक्सचर के द्वारा रंगाई-- (6 नमूने) (12 इंच x 12इंच)। (13) पुराने कपड़े को पुनः रंगकर ब्लाक प्रिटिंग द्वारा आकर्षक बनाना। (14) गीली धुलाई--सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम।

118 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(अ) लघु प्रयोग-- (1) डायरेक्ट रंगों द्वारा रंगाई (एक रंग में)। (2) कपड़ों को पहचानना (छूकर व देखकर)। (3) साधारण व प्लाई धागों की पहचान। (4) जलाकर कपड़ों का परीक्षण। (5) फेडिंग परीक्षण 3/4 घंटा। (6) तह लगाना। (7) इस्तरी करना। (8) माड़ी लगाना। (9) ब्लाक प्रिटिंग (एक नमूना)। (10) टे्रक्सचर तैयार करना (दो नमूना)।

(ब) दीर्घ प्रयोग-- (1) नेप्थाल रंगों द्वारा रंगाई। (2) सूती कपड़ों को रंगना। (3) ऊनी कपड़ों को रंगना। (4) रेशमी कपड़ों को रंगना। (5) धागों को रंगना सूती, ऊनी। (6) नील लगाना। (7) कलफ लगाना। (8) चरक लगाना। (9) सूखी धुलाई। (10) गीली धुलाई--सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम कपड़े।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक

4

1 2 3 1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा प्रकाशक, बिहार बन्धी अकादमी, पटना, विश्वविद्यालय,

प्रकाशन।

2 वस्त्र विज्ञान एवं धुलाई श्री आनन्द वर्मा रिसर्च पब्लिेकशन, जयपुर वितरक विश्वविद्यालय, कार्य

3 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान श्रीमती लोकेश्वरी

प्रकाशन। स्वास्तिक प्रकाशन अस्पताल मार्ग, आगरा-3।

शर्मा

4 वस्त्र धुलाई विज्ञान श्रीमती लोकेश्वरी यूनिवर्सल सेकर, हजरतगंज, लखनऊ।

5 दी केमिकल टेक्नोलाजी

आफ टेक्सटाइल फाइबर्स

शर्मा श्री आर0आर0 चक्रवती

केक्सटन प्रेस प्राइवेट लिमिटेड, रानी झांसी रोड, नई दिल्ली--55।

(10) टे्रड-परिधान रचना एवं सज्जा

सामान्य उद्‌देश्य--

(1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

(3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रूचि पैदा करना।

(5) छात्रों का कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना।

(6) छात्रों को टे्रड की प्रारम्भिक कार्यों की जानकारी देना। विशिष्ट उद्‌देश्य-- (1) परिधान रचना एवं सज्जा टे्रड के द्वारा बच्चों से सिलाई विषय से सम्बन्धित जागरूकता उत्पन्न करना। (2) भविष्य में प्रचलित फैशन के अनुसार विभिन्न डिजाइनों के वस्त्रों के निर्माण के कौशल का विकास करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 119

रोजगार के अवसर--

(क) वेतनभोगी रोजगार--

[अ] अपने विषय से सम्बन्धित प्रशिक्षण केन्द्रों पर प्रशिक्षण देना। [ब] किसी रेडीमेड गारमेन्ट फैक्ट्री में वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्य करना।

(ख) स्वरोजगार-

[अ] सिलाई का कार्य घर पर ही करके बचत करना। [ब] बाजार में दुकानों से आर्डर लेकर वस्त्र तैयार करके आय प्राप्त करना। [स] सिलाई शिक्षा से संबंधित स्कूल चलाना। [द] विद्यालयों की यूनीफार्मों को तैयार करने का आर्डर लेना। [य] सिलाई के उपकरणों की मरम्मत से संबंधित केन्द्र खोलना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर, आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाहृय परीक्षा नहीं ली जायेगी। नोट : अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं है।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (क) उद्यमिता बोध-उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- (क) व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य-

आंख, पलक, कान, दांत, बालों तथा सम्पूर्ण शरीर की सफाई, घर तथा पास-पड़ोस की सफाई, सफाई का स्वास्थ्य पर प्रभाव।

(ख) प्रदूषण, प्रदूषण के प्रकार, कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय- वायु प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय। जल प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय। ध्वनि प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय। मृदा प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय।

(ग) भोजन के तत्वों का सामान्य ज्ञान-

प्रोटीन, कार्बोज, वसा, विटामिन, खनिज लवण, जल प्राप्ति के साधन तथा इनकी कमी से होने वाली हानियां। (घ) आयु लिंग कार्य के अनुसार भोजन की आवश्यकता तथा उसकी कमी से हानियां। इकाई-3- (क) विभिन्न प्रकार के वस्त्रों के तन्तु तथा उनकी विशेषताएं-

सूती-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव। रेशमी-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव। ऊनी-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव। कृत्रिम तन्तु-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव।

(ख) सिलाई करने से पूर्व की तैयारियां-

नाप लेना, नाप के अनुसार कपड़ा लेना, कपड़े को श्रिंक करना, कपड़े को रुख के अनुसार रखना, पैटर्न बनाना, कटिंग करना, प्रेस करना।

(ग) परिधान को आकर्षक बनाने में, लेसरिकिन, फ्रिल, बटन, पाइपिंग का महत्व।

प्रयोगात्मक

लघु- 1-विभिन्न प्रकार सिलाई के टांके-कच्चा टांका, बखिया, तुरपन, पिको, काज, टांका। 2-कढ़ाई के टांके-लेजी-डेजी, रनिंग, स्टिच, स्टेम स्टिच, चैन स्टिच, क्रास स्टिच, काज स्टिच, शैडोवर्क साटन, स्टिच, पैच वर्क, शेड वर्क।

20 ङ120 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 3-उपरोक्त कढ़ाई के टांकों से छः रूमाल बनाना। 4-रफू करना। 5-पैबेन्द लगाना। 6-क्लोट-काटना, सिलना। 7-विव-काटना, सिलना। 8-चड्‌डी-काटना, सिलना। 9-झबला-काटना, सिलना। 10-मशीन के पुर्जों को खोलना, सफाई करना तथा मशीन में तेल डालना। दीर्घ- 1-बेबी शमीज 2-पजामा एक मीटर कपड़े का 3-बेबी फ्राक 4-गल्र्स फ्राक 5-पेटीकोट 6-हैंगिंग बैग नोट-उपरोक्त वस्त्रों की ड्राफ्ंिटग, कटिंग, सिलना तथा उनकी सज्जा करना तथा रूमाल, पेबन्द, रफ को बनाकर रिकार्ड फाइल में लगाना। मौखिक प्रश्नोत्तर-लघु तथा दीर्घ प्रयोगों से संबंधित प्रश्नोत्तर।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक व प्रकाशक मूल्य 1 2

3 4 रु0 1 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती चरन दासी,

13.50

35.00

स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 2 गृह विज्ञान का सामान्य ज्ञान श्रीमती स्वराज्य लता सिंह, स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 3 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती अनामिका सक्सेना,

18.00

भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ

4 आधुनिक सिलाई एवं कढ़ाई विज्ञान श्री एम0ए0 खान,

15.00

पुस्तक प्रकाशन मन्दिर, इलाहाबाद

5 अनमोल सिलाई कला परिचय श्री असगर अली,

18.00

गर्ग प्रकाशन, इलाहाबाद

6 रैपिडेक्स टेलरिंग कोर्स श्रीमती आशा रानी बोहरा 68.00

(11) ट्रेड-खाद्य संरक्षण

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 7-अधिक उपज से उगाने के बाद बचे हुये फल और सब्जियों का संरक्षण करना। 8-खाद्य संरक्षण द्वारा पौष्टिक भोजन की कमी को पूरा करना। 9-बिना मौसम में भी संरक्षित खाद्य पदार्थो को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- 1-खाद्य संरक्षण संबंधी इकाई में रोजगार मिल सकता है। 2-खाद्य संरक्षण में दक्षता अर्जित कर छात्र अपना निजी व्यवसाय चला सकता है। 3-अचार, मुरब्बा, सॉस आदि विभिन्न प्रकार के संरक्षित खाद्य पदार्थ तैयार कर डिब्बा बन्दी कर बाजार में आपूर्ति कर सकता है।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 121

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। नोट : अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं है।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (क) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2- 1-खाद्य-संरक्षण परिचय। 2-खाद्य-संरक्षण से लाभ। 3-खाद्य पदार्थ-प्रोटीन कार्बोहाइट्रेड्‌स, बसा, खनिज लवण, विटामिन का सामान्य परिचय एवं महत्व। 4-अम्लक्षार, लवण एवं पी0 एच0 का सामान्य ज्ञान। 5-ताप संवहन, शून्य तापक्रम, दवाब का सामान्य ज्ञान। 6-जल के प्रकार तथा क्लोरीनेशन। 7-छानना, वाष्पीकरण, संघनन, सामान्य परिचय। इकाई-3- 1-खाद्य-पदार्थ को नष्ट करने वाले तत्व और उससे बचने का उपाय। 2-खमीर, फफूंद बैक्टीरिया की साधारण रचना एवं वृद्धि। 3-सफाई के विभिन्न उपाय-साबुन एवं डिटर्जेन्ट का उपयोग। 4-डिब्बाबन्दी खाद्य पदार्थों में होने वाली खराबी और उसकी पहचान। 5-खाद्य नियन्त्रण सरल परिचय। 6-थर्मामीटर, जलमीटर, रिफरेक्टोमीटर, सेलुनीमीटर, व्रिक्स, हाइट्रोमीटर का सामान्य परिचय।

प्रयोगात्मक

(क) दीर्घ प्रयोग- 1-जैम बनाना 2-मुरब्बा बनाना 3-आचार बनाना 4-शरबत बनाना 5-प्युरी एवं टमाटर सॉस बनाना 6-मटर, गाजर, अमचुर सुखाने की विधियां 7-कृत्रिम सिरका 8-फलों के रस एवं गूदे का संरक्षण 9-दलिया, चिप्स, पापड़, बड़ी बनाना एवं संरक्षण 10-पनीर निर्माण

(ख) लघु प्रयोग- 1-रिफरेक्ट्रोमीटर का उपयोग 2-ब्रिक्स हाइड्रोमीटर का उपयोग 3-सूक्ष्मदर्शी यंत्र के विभिन्न भागों का परिचय 4-पी0 एच0 पेपर का महत्व एवं उपयोग 5-पेक्टिन परीक्षण 6-विभिन्न खाद्य पदार्थो की पहचान 7-आयसोसित साधारण प्रयोग122 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 8-खाद्य संरक्षण में उपयोग होने वाले तापमापी का उपयोग, प्रेशर कुकर का ज्ञान। संस्तुत पुस्तकें-

1-फल एवं सब्जी संरक्षण ले0 डा0 गिरधारी लाल

रु0 45.00

डा0 सिद्धाप्पा एवं गिरधारी लाल टण्डन

2-फल संरक्षण                           एस0 एन0 भाटी                                              30.00
3-फल संरक्षण (प्रयोगात्मक)            बी0 एन0 अग्निहोत्री                                        15.00
4-फल संरक्षण विज्ञान                  बी0 एन0 अग्निहोत्री                                        25.00
5-फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां   डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव                               100.00
 6-आहार एवं पोषण विज्ञान              विमला शर्मा                                                50.00

(12) ट्रेड एकाउन्टेन्सी एवं अंकेक्षण

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 6-वेतनभोगी रोजगार, सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, लिपिक, सहायक के रूप में छात्रों को तैयार करना। रोजगार के अवसर- (क) वेतन भोगी रोजगार तथा सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक, कार्यालय सहायक आदि के रूप में। (ख) स्वरोजगार-जैसे छोटे स्तर के व्यापार के हिसाब का रख-रखाव करने के रूप में। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। नोट : अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं है।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना। इकाई-3- (1) लागत लेखांकन-परिभाषा, महत्व तथा पद्धतियां। (2) लागत के मूल तत्व सामग्री, श्रम एवं उपरिव्यय का सामान्य ज्ञान। (3) लागत विवरण एवं निविदा तैयार करना।

प्रयोगात्मक

(क) लघु प्रयोग- (1) नकद रसीद (2) डेबिट नोट एवं क्रेडिट नोट (3) चेक, पे-इन-स्लिप (4) टेलीग्राम, मनीआर्डर फार्म (5) आर0 आर0 ट्रेजरी चालान फार्म (6) कैलकुलेटर्स, रेडी रैक्नर्सभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 123 (7) डेंटिंग मशीन (8) नम्बरिंग मशीन (9) स्टेपलर्स, पंचिंग मशीन (ब) बड़े प्रयोग- (1) छात्रों को बाउचर प्रदान किये जायें एवं उन्हें तैयार कराया जाये। (2) क्रय-पुस्तक तैयार करना। (3) विक्रय-पुस्तक तैयार करना। (4) बीजक एवं विक्रय-विवरण बनाना। (5) खुदरा रोकड़ पुस्तक बनाना। (6) रोकड़ पुस्तक तैयार करना। (7) स्टाक रजिस्टर तैयार करना। (8) पत्र प्राप्ति पुस्तक एवं पत्र प्रेषण पुस्तक तैयार करना। सन्दर्भित पुस्तकें- 1-हाई स्कूल बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री विजय पाल सिंह 2-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री जगन्नाथ वर्मा 3-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्यिक ट्रेड लेखक-श्री राम प्रकाश अवस्थी 4-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्यिक ट्रेड लेखक-श्री राम प्रकाश अवस्थी 5-लागत लेखांकन लेखक-डा0 लक्ष्मण स्वरूप

(13) ट्रेड आशुलिपिक तथा टंकण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतन भोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां कार्य करना। (ख) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवदेन पत्र एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण को उपलब्ध कराना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। नोट : अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं है।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1-(1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2-रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना।

इकाई-3-अंतिम खातों को तैयार करना, साधारण समायोजनाओं सहित व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा आर्थिक चिट्‌ठा बनाना।

प्रयोगात्मक

(क) लघु प्रयोग- (1) शब्द चिन्ह। (2) जुट शब्द। (3) रेखाक्षरों के स्थल। (4) चित्र एवं संकेतों के माध्यम से रेखाक्षरों का ज्ञान।

124 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(5) टाइप करने की प्रणालियां। (6) मशीन में कागज लगाने, ठीक करने व कागज निकालने का ढंग। (7) हाशिया निश्चित करना। (8) मशीन पर बैठने की स्थिति।

(ख) दीर्घ प्रयोग- (1) श्याम पट्‌ट पर लिखित लेखों को पढ़ना। (2) पत्रों का आशुलिपि में लेखन तथा हिन्दी रूपान्तर। (3) आशुलिपि से दीर्घ लिपि में लिखना तथा टाइप करना। (4) आशुलिपि नोटों अनुवादित होने के बाद उन पर चिन्ह लगाना। (5) कुंजी पटल का ज्ञान। (6) पोस्ट कार्डों पर पतों का टंकण। (7) टाइप मशीन से प्रतिलिपि लेना। (8) प्रार्थना-पत्र अथवा पत्रों को टाइप करना।

सन्दर्भ पुस्तकें- 1-अनुपम टाइपिंग मास्टर-श्रीमती उषा गुप्ता। 2-उपकार व्यावहारिक टंकण कला-श्री ओंकार नाथ वर्मा। 3-हिन्दी संकेत लिपि (ऋषि प्रणाली)-श्री ऋषिलाल अग्रवाल। 4-पिटमैन अंग्रजी संकेत लिपि-पिट्‌समैन। 5-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 6-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 7-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली-श्री जगन्नाथ वर्मा। 8-आशुलिपि एवं टंकण-श्री गोपाल दत्त विष्ट।

(14) ट्रेड-बैंकिंग

नोट : अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं है। उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (7) व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कराना। (8) बैंकिंग कार्य प्रणाली के प्रारम्भिक ज्ञान की जानकारी छात्रों को उपलब्ध कराना।

रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी 1-विद्यालयों में संचायिका का लेखा रखने की जानकारी देना। 2-अपने व्यवसाय को बैंकिंग कार्य प्रणाली की जानकारी प्राप्त करना। 3-सहायक रोकड़िया। 4-गोदाम सहायक। (ख) स्वरोजगार- 1-लघु व्यावसायिक संस्थानों का हिसाब तैयार करना। 2-अभिकत्र्ता के रूप में कार्य करना। 3-डाकघर के एजेन्ट के रूप में कार्य करना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 125

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना। इकाई-3- व्यावसायिक संगठन, अर्थ एवं प्रारूप, एकांकी व्यवसाय, साझेदारी एवं संयुक्त स्कैच कम्पनी, परिभाषा, लक्षण एवं भेद।

क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- 1-चेक लिखना, निर्गम करना एवं निर्गमन रजिस्टर में लेखा करना। 2-चेकों का पृष्ठांकन एवं रेखांकन करना, चेकों की वैधता की जांच करना। 3-पे इन स्लिप तथा आहरण पत्र का प्रयोग। 4-चेक लिखने वाली मशीन का प्रयोग। 5-रेडी रेकनर का प्रयोग। 6-कैलकुलेटर का प्रयोग। 7-डेंंटिंग मशीन एवं नम्बरिंग मशीन का प्रयोग। 8-पंचिंग मशीन एवं स्टेप्लर का प्रयोग। (ख) दीर्घ प्रयोग- 1-बैंक में खाता खोलने के विभिन्न प्रपत्रों को भरना। 2-बैंक लेजर खातों एवं पास बुक में लेखा करना। 3-ब्याज की गणना एवं उसका लेखा करना। 4-बैंक ड्राफ्ट, एम0टी0टी0 एवं पे आर्डर तैयार करना। 5-ऋण संबंधी आवश्यक प्रपत्रों को भरना। 6-साप्ताहिक विवरण, रिटर्न तैयार करना एवं प्रधान कार्यालयों को प्रेषित करना। 7-बीजक एवं विक्रय विवरण तैयार करना। 8-रेजकारी छांटने वाली मशीन का प्रयोग। सन्दर्भ पुस्तकें- 1-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 2-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 3-हाई स्कूल मुद्रा बैंकिंग एवं अर्थशास्त्र-श्री एम0पी0 गुप्ता। 4-अधिकोषण तत्व-श्री डी0डी0 निगम।

(15) ट्रेड-टंकण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतन भोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां टाइप करना। (ख) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवदेन-पत्र एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण को उपलब्ध कराना।

126 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। नोट : अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं है।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना। इकाई-3- अंतिम खातों को तैयार करना, साधारण समायोजनाओं सहित व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा आर्थिक चिट्‌ठा बनाना।

प्रयोगात्मक

(क) लघु प्रयोग- (1) टंकण कल पर बैठने की स्थिति। (2) टंकण करने की प्रणालियां। (3) टंकण मशीन में कागज लगाने एवं बाहर निकालने की विधि। (4) हाशिया निश्चित करना। (5) ऐसे संकेतों का टंकण, जो कुंजी पटल में नहीं दिये गये हैं। (6) नया पैराग्राफ बनाना। (7) स्पेस बार का प्रयोग। (8) ''सिफ्ट की'' एवं ''लिफ्ट की लॉंक'' का प्रयोग। (9) छोटे पत्रों व लघु अवतरणों का टंकण। (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) कुंजी पटल का ज्ञान। (2) प्रार्थना.पत्र एवं पत्रों का टंकण करना। (3) पोस्टकार्ड पर पते टाइप करना। (4) टाइप मशीन से प्रतियां लेना। (5) प्रूफ रीडिंग में प्रयुक्त होने वाले चिह्म। (6) रिबन का बदलना। (7) कठिन शब्दों का टंकण। (8) टाइप मशीन की सफाई एवं तेल देना। (9) बड़े अवतरणों एवं साधारण सारिणीयों का टंकण करना।

सन्दर्भ पुस्तकें

(1) अनुपम टाइपिंग मास्टर श्रीमती उषा गुप्ता। (2) उपकार व्यावहारिक टंकण कला श्री ओंकार नाथ वर्मा। (3) पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड श्री राम प्रकाश अवस्थी। (4) पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक) श्री राम प्रकाश अवस्थी। (5) अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली श्री जगन्नाथ वर्मा।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 127

(16) ट्रेड-फल संरक्षण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (7) फल उत्पादन बढ़ाना तथा खाने के बाद बचे हुए फल और सब्जियों का संरक्षण करना। (8) फलोत्पादक औद्योगीकरण द्वारा देश की बढ़ती हुई बेरोजगारी को दूर करना। (9) बिना मौसम में भी संरक्षित फल पदार्थों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- (1) फल संरक्षण संबंधी इकाइयों में रोजगार मिलने की सम्भावना। (2) फल संरक्षण उद्योग में स्वरोजगार अथवा निजी व्यवसाय चलाना या डिब्बा बन्दी कर बाजार में आपूर्ति करना। (3) संरक्षित पदार्थों की दुकान या गोदाम खोल सकता है, जिसमें संरक्षित खाद्य पदार्थों का सही ढंग से रख-रखाव कर उन्हें नष्ट होने से बचाव कर रोजगार चला सकता है। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- फल संरक्षण विषय परिचय, परिभाषा, इसकी उपयोगिता एवं भविष्य। फल संरक्षण में प्रयोग किये जाने वाली तकनीकी अंग्रेजी शब्द और हिन्दी में उनका विवरण विभिन्न फल एवं सब्जियों से निर्मित, संरक्षित पदार्थ फल संरक्षण कार्य में प्रयोग करने हेतु बर्तन मशीनरी एवं उपकरण।

इकाई-3- फल एवं सब्जियों के खराब होने के कारण फफूंदी, मोल्ड, खमीर यीस्ट, बैक्टीरिया एवं एन्जाइम्स का सूक्ष्म परिचय, प्रजनन, इनके प्रसार के लिये उपयुक्त वातावरण और निष्क्रिय करने का उपाय। फल सब्जियों के संरक्षण के सिद्धान्त, स्थायी एवं अस्थायी संरक्षण। प्रमुख संरक्षणों-सल्फर डाई आक्साइड (पोटेशियम मेटा बाई सल्फाइट अथवा के0एम0एस0), सोडियम मेटा बाई सल्फाइट और वेन्जोइक एसिड के योगिक (सोडियम बेन्जोएट) का परिचय तथा फल के रसों के संरक्षण में उपयोग विधि एवं इनकी सीमाएं।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- (1) विक्स हाइट्रोमीटर से लिनोमीटर, हन्ड से केरीमीटर (रिफरेक्टोमीटर), थर्मामीटर का परिचय एवं उपयोग विधि। (2) तरल पदार्थों को लिटमस पेपर की सहायता से पी0एच0 ज्ञात करना। (3) सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से परिचय, उसके विभिन्न पार्ट्‌स स्प्रिट द्वारा पेक्टिन टेस्ट। (4) स्प्रिट द्वारा पेक्टिन टेस्ट। (5) सोलिंग के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीनें। (6) कान्टेनर्स (बोतल, जार, अमृतवान, कारव्यास) को धोना और जीवाणु रहित (स्टरलाइज) करना।

21 ङ128 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) जैम-विभिन्न ऋतुओं में पैदा होने वाले फलों से जैम बनाना। (2) मुरब्बा बनाना-आंवला, बेल, पेठा, करौंदा, पपीता, गाजर। (3) अदरक, पेठा, नींबू, प्रजाति के फलों के छिलकों से कैण्डी बनाना। (4) टमाटर, कैचप, सॉस, सूप बनाना। (5) फलों से चटनी बनाना। (6) विभिन्न ऋतुओं में उपलब्ध फल एवं सब्जियों (आम, नींबू, कटहल, अदरक, करौंदा, प्याज, खीरा आदि) से अचार बनाना। (7) कृत्रिम सिरका बनाना। (8) कृत्रिम शरबत (खस, गुलाब, केवड़ा आदि) बनाना। (9) स्क्वेस बनाना। (10) अमरूद से चीज टाफी बनाना।

संस्तुत पुस्तकें-

1-फल एवं सब्जी संरक्षण . . डा0 गिरधारी लाल

रु0 45.00

डा0 सिद्धाप्पा

2-फल संरक्षण                                   . .     एस0 एम0 भाटी                            30.00
3-फल संरक्षण (प्रयोगात्मक)                     . .   बी0 एन0 अग्निहोत्री                       15.00
4-फल संरक्षण विज्ञान                           . .   बी0 एन0 अग्निहोत्री                       25.00
5-फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां            . .   डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव               100.00
6-फल तथा तरकारी परिरक्षण प्रौद्योगिकी          . .     एस0 सदाशिव नायर एवं                     100.00
                                                     डा0 हरीश चन्द्र शर्मा
7-फ्रूट एवं वेजीटेबिल                          . .   डा0 संजीव कुमार                           150.00

(17) ट्रेड-फसल सुरक्षा

उद्‌देश्य- (1) फसल सुरक्षा व्यवसाय की सामान्य जानकारी कराना। (2) फसल सुरक्षा सेवा अपनाकर फसलों को होने वाली हानि से इन्हें बचाना। (3) फसल सुरक्षा सेवा द्वारा प्रतिवर्ष हजारों टन खाद्यान्न को नष्ट होने से बचाना। (4) फसल सुरक्षा व्यवसाय में दक्षता प्राप्त कर इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाना। (5) श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना तथा आत्म-निर्भर बनाना। (6) कुशल नागरिक निर्माण में योगदान देना। (7) फसल सुरक्षा सेवा सम्बन्धी यन्त्रों एवं उपकरणों आदि का समुचित ज्ञान प्राप्त कर अपने निजी जीवन में उपयोग करना। (8) फसल सुरक्षा सेवा व्यवस्था का विद्यालय में सफल प्रदर्शन करना।

रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार- (1) सरकारी, सरकारी विभागों में फसल सुरक्षा सहायक की कार्य करने का अवसर प्राप्त करना। (2) फसल सुरक्षा का उत्पादन तथा वितरण इकाइयों में रोजगार प्राप्त करना। (ख) स्वरोजगार- (1) फसल सुरक्षा सम्बन्धी रसायानों तथा यंत्रों-उपकरणों की आपूर्ति करने सम्बन्धी व्यवसाय को अपनाना। (2) फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों तथा रसायनों की दुकान चलाना। (3) फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों को किराये पर चलाना। (4) सहकारी समितियां बनाकर फसल सुरक्षा के क्षेत्र में लघु उद्योग-धन्धा चलाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 129

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- (1) फसल सुरक्षा का सामान्य ज्ञान। (2) फसल सुरक्षा की विभिन्न विधियों की जानकारी। (3) पादप रोगों से होने वाली हानियां, उनके लक्षण, कारण एवं प्रकृति का ज्ञान। (4) फसल सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न संगठनों के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी। (5) फसल सुरक्षा की समस्यायें एवं उनके समाधान का ज्ञान। इकाई-3- (1) धान्य फसलों में धान, गेंहू, गन्ना, सरसों, अरहर, ज्वार, मक्का, कपास, मूंग, उरद तथा मटर। सब्जियों में आलू, टमाटर, बैगन, भिण्डी, गोभी तथा फलों में आम, अमरूद, पपीता, जामुन, सेब के रोगों एवं कीटों का अध्ययन और उनके रोक-थाम के उपाय की सामान्य जानकारी।

(2) परजीवी पौधों की जानकारी तथा उनसे होने वाली क्षति एवं उनसे बचाव के उपाय का ज्ञान। (3) वायरस द्वारा उत्पन्न प्रमुख रोगों की सामान्य जानकारी। फसल सुरक्षा के विभिन्न उपाय अपनाने का ज्ञान।

(4) फसल के प्रमुख खर-पतवार, उनका वर्गीकरण उनसे हानियां एवं रोकथाम के उपाय की जानकारी।

प्रयोगात्मक क्रिया.कलाप

(क) दीर्घ प्रयोग- (1) कीट संकलन एवं उनके जीवन-चक्र का रेखांकन करना। (2) इमलसन मिश्रण बनाना। (3) पेस्टन तैयार करना तथा उनके प्रयोग विधि का प्रदर्शन। (4) रसायन का घोल तैयार करना, उनका प्रयोग तथा उनमें अपनायी जाने वाली सावधानियों की क्रियात्मक समझ।

(5) फसलों पर पाउडर का छिड़काव करना। (6) भण्डार गृह में रसायनों का प्रयोग करना। (7) उपकरणों को खोलने एवं बाधनें की समझ। (8) रसायन एवं उपकरण के प्राप्ति केन्द्रों की जानकारी एवं उन स्थानों का पर्यवेक्षण तथा उसका विवरण तैयार करना।

(ख) लघु प्रयोग- (1) विभिन्न खर-पतवारों की पहचान। (2) विभिन्न पादप रोगों की पहचान। (3) विभिन्न पादप कीटों की पहचान। (4) फसल सुरक्षा उपकरणों की पहचान। (5) कवकनाशी रसायनों की पहचान। (6) कीटनाशी रसायनों की पहचान। (7) खर-पतवारनाशी रसायनों की पहचान। (8) भण्डारण में प्रयोग होने वाले रसायनों की पहचान। (9) भण्डारण के कीटों की पहचान। (10) भण्डारण में हानि पहुंचाने वाले जन्तुओं की पहचान करना।

130 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

संस्तुत पुस्तकें- क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक प्रकाशक का नाम एवं पता मूल्य 1 2 3

4 5 रु0 1 फसल सुरक्षा डा0 धर्मराज सिंह ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर 16.00

कम्पाउण्ड, कालोनी, इलाहाबाद।

2 सब्जी की खेती श्री दर्शानानन्द ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर 16.00

कम्पाउण्ड, कालोनी, इलाहाबाद।

3 फलों की खेती डा0 राम कृपाल पाठक ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर 25.00

4 नया कृषि कीट विज्ञान श्री बी0ए0 डेविड एवं

कम्पाउण्ड, कालोनी, इलाहाबाद। सेन्ट्रल बुक डिपो, इलाहाबाद 12.00

श्री एम0एच0 डेविड

5 पादप रोग नियंत्रण डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 12.00 6 खर पतवार नियंत्रण प्रो0 ओम प्रकाश कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 7 फसलों के रोगों की

20.00 रोकथाम

8 फसलों के रोग डा0 मुखोपाध्याय एवं

50.00

डा0 सिंह

डा0 संगम लाल प्रकाशन निदेशालय, गो0 व0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल प्रकाशन निदेशालय, गो0 व0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल

9 फसलों के हानिकारक

22.00 कीट

डा0 बिदा प्रसाद खरे प्रकाशन निदेशालय, गो0 व0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल

10 खर पतवार नियंत्रण डा0 विष्णु मोहन मान कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 25.00 11 पादप रक्षा कीट नियंत्रण डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 22.50 12 प्लाण्ट प्रोटेक्शन डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 30.00 13 सचित्र कृषि विज्ञान श्री श्याम प्रसाद शर्मा भारत भारती प्रकाशन, मेरठ 20.00 14 कृषि विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायण लाल, इलाहाबाद 20.00

(18) ट्रेड-मुद्रण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10 + 2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना।

रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार सरकारी तथा निजी मुद्रण उद्यमों में कुशल कामगार के पद का कार्य कर सकते हैं-

(ख) स्वरोजगार के लिये उदाहरण के लिए-कम्पोजीटर, मुद्रण मशीन चालक, प्रूफ रीडर, बुक बाइण्डर, छोटी इकाई के रूप में निजी उद्योग भी लगा सकते हैं।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 131

पाठ्‌यक्रम

इकाई-1 सैद्धान्तिक- (क) उद्यमिता बोध- उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार- लघु उद्योग की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2 संयोजन विधियां (कम्पोजिंग प्रोसेसेज)- (अ) संयोजन (कम्पोजिंग) का अर्थ, हाथ द्वारा संयोजन, मोनो मशीन द्वारा संयोजन, लाइनों मशीन द्वारा संयोजन, फोटो सेटर द्वारा संयोजन और कम्प्यूटर या डेस्कटाप पब्लिशिंग (डी0 टी0 पी0) मशीन द्वारा संयोजन।

(ब) प्रूफ सम्बन्धित- प्रूफ का अर्थ, प्रूफ के प्रकार, प्रूफ पढ़ने की विधि, प्रूफ पढ़ने के आई0 एस0 आई0 (भारतीय मानक) चिह्म।

इकाई-3 (अ) कैमरा तथा ब्लाक बनाना- कैमरा का अर्थ, विभिन्न प्रकार से कैमरा वर्टिकल (क्षैतिजकार, डार्करूम तथा इलेक्ट्रानिक) निगेटिव तथा पाजीटिव बनाना, ब्लाक का अर्थ एवं प्रयोग, लाइन ब्लाक, हाफटोन ब्लाक, ब्लाक बनाने हेतु आवश्यक सामग्रियां।

(ब) पृष्ठ संयोजन- पृष्ठ संयोजन (इम्पोजिंग) का अर्थ, एक पृष्ठ, दो पृष्ठ, चार पृष्ठ तथा आठ पृष्ठों तक की योजना।

प्रयोगात्मक

लघु प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-अक्षर संयोजन विभाग की साज-सज्जा तथा उपकरणों का परिचय। 2-मुद्रणालय में सुरक्षा (सेफ्टी) उपाय। 3-मुद्रण तथा बाइडिंग विभाग की मशीनों और उपकरणों का परिचय। 4-टाइप केस ले आउट याद करना एवं कम्पोजिंग स्टिक में मांप बांधना। 5-प्रूफ उठाना तथा टाइप मैटर में लगी स्याही की सफाई करना। 6-मुद्रणालय की सभी मशीनों तथा उपकरणों में स्नेहन (लुब्रीकेटिंग) तेल या ग्रीस देना और सफाई करना। 7-मुद्रित तथा अमुद्रित कागज को बराबर करना और गिनती करना। 8-पुरानी पुस्तकों की मरम्मत करना। दीर्घ प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-लेअर हेड तथा विजिटिंग कार्ड आदि छोटे जाब कार्यों की कम्पोजिंग करना तथा प्रूफ उठाकर उसे पढ़ना और संशोधन करना। 2-विभिन्न मशीनों के लिए एक या दो पृष्ठों का फर्मा कसना। 3-मुद्रण मशीन की तैयारी, मुद्रण मशीन पर फर्मा चढ़ाना, फर्मा की तैयारी तथा लगातार मुद्रण कार्य करना। 4-मुद्रण मशीन पर एक या दो रंग की छपाई करने का अभ्यास। 5-स्थानीय किसी एक या अधिक मुद्रणालयों में छात्रों को ले जाकर निरीक्षण कराना और छात्रों द्वारा एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार करना जो 390 शब्दों से अधिक न हो। 6-बाइडिंग करने के लिए मुद्रित अथवा अमुद्रित कागजों को मोड़ना, मिसिल उठाना, सिलाई करना। 7-पुस्तकों पर कागज के कवर तथा दफ्ती के कवर लगाने का अभ्यास। 8-सिल्क स्क्रीन मुद्रण की तैयारी तथा मुद्रण का अभ्यास करना।

132 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पुस्तकों की सूची

हिन्दी पुस्तकें- 1-अक्षर मुद्रण शास्त्र श्री चन्द्रशेखर मिश्र 2-संयोजन शास्त्र ,, ,, 3-आफसेट मुद्रण शास्त्र ,, ,, 4-मुद्रण परिस्करण, भाग-1 श्री के0 सी0 राजपूत 5-मुद्रण परिस्करण, भाग-2 ,, ,, 6-आधुनिक ग्रन्थ शिल्प श्री चन्द्रशेखर मिश्र 7-मुद्रण स्याहियां तथा कागज ,, ,, 8-मुद्रण प्रौद्योगिकी सामग्री श्री एम0 एन0 लिड़बिड़े 9-ब्लाक मेकर्स गाइड श्री एस0 अग्रवाल

(19) ट्रेड-रेडियो एवं टेलीविजन

उद्‌देश्य- (1) वर्तमान समय में रेडियो एवं टेलीविजन की बढ़ती हुई मांग तथा इस विषय की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों की मांग को देखते हुए यह आवश्यक है कि हाईस्कूल स्तर से बच्चों में इस विषय में रुचि उत्पन्न करना। (2) 10़2 में रेडियों एवं टी0 वी0 पहले से चल रहा है। इसके लिये हाई स्कूल स्तर से बच्चों को तैयार करना तथा इण्टरमीडिएट में एडमीशन के समय वरीयता। (3) छात्र शहर तथा गांव में व्यवसाय का उचित अवसर प्राप्त कर सकते है। रोजगार के अवसर- 1-रेडियो एवं टी0 वी0 इण्डस्ट्री पी0 सी0 बी0 पर एसेम्बिलिंग का कार्य प्राप्त कर सकते हैं। 2-विभिन्न टी0 वी0 सर्विस सेन्टर में टी0 वी0 टेक्नीशियन का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। 3-किसी बड़ी इकाई के साथ लघु उद्योग स्थापित करना। 4-स्वयं की दुकान प्रारम्भ कर सकना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1 1-उद्यमिता बोध-उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। 2-लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योग की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2 तरंग एवं गति तरंग तथा उनके प्रकार, प्रणामी तरंगों का सूत्र, कालान्तर कला, आवृति, तरंग दैध्र्य तथा उनमें सम्बन्ध।

इकाई-3 विद्युत्‌ क्षेत्र व विभव, कूलम का नियम, विद्युत्‌ चालन व स्वतन्त्र इलेक्ट्रॉन, ओम के नियम, चालकों पर ताप का प्रभाव, ओमी व अरा ओमी परिपथ, फैराडे के नियम, विद्युत चुम्बक। विद्युत चुम्बक, चुम्बकत्व का परमाणवी माडल।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

लघु उद्योग- (1) कलर कोड की सहायता से प्रतिरोधों का मान पढ़ना तथा प्रतिरोधों की वाटेज को जानना। (2) विभिन्न प्रकार के प्रतिरोधों को पहचाना, सामानान्तर तथा श्रेणी क्रम में जोड़ना तथा उनका मान ज्ञात करना। (3) विभिन्न प्रकार के धारित्रों को पहचानना तथा श्रेणी व समानान्तर क्रम में जोड़़ना तथा उनका मान ज्ञात करना। (4) विभिन्न प्रकार के डायोडों तथा ट्रांजिस्टरों को पहचानना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 133

(5) मल्टीमीटर की सहायता से वोल्टेज, धारा व प्रतिरोध मापना। (6) मल्टीमीटर की सहायता से डायोड तथा ट्रांजिस्टरों का परीक्षण करना। (7) इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयोग होने वाले विभिन्न यन्त्रों की जानकारी। (8) पी0 सी0 वी0 पर सोल्डर करने की विधि तथा सावधानियां।

दीर्घ प्रयोग- (1) साधारण प्रकार का बैटरी एंलीमिनेटर निर्माण (असम्बल) करना। (2) विभिन्न निर्गत बोल्टेजों के लिये बैटरी एलीमिनेटर का निर्माण करना। (3) स्थिर वोल्टेज के लिये बैटरी एलीमिनेटर का निर्माण करना। (4) ट्रांजिस्टरों की सहायता से प्रवधक (एम्पलीफायर) का निर्माण करना। (5) ट्रांजिस्टरों की सहायता से ध्वनि परिपथ (म्युजिकल सर्किट) का निर्माण करना। (6) ट्रांजिस्टर अभिग्राही के विभिन्न भागों का वोल्टेज ज्ञात करना। (7) ट्रांजिस्टर अभिग्राही के सामान्य दोषों को ज्ञात करना तथा उनका निवारण करना। (8) टेलीविजन के विभिन्न भागों के वोल्टेज ज्ञात करना।

संस्तुत पुस्तकें- 1-बेसिक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग लेखक-पी0एस0 जाखड़ तथा सत्या जाखड़ 2-इलेक्ट्रॉनिक थ्रू प्रैक्टिकल्स ,, पी0 एस0 जाखड़ 3-प्रारम्भिक इलेक्ट्रॉनिकी ,, कुमार एवं त्यागी 4-इलेक्ट्रॉनिक्स ,, महेन्द्र भारद्वाज 5-टेलीविजन ,, जोन एण्ड राबर्ट 6-बेसिक शॉप प्रैक्टिकल ,, अनवानी हन्श इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग

(20) ट्रेड-बुनाई तकनीक

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। विशिष्ट उद्‌देश्य- 1-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइनों को बनाकर हथकरघा उद्योग को उपलब्ध करना। 2-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइन के द्वारा फिगर डिजाइन बनाना। 3-इस उद्योग में विद्यार्थी की दफ्ती के ऊपर रेशे द्वारा फीगर डिजाइन तैयार करना/सिखाना। 4-बुनाई तकनीक की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ बुनाई से सम्बन्धित लघु उद्योग स्थापित कर सकता है।

रोजगार के अवसर- बुनाई के तकनीक ट्रेड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी रोजगार-1-खादी ग्रामोद्योग, यू0पी0 हैण्डलूम में रोजगार के अवसर। 2-छोटे कारखानों में बुनाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में। 3-बुनाई अध्यापकों के लिये प्रशिक्षित शिक्षक की उपलब्धि। (1) स्वरोजगार-(1) छोटे बुनाई उद्योग स्थापित करना। (2) सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त करके उद्योग चलाना। (3) न्यूनतम पूंजी में उद्योग का कार्य प्रारम्भ करके जीवनयापन करना। (4) अपने साथ में पूरे परिवार को साथ लगाकर कार्य करके जीवनयापन करना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

134 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-

इकाई-1 (क) उद्यमिता बोध-उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योग की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2 (क) कपास की कृषि, उपयुक्त भूमि एवं प्रकार। (ख) औटाई के प्रकार, धुनाई, धुनकी के भाग एवं कार्य। (ग) पूनी बनाना एवं सूत कातना। (घ) तकली, चर्खी के प्रकार एवं भाग। (ड) विभिन्न प्रकार के तन्तु एवं रेशा। (कपास, ऊन, रेशम, खनिज, कृत्रिम तन्तु)

इकाई-3 (क) सूत से कपड़ा बनाने तक की समस्त क्रियाएं। (ख) लच्छी सुलझाना, बाबिन भरना, सटर में बाबिन लगाना, सॉचे से निकालना, ड्रम मशीन पर चढ़ाना, बाने के बेलन पर लपेटना, होल्ड भरना, कंघी में भरना, बुनाई करना।

(ग) करघे या लूम का परिचय, हत्थे के भाग एवं कार्य।

प्रयोगात्मक

लघु उद्योग- 1-सूत की लच्छियों को सुलझाना। 2-चरखी के ऊपर सूत को चढ़ाकर चरखे की सहायता से तागे की बाबिन भरना। 3-भरी हुई बाबिनों को टटर में सजाना। 4-ताने के तारों की डिजाइन के अनुसार वय में भरना और कंघी में भरना। 5-ताने एवं बाने की बाबिन भरना। 6-लीज राड को ताने में लगाना। 7-शटल में तागे एवं बाबिन लगाना। 8-चरखे को चलाना। 9-तकली से सूत कातना। 10-सूत की लच्छियों को अंटी पर चढ़ाना।

दीर्घ प्रयोग- 1-टटर से तान के तागे निकालना। 2-क्रम से बाबिनों को लगाना। 3-हैक या (बिनिया) से तागे निकालना। 4-ड्रम मशीन पर ताने जुक्ट्री बांधना। 5-बाने के बेलन में ताने के तागे लपेटना। 6-बाने के बेलन को करघे पर फिट करना। 7-डिजाइन के अनुसार ड्राफ्ंिटग करना। 8-आई से कंघी में पिराना या तागे निकालना। 9-ताने के तागों को जुट्‌टी बांधना। 10-करघें पर बुनाई करना।

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पुस्तकों की सूची

हिन्दी पुस्तकें-

पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम मूल्य क्रमां क 1 2 3

4 5 रु0 1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा विश्वविद्यालय प्रकाशन, चौक, वाराणसी 55.00 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 55.00 8.00 3 बुनाई पुस्तक श्री श्याम नारायण

श्रीवास्तव

नवीन पुस्तक भंडार, दारागंज, इलाहाबाद

4 हाउस होल्ड टेक्सटाइल श्री दुर्गादत्त बुक कम्पनी, नई दिल्ली 75.00 27.00 5 भारतीय कशीदाकारी श्रीमती शिन्दे एवं कु0

पंडित

प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं प्रौद्यो0 विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल

(21) ट्रेड-रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा व्यापार) सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक 50 अंक इकाई-1 -10 अंक प्रस्तावना-1-खुदरा व्यापार क्या है ? 2-अर्थ एवं परिभाषा 3-गुण एवं विशेषताएं 4-खुदरा व्यापार के आवश्यक तत्व 5-खुदरा व्यापार का महत्व इकाई-2 -10 अंक 1-स्थानीय स्तर पर उत्पादों का प्रबन्धन I--A.संगठित क्षेत्र B-असंगठित क्षेत्र II--A.छोटे पैमाने पर खुदरा व्यापार B.बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार 2-स्थानीय स्तर पर खुदरा/फुटकर व्यापार के अन्य उपाय। इकाई-3 -10 अंक 1-खुदरा/ फुटकर व्यापारी के कार्य 2-खुदरा या फुटकर व्यापारी की सेवाएं उत्पादक के प्रति उपभोक्ता या ग्राहक के प्रति। समाज के प्रति। इकाई-4 -10 अंक 1-खुदरा व्यापार में व्यापारी की सफलता के उपाय।

A-उपयुक्त स्थिति B.विक्रय कला C.अनुभव D.सजावट E-अन्य उपाय

2.बुनियादी स्वच्छता और सुरक्षा अभ्यास। इकाई-5 -10 अंक -विभिन्न स्टोर/दुकान -श्रृंखलाबद्ध दुकानें -बिग बाजार -सुपर बाजार इत्यादि।

22 ङ136 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 प्रयोगात्मक- -50 अंक -विद्यालय स्तर पर खुदरा व्यापार का प्रशिक्षण (क्रय-विक्रय के सन्दर्भ) -खुदरा व्यापार का व्यावहारिक प्रशिक्षण (संगठित क्षेत्र के इकाई द्वारा) -खुदरा व्यापार के संदर्भ में स्थानीय स्तर पर सर्वेक्षण -क्रय-विक्रय -अन्य व्यावहारिक अनुभव -खुदरा व्यापार के सम्बन्ध में विद्यालय स्तर पर विचार गोष्ठी आयोजित करना। -खुदरा व्यापार के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के सम्बन्ध में ज्ञान।

(22) ट्रेड-सुरक्षा (security)

उद्‌देश्य- (1) राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अस्मिता की रक्षा का भाव उत्पन्न होना। (2) सुरक्षा के महत्व एवं आवश्यकता को समझना। (3) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (4) आकस्मिकता एवं खतरों से निपटने की योग्यता का विकास करना। (5) प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता को समझते हुए सम्बन्धित सामान्य जानकारी होना। (6) सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी के महत्व को समझना। (7) सुरक्षा हेतु सभी नागरिकों को कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व का बोध कराना। (8) संवाद दक्षता एवं व्यक्तित्व का विकास करना।

रोजगार के अवसर- 1-पाठ्‌यक्रम में प्रवीणता प्राप्त करने के पश्चात्‌ सम्बन्घित छात्र एवं छात्रायें भविष्य में देश की सुरक्षा बलों से सम्बन्धित विभिन्न सेवाओं में सैनिक एवं अधिकारियों के रूप में अपनी समझ के आधार पर पर्याप्त योगदान दे सकते है। 2-सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न संस्थाओं में सुरक्षा कर्मी के रूप में रोजगार की प्राप्ति हो सकती है।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 50

इकाई-1 सुरक्षा के मूलाधार -12 अंक -सुरक्षा की आवधारणा, अर्थ एवं परिभाषाएं -सुरक्षा का उद्‌देश्य -सुरक्षा के विभिन्न तत्व, आन्तरिक एवं वाह्‌य -सुरक्षा के प्रकार-व्यापक सुरक्षा, समान सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, अल्पकालिक एवं दीर्घ कालिक सुरक्षा, आन्तरिक एवं बाह्‌य सुरक्षा, सैनिक सुरक्षा, आर्थिक एवं औद्योगिक सुरक्षा इत्यादि। -सुरक्षा से सम्बन्धित चुनौतियां एवं समाधान इकाई-2 स्वास्थ्य सुरक्षा -12 अंक -स्वास्थ्य सुरक्षा के घटक-व्यायाम, सक्षमता, समन्वय एवं धैर्य, चिकित्सालय, दवाएं एवं प्रशिक्षित चिकित्सक। -शारीरिक स्वस्थता का महत्व एवं भूमिका। -व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत विकास। -स्वास्थ्य सुरक्षा से सम्बन्धित अधः संरचना एवं विधिक पक्ष। इकाई-3 आपदा प्रबन्धन एवं सुरक्षा -13 अंक -आपदा प्रबन्धन-निहितार्थ -प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाएं-कारण एवं प्रभाव। -आपदा एवं आपातकालीन प्रबन्धन। -आपदा प्रबन्धन के विभिन्न सोपान। -आपदा प्रबन्घन से सम्बन्धित विभिन्न संस्थाएं। -नागरिक सुरक्षा संगठन-अग्नि शमन सेवा, बचाव सेवा एवं प्राथमिक चिकित्सा सेवा। इकाई-4 सुरक्षा एवं प्राथमिक चिकित्सा -13 अंक -प्राथमिक चिकित्सा के आधारभूत सिद्धान्त। -प्राथमिक चिकित्सा सम्बन्धी उपकरण एवं सुविधाएं। -प्राथमिक चिकित्सा के सामान्य नियम।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 137

-स्वास्थ्य आपात एवं प्राथमिक चिकित्सा। -स्वास्थ्य आकस्मिकता का अर्थ एवं कारण । -शारीरिक मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य। -सार्वजनिक स्थल, कारखानों तथा संगठनों में कार्यरत सुरक्षा सेवकों के स्वास्थ्य एवं कार्य क्षमता को प्रभावित करने वाले कारक।

-बुखार, लू, अस्थमा, पीठ दर्द, घाव, रूधिरस्राव, जलना, सॉप, कुत्ते का काटना, कीट डंक, श्वसन एवं परिसंचरण से सम्बन्धित समस्याएं आदि बीमारियों में प्राथमिक चिकित्सा।

प्रयोगात्मक पूर्णांक 50 1-व्यायाम का अभ्यास-विभिन्न प्रकार के शारीरिक ड्रिल एवं योग। 2-नागरिक सुरक्षा-प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन। 3-प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं को सूचीबद्ध करना। 4-आकस्मिकता के समय प्रयुक्त होने वाले टेलीफोन नम्बरों को सूचीबद्ध करना। 5-आपदा से प्रभावी रूप से निपटने के लिए एक काल्पनिक आपदा योजना तैयार करना। 6-सिक्योरिटी एलार्म का प्रयोग। 7-फायर स्टेशन का भ्रमण कर अग्निशमन यंत्र की कार्यविधि का अध्ययन।

8-एक औद्योगिक संस्थान/कार्यालय का भ्रमण आयोजित कर आकस्मिकता/खतरों हेतु संस्था द्वारा सुरक्षा के उपायों एवं लगाये गये उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

9-ओ0 आर0 एस0 का घोल तैयार करना। 10-थर्मामीटर का प्रयोग। 11-प्राथमिक चिकित्सा उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

(23) ट्रेड-मोबाइल रिपेयरिंग

उद्‌देश्य- (1) मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम है।

मोबाइल न केवल संचार बल्कि मनोरंजन का भी सशक्त माध्यम है। मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हो रहा है। अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा। (2) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (3) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (4) छात्रों को 10 + 2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपर्युक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (5) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि जाग्रत करना। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 50 अंक

इकाई-1 -10 अंक -मोबाइल की सामान्य जानकारी -मोबाइल फोन की कार्य प्रणाली -CDMS तथा GSM -मोबाइल फोन के भाग (Part of mobile) स्पीकर, कैमरा, बैटरी, बजर, एल0सी0डी0 एन्टिना इत्यादि। इकाई-2 -10 अंक -मोबाइल में प्रयुक्त होने वाले घटकों का विवरण -मोबाइल फोन की मरम्मत में प्रयुक्त होने वाले उपकरण, अनुरक्षण एवं रख रखाव। इकाई-3 -10 अंक -सोल्डरिंग का उपयोग -विभिन्न प्रकार के मोबाइल फोन को खोलना एवं बन्द करना। -सिम इंसर्ट करना (सिंगल एवं डबल) -बैटरी लगाना। इकाई-4 -10 अंक -मोबाइल में 2जी तथा 3जी सेवा। -मोबाइल के विभिन्न भागों का निरीक्षण।

138 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

-विभिन्न प्रकार के IC के नाम तथा उनके कार्य। -मोबाइल फोन का ब्लाक आरेख। इकाई-5 -10 अंक -परिपथ (सर्किट) के विभिन्न भागों का अध्ययन करना। -जम्पर के साथ प्रकाश, ध्वनि तथा कम्पन आदि के लिये परिपथ (IC आधार पर) प्रयोगात्मक कार्य 50 अंक -मोबाइल को ऑन/ऑफ करना। -मोबाइल में उपलब्ध अनुप्रयोग के बारें में जानना। -मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की जानकारी प्राप्त करना। -वालपेपर, थीम, कैलेण्डर दिनांक इत्यादि सेट करना। -की पैड, वाल्यूम (Volume) सेट करना। -चार्जर, इयर फोन, पावर सप्लाई इत्यादि। -डिसप्ले सेटिंग। -मोबाइल फोन में प्रोफाइल सेट करना। -मेमोरी कार्ड की जानकारी क्षमता व कार्य। -मोबाइल के विभिन्न मॉडलों की जानकारी।

(24) ट्रेड-पर्यटन एवं आतिथ्य

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में अतिथि देवो भव की भावना विकसित करना। (2) हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन व्यवसाय को समझना। (3) पर्यटन और आतिथ्य से सम्बन्धित विषय को समझना। (4) चर्चा, परिचर्चा के तरीकों को विकसित करना। (5) आत्मनिर्भरता की भावना का विकास करना।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 50 अंक

इकाई-1 12 अंक (1) पर्यटन को समझना और परिभाषित करना तथा पर्यटन गाइड। (2) पर्यटन की विशेषतायें। (3) पर्यटन उत्पाद और सेवाएं। (क) ट्रांसपोर्ट सर्विस। (ख) एकोमोडेशन। (ग) कैटरिंग। (घ) स्थलीय पर्यटन। (ङ) आधुनिक युग में पर्यटन के प्रकार। इकाई-2 12 अंक (1) यात्रा और संचालन करने वाले कारक।

(क) प्रस्तावना। (ख) पैकेज यात्रा।

(i) इन बाउन्ड। (ii) आउट बाउन्ड। (iii) डोमेस्टिक। (2) पर्यटन सम्बन्धी सूचनायें और संसाधन।

(क) पासपोर्ट, वीजा बीमा (समान और पर्यटक) (ख) एयर पोर्ट टैक्स। (ग) कस्टम।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 139

(घ) करेन्सी। (ङ) विभिन्न लघु शब्द। I.A.T.A., W.T.O., C.V.G.R., P.A.T.A., I.U.H.F., I.A.T.M., E.P.B.X., H.R.C.C., S.T.D., P.C.O.

इकाई-3 10 अंक (1) आतिथ्य उद्योग की प्रस्तावना और जानकारी। (2) होटल की परिभाषा। (3) होटल उद्योग का विकास और उन्नति। (4) भारत के महत्वपूर्ण चेन होटल। (5) विभिन्न फाइव स्टार होटलों में सुविधायें।

(क) फ्रन्ट कार्यालय।

(i) ट्रेवेल एवं टूर पैकेज। (ii) विदेशी विनिमय।

(iii) बेल ब्वाय। (iv) आचार-विचार का आदान-प्रदान और सूचनायें। (v) अतिथियों का स्वागत करना।

(ख) खाद्य एवं पेय।

(i) कान्फ्रेन्स कक्ष। (ii) बैंक्वेट हॉल्स। (iii) कॉफी शाप। (iv) रूम सर्विस। (v) बार। (ग) हाउस कीपिंग।

(i) पब्लिक एरिया। (ii) हार्टीकल्चर।

(iii) लेनिन/यूनीफार्मरूम। (iv) सुबह/शाम की सर्विस। (v) सेफ्‌टी और सुरक्षा।

इकाई-4 10 अंक (1) सर्विस स्टाफ की जानकारी। (2) हाउस कीपिंग विभाग के कर्मचारियों का विवरण। (3) रूम अटेन्डेन्ट के कार्य और पोशाक। (4) स्टीवर्ड के कार्य और वेश भूषा। (5) शेफ (Chef) पोशाक। (6) महिला और पुरूष की अलग-अलग पोशाक (सभी विभागों में)।

इकाई-5 6 अंक (1) मीजा। (2) मीपा। (3) ब्रेकफास्ट स्टेप्स (चरण) (4) वाणी का आदान-प्रदान। (5) विभिन्न विभागों के कार्य।

(क) फ्रन्ट ऑफिस। (ख) हाउस कीपिंग। (ग) फूड व पेय सेवा। (घ) खाद्य उत्पाद। (ङ) First-Aid. (प्राथमिक चिकित्सा)140 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

                                             विषय-हिन्दी
                                                कक्षा-10
                                         खण्ड-अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)                         पूर्णांक-20
1.      हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (शुक्ल युग तथा शुक्लोत्तर युग)               5×1=5
2.      हिन्दी पद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (रीतिकाल एवं आधुनिककाल)                      5×1=5
3.      काव्य सौन्दर्य के तत्व-
        (क) रस-हास्य एवं करूण रस (परिभाषा उदाहरण एवं पहचान)                                  1×1=1
        (ख) अलंकार-(अर्थालंकार) उपमा, रूपक उत्प्रेक्षा (लक्षण एवं उदाहरण)                    1×1=1
        (ग) छन्द- सोरठा एवं रोला (लक्षण एवं उदाहरण)                                          1×1=1
4.      हिन्दी व्याकरण-                                                                      3×1=3
        शब्द रचना के तत्व-
        (क) उपसर्ग-अ, अन्‌, अधि, अप, अनु, उप, सह, निर, अभि, परि, सु इत्यादि
        (ख) समास-द्वन्द्व, द्विगु , कर्मधारय, बहुब्रीहि
        (ग) तद्‌भव, तत्सम शब्द एवं पर्यायवाची
5.      संस्कृत व्याकरण-                                                                     1×1=1
        सर्वनाम-तद्‌, युष्मद्‌।
6.      वाक्य का स्वरूप                                                                      1×1=1
7.      वाच्य- प्रयोग और वाच्य परिवर्तन                                                      1×1=1
8.      पद परिचय- विकारी एवं अविकारी शब्द                                                    1×1=1

खण्ड-ब (वर्णनात्मक प्रश्न) पूर्णांक-50

1. गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित प्रश्न 3×2=6 2. पद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित प्रश्न 3×2=6 3. संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद 23=5 4. संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद 23=5 5. निर्धारित खण्डकाव्य से कथानक, चरित्र चित्रण एवं तथ्य आधारित प्रश्न। 3×1=3 6. (क) निर्धारित गद्‌य खण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित लेखकों का जीवन परिचय एवं उनकी प्रमुख रचना का नाम। 32=5 (ख) निर्धारित पद्‌यखण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित कवियों का जीवन परिचय एवं प्रमुख रचना का नाम। 32=5 7. संस्कृत खण्ड के पाठ्‌यवस्तु से कण्ठस्थ एक श्लोक जो प्रश्नपत्र में न आया हो 2×1=2 8. पत्र लेखन 4×1=4 9. संस्कृत खण्ड के पाठ्‌यवस्तु पर आधारित प्रश्नों में से किन्हीं दो का संस्कृत में उत्तर 11=2 10. निबन्ध रचना (वैज्ञानिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक समस्याएं एवं जनसंख्या, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, एवं यातायात के नियमों पर आधारित विषय) 7×1=7

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन पूर्णांक -30 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                         मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                               जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                       नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                              दिसम्बर माह
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 141

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु- (क) गद्य हेतु- मित्रता राम चन्द्र शुक्ल ममता जयशंकर प्रसाद भारतीय संस्कृति राजेन्द्र प्रसाद अजन्ता

भगवत शरण उपाध्याय

क्या लिखूँ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

पद

धनुष भंग, वन पथ पर

हिमालय से, वर्षा सुन्दरी के प्रति

ईष्र्या तू न गयी मेरे मन से रामधारी सिंह दिनकर पानी में चन्दा और चाँद पर आदमी जय प्रकाश भारती (ख) काव्य हेतु- सूरदास तुलसीदास रसखान सवैये, कवित्त भक्ति नीति बिहारी लाल रामनरेश त्रिपाठी स्वदेश प्रेम मैथिलीशरण गुप्त भारतमाता का मंदिर यह महादेवी वर्मा सुमित्रानन्दन पंत चींटी, चन्द्रलोक में प्रथम बार माखन लाल चतुर्वेदी पुष्प की अभिलाषा, जवानी सुभद्रा कुमारी चौहान झांसी की रानी की समाधि पर अशोक बाजपेयी भाषा एकमात्र अनन्त है, युवा जंगल श्याम नारायण पाण्डेय हल्दीघाटी केदार नाथ सिंह नदी (ग) संस्कृत हेतु- वाराणसी, देशभक्तः चन्द्रशेखरः, भारतीयाः संस्कृतिः, वीरः वीरेण पूज्यते, आरूणि श्वेतकेतु संवादः जीवन-सूत्राणि, प्रबुद्धोग्रामीणः , केन किं वर्धतेः, अन्योक्तिविलासः खण्ड काव्य- (जिलेवार) खण्ड काव्य के लिये- निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-

क्रमांक पुस्तक का नाम प्रकाशक का नाम अनुदानित जिले

1 मुक्तिदूत अशोक कुमार अग्रवाल, 43, चाहचन्द

रोड, प्रयागराज

आगरा, बस्ती, गाजीपुर, फतेहपुर, बाराबंकी, उन्नाव।

2 ज्योति जवाहर मोहन प्रकाशन, जवाहर नगर, कानपुर कानपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, ललितपुर, रामपुर,

3 अग्रपूजा हिन्दी भवन, 63 टैगोर नगर,

गोण्डा। प्रयागराज, आजमगढ़, मथुरा।

प्रयागराज

4 मेवाड़ मुकुट शंकर प्रकाशन, 8/98 आर्यनगर, कानपुर

5 जय सुभाष रोहिताश्व प्रकाशन, 368 मालती सदन,

6 मातृ भूमि के लिये

ऐशबाग, लखनऊ आधुनिक प्रकाशन गृह, दारागंज, प्रयागराज

बुलन्दशहर, देवरिया, बरेली, सुल्तानपुर, सीतापुर, बहराइच। लखनऊ, सहारनपुर, फैजाबाद, बांदा, झांसी, हरदोर्ई। गोरखपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, मैनपुरी, मुजफ्फरनगर।

मेरठ, फर्रूखाबाद, पीलीभीत, रायबरेली।

7 कर्ण बुनियादी साहित्य मन्दिर, पटना-4 अलीगढ़, जौनपुर, बलिया, हमीरपुर, एटा। 8 कर्मवीर भरत हिन्दुस्तान बुक हाउस, अस्पताल रोड, परेड, कानपुर

9 तुमुल इन्डियन प्रेस पब्लिकेशन प्रा0 लि0, वाराणसी, इटावा, बिजनौर, जालौन, बदायूँ। 36, पन्ना लाल रोड, प्रयागराज

नोट :-उपर्युक्त के अतिरिक्त अन्य जिलों/नये सृजित जिलों में खण्ड काव्य पूर्व वर्षों की भांति यथावत्‌ पढ़ाये जायेंगे।

142 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-प्रारम्भिक हिन्दी

कक्षा-10

खण्ड-अ (बहुविकल्पीय प्रश्न) पूर्णांक-20

01 01 01 02 01 1. हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (शुक्ल युग एवं शुक्लोत्तर युग) 5×1=5 2. हिन्दी पद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (रीतिकाल एवं आधुनिक काल) 5×1=5 3. हिन्दी व्याकरण- (क) समास-बहुब्रीहि, कर्मधारय। (ख) पर्यायवाची शब्द (ग) विपरीतार्थी शब्द (घ) तद्‌भव एवं तत्सम शब्द (ङ) वाक्यांश के लिए एक शब्द 4. संस्कृत व्याकरण- सर्वनाम-तद्‌, युष्मद्‌ 01 5. वाक्य का स्वरूप 1×1=1 6. वाच्य- प्रयोग और वाच्य परिवर्तन 1×1=1 7. पद परिचय- विकारी एवं अविकारी शब्द 1×1=1

खण्ड-ब

(वर्णनात्मक प्रश्न) पूर्णांक-50

1. गद्य खण्ड के लिए निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न 3×2=6 2. पद्यखण्ड के लिऐ निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न 3×2=6 3.(क) निर्धारित गद्यखण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित लेखकों का जीवन परिचय एवं उनकी प्रमुख रचनाएँ। 32=05 (ख) निर्धारित पद्यखण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित कवियों का जीवन परिचय उनकी प्रमुख रचनाएँं 32=05 23=05 4. (क) संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद। (ख) संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद। 23=05 5. संस्कृत खण्ड के पाठ्‌यवस्तु पर आधारित प्रश्नों से किन्हीं दो प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर। 22=04 6. काव्य सौन्दर्य के तत्व- 2×1=02 (क) रस-हास्य एवं करूण रस (परिभाषा, लक्षण एवं उदाहरण) 2×1=02 (ख) छंद-दोहा, चौपाई ( परिभाषा, लक्षण एवं उदाहरण) (्रग) अंलकार (अर्थालंकार) उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा (परिभाषा, लक्षण एवं उदाहरण) 2×1=02 7. लोकोक्ति एवं मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग) 2×1=02 8. निबन्ध रचना (वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, सामाजिक समस्याएं, स्वास्थ्य, शिक्षा पर्यावरण, जनसंख्या तथा यातायात नियम से सम्बन्धित विषयों पर आधारित प्रश्न)

6×1=06

पूर्णांक- 30

आन्तरिक मूल्यांकन-
शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन
1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)   अगस्त माह            10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)     दिसम्बर माह          10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)       मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)             जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)     नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)            दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 143

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-

(क) गद्य हेतु-

रामचन्द्र शुक्ल

मित्रता

ममता जयशंकर प्रसाद

भारतीय संस्कृति राजेन्द्र प्रसाद

अजन्ता

भगवतशरण उपाध्याय

(ख) काव्य हेतु-

सूरदास

पद

धनुष भंग, वन पथ पर

तुलसीदास सुमित्रानन्दन पंत चींटी, चन्द्रलोक में प्रथम बार रामनरेश त्रिपाठी स्वदेश प्रेम

सुभद्रा कुमारी चौहान झांसी की रानी की समाधि पर

(ग) संस्कृत हेतु- पाठ्‌- वाराणसी, भारतीयाः संस्कृतिः, जीवन-सू़़त्राणि, प्रबुद्धो ग्रामीणः, अन्योक्तिविलासः।

Syllabus

Class X

English

There will be one question paper of 70 marks. Internal assessment will be for 30 marks.

Reading 10 marks 1. One short unseen passage followed by three MCQs. 3x1=3 2.One unseen passage followed by three very short answer type

questions. 3x2=6 And one vocabulary based question 1 Writing Skills 10 marks 3.Letter (formal/informal)/Application . 4

Grammar 15 marks

6.Three very short answer type questions based on narration, voice,

punctuation. 3x2=6 7.Translation of a short passage from Hindi to English. (4 sentences) 4

Literature 35 marks

First Flight (23 marks)

Prose(15 marks)

8.Two MCQs based on the given extract. 2x1=2 9.Three MCQs based on lessons. 3x1=3 10.Two short answer type questions in about 30-40 words each. 3+3=6 11.One long answer type question in about 60 words. 4

23 ङ144 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

Poetry (08 marks)

12.Two MCQs based on the given extract. 2x1=2

13. One short answer type question based on poetry lessons in about 30-40 words . 3

or

14. Central idea of the given poem. 3

Footprints Without Feet(12 marks)

15. Five MCQs based on prescribed lessons. 5x1=5

16. One short answer type question in about 30-40 words. 3

17. One long answer type question in about 60 words. 4

Prescribed books and Lessons

First Flight – Text Book

Prose-

1. A Letter to God G.L. Fuentes 2. Nelson Mandela: Long Walk to Freedom Nelson Rolihlahla Mandela 3. Two Stories about Flying i. His First Flight Liam O'Flaherty ii. Black Aeroplane Frederick Forsyth 4. From the Diary of Anne Frank Anne Frank 5. Glimpses of India

i. A Baker from Goa Lucio Rodrigues ii. Coorg Lokesh Abrol iii. Tea from Assam Arup Kumar Datta

6. Mijbil The Otter Gavin Maxwell 7. Madam Rides the Bus Vallikkannan 8. The Sermon at Benares 9. The Proposal Anton Chekov

Poetry-

1. Dust of Snow Robert Frost 2. Fire and Ice Robert Frost 3. A Tiger in the Zoo Leslie Norris 4. How to Tell Wild Animals Carolyn Wells 5. The Ball Poem John Berryman 6. Amanda! Robin Klein 7. The Trees Adrienne Rich 8. Fog Carl Sandburg 9. The Tale of Custard the Dragon Ogden Nash 10. For Anne Gregory William Butler Yeats

Footprints Without Feet-Supplementary Reader

1. A Triumph of Surgery James Herriot 2. The Thief's Story Ruskin Bond 3. The Midnight Visitor Robert Arthur 4. A Question of Trust Victor Canning 5. Footprints Without Feet H.G. Wells 6. The Making of a Scientist Robert W. Peterson 7. The Necklace Guy De Maupassant 8. Bholi K.A. Abbas 9. The Book That Saved the Earth Claire Boikoभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 145

Words & Expression [ Eng. Work Book]

For the Academic Session 2024-25

The internal assessment should be conducted as follows:-

1.First Internal Assessment (Oral Expression Based) August 10 Marks

2.Second Internal Assessment(Creative Writing Based) December 10 Marks

Four Monthly Tests- 10 Marks

3. First Monthly Test (MCQs Based) May 4. Second Monthly Test (Descriptive Questions Based) July

3. Third Monthly Test (MCQs Based) November

4. Fourth Monthly Test (Descriptive Questions Based) December

The Sum of the marks obtained in all the four monthly Tests should be converted

into 10 Marks.

विषय-संस्कृत

कक्षा-10

पूर्णांक 100

        इस विषय में 70 अंक की लिखित परीक्षा निष्ठ होगी तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया
जायेगा। पाठ्‌यक्रम के आधार पर 20 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे।
खण्ड क (गद्य, पद्य आशुपाठ)                                                                          35 अंक
गद्य                                                                                                11 अंक
        1-गद्य-खण्ड का हिन्दी में अनुवाद                                                             4 अंक
         2-पाठ-सारांश                                                                                4 अंक

15 अंक

3-बहुविकल्पीय प्रश्न 1X3=3 अंक पद्य 1-लोक की हिन्दी में व्याख्या 2-सूक्ति की हिन्दी में व्याख्या 3-किसी एक श्लोक का संस्कृत में अर्थ

4 अंक 3 अंक 4 अंक 4-बहुविकल्पीय प्रश्न 1X4=4 अंक आशुपाठ- 1-पात्र चरित्र-चित्रण (हिन्दी में) 2-लघु उत्तरीय प्रश्न (संस्कृत में)

9 अंक 4 अंक 2 अंक 3-बहुविकल्पीय प्रश्न 1X3=3 अंक

खण्ड 'ख' (व्याकरण, अनुवाद, रचना) 35 अंक

व्याकरण-

1-प्रत्याहारों का सामान्य परिचय एवं वर्णों का उच्चारण स्थान

2 अंक 2-सन्धि

2 अंक (i) हल्‌ सन्धि- मोऽनुस्वारः, अनुस्वारस्य ययि परसवर्णः।

(ii) विसर्ग सन्धि-विसर्जनीयस्य सः, ससजुषो रुः, अतो रोरप्लुतादप्लुते, हशि च।

3-शब्द रूप-

2 अंक अ-पुंलिङ्‌ग-पितृ, भगवत्‌, गो, करिन्‌, राजन्‌।

ब-स्त्रीलिङ्‌ग-नदी, धेनु, वधू, सरित्‌।

स-नपुंसकलिङ्‌ग-वारि, मधु, नामन्‌, मनस्‌, किम्‌, यद्‌, अदस्‌।

146 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

2 अंक

2 अंक

2 अंक

2X3=6 अंक 4-धातुरूप--(लट्‌, लृट्‌, लोट्‌, लङ्‌ तथा विधिलिङ्‌ लकारों में)- अ-परस्मैपद-भू, पा, वस्‌, स्था, नश्‌, आप्‌, इष्‌। ब-आत्मनेपद-वृध्‌, जन्‌। स-उभयपद-नी, दा, ज्ञा, चुर्‌। 5-समास--समासों के विग्रह सहित उदाहरण- अव्ययीभाव, द्विगु, बहुव्रीहि। 6-कारक-विभक्ति-निम्न सूत्रों के आधार पर कारक-विभक्ति ज्ञान एवं प्रयोग कर्तुरीप्सिततमं कर्म, कर्मणि द्वितीया, साधकतमं करणम्‌, कर्तृकरणयोस्तृतीया, कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्‌, चतुर्थी सम्प्रदाने, ध्रुवमपायेऽपादानम्‌, अपादाने पंचमी, आधारोऽधिकरणम्‌, सप्तम्यधिकरणे च। 7-प्रत्यय-क्त, क्तवतु, क्तिन्‌, क्त्वा, ल्यप्‌, शतृ, शानच्‌, तुमुन्‌, मतुप्‌, ठक्‌, त्व, तल्‌ टाप्‌, अनीयर्‌, इन्‌,। 2 अंक 8-वाच्य- परिवर्तन। 3 अंक अनुवाद- 1-हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद (तीन वाक्य) रचना- 1-संस्कृत निबन्ध (कम से कम आठ वाक्य) 8 अंक 2-संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग। 2X2= 4 अंक

निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तक निम्नलिखित पाठ्‌य-पुस्तकों के सम्मुख अंकित पाठ्‌यवस्तु (माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌ द्वारा निर्धारित अंश/ पाठ का अध्ययन करना होगा)- 1-संस्कृत व्याकरण-1-प्रत्याहारों का सामान्य परिचय एवं उच्चारण स्थान।

2-सन्धि-व्यंजन एवं विसर्ग सन्धियों का परिचय एवं अभ्यास। 3-समास-अव्ययीभाव, द्विगु, बहुव्रीहि। 4-कारक एवं विभक्ति परिचय। 5-वाच्य-परिवर्तन। 6-अनुवाद- क-सामान्य नियमों सहित अभ्यास। ख-कारक एवं विभक्ति ज्ञान। ग-अनुवाद अभ्यास। 7-प्रत्यय। 8-शब्दरूप-संज्ञा, सर्वनाम तथा संख्या वाचक शब्दों के तीनों लिङ्‌गों में रूप। 9-धातुरूप-परस्मैपद, आत्मनेपद तथा उभयपद में धातुओं के रूप।

10-संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग। 11-संस्कृत में निबन्ध- 1-विद्या 2-सदाचारः 3-परोपकारः 4-सत्संगतिः 5-अहिंसा परमो धर्मः 6-मातृभूमिः 7-वसुधैव कुटुम्बकम्‌ 8-राष्ट्रिया एकता 9-अनुशासनम्‌ 10-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 11-संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्‌ 12-भारतीयकृषकः 13-हिमालयः 14-तीर्थराजप्रयागः 15-वनसम्पत्‌ 16-पर्यावरणम्‌ 17 परिवारकल्याणम्‌ 18 राष्ट्रियपक्षिमयूरः 19 यौतुकम्‌भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 147 20-दूरदर्शनम्‌ 21-क्रिकेटक्रीडनम्‌ 22-जनसङ्‌ख्या 23-यातायात सुरक्षा 24-स्वास्थ्य-शिक्षा संस्कृत गद्य भारती संस्कृत साहित्य पर एक दृष्टि वैदिक मङ्‌लाचरणम्‌ 1-कविकुलगुरुः कालिदासः 2- उद्‌भिज्ज-परिषद्‌ 3- नैतिकमूल्यानि 4- विश्वकविः रवीन्द्रः 5-कार्यं वा साधयेयं देहं वा पातयेयम्‌ 6- आदिशंकराचार्यः 7- संस्कृतभाषायाः गौरवम्‌ 8- मदनमोहनमालवीयः 9-जीवनं निहितं वने 10- लोकमान्यःतिलकः 11- गुरुनानकदेवः 12- दीनबन्धुः ज्योतिबाफुले

संस्कृत पद्य पीयूषम्‌- 1-लक्ष्य-वेध-परीक्षा 2-वृक्षाणां चेतनत्वम 3-सूक्ति-सुधा 4-क्षान्तिसौख्यम्‌ 5-विद्यार्थिचर्या 6-गीतामृतम्‌ 7-जीव्याद्‌ भारतवर्षम्‌

संस्कृत कथा नाटक कौमुदी- 1-महात्मनः संस्मरणानि 2-कारुणिको जीमूतवाहनः 3-धैर्यधनाः हि साधवः 4-यौतुकः पापस्‌चयः 5-भोजस्य शल्यचिकित्सा 6-ज्ञानं पूततरं सदा 7-वयं भारतीयाः आन्तरिक मूल्यांकन- अंक 30 शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

148 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-उर्दू

(कक्षा-10)

पूर्णाक 100 उर्दू विषय में 70 अंक का लिखित प्रश्न-पत्र होगा तथा 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

उर्दू विषय में 70 अंक का एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टो का होगा।

खण्ड-(अ) पूर्णांक-35

1-व्याकरण और उसका प्रयोग-

6 अंक व्याकरण के केवल उन्हीं तत्वों पर बल दिया जायेगा जो भाषा के प्रयोगात्मक ज्ञान और उसके लेखन एवं संभाषण पर आधारित हों। व्याकरण का अध्ययन एक विषय के रूप में अनिवार्य नहीं है परन्तु छात्रों को कक्षा में पढ़ाते समय भाषा में व्याकरण के महत्व तथा वाक्य प्रयोग पर अधिक बल दिया जाय। साथ ही छात्रों का वाक्य विन्यास तथा दूसरी प्रचलित क्षेत्रीय भाषा में अनुवाद करने का अभ्यास कराना चाहिए।

7 अंक

5 अंक

2-साहित्यिक विधाएं (असनाफ़े अदब)- (1) नावेल (उपन्यास) (2) इनशाइया (3) अफ़साना (4) खाका (5) गजल (6) नज़्म (7) क़सीदा (8) मरसिया 3-कवायद-अलंकार (सनाए व बदाये)- हुस्ने तालील, मरातुन नज़ीर, तज़ाद, तलमीह, लफ़ोंनश्र, तजनीस, तशबीह ओ इस्तेआरा 4-मुहावरात व ज़रबुलमिसाल 5-निबन्ध लेखन 6-अपठित (गै़र दरसी नसरी इक़तेबास का ख़ुलासा)

5 अंक

6 अंक

6 अंक

खण्ड-(ब) पूर्णांक-35

निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक (गद्यांश)

1-निम्नलिखित गद्य के पाठ अध्ययन के लिए प्रस्तावित है-

10 अंक

(अ) (1) उमराव जान अदा (इक़्तेबास)-मिर्ज़ा हादी रूस्वा

(2) सवेरे जो कल ऑख मेरी खुली-पतरस बुख़ारी

(3) चारपाई (इक़्तेबास)-रशीद अहमद सिद्‌दीकी

(4) पूरे चॉद की रात-कृष्ण चन्दर

(5) गरमकोट-राजेन्द्र सिंह बेदी

(6) अल्ताफ़ हुसैन हाली - मौलवी अब्दुल हक़

(7) हिन्दुस्तानी तहज़ीब के अनासिर-प्रोफ़ेसर एहतेशाम हुसैन

(ब) गद्य लेखक का जीवन परिचय (सवानेह हयात), गद्य लेखन की विशेषाताएं, (नस्र निगारी

की खूबियां तथा शैली) तर्जे निगारिश का ज्ञान (मालूमात फ़राहम कराना)

4 अंक 2-निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक (पद्यांश)

1-पद्यांश

8 अंक

ग़ज़लियात-हाली, इक़बाल, हसरत मोहानी, असगर-ग़ोण्डवी, फ़ानी बदायूंनी जिगर मुरादाबादी, फ़िराक गोरखपुरी, फ़ैज अहमद फ़ैज

नज़मियात-नज़ीर अकबराबादी, हाली, दुर्गासहाय सुरूर, चकबस्त, इकबाल जोश मलीहाबादी, अख़्तरूल ईमान, अली सरदार जाफ़री।

3 अंक

क़सीदा-मुहम्मद रफ़ी सौदा

2 अंक

मरसिया-मीर अनीस

2 अंक (2) उर्दू शोअरा (जो पाठ्‌य पुस्तक में निर्धारित हैं) की सवानेह हयात व उनके कलाम की खू़बियों से छात्रों को रूशनास कराया जाय। 3 अंक (3) उर्दू ज़बान ओ अदब का इरतिक़ा

3 अंक

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 149

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गुजराती

भाग-(अ) 35 अंक

05 अंक 05 अंक 05 अंक 15 अंक 10 अंक 1-व्याकरण 15 अंक (क) वचन परिवर्तन (ख) लिंग परिवर्तन (ग) वाक्य शुद्धि 2-रचना (क) निबन्ध लेखन-(भावनात्मक वर्णनात्मक) अथवा दी गयी रूपरेखा के आधार पर कहानी का विकास करना (ख) पत्र लेखन (व्यक्तिगत, कार्यालय सम्बन्धी सम्पादक सम्बन्धी)

05 अंक

गुजराती वाचन माला-दसवीं कक्षा हेतु प्रकाशन 199, गुजरात राज्यशाला पुस्तक माला, पुरानी विधान सभा गृह सेक्टर 17, गांधीनगर, गुजरात द्वारा प्रकाशित। गद्य-निम्नांकित पाठ पढ़ने होंगे- 1-जुमो मिस्ती धूमकेतु 2-लोहीनी नी सगाई पेठलीकार 3-थिगाटुन सुरेश जोशी 4-श्रुतिये अने स्मृति सो बक्शी 5-बी लघु कथा मोहन लाल पटेल 6-पृथ्वी बल्लभ केम खंचायी के मुन्शी 7-सत्य अने अहिंसा गांधी जी 8-मध्याहन नु काव्य कलेलकर 9-भन्कारा चन्द्रवाकर

पद्य-निम्नांकित कविताएं पढ़नी होंगी- 1-भजरे भजतू नर सिन्ह मेहता 2-छप्पा अखो 3-हवाहूॅ सखी दयाराम 4-मेहामानोने सम्बोधन कान्त 5-चेली कचेरी मेधानी 6-हूॅ तो चहुं मनसुख लाल जवेरी 7-मन निरंजन भगत150 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 सहायक पुस्तक (स्वाध्याय) 1-गद्य-निम्न पाठ पढ़ने होंगे- (क) अगागाडी ना अनुभवो रमन भाई नीलकंठ (ख) महादेव भाई डायरी महादेव देसाई (ग) एक-एकरार इन्दूलाल याज्ञनिक (घ) फक्ता पन्दार मिनीत विभूति शाह

पद्य-निम्न कवितायें पढ़नी होंगी- 1-स्मृति भवन पन्ना नायक 2-मजुष रकोवायो ये श्याम साधु

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-पंजाबी

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होंगा। पूर्णांक 100

35 अंक 20 अंक

15 अंक भाग (एक) पद्य पाठ- 1-प्रसंग, अर्थ एवं भावार्थ 2-कविता का सारांश 3-कवि के सम्बन्ध में प्रश्न गद्य पाठ- 1-उपन्यास-प्रसंग 2-विषय-वस्तु, पात्र भाषा 3-लेखक की जीवनी

35अंक

भाग (दो) व्याकरण- 03 अंक 1-मुहावरे 02 अंक 2-वचन बदलो 03 अंक 3-अनेक शब्दो के लिए एक शब्द 02 अंक 4-लिंग बदलो 5-प्रत्यय-उपसर्ग 03 अंक 6-अनुवाद-हिन्दी से पंजाबी एवं पंजाबी से हिन्दी 55= 10 अंक 08 अंक 7-निबन्ध-प्रचलित विषयों पर 04 अंक 8-पत्र-लेखन-(व्यापारिक एवं कार्यालयीय)

निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तकें- 1-गद्य-पद्य (भाग-दो) हरशरण कौर 2-जंगल दे शेर- जसवंत सिंह कंवल 3-पंजाबी व्याकरण लेख रचना ज्ञानी लाल सिंहभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 151 शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

बंगला

(कक्षा-10)

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग ''अ''

35 अंक

1-व्याकरण- सन्धि- सन्धि-विच्छेद- समास- व्यंजन सन्धि- वाक्य परिवर्तन- वाक्य रचना- विराम चिन्ह- वर्तनी- 2-(प) निबन्ध- (ii) अपठित गद्य या दिये गये विचारों का विस्तार-

1 अंक 2 अंक 3 अंक 2 अंक 2 अंक 32=5 अंक 3 अंक 2 अंक 10 अंक 5 अंक

35 अंक 55=10 अंक 3 अंक 2 अंक

5 अंक 5 अंक 3 अंक भाग ''ब'' गद्य-सामान्य प्रश्न- व्याख्या- टीका- पाठों का नाम 1-देशेर श्रीवृद्धि 2-देना पावना 3-निर्भयेर राजतु 4-सभ्य साची 5-पाली साहित्य 6-मातृ भाषा 7-पद्‌मा नदीर माझी पद्य- सामान्य प्रश्न- व्याख्या- संक्षिप्त टिप्पणी- पुस्तक- (1) अन्न पूर्णा को ईश्वरी पाटनी (2) ईश्वर चन्द्र विद्या सागर (3) हे मोर दुर्भागा देश (4) नव वर्षा (5) काण्डारी हुॅशियार (6) कागज विक्री (7) रूपशी बंगला (8) आगामी

24 ङ152 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 7 अंक 3-छोटी कहानी राज कहानी प्रश्न सामान्य हो, भाव तथा चरित्र पर आधारित हो-कहानी का नाम (1) शिलादिप्य (2) गोहा (3) वाप्पा दिव्य (4) पदमिनी (5) हम्वीर (6) हम्बीरेर राज्य लाभ। निर्धारित पुस्तकें- 1-पद्य संकलन (पद्य भाग केवल)-1987 संस्करण बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन, पश्चिम बंगाल, कोलकाता द्वारा प्रकाशित।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-मराठी

कक्षा-10

केवल प्रश्न-पत्र

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

खण्ड-(क)

35 अंक

15 अंक

15 अंक

व्याकरण (क) वाक्य परिवर्तन (ख) काल परिवर्तन (ग) दिख्या वाक्योसील अशुद्धीये शुद्धिकरण 2-रचना- (क) निबन्ध-चित्रात्मक (ख) पत्र लेखन (कार्यालय सम्बन्धी-व्यावसायिक विषय) 3-अपठित गद्य खंडाचे ज्ञान-

05 अंक

खण्ड-(ख)

35 अंक

15 अंक

1-गद्य- (पाठ्‌य पुस्तकवार आधारित संक्षिप्त प्रश्न व गद्यांशांचे सन्दर्भ सहित स्पष्टीकरण) निर्धारित पुस्तक-

कुमार भारती (1995)

पाठांचे शीर्षक लेखक

क्रमांक पाठाचा क्रमांक

4

बिनोबा भावे वि0स0 खांडेकर पू0ला0 देशपांडे

एस0डी0 पानवलाकर

1 2 3 1 3 अमाचे अजून ग्रह सुठली नाही जी0जी0 आगरकर 2 5 अवमानतून सूटका बी0द0 सावरकर 3 6 उन्नतीचा मूलमन्त्र बाबा साहेब आम्बेदकर 4 7 स्वरूप पाहा 5 8 विजय स्तम्भ 6 10 डपासे 7 11 औधॉचा राजा जी0डी0 माडगुलकर 8 12 स्मशनासीले सोने अश्णाभाऊ सांठे 9 14 सुन्दर 10 16 बुद्धदशन भालाचन्द्र नामाडेभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 153 2-पद्य- 10 अंक (सन्दर्भ सहित स्पष्टीकरण आणि रस ग्रहण)

पाठांचे शीर्षक लेखक

क्रमांक पाठाचा क्रमांक

4

अंनत फंदी महात्मा फूले

बालकवि

1 2 3 1 3 तुकारामची अभंगवाणी तुकाराम 2 6 फटका 3 7 अखंड 4 8 आम्ही कोण ? केशव गुप्त 5 9 पवै 6 10 भ्रांत तुम्हां का पढ़े ? माधवज्युलिअन 7 15 मृत्युल कोण हसे अरंती प्रभु

5 अंक

5 अंक 3-नाटक- (पात्र चरित्र, कल्पना, साधारण, टीकात्मक रस ग्रहण, पावर आधारित प्रश्न) (क) निबन्धात्मक (एक) (ख) लघु उत्तरी (दीन) सुन्दर भो होणार------लेखक----पी0एल0 देशपाण्डे प्रकाशक---कान्टेनेन्टल पब्लिकेशन, पूणे। 4-चरित्र- शोरले बाजीराव----लेखक---एम0व्ही0 गोखले प्रकाशक---आयंदे प्रकाशक, पूणे। निबन्धात्मक---- प्रश्न (एक)

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-असमी

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

खण्ड-(अ)

35 अंक

15 अंक

20 अंक

1-अनुप्रयोगात्मक व्याकरण- 1-वाक्य रचना की अशुद्धियों का संशोधन, गलतियों का सुधार एवं तुलना गलत क्रियाओं का प्रयोग में सुधार। 2-कहावतों एवं मुहावरों/लोकोक्तियों का प्रयोग। 3-वाक्य रचना में परिवर्तन। रचना- (क) निबन्ध (तथ्यात्मक तथा वर्णनात्मक) (ख) सार लेखन (अपठित गद्यांश) संस्तुत पुस्तकें- 1-बहाल व्याकरण-सत्यनाथ बोरा, बरूआ एजेंसी, गुवाहाटी 2-असमियां व्याकरण-हेमचन्द्र बरूआ, हेमकोष, गुवाहाटी 3-असमियां रचना विधि-प्रधानाचार्य गिरिधर शर्मा, प्राप्ति स्थान-आसाम बुक डिपो 4-असमियां भाषा बोधिका-ले0 प्रियदास तालुकदार, प्रकाशक-एल0बी0एस0 प्रकाशन, अम्बारी, गुवाहाटी-78100 खण्ड-(ब)

पद्य- (क) निर्धारित खण्ड की व्याख्या (ख) निर्धारित पुस्तक से सामान्य प्रश्न

35 अंक 15 अंक 6 अंक 9 अंक154 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 15 अंक 6 अंक पद्य एवं गद्य के लिए निर्धारित पुस्तकें- माध्यमिक साहित्य चयन प्रकाशक आसाम स्टेट टेक्स्ट बुक, प्रोडक्शन ऐन्ड पब्लिेकेशन लिमिटेड, गुवाहाटी-78002 निम्नलिखित पद्य का अध्ययन करना होगा- 1-गोलप 2-अमंक कोने मोरे 3-गीत 4-सुरार देओल 2-गद्य 1-पठित खण्ड की व्याख्या 2-संक्षिप्त विवरण (निर्धारित पुस्तक से पौराणिक, ऐतिहासिक, लाक्षणिक तकनीकी या भावात्मक संदर्भ में)।

5 अंक 4 अंक

5 अंक

3-पठित खण्ड से सामान्य प्रश्न निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा- 1-पाक शिविध सलीम अली 2-स्ंिवग बाल 3-भारतार विचित्रार मजोट आकिया 4-आसामी लोकगीत 5-लूकोदेका फूकानार देश भोविन 3-आत्मकथा- निर्धारित पुस्तक-

जीवनी संग्र्रह-पद्‌मनाथ मोहन बरूआ द्वारा मूलरूप में संकलित वर्तमान में आसाम बोर्ड बानुनी मैदान गुवाहाटी द्वारा प्रकाशित।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-उड़िया

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

खण्ड-क

1-व्याकरण

35 अंक

20 अंक

8

(1) शब्दों का निर्माण (संज्ञा, विशेषण) सन्धि (व्यंजन, विसर्ग) समास (बहुब्रीहि, कर्मधारय, अव्ययीभाव, तधित, तत्‌पुरूष) (2) वाक्य परिवर्तन (संयुक्त, मिश्रित, साधारण) (3) अनुवाद (4) विराम चिन्ह (5) कहावतें एवं मुहावरे

2-रचना

4 2 2 4 15 अंक (1) निबन्ध (जनसंख्या, पर्यावरण, प्रदूषण, ट्रैफिक रूल्स पर भी निबन्ध पूछे जायेंगे) 10 (2) अपठित गद्यांश

5भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 155

खण्ड-ख

गद्य विस्तृत अध्ययन

35 अंक 17 अंक 4 अंक 9 अंक 4 अंक (क) पठित खण्ड की व्याख्या (ख) साधारण प्रश्न (ग) संक्षिप्त विवरण या टिप्पणी (निर्धारित पुस्तक में से पौराणिक, ऐतिहासिक, लाक्षणिक, तकनीकी या भावनात्मक संदर्भ में)

निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा :-

1-जन्मभूमि 2-सभ्यताओ विज्ञान 3-मातृभाषा ओं लोक शिक्षा 4-नरेन्रू विवेकानन्द 5-ओड़िया साहित्य कथा

सहायक पुस्तक में पठित अंश (गल्फ, एकांकी)

6 अंक

1-कलिजुगर समाप्ति एंव मिश्र बाबु 2-बेल, अश्वत्तथ ओ वट बृख्य 3-सुर सुन्दरी 4-कोर्णाक

पद्य

12 अंक 6 अंक 6 अंक 1-पद्य पर आधारित सामान्य प्रश्न 2-व्याख्या निम्नलिखित पद्य पाठों का अध्ययन करना होगा :-

1-राघवंक लंका जात्रानुकूल 2-यिलिफारे सायन्तन दृश्य 3-जाग बन्दनहरा 4-मंगले अइला उषा 5-बन्दे उत्तफल जननी

गद्य, पद्य एंव गल्फ, एकांकी के लिये निर्धारित पुस्तकें :- प्रकाशक साहित्य-बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन उड़ीसा, कटक पब्लिकेशन उड़ीसा शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कन्नड़

कक्षा-10 ़

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग-अ

35 अंक

17 अंक

अ-व्याकरण- (1) सन्धि, समास (2) पैरा फ्रेजिंग (Para Phrasing) सरलीकरण/अपने शब्दों में लिखना। (3) पर्यायवाची एवं विलोम शब्द।

व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग करना ताकि छात्रों में भाषा

13 अंक

व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषायी चातुर्य को बढ़ावा मिल सके। ब-मुहावरे तथा लोकोक्तियां 2 रचना- (अ) निबन्ध रचना-वर्णनात्मक, सामाजिक (पारिवारिक एवं विद्यार्थी जीवन के सम्बन्ध में) कथात्मक (निबन्ध 150 से 200 शब्दों में) (ब) पत्र लेखन (सम्पादक को व्यापारिक पत्र एवं प्रार्थना-पत्र)। 3-अपठित गद्यांश का बोध कराना।

05 अंक

156 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

भाग-ब

35 अंक

14 अंक

14 अंक

7 अंक निर्धारित पुस्तकें (गद्य एवं पद्य)- कन्नड भारतीय-10, प्रकाशक, नव कर्नाटक पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड, इम बहसी सेन्टर, क्रिट रोड, पोस्ट आफिस 5159, बंगलोर। निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे- (अ) गद्य (विस्तृत अध्ययन) (1) साध्याब (2) ननताख (3) नीबू वैध्यार मानू पिकितों (4) मानादानिया नोदी मानीदेय (5) बसावननवारू कतावियासिदा समाज (6) किसागोतामी (7) अदायावान्ति के असमास्यागालू (8) चिपको चलीवालि (9) डा0 आम्बेदकर वैयक्तित्व (10) यशुबिना कोन्य दीना (11) मन्त्य सूलोगन्थर (12) टुंग भुजंग कर्थ (ब) पद्य (1) अराइके (2) महात्मा (3) जुगाडा समाकू (4) सगाडा श्रीवन्तु (5) बन्धव्य (6) विलाणु (7) अम्बिगा ना निन्न नंबिदे (8) अक्कनावचनागालू (9) ननागाडेंपाध्यम (10) पुराणपुठयमक पुआस्ठा अपिन्दे पौगुटिगे (11) करननारेन्द्र (12) कुरू कुलख्य नम्वार केन उमसकर तरेयादिदार सहायक पुस्तक- (1) जोत्याली (2) नग गा (1994) प्रकाशक (एन0बी0टी0) निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे- (1) साके चिली (2) ओम भाट हाटो (3) सुमारी भुवन (4) तातीकु केन्द्र एक ऋवैसु (5) प्राथनाये प्रभाव (6) लिगिनटा एवं वुदाद (7) हाजी वक्लोल (8) भुत्वा कुदूर (9) दौधस्यो पीचु हनुगालू (10) मूऊ जनाऊ अटाक (11) उताना (12) अतिस्य विवेकहाभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 157

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)  अगस्त माह                 10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)    दिसम्बर माह               10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                      मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                            जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                     नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर )                          दिसम्बर माह
       चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-सिन्धी

कक्षा-10

35 अंक 3+4+2+2=11 अंक

3+3=06 अंक 10 अंक

4+4=08 अंक इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तेथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100 भाग-(अ) 1-व्याकरण- (क) सिन्धी शब्दों का निर्माण किस प्रकार होता है ? (ख) वाक्य ( साधारण, उप, मिश्रित, संयुक्त ) (ग) विलोम (घ) पर्यायवाची 2-कहावतें एवं मुहावरे 3-निबन्ध-निम्नलिखित विषयों में से 250 शब्दों तक एक निबन्ध (1) सिन्धी भाषा दिवस (10 अप्रैल, 1967) (2) सिन्धी साहित्यकार (3) सिन्धी महापुरुष (4) सिन्धी पर्व (5) राष्ट्रीय पर्व (6) यातायात सुरक्षा 4-अनुवाद-सिन्धी से हिन्दी में एवं हिन्दी से सिन्धी में

भाग-(ब)

35 अंक 13 अंक 05 अंक 1-गद्य- (क) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठों में से दो या तीन प्रश्न (ख) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठों में से एक गद्यांश का प्रसंग, संदर्भ

1+1+2+4=08 अंक 13 अंक साहित्यिक सौन्दर्य सहित व्याख्या। 2-पद्य- (क) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठों में से एक पद्यांश की संदर्भ, काव्यगत सौन्दर्य सहित व्याख्या। 1+2+4=7 अंक (ख) निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के निर्धारित पाठाें पर आधारित दो या तीन प्रश्न 06 अंक 3-कहानी- 4+5=09 अंक कथा की विशेषता एवं उसके तत्व, तत्व तथा घटनायें, चरित्र-चित्रण, भाषा कहानी,

कला, सारांश आदि पर आधारित एक प्रश्न एवं पांच लघु उत्तरीय प्रश्न।

निर्धारित पाठ्‌यपुस्तकें-

1-व्याकरण, कहावतें, पदबन्ध, मुहावरे, निबन्ध तथा अनुवाद के लिए- मथ्यो सिन्धी व्याकरण (देवनागरी) ले0 दयाराम बंसणमल मीरचन्दानी, प्रकाशक सिन्धू-ब्रह्‌मू शिक्षा सम्मेलन एवं देवनागरी सिन्धी सभा, मुम्बई।

प्राप्ति स्थान-(1) कमला हाईस्कूल-खार-मुम्बई-400052 (2) हिन्दुस्तान किताब घर-19-21 हमाम स्ट्रीट, मुम्बई मथ्यो सिन्धी व्याकरण पुस्तक से फहाका 21 से 42 तक इस्तलाह 21 से 45 तक तथा अदबीगुलदस्तों के पाठों के अन्त में अभ्यास के लिए दिये अंशों का अध्ययन भी किया जाना होगा।

(2) सहायक पुस्तक-संदर्भ के लिए- सिन्धी भाषा (व्याकरण एवं प्रयोग) लेखन, प्रकाशक, विक्रेता-डा0 मुरलीधर जैतली, डी0 127, विवेक विहार, नई दिल्ली-95158 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 (3) गद्य एवं पद्य के लिए- अदबी गुलदस्तो-लेखक डा0 कन्हैया लाल लेखवाणी। प्रकाशक एवं विक्रेता-निदेशक, भारतीय भाषा संस्थान मानस गंगोत्री, विनोवा रोड, मैसूर। ''अदबी गुलदस्तों'' के गद्य भाग में से पाठ संख्या 11 से 20 तक एवं पद्य भाग में पाठ संख्या 6 से 10 तक का अध्ययन करना है।

(4) कहानी के लिए पुस्तक- विसारिया न विसरीन लेखक-लोकनाथ प्रकाशक एवं प्राप्ति स्थान-विभागाध्यक्ष आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली-110007 कहानियों में प्रस्तावित पुस्तक में से साहेड़ी, लारी, ड्राइवर, गाय की इज्जत एवं ब तस्बीरूं कहानी को पाठ्‌यक्रम में शामिल किया जाय।

सिन्धी-पद्य-कहानी के लिये पुस्तक विसरिया न विसरीन संशोधित प्रकाशन स्थान-सिंधी वेलफेयर सोसायटी एस0जी0-1 राजपाल प्लाजा कानपुर रोड, आलमबाग, लखनऊ। शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-तमिल

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

35 अंक

15 अंक

भाग-अ 1-प्रयुक्त व्याकरण- निम्नलिखित के पहचान हेतु प्रारम्भिक ज्ञान- (A) PEYAR : Panpup Peyar, Thozhin Peyar, Vinayaalanaiyum Peyar, Ashu Peyar, Tninla, paal, Jdam and Vetrumai:

(B) VINAI : Therinilal and Kurippv Vinumutra Peyarecham Eeval, Viyamgal, Mutreehana, (C) IDAICHOL AND URICHOL : Defintion of Idaichal with special reference to Ehonaaram, Ohaaran and Ummai and definition of urichol with suitable examplea.

05 अंक

(D) PODU : Thehainila and thehaaniali, Vazhu vazhallnilai and maralov. 2-लोकोक्तियॉ- परिभाषा एवं प्रयोग- लोकोक्ति पुस्तक तमिल इलक्कानम (TAMIL, ILAKKANM) के पृष्ठ 152 और 153 पर दिया हुआ है।

10 अंक (TAMIL, ILAKKANM) : Class IX (1993 revise edition) Reprinted in 1994 3-रचना- पत्र लेखन (व्यक्तिगत पत्र)

निर्धारित पुस्तक- (1) व्याकरण के लिए- तमिल इलक्कानम ''कक्षा-नौ'' के लिए (1990 संस्करण) पुनः मुद्रित 1994, प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6 (पेज 1-47)। (2) लोकोक्ति के लिए- तमिल इलक्कानम ''कक्षा-10'' के लिए संशोधित संस्करण

4-सार लेखन

05 अंक

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 159

भाग-(ब)

35 अंक

15 अंक

5-पद्य- तमिल टेक्स्ट बुक-कक्षा 10 के लिए (1990 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू, टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6 Section I-Poems to be studied 1. Kambaramayanam 2. Thirurilayadarpura Pem 3. Seerappuranam Section II- Palsuvi Paadalgal First Five Poem

6-गद्य-

10 अंक

तमिल टेक्स्ट बुक-कक्षा 10 के लिए गद्य भाग (1994 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6, नं0 8 से 14 तक के लिए पाठ पढ़ना है।

10 अंक

7-अविस्तृत अध्ययन- Prescribed Book-Sindhanai Selvam (1990) Reprinted in 1994, Published Tamilnadu Text Book Society, Madras-6

Lession to be studied-nos. 1 to 11..

1. Veetiukor Pathaka Saalai-Dr. C. N. Annadurai. 2. Klaaigal-Dr. U. V. Swami Nathan Anyar. 3. Sangakala Atichumurai-N. Andazhaoon. 4. Mozhi Gnayiru Deua Neya Paavane-R. Jlankumara. 5. Ulagam Unndaiya Thu-S. T. Kasirajan. 6. Kaakkum Karangal-Pon. Parama Guru. 7. Vetrikkul or Vazvi- S. Hamid. 8. Kadalukkul or Kulagum-Pera Sriya Irama, Dhatshinam. 9. Kattu Valame Naattu Valam-Pulavarr Thillai The Ayhagunanaar. 10. Varilatru Vaailgal-Pulararka, Shanmugn Sundram. 11. Vuthira Merur Kaattum Vooraa Tchith therthel-Dr. Mo. Iradhuram Singh, Dr. Nu.

Govindarajan.

12.

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-तेलुगू

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग-अ

35 अंक 25 अंक 9 अंक 1-व्याकरण- क-(1) A detailed knowledge of the following- Telugu Sandhulu-Akra, Jkara, Ukara, Sandulu, Gasad ade vadesa Sandhi, Pump cadese Sandhi Dvirukte Tahara Takara Sandhi.

(2) Prosody : Champakamala, Utpalamala, Mettevhan Shardulan. 4 अंक (3) Alankaraas-Figures of speech, upama and Atishyoki only. 4 अंक 4 अंक (4) समास-द्वन्द्व, द्विगु और बहुव्रीहि और रूपाल

25 ङ160 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 4 अंक

5 अंक

ख-मुहावरे और लोकोक्तियां (किसी एक अत्यधिक प्रचलित एवं जाने-माने का प्रयोग) 2-रचना- निबन्ध लेखन- समाज परिवार और विद्यालय जीवन और तात्कालिक विषय पर लगभग 100 शब्दों का वर्णनात्मक तथा वृत्तात्मक लेख।

3-अपठित गद्य खण्ड का ज्ञान लगभग 100 शब्द

5 अंक

35 अंक

भाग-(ब)

1-विस्तृत अध्ययन-

12 अंक

4 अंक 4 अंक 4 अंक 1-गद्य- तेलुगू वाचाकम (कक्षा-10) प्रकाशक-आन्ध्रप्रदेश सरकार (नया संस्करण 1988) 1-संदर्भ सहित व्याख्या (2 में से 1) 2-निर्धारित पाठ में से निबन्धात्मक प्रश्न (लगभग 80 शब्द) 3-दो लघुत्तरीय प्रश्न Lessons to be studied:

1. Tudivinnapamu. 2. Pracheena Vritti Vidhanam. 3. Raju. 4. Rikshavadu. 5. Sonta Puslakam. 6. Srinagara Yatra.

12 अंक

04 अंक 04 अंक 04 अंक 2-पद्य- तेलुगू वाचाकम (कक्षा-10) प्रकाशक-आन्ध्रप्रदेश सरकार (नया संस्करण 1988) 1-एक पद्य का अर्थ 2-संदर्भ सहित व्याख्या (एक) 3-विषय वस्तु पर प्रश्न (एक) Poems to be studied:

(1) Bhagiratha Prayatnmu. (2) Hitokti. (3) Satyanistha. (4) Kanyaka. (5) Sishuvu. (6) Rudramadevi. (7) Mahandhroda Yamu.

5 अंक

3-अविस्तृत अध्ययन- लघु नाटक Hindi Ekankikla (Telugu Book) (1980 Edition), Published by National Book Trust (India) A-5, Green Park, New Delhi-110016

Plays to be studied : 1. Padivalu. 2. Kaumudi Mahotoavamu. 3. Tuvvallu. 4. Hindustan ki Velli cheppandi.

4. One Essay type question on the content, Characters and events will be asked. 06 अंक शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 161

विषय- मलयालम

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग-अ

35 अंक

18 अंक

1-व्याकरण- (1) वाक्य परिवर्तन (पाठ्‌य पुस्तक पर आधारित) (2) पर्यायवाची तथा विलोम (3) अपने शब्दों में व्यक्त करना (Paraphrsaing) (4) सन्धि और समास व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि छात्रों में भाषा व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषा की चातुर्य को बढ़ावा मिल सके।

14 अंक 2-रचना- 03 अंक (क) कहावतें/मुहावरे तथा लोकोक्तियां (ख) निबन्ध रचना 08 अंक (ग) पत्र लेखन (प्रार्थना-पत्र, समाचार-पत्र के सम्पादक को व्यावहारिक पत्र लिखना) 03 अंक

3-अपठित गद्यांश-

भाग-ब

03 अंक

35 अंक

15 अंक

10 अंक

1-गद्य- केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1987 संस्करण (केवल गद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम। निम्नांकित पाठों का अध्ययन करना- (1) करनानुम करमासमश्यूम (2) भाविकोरम मीशम (3) मलायला भाशायले पश्चायता प्रभावम्‌ (4) वकसुरसरावाग्लास्थवम्‌ दारदुरम्‌ (5) प्रकृति सौन्दर्यम (6) कला सौन्दर्यम 2-पद्य- केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1987 संस्करण (केवल पद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम। निम्नांकित कवितायें पढ़नी होंगी- (17) श्री भुविलास्थ्रा (21) इन्टेवेली (25) मयूर दर्शनम्‌ (26) करमामानु धरहा

3-अविस्तृत अध्ययन :-

10 अंक

(1) प्रोफेसरुत लोकम-के0एल0 मोहना वर्मा, पूनद पब्लिकेशन, टी0बी0एस0बिल्डिंग, कालीकट-673001 द्वारा प्राप्त। निम्न को छोड़कर सभी कहानियाँ पढ़नी होगी-- (1) नकराम (2) दुगधम्‌

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

162 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-नेपाली

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग-(अ) 35 अंक

14 अंक

07 अंक

07 अंक

07 अंक

1-प्रायोगिक व्याकरण- (क) शब्द उच्चारण और ध्वनि के अनुरूप परिवर्तन। (ख) शब्द भेद (उपसर्ग और प्रत्यय) (ग) मुहावरे और कहावतें। (घ) वाक्य परिवर्तन। (ङ) समास सन्र्दर्भ्ाित पुस्तक- सरल नैपाली व्याकरण-ले0 राजनारायण प्रधान और जगत, क्षेत्रीय प्रकाशक-श्याम ब्रदर्स, चौक बाजार, दार्जिलिंग (पं0 बंगाल) 2-अपठित गद्यांश जो वर्णनात्मक विषयों पर आधारित हो। जैसे-सामाजिक पर्व, दृश्य और छात्र जीवन की स्मरणीय घटनायें। 3-रचना- (क) पत्र लेखन (1) अपरचित (क्रय-विक्रय, उत्तर, जाँच/प्रश्न)। (2) नौकरी के लिये आवेदन-पत्र। (3) सम्पादक के नाम-पत्र। (4) शिकायतें, क्षमा-प्रार्थना, निवेदन आदि। (5) निमंत्रण एवं स्मृति-पत्र। (ख) निबन्ध लेखन- पर्व, यात्रा, दृश्य, साहसिक कार्य और छात्र जीवन की अविस्मरणीय घटनायें।

भाग-(ब) 35 अंक

12 अंक

09 अंक

1-गद्य- 14 अंक नैपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशन शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम गंगटोक अध्ययन के लिये पाठ- 1- त्यो फेरिफरकला-भवानी भिक्षु। 2- रात भरी हुरी चाल्यों-इन्द्र प्रसाद राय। 3- बहुरी भैंसी-रमेश विकल। 4- सीझा-हृदय चन्द्र सिंह प्रधान। 5- भारतेन्दु रा मोती रंको-डी0आर0 रीमसीमा। 6- रणब्दुल्भ-बाल कृष्ण साम 2-पद्य- नैपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम गंगटोक अध्ययन के लिये कवितायें- 1- भानु अस्त्या पक्षी-लेखानाथ पौडियाल। 2- गरीब-लक्ष्मी प्रसाद देव पोटा। 3- केसारी छत्तीस लाग-सिद्ध चरण श्रेष्ठ। 4- सन्तोष-भीम निधि तिवारी। 5- मृत्यु कामना केहि मारा-आगम सिंह गिरि। 6- आकाश को तारा के तारों-हरिभक्त कतवाल। 7- बालक छोरी को हेटा सुमसुम्या औन्दा-दु्रब। 3-थोड़ा अध्ययन के लिये (रैपिड रीडिंग)- कथा बिम्ब-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय गंगटोक (सिक्किम) 1- ककेया-बालकृष्ण साम। 2- परिबन्द-पुष्कर समसेर। 3- काबी लोवाल-रवीन्द्र नाथ टैगोर। 4- ओडत्तीन पात्र-ओ हेन्द्री। नोट-निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के लघु स्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न पूछे जायेंगे। शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंकभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 163

3-चार मासिक परीक्षाएं                                                                                       10 अंक
     •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                         मई माह
     •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                              जुलाई माह
     •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                       नवम्बर माह
     •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर )                                            दिसम्बर माह
           चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-पालि

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

15

05 1-गद्य-पालि-जातकावलि पाठ 8 से 14 तक-(करंगमिगजातकं, जवसकुणजातकं, ससजातकं, मतकभत्तजातकं, बावेरूजातकं, बलाहस्सजातकं, सुप्पारकजातकं)। (क) दो अवतरणों में से किसी एक अवतरण का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद 2+़8=10 (ख) किन्हीं दो जातकों में से किसी एक जातक की कथा हिन्दी अथवा अंग्रेजी में 05 2-पद्य-धम्मपद- पाठ 6 से 10 तक -(पण्डितवग्गो, अरहन्तवग्गो, सहस्सवग्गो, पापवग्गो, दण्डवग्गो)। 15 (क) दो गाथाओं में से किसी एक गाथा का हिन्दी अनुवाद 05 (ख) दो वग्गो में से किसी एक वग्गो का हिन्दी अथवा अंग्रेजी में सारांश 05 (ग) धम्मपद का पाठ 6 से 10 के अतवर्ती गाथा का लेखन जो प्रश्न-पत्र में न आया हो 05 3-अपठित-गद्य-निर्धारित पाठ (वेदब्भजातकं, राजोवादजातकं) मखादेव-जातकं 4-सिगालवादसुत्तं 10

05 05

3+2+5+5=15

05 क) दो अवतरणों या गाथाओं में से किसी एक का हिन्दी अनुवाद (ख) सिगालवादसुत्तं-की विषयवस्तु, निदान कथा, मित्र के गुण अमित्र के लक्षण आदि पर आधारित सामान्य प्रश्न 5-व्याकरण (क) शब्द रूप-पुल्लिंग - मुनि, भिक्खु स्त्रीलिंग - लता, इत्थि नपुंसक लिंग - आयु, पोत्थक (ख) धातु रूप-भविष्यत्‌ काल, लोट लकार भू, हस, वद, चज, दिस, नम, सर के रूप (ग) संधि-व्यंजन सन्धि व्यंजने दीघरस्सा, सरम्हा द्वे, चतुत्थदुतिये स्वेतं ततियपठमा (घ) समास-कर्मधारय समास, द्वन्द्व समास की सामान्य परिभाषा तथा उदाहरण 6-अनुवाद-हिन्दी के तीन वाक्यों का वर्तमान एवं भविष्यत्‌ कालिक क्रिया में अनुवाद 05 अथवा निबन्ध-पालि भाषा में छः सरल वाक्यों में किसी एक पर निबन्ध- कुसीनारा, बोधगया, पालि भासा, राजा असोको, बुद्धधम्मो, इसिपतनं, यातायात-सुरक्खा 7-पालि साहित्य का इतिहास संक्षिप्त परिचय-- द्वितीय संगीति, तृतीय संगीति, विनयपिटक एवं अभिधमपिटक के ग्रन्थ तथा इनका परिचय- निर्धारित पाठ्‌यपुस्तकें-- (I) पालि जातकावलि- पं0 बटुक नाथ शर्मा प्रकाशक-मास्टर खेलाड़ी लाल एण्ड सन्स, वाराणसी। (II) पद्य-धम्मपद- सम्पादित-धर्म भिक्षुरक्षित, प्रकाशक-ज्ञानमण्डल, वाराणसी। (III) सिगालवादसुत्तं- अनुवादक-डा0 भिक्षु स्वरूपानन्द, सम्यक्‌्‌ प्रकाशन दिल्ली, 2010 (IV) पालि साहित्य का इतिहास- लेखक-भिक्षु धर्मरक्षित, ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी। (क) पालि व्याकरण- लेखक-भिक्षु धर्मरक्षित, प्रकाशक-ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी। (ख) मैनुअल आफ पालि- लेखक-सी0सी0 जोशी, ओरियन्टल बुक एजेन्सी, पूना। शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक164 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

3-चार मासिक परीक्षाएं                                                                                       10 अंक
     •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                         मई माह
     •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                              जुलाई माह
     •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                       नवम्बर माह
     •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर )                                            दिसम्बर माह
           चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-अरबी

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग एक- 35 अंक

10-अंक

1-कवाइद- 1-फेल, फाइल, मफऊल बनाने का तरीका 2-मरफूआत और मन्सूबात 3-मफाइले खम्सा, इन्ना व कअन्ना की असवातिही 4-हुरूफे अत्फ 5-ज़माइर 6-वाहिद और तस्निया 7-जमा मुकस्सर, जमा सालिम, जमा किल्लत, जमा कसरत 2-तर्जुमा- (क) अरबी के आसान जुमलों का अंगे्रजी/हिन्दी/उर्दू में तर्जुमा (ख) अंग्रेजी/हिन्दी/उर्दू के आसान जुमलों का अरबी में तर्जुमा 3-दिये गये अल्फाज का अरबी जुमलों में इस्तेमाल 4-दिये गये उन्वानात पर मजमून नवीसी

5-अंक 5-अंक 5-अंक 10-अंक

भाग-दो

25-अंक

निसाबी किताब--अलकिरातुर्रशीदह भाग-2 लेखक--अब्दुलफत्ताह व अलीउमर (मतबूआ मिश्र) पब्लिकेशन-एम0 रशीद एण्ड सन्स, उर्दू बाजार, दिल्ली। 1-नस्र (गद्य) इस भाग में दर्ज जैल असबाक निसाब में शामिल हैं--

उन्वानात

सबक नं0

1- ज़जाउस्सिदक 1 2- अल अदबो असासुन्नजाह 4 3- मज़ीयतुत्तस्वीर 10 4- अन्नमिरो 13 5- अल अस्फन्ज 17 6- अय्यो मेहनति तख्तारि 19 7- अश्शाय 23 8- हीलतुल अन्कबूत 29 30 9- अलमाओ 10- अलगुराबो वलजर्रतु 31 11- अलअहराम 34 12- जमाअतुलफीरान 35 13- अलखादिमो वस्समकतु 45 14- अत्ताइरतु 48 15- अश्शुजाअतो वलजुब्नों 49 16- अलफतातुशुजाअति 59

10 अंक

सबक नं0

2-नज्म (पद्य) दर्ज जैल नज्में निसाब में शामिल हैं-- उन्वानात 17- अन्नहलतो वज्जिम्बार 8 18- वलातस्नइलमारूफ फीगैरे अहलिही 18 19- मिशयतुल गुराबे 46 20- जजाउलवालिदैनि 54भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 165 शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-फारसी

(कक्षा-10)

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग (अ) 35 अंक

07 अंक

(1) व्याकरण : (क) लफज मुफरद-अजमाए-कलाम (Parts of Speech) (Noun) (इस्म) (ख) सर्वनाम (Pronoun) जमीर (ग) हर्फजार (Preposition) (घ) क्रिया (Verb) (फेल) (ङ) व्युत्पति (i) मुख्य व्युत्पति (ii) गौण व्युत्पति (उपसर्ग) (Primary Derivatives and Secondary Derivatives) (2) अनुवाद :-- (क) फारसी के साधारण वाक्यों का अंग्रेजी अथवा हिन्दी अथवा उर्दू भाषा में अनुवाद कराने का अभ्यास। 07 अंक (ख) अंग्रेजी अथवा हिन्दी या उर्दू के साधारण वाक्यों का आसान फारसी जुबान में अनुवाद कराये जाने का अभ्यास। 07 अंक (3) फारसी के शब्दों का आसान फारसी जुबान में वाक्य प्रयोग (फारसी अलफाज) का फारसी जुमलों इस्तेमाल। 06 अंक (4) (क) रिक्तयोें की पूर्ति- 04 अंक 04 अंक (ख) निबन्ध-जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा एवं ट्रैफिक रूल्स।

भाग (ब)- 35 अंक 1- पाठ्‌य पुस्तक (गद्य तथा पद्य) निर्धारित पुस्तक-- "फारसी बदस्तूर" किताब अव्बल (खण्ड-1) 1997 लेखक--(Khan Lari)--मेसर्स इदारए अददियाते दिल्ली जययद--प्रेस बल्ली मारान, दिल्ली--110006 में से निम्नलिखित गद्य तथा पद्य पाठ (Poem) का अध्ययन कराना है। 20 अंक पाठ-34 किस्साए बहराम व कनीजक (1) पाठ-26 किस्साए बहराम व कनीजक (2) पाठ-27 किस्साए बहराम व कनीजक (3) पाठ-28 दस्तूर--जबाने फारसी--इस्मेआम व इस्मेखास (कवायद) पाठ-29 अदीसन (1) पाठ-30 अदीसन (2) पाठ-31 दस्तूर जबाने फारसी (जमीर) (कवायद) पाठ-35 दो (टू) हिकायत अजगुलिस्ताने सादी पाठ-36 जश्न सादा पाठ-37 सदा (नज्म) पाठ-42 दस्तूर जबाने फारसी (फेललजिम वफेल मूतअदी) (कवायद) पाठ-43 किस्याकुजाकि मूसा पाठ-46 माजनदरान (नज्म) पाठ-47 शाबान गोशफन्द पाठ-53 नगीने अंमुश्तरी पाठ-55 किताब (नज्म) 2-जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा, ट्रैफिक की जानकारी हेतु प्रश्न निबन्ध के रूप में पूछे जायेंगे। 15 अंक166 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय :सामाजिक विज्ञान

कक्षा-10

इसमें एक लिखित प्रश्नपत्र-70 अंकों का एवं 30 अंकों का प्रोजेक्ट कार्य होगा।

इकाई अंक
I भारत और समकालीन विश्व-2 (इतिहास) 20
II समकालीन भारत -2 (भूगोल) 20
III लोकतांत्रिक राजनीति-2 (नागरिकशास्त्र) 15
IV आर्थिक विकास की समझ (अर्थशास्त्र) 15
योग 70
आंतरिक मूल्यांकन 30
योग 100

इकाई-1 (इतिहास)

भारत और समकालीन विश्व-2 20 अंक

खण्ड-1 08 अंक

घटनायें और प्रक्रियायें-

(1) यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय- 08 अंक

1. 1830 ई0 के बाद यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

2. जोसेफ मेत्सिनी आदि के विचार

3. पोलैण्ड, हंगरी, इटली, जर्मनी और ग्रीस आन्दोलन की सामान्य विशेषताएँ।

(2) भारत में राष्ट्रवाद

1. प्रथम विश्व युद्ध का प्रभाव, खिलाफत, असहयोग एवं विभिन्न आन्दोलनों के मध्य विचारधारायें।

2. नमक सत्याग्रह।

3. जनजातियों, श्रमिकों एवं किसानों के आन्दोलन।

4. सविनय अवज्ञा आन्दोलन की सीमायें।

5. सामूहिक अपनत्व की भावना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 167

खण्ड-2 और खण्ड-3 07 अंक

जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज

(3) भूमण्डलीकृत विश्व का बनना-

1. पूर्व आधुनिक विश्व

2. उन्नीसवीं शताब्दी (1815-1914) विश्व अर्थव्यवस्था (उपनिवेशवाद)

3. महायुद्धों के मध्य अर्थव्यवस्था आर्थिक महामंदी (घोर निराशा)

4. विश्व अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण (वैश्वीकरण की शुरूआत)

(4) औद्योगीकरण का युग-

1. औद्योगिक क्रान्ति से पहले एवं औद्योगिक परिवर्तन की गति 2. उपनिवेशों में औद्योगीकरण 3. प्रारम्भिक उद्यमी और कामगार 4. औद्योगिक विकास का अनूठापन 5. वस्तुओं के लिये बाजार

खण्ड-3

रोजाना की जिन्दगी, संस्कृति और राजनीति

(5) मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया- 1.यूरोप में मुद्रण का इतिहास।

2.19वीं सदी में भारत में प्रेस का विकास। 3.राजनीति, सार्वजनिक विवाद और मुद्रण संस्कृति में सम्बन्ध। (6) मानचित्र कार्य- 05 अंक इतिहास : भारत की रूपरेखा राजनीतिक मानचित्र अध्याय-3 : भारत में राष्ट्रवाद - (1918-1930) दर्शाना और नामांकन/पहचान। 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन : कलकत्ता (सितम्बर, 1920) नागपुर (दिसम्बर, 1920) मद्रास (1927) लाहौर (1929)

2. भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के महत्वपूर्ण केन्द्र (असहयोग आन्दोलन और सविनय अवज्ञा आन्दोलन) (i) चम्पारण (बिहार)- नील की खेती करने वाले किसानों का आन्दोलन।

(ii) खेड़ा (गुजरात) -किसान सत्याग्रह। (iii) अहमदाबाद (गुजरात)- सूती मिल श्रमिकों का सत्याग्रह। (iv) अमृतसर (पंजाब) - जालियांवाला बाग कांड।

(v) चौरी-चौरा (उत्तर प्रदेश)- असहयोग आन्दोलन का उद्‌घोष। (vi) डांडी (गुजरात) - सविनय अवज्ञा आन्दोलन।

दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र कार्य से संबंधित पाँच प्रश्न पूँछे जायेंगे।

इकाई-2 : समकालीन भारत-2 (भूगोल) 20 अंक

इकाई-1 09 अंक 1- संसाधन एवं विकास- संसाधनों का विकास, संसाधन नियोजन, भू-संसाधन, भू-उपयोग, भारत में भू-उपयोग प्रारूप, भूमि निम्नीकरण और संरक्षण उपाय, मृदा संसाधन, मृदाओं का वर्गीकरण, मृदा अपरदन और संरक्षण। 2- वन एवं वन्य जीव संसाधन- भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात, भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण, वन और वन्य जीव संसाधनों के प्रकार और वितरण, समुदाय और वन संरक्षण।

26 ङ168 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 3- जल संसाधन-जल दुर्लभता और जल संरक्षण एवं प्रबंधन की आवश्यकता, बहुद्‌देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ और समन्वित जल संसाधन प्रबंधन, वर्षा जल संग्रहण।

4- —षि-—षि के प्रकार, शस्य प्रारूप (मुख्य फसलें-चावल, गेहूँ, मोटे अनाज-बाजरा, मक्का) दालें खाद्यान्नों के अलावा अन्य खाद्य फसले गन्ना, तिलहन, चाय, कॉफी बागवानी फसलें, अखाद्य फसलें, रबड़, रेशेदार फसले, कपास, जूट, प्रौद्योगिकीय और संस्थागत सुधार।

इकाई-2 06 अंक 5- खनिज तथा ऊर्जा संसाधन- खनिज क्या हैं? खनिज की उपलब्धता, लौह खनिज (लौह अयस्क, मैंगनीज) अलौह खनिज (ताँबा, बॉक्साइट) अधात्विक खनिज (अभ्रक, चट्टानी खनिज) खनिजों का संरक्षण, ऊर्जा संसाधन परंपरागत -पेट्रोलियम, प्रा—तिक गैस, कोयला, विद्युत। गैर परम्परागत स्रोत- परमाणु अथवा आणविक ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, संसाधनों का संरक्षण ।

6- विनिर्माण उद्योग- विनिर्माण का महत्व, —षि आधारित उद्योग- वस्त्र उद्योग (सूतीवस्त्र, पटसन), चीनी उद्योग, खनिज आधारित उद्योग (लोहा तथा इस्पात उद्योग) एल्यूमिनियम प्रगलन, रसायन उद्योग, उर्वरक उद्योग, मोटरगाड़ी उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रानिक उद्योग, औद्योगिक प्रदूषण तथा पर्यावरण निम्नीकरण (विभिन्न प्रकार के प्रदूषण) पर्यावरण निम्नीकरण की रोकथाम ।

7- राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखायें- परिचय, परिवहन, स्थल परिवहन (रेल परिवहन, सड़क परिवहन, पाइपलाइन परिवहन) जल परिवहन, प्रमुख समुद्री पत्तन, वायु परिवहन संचार सेवायें, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन एक व्यापार के रूप में।

मानचित्र कार्य-भारत के मानचित्र पर 1 से लेकर 7 अध्यायों से सम्बन्धित सभी मानचित्र कार्य । 05 अंक

दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र कार्य से संबंधित पाँच प्रश्न पूँछे जायेंगे।

इकाई-3

लोकतांत्रिक राजनीति-2 15 अंक

(नागरिक शास्त्र)

इकाई-1 09 अंक अध्याय-1 एवं 2

सत्ता की साझेदारी एवं संघवाद- लोकतांत्रिक देशों में सत्ता की साझेदारी क्यूँ और कैसे? कैसे शक्ति का संघीय विभाजन राष्ट्रीय एकता में सहायक रहा है? किस सीमा तक विक्रेन्द्रीकरण ने इस उद्‌देश्य की पूर्ति की है? लोकतंत्र किस प्रकार से विभिन्न सामाजिक समूहों को समायोजित करता है?

अध्याय-3 जाति, धर्म और लैंगिक मसले-

क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में विभाजन निहित है? जाति का राजनीति और राजनीति का जाति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? किस प्रकार से लैंगिक भिन्नता भेद ने राजनीति को प्रभावित किया है? किस प्रकार साम्प्रदायिक विभाजन लोकतंत्र को प्रभावित करता है?

इकाई-2 06 अंक अध्याय-4 राजनीतिक दल-

प्रतियोगिता और प्रतिवाद (संघर्ष) में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका होती है? भारत में प्रमुख राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दल कौन-कौन से हैं?

2. अध्याय-5

लोकतंत्र के परिणाम-

क्या लोकतंत्र को उसके परिणामों से आंकलित किया (परखा) जा सकता है या किया जाना चाहिए? कोई भी व्यक्ति लोकतंत्र से क्या तार्किक अपेक्षाएँ कर सकता है? क्या भारतीय लोकतंत्र इन अपेक्षाओं की पूर्ति करता है? क्या लोकतंत्र लोगों के विकास, सुरक्षा और गरिमा को बनाये रखने की ओर अग्रसर रहा है? भारत के लोकतंत्र को किसने जीवित रखा है? (अथवा किसने भारतीय लोकतंत्र को बनाये रखा है?)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 169

इकाई-4 15 अंक

आर्थिक विकास की समझ

(अर्थशास्त्र)

इकाई-1 09 अंक

1. विकास- विभिन्न व्यक्ति, विभिन्न लक्ष्य, आय और अन्य लक्ष्य, राष्ट्रीय विकास, विभिन्न देशों/राज्यों की तुलना, आय और अन्य मापदण्ड, सार्वजनिक सुविधायें, मानव विकास रिपोर्ट, विकास की धारणीयता। 2. अध्याय-2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक- आर्थिक कार्यो के क्षेत्रक, तीनों क्षेत्रकों की तुलना एवं ऐतिहासिक परिवर्तन, भारत में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक, उत्पादन में तृतीयक क्षेत्रक का बढ़ता महत्व, अधिकांश लोग कहाँ नियोजित है ? अतिरिक्त रोजगार का सृजन, रा0 ग्रा0 रो0, गा0 अधिनियम-2005, संगठित और अंसंगठित के रूप में क्षेत्रकों का विभाजन, असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों का संरक्षण, स्वामित्व आधारित क्षेत्रक-सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक।

3. अध्याय-3 मुद्रा और साख - मुद्रा विनिमय का एक माध्यम, मुद्रा के आधुनिक रूप-करेंसी, बैंकों में निक्षेप, बैंकों की ऋण संबंधी गतिविधियाँ, साख की दो विभिन्न स्थितियाँ, ऋण की शर्तें, विविध प्रकार के साख प्रबन्ध, भारत में औपचारिक क्षेत्रक में साख, निर्धनों के स्वयं सहायता समूह।

इकाई-2 06 अंक

4. अध्याय-4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था-अन्तर्देशीय उत्पादन, विश्व भर के उत्पादन को एक-दूसरे से जोड़ना, विदेशी व्यापार और बाजरों का एकीकरण, वैश्वीकरण, वैश्वीकरण को सम्भव बनाने वाले कारक, विदेश व्यापार तथा विदेशी निवेश का उदारीकरण, विश्व व्यापार संगठन, भारत में वैश्वीकरण का प्रभाव, न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए संघर्ष।

4. अध्याय-5 उपभोक्ता अधिकार-बाजार में उपभोक्ता, उपभोक्ता आन्दोलन, उपभोक्ता अधिकार उपभोक्ताओं को न्याय पाने के लिए कहाँ जाना चाहिए, जागरूक उपभोक्ता बनने के लिए आवश्यक बातें, ISI, एकमार्ग, उपभोक्ता आन्दोलन को आगे बढ़ाने के सम्बन्ध में।

आंतरिक मूल्यांकन-

(प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि)

• शिक्षार्थी भारत के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की वेशभूषा तथा विशिष्ट ग्रामीण भवनों के छायाचित्र एकत्र कर सकते हैं तथा यह परीक्षण कर सकते हैं कि क्या यह उस क्षेत्र की जलवायवीय परिस्थितियों तथा भू-आकृति (Relief) से कोई सम्बन्ध प्रदर्शित करते हैं ?

• शिक्षार्थी पिछले दशक में खेती की पद्धति में आए परिवर्तनों तथा गाँव में प्रचलित विभिन्न सिंचाई की विधियाें पर संक्षिप्त रिपोर्ट लिख सकते हैं। पोस्टर-

• क्षेत्र में जल प्रदूषण। • वनों का संरक्षण तथा ग्रीनहाउस प्रभाव नोट- कोई समान गतिविधि भी चुनी जा सकती है।

प्रोजेक्ट कार्य

1-(क) महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं दिव्यांगों की सुरक्षा से सम्बन्धित प्रोजेक्ट कार्य। (ख) वर्तमान समस्या-जैसे यातायात सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सुरक्षा से सम्बन्धित कुछ घटनाओं को एकत्रित कर उसे लिखना तथा समस्या से बचाव हेतु सुझाव लिखना, तथा सरकारी हेल्पलाइनों की जानकारी प्राप्त करना। (ग) भारत के स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं के योगदान की सूची बनाना। (घ) भूगोल में स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा निदान के उपाय ढूँढना। (ङ) स्थानीय स्तर पर दिव्यांगों, एवं वृ़द्धों की सूची बनवाना तथा उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को समझाना और उसे लिपिबद्ध करना। (च) नगरों में वर्तमान पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा उससे बचने के कुछ उपाय लिखना आदि। (छ) नगरों में बुजुर्ग दम्पत्तियों के साथ होने वाली कुछ घटनाओं का उल्लेख एवं बचाव के उपाय लिखना आदि।

नोट-शिक्षक अपने विवेकानुसार पाठ्‌यक्रम से संबंधित प्रोजेक्ट छात्र/छात्रा को दे सकता है।

170 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रोजेक्ट कार्य हेतु अंक वितरण :

1.     विषयवस्तु की मौलिकता तथा उसकी शुद्धता                                   -         1 अंक
2.    प्रस्तुतीकरण तथा रचनात्मकता                                              -         1 अंक
3.    प्रोजेक्ट पूरा करने की प्रक्रिया
       - पहल करना, सहयोगिता, सहभागिता तथा समयबद्धता                            -         1 अंक
4.     विषयवस्तु आत्मसात   करने हेतु मौखिक अथवा लिखित परीक्षा                  -         2 अंक

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि) अगस्त माह (5 + 5) अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य /गतिविधि) दिसम्बर माह (5 + 5) अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह नोट-चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-विज्ञान

कक्षा-10

इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक 23 एवं 10 कुल 33 अंक है।

क्र0 सं0 इकाई अंक
1 रासायनिक पदार्थ- प्रकृति एवं व्यवहार 20
2 जैव जगत 20
3 प्राकृतिक घटनायें 12
4 विद्युत का प्रभाव 13
5 प्राकृतिक संसाधन 05
योग 70
आन्तरिक मूल्यांकन 30
कुल योग 100

इकाई-1 रासायनिक पदार्थ- प्रकृति एवं व्यवहार 20 अंक रासायनिक अभिक्रियाएँ-रासायनिक समीकरण, संतुलित रासायनिक समीकरण, संतुलित रासायनिक समीकरण का तात्पर्य, संतुलित रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार-संयोजन अभिक्रिया, अपघटन (वियोजन) अभिक्रिया, विस्थापन अभिक्रिया, द्विविस्थापन अभिक्रिया, अवक्षेपण अभिक्रिया, उदासीनीकरण, उपचयन तथा अपचयन अभिक्रिया। अम्ल, क्षार तथा लवण-H+ तथा OH- आयनों के आधार पर अम्ल, क्षार तथा लवण की परिभाषाएँ, सामान्य गुणधर्म, उदाहरण तथा उपयोग, pH पैमाना की अवधारणा, (लघुगणक से सम्बन्धित परिभाषा आवष्यक नही) दैनिक जीवन में pH का महत्त्व, सोडियम हाइड्राक्साइड, विरंजक चूर्ण, बेकिंग सोडा, धावन सोडा, प्लास्टर ऑफ पेरिस के निर्माण की विधि तथा उपयोग। धातु एवं अधातु-धातु तथा अधातुओं के गुणधर्म, आयनिक यौगिकों का निर्माण तथा गुणधर्म; सक्रियता श्रेणी, धातुकर्म की आधारभूत विधियाँ, संक्षारण तथा उसका निवारण। कार्बनिक यौगिक-कार्बनिक यौगिकों में सहसंयोजी आबंध, कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति, समजातीय श्रेणी, प्रकार्यात्मक समूह वाले कार्बनिक यौगिकों (हैलोजन, एल्कोहल, कीटोन, एल्डीहाइड, एल्केन, एल्काईन) की नामपद्धति, संतृप्त तथा असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में अंतर, कार्बनिक यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म (दहन, आक्सीकरण, संकलन, प्रतिस्थापन अभिक्रिया), एथनॉल तथा एथेनाइक अम्ल (केवल गुणधर्म तथा उपयोग), साबुन और अपमार्जक।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 171

इकाई-2 जैव जगत

20 अंक

जैव प्रक्रम -

'सजीव' पौधों तथा जन्तुओं में पोषण, श्वसन, परिवहन तथा उत्सर्जन की मूलभूत अवधारणा।

जन्तुओं तथा पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय-

पौधों में दिशिक गति, पादप हार्मोनों का परिचय, जन्तुओं में नियंत्रण एवं समन्वय, तंत्रिका तंत्र-ऐच्छिक पेशियाँ तथा अनैच्छिक पेशियाँ, प्रतिवर्ती क्रिया, रासायनिक समन्वय- जन्तुओं में हार्मोन। प्रजनन-

जन्तुओं तथा पौधों में प्रजनन (लैंगिक तथा अलैंगिक) प्रजनन स्वास्थ्य- आवश्यकताएँ तथा परिवार नियोजन की विधियाँ, सुरक्षित यौन एवं HIV/AIDS, प्रसूति एवं जनन स्वास्थ्य। आनुवंशिकता -

आनुवंशिकता; मेंडल का योगदान - लक्षणों की वंशागति के नियम, लिंग निर्धारण (संक्षिप्त परिचय)

वक्रपृष्ठ द्वारा प्रकाश का परावर्तन, गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिम्ब बनना, वक्रता केन्द्र, मुख्य अक्ष, मुख्य फोकस, फोकस दूरी, दर्पण सूत्र (निगमन नहीं), आवर्धन। अपवर्तन-

अपवर्तन के नियम, अपवर्तनांक, गोलीय लेंसों द्वारा अपवर्तन, गोलीय लेंसों द्वारा प्रतिबिम्ब का बनना, लैंसों द्वारा प्रतिबिम्ब बनाने के नियम लेन्स सूत्र (व्युत्पत्ति आवश्यक नही), आवर्धन, लेंस की क्षमता

मानव नेत्र में लेंस का कार्य, दृष्टि दोष एवं निवारण गोलीय दर्पण तथा लेंसों का अनुप्रयोग। प्रिज्म द्वारा प्रकाश का अपवर्तन, प्रकाश का विक्षेपण, प्रकाश का प्रकीर्णन दैनिक जीवन में अनुप्रयोग।

इकाई-4 : विद्युत का प्रभाव 13 अंक

विद्युत धारा, विभवांतर तथा विद्युत धारा, ओम का नियम, प्रतिरोध, प्रतिरोधकता, कारक जिन पर किसी चालक का प्रतिरोध निर्भर करता है। प्रतिरोधों का संयोजन (श्रेणी क्रम, समान्तर क्रम) एवं दैनिक जीवन में इसका उपयोग, विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव तथा दैनिक जीवन में उपयोग, विद्युत शक्ति, P, V, I तथा R में अंतर्सम्बन्ध। विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव- चुम्बकीय क्षेत्र, क्षेत्र रेखाएँ, किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुम्बकीय क्षेत्र, परिनालिका में प्रवाहित विद्युत धारा के कारण चुम्बकीय क्षेत्र, चुम्बकीय क्षेत्र में किसी विद्युत धारावाही चालक का बल, फ्लेमिंग का बाँए हाथ का नियम, घरेलू विद्युत परिपथ। इकाई-5 प्राकृतिक संसाधन 05 अंक हमारा पर्यावरण- पारितंत्र, पर्यावरणीय समस्याएँ, ओजोन परत का अपक्षयन, अपशिष्ट उत्पादन तथा निवारण, जैवनिम्नीकरणीय तथा अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ।

प्रयोगात्मक प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्याँकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा, प्रयोगात्मक परीक्षा का अंक विभाजन निम्नवत्‌ हैः-

1-तीन प्रयोग - 23 = 06 अंक 2-मौखिक कार्य - = 02 अंक 3-सत्रीय कार्य - = 03 अंक कुल अंक = 11 अंक

प्रयोगात्मक कार्यों की सूची

1. pH पेपर/सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator) का प्रयोग करके निम्नलिखित नमूनों (प्रतिदर्श) का pH ज्ञात करना।-

i. तनु HCl ii. तनु NaOH विलयन iii. तनु एथेनोइक एसिड विलयन iv. नींबू का रस v. जल vi. तनु सोडियम बाई कार्बोनेट विलयन

अम्ल तथा क्षार के गुणों का अध्ययन, HCl तथा NaOH को निम्न के साथ अभिक्रिया कराके- i. लिटमस विलयन (नीला/लाल) ii. जिंक धातु iii. ठोस सोडियम कार्बोनेट172 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 2. निम्न अभिक्रियाओं का निष्पादन तथा अवलोकन करना तथा निम्नांकित वर्गों में वर्गीकृत करना- a) संयोजन अभिक्रिया b) विघटन अभिक्रिया c) विस्थापन अभिक्रिया d) द्विविस्थापन अभिक्रिया

i. चूना पानी में जल की क्रिया ii. फेरस सल्फेट क्रिस्टल को गर्म करने की क्रिया iii. कापर सल्फेट विलयन में लौह कील डालने पर iv. सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड के मध्य अभिक्रिया

अथवा

3- Zn, Fe, Cu तथा Al धातुओं का निम्नलिखित लवण विलयनों से अभिक्रिया का निरीक्षण करना- a) ZnSO4 (aq) b) FeSO4 (aq) c) CuSO4 (aq) d) Al2 (SO4)3 (aq)

उपरोक्त से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर Zn, Fe, Cu तथा Al धातुओं को अभिक्रिया की कोटि के मान के अनुसार घटते क्रम में व्यवस्थित करना। 4. किसी प्रतिरोधक में प्रवाहित विद्युत धारा (I) पर विभवांतर का आश्रित होने का अध्ययन एवं प्रतिरोध ज्ञात करना तथा V और I के मध्य ग्राफ प्रदर्शित करना।

5. श्रेणी तथा समानान्तर क्रमों में प्रतिरोधों के संयोजन का तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करना। 6. पत्ती में स्टोमेटा की अस्थाई स्लाइड तैयार करना। 7. श्वसन में कार्बन डाई आक्साइड निकलने की क्रिया को प्रयोग द्वारा प्रदर्शित करना। 8. एसिटिक एसिड (एथेनाइक अम्ल) के निम्नलिखित गुणों का अध्ययन करना-

i. गंध

ii. जल में विलयता iii. लिटमस पर प्रभाव iv. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट से अभिक्रिया

9. मृदु तथा कठोर जल में साबुन के नमूनों के निर्मलीकरण का तुलनात्मक अध्ययन करना। 10. निम्न की फोकस दूरी ज्ञात करना-

i. अवतल दर्पण

ii. उत्तल लेंस

दूरस्थ वस्तु का प्रतिबिम्ब ज्ञात करना।

11. काँच के आयताकार स्लैब से गुजरने वाली प्रकाश किरण के विभिन्न आपतन कोणों के लिए प्रकाश किरण का पथ ज्ञात करना। आपतन कोण, अपवर्तन कोण, निर्गत कोण ज्ञात करना तथा परिणाम की समीक्षा करना।

12. तैयार स्लाइड की सहायता से (a) अमीबा में द्विविखण्डन (b) यीस्ट में मुकुलन का अध्ययन करना। 13. काँच के प्रिज्म द्वारा प्रकाश किरणों का मार्ग अनुरेखण करना।

14. किसी द्विबीजपत्री (मटर, चना, राजमा, बीन्स) के भ्रूण के विभिन्न भागों का अध्ययन करना।

प्रोजेक्ट कार्य की सूची 09 अंक नोटः- दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। प्रत्येक खण्डों (भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान) में से एक-एक प्रोजेक्ट कार्य व प्रोजेक्ट फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। तीनों प्रोजेक्ट का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा।

1. pH पेपर/सार्वत्रिक सूचक का प्रयोग कर निम्नलिखित प्राकृतिक उत्पादों के pH मान एवं अम्लीय व क्षारीय विलयन में रंग परिवर्तन का अध्ययन करनाः- (1) नींबू का रस (2) चुकन्दर का रस (3) पत्ता गोभी का रस (4) उबले हुए मटर का पानी (5) गुलाब की पंखुड़ियों का रस

2. रासायनिक उद्यान (केमिकल गार्डेन) बनानाः-

(काँच का जार, बालू वाटर-ग्लास विलयन, कॉपर सल्फेट, कोबाल्ट सल्फेट या मैंगनीज सल्फेट के क्रिस्टल)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 173 3. विभिन्न अम्ल-क्षार उदासीनीकरण अभिक्रियाओं में उत्पन्न ऊष्मा का प्रायोगिक प्रेक्षण कर तुलनात्मक अध्ययन करना :- (बीकर, मापन फ्लास्क, थर्मामीटर, अम्ल और क्षार के मोलर विलयन, प्लास्टिक, कॉपी, कप आदि)।

4. मैडम क्यूरी व्यक्तित्व एवं कृतित्व।

(चित्र, जीवन परिचय, शिक्षा-दीक्षा, आविष्कार एवं नोबेल पुरस्कार)

5. विद्युत घण्टी का मॉडल तैयार करना तथा निहित वैज्ञानिक सिद्धान्तों का अध्ययन करना। 6. बहुरूपदर्शी (Kaleidoscope) का मॉडल तैयार करना। 7. प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिकों का व्यक्तित्व एवं विज्ञान में उनके योगदान को सूचीबद्ध करके उनका विस्तृत अध्ययन करना।

8. आवश्यक परिपथ का आरेख देते हुए विद्युत क्विज बोर्ड का मॉडल तैयार करना। 9. मनोरंजन में विज्ञान की भूमिका का सचित्र अध्ययन। 10. दर्पण व लेन्स से बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा साइज में परिवर्तन का परीक्षण कर सारणीबद्ध करना।

11. एक द्विलिंगी पुष्प जैसे-गुड़हल व सरसों के विभिन्न भागों (वा]य दल, दल, पुमंग, जायांग) का अध्ययन एवं उसमें होने वाले परागण की जानकारी प्राप्त करना।

12. मनुष्य की हृदय की संरचना का मॉडल तैयार करना। 13. सेम तथा मक्का के बीच (भीगे हुये) की सहायता से बीज की संरचना एवं अंकुरण का अध्ययन करना। 14. विभिन्न प्रकार के पौधों का संग्रह कर हरबेरियम तैयार करना। 15. बिना मिट्‌टी के पौधे उगाना- प्रयोग एवं प्रेक्षण के आधार पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना। 16. पेट्रोल एवं डीजल से उत्पन्न वायु प्रदूषण का अध्ययन एवं इसके कम करने के लिए C.N.G. (सी0एन0जी0) का प्रयोग।

17. प्लास्टिक व पॉलीथीन का दैनिक जीवन में महत्व एवं पर्यावरण प्रदूषण में भूमिका। 18. आपके शहर में बढ़ते हुए शोर का कारण एवं हानिकारक प्रभावों का सचित्र अध्ययन। 19.

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गणित

(कक्षा-10)

समय-3 घंटा इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। प्रोजेक्ट कार्य होगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक 23 एवं 10 कुल-33 अंक।

इकाई इकाई का नाम अंक
I संख्या पद्धति 05
II बीजगणित 18
III निर्देशांक ज्यामिति 05
IV ज्यामिति 10
V त्रिकोणमिति 12
VI मेन्सुरेशन 10
VII सांख्यिकी तथा प्रायिकता 10
योग 70
174 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-1 : संख्या पद्धति-

(1) वास्तविक संख्याएँ 05 अंक

अंकगणित का आधारभूत प्रमेय-उदाहरण सहित

5,3,2

अपरिमेय संख्याओं का पुनभर््रमण, अपरिमेय संख्याओं का सत्यापन।

इकाई-2 : बीजगणित 18 अंक 1. बहुपद- बहुपद के शून्यांक। द्विघात बहुपदों के गुणांकों और शून्याकों के मध्य सम्बन्ध। 2. दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म -

एक रैखिक समीकरण युग्म को हल करने की बीजगणितीय विधि। 1. प्रतिस्थापन विधि 2. विलोपन विधि

3. द्विघात समीकरण-

मानक द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0, (a  0) द्विघात समीकरणों (केवल वास्तविक मूल) का द्विघात सूत्रों द्वारा, गुणनखण्ड द्वारा हल निकालना। द्विघात समीकरण का विविक्तकर और उनके मूलों की प्रकृति के बीच सम्बन्ध। द्विघात समीकरण का दैनिक जीवन में अनुप्रयोग तथा इन पर आधारित इबारती प्रश्न। 4.समान्तर श्रेणियाँ-

समान्तर श्रेणी के nवें पद की व्युत्पत्ति तथा समान्तर श्रेणी के प्रथम n पदों का योग। सामान्य जीवन पर आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए इसका अनुप्रयोग। इकाई-3 : निर्देशांक ज्यामिति - 05 अंक 1. रेखा (द्विविमीय)-

निर्देशांक ज्यामिति की अवधारणा, रैखिक समीकरणों के ग्राफ, दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र (आन्तरिक विभाजन)।

इकाई-4 : ज्यामिति 10 अंक

1. त्रिभुज -

समरूप त्रिभुज के परिभाषा, उदाहरण, प्रतिउदाहरण।

(क) त्रिभुज की एक भुजा के समान्तर खींची गयी रेखा त्रिभुज की शेष दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।

(ख) त्रिभुज की दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करने वाली रेखा, तीसरी भुजा के समान्तर होती है। (ग) यदि दो त्रिभुजों में संगत-भुजाओं का एक युग्म अनुपातिक हो और अन्तरित कोण बराबर हो, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

(घ) यदि दो त्रिभुजों में संगत कोणों का एक युग्म बराबर हो और उनकी संगत भुजाएँ अनुपातिक हो, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

(ड.) एक त्रिभुज का एक कोण, दूसरे त्रिभुज के संगत कोण के बराबर हों तथा उनकी संगत भुजाएँ अनुपातिक हों तो त्रिभुज समरूप होगा।

1. वृत्त- वृत्त की स्पर्श रेखा, स्पर्श बिन्दु

(क) वृत्त की स्पर्शरेखा, स्पर्श बिन्दु से होकर जाने वाली त्रिज्या पर लम्ब होती है।

(ख) किसी वा]य बिन्दु से खींची गई, दो स्पर्श रेखाओं की लम्बाइयाँ बराबर होती हैं।

इकाई-5 : त्रिकोणमिति 12 अंक

1. त्रिकोणमिति का परिचय -

समकोण त्रिभुज के न्यूनकोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात, 00 और 900 के त्रिकोणमितीय अनुपात, त्रिकोणमितीय अनुपातों के मान (00, 300, 450, 600, 900)। उनके बीच सम्बन्ध।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 175

इकाई-6 : मेन्सुरेशन 10 अंक

1. वृत्तों से सम्बन्धित क्षेत्रफल -

वृत्त के त्रिज्यखंड तथा वृत्तखण्ड के क्षेत्रफल।

2. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन -

निम्नांकित किन्हीं दो द्वारा संयोजित समतल आकृतियों का पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन-घन, घनाभ, गोला, अर्द्धगोला, और लम्बवृत्तीय बेलन/शंकु। मिश्रित प्रश्न (दो भिन्न तरह के ठोसों का संयोजन से सम्बन्धित प्रश्न, इससे अधिक नहीं)। इकाई-7 : सांख्यिकी तथा प्रायिकता 10 अंक 1. सांख्यिकी - वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य, माध्यिका तथा बहुलक। 2. प्रायिकता - प्रायिकता की सैद्धान्तिक परिभाषा, एकल घटना पर आधािरत सामान्य प्रश्न।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (परीक्षा + प्रोजक्ट) अगस्त माह 5+5 अंक

प्रोजक्ट

(''भारत का परम्परागत गणित ज्ञान नामक पुस्तिका से तैयार करायें)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(परीक्षा + प्रोजक्ट) दिसम्बर माह 5+5 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

नोट-निम्नलिखित (बिन्दु 1 से 11 तक) में से कोई दो प्रोजेक्ट प्रत्येक छात्र से तैयार करायें तथा एक प्रोजेक्ट बिन्दु-12 से अनिवार्य रूप से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट अपने स्तर से भी दे सकते हैं।

(1) पाइथागोरस प्रमेय का सत्यापन गत्ता या चार्ट पर त्रिभुज एवं वर्ग को बनाकर करना। (2) जनसंख्या अध्ययन में सांख्यिकी की उपयोगिता। (3) विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों की वास्तुकला एवं निर्माण में भूमिका का अध्ययन करना।

(4) त्रिकोणमिति अनुपातों के चिन्हों का ज्ञान चार्ट के माध्यम से कराना। कोण के पूरक (Complementary angle), सम्पूरक कोण (supplementary angle) आदि कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात कोणों के संगत अनुपात में चित्र के माध्यम से व्यक्त करना।

(5) उत्तर मध्यकाल के किसी एक भारतीय गणितज्ञ (रामानुजन, नारायण पण्डित आदि) का व्यक्तित्व एवं गणित में योगदान।

(6) 2442 सेंमी0 माप के दो कागज लेकर लम्बाई एवं चौड़ाई की दिशा में मोड़कर दो अलग-अलग बेलन बनाइए। दोनों में किसका वक्रपृष्ठ एवं आयतन अधिक होगा।

(7) सरकार द्वारा लगाये जाने वाले विभिन्न प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर का अध्ययन करना। (8) वृत्त के केन्द्र पर बना कोण शेष परिधि पर बने कोण का दूना होता है का क्रियात्मक निरूपण करना।

(9) दूरी मापने का यन्त्र (Sextant) बनाना और प्रयोग करना। (10) गणित के सिद्धान्तों की चित्रकला में उपयोगिता। (11) एक कार/घर खरीदने के लिए बैंक से लोन लेने के विभिन्न चरणों का ब्योरा प्रस्तुत कीजिए। (12) संस्तुत पुस्तक भारत का परम्परिक गणित ज्ञान के निम्नाकित तीन खण्डों में से सुविधानुसार कोई एक प्रोजेक्ट-

खण्ड-क- भारत में गणित की उज्जवल परम्परा। खण्ड-ख- गणना की परम्परागत विधियां। खण्ड-ग- भारत के प्रमुख गणिताचार्य।

27 ङ176 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-वाणिज्य

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100 इस विषय में 70 अंक की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का प्रायोगिक व आन्तरिक मूल्यांकन होगा। लिखित परीक्षा हेतु अंक विभाजन निम्नवत्‌ है :– (अ) अन्तिम खाते-व्यापार तथा लाभ-हानि खाता एवं आर्थिक चिट्‌ठा सामान्य समायोजन सहित। बुक, पास 20

(ब) नस्तीकरण, अनुक्रमणिका संदेश वाहक प्रणालियाँ। व्यापारिक कार्यालय में श्रम व समय बचाने वाले यंत्र जैसे पंच मशीन, समय रिकॉर्ड मशीन, फोटोस्टेट मशीन, टाइप-राइटर, कैलकुलेटर की साधारण प्रयोग सम्बन्धी जानकारी। देशी व्यापार–थोक व फुटकर व्यापार, बीजक व विक्रय विवरण।

20 (स) बैंक–जन्म, परिभाषा, कार्य एवं महत्व। भारतीय रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक, व्यापारिक बैंक, सहकारी बैंक, देशी बैंकर का सामान्य अध्ययन। 15 (द) उपयोगिता ह्रास नियम, व्यय व बचत आशय पारस्परिक सम्बन्ध, बचत का सामाजिक महत्व। उत्पत्ति के साधन, आशय, विशेषतायें एवं महत्व। 15 निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तक– कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्य एवं आंतरिक मूल्यांकन

30 अंक

नोट :– दिये गये प्रोेजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 05 अंक का होगा। 1–काल्पनिक आंकड़ों के आधार पर व्यापार खाते का नमूना। 2–अन्तिम खाते बनाते समय विभिन्न समायोजनाओं का विवेचन। 3–बैंक समाधान विवरण कब एवं क्यों बनाया जाता है ? 4–रोकड़ बही एवं पासबुक बही में अन्तर के कारण। 5–चेक एवं चेक का रेखांकन। 6–नस्तीकरण की प्रणालियाँ। 7–कार्ड अनुक्रमणिका का वर्णन। 8–चेक एवं चेक का अनादरण। 9–शीघ्र संदेश भेजने का साधन। 10–समय एवं श्रम बचाने वाले यंत्र। 11–फुटकर व्यापार का वर्गीकरण। 12–बैंक का उदय या विकास। 13–रिजर्व बैंक के कार्य। 14–स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के कार्य। 15–उपयोगिता ह्रास नियम की व्याख्या। 16–उत्पत्ति के साधन।

प्रयोगात्मक 'ौक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 177

विषय-चित्रकला

कक्षा-10

20 अंको का बहुविकल्पीय परीक्षा भी होगी, जिसका उत्तर OMR Sheet पर दिया जायेगा। इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घंटे का होगा। प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें से किन्ही दो खण्डों के प्रश्न करने होंगे।

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होंगा। पूर्णांक 100 प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें खण्ड–(क) अनिवार्य है। शेष खण्डों में से एक करना है।

खण्ड–क (अनिवार्य) प्राकृतिक दृश्य चित्रण 30 अंक

प्राकृतिक दृश्य चित्रण–जैसे ऊषाकाल, संध्याकाल, ग्रामीण व पहाड़ी दृश्य का चित्रण, जलरंग अथवा पेस्टल रंगों से रंगे। माप– 20 सेमी0×15 सेमी0 हो।

अथवा आलेखन कला आलेखन–चतुर्भुज अथवा वृत्त में केवल पूर्ण इकाई द्वारा मौलिक आलेखन बनाये और उसमें कम से कम तीन रंगों का प्रयोग करें। माप 15 सेमी0 से कम न हो।

अथवा प्राविधिक कला प्राविधिक–अन्तः स्पर्शी तथा वाह्‌यस्पर्शी अन्तर्गत एवं परिगत आकृतियां, रेखाओं तथा वृत्तों को स्पर्श करते हुये स्पर्श रेखायें। क्षेत्रफल सम्बन्धी साधारण निर्मेय, ज्यामितीय आलेखन, साधारण एवं कर्णवत्‌ पैमाने। खण्ड–ख (स्मृति चित्रण) 1010꞊ 20 अंक साधारण जीवन में दैनिक उपयोग की वस्तुयें, घरेलू बर्तन जैसे–सुराही, बाल्टी, लोटा, अमृतवान, केतली, बोतल, गिलास तथा तरकारी, फल आदि। पेंसिल द्वारा रेखांकन होगा।

खण्ड–ग (भारतीय चित्रकला ) 20 अंक

इस खण्ड में चार प्रश्न होंगे, जिसमें से दो प्रश्न करने होंगे। एक प्रश्न वस्तुनिष्ठ होगा जो अनिवार्य होगा :– 1–चित्रकला का प्राचीन उल्लेख। 2–चित्रकला की विशेषतायें। 3–प्रागैतिहासिक काल।

प्रोजेक्ट कार्य नोट :–परियोजना कार्य तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें से किन्हीं दो खण्डों से तीन परियोजना कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। प्रत्येक परियोजना कार्य पाँच अंक का है। इसके अतिरिक्त 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है। परियोजना कार्य सैद्धान्तिक, तकनीकी कौशल तथा माध्यम (जलरंग, पोस्टर रंग, पेंसल, चारकोल, क्रेयान, इंक आदि) के उपयुक्त प्रयोग पर आधारित होगा। परियोजना कार्य में संयोजन, सौन्दर्य (आकर्षण) अनुपात, लय के सिद्धान्तों का ध्यान रखते हुये पूर्ण किया जाय।

खण्ड–क (प्राकृतिक दृश्य चित्रण)

1–प्राकृतिक दृश्य चित्रण (ऊषाकाल) का 20×15 सेमी0 माप में सृजन करें। जलरंग माध्यम से ऊषाकाल का प्रभाव चित्रित किया जाय। चित्र में परिप्रेक्ष्य स्पष्ट से दिखे। 2–संध्याबेला का दृश्य चित्रण पोस्टर अथवा पेस्टल रंग द्वारा पूर्ण करें जिसकी माप 20×15 सेमी0 हो। चित्र में सन्तुलन एवं परिप्रेक्ष्य स्पष्ट हो। 3–ग्रामीण दृश्य चित्रण को पोस्टर रंग/जलरंग/पेस्टल रंग द्वारा पूर्ण किया जाय जिसमें मानव/पशु आकृतियों के अलावा ग्रामीण झोपडियाँ एवं कुआँ आदि का भी समावेश हो। 4–पहाड़ी दृश्य चित्र का चित्रण 20×15 सेमी0 माप में सृजित करें। रंग/रेखा का सन्तुलन आवश्यक है। 5–पेंसिल अथवा चारकोल के माध्यम से दृश्य चित्रण कीजिये। चित्र में सन्तुलन एवं लय का विशेष महत्व होगा। परिप्रेक्ष्य दर्शाना आवश्यक है। 6–चतुर्भुज में केवल एक पूर्ण इकाई द्वारा मौलिक आलेखन बनायें और उसमें कम से कम तीन रंगों का प्रयोग करें। माप 15 सेमी0 से कम न हो। 7–वृत्त में केवल एक पूर्ण इकाई द्वारा मौलिक आलेखन बनायें और उसमें कम से कम तीन मौलिक रंगों का प्रयोग करें। माप 15 सेमी0 से कम न हो। 8–किसी मार्ग के भव्य प्रवेश द्वार की परिकल्पना करें। उसके ज्यामितीय महत्व को सिद्ध करने वाली दो समानान्तर वृत्ताकार मीनारों की रचना करें जिसका ऊपरी भाग त्रिभुजाकार बीम से बँधा हो। 9–किसी नहर अथवा मार्ग की परिकल्पना करें, उसकी मापनी बनायें और निरूपक भिन्न ज्ञात करें। (अंकीय आंकड़े स्वयं निर्धारित करेंगे) नहर अथवा सड़क का लघु दृश्य भी दर्शाने का प्रयास करें।

178 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड– ख (स्मृति चित्रण)

10–साधारण जीवन में दैनिक उपयोग की वस्तुयें घरेलू बर्तन जैसे सुराही, बाल्टी, लोटा, अमृतबान, केतली, बोतल, गिलास आदि को स्मृति के आधार पर पेंसिल अथवा चारकोल से रेखांकन किया जाय। 11–विभिन्न प्रकार के फल एवं सब्जियों को स्मृति के आधार पर रेखांकन करें। पेंसिल अथवा चारकोल से किया जाय। 12–विभिन्न प्रकार के बर्तनों एवं सब्जियों तथा फलों को पेस्टल एवं वाटर कलर से चित्रित करें।

खण्ड–ग (भारतीय चित्रकला) 13–भारतीय चित्रकला के विभिन्न काल खण्डों का विभाजन करते हुये प्रत्येक काल खण्ड पर मौलिक लेख लिखें। 14–चित्रकला की विशेषताओं का उल्लेख करें जिससे यह सिद्ध हो सके कि कला ही जीवन है। 15–प्रागैतिहासिक काल की विभिन्न शिलाश्रयों का उल्लेख करते हुये उनके रंग एवं चित्रण विधान पर प्रकाश डालें।

प्रयोगात्मक

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-रंजन कला कक्षा-10 इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घन्टे का होगा। प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा जिसमें से किन्हीं दो खण्ड के प्रश्न हल करने होंगे। खण्ड–क अनिवार्य होगा। पूर्णाक 100

खण्ड–क (चित्र संयोजन)

45 अंक

अनिवार्य

परम्परागत अथवा स्वतंत्र शैली में दिये गये विषयों में से किसी एक विषय पर संयोजन कर चित्र बनाना :– (क) सामाजिक जीवन। (ख) देशभक्ति पर आधारित चित्र जल रंग अथवा पेस्टल रंग से चित्रित किया जाये। माप 20 सेमी0×15 सेमी0 के आयत से कम न हो।

खण्ड– ख (मानव अंग चित्रण) 25 अंक

मानव शरीर के अंगों का चित्रण (सामने रखे प्लास्टर ऑफ पेरिस, मिट्‌टी के मॉडल, आँख, कान, होठ, हाथ, पैर, नाक केवल पेंसिल द्वारा चित्रण करना)।

खण्ड–ग

25 अंक

इस खण्ड में कुल तीन प्रश्न होंगे, जिसमें से दो प्रश्न करना होगा। एक वस्तुनिष्ठ प्रश्न करना होगा :– 1–चित्रकला के छः अंग। 2–अनुपात। 3–संतुलन। 4–प्रभावित। 5–सामंजस्य। निर्धारित पाठ्‌यपुस्तक कोई भी पुस्तक निर्धारित नहीं है। विद्यालयों के प्रधान विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन के अन्तर्गत 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये तथा 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

प्रोजेक्ट कार्य की सूची नोट :–निम्नलिखित में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 5 अंक का है।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 179

निम्नलिखित कथनों के रंगीन पोस्टर बनाकर घर एवं विद्यालय में लगायें :– 1–बायें चलो। 2–जीवों पर दया करो। 3–सभी धर्म समान हैं। 4–जय जवान, जय किसान। 5–सब पढ़े, सब बढ़े। 6–किसी चित्रकार का चित्रकला में योगदान। (7) दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालकों के लिए हेल्मेट एवं सीट बेल्ट का महत्व।

प्रयोगात्मक

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-10

(केवल बालिकाओं के लिए)

क्रम संख्या इकाई अंक
1- 2- 3- 4- 5- ग ृह प्रबन्ध स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात वस्त्र और सूत विज्ञान भोजन तथा पोषण विज्ञान प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15 15 10 15 15

कुल 70 अंक प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन--30 अंक

योग--100 अंक

1--गृह प्रबन्ध 15 अंक

(1) शिक्षिका द्वारा प्रति वर्ष बजट का प्रदर्शन। (2) आय-व्यय और बचत, डाकखाना और बैंक के माध्यम से। (3) घर की सफाई और सजावट। (4) गृह गणित--दशमलव, जोड़ना, घटाना, गुणा तथा भाग (रुपया, पैसा, किलोग्राम, ग्राम, मीटर, सेन्टीमीटर के सन्दर्भ में) प्रतिशत, लाभ हानि तथा साधारण ब्याज पर सरल गणनायें। 2-स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात 15 अंक (1) जल, जल के स्रोत और उपयोग। (2) घरेलू विधियों से जल शुद्ध करना। (3) अशुद्ध जल से फैलने वाले रोग। (पेचिश, अतिसार, हैजा)

(4) पर्यावरण और जनजीवन पर उसका प्रभाव। अपशिष्ट (कचरा) प्रबन्धन।

(5) कुछ सामान्य रोगों के कारण और उनके रोकथाम - चेचक, छोटी माता, खसरा, डिप्थीरिया, टायफाइड (मियादी बुखार), कुकुरखांसी, पीतज्वर, मष्तिष्क ज्वर, रेबीज, हेपेटाइटिस(ए0बी0सी0ई0), मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हाथी पांव, टिटनेस, क्षय रोग और विषैला भोजन (फूड प्वायजनिंग)

(6) ड्राइवर-ड्राइविंग लाइसेन्स के कर्तव्य, लेन यातायात-जंक्शनोें एवं गोलचक्करों पर यात्रा करते समय सावधानियाँ, हेल्मेट और सीट बेल्ट का महत्व।

180 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

3--वस्त्र और सूत विज्ञान

10 अंक

(1) सिलाई किट--बेबीफ्राक या कुर्ता, पायजामा या पेटीकोट उपलब्धता के अनुसार (हाथ की सिलाई अथवा मशीन की सिलाई द्वारा)। (2) कपड़ों की धुलाई तथा रख-रखाव, धोने की विधियाँ और इस्तरी करना। 4--भोजन तथा पोषण विज्ञान 15 अंक (1) रसोई घर की व्यवस्था, देख-रेख और सफाई। (2) भोजन पकाने और परोसने की आधारित विधियाँ, तत्वों की सुरक्षा का ध्यान रखना। (3) निम्न रोगों के रोगियों का भोजन, रोग की अवधि में और स्वास्थ्य लाभ के समय का भोजन, तीव्र ज्वर और दीर्घ स्थाई ज्वर, अतिसार, पेचिस, गैस्ट्रोटाइटिस, मियादी बुखार, मलेरिया, क्षयरोग, लू लगना। 5--प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15 अंक (1) मानव अस्थि संस्थान तथा संधियाँ। (2) हडि्‌डयों की टूट और मोच। (3) श्वसन तन्त्र का प्रारम्भिक ज्ञान। (4) प्राकृतिक और कृत्रिम श्वसन क्रिया। (5) घायल स्थानान्तरण हस्त आसन द्वारा। (6) रोगी का स्पंज करना, गर्म सेंक--भपारा लेना, बर्फ की टोपी का प्रयोग। (7) नाड़ी, श्वास गति और ताप का चार्ट बनाना।

प्रयोगात्मक

प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा।

15 अंक

(खण्ड क)

(1) किसी एक स्थान (घर या पाठशाला कक्ष) की सफाई की दैनिक आख्या तैयार करना। (2) किसी एक लकड़ी के फर्नीचर की सफाई और पालिश करना। (3) धातु की किसी एक वस्तु की सफाई। (4) प्रति वर्ष बजट का अभिलेख रखना।

(खण्ड ख)

(1) छात्राओं द्वारा सिलाई का किट तैयार करना। (2) बेबी फ्राक या कुर्ता पायजामा या पेटीकोट सिलना। (3) वस्त्रों की धुलाई--सूती, रेशमी, ऊनी तथा कृत्रिम रेशे के वस्त्रों को धोना।

(खण्ड ग)

(1) भोजन पकाने की सही विधियाँ-उबालना, भाप में पकाना, तलना, स्ट्‌यू करना, धीमी आँच में पकाना, भूनना। (2) भोजन का परोसना। (3) रोगी का भोजन, फटे दूध का पानी, साबूदाना का पानी, खिचड़ी, तरकारियों का सूप और सब्जियों का रस, फलों के रस, पना।

(खण्ड घ)

(1) कृत्रिम श्वास देने की विधियाँ। (2) हस्त आसन द्वारा स्थानान्तरण। (3) स्पंज करना, गर्म सेंक (पुल्टिस), भपारा लेना, बर्फ की टोपी और गर्म पानी की थैली का प्रयोग। (4) ताप का चार्ट बनाना। निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तकें-- कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यार्थियों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्यों की सूची पूर्णांक-15 नोट :--दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से करायें। प्रोजेक्ट कार्यों की फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रोजेक्ट पाँच अंक का है। शिक्षक पाठ्‌यक्रम से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। प्रोजेक्ट कार्य का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। 1- घर का आय-व्यय बजट तैयार करना। 2- निम्न बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए बचत पर एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट लिखिये-- (i) भविष्य निधि योजना (ii) राष्ट्रीय बचत-पत्र (iii) किसान विकास-पत्र 3- गृह विज्ञान में गृह गणित के योगदान पर एक रिपोर्ट लिखिये। 4- अपने विद्यालय के जल शुद्धिकरण व्यवस्था पर एक प्रोजेक्ट लिखिये तथा उसमें क्या सुधार किया जा सकता है। 5- अशुद्ध जल से फैलने वाले प्रमुख रोगों के नाम लक्षण व बचाव की सूची। 6- चार्ट के माध्यम से पर्यावरण एवं जन-जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाइए। 7- एक प्रोजेक्ट तैयार करें जिसमें पाठ्‌यक्रमानुसार सभी वस्त्रों की नाप एवं पेपर कटिंग लगायें।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 181

8- सिलाई किट तैयार करना। 9- वस्त्रों की देखभाल एवं डिटर्जेंन्ट का प्रयोग।

10- एक दिन खाये जाने वाले खाद्य पदार्थों की सूची तैयार करके उसमें विद्यमान पोषक तत्वों को सूचीबद्ध करना। 11- एक चार्ट पेपर पर श्वसन-तंत्र का चित्र बनाइये तथा अंगों के नाम दर्शाइए। 12-मानव अस्थि तंत्र को चार्ट पेपर पर बनाइये एवं प्रमुख अंगों को दर्शाइए।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट तथा प्रायोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रोजेक्ट तथा प्रायोगात्मक ) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-10

(बालकों के लिए तथा उन बालिकाओं के लिए जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया हैं) पाठ्‌यक्रम एवं पाठ्‌य पुस्तकों की स्थिति वही रहेगी जो इस विवरण पत्रिका में गृहविज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए) है।

विषय-मानव विज्ञान

कक्षा-10

5 अंक 5 अंक इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100 (इथनोग्रेफी एवं सामाजिक सांस्कृतिक मानव विज्ञान) पूर्णांक : 70 अंक कालांश : 220 इकाई–1 (क) मानव विज्ञान की परिभाषा तथा प्रमुख शाखायें। (ख) सामाजिक–सांस्कृतिक मानव विज्ञान की परिभाषा तथा शाखायें। इकाई–2

10 अंक

10 अंक 10 अंक

पृथ्वी पर हिमयुग 10 अंक (क) एथनोग्राफी एवं एथनालॉजी : परिभाषा एवं विषय क्षेत्र। (ख) भारत की जनजातियों का भौगोलिक, आर्थिक एवं भाषाई वर्गीकरण। 10 अंक (ग) जनजाति की परिभाषा, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ी जनजाति (प्रिमिटिव)। 10 अंक इकाई–3 खासा तथा खासी जनजाति का सामाजिक–आर्थिक परिवेश। इकाई–4 (क) जनजातीय समस्या का स्वरूप एवं समस्या निराकरण के उपाय। (ख) जनजातियों में एड्‌स तथा आपदा प्रबन्धन। पाठ्‌य पुस्तकें– कोई भी पुस्तक निर्धारित एवं संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालय के प्रधान/विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्य इस विषय में 30 अंक का प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन होगा जिसमें 10 अंक की मासिक परीक्षा एवं 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य हेतु निर्धारित है। विषय अध्यापक दिये गये प्रोजेक्ट में से तीन प्रोजेक्ट अवश्य तैयार करायें। विषय अध्यापक छात्र हित में अपने स्तर पर कोई अन्य प्रोजेक्ट भी करा सकते हैं– 1–भारत की जनजातियों का भौगोलिक वर्गीकरण। 2–जनजातियों का भाषाई वर्गीकरण।

182 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

3–खासा जनजाति का सामाजिक परिवेश। 4–जनजातियों में आपदा प्रबन्धन। 5–खासी जाति का आर्थिक परिवेश। 6–अनुसूचित जनजाति का वर्गीकरण। 7–पिछड़ी जनजाति का वर्गीकरण।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कश्मीरी

कक्षा-10

केवल प्रश्न-पत्र

35 अंक 20 अंक 05 अंक 05 अंक 05 अंक 03 अंक 02 अंक

10 अंक इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100 भाग-(अ) 1-व्याकरण और उनके प्रयोग- (1) काल प्रयोग (2) वाक्य परिवर्तन (3) मुहावरे और लोकोक्तियों का प्रयोग (4) समुच्चय बोधक अव्यय तथा सम्बन्ध सूचक अव्यय का प्रयोग (5) प्रत्यय और उपसर्ग 2-कम्पोजीशन- (1) निबन्ध लेखन (सामान्य रुचि के विषयों पर आधारित लगभग 150 शब्दों में)। 3-पाठ्‌य पुस्तक से दिये गये अवतरणों पर लघु उत्तरीय प्रश्न

भाग-(ब)

05 अंक

35 अंक

20 अंक

10 अंक 05 अंक 05 अंक 15 अंक 1-गद्य- निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे- (1) माती तुगनी कीन्ह (2) चार्ली चैपलीन (3) टेलीफोन से रेडियो (4) जम्हूरियत निम्नांकित प्रकार से प्रश्न पूछे जायेंगे- (क) सन्दर्भ सहित व्याख्या (ख) पाठ्‌य पुस्तक के अवतरण का अंगे्रजी/उर्दू/हिन्दी में अनुवाद (ग) पाठ्‌य सारांश 2-पद्य- पाठ्‌य पुस्तक से निम्नांकित कवितायें पढ़नी होगी- (1) रूबाई (मियॉ आरिफ) (2) जूनी मंजदल (3) गजल (4) गशी तुरूक (5) दूरी प्रजालियों तारूखा (6) बहार (7) येथ हम्यास मंजभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 183 निम्नांकित विषयों से सम्बन्धित प्रश्न पूॅछे जायेंगे- (अ) सन्दर्भ सहित व्याख्या (ब) दिये गये पद्यांश का सारलेखन

10 अंक 05 अंक निर्धारित पुस्तक कशूर निशाब कक्षा-09 तथा 10 के लिए प्रकाशक जम्मू एवं कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ एजूकेशन (1982)

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-संगीत (गायन)

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

भाग (क) अंक -35

(शास्त्रीय शब्दावली की परिभाषा एवं व्याख्या)

नाद, नादोत्पत्ति, नाद के प्रकार एवं विशेषतायें। शब्द और वर्णों का गायन, स्वरों का स्पष्ट उच्चारण, तीनों सप्तकों का अध्ययन (मध्य,मन्द्र एवं तार) आवाज के गुणों का उत्कर्ष और उसकी सुरक्षा के लिये स्वास्थ्य और भोजन सम्बन्धी नियम, भातखण्डे एवं विष्णु दिगम्बर स्वर एवं स्वर लिपि पद्धति का तुलनात्मक अध्ययन, थाटों का वर्गीकरण और थाट से रागों की उत्पत्ति, मुर्की, कण, वर्जित, वक्र, मींड, सम, खाली एवं भरी।

भाग (ख)

(संगीत का इतिहास एवं रागों का अध्ययन) अंक -35 ध्रुपद, टप्पा, ठुमरी, तराना, बड़ा ख्याल तथा छोटे ख्याल की परिभाषा, पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषता, स्वर-विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त और उसमें भेद। पाठ्‌यक्रम के बोलों के तालों एवं दुगुन का ज्ञान एवं तालों को लिपिबद्ध करने की योग्यता, स्वर-समूहों के छोटे-छोटे टुकड़ों के आधार पर राग को पहचानने एवं उनकी बढ़त की योग्यता, संगीत सम्बन्धी सामान्य विषयों पर छोटा निबन्ध लिखना, तानसेन एवं विष्णु दिगम्बर की जीवनी।

बिहाग एवं भैरवी रागों का विस्तृत अध्ययन। प्रत्येक में एक-एक गीत छात्रों को तैयार करना है। देश, बागेश्वरी एवं काफी रागों की साधारण जानकारी होनी चाहिये। प्रत्येक राग में एक गीत (सरगम या लक्षण गीत) होना आवश्यक है। प्रत्येक राग का आरोह-अवरोह एवं पकड़ गाना विद्यार्थी को अवश्य आना चाहिये तथा उसको लिखने की क्षमता होनी चाहिये।

उपर्युक्त गीतों के साथ दादरा, तीनताल, झपताल, एकताल, चारताल, नामक तालें प्रयुक्त होनी चाहिये।

नोट :-उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों पर आधारित प्रयोगात्मक परीक्षा ली जायेगी जो 10 अंकों की

होगी तथा 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिए निर्धारित है। जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

संगीत (गायन) प्रोजेक्ट कार्य

नोट :--निम्नलिखित में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं।

1-महान संगीतज्ञों के चित्र एकत्रित करके स्क्रैप बुक में चिपकाना तथा उनके नाम एवं जन्म-मृत्यु का उल्लेख करना। 2-वर्तमान समय के परिप्रेक्ष्य में संगीत में प्रयोग किये जाने वाले वाद्य यन्त्रों के चित्रों को एकत्र करके उनके नामों का उल्लेख करते हुए स्क्रैप बुक में लगाना।

3-श्री विष्णु नारायण भातखण्डे की सांगीतिक रचनाओं की एक सूची तैयार कीजिये। 4-स्वरों के शुद्ध एवं विकृत प्रकारों को चार्ट पेपर पर अंकित कीजिये। 5-तबले का चित्र बना कर उसके विभिन्न अंगों के नाम लिखिये। 6-राग की मुख्य जातियों एवं उपजातियों को तालिका के द्वारा स्पष्ट कीजिये। 7-किन्हीं चार प्राचीन संगीत वाद्य-यन्त्रों के नामों का उल्लेख करते हुए उनसे सम्बन्धित शीर्ष संगीतकारों के नाम लिखिये।

28 ङ184 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 8-श्री भातखण्डे तथा विष्णु दिगम्बर स्वर लिपि एवं ताल लिपि पद्धति की तुलना चार्ट बनाकर कीजिये। 9-सितार अथवा तानपुरे का प्रारूप तैयार कर उनके अंगों का नामकरण भी कीजिये। इच्छानुसार वैलवेट पेपर या थर्माकोल का प्रयोग किया जा सकता है।

10-चार भारतीय नृत्य शैलियों के चित्र, नाम तथा उनसे सम्बन्धित शीर्ष कलाकारों के नाम स्क्रैप बुक में अंकित कीजिये।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-संगीत (वादन)

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

संगीत वादन पाठ्‌यक्रम दो भागों में क्रमशः प्रथम भाग अवनद्ध वाद्य (तबला एवं पखावज) तथा द्वितीय भाग तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य लेने वाले विद्यार्थियों के लिए निर्धारित हैं।

प्रथम भाग

अवनद्ध वाद्य (तबला, पखावज) हेतु

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर का आंतरिक मूल्यांकन कार्य होगा।

खण्ड 'क'

शास्त्रीय शब्दों की परिभाषा एवं व्याख्या

ताल, ताली अथवा भरी, सम, मात्रा, लय, तिहाई, पेशकारा, टुकड़ा उत्तर एवं दक्षिण भारतीय ताललिपि पद्धतियों का तुलनात्मक अध्ययन।

खण्ड 'ख'

1. तीनताल झपताल में प्रत्येक में एक पेशकारा, 2 कायदा, 2 टुकड़े और 2 तिहाई लिखने व बजाने की योग्यता। 2. चारताल में 2 टुकड़ा एवं एक परन लिखने व बजाने की योग्यता। 3. कहरवा, तीव्रा तथा दीपचन्दी तालों का साधारण ठेका। 4. अपने वाद्य में बजाए जाने वाले वर्ण एवं बोलो को निकालने की विधि।

प्रोजेक्ट वर्क

नोट :-निम्नलिखित में से किन्ही तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार कराए जाएगे। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट दे सकते है।

1. अपने वाद्य की उत्पत्ति एवं विकास का सचित्र वर्णन। 2. अपने वाद्य यंत्र के वर्ण की निकास विधि लिखिए। 3. रेडियों एवं टी0वी0 द्वारा प्रसारित होने वाले कुछ संगीत कार्यक्रमों को सुनकर उनकी सूची बनाकर उनके बारे में संक्षेप में लिखिए।

4. उत्तर भारतीय संगीत के ''भारत रत्न'' पुरस्कार प्राप्त किसी एक संगीतज्ञ का चार्ट बनाइए। 5. अपने वाद्य का सचित्र चार्ट बनाकर अंगों का वर्णन कीजिए। 6. तबला की मुख्य परम्परा/घराना को चार्ट में प्रदर्शित कीजिए। 7. किसी संगीत समारोह का आंखों देखा वर्णन कीजिए। 8. किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के सांगीतिक योगदान को विस्तार से समझाइए। 9. संगीत शिक्षा प्रदान करने वाली प्रमुख संस्थाओं का संक्षिप्त परिचय लिखिए। 10. हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध संगीतज्ञों के चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लगाइए तथा संक्षिप्त परिचय लिखिए।

11. वाद्य के समस्त प्रकारों (तत्‌ सुषिर, घन, अवनद्ध) के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइए तथा उन्हें बजाने वाले सम्बन्धित कलाकार का नाम लिखिए।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 185

द्वितीय भाग

(तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य वाले विद्यार्थियों के लिए)

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट/आन्तरिक मूल्यांकन कार्य होगा-

खण्ड 'क'

शास्त्रीय शब्दों की परिभाषा एवं व्याख्या-

1. वर्ण, सप्तक (मन्द्र, मध्य, तार) का विस्तृत अध्ययन, मुर्की, कण, विवादी स्वर, मींड घसीट, झाला, जोड़ आलाप, तिहाई, सम, वक्र स्वर।

2. भातखण्डे एवं विष्णु दिगम्बर संगीत लिपि पद्धतियों का तुलनात्मक अध्ययन। 3. थाटों का वर्गीकरण और उनसे रागों की उत्पत्ति।

खण्ड 'ख'

1. वादन पाठ्‌यक्रम में रागों की विषेषताए- स्वर विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त एवं भेद। 2. गतों को लिपिबद्ध (तोड़ों एवं सरल स्वर विस्तार के साथ) करने की योग्यता। 3. स्वर समूहों के छोटे-छोटे टुकड़ों के आधार पर रागों को पहचानने की योग्यता। 4. जीवनी- पं0 विष्णु दिगम्बर पलुष्कर, तानसेन। 5. निबन्ध-संगीत सम्बन्धी सामान्य विषयों पर छोटा निबन्ध। 6. राग विहाग तथा राग भैरवी में एक मसीतखानी गत तथा एक रज़ाखानी गत का अध्ययन। 7. राग देस, राग बागेश्री तथा राग काफी में कलात्मक विकास के बिना एक गत। इन रागों में आरोह, अवरोह, पकड़ लिखने की योग्यता।

8. ताल कहरवा, तीनताल, एकताल और चारताल का ज्ञान। 9. अपने वाद्य में बजने वाले बोलों को निकालने की विधि का ज्ञान। 10. प्रचलित वाद्य और उनकी विषेषताओं का ज्ञान।

नोट :-उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों की आन्तरिक प्रयोगात्मक परीक्षा होगी जिसके लिए 10 अंक निर्धारित किये गये है तथा 10 अंकों के प्रोजेक्ट कार्य कराये जायेगें।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :-निम्नलिखित में से किन्ही तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार कराए जाएगे। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट दे सकते है।

1. अपने वाद्य की उत्पत्ति एवं विकास काा सचित्र वर्णन। 2. अपने वाद्य यंत्र के वर्ण की निकास विधि। 3. रेडियों एवं टी0वी0 द्वारा प्रसारित होने वाले कुछ संगीत कार्यक्रमों को सुनकर उनकी सूची बनाकर उनके बारे में संक्षेप में लिखिए।

4. उत्तर भारतीय संगीत के ''भारत रत्न'' पुरस्कार प्राप्त किसी एक संगीतज्ञ का चार्ट बनाइए। 5. अपने वाद्य का सचित्र चार्ट बनाकर अंगों का वर्णन कीजिए। 6. तबला की मुख्य परम्परा/घराना को चार्ट में प्रदर्शित कीजिए। 7. किसी संगीत समारोह का आंखों देखा वर्णन कीजिए। 8. किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के संगीतिक योगदान को विस्तार से समझाइए। 9. संगीत शिक्षा प्रदान करने वाली प्रमुख संस्थाओं का संक्षिप्त परिचय लिखिए। 10. हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध संगीतज्ञों के चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लगाइए तथा संक्षिप्त परिचय लिखिए।

11. वाद्य के समस्त प्रकारों (तत्‌ सुषिर, घन, अवनद्ध) के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइए तथा उन्हें बजाने वाले सम्बन्धित कलाकार का नाम लिखिए।

12.

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों केे आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

186 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

वषिय- सलिाई र्पूाांक 100

(कक्षा-10)

इस वषिय में 70 अंकों की लखिति परीक्षा एंि 30 अंक आन्तररक मूलयांकन का होगा। न्यूनतम उत्र्तीाांक 23 एंि 10 कु ि33 अंक हैं।

नोट: 70 अंकों की लखिति परीक्षा में एक अंक के 20 बहुवकिलपी प्रश्न (ंिड अ) खनिके उत्तर OMR शीट पर देने होंगे, 50 अंक के र् ािघत्मक प्रश्न (ंिड ब; अलतघिु-9x2, घिु-5x4, दीघघ उत्तरीय–2x6) होंगे।

इकाई

1-वलिन्नि कपडों की टकस्मे- कमी िका रेशमी कपडा, कमी िका सूती कपडा, कमी िका ऊनी कपडा एंि रासायलनक स्त्रि। 2-पोशाक के प्रकार- स्त्री, पुरुष तथा बच्ोिं की पोशाकों की प्रकार का ज्ञान।

3-कपडे लश्रंक करने की वलि ितथा उसकी उपयोलगता।

4-अच्छे कटर के र्गु तथा दोष।

5-मशीन में आने ािेि दोष तथा उन्हें दूर करने के उपाय, मशीन की देािि,ि ते िके लनयम, पुोिं की ािनकारी। 6-पैटनघ कटटंग िउसके ाि।ि

7-लसािई में प्रेलसंग, ोिखलडंग तथा टलिनलशंग का ज्ञान तथा उसके ाि।ि

8-रासायलनक स्त्रिों के लनमार्घ में ाितार्रि पर होने ािेि प्राि ि/ स्ािस््य से उनका सम्बन् िऔर बाि।ि

9-लसािई के काम में आने ािेि वलिन्नि टांको का ज्ञान।

10-साििर, ेिडी िकु ताघ , लािउ,ि कीिदार कु ताघ, कु न्देदार पायािमा, टेलनस कारि शटघ, हा िपैन्ट तथा ुि पिैन्ट।

(i ) इन सीि पररािनों के नाप लनििा।

(i i ) रेाि लत्रि बनाना।

नोट-प्रत्येक इकाई से प्रश्न पूंछे जायेंगे तथा प्रत्येक इकाई का अंक (7) समान है।

सलिाई–प्रयोगात्मक

प्रयोगात्मक परीक्षा का मूलयांकन वद्यिायि स्तर पर आन्तररक होगा।

पेपकिद्वटांग- साििर, ेिडी ि कु ताघ, लािउ,ि कीिदार कु ताघ, कु न्देदार पायािमा, टेलनस कारि शटघ, पैन्ट एंि हा ि पैन्ट सम्बखन्ति स्त्रिों के नामों की ािनकारी एंि ड्राइंग का अभ्यास

प्रयोगात्मक- (i ) लािउ,ि कु न्देदार पायािमा (अीिगढ), कीिदार कु ताघ ।

(i i ) लसािई में प्रयोग होने ािेि उपकर्र का ज्ञान।

(i i i ) प्रेलसंग सामग्री (इक्यूपमेण्टट्स) की ािनकारी एंि उपयोलगता ।

(i v) प्रयोगात्मक स्त्रिों के लसािई सम्बन्ीि पररािनों की हाथ लसािइयों, का,ि बटन एंि र्पूघरूर्पे टलिनलशंग का ज्ञान तथा अभ्यास करना।

प्रोजेक्ट कायों की ूिची

नोट: लनम्नलखिति प्रोेिक्ट सूीि में से कोई दो प्रोेिक्ट करायें। प्रोेिक्ट कायों की ािइ ि तैयार करना अलनाियघ होगा। प्रत्येक प्रोेिक्ट पााँ िअंक का होगा।

1- लसािई एंि लसािई मशीन।

2- लसािई एंि पेपर कटटंग |

3- लसािई एक काि

4- ािगों की दुलनया

5- पररािन रनिा (ािइ ितैयार करे खसिमें पाठ्यमिानुसार छोटे-छोटे स्त्रि (नमूना) लस िकर गिायें।

6- लसािई टकट

7- लसािई मशीन के वलिन्नि पुेि, उनमें उत्पन्न होने ािेि दोष एंि उनका लनािर्र।

8- पोशाक के प्रकार

9- रासायलनक स्त्रि एंि ाितार्रि

10- लसािई एंि कढाई के वलिन्नि टांके 11. जागरूकता-यातायात संबंधित ज्ञान।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 187

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

आन्तररक मूलयांकन लनम्नति कराये ािने की संस्तुलत की ािती है-

1.प्रथम आन्तरकि मूलयाांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोेिक्ट कायघ अगस्त माह 10 अंक (5+5)

2- द्वतिीय आन्तरकि मूलयाांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोेिक्ट कायघ टदसम्बर माह 10 अंक (5+5)

3- चा िमासकि पीिक्षाएां 10 अंक

i . प्रथम मालसक परीक्षा (बहुवकिलपीयप्रश्नों (MCQ के आािर पर) मई i i . टतिीय मालसक परीक्षा र्(घिनात्मक परीक्षा के आािर पर) ुिािई

i i i . तृतीय मालसक परीक्षा (बहुवकिलपीयप्रश्नों (MCQ के आािर पर) नम्बिर i v. तिुथघ मालसक परीक्षा र्(घिनात्मक परीक्षा के आािर पर) टदसम्बर

ािरों मालसक परीक्षाओं के प्राप्ांकों के योग को 10 अंकों में पररलितघत टकया ािय।

कम्प्यूटर

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

1. सी भाषा का परिचय एवं कोडिंग 15 अंक 1.1 सी भाषा परिचय, महत्व एवम्‌ वैरियेबल्स की अवधारणा 1.2 कैरेक्टर सेट, डाटा टाइप एवं ऑपरेटर

1.3 इनपुट, आउटपुट, स्टेटमेंट्‌स 1.4 जंपिंग एवं ब्रांचिंग स्टेटमेंट्‌स, इफ-एल्स स्टेटमेंट्‌स, लूपिंग स्टेटमेंट्‌स 2. एरे : स्ट्रिंग और फंक्शन 15 अंक 2.1 एरेः परिचय, सिंगल एवम्‌ डबल डायमेंशन 2.2 सर्चिंग एवं सार्टिंग : बाइनरी सर्च, लिनियर सर्च, बबल शॉट, सिलेक्शन सॉर्ट 2.3 फंक्शन एवं सबरूटीनः टाइप्स ऑफ फंक्शन, कॉलिंग ऑफ फंक्शन 2.4 स्टिं्रग मैनिपुलेशन 2.5 स्ट्रक्चर एंड यूनियन से परिचय एवं उनका अनुप्रयोग 3. प्वाइंटर और फाइल संचालन 10 अंक 3.1 प्वाइंटर : परिचय, प्वाइंटर्स और एरे, प्वाइंटर्स एवं स्ट्रक्चर, प्वाइटंर्स और फंक्शन 3.2 फाइल हैंडलिंग 4. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए. आई.) एवं ड्रोन प्रौद्‌योगिकी 15 अंक 4.1 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय 4.2 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिभाषा भविष्य एवं विषेषताएं 4.3 इंटेलिजेंट एजेंट 4.4 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग 4.5 समस्या समाधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अनुप्रयोग उदाहरण सहित 4.6 ड्रोन प्रौद्‌योगिकी का परिचय 4.7 ड्रोन प्रौद्‌योगिकी की परिभाषा, इतिहास एवम्‌ विषेषताएं 4.8 ड्रोन प्रौद्‌योगिकी का प्रमुख क्षेत्रों में अनुप्रयोग 4.9 वर्गीकरण : हवाई जहाज, मल्टीरोटर, हाइब्रिड 5. ई-कॉमर्स : और साइबर सुरक्षा 15 अंक 5.1 ई-कॉमर्स : परिचय, ई-कॉमर्स के प्रकार (बी2बी, बी2सी, सी2बी) 5.2 इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम 5.3 ई गवर्नेंस का संिक्षप्त परिचय 5.4 ई गवर्नेंस का कुछ प्रमुख क्षेत्रों में उदाहरण सहित अनुप्रयोग 5.5 साइबर सुरक्षा के मूल तत्व, महत्व एवं जानकारी 5.6 साइबर अपराध और उसके प्रकार : हैंकिंग, फिशिंग, साइबर फ्रॉड, स्पूफिंग इत्यादि 5.7 रोकथाम 5.8 रिपोर्टिंग 5.9 समस्या समाधान उदाहरण के साथ188 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 प्रयोगात्मक

1- इनपुट आडटपुट पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना। 2- कंडीशनल स्टेटमेंट पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना।, 3- लूपिंग स्टेटमेंट पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना। 4- एरे पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना। 5- स्ट्रक्चर एवं यूनियन पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना। 6- पॉइंटर पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना। 7- फाइल ऑपरेशन पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना। 8-संर्चिग एवं सर्टिंग पर आधारित प्रोग्राम तैयार एवं परीक्षण करना

प्रोजेक्ट कार्य

इनमें से कोई दो करना अनिवार्य है तथा दोनों के अंक समान है। 1- ड्रोन टेक्नोलॉजी का अध्ययन। 2- ई-कॉमर्स एवं उसके अनुप्रयोग पर केस स्टडी। 3- ई गवर्नेंस के प्रमुख क्षेत्रों में उदाहरण सहित अनुप्रयोग। 4- साइबर सिक्योरिटी के अनुप्रयोग का अध्ययन। 5- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग के अध्ययन। 6-सड़क सुरक्षा तथा जागरूकता दर्शाते हुए Emergency में प्राप्त होने वाली सुविधाओं की विवरणिका तैयार करें।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कृषि

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

7 1-मृदा विज्ञान मृदा जैव पदार्थ, उसके स्रोत, वितरण, संरक्षण और मिट्‌टी का प्रभाव, ऊसर, क्षारीय तथा अम्लीय मिट्‌टी और सुधार, भू-क्षरण, मिट्‌टी का कटाव, भू-संरक्षण के सामान्य उपाय। 2-सिंचाई व जल निकास

5 (क) जल के स्रोत--कुँआ, नलकूप, बाँध, नहरें, तालाब, नदियाँ आदि। (ख) सिंचाई की विधियाँ--अप्लावन, क्यारी, नाली, बेसिन, छिड़काव, बार्डर, ट्रिप सिंचाई आदि।

3-खाद तथा उर्वरक

8 (क) अजैव खादें (उर्वरक), उनका वर्गीकरण, महत्व, अमोनियम सल्फेट, यूरिया, कैल्शियम, अमोनियम नाइट्रेट, सुपर फास्फेट, पोटैशियम क्लोराइड, डाई अमोनियम फास्फेट (डी0ए0पी0)

(ख) उर्वरकों के प्रयोग की विधियाँ (ग) उर्वरक मिश्रण--विभिन्न फसलों के लिये उर्वरकों की आवश्यकता, उर्वरक मिश्रण बनाने के लिए परिकलन या जानकारी।

4-भू-परिष्करण

5 (क) विभिन्न फसलों के लिए भू-परिष्करण की आवश्यकतेायें एवं उनका महत्व। (ख) फसल की सुरक्षा तथा बागवानी के प्रमुख यंत्र--डस्टर, स्पे्रयर, सिक्रेटियर, हैजसियर, बडिंग तथा ग्राफ्ंिटग नाइफ, थ्रेसर तथा ओसाई के यन्त्र

5-आपदायें--दैवी आपदायें जैसे बाढ़, सूखा, भूकम्प, आग, अतिवृष्टि, उपलवृष्टि आदि का मूलभूत ज्ञान। इनका फसल या पर्यावरण पर प्रभाव तथा बचाव के उपाय।

2भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 189 10 6-निम्न फार्म की फसलों की खेती-- धान, मूँगफली, गेहूँ तथा गन्ना।

7-सब्जियों की खेती--

10 आलू, खरबूजा, फूलगोभी, टमाटर, लौकी, भिण्डी, प्याज।

8-बागवानी--

10 बाग के लिए भूमि का चुनाव, गृह उद्यान तथा फलोद्यान, प्रदेश की प्रमुख फसलों, जैसे आम, अमरूद, पपीता तथा नींबू की खेती।

9-पशुपालन--

8 डेरी उद्योग तथा पशु चिकित्सा विज्ञान (क) पशुओं की सामान्य देख-रेख तथा प्रबन्ध। (ख) पशु आहार। (ग) स्वच्छदोहन विधि, स्वच्छ एवं सुरक्षित दूध। (घ) दुग्धोत्पादन सम्बन्धी सामान्य जानकारी। (ङ) सामान्य पशु रोग--बुखार, मुँहपका-खुरपका, रिन्डरपेस्ट, पेचिस, गलाघोटू के लक्षण तथा उपचार की विधियाँ। 10-फल परीक्षण--फल तथा सब्जियों के परीक्षण की विधियाँ, फल व पदार्थों के नष्ट होने के कारण, डिब्बों का जीवाणु नाशन तथा डिब्बा बन्दी, फल तथा सब्जियों का निर्जलीकरण।

5

प्रयोगात्मक

1-बीज शैय्या तैयार करना। 2-उर्वरक, खरपतवार एवं बीजों की पहचान। 3-मौखिक 4-वार्षिक अभिलेख

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :-निम्नलिखित में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार कराए। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं। 1-बाग लगाने की उपयुक्त विधि का अध्ययन करना।

2-उर्वरकों के प्रयोग करने की उपयुक्त विधि का अध्ययन करना।

3-स्प्रेअर का प्रयोग करने की विधि तथा सावधानियों का अध्ययन करना।

4-जैम बनाने की विधि का अध्ययन करना।

5-जेली बनाने की विधि का अध्ययन करना।

6-दुग्ध-दोहन की उपयुक्त विधि का अध्ययन करना।

7-ड्रिप सिंचाई का अध्ययन करना।

8-सिंचाई के लिये नहरों की उपयोगिता का अध्ययन करना।

9-उत्तर प्रदेश की मृदाओं में फासफोरस एवं पोटाश पोषक तत्व का प्रयोग करना।

10- पशुओं में होने वाले खुरपका-मुंहपका रोग एवं अन्य सामान्य रोगों के लक्षण व उनके उपचार की विधियों का अध्ययन।

नोट :-प्रयोगात्मक परीक्षा एवं प्रोजेक्ट कार्य का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(ेप्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

190 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

कक्षा-10

हेल्थ केयर

क्षेत्र-स्वास्थ्य देखभाल े(स्तर-2)

पूर्णांक : 70

10 अंक

12 अंक इकाई-1 प्रकरण- अस्पताल संरचना और कार्य- 1- अस्पताल के विभिन्न विभागों, पेषेवर (Pofessionalे) तथा सहयोगी स्टाफ के कार्य व भूमिका। 2- अस्पताल में सहायक विभागों के कार्याें और भूमिका का ज्ञान। 3- विभिन्न मानदण्डों के आधार पर अस्पतालों का वर्गीकरण। 4- अस्पताल के विभिन्न कार्यों से सामान्य ड्‌यूटी सहायक ( General Assistant ) की भूमिका का सम्बन्ध। 5- अच्छे सामान्य ड्‌यूटी सहायक के गुणों का ज्ञान। इकाई-2 10 अंक प्रकरण- मरीजों की देखभाल और देखभाल योजना से परिचय- 1- देखभाल योजना क्रियान्वयन में सामान्य ड्‌यूटी सहायक की भूमिका। 2- मरीज को आहार देने में सामान्य ड्‌यूटी सहायक की भूमिका। 3- वाइटल साइन/महत्वपूर्ण संकेतों की रिपोर्ट और पहचान। 4- मरीज की आवष्यकतानुसार बिस्तर तैयार करना। 5- आवष्यकतानुसार मरीज को आसीन करना। इकाई-3 15 अंक प्रकरण- कीटाणुषोधन और विसंक्रमण- 1- सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले रोगों का वर्णन। 2- सामान्य मानवीय रोग और उनके कारक (एजेण्ट) का ज्ञान। 3- अस्पताल उपार्जित संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम में व्यवसायकों और कर्मचारियों की भूमिका। 4- रोगी कक्षों ( Wards ) और उपकरणों का विसंक्रमण। इकाई-4 13 अंक प्रकरण- प्रारम्भिक प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन चिकित्सा राहत- 1- प्राथमिक चिकित्सा के नियमों और सिद्धान्तों का वर्णन। 2- प्राथमिक चिकित्सा के लिए प्रयोग की जाने वाली सुविधाओं, उपकरणों और पदार्थों की पहचान। 3- बुखार, लू, पीठ दर्द, दमा, एवं भोजन द्वारा उत्पन्न बीमारी में प्राथमिक उपचारक की भूमिका 4- घाव, रक्तस्राव, जलने, कीटाणुओं के काटने और डंक मारने, कुत्तों के काटने और सांपों के काटने में प्राथमिक उपचारक की भूमिका इकाई-5 प्रकरण- मानव शरीर संरचना कार्य और पोषण

1- मानव शरीर के भागों की पहचान। 2- मानव शरीर की वृद्धि और पोषण में पोषक तत्व। इकाई-6 10 अंक प्रकरण- अस्पताल में जनसम्बन्ध 1- चिकित्सीय स्वागतकर्ता की भूमिका और कार्य 2- आपातकालीन कॉल के लिए प्रतिक्रिया। 3- जन-सम्बन्धों के निर्वाह में कम्प्यूटर का प्रयोग। 4- मरीजों और सहायकों ( ंattendants) के साथ आचरण। प्रयोगात्मक 1- अस्पतालों की कार्यप्रणाली देखने के लिए निकटस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामान्य अस्पताल का भ्रमण।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-सामान्य अस्पताल, विषेष ( Specialized ) देखभाल केन्द्र एवं तृतीयक देखभाल केन्द्र का फ्लो चार्ट-चार्ट बनाना।

अस्पतालों के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली जैसे-OPD, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, फार्मेसी, अभिलेखीकरण, नकद विभाग, वित्त, हाउस कीपिंग, मानव संसाधन।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 191

2- i) अस्पताल में रोगी को बिस्तर पर उचित देखभाल एवं साफ-सफाई से भोजन कराने का रोल प्ले ii) बिस्तर-रोगी का बिस्तर तैयार करने का प्रदर्षन। iii) वाइटल साइन्स (Vital Signs) तापमान, पल्स, रूधिर दाब आदि के निरीक्षण का रोल प्ले

आहार के आधारभूत ज्ञान (पौश्टिकता से परिपूर्ण), के साथ विभिन्न प्रकार के रोगियों की आहार-योजना बनाना।

विभिन्न प्रकार के अस्पताल के बिस्तर की सूची उनकी कार्यप्रणाली के साथ बनाना। रोगी के निरीक्षण हेतु वाइटल साइंस की सूची बनाना। 3- विसंक्रमण उपकरण को कैसे प्रयोग किया जाता है- इसे देखने के लिए स्थानीय अस्पताल का भ्रमण।

जीवाणु/विषाणु/परजीवी/फंगस द्वारा होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों का चार्ट / पोस्टर बनाना ऑपरेषन के लिए प्रयोग किये जाने वाले फर्ष, दीवारें, उपकरण, वस्त्रों को विसंक्रमित करने वाले विसंक्रामक पदार्थों की सूची बनाना।

4- i) ABC आहार का प्रायोगिक प्रदर्षन ii) एक प्राथमिक चिकित्सा किट बनाना।

अस्पताल में आपातकालीन स्थितियाँ जैसे सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, आघात, अस्थमा, कुत्ते का काटना, सांप का काटना, गर्भावस्था की जटिलताऔं की सूची बनाना

आपातकाल में प्राथमिक सहायता चरण- A - Airwa B - Breathing C - Circulation 5- i) शरीर के विभिन्न अंगों का चित्र बनाना एवं पहचान करना। (या चित्र को चिपकाना) ii) शारीरिक तंत्र से संबंधित चार्ट उनकी कार्य प्रणाली के साथ बनाना iii) विटामिनों एवं उनकी कमी से होने वाली बीमारियों की सूची बनाना। 6- i) एक रोगी के चिकित्सीय अभिलेख को भरने का प्रदर्षन करना।

ii) रिसेप्शन पर या अस्पताल की आपातकालीन स्थिति में कार्य करने वाले सामान्य ड्‌यूटी सहायक के कार्यों की सूची बनाना।

iii) मेडिकल रिसेप्षन पर एंट्रीज (entries) करने हेतु कम्प्यूटर के आधारभूत ज्ञान का प्रदर्षन।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-((प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्ेनों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना।

(2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

(3) छात्रों को 102 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना।

(4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना।

(5) छात्रों को कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना।

(6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना।

29 ङ192 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

रोजगार के अवसर-

(1) ऑटोमैकेनिक के रूप में।

(2) सेल्समैन के रूप में।

(3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन।

(4) शोरूम स्थापित करना।

(5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक

लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल-33 अंक प्राप्त करना

अनिवार्य है।

12 अंक

इकाई-1 ऑटोमोबाइल की स्नेहन प्रणाली, गवर्निग सिस्टम, विद्युतीय प्रणाली, बैटरी, तारस्थापन,

बत्ती सिस्टम, ए0सी0 एवं हीटिंग सिस्टम।

05 अंक

इकाई-2 इंन्जन ऑयल के गुण, वर्गीकरण, नाम, इन्जन ऑयल बदलने की विधि, विभिन्न गे्रड के

नाम, स्नेहक के गुण, कार्य, प्रकार एवं स्नेहन की विधि।

12 अंक

इकाई-3 अनुरक्षण एवं बाधा खोज-अनुरक्षण के महत्व एवं प्रकार, सर्विसिंग एवं ओवर हालिंग, विभिन्न अवयवों में दोष ढूढ़ना, उनके कारण एवं बचाव, मरम्मत के औजार एवं उपकरणों के नाम, बनावट एवं कार्य।

12 अंक

इकाई-4 कार्यशाला के मूल कार्य जैसे कटिंग, फाइलिंग, ड्रिलिंग, बेल्डिंग, ग्राइडिंग का संक्षिप्त

परिचय। मापन एवं परिक्षण विधियां।

12 अंक

इकाई-5 गैराज, शोरूम एवं स्पेयर विक्रय केन्द्र की स्थापना एवं संचालन से सम्बन्धित जानकारी,

वित्तीय सहायता प्राप्त करने की विधियां।

12 अंक

इकाई-6 -सड़क सुरक्षा नियम का महत्व व नियम।

-सुरक्षित ड्राइविंग का महत्व व नियम। -टै्रफिक के नियम व यातायात चिन्ह, टै्रफिक अधिनियम के प्रमुख प्राविधान। -वाहनों का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की विधि व आवश्यकता।

05 अंक

इकाई-7 -आटोमोबाइल व हमारा पर्यावरण-वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की आवश्यकता एवं महत्व। -प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र का महत्व।

प्रोजेक्ट कार्य (1) कार्बोरेटरे का अध्ययन करना। (2) स्कूटर/मोपेड में दोष ढूढ़ना एवं मरम्मत करना। (3) बैटरी चार्जिंग कराने का अध्ययन तथा पानी चेक करना। (4) लाइट का फोकस एडजस्ट करना एवं बल्ब लगाना। (5) ब्रेक एडजस्ट करने का अध्ययन करना। (6) मोपेड आदि गाड़ी का ड्राइविंग करना। (7) ट्रैफिक नियमों का अध्ययन करना। (8) पंचर जोड़ बनाना, हवा भरना तथा हवा के दबाव को मापना। (9) स्कूटर व कार की धुलाई, सर्विंसिंग करना। (10) कार के स्टेरिंग प्रणाली का अध्ययन करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 193

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्ेनों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

संस्तुत पुस्तकें

(1)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                                  कृष्णानन्द शर्मा
(2) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                                   सी0बी0 गुप्ता
(3)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                                  धनपत राय एण्ड शुक्ला
(4) बेसिक आटोमोबाइल                                         सी0पी0 बक्स

कक्षा-10

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक

14 अंक

लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 खुदरा बिक्री की प्रस्तावना-

1-खुदरा विक्रय का अर्थ एवं परिभाषा।

2-खुदरा बिक्री के तत्वों का वर्णन। 3-खुदरा तत्वों की विशेषताएं। 4-खुदरा बिक्री के तत्वों की आवश्यकता। 5-खुदरा बिक्री के विभिन्न कार्य।

6-खुदरा विक्रेताओं के विभिन्न प्रकार।

14 अंक

इकाई-2 खुदरा बाजार में विपणन की भूमिका - 1-विपणन प्रस्तावना। 2-विपणन के सिद्धान्त। 3-खुदरा व्यापार एवं विपणन में सामंजस्य। 4-विपणन के लक्षण एवं महत्व। 5-विपणन की उत्पत्ति एवं परिभाषायें। 6-उत्पाद एवं सेवा विपणन में विभेद।

14 अंक

इकाई-3 1-उत्पाद प्रबन्धन का महत्व। 2- उत्पाद प्रबन्धन के पूर्वोपाय। 3- उत्पाद प्रबन्धन के विभिन्न विधियां। 4- उत्पाद प्रबन्धन के विभिन्न उपकरण। 5-भारत में बडे़ पैमाने पर खुदरा व्यापार की व्यवस्था।

6-बडे़ पैमाने पर खुदरा व्यापार को संचालित करने के लिये भारत सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं का विवरण।(FDI)194 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

14 अंक

14 अंक

इकाई-4 खुदरा व्यापार में उत्पाद वर्गीकरण- 1-प्रस्तावना। 2-उत्पादों के प्रकार एवं लक्षण। 3-खुदरा व्यापार में विभन्न विभाग। 4-उत्पाद रख-रखाव। 5-उत्पादों में ब्राण्डिंग का महत्व। इकाई-5 खुदरा बिक्री में रोजगार का भविष्य-

1- खुदरा बिक्री में विभिन्न रोजगारों की सम्भावना।

2- खुदरा बिक्री में रोजगार के लियें आवश्यक दक्षता। 3- खुदरा बिक्री में प्रबन्धकीय कार्य में कैरियर। 4- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के द्वारा प्रस्तावित रोजगार का भारतीय अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव (FDI का आलोचनात्मक विवरण)।

पूर्णांक- 30 अंक

आन्तरिक मूल्यांकन- प्रोजेक्ट कार्य- -उत्पादों की सुरक्षा की प्रशिक्षण तकनीक। -उपभोक्ताओं के पहचान करने और समक्षने के लियें प्रश्नावली का गणन। -किसी रिटेल माल का भ्रमण। -किसी उत्पाद के सप्लाई चेन का मॉडल बनाना। -किसी ग्राहक/उपभोक्ता से संतुष्टि मापन का अभ्यास।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

कक्षा-10

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक

16 अंक

लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 सुरक्षा सैन्य बल- 1-भारतीय थल सेना, वायु सेना एवं नव सेना का संगठन एवं कार्य। 2-भारतीय अर्द्ध सैनिक बल संगठन एवं कार्य।

3-भारत की अद्यतन रक्षा तैयारियां।

18 अंक

इकाई-2 कार्यस्थल से सम्बन्धित खतरे एवं सुरक्षा- 1- कार्यस्थल में संभावित सामान्य खतरे एवं कारण। 2- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से सम्बन्धित खतरे। 3- कार्यस्थल से सम्बन्धित तकनीकी खतरे। 4- प्राकृतिक आपदा, जल वायुवीय परिस्थितियों, सामाजिक एवं कानूनी कार्यवाही से

सम्बन्धित खतरे। 5- उत्पादन, प्रौद्योगिकी, वित्तीय बाजार, उपभोक्ता से सम्बन्धित खतरे। 6- आणविक, जैविक एवं रासायनिक, शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक सुरक्षा। 7-व्यावसायिक स्वास्थ्य की प्रावस्थायें एवं सुरक्ष्ेाात्मक रणनीति।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 195

18 अंक

इकाई-3 निरीक्षण, अनुश्रवण एवं सुरक्षा- 1- निरीक्षण, सूचना, व्याख्या एवं स्मरण के विभिन्न सोपान।

2-निरीक्षण में संवेदों की प्रभावकता को प्रभावी बनाने वाले कारक।

3- सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी का महत्व। 4- विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा। 5- विभिन्न प्रकार के अपराध एवं उनसे सम्बन्धित सुरक्षा संप्रेषण।

18 अंक

इकाई-4 कार्यस्थल पर संवाद संप्रेषण- 1-संवाद चक्र के विभन्न तत्व- संवाद का अर्थ, तत्व, प्रेषक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता एवं

पुनर्निवेशन।

2-पुनर्निवेशन (feed back) अर्थ, विशेषतायें एवं महत्व, वर्णनात्मक एवं विशिष्ट

पुनर्निवेशन।

3-संप्रेषण में अवरोध सम्बन्धी कारक दूर करने के उपाय। 4-प्रभावी संप्रेषण से सम्बन्धित विभिन्न तत्व।

5-संप्रेषण के सिद्धान्त।

6-संचार उपकरण एवं संचार साधन। आन्तरिक मूल्यांकन (जिसमें 20 अंक का प्रोजेक्ट कार्य तथा 10 अंक की मासिक परीक्षा पूर्णांक 30 अंक होगी)

प्रोजेक्ट कार्य निम्नलिखित में से कोई चार प्रोजेक्ट (प्रत्येक 05 अंक) 1-परिचयात्मक प्रपत्राें का परिक्षण- Identity card, Passport, स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग

लाइसेंस।

2-कार्यस्थल पर मशीनों/रसायनों/उपकरणों आदि से होने वाले खतरों को सूचीबद्ध करना

एवं संस्था द्वारा अपनाये जाने वाले सुरक्षा उपायों का अध्ययन। 3-एक Shopping mall/industry का भ्रमण कर खतरों को चिन्हित करना। 4-प्रवेश द्वार की सुरक्षा का अध्ययन। 5- CCTV का अध्ययन।

6- Finger print, Iris Scanner, Face Scanner का सुरक्षा में प्रयोग। 7-पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी एवं इसके प्रारूप का अध्ययन। 8-फोरेंसिक लैब का भ्रमण आयोजित कर साक्ष्यों की प्रमणिकता की कार्यविधि का अध्ययन। 9-औद्योगिक संस्थान/रेलवे स्टेशन/बस स्टेशन/हवाई अड्‌डे का भ्रमण कर सुरक्षा गार्ड

के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन।

10-सेना/पुलिस के अधिकारियों को प्रदत्त चिन्ह (Insignia) का मिलान उनके

पद/रैंक से करना।

11-संवाद चक्र का रेखांकन।

12-कार्यस्थल पर Communication के लिए विभिन्न प्रकार के वाक्यों का निर्माण

जिनमें-

-विशिष्ट संदेश पर बल दिया हो। -वांछित समस्त जानकारी का समावेश हो। -संदेश के प्राप्तकर्ता के प्रति सम्मान परिलक्षित हो।

13-भारत एवं सम्बन्धित राज्यों तथा जिलो से सम्बन्धित मानचित्रों का अध्ययन एवं निर्माण।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन पेरीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (5 + 5) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (5 + 5) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

196 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

कक्षा-10

उद्‌देश्य-आज के विज्ञान जगत में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का अभूतपूर्व स्थान है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयाम सामाजिक रूप से प्रतिस्थापित हो चुके हैं। जैसे-मोबाइल, इंटरनेट आदि। देश को ''डिजिटल इंडिया'' का स्वरूप देने में इनका विशेष योगदान अवश्यम्भावी है।

सैद्धान्तिक

पूर्णांक 70 अंक

8 अंक

लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 कम्प्यूटर का विस्तृत परिचय कम्प्यूटर का रेखाचित्र, विभिन्न ब्लॉग्स का परिचय एवं आधुनिक कम्प्यूटर के अवयव, इनपुट,

आउटपुट की आधुनिक डिवाइसेंस, मेमोरी डिवाइसेंस, स्टोरेज डिवाइसेंस।

8 अंक

इकाई-2 आपरेटिंग सिस्टम का विस्तृत परिचय आधुनिक आपरेटिंग सिस्टम, यूजर इन्टरफेस(समय एवं तिथि), डिसप्ले प्रापर्टीज, डिवाइस

लगाना एवं निकालना, फाइल्स एवं डायरेक्ट्री मैनेजमेन्ट।

8 अंक

इकाई-3 वर्ड प्रोसेसिंग ऐडवांस फीचर डाक्यूमेन्ट बनाना, सेव करना एवं प्रिन्ट करना, एडिटिंग, फार्मेटिंग, स्पेलचेक, फॉन्ट एवं साइज तय करना, एलाइनमेन्ट, बुलेट, टेबिल बनाना और विभिन्न सेटिंग्स करना, डॉक्यूमेन्ट में चित्र को जोड़ना, मेल मर्ज, सुरक्षा(security)।

8 अंक

इकाई-4 स्प्रेडशीट स्प्रेडशीट के मूल तत्व सेल्स एवं उनकी एड्रेसिंग, सेल मे डेटा भरना एवं संशोधित करना, रोज एवं कालम बनाना, उसकी चौड़ई एवं ऊॅचाई निश्चित करना, फार्मूला एवं फंक्शन का उपयोग, विभिन्न प्रकार के चार्ट का निर्माण।

9 अंक

इकाई-5 इन्टरनेट सर्चिंग एवं GPS

इन्टरनेट का विस्तृत परिचय, LAN, MAN एवं WAN इन्टरनेट के विस्तृत उपयोग, ई-मेल सेवायें, इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर और उसका चयन, ट्रबल शूटिंग, इन्टरनेट में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों का परिचय, GPS का परिचय एवं इसके उपयोग, wi-fi की जानकारी व उपयोग।

9 अंक

इकाई-6

आधुनिक संचार उपकरण- प्राथमिक संचार मण्डल, संचार के प्रकार, संचार के माध्यम, मोबाइल संचार सिस्टम इन्टरनेट एवं सोशल मीडिया।

इकाई-7 प्रेजेन्टेशन तैयार करना

सोशल मीडिया। 10 अंक पावर प्वाइंट का विस्तृत परिचय, प्रेजेन्टेशन के मुख्य अवयव, टेम्प्लेट, टेक्स्टे एडीटिंग, टेबिल और एक्सेस का जोड़ना, फोटो ड़ालना, रीसाइजिंग, स्केलिंग, कलरिंग और स्लाइड शो चलाना और ऑटोमेटिंग करना, स्लाइट में आडिओ का प्रयोग।

10 अंक

इकाई-8 प्रोजेक्ट बनाना- वर्ड, एक्सेल एवं पावर प्वाइंट के आधार पर पांच पृष्ठों का प्रोजेक्ट बनाना।

प्रोजेक्ट कार्य 1-एक्सेल पर प्रयोगात्मक अध्ययन।

2-पावर प्वाइंट पर प्रयोगात्मक अध्ययन। 3- MS-WORD का प्रयोगात्मक अध्ययन। 4- P. POINT पर प्रेजेन्टेशन निर्माण का प्रयोगात्मक अध्ययन। 5-इन्टरनेट पर ई-मेल, ई-मेल आदि निर्माण का प्रयोगात्मक अध्ययन।

6-नेटवर्क के विभिन्न प्रकारों का विस्तृत अध्ययन।

7-संचार के विभिन्न प्रकारों का विस्तृत अध्ययन।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 197

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्याेंेकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य)                      अगस्त माह        10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य)                     दिसम्बर माह      10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                  मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                       जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार  पर)                               नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                      दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
198 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

Manual on workshop practice by K venkata Reddy New Delhi

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 199

औजारों और उपकरणों की सूची

1. Rule Steel 300 mm both in inch and mm 2. Rule Wooden 4 fold, 600 mm 3. Hacksaw Frame adjustable for 250 to 300 mm 4. Scriber 200 mm 5. Centre punch 100 mm 6. Chisel Cold, flat 20 mm 7. Hammer ball peen 800 grams 8. Hammer ball peen 50 grams 9. File flat rough 300 mm 10. Levl spirit wooden 300 mm 11. Plumb bob 50 grams 12. Trowel C-125-IS: 6013 13. Still son wrench 200 & 350 mm 14. Scre Driver 250 mm 15. Wooden Mallet small IS: 2022 16. Cutting pliers 200 mm IS: 3650 17. Steel tape (5m) 18. Surface plate 400×400 mm Grade 19. Marking Table 900×600×900 mm 20. 'V' Blocks with clamps 80/7-63A IS 2949 21. Combination set 200 mm 22. Universal Scribing Block 300 mm 23. Hand Vice Jaw 50 mm 24. File flat Smooth 200 mm 25. File Half Round Rough 300 mm 26. File Square rough 250 mm 27. File Square Smooth 200 mm 28. File Triangular Rough 250 mm 29. Chisel Cold Flat 20 mm×300 mm 30. Chisel Cross Cut 6×150 mm IS-402 31. Top and tap wrench 32. Screw pitch gauge 33. Hand hacksaw frame 300 mm 34. Spanner monkey up to 50 mm 35. Soldar Iron and bit 5Nos 36. Pipe Cutter wheel type 6mmto 25mm 37. Snip Straight and bent 250 mm 38. Try square 200 mm 39. Inside and outside Calliper 150 mm 40. Tenon saw, Hand Saw 41. Mortise, Firmer Chisel 6mm,8mm,10mm,12mm,15mm,25mmEach 42. Mallet Medium IS: 2922 43. Blow lamp 500 millilitre 44. Scribing gauge 45. Soil pot with brush 46. D.E. Spanners 6mm to 32mm IS:2028 47. Bending Spring 48. Plumbers Ladle 49. Caulking Toll

30 ङ200 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 50. Pipe Die and Die stock (1/4" to 21/2") with complete set 51. Pipe vice up to 75 mm IS-2587 52. Still son pattern pipe wrenches 450 mm IS-4003 53. Chain pipe wrench 90mm-650 is 4123 54. Adjustable spanner 12" IS-6149 55. Pipe bender manually operated 56. Drill Twist (straight shank) 1.5 mm to 13mm 57. Wash Basin (16" ×14"×10") 58. Water closet (European type p) complete with over head cistern 59. Urinal wall type complete with automatic system 60. Water meter 61. Fire Extinguisher (CO2 and DCP) 62. Rire Buckets with stand 63. Pedestagromder machine 64. Leg vice 75mm jaw with Stand IS-2588 65. Hand drill machine up to 13mm capacity with drill chuck (Electric) 66. Working bech 2400×1200×750mm with 4 voice 125 mm jaws 67. Double face hammers.

कक्षा-10

इलेक्ट्रीशियन

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम र्पूाांक 70 अांक

इकाई-1 07 अांक प्रत्यावर्ती धारा के उत्पादन का प्रारम्भिक ज्ञान, व़िद्युत पावर प्लाण्ट के प्रकार जैसे- हाइड्रो पावर प्लाण्ट, थर्मा पावर प्लाण्ट एवं उनके ऊर्जा के प्रारम्भिक स्रोत मोटर सेट की कार्यविधि एवं चालन।

इकाई-2 08 अांक विद्युत मोटरों की जानकारी, विद्युत के प्रकार, कार्य सिद्धांत विषेषतायें एवं उपयोग, मोटरों का तारस्थापन। सावधनियों एवं रख रखाव। इकाई-3 15 अांक विद्युत सप्लाई व्यवस्था संरक्षण, वितरण एवं फीडर की परिभाषा विभिन्न प्रकार के ए0सी0 वितरण उच्च विभव वितरण से लाभ, ओवर हेड लाइन के मुख्य अवयव, ओवर हेड कण्डक्टर के पदार्थ ओवर हेड कण्डक्टर में इस्तेमाल होने वाले इन्सुलेटर। इकाई-4 15 अांक विद्युत मापन- विभिन्न पद एवं उनकी इकाईयों, विद्युत मापन यंत्रों की जानकारी तथा धारा मापी, वोल्टता मापी, ऊर्जा मापी, शक्ति मापी, मेगर, अर्थ टेस्टर, आवृत्ति मापी, टेको मीटर, मल्टी मीटर आदि की परिपथीय ज्ञान एवं उनसे विभिन्न विद्युत राशि का मापना। इकाई-5 07 अांक सरल गृह तार स्थापन- वायरिंग के प्रकार, वायरिंग करने की विधियां एवं एक दूसरे के सापेक्ष लाभ एवं हानियॉ। एक मार्गीय स्विच द्वारा नियंत्रित एक प्रकाश बिन्दु सीढ़ी में उपयोग आने वाले वायरिंग का विद्युत परिपथ, सूचक लैम्प के साथ विद्युत घण्टी का संयोजन का परिपथ। एक स्थान से या एक से अधिक स्थान से। इकाई-6 08 अांक घरेलू उपस्करों की मरम्मत- विभिन्न उपस्कर जैसे- ट्‌यूब लाइट, छत का पंखा, टेबल लैम्प, हीटर, गीजर प्रेस आदि के कार्य सिद्धान्त एवं इनके पुर्जो के अवयवों के नाम इनका अनुरक्षण एवं बचाव विद्युत मोटरों में सम्भावित दोष एवं उपचार। इकाई-7 05 अांक बचाव उपस्कर (प्रोटेक्टिव डिवाइसेस)- फ्यूज, फ्यूज की परिभाषा, फ्यूज पदार्थों के नाम एम0सी0बी0 के कार्य एवं सिद्धान्त इलेक्ट्रिक शॉक एवं उनके बचाव, घरेलू वायरिंग में विभिन्न बिन्दुओं का भू-सम्बन्धन।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 201

इकाई-8 05 अांक गैर पारम्परिक ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों का प्रारम्भिक ज्ञान, पारम्परिक एवं गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के लाभ एवं उपयोग। सोलर ऊर्जा- पवन चक्की। प्रयोगात्मक कार्य- 1. विद्युत मशीनों का अध्ययन करना। 2. वाटमीटर की सहायता से किसी कार्यभार की शक्ति मापना। 3. किसी कार्यभार पर ऊर्जा मापी द्वारा ऊर्जा मापना। 4. मशीनों की ओवरहालिंग एवं एसेम्बलिंग करना। 5. टेकोमीटर की सहायता से विभिन्न विद्युत मोटरों की गति नापना।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पुस्तकों की सूची- 1. सामान्य अभियांत्रिकी अवयव- द्वारा जे0 के0 कपूर। प्रकाशन- भारत भारती प्रकाशन एण्ड कम्पनी वेस्टर्न कचहरी रोड़, मेरठ-250001 2. विद्युत अभियंत्रण के अवयव- द्वारा डॉ0 टी0डी0 बिस्ट 3. विद्युत लागत एवं आगणन- द्वारा डॉ टी0डी0 बिस्ट प्रकाशन किशोर पब्लिशर्स 159-बी आजाद नगर साउथ मलाका इलाहाबाद-211003 4. वैद्युत तकनीकी- द्वारा सिंह एवं हरजाई प्रकाशन- यूनिटेक पब्लिशर्स राधाकृष्ण मिशन मार्ग अमीनाबाद लखनऊ-226001

उपकरणों एवं औजरों की सूची-

उपकरण- 1. वोल्टमीटर 2. वाट मीटर 3. मेगर 4. एम्पीयर मीटर 5. Earth Tester (अर्थ टेस्टर) 6. मल्टीमीटर टांगर टेस्टर (ंAvo meter)

औजार- 1. संयुक्त प्लायर 2. नोज प्लायर 3. पेंचकस 4. हैन्ड ड्रिल 5. पोकर 6. नियान टेस्टर 7. हेक्सा 8. हैमर 9. टेस्टिंग लैम्प 10. छोटी रेती202 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

आपदा प्रबन्धन

कक्षा-10

उद्‌देष्य- 1- स्कूल पर विभिन्न आपदाओं के विषय में जागरूकता प्रदान करना। 2- किसी भी आपदा के घटने पर विद्यार्थियों को स्वतः Rescue Operation (बचाव कार्य) में मद्‌द करने के लिए तैयार रहना। 3- स्कूल स्तर पर मॉडल आपदा प्रबन्धन प्लान के बारे में अवगत होना। 4- रोजगार के अवसर- इस पाठ्‌यक्रम से राज्य सरकार, केन्द्र सरकार एवं एन0जी0ओ0 में सहायक के पद पर अवसर प्राप्त होता है।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांकः 70 अंक

इकाई-1 20 अंक आपदा प्रबन्धन-प्रबन्ध चक्र, आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान, आपदा के पष्चात किये जाने वाले प्रबन्धन कार्य, केन्द्र एवं राज्य सरकार, जिला स्तरीय तैयारी- आपदा प्रबन्धन के संसाधनों, मीडिया, व्यक्ति, सूचना प्रणाली आदि का उपयोग, आपदा प्रबंधन की योजना बनाना एवं मानिटरिंग, आपदा प्रबंधन की टीम बनाना, संसाधन प्रबंधन, कार्य निर्देष, ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबन्धन समिति। इकाई-2 एवं इकाई-3 20 अंक राहत- तत्कालिक हस्तक्षेप, खोज, बचाव, सुरक्षा, भोजन-पानी की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा-दीर्घकालीन व अल्पावधिक।

सुरक्षित-मैपिंग-सड़क, वैकल्पिक रास्ता, नाव, सम्पर्क केन्द्र, आश्रय, निकास, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पुलिस केन्द्र, आश्रितों के लिये सुरक्षित स्थान, गोदाम, भोजन/अन्न की उपलब्धता एवं भण्डारण, चारे की व्यवस्था, अस्थायी कैम्प, पीने के पानी की व्यवस्था, पावर बैकअप, मिट्‌टी का तेल, टेण्ट हाऊस आदि। इकाई-3 पुनर्वास-मूलभूत संसाधन, सेवाओं का पुनस्थापना एवं पुनर्निर्माण, सुविधाओं का पुनरारंभ, बचाव की योजना बनाना। इकाई-4 15 अंक फायर फाइटिंग एवं विद्युत सुरक्षा-आग का परिचय, आग के प्रकार, आग लगने के मूल सिद्धांत, अग्नि त्रिकोण की व्याख्या, आग बुझाने के सिद्धांत, प्राथमिक अग्निषमन यंत्र, आग बुझाने की माँक ड्रिल, स्थायी अग्निशमन व्यवस्थायें। इकाई-5 15 अंक सुरक्षा प्रबन्धन-दुर्घटना के कारण एवं बचाव, कृतिम वसन, प्राथमिक उपचार, स्कूल स्तर पर, आपदा मॉडल प्रबन्धन योजना बनाना। इकाई-6 -वर्षा जल प्रबन्धन।

प्रयोगात्मक विषय (Practical)- 30 अंक प्रयोग-1ःस्थानीय स्तर पर किसी आपदा के आकड़ों का संकलन, अध्ययन एवं रेखा चित्र एवं बार चित्र बनाना। प्रयोग-2ः प्राथमिक उपचार एवं कृत्रिम श्वसन का अभ्यास। प्रयोग-3ः अग्निषमन यन्त्र द्वारा आग बुझाने का अभ्यास। प्रयोग-4ः आपदा सुरक्षा उपकरणों का अध्ययन एवं अभ्यास। प्रयोग-5ः स्कूल स्तर पर आपदा मॉडल प्रबन्धन योजना बनाकर किसी आपदा पर अभ्यास करना। प्रयोग-6ः स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आपदा से निपटने की योजना बनाना। औजारों/उपकरणों की सूची- 1- विभिन्न प्रकार के अग्नि शामक यंत्र - 1 नग 2- प्राथमिक उपचार बाक्स- 3 नग 3- कम्बल- 2 नग 4- सीढ़ी- 1 नग 5- बालू की बाल्टी- 3 नग 6- स्ट्रेचर- 1 नगभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 203 7- रस्सी- 1 गठ्‌ठर 8- हथौड़ी- 2 नग 9- एक्मकेवेटर- 2 नग 10- सीढ़ी- 1 नग 11- डम्पर- 2 नग

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगातमक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगातमक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

संस्तुत पुस्तकें- 1- आपदा एवं आपदा प्रबन्धन- महेष कुमार 2- Disastar Management- Dr. I.Sundar 3- Disastar Management- IGNOU Help Book 4- Environment and Disater Management- Vijram and Ravi (IAS) 5- Together Together a Saber India- 6- Natural Hazards and Disastar Management By – B.C. Jat 7- Natural Hazards and Disastar Management By – R.B. Singh 8- Disastar Management – By Sulphey M.M. 9- Disastar Management- Harsh K. Gupta 10- Disastar Management- Marinalini Panday 1- Disastar Management- S. Mukherjee

सोलर सिस्टम रिपेयर

कक्षा-10 पूर्णांक-70

इकाई-1 सोलर लाइटिंग सिस्टम 10 सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर होम लाइट, सोलर लालटेन, गार्डेन लाइट, ट्रैफिक सिग्नल लाइट, रेलवे सिग्नल लाइट, रोड स्टड एवं कैट लाइट- संरचना एवं कार्य सिद्धान्त। स्टोरेज बैट्री से कनेक्शन देना, डस्क टू डॉन सिस्टम कार्य, अनुरक्षण एवं मरम्मत।

इकाई-2 मरम्मत के औजार एवं उपकरण 10 विभिन्न प्रकार के मरम्मत के औजारों की संक्षिप्त जानकारी, उपयोग एवं उनके रेखाचित्र बनाना, रखरखाव की बातें।

इकाई-3 सोलर कुकर 15 मूल कार्य सिद्धान्त, प्रकार, डिजाइन, निर्माण-सामग्री, घरेलू एवं सामुदायिक सोलर कुकर। सर्विस अनुसूचित, सामान्य अनुरक्षण अनुसूतित, दोष एवं मरम्मत, संक्षारण के रोकथाम।

इकाई-4 मरम्मत प्रक्रम 15 धातु कटिंग, वेल्डिंग, सोल्डरिंग एंव बेंच कार्यों तथा प्लास्टिक मोल्डिंग, बड़ईगीरी, धातु चद्‌दर कार्य की संक्षिप्त जानकारी एवं प्रयुक्त उपकरण का रखरखाव।

204 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-5 सोलर वाटर हीटर एवं कलेक्टर 15 सोलर हाट वाटर सिस्टम का कार्य सिद्धांत, कॉपर फ्लैट प्लेट तथा इवैकुऐटेड ट्‌यूब कलेक्टर सोलर कन्सेनट्रेटर, एस0डब्लु0एच0 के पार्ट, रोधन, इरेक्शन, इलेक्ट्रिक बैक-अप हीटर क्षरण रोधी जोड़ बनाना, कवर ग्लास की देखभाल। इकाई-6 सोलर पम्प एवं पावर प्लांट 05 -सोलर पम्प एवं पावर सिस्टम का कार्य सिद्धांत, देखभाल करना। -सोलर सिस्टम मानिटरिंग, टेस्टिंग एंव रिपेयर, मेंटीनेंस शेड्‌युलिंग।

प्रयोगात्मक कार्य

1 सोलर स्ट्रीट लाइटिंग एवं असेम्बली-कमीशनिंग 2 सोलर लालटेन का कनेक्शन एवं ऊर्जा के खपत की गणना करना। 3 स्टोरेज बैटरी का समान्तर एवं श्रेणी क्रम में जोड़ना। 4 घरेलू लाइटिंग एवं वायरिंग में आने वाले व्यय की गणना एवं आवश्यक सामग्री की सूची बनाना। 5 विभिन्नि प्रकार के मरम्मत औजारों की सूची बनाना एवं अध्ययन तथा चित्रण करना। 6 सोलर कुकर निर्माण के लिए कटिंग, वेल्डिंग एवं सोल्डरिंग करना। 7 सोलर उपकरणों की पेंटिंग करना। 8 सोलर हॉट वाटर (एस0डब्लू0एच0) सिस्टम की कमीशनिंग करना। 9 सोलर पावर सिस्टम की संरचना का अध्ययन करना। 10 किसी सोलर पावन प्लांट का विजिट करके अध्ययन करना। 11 कटिंग प्रैक्टिस, टिम्बर जोड़ बनाना, धातु के चद्‌दर को जोड़ना तथा सूल्किरिंग करना।

शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•   प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                  मई माह
•   द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                       जुलाई माह
•   तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                नवम्बर माह
•   चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                      दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पुस्तकों की सूची

1. सोलर एनर्जी फंडामेटल्स- एच.पी.गर्ग. एवं जे. प्रकाश 2. फोटोवोल्टिायिक टेक्नोलाजी एवं सिस्टम- चेतन सिंह सोलंकी 3. डिजाइन, इंस्टालेसन एवं आपरेशन आफ सोलर पी.वी.प्लांट्‌स- डी.के.त्यागी 4. सौर ऊर्जा- विनोद कु0 मिश्र 5. अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकी- चेतन सिंह सोलंकी

मॉडल

1. सोलर कुकर का मॉडल। 2. सोलर होम लाइट सिस्टम का मॉडल। 3. सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम का मॉडल। 4. सोलर पम्पिंग का मॉडल। 5. सोलर स्ट्रीट लाइट का मॉडल।

लैब टेक्नीशियनः-

1. आई.टी.आई. (इलेक्ट्रिशियन/फिटर)

अतिरिक्त औजारों की सूची

1. वुडेन सा (लकड़ी काटने की आरी) 2. गुनिया 3. ट्राई स्क्वायर 4. रूखानी 5. प्लेनर 6. मार्कर 7. पेटिंग ब्रश 8. बॉक्स सोलर कुकरभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 205

मोबाइल रिपेयरिंग

कक्षा-10

उदद्‌ेश्य-मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम भी है। मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हो रहा है। अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा। 1-छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर रोजगार/स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 1़2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना साथ ही उसमें मोटीवेशन लाना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि जागृत करना। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-70 अंक

15 अंक

इकाई-1 -मोबाइल के संदर्भ में कम्प्यूटर का प्रारम्भिक ज्ञान। -कम्प्यूटर के ऑन/ऑफ की प्रक्रिया। -मोबाइल के संदर्भ में इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रारम्भिक ज्ञान। - इलेक्ट्रॉनिक्स अवयवों के प्रतीक, परिभाषा, परीक्षण व कार्य। -डिजिटल मल्टीमीटर।

इकाई-2

15 अंक

-मोबाइल प्रौद्योगिकी, मोबाइल का परिचय। -विभिन्न प्रकार के कम्पनियाें के मोबाइल। -मोबाइल के विभिन्न भाग व उनका परीक्षण। -मदर बोर्ड की प्रारम्भिक पहचान। -मोबाइल के प्रत्येक भाग जैसे-सिम, प्रकाश, रिंगर, कम्पन, ऑडियो, चार्जिंग की पैड व पावर सेक्शन का परिचय आरेख।

इकाई-3

12 अंक

13 अंक

15 अंक

-;ICs) आइसी (SMD & BGA) विभिन्न आइसी के कार्य। -SMD(ICs) आइसी की सोल्डरिंग व डी सोल्डरिंग। -जम्फर तकनीक और उसका समाधान। इकाई-4 -समस्या का निवारण (TROUBLE SHOOTING AND SOLUTION) -एल0सी0डी0 पर आईकॉन की स्थिति। -सॉफ्टवेयर डाउनलोड विधि। इकाई-5 -Uplink & Downlink frequency (आवृत्ति)। -जी0पी0आर0एस0 (GPRS) -जी0पी0एस0 (GPS) -वाई-फॉय (WI-FI) -ब्लूटूथ (BLUTOOTH) -इन्फ्रा रेड (INFRARED) -डायग्राम-मल्टीमीडिया हेड सेट -एप्लीकेशन को डाउनलोड करना (गेम, टोन, वाल पेपर, इमेजेस एम0पी0-3 मूवी) -डेटा का हस्तान्तरण मोबाइल से PC में करना।

206 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रयोगात्मक (1) हार्डवेयर (Hard Ware)

(a) मोबाइल के विभिन्न मॉडल की जानकारी व कार्य प्रणाली। (b) CDM। तथा GSM तकनीकी की जानकारी। (c) 2 जी तथा 3 जी तकनीक की जानकारी। (d) बैटरी की सम्पूर्ण जानकारी-क्षमता, टेस्टिंग। (e) माइक टेस्टिंग। (f) फाइंड डेड सेट समस्या। (g) नेटवर्किंग। (h) IMD का उपयोग। (i) सर्किट डायग्राम की जांच करना। (j) बजर टेस्टिंग, कम्पन, मदरबोर्ड टेस्टिंग, सर्चिंग (नेटवर्क)।

(2) सॉफ्टवेयर (Soft ware) -कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी प्राप्त करना। -मोबाइल में प्रयुक्त किये जाने वाले सॉफ्टवेयर की जानकारी। -लॉकिंग व अनलॉकिंग की जानकारी। -IMEI नम्बर की जानकारी। -रिंगटोन, सिंगटोन, वालपेपर, ऑडियो, वीडियो, Mp 3 Song SBJ लोड करना। शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.) कक्षा-10 पाठ्‌यक्रम का उद्‌देश्य- राष्ट्र निर्माण एवं विकास में छात्र छात्राओं को उन्मुख करना, उनमें चरित्र निर्माण, नेतृत्व के गुण और विषेष दक्षता दिलाने के साथ-साथ उनमें सुरक्षा, सामाजिक राजनैतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन जैसी समस्याओं और चुनौतियों के लिए जागरूक करना है। जिसमें इनका भविष्य उज्ज्वल एवं उन्नतिशील तथा अनुशासित बन सके। राष्ट्रीय कैडेट कोर विषय में 70 अंकों का एक लिखित प्रश्न पत्र होगा इसका उत्तीर्ण अंक 23 होगा, आंतरिक मूल्यांकन 30 अंक का होगा, इसका उत्तीर्ण अंक 10 होगा लिखित तथा प्रोजेक्ट कार्य में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.)

कक्षा-10 पूर्णांक 70 अंक

इकाई-1 राष्ट्रीय कैडेट कोर 12 अंक (क) संक्षिप्त इतिहास, लक्ष्य, महत्व, उपयोगिता तथा संगठन (ख) राष्ट्रवाद, विभिन्नता में एकता (ग) सिविल डिफेंस संगठन एवं अन्य अर्द्ध सैनिक बलों से संबंध इकाई-2 सैन्य इतिहास एवं युद्ध 12 अंक (क) भारतीय थल सेना की संरचना एवं महत्व बताना (ख) भारतीय नौ सेना/वायु सेना संरचना एवं महत्व इकाई-3 असैनिक चुनौतियां एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर 12 अंक (क) आतंकवाद चुनौतिया, राष्ट्रीय कैडेट कोर की भूमिका (ख) नक्सलवाद चुनौतियॉ, जागरूकता राष्ट्रीय कैडैट कोर की भूमिकाभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 207 इकाई-4 व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व 12 अंक (क) बहुमुखी व्यक्तित्व का विकास (ख) नेतृत्व का महत्व (ग) राष्ट्रीय चरित्र निर्माण इकाई-5 आपदा प्रबंधन एवं आंतरिक चुनौतियॉ 12 अंक (क) प्राकृतिक आपदा एवं उसका प्रबंधन (ख) आंतरिक चुनौतियां एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर की भूमिका इकाई-6 सामाजिक जागरूकता एवं सामुदायिक विकास 10 अंक (क) मूलभूत सामाजिक सेवा की अवधारणा एवं उसकी आवश्यकता (ख) सामाजिक कार्यों के प्रति जागरूकता

प्रोजेक्ट कार्य 1- मानचित्र पर पड़ोसी देशों का अंकन। 2- प्रमुख अंतराष्ट्रीय संगठनों का अध्ययन जैसे- UNO संयुक्त राष्ट्र संघ बायटेक। 3-क्षेत्रीय संगठनों (सार्क एवं आसियान) का अध्ययन 4- मौखिक एवं ड्रिल परीक्षण। (Drill test) 5- भारत में मानचित्र पर राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन। 6- राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आपदा प्रबन्धन पर एक लेख। एन0सी0सी0 प्रयोगात्मक उपकरण एवं अन्य सामग्री की सूची 1. टोपोशीट (मानचित्र) जिला एवं प्रदेश 2. सर्विस प्रोटेक्टर मार्क A 3. प्रिज्मैटिक दिक्‌सूचक (कम्पास) 4. नक्शे (मानचित्र) (अ) संकेतिक चिन्हों का मानचित्र (ब) भारत एवं पड़ोसी राष्ट्र (स) भारत भौगोलिक (द) भारत हिन्द महासागर 5. प्रयोगात्मक नोटबुक शैक्षिक सत्र 2024-25 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य ) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट काय) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

(क) नैतिक, योग तथा खेल एवं शारीरिक शिक्षा

कक्षा-10

इस विषय में 50 अंकों की लिखित परीक्षा एक प्रश्न.पत्र तीन घण्टे का होगा इसी के साथ ही 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा भी होगी। प्रयोगात्मक तथा लिखित परीक्षा विद्यालय स्तर पर होगी। लिखित तथा प्रयोगात्मक परीक्षा में मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को 'ए' 'बी' 'सी' श्रेणी प्रदान की जायेगी जिसका अंकन छात्र के अंक प्रमाण.पत्र मेें किया जायेगा। उद्‌देश्य- 1-बालकों का सर्वांगीण विकास एवं नैतिक गुणों का उन्नयन करना। 2-बालकों के वैयक्तिक, सामाजिक एवं शैक्षिक जीवन में नैतिक भावना का विकास करना। 3-बालकों में स्वस्थ्य नेतृत्व उत्तरदायित्व वहन करने की क्षमता, समय पालन, सदाचार, शिष्टाचार, विनम्रता, साहस, अनुशासन, आत्म सम्मान, आत्मसंयम, समाजसेवा, सभी धर्मों के प्रति आदर एवं सहिष्णुता तथा विश्व बन्धुत्व की भावना का विकास करना।

31 ङ208 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 4-सुदृढ़ शरीर का निर्माण करने हेतु शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं की अभिवृद्धि करना। 5-बालकों के श्रम के प्रति आदर एवं आत्मनिर्भर बनने हेतु उत्पादक कार्यों के प्रति अभिरुचि का सम्वर्द्धन करना। 6-समाज सेवा की भावना का सृजन करना। 7-स्वास्थ्य के प्रति सतत्‌ जागरूकता तथा क्रीड़ा.शालीनता की भावना का विकास करना। 8-बालकों का मानसिक, शारीरिक, नैतिक, सामाजिक एवं संवेदात्मक विकास करना।

नैतिक शिक्षा

सैद्धान्तिक विवेचन कार्य- 3 अंक 1-निम्नलिखित महापुरूषों के जीवन के प्रेरक प्रसंग स्वामी विवेकानन्द, स्वामी दयानन्द, लोकमान्य तिलक, महात्मागांधी, सुभाष चन्द्र बोस, पंडित जवाहर लाल नेहरू, पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी। 2-श्रद्धा, आज्ञापालन, त्याग, सत्य, प्रेम, सहयोग, निःस्वार्थ सेवा, श्रमदान, अहिंसा, मातृशक्ति का सम्मान और देश प्रेम पर आधारित लघु कथायें। 3 अंक 3-मानव अधिकार-जीवन, संरक्षण, सहभागिता, विकास का अधिकार, भारतीय संविधान में बाल अधिकार संरक्षण। 3 अंक 4-स्कूल में बच्चों के अधिकार शिक्षण संस्थानों में बाल अधिकार उल्लंघन, शारीरिक दण्ड, परीक्षा का बोझ, आदर्श अध्यापक। 5-शिकायत प्रणाली, अधिकार संरक्षण आयोग। 3 अंक पुस्तक-मानव अधिकार अध्ययन प्रकाशक माइंडशेयर

15 अंक

2 अंक

खेल एवं शारीरिक शिक्षा इकाई-1 शारीरिक शिक्षा- आधुनिक संकल्पना, आधुनिक समाज में शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता एवं महत्व, शारीरिक शिक्षा एवं सामान्य शिक्षा में सम्बन्ध, राष्ट्रीय एकता में खेलों की भूमिका, सामान्य ज्ञान शिक्षा एवं परीक्षण/सामूहिक वार्ता।

इकाई-2 3 अंक वृद्धि एवं विकास- शारीरिक क्रिया.कलाप में आयु एवं लिंग का अन्तर, बालक एवं बालिकाओं के शारीरिक संरचनाओं में अन्तर, शारीरिक वृद्धि एवं विकास में वंशानुक्रम एवं पर्यावरण का प्रभाव (Body types) इकाई-3 2 अंक चोट- अर्थ, बचाव एवं व्यवस्था eksp Strain, Contusion, Abrasion and Laceration । इकाई-4 2 अंक मांस पेशी तंत्र- परिचय, प्रकार, संरचना, कार्य, शरीर के अंगानुकूल वर्गीकरण, विभिन्न प्रकार के मांस पेशियों के लिये व्यायाम।

इकाई-5 2 अंक शिविर आयोजन- शिविर का अर्थ, उद्देश्य, महत्व, प्रकार, शिविर लगाने की सामग्री, शिविर संगठन। इकाई-6 शारीरिक थकान एवं मानसिक तनाव- (अ) थकान का अर्थ, प्रकार, लक्षण एवं कारण, बचाव एवं निराकरण, Detraining का प्रभाव शारीरिक Fitnes पर प्रभाव।

(ब) मानसिक तनाव के कारण, निराकरण एवं उपचार।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 209

2 अंक इकाई-7 यातायात के नियम- नियम, संकेत, सावधानियां एवं दुर्घटना से बचाव। योग शिक्षा

20 अंक

2 अंक

6 अंक

 1-योग एवं   योगशिक्षा            •   योग : कला एवं विज्ञान
2-योग प्रकार                      •   योग के प्रकार

 मन्त्रयोग एवं हठयोग

 समन्वित वर्गीकरण, कर्मयोग

• प्रमुख योग प्रकारों का विवेचन-

 ज्ञानयोग, कर्मयोग, लययोग, मन्त्रयोग,

राजयोग, हठयोग

6 अंक

3-अष्टांग योग- प्राणायम.प्रत्याहार

• प्राणायाम वैज्ञानिक व्याख्या ▪ श्वसन प्रक्रिया ▪ आक्सीजनेशन (जारण क्रिया) ▪ वैज्ञानिक अनुसंधानात्मक निष्कर्ष

3 अंक

4-षट्‌कर्म एवं स्वास्थ्य • षट्‌कर्म : परिचय

 नेति

5-किशोरावस्थाः सम्बन्ध

3 अंक

जल नेति, सूत्र नेति

• किशोरावस्था स्वस्थ यौनिकता

 किशोरावस्था ः परिवर्तन के साथ सावधानी

संवेदनाएँ, दुष्प्रभाव और यौगिक निदान

बरतने की अवस्था

पूर्णांक-50

2 अंक

2 अंक

2 अंक

4 अंक

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम 1-अभ्यास सारणियां- (क) सामूहिक पी0टी0। (ख) योगाभ्यास। (1) मयूर आसन। (2) शीर्ष आसन। (3) कपाल भाती। 2-कवायद और मार्च- (1) रूट मार्च। (2) कवायद और मार्च में गहन अभ्यास। (3) समारोह परेड नेतृत्व का प्रशिक्षण। 3-लेजिम- चौमुखी मोरचाल। 4-जिमनास्टिक/लोकनृत्य- (क) जिमनास्टिक एवं मलखंब (लड़कों के लिये) (1) मछली। (2) एक हाथी। (3) कमानी उड़ी। (4) दो हत्थी घोड़ा। (5) सुई डोरा। (6) कान मिट्‌टी। (7) बेल। (8) पिरामिड। मलखंब के लिये शिखर पर खड़े हों। (1) घोड़ा (पैरलल बार्स)। (2) रेस्टिंग ऑन बोथ बार्स क्लिफ ऑफ फॉरवर्ड। (3) बेन्ट आर्म डबल मार्च फॉरवर्ड (बाजू झुकाकर आगे की ओर तेजी से बढ़ना)।

210 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(4) आगे और पीछे की ओर झूलना और आगे की ओर प्रत्येक एक बार झूलने पर बाजुओं को झुकाना।

(5) झूलते हुये बाजू को झुकाना, पीठ ऊपर की ओर उठाना। (6) डिप्स। (7) पिरामिड-विभिन्न रचनायें। (ख) लोकनृत्य (लड़कियों के लिये) एक लोकनृत्य उसी क्षेत्र का तथा एक किसी अन्य क्षेत्र का। (लड़कों के लिये) हाई स्कूल स्तर अर्थात्‌ 8 से 11 की ऐसे लोकनृत्यों की सिफारिशें की जाती हैं जिसमें पर्याप्त शारीरिक श्रम पड़ता है।

5 अंक

5 अंक

5-बड़े खेल/छोटे खेल और रिले- (क) बड़े खेल- बड़े खेल की आधारभूत तकनीकें। खेलों में भाग लेना। (ख) छोटे खेल- (1) थ्री कोर्टडॉज बॉल। (2) स्काउट। (3) पोस्ट बॉल। (4) बाउन्स हैण्ड बॉल। (5) पुट इन टू द सर्किल। (6) स्टीलिंग स्टिक। (7) लास्ट कपल आउट। (8) सेन्टर बेस। (9) सोल्जर्स तथा ब्रिगेड। (10) सर्किल चेन। (ग) रिले- कोई नहीं। 6-धावन तथा मैदान की प्रतियोगितायें परीक्षण और पदयात्रा- (क) धावन पथ और मैदान की प्रतियोगितायें- (1) 100 मी0 की दौड़। (1) रिले। (2) 800 मी0 की दौड़। (2) जैवलिन थ्रो। (3) लम्बी छलांग। (3) डिस्कस थ्रो। (4) ऊँची छलांग। (5) शॉट पुट। (6) 4×100 मी0 रिले (तकनीक)। (7) डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो (तकनीक)। (ख) परीक्षण-राष्ट्रीय शारीरिक दक्षता- (1) मानक निष्पति परीक्षण। (2) शक्ति/सहनशक्ति परीक्षण। (ग) पदयात्रा- क्रॉस कन्ट्री। लड़को के लिये पदयात्रा- (1) 6.44 से 7.25 किलोमीटर (4 से 4.5 मील)। (2) 4.83 से 6.44 किलोमीटर क्रॉस कन्ट्री (3 से 4 मील)। लड़कियों के लिये पद यात्रा- (1) 1.61 से 4.03 किलोमीटर (1 से 2 मील) लड़कों के लिये क्रॉस कन्ट्री। (2) 0.81 से .42 किलोमीटर (0.5 से 1.5 मील) लड़कियों के लिये क्रॉस कन्ट्री। 7-मुकाबले के लिये- (क) साधारण मुकाबले- (1) पंजा झुकाना (फिंगर बैंड)। (2) खींच कर खड़ा करना (पुट टू स्टैण्ड)।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 211

(3) छड़ी धकेल (पुश अवे)। (4) छड़ी खींच (पुल इन)। (5) रिक्शा खींच (रिक्शा पुल)। (6) रिक्शा ठेल (रिक्शा पुश)। (7) जमीन से उठाना (लिफ्ट ऑफ)। (ख) सामूहिक मुकाबले- (1) छड़ी और कैदी (रेड्‌स ऐण्ड ब्ल्यूज)। (2) जहरीली मुंगरी (प्वाइज़न क्लब)। (ग) कुश्ती- (1) पटका कम। (2) पटका कम के लिये तोड़। (3) दो दस्ती। (4) लाना। (5) उखेड़। (घ) जूडो- (1) एक हाथ की पकड़ छुड़ाना। (2) दोनों कलाइयों की पकड़ छुड़ाना। (3) एक ही जगह में कलाई पर दो दोहरी पकड़ छुड़ाना। (4) सामने के गले की पकड़ छुड़ाना। (5) सामने के बालों की पकड़ छुड़ाना। (6) सिर पर प्रहार से बचाव। (7) पीछे से कमीज की पकड़ छुड़ाना। (8) पीछे से की गयी कमर की पकड़ छुड़ाना। (9) सामने से की गयी कमर की पकड़ छुड़ाना। (ङ) कटार चलाना- जाम्बिया। लड़कियों लिये- (1) पैर के प्रहार से बचाव। (2) कमर पर प्रहार से बचाव। (3) चार बार। 8-राष्ट्रीय आदर्श और अच्छी नागरिकता, व्यावहारिक परियोजना और सामूहिक गान- 4 अंक (क) राष्ट्रीय आदर्श और अच्छी नागरिकता- (1) अच्छी आदत। (2) हमारे संविधान के मूल आधार। (3) पंचवर्षीय योजनायें और हाल में हुए विकास कार्य। (4) भारतीय संस्कृति। (ख) व्यावहारिक परियोजनायें कोई नहीं- (1) प्राथमिक उपचार। (2) समाज सेवा। (3) भीड़ का नियन्त्रण। (4) खेल.कूद का आयोजन। (ग) सामूहिक गान- राष्ट्रीय गीत-एक गीत क्षेत्रीय भाषा में एक किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा और एक राष्ट्र भाषा में। 9-(1) वृद्धों, विकलांगों, रोगियों, असहायों एवं निर्धनों की सेवा सुश्रुषा करना- 2 अंक (2) साक्षरता अभियान, पर्यावरण संरक्षण आदि में योगदान करना। विचार/सुझाव- जिम्नास्टिक, खेल से सम्बन्धित खेल विशेषज्ञ से Practical की सलाह ली जाये। इसी प्रकार छोटे खेल (सहायक मनोरंजन खेल) की। शारीरिक शिक्षा, मार्चपास्ट हेतु N.C.C. विभाग Sports Medicine हेतु डॉक्टर, डांस हेतु डांस टीचर आदि विशेषज्ञों की सेवायें ली जाये। ''हम और हमारा स्वास्थ्य'' प्रकाशक ''होप इनीशियेटिव''।

212 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

10-सूक्ष्म व्यायाम • पैर की अंगुलियों के लिए 6 अंक

• एड़ी एवं पूरे पैर के लिए

• पंजों के लिए

• घुटने एवं नितम्बों के लिए

• घुटनों के लिए

• पेट तथा कमर के लिए

• पीठ के लिए

• हाथ की अंगुलियों के लिए

• पूरे हाथ के लिए

• कोहनी के लिए

• गर्दन के लिए

• आँखों के लिए

11-आसन और स्वास्थ्य • खडे़ होकर किए जाने वाले पाश्र्व उत्तासन, परिवृत पाश्र्व कोणासन,उत्थितपाश्र्व कोणासन, बकासन 6 अंक • बैठकर किए जाने वाले पद्‌मासन, वज्रासन, आकर्ण. धनुरासन,

हस्तपादांगुष्ठासन, मेरुदण्डासन, भू.नमासन.I • पेट के बल मकरासन.II, तिर्यक्‌ भुजंगासन। • पीठ के बल सेतुबन्धासन, कर्णपीड़ासन, सर्वांगासन, शीर्षासन,

शवासन

12-मुद्रा और स्वास्थ्य • मुद्रा : परिचय एवं प्रकार 4 अंक

 हस्तमुद्राएँ

-पंचतत्त्वों का संतुलन मुद्रा अभ्यास हठयौगिक मुद्राएँ  वरुणमुद्रा, धारणाशक्तिमुद्रा  विधी, लाभ एवं सावधानी

• भस्त्रिका, कपालभाति (प्राणायाम), 4 अंक

• नाड़ी शोधन, सूर्यभेदी

13-प्राणायाम ः अर्थ एवं प्रकार, प्राणायाम हेतु कुछ नियम, विविध प्राणायाम, विधि, लाभ एवं सावधानियाँ

• योगनिद्रा-तनाव मुक्ति की एक प्रक्रिया

14- निद्रा, अनिद्रा एवं योगनिद्रा

महापुरुषों की जीवन गाथा का अध्ययन

1. मंगल पाण्डेय 2. रोशन सिंह 3. सुखदेव 4. लोकमान्य तिलक 5. गोपाल कृष्ण गोखले 6. महात्मा गांधी 7. खुदी राम बोस 8. स्वामी विवेकानन्द 9. स्वामी दयानन्द सरस्वतीभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 213

(ख) समाजोपयोगी उत्पादक, कार्य एवं समाज सेवा कार्य

कक्षा-10

(ख) समाजोपयोगी उत्पादक एवं समाज सेवा कार्य-

स्थानीय सुविधानुसार निम्नलिखित में से कोई कार्य कराया जाय।

(1) विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां बोना।

(2) विद्यालय में घास का लान तैयार करना।

(3) गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाना।

(4) विद्यालय की बाउण्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना।

(5) वृक्षारोपण।

(6) कताई-बुनाई।

(7) काष्ठ शिल्प।

(8) ग्रन्थ शिल्प।

(9) चर्म शिल्प।

(10) धातु शिल्प।

(11) धुलाई, रफू, बखिया।

(12) रंगाई और छपाई।

(13) सिलाई।

(14) मूर्ति कला।

(15) मत्स्य पालन।

(16) मधुमक्खी पालन।

(17) मुर्गी पालन।

(18) साग-सब्जी का उत्पादन।

(19) फल संरक्षण।

(20) रेशम तथा टसर का काम।

(21) सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण।

(22) हाथ से कागज बनाना।

(23) फोटोग्राफी।

(24) रेडियो मरम्मत।

(25) घड़ी मरम्मत।

(26) चाक तथा मोमबत्ती बनाना।

(27) कालीन एवं दरी का निर्माण।

(28) फूलों, फलों तथा सब्जियों के पौधे तैयार करना।

(29) लकड़ी, मिट्‌टी आदि के खिलौने का निर्माण।

(30) बेकरी और कन्फेक्शनरी का काम।

(31) उपर्युक्त की सुविधा न होने पर कोई स्थानीय प्रचलित कार्य।

214 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

उपर्युक्त कार्यों के लिये निर्धारित पाठ्‌यक्रम

एक–विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां बोना

उद्देश्य– (1) छात्रों में बोध कराना कि ऋतु फूल-पत्तियों को लगाने तथा सब्जियों को बोने से जहां एक ओर आस-पास की वायु शुद्ध होती है, प्रदूषण दूर होता है, वहीं दूसरी ओर ताजी सब्जियां खाने को मिलती है, जिससे शरीर के स्वास्थ्य के लिये आवश्यक विटामिन तथा खनिज लवणों की आपूर्ति होती है। (2) छात्रों का ऋतु के अनुसार फूल-पत्तियों तथा सब्जियों का चयन कर उन्हें लगाने तथा उनकी खेती करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) शीतकाल में सोया, मेथी, पालक, फूलगोभी, गांठ-गोभी, पात गोभी, लहसुन, प्याज, कलेन्डुला, डेहलिया, स्टोशियन, गुलदाउदी, सूरजमुखी आदि के पौध लगाना। (2) ग्रीष्मकाल में कैना कोचिया, पोर्टलाका, बनीनिया आदि के पौध लगाना। (3) अक्तूबर-नवम्बर (शरद ऋतु) में गुलाब के पौध लगाना। (4) पौधों की सुरक्षा के उपाय करना, बाड़े लगाना। (5) समय-समय पर सिंचाई करना आदि।

दो–विद्यालय में घास का लांन तैयार करना

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि मैदान में घास लगाने से विद्यालय की सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ भूमि का कटाव नहीं होता, भूमि में फिसलन नहीं होती, लान की हरी-हरी घास नेत्रों की रोशनी के लिये लाभदायक होती है तथा घास के बढ़ने पर उनसे पशुओं के लिये चारा भी उपलब्ध हो सकता है। (2) छात्रों में विद्यालय तथा घर के आस-पास की रिक्त भूमि पर घासों का लांन तैयार करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) तैयार मिट्‌टी के दूब या इसी प्रकार की लांन के लिये उपयुक्त अन्य घास के पौधे रोपना तथा पानी देना। (2) समय-समय पर सिंचाई करना तथा उर्वरक (यूरिया आदि) डालना। (3) घास बड़ी होने पर उसकी समुचित कटाई करते रहना जिससे लांन की मखमली सुन्दरता बनी रहे। (4) घास की कीटों से नष्ट होना तथा पशुओं से बचाने के लिये सुरक्षा के उपाय करना।

तीन–गमलों में दीर्घजीवी, शोभायुक्त पौधे लगाना

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि घर के आस-पास भूमि की कमी या अभाव होने पर भी गमलों में दीर्घ-जीवी, शोभायुक्त पौधे लगाये जा सकते हैं, जिनसे पर्यावरणीय प्रदूषण कम किया जा सकता है। (2) छात्रों में सुरुचि एवं सौन्दर्य भावना जागृत करने के लिये गमलों में दीर्घजीवी, शोभायुक्त पौधे लगाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) गमलों में अनावश्यक रूप से उगने वाले खर-पतवार की सफाई तथा समय-समय पर खुरपी की सहायता से हल्की गुड़ाई। (2) गमलों को आवश्यकतानुसार धूप तथा छाया में रखने की जानकारी। (3) गमलों को जानवरों से बचाने के उपाय। (4) आवश्यकतानुसार पौधे के ऊपर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव।

चार–विद्यालय की बाउन्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि विद्यालय की शोभा इसकी बाउन्ड्री पर हेज तथा लतायें लगाने से बढ़ती है, साथ ही इससे पर्यावरणीय प्रदूषण कम होता है तथा मिट्‌टी का क्षरण रुकता है। (2) छात्रों में विद्यालय (साथ ही घर) की बाउन्ड्री पर हेज अथवा लतायें लगाने का शौक तथा कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) लताओं को लगाने हेतु किसी उपयुक्त तथा मनपसन्द लता का चुनाव कर उसे वर्षा ऋतु में लगाना। (2) पशुओं से सुरक्षा के उपाय करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 215

(3) समय-समय पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करना। (4) हेज तथा लताओं को समय-समय पर करीने से कटिंग करना। (5) आवश्यकतानुसार खाद एवं उर्वरक डालना।

पाँच–वृक्षारोपण

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि वृक्ष मानव जाति के अस्तित्व के लिये आवश्यक है, इनसे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचता है, भूमि का कटाव रुकता है, समय पर उपयुक्त वर्षा होती है, भोज्य पदार्थ, औषधियां, इमारती तथा ईंधन की लड़कियां प्राप्त होती हैं। वृक्ष वास्तविक अर्थ में मानव के सच्चे मित्र एवं रक्षक हैं। (2) छात्रों में वृक्षारोपण का शौक तथा कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) जिन वृक्षों के बीज बोये जाते हैं, उन वृक्षों के बीज तैयार कर गड्‌ढों में वर्षा ऋतु में बोना। (2) वृक्षों की सुरक्षा हेतु आवश्यक उपाय करना, जाली अथवा बाड़ लगाना। (3) समय-समय पर खर-पतवार निकालना, गुड़ाई-निराई करना तथा सिंचाई करना। (4) आवश्यकतानुसार शाखाओं, प्रशाखाओं की कटिंग करना।

छः–कताई-बुनाई

उद्देश्य– (1) छात्रों की सूत, खजूर की पत्ती, नाइलोन का धागा तथा सुतली से बुनाई करने को बोध कराना। (2) आसनी बुनना, चटाई बुनना तथा टाट-पट्‌टी बुनने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) गांठे लगाने का अभ्यास। (2) नटे व इकहरे ताने की पहचान। (3) ताने की बॉबिन भरना, ताना करना, केथी तथा वयभरी ताना लूम पर चढ़ाना, ताना बीम चढ़ाना आदि। (4) खादी बुनावट का अभ्यास। (5) सूती सादी चादर, धारीदार तथा चारखानेदार चादरों के बुनने का अभ्यास। (6) आसन बुनने का अभ्यास आदि।

सात–काष्ठ-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि भव्य इमारतों तथा फर्नीचरों के निर्माण तथा सजावट की वस्तुयें तैयार करने में काष्ठ-शिल्प का ज्ञान नितान्त आवश्यक है। (2) इस कला द्वारा छात्रों के साथ नेत्र एवं मस्तिष्क में सामंजस्य स्थापित होता है।

पाठ्‌यक्रम

(1) जोड़ की शुद्धता एवं लकड़ी की प्लेनिंग करना। (2) कील तथा पेंच का सही ढंग से प्रयोग करना। (3) छात्रों को छोटी टेबुल, स्टूल, बेंच तथा लकड़ी की कुर्सियों के निर्माण का अभ्यास।

आठ–ग्रन्थ-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों को पुस्तकों एवं अभ्यास पुस्तिकाओं को दीर्धकाल तक सुरक्षित रखने का बोध कराना। (2) छात्रों में पुस्तकों को सिलने तथा उनकी जिल्दसाजी का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) लई, अधरी तथा सुसज्जा के अन्य वस्तुओं की जानकारी तथा उन्हें तैयार करने का अभ्यास। (2) विभिन्न साइजों एवं आकृतियों के लिफाफे, राइटिंग पैड, फाइलें, अलबम, चित्रों के फ्रेम व केस आदि तैयार करने का अभ्यास। (3) हिन्दी व अंग्रेजी अक्षरों को कलात्मक ठंग से लिखने का अभ्यास करना।

नौ–चर्म-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि दैनिक जीवन में चर्म से बनी वस्तुयें कितनी उपयोगी हैं। (2) छात्रों में चर्म से विभिन्न प्रकार की दैनिक जीवनोपयोगी वस्तुओं के निर्माण का कौशल विकसित करना।

32 ङ216 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पाठ्‌यक्रम

(1) स्कूल बैग, होल्डाल आदि के किनारों पर चमड़े की पट्‌टी लगाने का अभ्यास। (2) विभिन्न प्रकार के पर्स, चश्मा केश, कंघा केश, चाभी केश आदि बनाने का अभ्यास।

दस–धातु-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों की धातु-अधातु में अन्तर तथा धातुओं के महत्व को बोध कराना। (2) छात्रों का धातुओं से बनी दैनिक जीवन में उपयोगी वस्तुओं के मामूली टूट-फूट की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) रिबट के द्वारा जोड़ने, रांगे से जोड़ने तथा सोम जोड़ का अभ्यास। (2) लोहे तथा टीन की चादरों द्वारा सही माप के डिब्बे तथा छोटे बक्से तैयार करने का अभ्यास। (3) टिन की चादर से सरल प्रकार के छोटे खिलौने तैयार करने का अभ्यास।

ग्यारह–धुलाई, रफू तथा बखिया

उद्देश्य– छात्रों को बोध कराना कि धुलाई, रफू तथा बखिया द्वारा प्रत्येक परिवार में प्रयोग होने वाले वस्त्रों को अधिक समय तक पूर्व चमक-दमक के साथ चलाया जा सकता है तथा इस प्रकार आर्थिक बचत की जा सकती है।

पाठ्‌यक्रम

(1) ऊनी, सूती, रेशमी कपड़ों की मरम्मत का अभ्यास। (2) रफू करने की विधि तथा रफू करते समय सही टांके लगाने का अभ्यास। (3) माड़ी लगाना, हर प्रकार के कपड़ों पर सही ढंग के ताप का ध्यान रखते हुये लोहा करना तथा फिनिशिंग का अभ्यास।

बारह–रंगाई तथा छपाई

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि हर प्रकार के वस्त्रों को किस प्रकार रंगाई तथा छपाई कर उन्हें नयनाभिराम तथा आकर्षक बनाया जा सकता है। (2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की रंगाई-छपाई के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) सूत का बेसिक रंग से रंगाई का अभ्यास। (2) ऊन और रेशम की अम्लीय रंगों से रंगाई का अभ्यास। (3) सूती मेजपोश, रूमाल तथा तकिया का गिलाफ, रेपिड फास्ट रंगों से छापा छापने का अभ्यास। (4) स्टेन्सिल ब्रश से छपाई करने का अभ्यास।

तेरह–सिलाई

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि सिलाई कला के अभ्यास से पर्याप्त धन की बचत की जा सकती है। (2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की सिलाई के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) सिलाई की मशीन के विभिन्न कल-पुर्जों तथा उनके कार्य की जानकारी। (2) नाप लेने के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष प्रणाली का ज्ञान तथा अभ्यास। (3) विभिन्न प्रकार की पोशाकों के लिये पेपर कटिंग का अभ्यास। (4) बच्चे, स्त्री तथा पुरुषों के सामान्य प्रयोग की पोशाकों की सही कटिंग करना तथा उनकी सिलाई का अभ्यास लड़कियों का कुर्त्ता, सलवार, ब्लाउज़, पेटीकोट, अन्डरवीयर, कुन्देदार पैजामा, सादा फुलपैण्ट, कुर्ता, कमीज बंगला कुर्ता, फ्रॉक, नेकर आदि)।

चौदह–मूर्ति कला

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि मूर्ति कला का जीवन से कितना गहरा सम्बन्ध है, यह विगत स्मृतियों को जीवित रखने का एक मुख्य साधन है। (2) छात्रों में मूर्ति कला के कौशल का विकास करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 217

पाठ्‌यक्रम

(1) अनेक प्रकार की डिज़ाइन बनाने का अभ्यास। (2) भट्‌ठी में बर्तन तथा मूर्तियां पकाने का अभ्यास। (3) मूर्ति-कला में रंगों की जानकारी तथा उसका सही प्रयोग और कलानुसार सजावट का अभ्यास। (4) दैनिक जीवन में प्रयोग आने वाले बर्तन-गिलास, कटोरी, प्याले, दीपक, तस्तरी राखवानी, धूपवानी, फूलदान, गमला, फूलों की आकृतियाँ, फल, सब्जियों के मॉडल आदि बनाने सुखाने, पकाने तथा रंगने का अभ्यास।

पन्द्रह–मत्स्य पालन

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि मत्स्य पालन से पौष्टिक आहार प्राप्त होता है, मत्स्योत्पादन एक लाभकारी उद्योग है। (2) छात्रों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करना तथा सही विधि से मत्स्य पालन करना सिखाना।

पाठ्‌यक्रम

(1) मत्स्य के जीवन वृत्तान्त की जानकारी तथा टैंक में मत्स्य पालन का अभ्यास। (2) भारत में पायी जाने वाली मत्स्य की साधारण किस्मों की जानकारी तथा उनके पालने की विधि की जानकारी एवं अभ्यास। (3) तालाब में मत्स्य की खेती का अभ्यास।

सोलह-मधुमक्खी पालन

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि मधु एकत्र करने के लिये मधुमक्खियों को पाला जा सकता है। (2) छात्रों को बोध कराना है कि मधु अनेक दवाइयों में प्रयुक्त होती है तथा अत्यन्त स्वास्थ्यवर्धक भोज्य पदार्थ है। (3) छात्रों में मधुमक्खियों को मौन गृह में रखना तथा उनके रख-रखाव और शहद निकालने का कौशल विकसित करना है।

पाठ्‌यक्रम

(1) फलों के मौसम के अनुसार मौनवंशों की इकाई बदलते रहने की जानकारी। (2) अधिक ठंड से मौनगृहों की सुरक्षा के उपाय करना। (3) अधिक गर्मी से मौनगृहों की सुरक्षा के उपाय करना।

(4) चीटियों से मौनगृहों की सुरक्षा के उपाय करना। (5) मधुमक्खियों को रोगों तथा शत्रुओं से बचाने के उपाय करना। (6) मधुमक्खियों के लिये उचित भोजन पानी की जानकारी। (7) मौनगृहों से शहद एकत्र करने की विधि की जानकारी।

सत्रह-मुर्गी पालन

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि प्रोटीन भोजन का एक मुख्य अवयव है। प्रोटीन का सरलता से उपलब्ध होने वाला प्रमुख साधन अण्डा है जिसे मुर्गी पालन से प्राप्त किया जा सकता है। (2) छात्रों में मुर्गी के आवास व्यवस्था, रख-रखाव, रोग तथा उनके उपचार मुर्गी फार्म के हिसाब से रख-रखाव का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) चूजे इन्क्यूप्रेटर से निकालने के 48 घन्टे बाद फार्म से ले आकर उसे विधिवत्‌ पालना, कीडे़ मारने की दवाइयां देना, टीके लगवाना, उचित दाना-पानी तथा प्रकाश की व्यवस्था करना। (2) बेकार और बीमार मुर्गियों की पहचान करना तथा उन्हें छांटकर अलग करना। (3) दिन में 4 बार एक निश्चित समय पर अण्डे एकत्र करना।

(4) बाड़े की सफाई, बिछावन की सफाई, पानी के बर्तनों एवं फीडर्स की नियमित सफाई करना। (5) मुर्गी फार्म के हिसाब से रख-रखाव की जानकारी प्राप्त करना।

218 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

अट्‌ठारह-शाक-सब्जी का उत्पादन

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि आहार में शाक-सब्जी का कितना महत्वपूर्ण स्थान है तथा वे सब प्रकार के विटामिन, खनिज एवं लवणों की आपूर्ति कर हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं तथा रोगों से लड़ने की क्षमता उत्पन्न करते हैं। (2) छात्रों में मौसम के अनुसार शाक-सब्जी को पैदा करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) शाक-सब्जी में लगने वाले कीड़ों, रोगों की जानकारी तथा उनसे सुरक्षा के उपाय। (2) कीटनाशक दवाओं के प्रयोग में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी तथा अभ्यास। (3) खेत से शाक-सब्जी निकालने की सही विधि की जानकारी।

(4) शाक-सब्जी के सड़ने के कारणों तथा उसे बचाने के उपायों की जानकारी व उनका रख-रखाव। (5) शाक-सब्जी के संरक्षण की जानकारी, बोतल बन्दी तथा डिब्बा बन्दी की जानकारी, उनसे लाभ-हानि।

उन्नीस-फल संरक्षण

उद्‌देश्य- (1) फलों के नष्ट होने की प्रक्रिया का छात्रों को बोध कराना। (2) विभिन्न प्रकार के फलों के संरक्षण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) टमाटर की सॉस बनाने का अभ्यास। (2) कोहड़े का केचअप बनाने का अभ्यास। (3) नींबू या मालटा का स्क्वैश बनाने का अभ्यास।

(4) उपर्युक्त तैयार सामग्रियों के डिब्बा बन्दी की जानकारी। (5) सावधानियां तथा सुरक्षा के नियमों की जानकारी।

बीस-रेशम तथा टसर का काम

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि रेशम के कीड़ों का पालन कर रेशम का धागा प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में शहतूत के पौधों का उत्पादन करना, शहतूत के पौधों पर रेशम के कीटों का पालन करना, प्यूपा (कोया) एकत्र कर उनसे रेशम का धागा प्राप्त करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) शहतूत के पेड़ तथा पत्तियों को शत्रु कीटों से बचाना, शहतूत की रक्षा करना। (2) शहतूत के पौधों को समय-समय से खाद एवं पानी देना। (3) शहतूत की पत्ती तोड़ने की विधियों की जानकारी, उनका तुलनात्मक अध्ययन तथा अभ्यास।

(4) रेशम कीट की बीमारियों की पहचान तथा उनसे रेशम कीड़ों के बचाव के उपाय करना।

इक्कीस-सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि सुतली तथा टाट-पट्‌टी कुटीर उद्योग है जिससे ग्रामीण अर्थ व्यवस्था सुधारने में सहायता मिल सकती है तथा कम पूंजी में इसे प्रारम्भ किया जा सकता है एवं इसके लिये कच्चा माल सुगमता से प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में सुतली तथा टाट-पट्‌टी के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) टाट-पट्‌टी बुनने की मशीन की जानकारी प्राप्त करना तथा उस पर कार्य करने का अभ्यास करना। (2) अच्छे किस्म की रस्सी का निर्माण का अभ्यास करना। (3) सादी तथा रंगीन टाट-पट्‌टी के निर्माण का अभ्यास करना तथा अच्छी फिनिशिंग का अभ्यास करना।

बाइस-हाथ से कागज बनाना

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि आधुनिक युग में ज्ञान के विकास तथा उसे सुरक्षित रखने में कागज का महान योगदान है।

(2) छात्रों में हाथ से कागज बनाने के कौशल का विकास करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 219

पाठ्‌यक्रम

(1) कागज को सुखाने तथा पालिश करने की विधि की जानकारी तथा उसका अभ्यास। (2) ग्लेजिंग करना। (3) स्याही सोख कागज तैयार करना।

(4) बेकार लुग्दी का प्रयोग करना।

तेईस-फोटोग्राफी

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि विगत स्मृतियों को साकार रूप से सुरक्षित रखने के लिये फोटोग्राफी एक सशक्त माध्यम है।

(2) छात्रों को फोटो खींचने, उनका डेवलपमेन्ट करने, प्रिंटिंग तथा इन्लार्जमेन्ट करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) निगेटिव की टचिंग तथा कलर करना। (2) प्रिंटिंग बाक्स द्वारा कान्टेक्ट प्रिन्ट करना। (3) इनलाइजर से इन्लार्जमेन्ट बनाना।

(4) इन्लार्जमेन्ट तैयार होने के बाद फोटो को कलर करना और फिनिशिंग करना। (5) किसी फोटो से इन्लार्जर द्वारा निगेटिव तैयार करना। (6) रंगीन फोटोग्राफी की जानकारी तथा अभ्यास।

सावधानियां-

(1) प्रिंटिंग डेवलपिंग का कार्य डार्करूम में ही करें। (2) लाल प्रकाश में ही प्रिंटिंग, डेवलपिंग करें, कार्य समाप्त होने के बाद ही।

चौबीस-रेडियो मरम्मत

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेप रिकार्डर तथा टू-इन-वन के बारे में बोध कराना।

(2) रेडियो तथा ट्रांजिस्टर की असेम्बलिंग एवं रिपेयरिंग का कौशल विकसित करना। (3) टेप रिकार्डर तथा टू-इन-वन की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) टेप रिकार्डर के दोषों को ढूढ़ने एवं उन्हें सुधारने का अभ्यास। (2) टू-इन-वन के दोषों को ढूढ़ने तथा उन्हें सुधारने का अभ्यास। (3) रेडियों तथा ट्रांजिस्टर की असेम्बलिंग का अभ्यास।

(4) बैटरी एलीमिनेटर की जानकारी। (5) अपेक्षित सावधानियों तथा सुरक्षा के नियमों की जानकारी (विशेषतः विद्युत्‌ आघात से बचने के लिये सही उपायों तथा सुरक्षा नियमों की जानकारी)।

पच्चीस-घड़ी मरम्मत

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में कम लागत में घड़ियों की मरम्मत तथा रख-रखाव की क्षमता का विकास करना।

(2) मैकेनिकल तथा एलेक्ट्रिकल प्रकार की कलाई घड़ी, टेबुल घड़ी तथा दीवार घड़ी की मरम्मत, सर्विसिंग और संयोजन (असेम्बली) का कौशल विकसित करना।

(3) छोटे-छोटे कल-पुर्जों को लेकर किये जाने वाले कार्यों में बरतने योग्य सावधानियों का अभ्यास करना।

पाठ्‌यक्रम (1) विभिन्न प्रकार की घड़ियों को खोलना, सफाई करना, टूटे पुर्जों की मरम्मत करना अथवा उसके स्थान पर उपयुक्त ढंग से नये पुर्जे लगाना तथा टाइप सेटिंग करना, ओवरहॉलिंग करना। (2) घड़ियों के क्रय-विक्रय में अपेक्षित सावधानियों की जानकारी। (3) सावधानियां एवं सुरक्षा के नियम।

(4) घड़ी मरम्मत की कार्यशाला के प्रबन्ध सम्बन्धी जानकारी।

220 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

छब्बीस-चाक एवं मोमबत्ती बनाना

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि कम लागत की पूंजी में चाक एवं मोमबत्ती का लघु कुटीर उद्योग प्रारम्भ किया जा सकता है जिसकी खपत आस-पास के परिवेश में हो सकती है।

(2) छात्रों में चाक एवं मोमबत्ती बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) जब सांचे के अन्दर मोम जम जाये तो सांचे को पानी के बाहर निकालना तथा ऊपर एवं नीचे का धागा चाकू से काट कर सांचे को खोलना एवं मोमबत्ती बाहर निकालना। (2) तैयार मोमबत्ती की पैकिंग कर विक्रय हेतु तैयार करना। (3) पैराफीन मोम को कम आंच पर पिघलाना चाहिये। अतः इसका सावधानीपूर्वक अभ्यास करना।

सत्ताइस-कालीन तथा दरी का निर्माण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि विभिन्न अवसरों पर बिछाने तथा ड्राइंग रूम को सजाने में कालीन तथा दरी का भारी उपयोग होता है।

(2) छात्रों में कालीन तथा दरी बुनने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) दरी बुनाई, गणित व विभिन्न प्रकार की डिजाइनों की जानकारी व तद्‌नुसार बुनाई का अभ्यास। (2) कालीन बुनाई की तकनीक की जानकारी व बुनाई का अभ्यास। (3) कालीन की धुलाई, कालीन के सीधे और धागों की छंटाई तथा सतह को चिकना बनाने का अभ्यास।

(4) दरी तथा कालीन बुनने में सावधानियों की जानकारी।

अट्‌ठाइस-फूलों, फलों तथा सब्जियों की पौध तैयार करना

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि अच्छी प्रजाति के पौधे तैयार कर उनके सही रोपण द्वारा पौधे शीघ्र बढ़ते हैं तथा उनसे उत्पादन भी अधिक होता है।

(2) छात्रों में मौसम के अनुसार सब्जियों तथा फूलों का चयन कर उनकी पौध तैयार करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) स्थानीय मांग के अनुसार फूलों, फलों तथा सब्जियों की पौध तैयार करना। (2) पौध लगाने के लिये भूमि की तैयारी करना, भूमि की चारों ओर फेसिंग (बाड़) लगाने का कार्य करना तथा सिंचाई की व्यवस्था करना। (3) पौध तैयार करने के लिये उपर्युक्त खाद तथा उर्वरकों का ज्ञान एवं सही चुनाव का अभ्यास।

(4) पौध तैयार करने के लिये अच्छे बीजों के चुनाव की जानकारी।

उन्तीस-लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौनों का निर्माण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने बच्चों के लिये आकर्षण के केन्द्र तथा ड्राइंग रूम सजाने के लिये सुन्दर साधन होते हैं।

(2) छात्रों में लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) खिलौनों को चिकना बनाने तथा विभिन्न रंगों के प्रयोग की जानकारी तथा अभ्यास। (2) ठोस गोलों और पट्‌टे की विधि से अनेक फल जैसे नारंगी, अनार, सेब, अमरूद, नाशपाती, तरकारियां, टमाटर, मूली, बैगन व अन्य पशु-पक्षियों के लिये जैसे हिरन, खरगोश, गाय, बैल, हंस, मोर, तोता, बतख आदि तैयार करने का अभ्यास। (3) साधारण फल, पत्तियोें सहित जैसे कमल, सूरजमुखी, डेलिया, आदि बनाना।

(4) मिट्‌टी के खिलौने के रख-रखाव में अपेक्षित सावधानियां तथा सुरक्षा के उपायों की जानकारी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 221

तीस-बेकरी तथा कन्फेक्शनरी का कार्य

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना है कि सामान्यतः नाश्ते में प्रयोग किये जाने वाले बिस्कुट तथा केक आदि सरलता से घर में बनाये जा सकते हैं।

(2) छात्रों में बिस्कुट, केक, पेस्ट्री तथा पावरोटी बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) केक बनाने की विभिन्न विधियों का अभ्यास। (2) पेस्ट्री बनाने के विभिन्न प्रकारों का अभ्यास। (3) विभिन्न प्रकार के मीठे, नमकीन तथा मीठे नमकीन बिस्कुट तैयार करने की विधियों का अभ्यास।

(4) पावरोटी, केक, पेस्ट्री तथा बिस्कुट को खराब होने से बचाने की विधियां, सावधानियां बरतने तथा सुरक्षा नियमों के पालन का अभ्यास।

31-सामाजिक सेवा

(1) सामुदायिक विकास के कार्य, विद्यालय, भवन एवं परिसर की स्वच्छता एवं सफाई। (2) श्रमदान का महत्व एवं अभ्यास (महीने में एक दिन विद्यालय के हित में श्रमदान करना)। (3) देशाटन (Outing)।

सामान्य निर्देश

1-विद्यालय का प्रारम्भ सामूहिक प्रार्थना एवं दैनिक प्रतिज्ञा से होना चाहिये। 2-प्रार्थना-स्थल पर सप्ताह में दो बार प्रधानाचार्या, शिक्षकों, विशेष अतिथियों एवं छात्रों द्वारा नैतिक मूल्यों को जगाने वाले दो मिनट के प्रवचन कराये जायें। 3-विद्यालय में समय-समय पर अभिनय, लेख, कहानी, सूक्ति, कविता पाठ, अंत्याक्षरी आदि की प्रतियोगिताओं, महापुरुषों के जन्म-दिनों तथा वार्षिकोत्सव एवं राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन किया जाये। 4-छात्रों को प्रतिदिन निर्धारित व्यायाम एवं योगदान कराने के लिये प्रेरित किया जाय। 5-सामूहिक व्यायाम एवं खेलों का आयोजन किया जाय। 6-समाज सेवा के कार्य के अन्तर्गत विद्यालय प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यालय की सफाई, मरम्मत एवं सजावट तथा पुस्तकालय सेवा जैसे रचनात्मक कार्य भी कराये जायें। मूल्यांकन- 1-उपर्युक्त पाठ्‌यक्रम का मूल्यांकन पूर्णतया आन्तरिक होगा। 2-प्रत्येक छात्र को एक डायरी रखनी होगी जिसमें उनके द्वारा किये कार्य, नैतिक सत्प्रयासों, शारीरिक शिक्षा के अन्तर्गत किये गये अभ्यासों, कृत समाजोपयोगी उत्पादक कार्यों एवं सामाजिक सेवा के रूप में किये गये प्रयत्नों तथा कार्यों का मासिक विवरण सम्बन्धित अध्यापक द्वारा अंकित होगा तथा प्रत्येक माह के अन्त में यह विवरण मूल्यांकन हेतु कक्षाध्यापक के माध्यम से प्रधानाचार्य के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

3-मूल्यांकन के आधार पर इसमें तीन श्रेणियां ए, बी, सी प्रदान की जायेगी। जिन छात्रों ने कार्य न पूरा किया हो तो उन्हें तब तक सामान्य परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित नहीं किया जायेगा। जब तक कि निर्धारित कार्य पूरा न कर लें। जो छात्र उपर्युक्त तीनों श्रेणियों में से किसी भी श्रेणी के योग्य नहीं पायें जायेंगे उनकी विवरण पुस्तिका (डायरी) में तद्‌नुसार प्रविष्टि कर दी जायेगी तथा ऐसा छात्र मुख्य परीक्षा में बैठने के लिये अर्ह न होगा। 32- बच्चों व युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के प्रति उत्तरदायी बनाना। निरक्षर वरिष्ठ नागरिकों को बालक/बालिकाओं द्वारा साक्षर बनाते हुए उन्हें उनके अधिकारों के प्रति शिक्षित एवं जागरूक करना। विद्यालयों में प्रत्येक वर्ष 01 अक्टूबर को दादा-दादी एवं नाना-नानी दिवस मनाना। पाठ्‌य पुस्तक- कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान सम्बन्धित विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपर्युक्त पठन सामग्री का चयन कर लें।

पूर्व व्यावसायिक ट्रेड के पाठ्‌यक्रम

(1) ट्रेड-टेक्सटाइल डिजाइन

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना।

222 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

5-छात्रों में कार्य, संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- टेक्सटाइल डिजाइन ट्रेड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतन भोगी रोजगार-

(1) टेक्सटाइल इण्डस्ट्रीज में निम्न पदों पर रोजगार प्राप्त हो सकता है-

(क) सहायक रंगाई मास्टर। (ख) सहायक छपाई मास्टर।

(2) छोटे कारखानों में-छपाई, रंगाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में।

(ख) स्वरोजगार के रूप में-

(1) घरेलू व्यवसाय के रूप में छपाई कार्य, रंगाई कार्य करके माल को स्वयं बेच सकता है या वह उद्योगों में सप्लाई कर सकता है।

(2) ग्राहकों की आवश्यकतानुसार आर्डर लेकर कार्य पूरा करके अपनी आय प्राप्त कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों का प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर, आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1- (क) रंगाई व छपाई करने से पहले धागे व कपड़ों की योग्य बनाने हेतु शुद्धिकरण करना। (ख) ब्वायलिंग (उबालना), विरंजन (ब्लीचिंग) सूती धागे या कपड़ों पर डायरेक्ट रंग, नेप्थाल रंग का प्रयोग करना। (ग) ऊनी, रेशमी कपड़ों पर एसिड रंगों का प्रयोग। इकाई-2- (क) सूती कपड़ों पर डायरेक्ट रंग से छपाई-ठप्पा या स्क्रीन द्वारा। (ख) सूती कपड़ों पर पिगमेन्ट रंग से छपाई-ठप्पा या स्क्रीन द्वारा। (ग) ब्रुश पेटिंग तथा टाई एण्ड डाई। इकाई-3- (क) प्रिंटिंग, ड्राइंग के पश्चात्‌ कपड़े की फिनिशिंग। (ख) कपड़े पर निम्न दाग, धब्बों केा छुड़ाने की विधि-

[1] ग्रीस। [2] तेल। [3] आइस्क्रीम/चाकलेट। [4] चाय और काफी। [5] शू-पॉलिश। [6] स्याही। [7] जंग। [8] हल्दी। [9] अंडा। [10] खून।

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) टाई एण्ड डाई विधि का प्रयोग-घरेलू आवश्यक वस्त्रों पर। उदाहरण-कुशन कवर तथा दुपट्‌टा। (2) ब्रुश या हैण्ड पेटिंग-मेज पोश, टेबिल मैट। (3) धब्बे छुड़ाना-ग्रीस, तेल, आइसक्रीम/चाकलेट, चाय/काफी। शू-पालिश, स्याही, जंग, हल्दी, अंडा, खून। (4) तैयार किये गये कपड़ों का फिनिशिंग करना। (5) स्प्रे प्रिंटिंग द्वारा 30 x 30 सेमी0 का 4 नमूना बनाना। (6) स्टेन्सिल स्क्रीन विधि द्वारा टेबल मैट बनाना। (क) लघु प्रयोग- 1-रेशी की परीक्षा। 2-कलफ लगाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 223

3-आयरन करना। 4-धब्बे छुड़ाना। 5-छपाई के लिये रंग का पेस्ट तैयार करना। 6-रंग का संयोजन द्वारा रंगाई करना। उदाहरण स्वरूप-लाल, पीला द्वारा नारंगी तैयार करना। (ख) दीर्घ प्रयोग- 1-उबालना। 2-निरंजना। 3-नेप्थाल की रंगाई। 4-स्क्रीन से छपाई। 5-स्टेन्सिल से कटाई। 6-ठप्पे की छपाई। 7-टाई एण्ड डाई। 8-स्प्रे प्रिंटिंग। 9-ब्रुश प्रिंटिंग। 10-डाइरेक्ट रंगाई।

पुस्तकों की सूची-

प्रकाशक क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम 1 वस्त्र विज्ञान के मूल सिद्धान्त जे0 पी0 शैरी

विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा।

प्रो0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुक डिपो, 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान (तृतीय संस्करण)

3 हाऊस होल्ड टेक्सटाइल दुर्गादत्त 4 टेक्सटाइल केयर एण्ड

डिजाइन

लखनऊ। बुक कम्पनी, नई दिल्ली। एन0 सी0 ई0 आर0 टी0, नई दिल्ली।

एन0 सी0 ई0 आर0 टी0, एक्सप्लेनर, इन्स्ट्रक्शनल मेटेरियल फार क्लासेज, प्ग्.ग् दिल्ली

(2) ट्रेड-पुस्तकालय विज्ञान

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों के आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक पुस्तकालय विज्ञान टे्रड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि उत्पन्न करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव उत्पन्न करना। (6) छात्रों केा पुस्तकालय विज्ञान ट्रेड की प्रारम्भिक जानकारी से अवगत कराना।

रोजगार के अवसर-

(1) वेतन भोगी रोजगार के अवसर-

(क) ग्रामीण, कम्युनिटी सेन्टर, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, अनौपचारिक शिक्षा केन्द्र, पंचायत तथा अन्य लघुस्तरीय पुस्तकालयों में रोजगार के अवसर।

(ख) विभिन्न श्रेणी के पुस्तकालयों में पुस्तक-प्रदाता जनरेटर पुस्तक संरक्षण सहायता तथा सार्टर के रूप में रोजगार के अवसर। (2) स्वरोजगार के अवसर-

[क] पुस्तकालय की अध्ययन सामग्रियों की जिल्दसाजी का व्यवसाय। [ ख] पुस्तकालय उपकरण एवं उपस्कर का निर्माण का व्यवसाय। [ग] पुस्तकालय एवं उसकी अध्ययन सामग्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षण का व्यवसाय।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

33 ङ224 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 1-संग्रह, सत्यापन, आवश्यकता एवं विधियां- (क) पुस्तकालय वर्गीकरण की परिभाषा, उद्‌देश्य, महत्व, पुस्तकालय वर्गीकरण की विभिन्न पद्धतियों का संक्षिप्त ज्ञान, ग्रन्थ वर्गीकरण, क्रमिक संख्या (वर्गांक ़ ग्रंथांक) ड्‌यूई, दशमलव, वर्गीकरण पद्धति का प्रारम्भिक ज्ञान। (ख) सूची की परिभाषा, उद्‌देश्य, महत्व, भौतिक स्वरूप, आन्तरिक स्वरूप, सूची संलेख-मुख्य, अतिरिक्त एवं अन्तः निर्देशीय संलेख की ए0 ए0 सी0 आर0-2 के अनुसार संरचना। 2-(क) भौतिक ग्रन्थ विज्ञान (फिजिकल विविलोयोग्राफी) पुस्तक निर्माण प्रक्रिया-कागज के प्रकार, नाप, भार, नाम, उपयोग, व्यापारिक केन्द्र (मुद्रण सामग्री)। (ख) जिल्दबन्दी-जिल्दबन्दी के प्रकार, जिल्दबन्दी में उपयोगी सामग्री, पृष्ठ मोड़ना, सिलाई के प्रकार (जिल्दबन्दी, टेप डोरा तथा सादी सिलाई), आवरण चढ़ाना तथा सज्जा। 3-पुस्तकालय एवं पुस्तकों की सुरक्षा एवं संरक्षा-कीटाणुनाशक दवाओं का ज्ञान एवं उनका प्रयोग, अन्य सुरक्षात्मक विधियों का ज्ञान एवं संरक्षण के विविध कार्यक्रम।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) लघु प्रयोग- पुस्तकालयों के निम्नलिखित उपकरणों का प्रारूप तैयार करना ः बुक प्लेट, बुक-लेबल, तिथि-पत्रों, पुस्तक-पत्रक, पुस्तक-पॉकेट, पुस्तकालय/पत्रक, सूची-पलक, सूची-निर्देश-पत्रक, तिथि निर्देश, बुक सपोर्टर। (2) दीर्घ प्रयोग- (क) पुस्तकालय के निम्नलिखित उपस्करों एवं उपकरणों का प्रारूप, (डिजाइन तैयार करना)-

परिग्रहण-पंजिका, समाचार-पत्र तथा पंजिका-बमिका, निगम-पंजिका, कैटलॉग, कैबिनेट, चार्जिंग ट्रे, डिस्प्ले रैक, एटलस स्टैण्ड, शब्दकोष स्टैण्ड।

पुस्तकों की मरम्मत, जिल्दबन्दी एवं सादी सिलाई द्वारा जिल्दबन्दी करना।

(ख) वर्गीकरण एवं सूचीकरण प्रायोगिक का मूल्यांकन, सत्रीय कार्य के अन्तर्गत (आगे उल्लिखित) क्रम संख्या 4 एवं 5 पर आधारित कार्य करना। (1) सत्रीय कार्य- छात्र कक्षा 10 में निम्नलिखित कार्य करेंगे और उनका अभिलेख तैयार कर सत्रीय कार्य के मूल्यांकन हेतु सुरक्षित रखेंगे- 1-पचास पुस्तकों की परिग्रहण पंजिका में प्रविष्टि। 2-पांच पुस्तकों का उपयोग हेतु सुनियोजन। 3-पत्र-पत्रिका पंजिका में पांच समाचार-पत्र तथा बस पत्रिकाओं की प्रविष्टि। 4-सौ पुस्तकों का ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति से तीन अंकों तक वर्गांक बनाना। 5-पच्चीस पुस्तकों के मुख्य, अतिरिक्त एवं अन्तर्देशीय संलेख की पत्रक सूचीकरण ए0 ए0 सी0 आर0-2 के अनुसार बनाना। (2) व्यावहारिक अध्ययन- 1-छात्र द्वारा किन्हीं दो पुस्तकालयों की कार्य-प्रणाली का ज्ञान प्राप्त कर दस पृष्ठों की आख्या प्रस्तुत करना। 2-किसी जिल्दसाज की दुकान पर भौतिक ग्रन्थ विज्ञान एवं जिल्दबन्दी का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना व किये गये कार्य का विवरण प्रस्तुत करना। 3-ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति के तृतीय सारांश में प्रयुक्त पदों के हिन्दी समानार्थी शब्दों का ज्ञान। निर्धारित पुस्तकें- कोई भी पुस्तक निर्धारित एवं संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के सम्बन्धित विषय के अध्यापक पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तकों का चयन कर लें।

(3) ट्रेड-पाकशास्त्र (कुकरी)

उद्‌देश्य- 1-भोजन से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों का ज्ञान कराना। 2-भिन्न भोज्य-सामग्रियों को प्रकृति तथा रासायनिक संगठन के आधार पर भोजन पकाने की विधियों से अवगत कराना। 3-व्यावसायिक रूप से विक्रय योग्य भोजन बनाने की क्षमता उत्पन्न करना। 4-भिन्न प्रदेशों से विशिष्ट व्यंजनों की जानकारी। 5-विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने की विधियों आदान-प्रदान द्वारा राष्ट्रीय एकता की भावना जागृत करना। 6-खाद्य-सामग्रियों एवं उत्पादों में संदूषण के कारणों से अवगत कराना। 7-व्यावसायिक अभिरुचि को बढ़ाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 225

8-समाज में भोजन की आदतों एवं पोषण स्तर में वृद्धि लाना अर्थात्‌ पोषण अल्पता के कारण होने वाले रोगों में कमी लाना। 9-छात्रों को 10 + 2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 10-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी-

1-किसी होटल में नौकरी की जा सकती है। 2-खान-पान उद्योग के अन्य स्वरूपों जैसे अस्पताल, छात्रावास, फैक्ट्री एवं परिवहन कैटरिंग संस्थान में नौकरी की जा सकती है।

(ख) स्वरोजगार-

1-भोजनालय स्थापित किया जा सकता है। 2-होटल (राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जहां वाहन खड़ा करने व उसके रख-रखाव, व्यक्तियों के रहने एवं भोजन की व्यवस्था हो) स्थापित किया जा सकता है।

3-पाक शास्त्र के प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कर उनका संचालन किया जा सकता है। 4-पाक शास्त्र से सम्बन्धित उपकरणों, संयंत्रों की विक्रय का एक जानकारी केन्द्र स्थापित किया जा सकता है। नोट-अंकों का इकाईवार विभाजन नहीं हैं।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंक की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं की जायेगी। इकाई 1-विभिन्न खाद्य उत्पादों का संक्षिप्त ज्ञान- 1-बेसिक मांस, 2-स्टाक, 3-सूप, 4-गार्निश, 5-खाद्य उत्पादों की संरचना, 6-सलाद एवं सलाद ड्रेसिंग, 7-सैण्डविच, 8-क्षुधावर्धक पदार्थ। 2-रसोई के विभिन्न उपकरण, देख-रेख एवं प्रयोग में सावधानियां। इकाई 2-मेनू प्लानिंग- (1) प्रतिदिन हेतु तथा विभिन्न अवसरों जैसे विवाह समारोह। (2) विभिन्न आय वर्ग एवं अवस्थाओं के लिये जैसे शिशु, विद्यार्थी, वयस्क, वृद्ध, गर्भावस्था, रोगी। (3) बचे हुये खाद्य उत्पादों को नया रूप देकर पुनः प्रयोग करना। (4) खाद्य सामग्रियों के माप का ज्ञान, जैसे शुष्क खाद्य सामग्रियों, द्रव खाद्य सामग्रियों के लिये। (5) विभिन्न पेय-चाय, कॉफी, कोको, दूध का पौष्टिक मूल्य एवं महत्व। इकाई 3- 1-पोषण-भोजन की आवश्यकता एवं महत्व, भोजन के विभिन्न पोषक तत्वों का संक्षिप्त परिचय, उनके प्राप्ति स्रोत, कार्य, कमी से उत्पन्न होने वाले रोग। 2-विभिन्न बीमारियों में भोजन-जैसे मधुमेह (डाइबिटीज), हृदय सम्बन्धी रोग (हार्ट डिजीज), अतिसार (डायरिया), रक्त चाप (ब्लड प्रेशर) एवं पाचन सम्बन्धी अन्य विकार। 3-हाइजीन का अभिप्राय एवं किचन में महत्व-

(i) व्यक्तिगत स्वच्छता, भोजन का रख-रखाव, पकाने के दौरान एवं पश्चात्‌ (भण्डारण)। (ii) भोजन के खराब होने के कारणों एवं उनके नियन्त्रण का संक्षिप्त ज्ञान।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) भारतीय व्यंजन (खाद्य उत्पाद)- 1-चावल-वेजिटेबल पुलाव, प्लेन फ्राइड राइस, कोकोनट मली राइस, बिरयानी। 2-रोटी-मिस्सी रोटी, भरवा पराठा, नान, कचौड़ी। 3-दाल-दाल मक्खनी, सूखी, मसाला दाल। 4-सब्जी-वेजिटेबल कोफ्ता, वेजिटेबल कोरमा, भरवा शिमला मिर्च व टमाटर, पनीर पसंदा, सूखी सब्जी। 5-मांस-कोरमा, शामी कबाब, रोगनजोश, मटर कीमा, बटर चिकन। 6-रायता-बूंदी, खीरा, टमाटर, आलू। 7-सलाद-सलाद काटना व सजाना। 8-मीठा-गुलाब जामुन, रसगुल्ले, बर्फी, फिरनी।

9-स्नैक्स-समोसा, कटलेट्‌स, वेजिटेबल रोट्‌स, बेजिटेबल कबाब। 10-पेय पदार्थ-चाय, काफी, कोल्ड काफी, लस्सी। 11-अन्डा-एग करी, आमलेट, स्क्रैम्बल्ड एग, पोच एग।

226 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(2) पाश्चात्य व्यंजन- 1-सूप-क्रीम आफ टोमैटो सूप, धुली मसूर की दाल का सूप, मिक्सड वेजिटेबल सूप। 2-वेजिटेबल-बेक्ड वेजिटेबल, बेक्ड पोटैटो, सॉटे पीज, क्रीम्ड कैरट्‌स। 3-मीट एवं मछली-आइरिश स्ट्‌यू, बेक्ड फिश फिंगर्स। 4-चायनीज-चाऊमीन, चायनीज फ्रायड राइस। 5-पुडिंग्स-ब्रेड बटर पुडिंग, कंरेमल कस्टर्ड फ्रूट क्रीम। (3) प्रान्तीय- उत्तर भारतीय-छोले भटूरे, फिश फ्राई, ढोकला। दक्षिण भारतीय-इडली, डोसा, साम्भर, नारियल चटनी। पुस्तकों की सूची-

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम एवं पता 1 भारतीय एवं पाश्चात्य पाक शास्त्र के सुश्री अनुपम चौहान हिन्दी प्रचारक संस्थान, पो0 बा0 नं0 सिद्धान्त एवं व्यंजन विधियां

106, पिशाच मोचन, वाराणसी।

2 आहार एवं पोषण विज्ञान श्रीमती ऊषा टण्डन स्वास्तिक प्रकाशन एवं पुस्तक बिक्रेता,

अस्पताल मार्ग, आगरा।

(4) ट्रेड-छाया चित्रण (फोटोग्राफी)

उद्‌देश्य- छाया-चित्रण मात्र एक ललित कला ही नहीं है, अपितु एक स्वतन्त्र व्यवसाय के रूप में तेजी से उभरा है। व्यक्ति चित्रण के साथ-साथ यह जर्नलिज्म का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधानों, तकनीकी क्रियाओं को स्पष्ट करने एवं अध्ययन करने मेंं नया शिक्षण कार्य के अपेक्षाकृत सुगम बनाने एवं प्रभावकारी बनाने में हो रहा है। छाया-चित्रण का अध्ययन न केवल व्यक्तिगत विकास एवं सौन्दर्यबोध को प्रखर करने में सशक्त है, अपितु उपार्जन क्षमता भी प्रदान करेगा। छाया-चित्रण के प्रारम्भिक अध्ययन के उद्‌देश्यों की पूर्ति के लिये इसके ज्ञान को निम्नलिखित अध्यायों में निरूपित किया गया है-

(1) स्वरोजगार। (2) छाया-चित्रण का परिचय, नया संक्षिप्त इतिहास, व्यावसायिक उपयोगिता एवं आधारभूत सम्बन्धित विषयों (फन्डामेन्टल सबजेक्ट्‌स) का आवश्यक ज्ञान।

(3) छाया-चित्रण सम्बन्धी उपकरणों का ज्ञान एवं प्रकाश संवेदित (फोटो सेन्सिटिव), रासायनिक, योगिकों के उपयोग एवं चित्रण कुशलता सम्बन्धी जानकारी।

(4) बाक्स कैमरा एवं उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी, इसमें छाया-चित्रण के लिये कैमरे में बिम्ब उद्‌भाषित (एक्सपोज) करना तथा रसायनों के उपयोग से फिल्म पर बने बिम्ब से संवेदनशील कागज पर प्रतिबिम्ब निरूपण प्रणाली सम्मिलित है।

(5) छाया-चित्रण सम्बन्धी सहायक उपकरण, प्रकाश के विभिन्न स्रोत तथा चित्र का सुरुचिपूर्ण ज्यामितिक प्रारूप निर्धारण (कम्पोजीशन) करने की जानकारी।

(6) छाया-चित्रण के विभिन्न क्षेत्रों में से वे विशिष्ट क्षेत्रों (1) व्यक्ति चित्र (पोटर््रेट) तथा प्राकृतिक दृश्यावली अंकन (लैण्डस्केप) की अपेक्षाकृत विस्तृत जानकारी।

कार्य के अवसर-

(1) स्वरोजगार-

1-फ्रीलान्स फोटो जर्नलिज्म (स्वैच्छिक फोटो पत्रकारिता) 2-कला भवन स्वामित्व

(2) वेतन भोगी रोजगार-

1-छाया चित्रकार के पद पर-

-शोध संस्थानों में, -औद्योगिक संस्थानों में, -मुद्रणालयों में, -संग्रहालयों में, कला भवनों आदि में, -शिक्षा संस्थानों में, -समाचार (दैनिक एवं पाक्षिक) पत्र-पत्रिकाओं आदि में।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 227

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1-फोटोग्राफिक रसायन-फिल्म प्रोसेसिंग, डेवलपर स्टाफ बाथ, फिक्सर या हाइपेड तथा हार्डनर, उनके गुण एवं कार्य/प्रोसेसिंग की विभिन्न विधियां। डेवलपर का कार्य एवं उसमें प्रयुक्त विभिन्न रसायन। सार्वभौम एवं फाइनग्रेन डेवलपर। अंडर और ओवर डेवलपमेन्ट। इकाई-2-प्रकाश के विभिन्न स्रोत-सूर्य का प्रकाश, सूर्य की विभिन्न स्थितियों में प्रकाश तीव्रता : कृत्रिम प्रकाश विभिन्न प्रकार के फोटो फ्लड, स्पाट लाइट तथा इलेक्ट्रानिक फ्लैश। फोटोग्राफिक फिल्टर एवं उनके उपयोग। विभिन्न प्रकाश दशाओं में विभिन्न शटर स्पीड तथा परचर में सही उद्‌भासन का अनुमान। एक्सपोजर मीटर रचना एवं कार्य। इकाई-3-डार्क रूम-तलपट चित्र (ले आउट) प्रयुक्त उपकरण और उनके प्रयोग। इनलार्जर-संरचना तथा उपयोग की विधियां, निगेटिव से फोटो कागज पर बड़ा प्रूफ प्रिन्ट बनाना। इनलार्जिन्ग की विभिन्न तकनीकें, बर्निंग डार्जिंग, साफ्ट फोकस आदि। कार्टेस बनाना ः पोट्रेट-अर्थ, पोट्रेट खींचने की विभिन्न विधियां, एक, दो तथा अधिक लैम्पों के प्रकाश का उपयोग, बाउन्स लाइट का प्रयोग, टेबुल टाप फोटोग्राफी करना। कम्पोजीशन। रिडक्शन तथा इन्टेन्सिफिकेशन, अर्थ प्रयुक्त रसायन एवं विधियां। कान्ट्रैक्ट प्रिंटिंग। उपयुक्त कागज का चुनाव। निगेटिव में दोष रिटचिंग।

प्रयोगात्मक-क्रियाकलाप

प्रयोगात्मक लघु- 1-कैमरे (बाक्स) की संरचना का अध्ययन कीजिये एवं चित्र खींचिये (सभी भागों का नाम लिखिये)। 2-कैमरे (बाक्स) का संचालन सीखना। 3-कैमरे के साथ उपयोग होने वाले फ्लैश, एक्सपोजर, मोटर ट्राइपाड स्टैन्ड इत्यादि का अध्ययन। 4-किसी निगेटिव का कन्टेक्ट प्रिंट बनाना। 5-किसी निगेटिव का एन्लार्जमेन्ट बनाना। 6-किसी प्रिंट की ट्रिपिंग तथा ग्लेजिंग तथा पेंटिंग करना। 7-पीले फिल्टर का प्रयोग कर फोटो लेना। 8-बनने के बाद प्रिंट के त्रुटियों (Defect) का अध्ययन तथा साधारण त्रुटियों को दूर करना। प्रयोगात्मक दीर्घ- 1-कैमरे के शटर स्पीड एवं एपरचर का उद्‌भासन (एक्सपोजर) समय पर प्रभाव का अध्ययन फोटो खींचकर करना। 2-फोटो खींचकर या रेफ्लेक्ट कैमरे द्वारा (Poster) का फोकस की गहनता Depth तथा Sharpness पर प्रकाश का अध्ययन। 3-एनलार्जर की रचना एवं संचालन का अध्ययन करना, सही उद्‌भासन समय निकालना एवं ओवर/अन्डर एक्सपोजर का अध्ययन करना। 4-निगेटिव के ग्रेड का अध्ययन तथा प्रिन्ट के लिये विभिन्न पेपर ग्रेड के प्रभाव का अध्ययन। 5-उद्‌भासन समय पर फिल्म की गति के प्रभाव का अध्ययन। 6-चित्र के कम्पोजीशन का अध्ययन करना। 7-बच्चे, महिला एवं वृद्ध के पोटर््रेट खींचना। 8-लैण्डस्कैप फोटो खींचना। 9-डार्क रूम के साज-सामान तथा ले आउट (Lay-out) का अध्ययन करना। 10-डेवलपमेन्ट टाइप का चित्र पर प्रभाव एवं ओवर/अन्डर डेवलपमेन्ट का अध्ययन। 11-बाक्स कैमरे द्वारा कम से कम एक कलर फोटो लेना तथा अध्ययन करना। 12-किसी विषय पर प्रोजेक्ट (Project) करना, जैसे-पोटर््रेट, लैण्डस्केप। पुस्तकों की सूची-

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम एवं पता 1 डायमन्ड कम्पलीट फोटोग्राफी श्रीकृष्ण श्रीवास्तव डायमण्ड पॉकेट बुक्स, दिल्ली।

वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी। 2 फोटोग्राफी सहज पाठ अशोक डे इण्डियन विक्टोरियल पब्लिशर्स, कलकत्ता। वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी।

3 ट्रिक फोटोग्राफी एण्ड कलर प्रोसेसिंग ए0 एच0 हाशमी यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 4 प्रैक्टिकल फोटोग्राफी ए0 एच0 हाशमी तदेव 5 गुड फोटोग्राफी कोडक तदेव228 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

 6      फोटोग्राफी स्पोर्ट्‌स                             ,,                                तदेव
 7       मोवी मेकर एच0 बी0                                ,,                                तदेव
 8       दी होम वीडियो पिक्चर                             ,,                                तदेव
 9       फोकल गाइड टू वेडिंग                              ,,                                तदेव
10       फोकल गाइड मोवी मेकिंग                            ,,                                तदेव
11       दी फोकल गाइड टू साइड                             ,,                                तदेव
12       दी फोकल गाइड टू    एक्शन फोटोग्राफी              ,,                                तदेव
13      दी पॉकेट गाइड टू फोटोग्राफी चिल्ड्रेन             ,,                                तदेव
14      गाइड टू परफेक्ट पिक्चर                            ,,                                तदेव
15      वे आफ प्रैक्टिकल फोटोग्राफी                       ,,                                तदेव

(5) ट्रेड-बेकिंग एण्ड कन्फेक्शनरी

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- बेकरी एवं कन्फेक्शनरी व्यवसाय में शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में- 1-बेकरी उद्योग में नौकरी। 2-होटल/मेस में नौकरी। 3-कच्चे पदार्थों के भण्डारण में प्रभारी के रूप में।

(ख) स्वरोजगार-

1-कुटीर उद्योग में नौकरी। 2-कच्चे माल क्रय-बिक्रय का धन्धा चलाया जा सकता है। 3-बिक्री कार्य में। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1- (क) केक बनाने की विधियों के नाम, (ख) बटर स्पंज, स्पंज केक (चिकनाई रहित) बनाने की विधि का विस्तृत ज्ञान, (ग) अच्छे केक के गुण, (घ) बाजार का ज्ञान एवं लाभ-हानि की गणना का ज्ञान। इकाई 2- (क) बिस्कुट व कुकीज की सामग्री, (ख) बिस्कुट व कुकीज में अन्तर, (ग) बिस्कुट व कुकीज के प्रकार-ड्राप कुकीज, रोल्ड बिस्कुट, (घ) बिस्कुट व कुकीज का भण्डारण। इकाई 3- विभिन्न प्रकार की पेस्ट्रियों के नाम-

(क) शार्टक्रस्ट पेस्ट्री, पफ पेस्ट्री का विस्तृत ज्ञान,

(ख) इन विधियों से बनने वाले पदार्थ का नाम-जैम टार्ट्‌स, एपिल पाई। वेजीटेबिल पैटीज़, क्रीम रोल, खारा बिस्कुट, चीनी से बनने वाले कन्फेक्शनरी पदार्थ-सुगर बाल्स व टाफ बनाने की विस्तृत विधि- (क) पोषक तत्वोें का नाम-प्रोटीन, कार्बोज, वसा, विटामिन खनिज लवण, जल। (ख) पोषक तत्वों के प्राप्ति के स्रोत, कमी से होने वाले रोग। (ग) बेकरी उद्योग की स्वच्छता। (घ) व्यक्तिगत स्वच्छता।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 229

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

लघु प्रयोग- 1-कोकोनट कुकीज 2-कैश्यूनट कुकीज 3-कैश्यूनट बिस्कुट 4-जीरा बिस्कुट 5-वाटर स्पंज केक 6-स्वीस रोल 7-डेकोरेटिव पेस्ट्री 8-रायल आइसिंग, क्रीम आइसिंग 9-गम-पेस्ट 10-मिल्क टाफी दीर्घ प्रयोग- 1-ब्रेड, स्ट्रेंट, डी विधि से 2-फ्रूट बन्स 3-स्वीट बन्स 4-ब्रेड रोल 5-फ्रूट केक 6-बेजीटेबिल पैटीज 7-हाटक्रास वन्स 8-पाइन एपिल पेस्ट्री 9-बर्थ डे केक (विथ आइसिंग) संस्तुत पुस्तकें-

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम मूल्य रु0 यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 30.00 1 अप-टू-डेट कन्फेक्शनरी इण्डस्ट्रीज

2 दि सुगम बुक आफ

. . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 20.00 बेकिंग 3 बेकिंग तथा

50.00 सुश्री अतिउत्तमा चौहान

कन्फेक्शनरी सिद्धान्त एवं विधियां

हिन्दी प्रचारक संस्थान, सी0 21/30, पिशाचमोचन, वाराणसी-221010, पो0 बा0 1106, पिशाचमोचन, वाराणसी

राम किशोर अग्रवाल भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ, 142, विजय

4 किचन गाइड . . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 70.00 5 बेकिंग बी0 एस0 अग्निहोत्री कृषि साहित्य प्रकाशन, नरही, लखनऊ 50.00 85.00 6 बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी

नगर, वेस्टर्न कचेहरी रोड, मेरठ

(6) ट्रेड-मधुमक्खी पालन

उद्‌देश्य- (1) मधुमक्खी पालन औद्योगीकरण की जानकारी प्राप्तकर बढ़ती हुई बेरोजगारी को दूर करना एवं बेरोजगारी दूर करने के लिये अन्य राष्ट्रीय योजनाओं को छात्रों को समझाना। (2) शुद्ध मधु, मोम उत्पादन की मात्रा की वृद्धि करना तथा बिक्री करके प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करना तथा बच्चों को उद्यमिता प्रदान कर उद्यमी बनाना। (3) बच्चों, बीमार एवं कमजोर व्यक्तियों के लिये उपयोगी वस्तु (मधु), औषधि एवं पौष्टिक उत्पादन करके आय में वृद्धि करना। (4) ग्रामीण अंचलों के निर्धनों के लिये आय का साधन स्रोत। (5) कम पूंजी लगाकर मधुमक्खी पालन कर शहद के रूप में फूलों के रस को एकत्रित करना। (6) मधुमक्खी पालन उद्योग में दक्षता, निपुणता प्राप्त कर जीविकोपार्जन के लिए उत्तम बनाना।

230 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(7) मधुमक्खी पालन उद्योग के लिए मौन गृह, छोटे उपकरणों का ज्ञान प्राप्त करना। (8) मधुमक्खी पालन द्वारा किसानों एवं बागवानी की फसलों, फलों का उत्पादन 20% से 30% तक वृद्धि करने का ज्ञान प्राप्त कराना। (9) मोम-पराग, रायल जेली, मौन विष प्रोपेजिन का ज्ञान, उपयोग की जानकारी प्राप्त करना।

रोजगार के अवसर-

(क) वेतनभोगी-

1-मधुमक्खी पालक सहायक 2-मौन पालक प्रदर्शक 3-सहायक मौन पालक 4-सहायक काष्ठ कला प्रशिक्षक या शिक्षक 5-सहायक मधु विकास निरीक्षक 6-मधुमक्खी पालक शिक्षक या प्रशिक्षक 7-मधु विकास निरीक्षक 8-शोध सहायक (मधुमक्खी पालन)

(ख) स्वरोजगार-

1-मधु मोम उत्पादक 2-मोमी छत्तादार उत्पादक 3-मौन गृह एवं उपकरण निर्माणकर्त्ता एवं विक्रेता 4-पराग, रायल, जेली, मोम विष उत्पादक 5-मौन वंश प्रजनन करके विक्रय करना 6-शहद, मोम, रायल जेली से औषधि निर्माण करना

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय पर, आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1- आधुनिक मधुमक्खी पालन की अनिवार्यतायें, मौसम के अनुसार कृषि औद्योगिक, प्राकृतिक (जंगली) एवं सामान्य मौनचरी (फलों) का अध्ययन, मधुमक्खियों का पर-परागण में योगदान-मधुमक्खी परिवार (मौनवंश) की पैकिंग तथा विशेष फूलों का लाभ लेने एवं इनका माइग्रेशन। इकाई 2- मौन की बीमारियों जैसे अष्टपदी (एकरीन) नौसीमा, पेचिस, अमेरिकन, यूरोपियन फाउल वड, सक वड इत्यादि की पहचान, सुरक्षा के उपाय एवं उपचार। मौनों के शत्रुओं जैसे मोमी पतिंगा, बर्रे, चीटें, पक्षी (बी-इंटरकिंमक्रा), ड्रैगन-फ्लाई की पहचान, सुरक्षा के उपाय एवं रोकथाम। इकाई 3- मधुमक्खी पालन के उपकरण-विभिन्न प्रकार के मौन-गृह, मोमी, छत्तादार, मुंहरक्षक जाली, दस्ताना, रानी अवरोधक जाली, धुर्वाकार न्यूक्लियस, मौन वाहक पिंजड़ा, क्वीन केज, ड्रोन टेप इत्यादि की उपयोगिता। मधु की किस्में, इसमें पाये जाने वाले तत्व, उपयोगिता, अधिक शहद उत्पादन के सिद्धान्त, मोम, पराग, रायल-जेली एवं मौन विष (बी-वेनम) की उपयोगिता, मधु मोम का परिष्करण (प्रोसेसिंग), मधु का आई0एस0आई0 मार्क (एगमार्क) के द्वारा प्रमाणित कर शहद की पैकिंग एवं विपणन करना।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(क) लघु प्रयोग- 1-विभिन्न मधुमक्खियों की जातियों की पहचान कराना और अभ्यास पुस्तिका पर उनका चित्र बनाना। 2-मौन के जीवन-चक्र (अण्डा, लार्वा, प्यूपा एवं वयस्क) की पहचान कराना। 3-मधुमक्खी का वाह्य शरीर का चित्र बनाना और उसके प्रत्येक अंगों की प्रयोगात्मक कार्य कराना। 4-मौन परिवार में प्रत्येक सदस्य (कमेरी, नर और रानी) की पहचान कराना। 5-भारतीय एवं इटालियन मौन गृह निर्माण के सिद्धान्त (मीनान्तर) आकार को बताना। 6-मधु निष्कासन यन्त्र का चित्र बनवाना तथा शहद निकालने की विधि का प्रयोगात्मक कार्य कराना। 7-मौसमवार फूलों का सर्वे कराना तथा इसकी पर-परागण क्रियाओं में मौनों के योगदान को बताना एवं पुष्प संग्रह कराना।

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(ख) लघु प्रयोग- 1-रानी, कमेरी एवं नर के छत्तों की पहचान कराना। 2-तलपट, शिशु खण्ड, मधु खण्ड, डमों, इनर कवर, ऊपर ढक्कन, फ्रेम की पहचान कराना। 3-मधुमक्खी को शत्रु बर्रे, मोमी पतिंगा, छिपकली, चीटें, हानिकारक पक्षियों की पहचान कराना। 4-क्वीन केज, न्यूक्लियस, मौन वाहक पिंजड़ा, हाइवटुल, मुंहरक्षक जाली, दस्ताने, प्यालिय, क्वीन गेट इत्यादि उपकरणों की पहचान कराना। 5-विभिन्न प्रकार के शहद जैसे सरसों, युक्लिप्टस, सहजन, नींबू प्रजाति, सूरजमुखी, बेर, लीची, नीम एवं मिश्रित फलों को शहद का पहचान कराना।

पुस्तकों की सूची

1-प्रारम्भिक मौन पालन ले0 योगेश्वर सिंह 2-प्राइमरी लेशन आफ बी कीपिंग . . 3-बी कीपिंग आफ इण्डिया डा0 सरदार सिंह 4-सफल मौन पालन श्री बच्ची सिंह राव 5-रोचक मौन पालन ,, 6-मौन पालन प्रश्नोत्तरी ,, 7-मधुमक्खी की मनोहारी संसार डा0 विष्ट (आई0सी0आई0 प्रकाशन) 8-रोगों की अचूक दवा शहद डा0 हीरा लाल

(7) ट्रेड-पौधशाला

उद्‌देश्य- (1) छात्रों के उद्यमिता के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी कराना। (2) पौधशाला व्यवसाय की प्राविधिक जानकारी कराना। (3) उन्नत किस्म के अधिकाधिक पौधे तैयार करना। (4) कम पूंजी से अधिक उत्पादन करना तथा अधिक लाभ प्रदान करने की दिशा में अग्रसर होना। (5) पौधशाला व्यवसाय में दक्षता प्राप्त करना तथा साथ ही साथ 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त व्यवसाय के चयन में सहायक होना। (6) भूमि सुधार एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग प्रदान करना। (7) श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना। (8) आत्म-निर्भर बनाना। (9) एक कुशल नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में सहायक होना। (10) विद्यालय में एक सुसज्जित उद्यान का निर्माण। रोजगार के अवसर- पौधशाला व्यवसाय की शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्नांकित रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी-

1-माली का कार्य करना। 2-पौधशाला प्रभारी का कार्य करना। 3-पौधशाला में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी का अवसर प्राप्त करना।

(ख) स्वरोजगार-

1-अपनी पौधशाला तैयार करना। 2-बीजोत्पादन तथा बीज व्यवसाय अपनाना। 3-पौधशाला उद्योग सम्बन्धी यंत्रों, उपकरणोें, उर्वरकों तथा कीटनाशकों के क्रय-विक्रय की दुकान चलाना। 4-थोक एवं फुटकर पौध आपूर्ति का कार्य करना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1-

o पौध प्रवर्द्धन-परिभाषा, महत्व एवं वर्गीकरण। o लैंगिक प्रवर्द्धन-परिभाषा, लाभ-हानि, बीज प्राप्ति एवं चुनाव, बीज परीक्षण, अंकुरण, क्षमता, बीजोपचार एवं बीज की बोआई।

o अलैंगिक (वानस्पतिक प्रजनन)-परिभाषा, लाभ-हानि। अलैंगिक विभिन्न विधियां-कलम, गूटी, कलिकायन, भेंट कलम, अलगाव (सेपरेशन), टुकड़ीकरण (डिवीजन) का ज्ञान।

o वृद्धि नियामक (ग्रोथरेगुलेटर)-महत्व एवं प्रयोग विधि की जानकारी।

34 ङ232 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई 2-

o पौध विपणन-परिभाषा तथा पौध विपणन की विधियों का अध्ययन। o पौध निकालने में सावधानियां। o पौधबन्दी (पैकिंग) तथा परिवहन में अपनाई जाने वाली सावधानियों का ज्ञान। o पौधशाला की लोकप्रियता बढ़ाने के सम्बन्ध में जानकारी।

इकाई 3-

o पौधशाला के पंजीकरण के प्रसंग में जानकारी। o ऋण प्रदान करने वाली संस्थाओं का ज्ञान। o पौधशाला की योजना बनाना। o ऋतुवार लगाये जाने वाले पौधों की सूची तैयार करना। o पौधशाला में उगाये जाने वाले पौधों के सम्बन्ध में मिट्‌टी, खाद, प्रजातियां, बीजदर, पौध तैयार होने का समय, पौधारोपण, पौध सुरक्षा के सन्दर्भ में जानकारी।

o पौधशाला सम्बन्धी विभिन्न अभिलेखों की जानकारी। o पौधशाला का आय-व्यय तैयार करना। o

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(अ) लघु प्रयोग- 1-गमला मापन। 2-गमला भरना। 3-बीजों की पहचान। 4-बीजों की शुद्धता की जांच। 5-उपकरणों की पहचान। 6-पौधों (सब्जी, फलदार, फूल शोभाकार तथा छायादार) एवं वानिकी पौधों की पहचान। 7-खाद एवं उर्वरक की पहचान। 8-मिट्‌टी की पहचान। (ब) दीर्घ प्रयोग- 1-आदर्श नमूना बरसदी का रेखांकन। 2-बीज शैय्या बनाना। 3-ऋतुवार बीज शैय्या बनाना। 4-ऋतुवार गमला मिश्रण तैयार करना। 5- तना कलम तैयार करना।

6- गूटी लगाना। 7- क्रलिकायन से पौधे तैयार करना। 8-भेंट कलम से पौधे तैयार करना। 9-पौध रोपण। 10-गमले एवं क्यारी से पौधे निकालना। 11-पौधबन्दी (पैकिंग) करना। 12-पौधशाला भ्रमण। 13-अभिलेख तथा आय-व्यय तैयार करना।

पुस्तकों की सूची-

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम

प्रकाशक 1 भारत में फलों की खेती ड0 एम0 एल0 लावानिया सिंघल बुक डिपो, बड़ौत, मेरठ। 2 सब्जियों एवं पुष्प उत्पादन डा0 के0 एन0 दुबे भारती भण्डार, बड़ौत, मेरठ। 3 पौधशाला औद्योगिकी डा0 ओमपाल सिंह अलंकार पुस्तक भवन, बड़ौत, मेरठ। 4 पौधशाला व्यवसाय श्री कोठारी एवं श्री ए0 बी0 श्रीवास्तव रंजना प्रकाशन मन्दिर, आगरा। 5 नर्सरी मैनुअल डा0 गौरी शंकर इलाहाबाद। 6 फल विज्ञान डा0 रामनाथ सिंह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्‌, नई

दिल्ली।

7 उद्यान विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायण लाल, इलाहाबाद।

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(8) ट्रेड-आटो मोबाइल

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपर्युक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को कार्य-संस्कृति के प्रति आदर भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) आटो मैकेनिक के रूप में। (2) सेल्समैन के रूप में। (3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन। (4) शोरूम स्थापित करना। (5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर परीक्षा होगी। इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक-50 अंक

06 अंक

08 अंक

08 अंक

08 अंक

06 अंक

इकाई 1- 10 अंक ऑटोमोबाइल की स्नेहन प्रणाली, गवर्निंग सिस्टम, विद्युतीय प्रणाली, बैटरी, तारस्थापन, बत्ती सिस्टम, ए0सी0 एवं हीटिंग सिस्टम। इकाई 2- इंजन आयल के गुण, नाम, इंजन आयल बदलना। इकाई 3- अनुरक्षण एवं बाधा खोज-अनुरक्षण के महत्व एवं प्रकार, सर्विसिंग एवं ओवर हॉलिंग, विभिन्न अवयवों में दोष ढूढ़ना, उनके कारण एवं बचाव, मरम्मत के औजार एवं उपकरणों के नाम, बनावट एवं कार्य। इकाई 4- कार्यशाला के मूल कार्य जैसे कटिंग, फाइलिंग, ड्रिलिंग, वेल्डिंग, ग्राइंडिंग का संक्षिप्त परिचय। मापन एवं परीक्षण विधियां। इकाई 5- गैराज, शोरूम एवं स्पेयर विक्रय केन्द्र की स्थापना एवं संचालन से सम्बन्धित जानकारी, वित्तीय सहायता प्राप्त करने की विधियां। इकाई 6- -सड़क सुरक्षा का महत्व व नियम। -सुरक्षित ड्राइविंग का महत्व व नियम। -ट्रैफिक के नियम व यातायात चिन्ह, ट्रैफिक अधिनियम के प्रमुख प्राविधान। -वाहनों का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की विधि व आवश्यकता। इकाई 7- 04 अंक -ऑटोमोबाइल व हमारा पर्यावरण-वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की आवश्यकता एवं महत्व। -प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र का महत्व। प्रयोगात्मक- 50 अंक (1) कारवोरेटर का अध्ययन करना। (2) स्कूटर/मोपेड में दोष ढूंढना एवं मरम्मत करना। (3) बैट्री चार्जिंग कराने का अध्ययन तथा पानी चेक करना। (4) लाइट का फोकस एडजस्ट करना एवं बल्ब लगाना। (5) ब्रेक एडजस्ट करने का अध्ययन करना। (6) मोपेड आदि गाड़ी का ड्राइविंग करना।

234 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(7) ट्रैफिक नियमों का अध्ययन करना। (8) पंचर जोड़ बनाना, हवा भरना तथा हवा के दबाव को मापना। (9) स्कूटर व कार की धुलाई, सर्विसिंग करना। (10) कार के स्टेयिरंग प्रणाली का अध्ययन करना। संस्तुत पुस्तकें- (1) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग . . कृष्ण नन्द शर्मा (2) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग . . सी0 बी0 गुप्ता (3) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग . . धनपत राय एण्ड शुक्ला (4) बेसिक ऑटोमोबाइल . . सी0 पी0 बक्स

(9) ट्रेड-धुलाई-रंगाई

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार-

1-रंगाई-धुलाई की दुकानों में सहायक कर्मचारी के पद पर कार्य कर सकता है। 2-रंगाई के कारखाने में रंगाई मास्टर के पद पर कार्य कर सकता है। 3-सरकारी संस्थाओं में वस्त्र सफाई विभाग में कार्य प्राप्त कर सकता है।

(ख) स्वरोजगार-

1-ड्राई क्लीनिंग की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 2-ड्राइंग (रंगाई) की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 3-चरक की दुकान या उद्योग लगाने में सहायक हो सकता है। 4-कम लागत में इस्तरी करने, माड़ी लगाने की दुकान खोलकर कार्य कर सकता है। 5-रंगाई-छपाई का छोटा सा रोजगार कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1- (1) कपड़ों में रंगों तथा रंग योजना का महत्व तथा तालमेल का अध्ययन करना। (2) रंगों का मनोवैज्ञानिक प्रभाव एवं रासायनिक प्रभाव। (3) पक्के एवं कच्चे रंगों का अध्ययन। (4) सूती, ऊनी, रेशमी कपड़ों की रंगाई का अध्ययन। (5) संश्लेषित कपड़ों के रंग और रंगने की तकनीक। इकाई 2- (1) विभिन्न प्रकार के रंगों का अध्ययन करना-

[1] प्राकृतिक रंग [2] एसिड रंग [3] वेट रंग [4] नेप्थाल रंग [5] मॉडेन्ट रंग [6] खनिज रंग [7] रिऐविच्च रंग (प्रोशियन) [8] प्रारम्भिक रंग और डायरेक्ट रंग (2) रंगाई-धुलाई में शेड कार्ड बनाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 235

इकाई 3- (1) विभिन्न प्रकार के कपड़ों की गीली धुलाई की तकनीक-

[1] सूती [2] ऊनी [3] रेशमी [4] कृत्रिम

(2) सूखी धुलाई-उपकरण, तकनीक और वस्त्रों को तैयार करना (विभिन्न प्रकार के कपड़ों के लिये)।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) विभिन्न वस्तुओं का संग्रह एवं पहचानना (देखकर व जलाकर) :

(क) वनस्पति तन्तु। (ख) पशु से प्राप्त होने वाले तन्तु। (ग) खनिज तन्तु। (घ) कृत्रिम तन्तु।

(2) विभिन्न धागों का संग्रह-साधारण प्लाई। (3) विभिन्न प्रकार के वस्त्रोें और शेड कार्ड को संग्रहीत करके फाइल बनाना।

(4) विभिन्न प्रकार के कपड़ों को रंगना (15´×25ʺ) (सूती, रेशमी, ऊनी, कृत्रिम कपड़े धोना, सुखाना, प्रेस व तह लगाना)।

(5) नील लगाना, कलफ लगाना। (6) दाग छुड़ाना-

[1] चाय [2] काफी [3] हल्दी [4] जंक [5] रक्त [6] मशीन का तेल [7] स्याही [8] अण्डा [9] पान [10] ग्रीस

(7) धागे को रंगना-सूती, ऊनी। (8) डायरेक्ट रंगों के विभिन्न रंगों के मिश्रण द्वारा डिजाइन बनाना-6 नमूने (15ʺ×15ʺ) (टाई ऐण्ड डाई प्रिंटिंग द्वारा)। (9) नेप्थाल रंगों के द्वारा एक नमूना तैयार करना (15ʺ×15ʺ)। (10) फेडिंग परीक्षण (सूती, ऊनी, रेशमी, रेयान) (4ʺ×4ʺ)।

(11) सूखी धुलाई-शाल, स्वेटर, रेशमी, फैन्सी कपड़े। (12) टेक्सचर के द्वारा रंगाई (6 नमूने) (12ʺ×12ʺ)। (13) पुराने कपड़े को पुनः रंगकर ब्लाक प्रिंटिंग द्वारा आकर्षित बनाना। (14) गीली धुलाई-सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम।

(क) लघु प्रयोग- (1) डायरेक्ट रंगों द्वारा रंगाई (एक रंग में)। (2) कपड़ों की पहचान (छूकर व देखकर)। (3) साधारण व प्लाई धागों की पहचान। (4) जलाकर कपड़ों का परीक्षण। (5) फेडिंग परीक्षण 3/4 घण्टा। (6) तह लगाना।

(7) इस्तरी करना। (8) माड़ी लगाना। (9) ब्लाक प्रिंटिंग (एक नमूना)। (10) टेक्सचर तैयार करना (दो नमूना)।

236 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(ख) दीर्घ प्रयोग- (1) नेप्थाल रंगों द्वारा रंगाई। (2) सूती कपड़ों को रंगना। (3) ऊनी कपड़ों को रंगना। (4) रेशमी कपड़ों को रंगना। (5) धागों को रंगना-सूती, ऊनी। (6) नील लगाना।

(7) कलफ लगाना। (8) चरक लगाना। (9) सूखी धुलाई। (10) गीली धुलाई-सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम कपड़े।

पुस्तकों की सूची-

क्रमांक नाम लेखक प्रकाशक

1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा प्रकाशक, बिहार ग्रन्थ अकादमी, पटना विश्वविद्यालय

प्रकाशन।

2 वस्त्र विज्ञान एवं धुलाई श्री आनन्द वर्मा रिसर्च पब्लिेकेशन, जयपुर, वितरक-विश्वविद्यालय कार्य

3 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान श्रीमती लोकेश्वरी

प्रकाशन। स्वास्तिक प्रकाशन, अस्पताल मार्ग, आगरा-3।

शर्मा

4 वस्त्र धुलाई विज्ञान . . युनिवर्सल सेलर, हजरतगंज, लखनऊ। 5 दी केमिकल टेक्नालॉजी

आफ टेक्सटाइल फाइबर्स

श्री आर0 आर0 चक्रवर्ती

कैक्सटन प्रेस प्राइवेट लिमिटेड, रानी झांसी रोड, नई दिल्ली-55।

(10) ट्रेड-परिधान रचना एवं सज्जा

सामान्य उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। विशिष्ट उद्‌देश्य- (1) परिधान रचना एवं सज्जा ट्रेड के द्वारा बच्चों में सिलाई विषय से सम्बन्धित जागरूकता उत्पन्न करना। (2) भविष्य में प्रचलित फैशन के अनुसार विभिन्न डिजाइनों के वस्त्रों के निर्माण के कौशल का विकास करना।

रोजगार के अवसर-

(क) वेतनभोगी रोजगार-

[1] अपने विषय से सम्बन्धित प्रशिक्षण केन्द्रों पर प्रशिक्षण देना। [2] किसी रेडीमेड गारमेन्ट फैक्ट्री में वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्य करना।

(ख) स्वरोजगार-

[1] सिलाई का कार्य घर पर ही करके बचत करना। [2] बाजार में दुकानों से आर्डर लेकर वस्त्र तैयार करके आय प्राप्त करना। [3] सिलाई शिक्षा से सम्बन्धित स्कूल चलाना। [4] विद्यालयों से यूनीफार्म को तैयार करने का आर्डर लेना। [5] सिलाई के उपकरणों की मरम्मत से सम्बन्धित केन्द्र खोलना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 237

इकाई एक- (क) नाप लेते समय ध्यान देने वाली योग्य बातें, नाप लेने के तरीके-

[अ] चेस्ट सिस्टम। [ब] डायरेक्ट सिस्टम।

सामान्य व्यक्तियों की नापें, असामान्य व्यक्तियों की नापें (तोंदिल व्यक्ति, झुका कंधा, ऊँचा कंधा, कूबड़दार ब्यक्ति) (ख) सिलाई की मशीन की सामान्य जानकारी-

[अ] मशीन के पुर्जों का ज्ञान। [ब] मशीन के पुर्जे खोलकर उनकी सफाई का ज्ञान। [स] मशीन की साधारण खराबियों को दूर करने की योग्यता। (ग) सिलाई के विभिन्न टांके-कच्चा, बखिया, तुरपन, पीको, काज, इण्टरलॉक। इकाई दो- (क) वस्त्रों का चुनाव-आयु, मौसम, कद, विशेष अवसरों पर पहनने वाले वस्त्रों का चुनाव। (ख) वस्त्रों की विशेषता के अनुसार विभिन्न प्रकार की पोशाकों के लिये उनका चयन करना। (ग) कपड़ा काटने के पूर्व ड्राफ्टिंग पेपर कटिंग तथा पैटर्न तैयार करने से लाभ, विभिन्न प्रकार के वस्त्रों (जैसे साटन, मखमल, नायलॉन, ऊनी) को काटने, सिलते समय सावधानियाँ। इकाई तीन- (1) सिलाई कार्य में उपयोग में आने वाली वस्तुओं की जानकारी-

(अ) कैंची, इंची टेप, गुनिया, मिल्टन चाक, मार्किंग व्हील, अंगुस्ताना, कटिंग मेज, प्रेस, विभिन्न प्रकार की सुईयां, धागे, फ्रेम। (ब) सिलाई क्रिया में प्रयुक्त होने वाले शब्दों का ज्ञान-अर्ज, अस्तर, ड्रामिंग, औरेब, चाक, गिदरी, हाला, पैजिंग, तावीज, दमफ्राक, जिग-जैग, फ्रिल, डांट डक्स पाइपिंग। (स) कढ़ाई के टांकों का ज्ञान-लेजी, डेजी, रनिंग स्टिच, स्टेम स्टिच, चेन स्टिच, क्रास स्टिच, साटन स्टिच, शैडो वर्क पैच वर्क, कॉज स्टिच, शैड वर्क। (द) सिलाई कार्य में रचना फिटिंग, प्रेसिंग, फिनिशिंग तथा फोल्डिंग का महत्व।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

लघु प्रयोग-

1-विभिन्न प्रकार के सिलाई टांका-कच्चा टांका, बखिया, तुरपन, पीको, काज, टांका। 2-कढ़ाई के टांके-लेजी, डेजी, रनिंग स्टिच, स्टेम स्टिच, चेन स्टिच, क्रास स्टिच, कॉज स्टिच, शैडो वर्क, साटन स्टिच, पैड वर्क, शैड वर्क।

3-उपरोक्त कढ़ाई के टांकों से छः रूमाल बनाना। 4-रफू करना। 5-पैबन्द लगाना। 6-कलोट-काटना, सिलना। 7-विब-काटना, सिलना। 8-चड्‌ढी-काटना, सिलना। 9-झबला-काटना, सिलना। 10-मशीन के पुर्जों को खोलना, सफाई करना तथा मशीन में तेल डालना।

दीर्घ प्रयोग- 1-बेबी शमीज 2-पैजामा (एक मीटर कपड़े का)। 3-बेबी फ्राक। 4-गल्र्स फ्राक। 5-पेटीकोट। 6-हैंगिंग बैग। नोट ः-उपरोक्त वस्त्रों की ड्राफ्टिंग, कटिंग, सिलना तथा उनकी सज्जा करना तथा रूमाल, पेबन्द, रफू बनाकर रिकार्ड फाइल में रखना। मौखिक प्रश्नोत्तर-लघु तथा दीर्घ प्रयोगों से सम्बन्धित प्रश्नोत्तर।

238 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

पुस्तकों की सूची-

क्रमांक नाम लेखक व प्रकाशक मूल्य

रु0 1 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती चरन दासी, स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 13.50 2 गृह विज्ञान का सामान्य ज्ञान श्रीमती स्वराज्य लता सिंह, स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 35.00 3 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती अनामिका सक्सेना, भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ 18.00 श्री एम0 ए0 खान, पुस्तक प्रकाशन मन्दिर, इलाहाबाद 15.00 4 आधुनिक सिलाई एवं कढ़ाई

विज्ञान

5 अनमोल सिलाई कला परिचय श्री असगर अली, गर्ग प्रकाशन, इलाहाबाद 18.00 68.00 6 रेपिडक्स टेलरिंग कोर्स श्रीमती आशारानी बोहरा

(11) ट्रेड-खाद्य संरक्षण

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 7-अधिक उपज से उगाने के बाद बचे हुये फल और सब्जियों का संरक्षण करना। 8-खाद्य संरक्षण द्वारा पौष्टिक भोजन की कमी को पूरा करना। 9-बेमौसम में भी सुरक्षित सभी सब्जियों और फलों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- 1-खाद्य संरक्षण सम्बन्धी इकाई में रोजगार मिल सकता है। 2-खाद्य संरक्षण में दक्षता अर्जित कर छात्र अपना निजी व्यवसाय चला सकता है। 3-अचार, मुरब्बा, मांस आदि विभिन्न प्रकार के संरक्षित खाद्य पदार्थ तैयार कर डिब्बा बन्दी कर बाजार में आपूर्ति कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों को सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायगी। इकाई-1 (1) स्थायी तथा अस्थायी संरक्षण की विधियां। (2) जेम, जेली, मार्मलेड बनाने की विधि। (3) पेक्टिन परीक्षण। (4) फलों के रस, टमाटर रस, स्क्वैश, शर्बत आदि का संरक्षण। (5) मुरब्बा एवं कैण्डी। (6) अचार तथा सिरका का सामान्य ज्ञान। (7) टमाटर से विभिन्न पदार्थ। (8) खाद्य पदार्थों के आवागमन में प्रयोग होने वाली पैकेजिंग सम्बन्धी जानकारी। इकाई-2 (1) फल एवं तरकारियों की डिब्बा बन्दी का सामान्य ज्ञान। (2) खाद्य रंग, कृत्रिम एवं प्राकृतिक रंग का सामान्य परिचय। (3) शीत, शीतोष्ण एवं उष्ण जलवायु में उगाये जाने वाले फल एवं तरकारियों का सामान्य परिचय। (4) विभिन्न खाद्य पदार्थों, फल, तरकारियों, मांस, मछली, छोला, पुलाव के संरक्षण का साधारण परिचय। (5) खाद्य संरक्षण में बचे अवशेष निरर्थक भागाें का उपयोग। (6) सुरक्षित खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता का महत्व। (7) संरक्षण हेतु विभिन्न प्रकार की पैकेजिंग वस्तुओं का उपयोग। (8) मसाला उद्योग का सूक्ष्म परिचय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 239

इकाई-3 (1) दालें, अनाज, तिलहन वाली फसलों का सामान्य ज्ञान एवं संरक्षण। (2) मांस, मछली, मुर्गी, अण्डा आदि पदार्थों के विषय, परिचय एवं संरक्षण का प्रारम्भिक ज्ञान। (3) बड़ी, पापड़, चिप्स बनाने एवं संरक्षण के उपाय। (4) केक, पेस्ट्री, बिस्कुट, नान-खटाई बनाने की साधारण विधियां। (5) तैयार खाद्य पदार्थों का अल्पकालिक संरक्षण। (6) आटा, मैदा, सूजी, दलिया की पहचान तथा उत्पादों के लिए उपयुक्त गुणवत्ता। (7) सोयाबीन से निर्मित पदार्थों का सूक्ष्म परिचय। (8) दूध से निर्मित पदार्थ-खोया, पनीर का सामान्य परिचय।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) दीर्घ प्रयोग- 1-जैम बनाना 2-मुरब्बा बनाना 3-अचार बनाना 4-शर्बत बनाना 5-प्युरी एवं टमाटर सॉस बनाना 6-मटर, गाजर, अमचुर सुखाने की विधियां 7-कृत्रिम सिरका 8-फलों के रस एवं गूदे का संरक्षण 9-दलिया, चिप्स, पापड़, बरी बनाना एवं संरक्षण 10-पनीर निर्माण (ख) लघु प्रयोग- 1-हिफरेक्ट्रोमीटर का उपयोग 2-निकल्स हाइड्रोमीटर का उपयोग 3-सूक्ष्मदर्शी यंत्र के विभिन्न भागों का परिचय 4-पी0 एच0 पेपर का महत्व एवं उपयोग 5-पेक्टिन परीक्षण 6-विभिन्न खाद्य पदार्थों की पहचान 7-असमेसिस साधारण प्रयोग 8-खाद्य संरक्षण में उपयोग होने वाले तापमापी का उपयोग, प्रेशर कुकर का ज्ञान। संस्तुत पुस्तकें- रु0 (1) फल एवं सब्जी संरक्षण ले0 डा0 गिरधारी लाल 45.00

डा0 सिद्धाप्पा एवं गिरधारी लाल टंडन

30.00 (2) फल संरक्षण एस0 एम0 भाटी 15.00 (3) फल संरक्षण (प्रयोगात्मक) बी0 एम0 अग्निहोत्री (4) फल संरक्षण विज्ञान बी0 एम0 अग्निहोत्री 25.00 (5) फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 100.00 50.00 (6) आहार एवं पोषण विज्ञान विमला वर्मा

(12) ट्रेड-एकाउन्टेंसी अंकेक्षण

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को स्वरोजगार करने हेतु मानसिक रूप से तैयार करना। (3) 10+2 स्तर पर ट्रेड चयन करने हेतु छात्रों की सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (6) वेतनभोगी रोजगार सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक, कार्यालय सहायक के रूप में छात्राें को तैयार करना। रोजगार के आधार- (1) वेतनभोगी रोजगार तथा सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक, कार्यालय सहायक आदि के रूप में। (2) स्वरोजगार-जैसे छोटे स्तर के व्यापार के हिसाब का रख-रखाव करने के रूप में पाठ्‌यक्रम का स्वरूप।

35 ङ240 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 (1) लागत लेखांकन-परिभाषा, महत्व तथा पद्धतियां। (2) लागत के मूल तत्व-सामग्री, श्रम एवं उपरिव्यय का सामान्य ज्ञान। (3) लागत विवरण एवं निविदा तैयार करना। इकाई-2 अन्तिम खाते तैयार करना, साधारण समायोजनाओं सहित व्यापार लाभ-हानि तथा चिट्‌ठा बनाना, संयुक्त स्कन्द कम्पनी परिभाषा, लक्षण एवं भेद। इकाई-3 (ए) अंकेक्षण-परिभाषा, महत्व, उद्‌देश्य। (बी) अंकेक्षण गुण एवं योग्यतायें।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(अ) लघु प्रयोग- (1) नकद रसीद। (2) डेविट नोट एवं क्रेडिट नोट। (3) चेक, पे-इन-स्लिप। (4) टेलीग्राम मनी आर्डर फार्म। (5) आर0 आर0 ट्रेजरी चालान फार्म। (6) कैलकुलेटर्स, रेडीरेकनर्स। (7) डेटिंग मशीन। (8) नम्बरिंग मशीन। (9) स्टेपलर्स, पंचिंग मशीन। (ब) बड़े प्रयोग- (1) छात्रों को वाउचर प्रदान किये जायें एवं उन्हें तैयार कराया जाय। (2) क्रय-पुस्तक तैयार करना। (3) विक्रय पुस्तक तैयार करना। (4) बीजक एवं विक्रय विवरण बनाना। (5) खुदरा रोकड़ पुस्तक बनाना। (6) रोकड़ पुस्तक तैयार करना। (7) स्टाक रजिस्टर तैयार करना। (8) पत्र प्राप्ति पुस्तक एवं पत्र प्रेषण पुस्तक तैयार करना। संदर्भित पुस्तकें- 1-हाई स्कूल बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री विजय पाल सिंह 2-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री जगन्नाथ वर्मा 3-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्यिक ट्रेड लेखक-श्री राम प्रकाश अवस्थी 4-लागत लेखांकन लेखक-डा0 लक्ष्मण स्वरूप

(13) ट्रेड-आशुलिपिक तथा टंकण

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) वेतनभोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां कार्य करना। (2) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवेदन एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण कर उपलब्ध कराना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 241

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 व्यावसायिक संगठन अर्थ एवं प्रारूप एकांकी व्यापार, साझेदारी एवं संयुक्त स्कन्ध (परिभाषा, लक्षण एवं भेद)। इकाई-2 आशुलिपि वर्णमाला का प्रारम्भिक ज्ञान, चित्र एवं संकेतों के माध्यम से रेखाओं का ज्ञान, स्वर एवं संकेत स्वरों का ज्ञान, व्यंजनों का मिलाना तथा आशुलिपि में अवतरणों एवं पत्रों का श्रुतलेख और उनका हिन्दी रूपान्तर। इकाई-3 आधुनिक युग में टंकण का व्यावसायिक महत्व मशीन एवं उनमें प्रयुक्त होने वाले विभिन्न कल-पुर्जों एवं उनके प्रयोग तथा अवतरणों, पत्रों एवं साधारण बालिकाओं को करना।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- (1) शब्द चिन्ह। (2) जुट शब्द। (3) रेखाक्षरों के स्थान। (4) चित्र एवं संकेतों के माध्यम से रेखाक्षरों का ज्ञान। (5) टाइप करने की प्रणालियां। (6) मशीन में कागज लगाने, ठीक करने व कागज निकालने का ढंग। (7) हाशिया निश्चित करना। (8) मशीन पर बैठने की स्थिति। (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) श्याम पट्‌ट पर लिखित लेखों का पढ़ना। (2) पत्रों का आशुलिपि में लेखन तथा हिन्दी रूपान्तर। (3) आशुलिपि से दीर्घ लिपि में लिखना तथा टाइप करना। (4) आशुलिपि नोटों के अनुवादित होने के बाद उन पर चिन्ह लगाना। (5) कुंजी पटल का ज्ञान। (6) पोस्ट कार्डों पर पतों का टंकण। (7) टाइप मशीन की प्रतिलिपि लेना। (8) प्रार्थना-पत्र अथवा पत्रों को टाइप करना। संदर्भित पुस्तकें- 1-अनुपम टाइपिंग मास्टर-श्रीमती ऊषा गुप्ता। 2-उपकार व्यावहारिक टंकण कला-श्री ओंकार नाथ वर्मा। 3-हिन्दी संकेत लिपि (ऋषि प्रणाली)-श्री ऋषिलाल अग्रवाल। 4-पिटमैन अंगे्रजी संकेत लिपि-पिटमैन। 5-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 6-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 7-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली-श्री जगन्नाथ वर्मा। 8-आशुलिपि एवं टंकण-श्री गोपाल दत्त विष्ट।

(14) ट्रेड-बैंकिंग

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों की 10़2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (7) व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना। (8) बैंकिंग कार्य प्रणाली के प्रारम्भिक ज्ञान की जानकारी छात्रों को उपलब्ध कराना।

242 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी- 1-विद्यालयों में संचयिका के लेखा रखने को जानकारी देना। 2-अपने व्यवसाय को बैंकिंग कार्य प्रणाली की जानकारी देना। 3-सहायक रोकड़िया। 4-गोंद सहायक। (ख) स्वरोजगार- 1-लघु व्यावसायिक संस्थाओं का हिसाब तैयार करना। 2-अभिकर्ता के रूप में कार्य कराना। 3-डाक घर के एजेन्ट के रूप में कार्य करना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 व्यावसायिक संगठन अर्थ एवं प्रारूप एकांकी व्यापार, साझेदारी एवं संयुक्त स्कन्ध कम्पनी, परिभाषा, लक्षण एवं भेद। इकाई-2 अन्तिम खातेदार तैयार करना, साधारण समायोजनाएं सहित व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा आर्थिक चिट्‌ठा बनाना। इकाई-3 विभिन्न प्रकार के बैंक-देशी बैंक, साहूकार, महाजन एवं चिट फण्ड, व्यावसायिक बैंक, रिजर्व बैंक आफ इण्डिया, स्टेट बैंक आफ इण्डिया, सहकारी बैंक, भूमि विकास बैंक।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

लघु प्रयोग- (1) चेक लिखना, निर्गम करना एवं निगर्मन, रजिस्टर में लेखा करना। (2) चेकों का पृष्ठांकन एवं रेखांकन करना, चेकों की वैधता की जांच करना। (3) पे-इन-स्लिप तथा आहरण-पत्र का प्रयोग। (4) चेक लिखने वाली मशीन का प्रयोग। (5) रेडी रेकनर का प्रयोग। (6) कैलकुलेटर का प्रयोग। (7) वेइंग मशीन एवं नम्बरिंग मशीन का प्रयोग। (8) पंचिंंग मशीन एवं स्टेपलर का प्रयोग।

दीर्घ प्रयोग- (1) बैंक में खाता खोलने के विभिन्न प्रपत्रों को भरना। (2) बैंक लेजर, खातों एवं पास बुक में लेखा करना। (3) ब्याज की गणना एवं उनका लेखा करना। (4) बैंक ड्राफ्ट, एम0टी0टी0 पे-आर्डर तैयार करना। (5) ऋण सम्बन्धी आवश्यक प्रपत्रों को भरना। (6) साप्ताहिक विवरण रिटर्न तैयार करना एवं प्रधान कार्यालय को प्रेषित करना। (7) बीजक एवं विक्रय विवरण तैयार करना। (8) रेजगारी छांटने वाली मशीन का प्रयोग।

संदर्भ पुस्तकें- 1-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 2-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 3-हाई स्कूल मुद्रा बैंकिंग एवं अर्थशास्त्र-श्री एम0 पी0 गुप्ता। 4-अधिकोषण तत्व-श्री डी0 डी0 निगम।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 243

(15) ट्रेड-टंकण

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) वेतनभोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां टाइप करना। (2) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवेदन एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण कर उपलब्ध कराना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 व्यावसायिक संगठन-अर्थ उद्‌देश्य, महत्व एवं प्रारूप। एकांकी व्यापारी, साझेदारी एवं कम्पनी, परिभाषा, लक्षण एवं भेद। इकाई-2 अंग्रेजी टंकण-आधुनिक युग में अंगे्रजी टंकण का महत्व, टंकण मशीन तथा उसमें प्रयुक्त होने वाले विभिन्न कल-पुर्जों तथा उनका प्रयोग, पैराग्राफ, पत्रों तथा टेबुल का टंकण। इकाई-3 आधुनिक युग में हिन्दी टंकण का व्यावसायिक महत्व, टंकण मशीन एवं उसमें प्रयुक्त होने वाले विभिन्न कल-पुर्जों तथा उनका प्रयोग, अवतरणों, पत्रों तथा साधारण सारणी का टंकण।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- (1) टंकण कल पर बैठने की स्थिति। (2) टंकण करने की प्रणालियां। (3) टंकण मशीन में कागज लगाने एवं बाहर निकालने की विधि। (4) हाशिया निश्चित करना। (5) ऐसे संकेतों का टंकण जो कुंजी पटल में नहीं दिये गये हैं। (6) नया पैराग्राफ बनाना। (7) स्पेस बार का प्रयोग। (8) शिफ्ट की एवं शिफ्ट की लॉक का प्रयोग। (9) छोटे पत्रों एवं लघु अवतरणों का टंकण। (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) कुंजी पटल का ज्ञान। (2) प्रार्थना-पत्र एवं पत्रों का टंकण करना। (3) पोस्ट कार्ड पर पते टाइप करना। (4) टाइप मशीन से प्रतियां लेना। (5) प्रूफ रीडिंग में प्रयुक्त होने वाले चिन्ह। (6) रिबन का बदलना। (7) कठिन शब्दों का टंकण। (8) टाइप मशीन की सफाई एवं तेल देना। (9) बड़े अवतरणों एवं साधारण सारणियों का टंकण करना। संदर्भ पुस्तकें- 1-अनुपम टाइपिंग मास्टर श्रीमती ऊषा गुप्ता 2-उपकार व्यावहारिक टंकण कला श्री ओंकार नाथ वर्मा 3-पूर्ण व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड श्री राम प्रकाश अवस्थी 4-पूर्ण व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक) श्री राम प्रकाश अवस्थी 5-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता तथा व्यापार प्रणाली श्री जगन्नाथ वर्मा244 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(16) ट्रेड-फल संरक्षण

उदद्‌ेश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधानुसार उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 7-फल उत्पादन बढ़ाना तथा खाने के बाद बचे हुए फल और सब्जियाें का संरक्षण करना। 8-फलोत्पादक औद्योगिकरण द्वारा देश की बढ़ती हुई बेरोजगारी को दूर करना। 9-बिना मौसम में संरक्षित फल पदार्थों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- 1-फल संरक्षण सम्बन्धी इकाईयाें में रोजगार मिलने की सम्भावना। 2-फल संरक्षण उद्योग में स्वरोजगार या अपना निजी व्यवसाय चलाना या डिब्बाबन्दी कर बाजार में आपूर्ति करना। 3-संरक्षित पदार्थों की दुकान या गोदाम खोल सकता है जिसमें संरक्षित खाद्य पदार्थों का सही ढंग से रख-रखाव कर उन्हें नष्ट होने से बचाव कर रोजगार चला सकता है। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 (1) प्रमुख फल एवं सब्जियों को धूप में सूखाना और डीहाईड्रेशन यन्त्र से सुखाना। (2) शक्कर द्वारा संरक्षण-जैम, जेली, मुरब्बा, केन्डी और कृत्रिम शरबत (गुलाब, केवड़ा, खस और आम का पना) आलू के शीत भण्डारण का परिचयात्मक विवरण। इकाई-2 (1) टमाटर से निर्मित पदार्थ-रस (जूस), केचप, सॉस और चटनी। (2) किण्वीकरण (फार्मेन्टेशन), सिरका और अचार बनाना (नमक की संरक्षण का उपयोग, विदेशी विधि तथा साल्ट क्योरिंग का परिचय)। (3) अचार, पदार्थ, पेय एवं मुरब्बा उद्योग की सम्भावनायें। इकाई-3 फल संरक्षण, प्रशिक्षण, सूचना तथा वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थायें, फल संरक्षण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया एवं स्वरूप, आवश्यक कार्यवाही। अपने जनपद में अधिक मात्रा में उपजाये जाने वाले फल एवं सब्जियों की जानकारी तथा उनकी उपलब्धता तथा इनसे संरक्षित किये जाने वाले पदार्थों के बनाने की जानकारी।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- 1-ब्रिक्स हाईड्रोमीटर से लिनोमीटर, हैंड से कैरोमीटर (रिफ्रैक्टोमीटर), थर्मामीटर का परिचय एवं उपयोग विधि। 2-तरल पदार्थों का लिटमस पेपर की सहायता से पी-एच0 ज्ञात करना। 3-सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से परिचय, उनके विभिन्न पाटर््‌स, स्प्रिट द्वारा पेक्टिन टेस्ट। 4-स्प्रिट द्वारा पेक्टिन टेस्ट। 5-सोंलिंग के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीन। 6-कन्टेनर्स (बोतल, जार, अमृतवान, कारव्यास) को धोना और जीवाणुरहित (स्टरलाइज) करना। (ख) दीर्घ प्रयोग- 1-जैम-विभिन्न ऋतुओं में पैदा होने वाले फलों से जेम बनाना। 2-मुरब्बा बनाना-आंवला, बेल, पेठा, करौंदा, पपीता, गाजर। 3-अदरक, पेठा नीबू, प्रजाति के फलों के छिलका से कैण्डी बनाना। 4-टमाटर, केचप, सॉस, सूप बनाना। 5-फलों से चटनी बनाना। 6-विभिन्न ऋतुओं में उपलब्ध फल एवं सब्जियों (आम, नीबू, कटहल, अदरक, करौंदा, प्याज, खीरा आदि) से अचार बनाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 245
        7-कृत्रिम सिरका बनाना।
         8-कृत्रिम शरबत (खस, गुलाब, केवड़ा आदि) बनाना।
        9-स्कवेश बनाना।
        10-अमरूद से चीज, टाफी बनाना।
संस्तुत पुस्तकें-                                                                               रु0
        1-फल एवं सब्जी संरक्षण                   ले0 डा0 गिरधारी लाल डा0 सिद्धाप्पा            45.00
        2-फल संरक्षण                             श्री एस0 एन0 भाटी                             30.00
        3-फल संरक्षण (प्रयोगात्मक)               बी0 एन0 अग्निहोत्री                           15.00
        4-फल संरक्षण विज्ञान                     बी0 एन0 अग्निहोत्री                           25.00
        5-फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां      डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव                  100.00
        6-फल तथा सरकारी परिरक्षण प्रौद्योगिकी    श्री एस0 सदाशिव नायर एवं डा0 हरिश्चन्द्र शर्मा  100.00
        7-फ्रूट एवं वेजीटेबिल                    डा0 संजीव कुमार                              150.00

(17) ट्रेड-फसल सुरक्षा

उदद्‌ेश्य- 1-फसल सुरक्षा को सामान्य जानकारी करना। 2-फसल सुरक्षा सेवा अपनाकर फसलों की होने वाली हानि से इन्हें बचाना। 3-फसल सुरक्षा सेवा द्वारा प्रतिवर्ष हजारों टन खाद्यान्न को नष्ट करने से बचाना। 4-फसल सुरक्षा व्यवसाय में दक्षता प्राप्त कर इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाना। 5-श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना तथा आत्मनिर्भर बनाना। 6-कुशल नागरिक निर्माण में योगदान देना। 7-फसल सुरक्षा सेवा सम्बन्धी यन्त्राें एवं उपकरणों आदि का समुचित ज्ञान प्राप्त कर अपने निजी जीवन में उपयोग करना। 8-फसल सुरक्षा सेवा व्यवस्था का विद्यालय में सफल प्रदर्शन करना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार- 1-सरकारी, सहकारी विभागों में फसल सुरक्षा सहायक का कार्य करने का अवसर प्राप्त करना। 2-फसल सुरक्षा को उत्पादन तथा वितरण इकाइयों में रोजगार प्राप्त करना। (ख) स्वरोजगार- 1-फसल सुरक्षा सम्बन्धी रसायनों तथा यंत्रों-उपकरणों की आपूर्ति करने सम्बन्धी व्यवसाय को अपनाना। 2-फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों तथा रसायनों की दुकान चलाना। 3-फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों को किराये पर चलाना। 4-सहकारी समितियां बनाकर फसल सुरक्षा के क्षेत्र में लघु उद्योग-धन्धे चलाना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 1-फसल सुरक्षा के उपकरणों-स्पे्रयर और डस्टर की सामान्य जानकारी, इनके रख-रखाव का ज्ञान। 2-कवकनाशी, कीटनाशी, बीज पोषक, बीज उपचारक तथा खर-पतवारनाशी रसायनों की सामान्य जानकारी। इकाई-2 1-दीमक, चिड़िया, चूहों, घोंघा, बन्दर, लोमड़ी, खरगोश एवं अन्य जंगली जानवरों के कारण फसलों की क्षति का सामान्य ज्ञान तथा उनके रोकथाम की जानकारी। 2-टिड्‌डी द्वारा फसलों पर होने वाली क्षति का सामान्य ज्ञान एवं रोकने के उपाय का सामान्य ज्ञान। इकाई-3 1-अनाज भण्डारण में कीटों तथा जन्तुओं द्वारा होने वाली क्षति का ज्ञान। 2-भण्डारण के कीटों के वर्गीकरण की जानकारी। 3-निम्नांकित कीटों का जीवन-चक्र एवं उनके नियंत्रण के उपाय का ज्ञान- (1) राइस बीविल। (2) धान का भाव। (3) दालों की बीविल। (4) अनाज का घुन।

246 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) दीर्घ प्रयोग- 1-कीट संकलन एवं उनके जीवन-चक्र का रेखांकन करना। 2-इम्लसन मिश्रण बनाना। 3-पेस्टन तैयार करना तथा उनके प्रयोग विधि का प्रदर्शन। 4-रसायन का घोल तैयार करना, उनका प्रयोग तथा उनमें अपनायी जाने वाली सावधानियों की क्रियात्मक समझ। 5-फसलों पर पाउडर का छिड़काव करना। 6-भण्डार गृह में रसायनों का प्रयोग करना। 7-उपकरणों को खोलने एवं बांधने की समझ। 8-रसायन एवं उपकरण के प्राप्ति केन्द्रों की जानकारी एवं उन स्थानों का पर्यवेक्षण तथा उनका विवरण तैयार करना।

(ख) लघु प्रयोग- 1-विभिन्न खर-पतवारों की पहचान। 2-विभिन्न पादप रोगों की पहचान। 3-विभिन्न पादप कीटों की पहचान। 4-फसल सुरक्षा उपकरणों की पहचान। 5-कवकनाशी रसायनों की पहचान। 6-कीटनाशी रसायनों की पहचान। 7-खर-पतवारनाशी रसायनों की पहचान। 8-भण्डारण में प्रयोग होने वाले रसायनों की पहचान। 9-भण्डारण के कीटों की पहचान। 10-भण्डारण में हानि पहुंचाने वाले जन्तुओं की पहचान करना।

संस्तृत पुस्तकें- क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक प्रकाशक का नाम एवं पता मूल्य 1 2 3

4 5 रु0 16.00 1 फसल सुरक्षा डा0 धर्मराज सिंह ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर कम्पाउण्ड

कालोनी, इलाहाबाद

16.00 2 सब्जी की खेती दर्शना नन्द ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर कम्पाउण्ड

कालोनी, इलाहाबाद

25.00 3 फलों की खेती डा0 राम कृपाल पाठक ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर कम्पाउण्ड

कालोनी, इलाहाबाद

डा0 संगम लाल प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं 20.00 4 नया कृषि कीट विज्ञान बी0 ए0 डेविड एवं एम0 एच0 डेविड सेण्ट्रल बुक डिपो, इलाहाबाद 12.00 5 पादप रोग नियन्त्रण डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 22.00 6 खर-पतवार नियन्त्रण प्रो0 ओम प्रकाश कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 7 फसलों के रोगों की

रोकथाम

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल

50.00 8 फसलों के रोग डा0 मुखोपाध्याय एवं डा0 सिंह प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल डा0 बिन्दा प्रसाद खरे प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं 22.00 9 फसलों के हानिकारक

कीट

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल

25.00 10 खर-पतवार नियन्त्रण डा0 विष्णु मोहन मान प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 22.50 11 पादप रक्षा कीट

नियन्त्रण

12 प्लाण्ट प्रोटेक्शन डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 30.00 13 सचित्र कृषि विज्ञान श्री श्याम प्रसाद शर्मा भारत भारती प्रकाशन, मेरठ 20.00 14 कृषि विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायन लाल, इलाहाबाद 20.00भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 247

(18) ट्रेड-मुद्रण

सरकारी तथा निजी मुद्रण उद्यमों में कुशल कामगार के पद का कार्य कर सकते हैं-उदाहरण के लिए कम्पोजीटर, मुद्रण मशीन चालक, प्रूफ रीडर, बुक बाइण्डर, छोटी इकाई के रूप में निजी उद्योग भी लगा सकते हैं।

उदद्‌ेश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों की 10़2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार (ख) स्वरोजगार पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-एक (अ) मुद्रणालय की विभिन्न सामग्रियां- कागज बनाने की विभिन्न सामग्रियां, कागज बनाने की विधियां, विभिन्न प्रकार के कागज तथा मापें, मुद्रण स्याहियां, बोर्ड (दफ्ती), बाइण्डिंग कपड़ा, बाइण्डिंग चमड़ा, रेक्सीन, चिपकाने वाले (एडेसिव) पदार्थ, फर्मा कसने की सामग्रियां। (ब) विभिन्न मुद्रण सतह- टाइप कम्पोजिंग सतह, ब्लाक (चित्रों) की सतह, लाइनों तथा मोनो, आफसेट प्लेट, ग्रेव्योर मुद्रण प्लेट (सिलेण्डर), स्क्रीन मुद्रण की सतह, रबर मुद्रण प्लेट। इकाई-दो (अ) मुद्रण विधियां- मुद्रण का अर्थ, मुद्रण का अविष्कार, विभिन्न मुद्रण विधियां (लेटर प्रेस), समतल मुद्रण (प्लेनोग्राफी), अवतल मुद्रण (गे्रव्योर प्रिटिंग), सिल्क स्क्रीन मुद्रण, फ्लेक्सोग्राफी मुद्रण। (ब) विभिन्न मुद्रण कार्य- मुद्रण पूर्व तैयारी (प्रिमेकरेडी), मुद्रण तैयारी (मेकरेडी), छोटे-छोटे (जाबिंग), मुद्रण कार्य पुस्तकीय मुद्रण, कई रंगों में मुद्रण, समाचार-पत्र, पत्रिकाओं की मुद्रण विधियां। इकाई-तीन (अ) जिल्दबन्दी (बुक बाइडिंग)- जिल्दबन्दी का अर्थ, विभिन्न प्रकार की जिल्दबन्दी, विभिन्न प्रक्रियायें, कागजों को बराबर करना और गिनती करना। (ब) अन्य सम्बन्धित कार्य- दफ्ती (बोर्ड) से डिब्बा बनाना, लिफाफा बनाना, छिद्रण (परफोरेशन) कार्य, संख्याकरण (नम्बरिंग) कार्य, आइलेट लगाना, कटिंग तथा क्रीजिंग, रेखण (रूलिंग) कार्य।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-अक्षर संयोजन विभाग की साज-सज्जा तथा उपकरणों का परिचय। 2-मुद्रणालय में सुरक्षा (सेफ्टी) उपाय। 3-मुद्रण तथा बाईंडिंग विभाग की मशीनों और उपकरणों का परिचय। 4-टाइप केस लेआउट याद करना एवं कम्पोजिंग स्टिक में माप बांधना। 5-पू्रफ उठाना तथा टाइप मैटर में लगी स्याही की सफाई करना। 6-मुद्रणालय की सभी मशीनों तथा उपकरणों में स्नेहन (लुब्रीकेटिंग) तेल या ग्रीस देना और सफाई करना। 7-मुद्रित तथा अमुद्रित कागजों को बराबर करके और गिनती करना। 8-पुरानी पुस्तकों की मरम्मत करना। (ख) दीर्घ प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-लेटर हेड तथा विजिटिंग कार्ड आदि छोटे जॉब कार्यों को कम्पोजिंग करना तथा पू्रफ उठाकर उसे पढ़ना और संशोधन करना। 2-विभिन्न मशीनों के लिए एक या दो पृष्ठ का फर्मा कसना। 3-मुद्रण मशीन की तैयारी, मुद्रण मशीन पर फर्मा चढ़ाना, फर्मा की तैयारी तथा लगातार मुद्रण कार्य करना।

36 ङ248 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 4-मुद्रण मशीन पर एक या दो रंग की छपाई करने का अभ्यास। 5-स्थानीय किसी एक या अधिक मुद्रणालयों में छात्रों को ले जाकर निरीक्षण कराना और छात्रों द्वारा एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार करना जो 300 शब्दों से अधिक न हो। 6-बाइण्डिंग करने के लिए मुद्रित अथवा अमुद्रित कागजों को मोड़ना, मिसिल उठाना, सिलाई करना। 7-पुस्तकों पर कागज के कवर तथा दफ्ती के कवर लगाने का अभ्यास। 8-सिल्क स्क्रीन मुद्रण की तैयारी तथा मुद्रण का अभ्यास करना। पुस्तकें- हिन्दी पुस्तकें- 1-अक्षर मुद्रण शास्त्र चन्द्र शेखर मिश्र 2-संयोजन शास्त्र चन्द्र शेखर मिश्र 3-आफसेट मुद्रण शास्त्र चन्द्र शेखर मिश्र 4-मुद्रण परिकरण भाग-1 के0 सी0 राजपूत 5-मुद्रण परिकरण भाग-2 के0 सी0 राजपूत 6-आधुनिक ग्रन्थ शिल्प चन्द्र शेखर मिश्र 7-मुद्रण स्याहियां तथा कागज चन्द्र शेखर मिश्र 8-मुद्रण प्रौद्योगिकी सामग्री एम0 एन0 खिड़बेड़ 9-ब्लाक मेकर्स गाइड एस0 अग्रवाल

(19) ट्रेड-रेडियो एवं टेलीविजन

उदद्‌ेश्य- 1-वर्तमान समय में रेडियो एवं टेलीविजन की बढ़ती हुई मांग तथा इस विषय की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों की मांग को देखते हुए यह आवश्यक है कि हाई स्कूल स्तर से बच्चों में इस विषय में रुचि उत्पन्न करना। 2-10+2 में रेडियो तथा टी0वी0 पहले से चल रहा है, इसके लिए हाई स्कूल स्तर से बच्चों को तैयार करना तथा इण्टरमीडिएट में एडमिशन के समय वरीयता। 3-छात्र बाहर तथा गांव में व्यवसाय का उचित अवसर प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार के अवसर- 1-रेडियो तथा टी0वी0 इन्डस्ट्री में पी0 सी0 बी0 पर एसेम्बलिंग का कार्य प्राप्त कर सकते हैं। 2-विभिन्न टी0वी0 सर्विस सेन्टर में टी0वी0 टेक्नीशियन का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। 3-किसी बड़ी इकाई के साथ लघु उद्योग स्थापित करना। 4-स्वयं की दुकान प्रारम्भ कर सकना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 (क) परमाणु संरचना, इलेक्ट्रानिक सिद्धान्त, विद्युत के प्रकार, प्रतिरोध, धारित्र, इन्डक्टर तथा प्रतिरोध की कलर कोडिंग। (ख) इलेक्ट्रान उत्सर्जन, अर्द्ध चालक, अर्द्धचालक डायोड, ट्रान्जिस्टर के विषय में जानकारी, उसके चिन्ह तथा प्रकार। इकाई-2 ट्रांजिस्टर अभिग्राही (रिसीवर) के विषय में सामान्य जानकारी, ट्रांजिस्टर अभिग्राही के सामायदो तथा उनका विवरण। इकाई-3 कैथोड किरण, ट्‌यूब टी0वी0 अभिग्राही का बेसिक सिद्धान्त तथा उपयोग में आने वाले विभिन्न नियंत्रकों (कन्ट्रोल्स) के विषय में सामान्य जानकारी एवं टी0वी0 के सुधारने के लिए प्रयोग में आने वाले विभिन्न यन्त्रों के विषय में जानकारी।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

लघु प्रयोग- 1-कलर कोड की सहायता से प्रतिरोधों का मान पढ़ना तथा प्रतिरोधों की वाटेज को जानना। 2-विभिन्न प्रकार के प्रतिरोधों को पहचानना, समान्तर तथा श्रेणी क्रम में जोड़ना तथा उनका मान ज्ञात करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 249

3-विभिन्न प्रकार के धारित्रों को पहचानना तथा श्रेणी व समान्तर क्रम में जोड़ना तथा उनका मान ज्ञात करना। 4-विभिन्न प्रकार के डायडों तथा ट्रांजिस्टरों को पहचानना। 5-मल्टीमीटर की सहायता से वोल्टेज, धारा व प्रतिरोध मापना। 6-मल्टीमीटर की सहायता से डायोड तथा ट्रांजिस्टरों का परीक्षण करना। 7-इलेक्ट्रानिक्स में प्रयोग होने वाले विभिन्न यन्त्रों की जानकारी। 8-पी0 सी0 वी0 पर सोल्डर करने की विधि तथा सावधानियां। दीर्घ प्रयोग- 1-साधारण प्रकार की बैटरी एलीमिनेटर निर्माण (असेम्बल) करना। 2-विभिन्न निर्गत वोल्टेजों के लिए बैटरी एलिमिनेटर का निर्माण करना। 3-स्थिर वोल्टेज के लिए बैटरी एलिमिनेटर का निर्माण करना। 4-ट्रांजिस्टरों की सहायता से प्रवधक (एम्प्लीफायर) का निर्माण करना। 5-ट्रांजिस्टरों की सहायता से ध्वनि परिपथ (म्युजिकल सर्किट) का निर्माण करना। 6-ट्रांजिस्टर अभिग्राही के विभिन्न भागों की वोल्टेज ज्ञात करना। 7-ट्रांजिस्टर अभिग्राही के सामान्य दोषों को ज्ञात करना तथा उनका निवारण करना। 8-टेलीविजन के विभिन्न भागाें की वोल्टेज ज्ञात करना। संस्तुत पुस्तकें- 1-बेसिक इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग पी0ए0 जाखड़ तथा तबसा रथ जाखड़ 2-इलेक्ट्रानिक थू्र प्रैक्टिकल पी0 एस0 जाखड़ 3-प्रारम्भिक इलेक्ट्रानिकी कुमार एवं त्यागी 4-इलेक्ट्रानिक्स महेन्द्र भारद्वाज 5-टेलीविजन जीन एण्ड राबर्ट 6-बेसिक प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग अनवानी हन्ग

(20) ट्रेड-बुनाई तकनीक

उदद्‌ेश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधिापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी। विशिष्ट उद्‌देश्य- 1-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइनों को बनाकर हथकरघा उद्योग को उपलब्ध कराना। 2-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइन के द्वारा फीगर डिजाइन बनाना। 3-इस उद्योग में विद्यार्थी को दफ्ती के ऊपर रेशे द्वारा फीगर डिजाइन तैयार करना सिखाना। 4-बुनाई तकनीकी की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ बुनाई से सम्बन्धित लघु उद्योग स्थापित कर सकता है। रोजगार के अवसर- बुनाई तकनीक ट्रेड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी रोजगार- 1-खादी ग्रामोद्योग में यू0 पी0 हैण्डलूम में रोजगार के अवसर। 2-छोटे कारखानों में बुनाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में। 3-बुनाई अध्यापकों के लिए प्रशिक्षित शिक्षण की उपलब्धि। (ख) स्वरोजगार- 1-छोटे बुनाई उद्योग स्थापित करना। 2-सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त करके उद्योग चलाना। 3-न्यूनतम पूंजी में उद्योग का कार्य प्रारम्भ करके जीवन-यापन करना। 4-अपने साथ में पूरे परिवार को कार्य लगाकर कार्य करके जीवन-यापन करना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

250 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-1 (क) वर्गांकित कागज (ग्राफ पेपर) पर निम्न डिजाइन ड्राफ्ट प्लेन प्लान सहित बनाना। (ख) सादी या प्लेन बुनावट बार्परिब, वेयररिब, मैटरिब। (ग) सादा बुनावट सजाने की विधियां, लम्बाई में धारी चौड़ाई में धारी, छोटी-छोटी त्रुटियां, चारखाने दार, लम्बाई-चौड़ाई के साथ धारीदार डिजाइन बनाना। ट्‌योल, साधारण ट्‌वील, प्वाइंटेड ट्‌वील, ड्रायमेन्ट। इकाई-2 (क) सूत का अंक निकालना, वेट सूत का अंक निकालना। (ख) कंघी का अंक निकालना, हील्ड का अंक निकालना। (ग) रीब या कंघी का अंक निकालना। इकाई-3 (क) रंगों का अध्ययन, प्रकार, अष्ट्रवाल वृत्त रंग। (ख) रंगों की संग। (ग) डिजाइन एवं आलेखन कला के प्रकार।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

लघु प्रयोग- 1-सूत की लच्छियाें को सुलझाना। 2-चरखी के ऊपर सूत को चढ़ाकर चरखे की सहायता से तागे की बाबिन भरना। 3-भरी हुई बाबिनों को टट्रर में सजाना। 4-ताने की तारों को डिजाइन के अनुसार लय में भरना और कंघी में भरना। 5-ताने एवं बाने की बाबिन भरना। 6-लीज राड को ताने में लगाना। 7-शटल में तागे एवं बाबिन लगाना। 8-चरखे को चलाना। 9-तकली से सूत कातना। 10-सूत की लच्छियाें को अंटी पर चढ़ाना।

दीर्घ प्रयोग- 1-टट्रर से ताने के तागे निकालना। 2-क्रम से बाबिनों को लगाना। 3-हैंक या विनियों से तागे निकालना। 4-ड्रम मशीन पर ताने जुट्‌टी बांधना। 5-ताने के बेलन में ताने के धागे लपेटना। 6-ताने के बेलन को करघे पर फिट करना। 7-डिजाइन के अनुसार ड्राफ्टिंग करना। 8-आई के कंघी में पिराना या धागे निकालना। 9-ताने के धागों की जुट्‌टी बांधना। 10-करघे पर बुनाई करना।

पुस्तकों की सूची- क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम एवं पता मूल्य 1 2 3

4 5

रु0

1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा विश्वविद्यालय प्रकाशक चौक, वाराणसी 55.00 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुकसेलर, लखनऊ 55.00 3 बुनाई पुस्तक श्री श्याम नारायण श्रीवास्तव नवीन पुस्तक भण्डार, दारागंज, इलाहाबाद 8.00 4 हाउस होल्ड टेक्सटाइल श्री दुर्गा दत्त बुक कम्पनी, नई दिल्ली 75.00 27.00 5 भारतीय कशीदाकारी श्रीमती शिन्दे एवं कु0

पण्डित

प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीतालभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 251

(21) ट्रेड-रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा-व्यापार)

10 अंक

10 अंक

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-50 अंक इकाई-1 10 अंक खुदरा विक्री की प्रस्तावना- 1-खुदरा बिक्रय का अर्थ एवं परिभाषा। 2-खुदरा बिक्री के तत्वों का वर्णन। 3-खुदरा तत्वों की विशेषतायें। 4-खुदरा बिक्री के तत्वों की आवश्यकता। 5-खुदरा बिक्री के विभिन्न कार्य। 6-खुदरा विक्रेताओं के विभिन्न प्रकार। इकाई-2 खुदरा बाजार में विपणन की भूमिका- 1-विपणन प्रस्तावना। 2-विपणन के सिद्धान्त। 3-खुदरा व्यापार एवं विपणन में सामंजस्य। 4-विपणन के लक्षण एवं महत्व। 5-विपणन की उत्पत्ति एवं परिभाषायें। 6-उत्पाद एवं सेवा विपणन में विभेद। इकाई-3 1-उत्पाद प्रबन्धन का महत्व। 2-उत्पाद प्रबन्धन के पूर्वोपाय। 3-उत्पादन प्रबन्धन की विभिन्न विधियां। 4-उत्पाद प्रबन्धन के विभिन्न उपकरण। 5-भारत में बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार की व्यवस्था। 6-बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार को संचालित करने के लिए भारत सरकार द्वारा दी गई सुविधाओें का विवरण। (FDI)

10 अंक

10 अंक

इकाई-4 खुदरा व्यापार में उत्पाद वर्गीकरण- 1-प्रस्तावना 2-उत्पादों के प्रकार एवं लक्षण 3-खुदरा व्यापार में विभिन्न विभाग 4-उत्पाद रख-रखाव 5-उत्पादों में ब्राण्डिंग का महत्व इकाई-5 खुदरा बिक्री में रोजगार का भविष्य- 1-खुदरा बिक्री में विभिन्न रोजगारों की संभावना 2-खुदरा बिक्री में रोजगार के लिए आवश्यक दक्षता 3-खुदरा बिक्री में प्रबन्धकीय कार्य में कैरियर 4-FDI के द्वारा प्रस्तावित रोजगार का भारतीय अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव (FDI का आलोचनात्मक विवरण) प्रयोगात्मक

पूर्णांक-50 अंक

-उत्पादों की सुरक्षा की प्रशिक्षण तकनीक -उपभोक्ताओं के पहचान करने और समझने के लिए प्रश्नावली का गणन -किसी रिटेल मॉल का भ्रमण -किसी उत्पाद के सप्लाई चेन का मॉडल बनाना -किसी ग्राहक/उपभोक्ता से संतुष्टि मापन का अभ्यास -प्रयोगात्मक अभ्यास- 20 अंक -मौखिक परीक्षा- 10 अंक -प्रोजेक्ट रिपोर्ट- 20 अंक252 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

(22) ट्रेड-सुरक्षा

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-50 अंक

13 अंक

13 अंक

इकाई-1 सुरक्षा सैन्य बल -भारतीय थल सेना, वायु सेना एवं नौ सेना का संगठन एवं कार्य। -भारतीय अर्द्ध सैनिक बल संगठन एवं कार्य। -भारत की अद्यतन रक्षा तैयारियां। इकाई-2 कार्यस्थल से सम्बन्धित खतरे एवं सुरक्षा -कार्यस्थल में संभावित सामान्य खतरे एवं कारण। -स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से सम्बन्धित खतरे। -कार्यस्थल से सम्बन्धित तकनीकी खतरे। -प्राकृतिक आपदा, जल वायुवीय परिस्थितियों, सामाजिक एवं कानूनी कार्यवाही से सम्बन्धित खतरे। -उत्पादन, प्रौद्योगिकी, वित्तीय बाजार, उपभोक्ता से सम्बन्धित खतरे। -आणविक, जैविक एवं रासायनिक, शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक सुरक्षा। -व्यावसायिक स्वास्थ्य की प्रावस्थायें एवं सुरक्षात्मक रणनीति।

इकाई-3

निरीक्षण, अनुश्रवण एवं सुरक्षा 12 अंक

12 अंक

50 अंक

-निरीक्षण, सूचना, व्याख्या एवं स्मरण के विभिन्न सोपान। -निरीक्षण में संवेदों की प्रभावकता को प्रभावी बनाने वाले कारक। -सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी का महत्व। -विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा। -विभिन्न प्रकार के अपराध एवं उनसे सम्बन्धित सुरक्षा संप्रेषण। इकाई-4 कार्यस्थल पर संवाद संप्रेषण -संवाद चक्र के विभिन्न तत्व-संवाद का अर्थ, तत्व, प्रेषक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता एवं पुनर्निवेशन। -पुनर्निवेशन ;मिमक इंबाद्ध अर्थ, विशेषतायें एवं महत्व, वर्णनात्मक एवं विशिष्ट पुनर्निवेशन। -संप्रेषण में अवरोध सम्बन्धी कारक दूर करने के उपाय। -प्रभावी संप्रेषण से सम्बन्धित विभिन्न तत्व। -संप्रेषण के सिद्धान्त। -संचार उपकरण एवं संचार साधन। प्रयोगात्मक 1-परिचयात्मक प्रपत्रों का परीक्षण-Identity card, Passport, स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस। 2-कार्यस्थल पर मशीनों/रसायनों/उपकरणों आदि से होने वाले खतरों को सूचीबद्ध करना एवं संस्था द्वारा अपनाये जाने वाले सुरक्षा उपायों का अध्ययन। 3-एक shopping mall/industry का भ्रमण कर खतरों को चिन्हित करना। 4-प्रवेश द्वार की सुरक्षा का अध्ययन। 5-CCTV का अध्ययन। 6-Finger print, Scanner, Iris scanner, Face scanner का सुरक्षा में प्रयोग। 7-पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी एवं इसके प्रारूप का अध्ययन। 8-फोरेसिंक लैब का भ्रमण आयोजित कर साक्ष्यों की प्रमाणिकता की कार्यविधि का अध्ययन। 9-औद्योगिक संस्थान/रेलवे स्टेशन/बस स्टेशन/हवाई अड्‌डे का भ्रमण कर सुरक्षा गार्ड के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन। 10-सेना/पुलिस के अधिकारियों को प्रदत्त चिन्ह (Insignia) का मिलान उनके पद/रैंक से करना। 11-संवाद चक्र का रेखांकन। 12-कार्यस्थल पर Communication के लिए विभिन्न प्रकार के वाक्यों का निर्माण जिनमें- -विशिष्ट संदेश पर बल दिया हो। -वांछित समस्त जानकारी का समावेश हो। -संदेश के प्राप्तकर्ता के प्रति सम्मान परिलक्षित हो। 13-भारत एवं सम्बन्धित राज्यों तथा जिलों से सम्बन्धित मानचित्रों का अध्ययन एवं निर्माण।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 253

(23) ट्रेड-मोबाइल रिपेयरिंग

उदद्‌ेश्य-मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम भी है। मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हो रहा है। अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा। 1-छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर रोजगार/स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधिापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना साथ ही उसमें मोटीवेशन लाना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना।

10 अंक

10 अंक

10 अंक

10 अंक

50 अंक

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-50 अंक इकाई-1 10 अंक -मोबाइल के संदर्भ में कम्प्यूटर का प्रारम्भिक ज्ञान। -कम्प्यूटर के ऑन/ऑफ की प्रक्रिया। -मोबाइल के संदर्भ में इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रारम्भिक ज्ञान। - इलेक्ट्रॉनिक्स अवयवों के प्रतीक, परिभाषा, परीक्षण व कार्य। -डिजिटल मल्टीमीटर। इकाई-2 -मोबाइल प्रौद्योगिकी, मोबाइल का परिचय। -विभिन्न प्रकार के कम्पनियाें के मोबाइल। -मोबाइल के विभिन्न भाग व उनका परीक्षण। -मदर बोर्ड की प्रारम्भिक पहचान। -मोबाइल के प्रत्येक भाग जैसे-सिम, प्रकाश, रिंगर, कम्पन, ऑडियो, चार्जिंग की पैड व पावर सेक्शन का परिचय आरेख। इकाई-3 -(ICs) आइसी (SMD & BGA) विभिन्न आइसी के कार्य। -SMD(ICs) आइसी की सोल्डरिंग व डी सोल्डरिंग। -जम्फर तकनीक और उसका समाधान। इकाई-4 -समस्या का निवारण (TROUBLE SHOOTING AND SOLUTION) -एल0सी0डी0 पर आईकॉन की स्थिति। -सॉफ्टवेयर डाउनलोड विधि। इकाई-5 -Uplink & Downlink frequency (आवृत्ति)। -जी0पी0आर0एस0 (GPRS) -जी0पी0एस0 (GPS) -वाई-फॉय (WI-FI) -ब्लूटूथ (BLUTOOTH) -इन्फ्रा रेड (INFRARED) -डायग्राम-मल्टीमीडिया हेड सेट -एप्लीकेशन को डाउनलोड करना (गेम, टोन, वाल पेपर, इमेजेस एम0पी0-3 मूवी) -डेटा का हस्तान्तरण मोबाइल से PC में करना। प्रयोगात्मक पूर्णांक- (1) हार्डवेयर (Hard Ware)

• मोबाइल के विभिन्न मॉडल की जानकारी व कार्य प्रणाली। • CDMA तथा GSM तकनीकी की जानकारी।

254 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4

• 2 जी तथा 3 जी तकनीक की जानकारी। • बैटरी की सम्पूर्ण जानकारी-क्षमता, टेस्टिंग। • माइक टेस्टिंग। • फाइंड डेड सेट समस्या। • नेटवर्किंग। • MD का उपयोग। • सर्किट डायग्राम की जांच करना। • वजर टेस्टिंग, कम्पन, मदरबोर्ड टेस्टिंग, सर्चिंग (नेटवर्क)।

(2) सॉफ्टवेयर (Soft ware) -कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी प्राप्त करना। -मोबाइल में प्रयुक्त किये जाने वाले साफ्टवेयर की जानकारी। -लॉकिंग व अनलॉकिंग की जानकारी। -IMEI नम्बर की जानकारी। -रिंगटोन, सिंगटोन, वालपेपर, ऑडियो, वीडियो, Mp 3 Song SBJ लोड करना।

(24) ट्रेड-पर्यटन एवं आतिथ्य पाठ्‌यक्रम नोट-कुल 100 अंक का प्रश्न-पत्र होगा जिसमें 50 अंक की लिखित परीक्षा तथा 50 अंक का प्रयोगात्मक कार्य होगा। उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में अतिथि देवो भव की भावना विकसित करना। (2) हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन व्यवसाय को समझना। (3) पर्यटन और आतिथ्य से सम्बन्धित विषय को समझना। (4) बातचीत के तरीकों को विकसित करना। (5) आत्मनिर्भरता की भावना का विकास करना। रोजगार के अवसर- छात्रों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके मनोबल को बढ़ाना, जिससे छात्र स्वयं इस प्रकार के कार्य अथवा उद्योग को अपनाकर जीवन-निर्वाह कर सकें।

05 अंक

10 अंक

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक 50 अंक इकाई-1 05 अंक (1) पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी की परिभाषा। (2) पर्यटक की परिभाषा तथा पर्यटन गाइड। (3) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि। (4) हॉस्पिटैलिटी की उत्पत्ति का कारण। (5) आतिथ्य एवं पर्यटन का अर्थ, क्षेत्र, आवश्यकता, महत्व एवं अवधारणा। इकाई-2 (1) भारत में पर्यटन का महत्व। (2) उद्‌देश्य। (3) कारण। (4) पर्यटन के प्रकार जैसे-प्राकृतिक, वाइल्ड, साहसिक, धार्मिक, फूड, डोमेस्टिक, ग्रामीण, शहरी इत्यादि। (5) इनबाउन्ड टूरिज्म और आउटबाउन्ड टूरिज्म। इकाई-3 फ्रन्ट आफिस संचालन (1) फ्रन्ट ऑफिस की परिभाषा तथा महत्व। (2) फ्रन्ट ऑफिस के कार्य तथा अनुभाग। (3) फ्रन्ट ऑफिस के स्टाफ के गुण तथा व्यक्तिगत भाव। (4) फ्रन्ट ऑफिस के स्टाफ, उनके कार्य तथा उत्तरदायित्व। (5) विभिन्न प्रकार के प्लान-A.P., C.P., E.P., M.A.P.।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 255

15 अंक

15 अंक

पूर्णांक 50 अंक

(6) चेक-इन तथा चेक-आउट, प्रोसीजर (प्रक्रिया) चेक आउट टाइम। (7) आगमन और प्रस्थान विधि। (8) बेल डेस्क के कार्य और महत्व। (9) Reception के कार्य और महत्व। (10) विभिन्न प्रकार के रजिस्टर- (क) Log Book (ख) आगमन और प्रस्थान रजिस्टर। (ग) डाक्टर आनकाल रजिस्टर। (घ) Guest Folio (ङ) C-Form रजिस्टर। इकाई-4 House keeping (1) हाउसकीपिंग की परिभाषा और महत्व। (2) हाउसकीपिंग के कार्य और अनुभाग। (3) हाउसकीपिंग स्टाफ के कार्य, उनके उत्तरदायित्व तथा संगठन चार्ट। (4) हाउसकीपिंग स्टाफ के गुण तथा भाव। (5) ले-आउट। (6) लॉस्ट एवं फाउण्ड प्रक्रिया। (7) लेनिन तथा यूनीफार्म रूम तथा इसका ले आउट। (8) DND, CLEAN MY ROOM तथा दूसरे प्रकार के डोर नॉब कार्ड के विषय में जानना। (9) ब्लाक रूम तथा अतिथि रूम को बनाना। (10) डर्टी लेनिन प्रोसीजर (प्रक्रिया) DND तथा रूम को हैण्डल करना। इकाई-5 (1) F & B Service की परिभाषा और उद्‌देश्य। (2) विभिन्न प्रकार के अनुभाग। (3) कस्टमर हैंडलिंग। (4) स्टाफ संरचना एवं संगठन। (5) Restaurant, Coffee Shop, Discotheque, Night Club, मल्टी स्पेशियल्टी रेस्टोरेन्ट, कैफेटेरिया इत्यादि। (6) Room Service अनुभाग के कार्य। (7) Kitchen Stewarding के कार्य। (8) किचेन के प्रमुख अनुभागों को जानना जैसे-Continental, इण्डियन, चाइनिज, बेकरी इत्यादि। (9) विभिन्न प्रकार के शेफ (Chef) तथा उनके कार्य। (10) किचेन का ले आउट बनाना। (11) वेटर के कार्य तथा गुण। (12) हाईजीन और सैनीटेशन का महत्व। प्रयोगात्मक कार्य निर्देश-निम्न में सेे कोई पांच प्रयोगात्मक कार्य करें। प्रत्येक के लिए दस अंक निर्धारित हैं। (1) गेस्ट से बात करते समय बात करने का ढंग, उस समय प्रयोग किया जाने वाला कम्यूनिकेशन और गेस्ट के स्वागत करने का तरीका। (2) शैक्षणिक भ्रमण की सहायता से होटल और ट्रेवेल एजेंसी को जानना। (3) मैन्यू की योजना बनाना- (क) एक मैन्यू बनाना जो 300 लोगों के लिए हो (साप्ताहिक दर्शायें)। (ख) छात्रावास का मैन्यू बनायें (200 छात्रों के लिए) (ग) कवर सेटअप करना (विभिन्न प्रकार के मैन्यू के लिए)। (घ) बूफे सेटअप करना। (ङ) ऑडर, टेकिंग। (च) सर्विस करना। (छ) बिल पेमेन्ट करना। (ज) के0ओ0टी0/बी0ओ0टी0 काटना। (झ) बिलिंग प्रोसिजर्स।

37 ङ256 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 4 (4) बेड मेकिंग- (क) मार्निंग सर्विस। (ख) शाम की सर्विस। (ग) अकस्मात रूम व्यवस्था। (घ) सफाई चक्र। (ङ) रख-रखाव और गृह की व्यवस्था। (च) कमरे तथा रेस्टोरेन्ट के लिए प्रयोग किये जाने वाले लेनिन की व्यवस्था। (5) मेड्‌सकार्ट में रखे जाने वाले वस्तुओं को रखना तथा उसका प्रयोग करना। (6) विभिन्न प्रकार के प्रोफार्मा को बनाना- (क) C-Form (ख) Log Book (ग) आने वाले तथा जाने वालों के रजिस्टर (घ) आर्गनाइजेशन (ङ) वीटनरी टैक सिस्टम को बनाना (च) अतिथि का स्वागत करना (छ) टूर पैकेज बनाना (7) Room रिपोर्ट बनाना। (8) Lost & Found रजिस्टर बनाना। (9) टेलीफोन से बात करने का तरीका (क्या करना और क्या न करना)। (10) रिजर्वेशन करने का तरीका (हाथ से और कम्प्यूटर) द्वारा। (11) कम्प्यूटर द्वारा कार्य और अनुप्रयोग विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर पैकेज का प्रयोग। (12) गेस्ट की शिकायतों को हैंडिल करना तथा उनको निपटाना। (13) आचार-व्यवहार और ड्रेस कोडिंग। (14) अकस्मात दिक्कतों को निपटाना। (15) हाइजीन और सेनीटेशन। (16) विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थों को बनाना तथा उसकी सर्विस करना। (17) लगेज हैंडलिंग प्रोसिजर। (18) गेस्ट का टिकट बुक कराना। (19) विभिन्न प्रकार के Plan द्वारा रूम बुक कराना। (20) रजिस्ट्रेशन कराना। (21) प्रोजेक्ट बनाना।

सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

पी0एस0यू0पी0-36 हिन्दी गजट-भाग 4-2024 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 07 दिसम्बर, 2024 ई० (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌)

भाग 8

सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गांठों का विवरण-पत्र, जन्म-मरण के आंकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार-भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि।

कार्यालय, नगर पंचायत मनकापुर, जनपद-गोण्डा

26 जुलाई, 2024 ई0

''नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता एवं प्रयोक्ता शुल्क उपविधि, 2024''

सं0 1/15/उपविधि/न0पं0म0/2024-नगर पंचायत मनकापुर, जनपद-गोण्डा ने नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा-293 एवं 298 एवं उसमें दी गई विविध उप धाराओं के अन्तर्गत व वन, पर्यावरण एंव जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत ''ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2016'' के अन्तर्गत वांछित व्यवस्थाओं के क्रियान्वन एंव विनियमन हेतु तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी अन्य शासनादेशों में दिये गये प्रावधानों के क्रम में अध्यक्ष महोदय की स्वीकृति दिनांक 20 जनवरी, 2024 के उपरान्त नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता एवं प्रयोक्ता शुल्क उपविधि 2024 को बनाया गया।यह उपविधि ठोस अपशिष्टों के संग्रहण, भण्डारण, परिवहन, प्रसंस्करण (Processing) एंव निपटान (Disposal) तथा स्वच्छता सम्बंधी प्रकरणों के सभी मामलों एवं वस्तुओं के विनियमन एवं विविध दण्ड एवं जुर्माने के सम्बंध में है। जिसका अनुमोदन निकाय की बोर्ड बैठक दिनांकः 30.01.2024 में किया गया है। उपविधि पर दावे एवं आपत्तियॉ प्राप्त करने हेतु उपनियमावलियों को नियमानुसार दैनिक समाचार-पत्र समायिक सहारा दिनांक 21/02/2024 एवं प्रभात नमन 21/02/2024 को समाचार-पत्रों में प्रकाशन कराकर एवं नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराकर प्रकाशन के उपरान्त 35 दिनों तक आम जनता के आपत्ति/सुझाव कार्यालय में आमन्त्रित किये गये। निर्धारित समयावधि में कोई आपत्ति नहीं प्राप्त हुई, तदोपरान्त उपविधि को अन्तिम रूप दे दिया गया। जिसका अनुमोदन निकाय बोर्ड द्वारा दिनांकः 29 जून, 2024 की बैठक में किया गया। उपविधि का विवरण निम्नलिखित है-

संक्षिप्त नाम एवं परिभाषा-

1-इस उपविधि का नाम नगर पंचायत मनकापुर, गोण्डा की ''नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता एवं प्रयोक्ता शुल्क उपविधि, 2024'' कहलायेगी तथा सरकारी गजट में प्रकाशन के दिनांंक से लागू/प्रभावी होगी।

158 ट1168 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8 2-यह उपविधि उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 के अन्तर्गत संशोधित होने की तिथि तक प्रभावी रहेगी। इस प्रकार के संशोधन स्थानीय समाचार-पत्र में पर्याप्त नोटिस देकर प्रकाशित किये जायेंगे।

3-'लागू होना'' -यह उपविधि नगर पंचायत मनकापुर, जनपद-गोण्डा की सीमा में (भविष्य में विस्तारण के फलस्वरूप संशोधित सीमायें इसमें सम्मिलित मानी जायेगी) लागू होगी एवं सभी सार्वजनिक स्थलों, सभी ठोस अपशिष्ट उत्पादन करने वालों, प्रत्येक स्वामित्व/अध्यासन वाले परिसर से सम्बंन्धित व्यक्तियों पर जो नगर पंचायत नवाबगंज, जनपद-गोण्डा की सीमा में है पर लागू होगी।

4- इस उपविधि में जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो या इस संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो उपविधि एवं परिषिष्ट में प्रयुक्त शब्दों की परिभाषा निम्नवत्‌ है-

क-''अभिकरण या अभिकर्ता'' से तात्पर्य नगर पंचायत मनकापुर, जनपद-गोण्डा द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति या संस्था या एजेन्सी या फर्म या संविदाकर्ता से है, जो उसकी ओर रोड गलियों की सफाई और अपशिष्ट के संग्रह, प्रबन्धन, परिवहन, भण्डारण, पृथक्कीरण संग्रहण, यूजर चार्ज, शमन शुल्क के संग्रह आदि कृत्य का निर्वहन करें।

ख-जैवनाशित अपशिष्ट (बायोडिग्रेडिबल वेस्ट)'' से तात्पर्य जीवाणू या अन्य जीवित प्राणियों द्वारा अपघटित या नाशित किये जाने योग्य कूड़ा-कचरा या अपशिष्ट सामग्री से है। उदाहरण स्वरूप पेड़ पौधों/जानवरों से जनित अपशिष्ट जैसे रसोई अपशिष्ट, भोजन एवं फूलों के अपशिष्ट, पत्तियों, बगीचा का अपशिष्ट, जानवरों का गोबर, मीट/मछली का अपशिष्ट अथवा अन्य कोई पदार्थ जो माइक्रोआर्गेनिज्म द्वारा डिग्रेड/डिकम्पोज हो सकता है।

ग-जैवचिकित्सा अपशिष्ट (बायोडिग्रेडिबल वेस्ट)'' से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जो किसी प्राणी या जन्तु के निदान या उपचार के दौरान या अनुसंधान क्रियाकलापों में या जीवों के उत्पादन या परीक्षण में सृजित हो। इसके अन्तर्गत अनुसूची तीन में उल्लिखित श्रेणियॉ भी सम्मिलित है।

घ-शुष्क अपशिष्ट से तात्पर्य'' बायो डिग्रेडिबल अपशिष्ट और गली के निष्क्रिय कूड़ा करकट से भिन्न अपशिष्ट से है और जिसके अन्तर्गत री-साइक्लेबल अपशिष्ट, नान-रीसाइक्लेबल अपशिष्ट, ज्वलनशील अपशिष्ट और सेनेटरी नैपकिन और डापर आदि से है।

ङ-घरेलू परिसंकटमय (हजार्डस) अपशिष्ट'' से तात्पर्य घरेलू स्तर पर उत्पन्न संक्रामक/हानिकारक अपशिष्टों जैसे फेके हुए पेंट के ड्रम, कीटनाशी के डिब्बे, सी0एफ0एल0 बल्ब, ट्‌यूबलाइटें, अवधि समाप्त औषधियों, टूटे हुए पारा वाले थर्मामीटर, प्रयुक्त बैटरियॉ, प्रयुक्त सुइयॉ तथा सिरिंज और संदूषित पटिट्‌यॉ आदि से है।

च-''बायो-मीथीनेशन से तात्पर्य'' ऐसी प्रक्रिया से है जिसमें माइक्रोबियल एक्शन द्वारा कार्बनिक पदार्थ का इन्जाइमी डीकम्पोजीशन/ब्रेकिंग डाउन होता है। जिसके कारण मीथेन से भरपूर बायोगैस का उत्पादन होता है।

छ-''द्वार-द्वार संग्रहण से तात्पर्य'' घरों दुकानों वाणिज्यिक प्रतिष्टानों, कार्यालयों, संस्थागत या किसी अन्य गैर आवासीय परिसरों के द्वार तक जाकर ठोस अपशिष्ट का संग्रहण करना और जिसके अन्तर्गत किसी आवासीय सोसाइटी, बहुमंजिले भवन या अपार्टमेंट, बड़े आवासीय, वाणिज्यिक या संस्थागत काम्पलेक्स या परिसर में भू-तल पर प्रवेश द्वार या किसी अभिहित स्थल से ठोस अपशिष्ट का संग्रहण करने से है।

ज-''विकेन्द्रित प्रसंस्करण'' से तात्पर्य बायोडिग्रेडिबल अपशिष्ट के प्रसंस्करण को अधिकतम करने के लिए बिखरी हुई सुविधाओं की स्थापना और उत्पादन के स्रोत से निकटतम रीसाइक्लेबल सामग्रियों की प्रति प्राप्ति करने से है ताकि प्रसंस्करण या निपटान के लिए अपशिष्ट का न्यूनतम परिवहन करना पड़े।

झ-''ब्रांड ओनर से ताप्तपर्य'' ऐसी किसी व्यक्ति अथवा कम्पनी से है जो किसी सामग्री की एक रजिस्टर्ड ब्रैड लेबल के अन्तर्गत वाणिज्यिक विक्रय करती है।

-''निपटान से तात्पर्य'' भूजल, सतही जल परिवेशी वायु के संदूषण तथा पशुओं या पक्षियों के आकर्षण को रोकने के लिए यथा विनिर्दिष्ट भूमि पर प्रसंस्करण उपरान्त अपशिष्ट, ठोस अपशिष्ट और निष्क्रिय गली का कूड़ा, करकट और सतही नाले की सिल्ट का अंतिम तथा सुरक्षित निपटान से है।

ट-''नगर निकाय से तात्पर्य नगर पंचायत मनकापुर, जनपद-गोण्डा से है।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1169

ठ-बृहद अपशिष्ट सृजक (बल्क वेस्ट जनरेटर) से तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट उत्पादकों से है जो औसतन 100 किलोग्राम की दर से या निकाय बोर्ड द्वारा निर्धारित दर से अधिक दैनिक रूप से अपशिष्ट उत्पादित करते है। तथा इनमें केन्द्रीय/राज्य सरकार के विभागों अथवा उपक्रमों, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक या प्राइवेट सेक्टर की कम्पनियों, अस्पतालों, नर्सिग होम, स्कूलों, कालेजों, विश्वविद्यालयों अन्य शैक्षिक संस्थानों, छात्रावासों, होटलों, वाणिज्यिक स्थापनाओं, बाजारों, पूजा स्थलों, स्टेडियमों और खेल परिसरों द्वारा अधिकृत भवन या अन्य प्रयोगकर्ता जैसे कि क्लब, जिमखाना, शादीघर, मनोरंजन परिसर भी शामिल है, आदि से है।

ड-''संग्रहण से तात्पर्य नियत संग्रहण स्थलों या अन्य स्थानों से नगरीय ठोस अपशिष्ट के उठाने और हटाने से है।

ढ- ''स्रोत'' पर संग्रहण'' से तात्पर्य किसी भवन के परिसर या भवनों के किसी समूह के परिसर के भीतर से नगर निकाय द्वारा नगरीय ठोस अपशिष्ट के संग्रहण से है। इसे ''घर-घर संग्रहण'' भी कहा जा सकता है।

ण- ''सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र'' से ताप्तर्य किसी ऐसी भण्डारण सुविधा से है। जिसकी व्यवस्था तथा रख-रखाव नगरीय ठोस अपशिष्ट के भण्डारण हेतु एक या उससे अधिक परिसरों के स्वामियों और/या अध्यासियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है।

त- ''कम्पोस्ट खाद निर्माण से तात्पर्य'' ऐसी नियन्त्रित प्रक्रिया से है जिसमें कार्बनिक पदार्थ का जैव अवक्रमणीय अपशिष्ट को वानस्पतिक खाद में परिवर्तन करने हेतु केचुओं के प्रयोग की एक प्रक्रिया है।

थ- निर्माण व ध्वस्तीकरण सम्बन्धी अपशिष्ट'' से तात्पर्य निर्माण, पुर्ननिर्माण, मरम्मत और ध्वस्तीकरण संक्रिया से निकलने वाली भवन सामग्री, मलवा और रोड़ी से उत्पन्न अपशिष्ट से है।

द- ''अपशिष्ट छॅटाई केन्द्र'' से तात्पर्य किसी ऐसी अभिहित भूमि शेड छतरी, या ढाचे से है जो किसी नगर निकाय की या सरकारी भूमि पर या अपशिष्ट को प्राप्त करने या उसकी छटाई करने के लिए प्राधिकृत किसी सार्वजनिक जगह पर स्थित हो।

ध- ''अपशिष्ट उत्पादन'' से तात्पर्य नगर निकाय की सीमा में नगरीय ठोस अपशिष्ट का उत्पादन करने वाले किसी व्यक्ति या संस्था से है।

न- ''निष्क्रिय ठोस अपशिष्ट से तात्पर्य'' किसी ठोस अपशिष्ट या प्रसंस्करण के अवशेष से है, जिसके भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणधर्म उसे सफाई सम्बन्धी गड्‌ढे के लिए उपयुक्त बनता है।

प-''कूड़ा कचरा से तात्पर्य'' किसी प्रकार का ठोस या तरल घरेलू या वाण्ज्यििक कचरा, मलबा या कूड़ा या किसी प्रकार का शीशा धातु आदि के टुकड़े कागज कपड़ा, लकड़ी खाना, वाहन के परियुक्त से फर्नीचर या फर्नीचर से भाग, निर्माण से ध्वस्त साम्रगी, उद्यान अपशिष्ट, कतरन, ठोस बालू या पत्थर और किसी सार्वजनिक स्थान पर जमा की गयी कोई अन्य सामग्री पदार्थ या वस्तु से है।

फ- ''संग्रहण'' से तात्पर्य कूड़े कचरे को ऐसे स्थान पर रखने से है, जहाँ पर गिराया या उतारा जाता है। अथवा वह कर आता है, रिसता या अन्य प्रकार से वह कर आता है या किसी सार्वजनिक स्थान में या उस पर उसके गिराने, उतारने, बहकर आने, रिसने या किसी प्रकार से आने की सम्भावना हो।

ब- ''स्थानीय क्षेत्र नागरिक समूह'' स्थानीय क्षेत्र नागरीक समूह से तात्पर्य आवासीय या वाण्ज्यििक परिसरों के स्वामियों या अध्यासियों के किसी समूह या किसी विशिष्ट पड़ोस के ऐसे स्वामियों या अध्यासियों की समितियों या संगठनों से है जो नगर निकाय द्वारा विनिर्दिष्ट मानदण्ड के आधार पर परिभाषित किये गये हो। जो उस क्षेत्र में सफाई बनाये रखने और अपशिष्ट में कमी करने, पृथक्करण और पुर्नचक्रण के लिए उत्तरदायित्व लेने के लिए आगे आये हों। प्रतिबन्ध यह है कि व सहकारी समितियों के निबन्धक द्वारा पंजीकृत हों और उनके उद्‌देश्य और प्रयोजन के अन्तर्गत सफाई बनायें रखने और अपशिष्ट के पृथक्करण और पुर्नचक्रण भी सम्मिलित हों और उसे नगर निकाय द्वारा स्थानीय क्षेत्र नागरिक समूह के रूप में अनुमोदित किया गया है।

1170 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

भ-''मार्ग विक्रेता (स्ट्रीट वेण्डर)'' से तात्पर्य किसी गली, लेन, पाश्र्व-पथ, पैदल पथ खड़न्जा, सार्वजनिक उद्यान या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर या प्राइवेट क्षेत्र, अस्थायी रूप से निर्मित संरचना या स्थान से स्थान घूम कर साधारण जनता को दैनिक उपयोग के वस्तु, मल, खाद्य सामग्री या वाण्ज्यििक वस्तु के विक्रय करने या उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानान्तरित करने में लगे व्यक्ति से है। जिसके अन्तर्गत फेरीवाला आदि सम्मिलित है।

म-''नगरीय ठोस अपशिष्ट'' के अन्तर्गत नगर निकाय में उत्पादित ऐसा वाण्ज्यििक, आवासीय और अन्य अपशिष्ट भी है, जो ठोस या अर्द्धठोस के रूप में हो।

य-'' गैर सरकारी संगठन या स्वयंसेवी'' से तात्पर्य नगर के ऐसे गैर सरकारी से है जो नगर में सिविल सोसाइटी संगठन और गैर सरकारी संगठन का एक प्रतिनिधत्व निकाय है, सुसंगत अधिनियमों के तहत पंजीकृत हो।

र-''अध्यासी'' से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो किसी भी प्रयोजन के लिए किसी भूमि या किसी भवन या उसके भाग का अध्यासी है या अन्यथा रूप से उपयोग कर रहा है।

ल-''स्वामी से तात्पर्य'' ऐसे व्यक्ति से है जो किसी भवन भूमि या उसके स्वामी के अधिकारी का प्रयोग कर रहा है।

व-'' प्रसंस्करण से तात्पर्य ऐसे किसी वैज्ञानिक प्रसंस्करण से है जिसके द्वारा ठोस अपशिष्ट पुर्नचक्रण या भू- भरण स्थल हेतु उपयुक्त बनाने के प्रयोजन के लिए प्रसंस्करण हेतु अभिक्रियित किया गया है।

श-''पुर्नचक्रण'' से तात्पर्य नये उत्पादों को उत्पादित करने हेतु पृथक्कृत गैर जैव विकृत ठोस अपशिष्ट को ऐसी कच्ची सामग्री में परिवर्तन करने की प्रक्रिया से है, जो मूल उत्पादनों के समान हो सकती है या नहीं हो सकती है।

ष-''कचरा निस्तारण प्रभार से तात्पर्य'' नगर निकाय द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट उत्पादकों से नगरीय ठोस अपशिष्ट के संग्रह, परिवहन, और निस्तारण के लिए अधिसूचित फीस या प्रभार से है। इसमें विभिन्न प्रकार के लाईसेंसी के लिए यथा प्रयोज्य व्यापार कचरा प्रभार सम्मिलित है।

स-''प्रयोक्ता शुल्क'' से तात्पर्य कचरा निस्तारण कार्य के सन्दर्भ में निर्धारित यूजर चार्ज से है।

ह-''पृथक्करण'' से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट को विनिर्दिष्टि समूह के जैव नाशित परिसंकटमय जैव चिकित्सीय निर्माण और ध्वंश सामूहिक उद्यान और बागवानी एवं समस्त अन्य अपशिष्ट को पृथक करने से है।

ह-''छंटाई'' करना से तात्पर्य मिश्रित अपशिष्ट से पुर्नचक्रण योग्य विभिन्न संघटकों और प्रवर्गो जैसे कागज, प्लास्टिक, गत्ता, धातु, कॉच आदि को समुचित पुनः चक्रण सुविधा में पृथक करना सम्मिलित है।

क्ष-''भण्डारण'' से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट के उस रीति से अस्थायी संग्रहण से है जिससे कि कूड़ा करकट के बिखराव, रोगवाहकों के आकर्षण, आवारा पशुओं और अतिशय दुर्गन्ध को रोका जा सकें।

ज्ञ-''परिवहन'' से तात्पर्य नगरीय ठोस अपशिष्ट के एक संस्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने से है।

अ-''विहित प्राधिकारी'' में अधिशासी अधिकारी से सफाई कर्मचारी तक समस्त अधिकारी/कर्मचारी सम्मिलित माने जायेंगे। इस नियमावली में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होगें, जो अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबन्ध नियम, 2016 में उनके लिए क्रमशः समुनिदेशित है जब तक संंदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो।

इस उपविधि के अन्तर्गत उपरोक्त दी गयी परिभाषा से सम्बंधित दायित्यों/कर्तव्यों/कार्याें का विवरण प्रतिशंघ, शास्ति एवं प्रशमन आदि का विवरण निम्नवत्‌ हैः-

अपशिष्ट उत्पन्नकर्ताओं के सामान्य कर्तव्य-

(क) उनके द्वारा उत्पन्न किये गये अपशिष्ट को पृथक्करण और तीन पृथक्करण और तीन पृथक शाखाओं अर्थात बायोडिगग्रेडिबुल (गीला-कूड़ा) नान-बायोडिग्रेबल (सूखा-कूड़ा) और घरेलू हजार्ड्‌स अपशिष्ट के तीन अलग-अलग रंग के डिब्बों क्रमशः हरा, नीला, एंव काला में भंडारित करेगा और समय-समय पर नगर निकाय द्वारा निर्गत निर्देश या अधिसूचना के अनुसार पृथक किये गये अपशिष्ट चुनने वालों या अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं को सौंपेगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1171

(ख) प्रयोग किये गये स्वास्थ्यकर अपशिष्ट जैसे डायपरों और स्वास्थ्यकर पैडों आदि इन उत्पादों के निर्माताओं या ब्रांड स्वामियों द्वारा उपलब्ध करायी गई थैली में या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा यथा निर्देशित उपयुक्त लपेटन (रैपर) सामग्री में शुष्क अपशिष्ट या नान-बायोडिग्रेबल अपशिष्ट हेतु बनाये गये डिब्बे में उसे डालेगा।

(ग) अपने परिसर से उत्पन्न कृषि उद्यान अपशिष्ट और उद्यान अपशिष्ट को अपने ही परिसर में पृथक्‌ रूप से भंडारित करेगा। और समय-समय पर स्थानीय निकाय के निर्देशानुसार इसका निपटान करेगा।

(घ) कोई अपशिष्ट उत्पादन उसके द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट को गली, खुले सार्वजनिक स्थानों, नाली/नालों या जलाशयों में न फेकेगा, न जलायेगा और न गाड़ेगा।

(ङ) सभी अपशिष्ट उत्पन्नकर्ता ऐसी उपयोक्ता फीस अनुसूची-4 का भुगतान करेंगे जो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगरपालिका परिषद्‌ की उपविधिम में विनिर्दिष्ट किया गया है।

(च) कोई व्यक्ति अग्रिम रूप से कार्यक्रम की तिथि से कम से कम तीन कार्य दिवस पूर्व स्थानीय निकाय को सूचित किये बिना किसी गैर अनुज्ञप्ति वाले स्थान पर एक सौ व्यक्तियों से अधिक का ऐसा कोई आयोजन या सामरोह आयोजित नहीं करेगा। ऐसे व्यक्ति या ऐसे आयोजन का आयोजक स्रोत पर अपशिष्ट के पृथक्करण की व्यवस्था करेगा और पृथक्कृत अपशिष्ट को नगरपालिका परिषद्‌ द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपशिष्ट संग्रहण अभिकरण को सौंपेगा। तथा इस सन्दर्भ में दी गयी अनुमति की सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

(छ) प्रत्येग मार्ग विता (स्ट्रीट वेन्डर) अपने कार्यकलाप के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट जैसे कि खाद्य अपशिष्ट प्रयोज्य (डिस्पोजेबल) प्लेटों, कपों, डिब्बों, रैपरों, नारियल के छिलकों, शेष बचे भोजन, सब्जियों, फलों आदि के लिए उपयुक्त पात्र रखेगा और ऐसे अपशिष्ट को नगरपालिका परिषद्‌ द्वारा अभिहित अपशिष्ट चुनने वाले को या अपशिष्ट संग्रहण अभिकरण को सौंपेगा अन्यथा समीपस्थ सम्बन्धित अपशिष्ट संग्रह पात्रों में डालेगा।

(ज) 5000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी गेट लगे समुदाय और संस्थान नगर पंचायत की भागीदारी में इन नियमों में यथा विहित उत्पादकों द्वारा अपशिष्ट को स्रोत पर ही पृथक किये गये अपशिष्ट को अलग-अलग पात्रों में संग्रहण करने में सहायता करना तथा पुनर्चक्रकों को सौंपना सुनिश्चित करेंगे। बायोडिग्रेबल अपशिष्ट को अलग-अलग पात्रों में संग्रहण करने में सहायता करना तथा पुनर्चक्रकों को सौंपना सुनिश्चित करेंगे। बायोडिग्रेबल अपशिष्ट को अलग-अलग पात्रों में सग्रहण करने में सहायता करना तथा संभव होगा परिसर के अंदर संशोधित, उपचारित और कम्पोस्टिंग करके अथवा बायो मीथेनाइजेशन या अन्य के जरिये निपटान किया जायेगा। शेष अपशिष्ट नगर निकाय द्वारा यथा निर्देशित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं या अभिकरण को सौंपा दिया जायेगा।

(झ) सभी बृहद अपशिष्ट सृजक नगर निकाय की भागीदारी में इन नियमोें में यथा विहित उत्पादकों द्वारा अपशिष्ट को स्रोत पर पृथक करने, पृथक किये गये अपशिष्ट को अलग-अलग पात्रों में संग्रहण करने और पुनर्चक्रणीय सामग्री को प्राधिकृत अपशिष्ट उठाने वालों अथवा प्राधिकृत पुनर्चक्रकों को सौपना सुनिश्चित करेगे। बृहद अपशिष्ट सृजक द्वारा बायोडिग्रेबल अपशिष्ट का परिसर के अंदर संशोधित, उपचारित और कंपोस्टिंग करके अथवा बायोमिथनाइजेशन या अन्य के जरिये निपटान अनिवार्य रूप से किया जायेगा। शेष अपशिष्ट नगर निकाय द्वारा यथा निर्देशित अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं या अभिकरण को सौंपा दिया जायेगा।

प्रतिषेध-

(1) कोई व्यक्ति स्वयं या दूसरे व्यक्ति द्वारा किसी भी साधन से जानबूझकर या अन्य किसी सार्वजनिक स्थान, निजी या सार्वजनिक जल निकासी कार्याें से सम्बद्ध नाली, गली गडढ्‌ा सम्वातन पाईप और फिटिंगों में कोई कूड़ा कचरा, या अपशिष्ट नहीं फेंकेगा या फेंकवाने हेतु प्रेरित करेगा। जिससे निम्नलिखित की सम्भावना हो-

(2) नाली एवं मल पदार्थ के निर्बाध प्रवाह या उसके उपचार और व्ययन में बाधा पड़ने की खतरनाक होने या जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने की (2) कोई भी व्यक्ति विनिर्दिष्ट रूप से उपबंधित लोक सुविधाओं के सिवाय किसी सार्वजनिक स्थल पर स्नान नहीं करेगा। न ही थूकेगा न पेशाब करेगा न ही उसे विकृत करेगा। और न ही पशुओं और चिड़ियों के समूह को खिलायेगा। और न ही पशुओं, वाहनों, बर्तनों या किसी अन्य वस्तु का प्रक्षालन करेगा।

1172 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

(3) कोई व्यक्ति स्वामी या अधिभोगी स्वामित्व प्राप्त या अध्यासित किसी परिसर के सामने या उससे संलग्न किसी सार्वजनिक स्थल को किसी प्रकार के अपशिष्ट चाहे वह द्रव्य, अर्द्धठोस या ठोस पदार्थ हो जिसमें मल प्रवाह और अपशिष्ट जल भी सम्मिलित है, से गन्दा नहीं करेगा।

(4) कोई भी व्यक्ति खुले में शौच/पेशाब न तो स्वयं करेगा और न ही अपने पालक से करायेगा।

(5) पालतू पशुओं के स्वामी किसी भी दशा मे उन्हें खुला नहीं छोड़ेंगे क्योंकि इससे मार्ग/खुले सार्वजनिक स्थलों पर उनके मलमूत्र से गंदगी, आवागमन में अवशेष एंव दुर्घटनायें होने की सम्भावना बनी रहती है।

(6) कोई भी व्यक्ति घाटों, सीढ़ियों, सड़कों के डिवाडर नाम पट्‌टों, साइनेज या मार्ग दर्शक बोर्डों अथवा इसी प्रकार के र्सावजनिक स्थानों पर पोस्टर या अन्य सामग्री चिपकाकर या अन्य प्रकार से गंदगी नहीं करेगा।

(7) कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं थर्माकोल आइटम्स का उत्पादन का प्रयोग, वितरण भण्डारण, विक्रय अथवा निर्माण नहीं करेगा।

(8) कोई भी व्यक्ति सड़क, मार्ग या अनाधिकृत स्थल पर जानवरों का गोबर लीद, पचौनी या अन्य इसी प्रकार के पदार्थ न तो डालेगा और न ही डलवायेगा।

(9) कोई भी व्यक्ति, जानवरों का पालक/स्वामी ड्रेनेज/सीवरेज सिस्टम में गोबर इत्यादि डालकर गन्दगी नहीं करेगा।

(10) कोई भी व्यक्ति या उसका पालक किसी सार्वजनिक स्थल, सड़क, पार्क आदि में अपशिष्ट डालकर गन्दगी करने पर अथवा सफाई कर्मी द्वारा घर-घर से अपशिष्ट एकत्रित करने के बाद यदि किसी व्यक्ति द्वारा गली या सड़क पर कूड़ा डालते हुए पाया जाता है तो अपशिष्ट को स्थल से हटाकर निस्तारण स्थल तक ले जाने का व्यय सम्बंधित उल्लंघनकर्ता से वसूली किया जायेगा।

(11) कोई भी व्यक्ति, संस्था, प्रतिष्ठान आदि बिना सक्षम स्तर के स्वीकृति के किसी भी प्रकार की बोरिंग नहीं करेगा, समर सेबिल नहीं लगायेगा। पेयजल का पीने के अतरिक्त अन्य प्रयोग नहीं करेगा।

नगरीय ठोस अपशिष्ट का संग्रहण-

क-घरेलू अपशिष्ट का द्वार-द्वार संग्रहण-

(1) द्वार-द्वार संग्रहण में लगे प्रत्येक सफाईकर्मी को कंटेनरयुक्त हाथठेला/रिक्शा/वाहन तथा एक घण्टी या सीटी/सायरन उपलब्ध करायी जाएगी। प्रत्येक कर्मी का सफाई बीट में सफाई तथा निश्चित की गई संख्या में भवनों के अपशिष्ट संग्रहण का दायित्व सौंपा जायेगा। सफाईकर्मी घण्टी या सीटी/सायरन बजाकर सफाई तथा घरों से अपशिष्ट संग्रहण का कार्य यथा निर्धिारित समयावधि मे एंव यथा-निर्धारित स्वरूप में करेगा। सफाई कर्मी सड़क/गली की सफाई से संग्रहित पेड़ों के पत्तों एवं कूड़े को जलायेगा। ना ही और उसे नगरपालिका परिषद्‌ द्वारा प्राधिकृत अपशिष्ट संग्रहकर्ता को सौपेगा।

(2) नगर निकाय वैकल्पिक रूप से घर-घर से अपशिष्ट संग्रहण के लिए कन्टेनरयुक्त वाहन/मोटरवाहन की व्यवस्था कर सकेगा। वाहन चालक घर या बीट में हार्न बजाकर अपने अपने आने की सूचना देगा, स्वामी या अघ्यासी अपने घरेलू अपशिष्ट को सीधे कन्टेनर में डालेंगे।

(3) किसी कारणवश उप नियम (1) अथवा (2) में अंकित व्यवस्था संभव न होने पर स्वयं सेवी सगंठनों, अभिकरणों अथवा ठेकेदारों द्वारा प्रतिदिन घर-घर से अपशिष्ट संग्रहण का कार्य कराया जा सकेगा।

(4) भवन स्वामी या अध्यासी से प्रयोक्ता शुल्क भी वसूली जा सकेगी।

ख-होटल अपशिष्ट का संग्रहण-होटल या रेस्टोरेंट द्वारा अपशिष्ट संग्रहण के लिए स्वयं की व्यवस्था की जायेगी। नगर निकाय द्वारा यह व्यवस्था सम्पूर्ण लगत मूल्य के भुगतान के आधार पर की जा सकेगी।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1173

ग-शादी घरों, कल्याण मण्डपों एवं सामुदायिक केंद्रों के अपशिष्ट का संग्रहण-शादी घरों, कल्याण मण्डपों, सामुदायिक केन्द्रों से प्रतिदिन ठोस अपशिष्ट संग्रहण के लिए नगर निकायों द्वारा सम्पूर्ण लागत मूल्य के भुगतान के आधार पर की जा सकेगी। गीले कूड़े का निस्तारण इनको स्वयं करना होगा। यह व्यवस्था ठेकेदार द्वारा अथवा अभिकरण/अभिकर्ताओं द्वारा भी करायी जा सकेगी।

घ-वधशाला अपशिष्ट तथा मृत पशुओं की अस्थियों का निस्तारण वैज्ञानिक रीति से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दिशा निर्देशों के अनुसार की जायेगी। इस अपशिष्ट को नगरीय ठोस अपशिष्ट में सम्मिलित नहीं किया जायेगा।

ड-औद्योगिक अपशिष्ट का संग्रहण परिवहन और निस्तारण औद्योगिक संस्थानों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुसार किया जायेगा।

च-अनुपचारित जैव चिकित्सा अपशिष्ट (जैसा अनुसूची-3 मे सूचीबद्ध है) का विनिर्दिष्ट प्रकार के निर्धारित पात्रों में भण्डारित किया जायेगा। और अपशिष्ट के प्रत्येक उत्पादन द्वारा संग्रह वाहन को सौंपा जायेगा। जिसकी व्यवस्था साप्ताहिक समयान्तर से नगर निकाय द्वारा या किया अभिकरण द्वारा की जायेगी। या ऐसे अपशिष्ट के संग्रह के लिए अभिहित केन्द्र को ऐसी रीति से निस्तारण करने के लिए सौंपा जायेगा। जो जैव चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबंधन और व्यवस्था) नियमावली, 2016 के अनुसार आदेशित हों।

छ-निर्माण और ध्वस्तीकरण संबंधी अपशिष्ट के भण्डारण और निस्तारण के सम्बंध में लघु सृजकों (घरेलू स्तर) के लिए यह उत्तरदायित्व पूर्ण होगा कि वह प्रारम्भिक अवस्था में भी पृथक-पृथक किये गये निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट का भण्डारण करेंगे एवं नगरपालिका परिषद्‌ द्वारा निर्धारित स्थल पर उसका परिवाहन कर डालेगा, अन्यथा कि स्थिति में उत्पादक से पृथक-पृथक किये गये निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट को उठाने के लिये वाहन उपलब्ध करायेगा। जिसका एक विनिर्दिष्ट प्रभार होगा। तदुपरान्त इस अपशिष्ट को प्रसंस्करण केन्द्र को भेज दिया जायेगा।

ज-सभी जैव अनाधित (नानबायोडिग्रडेबुल) अपशिष्ट पुनः प्रयोग करने योग्य और पुनः प्रयोग न करने योग्य अपशिष्ट का भंडारण अपशिष्ट के प्रत्येक उत्पादन द्वारा पृथक-पृथक किया जायेगा और उसे निर्दिष्ट अपशिष्ट संग्रह वाहन को सौपा जायेगा। जिसकी व्यवस्था नगरपालिका परिषद्‌ या उसके अभिकर्ता द्वारा ऐसे स्थानों और ऐसे समय पर की जायेगी। जैसा कि ऐसे अपशिष्ट को संग्रह करने के लिए समय-समय पर सम्बंधित अधिकारी द्वारा अधिसूचित किया जायेगा या नगर निकाय या सरकारी या निजी भूमि पर स्थापित लाइसेंस प्राप्त अपशिष्ट के छंटान केन्द्रों को दिया जायेगा।

ञ-वेस्ट पिकर्स- वेस्ट पिकर्स (कूड़ा बिनने वालों का) का सर्वेक्षण कर उनका व उनसे संबंधित सहकारी संस्थाओं को चिन्हित किया जायेगा तथा प्रत्येक वेस्ट पिकर को पहचान-पत्र दिया जायेगा। उन्हें अपने कार्य का प्रशिक्षण देते हुए उनका कार्य क्षेत्र निर्धारित कर पहचान-पत्र में अंकित किया जायेगा तथा उन्हें घर-घर से रिसाईक्लेबल अपशिष्ट संग्रह करने हेतु प्रेरित किया जायेगा। वेस्ट पिकर्स वाली सहकारी संस्थाओं , लाईसेंस प्राप्त पुनः प्रयोगकर्ताओं या कबाड़ियों को अपशिष्ट संग्रह सेवाओं की व्यवस्था करने के लिए नगर निकाय के लाईसेंस प्राप्त अभिकर्ताओं के साथ ऐसे अपशिष्ट छटान केन्द्रों के संचालन के लिए नियुक्त किया जा सकता है। (पुनः प्रयोग करने योग्य अपशिष्ट के प्रकार की विस्तृत सूची अनुसूची दो में दी गई है।)

ट-उद्यान और बागबानी अपशिष्ट की प्रारंभिक अवस्था में ही कम्पोस्ट खाद बनायी जायेगी। जहाँ स्थल पर ही कम्पोस्ट खाद बनाना संभव न हो नगर निकाय अधिसूचित उचित फीस लेकर पृथक-पृथक किये गये उद्यान और बागबानी अपशिष्ट का संग्रह और परिवहन जारी रखेगा।

ठ-आवासीय और अन्य क्षेत्रों से संग्रहित अपशिष्ट को हाथठेला गाड़ियों से सामुदायिक अपशिष्ट संग्रह स्थल पर डाला जायेगा।

ड-किसी प्रकार के अपशिष्ट को जलाया नहीं जायेगा।

ढ-नाले एवं नालियों के सफाई से निकली हुई सिल्ट के संग्रह एंव परिवहन तथा निपटान हेतु अलग से व्यवस्था की जायेगी।

1174 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

नगरीय ठोस अपिशिष्ट का पृथक्करण-

5 (1) प्रत्येक व्यक्ति, स्वामी या अध्यासी या अपशिष्ट उत्पादक नगरीय ठोस अपशिष्ट को अपशिष्ट उत्पादन स्रोत के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों में पृथक्‌ करेगाः-

क- जैव नाशित (बायोडिग्रेडिबुल) अपशिष्ट (गीला कूड़ा)

ख- जैव अनाशित (नानबायोडिग्रेडिबुल) अपशिष्ट (सूखा कूड़ा)

ग- जैव चिकित्सीय (बायोमेडिकल) अपशिष्ट

घ- घरेलू परिसंकटमय (हजार्डस) अपशिष्ट

(2) पृथक्करण के लिए नगर निकाय द्वारा जनजागरण एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम चलाया जायेगा। इस हेतु जन कल्याण समितियों, गैर सरकारी संगठनों, कक्ष समितियों, तथा नागरिक समूहों को सम्मिलित किया जायेगा।

6 (1) नगर निकाय नगरीय ठोस अपशिष्ट के भण्डारण के सुविधाओं की स्थापना और अनुरक्षण इस नीति से करेगा कि आस-पास अस्वास्थ्यकर स्थिति न उत्पन्न हो।

(2) भण्डारण सुविधा सुगम स्थल पर होगी।

(3) भण्डारण सुविधा इस प्रकार की हो जहाँ किसी प्रकार का अपदूषण तथा गन्दगी न फैले।

(4) नगरीय ठोस अपशिष्ट का भण्डारण व हथालन सुगमतापूर्वक हो सकें, अतः यह कार्य मशीनों द्वारा किया जाना श्रेयस्कर होगा।

(5) जहाँ किसी सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र चाहे वह खुले स्थान में हों या बन्द शेड में जो किसी परिसर में हो या किसी सार्वजनिक स्थान पर स्थित हो से नगर निकाय वाहनों द्वारा सीधे ही नगरीय ठोस अपशिष्ट का संग्रह किया जाता हो वहाँ ठोस को पृथक्‌-पृथक्‌ किये गये अपशिष्ट के विभिन्न प्रकारों के लिए व्यवस्था किये गये अनुसार जमा किया जायेगा।

सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र-

अपशिष्ट उत्पादकों द्वारा पृथक्कृत ठोस अपशिष्ट का निस्तारण इस हेतु उपबंधित अपशिष्ट वाहनों तथा अपशिष्ट भण्डारण केन्द्रों में किया जायेगा। जहाँ से नगर निकायों द्वारा संग्रह वाहन ऐसे अपशिष्ट का प्रतिदिन ऐसे समय पर संग्रहित करेगा जैसा अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई अधिकारी/कर्मचारी समय -समय पर अधिसूचित करें।

ढॉचागत सुविधाओं की व्यवस्था-

नगर निकाय इस नियमावली के प्रावधानों के अनुपालन में नागरिकों की सहायता करने के लिए पर्याप्त ढॉचागत सुविधाओं की व्यवस्था करेगा। अपशिष्ट संग्रह सेवाओं के अतिरिक्त कूड़ा फेंकने के लिए डस्टविन, सामुदायिक भण्डारण केन्द्र अपशिष्ट छॉटन केन्द्र और कम्पोस्ट खाद बनाने के केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। जहाँ कहीं सम्भव और आवश्यक हो यह कार्य स्थानीय नागरिकों के परामर्श और सहभागिता से किया जायेगा। मलिन बस्तियों में सामुदायिक शौचालयों और प्रक्षालन सुविधाओं की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जायेगी, जिसमें संगठनों या स्थानीय क्षेत्र के नागरिक समूहों पर आधारित स्थानीय समुदायों की भागीदारी होगी। किसी ग्रुप हाउसिंग सोसाईटी, मार्केट, कॉम्प्लेक्स की निर्माण योजना के अनुमोदन से पूर्व भवन योजना में पृथक्‌ किये गये अपशिष्ट के संग्रहण पृथक्करण और भण्डारण के लिए अपशिष्ट संग्रहण केन्द्र स्थापित किए जाने का प्राविधान सम्बंधित सक्षम प्राधिकरण द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। दिन प्रतिदिन के आधार पर बाजारों से सब्जियों, फलों, फूलो, मांस, कुकुट पालन और मछली बाजार से अपशिष्ट संग्रह करना और इस हेतु स्वास्थ्यकर स्थिति सुनिश्चित करते हुए उचित स्थानों पर विकेन्द्रिकृत कम्पोस्ंिटग प्लांट या जैव मीथेनीकरण प्लांट की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जायेगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1175

सुविधा और सहायता उपलब्ध करना-

अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारों कम्पोस्ट खाद्य बनाने वाले विशेषज्ञों लाइसेंस प्राप्त कबाड़ियों, पुनः प्रयोग करने वाले व्यापारियों, कूड़ेदान विनिर्माताओं, पुनः प्रयोग करने में सिद्धहस्त अभिकरणों की सूची बनाने में नागरिकों को सुविधा और सहायता मिल सके। कर्मचारियों और पंजीकृत व्यक्तियों और संगठनाें के नाम और टेलीफोन नंबर नगर निकाय के सम्बिन्धित कार्यालयों से उपलब्ध कराये जायेंगे। ये संगठन इस प्रक्रियाओं के सम्बंध में प्रशिक्षण, दिशा निर्देश और सहायता प्रदान कर सकते हैं। स्वयंसेवी संस्थाओं और क्षेत्रीय नागरिक समूहों के माध्यम से इसके बारे में जागरूकता उत्पन्न की जायेगी।

कूड़ा-कचरा निस्तारण प्रभार एवं प्रयोक्ता शुल्क लगाया जाना-

नगर निकायों होटलों, रेस्तरां और अपशिष्ट के अन्य सृजकों पर कूड़ा निस्तारण प्रभार लगायेगा। अपशिष्ट प्रभार का निर्धारण अधिशासी अधिकारी द्वारा अपशिष्ट की मात्रा को दृष्टिगत रखते हुए अनुपातिक सिद्धान्त के आधार पर लगाया जायेगा। कूड़े के समुचित निस्तारण के लिए प्रयोक्ता शुल्क लगाया जायेगा। जो कि अनुसूची-4 में वर्णित दरों के अनुसार होगा जो कि प्रत्येक 02 वर्ष में पुनरीक्षित किया जा सकेगा।

कम्पोस्ट खाद को बनाया जाना-

अपशिष्ट के सृजकों को प्रोत्साहित किया जाये कि वे अपने जैवनाशित अपशिष्ट (बायोडिग्रेबल) से कम्पोस्ट खाद बनायें और उसे अपने बगीचों और अपने निजी परिसरों में लगाये गये पेड़ों और आस-पास के पेड़ों में डाले। इस कार्य से बची हुई कम्पोस्ट खाद को नगर निकाय विनिर्दिष्ट निर्धारित मूल्य पर क्रय भी कर सकेंगे।

नगरीय ठोस अपशिष्ट का प्रसंस्करण-

(1) जहाँ कहीं सम्भव हो नगर निकाय सार्वजनिक पार्कों, क्रीड़ा स्थल, मनोरंजन स्थल, उद्यानों, अधिक मात्रा में खाली भूमि चाहे वह नगर निकाय या किसी अन्य सार्वजनिक प्राधिकरण या सरकारी विभाग के स्वामित्व में हो या उसके द्वारा अनारक्षित हो पर लघु प्रसंस्करण इकाईयॉ (कम्पोस्ट खाद बनाना या जैव मैथेनीकरण) स्थापित करेगा।

ऐसी इकाईयों की स्थापना तथा अनुरक्षण गैर सरकारी संगठनों अभिकर्ताओं व्यवस्था अधिकारियों, ठेकेदारों, किरायेदारों द्वारा भी की जा सकती है। ये संस्थायें स्थानीय समुदाय के लिय नमूनों का प्रदर्शन करेगी और इस प्रकार से कार्य करेगी जिससे समाज या पर्यावरण को कोई असुविधा या हानि न हो।

(2) नगर निकाय नदियों, झीलों, तालाबों, पूजा स्थलों आदि के पास कतिपय निर्दिष्ट स्थलों से पूजा सामग्रियों (फूल, पत्ती, फल) को विशेष पात्रों या कलशों में इकट्‌ठा करने हेतु या तो स्वयं दायित्व लेगा या इच्छुक संगठनों का प्राधिकृत करेगा। इन कलशों या पात्रों से इकट्‌ठा की गयी सामग्री को उपयुक्त स्थान पर गाड़ा जायेगा या कम्पोस्टिंग इकाइयों द्वारा विशेष रूप से व्यवस्था की जायेगी।

(3) अपशिष्ट के परिवहन लागत को कम करने और अपशिष्ट के स्थानीय प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के वृहत्तर लक्ष्य को प्राप्त करने की दृष्टि से सम्बन्धित अधिकारी से नोटिस प्राप्त करने वाले अपशिष्ट के किसी उत्पादक के लिये यह अपेक्षित होगा कि वह यथाविनिर्दिष्ट उपयुक्त नोटिस की अवधि के पश्चात्‌ उद्‌गम स्थल पर या नोटिस में इस प्रयोजनार्थ अभिहित स्थलों पर जैवनाशित अपशिष्ट को प्रसंस्कृत करें।

(4) नगर निकाय ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिये यथा-आवश्यक एक से अधिक भूमि भरण स्थलों का चिन्हीकरण विकास और अनुरक्षण करेगी और उसमें ऐसे निष्क्रिय ठोस अपशिष्टों को जो पुनर्चक्रण अथवा प्रसंस्करण के लिये समुचित न हो डाला जायेगा।

(5) पुनर्चक्रण योग्य अपशिष्टों में पुनर्चक्रण की प्रक्रिया अपनायी जायेगी।

(6) वह अपशिष्ट जो अनुपयोगी हो, पुनर्चक्रण के योग्य न हो, नॉन बायोडिग्रेबुल न हो, ज्वलनशील न हो तथा नॉन रीएक्टिव व इनर्ट हो तथा जो अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधा से छांट कर निकाला गया हो, को सैनिटरी लैण्डफिल साइट पर निस्तारित किया जायेगा।

159 ट1176 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8 (7) छटे हुए अपशिष्ट को यथा सम्भव रीसाइकिल व रीयुज करने हेतु प्रयास किया जायेगा ताकि जीरो-वेस्ट के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

(8) खुली हुई डम्प साइट्‌स की बायो-माइनिंग व बायो-रेमिडिएशन की व्यवस्था की जायेगी। उपयुक्त न होने पर अथवा अन्यथा की स्थिति में इनकी मानक के अनुसार कैपिंग की व्यवस्था नगरपालिका द्वारा की जायेगी ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो।

(9) घरेलू परिसंकट मय अपशिष्ट के एकत्रीकरण के लिए अपशिष्ट निक्षेपण केन्द्र की स्थापना, जिनको 10 किलो मीटर क्षेत्रफल के घरेलू परिसंकटमय अपशिष्ट के एकत्रीकरण के लिए बनाया जायेगा। इन केन्द्रों में घरेलू परिसंकट मय अपशिष्ट जमा करने का समय अधिशासी अधिकारी द्वारा अधिसूचित किया जायेगा।

(10) घरेलू परिसंकट मय अपशिष्ट के सुरक्षित भण्डारण एवं परिवहन के लिए राज्य प्रदूषण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जायेगा।

नगरीय ठोस अपशिष्ट का परिवहन-

अधिशासी अधिकारी, या उनके द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारी किसी सार्वजनिक या निजी स्थल पर अपशिष्ट एकत्रीकरण का बिन्दु चिन्हित करायेगा। जहाँ नगर निकाय द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली गाड़ी को दिये जाने के लिये एकत्रित अपशिष्ट को लाया जायेगा। कूड़ा गाड़ी की सेवायें नगर निकाय द्वारा मार्ग (रूट) योजना के अनुसार एकत्रित कूडे़ को इकट्‌ठा करने के लिए उपलब्ध करायी जायेगी। अपशिष्ट के परिवहन हेतु प्रयुक्त होने वाले वाहन में रखा गया कूड़ा ढँका रहेगा।

स्रोत पर ही एकत्रीकरण-

भवन स्वामियों या अध्यासियों द्वारा भवनों या भवन समूहों के परिसर के भीतर उपलब्ध कूड़ा स्त्रोत स्थान से एकत्रीकरण की व्यवस्था की जा सकेगी और नगर निकाय की गाड़ियों/कर्मचारियों द्वारा उस कूड़ा पात्रों तक ऐसे समय तक पहुंचाई जायेंगी जैसा अधिसूचित किया जाय।

सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र-

अपवादिक मामलों में जहां स्थान-स्थान पर एकत्रीकरण या स्त्रोत पर ही एकत्रीकरण सम्भव न हो, वहां नगर निकाय द्वारा सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण केन्द्र का सार्वजनिक सड़कों पर या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जहां आवश्यक और संभव हो, रख-रखाव किया जायेगा जैसा कि अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस निमित्त अधिकृत कोई प्राधिकारी द्वारा अवधारित किया जाय।

अपशिष्ट छटाई केन्द्र-

पुनर्चक्रीय और अपुनर्चक्रीय अपशिष्ट की छटाई कार्य को विनियमित करने तथा सुविधापूर्ण बनाने के लिए संबधित अधिकारी उतने अपशिष्ट छटाई केन्द्रों की व्यवस्था करेगा जो आवश्यक और सम्भव हो। ये अपशिष्ट छटाई केन्द्र नगर निकाय की भूमि पर या सरकारी अथवा अन्य निकायों की भूमि पर हो सकते हैं, जो इस प्रयोजनार्थ विशेष रूप से शेड या गुमटी क रूप में उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध कराये जायेगें। इनकी व्यवस्था कूड़ा बिनने वालों की रजिस्टर्ड सहकारी समितियों या अनुज्ञा प्राप्त रीसाइक्लर्स या नगर निकाय द्वारा नियुक्त अथवा प्राधिकृत अन्य अभिकरणों द्वारा भी की जायेगी। जैव अपघटन योग्य अपशिष्ट के भण्डारण के लिए ''हरे रंग'' के डिब्बे पुनर्चक्रण योग्य अपशिष्ट क लिये ''नीले रंग'' एवं अन्य अपशिष्ट के लिए ''काले रंग'' के डिब्बे का उपयोग किया जायेगा।छॅटाई के बाद अवशेष अपुनर्चक्रीय कूड़े को प्रसंस्करण या भूमि भराव के लिए ऐसे छॅटाई केन्द्रों से कूड़ा निस्तारण स्थलों पर भेजा जायेगा। ऐसे अपशिष्ट छॅटाई केन्द्रों पर विभिन्न प्रकार के कूड़े को अधिसूचित दरों पर क्रय एवं विक्रय का कार्य अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस हेतु प्राधिकृत अधिकारी द्वारा किया जायेगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1177

समय सारणी तथा एकत्रीकरण का मार्ग-

नगरीय ठोस अपशिष्ट के दैनिक तथा साप्ताहिक एकत्रीकरण की समय सारिणी एवं मार्ग का निर्धारण सम्बन्धित अधिकारी द्वारा किया जायेगा एवं अधिसूचित किया जायेगा। इनका विवरण सम्बन्धित कार्यालयों में भी उपलब्ध रहेगा।

स्थानीय नागरिक एवं स्व सहायता समूहों को प्रोत्साहन दिया जाना-

समूह कराना तथा तद्‌परान्त घर-घर जाकर अपशिष्ट संग्रह करते सहित ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन में एकीकरण को प्रोत्साहन दिया जायेगा। स्वैच्छिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों अथवा स्थानीय नागरिक समूहों का विनिर्दिष्ट प्रशासनिक प्रभार इकट्‌ठा करने हेतु अनुबन्ध के आधार पर नगर निकाय द्वारा प्राधिकृत किया जा सकेगा तथा स्वयं सहायता समूहों के गठन को सुगम बनाकर उन्हें पहचान कर पत्र उपलब्ध कराया जायेगा। जिससे वे अपने क्षेत्र को साफ रख सके। सड़कों की सफाई, कूड़े के एकत्रीकरण, परिवहन, कम्पोंस्टिंग आदि के लिये निर्धारित इकाई दरों पर नगर निकाय या स्वामियों या अध्यासियों से भुगतान प्राप्त कर सकेंगे। पंजीकरण प्रक्रिया माडल उपविधियों तथा स्थानीय नागरिक समूहों, स्वैच्छिक संस्थाओं अथवा गैर सरकारी संगठनों हेतु माडल अनुबन्ध का प्रारूप नगर पालिका की कार्यकारिणी समिति के अनुमोदन पर उपलब्ध करायी जायेगी।

सफाई अभियान-

उन क्षेत्रों में जिनको विशेष सफाई अभियान के लिए आवश्यक समझ कर चिन्हित किया जाय और जहाँ स्थानीय पार्षद या सदस्य या नागरिक सहयोग के लिए आगे आते हों सफाई अभियान का आयोजन किया जायेगा। ऐसे विशेष अभियानों के लिए अपेक्षित अतिरिक्त संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जायेगा।

जागरूकता, शिक्षा और प्रशिक्षण-

अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस हेतु प्राधिकृत अधिकारी स्वयंसेवी संस्थाओं, स्थानीय नागरिका,ें समूहों, नगर निकायकर्मी और उसके अभिकर्ता नगर के स्कूल, आवासीय समितियों, गन्दी बस्तियों, दुकानों, फेरी वालों, अपशिष्ट चुनने वालों/संग्रहकर्ता को कार्यालय संकुलों, औद्योगिक इकाईयों, वाणिज्यिक यूनियनाें, सकल एरिया सिटिजन ग्रुप आदि से सफाई के सम्बन्ध में शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण आवश्यकताओं का पता लगाया जायेगा। उसके पश्चात्‌ इन सबकी शिक्षा, जागरूकता सहभागिता एवं प्रशिक्षण के लिए एक समन्वित योजना एवं रणनीति तैयार कर उसे कार्यान्वित की जायेगी। इसमे नगर निकाय की कक्ष समितियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जायेगा।

अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए जन सहभागिता को प्रोत्साहन-

जन सहभागिता और सहयोग से किये गये सफाई कार्य और अपशिष्ट प्रबन्धन के सर्वोत्तम कार्यों के लिए नगर निकाय द्वारा प्रशंसा-पत्र और पुरस्कार प्रदान किया जायेगा तथा प्रचारित किया जायेगा।

शिकायतों का निस्तारण-

नगर निकाय इस उपविधि के प्राविधानों के क्रियान्वन हेतु कम्प्लेण्ट मैनेजमेंट सिस्टम को संचालित करेगा या एक समुचित नया आनलाईन कम्पलेण्ट मैंनेजमेंट सिस्टम तैयार करेगा। शिकायतों और कृत कार्यवाही की रिपोर्ट के आंकड़े ऑनलाईन ग्रिवान्स मैनेजमेंट सिस्टम (ओ0जी0एम0एस0)/सिटिजन्स पोर्टल में प्रदर्शित की जायेगी।

नागरिकों की विशेष सफाई टीम-

अधिशासी अधिकारी, नगर निकाय क्षेत्र में स्वच्छता एवं सफाई कार्यों में विशेष रूचि एवं सहयोग प्रदान करने वाले नागरिकों को स्वच्छाग्रही नामित कर सकता है। सम्बन्धित नागरिक नगर के प्रत्येक वार्ड में सफाई टीम का भी गठन कर सकते हैं। तथा सर्वेक्षण करके सफाई के अनुश्रवण हेतु नियमित रिपोर्ट उपलब्ध करा सकते हैं। इन रिर्पोटों को नगर निकाय कार्मिकों को अग्रसारित किया जायेगा और सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित भी किया जायेगा ताकि इसके माध्यम से उसे क्षेत्र की सफाई और अनुश्रवण सुनिश्चित हो सके। इसमें नगर निकाय की कक्ष समितियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त किया जायेगा।

1178 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

रूचि की अभिव्यक्ति-

किसी क्षेत्र को साफ रखने या कूड़े के पृथक्करण, पुनरावर्तन या कूड़े का प्रसंस्करण की सुविधाओं की स्थापना, कम्पोस्टिंग वर्मी कम्पोस्टिंग, बायो-मिथेनीकरण आदि की अधिशासी अधिकारी या उनके द्वारा इस हेतु प्राधिकृत अधिकारी द्वारा सार्वजनिक विज्ञापन के माध्यम से रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की जायेगी। रूचि की अभिव्यक्ति के ऐसे सभी आमंत्रण के विवरण सभी वार्ड कार्यालयों में तथा वेबसाईट पर उपलब्ध रहेंगी तथा प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा और मूल्यांकन नगर निकाय द्वारा किया जायेगा।

आकस्मिक निरीक्षण-

सफाई कार्यों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से नगर निकाय की म्युनिसिपल सीमाओं में सम्बन्धित अधिकारी अपने-अपने वार्डों के विभिन्न भागों में किसी भी समय (दिन या रात) आकस्मिक जाँच करेंगें। किसी उल्लंघन के लिए अर्थदण्ड आरोपित किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान पाये जाने वाले कूड़े-कचरे की सफाई नगर निकाय द्वारा की जायेगी और उसमें अन्तगर््रस्त व्यय उल्लंघनकर्ता से वसूला जा सकेगा।

नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन में दायित्व-

(1) मलिन बस्तियों की सफाई के संबंध में दायित्व-

क- अधिशासी अधिकारी ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए जहाँ-जहाँ भी योग्य समुदाय आधारित संगठन आगे आयें, वर्तमान में अनाच्छादित क्षेत्रों में उनके वार्डों के अन्तर्गत दत्तक बस्ती योजना (मलिन बस्ती अपनाने को अन्तर्गत) का विस्तार करेंगे।

ख-जहाँ आवश्यक हो नगर निकाय की गाड़ी पृथकीकृत ठोस अपशिष्ट का संग्रह करने के लिए मलिन बस्ती के बाहर किसी स्थान पर समय पर उपलब्ध करायी जायेगी।

ग-अपवादिक मामलों में जब तक गाड़ी की सेवायें तत्समय सार्वजनिक मार्ग या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर किसी चिन्हित बिन्दु पर अपेक्षित अन्तराल पर उपलब्ध नहीं करायी जा सकती हो, नगर निकाय द्वारा मानव रोबित सामुदायिक अपशिष्ट भण्डारण कूड़ादान की व्यवस्था की जायेगी जहाँ कूड़ा उत्पन्न करने वालों के ,द्वारा पृथकीकृत अपशिष्ट जमा किया जायेगा और वहाँ नगर निकाय ऐसे अपशिष्ट का संग्रह करेगी।

(2) मुर्गी पालन, मछली, मीट की दूकान एवं बूचड़खाना अपशिष्ट उत्पादक के दायित्व-चिन्हित बूूचड़खाना और बाजारों से भिन्न किसी भूगृहादि का स्वामी या अध्यासी जो मुर्गी, मछली, मीट और बूचड़खाना अपशिष्ट को किसी व्यावसायिक गतिविधि के फलस्वरूप उत्पन्न करता है ढॅकी हुई, स्वच्छ स्थिति में उसका पृथक्‌ भण्डारण करेगा और इस प्रयोजन के लिए उपलब्ध कराये गये नगर निकाय के सग्रह वाहन को विनिर्दिष्ट समय पर दैनिक रूप से पहुॅचायेेगा। किसी सामुदायिक कूड़ादान में ऐसे अपशिष्ट का जमा करना निषिद्ध है और अर्थदण्ड की अनुसूची में इंगित अर्थदण्ड का भागी होगा।

(3) ठेले वालों/फेंरी वालों के दायित्व-प्रत्येक ठेले वालों या फेरी वाले सामान बेचने की गतिविधि से उत्पन्न किसी अपशिष्ट के संग्रह के लिए अलग-अलग डिब्बे या कूड़ादान रखेगा । सम्यक्‌ रूप से पृथक्‌ किये गये अपशिष्ट भण्डार कूड़ादान तक पहुचानें का दायित्व कूड़ा उत्पन्न करने वाले का होगा।

(4) नाली की सफाई का दायित्व-घरेलू नाली वाले भू-गृहादि के स्वामी अथवा अध्यासी का यह दायित्व होगा कि वह यह सुनिश्चित करें कि वह घर की नाली में कोई अपशिष्ट नहीं इकट्‌ठा करेगा और निकाय द्वारा उपलब्ध कराये गये अपशिष्ट संग्रह वाहन तक ठोस अपशिष्ट को अलग-अलग करके पहुॅचाया जाय। ऐसा करने में विफल रहने पर अर्थदण्ड की अनुसूची के अनुसूची अर्थदण्ड का भागी होगा। जहाँ ऐसे भूमि गृह आदि के स्वामी या अध्यासी घर की नाली की सफाई के लिए नगर निकाय की सेवायें प्राप्त करने की इच्छा करता है तो उसे नगर निकाय से सम्बन्धित वार्ड कार्यालय में आवेदन करना होगा। नगर निकाय द्वारा यथा निर्धारित प्रयोक्ता शुल्क का भुगतान प्राप्त कर घर की नाली की सफाई कराई जा सकेगी।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1179

(5) पालतू पशु स्वामी का दायित्व-किसी पालतू पशु के स्वामी का यह दायित्व होगा कि गली या सार्वजनिक स्थान पर पालतू पशु द्वारा फैलाई गयी किसी गन्दगी को शीघ्रता से हटा दे अन्यथा ऐसे अपशिष्ट के समुचित निस्तारण के लिए अर्थदण्ड की अनुसूची के अनुसार अर्थदण्ड का भागी होगा।

(6) सार्वजनिक सम्मेलन और समारोह आयोजनकर्ता का दायित्व-सार्वजनिक स्थान पर आयोजित किसी भी प्रकार के सार्वजनिक सम्मेलन और समारोह (जिसमें जुलूस प्रदर्शनी, सर्कस मेलों या राजनैतिक दलोें की रैली, व्यावसायिक, धार्मिक, सामाजिक, सास्कृतिक समारोह, विरोध प्रर्दशन, धरना-प्रदर्शन इत्यादि शामिल है) के लिए जिसमें पुलिस और/या नगर निकाय की अनुमति अपेक्षित है समारोह या सम्मेलन के संयोजक का यह दायित्व होगा कि वह उस क्षेत्र और संलग्न क्षेत्रों की सफाई सुनिश्चित करें।

नगर निकाय द्वारा यथा अधिसूचित प्रतिदेय स्वच्छता प्रभार प्रयोक्ता आयोजक से समारोह की अवधि के लिए संबधित कार्यालय में जमा कराया जायेगा। यह प्रभार केवल सार्वजानिक स्थल की सफाई के लिए होगा। इसमें सम्पत्ति की क्षति आच्छादित नहीं होगी।

(7) निपटान योग्य उत्पादों तथा स्वास्थ्य नैपकिनों और डाइपर के विनिर्माताओं या ब्राण्ड स्वामियों

के कर्तव्य-

(क) निपटान योग्य उत्पादों जैसे-टिन, कॉच, प्लास्टिक पैकेजिंग इत्यादि के सभी निर्माता या ऐसे उत्पादों को बाजार में लाने वाले ब्राण्ड स्वामी उपषिष्ट प्रबन्ध प्रणाली की स्थापना के लिए स्थानीय निकायी को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेंगे ।

(ख) गैर नान बायोडिग्रेडबुल पैकेजिंग सामग्री में अपने उत्पादों की बिक्री या विपणन करने वाले ऐसे सभी ब्राण्ड स्वामी उनके उत्पाद के कारण उत्पन्न हुए पैकेजिंग अपशिष्ट को वापस ग्रहण करने के लिए प्रणाली की व्यवस्था करेंगे ।

(ग) स्वास्थ्य कर नैपकीनों तथा डाइपरों के विनिर्माताओं या ब्राण्ड स्वामियों या विपणन कम्पनियों द्वारा अपनी उत्पादों में सभी पुनर्चक्रण योग्य सामग्रियों के प्रयोग की सम्भाव्यता का पता लगायेंगे या अपने स्वास्थ्य कर उत्पादों के पैकेट के साथ प्रत्येक नैपकीन या डाइपर के निस्तारण के लिए एक पाउच या रेपर उपलब्ध करायेंगे ।

(घ) ऐसे सभी विनिर्माताओं या ब्राण्ड स्वामियों या विपणन कम्पनियां द्वारा अपनी उत्पादों को लपेटने और उनका निस्तारण करने के सम्बन्ध में लोगों को जानकारी दी जायेगी ।

नियमों के उल्लंघन के लिए शास्ति एवं अपराधों का प्रशमन-

1-उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर निकाय निश्चित करती है कि इस उपविधि के किसी भी नियम का उल्लघन करना अथवा उल्लघन के दुष्प्रेरित करना दण्डनीय उपराध होगा। ऐसे व्यक्ति संस्था अथवा अन्य के विरूद्ध नियमानुसार अभियोजन संस्थित किया जायेगा। इस नियमावली के अधीन दण्डनीय कोई अपराध अधिशासी अधिकारी/अधिशासी अधिकारी द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी द्वारा अथवा अधिशासी अधिकारी द्वारा उक्त कार्यों के लिए अनुबन्धित संस्थाओं द्वारा शमन शुल्क की ऐसी धनराशि के जैसा कि संलग्न अनुसूची-1 में उल्लिखित है, वसूल करके प्रशायिल किया जा सकता है परन्तु शर्त यह होगी कि निकाय में बाहरी संस्थाओं द्वारा वसूल की गयी।

2-प्रशमन शुल्क कि धनराशि- 1 में उल्लिखित है वसूल करके प्रशमित किया जा सकता है परन्तु शर्त यह होगी कि निकाय में बाहरी संस्थाओं द्वारा वसूल की गयी प्रशमन शुल्क कि धनराशि का 75 प्रतिशत उसी दिन नगर निकाय कोष में जमा करना होगा व उसकी लिखित सूचना व सूची नगर निकाय कोष में जमा करना होगा व उसकी लिखित सूचना व सूची नगर निकाय के सफाई विभाग में प्रस्तुत करनी होगी । शेष 25 प्रतिशत धनराशि संस्थायें अपने पास रखेगी और जहां अपराध का इस प्रकार प्रशमन ।

(क) अभियोजन संस्थित किये जाने के पूर्व किया जाता है वहां अपराधी ऐसे अपराध के लिए अभियोजन का भागी नहीं होगा और यदि वह अभिरक्षा में हो तो स्वतंत्र कर दिया जायेगा ।

(ख) अभियोजन संस्थित किये जाने के पश्चात्‌ किया जाता है, वहां प्रशमन से अपराधी दोषमुक्त हो जायेगा।

1180 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/संस्था/समूह को विहित प्राधिकारी/कर्मचारी की पृक्षा पर अपना नाम व पता घोषित करना अनिवार्य होगा अन्यथा की स्थति में भारतीय दण्ड संहिता के उपबन्धों के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु विहित अधिकारी/कर्मचारी स्वतंत्र होगा और ऐसे व्यक्ति/संस्था अथवा समूह के भार साधक व्यक्ति को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए स्थानीय थाना-क्षेत्र के थाना प्रभारी/पुलिस कर्मियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंप देगा

नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तथा स्वच्छता उपविधि, 2024 का प्रशमन शुल्क तालिका (ड्राफ्ट)

अनुसूची-1

उल्लंघन प्रशमन शुल्क

क्रम सं0

रूपये में

तीन वर्ष की अवधि में पुनः उल्लंघन की दशा में प्रशमन शुल्क रूपये में

नगर निकाय के प्रशासकीय व्यय की धनराशि

1 2 3 4 5

रु0

व्यक्ति/संस्था/प्रतिष्ठान द्वारा किसी अनाधिकृत/

सार्वजनिक स्थल पर किसी

1 अपशिष्ट (गन्दगी) फैलाना/फेंकना 5,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00

2 थूकना

500.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00

3 मूत्र विसर्जन करना 500.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00

4 जानवरों को अनिर्दिष्ट स्थान पर 1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 बॉधना/ खिलाना

5 वाहनों की धुलाई 1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00

6 कपड़े धोना 500.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00

7 सार्वजनिक स्थान नदी, तालाब, 5,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 500.00 कुण्ड, घाटों, सीढियों, अन्य जल स्रोत में गंदगी फैलाना/डालना ।

8 मार्गों, पार्कों, ड्रेनेज आदि

2,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 500.00 सार्वजनिक स्थलों की सफाई हो जाने के बाद कूड़ा (अपशिष्ट) डालने पर ।

500.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 9 सीढ़ियों, सड़को के डिवाडर नाम, पाटों, साइनेज या मार्ग दर्शक बोर्डों अथवा इसी प्रकार के सर्वजनिक स्थानों पर पोस्टर या अन्य सामग्री चिपकाकर या अन्य प्रकार से गंदगी करने पर।

10 पालतू पशुओं को खुला छोड़कर 3,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 500.00 मार्गो/ खुले सार्वजनिक स्थलों पर उनके मलमूत्र से गंदगी, आवागमन में अवरोध पैदा करने /कराने पर।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1181

अपने परिसर को स्वच्छ रखने में असफल रहना

11   मल्टी फ्लोर                          1,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना        500.00
       यूनिट/भवन/फ्लैट/ आवास
12   दुकान/बूथ/प्रतिष्ठान                  500.00         प्रशमन शुल्क का दो गुना        250.00
13   माल/मल्टीप्लेक्स/शापिंग आर           5,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना        500.00
       केड/होटल
14   शैक्षणिक/धार्मिक/अन्य संस्थान        2,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना        500.00

बिना पृथक्करण किये हुए तथा बिना अलग-अलग निर्धारित बिन में रखे हुए कूड़े को सौंपना

15   व्यक्तिगत भवन                           200.00         प्रशमन शुल्क का दो गुना          0.00
16   दुकान/बूथ/प्रतिष्ठान                    500.00         प्रशमन शुल्क का दो गुना          0.00
17   माल/मल्टीप्लेक्स/शापिंग                5,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना          0.00
     कॉम्पलेक्स   /होटल/रेस्टोरेन्ट
18   शैक्षणिक/धार्मिक/अन्य संस्थान          2,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना          0.00
19     औद्योगिक भू-खण्ड/यूनिट               5,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना          0.00
20   इवेन्ट आरगेनाइजर्स                     5,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना          0.00

नाले-नालियों, ड्रेनेज/सीवेरेज सिस्टिम में गोबर इत्यादि डालकर गन्दगी करने पर

21 पशु पालक 5 जानवरों तक 5,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 500.00

22 पशु पालक 5 जानवरों से अधिक 10,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 500.00 व 25 जानवरों तक

23 पशु पालक 25 जानवरों से अधिक 20,000.00 प्रशमन शुल्क का तीन गुना 500.00

अन्य

24   डस्टबिन/स्टोरेज कन्टेनर के             500.00          प्रशमन शुल्क का दो गुना        250.00
     बाहर अपशिष्ट फैलाना
25     उपकरणों/कपड़ों अन्य किसी             500.00          प्रशमन शुल्क का दो गुना        250.00
     सामग्री की अनिर्दिष्ट स्थल पर
      धुलाई।
26   किसी परिसर में 24 घण्टे से             500.00         प्रशमन शुल्क का दो गुना         250.00
       अधिक अवधि क  े लिए कूड़ा-
       करकट को बनाये रखना ।
27     कानून का उल्लंघन करते हुए शव        1,000.00        प्रशमन शुल्क का दो गुना         500.00
     का अनियमित निस्तारण।
                                                           प्रशमन शुल्क का दो गुना         500.00

500.00 से लेकर

25,000.00 तक

28 प्रतिबन्धित पॉलीथीन एवं थर्मोकोल सामग्री का उत्पादन, वितरण, भण्डारण, विक्रय एवं प्रयोग करने पर।

1182 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

1 2 3 4 5

रु0

29 वृहद्‌ अपशिष्ट (100 किलो ग्राम

5,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 500.00

प्रति माह

प्रतिदिन से अधिक) उत्सर्जकों द्वारा अपशिष्ट के उपचार के लिए आवश्यक सुविधाओं का निर्माण न करना।

30 विनिर्दिष्ट परिसंकटमय अपशिष्ट

2,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 (हजार्डस वेस्ट) को सार्वजनिक अथवा प्राइवेट स्थल पर डम्प करने पर।

31 बायोमेडिकल अपशिष्ट को अन्य

5,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 500.00 अपशिष्ट के साथ डम्प करने पर।

1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 32 विनिर्दिष्ट परन्तु परिसंकटमय अपशिष्ट को यथा विनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करनेे पर।

33 जैव चिकित्सीय अपशिष्ट की

1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 यथाविनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर।

500.00 प्रति टन प्रशमन शुल्क का तीन

500.00

गुना

34 निर्माण और ढहाने के अपशिष्ट का यथा विनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से भण्डारण न करने/अधिकृत एजेन्सी को डिलीवरी न करने पर

35 शुष्क अपशिष्ट की यथा विनिर्दिष्ट 500.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 200.00 पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर।

36 उद्यान अपशिष्ट और पेड़ों की

1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 छॅटाई के कूड़े की यथा विनिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर।

37 अपशिष्ट जलाकर निस्तारण करने पर। 10,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 1,000.00

38 खुले में शौच करने पर। 500.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 200.00

39 पालतू जानवारों के अपशिष्ट

1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 कोसार्वजनिक गलियाें/सड़कों/ पार्क में फेकना।

40 घरेलू अपशिष्ट से भिन्न मछली,

1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 मुर्गा, मीट और अपशिष्ट की यथानिर्दिष्ट पृथक्करण रीति से डिलीवरी न करने पर।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1183

1 2

3 4 5

रु0

41 बिना डिब्बा/अपशिष्ट टोकरी के

200.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 0.00 ठेलेवालों /फेरी वाले/दुकानदाराें

द्वारा यथानिर्दिष्ट पृथक्करण रीति

से डिलीवरी न करने पर।

42 पालतू रखे गये पशुओं द्वारा कूड़ा 500.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 0.00 फैलाए जाने के लिए।

43 व्यक्ति/संस्था/प्रतिष्ठान द्वारा

1,000.00 प्रशमन शुल्क का दो गुना 250.00 सार्वजनिक स्थल पर अनिधिकृत

रूप से पानी बहाने पर।

44 सार्वजनिक सम्मेलन/समारोह के 5,000.00 10,000.00 1,000.00 पश्चात्‌ 24 घण्टें के भीतर सफाई

न करने के लिए।

45 भवन निर्माण सामग्री को

500.00 प्रति टन प्रशमन शुल्क का तीन

1,000.00 गलियाें/सड़कों एवं अन्य

गुना

सार्वजनिक स्थानों पर रखना

नोट-

1. उपरोक्त प्रशमन/समझौता शुल्क/चार्जेज के दो वर्षाें के उपरान्त पुनः निर्धारण का अधिकार अधिशासी अधिकारी में निहित होगा। इसके पुनः निर्धारण के उपरान्त पूर्व की दरे स्वतः निष्प्रभावी हो जायेगी।

2. अधिकृत अधिकारी/एजेन्सी द्वारा प्रतिबन्धित पालीथीन/थरमाकोल अथवा अन्य प्रतिबन्धित सामग्री का उत्पादन एवं वितरण उसी स्थान/यूनिट से बार-बार पाये जाने पर उनके द्वारा ऐसी यूनिट को बन्द करने की संस्तुति अधिशासी अधिकारी को की जायेगी एवं इस प्रकार की रिपोर्ट प्राप्त होने पर अधिशासी अधिकारी द्वारा उ0प्र0 प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड से ऐसी यूनिट को बन्द करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने हेतु कहा जायेगा।

3. यदि अधिकृत अधिकारी/एजेन्सी या कोई भी सामान्य नागरिक किसी कर्मचारी को खुले में कूड़ा जलाते हुए पाता है तो वे उसकी रिपोर्ट निकाय के अधिकारी को उसके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही हेतु प्रेषित करेंगे।

160 ट1184 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

अनुसूची-2

जैवनाशित और पुनर्चक्रीय अपशिष्ट की सूची

जैवनाशित अपशिष्ट (उदाहरणार्थ स्वरूप)

पुनर्चक्रीय अपशिष्ट (उदाहरणार्थ स्वरूप)

जैवनाशित अपशिष्ट से तात्पर्य जीवाणु या अन्य जीवित प्राणियों द्वारा अपघटित या नाशित किये जाने योग्य कूड़ा कचरा या अपशिष्ट सामग्री से है। रसोई घर का अपशिष्ट जिसमें चाय की पत्ती, अण्डे के छिलके, फल और सब्जियों के छिलके शामिल है।

पुनर्चक्रीय अपशिष्ट का तात्पर्य ऐसे शुष्क अपशिष्ट से है जिसे नयी वस्तुओं के उत्पादन से है जिसे नयी वस्तुओं के उत्पादन के लिए कच्ची सामग्री में एक प्रक्रिया के माध्यम से परिवर्तित किया जा सके और जो मूल उत्पाद के समान हो सकता है और नहीं भी हो सकता है।

मांस और हडि्‌डयॉं

समाचार-पत्र

कागज, पुस्तकें, पत्रिकायें

उद्यान व पत्तियों का कूडा़ करकट जिसमें फूल भी है।

शीशा

पशुओं का कूड़ा करकट

धातु के पदार्थ और तार

गोबर

प्लास्टिक

सफाई के बाद घर की गंदगी

फटे कपड़े

नारियल के छिलके

चमड़ा

राख

रेक्सीन

अन्य इसी कोटि के अपशिष्ट

रबर

लकड़ी/फर्नीचर

पैकिंग के सामान एवं अन्य इसी प्रकार के।

अन्य इसी कोटि के अपशिष्ट

अनुसूची-3

जैव चिकित्सीय अपशिष्ट की सूची

जैव चिकित्सीय अपशिष्ट-

जैव चिकित्सीय अपशिष्ट का तात्पर्य ऐसे अपशिष्ट से है जो मनुष्यों या पशुओं के निदान या बेहोशी के दौरान या उनसे सम्बन्धी शोध कार्याे के दौरान या जीव विज्ञान के उत्पादन या परीक्षण के दौरान उत्पन्न होता है।

1-धारदार अपशिष्ट-

सुईयॉ, सिरींज, छुरिया, ब्लेड, शीशा इत्यादि जिनसे छेद या कटाव हो सकता है इसमें प्रयुक्त और अप्रयुक्त धारदार दोनों है।

2-बेकार दवाइयॉ और साइटोटाक्सिक औषधियॉ-

अवसान तिथि के बाद की दूषित और बेकार दवाईयों के अपशिष्ट

3-ठोस अपशिष्ट-

रक्त और शरीर द्रव से दूषित सामग्री जिनमें रूई, पट्‌टी, प्लास्टर पट्‌टी, कपड़े की पट्‌टी, बिस्तर, चादर और रक्त से दूषित अन्य सामग्री।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1185

अनुसूची-4

आवासीय/अनावासीय भवनों के परिसर का कूड़ा उठाने के लिए प्रस्तावित प्रयोक्ता शुल्क/यूजर चार्ज

आवासीय विवरण

दर/प्रतिमाह 1 2

3

रू0 श्रेणी क गृहकर से छूट वाले परिवार

20/- प्रतिमाह श्रेणी ख 200 वर्ग मी0 क्षेत्रफल तक आवासीय ईकाई

60/- प्रतिमाह श्रेणी ग 200 वर्ग मी0 से अधिक क्षेत्रफल वाली आवासीय ईकाई 90/- प्रतिमाह श्रेणी घ हाउसिंग सोसाईटी, अपार्टमेन्ट प्रति फ्लैट

40/- प्रतिमाह श्रेणी ङ यात्री धर्मशालायें/धर्मशाला

30/- प्रतिमाह अनावासीय/व्यवसायिक

श्रेणी क    100 वर्ग फीट क्षेत्रफल तक की दुकान                                          50/- प्रतिमाह
श्रेणी ख    100 वर्ग फीट से 200 वर्ग फीट क्षेत्रफल तक की दुकान                        100/- प्रतिमाह
श्रेणी ग    200 वर्ग फीट क्षेत्रफल से अधिक की दुकान                                   150/- प्रतिमाह
श्रेणी घ    पब्लिक स्कूल तथा कोचिंग सेन्टर 100 छात्र एवं छात्रायें तक                 240/- प्रतिमाह
            पब्लिक स्कूल तथा कोचिंग सेन्टर 101 से 500 छात्र एवं छात्रायें तक          300/- प्रतिमाह
            पब्लिक स्कूल तथा कोचिंग सेन्टर 501 से ज्यादा छात्र एवं छात्रायें          500/- प्रतिमाह
श्रेणी ङ    इंजीनियरिंग  कालेज,  मेडिकल  कालेज,  मैनेजमेन्ट  कॉलेज  एवं  प्राईवेट     600/- प्रतिमाह
            स्नातक/स्नातकोत्तर  कालेज,  सेन्टर  शॉपिंग  कम   ऑफिस  कॉम्पलेक्स,
             प्राईवेट शिक्षण संस्थाएें, प्राईवेट हॉस्टल
श्रेणी च     बैंक कार्यालय, एल.आई.सी. कार्यालय, आदि एवं गेस्ट हाउस तथा होटल             50/- प्रतिमाह
            10 कमरों तक, रेस्टोरेण्ट
श्रेणी छ     मैरिज होम, माल्स, बैंकट हॉल, क्लब, सिनेमा हॉल, होटल 10 कमरों से         2,000/- प्रतिमाह
             अधिक
श्रेणी ज    सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/सरकारी अस्पताल                                500/- प्रतिमाह
श्रेणी झ    प्राईवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक आदि (20 बेड तक)                   500/- प्रतिमाह
श्रेणी       प्राईवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम (20 बेड से अधिक)                         1,000/- प्रतिमाह
श्रेणी ट     पैथोलॉजी लैब                                                             200/- प्रतिमाह
श्रेणी ठ    क्लीनिक                                                                   100/- प्रतिमाह
श्रेणी ड    अन्य सरकारी कार्यालय/सरकारी स्कूल                                         100/- प्रतिमाह
श्रेणी ढ     दवाईयों की दुकान                                                         150/- प्रतिमाह
श्रेणी ण    रिटेल चेन (जैसे-बिग बाजार, विशाल, मैट्रो बाजार आदि)                      2,000/- प्रतिमाह
श्रेणी त     रोड साईड वेन्डर (वेन्डर जोन सहित)                                           5/- प्रतिमाह
श्रेणी थ     रोड  साईड  फास्ट  फूड  कार्नर,  चाय/जूस  की  दुकान  व  चाट  हाऊस           50/- प्रतिमाह
             आदि
1186 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

1

2

3 रु0 श्रेणी द गोदाम एवं वेयर हाऊस 1,000 वर्ग फीट

500/- प्रतिमाह श्रेणी ध गोदाम एवं वेयर हाऊस 1,001 वर्ग फीट से 5,000 वर्ग फीट तक 1,000/- प्रतिमाह श्रेणी न शराब/बियर की दुकानें

1,000/- प्रतिमाह श्रेणी प हाट, मार्केट, साप्ताहिक बाजार

10/- प्रतिदिन प्रति स्टॉल श्रेणी फ शोरूम, सर्विस सेन्टर व छोटे गैराज

1,000/- प्रतिमाह श्रेणी ब प्रदर्शनी ग्राऊण्ड, मेला

500/- प्रति दिन श्रेणी भ छोटे और कुटीर उद्योग कार्यशालाऐं (केवल गैर खतरनाक/प्रदूषक)

500/- प्रतिमाह प्रतिदिन 10 कि0ग्राम तक अपशिष्ट

श्रेणी म प्रिंटिंग प्रेस

300/- प्रतिमाह श्रेणी य पैट्रोल पम्प

500/- प्रतिमाह

100/- प्रति माह श्रेणी र ऐसे भवन जिनमें पालतू पशु (यथा-भैंस, गाय, भेड़, बकरी, सूअर आदि) पाल रखें हों, जिनका व्यावसायिक उपयोग न किया जाता हो का शुष्क कूड़ा

श्रेणी ल अन्य जो उपरोक्त में छूट गया हो।

निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त देय होगा जो नगरपालिका परिषद्‌ नवाबगंज द्वारा निर्धारित किया जाए।

नोट-

1-प्रयोक्ता शुल्क भुगतान न करने की दशा में अधिशासी अधिकारी या उनके प्राधिकृत अधिकारी को इन उपविधियों में वर्णित की गयी दरों के अनुसार देय धनराशि के अतिरिक्त उसका 10 गुना तक शमन शुल्क (कम्पाउन्डिंग फीस) वसूल करने का अधिकार होगा।

2-यदि कोई उपभोक्ता एक वर्ष का प्रयोक्ता शुल्क अग्रिम (एडवांस) जमा करता है तो वह 01 माह के प्रयोक्ता शुल्क की छूट प्राप्त करने का अधिकारी होगा।

3-विधवा/बेसहारा महिला एकल रूप से (50 वर्ग गज मकान में स्वयं निवास करती हो) प्रयोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा, जिसका प्रमाण-पत्र प्रत्येक वर्ष नगर पंचायत मनकापुर, गोण्डा से प्राप्त करना होगा। यदि भवन अथवा भवन का आंशिक भाग किराये पर दिया गया है तो वह भवन स्वामी छूट प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं होगा। 4-वह वरिष्ठ नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर हो तथा 100 वर्ग गज तक के मकान में निवास करते हों, एवं शारीरिक अथवा मानसिक रुप में अस्वस्थ हो एवं उनके साथ वृद्ध पत्नी के अतिरिक्त अन्य कोई परिवार-जन अथवा अन्य सहायक आवासित न हो उनको प्रयोक्ता शुल्क से मुक्त रखा जायेगा परन्तु ऐसे वरिष्ठ नागरिक को नगर पंचायत मनकापुर, गोण्डा से इस सम्बन्ध में प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा तथा प्रतिवर्ष उसका नवीनीकरण कराना होगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1187

5-जैव चिकित्सा अपशिष्ट उपरोक्त अनुसूची-4 की सीमा में नहीं आयेंगे। इनका निस्तारण जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2016 के अन्तर्गत होगा।

6-प्रयोक्ता शुल्क अनुसूची-4 में वर्णित शुल्क प्रत्येक 2 वर्ष में पालिका द्वारा पुनरीक्षित की जा सकेगी। पुनरीक्षण का अधिकार अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मनकापुर, गोण्डा में निहित होगा। उपरोक्त उपविधि में पुनरीक्षण के पश्चात्‌ शुल्क में की गयी वृद्धि किसी भी दशा में 10 प्रतिशत से कम नहीं होगी।

दुर्गेश कुमार, अध्यक्ष, नगर पंचायत, मनकापुर, गोण्डा।

कार्यालय नगर पंचायत भानपुर, बस्ती

उपनियम

24 अगस्त, 2024 ई0

सं0 135/न0पं0भा0/उपविधि/लाइसेन्स/2024-25-शासनादेश संख्या 277/नौ-9-2014-ज/2011 नगर विकास विभाग अनुभाग-9 लखनऊ दिनांक 10 जून, 2014 व निदेशक स्थानीय निकाय पत्रांक 8/5715-सा0/लखनऊ दिनांक 30 जून, 2014 के द्वारा आदर्श उपविधि तैयार कर लागू करनें का निर्देश जारी किया गया हैं।

नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 298(2) में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगर पचांयत भानपुर, बस्ती ने अपने सीमान्तर्गत स्थित दुकानों व अन्य लाइसेन्सियों को नियमित एवं नियंत्रित करने हेतु उपनियम बनाया है। कार्यालय पत्रांक 302/न0पं0भा0/उपविधि/लाईसेन्स/2023-24 दिनांक 22 नवम्बर, 2023 द्वारा दो दैनिक समाचार- पत्र हिन्दुस्तान व नारद चर्चा में 15 दिवस में अन्तिम आपत्तियों एवं सुझाव प्राप्त आमंत्रित करनें हेतु प्रकाशित किया गया था। उक्त के सम्बन्ध में निर्धारित अवधि में कोई आपत्ति/सुझाव प्राप्त नही हुआ। ऐसी स्थिति में उपविधि को प्रशासक महोदय की अनुुमति से सरकारी गजट में प्रकाशित करानें का निर्णय लिया गया हैं। उक्तानुसार उपविधि निम्नवत हैं-

परिभाषा- किसी प्रसंग के प्रतिकूल न होने पर-

(अ)- यह उपनियमावली नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती की लाइसेसिंग नियंत्रण नियमावली 2023 कहलायेगी।

(ब)- अधिशासी अधिकारी का तात्पर्य नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती के अधिशासी अधिकारी से है।

(स)- प्रभारी अधिकारी का तात्पर्य नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती के प्रभारी अधिकारी से है।

(द)- प्रशासक/अध्यक्ष का तात्पर्य नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती के प्रशासक/अध्यक्ष से है।

(य)- लाइसेसिंग अधिकारी अधिशासी अधिकारी नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती होगें।

उपनियम

1- यह उपनियम नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती सीमा के अन्तर्गत लागू होंगे।

2- इस उपनियम के अन्तर्गत दुकान, दुकानों के समूह, फैक्ट्री तथा सड़क, नगर के व सीमा से लगी हुई निजी दुकानों नगर पालिका द्वारा निर्मित या अन्य संस्था द्वारा निर्मित दुकानों समूह तख्त, ठेले पर लगने वाली स्थाई/अस्थाई दुकानें अन्य प्रकार के व्यवसाय सम्मिलित होगें।

3- यह उपनियम लाइसेसिंग व अन्य शुल्क सम्बन्धी उपनियम कहलाएंगे।

1188 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

4- कोई भी दुकान व अन्य व्यवसाय नियम के अन्तर्गत लाइसेन्स प्राप्त किए बिना नहीं चला सकेगा और उपनियम के लागू होने से पूर्व से चल रही समस्त व्यवसायों के लाइसेन्स उपनियम के अन्तर्गत प्राप्त करना आवश्यक होगा।

5- लाइसेन्स हेतु आवेदन को आवेदन फार्म में प्रतिष्ठान का नाम संस्था के बारे में आवश्यक सूचनाएं उसके चौहद्दी स्थिति तथा कार्य विवरण दिया जाना अनिवार्य होगा, साथ ही लाइसेन्सिग फार्म में आवेदक की नवीनतम फोटोग्राफ भी लगाया जाना जरूरी होगा।

6- लाइसेन्स की अवधि 01 अप्रैल से 31 मार्च तक एक वर्ष के लिए होगी। परन्तु 03 वर्ष के लिए 03 गुना या 05 वर्ष के लिए 05 गुना शुल्क जमा कर प्राप्त किया जा सकता है। शर्त यह है कि वर्ष में कभी भी बनवाने पर पूरा शुल्क देय है।

7- प्रत्येक व्यक्ति/व्यवसायी के लिए आवश्यक होगा कि निम्नलिखित तालिका में निर्धारित की गई धनराशि शुल्क के रूप में अदा करके लाइसेन्स प्राप्त कर लेवें।

8- लाइसेन्स प्राप्त करने के लिए आवेदनकर्ता नगर पंचायत कार्यालय पर अपेक्षित धनराशि अधिकृत कर्मचारी को जमा कर आवेदन की रसीद प्राप्त कर सकता है। प्रत्येक दुकानदार व अन्य के लिए आवश्यक है कि वह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बाटों व मापों का प्रयोग करे।

9- केन्द्र व राज्य सरकार या अन्य कोई विधि निहित संस्था के द्वारा तालिका में उल्लिखित व्यवसायों के नियंत्रण हेतु लाइसेन्स इससे भिन्न होगा।

10- ऐसा कोई व्यक्ति जो किसी छूत की बीमारी से पीड़ित है, उल्लिखित तालिका में वर्णित व्यवसाय नहीं करेगा। ऐसी किसी उल्लिखित व्यवसाय में सहायक अथवा नौकर भी नहीं रखा जाये।

11- नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती के अध्यक्ष/प्रभारी, अधिकारी/अधिशासी अधिकारी/अधि—त कर्मचारी किसी भी समय दुकान के लाइसेन्स का निरीक्षण कर सकते है और उनके दुकान के अन्दर आवश्यक स्थिति में प्रवेश के लिए अधि—त होगें।

12- अधिशासी अधिकारी अथवा अधि—त कर्मचारी सभी लाइसेन्स निर्गत कर सकते है।

13- जो शुल्क इस तालिका में नहीं है उसे सम्बन्धित व्यवसाय के समकक्ष व्यवसाय मानकर उसी के अनुरूप लाइसेन्स शुल्क लिया जायेगा।

14- इस उपनियम की शर्तो व दरों में मा0 सदन संशोधन कर सकती हैं, शर्तो के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किये जा सकते हैं।

15- प्रत्येक वर्ष लाइसेन्स का नवीनीकरण 31 मार्च के पूर्व कराना अनिवार्य होगें।

16- अनुज्ञप्ति में दिये गये विवरण के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के कार्य करने का अधिकार अनुज्ञप्तिधारी को नहीं होगा।

17- इन उपविधियों का उल्लघंन किये जाने पर लाइसेन्स निलम्बित अथवा निरस्त किया जा सकता है तथा 03 गुना से 10 गुना तक जुर्माना लगाया जायेगा।

18- यदि व्यवसायी निर्धारित अवधि के अन्तर्गत अपना लाइसेन्स नहीं बनवा लेते है तो रु0 10 प्रतिदिन या 2% की दर से विलम्ब शुल्क लिया जायेगा।

19- नगर पचायत भानपुर, जनपद बस्ती को प्रत्येक पॉच वर्ष के बाद लाइसेन्स शुल्क में 25 प्रतिशत वृद्धि करने का अधिकार होगा।

20- लाइसेन्स सम्बन्धी वाद-विवाद यदि कोई उत्पन्न होता है तो इस सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी/प्रभारी अधिकारी का निर्णय अन्तिम होगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1189

21- लाइसेन्स अधिकारी द्वारा लाइसेन्स अस्वी—त किये जाने की दशा में 15 दिन के भीतर बोर्ड केे समक्ष अपील कर सकता है। जिसका निर्णय अन्तिम होगा।

22- कोई भी व्यक्ति होटल एवं रेस्टोरेन्ट किसी गौशाला सार्वजनिक शौचालय खुला नाला अथवा कूड़ाघर से 5 मीटर के अन्दर स्थापित नहीं करेगा। शौचालय की व्यवस्था करना होगा। पेयजल का निष्क्रमण करना होगा। होटल, रेस्टोरेन्ट में साफ-सफाई आवश्यक रहेगा।

23- प्रत्येक प्रसूति गृह नर्सिग होम, प्राइवेट अस्पताल, पैथालोजी सेन्टर, एक्सरे, क्लीनिक, डेन्टल क्लीनिक का दायित्व होगा कि वे अपने परिसर में पर्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। कूड़ादान का निर्माण कर उसमें कूड़ा आदि डालेंगे। खून, पट्‌टी, पस, प्लास्टर, निडिल, वेस्टेज सीरेन्ज नियमित नष्ट करने का प्रबन्ध करना होगा।

24- किराया/निजी भार वाहन/यात्री वाहन, बस, मिनी बस, टैम्पो चाहे वह निजी कार्य हेतु हो या किराये पर चलाते हो को अनुज्ञप्ति (लाइसेन्स) लेना होगा और वाहन पाक्रिग इस प्रकार करेंगे कि आवागमन में असुविधा न हो।

25- पैट्रोलियम पदार्थो की बिक्री एंव संग्रह के लिये पैट्रोलिय ऐक्ट सम्बन्धी नियमों का पालन कराना होगा जो भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्दिष्ट है अत्यधिक ज्वलनशील गैस सिलेण्डर आदि की बिक्री के लिए अनिवार्य होगा कि वह भीड़-भाड़ वाले इलाके में सिलेंण्डरों का जमाव नहीं करेगा। निर्धारित स्थान पर बिक्री की जायेगी जहॉ सुरक्षा संरक्षा का आवश्यक प्रबन्ध लाइसेन्स धारी को करना होगा। बुकिंग काउटरों पर सिलेण्डर का जमाव नहीं होगा।

26- वाणिज्य संस्थान मिल मशीन, बिजली, डीजल, भाप का अन्य किसी से चलने वाली तथा कम्प्यूटर आदि भी संमिलित है, केवल हस्तचलित मशीन सम्मिलित नहीं है। घनी बस्ती में किसी विद्युत/भाप/तेल चलित मशीनों के उपयोग या आवाज/धुओं से और जन स्वास्थ के लिए हानिकारक प्रतिष्ठान मिल संस्थान चलाना अनुमन्य नहीं होगा और उसकी जॉच कराकर लाइसेन्स निरस्त कर उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही कराने का अधिकार होगा।

27- केबिल टी0बी0/इण्टरनेट के लाइसेन्स धारी बिना नगर पचायत भानपुर, बस्ती की अनुमति के सड़क, घरों व बिजली, टेलीफोन के खम्भों पर केबिल नहीं बिछा सकेगें।

28- सिनेमा टूरिंग टाकीज, सर्कस, प्रदर्शनी, जादू शो और अन्य मनोरंजन संस्थानों को मनोरंजन कर (शो टैक्स) के अतिरिक्त अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य होगा। जिसमें सफाई, बिजली, पानी, सुरक्षा आदि की व्यवस्था करनी होगी।

29- डेरी फार्म निर्धारित स्थल पर ही होगा जहॉ पर सफाई का प्रबन्ध अनुज्ञप्तिधारी को कराना अनिवार्य होगा।

30- प्रत्येक जानवर मालिक के लिए आवश्यक होगा कि वह अपने जानवर का ईयर टैगिग कराये जानवरों को सड़क पर खुला नहीं छोड़ेगे। जानवरों को इकट्‌ठा ले जाने व लाने पर स्वयं साथ रहेंगे। यदि हादसा/दुर्घटना आदि होती है तो नगर पचायत भानपुर, बस्ती किसी भी प्रकार का क्लेम/मुआवजा देने पर बाध्य नहीं होगीे।

31- रिक्शा, टैम्पो, बस, मिनी बस, आदि रोड की पटरी से कम से कम 03 मीटर की दूरी पर खड़े करेगें तथा निर्धारित सीट तक यात्री बैठा सकते है।

32- मिठाई, चाय, चाट, इसी प्रकार के अन्य व्यवसाय वालों को भी कूड़ादान का प्रबन्ध अनुज्ञप्तिधारी को करनी होगी दुकान में रखी सामंग्री ढकी रखनी होगी तथा फर्श को प्रतिदिन फिनायल आदि से धोना होगा।

33- प्रत्येक मांस-मछली, अण्डा, मुर्गा विक्रेताओं को आवश्यक होगा कि दुकान के सामने पर्दा चिक टांगें।

34- कोई भी व्यवसायी किसी भी प्रकार का व्यवसाय बिना लाइसेंस के करते पाया जायेगा तो उसके विरूद्ध कार्यवाही करने का अधिकार होगा। जिसमें जुर्माना वसूला जायेगा।

35- नगर पचायत भानपुर, बस्ती लाइसेन्स दरें निम्न रूप से निर्धारित करते है-1190 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

क्रम सं0 लाइसेन्स की मद दर

1

2

3

रुपये- होटल, रेस्टोरेन्ट

1 होटल, लाज तथा गेस्ट हाउस, धर्मशाला बारात घर 10 शैया तक इसके

1,000.00 बाद प्रति शैया रु0 25.00 की दर से

2

रेस्टोरेन्ट

1,000.00 3 सूक्ष्म जलपान की दुकान

500.00 4

भोजनालय व ढाबा

500.00 नर्सिग होम

5 नर्सिग होम/प्राईवेट हास्पिटल (20 बेड) 1,000.00 6 नर्सिग होम/प्राईवेट हास्पिटल (20 बेड के ऊपर) 2,500.00 10 पैथालॉजी सेन्टर

1,000.00 11 डेन्टल क्लीनिक

1,500.00 12 प्राइवेट क्लीनिक/फिजियोथेरेपी क्लीनिक 1,000.00 13 एक्स-रे/अल्ट्रासाउण्ड/सिटी स्कैन/ई0सी0जी 1,000.00

परिवहन

1,000.00 14 आटो रिक्शा

15

500.00

ई-रिक्शा

16

बस

2,000.00 18

रिक्शा

50.00 19

चार पहिया ठेला-ठेली

50.00 20

हाथ ठेला

20.00 21 व्यवसायिक ट्राली ट्रैक्टर सहित

1,000.00 अन्य व्यवसाय

22 फाइनेन्स कम्पनी चिटफण्ड/इन्श्योरेन्स कम्पनी/प्राईवेट आफिस 2,000.00 26

बार/बीयर

2,500.00 27 आइस फैक्ट्री

1,000.00 28

बिल्डर्स (रजिस्टर्ड)

5,000.00 29 देशी शराब

2,500.00 30

विदेशी शराब

5,000.00 31 मांस की दुकान बकरा/मुर्गा/मछली 300.00भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1191 1

2

3

रु0 34 पेेट्रोल पम्प (डीजल पम्प थोक फुटकर) 1,000.00 36 दुकान अन्य पेट्रोलियम उत्पादन/गैस एजेन्सी 1,000.00 37 आटा चक्की

100.00 38 धुलाई (लॉन्ड्री)/ड्राइक्लीनर्स

200.00 41 कोल्ड स्टोर

500.00 42

ईट भट्‌टा

5,000.00 43 इण्टरलाकिंग ईट कारखाना

3,000.00 44 मिठाई/पेठा आदि बनाने का कारखाना 500.00 45 बर्फ बनाने की फैक्ट्री

3,000.00 46 लोहा टिम्बर/सीमेन्ट,ईट, बालू थोक सीमेन्ट मारबल टाइल्स 1,500.00 47 बिजली के सामान बिक्रेता

1,500.00 48 कपड़ा थोक व्यापारी/फुटकर बिक्रेता 500.00 49

बेकरी

300.00 50 हेयर कटिंग सैलून

200.00 51

ब्यूटी पार्लर

200.00

52                             जनरल मर्चेन्ट थोक                                   500.00
53                            जनरल मर्चेन्ट फुटकर                                  300.00
54                                टेंलरिग हाउस                                     300.00
55                               कोयला थोक बिक्रेता                               1,500.00
56                            कोयला फुटकर बिक्रेता                                 200.00
57                          मसाला/पान मसाला कारखाना                               1,500.00
58                               पेन्टस की दुकान                                   300.00

59

ज्वैलर्स बडे़

4,000.00 60 ज्वैलरी आभूषण विक्रेता

1,000.00 61 डेरी फार्म

1,000.00 62 केवल इण्टरनेट/टी0वी0

1,000.00 63 अनाज तिलहन चीनी गुड़ थोक विक्रेता 1,500.00 64 अनाज तिलहन चीनी गुड़ फुटकर विक्रेता 500.00 65 टेन्ट हाउस

1,000.00 66 पान की दुकान

100.00

161 ट1192 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8 1

2

67 चाक की दुकान 68 परचून/किराना दुकान थोक 69 परचून/किराना दुकान फुटकर 70

किताबों की थोक दुकान 71 किताबो की फुटकर दुकान

3

रु0

50.00 1,000.00 500.00 300.00 100.00 72 लकड़ी के टाल की दुकान थोक 600.00 73 लकड़ी के टाल की दुकान फुटकर 74 आरा मशीन 75

रेडियों/टी0वी0 मरम्मत 76 फर्टिलाइजर शॉप 77

मिठाई की दुकान 78 चाट बताशों की दुकान 79 ड्राईफ्रूट विक्रेता 80 सब्जी/फल की दुकान 81 मसाले विक्रेता 82 फर्नीचर विक्रेता 83 बर्तन की दुकान थोक/फुटकर 84 कबाड़ खाना 200.00 1,000.00 200.00 1,000.00 600.00 200.00 300.00 100.00 300.00 300.00 500.00 500.00 85 रूई विक्रेता धुनाई मशीन 86

500.00

स्पेलर (तेल) धानी उद्योग

800.00 87 मेडीकल स्टोर बड़ा/थोक 800.00 88 अंग्रेजी दवाईयां फुटकर विक्रेता 300.00 89 वैद्य व यूनानी दवा/हकीम की दुकान 200.00 90 होम्योपैथिक डॉक्टर की दुकान 200.00 91 मोटर पार्टस की दुकान 200.00 92 वाहनों की मरम्मत वर्कशाप 200.00 93 गुड़/राव खड़ा कोल्हू शक्ति चलित 1,000.00 94 उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य व्यवसायी उद्योग जो सम्मिलित नहीं हो सके है। 300.00 से 1,000.00 तकभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1193

दण्ड

उ0प्र0 नगर पालिका अधिनियम-1916 (अधिनियम-2, 1916 की धारा-299 (1) द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके नगर पंचायत भानपुर जनपद बस्ती यह निर्देश देती है कि उपविधियों के किसी अनुच्छेद का उल्लंघन करने पर अर्थदण्ड किया जायेगा। जो रु0 3,000/- (तीन हजार रुपये मात्र) अथवा लाईसेंस मद हेतु निर्धारित दर का दो गुना जो अधिक हो, तक हो सकता है। यदि उल्लंघन निरन्तर चल आ रहा है तो रु0 25/- (पच्चीस रुपये मात्र) अर्थदण्ड प्रतिदिन उपरोक्त सेे किया जायेगा।

(कमलेश चन्द) अपर जिलाधिकारी वि0रा0 प्रशासक, नगर पंचायत भानपुर, बस्ती।

कार्यालय नगर पंचायत, ओबरा, सोनभद्र

भवन मानचित्र नियमावली 2024

18 सितम्बर, 2024 ई0

सं0 361/न0पं0ओबरा/2024-25-नगर पंचायत ओबरा के बोर्ड बैठक प्रस्ताव संख्या-1(ii) दिनांक 13 जुलाई, 2024 के द्वारा विशेष संकल्प के माध्यम से सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के क्रम में नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा 298 मेें प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये तथा उक्त धारा के साथ पठित धारा 178, 179, 180, 180क, 181, 182, 183, 184, 185, 186, 189, 190, 191, 192, 193, 194 में दी गयी व्यवस्था के अनुसार नगर पंचायत ओबरा अपनी सीमान्र्तगत स्थित भूमि पर भवन निर्माण एवं जल निकासी मानचित्र उपविधि बनायी गयी है। उपरोक्त अधिनियम की धारा 300, 301 की उपधारा (1) केे अन्र्तगत प्रकाशन के पश्चात, उसके किसी बिन्दु या सभी बिन्दुओं पर किसी व्यक्ति/समूह को आपत्ति या सुझाव हेतु अपनी लिखित आपत्ति/सुझाव नगर पंचायत ओबरा के कार्यालय में प्रकाशन तिथि के 15 दिन के अन्दर दैनिक समाचार-पत्र आज दिनांक 23 जुलाई, 2024 तथा दैनिक समाचार-पत्र गांडिव दिनांक 23 जुलाई, 2024 के माध्यम से मॉगी गयी थी जिसमें नियम तिथि तक कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। अतः नगर पंचायत बोर्ड द्वारा अपने विशेष प्रस्ताव संख्या-01 दिनांक 30 अगस्त, 2024 के द्वारा उपविधियों के गजट प्रकाशन कराकर लागू करने का निर्णय लिया गया है। अतएव यथा संकल्पित उपविधि उक्त अधिनियम की धारा-301(2) के अनुसरण में सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से लागू होगी।

नियमावली

1- संक्षिप्त नाम तथा परिभाषा-

(क)- यह नियमावली नगर पंचायत ओबरा, सोनभद्र की सीमान्र्तगत स्थित भवन मानचित्र एवं जल निकासी मानचित्र नियमावली 2024 कहलायेगी।

(ख)- यह भवन मानचित्र नियमावली उ0प्र0 राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी मानी जायेगी।

(ग)- यह नगर पंचायत ओबरा की सीमा अन्दर तथा सीमा से एक मील की दूरी पर स्थित भवनों पर प्रभावी होगी।

2- परिभाषायें- विषय अथवा में कोई बात प्रतिकूल न होने पर इस नियमावली में-

(क)- ''अधिनियम'' का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 128(2) की उपधारा (छः) एवं धारा-298 से है।

(ख)- ''नगर'' का तात्पर्य नगर पंचायत ओबरा से है।

(ग)- ''शुल्क'' का तात्पर्य भवन मानचित्र स्वीकृत पर लगाये गये शुल्क से है।

1194 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

(घ)- ''पंचायत'' का तात्पर्य नगर पंचायत ओबरा से है।

(ङ)- ''अधिशासी अधिकारी' का तात्पर्य नगर पंचायत ओबरा के अधिशासी अधिकारी से है।

(च)- ''भवन'' का तात्पर्य उत्तर प्रदेश नगरपािलका अधिनियम, 1916 की धारा-7, धारा-10, धारा-11, धारा-12 में परिभाषित एवं अन्य सभी आवासीय, अनावासीय एवं व्यवसायी भवन से है।

(छ)- मानचित्र का तात्पर्य पक्के आवासीय भवन, पक्के अनावासीय भवन, पक्के व्यवसायिक भवन के रेखा चित्र, आरेख चित्र, डायाग्राम, ड्राईग, डिजाईन आदि से।

(ज)- पक्के भवन का तात्पर्य सीमेंट, कंक्रीट, पत्थर, लोहे आदि से निर्मित भवन से है।

(झ)- अध्यक्ष/प्रशासक का तात्पर्य नगर पंचायत ओबरा के अध्यक्ष/प्रशासक से है।

भवन मानचित्र स्वीकृति संबंधी नियम/शर्ते

उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-178 में विहित प्रक्रिया के अनुसार किसी नये भवन या भवन के नये भाग का निर्माण करने या किसी भवन का पुर्ननिर्माण करने या उसमें तात्विक परिर्वतन करने या उसमें विस्तार करने का कार्य प्रारम्भ करने के पूर्व नगर पंचायत ओबरा को अपने इस आशय की नोटिस देगा आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव/नोटिस का अधिशासी अधिकारी/अध्यक्ष अथवा उसके द्वारा नामित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा नियमानुसार परीक्षण किया जायेगा तथा उपयुक्त पाये जाने पर निम्न शर्तो एवं प्रतिबन्धों के अधीन स्वीकृति प्रदान की जायेगी।

1- अनुमति आवेदक/वास्तुकार द्वारा प्रस्तुत किये गये पेजों, दस्तावेजों और ड्राइंग पर दिए गये इनपुट के आधार पर दी जायेगी। आवेदक/वास्तुकार यह पुष्टि करेगा कि उनके द्वारा ऑनलाईन/ऑफलाईन प्रस्तुत किए गए दस्तावेज/चित्र शुद्ध एवं सही हैं।

2- दी गयी अनुमति कोई स्वामित्व अधिकार प्रदान नहीं करेगी। वाद के चरण में यदि यह पाया जाता है कि दस्तावेज या जानकारी झूठी और मनगढंत आधार पर प्रस्तुत किया गया है तो अनुमति स्वतः निरस्त समझी जायेगी।

3- आवेदक को संबंधित सभी विभागों से आवश्यक एन0ओ0सी0 प्राप्त करनी होगी।

4- मानचित्र अनुमोदन की तिथि से एक वर्ष तक वैद्य होगी।

5- निर्माण प्रारम्भ होने से पहले और बाद में निकाय/अधिशासी अधिकारी को जानकारी देनी होगी, निर्माण पूरा होने से पहले नगर पंचायत ओबरा से कम्प्लीशन सर्टिफिकेट लेना होगा। विल्डिंग उपनियम 2008 (यथा संशोधित 2011/2016/2023) के प्रावधान भवन या उसके किसी भी हिस्से पर लागू होंगे।

6- निर्माण प्रारम्भ करने से पहले साइट पर 4 फिट x 3 फिट का एक बोर्ड लगाया जाएगा जिसपर अनुमोदन प्राधिकारी, परमिट संख्या, अनुमोदन तिथि, वैद्यता तिथि और वास्तुकार का नाम लिखा होगा।

7- संरचना की सुरक्षा और गुणवत्ता की जिम्मेदारी आवेदक की होगी।

8- समय-समय पर लागू शासनादेशों का अनुपालन किया जायेगा।

9- यदि अनुमोदन प्राधिकारी भविष्य में कोई नियमानुसार मांग पत्र जारी करता है तो बिना किसी आपत्ति के आवेदक को उसे जमा करना होगा।

10- यदि भविष्य में स्वामित्व के किसी भी बिन्दु पर कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो अनुमति जब्त कर ली जायेगी। आवेदक को ऑनलाईन/ऑफलाईन रूप से भवन मानचित्र की मंजूरी के आधार पर भूमि स्वामित्व के अधिकार का दावा नहीं करेगा।

11- यदि आवेदक द्वारा कोई जानकारी छिपाई गई या गलत दी गई तो भवन मानचित्र स्वीकृति निरस्त कर दिया जायेगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1195

12- निर्माण के संबंध में भवन उपविधि में निर्दिष्ट मानक/शर्ते कार्यान्वित होंगी।

13- भवन का उपयोग केवल उसी हेतु किया जायेगा जिसके लिए वह स्वी—त होगी।

14- भारतीय विद्युत नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा और जारी की गई अनापत्ति पर उल्लिखित शर्तो का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा जारी किये गये आदेशाें/शासनादेशों का पालन किया जाएगा।

एन0जी0टी0 की निम्नलिखित शर्तो का पालन किया जायेगा।

1- निर्माण/विध्वंस के समय आवेदक को क्षेत्र और भवन के चारों ओर मचान पर तिरपाल लगाना होगा तथा निर्माण सामग्री विशेषकर रेत का भंडारण करने की अनुमति नहीं होगी।

2- साइट पर संग्रहित किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री को सभी प्रकार से पूरी तरह से कबर किया जाएगा।

3- सभी निर्माण सामग्री और मलबा ट्रकों या अन्य वाहनों में ले जाया जाएगा जो पूरी तरह से ढका हुआ होगा और यह सुनिश्चत किया जायेगा कि निर्माण का मलबा या निर्माण सामग्री किसी भी रूप में हवा या वायुमण्डल में ना फैले।

4- निर्माण सामग्री और मलबा अपशिष्ट को परिवहन करने की जिम्मेदारी मालिक की होगी।

5- भवन मालिकों/स्वामियों को उचित उपाय करना होगा और स्प्रिंकलर ठीक करके इसका सख्ती से पालन करना होगा।

6- सभी भवन मालिक यह सुनिश्चत करेंगे कि सी0 एण्ड डी0 अपशिष्ट का परिवहन और निपटान केवल सी0 एण्ड डी0 अपशिष्ट स्थल पर किया जाए और इस संबंध में भवन मालिकों और ट्रांस्पोर्टरों द्वारा उचित रिकार्ड बनाए रखा जाएगा।

7- प्रवेश और निकास बिन्दुओं का डिजाइन नगर पालिका अधिनियम 1916 एवं अन्य शासनादेशों के अधीन होगा।

भवन मानचित्र स्वीकृत हेतु शुल्क का निर्धारण

नगर पंचायत सीमा अन्र्तगत आवासीय भवन मानचित्र स्वीकृति हेतु 100/- रु0 प्रति वर्गमी0 की दर से तथा व्यवसायिक मानचित्र स्वीकृत की दशा में 200/- रु0 प्रति वर्गमीटर की दर से प्रस्तावित मानचित्र के क्षेत्रफल के अनुसार शुल्क देय होगा। अर्द्धआवासीय/अर्द्धव्यावसायिक भवन मानचित्र स्वीकृत की दशा में उपरोक्त दोनो दरें नियमानुसार प्रभावी होगी। किसी अन्य विभाग से मानचित्र स्वीकृति हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु उपरोक्त दरें प्रभावी होगी।

यदि इस उपविधि के किसी भाग का उल्लंघन किया जाता है तो उल्लंघनकर्ता दण्ड का भागी होगा।

दण्ड

नगर पंचायत ओबरा, सोनभद्र उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा-298(1), 299, 306, 307 एवं धारा-310 के अन्र्तगत अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश देता है कि इस उपविधि में किसी भाग का उल्लंघन किये जाने की दशा में जुर्माना से दण्डनीय होगा जो पचास हजार रुपये तक हो सकता है और तब ऐसा उल्लंघन निरन्तर किया जाये तो अग्रेतर जुर्माना किया जा सकेगा जो प्रति दोष सिद्ध के पश्चात ऐसे प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी का अपराध करते रहना सिद्ध हो रु0 25.00 तक हो सकता है।

चाँदनी, अध्यक्ष, नगर पंचायत ओबरा, सोनभद्र।

1196 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

सूचना

सूचना

एत्‌द द्वारा सूचित किया जाता है कि मेसर्स-

ए0एस0वी0 सिक्योरिटी सर्विसेज, 1/166, विजयखण्ड,

गोमतीनगर, जिला-लखनऊ से पंजीकृत है जिसमें दिनांक

01 सितम्बर, 2024 से फर्म का पता परिवर्तन होकर

परिवर्तित पता-ए-5, लिबर्टी कालेानी, नियर लाल बहादुर

सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम आरूष मिश्रा पुत्र सुरेशचन्द्र मिश्रा है । जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित हैं त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0 3107 7318 3004 उसका नाम रूद्र मिश्रा अंकित हो गया है। जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम आरूष मिश्रा पुत्र सुरेश चन्द्र मिश्रा के नाम से जाना व पहचाना जाय।

शास्त्री पार्क, इन्दिरानगर, जिला-लखनऊ फर्म में तीन

साझेदार क्रमशः अजय कुमार सिंह, एस0एम0शफीक एवं

श्री विरेन्द्र कुमार राय साझेदार थे। जिसमें दिनांक

एतद्‌ द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

01 सितम्बर, 2024 से फर्म के तृतीय साझेदार श्री वीरेन्द्र

कुमार राय स्वेच्छापूर्वक आपसी सहमति से निकल गये है।

फर्म में वर्तमान में अजय कुमार सिंह एवं एस0एम0 शफीक

साझेदार है।

सुरेश चन्द्र मिश्रा, पुत्र स्व0 रामसेवक मिश्रा, ग्राम-पुरेसुदीतारडीह, पो0-कनेहटी तहसील फूलपुर, जनपद-प्रयागराज।

सूचना

अजय कुमार सिंह, साझेदार, ए0एस0वी0 सिक्योरिटी सर्विसेज, 1/166, विजयखण्ड, गोमतीनगर, जिला-लखनऊ।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा

सही नाम सूरज यादव पुत्र शोभनाथ यादव है जो कि मेरे

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम संजय निषाद पुत्र हरि लाल निषाद है जो मेरे राशन कार्ड और निर्वाचन कार्ड में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड संख्या-9277 0177 0866 में मेरा नाम बृज मोहन पुत्र बचऊ निषाद अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम संजय निषाद पुत्र हरि लाल निषाद के नाम से जाना व पहचाना जाये।

शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड

सं0-3886 3913 3483 में मेरा नाम कुमार सूर्य भान

शोभनाथ यादव हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में

एतदद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

मुझे मेरे सही नाम सूरज यादव पुत्र शोभनाथ यादव के

नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतदद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि

संजय निषाद, पुत्र हरि लाल निषाद, निवासी-पुरानी झूॅसी, कोहना, प्रयागराज।

उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं

मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सूचना

सर्व साधारण को सूचित हो कि मेरी पुत्री का

सही नाम वर्तिका सिंह पुत्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह है जो

उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री सूरज यादव, पुत्र शोभनाथ यादव, नि0-लालापुर, सुईथा कला, तहसील शाहगंज, जिला जौनपुर थाना सरपतहा।

के आधार कार्ड सं0-7788 8911 1530 में उसका नामभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1197 प्रियांशु सिंह अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य

सूचना

में मेरी पुत्री को उसके सही नाम वर्तिका सिंह पुत्री सुरेन्द्र

प्रसाद सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, पुत्र हरिचरन राम, पता ग्राम बन्देपुर, पोस्ट बच्छांव, थाना रोहनियाँ, जिला वाराणसी, उतर प्रदेश।

सूचना

मैं बृज भूषण सिंह पुत्र स्व0 चौहार्जा सिंह

मेसर्स-शुभम इण्टरप्राइजेज निवासी ग्राम अहरक (नवलपुर)

पोस्ट-जमालपुर तहसील, पिण्डरा, थाना बड़ागॉव,

सर्वसाधारण को सूचित करना है मेसर्स एसएए बिल्डर्स एण्ड डवलपर्स, विला नं0-190, ग्रीन हाईट्‌स कालोनी, ए टू जेड बिल्डर्स एण्ड डवलपर्स, रूडकी रोड, मेरठ-250110 की संशेधित साझीदारी दिनांक 24 मार्च, 2023 के अनुसार श्री अर्पित कुमार, श्री अनिल कुमार, संगीता बालयान, श्री अंकित राणा, श्रीमती सुभद्रा कुमारी, श्री कुशल कुमार, श्रीमती मीनू तोमर, श्रीमती सुशीला सिंह एवं श्रीमती शैली साझीदार है। दिनांक 11 नवम्बर, 2023 को श्री आदित्य कुमार चौधरी फर्म की साझीदारी में सम्मिलित हुए है। संशोधित साझीदारीनामा दिनांक 11 नवम्बर, 2023 के अनुसार फर्म की साझीदारी में श्री अर्पित कुमार, श्री अनिल कुमार संगीता बालयान, श्री अंकित राणा, श्रीमती सुभद्रा कुमारी, श्री कुशल कुमार, श्रीमती मीनू तोमर, श्रीमती सुशीला सिंह, श्रीमती शैली एवं श्री अदित्य कुमार चौधरी साझीदार है।

जिला-वाराणसी में 1/3 का साझेदार हॅू। उक्त फर्म के

एक साझेदार चन्द्रभूषण सिंह का देहान्त 20 दिसम्बर,

एतदद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

2023 को हो गया है व अन्य एक साझेदार बृजेश कुमार

सिंह का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण दिनांक 31 मार्च,

2024 को अपने स्वेच्छा से फर्म में हट गये है। कृपया फर्म

को भंग कर दिया जाये। मेसर्स-शुभम इण्टरप्राइजेज का

संचालन बृजभूषण सिंह के एकल स्वामित्व में होगा।

अर्पित कुमार, साझीदार, मेसर्स एसएए बिल्डर्स एण्ड डवलपर्स, विला नं0-190, ग्रीन हाईट्‌स कालोनी, ए टू जेड बिल्डर्स एण्ड डवलपर्स, रूडकी रोड, मेरठ।

बृज भूषण सिंह, मेसर्स-शुभम इण्टरप्राइजेज।

सूचना

सूचना

सूचित हो कि मेरी पुत्री के आधार कार्ड संख्याः

9535 3781 0522 में उसका नाम त्रुटिवश यशी अंकित

हो गया, जबकि उसके शैक्षणिक एवं जन्म प्रमाण पत्र में

उसका नाम रितिका वर्मा अंकित है। अतः भविष्य में उसे

उसके सही नाम रितिका वर्मा पुत्री सतेन्द्र कुमार के नाम

से जाना व पहचाना जाय।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स ''अकक्षिता प्लेसमेन्ट सर्विसेज'' पता- मोहल्ला कृष्णापुरी लाईनपार, मुरादाबाद नामक फर्म की पार्टनर प्रीति टण्डन पत्नी श्री रामानुज दास निवासी मौहल्ला साहू, नियर मण्डी चौक, मुरादाबाद का दिनांक 26 नवम्बर, 2022 को देहान्त होने के कारण दिनांक 28 नवम्बर, 2024 को फर्म डिजोल्व कर दी गई है। उक्त फर्म पर किसी तरह की कोई देनदारी या लेनदारी बकाया नहीं है।

अजीत प्रताप सिंह, पार्टनर, फर्म मेसर्स ''अकक्षिता प्लेसमेन्ट सर्विसेज'' सतेन्द्र कुमार, निवासी-ग्राम गुरूदत्त खेड़ा, पो0 हसनपुर तह0 हैदरगढ़, जिला बाराबंकी।

पता-मोहल्ला कृष्णापुरी लाईनपार, मुरादाबाद।

1198 उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) [ भाग 8

हाई स्कूल के अंक प्रमाण पत्र (अनुक्रमांक-23235999) में सूचना

मेरे पिता का नाम जागेश पाल अंकित हो गया है जो कि सर्वसाधारण का सूचित किया जाता है कि फर्म

गलत है। एतद्‌ द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि मेसर्स आदित्य राज टेक्नोलॉजीज बी 34/130-बी-1-के-

उपरोक्त सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं 13, ब्रहमानन्द नगर, दुर्गाकुण्ड, वाराणसी में दिनांक 20

मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

अक्टूबर, 2015 से अशोक कुमार चौधरी पुत्र स्व0 जगदेव

प्रसाद चौधरी एवं राज कुंवर सिंह पुत्र श्री रंजन कुमार

अनुष्का, पुत्री जागेश कुमार, सिंह पार्टनर है। उक्त फर्म का पता दिनांक 10 अक्टूबर,

ग्राम-लरौंद, तहसील-मौदहा, 2024 से बदलकर प्लाट नं0-20 प्रधान कॉलोनी, नियर

जिला-हमीरपुर, उ0प्र0।

जीवन हॉस्पिटल, अवलेशपुर, वाराणसी हो गया है।

राज कुंवर सिंह (पार्टनर),

सूचना

पता-मछरहट्‌टा, रायगंज, पोस्ट- सट्टी मस्जिद, गाजीपुर।

सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम

दीक्षिता मिश्रा पुत्री नवल किशोर मिश्रा है, जो कि उसके

शैक्षिक अभिलेख में अंकित है।

सूचना

त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड सं0- 7842 सूचित किया जाता है कि भागीदारी फर्म मे0

0110 1880 में उसका नाम कौशाली अंकित हो गया है, आनन्द ग्लास वक्र्स, ढोलपुरा रोड-आगरा रोड,

फिरोजाबाद में परिवर्तन की सूचाना इस प्रकार है-

जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही

नाम दीक्षिता मिश्रा पुत्री नवल किशोर मिश्रा के नाम से यह कि दिनांक -10 अक्टूबर, 2024 को फर्म के

जाना व पहचाना जाये।

प्रथम भागीदार श्री देवेन्द्र कुमार जैन पुत्र श्री चिरंजी लाल

जैन निवासी-548 नई बस्ती, सन्त टाकीज गिरधरगंज,

एतद्‌ द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि

फिरोजाबाद की मृत्यु होने के कारण भागीदारी डीड की

उपर्युक्त के संबंध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं धारा-15 के तहत श्री आकाश जैन एवं श्री गौरव जैन

मेरे द्वारा पूरी की गयी है।

पुत्रगण श्री राजेन्द्र प्रसाद जैन निवासी-16-17/1 विभव

नगर फिरोजाबाद को साझेदार की हैसियत से फर्म में

सम्मिलित कर लिया गया है। अब फर्म में श्री राजेन्द्र

प्रसाद जैन, श्री आकाश जैन तथा श्री गौरव जैन साझेदार

नवल किशोर मिश्रा, पुत्र श्री अवधेश कुमार मिश्रा , पता-645ए/185, जानकी विहार, जानकीपुरम लखनऊ।

हो गये है।

सूचना

सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम राजेन्द्र प्रसाद जैन, भागीदार, मे0 आनन्द ग्लास वक्र्स, ढोलपुरा रोड-आगरा रोड, फिरोजाबाद।

राघव अक्षय मिश्रा पुत्र नवल किशोर मिश्रा है, जो कि

उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के

आधार कार्ड सं0-7287 7689 0587 में उसका नाम अक्षय सूचना

मिश्रा अंकित हो गया है जा कि गलत है। भविष्य में मेरे सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे

पुत्र को उसके सही नाम राघव अक्षय मिश्रा पुत्र नवल पिता का सही नाम जागेश कुमार है जो कि आधार कार्ड,

पैन कार्ड, शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरे किशोर मिश्रा के नाम से जाना व पहचाना जायेभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 07 दिसम्बर, 2024 ई0 (अग्रहायण 16, 1946 शक संवत्‌) 1199

सूचना

एतद्‌ द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के संबंध में समस्त विधिक आपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूरी की गयी है।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम राहुल सिंह पुत्र रणधीर सिंह है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड संख्या-7734 6614 1992 में मेरा नाम विक्रम सिंह अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम राहुल सिंह पुत्र रणधीर सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाये।

नवल किशोर मिश्रा, पुत्र श्री अवधेश कुमार मिश्रा, पता-645ए/185, जानकी विहार, जानकीपुरम लखनऊ।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

संशोधित सूचना

पूर्व में प्रकाशित साधारण गजट संख्या 45,

दिनांक 09 नवम्बर, 2024 के भाग-8, पृष्ठ संख्या-1101 की सूचना का संशोधन-

राहुल सिंह, पता-ग्राम व पोस्ट जमीन हरखोरी, थाना जीयनपुर, जिला आजमगढ़ उ0प्र0।

NOTICE

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम कुमारी खुशबू पुत्री राजेश शर्मा है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0-9866 3339 4484 में मेरा नाम बीनू अंकित हो गया है जोे मेरा घरेलू नाम है। मुझे मेरे सही नाम कुमारी खुशबू पुत्री राजेश शर्मा के नाम से जाना व पहचाना जाये।

एतद्‌द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतांए स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

Be It known to all that my name has been registered as SANJAY SINGH in my Aadhar Card, which is wrong. Whereas, my correct name is SANJAY KUMAR S/O CHHOTELAL and the same is registered in my educational documents. It is interest of justice that, I should be known, and recognized by my correct name in future.

कुमारी खुशबू, पुत्री स्व0 राजेश शर्मा, पता-367, बाभनपुर, रामनगर, आलापुर, अम्बेडकर नगर, उ0प्र0।

पी0एस0यू0पी0-36 हिन्दी गजट-भाग 8-2024 ई0।

Sanjay Kumar,

S/O CHHOTELAL

Gulaura, Nai Bazar, Sant Ravidas Nagar, Bhadohi.

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।


  1. = x +y +z + 2xy + 2yz + 2zx (x+ y) = x + y + 2y (x - y) = x + y – 2y x xy+y (x± y) +y +z –xy–yz–zx) ↩
  2. ±y =(x±y) (x = x ±y ±3xy(x± y) x +y +z –3xyz =(x+y+z) (x ↩
  3. 0 होता है। विपरीत भी सत्य है। इकाई-5 : मेन्सुरेशन 12 अंक 1. क्षेत्रफल - हीरोन के सूत्र का प्रयोग करके त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालना (बिना सिद्ध किए)। 2. पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन -गोला (अर्द्धगोला सहित) और लम्ब वृत्तीय शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन। ↩
  4. = a + 2ab + b , (a - b) = a - 2ab + b का क्रियात्मक निरूपण करना। (6) बैंक में खोले जाने वाले विभिन्न प्रकार के खातों एवं उनकी ब्याज दरों का अध्ययन करना। (7) समतल या गत्ता काटकर विभिन्न ठोस आकृतियाँ बनाना एवं उनकी विशेषतायें लिखना। (8) परिमेय संख्याओं का संख्या रेखा पर निरूपण। (9) अपनी कक्षा के छात्रों की ऊँचाई और भार का सर्वे कीजिए तथा भार और ऊँचाई में सम्बन्ध बताइए। (10) समाचार पत्र के माध्यम से किन्हीं तीन गल्ला मण्डियों के अनाज भाव का तुलनात्मक अध्ययन करना। (11) संस्तुत पुस्तक भारत का पारम्परिक गणित ज्ञान के निम्नाकित तीन खण्डों में से सुविधानुसार कोई एक प्रोजेक्ट- खण्ड-क- भारत में गणित की उज्जवल परम्परा। खण्ड-ख- गणना की परम्परागत विधियां। खण्ड-ग- भारत के प्रमुख गणिताचार्य विषय- वाणिज्य कक्षा–9 20 15 इस विषय में एक प्रश्न.पत्र 70 अंकों का तथा समय तीन घंटे का होगा। इस विषय में 70 अंक की लिखित परीक्षा तथा 30 अंक का प्रायोगिक व आन्तरिक मूल्यांकन होगा। प्रोजेक्ट कार्य/आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा। लिखित परीक्षा हेतु अंक विभाजन निम्नवत्‌ है :– 1–दोहरा लेखा प्रणाली का तात्विक सिद्धान्त व व्यवहार, आधुनिक पाश्चात्य बही खाता प्रणाली के अनुसार प्रारम्भिक लेखे की पुस्तकें केवल रोजनामचा व रोकड़ बही, खतौनी व तलपट भारतीय बही खाता प्रणाली, रोकड़ बही व जमा तथा नाम नकल बही। 2–व्यापारिक कार्यालय का संगठन व कार्य प्रणाली आने-जाने वाले पत्रों का लेखा, प्रतिलिपिकरण, पूछताछ व आदेश सम्बन्धी पत्र-व्यवहार। 3–मुद्रा इतिहास, परिभाषा कार्य, भारत में मुद्रा प्रणाली का सामान्य परिचय। 4–अर्थशास्त्र की परिभाषा, क्षेत्र, अर्थशास्त्र से सम्बन्धित शब्दावली जैसे उपयोगिता, धन कीमत मूल्य आदि। आवश्यकताओं का वर्गीकरण एवं लक्षण। ↩
  5. अांक इकाई-5 इकाई-6. वद्यिुत कायों में प्रयु िऔजा िएािं उपर्क-ि ↩
  6. अांक विद्युत ािंके त- ↩
  7. 0, 4 0 होने चाहिए। ↩
  8. त्रिकोणमितीय सर्वसामिकाएँ - सर्वसमिकाओं Sin  + Cos  = 1,1tan  = Sec , 1 Cot =cosec  को स्थापित करना तथा इसका अनुप्रयोग। 3. ऊँचाई और दूरी - उन्नयन कोण, अवनमन कोण, ऊँचाई और दूरी पर साधारण प्रश्न (प्रश्न दो समकोण त्रिभुजों से अधिक नहीं होना चाहिए)। उन्नयन/अवनमन कोण केवल 3 ↩
  9. 0 तथा 6 ↩
Cite this issue. Uttar Pradesh Ordinary Gazette, Government of Uttar Pradesh, 07 December 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2024-12-07.c_202412111647106886/. Archive identifier in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2024-12-07.c_202412111647106886.