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Uttar Pradesh Ordinary Gazette · Government of Uttar Pradesh

Government and Private Ordinary Gazette

Published 11 April 2026

Department
All Department
Type
Ordinary
Gazette no.
15
Volume Num
80
Identifier
in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2026-04-11.c_202604201344355350
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) खण्ड 80] प्रयागराज, शनिवार, 11 अ्रपै्रल 2026 ई० (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [संख्या 15

विषय पृष्ठ संख्या वार्षिक

विषय

चन्दा

विषय-सूची

हर भाग के पन्ने अलग-अलग किये गये हैं, जिससे इनके अलग-अलग खण्ड बन सके।

पृष्ठ

संख्या

175-196 3075 भाग 5-एकाउन्टेन्ट जनरल, उार प्रदेश ... 975

वार्षिक चन्दा सम्पूर्ण गजट का मूल्य रु0 रु0 भाग 1- विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस

199-238

... 975

1500

भाग 1-क- नियम, कार्य-विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद्‌ ने जारी किया

भाग 6-(क) बिल, जो भारतीय संसद में प्रस्तुत किये गये या प्रस्तुत किये जाने से पहले प्रकाशित किये गये (ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट क-भारतीय संसद के ऐक्ट

भाग 1-ख (1) औद्योगिक न्यायाधिकरणों

के अभिनिर्णय

भाग 1-ख (2)-श्रम न्यायालयों के

भाग 7-(क) बिल, जो राज्य की धारा सभाओं में प्रस्तुत किये जाने के पहले प्रकाशित किये गये

अभिनिर्णय

... 975

... 975

(ख) सिलेक्ट कमेटियों की रिपोर्ट भाग 7-क-उत्तर प्रदेशीय धारा सभाओं के ऐक्ट भाग 7-ख-इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की अनुविहित तथा अन्य निर्वाचन सम्बन्धी विज्ञप्तियां

भाग 2-आज्ञायें, विज्ञप्तियां, नियम और नियम विधान, जिनको केन्द्रीय सरकार और अन्य राज्यों की सरकारों ने जारी किया, हाई कोर्ट की विज्ञप्तियां, भारत सरकार के गजट और दूसरे राज्यों के गजटों का उद्धरण

भाग 3-स्वायत्त शासन विभाग

55-64 975

729-760 975 का क्रोड़पत्र, खण्ड ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्ड घ-जिला पंचायत

भाग 8-नगरपालिका परिषद्‌, नगर पंचायत, सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गाठों का विवरण-पत्र, जन्म-मरण के आँकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आँकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट, बाजार भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि

3-244 975 स्टोर्स-पर्चेज विभाग का क्रोड़ पत्र ... 1425 भाग 4- निदेशक, शिक्षा विभाग, उार प्रदेश

28 क176 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1 भाग 1 विज्ञप्ति-अवकाश, नियुक्ति, स्थान-नियुक्ति, स्थानान्तरण, अधिकार और दूसरे वैयक्तिक नोटिस।

आबकारी विभाग

कार्य-भार प्रमाणक

01 जनवरी, 2023 ई0

सं0 623/वि0स0/आबकारी/2023-प्रमाणित किया जाता है कि नियुक्ति अनुभाग-5 उत्तर प्रदेश शासन के विज्ञप्ति/नियुक्ति आदेश संख्या-1678/दो-5-2022-35(27)/2020 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के क्रम में सेलेक्शन ग्रेड रु0 1,23,100-2,15,900 (पे मेट्रिक्स में लेबल-13) के वेतनमान पर आज दिनांक 01 जनवरी, 2023 के पूर्वान्ह में कार्य- भार ग्रहण कर लिया गया है-

रवीन्द्र कुमार-प्रथम

कार्य-भार ग्रहण अधिकारी

विशेष सचिव,

आबकारी विभाग,

उत्तर प्रदेश शासन।

प्रति हस्ताक्षरित संजय आर0 भूसरेड्‌डी, अपर मुख्य सचिव, आबकारी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन।

जनगणना करी निदेशालय, उत्तर प्रदेश

कार्य-भार प्रमाणक

01 जनवरी, 2023 ई0

सं0 A-19013/04/2021/Estt.-प्रमाणित किया जाता है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुपरटाइम वेतनमान रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मेट्रिक्स में लेवल-14) के पद का कार्य-भार नियुक्ति अनुभाग-5, उत्तर प्रदेश शासन की विज्ञप्ति/नियुक्ति संख्या 1676/दो-5-2022-35(27)/2020 दिनांक 31 दिसंबर, 2022 में जैसा कि इसमें बताया गया है, दिनांक 01 जनवरी, 2023 को पूर्वाहन हस्तान्तरित किया गया-

अवमोचक अधिकारी

शीतल वर्मा

प्रतिहस्ताक्षरित मृत्युंजय कुमार नारायण भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त, नई दिल्ली।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 177

PRINCIPAL SECRETARY, TRANSPORT DEPARTMENT GOVERNMENT OF

UTTAR PRADESH LUCKNOW

CHARGE CERTIFICATE

(Handing Over)

January 06, 2023

No. 84−Certified that the charge of the court of Presiding Officer, Motor Accident Claims Tribunal, Ghaziabad handing over in the afternoon of 06 January, 2023, vide notification no. 1870/Admin.

(Services)/2022, Dated- December 30, 2022 of the Hon'ble High Court of Judicature at Allahabad.

Charge Handing Officer MANOJ KUMAR-III

1.D. No. UP 1909

Counter Signed

Principal Secretary, Transport Department

Government of Uttar Pradesh

Lucknow

नियुक्ति -विभाग

कार्य-भार, प्रमाणक

अनुभाग-5

31 मार्च, 2023 ई0

सं0 जी-13986/2023-प्रभाणित किया जाता है कि नियत वेतनमान रु0 2,25,000 (सातवें वेतन आयोग में यथासंशोधित पे-मैट्रिक्स में लेबल-17) में प्रोन्नति के फलस्वरूप नियुक्ति अनुभाग-5 के विज्ञप्ति/नियुक्ति आदेश सं0- 624/दो-5-2023-19/1(7)/90 दिनांक 30 मार्च, 2023 से जैसा कि इसमें बताया गया है, के क्रम में दिनांक 30 मार्च, 2023 के पूर्वान्ह/अपरान्ह में कार्य-भार ग्रहण किया गया-

अवमोचक अधिकारी कल्पना अवस्थी

प्रतिहस्ताक्षरित दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, शासन।

अनुभाग-1

10 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 जी-1451/23/87-जीएस/2023-प्रमाणित किया जाता है कि अपर मुख्य सचिव, श्री राज्यपाल, उत्तर प्रदेष, के पद का प्रभार नियुक्त्ति अनुभाग-1 उत्तर प्रदेश, शासन के कार्यालय ज्ञाप संख्या I/299393/2023, दिनांक 10 अप्रैल, 2023 में जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया है, दिनांक 10 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह/अपरान्ह में हस्तांतरित किया गया-

अवमोचक अधिकारी कल्पना अवस्थी

प्रतिहस्ताक्षरित दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, शासन।

178 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

19 मई, 2023 ई0

सं0 जी-1972/2023-प्रमाणित किया जाता है कि नियुक्ति अनुभाग-1 के आदेश सं0-टी-84/दो-1-2023 दिनांक 18 मई, 2023 जैसा कि इसमें बताया गया है, अपर मुख्य सचिव, श्री राज्यपाल, उत्तर प्रदेश, के पद का कार्य- भार दिनांक 19 मई, 2023 के अपरान्ह में हस्तान्तरित किया गया-

अवमुक्त अधिकारी कल्पना अवस्थी

प्रतिहस्ताक्षरित दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, शासन।

23 मई, 2023 ई0

सं0 जी-1973/2023/जीएस/2023-प्रमाणित किया जाता है कि नियुक्ति अनुभाग-1 के अ0शा0प0सं0-टी-83 /दो-1-2023 दिनांक 18 मई, 2023 जैसा कि इसमें बताया गया है, अपर मुख्य सचिव, श्री राज्यपाल, उत्तर प्रदेष, के पद का कार्य-भार दिनांक 23 मई, 2023 के (पूर्वान्ह में हस्तान्तरित किया गया-

अवमोचक अधिकारी डॉ0 सुधीर एम0 बोबडे

प्रतिहस्ताक्षरित दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन।

चीनी एवं गन्ना विकास-विभाग

कार्य-भार, प्रमाणक

10 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 यू0ओ0-38/46-1-2023-प्रमाणित किया जाता है कि विशेष सचिव, चीनी एवं गन्ना विकास विभाग, उत्तर प्रदेश, शासन के अनुभाग-1, उत्तर प्रदेश, शासन के आदेश अर्द्धशा0प0सं0-टी-73/दो-1-2023, दिनांक 03 अप्रैल, 2023 जैसा कि इसमें व्यक्त किया गया, दिनांक 10 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह में हस्तान्तरित/ग्रहण किया गया-

अवमुक्त अधिकारी

शिव सहाय अवस्थी

प्रतिहस्ताक्षरित संजय आर0 भूसरेड्‌डी, अपर मुख्य सचिव, उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग, उत्तर प्रदेश, शासन।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 179

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग

कार्यभार प्रमाणक

02 मई, 2023 ई0

सं0 872/आठ-6-2023-प्रमाणित किया जाता है कि संयुक्त सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग का कार्यभार सचिवालय प्रशासन अनुभाग-1 (अधि0) के आदेश संख्या-20-1001(002)/7/2022-1 दिनांक 01 मई, 2023 द्वारा जैसा कि बताया गया है, दिनांक 02 मई, 2023 को पूर्वान्ह/अपरान्ह से हस्तान्तरित किया गया है।

अवमोचक अधिकारी

अरूणेश कुमार द्विवेदी

संयुक्त सचिव,

प्रतिहस्ताक्षरित नितिन रमेश गोकर्ण, अपर मुख्य सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उ0प्र0 शासन।

लोक निर्माण विभाग

अनुभाग-4

सेवानिवृत्त

28 दिसम्बर, 2023 ई0

सं0 I/457814/2023-लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश में सहायक अभियन्ता (सिविल/विद्युत/यांत्रिक) संवर्ग के निम्नलिखित सहायक अभियन्ता तालिका में अंकित स्तम्भ-4 के अनुसार वर्ष 2023 में (माह जनवरी से माह दिसम्बर तक) अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं/हो चुके हैं-

सहायक अभियन्ता (सिविल) की सूची

क्रम सं0

सहायक अभियन्ता का नाम

जन्म तिथि

सेवानिवृत्ति की तिथि

लोक निर्माण अनुभाग-6 के पत्र दिनांक 09.11.2023 द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना

लोक निर्माण अनुभाग-13 के पत्र दिनांक 13.09.2023 द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना 1 2 3 4 5 6 (सर्वश्री/सुश्री)- 1 पुष्पेन्द्र कुमार वर्मा 02.01.63 31.01.23 - - 2 बाबूलाल 04.01.63 31.01.23 - - 3 श्री ओम प्रकाश सिंह 05.01.63 31.01.23 - - 4 ललित मोहन द्विवेदी 10.01.63 31.01.23 - -180 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

 1              2                3           4                  5                          6
         (सर्वश्री/सुश्री)-
 5   देवेन्द्र कुमार          10.01.63   31.01.23              -                           -
 6     ओम कुमार मलिक          10.01.63   31.01.23              -                           -
 7   प्रदीप कुमार सक्सेना     14.01.63   31.01.23              -                           -
 8   सुरेन्द्र प्रसाद पाण्डेय 15.01.63   31.01.23              -                           -
 9     कमल किशोर              15.01.63   31.01.23              -                           -
10   सत्येन्द्र पाल सिंह      16.01.63   31.01.23              -                           -
11   रविन्द्र नारायण सिंह     20.01.63   31.01.23              -                           -
12   गोविन्द सिंह             20.01.63   31.01.23              -                           -
13   वीरेन्द्र धर दुबे        20.01.63   31.01.23              -                           -
14   जय विन्द कुमार           22.01.63   31.01.23              -                           -
15   सुनील कुमार श्रीवास्तव   24.01.63   31.01.23              -                           -
16     अशोक कुमार सिंह        25.01.63   31.01.23              -                           -
17    राजेश  कुमार  ओझा       26.01.63   31.01.23              -                           -
18     सुधीर कुमार सिंह       01.02.63   31.01.23              -                           -
      भदौरिया
19     अशोक कुमार गुप्ता      05.02.63   28.02.23              -                           -
20   सूबेदार                  07.02.63   28.02.23              -                           -
21   श्री रामध्यान राम        15.02.63   28.02.23              -                           -
22   आनन्द प्रकाश             18.02.63   28.02.23              -                           -
     श्रीवास्तव
23   जनार्दन राम पाल          15.02.63   28.02.23              -                           -
24    राजेश कुमार चौबे        01.03.63   28.02.23              -                           -
25   गणेश चन्द्र              01.03.63   28.02.23      कार्यालय ज्ञाप संख्या-              -
                                                       1225/23-6-2023-51
                                                     (6)ईएम/2022 दिनाक 02.
                                                      08.2023 द्वारा नियम-7
                                                     संस्थित, अरोप पत्र निर्गत।
26   जय प्रकाश दुबे           05.03.63   31.03.23              -                           -
27   अजय कुमार                05.03.63   31.03.23              -                           -
28   इन्द्र पाल सिंह          06.03.63   31.03.23              -                           -
29   अरविन्द कुमार मिश्रा     10.03.63   31.03.23              -                           -
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 181
 1              2                3           4                  5                          6
         (सर्वश्री/सुश्री)-
30    राकेश कुमार             11.03.63   31.03.23              -                           -
31   बृजेश चन्द्र मिश्रा      14.03.63   31.03.23              -                           -
32   संदीप्त कुमार गुप्ता     23.03.63   31.03.23              -                           -
33   दीनबन्धु सिंह            01.04.63   31.03.23              -                           -
34   वीरेन्द्र नाथ शर्मा      15.04.63   30.04.23              -                           -
35   अभय कुमार गुप्ता         16.04.63   30.04.23              -                           -
36   राकेश कुमार गुप्ता       16.04.63   30.04.23              -                           -
37   सुनील कुमार श्रीवास्तव   18.04.63   30.04.23              -                           -
38     अवधेश कुमार शर्मा      29.04.63   30.04.23              -                           -
39     हरिकेश नारायन          01.05.63   30.04.23              -                           -
40     नईम अहमद               01.05.63   30.04.23              -                           -
41   सर्वेश कुमार             01.05.63   30.04.23              -                           -
42     संजय कुमार चौबे        02.05.63   31.05.23              -                           -
43     ओम प्रकाश सिंह         10.05.63   31.05.23              -                           -
44   देवेन्द्र सिंह           31.05.63   31.05.23              -                           -
45     अशोक कुमार सिंह        01.06.63   31.05.23              -                           -
46   मो0 फारूक                02.06.63   30.06.23              -                           -
47   राम शरण द्विवेदी         02.06.63   30.06.23              -                           -
48     अशोक कुमार चौहान       05.06.63   30.06.23              -                           -
49     हरकेश                  15.06.63   30.06.23              -                           -
50   उमेश नारायण त्रिपाठी     16.06.63   30.06.23              -                           -
51   अमर सिंह                 16.06.63   30.06.23              -                           -
52   अतुल कुमार सिंह          25.06.63   30.06.23              -                           -
53   सतीश चन्द्र शर्मा        26.06.63   30.06.23      कार्यालय ज्ञाप संख्या-              -

936/23-6-18- 62(3)ईएम/2018 दिनांक 13.07.2018 द्वारा अनुशासनिक जांच संस्थित, अरोप पत्र निर्गत।

कार्यालय ज्ञाप संख्या- 1518/23-6-18- 62(3)ईएम/2018 दिनांक 20.12.2018 द्वारा नियम-7 संस्थित। अरोप पत्र निर्गत।

182 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1
 1             2                 3          4                  5                          6
         (सर्वश्री/सुश्री)-
54     अशोक सक्सेना           30.06.63   30.06.23              -                          -
55     आफताब अहमद             01.07.63   30.06.23              -                          -
56   हरपाल सिंह               01.07.63   30.06.23              -                          -
57   देवेन्द्र कुमार          01.07.63   30.06.23              -                          -
58   देवी सिंह                01.07.63   30.06.23              -                          -
59     ओंकार नाथ दुबे         01.07.63   30.06.23              -                          -
60   शैलेश कुमार मिश्र        01.07.63   30.06.23              -                          -
61   देवेश श्रीवास्तव         01.07.63   30.06.23              -                          -
62   ज्वाला प्रसाद            01.07.63   30.06.23              -                          -
63   —ष्ण राम                 01.07.63   30.06.23              -                          -
64   सतीश चन्द्र शर्मा        01.07.63   30.06.23              -                          -
65   चन्द्र शेखर सिंह         03.07.63   31.07.23              -                          -
66   उदय नारायण उपाध्याय      05.07.63   31.07.23              -                 कार्यालय ज्ञाप संख्या-
                                                                                473/23-13-23-10(05)
                                                                                 ईएम/22. दिनांक 27.02.
                                                                                2023 द्वारा नियम-7 की
                                                                                  कार्यवाही संस्थित।
67   राम अवतार शर्मा          08.07.63   31.07.23              -                          -
68   संतोष कुमार त्रिपाठी     10.07.63   31.07.23              -                          -
69   अरविन्द कुमार सिंह       10.07.63   31.07.23              -                          -
70   अरविन्द कुमार            10.07.63   31.07.23              -                          -
     श्रीवास्तव
71   अनूप कुमार चाकी          14.07.63   31.07.23              -                          -
72   अनुज कुमार गुप्ता        14.07.63   31.07.23              -                          -
73   दिनेश चन्द्र शर्मा       15.07.63   31.07.23              -                          -
74   तेजवीर सिंह              15.07.63   31.07.23              -                 कार्यालय ज्ञाप संख्या-
                                                                                2432/23-13-22-25(10)
                                                                                 ईएम/19. दिनाक 11.11.
                                                                              2022 द्वारा नियम-10(2) की
                                                                                  कार्यवाही प्रचलित।
75   दुर्गा प्रसाद सिंह       22.07.63   31.07.23              -                          -
76   सुशील कुमार श्रीवास्तव   30.07.63   31.07.23              -                          -
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 183
 1              2                3           4                  5                          6
         (सर्वश्री/सुश्री)-
77   सुरेन्द्र कुमार शर्मा    01.08.63   31.07.23              -                           -
78   हेमराज सिंह              01.08.63   31.07.23              -                           -
79   राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 02.08.63 31.08.23              -                           -
80     महेश कुमार             02.08.63   31.08.23              -                           -
81   सुनील कान्त जादौन        07.08.63   31.08.23              -                           -
82   मदन मोहन मिश्रा          07.08.63   31.08.23              -                           -
83   सतीश चन्द्र सौखियां      11.08.63   31.08.23              -                 आदेश संख्या-659/23-13-
                                                                                22-24(3)ईएम/17 दिनांक
                                                                               25.03.2023 द्वारा नियम-7 के
                                                                                अन्तर्गत कार्यवाही संस्थित,
                                                                                  अरोप पत्र निर्गत नहीं।
84   घनश्याम यादव             01.09.63   31.08.23              -                           -
85   अनिल कुमार नायक          01.09.63   31.08.23              -                           -
86   राम लाल सिंह             03.09.63   30.09.23              -                           -
87   निर्भय प्रताप शाही       07.09.63   30.09.23              -                           -
88    भूप सिंह शर्मा          09.09.63   30.09.23              -                           -
89   अजीत कुमार पाल           30.09.63   30.09.23              -                           -
90     रूप किशोर शर्मा        02.10.63   31.10.23              -                           -
91   अरविन्द कुमार पाठक       10.10.63   31.10.23              -                           -
92   विजय प्रताप सिंह         15.10.63   31.10.23              -                           -
93   वीरेन्द्र कुमार पाण्डे   01.11.63   31.10.23              -                           -
94   भूपेन्द्र कुमार त्यागी   04.11.63   30.11.23              -                           -
95   राजेन्द्र पाल            08.11.63   30.11.23              -                           -
96   प्रदीप कुमार सिंह        01.12.63   30.11.23              -                           -
97   महेन्द्र कुमार गंगवार    01.12.63   30.11.23              -                           -
98     कैलाश नारायण           01.12.63   30.11.23              -                           -
99   देव प्रकाश लवानिया       23.12.63   31.12.23              -                 आदेश संख्या-657/23-13-

22-24(3) ईएम/17 दिनांक 25.03.2023 द्वारा नियम-7 के अन्तर्गत कार्यवाही संस्थित, अरोप पत्र निर्गत नहीं।

29 क184 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

 1              2                3          4                  5                         6
         (सर्वश्री/सुश्री)-
100    मो0 तारिक              15.12.63   31.12.23              -                         -
101   संतोष कुमार मिश्रा      15.12.63   31.12.23              -                         -
102    धूप नारायण सिंह यादव   23.12.63   31.12.23              -                         -
103   कमलेश पाण्डेय           01.01.64   31.12.23              -                         -
104   सुभाष चन्द्र            01.01.64   31.12.23              -                         -
105   पवन कुमार गर्ग          01.01.64   31.12.23              -                         -
106   अरूण कुमार तिवारी       01.01.64   31.12.23              -                         -
107   अरविन्द कुमार           01.01.64   31.12.23              -                         -
108   उपेन्द्र अवस्थी         01.01.64   31.12.23              -                         -

सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) की सूची

क्रम सं0

सहायक अभियन्ता का नाम

जन्म तिथि

सेवानिवृत्ति की तिथि

लोक निर्माण अनुभाग-6 के पत्र दिनांक 09.11.2023 द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना

लोक निर्माण अनुभाग-13 के पत्र दिनांक 13.09.2023 द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना 1 2 3 4 5 6 (सर्वश्री/सुश्री)- 1 सुरेश कुमार 31.01.63 31.01.23 - - 2 तरणी प्रसाद चौरसिया 01.02.63 31.01.23 - - 3 मिनहाजुल हक खॉ 02.03.63 31.03.23 - - 4 नरेन्द्र बहादुर यादव 07.03.63 31.03.23 - - 5 मनोज मोहन शर्मा 10.04.63 30.04.23 - - 6 कुंवर धनजय प्रताप 15.05.63 31.05.23 - - 7 मधुसूदन शर्मा 01.06.63 31.05.23 - - 8 संजय कुमार श्रीवास्तव 15.06.63 30.06.23 - - 9 चन्द्र भूषण सिंह 01.07.63 30.06.23 - - 10 कामता प्रसाद तिवारी 01.07.63 30.06.23 - - 11 प्रदीप कुमार श्रीवास्तव 15.07.63 31.07.23 - - 12 रवि प्रकाश श्रीवास्तव 12.11.63 30.11.23 - -भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 185 2- उक्त अभियन्ताओं के सेवानिवृत्तिक देयों के भुगतान से पूर्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग द्वारा अपने स्तर से यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि तालिका में उल्लिखित सहायक अभियन्ता (सिविल/विद्युत/यांत्रिक) के विरुद्ध कोई देयता लम्बित नहीं है।

आज्ञा से,

नीरजा सक्सेना,

संयुक्त सचिव।

कार्यालय-ज्ञाप/पदोन्नति

29 दिसम्बर, 2023 ई0

सं0 I/458744/2023-लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत सहायक अभियन्ता (सिविल) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये चयन के फलस्वरूप आयोग के पत्र संख्या-100/06/पी/सेवा-1(06)/2022-23 दिनांक 01 नवम्बर, 2023 में प्राप्त संस्तुति पर सम्यक विचारोपरान्त श्री पंकज कुमार सिंह चौहान, अवर अभियन्ता (सिविल) (ज्येष्ठता क्रमांक-5138) को उनके कनिष्ठ की प्रोन्नति की तिथि से सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर, पे बैण्ड-2 रु0 15,600-39,100/- ग्रेड पे-5,400/- (पुनरीक्षित पे बैण्ड-3 के लेवल-10) में नोशनल रूप से पदोन्नति प्रदान करते हुए, सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर योगदान की तिथि से वास्तविक पदोन्नति प्रदान करते हुए नियुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करते हैं।

2- प्रश्नगत पदोन्नति द्वारा चयन के प्रकरण से संबंधित यदि कोई प्रत्यावेदन या अन्य कोई याचिका लम्बित हो, तो यह पदोन्नति उक्त प्रत्यावेदनों एवं याचिकाओं में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगी।

3- उक्तानुसार पदोन्नति प्राप्त सहायक अभियन्ता (सिविल) को नियमानुसार 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा एवं उनकी ज्येष्ठता के संबंध में प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुरूप पृथक से निर्णय लिया जायेगा।

4- श्री चौहान अपने वर्तमान तैनाती खण्ड में यथावत कार्य करते रहेगें एवं उनकी तैनाती के आदेश पृथक से निर्गत किये जायेगें।

विज्ञप्ति/नियुक्ति

15 मार्च, 2024 ई0

सं0 I/458744/2023-अवर अभियन्ता (सिविल) से सहायक अभियन्ता (सिविल) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्त्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 के प्राविधानों के अन्तर्गत लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये चयन के फलस्वरूप उप सचिव, लोक सेवा आयोग के पत्र संख्या-139(3)/62/पी/एस-1(6)/2023-24, दिनांक 16 फरवरी, 2024 में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग में कार्यरत निम्नलिखित अवर अभियन्ता (सिविल) को उनके वर्तमान तैनाती खण्ड में ही सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर, पे-बैण्ड-3 रु0 15,600-39,100/- ग्रेड पे-5,400/- (पुनरीक्षित पे बैण्ड-3, मैट्रिक्स लेवल-10) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से पदोन्नति प्रदान किये जाने की एतद्‌द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करते हैं186 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

चयन वर्ष 2022-23 दिव्यांगजन (अनुपूरक)

क्रम सं0 ज्येष्ठता क्रमांक नाम

1 2 3

सर्वश्री-

1 5907 महेन्द्र सिंह

2 5920 सोमपाल सिंह

3 6141 गुरुचरण सिंह

4 6189 राजीव सिंह

5 6255 हरेन्द्र कुमार पटेल

6 6298 महेश प्रसाद वर्मा

7 6334 शील रत्न गौतम

8 6338 राज कुमार

चयन वर्ष 2023-24

क्रम सं0 ज्येष्ठता क्रमांक नाम

 1              2                         3
                           सर्वश्री-
 1             4728        रमेश कुमार चतुर्वेदी
 2             5328        राज कुमार सिंह यादव
 3             5330          सुशील कुमार सवई
 4             5331        मुदस्सिर हुसैन
 5             5333        तेजवीर
 6             5335        जयविन्द कुमार
 7             5336        भानु प्रताप सिंह
 8             5337        ज्ञान प्रकाश सिंह (दिव्यांग)
 9             5338        राज बहादुर यादव
10             5340        सुकुमार सिंह
11             5343          महेश सिंह
12             5344        विनीत कुमार स्वर्णकार
13             5345          लोकेश कुमार
14             5347        रनवीर सिंह
15             5348        संजय कुमार
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 187

1 2 3

सर्वश्री-

16             5349        दिनेश चन्द्र सिंह यादव
17             5351        चन्द्र भान सिंह
18             5352        संदीप कुमार सिंह
19             5353          मुकेश सिंह यादव
20             5355          संतोष कुमार
21             5359         राकेश कुमार
22             5362        राम कुमार
23             5364         रघुवीर सिंह
24             5365        अनिल प्रकाश
25             5366        रवि कुमार वर्मा
26             5367        प्रेम चन्द्र
27             5369        शशि कान्त यादव (दिव्यांग)
28             5371        अनुरुद्ध कुमार
29             5372        नागेन्द्र प्रसाद मौर्य
30             5373        राम बहादुर
31             5375        सुरेन्द्र नाथ यादव
32             5378        जमील अहमद
33             5379        मान सिंह
34             5380        सूबेदार यादव
35             5381        मदन कुमार
36             5382          मुकेश कुमार भाटी
37             5383        राजेश कुमार वर्मा
38             5385        जय पाल
39             5386        योगेश चन्द्र वर्मा
40             5387        दिनेश चन्द्र
41             5388        अजय कुमार यादव
42             5389         शैल कुमार यादव
43             5390        संजय कुमार
44             5393        प्रमोद कुमार भटिया
45             5395        उमेश वर्मा
188 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

1 2 3

सर्वश्री-

46            5397         राकेश कुमार यादव
47            5398          अशोक कुमार यादव
48            5399         रमाशंकर सिंह
49            5401        दीपक कुमार सिंह
50            5404        अंजार अहमद
51            5405        श्रीलाल
52            5409          सतीश कुमार कामले
53            5412         रईस अहमद
54            5414        बाल गोविन्द सिंह
55            5415         राजेश कुमार
56            5417        पंकज वर्मा
57            5418          मुनीश कुमार
58            5419          छोटे लाल सैनी
59            5421        महेन्द्र कुमार सिंह
60            5430        ताहर
61            5431        माधव प्रसाद सिंह
62            5432        राम बचन सिंह यादव
63            5433        रवीन्द्र नाथ यादव
64            5434        गजानन्द प्रसाद
65            5435        अनिल कुमार ठाकुर
66            5436        विजय बहादुर सिंह
67            5438        श्रीपाल
68            5439          कमलेश बाबू
69            5440         विमलेश कुमार सिंह
70            5441        रमाकान्त
71            5442          इशरत अली
72            5443        बृज राज सिंह
73            5444        मनवीर सिंह
74            5447        कर्मेन्द्र सिंह
75            5448        हिटलर
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 189

1 2 3

सर्वश्री-

76 5449 राजेन्द्र प्रसाद चौरसिया

77 5450 श्याम लाल

78 5451 देव पाल

79 5452 दिलीप कुमार कटियार

80 5453 बिपिन बिहारी

81 5456 सतेन्द्र पाल सिंह

82 5457 कैलाश नाथ सिंह

83 5458 संतोष कुमार

84 5459 ज्योतेन्द्र सिंह

85 5462 जंगशेर

2- चयन समिति की संस्तुति के क्रम में प्रश्नगत पदोन्नति द्वारा चयन के प्रकरण से संबंधित यदि कोई प्रत्यावेदन या रिट याचिका लम्बित हो, तो पदोन्नति उक्त प्रत्यावेदनों एवं याचिकाओं में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगी।

3- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (सिविल) को नियमानुसार 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा एवं उनकी ज्येष्ठता के संबंध में प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुरूप पृथक से निर्णय लिया जायेगा। 4- अग्रिम आदेशों तक सम्बंधित नवपदोन्नत अभियन्ता, सहायक अभियन्ता के कार्य के साथ अवर अभियन्ता का कार्य भी करते रहेगें।

5- उक्त नवपदोन्नत अभियन्ताओं की तैनाती आदेश पृथक से निर्गत किये जायेगें।

17 मई, 2024 ई0

सं0 I/565225/2024-अवर अभियन्ता (सिविल) से सहायक अभियन्ता (सिविल) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 (यथासंशोधित) के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये अनुपूरक चयन के फलस्वरूप उप सचिव, लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के पत्र संख्या-150 (2)/70/पी/एस-1(06)/2023-24, दिनांक 18 मार्च, 2024, में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग में कार्यरत निम्नलिखित अवर अभियन्ता (सिविल) को उनके वर्तमान तैनाती खण्ड में ही सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर, पे बैण्ड-3 रु0 15,600-39,100/- ग्रेड पे-5,400/- (पुनरीक्षित पे बैण्ड-3, मैट्रिक्स लेवल-10) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से पदोन्नति प्रदान किये जाने की एतद्‌द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करते हैं-190 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

चयन वर्ष 2023-24 (अनुपूरक)

क्रम सं0 ज्येष्ठता क्रमांक अभियन्ता का नाम

 1              2                        3
                          सर्वश्री-
 1            5464        हरिवंश प्रसाद
 2            5465        केशव राम वर्मा
 3            5466        रमेश चन्द्र
 4            5467        तेजवीर सिंह
 5            5469        शिव प्रसाद
 6            5471        सुभाष चन्द्र
 7            5472          संतोष कुमार रावत
 8            5473          लाखन सिंह पाल
 9            5474          मोहन सिंह
10            5475        राम अवतार सिंह यादव
11            5476        इनामुल हक
12            5479        अरुण कुमार सिंह
13            5480        बलिराम प्रसाद
14            5482        सुल्तान सिंह
15            5483        चन्द्र प्रताप
16            5484        बलराम
17            5485         राम किशन
18            5486        प्रदीप कुमार आर्या
19            5487         भगवान दास यादव
20            5488        मनोहर प्रसाद
21            5489         रमाशंकर यादव
22            5492         धनी राम भार्गव
23            5493        गुनराज यादव
24            5494        योगेन्द्र पाल
25            5495        मजहरुल हक
26            5497        राज कुमार सिंह राजपूत
27            5499          देव नारायण सिंह
28            5500        अतुल कुमार गुप्ता
भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 191

1 2 3

सर्वश्री-

29             5501         मनोज कुमार सिंह
30             5506        श्याम नारायण यादव
31             5507        शैलेन्द्र सिंह
32             5509        जय प्रकाश भारती
33             5510        श्री—ष्ण वर्मा
34             5511        दिलीप कुमार
35             5512        महेन्द्र नाथ
36             5514        शकील अहमद सिद्दीकी
37             5515        सत्येन्द्र कुमार
38             5517        सर्वेश कुमार
39             5518        राजेन्द्र सिंह
40             5519        चन्द्रजीत यादव
41             5520        फैजुल रहमान
42             5521        जिलेन्दार
43             5522        बेचन राम
44             5523        हरिन्द्र सिंह
45             5525         दिनेश कुमार
46             5528        विनय कुमार सिंह
47             5529          कमलेश कुमार
48             5530         राम नाथ यादव
49             5532        —ष्ण कुमार गिरी
50             5533        राजेश कुमार वर्मा
51             5535        रमेश चन्द्र
52             5537        जितेन्द्र कुमार
53             5538         राकेश कुमार यादव
54             5540        सतीश चन्द्र
55             5541         शिव नरेश यादव
56             5543        महेन्द्र पाल सिंह
57             5544        अनुपम सिंह गंगवार
58             5547         पारस नाथ

30 क192 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1 1 2 3

सर्वश्री-

59 5548 महेश कुमार शर्मा

60 5551 राकेश कुमार

61 5552 अरविन्द कुमार

62 5553 प्रकाश चन्द्र बादल

63 5555 कमल सिंह

64 5556 राजेन्द्र कुमार

65 5557 त्रुष पाल

66 5559 चन्द्र पाल

67 5561 प्रमोद कुमार

68 5563 नन्द लाल राम

69 5567 भारत विजय पाल सिंह

70 5568 प्रकाश चन्द

71 5569 रवेन्द्र सिंह

72 5569A प्रमोद कुमार शर्मा

73 5573 वृषभान रमपुरया

74 5576 सुरेन्द्र सिंह

75 5580 कमल कुमार

76 5581 युधिष्ठर सिंह

77 5582 जगत बाबू

2- चयन समिति की संस्तुति के क्रम में, प्रश्नगत पदोन्नति रिट याचिका संख्या-ए-1511/2010 प्रबोध कुमार पाठक व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश, राज्य व अन्य एवं सहबद्ध 39 रिट याचिकाओं में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 31 मई, 2023 एवं अवमानना याचिका सं0-4083/2023 जैनुल हक व अन्य बनाम दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, शासन व 05 अन्य में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगी।

3- प्रश्नगत चयन से सम्बन्धित यदि कोई अन्य याचिका अथवा प्रत्यावेदन विचाराधीन हो, तो उक्त चयन सम्बन्धित याचिका/विचाराधीन प्रकरण में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगा।

4- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (सिविल) को नियमानुसार 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा एवं उनकी ज्येष्ठता के सम्बन्ध में प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुरूप पृथक्‌ से निर्णय लिया जायेगा। 5- उक्त नवपदोन्नत अभियन्ताओं की तैनाती के आदेश पृथक्‌ से निर्गत किये जायेगें।

भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 193

28 मई, 2024 ई0

सं0 I/570943/2024-अवर अभियन्ता (सिविल) से सहायक अभियन्ता (सिविल) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग (परामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली. 1973 (यथासंशोधित) के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यन से कराये गये अनुपूरक चयन के फलस्वरूप उप सचिव, लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के पत्र संख्या-150(2)/70/पी/एस-1(06)/2023- 24, दिनांक 18 मार्च, 2024 में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग में कार्यरत निम्नलिखित अवर अभियन्ता (सिविल) को उनके वर्तमान तैनाती खण्ड में ही सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर, पे बैण्ड-3 रु0 15,600-39,100/- ग्रेड पे-5,400/- (पुनरीक्षित पे बैण्ड-3, मैट्रिक्स लेवल-10) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से पदोन्नति प्रदान किये जाने की एतद्‌द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं-

चयन वर्ष 2023-24 (अनुपूरक)

क्र0 सं0 ज्येष्ठता क्रमांक अभियन्ता का नाम

1 2 3

सर्वश्री-

1 5584 बलवन्त कुमार वर्मा

2 5585 रवीन्द्र सिंह

2- चयन समिति की संस्तुति के क्रम में, प्रश्नगत पदोन्नति रिट याचिका संख्या-ए-1511/2010 प्रबोध कुमार पाठक व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश, राज्य व अन्य एवं सहबद्ध 39 रिट याचिकाओं में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 31 मई, 2023 एवं अवमानना याचिका सं0-4083/2023 जैनुल हक व अन्य बनाम दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, शासन व 05 अन्य में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगी।

3- प्रश्नगत चयन से सम्बन्धित यदि कोई अन्य याचिका अथवा प्रत्यावेदन विचाराधीन हो, तो उक्त चयन सम्बन्धित याचिका/विचाराधीन प्रकरण में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगा।

4- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (सिविल) को नियनानुसार 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा एवं उनकी ज्येष्ठता के सम्बन्ध में प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुरूप पृथक्‌ से निर्णय लिया जायेगा।

5- उक्त नवपदोन्नत अभियन्ताओं की तैनाती के आदेश पृथक्‌ से निर्गत किये जायेंंगे।

6- यह पदोन्नति आदेश दिनांक 01 जून, 2024 से प्रभावी माना जायेगा।

28 जून, 2024 ई0

सं0 646/23-4-2024/ई-1789325-अवर अभियन्ता (सिविल) से सहायक अभियन्ता (सिविल) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग (सःपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 (यथासंशोधित) के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये अनुपूरक चयन के फलस्वरूप उप सचिव, लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के पत्र संख्या-150(2)/70/पी/एस- 1(06)/2023-24, दिनांक 18 मार्च, 2024, में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग में कार्यरत निम्नलिखित अवर अभियन्ता (सिविल) को उनके वर्तमान तैनाती खण्ड में ही सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर. पे वैण्ड-3 रु0 15,600-39,100/- ग्रेड पे-5,400/- (पुनरीक्षित पे बैण्ड-3 मैट्रिक्स लेवल-10) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से पदोन्नति प्रदान किये जाने की एतद्‌द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं-194 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

चयन वर्ष 2023-24 (अनुपूरक)

क्र0 सं0 ज्येष्ठता क्रमांक अभियन्ता का नाम

1 2 3

सर्वश्री-

1. 5586 अशोक कुमार

2. 5587 सुनील कुमार

3. 5588 राकेश कुमार नौटियाल

4. 5589 अजय पाल

5. 5591 मुकेश चन्द

6. 5597 विनोद कुमार गौतम

7. 5598 आशा राम

8. 5599 राकेश कुमार

9. 5602 सुनील कुमार

10. 5603 संजय कुमार

11. 5605 संदीप सिंह अकेला

12. 5608 अरुण कुमार कन्नौजिया

2- चयन समिति की संस्तुति के क्रम में, प्रश्नगत पदोन्नति रिट याचिका संख्या-ए-1511/2010 प्रवोध कुमार पाठक व अन्य बनाम 30प्र0 राज्य व अन्य एवं सहबद्ध 39 रिट याचिकाओं में मा0 उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दिनांक 31 मई, 2023 एवं अवमानना याचिका सं0-4083/2023 जैनुल हक व अन्य बनाम दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, शासन व 05 अन्य में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन होगी।

3- प्रश्नगत चयन से सम्बन्धित यदि कोई अन्य याचिका अथवा प्रत्यावेदन विचाराधीन हो, तो उक्त चयन से सम्बन्धित याचिका/विचाराधीन प्रकरण में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगा।

4- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (सिविल) को नियमानुसार 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा एवं उनकी ज्येष्ठता के सम्बन्ध में प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुरूप पृथक्‌ से निर्णय लिया जायेगा। 5- उक्त नवपदोन्नत अभियन्ताओं की तैनाती के आदेश पृथक्‌ से निर्गत किये जायंगे।

6- यह पदोन्नति आदेश दिनांक 01 जुलाई, 2024 से प्रभावी माना जायेगा।

29 जून, 2024 ई0

सं0 647/23-4-2024/ई-1818511-सहायक अभियन्ता (वि0/यां0) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग (सःपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 (यथासंशोधित) के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये चयन के फलस्वरूप उप सचिव, लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के पत्र संख्या-24(2)/09/पी/एस-1(6)/2024-25, दिनांक 27 जून, 2024, में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग में कार्यरत निम्नलिखित अवर अभियन्ता (यांत्रिक) को उनके वर्तमान तैनाती खण्ड में ही सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) के पद पर, पे बैण्ड-3 रु0 15,600-39,100/- ग्रेड पे- 5,400/- (पुनरीक्षित पे बैण्ड-3, मैट्रिक्स लेवल-10) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से पदोन्नति प्रदान किये जाने की एतद्‌द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं-भाग 1 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 195

चयन वर्ष 2023-24

क्र0 सं0 ज्येष्ठता क्रमांक अभियन्ता का नाम

1 2 3

सर्वश्री-

1. 570 विनोद कुमार यादव

2. 576 अशोक कुमार

3. 579 मुकेश कुमार वर्मा

4. 580 नितेश कुमार रस्तोगी

5. 581 राकेश सिंह

2- प्रश्नगत पदोन्नति द्वारा चयन के प्रकरण से सम्बन्धित यदि कोई याचिका या प्रत्यावेदन विचाराधीन/ लम्बित हो, तो उक्त चयन/पदोन्नति सम्बन्धित याचिका/विचाराधीन प्रकरण में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगा।

3- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) को नियमानुसार 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा एवं उनकी ज्येष्ठता के सम्बन्ध में प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुरूप पृथक्‌ से निर्णय लिया जायेगा।

4- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) की तैनाती के आदेश पृथक्‌ से निर्गत किये जायेंगे।

आज्ञा से, लाल धीरेन्द्र राव, विशेष सचिव।

कार्यालय-ज्ञाप

01 जुलाई, 2024 ई0

सं0 365/23-4-2024/ई-1818511-लोक सेवा आयोग की चयन समिति की संस्तुति के क्रम में लोक निर्माण अनुभाग-4 के कार्यालय -ज्ञाप संख्या-812/23-4-2023-67 जनरल/2022 दिनांक 05 अप्रैल, 2023 द्वारा अवर अभियंता (सिविल) से सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति के आदेश निर्गत किये गये. उक्त आदेश की सूची में क्रमांक-44 पर श्रीमती अलका रत्न, अवर अभियन्ता (सिविल) (ज्येष्ठता क्रमांक-5146) का नाम अंकित है।

2- व्यक्तिगत एवं पारिवारिक परिस्थितयों के कारण-पत्र दिनांक 06 अप्रैल, 2023 द्वारा श्रीमती अलका रत्न द्वारा सहायक अभियन्ता (सिविल) के पद पर उक्त पदोन्नति को अस्वीकार (Forgo) किया गया है एवं कार्मिक अनुभाग-1 के शासनादेश संख्या-14/2022/सैतालीस-का-1-2022/13(4)/2022 दिनांक 06 अक्टूबर, 2022 की व्यवस्थानुसार इस आशय का शपथ-पत्र दिनांक 06 अप्रैल, 2023 प्रस्तुत किया गया है कि उनके द्वारा भविष्य में पुनः कभी भी अपनी पदोन्नति की मांग नहीं की जायेगी और भविष्य में होने वाली पदोन्नति हेतु पात्रता सूची में भी उनका नाम सम्म्लित न किया जाये।

3- श्रीमती अलका रत्न के अनुरोध-पत्र के क्रम में प्रमुख अभियन्ता (परि0/नियो0), लो0नि0वि0, लखनऊ के पत्र-संख्या-1201 व्यघ/27 व्यघ/पदोन्नति/2022-23 दिनांक 02 मई, 2023 द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव पर सम्यक विचारोपरान्त सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति को अस्वीकार (Forgo) किये जाने के श्रीमती अलका रत्न, अवर अभियन्ता (सिविल) के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, पदोन्नति आदेश सम्बन्धी कार्यालय-ज्ञाप संख्या-812/23-4-2023-67 जनरल/2022 दिनांक 05 अप्रैल, 2023 की सूची के क्रमांक-44 पर अंकित श्रीमती अलका रत्न, अवर अभियन्ता (सिविल) की सहायक अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति के आदेश को निरस्त किये जाने की एतद्‌द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं।

आज्ञा से, धर्मेन्द्र कुमार पाठक, उप सचिव।

196 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1

विज्ञप्ति/नियुक्ति

सं0 667/23-4-2024/ई-1818511-सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) की पदोन्नति श्रेणी की रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग (सःपरामर्श चयनोन्नति प्रक्रिया) नियमावली, 1970 (यथासंशोधित) के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश, लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से कराये गये चयन के फलस्वरूप उप सचिव. लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के पत्र संख्या-24(2)/09/पी/एस-1(6)/2024-25, दिनांक 27 जून, 2024, में प्राप्त संस्तुतियों पर सम्यक विचारोपरान्त लोक निर्माण विभाग में कार्यरत निम्नलिखित अवर अभियन्ता (यांत्रिक) को उनके वर्तमान तैनाती खण्ड में ही सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) के पद पर, पे बैण्ड-3 रु0 15,600-39,100/- ग्रेड पे- 5,400/- (पुनरीक्षित पे बैण्ड-3, मैट्रिक्स लेवल-10) में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से पदोन्नति प्रदान किये जाने की एतद्‌द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वी—ति प्रदान करती हैं-

चयन वर्ष 2023-24

क्र0 सं0 ज्येष्ठता क्रमांक अभियन्ता का नाम

1 2 3

सर्वश्री-

1 582 यशवन्त सिंह

2 583 सुरेन्द्र यादव

2- प्रश्नगत पदोन्नति द्वारा चयन के प्रकरण से सम्बन्धित यदि कोई याचिका या प्रत्यावेदन विचाराधीन/ लम्बित हो, तो उक्त चयन/पदोन्नति सम्बन्धित याचिका/विचाराधीन प्रकरण में पारित होने वाले अन्तिम निर्णय के अधीन रहेगा।

3- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) को नियमानुसार 02 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जायेगा एवं उनकी ज्येष्ठता के सम्बन्ध में प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुरूप पृथक्‌ से निर्णय लिया जायेगा।

4- उक्त नवपदोन्नत सहायक अभियन्ता (वि0/यॉ0) की तैनाती के आदेश पृथक्‌ से निर्गत किये जायेंगे।

आज्ञा से,

लाल धीरेन्द्र राव, विशेष सचिव।

पी0एस0यू0पी0-2 हिन्दी गजट-भाग 1-2026 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 11 अप्रैल, 2026 ई० (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌)

भाग 1-क

नियम, कार्य विधियां, आज्ञायें, विज्ञप्तियां इत्यादि, जिनको उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महोदय, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष तथा राजस्व परिषद्‌ ने जारी किया।

कार्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, पी0ए0सी0 पश्चिमी जोन, मुरादाबाद प्रभार प्रमाण-पत्र 01 जनवरी, 2023 ई0

सं0 सीए-8-2023/02-अपर पुलिस महानिदेशक (कार्मिक) उत्तर प्रदेष, लखनऊ के पत्र संख्या डीजी-1-24-93 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के माध्यम से प्राप्त उत्तर प्रदेश शासन गृह (पुलिस सेवायें) अनुभाग-2 के पदोन्नति आदेश संख्या-1961/छःपु0से0-2-22-522(84)/2022 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के द्वारा इस कार्यालय में नियुक्त श्री अमित चन्द्रा, पुलिस महानिरीक्षक को दिनांक 01 जनवरी, 2023 से अपर पुलिस महानिदेशक (पे मैट्रिक्स लेवल-15 रु0 1,82,200-2,24,100) के पद पर श्री राज्यपाल द्वारा सहर्ष स्वी—ति प्रदान किये जाने के फलस्वरूप प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ द्वारा प्रोन्नति प्रदान किये जाने के आदेश निर्गत किये गये हैं-

प्रमाणित किया जाता है इस कार्यालय में नियुक्त श्री अमित चन्दा, पुलिस महानिरीक्षक, पी0ए0सी0 पश्चिमी जोन, मुरादाबाद द्वारा अपर पुलिस महानिदेशक (पे मैट्रिक्स लेवल-15 रु0 1,82,200-2,24,100) के पद पर अपना पदाधिकार उत्तर प्रदेश शासन के उल्लिखित पदोन्नति आदेश संख्या-1961/छःपु0से0-2-22-522(84)/2022 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के अधीन जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया है, के अनुपालन में दिनांक 01 जनवरी, 2023 के पूर्वान्ह में ग्रहण कर लिया गया है-

मोचक अधिकारी अमित चन्द्रा

प्रतिहस्ताक्षरित अपर पुलिस महानिदेशक, पी0ए0सी0 मुख्यालय, उ0प्र0 लखनऊ।

30 ख200 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

कार्यालय आयुक्त, मेरठ मण्डल, मेरठ।

कार्य-भार प्रमाण-पत्र

01 जनवरी, 2023 ई0

सं0 747/12-29/2020-22-प्रमाणित किया जाता है कि नियुक्ति अनुभाग-5, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ की विज्ञप्ति/नियुक्ति पत्र-संख्या 1675/दो-5-2022-35(27)/2020 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के अनुपालन में, जैसा कि यहां व्यक्त किया गया है, आज दिनांक 01 जनवरी, 2023 की पूर्वान्ह में सुपरटाईम वेतनमान रु0 1,44,200-2,18,200 (पे मेट्रिक्स में लेवल-14) में कार्य-भार ग्रहण किया गया-

कार्य-भार ग्रहण अधिकारी चैत्रा वी0,

अपर आयुक्त,

मेरठ मण्डल, मेरठ।

प्रति हस्ताक्षरित सेल्वा कुमारी जे0, आयुक्त, मेरठ मण्डल, मेरठ।

CAMP OFFICE OF THE INSPECTOR GENERAL OF POLICE,

BASTI RANGE, BASTI, UTTAR PRADESH-272001

प्रभार प्रमाण-पत्र

01 जनवरी, 2023 ई0

सं0 सीओबी-सीए-एक (01)-2022/02-प्रमाणित किया जाता है कि अपर पुलिस महानिदेशक, कार्मिक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के फैक्स संदेश संख्या डीजी-1-24-86 दिनांक दिसम्बर 31, 2022 के साथ संलग्न उत्तर प्रदेष, शासन की पदोन्नति/विज्ञप्ति संख्या 1962/छःपु0से0-2-22-522 (86)/2022 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के अधीन, जैसा कि यहां व्यक्त किया गया है, मेरे द्वारा आज दिनांक 01 जनवरी, 2023 के पूर्वान्ह में पुलिस महानिरीक्षक (वेतनमान पे मैट्रिक्स लेवल-14, रु0 1,44,200-2,18,200) के पद का पदभार ग्रहण किया गया-

(पुलिस उप महानिरीक्षक के पद से पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति के फलस्वरूप)

मोचक अधिकारी

राम —ष्ण भारद्वाज,

पुलिस महानिरीक्षक,

बस्ती परिक्षेत्र, बस्ती।

प्रतिहस्ताक्षरित अखिल कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन, उ0प्र0 गोरखपुर।

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 201

प्रभार प्रमाण-पत्र

26 मार्च, 2023 ई0

सं0 सीओबी-सीए-एक (01)-2023/1759-प्रमाणित किया जाता है कि अपर पुलिस महानिदेशक, कार्मिक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के फैक्स संदेश संख्या डीजी-1-18-(03)-2023 दिनांक मार्च 26, 2023 के अनुपालन में पुलिस महानिरीक्षक, बस्ती परिक्षेत्र बस्ती का पदाधिकार जैसा कि यहां व्यक्त किया गया है, आज दिनांक 26 मार्च, 2023 को अपरान्ह में ग्रहण किया गया-

(पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र बस्ती के पद से पुलिस महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र, बस्ती के पद पर स्थानान्तरण के फलस्वरूप)

मोचक अधिकारी

राम —ष्ण भारद्वाज,

पुलिस महानिरीक्षक,

बस्ती परिक्षेत्र, बस्ती।

प्रतिहस्ताक्षरित अखिल कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन, उ0प्र0 गोरखपुर।

अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन, गोरखपुर

प्रभार प्रमाण-पत्र

01 जनवरी, 2023 ई0

सं0 सीओडी-सीए-01-2014/2023/01-प्रमाणित किया जाता है कि अपर पुलिस महानिदेशक, कार्मिक, उत्तर प्रदेष के आदेश संख्या डीजी-1-24-86 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के साथ संलग्न उत्तर प्रदेष शासन की पदोन्नति/विज्ञप्ति संख्या-1962/छःपु0से0-2-22-522(86)/2022 लखनऊ, दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के अधीन, जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया है, मेरे द्वारा आज दिनांक 01 जनवरी, 2023 के पूर्वान्ह में पुलिस महानिरीक्षक, (वेतनमान पे मैट्रिक्स लेवल-14, रु0 1,44,200-2,18,200) के पद का पदभार ग्रहण किया गया-

(पुलिस उपमहानिरीक्षक के पद से पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति के फलस्वरूप)

मोचक अधिकारी उपेन्द्र कुमार अग्रवाल

प्रतिहस्ताक्षरित

अखिल कुमार,

अपर पुलिस महानिदेशक,

गोरखपुर जोन, उ0प्र0 गोरखपुर।

202 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

प्रभार प्रमाण-पत्र

01 जनवरी, 2023 ई0

सं0 सीओजी-सीए-01-2023/15-प्रमाणित किया जाता है कि अपर पुलिस महानिदेशक, कार्मिक, उत्तर प्रदेश लखनऊ के फैक्स पत्र संख्या डीजी-1-24-86 दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के साथ संलग्न उत्तर प्रदेश, शासन की पदोन्नति/विज्ञप्ति संख्या-1962/छःपु0से0-2-22-552 (86)/2022 लखनऊ, दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 के अधीन, जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया है, मेरे द्वारा आज दिनांक 01 जनवरी, 2023 के पूर्वान्ह में पुलिस महानिरीक्षक (वेतनमान पे मैट्रिक्स लेवल-14, रु0 1,44,200-2,18,200) के पद का पदभार ग्रहण किया गया-

(पुलिस उप महानिरीक्षक के पद से पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति के फलस्वरूप)

मोचक अधिकारी जे0 रविन्दर गौड़

प्रतिहस्ताक्षरित

अखिल कुमार,

अपर पुलिस महानिदेशक,

गोरखपुर जोन, उत्तर प्रदेष, गोरखपुर।

कार्यालय पुलिस अधीक्षक बस्ती

प्रभार प्रमाण-पत्र

13 जनवरी, 2023 ई0

सं0 ओ-02/2023-प्रमाणित किया जाता है कि अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेष, लखनऊ के पत्र संख्या-डीजी-दो-ब-254(2)/2022 दिनांकित 13 जनवरी, 2023 एवं उत्तर प्रदेश शासन गृह (पुलिस सेवायें) अनुभाग-1 के प्रोन्नति/आदेश संख्या-65/छः-पु0से0-1-2023 दिनांक 13 जनवरी, 2023 के आदेशानुसार कार्य-भार ग्रहण करने की तिथि से अपर पुलिस अधीक्षक (वेतनमान रु0 15,600-39,100 ग्रेड पे रु0 7,600 पुनरीक्षित वेतनमान मैट्रिक्स पे-लेवल-12 (रु0 78,800-2,09,200) में कार्यरत जनपद में नियुक्त श्री दीपेन्द्र नाथ चौधरी अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती (क्रमांक-4 पर अंकित) को उनके कार्य-भार ग्रहण करने की तिथि से वर्तमान तैनाती के स्थान पर ही अपर पुलिस अधीक्षक विशेष श्रेणी-दो (वेतनमान रु0 37,400-67,000 ग्रेड पे रु0 8,700, पुनरीक्षित वेतनमान मैट्रिक्स पे-लेबल-13 रु0 1,23,100-2,15,900) में प्रोन्नति प्रदान की गयी है। उक्त के अनुपालन में दिनांक 13 जनवरी, 2023 (अपरान्ह/पूर्वान्ह) में कार्य-भार ग्रहण किया गया-

मोचक अधिकारी

दीपेन्द्र नाथ चौधरी,

अपर पुलिस अधीक्षक,

बस्ती।

प्रतिहस्ताक्षरित आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक, बस्ती।

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 203

कार्यालय, जिला विकास अधिकारी, गाजीपुर।

प्रभार प्रमाण-पत्र

17 फरवरी, 2023 ई0

सं0 3584/स्था0-1/जि0वि0अ0/प्रभार/2022-23-प्रमाणित किया जाता है कि उप सचिव, ग्राम्य विकास अनुभाग-1, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के कार्यालय ज्ञाप संख्या आर-361/38-1-2023-02टी0आर0/2023 दिनांक 13 फरवरी, 2023 के क्रम में जिला विकास अधिकारी, गाजीपुर का प्रभार, जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया है, आज दिनांक 17 फरवरी, 2023 के पूर्वान्ह/अपरान्ह में हस्तान्तरित किया गया-

मुक्त अधिकारी

राजेश यादव,

परियोजना निदेशक/

जिला विकास अधिकारी,

गाजीपुर।

मोचक अधिकारी सुबास चन्द्र सरोज,

जिला विकास अधिकारी,

गाजीपुर।

कार्यालय, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, रामपुर।

प्रभार प्रमाण-पत्र

14 मार्च, 2023 ई0

सं0 156-प्रमाणित किया जाता है उत्तर प्रदेश शासन के आदेश संख्या उत्तर प्रदेश शासन वित्त (लेखा परीक्षा) अनुभाग-2, लखनऊ दिनांक 10 मार्च, 2023 के अनुपालन में अधोहस्ताक्षरी ने आज दिनांक 14 मार्च, 2023 के पूर्वान्ह में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उत्तर प्रदेष, रामपुर में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर अतिरिक्त प्रभार ग्रहण कर लिया है-

प्रभार ग्रहण अधिकारी

विनोद कुमार मिश्र,

जिला लेखा परीक्षा अधिकारी,

रामपुर

कार्यालय, जिला-लेखा परीक्षा अधिकारी, अमरोहा

प्रभार प्रमाण-पत्र

14 मार्च, 2023 ई0

सं0 162-प्रमाणित किया जाता है उत्तर प्रदेश, शासन के आदेश संख्या-उत्तर प्रदेश, शासन वित्त (लेखा परीक्षा) अनुभाग-2, लखनऊ दिनांक 10 मार्च, 2023 के अनुपालन में अधोहस्ताक्षरी ने आज दिनांक 14 मार्च, 2023 के पूर्वान्ह में204 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उत्तर प्रदेष, अमरोहा में जिला-लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर अतिरिक्त प्रभार-ग्रहण कर लिया है-

विनोद कुमार मिश्र, जिला-लेखा परीक्षा अधिकारी, अमरोहा

कार्यालय, निदेशक स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश-प्रयागराज

कार्य-भार, ग्रहण प्रमाण-पत्र

20 मार्च, 2023 ई0

सं0 एम-2792-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश, शासन वित्त (लेखा परीक्षा) अनुभाग-2 की विज्ञप्ति/प्रोन्नति आदेश संख्या-आई/289741/2023 फाइल नम्बर-10-25001(002)/1/2022-4-दिनांक 20 मार्च, 2023 के अनुपालन में, प्रोन्नति के पद जिला-लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर शासनादेश के निर्देशानुसार वर्तमान तैनाती स्थल, कार्यालय, निदेशक, स्थानीय निधि-लेखा परीक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज में अग्रिम आदेशों तक आज दिनांक 20 मार्च, 2023 के अपरान्ह में कार्य-भार ग्रहण किया गया-

कार्य-भार ग्रहण अधिकारी

रमेश चन्द्र अग्रहरि

सहायक निदेशक/जिला लेखा परीक्षा अधिकारी।

प्रतिहस्ताक्षरित अनिल कुमार जैन संयुक्त निदेशक (मु0) स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग उ0प्र0, प्रयागराज।

15 जून, 2023 ई0

सं0 एम-796-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश, शासन वित्त (लेखा परीक्षा) अनुभाग-2 के पदोन्नति कार्यालय आदेश संख्या-आई/332707/2023 फाइल नम्बर-10-25099/1265/2021-4 दिनांक 14 जून, 2023 के अनुपालन में, जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया, उपनिदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उत्तर प्रदेष, का पदाधिकार शासनादेश के निर्देशानुसार वर्तमान तैनाती स्थल, कार्यालय, निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज में आज दिनांक 15 जून, 2023 के पूर्वान्ह में ग्रहण किया गया-

कार्य-भार ग्रहण अधिकारी

हरिमंगल सरोज, उप निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0।

प्रतिहस्ताक्षरित निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0, प्रयागराज।

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 205

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

कार्य-भार प्रमाणक

27 मार्च, 2023 ई0

सं0 यू0ओ0-11/45/वे/2023-प्रमाणित किया जाता है कि विशेष सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेष, शासन के पद का कार्य-भार नियुक्ति अनुभाग-1 उत्तर प्रदेश, शासन के अर्द्धशा0प0सं0-टी-62/दो-1-2023 दिनांक 24 मार्च, 2023, जैसा कि इसमें बताया गया है, के क्रम में दिनांक 27 मार्च, 2023 को पूर्वान्ह/अपरान्ह में हस्तांतरित किया गया-

अवमुक्त अधिकारी

प्रकाश बिन्दु

अवमोचक अधिकारी आलोक कुमार,

प्रमुख सचिव,

नियोजन, कार्यक्रम कार्यान्वयन,

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,

उत्तर प्रदेश, षासन।

कार्यालय, निदेशक एवं मुख्य अभियन्ता ग्रा0अ0वि0, उ0प्र0-लखनऊ

कार्य-भार, प्रमाण-पत्र

05 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 G-1052/ग्रा0अ0वि0/स्था0-1/समुह-ख/कार्य-भार/स0अभि0/व्य0प0/पत्रा0सं0-/2022-23-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश, शासन ग्रामीण अभियन्त्रण अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप संख्या-718/92-1-2023- 113(आर0ई0एस0)/2007 टी0सी0-1 दिनांक 23 मार्च, 2023 के द्वारा भूपेन्द्र प्रताप सिंह पुत्र श्री मातादीन की नियुक्ति सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, के पद पर होने के फलस्वरूप सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, का पदभार आज दिनांक 03 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह/अपरान्ह में निम्नानुसार ग्रहण किया गया- मुक्त अधिकारी

शून्य

मोचक अधिकारी सहायक अभियन्ता,

ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग,

मुख्यालय

प्रतिहस्ताक्षरित निदेशक एवं मुख्य अभियन्ता, ग्रा0अ0वि0 उ0प्र0, लखनऊ।

206 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

06 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 G-1049/ग्रा0अ0वि0/स्था0-1/समुह-ख/कार्य-भार/स0अभि0/व्य0प0/पत्रा0सं0-/2022-23-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश, शासन ग्रामीण अभियन्त्रण अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप संख्या-715/92-1-2023- 113(आर0ई0एस0)/2007 टी0सी0-1 दिनांक 23 मार्च, 2023 के द्वारा मयंक चौधरी पुत्र स्व0 संतराम चौधरी की नियुक्ति सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, के पद पर होने के फलस्वरूप सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, का पदभार आज दिनांक 06 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह/अपरान्ह में निम्नानुसार ग्रहण किया गया- मुक्त अधिकारी

शून्य

मोचक अधिकारी

मयंक चौधरी

सहायक अभियन्ता,

ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग,

मुख्यालय

प्रतिहस्ताक्षरित निदेशक एवं मुख्य अभियन्ता, ग्रा0अ0वि0 उ0प्र0, लखनऊ

12 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 G-1047/ग्रा0अ0वि0/स्था0-1/समुह-ख/कार्य-भार/स0अभि0/व्य0प0/पत्रा0सं0-/2022-23-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश, शासन ग्रामीण अभियन्त्रण अनुभाग-1 के कार्यालय -ज्ञाप संख्या/92-1-2023- 113(आर0ई0एस0)/2007 टी0सी0-1 दिनांक 23 मार्च, 2023 के द्वारा आशुतोष कुमार पुत्र श्री महेन्द्रनाथ चौधरी की नियुक्ति सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, के पद पर होने के फलस्वरूप सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, का पदभार आज दिनांक 12 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह/अपरान्ह में निम्नानुसार ग्रहण किया गया-

मुक्त अधिकारी

शून्य

मोचक अधिकारी आशुतोष कुमार

सहायक अभियन्ता,

ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग,

मुख्यालय।

प्रतिहस्ताक्षरित

निदेशक एवं मुख्य अभियन्ता,

ग्रा0अ0वि0 उ0प्र0, लखनऊ।

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 207

19 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 G-1051/ग्रा0अ0वि0/स्था0-1/समुह-ख/कार्य-भार/स0अभि0/व्य0प0/पत्रा0सं0-/2023-24-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश, शासन ग्रामीण अभियन्त्रण अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप संख्या-717/92-1-2023- 113(आर0ई0एस0)/2007 टी0सी0-1 दिनांक 23 मार्च, 2023 के द्वारा शुभम कुमार पारले पुत्र श्री मनोज कुमार, की नियुक्ति सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, के पद पर होने के फलस्वरूप सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, का पदभार आज दिनांक 19 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह/अपरान्ह में निम्नानुसार ग्रहण किया गया- मुक्त अधिकारी

शून्य

मोचक अधिकारी

शुभम कुमार पारले,

सहायक अभियन्ता,

ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग,

मुख्यालय।

प्रतिहस्ताक्षरित

निदेशक एवं मुख्य अभियन्ता,

ग्रा0अ0वि0 उ0प्र0, लखनऊ।

कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी, कुशीनगर

प्रभार प्रमाण-पत्र

13 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 144/पंचायत-7/स्था0/जि0पं0रा0अ0/पदभार/2023-24-प्रमाणित किया जाता है कि जिला पंचायत राज अधिकारी कुशीनगर का पदभार अपर मुख्य सचिव, पंचायती राज अनुभाग-1, उत्तर प्रदेष, शासन लखनऊ के कार्यालय-ज्ञाप संख्या-925/33-1-2023-3006/2019 दिनांक 06 अप्रैल, 2023 के क्रम में जैसा कि यहां ब्यक्त किया गया है, आज दिनांक 13 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह में निम्नवत्‌ हस्तानान्तरित किया गया-

मुक्त अधिकारी अभय कुमार यादव

मोचक अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी

प्रतिहस्ताक्षरित

मुख्य विकास अधिकारी,

कुशीनगर।

31 ख208 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

कार्यालय अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली।

कार्यभार ग्रहण प्रमाण-पत्र

25 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 165(4)/स्था0/अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली/2023-24-उत्तर प्रदेश, शासन, राज्य कर अनुभाग-1 के विज्ञप्ति/प्रोन्नति आदेश सं0-राज्य कर-1-617/11-2023-10/2022 लखनऊ दिनांक 24 अप्रैल, 2023 तथा कार्यालय आयुक्त राज्य कर, उत्तर प्रदेष, (स्थापना राजपत्रित अनुभाग) के पृष्ठांकन पत्र संख्या-स्था-2- पदोन्नति-सहायक आयुक्त-2022-2023/219/राज्य कर लखनऊ दिनांक 25 अप्रैल, 2023 द्वारा श्री अनुपम सिंह, राज्य कर अधिकारी, सचल दल इकाई, शाहजहांपुर, ज्येष्ठता क्रमांक-3404 को कार्य-भार ग्रहण करने की तिथि से राज्य कर अधिकारी से सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति प्रदान की गयी है। उक्त आदेश के अनुपालन में श्री अनुपम सिंह द्वारा दिनांक 25 अप्रैल, 2023 की पूर्वान्ह में सहायक आयुक्त के पद पर कार्य-भार निम्न प्रकार ग्रहण किया गया-

कार्य-भार ग्रहणकर्ता अधिकारी अनुपम सिंह,

नवपदोन्नत सहायक आयुक्त

राज्य कर, बरेली।

प्रतिहस्ताक्षरित वी0डी0 शुक्ल, अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर, बरेली जोन, बरेली।

25 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 166(4)/स्था0/अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली/2023-24-उत्तर प्रदेश शासन, राज्य कर अनुभाग-1 के विज्ञप्ति/प्रोन्नति आदेश सं0-राज्य कर-1-617/11-2023-10/2022 लखनऊ दिनांक 24 अप्रैल, 2023 तथा कार्यालय आयुक्त राज्य कर, उ0प्र0 (स्थापना राजपत्रित अनुभाग) के पृष्ठांकन पत्र-संख्या-स्था-2-पदोन्नति- सहायक आयुक्त-2022-2023/219/राज्य कर लखनऊ दिनांक 25 अप्रैल, 2023 द्वारा श्री भानु प्रताप, राज्य कर अधिकारी, खण्ड-7 बरेली, ज्येष्ठता क्रमांक-3424 को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य कर अधिकारी से सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति प्रदान की गयी है। उक्त आदेश के अनुपालन में श्री भानु प्रताप द्वारा दिनांक 25 अप्रैल, 2023 की पूर्वान्ह में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यभार निम्न प्रकार ग्रहण किया गया।

कार्यभार ग्रहणकर्ता अधिकारी

भानु प्रताप,

नवपदोन्नत सहायक आयुक्त

राज्य कर, बरेली

प्रतिहस्ताक्षरित वी0डी0 शुक्ल, अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली।

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 209

सं0 167(4)/स्था0/अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली/2023-24-उत्तर प्रदेश शासन, राज्य कर अनुभाग-1 के विज्ञप्ति/प्रोन्नति आदेश सं0-राज्य कर-1-617/11-2023-10/2022 लखनऊ दिनांक 24 अप्रैल, 2023 तथा कार्यालय आयुक्त राज्य कर, उ0प्र0 (स्थापना राजपत्रित अनुभाग) के पृष्ठांकन पत्र-संख्या-स्था-2-पदोन्नति- सहायक आयुक्त-2022-2023/219/राज्य कर लखनऊ दिनांक 25 अप्रैल, 2023 द्वारा श्री ललित तिवारी, राज्य कर अधिकारी, खण्ड-2 शाहजहांपुर, ज्येष्ठता क्रमांक-3397 को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य कर अधिकारी से सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति प्रदान की गयी है। उक्त आदेश के अनुपालन में श्री ललित तिवारी द्वारा दिनांक 25 अप्रैल, 2023 की पूर्वान्ह में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यभार निम्न प्रकार ग्रहण किया गया।

कार्यभार ग्रहणकर्ता अधिकारी

ललित तिवारी,

नवपदोन्नत सहायक आयुक्त

राज्य कर, बरेली

प्रतिहस्ताक्षरित

वी0डी0 शुक्ल,

अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर

बरेली जोन बरेली।

सं0 168(4)/स्था0/अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली/2023-24-उत्तर प्रदेश शासन, राज्य कर अनुभाग-1 के विज्ञप्ति/प्रोन्नति आदेश सं0-राज्य कर-1-617/11-2023-10/2022 लखनऊ दिनांक 24 अप्रैल, 2023 तथा कार्यालय आयुक्त राज्य कर, उ0प्र0 (स्थापना राजपत्रित अनुभाग) के पृष्ठांकन पत्र-संख्या-स्था-2-पदोन्नति- सहायक आयुक्त-2022-2023/219/राज्य कर लखनऊ दिनांक 25 अप्रैल, 2023 द्वारा श्री हीरालाल पाल, राज्य कर अधिकारी, खण्ड-5 बरेली, ज्येष्ठता क्रमांक-3260 को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य कर अधिकारी से सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति प्रदान की गयी है। उक्त आदेश के अनुपालन में श्री हीरालाल पाल द्वारा दिनांक 25 अप्रैल, 2023 की पूर्वान्ह/अपरान्ह में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यभार निम्न प्रकार ग्रहण किया गया।

कार्यभार ग्रहणकर्ता अधिकारी

हीरालाल पाल,

नवपदोन्नत सहायक आयुक्त

राज्य कर, बरेली

प्रतिहस्ताक्षरित

वी0डी0 शुक्ल,

अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर

बरेली जोन बरेली।

210 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

सं0 169(4)/स्था0/अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली/2023-24-उत्तर प्रदेश शासन, राज्य कर अनुभाग-1 के विज्ञप्ति/प्रोन्नति आदेश सं0-राज्य कर-1-617/11-2023-10/2022 लखनऊ दिनांक 24 अप्रैल, 2023 तथा कार्यालय आयुक्त राज्य कर, उ0प्र0 (स्थापना राजपत्रित अनुभाग) के पृष्ठांकन पत्र-संख्या-स्था-2-पदोन्नति- सहायक आयुक्त-2022-2023/219/राज्य कर लखनऊ दिनांक 25 अप्रैल, 2023 द्वारा श्री सौरभ गंगवार, राज्य कर अधिकारी, सचल दल इकाई शाहजहांपुर, ज्येष्ठता क्रमांक-3409 को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य कर अधिकारी से सहायक आयुक्त के पद पर पदोन्नति प्रदान की गयी है। उक्त आदेश के अनुपालन में श्री सौरभ गंगवार द्वारा दिनांक 25 अप्रैल, 2023 की पूर्वान्ह/अपरान्ह में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यभार निम्न प्रकार ग्रहण किया गया।

कार्यभार ग्रहणकर्ता अधिकारी

सौरभ गंगवार,

नवपदोन्नत सहायक आयुक्त

राज्य कर, बरेली

प्रतिहस्ताक्षरित वी0डी0 शुक्ल, अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर बरेली जोन बरेली।

कार्यालय राज्य स्वाशासी चिकित्सा महाविद्यालय, सोनभद्र

प्रभार प्रमाण-पत्र

27 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 19-5/चि0महा0/स्था0-प्रभार/2023-24-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश शासन वित्त (सेवाएं) अनुभाग-2 के कार्यालय आदेश सं0-21/2022/एस-2-1/184658/दस-2022-122/2022 लखनऊ दिनांक 30 जून 2022 के अनुपालन में वित्त नियंत्रक, राज्य स्वाशासी चिकित्सा महाविद्यालय, सोनभद्र का पदाधिकार, जहॉ कि जैसा व्यक्त किया गया है, दिनांक 27 अप्रैल, 2023 के पूर्वान्ह में निम्नवत हस्तान्तरित/अधिगृहीत किया गया।

अवमुक्त अधिकारी XXXXX

अवमोचक अधिकारी अजय कुमार सिंह

वित्त नियंत्रक

राज्य स्वाशासी चिकित्सा महाविद्यालय

सोनभद्र

प्रतिहस्ताक्षरित प्रधानाचार्य, राज्य स्वाशासी चिकित्सा महाविद्यालय, सोनभद्र।

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 211

कार्यालय महानिरीक्षक निबन्धन उत्तर प्रदेश, प्रयागराज

प्रभार प्रमाण-पत्र

28 अप्रैल, 2023 ई0

सं0 142(1-10)/मु0/2023-मैं अवनीश कुमार द्विवेदी, उप महानिरीक्षक निबन्धन, मुख्यालय प्रयागराज दिनाक 30 अप्रैल, 2023 को अपनी अधिवर्षिता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो जाऊँगा। चूँकि अधोहस्ताक्षरी के सेवानिवृत्ति के उपरान्त कोई प्रतिस्थानी कार्यभार ग्रहण करने हेतु उपलब्ध नहीं है और न ही इस सम्बन्ध में उच्च स्तर से कोई निर्देश प्राप्त हैं। दिनांक 29 व 30 अप्रैल, 2023 को अवकाश है। अतः वर्णित परिस्थितियों में जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया है, आज दिनांक 28 अप्रैल, 2023 के अपरान्ह में पदभार निम्नवत हस्तान्तरित किया गया।

मुक्त अधिकारी अवनीश कुमार द्विवेदी,

उप महानिरीक्षक निबन्धन

मुख्यालय प्रयागराज

मोचक अधिकारी अशोक कुमार,

सहायक महानिरीक्षक निबन्धन

मुख्यालय प्रयागराज

कार्यालय स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, ललितपुर

प्रभार प्रमाण-पत्र

05 मई, 2023 ई0

सं0 /चि0महा0/स्था0-प्रभार/2023-24/121-प्रमाणित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश शासन वित्त (सेवाएं) अनुभाग-2 के कार्यालय आदेश सं0-21/2022/एस-2-1/184658/दस-2022-122/2022 लखनऊ दिनांक 30 जून, 2022 के अनुपालन में वित्त नियंत्रक, स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, ललितपुर का पदाधिकार, जैसा कि यहां व्यक्त किया गया है, दिनांक 03 मई, 2023 के पूर्वान्ह में निम्नवत हस्तान्तरित किया गया।

अवमुक्त अधिकारी XXXXX

अवमोचक अधिकारी

विष्णुकान्त द्विवेदी,

वित्त नियंत्रक

स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय

ललितपुर

प्रतिहस्ताक्षरित

प्रधानाचार्य,

स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय,

ल्लितपुर।

212 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

कार्यालय राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान, उ0प्र0, निशातगंज, लखनऊ

कार्यभार ग्रहण आख्या

15 मई, 2023 ई0

सं0 शै0त0सं0/76-90/2023-24-उत्तर प्रदेश शासन, माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-6 के आदेश संख्या-634/15- 6-2023-4(4)/2013 लखनऊ, दिनांक 15 मई, 2023 के द्वारा उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ''क'' के अपर शिक्षा निदेशक/समकक्ष स्तर (वेतनमान वेतनबैण्ड-4, रु0 37,400 से 67,000 एवं ग्रेड वेतन रु0 8,700/- पे मैट्रिक्स लेवल-13) के पद पर पदोन्नति के फलस्वरूप अधोहस्ताक्षरी द्वारा आज दिनांक 15 मई, 2023 के पूर्वान्ह में निम्नवत कार्यभार ग्रहण किया गया।

कार्यभार ग्रहणकर्ता अधिकारी

प्रताप सिंह बघेल,

निदेशक

राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान,

उ0प्र0, निशातगंज, लखनऊ।

स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग

प्रभार प्रमाण-पत्र

15 जून, 2023 ई0

सं0 लेखा/62-प्रमाणित किया जाता है कि वित्त (लेखा परीक्षा) अनुभाग-2, उत्तर प्रदेश शासन के कार्यालय आदेश संख्या I/332706/2023 आडिट-2-1 फाईल-संख्या-10-25099/1265/2021-4, दिनांक 14 जून, 2023 के अनुपालन में जैसा कि यहाँ व्यक्त किया गया है, उपनिदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0/लेखाधिकारी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ का पदाधिकार आज दिनांक 15 जून, 2023 के पूर्वाहन में ग्रहण किया गया है।

पद ग्रहण अधिकारी

विनय कुमार पाण्डेय,

उप निदेशक स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग/

लेखाधिकारी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ

उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ

प्रभार प्रमाण-पत्र

30 जून, 2023 ई0

सं0 एफ0एस0-13-2023-प्रमाणित किया जाता है कि उ0प्र0 शासन के विज्ञप्ति/औपबंधिक नियुक्ति संख्या 1276/छः-पु0-8-2023-804(2)/2009 दिनांक 01 जून, 2023 द्वारा लोक सेवा आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य चयन/विशेष चयन) परीक्षा 2021 के आधार पर उ0प्र0 अग्निशमन विभाग में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पद पर चयनित एवं संस्तुत अभ्यर्थी श्री अरूण कुमार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पे-मैट्रिक्स लेवल-10 पुराना वेतनमान रु0 (15,600-39,100/- ग्रेड पे0भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 213 रु0 5,400/-) में मुख्य अग्निशमन अधिकारी (परिवीक्षाधीन) के पद पर कार्मिक अनुभाग-4 उ0प्र0 के शासनादेश संख्या- 04/2021/1/4/2011-का-4-2021 दिनांक 29 अप्रैल, 2021 में दी गयी व्यवस्थानुसार औपबन्धिक रूप से उ0प्र0 अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ में नियुक्ति प्रदान की जाती है। आदेश के अनुपालन में श्री अरूण कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी उ0प्र0 अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ का पदभार दिनांक 28 जून, 2023 को पूर्वान्ह/अपरान्ह में ग्रहण किया गया।

मोचक अधिकारी

अरूण कुमार,

मुख्य अग्निशमन अधिकारी,

अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय,

उ0प्र0 लखनऊ

प्रतिहस्ताक्षरित अविनाश चन्द्र, महानिदेशक, उ0प्र0 अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय, लखनऊ।

Nyay-2-2024-216G/2007 T.C.-I, dated 30-12- HIGH COURT OF JUDICATURE AT

2024 Sri Sunandan Goyal, Civil Judge, Junior ALLAHABAD

Division (Fast Track Court), Kushinagar at NOTIFICATION

Padrauna is appointed/posted as Nyayadhikari, Gram

Nyayalaya at Tehsil-Hata, District-Kushinagar at January 02, 2025

Padrauna, in the newly created court, created No. 01/Admin.(Services)/2025–Pursuant to U.P.

vide G.O. No. 25/2015/1462/VII-Nyay-2-2015- Government Notification No. /2024/1205/VII-Nyay-

216G/2007 dated 24.11.2015.

2-2024-216 G/2007 T.C.-I dated 30.12.2024,

January 07, 2025

Sri Anshuman, Additional Civil Judge (Junior

Division), Kasia (Kushinagar at Padrauna) is

No. 04/Admin.(Services)/2025–Smt. Nazma appointed/ posted as Nyayadhikari, Gram Nyayalaya

Gomala, Additional Civil Judge, Junior Division, at Tehsil-Tamkuhiraj, District-Kushinagar at

Agra to be Civil Judge, Junior Division (Fast Track Padrauna, in the newly created court, created

Court), Agra for trying cases of crime against vide G.O. No. 25/ 2015/ 1462/VII-Nyay-2-2015-

women vice Sushri Harshita.

216G/2007dated 24.11.2015.

No. 05/Admin.(Services)/2025–Sushri Harshita, No. 02/Admin.(Services)/2025–Sushri Jyotsna

Civil Judge, Junior Division (Fast Track Court), Nagvanshi, Civil Judge, Junior Division (Fast Track

Agra to be Civil Judge, Junior Division (Fast Track Court), Kushinagar at Padrauna to be Civil Judge,

Junior Division (Fast Track Court), Kushinagar at

Padrauna for trying cases of crime against

Court), Agra against the Fast Track Court created under the scheme of 14th Finance Commission vice Sri Abhay Rajvanshi.

women vice Sri Sunandan Goyal.

No. 06/Admin.(Services)/2025–Pursuant to No. 03/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

U.P. Government Notification No. /20 25/1231/ VII- U.P. Government Notification No. /2024/1205/VII-

Nyay-2-2024-216G/2007 T.C.-II, dated 07-01-214 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क 2025 Sri Abhay Rajvanshi, Civil Judge, Junior No. 13/Admin.(Services) /2025–Sri Ajay Kumar Division (Fast Track Court), Agra is appointed/ Singh-II, Additional District & Sessions Judge, posted as Nyayadhikari, Gram Nyayalaya at Tehsil- Etawah to be Additional District & Sessions Judge/ Kheragarh, District-Agra, in the newly created Special Judge, Etawah vice Sri Akhilesh Kumar.

court, created vide G.O. No. 25/2015/1462/ VII-

He is also appointed U/s 5(2) of U.P. Dacoity Nyay-2-2015-216G/ 2007 dated 24.11.2015.

Affected Areas Act 1983 as Special Judge at Etawah January 20, 2025

against the special court created for trying cases

under the said Act.

No. 07/Admin.(Services) /2025–Sri Chandra

Shekhar Misra, Additional District & Sessions No. 14/Admin.(Services) /2025–Sri Akhilesh Judge, Meerut to be Additional District & Sessions Kumar, Special Judge/ Additional District & Judge/Special Judge, Meerut vice Sri Alok Dwivedi. Sessions Judge, Etawah to be Additional District &

Sessions Judge, Etawah.

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as No. 15/Admin.(Services) /2025–Pursuant to Special Judge at Meerut against the special court Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025, created for trying cases under the said Act.

dated 18.01.2025, Sri Ahasan Husain, Additional

District & Sessions Judge, Etawah is appointed/ No. 08/Admin.(Services) /2025–Sri Alok Dwivedi, Special

posted as Presiding Officer, Motor Accident Claims Judge/Additional District & Sessions Judge, Meerut to

Tribunal, Meerut (South).

be Special Judge, Meerut for trying cases U/s 14 of the

Scheduled Castes and the Scheduled Tribes (Prevention No. 16/Admin.(Services) /2025–Sri Arvind of Atrocities) Act, 1989 (Act no. 33 of 1989) in the Kumar Yadav-II, Additional District & Sessions exclusive special court vice Sri Achal Narain Saklani. Judge, Bareilly to be Additional District & Sessions

Judge/Special Judge, Anti Corruption (V.B.- No. 09/Admin.(Services)/2025–Sri Achal

U.P.S.E.B.), Bareilly vice Sri Tabrez Ahmad.

Narain Saklani, Special Judge/Additional District &

Sessions Judge, Meerut to be Additional District & No. 17/Admin.(Services) /2025–Sri Tabrez Sessions Judge, Meerut.

Ahmed, Special Judge/Additional District &

Sessions Judge, Bareilly to be Additional District & No. 10/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Sessions Judge, Bareilly.

Government Notification No./2025/07/VII-Nyay-2

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Chandra

No. 18/Admin.(Services) /2025–Sri Gagan Prakash Tewari-I, Additional District & Sessions Kumar Bharti, Additional District & Sessions Judge, Meerut is appointed/posted as Principal Judge, Bareilly to be Additional District & Sessions Judge, Family Court, Bareilly.

Judge/ Special Judge, Bareilly vice Sri Abhai

Srivastav.

No. 11/Admin.(Services)/2025–Smt. Hemlata

Tyagi, Additional District & Sessions Judge, Amroha He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential to be Additional District & Sessions Judge/Special Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as Judge, Amroha in the exclusive Court for trying Special Judge at Bareilly against the special court cases covered under the Protection of Children created for trying cases under the said Act. from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012.

No. 19/Admin.(Services)/2025–Sri Abhai No. 12/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Srivastav, Special Judge/Additional District & Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025, Sessions Judge, Bareilly to be Additional District & dated 18.01.2025, Sushri Kapila Raghav, Special Sessions Judge, Bareilly.

Judge/Additional District & Sessions Judge,

No. 20/Admin.(Services) /2025–Sri Rakesh Amroha is appointed/posted as Presiding Officer,

Tripathi, Additional District & Sessions Judge, Motor Accident Claims Tribunal, Lakhimpur Kheri.

Bareilly to be Special Judge, Bareilly for tryingभाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 215 cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the be Additional District & Sessions Judge/Special

Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, Judge, Agra vice Sri Dinesh Tiwari.

1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential court vice Km. Afshan.

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as

No. 21/Admin.(Services) /2025– Km. Afshan, Special Judge at Agra against the special court

created for trying cases under the said Act. Special Judge/Additional District & Sessions Judge,

Bareilly to be Additional District & Sessions Judge,

No. 29/Admin.(Services)/2025–Sri Dinesh Bareilly.

Tiwari, Special Judge/Additional District & Sessions

Judge, Agra to be Additional District & Sessions No. 22/Admin.(Services) /2025–Pursuant to

Judge/Special Judge, Agra vice Sri Ravi Kant-III.

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Harendra

He is also appointed U/s 5(2) of U.P. Dacoity Bahadur Singh, Additional District & Sessions

Affected Areas Act 1983 as Special Judge

Judge, Bareilly is appointed/posted as Principal

at Agra against the special court created for trying

Judge, Family Court, Varanasi.

cases under the said Act.

No. 23/Admin.(Services) /2025–Pursuant to

No. 30/Admin.(Services)/2025–Sri Ravi Kant-

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

III, Special Judge/Additional District & Sessions

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Gyan Prakash

Judge, Agra to be Special Judge, Agra for trying

Singh, Additional Principal Judge, Family Court, cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

Deoria is appointed/ posted as Principal Judge, Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

Family Court, Hamirpur.

1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

court vice Sri Rajendra Prasad.

No. 24/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2- No. 31/Admin.(Services)/2025–Sri Rajendra

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Parvendra Prasad, Special Judge/Additional District & Sessions

Kumar Sharma, Special Judge/Additional District & Judge, Agra to be Additional District & Sessions

Sessions Judge, Ghaziabad is appointed/posted Judge, Agra.

as Principal Judge, Family Court, Ghaziabad.

No. 32/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

No. 25/Admin.(Services)/2025–Sri Sumit Premi, Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

Additional District & Sessions Judge (Fast Track 2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Akhilesh

Kumar Pandey, Additional District & Sessions Court), Balrampur to be Additional District &

Judge, Agra is appointed/posted as Principal Judge, Sessions Judge, Balrampur.

Family Court, Siddharth Nagar.

No. 26/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

No. 33/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

Government Office Memorandum No. 05/II-4-2025, 2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Rajesh

dated 18.01.2025, Smt. Pooja Singh, Additional Bhardwaj, Additional District & Sessions Judge,

District & Sessions Judge, Gonda is appointed/ Balrampur is appointed/posted as Principal Judge,

postedas Chairperson, State Transport Tribunal U.P., Family Court, Ambedkar Nagar at Akbarpur.

Lucknow.

No. 27/Admin.(Services)/2025–Smt. Sangita

No. 34/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Kumari, Additional Principal Judge, Family Court,

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2- Ghaziabad to be Additional District & Sessions

202558G/2001, dated 10.01.2025, Sri Ashok Kumar Judge, Agra.

Yadawa-II, Special Judge/Additional District & No. 28/Admin.(Services)/2025–Sri Gyanendra

Sessions Judge, Sambhal at Chandausi is appointed/ Rao, Additional District & Sessions Judge, Agra to

posted as Principal Judge, Family Court, Mahoba.

32 ख216 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क No.35/Admin.(Services)/2025–Sri Nitish Kumar Castes and the Scheduled Tribes (Prevention of

Rai, Additional District & Sessions Judge, Atrocities) Act, 1989 (Act no. 33 of 1989) in the

Barabanki to be Additional District & Sessions exclusive special court vice Sri Sudama Prasad.

Judge/Special Judge, Barabanki vice Sri Umesh

No. 42/Admin.(Services)/2025–Sri Sudama Chandra Pandey-II.

Prasad, Special Judge/Additional District & Sessions

Judge, Kanpur Nagar to be Additional District & He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential

Sessions Judge, Kanpur Nagar.

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as

Special Judge at Barabanki against the special court

No. 43/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

created for trying cases under the said Act.

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

dated 18.01.2025, Sri Rajesh Chaudhary, Additional No. 36/Admin.(Services)/2025–Sri Umesh

District & Sessions Judge, Kanpur Nagar is Chandra Pandey-II, Special Judge/Additional

appointed/posted as Presiding Officer, Motor District & Sessions Judge, Barabanki to be

Accident Claims Tribunal, Mathura.

Additional District & Sessions Judge, Barabanki.

No. 44/Admin.(Services)/2025–Sri Rakesh No. 37/Admin.(Services)/2025–Sri Anil Kumar

Kumar Tripathi, Presiding Officer, Motor Accident Shukla, Additional District & Sessions Judge,

Claims Tribunal, Mathura to be District & Sessions Barabanki to be Special Judge, Barabanki for trying

Judge, Chitrakoot.

cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, No. 45/Admin.(Services)/2025–Sri Vikas

1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special Kumar-I, District & Sessions Judge, Chitrakoot to

court vice Sri Rajesh Pati Tripathi.

be District & Sessions Judge, Shamli at Kairana.

No. 46/Admin.(Services)/2025–Sri Amit Verma, No. 38/Admin.(Services)/2025–Sri Rajesh Pati

Additional District & Sessions Judge, Kanpur Tripathi, Special Judge/Additional District &

Nagar to be Additional District & Sessions Judge/ Sessions Judge, Barabanki to be Additional District

Special Judge, Kanpur Nagar in the exclusive & Sessions Judge, Barabanki.

Court for trying cases covered under the Protection No. 39/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

2012.

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Anand

No. 47/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Kumar-I, Additional District & Sessions Judge,

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025, Barabanki is appointed/posted as Principal Judge,

dated 18.01.2025, Sri Chandragupta, Special Judge/ Family Court, Shravasti at Bhinga.

Additional District & Sessions Judge, Kanpur

No. 40/Admin.(Services)/2025–Km. Nisha

Nagar is appointed/ posted as Presiding Officer,

Srivastava, Additional District & Sessions

Motor Accident Claims Tribunal, Mau.

Judge, Kanpur Nagar to be Additional District &

No. 48/Admin.(Services)/2025–Sri Lokesh Sessions Judge/Special Judge, Kanpur Nagar vice

Kumar, Special Judge/Additional District & Sri Vikas Goyal.

Sessions Judge, Lalitpur to be Additional District &

She is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential Sessions Judge/Special Judge, Lalitpur vice Sri Sunil

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as Singh.

Special Judge at Kanpur Nagar against the special

He is also appointed U/s 5(2) of U.P. Dacoity court created for trying cases under the said Act.

Affected Areas Act 1983 as Special Judge

No. 41/Admin.(Services)/2025–Sri Vikas Goyal, at Lalitpur against the special court created for

Goyal, Special Judge/Additional District & Sessions trying cases under the said Act.

Judge, Kanpur Nagar to be Special Judge, Kanpur

No. 49/Admin.(Services)/2025–Sri Sunil Singh, Nagar for trying cases U/s 14 of the Scheduled

Special Judge/Additional District & Sessionsभाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 217 Judge, Lalitpur to be Special Judge, Lalitpur for Judge, Etawah to be Additional District & Sessions

Judge/Special Judge, Etawah vice Sri Sanjay trying cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

Kumar-IV.

Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential

court vice Sri Yadavendra Singh-I.

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as

Special Judge at Etawah against the special court No. 50/Admin.(Services)/2025–Sri Yadavendra

created for trying cases under the said Act. Singh-I, Special Judge/ Additional District &

Sessions Judge, Lalitpur to be Additional District & No. 57/Admin.(Services)/2025–Sri Sanjay

Sessions Judge, Lalitpur.

Kumar-IV, Special Judge/Additional District &

Sessions Judge, Etawah to be Special Judge, No. 51/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Etawah for trying cases U/s 14 of the Scheduled Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

Castes and the Scheduled Tribes (Prevention of 2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Gulab Singh-

Atrocities) Act, 1989 (Act no. 33 of 1989) in the II, Additional District & Sessions Judge, Lalitpur is

exclusive special court vice Sri Ram Chandra appointed/posted as Principal Judge, Family

Yadav-I.

Court, Kushinagar at Padrauna.

No. 58/Admin.(Services)/2025–Pursuant to No. 52/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025, Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

dated 18.01.2025, Sri Ram Chandra Yadav- dated 18.01.2025, Sri Anurodh Mishra, Special

I, Special Judge/Additional District & Sessions

Judge/Additional District & Sessions Judge,

Judge, Etawah is appointed/posted as Presiding

Lucknow is appointed/posted as Presiding Officer,

Officer, Motor Accident Claims Tribunal, Etawah.

Motor Accident Claims Tribunal, Kushinagar at

No. 59/Admin.(Services)/2025–Sri Vinod Padrauna.

Kumar Chaurasia, Additional District & Sessions

No. 53/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Judge, Prayagraj to be Additional District &

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025, Sessions Judge/Special Judge, Prayagraj vice

dated 18.01.2025, Sri Iftekhar Ahmad, Special Sri Ram Pratap Singh Rana.

Judge/ Additional District & Sessions Judge,

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential Balrampur is appointed/posted as Presiding Officer,

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as Motor Accident Claims Tribunal, Deoria.

Special Judge at Prayagraj against the special court

No. 54/Admin.(Services)/2025–Sri Manoj created for trying cases under the said Act.

Kumar Rai, Presiding Officer, Motor Accident

No. 60/Admin.(Services)/2025–Sri Ram Pratap

Claims Tribunal, Deoria to be District & Sessions

Singh Rana, Special Judge/Additional District &

Judge, Hamirpur.

Sessions Judge, Prayagraj to be Additional District

& Sessions Judge, Prayagraj.

No. 55/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

No. 61/Admin.(Services)/2025–Sri Ratnesh

dated 18.01.2025, Sri Sanjay Kumar Verma, Special

Kumar Srivastava, Additional District & Sessions

Secretary & Additional Legal Remembrancer Judge, Prayagraj to be Special Judge, Prayagraj for

(Judicial Department), Government of Uttar trying cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

Pradesh, Lucknow is appointed/posted as Presiding Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

Officer, Motor Accident Claims Tribunal, Kanpur 1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

Nagar (South).

court vice Sri Aniruddha Kumar Tiwari.

No. 62/Admin.(Services)/2025–Sri Aniruddha No. 56/Admin.(Services)/2025–Sri Neeraj

Kumar Tiwari, Special Judge/Additional District & Kumar Garg, Additional District & Sessions218 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क Sessions Judge, Prayagraj to be Additional District Judge, Lucknow to be Additional District &

& Sessions Judge, Prayagraj.

Sessions Judge, Lucknow.

No. 63/Admin.(Services)/2025–Pursuant to No. 70/Admin.(Services)/2025–Sri Pushkar

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025, Upadhyay, Additional District & Sessions Judge,

dated 18.01.2025, Dr. Laxmi Kant Rathaur, Lucknow to be Additional District & Sessions

Additional District & Sessions Judge, Prayagraj is Judge/ Special Judge, Lucknow vice

appointed/posted as Presiding Officer, Motor Sri Husain Ahmad Ansari.

Accident Claims Tribunal, Sultanpur.

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential

No. 64/Admin.(Services)/2025–Sri Surya Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as

Prakash Singh, Additional District & Sessions Special Judge at Lucknow against the special court

Judge (Fast Track Court), Gonda to be Additional created for trying cases under the said Act.

District & Sessions Judge/Special Judge, Gonda vice

No. 71/Admin.(Services)/2025–Sri Husain Sri Ram Dayal.

Ahmad Ansari, Special Judge/Additional District &

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential

Sessions Judge, Lucknow to be Additional District

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as

& Sessions Judge, Lucknow.

Special Judge at Gonda against the special court

No. 72/Admin.(Services)/2025–Sri Viveka Nand created for trying cases under the said Act.

Sharan Tripathi, Additional District & Sessions

No. 65/Admin.(Services)/2025–Sri Ram Dayal,

Judge, Lucknow to be Special Judge, Lucknow for

Special Judge/Additional District & Sessions

trying cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

Judge, Gonda to be Special Judge, Gonda for trying

Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

court vice Sri Dinesh Kumar Mishra.

1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

No. 73/Admin.(Services)/2025–Sri Dinesh court vice Nasir Ahmad-III.

Kumar Mishra, Special Judge/Additional District & No. 66/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Sessions Judge, Lucknow to be Additional District Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

& Sessions Judge, Lucknow.

202558G/2001, dated 10.01.2025, Sri Nasir Ahmad

No. 74/Admin.(Services)/2025–Pursuant to -III, Special Judge/Additional District & Sessions

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2- Judge, Gonda is appointed/posted as Principal

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Narendra Judge, Family Court, Sant Kabir Nagar.

Kumar-III, Additional District & Sessions Judge, No. 67/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Lucknow is appointed/posted as Principal Judge, Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

Family Court, Ghazipur.

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Sanjay

No. 75/Admin.(Services)/2025–Sushri Chhavi Kumar Shukla, Legal Adviser, Development

Asthana, Additional District & Sessions Judge, Authority, Lucknow is appointed/posted as Principal

Judge, Family Court, Mirzapur.

Rampur to be Additional District & Sessions

Judge/Special Judge, Rampur vice Dr. Vijay Kumar.

No. 68/Admin.(Services)/2025–Sri Rahul

Mishra, Additional District & Sessions She is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential

Judge, Lucknow to be Additional District & Sessions Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as

Judge/ Special Judge, Anti-Corruption (V.B.- Special Judge at Rampur against the special court

U.P.S.E.B.), Lucknow vice Sri Ram Kishore-IV.

created for trying cases under the said Act.

No. 69/Admin.(Services)/2025–Sri Ram Kishor- No. 76/Admin.(Services)/2025–Dr. Vijay

IV, Special Judge/Additional District & Sessions Kumar, Special Judge/Additional District &भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 219 Sessions Judge, Rampur to be Additional District & dated 18.01.2025, Sri Arvind Kumar Srivastava,

Sessions Judge, Rampur.

Principal Judge, Family Court, Varanasi is

appointed/ posted as Presiding Officer, Motor No. 77/Admin.(Services)/2025–Sri Prabhu

Accident Claims Tribunal, Balrampur.

Narayan Pandey, Additional District & Sessions

Judge, Rampur to be Special Judge, Rampur for No. 85/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

trying cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, dated 18.01.2025, Sri Vinod Kumar Jaiswal,

1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special Principal Judge, Family Court, Kannauj is

court vice Smt. Shazia Nazar Zaidi.

appointed/ posted as Presiding Officer, Land

Acquisition, Rehabilitation & Resettlement No. 78/Admin.(Services)/2025–Smt. Shazia

Authority, Jhansi.

Nazar Zaidi, Special Judge/Additional District &

Sessions Judge, Rampur to be Additional District & No. 86/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Sessions Judge, Rampur.

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Sunil No. 79/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Kumar-V, Presiding Officer, Motor Accident Claims Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

Tribunal, Meerut (South) is appointed/posted as dated 18.01.2025, Sri Sanjeev Kumar Tiwari,

Principal Judge, Family Court, Gonda.

Additional District & Sessions Judge, Rampur is

appointed/posted as Presiding Officer, Motor

No. 87/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Accident Claims Tribunal, Ballia.

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Phool Chand No. 80/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Patel, Principal Judge, Family Court, Shravasti at Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

dated 18.01.2025, Sri Vatsal Srivastava, Principal Bhinga is appointed/posted as Principal Judge,

Judge, Family Court Ghaziabad is appointed/posted Family Court, Kannauj.

as Presiding Officer, Motor Accident Claims

No. 88/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Tribunal, Gautam Buddha Nagar.

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

No. 81/Admin.(Services)/2025–Sri Anil Kumar 2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Jamshed

Singh-I, Principal Judge, Family Court Ambedkar Ali, Presiding Officer, Motor Accident Claims

Nagar to be Presiding Officer, Commercial Court, Tribunal, Kushinagar at Padrauna is appointed/

Court No. 1, Agra.

posted as Principal Judge, Family Court,

Farrukhabad.

No. 82/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

No. 89/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

dated 18.01.2025, Sri Rajendra Prasad Tripathi,

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025,

Principal Judge, Family Court, Bareilly is appointed/

dated 18.01.2025, Sri Zaigam Uddin, Principal

posted as Presiding Officer, Motor Accident Claims

Judge, Family Court, Unnao is appointed/posted

Tribunal, Gonda.

as Presiding Officer, Land Acquisition,

Rehabilitation & Resettlement Authority, No. 83/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Moradabad.

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2-

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Smt. Reeta

No. 90/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Gupta, Principal Judge, Family Court, Gonda is

Government Notification No. /2025/07/VII-Nyay-2- appointed/posted as Principal Judge, Family

2025-58G/2001, dated 10.01.2025, Sri Sunil Kumar Court, Pratapgarh.

Verma, Presiding Officer, Motor Accident Claims

No. 84/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Tribunal, Lakhimpur Kheri is appointed/posted

Government Office Memorandum No. 03/II-4-2025, as Principal Judge, Family Court, Unnao.

220 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

No. 91/Admin.(Services)/2025–Sri Vishnu 1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

Kumar Sharma, District & Sessions Judge, court vice Sri Rakesh Vashisht.

Hamirpur to be District & Sessions Judge,

No. 100/Admin.(Services)/2025–Sri Rakesh Shahjahanpur.

Vashisht, Special Judge/Additional District &

No. 92/Admin.(Services)/2025–Smt. Babita Sessions Judge, Aligarh to be Additional District &

Rani, District & Sessions Judge, Shahjahanpur to Sessions Judge, Aligarh.

be District & Sessions Judge, Lucknow.

No. 101/Admin.(Services)/2025–Sri Praveen

No. 93/Admin.(Services)/2025–Smt. Rachna,

Kumar Pandey, Additional District & Sessions

Additional District & Sessions Judge (Fast Track

Judge, Aligarh to be Additional District & Sessions

Court), Lalitpur to be Additional District & Sessions

Judge/Special Judge, Aligarh vice Sri Sanjay Kumar

Yadav-I.

Judge (Fast Track Court), Aligarh in the court created under 14th Finance Commission vice

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential Sri Raghvendra Mani.

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as No. 94/Admin.(Services)/2025–Sri Raghvendra

Special Judge at Aligarh against the special court Mani, Additional District & Sessions Judge (Fast

created for trying cases under the said Act. Track Court), Aligarh to be Additional District &

No. 102/Admin.(Services)/2025–Sri Sanjay Sessions Judge, (Fast Track Court), Aligarh for

Kumar Yadav-I, Special Judge/Additional District & trying cases of crime against women vice Smt. Anju

Rajpoot.

Sessions Judge, Aligarh to be Additional District &

Sessions Judge, Aligarh.

No. 95/Admin.(Services)/2025–Smt. Anju

Rajpoot, Additional District & Sessions Judge (Fast No. 103/Admin.(Services)/2025–Sri Ashok

Track Court), Aligarh to be Additional District & Bhartendu, Additional District & Sessions

Sessions Judge, Aligarh.

Judge, Lakhimpur Kheri to be Additional District &

Sessions Judge, Bijnor.

No. 96/Admin.(Services)/2025–Smt. Sneh Lata

Singh, Special Judge/Additional District & Sessions

No. 104/Admin.(Services)/2025–Sri Prahalad

Judge, Pratapgarh to be Additional District &

Singh-II, Additional District & Sessions Judge,

Sessions Judge, Pratapgarh.

Meerut to be Additional District & Sessions Judge/

No. 97/Admin.(Services)/2025–Sri Babu Special Judge, Anti Corruption (V.B.-U.P.S.E.B.),

Ram, Additional District & Sessions Judge, Meerut vice Sri Pramod Kumar Gangwar.

Pratapgarh to be Special Judge, Pratapgarh for trying

No. 105/Admin.(Services)/2025–Sri Pramod cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

Kumar Gangwar, Special Judge/Additional District Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

& Sessions Judge, Meerut to be Additional District 1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

& Sessions Judge/Special Judge, Ballia vice court vice Sri Har Vindra Singh.

Sri Mahesh Chandra Verma.

No. 98/Admin.(Services)/2025–Sri Har Vindra

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential Singh, Special Judge/Additional District & Sessions

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as Judge, Pratapgarh to be Additional District &

Special Judge at Ballia against the special court Sessions Judge, Aligarh.

created for trying cases under the said Act. No. 99/Admin.(Services)/2025–Sri Subhash

No. 106/Admin.(Services)/2025–Sri Mahesh Chandra-VIII, Additional District & Sessions

Chandra Verma, Special Judge/Additional District & Judge, Aligarh to be Special Judge, Aligarh for

Sessions Judge, Ballia to be Additional District & trying cases U/s 14 of the Scheduled Castes and the

Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, Sessions Judge, Ballia.

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 221

No. 107/Admin.(Services)/2025–Smt. Sakshi No. 115/Admin.(Services)/2025–Sri Avinash

Kumar, Civil Judge (Junior Division) (Fast Track Sharma, Additional Principal Judge, Family

Court), Mau to be Civil Judge, Junior Division (Fast Court, Deoria to be Additional District & Sessions

Judge, Firozabad.

No. 108/Admin.(Services)/2025–Sri Pawan

Track Court), Lucknow against the Fast Track Court created under the scheme of 14th Finance Commission vice Sri Vishwanath.

Kumar Srivastava, Additional District & Sessions

No. 116/Admin.(Services)/2025–Sri Vishwanath, Judge, Maharajganj to be Additional District &

Civil Judge (Junior Division), (Fast Track Sessions Judge (Fast Track Court), Mahrajganj for

Court), Lucknow to be Civil Judge, Junior Division trying cases of crime against women vice Sri Phool

(Fast Track Court), Lucknow for trying cases of Chandra Kushwaha.

crime against women vice Sri Anubhav Jaiswal.

No. 109/Admin.(Services)/2025–Sri Phool

No. 117/Admin.(Services)/2025–Sri Anubhav Chandra Kushwaha, Additional District & Sessions

Jaiswal, Civil Judge (Junior Division), (Fast Track Judge (Fast Track Court), Maharajganj to be

Court), Lucknow to be Additional Civil Judge Additional District & Sessions Judge (Fast Track

(Junior Division), Lucknow.

Court), Maharajganj in the court created under 14th Finance Commission vice Sri Abhay Pratap No. 118/Admin.(Services)/2025–Sri Ankit

Singh-II.

Pal, Additional Civil Judge (Junior Division),

Hamirpur to be Civil Judge (Junior Division), No. 110/Admin.(Services)/2025–Sri Abhay

Hamirpur vice Smt. Vijay Lakshmi Yadav.

Pratap Singh-II, Additional District Judge (Fast

No. 119/Admin.(Services)/2025–Smt. Vijay Track Court), Maharajganj to be Additional District

Lakshmi Yadav, Civil Judge (Junior Division), & Sessions Judge, Meerut.

Hamirpur to be Additional Civil Judge (Junior No. 111/Admin.(Services)/2025–Smt. Krishn

Division), Bijnor.

Lila Yadav, Additional District & Sessions

January 23, 2025

Judge, Shahjahanpur to be Additional District &

Sessions Judge (Fast Track Court), Shahjahanpur for

No. 120/Admin.(Services)/2025–Sri Davender

trying cases of crime against women vice Smt. Priti Kumar, Additional Civil Judge (Senior Division),

Singh-II.

Pratapgarh to be Civil Judge (Senior Division)/

Additional Chief Judicial Magistrate, Lalganj No. 112/Admin.(Services)/2025–Smt. Priti

Ajhara, Pratapgarh in the court shifted from district Singh-II, Additional District Judge (Fast Track

headquarter Pratapgarh in pursuance of Government Court), Shahjahanpur to be Additional District &

Notification No./2024/876/VII-Nyay-2-2024- Sessions Judge, Moradabad.

131G/2019 dated 25.10.2024, which was created

January 20, 2025

vide G.O. No. 10/2016/870/Saat-Nyay-2-2016-

85G/2012, dated 06.07.2016.

No. 113/Admin.(Services)/2025–Sushri Kajal

Srivastava, Additional Civil Judge (Junior Division),

January 25, 2025

Mau to be Civil Judge, Junior Division (Fast Track

No. 121/Admin.(Services)/2025–Pursuant to Court), Mau for trying cases of crime against

U.P. Government Notification No. /2025/46/VII- women vice Sushri Stuti Sonker.

Nyay-2-2025-216G/2007 T.C.-II dated 24.01.2025,

No. 114/Admin.(Services)/2025–Sushri Stuti Sri Shreyansh Nigam, Additional Civil Judge, Junior

Sonker, Civil Judge (Junior Division) (Fast Track Division, Jhansi is appointed/posted as

Court), Mau to be Civil Judge, Junior Division (Fast Nyayadhikari, Gram Nyayalaya at tehsil Tahrauli

District Jhansi, in the newly created court, created

vide G.O. No. 25/2015/1462/VII-Nyay-2-2015-

216G/ 2007 dated 24.11.2015.

Track Court), Mau against the Fast Track Court created under the scheme of 14th Finance Commission vice Sri Avinash Kumar.

222 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

February 05, 2025

& Sessions Judge, Ballia to be Additional District &

Sessions Judge, Ballia.

No. 122/Admin.(Services)/2025–Smt. Anita Raj,

Principal Judge, Family Court, Etah to be District & No. 129/Admin.(Services)/2025–Sri Ravi Karan

Sessions Judge, Gonda.

Singh, Additional District & Sessions Judge, Ballia

to be Special Judge, Ballia for trying cases U/s 14 of No. 123/Admin.(Services)/2025–Smt. Namrata

the Scheduled Castes and the Scheduled Tribes Agrawal, Additional District & Sessions Judge (Fast

(Prevention of Atrocities) Act, 1989 (Act no. 33 of Track Court), Gonda to be Additional District &

1989) in the exclusive special court vice Sri Punit Sessions Judge (Fast Track Court), Gonda for trying

Kumar Gupta.

cases of crime against women vice Sri Sarvjeet

Kumar Singh.

No. 130/Admin.(Services)/2025–Sri Punit Kumar

Gupta, Special Judge/Additional District & Sessions No. 124/Admin.(Services)/2025–Sri Sarvjeet

Judge, Ballia to be Additional District & Sessions Kumar Singh, Additional District & Sessions Judge

Judge, Ballia.

(Fast Track Court), Gonda to be Additional District

& Sessions Judge/Special Judge, Gonda vice

February 27, 2025

Sri Surya Prakash Singh.

No. 131/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential U.P. Government Notification No. /2025/131/VII-

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as Nyay-2-2025-216G/2007 T.C. II dated 25.02.2025,

Special Judge at Gonda against the special court Sri Adesh Kumar Srivastava, Additional Civil Judge,

created for trying cases under the said Act.

Junior Division, Prayagraj is appointed/posted as

Nyayadhikari, Gram Nyayalaya at Tehsil-Karchhna, No. 125/Admin.(Services)/2025–Sri Surya

District-Prayagraj, in the newly created court, Prakash Singh, Special Judge/Additional District &

created vide G.O. No. 25/2015/1462/VII-Nyay-2- Sessions Judge, Gonda to be Additional District &

2015-216G/ 2007 dated 24.11.2015.

Sessions Judge, Gonda.

No. 132/Admin.(Services)/2025–Pursuant to No. 126/Admin.(Services)/2025–Sri Raj

U.P. Government Notification No. /2025/131/VII- Bahadur Ram Dev Yadav, Additional District &

Nyay-2-2025-216G/2007 T.C. II dated 25.02.2025, Sessions Judge, Gonda to be Special Judge, Gonda

Sri Abhay Deep Vishwakarma, Additional Civil for trying cases U/s 14 of the Scheduled Castes and

Judge, Junior Division, Prayagraj is appointed/ the Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

posted as Nyayadhikari, Gram Nyayalaya at Tehsil- 1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

Koraon, District-Prayagraj, in the newly created court.

court, created vide G.O. No. 25/2015/1462/VII-

No. 127/Admin.(Services)/2025–Sri Mahesh

Nyay-2-2015-216G/ 2007 dated 24.11.2015.

Chandra Verma, Additional District & Sessions

March 04, 2025

Judge, Ballia to be Additional District & Sessions

Judge/Special Judge, Ballia vice Sri Pramod Kumar No. 133/Admin.(Services)/2025–Sri Narendra

Gangwar.

Kumar Jha, Presiding Officer, Land Acquisition

Rehabilitation & Resettlement Authority, Kanpur He is also appointed U/s 12-A of U.P. Essential

Nagar to be District & Sessions Judge, Lalitpur.

Commodities (Special Provisions) Act, 1981, as

Special Judge at Ballia against the special court

March 21, 2025

created for trying cases under the said Act.

No. 134/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

No. 128/Admin.(Services)/2025–Sri Pramod U.P. Government Notification No. /2025/156/VII-

Kumar Gangwar, Special Judge/Additional District Nyay-2-2025-216G/2007 T.C.-II dated 18.03.2025,भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 223 Sri Ashutosh Singh-II, Additional Civil Judge, new Principal Judge, Family Court, Etah assumes

Junior Division, Ballia is appointed/posted as charge of the office.

Nyayadhikari, Gram Nyayalaya at Tehsil-Rasra,

District-Ballia, in the newly created court, created

April 01, 2025

vide G.O. No. 25/2015/1462/VII-Nyay-2-2015-

216G/ 2007 dated 24.11.2015.

No. 140/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Government O.M. No. 465/II-4-2025-02-

4001(003)/1/ 2021 dated 31.03.2025, on reinstate- March 28, 2025

ment in the service, Sri Balram Panwar, the then No. 135/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

Civil Judge, Junior Division, Sikandra Rau (Hathras) Government Notification No. 353/Chha-Pu-9-25-

to be Civil Judge, Junior Division, Bhadohi at 167G/09-TC Nyay-2/1730675, dated 25.03.2025,

Gyanpur vice Sri Mohd. Shahnawaz Ahmad Sri Arvind Misra, Additional District & Sessions

Siddiqui.

Judge, Ghaziabad is appointed/posted as Additional

District & Sessions Judge/Special Judge, Special

No. 141/Admin.(Services)/2025–Sri Mohd.

Court, Anti-corruption, C.B.I., Court No. 2,

Shahnawaz Ahmad Siddqui, Civil Judge, Junior Ghaziabad.

Division, Bhadohi at Gyanpur is appointed U/s 11(2) No. 136/Admin.(Services)/2025–Pursuant to

of the Code of Criminal Procedure 1973 (Act No. 2 Government Notification No. 353/Chha-Pu-9-25-

of 1974) as Judicial Magistrate, First Class, Bhadohi 167G/09-TC Nyay-2/1730675, dated 25.03.2025,

at Gyanpur vice Smt. Srishti Pandey.

Sri Vayu Nandan Mishra, Additional District &

Sessions Judge, Lucknow is appointed/posted

No. 142/Admin.(Services)/2025–Smt. Srishti

as Additional District & Sessions Judge/Special

Pandey, Judicial Magistrate, First Class, Bhadohi at Judge, Special Court, Anti-corruption, C.B.I., Court

Gyanpur to be Additional Civil Judge, Junior No. 2, Lucknow.

Division, Bhadohi at Gyanpur.

No. 137/Admin.(Services)/2025–Sri Pradeep

No. 143/Admin.(Services)/2025–Smt. Shinjini Kumar-III, Additional District & Sessions

Yadav, Additional Civil Judge, Junior Division, Judge, Mathura to be Additional District & Sessions

Bhadohi at Gyanpur is appointed U/s 11(2) of the Judge, Balrampur.

Code of Criminal Procedure 1973 (Act No. 2 of No. 138/Admin.(Services)/2025–Sri Sumit

1974) as Judicial Magistrate, First Class, Bhadohi at Premi, Additional District & Sessions

Gyanpur vice Smt. Kamlesh Kumari.

Judge, Balrampur to be Special Judge, Balrampur

for trying cases U/s 14 of the Scheduled Castes and

No. 144/Admin.(Services)/2025–Smt. Kamlesh the Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act,

Kumari, Judicial Magistrate, First Class, Bhadohi at 1989 (Act no. 33 of 1989) in the exclusive special

Gyanpur to be Additional Civil Judge, Junior court.

Division, Bhadohi at Gyanpur.

No. 139/Admin.(Services)/2025–In exercise of

the powers conferred under Clause 12-D (Note) of

Financial Hand Book, Volume–V (Part-I), Chapter-

By Order of the Hon'ble Court,

II, High Court of Judicature at Allahabad hereby

RAJEEV BHARTI, delegates Financial Powers to Sri Dinesh

Registrar General.

Chand, District & Sessions Judge, Etah till the

33 ख224 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

जनता के प्रयोजनार्थ भूमि नियोजन की विज्ञप्तियां

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश

प्रारूप-18

[ नियम-20 का उपनियम (2) ] (अधिनियम की धारा-11 की उपधारा (1) के अन्तर्गत) 11 मार्च, 2026 ई0

सं0 412-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थान में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के प्रयोजन हेतु) राय है, कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा अधि0अभि0 मध्य गंगा निर्माण खण्ड-8, बुलन्दशहर (आपेक्षक निकाय का नाम) के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) सम्भल कमालपुर राजवाहा एवं धतरा शेख अल्पिका निर्माण हेतु जनपद सम्भल तहसील चन्दौसी परगना चन्दौसी ग्राम बहरौली ताहरपुर में कुल 0.7140 हे0 भूिम की आवश्यकता है।

2- राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा 0.000 दिनांक 25 अक्टूबर, 2021, 09 नवम्बर, 2021 को अनुमोदित किया गया है।

3- सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-

सामाजिक समाघात लागू नहीं है।

4- भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य परिवार के विस्थापित होने की संभावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत्‌ है-

डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर .................. को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन के उद्‌देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।

5- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देती हैं।

जनपद तहसील परगना ग्राम भू-खण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला क्षेत्रफल

1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर

संभल चन्दौसी चन्दौसी बहरौली ताहरपुर 144

0.0528

180

0.0080

179

0.0028

186

0.0704

243

0.0832

242

0.1440

238

0.1752

236

0.0816

232

0.0240

233

0.0720

योग- 0.7140भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 225 6- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूिम अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियाए करने के लिए राज्यपाल/कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते है।

7- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

8- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूिम अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का सव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा के कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है।

डा0 राजेन्द्र पेंसिया,

जिलाधिकारी,

सम्भल।

IRRIGATION AND WATER RESOURCES DEPARTMENT, UTTAR PRADESH

FORM-18

[Sub-rule (2) of rule 20]

PRELIMINARY NOTIFICATION BY APPROPRIATE GOVERNMENT/COLLECTOR

[Under sub-section (1) of section 11 of the Act]

NOTIFICATION

March 11, 2026

No. 412–Under sub-section (1) of section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, Whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (for the purpose of Appropriate Government) is satisfied that a total of 0.1069 Hectares of land is required in the Village-Bherouli Taherpur, Pargana-Sambhal, Tehsil Chandhoshi, District-Sambhal, is required for public purpose, namely, project Madhya Ganga Canal Phase 2nd through Irrigation and Water Resources Department, Uttar Pradesh through Executive Engineer, Madhya Ganga Canal construction Division–8, Bulandshahr (name of requiring body).

2- Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assessment agency and submits its recommendations to the Appropriate Government which has approved its recommendation on dated ...................

3- The summary of the Social Impact Assessment Report as follows:

SOCIAL IMPACT ASSESSENT IS NOT APPLICABLE.

4- A total of ZERO families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–

Deputy Collector/Assistant Collector …………………………… is appointed as Administrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.

226 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

5- Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose.

District Tehsil Pargana Village Plot No. Area to be

Acquired

1 2 3 4 5 6

Hectares

Sambhal Chandhoshi Chandhoshi Bherouli

144

0.0528

Taherpur

180

0.0080

179

0.0028

186

0.0704

243

0.0832

242

0.1440

238

0.1752

236

0.0816

232

0.0240

233

0.0720

Total . . 0.7140

6- The Governor is also pleased to authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps to entre upon and survey of land, take levels of any land, dig or sub soil into the sub-oil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.

7- Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within 60 (days) after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.

8- Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the collector.

NOTE-A plan of land may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.

District Magistrate,

Sambhal.

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 227

प्रारूप-18 [ नियम-20 का उपनियम (2) ] (अधिनियम की धारा-11 की उपधारा (1) के अन्तर्गत) 11 मार्च, 2026 ई0

सं0 413-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थान में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा-11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के प्रयोजन हेतु) राय है, कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा अधि0अभि0 मध्य गंगा निर्माण खण्ड-8, बुलन्दशहर (आपेक्षक निकाय का नाम) के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) सम्भल काकापुर अल्पिका निर्माण हेतु जनपद-सम्भल तहसील सम्भल, परगना सम्भल ग्राम कसेरवा में कुल 0.2550 हे0 भूिम की आवश्यकता है।

2- राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा 0.000 दिनांक 30 अगस्त, 2018, को अनुमोदित किया गया है।

3- सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-

सामाजिक समाघात लागू नहीं है।

4- भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य परिवार के विस्थापित होने की संभावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत्‌ है-

डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर .................. को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन के उद्‌देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।

5- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देती हैं।

अनुसूची

जनपद तहसील परगना ग्राम भू-खण्ड सं0 अर्जित किये जाने

वाला क्षेत्रफल

1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर

सम्भल सम्भल सम्भल कसेरवा 338 0.0930

339 0.1620

योग . . 0.2550

6- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूिम अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल/कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं।

7- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

228 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

8- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूिम अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का सव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा के कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है।

डा0 राजेन्द्र पेंसिया, जिलाधिकारी, सम्भल।

FORM-18

[Sub-rule (2) of rule 20]

Preliminary Notification by Appropriate Government/Collector

[Under sub-section (1) of section 11 of the Act]

NOTIFICATION

March 11, 2026

No. 413–Under Sub-section (1) of section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, Whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (for the purpose of Appropriate Government) is satisfied that a total of Hectares of land is required in the Village- Kaserwa, Pargana-Sambal, Tehsil-Sambal, District-Sambal is required for public purpose, namely, project Madhya Ganga Canal Phase 2nd through Irrigation and Water Resources Department, Uttar Pradesh through Executive Engineer, Madhya Ganga Canal construction Division-8, Bulandshahr (name of requiring body).

2- Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assessment Agency and submits its recommendations to the Appropriate Government which has approved its recommendation on dated ...................

3- The summary of the Social Impact Assessment Report as follows:

SOCIAL IMPACT ASSESSENT IS NOT APPLICABLE.

4- A total of ZERO families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–

Deputy Collector/Assistant Collector …………………………… is appointed as Administrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.

5- Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose.

Schedule

District Tehsil Pargana Village Plot No. Area to be

Acquired

1 2 3 4 5 6

Hectares

Sambal Sambal Sambal Kaserwa 338 0.0930

339 0.1620

Total . . 0.2550

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 229

6- The Governor is also pleased to Authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps to entreupon and survey of land, take levels of any land, dig or sub soil into the sub-oil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.

7- Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within 60 (days) after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.

8- Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the Collector.

NOTE-A plan of land may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.

District Magistrate,

Sambhal.

प्रारूप-18

नियम-20 का उपनियम (2)

(अधिनियम की धारा-11 की उपधारा (1) के अन्तर्गत)

19 फरवरी, 2026 ई0

सं0 325-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थान में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा-11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के उद्‌देश्य हेतु) राय है, कि उत्तर प्रदेश, सिंचाई विभाग द्वारा अधि0अभि0 मध्य गंगा निर्माण खण्ड-6, मेरठ के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) मदारपुरा माईनर व सब्जीपुर माईनर के निर्माण हेतु जनपद-मुरादाबाद तहसील-बिलारी, परगना-कुन्दरकी व मनोहरपुर माईनर के निर्माण हेतु जनपद-मुरादाबाद, तहसील-मुरादाबाद, परगना- मुरादाबाद व ताहरपुर माईनर व कुन्दनपुर माईनर के निर्माण हेतु जनपद-मुरादाबाद, तहसील-बिलारी, परगना-कुन्दरकी में कुल क्षेत्र 2.1313 हे0, भूिम की आवश्यकता है।

2- राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा ................ दिनांक ................ को अनुमोदित किया गया है।

3- सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-

भूमि अर्जन अधिनियम-2013 की धारा 2(1) के अन्तर्गत सिंचाई विभाग पर सामाजिक समाघात लागू नहीं है।

4- भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य परिवार के विस्थापित होने की संभावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत्‌ है-

डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर .................. को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एव पुनव्र्यवस्थापन के उद्‌देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।

5- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देते है-230 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

अनुसूची

जनपद तहसील परगना ग्राम भू-खण्ड सं0 अर्जित किये जाने

वाला क्षेत्रफल 1 2 3 4 5 6 हेक्टेयर मुरादाबाद बिलारी कुन्दरकी रसूलपुर हमीर 122 0.1380

,, ,, ,, ललवारा 20 0.1275

योग . . 0.1275

,,             ,,              ,,             रतनपुर कलॉ            617             0.0660
                                                                   1994             0.0405
                                                                   1971             0.0070
                                                                  1973क             0.0242
                                                                   1996             0.0096
                                                                   2129             0.0030
                                                                   2131             0.0210
                                                                   2132             0.0180
                                                                   2134             0.0150
                                                                   2135             0.0060
                                                                   2136             0.0060
                                                                   2137             0.0060

योग . . 0.2223

नंगला बनवीर            294              0.0660
 बरेठा खिरजपुर          69              0.0392
मसेवी रसूलपुर           4               0.0640
                        5               0.0608
                        66              0.0757

योग . . 0.2005

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 231

1 2 3 4 5 6 हेक्टेयर मुरादाबाद बिलारी कुन्दरकी करनपुर 2

0.0224

4

0.0408

5

0.0360

6

0.0836

8

0.0893

158

0.0180

159

0.0950

160

0.1197

164

0.1311

207

0.0027

208

0.0210

209

0.0240

212

0.0576

210

0.0216

213

0.0780

216

0.1140

217

0.2095

247

0.0200

162

0.0528

161

0.1007 योग- 1.3378 कुल योग. . 2.1313 6- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूिम अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियाए करने के लिए राज्यपाल/कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते है। 7- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

34 ख232 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क 8- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूिम अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का सव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा, मुरादाबाद के कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है।

जिलाधिकारी, मुरादाबाद।

FORM-18

[ Sub-rule (2) of rule 20 ]

Preliminary Notification by Appropriate Government/Collector

[Under sub-section (1) of section 11 of the Act]

NOTIFICATION

February 19, 2026

No. 325–Under Sub-section (1) of section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, Whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (for the purpose of Appropriate Government) is satisfied that a Total of 2.1313 hectares of land is required in the Village-Rasoolpur Hamir & Lalwara & Ratanpur Kalan, Pargana-Kundarki, Tehsil-Bilari, District- Moradabad & Village-Nangala Banbir, Pargana-Moradabad, Tehsil-Moradabad, District-Moradabad & Village-Baretha Khizarpur & Masebi Rasoolpur & Karanpur, Pargana-Kundarki, Tehsil- Bilari, District- Moradabad is required for public purpose, namely, project Madhya Ganga Canal project (Stage-II) though Canal Construction (name of requiring body)-

2. Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assessment Agency and submits its recommendations to the Appropriate Government ………X…….. which has approved its recommendation on dated ………X……..

3. The summary of the Social Impact Assessment Report as follows:

Under Section to 2(1) of the land Acquisition Act, 2013, Social Impact Assessment is not applicable on the Irrigation Department.

4. A total of ………X…….. families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–

Deputy Collector/Assistant Collector …………………………… is appointed as Administrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.

5. Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose-भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 233

Schedule

District Tehsil Pargana Village Plot No. Area to be

acquired 1 2 3 4 5 6

Hectares Moradabad Bilari Kundarki Rasoolpur Hamir 122 0.1380 ,, ,, ,, Lalwara 20 0.1275 ,, ,, ,, Ratanpur Kalan 617

0.0660

1994

0.0405

1971

0.0070

1973k

0.0242

1996

0.0096

2129

0.0030

2131

0.0210

2132

0.0180

2134

0.0150

2135

0.0060

2136

0.0060

2137

0.0060

Total . . 0.2223

Nangla Banbir 294 0.0660

Baretha Khizarpur 69 0.0392

Masebi Rasoolpur 4

0.0640

5

0.0608

66

0.0757

Total . . 0.2005

0.0224

Karanpur 2

4

0.0408

5

0.0360

6

0.0836

8

0.0893234 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क 1 2 3 4 5 6

Hectares Moradabad Bilari Kundarki Karanpur 158

0.0180

159

0.0950

160

0.1197

164

0.1311

207

0.0027

208

0.0210

209

0.0240

212

0.0576

210

0.0216

213

0.0780

216

0.1140

217

0.2095

247

0.0200

162

0.0528

161

0.1007

Total. . 1.3378

Grand Total 2.1313

6. The Governor is also pleased to Authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps to entreupon and survey of land, take levels of any land, dig or sub soil into the sub-oil and do all the Acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.

7. Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within 60 (days) after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.

8. Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the collector.

NOTE-A plan of land may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.

District Magistrate,

Moradabad.

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 235

प्रारूप-18

नियम-20 का उपनियम (2)

(अधिनियम की धारा-11 की उपधारा (1) के अन्तर्गत)

18 मार्च, 2026 ई0

सं0 446/आठ-वि0भू0अ0अ0/मुरादाबाद/2026-भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थान में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश सरकार/कलेक्टर (समुचित सरकार के उद्‌देश्य हेतु) राय है, कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा अधिशासी अभियन्ता मध्य गंगा नहर निर्माण खण्ड-9, सम्भल (आपेक्षक निकाय का नाम) के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोजन मध्य गंगा नहर परियोजना (द्वितीय चरण) सम्भल अल्पिका टाण्डा के निर्माण हेतु जनपद-सम्भल, तहसील-सम्भल, परगना-सम्भल ग्राम शेखूपुर मढ़ी, मौहम्मदपुर टाण्डा, पहरा व तहसील-चन्दौसी, परगना-चन्दौसी ग्राम ताहरपुर सिमरौआ में कुल 0.6783 हे0 भूिम की आवश्यकता है।

2- राज्य सामाजिक समाघात निर्धारण एजेन्सी द्वारा सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन किया गया है तथा समुचित सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत की गयी है जिसे समुचित सरकार द्वारा 0.000 दिनांक 09 जनवरी, 2019 को अनुमोदित किया गया है।

3- सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश इस प्रकार है-

सामाजिक समाघात लागू नहीं है।

4- भूमि अर्जन के कारण कुल 00 परिवार के विस्थापित होने की सम्भावना है इस विस्थापन के लिए अपरिहार्य कारण निम्नवत्‌ है-

डिप्टी कलेक्टर/असिस्टेंट कलेक्टर .................. को प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एव पुनव्र्यवस्थापन के उद्‌देश्य से प्रशासक नियुक्त किया जाता है।

5- अतः राज्यपाल सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निम्नलिखित अनुसूची में उल्लिखित भूमि को सामान्य सूचना हेतु अधिसूचित करने के लिए सहर्ष सहमति देती हैं।

अनुसूची

जनपद तहसील परगना ग्राम भूखण्ड सं0 अर्जित किये जाने वाला क्षेत्रफल

1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर सम्भल सम्भल सम्भल शेखूपुर मढ़ी 125 0.0196

योग . . 0.0196 मौहम्मदपुर टाण्डा 207 0.0351

योग . . 0.0351 पहरा 407

0.0351

464

0.0676

476

0.0884

योग . . 0.1911236 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क 1 2 3 4 5 6

हेक्टेयर

सम्भल चन्दौसी चन्दौसी ताहरपुर सिमरौआ 132

0.1200

136

0.3000

12

0.0125

योग- 0.4325

कुल योग . . 0.6783

6- अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत निर्दिष्ट एवं प्राविधानित भूिम अधिग्रहण के प्रयोजन हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के लिए तथा भूमि का सर्वेक्षण, किसी भूमि के लिए समतलीकरण, खुदाई करने तथा कार्य के समुचित क्रियान्वयन हेतु सभी आवश्यक क्रियायें करने के लिए राज्यपाल/कलेक्टर प्राधिकृत करने हेतु निर्देश देते हैं।

7- अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसका हित भूमि में निहित हो अधिसूचना के प्रकाशन के 60 (दिन) के अन्दर अपने क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के विरूद्ध लिखित रूप से कलेक्टर को आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।

8- अधिनियम की धारा-11(4) के अन्तर्गत कोई व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से भूिम अधिग्रहण की कार्यवाही पूर्ण होने तक कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना प्रारम्भिक अधिसूचना में निर्दिष्ट भूमि का सव्यवहार यथा विक्रय/क्रय या उस भूमि में कोई भार उत्पन्न नहीं कर सकता है।

टिप्पणी-उक्त भूमि का स्थल नक्शा कलेक्टर के कार्यालय में देखा जा सकता है।

डा0 राजेन्द्र पैंसिया, जिलाधिकारी, सम्भल।

FORM-18

[Sub-rule (2) of rule 20]

Preliminary Notification by Appropriate Government/Collector

[ Under Sub-section (1) of section 11 of the Act ]

NOTIFICATION

March 18, 2026

No. 446/VIII-S.L.A.O./Moradabad/2026–Under Sub-section (1) of section 11 of the Right to Fair Compensation and Transparency in Rehabilitation and Resettlement Act, 2013, Whereas the Government of Uttar Pradesh/Collector (for the purpose of Appropriate Government) is satisfied that a total of hectares of land is required in the Village-Shekhupur Mani, Mohammadpur Tanda, Pehra Pargana and Tehsil-Sambhal and Village-Taharpur Simraua, Pargana and Tehsil Chandausi, District-Sambhal is required for public purpose, namely, project Madhya Ganga Canal project Phase 2nd through Irrigation and Water Resources Department, Uttar Pradesh through Executive Engineer Madhya Ganga Canal Construction Division-9, Sambhal (name of requiring body).

भाग 1-क ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 237

2- Social Impact Assessment study was carried out by the State Social Impact Assessment Agency and submits its recommendations to the Appropriate Government which has approved its recommendation on dated ……………..

3- The summary of the Social Impact Assessment Report as follows:

Social Impact Assessment is not applicable.

4- A total of 00 families are likely to be displaced due to the land acquisition. The reason necessitating such displacement is as under–

Deputy Collector/Assistant Collector …………………………… is appointed as Administrator for the purpose of rehabilitation and resettlement of the project affected families.

5- Therefore, the Governor is pleased to notify for general information that the land mentioned in the Schedule below is needed for public purpose&

SEHEDULE

District Tehsil Pargana Village Plot No. Area to be

Acquired

1 2 3 4 5 6

Hectares

Sambhal Sambhal Sambhal Shekhupur Mani 125 0.0196

Mohammadpur Tanda 207 0.0351

Pehra 407

0.0351

464

0.0676

476

0.0884

Total . . 0.1911

Taharpur Simraua         132           0.1200
                         136           0.3000
                          12           0.0125

Total . . 0.4325

Grand Total 0.6783

6- The Governor is also pleased to authorize the Collector for the purpose of land acquisition to take necessary steps to entreupon and survey of land, take levels of any land, dig or sub soil into the sub-oil and do all the acts required for the proper execution of work as provided and specified under section 12 of the Act.

238 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 1-क

7- Under section 15 of the Act, any person interested in the land may within 60 (days) after the publication of this notification, make an objection to the acquisition of land in the locality in writing to the Collector.

8- Under section 11(4) of the Act, no person shall make any transaction or cause any transaction of land i.e. sale/purchase, specified in the preliminary notification or create any encumbrances on such land from the date of publication of such notification till such time as the proceedings of land acquisition is completed, without prior approval of the collector.

NOTE-A plan of land may be inspected in the Office of the Collector for the purpose of acquisition.

District Magistrate, Sambhal.

पी0एस0यू0पी0-2 हिन्दी गजट-भाग 1-क-2026 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 11 अप्रैल, 2026 ई० (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌)

भाग 3 स्वायत्त शासन विभाग का क्रोड़पत्र, खण्ड ग-निर्वाचन (स्थानीय निकाय) तथा खण्ड घ-जिला पंचायत।

खण्ड-घ

जिला पंचायत, चित्रकूट

02 अप्रैल, 2026 ई0

लाइसेंस उपविधि (संशोधन-2026)

सं0 347 L.B.A./लाइसेंस-उपविधि-2026/जि0पं0चि0/2025-26-उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम-1961 (यथा संशोधित) की धारा 239 (2) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत चित्रकूट (उ0प्र0) द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सड़क/किसी स्थान पर दुकानें/अन्य व्यवसाय करने सम्बन्धी कार्य को नियंत्रित एवं विनियमित करने के उद्देश्य से पूर्व में बनाई गयी उपविधि संख्या-07/एल0 बी0 ए0-उपविधि-जि0पं0चित्रकूट-2005-2006, दिनांक 10 अक्टूबर, 2005 जो आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बांदा द्वारा अनुमोदनोपरान्त उत्तर प्रदेश सरकार के गजट में प्रकाशन की तिथि 24 दिसम्बर, 2005 ई0 (पौष 3, 1927 शक संवत) से प्रभावी है। उक्त उपविधि के प्रस्तर-04 में विलम्ब शुल्क एवं प्रस्तर-13 में लाइसेंस शुल्क की दरों में संशोधन के साथ नये व्यवसाय सम्मिलित करते हुए उपविधि में नियमानुसार आवश्यक संशोधन एवं नये व्यवसाय सम्मिलित करने का प्रस्ताव जिला पंचायत बोर्ड बैठक दिनांक 21-11-2025 के प्रस्ताव संख्या-05 द्वारा जनपद-चित्रकूट के ग्रामीण क्षेत्रान्तर्गत दुकानों/अन्य व्यवसाय करने सम्बन्धी जिला पंचायत, चित्रकूट में प्रचलित उपविधि संख्या-07 एल0बी0ए0-उपविधि-जि0पं0चि0-2005-2006 की लाइसेंस शुल्क की दरों एवं विलम्ब शुल्क में संशोधन एवं नये व्यवसाय एवं उनके सापेक्ष लाइसेंस शुल्क दरें सम्मिलित किये जाने की स्वीकृति/अनुमोदन पर विचारार्थ सदन के समक्ष रखा गया था। सदन में विस्तृत चर्चा के उपरान्त उपरोक्त प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है और उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम-1961 (यथासंशोधित) की धारा-242 (2) के प्रयोजनार्थ प्रकाशित किया गया है तथा प्रकाशन की तिथि से 30 दिवस के अन्दर कोई भी आपत्ति/सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। यह संशोधित

10 घ56 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 3 उपविधि आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बांदा के अनुमोदनोंपरान्त उत्तर प्रदेश के गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी

मानी जायेगी।

विलम्ब शुल्क सम्बन्धी वर्तमान प्रावधान विलम्ब शुल्क सम्बन्धी संशोधित

प्रावधान

प्रस्तर-04 प्रत्येक लाइसेंस की अवधि एक वर्ष होगी, जो 01 अप्रैल से 31 मार्च तक मानी जायेगी। लाइसेंस का नवीनीकरण चालू माह-अप्रैल तक करा लेने की दशा में विलम्ब शुल्क से मुक्त होगा। परन्तु निर्धारित अवधि में लाइसेंस का नवीनीकरण न कराये जाने की दशा में 100.00 रू0 तक निर्धारित शुल्क में 10.00 रू0 तथा 100.00 रू0 से 500.00 तक निर्धारित शुल्क में 25.00 रू0 तथा 500 रू0 से अधिक शुल्क पर 50.00 रू0 प्रति लाइसेंस शुल्क सहित जमा करना होगा।

प्रस्तर-04 प्रत्येक लाइसेंस की अवधि एक वर्ष होगी, जो 01 अप्रैल से 31 मार्च तक मानी जायेगी। लाइसेंस का नवीनीकरण चालू वित्तीय वर्ष के 01 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की अवधि में करा लेने की दशा में विलम्ब शुल्क नहीं लगेगा परन्तु उक्त निर्धारित अवधि में लाइसेंस का नवीनीकरण न कराये जाने की दशा में निर्धारित लाइसेंस शुल्क की धनराशि का 10 प्रतिशत प्रतिमाह विलम्ब शुल्क अनिवार्यतः देय होगा।

प्रस्तर-13 उपविधि में वर्णित दुकानों व अन्य व्यवसायों के लिए दुकान/व्यवसायवार लिखित विवरण के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति/संस्था को शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा दरें निम्नवत्‌ हैं।

प्रस्तर-13 इस उपविधि के शासकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से कालम-2 में उल्लिखित व्यवसायों/दुकानों की लाइसेंस शुल्क की वर्तमान दरों के स्थान पर संशोधित दरें एवं नए जुडे़ व्यवसायों हेतु निर्धारित दरें निम्नवत्‌ प्रभावी होंगी

व्यवसाय/सेवा का नाम लाइसेंस

क्र0

सं0

लाइसेंस शुल्क की संशोधित

दर/नए जुड़े व्यवसायों/सेवा हेतु

निर्धारित दर

शुल्क

की

वर्तमान

दर

 1                                2                                  3                           4
                                                                    रु0                         रु0
 1     कपड़ा की फुटकर दुकान (वस्त्र भण्डार)                        300                         1000
 2       कपड़ा की दुकान थोक                                        500                         1500
 3       रेडीमेड कपड़ा (होजरी) दुकान                               200                         1000
 4      किराना की दुकान-छोटी                                       200                         1000
 5     किराना की दुकान-बडी                                         500                         1500
 6     गल्ला खरीद बिक्री की बडी दुकान (गल्ला आढ़त)
       (10 कुन्तल से अधिक पर)                                           1000 2200
 7       गल्ला खरीद की फुटकर दुकान (छोटी)
                                                                   500                         1500
       (10 कुन्तल तक)
 8       सोने चाँदी के आभूषण की बिक्री दुकान (सर्राफ)             1000                         2000
 9       सोने चाँदी  के आभूषण बनाने की दुकाऩ (मरम्मत)             200                         700
10       मेडिकल स्टोर अंगे्रजी/देशी दवाएं होम्योपैथिक,
       आर्युवेदिक अन्य (छोटी)                                          500 1200
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 57
 1                                        2                                         3          4
                                                                                   रु0        रु0
11      मेडिकल स्टोर अंगे्रजी/देशी दवाएंं, होम्योपैथिक, आर्युवेदिक अन्य (बड़ी)      -        1800
12      मेडिकल स्टोर अंगे्रजी/देशी दवाएं, होम्योपैथिक, आर्युवेदिक अन्य (थोक एजेन्सी) -       2500
13      जनरल स्टोर/बिशात खाना (छोटी दुकान)                                        200        800
14      जनरल स्टोर/बिशात    खाना (बड़ी दुकान)                                       -        1500
15      सजावटी सामान विक्रय/डैकोरेटर शॉप                                            -        1500
16    पुस्तक कापी (स्टेशनरी छोटी दुकान)                                           200        700
17      पुस्तक कापी स्टेशनरी (थोक)                                                300        1500
18      मीठा दुकान (मिष्ठान भंडार) (छोटी)                                         150        700
19    मीठा दुकान (मिष्ठान भंडार) (बड़ी)                                             -        1500
20    चाय की दुकान (टी स्टाल)                                                      50        400
21    पान/पान मसाला, गुटखा इत्यादि की दुकान                                        50        400
22    चाय-पान की सम्मिलित दुकान                                                    75        500
23     शर्बत, लस्सी, कोल्डड्रिंक, सोडावाटर आदि की दुकान                           100        500
24      हार्डवेयर शॉप-बड़ी                                                          -        1500
25      हार्डवेयर शॉप-छोटी                                                          -        700
26    साइकिल स्टोर (साइकिल एवं पुर्जें केे विक्रेता)                              300        1200
27    साइकिल स्टोर (साइकिल के पुर्जें विक्रेता एवं मरम्मत कार्य)                  100        400
28    बर्तन विक्रेता (बर्तन पीतल, स्टील, ताँबा, सिल्वर अन्य धातु) बड़ी            300        1000
29    बर्तन विक्रेता (बर्तन पीतल, स्टील, ताँबा, सिल्वर अन्य धातु) छोटी            200        800
30      कपड़ा स िलाई (टेलरिंग शॉप) जिसमें एक  मशीन हो                              50        500
31      कपड़ा सिलाई (टेलरिंग शॉप) जिसमें एक से अधिक    मशीन हो                    100        1000
32    जलाऊ लकड़ी की दुकान (टाल)                                                   200        700
33    इमारती लकडी की दुकान (जिसमें बांस बल्ली, लट्‌ठा आदि हो)                     500        1200
34    इमारती लकड़ी से बनाये जाने वाली सामान (फर्नीचर छोटी दुकान)                  300        1000
35    इमारती लकड़ी से बनाये जाने वाली सामान (फर्नीचर बड़ी दुकान)                    -        1600
36      कोयला की दुकान (सभी प्रकार)                                               500        1200
37    बिल्डिंग मैटेरियल/भवन निर्माण सामग्री विक्रय (छोटी)                           -        1200
38    बिल्डिंग मैटेरियल/भवन निर्माण सामग्री विक्रय (बड़ी)                           -        2000
39    बूट हाउस/जूता-चप्पल का शो-रूम                                                 -        1500
40    जूता-चप्पल की दुकान- छोटी                                                     -        800
41    जूता के अलावा चमड़े के बने हुए अन्य सामान की दुकान/(लेदर स्टोर)             200        800
42     रंगीन तिरपाल आदि के बैंग, अटैची तथा अन्य सामान की दुकान                    200        700
43    स्पंज के गद्‌दे, तकिया, सोफा, प्लास्टिक फर्नीचर इत्यादि विक्रय                -        1000
44      कृषि यंत्र (कृषि औजार) विक्रय-छोटी                                          -        1000
58 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 3
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                                                                                रु0        रु0
45    कृषि यंत्र (कृषि औजार) विक्रय-बड़ी                                         -        2500
46     बीज भंडार एवं समस्त प्रकार के कीटनाशक/ खरपतवार नाशक विक्रय-छोटी           -         700
47    बीज भंडार एवं समस्त प्रकार के कीटनाशक/ खरपतवार नाशक विक्रय-बड़ी            -        1500
48     रासायनिक खाद/जैविक खाद      दुकान- छोटी                                   -         700
49     रासायनिक खाद/जैविक खाद दुकान- बड़ी                                        -        1500
50    टीनशीट के बॉक्स, पलंग, कुर्सी, स्टील- फर्नीचर, अलमारी आदि विक्रय दुकान    200       1500
51    फैब्रिकेशन वर्कशॉप (स्टील/लोहा/एल्युमिनियम गेट/बिन्डो/ग्रिल इत्यादि
                                                                                 -        1200
      निर्माण कार्य)
52      फैब्रिकेशन वर्कशॉप (स्टील/लोहा/एल्युमिनियम ट्रॉली/टैंकर/वाहन बॉडी
                                                                                 -        2500
      मेकिंग इत्यादि निर्माण कार्य)
53     वॉच शॉप घड़ी विक्रेता (जेब हाथ घड़ी, अर्लाम घड़ी)                        300        500
54    वॉच रिपेयर दुकान (समस्त प्रकार की घड़ी के पुर्जे विक्रेता एवं मरम्मत)     100        400
55    बिजली के सामान की दुकान- छोटी (समस्त विद्युत उपकरण एवं मरम्मत)             -         700
56    बिजली के सामान की दुकान- बड़ी (समस्त विद्युत उपकरण एवं मरम्मत)             -        1500
57    रोड लाइट (बिजली सजावट)/साउण्ड सर्विस                                      300        800
58    डी0जे0 सर्विस/मोबाइल डी0जे0 सर्विस                                         -        1100
59    फल थोक विक्रेता                                                            -        1500
60    फल फुटकर विक्रेता                                                          -         500
61    सब्जी थोक विक्रेता                                                         -        1500
62    सब्जी फुटकर विक्रेता                                                       -         500
63    फल- सब्जी थोक विक्रेता                                                     -        1800
64    फल- सब्जी फुटकर विक्रेता                                                   -         700
65      फ्रूट-जूस शॉप                                                            -         700
66    सब्जी व फल मंडी/बाजार                                                      -        2000
67    मशरूम उत्पादन/बिक्री केन्द्र                                               -        1000
68    पत्थर व पत्थर से बने उत्पाद की दुकान                                      200        700
69    कांच व चीनी पत्थर के उत्पाद (क्रॉकरी शॉप)                                 200        700
70    कांच/ग्लास स्टोर (शीशा कटिंग एवं विक्रय)                                   -        1000
71     हेयर कटिंंग सैलून- छोटा                                                   -         500
72    हेयर कटिंंग सैलून- बड़ा                                                    -        1000
73    हेयर कटिंंग सैलून-ब्रान्डेड                                                -        2000
74    ब्यूटी पार्लर सर्विस                                                       -        1000
75    ब्यूटी पार्लर-सैलून एण्ड स्पा सर्विस                                       -        2000
76     बुटिक शॉप/स्टोर                                                           -        1000
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 59
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                                                                                  रु0        रु0
 77    डांस/म्यूजिक व्यावसायिक क्लासेस                                            -         1000
 78     आटो पार्टस दुकान (दो पहिया वाहन)                                         500        1000
 79    आटो पार्टस दुकान (चार पहिया एवं अन्य बडे़ वाहन)                            -         1500
 80     मोटर गैरेज (दो पहिया वाहन)                                               200        700
 81    मोटर गैरेज (चार पहिया एवं अन्य बडे़ वाहन)                                 200        1000
 82    टायर रिटे्रडिंग सर्विस                                                     -         1500
 83    टायर-एजेन्सी                                                               -         3600
 84    छोटे वाहन के टायर विक्रेता-टू एण्ड थ्री व्हीलर                             -         1000
 85    बडे़ वाहन के टायर विक्रेता-फोर व्हीलर एवं अधिक                             -         2200
 86    वाहन एलाइनमेंट सर्विस                                                      -         1500
 87     मोटर कार, जीप कार, मोटर साइकिल, स्कूटर पंचर हवा भरने की दुकान            100        300
 88    डीजल/इलेक्ट्रिक पम्प सेट/डीजल इंजन/ जनरेटर एवं पार्टस विक्रय               -         1200
 89    डीजल/इलेक्ट्रिक पम्प सेट/डीजल इंजन/जनरेटर एजेन्सी                          -         2200
 90    धर्म कांटा                                                                500        1200
 91    धूपबत्ती/अगरबत्ती/रूई बत्ती इत्यादि निर्माण/विक्रय                         -         1500
 92    पशु आहार बिक्रय                                                            -         700
 93     पशु आहार एजेन्सी                                                          -         2000
 94    दुग्ध/डेरी उत्पाद विक्रय कार्य                                             -         800
 95    दुग्ध/डेरी फार्म                                                          1500       2100
 96    हथियार- आग्नेयास्त्र की दुकान                                             1000       2000
 97     फोटो स्टू डियो/फोटो कापी शॉप                                              -         500
 98    वीडियो सूटिंग एण्ड इवेेंट फोटो ग्राफी सर्विस                               -         1800
 99    साइबर कैफे/जन सेवा केन्द्र                                                 -         800
100    कूरियर/पार्सल सर्विस                                                       -         1200
101    कम्प्यूटर/लैपटाप इत्यादि सेल एण्ड सर्विस                                   -         1500
102    सी0सी0टी0 कैमरा विक्रय/इंस्टालेशन                                          -         800
103    सोलर पैनल विक्रय/इंस्टालेशन                                                -         1200
104    इनवर्टर/बैट्री सेल एण्ड सर्विस                                             -         1200
105    इनवर्टर/बैट्री-एजेन्सी                                                     -         2500
106    सिलाई मशीन एवं पाटर््‌स विक्रेता                                           -         600
107    सिलाई मशीन मरम्मत कार्य                                                    -         300
108    हाथ से जूता चप्पल निर्माण कर्ता                                            -         300
109    मशीन से जूता चप्पल निर्माण कर्ता                                           -         1000
110    लाई, चना, मूंगफली विक्रेता (छोटी)                                          -         300
60 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 3
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                                                                                  रु0        रु0
111    लाई, चना, मूंगफली विक्रेता (बड़ी)                                          -         600
112     गुड़, शक्कर, खांड, आदि की दुकान                                           -         300
113    बतासा, पेठा आदि बनाने/विक्रय की दुकान                                      -         1000
114    लांड्री (ड्रायक्लीनर) शॉप- छोटी                                           100        600
115    लांड्री (ड्रायक्लीनर) स्टोर-बड़ी                                           -         1500
116    रूई विक्रेता                                                              500        600
117     स्पोर्टस शॉप- छोटी                                                        -         700
118     स्पोर्टस शॉप- बड़ी                                                        -         1200
119      कबाड़ी की दुकान छोटी                                                     -         500
120    कबाड़ी की दुकान बड़ी (स्क्रैप स्टोरेज)                                     -         2500
121     रंग-रोगन (पेन्ट) की दुकान- छोटी                                           -         800
122    रंग-रोगन (पेन्ट) की दुकान- बड़ी                                            -         1200
123    रंग-रोगन (पेन्ट) की एजेन्सी                                                -         2100
124    टेन्ट हाउस- छोटा                                                           -         1200
125    टेन्ट हाउस- मध्यम                                                          -         2500
126    टेन्ट हाउस- बड़ा (टेन्ट हाउस कम्पनी)                                       -         7500
127    अण्डा- विक्रय कार्य                                                        -         300
128    अण्डा थोक एजेन्सी                                                          -         1500
129    चिकन/मटन-मीट शॉप                                                           -         1800
130    मछली विक्रय                                                                -         1200
131    हाथ-ठेला/रेहड़ी/फेरी कार्य                                                 50        200
132    लकड़ी के खिलौने बनाने व बिक्री का कार्य                                   300        600
133    अ-दुग्ध फेरी विक्रेेता 10 लीटर तक                                         100        500
       ब-दुग्ध फेरी विक्रेेता 11 लीटर से 20 लीटर तक                              200        700
134    स-दुग्ध फेरी विक्रेेता 21 लीटर से अधिक पर                                 550        1000
135    खोवा उत्पादक- फेरी द्वारा क्रय-विक्रय                                     200        700
136      कपड़ा की रंगाई (रंगरेज) दुकान                                           200        600
137    साइन बोर्ड दीवार पेटिंग (पेन्टर) कार्य                                    200        600
138    कपड़ा/विसात खाना सम्बन्धी तथा अन्य घरेलू सामान विक्रय फेरी द्वारा         100        500
139     आतिशबाजी की दुकान                                                        500        1000
140     नौटंकी कम्पनी, खेल  तमाशा व मनोरंजन शो आदि कार्य                         100        500
141    बैण्ड-बाजा सर्विस                                                          -         1000
142    अन्य बाजा सर्विस (बीन, ढोल, पंजाबी भांगडा इत्यादि)                         -         400
143    रेडियो/टी0बी0/इलेक्ट्रानिक उपकरण विक्रय                                    -         1200
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 61
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                                                                                रु0        रु0
144    रेडियो/टी0बी0/इलेक्ट्रानिक पार्ट्‌स विक्रय व मरम्मत                       -         600
145     मोबिल ऑयल/इंजन ऑयल विक्रय कार्य                                          -        1000
146     मोबिल  ऑयल/इंजन ऑयल एजेन्सी                                              -        2200
147    डीजल, पेट्रोल, पैटी डीलर                                                  -        1500
148    डीजल वाहन यूरिया (डी0ई0एफ0) पम्प                                          -        1000
149    प्रॉपर्टी डीलर/ऐजेन्ट/एसोसिएट सर्विस                                      -        3500
       ट्रान्सपोर्ट एजेन्सी/ट्रान्सपोर्ट व्यवसाय पर-
150    1-बिना वाहन के ट्रैवल्स/ट्रान्सपोर्ट एजेन्सी पर                          500       1200
       2-वाहन सहित टै्रवल्स/ट्रान्सपोर्ट एजेन्सीज पर                           1000       2000
        3-आटो रिक्शा (दो सीटर अथवा चार सीटर)                                    100        300
        4-आटो रिक्शा (मेटाडोर) सात सीट तक                                       300        500
       5-मिनी बस                                                                500       1000
       6-बस                                                                    1000       2000
       7-अन्य चार पहियो के व्यावसायिक वाहन                                      500       1200
151    मोटर वाहन एजेन्सी (सेल्स/सर्विस)                                        5000       6000
152    स्कूटर/मोटर साइकिल एजेन्सी (सेल्स सर्विस)                               2000       3000
151    ई-स्कूटर/ई-बाइक/ई-रिक्शा एजेन्सी (सेल्स सर्विस)                           -        2000
       हेल्थ सर्विस बिजनेस-
153    1-हॉस्पिटल/नर्सिंग होम- 20 बेड तक                                       1000       1500
       2-हॉस्पिटल/नर्सिंग होम- 20 से 50 बेड तक                                 2000       3000
        3-हॉस्पिटल/नर्सिंग होम- 50 बेड से अधिक                                   -        7500
       4-पैथोलॉजी/ब्लड टेस्ट सेन्टर                                                       1000
       5-अल्ट्रासाउण्ड/एम0आर0आई0/एक्सरे/ सी0टी0 स्कैन/ई0सी0जी0 इत्यादि                    2000
                                                                                 -
       जाँच केन्द्र
        6-फिजियोथैरेपी सेन्टर                                                    -        1000
       7-आयुष केन्द्र्र/वैकल्पिक चिकित्सा केेन्द्र/योग-ध्यान केन्द्र             -        1200
154    क्लीनिक                                                                   -        1000
155    वेटनरी मेडीकल स्टोर                                                       -         800
156    वेटनरी क्लीनिक                                                            -        1000
157    बालू स्टॉकिस्ट (डम्प) 2000 घन मीटर तक                                   1000       2000
158    बालू स्टॉकिस्ट (डम्प) 2001 घन मीटर से अधिक पर                           2000       3000
159    सीमेन्ट आर्टिकल्स/सीमेन्ट निर्मित लघु- उत्पाद (जैसे-गमला इत्यादि) विक्रय कार्य -   1500
160    इण्टर लॉकिंग ब्रिक विक्रय दुकान                                           -        2500
161     चूरा मशीन                                                                -         500
62 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 3
 1                                       2                                        3          4
                                                                                  रु0       रु0
162     मसाला/दाल पीसने की मशीन                                                   -         500
163    गैस वेल्डिंग/इलेक्ट्रिक वेल्डिंग                                           -         500
164    सिनेमा घर स्थाई (मल्टीस्क्रीन)/मल्टीप्लेक्स                                -        5000
165    सिनेमा घर-अस्थाई                                                           -        1000
166    सीमेन्ट विक्रय की दुकान-छोटी                                               -        1000
167    सीमेन्ट विक्रय की दुकान-बड़ी                                                        2000
168    सीमेन्ट-एजेन्सी                                                            -        3200
169    सरिया विक्रय की दुकान-छोटी                                                 -        1000
170    सरिया विक्रय की दुकान-बड़ी                                                          2000
171    सरिया-एजेन्सी                                                              -        3200
172    सेनेटरी फिटिंग सामान विक्रय-छोटी                                           -        1000
173    सेनेटरी फिटिंग सामान विक्रय-बड़ी                                                    1800
174    बांस, बल्ली, पटरा आदि किराये पर देने का कार्य                              -         800
175    सटरिंग रेण्ट सर्विस                                                        -        2000
176     बेकरी की दुकान (छोटी)                                                     -         800
177    बेकरी की दुकान (बड़ी)                                                      -        1500
178    फास्ट फूड विक्रय                                                           -         800
179    मोबाइल सर्विस कार्य                                                        -         600
180     मोबाइल शॉप सेल एण्ड सर्विस (छोटी)                                         -        1000
181     मोबाइल शॉप सेल एण्ड सर्विस (बड़ी)                                         -        2500
182    भोजनालय (ढ़ाबा)/रेस्टोरेन्ट (छोटा)                                         -         800
183    भोजनालय (ढ़ाबा)/रेस्टोरेन्ट (मध्यम)                                        -        1500
184    भोजनालय (ढ़ाबा)/रेस्टोरेन्ट (बड़ा)                                         -        3000
185    विवाह घर, गेस्ट हाउस व अन्य स्थल-मांगलिक कार्य हेतु-छोटा                   -        2000
186    विवाह घर, गेस्ट हाउस व अन्य स्थल-मांगलिक कार्य हेतु-बड़ा                   -        5000
187     कैटरिंग सर्विस (भोजन पाक सेवा)                                            -        2000
188    इवेन्ट मैनेजमेन्ट सर्विस/फर्म                                              -        3000
189    होटल रूकने की व्यवस्था सहित (10 रूम तक)                                    -        2000
190    होटल रूकने की व्यवस्था सहित(10 रूम से अधिक)                                -        5000
191    वाटर सप्लायर/पैकिंग वाटर पाउच निर्माण कार्य                                -        2000
192      शॉपिंग मॉल/मार्ट संचालक                                                  -        8000
193    डिजिटल लाइब्रेरी/लाइब्रेरी                                                 -        1500
194    कोचिंग सेन्टर-छोटा (20 छात्रों तक)                                         -        1000
195    कोचिंग सेन्टर-बड़ा (20 छात्रों से अधिक)                                    -        3000
भाग 3 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 63
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                                                                                रु0       रु0
196    जिम/फिटनेस सेन्टर-छोटा                                                   -        1000
197    जिम/फिटनेस सेन्टर-बड़ा                                                   -        2000
198    आइसकैंंडी/आइसक्रीम मेकिंग एण्ड सेल                                       -        1500
199    टाइल्स, मार्बल, ग्रेनाइट पत्थर आदि विक्रय की दुकान-छोटी                  -        1000
200    टाइल्स, मार्बल, ग्रेनाइट पत्थर आदि विक्रय की दुकान-बड़ी                  -        2500
201     चश्मा/ऑप्टिकल शॉप                                                       -        1000
202    चश्मा/ऑप्टिकल ब्रान्डेड स्टोर/बड़ी दुकान                                 -        2500
203    कोल्ड्रिंक्स-एजेन्सी                                                     -        3500
204    रियल एस्टेट कम्पनी/प्रोजेक्ट डेवलेपर                                     -        8000
205    टोल टैक्स (टोल टैक्स प्लाजा)                                             -        10000
206    वाटर पार्क/रिसोर्ट/मनोरंजन/थीम पार्क                                     -        10000
207    स्वीमिंग पूल-कामर्शियल                                                   -        2000
208     खोवा/मावा मंडी/बाजार                                                    -        2000
209    ईंट/ब्रिक मंडी/बाजार                                                     -        5000
210     ई-कॉमर्स गोदाम/वेयर हाउस                                                -        8000
211     मेडिकल कालेज (सरकारी छोड़कर)                                            -        10000
212    नर्सिंग/पैरामेडिकल/फार्मेसी आदि समकक्ष संस्थान (सरकारी छोड़कर)           -        5000
213    इंजीनियरिंग कालेज व अन्य समकक्ष कालेज एव संस्थान (सरकारी छोड़कर)         -        8000
214     आई0टी0आई0/पॉलिटेक्निक एवं अन्य समकक्ष व्यावसायिक संस्थान (सरकारी        -
                                                                                         5000
        छोड़कर)
215    स्कूल/शिक्षण संस्थान कक्षा-01 से 08 तक (250 छात्रों तक) (सरकारी छोड़कर)  -        2000
216    स्कूल/शिक्षण संस्थान कक्षा-01 से 08 तक (250 अधिक छात्रों तक) (सरकारी
                                                                                -        3000
        छोड़कर)
217    स्कूल/शिक्षण संस्थान/कालेज कक्षा-01 से 12 तक (सरकारी छोड़कर)             -        4000
218    स्कूल/शिक्षण संस्थान/कालेज कक्षा-06 से 12 तक (सरकारी छोड़कर)             -        4000
219    महाविद्यालय (स्नातक/परास्नातक) (सरकारी छोड़कर)                           -        5000
220    इलेक्ट्रिक/डीजल झूला
221    मैनुअल झूला व अन्य झूला
222    भांग बिक्री की दुकान
223     शराब बिक्री की दुकान (देशी)
224      शराब बिक्री की दुकान (विदेशी शराब एवं बीयर)
225      शराब बिक्री की दुकान (विदेशी शराब)
226     शराब बिक्री की दुकान (बीयर)
227    वाईन एवं बीयर बार/पब/क्लब
228    दोना/पत्तल/गिलास इत्यादि बनाने का कार्य

11 घ

-       5000
-       1000
-       2000
-       3000
        5000
-       3000
        3000
-       7500
-       2000
64 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 3
  1                                        2                                         3          4
                                                                                    रु0         रु0
 229    दोना/पत्तल/गिलास इत्यादि विक्रय                                              -         800
 230    इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन                                              -        2000
 231    पेट्रोल पम्प/डीजल पम्प                                                     2000       5000
 232    गैस एजेन्सी/गैस गोदाम                                                        -        5000
 233    सी0एन0जी पम्प                                                                -        5000
 234    सम्मिलित डीजल, पेट्रोल, सी0एन0जी पम्प                                        -        8000
 235    सम्मिलित डीजल, पेट्रोल, सी0एन0जी पम्प एवं इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन    -        10000
 236    ब्राण्डेड ज्वैलरी शोरूम                                                      -        10000
 237    नमकीन बनाने का कार्य/बिक्री                                                  -        1000
 238     सभी प्रकार की गाड़ियों की धुलाई सेन्टर-मैनुअल                               -         700
 239     सभी प्रकार की गाड़ियों की धुलाई सेन्टर-हाइड्रोलिक                           -        1200
 240    गैस चूल्हा/प्रेशर कुकर इत्यादि विक्रय                                        -        1000
 241    गैस चूल्हा/प्रेशर कुकर इत्यादि मरम्मत                                        -         500
 242    अन्य छोटे व्यवसाय जो उपरोक्त सूची में सम्मिलित नहीं है।                     200       1000
 243    अन्य मध्यम श्रेणी व्यवसाय जो उपरोक्त सूची में सम्मिलित नहीं है।              -        2000
 244    अन्य बडे़ व्यवसाय जो उपरोक्त सूची में सम्मिलित नहीं है।                      -        5000
नोट-    उपविधि  संख्या-07/एल0बी0ए0-उपविधि-जि0पं0चित्रकूट-2005-2006,  दिनांक  10  अक्टूबर,  2005  के  अन्य
      प्रावधान यथावत्‌ बने रहेंगें।

दण्ड

उत्तर प्रदेश क्षेत्र/जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 240 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत, चित्रकूट उत्तर प्रदेश यह निर्देश देती है कि जो भी व्यक्ति, संस्था उपरोक्त उपविधियों में से किसी भी उपविधि का उल्लंघन करेगा उसे न्यायालय से दोष सिद्ध हो जाने पर दण्ड दिया जायेगा, जो 1000 (एक हजार रूपये) तक हो सकेगा और जब तक ऐसा उल्लंघन जारी रहे तो अतिरिक्त अर्थदण्ड से दण्डित किया जायेगा, जो प्रथम दोष सिद्ध होने के पश्चात प्रत्येक दिन के लिए जिसमें अपराधी अपराध करता रहा है 50 (पचास रूपये) प्रतिदिन तक हो सकेगा अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर कारावास का दण्ड दिया जायेगा जो 03 माह होगा।

(ह0) अस्पष्ट, आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा।

पी0एस0यू0पी0-2 हिन्दी गजट-भाग 3-2026 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 11 अप्रैल, 2026 ई० (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌)

भाग-4

निदेशक, शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश

कार्यालय, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज

विज्ञप्ति

04 नवम्बर, 2025 ई0

सं0 मा0शि0प0/परिषद्‌-9/889-सर्वसाधारण की जानकारी हेतु विज्ञापित एवं प्रसारित है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌ उत्तर प्रदेश द्वारा शैक्षिक सत्र 2025-26 (परीक्षा वर्ष 2026) की हाईस्कूल (कक्षा 9 व 10) हेतु निम्नवत्‌ पाठ्‌यक्रम निर्धारण किया जाता है।

विषय-हिन्दी

कक्षा-9

नोट :- इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी एवं 30 अंक आन्तरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित है।

खण्ड-अ अंक-20 बहुविकल्पीय प्रश्न

1.      हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग)                     3×1=3
2.      हिन्दी पद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (आदिकाल, भक्तिकाल)                                3×1=3
3.      सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम-                                                         2×1=2
        (सड़क सुरक्षा में केवल ज्ञानात्मक एवं बोधात्मक आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जायेगें)।
4.      काव्य सौन्दर्य के तत्व                                                                    3×1=3
         रस- श्रृंगार एवं वीर (परिभाषा, उदाहरण एवं पहचान)

3 ड़4 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 छन्द- चौपाई एवं दोहा (लक्षण एवं उदाहरण)े

शब्दालंकार- अनुप्रास, यमक, श्लेश (परिभाषा, उदाहरण एवं पहचान) 5. हिन्दी व्याकरण तथा शब्द रचना 5×1=5 वर्तनी तथा विराम चिह्‌न

शब्द रचना-तद्‌भव, तत्सम, विलोम, पर्यायवाची

समास- अव्ययीभाव, तत्पुरुष

6. संस्कृत व्याकरण- 4×1=4 सन्धि-गुण, दीर्घ

शब्दरूप-राम, हरि, भानु, अस्मद्‌।

धातुरूप-गम्‌, भू, कृ, (लट्‌, लोट, विधिलिंग, लङ तथा लृटलकार)

खण्ड-ब पूर्णांक-50

(वर्णनात्मक प्रश्न)

1.      गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न                             3×2=6
2.      काव्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न                            3×2=6
3.      संस्कृत हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से
   (क)  गद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद                                                            13=4
   (ख) पद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद                                                             13=4
4.      निर्धारित एकांकी से कथानक, चरित्र-चित्रण एवं तथ्याधारित प्रश्न                              5×1=5
5.       निर्धारित पाठ के लेखकों एवं कवियों का जीवन परिचय एवं रचनाएं                                  44=8
6.      पाठ्‌यवस्तु से एक श्लोक जो प्रश्नपत्र में न आया हो                                          2×1=2
7.      संस्कृत के निर्धारित पाठों पर आधारित दो प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर                        22=4
8.      मुहावरे एवं लोकोक्तियां- अर्थ एवं वाक्य प्रयोग                                              2×1=2
9.      हिन्दी के दो सरल वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद                                               22=4
10.     पत्र लेखन (प्रार्थना पत्र)                                                                  5×1=5

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

अंक 30

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 5

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(गद्य)

पाठ लेखक

बात प्रताप नारायण मिश्र स्मृति श्रीराम शर्मा

ठेले पर हिमालय धर्मवीर भारती

मंत्र प्रेमचन्द

गुरूनानक देव हजारी प्रसाद द्विवेदी गिल्लू महादेवी वर्मा

निष्ठामूर्ति कस्तूरबा काका कालेलकर तोता- रवीन्द्र नाथ टैगोर सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(काव्य)

कबीर साखी

मीराबाई पदावली

रहीम दोहा

जयशंकर प्रसाद पुनर्मिलन

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र प्रेम माधुरी

सूर्यकान्त त्रिपाठी ''निराला'' दान

मैथिलीशरण गुप्त पंचवटी

हरिवंश राय बच्चन पथ की पहचान संत रैदास प्रभु जी तुम चन्दन हम पानी नागार्जुन बादल को घिरते देखा सोहन लाल द्विवेदी उन्हें प्रणाम

केदार नाथ अग्रवाल अच्छा होता

शिव मंगल सिंह सुमन युगवाणी

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(संस्कृत)

वन्दना, पुरुषोत्तमः रामः, सुभाषितानि, परमहंस-रामकृष्ण, कृष्णः गोपाल नन्दनः, सदाचारः सिद्धिमन्त्रः।

निर्धारित एकांकी-

दीपदान राम कुमार वर्मा

लक्ष्मी का स्वागत उपेन्द्र नाथ ''अश्क''

व्यवहार सेठ गोविन्द दास

सीमा रेखा विष्णु प्रभाकर

नये मेहमान उदय शंकर भट्‌ट6 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-प्रारम्भिक हिन्दी

(अनिवार्य हिन्दी से छूट पाने वाले विद्यार्थियों के लिए)

कक्षा-9

नोट :- इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी एवं 30 अंक आन्तरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित है।

खण्ड-अ अंक-20 बहुविकल्पीय प्रश्न

1. हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (भारतेन्दु युग, द्विवेदी युग) 3×1=3 2. हिन्दी पद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (आदिकाल, भक्तिकाल) 3×1=3

(सड़क सुरक्षा में केवल ज्ञानात्मक एवं बोधात्मक आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जायेगें)।

4. काव्य सौन्दर्य के तत्व- 3×1=3 रस-श्रृंगार एवं वीर (परिभाषा, एवं उदाहरण)

छन्द-चौपाई एवं दोहा (परिभाषा, एवं उदाहरण)

अलंकार- अनुप्रास, यमक, श्लेश (परिभाषा, एवं उदाहरण) 5. हिन्दी व्याकरण तथा शब्द रचना- 5×1=5 वर्तनी तथा विराम चिह्‌न

शब्द रचना-तद्‌भव, तत्सम, विलोम, पर्यायवाची

समास-अव्ययीभाव, तत्पुरुष - संस्कृत व्याकरण- 4×1=4 सन्धि-गुण, दीर्घ

शब्दरूप-राम, हरि, भानु, अस्मद्‌

धातुरूप-गम्‌, भू, कृ, (लट्‌, लोट, विधिलिंग, लङ तथा लृटलकार)

खण्ड-ब अंक-50

(वर्णनात्मक प्रश्न)

1.      गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न                             3×2=6
2.      काव्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न                            3×2=6
3.      संस्कृत हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से
   (क)  गद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद                                                            13=4
   (ख) पद्यांश-संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद                                                             13=4
4.      निर्धारित एकांकी से कथानक, चरित्र-चित्रण एवं तथ्याधारित प्रश्न                              5×1=5
5.       निर्धारित पाठ के लेखकों एवं कवियों का जीवन परिचय एवं रचनाएं                                 44=8
6.      पाठ्‌यवस्तु से एक श्लोक जो प्रश्नपत्र में न आया हो                                          2×1=2
7.      संस्कृत के निर्धारित पाठों पर आधारित दो प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर                        22=4
8.      मुहावरे एवं लोकोक्तियां- अर्थ एवं वाक्य प्रयोग                                              2×1=2
9.      हिन्दी के दो सरल वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद                                               22=4
10.     पत्र लेखन (प्रार्थना पत्र)                                                                  5×1=5
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 7

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन-

अंक 30

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(गद्य)

पाठ बात

लेखक प्रताप नारायण मिश्र

मंत्र

प्रेमचन्द

गुरूनानक देव हजारी प्रसाद द्विवेदी

गिल्लू महादेवी वर्मा

निष्ठामूर्ति कस्तूरबा काका कालेलकर

तोता-

रवीन्द्र नाथ टैगोर

सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(काव्य) कबीर साखी

मीराबाई पदावली

रहीम दोहा

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र प्रेम माधुरी

मैथिलीशरण गुप्त पंचवटी

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-(संस्कृत)

वन्दना, पुरुषोत्तमः रामः, सुभाषितानि, परमहंस-रामकृष्ण, कृष्णगोपालः नन्दनः, सिद्धिमन्त्र, सदाचारः।

निर्धारित एकांकी- दीपदान राम कुमार वर्मा

लक्ष्मी का स्वागत उपेन्द्र नाथ ''अश्क''

व्यवहार सेठ गोविन्द दास

सीमा रेखा विष्णु प्रभाकर

नये मेहमान उदय शंकर भट्‌ट8 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 Class –IX Syllabus–English There will be one question paper of 70 marks. Internal Assessment will be contucted at school level for 30 marks. Reading

1. One short unseen passage followed by three MCQs. 2. One unseen passage followed by three very short answer type questions.

And one vocabulary based question

Writing Skills

10 marks 3x1=3 3x2=6 1 10 marks 4 3. Letter (formal/informal)/Application. 4. Descriptive paragraph/Report/ Article (based on given verbal/figurative input) in about 80-100 words.

6 Grammar

15 marks 5. Five MCQs based on parts of speech, tenses, articles, reordering of sentences, spellings. 5x1=5 6. Three very short answer type questions based on narration, voice, punctuation. 3x2=6 7. Translation of a short passage from Hindi to English. 4 35 marks Literature Beehive (23 marks) Prose (15 marks)

8. Two MCQs based on the given extract. 9. Three MCQs based on lessons. 10. Two short answer type questions in about 30-40 words each. 11. One long answer type question in about 60 words.

2x1=2 3x1=3 2x3=6 4 Poetry (08 marks)

12. Two MCQs based on the given extract. 13. One short answer type question based on poetry lessons in about 30-40 words .

2x1=2 3

or

Four lines from any poem prescribed in the syllabus.

14. Central idea of the given poem.

3 Moments (12 marks)

15. Five MCQs based on prescribed lessons. 16. One short answer type question in about 30-40 words. 17. One long answer type question in about 60 words.

5x1=5 3 4 Prescribed books and Lessons Beehive (Text Book) Prose –

       1.   The Fun They Had –                             Isaac Asimov
       2.   The Sound of Music
               I. Evelyn Glennine –                        Deborah Cowley
               II. Bismillah Khan
       3.   The Little Girl –                              Katherine Mansfield
       4.   A Truly Beautiful Mind
       5.   The Snake and the Mirror                        Vaikom Muhammad Basheer
       6.   My Childhood –                                 A.P.J. Abdul Kalam
       7.   Reach for the Top
              (I) Santosh Yadav
              (II) Maria Sharapova
       8.   Kathmandu –                                    Vikram Seth
       9.   If I were you –                                Douglas James
Poetry –
1.     The Road Not Taken –                                Robert Frost
2.     Wind –                                              Subramania Bharati
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 9
3.     Rain on the Roof –                                  Coates Kinney
4.     The Lake Isle of Innisfree –                        William Butler Yeats
5.     A Legend of the Northland –                         Phoebe Cary
6.     No Men Are Foreign –                                James Kirkup
7.     On Killing a Tree –                                 Gieve Patel
8.     A Slumber Did My Spirit Seal –                      William Wordsworth
Moments (Supplementary Reader) –
1.     The Lost Child –                                    Mulk Raj Anand
2.     The Adventures of Toto –                            Ruskin Bond
3.     Iswaran the Storyteller –                           R.K. Laxman
4.     In the Kingdom of Fools –                           A.K. Ramanujan
5.     The Happy Prince –                                  Oscar Wilde
6.     Weathering the Storm in Ersama-                     Harsh Mander
7.     The Last Leaf –                                     O Henry
8.     A House is not a Home –                             Zan Gaudioso
9.     The Beggar –                                        Anton Chekhov
Words & Expression [Eng. Work book]

For the Academic Session 2025-26

The internal assessment should be conducted as follows:- 1. First Internal Assessment (Oral Expression Based) August 10 Marks 2. Second Internal Assessment(Creative Writing Based) December 10 Marks 10 Marks Four Monthly Tests-

1. First Monthly Test (MCQs Based) May 2. Second Monthly Test (Descriptive Questions Based) July 3. Third Monthly Test (MCQs Based) November 4. Fourth Monthly Test (Descriptive Questions Based) December The Sum of the marks obtained in all the four monthly tests should be converted into 10 Marks.

विषय-संस्कृत

(कक्षा-9)

एक प्रश्न-पत्र 70 अंकों का तथा समय 03 घण्टे होगा।

इस विषय में 70 अंकों की लिखित परीक्षा होगी तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा-

खण्ड 'क' (गद्य, पद्य तथा आशुपाठ)

(35 अंक)

गद्य

1-गद्यांश का हिन्दी में अनुवाद

11 अंक 4 अंक 2-पाठ सारांश (अधिकतम 80 शब्द)

4 अंक

3-बहुविकल्पीय प्रश्न 1x3=3 अंक पद्य

1-श्लोक की हिन्दी में व्याख्या

15 अंक 4 अंक 2-सूक्ति की हिन्दी में व्याख्या

3 अंक 3-श्लोक का संस्कृत में अर्थ

4 अंक

4-बहुविकल्पीय प्रश्न

1x4=4 अंक आशुपाठ-

1-पात्रों का चरित्र-चित्रण (हिन्दी में)

9 अंक 6 अंक

2-बहुविकल्पीय प्रश्न

1x3=3 अंक10 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड 'ख' (व्याकरण, अनुवाद, रचना)

(35 अंक)

व्याकरण-

1-माहेश्वर सूत्र एवं वर्णों का उच्चारण स्थान

2-सन्धि--स्वर एवं व्यंजन सन्धियों का परिचय।

3-शब्द रूप

3 अंक

3 अंक

03 अंक

4-धातुरूप- 03 अंक

5-समास—समास की सामान्य परिभाषा एवं विग्रह सहित उदाहरण-

6-कारक-समस्त कारकों एवं विभक्तियों का सामान्य परिचय।

03 अंक

03 अंक

7-उपसर्ग का सामान्य परिचय। 02 अंक

अनुवाद-

हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद।

06 अंक

रचना-

1-पत्रलेखन।

2-संस्कृत शब्दों का संस्कृत वाक्यों में प्रयोग।

05 अंक

04 अंक

निर्धारित पाठ्‌य पुस्तकें- निम्नलिखित पाठ्‌य-पुस्तकों के सम्मुख अंकित पाठ्‌यवस्तु (माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌ द्वारा निर्धारित अंश/पाठ का अध्ययन करना होगा) संस्कृत गद्य भारती- संस्कृत गद्य साहित्य का विकास माङ्‌गलिकम्‌। 1-अस्माकं राष्ट्रियप्रतीकानि। 2-आदिकविः वाल्मीकिः। 3-बन्धुत्वस्य सन्देष्टा रविदासः। 4-आजादः चन्द्रशेखरः। 5-भारतवर्षम्‌। 6-परमवीरः अब्दुलहमीदः। 7-पुण्यसलिला गङ्‌गा। 8-पर्यावरणशुद्धिः। 9-अन्तरिक्षं विज्ञानम्‌। 10-भारतीय संविधानस्य निर्माता डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकरः। संस्कृत पद्य पीयूषम्‌- मंगलाचरणम्‌। 1-रामस्य पितृभक्तिः। 2-सुभाषितानि। 3-अन्योक्ति-मौक्तिकानि। 4-भारतदेशः। 5-नारी-महिमा। 6-क्रिंयाकारक-कुतूहलम्‌। 7-नीतिनवनीतम्‌। 8-यक्षयुधिष्ठिर संलापः। 9-आरोग्य साधनानि।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 11

परिशिष्ट (टिप्पणी एवं पाठ सारांश)

संस्कृत कथा नाटक कौमुदी-

1-गार्गीयाज्ञवल्क्यसंवादः। 2-वत्सराजनिग्रहः। 3-न गङ्‌गदत्तः पुनरेति कूपम्‌। 4-शकुन्तलायाः पतिगृहगमनम्‌।

व्याकरण- 1-माहेश्वर सूत्रों के आधार पर स्वर एवं व्यंजन का सामान्य ज्ञान तथा स्वर एवं व्यंजन का सामान्य परिचय। 2-संधि-

1-स्वर संधि- अकःसवर्णे दीर्घः, आद्‌गुणः, वृद्धिरेचि, इकोयणचि, एचोsयवायावः।

2-व्यंजन संधि- स्तोः श्चुना श्चुः, श्टुनाश्टुः, झलां जशोsन्ते।

3-शब्द रूप-

पुंलिङ्‌ग-राम, हरि, गुरु। स्त्रीलिङ्‌ग-रमा, मति, वाच्‌। सर्वनाम-सर्व, तद्‌, युश्मद्‌, अस्मद्‌। 1 से 10 तक के संख्या शब्दों का ज्ञान।

4-धातुरूप- (लट्‌, लृट्‌, लोट्‌, लङ्‌, तथा विधिलिङ्‌ लकारो में)- परस्मैपद-पठ्‌, गम्‌, अस्‌, शक्‌, प्रच्छ्‌। आत्मनेपद- लभ्‌। उभयपद- याच्‌, ग्रह्‌, कथ्‌।

5-समास—समास की सामान्य परिभाषा एवं विग्रह सहित उदाहरण- तत्पुरुष, कर्मधारय, द्वन्द्व। 6-कारक-समस्त कारकों एवं विभक्तियों का सामान्य परिचय। 7-उपसर्ग का सामान्य परिचय।

8-अनुवाद- हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद।

रचना- 1-पत्रलेखन। 2-संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग।

आन्तरिक मूल्यांकन- अंक 30 शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन- 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

4 ड़12 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 कक्षा-9 विषय-उर्दू उर्दू विषय में 70 अंक का लिखित प्रश्न-पत्र होगा तथा 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

उर्दू विषय में 70 अंक का एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा।

खण्ड (अ) पूर्णांक-35

1-व्याकरण और प्रयोग

9 अंक

व्याकरण के केवल उसी तत्व पर बल दिया जायेगा जो भाषा के प्रयोगात्मक ज्ञान और उसके सम्भाषण एवं लेखन में प्रयोग हो। व्याकरण का अध्ययन एक विषय के रूप में अनिवार्य नहीं है परन्तु छात्रों को कक्षा में पाठों को पढ़ाते समय भाषा में व्याकरण के महत्व तथा उसके सही प्रयोग का ज्ञान साथ ही छात्रों को इसके अनुवाद तथा उसके संगठन का सही अध्ययन कराना चाहिए।

2- पद्य 9 अंक

(गजल, मसनवी, रूबाई)

3- रचना

(अ) निबन्ध लेखन (सामान्य रुचि के विषयों पर) 5 अंक (ब) पत्र लेखन (व्यक्तिगत और आवेदन-पत्र 150 शब्दों तक।) 5 अंक 4- अपठित ज्ञान (150 शब्द) 7 अंक

खण्ड (ब) पूर्णांक-35 1- गद्य 14 अंक (1) मीर अम्मन-सैर चौथे दरवेश की

(2) गालिब (खुतूत) (1) मिर्जा अलाउद्‌दीन अहमद खान अलाई के नाम

(2) मीर मेंहदी मजरूह के नाम

(3) मुंशी हरगोपाल तफता के नाम

(3) सर सैयद अहमद खान-बहस-ओ तकरार

(4) मुहम्मद हुसैन आजाद (1) मिर्जा मजहर जाने जानाँ

(2) सैयद मुहम्मद मीर सोज

(5) डिप्टी नजीर अहमद- फहमीदा और बड़ी बेटी नईमा की लड़ाई

(6) अलताफ हुसैन हाली- मिर्जा गालिब के हालात

(7) रतन नाथ सरशार- (1) मेहरी का सरापा

(2) रेल का सफर

(ब) निर्धारित गद्य पुस्तक के लेखकों की जीवनी तथा साहित्य में उनके योगदान के बारे में ज्ञान। 4 अंक 2-पद्य

गजलः-

1-वली दकिनी- आज दिस्ता है हाल कुछ का कुछ

2-सौदा-जो गुजरी मुझ पे मत उस से कहो, हुआ सो हुआ

3-मीर तकी मीर-(1) उल्टी हो गई सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया

(2) हस्ती अपनी हबाब की सी है

4-दर्द (1) जी में है सैरे अदम कीजिएगा

(2) तू अपने दिल से गैर की उलफत न खो सका

5-आतिश- बदन सा शहर नहीं दिल सा बादशाह नहींभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 13 6-ज़ौक़-उसे हमने बहुत ढूढाँ न पाया

7-गालिब-(1) यह न थी हमारी किस्मत कि विसाले यार होता

(2) हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले

8-मोमिन-वोह जो हममे तुममे करार था तुम्हें याद हो कि न याद हो

9-दाग- खातिर से या लिहाज से मै मान तो गया

मसनवी-मीर हसन

रूबाई-मीर अनीस व हाली

(ब) निर्धारित पद्य पुस्तक के कवियों की जीवनी तथा साहित्य में उनके योगदान के बारे में ज्ञान। 5 अंक

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)  अगस्त माह                    10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)    दिसम्बर माह                  10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गुजराती

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्नपत्र तीन घंटे का होगा। 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण (क) शब्द भेद की पहचान (ख) शब्द का पर्याय एवं विपरीत अर्थ (ग) सन्धि 2-रचना- (अ) दिये हुये विषय पर एक वाक्य खण्ड का लेखन

15 05 05 05 15 10 या

05 05 दिये हुये बिन्दुओं से एक कहानी निरूपित करना (ब) पत्र लेखन (व्यक्तिगत) 3-अपठित गद्य खंड का ज्ञान (विवरणात्मक और वर्णनात्मक)

भाग (ब) 35 अंक

15 10 10 1-गद्य (पाठ्‌य पुस्तक पर आधारित लघु प्रश्न) 2-पद्य सन्दर्भ सहित (व्याख्या तथा कविता का भाव) 3-सहायक पुस्तक (स्वाध्ययन) (सामान्य प्रकार के प्रश्न पूछे जायेंगे)

निर्धारित पुस्तक 1-गुजराती वाचन माला स्टैन्डर्ड 9, 1992 संस्करण, प्रकाशक-गुजराती राज्यशाला पाठ्‌य-पुस्तक मण्डल, पुराना विधान सभा गृह, सेक्टर 17, गांधीनगर, गुजरात।

14 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

गद्य-निम्नांकित पाठ पढ़ने होंगे- पाठ संख्या- 2-कुण्डी-जी0 ब्रेकर 4-सुवर्मापूनों अतिथि-जी0 त्रिपाठी 6-आवा रे आमे आवा-बकुले त्रिवेदी 10-प्रिटोरिया जतन-गांधी जी 14-वचन-मणी लाल द्विवेदी 16-स्वर्ग अने पृथ्वी-स्नेही रश्मी 18-नाना भाई-दर्शक 22-अखा न उन्डन-आर0 बी0 देसाई 23-खातू दोषी-दिलीप रनपुरा 25-अविराम में युद्ध-धूमकेतु पद्य-निम्नांकित पाठ पढ़ने होंगे- 1-प्रथम परनाम मोरा-आर0 बी0 पाठक 5-नानुन सरमुख गोकालियम-नारिन्हा मेहता 7-अटारिया-बाल मुकुन्द देव 9-बंशीवाला/आणों मारा देश-मीराबाई 15-बनो फोटोग्राफ-सुन्दरम्‌ 19-यारी बाला-हरिन्द दूबे 31-दुही मुकतक हैकू-दलपत राम इत्यादि सहायक पुस्तक (स्वाध्ययन) 4-आबू चाचा (गद्य)-माधव रामानुज 11-धुवांधार (गद्य)-काका कालेलकर 12-स्वतंत्रता (पद्य)-हशित बच

आन्तरिक मूल्यांकन अंक 30 शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पंजाबी

कक्षा-9

इसमें 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा। 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

भाग (एक)

पद्य पाठ-

पूर्णांक 35 अंक

20 अंक

1-प्रसंग-अर्थ एवं भाव अर्थ 2-कविता का सारांश 3-किसी कवि से सम्बन्धित प्रश्नभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 15

गद्य पाठ-

15 अंक

1-कहानी, एकांकी, जीवनी, सफरनामा, निबन्ध

2-विषय वस्तु प्रश्न

भाग (दो) 35 अंक

व्याकरण-

03 1-मुहावरे और लोकोक्तियां 02 2-शुद्ध-अशुद्ध 03 3-वाक दण्ड 03 4-समानार्थक शब्द 02 5-विलोम शब्द 02 6-विराम चिन्ह 04 7-अनुवाद-(क) हिन्दी से पंजाबी 04 (ख) पंजाबी से हिन्दी 08 8-निबन्ध प्रचलित विषयों पर 9-पत्र लेखन (व्यक्तिगत-पत्र, आवेदन-पत्र एवं प्रार्थना-पत्र) 04 निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तकें-

1-गद्य-पद्य (भाग-एक) गुरूवचन सिंह 2-कहानी (एकांकी) हरिसरण कौर 3-पंजाबी व्याकरण लेख रचना ज्ञानी लाल सिंह

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-बंगला

कक्षा-9

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

भाग ''अ'' 35 अंक

व्याकरण- (1) बंगला भाषा का स्पष्ट उच्चारण-स्वर एवं उसके प्रकार

मुख्य शब्दों के भेद- स्वर सन्धि- समास (तत्पुरुष, द्वन्द्व और द्विगु)-

4 अंक 4 अंक 4 अंक 6 अंक 5 अंक प्रत्यय, मुहावरे तथा लोकोक्ति- सरल वाक्य परिवर्तन (स्वीकारात्मक, नकारात्मक, प्रश्नवाचक, आश्चर्य बोधक वाक्य)- 5 अंक (2) रचना

(1) विभिन्न प्रकार के पत्र लेखन (औपचारिक तथा अनौपचारिक)- (2) विचारों का संक्षिप्तीकरण अथवा विस्तार-

4 अंक 3 अंक16 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 भाग ''ब'' 35 अंक

1-गद्य (विस्तृत अध्ययन)

(क) पठित खण्ड पर सामान्य प्रश्न- (ख) दिये गये खण्ड की व्याख्या- (ग) संक्षिप्त विवरण (उद्‌देश्य एवं लाक्षणिक और भाव के संदर्भ में)-

5 अंक 5 अंक 3 अंक निर्धारित पुस्तकें-पाठ संकलन (गद्य भाग केवल) संस्करण सन्‌ 1987 प्रकाशक बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन वेस्ट बंगाल कलकत्ता

निम्नलिखित पाठ पढ़ने होगें (i) भरत और दुष्यन्त मिलन (ii) पालमोर पथे (iii) राज सिंह और मानिक लाल (iv) विद्या सागर (v) पल्ली समाज (vi) अपुर कल्पना (vii) यात्रा पथे (viii) भारत वर्तमान और भविष्य

2-उपन्यास

5 अंक 5 अंक 2 अंक अम अन्तीर भेपू-विभूतिभूषण बनर्जी, बनर्जी प्रकाशन सिंगनेटा प्रेस पाप एक बालपुर कलकत्ता-23 (क) सामान्य प्रश्न- व्याख्या- संक्षिप्त विवरण- जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा एवं टै्रफिक रूल्स की जानकारी हेतु प्रश्न निबन्ध रूप में पूछे जायेंगे।

3- पद्य

(1) रामेर विलाप (2) दिनादिन (3) छात्र दलेर गान (4) भोरई (5) छात्र धारा (6) नकसी कोथार माठ (7) लोहार व्यथा सार संक्षेप और प्रश्न-

व्याख्या- 5 अंक तथा संक्षिप्त विवरण

3+2=5 अंक निर्धारित पुस्तकें-पाठ संकलन (पद्य भाग केवल)- 1987 संस्करण बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन पश्चिम बंगाल कलकत्ता द्वारा प्रकाशित। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 17

विषय-मराठी

कक्षा-9

केवल प्रश्न-पत्र

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण-

(क) शब्द भेद का ज्ञान। (ख) पर्यायवाची तथा विपरीतार्थक

2-रचना-

15 अंक

15 अंक

15 अंक

(क) सामान्य विषयों पर पैराग्राफ लेखन (ख) सामान्य विषयों पर पत्र-लेखन

3-अपठित गद्य खण्ड का ज्ञान-

भाग-(ब)

05 अंक

35 अंक

1-गद्य-

15 अंक

(क) पाठ्‌य-पुस्तक पर आधारित संक्षिप्त प्रश्न (ख) व्याख्या

निर्धारित पुस्तकें

कुमार भारती-1994

एन0एस0 फड़के

पी0के0 अत्रे

निम्नलिखित पाठों का अध्ययन करना होगा- पाठ लेखक का नाम (2) सेती साथी पानी महात्मा फूले (4) कालेकेश (5) एक अपूर्ण संध्या एन0बी0 गाडगिल (6) एक एकचावेद (9) निरवार कुसुमावती देष पाण्डेय (11) कर्मवीररांच्या अठवानी पी0जी0 पाटिल (13) मषी वेडमेनटेन्ची साधना नन्दू नाटेकर (14) बंगाला (17) सौर ऊर्जा

प्रकाश मोरे निरन्जन घाटे

2-पद्य-

10 अंक

(क) सन्दर्भ व्याख्या (ख) पद्य का भाव

पाठ्‌य पुस्तक

भारतीय (1994) में से निम्नलिखित कविताओं का अध्ययन करना है- पाठ कवि का नाम 1-नमंदेवानची अभंगवानी नामदेव 4-तुकारामची अभंग तुकाराम 5-षक्ति गौरव रामदास 8-वात चक्र केशव सूत 9-निजाल्या तीन हावरी बी0 आर0 ताम्बे दत्ता 10-प्रतिभाविहंग

(निर्धारित कहानी में से पांच लघु उत्तरीय प्रश्न का उत्तर) निम्नलिखित कहानी का अध्ययन करना है- कहानी कवि का नाम 7-जिस्यातिल जुन्जा दामू धोत्रे 15-धूने आर0 आर0 बोराउ 16-संतराची प्रति सरकार कुमार केतकर18 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तक गद्य, पद्य और कहानियां

कुमार भारती (कक्षा 9 के लिए) 1994 संस्करण

प्रकाशक-महाराष्ट्र स्टेट सेकेन्डरी एजूकेशन बोर्ड, पुणे।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन निम्नवत्‌ कराये जाने की संस्तुति की जाती हैः-

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-असमी

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन

विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण-

15 अंक

(क) मुख्य शब्द भेद (ख) वाक्य संरचना में प्रयुक्त अशुद्धियों को चिन्हित करना (ग) लोकोक्तियों एवं मुहावरों का प्रयोग (घ) विराम चिन्हों का प्रयोग

2-रचना-

(क) सामान्य विषयों पर निबन्ध लेखन (ख) सामान्य विषयों पर पत्र लेखन

20 अंक 12 8 संदर्भ पुस्तक-

1-वहल व्याकरण-ले0 सत्यनाथ वोरा, बरूआ एजेंसी गुवाहाटी 78100 2-असमियां भाषा बीदिका-ले0 प्रियदास तालुकदार, प्रकाशक-एल0बी0एस0 प्रकाशन, अम्बारी गुवाहाटी-78100 3-असमियां रचना विधि-ले0 प्रधानाचार्य गिरधर शर्मा, प्राप्ति स्थान, आसाम बुक डिपो गुवाहाटी

1-पद्य-

भाग (ब) 35 अंक

15 अंक

6

9

(क) निर्धारित खण्ड की व्याख्या (ख) निर्धारित पुस्तक से सामान्य प्रश्न

गद्य एवं पद्य के लिए निर्धारित पुस्तक

माध्यमिक साहित्य चयन, प्रकाशक आसाम स्टेट टेक्स्ट बुक, प्रोडक्शन एण्ड पब्लिकेशन लिमिटेड, गुवाहाटी 78002।

निम्नलिखित पद्य का अध्ययन करना होगा-

1-ककुती 2-बाबाजुग 3-मंगलारगीत 4-जिकिट अख्जारी

2-गद्य-

15 अंक

3-पठित खण्ड से सामान्य प्रश्न

6 1-पठित खण्ड की व्याख्या 2-संक्षिप्त विवरण (निर्धारित पुस्तक से पौराणिक, ऐतिहासिक, लाक्षणिक, तकनीकी या भावात्मक संदर्भ में)। 3 6भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 19 निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा- 1-भोकेन्द्र बरूआ 2-वैज्ञानिक दृष्टिभगी और जन संयोग 3-आसामारा जानाखातिर गढ़ानी और संस्कृति 4-गौरव 3-अविस्तृत अध्ययन-

5 अंक

निर्धारित पुस्तकें पारिजात हरन खौर चीरधरा, पिम्पारा गोछवां नट द्वारा संकलित श्री जोगेश दास (लायर्स बुक स्टोर, गुवाहाटी)। केवल पारिजान हरन द्वारा श्री शंकर देव का अध्ययन किया जाना है।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन निम्नवत्‌ कराये जाने की संस्तुति की जाती हैः- 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-उड़िया

पूर्णांक-70 इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। कक्षा-9

1-व्याकरण

2-रचना

भाग-क 35 अंक 20 अंक (क) उड़िया भाषा का स्पष्ट उच्चारण स्वर और वर्गीकरण। 07 अंक (ख) मुख्य शब्द भेद (स्वर, संधि, समास, द्वन्द्व और द्विगु) 07 अंक (ग) वाक्य परिवर्तन (स्वीकारात्मक, नकारात्मक, प्रश्नवाचक) 06 अंक 15 अंक 8 अंक 7 अंक (क) पत्र लेखन-(औपचारिक एवं अनौपचारिक) (ख) अपठित गद्यांश

भाग-ख पूर्णांक-35

गद्य-विस्तृत अध्ययन हेतु

18 अंक 06 अंक (क) पाठ्‌य पुस्तक पर आधारित सामान्य प्रश्न 06 अंक (ख) पठित खण्ड की व्याख्या (ग) संक्षिप्त विवरण-(उद्‌देश्य, लाक्षणिक, तकनीकी एवं भाव संदर्भ में) 06 अंक निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा- 1-जातीय जीवन 2-शिख्या ओ शासन 3-बामनर हात ओ आकाशार चन्द्र 5-प्रकृत बन्धु 6-ओड़िया साहित्य कथा 7-समुह दृष्टि

06 अंक

निम्नलिखित सहायक पुस्तकों में पठित अंश (गल्फों एवं एकांकी का) पाठों का अध्ययन करना होगा। 1-बुढ़ा शंखारी 2-पतका उत्तोलन 3-डिमिरी फुलो 4-दल बेहेरा 5-दुरो पाहाड़

पद्य-(1) निर्धारित पद्य पाठों पर सामान्य प्रश्न

(2) व्याख्या

06 अंक 05 अंक

5 ड़20 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

निम्नलिखित पद्य पाठों का अध्ययन करना होगा

1-काहा मुख अनाइ बंचिबि 2-हे मोर कलम 3-माणिष भाई 4-गोप प्रयाण 6-माटिर मणिश 5-पाइक बधुर उद्‌बोधन

गद्य, पद्य एवं गल्फों एकांकी के लिये निर्धारित पुस्तकें :- प्रकाशक साहित्य-बोर्ड आफ सेकेन्डरी एजूकेशन उड़ीसा। प्रकाशक-कटक पब्लिकेशन उड़ीसा शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कन्नड़

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण-

17 (क) निर्धारित पुस्तक के आधार पर वाक्य परिवर्तन (ख) विराम चिन्हों का संशोधन (ग) पर्यायवाची तथा विपरीतार्थक

व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि छात्रों में भाषा व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषीय चातुर्य को बढ़ावा मिल सके। 2-रचना-

(क) व्यावहारिक एवं दैनिक जीवन एवं व्यावहारिक अनुभवों से सम्बन्धित टॉपिक पर पैराग्राफ लेखन 4 (ख) पत्र लेखन (व्यक्तिगत, व्यापारिक तथा कार्यालयीय सम्बन्ध में दैनिक जीवन के सन्दर्भ मेें) 5 (15 पंक्ति से अधिक न हो)।

5 3-संक्षिप्त लेखन-

4 4-लोकोक्तियां एवं मुहावरे-

भाग (ब) 35 अंक

निर्धारित पुस्तक-

कन्नड भारतीय-9, प्रकाशक-राव कर्नाटक पब्लिकेशन, पो0ओ0 बाक्स 5159 बंगलोर-1

(अ) गद्य (विस्तृत अध्ययन)

14 निम्नलिखित पाठ पढ़ना होगा- (1) पाण्डुमलमाली (2) श्री कृष्ण साधना (3) आईस्टीन चित्र गलु (4) मागू कालीसिदा पाठा (5) कोडेथ विचार (6) बूट पालिशभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 21 (7) बन्दुरीना हवलादा डन्डेगलू (8) बेली युवा श्री मोलाकेयाली (9) माया (10) मरियाला गादा साग्राज्य (11) वन्या जीबोगालू भट्‌टू परिसारा (12) महारात्रि (13) पंजारा पारोक्शी (14) गम्भीरे

(ब) पद्य-

14 निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना होगा- (1) हचेबू कन्नडद दीपा (2) चुटुकामल (3) नन्नाहाडू (4) बोडो बह्‌मे (5) काला (6) नन्ना हा अगेय (7) बचन गालू (8) डेन्कू बलाडा नायकारे (9) बीसतु सुखस्प्रू सत्वम्‌ (10) नूनाखरावलेख

7 (स) अविस्तृत अध्ययन-

श्री शंकराचायारू-प्रकाशक, नेशनल बुक ट्रस्ट, ग्रीन पार्क, नई दिल्ली निम्न अध्याय का अध्ययन किया जाना है- (1) जनाना माटूटू बलया (2) कलातियन्डा काशीगे (3) विजयायात्रे

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- सिन्धी

कक्षा-9

खण्ड-अ

बहुविकल्पीय प्रश्न 20 अंक 1. गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु पर आधारित। 51=5 अंक 2. पद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु पर आधारित। 51=5 अंक 3. कहानी हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु पर आधारित। 31=3 अंक 4. व्याकरण एवं शब्द रचना। 71=7 अंक

• स्वर तथा व्यंजन। • वर्तनी, विराम चिन्ह एवं हिन्दी-सिंधी वर्गीकृत शब्दावली। • शब्द रचना-तत्सम, तद्‌भव, देशी, विदेशी, विलोम और पर्यायवाची।

22 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड-ब

वर्णनात्मक प्रश्न पूर्णांक-50 1- एक गद्यांश का संदर्भ, प्रसंग, भावार्थ भाशा शैली आधारित। 1142=7 2- गद्य पाठ आधारित दो बोधात्मक प्रश्न। 23=5 3- लेखकों का जीवन परिचय एवं रचनाएं। 22=4 1133=8 4- एक पद्यांश का संदर्भ, प्रसंग, काव्यार्थ एवं कलापक्ष आधारित। 23=5 5- पद्य पाठ आधारित दो बोधात्मक प्रश्न। 22=4 6- कवियों का जीवन परिचय एवं रचनाएं। 23111=8 7- कहानी से कथानक, चरित्र-चित्रण एवं तथ्याधारित। 8- दैनिक जीवन पर आधारित पत्र लेखन। 41=4 9- मुहावरे का अर्थ एवं प्रयोग 21=2 10-कहावत का अर्थ एवं प्रयोग 21=2 निर्धारित पाठ्‌यवस्तु गद्य हेतु पुस्तक- अदबी गुलदस्तो : कन्हैयालाल लेखवाणी। प्रकाशक एवं विक्रेताः निदेशक-भारतीय भाषा संस्थान (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) मानस गंगोत्री, विनोबा रोड, मैसूर ः 570006 पाठ संख्या एवं पाठ लेखक

ईश्वरु आंचलू

परमानंदु गोलाणी

1. वक्त जो मुल्हु कौड़ोमल चंदनमलु 2. छुहाउ 3. दीनुया धर्मु लालचंदु अमरडिनोमलु 4. दस्तावेजु नाराइणु भारती 5. विवेकु 6. सिंधू आनंदु गोलाणी 7. सिंधी बोलीअ जो बुन्यादु होतचंदु गुरबख्शाणी 8. पथर जो दुश्मनु मोहनु कल्पना 9. टी पार्टी मंघारामु मलकाणी 10. जडहिं मूंखे मौत ऐं जिंदगीअ जो गडयलु अहिसासु थ्यो- पोपटी हीरानंदाणी

निर्धारित पाठ्‌यवस्तु काव्य हेतु पुस्तक- अदबी गुलदस्तो : कन्हैयालाल लेखवाणी। प्रकाशक एवं विक्रेताः निदेशक-भारतीय भाषा संस्थान (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) मानस गंगोत्री, विनोबा रोड, मैसूर : 570006

पाठ संख्या एवं पाठ कवि

शाहु लतीफु

1. मारुई 2. को कीअं चवे, को कीअं चवे सचलु सरमस्तु 3. साधू सामी 4. गरीबनि जी झुपिड़ी किशिनचंदु 'बेवसि' 5. न रोकि राणी हूंदराजु 'दुखायलु

निर्धारित पाठ्‌यवस्तु कहानी हेतु पुस्तक- लोकनाथ जूं आखाण्यूं विसार्या न विसिरनि : संपादक - ज्ञानप्रकाश टेकचंदानी 'सरल' प्रकाशक एवं विक्रेता : सिंध वेलफेयर सोसाइटी, 11-बी, कृश्णा नगर, कानपुर रोड, लखनऊ : 226023

कहानी संख्या एवं नाम लेखक

1. अड़िबंगु लोकनाथ 2. सोखिती लोकनाथ 3. फुंदणुमलु लोकनाथभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 23 निर्धारित पाठ्‌यवस्तु व्याकरण हेतु पुस्तक- अचो सिंधी सिखूं : लेखक-प्रो0 लक्ष्मण परसराम हर्दवाणी प्रकाशक एवं विक्रेता : प्रो0 लक्ष्मण परसराम हर्दवाणी, बी-704, विक्टोरिया गार्डन, आगाखान पैलेस के निकट, नगर रोड, कल्याणी नगर, पुणे : 411006, दूरभाशः 9890693931, मेलः [email protected] व्याकरण हेतु सहायक संदर्भ पुस्तकें-

1. सिंधी भाशा (व्याकरण एवं प्रयोग) : डॉ0 मुरलीधर जैतली प्रकाशक एवं विके्रताः सचिव-सिंधी अकादमी, दिल्ली, सी0पी0ओ0 बिल्डिंग, कश्मीरी गेट, दिल्ली ः 110066, दूरभाश : 23862848, 23863167, मेल : [email protected]

2. सिंधी व्याकरण : गंगाराम ईसराणी प्रकाशक एवं विक्रेता : सचिव-राजस्थान सिंधी अकादमी, जे-7, सुभाश मार्ग, सी-स्कीम, जयपुर : 302001 शैक्षिक सत्र -2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर ) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर ) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर ) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर ) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-तमिल

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। अंक 70 खण्ड (अ) 35 15 1-व्याकरण-

निम्नलिखित क्षेत्रों के पहचान हेतु प्रारम्भिक ज्ञान- (i) EZHUTHU, Mathal and saarbu, Chattu and Vinnaamaatirai, Ezhuthu poli (ii) PADAM, pabupadam, Pahaappadam and pabupede Urruppuhal Iyarsol, Tririsol and Tisaichol. (iii) PUNARCHI, Vetrumai and Alvazhi punsrehi, Chattu and vina punarchi, Achsara, Punarchi and

5

10 Kutriyaluhare, Pumarchi. 2-मुहावरें तथा लोकोक्तियां- परिभाषा एवं प्रयोग- (निम्नलिखित पुस्तक के पृष्ठ 135 और 154 तक में उल्लिखित मुहावरों का अध्ययन किया जाना है) उपर्युक्त क्रम 1 और 2 हेतु सन्दर्भ पुस्तक- तमिल इलाक्कानाम TAMIL (Ilakkanam) कक्षा-9 के लिए (संशोधित संस्करण 1992) प्रकाशक, तमिलनाडु Text Book सोसाइटी, मद्रास-6 3-रचना- निबन्ध लेखन-दिए हुए बिन्दुओं पर (लगभग 100 शब्दों में) या दिए हुए विषय पर स्वतन्त्र रचना 4-अपठित गद्य खण्ड का ज्ञान

05

खण्ड (ब) 35

15

5-पद्य- तमिल टेक्स्ट बुक-कक्षा-9 के लिए (1994 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6

निम्नलिखित पद्य पढ़ना है-

Sec I-- Irai Vaszhthu

Sec II--1. Thirnkkural24 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 2. Pazhamozhi

Sec III--1. Silppathikaaram

Sec VI-- Marumalarchi Paadalgal

6-गद्य-

10 तमिल Text Book- कक्षा-9 के लिए (गद्य भाग) (1994 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी मद्रास-6

(पाठ 1 से 7 तक केवल पढ़ना है)

7-अविस्तृत अध्ययन-

10 Thiru VI-KA, Yuzhuum Theudum (1994 संस्करण) ले0 शक्ति वासन सुब्रमणियम प्रकाशक मेसर्स पारोनिलयस, 184 ब्राडवे, मद्रास-60000

(पाठ 1 से 10 कक्षा-9 में अध्ययन करना है)

पुस्तक की विषय वस्तु से प्रश्न पूछे जायेंगे-

(1) निबन्धात्मक

दो लघुस्तरीय

06 2+2=04 शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-तेलुगु

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र होगा तथा समयावधि तीन घण्टे होगी तथा 30

अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण-

निम्नलिखित का विस्तृत अध्ययन-

(क) समसकृता सनघुलू स्वर्ण, दीर्घ सन्धि, गुंण-सन्धि, वृद्धि सन्धि, यनादेशा सन्धि 6 (ख) तेलुगू संघुलू अकारा उकारा संघुलू

4

(ग) Nannar Dhaiu : Pakritivikriti, Vyutpatyardhaltu, Earyayapagalu. 8 2-लोकोक्ति और मुहावरे और उनका प्रयोग (अत्यधिक प्रचलित) 3-अपठित गद्य खण्ड (लगभग 100 शब्द) का ज्ञान 4-निबन्ध पैराग्राफ लेखन- 100 शब्द

6 6 5

1-गद्य

भाग (ब) 35 अंक

15

तेलुगू वाचाकामू (Telugu Vachakammu) (कक्षा-9) प्रकाशक आन्ध्र प्रदेश सरकार (नया संस्करण 1987) निम्नलिखित का अध्ययन करना होगा।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 25

1-स्वभाषा 2-सोभानाद्री 3-शकुना पारीपानानाम

4-समसकृति 5-गुरूदेयडडू रवीन्द्रूडू 6-जनपद गयाकुलू

7-देवालपालू 8-इवारू गोप्पा

10 2-पद्य-

द तेलुगू वाचाकामू (The Telugu Vachakammu) (कक्षा-9) प्रकाशक आन्ध्र प्रदेश सरकार (नया संस्करण 1987) निम्नलिखित पाठों का अध्ययन करना होगा।

1-राजाधर्माम 2-पार्वतीतपासू

7-समुद्र मन्थानाम्र।

10 3-अविस्तृत अध्ययन हेतु- तेलुगू उपवाचकामू (Telugu Upvachakammu) (कक्षा-9) आन्ध्र केशरी आन्ध्र प्रदेश सरकार (नया संस्करण 1987) दो निबन्धात्मक प्रश्न पाठ्‌य पुस्तक से पूंछे जायेंगे।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-मलयालम

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन

विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

1-व्याकरण

भाग (अ) 35 अंक

15

(1) कतृवाच्य और कर्मवाच्य परिवर्तन (2) वाक्य संशोधन (3) शब्द अध्ययन (4) विपरीतार्थक एवं पर्यायवाची शब्द व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि छात्रों में भाषा व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषा चातुर्य को बढ़ावा मिल सके। 2-रचना-

7

35 अंक 13 1-गद्य

केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1992 संस्करण (केवल गद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम।

26 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

निम्नांकित पांच पाठों का अध्ययन करना है- (1) मथरू देवो भव (2) पाटाचोनची चोरू (3) इका लोकम (4) यशुदेवन (5) स्वातिपुत सम्निधीइल

13 2-पद्य-

केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1992 संस्करण (केवल पद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम। निम्नांकित पांच पद्यों का अध्ययन किया जाना है-- (1) काव्यनार्णाकी (2) शिष्यानम मकनम (3) अवानीपघम (4) अपहस्थान्या सुयोधनम्‌ (5) वालूथवानम

3-अविस्तृत अध्ययन हेतु (संक्षिप्त कहानियों का संकलन)-

09

निर्धारित पुस्तक

उर्मिला (1987 संस्करण)

प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय नेपाली

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक

मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

1-व्याकरण-

भाग (अ) 35 अंक

14

(क) शब्द उच्चारण और ध्वनि के अनुरूप परिवर्तन (स्वर, लय आदि) (ख) शब्द भेद (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अव्यय) (ग) सरल वाक्यों की रचना

2-सन्दर्भ पुस्तक-

सरल नेपाली व्याकरण-ले0 राजनारायण प्रधान और जगत, क्षेत्रीय प्रकाशक श्याम ब्रदर्स चौक बाजार, दार्जिलिंग। (2) अपठित गद्यांश का ज्ञान जो खेल कूद, सामाजिक घटनाओं और पारिवारिक वातावरण पर आधारित होंगे। 7

3- रचना-

7 (क) पत्र लेखन- (1) मित्र/सम्बन्धी को पारिवारिक विषय पर। (2) अवकाश प्रार्थना-पत्र शुल्क मुक्ति प्रार्थना-पत्र तथा निर्धन छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में

7 (ख) निबन्ध लेखन- सामाजिक समस्यायें, खेल-कूद, पारिवारिक वातावरण, राष्ट्रीय एकता, नैतिकता और पारिस्थितिकी आदि के संदर्भ में।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 27

भाग (ब) 35 अंक

1-गद्य-

14 नेपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम, गान्तोक अध्ययन के लिए पाठ- निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना है- (1) अभागी- गुरूप्रसाद मैनाली (2) दोशी चश्मा- बी0पी0 कोइराला (3) फ्रण्टियर- शिवकुमार राय (4) चिट्‌ठी- बद्रीनाथ भट्‌टराई (5) म्याँगाको चिहान-लैनसिंह बाङ्‌देल (6) चामू थापा- भीमनिधि तिवारी

2-पद्य-

12 नेपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम, गान्तोक निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना है- (1) वसन्त कोकिल लेखनाथ पौड्‌याल (2) सदिच्छा- धरणीधर शर्मा (3) कर्म- बालकृष्ण सम (4) औऊ है वर्षा- माधव प्रसाद घिमिरे (5) यो जिन्दगी खै के जिन्दगी- हरिभक्त कटुवाल (6) कटाई यो सिर झुक्छ भने-सोहन ठाकुरी

9 3-रैपिड रीडिंग-

कथा बिम्ब-प्रकाशन शिक्षा निदेशालय गान्तोक (सिक्किम) निम्नलिखित पाठों का अध्ययन किया जाना है- पूर्ण राई (1) निर्णय- एनटोली फान्स (2) जादूगर- (3) जीवन यात्राया- एम0एम0 गुरुङ शिवकुमार राई (4) नूरआलम- नोट- निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक से लघुस्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न पूछे जायेंगे।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-पालि कक्षा-9 इस विषय में प्रश्न-पत्र 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। 1–गद्य–पालि–जातकावलि पाठ 1 से 7 तक (सुंसुमारजातकं, वानरिन्दजातकं, बकजातकं, सीहचम्मजातकं, राधाजातकं, नच्चजातकं, उलूकजातकं)। 15 (क) दो अवतरणों में से किसी एक अवतरण का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद। 28=10 (ख) किन्हीं दो जातकों में से किसी एक जातक की कथा हिन्दी अथवा अंग्रेजी में। 05

6 ड़28 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 3255=15

05

05 2–पद्य–धम्मपद पाठ 1 से 5 तक –(यमकवग्गो, अप्पमादवग्गो, चित्तवग्गो, पुप्फवग्गो, बालवग्गो)। 15 05 (क) दो गाथाओं में से किसी एक गाथा का हिन्दी अनुवाद। 05 (ख) दो वग्गो में से किसी एक वग्गो का हिन्दी अथवा अंग्रेजी में सारांश। 05 (ग) धम्मपद के पाठ 1 से 5 के अन्तवर्ती गाथा का उल्लेख। 3–अपठित–गद्य–निर्धारित पाठ (सीलानिसंसजातकं, जम्मसाटकजातकं, उच्छङ्‌गजातकं)। 05 4–सहायक पुस्तक वोधिचर्या विधि– 10 परित्राण परिच्छेद से आवाहन, महामंगल सुत्त, महामंगल गाथा– (किसी एक गाथा की हिन्दी व्याख्या अथवा पूजा विधि का वर्णन)। 5–व्याकरण (क) शब्द रूप–पुलिंग-बुद्ध। स्त्रीलिंग–लता। नपुंसकलिंग–फल। (ख) धातुरूप–वर्तमान काल– पठ, गम, भू, चज सक, हिंस के रूप। (ग) संधि–स्वर संधि– सरोलोपो सरे, परोक्वचि, न द्वे वा, यवा सरे, ए ओ नं। (घ) समास– तत्पुरूष एवं बहुब्रीहि की सामान्य परिभाषा तथा उदाहरण। 6–अनुवाद हिन्दी के पाँच वाक्यों का वर्तमानकालिक क्रिया में अनुवाद अथवा निबन्ध– पालि भाषा में पाँच वाक्य लिखना। भगवा, बुद्धो, धम्मपदं, मम विज्जालयों, सारनाथो, चत्तारि अरिय–सच्चानि, यातायातंसुरक्खा। 7–पालि साहित्य के इतिहास का संक्षिप्त परिचय– प्रथम संगीत, सुत्तपिटक-दीघ निकाय, मन्झिम निकाय, संयुक्त निकाय, अंगुत्तर निकाय, खुद्‌दक निकाय। निर्धारित पुस्तकें–

(1) पालिजातका वलि– पं0 बटुक नाथ शर्मा

प्रकाशक-मास्टर खेलाड़ी लाल एण्ड सन्स, वाराणसी।

(2) पद्य-धम्मपद– सम्पादित-भिक्षु धर्मरक्षित,

प्रकाशक- ज्ञानमण्डल, वाराणसी।

(3) सिगालवादसुत्तं- अनुवादक डा0 भिक्षु स्वरूपानन्द, सम्यक्‌ प्रकाशन दिल्ली, 2010

(4) पालि साहित्य का इतिहास- लेखक भिक्षु धर्मरक्षित, प्रकाशक ज्ञानमण्डल लिमिडेड, वाराणसी।

(क) पालि व्याकरण – भिक्षु धर्मरक्षित, प्रकाशक ज्ञानमण्डल, लिमिडेड, वाराणसी।

(ख) मैनुअल ऑफ पालि– लेखक-सी0सी0 जोशी, ओरियन्टल बुक एजेन्सी, पूना।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 29

विषय-अरबी

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंक का लिखित प्रश्न.पत्र होगा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा। खण्ड (अ) 35 अंक व्याकरण-

(क) 1–आसान जुमलों की बनावट (मुब्तेदा और खबर)।

2– इस्म की बनावट और उसके अकसाम। 3-फेल माजी की तारीफ और उसके अकसाम। 4-मुरक्कब जारी (जार और मजरूर)। 5-मुरक्कब इशारी (इस्मे इशारह और मशारून अलैह)। 6-इस्मे फाइल और इस्मेमफउल की बनावट। 7-मुरक्कब तौसीफी (सिफत और मौसूफ)। 8-मुरक्कबइज़ाफी (मुज़ाफ़ और मुज़ाफ अ़लैह)। (ख) अल्फाज के मानी और उनका इस्तेमाल।

05 2– क–अरबी के साधारण वाक्यों का अंग्रेजी अथवा उर्दू अथवा हिन्दी में अनुवाद। 05 ख–अंग्रेजी अथवा उर्दू अथवा हिन्दी के साधारण वाक्यों का अरबी मेें अनुवाद। 05 3– आसान अरबी के जुमलों का इस्तेमाल– 10 जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा तथा ट्रैफिक रूल्स की जानकारी हेतु सवालात मजमून की शक्ल में पूछे जायेंगे।

खण्ड (ब)

35 अंक

1–गद्य

25 अलकिरात.उर.रशीदह, भाग–1, लेखक–अब्दुलफत्ताह और अलीउमर (मतबूआ मिश्र) पब्लिकेशन–एम0 रशीद एण्ड सन्स, उर्दू बाजार, जामा मस्जिद, दिल्ली–1100461

पाठ संख्या

3

4

8

9

13

18

24

28

36

44

49

50

53

58

59

असबाक़ जो निसाब में शामिल है– शीर्षक 1–कलबी 2–अस्सौर 3–अज्ज़मन 4–अलमतर 5–अस्सबीय व अलफील 6–अलअसद व अलफार 7–अर्राई वज्जेब 8–अतलाक उत्तयूर 9–अलहद्‌दाद 10–वल्दुन नज़ीबुन 11–अश्शर्रो बिश्शर्रे 12–फस्लुर्रबीअ 13–हलावतुलकस्ब 14–महत्तता सिक्कतुलहदीद 15–तारीख़ उल.कुर्सी30 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 2–पद्य

10

10

16–अत्ताइरो

17–तरनीमतुलवलदे फिस्सबाहे 27

18–तरनीमतुलउम्में लिस्साबीये फिलमसाये 33

42

19–अलफारो

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-फारसी

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों का लिखित प्रश्न-पत्र होगा तथा 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

भाग (अ) 35 अंक

(1) व्याकरण– 5x2=10

(क) संज्ञा।

(ख) सर्वनाम।

(ग) अव्यय।

(घ) क्रिया।

(ङ) व्युत्पत्ति।

नोट–निर्धारित पाठों पर आधारित।

(2) अनुवाद– 88=16 (क) फारसी के सरल वाक्यों का अंग्रेजी अथवा हिन्दी अथवा उर्दू में अनुवाद।

(ख) अंग्रेजी, हिन्दी अथवा उर्दू के सरल वाक्यों का फारसी अनुवाद।

(3) फारसी के सरल शब्दों का वाक्यों में प्रयोग। 05 (4) (क) रिक्तियों की पूर्ति– 04

अथवा

(ख) निबन्ध- जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ट्रैफिक रूल्स की जानकारी हेतु प्रश्न निबन्ध के रूप में पूछे जायेंगे।

भाग (ब) 35 अंक

पाठ्‌य पुस्तक (गद्य तथा पद्य)

2015=35 निर्धारित पुस्तक–Following Lesson Poems from the book I entitledभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 31 FARSI-DASTOOR (KITABI-I-AW WALA Part-1 for Class IX (1977) by Dr. S.Z. Khanlari by

M/S.I. Jarah-a-Adablyyat-a-Delhi, Jayyad Press, Ballimaram, Delhi–110006

(1) Lesson to be studied :

1–Be-name-e-Ezad Bakshainda

2–Dastane-e-Khair-O-Shar (Part-1).

3–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi.

4–Pisarak-fida-kar.

5–Mehman-nawazi.

6–Umar-khayyam.

7–Manazora-e-nakashse-soozan poem.

8–Arish kamangir.

9–Isfahan-e-Nisf-Jahan-1.

10–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi. S fool zaman.

11–Isfahan Nisf Jahan.

12–Karana-e-Daprfar.

13–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi. (Farsi shukas).

14–Suzman-e-Mutahid.

15–Dastoor-e-Zaban-e-Farsi.

16–Chasma-e-Sang (Poem).

2-जीवन परिचय व रचनायें। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- सामाजिक विज्ञान

(कक्षा-9)

पूर्णांक-100

इसमें एक लिखित प्रश्नपत्र-70 अंकों एवं 30 अंकों का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक

मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

                                                                            अंक
 I         भारत और समकालीन विश्व-1 (इतिहास)                                  20
II          समकालीन भारत -1 (भूगोल)                                          20
III        लोकतांत्रिक राजनीति (नागरिकशास्त्र)                               15
IV         अर्थव्यवस्था (अर्थशास्त्र)                                        15
                                                                   योग       70
           आन्तरिक मूंल्याकन                                                 30
                                                                   योग      100
32 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(I)

भारत और समकालीन विश्व-1 (इतिहास) 20 अंक

खण्ड-1 घटनायें और प्रक्रियायें 09 अंक इकाई(1) फ्रांसीसी क्रान्ति

1. पुरातन शासन व्यवस्था और उसकी समस्यायें (संकट) 2. क्रान्ति के लिये उत्तरदायी तत्त्व। 3. तत्कालीन क्रान्तिकारी समूह और विचार 4. विरासत

इकाई(2) यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रान्ति

1. जारवाद (राजत्व) का संकट 2. 1905 से 1917 के मध्य सामाजिक आन्दोलनों की प्रकृति। 3. प्रथम विश्व युद्ध और सोवियत राज्य की स्थापना। 4. विरासत

इकाई(3) नात्सीवाद और हिटलर का उदय

1. सामाजिक लोकतंत्र का विकास 2. जर्मनी में संकट, हिटलर के उदय का मूल कारण 3. नात्सीवाद की विचारधारा 4. नात्सीवाद का प्रभाव

खण्ड-2

जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज 06 अंक

इकाई (4) वन्य समाज और उपनिवेशवाद 1. जीविकोपार्जन और जंगल के बीच सम्बन्ध 2. उपनिवेशवाद के अन्तर्गत वन्य समाज (नीतियों) में हुये परिवर्तन, केस अध्ययन- मुख्यतः दो वन्य आन्दोलनों में प्रथम औपनिवेशिक भारत में (बस्तर) और दूसरा इण्डोनेशिया का। इकाई (5) आधुनिक विश्व में चरवाहे 1. पशुचारण-जीवन निर्वाह के रूप में 2. पशुचारण के विभिन्न प्रकार (स्वरूप) 3. औपनिवेशिक शासन और आधुनिक राज्य में चरवाहों का जीवन केस अध्ययन- मुख्यतः दो चरवाहा समूह- एक अफ्रीका का और दूसरा भारत का।

05 अंक (6) मानचित्र कार्य- 1 फ्रांसीसी क्रांति- फ्रांस का रूपरेखीय मानचित्र (चिन्हित तथा पहचानने/नामांकित करने हेतु)

क-बोरडाक्स ख-नान्तेस ग-पेरिस घ-मार्सेल्स

2 यूरोप में समाजवाद तथा रूस की क्रान्ति- विश्व का रूपरेखीय मानचित्र (चिन्हित, पहचानने/नामांकित करने हेतु)

क-प्रथम विश्व युद्ध के प्रमुख देश (केन्द्रीय शक्तियाँ तथा मित्र शक्तियाँ) ख-केन्द्रीय शक्तियाँ- जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, तुर्की (ओटोमन साम्राज्य) ग-मित्र शक्तियाँ- फ्रांस, इंग्लैंड, सोवियत संघ (रूस), अमेरिका

3 नात्सीवाद तथा हिटलर का उदय- विश्व का रूपरेखीय मानचित्र (चिन्हित, पहचानने/नामांकित करने हेतु)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 33 क-द्वितीय विश्व युद्ध के प्रमुख देश- धुरी शक्तियाँ-जर्मनी, इटली, जापान मित्र शक्तियाँ-यूनाईटेड किंगडम, फ्रांस, पूर्व यूनियन सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक, संयुक्त राज्य अमेरिका। ख-जर्मन विस्तार के अन्तर्गत क्षेत्र (नाजी शक्ति) ऑस्ट्रिया, पोलैण्ड, चेकोस्लोवाकिया (मानचित्र में केवल स्लोवाकिया), डेनमार्क, लिथुआनिया, फ्रांस, बेल्जियम। नोट-दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र से संबंधित पाँच प्रश्न पूंछे जायेंगे।

(II)

समकालीन भारत-1 (भूगोल) 20 अंक

इकाई-1 07 अंक

(i) भारत-आकार एवं स्थिति-भारत तथा विश्व, भारत के पड़ोसी देश।

(ii) भारत का भौतिक स्वरूप-मुख्य भौगोलिक वितरण (हिमालय पर्वत श्रृंखला, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, भारतीय मरूस्थल, समुद्र तटीय मैदान, द्वीप समूह)।

(iii) अपवाह-भारत में अपवाह तन्त्र, हिमालय की नदियाँ, प्रायद्वीपीय नदियाँ, झीलें, नदियों का अर्थव्यवस्था में महत्व। इकाई-2 08 अंक (iV) जलवायु- जलवायवी नियंत्रण, भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक, ऋतुएं, मानसून का आगमन, वापसी, वर्षा का वितरण, मानसून एकता का परिचायक ।

(V) प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी-वनस्पति के प्रकार, वन्य प्राणी, पादप और वन्य जीव सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाये गये कदम।

(Vi) जनसंख्या-जनसंख्या का आकार एवं वितरण, जनसंख्या वृद्वि एवं जनसंख्या परिवर्तन की प्रक्रिया, किशोर जनसंख्या, राष्ट्रीय जनसंख्या नीति।

3. मानचित्र कार्य- 05 अंक

1-भारत-आकार तथा स्थिति

1-भारत- राजधानियों सहित राज्य, कर्क रेखा, मकर रेखा, मानक भूमध्य, सबसे दक्षिणी, सबसे उत्तरी, सबसे पूर्वी तथा सबसे पश्चिमी बिंदु (चिन्हित तथा नामांकित करना) 2-भारत की प्राकृतिक विशेषताएँ-

पर्वत श्रेणियाँ- काराकोरम, शिवालिक, अरावली, विन्ध्य, सतपुड़ा, पश्चिमी तथा पूर्वी घाट, जांस्कर। पर्वत चोटियाँ- के-2, कंचनजंघा, अनाईमुडी

पठार- दक्खन का पठार, छोटा नागपुर का पठार, मालवा पठार तटीय मैदान- कोंकण, मालाबार, कोरोमंडल तथा Northern Circars (चिन्हित तथा नामांकित करना) 3-अपवाह तंत्र- नदियाँ (केवल चिन्हित करने हेतु)

क) हिमालयी नदी तंत्र-सिंधु, गंगा तथा सतलज ख) प्रायद्वीपीय नदियाँ-नर्मदा, ताप्ती, कावेरी, कृष्णा, गोदावरी, महानदी। झीलें-वुलर, पुलीकट, साम्भर, चिल्का, वेम्बनाद, कोल्लेरू

4-जलवायु-

चिन्हित करने हेतु शहर-तिरूवनंतपुरम, चेन्नई, जोधपुर, बैंगलूरू, मुम्बई, कोलकाता, लेह, शिलांग, दिल्ली, नागपुर (चिन्हित तथा नामांकित करना)

5-प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य जीवन- वनस्पति का प्रकार-ऊष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन, ऊष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन, कंटीले वन, पर्वतीय वन तथा मैंग्रोव (केवल चिन्हित करने हेतु) राष्ट्रीय उद्यान-कार्बेट, काजीरंगा, रणथम्भौर, शिवपुरी, कान्हा, सिमलीपाल तथा मानस पक्षी अभयारण्य-भरतपुर तथा रंगनथिट्‌टो वन्यजीव अभयारण्य-सरिस्का, मदुमलाई, राजाजी, दचिगाम (चिन्हित तथा नामांकित करने हेतु) 6-जनसंख्या (चिन्हित तथा नामांकित करना)-

सबसे बड़े और छोटे राज्य।

नोट-दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र से संबंधित पाँच प्रश्न पूंछे जायेंगे।

34 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(III)

लोकतांत्रिक राजनीति-1

(नागरिक शास्त्र) 15 अंक

इकाई-1

(i) लोकतंत्र क्या एवं क्यूँ ?- 06 अंक

लोकतंत्र को परिभाषित करने के विभिन्न तरीके क्या हैं? लोकतंत्र शासन का सर्वाधिक प्रचलित स्वरूप क्यों बन चुका है? लोकतंत्र के विकल्प क्या हैं ? क्या लोकतंत्र अपने मौजूदा विकल्पों से श्रेष्ठ है? क्या प्रत्येक लोकतंत्र में समान संस्थाएँ और आदर्श होने चाहिए? (ii) संविधान निर्माण - भारत लोकतंत्र बना-क्यूँ और कैसे ? भारतीय संविधान कैसे विकसित हुआ है? भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं ? भारत में किस प्रकार से लोकतंत्र निरंतर रचित एवं पुनर्रचित हुआ है? इकाई-2 09 अंक (iii) चुनावी राजनीति-

हम प्रतिनिधियों का चुनाव कैसे एवं क्यूँ करते हैं? हमारे यहाँ राजनीतिक दलों में प्रतिद्वंदिता क्यों है ? चुनावी राजनीति में नागरिकों की सहभागिता किस प्रकार बदल गई है?स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के तरीके क्या हैं? (i) संस्थाओं की कार्यप्रणाली-

देश कैसे शासित होता है? हमारे लोकतंत्र में संसद की क्या भूमिका है? भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मन्त्रिपरिषद की क्या भूमिका होती है? ये कैसे एक-दूसरे से सम्बन्धित हैं? (ii) लोकतांत्रिक अधिकार-

हमें संविधान में अधिकारों की आवश्यकता क्यूँ है? भारतीय संविधान में नागरिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मौलिक अधिकार क्या हैं? न्यायपालिका किस प्रकार से नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है? न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के क्या उपाय है।

(IV)

(अर्थशास्त्र) 15 अंक

इकाई-1 07 अंक पालमपुर गाँव की कहानी- अवलोकन, उत्पादन का संगठन, पालमपुर में खेती, पालमपुर में गैर कृषि क्रियाएं। 2. संसाधन के रूप में जनसंख्या (लोग) - परिचय, पुरुषों और महिलाओं के आर्थिक क्रिया-कलाप, जनसंख्या की गुणवत्ता, स्वास्थ्य, बेरोजगारी।

इकाई-2 08 अंक 3. निर्धनता-एक चुनौती- परिचय, निर्धनता के दो विशिष्ट मामले, सामाजिक वैज्ञानिको की दृष्टि में निर्धनता, निर्धनता रेखा, निर्धनता के अनुमान, असुरक्षित समूह, अन्तर्राज्यीय असमानतायें, वैश्विक निर्धनता, परिदृश्य निर्धनता के कारण, निर्धनता निरोधी उपाय, भावी चुनौतियाँ। 4. भारत में खाद्य सुरक्षा -

खाद्य सुरक्षा क्या है? खाद्य असुरक्षित कौन है? भारत में खाद्य सुरक्षा, बफर स्टॉक, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सा0वि0प्र0 की वर्तमान स्थिति, भारतीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013, सहकारी समितियों की खाद्य सुरक्षा में भूमिका। प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि • शिक्षार्थी भारत के गीत, नृत्य, पर्व और निश्चित मौसम में प्रमुख प्रकार के भोजन की पहचान, साथ ही क्या एक क्षेत्र की दूसरे क्षेत्र से कुछ समानता है? इसकी पहचान करें। शिक्षार्थी द्वारा अपने विद्यालय क्षेत्र के आस-पास की वनस्पति एवं पशु जगत से पदार्थों/सूचनाओं को एकत्र करना। इसमें उन प्रजातियों की सूची बनाना, जिनका अस्तित्व खतरे में है एवं उनको सुरक्षित करने से सम्बन्धित प्रयासों की सूचना सूचीबद्ध करना।

• महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं दिव्यांगों की सुरक्षा से सम्बन्धित प्रोजेक्ट कार्य। • वर्तमान समस्या-जैसे यातायात सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सुरक्षा से सम्बन्धित कुछ घटनाओं को एकत्रित कर उसे लिखना तथा समस्या से बचाव हेतु सुझाव लिखना, तथा सरकारी हेल्पलाइनों की जानकारी प्राप्त करना।

• भारत के स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं के योगदान की सूची बनाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 35

• भूगोल में स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा निदान के उपाय ढूँढना। • स्थानीय स्तर पर दिव्यांगों, एवं वृ़द्धों की सूची बनवाना तथा उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को समझाना और उसे लिपिबद्ध करना।

• नगरों में वर्तमान पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा उससे बचने के कुछ उपाय लिखना आदि। • नगरों में बुजुर्ग दम्पत्तियों के साथ होने वाली कुछ घटनाओं का उल्लेख एवं बचाव के उपाय लिखना आदि। • नदी-प्रदूषण। • वनों का क्षरण एवं पारिस्थितिकीय असंतुलन।

नोट- कोई समान गतिविधि भी चुनी जा सकती है।

• शिक्षक अपने विवेकानुसार पाठ्‌यक्रम से सबंधित छात्र/छात्राओं को वितरित कर सकते हैं। • अपेक्षित उद्‌देश्यों की पूर्ति हेतु यह आवश्यक होगा कि प्रधानाचार्य/अध्यापक द्वारा विभिन्न स्थानीय सरकारी संस्थाएँ और संगठन जैसे आपदा प्रबंधन संस्थाएँ, सहायक, पुनर्वास और आपदा प्रबन्धन विभागों द्वारा (राज्यों के) जिलाधिकारी कार्यालय/उप आयुक्तों, अग्निशमन सेवा, पुलिस, नागरिक सुरक्षा आदि के द्वारा सहायता लिया जाना आवश्यक होगा।

प्रोजेक्ट कार्य हेतु अंक वितरण :

1. विषय वस्तु की मौलिकता एवं शुद्धता - 1 अंक 2. प्रस्तुतीकरण तथा रचनात्मकता - 1 अंक 3. प्रोजेक्ट पूरा करने की प्रक्रिया - पहल करना, सहयोगिता, सहभागिता तथा समयबद्धता - 1 अंक 4. विषयवस्तु आत्मसात करने हेतु मौखिक अथवा लिखित परीक्षा - 2 अंक

नोट-प्रोजेक्ट कार्य का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा। (5 + 5) शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि) अगस्त माह 10 अंक (5 + 5) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य /गतिविधि) दिसम्बर माह 10 अंक (5 + 5) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-विज्ञान

(कक्षा-9)

     इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।
क्र0 सं0        इकाई                                                                          अंक
   1.      द्रव्य-प्रकृति एवं व्यवहार                                                         20
   2.      सजीव जगत में संगठन                                                                 20
   3.      गति, बल तथा कार्य                                                                  25
   4.      खाद्य उत्पादन                                                                      05
             योग

आन्तरिक मूल्यांकन

कुल योग

70

30

100

7 ड़36 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-1 द्रव्य एवं व्यवहार

20 अंक द्रव्य की परिभाषा, ठोस, द्रव तथा गैसीय अवस्था के लक्षण- आकार, आयतन, घनत्व, अवस्था में परिवर्तन-गलनांक (ऊष्मा का अवशोषण) हिमांक, क्वथनांक, वाष्पन (वाष्पीकरण के कारण शीतलता), संघनन, ऊध्र्वपातन।

द्रव्य की प्रकृति-तत्व, यौगिक तथा मिश्रण, समांगी तथा विषमांगी मिश्रण, कोलाइड तथा निलम्बन।

कण प्रकृति, आधारभूत इकाइयाँ-परमाणु एवं अणु, रासायनिक संयोजन के नियम, स्थिर अनुपात का नियम, द्रव्यमान संरक्षण का नियम, परमाणु द्रव्यमान तथा आण्विक द्रव्यमान। परमाणु की संरचना-इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन/संयोजकता, सामान्य यौगिकों के रासायनिक सूत्र, समस्थानिक तथा समभारिक।

इकाई-2 सजीव जगत में संगठन 20 अंक

(i) कोशिका-कोशिका जीवन की आधारभूत इकाई, प्रोकैरियोटिक एवं यूकैरियोटिक कोशिका, बहुकोशिकीय जीव, कोशिका कला एवं कोशिका भित्ति, कोशिकांग एवं कोशिका द्रव्य, क्लोरोप्लास्ट, माइटोकान्ड्रिया, रिक्तिकाएं, एण्डोप्लाज्मिक रैटीक्युलम, गाल्जीकाय, केन्द्रक, क्रोमोसोम्स।

(ii) ऊतक, अंग, अंगतन्त्र, जीव-जंतु एवं वनस्पति ऊतक, संरचना और कार्य, (जन्तुओं में चार प्रकार के ऊतक- एपीथीलियम, संयोजी, पेशी एवं तंत्रिका), विभज्योतकी एवं स्थायी ऊतक (वनस्पतियों में)।

इकाई-3 : गति, बल और कार्य

25 अंक

गति-दूरी और विस्थापन, वेग; एक सरल रेखा में एकसमान और असमान गति; त्वरण, एकसमान गति एवं एकसमान त्वरित गति के लिए दूरी-समय तथा वेग-समय ग्राफ, एकसमान वृत्तीय गति की प्रारम्भिक धारणा।

बल एवं न्यूटन का नियम-बल एवं गति, न्यूटन के गति का नियम, क्रिया एवं प्रतिक्रिया बल, वस्तु का जड़त्व, जड़त्व तथा द्रव्यमान, संवेग, बल एवं त्वरण।

गुरूत्वाकर्षण-गुरुत्वाकर्षण, गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम, पृथ्वी का गुरुत्वीय बल (गुरुत्व), गुरुत्वीय त्वरण, द्रव्यमान और भार, मुक्त पतन।

प्लवन -प्रणोद तथा दाब, आर्किमीडीज का सिद्धान्त, उत्प्लावनबल,

कार्य, ऊर्जा एवं सामथ्र्य-बल द्वारा किया गया कार्य, ऊर्जा, सामथ्र्य, गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण का नियम।

ध्वनि-ध्वनि की प्रकृति और विभिन्न माध्यमों में इसका संचरण, ध्वनि की चाल, मनुष्यों में श्रव्यता का परिसर, पराध्वनि, ध्वनि का परावर्तन, प्रतिध्वनि।

इकाई-4 : खाद्य उत्पादन 05 अंक

पादप एवं जन्तु जनन एवं गुणवत्ता संवर्धन हेतु चयन एवं प्रबन्धन, खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग, रोग एवं कीटों से बचाव, आर्गेनिक कृषि।

प्रयोगात्मक प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्याँकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा, प्रयोगात्मक परीक्षा का अंक विभाजन निम्नवत्‌ हैः-

1-तीन प्रयोग - 23 = 06 अंक

2-मौखिक कार्य - = 02 अंक

3-सत्रीय कार्य - = 03 अंक

कुल अंक = 11 अंकभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 37

प्रयोगात्मक कार्यों की सूची

1. निम्नांकित विलयन तैयार करना-

(a) नमक, चीनी तथा फिटकरी का वास्तविक विलयन बनाना। (b) मिट्‌टी, खड़िया और महीन बालू का जल में निलम्बन तैयार करना। (c) जल में मण्ड और जल में अण्डे की सफेदी की कोलाइड का निम्न के आधार पर अन्तर स्पष्ट करना- (i) पारदर्शिता (ii) छानना (iii) स्थायित्व

2. निम्नांकित तैयार करना-

(i) मिश्रण (ii) यौगिक निम्नांकित तथ्यों के आधार पर लौहचूर्ण तथा सल्फर पाउडर के मध्य अन्तर स्पष्ट करना- (i) दिखावट (समजातीयता तथा विषमजातीयता) (ii) चुम्बक के प्रति व्यवहार (iii) कार्बन डाईसल्फाइड विलायक के प्रति व्यवहार (iv) ऊष्मा का प्रभाव

3. निम्नलिखित अभिक्रियाएँ क्रियान्वित करना तथा उन्हें भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में वर्गीकृत करना- (a) जल में लौह तथा कापर सल्फेट विलयन (b) मैग्नीशियम छीलन का वायु में दहन (c) जिंक तथा सल्फ्यूरिक अम्ल (d) कापर सल्फेट क्रिस्टल को गर्म करना (e) सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड का जल में विलयन

4. प्याज की झिल्ली एवं मानव गाल की कोशिकाओं की अस्थायी अभिरंजित स्लाइड तैयार करना। निरीक्षण तथा रेखांकित चित्र बनाना।

5. पौधों में पेरेन्काइमा, कोलेनकाइमा एवं स्केलेरेन्काइमा ऊतकों की पहचान करना, जंतुओं में अरेखित, रेखित एवं कार्डियक पेशी, तंत्रिका कोशिका की तैयार स्लाइड्‌स का अध्ययन, पहचान एवं नामांकित चित्रण।

6. बर्फ का गलनांक एवं जल का क्वथनांक ज्ञात करना। 7. ध्वनि के परावर्तन के नियम का सत्यापन करना। 8. कमानीदार तराजू तथा मापक सिलेन्डर का उपयोग करके किसी ठोस (जल से अधिक घनत्व) का घनत्व ज्ञात करना।

9. किसी ठोस को निम्न में विसर्जित करने पर उसके भार में होने वाले हानि के मध्य सम्बन्ध स्थापित करना- (a) नल का जल (b) खारे पानी में किन्हीं दो विभिन्न ठोसों को डालने पर उनके द्वारा विस्थापित जल का भार 10. खिचे हुए धागे में कंपन संचरण (फैलाव/प्रसार) की गति ज्ञात करना। 11. रासायनिक क्रिया में द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का सत्यापन करना। टिप्पणी-प्रत्येक विद्यार्थी के पास विज्ञान की एक प्रयोगात्मक नोट बुक होगी जिसमें प्रयोगात्मक कार्य का दैनिक रिकॉर्ड दर्ज किया जायेगा, जिसकी सही ढंग से जाँच होनी चाहिये और इसे प्रयोगात्मक परीक्षा के समय प्रस्तुत किया जाय। प्रोजेक्ट कार्य की सूची 09 अंक नोटः-दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। प्रत्येक खण्डों (भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान) में से एक-एक प्रोजेक्ट कार्य व प्रोजेक्ट फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। तीनों प्रोजेक्ट का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा।

1. दैनिक जीवन में रसायनों का महत्व-

(रसोई, भोजन, दवा, वस्त्र, सौन्दर्य प्रसाधनों आदि में रसायन की भूमिका)।

2. विभिन्न स्रोतों (कुआँ, नल, तालाब, नदी) से जल के नमूने लेकर उनकी शुद्धता की जाँच करना तथा अशुद्ध पानी को पीने योग्य बनाने का एक प्रोजेक्ट तैयार करना।

3. दूध तथा घी के विभिन्न नमूने लेकर उसमें वनस्पति की मिलावट का पता लगाना-

(हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा चीनी द्वारा)।

38 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

4. विभिन्न पदार्थों (यूरिया, ग्लूकोस, सुक्रोस व नमक आदि) को घोलने पर पानी के क्वथनाँक पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना।

5. अपने आस-पास प्रयोग होने वाले आदर्श श्याम पिण्डों को सूचीबद्ध कीजिए तथा दैनिक जीवन में विकिरण ऊर्जा के प्रभाव का सचित्र अध्ययन करना।

6. विभिन्न वाद्ययंत्रों की सूची बनाकर दर्शाइये कि उन वाद्य यंत्रों के कौन से भाग में कम्पन होता है। 7. तरंग मशीन का मॉडल तैयार करके जल की सतह पर उत्पन्न होने वाली तरंग का सचित्र अध्ययन करना।

8. अपने क्षेत्र में पाये जाने वाले पक्षियों की चित्रात्मक सूची तैयार करके इनके आवास एवं वास-स्थान की जानकारी प्राप्त करना।

9. (D.N.A.) (डी ऑक्सी राइबोन्यूक्लिक अम्ल) का मॉडल तैयार करना। 10. स्थानीय जल प्रदूषण के कारणों की जानकारी प्राप्त करना एवं प्रोटोजोएन्स, मछली, एल्गी पर जल प्रदूषण के प्रभाव का अध्ययन करना।

11. प्याज की झिल्ली की अभिरंजित स्लाइड बनाकर सूक्ष्मदर्शीय प्रेक्षण द्वारा कोशिका की संरचना का अध्ययन। 12. एक चार्ट पेपर पर विभिन्न प्रकार की गति का सचित्र व सोदाहरण अध्ययन करना। 13. वैश्विक-तपन का मानव जीवन पर प्रभाव का सचित्र अध्ययन करना। 14. पर्यावरण प्रदूषण व ओजोन परत अपक्षय में रसायनों की भूमिका। 15. आस-पास के खेतों का भ्रमण करें तथा किसानों से पता लगायें कि वह किस फसल के लिये कौन-कौन से उर्वरक का प्रयोग करते हैं। इन उर्वरकों की पोषक तत्वों की सूची बनाइये।

शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गणित

(कक्षा-9)

समय- 3 घंटा इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा।

इकाई इकाई का नाम अंक

 I       संख्या पद्धति                                                                      12
 II       बीजगणित                                                                           22
III      निर्देशांक ज्यामिति                                                                04
IV       ज्यामिति                                                                           16
V        मेन्सुरेशन                                                                         12
VI       सांख्यिकी                                                                          04

योग . . 70

इकाई-1 : संख्या पद्धति 12 अंक 1. वास्तविक संख्याएँ प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्णांकों, परिमेय संख्याओं का संख्या रेखा पर निरूपण की समीक्षा।

आवर्ती/सांत दशमलव के रूप में परिमेय संख्याएँ। वास्तविक संख्याओं पर संक्रियाएँ।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 39

2. अनावर्ती/असांत दशमलव के उदाहरण। अपरिमेय संख्याओ जैसे का अस्तित्व और उनका

3,2

संख्या रेखा पर निरूपण।

3. वास्तविक संख्या के nth root की परिभाषा।

4. दिये गये वास्तविक संख्या x के लिए का अस्तित्व और ज्यामितीय व्याख्या के साथ इसका संख्या

x

रेखा पर निरूपण।

1

1

yx 

xba 

5. तथा तरह के वास्तविक संख्याओं का परिमेयीकरण (संक्षिप्त अर्थों में) जहाँ x और y प्राकृतिक संख्याएँ हैं और a और b पूर्णांक है।

5. पूर्ण घात वाले घातांकों के नियम का पुनः स्मरण (पुनरावलोकन) करना। धन वास्तविक आधार वाले परिमेय घातांक (विशेष स्थितियों में ही, सामान्य नियमों की जानकारी रखना)।

इकाई-2 : बीजगणित 22 अंक

1. बहुपद-एक चर वाले बहुपदों की परिभाषा उदाहरण तथा प्रति उदाहरण के साथ, बहुपद के गुणांक। बहुपद के पद और शून्य बहुपद। एकपदीय, द्विपदीय तथा त्रिपदीय। बहुपद के शून्यक और गुणनखण्ड। गुणखण्डन प्रमेय का कथन और सत्यापन। ax2+bx+c, a0 का गुणनखण्ड जहां a, b और c वास्तविक संख्याएँ हैं और गुणनखण्ड प्रमेय द्वारा त्रिघात बहुपद का गुणनखण्ड।

बीजगणितीय व्यंजक और सर्वसमिकाओं का पुनः स्मरण। सर्वसमिकाओं का सत्यापन-

x2 – y2 = (x+y) (x–y)

(x+a) (x+b) = x2+(a+b)x+ab और बहुपद के गुणनखण्ड में इनका उपयोग।

2. दो चर राशियों में रैखिक समीकरण -

एक चर राशि में रैखिक समीकरण, दो चरों में रैखिक समीकरण की जानकारी। ax + by + c = 0 प्रकार के रैखिक समीकरण पर विशेष ध्यान। सिद्ध करना कि दो चर वाले रैखिक समीकरण के अनन्ततः अनेक हल होते हैं और उनके वास्तविक संख्याओं के क्रमिक युग्म में लिखे जाने की परख करना, उनका निरूपण तथा रेखा पर उनका अंकन। वास्तविक जीवन से संबंधित उदाहरण तथा समस्या प्रश्न। इकाई-3 : निर्देशांक ज्यामिति - 04 अंक कार्तीय तल, किसी बिन्दु के निर्देशांक, कार्तीय तल से सम्बन्धित नाम तथा पारिभाषिक शब्द (Term), संकेतन।

इकाई-4 : ज्यामिति 16 अंक

(1) यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय -

भारत में ज्यामिति तथा यूक्लिड की ज्यामिति। इतिहास, यूक्लिड की परिभाषाएँ, अभिग्रहीत और अभिधारणाएँ।

यूक्लिड के पाँच अभिधारणाएँ। अभिधारणा और प्रमेय के बीच सम्बन्ध, उदाहरण

(अभिधारणा) 1. दिए हुए दो भिन्न बिन्दुओं से होकर एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।

40 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(प्रमेय) 2. (सिद्ध करना) दो भिन्न रेखाओं में एक से अधिक बिन्दु उभयनिष्ठ नहीं हो सकते।

2. रेखा और कोण-

(क) यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो, तो इस प्रकार बने दोनों आसन्न कोणों का योग 1800 होता है और विपरीत भी सत्य हो।

(ख) यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं, तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं। (सिद्ध करना है) (ग) वे रेखाएँ जो एक ही रेखा के समान्तर हों, परस्पर समान्तर होती हैं।

3. त्रिभुज-

(क) दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण, दूसरे त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच के कोण के बराबर हों। (SAS सर्वांगसमता)

(ख) दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, यदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनकी अन्तर्गत भुजा दूसरे त्रिभुज के दो कोणों और उनकी अन्तर्गत भुजा के बराबर हों। ( ASA सर्वांगसमता )

(ग) यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ एक अन्य त्रिभुज की तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। ( SSS सर्वांगसमता )

(घ) यदि दो समकोण त्रिभुजों में, एक त्रिभुज का कर्ण और एक भुजा क्रमशः दूसरे त्रिभुज के कर्ण और एक भुजा के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। (RHS सर्वांगसमता )

(ड) किसी त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं। (च) किसी त्रिभुज में समान कोणों के सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं।

4. चतुर्भुज-

(क) किसी समान्तर चतुर्भुज का एक विकर्ण उसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित करता है। (ख) एक समान्तर चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं और विपरीत भी सत्य है। (ग) एक समान्तर चतुर्भुज में सम्मुख कोण बराबर होते हैं और विपरीत भी सत्य है। (घ) समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को (परस्पर) समद्विभाजित करते हैं और विपरीत भी सत्य है। (ङ) एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने वाला रेखाखण्ड तीसरी भुजा के समान्तर होता है तथा विपरीत भी सत्य है।

5. वृत्त-

(क) वृत्त की बराबर जीवाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अंतरित करती है तथा विपरीत भी सत्य है। (ख) एक वृत्त के केन्द्र से एक जीवा पर डाला गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। वृत्त के केन्द्र से जीवा को समद्विभाजित करने के लिए खींची गयी रेखा जीवा पर लम्ब होती है।

(ग) एक वृत्त की (या सर्वांगसम वृत्तों की) बराबर जीवाएँ केन्द्र से (या केन्द्रों से) समान दूरी पर होती है। विपरीत भी सत्य है।

(घ) एक चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।

(ङ) एक ही वृत्तखण्ड के कोण बराबर होते हैं। (च) यदि दो बिन्दुओं को मिलाने वाला रेखाखण्ड, उसको अंतर्विष्ट करने वाली रेखा के एक ही ओर स्थित दो अन्य बिन्दुओं पर समान कोण अंतरित करें, तो चारों बिन्दु एक वृत्त पर स्थित होते हैं। (अर्थात वे चक्रीय होते हैं)

प्रोजेक्ट कार्य अंक विभाजन शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (परीक्षा + प्रोजक्ट) अगस्त माह 5+5 अंक प्रोजेक्ट-भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 41

( ''भारत का परम्परागत गणित ज्ञान नामक पुस्तिका से तैयार करायें)
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(परीक्षा + प्रोजक्ट)             दिसम्बर माह                        5+5 अंक
3-चार मासिक परीक्षाएं                                                                                   10 अंक
    •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)   मई माह
    •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)        जुलाई माह
    •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह
    •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)       दिसम्बर माह
          चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
नोट-निम्नलिखित (बिन्दु 1 से 10 तक) में से कोई एक प्रोजेक्ट प्रत्येक छात्र से तैयार करायें। तथा एक प्रोजेक्ट
बिन्दु-11 से अनिवार्य रूप से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट अपने स्तर से भी दे सकते हैं।
(1)      विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों की वास्तुकला एवं निर्माण में भूमिका का अध्ययन करना।
(2)      मध्यकाल के किसी एक भारतीय गणितज्ञ (आर्यभट्‌ट, श्रीधराचार्य, महावीराचार्य आदि) के व्यक्तित्व एवं कृतित्व
         पर प्रकाश डालना।

20 15 1542 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 प्रोजेक्ट कार्य एवं आंतरिक मूल्यांकन 30 अंक नोट ः–दिये गये प्रोेजेक्ट सूची में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। 10 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर मासिक परीक्षा द्वारा होगा : 1–पुस्तपालन व लेखाकर्म।

2–दोहरा लेखा प्रणाली-परिचय/सिद्धान्त।

3–रोजनामचा आशय व लेखांकन के नियम।

4–तलपट बनाने की विधियाँ।

5–भारतीय बही खाता प्रणाली–कच्ची रोकड़ बही।

6–भारतीय बही खाता प्रणाली–पक्की रोकड़ बही।

7–जमा व नाम नकल बही।

8–व्यापारिक कार्यालय के कार्य।

9–प्रतिलिपिकरण की प्रणालियाँ।

10–व्यापारिक-पत्र के मुख्य अंग।

11–मुद्रा का जन्म व विकास।

12–मुद्रा के कार्य।

13–भारतीय मुद्रा प्रणाली का सामान्य परिचय।

14–अर्थशास्त्र के विभाग।

15–अर्थशास्त्र के अध्ययन से विभिन्न वर्गों को लाभ।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य)                       अगस्त माह                10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य तथा परीक्षा)          दिसम्बर माह              10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-चित्रकला

कक्षा–9

20 अंको का बहुविकल्पीय परीक्षा भी होगी, जिसका उत्तर OMR Sheet पर दिया जायेगा। इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घंटे का होगा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। प्रश्न पत्र में प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें से किन्ही दो खण्डों के प्रश्न करने होंगे। खण्ड-क (प्रावधिक) एवं खण्ड-ख (आलेखन) में से कोई एक खण्ड करना अनिवार्य है। खण्ड-ग सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है।

30 अंक खण्ड–क (प्राविधिक) इस खण्ड में कुल पाँच प्रश्न होंगे, जिसमें से कुल तीन प्रश्न करने होंगे। 10 अंकों का अक्षर लेखन अनिवार्य होगा। शेष प्रश्न 10-10 अंकों के होंगे :–भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 43 1– रेखाओं तथा कोणों पर आधारित ज्यामितीय निर्देश।

2– अनुपात तथा समानुपात (रेखा तथा कोण)।

3– त्रिभुज (समद्विबाहु, समबाहु आदि)।

4– चतुर्भुज (वर्ग, आयत, पतंगाकार आदि)।

5– बहुभुज (पंचभुज आदि)।

6– अक्षर लेखन (बड़े अक्षर एवं तिरछे)।

30 अंक खण्ड– ख (आलेखन)

दिये गये वर्ग अथवा आयत में एक या दो आवृत्ति के किसी भारतीय पुष्प (कमल, सूरजमुखी, गुलाब, कनेर, जीनिया, डहेलिया आदि) पर आधारित मौलिक आलेखन वस्त्र पर छपाई (टेक्सटाइल डिजाइन) अथवा अल्पना के दृष्टिकोण से तैयार करना।

चित्र दो सपाट रंगों में पूर्ण किया जाये।

खण्ड–ग (मानव आकृति) 1010꞊ 20 अंक साधारण पृष्ठ भूमि में सम्पूर्ण आकृति के एक वर्गीय (मोनोक्रोम) चित्रांकन, बालक, किशोर, युवा अथवा वृद्ध (स्त्री, पुरुष) का स्मृति से दिये गये विषय के अनुसार चित्र बनाया जाये। चित्र पेंसिल, क्रेयान अथवा काली स्याही (ब्लैक स्केच पेन) से लगभग पूरे पृष्ठ पर बनाया जाये। मानव शरीर एवं उसके विविध अंगों के अनुपात पर ध्यान दिया जाये।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :– प्रोजेक्ट कार्य तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें से किन्हीं दो खण्डों से दो प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रोजेक्ट कार्य 10 अंक का है। इसके अतिरिक्त 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है।

प्रोजेक्ट कार्य सैद्धान्तिक, तकनीकी कौशल तथा माध्यम (जलरंग, पोस्टर रंग, पेंसल, चारकोल, क्रेयान, इंक आदि) के उपयुक्त प्रयोग पर आधारित होगा।

प्रोजेक्ट कार्य में संयोजन, सौन्दर्य (आकर्षण) अनुपात, लय के सिद्धान्तों का ध्यान रखते हुये पूर्ण किया जाये।

खण्ड–क (प्राविधिक)

1–रेखाओं एवं कोणों पर आधारित किसी वास्तु (आर्कीटेक्चर) की परिकल्पना करें और उसके पाश्र्व को ज्यामितीय आधार पर पूर्ण करें जिससे यह ज्ञात हो कि ज्यामितीय ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग विद्यार्थी कर सकेगा। 2–त्रिभुज एवं उसके वैविध्य का ज्ञान पर बने हेतु सिटी स्केप, लैण्ड स्केप के ज्यामितीय आरेख बनाये जो पूर्णतः त्रिभुजाकार में हो। 3–वर्ग/आयत (चतुर्भुज) के क्षेत्रफल ज्ञात करने की विधि को उदाहरण सहित व्यक्त करें जिससे यह ज्ञात हो कि विद्यार्थी इसका व्यावहारिक उपयोग कर सकेगा। 4–बहुभुज की उपयोगिता को सिद्ध करने वाले कोई 10 उदाहरण दें और उसे सचित्र वर्णन करेंं। 5–विद्यार्थी के अक्षर लेखन (Calligraphy) की परख करने के लिये कम से कम बीस वाक्य लिखें जो कलात्मक, कोंणात्मक, तिरछा, अलंकारिक आदि प्रकार के हों।

8 ड़44 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड–ख (आलेखन)

6–आलेखन की उपयोगिता को रेखांकित करते हुये किसी वर्ग अथवा आयत में भारतीय पुष्पों के साथ एक मौलिक वस्त्र छपाई (टेक्सटाइल डिजाइन) की रचना करें।

7–कोई अल्पना या रंगोली की रचना करें जो चूर्णित, शुष्क एवं आदर््र माध्यम के साथ पूर्ण किया जाय।

8–अलंकारिक एवं ज्यामितीय आलेखन की रचना करें, उसे जलरंग द्वारा पूर्ण करें।

9–पेंसिल एवं चारकोल द्वारा आलेखन तैयार करें जिसमें रंग का उपयोग न हो किन्तु आकर्षण एवं लय की स्थिति कायम रहे।

10–पोस्टर कलर अथवा वैक्स कलर के साथ अल्पना की रचना करें (वैक्स का टेक्सचर यथावत्‌ रखें उसे मिलाइये नहीं)।

खण्ड–ग (मानव आकृति)

11–एक वर्णीय (मोनोक्रोम) चित्रण पद्धति द्वारा बालक, किशोर, वृद्ध, पुरुष की मानव आकृति सृजित करेें।

12–पेंसिल, चारकोल, वैक्स द्वारा बालिका, किशोरी एवं वृद्धा की आकृति सृजित करें।

13–पेंसिल अथवा पेन द्वारा कार्यरत मानव आकृति का शीघ्रता में रेखांकन किया जाय जिसमें गति का बोध हो।

14–स्त्री, पुरूष, बालक-बालिका के शरीरानुपात को ध्यान में रखते हुये जलरंगी चित्रण करें।

15–किसी स्त्री-पुरूष, बच्चा-बच्ची का वास्तविक चित्र अंकित करें तथा पुनः उसी को कार्टून में परिवर्तित करेें। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (एक प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(एक प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-रंजन कला

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घन्टे का होगा। प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा। खण्ड 'क' अनिवार्य होगा। खण्ड 'ख' एवं खण्ड 'ग' में से कोई एक खण्ड का चयन करना होगा। खण्ड–क (चित्र संयोजन) 45 अंक भारतीय चित्रण शैली अथवा स्वतन्त्र शैली में काल्पनिक चित्र जिसमें कम से कम एक मानव आकृति एवं पृष्ठ भूमि में साधारण दृश्य अंकित किये जायें। निर्मित चित्र को जल रंग अथवा पोस्टर रंग से तैयार/पूर्ण किया जाये। चित्र लगभग पूरे पृष्ठ पर बनाया जाय। खण्ड–ख (वस्तु चित्रण) 25 अंक

साधारण जीवन में दैनिक उपभोग की घरेलू वस्तुयें, पालतू जानवर, साग-सब्जी और फल-फूल आदि किन्हीं दो वस्तुओं का चित्र, छाया प्रकाश दर्शाते हुये अंकित करना। चित्र एक वर्णीय (मोनोक्रोम) पेंसिल, क्रेयान, काली स्याही में चित्रित किया जाये।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 45

खण्ड–ग (चित्रकला के मूलतत्व) 25 अंक इस खण्ड में पाँच प्रश्न होंगे, जिसमें से कुल तीन प्रश्न करने होंगे। (1) रेखा (Line)A (2) रंग या वर्ण (Colour)A (3) तान (Tone)A (4) पोत (Texture)A (5) आकृति (Form)A (6) अन्तराल (Space)A (7) षडंग (चित्रकला के 6 अंग)। पुस्तकें :–कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें। प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन के अन्तर्गत 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये तथा 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

प्रोजेक्ट कार्य की सूची नोट :–निम्नलिखित में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 10 अंक का है। निम्नलिखित कथनों के रंगीन पोस्टर बनाकर घर में एवं विद्यालय में लगायें :– (1) जल ही जीवन है। (2) अधिक अन्न उपजाओ। (3) सच बोलो। (4) प्रातः उठो। (5) बड़ों का आदर करो। (6) किसी भारतीय चित्रकार का चित्रकला में योगदान। (7) सड़क सुरक्षा के संकेतकों एवं टै्रफिक सिग्नल को दर्शाना। प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (एक प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(एक प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (चित्रात्मक) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (चित्रात्मक) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-9

(केवल बालिकाओं के लिये)

इस विषय में एक प्रश्न-पत्र 70 अंकों का तथा समय तीन घण्टे का होगा।

क्रम संख्या इकाई अंक 1 गृह प्रबन्ध 15 2 स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात 15 3 वस्त्र और सूत विज्ञान 10 4 भोजन तथा पोषण विज्ञान 15 5 प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15 कुल योग-70 अंक प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन– 30 अंक

योग–100 अंक46 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 15

1–गृह प्रबन्ध

(1) गृह विज्ञान के तत्व और क्षेत्र। (2) व्यवस्था की परिभाषा गृह और परिवार के सम्बन्ध में। (3) कार्य व्यवस्था, प्रभाव डालने वाले कारक, साधन, पारिवारिक आय, परिवार– कल्याण, परिवार के सदस्यों की संख्या और उनका व्यवहार एवं अभिरुचि। (4) अर्थ व्यवस्था–परिवार की मूलभूत आवश्यकतायें।

15

2–स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात (1) स्वास्थ्य की परिभाषा, व्यक्तिगत स्वास्थ्य की देखरेख और रक्षा। व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता एवं भोजन और स्वास्थ्य।

(2) स्थानीय स्वास्थ्य संस्थाओं का प्रशासन और सेवायें, उनसे सहायता प्राप्त करना। (3) वायु–शुद्ध वायु का महत्व तथा संचालन, पर्यावरण एवं प्रदूषण का जन जीवन पर प्रभाव। (4) अशुद्ध वायु से होने वाले रोग। (5) यातायात सम्बन्धी नियम-सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित शर्तों को समझना, मोटर वाहनों द्वारा सड़क का उपयोग करने वाले अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के प्रति कर्तव्य, मार्ग अधिकारः समझ-बायाँ मोड़, दायाँ मोड़ और यू-टर्न।

10

3–वस्त्र और सूत विज्ञान

(1) कपड़ों के तन्तु, कपड़ों के प्रकार, जीवन में उनका प्रयोग। (2) व्यक्तिगत सज्जा–उचित वेष-भूषा (मौसम और अवसर के अनुकूल) व्यक्तिगत वेश-भूषा।

15

4–भोजन तथा पोषण विज्ञान

(1) निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का संगठन, वर्गीकरण, उनके कार्य, अनाज, दालें और मेवे, सब्जी और फल, दूध और दूध से बने पदार्थ, वसा और तेल, माँस, मछली, अंडे, जंक फूड।

(2) संतुलित आहार-कुपोषण एवं कुपोषण जनित व्याधियाँ-एनीमिया, क्वाशरकोर, मेरेस्मस, सूखा रोग, रतौंधी स्कर्वी आदि, कम खाना (एनारैक्सिया नरवोसा) और अतिसार (बुलिमिया नरवोसा)

5–प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15

(1) प्राथमिक चिकित्सा के मुख्य सिद्धान्त। (2) सामान्य घरेलू दुर्घटनायें और उनसे बचाव। (3) सामान्य घरेलू देशज औषधियाँ। (4) तिकोनी एवं लम्बी पटि्‌टयाँ और उनका प्रयोग। (5) गृह परिचर्या की परिभाषा–परिचारिका के गुण। (6) रोगी का कमरा–चुनाव तैयारी, सफाई और प्रकाश का प्रबन्ध। (7) बिस्तर, बिस्तर लगाना, चादर बदलना। प्रयोगात्मक 10 प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा। खण्ड (क) वस्त्र और सूत विज्ञान

1–कपड़ों के पाँच विभिन्न प्रकार के नमूनों की पहचान एवं संग्रह। 2–किन्हीं छः विभिन्न फैन्सी टांकों से किसी एक वस्तु की कढ़ाई करना। 3–बची खुची एवं निष्प्रयोज्य सामग्री द्वारा सजावट की कोई एक वस्तु तैयार करना।

खण्ड (ख) भोजन तथा पोषण विज्ञान

1–पाचन अंगों का चित्रांकन। 2–प्रत्येक खाद्य तत्वों का संकलन चार्ट द्वारा। 3–छात्रा (किशोरी) के एक दिन के संतुलित आहार की तालिका बनाना चार्ट द्वारा।

खण्ड (ग) (प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या)

1–तिकोनी पट्‌टी का प्रयोग (सिर, हथेली, कोहनी, एड़ी एवं घुटने की पट्‌टी) खपच्चियों का प्रयोग।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 47

2–बिस्तर लगाना और चादर बदलना।

निर्धारित पाठ्‌य पुस्तकें– कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यार्थियों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्यों की सूची नोट :–दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से करायें। प्रोजेक्ट कार्यों की फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रोजेक्ट पाँच अंक का है। शिक्षक पाठ्‌यक्रम से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। प्रोजेक्ट कार्य का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

1–गृह विज्ञान में समावेश होने वाले विषयों की सूची बनाइये।

2–स्वास्थ्य कार्यों में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं की भूमिका।

3–वायु प्रदूषण–प्रदूषण के कारण, प्रभाव तथा रोकथाम के उपाय में आपकी भूमिका।

4–दर्जी से कपड़े एकत्र करना एवं वानस्पतिक तन्तु, जान्तव तन्तु एवं कृत्रिम तन्तु को तालिकाबद्ध करना। 5–किशोरावस्था (13 से 18 वर्ष) के लिये एक दिन का संतुलित आहार का चार्ट तैयार करना। 6–एक चार्ट पेपर पर पाचन तंत्र का नामांकित चित्र बनाना।

7–वाटर फिल्टर एवं एक्वागार्ड का उपयोग।

8–प्राथमिक उपचार बॉक्स तैयार करना।

9–एक चार्ट पेपर पर तन्तुओं के वर्गीकरण को दर्शाना एवं पाठ्‌यक्रमानुसार तन्तुओं को चिपकाना। 10–बच्चों से उनके एक दिन के आहार की सूची तैयार करना एवं उसमें विद्यमान पोषक तत्वों को सूचीबद्ध करना।

11–दूध एक पूर्ण आहार है, चार्ट द्वारा प्रस्तुत करना।

12–गृह परिचारिका के गुणों की सूची बनाना। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक ) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-9

(बालकों के लिए तथा उन बालिकाओं के लिए जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया हैं) पाठ्‌यक्रम एवं पाठ्‌य पुस्तकों की स्थिति वही रहेगी जो इस विवरण पत्रिका में गृहविज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए) विषय हेतु निर्धारित है।

विषय-मानव विज्ञान

(कक्षा-9)

इस विषय में एक प्रश्न-पत्र 70 अंकों का होगा। प्रश्न-पत्र तीन घंटे का होगा।

(पुरातात्विक मानव विज्ञान) पूर्णांक : 70 अंक 5 इकाई–1 मानव विज्ञान की परिभाशाएं, प्रमुख शाखाएं48 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 इकाई-2 (क) पृथ्वी पर मानव जीवन का आरम्भ एवं भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन की कालावधि। 5 (ख) आरम्भिक प्रति नूतन काल में मानव जीवन की विद्यमानता के प्रमाण 5 (1) मानव जीवाश्म अवशेष। (2) मानव निर्मित उपकरण।

10

10

10 5 10

General Anthropology- Nadeem Hasnain मानव विज्ञान-परिचय-प्रो0 गोपाल शरण

प्रोजेक्ट कार्य इस विषय में 30 अंक का प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन होगा। विषय अध्यापक दिये गये प्रोजेक्ट में से दो प्रोजेक्ट अवश्य तैयार करायें। विषय अध्यापक छात्र हित में अपने स्तर पर कोई अन्य प्रोजेक्ट भी करा सकते हैं– (1) पर्यावरणीय विषमता और मानव अस्तित्व। (2) प्राणी जीवन एवं वनस्पतियाँ। (3) मानव जीवाश्म अवशेष। (4) होलोसीन की पर्यावरणीय विशेषतायें। (5) हिमनद एवं हिमयुग। (6) मानव निर्मित उपकरण का वर्गीकरण। (7) घुमन्तू जीवन। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक ) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 49

विषय-कश्मीरी

कक्षा-9

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का

आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

भाग (अ) 35 अंक

1-व्याकरण-

5 निम्नलिखित का अध्ययन किया जाना है- (1) वचन (2) लिंग 5 (3) समानार्थक एवं विपरीतार्थक 5 (4)पाठ्‌य पुस्तक में वर्णित शब्दों का प्रयोग 3 (5) काल 2

10 2-पैराग्राफ लेखन-

दिये हुए तीन विषयों पर 50 शब्दों का पैराग्राफ लेखन

05 3-लिपि एवं वर्तनी-

दिये हुए लगभग 30 शब्दों के पाठ्‌यांश में उल्लिखित विशिष्ट चिन्हों वाले शब्दों तथा वर्तनी को शुद्ध करना-

भाग (ब) 35 अंक

1-गद्य-

निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे- (1) काशीर (2) काशीर-जुबान व अदब (3) बादशाह (4) काशीर तालमी निम्न प्रकार से प्रश्न पूँछे जाये- (क) पाठ्‌य पुस्तक से दिये गये पाठ्‌यांश का अंग्रेजी/उर्दू/हिन्दी में अनुवाद 5 (ख) गद्य पाठ का संक्षिप्तीकरण 5 (ग) पाठ्‌य पुस्तक से प्रश्न

10 2-पद्य-

10 5 निम्नलिखित पद्यों का अध्ययन किया जाय- (1) बख-त-सुरकी (2) पम्पेरीनामा (3) बाहर आओ (4) काशीर जुबान (5) इसान कम (6) रूबाई (जी0आर0 नजस्की) निम्न प्रकार से प्रश्न पूंछे जायेंगे- (अ) दिये गये पद्यांश को गद्यांश में बदलना। (ब) पद्य का संक्षिप्तीकरण निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक- (1) कशूर निषाद (कक्षा-09 तथा 10 के लिए) प्रकाशक-जे ऐण्ड के स्टेट बोर्ड आफ हाईस्कूल एण्ड इण्टरमीडिएट बोर्ड

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                      जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                     दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
50 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-संगीत (गायन)

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न.पत्र तीन घंटे का होगा। 30 अंक का प्रोजेक्ट कार्य एवं आन्तरिक मूल्यांकन होगा।

शास्त्रीय शब्दावली की परिभाषा एवं व्याख्या, संगीत स्वर, सप्तक, शुद्ध और विकृत स्वर, अलंकार, आलाप, विवादी, पकड़, राग, जाति, औड़व, षाडव, सम्पूर्ण, ताल, मात्रा, लय, पाठ्‌यक्रम के रागों का परिचय।

1–संगीत का इतिहास एवं रागों का अध्ययन।

2–पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषता, स्वर, विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त।

3–रागों के आलाप तान लिखने की योग्यता।

4–तालों का ताल परिचय लिखने की तथा इगुन, दुगुन, लय में लिखने (कहरवा, झपताल, तीनताल) की योग्यता होनी चाहिये।

5–गीतों का सरल आलाप, तान सहित लिपिबद्ध करने की योग्यता।

6–स्वर समूहों के छोटे-छोटे टुकड़ों के आधार पर राग पहचानने की योग्यता।

7–अमीर खुसरो एवं भातखण्डे की जीवनी।

8–राग यमन तथा खमाज रागों का विस्तृत अध्ययन, प्रत्येक में एक-एक गीत के साथ तीन-तीन आलाप एवं चार-चार तान तालबद्ध करके गाने की योग्यता।

9–बिलावल, भूपाली, आसावरी, रागों का परिचय एवं प्रत्येक का गीत स्वर लिपि सहित लिखने एवं गाने की योग्यता।

10–प्रत्येक राग का सरगम गीत तथा लक्षण गीत सिखाया जाना चाहिये।

11–प्रत्येक रागों का आरोह-अवरोह पकड़ गाना आना चाहिये।

नोट :–उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों पर आधारित प्रयोगात्मक परीक्षा ली जायेगी जो 10 अंकों की होगी तथा 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये निर्धारित है जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

प्रोजेक्ट कार्य नोट :–निम्नलिखित में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं। 1–सप्तक के तीन प्रकार, प्रत्येक सप्तक के स्वर चिन्ह तथा एक सप्तक की दूसरे सप्तक से ऊँचाई अथवा निचाई को स्वरों की आन्दोलन संख्याओं के माध्यम से प्रदर्शित कीजिये। 2–हिन्दुस्तानी संगीत के दस थाटों के नाम तथा प्रत्येक थाट के स्वरों को तालिकाबद्ध कीजिये। 3–चार प्राचीन संगीत वाद्यों के चित्र एकत्र कीजिये तथा उनके नामों का उल्लेख करते हुये उन्हें अपनी स्क्रैप बुक में चिपकाइये। 4–चार आधुनिक वाद्य यन्त्रों के विषय में लिखिये तथा उनके चित्र भी चिपकाइये। 5–एक चार्ट पेपर पर तानपुरे का चित्रण कीजिये तथा उनके अंगों का उल्लेख करते हुये उन्हे अपनी स्क्रैप बुक में चिपकायेे। 6–श्री विष्णु नारायण भातखण्डे द्वारा रचित संगीत पुस्तकों की एक सूची तैयार कीजिये। 7–स्वरों के शुद्ध एवं विकृत प्रकारों को चार्ट पेपर पर अंकित कीजिये। 8–चार प्रमुख भारतीय नृत्य शैलियों के नाम, चित्र एवं उनसे सम्बन्धित शीर्ष कलाकारों के नाम स्क्रैप बुक में अंकित कीजिये। 9–एक चार्ट पेपर पर तबले का चित्र बनाइये तथा अंगों के नाम दर्शाइये। 10–गायन से सम्बन्धित कुछ नवीन कलाकारों के नाम एकत्र कीजिये। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 51

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                 मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                      जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                               नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                     दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- संगीत (वादन)

(कक्षा-9)

संगीत वादन पाठ्‌यक्रम दो भागों में क्रमशः प्रथम भाग अवनद्ध वाद्य (तबला एवं पखावज) तथा द्वितीय भाग तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य लेने वाले विद्यार्थियों के लिये निर्धारित है-

प्रथम भाग-अवनद्ध भाग (तबला एवं पखावज) हेतु

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न.पत्र तीन घंटे का होगा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट/आन्तरिक मूल्यांकन कार्य होगा। पूर्णांक- 100 अंक

खण्ड-क

शास्त्रीय शब्दों की परिभाषा एवं व्याख्या– मात्रा, लय, खाली, ताली (भारी), सम, ताल, तिहाई, टुकड़ा, परन।

खण्ड-ख

संगीत का इतिहास एवं रागों का अध्ययन– 1–वादन पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषतायें– 2–तालों के टुकड़े, परन आदि लिखने तथा बजाने की योग्यता। 3- ठेके के कुछ बोलों के आधार पर तालों को पहचानने की योग्यता। 4–अमीर खुसरो एवं भातखण्डे की जीवनी, तबला, पखावज या मृदंग में से कोई एक वाद्य ले सकता है। 5–तबला और पखावज–(अपने वाद्यों के अंगों का सचित्र वर्णन तथा मिलाने की विधि का ज्ञान)– (1) तीनताल, एकताल, झपताल में से प्रत्येक में दो कायदा, दो टुकड़े और दो तिहाइयाँ लिखने तथा बजाने की योग्यता।

(2) दादरा, रूपक एवं सूलताल तालों के साधारण ठेके तथा उनकी दुगुन में ताली देकर बोलने का अभ्यास। (3) तीनताल, झपताल, दादरा, एकताल से परिचित होना चाहिये। (4) भारतीय वाद्यों का वर्गीकरण।

नोट :–उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों की आन्तरिक प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। जिसके लिये 10 अंक निर्धारित किये गये हैं तथा 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये हैं। इनका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :– किन्हीं दो का चयन कर प्रोजेक्ट तैयार कीजिये। 1–अपने वाद्य को सचित्र चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिये। 2–हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के संगीत में दिये योगदान को वर्णित कीजिये। 3–खुले बोल व बन्द बोलों की तालों को उदाहरण सहित अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिये। 4–वाद्यों के वर्गीकरण को समझाते हुये प्रत्येक प्रकारों के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइये। 5–अपने वाद्य की परम्परा को बताते हुये किसी प्रसिद्ध घराने की चर्चा कीजिये। 6–उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध कलाकारों की सूची बनाकर उनको दिये जाने वाले पुरस्कार व क्षेत्र को बताइये। 7–किसी महान संगीतज्ञ का चित्र बनाकर संक्षिप्त जीवन परिचय चार्ट के माध्यम से दीजिये। 8–किसी संगीत समारोह का आँखों देखा हाल अपने शब्दों में वर्णित कीजिये। 9–संगीत के किसी एक वाद्य का मॉडल बनाइये। 10–शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध वाद्यों के चित्र एकत्रित कर उन्हें बजाने वाले कलाकारों के नाम चित्र सहित सम्मुख लगाइये।

9 ड़52 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 द्वितीय भाग-(तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य) हेतु (सितार, सरोद, सारंगी, इसराज अथवा दिलरूबा, वायलिन, बाँसुरी, गिटार आदि) इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न पत्र 3 घण्टे का होगा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट/लिखित प्रयोगात्मक) कार्य किया जायेगा। पूर्णांक-100

खण्ड-क

शास्त्रीय शब्दों की परिभाषा एवं व्याख्या- संगीत, श्रुति, थाट, पकड़, जमजमा स्वर (शुद्ध एवं विकृत), आलाप, राग, आरोह, अवरोह, वादी, संवादी, तोड़ा, मात्रा, लय, खाली, ताली, सम, तिहाई। संगीत का इतिहास एवं रागों का अध्ययन- 1- चयनित वाद्य के अंगों का सचित्र वर्णन एवं वाद्य मिलाने की विधि। जीवनी- अमीर खुसरो, पं0 विश्णु नारायण भातखण्डे। 2- भारतीय वाद्यों का वर्गीकरण। 3- गत की परिभाषा एवं प्रकारों का अध्ययन। 4- स्वर समूहों के माध्यम से रागों को पहचानने की योग्यता। 5- वादन पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषतायें- स्वर विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त। 6- गत को लिपिबद्ध करने की योग्यता (सरल स्वर विस्तार एवं तोड़ों के साथ) 7- राग यमन एवं खमाज राग का विस्तृत अध्ययन। 8- राग बिलावल एवं असावरी राग का सामान्य अध्ययन। 9- तालें-झपताल, ताल दादरा, कहरवा ताल, एक ताल का ज्ञान। 10- भूपाली राग में आरोह, अवरोह, पकड़ लिखने की योग्यता। नोट- उपर्युक्त निर्धारित रागों की आन्तरिक परीक्षा विद्यालय स्तर पर होगी।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :– किन्हीं दो का चयन कर प्रोजेक्ट तैयार कीजिये। 1–अपने वाद्य को सचित्र चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिये। 2–हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के संगीत में दिये योगदान को वर्णित कीजिये। 3–खुले बोल व बन्द बोलों की तालों को उदाहरण सहित अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिये। 4–वाद्यों के वर्गीकरण को समझाते हुये प्रत्येक प्रकारों के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइये। 5–अपने वाद्य की परम्परा को बताते हुये किसी प्रसिद्ध घराने की चर्चा कीजिये। 6–उत्तर भारतीय हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध कलाकारों की सूची बनाकर उनको दिये जाने वाले पुरस्कार व क्षेत्र को बताइये। 7–किसी महान संगीतज्ञ का चित्र बनाकर संक्षिप्त जीवन परिचय चार्ट के माध्यम से दीजिये। 8–किसी संगीत समारोह का आँखों देखा हाल अपने शब्दों में वर्णित कीजिये। 9–संगीत के किसी एक वाद्य का मॉडल बनाइये। 10–शास्त्रीय संगीत के कुछ प्रसिद्ध वाद्यों के चित्र एकत्रित कर उन्हें बजाने वाले कलाकारों के नाम चित्र सहित सम्मुख लगाइये। 11- चल ठाठ व अचल ठाठ के सितार को समझाये। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रोजेक्ट तथा प्रयोगात्मक) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 53

विषय-सिलाई

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन होगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक क्रमशः 23 एवं 10 कु ल उत्तीर्णांक 33 अंक हैं। पूर्णांक 100 नोट: 70 अंकों की लिखित परीक्षा में एक अंक के 20 बहुविकल्पीय, प्रश्न (खंड अ) जिनके उत्तर OMR शीट पर देने होंगे, 50 अंक के वर्णानात्मक प्रश्न (खंड ब; अतिलघु-9x2, लघु-5x4, दीर्घ उत्तरीय–2x6) होंगे।

इकाई

1-विभिन्न प्रकार के कपड़ों (सूती, ऊनी, रेशमी, सिन्थेटिक) के तन्तु व उनकी विशेषतायें। 7 अंक 2-सूती, ऊनी, रेशमी, सिन्थेटिक कपड़ों पर लोहा (प्रेस) करने की विधि। 7 अंक 3-सिलाई में प्रयोग होने वाली सामग्री का ज्ञान। 7 अंक 4-धागे का ज्ञान। 7 अंक 5-पर्यावरण सुरक्षा अर्थ स्वरूप तथा पर्यावरण और सिलाई का सम्बन्ध। 7 अंक 6-प्रदूषण क्या है? उनके विभिन्न प्रकार का प्रभाव। 7 अंक 7-सिलाई क्रिया के समय प्रदूषण के अवसर। 7 अंक 8- मानव शरीर- प्रकार एवं गठन। 7 अंक 9-नाप लेने की प्रणाली- प्रत्यक्ष प्रणाली तथा अप्रत्यक्ष प्रणाली 7 अंक 10-सादा पायजामा, पेटीकोट, बंगला कु र्ता, फ्रॉक, परिधानों की नाप लिखना, रेखा चित्र बनाना तथा पेपर कटिग करना। 7 अंक प्रयोगात्मक पाठ्यक्रम: प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा।

1-पेपर कटिग- सादा पायजामा, पेटीकोट, बंगला कु र्ता, फ्रॉक सम्बन्धित परिधानों के नापों की जानकारी एवं रेखाचित्र बनाने का अभ्यास।

2-पेटीकोट, फ्रॉक, पायजामा, प्रेसिग उपकरणों की जानकारी एवं उपयोगिता वस्त्रों की सिलाई सम्बन्धी परिधानों की हाथ सिलाई, काज, बटन एवं पूर्ण रूपेण फिनिशिग का ज्ञान एवं अभ्यास करना।

प्रोजेक्ट कार्यों की सूची-

नोट: दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से करायें, प्रोजेक्ट कार्यों की फाइल तैयार करना अनिवार्य होगा। 1-विभिन्न प्रकार के वस्त्र (ऊनी, सूती, रेशमी, नायलान) पर जल, साबुन एवं धोने की विधि का प्रभाव

2- सिलाई एक कला

3- सिलाई किट

4-धागो का वर्गीकरण

5-पर्यावरण और सिलाई।

6-सिलाई एवं सजावटी टाँके

7-सिलाई एवं सजावटी सामान

8-वस्त्रो का नवीनीकरण

9-एक फाइल तैयार करें जिसमें पाठ्यक्रमानुसार सभी वस्त्रों की नाप एवं पेपर कटिग लगायें।

10-एक फाइल तैयार करें जिसमें पाठ्यक्रमानुसार सभी वस्त्रों की नाप लिखें एवं छोटे-छोटे वस्त्र सिल कर लगायें।

आन्तरिक मूल्यांकन निम्नवत कराये जाने की संस्तुति की जाती है- शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1.प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य अगस्त माह 10 अंक (5+5) 2- द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य दिसम्बर माह 10अंक (5+5)54 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 3- चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक i. प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीयप्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई

ii. द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर) जुलाई

iii. तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीयप्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर

iv. चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर) दिसम्बर

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवतित किया जाय।

विषय-कम्प्यूटर

(कक्षा-9)

इस विषय में 70 अंकों का केवल एक प्रश्न पत्र तीन घंटे का होगा तथा 30 अंकों का

आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।

1- कम्प्यूटर फंडामेटल्स एवं अनुप्रयोग

10 अंक A) 1.1 कम्प्यूटर परिचय एवं विकास 1.2 कम्प्यूटर के प्रकार एवं आर्किटेक्चर 1.3 हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर एवम उनके प्रकार 1.4 नंबर सिस्टम : बाइनरी, डेसीमल, ऑक्टल, हेक्सा डेसीमल प्रणाली

1.5 बाइनरी एवम्‌ डेसीमल प्रणाली में परस्पर रूपांतरण (फ्रेक्शनल कन्वर्जन सहित)

B) 1.6 बाइनरी ऑपरेशन (जोडना, घटाना, गुणा, भाग) 10 अंक 1.7 लॉजिकल ऑपरेटर्स (AND, OR, NOT, NAND, NOR) और उनकी ट्रुथ टेबल (सत्यता सारणी)

2- ऑपरेटिंग सिस्टम

A) 2-1 ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय (विंडोज एवं लाइनेक्स) 10 अंक 2-3 ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य, प्रकार एवं अवयव

2.3 लाइनेक्स का इतिहास, मौलिक गुण एवं विशेशताएं

2.4 लाइनेक्स का स्वरूप ( GUI और CLI )

B) 2.5 लाइनेक्स : इंटरनल कमांड 10 अंक 2.6 लाइनेक्स : एक्सटरनल कमांड

2.7 वीं- आइ टेक्स्ट एडिटर

3 ऑफिस से परिचय 10 अंक

3.1 वर्ड प्रोसेसिंग के तत्व एवं विधि

3.2 प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर के तत्व एवं विधि

3.3 स्प्रैडशीट के तत्व एवं चार्ट निमार्ण

4 प्रोग्रामिंग तकनीक 10 अंक

4.1 प्रोग्रामिंग तकनीक का परिचय

4.2 एल्गोरिथम, फ्लोचार्ट, स्यूडोकोड एवं डिसीजन टेबल

4.3 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का परिचय

5- कम्प्यूटर कम्युनिकेशन एवम्‌ नेटवर्क 10 अंक

5.1 प्राथमिक संचार मॉडल एवम्‌ उनके प्रकार

5.2 कम्युनिकेशन मीडिया (सिम्प्लेक्स और पूर्ण डूप्लेक्स)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 55 5.3 नेटवर्क की परिभाषा

5.4 नेटवर्क के प्रकार (LAN, MAN,WAN)

5.5 नेटवर्क टोपोलॉजी (Topology)

5.6 इंटरनेट (Internet) तथा इंट्रानेट(Intranet) की परिभाषा एवम्‌ उसके उपयोग

आंतरिक मूल्यांन 30 अंक

1. कम्प्यूटर हार्डवेयर का स्केच बनाना एवं अध्ययन करना। 2. कम्प्यूटर सिस्टम सॉफ्टवेयर एवं एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का इंस्टालेशन करना। 3. लाइनेक्स के इंटरनल तथा एक्सटर्नल कमांड का अध्ययन एवं फाइल निर्माण। 4. लाइनेक्स आपरेटिंग सिस्टम की विशेशताएँ। 5. वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हुये अभिलेख तैयार करना।

(उदाहरण- टाइम टेबल, बायोडाटा, निबंध इत्यादि) 6. स्प्रेडशीट का उपयोग करते हुये अभिलेख तैयार करना। 7. प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हुये प्रेजेंटेशन तैयार करना।

(सड़क सुरक्षा मानकों को दर्शाने वाले सभी संकेतों के एनिमेटेड स्लाइड्‌स विकसित करें)।

8. कम्प्यूटर नेटवर्क (टोपोलॉजी) का निर्माण करना। 9. कम्प्यूटर के रख-रखाव का अभ्यास करना। 10. नजदीकी कम्प्यूटर सेंटर का भ्रमण।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कृषि

(कक्षा-9) पूर्णांक 100

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

1. जलवायु विज्ञान–उत्तर प्रदेश तथा भारत में मौसम और ऋतुएँ। फसलों पर अनुकूल तथा प्रतिकूल मौसम का प्रभाव। वर्षा, उसमें वार्षिक तथा ऋतुगत परिवर्तन, उसके वितरण का फसलों तथा कृषि क्रियाओं पर प्रभाव।

2 अंक

2. मृदायें–मृदा निर्माण, मृदा संगठन, मिट्‌टी के भौतिक गुण–मृदा गठन, मृदा विन्यास, रंध्रावकाश, सुघट्‌यता, घनत्व, ससंजन और असंजन, भूमि ताप, मृदा जल उ0प्र0 के मृदाओं का संक्षिप्त विवरण। 10 अंक

3. सिंचाई और जल निकास–(क) पौधों को जल की आवश्यकता, नमी संरक्षण, अत्यधिक जल से हानियाँ, जल-निकास की सामान्य विधियाँ।

(ख) उत्थापक के प्रकार, उनके नाम, वाशर रहट तथा शक्ति चलित पम्प का विशेष ज्ञान। 10 अंक

4. खाद तथा उर्वरक–पौधों के आवश्यक पोषक तत्व और उनके स्रोत, जैविक खाद, गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, हरी खाद, खलियाँ आदि।

10 अंक56 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 5. कर्षण–जुताई के उद्देश्य और जुताई की विधियाँ।

03 अंक 6. कृषि यन्त्र–(क) विभिन्न प्रकार के हल जैसे-देशी, मेस्टन, शाबाश केयर, यू0पी0 नं0–2 10 अंक (ख) कल्टीवेटर।

(ग) हैरो– खूँटीदार, कमानीदार, तिकोनिया।

(घ) अन्य यन्त्र–पटेला, रोलर, करहा।

(ङ) हाथ के औजार– खुरपी, हो, रैक तथा फावड़ा।

फसलों की खेती।

7. फसलों का वर्गीकरण–फसल चक्र, शुष्क खेती, दियारा खेती, मिश्रित खेती, मिलवाँ फसल तथा बहु 03 अंक

तथा बरसीम।

8. निम्न फसलों की खेती–मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर, कपास, सोयाबीन, उर्द, मूँग, जौ, चना, मटर, सरसों 10 अंक 9. पशुपालन–गाय, भैंस, भेड़ तथा बकरी की उन्नत नस्लें।

10 अंक 10. लेखपाल के कागजात–गाँव का नक्शा तथा खतौनी, जोत-बही तथा उसकी उपयोगिता। 02 अंक

प्रयोगात्मक

1–बीज शैय्या तैयार करना।

2–कृषि यन्त्र, बीज, खरपतवार की पहचान।

3–मौखिक।

4–वार्षिक अभिलेख।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :–निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी बनवा सकते हैं। 1–ऋतुओं का वर्णन एवं उसमें उगाई जाने वाली फसलों का अध्ययन करना।

2–मृदा के भौतिक गुणों का अध्ययन करना।

3–विभिन्न प्रकार की जैविक खाद व रासायनिक खाद का अध्ययन करना।

4–विभिन्न ऋतुओं में उगने वाले खरपतवारों का अध्ययन करना।

5–फसलों में उपयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के कृषि यन्त्रों का अध्ययन करना।

6–जैविक व रासायनिक खाद में पाये जाने वाले प्रतिशत तत्वों का अध्ययन करना।

7–सिंचाई की विधियों एवं उससे होने वाले लाभ व हानियों का अध्ययन करना।

8–विभिन्न फसलों में दिये जाने वाले उर्वरकों का अध्ययन करना।

9–बलुई मिट्‌टी में उगाई जाने वाली फसलों तथा उसके सुधारने के उपाय का अध्ययन करना। 10-फसलों की पंक्तियों में बुआई से उत्पादन पर प्रभाव का अध्ययन करना।

नोट :–प्रोजेक्ट कार्य एवं प्रयोगात्मक परीक्षा का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माहभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 57

•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                       जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                               नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                     दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-हेल्थ केयर

(कक्षा-9)

(स्वास्थ्य देखभाल) इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

विषय वस्तु तालिका

10 अंक

इकाई-1 स्वास्थ्य देखभाल प्रदायगी प्रणाली स्वास्थ्य देखभाल प्रदायगी प्रणाली को समझना।

अस्पताल के घटकों और गतिविधियों को अभिज्ञान करना। चिकित्सालय की भूमिका और कार्यों को समझना। विभिन्न पुनर्वास देखभाल सुविधाओं की पहचान, पुनर्वास केन्द्र के कार्यो का उल्लेख करना। दीर्घ अवधि तक देखभाल करने वाली सुविधाओं का वर्णन। आश्रम देखभाल का ज्ञान, मरणासन्न रोगियों की देखभाल।

15 अंक

इकाई-2 रोगी देखभाल सहायक की भूमिका रोगी देखभाल सहायक की भूमिका।

रोगी की दैनिक देखभाल की विभिन्न गतिविधियां। रोगी के आराम के लिये आवश्यक मूलभूत घटकों को पहचाना। रोगी की सुरक्षा। उत्तम रोगी देखभाल सहायक की विशेषतायें। विभिन्न जैव चिकित्सा अपशिष्टों की पहचान और इसका निस्तारण।

12 अंक

इकाई-3 व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वच्छता मानक अच्छे स्वच्छता अभ्यास का प्रदर्शन।

अच्छे स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक। हाथ धोने का महत्व। व्यक्तिगत तैयारी का प्रदर्शन।

इकाई-4 प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया 13 अंक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के अनिवार्य घटक।

उत्तरजीविता की श्रृंखला।

10 अंक

इकाई-5 टीकाकरण विभिन्न प्रकार की प्रतिरक्षा के बीच अन्तर।

टीकाकरण अनुसूची को तैयार करना। विश्वव्यापी टीकाकरण कार्यक्रमों के मुख्य घटकों की पहचान। पल्स टीकाकरण कार्यक्रम के मुख्य घटकों की पहचान।

10 अंक

इकाई-6 कार्यस्थल में संचार संचार के तत्वों की पहचान।

संचार के प्रभावी कौशल।

58 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

आंतरिक मूल्यांकन प्रोजेक्ट कार्य 1. विद्यालयों में चिकित्सीय उपकरणों का प्रदर्शन/अस्पताल का भ्रमण। चिकित्सीय उपकरणों का चित्र बनाना, जैसे रक्तचाप मापी, तापमापी, भारमापी, लम्बाई मापक, स्टेथोस्कोप, टार्च आदि।

2. रोगी का बिस्तर तैयार करना। जैव चिकित्सीय अपशिष्टों के निस्तारण की विधियां। रोगियों के दैनिक देखभाल का निरीक्षण, साफ-सफाई, स्नान बिस्तर लगाना, वाइटल्स (श्वसन की दर, शरीर का तापमान, दिल की धड़कन आदि की माप), दवा देना, मौखिक, IM, IV । जैव चिकित्सीय अपशिष्ट, फाइल में Colour Coding Chart (वर्ण कूट चार्ट) बनाना। 3. हाथ धोने की विधियों का प्रायोगिक प्रदर्शन-

घर एवं कार्यस्थल पर, एवं शल्य क्रिया से पूर्व।

स्वथ्य जीवन शैली हेतु पोस्टर बनाना- सफाई, व्यायाम, खान-पान की आदतें, योगा, मानसिक शान्ति। हाथो को साफ रखने एवं नाखूनों को काटने का चार्ट बनाना।

4. सड़क/टै्रफिक दुर्घटना में चिकित्सीय आपात प्रबन्धन का रोल प्ले।

ABC [ Airway, Breathing, Circulation] का प्रदर्शन। प्राथमिक चिकित्सा किट को तैयार करना- प्रयोग।

5. प्रतिरक्षण के अन्तर्गत आने वाली बीमारियों एवं पल्स कार्यक्रम पर सामूहिक चर्चा।

विश्वव्यापी प्रतिरक्षण [Universal Immunization] समय-सारणी का चार्ट बनाना। 6. अस्पताल में रोगी एवं परिचारक के प्रथम संवाद का रोल प्ले।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                        मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                             जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                      नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                            दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-ऑटोमोबाइल

(कक्षा-9) उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 102 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) आटोमैकेनिक के रूप में। (2) सेल्समैन के रूप में। (3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन। (4) शोरूम स्थापित करना। (5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 59

इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक 12 अंक इकाई-1 उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, उद्यमी के गुण एवं विकास,

स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनायें। लघु उद्योग की परिभाषा, महत्व तथा विशेषताएं, लघु उद्योग लगाने के पद, सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के नाम एवं कार्य, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

09 अंक

इकाई-2 आटोमोबाइल का इतिहास एवं क्रमिक विकास, विभिन्न प्रकार के ऑटोमोबाइल का

वर्गीकरण, भारत में स्थापित विभिन्न ऑटोमोबाइल उद्योग एवं उनके उत्पाद।

15 अंक

इकाई-3 ऑटोमोबाइल के मुख्य भाग-फ्रेम, सस्पेंशन, धुरी, पहिया, चेचिस, टायर, इंजन, पारेषण प्रणाली, नियंत्रण प्रणाली, बॉडी, दरवाजे, सीट, डिक्की आदि की पहचान, कार्य एवं उपयोग। विभिन्न प्रकार के आटोमोबाइल का परिचय-कार, जीप, ट्रैक्टर, बस, ट्रक, ऑटोरिक्शा/टैम्पो, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड आदि, ट्रेड नाम, मेक, क्षमता एवं निर्माता, विशिष्टियां तथा तकनीकी डाटा।

12 अंक

इकाई-4 ऑटोमोबाइल में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रकार के इंजन-कार्य सिद्धान्त, पेट्रोल,

डीजल एवं गैस इंजन, कम्प्रेशन रेशियो का महत्व एवं दक्षता।

15 अंक

इकाई-5 ऑटोमोबाइल की विभिन्न प्रणालियों की जानकारी-ईंधन सप्लाई प्रणाली (कार्बोयूरेटर एवं इन्जक्टर) इग्नीशन प्रणाली, शीतलन प्रणाली, स्टार्टिंग प्रणाली, शक्ति संचालन प्रणाली, स्टीयरिंग प्रणाली, ब्रेक प्रणाली आदि का सामान्य परिचय, कार्य एवं पहचान।

पूर्णांक 30 अंक

इकाई-6 7 अंक सुरक्षा की सामान्य बातें, मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा। आंतरिक मूल्यांकन प्रत्येक त्रैमासिक में कोई एक प्रोजेक्ट (कुल 3 प्रोजेक्ट) (1) कार/बस/स्कूटर/ट्रक मोटरसाईकल एवं मोपेड का अध्ययन करना। (2) शोरूम एवं गैराज का भ्रमण करना एवं उनके चित्र बनाना। (3) मरम्मत करने वाले औजारों की सूची एवं उनके चित्र बनाना। (4) इंजन में स्नेहन एवं सफाई का अध्ययन करना। (5) अन्तर्दहन इंजन के मॉडल का अध्ययन (डीजल/पेट्रोल)। (6) विभिन्न आटो व्हीकिल्स के चेचिस का अध्ययन करना तथा उनके रेखा चित्र

खींचना।

(7) इंजन को स्टार्ट एवं बन्द करने का अध्ययन करना। (8) बॉडी व्यवस्था का अध्ययन करना। (9) शॉक एब्जार्बर का अध्ययन करना। (10) बाजार से सामग्री क्रय करने का अभ्यास करना।

संस्तुत पुस्तकें

(1)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                             कृष्णानन्द शर्मा
(2) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                              सी0बी0 गुप्ता
(3) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                              धनपत राय एण्ड शुक्ला
(4) बेसिक ऑटोमोबाइल                                    सी0पी0 बक्स

10 ड़60 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा व्यापार) कक्षा-9 सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। पूर्णांक 70 अंक

14 अंक

14 अंक

14 अंक

14 अंक

14 अंक

लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 प्रस्तावना-1-खुदरा व्यापार क्या है ? 2-अर्थ एवं परिभाषा 3-गुण एवं विशेषताएं 4-खुदरा व्यापार के आवश्यक तत्व 5-खुदरा व्यापार का महत्व इकाई-2 1-स्थानीय स्तर पर उत्पादों का प्रबन्धन- (1) क-संगठित क्षेत्र ख-असंगठित क्षेत्र (2) क-छोटे पैमाने पर खुदरा व्यापार ख-बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार 2-स्थानीय स्तर पर खुदरा/फुटकर व्यापार के अन्य उपाय। इकाई-3 1-खुदरा/फुटकर व्यापारी के कार्य 2-खुदरा या फुटकर व्यापारी की सेवायें- उत्पादक के प्रति उपभोक्ता या ग्राहक के प्रति समाज के प्रति इकाई-4 1-खुदरा व्यापार में व्यापारी की सफलता के उपाय- 1-उपयुक्त स्थिति 2-विक्रय कला 3-अनुभव 4-सजावट 5-अन्य उपाय 2-बुनियादी स्वच्छता और सुरक्षा अभ्यास। इकाई-5 1- विभिन्न स्टोर/दुकान 2- श्रृंखलाबद्ध दुकानें। 3- बिग बाजार 4- सुपर बाजार इत्यादि।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 61

30 अंक

आंतरिक मूल्यांकन- प्रत्येक त्रैमासिक में कोई दो प्रोजेक्ट (कुल 3 प्रोजेक्ट) 1-विद्यालय स्तर पर खुदरा व्यापार का प्रशिक्षण (क्रय-विक्रय के सन्दर्भ में) 2-खुदरा व्यापार का व्यावहारिक प्रशिक्षण (संगठित क्षेत्र की इकाई द्वारा) 3-खुदरा व्यापार के संदर्भ में स्थानीय स्तर पर सर्वेक्षण 4-क्रय-विक्रय 5-अन्य व्यावहारिक अनुभव 6-खुदरा व्यापार के सम्बन्ध में विद्यालय स्तर पर विचार गोष्ठी आयोजित करना। 7-खुदरा व्यापार के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के

सम्बन्ध में ज्ञान।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)             नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-सुरक्षा

कक्षा-9

उद्‌देश्य- (1) राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अस्मिता की रक्षा का भाव उत्पन्न होना। (2) सुरक्षा के महत्व एवं आवश्यकता को समझना। (3) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (4) आकस्मिकता एवं खतरों से निपटने की योग्यता का विकास करना। (5) प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता को समझते हुए सम्बन्धित सामान्य जानकारी होना। (6) सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी के महत्व को समझना। (7) सुरक्षा हेतु सभी नागरिकों को कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व का बोध कराना। (8) संवाद दक्षता एवं व्यक्तित्व का विकास करना। रोजगार के अवसर- 1-पाठ्‌यक्रम में प्रवीणता प्राप्त करने के पश्चात्‌ सम्बन्धित छात्र एवं छात्रायें भविष्य में देश की सुरक्षा बलों से सम्बन्धित विभिन्न सेवाओं में सैनिक एवं अधिकारियों के रूप में अपनी समझ के आधार पर पर्याप्त योगदान दे सकते हैं। 2-सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न संस्थाओं में सुरक्षा कर्मी के रूप में रोजगार की प्राप्ति हो सकती है। इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। पूर्णांक 70 अंक

17 अंक

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम लिखित एवं आंतरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 सुरक्षा के मूलाधार 1- सुरक्षा की अवधारणा, अर्थ एवं परिभाषायें 2- सुरक्षा का उद्‌देश्य 3- सुरक्षा के विभिन्न तत्व, आन्तरिक एवं वाह्‌य 4- सुरक्षा के प्रकार-व्यापक सुरक्षा, सामान्य सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुरक्षा, आन्तरिक एवं वाह्‌य सुरक्षा, सैनिक सुरक्षा, आर्थिक एवं औद्योगिक सुरक्षा इत्यादि

5- सुरक्षा से सम्बन्धित चुनौतियां एवं समाधान62 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

17 अंक

इकाई-2 स्वास्थ्य सुरक्षा 1- स्वास्थ्य सुरक्षा के घटक-व्यायाम, सक्षमता, समन्वय एवं धैर्य, चिकित्सालय,

दवायें एवं प्रशिक्षित चिकित्सक।

18 अंक

2- शारीरिक स्वस्थता का महत्व एवं भूमिका। 3- व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत विकास। 4- स्वास्थ्य सुरक्षा से सम्बन्धित अधः संरचना एवं विधिक पक्ष। इकाई-3 आपदा प्रबन्धन एवं सुरक्षा 1- आपदा प्रबन्धन-निहितार्थ। 2- प्राकृतिक एवं मानवीय आपदायें-कारण एवं प्रभाव। 3- आपदा एवं आपातकालीन प्रबन्धन। 4- आपदा प्रबन्धन के विभिन्न सोपान। 5- आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित विभिन्न संस्थायें। 6- नागरिक सुरक्षा संगठन-अग्नि शमन सेवा, बचाव सेवा एवं प्राथमिक चिकित्सा सेवा। 18 अंक इकाई-4 सुरक्षा एवं प्राथमिक चिकित्सा 1- प्राथमिक चिकित्सा के आधारभूत सिद्धान्त। 2- प्राथमिक चिकित्सा सम्बन्धी उपकरण एवं सुविधायें। 3- प्राथमिक चिकित्सा के सामान्य नियम। 4- स्वास्थ्य आपात एवं प्राथमिक चिकित्सा। 5- स्वास्थ्य आकस्मिकता का अर्थ एवं कारण। 6- शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य। 7- सार्वजनिक स्थल, कारखानों तथा संगठनों में कार्यरत सुरक्षा सेवकों के स्वास्थ्य

एवं कार्य क्षमता को प्रभावित करने वाले कारक।

8- बुखार, लू, अस्थमा, पीठ दर्द, घाव, रूधिरस्राव, जलना, साँप/कुत्ते का काटना, कीट डंक, श्वसन एवं परिसंचरण से सम्बन्धित समस्याएं आदि बीमारियों में प्राथमिक चिकित्सा।

पूर्णांक 30 अंक

आंतरिक मूल्यांकन- कोई दो प्रोजेक्ट 1-व्यायाम का अभ्यास-विभिन्न प्रकार के शारीरिक ड्रिल एवं योग। 2-नागरिक सुरक्षा-प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन। 3-प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं को सूचीबद्ध करना। 4-आकस्मिकता के समय प्रयुक्त होने वाले टेलीफोन नम्बरों को सूचीबद्ध करना। 5-आपदा से प्रभावी रूप से निपटने के लिए एक काल्पनिक आपदा योजना तैयार

करना।

6-सिक्योरिटी एलार्म का प्रयोग। 7-फायर स्टेशन का भ्रमण कर अग्निशमन यंत्र की कार्यविधि का अध्ययन। 8-एक औद्योगिक संस्थान/कार्यालय का भ्रमण आयोजित कर आकस्मिकता/खतरों

हेतु संस्था द्वारा सुरक्षा के उपायों एवं लगाये गये उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

9-ओ0 आर0 एस0 का घोल तैयार करना। 10-थर्मामीटर का प्रयोग। 11-प्राथमिक चिकित्सा उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माहभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 63 • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

कक्षा-9

उद्‌देश्य- आज के विज्ञान जगत में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का अभूतपूर्व स्थान है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयाम सामाजिक रूप से प्रतिस्थापित हो चुके हैं। जैसे-मोबाइल, इंटरनेट आदि। देश को ''डिजिटल इंडिया'' का स्वरूप देने में इनका विशेष योगदान अवश्यम्भावी है।

सैद्धान्तिक इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। पूर्णांक 70 अंक 8 अंक इकाई-1 कम्प्यूटर परिचय कम्प्यूटर के विकास का इतिहास, कम्प्यूटर के प्रकार, कम्प्यूटर का रेखाचित्र, कम्प्यूटर के भिन्न-भिन्न भाग, हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर के प्रकार, इनपुट एवं आउटपुट डिवाइसेस।

8 अंक इकाई-2- आपरेटिंग सिस्टम आपरेटिंग सिस्टम का परिचय, इसका कार्य एवं इसके प्रकार, विन्डोज, लाइनेक्स और एन्ड्रायड, विन्डोज का इतिहास, इसकी क्षमतायें एवं विशेषतायें, फाइल बनाना, सेव करना, डायरेक्ट्री और इसके बेसिक कमाण्ड्‌स।

8 अंक

इकाई-3 वर्ड प्रोसेसिंग ऑफिस का मूल परिचय, वर्ड प्रोसेसिंग के तत्व एवं विधि, फॉर्मेटिंग, एडीटिंग,

सजावट एवं प्रिटिंग एवं अन्य प्राथमिक कमाण्ड्‌स।

9 अंक

इकाई-4 स्प्रेडशीट स्प्रेडशीट का परिचय, इसके तत्व, सेल, कालम और रोज, डेटा, एन्ट्री संशोधन,

स्प्रेडशीट की संरचना।

9 अंक

इकाई-5 इन्टरनेट इन्टरनेट का परिचय, इसका प्रारूप और इसके द्वारा सेवायें, कम्प्यूटर के

इन्टरनेट ऐक्सिस, इन्टरनेट के लाभ एवं उपयोग।

8 अंक

इकाई-6 WWW एवं वेब ब्राउजर वेब का परिचय, WWW, भिन्न प्रकार के वेब ब्राउजर साफ्टवेयर, सर्चिंग, सर्च

इंजन।

10 अंक

इकाई-7 कम्युनिकेशन एवं वेब ब्राउजिंग ई-मेल का परिचय एवं अवयव, इसके प्रकार एवं उपयोग वेब ब्राउजिंग के लाभ

और इसकी उपयोगिता । इकाई-8 पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन 10 अंक कम्प्यूटर द्वारा प्रेजेन्टेशन, प्रेजेन्टेशन सॉफ्टवेयर के तत्व स्लाइड्‌स का निर्माण। 30 अंक

आन्तरिक मूल्यांकन

4×5=20 अंक (जिसमें 20 अंक का प्रोजेक्ट कार्य तथा 10 अंक की मासिक परीक्षा होगी। निम्नलिखित में से कोई चार प्रोजेक्ट (प्रत्येक 05 अंक) 1-वर्ड का विस्तृत अध्ययन। 2-इन्टरनेट का प्राथमिक ज्ञान। 3-स्प्रेड शीट का विस्तृत अध्ययन। 4-पावर प्वाइंट का विस्तृत अध्ययन। 5-कम्प्यूटर की कार्य प्रणाली का रेखा-चित्र द्वारा प्रस्तुतिकरण/अध्ययन। 6-ऑपरेटिंग सिस्टम की कार्य प्रणाली का विस्तृत अध्ययन। 7-लाइनेक्स के फाइल एवं डाइरेक्टरी सम्बन्धी कमाण्ड्‌स का प्रयोग।

64 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55)

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

   •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)      मई माह
   •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)         जुलाई माह
   •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह
   •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)        दिसम्बर माह
चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय–प्लम्बर

(कक्षा-9)

उद्देश्यः-

1. छात्रों को प्लंबिग ट्रेड के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी देना।

2. छात्रों को प्लंबिग कार्यों के निष्पादन की मूल प्रक्रिया और सामग्री चयन की जानकारी देना।

3. छात्रों को सुरक्षा एवं सावधानियां की जानकारी देना।

4. छात्रों में व्यवसाय के प्रति रूचि पैदा करना।

5. छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना एवं उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

रोजगार के अवसरः-

1. प्लंबर/पाइप फिटर के रूप में रोजगार। 2. स्वतः रोजगार या नलकार के रूप में कार्य करना।

3. पाइप और पाइप फिटिग एवं सैनिटरी फिटिग के विक्रे ता के रूप में कार्य करना।

4. पेट्रोल पंप, ईधन आपूति प्रणाली में इरेक्टर के रूप में कार्य करना।

5. ट्यूबवेल ऑपरेटर के रूप में कार्य करना।

सैद्धान्तिक पाठ्यक्रम

पूर्णांकः 70 अंक

इकाई-1. उद्यमिता एवं स्वरोजगार-

8 अंक उद्यम, उद्यमी और उद्यमिता की परिभाषा, उद्यमी के गुण एवं विकास, लघु उद्योग स्थापित करने का कार्य पद, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों से वित्तीय एवं गैर वित्तीय सहायता की जानकारी, स्व रोजगार के लिए परियोजना प्रस्ताव बनाना, विभिन्न स्व रोजगार योजनाओं का परिचय।

इकाई-2. प्लंबिग का महत्व-

7 अंक प्लंबिग का इतिहास, घरेलू एवं औद्योगिक कार्यों में प्लंबिग का महत्व, जलापूति, सिचाई, ईधन, गैस आपूति, सीवेज डिस्पोजल, वर्षा जल संरक्षण तथा स्नान गृह, शौचालय एवं ए0सी0 लगाने में प्लंबिग कार्यों की उपयोगिता, वायरिग तथा द्रव प्रवाह में प्लंबिग का महत्व, उदाहरण तथा के स स्टडी। कृ षि कार्यों में तथा फायर ब्रिगेड कार्यों में प्लंबिग कार्य ] वाटर स्प्रिकलर के कार्य। प्लंबिग का भविष्य जल संरक्षण एवं ग्रीन प्लंबिग।

इकाई-3. सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार-

10 अंक दुर्घटना का अभिप्राय, दुर्घटना के सामान्य कारण एवं बचाव, प्लंबिग कार्य के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा औजारों की सुरक्षा तथा मशीनों की सुरक्षा, शिक्षा, सुरक्षा के सामान्य नियम, विद्युत, अग्नि से सुरक्षा, अग्निशमन यंत्रों की जानकारी एवं कार्य गैस रिसाव में सुरक्षा नियम सुरक्षा ड्रेस।

प्राथमिक उपचार, कृ त्रिम श्वसन की विधियां।

इकाई-4. प्लंबिग कार्य के पदार्थ एवं सामग्री-

15 अंक

प्लंबिग व्यवसाय में प्रयुक्त होने वाले पदार्थों का वर्गीकरण, लौह एवं अलौह धातु, मिश्रधातु, टिबर, प्लास्टिक आदि की किस्म, पहचान एवं विशेषताएं, उनके उपयोग तथा चयन के कारक। विभिन्न प्रकार के पाइप एवं ट्यूब प्रयुक्त सामग्री का वर्णन एवं उपयोग-लौह पाइप, ढलवा लोहा पाइप जी आई पाइप, लेड पाइप, तांबे का पाइप, एल्यूमिनियम पाइप, एस्बेस्टस पाइप,भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 65 कं क्रीट पाइप, प्लास्टिक पाइप आदि, गास्के ट, सीमेंट, श्वेत सीसा तथा पैकिग सामग्री जैसे धागा, टेप, जूट आदि की संक्षिप्त जानकारी तथा उपयोग।

इकाई-5. पाइप फिटिग एवं संयोजक-

15 अंक लंबाई बढ़ाने वाले संयोजक – सॉके ट, फलैंज, कपलिग, निपुल, दिशा परिवर्तन करने वाले संयोजक- एल्बो, बेंड, रेडियस, ब्रांच लाइन वाले संयोजक- क्रॉस, टी, वाई साइज परिवर्तन करने वाले संयोजक जैसे रिड्यूसर, लाइन अवरोधक जैसे प्लग, कै प आदि की बनावट, उपयोग आदि पहचान का संक्षिप्त विवरण।

इकाई-6. प्रवाह नियंत्रक-

15 अंक विभिन्न प्रकार के वाल्व एवं कॉक टोंटी, फायर हाइड्रेंट, रिलीफ वाल्व, चेक वाल्व की पहचान एवं लगाने का तरीका। उनकी जांच करना, मरम्मत करना तथा अनुरक्षण। जल वितरण प्रणाली तथा गंदे जल निकासी प्रणाली का अध्ययन।

(आन्तरिक मूल्यांकन-20 अंक का प्रयोगात्मक कार्य तथा 10 अंक की मासिक परीक्षा पर आधारित होगा)

प्रयोगात्मक कार्य

1. प्राथमिक उपचार में पट्टी बांधने का अभ्यास तथा कृ त्रिम श्वसन देने का अभ्यास।

2. प्लंबिग ड्रॉइंग पढ़ना।

3. किसी जांच की लंबाई, मोटाई चौड़ाई तथा गोलाई ज्ञात करना।

4. मृदु इस्पात के टुकड़े को दिए गए साइज में हेक्सा से काटना तथा चिपिग करना।

5. जॉब में 10 एमएम का ड्रिल से छेद करना तथा आंतरिक चूड़ी काटना।

6. जी आई पाइप पर चूड़ी बनाना तथा साके ट कसना।

7. जी आई पाइप को बंकन मशीन पर मोड़ने का अभ्यास।

8. गंदे जल की निकासी के लिए पाइप को सीवर से जोड़ना।

9. नया पाइप कनेक्शन बनाना तथा उसमें टोंटी लगाना।

10. वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए पाइप फिटिग करना।

11. पाइप में लीके ज की मरम्मत करना।

12. पी वी सी पाइप फिटिग का प्रयोग करना।

13. प्लंबिग के औजारों की मरम्मत करना।

14. साधारण जोड़ बनाना।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगगात्मक कार्य)                  अगस्त माह                10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य)                 दिसम्बर माह              10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)              मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)             नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

संस्तुत पुस्तकों की सूची

पुस्तक

लेखक

1.       कार्यशाला तकनीकी                                                        आर० के ० लाल
2.       वर्क शॉप टेक्नोलॉजी                                                     एक० के ० हाजरा
3.       वर्क शॉप ट्रेनिग मैनुअल के टप्शन                                        पब्लिशर्स लुधियाना
4.       Manual on workshop practice                                             K. Venkata Reddy New Delhi
5.       वर्क शॉप टेक्नोलॉजी                                                     बी० एस० रघुवंशी
66 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4
6.       वर्क शॉप टेक्नोलॉजी                                                      एच०एस० बावा टाटा माग्रो हिल
                                                                                  पब्लिशर्स न्यू दिल्ली
7.       वर्क शॉप इंजीनियरिग                                                      जे०बी० जिद औलिया
8.       सैनिटेशन इंजीनियरिग                                                      मनीष सिसोदिया
9.       प्लंबिग डिजाइन प्रैक्टिस                                                 एस० जी० देवल लिकर

औजारों और उपकरणों की सूची

1. Rule Steel 300 mm both in inch and mm

2. Rule Wooden 4 fold, 600 mm

3. Hacksaw Frame adjustable for 250 to 300 mm

4. Scriber 200 mm

5. Centre punch 100 mm

6. Chisel Cold, flat 20 mm

7. Hammer ball peen 800 grams

8. Hammer ball peen 50 grams

9. File flat rough 300 mm

10. Levl spirit wooden 300 mm

11. Plumb bob 50 grams

12. Trowel C-125-IS: 6013

13. Still son wrench 200 & 350 mm

14. Screw Driver 250 mm

15. Wooden Mallet small IS: 2022

16. Cutting pliers 200 mm IS: 3650

17. Steel tape (5m)

18. Surface plate 400×400 mm Grade

19. Marking Table 900×600×900 mm

20. 'V' Blocks with clamps 80/7-63A IS 2949

21. Combination set 200 mm

22. Universal Scribing Block 300 mm

23. Hand Vice Jaw 50 mm

24. File flat Smooth 200 mm

25. File Half Round Rough 300 mm

26. File Square rough 250 mm

27. File Square Smooth 200 mm

28. File Triangular Rough 250 mm

29. Chisel Cold Flat 20 mm×300 mm

30. Chisel Cross Cut 6×150 mm IS-402

31. Top and tap wrench

32. Screw pitch gauge

33. Hand hacksaw frame 300 mm

34. Spanner monkey up to 50 mm

35. Soldar Iron and bit 5Nos

36. Pipe Cutter wheel type 6mmto 25mm

37. Snip Straight and bent 250 mm

38. Try square 200 mm

39. Inside and outside Calliper 150 mm

40. Tenon saw, Hand Saw

41. Mortise, Firmer Chisel 6mm, 8mm, 10mm, 12mm, 15mm, 25mm Eachभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 67 42. Mallet Medium IS: 2922

43. Blow lamp 500 millilitre

44. Scribing gauge

45. Soil pot with brush

46. D.E. Spanners 6mm to 32mm IS:2028

47. Bending Spring

48. Plumbers Ladle

49. Caulking Toll 50. Pipe Die and Die stock (1/4" to 21/2") with complete set

51. Pipe vice up to 75 mm IS-2587

52. Still son pattern pipe wrenches 450 mm IS-4003

53. Chain pipe wrench 90mm-650 is 4123

54. Adjustable spanner 12" IS-6149

55. Pipe bender manually operated

56. Drill Twist (straight shank) 1.5 mm to 13mm

57. Wash Basin (16" ×14"×10")

58. Water closet (European type p) complete with over head cistern

59. Urinal wall type complete with automatic system

60. Water meter

61. Fire Extinguisher (CO2 and DCP)

62. Fire Buckets with stand

63. Pedestalgromder machine

64. Leg vice 75mm jaw with Stand IS-2588

65. Hand drill machine up to 13mm capacity with drill chuck (Electric)

66. Working bech 2400×1200×750mm with 4 voice 125 mm jaws

67. Double face hammers

विषय–इलेक्ट्रीशियन

(कक्षा-9)

उद्देश्यः-

1. छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना।

2. छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

3. छात्रों को व्यवसाय की ओर रूचि पैदा करना।

4. छात्रों को इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी देना।

5. छात्रों को इलेक्ट्रीशियन कार्यों के निष्पादन के मूल प्रक्रिया, औजार एवं सामग्री के चयन की जानकारी देना।

6. छात्रों को कार्य करते समय सुरक्षा नियमों की जानकारी देना।

रोजगार के अवसरः-

1. विभिन्न प्रतिष्ठानों में इलेक्ट्रीशियन एवं वायरमैन के रूप में। 2. विद्युत मोटर मैके निक इलेक्ट्रीशियन के रूप में। 3. विद्युत सम्बन्धित स्वयं का व्यवसाय (विद्युत की दुकान)।

सैद्धान्तिक पाठ्यक्रम

पूर्णांकः 70 अंक

इकाई-1.

07 अंक

उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा, उद्यमी के गुण एवं विकास, लघु उद्योग स्थापित करने के पद, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं से सहायता, विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी।

11 ड़68 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 इकाई-2.

08 अंक

दुर्घटना की परिभाषा, दुर्घटना के कारण तथा बचाव, सुरक्षा के मूल नियम, विद्युत के कार्य करने में व्यक्तिगत सुरक्षा एवं उपकरणों की सुरक्षा, सुरक्षा उपस्कर, सुरक्षा पोस्टर, सुरक्षा नियमावली, प्राथमिक उपचार, डैन्जर वानिग, अग्नि से सुरक्षा, विद्युत से लगने वाली अग्नि को बुझाने वाले अग्नि शमन यंत्र, कृ त्रिम श्वसन की संक्षिप्त जानकारी।

10 अंक इकाई-3. विद्युत के मूल सिद्धान्त, विद्युत परिपथ, विद्युत धारा, विभवान्तर, विद्युत वाहक बल, सेल एवं बैट्री, बैट्री चाजिग के प्रकार, विद्युत उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था की संक्षिप्त जानकारी, प्रतिरोध, प्रतिरोध के सामान्य नियम, चालकता, विशिष्ठ प्रतिरोध, अच्छे चालक के गुण, मुख्य रूप से उपयोग में आने वाले चालक पदार्थों के नाम एवं उनके सामान्य गुण सामान्यतः उपयोग में आने वाले प्रतिरोधक पदार्थ तथा उनका उपयोग, विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का प्रारम्भिक ज्ञान इनका दैनिक जीवन में व्यवहारिक उपयोग जैसे- हीटर, गीजर, विद्युत के तली, प्रेस आयरन आदि के रूप में।

इकाई-4. विद्युत यंत्र -

07 अंक

धारामापी, वोल्टतामापी, वाट मीटर, ऊर्जा मापी का प्रारम्भिक ज्ञान एवं मापन में इनका उपयोग, विद्युत ऊर्जा का मापन एवं घरेलू विद्युत खपत की लागत की गणना। विद्युत खपत की गणना, विद्युत ऊर्जा (किलोवाट घण्टा) ,कामशियल यूनिट में सम्बन्ध।

इकाई-5

10 अंक चालक, कु चालक पदार्थ, चुम्बकीय पदार्थ, इनकी पहचान गुण एवं उपयोगिता, लौह एवं अलौह धातुएं तथा इनके यान्त्रिक एवं विद्युतीय गुण, वायरिग सामग्री, तार एवं के बिल तथा उनके अन्तर। घरेलू वायरिग में उपयोग होने वाले तार के प्रकार।

इकाई-6. विद्युत कार्यों में प्रयुक्त औजार एवं उपकरण-

08 अंक संयुक्त प्लायर नोज प्लायर, स्क्रू डाइवर, नियान टेस्टर, ड्रिल मशीन, इनकी पहचान एवं उपयोग।

इकाई-7. 10 अंक

संके त-

धारामापी, वोल्टता मापी, शक्ति मापी, ऊर्जा मापी, एक मार्गीय स्विच, द्विमार्गीय स्विच, 5 एम्पीयर स्विच, 15-एम्पीयर स्विच, 5- प्रयोगात्मक कार्य

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य)                   अगस्त माह        10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य)                 दिसम्बर माह      10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार  पर)            नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 69
पुस्तकों की सूची
1.        सामान्य अभियांत्रिकी अवयव- द्वारा                                                         जे0के 0 कपूर
          प्रकाशन – भारत भारती प्रकाशन एण्ड कम्पनी वेस्टर्न कचहरी रोड मेरठ- 250001
2.        विद्युत अभियंत्रण के  अवयव- द्वारा                                                    डा0 टी0 डी0 विस्ट।
 3. विद्युत लागत एवं आगणन- द्वारा           डा0 टी0 डी0 विस्ट।
          प्रकाशन – किशोर पब्लिशर्स 159-B आजाद नगर, साऊथ मलाका, इलाहाबाद- 211003
4.        विद्युत तकनीकि- द्वारा                                                                 सिह एण्ड हरजाहा
          प्रकाशन – यूनीटेक पब्लिशर्स राधाकृ ष्ण मिशन मार्ग, अमीनाबाद, लखनऊ- 226001

विशय-आपदा प्रबन्धन

कक्षा-9

उद्‌देश्य- 1- स्कूल में विभिन्न आपदाओं के विषय में जागरूकता प्रदान करना। 2- किसी भी आपदा के घटने पर विद्यार्थीयों को स्वतः बचाव कार्य में मद्‌द करने के लिए तैयार रहना। 3- स्कूल स्तर पर मॉडल आपदा प्रबन्धन प्लान के बारे में अवगत होना। 4- रोजगार के अवसर- इस पाठ्‌यक्रम से राज्य सरकार, केन्द्र सरकार एवं एन0जी0ओ0 में सहायक के पद पर अवसर प्राप्त होता है।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांकः 70 अंक इकाई-1 15 अंक

परिचय-आपदा का तात्पर्य, भारत एवं विश्व में घटित आपदाये एवं परिस्थितियाँ, नुकसान, मुख्य आपदाओं के उदाहरण, भारत सरकार द्वारा संचालित आपदा संबंधित कार्यों की जानकारी, प्राकृतिक आपदा राहत कोष एवं आपदा नियंत्रण बोर्ड के कार्य। इकाई-2 15 अंक आपदा की परिभाषा, किस्म-प्राकृतिक एवं मानवजनित अति- संवेदनशील आपदायें उनके कारण, असुरक्षित दशायें, जोखिम, आपदाओं का वर्गीकरण (भूगर्भीय जोखिम, जल एवं जलवायु सम्बंधित जोखिम, पर्यावरण सम्बंधित जोखिम, रासायनिक, परमाणु, औद्योगिक जोखिम एवं दुर्घटना आदि, उदाहरण एवं व्याख्या) इकाई-3 15 अंक विभिन्न प्रकार की आपदाओं का विस्तृत वर्णन- भूकंप, बाढ़, सूखा, चक्रवात, सुनामी, बादल फटना, ज्वालामुखी, भूक्षरण एवं भू स्खलन, बवंडर, तूफान, आंधी, शीत एवं ग्रीष्म वायु, ओला वृष्टि, महामारी कारण एवं लक्षण, प्रभाव क्षेत्र, पैटर्न, परिणाम आदि की उदाहरण सहित व्याख्या। इकाई-4 15 अंक मानव जनित आपदाः- दुर्घटना जनित, नाव, सड़क, रेल, वायुयान, समुद्री वाहन, व जंगल एवं बस्ती की आग, बिल्डिंग का गिरना, स्टेंम्पीड (भगदड़), रेडियोएक्टिव प्रदूषण, आतंकवादी हमला, युद्ध बायोटेरिज़म, विद्युतीय, विशक्ति करण, महामारी आदि की दशाएं, प्रमुख घटनाएं, प्रभाव, औद्योगिक गतिविधियां। इकाई-5 10 अंक आपदा नियंत्रणः- पूर्वानुमान, चेतावनी, बचाव की योजना, तैयारी, विभिन्न आपदाओं के समय किये जाने वाले एवं न किये जाने वाले कार्य, बचाव के उपाय, आपदा की मापन, इकाई मैपिंग एवं मूल्यांकन, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी, नियंत्रण की स्थापना।

प्रयोगात्मक विषय (Practical)- प्रयोग-1ः वायुमण्डलीय दाब मापना प्रयोग-2ः आदर््रता (Humidity) मापना प्रयोग-3ः तापक्रम मापना, मानव एवं विवरण प्रयोग-4ः वायु-वेग एवं वायु दिशा मापना एवं विवरण प्रयोग-5ः आपदा सुरक्षा उपकरणों का अध्ययन70 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

संस्तुत पुस्तकें- 1- आपदा एवं आपदा प्रबन्धन- महेश कुमार 2- Disastar Management- Dr. I.Sundar 3- Disastar Management- IGNOU Help Book

4- Environment and Disater Management- Vijram and Ravi (IAS)

5- Together Together a Saber India-

6- Natural Hazards and Disastar Management By – B.C. Jat

7- Natural Hazards and Disastar Management By – R.B. Singh

8- Disastar Management – By Sulphey M.M.

9- Disastar Management- Harsh K. Gupta

10- Disastar Management- Marinalini Panday

11- Disastar Management- S. Mukherjee

उपकरणों की सूची- 1- विभिन्न प्रकार के अग्नि सामक यंत्र( Cylinder) - 1 नग 2- प्राथमिक उपचार बाक्स- 3 नग 3- कम्बल- 2 नग 4- सीढ़ी- 1 नग 5- बालू की बाल्टी- 3 नग 6- स्ट्रेचर- 1 नग 7- रस्सी- 1 गठ्‌ठर 8- हथौड़ी- 2 नग 9- एक्मकेवेटर- 1 नग 10- डम्पर- 2 नग

विषय-सोलर सिस्टम रिपेयर

कक्षा-9

उद्‌देश्य- छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। छात्रों में व्यवसाय की ओर रूचि पैदा करना। छात्रों को सौर ऊर्जा के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी देना। छात्रों को सोलर-सिस्टम के रख रखाव एवं औजार सम्बन्धी सामग्री के चयन की जानकारी देना। छात्रों को कार्य करते समय सुरक्षा नियमों की जानकारी देना। छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 71

छात्रों को सौर ऊर्जा एवं फोटो वोल्टायिक तकनीकी एवं उपकरणों की जानकारी देना। छात्रों को सोलर ऊर्जा के घरेलू एवं औद्योगिक उपयोग की जानकारी देना। छात्रों को सौर ऊर्जा प्रणाली की संस्थापन, अनुरक्षण की जानकारी देना।

रोजगार के अवसरः- सोलर सिस्टम के विक्रेता/उपकरणों के विक्रेता के रूप में। सोलर संयन्त्रों के स्थापन, रिपेयरिंग एवं अनुरक्षक के रूप में। रिपेयर वर्कशाप संचालक के रूप में। शो रूम संस्थापक के रूप में।

सोलर सिस्टम रिपेयर

कक्षा-9

पूर्णांक-70

इकाई-1 उद्यमिता विकास 10 उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा, उद्यमी के गुण एवं विकास, लघु उद्योग, स्थापित करने के पद, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं की सहायता, विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी। इकाई-2 दुर्घटना, सुरक्षा उपाय एवं प्राथमिक उपचार 10 दुर्घटना की परिभाषा, कारण तथा बचाव, व्यक्तिगत सुरक्षा, सुरक्षा के मूल नियम, अग्नि से सुरक्षा एवं अग्निशमन यंत्र, विद्युत से सुरक्षा, सी़ढ़ियों के सुरक्षित उपयोग, ऊँचाई की जगह पर कार्य करने में सुरक्षा, सेफ्टी बेल/डे्रस प्राथमिक उपचार एवं कृत्रिम श्वसन की जानकारी।

इकाई-3 विद्युत एवं इलेक्ट्रानिक्स के मूल सिद्धांत 15

वोल्टेज, धारा, प्रतिरोध आदि मात्रकों की परिभाषा एवं इकाई, मापन, डी0सी0 एवं ए0सी0पावर, विद्युत ऊर्जा की परिभाषा एवं गणना। सौर विकिरण, नेट मीटरिंग, विद्युतीय एवं गैर विद्युतीय मात्रकों मापन। विद्युत के उत्पादन के विभिन्न तरीके (हाइड्रो, थर्मल, न्युक्लियर, सौर एवं पवन ऊर्जा आदि), विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक अवयवों के संकेत, विद्युत परिपथ (ए0सी0 एवं डी0सी0) परिचय सामान्य गणना (अवरोधो के)

इलेक्ट्रानिक्स के मूल सिद्धांत- चालक, कुचालक, अर्धचालक का परिचय, सोलर प्रणाली में लगने वाले कम्पोनेंट-कार्य, पहचान, संकेत एवं परिक्षण, तार एवं केबिल के किस्म तथा पदार्थ, वायरिंग के प्रकार, सामग्री वायन साइजिंग, जंक्शन वाक्स, केबलिंग, ऐरे कम्बाइनर वाक्स। अर्थिंग महत्व एवं किस्में। वायरिंग के दोष, मरम्मत एवं अनुरक्षण।

इकाई-4 सौर ऊर्जा एवं सोलर पैनेल 15 सौर ऊर्जा का परिचय, उपलब्धता, तीव्रता, रिकार्डिंग उपयोग। फोटोवोल्टायिक सेल का परिचय, रूपान्तरण (फोटोवोल्टायिक) लाभ-हानि, सोलर सेल के प्रकार, विभिन्न मंत्रों में प्रकार, सोलर पैनेल फोटोवोल्टायिक ऐरे (Array) का कनेक्शन (लोड के अनुसार) फोटोवोल्टायिक माड्‌यूल एवं कनेक्शन की जानकारी। दोष (फॉल्ट)- कारण, मरम्मत एवं अनुरक्षण

इकाई-5 सोलर चार्ज कन्ट्रोलर, बैटरी, इनवर्टर 10 सोलर चार्ज कन्ट्रोलर- परिचय, प्रकार (पल्स विड्‌थ माड्‌यूलेशन-PWM, मैक्सिमम पावर प्वाइण्ट ट्रैकिंग) कार्य सिद्धान्त उपयोग

बैटरी- कार्य एवं प्रकार, संयोजन, पैरामीटर, फोटोवोल्टायिक सिस्टम के लिए बैटरी का चयन, चार्जिंग, टेस्टिंग एवं इंस्टालेशन की संक्षिप्त जानकारी

इनवर्टर- कार्य एवं अवयव, उपयोग कंट्रोलर, बैटरी एवं इनवर्टर के दोष, रखरखाव एवं कार्य-सावधानियां

इकाई-6 इंस्टालेशन एवं ट्रबलशूटिंग 10 स्टैण्ड अलोन एवं पी0वी0 सोलर सिस्टम का इंस्टालेशन एवं बाधा-खोज (ट्रबलशूटिंग), अनुरक्षण दैनिक, साप्ताहिक, मासिक एवं वार्षिक कार्य

पुर्जों को बदलना एवं री असेम्बलिंग

72 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

पुस्तकों की सूची

1. बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग-वी.के.मेहता 2. बेसिक इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग- वी.के.मेहता 3. सोलर एनर्जी- एस.पी.सुखाल्में, जे.के.नायक 4. औद्योगिक सुरक्षा- राठौड़, चंगेरिया 5. उद्यमिता एवं स्वतः रोजगार- आर.के.लाल

प्रयोगात्मक कार्य

1. सुरक्षा उपकरणों का अध्ययन 2. प्राथमिक उपचार एवं कृत्रिम श्वसन का अभ्यास 3. विद्युत परिपथ में विभव, धारा एवं प्रतिरोध मापन 4. अर्थिंग करना। 5. इलेक्ट्रानिक्स कम्पोनेंट का परीक्षण करना। 6. फ्लोरोसेंट लैम्प का कनेक्शन एवं ऊर्जा का मापन। 7. समान्तर विद्युत परिपथ में वोल्टेज एवं करेंट मापना। 8. फोटोवोल्टायिक सेल के वोल्टेज का मापन। 9. बैटरी को समान्तर एवं श्रेणी क्रम में जोड़ना। 10. सोलर पी0वी0 सेल को जोड़कर बल्ब जलाना। 11. इन्वर्टर की सफाई एवं ओवरहॉलिंग करना। 12. बैटरी की टेस्टिंग करना तथा चार्जिंग करना। 13. चार्ज कंट्रोलर का अध्ययन एवं चित्रण। 14-इनवर्टर कनेक्शन करना 15. इनवर्टर आउटपुट को मापना।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

   •    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                         मई माह
   •    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                              जुलाई माह
   •    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                       नवम्बर माह
   •    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                             दिसम्बर माह
चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

औजारों और उपकरणों की सूची

- इलेक्ट्रिकल टेस्टर - कन्ट्रोलर, इन्वर्टर - प्लामर - सोलर कुकर - स्क्रू ड्राइवर - ड्रीलिंग मशीन - स्पैनर - बेल्डिंग मशीन - स्ट्रीपर एवं कटर - पाइप रिंच - सोल्डरिंग - पाइप कटर - हैकसा - हैमर - मेजरिंग टेप - अमीटर - वोल्टमीटर - वाटमीटर - मल्टीमीटर - मेगरभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 73 - हाइड्रोमीटर - सोल इनसुलेशन मीटर - सन साइन रिकार्डर - सोलर पैनल - बैटरी मॉडल

1. मिनी सोलर इनवर्टर 2. टू वे वायरिंग 3. सीरीज सर्किट में बल्ब जलाना 4. पैरेलल सर्किट में बल्ब जलाना

विषय-मोबाइल रिपेयरिंग

कक्षा-9

उद्‌देश्य- (1) मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम है। मोबाइल न केवल संचार बल्कि मनोरंजन का भी सशक्त माध्यम है। मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हो रहा है। अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा। (2) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (3) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (4) छात्रों को 102 स्तर पर सुविधापूर्वक उपर्युक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (5) छात्रों में व्यावसाय के प्रति रुचि जाग्रत करना।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 70 अंक इकाई-1 15 अंक -मोबाइल की सामान्य जानकारी -मोबाइल फोन की कार्य प्रणाली -CDMै तथा GSM -मोबाइल फोन के भाग (Parts of mobile) स्पीकर, कैमरा, बैटरी, बजर, एल0सी0डी0 एन्टिना इत्यादि। इकाई-2 15 अंक -मोबाइल में प्रयुक्त होने वाले घटकों का विवरण -मोबाइल फोन की मरम्मत में प्रयुक्त होने वाले उपकरण, अनुरक्षण एवं रख रखाव। इकाई-3 15 अंक -सोल्डरिंग का उपयोग विभिन्न प्रकार के मोबाइल फोन को खोलना एवं बन्द करना। -सिम इंसर्ट करना (सिंगल एवं डबल) -बैटरी लगाना। इकाई-4 15 अंक -मोबाइल में 2जी तथा 3जी सेवा। -मोबाइल के विभिन्न भागों का निरीक्षण। -विभिन्न प्रकार के ICs के नाम तथा उनके कार्य। -मोबाइल फोन का ब्लाक आरेख। इकाई-5 10 अंक -परिपथ (सर्किट) के विभिन्न भागों का अध्ययन करना। -जम्पर के साथ प्रकाश, ध्वनि तथा कम्पन आदि के लिये परिपथ (IC आधार पर) प्रयोगात्मक कार्य -मोबाइल को ऑन/ऑफ करना। -मोबाइल में उपलब्ध अनुप्रयोग के बारें में जानना। -मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की जानकारी प्राप्त करना।

74 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

-वालपेपर, थीम, कैलेण्डर दिनांक इत्यादि सेट करना। -की पैड, वाल्यूम (Volume) सेट करना। -चार्जर, इयर फोन, पावर सप्लाई इत्यादि। -डिसप्ले सेटिंग। -मोबाइल फोन में प्रोफाइल सेट करना। -मेमोरी कार्ड की जानकारी क्षमता व कार्य। -मोबाइल के विभिन्न मॉडलों की जानकारी।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.) कक्षा-9 पाठ्‌यक्रम का उद्‌देश्य-राष्ट्र निर्माण एवं विकास में छात्र छात्राओं को उन्मुख करना, उनमें चरित्र निर्माण, नेतृत्व के गुण और विशेष दक्षता दिलाने के साथ-साथ उनमें सुरक्षा, सामाजिक राजनैतिक, आर्थिक पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन जैसी समस्याओं और चुनौतियों के लिए जागरूक करना है। जिसमें इनका भविश्य उज्ज्वल एवं उन्नतिशील तथा अनुशासित बन सके। राष्ट्रीय कैडेट कोर विषय में 70 अंकों का एक लिखित प्रश्न पत्र होगा इसका उत्तीर्ण अंक 23 होगा, (प्रोजेक्ट कार्य) 30 अंक का होगा, इसका उत्तीर्ण अंक 10 होगा लिखित तथा प्रोजेक्ट कार्य में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.)

कक्षा-9 पूर्णांक 70 अंक

इकाई-1 राष्ट्रीय कैडेट कोर 15 अंक (क) उद्‌देश्य एवं लक्ष्य (ख) परिभाषा क्षेत्र एवं उपयोगिता (ग) सामाजिक विषयों से संम्बन्ध अन्य क्रियाकलाप जैसे- खेलकूद, सामाजिक कार्य स्काउट गाइड आदि से समन्वय।

इकाई-2 राष्ट्रीय एकता एवं धर्म निरपेक्षता 15 अंक (क) राष्ट्रीय एकता की परिभाषा, आवश्यकता, उपयोगिता (ख) धर्म निरपेक्षता की परिभाषा, आवश्यकता, उपयोगिता (ग) सामाजिक समन्वय के प्रति जागरूकतां

इकाई-3 राष्ट्रीय सुरक्षा 15 अंक (क) राष्ट्रीय सुरक्षा का अर्थ उपयोगिता एवं महत्व। (ख) सशस्त्र सेनाओं एवं अर्द्ध सैन्य बल का समन्वय तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर से समन्वय बनाना। (ग) आंतरिक सुरक्षा का तात्पर्य एवं महत्व। इकाई-4 स्वास्थ्य प्राथमिक उपचार 15 अंक (क) शारीरिक स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य लक्ष्य एवं महत्व। (ख) स्वस्थ्य रहने के उपाय (ग) प्राथमिक उपचार का तात्पर्य महत्व एवं उपयोग (घ) स्वच्छता की उपादेयता व्यक्तिगत स्वच्छता परिवेशी स्वच्छताभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 75 इकाई-5 प्रमुख युद्ध एवं उनसे प्राप्त शिक्षाएं 10 अंक (क) 1948, 1962, 1965, 1971 एवं कारगिल संघर्ष (कारण, संक्रिया परिणाम एवं प्राप्त शिक्षाएं) (ख) भारतीय सेना के वीर सपूत

प्रोजेक्ट वर्क

1. प्राथमिक उपचार 2. थल सेना के रैंक व बैंच का अध्ययन 3. दैनिक समाचार पत्रों का संकलन करना। 4. नौ सेना के रैंक व बैंच का अध्ययन 5. वायु सेना के रैंक व बैंच का अध्ययन 6. मौखिक एवं ड्रिल परीक्षण (DRILL TEST)

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

एन0सी0सी0 (प्रयोगात्मक)

उपकरण एवं अन्य सामग्री की सूची

1. टोपोशीट (मानचित्र) जिला एवं प्रदेश 2. सर्विस प्रोटेक्टर मार्क A 3. प्रिज्मैटिक दिक्‌सूचक (कम्पास) 4. नक्शे (मानचित्र) (अ) सांकेतिक चिन्हों का मानचित्र

(ब) भारत एवं पड़ोसी राश्ट्र (स) भारत भौगोलिक (द) भारत हिन्द महासागर

5. प्रयोगात्मक नोटबुक

(क) नैतिक, योग तथा खेल एवं शारीरिक शिक्षा

कक्षा-9

इस विषय में 50 अंकों की लिखित परीक्षा का एक प्रश्न-पत्र तीन घन्टे का होगा। इसके साथ ही 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा भी होगी। प्रयोगात्मक तथा लिखित परीक्षा विद्यालय स्तर पर आयोजित की जायेगी। लिखित तथा प्रयोगात्मक परीक्षा में विद्यालय स्तर पर किए गये मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को ए0बी0सी0 श्रेणी प्रदान की जायेगी जिसका अंकन छात्र के अंंकपत्र तथा प्रमाण.पत्र में किया जायेगा। उद्‌देश्य-

(1) बालकों का सर्वांगीण विकास एवं नैतिक गुणों का उन्नयन करना। (2) बालकों के वैयक्तिक, सामाजिक एवं शैक्षिक जीवन में नेैतिक भावना का विकास करना। (3) बालकों में स्वस्थ्य नेतृत्व, उत्तरदायित्व वहन करने की क्षमता, समय पालन, सदाचार, शिष्टाचार, विनम्रता, साहस, अनुशासन, आत्म सम्मान, आत्म संयम, समाज सेवा, सभी धर्मों के प्रति आदर एवं सहिष्णुता तथा विश्व बन्धुत्व की भावना का विकास करना।

(4) सुदृढ़ शरीर के निर्माण करने हेतु शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं की अभिवृद्धि। (5) बालकों के श्रम के प्रति आदर एवं आत्म निर्भर बनने हेतु उत्पादक कार्यों के प्रति अभिरुचि का सम्वर्द्धन करना।

12 ड़76 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 (6) समाज सेवा की भावना का सृजन करना। (7) स्वास्थ्य के प्रति सतत्‌ जागरूकता तथा क्रीड़ा शालीनता की भावना का विकास करना। (8) बालकों का मानसिक, शारीरिक, नैतिक, सामाजिक एवं संवेदात्मक विकास करना।

नैतिक शिक्षा

15 अंक (1) नैतिकता का स्वरूप तथा महत्व। 2 अंक (2) स्वयं, परिवार, समाज, देश तथा मानवता के प्रति कर्तव्य। 2 अंक (3) भारत में प्रचलित प्रमुख धर्मों (हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई) के मूल तत्वों में समान बातें। 2 अंक (4) मानव अधिकार-मानव अधिकार की अवधारणा का विकास, मानव अधिकार की सार्वभौम घोशणा। सिविल और राजनीतिक अधिकार। आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार। भारत और सार्वभौमिक घोषणा मानव अधिकार के प्रति हमारे कर्तव्य, मानव मूल्यों की रक्षा। 3 अंक (5) शिकायत प्रणाली-अधिकार संरक्षण आयोग, चाइल्ड लाइन, वीमेन पावर लाइन। 3 अंक (6) आयकर का संक्षिप्त ज्ञान। इसे कौन देता है। आयकर से प्राप्त राशि की देश के विकास में भूमिका का संक्षिप्त वर्णन। बालक-बालिकाओं में वयस्क होने पर ईमानदार करदाता बनने सम्बन्धी नैतिकता का विकास करना। 3 अंक पुस्तक मानव अधिकार अध्ययन, प्रकाशक माइंडशेयर

उद्‌देश्य :

 दैनिकचर्या में ''योग'' करने की आदत (स्वभाव या संस्कार) का विकास।  योग के विविध अभ्यासों (आसन, प्राणायाम, ध्यान विधियों) के द्वारा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पाने का सामथ्र्य विकसित करना।

 किशोरवय की समस्याएं एवं सामान्य व्याधियों को समझकर उनका निदान करने में योग निर्देशन एवं आयुर्वेदिक उपचार करने की क्षमता का विकास करना।

 प्रेरक प्रसंगो से जीवन के मूल्यों को समझने और उन्हें अपने जीवन में उतारने के लिये प्रोत्साहित करना।

 ''अश्टांगयोग'' के माध्यम से यम, नियमादि को जानकर,योग को समझने की सामथ्र्य विकसित करना।

 अभ्यासादि के क्रम में चक्र विवेचन, शरीर रचना एवं क्रियाविज्ञान से सम्बन्ध को समझने की क्षमता का विकास करना।

 शरीर को स्वस्थ्य रखने की क्रियाओं (शट्‌कर्म) की जानकारी एवं उनका प्रयोग करना।  योग विषयक शब्दकोष के माध्यम से योग के कठिन शब्दों को समझने की क्षमता विकसित करना।

योग 20 अंक

3 अंक

5 अंक

1-योग एवं योग शिक्षा • योग : अर्थ एवं परिभाषा • योग की भ्रान्तियाँ : पारम्परिक, आधुनिक 2- अष्टांग योग • आसन

▪ आसन की परिभाषा ▪ उद्‌देश्य ▪ आसनों का वर्गीकरण

• प्रभाव

• शारीरिक, मानसिक, चिकित्सीय

3- अष्टांग योग • अष्टांग योग का संक्षिप्त परिचय 4 अंक • यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान,

समाधि

4-शारीरिक.मानसिक

2 अंक

• किशोरावस्था में शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन व

विशेषताएँ

परिवर्तनः योग निर्देशन • किशोरावस्था में मार्गदर्शन एवं योग की भूमिकाभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 77

6 अंक

5- स्वास्थ्य एवं आहार  •   युक्त आहार क्या है?
                       •   आहार के प्रकार
                           •  सात्विक आहार
                           •  राजसिक आहार
                           •   तामसिक आहार
                          •  आहार-सम्बन्धी आवश्यक नियम

खेल एवं शारीरिक शिक्षा 15 अंक

इकाई-1 शारीरिक शिक्षा- 02

अर्थ, परिभाषा, उद्‌देश्य एवं क्षेत्र

इकाई-2 शारीरिक शिक्षा का विकास व वृद्धि--

02 अर्थ, सिद्धान्त, वृद्धि एवं विकास में अन्तर, वृद्धि एवं विकास को प्रभावित करने वाले कारक, कालानुक्रम, आयु, शारीरिक संरचनात्मक आयु एवं शारीरिक तथा मानसिक आयु, बैटरी परीक्षण (शारीरिक क्षमता का मापदण्ड)

इकाई-3 स्वास्थ्य--

03 अर्थ, परिभाषा, स्वास्थ्य के नियमों की जानकारी, स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले कारक, प्रमुख बीमारियां, स्वास्थ्य के नियमों के पालन की आदत डालना, व्यायाम द्वारा बीमारियों को दूर करना, संतुलित आहार।

इकाई-4 कंकाल तंत्र

02 परिचय, शारीरिक ढाँचे की क्रिया.कलाप, हडि्‌डयों के प्रकार, शारीरिक अस्थियाँ, जोड़ों के प्रकार, जोड़ों की गति।

इकाई-5 खेल एवं प्रतियोगिता--

02 खेल का अर्थ, सिद्धान्त, प्रतियोगिता का अर्थ, आन्तरिक व वाह्‌य प्रतियोगिता का अर्थ व महत्व, विभिन्न स्तरों पर वाह्‌य प्रतियोगिता, जनपदीय, मण्डलीय, प्रान्तीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय। भारत के महत्वपूर्ण टूर्नामेन्ट, राष्ट्र मण्डलीय खेल, एशिया खेल, ओलम्पिक खेल, टै्रक टूर्नामेन्ट के बारे में जानकारी देना।

इकाई-6 प्रारम्भिक व्यायाम एवं अन्तिम अवस्था--

02 परिचय, प्रकार, प्रभावी कारक, प्रारम्भिक व्यायाम का महत्व, प्रारम्भिक व्यायाम की विधि एवं अवधि, अन्तिम अवस्था (Cooling Down) का अर्थ, महत्व।

02 इकाई-7 सड़क सुरक्षा-

1- इसके अन्र्तगत दो पहिया वाहन चलाते समय सदैव हेल्मेट का प्रयोग करे।

2-चार पहिया वाहन चलाते समय चालक, आगे एवं पीछे बैठने वाले व्यक्ति को सुरक्षा की दृष्टि से सीट बेल्ट पहनना आवश्यक है। 3-दो पहिया/चार पहिया वाहन चलाते समय चालक मोबाइल का प्रयोग न करे।

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक-50

क्र0 सं0 मद (क्रीड़ा) कार्य कलाप वैकल्पिक 1 अभ्यास सारिणीयाँ अभ्यास सारिणी सामूहिक पी0टी0 योगाभ्यास, सारंग आसन, मत्स्य आसन, उद्‌दीपन, अग्निसार, सुप्त बज्र आसन। 1 अंक 2 अंक 2 कवायद मार्च अधिकारी को पत्रिका देना व इनाम लेना, धीमी चाल से तेजचाल में आना, तेजचाल से धीमी चाल में आना, दायें तथा बायें दिशा बदलना

3 लेजियम मोर चाल, मोर चाल आगे की, मोर चाल

2 अंक

दायें और बायें

4 जिम्नास्टिक/लोकनृत्य

4 अंक वाल्टिंग बाक्स, लॉग बाक्स, ब्रांड शहतीर (1) हाथ की पहुँच के ऊपर शहतीर (क) जिम्नास्टिक लड़कों के लिए 1-नकीकस सादा 2-तबक फाड़ 3-मयूर पंखी

पकड़ना-दायें-बायें चलना78 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 (2) हाथ के पहुँच के ऊपर शहतीर

लटककर झूले के साथ पकड़ना 4-बगली फरार 5-दस रंग 6-पिरामिड (मयूरासन)

(3) हाथ पहुँच के ऊपर शहतीर हाथ

बदलते हुये पकड़ना

लोकनृत्य

(ख) लोकनृत्य लड़कियों के लिए

दो लोकनृत्य एक उसी क्षेत्र का दूसरा

उसी क्षेत्र के बाहर का

लड़कों के लिए

नृत्य अधिक शारीरिक श्रम वाले

दो लोकनृत्य एक उसी क्षेत्र का दूसरा उसी क्षेत्र के बाहर का होना चाहिए।

कक्षा के लिए 3 अंक निर्धारित खेलों में भाग लेना।

5 बड़े खेल निम्नलिखित खेलों के आधारभूत कुशलतायें-फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन (जो सुविधायें विद्यालय में उपलब्ध)

4 अंक

4 अंक

6 छोटे खेल 1-लाइन फुटबाल 3 अंक 2-पिन बाल 3-दायरे का फुटबाल 4-हैण्ड बाल 5-कीप द बाल अप 6-उछलकर चलते हुए छूना/पकड़ना 7-कप्तान बाल 8-छूना व बैठकर बचना 9-चलती हुयी प्रतिभायें 10-दायरे की हाकी 7 रिले 1-लीपफ्राग रिले 2-ग्रेस्प एण्ड पुल रिले 3-बैक वर्ड रिले 4-तिलंगा रिले 5-चेन रिले 6-बाल पासिंग रिले 7-पिक अ बैक रिले 8-व्हील बैटरी रिले 8 (क) धावन तथा मैदानी प्रतियोगितायें

1-100 मी0 दौड़ 2-400 मी0 दौड़ 3-लम्बी छलांग 4-ऊँची छलांग 5-उछल कदम और कूद

6-4×100 मी0 रिले 7-शाट पुट

4 अंक

(ख) परीक्षण पदयात्रा राष्ट्रीय शारीरिक दक्षता परीक्षण 3.22 से 6.44 किलोमीटर 9 मुकाबले का खेल (क) साधारण मुकाबले 1-टेक आफ दि टेल 2-पुश आफ दि बेंच 3-पुश आफ दि स्ट्रल 4-पुश इन्टू पिट 5-मेक पुलभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 79 (ख) सामूहिक मुकाबले 1-फोर्सिंग दि गेट

2-ब्रेक दि वाल 3-स्मगलिंग 4-प्रिसन ब्रेक

(ग) कुश्ती पैंतरे

(1) (क) यू का पैंतरा

(ख) सामने का पैंतरा (ग) नजदीक (2) पीछे का पैंतरा (3) नीचे का पैंतरा (4) प्रिन्स

(1) कटार चलाना, आक्रमण व बचाव (2) बायें तथा दाहिने ओर प्रहार करके बचाव (3) पेट का निचला भाग (खोज प्रहार)

10 राष्ट्रीय आदर्श तथा

3 अंक

अच्छी नागरिकता व्यावहारिक परियोजनायें तथा सामूहिक गान

(क) राष्ट्रीय आदर्श व

अच्छी नागरिकता

(ख) व्यावहारिक

परियोजनायें

1-अच्छी आदतें 2-हमारे संविधान के मूल आधार 1-प्राथमिक उपचार 2-समाज सेवा 3-खेल.कूद का आयोजन 4-कैंप लगाना

(ग) सामूहिक गीत राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय भाषा में, एक किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा में

तथा एक राष्ट्र भाषा में।

परिचय

▪ सूर्य-नमस्कार के लाभ

▪ विधि

12- आसन और स्वास्थ्य • पेट के बल किए जाने वाले आसन (Prone Postur मे) 2 अंक ▪ पूर्णधनुरासन 13- मुद्रा • अपानवायु मुद्रा, सूर्यमुद्रा पूर्व अध्ययन अभ्यास, ज्ञानमुद्रा, वायुमुद्रा, शून्यमुद्रा, पृथ्वी मुद्रा, प्राणमुद्रा 3 अंक 14- बन्ध • जालन्धर बन्ध 4 अंक

• उड्‌डीयान बन्ध

• मूलबन्ध

• महाबन्ध

15- प्राणायाम एवं स्वास्थ्य        •  भस्त्रिका, कपालभाति (प्राणायाम)                 4 अंक
                                       ▪ पूरक, रेचक व कुम्भव की अवधारणा
                                       ▪ बाह्य प्राणायाम, अनुलोम.विलोम,
                                       ▪    नाड़ीशोधन
16- योग निद्रा                      •    योग निद्रा की प्रयोग विधि                  3 अंक
17- त्राटक                          •  ज्योति त्राटक                                  2 अंक
80 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

निम्नलिखित महापुरुषों की जीवनगाथा का अध्ययन

1. चन्द्रशेखर आजाद 2. बिरसा मुण्डा 3. बेगम हजरत महल 4. वीर कुॅवर सिंह 5. ईश्वर चन्द्र विद्यासागर 6. गौतम बु़द्ध 7. ज्योतिबा फूले 8. छत्रपति शिवाजी 9. विनायक दामोदर सावरकर 10. विनोबा भावे 11. श्रीनिवास रामानुजन 12. जगदीश चन्द्र बोस

43-(ख) समाजोपयोगी उत्पादक कार्य

कक्षा-9

स्थानीय सुविधानुसार निम्नलिखित में से कोई एक कार्य कराया जाय--

1--विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां बोना। 2--विद्यालय में घास का लॉन तैयार करना। 3--गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाना। 4--विद्यालय की बाउन्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना। 5--वृक्षारोपण। 6--कताई-बुनाई। 7--काष्ठ-शिल्प। 8--ग्रन्थ-शिल्प। 9--चर्म-शिल्प। 10--धातु-शिल्प। 11--धुलाई, रफू, बखिया। 12--रंगाई और छपाई। 13--सिलाई। 14--मूर्ति कला। 15--मत्स्य पालन। 16--मुधमक्खी पालन। 17--मुर्गी पालन। 18--साग-सब्जी का उत्पादन। 19--फल संरक्षण। 20--रेशम तथा टसर काम। 21--सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण। 22--हाथ से कागज बनाना। 23--फोटोग्राफी। 24--रेडियो मरम्मत। 25--घड़ी मरम्मत। 26--चाक तथा मोमबत्ती बनाना। 27--कालीन व दरी का निर्माण। 28--फूलों, फलों तथा सब्जियों के पौधे तैयार करना। 29--लकड़ी, मिट्‌टी आदि के खिलौने का निर्माण। 30--बेकरी और कन्फेक्शनरी का काम। 31--उपर्युक्त की सुविधा न होने पर कोई स्थानीय प्रचलित कार्य।

उपर्युक्त कार्यों के लिए निर्धारित पाठ्‌यक्रम-

(एक) विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां बोना

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 81

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि ऋतु फूल-पत्तियों के लगाने तथा सब्जियों को बोने से जहाँ एक ओर आस-पास की वायु शुद्ध होती है, प्रदूषण दूर होता है, वहीं दूसरी ओर ताजी सब्जियां खाने को मिलती हैं, जिससे शरीर के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक विटामिन तथा खनिज लवणों की आपूर्ति होती है।

(2) छात्रों में ऋतु के अनुसार फूल-पत्तियों तथा सब्जियों का चयन कर उन्हें लगाने तथा उनकी खेती करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) स्थानीय परिवेश एवं जलवायु को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालय की भूमि पर ऋतु के अनुसार फूल-पत्तियों तथा सब्जियों का चयन कर उनकी पौध तैयार करना।

(2) पौध लगाने के लिए उचित भूमि (क्यारियों) को तैयार करना, उसमें अपेक्षित कम्पोस्ट खाद तथा रासायनिक उर्वरक उचित मात्रा में डालना।

(3) बीजों को बोने के पूर्व उनका आवश्यकतानुसर शोधन करना। (4) वर्षाकाल में लौकी, तरोई, गोभी, बैंगन, टमाटर, मिर्च, गुलमेंहदी, जीनिया, गेंदा आदि के पौध लगाना।

(दो) विद्यालय में घास की लॉन तैयार करना

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि मैदान में घास लगाने से विद्यालय के सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ भूमि का कटाव नहीं होता, भूमि में फिसलन नहीं होती, लान की हरी-हरी घास नेत्रों की रोशनी के लिए लाभदायक होती है तथा घास के बढ़ने पर उससे पशुओं के लिये चारा भी उपलब्ध हो सकता है।

(2) छात्रों में विद्यालय तथा घर के आस-पास की रिक्त भूमि पर घासों के लॉन तैयार करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) भूमि तैयार करने तथा घास लगाने के लिए आवश्यक औजारों तथा सामग्रियों की जानकारी, प्रयोग विधि, सावधानियां तथा सुरक्षा के उद्‌देश्यों की जानकारी।

(2) लान (मैदान) से कंकड़, पत्थर साफ कर भूमि को खोदकर भुरभुरी बनाना। (3) मिट्‌टी में कम्पोस्ट खाद तथा अपेक्षित उर्वरक डालना। घास लगाने के लिए तैयार करना। (4) भूमि में आवश्यक सिंचाई कर मिट्‌टी में नमी पैदा करना तथा पुनः भूमि की गुड़ाई कर पटेला लगाना तथा भूमि को समतल बनाना।

(तीन) गमलों में दीर्घ जीवी, शोभायुक्त पौधे लगाना

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि घर के आस-पास भूमि की कमी या अभाव होने पर भी गमलों में दीर्घ-जीवी शोभायुक्त पौधे लगाये जा सकते हैं जिनसे पर्यावरणीय प्रदूषण कम किया जा सकता है।

(2) छात्रों में सुरुचि एवं सौन्दर्य भावना जागृत करने के लिए गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाने के लिए आवश्यक उपकरणों, सामग्रियों, मिट्‌टी तथा उर्वरकों की जानकारी।

(2) गमलों मे कम्पोस्ट खाद (गोबर की सड़ी खाद) युक्त मिट्‌टी भरने का अभ्यास। (3) जुलाई से सितम्बर के मध्य गमलों में फर्न (विभिन्न प्रकार के घास, क्रोटन, विभिन्न प्रकार के कैक्टस, युफार्विया) आदि लगाना।

(4) नियमित रूप से गमलों में सिंचाई करना।

(चार) विद्यालय की बाउण्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना

उद्‌देश्य-

(1) विद्यालय को बोध कराना कि विद्यालय की शोभा इसकी बाउण्ड्री पर हेज तथा लतायें लगाने से बढ़ती हैं साथ ही इससे पर्यावरणीय प्रदूषण कम होता है तथा मिट्‌टी का क्षरण रुकता है।

(2) छात्रों में विद्यालय (साथ ही घर) की बाउण्ड्री पर हेज अथवा लतायें लगाने का शौक तथा कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) हेज तथा लतायें लगाने के लिए आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी, उपविधियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) हेज लगाने हेतु मेंहदी, नीलकांटा (डयूरेटा) सुदर्शन, जस्तीशिया, बस्तशिया, छोटी हेज, चांदनी आदि में से किसी उपयुक्त तथा मन पसन्द हेज का चुनाव करना, वर्षा ऋतु में उसे लगाना।

82 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(पाँच) वृक्षारोपण

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना है कि वृक्ष मानव जाति के अस्तित्व के लिये आवश्यक है, इससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचता है, भूमि का कटाव रुकता है, समय पर उपयुक्त वर्षा होती है, भोज्य पदार्थ, औषधियां, इमारती तथा ईंधन की लकड़ियां प्राप्त होती हैं। वृक्ष वास्तविक अर्थ में मानव के सच्चे मित्र एवं रक्षक हैं।

(2) छात्रों में वृक्षारोपण का शौक तथा कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम-

(1) वृक्षारोपण हेतु आवश्यक औजारों तथा सामग्रियों की जानकारी, उनकी प्रयोग विधि, सावधानियां तथा सुरक्षा के उपायों की जानकारी प्राप्त करना।

(2) वृक्षारोपण हेतु उपयोगी वृक्षों की पौध तथा कलम तैयार करना। (3) वृक्षारोपण के लिए गड्‌ढे़ खोदकर उसमें कम्पोस्ट तथा आवश्यक उर्वरक डालना। (4) तैयार गड्‌ढ़ों में वर्षा ऋतु में वृक्षों के पौध लगाना।

(छः) कताई-बुनाई

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को सूत, खजूर की पत्ती, नाइलोन का धागा तथा सुतली से बुनाई करने का बोध कराना। (2) आसनी बनाना, चटाई बुनना तथा टाट-पट्‌टी बुनने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) विभिन्न प्रकार की तकली व रूई के प्रकार की जानकारी प्राप्त करना। (2) कताई में काम आने वाले विभिन्न उपकरणों एवं औजारों की जानकारी। (3) कताई-बुनाई में आवश्यक सावधानियों एवं सुरक्षा नियमों का ज्ञान प्राप्त करना। (4) रूई बुनाई तथा पूनी बनाने का अभ्यास। (5) तकली तथा चरखे पर सूत कातने तथा अटेरन पर सूत लपेटने और गुण्डियां तैयार करने का अभ्यास।

(सात) काष्ठ-शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि भव्य इमारतों तथा फर्नीचरों के निर्माण तथा सजावट की वस्तुयें तैयार करने में काष्ठ शिल्प का ज्ञान नितान्त आवश्यक है।

(2) इस कला द्वारा छात्रों के हाथ, नेत्र और मस्तिष्क में सामंजस्य स्थापित होता है।

पाठ्‌यक्रम--

(1) काष्ठ शिल्प में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों एवं औजारों की जानकारी, उनके प्रयोग की सावधानियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) यंत्र प्रयोग एवं कार्य करने का विधिवत्‌ अभ्यास।

(आठ) ग्रन्थ शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को पुस्तकों एवं अभ्यास पुस्तिकाओं को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने का बोध कराना। (2) छात्रों में पुस्तकों को सिलने तथा उनकी जिल्दसाजी का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) ग्रन्थशिल्प में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों तथा औजारों की जानकारी, उसके विधिवत्‌ प्रयोग करने का अभ्यास, सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय, यंत्रों के रख-रखाव की जानकारी।

(2) साधारण पुस्तकों और नोट-बुक्स के पन्ने मोडऩा, उनकी सिलाई करना (जुजबन्दी तथा सादी दोनों प्रकार की) किनारे काटना, पीठ गोल करना, रक्षक कागज लगाना, आवरण चढ़ाना तथा उनकी सुसज्जा करना।

(3) पुस्तक आवरण का लेखन तैयार कर उनकी सुरक्षा करना।

(नौ) चर्म शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि दैनिक जीवन में चर्म से बनी वस्तुयें कितनी उपयोगी हैं। (2) छात्रों में चर्म से विभिन्न प्रकार की दैनिक जीवनोपयोगी वस्तुओं के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) चर्म शिल्प में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों, औजारों तथा सामग्री की जानकारी, उनके विधिवत्‌ प्रयोग करने का अभ्यास सावधानियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) चर्म से तैयार की गयी वस्तुओं में बटन लगाने का अभ्यास। (3) कागज से विभिन्न प्रकार के मॉडल बनाना, औजारों से सही ढंग से काटना, चिपकाना, चमड़े की पट्‌टी लगाने का अभ्यास।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 83

(दस) धातु-शिल्प

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को धातु-अधातु में अन्तर तथा धातु के महत्व का बोध कराना। (2) छात्रों में धातुओं से बनी दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली वस्तुओं के मामूली टूट-फूट की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम-

(1) धातु-शिल्प में प्रयोग होने वाले उपकरणों एवं औजारों तथा सामग्रियों की जानकारी, उनके प्रयोग विधि का अभ्यास, सावधानियां तथा सुरक्षा के उपाय।

(2) यंत्रों के उचित ढंग से रख-रखाव की जानकारी। (3) लोहा, टीन, तांबा, एल्युमीनियम, शीशा, जस्ता आदि धातुओं की जानकारी तथा उनसे बनने वाली वस्तुओं की जानकारी तथा उनके मामूली टूट-फूट की मरम्मत करने का अभ्यास।

(ग्यारह) धुलाई, रफू तथा बखिया

उद्‌देश्य-

छात्रों को बोध कराना है कि धुलाई-रफू तथा बखिया द्वारा प्रत्येक परिवार में प्रयोग होने वाले वस्त्रों को अधिक समय तक पूर्ण चमक-दमक के साथ चलाया जा सकता है तथा इस प्रकार आर्थिक बचत की जा सकती है। पाठ्‌यक्रम--

(1) धुलाई, रफू तथा बखिया के उपकरणों, साज-सज्जा तथा सामग्रियों की जानकारी, सही प्रयोग सावधानियां रख-रखाव सुरक्षा के उपाय।

(2) विभिन्न देशों के बने वस्त्रों की जानकारी। (3) प्रक्षालन के विभिन्न प्रकारों की जानकारी तथा अभ्यास। (4) विभिन्न प्रकार के धब्बे हटाने की जानकारी तथा अभ्यास।

(बारह) रंगाई तथा छपाई

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि हर प्रकार के वस्त्रों की किस प्रकार रंगाई तथा छपाई कर उन्हें नयनाभिराम तथा आकर्षक बनाया जा सकता है।

(2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की रंगाई के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) रंगाई तथा छपाई हेतु प्रयुक्त होने वाले उपकरणों, साज-सज्जा तथा सामग्रियों की जानकारी, सही प्रयोग विधि का अभ्यास, सावधानियां तथा उनका रख-रखाव।

(2) विभिन्न प्रकार के टेक्सटाइल रेशों की पहचान का अभ्यास। (3) कोरी वस्तुओं की अशुद्धियों को निकाल कर उन्हें रंगाने योग्य बनाने का अभ्यास। (4) सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों पर नमक के रंगों की विधि का अभ्यास।

(तेरह) सिलाई

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को बोध कराना कि सिलाई कला के अभ्यास से पर्याप्त धन की बचत की जा सकती है। (2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की सिलाई के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) सिलाई के उपकरणों, साज-सज्जा तथा सामग्रियों की जानकारी उनके सही प्रयोग विधि का अभ्यास सावधानियां तथा रख-रखाव की जानकारी।

(2) विभिन्न प्रकार के कपड़ों के सिकुड़ने आदि की प्रवृत्ति की जानकारी। (3) सूती, ऊनी तथा रेशमी कपड़ों पर लोहा करने की विधि का अभ्यास। (4) सूती, ऊनी तथा रेशमी की सिलाई हेतु सही धागों के चुनाव का अभ्यास।

(चौदह) मूर्ति कला

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि मूर्ति-कला का जीवन से कितना गहरा सम्बन्ध है। यह विगत स्मृतियों को जीवित रखने का एक मुखर साधन है।

(2) छात्रों में मूर्ति-कला के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) मूर्ति-कला में प्रयोग होने वाले औजारों तथा अन्य सामग्रियों की जानकारी, उनकी प्रयोग विधि का ज्ञान, सावधानियां, रख-रखाव तथा सुरक्षा के उपाय।

13 ड़84 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 (2) मिट्‌टी व अन्य रद्‌दी वस्तुओं, प्लास्टर आफ पेरिस, कागज की लुग्दी को कार्योपयोगी बनाने की विधि का अभ्यास। (3) अच्छी मिट्‌टी व कागज की लुगदी की पहचान का अभ्यास। (4) भटि्‌ठयां बनाने की कला की जानकारी। (5) टूटे बर्तनों व मूर्तियों को जोड़ने की कला की जानकारी।

(पन्द्रह) मत्स्य पालन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि मत्स्य पालन से पौष्टिक आहार प्राप्त होता है, मत्स्योत्पादन एक लाभकारी उद्योग है।

(2) छात्रों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करना तथा सही विधि से मत्स्य पालन करना सिखाना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) मत्स्य पालन के काम आने वाली सामग्रियों की जानकारी। (2) मत्स्य पकड़ने के उपकरणों जैसे बंसी, जाल, नाव तथा जहाज की जानकारी तथा छात्र द्वारा मत्स्य पकड़ने का अभ्यास।

(3) मत्स्य पालन के सामान्य सिद्धान्त, प्रजनन एवं पोषण की जानकारी। (4) मत्स्य की सुरक्षा, जीवाणु सम्बन्धी खराबी, इसके कारण तथा सुरक्षा के उपायों की जानकारी।

(सोलह) मधुमक्खी पालन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि मधु एकत्र करने के लिए मधु मक्खियों को पाला जा सकता है। (2) छात्रों को बोध कराना कि मधु अनेक दशाओं में प्रयुक्त होती है तथा अत्यन्त स्वास्थबर्द्धक भोज्य पदार्थ है। (3) छात्रों में मधुमक्खियों को मौन गृह में रखना तथा उनके रख-रखाव और शहद निकालने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) मधुमक्खी पालन तथा शहद निकालने के लिये आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी। (2) मौन गृह की व्यवस्था करना। (3) मधुमक्खियों को बक्से में रखने के दोनों प्रकारों की जानकारी (1) मौनवंश में धनछट होने पर इन्हें ड्रम या कनस्टर छोड़कर, धूल उड़ाकर या पानी की बौछार कर रोक लेने की जानकारी तथा अभ्यास, स्वामीबैग से पकड़कर इन्हें बक्से में डालकर क्वानगट लाने की जानकारी, (2) मौनवंश को जाले से अथवा पेड़ की खोखल से स्थानान्तरित कर मौन गृह में लाना।

(4) मधुमक्खियों द्वारा छत्ता बनाने के लिये रात के समय चीनी का घोल प्याले में रख कर उसमें दूध या सूखी घास डालकर ऊपरी व भीतरी ढक्कन के बीच में रखने की जानकारी।

(5) धुआँ देकर मधुमक्खियों को भगाकर छत्तें को काटकर मौन गृह में फ्रेमों में फिट करना तथा रानी मक्खी को पकड़कर बक्से में डालना जिससे सभी मधुमक्खियां उस बक्से में आने लगें।

(6) बक्सों को ऐसे स्थान पर रखना जहाँ सभी मधुमक्खियों के आवागमन में किसी प्रकार की रुकावट न हो।

(सत्रह) मुर्गी पालन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि प्रोटीन भोजन का एक मुख्य अवयव है। प्रोटीन का सरलता से उपलब्ध होने वाला प्रमुख साधन अण्डा है, जिसे मुर्गी पालन से प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में मुर्गी के आवास-व्यवस्था, रख-रखाव व रोग तथा उसके उपचार, मुर्गी फार्म के हिसाब से रख-रखाव का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) मुर्गी के आवास-व्यवस्था का प्रबन्ध करना। (2) मुर्गियों के साधारण रख-रखाव की जानकारी प्राप्त करना। (3) मुर्गी से विभिन्न रोगों की जानकारी, उसके उपचार एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी। (4) मुर्गी पालन प्रारम्भ करने के लिये उचित नस्ल की जानकारी तथा चुनाव। (5) स्थानीय मांग के अनुसार यदि अंडों की खपत अधिक है तो अण्डे देने वाली नस्ल की मुर्गियों का पालन करना तथा यदि बाजार में मांस की अधिक खपत है तो मांस के लिये पाली जाने वाली नस्लों का चयन कर मुर्गियों को पालना।

(अट्‌ठारह) शाक-सब्जी का उत्पादन

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि हमारे संतुलित आहार में शाक-सब्जी का कितना महत्वपूर्ण स्थान है तथा ये सब प्रकार के विटामिन्स, खनिजों एवं लवणों की आपूर्ति कर हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं तथा रोगों से लड़ने की क्षमता उत्पन्न करते हैं।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 85

(2) छात्रों में मौसम के अनुसार शाक-सब्जी को पैदा करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) शाक-सब्जी उत्पन्न कराने के लिये अच्छी मिट्‌टी की जानकारी, भूमि तैयार करना, सही मात्रा में आवश्यक खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करना।

(2) शाक-सब्जी की खेती में प्रयोग आने वाली कृषि उपकरणों तथा औजारों की जानकारी, उनके प्रयोग की विधि, सावधानियां एवं उनका रख-रखाव।

(3) अधिक उपज देने वाले बीजों की जानकारी एवं उनका चुनाव। (4) बीज-शोधन प्रक्रिया की जानकारी तथा अभ्यास। (5) शाक-सब्जी बोने के पूर्व भूमि में उचित मात्रा में नमी बनाये रखने की जानकारी, सिंचाई के समय तथा सही मात्रा की जानकारी तथा अभ्यास।

(6) मौसम के अनुसार शाक-सब्जी की खेती करने का अभ्यास, जिसमें कम लागत में अच्छी उपज प्राप्त हो सके।

(उन्नीस) फल संरक्षण

उद्‌देश्य--

(1) फलों के नष्ट होने की प्रक्रिया का छात्रों को बोध कराना। (2) विभिन्न प्रकार के फलों के संरक्षण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) फल संरक्षण हेतु आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी। (2) जेली, जैम, आचार, मुरब्बा, सास, कैचप तथा स्क्वैश की सामान्य जानकारी, उनमें परस्पर अन्तर की जानकारी तथा यह जानना कि कौन सा फल किस वस्तु के लिये तैयार करने में प्रयोग में लाया जाता है।

(3) प्रत्येक प्रकार की वस्तु (जैसे जेली, जैम, अचार आदि) तैयार करने के लिये उनमें प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल (जैसे फल, चीनी, नमक, तेल, घी, मसाले आदि) की सही मात्रा (अनुपात) की जानकारी।

(4) अमरूद की जेली बनाने का अभ्यास। (5) पपीते का जैम बनाने का अभ्यास। (6) आम, मिर्चा, कटहल का अचार बनाने का अभ्यास। (7) गाजर, मूली, शलजम, गोभी, सिंघाड़ा आदि का मिश्रित अचार बनाने का अभ्यास। (8) आवंले का मुरब्बा बनाने का अभ्यास।

(बीस) रेशम तथा टसर का काम

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि रेशम के कीटों का पालन कर रेशम का धागा प्राप्त किया जा सकता है। (2) छात्रों में शहतूत के पौधों का उत्पादन करना, शहतूत के पौधों पर रेशम के कीटों का पालन करना, प्यूपा (कोया) एकत्र कर उनसे रेशम का धागा प्राप्त करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) रेशम कीट पालन हेतु आवश्यक उपकरण एवं सामग्रियों की जानकारी सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय। (2) शहतूत की पत्ती का उत्पादन। (3) रेशम कीट पालन एवं कोया उत्पादन। (4) कोये सुखाना एवं कोये की रोलिंग पर धागों (रेशम सूत) का उत्पादन करना। (5) पत्तियों को ट्रे में धीरे-धीरे डालने का अभ्यास करना जिसमें कोयो को चोट न पहुंचे। (6) पुरानी पत्तियों को समय से तत्परतापूर्वक टे्र से हटाते रहना।

(इक्कीस) सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि सुतली तथा टाट-पट्‌टी कुटीर उद्योग है जिसमें ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था सुधारने में सहायता मिल सकती है तथा कम पूंजी में इसे प्रारम्भ किया जा सकता है एवं इसके लिए कच्चा माल सुगमता से प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में सुतली तथा टाट-पट्‌टी के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) सुतली एवं टाट-पट्‌टी के निर्माण के लिये आवश्यक उपकरणों, औजारों एवं सामग्रियों की जानकारी सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय।

(2) अच्छे रेशमों की जांच पड़ताल करना तथा रेशों के विभिन्न प्रकारों की जानकारी प्राप्त करना एवं पहचानने का अभ्यास करना।

(3) सुतली कातने तथा उसके 2 प्लाई, 3 प्लाई तथा 4 प्लाई धागों का निर्माण करना। (4) कच्चे माल को एकत्र करने में बरतने योग्य सावधानियाें की जानकारी प्राप्त करना तथा उनका अभ्यास करना।

86 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(बाइस) हाथ से कागज बनाना

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि आधुनिक युग में ज्ञान के विकास तथा उसे सुरक्षित रखने में कागज का महान योगदान है।

(2) छात्रों में हाथ से कागज बनाने के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) हाथ से कागज बनाने में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों तथा कच्चे माल की जानकारी, (क) प्रकृति के पदार्थों से मिलने वाला कच्चा माल, (ख) रद्‌दी कागज का उपयोग।

(2) कच्चे माल को गलाने तथा साफ करने की विधियों की जानकारी तथा अभ्यास (प्रकृति से प्राप्त होने वाले वस्तुओं को छोटे टुकड़ों में काटना, रासायनिक पदार्थों द्वारा गलाना, उबालना, कुटाई करना, कुंटी हुई लुग्दी में सफेदी लाने का अभ्यास, लुग्दी तथा रासायनिक पदार्थों को अलग करने की विधि)।

(3) तैयार लुग्दी की पहचान का अभ्यास। (4) तैयार लुग्दी से कागज उठाना। (5) हाथ से कागज उठाने की विधियां।

(तेइस) फोटोग्राफी

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि विगत स्मृतियों को साकार रूप से सुरक्षित रखने के लिये फोटोग्राफी एक सशक्त माध्यम है।

(2) छात्रों को फोटो खींचने, उसका डेवलपमेन्ट करने, प्रिटिंग तथा एनलार्जमेन्ट करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) निगेटिव फिल्मों को तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी। (2) फोटोग्राफी के लिए आवश्यक उपकरणों, साज-सज्जा सामग्रियों की जानकारी उसका रख-रखाव तथा आवश्यक सावधानियों की जानकारी, सुरक्षा के नियमों को जानना।

(3) साधारण कैमरा, बाक्स कैमरा, डबल कैमरा, टिबल लेन्स कैमरा की जानकारी, फोल्ंिडग कैमरा आदि का प्रयोग करना तथा रख-रखाव, सावधानियों की जानकारी।

(4) कैमरा के मुख्य पुर्जें की जानकारी, उनका प्रयोग तथा सावधानियां। (5) डार्क रूम की जानकारी, फोटोग्राफी में प्रकाश का महत्व। (6) फोटो खींचने का अभ्यास, फोटोग्राफी हेतु आकर्षक पोज की स्थिति समझाने की जानकरी तथा अभ्यास (आउट डोर तथा इन्डोर फोटोग्राफी का अभ्यास)।

(7) कैमरे में रील भरने तथा फोटो खींचने के बाद जब भर जाये तो उसे बाहर निकालने के अभ्यास तथा सावधानियां।

(8) कैमरा द्वारा लाइट के अनुरूप इक्सपोजर देने तथा टाइपिंग का अभ्यास। (9) निगेटिव फिल्म तैयार करने का अभ्यास। (10) विभिन्न रसायनों से डेवलपर तैयार करना तथा फिल्म को डेवलेप करने का अभ्यास।

(चौबीस) रेडियो मरम्मत

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को रेडियो, ट्रान्जिस्टर, टेपरिकार्डर तथा टू-इन-वन के बारे में बोध करना। (2) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर को असेम्बली एवं रिपेयरिंग का कौशल विकसित करना। (3) टेप रिकार्डर तथा टू-इन-वन की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) रेडियो तथा इलेक्ट्रानिक का साधारण ज्ञान प्राप्त करना। (2) विद्युत की सामान्य जानकारी। (3) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर के प्रकारों की जानकारी। (4) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर के विभिन्न पाटर््‌स तथा उनके कार्यों की जानकारी। (5) ट्रान्जिस्टर रिसीवर पाटर््‌स की जानकारी। (6) रेडियो तथा ट्रान्जिस्टर के दोषों को ढूढ़ना तथा उनको ठीक करने का अभ्यास।

(पच्चीस) घड़ी मरम्मत

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों में कम लागत में घड़ियों की मरम्मत तथा रख-रखाव की क्षमता का विकास करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 87

(2) मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल प्रकार की कलाई घड़ी, टेबुल घड़ी तथा दीवार घड़ी की मरम्मत सर्विसिंग और संयोजन (असेम्बली) का कौशल विकसित करना।

(3) छोटे-छोटे कल-पुर्जों को लेकर किये जाने वाले कार्यों में बरतने योग्य सावधानियों का अभ्यास करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) घड़ीसाजों के औजारों की पहचान एवं उनके उपयोग करने की विधियों का अभ्यास तथा सावधानियां। (2) विभिन्न प्रकार की मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल घड़ियों का अध्ययन। (3) घड़ी के कल-पुर्जों की बनावट एवं कार्य प्रणाली का अध्ययन। (4) घड़ियों की खुलाई, सफाई, आयलिंग एवं बधाई। (5) पुर्जों की मरम्मत एवं जांच तथा सही ढंग से नये पाटर््‌स की फिटिंग करना। (6) हेयर स्प्रिंग, टाइम सेटिंग का अभ्यास।

(छब्बीस) चाक एवं मोमबत्ती बनाना

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि कम लागत की पूंजी में चाक एवं मोमबत्ती बनाने का लघु कुटीर उद्योग प्रारम्भ किया जा सकता है जिसकी खपत आस-पास के परिवेश में हो सकती है।

(2) छात्रों में चाक एवं मोमबत्ती बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम-- चाक एवं मोमबत्ती बनाने के लिये आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की जानकारी, सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय। चाक बनाने हेतु--

(1) चाक बनाने के सांचे (गनमेटल तथा एल्यूमिनियम) की जानकारी, सांचों के कसने के लिये पेच की जानकारी, उनके प्रयोग का अभ्यास।

(2) कच्चे माल (प्लास्टर आफ पेरिस तथा चीनी मिट्‌टी) की जानकारी तथा प्रयोग विधि की जानकारी एवं अभ्यास।

(3) 10ः1 के अनुपात में प्लास्टर आफ पेरिस तथा चीनी मिट्‌टी मिलाकर आवश्यकतानुसार पानी मिला कर लकड़ी के पतले तख्ते से संमिश्रण को खोदने का अभ्यास करना जिससे वह गाढ़ा लेई सदृश्य तैयार हो जाय।

(4) उपर्युक्त समिश्रण को मोबिल आयल लगे सांचे के छिद्रों में भरना तथा सांचे में 10-15 मिनट तक प्लास्टर आफ पेरिस के सूख जाने पर सांचे को खोलकर चाक को बाहर निकाल कर सुखा लेना।

(5) सूखे हुये चाकों को पैकिंग कर बाजार में विक्रय हेतु तैयार करना।

मोमबत्ती बनाने हेतु--

(1) मोमबत्ती बनाने के लिये एल्यूमिनियम से बने सांचे की जानकारी तथा प्रयोग का अभ्यास। (2) मोमबत्ती हेतु कच्चे माल-पैराफीन, मोम सूत तथा आयल रंग की जानकारी एवं प्रयोग विधि की जानकारी।

(3) सांचे के पलड़ों को खोलकर रूई की सहायता से अन्दर आयलिंग करना, सांचे में धागा लगाने के स्थान पर धागा लगाना तथा सांचे के पलड़ों को मिलाकर सांचे को बन्द करना।

(4) पैराफीन, मोम को किसी पात्र में आग पर पिघलाकर सांचे के छिद्रों में घोलना तथा सांचे की पूरी तरह से पिघली मोम से भर जाने पर सांचे को ठंडे पानी के टब में डुबाना।

(सत्ताइस) कालीन तथा दरी का निर्माण

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि अवसरों पर बिछाने तथा ड्राइंग रूम को सजाने में कालीन तथा दरी का भारी उपयोग होता है।

(2) छात्रों में कालीन तथा दरी बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) कालीन तथा दरी के निर्माण में प्रयोग होने वाले उपकरण तथा कच्चे माल की जानकारी। (2) सूत छांटना तथा सूत खोलना। (3) सूत की कटाई। (4) तागा लगाना।

(5) दरी बुनाई की तकनीकी की जानकारी व बुनाई का अभ्यास।

(अट्‌ठाइस) फलों तथा सब्जियों का पौध तैयार करना

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि अच्छी प्रजाति के पौध तैयार कर उनके सही रोपण द्वारा पौधे शीघ्र बढ़ते हैं तथा उनसे उत्पादन भी अधिक होता है।

88 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(2) छात्रों में मौसम के अनुसार सब्जियों तथा फूलों का चयन कर उसकी पौध तैयार करने का कौशल विकसित करना। पाठ्‌यक्रम--

(1) पौधों का चयन स्थानीय आवश्यकता एवं सुविधा को रखते हुए मौसम के अनुसार उगाई जाने वाली सब्जियों, फलों तथा फूलों की सूची तैयार करना।

(2) वर्षा काल में लौकी, गोभी, बैंगन, टमाटर, मिर्चा, गुल मेंहदी, जीनिया, गेंदा, पपीता इत्यादि की पौध तैयार करना।

(3) शीतकाल में फूलगोभी, पातगोभी, गांठगोभी, प्याज, कलेण्डुला, डहेलिया, नैस्ट्रोशियन, गुलदावदी, सूरजमुखी इत्यादि की पौध तैयार करना।

(4) ग्रीष्मकाल में कना, कोचिव, पोटूलाका वरगीनिया इत्यादि की पौध तैयार करना। (5) अक्टूबर, नवम्बर में गुलाब की पौधे तैयार करना।

(उन्तीस) लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने का निर्माण

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना कि लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने बच्चों के लिये आकर्षण के केन्द्र तथा घर पर तथा ड्राइंग रूम सजाने के लिये सुन्दर साधन होते हैं।

(2) छात्रों में लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) लकड़ी के खिलौने बनाने में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों/औजारों तथा कच्चे माल की जानकारी। (2) औजारों का प्रयोग करने का अभ्यास एवं सावधानियां। (3) विभिन्न प्रकार के डिजाइनों के अनुसार वन पीस तथा मेनी पीस में लकड़ी के खिलौने तैयार करने का अभ्यास।

(4) लकड़ी के खिलौने पर फिनिशिंग टच देना तथा पालिश करने का अभ्यास। (5) मिट्‌टी के खिलौने बनाने के लिये उपयुक्त मिट्‌टी की जानकारी, चुनाव उसे तैयार करना। (6) खिलौने के सांचों की प्रयोग की विधि की जानकारी। (7) सांचे के खिलौने को निकालने, सुखाने तथा भट्‌ठी में उपयुक्त आंच में पकाने की कला जानकारी तथा अभ्यास।

(तीस) बेकरी तथा कन्फेक्शनरी का काम

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों को बोध कराना है कि सामान्यतः नाश्ते में प्रयोग किये जाने वाले बिस्कुट तथा केक आदि सरलता से घर में बनाये जा सकते हैं।

(2) छात्रों को बिस्कुट, केक, पेस्ट्री तथा पावरोटी बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम--

(1) बेकरी तथा कन्फेक्शनरी के काम में उपयोग में आने वाले आवश्यक उपकरणों/औजारों तथा ओवन की जानकारी।

(2) बिस्कुट, केक, पेस्ट्री तथा पावरोटी में प्रयुक्त होने वाली सामग्री तथा उनकी सही मात्रा के अनुपात की जानकारी।

(3) पावरोटी, बनाने की विधियां--स्टेट की विधि, (ख) साल्ट डिलाइट विधि, (ग) नो टाइप की विधि, (घ) स्पेजडी विधि का ज्ञान प्राप्त करना।

(4) ब्रेड बनाने की प्रक्रिया--(1) फ्लाई परमेन्ट, (2) मिक्सिंग, (3) नोडिंग, (4) प्रथम फर्मा, (5) इण्टरमीडिएट प्रूफ, (6) मीलिंग एवं पैडिंग, (7) प्रूफिंग, (8) बेकिंग, (9) कलिंग, (10) स्लाई सिंग तथा (11) रैपिंग।

सामाजिक सेवा (1) सामान्य व्यवहार की बातें, जैसे--सड़कों पर चलने, वाहन चलाने एवं सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार के नियम। (2) कक्षा सजावट। (3) नशाबन्दी एवं धूम्रपान आदि व्यसनों के कुप्रभाव से अवगत कराना। सामान्य निर्देश (1) विद्यालय का प्रारम्भ सामूहिक प्रार्थना एवं दैनिक प्रतिज्ञा से होना चाहिए। (2) प्रार्थना स्थल पर सप्ताह में दो बार प्राधानाचार्य, शिक्षकों, विशेष अतिथियों एवं छात्रों द्वारा नैतिक मूल्यों को जगाने वाले दो मिनट के प्रवचन कराये जायें। (3) विद्यालय में समय-समय पर अभिनव, लेख, कहानी, सूक्ति, कविता पाइ, अन्त्याक्षरी आदि को प्रतियोगिताओं, महापुरुषों के जन्म दिनों तथा वार्षिकोत्सव एवं राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 89

(4) छात्रों को प्रतिदिन निर्धारित व्यायाम एवं योगदान करने के लिये प्रेरित किया जाय। (5) सामूहिक व्यायाम एवं खेलों का आयोजन किया जाय। (6) समाज सेवा के कार्य के अन्तर्गत विद्यालय प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यालय की सफाई, मरम्मत एवं सजावट तथा पुस्तकालय सेवा जैसे रचनात्मक कार्य भी कराये जाये। 3--मूल्यांकन-- 1--उपर्युक्त पाठ्‌यक्रम का मूल्यांकन पूर्णतया आन्तरिक होगा। 2--प्रत्येक छात्र को एक डायरी रखनी होगी, जिसमें उसके द्वारा दिये गये कार्य नैतिक सत्‌ प्रयास शारीरिक शिक्षा अन्तर्गत किये गये अभ्यासों, कृत समाजोपयोगी, उत्पादक कार्यों एवं सामाजिक के रूप में किये गये प्रयत्नों तथा कार्यों का मासिक विवरण सम्बन्धित अध्यापक द्वारा अंकित हो तथा प्रत्येक माह के अन्त में यह विवरण मूल्यांकन हेतु कक्षाध्यापक के माध्यम से प्रधानाचार्य के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। 3--मूल्यांकन के आधार पर इसमें तीन श्रेणियां ए, बी, सी प्रदान की जायेगी। जिन छात्रों ने कार्य न पूरा किया हो तो उन्हें तब तक सामान्य परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित नहीं किया जायेगा, जब तक कि निर्धारित कार्य पूरा न कर लें जो छात्र उपर्युक्त तीनों श्रेणियों में से किसी भी श्रेणी के योग्य नहीं पाये जायेंगे, उनकी विवरण पुस्तिका (डायरी) में तद्‌नुसार प्रविष्टि कर दी जायेगी तथा ऐसा छात्र मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए अर्ह न होगा। निर्धारित पुस्तकें-- कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालय के प्रधान सम्बन्धित विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपर्युक्त पुस्तक का चयन कर लें।

44-पूर्व व्यावसायिक का पाठ्‌यक्रम

(1) टे्रड-टेक्सटाइल डिजाइन

उद्‌देश्य-- 1--छात्रों में उद्यमता गुणों का विकास करना। 2--छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3--छात्रों को 10+2 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रड का चयन करने में सहायता करना। 4--छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। स्वरोजगार के अवसर-- टेक्सटाइल डिजाइन टे्रड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं-- (क) वेतनभोगी रोजगार--

(1) टेक्साइल इन्डस्ट्रीज में निम्न पदों पर रोजगार प्राप्त हो सकता है--

(क) सहायक रंगाई मास्टर, (ख) सहायक छपाई मास्टर।

(2) छोटेे कारखानों में--

छपाई, रंगाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में।

(ख) स्वरोजगार के रूप में--

(1) घरेलू व्यवसाय के रूप में छपाई कार्य, रंगाई कार्य करके माल को स्वयं बेच सकता है या बड़े उद्योगों में सप्लाई कर सकता है।

(2) ग्राहकों की आवश्यकतानुसार आर्डर लेकर कार्य पूरा करके अपनी आय कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन--

टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक--

इकाई 1--

(क) उद्यमिता बोध--उद्यम एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओ का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

90 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई 2--

(क) टेक्सटाइल परिचय--रेश, धागा, कपड़े का सामान्य ज्ञान। (ख) टेक्सटाइल से सम्बन्धित डिजाइन का अध्ययन--बुनाई, रंगाई, छपाई, वाश, पेंटिग का साधारण नमूना तैयार करना। इकाई 3--

(क) डिजाइन तैयार करने के मूलभूत सिद्धान्त तथा प्रारम्भिक डिजाइन का प्रमुख नमूना तैयार करना। (ख) डिजाइन में रंगों एवं रंग योजना प्रयोग। विभिन्न प्रकार के डिजाइन अवधारणा का निर्माण करना जिसकी हम छपाई, रंगाई व पेंटिग में प्रयोग कर सकते हैं।

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(1) रेशों की पहचान--सूती, ऊनी, रेशमी। परीक्षण विधि--मौलिक, जलाकर। (2) कपड़े/धागे की रंगाई, छपाई के लिए तैयार करना। उबालना, विरंजन करना--मारकीन और कच्चा सूत। (3) नमक के रंगों से छपाई करना--रूमाल या दुपट्‌टा कपड़ा--सूती कपड़ा/धागा। (4) नप्थोल रंग से रंगाई करना--तीन गहरे रंग का प्रयोग, इन रंगों का प्रयोग पर्दे इत्यादि पर किया जा सकता है।

(5) ठप्पे (कपड़ों के) द्वारा छपाई--मेजपोश, रूमाल, तकिया का गिलाफ। कपड़ा--सूती।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक

1 2

3

4

1 वस्त्र विज्ञान के मूल सिद्धान्त जे0 पी0 शैरी विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा। 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिवार (तृतीय प्रो0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुक डिपो, संस्करण)

लखनऊ।

एस0 सी0 ई0 आर0 टी0, नई दिल्ली।

3 हाउस होल्ड टेक्सटाइल दुर्गादत्त बुक कम्पनी, नई दिल्ली। 4 टेक्सटाइल केयर एण्ड डिजाइन एन0 सी0 ई0 आर0 टी0 एक्सप्लेनर, इन्स्ट्रक्शनल, मैटेरियल फार क्लासेज, दिल्ली IX-X

(2) टे्रड--पुस्तकालय विज्ञान

उद्‌देश्य--

(1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों में 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक पुस्तकालय विज्ञान टे्रड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि उत्पन्न करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव उत्पन्न करना। (6) छात्रों को पुस्तकालय विज्ञान टे्रड की प्रारम्भिक जानकारी से अवगत कराना।

रोजगार के अवसर--

(1) वेतनभोगी रोजगार के अवसर-- (क) ग्रामीण, कम्युनिटी सेन्टर, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, अनौपचारिक शिक्षा केन्द्र, पंचायत तथा अन्य लघु स्तरीय पुस्तकालयों में रोजगार के अवसर।

(ख) विभिन्न श्रेणी के पुस्तकालयों में पुस्तक प्रदाता, जनेटर, पुस्तक सरंक्षण सहायक तथा शार्टर के रूप में रोजगार के अवसर।

(2) स्वरोजगार के अवसर-- (क) पुस्तकालय का अध्ययन-सामग्रियों की जिल्दबन्दी का व्यवसाय। (ख) पुस्तकालय उपकरण एवं उपस्कर निर्माण का व्यवसाय। (ग) पुस्तकालय एवं उसकी अध्ययन सामग्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षण का व्यवसाय।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन--

टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इनकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगा।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 91

उद्यमी पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक (लिखित परीक्षा)

1--(क) उद्यमिता बोध--उद्यम, उद्यमिता एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या। वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनायें। उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता के गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ। राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग सहायक सरकारी तथा गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का परिचय।

2--पुस्तकालय का परिचय, परिभाषा, उद्‌देश्य, आवश्यकता एवं महत्व, पुस्तकालयों के विभिन्न प्रकार (रूप) पुस्तकालय विज्ञान के पांच सिद्धान्तों की अवधारणा।

3--पुस्तकालय उपकरण उपस्कर एवं साज-सज्जा। 4--पुस्तकालय अध्ययन--सामग्री की अवाप्ति प्रक्रिया, उनके उपयोग हेतु सुनियोजन, फलक व्यवस्था तथा प्रदायक सेवा। प्रतिकाओं का अभिलेख एवं रख-रखाव।

प्रयोगात्मक

(1) लघु प्रयोगः पुस्तकालयों के निम्नलिखित उपकरणों का प्रारूप तैयार करना-- बुक-प्लेट, बुक-लेबिल, तिथि-पत्रों, पुस्तक-पत्र, पुस्तक-पाकेट, पुस्तकालय-पत्रक, सूची-पत्रक, सूचना निर्देशक-पत्र, तिथि निर्देशक, बुक सपोर्टर।

(2) दीर्घ प्रयोगः (क) पुस्तिकालय के निम्नलिखित उपस्करों एवं उपकरणों का प्रारूप (डिजाइन तैयार करना)-- परिग्रहण-पंजिका, समाचार-पत्र तथा पत्रिका-पंजिका, निर्गम पंजिका, कैटलॉग, कैबिनेट चार्जिंग टे्र, डिसप्ले, रेक, एटलस, स्टैण्ड, शब्दकोष स्टैण्ड।

पुस्तकों की मरम्मत, जुजबन्दी एवं सादी सिलाई द्वारा जिल्दबन्दी करना। (ख) वर्गीकरण एवं सूचीकरण प्रायोगिक का मूल्यांकन, सत्रीय कार्य के अन्तर्गत (आगे उल्लिखित क्रम संख्या 4 एवं 5 पर आधारित कार्य करना)। (1) सत्रीय कार्य--

छात्र कक्षा 9 में निम्नलिखित कार्य करेंगे और उनका अभिलेख तैयार कर सत्रीय कार्य के मूल्यांकन हेतु सुरक्षित रखेंगे :

1--पचास पुस्तकों की परिग्रहण पंजिका में प्रविष्टि। 2--पांच पुस्तकों का उपयोग हेतु सुनियोजन। 3--पत्र-पत्रिका से पांच समाचार-पत्र तथा दस पत्रिकाओं की प्रविष्टि। 4--सौ पुस्तकों का ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति से तीन अंकों तक का वर्गांक बनाना। 5--पचीस पुस्तकों के मुख्य, अतिरिक्त एवं अन्तर्देशी संलेख को पत्रक स्वरूप सूचीकरण ए0ए0सी0आर0-2 के अनुसार बनाना।

(2) व्यावहारिक अध्ययन-- 1--छात्र द्वारा किन्हीं दो पुस्तकालयों की कार्य-प्रणाली का ज्ञान प्राप्त कर दस पृष्ठों की आख्या प्रस्तुत करना।

2--किसी जिल्दसाज की दुकान पर भौतिक ग्रन्थ विज्ञान एवं जिल्दसाजी का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना एवं किये गये कार्य का विवरण प्रस्तुत करना।

3--ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति के तृतीय सारांश में प्रयुक्त पदो ंके हिन्दी समानार्थी शब्दों का ज्ञान।

निर्धारित पुस्तकें--

कोई भी पुस्तक निर्धारित एवं संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के सम्बन्धित विषय के अध्यापक पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तकों का चयन कर लें।

(3) टे्रड--पाकशास्त्र

उद्‌देश्य--

1--भोजन से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों का ज्ञान कराना। 2--भिन्न भोज्य-सामग्रियों की प्रकृति तथा रासायनिक संगठन के आधार पर भोजन पकाने की विधियों से अवगत कराना।

3--व्यावसायिक रूप से विक्रय योग्य बनाने की क्षमता उत्पन्न करना। 4--विभिन्न प्रदेशों के विशिष्ट व्यंजनों की जानकारी देना। 5--विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने की विधियों के आदान-प्रदान द्वारा राष्ट्रीय एकता की भावना जागृत करना।

14 ड़92 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 6--खाद्य-सामग्रियों एवं उत्पादों में संदूषण के कारणों से अवगत कराना। 7--व्यावसायिक अभिरुचि को बढ़ाना।े 8--समाज में भोजन की आदतों एवं पोषण स्तर में वृद्धि लाना अर्थात्‌ पोषण अल्पता के कारण होने वाले रोगों में कमी लाना।

9--छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक टे्रड का चयन में करने सहायता करना। 10--छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना।

रोजगार के अवसर--

(क) वेतनभोगी-- 1--किसी होटल में नौकरी की जा सकती है। 2--खान-पान उद्योग के अन्य स्वरूपों जैसे- अस्पताल, छात्रावास, फैक्ट्री एवं परिवहन कैटरिंग संस्थान में नौकरी की जा सकती है।

(ख) स्वरोजगार-- 1--भोजनालय स्थापित किया जा सकता है। 2--होटल (राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे जहां वाहन खड़ा करने व उसके रख-रखाव, व्यक्तियों के रहने एवं भोजन की व्यवस्था हो) स्थापित किया जा सकता है।

3--पाकशास्त्र के प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कर, उनका संचालन किया जा सकता है। 4--पाकशास्त्र से सम्बन्धित उपकरणों/संयत्रों की विक्रय का एक जानकारी केन्द्र स्थापित किया जा सकता है। पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन--

टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक--

इकाई 1--

(क) उद्यमिता बोध--उद्यम एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावना में उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं रोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2--

म्लीचिंग

रिशेफ

विपिंग

ग्लूटेन

रेजिंग एजेन्ट्‌स (1) पाक कला की परिभाषा, उत्पत्ति एवं उद्‌देश्य। (2) पाकशास्त्र की शब्दावली-- एरोमेट्‌स वैटर कांगूलेट शटनिंग वोटिंग क्रोटोस फैरामेल डो जूलियन कुजीन गार्निज आदव रु0 आग्रटिन

मिन्स सांटे इकाई 3--

1--कच्ची खाद्य सामग्रियों का परिचय एवं उनको खरीदते समय ध्यान देने योग्य मानक--नमक, द्रव तेल एवं वसा, रेजिंग एजेन्ट्‌स, मिठास देने वाले पदार्थ, गाढ़ापन देने वाले पदार्थ, अण्डा, अनाज, दालें, सब्जियां, मांस, मछली।

2--भोजन पकाने की विधियां--उबालना, पोचिंग, ब्रेजिंग, भाप द्वारा पकाना, स्ट्‌यूइंग, फ्राइंग, रोप्टिस, ग्रिलिंग या बालिंग, बेंकिग या ग्रिडलिंग।

प्रयोगात्मक

(1) भारतीय व्यंजन (खाद्य उत्पाद)--

1--चावल--वेजिटेबिल पुलाव, प्लेन फ्राइड राइस, कोकोनट मली राइस, बिरयानी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 93

2--रोटी--मिस्सी रोटी, भरवा पराठा, नान, कचौड़ी। 3--दाल--दाल मक्खनी, सूखी मसाला दाल। 4--सब्जी--बेजिटेविल कोफ्ता, वेजिटेबिल कोरमा, भरवा शिमला मिर्च या टमाटर, पनीर पंसादीबा, सूखी सब्जी। 5--मांस--कोरमा, शामी कबाव, रोगनजोश, मटर कीमा, मटर चिकन। 6--रायता--बूंदी, खीरा, टमाटर, आलू। 7--सलाद--सलाद काटना, सजाना। 8--मीठा--गुलाब जामुन, रसगुल्ले, बर्फी, फिरनी। 9--स्नैक्स--समोसा, कटलेट्‌स, वेजिटेबल रोल्स, वेजिटेबल कवाब। 10--पेय पदार्थ--चाय, काफी, कोल्ड काफी, लस्सी। 11--अण्डा--एगकरी, आमलेट, स्क्रैम्बल्ड एग, पोच एग।

(2) पाश्चात्य व्यंजन--

1--सूप--क्रीम ऑफ टोमैटो सूप, धुली मसूर की दाल का सूप, मिक्सड वेजिटेबल सूप। 2--वेजिटेबल--बैक्ड वेजिटेबल, बैक्ड पोर्ट टी, साटे पोज, क्रीम्ड कैरट्‌स। 3--मीट एवं मछली--आइरिस स्ट्‌यू, वैक्ट फिश, फिशफिंगर्स। 4--चायनीज--चाऊमीन, चायनीज फ्राईड राइस। 5--पुडिंग्स--ब्रेड बटर पुडिंग, कैरेमल कस्टर्ड फ्रूट क्रीम।

(3) प्रान्तीय-- उत्तर भारतीय--छोले भटूरे, फिश लाई ढोकला। दक्षिण भारतीय--इडली, डोसा, सांभर, नारियल चटनी।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम व पता

1 2 3 4 1 भारतीय एवं पाश्चात्य पाकशास्त्र के सिद्धान्त एवं व्यंजन विधियां

सुश्री अनुपम चौहान हिन्दी प्रचारक संस्थान, पो0 बा0 नं0- 1106 पिशाच मोचन, वाराणसी।

2 आहार एवं पोषण विज्ञान श्रीमती ऊषा टंडन स्वास्तिक प्रकाशन एवं पुस्तक

विक्रेता, अस्पताल मार्ग, आगरा।

(4) टेड्र-छाया चित्रण (फोटोग्राफी)

उद्‌देश्य-- छाया चित्रण मात्र एक ललित कला ही नहीं है, अपितु एक स्वतन्त्र व्यवसाय के रूप में तेजी से उभरा है। व्यक्ति चित्रण के साथ-साथ यह जर्नलिज्म का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधानों, तकनीकी क्रियाओं को स्पष्ट करने एवं अध्ययन करने में तथा शिक्षण कार्य के अपेक्षाकृत सुगम बनाने एवं प्रभावकारी बनाने में हो रहा है। छाया चित्रण का अध्ययन न केवल व्यक्तित्व विकास एवं सौन्दर्यबोध को प्रखर करने में सशक्त है अपितु वह उपार्जन क्षमता भी प्रदान करेगा। छाया चित्रण के प्रारम्भिक अध्ययन के उद्‌देश्यों की पूर्ति के लिए इसके ज्ञान को निम्नलिखित अध्यायों में निरूपित किया गया है-- (1) स्वरोजगार। (2) छाया-चित्रण परिचय, नया संक्षिप्त इतिहास, व्यावसायिक उपयोगिता एवं आधारभूत सम्बन्धित विषयों (फन्डामेन्टल सब्जेक्ट्‌स) का आवश्यक ज्ञान। (3) छाया-चित्रण सम्बन्धी उपकरणों का ज्ञान एवं प्रकाश संवेदित (फोटो सेन्सिटिव, रासायनिक यौगिकों के उपयोग एवं चित्रण कुशलता) सम्बन्धी जानकारी। (4) बाक्स कमरा एवं उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी, इसमें छाया-चित्रण के लिए कैमरे के बिम्ब उद्‌भाषित (एक्सपोज) करना तथा रसायनों के उपयोग, फिल्म पर बने बिम्ब से संवेदनशील कागज पर प्रतिबिम्ब निरूपण प्रणाली सम्मिलित है। (5) छाया चित्रण सम्बन्धी सहायक उपकरण, प्रकाश के विभिन्न स्रोत तथा चित्र का सुरुचिपूर्ण ज्यामितिक प्रारूप निर्धारण (कम्पोजीशन) करने की जानकारी। (6) छाया चित्रण के विभिन्न क्षेत्रों में से दो विशिष्ट क्षेत्रों--(1) व्यक्ति चित्र (पोटे्रट) तथा (2) प्राकृतिक दृश्यावली अंकन (लैण्डस्कैप) का अपेक्षाकृत विस्तृत जानकारी।

94 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

कार्य के अवसर--

(1) स्वरोजगार--

1--फ्रीलान्स फोटो जर्नलिस्ट (स्वैच्छिक फोटो पत्रकारिता)। 2--कला भवन स्वामित्व।

(2) वेतनभोगी रोजगार--

1--छाया चित्रकार के पद पर--

--शोध संस्थानों में, --औद्योगिक संस्थानों में, --मुद्रणालयों में, --संग्रहालयों में, कला भवनों आदि में, --शिक्षा संस्थाओं में, --समाचार (दैनिक एवं पाक्षिक) पत्र-पत्रिकाओं में आदि।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- (1) (क) उद्यमिता बोध--उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं संभावनाएं। उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, रक्त प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

(2) फोटोग्राफी--परिचय, संक्षिप्त इतिहास उपयोगिता--

1--कैमरों के प्रकार, पिन, होल, घुक्स, फोल्डिंग, रिफ्लैक्स, फील्ड कैमरा, मिनिएचर (लघु) तथा सब मिनिएचर (अति लघु)।

2--कैमरा के विभिन्न अंग--

(क) लेन्स--विभिन्न प्रकार के लेन्स, फोकल बिन्दु, फोकल दूरी, साधारण लेन्सों द्वारा वस्तु के बिम्ब का बनाना। क्षेत्र की गहनता रेखाचित्र द्वारा समझना।

लेन्सों में दोष--वर्णीय (क्रोमेटिक) एंव गोलीय, दोषों का निवारण : नार्मल वाइड एंगिल तथा टेलीफोटो लेन्स।

(ख) अपरचर या द्वाराक--कार्य, विभिन्न प्रकार, रचना, संख्या। (ग) शट या कपाट--कार्य, विभिन्न प्रकार जैसे, लीफ/ब्लेड शटर, फोकल प्लेन आदि उनकी रचना।

(घ) दृश्यदर्शी (Veiw find), सीधा दृश्यदर्शी, दर्पण ग्राउन्ड ग्लास (घिसा हुआ कांच) तथा दर्पण पटा प्रिज्म दृश्यदर्शी।

(ङ) फिल्म प्रकोष्ठ (Film chamber) रचना, फिल्म की हाथ द्वारा (मैनुअल) तथा ऑटोमेटिक बाइंडिंग।

(3) फोटोग्राफिक फिल्म तथा पेपर, प्रकाशन संवेदनशील पदार्थ, फोटोग्राफिक फिल्म तथा पेपर की संरचना तथा उनके प्रकार। धीमा (स्लो), मध्यम (मीडियम) तथा तेज (फास्ट) फिल्में। फिल्मों की गति व्यक्त करने के लिए ए0एस0ए0 तथा डिम (Dim) पद्धति। पैक्रोमेटिक तथा आर्थोक्रोमेटिक फिल्में तथा पेपर। पेपर के विभिन्न ग्रेड एवं वेट, विभिन्न प्रकार की फिल्में।

प्रयोगात्मक

प्रयोगात्मक लघु-- 1--कैमरे (बॉक्स) की संरचना का अध्ययन कीजिए एवं चित्र खीचिंए (सभी भागों का नाम लिखिए)। 2--कैमरे (बॉक्स) का संचालन सीखना। 3--कैमरे के साथ उपयोग होने वाले फ्लेश, एक्सपोजर, मोटर ट्राइपॉड, स्टे्रन्ड इत्यादि का अध्ययन। 4--किसी निगेटिव का कान्ट्रेक्ट प्रिन्ट बनाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 95

5--किसी निगेटिव का एनलार्जमेन्ट बनाना। 6--किसी प्रिन्ट की टूनिंग तथा ग्लेजिंग तथा पेस्टिंग करना। 7--पीले फिल्टर का प्रयोग कर फोटो लेना। 8--बनाने के बाद प्रिन्ट के defect (त्रुटियों) का अध्ययन तथा साधारण त्रुटियों को दूर करना। प्रयोगात्मक दीर्घ-- 1-कैमरे के शटर स्पीड एवं एपर्चर का उद्‌भासन (एक्सपोजर) समय पर प्रभाव का अध्ययन, फोटो खींच कर करना। 2-फोटो खींचकर या रेफ्लेक्स कैमरे द्वारा Aperture के फोकस की गहनता, depth तथा Sharpness पर प्रकाश का अध्ययन करना। 3-एनलारजर की रचना एवं संचालन का अध्ययन करना, सही उद्‌भासन समय निकालना एवं लीवर/अन्डर एक्सपोजर का अध्ययन। 4-निगेटिव के ग्रेड का अध्ययन तथा प्रिन्ट के लिए विभिन्न पेपर ग्रेड के भाव का अध्ययन। 5-उद्‌भासन समय पर फिल्म की गति के प्रभाव का अध्ययन। 6-चित्र के कम्पोजीशन का अध्ययन करना। 7-बच्चे, महिला एवं वृद्ध के पोर्टे्रट खींचना। 8-लैण्ड स्केप फोटो खींचना। 9-डार्क रूम के साज सामान तथा ले-आउट का अध्ययन करना। 10-डेवलपमेन्ट टाइप का चित्र पर प्रभाव एवं ओवर/अन्डर डेवलपमेन्ट का अध्ययन। 11-बाक्स कैमरे द्वारा कम से कम एक कलर फोटो लेना तथा अध्ययन करना। 12-किसी विषय पर प्रोजेक्ट Project करना, जैसे पोर्टे्रट, लैण्ड स्कैप।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम व पता

4

1 2 3 1 डायमण्ड कम्पलीट फोटोग्राफी श्रीकृष्ण श्रीवास्तव डायमण्ड पाकेट बुक्स, दिल्ली

वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी। 2 फोटोग्राफी सहज पार्ट अशोक डे इण्डियन क्टिोरियल, पब्लिशर्स, कलकत्ता। वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी।

3 ट्रिक फोटोग्राफी एण्ड कलर

ए0 एच0 हाशमी युनिवर्सल बुक सेन्टर, लखनऊ।

प्रासेसिंग

4 प्रैक्टिकल फोटोग्राफी ए0 एच0 हाशमी तदैव 5 गुड फोटोग्राफी कोडक यूनिवर्सल बुकसेलर, लखनऊ। 6 फोटोग्राफी स्पोट्‌र्स कोडक तदेव 7 मोविमेकर एच0 बी0 कोडक यूनिवर्सल बुकसेलर, लखनऊ। 8 दी होम वीडियो पिक्चर कोडक तदेव 9 फोकल गाइड टू टे्रडिंग कोडक तदेव 10 फोकल गाइड मूवी मेकिंग कोडक तदेव 11 दी फोकल गाइड टू साइड टेंड कोडक तदेव 12 दी फोकल गाइड टू एक्शन कोडक तदेव तदेव

फोटोग्राफी

13 दी पाकेट गाइड टू फोटोग्राफी कोडक तदेव 14 गाइड टू परफेक्ट पिक्चर कोडक तदेव 15 वे आफ प्रैक्टिकल फोटोग्राफी कोडक तदेव

(5) टे्रेड-बेकिंग एवं कनफेक्शनरी

उद्‌देश्य- 1--छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2--छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

96 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

3--छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रड का चयन करने में सहायता करना। 4--छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। स्वरोजगार के अवसर-- बेकरी एवं कन्फेक्शनरी व्यवसाय में शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं : (क) वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में-- 1--बेकरी उद्योग में नौकरी। 2--होटल/मेस में नौकरी। 3--कच्चे पदार्थों के भण्डारण में प्रभारी के रूप में। (ख) स्वरोजगार-- 1--कुटीर उद्योग स्थापित करना। 2--कच्चे माल के क्रय-विक्रय का धन्धा चलाया जा सकता है। 3--बिक्री कार्य में। पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (1) उद्यमिता बोध-- उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं, उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-- लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ। राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगर की योजनाओं का परिचय। इकाई 2-- (1) बेकरी विज्ञान का ज्ञान, महत्व एवं उद्‌देश्य। (2) बेकरी उपकरणों का संक्षिप्त ज्ञान, बेकरी ओवन एवं भट्‌ठी। (3) बेकरी तकनीकी शब्दावली। (4) क, ब्रेड बनाने की विधियों के नाम,

ख, स्टे्रट डी विधि से ब्रेड बनाने का विस्तृत तरीका, ग, ब्रेड बनाने की विभिन्न प्रक्रियाओं का संक्षिप्त ज्ञान, घ, ब्रेड की बीमारियों के नाम व बचाव।

इकाई 3-- बेकरी व कन्फेक्शनरी में प्रयुक्त होने वाले कच्ची सामग्री का संक्षिप्त ज्ञान (मैदा, चीनी, घी, अण्डा, यीस्ट नमक, पानी, दूध, बेकिंग पाउडर, सुगन्ध, रंग, कोको एवं चाकलेट, सोयाबीन, आटा (मक्का आटा))। प्रयोगात्मक-- लघु प्रयोग-- 1--कोकोनट कुकीज 2--कैश्यूनट कुकीज 3--कैश्यूनट बिस्कुट 4--जीरा बिस्कुट 5--बटर स्पंज केक 6--स्वीस रोल 7--डैकोरेटिव पेस्ट्री 8--रायल नाइसिंग, क्रीम आइसिंग 9--गम पेस्ट 10--मिल्क टाफीभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 97 दीर्घ प्रयोग-- 1--ब्रेड स्टेट डी विधि से 2--फ्रूट बन्स 3--स्वीट बन्स 4--ब्रेड रोल 5--फ्रूट केक 6--वेजीटेबिल पैटीज 7--हाटक्रास बन्स 8--पाइन एपिल पेस्ट्री 9--बर्थडे केक (विद आइसिंग)

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम मूल्य 1 2 3 4 5 रुपया . . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 30.00 1 अप-टू-डेट कन्फेक्शनरी

इण्डस्ट्रीज

2 दी सुगम बुक आफ बेकिंग . . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 20.00 50.00 3 बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी सिद्धान्त

एवं विधियां

सुश्री अति उत्तमा

चौहान

हिन्दी प्रचारक संस्थान, मी0 21/20, पिशाचमोचन, वाराणसी-221010, पो0 बा0-1106, पिशाचमोचन, वाराणसी

4 किचन गाइड 5 बेकिंग बी0 एन0 अग्निहोत्री कृषि साहित्य प्रकाशक, नरही,

. . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 70.00 50.00

लखनऊ

85.00 6 बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी राम किशोर अग्रवाल भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ 142, विजय नगर, वेस्ट कचहरी रोड, मेरठ

(6) टे्रड--मधुमक्खी पालन

(1) मधुमक्खी पालन औद्योगिकरण की जानकारी प्राप्त कर बढ़ती हुई बेरोजगाारी को दूर करना एवं बेरोजगारी दूर करने के लिये अन्य राष्ट्रीय योजनाओं को छात्रों को समझाना।

(2) शुद्ध मधु-मोम उत्पादन की मात्रा की वृद्धि करना तथा बिक्री कर के प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करना तथा बच्चों को उद्यमिता प्रदान कर उद्यमी बनाना।

(3) बच्चों, बीमार एवं कमजोर व्यक्तियों के लिए उपयोगी वस्तु (मधु) औषधि एवं पौष्टिक उत्पादन करके आय में वृद्धि करना। (4) ग्रामीण अंचल के निर्धनों के लिए आय का साधन स्रोत। (5) कम पूंजी लगाकर मधुमक्खी पालन कर शहद के रूप में फूलों के रस को एकत्रित करना। (6) मधुमक्खी पालन उद्योग में दक्षता, निपुणता प्राप्त कर जीवकोपार्जन के लिए उत्तम बनाना। (7) मधुमक्खी पालन उद्योग के लिए मौनगृह, छोटे उपकरणों का ज्ञान प्राप्त करना।

(8) मधुमक्खी पालन द्वारा किसानों एवं बागवानों की फसलों, फलों का उत्पादन 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक वृद्धि करने का ज्ञान प्राप्त करना।

(9) मोम-पराग, रावल, जैली, मौन विष, प्रोपेजिस का ज्ञान, उपयोग की जानकारी प्राप्त करना। रोजगार के अवसर-- (क) वेतनभोगी--

1--मधुमक्खी पालक सहायक 2--मौन पालक प्रदर्शक 3--सहायक मौन पालक98 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 4--सहायक काष्ठ कला प्रशिक्षक या शिक्षक 5--सहायक मधु विकास निरीक्षक 6--मधुमक्खी पालक शिक्षक या प्रशिक्षक 7--मधु विकास निरीक्षक 8--शोध सहायक (मधुमक्खी पालन)

(ख) स्वरोजगार--

1--मधु मोम उत्पादक 2--मोमों छत्तादार उत्पादक 3--मौन गृह एवं उपकरण निर्माणकर्ता एवं बिक्रेता 4--पराग, रायल, जेली, मौन, विष उत्पादक 5--मौन वंश प्रजनन करके विक्रय करना 6--शहद, मोम, रायल, जेली से औषधि निर्माण करना

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- इस टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगा।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (क) उद्यमिता बोध--उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, तथा लघु उद्योग में सहायक सहकारी एवं गैर सरकारी एजेसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2-- मौन पालन की परिभाषा, व्यक्ति समाज एवं राष्ट्र के लिए महत्व तथा भारत वर्ष में एवं इस प्रदेश में मधुमक्खी पालन का इतिहास एवं विकास की सम्भावनाएं। जन्तु जगत में मौन (मधुमक्खी) का जैविक स्थान। देश में पायी जाने वाली मधुमक्खयों की जातियों की पहचान, स्वभाव, सामान्य व्यवहार, तुलनात्मक अध्ययन एवं उपयोगिता। इकाई 3-- (1) मधुमक्खी की शरीर की वाह्‌य रचना, सिर, धड़ एवं उदर तथा प्रत्येक खण्ड में पाये जाने वाले अंग जैसे मुखांग, स्पर्शेन्द्रिय, (एन्टिना) आंख, पंख, मौन ग्रन्थियां, पेट तथा डंक की पहचान एवं उपयोगिता। 1-मधुमक्खी का विकास, मौन का जीवन चक्र, मौन परिवार का संगठन, कमेरी, नर एवं नारी की पहचान तथा उनके छत्तों की पहचान एवं उनके कार्य। 2-मौन प्रबन्ध (हनी बी मैनेजमेन्ट) की परिभाषा, साधारण एवं ऋतु के अनुसार मौन प्रबन्ध की देख-रेख, प्राकृतिक मधुमक्खी परिवार को मौन गृह में बसाना। बगछूट, घर छूट, लूटपाट, कर्मठ मौन की पहचान, नियंत्रण के उपाय।

प्रयोगात्मक

(क) दीर्घ प्रयोग-- 1--विभिन्न मधुमक्खी की जातियों की पहचान कराना और अभ्यास पुस्तिका पर उनका चित्र बनाना। 2--मौन की जीवन-चक्र (अण्डा, लार्वा, प्यूपा एवं वयस्क) की पहचान कराना। 3--मधुमक्खी के वाह्‌य शरीर का चित्र बनाना और उसके प्रत्येक अंगों की प्रयोगात्मक कार्य कराना। 4--मौन परिवार में प्रत्येक सदस्य (कमेरी, नर और नारी) की पहचान कराना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 99

5--भारतीय एवं इटैलियन मौन गृह निर्माण के सिद्धान्त (सीमान्तर) आकार को बताना। 6--मधु निष्कासन यन्त्र का चित्र बनवाना तथा शहद निकालने की विधि का प्रयोगात्मक कार्य कराना। 7--मौसमवार फूलों का सर्वे कराना तथा इसकी पर-परागण क्रियाओं में मौनों के योगदान को बताना एवं पुष्प संग्रह कराना। (ख) लघु प्रयोग-- 1--रानी, कमेरी एवं नर के छत्तों की पहचान कराना। 2--तलपट, शिशु खंड, मधु खण्ड, डमी, इनर कवर, ऊपर ढक्कन, फ्रेम की पहचान कराना। 3--मधुमक्खी के शत्रु बर्रें, मोमी पतंगा, छिपकली, चीटें, हानिकारक पक्षियों की पहचान कराना। 4--क्वीन केच, न्यूक्लियस, मौन वाहक पिंजड़ा, हाइव टूल, मुहरक्षक, जाली, दस्ताने, प्यालियां, क्वीन गेट इत्यादि उपकरणों की पहचान कराना। 5--विभिन्न प्रकार के शहद जैसे सरसों, यूक्लिपट्‌स, शहजन, नीबू प्रजाति, सूरजमुखी, बेर, लीची, नीम एवं मिश्रित फलों की शहद की पहचान कराना।

पुस्तकों की सूची

1--प्रारम्भिक मौन पालन                                            ले0 योगेश्वर सिंह
2--प्राइम लेसन आफ बी कीपिंग                                       . .
3--बी कीपिंग आफ इण्डिया                                           डा0 सरदार सिंह
 4--सफल मौन पालन                                                  श्री बच्ची सिंह राव
 5--रोचक मौन पालन                                                 . .
6--मौन पालन प्रश्नोत्तरी                                          . .
 7--मधु मक्खी की  मनोहारी बाजार                                     डा0 विष्ठ (आई0 सी0 आई0 प्रकाशन)
 8--रोगों की अचूक दवा शहद                                         डा0 हीरा लाल

(7) टे्रड--पौधशाला

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को उद्यमिता के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी कराना। (2) पौधशाला व्यवसाय का प्राविधिक जानकारी कराना।

(3) उन्नत किस्म के अधिकाधिक पौधे तैयार करना। (4) कम पूंजी से अधिक उत्पादन करना तथा अधिक लाभ प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर होना।

(5) पौधशाला व्यवसाय में दक्षता प्राप्त करना तथा साथ ही साथ 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त व्यवसाय के चयन में सहायक होना।

(6) भूमि सुधार तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग प्रदान करना। (7) श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना।

(8) आत्म निर्भर करना। (9) एक कुशल नागरिक के रूप में राष्ट्र निमार्ण में सहायक होना। (10) विद्यालय में एक सुसज्जित उद्यान का निर्माण।

रोजगार के अवसर-- पौधशाला व्यवसाय की शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्नलिखित रोजगार के अवसर मिल सकते हैं-- (क) वेतनभोगी--

1--माली का कार्य करना। 2--पौधशाला प्रभारी का कार्य करना। 3--पौधशाला में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी का अवसर प्राप्त करना।

(ख) स्वरोजगार--

1--अपनी पौधशाला तैयार करना। 2--बीजोत्पादन तथा बीज व्यवसाय अपनाना।

15 ड़100 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 3--पौधशाला उद्योग सम्बन्धी यंत्रों, उपकरणों, उर्वरकों तथा कीटनाशकों के क्रय-विक्रय की दुकान चलाना।

4--थोक एवं फुटकर शीघ्र आपूर्ति कार्य करना।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (क) उद्यमिता बोध--उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषायें एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार--लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सहकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई 2-- पौधशाला--परिचय, परिभाषा, महत्व, वर्तमान दशा एवं भविष्य। पौधशाला के लिए स्थान का चुनाव, भूमि की तैयारी तथा रेखांकन एवं उनके विभिन्न अंगों तथा मातृवृक्ष क्षेत्र, गमला क्षेत्र, प्रतिरोपण क्षेत्रों तथा प्रवर्धन क्षेत्र का ज्ञान। 1--पौधशाला के दैनिक कार्य उपकरण एवं आवश्यक सामग्री की जानकारी। 2--भूमि, खाद, भू-परिष्करण की सामान्य जानकारी। इकाई 3-- 1--बीज शैय्या--परिचय, लाभ, हानि, बीज शैय्या तैयार करने की विधि, आकार, निर्धारण, मिट्‌टी की भूमि शोधन, खाद, सिंचाई, जल निकास एवं देखभाल। 2--एक वर्षीय, बहुवर्षीय सब्जियों तथा शोभाकार पौधों की पौध तैयार करने की विधि का अध्ययन। 3--वानिकी की सामान्य जानकारी तथा वानिकी वृक्षों की पौध तैयार करना। 4--पौधों की सिंचाई, जल निकास, निराई-गुड़ाई एवं फसल सुरक्षा की विधियों की जानकारी।

प्रयोगात्मक

(अ) लघु प्रयोग-- 1--गमला मापन। 2--गमला भरना। 3--बीजों की पहचान। 4--बीजों की शुद्धता की जांच। 5--उपकरणों की पहचान। 6--पौधों (सब्जी, फलदार, फूल, शोभाकार तथा छायादार) एवं वानिकी पौधों की पहचान। 7--खाद एवं उर्वरकों की पहचान। 8--मिट्‌टी की पहचान। (ब) दीर्घ प्रयोग-- 1--आदर्श नमूना बरसदी का रेखांकन। 2--बीज शैय्या बनाना। 3--ऋतुवार बीज शैय्या बनाना। 4--ऋतुवार गमला मिश्रण तैयार करना। 5--तना, कलम तैयार करना। 6--बूटी लगाना। 7--कलिकायन से पौधे तैयार करना। 8--भेड़ कलम से पौधे तैयार करना। 9--पौध रोपण। 10--गमले एवं क्यारी से पौधे निकालना। 11--पौधबन्दी (पैकिंग करना)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 101 12--पौधशाला भ्रमण। 13--अभिलेख तथा आय-व्यय तैयार करना।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक

4

1 2 3 1 भारत में फलों की खेती डा0 एम0 एल0 लावनिया सिंघल बुक डिपो, बड़ौत, मेरठ। 2 सब्जियां एवं पुष्प उत्पादन डा0 के0 एन0 दुबे भारती भण्डार, बड़ौत, मेरठ। 3 पौधशाला प्रौद्योगिकी डा0 ओमपाल सिंह अलंकार पुस्तक भवन, बड़ौत, मेरठ। 4 पौधशाला व्यवसाय श्री कोठारी एवं श्री ए0 बी0 श्रीवास्तव रंजना प्रकाशन मन्दिर, आगरा। 5 नर्सरी मैनुअल डा0 गौरी शंकर इलाहाबाद। 6 फल विज्ञान डा0 रामनाथ सिंह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई

दिल्ली।

7 उद्यान विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायन लाल, इलाहाबाद।

(8) टे्रड-ऑटोमोबाइल

उद्‌देश्य-- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को टे्रड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर-- (1) ऑटोमैकेनिक के रूप में। (2) सेल्समैन के रूप में। (3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन। (4) शोरूम स्थापित करना। (5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में।

12 अंक

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णाक 50 अंक इकाई-1 07 अंक उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, उद्यमी के गुण एवं विकास, स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। लघु उद्योग की परिभाषा, महत्व तथा विशेषताएं, लघु उद्योग लगाने के पद, सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के नाम एवं कार्य, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2 07 अंक ऑटोमोबाइल का इतिहास एवं क्रमिक विकास, विभिन्न प्रकार के ऑटोमोबाइल का वर्गीकरण, भारत में स्थापित विभिन्न आटोमोबाइल उद्योग एवं उनके उत्पाद। इकाई-3 ऑटोमोबाइल के मुख्य भाग-फ्रेम, सस्पेंशन, धुरी, पहिया, चेचिस, टायर, इंजन, पारेषण प्रणाली, नियंत्रण प्रणाली, बाडी, दरवाजे, सीट, डिक्की आदि की पहचान, कार्य एवं उपयोग। विभिन्न प्रकार के ऑटोमोबाइल का परिचय-कार, जीप, टै्रक्टर, बस, ट्रक, आटोरिक्शा/टैम्पों, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड आदि, टे्रड नाम, मेक, क्षमता एवं निर्माता, विशिष्टियां तथा तकनीकी डाटा। 08 अंक इकाई-4 ऑटोमोबाइल में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रकार के इंजन-कार्य सिद्धान्त, पेट्रोल, डीजल एवं गैस इंजन, कम्प्रेशन रेशियो का महत्व एवं दक्षता। इकाई-5 12 अंक ऑटोमोबाइल की विभिन्न प्रणालियों की जानकारी-ईंधन सप्लाई प्रणाली (कारवूरेटर एवं इन्जक्टर) इग्नीशन प्रणाली, शीतलन प्रणाली, स्टार्टिंग प्रणाली, शक्ति संचालन प्रणाली, स्टीयरिंग प्रणाली, ब्रेक प्रणाली आदि का सामान्य परिचय, कार्य एवं पहचान।

102 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

04 अंक

पूर्णांक-50 अंक

इकाई-6 सुरक्षा की सामान्य बातें, मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा। प्रयोगात्मक (1) कार/बस/स्कूटर/ट्रक एवं मोपेड का अध्ययन करना। (2) शोरूम एवं गैराज का भ्रमण कराना एवं उनके चित्र बनाना। (3) मरम्मत करने वाले औजारों की सूची एवं उनके चित्र बनाना। (4) इंजन में स्नेहन एवं सफाई का अध्ययन करना। (5) अन्तर्देहन इंजन के मॉडल का अध्ययन (डीजल/पेट्रोल)। (6) विभिन्न आटो ब्हीकिल्स के चेचिस का अध्ययन करना तथा उनके रेखा चित्र खींचना। (7) इंजन को स्टार्ट एवं बन्द करने का अध्ययन करना। (8) बॉडी व्यवस्था का अध्ययन करना। (9) शॉक एब्जार्बर का अध्ययन करना। (10) बाजार से सामग्री क्रय करने का अभ्यास करना।

संस्तुत पुस्तकें

(1)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                                          कृष्णानन्द शर्मा
(2) ऑटोमोबाइल  इंजीनियरिंग                                          सी0 बी0 गुप्ता
(3)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग                                           धनपत राय ऐन्ड शुक्ला
(4) बेसिक ऑटोमोबाइल                                                 स्ी0 पी0 बक्स

(9) टे्रड--धुलाई रंगाई

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों को उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

(3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रूचि पैदा करना।

(5) छात्रों का कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना।

(6) छात्रों को टे्रड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर-- (क) वेतनभोगी रोजगार--

1--रंगाई-धुलाई की दुकानों में सहायक कर्मचारी के पद पर कार्य कर सकता है। 2--रंगाई के कारखाने में रंगाई मास्टर के पद पर कार्य कर सकता है। 3--सरकारी संस्थाओं में वस्त्र सफाई विभाग में कार्य प्राप्त कर सकता है।

(ख) स्वरोजगार--

1--ड्राई क्लीनिंग की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 2--डाईनिंग (रंगाई) की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 3--चरक की दुकान या उद्योग लगाने में सहायक हो सकता है। 4--कम लागत में इस्तरी करने, माड़ी लगाने की दुकान खोलकर कार्य कर सकता है। 5--रंगाई छपाई का छोटा रोजगार कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन-- टे्रड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्‌य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-- इकाई 1-- (क) उद्यमिता बोध-- उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं उद्यमिता मूल्य एवं उद्यमिता गुणों की आख्या एवं उद्यमिता प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-- लघु उद्योग की परिभाषा, सीमाएं तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार के संचालन का ज्ञान, विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 103

इकाई 2-- (1) तन्तुओं का वर्गीकरण तथा उनकी पहचान करना (देखकर और जलाकर), सूती, ऊनी, रेशमी, बयान, पालीस्टर। (2) धागों का वर्गीकरण तथा उनका ज्ञान--साधारण, प्लाई, फैन्सी। (3) विभिन्न रंगों की विभिन्न कपड़ों के लिये आवश्यकता। (4) कपड़ों को रंगने से पहले उनको तैयार करना।

[क] उबालना। [ख] विरंजन करना।

(5) रंगने के बाद कपड़ों की फिनिशिंग--

[क] माड़ी लगाना। [ख] तनाव देना। [ग] चरक। [घ] इस्तरी। [ड] तह लगाना।

इकाई 3-- (1) धुलाई का उद्‌देश्य एवं महत्व। (2) धुलाई का सिद्धान्त, तकनीक के सुझाव तथा आवश्यक सावधानियां। (3) धुलाई के उपकरण (प्राचीन या आधुनिक)। (4) प्रारम्भिक धुलाई एवं पारम्परिक धुलाई। (5) विभिन्न प्रकार की माड़ी तथा नील देना। (6) विभिन्न प्रकार के धब्बे छुड़ाना--

चाय, काफी, चाकलेट, अण्डा, रक्त, हल्दी, तेल, कालिख, जंक, पान।

प्रयोगात्मक

(1) विभिन्न वस्तुओं का संग्रह एवं पहचानना (देखकर, जलाकर) :

[क] वनस्पति तन्तु। [ख] पशु से प्राप्त होने वाला तन्तु। [ग] खनिज तन्तु। [घ] कृत्रिम तन्तु।

(2) विभिन्न धागों का संग्रह--साधारण प्लाई। (3) विभिन्न प्रकार के वस्त्रों और शेड कार्ड को संग्रहीत करके फाइल बनाना। (4) विभिन्न प्रकार के कपड़ों को रंगना (15 इंच x 15 इंच) (सूती, रेशमी, ऊनी, कृत्रिम कपड़े, धोना, सुखाना प्रेस व तह लगाना)। (5) नील लगाना, कलफ लगाना। (6) दाग छुड़ाना--

(1) चाय (2) कॉफी (3) हल्दी (4) जंक (5) रक्त (6) मशीन का तेल (7) स्याही (8) अण्डा (9) पान (10) ग्रीस

(7) धागे को रंगना--सूती, ऊनी। (8) डायरेक्ट रंगों के विभिन्न रंगों के मिश्रण द्वारा डिजाइन बनाना--6 नमूने (15 इंच x 15 इंच) टाइ एण्ड डाई प्रिटिंग द्वारा। (9) नेप्थाल रंगों के द्वारा एक नमूना तैयार करना (15 इंच x 15 इंच)। (10) फेडिंग परीक्षण सूती, ऊनी, रेशमी, रेयान (4 इंच x 4 इंच)। (11) सूखी धुलाई--शाल, स्वेटर, रेशमी, फैन्सी कपड़े।

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(12) टेक्सचर के द्वारा रंगाई-- (6 नमूने) (12 इंच x 12इंच)। (13) पुराने कपड़े को पुनः रंगकर ब्लाक प्रिटिंग द्वारा आकर्षक बनाना। (14) गीली धुलाई--सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम। (अ) लघु प्रयोग-- (1) डायरेक्ट रंगों द्वारा रंगाई (एक रंग में)। (2) कपड़ों को पहचानना (छूकर व देखकर)। (3) साधारण व प्लाई धागों की पहचान। (4) जलाकर कपड़ों का परीक्षण। (5) फेडिंग परीक्षण 3/4 घंटा। (6) तह लगाना। (7) इस्तरी करना। (8) माड़ी लगाना। (9) ब्लाक प्रिटिंग (एक नमूना)। (10) टेक्सचर तैयार करना (दो नमूना)।

(ब) दीर्घ प्रयोग-- (1) नेप्थाल रंगों द्वारा रंगाई। (2) सूती कपड़ों को रंगना। (3) ऊनी कपड़ों को रंगना। (4) रेशमी कपड़ों को रंगना। (5) धागों को रंगना सूती, ऊनी। (6) नील लगाना। (7) कलफ लगाना। (8) चरक लगाना। (9) सूखी धुलाई। (10) गीली धुलाई--सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम कपड़े।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक

4

1 2 3 1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा प्रकाशक, बिहार बन्धी अकादमी, पटना, विश्वविद्यालय,

प्रकाशन।

2 वस्त्र विज्ञान एवं धुलाई श्री आनन्द वर्मा रिसर्च पब्लिेकशन, जयपुर वितरक विश्वविद्यालय, कार्य

प्रकाशन।

3 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान श्रीमती लोकेश्वरी शर्मा स्वास्तिक प्रकाशन अस्पताल मार्ग, आगरा-3। 4 वस्त्र धुलाई विज्ञान श्रीमती लोकेश्वरी शर्मा यूनिवर्सल सेकर, हजरतगंज, लखनऊ। 5 दी केमिकल टेक्नोलाजी श्री आर0आर0 चक्रवती केक्सटन प्रेस प्राइवेट लिमिटेड, रानी झांसी रोड, नई आफ टेक्सटाइल फाइबर्स

दिल्ली--55।

(10) टे्रड-परिधान रचना एवं सज्जा

सामान्य उद्‌देश्य--

(1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

(3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त टे्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रूचि पैदा करना।

(5) छात्रों का कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना।

(6) छात्रों को टे्रड की प्रारम्भिक कार्यों की जानकारी देना। विशिष्ट उद्‌देश्य-- (1) परिधान रचना एवं सज्जा टे्रड के द्वारा बच्चों से सिलाई विषय से सम्बन्धित जागरूकता उत्पन्न करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 105

(2) भविष्य में प्रचलित फैशन के अनुसार विभिन्न डिजाइनों के वस्त्रों के निर्माण के कौशल का विकास करना। रोजगार के अवसर-- (क) वेतनभोगी रोजगार--

[अ] अपने विषय से सम्बन्धित प्रशिक्षण केन्द्रों पर प्रशिक्षण देना। [ब] किसी रेडीमेड गारमेन्ट फैक्ट्री में वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्य करना।

(ख) स्वरोजगार-

[अ] सिलाई का कार्य घर पर ही करके बचत करना। [ब] बाजार में दुकानों से आर्डर लेकर वस्त्र तैयार करके आय प्राप्त करना। [स] सिलाई शिक्षा से संबंधित स्कूल चलाना। [द] विद्यालयों की यूनीफार्मों को तैयार करने का आर्डर लेना। [य] सिलाई के उपकरणों की मरम्मत से संबंधित केन्द्र खोलना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर, आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाहृय परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (क) उद्यमिता बोध-उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- (क) व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य-

आंख, पलक, कान, दांत, बालों तथा सम्पूर्ण शरीर की सफाई, घर तथा पास-पड़ोस की सफाई, सफाई का स्वास्थ्य पर प्रभाव।

(ख) प्रदूषण, प्रदूषण के प्रकार, कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय- वायु प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय। जल प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय। ध्वनि प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय। मृदा प्रदूषण-कारण, हानियां तथा दूर करने के उपाय।

(ग) भोजन के तत्वों का सामान्य ज्ञान-

प्रोटीन, कार्बोज, वसा, विटामिन, खनिज लवण, जल प्राप्ति के साधन तथा इनकी कमी से होने वाली हानियां। (घ) आयु लिंग कार्य के अनुसार भोजन की आवश्यकता तथा उसकी कमी से हानियां।

इकाई-3- (क) विभिन्न प्रकार के वस्त्रों के तन्तु तथा उनकी विशेषताएं-

सूती-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव। रेशमी-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव। ऊनी-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव। कृत्रिम तन्तु-धूप, ताप, रासायनिक पदार्थ, अम्ल का प्रभाव।

(ख) सिलाई करने से पूर्व की तैयारियां-

नाप लेना, नाप के अनुसार कपड़ा लेना, कपड़े को श्रिंक करना, कपड़े को रुख के अनुसार रखना, पैटर्न बनाना, कटिंग करना, प्रेस करना।

(ग) परिधान को आकर्षक बनाने में, लेसरिकिन, फ्रिल, बटन, पाइपिंग का महत्व।

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प्रयोगात्मक

लघु- 1-विभिन्न प्रकार सिलाई के टांके-कच्चा टांका, बखिया, तुरपन, पिको, काज, टांका। 2-कढ़ाई के टांके-लेजी-डेजी, रनिंग स्टिच, स्टेम स्टिच, चैन स्टिच, क्रॉस स्टिच, काज स्टिच, शैडोवर्क साटन, स्टिच, पैच वर्क, शेड वर्क। 3-उपरोक्त कढ़ाई के टांकों से छः रूमाल बनाना। 4-रफू करना। 5-पैबन्द लगाना। 6-क्लोट-काटना, सिलना। 7-विव-काटना, सिलना। 8-चड्‌डी-काटना, सिलना। 9-झबला-काटना, सिलना। 10-मशीन के पुर्जों को खोलना, सफाई करना तथा मशीन में तेल डालना। दीर्घ- 1-बेबी शमीज 2-पजामा एक मीटर कपड़े का 3-बेबी फ्राक 4-गल्र्स फ्राक 5-पेटीकोट 6-हैंगिंग बैग नोट-उपरोक्त वस्त्रों की ड्राफ्ंिटग, कटिंग, सिलना तथा उनकी सज्जा करना तथा रूमाल, पेबन्द, रफ को बनाकर रिकार्ड फाइल में लगाना। मौखिक प्रश्नोत्तर-लघु तथा दीर्घ प्रयोगों से संबंधित प्रश्नोत्तर।

पुस्तकों की सूची

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक व प्रकाशक मूल्य 1 2

3 4 रु0 1 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती चरन दासी,

13.50

35.00

स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 2 गृह विज्ञान का सामान्य ज्ञान श्रीमती स्वराज्य लता सिंह, स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 3 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती अनामिका सक्सेना,

18.00

भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ

4 आधुनिक सिलाई एवं कढ़ाई विज्ञान श्री एम0ए0 खान,

15.00

पुस्तक प्रकाशन मन्दिर, इलाहाबाद

5 अनमोल सिलाई कला परिचय श्री असगर अली,

18.00

गर्ग प्रकाशन, इलाहाबाद

6 रैपिडेक्स टेलरिंग कोर्स श्रीमती आशा रानी बोहरा 68.00

(11) ट्रेड-खाद्य संरक्षण

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 7-अधिक उपज से उगाने के बाद बचे हुये फल और सब्जियों का संरक्षण करना। 8-खाद्य संरक्षण द्वारा पौष्टिक भोजन की कमी को पूरा करना। 9-बिना मौसम में भी संरक्षित खाद्य पदार्थो को उपलब्ध कराना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 107

रोजगार के अवसर- 1-खाद्य संरक्षण संबंधी इकाई में रोजगार मिल सकता है। 2-खाद्य संरक्षण में दक्षता अर्जित कर छात्र अपना निजी व्यवसाय चला सकता है। 3-अचार, मुरब्बा, सॉस आदि विभिन्न प्रकार के संरक्षित खाद्य पदार्थ तैयार कर डिब्बा बन्दी कर बाजार में आपूर्ति कर सकता है। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (क) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- 1-खाद्य-संरक्षण परिचय। 2-खाद्य-संरक्षण से लाभ। 3-खाद्य पदार्थ-प्रोटीन, कार्बोहाइट्रेड्‌स, वसा, खनिज लवण, विटामिन का सामान्य परिचय एवं महत्व। 4-अम्लक्षार, लवण एवं पी0 एच0 का सामान्य ज्ञान। 5-ताप संवहन, शून्य तापक्रम, दवाब का सामान्य ज्ञान। 6-जल के प्रकार तथा क्लोरीनेशन। 7-छानना, वाष्पीकरण, संघनन, सामान्य परिचय। इकाई-3- 1-खाद्य-पदार्थ को नष्ट करने वाले तत्व और उससे बचने का उपाय। 2-खमीर, फफूंद बैक्टीरिया की साधारण रचना एवं वृद्धि। 3-सफाई के विभिन्न उपाय-साबुन एवं डिटर्जेन्ट का उपयोग। 4-डिब्बाबन्दी खाद्य पदार्थों में होने वाली खराबी और उसकी पहचान। 5-खाद्य नियन्त्रण सरल परिचय। 6-थर्मामीटर, जलमीटर, रिफरेक्टोमीटर, सेलुनीमीटर, व्रिक्स, हाइट्रोमीटर का सामान्य परिचय।

प्रयोगात्मक

(क) दीर्घ प्रयोग- 1-जैम बनाना 2-मुरब्बा बनाना 3-आचार बनाना 4-शरबत बनाना 5-प्युरी एवं टमाटर सॉस बनाना 6-मटर, गाजर, अमचुर सुखाने की विधियां 7-कृत्रिम सिरका 8-फलों के रस एवं गूदे का संरक्षण 9-दलिया, चिप्स, पापड़, बड़ी बनाना एवं संरक्षण 10-पनीर निर्माण (ख) लघु प्रयोग- 1-रिफरेक्ट्रोमीटर का उपयोग 2-ब्रिक्स हाइड्रोमीटर का उपयोग 3-सूक्ष्मदर्शी यंत्र के विभिन्न भागों का परिचय 4-पी0 एच0 पेपर का महत्व एवं उपयोग

16 ड़108 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 5-पेक्टिन परीक्षण 6-विभिन्न खाद्य पदार्थो की पहचान 7-आयसोसित साधारण प्रयोग 8-खाद्य संरक्षण में उपयोग होने वाले तापमापी का उपयोग, प्रेशर कुकर का ज्ञान। संस्तुत पुस्तकें-

1-फल एवं सब्जी संरक्षण ले0 डा0 गिरधारी लाल

रु0 45.00

डा0 सिद्धाप्पा एवं गिरधारी लाल टण्डन

2-फल संरक्षण                          एस0 एन0 भाटी                                              30.00
3-फल संरक्षण (प्रयोगात्मक)           बी0 एन0 अग्निहोत्री                                        15.00
4-फल संरक्षण विज्ञान                 बी0 एन0 अग्निहोत्री                                        25.00
5-फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां  डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव                               100.00
 6-आहार एवं पोषण विज्ञान             विमला शर्मा                                                50.00

(12) ट्रेड एकाउन्टेन्सी एवं अंकेक्षण

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 6-वेतनभोगी रोजगार, सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, लिपिक, सहायक के रूप में छात्रों को तैयार करना। रोजगार के अवसर- (क) वेतन भोगी रोजगार तथा सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक, कार्यालय सहायक आदि के रूप में। (ख) स्वरोजगार-जैसे छोटे स्तर के व्यापार के हिसाब का रख-रखाव करने के रूप में। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना। इकाई-3- (1) लागत लेखांकन-परिभाषा, महत्व तथा पद्धतियां। (2) लागत के मूल तत्व सामग्री, श्रम एवं उपरिव्यय का सामान्य ज्ञान। (3) लागत विवरण एवं निविदा तैयार करना।

प्रयोगात्मक

(क) लघु प्रयोग- (1) नकद रसीद (2) डेबिट नोट एवं क्रेडिट नोट (3) चेक, पे-इन-स्लिप (4) टेलीग्राम, मनीआर्डर फार्मभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 109 (5) आर0 आर0 ट्रेजरी चालान फार्म (6) कैलकुलेटर्स, रेडी रैक्नर्स (7) डेंटिंग मशीन (8) नम्बरिंग मशीन (9) स्टेपलर्स, पंचिंग मशीन (ब) बड़े प्रयोग- (1) छात्रों को बाउचर प्रदान किये जायें एवं उन्हें तैयार कराया जाये। (2) क्रय-पुस्तक तैयार करना। (3) विक्रय-पुस्तक तैयार करना। (4) बीजक एवं विक्रय-विवरण बनाना। (5) खुदरा रोकड़ पुस्तक बनाना। (6) रोकड़ पुस्तक तैयार करना। (7) स्टाक रजिस्टर तैयार करना। (8) पत्र प्राप्ति पुस्तक एवं पत्र प्रेषण पुस्तक तैयार करना। सन्दर्भित पुस्तकें- 1-हाई स्कूल बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री विजय पाल सिंह 2-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री जगन्नाथ वर्मा 3-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्यिक ट्रेड लेखक-श्री राम प्रकाश अवस्थी 4-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्यिक ट्रेड लेखक-श्री राम प्रकाश अवस्थी 5-लागत लेखांकन लेखक-डा0 लक्ष्मण स्वरूप

(13) ट्रेड आशुलिपि तथा टंकण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतन भोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां कार्य करना। (ख) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवदेन पत्र एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण को उपलब्ध कराना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1-(1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2-रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना।

इकाई-3-अंतिम खातों को तैयार करना, साधारण समायोजनाओं सहित व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा आर्थिक चिट्‌ठा बनाना।

प्रयोगात्मक

(क) लघु प्रयोग- (1) शब्द चिन्ह। (2) जुट शब्द।

110 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(3) रेखाक्षरों के स्थल। (4) चित्र एवं संकेतों के माध्यम से रेखाक्षरों का ज्ञान। (5) टाइप करने की प्रणालियां। (6) मशीन में कागज लगाने, ठीक करने व कागज निकालने का ढंग। (7) हाशिया निश्चित करना। (8) मशीन पर बैठने की स्थिति। (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) श्याम पट्‌ट पर लिखित लेखों को पढ़ना। (2) पत्रों का आशुलिपि में लेखन तथा हिन्दी रूपान्तर। (3) आशुलिपि से दीर्घ लिपि में लिखना तथा टाइप करना। (4) आशुलिपि नोटों के अनुवादित होने के बाद उन पर चिन्ह लगाना। (5) कुंजी पटल का ज्ञान। (6) पोस्ट कार्डों पर पतों का टंकण। (7) टाइप मशीन से प्रतिलिपि लेना। (8) प्रार्थना-पत्र अथवा पत्रों को टाइप करना। सन्दर्भ पुस्तकें- 1-अनुपम टाइपिंग मास्टर-श्रीमती उषा गुप्ता। 2-उपकार व्यावहारिक टंकण कला-श्री ओंकार नाथ वर्मा। 3-हिन्दी संकेत लिपि (ऋषि प्रणाली)-श्री ऋषिलाल अग्रवाल। 4-पिटमैन अंग्रजी संकेत लिपि-पिट्‌समैन। 5-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 6-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 7-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली-श्री जगन्नाथ वर्मा। 8-आशुलिपि एवं टंकण-श्री गोपाल दत्त विष्ट।

(14) ट्रेड-बैंकिंग

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (7) व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कराना। (8) बैंकिंग कार्य प्रणाली के प्रारम्भिक ज्ञान की जानकारी छात्रों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी 1-विद्यालयों में संचायिका का लेखा रखने की जानकारी देना। 2-अपने व्यवसाय को बैंकिंग कार्य प्रणाली की जानकारी प्राप्त करना। 3-सहायक रोकड़िया। 4-गोदाम सहायक। (ख) स्वरोजगार- 1-लघु व्यावसायिक संस्थानों का हिसाब तैयार करना। 2-अभिकत्र्ता के रूप में कार्य करना। 3-डाकघर के एजेन्ट के रूप में कार्य करना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 111

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना। इकाई-3- व्यावसायिक संगठन, अर्थ एवं प्रारूप, एकाकी व्यवसाय, साझेदारी एवं संयुक्त स्कैच कम्पनी, परिभाषा, लक्षण एवं भेद।

क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- 1-चेक लिखना, निर्गम करना एवं निर्गमन रजिस्टर में लेखा करना। 2-चेकों का पृष्ठांकन एवं रेखांकन करना, चेकों की वैधता की जांच करना। 3-पे इन स्लिप तथा आहरण पत्र का प्रयोग। 4-चेक लिखने वाली मशीन का प्रयोग। 5-रेडी रेकनर का प्रयोग। 6-कैलकुलेटर का प्रयोग। 7-डेटिंग मशीन एवं नम्बरिंग मशीन का प्रयोग। 8-पंचिंग मशीन एवं स्टेप्लर का प्रयोग। (ख) दीर्घ प्रयोग- 1-बैंक में खाता खोलने के विभिन्न प्रपत्रों को भरना। 2-बैंक लेजर खातों एवं पास बुक में लेखा करना। 3-ब्याज की गणना एवं उसका लेखा करना। 4-बैंक ड्राफ्ट, एम0टी0टी0 एवं पे आर्डर तैयार करना। 5-ऋण संबंधी आवश्यक प्रपत्रों को भरना। 6-साप्ताहिक विवरण, रिटर्न तैयार करना एवं प्रधान कार्यालयों को प्रेषित करना। 7-बीजक एवं विक्रय विवरण तैयार करना। 8-रेजकारी छांटने वाली मशीन का प्रयोग। सन्दर्भ पुस्तकें- 1-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 2-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 3-हाई स्कूल मुद्रा बैंकिंग एवं अर्थशास्त्र-श्री एम0पी0 गुप्ता। 4-अधिकोषण तत्व-श्री डी0डी0 निगम।

(15) ट्रेड-टंकण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतन भोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां टाइप करना। (ख) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवदेन-पत्र एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण को उपलब्ध कराना।

112 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- रोजनामचा एवं प्रारम्भिक लेखों की पुस्तकें, चेक, संबंधी लेखे, बैंक समाधान विवरण तथा खाता बहियों में खतौनी की विधि, तलपटल तैयार करना। इकाई-3- अंतिम खातों को तैयार करना, साधारण समायोजनाओं सहित व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा आर्थिक चिट्‌ठा बनाना।

प्रयोगात्मक

(क) लघु प्रयोग- (1) टंकण कल पर बैठने की स्थिति। (2) टंकण करने की प्रणालियां। (3) टंकण मशीन में कागज लगाने एवं बाहर निकालने की विधि। (4) हाशिया निश्चित करना। (5) ऐसे संकेतों का टंकण, जो कुंजी पटल में नहीं दिये गये हैं। (6) नया पैराग्राफ बनाना। (7) स्पेस बार का प्रयोग। (8) ''शिफ्ट की'' एवं ''लिफ्ट की लॉंक'' का प्रयोग। (9) छोटे पत्रों व लघु अवतरणों का टंकण। (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) कुंजी पटल का ज्ञान। (2) प्रार्थना.पत्र एवं पत्रों का टंकण करना। (3) पोस्टकार्ड पर पते टाइप करना। (4) टाइप मशीन से प्रतियां लेना। (5) प्रूफ रीडिंग में प्रयुक्त होने वाले चिह्म। (6) रिबन का बदलना। (7) कठिन शब्दों का टंकण। (8) टाइप मशीन की सफाई एवं तेल देना। (9) बड़े अवतरणों एवं साधारण सारिणियों का टंकण करना।

सन्दर्भ पुस्तकें

(1) अनुपम टाइपिंग मास्टर श्रीमती उषा गुप्ता। (2) उपकार व्यावहारिक टंकण कला श्री ओंकार नाथ वर्मा। (3) पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड श्री राम प्रकाश अवस्थी। (4) पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक) श्री राम प्रकाश अवस्थी। (5) अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली श्री जगन्नाथ वर्मा।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 113

(16) ट्रेड-फल संरक्षण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों की कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (7) फल उत्पादन बढ़ाना तथा खाने के बाद बचे हुए फल और सब्जियों का संरक्षण करना। (8) फलोत्पादक औद्योगीकरण द्वारा देश की बढ़ती हुई बेरोजगारी को दूर करना। (9) बिना मौसम में भी संरक्षित फल पदार्थों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- (1) फल संरक्षण संबंधी इकाइयों में रोजगार मिलने की सम्भावना। (2) फल संरक्षण उद्योग में स्वरोजगार अथवा निजी व्यवसाय चलाना या डिब्बा बन्दी कर बाजार में आपूर्ति करना। (3) संरक्षित पदार्थों की दुकान या गोदाम खोल सकता है, जिसमें संरक्षित खाद्य पदार्थों का सही ढंग से रख-रखाव कर उन्हें नष्ट होने से बचाव कर रोजगार चला सकता है। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- फल संरक्षण विषय परिचय, परिभाषा, इसकी उपयोगिता एवं भविष्य। फल संरक्षण में प्रयोग किये जाने वाली तकनीकी अंग्रेजी शब्द और हिन्दी में उनका विवरण, विभिन्न फल एवं सब्जियों से निर्मित, संरक्षित पदार्थ फल संरक्षण कार्य में प्रयोग करने हेतु बर्तन मशीनरी एवं उपकरण।

इकाई-3- फल एवं सब्जियों के खराब होने के कारण फफूंदी, मोल्ड, खमीर यीस्ट, बैक्टीरिया एवं एन्जाइम्स का सूक्ष्म परिचय, प्रजनन, इनके प्रसार के लिये उपयुक्त वातावरण और निष्क्रिय करने का उपाय। फल सब्जियों के संरक्षण के सिद्धान्त, स्थायी एवं अस्थायी संरक्षण। प्रमुख संरक्षणों-सल्फर डाई आक्साइड (पोटेशियम मेटा बाई सल्फाइट अथवा के0एम0एस0), सोडियम मेटा बाई सल्फाइट और वेन्जोइक एसिड के योगिक (सोडियम बेन्जोएट) का परिचय तथा फल के रसों के संरक्षण में उपयोग विधि एवं इनकी सीमाएं।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- (1) विक्स हाइट्रोमीटर से लिनोमीटर, हन्ड से केरीमीटर (रिफरेक्टोमीटर), थर्मामीटर का परिचय एवं उपयोग विधि। (2) तरल पदार्थों को लिटमस पेपर की सहायता से पी0एच0 ज्ञात करना। (3) सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से परिचय, उसके विभिन्न पार्ट्‌स। (4) स्प्रिट द्वारा पेक्टिन टेस्ट। (5) सोलिंग के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीनें। (6) कन्टेनर्स (बोतल, जार, अमृतवान, कारव्यास) को धोना और जीवाणु रहित (स्टरलाइज) करना।

114 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(ख) दीर्घ प्रयोग- (1) जैम-विभिन्न ऋतुओं में पैदा होने वाले फलों से जैम बनाना। (2) मुरब्बा बनाना-आंवला, बेल, पेठा, करौंदा, पपीता, गाजर। (3) अदरक, पेठा, नींबू, प्रजाति के फलों के छिलकों से कैण्डी बनाना। (4) टमाटर, कैचप, सॉस, सूप बनाना। (5) फलों से चटनी बनाना। (6) विभिन्न ऋतुओं में उपलब्ध फल एवं सब्जियों (आम, नींबू, कटहल, अदरक, करौंदा, प्याज, खीरा आदि) से अचार बनाना। (7) कृत्रिम सिरका बनाना। (8) कृत्रिम शरबत (खस, गुलाब, केवड़ा आदि) बनाना। (9) स्क्वेस बनाना। (10) अमरूद से चीज टाफी बनाना।

संस्तुत पुस्तकें-

1-फल एवं सब्जी संरक्षण . . डा0 गिरधारी लाल

रु0 45.00

डा0 सिद्धाप्पा

2-फल संरक्षण                                   . .     एस0 एम0 भाटी                            30.00
3-फल संरक्षण (प्रयोगात्मक)                     . .   बी0 एन0 अग्निहोत्री                       15.00
4-फल संरक्षण विज्ञान                           . .   बी0 एन0 अग्निहोत्री                       25.00
5-फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां            . .   डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव               100.00
6-फल तथा तरकारी परिरक्षण प्रौद्योगिकी          . .     एस0 सदाशिव नायर एवं                     100.00
                                                     डा0 हरीश चन्द्र शर्मा
7-फ्रूट एवं वेजीटेबिल                          . .   डा0 संजीव कुमार                           150.00

(17) ट्रेड-फसल सुरक्षा

उद्‌देश्य- (1) फसल सुरक्षा व्यवसाय की सामान्य जानकारी कराना। (2) फसल सुरक्षा सेवा अपनाकर फसलों को होने वाली हानि से इन्हें बचाना। (3) फसल सुरक्षा सेवा द्वारा प्रतिवर्ष हजारों टन खाद्यान्न को नष्ट होने से बचाना। (4) फसल सुरक्षा व्यवसाय में दक्षता प्राप्त कर इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाना। (5) श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना तथा आत्म-निर्भर बनाना। (6) कुशल नागरिक निर्माण में योगदान देना। (7) फसल सुरक्षा सेवा सम्बन्धी यन्त्रों एवं उपकरणों आदि का समुचित ज्ञान प्राप्त कर अपने निजी जीवन में उपयोग करना। (8) फसल सुरक्षा सेवा व्यवस्था का विद्यालय में सफल प्रदर्शन करना।

रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार- (1) सरकारी, सरकारी विभागों में फसल सुरक्षा सहायक की कार्य करने का अवसर प्राप्त करना। (2) फसल सुरक्षा का उत्पादन तथा वितरण इकाइयों में रोजगार प्राप्त करना। (ख) स्वरोजगार- (1) फसल सुरक्षा सम्बन्धी रसायानों तथा यंत्रों-उपकरणों की आपूर्ति करने सम्बन्धी व्यवसाय को अपनाना। (2) फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों तथा रसायनों की दुकान चलाना। (3) फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों को किराये पर चलाना। (4) सहकारी समितियां बनाकर फसल सुरक्षा के क्षेत्र में लघु उद्योग-धन्धा चलाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 115

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1- (1) उद्यमिता बोध-उद्यमों एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (2) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योगों की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय। इकाई-2- (1) फसल सुरक्षा का सामान्य ज्ञान। (2) फसल सुरक्षा की विभिन्न विधियों की जानकारी। (3) पादप रोगों से होने वाली हानियां, उनके लक्षण, कारण एवं प्रकृति का ज्ञान। (4) फसल सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न संगठनों के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी। (5) फसल सुरक्षा की समस्यायें एवं उनके समाधान का ज्ञान। इकाई-3- (1) धान्य फसलों में धान, गेंहू, गन्ना, सरसों, अरहर, ज्वार, मक्का, कपास, मूंग, उरद तथा मटर। सब्जियों में आलू, टमाटर, बैगन, भिण्डी, गोभी तथा फलों में आम, अमरूद, पपीता, जामुन, सेब के रोगों एवं कीटों का अध्ययन और उनके रोक-थाम के उपाय की सामान्य जानकारी।

(2) परजीवी पौधों की जानकारी तथा उनसे होने वाली क्षति एवं उनसे बचाव के उपाय का ज्ञान। (3) वायरस द्वारा उत्पन्न प्रमुख रोगों की सामान्य जानकारी। फसल सुरक्षा के विभिन्न उपाय अपनाने का ज्ञान।

(4) फसल के प्रमुख खर-पतवार, उनका वर्गीकरण उनसे हानियां एवं रोकथाम के उपाय की जानकारी।

प्रयोगात्मक क्रिया.कलाप

(क) दीर्घ प्रयोग- (1) कीट संकलन एवं उनके जीवन-चक्र का रेखांकन करना। (2) इमलसन मिश्रण बनाना। (3) पेस्टन तैयार करना तथा उनके प्रयोग विधि का प्रदर्शन। (4) रसायन का घोल तैयार करना, उनका प्रयोग तथा उनमें अपनायी जाने वाली सावधानियों की क्रियात्मक समझ।

(5) फसलों पर पाउडर का छिड़काव करना। (6) भण्डार गृह में रसायनों का प्रयोग करना। (7) उपकरणों को खोलने एवं बाँधने की समझ। (8) रसायन एवं उपकरण के प्राप्ति केन्द्रों की जानकारी एवं उन स्थानों का पर्यवेक्षण तथा उसका विवरण तैयार करना।

(ख) लघु प्रयोग- (1) विभिन्न खर-पतवारों की पहचान। (2) विभिन्न पादप रोगों की पहचान। (3) विभिन्न पादप कीटों की पहचान। (4) फसल सुरक्षा उपकरणों की पहचान। (5) कवकनाशी रसायनों की पहचान। (6) कीटनाशी रसायनों की पहचान। (7) खर-पतवारनाशी रसायनों की पहचान। (8) भण्डारण में प्रयोग होने वाले रसायनों की पहचान। (9) भण्डारण के कीटों की पहचान। (10) भण्डारण में हानि पहुंचाने वाले जन्तुओं की पहचान करना।

17 ड़116 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 संस्तुत पुस्तकें- क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक प्रकाशक का नाम एवं पता मूल्य 1 2 3

4 5 रु0 1 फसल सुरक्षा डा0 धर्मराज सिंह ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर 16.00

कम्पाउण्ड, कालोनी, इलाहाबाद।

2 सब्जी की खेती श्री दर्शानानन्द ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर 16.00

कम्पाउण्ड, कालोनी, इलाहाबाद।

3 फलों की खेती डा0 राम कृपाल पाठक ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर 25.00

4 नया कृषि कीट विज्ञान श्री बी0ए0 डेविड एवं

कम्पाउण्ड, कालोनी, इलाहाबाद। सेन्ट्रल बुक डिपो, इलाहाबाद 12.00

श्री एम0एच0 डेविड

5 पादप रोग नियंत्रण डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 12.00 6 खर पतवार नियंत्रण प्रो0 ओम प्रकाश कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 7 फसलों के रोगों की

20.00 रोकथाम

8 फसलों के रोग डा0 मुखोपाध्याय एवं

50.00

डा0 सिंह

डा0 संगम लाल प्रकाशन निदेशालय, गो0 व0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल प्रकाशन निदेशालय, गो0 व0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल

9 फसलों के हानिकारक

22.00 कीट

डा0 बिदा प्रसाद खरे प्रकाशन निदेशालय, गो0 व0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल

10 खर पतवार नियंत्रण डा0 विष्णु मोहन मान कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 25.00 11 पादप रक्षा कीट नियंत्रण डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 22.50 12 प्लाण्ट प्रोटेक्शन डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 30.00 13 सचित्र कृषि विज्ञान श्री श्याम प्रसाद शर्मा भारत भारती प्रकाशन, मेरठ 20.00 14 कृषि विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायण लाल, इलाहाबाद 20.00

(18) ट्रेड-मुद्रण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10 + 2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना।

रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार सरकारी तथा निजी मुद्रण उद्यमों में कुशल कामगार के पद का कार्य कर सकते हैं-

(ख) स्वरोजगार के लिये उदाहरण के लिए-कम्पोजीटर, मुद्रण मशीन चालक, प्रूफ रीडर, बुक बाइण्डर, छोटी इकाई के रूप में निजी उद्योग भी लगा सकते हैं।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

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पाठ्‌यक्रम

इकाई-1 सैद्धान्तिक- (क) उद्यमिता बोध- उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया।

(ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार- लघु उद्योग की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2 संयोजन विधियां (कम्पोजिंग प्रोसेसेज)- (अ) संयोजन (कम्पोजिंग) का अर्थ, हाथ द्वारा संयोजन, मोनो मशीन द्वारा संयोजन, लाइनों मशीन द्वारा संयोजन, फोटो सेटर द्वारा संयोजन और कम्प्यूटर या डेस्कटाप पब्लिशिंग (डी0 टी0 पी0) मशीन द्वारा संयोजन।

(ब) प्रूफ सम्बन्धित- प्रूफ का अर्थ, प्रूफ के प्रकार, प्रूफ पढ़ने की विधि, प्रूफ पढ़ने के आई0 एस0 आई0 (भारतीय मानक) चिह्म।

इकाई-3 (अ) कैमरा तथा ब्लॉक बनाना- कैमरा का अर्थ, विभिन्न प्रकार से कैमरा वर्टिकल (क्षैतिजकार, डार्करूम तथा इलेक्ट्रानिक) निगेटिव तथा पाजीटिव बनाना, ब्लॉक का अर्थ एवं प्रयोग, लाइन ब्लॉक, हाफटोन ब्लॉक, ब्लॉक बनाने हेतु आवश्यक सामग्रियां।

(ब) पृष्ठ संयोजन- पृष्ठ संयोजन (इम्पोजिंग) का अर्थ, एक पृष्ठ, दो पृष्ठ, चार पृष्ठ तथा आठ पृष्ठों तक की योजना।

प्रयोगात्मक

लघु प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-अक्षर संयोजन विभाग की साज-सज्जा तथा उपकरणों का परिचय। 2-मुद्रणालय में सुरक्षा (सेफ्टी) उपाय। 3-मुद्रण तथा बाइंडिंग विभाग की मशीनों और उपकरणों का परिचय। 4-टाइप केस ले आउट याद करना एवं कम्पोजिंग स्टिक में मांप बांधना। 5-प्रूफ उठाना तथा टाइप मैटर में लगी स्याही की सफाई करना। 6-मुद्रणालय की सभी मशीनों तथा उपकरणों में स्नेहन (लुब्रीकेटिंग) तेल या ग्रीस देना और सफाई करना। 7-मुद्रित तथा अमुद्रित कागज को बराबर करना और गिनती करना। 8-पुरानी पुस्तकों की मरम्मत करना। दीर्घ प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-लेटर हेड तथा विजिटिंग कार्ड आदि छोटे जॉब कार्यों की कम्पोजिंग करना तथा प्रूफ उठाकर उसे पढ़ना और संशोधन करना। 2-विभिन्न मशीनों के लिए एक या दो पृष्ठों का फर्मा कसना। 3-मुद्रण मशीन की तैयारी, मुद्रण मशीन पर फर्मा चढ़ाना, फर्मा की तैयारी तथा लगातार मुद्रण कार्य करना। 4-मुद्रण मशीन पर एक या दो रंग की छपाई करने का अभ्यास। 5-स्थानीय किसी एक या अधिक मुद्रणालयों में छात्रों को ले जाकर निरीक्षण कराना और छात्रों द्वारा एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार करना जो 390 शब्दों से अधिक न हो। 6-बाइडिंग करने के लिए मुद्रित अथवा अमुद्रित कागजों को मोड़ना, मिसिल उठाना, सिलाई करना। 7-पुस्तकों पर कागज के कवर तथा दफ्ती के कवर लगाने का अभ्यास। 8-सिल्क स्क्रीन मुद्रण की तैयारी तथा मुद्रण का अभ्यास करना।

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पुस्तकों की सूची

हिन्दी पुस्तकें- 1-अक्षर मुद्रण शास्त्र श्री चन्द्रशेखर मिश्र 2-संयोजन शास्त्र ,, ,, 3-आफसेट मुद्रण शास्त्र ,, ,, 4-मुद्रण परिस्करण, भाग-1 श्री के0 सी0 राजपूत 5-मुद्रण परिस्करण, भाग-2 ,, ,, 6-आधुनिक ग्रन्थ शिल्प श्री चन्द्रशेखर मिश्र 7-मुद्रण स्याहियां तथा कागज ,, ,, 8-मुद्रण प्रौद्योगिकी सामग्री श्री एम0 एन0 लिड़बिड़े 9-ब्लाक मेकर्स गाइड श्री एस0 अग्रवाल

(19) ट्रेड-रेडियो एवं टेलीविजन

उद्‌देश्य- (1) वर्तमान समय में रेडियो एवं टेलीविजन की बढ़ती हुई मांग तथा इस विषय की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों की मांग को देखते हुए यह आवश्यक है कि हाईस्कूल स्तर से बच्चों में इस विषय में रुचि उत्पन्न करना। (2) 10़2 में रेडियों एवं टी0 वी0 पहले से चल रहा है। इसके लिये हाई स्कूल स्तर से बच्चों को तैयार करना तथा इण्टरमीडिएट में एडमीशन के समय वरीयता। (3) छात्र शहर तथा गांव में व्यवसाय का उचित अवसर प्राप्त कर सकते है। रोजगार के अवसर- 1-रेडियो एवं टी0 वी0 इण्डस्ट्री पी0 सी0 बी0 पर एसेम्बिलिंग का कार्य प्राप्त कर सकते हैं। 2-विभिन्न टी0 वी0 सर्विस सेन्टर में टी0 वी0 टेक्नीशियन का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। 3-किसी बड़ी इकाई के साथ लघु उद्योग स्थापित करना। 4-स्वयं की दुकान प्रारम्भ कर सकना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथ 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक- इकाई-1 1-उद्यमिता बोध-उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। 2-लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योग की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2 तरंग एवं गति तरंग तथा उनके प्रकार, परिणामी तरंगों का सूत्र, कालान्तर कला, आवृति, तरंग दैध्र्य तथा उनमें सम्बन्ध।

इकाई-3 विद्युत्‌ क्षेत्र व विभव, कूलाम का नियम, विद्युत्‌ चालन व स्वतन्त्र इलेक्ट्रॉन, ओम के नियम, चालकों पर ताप का प्रभाव, ओमी व अरा ओमी परिपथ, फैराडे के नियम। विद्युत चुम्बक, चुम्बकत्व का परमाणवी माडल।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

लघु उद्योग- (1) कलर कोड की सहायता से प्रतिरोधों का मान पढ़ना तथा प्रतिरोधों की वॉटेज को जानना। (2) विभिन्न प्रकार के प्रतिरोधों को पहचाना, समानान्तर तथा श्रेणी क्रम में जोड़ना तथा उनका मान ज्ञात करना। (3) विभिन्न प्रकार के धारित्रों को पहचानना तथा श्रेणी व समानान्तर क्रम में जोड़़ना तथा उनका मान ज्ञात करना। (4) विभिन्न प्रकार के डायोडों तथा ट्रांजिस्टरों को पहचानना।

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(5) मल्टीमीटर की सहायता से वोल्टेज, धारा व प्रतिरोध मापना। (6) मल्टीमीटर की सहायता से डायोड तथा ट्रांजिस्टरों का परीक्षण करना। (7) इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयोग होने वाले विभिन्न यन्त्रों की जानकारी। (8) पी0 सी0 वी0 पर सोल्डर करने की विधि तथा सावधानियां।

दीर्घ प्रयोग- (1) साधारण प्रकार का बैटरी एंलीमिनेटर निर्माण (असेम्बल) करना। (2) विभिन्न निर्गत वोल्टेजों के लिये बैटरी एलीमिनेटर का निर्माण करना। (3) स्थिर वोल्टेज के लिये बैटरी एलीमिनेटर का निर्माण करना। (4) ट्रांजिस्टरों की सहायता से प्रवर्धक (एम्पलीफायर) का निर्माण करना। (5) ट्रांजिस्टरों की सहायता से ध्वनि परिपथ (म्युजिकल सर्किट) का निर्माण करना। (6) ट्रांजिस्टर अभिग्राही के विभिन्न भागों का वोल्टेज ज्ञात करना। (7) ट्रांजिस्टर अभिग्राही के सामान्य दोषों को ज्ञात करना तथा उनका निवारण करना। (8) टेलीविजन के विभिन्न भागों के वोल्टेज ज्ञात करना।

संस्तुत पुस्तकें- 1-बेसिक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग लेखक-पी0एस0 जाखड़ तथा सत्या जाखड़ 2-इलेक्ट्रॉनिक थ्रू प्रैक्टिकल्स ,, पी0 एस0 जाखड़ 3-प्रारम्भिक इलेक्ट्रॉनिकी ,, कुमार एवं त्यागी 4-इलेक्ट्रॉनिक्स ,, महेन्द्र भारद्वाज 5-टेलीविजन ,, जोन एण्ड राबर्ट 6-बेसिक शॉप प्रैक्टिकल ,, अनवानी हन्श इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग

(20) ट्रेड-बुनाई तकनीक

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। विशिष्ट उद्‌देश्य- 1-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइनों को बनाकर हथकरघा उद्योग को उपलब्ध करना। 2-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइन के द्वारा फिगर डिजाइन बनाना। 3-इस उद्योग में विद्यार्थी की दफ्ती के ऊपर रेशे द्वारा फीगर डिजाइन तैयार करना/सिखाना। 4-बुनाई तकनीक की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ बुनाई से सम्बन्धित लघु उद्योग स्थापित कर सकता है।

रोजगार के अवसर- बुनाई के तकनीक ट्रेड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी रोजगार-1-खादी ग्रामोद्योग, यू0पी0 हैण्डलूम में रोजगार के अवसर। 2-छोटे कारखानों में बुनाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में। 3-बुनाई अध्यापकों के लिये प्रशिक्षित शिक्षक की उपलब्धि। (1) स्वरोजगार-(1) छोटे बुनाई उद्योग स्थापित करना। (2) सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त करके उद्योग चलाना। (3) न्यूनतम पूंजी में उद्योग का कार्य प्रारम्भ करके जीवनयापन करना। (4) अपने साथ में पूरे परिवार को साथ लगाकर कार्य करके जीवनयापन करना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

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पाठ्‌यक्रम

सैद्धान्तिक-

इकाई-1 (क) उद्यमिता बोध-उद्यम, उद्यमी एवं उद्यमिता की परिभाषा एवं व्याख्या, वर्तमान परिस्थितियों में स्वरोजगार का महत्व एवं सम्भावनाएं। उद्यमिता मूल्यों एवं उद्यमिता गुणों की व्याख्या एवं उद्यमिता विकास प्रक्रिया। (ख) लघु उद्योग एवं स्वरोजगार-लघु उद्योग की परिभाषा, सीमायें तथा लाभ, राष्ट्रीय औद्योगिक नीति में लघु उद्योग का महत्व, लघु उद्योग में सहायक, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेन्सियों के नाम एवं कार्य, लघु उद्योग की स्थापना, प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं का संक्षिप्त परिचय, बाजार सर्वेक्षण एवं कारोबार संचालन का ज्ञान। विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं का परिचय।

इकाई-2 (क) कपास की कृषि, उपयुक्त भूमि एवं प्रकार। (ख) औटाई के प्रकार, धुनाई, धुनकी के भाग एवं कार्य। (ग) पूनी बनाना एवं सूत कातना। (घ) तकली, चर्खी के प्रकार एवं भाग। (ड) विभिन्न प्रकार के तन्तु एवं रेशा। (कपास, ऊन, रेशम, खनिज, कृत्रिम तन्तु)

इकाई-3 (क) सूत से कपड़ा बनाने तक की समस्त क्रियाएं। (ख) लच्छी सुलझाना, बाबिन भरना, सटर में बाबिन लगाना, सॉचे से निकालना, ड्रम मशीन पर चढ़ाना, बाने के बेलन पर लपेटना, होल्ड भरना, कंघी में भरना, बुनाई करना।

(ग) करघे या लूम का परिचय, हत्थे के भाग एवं कार्य।

प्रयोगात्मक

लघु प्रयोग- 1-सूत की लच्छियों को सुलझाना। 2-चरखी के ऊपर सूत को चढ़ाकर चरखे की सहायता से तागे की बाबिन भरना। 3-भरी हुई बाबिनों को टटर में सजाना। 4-ताने के तारों की डिजाइन के अनुसार वय में भरना और कंघी में भरना। 5-ताने एवं बाने की बाबिन भरना। 6-लीज राड को ताने में लगाना। 7-शटल में तागे एवं बाबिन लगाना। 8-चरखे को चलाना। 9-तकली से सूत कातना। 10-सूत की लच्छियों को अंटी पर चढ़ाना।

दीर्घ प्रयोग- 1-टटर से तान के तागे निकालना। 2-क्रम से बाबिनों को लगाना। 3-हैक या (बिनिया) से तागे निकालना। 4-ड्रम मशीन पर ताने जुक्ट्री बांधना। 5-बाने के बेलन में ताने के तागे लपेटना। 6-बाने के बेलन को करघे पर फिट करना। 7-डिजाइन के अनुसार ड्राफ्ंिटग करना। 8-आई से कंघी में पिराना या तागे निकालना। 9-ताने के तागों को जुट्‌टी बांधना। 10-करघें पर बुनाई करना।

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पुस्तकों की सूची

हिन्दी पुस्तकें-

पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम मूल्य क्रमां क 1 2 3

4 5 रु0 1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा विश्वविद्यालय प्रकाशन, चौक, वाराणसी 55.00 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 55.00 8.00 3 बुनाई पुस्तक श्री श्याम नारायण

श्रीवास्तव

नवीन पुस्तक भंडार, दारागंज, इलाहाबाद

4 हाउस होल्ड टेक्सटाइल श्री दुर्गादत्त बुक कम्पनी, नई दिल्ली 75.00 27.00 5 भारतीय कशीदाकारी श्रीमती शिन्दे एवं कु0

पंडित

प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं प्रौद्यो0 विश्वविद्यालय, पन्तनगर, नैनीताल

(21) ट्रेड-रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा व्यापार) सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक 50 अंक इकाई-1 -10 अंक प्रस्तावना-1-खुदरा व्यापार क्या है ? 2-अर्थ एवं परिभाषा 3-गुण एवं विशेषताएं 4-खुदरा व्यापार के आवश्यक तत्व 5-खुदरा व्यापार का महत्व इकाई-2 -10 अंक 1-स्थानीय स्तर पर उत्पादों का प्रबन्धन I--A.संगठित क्षेत्र B-असंगठित क्षेत्र II--A.छोटे पैमाने पर खुदरा व्यापार B.बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार 2-स्थानीय स्तर पर खुदरा/फुटकर व्यापार के अन्य उपाय। इकाई-3 -10 अंक 1-खुदरा/ फुटकर व्यापारी के कार्य 2-खुदरा या फुटकर व्यापारी की सेवाएं उत्पादक के प्रति उपभोक्ता या ग्राहक के प्रति। समाज के प्रति। इकाई-4 -10 अंक 1-खुदरा व्यापार में व्यापारी की सफलता के उपाय।

A-उपयुक्त स्थिति B.विक्रय कला C.अनुभव D.सजावट E-अन्य उपाय

2.बुनियादी स्वच्छता और सुरक्षा अभ्यास। इकाई-5 -10 अंक -विभिन्न स्टोर/दुकान -श्रृंखलाबद्ध दुकानें -बिग बाजार -सुपर बाजार इत्यादि।

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प्रयोगात्मक- -50 अंक -विद्यालय स्तर पर खुदरा व्यापार का प्रशिक्षण (क्रय-विक्रय के सन्दर्भ में) -खुदरा व्यापार का व्यावहारिक प्रशिक्षण (संगठित क्षेत्र के इकाई द्वारा) -खुदरा व्यापार के संदर्भ में स्थानीय स्तर पर सर्वेक्षण -क्रय-विक्रय -अन्य व्यावहारिक अनुभव -खुदरा व्यापार के सम्बन्ध में विद्यालय स्तर पर विचार गोष्ठी आयोजित करना। -खुदरा व्यापार के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के सम्बन्ध में ज्ञान।

(22) ट्रेड-सुरक्षा (security)

उद्‌देश्य- (1) राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अस्मिता की रक्षा का भाव उत्पन्न होना। (2) सुरक्षा के महत्व एवं आवश्यकता को समझना। (3) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (4) आकस्मिकता एवं खतरों से निपटने की योग्यता का विकास करना। (5) प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता को समझते हुए सम्बन्धित सामान्य जानकारी होना। (6) सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी के महत्व को समझना। (7) सुरक्षा हेतु सभी नागरिकों को कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व का बोध कराना। (8) संवाद दक्षता एवं व्यक्तित्व का विकास करना।

रोजगार के अवसर- 1-पाठ्‌यक्रम में प्रवीणता प्राप्त करने के पश्चात्‌ सम्बन्घित छात्र एवं छात्रायें भविष्य में देश की सुरक्षा बलों से सम्बन्धित विभिन्न सेवाओं में सैनिक एवं अधिकारियों के रूप में अपनी समझ के आधार पर पर्याप्त योगदान दे सकते है। 2-सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न संस्थाओं में सुरक्षा कर्मी के रूप में रोजगार की प्राप्ति हो सकती है।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 50

इकाई-1 सुरक्षा के मूलाधार -12 अंक -सुरक्षा की अवधारणा, अर्थ एवं परिभाषाएं -सुरक्षा का उद्‌देश्य -सुरक्षा के विभिन्न तत्व, आन्तरिक एवं वाह्‌य -सुरक्षा के प्रकार-व्यापक सुरक्षा, सामान्य सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, अल्पकालिक एवं दीर्घ कालिक सुरक्षा, आन्तरिक एवं बाह्‌य सुरक्षा, सैनिक सुरक्षा, आर्थिक एवं औद्योगिक सुरक्षा इत्यादि। -सुरक्षा से सम्बन्धित चुनौतियां एवं समाधान इकाई-2 स्वास्थ्य सुरक्षा -12 अंक -स्वास्थ्य सुरक्षा के घटक-व्यायाम, सक्षमता, समन्वय एवं धैर्य, चिकित्सालय, दवाएं एवं प्रशिक्षित चिकित्सक। -शारीरिक स्वस्थता का महत्व एवं भूमिका। -व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत विकास। -स्वास्थ्य सुरक्षा से सम्बन्धित अधः संरचना एवं विधिक पक्ष। इकाई-3 आपदा प्रबन्धन एवं सुरक्षा -13 अंक -आपदा प्रबन्धन-निहितार्थ -प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाएं-कारण एवं प्रभाव। -आपदा एवं आपातकालीन प्रबन्धन। -आपदा प्रबन्धन के विभिन्न सोपान। -आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित विभिन्न संस्थाएं। -नागरिक सुरक्षा संगठन-अग्नि शमन सेवा, बचाव सेवा एवं प्राथमिक चिकित्सा सेवा। इकाई-4 सुरक्षा एवं प्राथमिक चिकित्सा -13 अंक -प्राथमिक चिकित्सा के आधारभूत सिद्धान्त। -प्राथमिक चिकित्सा सम्बन्धी उपकरण एवं सुविधाएं। -प्राथमिक चिकित्सा के सामान्य नियम।

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-स्वास्थ्य आपात एवं प्राथमिक चिकित्सा। -स्वास्थ्य आकस्मिकता का अर्थ एवं कारण । -शारीरिक मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य। -सार्वजनिक स्थल, कारखानों तथा संगठनों में कार्यरत सुरक्षा सेवकों के स्वास्थ्य एवं कार्य क्षमता को प्रभावित करने वाले कारक।

-बुखार, लू, अस्थमा, पीठ दर्द, घाव, रूधिरस्राव, जलना, साँप, कुत्ते का काटना, कीट डंक, श्वसन एवं परिसंचरण से सम्बन्धित समस्याएं आदि बीमारियों में प्राथमिक चिकित्सा।

प्रयोगात्मक पूर्णांक 50 1-व्यायाम का अभ्यास-विभिन्न प्रकार के शारीरिक ड्रिल एवं योग। 2-नागरिक सुरक्षा-प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन। 3-प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं को सूचीबद्ध करना। 4-आकस्मिकता के समय प्रयुक्त होने वाले टेलीफोन नम्बरों को सूचीबद्ध करना। 5-आपदा से प्रभावी रूप से निपटने के लिए एक काल्पनिक आपदा योजना तैयार करना। 6-सिक्योरिटी एलार्म का प्रयोग। 7-फायर स्टेशन का भ्रमण कर अग्निशमन यंत्र की कार्यविधि का अध्ययन।

8-एक औद्योगिक संस्थान/कार्यालय का भ्रमण आयोजित कर आकस्मिकता/खतरों हेतु संस्था द्वारा सुरक्षा के उपायों एवं लगाये गये उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

9-ओ0 आर0 एस0 का घोल तैयार करना। 10-थर्मामीटर का प्रयोग। 11-प्राथमिक चिकित्सा उपकरणों को सूचीबद्ध करना।

(23) ट्रेड-मोबाइल रिपेयरिंग

उद्‌देश्य- (1) मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम है।

मोबाइल न केवल संचार बल्कि मनोरंजन का भी सशक्त माध्यम है। मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हो रहा है। अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा। (2) छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। (3) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (4) छात्रों को 10 + 2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपर्युक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (5) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि जाग्रत करना। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 50 अंक

इकाई-1 -10 अंक -मोबाइल की सामान्य जानकारी -मोबाइल फोन की कार्य प्रणाली -CDMS तथा GSM -मोबाइल फोन के भाग (Part of mobile) स्पीकर, कैमरा, बैटरी, बजर, एल0सी0डी0, एन्टिना इत्यादि। इकाई-2 -10 अंक -मोबाइल में प्रयुक्त होने वाले घटकों का विवरण -मोबाइल फोन की मरम्मत में प्रयुक्त होने वाले उपकरण, अनुरक्षण एवं रख रखाव। इकाई-3 -10 अंक -सोल्डरिंग का उपयोग -विभिन्न प्रकार के मोबाइल फोन को खोलना एवं बन्द करना। -सिम इंसर्ट करना (सिंगल एवं डबल) -बैटरी लगाना। इकाई-4 -10 अंक -मोबाइल में 2जी तथा 3जी सेवा। -मोबाइल के विभिन्न भागों का निरीक्षण।

18 ड़124 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 -विभिन्न प्रकार के IC के नाम तथा उनके कार्य। -मोबाइल फोन का ब्लॉक आरेख। इकाई-5 -10 अंक -परिपथ (सर्किट) के विभिन्न भागों का अध्ययन करना। -जम्पर के साथ प्रकाश, ध्वनि तथा कम्पन आदि के लिये परिपथ (IC आधार पर) प्रयोगात्मक कार्य 50 अंक -मोबाइल को ऑन/ऑफ करना। -मोबाइल में उपलब्ध अनुप्रयोग के बारे में जानना। -मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की जानकारी प्राप्त करना। -वालपेपर, थीम, कैलेण्डर दिनांक इत्यादि सेट करना। -की पैड, वाल्यूम (Volume) सेट करना। -चार्जर, इयर फोन, पावर सप्लाई इत्यादि। -डिसप्ले सेटिंग। -मोबाइल फोन में प्रोफाइल सेट करना। -मेमोरी कार्ड की जानकारी क्षमता व कार्य। -मोबाइल के विभिन्न मॉडलों की जानकारी।

(24) ट्रेड-पर्यटन एवं आतिथ्य

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में अतिथि देवो भव की भावना विकसित करना। (2) हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन व्यवसाय को समझना। (3) पर्यटन और आतिथ्य से सम्बन्धित विषय को समझना। (4) चर्चा, परिचर्चा के तरीकों को विकसित करना। (5) आत्मनिर्भरता की भावना का विकास करना।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक 50 अंक

इकाई-1 12 अंक (1) पर्यटन को समझना और परिभाषित करना तथा पर्यटन गाइड। (2) पर्यटन की विशेषतायें। (3) पर्यटन उत्पाद और सेवाएं। (क) ट्रांसपोर्ट सर्विस। (ख) एकोमोडेशन। (ग) कैटरिंग। (घ) स्थलीय पर्यटन। (ङ) आधुनिक युग में पर्यटन के प्रकार। इकाई-2 12 अंक (1) यात्रा और संचालन करने वाले कारक।

(क) प्रस्तावना। (ख) पैकेज यात्रा।

(i) इन बाउन्ड। (ii) आउट बाउन्ड। (iii) डोमेस्टिक। (2) पर्यटन सम्बन्धी सूचनायें और संसाधन।

(क) पासपोर्ट, वीजा बीमा (समान और पर्यटक) (ख) एयर पोर्ट टैक्स। (ग) कस्टम।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 125

(घ) करेन्सी। (ङ) विभिन्न लघु शब्द। I.A.T.A., W.T.O., C.V.G.R., P.A.T.A., I.U.H.F., I.A.T.M., E.P.B.X., H.R.C.C., S.T.D., P.C.O.

इकाई-3 10 अंक (1) आतिथ्य उद्योग की प्रस्तावना और जानकारी। (2) होटल की परिभाषा। (3) होटल उद्योग का विकास और उन्नति। (4) भारत के महत्वपूर्ण चेन होटल। (5) विभिन्न फाइव स्टार होटलों में सुविधायें।

(क) फ्रन्ट कार्यालय।

(i) ट्रेवेल एवं टूर पैकेज। (ii) विदेशी विनिमय।

(iii) बेल ब्वाय। (iv) आचार-विचार का आदान-प्रदान और सूचनायें। (v) अतिथियों का स्वागत करना।

(ख) खाद्य एवं पेय।

(i) कान्फ्रेन्स कक्ष। (ii) बैंक्वेट हॉल्स। (iii) कॉफी शाप। (iv) रूम सर्विस। (v) बार। (ग) हाउस कीपिंग।

(i) पब्लिक एरिया। (ii) हार्टीकल्चर।

(iii) लिनन/यूनीफार्मरूम। (iv) सुबह/शाम की सर्विस। (v) सेफ्‌टी और सुरक्षा।

इकाई-4 10 अंक (1) सर्विस स्टाफ की जानकारी। (2) हाउस कीपिंग विभाग के कर्मचारियों का विवरण। (3) रूम अटेन्डेन्ट के कार्य और पोशाक। (4) स्टीवर्ड के कार्य और वेश भूषा। (5) शेफ (Chef) पोशाक। (6) महिला और पुरूष की अलग-अलग पोशाक (सभी विभागों में)।

इकाई-5 6 अंक (1) मीजा। (2) मीपा। (3) ब्रेकफास्ट स्टेप्स (चरण) (4) वाणी का आदान-प्रदान। (5) विभिन्न विभागों के कार्य।

(क) फ्रन्ट ऑफिस। (ख) हाउस कीपिंग। (ग) फूड व पेय सेवा। (घ) खाद्य उत्पाद। (ङ) First-Aid. (प्राथमिक चिकित्सा)126 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-हिन्दी

कक्षा-10

नोट- इस प्रश्न पत्र में 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी एवं 30 अंक आन्तरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित है।

खण्ड-अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

अंक-20

1.      हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (शुक्ल युग तथा शुक्लोत्तर युग)                5×1=5
2.      हिन्दी पद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (रीतिकाल एवं आधुनिककाल)                       5×1=5
3.      काव्य सौन्दर्य के तत्व-
         (क) रस-हास्य एवं करूण रस (परिभाषा उदाहरण एवं पहचान)                                  1×1=1
        (ख) अलंकार-(अर्थालंकार) उपमा, रूपक उत्प्रेक्षा (लक्षण एवं उदाहरण)                     1×1=1
         (ग) छन्द- सोरठा एवं रोला (लक्षण एवं उदाहरण)                                          1×1=1
4.      हिन्दी व्याकरण-                                                                       3×1=3
        शब्द रचना के तत्व-
        (क) उपसर्ग-अ, अन्‌, अधि, अप, अनु, उप, सह, निर, अभि, परि, सु इत्यादि
        (ख) समास-द्वन्द्व, द्विगु , कर्मधारय, बहुब्रीहि
        (ग) तद्‌भव, तत्सम शब्द एवं पर्यायवाची
5.      संस्कृत व्याकरण-                                                                      1×1=1
        सर्वनाम-तद्‌, युष्मद्‌।
6.      वाक्य का स्वरूप                                                                       1×1=1
7.      वाच्य- प्रयोग और वाच्य परिवर्तन                                                       1×1=1
8.      पद परिचय- विकारी एवं अविकारी शब्द                                                     1×1=1

खण्ड-ब (वर्णनात्मक प्रश्न) अंक-50

1. गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित प्रश्न 3×2=6 2. पद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित प्रश्न 3×2=6 3. संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद 23=5 4. संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद 23=5 5. निर्धारित खण्डकाव्य से कथानक, चरित्र चित्रण एवं तथ्य आधारित प्रश्न। 3×1=3 6. (क) निर्धारित गद्‌य खण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित लेखकों का जीवन परिचय एवं उनकी प्रमुख रचना का नाम। 32=5 (ख) निर्धारित पद्‌यखण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित कवियों का जीवन परिचय एवं प्रमुख रचना का नाम। 32=5 7. संस्कृत खण्ड के पाठ्‌यवस्तु से कण्ठस्थ एक श्लोक जो प्रश्नपत्र में न आया हो 2×1=2 8. पत्र लेखन 4×1=4 9. संस्कृत खण्ड के पाठ्‌यवस्तु पर आधारित प्रश्नों में से किन्हीं दो का संस्कृत में उत्तर 11=2 10. निबन्ध रचना (वैज्ञानिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक समस्याएं एवं जनसंख्या, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, यातायात के नियम सम्बन्धित विशय) 7×1=7

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन अंक-30 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)               मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                    जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)            नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                   दिसम्बर माह
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 127

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु- (क) गद्य हेतु- मित्रता राम चन्द्र शुक्ल ममता जयशंकर प्रसाद भारतीय संस्कृति राजेन्द्र प्रसाद अजन्ता

भगवत शरण उपाध्याय

क्या लिखूँ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी

पद

धनुष भंग, वन पथ पर

हिमालय से, वर्शा सुन्दरी के प्रति

ईष्र्या तू न गयी मेरे मन से रामधारी सिंह दिनकर पानी में चन्दा और चाँद पर आदमी जय प्रकाश भारती (ख) काव्य हेतु- सूरदास तुलसीदास रसखान सवैये, कवित्त बिहारी लाल भक्ति नीति रामनरेश त्रिपाठी स्वदेश प्रेम मैथिलीशरण गुप्त भारतमाता का मंदिर यह महादेवी वर्मा सुमित्रानन्दन पंत चींटी, चन्द्रलोक में प्रथम बार माखन लाल चतुर्वेदी पुष्प की अभिलाषा, जवानी सुभद्रा कुमारी चौहान झांसी की रानी की समाधि पर अशोक बाजपेयी भाषा एकमात्र अनन्त है, युवा जंगल श्याम नारायण पाण्डेय हल्दीघाटी केदार नाथ सिंह नदी (ग) संस्कृत हेतु- वाराणसी, देशभक्तः चन्द्रशेखरः, भारतीयाः संस्कृतिः, वीरः वीरेण पूज्यते, आरूणि श्वेतकेतु संवादः जीवन-सूत्राणि, प्रबुद्धोग्रामीणः , केन किं वर्धतेः, अन्योक्तिविलासः खण्ड काव्य- (जिलेवार) खण्ड काव्य के लिये- निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-

क्रमांक पुस्तक का नाम प्रकाशक का नाम अनुदानित जिले

1 मुक्तिदूत अशोक कुमार अग्रवाल, 43, चाहचन्द

रोड, प्रयागराज

आगरा, बस्ती, गाजीपुर, फतेहपुर, बाराबंकी, उन्नाव, फिरोजाबाद, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर।

2 ज्योति जवाहर मोहन प्रकाशन, जवाहर नगर, कानपुर कानपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, रामपुर, गोण्डा,

कानपुर देहात, बलरामपुर, सोनभद्र।

3 अग्रपूजा हिन्दी भवन, 63 टैगोर नगर, प्रयागराज प्रयागराज, आजमगढ़, मथुरा, मऊ, कौशाम्बी। 4 मेवाड़ मुकुट शंकर प्रकाशन, 8/98 आर्यनगर, कानपुर

5 जय सुभाष रोहिताश्व प्रकाशन, 368 मालती सदन,

ऐशबाग, लखनऊ

6 मातृ भूमि के लिये आधुनिक प्रकाशन गृह, दारागंज, प्रयागराज

बुलन्दशहर, देवरिया, बरेली, सुल्तानपुर, सीतापुर, बहराइच, अमेठी, कुशीनगर, श्रावस्ती। लखनऊ, सहारनपुर, फैजाबाद, बांदा, झांसी, हरदोर्ई, अम्बेडकरनगर, चित्रकूट, ललितपुर। गोरखपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, मैनपुरी, मुजफ्फरनगर, महराजगंज, शामली, अमरोहा, सम्भल।

7 कर्ण बुनियादी साहित्य मन्दिर, पटना-4 महोबा, अलीगढ़, जौनपुर, बलिया, हमीरपुर, एटा,

8 कर्मवीर भरत हिन्दुस्तान बुक हाउस, अस्पताल रोड, परेड, कानपुर

9 तुमुल इन्डियन प्रेस पब्लिकेशन प्रा0 लि0, 36,

पन्ना लाल रोड, प्रयागराज

हाथरस, कासगंज। मेरठ, फर्रूखाबाद, पीलीभीत, रायबरेली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत, कन्नौज। वाराणसी, इटावा, बिजनौर, जालौन, बदायूँ, भदोही, चन्दौली, औरैया।

नोट ः-उपर्युक्त के अतिरिक्त अन्य जिलों/नये सृजित जिलों में खण्ड काव्य पूर्व वर्षों की भांति यथावत्‌ पढ़ाये जायेंगे।

128 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-प्रारम्भिक हिन्दी

(अनिवार्य हिन्दी से छूट पाने वाले विद्यार्थियों के लिए)

कक्षा-10

नोट- इस प्रश्न पत्र में 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी एवं 30 अंक आन्तरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित है।

खण्ड-अ (बहुविकल्पीय प्रश्न) अंक-20

01 01 01 02 01 1. हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (शुक्ल युग एवं शुक्लोत्तर युग) 5×1=5 2. हिन्दी पद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (रीतिकाल एवं आधुनिक काल) 5×1=5 3. हिन्दी व्याकरण- (क) समास-बहुब्रीहि, कर्मधारय। (ख) पर्यायवाची शब्द (ग) विपरीतार्थी शब्द (घ) तद्‌भव एवं तत्सम शब्द (ङ) वाक्यांश के लिए एक शब्द 4. संस्कृत व्याकरण- 01 सर्वनाम-तद्‌, युष्मद्‌ 5. वाक्य का स्वरूप 1×1=1 6. वाच्य- प्रयोग और वाच्य परिवर्तन 1×1=1 7. पद परिचय- विकारी एवं अविकारी शब्द 1×1=1

खण्ड-ब

(वर्णनात्मक प्रश्न) अंक-50

1. गद्य खण्ड के लिए निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से गद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न 3×2=6 2. पद्यखण्ड के लिऐ निर्धारित पाठ्‌यवस्तु से पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्न 3×2=6 3.(क) निर्धारित गद्यखण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित लेखकों का जीवन परिचय एवं उनकी प्रमुख रचनाएँ। 32=05 (ख) निर्धारित पद्यखण्ड के पाठ्‌यवस्तु से सम्बन्धित कवियों का जीवन परिचय उनकी प्रमुख रचनाएँं 32=05 23=05 4. (क) संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद। (ख) संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद। 23=05 5. संस्कृत खण्ड के पाठ्‌यवस्तु पर आधारित प्रश्नों से किन्हीं दो प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर। 22=04 6. काव्य सौन्दर्य के तत्व- 2×1=02 (क) रस-हास्य एवं करूण रस (परिभाषा, लक्षण एवं उदाहरण) 2×1=02 (ख) छंद-दोहा, चौपाई ( परिभाषा, लक्षण एवं उदाहरण) (्रग) अंलकार (अर्थालंकार) उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा (परिभाषा, लक्षण एवं उदाहरण) 2×1=02 7. लोकोक्ति एवं मुहावरे (अर्थ एवं वाक्य प्रयोग) 2×1=02 8. निबन्ध रचना (वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, सामाजिक समस्याएं, स्वास्थ्य, शिक्षा पर्यावरण, जनसंख्या, यातायात के नियम से सम्बन्धित विषय)

6×1=06

अंक-30

आन्तरिक मूल्यांकन-
शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन
1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)   अगस्त माह             10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)     दिसम्बर माह          10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)       मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)             जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा  (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)     नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)            दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 129

निर्धारित पाठ्‌य वस्तु-

(क) गद्य हेतु-

रामचन्द्र शुक्ल

मित्रता

ममता जयशंकर प्रसाद

भारतीय संस्कृति राजेन्द्र प्रसाद

अजन्ता

भगवतशरण उपाध्याय

(ख) काव्य हेतु-

सूरदास

पद

धनुष भंग, वन पथ पर

तुलसीदास सुमित्रानन्दन पंत चींटी, चन्द्रलोक में प्रथम बार रामनरेश त्रिपाठी स्वदेश प्रेम

सुभद्रा कुमारी चौहान झांसी की रानी की समाधि पर

(ग) संस्कृत हेतु- पाठ्‌- वाराणसी, भारतीयाः संस्कृतिः, जीवन-सू़़त्राणि, प्रबुद्धो ग्रामीणः, अन्योक्तिविलासः।

Syllabus

Class X

English

There will be one question paper of 70 marks. Internal assessment will be conducted at school level for 30 marks.

Reading 10 marks 1. One short unseen passage followed by three MCQs. 3x1=3 2. One unseen passage followed by three very short answer type questions 3x2=6 and one vocabulary based question. 1 Writing Skills 10 marks 3. Letter (formal/informal)/Application . 4

Grammar 15 marks

6. Three very short answer type questions based on narration, voice,

punctuation. 3x2=6 7. Translation of a short passage from Hindi to English. (4 sentences) 4

Literature 35 marks

First Flight (23 marks)

Prose(15 marks)

8.Two MCQs based on the given extract. 2x1=2 9.Three MCQs based on lessons. 3x1=3 10.Two short answer type questions in about 30-40 words each. 3+3=6 11.One long answer type question in about 60 words. 4130 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 Poetry (08 marks) 12.Two MCQs based on the given extract. 2x1=2 13. One short answer type question based on poetry lessons in about 30-40 words . 3

or

14. Central idea of the given poem. 3 Footprints Without Feet(12 marks) 15. Five MCQs based on prescribed lessons. 5x1=5 16. One short answer type question in about 30-40 words. 3 17. One long answer type question in about 60 words. 4

Prescribed books and Lessons First Flight – Text Book Prose-

1. A Letter to God G.L. Fuentes 2. Nelson Mandela: Long Walk to Freedom Nelson Rolihlahla Mandela 3. Two Stories about Flying i. His First Flight Liam O'Flaherty ii. Black Aeroplane Frederick Forsyth 4. From the Diary of Anne Frank Anne Frank 5. Glimpses of India

i. A Baker from Goa Lucio Rodrigues ii. Coorg Lokesh Abrol iii. Tea from Assam Arup Kumar Datta

6. Mijbil The Otter Gavin Maxwell 7. Madam Rides the Bus Vallikkannan 8. The Sermon at Benares 9. The Proposal Anton Chekov

Poetry-

1. Dust of Snow Robert Frost 2. Fire and Ice Robert Frost 3. A Tiger in the Zoo Leslie Norris 4. How to Tell Wild Animals Carolyn Wells 5. The Ball Poem John Berryman 6. Amanda! Robin Klein 7. The Trees Adrienne Rich 8. Fog Carl Sandburg 9. The Tale of Custard the Dragon Ogden Nash 10. For Anne Gregory William Butler Yeats

Footprints Without Feet-Supplementary Reader

1. A Triumph of Surgery James Herriot 2. The Thief's Story Ruskin Bond 3. The Midnight Visitor Robert Arthur 4. A Question of Trust Victor Canning 5. Footprints Without Feet H.G. Wells 6. The Making of a Scientist Robert W. Peterson 7. The Necklace Guy De Maupassant 8. Bholi K.A. Abbas 9. The Book That Saved the Earth Claire Boiko

Words & Expression [ Eng. Work Book]

For the Academic Session 2025-26

The internal assessment should be conducted as follows:-

1.First Internal Assessment (Oral Expression Based) August 10 Marksभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 131 2. Second Internal Assessment (Creative Writing Based) December 10 Marks

Four Monthly Tests- 10 Marks

1. First Monthly Test (MCQs Based) May 2. Second Monthly Test (Descriptive Questions Based) July 3. Third Monthly Test (MCQs Based) November 4. Fourth Monthly Test (Descriptive Questions Based) December

The Sum of the marks obtained in all the four monthly Tests should be converted

into 10 Marks.

विषय-संस्कृत

कक्षा-10

पूर्णांक 100

इस विषय में 70 अंक की लिखित परीक्षा होगी तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा। पाठ्‌यक्रम के आधार पर 20 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। खण्ड क (गद्य, पद्य आशुपाठ) गद्य 1-गद्य-खण्ड का हिन्दी में अनुवाद 2-पाठ-सारांश

35 अंक 11 अंक 4 अंक 4 अंक

15 अंक

3-बहुविकल्पीय प्रश्न 1X3=3 अंक पद्य 1-श्लोक की हिन्दी में व्याख्या 2-सूक्ति की हिन्दी में व्याख्या 3-किसी एक श्लोक का संस्कृत में अर्थ

4 अंक 3 अंक 4 अंक 4-बहुविकल्पीय प्रश्न 1X4=4 अंक 9 अंक आशुपाठ- 4 अंक 1-पात्र चरित्र-चित्रण (हिन्दी में) 2 अंक 2-लघु उत्तरीय प्रश्न (संस्कृत में)

3-बहुविकल्पीय प्रश्न 1X3=3 अंक खण्ड 'ख' (व्याकरण, अनुवाद, रचना) 35 अंक व्याकरण-

1-प्रत्याहारों का सामान्य परिचय एवं वर्णों का उच्चारण स्थान

2 अंक 2-सन्धि

2 अंक (i) हल्‌ सन्धि- मोऽनुस्वारः, अनुस्वारस्य ययि परसवर्णः।

(ii) विसर्ग सन्धि-विसर्जनीयस्य सः, ससजुषो रुः, अतो रोरप्लुतादप्लुते, हशि च।

3-शब्द रूप-

2 अंक अ-पुंलिङ्‌ग-पितृ, भगवत्‌, गो, करिन्‌, राजन्‌।

ब-स्त्रीलिङ्‌ग-नदी, धेनु, वधू, सरित्‌।

2 अंक

2 अंक स-नपुंसकलिङ्‌ग-वारि, मधु, नामन्‌, मनस्‌, किम्‌, यद्‌, अदस्‌। 4-धातुरूप--(लट्‌, लृट्‌, लोट्‌, लङ्‌ तथा विधिलिङ्‌ लकारों में)- अ-परस्मैपद-भू, पा, वस्‌, स्था, नश्‌, आप्‌, इष्‌। ब-आत्मनेपद-वृध्‌, जन्‌। स-उभयपद-नी, दा, ज्ञा, चुर्‌। 5-समास--समासों के विग्रह सहित उदाहरण- अव्ययीभाव, द्विगु, बहुव्रीहि। 6-कारक-विभक्ति-दिये गये सूत्रों के आधार पर कारक-विभक्ति ज्ञान एवं प्रयोग- 2 अंक कर्तुरीप्सिततमं कर्म, कर्मणि द्वितीया, साधकतमं करणम्‌, कर्तृकरणयोस्तृतीया,

19 ड़132 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 2X3=6 अंक कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्‌, चतुर्थी सम्प्रदाने, ध्रुवमपायेऽपादानम्‌, अपादाने पंचमी, आधारोऽधिकरणम्‌, सप्तम्यधिकरणे च। 7-प्रत्यय-क्त, क्तवतु, क्तिन्‌, क्त्वा, ल्यप्‌, शतृ, शानच्‌, तुमुन्‌, मतुप्‌, ठक्‌, त्व, तल्‌ टाप्‌, अनीयर्‌, इन्‌,। 2 अंक 8-वाच्य- परिवर्तन। 3 अंक अनुवाद- 1-हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद (तीन वाक्य) रचना- 1-संस्कृत निबन्ध (कम से कम आठ वाक्य) 8 अंक 2-संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग। 2X2= 4 अंक

निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तक निम्नलिखित पाठ्‌य-पुस्तकों के सम्मुख अंकित पाठ्‌यवस्तु (माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌ द्वारा निर्धारित अंश/ पाठ) का अध्ययन करना होगा- 1-संस्कृत व्याकरण-1-प्रत्याहारों का सामान्य परिचय एवं उच्चारण स्थान।

2-सन्धि-व्यंजन एवं विसर्ग सन्धियों का परिचय एवं अभ्यास। 3-समास-अव्ययीभाव, द्विगु, बहुव्रीहि। 4-कारक एवं विभक्ति परिचय। 5-वाच्य-परिवर्तन। 6-अनुवाद- क-सामान्य नियमों सहित अभ्यास। ख-कारक एवं विभक्ति ज्ञान। ग-अनुवाद अभ्यास। 7-प्रत्यय। 8-शब्दरूप-संज्ञा, सर्वनाम तथा संख्या वाचक शब्दों के तीनों लिङ्‌गों में रूप। 9-धातुरूप-परस्मैपद, आत्मनेपद तथा उभयपद में धातुओं के रूप।

10-संस्कृत पदों का वाक्यों में प्रयोग। 11-संस्कृत में निबन्ध- 1-विद्या 2-सदाचारः 3-परोपकारः 4-सत्संगतिः 5-अहिंसा परमो धर्मः 6-मातृभूमिः 7-वसुधैव कुटुम्बकम्‌ 8-राष्ट्रिया एकता 9-अनुशासनम्‌ 10-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 11-संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्‌ 12-भारतीयकृषकः 13-हिमालयः 14-तीर्थराजप्रयागः 15-वनसम्पत्‌ 16-पर्यावरणम्‌ 17 परिवारकल्याणम्‌ 18 राष्ट्रियपक्षिमयूरः 19 यौतुकम्‌ 20-दूरदर्शनम्‌ 21-क्रिकेटक्रीडनम्‌ 22-जनसङ्‌ख्या 23-यातायात सुरक्षा 24-स्वास्थ्य-शिक्षा संस्कृत गद्य भारती संस्कृत साहित्य पर एक दृष्टिभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 133 वैदिक मङ्‌लाचरणम्‌ 1-कविकुलगुरुः कालिदासः 2- उद्‌भिज्ज-परिषद्‌ 3- नैतिकमूल्यानि 4- विश्वकविः रवीन्द्रः 5-कार्यं वा साधयेयं देहं वा पातयेयम्‌ 6- आदिशंकराचार्यः 7- संस्कृतभाषायाः गौरवम्‌ 8- मदनमोहनमालवीयः 9-जीवनं निहितं वने 10- लोकमान्यःतिलकः 11- गुरुनानकदेवः 12- दीनबन्धुः ज्योतिबाफुले

संस्कृत पद्य पीयूषम्‌- 1-लक्ष्य-वेध-परीक्षा 2-वृक्षाणां चेतनत्वम 3-सूक्ति-सुधा 4-क्षान्तिसौख्यम्‌ 5-विद्यार्थिचर्या 6-गीतामृतम्‌ 7-जीव्याद्‌ भारतवर्षम्‌

संस्कृत कथा नाटक कौमुदी- 1-महात्मनः संस्मरणानि 2-कारुणिको जीमूतवाहनः 3-धैर्यधनाः हि साधवः 4-यौतुकः पापस्‌चयः 5-भोजस्य शल्यचिकित्सा 6-ज्ञानं पूततरं सदा 7-वयं भारतीयाः आन्तरिक मूल्यांकन- अंक 30 शैक्षिक सत्र 2026-27 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-उर्दू

(कक्षा-10)

पूर्णाक 100 उर्दू विषय में 70 अंक का लिखित प्रश्न-पत्र होगा तथा 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा। उर्दू विषय में 70 अंक का एक प्रश्न-पत्र तीन घण्टो का होगा।

134 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड-(अ) पूर्णांक-35

1-व्याकरण और उसका प्रयोग-

6 अंक व्याकरण के केवल उन्हीं तत्वों पर बल दिया जायेगा जो भाषा के प्रयोगात्मक ज्ञान और उसके लेखन एवं संभाषण पर आधारित हों। व्याकरण का अध्ययन एक विषय के रूप में अनिवार्य नहीं है परन्तु छात्रों को कक्षा में पढ़ाते समय भाषा में व्याकरण के महत्व तथा वाक्य प्रयोग पर अधिक बल दिया जाय। साथ ही छात्रों का वाक्य विन्यास तथा दूसरी प्रचलित क्षेत्रीय भाषा में अनुवाद करने का अभ्यास कराना चाहिए।

7 अंक

5 अंक

2-साहित्यिक विधाएं (असनाफ़े अदब)- (1) नावेल (उपन्यास) (2) इनशाइया (3) अफ़साना (4) खाका (5) गजल (6) नज़्म (7) क़सीदा (8) मरसिया 3-कवायद-अलंकार (सनाए व बदाये)- हुस्ने तालील, मरातुन नज़ीर, तज़ाद, तलमीह, लफ़ोंनश्र, तजनीस, तशबीह ओ इस्तेआरा 4-मुहावरात व ज़रबुलमिसाल 5-निबन्ध लेखन 6-अपठित (गै़र दरसी नसरी इक़तेबास का ख़ुलासा)

5 अंक

6 अंक

6 अंक

खण्ड-(ब) पूर्णांक-35

निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक (गद्यांश)

1-निम्नलिखित गद्य के पाठ अध्ययन के लिए प्रस्तावित है-

10 अंक

(अ) (1) उमराव जान अदा (इक़्तेबास)-मिर्ज़ा हादी रूस्वा

(2) सवेरे जो कल आँख मेरी खुली-पतरस बुख़ारी

(3) चारपाई (इक़्तेबास)-रशीद अहमद सिद्‌दीकी

(4) पूरे चँॅद की रात-कृष्ण चन्दर

(5) गरमकोट-राजेन्द्र सिंह बेदी

(6) अल्ताफ़ हुसैन हाली - मौलवी अब्दुल हक़

(7) हिन्दुस्तानी तहज़ीब के अनासिर-प्रोफ़ेसर एहतेशाम हुसैन

(ब) गद्य लेखक का जीवन परिचय (सवानेह हयात), गद्य लेखन की विशेषाताएं, (नस्र निगारी

की खूबियां तथा शैली) तर्जे निगारिश का ज्ञान (मालूमात फ़राहम कराना)

4 अंक 2-निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक (पद्यांश)

1-पद्यांश

8 अंक

ग़ज़लियात-हाली, इक़बाल, हसरत मोहानी, असगर-ग़ोण्डवी, फ़ानी बदायूंनी जिगर मुरादाबादी, फ़िराक गोरखपुरी, फ़ैज अहमद फ़ैज

नज़मियात-नज़ीर अकबराबादी, हाली, दुर्गासहाय सुरूर, चकबस्त, इक़बाल जोश मलीहाबादी, अख़्तरूल ईमान, अली सरदार जाफ़री।

3 अंक

क़सीदा-मुहम्मद रफ़ी सौदा

2 अंक

मरसिया-मीर अनीस

2 अंक (2) उर्दू शोअरा (जो पाठ्‌य पुस्तक में निर्धारित हैं) की सवानेह हयात व उनके कलाम की खू़बियों से छात्रों को रूशनास कराया जाय। 3 अंक (3) उर्दू ज़बान ओ अदब का इरतिक़ा

3 अंक

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 135

विषय-गुजराती

कक्षा-10

भाग-(अ) 35 अंक

05 अंक 05 अंक 05 अंक 15 अंक 10 अंक 1-व्याकरण 15 अंक (क) वचन परिवर्तन (ख) लिंग परिवर्तन (ग) वाक्य शुद्धि 2-रचना (क) निबन्ध लेखन-(भावनात्मक वर्णनात्मक) अथवा दी गयी रूपरेखा के आधार पर कहानी का विकास करना (ख) पत्र लेखन (व्यक्तिगत, कार्यालय सम्बन्धी सम्पादक सम्बन्धी)

05 अंक

गुजराती वाचन माला-दसवीं कक्षा हेतु प्रकाशन 199, गुजरात राज्यशाला पुस्तक माला, पुरानी विधान सभा गृह सेक्टर 17, गांधीनगर, गुजरात द्वारा प्रकाशित। गद्य-निम्नांकित पाठ पढ़ने होंगे- 1-जुमो मिस्ती धूमकेतु 2-लोहीनी नी सगाई पेठलीकार 3-थिगाटुन सुरेश जोशी 4-श्रुतिये अने स्मृति सो बक्शी 5-बी लघु कथा मोहन लाल पटेल 6-पृथ्वी बल्लभ केम खंचायी के मुन्शी 7-सत्य अने अहिंसा गांधी जी 8-मध्याहन नु काव्य कलेलकर 9-भन्कारा चन्द्रवाकर

पद्य-निम्नांकित कविताएं पढ़नी होंगी- 1-भजरे भजतू नर सिन्ह मेहता 2-छप्पा अखो 3-हवाहूॅ सखी दयाराम 4-मेहामानोने सम्बोधन कान्त 5-चेली कचेरी मेधानी 6-हूॅ तो चहुं मनसुख लाल जवेरी 7-मन निरंजन भगत सहायक पुस्तक (स्वाध्याय) 1-गद्य-निम्न पाठ पढ़ने होंगे- (क) अगागाडी ना अनुभवो रमन भाई नीलकंठ (ख) महादेव भाई डायरी महादेव देसाई (ग) एक-एकरार इन्दूलाल याज्ञनिक (घ) फक्ता पन्दार मिनीत विभूति शाह

पद्य-निम्न कवितायें पढ़नी होंगी- 1-स्मृति भवन पन्ना नायक 2-मजुष रकोवायो ये श्याम साधु136 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)    अगस्त माह               10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)      दिसम्बर माह             10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-पंजाबी

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होंगा। पूर्णांक 100

35 अंक 20 अंक

15 अंक भाग (एक) पद्य पाठ- 1-प्रसंग, अर्थ एवं भावार्थ 2-कविता का सारांश 3-कवि के सम्बन्ध में प्रश्न गद्य पाठ- 1-उपन्यास-प्रसंग 2-विषय-वस्तु, पात्र भाषा 3-लेखक की जीवनी

35अंक

भाग (दो) व्याकरण- 03 अंक 1-मुहावरे 02 अंक 2-वचन बदलो 03 अंक 3-अनेक शब्दों के लिए एक शब्द 02 अंक 4-लिंग बदलो 5-प्रत्यय-उपसर्ग 03 अंक 6-अनुवाद-हिन्दी से पंजाबी एवं पंजाबी से हिन्दी 55= 10 अंक 08 अंक 7-निबन्ध-प्रचलित विषयों पर 04 अंक 8-पत्र-लेखन-(व्यापारिक एवं कार्यालयी)

निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तकें- 1-गद्य-पद्य (भाग-दो) हरशरण कौर 2-जंगल दे शेर- जसवंत सिंह कंवल 3-पंजाबी व्याकरण लेख रचना ज्ञानी लाल सिंह

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 137

बांगला

(कक्षा-10)

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग ''अ''

35 अंक

1-व्याकरण- सन्धि- सन्धि-विच्छेद- समास- व्यंजन सन्धि- वाक्य परिवर्तन- वाक्य रचना- विराम चिन्ह- 2-(प) निबन्ध- (ii) अपठित गद्य या दिये गये विचारों का विस्तार-

2 अंक 3 अंक 3 अंक 2 अंक 2 अंक 32=5 अंक 3 अंक 10 अंक 5 अंक

35 अंक 55=10 अंक 3 अंक 2 अंक

5 अंक 5 अंक 3 अंक

7 अंक भाग ''ब'' गद्य-सामान्य प्रश्न- व्याख्या- टीका- पाठों का नाम 1-देशेर श्रीवृद्धि 2-देना पावना 3-निर्भयेर राजतु 4-सव्यसाची 5-पाली साहित्य 6-मातृ भाषा 7-पद्या नदीर माझी पद्य- सामान्य प्रश्न- व्याख्या- संक्षिप्त टिप्पणी- पुस्तक- (1) अन्न पूर्णा को ईश्वरी पाटनी (2) ईश्वर चन्द्र विद्या सागर (3) हे मोर दुर्भागा देश (4) नव वर्षा (5) काण्डारी हुॅशियार (6) कागज विक्री (7) रूपशी बंगला (8) आगामी 3-छोटी कहानी राज कहानी प्रश्न सामान्य हो, भाव तथा चरित्र पर आधारित हो-कहानी का नाम (1) शिलादिप्य (2) गोहा (3) वाप्पा दिव्य (4) पदमिनी (5) हम्वीर (6) हम्बीरेर राज्य लाभ।

निर्धारित पुस्तकें- 1-पद्य संकलन (पद्य भाग केवल)-1987 संस्करण बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन, पश्चिम बंगाल, कोलकाता द्वारा प्रकाशित।

138 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-मराठी

कक्षा-10

केवल प्रश्न-पत्र

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

खण्ड-(क)

35 अंक

15 अंक

15 अंक

व्याकरण (क) वाक्य परिवर्तन (ख) काल परिवर्तन (ग) दिख्या वाक्योसील अशुद्धीये शुद्धिकरण 2-रचना- (क) निबन्ध-चित्रात्मक (ख) पत्र लेखन (कार्यालय सम्बन्धी-व्यावसायिक विषय) 3-अपठित गद्य खंडाचे ज्ञान-

05 अंक

खण्ड-(ख)

35 अंक

15 अंक

1-गद्य- (पाठ्‌य पुस्तकवार आधारित संक्षिप्त प्रश्न व गद्यांशांचे सन्दर्भ सहित स्पष्टीकरण) निर्धारित पुस्तक-

कुमार भारती (1995)

पाठांचे शीर्षक लेखक

क्रमांक पाठाचा क्रमांक

4

बिनोबा भावे वि0स0 खांडेकर पू0ला0 देशपांडे

एस0डी0 पानवलाकर

1 2 3 1 3 अमाचे अजून ग्रह सुठली नाही जी0जी0 आगरकर 2 5 अवमानतून सूटका बी0द0 सावरकर 3 6 उन्नतीचा मूलमन्त्र बाबा साहेब आम्बेदकर 4 7 स्वरूप पाहा 5 8 विजय स्तम्भ 6 10 डपासे 7 11 औधॉचा राजा जी0डी0 माडगुलकर 8 12 स्मशनासीले सोने अश्णाभाऊ सांठे 9 14 सुन्दर 10 16 बुद्धदशन भालाचन्द्र नामाडे

2-पद्य- 10 अंक (सन्दर्भ सहित स्पष्टीकरण आणि रस ग्रहण)

पाठांचे शीर्षक लेखक

क्रमांक पाठाचा क्रमांक

4

अंनत फंदी महात्मा फूले

बालकवि

1 2 3 1 3 तुकारामची अभंगवाणी तुकाराम 2 6 फटका 3 7 अखंड 4 8 आम्ही कोण ? केशव गुप्त 5 9 पवै 6 10 भ्रांत तुम्हां का पढ़े ? माधवज्युलिअन 7 15 मृत्युल कोण हसे अरंती प्रभुभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 139 5 अंक

5 अंक 3-नाटक- (पात्र चरित्र, कल्पना, साधारण, टीकात्मक रस ग्रहण, पावर आधारित प्रश्न) (क) निबन्धात्मक (एक) (ख) लघु उत्तरी (दीन) सुन्दर भो होणार------लेखक----पी0एल0 देशपाण्डे प्रकाशक---कान्टेनेन्टल पब्लिकेशन, पूणे। 4-चरित्र- शोरले बाजीराव----लेखक---एम0व्ही0 गोखले प्रकाशक---आयंदे प्रकाशक, पूणे। निबन्धात्मक---- प्रश्न (एक)

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-असमी

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

खण्ड-(अ)

35 अंक

15 अंक

20 अंक

1-अनुप्रयोगात्मक व्याकरण- 1-वाक्य रचना की अशुद्धियों का संशोधन, गलतियों का सुधार एवं तुलना गलत क्रियाओं का प्रयोग में सुधार। 2-कहावतों एवं मुहावरों/लोकोक्तियों का प्रयोग। 3-वाक्य रचना में परिवर्तन। रचना- (क) निबन्ध (तथ्यात्मक तथा वर्णनात्मक) (ख) सार लेखन (अपठित गद्यांश) संस्तुत पुस्तकें- 1-बहाल व्याकरण-सत्यनाथ बोरा, बरूआ एजेंसी, गुवाहाटी 2-असमियां व्याकरण-हेमचन्द्र बरूआ, हेमकोष, गुवाहाटी 3-असमियां रचना विधि-प्रधानाचार्य गिरिधर शर्मा, प्राप्ति स्थान-आसाम बुक डिपो 4-असमियां भाषा बोधिका-ले0 प्रियदास तालुकदार, प्रकाशक-एल0बी0एस0 प्रकाशन, अम्बारी, गुवाहाटी-78100 खण्ड-(ब)

35 अंक 15 अंक 6 अंक 9 अंक

15 अंक 6 अंक पद्य- (क) निर्धारित खण्ड की व्याख्या (ख) निर्धारित पुस्तक से सामान्य प्रश्न पद्य एवं गद्य के लिए निर्धारित पुस्तकें- माध्यमिक साहित्य चयन प्रकाशक आसाम स्टेट टेक्स्ट बुक, प्रोडक्शन ऐन्ड पब्लिेकेशन लिमिटेड, गुवाहाटी-78002 निम्नलिखित पद्य का अध्ययन करना होगा- 1-गोलप 2-अमंक कोने मोरे 3-गीत 4-सुरार देओल 2-गद्य 1-पठित खण्ड की व्याख्या 2-संक्षिप्त विवरण (निर्धारित पुस्तक से पौराणिक, ऐतिहासिक, लाक्षणिक तकनीकी या भावात्मक संदर्भ में)।

5 अंक 4 अंक 3-पठित खण्ड से सामान्य प्रश्न निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा-

20 ड़140 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

5 अंक

1-पाक शिविध सलीम अली 2-स्ंिवग बाल 3-भारतार विचित्रार मजोट आकिया 4-आसामी लोकगीत 5-लूकोदेका फूकानार देश भोविन 3-आत्मकथा- निर्धारित पुस्तक-

जीवनी संग्र्रह-पद्‌मनाथ मोहन बरूआ द्वारा मूलरूप में संकलित वर्तमान में आसाम बोर्ड बानुनी मैदान गुवाहाटी द्वारा प्रकाशित।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-उड़िया

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

खण्ड-क

1-व्याकरण

35 अंक

20 अंक

8

(1) शब्दों का निर्माण (संज्ञा, विशेषण) सन्धि (व्यंजन, विसर्ग) समास (बहुब्रीहि, कर्मधारय, अव्ययीभाव, तधित, तत्‌पुरूष) (2) वाक्य परिवर्तन (संयुक्त, मिश्रित, साधारण) (3) अनुवाद (4) विराम चिन्ह (5) कहावतें एवं मुहावरे

2-रचना

4 2 2 4 15 अंक (1) निबन्ध (जनसंख्या, पर्यावरण, प्रदूषण, ट्रैफिक रूल्स पर भी निबन्ध पूछे जायेंगे) 10 (2) अपठित गद्यांश

खण्ड-ख

गद्य विस्तृत अध्ययन

5 35 अंक 17 अंक 4 अंक 9 अंक 4 अंक (क) पठित खण्ड की व्याख्या (ख) साधारण प्रश्न (ग) संक्षिप्त विवरण या टिप्पणी (निर्धारित पुस्तक में से पौराणिक, ऐतिहासिक, लाक्षणिक, तकनीकी या भावनात्मक संदर्भ में)

निम्नलिखित गद्य पाठों का अध्ययन करना होगा :-

1-जन्मभूमि 2-सभ्यताओ विज्ञान 3-मातृभाषा ओं लोक शिक्षा 4-नरेन्रू विवेकानन्द 5-ओड़िया साहित्य कथा

सहायक पुस्तक में पठित अंश (गल्फ, एकांकी)

6 अंक

1-कलिजुगर समाप्ति एंव मिश्र बाबु 2-बेल, अश्वत्तथ ओ वट बृख्य 3-सुर सुन्दरी 4-कोर्णाकभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 141 पद्य

12 अंक 6 अंक 6 अंक 1-पद्य पर आधारित सामान्य प्रश्न 2-व्याख्या निम्नलिखित पद्य पाठों का अध्ययन करना होगा :-

1-राघवंक लंका जात्रानुकूल 2-यिलिफारे सायन्तन दृश्य 3-जाग बन्दनहरा 4-मंगले अइला उशा 5-बन्दे उत्तफल जननी

गद्य, पद्य एंव गल्फ, एकांकी के लिये निर्धारित पुस्तकें :- प्रकाशक साहित्य-बोर्ड आफ सेकेण्डरी एजूकेशन उड़ीसा, कटक पब्लिकेशन उड़ीसा शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कन्नड़

कक्षा-10 ़

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग-अ

35 अंक

17 अंक

अ-व्याकरण- (1) सन्धि, समास (2) पैरा फ्रेजिंग (Para Phrasing) सरलीकरण/अपने शब्दों में लिखना। (3) पर्यायवाची एवं विलोम शब्द।

व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग करना ताकि छात्रों में भाषा

13 अंक

व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषायी चातुर्य को बढ़ावा मिल सके। ब-मुहावरे तथा लोकोक्तियां 2 रचना- (अ) निबन्ध रचना-वर्णनात्मक, सामाजिक (पारिवारिक एवं विद्यार्थी जीवन के सम्बन्ध में) कथात्मक (निबन्ध 150 से 200 शब्दों में) (ब) पत्र लेखन (सम्पादक को व्यापारिक पत्र एवं प्रार्थना-पत्र)। 3-अपठित गद्यांश का बोध कराना।

भाग-ब

05 अंक

35 अंक

14 अंक निर्धारित पुस्तकें (गद्य एवं पद्य)- कन्नड भारतीय-10, प्रकाशक, नव कर्नाटक पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड, इम बहसी सेन्टर, क्रिट रोड, पोस्ट आफिस 5159, बंगलोर। निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे- (अ) गद्य (विस्तृत अध्ययन) (1) साध्याब (2) ननताख (3) नीबू वैध्यार मानू पिकितों (4) मानादानिया नोदी मानीदेय (5) बसावननवारू कतावियासिदा समाज (6) किसागोतामी (7) अदायावान्ति के असमास्यागालू142 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 (8) चिपको चलीवालि

(9) डा0 आम्बेदकर वैयक्तित्व

(10) यशुबिना कोन्य दीना

(11) मन्त्य सूलोगन्थर

(12) टुंग भुजंग कर्थ

(ब) पद्य

14 अंक (1) अराइके

(2) महात्मा

(3) जुगाडा समाकू

(4) सगाडा श्रीवन्तु

(5) बन्धव्य

(6) विलाणु

(7) अम्बिगा ना निन्न नंबिदे

(8) अक्कनावचनागालू

(9) ननागाडेंपाध्यम

(10) पुराणपुठयमक पुआस्ठा अपिन्दे पौगुटिगे

(11) करननारेन्द्र

(12) कुरू कुलख्य नम्वार केन उमसकर तरेयादिदार

7 अंक सहायक पुस्तक- (1) जोत्याली (2) नग गा (1994) प्रकाशक (एन0बी0टी0)

निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे-

(1) साके चिली (2) ओम भाट हाटो

(3) सुमारी भुवन

(4) तातीकु केन्द्र एक ऋवैसु

(5) प्राथनाये प्रभाव

(6) लिगिनटा एवं वुदाद

(7) हाजी वक्लोल

(8) भुत्वा कुदूर

(9) दौधस्यो पीचु हनुगालू

(10) मूऊ जनाऊ अटाक

(11) उताना

(12) अतिस्य विवेकहा

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)          अगस्त माह                 10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)            दिसम्बर माह               10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                      मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                            जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                     नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर )                          दिसम्बर माह
       चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।
भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 143

विषय- सिन्धी

कक्षा-10

खण्ड-अ

बहुविकल्पीय प्रश्न 20 अंक

1. गद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु पर आधारित। 51=5 2. पद्य हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु पर आधारित। 51=5 3. काव्य सौंदर्य के तत्व-रस, छंद, अलंकार 31=3 4. कहानी हेतु निर्धारित पाठ्‌यवस्तु पर आधारित। 41=4 5. व्याकरण एवं शब्द रचना। 31=3 i. विलोम एवं कारक। ii. संबंध बोधक, समुच्य बोधक एवं विस्मयादि बोधक। iii. शब्द रचना-उपसर्ग, प्रत्यय, कृदंत।

खण्ड-ब वर्णनात्मक प्रश्न पूर्णांक - 50 1-एक गद्यांश का संदर्भ, प्रसंग, भावार्थ भाशा शैली आधारित। 1142=8 2- गद्य पाठ आधारित एक बोधात्मक प्रश्न। 31=3 3- लेखकों का जीवन परिचय एवं रचनाएं। 22=4 4-एक पद्यांश का संदर्भ, प्रसंग, काव्यार्थ एवं कलापक्ष आधारित। 1133=8 5- पद्य पाठ आधारित एक बोधात्मक प्रश्न। 31=3 6- कवियों का जीवन परिचय एवं रचनाएं। 22=4 7-कहानी से कथानक, चरित्र-चित्रण एवं तथ्याधारित। 2211=6 8-निर्धारित शीर्शकों के निबंध अधिकतम शब्द सीमा 200 26=8 9-अनुवाद : सिंधी से हिन्दी 31=3 10-अनुवाद : हिन्दी से सिंधी 31=3

निर्धारित पाठ्‌यवस्तु गद्य हेतु पुस्तक-

अदबी गुलदस्तो : कन्हैयालाल लेखवाणी।

प्रकाशक एवं विक्रेताः निदेशक-भारतीय भाषा संस्थान (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) मानस गंगोत्री, विनोबा रोड, मैसूर ः 570006

पाठ संख्या एवं पाठ लेखक

1. सिंधु जी भूमी लालसिंधु अजवाणी 2. भगत कंवरराम जी वचन पालन तीर्थ बसंतु 3. परलइ गुनो सामताणी 4. सिंधी लोककला रामु पंजवाणी 5. सोरठि गोवर्धनु भारती 6. डेही परडेही थ्या गोबिंदु माल्ही 7. न मरण जूं दुखु ईश्वरचंदु्र 8. ममता जूं लहरूं कला प्रकाश 9. हुन जे आतम जो मौतु कृश्ण खटवाणी 10. टुटणु जुड़णु कृश्ण खटवाणी144 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 निर्धारित पाठ्‌यवस्तु काव्य हेतु पुस्तक- अदबी गुलदस्तो : कन्हैयालाल लेखवाणी। प्रकाशक एवं विक्रेताः निदेशक-भारतीय भाषा संस्थान (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) मानस गंगोत्री, विनोबा रोड, मैसूर : 570006 पाठ संख्या एवं पाठ

                                                                                                           कवि
1.              तस्वीरूं                                    नाराइणु श्यामु
2.              पंजकिड़ा                                    प्रभू वफ़ा
3.              माण्हू मुंहिंजे मुल्क जा                    कृश्ण राही
4.              ग़ज़लु                                      हरी दिलगीरु
5.              गोल्हा                                        वासदेवु 'मोही'

निर्धारित पाठ्‌यवस्तु कहानी हेतु पुस्तक- लोकनाथ जूं आखाण्यूं विसार्या न विसिरनि : संपादक - ज्ञानप्रकाश टेकचंदानी 'सरल' प्रकाशक एवं विक्रेता : सिंध वेलफेयर सोसाइटी, 11-बी, कृश्णा नगर, कानपुर रोड, लखनऊ : 226023

कहानी संख्या एवं नाम लेखक

1. साहेड़ी लोकनाथ 2. लॉरी ड्राईवरु लोकनाथ 3. गाम जी इज़त लोकनाथ 4. ब तस्वीरूं लोकनाथ

निर्धारित पाठ्‌यवस्तु व्याकरण हेतु पुस्तक- अचो सिंधी सिखूं : लेखक-प्रो0 लक्ष्मण परसराम हर्दवाणी प्रकाशक एवं विक्रेता : प्रो0 लक्ष्मण परसराम हर्दवाणी, बी-704, विक्टोरिया गार्डन, आगाखान पैलेस के निकट, नगर रोड, कल्याणी नगर, पुणे : 411006, दूरभाशः 9890693931, मेलः [email protected] व्याकरण हेतु सहायक संदर्भ पुस्तकें-

1. सिंधी भाशा (व्याकरण एवं प्रयोग) : डॉ0 मुरलीधर जैतली

प्रकाशक एवं विके्रताः सचिव-सिंधी अकादमी, दिल्ली, सी0पी0ओ0 बिल्डिंग, कश्मीरी गेट, दिल्ली ः 110066, दूरभाश : 23862848, 23863167, मेल : [email protected]

2. सिंधी व्याकरण : गंगाराम ईसराणी

प्रकाशक एवं विक्रेता : सचिव-राजस्थान सिंधी अकादमी, जे-7, सुभाश मार्ग, सी-स्कीम, जयपुर : 302001 निबंधो के शीर्षक (शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन)-

1. सिंधी भाशा दिवस 2. सिंधी साहित्यकार 3. सिंधी महापुरुश 4. सिंधी पर्व 5. राश्ट्रीय पर्व 6. यातायात सुरक्षा

शैक्षिक सत्र -2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक i. प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर ) मई माह ii. द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर ) जुलाई माह iii. तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर ) नवम्बर माह iv. चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 145

विषय-तमिल

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

35 अंक

15 अंक

भाग-अ 1-प्रयुक्त व्याकरण- निम्नलिखित के पहचान हेतु प्रारम्भिक ज्ञान- (A) PEYAR : Panpup Peyar, Thozhin Peyar, Vinayaalanaiyum Peyar, Ashu Peyar, Tninla, paal, Jdam and Vetrumai:

(B) VINAI : Therinilal and Kurippv Vinumutra Peyarecham Eeval, Viyamgal, Mutreehana, (C) IDAICHOL AND URICHOL : Defintion of Idaichol with special reference to Ehonaaram, Ohaaran and Ummai and definition of urichol with suitable examplea.

05 अंक

(D) PODU : Thehainila and thehaaniali, Vazhu vazhallnilai and maralov. 2-लोकोक्तियॉ- परिभाषा एवं प्रयोग- लोकोक्ति पुस्तक तमिल इलक्कानम (TAMIL, ILAKKANM) के पृष्ठ 152 और 153 पर दिया हुआ है।

10 अंक (TAMIL, ILAKKANM) : Class IX (1993 revise edition) Reprinted in 1994 3-रचना- पत्र लेखन (व्यक्तिगत पत्र)

निर्धारित पुस्तक- (1) व्याकरण के लिए- तमिल इलक्कानम ''कक्षा-नौ'' के लिए (1990 संस्करण) पुनः मुद्रित 1994, प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6 (पेज 1-47)। (2) लोकोक्ति के लिए- तमिल इलक्कानम ''कक्षा-10'' के लिए संशोधित संस्करण

4-सार लेखन

05 अंक

भाग-(ब)

35 अंक

15 अंक

5-पद्य- तमिल टेक्स्ट बुक-कक्षा 10 के लिए (1990 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू, टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6 Section I-Poems to be studied 1. Kambaramayanam 2. Thirurilayadarpura Pem 3. Seerappuranam Section II- Palsuvi Paadalgal First Five Poem

6-गद्य-

10 अंक

तमिल टेक्स्ट बुक-कक्षा 10 के लिए गद्य भाग (1994 संस्करण) प्रकाशक-तमिलनाडू टेक्स्ट बुक सोसाइटी, मद्रास-6, नं0 8 से 14 तक के लिए पाठ पढ़ना है।

10 अंक

7-अविस्तृत अध्ययन- Prescribed Book-Sindhanai Selvam (1990) Reprinted in 1994, Published Tamilnadu Text Book Society, Madras-6

Lession to be studied-nos. 1 to 11..

1. Veetiukor Pathaka Saalai-Dr. C. N. Annadurai. 2. Klaaigal-Dr. U. V. Swami Nathan Anyar. 3. Sangakala Atichumurai-N. Andazhaoon. 4. Mozhi Gnayiru Deua Neya Paavane-R. Jlankumara. 5. Ulagam Unndaiya Thu-S. T. Kasirajan.

146 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

6. Kaakkum Karangal-Pon. Parama Guru. 7. Vetrikkul or Vazvi- S. Hamid. 8. Kadalukkul or Kulagum-Pera Sriya Irama, Dhatshinam. 9. Kattu Valame Naattu Valam-Pulavarr Thillai The Ayhagunanaar. 10. Varilatru Vaailgal-Pulararka, Shanmugn Sundram. 11. Vuthira Merur Kaattum Vooraa Tchith therthel-Dr. Mo. Iradhuram Singh, Dr. Nu.

Govindarajan.

12.

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-तेलुगु

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग-अ

35 अंक 25 अंक 9 अंक 1-व्याकरण- क-(1) A detailed knowledge of the following- Telugu Sandhulu-Akra, Jkara, Ukara, Sandulu, Gasad ade vadesa Sandhi, Pump cadese Sandhi Dvirukte Tahara Takara Sandhi.

5 अंक

(2) Prosody : Champakamala, Utpalamala, Mettevhan Shardulan. 4 अंक (3) Alankaraas-Figures of speech, upama and Atishyoki only. 4 अंक 4 अंक (4) समास-द्वन्द्व, द्विगु और बहुव्रीहि और रूपाल 4 अंक ख-मुहावरे और लोकोक्तियां (किसी एक अत्यधिक प्रचलित एवं जाने-माने का प्रयोग) 2-रचना- निबन्ध लेखन- समाज परिवार और विद्यालय जीवन और तात्कालिक विषय पर लगभग 100 शब्दों का वर्णनात्मक तथा वृत्तात्मक लेख।

3-अपठित गद्य खण्ड का ज्ञान लगभग 100 शब्द

5 अंक

35 अंक

भाग-(ब)

1-विस्तृत अध्ययन-

12 अंक

4 अंक 4 अंक 4 अंक 1-गद्य- तेलुगू वाचाकम (कक्षा-10) प्रकाशक-आन्ध्रप्रदेश सरकार (नया संस्करण 1988) 1-संदर्भ सहित व्याख्या (2 में से 1) 2-निर्धारित पाठ में से निबन्धात्मक प्रश्न (लगभग 80 शब्द) 3-दो लघुत्तरीय प्रश्न Lessons to be studied:

1. Tudivinnapamu. 2. Pracheena Vritti Vidhanam. 3. Raju. 4. Rikshavadu. 5. Sonta Puslakam. 6. Srinagara Yatra.

12 अंक 2-पद्य- तेलुगू वाचाकम (कक्षा-10) प्रकाशक-आन्ध्रप्रदेश सरकार (नया संस्करण 1988)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 147 04 अंक 04 अंक 04 अंक 1-एक पद्य का अर्थ 2-संदर्भ सहित व्याख्या (एक) 3-विषय वस्तु पर प्रश्न (एक) Poems to be studied:

(1) Bhagiratha Prayatnmu. (2) Hitokti. (3) Satyanistha. (4) Kanyaka. (5) Sishuvu. (6) Rudramadevi. (7) Mahandhroda Yamu.

5 अंक

3-अविस्तृत अध्ययन- लघु नाटक Hindi Ekankikla (Telugu Book) (1980 Edition), Published by National Book Trust (India) A-5, Green Park, New Delhi-110016

Plays to be studied : 1. Padivalu. 2. Kaumudi Mahotoavamu. 3. Tuvvallu. 4. Hindustan ki Velli cheppandi.

4. One Essay type question on the content, Characters and events will be asked. 06 अंक शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय- मलयालम

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

पूर्णांक 100

भाग-अ

35 अंक

18 अंक

1-व्याकरण- (1) वाक्य परिवर्तन (पाठ्‌य पुस्तक पर आधारित) (2) पर्यायवाची तथा विलोम (3) अपने शब्दों में व्यक्त करना (Paraphrsaing) (4) सन्धि और समास व्याकरण का औपचारिक ज्ञान देते समय व्याकरण के कार्यकारी प्रयोग पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि छात्रों में भाषा व्याकरण की उपयोगिता का ज्ञान हो सके तथा भाषा की चातुर्य को बढ़ावा मिल सके।

14 अंक 2-रचना- 03 अंक (क) कहावतें/मुहावरे तथा लोकोक्तियां (ख) निबन्ध रचना 08 अंक (ग) पत्र लेखन (प्रार्थना-पत्र, समाचार-पत्र के सम्पादक को व्यावहारिक पत्र लिखना) 03 अंक 03 अंक 3-अपठित गद्यांश-

21 ड़148 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 भाग-ब

35 अंक

15 अंक

1-गद्य- केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1987 संस्करण (केवल गद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम। निम्नांकित पाठों का अध्ययन करना- (1) करनानुम करमासमश्यूम (2) भाविकोरम मीशम (3) मलायला भाशायले पश्चायता प्रभावम्‌ (4) वकसुरसरावाग्लास्थवम्‌ दारदुरम्‌ (5) प्रकृति सौन्दर्यम (6) कला सौन्दर्यम

10 अंक

2-पद्य- केरला पाठावली-वाल्यूम संख्या (09) 1987 संस्करण (केवल पद्य भाग) प्रकाशक-शिक्षा विभाग, केरल सरकार, त्रिवेन्द्रम। निम्नांकित कवितायें पढ़नी होंगी- (17) श्री भुविलास्थ्रा (21) इन्टेवेली (25) मयूर दर्शनम्‌ (26) करमामानु धरहा

3-अविस्तृत अध्ययन :-

10 अंक (1) प्रोफेसरुत लोकम-के0एल0 मोहना वर्मा, पूनद पब्लिकेशन, टी0बी0एस0बिल्डिंग, कालीकट-673001 द्वारा प्राप्त।

निम्न को छोड़कर सभी कहानियाँ पढ़नी होगी-- (1) नकराम (2) दुगधम्‌

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-नेपाली

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग-(अ) 35 अंक

14 अंक

1-प्रायोगिक व्याकरण- (क) शब्द उच्चारण और ध्वनि के अनुरूप परिवर्तन। (ख) शब्द भेद (उपसर्ग और प्रत्यय)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 149

07 अंक

07 अंक

07 अंक

(ग) मुहावरे और कहावतें। (घ) वाक्य परिवर्तन। (ङ) समास सन्र्दर्भ्ाित पुस्तक- सरल नेपाली व्याकरण-ले0 राजनारायण प्रधान और जगत, क्षेत्रीय प्रकाशक-श्याम ब्रदर्स, चौक बाजार, दार्जिलिंग (पं0 बङ्‌गाल) 2-अपठित गद्यांश जो वर्णनात्मक विषयों पर आधारित हो। जैसे-सामाजिक पर्व, दृश्य और छात्र जीवन की स्मरणीय घटनायें। 3-रचना- (क) पत्र लेखन (1) अपरचित (क्रय-विक्रय, उत्तर, जाँच/प्रश्न)। (2) नौकरी के लिये आवेदन-पत्र। (3) सम्पादक के नाम-पत्र। (4) शिकायतें, क्षमा-प्रार्थना, निवेदन आदि। (5) निमंत्रण एवं स्मृति-पत्र। (ख) निबन्ध लेखन- पर्व, यात्रा, दृश्य, साहसिक कार्य और छात्र जीवन की अविस्मरणीय घटनायें।

भाग-(ब) 35 अंक

12 अंक

09 अंक

1-गद्य- 14 अंक नेपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशन शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम गान्तोक अध्ययन के लिये पाठ- 1- त्यो फेरि फर्कला? - भवानी भिक्षु। 2- रात भरी हुरी चाल्यों - इन्द्रबहादुर राई। 3- बहुरी भैंसी-रमेश विकल। 4- सोझा - हृदय चन्द्रसिंह प्रधान। 5- भारतेन्दु र मोतीराम - डी0आर0 रायमाझी। 6- रणदुल्ल् ा- बालकृष्ण सम 2-पद्य- नेपाली साहित्य, सौरभ-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय, पाठ्‌य पुस्तक अनुभाग, सिक्किम गान्तोक अध्ययन के लिये कवितायें- 1- भानु अस्ताएपछि - लेखानाथ पौड्‌याल। 2- गरीब - लक्ष्मीप्रसाद देवकोटा। 3- कसरी छत्तीस लागें-सिद्धचरण श्रेष्ठ। 4- सन्तोष - भीमनिधि तिवारी। 5- मृत्यु कामना - आगमसिंह गिरि। 6- आकाश का तारा के तारा - हरिभक्त कटुवाल। 7- बालक छोरीको केश सुम्सुम्याउँदा - धु्रव। 3-थोड़ा अध्ययन के लिये (रैपिड रीडिंग)- कथा बिम्ब-प्रकाशक शिक्षा निदेशालय गान्तोक (सिक्किम) 1- कैकेयी-बालकृष्ण सम। 2- परिबन्द-पुष्कर शमशेर। 3- काबुलीेवाला-रवीन्द्र नाथ ठाकुर। 4- ओडत्तीन पात्र-ओ हेनरी। नोट-निर्धारित पाठ्‌य पुस्तक के लघु स्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न पूछे जायेंगे। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

150 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-पालि

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

15

05 1-गद्य-पालि-जातकावलि पाठ 8 से 14 तक-(करंगमिगजातकं, जवसकुणजातकं, ससजातकं, मतकभत्तजातकं, बावेरूजातकं, बलाहस्सजातकं, सुप्पारकजातकं)। (क) दो अवतरणों में से किसी एक अवतरण का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद 2+़8=10 (ख) किन्हीं दो जातकों में से किसी एक जातक की कथा हिन्दी अथवा अंग्रेजी में 05 2-पद्य-धम्मपद- पाठ 6 से 10 तक -(पण्डितवग्गो, अरहन्तवग्गो, सहस्सवग्गो, पापवग्गो, दण्डवग्गो)। 15 (क) दो गाथाओं में से किसी एक गाथा का हिन्दी अनुवाद 05 (ख) दो वग्गो में से किसी एक वग्गो का हिन्दी अथवा अंग्रेजी में सारांश 05 (ग) धम्मपद का पाठ 6 से 10 के अतवर्ती गाथा का लेखन जो प्रश्न-पत्र में न आया हो 05 3-अपठित-गद्य-निर्धारित पाठ (वेदब्भजातकं, राजोवादजातकं) मखादेव-जातकं 4-सिगालवादसुत्तं 10

05 05

3+2+5+5=15

05 क) दो अवतरणों या गाथाओं में से किसी एक का हिन्दी अनुवाद (ख) सिगालवादसुत्तं-की विषयवस्तु, निदान कथा, मित्र के गुण अमित्र के लक्षण आदि पर आधारित सामान्य प्रश्न 5-व्याकरण (क) शब्द रूप-पुल्लिंग - मुनि, भिक्खु स्त्रीलिंग - लता, इत्थि नपुंसक लिंग - आयु, पोत्थक (ख) धातु रूप-भविष्यत्‌ काल, लोट लकार भू, हस, वद, चज, दिस, नम, सर के रूप (ग) संधि-व्यंजन सन्धि व्यंजने दीघरस्सा, सरम्हा द्वे, चतुत्थदुतिये स्वेतं ततियपठमा (घ) समास-कर्मधारय समास, द्वन्द्व समास की सामान्य परिभाषा तथा उदाहरण 6-अनुवाद-हिन्दी के तीन वाक्यों का वर्तमान एवं भविष्यत्‌ कालिक क्रिया में अनुवाद 05 अथवा निबन्ध-पालि भाषा में छः सरल वाक्यों में किसी एक पर निबन्ध- कुसीनारा, बोधगया, पालि भासा, राजा असोको, बुद्धधम्मो, इसिपतनं, यातायात-सुरक्खा 7-पालि साहित्य का इतिहास संक्षिप्त परिचय-- द्वितीय संगीति, तृतीय संगीति, विनयपिटक एवं अभिधमपिटक के ग्रन्थ तथा इनका परिचय- निर्धारित पाठ्‌यपुस्तकें-- (I) पालि जातकावलि- पं0 बटुक नाथ शर्मा प्रकाशक-मास्टर खेलाड़ी लाल एण्ड सन्स, वाराणसी। (II) पद्य-धम्मपद- सम्पादित-धर्म भिक्षुरक्षित, प्रकाशक-ज्ञानमण्डल, वाराणसी। (III) सिगालवादसुत्तं- अनुवादक-डा0 भिक्षु स्वरूपानन्द, सम्यक्‌्‌ प्रकाशन दिल्ली, 2010 (IV) पालि साहित्य का इतिहास- लेखक-भिक्षु धर्मरक्षित, ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी। (क) पालि व्याकरण- लेखक-भिक्षु धर्मरक्षित, प्रकाशक-ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी। (ख) मैनुअल आफ पालि- लेखक-सी0सी0 जोशी, ओरियन्टल बुक एजेन्सी, पूना। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 151

विषय-अरबी

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग एक- 35 अंक

10-अंक

1-कवाइद- 1-फेल, फाइल, मफऊल बनाने का तरीका 2-मरफूआत और मन्सूबात 3-मफाइले खम्सा, इन्ना व कअन्ना की असवातिही 4-हुरूफे अत्फ 5-ज़माइर 6-वाहिद और तस्निया 7-जमा मुकस्सर, जमा सालिम, जमा किल्लत, जमा कसरत 2-तर्जुमा- (क) अरबी के आसान जुमलों का अंगे्रजी/हिन्दी/उर्दू में तर्जुमा (ख) अंग्रेजी/हिन्दी/उर्दू के आसान जुमलों का अरबी में तर्जुमा 3-दिये गये अल्फाज का अरबी जुमलों में इस्तेमाल 4-दिये गये उन्वानात पर मजमून नवीसी

5-अंक 5-अंक 5-अंक 10-अंक

भाग-दो

25-अंक

निसाबी किताब--अलकिरातुर्रशीदह भाग-2 लेखक--अब्दुलफत्ताह व अलीउमर (मतबूआ मिश्र) पब्लिकेशन-एम0 रशीद एण्ड सन्स, उर्दू बाजार, दिल्ली। 1-नस्र (गद्य) इस भाग में दर्ज जैल असबाक निसाब में शामिल हैं--

उन्वानात

सबक नं0

1- ज़जाउस्सिदक 1 2- अल अदबो असासुन्नजाह 4 3- मज़ीयतुत्तस्वीर 10 4- अन्नमिरो 13 5- अल अस्फन्ज 17 6- अय्यो मेहनतिन तख्तारु 19 7- अश्शाय 23 8- हीलतुल अन्कबूत 29 30 9- अलमाओ 10- अलगुराबो वलजर्रतु 31 11- अलअहराम 34 12- जमाअतुलफीरान 35 13- अलखादिमो वस्समकतु 45 48 14- अत्ताइरु 15- अश्शुजाअतो वलजुब्नों 49 16- अलफतातुशुजाअति 59

10 अंक

सबक नं0

2-नज्म (पद्य) दर्ज जैल नज्में निसाब में शामिल हैं-- उन्वानात 17- अन्नहलतो वज्जिम्बार 8 18- वलातस्नइलमारूफ फीगैरे अहलिही 18 19- मिशयतुल गुराबे 46 20- जजाउलवालिदैनि 54 शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

152 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-फारसी

(कक्षा-10)

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 100

भाग (अ) 35 अंक

25=10 अंक

51=05 अंक (1) व्याकरण : (क) लफज मुफरद-अजमाए-कलाम (Parts of Speech) (Noun) (इस्म) (ख) सर्वनाम (Pronoun) जमीर (ग) हर्फजार (Preposition) (घ) क्रिया (Verb) (फेल) (ङ) व्युत्पति (i) मुख्य व्युत्पति (ii) गौण व्युत्पति (उपसर्ग) (Primary Derivatives and Secondary Derivatives) (2) अनुवाद :-- (क) फारसी के साधारण वाक्यों का अंग्रेजी अथवा हिन्दी अथवा उर्दू भाषा में अनुवाद कराने का अभ्यास। 51=05 अंक (ख) अंग्रेजी अथवा हिन्दी या उर्दू के साधारण वाक्यों का आसान फारसी जुबान में अनुवाद कराये जाने का अभ्यास। (3) फारसी के शब्दों का आसान फारसी जुबान में वाक्य प्रयोग (फारसी अलफाज) का फारसी जुमलों इस्तेमाल। (4) (क) रिक्तयोें की पूर्ति (ख) निबन्ध-जनसंख्या, पर्यावरण, स्वास्थ्य शिक्षा एवं ट्रैफिक रूल्स।

51=05 अंक 51=05 अंक 51=05 अंक

भाग(ब) 35 अंक

1- पाठ्‌य पुस्तक (गद्य तथा पद्य) निर्धारित पुस्तक-- "फारसी बदस्तूर" किताब अव्बल (खण्ड-1) 1997 लेखक--(Khan Lari)--मेसर्स इदारए अददियाते दिल्ली जययद--प्रेस बल्ली मारान, दिल्ली--110006 में से निम्नलिखित गद्य तथा पद्य पाठ (Poem) का अध्ययन कराना है। 20 अंक पाठ-34 किस्साए बहराम व कनीजक (1) पाठ-26 किस्साए बहराम व कनीजक (2) पाठ-27 किस्साए बहराम व कनीजक (3) पाठ-28 दस्तूर--जबाने फारसी--इस्मेआम व इस्मेखास (कवायद) पाठ-29 अदीसन (1) पाठ-30 अदीसन (2) पाठ-31 दस्तूर जबाने फारसी (जमीर) (कवायद) पाठ-35 दो (टू) हिकायत अजगुलिस्ताने सादी पाठ-36 जश्न सादा पाठ-37 सदा (नज्म) पाठ-42 दस्तूर जबाने फारसी (फेललजिम वफेल मूतअदी) (कवायद) पाठ-43 किस्सा कुदकी मूसा पाठ-46 माजनदरान (नज्म) पाठ-47 शाबान गोशफन्द पाठ-53 नगीन-ए-अंगुश्तरी पाठ-55 किताब (नज्म) 2-जीवन परिचय व रचनायें की जानकारी हेतु प्रश्न निबन्ध के रूप में पूछे जायेंगे। 15 अंक शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 153

विषय : सामाजिक विज्ञान

कक्षा-10

इसमें एक लिखित प्रश्नपत्र-70 अंकों का एवं 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

इकाई अंक
I भारत और समकालीन विश्व-2 (इतिहास) 20
II समकालीन भारत -2 (भूगोल) 20
III लोकतांत्रिक राजनीति-2 (नागरिकशास्त्र) 15
IV आर्थिक विकास की समझ (अर्थशास्त्र) 15
योग 70
आंतरिक मूल्यांकन 30
योग 100

इकाई-1 (इतिहास)

भारत और समकालीन विश्व-2 20 अंक

खण्ड-1 08 अंक

घटनायें और प्रक्रियायें-

(1) यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय-

1. 1830 ई0 के बाद यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

2. जोसेफ मेत्सिनी आदि के विचार

3. पोलैण्ड, हंगरी, इटली, जर्मनी और ग्रीस आन्दोलन की सामान्य विशेषताएँ।

(2) भारत में राष्ट्रवाद

1. प्रथम विश्व युद्ध का प्रभाव, खिलाफत, असहयोग एवं विभिन्न आन्दोलनों के मध्य विचारधारायें।

2. नमक सत्याग्रह।

3. जनजातियों, श्रमिकों एवं किसानों के आन्दोलन।

4. सविनय अवज्ञा आन्दोलन की सीमायें।

5. सामूहिक अपनत्व की भावना।

खण्ड-2 और खण्ड-3 07 अंक

जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज

(3) भूमण्डलीकृत विश्व का बनना-

1. पूर्व आधुनिक विश्व

2. उन्नीसवीं शताब्दी (1815-1914) विश्व अर्थव्यवस्था (उपनिवेशवाद)

3. महायुद्धों के मध्य अर्थव्यवस्था आर्थिक महामंदी (घोर निराशा) 4. विश्व अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण (वैश्वीकरण की शुरूआत)

(4) औद्योगीकरण का युग-

1. औद्योगिक क्रान्ति से पहले एवं औद्योगिक परिवर्तन की गति 2. उपनिवेशों में औद्योगीकरण 3. प्रारम्भिक उद्यमी और कामगार 4. औद्योगिक विकास का अनूठापन 5. वस्तुओं के लिये बाजार154 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड-3

रोजाना की जिन्दगी, संस्कृति और राजनीति

(5) मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया- 1.यूरोप में मुद्रण का इतिहास।

2.19वीं सदी में भारत में प्रेस का विकास। 3.राजनीति, सार्वजनिक विवाद और मुद्रण संस्कृति में सम्बन्ध। (6) मानचित्र कार्य- 05 अंक इतिहास : भारत की रूपरेखा राजनीतिक मानचित्र अध्याय-3 : भारत में राष्ट्रवाद - (1918-1930) दर्शाना और नामांकन/पहचान। 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन : कलकत्ता (सितम्बर, 1920) नागपुर (दिसम्बर, 1920) मद्रास (1927) लाहौर (1929)

2. भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के महत्वपूर्ण केन्द्र (असहयोग आन्दोलन और सविनय अवज्ञा आन्दोलन) (i) चम्पारण (बिहार)- नील की खेती करने वाले किसानों का आन्दोलन।

(ii) खेड़ा (गुजरात) -किसान सत्याग्रह। (iii) अहमदाबाद (गुजरात)- सूती मिल श्रमिकों का सत्याग्रह। (iv) अमृतसर (पंजाब) - जालियांवाला बाग कांड।

(v) चौरी-चौरा (उत्तर प्रदेश)- असहयोग आन्दोलन का उद्‌घोष। (vi) डांडी (गुजरात) - सविनय अवज्ञा आन्दोलन।

दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र कार्य से संबंधित पाँच प्रश्न पूँछे जायेंगे।

इकाई-2 : समकालीन भारत-2 (भूगोल) 20 अंक

इकाई-1 09 अंक 1- संसाधन एवं विकास- संसाधनों का विकास, संसाधन नियोजन, भू-संसाधन, भू-उपयोग, भारत में भू-उपयोग प्रारूप, भूमि निम्नीकरण और संरक्षण उपाय, मृदा संसाधन, मृदाओं का वर्गीकरण, मृदा अपरदन और संरक्षण। 2- वन एवं वन्य जीव संसाधन- भारत में वनस्पतिजात और प्राणिजात, भारत में वन और वन्य जीवन का संरक्षण, वन और वन्य जीव संसाधनों के प्रकार और वितरण, समुदाय और वन संरक्षण।

3- जल संसाधन-जल दुर्लभता और जल संरक्षण एवं प्रबंधन की आवश्यकता, बहुद्‌देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ और समन्वित जल संसाधन प्रबंधन, वर्षा जल संग्रहण।

4- —षि-—षि के प्रकार, शस्य प्रारूप (मुख्य फसलें-चावल, गेहूँ, मोटे अनाज-बाजरा, मक्का) दालें खाद्यान्नों के अलावा अन्य खाद्य फसले गन्ना, तिलहन, चाय, कॉफी बागवानी फसलें, अखाद्य फसलें, रबड़, रेशेदार फसले, कपास, जूट, प्रौद्योगिकीय और संस्थागत सुधार।

इकाई-2 06 अंक 5- खनिज तथा ऊर्जा संसाधन- खनिज क्या हैं? खनिज की उपलब्धता, लौह खनिज (लौह अयस्क, मैंगनीज) अलौह खनिज (ताँबा, बॉक्साइट) अधात्विक खनिज (अभ्रक, चट्टानी खनिज) खनिजों का संरक्षण, ऊर्जा संसाधन परंपरागत -पेट्रोलियम, प्रा—तिक गैस, कोयला, विद्युत। गैर परम्परागत स्रोत- परमाणु अथवा आणविक ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोगैस, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, संसाधनों का संरक्षण ।

6- विनिर्माण उद्योग- विनिर्माण का महत्व, —षि आधारित उद्योग- वस्त्र उद्योग (सूतीवस्त्र, पटसन), चीनी उद्योग, खनिज आधारित उद्योग (लोहा तथा इस्पात उद्योग) एल्यूमिनियम प्रगलन, रसायन उद्योग, उर्वरक उद्योग, मोटरगाड़ी उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रानिक उद्योग, औद्योगिक प्रदूषण तथा पर्यावरण निम्नीकरण (विभिन्न प्रकार के प्रदूषण) पर्यावरण निम्नीकरण की रोकथाम ।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 155

7- राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखायें- परिचय, परिवहन, स्थल परिवहन (रेल परिवहन, सड़क परिवहन, पाइपलाइन परिवहन) जल परिवहन, प्रमुख समुद्री पत्तन, वायु परिवहन संचार सेवायें, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन एक व्यापार के रूप में।

मानचित्र कार्य-भारत के मानचित्र पर 1 से लेकर 7 अध्यायों से सम्बन्धित सभी मानचित्र कार्य । 05 अंक

दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु मानचित्र कार्य से संबंधित पाँच प्रश्न पूँछे जायेंगे।

इकाई-3

लोकतांत्रिक राजनीति-2 15 अंक

(नागरिक शास्त्र)

इकाई-1 09 अंक अध्याय-1 एवं 2

सत्ता की साझेदारी एवं संघवाद- लोकतांत्रिक देशों में सत्ता की साझेदारी क्यूँ और कैसे? कैसे शक्ति का संघीय विभाजन राष्ट्रीय एकता में सहायक रहा है? किस सीमा तक विक्रेन्द्रीकरण ने इस उद्‌देश्य की पूर्ति की है? लोकतंत्र किस प्रकार से विभिन्न सामाजिक समूहों को समायोजित करता है?

अध्याय-3 जाति, धर्म और लैंगिक मसले-

क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में विभाजन निहित है? जाति का राजनीति और राजनीति का जाति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? किस प्रकार से लैंगिक भिन्नता भेद ने राजनीति को प्रभावित किया है? किस प्रकार साम्प्रदायिक विभाजन लोकतंत्र को प्रभावित करता है?

इकाई-2 06 अंक अध्याय-4 राजनीतिक दल-

प्रतियोगिता और प्रतिवाद (संघर्ष) में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका होती है? भारत में प्रमुख राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दल कौन-कौन से हैं?

2. अध्याय-5

लोकतंत्र के परिणाम-

क्या लोकतंत्र को उसके परिणामों से आंकलित किया (परखा) जा सकता है या किया जाना चाहिए? कोई भी व्यक्ति लोकतंत्र से क्या तार्किक अपेक्षाएँ कर सकता है? क्या भारतीय लोकतंत्र इन अपेक्षाओं की पूर्ति करता है? क्या लोकतंत्र लोगों के विकास, सुरक्षा और गरिमा को बनाये रखने की ओर अग्रसर रहा है? भारत के लोकतंत्र को किसने जीवित रखा है? (अथवा किसने भारतीय लोकतंत्र को बनाये रखा है?)

इकाई-4 15 अंक

आर्थिक विकास की समझ

(अर्थशास्त्र)

इकाई-1 09 अंक

1. विकास- विभिन्न व्यक्ति, विभिन्न लक्ष्य, आय और अन्य लक्ष्य, राष्ट्रीय विकास, विभिन्न देशों/राज्यों की तुलना, आय और अन्य मापदण्ड, सार्वजनिक सुविधायें, मानव विकास रिपोर्ट, विकास की धारणीयता।

2. अध्याय-2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक- आर्थिक कार्यो के क्षेत्रक, तीनों क्षेत्रकों की तुलना एवं ऐतिहासिक परिवर्तन, भारत में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक, उत्पादन में तृतीयक क्षेत्रक का बढ़ता महत्व, अधिकांश लोग कहाँ नियोजित है ? अतिरिक्त रोजगार का सृजन, रा0 ग्रा0 रो0, गा0 अधिनियम-2005, संगठित और अंसंगठित के रूप में क्षेत्रकों का विभाजन, असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों का संरक्षण, स्वामित्व आधारित क्षेत्रक-सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक।

3. अध्याय-3 मुद्रा और साख - मुद्रा विनिमय का एक माध्यम, मुद्रा के आधुनिक रूप-करेंसी, बैंकों में निक्षेप, बैंकों की ऋण संबंधी गतिविधियाँ, साख की दो विभिन्न स्थितियाँ, ऋण की शर्तें, विविध प्रकार के साख प्रबन्ध, भारत में औपचारिक क्षेत्रक में साख, निर्धनों के स्वयं सहायता समूह।

22 ड़156 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 इकाई-2 06 अंक

4. अध्याय-4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था-अन्तर्देशीय उत्पादन, विश्व भर के उत्पादन को एक-दूसरे से जोड़ना, विदेशी व्यापार और बाजरों का एकीकरण, वैश्वीकरण, वैश्वीकरण को सम्भव बनाने वाले कारक, विदेश व्यापार तथा विदेशी निवेश का उदारीकरण, विश्व व्यापार संगठन, भारत में वैश्वीकरण का प्रभाव, न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए संघर्ष।

4. अध्याय-5 उपभोक्ता अधिकार-बाजार में उपभोक्ता, उपभोक्ता आन्दोलन, उपभोक्ता अधिकार उपभोक्ताओं को न्याय पाने के लिए कहाँ जाना चाहिए, जागरूक उपभोक्ता बनने के लिए आवश्यक बातें, ISI, एगमार्ग, उपभोक्ता आन्दोलन को आगे बढ़ाने के सम्बन्ध में।

आंतरिक मूल्यांकन-

(प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि)

• शिक्षार्थी भारत के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की वेशभूषा तथा विशिष्ट ग्रामीण भवनों के छायाचित्र एकत्र कर सकते हैं तथा यह परीक्षण कर सकते हैं कि क्या यह उस क्षेत्र की जलवायवीय परिस्थितियों तथा भू-आकृति (Relief) से कोई सम्बन्ध प्रदर्शित करते हैं ?

• शिक्षार्थी पिछले दशक में खेती की पद्धति में आए परिवर्तनों तथा गाँव में प्रचलित विभिन्न सिंचाई की विधियाें पर संक्षिप्त रिपोर्ट लिख सकते हैं। पोस्टर-

• क्षेत्र में जल प्रदूषण। • वनों का संरक्षण तथा ग्रीनहाउस प्रभाव नोट- कोई समान गतिविधि भी चुनी जा सकती है।

प्रोजेक्ट कार्य

1-(क) महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं दिव्यांगों की सुरक्षा से सम्बन्धित प्रोजेक्ट कार्य। (ख) वर्तमान समस्या-जैसे यातायात सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सुरक्षा से सम्बन्धित कुछ घटनाओं को एकत्रित कर उसे लिखना तथा समस्या से बचाव हेतु सुझाव लिखना, तथा सरकारी हेल्पलाइनों की जानकारी प्राप्त करना। (ग) भारत के स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं के योगदान की सूची बनाना। (घ) भूगोल में स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा निदान के उपाय ढूँढना। (ङ) स्थानीय स्तर पर दिव्यांगों, एवं वृ़द्धों की सूची बनवाना तथा उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को समझना और उसे लिपिबद्ध करना। (च) नगरों में वर्तमान पर्यावरणीय समस्याओं की सूची बनाना तथा उससे बचने के कुछ उपाय लिखना आदि। (छ) नगरों में बुजुर्ग दम्पत्तियों के साथ होने वाली कुछ घटनाओं का उल्लेख एवं बचाव के उपाय लिखना आदि। 2-लोकप्रिय संघर्श तथा आन्दोलन।

नोट-शिक्षक अपने विवेकानुसार पाठ्‌यक्रम से संबंधित प्रोजेक्ट छात्र/छात्रा को दे सकता है।

प्रोजेक्ट कार्य हेतु अंक वितरण :

1.    विषयवस्तु की मौलिकता तथा उसकी शुद्धता                                    -         1 अंक
2.    प्रस्तुतीकरण तथा रचनात्मकता                                              -         1 अंक
3.    प्रोजेक्ट पूरा करने की प्रक्रिया
       - पहल करना, सहयोगिता, सहभागिता तथा समयबद्धता                            -         1 अंक
4.    विषयवस्तु आत्मसात    करने हेतु मौखिक अथवा लिखित परीक्षा                  -         2 अंक

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 30 अंक

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य/गतिविधि) अगस्त माह (5 + 5) अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य /गतिविधि) दिसम्बर माह (5 + 5) अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंकभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 157

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                          मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                               जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                         नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                               दिसम्बर माह
       नोट-चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-विज्ञान

कक्षा-10

इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक 23 एवं 10 कुल 33 अंक है।

क्र0 सं0 इकाई अंक
1 रासायनिक पदार्थ- प्रकृति एवं व्यवहार 20
2 जैव जगत 20
3 प्राकृतिक घटनायें 12
4 विद्युत का प्रभाव 13
5 प्राकृतिक संसाधन 05
योग 70
आन्तरिक मूल्यांकन 30
कुल योग 100

इकाई-1 रासायनिक पदार्थ- प्रकृति एवं व्यवहार 20 अंक रासायनिक अभिक्रियाएँ-रासायनिक समीकरण, संतुलित रासायनिक समीकरण, संतुलित रासायनिक समीकरण का तात्पर्य, संतुलित रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार-संयोजन अभिक्रिया, अपघटन (वियोजन) अभिक्रिया, विस्थापन अभिक्रिया, द्विविस्थापन अभिक्रिया, अवक्षेपण अभिक्रिया, उदासीनीकरण, उपचयन तथा अपचयन अभिक्रिया। अम्ल, क्षार तथा लवण-H+ तथा OH- आयनों के आधार पर अम्ल, क्षार तथा लवण की परिभाषाएँ, सामान्य गुणधर्म, उदाहरण तथा उपयोग, pH पैमाना की अवधारणा, (लघुगणक से सम्बन्धित परिभाषा आवश्यक नही) दैनिक जीवन में pH का महत्त्व, सोडियम हाइड्राक्साइड, विरंजक चूर्ण, बेकिंग सोडा, धावन सोडा, प्लास्टर ऑफ पेरिस के निर्माण की विधि तथा उपयोग। धातु एवं अधातु-धातु तथा अधातुओं के गुणधर्म, आयनिक यौगिकों का निर्माण तथा गुणधर्म; सक्रियता श्रेणी, धातुकर्म की आधारभूत विधियाँ, संक्षारण तथा उसका निवारण। कार्बनिक यौगिक-कार्बनिक यौगिकों में सहसंयोजी आबंध, कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति, समजातीय श्रेणी, प्रकार्यात्मक समूह वाले कार्बनिक यौगिकों (हैलोजन, एल्कोहल, कीटोन, एल्डीहाइड, एल्केन, एल्काईन) की नामपद्धति, संतृप्त तथा असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में अंतर, कार्बनिक यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म (दहन, आक्सीकरण, संकलन, प्रतिस्थापन अभिक्रिया), एथनॉल तथा एथेनाइक अम्ल (केवल गुणधर्म तथा उपयोग), साबुन और अपमार्जक।

इकाई-2 जैव जगत

20 अंक

जैव प्रक्रम -

'सजीव' पौधों तथा जन्तुओं में पोषण, श्वसन, परिवहन तथा उत्सर्जन की मूलभूत अवधारणा।

जन्तुओं तथा पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय-

पौधों में दिशिक गति, पादप हार्मोनों का परिचय, जन्तुओं में नियंत्रण एवं समन्वय, तंत्रिका तंत्र-ऐच्छिक पेशियाँ तथा अनैच्छिक पेशियाँ, प्रतिवर्ती क्रिया, रासायनिक समन्वय- जन्तुओं में हार्मोन। प्रजनन-

जन्तुओं तथा पौधों में प्रजनन (लैंगिक तथा अलैंगिक) प्रजनन स्वास्थ्य- आवश्यकताएँ तथा परिवार नियोजन की विधियाँ, सुरक्षित यौन एवं HIV/AIDS, प्रसूति एवं जनन स्वास्थ्य। आनुवंशिकता -

आनुवंशिकता; मेंडल का योगदान - लक्षणों की वंशागति के नियम, लिंग निर्धारण (संक्षिप्त परिचय)

वक्रपृष्ठ द्वारा प्रकाश का परावर्तन, गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिम्ब बनना, वक्रता केन्द्र, मुख्य अक्ष, मुख्य फोकस, फोकस दूरी, दर्पण सूत्र (निगमन नहीं), आवर्धन।

158 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

अपवर्तन-

अपवर्तन के नियम, अपवर्तनांक, गोलीय लेंसों द्वारा अपवर्तन, गोलीय लेंसों द्वारा प्रतिबिम्ब का बनना, लैंसों द्वारा प्रतिबिम्ब बनाने के नियम लेन्स सूत्र (व्युत्पत्ति आवश्यक नही), आवर्धन, लेंस की क्षमता

मानव नेत्र में लेंस का कार्य, दृष्टि दोष एवं निवारण गोलीय दर्पण तथा लेंसों का अनुप्रयोग। प्रिज्म द्वारा प्रकाश का अपवर्तन, प्रकाश का विक्षेपण, प्रकाश का प्रकीर्णन दैनिक जीवन में अनुप्रयोग।

इकाई-4 : विद्युत का प्रभाव 13 अंक

विद्युत धारा, विभवांतर तथा विद्युत धारा, ओम का नियम, प्रतिरोध, प्रतिरोधकता, कारक जिन पर किसी चालक का प्रतिरोध निर्भर करता है। प्रतिरोधों का संयोजन (श्रेणी क्रम, समान्तर क्रम) एवं दैनिक जीवन में इसका उपयोग, विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव तथा दैनिक जीवन में उपयोग, विद्युत शक्ति, P, V, I तथा R में अंतर्सम्बन्ध। विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव- चुम्बकीय क्षेत्र, क्षेत्र रेखाएँ, किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण चुम्बकीय क्षेत्र, परिनालिका में प्रवाहित विद्युत धारा के कारण चुम्बकीय क्षेत्र, चुम्बकीय क्षेत्र में किसी विद्युत धारावाही चालक का बल, फ्लेमिंग का बाँए हाथ का नियम, घरेलू विद्युत परिपथ। इकाई-5 प्राकृतिक संसाधन 05 अ ंक हमारा पर्यावरण- पारितंत्र, पर्यावरणीय समस्याएँ, ओजोन परत का अपक्षयन, अपशिष्ट उत्पादन तथा निवारण, जैवनिम्नीकरणीय तथा अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ।

प्रयोगात्मक प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्याँकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा, प्रयोगात्मक परीक्षा का अंक विभाजन निम्नवत्‌ हैः-

1-तीन प्रयोग - 23 = 06 अंक 2-मौखिक कार्य - = 02 अंक 3-सत्रीय कार्य - = 03 अंक कुल अंक = 11 अंक

प्रयोगात्मक कार्यों की सूची

1. pH पेपर/सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator) का प्रयोग करके निम्नलिखित नमूनों (प्रतिदर्श) का pH ज्ञात करना।-

i. तनु HCl ii. तनु NaOH विलयन iii. तनु एथेनोइक एसिड विलयन iv. नींबू का रस v. जल vi. तनु सोडियम बाई कार्बोनेट विलयन

अम्ल तथा क्षार के गुणों का अध्ययन, HCl तथा NaOH को निम्न के साथ अभिक्रिया कराके- i. लिटमस विलयन (नीला/लाल) ii. जिंक धातु iii. ठोस सोडियम कार्बोनेट

2. निम्न अभिक्रियाओं का निष्पादन तथा अवलोकन करना तथा निम्नांकित वर्गों में वर्गीकृत करना- a) संयोजन अभिक्रिया b) विघटन अभिक्रिया c) विस्थापन अभिक्रिया d) द्विविस्थापन अभिक्रिया

i. चूना पानी में जल की क्रिया ii. फेरस सल्फेट क्रिस्टल को गर्म करने की क्रिया iii. कापर सल्फेट विलयन में लौह कील डालने पर iv. सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड के मध्य अभिक्रिया

अथवा

3- Zn, Fe, Cu तथा Al धातुओं का निम्नलिखित लवण विलयनों से अभिक्रिया का निरीक्षण करना- a) ZnSO4 (aq) b) FeSO4 (aq) c) CuSO4 (aq) d) Al2 (SO4)3 (aq)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 159 उपरोक्त से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर Zn, Fe, Cu तथा Al धातुओं को अभिक्रिया की कोटि के मान के अनुसार घटते क्रम में व्यवस्थित करना। 4. किसी प्रतिरोधक में प्रवाहित विद्युत धारा (I) पर विभवांतर का आश्रित होने का अध्ययन एवं प्रतिरोध ज्ञात करना तथा V और I के मध्य ग्राफ प्रदर्शित करना।

5. श्रेणी तथा समानान्तर क्रमों में प्रतिरोधों के संयोजन का तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करना। 6. पत्ती में स्टोमेटा की अस्थाई स्लाइड तैयार करना। 7. श्वसन में कार्बन डाई आक्साइड निकलने की क्रिया को प्रयोग द्वारा प्रदर्शित करना। 8. एसिटिक एसिड (एथेनोइक अम्ल) के निम्नलिखित गुणों का अध्ययन करना-

i. गंध

ii. जल में विलयता iii. लिटमस पर प्रभाव iv. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट से अभिक्रिया

9. मृदु तथा कठोर जल में साबुन के नमूनों के निर्मलीकरण का तुलनात्मक अध्ययन करना। 10. निम्न की फोकस दूरी ज्ञात करना-

i. अवतल दर्पण

ii. उत्तल लेंस

दूरस्थ वस्तु का प्रतिबिम्ब ज्ञात करना।

11. काँच के आयताकार स्लैब से गुजरने वाली प्रकाश किरण के विभिन्न आपतन कोणों के लिए प्रकाश किरण का पथ ज्ञात करना। आपतन कोण, अपवर्तन कोण, निर्गत कोण ज्ञात करना तथा परिणाम की समीक्षा करना।

12. तैयार स्लाइड की सहायता से (a) अमीबा में द्विविखण्डन (b) यीस्ट में मुकुलन का अध्ययन करना। 13. काँच के प्रिज्म द्वारा प्रकाश किरणों का मार्ग अनुरेखण करना। 14. किसी द्विबीजपत्री (मटर, चना, राजमा, बीन्स) के भ्रूण के विभिन्न भागों का अध्ययन करना।

प्रोजेक्ट कार्य की सूची 09 अंक नोटः- दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। प्रत्येक खण्डों (भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान) में से एक-एक प्रोजेक्ट कार्य व प्रोजेक्ट फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। तीनों प्रोजेक्ट का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा।

1. pH पेपर/सार्वत्रिक सूचक का प्रयोग कर निम्नलिखित प्राकृतिक उत्पादों के pH मान एवं अम्लीय व क्षारीय विलयन में रंग परिवर्तन का अध्ययन करनाः- (1) नींबू का रस (2) चुकन्दर का रस (3) पत्ता गोभी का रस (4) उबले हुए मटर का पानी (5) गुलाब की पंखुड़ियों का रस

2. रासायनिक उद्यान (केमिकल गार्डेन) बनानाः-

(काँच का जार, बालू वाटर-ग्लास विलयन, कॉपर सल्फेट, कोबाल्ट सल्फेट या मैंगनीज सल्फेट के क्रिस्टल)

3. विभिन्न अम्ल-क्षार उदासीनीकरण अभिक्रियाओं में उत्पन्न ऊष्मा का प्रायोगिक प्रेक्षण कर तुलनात्मक अध्ययन करना :- (बीकर, मापन फ्लास्क, थर्मामीटर, अम्ल और क्षार के मोलर विलयन, प्लास्टिक, कॉपी, कप आदि)।

4. मैडम क्यूरी व्यक्तित्व एवं कृतित्व।

(चित्र, जीवन परिचय, शिक्षा-दीक्षा, आविष्कार एवं नोबेल पुरस्कार)

5. विद्युत घण्टी का मॉडल तैयार करना तथा निहित वैज्ञानिक सिद्धान्तों का अध्ययन करना। 6. बहुरूपदर्शी (Kaleidoscope) का मॉडल तैयार करना। 7. प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिकों का व्यक्तित्व एवं विज्ञान में उनके योगदान को सूचीबद्ध करके उनका विस्तृत अध्ययन करना।

8. आवश्यक परिपथ का आरेख देते हुए विद्युत क्विज बोर्ड का मॉडल तैयार करना। 9. मनोरंजन में विज्ञान की भूमिका का सचित्र अध्ययन। 10. दर्पण व लेन्स से बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा साइज में परिवर्तन का परीक्षण कर सारणीबद्ध करना।

11. एक द्विलिंगी पुष्प जैसे-गुड़हल व सरसों के विभिन्न भागों (वा]य दल, दल, पुमंग, जायांग) का अध्ययन एवं उसमें होने वाले परागण की जानकारी प्राप्त करना।

12. मनुष्य की हृदय की संरचना का मॉडल तैयार करना।

160 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

13. सेम तथा मक्का के बीच (भीगे हुये) की सहायता से बीज की संरचना एवं अंकुरण का अध्ययन करना। 14. विभिन्न प्रकार के पौधों का संग्रह कर हरबेरियम तैयार करना। 15. बिना मिट्‌टी के पौधे उगाना- प्रयोग एवं प्रेक्षण के आधार पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना। 16. पेट्रोल एवं डीजल से उत्पन्न वायु प्रदूषण का अध्ययन एवं इसके कम करने के लिए C.N.G. (सी0एन0जी0) का प्रयोग।

17. प्लास्टिक व पॉलीथीन का दैनिक जीवन में महत्व एवं पर्यावरण प्रदूषण में भूमिका। 18. आपके शहर में बढ़ते हुए शोर का कारण एवं हानिकारक प्रभावों का सचित्र अध्ययन।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-गणित

(कक्षा-10)

इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक-100

इकाई इकाई का नाम अंक
I संख्या पद्धति 05
II बीजगणित 18
III निर्देशांक ज्यामिति 05
IV ज्यामिति 10
V त्रिकोणमिति 12
VI मेन्सुरेशन 10
VII सांख्यिकी तथा प्रायिकता 10
योग 70

इकाई-1 : संख्या पद्धति-

(1) वास्तविक संख्याएँ 05 अंक

अंकगणित का आधारभूत प्रमेय-उदाहरण सहित

5,3,2

अपरिमेय संख्याओं का पुनभर््रमण, अपरिमेय संख्याओं का सत्यापन।

इकाई-2 : बीजगणित 18 अंक 1. बहुपद- बहुपद के शून्यांक। द्विघात बहुपदों के गुणांकों और शून्याकों के मध्य सम्बन्ध। 2. दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म -

एक रैखिक समीकरण युग्म को हल करने की बीजगणितीय विधि। 1. प्रतिस्थापन विधि 2. विलोपन विधि

3. द्विघात समीकरण-

मानक द्विघात समीकरण ax2 + bx + c = 0, (a  0) द्विघात समीकरणों (केवल वास्तविक मूल) का द्विघात सूत्रों द्वारा, गुणनखण्ड द्वारा हल निकालना। द्विघात समीकरण का विविक्तकर और उनके मूलों की प्रकृति के बीच सम्बन्ध। द्विघात समीकरण का दैनिक जीवन में अनुप्रयोग तथा इन पर आधारित इबारती प्रश्न।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 161

4. समान्तर श्रेणियाँ-

समान्तर श्रेणी के nवें पद की व्युत्पत्ति तथा समान्तर श्रेणी के प्रथम n पदों का योग। सामान्य जीवन पर आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए इसका अनुप्रयोग।

इकाई-3 : निर्देशांक ज्यामिति - 05 अंक

1. रेखा (द्विविमीय)-

निर्देशांक ज्यामिति की अवधारणा, रैखिक समीकरणों के ग्राफ, दूरी सूत्र, विभाजन सूत्र (आन्तरिक विभाजन)।

इकाई-4 : ज्यामिति 10 अंक

1. त्रिभुज -

समरूप त्रिभुज के परिभाषा, उदाहरण, प्रतिउदाहरण।

(क) त्रिभुज की एक भुजा के समान्तर खींची गयी रेखा त्रिभुज की शेष दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।

(ख) त्रिभुज की दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करने वाली रेखा, तीसरी भुजा के समान्तर होती है। (ग) यदि दो त्रिभुजों में संगत-भुजाओं का एक युग्म अनुपातिक हो और अन्तरित कोण बराबर हो, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

(घ) यदि दो त्रिभुजों में संगत कोणों का एक युग्म बराबर हो और उनकी संगत भुजाएँ अनुपातिक हो, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

(ड.) एक त्रिभुज का एक कोण, दूसरे त्रिभुज के संगत कोण के बराबर हों तथा उनकी संगत भुजाएँ अनुपातिक हों तो त्रिभुज समरूप होगा।

1. वृत्त- वृत्त की स्पर्श रेखा, स्पर्श बिन्दु

(क) वृत्त की स्पर्शरेखा, स्पर्श बिन्दु से होकर जाने वाली त्रिज्या पर लम्ब होती है।

(ख) किसी वा]य बिन्दु से खींची गई, दो स्पर्श रेखाओं की लम्बाइयाँ बराबर होती हैं।

इकाई-5 : त्रिकोणमिति 12 अंक

1. त्रिकोणमिति का परिचय -

समकोण त्रिभुज के न्यूनकोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात, 00 और 900 के त्रिकोणमितीय अनुपात, त्रिकोणमितीय अनुपातों के मान (00, 300, 450, 600, 900)। उनके बीच सम्बन्ध।

162 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रोजक्ट

(''भारत का परम्परागत गणित ज्ञान नामक पुस्तिका से तैयार करायें)

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(परीक्षा + प्रोजक्ट) दिसम्बर माह 5+5 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

नोट-निम्नलिखित (बिन्दु 1 से 11 तक) में से कोई दो प्रोजेक्ट प्रत्येक छात्र से तैयार करायें तथा एक प्रोजेक्ट बिन्दु-12 से अनिवार्य रूप से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट अपने स्तर से भी दे सकते हैं।

(1) पाइथागोरस प्रमेय का सत्यापन गत्ता या चार्ट पर त्रिभुज एवं वर्ग को बनाकर करना। (2) जनसंख्या अध्ययन में सांख्यिकी की उपयोगिता। (3) विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों की वास्तुकला एवं निर्माण में भूमिका का अध्ययन करना।

(4) त्रिकोणमिति अनुपातों के चिन्हों का ज्ञान चार्ट के माध्यम से कराना। कोण के पूरक (Complementary angle), सम्पूरक कोण (supplementary angle) आदि कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात कोणों के संगत अनुपात में चित्र के माध्यम से व्यक्त करना।

(5) उत्तर मध्यकाल के किसी एक भारतीय गणितज्ञ (रामानुजन, नारायण पण्डित आदि) का व्यक्तित्व एवं गणित में योगदान।

(6) 2442 सेंमी0 माप के दो कागज लेकर लम्बाई एवं चौड़ाई की दिशा में मोड़कर दो अलग-अलग बेलन बनाइए। दोनों में किसका वक्रपृष्ठ एवं आयतन अधिक होगा।

(7) सरकार द्वारा लगाये जाने वाले विभिन्न प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर का अध्ययन करना। (8) वृत्त के केन्द्र पर बना कोण शेष परिधि पर बने कोण का दूना होता है का क्रियात्मक निरूपण करना।

(9) दूरी मापने का यन्त्र (Sextant) बनाना और प्रयोग करना। (10) गणित के सिद्धान्तों की चित्रकला में उपयोगिता। (11) एक कार/घर खरीदने के लिए बैंक से लोन लेने के विभिन्न चरणों का ब्योरा प्रस्तुत कीजिए। (12) संस्तुत पुस्तक भारत का परम्परिक गणित ज्ञान के निम्नाकित तीन खण्डों में से सुविधानुसार कोई एक प्रोजेक्ट-

खण्ड-क- भारत में गणित की उज्ज्वल परम्परा। खण्ड-ख- गणना की परम्परागत विधियां। खण्ड-ग- भारत के प्रमुख गणिताचार्य।

विषय-वाणिज्य

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

पूर्णांक 100

(अ) अन्तिम खाते-व्यापार तथा लाभ-हानि खाता एवं आर्थिक चिट्‌ठा सामान्य समायोजन सहित। बुक, पास बुक एवं रोकड़ बही का बैंक समाधान विवरण-पत्र। चेक, बिल, हुण्डी व प्रतिज्ञा-पत्र सम्बन्धित साधारण लेखें। 20 (ब) नस्तीकरण, अनुक्रमणिका संदेश वाहक प्रणालियाँ। व्यापारिक कार्यालय में श्रम व समय बचाने वाले यंत्र जैसे पंच मशीन, समय रिकॉर्ड मशीन, फोटोस्टेट मशीन, टाइप-राइटर, कैलकुलेटर की साधारण प्रयोग सम्बन्धी जानकारी। देशी व्यापार–थोक व फुटकर व्यापार, बीजक व विक्रय विवरण।

20भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 163 (स) बैंक–जन्म, परिभाषा, कार्य एवं महत्व। भारतीय रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक, व्यापारिक बैंक, सहकारी बैंक, देशी बैंकर का सामान्य अध्ययन।

15 (द) उपयोगिता ह्रास नियम, व्यय व बचत आशय पारस्परिक सम्बन्ध, बचत का सामाजिक महत्व। उत्पत्ति के साधन, आशय, विशेषतायें एवं महत्व।

15 निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तक– कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्य एवं आंतरिक मूल्यांकन

30 अंक

नोट :– दिये गये प्रोेजेक्ट सूची में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। शिक्षक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 10 अंक का होगा।

1–काल्पनिक आंकड़ों के आधार पर व्यापार खाते का नमूना।

2–अन्तिम खाते बनाते समय विभिन्न समायोजनाओं का विवेचन।

3–बैंक समाधान विवरण कब एवं क्यों बनाया जाता है ?

4–रोकड़ बही एवं पासबुक बही में अन्तर के कारण।

5–चेक एवं चेक का रेखांकन।

6–नस्तीकरण की प्रणालियाँ।

7–कार्ड अनुक्रमणिका का वर्णन।

8–चेक एवं चेक का अनादरण।

9–शीघ्र संदेश भेजने का साधन।

10–समय एवं श्रम बचाने वाले यंत्र।

11–फुटकर व्यापार का वर्गीकरण।

12–बैंक का उदय या विकास।

13–रिजर्व बैंक के कार्य।

14–स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के कार्य।

15–उपयोगिता ह्रास नियम की व्याख्या।

16–उत्पत्ति के साधन। प्रयोगात्मक शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-चित्रकला कक्षा-10 इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होंगा। पूर्णांक 100 प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें खण्ड–(क) अनिवार्य है। शेष खण्डों में से एक करना है। खण्ड–क (अनिवार्य) प्राकृतिक दृश्य चित्रण 30 अंक प्राकृतिक दृश्य चित्रण–जैसे ऊषाकाल, संध्याकाल, ग्रामीण व पहाड़ी दृश्य का चित्रण, जलरंग अथवा पेस्टल रंगों से रंगे। माप– 20 सेमी0 × 15 सेमी0 हो।

23 ड़164 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 अथवा आलेखन कला आलेखन–चतुर्भुज अथवा वृत्त में केवल पूर्ण इकाई द्वारा मौलिक आलेखन बनाये और उसमें कम से कम तीन रंगों का प्रयोग करें। माप 15 सेमी0 से कम न हो।

अथवा प्राविधिक कला प्राविधिक–अन्तः स्पर्शी तथा वाह्‌यस्पर्शी अन्तर्गत एवं परिगत आकृतियां, रेखाओं तथा वृत्तों को स्पर्श करते हुये स्पर्श रेखायें। क्षेत्रफल सम्बन्धी साधारण निर्मेय, ज्यामितीय आलेखन, साधारण एवं कर्णवत्‌ पैमाने। खण्ड–ख (स्मृति चित्रण) 1010꞊ 20 अंक साधारण जीवन में दैनिक उपयोग की वस्तुयें, घरेलू बर्तन जैसे–सुराही, बाल्टी, लोटा, अमृतवान, केतली, बोतल, गिलास तथा तरकारी, फल आदि। पेंसिल द्वारा रेखांकन होगा।

अथवा

खण्ड–ग (भारतीय चित्रकला ) 20 अंक

इस खण्ड में चार प्रश्न होंगे, जिसमें से दो प्रश्न करने होंगे। एक प्रश्न वस्तुनिष्ठ होगा जो अनिवार्य होगा :– 1–चित्रकला का प्राचीन उल्लेख। 2–चित्रकला की विशेषतायें। 3–प्रागैतिहासिक काल।

प्रोजेक्ट कार्य नोट :–प्रोजेक्ट कार्य तीन खण्डों में विभक्त होगा, जिसमें से किन्हीं दो खण्डों से दो प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रोजेक्ट कार्य 10 अंक का है। इसके अतिरिक्त 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है। प्रोजेक्ट कार्य सैद्धान्तिक, तकनीकी कौशल तथा माध्यम (जलरंग, पोस्टर रंग, पेंसल, चारकोल, क्रेयान, इंक आदि) के उपयुक्त प्रयोग पर आधारित होगा। प्रोजेक्ट कार्य में संयोजन, सौन्दर्य (आकर्षण) अनुपात, लय के सिद्धान्तों का ध्यान रखते हुये पूर्ण किया जाय।

खण्ड–क (प्राकृतिक दृश्य चित्रण) 1–प्राकृतिक दृश्य चित्रण (ऊषाकाल) का 20×15 सेमी0 माप में सृजन करें। जलरंग माध्यम से ऊषाकाल का प्रभाव चित्रित किया जाय। चित्र में परिप्रेक्ष्य स्पष्ट से दिखे। 2–संध्याबेला का दृश्य चित्रण पोस्टर अथवा पेस्टल रंग द्वारा पूर्ण करें जिसकी माप 20×15 सेमी0 हो। चित्र में सन्तुलन एवं परिप्रेक्ष्य स्पष्ट हो। 3–ग्रामीण दृश्य चित्रण को पोस्टर रंग/जलरंग/पेस्टल रंग द्वारा पूर्ण किया जाय जिसमें मानव/पशु आकृतियों के अलावा ग्रामीण झोपडियाँ एवं कुआँ आदि का भी समावेश हो। 4–पहाड़ी दृश्य चित्र का चित्रण 20×15 सेमी0 माप में सृजित करें। रंग/रेखा का सन्तुलन आवश्यक है। 5–पेंसिल अथवा चारकोल के माध्यम से दृश्य चित्रण कीजिये। चित्र में सन्तुलन एवं लय का विशेष महत्व होगा। परिप्रेक्ष्य दर्शाना आवश्यक है। 6–चतुर्भुज में केवल एक पूर्ण इकाई द्वारा मौलिक आलेखन बनायें और उसमें कम से कम तीन रंगों का प्रयोग करें। माप 15 सेमी0 से कम न हो। 7–वृत्त में केवल एक पूर्ण इकाई द्वारा मौलिक आलेखन बनायें और उसमें कम से कम तीन मौलिक रंगों का प्रयोग करें। माप 15 सेमी0 से कम न हो। 8–किसी मार्ग के भव्य प्रवेश द्वार की परिकल्पना करें। उसके ज्यामितीय महत्व को सिद्ध करने वाली दो समानान्तर वृत्ताकार मीनारों की रचना करें जिसका ऊपरी भाग त्रिभुजाकार बीम से बँधा हो। 9–किसी नहर अथवा मार्ग की परिकल्पना करें, उसकी मापनी बनायें और निरूपक भिन्न ज्ञात करें। (अंकीय आंकड़े स्वयं निर्धारित करेंगे) नहर अथवा सड़क का लघु दृश्य भी दर्शाने का प्रयास करें।

खण्ड– ख (स्मृति चित्रण)

10–साधारण जीवन में दैनिक उपयोग की वस्तुयें घरेलू बर्तन जैसे सुराही, बाल्टी, लोटा, अमृतबान, केतली, बोतल, गिलास आदि को स्मृति के आधार पर पेंसिल अथवा चारकोल से रेखांकन किया जाय। 11–विभिन्न प्रकार के फल एवं सब्जियों को स्मृति के आधार पर रेखांकन करें। पेंसिल अथवा चारकोल से किया जाय। 12–विभिन्न प्रकार के बर्तनों एवं सब्जियों तथा फलों को पेस्टल एवं वाटर कलर से चित्रित करें।

खण्ड–ग (भारतीय चित्रकला) 13–भारतीय चित्रकला के विभिन्न काल खण्डों का विभाजन करते हुये प्रत्येक काल खण्ड पर मौलिक लेख लिखें। 14–चित्रकला की विशेषताओं का उल्लेख करें जिससे यह सिद्ध हो सके कि कला ही जीवन है। 15–प्रागैतिहासिक काल की विभिन्न शिलाश्रयों का उल्लेख करते हुये उनके रंग एवं चित्रण विधान पर प्रकाश डालें।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 165

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-रंजन कला

कक्षा-10

इस विषय में 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। प्रश्न-पत्र

खण्ड–क (चित्र संयोजन)

पूर्णाक 100

45 अंक

अनिवार्य

परम्परागत अथवा स्वतंत्र शैली में दिये गये विषयों में से किसी एक विषय पर संयोजन कर चित्र बनाना :– (क) सामाजिक जीवन। (ख) देशभक्ति पर आधारित चित्र जल रंग अथवा पेस्टल रंग से चित्रित किया जाये। माप 20 सेमी0×15 सेमी0 के आयत से कम न हो।

खण्ड– ख (मानव अंग चित्रण) 25 अंक

मानव शरीर के अंगों का चित्रण (सामने रखे प्लास्टर ऑफ पेरिस, मिट्‌टी के मॉडल, आँख, कान, होठ, हाथ, पैर, नाक केवल पेंसिल द्वारा चित्रण करना)।

खण्ड–ग

25 अंक

30 अंक इस खण्ड में कुल तीन प्रश्न होंगे, जिसमें से दो प्रश्न करना होगा। एक वस्तुनिष्ठ प्रश्न करना होगा :– 1–चित्रकला के छः अंग। 2–अनुपात, एकता, लय, प्रभाविता, संतुलन, सामंजस्य, अंतराल, परिप्रेक्ष्य, विरोधाभाश। निर्धारित पाठ्‌यपुस्तक कोई भी पुस्तक निर्धारित नहीं है। विद्यालयों के प्रधान विषय अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें। आन्तरिक मूल्यांकन आन्तरिक मूल्यांकन के अन्तर्गत 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिये तथा 10 अंक मासिक परीक्षा के लिये निर्धारित है जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

प्रोजेक्ट कार्य की सूची नोट :–निम्नलिखित में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट 10 अंक का है। निम्नलिखित कथनों के रंगीन पोस्टर बनाकर घर एवं विद्यालय में लगायें :– 1–बायें चलो। 2–जीवों पर दया करो। 3–सभी धर्म समान हैं। 4–जय जवान, जय किसान। 5–सब पढ़े, सब बढ़े। 6–किसी चित्रकार का चित्रकला में योगदान। (7) दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालकों के लिए हेल्मेट एवं सीट बेल्ट का महत्व।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

166 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-10

(केवल बालिकाओं के लिए)

क्रम संख्या इकाई अंक
1- 2- 3- 4- 5- ग ृह प्रबन्ध स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात वस्त्र और सूत विज्ञान भोजन तथा पोषण विज्ञान प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15 15 10 15 15

कुल 70 अंक प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन--30 अंक

योग--100 अंक

1--गृह प्रबन्ध 15 अंक

(1) शिक्षिका द्वारा प्रति वर्ष बजट का प्रदर्शन। (2) आय-व्यय और बचत, डाकखाना और बैंक के माध्यम से। (3) घर की सफाई और सजावट। (4) गृह गणित--दशमलव, जोड़ना, घटाना, गुणा तथा भाग (रुपया, पैसा, किलोग्राम, ग्राम, मीटर, सेन्टीमीटर के सन्दर्भ में) प्रतिशत, लाभ हानि तथा साधारण ब्याज पर सरल गणनायें। 2-स्वास्थ्य रक्षा एवं यातायात 15 अंक (1) जल, जल के स्रोत और उपयोग। (2) घरेलू विधियों से जल शुद्ध करना। (3) अशुद्ध जल से फैलने वाले रोग। (पेचिश, अतिसार, हैजा)

(4) पर्यावरण और जनजीवन पर उसका प्रभाव। अपशिष्ट (कचरा) प्रबन्धन।

(5) कुछ सामान्य रोगों के कारण और उनके रोकथाम - चेचक, छोटी माता, खसरा, डिप्थीरिया, टायफाइड (मियादी बुखार), कुकुर खांसी, पीत ज्वर, मष्तिष्क ज्वर, रेबीज, हेपेटाइटिस (ए0बी0सी0ई0), मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हाथी पांव, टिटनेस, क्षय रोग और विषैला भोजन (फूड प्वायजनिंग)।

(6) ड्राइवर-ड्राइविंग लाइसेन्स के कर्तव्य, लेन यातायात-जंक्शनोें एवं गोलचक्करों पर यात्रा करते समय सावधानियाँ, हेल्मेट और सीट बेल्ट का महत्व।

3--वस्त्र और सूत विज्ञान

10 अंक

(1) सिलाई किट--बेबीफ्राक या कुर्ता, पायजामा या पेटीकोट उपलब्धता के अनुसार (हाथ की सिलाई अथवा मशीन की सिलाई द्वारा)। (2) कपड़ों की धुलाई तथा रख-रखाव, धोने की विधियाँ और इस्तरी करना। 4--भोजन तथा पोषण विज्ञान 15 अंक (1) रसोई घर की व्यवस्था, देख-रेख और सफाई। (2) भोजन पकाने और परोसने की आधारित विधियाँ, तत्वों की सुरक्षा का ध्यान रखना। (3) निम्न रोगों के रोगियों का भोजन, रोग की अवधि में और स्वास्थ्य लाभ के समय का भोजन, तीव्र ज्वर और दीर्घ स्थाई ज्वर, अतिसार, पेचिस, गैस्ट्रोटाइटिस, मियादी बुखार, मलेरिया, क्षयरोग, लू लगना। 5--प्राथमिक चिकित्सा और गृह परिचर्या 15 अंक (1) मानव अस्थि संस्थान तथा संधियाँ। (2) हडि्‌डयों की टूट और मोच। (3) श्वसन तन्त्र का प्रारम्भिक ज्ञान। (4) प्राकृतिक और कृत्रिम श्वसन क्रिया। (5) घायल स्थानान्तरण हस्त आसन द्वारा। (6) रोगी का स्पंज करना, गर्म सेंक--भपारा लेना, बर्फ की टोपी का प्रयोग। (7) नाड़ी, श्वास गति और ताप का चार्ट बनाना।

प्रयोगात्मक

प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक होगा।

15 अंक

(खण्ड क)

(1) किसी एक स्थान (घर या पाठशाला कक्ष) की सफाई की दैनिक आख्या तैयार करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 167

(2) किसी एक लकड़ी के फर्नीचर की सफाई और पालिश करना। (3) धातु की किसी एक वस्तु की सफाई। (4) प्रति वर्ष बजट का अभिलेख रखना।

(खण्ड ख)

(1) छात्राओं द्वारा सिलाई का किट तैयार करना। (2) बेबी फ्राक या कुर्ता पायजामा या पेटीकोट सिलना। (3) वस्त्रों की धुलाई--सूती, रेशमी, ऊनी तथा कृत्रिम रेशे के वस्त्रों को धोना।

(खण्ड ग)

(1) भोजन पकाने की सही विधियाँ-उबालना, भाप में पकाना, तलना, स्ट्‌यू करना, धीमी आँच में पकाना, भूनना। (2) भोजन का परोसना। (3) रोगी का भोजन, फटे दूध का पानी, साबूदाना का पानी, खिचड़ी, तरकारियों का सूप और सब्जियों का रस, फलों के रस, पना।

(खण्ड घ)

(1) कृत्रिम श्वास देने की विधियाँ। (2) हस्त आसन द्वारा स्थानान्तरण। (3) स्पंज करना, गर्म सेंक (पुल्टिस), भपारा लेना, बर्फ की टोपी और गर्म पानी की थैली का प्रयोग। (4) ताप का चार्ट बनाना। निर्धारित पाठ्‌य-पुस्तकें-- कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यार्थियों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें।

प्रोजेक्ट कार्यों की सूची पूर्णांक-15 नोट :--दिये गये प्रोजेक्ट सूची में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से करायें। प्रोजेक्ट कार्यों की फाइल तैयार कराना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रोजेक्ट पाँच अंक का है। शिक्षक पाठ्‌यक्रम से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट कार्य अपने स्तर से भी दे सकते हैं। प्रोजेक्ट कार्य का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। 1- घर का आय-व्यय बजट तैयार करना। 2- निम्न बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए बचत पर एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट लिखिये-- (i) भविष्य निधि योजना (ii) राष्ट्रीय बचत-पत्र (iii) किसान विकास-पत्र 3- गृह विज्ञान में गृह गणित के योगदान पर एक रिपोर्ट लिखिये। 4- अपने विद्यालय के जल शुद्धिकरण व्यवस्था पर एक प्रोजेक्ट लिखिये तथा उसमें क्या सुधार किया जा सकता है। 5- अशुद्ध जल से फैलने वाले प्रमुख रोगों के नाम लक्षण व बचाव की सूची। 6- चार्ट के माध्यम से पर्यावरण एवं जन-जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाइए। 7- एक प्रोजेक्ट तैयार करें जिसमें पाठ्‌यक्रमानुसार सभी वस्त्रों की नाप एवं पेपर कटिंग लगायें। 8- सिलाई किट तैयार करना। 9- वस्त्रों की देखभाल एवं डिटर्जेंन्ट का प्रयोग।

10- एक दिन खाये जाने वाले खाद्य पदार्थों की सूची तैयार करके उसमें विद्यमान पोषक तत्वों को सूचीबद्ध करना। 11- एक चार्ट पेपर पर श्वसन-तंत्र का चित्र बनाइये तथा अंगों के नाम दर्शाइए। 12-मानव अस्थि तंत्र को चार्ट पेपर पर बनाइये एवं प्रमुख अंगों को दर्शाइए।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट तथा प्रायोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट तथा प्रायोगात्मक ) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

168 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

विषय-गृह विज्ञान

कक्षा-10

(बालकों के लिए तथा उन बालिकाओं के लिए जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया हैं) पाठ्‌यक्रम एवं पाठ्‌य पुस्तकों की स्थिति वही रहेगी जो इस विवरण पत्रिका में गृहविज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए) है।

विषय-मानव विज्ञान

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

(इथनोग्रेफी एवं सामाजिक सांस्कृतिक मानव विज्ञान)

पूर्णांक : 70 अंक

5 अंक 5 अंक

10 अंक

10 अंक 10 अंक इकाई–1 (क) मानव विज्ञान का विशय क्षेत्र/विलान एवं अन्य विज्ञानों से सम्बन्ध। (ख) सामाजिक–सांस्कृतिक मानव विज्ञान की परिभाषा तथा शाखायें। इकाई–2 10 अंक (क) एथनोग्राफी एवं एथनालॉजी : परिभाषा एवं विषय क्षेत्र। (ख) भारत की जनजातियों का भौगोलिक, आर्थिक एवं भाषाई वर्गीकरण। 10 अंक (ग) जनजाति की परिभाषा, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ी जनजाति (प्रिमिटिव)। 10 अंक इकाई–3 खासा, खासी, टोडा तथा थारू जनजाति का सामाजिक–आर्थिक परिवेश। इकाई–4 (क) जनजातीय समस्याओं का स्वरूप एवं समस्या निराकरण के उपाय। (ख) जनजातियों में देशज ज्ञान तथा आपदा प्रबन्धन। पाठ्‌य पुस्तकें– मानवशास्त्र का परिचय- विभा अग्निहोत्री What is Anthropology- A.R.N Srivastava Tribal India- Nadeem Hasnain जनजातीय भारत-नदीम हसनैन General Anthropology- Nadeem Hasnain आपदा प्रबन्धन-सवीन्द्र सिंह

आंतरिक मूल्यांकन/प्रोजेक्ट कार्य इस विषय में 30 अंक का प्रायोगिक एवं आन्तरिक मूल्यांकन होगा जिसमें 10 अंक की मासिक परीक्षा एवं 20 अंक प्रोजेक्ट कार्य हेतु निर्धारित है। विषय अध्यापक दिये गये प्रोजेक्ट में से तीन प्रोजेक्ट अवश्य तैयार करायें। विषय अध्यापक छात्र हित में अपने स्तर पर कोई अन्य प्रोजेक्ट भी करा सकते हैं– 1–भारत की जनजातियों का भौगोलिक वर्गीकरण। 2–जनजातियों का भाषाई वर्गीकरण। 3-टोडा जनजाति का सामाजिक परिवेश 4–खासा जनजाति का सामाजिक परिवेश। 5–जनजातियों में आपदा प्रबन्धन। 6–खासी जाति का आर्थिक परिवेश। 7–अनुसूचित जनजाति का वर्गीकरण। 8–पिछड़ी जनजाति का वर्गीकरण।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट तथा परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माहभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 169

•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                       जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                      दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कश्मीरी

कक्षा-10

केवल प्रश्न-पत्र

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

                                भाग-(अ)                                                     35 अंक
 1-व्याकरण और उनके प्रयोग-                                                                  20 अंक
    (1) काल प्रयोग                                                                           05 अंक
    (2) वाक्य परिवर्तन                                                                       05 अंक
     (3) मुहावरे और लोकोक्तियों का प्रयोग                                                    05 अंक
    (4) समुच्चय बोधक अव्यय तथा सम्बन्ध सूचक अव्यय का प्रयोग                                  03 अंक
    (5) प्रत्यय और उपसर्ग                                                                    02 अंक
 2-कम्पोजीशन-
     (1) निबन्ध लेखन                                                                        10 अंक
         (सामान्य रुचि के विषयों पर आधारित लगभग 150 शब्दों में)।
3-पाठ्‌य पुस्तक से दिये गये अवतरणों पर लघु उत्तरीय प्रश्न

05 अंक

भाग-(ब)

35 अंक

20 अंक

10 अंक 05 अंक 05 अंक 15 अंक 1-गद्य- निम्नलिखित पाठ पढ़ने होंगे- (1) माती तुगनी कीन्ह (2) चार्ली चैपलीन (3) टेलीफोन से रेडियो (4) जम्हूरियत निम्नांकित प्रकार से प्रश्न पूछे जायेंगे- (क) सन्दर्भ सहित व्याख्या (ख) पाठ्‌य पुस्तक के अवतरण का अंगे्रजी/उर्दू/हिन्दी में अनुवाद (ग) पाठ्‌य सारांश 2-पद्य- पाठ्‌य पुस्तक से निम्नांकित कवितायें पढ़नी होगी- (1) रूबाई (मियॉ आरिफ) (2) जूनी मंजदल (3) गजल (4) गशी तुरूक (5) दूरी प्रजालियों तारूखा (6) बहार (7) येथ हम्यास मंज निम्नांकित विषयों से सम्बन्धित प्रश्न पूॅछे जायेंगे- (अ) सन्दर्भ सहित व्याख्या (ब) दिये गये पद्यांश का सारलेखन

10 अंक 05 अंक निर्धारित पुस्तक कशूर निशाब कक्षा-09 तथा 10 के लिए प्रकाशक जम्मू एवं कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ एजूकेशन (1982)

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह170 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                                 जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                          नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                                दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-संगीत (गायन)

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट कार्य एवं आन्तरिक मूल्यांकन

होगा।

पूर्णांक 100

भाग (क) अंक -35

(शास्त्रीय शब्दावली की परिभाषा एवं व्याख्या)

नाद, नादोत्पत्ति, नाद के प्रकार एवं विशेषतायें। वर्णों का गायन, स्वरों का स्पष्ट उच्चारण, तीनों सप्तकों का अध्ययन (मध्य,मन्द्र एवं तार) आवाज के गुणों का उत्कर्ष और उसकी सुरक्षा के लिये स्वास्थ्य और भोजन सम्बन्धी नियम, भातखण्डे एवं विष्णु दिगम्बर स्वर लिपि पद्धति का तुलनात्मक अध्ययन, थाटों का वर्गीकरण और थाट से रागों की उत्पत्ति, मुर्की, कण, वर्जित, वक्र, मींड, सम, खाली एवं भरी।

भाग (ख)

अंक -35

(रागों का अध्ययन) ध्रुपद, टप्पा, ठुमरी, तराना, बड़ा ख्याल तथा छोटे ख्याल की परिभाषा, पाठ्‌यक्रम के रागों की विशेषता, स्वर-विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त और उसमें भेद। पाठ्‌यक्रम के बोलों के तालों एवं दुगुन का ज्ञान एवं तालों को लिपिबद्ध करने की योग्यता, स्वर-समूहों के छोटे-छोटे टुकड़ों के आधार पर राग को पहचानने एवं उनकी बढ़त की योग्यता, संगीत सम्बन्धी सामान्य विषयों पर छोटा निबन्ध लिखना, तानसेन एवं विष्णु दिगम्बर की जीवनी।

बिहाग एवं भैरवी रागों का विस्तृत अध्ययन। प्रत्येक में एक-एक गीत छात्रों को तैयार करना है। देश, बागेश्वरी एवं काफी रागों की साधारण जानकारी होनी चाहिये। प्रत्येक राग में एक गीत (सरगम या लक्षण गीत) होना आवश्यक है। प्रत्येक राग का आरोह-अवरोह एवं पकड़ गाना विद्यार्थी को अवश्य आना चाहिये तथा उसको लिखने की क्षमता होनी चाहिये।

उपर्युक्त गीतों के साथ दादरा, तीनताल, झपताल, एकताल, चारताल, नामक तालें प्रयुक्त होनी चाहिये।

नोट :-उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों पर आधारित प्रयोगात्मक परीक्षा ली जायेगी जो 10 अंकों की

होगी तथा 10 अंक प्रोजेक्ट कार्य के लिए निर्धारित है। जिसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा।

संगीत (गायन) प्रोजेक्ट कार्य

नोट :--निम्नलिखित में से कोई तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार करायें। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं।

1-महान संगीतज्ञों के चित्र एकत्रित करके स्क्रैप बुक में चिपकाना तथा उनके नाम एवं जन्म-मृत्यु का उल्लेख करना। 2-वर्तमान समय के परिप्रेक्ष्य में संगीत में प्रयोग किये जाने वाले वाद्य यन्त्रों के चित्रों को एकत्र करके उनके नामों का उल्लेख करते हुए स्क्रैप बुक में लगाना।

3-श्री विष्णु नारायण भातखण्डे की सांगीतिक रचनाओं की एक सूची तैयार कीजिये। 4-स्वरों के शुद्ध एवं विकृत प्रकारों को चार्ट पेपर पर अंकित कीजिये। 5-तबले का चित्र बना कर उसके विभिन्न अंगों के नाम लिखिये। 6-राग की मुख्य जातियों एवं उपजातियों को तालिका के द्वारा स्पष्ट कीजिये। 7-किन्हीं चार प्राचीन संगीत वाद्य-यन्त्रों के नामों का उल्लेख करते हुए उनसे सम्बन्धित शीर्ष संगीतकारों के नाम लिखिये। 8-श्री भातखण्डे तथा विष्णु दिगम्बर स्वर लिपि एवं ताल लिपि पद्धति की तुलना चार्ट बनाकर कीजिये। 9-सितार अथवा तानपुरे का प्रारूप तैयार कर उनके अंगों का नामकरण भी कीजिये। इच्छानुसार वैलवेट पेपर या थर्माकोल का प्रयोग किया जा सकता है।

10-चार भारतीय नृत्य शैलियों के चित्र, नाम तथा उनसे सम्बन्धित शीर्ष कलाकारों के नाम स्क्रैप बुक में अंकित कीजिये।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंकभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 171

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                  मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                       जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                      दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-संगीत (वादन)

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

संगीत वादन पाठ्‌यक्रम दो भागों में क्रमशः प्रथम भाग अवनद्ध वाद्य (तबला एवं पखावज) तथा द्वितीय भाग तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य लेने वाले विद्यार्थियों के लिए निर्धारित हैं।

प्रथम भाग

अवनद्ध वाद्य (तबला, पखावज) हेतु

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर का आंतरिक मूल्यांकन कार्य होगा।

खण्ड 'क'

शास्त्रीय शब्दों की परिभाशा एवं व्याख्या

ताल, ताली अथवा भरी, सम, मात्रा, लय, तिहाई, पेशकारा, टुकड़ा उत्तर एवं दक्षिण भारतीय ताललिपि पद्धतियों का तुलनात्मक अध्ययन।

खण्ड 'ख'

1. तीनताल झपताल में प्रत्येक में एक पेशकारा, 2 कायदा, 2 टुकड़े और 2 तिहाई लिखने व बजाने की योग्यता। 2. चारताल में 2 टुकड़ा एवं एक परन लिखने व बजाने की योग्यता। 3. कहरवा, तीव्रा तथा दीपचन्दी तालों का साधारण ठेका। 4. अपने वाद्य में बजाए जाने वाले वर्ण एवं बोलो को निकालने की विधि। 5. जीवनी-पं0 विश्णुनारायण भातखण्डे, अमीर खुसरो। 6. बोल समूहों के छोटे-छोटे टुकड़ो के आधार पर तालो को पहचानने की योग्यता। 7. निबन्ध संगीत सम्बन्धी सामान्य विशयों पर छोटा निबन्ध। 8. शास्त्रीय प्रचलित वाद्यों एवं उनकी विशेशताओं का प्रारम्भिक ज्ञान। 9. अपने लिए गए वाद्य का सचित्र वर्णन(विस्तृत अध्ययन)। 10. अपने वाद्य की उत्पत्ति एवं विकास का वर्णन।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :-निम्नलिखित में से किन्ही तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार कराए जाएगे। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट दे सकते है।

1. अपने वाद्य यंत्र के वर्ण की निकास विधि लिखिए। 2. रेडियों एवं टी0वी0 द्वारा प्रसारित होने वाले कुछ संगीत कार्यक्रमों को सुनकर उनकी सूची बनाकर उनके बारे में संक्षेप में लिखिए।

3. उत्तर भारतीय संगीत के ''भारत रत्न'' पुरस्कार प्राप्त किसी एक संगीतज्ञ का चार्ट बनाइए। 4. अपने वाद्य का सचित्र चार्ट बनाकर अंगों का वर्णन कीजिए। 5. तबला की मुख्य परम्परा/घराना को चार्ट में प्रदर्शित कीजिए। 6. किसी संगीत समारोह का आंखों देखा वर्णन कीजिए। 7. किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के सांगीतिक योगदान को विस्तार से समझाइए। 8. संगीत शिक्षा प्रदान करने वाली प्रमुख संस्थाओं का संक्षिप्त परिचय लिखिए। 9. हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध संगीतज्ञों के चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लगाइए तथा संक्षिप्त परिचय लिखिए।

10. वाद्य के समस्त प्रकारों (तत्‌ सुशिर, घन, अवनद्ध) के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइए तथा उन्हें बजाने वाले सम्बन्धित कलाकार का नाम लिखिए।

द्वितीय भाग

(तत्‌ वाद्यों सहित अन्य वाद्य वाले विद्यार्थियों के लिए)

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट/आन्तरिक मूल्यांकन कार्य होगा-

24 ड़172 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

खण्ड 'क'

शास्त्रीय शब्दों की परिभाषा एवं व्याख्या-

1. वर्ण, सप्तक (मन्द्र, मध्य, तार) का विस्तृत अध्ययन, मुर्की, कण, विवादी स्वर, मींड घसीट, झाला, जोड़ आलाप, तिहाई, सम, वक्र स्वर।

2. भातखण्डे एवं विष्णु दिगम्बर संगीत लिपि पद्धतियों का तुलनात्मक अध्ययन।

3. थाटों का वर्गीकरण और उनसे रागों की उत्पत्ति।

खण्ड 'ख'

1. वादन पाठ्‌यक्रम में रागों की विशेषताएं- स्वर विस्तार एवं अलंकारों के माध्यम से रागों की बढ़त एवं भेद।

2. गतों को लिपिबद्ध (तोड़ों एवं सरल स्वर विस्तार के साथ) करने की योग्यता।

3. स्वर समूहों के छोटे-छोटे टुकड़ों के आधार पर रागों को पहचानने की योग्यता।

4. जीवनी- पं0 विष्णु दिगम्बर पलुश्कर, तानसेन।

5. निबन्ध-संगीत सम्बन्धी सामान्य विषयों पर छोटा निबन्ध।

6. राग विहाग तथा राग भैरवी में एक मसीतखानी गत तथा एक रज़ाखानी गत का अध्ययन।

7. राग देस, राग बागेश्री तथा राग काफी में कलात्मक विकास के बिना एक गत। इन रागों में आरोह, अवरोह, पकड़ लिखने की योग्यता।

8. ताल कहरवा, तीनताल, एकताल और चारताल का ज्ञान।

9. अपने वाद्य में बजने वाले बोलों को निकालने की विधि का ज्ञान।

10. प्रचलित वाद्य और उनकी विशेषताओं का ज्ञान।

नोट :-उपर्युक्त निर्धारित रागों एवं तालों की आन्तरिक प्रयोगात्मक परीक्षा होगी जिसके लिए 10 अंक निर्धारित किये गये है तथा 10 अंकों के प्रोजेक्ट कार्य कराये जायेगें।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट :-निम्नलिखित में से किन्ही तीन प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार कराए जाएंगे। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट दे सकते है।

1. अपने वाद्य की उत्पत्ति एवं विकास का सचित्र वर्णन।

2. अपने वाद्य यंत्र के वर्ण की निकास विधि।

3. रेडियों एवं टी0वी0 द्वारा प्रसारित होने वाले कुछ संगीत कार्यक्रमों को सुनकर उनकी सूची बनाकर उनके बारे में संक्षेप में लिखिए।

4. उत्तर भारतीय संगीत के ''भारत रत्न'' पुरस्कार प्राप्त किसी एक संगीतज्ञ का चार्ट बनाइए।

5. अपने वाद्य का सचित्र चार्ट बनाकर अंगों का वर्णन कीजिए।

6. तबला की मुख्य परम्परा/घराना को चार्ट में प्रदर्शित कीजिए।

7. किसी संगीत समारोह का आंखों देखा वर्णन कीजिए।

8. किसी प्रसिद्ध संगीतज्ञ के संगीतिक योगदान को विस्तार से समझाइए।

9. संगीत शिक्षा प्रदान करने वाली प्रमुख संस्थाओं का संक्षिप्त परिचय लिखिए।

10. हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध संगीतज्ञों के चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लगाइए तथा संक्षिप्त परिचय लिखिए।

11. वाद्य के समस्त प्रकारों (तत्‌ सुशिर, घन, अवनद्ध) के कुछ चित्र एकत्रित कर अपनी अभ्यास पुस्तिका में चिपकाइए तथा उन्हें बजाने वाले सम्बन्धित कलाकार का नाम लिखिए।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों केे आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 173

विषय- सिलाई पूर्णांक 100

(कक्षा-10)

इस विषय में 70 अंकों की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का आन्तरिक मूल्यांकन होगा। न्यूनतम उत्तीर्णांक 23 एवं 10 कु ल 33 अंक हैं।

इकाई

1-विभिन्न कपड़ों की किस्म- कमीज का रेशमी कपड़ा, कमीज का सूती कपड़ा, कमीज का ऊनी कपड़ा एवं रासायनिक वस्त्र।

2-पोशाक के प्रकार- स्त्री, पुरुष तथा बच्चों की पोशाकों को प्रकार का ज्ञान।

3-कपड़े श्रिक करने की विधि तथा उसकी उपयोगिता।

4-अच्छे कटर के गुण तथा दोष।

5-मशीन में आने वाले दोष तथा उन्हें दूर करने के उपाय, मशीन की देखभाल, तेल के नियम, पुर्जों की जानकारी।

6-पैटर्न कटिग व उसके लाभ।

7-सिलाई में प्रेसिग, फोल्डिग तथा फिनिशिग का ज्ञान तथा उसके लाभ।

8-रासायनिक वस्त्रों के निर्माण में वातावरण पर होने वाले प्रभाव / स्वास्थ्य से उनका सम्बन्ध और बचाव।

9-सिलाई के काम में आने वाले विभिन्न यंत्रों का ज्ञान।

10-सलवार, लेडीज कु र्ता , ब्लाउज, कलीदार कु र्ता, कु न्देदार पायजामा, टेनिस कालर शर्ट, हाफ पैन्ट तथा फु लपैन्ट।

(i) इन सभी परिधानों के नाप लिखना।

(ii) रेखा चित्र बनाना।

नोट-प्रत्येक इकाई से प्रश्न पूंछे जायेंगे तथा प्रत्येक इकाई का अंक (7) समान है।

सिलाई–प्रयोगात्मक

प्रयोगात्मक परीक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा।

पेपरकटिग- सलवार, लेडीज कु र्ता, ब्लाउज, कलीदार कु र्ता, कु न्देदार पायजामा, टेनिस कालर शर्ट, पैन्ट एवं हाफ पैन्ट सम्बन्धित वस्त्रों के नामों की जानकारी एवं ड्राइंग का अभ्यास

प्रयोगात्मक- (i) ब्लाउज, कु न्देदार पायजामा (अलीगढ़), कलीदार कु र्ता ।

(ii) सिलाई में प्रयोग होने वाले उपकरण का ज्ञान।

(iii) प्रेसिग सामग्री (इक्यूपमेण्ट्स) की जानकारी एवं उपयोगिता ।

(iv) प्रयोगात्मक वस्त्रों के सिलाई सम्बन्धी परिधानों की हाथ सिलाइयों, काज, बटन एवं पूर्णरूपेण फिनिशिग का ज्ञान तथा अभ्यास करना।

प्रोजेक्ट कार्यों की सूची नोट: निम्नलिखित प्रोजेक्ट सूची में से कोई दो प्रोजेक्ट करायें। प्रोजेक्ट कार्यों की फाइल तैयार करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रोजेक्ट पाँच अंक का होगा।

1- सिलाई एवं सिलाई मशीन।

2- सिलाई एवं पेपर कटिग |

3- सिलाई एक कला

4- धागों की दुनिया

5- परिधान रचना (फाइल तैयार करे जिसमें पाठ्यक्रमानुसार छोटे-छोटे वस्त्र (नमूना) सिल कर लगायें।

6- सिलाई किट

7- सिलाई मशीन के विभिन्न पुर्जे, उनमें उत्पन्न होने वाले दोष एवं उनका निवारण।

8- पोशाक के प्रकार

9- रासायनिक वस्त्र एवं वातावरण

10- सिलाई एवं कढ़ाई के विभिन्न टांके 11. जागरूकता-यातायात संबंधित ज्ञान।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

आन्तरिक मूल्यांकन निम्नवत कराये जाने की संस्तुति की जाती है-174 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 1.प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य अगस्त माह 10 अंक (5+5)

2- द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन -

प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य दिसम्बर माह 10 अंक (5+5)

3- चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

i. प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीयप्रश्नों (MCQ के आधार पर) मई

ii. द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर) जुलाई

iii. तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीयप्रश्नों (MCQ के आधार पर) नवम्बर

iv. चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक परीक्षा के आधार पर) दिसम्बर

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवतित किया जाय।

कम्प्यूटर

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। पूर्णांक 100

1. 'सी' भाषा का परिचय एवं कोडिंग 15 अंक 1.1 सी भाशा परिचय, महत्व एवम्‌ वैरियेबल्स की अवधारणा 1.2 कैरेक्टर सेट, डाटा टाइप एवं ऑपरेटर

1.3 इनपुट, आउटपुट, स्टेटमेंट्‌स 1.4 जंपिंग एवं ब्रांचिंग स्टेटमेंट्‌स, इफ-एल्स स्टेटमेंट्‌स, लूपिंग स्टेटमेंट्‌स 2. ऐरे : स्ट्रिंग और फंक्शन 15 अंक 2.1 ऐरेः परिचय, सिंगल एवम्‌ डबल डायमेंशन 2.2 सर्चिंग एवं सार्टिंग : बाइनरी सर्च, लिनियर सर्च, बबल शॉट, सिलेक्शन सॉर्ट 2.3 फंक्शन एवं सबरूटीनः टाइप्स ऑफ फंक्शन, कॉलिंग ऑफ फंक्शन 2.4 स्टिं्रग मैनिपुलेशन 2.5 स्ट्रक्चर एंड यूनियन से परिचय एवं उनका अनुप्रयोग 3. प्वाइंटर और फाइल संचालन 10 अंक 3.1 प्वाइंटर : परिचय, प्वाइंटर्स और एरे, प्वाइंटर्स एवं स्ट्रक्चर, प्वाइटंर्स और फंक्शन 3.2 फाइल हैंडलिंग 4. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए. आई.) एवं ड्रोन प्रौद्‌योगिकी 15 अंक 4.1 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय 4.2 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिभाशा, भविष्य एवं विशेशताएं 4.3 इंटेलिजेंट एजेंट 4.4 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग 4.5 समस्या समाधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अनुप्रयोग उदाहरण सहित 4.6 ड्रोन प्रौद्‌योगिकी का परिचय 4.7 ड्रोन प्रौद्‌योगिकी की परिभाशा, इतिहास एवम्‌ विशेशताएं 4.8 ड्रोन प्रौद्‌योगिकी का प्रमुख क्षेत्रों में अनुप्रयोग 4.9 वर्गीकरण : हवाई जहाज, मल्टीरोटर, हाइब्रिड 5. ई-कॉमर्स : और साइबर सुरक्षा 15 अंक 5.1 ई-कॉमर्स : परिचय, ई-कॉमर्स के प्रकार (बी2बी, बी2सी, सी2बी) 5.2 इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम 5.3 ई-गवर्नेंस का संिक्षप्त परिचय 5.4 ई-गवर्नेंस का कुछ प्रमुख क्षेत्रों में उदाहरण सहित अनुप्रयोग 5.5 साइबर सुरक्षा के मूल तत्व, महत्व एवं जानकारी 5.6 साइबर अपराध और उसके प्रकार : हैंकिंग, फिशिंग, साइबर फ्रॉड, स्पूफिंग इत्यादि 5.7 रोकथाम 5.8 रिपोर्टिंग 5.9 समस्या समाधान उदाहरण के साथभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 175 प्रयोगात्मक 30 अंक

1- इनपुट आडटपुट पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना। 2- कंडीशनल स्टेटमेंट पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना।, 3- लूपिंग स्टेटमेंट पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना। 4- एरे पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना। 5- स्ट्रक्चर एवं यूनियन पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना। 6- प्वाइंटर पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना। 7- फाइल ऑपरेशन पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना। 8-संर्चिग एवं सर्टिंग पर आधारित प्रोग्राम तैयार करके परीक्षण करना

प्रोजेक्ट कार्य

इनमें से कोई दो करना अनिवार्य है तथा दोनों के अंक समान है। 1- ड्रोन टेक्नोलॉजी का अध्ययन। 2- ई-कॉमर्स एवं उसके अनुप्रयोग पर केस स्टडी। 3- ई गवर्नेंस के प्रमुख क्षेत्रों में उदाहरण सहित अनुप्रयोग। 4- साइबर सिक्योरिटी के अनुप्रयोग का अध्ययन। 5- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग के अध्ययन। 6-सड़क सुरक्षा तथा जागरूकता दर्शाते हुए Emergency में प्राप्त होने वाली सुविधाओं की विवरणिका तैयार करें।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

विषय-कृषि

कक्षा-10

इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा।

पूर्णांक 100

7 1-मृदा विज्ञान मृदा जैव पदार्थ, उसके स्रोत, वितरण, संरक्षण और मिट्‌टी का प्रभाव, ऊसर, क्षारीय तथा अम्लीय मिट्‌टी और सुधार, भू-क्षरण, मिट्‌टी का कटाव, भू-संरक्षण के सामान्य उपाय। 2-सिंचाई व जल निकास

5 (क) जल के स्रोत--कुँआ, नलकूप, बाँध, नहरें, तालाब, नदियाँ आदि। (ख) सिंचाई की विधियाँ--अप्लावन, क्यारी, नाली, बेसिन, छिड़काव, बार्डर, ट्रिप सिंचाई आदि।

3-खाद तथा उर्वरक

8 (क) अजैव खादें (उर्वरक), उनका वर्गीकरण, महत्व, अमोनियम सल्फेट, यूरिया, कैल्शियम, अमोनियम नाइट्रेट, सुपर फास्फेट, पोटैशियम क्लोराइड, डाई अमोनियम फास्फेट (डी0ए0पी0)

(ख) उर्वरकों के प्रयोग की विधियाँ (ग) उर्वरक मिश्रण--विभिन्न फसलों के लिये उर्वरकों की आवश्यकता, उर्वरक मिश्रण बनाने के लिए परिकलन या जानकारी।

4-भू-परिष्करण

5 (क) विभिन्न फसलों के लिए भू-परिष्करण की आवश्यकतेायें एवं उनका महत्व। (ख) फसल की सुरक्षा तथा बागवानी के प्रमुख यंत्र--डस्टर, स्पे्रयर, सिक्रेटियर, हैजसियर, बडिंग तथा ग्राफ्ंिटग नाइफ, थ्रेसर तथा ओसाई के यन्त्र176 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 5-आपदायें--दैवी आपदायें जैसे बाढ़, सूखा, भूकम्प, आग, अतिवृष्टि, उपलवृष्टि आदि का मूलभूत ज्ञान। इनका फसल या

2 10 पर्यावरण पर प्रभाव तथा बचाव के उपाय। 6-निम्न फार्म की फसलों की खेती-- धान, मूँगफली, गेहूँ तथा गन्ना।

7-सब्जियों की खेती--

10 आलू, खरबूजा, फूलगोभी, टमाटर, लौकी, भिण्डी, प्याज।

8-बागवानी--

10 बाग के लिए भूमि का चुनाव, गृह उद्यान तथा फलोद्यान, प्रदेश की प्रमुख फसलों, जैसे आम, अमरूद, पपीता तथा नींबू की खेती।

9-पशुपालन--

8 डेरी उद्योग तथा पशु चिकित्सा विज्ञान (क) पशुओं की सामान्य देख-रेख तथा प्रबन्ध। (ख) पशु आहार। (ग) स्वच्छदोहन विधि, स्वच्छ एवं सुरक्षित दूध। (घ) दुग्धोत्पादन सम्बन्धी सामान्य जानकारी। (ङ) सामान्य पशु रोग--बुखार, मुँहपका-खुरपका, रिन्डरपेस्ट, पेचिस, गलाघोटू के लक्षण तथा उपचार की विधियाँ। 10-फल परीक्षण--फल तथा सब्जियों के परीक्षण की विधियाँ, फल व पदार्थों के नष्ट होने के कारण, डिब्बों का जीवाणु नाशन तथा डिब्बा बन्दी, फल तथा सब्जियों का निर्जलीकरण।

5

प्रयोगात्मक

1-बीज शैय्या तैयार करना। 2-उर्वरक, खरपतवार एवं बीजों की पहचान। 3-मौखिक 4-वार्षिक अभिलेख प्रोजेक्ट कार्य

नोट :-निम्नलिखित में से कोई दो प्रोजेक्ट छात्रों से तैयार कराए। अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट भी दे सकते हैं।

1-बाग लगाने की उपयुक्त विधि का अध्ययन करना।

2-उर्वरकों के प्रयोग करने की उपयुक्त विधि का अध्ययन करना।

3-स्प्रेअर का प्रयोग करने की विधि तथा सावधानियों का अध्ययन करना।

4-जैम बनाने की विधि का अध्ययन करना।

5-जेली बनाने की विधि का अध्ययन करना।

6-दुग्ध-दोहन की उपयुक्त विधि का अध्ययन करना।

7-ड्रिप सिंचाई का अध्ययन करना।

8-सिंचाई के लिये नहरों की उपयोगिता का अध्ययन करना।

9-उत्तर प्रदेश की मृदाओं में फासफोरस एवं पोटाश पोषक तत्व का प्रयोग करना।

10- पशुओं में होने वाले खुरपका-मुंहपका रोग एवं अन्य सामान्य रोगों के लक्षण व उनके उपचार की विधियों का अध्ययन।

नोट :-प्रयोगात्मक परीक्षा एवं प्रोजेक्ट कार्य का आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (55) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(ेप्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य) दसम्बर माह 10 अंक (55) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

• प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 177

कक्षा-10

हेल्थ केयर

क्षेत्र-स्वास्थ्य देखभाल (स्तर-2)

पूर्णांक : 70

10 अंक

12 अंक इकाई-1 प्रकरण- अस्पताल संरचना और कार्य- 1- अस्पताल के विभिन्न विभागों, पेशेवर (Pofessionalे) तथा सहयोगी स्टाफ के कार्य व भूमिका। 2- अस्पताल में सहायक विभागों के कार्याें और भूमिका का ज्ञान। 3- विभिन्न मानदण्डों के आधार पर अस्पतालों का वर्गीकरण। 4- अस्पताल के विभिन्न कार्यों से सामान्य ड्‌यूटी सहायक ( General Assistant ) की भूमिका का सम्बन्ध। 5- अच्छे सामान्य ड्‌यूटी सहायक के गुणों का ज्ञान। इकाई-2 10 अंक प्रकरण- मरीजों की देखभाल और देखभाल योजना से परिचय- 1- देखभाल योजना क्रियान्वयन में सामान्य ड्‌यूटी सहायक की भूमिका। 2- मरीज को आहार देने में सामान्य ड्‌यूटी सहायक की भूमिका। 3- वाइटल साइन/महत्वपूर्ण संकेतों की रिपोर्ट और पहचान। 4- मरीज की आवश्यकतानुसार बिस्तर तैयार करना। 5- आवश्यकतानुसार मरीज को आसीन करना। इकाई-3 15 अंक प्रकरण- कीटाणुशोधन और विसंक्रमण- 1- सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले रोगों का वर्णन। 2- सामान्य मानवीय रोग और उनके कारक (एजेण्ट) का ज्ञान। 3- अस्पताल उपार्जित संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम में व्यवसायकों और कर्मचारियों की भूमिका। 4- रोगी कक्षों ( Wards ) और उपकरणों का विसंक्रमण। इकाई-4 13 अंक प्रकरण- प्रारम्भिक प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन चिकित्सा राहत- 1- प्राथमिक चिकित्सा के नियमों और सिद्धान्तों का वर्णन। 2- प्राथमिक चिकित्सा के लिए प्रयोग की जाने वाली सुविधाओं, उपकरणों और पदार्थों की पहचान। 3- बुखार, लू, पीठ दर्द, दमा, एवं भोजन द्वारा उत्पन्न बीमारी में प्राथमिक उपचारक की भूमिका 4- घाव, रक्तस्राव, जलने, कीटाणुओं के काटने और डंक मारने, कुत्तों के काटने और सांपों के काटने में प्राथमिक उपचारक की भूमिका इकाई-5 प्रकरण- मानव शरीर संरचना कार्य और पोषण

1- मानव शरीर के भागों की पहचान। 2- मानव शरीर की वृद्धि और पोषण में पोषक तत्व। इकाई-6 10 अंक प्रकरण- अस्पताल में जनसम्बन्ध 1- चिकित्सीय स्वागतकर्ता की भूमिका और कार्य 2- आपातकालीन कॉल के लिए प्रतिक्रिया। 3- जन-सम्बन्धों के निर्वाह में कम्प्यूटर का प्रयोग। 4- मरीजों और सहायकों ( ंattendants) के साथ आचरण। प्रयोगात्मक 1- अस्पतालों की कार्यप्रणाली देखने के लिए निकटस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामान्य अस्पताल का भ्रमण।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-सामान्य अस्पताल, विशेष ( Specialized ) देखभाल केन्द्र एवं तृतीयक देखभाल केन्द्र का फ्लो चार्ट-चार्ट बनाना।

अस्पतालों के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली जैसे-OPD, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, फार्मेसी, अभिलेखीकरण, नकद विभाग, वित्त, हाउस कीपिंग, मानव संसाधन।

178 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

2- i) अस्पताल में रोगी को बिस्तर पर उचित देखभाल एवं साफ-सफाई से भोजन कराने का रोल प्ले ii) बिस्तर-रोगी का बिस्तर तैयार करने का प्रदर्शन। iii) वाइटल साइन्स (Vital Signs) तापमान, पल्स, रूधिर दाब आदि के निरीक्षण का रोल प्ले

आहार के आधारभूत ज्ञान (पौष्टिकता से परिपूर्ण), के साथ विभिन्न प्रकार के रोगियों की आहार-योजना बनाना।

विभिन्न प्रकार के अस्पताल के बिस्तर की सूची उनकी कार्यप्रणाली के साथ बनाना। रोगी के निरीक्षण हेतु वाइटल साइंस की सूची बनाना। 3- विसंक्रमण उपकरण को कैसे प्रयोग किया जाता है- इसे देखने के लिए स्थानीय अस्पताल का भ्रमण।

जीवाणु/विषाणु/परजीवी/फंगस द्वारा होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों का चार्ट / पोस्टर बनाना ऑपरेशन के लिए प्रयोग किये जाने वाले फर्श, दीवारें, उपकरण, वस्त्रों को विसंक्रमित करने वाले विसंक्रामक पदार्थों की सूची बनाना।

4- i) ABC आहार का प्रायोगिक प्रदर्शन ii) एक प्राथमिक चिकित्सा किट बनाना।

अस्पताल में आपातकालीन स्थितियाँ जैसे सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, आघात, अस्थमा, कुत्ते का काटना, सांप का काटना, गर्भावस्था की जटिलताऔं की सूची बनाना

आपातकाल में प्राथमिक सहायता चरण- A - Airwa B - Breathing C - Circulation 5- i) शरीर के विभिन्न अंगों का चित्र बनाना एवं पहचान करना। (या चित्र को चिपकाना) ii) शारीरिक तंत्र से संबंधित चार्ट उनकी कार्य प्रणाली के साथ बनाना iii) विटामिनों एवं उनकी कमी से होने वाली बीमारियों की सूची बनाना। 6- i) एक रोगी के चिकित्सीय अभिलेख को भरने का प्रदर्शन करना।

ii) रिसेप्शन पर या अस्पताल की आपातकालीन स्थिति में कार्य करने वाले सामान्य ड्‌यूटी सहायक के कार्यों की सूची बनाना।

iii) मेडिकल रिसेप्शन पर एंट्रीज (entries) करने हेतु कम्प्यूटर के आधारभूत ज्ञान का प्रदर्शन।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-((प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्ेनों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

कक्षा-10

ट्रेड-ऑटोमोबाइल

उद्‌देश्य-

(1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना।

(2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

(3) छात्रों को 102 स्तर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना।

(4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना।

(5) छात्रों को कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना।

(6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 179

रोजगार के अवसर-

(1) ऑटोमैकेनिक के रूप में।

(2) सेल्समैन के रूप में।

(3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन।

(4) शोरूम स्थापित करना।

(5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 70 अंक लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल-33 अंक प्राप्त करना

अनिवार्य है।

12 अंक

इकाई-1 ऑटोमोबाइल की स्नेहन प्रणाली, गवर्निग सिस्टम, विद्युतीय प्रणाली, बैटरी, तारस्थापन,

बत्ती सिस्टम, ए0सी0 एवं हीटिंग सिस्टम।

05 अंक

इकाई-2 इंन्जन ऑयल के गुण, वर्गीकरण, नाम, इन्जन ऑयल बदलने की विधि, विभिन्न गे्रड के

नाम, स्नेहक के गुण, कार्य, प्रकार एवं स्नेहन की विधि।

12 अंक

इकाई-3 अनुरक्षण एवं बाधा खोज-अनुरक्षण के महत्व एवं प्रकार, सर्विसिंग एवं ओवर हालिंग, विभिन्न अवयवों में दोष ढूढ़ना, उनके कारण एवं बचाव, मरम्मत के औजार एवं उपकरणों के नाम, बनावट एवं कार्य।

12 अंक

इकाई-4 कार्यशाला के मूल कार्य जैसे कटिंग, फाइलिंग, ड्रिलिंग, बेल्डिंग, ग्राइडिंग का संक्षिप्त

परिचय। मापन एवं परिक्षण विधियां।

12 अंक

इकाई-5 गैराज, शोरूम एवं स्पेयर विक्रय केन्द्र की स्थापना एवं संचालन से सम्बन्धित जानकारी,

वित्तीय सहायता प्राप्त करने की विधियां।

12 अंक

इकाई-6 -सड़क सुरक्षा नियम का महत्व व नियम।

-सुरक्षित ड्राइविंग का महत्व व नियम। -टै्रफिक के नियम व यातायात चिह्न, टै्रफिक अधिनियम के प्रमुख प्राविधान। -वाहनों का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की विधि व आवश्यकता।

05 अंक

इकाई-7 -आटोमोबाइल व हमारा पर्यावरण-वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की आवश्यकता एवं महत्व। -प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र का महत्व।

प्रोजेक्ट कार्य (1) कार्बोरेटरे का अध्ययन करना। (2) स्कूटर/मोपेड में दोश ढूढ़ना एवं मरम्मत करना। (3) बैटरी चार्जिंग कराने का अध्ययन तथा पानी चेक करना। (4) लाइट का फोकस एडजस्ट करना एवं बल्ब लगाना। (5) ब्रेक एडजस्ट करने का अध्ययन करना। (6) मोपेड आदि गाड़ी की ड्राइविंग करना। (7) ट्रैफिक नियमों का अध्ययन करना। (8) पंचर जोड़ बनाना, हवा भरना तथा हवा के दबाव को मापना। (9) स्कूटर व कार की धुलाई, सर्विंसिंग करना। (10) कार के स्टेरिंग प्रणाली का अध्ययन करना।

25 ड़180 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्ेनों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

संस्तुत पुस्तकें

धनपत राय एण्ड शुक्ला

(1) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग कृष्णानन्द शर्मा (2) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग सी0बी0 गुप्ता (3) ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग (4) बेसिक आटोमोबाइल सी0पी0 बक्स

रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा व्यापार) कक्षा-10 सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। पूर्णांक 70 अंक लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 14 अंक खुदरा बिक्री की प्रस्तावना-

1-खुदरा विक्रय का अर्थ एवं परिभाषा।

2-खुदरा बिक्री के तत्वों का वर्णन। 3-खुदरा तत्वों की विशेषताएं। 4-खुदरा बिक्री के तत्वों की आवश्यकता। 5-खुदरा बिक्री के विभिन्न कार्य।

6-खुदरा विक्रेताओं के विभिन्न प्रकार।

14 अंक

इकाई-2 खुदरा बाजार में विपणन की भूमिका - 1-विपणन प्रस्तावना। 2-विपणन के सिद्धान्त। 3-खुदरा व्यापार एवं विपणन में सामंजस्य। 4-विपणन के लक्षण एवं महत्व। 5-विपणन की उत्पत्ति एवं परिभाषायें। 6-उत्पाद एवं सेवा विपणन में विभेद।

14 अंक

इकाई-3 1-उत्पाद प्रबन्धन का महत्व। 2- उत्पाद प्रबन्धन के पूर्वोपाय। 3- उत्पाद प्रबन्धन के विभिन्न विधियां। 4- उत्पाद प्रबन्धन के विभिन्न उपकरण। 5-भारत में बडे़ पैमाने पर खुदरा व्यापार की व्यवस्था।

6-बडे़ पैमाने पर खुदरा व्यापार को संचालित करने के लिये भारत सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं का विवरण।(FDI)

14 अंक

इकाई-4 खुदरा व्यापार में उत्पाद वर्गीकरण-भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 181

14 अंक

1-प्रस्तावना। 2-उत्पादों के प्रकार एवं लक्षण। 3-खुदरा व्यापार में विभन्न विभाग। 4-उत्पाद रख-रखाव। 5-उत्पादों में ब्राण्डिंग का महत्व। इकाई-5 खुदरा बिक्री में रोजगार का भविष्य-

1- खुदरा बिक्री में विभिन्न रोजगारों की सम्भावना।

2- खुदरा बिक्री में रोजगार के लियें आवश्यक दक्षता। 3- खुदरा बिक्री में प्रबन्धकीय कार्य में करियर। 4- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के द्वारा प्रस्तावित रोजगार का भारतीय अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव (FDI का आलोचनात्मक विवरण)।

आन्तरिक मूल्यांकन-

प्रोजेक्ट कार्य-

पूर्णांक- 30

अंक

-उत्पादों की सुरक्षा की प्रशिक्षण तकनीक। -उपभोक्ताओं के पहचान करने और समक्षने के लियें प्रश्नावली का गणन। -किसी रिटेल माल का भ्रमण। -किसी उत्पाद के सप्लाई चेन का मॉडल बनाना। -किसी ग्राहक/उपभोक्ता से संतुष्टि मापन का अभ्यास।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह • द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह • तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह • चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

16 अंक

सुरक्षा कक्षा-10 सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। पूर्णांक 70 अंक इकाई-1 सुरक्षा सैन्य बल- 1-भारतीय थल सेना, वायु सेना एवं नव सेना का संगठन एवं कार्य। 2-भारतीय अर्द्ध सैनिक बल संगठन एवं कार्य।

3-भारत की अद्यतन रक्षा तैयारियां।

18 अंक

इकाई-2 कार्यस्थल से सम्बन्धित खतरे एवं सुरक्षा- 1- कार्यस्थल में संभावित सामान्य खतरे एवं कारण। 2- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से सम्बन्धित खतरे। 3- कार्यस्थल से सम्बन्धित तकनीकी खतरे। 4- प्राकृतिक आपदा, जलवायुवीय परिस्थितियों, सामाजिक एवं कानूनी कार्यवाही से सम्बन्धित खतरे। 5- उत्पादन, प्रौद्योगिकी, वित्तीय बाजार, उपभोक्ता से सम्बन्धित खतरे। 6- आणविक, जैविक एवं रासायनिक, शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक सुरक्षा। 7-व्यावसायिक स्वास्थ्य की प्रावस्थायें एवं सुरक्ष्ेाात्मक रणनीति।

18 अंक

इकाई-3 निरीक्षण, अनुश्रवण एवं सुरक्षा- 1- निरीक्षण, सूचना, व्याख्या एवं स्मरण के विभिन्न सोपान।

182 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

2-निरीक्षण में संवेदों की प्रभावकता को प्रभावी बनाने वाले कारक।

3- सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी का महत्व। 4- विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा। 5- विभिन्न प्रकार के अपराध एवं उनसे सम्बन्धित सुरक्षा संप्रेषण।

18 अंक

इकाई-4 कार्यस्थल पर संवाद संप्रेषण- 1-संवाद चक्र के विभन्न तत्व- संवाद का अर्थ, तत्व, प्रेशक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता एवं

पुनर्निवेशन।

2-पुनर्निवेशन (feed back) अर्थ, विशेषतायें एवं महत्व, वर्णनात्मक एवं विशिष्ट

पुनर्निवेशन।

3-संप्रेषण में अवरोध सम्बन्धी कारक दूर करने के उपाय। 4-प्रभावी संप्रेशण से सम्बन्धित विभिन्न तत्व।

5-संप्रेषण के सिद्धान्त।

6-संचार उपकरण एवं संचार साधन। आन्तरिक मूल्यांकन (जिसमें 20 अंक का प्रोजेक्ट कार्य तथा 10 अंक की मासिक परीक्षा पूर्णांक 30 अंक होगी)

प्रोजेक्ट कार्य निम्नलिखित में से कोई चार प्रोजेक्ट (प्रत्येक 05 अंक) 1-परिचयात्मक प्रपत्राें का परिक्षण- Identity card, Passport, स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग

लाइसेंस।

2-कार्यस्थल पर मशीनों/रसायनों/उपकरणों आदि से होने वाले खतरों को सूचीबद्ध करना

एवं संस्था द्वारा अपनाये जाने वाले सुरक्षा उपायों का अध्ययन। 3-एक Shopping mall/industry का भ्रमण कर खतरों को चिन्हित करना। 4-प्रवेश द्वार की सुरक्षा का अध्ययन। 5- CCTV का अध्ययन।

6- Finger print, Iris Scanner, Face Scanner का सुरक्षा में प्रयोग। 7-पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी एवं इसके प्रारूप का अध्ययन। 8-फोरेंसिक लैब का भ्रमण आयोजित कर साक्ष्यों की प्रमणिकता की कार्यविधि का अध्ययन। 9-औद्योगिक संस्थान/रेलवे स्टेशन/बस स्टेशन/हवाई अड्‌डे का भ्रमण कर सुरक्षा गार्ड

के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन।

10-सेना/पुलिस के अधिकारियों को प्रदत्त चिन्ह (Insignia) का मिलान उनके

पद/रैंक से करना।

11-संवाद चक्र का रेखांकन।

12-कार्यस्थल पर Communication के लिए विभिन्न प्रकार के वाक्यों का निर्माण

जिनमें-

-विशिष्ट संदेश पर बल दिया हो। -वांछित समस्त जानकारी का समावेश हो। -संदेश के प्राप्तकर्ता के प्रति सम्मान परिलक्षित हो।

13-भारत एवं सम्बन्धित राज्यों तथा जिलो से सम्बन्धित मानचित्रों का अध्ययन एवं निर्माण।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन पेरीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य) अगस्त माह 10 अंक (5 + 5) 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक (5 + 5) 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 183

आई0टी0/आई0टी0ई0एस0

कक्षा-10

उद्‌देश्य-आज के विज्ञान जगत में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का अभूतपूर्व स्थान है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयाम सामाजिक रूप से प्रतिस्थापित हो चुके हैं। जैसे-मोबाइल, इंटरनेट आदि। देश को ''डिजिटल इंडिया'' का स्वरूप देने में इनका विशेष योगदान अवश्यम्भावी है।

पूर्णांक 70 अंक

8 अंक

सैद्धान्तिक इस विषय में 70 अकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर होगा। लिखित एवं आन्तरिक मूल्यांकन में क्रमशः 23 एवं 10 तथा कुल 33 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इकाई-1 कम्प्यूटर का विस्तृत परिचय कम्प्यूटर का रेखाचित्र, विभिन्न ब्लॉग्स का परिचय एवं आधुनिक कम्प्यूटर के अवयव, इनपुट,

आउटपुट की आधुनिक डिवाइसेंस, मेमोरी डिवाइसेंस, स्टोरेज डिवाइसेंस।

8 अंक

इकाई-2 आपरेटिंग सिस्टम का विस्तृत परिचय आधुनिक आपरेटिंग सिस्टम, यूजर इन्टरफेस(समय एवं तिथि), डिसप्ले प्रापर्टीज, डिवाइस

लगाना एवं निकालना, फाइल्स एवं डायरेक्ट्री मैनेजमेन्ट।

8 अंक

इकाई-3 वर्ड प्रोसेसिंग ऐडवांस फीचर डाक्यूमेन्ट बनाना, सेव करना एवं प्रिन्ट करना, एडिटिंग, फार्मेटिंग, स्पेलचेक, फॉन्ट एवं साइज तय करना, एलाइनमेन्ट, बुलेट, टेबिल बनाना और विभिन्न सेटिंग्स करना, डॉक्यूमेन्ट में चित्र को जोड़ना, मेल मर्ज, सुरक्षा(security)।

8 अंक

इकाई-4 स्प्रेडशीट स्प्रेडशीट के मूल तत्व सेल्स एवं उनकी एड्रेसिंग, सेल मे डेटा भरना एवं संशोधित करना, रोज एवं कालम बनाना, उसकी चौड़ई एवं ऊॅचाई निश्चित करना, फार्मूला एवं फंक्शन का उपयोग, विभिन्न प्रकार के चार्ट का निर्माण।

9 अंक

इकाई-5 इन्टरनेट सर्चिंग एवं GPS

इन्टरनेट का विस्तृत परिचय, LAN, MAN एवं WAN इन्टरनेट के विस्तृत उपयोग, ई-मेल सेवायें, इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर और उसका चयन, ट्रबल शूटिंग, इन्टरनेट में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों का परिचय, GPS का परिचय एवं इसके उपयोग, wi-fi की जानकारी व उपयोग।

9 अंक

इकाई-6

आधुनिक संचार उपकरण- प्राथमिक संचार मण्डल, संचार के प्रकार, संचार के माध्यम, मोबाइल संचार सिस्टम इन्टरनेट एवं सोशल मीडिया।

इकाई-7 प्रेजेन्टेशन तैयार करना

सोशल मीडिया। 10 अंक पावर प्वाइंट का विस्तृत परिचय, प्रेजेन्टेशन के मुख्य अवयव, टेम्प्लेट, टेक्स्टे एडीटिंग, टेबिल और एक्सेस का जोड़ना, फोटो ड़ालना, रीसाइजिंग, स्केलिंग, कलरिंग और स्लाइड शो चलाना और ऑटोमेटिंग करना, स्लाइट में आडिओ का प्रयोग।

10 अंक

इकाई-8 प्रोजेक्ट बनाना- वर्ड, एक्सेल एवं पावर प्वाइंट के आधार पर पांच पृष्ठों का प्रोजेक्ट बनाना।

प्रोजेक्ट कार्य 1-एक्सेल पर प्रयोगात्मक अध्ययन।

2-पावर प्वाइंट पर प्रयोगात्मक अध्ययन। 3- MS-WORD का प्रयोगात्मक अध्ययन। 4- P. POINT पर प्रेजेन्टेशन निर्माण का प्रयोगात्मक अध्ययन। 5-इन्टरनेट पर ई-मेल, ई-मेल आदि निर्माण का प्रयोगात्मक अध्ययन।

6-नेटवर्क के विभिन्न प्रकारों का विस्तृत अध्ययन।

7-संचार के विभिन्न प्रकारों का विस्तृत अध्ययन।

184 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्याेंेकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रोजेक्ट कार्य)                      अगस्त माह        10 अंक
2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रोजेक्ट कार्य)                     दिसम्बर माह      10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•    प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                                  मई माह
•    द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                       जुलाई माह
•    तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार  पर)                               नवम्बर माह
•    चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                                      दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

कक्षा-10

उद्‌देश्य-

क्रया और सामाग्री चयन की जानकारी देना।

1. छात्रों को प्लंबिंग ट्रेड के महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी देना।

2.

3. छात्रों को सुरक्षा एवं सावधानियों की जानकारी देना।

4. छात्रों में व्यवसाय के प्रति रूचि पैदा करना।

5. छात्रों में उद्‌मियता गुणों का विकास करना एवं उन्हें स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

रोजगार के अवसर-

1. प्लम्बर/पाइप फिटर के रूप में रोजगार।

2. स्वतः रोजगार या नलकार के रूप में कार्य करना।

3. पाइप और पाइप फिटिंग एवं सैनिटरी फिटिंग के विक्रेता के रूप में कार्य करना।

4. पेट्रोल पम्प, इंधन आपूर्ति प्रणाली में इरेक्टर के रूप में कार्य करना।

5. ट्‌यूबवेल ऑपरेटर के रूप में कार्य करना।

प्लम्बर सैद्धांतिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक 70 इकाई 1. पाइप ज्वाइंट- 8 विभिन्न प्रकार के पाइप जोड़ की जानकारी- फ्लैंज जोड़ स्पिगोअ एवं सॉकेट जोड़, कॉलर जोड़, लचीला जोड़, प्रसार जोड़ आदि की बनावट, उपयोग एवं पहचान जोड़ बनाने की विधि। इकाई 2. प्लंबर के औजार एवं उपकरण- 15 प्लंबर के विभिन्न प्रकार के औजार और उपकरणों की बनावट, उपयोग, पहचान, तथा सावधनियां- पकड़ने वाले औजार- वॉइस, पाइप रिंच, पट्‌टी, पिलास, कार्य बेंच, स्पानर, एलेन की, पेंचकस, चिन्हक, कर्तन औजार जैसे हेक्सा, पाइप कटर, रेती, टैप एवं डाई, ड्रिल, ड्रिलिंग मशीन, पाइप बंकन मशीन, हीटिंग उपकरण जैसे फ्लेम टॉर्च, भट्‌टी आदि, मापन औजार जैसे स्टील-रूल, स्क्वायर, कैलिपर, इंच टेप आदि, ग्राइंडर सोल्डरिंग आयरन का वर्णन, चयन, पहचान एवं रखरखाव की जानकारी। इकाई 3. प्लंबिंग के विभिन्न प्रकार प्रक्रम- 15 पाइप को मापना, काटना, मोड़ना, उसमें चूड़ी बनाना, पाइप का विन्यास बनाना तथा उसके अनुसार पाइप बिछाना, शौचालय, बाथरूप, रसोई में प्लंबिंग उपस्कर लगाने के कार्य पद, संभावित दो उनके कारण तथा बचाव की संक्षिप्त जानकारी, सीवेज डिस्पोजल की व्यवस्था की संक्षिप्त जानकारी।

इकाई 4. मरम्मत एवं अनुरक्षण- 12

टूट फूट एवं क्षरण के कारण, मरम्मत, क्षरण की रोकथाम, जंग लगे फ्लेंज को काटकर निकालना,

नया फ्लैंज लगाना, टोंटी का वाशर बदलना, सैनिटरी सामानों की देखभाल तथा

अनुरक्षण और मरम्मत। मरम्मत शॉप की स्थापना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 185

इकाई 5. सेनेटरी फिटिंग एवं सैनिटेशन 13

विभिन्न प्रकार की सैनिटरी फिटिंग-सिंक, बाथ टब, वाशबेसिन, फ्लशिंग सिस्टम, सिस्टर्न, क्लोजेअ

आदि की बनावट उपयोग तथा संस्थापन। ट्रैप, बेंड, सॉइल पाइप, मैन होल तथा चैंबर तथा यूरिनल ।

सेनिटेशन का महत्व, सैनिटेशन व्यवस्था एवं उसकी सफाई का वर्णन।

इकाई 6. राजगिरी 07

राजगिरी के औजार, बिल्डिंग सामग्री, सीमेंट मसाला बनाना, चिनाई कार्य, कंक्रीट भरना।

प्रयोगात्मक कार्य पूर्णांक 30

1. जल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का अभ्यास करना तथा उसमें वाटर मीटर लगाना। 2. रसोई में आरओ तथा बाथरूम में वास वेसिन फिट करना। 3. बाथरूम में ट्रैप एवं शावर लगाना तथा जांच करना। 4. वायरिंग के लिए पाइप बिछाने का अभ्यास। 5. एयर कंडीशनर के लिए पाइप फिटिंग करना। 6. 7. औजारों में धार लगाना। 8. पुरानी फिक्सचर को निकालना मरम्मत करना तथा फिर से लगाना। 9. इंस्पेक्शन चेंबर का निर्माण करना। 10 मैनहोल गुली ट्रैप का निर्माण करना। 11 डब्लू सी से सॉइल पाइप जोड़ना। 12 बाथ टब, बेसिन से पाइप जोड़ना तथा मरम्मत करना। 13. फायर के लिए मेन सप्लाई हाइड्रेंट स्प्रिंकलर इंस्टॉल करना। 14. सैनिटरी सिस्टम में लीकेज की मरम्मत करना।

यूरिनल कि फिटिंग करना।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पुस्तकों की सूची 1. कार्यशाला तकनीकि लेखक आर के लाल 2. वर्कशॉप टेकनोलॉजी लेखक एस के हाजरा 3. वर्कशॉप ट्रेनिंग मैनुअल कैटप्शन पब्लिशर्स लुधियाना 4. Manual on workshop practice by K venkata Reddy New Delhi 5. वर्कशॉप टेक्नोलॉजी लेखकबीएस रघुवंशी 6. वर्कशॉप टेक्नोलॉजी लेखक एचएस बावा माग्रो हिल पब्लिशर्स न्यू दिल्ली 7. वर्कश् 8. सैनिटेश् 9. प्लंबिंग डिजाइन प्रैक्टिस लेखक एस जी देवल लिकर

186 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

औजारों और उपकरणों की सूची

1. Rule Steel 300 mm both in inch and mm 2. Rule Wooden 4 fold, 600 mm 3. Hacksaw Frame adjustable for 250 to 300 mm 4. Scriber 200 mm 5. Centre punch 100 mm 6. Chisel Cold, flat 20 mm 7. Hammer ball peen 800 grams 8. Hammer ball peen 50 grams 9. File flat rough 300 mm 10. Levl spirit wooden 300 mm 11. Plumb bob 50 grams 12. Trowel C-125-IS: 6013 13. Still son wrench 200 & 350 mm 14. Scre Driver 250 mm 15. Wooden Mallet small IS: 2022 16. Cutting pliers 200 mm IS: 3650 17. Steel tape (5m) 18. Surface plate 400×400 mm Grade 19. Marking Table 900×600×900 mm 20. 'V' Blocks with clamps 80/7-63A IS 2949 21. Combination set 200 mm 22. Universal Scribing Block 300 mm 23. Hand Vice Jaw 50 mm 24. File flat Smooth 200 mm 25. File Half Round Rough 300 mm 26. File Square rough 250 mm 27. File Square Smooth 200 mm 28. File Triangular Rough 250 mm 29. Chisel Cold Flat 20 mm×300 mm 30. Chisel Cross Cut 6×150 mm IS-402 31. Top and tap wrench 32. Screw pitch gauge 33. Hand hacksaw frame 300 mm 34. Spanner monkey up to 50 mm 35. Soldar Iron and bit 5Nos 36. Pipe Cutter wheel type 6mmto 25mm 37. Snip Straight and bent 250 mm 38. Try square 200 mm 39. Inside and outside Calliper 150 mm 40. Tenon saw, Hand Saw 41. Mortise, Firmer Chisel 6mm,8mm,10mm,12mm,15mm,25mmEach 42. Mallet Medium IS: 2922 43. Blow lamp 500 millilitre 44. Scribing gauge 45. Soil pot with brush 46. D.E. Spanners 6mm to 32mm IS:2028 47. Bending Spring 48. Plumbers Ladle 49. Caulking Tollभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 187 50. Pipe Die and Die stock (1/4" to 21/2") with complete set 51. Pipe vice up to 75 mm IS-2587 52. Still son pattern pipe wrenches 450 mm IS-4003 53. Chain pipe wrench 90mm-650 is 4123 54. Adjustable spanner 12" IS-6149 55. Pipe bender manually operated 56. Drill Twist (straight shank) 1.5 mm to 13mm 57. Wash Basin (16" ×14"×10") 58. Water closet (European type p) complete with over head cistern 59. Urinal wall type complete with automatic system 60. Water meter 61. Fire Extinguisher (CO2 and DCP) 62. Rire Buckets with stand 63. Pedestagromder machine 64. Leg vice 75mm jaw with Stand IS-2588 65. Hand drill machine up to 13mm capacity with drill chuck (Electric) 66. Working bech 2400×1200×750mm with 4 voice 125 mm jaws 67. Double face hammers.

कक्षा-10

इलेक्ट्रीशियन

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

अंक 70

इकाई-1 07 अंक प्रत्यावर्ती धारा के उत्पादन का प्रारम्भिक ज्ञान, व़िद्युत पावर प्लाण्ट के प्रकार जैसे- हाइड्रो पावर प्लाण्ट, थर्मा पावर प्लाण्ट एवं उनके ऊर्जा के प्रारम्भिक स्रोत मोटर सेट की कार्यविधि एवं चालन।

इकाई-2 08 अंक विद्युत मोटरों की जानकारी, विद्युत के प्रकार, कार्य सिद्धांत विशेषतायें एवं उपयोग, मोटरों का तारस्थापन। सावधनियों एवं रख रखाव। इकाई-3 15 अंक विद्युत सप्लाई व्यवस्था संरक्षण, वितरण एवं फीडर की परिभाषा विभिन्न प्रकार के ए0सी0 वितरण उच्च विभव वितरण से लाभ, ओवर हेड लाइन के मुख्य अवयव, ओवर हेड कण्डक्टर के पदार्थ ओवर हेड कण्डक्टर में इस्तेमाल होने वाले इन्सुलेटर। इकाई-4 15 अंक विद्युत मापन- विभिन्न पद एवं उनकी इकाईयों, विद्युत मापन यंत्रों की जानकारी तथा धारा मापी, वोल्टता मापी, ऊर्जा मापी, शक्ति मापी, मेगर, अर्थ टेस्टर, आवृत्ति मापी, टेको मीटर, मल्टी मीटर आदि की परिपथीय ज्ञान एवं उनसे विभिन्न विद्युत राशि का मापना। इकाई-5 07 अंक सरल गृह तार स्थापन- वायरिंग के प्रकार, वायरिंग करने की विधियां एवं एक दूसरे के सापेक्ष लाभ एवं हानियॉ। एक मार्गीय स्विच द्वारा नियंत्रित एक प्रकाश बिन्दु सीढ़ी में उपयोग आने वाले वायरिंग का विद्युत परिपथ, सूचक लैम्प के साथ विद्युत घण्टी का संयोजन का परिपथ। एक स्थान से या एक से अधिक स्थान से। इकाई-6 08 अंक घरेलू उपस्करों की मरम्मत- विभिन्न उपस्कर जैसे- ट्‌यूब लाइट, छत का पंखा, टेबल लैम्प, हीटर, गीजर प्रेस आदि के कार्य सिद्धान्त एवं इनके पुर्जो के अवयवों के नाम इनका अनुरक्षण एवं बचाव विद्युत मोटरों में सम्भावित दोष एवं उपचार। इकाई-7 05 अंक बचाव उपस्कर (प्रोटेक्टिव डिवाइसेस)- फ्यूज, फ्यूज की परिभाषा, फ्यूज पदार्थों के नाम एम0सी0बी0 के कार्य एवं सिद्धान्त इलेक्ट्रिक शॉक एवं उनके बचाव, घरेलू वायरिंग में विभिन्न बिन्दुओं का भू-सम्बन्धन।

26 ड़188 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 इकाई-8 05 अंक गैर पारम्परिक ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों का प्रारम्भिक ज्ञान, पारम्परिक एवं गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के लाभ एवं उपयोग। सोलर ऊर्जा- पवन चक्की। प्रयोगात्मक कार्य- 1. विद्युत मशीनों का अध्ययन करना। 2. वाटमीटर की सहायता से किसी कार्यभार की शक्ति मापना। 3. किसी कार्यभार पर ऊर्जा मापी द्वारा ऊर्जा मापना। 4. मशीनों की ओवरहालिंग एवं एसेम्बलिंग करना। 5. टेकोमीटर की सहायता से विभिन्न विद्युत मोटरों की गति नापना।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पुस्तकों की सूची- 1. सामान्य अभियांत्रिकी अवयव- द्वारा जे0 के0 कपूर। प्रकाशन- भारत भारती प्रकाशन एण्ड कम्पनी वेस्टर्न कचहरी रोड़, मेरठ-250001 2. विद्युत अभियंत्रण के अवयव- द्वारा डॉ0 टी0डी0 बिस्ट 3. विद्युत लागत एवं आगणन- द्वारा डॉ टी0डी0 बिस्ट प्रकाशन किशोर पब्लिशर्स 159-बी आजाद नगर साउथ मलाका इलाहाबाद-211003 4. वैद्युत तकनीकी- द्वारा सिंह एवं हरजाई प्रकाशन- यूनिटेक पब्लिशर्स राधाकृष्ण मिशन मार्ग अमीनाबाद लखनऊ-226001

उपकरणों एवं औजारों की सूची-

उपकरण- 1. वोल्टमीटर 2. वाट मीटर 3. मेगर 4. एम्पीयर मीटर 5. Earth Tester (अर्थ टेस्टर) 6. मल्टीमीटर 7. टांगर टेस्टर (ंAvo meter)

औजार- 1. संयुक्त प्लायर 2. नोज प्लायर 3. पेंचकस 4. हैन्ड ड्रिल 5. पोकर 6. नियान टेस्टर 7. हेक्सा 8. हैमर 9. टेस्टिंग लैम्प 10. छोटी रेतीभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 189

आपदा प्रबन्धन

कक्षा-10

उद्‌देश्य- 1- स्कूल पर विभिन्न आपदाओं के विषय में जागरूकता प्रदान करना। 2- किसी भी आपदा के घटने पर विद्यार्थियों को स्वतः Rescue Operation (बचाव कार्य) में मद्‌द करने के लिए तैयार रहना। 3- स्कूल स्तर पर मॉडल आपदा प्रबन्धन प्लान के बारे में अवगत होना। 4- रोजगार के अवसर- इस पाठ्‌यक्रम से राज्य सरकार, केन्द्र सरकार एवं एन0जी0ओ0 में सहायक के पद पर अवसर प्राप्त होता है। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांकः 70 अंक इकाई-1 20 अंक आपदा प्रबन्धन-प्रबन्ध चक्र, आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान, आपदा के पश्चात किये जाने वाले प्रबन्धन कार्य, केन्द्र एवं राज्य सरकार, जिला स्तरीय तैयारी- आपदा प्रबन्धन के संसाधनों, मीडिया, व्यक्ति, सूचना प्रणाली आदि का उपयोग, आपदा प्रबंधन की योजना बनाना एवं मानिटरिंग, आपदा प्रबंधन की टीम बनाना, संसाधन प्रबंधन, कार्य निर्देश, ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबन्धन समिति। इकाई-2 एवं इकाई-3 20 अंक राहत- तत्कालिक हस्तक्षेप, खोज, बचाव, सुरक्षा, भोजन-पानी की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा-दीर्घकालीन व अल्पावधिक।

सुरक्षित-मैपिंग-सड़क, वैकल्पिक रास्ता, नाव, सम्पर्क केन्द्र, आश्रय, निकास, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पुलिस केन्द्र, आश्रितों के लिये सुरक्षित स्थान, गोदाम, भोजन/अन्न की उपलब्धता एवं भण्डारण, चारे की व्यवस्था, अस्थायी कैम्प, पीने के पानी की व्यवस्था, पावर बैकअप, मिट्‌टी का तेल, टेण्ट हाऊस आदि। इकाई-3 पुनर्वास-मूलभूत संसाधन, सेवाओं का पुर्नस्थापना एवं पुनर्निर्माण, सुविधाओं का पुनरारंभ, बचाव की योजना बनाना। इकाई-4 15 अंक फायर फाइटिंग एवं विद्युत सुरक्षा-आग का परिचय, आग के प्रकार, आग लगने के मूल सिद्धांत, अग्नि त्रिकोण की व्याख्या, आग बुझाने के सिद्धांत, प्राथमिक अग्निशमन यंत्र, आग बुझाने की मॉक ड्रिल, स्थायी अग्निशमन व्यवस्थायें। इकाई-5 15 अंक सुरक्षा प्रबन्धन-दुर्घटना के कारण एवं बचाव, कृत्रिम वसन, प्राथमिक उपचार, स्कूल स्तर पर, आपदा मॉडल प्रबन्धन योजना बनाना। इकाई-6 -वर्षा जल प्रबन्धन। प्रयोगात्मक विषय (Practical)- 30 अंक प्रयोग-1ः स्थानीय स्तर पर किसी आपदा के आकड़ों का संकलन, अध्ययन एवं रेखा चित्र एवं बार चित्र बनाना। प्रयोग-2ः प्राथमिक उपचार एवं कृत्रिम श्वसन का अभ्यास। प्रयोग-3ः अग्निशमन यन्त्र द्वारा आग बुझाने का अभ्यास। प्रयोग-4ः आपदा सुरक्षा उपकरणों का अध्ययन एवं अभ्यास। प्रयोग-5ः स्कूल स्तर पर आपदा मॉडल प्रबन्धन योजना बनाकर किसी आपदा पर अभ्यास करना। प्रयोग-6ः स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आपदा से निपटने की योजना बनाना। औजारों/उपकरणों की सूची- 1- विभिन्न प्रकार के अग्नि शामक यंत्र - 1 नग 2- प्राथमिक उपचार बाक्स- 3 नग 3- कम्बल- 2 नग 4- सीढ़ी- 1 नग 5- बालू की बाल्टी- 3 नग 6- स्ट्रेचर- 1 नग 7- रस्सी- 1 गठ्‌ठर 8- हथौड़ी- 2 नग 9- एक्मकेवेटर- 2 नग 10- डम्पर- 2 नग190 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

संस्तुत पुस्तकें- 1- आपदा एवं आपदा प्रबन्धन- महेश कुमार 2- Disastar Management- Dr. I.Sundar 3- Disastar Management- IGNOU Help Book 4- Environment and Disater Management- Vijram and Ravi (IAS) 5- Together Together a Saber India- 6- Natural Hazards and Disastar Management By – B.C. Jat 7- Natural Hazards and Disastar Management By – R.B. Singh 8- Disastar Management – By Sulphey M.M. 9- Disastar Management- Harsh K. Gupta 10- Disastar Management- Marinalini Panday 11- Disastar Management- S. Mukherjee

सोलर सिस्टम रिपेयर

कक्षा-10 पूर्णांक-70

इकाई-1 सोलर लाइटिंग सिस्टम 10 अंक सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर होम लाइट, सोलर लालटेन, गार्डेन लाइट, ट्रैफिक सिग्नल लाइट, रेलवे सिग्नल लाइट, रोड स्टड एवं कैट लाइट- संरचना एवं कार्य सिद्धान्त। स्टोरेज बैट्री से कनेक्शन देना, डस्क टू डॉन सिस्टम कार्य, अनुरक्षण एवं मरम्मत।

इकाई-2 मरम्मत के औजार एवं उपकरण 10 अंक विभिन्न प्रकार के मरम्मत के औजारों की संक्षिप्त जानकारी, उपयोग एवं उनके रेखाचित्र बनाना, रखरखाव की बातें।

इकाई-3 सोलर कुकर 15 अंक मूल कार्य सिद्धान्त, प्रकार, डिजाइन, निर्माण-सामग्री, घरेलू एवं सामुदायिक सोलर कुकर। सर्विस अनुसूचित, सामान्य अनुरक्षण अनुसूचित, दोष एवं मरम्मत, संक्षारण के रोकथाम। इकाई-4 मरम्मत प्रक्रम 15 अंक धातु कटिंग, वेल्डिंग, सोल्डरिंग एंव बेंच कार्यों तथा प्लास्टिक मोल्डिंग, बड़ईगीरी, धातु चद्‌दर कार्य की संक्षिप्त जानकारी एवं प्रयुक्त उपकरण का रखरखाव। इकाई-5 सोलर वाटर हीटर एवं कलेक्टर 15 अंक सोलर हाट वाटर सिस्टम का कार्य सिद्धांत, कॉपर फ्लैट प्लेट तथा इवैकुऐटेड ट्‌यूब कलेक्टर सोलर कन्सेनट्रेटर, एस0डब्लु0एच0 के पार्ट, रोधन, इरेक्शन, इलेक्ट्रिक बैक-अप हीटर क्षरण रोधी जोड़ बनाना, कवर ग्लास की देखभाल। इकाई-6 सोलर पम्प एवं पावर प्लांट 05 अंक -सोलर पम्प एवं पावर सिस्टम का कार्य सिद्धांत, देखभाल करना। -सोलर सिस्टम मानिटरिंग, टेस्टिंग एंव रिपेयर, मेंटीनेंस शेड्‌युलिंग।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 191

प्रयोगात्मक कार्य

1 सोलर स्ट्रीट लाइटिंग एवं असेम्बली-कमीशनिंग 2 सोलर लालटेन का कनेक्शन एवं ऊर्जा के खपत की गणना करना। 3 स्टोरेज बैटरी का समान्तर एवं श्रेणी क्रम में जोड़ना। 4 घरेलू लाइटिंग एवं वायरिंग में आने वाले व्यय की गणना एवं आवश्यक सामग्री की सूची बनाना। 5 विभिन्न प्रकार के मरम्मत औजारों की सूची बनाना एवं अध्ययन तथा चित्रण करना। 6 सोलर कुकर निर्माण के लिए कटिंग, वेल्डिंग एवं सोल्डरिंग करना। 7 सोलर उपकरणों की पेंटिंग करना। 8 सोलर हॉट वाटर (एस0डब्लू0एच0) सिस्टम की कमीशनिंग करना। 9 सोलर पावर सिस्टम की संरचना का अध्ययन करना। 10 किसी सोलर पावर प्लांट का विजिट करके अध्ययन करना। 11 कटिंग प्रैक्टिस, टिम्बर जोड़ बनाना, धातु के चद्‌दर को जोड़ना तथा सूल्किरिंग करना।

शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन

1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक

2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक

3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक

•   प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                  मई माह
•   द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                       जुलाई माह
•   तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर)                नवम्बर माह
•   चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर)                      दिसम्बर माह
      चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

पुस्तकों की सूची

1. सोलर एनर्जी फंडामेटल्स- एच.पी.गर्ग. एवं जे. प्रकाश 2. फोटोवोल्टिायिक टेक्नोलाजी एवं सिस्टम- चेतन सिंह सोलंकी 3. डिजाइन, इंस्टालेसन एवं आपरेशन आफ सोलर पी.वी.प्लांट्‌स- डी.के.त्यागी 4. सौर ऊर्जा- विनोद कु0 मिश्र 5. अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकी- चेतन सिंह सोलंकी

मॉडल

1. सोलर कुकर का मॉडल। 2. सोलर होम लाइट सिस्टम का मॉडल। 3. सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम का मॉडल। 4. सोलर पम्पिंग का मॉडल। 5. सोलर स्ट्रीट लाइट का मॉडल।

लैब टेक्नीशियनः-

1. आई.टी.आई. (इलेक्ट्रिशियन/फिटर)

अतिरिक्त औजारों की सूची

1. वुडेन सा (लकड़ी काटने की आरी) 2. गुनिया 3. ट्राई स्क्वायर 4. रूखानी 5. प्लेनर 6. मार्कर 7. पेटिंग ब्रश 8. बॉक्स सोलर कुकर

मोबाइल रिपेयरिंग

कक्षा-10

उदद्‌ेश्य-मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम भी है। मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हो रहा है। अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा।

192 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

1-छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर रोजगार/स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 102 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना साथ ही उसमें मोटीवेशन लाना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि जागृत करना। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-70 अंक

15 अंक

इकाई-1 -मोबाइल के संदर्भ में कम्प्यूटर का प्रारम्भिक ज्ञान। -कम्प्यूटर के ऑन/ऑफ की प्रक्रिया। -मोबाइल के संदर्भ में इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रारम्भिक ज्ञान। - इलेक्ट्रॉनिक्स अवयवों के प्रतीक, परिभाषा, परीक्षण व कार्य। -डिजिटल मल्टीमीटर।

इकाई-2

15 अंक

-मोबाइल प्रौद्योगिकी, मोबाइल का परिचय। -विभिन्न प्रकार के कम्पनियाें के मोबाइल। -मोबाइल के विभिन्न भाग व उनका परीक्षण। -मदर बोर्ड की प्रारम्भिक पहचान। -मोबाइल के प्रत्येक भाग जैसे-सिम, प्रकाश, रिंगर, कम्पन, ऑडियो, चार्जिंग की पैड व पावर सेक्शन का परिचय आरेख।

इकाई-3

12 अंक

13 अंक

15 अंक

-;ICs) आइसी (SMD & BGA) विभिन्न आइसी के कार्य। -SMD(ICs) आइसी की सोल्डरिंग व डी सोल्डरिंग। -जम्फर तकनीक और उसका समाधान। इकाई-4 -समस्या का निवारण (TROUBLE SHOOTING AND SOLUTION) -एल0सी0डी0 पर आईकॉन की स्थिति। -सॉफ्टवेयर डाउनलोड विधि। इकाई-5 -Uplink & Downlink frequency (आवृत्ति)। -जी0पी0आर0एस0 (GPRS) -जी0पी0एस0 (GPS) -वाई-फॉय (WI-FI) -ब्लूटूथ (BLUTOOTH) -इन्फ्रा रेड (INFRARED) -डायग्राम-मल्टीमीडिया हेड सेट -एप्लीकेशन को डाउनलोड करना (गेम, टोन, वाल पेपर, इमेजेस एम0पी0-3 मूवी) -डेटा का हस्तान्तरण मोबाइल से PC में करना। प्रयोगात्मक (1) हार्डवेयर (Hard Ware)

(a) मोबाइल के विभिन्न मॉडल की जानकारी व कार्य प्रणाली। (b) CDM। तथा GSM तकनीकी की जानकारी। (c) 2 जी तथा 3 जी तकनीक की जानकारी। (d) बैटरी की सम्पूर्ण जानकारी-क्षमता, टेस्टिंग।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 193

(e) माइक टेस्टिंग। (f) फाइंड डेड सेट समस्या। (g) नेटवर्किंग। (h) IMD का उपयोग। (i) सर्किट डायग्राम की जांच करना। (j) बजर टेस्टिंग, कम्पन, मदरबोर्ड टेस्टिंग, सर्चिंग (नेटवर्क)।

(2) सॉफ्टवेयर (Soft ware) -कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी प्राप्त करना। -मोबाइल में प्रयुक्त किये जाने वाले सॉफ्टवेयर की जानकारी। -लॉकिंग व अनलॉकिंग की जानकारी। -IMEI नम्बर की जानकारी। -रिंगटोन, सिंगटोन, वालपेपर, ऑडियो, वीडियो, Mp 3 Song SBJ लोड करना। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक कार्य) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-(प्रयोगात्मक कार्य) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) दिसम्बर माह

चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.) कक्षा-10 पाठ्‌यक्रम का उद्‌देश्य- राष्ट्र निर्माण एवं विकास में छात्र छात्राओं को उन्मुख करना, उनमें चरित्र निर्माण, नेतृत्व के गुण और विशेष दक्षता दिलाने के साथ-साथ उनमें सुरक्षा, सामाजिक राजनैतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन जैसी समस्याओं और चुनौतियों के लिए जागरूक करना है। जिसमें इनका भविष्य उज्ज्वल एवं उन्नतिशील तथा अनुशासित बन सके। राष्ट्रीय कैडेट कोर विशय में 70 अंकों का एक लिखित प्रश्न पत्र होगा इसका उत्तीर्ण अंक 23 होगा, आंतरिक मूल्यांकन 30 अंक का होगा, इसका उत्तीर्ण अंक 10 होगा लिखित तथा प्रोजेक्ट कार्य में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (N.C.C.)

कक्षा-10 पूर्णांक 70 अंक

इकाई-1 राष्ट्रीय कैडेट कोर 12 अंक (क) संक्षिप्त इतिहास, लक्ष्य, महत्व, उपयोगिता तथा संगठन (ख) राष्ट्रवाद, विभिन्नता में एकता (ग) सिविल डिफेंस संगठन एवं अन्य अर्द्ध सैनिक बलों से संबंध इकाई-2 सैन्य इतिहास एवं युद्ध 12 अंक (क) भारतीय थल सेना की संरचना एवं महत्व बताना (ख) भारतीय नौ सेना/वायु सेना संरचना एवं महत्व इकाई-3 असैनिक चुनौतियां एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर 12 अंक (क) आतंकवाद चुनौतियाँ, राष्ट्रीय कैडेट कोर की भूमिका (ख) नक्सलवाद चुनौतियाँ, जागरूकता राष्ट्रीय कैडैट कोर की भूमिका इकाई-4 व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व 12 अंक (क) बहुमुखी व्यक्तित्व का विकास (ख) नेतृत्व का महत्व (ग) राष्ट्रीय चरित्र निर्माण इकाई-5 आपदा प्रबंधन एवं आंतरिक चुनौतियाँ 12 अंक (क) प्राकृतिक आपदा एवं उसका प्रबंधन194 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 (ख) आंतरिक चुनौतियाँ एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर की भूमिका इकाई-6 सामाजिक जागरूकता एवं सामुदायिक विकास 10 अंक (क) मूलभूत सामाजिक सेवा की अवधारणा एवं उसकी आवश्यकता (ख) सामाजिक कार्यों के प्रति जागरूकता

प्रोजेक्ट कार्य 1- मानचित्र पर पड़ोसी देशों का अंकन। 2- प्रमुख अंतराष्ट्रीय संगठनों का अध्ययन जैसे- UNO संयुक्त राश्ट्र संघ बायटेक। 3-क्षेत्रीय संगठनों (सार्क एवं आसियान) का अध्ययन 4- मौखिक एवं ड्रिल परीक्षण। (Drill test) 5- भारत में मानचित्र पर राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन। 6- राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आपदा प्रबन्धन पर एक लेख। एन0सी0सी0 प्रयोगात्मक उपकरण एवं अन्य सामग्री की सूची 1. टोपोशीट (मानचित्र) जिला एवं प्रदेश 2. सर्विस प्रोटेक्टर मार्क A 3. प्रिज्मैटिक दिक्‌सूचक (कम्पास) 4. नक्शे (मानचित्र) (अ) संकेतिक चिन्हों का मानचित्र (ब) भारत एवं पड़ोसी राश्ट्र (स) भारत भौगोलिक (द) भारत हिन्द महासागर 5. प्रयोगात्मक नोटबुक शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट कार्य ) अगस्त माह 10 अंक 2-द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा-( प्रयोगात्मक तथा प्रोजेक्ट काय) दिसम्बर माह 10 अंक 3-चार मासिक परीक्षाएं 10 अंक • प्रथम मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) मई माह

• द्वितीय मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर) जुलाई माह

• तृतीय मासिक परीक्षा (बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर) नवम्बर माह

• चतुर्थ मासिक परीक्षा (वर्णनात्मक प्रश्नों के आधार पर ) दिसम्बर माह चारों मासिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों के योग को 10 अंकों में परिवर्तित किया जाय।

(क) नैतिक, योग तथा खेल एवं शारीरिक शिक्षा

कक्षा-10

इस विषय में 50 अंकों की लिखित परीक्षा एक प्रश्न.पत्र तीन घण्टे का होगा इसी के साथ ही 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा भी होगी। प्रयोगात्मक तथा लिखित परीक्षा विद्यालय स्तर पर होगी। लिखित तथा प्रयोगात्मक परीक्षा में मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को 'ए' 'बी' 'सी' श्रेणी प्रदान की जायेगी जिसका अंकन छात्र के अंक प्रमाण.पत्र मेें किया जायेगा। उद्‌देश्य- 1-बालकों का सर्वांगीण विकास एवं नैतिक गुणों का उन्नयन करना। 2-बालकों के वैयक्तिक, सामाजिक एवं शैक्षिक जीवन में नैतिक भावना का विकास करना। 3-बालकों में स्वस्थ्य नेतृत्व उत्तरदायित्व वहन करने की क्षमता, समय पालन, सदाचार, शिष्टाचार, विनम्रता, साहस, अनुशासन, आत्म सम्मान, आत्मसंयम, समाजसेवा, सभी धर्मों के प्रति आदर एवं सहिष्णुता तथा विश्व बन्धुत्व की भावना का विकास करना। 4-सुदृढ़ शरीर का निर्माण करने हेतु शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं की अभिवृद्धि करना। 5-बालकों के श्रम के प्रति आदर एवं आत्मनिर्भर बनने हेतु उत्पादक कार्यों के प्रति अभिरुचि का सम्वर्द्धन करना। 6-समाज सेवा की भावना का सृजन करना। 7-स्वास्थ्य के प्रति सतत्‌ जागरूकता तथा क्रीड़ा.शालीनता की भावना का विकास करना। 8-बालकों का मानसिक, शारीरिक, नैतिक, सामाजिक एवं संवेदात्मक विकास करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 195

नैतिक शिक्षा

सैद्धान्तिक विवेचन कार्य- 3 अंक 1-निम्नलिखित महापुरूषों के जीवन के प्रेरक प्रसंग स्वामी विवेकानन्द, स्वामी दयानन्द, लोकमान्य तिलक, महात्मागांधी, सुभाष चन्द्र बोस, पंडित जवाहर लाल नेहरू, पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी। 2-श्रद्धा, आज्ञापालन, त्याग, सत्य, प्रेम, सहयोग, निःस्वार्थ सेवा, श्रमदान, अहिंसा, मातृशक्ति का सम्मान और देश प्रेम पर आधारित लघु कथायें। 3 अंक 3-मानव अधिकार-जीवन, संरक्षण, सहभागिता, विकास का अधिकार, भारतीय संविधान में बाल अधिकार संरक्षण। 3 अंक 4-स्कूल में बच्चों के अधिकार शिक्षण संस्थानों में बाल अधिकार उल्लंघन, शारीरिक दण्ड, परीक्षा का बोझ, आदर्श अध्यापक। 5-शिकायत प्रणाली, अधिकार संरक्षण आयोग। 3 अंक पुस्तक-मानव अधिकार अध्ययन प्रकाशक माइंडशेयर

15 अंक

2 अंक

खेल एवं शारीरिक शिक्षा इकाई-1 शारीरिक शिक्षा- आधुनिक संकल्पना, आधुनिक समाज में शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता एवं महत्व, शारीरिक शिक्षा एवं सामान्य शिक्षा में सम्बन्ध, राष्ट्रीय एकता में खेलों की भूमिका, सामान्य ज्ञान शिक्षा एवं परीक्षण/सामूहिक वार्ता।

इकाई-2 3 अंक वृद्धि एवं विकास- शारीरिक क्रिया.कलाप में आयु एवं लिंग का अन्तर, बालक एवं बालिकाओं के शारीरिक संरचनाओं में अन्तर, शारीरिक वृद्धि एवं विकास में वंशानुक्रम एवं पर्यावरण का प्रभाव (Body types) इकाई-3 2 अंक चोट-

अर्थ, बचाव एवं व्यवस्था sprain, Strain, Contusion, Abrasion and Laceration । इकाई-4 2 अंक मांस पेशी तंत्र- परिचय, प्रकार, संरचना, कार्य, शरीर के अंगानुकूल वर्गीकरण, विभिन्न प्रकार के मांस पेशियों के लिये व्यायाम।

इकाई-5 2 अंक शिविर आयोजन- शिविर का अर्थ, उद्देश्य, महत्व, प्रकार, शिविर लगाने की सामग्री, शिविर संगठन। इकाई-6 शारीरिक थकान एवं मानसिक तनाव-

(अ) थकान का अर्थ, प्रकार, लक्षण एवं कारण, बचाव एवं निराकरण, Detraining का प्रभाव शारीरिक Fitnes पर प्रभाव।

(ब) मानसिक तनाव के कारण, निराकरण एवं उपचार।

2 अंक इकाई-7 यातायात के नियम- नियम, संकेत, सावधानियां एवं दुर्घटना से बचाव।

27 ड़196 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 योग शिक्षा

20 अंक

2 अंक

6 अंक

 1-योग एवं   योगशिक्षा            •   योग : कला एवं विज्ञान
2-योग प्रकार                      •   योग के प्रकार

▪ मन्त्रयोग एवं हठयोग

▪ समन्वित वर्गीकरण, कर्मयोग

• प्रमुख योग प्रकारों का विवेचन-

▪ ज्ञानयोग, कर्मयोग, लययोग, मन्त्रयोग,

राजयोग, हठयोग

6 अंक

3-अष्टांग योग- प्राणायाम-प्रत्याहार

• प्राणायाम वैज्ञानिक व्याख्या ▪ श्वसन प्रक्रिया ▪ आक्सीजनेशन (जारण क्रिया) ▪ वैज्ञानिक अनुसंधानात्मक निष्कर्ष

3 अंक

4-षट्‌कर्म एवं स्वास्थ्य • षट्‌कर्म : परिचय

▪ नेति

5-किशोरावस्थाः सम्बन्ध

3 अंक

जल नेति, सूत्र नेति

• किशोरावस्था स्वस्थ यौनिकता

▪ किशोरावस्था ः परिवर्तन के साथ सावधानी

संवेदनाएँ, दुष्प्रभाव और यौगिक निदान

बरतने की अवस्था

पूर्णांक-50

2 अंक

2 अंक

2 अंक

4 अंक

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम 1-अभ्यास सारणियां- (क) सामूहिक पी0टी0। (ख) योगाभ्यास। (1) मयूर आसन। (2) शीर्षासन। (3) कपालभाति। 2-कवायद और मार्च- (1) रूट मार्च। (2) कवायद और मार्च में गहन अभ्यास। (3) समारोह परेड नेतृत्व का प्रशिक्षण। 3-लेजिम- चौमुखी मोरचाल। 4-जिमनास्टिक/लोकनृत्य- (क) जिमनास्टिक एवं मलखंब (लड़कों के लिये) (1) मछली। (2) एक हाथी। (3) कमानी उड़ी। (4) दो हत्थी घोड़ा। (5) सुई डोरा। (6) कान मिट्‌टी। (7) बेल। (8) पिरामिड। मलखंब के लिये शिखर पर खड़े हों। (1) घोड़ा (पैरलल बार्स)। (2) रेस्टिंग ऑन बोथ बार्स क्लिफ ऑफ फॉरवर्ड। (3) बेन्ट आर्म डबल मार्च फॉरवर्ड (बाजू झुकाकर आगे की ओर तेजी से बढ़ना)।

(4) आगे और पीछे की ओर झूलना और आगे की ओर प्रत्येक एक बार झूलने पर बाजुओं को झुकाना।

(5) झूलते हुये बाजू को झुकाना, पीठ ऊपर की ओर उठाना। (6) डिप्स।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 197

(7) पिरामिड-विभिन्न रचनायें। (ख) लोकनृत्य (लड़कियों के लिये) एक लोकनृत्य उसी क्षेत्र का तथा एक किसी अन्य क्षेत्र का। (लड़कों के लिये) हाई स्कूल स्तर अर्थात्‌ 8 से 11 की ऐसे लोकनृत्यों की सिफारिशें की जाती हैं जिसमें पर्याप्त शारीरिक श्रम पड़ता है।

5 अंक

5 अंक

5-बड़े खेल/छोटे खेल और रिले- (क) बड़े खेल- बड़े खेल की आधारभूत तकनीकें। खेलों में भाग लेना। (ख) छोटे खेल- (1) थ्री कोर्टडॉज बॉल। (2) स्काउट। (3) पोस्ट बॉल। (4) बाउन्स हैण्ड बॉल। (5) पुट इन टू द सर्किल। (6) स्टीलिंग स्टिक। (7) लास्ट कपल आउट। (8) सेन्टर बेस। (9) सोल्जर्स तथा ब्रिगेड। (10) सर्किल चेन। (ग) रिले- कोई नहीं। 6-धावन तथा मैदान की प्रतियोगितायें परीक्षण और पदयात्रा- (क) धावन पथ और मैदान की प्रतियोगितायें- (1) 100 मी0 की दौड़। (1) रिले। (2) 800 मी0 की दौड़। (2) जैवलिन थ्रो। (3) लम्बी छलांग। (3) डिस्कस थ्रो। (4) ऊँची छलांग। (5) शॉट पुट। (6) 4×100 मी0 रिले (तकनीक)। (7) डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो (तकनीक)। (ख) परीक्षण-राष्ट्रीय शारीरिक दक्षता- (1) मानक निष्पति परीक्षण। (2) शक्ति/सहनशक्ति परीक्षण। (ग) पदयात्रा- क्रॉस कन्ट्री। लड़को के लिये पदयात्रा- (1) 6.44 से 7.25 किलोमीटर (4 से 4.5 मील)। (2) 4.83 से 6.44 किलोमीटर क्रॉस कन्ट्री (3 से 4 मील)। लड़कियों के लिये पद यात्रा- (1) 1.61 से 4.03 किलोमीटर (1 से 2 मील) लड़कों के लिये क्रॉस कन्ट्री। (2) 0.81 से .42 किलोमीटर (0.5 से 1.5 मील) लड़कियों के लिये क्रॉस कन्ट्री। 7-मुकाबले के लिये- (क) साधारण मुकाबले- (1) पंजा झुकाना (फिंगर बैंड)। (2) खींच कर खड़ा करना (पुट टू स्टैण्ड)। (3) छड़ी धकेल (पुश अवे)। (4) छड़ी खींच (पुल इन)। (5) रिक्शा खींच (रिक्शा पुल)। (6) रिक्शा ठेल (रिक्शा पुश)।

198 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(7) जमीन से उठाना (लिफ्ट ऑफ)। (ख) सामूहिक मुकाबले- (1) छड़ी और कैदी (रेड्‌स ऐण्ड ब्ल्यूज)। (2) जहरीली मुंगरी (प्वाइज़न क्लब)। (ग) कुश्ती- (1) पटका कम। (2) पटका कम के लिये तोड़। (3) दो दस्ती। (4) लाना। (5) उखेड़। (घ) जूडो- (1) एक हाथ की पकड़ छुड़ाना। (2) दोनों कलाइयों की पकड़ छुड़ाना। (3) एक ही जगह में कलाई पर दो दोहरी पकड़ छुड़ाना। (4) सामने के गले की पकड़ छुड़ाना। (5) सामने के बालों की पकड़ छुड़ाना। (6) सिर पर प्रहार से बचाव। (7) पीछे से कमीज की पकड़ छुड़ाना। (8) पीछे से की गयी कमर की पकड़ छुड़ाना। (9) सामने से की गयी कमर की पकड़ छुड़ाना। (ङ) कटार चलाना- जाम्बिया। लड़कियों लिये- (1) पैर के प्रहार से बचाव। (2) कमर पर प्रहार से बचाव। (3) चार बार। 8-राष्ट्रीय आदर्श और अच्छी नागरिकता, व्यावहारिक परियोजना और सामूहिक गान- 4 अंक (क) राष्ट्रीय आदर्श और अच्छी नागरिकता- (1) अच्छी आदत। (2) हमारे संविधान के मूल आधार। (3) पंचवर्षीय योजनायें और हाल में हुए विकास कार्य। (4) भारतीय संस्कृति। (ख) व्यावहारिक परियोजनायें कोई नहीं- (1) प्राथमिक उपचार। (2) समाज सेवा। (3) भीड़ का नियन्त्रण। (4) खेल.कूद का आयोजन। (ग) सामूहिक गान- राष्ट्रीय गीत-एक गीत क्षेत्रीय भाषा में एक किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा और एक राष्ट्र भाषा में। 9-(1) वृद्धों, विकलांगों, रोगियों, असहायों एवं निर्धनों की सेवा सुश्रुषा करना- 2 अंक (2) साक्षरता अभियान, पर्यावरण संरक्षण आदि में योगदान करना। विचार/सुझाव- जिम्नास्टिक, खेल से सम्बन्धित खेल विशेषज्ञ से Practical की सलाह ली जाये। इसी प्रकार छोटे खेल (सहायक मनोरंजन खेल) की। शारीरिक शिक्षा, मार्चपास्ट हेतु N.C.C. विभाग Sports Medicine हेतु डॉक्टर, डांस हेतु डांस टीचर आदि विशेषज्ञों की सेवायें ली जाये। ''हम और हमारा स्वास्थ्य'' प्रकाशक ''होप इनीशियेटिव''।

10-सूक्ष्म व्यायाम • पैर की अंगुलियों के लिए 6 अंक

• एड़ी एवं पूरे पैर के लिए

• पंजों के लिए

• घुटने एवं नितम्बों के लिए

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 199

• घुटनों के लिए

• पेट तथा कमर के लिए

• पीठ के लिए

• हाथ की अंगुलियों के लिए

• पूरे हाथ के लिए

• कोहनी के लिए

• गर्दन के लिए

• आँखों के लिए

11-आसन और स्वास्थ्य • खडे़ होकर किए जाने वाले पाश्र्व उत्तासन, परिवृत पाश्र्व कोणासन,उत्थितपाश्र्व कोणासन, बकासन 6 अंक • बैठकर किए जाने वाले पद्‌मासन, वज्रासन, आकर्ण-धनुरासन,

हस्तपादांगुष्ठासन, मेरुदण्डासन, भू-नमासन-I • पेट के बल मकरासन-II, तिर्यक्‌ भुजंगासन। • पीठ के बल सेतुबन्धासन, कर्णपीड़ासन, सर्वांगासन, शीर्षासन,

शवासन

12-मुद्रा और स्वास्थ्य • मुद्रा : परिचय एवं प्रकार 4 अंक

 हस्तमुद्राएँ

-पंचतत्त्वों का संतुलन मुद्रा अभ्यास हठयौगिक मुद्राएँ  वरुणमुद्रा, धारणाशक्तिमुद्रा  विधी, लाभ एवं सावधानी

• भस्त्रिका, कपालभाति (प्राणायाम), 4 अंक

• नाड़ी शोधन, सूर्यभेदी

13-प्राणायाम ः अर्थ एवं प्रकार, प्राणायाम हेतु कुछ नियम, विविध प्राणायाम, विधि, लाभ एवं सावधानियाँ

• योगनिद्रा-तनाव मुक्ति की एक प्रक्रिया

14- निद्रा, अनिद्रा एवं योगनिद्रा

महापुरुषों की जीवन गाथा का अध्ययन

1. मंगल पाण्डेय 2. रोशन सिंह 3. सुखदेव 4. लोकमान्य तिलक 5. गोपाल कृष्ण गोखले 6. महात्मा गांधी 7. खुदी राम बोस 8. स्वामी विवेकानन्द 9. स्वामी दयानन्द सरस्वती

(ख) समाजोपयोगी उत्पादक, कार्य एवं समाज सेवा कार्य

कक्षा-10

(ख) समाजोपयोगी उत्पादक एवं समाज सेवा कार्य-

स्थानीय सुविधानुसार निम्नलिखित में से कोई कार्य कराया जाय।

(1) विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां बोना।

200 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(2) विद्यालय में घास का लॉन तैयार करना।

(3) गमलों में दीर्घजीवी शोभायुक्त पौधे लगाना।

(4) विद्यालय की बाउण्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना।

(5) वृक्षारोपण।

(6) कताई-बुनाई।

(7) काष्ठ शिल्प।

(8) ग्रन्थ शिल्प।

(9) चर्म शिल्प।

(10) धातु शिल्प।

(11) धुलाई, रफू, बखिया।

(12) रंगाई और छपाई।

(13) सिलाई।

(14) मूर्ति कला।

(15) मत्स्य पालन।

(16) मधुमक्खी पालन।

(17) मुर्गी पालन।

(18) साग-सब्जी का उत्पादन।

(19) फल संरक्षण।

(20) रेशम तथा टसर का काम।

(21) सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण।

(22) हाथ से कागज बनाना।

(23) फोटोग्राफी।

(24) रेडियो मरम्मत।

(25) घड़ी मरम्मत।

(26) चाक तथा मोमबत्ती बनाना।

(27) कालीन एवं दरी का निर्माण।

(28) फूलों, फलों तथा सब्जियों के पौधे तैयार करना।

(29) लकड़ी, मिट्‌टी आदि के खिलौने का निर्माण।

(30) बेकरी और कन्फेक्शनरी का काम।

(31) उपर्युक्त की सुविधा न होने पर कोई स्थानीय प्रचलित कार्य।

उपर्युक्त कार्यों के लिये निर्धारित पाठ्‌यक्रम

एक–विद्यालय की कृषि भूमि पर आधारित ऋतु अनुसार फूल-पत्तियों का लगाना एवं सब्जियां बोना

उद्देश्य– (1) छात्रों में बोध कराना कि ऋतु फूल-पत्तियों को लगाने तथा सब्जियों को बोने से जहां एक ओर आस-पास की वायु शुद्ध होती है, प्रदूषण दूर होता है, वहीं दूसरी ओर ताजी सब्जियां खाने को मिलती है, जिससे शरीर के स्वास्थ्य के लिये आवश्यक विटामिन तथा खनिज लवणों की आपूर्ति होती है। (2) छात्रों का ऋतु के अनुसार फूल-पत्तियों तथा सब्जियों का चयन कर उन्हें लगाने तथा उनकी खेती करने का कौशल विकसित करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 201

पाठ्‌यक्रम (1) शीतकाल में सोया, मेथी, पालक, फूलगोभी, गांठ-गोभी, पात गोभी, लहसुन, प्याज, कलेन्डुला, डेहलिया, स्टोशियन, गुलदाउदी, सूरजमुखी आदि के पौध लगाना। (2) ग्रीष्मकाल में कैना कोचिया, पोर्टलाका, बनीनिया आदि के पौध लगाना। (3) अक्तूबर-नवम्बर (शरद ऋतु) में गुलाब के पौध लगाना। (4) पौधों की सुरक्षा के उपाय करना, बाड़े लगाना। (5) समय-समय पर सिंचाई करना आदि।

दो–विद्यालय में घास का लांन तैयार करना

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि मैदान में घास लगाने से विद्यालय की सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ भूमि का कटाव नहीं होता, भूमि में फिसलन नहीं होती, लान की हरी-हरी घास नेत्रों की रोशनी के लिये लाभदायक होती है तथा घास के बढ़ने पर उनसे पशुओं के लिये चारा भी उपलब्ध हो सकता है। (2) छात्रों में विद्यालय तथा घर के आस-पास की रिक्त भूमि पर घासों का लांन तैयार करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) तैयार मिट्‌टी के दूब या इसी प्रकार की लांन के लिये उपयुक्त अन्य घास के पौधे रोपना तथा पानी देना। (2) समय-समय पर सिंचाई करना तथा उर्वरक (यूरिया आदि) डालना। (3) घास बड़ी होने पर उसकी समुचित कटाई करते रहना जिससे लांन की मखमली सुन्दरता बनी रहे। (4) घास का कीटों से नष्ट होना तथा पशुओं से बचाने के लिये सुरक्षा के उपाय करना।

तीन–गमलों में दीर्घजीवी, शोभायुक्त पौधे लगाना

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि घर के आस-पास भूमि की कमी या अभाव होने पर भी गमलों में दीर्घ-जीवी, शोभायुक्त पौधे लगाये जा सकते हैं, जिनसे पर्यावरणीय प्रदूषण कम किया जा सकता है। (2) छात्रों में सुरुचि एवं सौन्दर्य भावना जागृत करने के लिये गमलों में दीर्घजीवी, शोभायुक्त पौधे लगाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) गमलों में अनावश्यक रूप से उगने वाले खर-पतवार की सफाई तथा समय-समय पर खुरपी की सहायता से हल्की गुड़ाई। (2) गमलों को आवश्यकतानुसार धूप तथा छाया में रखने की जानकारी। (3) गमलों को जानवरों से बचाने के उपाय। (4) आवश्यकतानुसार पौधे के ऊपर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव।

चार–विद्यालय की बाउन्ड्री पर हेज लगाना, लतायें लगाना

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि विद्यालय की शोभा इसकी बाउन्ड्री पर हेज तथा लतायें लगाने से बढ़ती है, साथ ही इससे पर्यावरणीय प्रदूषण कम होता है तथा मिट्‌टी का क्षरण रुकता है। (2) छात्रों में विद्यालय (साथ ही घर) की बाउन्ड्री पर हेज अथवा लतायें लगाने का शौक तथा कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) लताओं को लगाने हेतु किसी उपयुक्त तथा मनपसन्द लता का चुनाव कर उसे वर्षा ऋतु में लगाना। (2) पशुओं से सुरक्षा के उपाय करना। (3) समय-समय पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करना। (4) हेज तथा लताओं को समय-समय पर करीने से कटिंग करना। (5) आवश्यकतानुसार खाद एवं उर्वरक डालना।

पाँच–वृक्षारोपण

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि वृक्ष मानव जाति के अस्तित्व के लिये आवश्यक है, इनसे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचता है, भूमि का कटाव रुकता है, समय पर उपयुक्त वर्षा होती है, भोज्य पदार्थ, औषधियां, इमारती तथा ईंधन की लकड़ियां प्राप्त होती हैं। वृक्ष वास्तविक अर्थ में मानव के सच्चे मित्र एवं रक्षक हैं।

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(2) छात्रों में वृक्षारोपण का शौक तथा कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) जिन वृक्षों के बीज बोये जाते हैं, उन वृक्षों के बीज तैयार कर गड्‌ढों में वर्षा ऋतु में बोना। (2) वृक्षों की सुरक्षा हेतु आवश्यक उपाय करना, जाली अथवा बाड़ लगाना। (3) समय-समय पर खर-पतवार निकालना, गुड़ाई-निराई करना तथा सिंचाई करना। (4) आवश्यकतानुसार शाखाओं, प्रशाखाओं की कटिंग करना।

छः–कताई-बुनाई

उद्देश्य– (1) छात्रों की सूत, खजूर की पत्ती, नाइलोन का धागा तथा सुतली से बुनाई करने को बोध कराना। (2) आसनी बुनना, चटाई बुनना तथा टाट-पट्‌टी बुनने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) गांठे लगाने का अभ्यास। (2) नटे व इकहरे ताने की पहचान। (3) ताने की बॉबिन भरना, ताना करना, केथी तथा वयभरी ताना लूम पर चढ़ाना, ताना बीम चढ़ाना आदि। (4) खादी बुनावट का अभ्यास। (5) सूती सादी चादर, धारीदार तथा चारखानेदार चादरों के बुनने का अभ्यास। (6) आसन बुनने का अभ्यास आदि।

सात–काष्ठ-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि भव्य इमारतों तथा फर्नीचरों के निर्माण तथा सजावट की वस्तुयें तैयार करने में काष्ठ-शिल्प का ज्ञान नितान्त आवश्यक है। (2) इस कला द्वारा छात्रों के साथ नेत्र एवं मस्तिष्क में सामंजस्य स्थापित होता है।

पाठ्‌यक्रम

(1) जोड़ की शुद्धता एवं लकड़ी की प्लेनिंग करना। (2) कील तथा पेंच का सही ढंग से प्रयोग करना। (3) छात्रों को छोटी टेबुल, स्टूल, बेंच तथा लकड़ी की कुर्सियों के निर्माण का अभ्यास।

आठ–ग्रन्थ-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों को पुस्तकों एवं अभ्यास पुस्तिकाओं को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने का बोध कराना। (2) छात्रों में पुस्तकों को सिलने तथा उनकी जिल्दसाजी का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) लई, अधरी तथा सुसज्जा के अन्य वस्तुओं की जानकारी तथा उन्हें तैयार करने का अभ्यास। (2) विभिन्न साइजों एवं आकृतियों के लिफाफे, राइटिंग पैड, फाइलें, अलबम, चित्रों के फ्रेम व केस आदि तैयार करने का अभ्यास। (3) हिन्दी व अंग्रेजी अक्षरों को कलात्मक ढंग से लिखने का अभ्यास करना।

नौ–चर्म-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि दैनिक जीवन में चर्म से बनी वस्तुयें कितनी उपयोगी हैं। (2) छात्रों में चर्म से विभिन्न प्रकार की दैनिक जीवनोपयोगी वस्तुओं के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) स्कूल बैग, होल्डाल आदि के किनारों पर चमड़े की पट्‌टी लगाने का अभ्यास। (2) विभिन्न प्रकार के पर्स, चश्मा केश, कंघा केश, चाभी केश आदि बनाने का अभ्यास।

दस–धातु-शिल्प

उद्देश्य– (1) छात्रों की धातु-अधातु में अन्तर तथा धातुओं के महत्व को बोध कराना।

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(2) छात्रों का धातुओं से बनी दैनिक जीवन में उपयोगी वस्तुओं के मामूली टूट-फूट की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) रिबट के द्वारा जोड़ने, रांगे से जोड़ने तथा सोम जोड़ का अभ्यास। (2) लोहे तथा टीन की चादरों द्वारा सही माप के डिब्बे तथा छोटे बक्से तैयार करने का अभ्यास। (3) टिन की चादर से सरल प्रकार के छोटे खिलौने तैयार करने का अभ्यास।

ग्यारह–धुलाई, रफू तथा बखिया

उद्देश्य– छात्रों को बोध कराना कि धुलाई, रफू तथा बखिया द्वारा प्रत्येक परिवार में प्रयोग होने वाले वस्त्रों को अधिक समय तक पूर्व चमक-दमक के साथ चलाया जा सकता है तथा इस प्रकार आर्थिक बचत की जा सकती है।

पाठ्‌यक्रम

(1) ऊनी, सूती, रेशमी कपड़ों की मरम्मत का अभ्यास। (2) रफू करने की विधि तथा रफू करते समय सही टांके लगाने का अभ्यास। (3) माड़ी लगाना, हर प्रकार के कपड़ों पर सही ढंग के ताप का ध्यान रखते हुये लोहा करना तथा फिनिशिंग का अभ्यास।

बारह–रंगाई तथा छपाई

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि हर प्रकार के वस्त्रों को किस प्रकार रंगाई तथा छपाई कर उन्हें नयनाभिराम तथा आकर्षक बनाया जा सकता है। (2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की रंगाई-छपाई के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) सूत का बेसिक रंग से रंगाई का अभ्यास। (2) ऊन और रेशम की अम्लीय रंगों से रंगाई का अभ्यास। (3) सूती मेजपोश, रूमाल तथा तकिया का गिलाफ, रेपिड फास्ट रंगों से छापा छापने का अभ्यास। (4) स्टेन्सिल ब्रश से छपाई करने का अभ्यास।

तेरह–सिलाई

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि सिलाई कला के अभ्यास से पर्याप्त धन की बचत की जा सकती है। (2) छात्रों में सूती, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों की सिलाई के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) सिलाई की मशीन के विभिन्न कल-पुर्जों तथा उनके कार्य की जानकारी। (2) नाप लेने के प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष प्रणाली का ज्ञान तथा अभ्यास। (3) विभिन्न प्रकार की पोशाकों के लिये पेपर कटिंग का अभ्यास। (4) बच्चे, स्त्री तथा पुरुषों के सामान्य प्रयोग की पोशाकों की सही कटिंग करना तथा उनकी सिलाई का अभ्यास लड़कियों का कुर्त्ता, सलवार, ब्लाउज़, पेटीकोट, अन्डरवीयर, कुन्देदार पैजामा, सादा फुलपैण्ट, कुर्ता, कमीज बंगला कुर्ता, फ्रॉक, नेकर आदि)।

चौदह–मूर्ति कला

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि मूर्ति कला का जीवन से कितना गहरा सम्बन्ध है, यह विगत स्मृतियों को जीवित रखने का एक मुख्य साधन है। (2) छात्रों में मूर्ति कला के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) अनेक प्रकार की डिज़ाइन बनाने का अभ्यास। (2) भट्‌ठी में बर्तन तथा मूर्तियां पकाने का अभ्यास। (3) मूर्ति-कला में रंगों की जानकारी तथा उसका सही प्रयोग और कलानुसार सजावट का अभ्यास। (4) दैनिक जीवन में प्रयोग आने वाले बर्तन-गिलास, कटोरी, प्याले, दीपक, तस्तरी राखवानी, धूपवानी, फूलदान, गमला, फूलों की आकृतियाँ, फल, सब्जियों के मॉडल आदि बनाने सुखाने, पकाने तथा रंगने का अभ्यास।

28 ड़204 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

पन्द्रह–मत्स्य पालन

उद्देश्य– (1) छात्रों को बोध कराना कि मत्स्य पालन से पौष्टिक आहार प्राप्त होता है, मत्स्योत्पादन एक लाभकारी उद्योग है। (2) छात्रों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करना तथा सही विधि से मत्स्य पालन करना सिखाना।

पाठ्‌यक्रम

(1) मत्स्य के जीवन वृत्तान्त की जानकारी तथा टैंक में मत्स्य पालन का अभ्यास। (2) भारत में पायी जाने वाली मत्स्य की साधारण किस्मों की जानकारी तथा उनके पालने की विधि की जानकारी एवं अभ्यास। (3) तालाब में मत्स्य की खेती का अभ्यास।

सोलह-मधुमक्खी पालन

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि मधु एकत्र करने के लिये मधुमक्खियों को पाला जा सकता है। (2) छात्रों को बोध कराना है कि मधु अनेक दवाइयों में प्रयुक्त होती है तथा अत्यन्त स्वास्थ्यवर्धक भोज्य पदार्थ है। (3) छात्रों में मधुमक्खियों को मौन गृह में रखना तथा उनके रख-रखाव और शहद निकालने का कौशल विकसित करना है।

पाठ्‌यक्रम

(1) फलों के मौसम के अनुसार मौनवंशों की इकाई बदलते रहने की जानकारी। (2) अधिक ठंड से मौनगृहों की सुरक्षा के उपाय करना। (3) अधिक गर्मी से मौनगृहों की सुरक्षा के उपाय करना।

(4) चीटियों से मौनगृहों की सुरक्षा के उपाय करना। (5) मधुमक्खियों को रोगों तथा शत्रुओं से बचाने के उपाय करना। (6) मधुमक्खियों के लिये उचित भोजन पानी की जानकारी। (7) मौनगृहों से शहद एकत्र करने की विधि की जानकारी।

सत्रह-मुर्गी पालन

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि प्रोटीन भोजन का एक मुख्य अवयव है। प्रोटीन का सरलता से उपलब्ध होने वाला प्रमुख साधन अण्डा है जिसे मुर्गी पालन से प्राप्त किया जा सकता है। (2) छात्रों में मुर्गी के आवास व्यवस्था, रख-रखाव, रोग तथा उनके उपचार मुर्गी फार्म के हिसाब से रख-रखाव का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम (1) चूजे इन्क्यूप्रेटर से निकालने के 48 घन्टे बाद फार्म से ले आकर उसे विधिवत्‌ पालना, कीडे़ मारने की दवाइयां देना, टीके लगवाना, उचित दाना-पानी तथा प्रकाश की व्यवस्था करना। (2) बेकार और बीमार मुर्गियों की पहचान करना तथा उन्हें छांटकर अलग करना। (3) दिन में 4 बार एक निश्चित समय पर अण्डे एकत्र करना।

(4) बाड़े की सफाई, बिछावन की सफाई, पानी के बर्तनों एवं फीडर्स की नियमित सफाई करना। (5) मुर्गी फार्म के हिसाब से रख-रखाव की जानकारी प्राप्त करना।

अट्‌ठारह-शाक-सब्जी का उत्पादन

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि आहार में शाक-सब्जी का कितना महत्वपूर्ण स्थान है तथा वे सब प्रकार के विटामिन, खनिज एवं लवणों की आपूर्ति कर हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं तथा रोगों से लड़ने की क्षमता उत्पन्न करते हैं। (2) छात्रों में मौसम के अनुसार शाक-सब्जी को पैदा करने का कौशल विकसित करना।

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पाठ्‌यक्रम

(1) शाक-सब्जी में लगने वाले कीड़ों, रोगों की जानकारी तथा उनसे सुरक्षा के उपाय। (2) कीटनाशक दवाओं के प्रयोग में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी तथा अभ्यास। (3) खेत से शाक-सब्जी निकालने की सही विधि की जानकारी।

(4) शाक-सब्जी के सड़ने के कारणों तथा उसे बचाने के उपायों की जानकारी व उनका रख-रखाव। (5) शाक-सब्जी के संरक्षण की जानकारी, बोतल बन्दी तथा डिब्बा बन्दी की जानकारी, उनसे लाभ-हानि।

उन्नीस-फल संरक्षण

उद्‌देश्य- (1) फलों के नष्ट होने की प्रक्रिया का छात्रों को बोध कराना। (2) विभिन्न प्रकार के फलों के संरक्षण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) टमाटर की सॉस बनाने का अभ्यास। (2) कोहड़े का केचअप बनाने का अभ्यास। (3) नींबू या मालटा का स्क्वैश बनाने का अभ्यास।

(4) उपर्युक्त तैयार सामग्रियों के डिब्बा बन्दी की जानकारी। (5) सावधानियां तथा सुरक्षा के नियमों की जानकारी।

बीस-रेशम तथा टसर का काम

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि रेशम के कीड़ों का पालन कर रेशम का धागा प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में शहतूत के पौधों का उत्पादन करना, शहतूत के पौधों पर रेशम के कीटों का पालन करना, प्यूपा (कोया) एकत्र कर उनसे रेशम का धागा प्राप्त करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) शहतूत के पेड़ तथा पत्तियों को शत्रु कीटों से बचाना, शहतूत की रक्षा करना। (2) शहतूत के पौधों को समय-समय से खाद एवं पानी देना। (3) शहतूत की पत्ती तोड़ने की विधियों की जानकारी, उनका तुलनात्मक अध्ययन तथा अभ्यास।

(4) रेशम कीट की बीमारियों की पहचान तथा उनसे रेशम कीड़ों के बचाव के उपाय करना।

इक्कीस-सुतली तथा टाट-पट्‌टी का निर्माण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि सुतली तथा टाट-पट्‌टी कुटीर उद्योग है जिससे ग्रामीण अर्थ व्यवस्था सुधारने में सहायता मिल सकती है तथा कम पूंजी में इसे प्रारम्भ किया जा सकता है एवं इसके लिये कच्चा माल सुगमता से प्राप्त किया जा सकता है।

(2) छात्रों में सुतली तथा टाट-पट्‌टी के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) टाट-पट्‌टी बुनने की मशीन की जानकारी प्राप्त करना तथा उस पर कार्य करने का अभ्यास करना। (2) अच्छे किस्म की रस्सी का निर्माण का अभ्यास करना। (3) सादी तथा रंगीन टाट-पट्‌टी के निर्माण का अभ्यास करना तथा अच्छी फिनिशिंग का अभ्यास करना।

बाइस-हाथ से कागज बनाना

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि आधुनिक युग में ज्ञान के विकास तथा उसे सुरक्षित रखने में कागज का महान योगदान है।

(2) छात्रों में हाथ से कागज बनाने के कौशल का विकास करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) कागज को सुखाने तथा पालिश करने की विधि की जानकारी तथा उसका अभ्यास। (2) ग्लेजिंग करना। (3) स्याही सोख कागज तैयार करना।

(4) बेकार लुग्दी का प्रयोग करना।

206 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

तेईस-फोटोग्राफी

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि विगत स्मृतियों को साकार रूप से सुरक्षित रखने के लिये फोटोग्राफी एक सशक्त माध्यम है।

(2) छात्रों को फोटो खींचने, उनका डेवलपमेन्ट करने, प्रिंटिंग तथा इन्लार्जमेन्ट करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) निगेटिव की टचिंग तथा कलर करना। (2) प्रिंटिंग बाक्स द्वारा कान्टेक्ट प्रिन्ट करना। (3) इनलाइजर से इन्लार्जमेन्ट बनाना।

(4) इन्लार्जमेन्ट तैयार होने के बाद फोटो को कलर करना और फिनिशिंग करना। (5) किसी फोटो से इन्लार्जर द्वारा निगेटिव तैयार करना। (6) रंगीन फोटोग्राफी की जानकारी तथा अभ्यास।

सावधानियां-

(1) प्रिंटिंग डेवलपिंग का कार्य डार्करूम में ही करें। (2) लाल प्रकाश में ही प्रिंटिंग, डेवलपिंग करें, कार्य समाप्त होने के बाद ही।

चौबीस-रेडियो मरम्मत

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेप रिकार्डर तथा टू-इन-वन के बारे में बोध कराना।

(2) रेडियो तथा ट्रांजिस्टर की असेम्बलिंग एवं रिपेयरिंग का कौशल विकसित करना। (3) टेप रिकार्डर तथा टू-इन-वन की मरम्मत करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) टेप रिकार्डर के दोषों को ढूढ़ने एवं उन्हें सुधारने का अभ्यास। (2) टू-इन-वन के दोषों को ढूढ़ने तथा उन्हें सुधारने का अभ्यास। (3) रेडियों तथा ट्रांजिस्टर की असेम्बलिंग का अभ्यास।

(4) बैटरी एलीमिनेटर की जानकारी। (5) अपेक्षित सावधानियों तथा सुरक्षा के नियमों की जानकारी (विशेषतः विद्युत्‌ आघात से बचने के लिये सही उपायों तथा सुरक्षा नियमों की जानकारी)।

पच्चीस-घड़ी मरम्मत

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में कम लागत में घड़ियों की मरम्मत तथा रख-रखाव की क्षमता का विकास करना।

(2) मैकेनिकल तथा एलेक्ट्रिकल प्रकार की कलाई घड़ी, टेबुल घड़ी तथा दीवार घड़ी की मरम्मत, सर्विसिंग और संयोजन (असेम्बली) का कौशल विकसित करना।

(3) छोटे-छोटे कल-पुर्जों को लेकर किये जाने वाले कार्यों में बरतने योग्य सावधानियों का अभ्यास करना।

पाठ्‌यक्रम (1) विभिन्न प्रकार की घड़ियों को खोलना, सफाई करना, टूटे पुर्जों की मरम्मत करना अथवा उसके स्थान पर उपयुक्त ढंग से नये पुर्जे लगाना तथा टाइप सेटिंग करना, ओवरहॉलिंग करना। (2) घड़ियों के क्रय-विक्रय में अपेक्षित सावधानियों की जानकारी। (3) सावधानियां एवं सुरक्षा के नियम।

(4) घड़ी मरम्मत की कार्यशाला के प्रबन्ध सम्बन्धी जानकारी।

छब्बीस-चाक एवं मोमबत्ती बनाना

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि कम लागत की पूंजी में चाक एवं मोमबत्ती का लघु कुटीर उद्योग प्रारम्भ किया जा सकता है जिसकी खपत आस-पास के परिवेश में हो सकती है।

(2) छात्रों में चाक एवं मोमबत्ती बनाने का कौशल विकसित करना।

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पाठ्‌यक्रम (1) जब सांचे के अन्दर मोम जम जाये तो सांचे को पानी के बाहर निकालना तथा ऊपर एवं नीचे का धागा चाकू से काट कर सांचे को खोलना एवं मोमबत्ती बाहर निकालना। (2) तैयार मोमबत्ती की पैकिंग कर विक्रय हेतु तैयार करना। (3) पैराफीन मोम को कम आंच पर पिघलाना चाहिये। अतः इसका सावधानीपूर्वक अभ्यास करना।

सत्ताइस-कालीन तथा दरी का निर्माण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि विभिन्न अवसरों पर बिछाने तथा ड्राइंग रूम को सजाने में कालीन तथा दरी का भारी उपयोग होता है।

(2) छात्रों में कालीन तथा दरी बुनने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) दरी बुनाई, गणित व विभिन्न प्रकार की डिजाइनों की जानकारी व तद्‌नुसार बुनाई का अभ्यास। (2) कालीन बुनाई की तकनीक की जानकारी व बुनाई का अभ्यास। (3) कालीन की धुलाई, कालीन के सीधे और धागों की छंटाई तथा सतह को चिकना बनाने का अभ्यास।

(4) दरी तथा कालीन बुनने में सावधानियों की जानकारी।

अट्‌ठाइस-फूलों, फलों तथा सब्जियों की पौध तैयार करना

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि अच्छी प्रजाति के पौधे तैयार कर उनके सही रोपण द्वारा पौधे शीघ्र बढ़ते हैं तथा उनसे उत्पादन भी अधिक होता है।

(2) छात्रों में मौसम के अनुसार सब्जियों तथा फूलों का चयन कर उनकी पौध तैयार करने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) स्थानीय मांग के अनुसार फूलों, फलों तथा सब्जियों की पौध तैयार करना। (2) पौध लगाने के लिये भूमि की तैयारी करना, भूमि की चारों ओर फेसिंग (बाड़) लगाने का कार्य करना तथा सिंचाई की व्यवस्था करना। (3) पौध तैयार करने के लिये उपर्युक्त खाद तथा उर्वरकों का ज्ञान एवं सही चुनाव का अभ्यास।

(4) पौध तैयार करने के लिये अच्छे बीजों के चुनाव की जानकारी।

उन्तीस-लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौनों का निर्माण

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना कि लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने बच्चों के लिये आकर्षण के केन्द्र तथा ड्राइंग रूम सजाने के लिये सुन्दर साधन होते हैं।

(2) छात्रों में लकड़ी तथा मिट्‌टी के खिलौने के निर्माण का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) खिलौनों को चिकना बनाने तथा विभिन्न रंगों के प्रयोग की जानकारी तथा अभ्यास। (2) ठोस गोलों और पट्‌टे की विधि से अनेक फल जैसे नारंगी, अनार, सेब, अमरूद, नाशपाती, तरकारियां, टमाटर, मूली, बैगन व अन्य पशु-पक्षियों के लिये जैसे हिरन, खरगोश, गाय, बैल, हंस, मोर, तोता, बतख आदि तैयार करने का अभ्यास। (3) साधारण फल, पत्तियोें सहित जैसे कमल, सूरजमुखी, डेलिया, आदि बनाना।

(4) मिट्‌टी के खिलौने के रख-रखाव में अपेक्षित सावधानियां तथा सुरक्षा के उपायों की जानकारी।

तीस-बेकरी तथा कन्फेक्शनरी का कार्य

उद्‌देश्य- (1) छात्रों को बोध कराना है कि सामान्यतः नाश्ते में प्रयोग किये जाने वाले बिस्कुट तथा केक आदि सरलता से घर में बनाये जा सकते हैं।

(2) छात्रों में बिस्कुट, केक, पेस्ट्री तथा पावरोटी बनाने का कौशल विकसित करना।

पाठ्‌यक्रम

(1) केक बनाने की विभिन्न विधियों का अभ्यास।

208 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(2) पेस्ट्री बनाने के विभिन्न प्रकारों का अभ्यास। (3) विभिन्न प्रकार के मीठे, नमकीन तथा मीठे नमकीन बिस्कुट तैयार करने की विधियों का अभ्यास।

(4) पावरोटी, केक, पेस्ट्री तथा बिस्कुट को खराब होने से बचाने की विधियां, सावधानियां बरतने तथा सुरक्षा नियमों के पालन का अभ्यास।

31-सामाजिक सेवा

(1) सामुदायिक विकास के कार्य, विद्यालय, भवन एवं परिसर की स्वच्छता एवं सफाई। (2) श्रमदान का महत्व एवं अभ्यास (महीने में एक दिन विद्यालय के हित में श्रमदान करना)। (3) देशाटन (Outing)।

सामान्य निर्देश

1-विद्यालय का प्रारम्भ सामूहिक प्रार्थना एवं दैनिक प्रतिज्ञा से होना चाहिये। 2-प्रार्थना-स्थल पर सप्ताह में दो बार प्रधानाचार्या, शिक्षकों, विशेष अतिथियों एवं छात्रों द्वारा नैतिक मूल्यों को जगाने वाले दो मिनट के प्रवचन कराये जायें। 3-विद्यालय में समय-समय पर अभिनय, लेख, कहानी, सूक्ति, कविता पाठ, अंत्याक्षरी आदि की प्रतियोगिताओं, महापुरुषों के जन्म-दिनों तथा वार्षिकोत्सव एवं राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन किया जाये। 4-छात्रों को प्रतिदिन निर्धारित व्यायाम एवं योगदान कराने के लिये प्रेरित किया जाय। 5-सामूहिक व्यायाम एवं खेलों का आयोजन किया जाय। 6-समाज सेवा के कार्य के अन्तर्गत विद्यालय प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यालय की सफाई, मरम्मत एवं सजावट तथा पुस्तकालय सेवा जैसे रचनात्मक कार्य भी कराये जायें। मूल्यांकन- 1-उपर्युक्त पाठ्‌यक्रम का मूल्यांकन पूर्णतया आन्तरिक होगा। 2-प्रत्येक छात्र को एक डायरी रखनी होगी जिसमें उनके द्वारा किये कार्य, नैतिक सत्प्रयासों, शारीरिक शिक्षा के अन्तर्गत किये गये अभ्यासों, कृत समाजोपयोगी उत्पादक कार्यों एवं सामाजिक सेवा के रूप में किये गये प्रयत्नों तथा कार्यों का मासिक विवरण सम्बन्धित अध्यापक द्वारा अंकित होगा तथा प्रत्येक माह के अन्त में यह विवरण मूल्यांकन हेतु कक्षाध्यापक के माध्यम से प्रधानाचार्य के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

3-मूल्यांकन के आधार पर इसमें तीन श्रेणियां ए, बी, सी प्रदान की जायेगी। जिन छात्रों ने कार्य न पूरा किया हो तो उन्हें तब तक सामान्य परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित नहीं किया जायेगा। जब तक कि निर्धारित कार्य पूरा न कर लें। जो छात्र उपर्युक्त तीनों श्रेणियों में से किसी भी श्रेणी के योग्य नहीं पायें जायेंगे उनकी विवरण पुस्तिका (डायरी) में तद्‌नुसार प्रविष्टि कर दी जायेगी तथा ऐसा छात्र मुख्य परीक्षा में बैठने के लिये अर्ह न होगा। 32- बच्चों व युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के प्रति उत्तरदायी बनाना। निरक्षर वरिष्ठ नागरिकों को बालक/बालिकाओं द्वारा साक्षर बनाते हुए उन्हें उनके अधिकारों के प्रति शिक्षित एवं जागरूक करना। विद्यालयों में प्रत्येक वर्श 01 अक्टूबर को दादा-दादी एवं नाना-नानी दिवस मनाना। पाठ्‌य पुस्तक- कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान सम्बन्धित विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपर्युक्त पठन सामग्री का चयन कर लें।

कक्षा-10

पूर्व व्यावसायिक ट्रेड के पाठ्‌यक्रम

(1) ट्रेड-टेक्सटाइल डिजाइन

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य, संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- टेक्सटाइल डिजाइन ट्रेड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतन भोगी रोजगार-

(1) टेक्सटाइल इण्डस्ट्रीज में निम्न पदों पर रोजगार प्राप्त हो सकता है-भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 209 (क) सहायक रंगाई मास्टर। (ख) सहायक छपाई मास्टर।

(2) छोटे कारखानों में-छपाई, रंगाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में।

(ख) स्वरोजगार के रूप में-

(1) घरेलू व्यवसाय के रूप में छपाई कार्य, रंगाई कार्य करके माल को स्वयं बेच सकता है या वह उद्योगों में सप्लाई कर सकता है।

(2) ग्राहकों की आवश्यकतानुसार आर्डर लेकर कार्य पूरा करके अपनी आय प्राप्त कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम के स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों का सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर, आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1- (क) रंगाई व छपाई करने से पहले धागे व कपड़ों को योग्य बनाने हेतु शुद्धिकरण करना। (ख) ब्वायलिंग (उबालना), विरंजन (ब्लीचिंग) सूती धागे या कपड़ों पर डायरेक्ट रंग, नेप्थाल रंग का प्रयोग करना। (ग) ऊनी, रेशमी कपड़ों पर एसिड रंगों का प्रयोग। इकाई-2- (क) सूती कपड़ों पर डायरेक्ट रंग से छपाई-ठप्पा या स्क्रीन द्वारा। (ख) सूती कपड़ों पर पिगमेन्ट रंग से छपाई-ठप्पा या स्क्रीन द्वारा। (ग) ब्रश पेटिंग तथा टाई एण्ड डाई। इकाई-3- (क) प्रिंटिंग, ड्राइंग के पश्चात्‌ कपड़े की फिनिशिंग। (ख) कपड़े पर निम्न दाग, धब्बों केा छुड़ाने की विधि-

[1] ग्रीस। [2] तेल। [3] आइस्क्रीम/चॉकलेट। [4] चाय और कॉफी। [5] शू-पॉलिश। [6] स्याही। [7] जंग। [8] हल्दी। [9] अंडा। [10] खून।

प्रयोगात्मक पाठ्‌यक्रम

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) टाई एण्ड डाई विधि का प्रयोग-घरेलू आवश्यक वस्त्रों पर। उदाहरण-कुशन कवर तथा दुपट्‌टा। (2) ब्रश या हैण्ड पेटिंग-मेज पोश, टेबिल मैट। (3) धब्बे छुड़ाना-ग्रीस, तेल, आइसक्रीम/चाकलेट, चाय/काफी। शू-पालिश, स्याही, जंग, हल्दी, अंडा, खून। (4) तैयार किये गये कपड़ों की फिनिशिंग करना। (5) स्प्रे प्रिंटिंग द्वारा 30 x 30 सेमी0 का 4 नमूना बनाना। (6) स्टेन्सिल स्क्रीन विधि द्वारा टेबल मैट बनाना। (क) लघु प्रयोग- 1-रेशी की परीक्षा। 2-कलफ लगाना। 3-आयरन करना। 4-धब्बे छुड़ाना। 5-छपाई के लिये रंग का पेस्ट तैयार करना। 6-रंगों के संयोजन द्वारा रंगाई करना। उदाहरण स्वरूप-लाल, पीला द्वारा नारंगी तैयार करना।

210 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(ख) दीर्घ प्रयोग- 1-उबालना। 2-निरंजना। 3-नेप्थाल की रंगाई। 4-स्क्रीन से छपाई। 5-स्टेन्सिल से कटाई। 6-ठप्पे की छपाई। 7-टाई एण्ड डाई। 8-स्प्रे प्रिंटिंग। 9-ब्रश प्रिंटिंग। 10-डाइरेक्ट रंगाई।

पुस्तकों की सूची-

प्रकाशक क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम 1 वस्त्र विज्ञान के मूल सिद्धान्त जे0 पी0 शैरी

विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा।

प्रो0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुक डिपो, 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान (तृतीय संस्करण)

3 हाऊस होल्ड टेक्सटाइल दुर्गादत्त 4 टेक्सटाइल केयर एण्ड

डिजाइन

लखनऊ। बुक कम्पनी, नई दिल्ली। एन0 सी0 ई0 आर0 टी0, नई दिल्ली।

एन0 सी0 ई0 आर0 टी0, एक्सप्लेनर, इन्स्ट्रक्शनल मेटेरियल फार क्लासेज, IX-X दिल्ली

(2) ट्रेड-पुस्तकालय विज्ञान

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों के आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक पुस्तकालय विज्ञान टे्रड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि उत्पन्न करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव उत्पन्न करना। (6) छात्रों केा पुस्तकालय विज्ञान ट्रेड की प्रारम्भिक जानकारी से अवगत कराना।

रोजगार के अवसर-

(1) वेतन भोगी रोजगार के अवसर-

(क) ग्रामीण, कम्युनिटी सेन्टर, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, अनौपचारिक शिक्षा केन्द्र, पंचायत तथा अन्य लघुस्तरीय पुस्तकालयों में रोजगार के अवसर।

(ख) विभिन्न श्रेणी के पुस्तकालयों में पुस्तक-प्रदाता जनरेटर पुस्तक संरक्षण सहायता तथा सार्टर के रूप में रोजगार के अवसर। (2) स्वरोजगार के अवसर-

[क] पुस्तकालय की अध्ययन सामग्रियों की जिल्दसाजी का व्यवसाय। [ ख] पुस्तकालय उपकरण एवं उपस्कर का निर्माण का व्यवसाय। [ग] पुस्तकालय एवं उसकी अध्ययन सामग्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षण का व्यवसाय।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1-संग्रह, सत्यापन, आवश्यकता एवं विधियां- (क) पुस्तकालय वर्गीकरण की परिभाषा, उद्‌देश्य, महत्व, पुस्तकालय वर्गीकरण की विभिन्न पद्धतियों का संक्षिप्त ज्ञान, ग्रन्थ वर्गीकरण, क्रमिक संख्या (वर्गांक ग्रंथांक) ड्‌यूई, दशमलव, वर्गीकरण पद्धति का प्रारम्भिक ज्ञान। (ख) सूची की परिभाषा, उद्‌देश्य, महत्व, भौतिक स्वरूप, आन्तरिक स्वरूप, सूची संलेख-मुख्य, अतिरिक्त एवं अन्तः निर्देशीय संलेख की ए0 ए0 सी0 आर0-2 के अनुसार संरचना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 211

इकाई 2-(क) भौतिक ग्रन्थ विज्ञान (फिजिकल बिबिलियोग्राफी) पुस्तक निर्माण प्रक्रिया-कागज के प्रकार, नाप, भार, नाम, उपयोग, व्यापारिक केन्द्र (मुद्रण सामग्री)। (ख) जिल्दबन्दी-जिल्दबन्दी के प्रकार, जिल्दबन्दी में उपयोगी सामग्री, पृष्ठ मोड़ना, सिलाई के प्रकार (जिल्दबन्दी, टेप डोरा तथा सादी सिलाई), आवरण चढ़ाना तथा सज्जा। इकाई 3-पुस्तकालय एवं पुस्तकों की सुरक्षा एवं संरक्षा-कीटाणुनाशक दवाओं का ज्ञान एवं उनका प्रयोग, अन्य सुरक्षात्मक विधियों का ज्ञान एवं संरक्षण के विविध कार्यक्रम।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) लघु प्रयोग- पुस्तकालयों के निम्नलिखित उपकरणों का प्रारूप तैयार करना ः बुक प्लेट, बुक-लेबल, तिथि-पत्र, पुस्तक-पत्रक, पुस्तक-पॉकेट, पुस्तकालय पत्रक, सूची-पलक, सूची-निर्देश-पत्रक, तिथि निर्देश, बुक सपोर्टर। (2) दीर्घ प्रयोग- (क) पुस्तकालय के निम्नलिखित उपस्करों एवं उपकरणों का प्रारूप, (डिजाइन तैयार करना)-

परिग्रहण-पंजिका, समाचार-पत्र तथा पंजिका-बमिका, निगम-पंजिका, कैटलॉग, कैबिनेट, चार्जिंग ट्रे, डिस्प्ले रैक, एटलस स्टैण्ड, शब्दकोष स्टैण्ड।

पुस्तकों की मरम्मत, जिल्दबन्दी एवं सादी सिलाई द्वारा जिल्दबन्दी करना।

(ख) वर्गीकरण एवं सूचीकरण प्रायोगिक का मूल्यांकन, सत्रीय कार्य के अन्तर्गत (आगे उल्लिखित) क्रम संख्या 4 एवं 5 पर आधारित कार्य करना। (1) सत्रीय कार्य- छात्र कक्षा 10 में निम्नलिखित कार्य करेंगे और उनका अभिलेख तैयार कर सत्रीय कार्य के मूल्यांकन हेतु सुरक्षित रखेंगे- 1-पचास पुस्तकों की परिग्रहण पंजिका में प्रविष्टि। 2-पांच पुस्तकों का उपयोग हेतु सुनियोजन। 3-पत्र-पत्रिका पंजिका में पांच समाचार-पत्र तथा दस पत्रिकाओं की प्रविष्टि। 4-सौ पुस्तकों का ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति से तीन अंकों तक वर्गांक बनाना। 5-पच्चीस पुस्तकों के मुख्य, अतिरिक्त एवं अन्तर्देशीय संलेख की पत्रक सूचीकरण ए0 ए0 सी0 आर0-2 के अनुसार बनाना। (2) व्यावहारिक अध्ययन- 1-छात्र द्वारा किन्हीं दो पुस्तकालयों की कार्य-प्रणाली का ज्ञान प्राप्त कर दस पृष्ठों की आख्या प्रस्तुत करना। 2-किसी जिल्दसाज की दुकान पर भौतिक ग्रन्थ विज्ञान एवं जिल्दबन्दी का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना व किये गये कार्य का विवरण प्रस्तुत करना। 3-ड्‌यूई दशमलव वर्गीकरण पद्धति के तृतीय सारांश में प्रयुक्त पदों के हिन्दी समानार्थी शब्दों का ज्ञान। निर्धारित पुस्तकें- कोई भी पुस्तक निर्धारित एवं संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के सम्बन्धित विषय के अध्यापक पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तकों का चयन कर लें।

(3) ट्रेड-पाकशास्त्र (कुकरी)

उद्‌देश्य- 1-भोजन से प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों का ज्ञान कराना। 2-भिन्न भोज्य-सामग्रियों को प्रकृति तथा रासायनिक संगठन के आधार पर भोजन पकाने की विधियों से अवगत कराना। 3-व्यावसायिक रूप से विक्रय योग्य भोजन बनाने की क्षमता उत्पन्न करना। 4-भिन्न प्रदेशों से विशिष्ट व्यंजनों की जानकारी। 5-विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने की विधियों आदान-प्रदान द्वारा राष्ट्रीय एकता की भावना जागृत करना। 6-खाद्य-सामग्रियों एवं उत्पादों में संदूषण के कारणों से अवगत कराना। 7-व्यावसायिक अभिरुचि को बढ़ाना। 8-समाज में भोजन की आदतों एवं पोषण स्तर में वृद्धि लाना अर्थात्‌ पोषण अल्पता के कारण होने वाले रोगों में कमी लाना। 9-छात्रों को 10 + 2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 10-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना।

29 ड़212 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

रोजगार के अवसर-

(क) वेतनभोगी-

1-किसी होटल में नौकरी की जा सकती है। 2-खान-पान उद्योग के अन्य स्वरूपों जैसे अस्पताल, छात्रावास, फैक्ट्री एवं परिवहन कैटरिंग संस्थान में नौकरी की जा सकती है।

(ख) स्वरोजगार-

1-भोजनालय स्थापित किया जा सकता है। 2-होटल (राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जहां वाहन खड़ा करने व उसके रख-रखाव, व्यक्तियों के रहने एवं भोजन की व्यवस्था हो) स्थापित किया जा सकता है।

3-पाक शास्त्र के प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कर उनका संचालन किया जा सकता है। 4-पाक शास्त्र से सम्बन्धित उपकरणों, संयंत्रों की विक्रय का एक जानकारी केन्द्र स्थापित किया जा सकता है।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंक की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं की जायेगी। इकाई 1-विभिन्न खाद्य उत्पादों का संक्षिप्त ज्ञान- 1-बेसिक मांस, 2-स्टाक, 3-सूप, 4-गार्निश, 5-खाद्य उत्पादों की संरचना, 6-सलाद एवं सलाद ड्रेसिंग, 7-सैण्डविच, 8-क्षुधावर्धक पदार्थ। 2-रसोई के विभिन्न उपकरण, देख-रेख एवं प्रयोग में सावधानियां। इकाई 2-मेनू प्लानिंग- (1) प्रतिदिन हेतु तथा विभिन्न अवसरों जैसे विवाह समारोह। (2) विभिन्न आय वर्ग एवं अवस्थाओं के लिये जैसे शिशु, विद्यार्थी, वयस्क, वृद्ध, गर्भावस्था, रोगी। (3) बचे हुये खाद्य उत्पादों को नया रूप देकर पुनः प्रयोग करना। (4) खाद्य सामग्रियों के माप का ज्ञान, जैसे शुष्क खाद्य सामग्रियों, द्रव खाद्य सामग्रियों के लिये। (5) विभिन्न पेय-चाय, कॉफी, कोको, दूध का पौष्टिक मूल्य एवं महत्व। इकाई 3- 1-पोषण-भोजन की आवश्यकता एवं महत्व, भोजन के विभिन्न पोषक तत्वों का संक्षिप्त परिचय, उनके प्राप्ति स्रोत, कार्य, कमी से उत्पन्न होने वाले रोग। 2-विभिन्न बीमारियों में भोजन-जैसे मधुमेह (डाइबिटीज), हृदय सम्बन्धी रोग (हार्ट डिजीज), अतिसार (डायरिया), रक्त चाप (ब्लड प्रेशर) एवं पाचन सम्बन्धी अन्य विकार। 3-हाइजीन का अभिप्राय एवं किचन में महत्व-

(i) व्यक्तिगत स्वच्छता, भोजन का रख-रखाव, पकाने के दौरान एवं पश्चात्‌ (भण्डारण)। (ii) भोजन के खराब होने के कारणों एवं उनके नियन्त्रण का संक्षिप्त ज्ञान।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) भारतीय व्यंजन (खाद्य उत्पाद)- 1-चावल-वेजिटेबल पुलाव, प्लेन फ्राइड राइस, कोकोनट मली राइस, बिरयानी। 2-रोटी-मिस्सी रोटी, भरवा पराठा, नान, कचौड़ी। 3-दाल-दाल मक्खनी, सूखी, मसाला दाल। 4-सब्जी-वेजिटेबल कोफ्ता, वेजिटेबल कोरमा, भरवा शिमला मिर्च व टमाटर, पनीर पसंदा, सूखी सब्जी। 5-मांस-कोरमा, शामी कबाब, रोगनजोश, मटर कीमा, बटर चिकन। 6-रायता-बूंदी, खीरा, टमाटर, आलू। 7-सलाद-सलाद काटना व सजाना। 8-मीठा-गुलाब जामुन, रसगुल्ले, बर्फी, फिरनी।

9-स्नैक्स-समोसा, कटलेट्‌स, वेजिटेबल रोट्‌स, बेजिटेबल कबाब। 10-पेय पदार्थ-चाय, काफी, कोल्ड काफी, लस्सी। 11-अन्डा-एग करी, आमलेट, स्क्रैम्बल्ड एग, पोच एग।

(2) पाश्चात्य व्यंजन- 1-सूप-क्रीम आफ टोमैटो सूप, धुली मसूर की दाल का सूप, मिक्सड वेजिटेबल सूप। 2-वेजिटेबल-बेक्ड वेजिटेबल, बेक्ड पोटैटो, सॉटे पीज, क्रीम्ड कैरट्‌स। 3-मीट एवं मछली-आइरिश स्ट्‌यू, बेक्ड फिश फिंगर्स।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 213

4-चायनीज-चाऊमीन, चायनीज फ्रायड राइस। 5-पुडिंग्स-ब्रेड बटर पुडिंग, कैरेमल कस्टर्ड फ्रूट क्रीम। (3) प्रान्तीय- उत्तर भारतीय-छोले भटूरे, फिश फ्राई, ढोकला। दक्षिण भारतीय-इडली, डोसा, साम्भर, नारियल चटनी। पुस्तकों की सूची-

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम एवं पता 1 भारतीय एवं पाश्चात्य पाक शास्त्र के सुश्री अनुपम चौहान हिन्दी प्रचारक संस्थान, पो0 बा0 नं0 सिद्धान्त एवं व्यंजन विधियां

106, पिशाच मोचन, वाराणसी।

2 आहार एवं पोषण विज्ञान श्रीमती ऊषा टण्डन स्वास्तिक प्रकाशन एवं पुस्तक बिक्रेता,

अस्पताल मार्ग, आगरा।

(4) ट्रेड-छाया चित्रण (फोटोग्राफी)

उद्‌देश्य- छाया-चित्रण मात्र एक ललित कला ही नहीं है, अपितु एक स्वतन्त्र व्यवसाय के रूप में तेजी से उभरा है। व्यक्ति चित्रण के साथ-साथ यह जर्नलिज्म का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधानों, तकनीकी क्रियाओं को स्पष्ट करने एवं अध्ययन करने मेंं नया शिक्षण कार्य के अपेक्षाकृत सुगम बनाने एवं प्रभावकारी बनाने में हो रहा है। छाया-चित्रण का अध्ययन न केवल व्यक्तिगत विकास एवं सौन्दर्यबोध को प्रखर करने में सशक्त है, अपितु उपार्जन क्षमता भी प्रदान करेगा। छाया-चित्रण के प्रारम्भिक अध्ययन के उद्‌देश्यों की पूर्ति के लिये इसके ज्ञान को निम्नलिखित अध्यायों में निरूपित किया गया है-

(1) स्वरोजगार। (2) छाया-चित्रण का परिचय, नया संक्षिप्त इतिहास, व्यावसायिक उपयोगिता एवं आधारभूत सम्बन्धित विषयों (फन्डामेन्टल सबजेक्ट्‌स) का आवश्यक ज्ञान।

(3) छाया-चित्रण सम्बन्धी उपकरणों का ज्ञान एवं प्रकाश संवेदित (फोटो सेन्सिटिव), रासायनिक, योगिकों के उपयोग एवं चित्रण कुशलता सम्बन्धी जानकारी।

(4) बाक्स कैमरा एवं उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी, इसमें छाया-चित्रण के लिये कैमरे में बिम्ब उद्‌भाषित (एक्सपोज) करना तथा रसायनों के उपयोग से फिल्म पर बने बिम्ब से संवेदनशील कागज पर प्रतिबिम्ब निरूपण प्रणाली सम्मिलित है।

(5) छाया-चित्रण सम्बन्धी सहायक उपकरण, प्रकाश के विभिन्न स्रोत तथा चित्र का सुरुचिपूर्ण ज्यामितिक प्रारूप निर्धारण (कम्पोजीशन) करने की जानकारी।

(6) छाया-चित्रण के विभिन्न क्षेत्रों में से वे विशिष्ट क्षेत्रों (1) व्यक्ति चित्र (पोटर््रेट) तथा प्राकृतिक दृश्यावली अंकन (लैण्डस्केप) की अपेक्षाकृत विस्तृत जानकारी।

कार्य के अवसर-

(1) स्वरोजगार-

1-फ्रीलान्स फोटो जर्नलिज्म (स्वैच्छिक फोटो पत्रकारिता) 2-कला भवन स्वामित्व

(2) वेतन भोगी रोजगार-

1-छाया चित्रकार के पद पर-

-शोध संस्थानों में, -औद्योगिक संस्थानों में, -मुद्रणालयों में, -संग्रहालयों में, कला भवनों आदि में, -शिक्षा संस्थानों में, -समाचार (दैनिक एवं पाक्षिक) पत्र-पत्रिकाओं आदि में।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

214 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-1-फोटोग्राफिक रसायन-फिल्म प्रोसेसिंग, डेवलपर स्टाफ बाथ, फिक्सर या हाइपेड तथा हार्डनर, उनके गुण एवं कार्य/प्रोसेसिंग की विभिन्न विधियां। डेवलपर का कार्य एवं उसमें प्रयुक्त विभिन्न रसायन। सार्वभौम एवं फाइनग्रेन डेवलपर। अंडर और ओवर डेवलपमेन्ट। इकाई-2-प्रकाश के विभिन्न स्रोत-सूर्य का प्रकाश, सूर्य की विभिन्न स्थितियों में प्रकाश तीव्रता : कृत्रिम प्रकाश विभिन्न प्रकार के फोटो फ्लड, स्पाट लाइट तथा इलेक्ट्रानिक फ्लैश। फोटोग्राफिक फिल्टर एवं उनके उपयोग। विभिन्न प्रकाश दशाओं में विभिन्न शटर स्पीड तथा एपरचर में सही उद्‌भासन का अनुमान। एक्सपोजर मीटर रचना एवं कार्य। इकाई-3-डार्क रूम-तलपट चित्र (ले आउट) प्रयुक्त उपकरण और उनके प्रयोग। इनलार्जर-संरचना तथा उपयोग की विधियां, निगेटिव से फोटो कागज पर बड़ा प्रूफ प्रिन्ट बनाना। इनलार्जिन्ग की विभिन्न तकनीकें, बर्निंग डार्जिंग, सॉफ्ट फोकस आदि। कार्टेस बनाना ः पोट्रेट-अर्थ, पोट्रेट खींचने की विभिन्न विधियां, एक, दो तथा अधिक लैम्पों के प्रकाश का उपयोग, बाउन्स लाइट का प्रयोग, टेबुल टाप फोटोग्राफी करना। कम्पोजीशन। रिडक्शन तथा इन्टेन्सिफिकेशन, अर्थ प्रयुक्त रसायन एवं विधियां। कान्ट्रैक्ट प्रिंटिंग। उपयुक्त कागज का चुनाव। निगेटिव में दोष रिटचिंग।

प्रयोगात्मक-क्रियाकलाप

प्रयोगात्मक लघु- 1-कैमरे (बाक्स) की संरचना का अध्ययन कीजिये एवं चित्र खींचिये (सभी भागों का नाम लिखिये)। 2-कैमरे (बाक्स) का संचालन सीखना। 3-कैमरे के साथ उपयोग होने वाले फ्लैश, एक्सपोजर, मोटर ट्राइपाड स्टैन्ड इत्यादि का अध्ययन। 4-किसी निगेटिव का कन्टेक्ट प्रिंट बनाना। 5-किसी निगेटिव का एन्लार्जमेन्ट बनाना। 6-किसी प्रिंट की ट्रिपिंग तथा ग्लेजिंग तथा पेंटिंग करना। 7-पीले फिल्टर का प्रयोग कर फोटो लेना। 8-बनने के बाद प्रिंट के त्रुटियों (Defect) का अध्ययन तथा साधारण त्रुटियों को दूर करना। प्रयोगात्मक दीर्घ- 1-कैमरे के शटर स्पीड एवं एपरचर का उद्‌भासन (एक्सपोजर) समय पर प्रभाव का अध्ययन फोटो खींचकर करना। 2-फोटो खींचकर या रेफ्लेक्ट कैमरे द्वारा (Poster) का फोकस की गहनता Depth तथा Sharpness पर प्रकाश का अध्ययन। 3-एनलार्जर की रचना एवं संचालन का अध्ययन करना, सही उद्‌भासन समय निकालना एवं ओवर/अन्डर एक्सपोजर का अध्ययन करना। 4-निगेटिव के ग्रेड का अध्ययन तथा प्रिन्ट के लिये विभिन्न पेपर ग्रेड के प्रभाव का अध्ययन। 5-उद्‌भासन समय पर फिल्म की गति के प्रभाव का अध्ययन। 6-चित्र के कम्पोजीशन का अध्ययन करना। 7-बच्चे, महिला एवं वृद्ध के पोटर््रेट खींचना। 8-लैण्डस्कैप फोटो खींचना। 9-डार्क रूम के साज-सामान तथा ले आउट (Lay-out) का अध्ययन करना। 10-डेवलपमेन्ट टाइप का चित्र पर प्रभाव एवं ओवर/अन्डर डेवलपमेन्ट का अध्ययन। 11-बाक्स कैमरे द्वारा कम से कम एक कलर फोटो लेना तथा अध्ययन करना। 12-किसी विषय पर प्रोजेक्ट (Project) करना, जैसे-पोटर््रेट, लैण्डस्केप। पुस्तकों की सूची-

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम एवं पता 1 डायमन्ड कम्पलीट फोटोग्राफी श्रीकृष्ण श्रीवास्तव डायमण्ड पॉकेट बुक्स, दिल्ली।

वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी। 2 फोटोग्राफी सहज पाठ अशोक डे इण्डियन विक्टोरियल पब्लिशर्स, कलकत्ता। वितरक-विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी।

3 ट्रिक फोटोग्राफी एण्ड कलर प्रोसेसिंग ए0 एच0 हाशमी यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 4 प्रैक्टिकल फोटोग्राफी ए0 एच0 हाशमी तदैव 5 गुड फोटोग्राफी कोडक तदैव ,, तदैव 6 फोटोग्राफी स्पोर्ट्‌स 7 मोवी मेकर एच0 बी0 ,, तदैव 8 दी होम वीडियो पिक्चर ,, तदैवभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 215

 9       फोकल गाइड टू वेडिंग                             ,,                               तदेव
10       फोकल गाइड मोवी मेकिंग                           ,,                               तदेव
11       दी फोकल गाइड टू साइड                            ,,                               तदेव
12       दी फोकल गाइड टू    एक्शन फोटोग्राफी             ,,                               तदेव
13     दी पॉकेट गाइड टू फोटोग्राफी चिल्ड्रेन             ,,                               तदेव
14     गाइड टू परफेक्ट पिक्चर                            ,,                               तदेव
15     वे आफ प्रैक्टिकल फोटोग्राफी                       ,,                               तदेव

(5) ट्रेड-बेकिंग एण्ड कन्फेक्शनरी

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- बेकरी एवं कन्फेक्शनरी व्यवसाय में शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में- 1-बेकरी उद्योग में नौकरी। 2-होटल/मेस में नौकरी। 3-कच्चे पदार्थों के भण्डारण में प्रभारी के रूप में।

(ख) स्वरोजगार-

1-कुटीर उद्योग में नौकरी। 2-कच्चे माल क्रय-बिक्रय का धन्धा चलाया जा सकता है। 3-बिक्री कार्य में। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1- (क) केक बनाने की विधियों के नाम, (ख) बटर स्पंज, स्पंज केक (चिकनाई रहित) बनाने की विधि का विस्तृत ज्ञान, (ग) अच्छे केक के गुण, (घ) बाजार का ज्ञान एवं लाभ-हानि की गणना का ज्ञान। इकाई 2- (क) बिस्कुट व कुकीज की सामग्री, (ख) बिस्कुट व कुकीज में अन्तर, (ग) बिस्कुट व कुकीज के प्रकार-ड्राप कुकीज, रोल्ड बिस्कुट, (घ) बिस्कुट व कुकीज का भण्डारण। इकाई 3- विभिन्न प्रकार की पेस्ट्रियों के नाम-

(क) शार्टक्रस्ट पेस्ट्री, पफ पेस्ट्री का विस्तृत ज्ञान,

(ख) इन विधियों से बनने वाले पदार्थ का नाम-जैम टार्ट्‌स, एपिल पाई। वेजीटेबिल पैटीज़, क्रीम रोल, खारा बिस्कुट, चीनी से बनने वाले कन्फेक्शनरी पदार्थ-सुगर बाल्स व टाफ बनाने की विस्तृत विधि- इकाई 4- (क) पोषक तत्वोें का नाम-प्रोटीन, कार्बोज, वसा, विटामिन, खनिज लवण, जल। (ख) पोषक तत्वों की प्राप्ति के स्रोत, कमी से होने वाले रोग। (ग) बेकरी उद्योग की स्वच्छता। (घ) व्यक्तिगत स्वच्छता।

216 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

लघु प्रयोग- 1-कोकोनट कुकीज 2-कैश्यूनट कुकीज 3-कैश्यूनट बिस्कुट 4-जीरा बिस्कुट 5-वाटर स्पंज केक 6-स्विस रोल 7-डेकोरेटिव पेस्ट्री 8-रायल आइसिंग, क्रीम आइसिंग 9-गम-पेस्ट 10-मिल्क टाफी दीर्घ प्रयोग- 1-ब्रेड, स्ट्रेंट, डी विधि से 2-फ्रूट बन्स 3-स्वीट बन्स 4-ब्रेड रोल 5-फ्रूट केक 6-बेजीटेबिल पैटीज 7-हॉटक्रास बन्स 8-पाइन एपिल पेस्ट्री 9-बर्थ डे केक (विथ आइसिंग) संस्तुत पुस्तकें- क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम मूल्य रु0 1 अप-टू-डेट कन्फेक्शनरी यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 30.00 इण्डस्ट्रीज

2 दि सुगम बुक आफ बेकिंग . . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 20.00 50.00 3 बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी सिद्धान्त एवं विधियां

सुश्री अतिउत्तमा चौहान

हिन्दी प्रचारक संस्थान, सी0 21/30, पिशाचमोचन, वाराणसी-221010, पो0 बा0 1106, पिशाचमोचन, वाराणसी

4 किचन गाइड . . यूनिवर्सल बुक सेलर, लखनऊ 70.00 5 बेकिंग बी0 एस0 अग्निहोत्री कृषि साहित्य प्रकाशन, नरही, लखनऊ 50.00 85.00 6 बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी राम किशोर अग्रवाल भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ, 142, विजय

नगर, वेस्टर्न कचेहरी रोड, मेरठ

(6) ट्रेड-मधुमक्खी पालन

उद्‌देश्य- (1) मधुमक्खी पालन औद्योगीकरण की जानकारी प्राप्तकर बढ़ती हुई बेरोजगारी को दूर करना एवं बेरोजगारी दूर करने के लिये अन्य राष्ट्रीय योजनाओं को छात्रों को समझाना। (2) शुद्ध मधु, मोम उत्पादन की मात्रा की वृद्धि करना तथा बिक्री करके प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करना तथा बच्चों को उद्यमिता प्रदान कर उद्यमी बनाना। (3) बच्चों, बीमार एवं कमजोर व्यक्तियों के लिये उपयोगी वस्तु (मधु), औषधि एवं पौष्टिक उत्पादन करके आय में वृद्धि करना। (4) ग्रामीण अंचलों के निर्धनों के लिये आय का साधन स्रोत। (5) कम पूंजी लगाकर मधुमक्खी पालन कर शहद के रूप में फूलों के रस को एकत्रित करना। (6) मधुमक्खी पालन उद्योग में दक्षता, निपुणता प्राप्त कर जीविकोपार्जन के लिए उत्तम बनाना। (7) मधुमक्खी पालन उद्योग के लिए मौन गृह, छोटे उपकरणों का ज्ञान प्राप्त करना। (8) मधुमक्खी पालन द्वारा किसानों एवं बागवानी की फसलों, फलों का उत्पादन 20% से 30% तक वृद्धि करने का ज्ञान प्राप्त कराना। (9) मोम-पराग, रायल जेली, मौन विष प्रोपेजिन का ज्ञान, उपयोग की जानकारी प्राप्त करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 217

रोजगार के अवसर-

(क) वेतनभोगी-

1-मधुमक्खी पालक सहायक 2-मौन पालक प्रदर्शक 3-सहायक मौन पालक 4-सहायक काष्ठ कला प्रशिक्षक या शिक्षक 5-सहायक मधु विकास निरीक्षक 6-मधुमक्खी पालक शिक्षक या प्रशिक्षक 7-मधु विकास निरीक्षक 8-शोध सहायक (मधुमक्खी पालन)

(ख) स्वरोजगार-

1-मधु मोम उत्पादक 2-मोमी छत्तादार उत्पादक 3-मौन गृह एवं उपकरण निर्माणकर्त्ता एवं विक्रेता 4-पराग, रायल, जेली, मोम विष उत्पादक 5-मौन वंश प्रजनन करके विक्रय करना 6-शहद, मोम, रायल जेली से औषधि निर्माण करना

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय पर, आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1- आधुनिक मधुमक्खी पालन की अनिवार्यतायें, मौसम के अनुसार कृषि, औद्योगिक, प्राकृतिक (जंगली) एवं सामान्य मौनचरी (फलों) का अध्ययन, मधुमक्खियों का पर-परागण में योगदान-मधुमक्खी परिवार (मौनवंश) की पैकिंग तथा विशेष फूलों का लाभ लेने एवं इनका माइग्रेशन। इकाई 2- मौन की बीमारियों जैसे अष्टपदी (एकरीन) नौसीमा, पेचिस, अमेरिकन, यूरोपियन फाउल बड, सक बड इत्यादि की पहचान, सुरक्षा के उपाय एवं उपचार। मौनों के शत्रुओं जैसे मोमी पतिंगा, बर्रे, चीटें, पक्षी (बी-इंटरकिंमक्रा), ड्रैगन-फ्लाई की पहचान, सुरक्षा के उपाय एवं रोकथाम। इकाई 3- मधुमक्खी पालन के उपकरण-विभिन्न प्रकार के मौन-गृह, मोमी, छत्तादार, मुंहरक्षक जाली, दस्ताना, रानी अवरोधक जाली, धुर्वाकार न्यूक्लियस, मौन वाहक पिंजड़ा, क्वीन केज, ड्रोन टेप इत्यादि की उपयोगिता। मधु की किस्में, इसमें पाये जाने वाले तत्व, उपयोगिता, अधिक शहद उत्पादन के सिद्धान्त, मोम, पराग, रायल-जेली एवं मौन विष (बी-वेनम) की उपयोगिता, मधु मोम का परिष्करण (प्रोसेसिंग), मधु का आई0एस0आई0 मार्क (एगमार्क) के द्वारा प्रमाणित कर शहद की पैकिंग एवं विपणन करना।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(क) लघु प्रयोग- 1-विभिन्न मधुमक्खियों की जातियों की पहचान कराना और अभ्यास पुस्तिका पर उनका चित्र बनाना। 2-मौन के जीवन-चक्र (अण्डा, लार्वा, प्यूपा एवं वयस्क) की पहचान कराना। 3-मधुमक्खी का वाह्य शरीर का चित्र बनाना और उसके प्रत्येक अंगों की प्रयोगात्मक कार्य कराना। 4-मौन परिवार में प्रत्येक सदस्य (कमेरी, नर और रानी) की पहचान कराना। 5-भारतीय एवं इटालियन मौन गृह निर्माण के सिद्धान्त (मीनान्तर) आकार को बताना। 6-मधु निष्कासन यन्त्र का चित्र बनवाना तथा शहद निकालने की विधि का प्रयोगात्मक कार्य कराना। 7-मौसमवार फूलों का सर्वे कराना तथा इसकी पर-परागण क्रियाओं में मौनों के योगदान को बताना एवं पुष्प संग्रह कराना। (ख) दीर्घ प्रयोग- 1-रानी, कमेरी एवं नर के छत्तों की पहचान कराना। 2-तलपट, शिशु खण्ड, मधु खण्ड, डमों, इनर कवर, ऊपर ढक्कन, फ्रेम की पहचान कराना। 3-मधुमक्खी के शत्रु बर्रे, मोमी पतिंगा, छिपकली, चीटें, हानिकारक पक्षियों की पहचान कराना। 4-क्वीन केज, न्यूक्लियस, मौन वाहक पिंजड़ा, हाइवटुल, मुंहरक्षक जाली, दस्ताने, प्यालिय, क्वीन गेट इत्यादि उपकरणों की पहचान कराना।

218 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

5-विभिन्न प्रकार के शहद जैसे सरसों, युक्लिप्टस, सहजन, नींबू प्रजाति, सूरजमुखी, बेर, लीची, नीम एवं मिश्रित फलों के शहद का पहचान कराना।

पुस्तकों की सूची

1-प्रारम्भिक मौन पालन ले0 योगेश्वर सिंह 2-प्राइमरी लेशन आफ बी कीपिंग . . 3-बी कीपिंग आफ इण्डिया डा0 सरदार सिंह 4-सफल मौन पालन श्री बच्ची सिंह राव 5-रोचक मौन पालन ,, 6-मौन पालन प्रश्नोत्तरी ,, 7-मधुमक्खी की मनोहारी संसार डा0 विष्ट (आई0सी0आई0 प्रकाशन) 8-रोगों की अचूक दवा शहद डा0 हीरा लाल

(7) ट्रेड-पौधशाला

उद्‌देश्य- (1) छात्रों के उद्यमिता के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी कराना। (2) पौधशाला व्यवसाय की प्राविधिक जानकारी कराना। (3) उन्नत किस्म के अधिकाधिक पौधे तैयार करना। (4) कम पूंजी से अधिक उत्पादन करना तथा अधिक लाभ प्रदान करने की दिशा में अग्रसर होना। (5) पौधशाला व्यवसाय में दक्षता प्राप्त करना तथा साथ ही साथ 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त व्यवसाय के चयन में सहायक होना। (6) भूमि सुधार एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग प्रदान करना। (7) श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना। (8) आत्म-निर्भर बनाना। (9) एक कुशल नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में सहायक होना। (10) विद्यालय में एक सुसज्जित उद्यान का निर्माण। रोजगार के अवसर- पौधशाला व्यवसाय की शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त निम्नांकित रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी-

1-माली का कार्य करना। 2-पौधशाला प्रभारी का कार्य करना। 3-पौधशाला में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी का अवसर प्राप्त करना।

(ख) स्वरोजगार-

1-अपनी पौधशाला तैयार करना। 2-बीजोत्पादन तथा बीज व्यवसाय अपनाना। 3-पौधशाला उद्योग सम्बन्धी यंत्रों, उपकरणोें, उर्वरकों तथा कीटनाशकों के क्रय-विक्रय की दुकान चलाना। 4-थोक एवं फुटकर पौध आपूर्ति का कार्य करना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1-

o पौध प्रवर्द्धन-परिभाषा, महत्व एवं वर्गीकरण। o लैंगिक प्रवर्द्धन-परिभाषा, लाभ-हानि, बीज प्राप्ति एवं चुनाव, बीज परीक्षण, अंकुरण, क्षमता, बीजोपचार एवं बीज की बोआई।

o अलैंगिक (वानस्पतिक प्रजनन)-परिभाषा, लाभ-हानि। अलैंगिक विभिन्न विधियां-कलम, गूटी, कलिकायन, भेंट कलम, अलगाव (सेपरेशन), टुकड़ीकरण (डिवीजन) का ज्ञान।

o वृद्धि नियामक (ग्रोथरेगुलेटर)-महत्व एवं प्रयोग विधि की जानकारी।

इकाई 2-

o पौध विपणन-परिभाषा तथा पौध विपणन की विधियों का अध्ययन। o पौध निकालने में सावधानियां। o पौधबन्दी (पैकिंग) तथा परिवहन में अपनाई जाने वाली सावधानियों का ज्ञान। o पौधशाला की लोकप्रियता बढ़ाने के सम्बन्ध में जानकारी।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 219

इकाई 3-

o पौधशाला के पंजीकरण के प्रसंग में जानकारी। o ऋण प्रदान करने वाली संस्थाओं का ज्ञान। o पौधशाला की योजना बनाना। o ऋतुवार लगाये जाने वाले पौधों की सूची तैयार करना। o पौधशाला में उगाये जाने वाले पौधों के सम्बन्ध में मिट्‌टी, खाद, प्रजातियां, बीजदर, पौध तैयार होने का समय, पौधारोपण, पौध सुरक्षा के सन्दर्भ में जानकारी।

o पौधशाला सम्बन्धी विभिन्न अभिलेखों की जानकारी। o पौधशाला का आय-व्यय तैयार करना। o

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(अ) लघु प्रयोग- 1-गमला मापन। 2-गमला भरना। 3-बीजों की पहचान। 4-बीजों की शुद्धता की जांच। 5-उपकरणों की पहचान। 6-पौधों (सब्जी, फलदार, फूल शोभाकार तथा छायादार) एवं वानिकी पौधों की पहचान। 7-खाद एवं उर्वरक की पहचान। 8-मिट्‌टी की पहचान। (ब) दीर्घ प्रयोग- 1-आदर्श नमूना बरसदी का रेखांकन। 2-बीज शैय्या बनाना। 3-ऋतुवार बीज शैय्या बनाना। 4-ऋतुवार गमला मिश्रण तैयार करना। 5- तना कलम तैयार करना।

6- गूटी लगाना। 7- कलिकायन से पौधे तैयार करना। 8-भेंट कलम से पौधे तैयार करना। 9-पौध रोपण। 10-गमले एवं क्यारी से पौधे निकालना। 11-पौधबन्दी (पैकिंग) करना। 12-पौधशाला भ्रमण। 13-अभिलेख तथा आय-व्यय तैयार करना।

पुस्तकों की सूची-

क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम

प्रकाशक 1 भारत में फलों की खेती ड0 एम0 एल0 लावानिया सिंघल बुक डिपो, बड़ौत, मेरठ। 2 सब्जियों एवं पुष्प उत्पादन डा0 के0 एन0 दुबे भारती भण्डार, बड़ौत, मेरठ। 3 पौधशाला औद्योगिकी डा0 ओमपाल सिंह अलंकार पुस्तक भवन, बड़ौत, मेरठ। 4 पौधशाला व्यवसाय श्री कोठारी एवं श्री ए0 बी0 श्रीवास्तव रंजना प्रकाशन मन्दिर, आगरा। 5 नर्सरी मैनुअल डा0 गौरी शंकर इलाहाबाद। 6 फल विज्ञान डा0 रामनाथ सिंह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्‌, नई

दिल्ली।

7 उद्यान विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायण लाल, इलाहाबाद।

(8) ट्रेड-आटो मोबाइल

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

30 ड़220 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपर्युक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को कार्य-संस्कृति के प्रति आदर भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) आटो मैकेनिक के रूप में। (2) सेल्समैन के रूप में। (3) अपना रिपेयर वर्कशाप एवं गैराज का संचालन। (4) शोरूम स्थापित करना। (5) स्पेयर पार्ट के विक्रेता के रूप में। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर परीक्षा होगी। इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम

पूर्णांक-50 अंक

इकाई 1- ऑटोमोबाइल की स्नेहन प्रणाली, गवर्निंग सिस्टम, विद्युतीय प्रणाली, बैटरी, तारस्थापन, बत्ती सिस्टम, ए0सी0 एवं हीटिंग सिस्टम। इकाई 2- इंजन आयल के गुण, नाम, इंजन आयल बदलना। इकाई 3- अनुरक्षण एवं बाधा खोज-अनुरक्षण के महत्व एवं प्रकार, सर्विसिंग एवं ओवर हॉलिंग, विभिन्न अवयवों में दोष ढूढ़ना, उनके कारण एवं बचाव, मरम्मत के औजार एवं उपकरणों के नाम, बनावट एवं कार्य। इकाई 4- कार्यशाला के मूल कार्य जैसे कटिंग, फाइलिंग, ड्रिलिंग, वेल्डिंग, ग्राइंडिंग का संक्षिप्त परिचय। मापन एवं परीक्षण विधियां। इकाई 5- गैराज, शोरूम एवं स्पेयर विक्रय केन्द्र की स्थापना एवं संचालन से सम्बन्धित जानकारी, वित्तीय सहायता प्राप्त करने की विधियां। इकाई 6- -सड़क सुरक्षा का महत्व व नियम। -सुरक्षित ड्राइविंग का महत्व व नियम। -ट्रैफिक के नियम व यातायात चिन्ह, ट्रैफिक अधिनियम के प्रमुख प्राविधान। -वाहनों का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की विधि व आवश्यकता। इकाई 7- -ऑटोमोबाइल व हमारा पर्यावरण-वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की आवश्यकता एवं महत्व। -प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र का महत्व। प्रयोगात्मक- 50 अंक (1) कारबोरेटर का अध्ययन करना। (2) स्कूटर/मोपेड में दोष ढूंढना एवं मरम्मत करना। (3) बैट्री चार्जिंग कराने का अध्ययन तथा पानी चेक करना। (4) लाइट का फोकस एडजस्ट करना एवं बल्ब लगाना। (5) ब्रेक एडजस्ट करने का अध्ययन करना। (6) मोपेड आदि गाड़ी का ड्राइविंग करना। (7) ट्रैफिक नियमों का अध्ययन करना। (8) पंचर जोड़ बनाना, हवा भरना तथा हवा के दबाव को मापना। (9) स्कूटर व कार की धुलाई, सर्विसिंग करना। (10) कार के स्टेयिरंग प्रणाली का अध्ययन करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 221
संस्तुत पुस्तकें-
         (1)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग              . .      कृष्ण नन्द शर्मा
         (2)  ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग              . .      सी0 बी0 गुप्ता
         (3) ऑटोमोबाइल  इंजीनियरिंग              . .      धनपत राय एण्ड शुक्ला
         (4) बेसिक ऑटोमोबाइल                     . .      सी0 पी0 बक्स

(9) ट्रेड-धुलाई-रंगाई

उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार-

1-रंगाई-धुलाई की दुकानों में सहायक कर्मचारी के पद पर कार्य कर सकता है। 2-रंगाई के कारखाने में रंगाई मास्टर के पद पर कार्य कर सकता है। 3-सरकारी संस्थाओं में वस्त्र सफाई विभाग में कार्य प्राप्त कर सकता है।

(ख) स्वरोजगार-

1-ड्राई क्लीनिंग की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 2-डाइंग (रंगाई) की दुकान खोलने में सहायक हो सकता है। 3-चरक की दुकान या उद्योग लगाने में सहायक हो सकता है। 4-कम लागत में इस्तरी करने, माड़ी लगाने की दुकान खोलकर कार्य कर सकता है। 5-रंगाई-छपाई का छोटा सा रोजगार कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई 1- (1) कपड़ों में रंगों तथा रंग योजना का महत्व तथा तालमेल का अध्ययन करना। (2) रंगों का मनोवैज्ञानिक प्रभाव एवं रासायनिक प्रभाव। (3) पक्के एवं कच्चे रंगों का अध्ययन। (4) सूती, ऊनी, रेशमी कपड़ों की रंगाई का अध्ययन। (5) संश्लेषित कपड़ों के रंग और रंगने की तकनीक। इकाई 2- (1) विभिन्न प्रकार के रंगों का अध्ययन करना-

[1] प्राकृतिक रंग [2] एसिड रंग [3] वेट रंग [4] नेप्थाल रंग [5] मॉडेन्ट रंग [6] खनिज रंग [7] रिऐविच्च रंग (प्रोशियन) [8] प्रारम्भिक रंग और डायरेक्ट रंग (2) रंगाई-धुलाई में शेड कार्ड बनाना।

इकाई 3- (1) विभिन्न प्रकार के कपड़ों की गीली धुलाई की तकनीक-

[1] सूती [2] ऊनी [3] रेशमी [4] कृत्रिम

(2) सूखी धुलाई-उपकरण, तकनीक और वस्त्रों को तैयार करना (विभिन्न प्रकार के कपड़ों के लिये)।

222 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

(1) विभिन्न वस्तुओं का संग्रह एवं पहचानना (देखकर व जलाकर) :

(क) वनस्पति तन्तु। (ख) पशु से प्राप्त होने वाले तन्तु। (ग) खनिज तन्तु। (घ) कृत्रिम तन्तु।

(2) विभिन्न धागों का संग्रह-साधारण प्लाई। (3) विभिन्न प्रकार के वस्त्रोें और शेड कार्ड को संग्रहीत करके फाइल बनाना।

(4) विभिन्न प्रकार के कपड़ों को रंगना (15ʺ×25ʺ) (सूती, रेशमी, ऊनी, कृत्रिम कपड़े धोना, सुखाना, प्रेस व तह लगाना)।

(5) नील लगाना, कलफ लगाना। (6) दाग छुड़ाना-

[1] चाय [2] कॉफी [3] हल्दी [4] जंग [5] रक्त [6] मशीन का तेल [7] स्याही [8] अण्डा [9] पान [10] ग्रीस

(7) धागे को रंगना-सूती, ऊनी। (8) डायरेक्ट रंगों के विभिन्न रंगों के मिश्रण द्वारा डिजाइन बनाना-6 नमूने (15ʺ×15ʺ) (टाई ऐण्ड डाई प्रिंटिंग द्वारा)। (9) नेप्थाल रंगों के द्वारा एक नमूना तैयार करना (15ʺ×15ʺ)। (10) फेडिंग परीक्षण (सूती, ऊनी, रेशमी, रेयान) (4ʺ×4ʺ)।

(11) सूखी धुलाई-शाल, स्वेटर, रेशमी, फैन्सी कपड़े। (12) टेक्सचर के द्वारा रंगाई (6 नमूने) (12ʺ×12ʺ)। (13) पुराने कपड़े को पुनः रंगकर ब्लाक प्रिंटिंग द्वारा आकर्षक बनाना। (14) गीली धुलाई-सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम।

(क) लघु प्रयोग- (1) डायरेक्ट रंगों द्वारा रंगाई (एक रंग में)। (2) कपड़ों की पहचान (छूकर व देखकर)। (3) साधारण व प्लाई धागों की पहचान। (4) जलाकर कपड़ों का परीक्षण। (5) फेडिंग परीक्षण 3/4 घण्टा। (6) तह लगाना।

(7) इस्तरी करना। (8) माड़ी लगाना। (9) ब्लाक प्रिंटिंग (एक नमूना)। (10) टेक्सचर तैयार करना (दो नमूना)।

(ख) दीर्घ प्रयोग- (1) नेप्थाल रंगों द्वारा रंगाई। (2) सूती कपड़ों को रंगना। (3) ऊनी कपड़ों को रंगना। (4) रेशमी कपड़ों को रंगना। (5) धागों को रंगना-सूती, ऊनी। (6) नील लगाना।

(7) कलफ लगाना। (8) चरक लगाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 223

(9) सूखी धुलाई। (10) गीली धुलाई-सूती, ऊनी, रेशमी, कृत्रिम कपड़े।

पुस्तकों की सूची-

क्रमांक नाम लेखक प्रकाशक

1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा प्रकाशक, बिहार ग्रन्थ अकादमी, पटना विश्वविद्यालय

प्रकाशन।

2 वस्त्र विज्ञान एवं धुलाई श्री आनन्द वर्मा रिसर्च पब्लिेकेशन, जयपुर, वितरक-विश्वविद्यालय कार्य

3 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान श्रीमती लोकेश्वरी

प्रकाशन। स्वास्तिक प्रकाशन, अस्पताल मार्ग, आगरा-3।

शर्मा

4 वस्त्र धुलाई विज्ञान . . युनिवर्सल सेलर, हजरतगंज, लखनऊ। 5 दी केमिकल टेक्नालॉजी

आफ टेक्सटाइल फाइबर्स

श्री आर0 आर0 चक्रवर्ती

कैक्सटन प्रेस प्राइवेट लिमिटेड, रानी झांसी रोड, नई दिल्ली-55।

(10) ट्रेड-परिधान रचना एवं सज्जा

सामान्य उद्‌देश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। विशिष्ट उद्‌देश्य- (1) परिधान रचना एवं सज्जा ट्रेड के द्वारा बच्चों में सिलाई विषय से सम्बन्धित जागरूकता उत्पन्न करना। (2) भविष्य में प्रचलित फैशन के अनुसार विभिन्न डिजाइनों के वस्त्रों के निर्माण के कौशल का विकास करना।

रोजगार के अवसर-

(क) वेतनभोगी रोजगार-

[1] अपने विषय से सम्बन्धित प्रशिक्षण केन्द्रों पर प्रशिक्षण देना। [2] किसी रेडीमेड गारमेन्ट फैक्ट्री में वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्य करना।

(ख) स्वरोजगार-

[1] सिलाई का कार्य घर पर ही करके बचत करना। [2] बाजार में दुकानों से आर्डर लेकर वस्त्र तैयार करके आय प्राप्त करना। [3] सिलाई शिक्षा से सम्बन्धित स्कूल चलाना। [4] विद्यालयों से यूनीफार्म को तैयार करने का आर्डर लेना। [5] सिलाई के उपकरणों की मरम्मत से सम्बन्धित केन्द्र खोलना।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई एक- (क) नाप लेते समय ध्यान देने योग्य बातें, नाप लेने के तरीके-

[अ] चेस्ट सिस्टम। [ब] डायरेक्ट सिस्टम।

सामान्य व्यक्तियों की नापें, असामान्य व्यक्तियों की नापें (तोंदिल व्यक्ति, झुका कंधा, ऊँचा कंधा, कूबड़दार व्यक्ति) (ख) सिलाई की मशीन की सामान्य जानकारी-

[अ] मशीन के पुर्जों का ज्ञान। [ब] मशीन के पुर्जे खोलकर उनकी सफाई का ज्ञान।

224 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

[स] मशीन की साधारण खराबियों को दूर करने की योग्यता। (ग) सिलाई के विभिन्न टांके-कच्चा, बखिया, तुरपन, पीको, काज, इण्टरलॉक। इकाई दो- (क) वस्त्रों का चुनाव-आयु, मौसम, कद, विशेष अवसरों पर पहनने वाले वस्त्रों का चुनाव। (ख) वस्त्रों की विशेषता के अनुसार विभिन्न प्रकार की पोशाकों के लिये उनका चयन करना। (ग) कपड़ा काटने के पूर्व ड्राफ्टिंग, पेपर कटिंग तथा पैटर्न तैयार करने से लाभ, विभिन्न प्रकार के वस्त्रों (जैसे साटन, मखमल, नायलॉन, ऊनी) को काटते, सिलते समय सावधानियाँ। इकाई तीन- (1) सिलाई कार्य में उपयोग में आने वाली वस्तुओं की जानकारी-

(अ) कैंची, इंची टेप, गुनिया, मिल्टन चाक, मार्किंग व्हील, अंगुस्ताना, कटिंग मेज, प्रेस, विभिन्न प्रकार की सुईयां, धागे, फ्रेम। (ब) सिलाई क्रिया में प्रयुक्त होने वाले शब्दों का ज्ञान-अर्ज, अस्तर, ड्रामिंग, औरेब, चाक, गिदरी, हाला, पैजिंग, तावीज, दमफ्राक, जिग-जैग, फ्रिल, डांट डक्स पाइपिंग। (स) कढ़ाई के टांकों का ज्ञान-लेजी डेजी, रनिंग स्टिच, स्टेम स्टिच, चेन स्टिच, क्रास स्टिच, साटन स्टिच, शैडो वर्क, पैच वर्क, काज स्टिच, शैड वर्क। (द) सिलाई कार्य में रचना, फिटिंग, प्रेसिंग, फिनिशिंग तथा फोल्डिंग का महत्व।

प्रयोगात्मक क्रियाकलाप

लघु प्रयोग-

1-विभिन्न प्रकार के सिलाई टांका-कच्चा टांका, बखिया, तुरपन, पीको, काज, टांका। 2-कढ़ाई के टांके-लेजी डेजी, रनिंग स्टिच, स्टेम स्टिच, चेन स्टिच, क्रास स्टिच, काज स्टिच, शैडो वर्क, साटन स्टिच, पैड वर्क, शैड वर्क।

3-उपरोक्त कढ़ाई के टांकों से छः रूमाल बनाना। 4-रफू करना। 5-पैबन्द लगाना। 6-कलोट-काटना, सिलना। 7-बिब-काटना, सिलना। 8-चड्‌ढी-काटना, सिलना। 9-झबला-काटना, सिलना। 10-मशीन के पुर्जों को खोलना, सफाई करना तथा मशीन में तेल डालना।

दीर्घ प्रयोग- 1-बेबी शमीज 2-पैजामा (एक मीटर कपड़े का)। 3-बेबी फ्राक। 4-गल्र्स फ्राक। 5-पेटीकोट। 6-हैंगिंग बैग। नोट ः-उपरोक्त वस्त्रों की ड्राफ्टिंग, कटिंग, सिलना तथा उनकी सज्जा करना तथा रूमाल, पेबन्द, रफू बनाकर रिकार्ड फाइल में रखना। मौखिक प्रश्नोत्तर-लघु तथा दीर्घ प्रयोगों से सम्बन्धित प्रश्नोत्तर। पुस्तकों की सूची-

क्रमांक नाम लेखक व प्रकाशक मूल्य

रु0 1 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती चरन दासी, स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 13.50 2 गृह विज्ञान का सामान्य ज्ञान श्रीमती स्वराज्य लता सिंह, स्वास्तिक प्रकाशन, आगरा 35.00 3 परिधान रचना एवं सज्जा श्रीमती अनामिका सक्सेना, भारत प्रकाशन मन्दिर, मेरठ 18.00 श्री एम0 ए0 खान, पुस्तक प्रकाशन मन्दिर, इलाहाबाद 15.00 4 आधुनिक सिलाई एवं कढ़ाई

विज्ञान

5 अनमोल सिलाई कला परिचय श्री असगर अली, गर्ग प्रकाशन, इलाहाबाद 18.00 68.00 6 रेपिडक्स टेलरिंग कोर्स श्रीमती आशारानी बोहराभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 225

(11) ट्रेड-खाद्य संरक्षण

उद्‌देश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 7-अधिक उपज से उगाने के बाद बचे हुये फल और सब्जियों का संरक्षण करना। 8-खाद्य संरक्षण द्वारा पौष्टिक भोजन की कमी को पूरा करना। 9-बेमौसम में भी सुरक्षित सभी सब्जियों और फलों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- 1-खाद्य संरक्षण सम्बन्धी इकाई में रोजगार मिल सकता है। 2-खाद्य संरक्षण में दक्षता अर्जित कर छात्र अपना निजी व्यवसाय चला सकता है। 3-अचार, मुरब्बा, मांस आदि विभिन्न प्रकार के संरक्षित खाद्य पदार्थ तैयार कर डिब्बा बन्दी कर बाजार में आपूर्ति कर सकता है।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों को सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायगी। इकाई-1 (1) स्थायी तथा अस्थायी संरक्षण की विधियां। (2) जेम, जेली, मार्मलेड बनाने की विधि। (3) पेक्टिन परीक्षण। (4) फलों के रस, टमाटर रस, स्क्वैश, शर्बत आदि का संरक्षण। (5) मुरब्बा एवं कैण्डी। (6) अचार तथा सिरका का सामान्य ज्ञान। (7) टमाटर से विभिन्न पदार्थ। (8) खाद्य पदार्थों के आवागमन में प्रयोग होने वाली पैकेजिंग सम्बन्धी जानकारी। इकाई-2 (1) फल एवं तरकारियों की डिब्बा बन्दी का सामान्य ज्ञान। (2) खाद्य रंग, कृत्रिम एवं प्राकृतिक रंग का सामान्य परिचय। (3) शीत, शीतोष्ण एवं उष्ण जलवायु में उगाये जाने वाले फल एवं तरकारियों का सामान्य परिचय। (4) विभिन्न खाद्य पदार्थों, फल, तरकारियों, मांस, मछली, छोला, पुलाव के संरक्षण का साधारण परिचय। (5) खाद्य संरक्षण में बचे अवशेष निरर्थक भागाें का उपयोग। (6) सुरक्षित खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता का महत्व। (7) संरक्षण हेतु विभिन्न प्रकार की पैकेजिंग वस्तुओं का उपयोग। (8) मसाला उद्योग का सूक्ष्म परिचय। इकाई-3 (1) दालें, अनाज, तिलहन वाली फसलों का सामान्य ज्ञान एवं संरक्षण। (2) मांस, मछली, मुर्गी, अण्डा आदि पदार्थों के विषय, परिचय एवं संरक्षण का प्रारम्भिक ज्ञान। (3) बड़ी, पापड़, चिप्स बनाने एवं संरक्षण के उपाय। (4) केक, पेस्ट्री, बिस्कुट, नान-खटाई बनाने की साधारण विधियां। (5) तैयार खाद्य पदार्थों का अल्पकालिक संरक्षण। (6) आटा, मैदा, सूजी, दलिया की पहचान तथा उत्पादों के लिए उपयुक्त गुणवत्ता। (7) सोयाबीन से निर्मित पदार्थों का सूक्ष्म परिचय। (8) दूध से निर्मित पदार्थ-खोया, पनीर का सामान्य परिचय।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) दीर्घ प्रयोग- 1-जैम बनाना 2-मुरब्बा बनाना226 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 3-अचार बनाना 4-शर्बत बनाना 5-प्युरी एवं टमाटर सॉस बनाना 6-मटर, गाजर, अमचुर सुखाने की विधियां 7-कृत्रिम सिरका 8-फलों के रस एवं गूदे का संरक्षण 9-दलिया, चिप्स, पापड़, बरी बनाना एवं संरक्षण 10-पनीर निर्माण (ख) लघु प्रयोग- 1-हिफरेक्ट्रोमीटर का उपयोग 2-निकल्स हाइड्रोमीटर का उपयोग 3-सूक्ष्मदर्शी यंत्र के विभिन्न भागों का परिचय 4-पी0 एच0 पेपर का महत्व एवं उपयोग 5-पेक्टिन परीक्षण 6-विभिन्न खाद्य पदार्थों की पहचान 7-असमेसिस साधारण प्रयोग 8-खाद्य संरक्षण में उपयोग होने वाले तापमापी का उपयोग, प्रेशर कुकर का ज्ञान। संस्तुत पुस्तकें- रु0 (1) फल एवं सब्जी संरक्षण ले0 डा0 गिरधारी लाल 45.00

डा0 सिद्धाप्पा एवं गिरधारी लाल टंडन

30.00 (2) फल संरक्षण एस0 एम0 भाटी 15.00 (3) फल संरक्षण (प्रयोगात्मक) बी0 एम0 अग्निहोत्री 25.00 (4) फल संरक्षण विज्ञान बी0 एम0 अग्निहोत्री (5) फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 100.00 50.00 (6) आहार एवं पोषण विज्ञान विमला वर्मा

(12) ट्रेड-एकाउन्टेंसी अंकेक्षण

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को स्वरोजगार करने हेतु मानसिक रूप से तैयार करना। (3) 10+2 स्तर पर ट्रेड चयन करने हेतु छात्रों की सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (6) वेतनभोगी रोजगार सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक, कार्यालय सहायक के रूप में छात्राें को तैयार करना। रोजगार के आधार- (1) वेतनभोगी रोजगार तथा सहायक रोकड़िया, कनिष्ठ लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक, कार्यालय सहायक आदि के रूप में। (2) स्वरोजगार-जैसे छोटे स्तर के व्यापार के हिसाब का रख-रखाव करने के रूप में पाठ्‌यक्रम का स्वरूप। ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 (1) लागत लेखांकन-परिभाषा, महत्व तथा पद्धतियां। (2) लागत के मूल तत्व-सामग्री, श्रम एवं उपरिव्यय का सामान्य ज्ञान। (3) लागत विवरण एवं निविदा तैयार करना। इकाई-2 अन्तिम खाते तैयार करना, साधारण समायोजनाओं सहित व्यापार लाभ-हानि तथा चिट्‌ठा बनाना, संयुक्त स्कन्द कम्पनी परिभाषा, लक्षण एवं भेद। इकाई-3 (ए) अंकेक्षण-परिभाषा, महत्व, उद्‌देश्य। (बी) अंकेक्षण-गुण एवं योग्यतायें।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 227

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(अ) लघु प्रयोग- (1) नकद रसीद। (2) डेबिट नोट एवं क्रेडिट नोट। (3) चेक, पे-इन-स्लिप। (4) टेलीग्राम मनी आर्डर फार्म। (5) आर0 आर0 ट्रेजरी चालान फार्म। (6) कैलकुलेटर्स, रेडीरेकनर्स। (7) डेटिंग मशीन। (8) नम्बरिंग मशीन। (9) स्टेपलर्स, पंचिंग मशीन। (ब) दीर्घ प्रयोग- (1) छात्रों को वाउचर प्रदान किये जायें एवं उन्हें तैयार कराया जाय। (2) क्रय-पुस्तक तैयार करना। (3) विक्रय पुस्तक तैयार करना। (4) बीजक एवं विक्रय विवरण बनाना। (5) खुदरा रोकड़ पुस्तक बनाना। (6) रोकड़ पुस्तक तैयार करना। (7) स्टॉक रजिस्टर तैयार करना। (8) पत्र प्राप्ति पुस्तक एवं पत्र प्रेषण पुस्तक तैयार करना। संदर्भित पुस्तकें- 1-हाई स्कूल बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री विजय पाल सिंह 2-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली लेखक-श्री जगन्नाथ वर्मा 3-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्यिक ट्रेड लेखक-श्री राम प्रकाश अवस्थी 4-लागत लेखांकन लेखक-डा0 लक्ष्मण स्वरूप

(13) ट्रेड-आशुलिपि तथा टंकण

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) वेतनभोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां कार्य करना। (2) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवेदन एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण कर उपलब्ध कराना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 व्यावसायिक संगठन अर्थ एवं प्रारूप एकांकी व्यापार, साझेदारी एवं संयुक्त स्कन्ध (परिभाषा, लक्षण एवं भेद)। इकाई-2 आशुलिपि वर्णमाला का प्रारम्भिक ज्ञान, चित्र एवं संकेतों के माध्यम से रेखाओं का ज्ञान, स्वर एवं संकेत स्वरों का ज्ञान, व्यंजनों का मिलाना तथा आशुलिपि में अवतरणों एवं पत्रों का श्रुतलेख और उनका हिन्दी रूपान्तर। इकाई-3 आधुनिक युग में टंकण का व्यावसायिक महत्व, मशीन एवं उनमें प्रयुक्त होने वाले विभिन्न कल-पुर्जों एवं उनके प्रयोग तथा अवतरणों को करना।

31 ड़228 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- (1) शब्द चिन्ह। (2) जुट शब्द। (3) रेखाक्षरों के स्थान। (4) चित्र एवं संकेतों के माध्यम से रेखाक्षरों का ज्ञान। (5) टाइप करने की प्रणालियां। (6) मशीन में कागज लगाने, ठीक करने व कागज निकालने का ढंग। (7) हाशिया निश्चित करना। (8) मशीन पर बैठने की स्थिति। (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) श्याम पट्‌ट पर लिखित लेखों को पढ़ना। (2) पत्रों का आशुलिपि में लेखन तथा हिन्दी रूपान्तर। (3) आशुलिपि से दीर्घ लिपि में लिखना तथा टाइप करना। (4) आशुलिपि नोटों के अनुवादित होने के बाद उन पर चिन्ह लगाना। (5) कुंजी पटल का ज्ञान। (6) पोस्ट कार्डों पर पतों का टंकण। (7) टाइप मशीन की प्रतिलिपि लेना। (8) प्रार्थना-पत्र अथवा पत्रों को टाइप करना। संदर्भित पुस्तकें- 1-अनुपम टाइपिंग मास्टर-श्रीमती ऊषा गुप्ता। 2-उपकार व्यावहारिक टंकण कला-श्री ओंकार नाथ वर्मा। 3-हिन्दी संकेत लिपि (ऋषि प्रणाली)-श्री ऋषिलाल अग्रवाल। 4-पिटमैन अंगे्रजी संकेत लिपि-पिटमैन। 5-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 6-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 7-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता एवं व्यापार प्रणाली-श्री जगन्नाथ वर्मा। 8-आशुलिपि एवं टंकण-श्री गोपाल दत्त विष्ट।

(14) ट्रेड-बैंकिंग

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों की 10़2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। (7) व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना। (8) बैंकिंग कार्य प्रणाली के प्रारम्भिक ज्ञान की जानकारी छात्रों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी- 1-विद्यालयों में संचयिका के लेखा रखने को जानकारी देना। 2-अपने व्यवसाय को बैंकिंग कार्य प्रणाली की जानकारी देना। 3-सहायक रोकड़िया। 4-गोंद सहायक। (ख) स्वरोजगार- 1-लघु व्यावसायिक संस्थाओं का हिसाब तैयार करना। 2-अभिकर्ता के रूप में कार्य कराना। 3-डाक घर के एजेन्ट के रूप में कार्य करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 229

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 व्यावसायिक संगठन अर्थ एवं प्रारूप एकाकी व्यापार, साझेदारी एवं संयुक्त स्कन्ध कम्पनी, परिभाषा, लक्षण एवं भेद। इकाई-2 अन्तिम खातेदार तैयार करना, साधारण समायोजनाएं सहित व्यापार एवं लाभ-हानि खाता तथा आर्थिक चिट्‌ठा बनाना। इकाई-3 विभिन्न प्रकार के बैंक-देशी बैंक, साहूकार, महाजन एवं चिट फण्ड, व्यावसायिक बैंक, रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया, स्टेट बैंक आफ इण्डिया, सहकारी बैंक, भूमि विकास बैंक।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

लघु प्रयोग- (1) चेक लिखना, निर्गम करना एवं निगर्मन, रजिस्टर में लेखा करना। (2) चेकों का पृष्ठांकन एवं रेखांकन करना, चेकों की वैधता की जांच करना। (3) पे-इन-स्लिप तथा आहरण-पत्र का प्रयोग। (4) चेक लिखने वाली मशीन का प्रयोग। (5) रेडी रेकनर का प्रयोग। (6) कैलकुलेटर का प्रयोग। (7) वेइंग मशीन एवं नम्बरिंग मशीन का प्रयोग। (8) पंचिंंग मशीन एवं स्टेपलर का प्रयोग।

दीर्घ प्रयोग- (1) बैंक में खाता खोलने के विभिन्न प्रपत्रों को भरना। (2) बैंक लेजर, खातों एवं पास बुक में लेखा करना। (3) ब्याज की गणना एवं उनका लेखा करना। (4) बैंक ड्राफ्ट, एम0टी0टी0, पे-आर्डर तैयार करना। (5) ऋण सम्बन्धी आवश्यक प्रपत्रों को भरना। (6) साप्ताहिक विवरण रिटर्न तैयार करना एवं प्रधान कार्यालय को प्रेषित करना। (7) बीजक एवं विक्रय विवरण तैयार करना। (8) रेजगारी छांटने वाली मशीन का प्रयोग।

संदर्भ पुस्तकें- 1-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 2-पूर्व व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक)-श्री राम प्रकाश अवस्थी। 3-हाई स्कूल मुद्रा बैंकिंग एवं अर्थशास्त्र-श्री एम0 पी0 गुप्ता। 4-अधिकोषण तत्व-श्री डी0 डी0 निगम।

(15) ट्रेड-टंकण

उदद्‌ेश्य- (1) छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। (2) छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। (3) छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। (4) छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। (5) छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। (6) छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (1) वेतनभोगी रोजगार-वकील अथवा व्यापारी के यहां टाइप करना।

230 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(2) स्वरोजगार-अपनी टंकण मशीन लेकर तहसील, कचहरी आदि में बैठकर आवेदन एवं प्रत्यावेदन का डिक्टेशन लेकर टंकण कर उपलब्ध कराना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 व्यावसायिक संगठन-अर्थ उद्‌देश्य, महत्व एवं प्रारूप। एकाकी व्यापारी, साझेदारी एवं कम्पनी, परिभाषा, लक्षण एवं भेद। इकाई-2 अंग्रेजी टंकण-आधुनिक युग में अंगे्रजी टंकण का महत्व, टंकण मशीन तथा उसमें प्रयुक्त होने वाले विभिन्न कल-पुर्जों तथा उनका प्रयोग, पैराग्राफ, पत्रों तथा टेबुल का टंकण। इकाई-3 आधुनिक युग में हिन्दी टंकण का व्यावसायिक महत्व, टंकण मशीन एवं उसमें प्रयुक्त होने वाले विभिन्न कल-पुर्जों तथा उनका प्रयोग, अवतरणों, पत्रों तथा साधारण सारणी का टंकण।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- (1) टंकण कल पर बैठने की स्थिति। (2) टंकण करने की प्रणालियां। (3) टंकण मशीन में कागज लगाने एवं बाहर निकालने की विधि। (4) हाशिया निश्चित करना। (5) ऐसे संकेतों का टंकण जो कुंजी पटल में नहीं दिये गये हैं। (6) नया पैराग्राफ बनाना। (7) स्पेस बार का प्रयोग। (8) शिफ्ट की एवं शिफ्ट की लॉक का प्रयोग। (9) छोटे पत्रों एवं लघु अवतरणों का टंकण। (ख) दीर्घ प्रयोग- (1) कुंजी पटल का ज्ञान। (2) प्रार्थना-पत्र एवं पत्रों का टंकण करना। (3) पोस्ट कार्ड पर पते टाइप करना। (4) टाइप मशीन से प्रतियां लेना। (5) प्रूफ रीडिंग में प्रयुक्त होने वाले चिन्ह। (6) रिबन का बदलना। (7) कठिन शब्दों का टंकण। (8) टाइप मशीन की सफाई एवं तेल देना। (9) बड़े अवतरणों एवं साधारण सारणियों का टंकण करना। संदर्भ पुस्तकें- 1-अनुपम टाइपिंग मास्टर श्रीमती ऊषा गुप्ता 2-उपकार व्यावहारिक टंकण कला श्री ओंकार नाथ वर्मा 3-पूर्ण व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड श्री राम प्रकाश अवस्थी 4-पूर्ण व्यावसायिक वाणिज्य ट्रेड (प्रयोगात्मक) श्री राम प्रकाश अवस्थी 5-अनुपम प्रारम्भिक बहीखाता तथा व्यापार प्रणाली श्री जगन्नाथ वर्मा

(16) ट्रेड-फल संरक्षण

उदद्‌ेश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधानुसार उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। 7-फल उत्पादन बढ़ाना तथा खाने के बाद बचे हुए फल और सब्जियाें का संरक्षण करना। 8-फलोत्पादक औद्योगिकरण द्वारा देश की बढ़ती हुई बेरोजगारी को दूर करना।

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9-बिना मौसम में संरक्षित फल पदार्थों को उपलब्ध कराना। रोजगार के अवसर- 1-फल संरक्षण सम्बन्धी इकाईयाें में रोजगार मिलने की सम्भावना। 2-फल संरक्षण उद्योग में स्वरोजगार या अपना निजी व्यवसाय चलाना या डिब्बाबन्दी कर बाजार में आपूर्ति करना। 3-संरक्षित पदार्थों की दुकान या गोदाम खोल सकता है जिसमें संरक्षित खाद्य पदार्थों का सही ढंग से रख-रखाव कर उन्हें नष्ट होने से बचाव कर रोजगार चला सकता है। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 (1) प्रमुख फल एवं सब्जियों को धूप में सूखाना और डीहाईड्रेशन यन्त्र से सुखाना। (2) शक्कर द्वारा संरक्षण-जैम, जेली, मुरब्बा, कैन्डी और कृत्रिम शरबत (गुलाब, केवड़ा, खस और आम का पना) आलू के शीत भण्डारण का परिचयात्मक विवरण। इकाई-2 (1) टमाटर से निर्मित पदार्थ-रस (जूस), केचप, सॉस और चटनी। (2) किण्वीकरण (फर्मेन्टेशन), सिरका और अचार बनाना (नमक की संरक्षण का उपयोग, विदेशी विधि तथा साल्ट क्योरिंग का परिचय)। (3) अचार, पेय-पदार्थ, एवं मुरब्बा उद्योग की सम्भावनायें। इकाई-3 फल संरक्षण, प्रशिक्षण, सूचना तथा वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थायें, फल संरक्षण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया एवं स्वरूप, आवश्यक कार्यवाही। अपने जनपद में अधिक मात्रा में उपजाये जाने वाले फल एवं सब्जियों की जानकारी तथा उनकी उपलब्धता तथा इनसे संरक्षित किये जाने वाले पदार्थों के बनाने की जानकारी।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोग- 1-ब्रिक्स हाईड्रोमीटर से लिनोमीटर, हैंड से कैरोमीटर (रिफ्रैक्टोमीटर), थर्मामीटर का परिचय एवं उपयोग विधि। 2-तरल पदार्थों का लिटमस पेपर की सहायता से पी-एच0 ज्ञात करना। 3-सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से परिचय, उनके विभिन्न पाटर््‌स। 4-स्प्रिट द्वारा पेक्टिन टेस्ट। 5-सोंलिंग के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीन। 6-कन्टेनर्स (बोतल, जार, अमृतवान, कारव्यास) को धोना और जीवाणुरहित (स्टरलाइज) करना। (ख) दीर्घ प्रयोग- 1-जैम-विभिन्न ऋतुओं में पैदा होने वाले फलों से जैम बनाना। 2-मुरब्बा बनाना-आंवला, बेल, पेठा, करौंदा, पपीता, गाजर। 3-अदरक, पेठा नीबू, प्रजाति के फलों के छिलका से कैण्डी बनाना। 4-टमाटर, केचप, सॉस, सूप बनाना। 5-फलों से चटनी बनाना। 6-विभिन्न ऋतुओं में उपलब्ध फल एवं सब्जियों (आम, नीबू, कटहल, अदरक, करौंदा, प्याज, खीरा आदि) से अचार बनाना। 7-कृत्रिम सिरका बनाना। 8-कृत्रिम शरबत (खस, गुलाब, केवड़ा आदि) बनाना। 9-स्कवैश बनाना। 10-अमरूद से चीज, टॉफी बनाना। संस्तुत पुस्तकें- रु0 1-फल एवं सब्जी संरक्षण ले0 डा0 गिरधारी लाल डा0 सिद्धाप्पा 45.00 30.00 2-फल संरक्षण श्री एस0 एन0 भाटी 15.00 3-फल संरक्षण (प्रयोगात्मक) बी0 एन0 अग्निहोत्री 4-फल संरक्षण विज्ञान बी0 एन0 अग्निहोत्री 25.00 5-फल परिरक्षण सिद्धान्त एवं विधियां डा0 श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 100.00 6-फल तथा सरकारी परिरक्षण प्रौद्योगिकी श्री एस0 सदाशिव नायर एवं डा0 हरिश्चन्द्र शर्मा 100.00 150.00 7-फ्रूट एवं वेजीटेबिल डा0 संजीव कुमार232 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

(17) ट्रेड-फसल सुरक्षा

उदद्‌ेश्य- 1-फसल सुरक्षा को सामान्य जानकारी करना। 2-फसल सुरक्षा सेवा अपनाकर फसलों की होने वाली हानि से इन्हें बचाना। 3-फसल सुरक्षा सेवा द्वारा प्रतिवर्ष हजारों टन खाद्यान्न को नष्ट करने से बचाना। 4-फसल सुरक्षा व्यवसाय में दक्षता प्राप्त कर इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाना। 5-श्रम के प्रति आस्था उत्पन्न करना तथा आत्मनिर्भर बनाना। 6-कुशल नागरिक निर्माण में योगदान देना। 7-फसल सुरक्षा सेवा सम्बन्धी यन्त्राें एवं उपकरणों आदि का समुचित ज्ञान प्राप्त कर अपने निजी जीवन में उपयोग करना। 8-फसल सुरक्षा सेवा व्यवस्था का विद्यालय में सफल प्रदर्शन करना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार- 1-सरकारी, सहकारी विभागों में फसल सुरक्षा सहायक का कार्य करने का अवसर प्राप्त करना। 2-फसल सुरक्षा को उत्पादन तथा वितरण इकाइयों में रोजगार प्राप्त करना। (ख) स्वरोजगार- 1-फसल सुरक्षा सम्बन्धी रसायनों तथा यंत्रों-उपकरणों की आपूर्ति करने सम्बन्धी व्यवसाय को अपनाना। 2-फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों तथा रसायनों की दुकान चलाना। 3-फसल सुरक्षा के यंत्रों, उपकरणों को किराये पर चलाना। 4-सहकारी समितियां बनाकर फसल सुरक्षा के क्षेत्र में लघु उद्योग-धन्धे चलाना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 1-फसल सुरक्षा के उपकरणों-स्पे्रयर और डस्टर की सामान्य जानकारी, इनके रख-रखाव का ज्ञान। 2-कवकनाशी, कीटनाशी, बीज पोषक, बीज उपचारक तथा खर-पतवारनाशी रसायनों की सामान्य जानकारी। इकाई-2 1-दीमक, चिड़िया, चूहों, घोंघा, बन्दर, लोमड़ी, खरगोश एवं अन्य जंगली जानवरों के कारण फसलों की क्षति का सामान्य ज्ञान तथा उनके रोकथाम की जानकारी। 2-टिड्‌डी द्वारा फसलों पर होने वाली क्षति का सामान्य ज्ञान एवं रोकने के उपाय का सामान्य ज्ञान। इकाई-3 1-अनाज भण्डारण में कीटों तथा जन्तुओं द्वारा होने वाली क्षति का ज्ञान। 2-भण्डारण के कीटों के वर्गीकरण की जानकारी। 3-निम्नांकित कीटों का जीवन-चक्र एवं उनके नियंत्रण के उपाय का ज्ञान- (1) राइस बीविल। (2) धान का भाव। (3) दालों की बीविल। (4) अनाज का घुन।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) दीर्घ प्रयोग- 1-कीट संकलन एवं उनके जीवन-चक्र का रेखांकन करना। 2-इमल्सन मिश्रण बनाना। 3-पेस्टन तैयार करना तथा उनके प्रयोग विधि का प्रदर्शन। 4-रसायन का घोल तैयार करना, उनका प्रयोग तथा उनमें अपनायी जाने वाली सावधानियों की क्रियात्मक समझ। 5-फसलों पर पाउडर का छिड़काव करना। 6-भण्डार गृह में रसायनों का प्रयोग करना। 7-उपकरणों को खोलने एवं बांधने की समझ। 8-रसायन एवं उपकरण के प्राप्ति केन्द्रों की जानकारी एवं उन स्थानों का पर्यवेक्षण तथा उनका विवरण तैयार करना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 233

(ख) लघु प्रयोग- 1-विभिन्न खर-पतवारों की पहचान। 2-विभिन्न पादप रोगों की पहचान। 3-विभिन्न पादप कीटों की पहचान। 4-फसल सुरक्षा उपकरणों की पहचान। 5-कवकनाशी रसायनों की पहचान। 6-कीटनाशी रसायनों की पहचान। 7-खर-पतवारनाशी रसायनों की पहचान। 8-भण्डारण में प्रयोग होने वाले रसायनों की पहचान। 9-भण्डारण के कीटों की पहचान। 10-भण्डारण में हानि पहुंचाने वाले जन्तुओं की पहचान करना। संस्तृत पुस्तकें- क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक प्रकाशक का नाम एवं पता मूल्य 1 2 3

4 5 रु0 16.00 1 फसल सुरक्षा डा0 धर्मराज सिंह ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर कम्पाउण्ड

कालोनी, इलाहाबाद

16.00 2 सब्जी की खेती दर्शना नन्द ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर कम्पाउण्ड

कालोनी, इलाहाबाद

25.00 3 फलों की खेती डा0 राम कृपाल पाठक ग्राम विकास प्रकाशन, कमिश्नर कम्पाउण्ड

कालोनी, इलाहाबाद

डा0 संगम लाल प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं 20.00 4 नया कृषि कीट विज्ञान बी0 ए0 डेविड एवं एम0 एच0 डेविड सेण्ट्रल बुक डिपो, इलाहाबाद 12.00 5 पादप रोग नियन्त्रण डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 22.00 6 खर-पतवार नियन्त्रण प्रो0 ओम प्रकाश कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 7 फसलों के रोगों की

रोकथाम

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल

50.00 8 फसलों के रोग डा0 मुखोपाध्याय एवं डा0 सिंह प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल डा0 बिन्दा प्रसाद खरे प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं 22.00 9 फसलों के हानिकारक

कीट

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल

25.00 10 खर-पतवार नियन्त्रण डा0 विष्णु मोहन मान प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 22.50 11 पादप रक्षा कीट

नियन्त्रण

12 प्लाण्ट प्रोटेक्शन डा0 उपाध्याय एवं माथुर कुक्का पब्लिशिंग हाउस, बड़ौत, मेरठ 30.00 13 सचित्र कृषि विज्ञान श्री श्याम प्रसाद शर्मा भारत भारती प्रकाशन, मेरठ 20.00 14 कृषि विज्ञान श्री गंगा महेश मिश्र राम नारायन लाल, इलाहाबाद 20.00 (18) ट्रेड-मुद्रण

उदद्‌ेश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों की 102 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी देना। रोजगार के अवसर- (क) वेतनभोगी रोजगार (ख) स्वरोजगार

सरकारी तथा निजी मुद्रण उद्यमों में कुशल कामगार के पद का कार्य कर सकते हैं-उदाहरण के लिए कम्पोजीटर, मुद्रण मशीन चालक, प्रूफ रीडर, बुक बाइण्डर, छोटी इकाई के रूप में निजी उद्योग भी लगा सकते हैं।

पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी।

234 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

इकाई-1 (अ) मुद्रणालय की विभिन्न सामग्रियां- कागज बनाने की विभिन्न सामग्रियां, कागज बनाने की विधियां, विभिन्न प्रकार के कागज तथा मापें, मुद्रण स्याहियां, बोर्ड (दफ्ती), बाइण्डिंग कपड़ा, बाइण्डिंग चमड़ा, रेक्सीन, चिपकाने वाले (एडेसिव) पदार्थ, फर्मा कसने की सामग्रियां। (ब) विभिन्न मुद्रण सतह- टाइप कम्पोजिंग सतह, ब्लाक (चित्रों) की सतह, लाइनों तथा मोनो, आफसेट प्लेट, ग्रेव्योर मुद्रण प्लेट (सिलेण्डर), स्क्रीन मुद्रण की सतह, रबर मुद्रण प्लेट। इकाई-2 (अ) मुद्रण विधियां- मुद्रण का अर्थ, मुद्रण का आविष्कार, विभिन्न मुद्रण विधियां (लेटर प्रेस), समतल मुद्रण (प्लेनोग्राफी), अवतल मुद्रण (गे्रव्योर प्रिटिंग), सिल्क स्क्रीन मुद्रण, फ्लेक्सोग्राफी मुद्रण। (ब) विभिन्न मुद्रण कार्य- मुद्रण पूर्व तैयारी (प्री मेक रेडी), मुद्रण तैयारी (मेक रेडी), छोटे-छोटे (जाबिंग), मुद्रण कार्य पुस्तकीय मुद्रण, कई रंगों में मुद्रण, समाचार-पत्र, पत्रिकाओं की मुद्रण विधियां। इकाई-3 (अ) जिल्दबन्दी (बुक बाइडिंग)- जिल्दबन्दी का अर्थ, विभिन्न प्रकार की जिल्दबन्दी, विभिन्न प्रक्रियायें, कागजों को बराबर करना और गिनती करना। (ब) अन्य सम्बन्धित कार्य- दफ्ती (बोर्ड) से डिब्बा बनाना, लिफाफा बनाना, छिद्रण (परफोरेशन) कार्य, संख्याकरण (नम्बरिंग) कार्य, आइलेट लगाना, कटिंग तथा क्रीजिंग, रेखण (रूलिंग) कार्य।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

(क) लघु प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-अक्षर संयोजन विभाग की साज-सज्जा तथा उपकरणों का परिचय। 2-मुद्रणालय में सुरक्षा (सेफ्टी) उपाय। 3-मुद्रण तथा बाइंडिंग विभाग की मशीनों और उपकरणों का परिचय। 4-टाइप केस लेआउट याद करना एवं कम्पोजिंग स्टिक में माप बांधना। 5-पू्रफ उठाना तथा टाइप मैटर में लगी स्याही की सफाई करना। 6-मुद्रणालय की सभी मशीनों तथा उपकरणों में स्नेहन (लुब्रीकेटिंग) तेल या ग्रीस देना और सफाई करना। 7-मुद्रित तथा अमुद्रित कागजों को बराबर करके और गिनती करना। 8-पुरानी पुस्तकों की मरम्मत करना। (ख) दीर्घ प्रयोगात्मक अभ्यास- 1-लेटर हेड तथा विजिटिंग कार्ड आदि छोटे जॉब कार्यों को कम्पोजिंग करना तथा पू्रफ उठाकर उसे पढ़ना और संशोधन करना। 2-विभिन्न मशीनों के लिए एक या दो पृष्ठ का फर्मा कसना। 3-मुद्रण मशीन की तैयारी, मुद्रण मशीन पर फर्मा चढ़ाना, फर्मा की तैयारी तथा लगातार मुद्रण कार्य करना। 4-मुद्रण मशीन पर एक या दो रंग की छपाई करने का अभ्यास। 5-स्थानीय किसी एक या अधिक मुद्रणालयों में छात्रों को ले जाकर निरीक्षण कराना और छात्रों द्वारा एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार करना जो 300 शब्दों से अधिक न हो। 6-बाइण्डिंग करने के लिए मुद्रित अथवा अमुद्रित कागजों को मोड़ना, मिसिल उठाना, सिलाई करना। 7-पुस्तकों पर कागज के कवर तथा दफ्ती के कवर लगाने का अभ्यास। 8-सिल्क स्क्रीन मुद्रण की तैयारी तथा मुद्रण का अभ्यास करना। पुस्तकें- हिन्दी पुस्तकें- 1-अक्षर मुद्रण शास्त्र चन्द्र शेखर मिश्र 2-संयोजन शास्त्र चन्द्र शेखर मिश्र 3-आफसेट मुद्रण शास्त्र चन्द्र शेखर मिश्र 4-मुद्रण परिकरण भाग-1 के0 सी0 राजपूत 5-मुद्रण परिकरण भाग-2 के0 सी0 राजपूत 6-आधुनिक ग्रन्थ शिल्प चन्द्र शेखर मिश्रभाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 235 7-मुद्रण स्याहियां तथा कागज चन्द्र शेखर मिश्र 8-मुद्रण प्रौद्योगिकी सामग्री एम0 एन0 खिड़बेड़ 9-ब्लाक मेकर्स गाइड एस0 अग्रवाल

(19) ट्रेड-रेडियो एवं टेलीविजन

उदद्‌ेश्य- 1-वर्तमान समय में रेडियो एवं टेलीविजन की बढ़ती हुई मांग तथा इस विषय की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों की मांग को देखते हुए यह आवश्यक है कि हाई स्कूल स्तर से बच्चों में इस विषय में रुचि उत्पन्न करना। 2-10+2 में रेडियो तथा टी0वी0 पहले से चल रहा है, इसके लिए हाई स्कूल स्तर से बच्चों को तैयार करना तथा इण्टरमीडिएट में एडमिशन के समय वरीयता। 3-छात्र बाहर तथा गांव में व्यवसाय का उचित अवसर प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार के अवसर- 1-रेडियो तथा टी0वी0 इन्डस्ट्री में पी0 सी0 बी0 पर एसेम्बलिंग का कार्य प्राप्त कर सकते हैं। 2-विभिन्न टी0वी0 सर्विस सेन्टर में टी0वी0 टेक्नीशियन का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। 3-किसी बड़ी इकाई के साथ लघु उद्योग स्थापित करना। 4-स्वयं की दुकान प्रारम्भ कर सकना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 (क) परमाणु संरचना, इलेक्ट्रानिक सिद्धान्त, विद्युत के प्रकार, प्रतिरोध, धारित्र, इन्डक्टर तथा प्रतिरोध की कलर कोडिंग। (ख) इलेक्ट्रान उत्सर्जन, अर्द्ध चालक, अर्द्धचालक डायोड, ट्रान्जिस्टर के विषय में जानकारी, उसके चिन्ह तथा प्रकार। इकाई-2 ट्रांजिस्टर अभिग्राही (रिसीवर) के विषय में सामान्य जानकारी, ट्रांजिस्टर अभिग्राही के सामायदो तथा उनका विवरण। इकाई-3 कैथोड किरण, ट्‌यूब टी0वी0 अभिग्राही का बेसिक सिद्धान्त तथा उपयोग में आने वाले विभिन्न नियंत्रकों (कन्ट्रोल्स) के विषय में सामान्य जानकारी एवं टी0वी0 के सुधारने के लिए प्रयोग में आने वाले विभिन्न यन्त्रों के विषय में जानकारी।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

लघु प्रयोग- 1-कलर कोड की सहायता से प्रतिरोधों का मान पढ़ना तथा प्रतिरोधों की वाटेज को जानना। 2-विभिन्न प्रकार के प्रतिरोधों को पहचानना, समान्तर तथा श्रेणी क्रम में जोड़ना तथा उनका मान ज्ञात करना। 3-विभिन्न प्रकार के धारित्रों को पहचानना तथा श्रेणी व समान्तर क्रम में जोड़ना तथा उनका मान ज्ञात करना। 4-विभिन्न प्रकार के डायोडों तथा ट्रांजिस्टरों को पहचानना। 5-मल्टीमीटर की सहायता से वोल्टेज, धारा व प्रतिरोध मापना। 6-मल्टीमीटर की सहायता से डायोड तथा ट्रांजिस्टरों का परीक्षण करना। 7-इलेक्ट्रानिक्स में प्रयोग होने वाले विभिन्न यन्त्रों की जानकारी। 8-पी0 सी0 वी0 पर सोल्डर करने की विधि तथा सावधानियां। दीर्घ प्रयोग- 1-साधारण प्रकार की बैटरी एलीमिनेटर निर्माण (असेम्बल) करना। 2-विभिन्न निर्गत वोल्टेजों के लिए बैटरी एलिमिनेटर का निर्माण करना। 3-स्थिर वोल्टेज के लिए बैटरी एलिमिनेटर का निर्माण करना। 4-ट्रांजिस्टरों की सहायता से प्रवर्धक (एम्प्लीफायर) का निर्माण करना। 5-ट्रांजिस्टरों की सहायता से ध्वनि परिपथ (म्युजिकल सर्किट) का निर्माण करना। 6-ट्रांजिस्टर अभिग्राही के विभिन्न भागों की वोल्टेज ज्ञात करना। 7-ट्रांजिस्टर अभिग्राही के सामान्य दोषों को ज्ञात करना तथा उनका निवारण करना। 8-टेलीविजन के विभिन्न भागाें की वोल्टेज ज्ञात करना।

32 ड़236 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 संस्तुत पुस्तकें- 1-बेसिक इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग पी0ए0 जाखड़ तथा तबसा रथ जाखड़ 2-इलेक्ट्रानिक थू्र प्रैक्टिकल पी0 एस0 जाखड़ 3-प्रारम्भिक इलेक्ट्रानिकी कुमार एवं त्यागी 4-इलेक्ट्रानिक्स महेन्द्र भारद्वाज 5-टेलीविजन जीन एण्ड राबर्ट 6-बेसिक प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग अनवानी हन्ग

(20) ट्रेड-बुनाई तकनीक

उदद्‌ेश्य- 1-छात्रों में उद्यमिता गुणों का विकास करना। 2-छात्रों को आगे चलकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना। 3-छात्रों की 10+2 स्तर पर सुविधिापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना। 4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना। 5-छात्रों में कार्य संस्कृति के प्रति आदर का भाव पैदा करना। 6-छात्रों को ट्रेड की प्रारम्भिक बातों की जानकारी। विशिष्ट उद्‌देश्य- 1-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइनों को बनाकर हथकरघा उद्योग को उपलब्ध कराना। 2-विभिन्न प्रकार की बुनाई डिजाइन के द्वारा फीगर डिजाइन बनाना। 3-इस उद्योग में विद्यार्थी को दफ्ती के ऊपर रेशे द्वारा फीगर डिजाइन तैयार करना सिखाना। 4-बुनाई तकनीकी की शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ बुनाई से सम्बन्धित लघु उद्योग स्थापित कर सकता है। रोजगार के अवसर- बुनाई तकनीक ट्रेड से शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात्‌ निम्न रोजगार के अवसर मिल सकते हैं- (क) वेतनभोगी रोजगार- 1-खादी ग्रामोद्योग में यू0 पी0 हैण्डलूम में रोजगार के अवसर। 2-छोटे कारखानों में बुनाई के सहायक कार्यकर्ता के रूप में। 3-बुनाई अध्यापकों के लिए प्रशिक्षित शिक्षण की उपलब्धि। (ख) स्वरोजगार- 1-छोटे बुनाई उद्योग स्थापित करना। 2-सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त करके उद्योग चलाना। 3-न्यूनतम पूंजी में उद्योग का कार्य प्रारम्भ करके जीवन-यापन करना। 4-अपने साथ में पूरे परिवार को कार्य लगाकर कार्य करके जीवन-यापन करना। पाठ्‌यक्रम का स्वरूप एवं मूल्यांकन- ट्रेड में 50 अंकों की सैद्धान्तिक (लिखित) तथा 50 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर, इसमें विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन होगा। परिषद्‌ द्वारा इसकी वाह्य परीक्षा नहीं ली जायगी। इकाई-1 (क) वर्गांकित कागज (ग्राफ पेपर) पर निम्न डिजाइन ड्राफ्ट प्लेन प्लान सहित बनाना। (ख) सादी या प्लेन बुनावट बार्परिब, वेयररिब, मैटरिब। (ग) सादा बुनावट सजाने की विधियां, लम्बाई में धारी चौड़ाई में धारी, छोटी-छोटी त्रुटियां, चारखाने दार, लम्बाई-चौड़ाई के साथ धारीदार डिजाइन बनाना। ट्‌योल, साधारण ट्‌वील, प्वाइंटेड ट्‌वील, ड्रायमेन्ट। इकाई-2 (क) सूत का अंक निकालना, वेट सूत का अंक निकालना। (ख) कंघी का अंक निकालना, हील्ड का अंक निकालना। (ग) रीब या कंघी का अंक निकालना। इकाई-3 (क) रंगों का अध्ययन, प्रकार, अष्ट्रवाल वृत्त रंग। (ख) रंगों की संग। (ग) डिजाइन एवं आलेखन कला के प्रकार।

प्रयोगात्मक क्रिया-कलाप

लघु प्रयोग- 1-सूत की लच्छियाें को सुलझाना।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 237

2-चरखी के ऊपर सूत को चढ़ाकर चरखे की सहायता से तागे की बाबिन भरना। 3-भरी हुई बाबिनों को टट्रर में सजाना। 4-ताने की तारों को डिजाइन के अनुसार लय में भरना और कंघी में भरना। 5-ताने एवं बाने की बाबिन भरना। 6-लीज राड को ताने में लगाना। 7-शटल में तागे एवं बाबिन लगाना। 8-चरखे को चलाना। 9-तकली से सूत कातना। 10-सूत की लच्छियाें को अंटी पर चढ़ाना। दीर्घ प्रयोग- 1-टट्रर से ताने के तागे निकालना। 2-क्रम से बाबिनों को लगाना। 3-हैंक या विनियों से तागे निकालना। 4-ड्रम मशीन पर ताने जुट्‌टी बांधना। 5-ताने के बेलन में ताने के धागे लपेटना। 6-ताने के बेलन को करघे पर फिट करना। 7-डिजाइन के अनुसार ड्राफ्टिंग करना। 8-आई के कंघी में पिराना या धागे निकालना। 9-ताने के धागों की जुट्‌टी बांधना। 10-करघे पर बुनाई करना। पुस्तकों की सूची- क्रमांक पुस्तक का नाम लेखक का नाम प्रकाशक का नाम एवं पता मूल्य 1 2 3

4 5

रु0

1 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा विश्वविद्यालय प्रकाशक चौक, वाराणसी 55.00 2 वस्त्र विज्ञान एवं परिधान डा0 प्रमिला वर्मा यूनिवर्सल बुकसेलर, लखनऊ 55.00 3 बुनाई पुस्तक श्री श्याम नारायण श्रीवास्तव नवीन पुस्तक भण्डार, दारागंज, इलाहाबाद 8.00 4 हाउस होल्ड टेक्सटाइल श्री दुर्गा दत्त बुक कम्पनी, नई दिल्ली 75.00 27.00 5 भारतीय कशीदाकारी श्रीमती शिन्दे एवं कु0

पण्डित

प्रकाशन निदेशालय, गो0 ब0 पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर, नैनीताल

(21) ट्रेड-रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा-व्यापार)

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-50 अंक इस ट्रेड में 50 अंक की सैद्धान्तिक परीक्षा तथा 50 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन होगा। परिषद द्वारा वाहय परीक्षा नहीं ली जायेगी। इकाई-1 खुदरा विक्री की प्रस्तावना- 1-खुदरा बिक्रय का अर्थ एवं परिभाषा। 2-खुदरा बिक्री के तत्वों का वर्णन। 3-खुदरा तत्वों की विशेषतायें। 4-खुदरा बिक्री के तत्वों की आवश्यकता। 5-खुदरा बिक्री के विभिन्न कार्य। 6-खुदरा विक्रेताओं के विभिन्न प्रकार। इकाई-2 खुदरा बाजार में विपणन की भूमिका- 1-विपणन प्रस्तावना। 2-विपणन के सिद्धान्त। 3-खुदरा व्यापार एवं विपणन में सामंजस्य। 4-विपणन के लक्षण एवं महत्व।

238 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

5-विपणन की उत्पत्ति एवं परिभाषायें। 6-उत्पाद एवं सेवा विपणन में विभेद। इकाई-3 1-उत्पाद प्रबन्धन का महत्व। 2-उत्पाद प्रबन्धन के पूर्वोपाय। 3-उत्पादन प्रबन्धन की विभिन्न विधियां। 4-उत्पाद प्रबन्धन के विभिन्न उपकरण। 5-भारत में बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार की व्यवस्था। 6-बड़े पैमाने पर खुदरा व्यापार को संचालित करने के लिए भारत सरकार द्वारा दी गई सुविधाओें का विवरण। (FDI) इकाई-4 खुदरा व्यापार में उत्पाद वर्गीकरण- 1-प्रस्तावना 2-उत्पादों के प्रकार एवं लक्षण 3-खुदरा व्यापार में विभिन्न विभाग 4-उत्पाद रख-रखाव 5-उत्पादों में ब्राण्डिंग का महत्व इकाई-5 खुदरा बिक्री में रोजगार का भविष्य- 1-खुदरा बिक्री में विभिन्न रोजगारों की संभावना 2-खुदरा बिक्री में रोजगार के लिए आवश्यक दक्षता 3-खुदरा बिक्री में प्रबन्धकीय कार्य में कैरियर 4-FDI के द्वारा प्रस्तावित रोजगार का भारतीय अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव (FDI का आलोचनात्मक विवरण) प्रयोगात्मक

पूर्णांक-50 अंक

-उत्पादों की सुरक्षा की प्रशिक्षण तकनीक -उपभोक्ताओं के पहचान करने और समझने के लिए प्रश्नावली का गणन -किसी रिटेल मॉल का भ्रमण -किसी उत्पाद के सप्लाई चेन का मॉडल बनाना -किसी ग्राहक/उपभोक्ता से संतुष्टि मापन का अभ्यास -प्रयोगात्मक अभ्यास- -मौखिक परीक्षा- -प्रोजेक्ट रिपोर्ट-

(22) ट्रेड-सुरक्षा इस ट्रेड में 50 अंक की सैद्धान्तिक परीक्षा तथा 50 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन होगा। परिषद द्वारा वाहय परीक्षा नहीं ली जायेगी। सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-50 अंक इकाई-1 सुरक्षा सैन्य बल -भारतीय थल सेना, वायु सेना एवं नौ सेना का संगठन एवं कार्य। -भारतीय अर्द्ध सैनिक बल संगठन एवं कार्य। -भारत की अद्यतन रक्षा तैयारियां।

इकाई-2 कार्यस्थल से सम्बन्धित खतरे एवं सुरक्षा -कार्यस्थल में संभावित सामान्य खतरे एवं कारण। -स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से सम्बन्धित खतरे। -कार्यस्थल से सम्बन्धित तकनीकी खतरे। -प्राकृतिक आपदा, जल वायुवीय परिस्थितियों, सामाजिक एवं कानूनी कार्यवाही से सम्बन्धित खतरे। -उत्पादन, प्रौद्योगिकी, वित्तीय बाजार, उपभोक्ता से सम्बन्धित खतरे। -आणविक, जैविक एवं रासायनिक, शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक सुरक्षा। -व्यावसायिक स्वास्थ्य की प्रावस्थायें एवं सुरक्षात्मक रणनीति।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 239

इकाई-3

निरीक्षण, अनुश्रवण एवं सुरक्षा

-निरीक्षण, सूचना, व्याख्या एवं स्मरण के विभिन्न सोपान।

-निरीक्षण में संवेदों की प्रभावकता को प्रभावी बनाने वाले कारक।

-सुरक्षित वातावरण बनाये रखने में प्रौद्योगिकी का महत्व।

-विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा।

-विभिन्न प्रकार के अपराध एवं उनसे सम्बन्धित सुरक्षा संप्रेषण।

इकाई-4 कार्यस्थल पर संवाद संप्रेषण

-संवाद चक्र के विभिन्न तत्व-संवाद का अर्थ, तत्व, प्रेषक, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता एवं पुनर्निवेशन।

-पुनर्निवेशन (feed back) अर्थ, विशेषतायें एवं महत्व, वर्णनात्मक एवं विशिष्ट पुनर्निवेशन।

-संप्रेषण में अवरोध सम्बन्धी कारक दूर करने के उपाय।

-प्रभावी संप्रेषण से सम्बन्धित विभिन्न तत्व।

-संप्रेषण के सिद्धान्त।

-संचार उपकरण एवं संचार साधन।

प्रयोगात्मक

50 अंक

1-परिचयात्मक प्रपत्रों का परीक्षण-Identity card, Passport, स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस। 2-कार्यस्थल पर मशीनों/रसायनों/उपकरणों आदि से होने वाले खतरों को सूचीबद्ध करना एवं संस्था द्वारा अपनाये जाने वाले सुरक्षा उपायों का अध्ययन।

3-एक shopping mall/industry का भ्रमण कर खतरों को चिन्हित करना।

4-प्रवेश द्वार की सुरक्षा का अध्ययन।

5-CCTV का अध्ययन।

6-Finger print, Scanner, Iris scanner, Face scanner का सुरक्षा में प्रयोग।

7-पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी एवं इसके प्रारूप का अध्ययन।

8-फोरेंसिक लैब का भ्रमण आयोजित कर साक्ष्यों की प्रामाणिकता की कार्यविधि का अध्ययन।

9-औद्योगिक संस्थान/रेलवे स्टेशन/बस स्टेशन/हवाई अड्‌डे का भ्रमण कर सुरक्षा गार्ड के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन।

10-सेना/पुलिस के अधिकारियों को प्रदत्त चिन्ह (Insignia) का मिलान उनके पद/रैंक से करना। 11-संवाद चक्र का रेखांकन।

12-कार्यस्थल पर Communication के लिए विभिन्न प्रकार के वाक्यों का निर्माण जिनमें-

-विशिष्ट संदेश पर बल दिया हो।

-वांछित समस्त जानकारी का समावेश हो।

-संदेश के प्राप्तकर्ता के प्रति सम्मान परिलक्षित हो।

13-भारत एवं सम्बन्धित राज्यों तथा जिलों से सम्बन्धित मानचित्रों का अध्ययन एवं निर्माण।

(23) ट्रेड-मोबाइल रिपेयरिंग

इस ट्रेड में 50 अंक की सैद्धान्तिक परीक्षा तथा 50 अंक की प्रयोगात्मक परीक्षा के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन होगा। परिषद द्वारा वाहय परीक्षा नहीं ली जायेगी।

240 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

उदद्‌ेश्य-मोबाइल आधुनिक युग में संचार का सशक्त माध्यम तो है ही साथ ही विश्व के एक छोर से दूसरे छोर तक अद्यतन सूचना तथा समाचार प्रसारित करने का सशक्त माध्यम भी है।

मोबाइल की मांग तथा सेवा का विस्तार तीव्रता से हो रहा है।

अतः छात्रों को मोबाइल रिपेयरिंग ट्रेड में प्रशिक्षण देना लाभकारी सिद्ध होगा।

1-छात्रों में उद्यमिता के गुणों का विकास करना।

2-छात्रों को आगे चलकर रोजगार/स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना।

3-छात्रों को 10+2 स्तर पर सुविधापूर्वक उपयुक्त ट्रेड का चयन करने में सहायता करना साथ ही उसमें मोटीवेशन लाना।

4-छात्रों में व्यवसाय के प्रति रुचि पैदा करना।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक-50 अंक

इकाई-1

-मोबाइल के संदर्भ में कम्प्यूटर का प्रारम्भिक ज्ञान।

-कम्प्यूटर के ऑन/ऑफ की प्रक्रिया।

-मोबाइल के संदर्भ में इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रारम्भिक ज्ञान।

- इलेक्ट्रॉनिक्स अवयवों के प्रतीक, परिभाषा, परीक्षण व कार्य।

-डिजिटल मल्टीमीटर।

इकाई-2

-मोबाइल प्रौद्योगिकी, मोबाइल का परिचय।

-विभिन्न प्रकार के कम्पनियाें के मोबाइल।

-मोबाइल के विभिन्न भाग व उनका परीक्षण।

-मदर बोर्ड की प्रारम्भिक पहचान।

-मोबाइल के प्रत्येक भाग जैसे-सिम, प्रकाश, रिंगर, कम्पन, ऑडियो, चार्जिंग की पैड व पावर सेक्शन का परिचय आरेख।

इकाई-3

-(ICs) आइसी (SMD & BGA) विभिन्न आइसी के कार्य।

-SMD(ICs) आइसी की सोल्डरिंग व डी सोल्डरिंग।

-जम्फर तकनीक और उसका समाधान।

इकाई-4

-समस्या का निवारण (TROUBLE SHOOTING AND SOLUTION)

-एल0सी0डी0 पर आईकॉन की स्थिति।

-सॉफ्टवेयर डाउनलोड विधि।

इकाई-5

-Uplink & Downlink frequency (आवृत्ति)।

-जी0पी0आर0एस0 (GPRS)

-जी0पी0एस0 (GPS)

-वाई-फॉय (WI-FI)भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 241 -ब्लूटूथ (BLUTOOTH)

-इन्फ्रा रेड (INFRARED)

-डायग्राम-मल्टीमीडिया हेड सेट

-एप्लीकेशन को डाउनलोड करना (गेम, टोन, वाल पेपर, इमेजेस एम0पी0-3 मूवी)

-डेटा का हस्तान्तरण मोबाइल से PC में करना।

प्रयोगात्मक

पूर्णांक-

50 अंक

(1) हार्डवेयर (Hard Ware)

• मोबाइल के विभिन्न मॉडल की जानकारी व कार्य प्रणाली।

• CDMA तथा GSM तकनीकी की जानकारी।

• 2 जी तथा 3 जी तकनीक की जानकारी।

• बैटरी की सम्पूर्ण जानकारी-क्षमता, टेस्टिंग।

• माइक टेस्टिंग।

• फाइंड डेड सेट समस्या।

• नेटवर्किंग।

• MD का उपयोग।

• सर्किट डायग्राम की जांच करना।

• बजर टेस्टिंग, कम्पन, मदरबोर्ड टेस्टिंग, सर्चिंग (नेटवर्क)।

(2) सॉफ्टवेयर (Soft ware)

-कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी प्राप्त करना।

-मोबाइल में प्रयुक्त किये जाने वाले सॉफ्टवेयर की जानकारी।

-लॉकिंग व अनलॉकिंग की जानकारी।

-IMEI नम्बर की जानकारी।

-रिंगटोन, सिंगटोन, वॉलपेपर, ऑडियो, वीडियो, Mp 3 Song SBJ लोड करना।

(24) ट्रेड-पर्यटन एवं आतिथ्य

पाठ्‌यक्रम

नोट-कुल 100 अंक का प्रश्न-पत्र होगा जिसमें 50 अंक की लिखित परीक्षा तथा 50 अंक का प्रयोगात्मक कार्य के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन होगा। परिषद द्वारा वाहय परीक्षा नहीं ली जायेगी।

उदद्‌ेश्य-

(1) छात्रों में अतिथि देवो भव की भावना विकसित करना।

(2) हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन व्यवसाय को समझना।

(3) पर्यटन और आतिथ्य से सम्बन्धित विषय को समझना।

(4) बातचीत के तरीकों को विकसित करना।

(5) आत्मनिर्भरता की भावना का विकास करना।

242 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4

रोजगार के अवसर-

छात्रों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके मनोबल को बढ़ाना, जिससे छात्र स्वयं इस प्रकार के कार्य अथवा उद्योग को अपनाकर जीवन-निर्वाह कर सकें।

सैद्धान्तिक पाठ्‌यक्रम पूर्णांक 50 अंक

इकाई-1

05 अंक

(1) पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी की परिभाषा।

(2) पर्यटक की परिभाषा तथा पर्यटन गाइड।

(3) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि।

(4) हॉस्पिटैलिटी की उत्पत्ति का कारण।

(5) आतिथ्य एवं पर्यटन का अर्थ, क्षेत्र, आवश्यकता, महत्व एवं अवधारणा।

इकाई-2

05 अंक

(1) भारत में पर्यटन का महत्व।

(2) उद्‌देश्य।

(3) कारण।

(4) पर्यटन के प्रकार जैसे-प्राकृतिक, वाइल्ड, साहसिक, धार्मिक, फूड, डोमेस्टिक, ग्रामीण, शहरी इत्यादि।

(5) इनबाउन्ड टूरिज्म और आउटबाउन्ड टूरिज्म।

इकाई-3 फ्रन्ट आफिस संचालन

10 अंक

(1) फ्रन्ट ऑफिस की परिभाषा तथा महत्व।

(2) फ्रन्ट ऑफिस के कार्य तथा अनुभाग।

(3) फ्रन्ट ऑफिस के स्टाफ के गुण तथा व्यक्तिगत भाव।

(4) फ्रन्ट ऑफिस के स्टाफ, उनके कार्य तथा उत्तरदायित्व।

(5) विभिन्न प्रकार के प्लान-A.P., C.P., E.P., M.A.P.।

(6) चेक-इन तथा चेक-आउट प्रोसीजर (प्रक्रिया) चेक आउट टाइम।

(7) आगमन और प्रस्थान विधि।

(8) बेल डेस्क के कार्य और महत्व।

(9) Reception के कार्य और महत्व।

(10) विभिन्न प्रकार के रजिस्टर-

(क) Log Book

(ख) आगमन और प्रस्थान रजिस्टर।

(ग) डाक्टर आनकाल रजिस्टर।

(घ) Guest Folio

(ङ) C-Form रजिस्टर।

इकाई-4 House keeping

15 अंक

(1) हाउसकीपिंग की परिभाषा और महत्व।

(2) हाउसकीपिंग के कार्य और अनुभाग। (3) हाउसकीपिंग स्टाफ के कार्य, उनके उत्तरदायित्व तथा संगठन चार्ट।

भाग 4 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 243

पूर्णांक 50 अंक

(4) हाउसकीपिंग स्टाफ के गुण तथा भाव। (5) ले-आउट। (6) लॉस्ट एवं फाउण्ड प्रक्रिया। (7) लिनन तथा यूनीफार्म रूम तथा इसका ले आउट। (8) DND, CLEAN MY ROOM तथा दूसरे प्रकार के डोर नॉब कार्ड के विषय में जानना। (9) ब्लाक रूम तथा अतिथि रूम को बनाना। (10) डर्टी लिनन प्रोसीजर (प्रक्रिया) DND तथा रूम को हैण्डल करना। इकाई-5 (1) F & B Service की परिभाषा और उद्‌देश्य। (2) विभिन्न प्रकार के अनुभाग। (3) कस्टमर हैंडलिंग। (4) स्टाफ संरचना एवं संगठन। (5) Restaurant, Coffee Shop, Discotheque, Night Club, मल्टी स्पेशियल्टी रेस्टोरेन्ट, कैफेटेरिया इत्यादि। (6) Room Service अनुभाग के कार्य। (7) Kitchen Stewarding के कार्य। (8) किचेन के प्रमुख अनुभागों को जानना जैसे-Continental, इण्डियन, चाइनीज, बेकरी इत्यादि। (9) विभिन्न प्रकार के शेफ (Chef) तथा उनके कार्य। (10) किचेन का ले आउट बनाना। (11) वेटर के कार्य तथा गुण। (12) हाईजीन और सैनीटेशन का महत्व। प्रयोगात्मक कार्य निर्देश-निम्न में सेे कोई पांच प्रयोगात्मक कार्य करें। प्रत्येक के लिए दस अंक निर्धारित हैं। (1) गेस्ट से बात करते समय बात करने का ढंग, उस समय प्रयोग किया जाने वाला कम्यूनिकेशन और गेस्ट के स्वागत करने का तरीका। (2) शैक्षणिक भ्रमण की सहायता से होटल और ट्रेवेल एजेंसी को जानना। (3) मैन्यू की योजना बनाना- (क) एक मैन्यू बनाना जो 300 लोगों के लिए हो (साप्ताहिक दर्शायें)। (ख) छात्रावास का मैन्यू बनायें (200 छात्रों के लिए) (ग) कवर सेटअप करना (विभिन्न प्रकार के मैन्यू के लिए)। (घ) बूफे सेटअप करना। (ङ) ऑडर, टेकिंग। (च) सर्विस करना। (छ) बिल पेमेन्ट करना। (ज) के0ओ0टी0/बी0ओ0टी0 काटना। (झ) बिलिंग प्रोसिजर्स। (4) बेड मेकिंग- (क) मार्निंग सर्विस। (ख) शाम की सर्विस। (ग) अकस्मात रूम व्यवस्था। (घ) सफाई चक्र। (ङ) रख-रखाव और गृह की व्यवस्था। (च) कमरे तथा रेस्टोरेन्ट के लिए प्रयोग किये जाने वाले लिनन की व्यवस्था। (5) मेड्‌सकार्ट में रखे जाने वाले वस्तुओं को रखना तथा उसका प्रयोग करना। (6) विभिन्न प्रकार के प्रोफार्मा को बनाना-

33 ड़244 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 4 (क) C-Form (ख) Log Book (ग) आने वाले तथा जाने वालों के रजिस्टर (घ) आर्गनाइजेशन (ङ) वीटनरी टैक सिस्टम को बनाना (च) अतिथि का स्वागत करना (छ) टूर पैकेज बनाना (7) Room रिपोर्ट बनाना। (8) Lost & Found रजिस्टर बनाना। (9) टेलीफोन से बात करने का तरीका (क्या करना और क्या न करना)। (10) रिजर्वेशन करने का तरीका (हाथ से और कम्प्यूटर) द्वारा। (11) कम्प्यूटर द्वारा कार्य और अनुप्रयोग विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर पैकेज का प्रयोग। (12) गेस्ट की शिकायतों को हैंडिल करना तथा उनको निपटाना। (13) आचार-व्यवहार और ड्रेस कोडिंग। (14) अकस्मात दिक्कतों को निपटाना। (15) हाइजीन और सेनीटेशन। (16) विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थों को बनाना तथा उसकी सर्विस करना। (17) लगेज हैंडलिंग प्रोसिजर। (18) गेस्ट का टिकट बुक कराना। (19) विभिन्न प्रकार के Plan द्वारा रूम बुक कराना। (20) रजिस्ट्रेशन कराना। (21) प्रोजेक्ट बनाना।

सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद्‌, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।

पी0एस0यू0पी0-2 हिन्दी गजट-भाग 4-2026 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। पी0एस0यू0पी0-3 मा0शि0प0-10.04.2026-150 प्रतियां (डी0टी0पी0/आफसेट)।

रजिस्टर्ड नं०-ए०डी०-4 लाइसेन्स सं०-डब्ल्यू०पी०-41 (लाइसेन्स्ड टू पोस्ट बिदाउट प्रीपेमेन्ट) प्रयागराज, शनिवार, 11 अप्रैल, 2026 ई० (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌)

भाग 8

नगरपालिका परिषद्‌, नगर पंचायत, सरकारी कागज-पत्र, दबाई हुई रूई की गांठों का विवरण-पत्र, जन्म-मरण के आंकड़े, रोगग्रस्त होने वालों और मरने वालों के आंकड़े, फसल और ऋतु सम्बन्धी रिपोर्ट,

बाजार-भाव, सूचना, विज्ञापन इत्यादि।

NOTICE

No Legal Responsibility is accepted for the Publication of Advertisements/Public Notices in this Part of th e Gazette of Uttar Pradesh. Persons Notifying the Advertisements/Public Notices will remain Solely, Responsible for the Legal Consequences and also for any other Misrepresentation etc.

By Order, Director.

कार्यालय, नगर पंचायत सिरसा, प्रयागराज

18 फरवरी, 2026 ई0

सं0 4094/उपविधि प्र0/न0पं0 सिरसा/2025-26-नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा-298 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत सिरसा-प्रयागराज ने अपने सीमान्तर्गत विविधकर शुल्क (उपविधि) नियमावली, 2024 को प्रस्तावित करते हुए उपरोक्त नियमावली धारा 301 के अन्तर्गत नगर पंचायत सिरसा प्रयागराज के बैठक दिनांक 20 अप्रैल, 2024 प्रस्ताव सं0-06 बोर्ड सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से स्वी—त/पारित करने के पश्चात्‌ कार्यालय के पत्र सं0- 3521/उपविधि प्र0/न0पं0 सिरसा/2024-25 दिनांक 10 अक्टूबर, 2024 के माध्यम से विविधकर शुल्क (उपविधि) नियमावली, 2024 के किसी बिन्दु या सभी बिन्दुओं पर किसी व्यक्ति/समूह को आपत्ति हो या सुझाव हो तो अपनी लिखित आपत्ति/सुझाव नगर पंचायत के कार्यालय में प्रकाशन तिथि के 15 दिवस के भीतर प्राप्त कराने हेतु 02 दैनिक समाचार-पत्रों क्रमशः अमर उजाला एवं आज में सूचना प्रकाशित कराया गया था। उक्त उपविधि के प्रकाशित होने के दिनांक से निर्धारित अवधि 15 दिवस के बाद कोई भी आपत्ति एवं सुझाव किसी व्यक्ति या समूह से प्राप्त नही हुआ है। अतः पर्याप्त समय बीत जाने के पश्चात्‌ कोई आपत्ति प्राप्त ना होने की दशा में प्रकाशित की गयी उपविधि को उसी रूप में सरकारी प्रेस में गजट हेतु भेजा जा रहा है। निम्नवत्‌ उपविधि को सरकारी गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।

94 ट730 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8

उपविधि

संक्षिप्त नाम प्रसार एवं प्रारम्भ-

(1) यह उपविधि अपशिष्ट प्रबन्धन ''विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024 कहलायेगी।

(2) यह उपविधि नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज की सीमा मे लागू होगी।

(3) यह उपविधि उ0प्र0 राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज में प्रभावी होगी।

परिभाषायें-

(1) ''अध्यक्ष'' का तात्पर्य नगर पंचायत सिरसा, जनपद-प्रयागराज के अध्यक्ष से है।

(2) ''अधिशासी अधिकारी'' का तात्पर्य नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज के अधिशासी अधिकारी से है।

(3) ''नगर पंचायत'' का तात्पर्य नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज से है।

1.ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) नाला/नाली/सार्वजनिक जगहों/मार्गों पर गन्दगी फैलाने पर जुर्माना शुल्क रू0 500.00 प्रति प्रकरण पुनरावृत्ति करने पर जुर्माना शुल्क रू0 1,000.00 प्रति प्रकरण।

(2) किसी स्वामी के मरे हुए छोटे जानवर उठाने पर रू0 500.00 प्रति पशु तथा बडे़ जानवर उठाने पर शुल्क रू0 1,000.00 प्रति पशु।

(3) किसी स्थायी या अस्थायी दुकान, चाट/फल/मोमोज/चाऊमीन/अन्डा/दुकान एवं ठेले आदि पर हरा एवं नीला डस्टबिन गीले तथा सूखे कूडे़ हेतु रखना अनिवार्य है, डस्टबिन नहीं होने पर जुर्माना शुल्क रू0 500.00 प्रति दुकान प्रतिदिन की दर से लिया जायेगा।

(4) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत नदियों/तालाबों/पोखरों आदि किसी भी जलाशयों में कूड़ा फेकना प्रतिबंधित है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा जलाशयों में कूड़ा फेका जाता है तो ऐसे व्यक्तियों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 तथा वाटर पाल्यूशन एक्ट के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही सक्षम अधिकारी द्वारा करते हुए रू0 2,000.00 जुर्माना प्रति प्रकरण वसूल किया जायेगा।

(5) किसी व्यक्ति के शादी विवाह एवं अन्य उत्सव में सफाई हेतु शुल्क रू0 2,000.00 प्रति प्रकरण।

(6) सड़क के किनारे नालियों रिटेनिंग वाल के ऊपर अतिक्रमण सड़क के किनारे अवैध गुमटी, खोखा, मछली, मुर्गा, बकरा आदि जानवरों के बचे हुए अवशेष नालियों मे डालनेे इत्यादि व सड़क के किनारे फुटपाथ पर दुकानों का सामान फैलाने, रात के समय या दिन में सड़क पर दो या चार पहिया वाहन खड़ा कर रास्ता अवरूद्ध करने, बीच सड़क में शादी विवाह या अन्य प्रयोजन कर रास्ता अवरूद्ध करने पर जुर्माना शुल्क रू0 1,000.00 प्रतिदिन एवं शासनादेश संख्या 3595/नौ-5-2026-29 रिट/2014 दिनांक 08 नवम्बर, 2016 एवं एन0जी0टी0 ऐक्ट 2010 की धारा 15 एवं 16 में दिये गये प्रविधानों के अनुसार सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत आप पर रू0 50,000.00 (पच्चास हजार रूपया) जुर्माना अधिरोपित किया जाना प्राविधानित है। उपरोक्त सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत सक्षम अधिकारी द्वारा रू0 5,000.00 से 50,000.00 रूपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।

(7) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज में स्थित नालियों पर स्लैब डाल कर स्थायी रूप से ढकने के कारण नाली सफाई में अवरोध उत्पन्न होने व नाली/नाला/सड़क/रिटेनिंग वाल, गुमटी, धुलाई व फिलींग सर्विसिंग स्टेशन व दुकानों के सामने सड़क पर अनाधिकृत रूप से सामान रखने व अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति पर अवैध कब्जा/अतिक्रमण पाये जाने पर जुर्माना शुल्क रू0 3,000.00 प्रति व्यक्ति, अवैध कब्जा/अतिक्रमण नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज के संज्ञान मे आने पर कार्यालय द्वारा नोटिस प्राप्त करने या नोटिस लेने से इन्कार करने के दिनांक के एक दिन बाद से अवैधभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 731 कब्जा/अतिक्रमण हटाये जाने की तिथि तक प्रतिदिन जुर्माना रू0 500.00 की दर से वसूल किया जायेगा।

(8) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत सार्वजनिक सड़कों, नाला, फुटपाथों, डिवाइडरों, विवाह घर, कार्यालय भवन, रैन बसेरा, पार्क, तालाबों को क्षतिग्रस्त करने पर जुर्माना रू0 5,000.00 प्रतिवर्ग मीटर की दर से तथा उक्त आदि पर लगाये गये लाइटों, दरवाजों, पेड़ पौधे, आदि किसी वस्तु को क्षतिग्रस्त करने पर जुर्माना रू0 5,000.00 प्रति अद्‌द प्रति व्यक्ति की दर से सक्षम अधिकारी द्वारा वसूल किया जायेगा।

(9) गेस्ट हाउस, बैंक, शराब की दुकान, नर्सिग होम/अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं व्यक्तिगत आवासीय घर आदि द्वारा नाली पर जनरेटर या अन्य कोई सामान रखकर अतिक्रमण करने पर जुर्माना रू0 1,000.00 प्रतिदिन एवं प्रति बुकिंग रू0 1,000/- प्रतिदिन सक्षम अधिकारी द्वारा अधिरोपित किया जाएगा।

(10) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत महापुरूषों की प्रतिमाओं, पार्क/डिवाइडरों/फुटपाथों नगर पंचायत के स्वामित्व के भवनों पर पोस्टर/बैनर लगाने/चिपकाने एवं वालपेंटिंग/वालराइटिंग आदि करना प्रतिबंधित है, किसी व्यक्ति संस्था द्वारा उक्त कार्य किये जाने पर जुर्माना रू0 3,000.00 देय होगा।

(11) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत समस्त भवन स्वामियों/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी को घरों से निकलने वाले कूडे़ को पृथक्कृत करते हुए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन को कूड़ा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि भवन स्वामियों/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामियों द्वारा कूड़े को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन को उपलब्ध न कराते हुए मकान के सामने कूड़ा डालने, सड़क के किनारे, नाले/नालियोें में, खाली पडे़ प्लाटों में फेकते हुए पकडे़ जाते है तो ऐसे भवन स्वामियों/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामियों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए रू0 1,000.00 की दर से प्रति प्रकरण जुर्माना नगर पंचायत के सक्षम अधिकारी द्वारा वसूल किया जायेगा।

(12) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत समस्त भवन स्वामियों/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी को घरों से निकलने वाले कूडे़ को चार भागों में-सूखे कूड़े, गीले कूडे़, हजार्डस कूडे़ तथा सेनेटरी कूडे़ को पृथक्कृत करते हुए निकाय द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन को कूड़ा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि भवन स्वामी/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी द्वारा कूडे़ को चार भागों मेें पृथक्कृत करते नहीं पाये जाने पर निकाय के सक्षम अधिकारी द्वारा रू0 500.00 रूपया प्रतिदिन की दर से जुर्माना के रूप में वसूल किया जायेगा।

(13) डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज द्वारा अथवा अनुबन्धित संस्था के माध्यम से किये जाने पर यूजर चार्ज के रूप में प्रति घर घरेलू शुल्क रू0 25.00 प्रतिमाह, व्यावसायिक शुल्क रू0 50.00 प्रतिमाह प्रति प्रतिष्ठान की दर से लिया जाएगा।

(14) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत आने वाले प्रत्येक वार्डो में किसी व्यक्ति, संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा अपने परिसर में प्रतिदिन न्यूनतम 50 किलो ग्राम या इससे अधिक कूड़े का उत्सर्जन अथवा 5000 वर्ग मीटर से अधिक का परिसर है तो ऐसे व्यक्ति, संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा जायेगा ।

(15) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 में कचडा़ उत्सर्जक के कर्तव्य (Duties of Waste Generator) के विषयगत निर्देशों के अनुक्रम में प्राविधान (दायित्व एवं कर्तव्य) दिये गये है। जिसका अनुपालन प्रत्येेक बल्क वेस्ट जनरेटरों को करना अनिवार्य होगा।

732 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8

बल्क वेस्ट जनरेटर के दायित्व एवं कर्तव्य निम्नवत्‌ है-

1-परिसर से निकलने वाले गीले, सूखे एवं हानिकारक कूडे़ को अलग-अलग डस्टबिन में रखना सुनिश्चित करें।

2-गीले कूडे़ का निस्तारण बायोगैस अथवा कम्पोस्ट पिट के माध्यम से कम्पोस्ट बनाकर सुनिश्चित करें।

3-सूखे कूडे़ को नगर पंचायत अथवा पंजीकृत संस्थान को ही निस्तारण हेतु देना सुनिश्चित करें।

4-परिसर से निकलने वाले फूल पत्ती (Horticulture and Garden Waste) जैसे अपशिष्टों का निस्तारण परिसर के अन्दर कम्पोस्ट पिट बनाकर करना है अथवा स्थान न उपलब्ध होने पर नगर पंचायत अथवा नगर पंचायत से पंजीकृत संस्थान के माध्यम से ही निस्तारण करवाना सुनिश्चित करना होगा।

5-परिसर में निकलने वाले मलवो, मिट्‌टी (Construction & Demolition Waste) का निस्तारण Construction & Demolition Waste Management Rules 2016 के अन्तर्गत कराना सुनिश्चित करना होगा, किसी भी दशा में परिसर के बाहर मलवा, मिट्‌टी फेंकना प्रतिबंधित रहेगा। उचित निस्तारण हेतु नगर पंचायत अथवा नगर पंचायत से पंजीकृत संस्था द्वारा कराना अनिवार्य होगा।

(16) बल्क वेस्ट जनरेटर के समस्त दायित्व एवं कर्तव्यों का अनुपालन करना अनिवार्य है, प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने वाले ऐसे व्यक्ति संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 मेें निहित नियमों के अन्तर्गत शुल्क/उपभोक्ता शुल्क/ अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा।

2. फीकल स्लज सेप्टेज अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुर्नवास अधिनियम-2013 के क्रम में नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत हाथ से मैला उठाना प्रतिबंधित है।

(2) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज की सीमान्तर्गत निर्मित सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग शौंच करने वाले प्रति व्यक्ति से यूजर चार्ज शुल्क रू0 05.00 लिया जायेगा।

(3) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत खुले में शौंच करते पाये जाने पर जुर्माना रू0 500.00 प्रति व्यक्ति एवं पुनरावृत्ति पाये जाने पर जुर्माना 1,000.00 प्रति व्यक्ति तथा खुले में मूत्र करते पाये जाने पर जुर्माना रू0 200.00 प्रति व्यक्ति एवं पुनरावृत्ति पाये जाने पर जुर्माना रू0 500.00 प्रति व्यक्ति वसूला जायेगा।

(4) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज की सीमा में निर्मित सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग करते समय या अनाधिकृत तरीके से सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों को क्षतिग्रस्त करते पाये जाने पर प्रति व्यक्ति जुर्माना राशि रु0 50000/- वसूल करते हुए आवश्यक विधिक कार्यवाही सक्षम अधिकारी द्वारा की जायेगी।

(5) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्र्तगत समस्त प्राइवेट डी0-स्लजिंग आपरेटर सेप्टिक टैंक की सफाई हेतु नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज से पंजीकृत होकर लाइसेंस प्राप्त करने के पश्चात डी-स्लजिंग का कार्य करेंगें, अन्यथा की स्थिति में सुसंगत धाराओं में उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिए समस्त जिम्मेदारी प्राइवेट डी0-स्लजिंग आपरेटर की स्वयं की होगी।

(6) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज से डी-स्लजिंग कार्य हेतु लाईसेंस प्राप्त आपरेटर द्वारा ओएसएस (सेप्टिक टैंक) से एकत्रित किये गये स्लज को नगर पंचायत द्वारा अधिसूचित स्थान पर डिस्चार्ज करने के बजाय खुले अथवा बन्द नालियों/नालों जलाशयों (तालाब, पोखर, नदी) एवं खुले स्थानों (खेत, प्लाट, गड्‌ढों) आदि किये जाने पर जुर्माना/अर्थदण्ड देने के लिए उत्तरदायी होगा (होगी) एवं उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जायेगी।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 733

(7) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित भवनों के सेप्टिक टैंक से डी-स्लजिंग (सेप्टिक टैंक की सफाई) कार्य कराने हेतु निकाय द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे टोल फ्री नम्बर 14420 तथा 1533 या मोबाईल नम्बर-9219303700 एवं 9335130860 पर सम्पर्क कर सफाई कार्य कराया जा सकता है।

(8) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित समस्त प्रकार के आवासीय भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय आदि में उत्पन्न होने वाले फीकल स्लज को खुले अथवा बन्द नालियों, जलाशयों (तालाब, पोखरा, नदी,) खुले स्थानों (खेत, प्लाट, गड्‌ढों) आदि में प्रवाहित करना अपराध की श्रेणी में आता है। इस तरह के कृत्य करने पर भूस्वामी/व्यक्ति या संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं आवासीय भवन के मालिक/मालकिन जुर्माना/अर्थदण्ड के भागी होंगे, तथा उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जायेगी।

(9) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित समस्त प्रकार आवासीय भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय आदि में उत्पन्न होने वाले फीकल स्लज के उचित निस्तारण हेतु प्रत्येक 2-3 वर्ष के अन्दर सेप्टिक टैंक की सफाई कराना अनिवार्य है। जिस हेतु आवास/प्रतिष्ठान, मालिक/मालकिन नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज अथवा लाइसेंस प्राप्त डी-स्लजिंग ऑपरेटर से सम्पर्क कर निर्धारित शुल्क मु0- रु0 1,500/- अथवा (समय-समय पर मा0 बोर्ड द्वारा पुनरीक्षित दर) जमा कराकर अपने टैंकों की सफाई करा सकता है।

(10) सेप्टिक टैंक/ओएसएस का डिजाईन, निर्माण और इसकी संस्थापना समय-समय पर यथाः संशोधित मैनुअल ऑन सीवरेज एण्ड सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम, 2013 CPHEEO के प्रावधानों के अनुसार अथवा नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा जारी किये गये किसी अन्य स्वीकृत मजबूत इंजीनियरिंग प्रैक्टिस के अनुसार होंगे, तथा फीकल स्लज सेप्टिक टैंक/ओएसएस से डिस्चार्ज हो रहा हो, जिसका खुले में कोई आउटलेट न हों।

(11) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित समस्त सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों में उच्च स्तरीय नागरिक हितैषी सेवाएं रख-रखाव एवं आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से कराये जाने हेतु सर्विस लेवल बेंचमार्क निर्धारित किये गये है जिसका पालन करना/करवाना समस्त सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों के केयर टेकर/सुपरवाइजर/सफाई निरीक्षकों को अनिवार्य होगा। यदि किसी व्यक्ति को सर्विस लेवल बेंचमार्क की विस्तृत जानकारी चाहिए, एैसे व्यक्ति कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी प्राप्त कर सकते है।

(12) कार्यालय नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज द्वारा समस्त सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों हेतु निर्धारित सर्विस लेवल बेंचमार्क निम्नवत्‌ है :-

सेेवा का प्रकार मानक लक्ष्य

क्र0

सं0

अर्थदण्ड

की स्थिति

1 2

3 4

रु0

1 केयर टेकर का नाम, मो0 नं0, टॉयलेट आई0डी0,

200

प्रत्येक सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों के फ्रन्ट दीवाल पर अंकित

सफाई कर्मचारी का नाम तथा शौचालय खुुलने एवं बन्द होने का समय तथा विज्ञापन हेतु सम्पर्क नम्बर की उपलब्धता।

24 घण्टें

200 2 जल की उपलब्धता734 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 1 2

3 4

रु0

500 3 शौचालयों में प्रकाश व हवादानी की व्यवस्था

प्रत्येक सीट में प्रकाश हेतु एल0ई0डी0 लाइट एवं हवा हेतु प्राकृतिक हवादानी/इक्झास फैन द्वारा

4 सेप्टिक टेंक/सीवरेज की व्यवस्था समस्त शौचालयों में 500

5 शिकायत निवारण की समय सीमा 24 घण्टे में 100

6 शौचालयों की ऑनलाइन मैप में खोजने हेतु या

1000 समकक्ष प्लेटफार्म में उपलब्धता एवं फीडबैक व्यवस्था।

समस्त शौचालयों आनलाइन मैप में उपलब्ध

7

5,000 दिव्यांग हितैषी सीट, बच्चों की सीट तथा दिव्यांगजन हेतु रैम्प की उपलब्धता

प्रत्येेक शौचालयों में 01-01 सीट तथा समुचित रैम्प की व्यवस्था अनिवार्य है।

8 सीट, बेसिन फर्श, दीवार, दरवाजा, आईना, हैण्ड

500

निरन्तर किन्तु 24 घंटे में न्यूनतम 03 बार

ड्रायर, सेनेटरी वेण्डिंग नैपकिन एवं इन्सीनेटर मशीन आदि की साफ-सफाई

9 साबुन, हैण्डवास, फिनायल, हार्पिक, एयर फ्रैशनर

200

समुचित सफाई हेतुु निरन्तर उपलब्धता

(ओडोनिल) डस्टबिन, झाडू , वाइपर, ब्रश, टावेल/ टीसू पेपर तथा सफाई कर्मी, सुरक्षा पहनावें जैसे ग्लब्स, गमबूट, हेलमेट, चश्मा, एप्रेन आदि की व्यवस्था।

10 सेनेटरी वेण्डिंग नैपकिन एवं इन्सीनेटर मशीन तथा

पैडेस्टल डस्टविन की उपलब्धता

200

समस्त सामुदायिक/ सार्वजनिक शौचालयों के महिला ब्लॉक सेनेटरी वेण्डिंग नैपकिन एवं इन्सीनेटर मशीन में तथा पैडेस्टल डस्टबिन महिला ब्लॉक के प्रत्येक सीट पर

11 शौचालय के फ्रण्ट पर पौधे गमले तथा हाईमास्ट

200 लाइट की व्यवस्था

प्रत्येक सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों पर

12 महिला तथा पुरूष हेतु अलग-अलग व्यवस्थाएं। प्रत्येक सार्वजनिक/सामुदायिक

200

शौचालयों पर महिला तथा पुरूषोें हेतु पार्टीशन युक्त ब्लॉक की व्यवस्थाएं जिसमें शौचालय सीट, मूत्रालय सीट तथा वॉस बेसिन उपलब्ध।

3. निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत आने वाले प्रत्येक वार्डो में ऐसे निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट उत्पादक जो प्रतिदिन 10 टन या उससे अधिक तथा प्रतिमाह 200 टन या उससे अधिक निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट को उत्पन्न करते हैं ऐसे उत्पादकों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में तथा प्रतिदिन 20 टन से कम अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उत्पादकों को नॉन बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा जायेगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 735

(2) निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट बल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा उत्पन्न किये गये अपशिष्ट का संग्रहण एवं निस्तारण के लिए शुल्क का निर्धारण निकाय के सक्षम अधिकारी द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट की मात्रानुसार किया जायेगा, जिसका देय निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट बल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा होगा।

(3) निकाय सीमान्तर्गत यदि किसी भी व्यक्ति/संस्थान द्वारा भवन मानचित्र पास कराने के पश्चात भवन का निर्माण/विध्वंस कार्य कराते समय निर्माण/विध्वंस अपशिष्ट उत्पन्न होता है तो ऐसी स्थिति में भू-स्वामी/संस्थान/व्यक्ति के लिए निकाय द्वारा उपलब्ध कराये गये टोल फ्री नम्बर-1533 तथा मोबाइल नम्बर-9219303700 एवं 9335130860 पर सम्पर्क कर सूचित करते हुए निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का उचित उठान, संग्रहण एवं निस्तारण हेतु निकाय द्वारा डेडिकेटेड वाहन जे0सी0बी0 निर्धारित शुल्क मु0-रु0 2,000 प्रति घंटे तथा टै्रक्टर ट्राली प्रति ट्रिप रु0 1,500.00 शुल्क के अनुसार निकाय द्वारा लिया जायेगा।

(4) यदि किसी व्यक्ति/संस्था द्वारा सड़क, नाला, नालियां, पार्को में तथा सार्वजनिक स्थान पर निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट रखा/गिराया जाता है तो ऐसे व्यक्ति/संस्था/भू-स्वामि को चिन्हित करते हुए जुर्माना धनराशि रू0 2,000.00 वसूल किया जाएगा।

4. प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) भारत सरकार का राजपत्र सं0-178 नई दिल्ली शुक्रवार, 16 मार्च, 2016़ में प्रकाशित अपशिष्ट प्लास्टिक नियम 2016 तथा भारत का राजपत्र सं0-459 नई दिल्ली 12 अगस्त,2021 द्वारा प्रकाशित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम 2021 एवं सरकारी गजट उत्तर प्रदेश के 15 जुलाई 2016 के द्वारा जारी अधिसूचना के अनुपालन में नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज के सीमान्तर्गत प्लास्टिक एवं थर्माकोल के सामग्री के विनिर्माण, आयात, भण्डारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर निम्नानुसार प्रतिबन्ध लागू है।

(2) 75 माइक्रॉन से कम मोटाई के प्लास्टिक के कैरीबैग और वस्तु 30 सितम्बर, 2021 से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

(3) 1 जुलाई 2022 की तारीख से निम्नलिखित सामग्री प्रतिबंधित किया गया है-

(क) पोलीस्टाइनरीन और विस्तारित पोलीस्टाइरीन वस्तुओं सहित निम्नलिखित एकल-प्रयोग-प्लास्टिक वस्तुओं के विनिर्माण, आयात, वितरण, बिक्री और उपयोग का निषेध किया गया है।

(ख) प्लास्टिक स्टिक युक्त ईयर वड्‌स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडिया, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडिया, पोलीस्टाइरीन (थर्माकोल) की सजावटी समाग्री आदि।

(ग) जो कम्पोस्टिंग योग्य न हो ऐसी प्लास्टिक से बनी प्लेटें, कप गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, टे्र जैसे कटलरी, मिठाई के डब्बों के इर्द-गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट, 100 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पी0वी0सी0 बैनर, रिट्रर का भी 01 जुलाई, 2022 से प्रयोग प्रतिबंधित कर दिया गया। उक्त का प्रयोग करते पाये जाने पर निम्नानुसार शुल्क/जुर्माना वसूले जाने का प्राविधान किया गया है। जो नगर पंचायत सिरसा, जनपद-प्रयागराज में भी लागू है।

क्र0 सं0

प्रतिषिद्ध श्रेणी के निस्तारण योग्य पॉलीथीन कैरी बैगों, प्लास्टिक और थर्मोकोल वस्तुओं की मात्रा

जुर्माना धनराशि रूपयों में

1 2

3

(क) 1 100 ग्राम तक

1,000

(क) 2 101 ग्राम - 500 ग्राम

2,000

(क) 3 501 ग्राम - 01 किलोग्राम

5,000

(क) 4 01 किलोग्राम - 05 किलोग्राम

10,000736 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 1 2

3

(क) 5 05 किलोग्राम से अधिक

25,000

25,000 (ख) किसी संस्था/वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों/शैक्षिक संस्थाओं/कार्यालयों/होटलों/दुकानों /रेस्तराओं/मिष्ठान दुकानों/ढाबों/औद्योगिक/ प्रतिष्ठानों/भोजन कक्षों आदि द्वारा परिसर के अन्तर्गत और सड़कों मार्गों नालों, नदियों, झीलों, तालाबों, वन क्षेत्रों, सार्वजनिक पार्को, समस्त सार्वजनिक स्थलों आदि पर प्लास्टिक अपशिष्ट का फेंके जाने पर।

1,000 (ग) व्यक्तियों द्वारा किन्हीं निजी या वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों तथा शैक्षिक संस्थाओं/ कार्यालयों/होटलों/दुकानों/रेस्तराओं/मिष्ठान दुकानों/ढाबों/औद्योगिक प्रतिष्ठानों /भोजन कक्षों आदि एवं सड़कों, मार्गों व नदियों में।

उक्त नियम का प्रभाव सरकारी बैनरों, पोस्टरों पर लागू नहीं होगा।

नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज द्वारा बनाये गये अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024 के शर्तों में किसी प्रकार का संशोधन नगर पंचायत सिरसा जनपद-प्रयागराज बोर्ड के प्रस्ताव के द्वारा किया जा सकता है। जिसका राजकीय गजट में प्रकाशन कराना अनिवार्य नहीं होगा।

दण्ड

'यदि कोई भी व्यक्ति अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024 की किसी भी धारा का उल्लंघन करेगा/करायेगा/करने में प्रोत्साहन देगा उस व्यक्ति पर अपशिष्ट प्रबन्धन उपविधि विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024 में प्राविधानित दण्ड से दण्डित किया जा सकता है। जुर्माना जमा न करने पर 03 माह तक कारावास का दण्ड भी सक्षम न्यायालय द्वारा दिया जा सकता है।

अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत सिरसा,

प्रयागराज।

कार्यालय, नगर पंचायत शंकरगढ़़, प्रयागराज

09 मार्च, 2026 ई0

सं0 243 /न0पं0शं0/2025-26-नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा-298 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर पंचायत शांकरगढ़ द्वारा अपने सीमान्र्तगत विविध कर शुल्क (उपविधि) नियमावली, 2024 प्रस्तावित करते हुए उपरोक्त नियमावली, धारा-301 के अन्तर्गत प्रकाशन के पश्चात्‌ उसके किसी बिन्दु या सभी बिन्दुओं पर किसी व्यक्ति/समूह को आपत्ति हो या सुझाव हो तो अपनी लिखित आपत्ति/सुझाव नगर पंचायत के कार्यालय में प्रकाशन तिथि के 15 दिवस के भीतर प्राप्त करा सकता है। तत्क्रम में नगर पंचायत शांकरगढ़ द्वारा बोर्ड बैठक दिनांक 22.07.2024 प्रस्ताव सं0 03 द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया है तत्क्रम में कार्यालय नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज द्वारा अपने कार्यालय के पत्र सं0 1491/न0पं0शं0/2024-25 दिनांक 23.09.2024 को दैनिक समाचार-पत्र दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान एवं अमर उजाला में प्रकाशित कर 15 दिवस के भीतर आपत्तियॉ एवं सुझाव आमंत्रित किया गया था जिसके सापेक्ष 15 दिवस के पश्चात्‌ कार्यालय नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद- प्रयागराज में किसी भी प्रकार की कोई भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। अतः पर्याप्त समय बीत जाने के पश्चात्‌ कोई आपत्ति प्राप्त ना होने की दशा में प्रकाशित की गयी उपविधि को उसी रूप में सरकारी प्रेस में गजट हेतु भेजा जा रहा है। निम्नवत्‌ उपविधि को गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 737

उपविधि

संक्षिप्त नाम प्रसार एवं प्रारम्भ-

(1) यह उपविधि ''विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024 कहलायेगी।

(2) यह उपविधि नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज की सीमा मे लागू होगी।

(3) यह उपविधि उ0प्र0 राजपत्र में प्रकाशन होने के दिनांक से नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज में प्रभावी होगी।

परिभाषायें-

(1) ''अध्यक्ष'' का तात्पर्य नगर पंचायत शंकरगढ़़, जनपद-प्रयागराज के अध्यक्ष से है।

(2) ''अधिशासी अधिकारी'' का तात्पर्य नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज के अधिशासी अधिकारी से है।

(3) ''नगर पंचायत'' का तात्पर्य नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज से है।

1. ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) नाला/नाली/सार्वजनिक जगहों/मार्गों पर गन्दगी फैलाने पर जुर्माना शुल्क रू0 500.00 प्रति प्रकरण पुनरावृत्ति करने पर जुर्माना शुल्क रू0 1,000.00 प्रति प्रकरण।

(2) किसी स्वामी के मरे हुए छोटे जानवर उठाने पर रू0 500.00 प्रति पशु तथा बड़े जानवर उठाने पर शुल्क रू0 1,000.00 प्रति पशु एवं गीला व सूखा कूड़ा उठाने पर रू0 500.00 प्रति चक्कर।

(3) किसी स्थायी या अस्थायी दुकान, चाट/फल/मोमोज/चाऊमीन/अन्डा/दुकान एवं ठेले आदि पर हरा एवं नीला डस्टबिन गीले तथा सूखे कूडे़ हेतु रखना अनिवार्य है, डस्टबिन नहीं होने पर जुर्माना शुल्क रू0 500.00 प्रति दुकान प्रतिदिन की दर से लिया जायेगा।

(4) नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत नदियों/तालाबों/पोखरों आदि किसी भी जलाशयों में कूड़ा फेकना प्रतिबन्धित है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा जलाशयों में कूड़ा फेका जाता है तो ऐसे व्यक्तियों पर ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली, 2016 तथा वाटर पाल्यूशन एक्ट के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही सक्षम अधिकारी द्वारा करते हुए रु0 2,000 जुर्माना प्रति प्रकरण वसूल किया जायेगा।

(5) किसी व्यक्ति के शादी विवाह एवं अन्य उत्सव में सफाई हेतु शुल्क रू0 2,000.00 प्रति प्रकरण।

(6) सड़क के किनारे नालियों रिटेनिंग वाल के ऊपर अतिक्रमण सड़क के किनारे अवैध गुमटी, खोखा, मछली, मुर्गा, बकरा आदि जानवरों के बचे हुए अवशेष नालियों मे डालनेे इत्यादि व सड़क के किनारे फुटपाथ पर दुकानों का सामान फैलाने, रात के समय या दिन में सड़क पर दो या चार पहिया वाहन खड़ा कर रास्ता अवरूद्ध करने, बीच सड़क में शादी विवाह या अन्य प्रयोजन कर रास्ता अवरूद्ध करने पर जुर्माना शुल्क रू0 1,000.00 प्रतिदिन एवं शासनादेश संख्या 3595/नौ-5-2026-29 रिट/2014 दिनांक 08 नवम्बर, 2016 एवं एन0जी0टी0 ऐक्ट 2010 की धारा-15 एवं 16 में दिये गये प्रविधानों के अनुसार सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत आप पर रू0 50,000.00 (पच्चास हजार रूपया) जुर्माना अधिरोपित किया जाना प्राविधानित है। उपरोक्त सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत सक्षम अधिकारी द्वारा रू0 5,000.00 से 50,000.00 तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।

(7) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज में स्थित नालियों पर स्लैब डाल कर स्थायी रूप से ढकने के कारण नाली सफाई में अवरोध उत्पन्न होने व नाली/नाला/सड़क/रिटेनिंग वाल, गुमटी, धुलाई व फिलींग सर्विसिंग स्टेशन व दुकानों के सामने सडक पर अनाधिकृत रूप से सामान रखने व अन्य सार्वजनिक सम्पत्ति पर अवैध कब्जा/अतिक्रमण पाये जाने पर जुर्माना शुल्क रू0 3,000.00 प्रतिव्यक्ति, अवैध कब्जा/अतिक्रमण नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज के संज्ञान मे आने पर कार्यालय द्वारा

95 ट738 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 नोटिस प्राप्त करने या नोटिस लेने से इन्कार करने के दिनांक के एक दिन बाद से अवैध कब्जा/अतिक्रमण हटाये जाने की तिथि तक प्रतिदिन जुर्माना रू0 500.00 की दर से वसूल किया जायेगा।

(8) नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत सार्वजनिक सड़कों, नाला, फुटपाथों, डिवाइडरों विवाह घर, कार्यालय भवन, रैनबसेरा, पार्क, तालाबों को क्षतिग्रस्त करने पर जुर्माना रू0 5,000.00 प्रति वर्गमीटर की दर से तथा उक्त आदि पर लगाये गये लाइटों, दरवाजों, पेड पौधे, आदि किसी वस्तु को क्षतिग्रस्त करने पर जुर्माना रू0 5,000.00 प्रति अद्‌द प्रति व्यक्ति की दर से सक्षम अधिकारी द्वारा वसूल किया जायेगा।

(9) गेस्ट हाउस, बैंक, शराब की दुकान, नर्सिग होम/अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं व्यक्तिगत आवासीय घर आदि द्वारा नाली पर जनरेटर या अन्य कोई सामान रखकर अतिक्रमण करने पर जुर्माना रू0 1,000.00 प्रतिदिन एवं प्रति बुकिंग 1,000/-रू0 प्रतिदिन सक्षम अधिकारी द्वारा अधिरोपित किया जाएगा।

(10) नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत महापुरूषों की प्रतिमाओं, पार्क/डिवाइडरों/ फुटपाथों नगर पंचायत के स्वामित्व के भवनों पर पोस्टर/बैनर लगाने/चिपकाने एवं वाल पेंटिंग/वाल राइटिंग आदि करना प्रतिबंधित है, किसी व्यक्ति संस्था द्वारा उक्त कार्य किये जाने पर जुर्माना रू0 3,000.00 देय होगा।

(11) नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत समस्त भवन स्वामियो/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी को घरों से निकलने वाले कूडें को पृथ्थकृत करते हुए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन को कूड़ा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि भवन स्वामियो/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामियों द्वारा कूड़े को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन को उपलब्ध न कराते हुए मकान के सामने कूडा डालने, सड़क के किनारे, नाले/नालियोें में, खाली पडे़ प्लाटों में फेकते हुए पकडे़ जाते है तो ऐसे भवन स्वामियो/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामियों पर ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली- 2016 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए रु0 1,000 की दर से प्रति प्रकरण जुर्माना नगर पंचायत के सक्षम अधिकारी द्वारा वसूल किया जायेगा।

(12) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत समस्त भवन स्वामियों/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी को घरों से निकलने वाले कूडे़ को चार भागों में सूखे कूड़े, गीले कूड़े, हैजार्डस कूड़े तथा सेनेटरी कूड़े को पृथ्थकृत करते हुए निकाय द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन को कूड़ा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि भवन स्वामी/व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वामी द्वारा कूडे़ को चार भागों मेें पृथ्थकृत करते नही पाये जाने पर निकाय के सक्षम अधिकारी द्वारा 500 रूपया प्रतिदिन की दर से जुर्माना के रूप में वसूल किया जायेगा।

(13) डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज द्वारा अथवा अनुबन्धित संस्था के माध्यम से किये जाने पर यूजर चार्ज के रूप में प्रति घर शुल्क रू0 50.00 प्रतिमाह, व्यावसायिक शुल्क रू0 100.00 प्रतिमाह प्रति प्रतिष्ठान की दर से लिया जाएगा।

(14) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत आने वाले प्रत्येक वार्डो में किसी व्यक्ति, संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा आपने परिसर में प्रतिदिन न्यूनतम 50 किलोग्राम या इससे अधिक कूड़े का उत्सर्जन अथवा 5000 वर्गमीटर से अधिक का परिसर है तो ऐसे व्यक्ति, संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा जायेगा ।

(15) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 में कचडा़ उत्सर्जक के कर्तव्य (Duties of Waste Generator) के विषयगत निर्देशों के अनक्रम में प्राविधान (दायित्व एवं कर्तव्य) दिये गये है। जिसका अनुपालन प्रत्येेक बल्क वेस्ट जनरेटरों को करना अनिवार्य होगा।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 739

बल्क वेस्ट जनरेटर के दायित्व एवं कर्तव्य निम्नवत है-

1-परिसर से निकलने वाले गीले, सूखे एवं हानिकारक कूडे़ को अलग-अलग डस्टबिन में रखना सुनिश्चित करें।

2-गीले कूडे़ का निस्तारण बायोगैस अथवा कम्पोस्ट पिट के माध्यम से कम्पोस्ट बना कर सुनिश्चित करें।

3-सूखे कूड़े को नगर पंचायत अथवा पंजीकृत संस्थान को ही निस्तारण हेतु देना सुनिश्चित करें।

4-परिसर से निकलने वाले फूल पत्ती (Horticulture and Garden Waste) जैसे अपशिष्टों का निस्तारण परिसर के अन्दर कम्पोस्ट पिट बनाकर करना है अथवा स्थान न उपलब्ध होने पर नगर पंचायत अथवा नगर पंचायत से पंजीकृत संस्थान के माध्यम से ही निस्तारण करवाना सुनिश्चित करना होगा।

5-परिसर में निकलने वाले मलवो, मिट्‌टी (Construction & Demolition Waste) का निस्तारण Construction & Demolition Waste Management Rules 2016 के अन्तर्गत कराना सुनिश्चित करना होगा, किसी भी दशा में परिसर के बाहर मलवा, मिट्‌टी फेकना प्रतिबंधित रहेगा। उचित निस्तारण हेतु नगर पंचायत अथवा नगर पंचायत से पंजीकृत संस्था द्वारा कराना अनिवार्य होगा।

(16) बल्क वेस्ट जनरेटर के समस्त दायित्व एवं कर्तव्यों का अनुपालन करना अनिवार्य है, प्रावधानों का अनुपालन नही करने वाले ऐसे व्यक्ति संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 मेें निहित नियमों के अन्तर्गत शुल्क/उपभोक्ता शुल्क/अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा।

2. फीकल स्लज सेप्टेज अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के क्रम में नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत हाथ से मैला उठाना प्रतिबंधित है।

(2) नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज की सीमान्तर्गत निर्मित सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग शौच करने वाले प्रति व्यक्ति से यूजर चार्ज शुल्क रू0 05.00 लिया जायेगा।

(3) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत खुले में शौच करते पाये जाने पर जुर्माना रू0 500.00 प्रति व्यक्ति एवं पुनरावृत्ति पाये जाने पर जुर्माना 1,000.00 प्रति व्यक्ति तथा खुले में मूत्र करते पाये जाने पर जुर्माना रू0 200.00 प्रति व्यक्ति एवं पुनरावृत्ति पाये जाने पर जुर्माना रू0 500.00 प्रति व्यक्ति वसूला जायेगा।

(4) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज की सीमा में निर्मित सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग करते समय या अनाधिकृत तरीके से सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों को क्षतिग्रस्त करते पाये जाने पर प्रति व्यक्ति जुर्माना राशि रु0 50,000/- वसूल करते हुए आवश्यक विधिक कार्यवाही सक्षम अधिकारी द्वारा की जायेगी।

(5) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत समस्त प्राइवेट डी0-स्लजिंग आपरेटर सेप्टिक टैंक की सफाई हेतु नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज से पंजीकृत होकर लाइसेंस प्राप्त करने के पश्चात डी-स्लजिंग का कार्य करेंगें, अन्यथा की स्थिति में सुसंगत धाराओं में उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिए समस्त जिम्मेदारी प्राइवेट डी0-स्लजिंग आपरेटर की स्वयं की होगी।

(6) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज से डी-स्लजिंग काय हेतु लाईसेंस प्राप्त आपरेटर द्वारा ओएसएस (सेप्टिक टैंक) से एकत्रित किये गये स्लज को नगर पंचायत द्वारा अधिसूचित स्थान पर डिस्चार्ज करने के बजाय खुले अथवा बन्द नालियों/नालों जलाशयों (तालाब, पोखर, नदी) एवं खुले स्थानों (खेत, प्लाट, गड्‌ढ़ों) आदि किये जाने पर जुर्माना/अर्थ दण्ड देने के लिए उत्तर दायी होगा (होगी) एवं उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जायेगी।

740 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8

(7) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित भवनों के सेप्टिक टैंक से डी-स्लजिंग (सेप्टिक टैंक की सफाई) कार्य कराने हेतु निकाय द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे टोल फ्री नम्बर 14420 तथा 1533 या मोबाईल नम्बर-8009384610 पर सम्पर्क कर सफाई कार्य कराया जा सकता है।

(8) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित समस्त प्रकार के आवासीय भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय आदि में उत्पन्न होने वाले फीकल स्लज को खुले अथवा बन्द नालियों, जलाशयों (तालाब, पोखरा, नदी,) खुले स्थानों (खेत, प्लाट, गड्‌ढो़ें) आदि में प्रवाहित करना अपराध की श्रेणी में आता है। इस तरह के कृत्य करने पर भू-स्वामी/व्यक्ति या संस्था या व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं आवासीय भवन के मालिक/मालकिन जुर्माना/अर्थदण्ड के भागी होंगे, तथा उनकें खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जायेगी।

(9) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित समस्त प्रकार आवासीय भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय आदि में उत्पन्न होने वाले फीकल स्लज के उचित निस्तारण हेतु प्रत्येक 2- 3 वर्ष के अन्दर सेप्टिक टैंक की सफाई कराना अनिवार्य है। जिस हेतु आवास/प्रतिष्ठान, मालिक/मालकिन नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज अथवा लाइसेंस प्राप्त डी-स्लजिंग ऑपरेटर से सम्पर्क कर निर्धारित शुल्क मु0-रु0 1,500/- अथवा (समय-समय पर मा0 बोर्ड द्वारा पुनरीक्षित दर) जमा करा कर अपने टैंकों की सफाई करा सकता है।

(10) सेप्टिक टैंक/ओएसएस का डिजाईन, निर्माण और इसकी संस्थापना समय-समय पर यथाः संषोधित मैनुअल ऑन सीवरेज एण्ड सीवेज ट्रीटमेंन्ट सिस्टम, 2013 CPHEEO के प्रावधानों के अनुसार अथवा नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज या राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा जारी किये गये किसी अन्य स्वीकृत मजबूत इंजीनियरिंग प्रैक्टिस के अनुसार होंगे, तथा फीकल स्लज सेप्टिक टैंक/ओएसएस से डिस्चार्ज हो रहा हो जिसका खुले में कोई आउटलेट न हों।

(11) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत निर्मित समस्त सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों में उच्च स्तरीय नागरिक हितैषी सेवाएं रख-रखाव एवं आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से कराये जाने हेतु सर्विस लेवल वेंच मार्क निर्धारित किये गये है जिसका पालन करना/करवाना समस्त सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों के केयर टेकर/सुपरवाइजर/सफाई निरीक्षकों को अनिवार्य होगा।

यदि किसी व्यक्ति को सर्विस लेवल वेंच मार्क की विस्तृत जानकारी चाहिए एैसे व्यक्ति कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी प्राप्त कर सकते है।

(12) कार्यालय नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज द्वारा समस्त सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों हेतु निर्धारित सर्विस लेवल वेंच मार्क निम्नवत है :-

सेेवा का प्रकार मानक लक्ष्य

क्र0

सं0

अर्थदण्ड

की स्थिति

1 2

3 4

रु0

200

प्रत्येक सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों के फ्रण्ट दीवाल पर अंकित

1 केयर टेकर का नाम, मो0 नं0, टोयलेट आई0डी0, सफाई कर्मचारी का नाम तथा शौचालय खुुलने एवं बन्द होन का समय तथा विज्ञापन हेतु सम्पर्क नम्बर की उपलब्धता।

2 जल की उपलब्धता 24 घण्टें

200भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 741 1 2

3 4

रु0

500 3 शौचालयों में प्रकाश व हवादानी की व्यवस्था

प्रत्येक सीट में प्रकाष हेतु एल0ई0डी0 लाइट एवं हवा हेतु प्राकृतिक हवादानी/इक्झास फैन द्वारा

4 सेप्टिकटेंक/सीवरेज की व्यवस्था समस्त शौचालयोंमें 500

100 5 शिकायत निवारण की समय सीमा 24 घण्टें में

1,000

समस्त शौचालयों आनलाइन मैप में उपलब्ध

6 शौचालयों की ऑनलाइन मैप में खोजने हेतु या समकक्ष प्लेटफार्म में उपलब्धता एवं फीड बैक व्यवस्था।

7 दिव्यांग हितैषी सीट, बच्चों की सीट तथा

5,000 दिव्यांगजन हेतु रैम्प की उपलब्धता

प्रत्येेक शौचालयों में 01-01 सीट तथा समुचित रैम्प की व्यवस्था अनिवार्य है।

8 सीट, बेसिन फर्श, दीवार, दरवाजा, आईना,

निरन्तर किन्तु 24 घंटे में न्यूनतम 03 बार 500 हैण्ड ड्रायर, सेनेटरी वेण्डिंग नैपकिन एवं इन्सीनेटर मषीन आदि की साफ-सफाई

समुचित सफाई हेतु निरन्तर उपलब्धता 200 9 साबुन, हैण्डवास, फिनायल, हार्पिक, एयर फ्रैशनर (ओडोनिल) डस्टबिन, झाडू , वाइपर, ब्रश, टावेल/टीसू पेपर तथा सफाई कर्मी, सुरक्षा पहनावें जैसे ग्लब्स, गमबूट, हेलमेट, चश्मा, एप्रेन आदि की व्यवस्था।

10 सेनेटरी वेण्डिंग नैपकिन एवं इन्सीनेटर मषीन

तथा पैडेस्टल डस्टविन की उपलब्धता

200

समस्त सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालयों के महिला ब्लॉक सेनेटरी वेण्डिंग नैपकिन एवं इन्सीनेट रमगीन में तथा पैडेस्टल डस्टबिन महिला ब्लॉक के प्रत्येक सीट पर

11 शौचालय के फ्रण्ट पर पौधे गमले तथा हाई

200 मास्ट लाइट की व्यवस्था

प्रत्येक सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों पर

200 12 महिला तथा पुरूष हेतु अलग-अलग व्यवस्थांए।

प्रत्येक सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों पर महिला तथा पुरूषोें हेतु पार्टीशन युक्त ब्लॉक की व्यवस्थाए जिसमे शौचालय सीट, मूत्रालय सीट तथा वॉसबेसिन उपलब्ध।

3.निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज सीमान्तर्गत आने वाले प्रत्येक वार्डो में ऐसे निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट उत्पादक जो प्रतिदिन 10 टन या उससे अधिक तथा प्रतिमाह 200 टन या उससे अधिक निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट को उत्पन्न करते हैं ऐसे उत्पादकों को बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में तथा प्रतिदिन 20 टन से कम अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उत्पादकों को नॉन बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा जायेगा।

(2) निर्माण एव ंविध्वंस अपशिष्ट बल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा उत्पन्न किये गये अपशिष्ट का संग्रहण एवं निस्तारण के लिए शुल्क का निर्धारण निकाय के सक्षम अधिकारी द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट की मात्रानुसार किया जायेगा, जिसका देय निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट बल्क वेस्ट जनरेटर द्वारा होगा।

742 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8

(3) निकाय सीमान्तर्गत यदि किसी भी व्यक्ति/संस्थान द्वारा भवन मानचित्र पास कराने के पश्चात भवन का निर्माण/विध्वंस कार्य कराते समय निर्माण/विध्वंस अपशिष्ट उत्पन्न होता है तो ऐसी स्थिति में भू-स्वामी/संस्थान/व्यक्ति के लिए निकाय द्वारा उपलब्ध कराये गये टोल फ्री नम्बर-1533 तथा मोबाइल नम्बर-8009384610 पर सम्पर्क कर सूचित करते हुए निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का उचित उठान, संग्रहण एवं निस्तारण हेतु निकाय द्वारा डेडिकेटेड वाहन जे0सी0बी0 निर्धारित शुल्क मु0 रु0 1,200 प्रति घंटे तथा टे्रक्टर ट्राली प्रतिट्रिप रू0 500.00 शुल्क के अनुसार निकाय द्वारा लिया जायेगा।

(4) यदि किसी व्यक्ति/संस्था द्वारा सड़क, नाला, नालियां, पार्को में तथा सार्वजनिक स्थान पर निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट रखा/गिराया जाता है तो ऐसे व्यक्ति/संस्था/भू-स्वामी को चिन्हित करते हुए जूर्माना धनराशि मु0 रु0 2,000 वसूल किया जाएगा।

4.प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन-

(1) भारत सरकार का राजपत्र सं0-178 नई दिल्ली शुक्रवार, 16 मार्च, 2016़ में प्रकाशित अपशिष्ट प्लास्टिक नियम 2016 तथा भारत का राजपत्र सं0-459 नई दिल्ली 12 अगस्त, 2021 द्वारा प्रकाशित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम 2021 एवं सरकारी गजट उत्तर प्रदेश के 15 जुलाई, 2016 के द्वारा जारी अधिसूचना के अनुपालन में नगर पंचायत शंकरगढ़़ जनपद-प्रयागराज के सीमान्तर्गत प्लास्टिक एवं थर्माकोल के सामग्री के विनिर्माण, आयात, भण्डारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर निम्नानुसार प्रतिबन्ध लागू है।

(2) 75 माइक्रोन से कम मोटाई के प्लास्टिक के कैरीबैग और वस्तु 30 सितम्बर, 2021 से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

(3) 01 जुलाई 2022 की तारीख से निम्नलिखित सामग्री प्रतिबंधित किया गया है-

(क) पोलीस्टाइरीन और विस्तारित पोलीस्टाइरीन वस्तुओं सहित निम्नलिखित एकल-प्रयोग-प्लास्टिक वस्तुओं के विनिर्माण, आयात, वितरण, बिक्री और उपयोग का निषेध किया गया है।

(ख) प्लास्टिक स्टिक युक्त ईयर वड्‌स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडिया, प्लास्टिक के झंडे, कैण्डी स्टिक, आइसक्रीम की डंडिया, पोलहस्टाइरीन (थर्माकोल) की सजावटी समाग्री आदि।

(ग) जो कम्पोस्टिंग योग्य न हो ऐसी प्लास्टिक से बनी प्लेटें, कप गिलास, कांटें, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, टे्र जैसे कटलरी, मिठाई के डब्बों के इर्द-गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पी0बी0सी0 बैनर, रिट्रर का भी 01 जुलाई, 2022 से प्रयोग प्रतिबंधित कर दिया गया। उक्त का प्रयोग करते पाये जाने पर निम्नानुसार शुल्क/जुर्माना वसूले जाने का प्राविधान किया गया है। जो नगर पंचायत शंकरगढ़, प्रयागराज में भी लागू है।

क्रम प्रतिषिद्ध श्रेणी के निस्तारण योग्य पॉलीथीन कैरी बैगों, प्लास्टिक और जुर्माना धनराषि सं0

थर्मोकोल वस्तुओं की मात्रा

रूपयों में

1

2

3

रु0

(क) 1 100 ग्राम तक

1,000

(क) 2 101 ग्राम- 500 ग्राम

2,000

(क) 3 501 ग्राम- 01 किलोग्राम

5,000

(क) 4 01 किलोग्राम- 05 किलोग्राम

10,000

(क) 5 05 किलोग्राम से अधिक

25,000भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 743 1

2

3

रु0

25,000 (ख) किसी संस्था/वाणिज्यिक संस्था/वाणिज्यिक प्रतिष्ठान/शैक्षिक संस्थाओं/कार्यालयों /होटलों/दुकानों/रेस्तराओं/मिष्ठान दुकानों/ढाबों/औद्योगिक/प्रतिष्ठानों/भोजन कक्षों आदि द्वारा परिसर के अन्तर्गत और सड़कों मार्गों नालों, नदियों, झीलों, तालाबों, वन क्षेत्रों, सार्वजनिक पार्को, समस्त सार्वजनिक स्थलों आदि पर प्लास्टिक अपषिष्ट का फेंकें जाने पर।

1,000 (ग) व्यक्तियों द्वारा किन्ही निजी या वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों तथा शैक्षिक संस्थाओं/कार्यालयों/होटलों/दुकानों/रेस्तराओं/मिष्ठान दुकानों/ढाबों/औद्योगिक प्रतिष्ठानों/भोजन कक्षों आदि में और सड़कों, मार्गों नदियों,

उक्त नियम का प्रभाव सरकारी बैनरों, पोस्टरों पर लागू नही होगा।

नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज द्वारा बनाये गये उपविधि ''विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024'' के शर्तों में किसी प्रकार का संशोधन नगर पंचायत शंकरगढ़ जनपद-प्रयागराज बोर्ड के प्रस्ताव के द्वारा किया जा सकता है। जिसका राजकीय गजट में प्रकाशन कराना अनिवार्य नही होगा।

दण्ड

यदि कोई भी व्यक्ति उपविधि ''विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024'' की किसी भी धारा का उल्लघन करेगा/करायेगा/करने में प्रोत्साहन देगा उस व्यक्ति पर उपविधि ''विविधकर (शुल्क) उपविधि नियमावली, 2024'' में प्राविधानित दण्ड से दण्डित किया जा सकता है। जुर्माना जमा न करने पर 03 माह तक कारावास का दण्ड भी सक्षम न्यायालय द्वारा दिया जा सकता है।

अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत शंकरगढ़़, प्रयागराज।

सूचना

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम श्रुति मन्धानी (SHRUTI MANDHANI) पुत्री वेद प्रकाश है जो कि मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश आधार कार्ड सं0-4303 2426 2118 में मेरा नाम शृष्‌टि (SHIRSTI) हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम श्रुति मन्धानी (SHRUTI MANDHANI) पुत्री वेद प्रकाश के नाम से जाना व पहचाना जाये

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम साक्षी शर्मा (SAKSHI SHARMA) पुत्री राजकुमार शर्मा है जो कि उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार सं0-7347 1703 1604 में उसका नाम सांची (SANCHI) अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम साक्षी शर्मा (SAKSHI SHARMA) पुत्री राजकुमार शर्मा के नाम से जाना व पहचाना जाये।

एतद्‌द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बंध मे समस्त विधिक औपचारिकताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

श्रुति मन्धानी पुत्री वेद प्रकाश, पता- 14, परा सिंधी कॉलोनी, लखनऊ, उ0प्र0।

राजकुमार शर्मा पुत्र फूलचन्द्र शर्मा पता- ग्रा०-हाथी डीह, पो०-हाथी बाजार, थाना-जन्सा,तहसील-राजा तालाब, जिला-वाराणसी।

744 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8

सूचना

उसके शैक्षिक अभिलेखो में अंकित हैं, त्रुटिवश मेरे पुत्री के आधार कार्ड संख्या 3297 4280 6366 में उसका नाम आंचल (ANCHAL) अंकित हो गया हैं, जो कि गलत नाम हैं। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम दिव्या उपाध्याय (DIVYA UPADHYAY) पुत्री सतीश कुमार उपाध्याय, के नाम से जाना व पहचाना जाये।

एतत्‌ द्वारा प्रमाणित कि जाता हैं कि उपर्युक्त संबंध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम प्रशान्त कुमार (PRASHANT KUMAR) पुत्र बादशाह सिंह (BADSHAH SINGH) है। जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 9848 2781 4928 में मेरा नाम रामलखन सिंह अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम प्रशान्त कुमार (PRASHANT KUMAR) पुत्र बादशाह सिंह (BADSHAH SINGH) के नाम से जाना व पहचाना जाये।

सतीश कुमार पुत्र वंशीधर पता-पिपरा डॉड, पोस्ट-मेउली, थाना-कोतवाली देहात, जनपद-मिर्जापुर, उ0प्र0।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सूचना

प्रशान्त कुमार S/o बादशाह सिंह, तिर्वा रोड, गांधी नगर सौरिख रुरल, सौरिख, जिला-कन्नौज (उ0प्र0)।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम नंदिनी पुत्री लल्लू है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड संख्या-7109 4138 4233 में मेरा नाम सानिया अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम नंदिनी पुत्री लल्लू के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के संबंध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता हैं कि मेरे पुत्री का सही नाम रीना (REENA) पुत्री दूईज लाल, हैं जो उसके शैक्षिक अभिलेखो में अंकित हैं, त्रुटिवश मेरे पुत्री के आधार कार्ड संख्या 8543 2759 6828 में उसका नाम गुडिया (GUDDIYA) अंकित हो गया हैं, जो कि गलत नाम हैं। भविष्य में मेरे पुत्री को उसके सही नाम रीना (REENA) पुत्री दूईज लाल, के नाम से जाना व पहचाना जाये।

नंदिनी पुत्री लल्लू, निवासी- मिर्जापुर पोस्ट जानकीपुरम, जनपद लखनऊ, उत्तर प्रदेश।

सूचना

एतत्‌ द्वारा प्रमाणित कि जाता हैं कि उपर्युक्त संबंध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई हैं।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म दूईज लाल बिन्द पुत्र गुलाब चन्द बिन्द पता-लच्छापट्टी, पोस्ट-बिरशाहपुर, थाना-कोतवाली देहात,जनपद-मिर्जापुर, उ0प्र0।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता हैं कि मेरी पुत्री का सही नाम दिव्या उपाध्याय (DIVYA UPADHYAY) पुत्री सतीश कुमार उपाध्याय, हैं जो

M/s. CALCUTTA EXPRESS TRANSPORT SERVICE, 133/213, Transport Nagar, Kanpur की साझीदार हूँ। फर्म का पंजीयन दिनांक 13 अगस्त, 2013 को पंजीकरण सं० K-8473 पर हुआ था। फर्म की भागीदारी डीड दिनांक 01 अप्रैल, 2013 के अनुसार फर्म में श्री बैजनाथ व श्री दीनबन्धु साझीदार थे। संशोधित भागीदारी डीड दिनांक 01 अप्रैल, 2025 के अनुसार साझीदारी में श्री माधव नाथ भल्ला पुत्र श्री बैजनाथ निवासी डब्लू-24 एम.आई.जी., जूही गौशाला, केशव नगर,भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 745 एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

कानपुर 208014 को शामिल किया गया है। अब फर्म में श्री बैजनाथ, श्री दीनबन्धु व श्री माधव नाथ भल्ला साझीदार हैं। फर्म का पता परिवर्तित कर Araji No 484, Plot No- 104, Panki Bhav Singh, NH-19, Kanpur 208020 कर दिया गया है।

हिमांशु पुत्र राम बक्श निवासी-पूरेबेचू अमारी, बस्ती, उ०प्र०।

बैजनाथ, पार्टनर, परिवर्तित पता-Araji No 484,

सूचना

Plot No- 104, Panki Bhav Singh, NH-19, Kanpur.

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी

पुत्री का सही नाम सृष्टि चौरसिया (Srishti Chaurasiya)

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम रामनन्दन पाण्डेय पुत्र अमरेश पाण्डेय है। जो कि उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0-3996 0381 5377 में उसका नाम वंश पाण्डेय अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम राम नन्दन पाण्डेय पुत्र अमरेश पाण्डेय के नाम से जाना व पहचाना जाये।

पुत्री गोविंद कुमार चौरसिया है जो उसके शैक्षिक

अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड

सं0- 3355 2099 3272 में उसका नाम प्रियांशी कुमारी

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

(PRIYANSHI KUMARI) अंकित हो गया है जो कि

गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम सृष्टि

चौरसिया (Srishti Chaurasiya) पुत्री गोविंद कुमार

अमरेश पाण्डेय पुत्र जमुना पाण्डेय, निवासी-पुरे झलिहन पाण्डेय का पुरवा, खिरौनी जनपद फैजाबाद, उ0प्र0।

चौरसिया के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त

के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे

सूचना

द्वारा पूर्ण की गई है।

कुमारी गुन्जा, पता-सेमरा कुशही, नौगढ़ पोस्ट-नौगढ़, चंदौली उ0प्र0।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम अंशिका राज (ANSHIKA RAJ) पुत्री विजय राज है जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार सं०-3117 1172 4639 में उसका नाम कुमारी हेमा अंकित हो गया है। जो कि गलत है भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम अंशिका राज (ANSHIKA RAJ) पुत्री विजय राज के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के संबंध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

पुष्पा देवी, पता-100, इन्दलपुर, डांडी, नैनी, प्रयागराज।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम हिमांशु (Himanshu) पुत्र राम बक्श है जो कि मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 2315 0506 2774 में मेरा नाम हिमांशु गौतम (Himshu Gautam) अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम हिमांशु (Himanshu) पुत्र राम बक्श के नाम से जाना व पहचाना जाय।

96 ट746 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 सूचना

एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के समबंध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

शशिकेत मिश्रा पुत्र उमाशंकर, निवासी -केचुहा, रोकरी खांई, इलाहाबाद उत्तर प्रदेश।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम दिशा त्रिपाठी पुत्री सुरेश दत्त त्रिपाठी है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं० 5977 1733 5077 में मेरा नाम दिशा अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम दिशा त्रिपाठी पुत्री सुरेश दत्त त्रिपाठी के नाम से पहचाना जाये।

NOTICE

This to inform the general public that my एतत द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई हैं।

correct name is Ravi S/o Hargyan as mentioned

in my education record by error in my Adhaar

Card No. 4260 4227 5468 has been entered as दिशा त्रिपाठी पुत्री सुरेश दत्त त्रिपाठी, निवासीः - 3/156 आवास विकास, हंसपुरम, नौबस्ता, कानपुर नगर, उ०प्र०।

Shiva Kushewaha which is incorrect. In the

future I will be known and recognized by my

correct name Ravi S/o Hargyan.

सूचना

I certify that all legal formalities in this

regard have been completed by me.

Ravi Son of Hargyan,

Bhawani, Purwa Bela Auraiya,

Uttar Pradesh.

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम रानी पत्नी राम मनोहर है जो कि मेरे बैंक पास बुक, पैन कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल, खतौनी एवं उप जिलाधिकारी जांच रिपोर्ट में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 3798 3911 6611 में मेरा नाम राजरानी अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम रानी पत्नी राम मनोहर के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सूचना

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

रानी पत्नी राम मनोहर निवासी- ग्राम अठेसा पोस्ट झिंगुर, तहसील कुंडा जनपद प्रतापगढ,़ उ०प्र०।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम लवन्या गुप्ता पुत्री जगदम्बा प्रसाद है जो कि उसके जन्म प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री का नाम प्रधान डाकघर के सुकन्या समृद्धि योजना के खाता सं0-3872331418 में हर्षिता गुप्ता अंकित हो गया है, जो कि घरेलू नाम है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम लवन्या गुप्ता पुत्री जगदम्बा प्रसाद के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सूचना

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

जगदम्बा प्रसाद ग्राम मादपुर, पोस्ट मनौरी, जनपद प्रयागराज, उ०प्र०।

सर्वसाधारण को सुचित किया जाता है कि मेरा सही नाम शशिकेत मिश्रा पुत्र उमा शंकर है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0-8448 1839 8488 में मेरा नाम सशकेत मिश्रा अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम शशिकेत मिश्रा पुत्र उमाशंकर के नाम से जाना व पहचाना जाए।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 747

सूचना

एवं पैन कार्ड में अंकित है त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 8490 6412 4784 में मेरा नाम नसरीन बानो अंकित हो गया है, जोकि मेरा घरेलू नाम है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम रिजवाना परवीन पुत्री शमशाद अहमद पत्नी फिरोज आलम के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतदद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के संबंध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम रतन प्रिया मालवीया पुत्री श्री राम मालवीया है जो कि उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड सं0-9762 4783 3002 में उसका नाम रत्नाप्रिया मालवीया (Ratnapriya Malviya) अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम रतन प्रिया मालवीया (Ratan Priya Malviya) पुत्री श्री राम मालवीया (Shri Ram Malviya) के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

श्रीराम मालवीय निवासी-10/79के-5 नई कालोनी, ककरमत्ता, वाराणसी।

सूचना

रिजवाना परवीन पुत्री शमशाद अहमद, पत्नी फिरोज आलम निवासिनी-132/533 बाबू पुरवा टी0पी0 नगर कानपुर।

सूचना

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी

पुत्री का सही नाम विद्या (Vidya) है जो उसके शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड सं0 4451 6537 3233 में उसका नाम विद्या (Vidha) अंकित हो गया जो कि गलत है भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम विद्या (Vidya) पुत्री राकेश कुमार के नाम से जाना व पहचाना जाए।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा की गयी है।

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम हंसराज (HANSRAJ) पुत्र सोहर राम (SOHAR RAM) है जो मेरे शैक्षणिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड संख्या-4080 9493 4240 में मेरा नाम सुरेश प्रसाद (SURESH PRASAD) पुत्र सोहर राम (SOHAR RAM) अंकित हो गया है जो कि गलत है भविष्य में मुझे मेरे सही नाम हंसराज (HANSRAJ) पुत्र सोहर राम के नाम से जाना व पहचाना जाये।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

हंसराज पुत्र सोहर राम पता-ग्राम-टेढ़ा, पोस्ट-बघाडू, जनपद-सोनभद्र।

सूचना

राकेश कुमार मलाक भारत पोस्ट बड़ा गॉव, चरवा, जनपद कौशाम्बी।

सूचना

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम विराज उपाध्याय पुत्र अमित कुमार उपाध्याय है, जो उसके जन्म प्रमाण पत्र में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार संख्या-5158 6283 5736 में उसका नाम आयुष अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम विराज उपाध्याय पुत्र अमित कुमार उपाध्याय के नाम से जाना एवं पहचाना जाय ।

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम रिजवाना परवीन पुत्री शमशाद अहमद पत्नी फिरोज आलम है। जो मेरे शैक्षिक अभिलेख, बैंक पासबुक748 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 सूचना

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता कि उपरोक्त के संबंध में समस्त विधिक औपचारिकताओं का पालन स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण किया गया है।

अमित कुमार उपाध्याय, पता- 2/175 सेक्टर एल, एल डी ए कॉलोनी, लखनऊ उत्तर प्रदेश।

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम बिटोल पाल पुत्री स्व० रामचरन पत्नी अशोक कुमार पाल है। जोकि मेरे शैक्षिक अभिलेख एवं निर्वाचन कार्ड मे अंकित है त्रटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 3701 6910 7098 मे मेरा नाम राम कली अंकित हो गया है, जोकि मेरा घरेलू नाम है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम बिटोल पाल पुत्री स्व० रामचरन पत्नी अशोक कुमार पाल के नाम से जाना व पहचाना जाये।

सूचना

एतदद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के संबंध मे समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

बिटोल पाल पुत्री स्व० रामचरन पत्नी अशोक कुमार पाल, निवासिनी- रमाबाई नगर औरैया, रसूलाबाद कानपुर देहात।

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम त्रिभुवन विश्वकर्मा (TRIBHUVAN VISHWAKARMA) पुत्र सतेन्द्रा विश्वकर्मा है जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड संख्या- 2085 5191 7734 में उसका नाम त्रिभुवन (TRIBHUAN) अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम त्रिभुवन विश्वकर्मा (TRIBHUVAN VISHWAKARMA) पुत्र सतेन्द्रा के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सूचना

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त संबंध में समस्त विधिक औपचारिकताएँ स्वंय मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सतेन्द्रा विश्वकर्मा पता- ग्राम/पोस्ट ददरा मु रामपुर, पहाड़ी बघौरा, जनपद मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम —ष्णा कुमार यादव (Krishna Kumar Yadav) पुत्र बासुदेव सिंह यादव है जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं०-3467 4043 3699 में उसका नाम —ष्ण कुमार यादव अंकित हो गया है, जोकि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम —ष्णा कुमार यादव (Krishna Kumar Yadav) पुत्र बासुदेव सिंह यादव के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई हैं।

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम विशाल कटियार पुत्र अशोक टियार है। जो मेरे शैक्षिक अभिलेख मे अंकित है। त्रुटिवश आधार कार्ड सं0 8343 1697 8530 मे मेरा नाम विनोद कुमार अंकित हो गया है, जोकि मेरा गलत नाम है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम विशाल कटियार पुत्र अशोक कटियार के नाम से जाना व पहचाना जाय।

बासुदेव सिंह यादव, पुत्र हरि नाथ सिंह यादव, निवासी-क्वार्टर न0 एचएच-93, हिंडाल्को कालोनी, पी0ओ0 रेणुकूट, सोनभद्र यू0पी0।

एतद द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के संबंध मे समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे विशाल कटियार पुत्र अशोक कटियार, निवासी-140 एल.आई.जी पनकी, गंगागंज कानपुर नगर।

पुत्र का सही नाम आशुतोष केशरवानी (Ashutoshभाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 749 Kesarwani) पुत्र राम शरण केशरवानी है जो उसके अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0-7272

शैक्षिक अभिलेख एवं जन्म प्रमाण पत्र में अंकित है 5608 7006 में उसका नाम कुशारग (KUSHARG)

त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं०-2145 5826 6450 अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र

में उसका नाम रुद्रांश अंकित हो गया है, जोकि गलत है। को उसके सही नाम कुशाग्र (KUSHAGRA) पुत्र

भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम आशुतोष श्री हितेन्द्र सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाए।

केशरवानी पुत्र राम शरण केशरवानी के नाम से जाना व

पहचाना जाय।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त

के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताएं स्वयं मेरे द्वारा

एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के पूर्ण की गयी हैं।

सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा

पूर्ण की गई हैं।

सीलू सिंह पत्नी श्री हितेन्द्र सिंह निवासी- HIG 46, देवघाट झलवा, प्रयागराज।

राम शरण केशरवानी, पुत्र हीरा लाल केशरवानी, निवासी- नेहरू नगर गल्ला मंडी, मंझनपुर कौशाम्बी।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा

सही नाम आरूषी कनौजिया (Arushi Kanaujiya) पुत्री

राम जी कनौजिया जो कि उसके शैक्षिक अभिलेख में

सूचना

अंकित है। त्रुटिवश मेरी आधार कार्ड संख्या 9577 2966

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे 4220 में उसका नाम आयुष कनौजिया (Ayushi

पुत्र का सही नाम ऋषि प्रजापति (RISHI PRAJAPATI) Kanojiya) हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे

पुत्र संजय कुमार है जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित मेरे सही नाम आरूषी कनौजिया पुत्री राम जी कनौजिया

है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0-4742 5011 के नाम से जाना जाय।

4259 में उसका नाम भावेश प्रजापति (BHAVESH

PRAJAPATI) अंकित हो गया है, जो कि गलत है।

एतद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि

उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम ऋषि प्रजापति

मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

(RISHI PRAJAPATI) पुत्र संजय कुमार के नाम से

जाना व पहचाना जाय।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त

के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्तायें स्वयं मेरे द्वारा

पूर्ण की गई है।

संजय कुमार, पता-बघाव, सलेमपुर बघाई, बघन सलेमपुर बघई, गाजीपुर, उ०प्र०।

आरूषी कनौजिया, पुत्री राम जी कनौजिया, निवासी-17 एलगिन रोड, सिविल लाइन्स, जिला प्रयागराज।

सूचना

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री

का सही नाम आ—ति सिंह पुत्री धीरज सिंह है जो उसके

शैक्षणिक अभिलेखों में अंकित है, त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार

सूचना

कार्ड संख्या -4794 1420 5684 में उसका नाम शिवांगी सिंह

अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे

उसके सही नाम आ—ति सिंह पुत्री धीरज सिंह के नाम से पुत्र का सही नाम कुशाग्र (KUSHAGRA) पुत्र

जाना पहचाना जायेगा।

श्री हितेन्द्र सिंह है जो कि उसके शैक्षिक अभिलेखों में750 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताए स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी हैं।

रोशनी सिंह पत्नी धीरज सिंह, निवासी-ग्राम भरखरे, भरखर, थाना शिवगढ़ तहसील लम्भुआ, जिला सुलतानपुर उत्तर प्रदेश।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री

का सही नाम अरयना पाल (ARAYANA PAL) पुत्री श्री शिव शंकर पाल है जो कि उसके शैक्षणिक अभिलेखों में अकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड सं0-8698 8882 1321 में उसका नाम दामिनी पाल अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम अरयना

पाल (ARAYANA PAL) पुत्री श्री शिव शंकर पाल के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही

नाम आयुष कुमार पुत्र विजेंद्र राम है जो कि मेरे शैक्षिक एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

अभिलेखो में अंकित है त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0-4406

3735 8390 में मेरा नाम अंकित कुमार हो गया है जो कि

गलत है भविष्य में मुझे मेरे सही नाम आयुष कुमार पुत्र विजेंद्र

राम के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के

सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताये स्वंय मेरे द्वारा पूर्ण की

गई हैं।

शिव शंकर पाल पुत्र श्री नौमी लाल पाल, निवासी-548/सी-692ए चंद्रोदय नगर, राजाजीपुरम, आवास विकास कालोनी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही

नाम दिलसाज अहमद (DILSAJ AHMED) पुत्र सलाउद्दीन

खान (SALAUDIN KHAN) है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0- 9155 7170 4093 आयुष कुमार, निवासी- ग्राम व पोस्ट अपायल, तहसील बाँसडीह जनपद बलिया, उ0प्र0।

में मेरा नाम दिलशाद अहमद (DILSHAD AHAMAD) व

पिता का नाम सलाउद्दीन (SALLAUDDIN) अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम दिलसाज

सूचना

अहमद (DILSAJ AHMED) पुत्र सलाउद्दीन खान

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र

(SALAUDIN KHAN) के नाम से जाना एवं पहचाना जाय।

का सही नाम विवान गौतम पुत्र अनिल कुमार है जो उसके

शैक्षिणिक अभिलेखों एवं आधार कार्ड में अंकित है। त्रुटि वश

मेरे पुत्र की LIC संख्या-205736645 में उसका नाम अवि एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

अंकित हो गया है, जो कि उसका घरेलू नाम है। भविष्य में मेरे

पुत्र को उसके सही नाम विवान गौतम पुत्र अनिल कुमार के

नाम से लिखा पढा व जाना व पहचाना जाय।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के

सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वंय मेरे द्वारा पूर्ण

की गयी है।

अनिल कुमार पुत्र श्री मुन्ना लाल, निवासी- 432/7A, सुलेम सराय, थाना धूमनगंज, तहसील सदर, जनपद प्रयागराज।

दिलसाज अहमद पुत्र सलाउद्दीन खान, निवासी- ग्राम व पोस्ट-जंगल, रामगढ़ उर्फ चॅवरी, खोराबार, जिला-गोरखपुर उत्तर प्रदेश।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम अनिता बिन्द पुत्री विजय बहादुर बिन्द है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है, त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड संख्या 2176भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 751 सूचना

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र

का सही नाम सक्षम (SAKSHAM) पुत्र राज कुमार यादव 1476 4627 में मेरा नाम सुमन अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम अनिता बिन्द पुत्री विजय बहादुर बिन्द पत्नी दिलेदार बिन्द के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध समस्त विधिक औपचारिताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

(RAJ KUMAR YADAV) है। जो उसके शैक्षिक अभिलेख व जन्म प्रमाणपत्र में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0-7365 3671 0654 में उसका नाम आर. सक्षम अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके

सही नाम सक्षम (SAKSHAM) पुत्र राज कुमार यादव (RAJ

KUMAR YADAV) के नाम से जाना व पहचाना जाये ।

अनीता बिन्द पत्नी दिलेदार बिन्द, पुत्री विजय बहादुर बिन्द, निवासी बैरीबीसा जिला भदोही उ०प्र०।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सूचना

राज कुमार यादव पुत्र कड़ेदीन यादव, ग्राम परेवा नारायनपुर कुंडा, प्रतापगढ़।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम अंशु गुप्ता पुत्र गणेश प्रसाद गुप्ता है, जो मेरे शैक्षिक अभिलेखों, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड एवं जन्म प्रमाण पत्र में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड संख्या- 6397 8423 0296 में मेरा नाम राजेश गुप्ता अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम अंशु गुप्ता के नाम से जाना और पहचाना जाए।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपयुक्त के सम्बन्धा में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा की गई है।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम इशिता यादव पुत्री सतीश चन्द्र यादव है जो कि उसके शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड संख्या 3827 7331 2566 में उसका नाम इस्ता यादव हो गया है यह घरेलू नाम है। मेरी पुत्री को भविष्य में उसके सही नाम इशिता यादव के नाम से जाना व पहचाना जायें।

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि के संबंध में, अंशु गुप्ता पुत्र गणेश प्रसाद गुप्ता पता - रामपुर महावल, खोरी पाकर, खोरिपाकर, बलिया, उ०प्र०।

समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई हैं।

सूचना

सतीश चन्द्र यादव, निवासी-खगऊ, पोस्ट हरसिहंपुर गोवा, थाना मऊ दरवाजा, जिला फर्रूखाबाद, उ0प्र0।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है। कि मेरी पुत्री

का सही नाम अभिरामी विक्रमादित्य (ABHIRAMEE नाम पुष्पेन्द्र कुमार मौर्य (Pushpendra Kumar Maury) पुत्र तीर्थराज मौर्य है जो कि मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 2956 2925 8937 में मेरा नाम पवन कुमार मौर्य अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम पुष्पेन्द्र कुमार मौर्य पुत्र तीर्थराज मौर्य के नाम से जाना व पहचाना जाय।

VIKRAMADITYA) पुत्री रणविजय सिंह है। जो उसके शैक्षणिक एवं आधार कार्ड (आधार कार्ड संख्या- 2023 6144 1000) में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के पासपोर्ट संख्या T1168098 में उसका घर का नाम गिरी नंदिनी विक्रमादित्य एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

पुष्पेन्द्र कुमार मौर्य पुत्र तीर्थराज मौर्य निवासी- देवापुर भाटहर, जौनपुर, उ०प्र०।

(GIRI NANDANI VIKRAMADITYA) अंकित हो गया है, जो की घरेलू नाम है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम अभिरामी विक्रमादित्य पुत्री रणविजय सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाये।

752 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8

सूचना

एत्त द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के संबंध में समस्त विधिक औपचारिकताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

ऋचा सिंह पत्नी श्री रणविजय सिंह, निवासीः डी-03/223, पाल्म ग्रूव विला, सुशांत गोल्फ सिटी, सेक्टर पॉकेट-03, लखनऊ, उत्तर प्रदेश।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम शीला सिंह पत्नी सुरेन्द्र कुमार सिंह है जो कि मेरे पैन कार्ड, बैंक पासबुक, गैस पासबुक, खतौनी तथा उपजिलाधिकारी वाराणसी सदर की जांच आख्या में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 4595 5979 5203 में मेरा नाम धर्मशीला देवी अंकित है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम शीला सिंह पत्नी सुरेन्द्र कुमार सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाये।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री

एतदद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

का सही नाम अंशिका सिंह पुत्री योगेन्द्र सिंह है, जो कि

उसके शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के शीला सिंह पत्नी सुरेन्द्र कुमार सिंह, निवासी- बनियापुर, लमही, वाराणसी, उ0प्र0।

आधार कार्ड सं0-5549 0954 6016 में उसका नाम आरुषी

सिंह अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री

को उसके सही नाम अंशिका सिंह पुत्री योगेन्द्र सिंह के नाम

सूचना

से जाना व पहचाना जाय।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री

एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के का सही नाम सोनम पाण्डेय (SONAM PANDEY) पुत्री

संतोष पाण्डेय जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है।

सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचाविताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की

त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड सं0-7606 2927 5476 में जाती है।

उसका नाम रिषि पाण्डेय (RISHI PANDEY) अंकित हो

गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही

नाम सोनम पाण्डेय (SONAM PANDEY) पुत्री संतोष योगेन्द्र सिंह पुत्र स्व० राम प्रसाद सिंह, निवासी- अवध बिहार कॉलोनी बांग नं0 3, कानपुर रोड, मानस नगर, लखनऊ, उ०प्र०।

पाण्डेय के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के

सूचना

संबंध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की

गई हैं।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाय कि मेरे पुत्र का

सही नाम शिवांश गोस्वामी पुत्र वशिष्ठ कुमार है, जो उसके

शैक्षणिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार

कार्ड सं0 7290 9743 8628 में उसका नाम वशिष्ठ कुमार

संतोष कुमार पाण्डेय, पता-ग्राम मकरी पूरे हीरामान, पोस्ट-भुईदहा, जनपद-प्रतापगढ़ उ०प्र०।

अंकित हो गया है, जो कि गलत नाम है। भविष्य में मेरे पुत्र

को उसके सही नाम शिवांश गोस्वामी पुत्र वशिष्ठ कुमार के

नाम से जाना व पहचाना जाये।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के

संबंध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की

गयी है।

नाम अमृता पासवान (Amrita Paswan) पुत्री शैलेन्द्र पासवान है जो कि मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0-4130 8925 4713 में मेरा नाम गंगा कुमारी अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम अमृता पासवान पुत्री शैलेन्द्र पासवान के नाम से जाना व पहचाना जाय।

वशिष्ठ कुमार पुत्र श्री राम मूरत, निवासी- ग्राम जमालपुर, पो0 व वि0 खण्ड, कुदरहा तहसील, सदर थाना लालगंज, जिला बस्ती, उ0प्र0।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 753

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

शैक्षिक अभिलेख में अकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड 6561 7328 2795 में उसका नाम जिग्यासा सरोज अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम जान्हवी भारतीया पुत्री राजू कुमार के नाम से जाना व पहचाना जाए।

अमृता पासवान पुत्री शैलेन्द्र पासवान निवासी- ढ़कौली सोमैया नगर बाराबंकी, उ०प्र0।

सूचना

एतद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूरी की गई है।

राजू कुमार पुत्र-स्व० मिठाई लाल निवास-56, सुबेदारगंज, नियर महिला ग्राम इण्टर कालेज, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरो पुत्र का सही नाम अनुभव प्रताप सिंह पुत्र गजानन्द यादव है, जो कि उसके शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0 5065 4215 4022, में उसका गलत नाम ऋधांश यादव अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य मे मेरे पुत्र को सही नाम अनुभव प्रताप सिंह पुत्र गजानन्द यादव के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र एतदद्वारा द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के संबंध मे समस्त विधिक औपचारिकता है स्वच मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

का सही नाम निलेश सिंह सिकरीवाल (Nilesh Singh

Sikrival) पुत्र गौरव कुमार सिंह है, जो उसके शैक्षिक

अभिलेख में अंकित है त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड पूर्णिमा पत्नी गजानंद यादव कुुशाहिल डीह बैरहना गोतनी उपरहार प्रतापगढ़।

सं०-6012 4933 1131 में उसका नाम नीलेश सिंह अंकित हो

गया है, जोकि गलत है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही

नाम निलेश सिंह सिकरीवाल पुत्र गौरव कुमार सिंह के नाम से

सूचना

जाना व पहचाना जाय।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही

एतद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के

सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण

की गई हैं।

नाम रईश (Raeesh) पुत्र नाजिर है जो कि मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 3758 1188 8752 में मेरा नाम रहीस हासमी अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम रईश पुत्र नाजिर के नाम से जाना व पहचाना जाय।

गौरव कुमार सिंह पुत्र लालभूषण सिंह, निवासी- चिल्हारी पोस्ट धीना कमालपुर, तहसील व जनपद चंदौली यू0पी0।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिक्ताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री रईश पुत्र नाजिर निवासी- टोला मोहनपुर पोस्ट महावीर, छपरा जंगल रानी सोहास भौवापार, गोरखपुर, उ0 प्र0।

का सही वास्तविक नाम प्रणाली PRADALEE पुत्री —ष्ण कान्त मिश्र है जो शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड संख्या 5745 9833 9024 में उसका नाम

सूचना

प्रणाली मिश्रा PRADALI MISHRA अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम प्रणाली

PRADALEE पुत्री —ष्ण कान्त मिश्र के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम जान्हवी भारतीया पुत्री राजू कुमार है जो उसके

97 ट754 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 सूचना

एतद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई हैं।

विमला देवी पत्नी —ष्ण कान्त मिश्र, निवासिनी-भवानीपुर, पोस्ट तिसेन तुलापुर, माण्डा खास, प्रयागराज, उ०प्र०।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री का सही नाम सौम्या सरोज पुत्री शेष कुमार है। जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड स० 8687 1764 9356 में उसका नाम छोटी सरोज अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मेरी पुत्री को उसके सही नाम सौम्या सरोज पुत्री शेष कुमार के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरी पुत्री

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

का सही नाम आन्या मिश्रा (Aanya Mishra) पुत्री उमेश

कुमार मिश्रा है। जो उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है।

त्रुटिवश मेरी पुत्री के आधार कार्ड स0 6100 7322 5600 में

शेष कुमार पुत्र जानकी प्रसाद निवासी- बासगीत तहसील हंडिया, जनपद प्रयागराज, उ0प्र0।

उसका नाम आर्या अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य

में मेरी पुत्री को उसके सही नाम आन्या मिश्रा पुत्री उमेश

कुमार मिश्रा के नाम से जाना व पहचाना जाय।

सूचना

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के

सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण

की गई है।

उमेश कुमार मिश्रा पुत्र इंद्र देव मिश्रा, निवासी- बरईपुर कोटवा हनुमानगंज, जनपद प्रयागराज, उ0प्र0।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम कु. चंद्रिका यादव पुत्री राजेन्द्र प्रसाद यादव है। जो की मेरे शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड संख्या 9191 1608 1796 में मेरा नाम चंदा यादव अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम कु0 चंद्रिका यादव पुत्री राजेन्द्र प्रसाद यादव के नाम से जाना-पहचाना जाय।

सूचना

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त के संबंध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वतः मेरे द्वारा पूर्ण की गई हैं।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र

का सही नाम अंश प्रताप सिंह पुत्र राजेश कुमार सिंह यादव है

जो कि उसके शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र

के आधार कार्ड संख्या 9390 6065 7521 में उसका नाम शनी

कु0 चंद्रिका यादव, नागेन्द्र हाउस नं0 62 जमऊपट्टी, जौनपुर, उ०प्र०।

कुमार सिंह यादव अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य

में मेरे पुत्र को उसके सही नाम अंश प्रताप सिंह (ANSH

PRATAP SINGH) पुत्र राजेश कुमार सिंह यादव

सूचना

(RAJESH KUMAR SINGH YADAV) के नाम से

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा जाना व पहचाना जाय।

एतत द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त

के सम्बन्ध में विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की

गई हैं।

सही नाम संगीता पत्नी हरी नारायण है जो मेरे बैंक पासबुक, राशन कार्ड, निर्वाचन कार्ड एवं परिवार रजिस्टर तथा उपजिलाधिकारी की जाँच आख्या में अंकित है। त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0- 6087 3372 9659 में मेरा नाम शीला देवी पत्नी हरी नारायण अंकित हो गया है, जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही संगीता पत्नी स्व० हरी नारायण के नाम से जाना पहचाना जाये।

राजेश कुमार सिंह यादव पुत्र कैलाश पति पता-डोमनपुर जगन्नाथपुर, (गोपीगंज) सं० र० न० भदोही।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 755

एतद्‌ द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताये स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सूचना

सूचित किया जाता है कि साझेदारी फर्म मे० श्री राम एग्रो प्रोडक्ट्‌स खुशकरी तिराहा अमांपुर रोड कासगंज में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार हैं-

संगीता पत्नी स्व० हरी नारायण, ग्राग-लखौली, पो०-नेवढ़िया घाट, तहसील-सदर, जनपद-मीरजापुर।

सूचना

यह कि दिनांक-22 सितम्बर, 2025 से रविन्द्र सिंह पुत्र श्री राम सिंह निवासी-559 मौहल्ला मोहन चित्रगुप्त कॉलोनी कासगंज अपनी स्वेच्छा से फर्म की भागीदारी से पृथक हुये तददिनांक को मयंक माहेश्वरी पुत्र स्व० मनोज माहेश्वरी निवासी-गली नल वाली मौहल्ला जय जय राम कासगंज फर्म की भागीदारी में सम्मलित हुये वर्तमान फर्म में भागीदार श्री संजय माहेश्वरी एवं मयंक माहेश्वरी साझीदार है।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र का सही नाम सूरज साहू पुत्र राजू है जो उसके जन्म प्रमाण-पत्र एवं शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड संख्या 8261 3349 4583 में उसका नाम सूरज राजू गुप्त अंकित हो गया है, जोकि गलत है। भविष्य मे मेरे पुत्र को उसके सही नाम सूरज साहू पुत्र राजू के नाम से जाना व पहचाना जाय।

एतद द्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के सम्बन्ध मे समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

संजय माहेश्वरी साझेदार मे० श्री राम एग्रो प्रोडक्ट्‌स खुशकरी तिराहा अमांपुर रोड, कासगंज।

सूचना

सूचित किया जाता है कि साझेदारी फर्म मे० मुकेश कुमार ठेकेदार नगला मठिया पो० औडेन्य मण्डल मैनपुरी में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार हैं -

राजू पुत्र सुखइया निवासी गाम व पो० अर्जुनाह तहसील नरैनी जिला बांदा, उ0प्र0।

सूचना

यह कि दिनांक-13 मार्च, 2026 से जितेन्द्र कुमार पुत्र श्री महाराज सिंह निवासी-नगला मठिया पोस्ट औडेन्य मण्डल जिला मैनपुरी फर्म की भागीदारी से अपनी स्वेच्छा से पृथक हुये तद्‌दिनांक को पारूल शाक्य पत्नी श्री मुकेश कुमार निवासी नगला मठिया पोस्ट औडेन्य मण्डल जिला मैनपुरी फर्म की भागीदारी में सम्मलित हुये वर्तमान फर्म में भागीदार श्री मुकेश कुमार श्री महाराज सिंह एवं पारूल शाक्य है।

सूचित किया जाता है कि साझेंदारी फर्म मे0 जे0एस0 एण्ड सन्स 36/34 आर0पी016 रोशन बिहार देवरी रोड आगरा में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार हैं -

यह कि दिनांक-17 फरवरी, 2026 से जदुनाथ सिंह यादव पुत्र श्री चोखे लाल निवासी-36/34 आर/पी-16 रोशन बिहार देवरी रोड आगरा अपनी स्वेच्छा से फर्म की भागीदारी से पृथक हुये तददिनांक को श्री रोहित कुमार पुत्र श्री जदुनाथ सिंह यादव निवासी-86, नरोत्तम कुंज मधू नगर आगरा फर्म की भागीदारी में सम्मलित हुये वर्तमान फर्म में भागीदार श्रीमती प्रवेश देवी एवं रोहित कुमार साझीदार है।

मुकेश कुमार, साझेदार मे० मुकेश कुमार ठेकेदार, नगला मठिया, पो० औडेन्य मण्डल मैनपुरी।

सूचना

सूचित किया जाता है कि भागीदारी फर्म श्री नरी सांचौली इन्फ्रा डवलपर्स, मान०-सैक्टर-5, श्री राधापुरम्‌ एस्टेट गनेसरा, मथुरा-281001 में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार है-

यह है कि उक्त फर्म से दिनांक 28 मार्च, 2026 को

आयुषी गोयल पुत्री श्री कमलेश गोयल निवासी बी-25 प्रवेश देवी साझेदार मे० जे० एस० एण्ड सन्स 36/34 आर० पी० 16 रोशन बिहार, देवरी रोड, आगरा, उ0प्र0।

डी0एम0 कम्पाउण्ड, मेरठ, श्री अभिषेक चौहान पुत्र756 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 श्री शिवसरन सिंह चौहान निवासी बी एच-5 न्यू पुलिस लाईन,

मैडू रोड हाथरस उक्त फर्म की भागीदारी से अपनी स्वेच्छा से

अलग हो गये है तथा उक्त दिनांक-28 मार्च, 2026 को ही

श्री तरून कुमार पुत्र श्री दयाराम निवासी-130/9 ए मनीराम

वास, अग्रसेन नगर, कोसी कलाँ रूरल मथुरा, श्री नवाँशु

अग्रवाल पुत्र श्री अरूण अग्रवाल निवासी 130/सी मनीराम

वास अग्रसेन नगर कोसी कलाँ रूरल मथुरा, श्री शिवम

अग्रवाल पुत्र श्री अनिल कुमार अग्रवाल 4492/2 नन्द भवन

नन्द चौक राम नगर, कोसी कलॉ मथुरा, श्रीमती नीतेश पत्नी

श्री विक्रम सिंह निवासी- ग्राम कोकेरा अकबरपुर पोस्ट चौमुँहा

जिला मथुरा, श्रीमती सविता सिंह पत्नी श्री राहुल रावत भैयां, सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स ''नजीर राइस मिल'', कस्बा केमरी, जिला रामपुर (यू०पी०) नामक फर्म में दिनांक 01 अप्रैल, 2026 को शाहिद अली पुत्र अब्दुल हक निवासी मौहल्ला तकिया केमरी, रामपुर रिटायर हो गये हैं तथा दिनांक 01 अप्रैल, 2026 को मौहम्मद जावेद पुत्र अब्दुल रशीद व श्रीमती अनीस पत्नी अब्दुल हसन शामिल हो गये हैं तथा उक्त फर्म पर रिटायर्ड पार्टनर की कोई देनदारी व लेनदारी बकाया नहीं है तथा अब वर्तमान में आठ पार्टनर श्री मकसूद अहमद, श्री सलीम अहमद, श्री मेंहदी हसन, श्री मुन्ने अली, श्रीमती छोटी, श्रीमती शाबरा, मौहम्मद जावेद व श्रीमती अनीस रह गये हैं।

अलीगढ, श्री सुमित कुन्तल पुत्र श्री चन्द्रपाल सिह

निवासी-सहार रोड कोकेरा अकबरपुर मथुरा, श्री विश्वेन्द्र सिह

पुत्र श्री पृथ्वी सिंह निवासी-कवई भरतपुर राजस्थान तथा श्री

नरेन्द्र सिंह पुत्र श्री पृथ्वी सिंह निवासी उपरोक्त को उक्त फर्म

में नये भागीदार के रूप में सम्मिलित कर लिया गया है। अब

फर्म में श्री विक्रम सिंह, श्री योगेश अग्रवाल, श्री मनीष अग्रवाल,

श्री धर्मेन्द्र कुमार बंसल, श्री कौशल अग्रवाल, श्री —ष्णा

उपाध्याय, लक्ष्मी गर्ग, श्री तरून कुमार, श्री नवॉशु अग्रवाल, श्री

शिवम अग्रवाल, श्रीमती नीतेश, श्रीमती सविता सिंह, श्री सुमित

कुन्तल, श्री विश्वेन्द्र सिंह, श्री नरेन्द्र सिंह भागीदार हो गये है।

योगेश अग्रवाल, भागीदार, श्री नरी सांचौली इन्फ्रा डवलपर्स, म०नं०-9, सैक्टर-5, श्री राधापुरम्‌ एस्टेट गनेसरा, मथुरा।

सूचना

मकसूद अहमद, पार्टनर फर्म मेसर्स नजीर राइस मिल, कस्बा केमरी, जिला रामपुर (यू०पी०)।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स नवादा किसान सेवा केन्द्र पता ग्राम बिलौरी, बरेली जिसकी पंजीकरण सं०- BAR/0007075 में दिनांक 17 जनवरी, 2026 को अन्य साझेदारों की सहमति व स्वेच्छा से श्री रिजुल अग्रवाल पुत्र श्री अनिल कुमार अग्रवाल निवासी 35-आर-4-एबी रामपुर गार्डन बरेली को नया साझेदार बनाया गया व दिनांक 17 जनवरी, 2026 को साझेदार श्रीमती कनिका यादव पत्नी श्री रवि कुमार निवासिनी स्वेच्छा से सेवानिवृत्त हो गये। सेवानिवृत्ति के पश्चात श्रीमती कनिका यादव का फर्म पर व फर्म का श्रीमती कनिका यादव पर कोई शेष वकाया नही है वर्तमान में उपरोक्त फर्म में कुल दो साझेदार कमशः 1- सुधांशु यादव 2 रिजुल अग्रवाल है।

सूचित किया जाता है कि साझेदारी फर्म मे० रिज्जा ट्रान्सपोर्ट पता- आलिया मंजिल फ्लेट न० 6 शिवली बाग अलीगढ़ में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार हैं-

एतदद्वारा सुचित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध

में मेरे द्वारा समस्त विधिक औपचारितायें पूर्ण कर ली गयी है।

यह कि दिनांक-01 अप्रैल, 2026 से अंकित तिवारी पुत्र श्री राममोहन तिवारी निवासी-35 एमआईजी आवास विकास कॉलोनी फतेहपुर फर्म की भागीदारी में सम्मलित हुये वर्तमान फर्म में भागीदार श्री हफीर्जुरहमान, श्रीमती आयशा हफीज एवं श्री अंकित तिवारी है।

सुधांशु यादव, साझेदार, मेसर्स नवादा किसान सेवा केन्द्र, पता- ग्राम बिलौरी, बरेली।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्मः

M/S VITA VI BIOSCIENCE पता- A-18, Ground Floor, हफीर्जुरहमान साझेदार मे० रिज्जा ट्रान्सपोर्ट पता- आलिया मंजिल फ्लेट न० 6, शिवली बाग अलीगढ।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 757

Sector-31, Noida, Gautam Budh Nagar. जिसका पंजीकरण श्री राकेश कुमार सिंह साझेदार के रूप में शामिल हो गये है साथ ही फर्म का नाम परिवर्तन होकर नया नाम मेसर्स-एम वी वी ग्लोबल हो गया है वर्तमान में 2 साझेदार क्रमशः श्री शुभ प्रताप सिंह एवं श्री राकेश कुमार सिंह, साझेदार हैं। जिसमें मुझे कोई आपत्ति नही है।

संख्या GBN/0022175 है। उक्त फर्म में 1-श्री रतन कपूर 2-श्रीमती अर्चना कपूर तथा 3 श्री नरेश मिश्रा थे। श्री रतन कपूर तथा श्रीमती अर्चना कपूर दिनांक 31 जुलाई, 2025 से अपना हिस्सा लेकर फर्म से अलग हो गये हैं तथा एक नया पार्टनर दिनांक 01 अगस्त, 2025 से 1-श्री प्रेम प्रकाश मिश्रा फर्म में सम्मिलित हुए हैं। भविष्य में कुल दो पार्टनर 1-श्री नरेश मिश्रा, 2-श्री प्रेम प्रकाश मिश्रा फर्म को संचालित करेगें तथा दिनांक 01 अगस्त, 2025 को फर्म के पते में भी परिवर्तन किया गया है जिसमें फर्म का पुराना पता ए-18, ग्राउण्ड फ्लोर, सैक्टर-31, नोएडा, गौतमबुद्धनगर को बदलकर नया पता 740, विश्वनाथ कॉलोनी खोड़ा, आदर्श नगर, खोड़ा, खोड़ा गांव, गाजियाबाद कर दिया गया है।

नरेश मिश्रा, पार्टनर,

M/S VITA VI BIOSCIENCE, 740-Vishvanath Colony Khora,

Adarsh Nagar, Khora.

Khora Gaon, Ghaziabad.

शुभ प्रताप सिंह, साझेदार, मेसर्स- साईं बेवरेज

सूचना

एत द्वारा सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स फाउंटेन रियल पता फ्लैट नंबर 202 सनशाइन बी ओमेक्स रेजीडेंसी 1 सुल्तानपुर रोड लखनऊ से पंजी—त है। यह कि 2 साझेदार श्री अरविन्द सिंह एवं श्री उजैर अहमद खान, साझेदार है। दिनाँक 20 सितम्बर, 2025 को एक नयी साझेदारी बनी जिसमें फर्म पता परिवर्तन होकर नया पता ऑफिस नंबर 624 क्रिसेंट हाइट्‌स टी 2 आई बी बी 2 सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ 226030 हो गया है वर्तमान में 2 साझेदार क्रमशः श्री अरविन्द सिंह एवं श्री उजैर अहमद खान साझेदार हैं।

सूचना

अरविन्द सिंह, साझेदार मेसर्स फाउंटेन रियल।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मे० अनु

ओवरसीज, 3/244 मधु स्मृति लक्ष्मी बाई मार्ग मैरिस रोड एत्‌त द्वारा सूचित किया जाता है कि मेसर्स-माँ काली ट्रान्सपोर्ट, महोलिया शिवपार हरदोई ग्रामीण हरदोई की साझेदारी फर्म 1932 साझेदारी अधिनियम के अन्तर्गत लखनऊ से पंजीकृत है जिसमें अभी तक दो साझेदार श्री ध्रुव गुप्ता पुत्र श्री प्रदीप कुमार एवं श्री बलराम गुप्ता पुत्र श्री शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, थे, जिसमें दिनांक 02-04-2026 को फर्म की साझेदारी में एक नये साझेदार श्री अन्शू जैन पुत्र श्री सुशील जैन शामिल हो रहे है वर्तमान में फर्म मे तीन साझेदार श्री ध्रुव गुप्ता, श्री बलराम गुप्ता एवं श्री अन्शू जैन है।

अलीगढ उपरोक्त फर्म में साझेदार श्री रोहित अग्रवाल पुत्र

श्री महेश नन्दन अग्रवाल, श्रीमती अनुपमा अग्रवाल पत्नी

श्री रोहित अग्रवाल, श्री शान्तनु नन्दन अग्रवाल पुत्र श्री रोहित ध्रुव गुप्ता, साझेदार, माँ काली ट्रान्सपोर्ट जिला-हरदोई।

अग्रवाल, सभी साझेदारों ने अपनी फर्म दिनांक 25 फरवरी,

2012 को संचालन की थी दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से

श्रीमती वेदिका अग्रवाल पत्नी श्री शान्तनु अग्रवाल, नये

साझेदार के रूप में शामिल हो गयी है अब फर्म को श्री रोहित

सूचना

अग्रवाल, श्रीमती अनुपमा अग्रवाल, श्री शान्तनु अग्रवाल, श्रीमती

वेदिका अग्रवाल संचालित करेगे।

रोहित अग्रवाल, साझेदार, मे० अनु ओवरसीज, 3/244 मधु स्मृति, लक्ष्मी बाई मार्ग, मैरिस रोड, अलीगढ।

एत्त द्वारा सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स साईं बेवरेज पता 185/6 रविन्द्र पल्ली फैजाबाद रोड लखनऊ से पंजी—त है। यह कि 2 साझेदार - श्री शुभ प्रताप सिंह, एवं आराधना सिंह, साझेदार थे। दिनाँक 09 मार्च, 2026 को एक नयी साझेदारी बनी जिसमें आराधना सिंह, अपनी सहमति से फर्म की साझेदारी से निकल गयी है तथा इसी तिथि से758 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8 सूचना

सूचित किया जाता है कि साझेदारी फर्म मे० उत्कर्ष कोल्ड स्टोरेज, महादेव नगर, गैंण्डू रोड, हाथरस 204101 में परिवर्तन की सूचना इस प्रकार है -

सूचना

सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम रचना गुप्ता पुत्री केशव दास मोर पत्नी सुनील कुमार गुप्ता है। जोकि मेरे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक एवं शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरी एल०आई०सी० पालिसी सं0 238764884 मे मेरा नाम अर्चना गुप्ता अंकित हो गया है, जोकि मेरा घरेलू नाम है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम रचना गुप्ता पुत्री केशव दास मोर पत्नी सुनील कुमार गुप्ता के नाम से जाना व पहचाना जाये।

एतदद्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त के संबंध मे समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

यह कि दिनांक-18 अप्रैल, 2025 से श्री सुरेश बाबू पुत्र श्री विजय सिंह निवासी-ए/16 तिलक नगर, भेल झॉसी एवं श्री दिनेश कुमार पुत्र श्री रतन लाल निवासी देवी नगर रोड, हाथरस जंक्शन, हाथरस को फर्म की साझेदारी में सम्मिलित कर लिया गया है तथा उक्त दिनांक को ही श्रीमती कल्पना सिंह पत्नी श्री मोहन सिंह निवासी हाथरस जंक्शन, देवी नगर, हाथरस एवं श्रीमती निशा सेंगर पत्नी श्री सुरेश बाबू निवासी महादेव नगर, मैण्डू रोड, हाथरस स्वेच्छा से फर्म की साझेदारी से पृथक हो गई है। दिनांक-25 मार्च, 2026 से आर्यन सांगवान पुत्र श्री सुबोध सांगवान निवासी-सिंह सदन, नीयर एच०पी०पैट्रोल पम्प, देवी नगर, हाथरस जंक्शन, हाथरस को फर्म की साझेदारी में सम्मिलित कर लिया गया है तथा उक्त दिनांक को ही श्री दिनेश कुमार पुत्र श्री रतन लाल निवासी- देवी नगर रोड़, हाथरस जक्शन, हाथरस स्वेच्छा से फर्म की साझेदारी से पृथक हो गये है। वर्तमान में फर्म में श्री सुरेश बाबू तथा श्री आर्यन संगवान साझेदार है।

सुरेश बाबू, साझेदार, मे० उत्कर्ष कोल्ड स्टोरेज, महादेव नगर,गैंण्डू रोड, हाथरस।

सूचना

सूचित किया जाता है कि फर्म-मेसर्स कुन्ज एच एण्ड टी कॉन्ट्रैक्टर, 450, सिटी सब्जी मण्डी, बरेली, उ०प्र०, पिनकोड 243003 (पंजीकरण संख्या : BAR /0007165) फर्म में कुल 2 साझेदार राकेश कुमार गुप्ता व हरी ओम थे, साझेदारों की रजामन्दी से दिनांक 24 मार्च, 2026 को फर्म में एक नया साझेदार श्रीमती स्वाति गुप्ता शामिल किया है एक साझेदार राकेश कुमार गुप्ता अपनी स्वेच्छा से दिनाँक 24 मार्च, 2026 को अवकाश ग्रहण करके फर्म से अलग हो गये। अवकाश ग्रहण साझेदार का सारा हिसाब-किताब चुकता हो गया है, साझेदार का फर्म/साझेदारों पर या फर्म का साझेदार पर कोई लेन-देन बकाया नहीं है। अब फर्म में कुल 2 साझेदार श्रीमती स्वाति गुप्ता व हरी ओम हैं।

एतद्वारा सूचित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में

समस्त विधिक औपचारिकतायें मेरे द्वारा पूरी कर ली गयी हैं।

रचना गुप्ता पुत्री केशव दास मोर, पत्नी सुनील कुमार गुप्ता, निवासिनी- पुराने डाक खाने के पास, मौदहा हमीरपुर।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म

मे० महाराजा रीयल्टर्स, ग्राम पाली डूंगरा, साँख रोड, जिला मथुरा शाखा कार्यालय द्वितीय तल महाराजा कॉम्पलेक्स, सोंख रोड, नियर मण्डी समिति, जिला मथुरा जो दिनांक 25 मई, 2014 रजि० नं0-12530 पर पंजी—त है, में स्थित है उपरोक्त फर्म में हम श्री प्रीतम सिंह, श्री हरेन्द्र प्रताप सिंह, श्री विपिन सिंह, श्री नरेन्द्र सिंह कुन्तल, श्री महाराज सिंह, श्रीमती लक्ष्मी देवी, श्रीमती अंकिता चौधरी, श्रीमती अर्चना देवी, श्रीमती मंजू देवी, कु० अर्चना सिंह, कु० अनीता कुमारी, श्रीमती हरनन्दी, श्रीमती तनु सिंह, श्री गौरव सिंह, मे० महाराजा इन्फ्राबिल्ड प्रा० लि०, मे० हरेन्द्र प्रताप सिंह बिल्डटेक एल० एल० पी० ने अपनी फर्म दिनांक 06 मई, 2023 को संचालित की थी दिनांक 03 जनवरी, 2026 से श्री महाराज सिंह, श्रीमती लक्ष्मी देवी, श्रीमती अंकिता सिंह, श्रीमती अर्चना, श्रीमती मंजू देवी, कु० अर्चना सिंह कु० अनीता कुमारी, श्रीमती हरनन्दी, श्रीमती तनू सिंह, फर्म से पृथक हो गई है एवं दिनांक 30 जनवरी, 2026 से मे० महाराज वेंचर्स होम्स एल० एल० पी०, श्रीस्वरुप सिंह कुन्तल फर्म में साझेदार हो गये है। दिनांक 16 फरवरी, 2026 से फर्म का पूर्व पता-ग्राम पाली डूंगरा, साँख रोड जिला मथुरा को परिवर्तित कर नया पता-महाराजा मानसरोवर खसरा नम्बर 1028 क, सतोहा असगरपुर मथुरा कर दिया गया है अब फर्म को श्री प्रीतम सिंह, श्री हरेन्द्र प्रताप सिंह, श्री विपिन सिंह, श्री नरेन्द्र सिंह कुन्तल, श्री गौरव सिंह, मे० महाराजा इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड, मे० हरेन्द्र प्रताप सिंह बिल्डटेक श्रीमती स्वाति गुप्ता, साझेदार, मेसर्स कुन्ज एच एण्ड टी कॉन्ट्रेक्टर, बरेली, उ०प्र०।

भाग 8 ] उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) 759

सूचना

एल० एल० पी०, मे० महाराज वेंचर्स होम्स एल०एल०पी०, श्रीस्वरुप सिंह कुन्तल हम सभी साझेदार के रूप में संचालित करेंगे।

प्रीतम सिंह साझेदार, ग्राम पाली डूंगरा, सोख रोड, मथुरा।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेसर्स मॉ पीताम्बरा प्रॉपर्टीज एण्ड डवलपर्स, समरथपुर, मण्डी गेट, जिला औरैया फर्म की पार्टनर विमला सिंह पत्नी स्व0 वीरेन्द्र सिंह नि0 26 यशोदा नगर, गोपाल नगर, कानपुर नगर का स्वर्गवास दिनांक 19 जनवरी, 2026 को हो गया है जिस कारण से अब उक्त फर्म एकल हो गयी है तथा मि0 अवधेश सिंह पुत्र यदुनाथ सिंह नि0 सुदरीपुर, लुहियापुर, जिला औरैया उक्त फर्म को प्रोपराइटर शिप के रूप में संचालित करेगे।

अवधेश सिंह, प्रोपराइटर, मेसर्स मॉ पीताम्बरा प्रॉपर्टीज एण्ड डवलपर्स, समरथपुर, मण्डी गेट, जिला औरैया।

सूचना

फर्म मेसर्स- अमन मोटर्स, सुभाष नगर, सौरिख, जिला कन्नौज के संशोधित पार्टनरशिप दिनांक 25 जून, 2025 को श्री ताहिर अली पुत्र श्री याकूब अली नि० सुभाष नगर, सौरिख, कन्नौज साझीदारी से स्वेच्छा से पृथक हो गये है तथा श्री यश मिश्रा पुत्र श्री अमरीश मिश्रा नि० सुभाष नगर, सौरिख, कन्नौज शामिल हो गये है। दिनांक 25 जून, 2025 से फर्म में श्री अमरीश मिश्रा पुत्र श्री बृज मोहन लाल नि० संजय नगर सौरिख, कन्नौज एवं श्री यश मिश्रा पुत्र श्री अमरीश मिश्रा नि० संजय नगर, सौरिख, कन्नौज पार्टनर है

अमरीश मिश्रा, पार्टनर मेसर्स- अमन मोटर्स, सुभाष नगर, सौरिख, जिला कन्नौज।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि फर्म मेसर्स निर्मल ग्रीन लैण्ड फिलिंग स्टेशन, बभनौली, राबर्ट्‌सगंज, सोनभद्र, उ०प्र० पिनकोड-231216 की साझेदारी में गोविन्द पाण्डेय जिसका पंजीकरण संख्या 50N/0023568 व रजिस्टर संख्या 01947/2025-2026 दिनांक 30 दिसम्बर, 2025 है। फर्म उपरोक्त में गोविन्द पाण्डेय पुत्र श्री शशिकान्त पाण्डेय निवासी सुसुवाही, डाफी, जिला-वाराणसी, उ०प्र० एवं निर्मला जायसवाल पत्नी स्व० राजेश प्रसाद जायसवाल निवासिनी चौबेपुर, वाराणसी साझेदार के रूप में थे। दिनांक 30 मार्च, 2026 को निर्मला जायसवाल फर्म से अपना हिसाब किताब लेकर अलग हो गई। वर्तमान में फर्म का एकल स्वामित्व गोविन्द पाण्डेय पुत्र श्री शशिकान्त पाण्डेय के रूप में रहेगा। साझेदारी फर्म एकल स्वामित्व होने के कारण दिनांक 30 मार्च, 2026 को विगठित की जा रही है। प्रमाणित किया जाता है कि उक्त के सम्बन्ध में समस्त विधिक औपचारिकताएं स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गयी है।

गोविन्द पाण्डेय, निर्मल ग्रीन लैण्ड फिलिंग स्टेशन, बभनौली, राबर्ट्‌सगंज, सोनभद्र, उ0प्र0।

M/S. Diva Impex, 4/278-B (3A and 3B) Vishnupuri Kanpur Nagar में फर्म के पार्टनर जय नारायन अग्रवाल पुत्र स्व० सत्य नारायण अग्रवाल नि० 13/398 रोज बैंक सिविल लाइन्स, कानपुर दिनांक 01 अप्रैल, 2025 को हट गये है तथा श्रीमती मोनिका नारायन अग्रवाल पत्नी मि० सिद्धार्थ नारायन अग्रवाल नि० 4/278-बी, (3-ए एवं 3-बी) विष्णुपुरी, कानपुर नगर सम्मिलित हो गयी है दिनांक 01 अप्रैल, 2025 से मि० सिद्वार्थ नारायन अग्रवाल पुत्र श्री जय नारायन अग्रवाल नि० 4/278-बी, (3-ए एवं 3-बी) विष्णुपुरी, कानपुर नगर एवं श्रीमती मोनिका नारायन अग्रवाल पत्नी मि० सिद्वार्थ नारायन अग्रवाल नि० 4/278-बी, (3-ए एवं 3-बी) विष्णुपुरी, कानपुर नगर पार्टनर है तथा दिनांक 01 अप्रैल, 2025 से फर्म का पता 54/27, नयागंज कानपुर नगर के स्थान पर 4/278-बी, (3-ए एवं 3-बी) विष्णुपुरी, कानपुर नगर परिवर्तित हो गया है।

सूचना

सिद्वार्थ नारायण अग्रवाल, साझीदार,

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरे पुत्र M/S-Diva Impex, 4/278-B,

का सही नाम आरव सिंह (AARAV SINGH) पुत्र राजू (3A and 3B) Vishnupuri Kanpur Nagar.

760 उार प्रदेश गजट, 11 अप्रैल, 2026 ई0 (चैत्र 21, 1948 शक संवत्‌) [ भाग 8

एततद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त संबंध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सिंह है जो उसके शैक्षिक अभिलेखों में अंकित है। त्रुटिवश मेरे पुत्र के आधार कार्ड सं0 5774 2158 2210 में उसका नाम प्रियांशु सिंह अंकित हो गया है जो कि गलत नाम है। भविष्य में मेरे पुत्र को उसके सही नाम आरव सिंह पुत्र राजू सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाये।

सावित्री देवी तिवारी पत्नी स्व0 पी0आर0 तिवारी पता-113 तुलाराम बाग, जनपद प्रयागराज।

एततद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त संबंध में समस्त विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

सूचना

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही राजू सिंह पुत्र लल्लन सिंह निवासी-ग्राम छितौनी पोस्ट-रसड़ा जिला बलिया, उ0प्र0।

नाम यासमीन बानो (YASMEEN BANO) पुत्री नूर उद्‌दीन है जो मेरे शैक्षिक अभिलेख में अंकित है। त्रुटिवश मेरेे आधार कार्ड सं0 6028 7316 0190 में मेरा नाम

यासमीन (YASMEEN) अंकित हो गया है जो कि गलत है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम यासमीन बानो सूचना

(YASMEEN BANO) पुत्री नूर उद्‌दीन के नाम से जाना व पहचाना जाये।

एततद्वारा प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त सम्बन्ध में विधिक औपचारिकतायें स्वयं मेरे द्वारा पूर्ण की गई है।

यासमीन बानो पता-पी 206, गौस नगर, करैली, जी0टी0बी0 नगर, जनपद-प्रयागराज।

सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मेरा सही नाम सावित्री देवी तिवारी पत्नी स्व0 पी0आर0 तिवारी है जो मेरे बैंक पासबुक मेरे पति के सेवा से सम्बन्धित पी0पी0ओ0 नं0-ए0एल0डी0/75973, मकान का खसरा, हाउस टैक्स की रसीद तथा उप जिलाधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट में अंकित है त्रुटिवश मेरे आधार कार्ड सं0 4890 1369 9492 में मेरा नाम सावित्री देवी पत्नी पी0 तिवारी अंकित हो गया है जो कि मेरा गलत व अधूरा नाम है। भविष्य में मुझे मेरे सही नाम सावित्री देवी तिवारी पत्नी स्व0 पी0आर0 तिवारी के नाम से जाना व पहचाना जाये।

पी0एस0यू0पी0-2 हिन्दी गजट-भाग 8-2026 ई0।

मुद्रक एवं प्रकाशक-निदेशक, मुद्रण एवं लेखन-सामग्री, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।


  1. = x +y +z + 2xy + 2yz + 2zx (x+ y) = x + y + 2y (x - y) = x + y – 2y x xy+y (x± y) +y +z –xy–yz–zx) ↩
  2. ±y =(x±y) (x = x ±y ±3xy(x± y) x +y +z –3xyz =(x+y+z) (x ↩
  3. 0 होता है। विपरीत भी सत्य है। इकाई-5 मेन्सुरेशन : 12 अंक 1. क्षेत्रफल - हीरोन के सूत्र का प्रयोग करके त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालना (बिना सिद्ध किए)। 2. पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन -गोला (अर्द्धगोला सहित) और लम्ब वृत्तीय शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन। इकाई-6 सांख्यिकी : 04 अंक 1. सारणीकृत, अवर्गीकृत/वर्गीकृत, बारम्बारता ग्राफ, बारम्बारता बहुभुज। ↩
  4. = a + 2ab + b , (a - b) = a - 2ab + b का क्रियात्मक निरूपण करना। (6) बैंक में खोले जाने वाले विभिन्न प्रकार के खातों एवं उनकी ब्याज दरों का अध्ययन करना। (7) समतल या गत्ता काटकर विभिन्न ठोस आकृतियाँ बनाना एवं उनकी विशेषतायें लिखना। (8) परिमेय संख्याओं का संख्या रेखा पर निरूपण। (9) अपनी कक्षा के छात्रों की ऊँचाई और भार का सर्वे कीजिए तथा भार और ऊँचाई में सम्बन्ध बताइए। (10) समाचार पत्र के माध्यम से किन्हीं तीन गल्ला मण्डियों के अनाज भाव का तुलनात्मक अध्ययन करना। (11) संस्तुत पुस्तक भारत का पारम्परिक गणित ज्ञान के निम्नाकित तीन खण्डों में से सुविधानुसार कोई एक प्रोजेक्ट- खण्ड-क- भारत में गणित की उज्ज्वल परम्परा। खण्ड-ख- गणना की परम्परागत विधियां। खण्ड-ग- भारत के प्रमुख गणिताचार्य विषय-वाणिज्य कक्षा–9 इस विषय में 70 अंक की लिखित परीक्षा तथा 30 अंक का प्रायोगिक व आन्तरिक मूल्यांकन होगा। प्रोजेक्ट कार्य/आन्तरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आन्तरिक होगा। लिखित परीक्षा हेतु अंक विभाजन निम्नवत्‌ है :– 1–दोहरा लेखा प्रणाली का तात्विक सिद्धान्त व व्यवहार, आधुनिक पाश्चात्य बही खाता प्रणाली के अनुसार, प्रारम्भिक लेखे की पुस्तकें, केवल रोजनामचा व रोकड़ बही, खतौनी व तलपट भारतीय बही खाता प्रणाली, रोकड़ बही व जमा तथा नाम नकल बही। 2–व्यापारिक कार्यालय का संगठन व कार्य प्रणाली, आने-जाने वाले पत्रों का लेखा, प्रतिलिपिकरण, पूछताछ व आदेश सम्बन्धी पत्र-व्यवहार। 3–मुद्रा इतिहास, परिभाषा कार्य, भारत में मुद्रा प्रणाली का सामान्य परिचय। 4–अर्थशास्त्र की परिभाषा, क्षेत्र, अर्थशास्त्र से सम्बन्धित शब्दावली जैसे उपयोगिता, धन, कीमत, मूल्य आदि। आवश्यकताओं का वर्गीकरण एवं लक्षण। निर्धारित पुस्तक– कोई भी पुस्तक निर्धारित या संस्तुत नहीं की गयी है। विद्यालयों के प्रधान विषय के अध्यापक के परामर्श से पाठ्‌यक्रम के अनुरूप उपयुक्त पुस्तक का चयन कर लें। ↩
  5. सी एवं डी सी का तरंग रूप। विद्युत जनित परिमाणित्र प्रत्यावर्तक आदि। इकाई-8 -घरेलू वायरिग 10 अंक वायरिग सामग्री, वायर के प्रकार जैसे- स्विच साके ट, होल्डर, सीलिग रोज, स्विच बोर्ड आदि एवं इनकी विशेषतांये, भारतीय विद्युत नियम, भू-सम्बन्धन की परिभाषा एवं इसके प्रकाऱ घरेलू वायरिग में किन किन बिन्दुओं का भू-सम्बन्धन किया जाना चाहिए । ↩
  6. विद्युत उपकरणों की पहचान एवं परिपथ में सम्बन्धन। 2. एम्पीयर मीटर एवं वोल्ट मीटर की सहायता से किसी कार्यभार की धारा एवं वोल्टता मापन। 3. घरेलू वायरिग में ऊर्जा मापी का किसी कार्यभार के साथ संयोजन। ↩
  7. पिन साके ट, विद्युत घण्टी, पिन साके ट, विद्युत लैम्प, ट्यूबलाइट, बजर, पंखा, ए ↩
  8. एक श्रेणी क्रम एवं एक समान्तर क्रम में लैम्प होल्डर एवं एक साके ट बिन्दु से निमित एक्सटेंशन बोर्ड बनाना। 5. प्रतिरोधों का श्रेणी और समान्तर क्रम में संयोजन एवं समतुल्य प्रतिरोध ज्ञात करना। ↩
  9. एम्पीयर ↩
  10. 0, 4 0 होने चाहिए। इकाई-6 : मेन्सुरेशन 10 अंक 1. वृत्तों से सम्बन्धित क्षेत्रफल - वृत्त के त्रिज्यखंड तथा वृत्तखण्ड के क्षेत्रफल। 2. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - निम्नांकित किन्हीं दो द्वारा संयोजित आकृति समतल आकृतियों का पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन-घन, घनाभ, गोला, अर्द्धगोला, और लम्बवृत्तीय बेलन/शंकु। मिश्रित प्रश्न (दो भिन्न तरह के ठोसों का संयोजन से सम्बन्धित प्रश्न, इससे अधिक नहीं)। इकाई-7 : सांख्यिकी तथा प्रायिकता 10 अंक 1. सांख्यिकी - वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य, माध्यिका तथा बहुलक। 2. प्रायिकता - प्रायिकता की सैद्धान्तिक परिभाषा, एकल घटना पर आधािरत सामान्य प्रश्न। शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु आन्तरिक मूल्यांकन 1-प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा- (परीक्षा + प्रोजक्ट) अगस्त माह 5+5 अंक ↩
  11. त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ - सर्वसमिकाओं Sin  + Cos  = 1,1tan  = Sec , 1 Cot =cosec  को स्थापित करना तथा इसका अनुप्रयोग। 3. ऊँचाई और दूरी - उन्नयन कोण, अवनमन कोण, ऊँचाई और दूरी पर साधारण प्रश्न (प्रश्न दो समकोण त्रिभुजों से अधिक नहीं होना चाहिए)। उन्नयन/अवनमन कोण केवल 3 ↩
  12. 0 तथा 6 ↩
Cite this issue. Uttar Pradesh Ordinary Gazette, Government of Uttar Pradesh, 11 April 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2026-04-11.c_202604201344355350/. Archive identifier in.gazette.uttarpradesh_ordinary.2026-04-11.c_202604201344355350.