विधि विभाग
———
अधिसूचनाएँ
13 अक्तूबर 2008
सं0 एल0 जी0 -1-22/2008/ लेज-156- भारत-संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) के अधीन सं0 एल0 जी0 -1-22/2008/ लेज-156- भारत-संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) के अधीन सं0 एल0 जी0 -1-22/2008/ लेज-156- भारत-संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) के अधीन बिहार राज्यपाल द्वारा दिनांक 06 अक्टूबर 2008 को प्रख्यापित निम्नलिखित अध्यादेष इसके द्वारा सर्वसाधारण की बिहार राज्यपाल द्वारा दिनांक 06 अक्टूबर 2008 को प्रख्यापित निम्नलिखित अध्यादेष इसके द्वारा सर्वसाधारण की बिहार राज्यपाल द्वारा दिनांक 06 अक्टूबर 2008 को प्रख्यापित निम्नलिखित अध्यादेष इसके द्वारा सर्वसाधारण की सूचना के लिऐ प्रकाषित किया जाता है। सूचना के लिऐ प्रकाषित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, दिलीप कुमार सिन्हा) (दिलीप कुमार सिन्हा) सरकार के संयुक्त सचिव। सरकार के संयुक्त सचिव।
(बिहार अध्यादेष संख्या- 3, 2008) बिहार मूल्य वर्द्धित कर (संषोधन) अध्यादेष, 2008 बिहार मूल्य वर्द्धित कर (संषोधन) अध्यादेष, 2008
प्रस्तावनाः-असाधारण स्थिति यथा प्राकृतिक आपदा में अतिरिक्त कर की देयता से विमुक्ति देने तथा असाधारण स्थिति यथा प्राकृतिक आपदा में अतिरिक्त कर की देयता से विमुक्ति देने तथा ढ़ाने हेतु प्रावधान करने के लिए बिहार मूल्य वर्द्धित कर रिर्टन दायर करने और कर जमा करने की तारीख बढ़ाने हेतु प्रावधान करने के लिए बिहार मूल्य वर्द्धित कर रिर्टन दायर करने और कर जमा करने की तारीख ब अधिनियम 2005 (अधिनियम संख्या-27/2005) में संषोधन करने के लिए अध्यादेष। अधिनियम 2005 (अधिनियम संख्या-27/2005) में संषोधन करने के लिए अध्यादेष।
चूंकि बिहार राज्य विधान मंडल सत्र में नहीं है; चूंकि बिहार राज्य विधान मंडल सत्र में नहीं है और चूंकि, बिहार राज्यपाल का समाधान हो गया है कि प्राकृतिक आपदा यथा, बिहार में बाढ़ विभिषिका और चूंकि, बिहार राज्यपाल का समाधान हो गया है कि प्राकृतिक आपदा यथा, बिहार में और चूंकि, बिहार राज्यपाल का समाधान हो गया है कि प्राकृतिक आपदा यथा, बिहार में से ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है जिसके कारण बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) का से ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है जिसके कारण बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) का से ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है जिसके कारण बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) का इसमें आगे दी गई रीति से संषोधन करने के लिए तुरंत कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है; इसमें आगे दी गई रीति से संषोधन करने के लिए तुरंत कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है इसमें आगे दी गई रीति से संषोधन करने के लिए तुरंत कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है
इसलिए अब भारत-संविधान के अनुच्छेद-213 के ख् ाण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इसलिए अब भारत-संविधान के अनुच्छेद-213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल निम्नलिखित अध्यादेष प्रख्यापित करते हैंः- बिहार राज्यपाल निम्नलिखित अध्यादेष प्रख्यापित करते हैंः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भः-
संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भः- यह अध्यादेष बिहार मूल्य वर्द्धित कर (संषोधन) अध्यादेष, 2008 कहा जा सकेगा। यह अध्यादेष बिहार मूल्य वर्द्धित कर (संषोधन) अध्यादेष, 2008 कहा जा सकेगा। (1) यह अध्यादेष बिहार मूल्य वर्द्धित कर (संषोधन) अध्यादेष, 2008 कहा जा सकेगा। इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में यह तुरंत प्रवृत्त होगा। (3) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।2 2. बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम 2005 (अधिनियम सं॰ 27/2005) की धारा-3 क क में संषोधन।-बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम 2005 (अधिनियम सं॰ 27/2005) की धारा-3-क क की उपधारा (3) के बाद एक नयी उपधारा (4) निम्न प्रकार से अन्तः स्थापित किया जायेगाः- (4) इस धारा में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार लोकहित में अधिसूचना में यथा विनिर्दिष्ट निबर्धन एवं शर्त्तों के अध्यधीन अतिरिक्त कर के उदग्रहण से विमुक्ति दे सकेगी।
3. बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) की धारा-24 में संषोधन।- (1). बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम संख्या 27/2005) की धारा-24 की उपधारा (6) में एक परन्तुक निम्न प्रकार से अन्तः स्थापित किया जायेगा :- ''परन्तु यह कि आपदा जैसी असाधारण स्थिति में आयुक्त किसी सामान्य या विषेष आदेष द्वारा अभिलिखित विषिष्ट कारणों से सामान्य रूप से या किसी क्षेत्र विषेष के व्यवसायियों के लिए उप-धारा (6) में विवरणी या त्रैमासिक विवरण दाखिल करने की निर्धारित तारीख को किसी अवधि के लिए बढ़ा सकेंगे किन्तु यह वृद्धि तीन माह से अधिक नहीं होगी।
परन्तु यह भी कि राज्य सरकार विवरणी या त्रैमासिक विवरण दाखिल करने की नियत तिथि को निर्धारित तिथि से छह माह की अवधि तक बढ़ा सकेगी किन्तु एक बार में तीन माह से अधिक नहीं होगी।''
(2). बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-24 की उपधारा (9) के खण्ड (ग) के बाद एक नया खण्ड (घ) निम्न प्रकार से अन्तः स्थापित किया जायेगाः-
''(घ) इस उप-धारा के खण्ड (क) एवं (ख) में अन्तर्विर्निष्टि किसी बात के होते हुए भी आयुक्त, आपदा जैसी असाधारण स्थिति में सामान्य या विषिष्ट आदेष द्वारा अभिलिखित विषिष्ट कारणों से सामान्य रूप से या किसी क्षेत्र विषेष के व्यवसायियों के लिए इस उप-धारा के खण्ड (क) एवं (ख) में कर भुगतान हेतु नियत तारीख की अवधि को बढ़ा सकेंगे किन्तु यह वृद्धि 3 माह से अधिक नहीं होगी।परन्तु राज्य सरकार इस उप-धारा के खण्ड (क) एवं (ख) में यथा विहित कर भुगतान की नियत तारीख को छह माह तक की अवधि तक बढ़ा सकेगी किन्तु एक बार में तीन माह से अधिक नहीं होगी।''
पटना
दिनांक-6, अक्तूबर, 2008
आर0 एल0 भाटिया बिहार-राज्यपाल
13 अक्तूबर 2008
सं0 एल0 जी0 -1-22/2008/ लेज -157-बिहार राज्यपाल द्वारा दिनांक 06, अक्टूबर, 2008 को प्रख्यापित बिहार मूल्य वर्द्धित कर (संषोधन) अध्यादेष, 2008 (बिहार अध्यादेष संख्या- 3, 2008) का निम्नलिखित अंग्रेजी अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाषित किया जाता है, जिसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 348 के खंड (3) के अधीन उक्त अध्यादेष का अंग्रेजी भाषा में प्राधिकृत पाठ समझा जायेगाः-
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (दिलीप कुमार सिन्हा) सरकार के संयुक्त सचिव।
[Bihar Ordinance no-3, 2008] THE BIHAR VALUE ADDED TAX (AMENDMENT) ORDINANCE, 2008 AN ORDINANCE
Preamble – To amend the Bihar Value Added Tax Act, 2005 (Act 27 of 2005) and to make provision for exemption from levy of additional tax and to extend the date of filing return and payment of tax in extra ordinary situation such as natural disaster etc. WHEREAS the Legislature of the State of Bihar is not in session.
AND, WHEREAS the Governor of Bihar is satisfied that due to natural disaster such as the havoc caused by floods in Bihar, circumstances so exist which render it necessary for him to take immediate action to amend the Bihar Value Added Tax Act 2005 (Act 27/2005) in the said manner.
NOW, THEREFORE in exercise of powers conferred by clause (1) of Article
213 of the Constitution of India, the Governor of Bihar is pleased to promulgate the following ordinance:--3 1. Short title, extent and Commencement—
(1) This ordinance may be called the Bihar Value Added Tax (Amendment) Ordinance 2008.
(2 ) It shall extend to the whole of the State of Bihar. (3 ) It shall come into force at once.
2. Amendment of Section-3 A A of Bihar Value Added Tax Act 2005 (Act no. 27/2005):—After Sub-Section (3) of Section-3 A A of the Bihar Value Added Tax Act 2005 (Act 27/2005) a new sub-section (4) shall be inserted in following way:-
(4) Notwithstanding anything contained in this section, the State Govt. may, by notification and subject to such conditions and restrictions as may be specified therein exempt from the levy of Additional Tax in the public interest.
3. Amendment of Section-24 of the Bihar Value Added Tax Act, 2005 (Act 27 of 2005):—(1) A Proviso to sub-section (6) of section-24 of the Bihar Value Added Tax Act, 2005 (Act No. 27/2005) shall be inserted in the following way:-
"Provided that the Commissioner may, by a general or specific order in extraordinary situation such as disaster, for specific reasons to be recorded in writing, extend the date of filing return/quarterly statement of dealers in general or for a specific area for any period beyond stipulated date in sub-section (6) provided that such extension shall not exceed three months.
Provided also that the State Government may extend the due date of filing return / quarterly statement beyond stipulated date for a period of six months but not more than three months at a time."
(2). After clause (c) of sub-section (9) of section-24 of the Bihar Value Added Tax Act 2005, a new clause (d) shall be inserted in the following way :-
"(d) Notwithstanding anything contained in para (a) and (b) of this sub-section the Commissioner may, by a general or specific order in extra ordinary situation such as disaster, for specific reasons to be recorded in writing, extend the date of payment of tax for dealers in general or for a specific area for a period beyond stipulated date in sub-section (a) provided that such extension shall not exceed three months.
Provided that the State Government may extend the due date of payment of tax as prescribed in clause (a) and (b) of this sub-section upto a period of six months but not more than three months at a time."
R.L. BHATIA Governor of Bihar.
PATNA Dated 6th October, 2008
————