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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 November 2008

Published 19 November 2008

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2008-11-19.47
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 28282828 काित(cid:30)ककाित(cid:30)ककाित(cid:30)ककाित(cid:30)क, , , , 1930193019301930((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 44447777 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 11119999 नव(बनव(बनव(बनव(बरररर,,,, 2008200820082008((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूची सूची सूची सूची

पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)1, पदःथापन, बदली, श(cid:18)1, छु 7ट(cid:15)

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

और अ:य ;य(cid:18)1गत सूचनाएं। 2-16

भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ उपःथा(cid:18)पत या भाग-1-क—ःवयंसेवक गु@मB के समादेंटाओं के

उपःथा(cid:18)पत Iकये जानेवाले ूवर सिमितयB के आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0,

ूितवेदन और उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथापन के पूव(cid:30) ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

बी0ए0, बी0एस0सी0, एम0ए0, एम0एससी0,

भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क^ लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0,

अनुमित िमल चुIक है। ---

बी0एस0ई0, Iडप0-इन-एड0, एम0एस0 और

मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Lाओं के पर(cid:15)Lा-फल, काय(cid:30)बम,

भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के

ूितवेदन और संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर छाऽवृ(cid:18)P ूदान, आIद।

---

भाग-1 ग—िशLा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Lाफल आIद ---

सिमितयB के ूितवेदन और संसद म[ पुर:ःथापन के पूव(cid:30) ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और काया(cid:30)RयLB (cid:24)ारा

भाग-9—(cid:18)व_ापन

---

िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ िनलामी संबंधी सूचनाएं ---

िनयम आIद।

17-20

भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन, सूचनाएं, :यायालय सूचनाएं, और सव(cid:30)साधारण सूचनाएं इaयाIद।

---

उVच :यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और

िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के

पूरक

---

उXरण।

---

पूरक-क

21-37 भागभागभागभाग----1111 िनयु(cid:18)1िनयु(cid:18)1िनयु(cid:18)1िनयु(cid:18)1, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन,,,, बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)1श(cid:18)1श(cid:18)1श(cid:18)1, , , , छु 7ट(cid:15) औरछु 7ट(cid:15) औरछु 7ट(cid:15) औरछु 7ट(cid:15) और अ:यअ:यअ:यअ:य वै वै वै वैय(cid:18)1क सूचनाएय(cid:18)1क सूचनाएय(cid:18)1क सूचनाएय(cid:18)1क सूचनाएa(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 2

जल संसाधन विभाग

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अधिसूचनाएं

24 अक्तूबर 2008

सं0 8/पी03-098/2005-7357—श्री जनेश्वर यादव, सहायक अभियंता (असैनिक), गृह जिला-जहानावाद, आई0 डी0 कोड-जे 3764, जिनकी सेवा विभागीय अधिसूचना संख्या-7023 दिनांक 30.9.2008 के क्रमांक-4 के द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंपी गयी है, को उनकी सेवानिवृत्ति दिनांकः 31.5.09 होने के फलस्वरूप आंशिक रूप से संशोधित करते हुए उनका स्थानान्तरण तत्‌काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है।

2. श्री यादव अपने पूर्व पद पर यथावत्‌ अर्थात्‌ सिंचाई विद्युत-सह-यांत्रिक प्रमण्डल, बाल्मी, पटना शिविर-करविगहिया, पटना में बने रहेगें ।

3. अधिसूचना के शेष अंश यथावत्‌ रहेगें ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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24 अक्तूबर 2008

सं0 8/पी03-133/2005-7358—पर्यटन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0ः1769 दिनांकः 30.09.08 द्वारा श्री प्रदीप कुमार मंडल, सहायक अभियंता (असैनिक), गृह जिला- भागलपुर, आई0 डी0 सं0-जे0 7576 की सेवा जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को वापस करने के फलस्वरूप जल संसाधन विभाग, सिंचाई भवन, पटना में पदस्थापन की प्रतीक्षारत श्री प्रदीप कुमार मंडल, सहायक अभियंता (असैनिक) की सेवा मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, समस्तीपुर के परिक्षेत्राधीन देय कोटि में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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24 अक्तूबर 2008

सं0 7/विविध-12-1054/2007-3053—श्री राकेश कुमार, सहायक अभियंता(असैनिक) सम्प्रति अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, जल पथ अवर प्रमण्डल, शेरघाटी, गया का बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार पटना द्वारा विज्ञापित तकनीकी परामर्शी पद पर चयन होने के फलस्वरूप बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार, पटना के अधीन दिनांक 31.8.2008 तक के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-2452 दिनांक 27.9.07 द्वारा प्रतिनियुक्ति के आधार पर उनकी सेवा सौंपी गयी थी जिसका वाह्‌य सेवा शत्र्तों का निर्धारण विभागीय पत्रांक 2454 दिनांक 28.9.07 द्वारा किया गया । उपर्युक्त समयावधि पूर्ण होने के उपरांत सचिव, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (वियाडा), पटना के पत्रांक 4571 दिनांक 23.9.08 द्वारा, वियाडा के अधूरी योजनाओं को पूरा करने के उद्‌देश्य से भी श्री कुमार की सेवा वियाडा में बने रहने हेतु अनुशंसा की गयी है, जिसके आलोक में विभाग द्वारा उपर्युक्त प्रतिनियुक्ति अवधि को दिनांक 31.8.09 तक विस्तारित करने की स्वीकृति दी जाती है जिसकी वाह्‌य सेवा शत्र्ते, विभागीय पत्रांक 2454 दिनांक 28.9.07 के अनुरूप दिनांक 31.8.09 तक प्रभावी होगी ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।3 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

24 अक्तूबर 2008

सं0 8/पी03-030/2008-7328—जल संसाधन विभाग बिहार पटना के आदेश सं0-94 सह पठित ज्ञापांकः 703 दिनांक 26.8.08 के आलोक में निलंबन से मुक्त होकर जल संसाधन विभाग में योगदान कर पदस्थापन की प्रतीक्षारत सहायक अभियंता (असैनिक), श्री राजेन्द्र प्रसाद केसरी , गृह जिला- वैशाली, आई0 डी0 सं0-3531 की सेवा मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा के परिक्षेत्राधीन देय कोटि में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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16 अक्तूबर 2008

सं0 8/पी03-018/2008-7179—जल संसाधन विभाग के निम्नांकित सहायक अभियंता (असैनिक) को उनके नाम के सामने स्तम्भ-3 में अंकित स्थान से स्थानान्तरित करते हुए स्तम्भ-4 में अंकित मुख्य अभियंता परिक्षेत्र के अधीन देय कोटि में पदस्थापन हेतु उनकी सेवाएं सौपी जाती है ।

क्रमांक नाम ग ह जिला/ आई0डी0 ृ वर्तमान पदस्थापन नव पदस्थापित मुख्य अभियंता परिक्षेत्र अभियुक्ति
1 2 3 4 5
1 श्री चन्देश्वर लाल कर्ण सहायक अभियंता, म ु ख्य अभियन्ता,
मुजफ्‌फरपुर/जे0 3754 शीर्ष कार्य प्रमंडल, बीरपुर औरंगारबाद
2 श्री दुखित सिंह भोजपुर/ जे0 3864 सहायक अभियंता, पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, बीरपुर म ु ख्य अभियन्ता, औरंगारबाद

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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14 अक्तूबर 2008

सं0 सं0 8/पी03-013/2007-7133—जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0- 516, दिनांक 09.07.08 के आलोक में बर्खास्तगी से विमुक्ति के पश्चात्‌ जल संसाधन विभाग में योगदान कर पदस्थापन की प्रतीक्षारत सहायक अभियंता (असैनिक), श्री तारकेश्वर राय, गृह जिला-बक्सर, आई0 डी0 सं0-1850 की सेवा मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के परिक्षेत्राधीन देय कोटि में गृह जिला छोड़कर पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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3 अक्तूबर 2008

सं0 7/एल 6-1012/08-2911—श्री नवल किशोर सिंह, सहायक निदेशक, डी0पी0आर0 कोषांग, जल संसाधन विभाग, अनिसाबाद, पटना (पुराना नाम- सामाजिक आर्थिक पर्यावरण अध्ययन एवं परियोजना मूल्यांकण निदेशालय, जल संसाधन विभाग, अनिसाबाद, पटना) को बिहार सेवा संहिता के नियम-227 के अन्तर्गत दिनांक 01.07.08 से 31.7.08 तक (कुल 31 दिनों ) का उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है ।

2. श्री सिंह उक्त अवधि में अवकाश में नहीं जाते तो अपने कर्त्तव्य पर बने रहते ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह,

सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 4

30 सितम्बर 2008

सं0 8/पी03-098/2005-7023—नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना का अधियाचना पत्रांक 3181, दिनाकं 19.06.08 एवं पत्रांक 3601 दिनाकं 03.07.08 के आलोक में जल संसाधन विभाग के निम्नांकित कुल 20(बीस) सहायक अभियंता (असैनिक) की सेवा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को सौपी जाती है।

क्रमांक नाम गृह जिला/आई0डी0 सं0 वर्त्तमान पदस्थापन स्थान
1 2 3
1 श्री विपिन बिहारी शर्मा जहानाबाद/2023 प्राक्कलन पदाधिकारी, सिंचाई प्रमण्डल सं0-1, जमुई वर्त्तमान में सिंचाई विद्युत सह यांत्रिक प्रमण्डल, पटना के रूप में पुर्ननामित
2 श्री राम चन्द्र सिंह व शाली/2456 ै सहायक अभियंता, गंगा पम्प नहर प्र0 सं0-1, बटेश्वर स्थान, कहलगांव वर्त्तमान में सिंचाई विद्युत सह यांत्रिक प्रमण्डल, वाल्मी, पटना के रूप में पुर्ननामित ।
3 श्री नागेन्द्र नाथ मिश्रा मधुवनी/3545 सहायक अभियंता, गंगा पम्प नहर प्र0 सं0-1, बटेश्वर स्थान, कहलगांव वर्त्तमान में सिंचाई विद्युत सह यांत्रिक प्रमण्डल, वाल्मी, पटना के रूप में पुर्ननामित ।
4 श्री जानेश्वर यादव जहानाबाद/जे 3764 सहायक अभियंता, गंगा पम्प नहर प्र0 सं0-1, बटेश्वर स्थान, कहलगांव वर्त्तमान में सिंचाई विद्युत सह यांत्रिक प्रमण्डल, वाल्मी, पटना के रूप में पुर्ननामित ।
5 श्री राम लखन प्रसाद नालन्दा/2435 प्राक्कलन पदाधिकारी, गंगा पम्प नहर प्र0 सं0-1, बटेश्वर स्थान, कहलगांव वर्त्तमान में सिंचाई विद्युत सह यांत्रिक प्रमण्डल, वाल्मी, पटना के रूप में पुर्ननामित ।
6 श्री रब्बान अहमद मल्लिक नालन्दा/2588 सहायक अभियंता, गंगा पम्म नहर अंचल, भागलपुर वर्त्तमान में सिंचाई विद्युत सह यांत्रिक अंचल, पटना के रूप में पुर्ननामित ।
7 श्री अनिल कुमार मंडल मधुवनी/4513 सहायक अभियंता, गंगा पम्म नहर अंचल, भागलपुर वर्त्तमान में सिंचाई विद्युत सह यांत्रिक अंचल, पटना के रूप में पुर्ननामित ।
8 श्री सोमेश कुमार सिंह पटना/3776 सहायक अभियंता, यो0 एवं रूपांकण अंचल-1, मुजफ्‌फरपुर
9 श्री संत कुमार सिंह रोहतास/3358 सहायक अभियंता तिरहुत नहर प्र0, सरैया
10 श्री अजय कुमार वर्मा गया/3550 सहायक अभियंता सिकरहना तटबंध प्र0,मोतिहारी
11 श्री शंकर भगवान प्रसाद भोजपुर/4923 सहायक अभियंता, प0को0नहर अवर प्रमण्डल सं0-1, निर्मली शिविर मधुवनी
12 श्री उदय पासवान पटना /J 9054 सहायक अभियंता तिरहुत नहर प्रमण्डल, हाजीपुर
13 श्री अनिल कुमार रोहतास/जे 9016 सहायक अभियंता प0 कोशी नहर प्र0 सं0-2, राजनगर
14 श्री सुरेन्द्र कुमार सिन्हा पटना/3330 सहायक अभियंता सोन उच्चस्तरीय नहर अवर प्रमण्डल, गंगौली
15 श्री मनोज कुमार पटना/जे-8984 सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर अवर प्रमण्डल सं0-4, घोघरडीहा, शिविर- राजनगर
16 श्री शैलेन्द्र कुमार सिन्हा नालन्दा/जे-7652 सहायक अभियंता, सिंचाई प्रमण्डल, नावानगर
17 श्री रत्नेश कुमार सहरसा/3985 सहायक अभियंता, फुलवरीया नहर अवर प्रमण्डल, सिरदल्ला
18 श्री सुरेश्वर बैठा पूर्वी चम्पारण/जे04925 सहायक अभियंता सोन नहर आधु0 प्रमंडल, पीरो
19 श्री सुरेश पासवान व शाली/जे 9002 ै सहायक अभियंता आयोजन एवं मोनिटरिंग प्रमण्डल, डिहरी
20 मो0 हसनैन खॉं गया/3725 सहायक अभियंता गुण नियंत्रण प्रमण्डल संख्या-1, पटना
5 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह,

सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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30 सितम्बर 2008

सं॰सं॰ 8/पी॰3-026/08-7015—बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 226 दिनांक 16.5.2008 द्वारा अनुशंसित एवं पथ निर्माण विभाग के पत्रांक 7984(एस) दिनांक 13.6.2008 द्वारा जल संसाधन विभाग आवंटित सामान्य/ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जन जाति/ अत्यन्त पिछड़ा वर्ग /पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ी महिला कोटि को विभागीय अधिसूचना संख्या 2362 दिनांक 6.8.2008 द्वारा बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग -2 के अन्तर्गत सहायक अभियंता (असै॰) के पद पर वेतनमान रु॰ 6500-200-10500/- में समय समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आदेय भत्ताें के साथ जल संसाधन विभाग में अस्थायी रुप से नियुक्त किया गया। उनमें से 41 (एकतालीस) नवनियुक्त सहायक अभियंता (असै॰) को योगदान स्वीकृत करते हुए संलग्न सूची के अनुसार उनके नाम के सामने अंकित मुख्य अभियंता परिक्षेत्र में निम्नलिखित शर्त्ताें के साथ उनकी सेवा उनके गृह जिला छोड़कर पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है :&

1. यह नियुक्ति बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताओं नोटिश के समाप्त की जा सकती है, जिसके लिए उनका कोई दावा अनुमान्य नहीं होगा ।

2. नवनियुक्त सहायक अभियंता अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 15(पन्द्रह) दिनों के अन्दर सम्बन्धित मुख्य अभियंता/निदेशक(मुख्य अभियंता),वाल्मी के यहॉं अपना योगदान देंगे और यदि वे निर्धारित अवधि में अपना योगदान नहीं देंगे तो उनकी नियुक्ति स्वतः रद्‌द समझी जायगी।

3. सम्बन्धित मुख्य अभियंता/निदेशक(मुख्य अभियंता),वाल्मी सभी नव नियुक्त सहायक अभियंता(असैनिक) को अविलम्ब पदस्थापित कर विभाग को सूचित करेगें ।

4. मेडिकल बोर्ड द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा सत्यापन की प्रत्याशा में यह नियुक्ति की जा रही है। इन दोनों श्रोतों में से किसी एक का भी अनुकूल प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने की दशा में नियुक्ति रद्‌द कर दी जायेगी ।

5. योगदान एवं पदग्रहण करने के लिए कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा । 6. नवनियुक्त सहायक अभियंताओं (असै॰) के मूल प्रमाण पत्र अवैध पाये गये तो सहायक अभियंता के पद पर अस्थायी नियुक्ति समाप्त कर दी जायेगी। सम्बन्धित मुख्य अभियंता/ निदेशक(वाल्मी) नवनियुक्त सहायक अभियंता (असै0) का मूल शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र/जन्म तिथि प्रमाण-पत्र की जॉंच अवश्य कर लेंगे और इसकी सूचना विभाग को भी देंगे ।

7. नवनियुक्त सहायक अभियंताओं (असै॰) के अनिवार्य प्रशिक्षणार्थ प्रथम तीन वर्षाें तक उन्हें निरुपण/ अन्वेषण एवं गुण नियंत्रण से संबंधित पदों पर क्रमशः एक-एक वर्ष के लिए पदस्थापित किया जायेगा । 8. नवनियुक्त सहायक अभियंताओं (असै॰) को निदेशक(मुख्य अभियंता), जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान, वाल्मी, फुलवारीशरीफ, पटना में जी॰आई॰एस॰/टोटल स्टेशन/मैथेमेटिकल मोडलिंग/रीभर इन्टरलिंकिंग/डी॰पी॰आर॰/ड्‌ेनेज योजनाआें एवं अन्य विभागीय तकनीकी कार्याें का प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

9. नियुक्ति का प्रभाव, वेतन एवं भत्ते का भुगतान सम्बन्धित मुख्य अभियंता/निदेशक(मुख्य अभियंता), वाल्मी के यहॉं योगदान करने की तिथि से देय होगा।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 6 10. नवनियुक्त सहायक अभियंताओं (असै॰) को इस स्पष्ट शर्त के साथ नियुक्त किया जाता है कि इस नियुक्ति को अंतिम मानते हुए भविष्य में नियुक्ति संबंधी कोई दावा मान्य नहीं होगा तथा सहायक अभियंताओं (असै॰) के पद पर वरीयता बिहार लोक सेवा आयोग के मेधा क्रमांक के अनुसार रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से सुरेन्द्र कुमार सिन्हा, सरकार के संयुक्त सचिव।

-सूची-
क्रमांक आवेदक का नाम पिता का नाम स्थायी पता आयोग का मेघा क्र्रमांक जन्म-तिथि कोटि पदस्थापित मुख्य अभियंता परिक्षेत्र
1 2 3 4 5 6
1 सतीश कुमार श्री राजेश्वर यादव ग्राम-सहोड़बा, पो0थाना-लौेकहा, जिला-मधुंबनी, बिहार, पिन कोड-847 421 12 25.02.1979 सामान्य मु0अ0, दरभंगा
2 गेन्दा लाल श्री ओम नारायण राम मानपुर सूर्यापोखर रोड, पेा0-बुनियादगंज, जिला-गया, बिहार, पिन-कोड-823 003 14 15.09.1984 सामान्य मु0अ0, दरभंगा
3 भूपेन्द्र प्रसाद श्री देव शरण प्रसाद ग्राम-धमौली, पो0-मुरगॉंव थाना-इस्लामपुर, जिला-नालन्दा, बिहार 21 06.03.1975 सामान्य मु0अ0, दरभंगा
4 विनोद कुमार श्री लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता ग्राम पो0-रोहियाया,भाया-बेलदौर, जिला-खगड़िया, बिहार, पिन कोड-852161 29 03.08.1967 सामान्य मु0अ0, दरभंगा
5 राजीव रंजन कुमार सिन्हा श्री ब्रह्‌मदेव प्रसाद ग्रामपो0-तुंगी, बिहारशरीफ, जिला-नालन्दा, बिहार, पिन कोड-803 101 39 02.06.1968 सामान्य मु0अ0, दरभंगा
6 दिनेश कुमार स्व0 बिन्देश्वरी पासवान बिन्देश्वरी भवन, सन्तरमोहल्ला, वार्ड न0-10, पो0-लखीसराय, जिला-लखीसराय, बिहार, पिन कोड-811 311 46 05.03.1975 सामान्य मु0अ0, दरभंगा
7 शंभू कुमार स्व0 मदन किशोर लाल मोहल्ला-महलपर, पो0-बिहारशरीफ निकट पार्वतीकोल्ड स्टोरेज (कुऑ वाला मकान) जिला-नालन्दा (बिहार), पिन कोड-803101 52 04.02.1979 सामान्य मु0अ0, दरभंगा
8 अशोक कुमार पिता-स्व0 पारसनाथ साव द्वारा-बन्दना वस्त्रालय, मेन रोड, दुजरा, पटना, बिहार,पिन कोड-800 001 61 25.12.1981 सामान्य मु0अ0, पटना
9 विकास कुमार श्री प्रभुनाथ प्रसाद(पूर्व उप-डाकपाल) ग्रामपो0 - मशरक, जिला-छपरा (सारण) बिहार, पिन कोड-841417 62 01.03.1978 सामान्य मु0अ0, समस्तीपुर
10 राजीव कुमार सिंह स्व0 रामस्वारथ सिंह ग्राम-बहदरपुर, पो0-रामपुर मटिहानी, जिला-बेगुसराय, बिहार, पिन-कोड-851129 76 06.01.1967 सामान्य मु0अ0, समस्तीपुर
11 संदीप कुमार केसरी दुर्गा प्रसाद केसरी मानबाद (थाना के पास),पो0-झारिया, जिला-धनबाद, झारखंड, पिनकोड-828111 77 01.01.1978 सामान्य मु0अ0, बीरपुर
12 राजीव कुमार उपाध्याय श्री उमाकान्त उपाध्याय रोड न0 6, संजय गॉंधी कॉंलोनी हनुमान नगर,पो0-बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी जिला-पटना, बिहार, पिन-कोड-800 026 78 11.02.1979 सामान्य मु0अ0, बीरपुर
13 नवीन कुमार श्री गणेश प्रसाद द्वारा भारतीय स्टील्स, ग्राम-बाधी, बायपास रोड, पो0-सुहदनगर, थाना-टाउनथाना, जिला-बेगुसराय, बिहार, पिन कोड-851101 95 02.01.1979 सामान्य मु0अ0, डिहरी
14 अमित कुमार श्रीवास्तव श्री कैलाशनाथ श्रीवास्तव मकान नं0-एन 14/114,लेन-7, सरायनंदन खोजवांं, जिला-वाराणसी (उत्तरप्रदेश), पिन कोड-221 010 108 14.06.1978 सामान्य मु0अ0, डिहरी
15 विनोद कुमार श्री रामानुज यादव ग्राम-तिलकपुरा, पो0-अम्हारा, थाना-नौबतपुर, जिला-पटना, बिहार, पिनकोड-801 118 111 18.11.1974 सामान्य मु0अ0, डिहरी
16 प्रमोद कुमार भारती श्री देवेन्द्र्र प्रसाद शर्मा ग्राम-कल्याणपुर,पो0-रहुआ, थाना-केे0 नगर, जिला-पूर्णियॉं, बिहार, पिन कोड-854 301 118 02.01.1982 सामान्य मु0अ0, डिहरी
17 ध्र्रुव नारायण श्री कृष्णा रजक मो0- गड़हुआ टोला, पत्रालय-महेन्द्रू, जिला-पटना, पिन-800 006 119 29.12.1973 सामान्य मु0अ0, डिहरी
18 धनंजय कुमार श्री आर0 के0 विश्वकर्मा द्वारा श्री बंशी शर्मा र् ग्राम-डिहुरी, पो0-कोराप,भाया-गुरारू मिल्ल, जिला-गया, बिहार, पिन कोड-824118 125 26.09.1980 सामान्य मु0अ0, डिहरी
19 चन्द्र मोहन झा स्व0 श्याम देव झा गंगजला, वार्ड न0 8, राधाकृष्णनगर जिला-सहरसा (बिहार),पिन-852 201 142 15.01.1970 सामान्य मु0अ0, औरंगाबाद
20 कुमार मुकेश श्री रामदेेव प्रसाद ग्राम-गुरम्हा, पो0-शादीपुर थाना-मुफ्‌फसिल, जिला-नवादा, बिहार पिन कोड-855 104 143 25.01.1972 सामान्य मु0अ0, औरंगाबाद
21 राजेश कुमार आर्या श्री सत्यदेव क्वार्टर न0 56/एल-1,एस0 के0पुरी, पटना पिन-800 001 164 09.08.1970 सामान्य मु0अ0, मुजफ्‌फरपुर
22 अनीश रंजन श्री ओम प्रकाश सिंह कैलाशपुरी मलाही पकड़ी लोहियानगर, कंकड़बाग, पटना-800 020 165 20.03.1981 सामान्य म 0अ0, भागलपुर ु
23 राकेश कुमार पुष्कर श्री रामाधार राम ग्राम-नवनेर, पो0-डिहरा, थाना-ओबरा, जिला-औरंगाबाद, बिहार, पिन-824 130 175 08.01.1973 सामान्य म 0अ0, भागलपुर ु
24 श्री शैलेन्द्र कुमार श्री रामाश्रय कुमार ग्राम-विष्णुपुर, पो0-मिर्जापुर बन्दुआर जिला बेगुसराय, बिहार, पिन-851129 39 15.01.1980 अनुसूचित जाति म 0अ0, भागलपुर ु
25 श्री किशोरी राम श्री त्रिभुवन राम ग्राम-पकड़ी, पोस्ट-जसौली,भाया-मोतीपुर, जिला-मुजफ्‌फरपुर,बिहार, पिन-843 141 45 01.11.1975 अनुसूचित जाति म 0अ0, सिवान ु
26 श्री प्रमोद कुमार श्री रामेश्वर चौधरी, सेल्स टैक्स ऑफिसर, मु0-कमरूद्दीनगंज, पो0-बिहारशरीफ, जिला-नालन्दा, बिहार, पिन-803101 46 05.06.1978 अनुसूचित जाति म 0अ0, सिवान ु
27 श्री सुरेश कुमार श्री रघुपत राम ग्रामपो0-चेचाढ़ी, भाया-ओबरा,जिला- औरंगाबाद, बिहार, पिन-824124 47 22.03.1973 अनुसूचित जाति म 0अ0, सिवान ु
2 8 श्री अजीत कुमार स्व0 बच्चू रजक ग्राम-फरीदपुर, पो0-जमालपुर, जिला-मुंगेर, बिहार, पिन कोड-811214 54 29.01.1971 अनुसूचित जाति मु0अ0, वाल्मीकीनगर
29 राजू कुमार श्री सकलदीप रजक ग्राम-सिपारा, आई0ओ0सी0 रोड, पो0-ढेलवॉं, निकट आदर्श हार्डवेयर, जिला-पटना, पिन कोड-800 020 61 25.02.1975 अनुसूचित जाति मु0अ0, वाल्मीकीनगर
30 मो0 तौहीद आलम श्री मो0 मंजूर आलम ग्राम-गोलकपुर, पो0-महेन्द्रू जिला-पटना, बिहार, पिन-800 006 03 21.09.1974 अत्यन्त पिछड़ा वर्ग मु0अ0, वाल्मीकीनगर
31 मुकेश कुमार बमबम श्री रघुनाथ पंडित कृष्णनगर कॉलनी,मीरजानहाट रोड, ईशाकचक, जिला-भागलपुर, बिहार, पिन कोड-812001 23 27.07.1976 अ0पि0वर्ग मु0अ0, वाल्मीकीनगर
32 विनय कुमार सिन्हा श्री वकील प्रसाद द्वारा- श्री मुख्तयार प्रसाद दक्षिण टोला, पुराना भोजपुर, ग्राम पो0- पुराना भोजपुर, जिला- बक्सर, बिहार, पिनकोड-802133 39 04.04.1983 अ0पि0वर्ग मु0अ0, वाल्मीकीनगर
33 मोहम्मद जिलानी अब्दुल कादीर ग्रामपोस्ट-नैनी (छपरा), जिला- सारण, बिहार, पिन कोड-841316 53 08.01.1981 अ0पि0वर्ग मु0अ0, वाल्मीकीनगर
34 मो0 ओबैदुर रहमान मो0 खलीलुर रहमान मीलनपाड़ा, खुश्कीबाग, पूणियॉ, बिहार, पिन कोड-854305 59 01.10.1980 अ0पि0वर्ग मु0अ0, वाल्मीकीनगर
35 अशोक कुमार श्री शम्भू सिंह नईबाजार, वार्ड नं0-1 कालीमंदिर के पास पो0-बक्सर, जिला-बक्सर, बिहार पिनकोड-802101 74 01.07.1968 अ0पि0वर्ग मु0अ0, वाल्मीकीनगर
36 अजय कुमार गुप्ता श्री दीनानाथ प्रसाद ग्राम-चनपटिया (मेन रोड), पो0-चनपटिया, जिला-पश्चिमी चम्पारण(बिहार), पिनकोड- 845449 7 01.10.1968 पि0वर्ग मु0अ0, मुजफ्‌फरपुर
37 संतोष प्रसाद सिंह श्री सहदेव सिंह ग्रमा-पो0-संसाह, भाया-दाउदनगर जिला- औरंगाबाद, बिहार, पिनकोड-824113 12 05.01.1976 पि0वर्ग म 0अ0, पूर्णिया ु
38 धनंजय कुमार सिन्हा स्व0 प्रभुदयाल सिंह ग्राम-पो0-जगदीशपुर तियारी भाया-परवलपुर, जिला-नालन्दा, बिहार पिनकोड-803114 28 13.05.1970 पि0वर्ग म 0अ0, पूर्णिया ु
39 संजीव नयन श्री महेन्द्र नारायण ग्राम- मोहनपुर, पो0-सरबेला भाया- सीमरीबख्तयारपुर, जिला-सहरसा,बिहार 30 14.11.1968 पि0वर्ग म 0अ0, पूर्णिया ु
40 प्रविन्द्र कुमार श्री सुबेदार सिंह द्वारा- स्व0 जमदार सिंह ग्राम-भीडरी, पो0-इचरी, भाया-गड़हनी,थाना-आयर जिला-भोजपुर (आरा), बिहार 45 20.01.1979 पि0वर्ग मु0अ0, डिहरी
41 शीला कुमारी सिंह श्री पशुपति सिंह ग्राम-कथरैन (परस्थुआ के नजदीक),पो0-कथरैन, जिला-रोहतास, बिहार 4 10.03.1967 पि0महिलाएं निदेशक(मु0 अ0), वाल्मी
7 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 8 9 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 10

बिहार-राज्यपाल के आदेश से सुरेन्द्र कुमार सिन्हा, सरकार के संयुक्त सचिव।

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25 सितम्बर 2008

सं0सं0 8/पी03-013/2007-6930—जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0- 712 दिनांक 27.8.08 के आलोक में निलंबन से मुक्त होकर जल संसाधन विभाग में योगदान कर पदस्थापन की प्रतीक्षारत सहायक अभियंता (असैनिक), श्री सुजय चन्द्र किशोर, गृह जिला- सारण, आई0 डी0 सं0-2200 की सेवा मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, डिहरी के परिक्षेत्राधीन देय कोटि में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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24 सितम्बर 2008

सं0सं0- 8/पी03-026/04-6926—जल संसाधन विभाग बिहार पटना के आदेश सं0-67 सह पठित ज्ञापांक 560 दिनांक 21.7.08 के आलोक में निलंबन से मुक्त होकर जल संसाधन विभाग में योगदान कर पदस्थापन की प्रतीक्षारत सहायक अभियंता (असैनिक), श्री राम कुमार पोद्वार, गृह जिला- सहरसा, आई0 डी0 सं0-3378 की सेवा मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा के परिक्षेत्राधीन देय कोटि में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह,

सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

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24 सितम्बर 2008

सं0सं0 8/पी03-133/2005-6925—विभागीय अधिसूचना सं0 4400 दिनांक 17.6.08 द्वारा श्री ज्ञान चन्द सिंह, सहायक अभियंता, गृह जिला-रोहतास, आई0 डी0 सं0-3906 की सेवा नगर विकास विभाग, बिहार, पटना में सौंपी गई थी, जिनकी सेवा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4215 दिनांक 6.8.08 के द्वारा जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को वापस कर दी गयी। फलस्वरूप श्री ज्ञान चन्द सिंह, सहायक अभियंता(असैनिक),11 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 जल संसाधन विभाग, सिंचाई भवन, पटना में पदस्थापन की प्रतीक्षारत की सेवा पर्यटन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-प0वि0 (सचि0)-01/06-1421 दिनांक 31.7.08 के अधियाचना के आलोक में पर्यटन विभाग, बिहार, पटना को सौपी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

——— शुद्धि-पत्र

23 सितम्बर 2008

सं॰ 7/प्रो0-3-1002/2004(अंश-I)-2815—विभागीय अधिसूचना संख्या-7/प्रो0-3-1002/2004 (अंश-I)-2267] दिनांक 24-07-08 में आंशिक संशोधन करते हुए संलग्न अनुसूची-'ख' के क्रमांक-7 के समक्ष अंकित तारकेश्वर राय के समक्ष स्तम्भ-4 (योगदान/नियुक्ति की तिथि) में अंकित 3.1.79 के स्थान पर 31.01.79 एवं स्तम्भ-7 (द्वितीय ए. सी.पी.(24 वर्ष)की देय तिथि) में अंकित 03/01/2003 के स्थान पर 31/01/2003 पढ़ा जाय ।

अधिसूचना को इस हद तक संशोधित समझा जाय ।

शेष यथावत रहेगें ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

ओम प्रकाश अम्बरकर, सरकार के संयुक्त सचिव(प्रबंधन)।

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17 सितम्बर 2008

सं0सं0 7/एल 6-1007/05-2757—श्री देवकी चौधरी, सेवानिवृत (31.10.95), सहायक अभियंता(असैनिक), जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 228, 230, 231 एवं 236 के तहत निम्नरूपेण अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है :-

(i) दिनांक 09.01.90 से 04.02.90 तक (हड़ताल अवधि) - देय अवकाश के रूप में, (ii) दिनांक 22.02.90 से 06.03.90 तक (आयकर विवरणी दाखिल नहीं करने के कारण भुगतान नहीं किया जा सका) - देय अवकाश के रूप में, (iii) दिनांक 22.3.90 (स्वेच्छापूर्वक अनुपस्थित) - असाधारण अवकाश के रूप में, (iv) दिनांक 10.4.90 से 13.11.90 तक (स्वेच्छापूर्वक अनुपस्थित) - असाधारण अवकाश के रूप में, (v) दिनांक 04.06.91 से 15.6.91 तक (स्वेच्छापूर्वक अनुपस्थित) - असाधारण अवकाश के रूप में, (vi) दिनांक 27.7.91 से 15.8.91 (स्वेच्छापूर्वक अनुपस्थित) - असाधारण अवकाश के रूप में, (vii) दिनांक 30.8.91 से 12.9.91 (स्वेच्छापूर्वक अनुपस्थित) - असाधारण अवकाश के रूप में एवं (viii) दिनांक 4.11.91 से 18.11.91(स्वेच्छापूर्वक अनुपस्थित) - असाधारण अवकाश के रूप में।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

अंजनी कुमार सिंह, सरकार के अवर सचिव(प्रबंधन)।

विधि विभाग

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अधिसूचनाएं

24 अक्तूबर 2008

एस0ओ0 272, दिनांक 19 नवम्बर 2008 नोटरीज नियमावली, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के साथ वांछित नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल श्री शम्भु प्रसाद, अधिवक्ता, व्यवहार न्यायालय, कटिहार को उक्त अधिनियम के अधीन नोटरी नियुक्त करते हैं, जो इस रूप में कटिहार जिला के लिये कटिहार में कार्य करेंगे।

(सं0 सं0-ए0/नोट-8/03/5270 जे0) बिहार राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्रराजेन्द्र कुमार मिश्रराजेन्द्र कुमार मिश्रराजेन्द्र कुमार मिश्र,,,, सरकार के सचिव।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 12

24 अक्तूबर 2008

एस0ओ0 273, एस0ओ0 272, दिनांक 19 नवम्बर 2008 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड(3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-8/03/5270 जे) बिहार राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सरकार के सचिव।

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The 24th October 2008

S.O.272, dated 19th November 2008 In exercise of the powers conferred by section-3 of the Notaries Act, 1952 (LII of 1952) read with sub-rule (4) of rule-8 of the Notaries Rules, 1956 the Governor of Bihar is pleased to appoint Shri Shambhu Prasad, Advocate Katihar a Notary Under the said Act who will exercise his functions as such in Katihar for the District of Katihar.

(File no.-A/Not-8/03--5270 J) By order of the Governor of Bihar RAJENDRA KUMAR MISHRA, Secretary to the Government of Bihar.

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22 अक्तूबर 2008

एस0ओ0 274, दिनांक 19 नवम्बर 2008 नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2)के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2249जे0, दिनांक 06.5.1987 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री अब्दुल सलाम जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 06.5. 1993 से 05.5.1996 एवं दिनांक 06.5.1996 से 05.5.1999 तक के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए घटनोत्तर रूप से प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री अब्दुल सलाम अधिवक्ता व्यवहार न्यायालय, गया 06.5.87 बी0ए0 बी0एल0 गया जिला

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-60/86/5212जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सरकार के सचिव।

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22 अक्तूबर 2008

एस0ओ0 275, एस0ओ0 274, दिनांक 19 नवम्बर 2008 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-60/86/5212 जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र कुमार मिश्र, सरकार के सचिव।13 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

The 22nd October 2008

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Abdul Salam Advodate Civil Court, Gaya 06.5.1987 B.A. B.L. Gaya Distt.

S.O.274, dated 19th November 2008 In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to post facto authorise Shri Abdul Salam and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 2249J. Dated 06.5.1987 to practice as notary again from 06.5.1993 to 05.5.1996 and from 06-5-1996 to 05.5.1999. Name of Notary

(File no.-A/AB-60/86--5212 J) By order of the Governor of Bihar, RAJENDRA KUMAR MISHRA Secretary to the Government of Bihar.

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20 अक्तूबर 2008

एस0ओ0 276, दिनांक 19 नवम्बर 2008 नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4064जे0, दिनांक 17.9.2003 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री शशि कान्त झा जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, जोे दिनांक 17.9.2008 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अ कित होने की ं तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री शशि कान्त झा, अधिवक्ता अधिवक्ता, पूर्णिया 17.9.2003 एम0ए0 एल0एल0बी0 पूर्णिया जिला पूर्णिया

(सं0सं0-ए0/नोट-26/01/5154 जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, jktsUnz dqekj feJ]

सरकार के सचिव।

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20 अक्तूबर 2008

एस0ओ0 277, एस0ओ0 276, दिनांक 19 नवम्बर 2008 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-26/01/5154 जे0) बिहार राज्यपाल के आदेश से, jktsUnz dqekj feJ]

सरकार के सचिव, बिहार(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 14

The 20th October 2008

S.O.276, dated 19th November 2008 In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Shashi Kant Jha, Advocate and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 4064J. Dated 17.9.2003 to practice as notary again for the next five years from 17.9.2008.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Shashi Kant Jha Advocate Purnia 17.9.2003 M.A. L.L.B. Distt.-Purnia

(File no.-A/Not-26/01-5154 J) By order of the Governor of Bihar RAJENDRA KUMAR MISHRA, Secretary to the Government of Bihar.

——— 20 अक्तूबर 2008 एस0ओ0 278, दिनांक 19 नवम्बर 2008 नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-10 उपधारा (बी0) एवं (एफ0) के अधीन प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल श्री इजहार करीम अंसारी, नोटरी दरभंगा जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना संख्या- 4087 जे0 दिनांक 4.7.89 द्वारा की गई थी। परन्तु व्यवसाय प्रमाण-पत्र के नवीकरण हेतु निर्धारित शुल्क जमा नहीं करने के फलस्वरूप नोटरीज अधिनियम 1952 की धारा-5(इ) में उनको जारी सार्टिफिकेट/लाइसेंस को रद्‌द करते हुए धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिए संधारित पंजी से उनका नाम हटाया जाता है।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-15/88-5158 जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से (राजेन्द्र कुमार मिश्र) सरकार के सचिव, बिहार

गृह(विषेष)विभाग

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अधिसूचनाएं

31 अक्तूबर 2008

सं॰ के/कारा/रा0प0-28/08-10595—श्री नवल प्रसाद ंिसंह, तत्कालीन अधीक्षक केन्द्रीय कारा, भागलपुर,सम्प्रति सेवानिवृत्त द्वारा उक्त पद पर पदस्थापन के दौरान श्री शषि भूषण प्रसाद, कटर, केन्द्रीय कारा, भागलपुर का वेतन भुगतान नहीं करने संबंधी स्वेच्छाचारिता के प्रतिवेदित आरोपों की जॉंच हेतु बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 बी0 के प्रावधानों एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 में निर्धारित प्रक्रिया के आलोक में श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जाती है।

2. विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु श्री ए0 सी0 मिश्रा निदेषक (प्रषासन), कारा निरीक्षणालय को संचालन पदाधिकारी एवं श्री एस0 के0 अम्बष्ठ, सहायक कारा महानिरीक्षक, बिहार, पटना को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अतुल कुमार सिन्हा, सरकार के उप-सचिव।15 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

3 नवम्बर 2008

सं॰ के/कारा/रा0प0-29/08-10622—षहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर मे संसीमित बंदी विपत राय द्वारा दिनांक 07.08.06 को कोर्ट हाजत में आग लगाकर आत्महत्या के प्रयास की घटित घटना की जांच निदेषक, प्रोबेषन चर्या, कारा निरीक्षणालय बिहार, पटना द्वारा करायी गयी।

2. निदेषक प्रोबेषन चर्या से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित आरोपों एवं इस क्रम मे कारा महानिरीक्षक बिहार, पटना द्वारा की गयी अनुषंसा के आलोक में सम्पूर्ण मामले की सम्यक जांच हेतु संबंधित काराधीक्षक श्री नागेन्द्र कुमार, सम्प्रति अधीक्षक मंडल कारा, बिहारशरीफ के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जाती है।

3. श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रासंगिक विभागीय कार्यवाही के संचालनार्थ प्रमंडलीय आयुक्त, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं सहायक कारा महानिरीक्षक, बिहार, पटना को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अतुल कुमार सिन्हा, सरकार के उप-सचिव।

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31 अक्तूबर 2008

सं॰ के/कारा/रा0प0-50/08-10604—डा0 ललन प्रसाद, चिकित्सा पदाधिकारी, जिनकी सेवा स्वास्थ्य विभाग के अधिसूचना संख्या-1540 (2)/स्वा0 दिनांक-12.09.08 द्वारा गृह (कारा) विभाग को सौंपी गई है, तथा पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं, को मंडल कारा, मोतिहारी में चिकित्सा पदाधिकारी के रिक्त पद पर तात्कालिक प्रभाव से अगले आदेष तक पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अतुल कुमार सिन्हा, सरकार के उप-सचिव।

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अधीLक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुIित।

(cid:18)बहार गजट, 35-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।

(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 16 17 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राQयराQयराQयराQयपाल और काया(cid:30)Rयपाल और काया(cid:30)Rयपाल और काया(cid:30)Rयपाल और काया(cid:30)RयLB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमLB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमLB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमLB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेश आदेश आदेश आदेश अिधसूचनाएं और िनयम आIद।अिधसूचनाएं और िनयम आIद।अिधसूचनाएं और िनयम आIद।अिधसूचनाएं और िनयम आIद।

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सं0-मं॰मं॰-01/आर॰-07/2007/3241

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग

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अधिसूचना

29 सितम्बर, 2008

विषयः- मंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक-23.09.08 को हुई बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक मेंं मंत्रियों के समूह का गठन। ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव पर दिनांक-23.09.08 को हुई मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक के मद संख्या-6 एवं 7 में लिये गये निर्णय के आलोक में, प्रस्तावों पर विचार कर अनुशंसा देने के लिए उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता मेें मंत्रियों का एक समूह गठित किया जाता है, जिसमें निम्नांकित मंत्रीगण सदस्य होंगे :-

1. मंत्री, ग्रामीण विकास 2. मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार

2. मंत्रियों के समूह को सचिवालीय सहायता ग्रामीण विकास विभाग उपलब्ध कराएगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गिरीश शंकर, सरकार के प्रधान सचिव।

मुख्य अभियंता उत्तर का कार्यालय

नलकूप प्रभाग, लघु जल संसाध्न-विभाग, मुजफ्रपफरपुर।

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कार्यालय-आदेश

23 अक्तूबर 2008

सं0 स्था॰-3, बी-36/2008-1548—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्राांक-1661, दिनांक 2.4.07 में निहित सरकार के आदेश के अनुपालन में स्व॰ शिवशंकर सिंह, भूतपूर्व अमीन, नलकूप प्रमण्डल, छपरा के आश्रित पुत्रा श्री अजीत कुमार को नलकूप प्रमण्डल, बेतिया के अन्तर्गत निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान रु0 3050-75-4050-80-4590 तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधर पर औपबंध्कि रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्‌द किया जा सकता है।

2. श्री अजीत कुमार पत्रा प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर निश्चित रूप से अपने नव नियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाध्किारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्रा, आय प्रमाण पत्रा, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना, न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने, न्यायालय में पफौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व॰ शिवशंकर सिंह भूतपूर्व अमीन के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोषण करने संबंध्ी अद्यतन शपथ-पत्रा आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियंता नलकूप प्रमण्डल, बेतिया के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच कार्यपालक अभियंता करेगें तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रा/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुशंसित-पत्रा का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा करा ली जायेगीं।

4. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293 दिनांक 5.10.91 की कंडिका-1 ;खद्ध के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरू( विध्वित की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा करा लिया जायेगा।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 18 5. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293 दिनांक 5.10.91 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरू( यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्राुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाध्किारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध् में श्री अजीत कुमार को योगदान के समय वर्णित अनुदेश के अनुरूप एक घोषणा-पत्रा भी कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियंता श्री अजीत कुमार की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेंगे।

6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधर पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तों किसी भी समय कारण पृच्छा नोटिश देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।।

7. तिलक दहेज नहीं लेने और न देने संबंध्ी एक घोषणा-पत्रा भी नियुक्ति किये जा रहें व्यक्ति को कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

8. यदि यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरू( पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा। 9. इन्हे छः माह के अन्दर कम्प्युटर टाइपिंग का ज्ञान आवश्यक है अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कार्रवाई की जायेगी।

10. योगदान करने हेतु श्री अजीत कुमार को यात्राा-भत्ता देय नहीं होगा।

11. वित्त विभाग के संकल्प संख्या 1964 दिनांक 31.08.05 में निहित अंशदायी पेंशन योजना संबंध्ी प्रावधन लागू होगें।

विश्वनाथ चौध्री,

मुख्य अभियंता ;उत्तरद्ध।

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23 अक्तूबर 2008

सं0 स्था3;बीद्ध19-2008-1549—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्राांक-1661, दिनांक 2.4.07 में निहित सरकार के आदेश के अनुपालन में स्व॰ मो0 इसराइल, पूर्व चौकीदार नलकूप प्रमण्डल, मध्ुबनी के आश्रित पुत्रा मो0 ओवैद आलम को नलकूप प्रमण्डल, सीतामढ़ी के अन्तर्गत पदचर के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान 2550-55-2660-60-3200 रूपयें तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधर पर औपबंध्कि रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्‌द किया जा सकता है।

2. मो0 ओवैद आलम पत्रा प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर निश्चित रूप से अपने नवनियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाध्किारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्रा, आय प्रमाण-पत्रा, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना, न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने, न्यायालय में पफौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व॰ मो0 इसराइल के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोषण करने संबंध्ी अद्यतन शपथ-पत्रा आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियंता नलकूप प्रमण्डल, सीतामढ़ी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच कार्यपालक अभियंता करेगें तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रा/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुशंसित-पत्रा का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा करा ली जायेगीं।

4. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293 दिनांक 5.10.91 की कंडिका-1 ;खद्ध के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरू( विध्वित की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा करा लिया जायेगा।

5. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293 दिनांक 5.10.91 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरू( यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्राुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाध्किारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध् में मो0 ओवैद आलम को योगदान के समय वर्णित अनुदेश के अनुरूप एक घोषणा-पत्रा भी कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियंता मो0 ओवैद आलम की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेंगे।

6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधर पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तों किसी भी समय कारण पृच्छा नोटिश देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।।

7. तिलक-दहेज नहीं लेने और न देने संबंध्ी एक घोषणा-पत्रा भी नियुक्ति किये जा रहें व्यक्ति को कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।19 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 8. यदि यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरू( पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा। 9. योगदान करने हेतु मो0 ओवैद आलम को यात्राा-भत्ता देय नहीं होगा।

10. वित्त विभाग के संकल्प संख्या 1964 दिनांक 31.08.05 में निहित अंशदायी पेंशन योजना संबंध्ी प्रावधन लागू होगें। विश्वनाथ चौध्री,

मुख्य अभियंता ;उत्तरद्ध।

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23 अक्तूबर 2008

सं0 स्था॰-3, बी-39/2008-1571—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्राांक-1661, दिनांक 2.4.07 में निहित सरकार के आदेश के अनुपालन में स्व॰ सुरेन्द्र सिंह, भूतपूर्व पदचर, नलकूप प्रमण्डल, सिवान के आश्रित पुत्रा श्री संजीव कुमार को नलकूप प्रमण्डल, हाजीपुर के अन्तर्गत निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान रु0 3050-75-4050-80-4590 तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधर पर औपबंध्कि रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्‌द किया जा सकता है।

2. श्री संजीव कुमार पत्रा प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर निश्चित रूप से अपने नवनियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाध्किारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्रा, आय प्रमाण-पत्रा, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना, न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने, न्यायालय में पफौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व॰ सुरेन्द्र सिंह भूतपूर्व पदचर के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोषण करने संबंध्ी अद्यतन शपथ-पत्रा आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियंता नलकूप प्रमण्डल, हाजीपुर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच कार्यपालक अभियंता करेगें तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रा/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुशंसित पत्रा का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा करा ली जायेगीं।

4. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293 दिनांक 5.10.91 की कंडिका-1 ;खद्ध के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरू( विध्वित की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा करा लिया जायेगा।

5. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या-13293 दिनांक-5.10.91 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरू( यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्राुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाध्किारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध् में श्री संजीव कुमार को योगदान के समय वर्णित अनुदेश के अनुरूप एक घोषणा-पत्रा भी कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियंता श्री संजीव कुमार की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेंगे।

6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधर पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तों किसी भी समय कारण पच्ृछा नोटिश देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।।

7. तिलक दहेज नहीं लेने और न देने संबंध्ी एक घोषणा-पत्रा भी नियुक्ति किये जा रहें व्यक्ति को कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

8. यदि यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरू( पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा। 9. इन्हे छः माह के अन्दर कम्पयुटर टाइपिंग का ज्ञान आवश्यक है अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कार्रवाई की जायेगी।

10. योगदान करने हेतु श्री संजीव कुमार को यात्राा-भत्ता देय नहीं होगा।

11. वित्त विभाग के संकल्प संख्या 1964 दिनांक 31.08.05 में निहित अंशदायी पेंशन योजना संबंध्ी प्रावधन लागू होगें।

विश्वनाथ चौध्री,

मुख्य अभियंता ;उत्तरद्ध।

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1 नवम्बर 2008

सं स्था¥-3, बी-38/2008-1591—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्राांक-1661, दिनांक 2.4.07 में निहित सरकार के आदेश के अनुपालन में स्व¥ परशुराम तिवारी हेल्पर नलकूप प्रमण्डल, मोतीहारी के आश्रित पुत्रा श्री विनय कुमार तिवारी को नलकूप प्रमण्डल, बेतिया के अन्तर्गत निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 20 3050-75-4050-80-4590 रूपयें तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधर पर औपबंध्कि रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्‌द किया जा सकता है।

2. श्री विनय कुमार तिवारी पत्रा प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर निश्चित रूप से अपने नव नियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाध्किारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्रा, आय प्रमाण पत्रा, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना, न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने, न्यायालय में पफौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व¥ परशुराम तिवारी के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोषण करने संबंध्ी अद्यतन शपथ-पत्रा आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियंता नलकूप प्रमण्डल, बेतिया के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाflच कार्यपालक अभियंता करेगें तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रा/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुशंसित पत्रा का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा कर ली जायेगीं।

4. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या-13293 दिनांक-5.10.91 की कंडिका-1 ;खद्ध के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरू( विध्वित की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा कर ली जायेगी।

5. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या-13293 दिनांक-5.10.91 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरू( यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्राुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाध्किारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध् में श्री विनय कुमार तिवारी को योगदान के समय वर्णित अनुदेश के अनुरूप एक घोषणा पत्रा भी कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियंता श्री विनय कुमार तिवारी की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेंगे।

6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधर पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तों किसी भी समय कारण पृछा नोटिश देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।।

7. तिलक दहेज नहीं लेने और न देने संबंध्ी एक घोषणा पत्रा भी नियुक्ति किये जा रहें व्यक्ति को कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

8. यदि यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरू( पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा। 9. इन्हे छः माह के अन्दर कम्पयुटर टाइपिंग का ज्ञान आवश्यक है अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कार्रवाई की जायेगी।

10. योगदान करने हेतु श्री संजीव कुमार को यात्राा-भत्ता देय नहीं होगा।

11. वित्त विभाग के संकल्प संख्या-1964 दिनांक-31.08.05 में निहित अंशदायी पेंशन योजना संबंध्ी प्रावधन लागू होगें। विश्वनाथ चौध्री,

मुख्य अभियंता ;उत्तरद्ध।

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अधीLक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुIित।

(cid:18)बहार गजट, 35-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।

21 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

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जल संसाधन विभाग

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अधिसूचनाएं

3 अक्तूबर 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(मोति0)-8-07/2004-833 वर्ष-2004 में तिरहुत नहर प्रमंडल बेतिया के अंतर्गत मुख्य नहर के 76.90 वि0 दू0 पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं किये जाने के फलस्वरूप नहर के टूट जाने, नहर पर्यवेक्षण की कमी एवं परिव्यस्त संरचना स्थल पर हो रहे जल रिसाव को ससमय बन्द नहीं करने आदि आरोपों के लिए श्री राम चन्द्र मल्ल, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, (आई0 डी0-0618) के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत संकल्प ज्ञापांक-205 दिनांक-09.03.05 द्वारा विभागीय कार्यवाही चलाई गई। जांच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के संबंध में श्री मल्ल से विभागीय पत्रांक-1254 दिनांक-08.12.06 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गई । श्री मल्ल से प्राप्त उतर की समीक्षोपरान्त श्री मल्ल के विरूद्व प्रमाणित आरोपों के लिए 10 प्रतिशत पेंशन की कटौती किये जाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। तद्‌नुसार श्री राम चन्द्र मल्ल, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, (आई0 डी0-0618) सम्प्रति सेवा निवृत (दिनांक- 31.05.04) कोे उपर्युक्त दंड संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, एस0 एन0 दास, सरकार के उप-सचिव।

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15 सितम्बर 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(मोति0)-8-09/2004-795—श्री नागेन्द्र प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, त्रिवेणी नहर प्रमंडल, रक्सौल के पदस्थापन अवधि में श्री बच्चन राम स्थानान्तरित कनीय अभियंता के लेखा में 1.31 लाख ईंट एवं हयूम पाईप की कमी के समतुल्य राशि संसूचित नहीं करने के आरोप के लिए विभागीय कार्यवाही चलाये जाने का निर्णय लेते हुए श्री सिन्हा से नियम-55 ए0 के तहत विभागीय पत्रांक-612 दिनांक-16.08.04 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिन्हा द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण दिनांक-04.10.04 की समीक्षा की गई तथा पाया गया कि श्री बच्चन राम कनीय अभियंता (सेवा निवृत-30.11.03) के लेखा में पाई गई कम सामाग्रियों के समतुल्य कुल-63,421/- रूपये की क्षति सरकार को पहुॅची है। अतः इस प्रमाणित आरोप के लिए श्री सिन्हा को निम्न दंड दिये जाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है- 1. निन्दन वर्ष-2000-01 2. दो वेतन वुद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक 3. 63,420/- (तिरसठ हजार चार सौ बीस) रूपये की वसूली। तद्‌नुसार श्री नागेन्द्र प्रसाद सिन्हा, कार्यपालक अभियंता, (आई0 डी0-1215) को उपर्युक्त दंड संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, एस0 एन0 दास, सरकार के उप-सचिव।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 22

5 सितम्बर 2008

सं0 22/नि0सिं0(जम0) 12-12/2005-753—श्री संजीवन चौधरी, तत्कालीन, कार्यपालक अभियन्ता, खरकई नहर प्रमण्डल राजनगर सम्प्रति जल संसाधन विभाग, बिहार के अधीन पदस्थापित के विरूद्व उक्त प्रमण्डल में पदस्थापन अवधि में निविदा सूचना सं0-1/2003-04 को बिना सक्षम पदाधिकारी से अनुमति प्राप्त किए हुए तोड़कर निविदा निकालने, इसके बिक्री हेतु अंचल कार्यालय एवं मुख्य अभियन्ता कार्यालय नहीं भेजे जाने, सहायक अभियन्ताओं/कनीय अभियन्ताओं/ कर्मचारियों का वेतन लंबित रखने, प्रोन्नति के लाभो का भुगतान में शिथिलता बरतने जाने एवं सरकारी आवास में रहते हुए आवास भत्ता लेने की अनियमितता पाये जाने के उपरान्त जल संसाधन विभाग, झारखण्ड के पत्रांक 1274 दिनांक 31.3.2005 एवं पत्रांक 3722 दिनांक 17.9.2005 द्वारा आरोप पत्र गठित कर उसे संलग्न कर भेजते हुए अनुशासनिक कारवाई करने हेत जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना से अनुरोध किया गया।

जल संसाधन विभाग, झारखण्ड से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में सरकार के स्तर पर मामले की समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री चौधरी के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली 2005 के नियम-19 के तहत कारवाई करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 744 दिनांक 15.7.2006 द्वारा आरोप पत्र एवं विभागीय पत्रांक- 998 दिनांक 24.10.2007 द्वारा पूरक आरोप पत्र भेजते हुए श्री चौधरी, तत्कालीन, कार्यपालक अभियन्ता, खरकई नहर प्रमण्डल, राजनगर से स्पष्टीकरण पूछा गया। इनके विरूद्व मुख्य रूप से निम्नांकित आरोप गठित किए गये।

1. (क) खरकई नहर प्रमण्डल, राजनगर में पदस्थापन काल में श्री चौधरी द्वारा सहायक अभियन्ता/कनीय अभियन्ता एवं कर्मचारियों का वेतन अधिकांश मामले में बिना कारण बताए एक लम्बे अर्से तक लंबित रखने के बाद पुनः भुगतान किया गया। अधिकांश मामलों में न तो भुगतान लंबित रखने का प्रायोजन अंकित किया गया और न ही पुनः भुगतान किए जाने का कारण ।

(ख) श्री चौधरी कार्यपालक अभियन्ता द्वारा उक्त प्रमण्डल के कर्मचारियों के प्रोन्नति के लाभ का भुगतान करने में त्वरित कारवाई नहीं की गई बल्कि शिथिलता बरती गयी।

2. खरकई नहर प्रमण्डल, राजनगर में कार्यपालक अभियन्ता के पद पर पदस्थापन अवधि में निविदा सूचना सं0-1/2003-04 के द्वारा राजनगर शिविर कार्यालय भवनों की मरम्मति एवं सम्पाोषण कार्यो हेत रूपये 1,96,345/- (एक लाख छियानवें हजार तीन सौ पैतालीस) रूपये मात्र की स्वीकृति प्राक्कलन एवं परिणाम विपत्र को बिना सक्षम पदाधिकारी से स्वीकृति प्राप्त किये हुए तोड़कर कर निविदा निकाली गयी। साथ ही परिणाम विपत्र भी बिक्री हेतु अंचल कार्यालय/मख्य अभियन्ता कार्यालय को उनके द्वारा नही भेजा गया। पूरक आरोपः-पूरक आरोपः-पूरक आरोपः-पूरक आरोपः-

श्री चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, खरकई नहर प्रमण्डल, राजनगर द्वारा सरकारी आवास में रहते हुए निर्धारित मकान भाड़ा की कटौती नहीं करने एवं उनके मुख्यालय में दैनिक विश्राम आवास भत्ता के रूप मेें 3867/- रूपये एवं 6696/- रूपये मकान भाड़ा के रूप में अधिकई राशि प्राप्त किया गया।

विभाग द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण के आलोक में श्री चौधरी द्वारा अपना स्पष्टीकरण विभाग मे समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री चौधरी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में निम्न तथ्य दिया गया।

1. कर्मचारियों का वेतन मात्र एक साथ न देकर अलग-अलग उपस्थापित होने पर भुगतान किया गया ऐसे समय पर उपस्थिति विवरणी नही आने के कारण हुआ।

2. जैसे-जैसे संचिका उपस्थापित हुआ वैसे वैसे ए0 सी0 पी0 का भुगतान किया गया। 3. आवासीय स्थिति जर्जर थी। अप्रील 2004 से आवास भत्ता नहीं लिया गया है। समीक्षेपरान्त पाया गया है कि श्री चौधरी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में दिया गया तर्क सही नहीं है कार्यालय प्रधान होने के कारण अपने कार्यालय के अधिनस्थ कर्मियों के वेतनादि के मामलों में संवेदनशील रहना चाहिए था, 1,96,345/- रूपये मात्र के स्वीकृत प्राक्कलन एवं परिणाम विपत्र को तोड़कर निविदा निकालने एवं सक्षम पदाधिकारी से स्वीकृति नहीं लेने के आरोप के लिए श्री चौधरी द्वारा कोई तर्क नहीं दिया गया है । परिमाण विपत्र बिक्री हेतु अंचल कार्यालय एवं मुख्य अभियन्ता कार्यालय नहीं भेजने का भी औचित्य नहीं दर्शाया गया है सरकारी आवास में रहते हुए निर्धारित मकान भाड़ा की कटौती नहीं करने के संबंध में स्वीकार किया गया है कि अप्रील 2004 के पूर्व आवास भत्ता लिया गया है। समीक्षोपरान्त श्री चौधरी के विरूद्व गठित आरोप प्रमाणित पाये गये। प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया है।

1. निन्दन वर्ष 2003-04 2. पॅाच वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 3. 10,563/- ( दस हजार पॅाच सौ तिरसठ रूपये ) की वसूली।

तदनुसार श्री संजीवन चौधरी तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, खरकई नहर प्रमंडल, राजनगर सम्प्रति जल संसाधन विभाग, बिहार के अधीन पदस्थापित को उपरोक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।23 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

12 सितम्बर 2008

सं0 22/नि0सि0(द0) 16-34/2007-792—श्री सच्चिदानन्द शरण, कार्यपालक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल संख्या-2, मधुबनी को उग्रनाथ शाखा नहर के आर0 डी0 30 से 35.40 के बीच मिट्‌टी कार्य के लिए पारित अग्रिम विपत्र में मिट्‌टी फिलिंग हेतु लीड मद में संवेदक को 1,46,879 (एक लाख छियालिस हजार आठ सौ उनासी ) रूपये का दुबारा भुगतान करने का दोषी पाये जाने के फलस्वरूप श्री शरण को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया हैः- उक्त निर्णय के आलोक में श्री सच्चिदानन्द शरण, कार्यपालक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल संख्या-2, मधुबनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है 2. निलम्बन अवधि में श्री शरण का मुख्यालय, मख्य अभियन्ता का कार्यालय, जल संसाध्न विभाग, पटना निर्धारित किया जाता है । 3. निलम्बन अवधि में श्री शरण को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा । 4. इस संबंध में विभागीय कार्यवाही का संकल्प अलग से निर्गत किया जा रहा है । यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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3 सितम्बर 2008

सं0 22/नि0सि0(पू0) 01-05/2004-748—पूर्णिया परिक्षेत्राधीन वैधनाथपुर उपवितरणी, अररिया शाखा नहर, जानकी नहर शाखा नहर, किशुनगंज वितरणी तथा खुरहान वितरणी में हुए टुटानों से संबंधित प्रतिवेदन मुख्य अभियन्ता जल संसाधन विभाग, पूर्णिया से प्राप्त हुआ । उक्त प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री युगल किशोर सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल कटिहार के विरूद्व प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोप के लिए सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेशन कण्ट्रोल एवं अपील रूल्स 1956 के नियम-55 'ए' के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए पत्रांक 657 दिनांक 28.8.2004 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई । श्री सिंह, कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण के जबाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई । सम्यक समीक्षोपरान्त सिंह, के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये । फलतः इन्हें आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है । सरकार का उक्त निर्णय श्री युगल किशोर सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, कटिहार, सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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3 सितम्बर 2008

सं0 22/नि0सि0(पू0) 01-05/2004-747—पूर्णिया परिक्षेत्राधीन वैधनाथपुर उपवितरणी, अररिया शाखा नहर, जानकी नहर शाखा नहर, किशुनगंज वितरणी तथा खुरहान वितरणी में हुए टुटानों से संबंधित प्रतिवेदन मुख्य अभियन्ता जल संसाधन विभाग, पूर्णिया से प्राप्त हुआ। उक्त प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री मदन मोहन प्रसाद, सहायक अभियन्ता, सिंचाई अवर प्रमण्डल मुसापुर (सिंचाई प्रमंडल कटिहार) के विरूद्व प्रथम द्रष्टया आरोप प्रमाणित पाते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। तद्‌नुसार श्री प्रसाद सहायक अभियंता से सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेशन कण्ट्रोल एवं अपील रूल्स 1956 के नियम-55 'ए' के अन्तर्गत कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए विभागीय पत्रांक 849 दिनांक 13.10.2004 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री मदन मोहन प्रसाद, सहायक अभियन्ता, से प्राप्त स्पष्टीकरण के उतर की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद, के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये। फलतः श्री प्रसाद को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उक्त निर्णय श्री मदन मोहन प्रसाद, सहायक अभियन्ता, को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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3 सितम्बर 2008

सं0 22/नि0सिं0(पू0) 01-05/2004-746— पूर्णिया परिक्षेत्राधीन वैधनाथपुर उप वितरणी, अररिया शाखा नहर, जानकी नगर शाखा नहर, किशुनगंज वितरणी तथा खुरहान वितरणी में हुए टुटानों से संबंधित पतिवेदन मुख्य अभियन्ता जल ससाधान विभाग, पूर्णिया से प्राप्त हुआ । उक्त प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षाोपरान्त निम्नांकित आरोपों के लिए श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता सिंचाई प्रमण्डल, अररिया से सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेशन कण्ट्र्रोल एण्ड अपील रूल्स 1956 के निययू-'55'ए' के अन्तर्गत स्पष्टीकरण की मांग की गई :-

(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 24

'अररिया शाखा नहर के रूपांकित जलश्राव से बहुत ही कम जलश्राव प्रवाहित होने की स्थिति में भी अत्यधिक जलश्राव का होना बताया जाना तथा वि0दू0 62.00 पर दिनांक 24.5.2004 को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नहर काटने के कारण पॅाच फीट लम्बाई का टूटान बताया जाना संदेहास्पद है । इस तरह नहर संचालन में लापरवाही एवं पर्यवेक्षण में कमी के लिए आप दोषी है '। तदनुसार उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 846 दिनांक 13.10.2004 द्वारा श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, अररिया से नियम-55'ए' के तहत स्पष्टीकरण की मांग की गई । श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण के जबाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई । सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप प्रमाणित पाते हए श्री सिंह को निम्नांकित दण्ड संंसूचित करने का निर्णय लिया गया हैः- (1) निन्दन वर्ष 2004-05 सरकार का उक्त निर्णय श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, सहायक अभ्रिायन्ता को संसूचित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

——— 29 अगस्त 2008 सं0 22/नि0सि0(ल0सि0)-5-110/96-721— श्री विन्देश्वर दास, कार्यपालक अभियन्ता (सेवानिवृत) की सेवा विभागीय अधिसूचना सं0-515 दिनांक 29.6.95 द्वारा लधु सिंचाई विभाग से वापस लेते हुए जल संसाधन विभाग में किया गया परन्तु कई पे्रस विज्ञप्ति प्रकाशित करने एवं निदेश के बावजूद भी श्री दास द्वारा पदस्थापन स्थान पर योगदान नहीं दिया। इस प्रकार विभागीय आदेश की अवहेलना करने के लिए प्रथम द्रष्टया जिम्मेवार पाये जाने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना सं0-47 दिनांक 2.8.96 द्वारा श्री दास को निलंबित किया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1764 दिनांक 22.08.96 के द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली 1950 के नियम 55 ए के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त श्री दास को निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः-

(1) निन्दन वर्ष 1996-97 (2) दो वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक । (3) निलंबन से मुक्त करते हुए निलंबन अवधि में निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भाी देय नहीं होगा, किन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जायेगी।

तदनुसार श्री विन्देश्वर दास को निलंबन से मुक्त करते हुए उपर्युक्त दण्ड संसूचित किया गया । उक्त विभागीय दण्डादेश के विरूद्व श्री दास द्वारा अपील अभ्यावेदन समर्पित किया गया तथा इस संबंध में माननीय स0वि0प0 श्री कामेश्वर चौपाल का निवेदन भी प्राप्त हुआ है । श्री दास के अपील अभ्यावेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा श्री दास की सेवायें वापस लेने के आदेश निर्गत होने के पश्यात लधु सिंचाई विभाग द्वारा श्री दास को विरमित नहीं करने की स्थिति में उनके द्वारा जल संसाधन विभाग में योगदान नहीं किया गया। इस आधार पर श्री दास को दोषमुक्त करते हुए पूर्व में निर्गत दण्डादेश को निरस्त किया जाता है।

उक्त निर्ण श्री विन्देश्वरदास, कार्यपालक अभियन्ता (सेवानिवृत) को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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27 अगस्त 2008

सं॰ 22/नि0सि0(दर0)-16-33/2007-712—श्री सुजय चन्द्र किशोर, तत्कालीन सहायक अभियन्ता पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, अंधराठाढ़ी द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में झंझारपुर शाखा नहर के 23.50 वि0दू0 पर निर्मित अतिरिक्त सी0 डी संरचना के निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने, कार्य विशिष्टि के अनुरूप नहीं कराने एवं निर्माण के कुछ ही वर्ष में संरचना ध्वस्त हो जाने इत्यादि प्रथम द्रष्ट्‌या आरोपों के लिए सरकार द्वारा उन्हें विभागीय अधिसूचना सं0-149 दिनांक 8.2. 2008 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। तदनुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 273 दिनांक 26.3.2008 द्वारा श्री सुजय चन्द्र किशोर सहायक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जॅाच प्रतिवेदन में आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया । प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त निम्नांकित विन्दूओं पर जॅाच पदाधिकारी के प्रतिवेदन से असहमति व्यक्त करते हुए श्री किशोर से कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया :-

(1) जॅाच पदाधिकारी द्वारा मंतव्य दिया गया है कि नहर तल के उपर पी0 सी0 सी0 कार्य कराया गया है । परन्तु इसके उपर मिट्‌टी का कभर नहीं पाया गया। ऐसा लगता है कि मिट्‌टी का कार्य कराने के लिए मिट्‌टी हटाना आवश्यक था और मरम्मति कार्य कराने के बाद मिट्‌टी कभर नहीं किया गया। जॅाच पदाधिकारी द्वारा संभावना व्यक्त किया गया है, कोई ठोस साक्ष्य/आधार नहीं दिया गया है।

(2) दूसरे आरोप के संबंध में जॅाच पदाधिकारी द्वारा मंतव्य दिया गया है कि नहर तल के बलुआही मिट्‌टी का इरोजन संभव है। नहर फिलिंग में होने के कारण कमजोर बलुआही मिट्‌टी धीरे-धीरे इरोज कर पाईप के नीचे का पी025 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 सी0 सी0 लटक गया होगा जिससे पाईप का कॅालर ज्वाईंट खुल गया होगा। इसमें भी जॅाच पदाधिकारी द्वारा पी0 सी0 सी0 लटकने एवं कॅालर ज्वाईंट खुलने के कारणों को संभावनाओं पर बताया गया है। कोई ठोस साक्ष्य एवं आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है।

उक्त असहमति के विन्दुओं पर विभागीय पत्रांक 524 दिनांक 10.7.2008 द्वारा श्री सुजय चन्द्र किशोर से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। श्री किशोर से प्राप्त कारण पृच्छा के उत्तर की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप प्रमाणित पाया गया। फलतः किशोर को आदेश निर्गत की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड संसूचित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है :-

1. निन्दन वर्ष 2002-03 2. पॅाच वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 3. निलंबन अवधि में निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा, परन्तु उक्त अवधि पेंशन के प्रयोजनार्थ गणना की जायेगी ।

सरकार का उक्त निर्णय श्री सुजय चन्द्र किशोर, सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है। निलंबन मुक्त होने के पश्चात श्री किशोर, जल संसाधन विभाग बिहार, पटना (मुख्यालय) में योगदान देंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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27 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(दर0)-16-33/2007-711— श्री नागेश शरण सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, अंधराठाढ़ी द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में झंझारपुर शाखा नहर के 23.50 वि0दू0 पर निर्मित अतिरिक्त सी0 डी संरचना के निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने, कार्य विशिष्टि के अनुरूप नहीं कराने एवं निर्माण के कुछ ही वर्षो में संरचना ध्वस्त हो जाने इत्यादि प्रथम द्रष्ट्‌या आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-148, दिनांक 8.2.2008 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। तदनुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 275 दिनांक 26.3.2008 द्वारा श्री नागेश शरण सिन्हा, कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई।

विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जॅाच प्रतिवेदन में आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त निम्नांकित विन्दूओं पर जॅाच पदाधिकारी के प्रतिवेदन से असहमति व्यक्त करते हुए श्री सिन्हा से द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया :-

(1)जॅाच पदाधिकारी द्वारा मंतव्य दिया गया है कि नहर तल के उपर पी0 सी0 सी0 कार्य कराया गया है। परन्तु इसके उपर मिट्‌टी का कभर नहीं पाया गया। ऐसा लगता है कि मिट्‌टी का कार्य कराने के लिए मिट्‌टी हटाना आवश्यक था और मरम्मति कार्य कराने के बाद मिट्‌टी कभर नहीं किया गया। जॅाच पदाधिकारी द्वारा संभावना व्यक्त किया गया है, कोई ठोस साक्ष्य/आधार नहीं दिया गया है।

(2) दूसरे आरोप के संबंध में जॅाच पदाधिकारी द्वारा मंतव्य दिया गया है कि नहर तल के बलुआही मिट्‌टी का इरोजन संभव है। नहर फिलिंग में होने के कारण कमजोर बलुआही मिट्‌टी धीरे-धीरे इरोज कर पाईप के नीचे का पी0 सी0 सी0 लटक गया होगा जिससे पाईप का कॅालर ज्वाईंट खुल गया होगा। इसमें भी जॅाच पदाधिकारी द्वारा पी0 सी0 सी0 लटकने तथा पाईप के ज्वाइंट खुलने के कारणों को संभावनाओं पर बताया गया है। कोई ठोस साक्ष्य एवं आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है।

उक्त असहमति के विन्दुओं पर विभागीय पत्रांक 515 दिनांक 08.7.2008 द्वारा श्री सिन्हा से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। श्री सिन्हा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप प्रमाणित पाया गया। फलतः श्री सिन्हा को आदेश निर्गत की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड संसूचित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है :-

4. निन्दन वर्ष 2002-03 5. पॅाच वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 6. निलंबन अवधि में निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा, परन्तु उक्त अवधि पेंशन के प्रयोजनार्थ गणना की जायेगी।

सरकार का उक्त निर्णय श्री नागेश शरण सिन्हा, कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है। निलंबन मुक्त होने के पश्चात श्री सिन्हा, जल संसाधन विभाग बिहार, पटना (मुख्यालय) में योगदान देंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 26

26 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(दर0)-16-10/2008-701—श्री विजय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल बेनीपट्‌टी द्वारा दिनांक-08.10.2002 को आयुक्त एवं सचिव तथा अभियन्ता प्रमुख के समक्ष पुछताछ के क्रम में यह स्वीकार किया गया कि वे दिनांक 30.9.2002 के पूर्व एक सप्ताह पटना में कोर्टकेश एवं सरकारी कार्यो के निष्पादन हेतु थे। उक्त के संबंध में मुख्य अभियन्ता से जॅाचोपरान्त प्रतिवेदन की मांग की गई तो उक्त प्रतिवेदन में श्री कुमार द्वारा यह कहा गया कि वे दिनांक 23.9.2002 से 30.9.2002 तक अपने मुख्यालय एवं कार्यक्षेत्र में थे। पटना प्रवास का उल्लेख श्री कुमार द्वारा नहीं किया। उक्त दोनो वक्तव्यों में विरोधाभाष होने तथा उच्चाधिकारियों के समक्ष दिये गये वक्तव्य से मुकर जाने इत्यादि आरोपों के लिए श्री विजय कुमार सिह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के विरूद्व सरकार द्वारा विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया।

तदनुसार श्री विजय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता,पश्चिमी कोश्ी नहर प्रमण्डल, बेनीपट्‌टी के विरूद्व आरोप गठित करते हुए सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेशन कण्ट्‌्रोल एण्ड रूलस 1956 के नियम 55'ए' के तहत कारवाई करते हुए विभागीय पत्रांक 8204 दिनांक 8.10.2003 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया । फलतः श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हुए उन्हें आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

सरकार का उक्त निर्णय श्री विजय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, बेनीपट्‌टी को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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26 अगस्त 2008

सं॰ 22/नि0सि0(दर0)-16-10/2008-700—श्री गंगा प्रसाद, तत्कालीन मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा द्वारा श्री विजय कुमार, सहायक अभियन्ता तथा श्री राजाराम सिंह, कार्यपालक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, बेनीपट्‌टी के दिनांक 23.9.2002 से 30.9.2002 तक की अवधि में पटना में रहने से संबंधित विरोधाभाषी प्रतिवेदन सरकार को दिया गया। उक्त विरोधाभाषी प्रतिवेदन देने के कारण सरकार द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्व विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया।

तदनुसार श्री गंगा प्रसाद, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता के विरूद्व आरोप गठित करते हुए सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेशन कण्ट्‌्रोल एण्ड रूलस 1956 के नियम 55'ए' के तहत कारवाई करते हुए विभागीय पत्रांक 8201 दिनांक 8.10. 2003 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। फलतः श्री प्रसाद कों आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उक्त निर्णय श्री गंगा प्रसाद, तत्कालीन, मुख्य अभियन्ता जल संसाधन विभाग, दरभंगा को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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26 अगस्त 2008

सं॰ 22/नि0सि0(दर0)-16-10/2008-699—श्री ज्वाला प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल, मधुबनी द्वारा श्री विजय कुमार, सहायक अभियन्ता तथा श्री राजाराम सिंह कार्यपालक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल बेनीपट्‌टी के दिनांक 23.9.2002 से 30.9.2002 तक अवधि में पटना में रहने से संबंधित विरोधाभाषी प्रतिवेदन देने एवं कार्यपालक अभियन्ता तथा सहायक अभियन्ता द्वारा दिये गये विरोधाभाषी वक्तव्य के लिए कोई कार्रवाई नहीं करने एवं छानबीन कर सही तथ्य सरकार को प्रतिवेदित नहीं करने इत्यादि आरोपों के लिए श्री प्रसाद के विरूद्व विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया।

तदनुसार श्री ज्वाला प्रसाद, तत्तकालीन अधीक्षण अभियन्ता के विरूद्व आरोप गठित करते हुए सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेशन कण्ट्र्रोल एण्ड अपील रूल्स 1956 के नियम -'55 ए0' के तहत कारवाई करते हुए विभागीय पत्रांक 8202 दिनांक 8.10.2003 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण के जबाव की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने के कारण श्री प्रसाद को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

सरकार का उक्त निर्णय श्री ज्वाला प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर अंचल, मधुबनी को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।27 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

21 अगस्त 2008

सं॰ 22/नि0सि0(औ0)-17-04/2000-683—श्री दिनेश मोहन झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, दाउदनगर सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, योजना एवं रूपांकण प्रमण्डल संख्या-2, मुजफ्‌फरपुर द्वारा सिंचाई प्रमण्डल, दाउदनगर के पदस्थापन अवधि ( वर्ष 1999-2000 ) में सिंचाई प्रमण्डल, दाउदनगर के अन्तर्गत पटना मुख्य नहर के क0मी0 0.00 से 10.30 एवं 20.90 से 33.80 कि0मी0 के सेवापथ पर पक्का रोड के निर्माण कार्यो में बरती गई अनियमितता की जॅाच विभागीय उड.नदस्ता से करायी गयी । उड.नदस्ता के जॅाच प्रतिवेदनमें प्रथम द्रष्टया आरोप श्री दिनेश मोहन झा तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप विभागीय संकल्प सह पठित ज्ञापांक 1593 दिनांक 24.8.2001 द्वारा श्री झा के विरूद्व असैनिक सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी । संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 506 दिनांक 23.7.2005 द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाये गयेः-

1. पटना मुख्य नहर के 0.00 से 6.40 कि0मी0 के सेवा पथ पर सड़क निर्माण के प्राक्कलन के मेटलों की ढुलाई मद में चलाई से कम मात्रा का प्रावधान करने एवं प्राक्कलन की जॅाच नहीं करना।

2. पटना मुख्य नहर के 0.00 से 6.40 कि0मी0 के छठा चालू विपत्र तक मेटल गे्रड-1 की चपाई मात्रा में स्वीकृत मात्रा से 25.49 प्रतिशत अधिक स्टोन मेटल की ढुलाई मद में स्वीकृत मात्रा से 54.56 प्रतिशत अधिक मुरम की ढुलाई मद में स्वीकृत मात्रा से 73.91 प्रतिशत अधिक भुगतान करना।

3. पटना मुख्य नहर के 20.90 से 88.30 कि0मी0 से मिट्‌टी भराई मद में छठा चाले विपत्र तक स्वीकृत मात्रा से 52.07प्रतिशत अधिक मात्रा का भुगतान करना।

4. पटना मुख्य नहर के 20.90 से 38.30 कि0मी0 के मूरम ढुलाई मद में छठा चालू विपत्र तक स्वीकृत मात्रा से 57.85 प्रतिशत अधिक भुगतान करना।

5. इसी पथ के प्राक्कलन में स्टोन मेटलों की ढुलाई मद में चपाई से कम मात्रा का प्रावधान करने तथा प्राक्कलन की जॅाच नहीं करने हेतु उत्तरदायी।

उक्त प्रमाणित आरोपों के निम्न प्रस्तावित दण्डों के साथ विभागीय पत्रांक 871 दिनांक 24.8.2006 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी ।

(क) निन्दन वर्ष 1999-2000 (ख) पॅाच वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त द्वितीय कारण पृच्छा के क्रम में श्री दिनेश मोहन झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, दाउदनगर सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, योजना एवं रूपाकंण प्रमण्डल संख्या-2,मुजफ्‌परपुर द्वारा उनके पत्रांक 415 दिनांक 15.9.2006 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। जिसके समीक्षेपरान्त पाया गया कि श्री झा कार्यपालक अभियन्ता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में कोई नया तथ्य नहीं लाया गया है। अतः सरकार द्वारा उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गया है

(क) निन्दन वर्ष 1999-2000

(ख) पॅाच वेतन वृद्वि पर असंचयातम्क प्रभाव से रोक ।

उक्त निर्णय के आलोक में श्री झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, दाउदनगर सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, योजना एवं रूपांकण प्रमण्डल संख्या-2, मुजफ्‌फरपुर को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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14 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(पट0)-3-18/2008-670—श्री सत्य नारायण, तत्कालीन मुख्य अभियन्यता (अतिरिक्त प्रभार), जल विज्ञान एवं योजना आयोजन, पटना के पदस्थापन अवधि में बरती गई कदाचार, अनियमितता, जानबुूझकर कनीय अभियन्ताओं के हड.ताल अवधि में अपने कार्यालय में वेतन भुगतान बन्द कर देने आदि सरकारी कार्यो को कुप्रभावित करने की मंशा एवं बाद में अपने कृत्यों पर पर्दा डालने के लिये झूठे कागजातों को तैयार करने आदि प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनके विरूद्व सिविल सेवा (वर्गीकरण,नियंत्रण एवं अपील) नियमावली केनियम-55 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञाप सं0-1490 दिनांक 30.11.2005 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त उनके विरूद्व पाये गये कतिपय आरोपों के लिये सरकार द्वारा श्री सत्यनारायण को निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गयाः-

1. अधीक्षण अभियन्ता के सम्पुष्ट पद से कार्यपालक अभियन्ता के पद पर पदावनति।

उपरोक्त प्रमाणित आरोपों के लिये श्री सत्यनारायण, तत्कालीन मुुख्य अभियन्ता (अतिरिक्त प्रभार) जल विज्ञान एवं योजना आयोजन पटना से विभागीय पत्रांक-290 दिनांक 23.3.2006 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुये द्वितीय कारण पृच्छा की गई, कि अधीक्षण अभियन्ता के सम्पुष्ट पद से कार्यपालक अभियन्ता के पद पर क्यों नहीं पदावति कर दिया जाय । उनके द्वारा प्राप्त कराये गये द्वितीय कारण पृच्छा की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई । समीक्षोपरान्त जबाब में कोई नया तथ्य नहीं समर्पित करने के फलस्वरूप विभागीय पत्रांक 174 दिनांक 1.3.2007 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग की सम्पुष्टि हेतु भेजी गई, जिसके क्रम में बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने पत्रांक-1103 दिनांक 25.9.2007 द्वारा सरकार के निर्णय से असहमति व्यक्त की । बिहार लोक सेवा(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 28 आयोग के असहमति के बावजूद भी श्री सत्यनारायण को अधीक्षण अभियन्ता के सम्पुष्ट पद से कार्यपालक अभियन्ता के पद पर पदावनत करने के निर्णय पर माननीय मुख्य मंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त है । वर्णित स्थिति में श्री सत्यनारायण, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, जल विज्ञान एवं योजना आयोजन, जल संसाधन विभाग को अधीक्षण अभियन्ता, (नियमित) के पद से कार्यपालक अभियन्ता, (नियमित) के पद पर पदावनत करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री सत्यनारायण, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता जल विज्ञान एवं योजना आयोजन, पटना सम्प्रति मुख्य अभियन्ता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, वीरपुर को संसूचित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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30 जुलाई 2008

सं0 22/नि0सि0(सिवान0)-11-02/2006-598—श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमण्डल सं0-3 सिवान को श्री चन्द्र भूषण प्रसाद सिंह, सेवानिवृत तत्कालीन सहायक अभियन्ता, वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमण्डल सं0-3 के गुमसुदा पुस्त का पुर्न निर्माण का प्रयास विभागीय आदेश के आलोक स-समय नहीं करने के आरोप के लिए दोषी पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक- 1036 दिनांक 23.8.2005 द्वारा सिविल सेवा ( वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली के नियम -55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी । जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी तथा पाया गया कि सेवा निवृत सहायक अभियन्ता श्री चन्द्र भूषण प्रसाद सिंह के गुम सेवा पुस्त के पूर्न निर्माण का आदेश विभागीय पत्रांक 3092 दिनांक 12.11.2002 द्वारा दिया गया था, जबकि श्री सिंह दिनांक 14.6.2002 तक ही वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमण्डल, सिवान के प्रभार में थें । अतः श्री सिंह के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं होता है । सम्यक समीक्षोपरान्त जॅाच पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री विजय कुमार सिंह को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया।

अतएव श्री सिंह को दोषमुक्त किया जाता है । उपरोक्त निर्णय से श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमण्डल सं0-3 सिवान को संंसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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11 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(सम0) 02-05/2006-655—श्री मोद नारायण चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल सं0-2, खगड़िया को बिहार विधान सभा के लंबित आश्वासन सं0-216/96 के क्रियान्वयन में अप्रत्याशित विलंब एवं बरती गई लापरवाही वरीय पदाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा मुख्यालय से अनुपस्थित रहने आदि पाये गये प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। तदनुसार विभागीय अधिसूचना सं0-776 दिनांक 26.7.06 द्वारा श्री मोद नारायण चौधरी, कार्यपालक अभियन्ता को अधिसूचना निर्गत की तिथि से विभागीय कार्यवाही की परिसमाप्ति तक के लिए निलंबित किया गया एवं विभागीय पत्रांक 917 दिनांक 21.9.07 द्वारा बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली 2005 के नियम 19 के तहत कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गई। 2. बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के धारा 9(7) के प्रावधाननुसार निलंबन आदेश निर्गत होने के तीन माह के भीतर आरोप पत्र गठित कर लिया जाना है अन्यथा निलंबन समाप्त हो जायेगा। ऐसा नहीं होने पर कारणों को दर्शाते हुए निलंबन अवधि अगले चार माह के लिए बढ़ाई जा सकती है, परन्तु किसी भी हाल में निलंबन अवधि सात माह से अधिक नहीं हो सकती है। श्री चौधरी कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व नियमानुसार सात माह के अन्दर आरोपों का गठन कर विभागीय कार्यवाही नहीं शुरू हो सका। उक्त के आलोक में मामले के समीक्षोपरान्त सरकार के निर्णयानुसार श्री चौधरी, कार्यपालक अभियन्ता को विभागीय अधिसूचना सं0-945 दिनांक 5.10.07 द्वारा दिनांक 27.2.07 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त कर दिया गया।

3. विभागीय कार्यवाही में पूछे गये स्पष्टीकरण का जबाब श्री चौधरी द्वारा समर्पित किया गया । प्राप्त स्पष्टीकरण समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई । सम्यक समीक्षोपरान्त स्पष्टीकरण से सहमत होते हुए श्री चौधरी को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है ।

4. श्री चौधरी के निलंबन अवधि दिनांक 26.7.06 से दिनांक 27.2.07 तक की अवधि कत्र्तव्य पर बिताई अवधि मानते हुए पूर्ण वेतनादि का भुगतान होगा ।

सरकार का उक्त निर्णय श्री मोद नारायण चौधरी, कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।29 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

11 अगस्त 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(डा0)-13-02/2005-656—श्री ब्रज नारायण सिंह सेवा निवृत अमीन को अंशदायी भविष्य निधि के भुगतान समय पर नहीं करने के कारण माननीय न्यायालय में याचिका दायर होने आदि आरोपों के लिए झारखंड सरकार के संकल्प, ज्ञापांक-1914 दि0-04.07.03 द्वारा श्री यदुनन्दन दास के विरूद्व नियम-55 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाई गयी। विभागीय कार्यवाही के जांच पदाधिकारी के प्रतिवेदन दि0-09.09.04 की समीक्षोपरान्त आरोप प्रमाणित पाकर झारखंड सरकार द्वारा श्री दास को (i) निन्दन वर्ष-2002-03 एवं (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्वि पर रोक की सजा देने का निर्णय लिया गया परन्तु श्री दास का कैडर बिहार हो जाने के कारण झारखंड में दंड संसूचित नहीं हो सका। झारखंड सरकार द्वारा श्री दास को उक्त दण्ड संसूचित करने का अनुरोध किया गया है। श्री यदुनंदन दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, के विरूद्व झारखंड सरकार द्वारा चलाई गई विभागीय कार्यवाही में आरोप प्रमाणित पाये गये है। अतः इस प्रमाणित आरोप के लिए श्री दास को निम्न दंड दिये जाने का निर्णय बिहार सरकार द्वारा लिया गया है- 1. निन्दन वर्ष-2002-03 2. दो वेतन वुद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक तद्‌नुसार श्री यदुनन्दन दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, कदवन स्पीलवे प्रमंडल यदुनाथपुर शिविर गढ़वा (आई0 डी0-3162) सम्प्रति मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, पटना को उपर्युक्त दंड संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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11 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(ल0सि0) 05-102/94-658—श्री बृज मोहन सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई प्रमण्डल, सिमडेगा को रानीघाघ मध्य सिंचाई परियोजना का स्पीलवें और बॅाध टूट जाने संबंधी आरोपों के लिए विभागीय आदेश सं0 163 दिनांक 3.7.90 द्वारा निलंबित किया गया। तदुपरान्त श्री सिंह के विरूद्व लघु सिंचाई विभाग के संकल्प सं0-5961 दिनांक 4.9.91 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही में जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी और कतिपय आरोपों के लिए श्री सिंह को सेवा से बर्खास्त किया गया। यह दण्ड विभागीय ज्ञापांक-287 दिनांक 1.2. 99 द्वारा उन्हें संसूचित किया गया। उक्त दण्डादेश के विरूद्व श्री सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मं सी0डब्लू0जे0सी0सं0 2085/2000 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 में न्यायादेश पारित करते हुए श्री सिंह द्वारा दायर अपील अभ्यावेदन पर विभाग को निर्णय लेने का निदेश दिया गया। श्री सिंह के अपील अभ्यावेदन की समीक्षा सरकार द्वारा की गयी और पाया गया कि प्रश्नगत कार्य समाप्ति की तिथि फरवरी 1987 थी, जबकि उक्त प्रमण्डल में श्री सिंह द्वारा 15.01.1987 को कार्य समाप्ति के पन्द्रह दिन पूर्व योगदान दिया गया। श्री सिंह द्वारा उक्त योजना में मात्र 75,000/- रूपये ही भुगतान किया गया था। इस आधार पर श्री सिंह के बर्खास्त संबंधी दण्ड को निरस्त करते हुए निम्न निर्णय लिया गयाः-

1. निन्दन वर्ष 1987-88 2. संचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्वि पर रोक । 3. निलंबन अवधि में निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं, परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन के प्रयोजनार्थ की जायेगाी।

4. श्री सिंह के बर्खास्तगी अवधि के वेतनादि का भुगतान ऐसे मामलों में माननीय उच्चतम/उच्च न्यायालयों द्वारा पारित न्यायादेश के आधार पर किया जायेगा । तदनुसार श्री बृज मोहन सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के विरूद्व निर्गत बर्खास्तगी दण्डादेश अधिसूचना सं0-287 दिनांक 1.2.99 को निरस्त करते हुए मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत उपर्युक्त दण्ड श्री सिंह को विभागीय ज्ञापांक-389 दिनांक 20.5.08 द्वारा संसूचित किया गया ।

उक्त दण्डादेश के आलोक में श्री सिंह द्वारा निलंबन अवधि एवं बर्खास्तगी अवधि के वेतनादि भुगतान हेतु अभ्यावेदन समर्पित किया गया । समीक्षोपरान्त निम्नलिखित तथ्य परिलक्षित हुए :- (1) श्री सिंह के निलंबन अवधि दिनांक 03.07.90 से 31.1.99 तक की अवधि के लिए मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होता है, जो उन्होंने प्राप्त कर लिया है। नियमानुसार निलंबन अवधि में पूर्ण वेतनादि तभी देय होगा जब आरोपित पदाधिकारी पूर्णतः दोषमुक्त हो जाए । श्री सिंह पूर्णतः दोषमुक्त नहीं हुए है । श्री सिंह की बर्खास्तगी अवधि दिनांक 1.2.99 से सेवा में वापसी की तिथि 20.5.08 के लिए श्री सिंह को मात्र 50 प्रतिशत वेतन भुगतान होगा, क्यों कि समरूप मामले सी0डब्लू0 जे0 सी0 सं0-5812/99 (पी) तारकेश्वर राय बनाम राज्य सरकार बिहार/झारखण्ड में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 6.5.08 को पारित न्याय निर्णय में श्री राय की बर्खास्तगी अवधि के लिए 50 प्रतिशत वेतनादि के भुगतान करने का आदेश दिया गया है। उपर्युक्त तथ्यों पर विचार करते हए श्री राय को बर्खास्तगी अवधि के लिए 50 प्रतिशत वेतनादि के भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री बृज मोहन सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 30

7 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(पू0)-01-10/2005-644—मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, पूर्णिया परिक्षेत्राधीन बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, काढ़ागोला के अधीन बारण्डी दॅाया तटबंध में वर्ष 2004 बाढ़ में कराये गये बाढ़ संघार्षात्मक कार्य विपत्र के संबंध में संबंधित सहायक अभियन्ता श्री खलील अशर्फी के साथ प्रमण्डलीय रोकड़पाल श्री पीताम्बर झा एवं संबंधित सवेदको सर्वश्री हाजीपुर श्रमिक सहयोग समिति लि0 मोगरा कटिहार एवं सर्व श्री जितेन्द्र सिंह, कटिहार द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने एवं कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल द्वारा इस की सूचना उच्चाधिकारी को नहीं देने के कारण श्री कान्त प्रसाद सिंह, कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, काढ़ागोला के विरूद्व सिर्विल सर्विसेज क्लासीफिकेसन कण्ट्रोल एण्ड अपील रूल्स 1956 के नियम 55'ए' के तहत कारवाई शुरू करते हुए विभागीय पत्रांक 1384 दिनांक 2.11.2005 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री सिंह, कार्यपालक अभियन्ता से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर किया गया । सम्यक समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व कोई आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने के कारण श्री सिंह को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उक्त निर्णय श्री कान्त प्रसाद सिंह, कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, काढ़ागोला को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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4 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(पू0)-01-08/2005-624—सिंचाई प्रमण्डल मुरलीगंज के क्षेत्राधीन जानकी नगर शाखा नहर एवं इसके वितरण प्रणालियों के पुर्नस्र्थापन कार्य में बरती गई कतिपय अनियमितताआेंं के संबंध में विभागीय पत्रांक 1174 दिनांक 10.3.2004 द्वारा श्री चन्द्र शेखर पासवान, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, नहर अंचल, पूर्णिया से स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री पासवान से प्राप्त स्पष्टीकरण के जबाब की समीक्षा सरकार द्वारा की गई एवं सम्यक समीक्षोपरान्त निम्नाकित आरोपों के लिए श्री पासवान के विरूद्व सिविल सर्विसे ( क्लासिफिकेसन, कन्ट्रोल एण्ड अपील ) रूल्स के नियम-55'ए' के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए ज्ञापांक 1008 दिनांक 12.8.2005 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई :-

आरोप (1) सिंचाई प्रमण्डल, मुरलीगज के जानकी नगर शाखा नहर के वि0 दू0 200.1 से 254 तक एवं इससे निकले प्रणालियों के लिए कार्यक्रम मई 2003 में उपलब्ध कराया गया था, जिसकी स्वीकृति मुख्यालय द्वारा जॅाचोपरान्त पत्रांक 1293 दिनांक 28.5.03 को दी गई । इस कार्य के लिए वर्ष 2002-03 में ही राशि उपलब्ध करा दी गई थी। जानकी नगर शाखा के पूरे भाग ( 00 से 254 ) एवं इससे निकले वितरण प्रणालियों के पुर्नस्र्थापन हेतु पत्रांक 2668 दिनांक 14.10.2003 द्वारा निदेश दिया गया, जिसका अनुपालन श्री पासवान द्वारा नहीं किया गया।

(2) वि0 दू0-252.0 के नीचे पानी नहीं जाने का स्पष्ट कारण श्री पासवान द्वारा नहीं बताये जाने के कारण अभिन्ता प्रमुख ( उत्तर ) एवं अधीक्षण अभियन्ता, योजना एवं मोनेटरिंग अंचल-2 पटना द्वारा दिनांक 1.10.2003 से 4.10.2003 तक क्षेत्र का निरीक्षण किया गया और पाया गया कि वि0 दू0 252.3 के पहले ही दाहीने बॅाध टूटा हुआ है। इसकी मरम्मती का आदेश दिया गया। स्पष्ट है कि उक्त टूटान की जानकारी श्री पासवान द्वारा नहीं देने के कारण वि0 दू0 252.3 के नीचे पानी ले जाने के लिए सही उपाय नहीं किया जा सका।

(3) अभियन्ता प्रमुख ( उत्तर ) के पत्रांक 2697 दिनांक 16.10.2003 के द्वारा आपको एस0 एल0 आर0 ब्रीज सह स्केप रेगुलेटर का निर्माण तत्काल स्थगित करने का निदेश दिया गया और हथिया नक्षत्र समाप्त होते ही, जानकी नगर शाखा के वि0 दू0 242 के नीचे जानकी नगर शाखा एवं इससे निकले सभी वितरण प्रणाली के कार्यो को स-समय पूरा करा लिया जाय। कार्यक्रम स्वीकृत रहने एवं 64.00 लाख रूपये आवंटित रहने के बावजूद अनेको स्मार रहने के बावजूद कार्य नहीं कराया गया।

(4) कार्यक्रम/प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरान्त मुख्यालय द्वारा स्थल पर आवंटन उपलब्ध करा देने, समय पर पुनरीक्षित कार्यक्र्रम की स्वीकृति संसूचित करने के पश्चात की वैसे कार्य नहीं कराये जा सके जहा नहरों से सिंचाई नहीं की जा रही थी और जहॅा कार्य कराया जा सकता था।

उपर्युक्त आरोपों के संबंध में श्री पासवान द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के जबाब की समीक्षा सरकार द्वारा की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि नहर प्रणाली में स-समय कार्य नहीं होने के लिए मुख्य रूप से कार्यपालक अभियन्ता, मुरलीगंज दोषी है। परन्तु नियंत्री पदाधिकारी के रूप में श्री पासवान द्वारा कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व कारवाई हेतु मुख्यालय को स-समय सूचित नहीं किया गया फलतः श्री पासवान को कार्य स-समय नहीं होने के लिए अांशिक रूप से दोषी पाते हुए सरकार द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गया हैः-

(क) निन्दन वर्ष 2003-04 सरकार का उक्त निर्णय श्री चन्द्रशेखर पासवान, अधीक्षण अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।31 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

4 अगस्त 2008

सं0 22/नि0सि0(ल0सि0)-5-142/94-623—श्री विश्वनाथ राम, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, खेत विकास प्रमण्डल सहरसा को उनके विरूद्व कतिपय प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय आदेश सं0-356 सह पठित ज्ञापांक 63 दिनांक 18.11.91 द्वारा असैनिक सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण उवं अपील ) नियमावली के नियम-55 के अन्तर्गत आदेश निर्गत करने की तिथि से विभागीय कार्यवाही के अंतिम निष्पादन तक के लिए निलंबित किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 164 दिनांक 2.2.93 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। विभागीय कार्यवाही में उनके विरूद्व आरोप प्रमाणित पाये जाने के पश्चात विभागीय आदेश सं0-926 सह ज्ञापांक 2370 दिनांक 26.7.98 द्वारा निम्नलिखित दण्ड श्री राम को संसूचित किया गया :-

(1) श्री विश्वनाथ राम को कार्यपालक अभियन्ता के पद से सहायक अभियन्ता के पद पर पदावनति की जाती है। पदावनति के फलस्वरूप इनका वेतनमान वही रहेगा जो सहायक अभियन्ता से कार्यपालक अभियन्ता के पद पर प्रोन्नति के समय था।

(2) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नही होगा परन्तु इस अवधि की गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जायेगी।

उक्त दण्डादेश के विरूद्व श्री राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-9143/98 दायर किया गया। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 21.7.99 को आदेश पारित किया गया जिसमें आवेदक ( श्री विश्वनाथ राम) को विभाग में अपील दायर करने का निदेश दिया गया। तत्पश्चात श्री राम से प्राप्त अपील अभ्यावेदन दिनांक 13.9.99 की सम्यक समीक्षा विभाग द्वारा की गयी तथा विभागीय पत्रांक 894 दिनांक 24.6.2000 द्वारा अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत किये जाने के सबंध में उन्हें संसूचित किया गया। तत्पश्चात श्री राम ने माननीय उच्च न्यायालय में पुनः सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-11805/2000 दायर किया। दिनांक 21.3.2005 को उक्त सी0 डब्लू0 जे0 सी0 में न्यायादेश पारित करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा दण्डादेश को निरस्त कर दिया गया। उक्त न्यायादेश के विरूद्व विभाग द्वारा एल0 पी0 ए0 सं0-802/2005 दायर किया गया, जिसे दिनांक 5.2.2007 को माननीय उच्च न्यायाालय द्वारा खारिज कर दिया गया। उपर्युक्त स्थिति में एल0 पी0 ए0 सं0- 802/2005 में पारित न्यायादेश के आलोक में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-11805/2000 में दिनांक 21.3.2005 को पारित न्यायादेश का अनुपालन करते हुए विभागीय दण्डादेश 926 दिनांक 26.7.98 को निरस्त किया जाता है। एतत्‌ की सूचना श्री विश्वनाथ राम को दी जाती है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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11 जुलाई 2008

सं0 22/नि0सि0(जम0) 12-08/2005-540—श्री अमरनाथ प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियन्ता (यॉ0), लघु वितरणी प्रमण्डल, सं0-5 डिमना जमशेदपुर सम्प्रति तिरहुत नहर प्रमण्डल सं0-2 बेतिया वर्ष 1999-2000 में लघु वितरणी प्रमण्डल सं0-5 डिमना में पदस्थापित थे । मुख्य अभियन्ता सुवर्ण रेखा बहुदेशीय परियोजना चांडिल कम्पलेक्स जमशेदपुर के आदेश सं0-710 दिनांक 30.6.99 द्वारा श्री प्रसाद सहायक अभियन्ता (यॅा0) का स्थानान्तरण उक्त प्रमण्डल से सुवर्ण रेखा बॅाध अंचल चांडिल किया गया । श्री प्रसाद सहायक अभियन्ता (यॅा0) के विरूद्व उनके द्वारा प्रभार नहीं सौपने स्थानान्तरण आदेश का अनुपालन बहुत विलम्ब डेढ़ वर्षो के बाद करने, उच्चाधिकारी के साथ अमर्यादित व्यवहार करने, आदेश का अवहेलना एवं स्वेच्छाचांरिता आदि आरोपाें को प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये जाने के उपरान्त जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, रॅाची के संकल्प सं0-2970 दिनांक 19.9.2003 द्वारा सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 1930 के नियम -55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त जल संसाधन विभाग, झारखण्ड रॅाची द्वारा इनके उक्त आरोपों को प्रमाणित पाया गया। झारखण्ड सरकार द्वारा उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री प्रसाद, सहायक अभियन्ता (यॅा0) को निम्न दण्ड देने हेतु प्रस्तावित किया।

(क) निन्दन वर्ष 1999-2000 (ख) देय तिथि से तीन वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक।

इस बीच श्री प्रसाद, सहायक अभियन्ता (यॅा0) का अंतिम कैडर विभाजन के उपरान्त, बिहार राज्य आवंटित हो गया, जिसके फलस्वरूप जल संसाधन विभाग, झारखण्ड रॅाची के पत्रांक-2431 दिनांक 15.6.2005 द्वारा संबंधित अभिलेखों की छाया प्रति अग्रतर कारवाई हेतु जल संसाधन विभाग बिहार को प्राप्त कराया गया झारखण्ड सरकार से प्राप्त अभिलेखों के आधार पर मामले की पूर्ण समीक्षा बिहार सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त जल संसाधन विभाग, झारखण्ड द्वारा इनके विरूद्व प्रस्तावित दण्डों से सहमति व्यक्त करते हुए इन्हें जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना द्वारा निम्न दण्ड देने हेतु प्रस्तावित किया गया।

(क) निन्दन वर्ष 1999-2000 (ख) देय तिथि से तीन वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक ।

जल संसाधन विभाग बिहार पटना के पत्रांक 274 दिनांक 18.3.2006 द्वारा उक्त प्रस्तावित दण्ड का संसूचन करते हुए एवं जॅाच प्रतिवेदन की छाया प्रति भेजते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई । श्री प्रसाद सहायक अभियन्ता (यॅा0) द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई ं समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा अपने उत्तर में कोई नया तथ्य नहीं दिया गया है, बल्कि उनके द्वारा अपने उत्तर के अंतिम कंडिका में अंकित किया गया है कि संलिप्त पत्र से संतुष्ट नहीं होगे तो विस्तार से स्पष्टीकरण दूॅगा। उनके उक्त उत्तर के आलोक(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 32 में विभागीय पत्रांक-656 दिनांक 24.6.2006 द्वारा अंतिम रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण की मॅाग की गई। इसके लिए उनके द्वारा किये गये अनुरोध के आलोक में विभाग द्वारा उपलब्ध सभी कागजातों का उन्हें अवलोकन कराया गया, परन्तु उनके द्वारा दुबारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। तदोपरान्त उनके द्वारा पूर्व में समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मामले की पुनः समीक्षा की गई। पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा अपने स्पष्टीकरण में कहा गया है कि उन्होंने स्थानान्तरण के पश्चात्‌ दिनांक 10.7.2001 को स्वतः प्रभार दे दिया। जॅाच पदाधिकारी के द्वारा तथ्य छुपा कर आरोप प्रमाणित पाया गया है, परन्तु स्थानान्तरणा आदेश की तिथि तथा स्वतः प्रभार देने की तिथि के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि इनके द्वारा स्थानान्तरण आदेश के एक वर्ष के बाद प्रभार दिया गया। इससे स्पष्ट है कि उच्चाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। जॅाच पदाधिकारी द्वारा भी इनके विरूद्व गठित आरोप प्रमाणित पाये गये है। वर्णित स्थिति में सरकार द्वारा पूर्व में प्रस्तावित दण्ड को ही संसूचित करने का निर्णय लिया गया। अतः उपर्युक्त वर्णित स्थिति में श्री अमरनाथ प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियन्ता (यॅा0) लघु वितरणी प्रमण्डल सं0-5 डिमना सम्प्रति तिरहुत नहर प्रमण्डल सं0-2 बेतिया के विरूद्व प्रमाणित आरोपों के लिए निन्दन दण्ड संसूचित किया जाता है ।

(क) निन्दन वर्ष 1999-2000 (ख) देय तिथि से तीन वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक।

उक्त दण्ड को श्री अमरनाथ पसाद, सहायक अभियन्ता (यॅा0) को संसूचित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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11 जुलाई 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(पट0)-03-18/2004/541—श्री भगवान दास, तत्कालीन मुख्य अभियंता, पटना के विरूद्व वित्तीय अनियमितताओं एवं भ्रष्ट तरीके से बिना कार्य कराये फर्जी कार्य के नाम पर राशि के बंदरबांट एवं अकृत सम्पति अवैध ठंग से अर्जित किये जाने संबंधी प्राप्त परिवाद की जॅाच उड़नदस्ता से करायी गयी। उड़नदस्ता अंचल द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में श्री दास तत्कालीन मुख्य अभियन्ता के विरूद्व निम्नलिखित आरोप प्रमाणित पाये गये :-

(1) वर्ष 2003 जून में गंगा को पटना के नजदीक लाने हेतु पायलत चैनेल के निर्माण कार्य के प्राक्कलन की गलत स्वीकृति प्रदान करना एवं 18,83,00/- के अमान्य मद की स्वीकति।

(2) बिहार राज्य निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में पायल चैनेल की गलत खुदाई कराना। (3) उड़नदस्ता द्वारा किये जा रहे जॅाच कार्य में असहयोगपूर्ण रवैया अपनाना। (4) पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानान्तरण/पदस्थापन में विभागीय नियमों एवं प्रक्र्रियाओं का उल्लंधन करना।

उक्त के आलोक में सर्वप्रथम उड़नदस्ता का जॅाच प्रतिवेदन संलग्न करते हुए श्री दास से स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री दास से प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त उपरोक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री दास, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता के विरूद्व सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी एवं भागलपुर मुख्य अभियन्ता के पद से स्थानान्तरित कर मुख्यालय में योगदान करने का आदेश दिया गया। विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए विभाग के विशेष सचिव, श्री विजय कुमार, भा0 प्र0 से0 को जॅाच पदाधिकारी नियुक्त किया गया। जॅाच पदाधिकारी द्वारा आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया। तकनीकी किस्म के आरोपों की जॅाच अभियन्ता प्रमुख (मध्य) द्वारा भी कराई गई। अभियन्ता प्रमुख (मध्य) द्वारा भी तकनीकी बिन्दुओं से संबंधित आरोप भी प्रमाणित नहीं पाये गये ।

आरोपों तथा जॅाच पदाधिकारी के प्रतिवेदनों (मंतव्य) की विस्तृत समीक्षा विभागीय स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि चूॅकि श्री दास, सेवानिवृत हो चुके है तथा इनके विरूद्व गठित आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये है, सरकार द्वारा इन्हें दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है। श्री दास को विभाग का उक्त निर्णय संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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9 जुलाई 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(ल0सि0)-5-102/94/516— श्री तारकेश्वर राय, सहायक अभियंता, द्वारा लधु सिंचाई प्रमण्डल, सिमडेगा के पदस्थापन अवधि में रानीकुदर एवं कुरपानी मध्यम सिंचाई योजना, जिसका प्राक्कलन क्रमशः 4.98 लाख एवं 4.53 लाख था, का निर्माण कार्य क्रमशः मार्च 1986 तथा अपै्रल 1983 में पूरा किया गया, वे क्रमशः दिनांक 29.8.87 तथा 25.7.85 को टूट गया। उक्त निर्माण कार्य में गंभीर त्रुटि बरतने, योजना के अल्प अवधि में ही टूट कर वह जाने, रूपांकण में परिवर्तित किये जाने एवं विशिाष्टियों के अनुरूप कार्य नहीं किये जाने के परिपे्रक्ष्य में श्री राय, सहायक अभियन्ता को लधु सिंचाई विभागीय आदेश सं0-160 दिनांक 3.7.90 द्वारा निलंबित किया गया। तदुपरान्त श्री राय के विरूद्व लधु सिंचाई विभाग के संकल्प सं0-5959 दिनांक 4.9.91 द्वारा विभागीय कार्यवाही गठित की गयी। जॅाच पदाधिकारी सह मुख्य अभियन्ता, लधु33 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 सिंचाई, रांची के पत्रांक 1763 दिनांक 29.12.92 द्वारा प्राप्त जॅाच प्रतिवदन में जॅाच पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। लधु सिंचाई विभाग द्वारा समीक्षोपरान्त श्री राय को ''चेतावनी'' की सजा देते हए अनुशंसित दण्ड देने हेतु संचिका जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को भेजी गयी । जल संसाधन विभाग बिहार, पटना द्वारा उक्त मामले की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त श्री राय के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाया गयाः-

(क) कुरपानी मध्य सिंचाई योजना में स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार स्पीलवें की लम्बाई 110 फीट होनी चाहिए थी, जिसके विरूद्व स्पीलवें की लम्बाई कुल 14 फीट लम्बााई में ही बनाया गया हैं। कम लम्बाई में स्पीलवें के निर्माण के कारण नदी के अधिकतम रूपांकित जलश्राव को प्रवाहित करना संभव नहीं था। (ख) कुरपानी स्पीलवें निर्माण में कुल प्राक्कलित मात्रा 14400 घनफीट के बदले पत्थर कटाई मद में 25691 घन फीट के भुगतान हेतु विपत्र की अनुशंसा करना जिसके आधार पर भुगतान हुआ।

(ग) रानी कुदर मध्यम सिंचाई योाजना के रूपांकण में स्पीलवें क्रे्रस्ट तल की चौड़ाई 5 फीट रखी गयी जो अत्यन्त अपर्याप्त थी।

उक्त आरोपों के लिए बर्खास्तगी का दण्ड अनुमोदन किये जाने के परिपे्रक्ष्य में श्री राय से द्वितीय कारण पृच्छा विभागीय पत्रांक-1379 दिनांक 10.5.94 द्वारा पूछा गया। उनसे प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर एवं मामले के समीक्षोपरान्त श्री राय को दोषी पाया गया। अतः सरकार द्वारा श्री राय को गंभीर कदाचार, घोर, अनियमितताओं के कारण राजकीय धन एवं लोकहित की क्षति हुई, कार्य के प्रति घोर उपेक्षा, तकनीकी सूझबूझ में कमी, कार्य निरीक्षण/ पर्यवेक्षण का अभाव, दायित्वपूर्ण कार्य करने में पूर्ण अक्षम अभिभावी नियमों का उल्लंधन करने एवं घोर अनुशासनहीनता बरतने आदि आरोपों के लिए दोषी पाये जाने पर इन्हें सरकारी सेवा से जनहित में बिहार एण्ड उड़ीसा सर्वोडिनेट सर्विसेज ( डिसीप्लीन एण्ड अपील) रूल्स 1935 के नियम 2(viii) मिसलेनियम रूल्स बोर्ड अॅाफ रेभन्यू के नियम 167 के तहत अर्थात आदेश निर्गत करने की तिथि से विभागीय ज्ञापांक 286 दिनांक 1.2.99 द्वारा श्री राय को सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड संसूचित किया गया। श्री राय, सहायक अभियन्ता के सेवा बर्खास्तगी दण्ड प्रस्ताव में बिहार लोक सेवा आयोग एवं मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त है।

अतः आदेश निर्गत की तिथि से श्री तारकेश्वश्र राय, सहायक अभियन्ता को बर्खास्त किया जाता है। उक्त निर्णित दण्डादेश के विरूद्व श्री राय द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, रॅाची, झारखण्ड में सी0डब्लू0 जे0 सी0 सं0- 5812/99(पी0) दायर किया गया जिसमें माननीय उच्च न्यायालय झारखण्ड द्वारा दिनांक 6.5.2008 को न्यायादेश पारित किया गया है। न्यायादेश में विभागीय दण्डादेश को निरस्त करते हुए श्री राय को लगातार सेवा में मानते हुए सेवा में पुर्नस्थापित किया जाए तथा बर्खास्तगी अवधि का 50 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

अतः सम्यक समीक्षोपरान्त सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-5812/99 में माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, रॅाची द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन के क्रम में श्री तारकेश्वर राय, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के विरूद्व निर्गत बर्खास्तगी दण्डादेश अधिसूचना सं0-286 दिनांक 1.2.99 को निरस्त करते हुए सेवा में पुर्नस्थापित किया जाता हैं। तथा साथ ही बर्खास्तगी अवधि को 50 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दिया जाता है।

श्री राय जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना में अपना योगदान समर्पित करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

——— 9 जुलाई 2008 सं॰ 22 नि0 सि0(वीर0)-07-07/2006/517—श्री शिव कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, (यॅा0) सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, वीरपुर, सुपौल के विरूद्व वर्ष 2005 बाढ़ के पूर्व क्रेट बुनाई हेतु शीर्ष कार्य प्रमण्डल, वीरपुर, पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, वीरपुर, पूर्वी तटबंध प्रमण्डल-2, वीरपुर एवं पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, सुपौल से क्रमशः 126.056 मि0 टन, 28.00 मि0 टन, 1.50 मि0 टन एवं 76.7487 मि0 टन अर्थात कुल 232.3047 मि0 टन वायर की प्राप्ति के पश्चात्‌ सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल वीरपुर द्वारा संबंधित प्रमण्डलों को 804 अद्‌द के्रट ( 2.401 मि0 टन बी. ए0 वायर के समतुल्य ) कम ही आपूर्ति करने के फलस्वरूप विभाग को 80,434 रूपये मात्र की क्षति पहुॅचाने तथा पश्चिमी तटबंध प्रमण्डल, निर्मली से 71.00 मि0 टन बी0 ए0 वायर की प्राप्ति के पश्चात सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल द्वारा निर्मली प्रमण्डल को 101 अद्‌द क्रेट ( 2.495 मि0 टन बी0 ए0 वायर के समतुल्य ) कम ही आपूर्ति करने के फलस्वरूप विभाग को 83,583/- रू0 मात्र अर्थात कुल 80,434 83,583 रू0 = 1,64,017/- रू0 मात्र की क्षति पहुचाने से संबंधित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय ज्ञापांक 437 दिनांक 3.5.2007 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। जॉच पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन में जॉच पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये तथा इसकी समीक्षा विभाग के स्तर पर की गई तथा श्री सिंह के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया।

अतः श्री शिव कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, (यॅा0) को दाोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया। फलस्वरूप श्री सिंह को दोषमुक्त करते हुए उक्त निर्णय के संबंध में संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 34

9 जुलाई 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(वीर0)-07-07/2006/518—श्री मुरलीधर सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, (यॅा0) सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, वीरपुर, सुपौल के विरूद्व वर्ष 2005 बाढ़ के पूर्व क्रेट बुनाई हेतु शीर्ष कार्य प्रमण्डल, वीरपुर, पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, वीरपुर, पूर्वी तटबंध प्रमण्डल-2, वीरपुर एवं पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, सुपौल से क्रमशः 126.056 मि0 टन, 28.00 मि0 टन, 1.50 मि0 टन एवं 76.7487 मि0 टन अर्थात कुल 232.3047 मि0 टन वायर की प्राप्ति के पश्चात्‌ सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल वीरपुर द्वारा संबंधित प्रमण्डलों को 804 अद्‌द के्रट ( 2.401 मि0 टन बी. ए0 वायर के समतुल्य ) कम ही आपूर्ति करने फलस्वरूप विभाग को 80,434 रूपये मात्र की क्षति पहुॅचाने तथा पश्चिमी तटबंध प्रमण्डल, निर्मली से 71.00 मि0 टन बी0 ए0 वायर की प्राप्ति के पश्चात सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल द्वारा निर्मली प्रमण्डल को 101 अद्‌द क्रेट ( 2.495 मि0 टन बी0 ए0 वायर के समतुल्य ) कम ही आपूर्ति करने के फलस्वरूप विभाग को 83,583/- रू0 मात्र अर्थात कुल 80,434 83,583 रू0 = 1,64,017/- रू0 मात्र की क्षति पहुचाने से संबंधित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय ज्ञापांक 440 दिनांक 3.5.2007 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। जॉच पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन में जॉच पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित भी पाये गये तथा इसकी समीक्षा विभाग के स्तर पर की गई तथा श्री सिंह के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया।

अतः श्री मुरलीधर सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, (यॅा0), को दाोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया। फलस्वरूप श्री सिंह को दोषमुक्त करते हुए उक्त निर्णय के संबंध में संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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16 जुलाई 2008

सं0 22 नि0 सि0(यांत्रिक) 4-151/94/551—श्री अमरेन्द्र कुमार ठाकुर, सहायक अभियंता, (यांत्रिक) सिंचााई यांत्रिक प्रमण्डल, चाण्डिल के पदस्थापन अवधि में बरती गयी अनियमितताओं की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता अंचल-1 जल संसाधन विभाग द्वारा करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के आलोक में श्री ठाकुर के विरूद्व असैनिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 55'ए' के तहत कारवाई करने का निर्णय लिया गया। श्री ठाकुर से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री ठाकुर के विरूद्व निम्नांकित आरोप सरकार द्वारा प्रमाणित पाये गयेः- दो मशीन जो न्यूनतम गारण्टी के आधार पर संवेदक को दिया गया उसके हायर चार्ज का विपत्र वास्तविक कार्यकारी घंटा के आधार पर तैयार किया जाना अर्थात संवेदक के साथ मिली भगत कर गलत मंशा से संवेदक को लाभ देने के लिए एकरारनामा के अनुसार विपत्र नहींं बनानाः- ---------------------------------------------------------------------- क्रमांक मशीन का नाम सवेदक राशि ---------------------------------------------------------------------- 1. 93 एम0 शोवेल डी0 के0 रोडेल लाईन्स 29,48,778/- रू0 2 हॅाल मैन कम्पे्रसर-3614 भूपेन्द्र ब्रदर्स 24,156/- रू0 (ख) 19,000/- रू0 एवं 8,000/- रू0 अस्थायी अग्रिम एक अग्रिम के रहते लिया जाना एवं मार्च के अन्त तक समायोजन नहीं किया जाना। उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री ठाकुर को विभागाीय आदेश सं0-584 दिनांक 11.6.2001 संसूचित ज्ञापांक-1111 दिनांक 11.6.2001 द्वारा निम्नांकित दण्ड निर्गत संसूचित किया गयाः- 1. निन्दन की सजा प्रविष्टि चारित्री वर्ष 1987-88 में की जायेगी। 2. सात वर्ष तक देय प्रोन्नति पर रोक । 2. सात (7) लाख रूपये की वसूली। उक्त निर्गत आदेश के विरूद्व श्री ठाकुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-13065/2001 दायर किया गया। उक्त मामले में माननीय न्यायालय द्वारा आदेश पारित करते हुए श्री ठाकुर का दण्ड निरस्त करते हुए विभाग को नए सिरे से कारवाई करने की छुट दी गयी। इस बीच श्री ठाकुर सेवानिवृत हो गये। माननीय न्यायालय के न्यायादेश के आलोक में विभागीय संकल्प सं0-1342 दिनांक 20.10.2005 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत विभागीय कार्यवाही का आदेश निर्गत किया गया। श्री ठाकुर के विरूद्व गठित आरोप एवं जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षा के क्रम मे श्री ठाकुर दोषी पाये गये हैं। अतः श्री ठाकुर पर निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया हैः-

1. सात(7) लाख रूपये की वसूली के लिए मनीसूट चलाने का निर्णय। 2. पेंशन से 20 प्रतिशत की कटौती एक वर्ष तक के लिए। अतः श्री अमरेन्द्र कुमार ठाकुर को उक्त निर्णय संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।35 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

11 जुलाई 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(वीर0)-07-07/2006/538—श्री कृष्ण कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, सुपौल के विरूद्व वर्ष 2005 बाढ़ के पूर्व क्रेट बुनाई हेतु पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, सुपौल द्वारा क्रय भ्ांडार एवं सामग्री प्रबंधन निदेशालय से 60.529 मि0 टन एवं शीर्ष कार्य प्रमण्डल, वीरपुर से 18.9437 मि0 टन अर्थात कुल 79.4727 मि0 टन बी0 ए0 वायर प्राप्ति के पश्चात्‌ सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल वीरपुर को 79.4727 मि0 टन के विरूद्व 76.7487 मि0 टन की ही आपूर्ति करने आपूतिकर्त्ता को पूर्ण भुगतान करने तथा 79.4727-76.7487 = 2.724 मि0 टन बी0 ए0 वायर के समतुल्य राशि 91,254/- रू0 मात्र की क्षति विभाग को पहुचाने के आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय ज्ञापांक- 436 दिनांक 3.5.2007 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। जॉच पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन में जॉच पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित पाया गया तथा इसकी समीक्षा विभाग के स्तर पर की गई तथा श्री सिंह के विरूद्व आरोप प्रमाणित पाया गया। सम्यक विचारोेपरान्त श्री सिंह को निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गया :- 1. निन्दन वर्ष- 2006-07

2. 4132/- रूपये (चार हजार एक सौ बतीस रूपये) की वसूली। अतः श्री कृष्ण कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, को उपर्युक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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11 जुलाई 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(वीर0)-07-07/2006/539—श्री अशोक कुमार शर्मा, तत्कालीन सहायक अभियंता, पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, सुपौल के विरूद्व वर्ष 2005 बाढ़ के पूर्व क्रेट बुनाई हेतु पूर्वी तटबंध प्रमण्डल, सुपौल द्वारा क्रय भ्ांडार एवं सामग्री प्रबंधन निदेशालय से 60.529 मि0 टन एवं शीर्ष कार्य प्रमण्डल, वीरपुर से 18.9437 मि0 टन अर्थात कुल 79.4727 मि0 टन बी0 ए0 वायर प्राप्ति के पश्चात्‌ सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल वीरपुर को 79.4727 मि0 टन के विरूद्व 76.7487 मि0 टन की ही आपूर्ति करने आपूतिकर्त्ता को पूर्ण भुगतान करने तथा 79.4727-76.7487 = 2.724 मि0 टन बी0 ए0 वायर के समतुल्य राशि 91,254/- रू0 मात्र की क्षति विभाग को पहुचाने के आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय ज्ञापांक- 441 दिनांक 3.5.2007 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। जॉच पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन में जॉच पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित पाया गया तथा इसकी समीक्षा विभाग के स्तर पर की गई तथा श्री शर्मा के विरूद्व आरोप प्रमाणित पाया गया। सम्यक विचारोपरान्त श्री शर्मा को निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गया :- 1. निन्दन वर्ष- 2006-07

2. 4132/- रूपये (चार हजार एक सौ बतीस रूपये) की वसूली। अतः श्री अशोक कुमार शर्मा, तत्कालीन सहायक अभियंता,, को उपर्युक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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18 जुलाई 2008

सं॰ 22/नि0सि0(सम0)-2-13/2007/557—श्री नवल किशोर प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, हथौड़ी को दिनांक-20.07.2007 से बाढ़ अवधि में मुख्यालय से पूर्व अनुमति लिए बिना अनुपस्थित रहने इत्यादि कतिपय अनियमितता एवं कदाचार आदि के लिए सरकार द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री नवल किशोर प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, हथौड़ी को विभागीय अधिसूचना संख्या-756 दिनांक-01.08.2007 द्वारा निलंबित किया गया एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक-958 दिनांक-10.10.2007 द्वारा विभागीय कार्यवाही शुरू की गई।

विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के क्रम में ही श्री प्रसाद दिनांक-30.06.2008 को सेवानिवृति हो गये है। तदुपरान्त मामले की समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा निम्नांकित निर्णय लिया गया है :-

1. चुॅकि श्री नवल किशोर प्रसाद निलंबन अवधि में ही सेवानिवृत हुए है, अतः सेवानिवृति की तिथि 30.06.2008 के प्रभाव से उन्हें निलंबन से मुक्त किया जाता है।

2. श्री प्रसाद के विरूद्व पूर्व से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत चलायी जा रही विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) में परिवर्तित किया जाता है।

3. कारण पृच्छा का पत्र अलग से निर्गत किया जा रहा है।(cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008 36 सरकार को उक्त निर्णय श्री नवल किशोर प्रसाद, कार्यपालक अभियंता (सेवानिवृत) को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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30 जून 2008

सं॰ 22/नि0सि0(दर0)-16-07/2007-493—श्री परमानन्द सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल झंझारपुर द्वारा उक्त प्रमंडल के पदस्थापन अवधि में बरती गई कतिपय अनियमितताओं के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-253 दिनांक-19.03.2007 द्वारा तत्कालीन प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू किया गया। चुॅकि श्री सिंह की निलंबन अवधि एक वर्ष से अधिक हो चुॅकि है, और विभागीय कार्यवाही अभी लंबित है, अतः नियमानुसार श्री सिंह का जीवन निर्वाह भत्ता 50% प्रतिशत से बढ़ाकर 75% प्रतिशत (निलंबन अवधि एक वर्ष पूर्ण होने की तिथि से) किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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22 जुलाई 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(पट0)-03-03/2003/565— श्री उमेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, दीघा के पदस्थापन काल 1999-2001 में पटना मुख्य नहर के 73-78 मील के बीच कराये गये पुर्नस्थापन कार्य के लिए अपेक्षित समय-वृद्वि की स्वीकृति लिये बिना एवं भराई कार्य मद की मात्रा में हुई 16.37% प्रतिशत के वृद्वि के लिए सक्षम पदाधिकारी से अनुमति लिये बिना ही अंतिम विपत्र पारित किये जाने का प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोप के लिए दोषी पाये के फलस्वप विभागीय संकल्प ज्ञापांक-518 दिनांक 22.7.2004 द्वारा सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील ) के नियम-55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री सिंह द्वारा कराये गये पुर्नस्थापन कार्य, कार्य हित में कराया गया है। समयवृद्वि प्रस्ताव पर स्वीकृति हेतु उचित माध्यम से अभियन्ता प्रमुख को भेजा गया तथा समयवृद्वि की अनुशंसा मुख्य अभियन्ता द्वारा किये जाने के पश्चात ही मिट्‌टी भराई का अंतिम विपत्र पारित किया गया। अतः श्री सिह के विरूद्व गठित आरोप प्रमाणित नहीं होता है। अतः सम्यक समीक्षोपरान्त श्री उमेश प्रसाद सिंह को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है। अतएव श्री सिंह को दोषमुक्त किया जाता है। उपरोक्त निर्णय से श्री उमेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, दीधा को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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22 जुलाई 2008

सं॰ 22 नि0 सि0(पट0)-03-03/2003/564—श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमंडल, दीघा के वर्ष 1999-2001 में पटना मुख्य नहर के 68.73 मील के बीच कराये गये पुर्नस्थापन कार्य के लिए किये गये भुगतान के पाचवें चालू विपत्र एवं छठे चालू विपत्र में कुल मिलाकर रूपये 93,158= 00 के अधिक भुगतान का प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोप के लिए दोषी पाये के फलस्वप विभागय संकल्प ज्ञापांक-515 दिनांक 22.7.2004 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) के नियम-55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त श्री सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता को सक्षम पदाधिकारी का स-समय सहायता नहीं किया जाना तथा विभाग को वित्तीय हानि होना, चालू विपत्र से सम्वेदक (बिहार राज्य निर्माण निगम) को ज्यादा भुगतान किया जाना, जिसे अन्य चालू विपत्र से समायोजित किया जाना इत्यादि के लिए दोषी नहीं पाया गया। अतः जॅाच पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है। अतएव श्री सिंह को दोषमुक्त किया जाता है। उपरोक्त निर्णय से श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, दीधा को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।37 (cid:18)बहार गजट, 19 नव(बर 2008

21 जुलाई 2008

सं॰ 22/नि0सि0(दर0)-16-27/2007-562—श्री राम सुमिरन सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, सं0-2, झंझारपुर को उनके परिक्षेत्राधाीन दिनांक-26.07.2007 एवं 27.07.2007 को कमला बलान दायां तटबंध में कई जगहों पर टूटान होने एवं तटबंध को बचाने हेतु कार्यपालक अभियंता द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाने और तटबंध पर खतरा उत्पन्न होने की स्थिति में मुख्यालय को सूचना नहीं देने इत्यादि प्रथम द्रष्टया आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं0-757, दिनांक-01.08.2007 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया गया। तदनुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1020, दिनांक-31.10.2007 द्वारा श्री सिंह के विरुद्ध नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी।

विभागीय कार्यवाही में जांच पदाधिकारी द्वारा पत्रांक-3038, दिनांक-03.06.08 जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जांच प्रतिवेदन में आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये। तदनुपरांत प्राप्त जांच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री सिंह, कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध कोई आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। फलतः सरकार द्वारा उन्हें निलंबन से मुक्त करते हुए दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है। निलंबन अवधि को कर्तव्य पर विताई गई अवधि मानते हुए उक्त अवधि के लिए पूर्ण वेतनादि का भुगतान होगा।

सरकार को उक्त निर्णय श्री राम सुमिरन सिंह, कार्यपालक अभियंता को संसूचित किया जाता है। निलंबन से मुक्त होने के उपरांत श्री सिंह, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) में योगदान करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्य नारायण दास, सरकार के उप-सचिव।

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अधीLक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुIित।

(cid:18)बहार गजट का पूरक (अ0), 35-571+00-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 November 2008. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2008-11-19.47/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2008-11-19.47.