िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 28282828 काित क काित क काित क काित क 1930 1930 1930 1930 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 प प प पटना टना टना टना 534534534534)))) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार, , , , 19191919 नव*बनव*बनव*बनव*बर र र र 2008200820082008 सं0 2/सी-10141/08 का0 11825 कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग ——— संकल्प 10 नवम्बर 2008
श्री विजय कुमार शर्मा (बि0प्र0से0) कोटि क्रमांक 172/04, 55/08 संयुक्त सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध, बिहार राज्य भूमि विकास बैंक को मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार बन्द करने संबंधित निर्णय के पश्चात् बिना सक्षम प्राधिकार का आदेष प्राप्त किये बिहार राज्य भूमि विकास बैंक को मल्टी स्टेट कॉ-आपरेटिव सोसाईटी एक्ट के तहत् केन्द्रीय निबंधक सहकारिता कृषि मंत्रालय भारत सरकार को बैंक का निबंधन करने हेतु निदेष देने संबंधी घोर कदाचार एवं अनुषासनहीनता बरतने का आरोप है।
2. अतः सरकार के निर्णयानुसार श्री शर्मा, कोटि क्रमांक 172/04 संयुक्त सचिव सहकारिता विभाग को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम - 9 (1) में निहित प्रावधान के आलोक में तत्कालिक प्रभाव से अगले आदेष तक के लिए निलम्बित किया जाता है।
3. श्री शर्मा के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने का भी निर्णय है, जिसपर अलग से कार्रवाई की जायेगी।
4. निलम्बन की अवधि में श्री शर्मा का मुख्यालय आयुक्त सहरसा प्रमंडल कार्यालय होगा। 5. श्री शर्मा को निलम्बन अवधि में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एंव अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 में निहित प्रावधान के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आदेष :आदेष :आदेष :आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री विजय कुमार वर्मा (बि0प्र0से0) एवं अन्य संबंधितों को दे दी जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 19 नव*बर 2008 सं0 2/सी-10141/08 का0 11824 ———
संकल्प
10 नवम्बर 2008
श्री जितेन्द्र कुमार सिंह (बि0प्र0से0) कोटि क्रमांक 686/04, 528/08 अवर सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध, बिहार राज्य भूमि विकास बैंक को मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार बन्द करने संबंधित निर्णय के पश्चात् बिना सक्षम प्राधिकार का आदेष प्राप्त किये बिहार राज्य भूमि विकास बैंक को मल्टी स्टेट कॉ-आपरेटिव सोसाईटी एक्ट के तहत् केन्द्रीय निबंधक सहकारिता कृषि मंत्रालय भारत सरकार को बैंंक का निबंधन करने हेतु निदेष देने संबधी घोर कदाचार एवं अनुषासनहीनता बरतने का आरोप है।
2. अतः सरकार के निर्णयानुसार श्री सिंह (बि0प्र0से0) कोटि क्रमांक 686/04, 528/08 अवर सचिव, सहकारिता विभाग को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम -9 (1) में निहित प्रावधान के आलोक में तत्कालिक प्रभाव से अगले आदेष तक के लिए निलम्बित किया जाता है।
3. श्री सिंह के बिरूद्ध बिभागीय कार्यवाही चलाने का भी निर्णय है। जिसपर अलग से कार्रवाई की जायेगी।
4. निलम्बन की अवधि में श्री सिंह का मुख्यालय आयुक्त सहरसा प्रमंडल कार्यालय होगा। 5. श्री सिंह को निलम्बन अवधि में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एंव अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 में निहित प्रावधान के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
आदेषआदेषआदेषआदेष :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री जितेन्द्र कुमार सिंह (बि0प्र0से0) एवं अन्य संबंधितों को दे दी जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
———
सं0 2/सी3-30119/93/का0 11525
कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग
———
संकल्प
27 अक्तूबर 2008
श्री रामरूप सिंह (बि0प्र0से0) कोटि क्रमांक 730/99, 228/04 तत्कालीन उप समाहर्त्ता-सह- प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, वैषाली, हाजीपुर सम्प्रति अपर समाहर्त्ता, सहरसा के विरूद्ध प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन अवधि के दौरान अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रषासनिक नियंत्रण नहीं रखने/निदेषालय द्वारा दिये गये निदेष का उल्लंधन करने /वरीय संयुक्त निदेषक, सांख्यिकी एवं मूल्यांकन निदेषालय द्वारा जिला सांख्यिकी कार्यालय, हाजीपुर वैषाली को किये गये औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थिति पाये गये कर्मचारियों का बगैर मुख्यालय के आदेष प्राप्त कर अपने स्तर से निर्णय लेकर अनुपस्थित अवधि का वेतन भुगतान करने/वरीय पदाधिकारियों का आदेष की अवहेलना करने से संबधित आरोप निदेषक, सांख्यिकी एवं मूल्यांकन निदेषालय पटना द्वारा प्रतिवेदित किया गया।
निदेषक सांख्यिकी एवं मूल्यांकन निदेषालय, पटना द्वारा प्रतिवेदित आरोप, आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं इसके आलोक में निदेषक, सांख्यिकी एवं मूल्यांकन निदेषालय, बिहार, पटना से प्राप्त मंतव्य की सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार के आदेषानुसार श्री सिंह को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम -14 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत निम्नांकित दंड संसूचित किया जाता हैः-
1. निन्दन की सजा। ( 1993-94) 2. असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि की रोक। आदेषआदेषआदेषआदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री रामरूप सिंह (बि0प्र0से0) सम्प्रति अपर समाहर्त्ता, सहरसा एवंं अन्य संबंधितों को दे दी जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
———
3 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 19 नव*बर 2008 सं0 2/सी3-10159/06/का0 11826 कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग ———संकल्प
10 नवम्बर 2008
श्री अल्लामा मोख्तार, (बि0प्र0से0) कोटि क्रमांक 2555/99, 1409/04 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, कटरा, मुजफ्फरपुर, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित रहना, भूख के कारण श्रीमती लालती देवी द्वारा आत्महत्या करने, कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने आदि आरोप, जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर के पत्रांक -2839 दिनांक 02.08.06 द्वारा प्रतिवेदित किया गया।
2. उपर्युक्त आरोपों पर श्री मोख्तार के पत्रांक -30 दिनांक 04.12.2006 से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उस पर जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 837 दिनांक 12.02.07 द्वारा प्राप्त मंतव्य की सम्य्क समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत श्री मोख्तार को उपर्युक्त आरोपों के लिये सरकार स्तर पर दोषी पाया गया और विभागीय संकल्प संख्या 5877 दिनांक 02.06.08 द्वारा दो वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोेके जाने का दंड दिया गया। श्री मोख्तार की सेवा संपुष्ट नहीं होने के कारण मामले पर पुनर्विचार करते हुए श्री मोख्तार को पूर्व में दिये गये दंड को विलोपित करते हुए इनके दो वर्षों के लिये देय तिथि से प्रोन्नति पर रोक संबंधित दंड दिया जाता है।
आदेषआदेषआदेषआदेषः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र में प्रकाषनार्थ किया जाय तथा इसकी प्रति श्री अल्लामा मोख्तार निलंबित पटना प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, पटना एवं अन्य संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
———
2/सी0-109/08 का0 11706 कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग ——— संकल्प 3 नवम्बर 2008
श्री अवधेष पाण्डेय, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 355/04, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, इस्लामपुर (नालंदा) के विरूद्ध प्रतिवेदित गवन संबंधी आरोप एवं इनके विरूद्ध दर्ज थाना कांड संख्या 26/03 दिनांक 27.05.03 की धारा 409,420,120 (वी0) भा0 द0 वि0 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में संसीमीत किये जाने के फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (ग) में विहित प्रावधानों के तहत श्री पाण्डेय को विभागीय संकल्प संख्या 159 दिनांक 08.02.08 द्वारा दिनांक 10.01.08 के प्रभाव से अगले आदेष तक के लिये निलम्बित किया गया।
श्री पाण्डेय द्वारा उनके विरूद्ध उपर्युक्त दर्ज थाना कांड में ए0सी0जी0एम0 के न्यायालय में संज्ञान के विरूद्ध आवेदन किया गया, जिस पर विचार नहीं होने के कारण उनके द्वारा द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, हिलसा (नालन्दा) के न्यायालय में क्रिमनल रिभिजन 29/08 दायर किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेष निम्न प्रकार है :- From perusal of above evidences it appears that the petitioner has no role in the alleged affence, rather he gave notice to the contractor Mahesh Prasad to deposit the rest amount in Goverment treasury and when the said contractor did not deposit the side amount the petitioner has made order to realize the said amount by filling certificate case and F.I.R against the said contractor.
Accordingly, the impugned order is suffers from jurisdiction and legal error. Therefore the impugned order against petitioner's is set aside and the instant revision petition is allowed in favors of petitioner.
उपर्युक्त पारित आदेष के आलोक में मामले की पूर्ण समीक्षोपरांत श्री पाण्डेय को दिनांक 24.10.08 के प्रभाव से निलम्बन से मुक्त किया जाता है। निलम्बन अवधि कर्तव्य अवधि मानी जाएगी।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री अवधेष पाण्डेय, कोटि क्रमांक 355/04 मुख्यालय आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर एवं अन्य संबंधित को दी जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 19 नव*बर 2008
सं0 2/सी.3-30135/2000 का0 11920
कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग
———
संकल्प
12 नवम्बर 2008
श्री अनिमेष कुमार (बि0प्र0से0) कोटि क्रमांक 1279/04 तत्का0 प्रखंड विकास पदाधिकारी, उदवन्तनगर भोजपुर के विरूद्ध विधायक योजनाओं के अभिकर्त्ता के रूप में जीप चालक को अभिकर्त्ता नियुक्त करने, चुनाव आचार संहिता का उल्लंधन करने, मत-पेटी की रंगाई-पुताई में गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने एवं आहर मरम्मती में धटिया किस्म के समानों का उपयोग करने संबंधित प्रतिवेदन आरोपों की समीक्षोपरान्त आरोपों को प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप असैनिक सेवाएँ (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 1930 के नियम 49 (ए0) में निहित, प्रावधान के तहत श्री कुमार को विभागीय संकल्प संख्या 1661 दिनांक 28.03.2001 द्वारा निलम्बित किया गया। आरोपों की जाँच हेतु संकल्प संख्या 1686 दिनांक 28.03.2001 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित कर आयुक्त पटना प्रमंडल पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
विभागीय कार्यवाही में जाँच पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं सुसंगत कागजातों के पूर्ण सम्क्षोपरांत सरकार के आदेषानुसार श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप श्री कुमार को दिनांक 24.10.08 से निलम्बन से मुक्त करते हुए निम्नांकित दंड संसुचित किया जाता है :-
1. संचायात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्धि की रोक। 2. देय तिथि से तीन वर्षों के लिये प्रोन्नति पर रोक। 3. निलम्बन अवधि मेें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कोई अन्य राषि देय नहीं होगा। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाए तथा इसकी प्रति श्री अनिमेष कुमार बि0प्र0से0 कोटि क्रमांक 1279/04 एवं अन्य संबंधित को दी जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
———— अधी+क, सिचवालय मुिणालय,