िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 7777 फा गुफा गुफा गुफा गुनननन 1930 1930 1930 1930 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 43434343)))) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितवारितवारितवारितवार,,,, 26262626 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2002002002009999 निबंधन,उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (उत्पाद एवं मद्य निषेध)
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अल्पकालीन निविदा सूचना
1ली अप्रील 2009 से 31 मार्च 2012 तक बोतल के परिभाषा में परिभाषित सैचेट में देषी शराब
के विर्निमाण एवं आपूर्ति करने हेतु निविदा
सं॰ 594—बिहार राज्य में देषी शराब के मद्य भंडागारों से बिहार राज्य बिवरेजेज कॉ0 लि0 के गोदामों में पहली अप्रील, 2009 से 31 मार्च 2012 तक देषी शराब की सैचेट, जो बोतल के परिभाषा में परिभाषित हैं, में आपूर्ति करने के अनन्य विषेषाधिकार प्रदान करने के निमित्त वार्षिक नवीकरण की शत्र्त पर प्रपत्र-27 में अनुज्ञप्ति की स्वीकृति हेतु सरकार इच्छुक व्यक्ति/पार्टनरसीप फर्म/कम्पनी/आसवनगृह से निविदा आमंत्रित करती है। देषी शराब की आपूर्ति के लिये निविदा इसके साथ अनुबद्व अनुसूची (2) में उल्लिखित प्रपत्र ''क'' में समर्पित की जा सकती है। लिफाफे के ऊपर '' सैचेट (जो बोतल के परिभाषा में परिभाषित है) में देषी शराब की आपूर्ति '' लिखा रहे। निविदा उत्पाद आयुक्त, बिहार, पटना के विकास भवन नया सचिवालय, पटना 800015 स्थित कार्यालय में दिनांक 16.03.09 समय 3ः00 बजे अपराह्न तक पहुंच जानी चाहिए। जिसे उसी दिन 4ः00 बजे अपराहन् में आयुक्त उत्पाद अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा उपस्थित निविदादाताओं के समक्ष खोला जायेगा।
2. सरकार न्यूनतम या कोई भी निविदा स्वीकार करने के लिये बाध्य नहीं होगी। अन्य सभी बातें एक समान रहने पर उन कार्यरत निविदादाताओं को ठेका की स्वीकृति में प्राथमिकता दी जाएगी जिनका अपना भंडागार/ निर्माणषाला हो तथा कार्यकलाप (आपूर्ति) संतोषप्रद रहा हो। चूंकि आसवनगृहों को पूर्व में राज्य में कार्य करने का अवसर नहीं रहा है, अतः आसवनगृहियों के मामले में यह शत्र्त षिथिल रहेगी। सरकार को यह अधिकार होगा कि निविदादाताओं से बातचीत (निगोषियेषन) द्वारा निविदा का निपटारा कर अनुज्ञप्ति की स्वीकृति करें। बिना कारण बताये कोई भी अथवा सभी निविदा अस्वीकृत की जा सकती है। निविदा स्वीकृति प्राधिकार द्वारा निर्धारित अवधि से कम अवधि के लिये भी निविदा स्वीकार की जा सकेगी।
(क) सरकार को यह अधिकार सुरक्षित होगा कि निविदादाता की निविदा स्वीकार किये जाने की स्थिति में अनुबद्ध अनुसूचि (1) में उल्लेखित प्रक्षेत्रों में से किसी भी प्रक्षेत्र का अनन्य विषेषाधिकार का ठेका स्वीकृत करें। उक्त स्थिति में सफल निविदादाता को यह अधिकार नहीं होगा कि वह निविदित प्रक्षेत्र के लिए ही ठेका स्वीकृत करने के लिए ही किसी प्रकार का दावा पेष करे। इस प्रकार का कोई भी दावा स्वीकार नहीं होगा।
(ख) कार्यरत आसवनगृह को छोड़कर वैसे निविदादाता यथा निजी व्यक्ति/पार्टनरसीप फर्म/कम्पनी जिन्हें देषी शराब के निर्माण एवं आपूर्ति के कार्य में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव हो, के द्वारा ही समर्पित निविदा पर विचार किया जा सकेगा। कार्यरत आसवनगृह के मामलेे में उपरोक्त शत्र्त लागू नहीं होंगे।2 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009 (ग) उन्हीं निविदादाता के निविदा को स्वीकार किया जायगा, जिनके देषी शराब के विनिर्माण के व्यापार का वार्षिक टर्नओभर कम से कम 3 करोड़ रू0 की होगी, इसके समर्थन में उन्हें अपेक्षित प्रमाणपत्र/कागजात समर्पित करना होगा। आसवनगृहो के मामले में यह शर्त्त षिथिल समझी जाएगी।
3. (क) प्रत्येक इच्छुक निविदादाता ''0039'' - राज्य उत्पाद शुल्क - ''देषी स्पिरिट भट्ठी-स्पिरिट शुल्क'' बजट शीर्ष के अधीन कोषागार चालान द्वारा या आयुक्त उत्पाद, बिहार के पदनाम से थातीकृत राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र/डिमान्ड ड्राफ्ट/किसान विकास पत्र के द्वारा प्रत्येक आपूर्ति प्रक्षेत्र के लिये जमानत की राषि के रूप में 3,00,000/-(तीन लाख) रूपये जमा करेगा तथा उसे निविदा के साथ उपस्थापित करेगा। जिस निविदा के साथ यथाविहित युक्त जमानत जमा करने के प्रमाण स्वरूप कोषागार चालान अथवा राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र/डिमान्ड ड्राफ्ट/किसान विकास पत्र संलग्न नहीं रहेगा उस निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा। असफल निविदादाताओं को जमानत की राषि लौटा दी जायेगी, किन्तु सफल निविदादाताओं की जमानत की राषि पूरे ठेका अवधि के लिये जमानत के रूप में रखी जायेगी।
सफल निविदादाता यदि प्रतिभूति राषि के रूप में डिमान्ड ड्राफ्ट जमा करता है तो उक्त स्थिति में निविदा की स्वीकृति के पश्चात उन्हें डिमान्ड ड्राफ्ट के स्थान पर थातिकृत राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र या किसान विकास पत्र उतने ही राषि का जमा करना होगा।
(ख) यदि किसी अनन्य विषेषाधिकार के प्रक्षेत्र विशेष के लिए कोई योग्य निविदादाता नहीं पाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में अन्य प्रक्षेत्रों के लिए आवेदित योग्य पाये गये निविदादाताओं में से किसी एक को उक्त प्रक्षेत्र आवंटित करने का राज्य सरकार को सर्वाधिकार सुरक्षित रहेगा। इस अतिरिक्त आवंटित होने वाले प्रक्षेत्र के लिए संबंधित निविदादाताओं को उपर्युक्त निर्धारित जमानत राशि अलग से निर्धारित अवधि में जमा करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनके पक्ष में स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया जायेगा।
(ग) देषी शराब की आपूर्ति हेतु निविदादाताओं से एतद् द्वारा संपूर्ण राज्य के लिए एक समान दर की निविदा आमंत्रित की जाती है। देषी शराब की आपूर्ति हेतु चुने गए निविदादाताओं को निगोषियेसन द्वारा संपूर्ण राज्य के लिए मात्र एक दर पर विभिन्न प्रक्षेत्रों में देषी शराब की आपूर्ति करनी होगी। सहमत होने वाले निविदादाताओं के बीच प्रत्येक निविदादाता को एक या एक से अधिक प्रक्षेत्र आवंटित करने का अधिकार सरकार को सुरक्षित रहेगा जिसमें निविदादाताओं को दिये गये प्रक्षेत्र की अधिमान्यता पर भी विचार किया जा सकता है। परन्तु यह सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं होगा कि निविदादाता के द्वारा मांगा गया प्रक्षेत्र उन्हें अवष्य आवंटित किया जाये। परिस्थितियों को देखते हुए निविदादाताओं के द्वारा दिये गये अधिमान्यता से भिन्न प्रक्षेत्र भी उन्हें सरकार के द्वारा आवंटित किया जा सकता है जिसे स्वीकार करना उनके लिए बाध्यकारी होगा तथा आवंटित प्रक्षेत्र में आपूर्त्ति करने से इन्कार करने वाले निविदादाताओं की प्रतिभूति राषि जब्त कर ली जायेगी।
(घ) अनुज्ञाषुल्क का एकमुष्त भुगतान उस प्रक्षेत्र के प्रत्येक अनुज्ञाधारी को करना होगा, जो सदस्य, राजस्व पर्षद्/आयुक्त उत्पाद द्वारा विनिष्चित एक रूपया प्रति एल0 पी0 लीटर की दर से उस वर्ष की न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा पर परिकलित होगा। यदि प्रक्षेत्र में देषी शराब की कुल थोक बिक्री/आपूर्ति वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा से अधिक होती है तो उस अधिक मात्रा पर भी अतिरिक्त अनुज्ञाषुल्क 1/- रू0 प्रति एल0 पी0 लीटर की दर से परिकलित होगा।
(ड.) निविदादाता निविदा के लिये आवेदन देते समय जिस प्रक्षेत्र के लिये अपना अधिमान्यता देंगे, वहॉ सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति हेतु आवष्यक संयंत्रों एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित एक सुस्पष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट समर्पित करेंगे, जिसमें यह उल्लेख रहेगा कि प्रस्तावित क्षेत्र में कहां-कहां कितनी क्षमता के सैचेटिंग प्लान्ट लगे हैं अथवा लगायेंगे और सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति में किन-किन मदों पर अनुमानित कितना आवर्तक और अनावर्तक व्यय होगा। साथ ही उन्हें आपूर्त्ति प्रक्षेत्र की निविदा के लिये राष्ट्रीयकृत/अनुसूचित बैंक द्वारा निर्गत किया हुआ 35 लाख रूपये की पूॅजी की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र (अनुसूची 4 संलग्न प्रपत्र में) समर्पित करना होगा।
(च) प्रोजेक्ट रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख रहेगा कि आवेदक उस निमित्त पूॅजी की व्यवस्था कहाँ से करेगें तथा संयंत्रों आदि की व्यवस्था कहाँ से करने का विचार रखते हैं। पूँजी की व्यवस्था निजी स्श्रोत से की जानी हो या ऋण से दोनों के ही समर्थन में प्रमाण स्वरूप आवष्यक दस्तावेज संलग्न किया जायेगा। साथ ही ऋण मिल सकेगा ऐसा स्पष्ट बिना किसी शत्र्त का आष्वासन-पत्र भी संलग्न किया जायेगा। प्राईवेट पार्टी से ऋण प्राप्त किये जाने की स्थिति में उक्त पार्टी की वित्तीय क्षमता के समर्थन में भी बैंक का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा। (छ) जिन व्यक्तियों की निविदा स्वीकृत की जाती है वे निविदा स्वीकृति के दो महीने के भीतर सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति करने हेतु आवष्यक व्यवस्था पूरी कर लेगें। यदि दो महीने के भीतर उनके द्वारा इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी तो उनकी निविदा को विखंडित करने की कार्रवाई की जा सकती है तथा जमानत की राषि भी जप्त की जा सकती हैं।
(ज) उत्पाद प्रपत्र-27 (अनुसूची 3) में विहित अनुज्ञप्ति में उल्लिखित शत्र्तो को इस निविदा सूचना का अंग माना जायेगा, मानो वे शत्र्ते इसमें उस हद तक छोड़कर, जिस हद तक इस निविदा सूचना द्वारा रूपभेदित की गई हो इस निविदा सूचना में सम्मिलित है, और निविदादाता रूप भेदित शत्र्तो सहित उस सभी शत्र्तो से भी सहमत हैं।3 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009 (झ) सैचेट में देषी शराब की विर्निमाण एवं आपूर्ति के लिये जिस व्यक्ति/कम्पनी/पार्टनरसीप फर्म/ कम्पनी/आसवनगृह की निविदा स्वीकार कर ली जाय वह उत्पाद प्रपत्र 27 में देषी शराब को निर्माण एवं आपूर्ति के लिये अनुज्ञप्ति की शत्र्तो का इस निविदा सूचना द्वारा यथा रूपभेदित सीमा तक छोड़कर पालन करेगा और उससे आबद्व रहेगा।
(ण) जिस निविदादाता की निविदा स्वीकार कर ली जाती है, वह अपनी निविदा की स्वीकृति का आदेष संसूचित किये जाने की तारीख से 15 दिनों के भीतर उत्पाद प्रपत्र 27 में अनुज्ञप्ति के लिये संबंधित समाहत्र्ता को आवेदन देगा। इस काम में चूक करने पर आयुक्त उत्पाद निविदादाता को कारण बताये बिना ही, उनकी निविदा की स्वीकृति रद्द कर देगा, उसकी जमानत जप्त कर लेगा और उसके जोखिम पर किसी अन्य निविदादाता को अनुज्ञप्ति प्रदान करेगा। यदि निविदादाता की ऐसी चूक या इंकार के कारण सरकार को कोई घाटा होता हो, तो उससे (जमानत की राषि की जप्ती के अतिरिक्त) घाटे के रकम लोक माँग के रूप में वसूली जायेगी।
4.(i)(क) निविदादाता को अपनी निविदा में इसका स्पष्ट उल्लेख कर देना चाहिए कि वह किस आसवनगृह से सुषव प्राप्त कर सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति करेगा।
(ख) इस अनन्य विषेषाधिकार के अन्तर्गत एक प्रक्षेत्र में ठीकेदारों को सैचेटिंग प्लान्ट बैठाने तथा प्रक्षेत्र के अन्तर्गत पड़ने वाले जिलों में बिहार राज्य ब्रिवरेज कॉरपोरेषन लि0 द्वारा स्थापित गोदाम में सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति करने का विषेषाधिकार प्रदान किया जा सकता है।
(ग) इस विषेषाधिकार के अन्तर्गत सभी ठीकेदारों (आसवनगृहपति अथवा गैर आसवनगृहपति) को बंध के अधीन ही पारक के आधार पर आसवनगृह से सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। किन्तु यदि सरकार उत्पाद कर के पूर्व भुगतान का आदेष दें, तब तदनुसार उत्पाद कर की राशि पूर्व आदायगी के उपरांत ही सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। इस संबंध में उत्पाद आयुक्त, बिहार के निदेश का पालन करना होगा।
(घ़) देषी शराब के निर्माण एवं उसके आपूर्तिकत्र्ता आयुक्त उत्पाद/समाहत्र्ता द्वारा निर्धारित प्रक्षेत्र में आदेषित स्थल पर निर्माणषाला एवं मद्य भंडागार स्थापित कर वहाँ बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 के द्वारा स्थापित गोदाम में सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति करेंगे।
(ड.) निविदा स्वीकृत होने की स्थिति में माँग के अनुसार ठेकेदार 400 मि0 ली0, 200 मि0 ली0 के सैचेट में 60 यू0 पी0 शक्ति की देषी शराब की आपूर्ति करेंगे।
(ii) निविदादाता द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित गोदामों से तथा उसके बाद खोले जाने वाले किसी अतिरिक्त गोदाम से इस निविदा सूची के साथ संलग्न अनुसूची 3 में निहित शत्र्तो के अनुसार सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 कोे दी जायेगी। ठीकेदार देषी शराब पर लागू कर आदि तथा उसकी थोक कीमत बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 से बैंक ड्राफ्ट से सीधे प्राप्त करेगा। वह इस प्रकार प्राप्त की गयी राषि की रसीद बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 को देगा जो भंडागार में गार्ड फाईल में सुरक्षित रखी जायेगी। कर आदि एवं देषी शराब लागत मूल्य की प्राप्त राषि की रसीद ठेकेदार द्वारा अलग-अलग दी जायेगी।
(iii) निविदादाता को उत्पाद आयुक्त द्वारा यथाविहित प्रत्येक माल गोदाम में देषी शराब की निर्धारित शक्ति एवं मापों की शराब भरी सैचेट का पर्याप्त स्टॉक रखना होगा, ताकि शराब की निकासी के समय स्कन्ध उपलब्ध रहे।
(iv)(क) ठेकेदार देषी शराब की सैचेटिंग एवं उसकी आपूर्ति के लिये अनुसूची-1 में दर्षाये गये आवंटित प्रक्षेत्रों के इंगित मद्य भंडागारों के परिसर में देषी शराब की सैचेटिंग के निमित संयंत्र, साजो-सामान, प्लान्ट एवं मषीनरी एवं भंडारण की व्यवस्था करेगा। ठेकेदार यदि चाहे तो आयुक्त उत्पाद की पूर्व अनुमति प्राप्त कर राज्य में उस आवंटित प्रक्षेत्र के अतिरिक्त अन्य आवंटित प्रक्षेत्र के सम्बद्ध जिला में से कम से कम किसी एक मद्य भंडागार से आपूर्त्ति कर सकते हैं, परन्तु ऐसे सैचेट में देषी शराब विहित गोदामों में पहुंचाने का दायित्व ठेकेदार का होगा तथा उसके लिये उन्हें कोई परिवहन व्यय एवं क्षति मान्य नहीं होगा ठेकेदार के सैचेटिंग प्लांट इस निविदा के अधिन देषी शराब के आपूर्ति हेतु पूर्णतया समर्पित होंगे।
(ख) यदि आयुक्त उत्पाद के आदेष से राज्य में आवंटित प्रक्षेत्र के किसी मालगोदाम से किसी अन्य ठेकेदार को आवंटित किसी अन्य प्रक्षेत्र के मालगोदाम में सैचेट में देषी शराब की आपूर्ति की जाय तो उस अन्य ठेकेदार को अपने खर्च पर परिवहन एवं भंडारन करना होगा तथा हुई क्षति के लिये वे (अन्य ठीकेदार) ही देनदार होंगे।
(v) वर्ष 2007-2008 में राज्य के अन्य प्रत्येक जिले से कितनी देषी शराब की अपूर्ति की गयी है यह अनुसूची-1 में दर्ज है। ठीकेदारों द्वारा प्रत्येक गोदाम में सैचेट में देषी शराब की निर्धारित शक्ति एवं मापों की ही देषी शराब का (वार्षिक खपत के आधार पर कम-से-कम एक सप्ताह का) स्टॉक रखना अनिवार्य होगा। इसमें चूक करने पर सरकार कारण बताने का अवसर दिये बिना निविदा की स्वीकृति रद्द कर देगा, उसकी जमानत की राषि जप्त कर लेगा और उनके जोखिम पर ठेका को पुनः बन्दोबस्त करेगा तथा किसी अन्य व्यक्ति को अनुज्ञप्ति दे सकेगा।
(vi) (क) सफल ठेकेदार द्वारा भंडागार एवं सैचेटिंग प्लांट स्थापित करने के लिए परिसर, भवन, संयंत्र, साज-सामान आदि की व्यवस्था निर्धारित समय के अंदर करना उनका दायित्व होगा। मद्य भंडागार एवे सैचेटिंग4 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009 प्लांट में प्रतिनियुक्त उत्पाद पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उचित कार्यालय एवं आवासीय व्यवस्था प्रदान करने एवं उसका खर्च वहन करने का दायित्व ठीकेदार का होगा।
(ख) ऐसे सभी मामलों में जहाँ ठीका वत्र्तमान ठीकेदारों से भिन्न व्यक्तियों को दिया जाये, नये ठेकेदार को ठीका की शर्तो के अनुसार वहिर्गामी ठेकेदारों के सभी संयंत्र साज-समान और ऐसे भवन जिन्हें आयुक्त उत्पाद, के द्वारा अनुमोदित किया गया हो, जिला समार्हाा द्वारा आदेष करने पर खरीद लेने पड़ेंगे। ऐसे सभी मामलों में संबंधित भूमि भवन के स्वामी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने का दायित्व नये ठीकेदार का होगा। यदि वहिर्गामी और अन्तर्गामी ठीकेदार संयंत्र और भवन आदि के मूल्यांकन पर सहमत नहीं हो सके तो उस जिलें के समाहत्र्ता उसकी कीमत तय करेंगे, विवाद की स्थिति में उस पर उत्पाद आयुक्त का निर्णय अंतिम होगा। निविदा स्वीकृत होते ही सफल निविदादाता वहिर्गामी ठेकेदार को भुगतान निमित्त सभी संयंत्र आदि का प्राक्कलन मूल्य ऐसी अवधि के भीतर उत्पाद आयुक्त के पास जमा कर देगा जो उत्पाद आयुक्त निष्चित करेंगे इसमें चूक होने पर इसे ठीका और अनुज्ञप्ति की शत्र्तो का उल्लंधन माना जायेगा और ऐसे ठीकों को रद्द किया जा सकता है।
(vii) ठेकेदारों को प्रत्येक गोदाम के लिये अग्निषमन व्यवस्था, बिहार राज्य अग्निषमन विभाग द्वारा सुनिष्चित मापदंडों के अनुसार सुनिष्ति करनी होगी।
5. (i)(क) सरकार को किसी ठीका की अवधि का उस कालावधि के लिये विस्तार करने का अधिकार होगा, जिसे वह ठीका की समाप्ति के समय विद्यमान परिस्थितियों में उचित समझे और कार्यरत ठीकेदार विस्तारित अवधि में निविदा की शर्तो के अनुसार आपूर्ति जारी रखने के लिये बाध्य होंगे।
(ख) यदि निविदादाता को ऐसी किसी चूक या इन्कार के कारण सरकार को कोई घाटा होगा तो उसकी जमानत की जप्ती के अलावा घाटे की रकम लोक माँग के रूप में उससे वसूल की जायेगी। ठीका और उसकी अनुज्ञप्ति की शर्तो का पालन न करने पर अनुज्ञप्ति की शर्तो के अनुसार की जाने वाली किसी अन्य कार्रवाई पर कोई विपरीत प्रभाव डाले बिना प्रतिभूति की रकम जप्त कर ली जायेगी।। ठीका अवधि में जो नए गोदाम खोले जायेंगे वहां ठीकेदार ऐसा न्यूनतम स्कंध रखेगा जो उत्पाद आयुक्त निर्धारित करेंगें।
(ii) सरकार को यह अधिकार सुरक्षित है कि वह अपनी मद्य निषेध नीति अथवा अन्य नीतिगत निर्णय के अनुसरण में या अन्य अपरिहार्य कारणों से पूरे राज्य में या किसी क्षेत्र विषेष में देषी शराब की आपूर्ति का वत्र्तमान ठेका को समाप्त कर दे या बोतल की परिभाषा में देषी शराब की आपूर्ति की प्रणाली में परिवर्तन करेे, अनुज्ञाधारी उससे बाध्य होगा एवं किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा।
(iii) ठेकेदारों को प्रत्येक गोदाम का बीमा भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बीमा एजेंसियों द्वारा कराना अनिवार्य होगा।
(iv) निविदादाता को निविदा के साथ निम्नलिखित अद्यतन प्रमाण-पत्र में संलग्न करना आवष्यक होगा अन्यथा उनकी निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा :-
(क) नवीनतम दायर आयकर रिटर्न, आयकर विभाग द्वारा प्रदा पावती रसीद के साथ जो चार्टर्ड एकाउन्टेट द्वारा सत्यापित मूलप्रति होना चाहिए।
(ख) i. निविदादाता को निविदा के साथ बिहार बिक्री कर के तहत निबंधित होने का प्रमाण पत्र संबंधित अंचल के प्रभारी द्वारा सत्यापित मूल प्रति देना होगा, अनिबंधित निविदादाता की निविदा स्वीकार नहीं होगी। ii. वाणिज्यकर आयुक्त, बिहार या उनके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा प्रदा वाणिज्यकर शोधन/ अनापाि प्रमाण पत्र जो निविदा प्रकाशन की तिथि के बाद निर्गत किया गया हो। अगर वाणिज्यकर विभाग द्वारा शोधन प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो निविदा के प्रकाषन के पूर्व निर्गत शोधन प्रमाण पत्र की मान्यता दी जाएगी, परन्तु यदि निविदा स्वीकृति के बाद भी निविदादात के विरूद्ध किसी प्रकार का वाणिज्य कर बकाया प्रतिवेदन वित्त वाणिज्य कर विभाग द्वारा प्रतिवेदित किया गया है तो निर्धारित समय सीमा के अंदर बकाया राषि का भुगतान नहीं करने पर निविदा की प्रदत स्वीकृति रद्द कर दी जायेगी।
(ग) चरित्र प्रमाण-पत्र जो स्थायी निवास स्थान अथवा नियमित कारोबार से संबंधित क्षेत्र के जिलाधिकारी द्वारा मूल रूप में प्रदत्त होना चाहिए और निविदा प्रकाषन की तिथि के बाद निर्गत किया गया हो। यदि निविदादाता कोई निबंधित फार्म या कम्पनी हो तब उल्लेखित चरित्र प्रमाण-पत्र की आवष्यकता नहीं है। अपितु सक्षम पदाधिकारी (रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी) का इस बिन्दु पर प्रमाण-पत्र मूल में संलग्न हो कि कम्पनी परिसमापन (लिक्वीडेषन) में नहीं है, तो यह चालू हालत में है। यह प्रमाण पत्र निविदा प्रकाशन के बाद का निर्गत किया गया हो।
निविदा के साथ समर्पित कोई विहित प्रमाण-पत्र अगर फर्जी पाये जाये तब निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा और यदि इस बीच निविदा स्वीकृत गई हो तब भी निर्गत ठीका अथवा अनुज्ञप्ति रद्द कर जमानत की राषि एवं अन्य कोई जमा राषि जप्त की जा सकेगी।
(v) निविदादाता के विरूद्व किसी प्रकार का अपराधिक मामला दर्ज अथवा लंबित न हो तथा फौजदारी न्यायालय द्वारा वह सजायफ्ता न हो, इस आषय का शपथ-पत्र निविदा के साथ संलग्न करना आवष्यक होगा अन्यथा निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा।
यदि निविदादाता कोई निबंधित फार्म या कम्पनी हो तब उल्लिखित शपथ-पत्र समर्पित करने की आवष्यकता नहीं है।5 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009 (vi) यदि विगत 5 वर्षो में पूर्व उत्पाद अनुज्ञाधारी के रूप में निविदादाता को पूर्व प्रदत्त उत्पाद अनुज्ञप्ति रद्द कर दी गई हो तो तब उनकी निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा। प्रत्येक निविदादाता को इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि उनके विरूद्ध उत्पाद राजस्व का कोई बकाया नहीं है। यदि निविदा स्वीकृति के बाद भी उनके विरूद्ध किसी प्रकार के उत्पाद राजस्व बकाया की सूचना मिलती है तो उत्पाद आयुक्त द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंदर बकाये का पूर्ण भुगतान नहीं करने पर निविदा की स्वीकृति रद्द कर दी जायेगी।
(vii) निविदा के अनुसूची -2 के प्रपत्र ''क'' में निविदादाताओं द्वारा अपने स्थायी निवास एवं व्यवसाय का पता अंकित करना आवष्यक होगा। यदि निविदादाता कोई निबंधित फर्म या कम्पनी हो तो सभी पार्टनर/निदेषकों की सूची (उनके पूरे पते के साथ) फर्म/कम्पनी के निबंधन-पत्र/पार्टनरषीप डीड तथा मेमोरेन्डम ऑफ आर्टिकल्स आदि अभिलेखों को निविदा के साथ संलग्न करना आवष्यक होगा।
(viii) प्रसंगाधीन पूर्ण अवधि के लिए सफल निविदादाताओं को निहित प्रत्येक वित्तीय वर्ष की अनुज्ञप्ति प्राप्त करने/नवीकृत कराने के पूर्व पूर्वगामी कंडिका के अधीन पुनः अद्यतन वाणिज्य कर शोधन/प्रमाण पत्र तथा कंडिका 15 के अधीन अद्यतन उत्पाद राजस्व बकाया शोधन शपथ पत्र दायर करना होगा।
(ix) इस निविदा के सभी शत्र्ते अनुज्ञप्ति की शत्र्ते मानी जायेगी। (x) सफल निविदादाता बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 उसके अंतर्गत बनी नियमावलियों, निर्गत अनुदेशों तथा उन सभी सामान्य या विषेष आदेषों से आबद्व रहेंगे जो उत्पाद विभाग, बिहार, सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत किये जायेंगे। पटनाः दिनांकः 25 फरवरी 2009
बिहार राज्यपाल के आदेश से, एन0 विजयलक्ष्मी, आयुक्त उत्पाद।
अनुसूची -1
प्रक्षेत्रों की सूची
| क्रमांक | प्रक्षेत्र का नाम | प्रक्षेत्र के अन्तर्गत जिला का नाम | खपत (लाख एल0 पी0 लीटर में) वर्ष 2007-2008 | एम0 जी0 क्यू0 ( लाख एल0 पी0 लीटर में) वर्ष 2008-2009 | प्रक्षेत्र के अंतर्गत गोदामों का स्थल |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | पटना | पटना | 59.41 | 75.93 | पटना |
| 2 | भोजपुर | भोजपुर | 11.87 | 16.68 | भोजपुर |
| 3 | बक्सर | बक्सर | 8.11 | 9.50 | बक्सर |
| 4 | रोहतास | रोहतास | 25.40 | 28.51 | रोहतास |
| 5 | कैमूर | कैमूर | 4.74 | 6.33 | कैमूर |
| 6 | गया | गया | 10.99 | 16.08 | गया |
| 7 | जहानाबाद | जहानाबाद | 1.55 | 4.75 | जहानाबाद |
| 8 | नालंदा | नालंदा | 21.11 | 22.91 | नालंदा |
| 9 | नवादा | नवादा | 6.48 | 9.50 | नवादा |
| 10 | औरंगाबाद | औरंगाबाद | 12.33 | 12.32 | औरंगाबाद |
| 11 | अरवल | अरवल | 1.43 | 2.53 | अरवल |
| 12 | सारण | सारण | 5.21 | 13.41 | सारण |
| 13 | सिवान | सिवान | 17.22 | 20.59 | सिवान |
| 14 | गोपालगंज | गोपालगंज | 11.21 | 15.63 | गोपालगंज |
| 15 | मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर | 8.83 | 15.84 | म जफ्फरपुर ु |
| 16 | सीतामढ़ी | सीतामढ़ी | 6.76 | 8.98 | सीतामढ़ी |
| 17 | शिवहर | शिवहर | 1.14 | 1.80 | शिवहर |
| 18 | वैषाली | वैषाली | 6.43 | 8.98 | व ैषाली |
| 19 | प र्वी चंपारण ू | प र्वी चंपारण ू | 8.75 | 15.73 | प र्वी चंपारण ू |
| 20 | प0 चंपारण | प0 चंपारण | 10.84 | 16.26 | प0 चंपारण |
| 21 | दरभंगा | दरभंगा | 19.82 | 19.53 | दरभंगा |
| 22 | समस्तीपुर | समस्तीपुर | 11.25 | 12.14 | समस्तीपुर |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 23 | मधुबनी | मधुबनी | 8.22 | 12.78 | मधुबनी |
| 24 | ब गूसराय े | ब गूसराय े | 10.09 | 12.99 | ब गूसराय े |
| 25 | भागलपुर | भागलपुर | 4.55 | 10.56 | भागलपुर |
| 26 | बांका | बांका | 0.71 | 2.96 | बांका |
| 27 | मुंगेर | मुंगेर | 3.02 | 7.22 | म गेर ं ु |
| 28 | जमुई | जमुई | 1.60 | 5.37 | जमुई |
| 29 | शेखपुरा | शेखपुरा | 1.57 | 3.65 | शेखपुरा |
| 30 | लखीसराय | लखीसराय | 1.15 | 4.02 | लखीसराय |
| 31 | खगड़िया | खगड़िया | 4.06 | 5.76 | खगड़िया |
| 32 | सहरसा | सहरसा | 3.84 | 6.33 | सहरसा |
| 33 | मधेपुरा | मधेपुरा | 2.81 | 5.87 | मधेपुरा |
| 34 | सुपौल | सुपौल | 2.90 | 6.20 | सुपौल |
| 35 | प णियां ू | प णियां ू | 3.92 | 9.72 | प णियां ू |
| 36 | किशनगंज | किशनगंज | 1.79 | 3.17 | किशनगंज |
| 37 | अररिया | अररिया | 2.47 | 5.28 | अररिया |
| 38 | कटिहार | कटिहार | 5.50 | 9.89 | कटिहार |
| कुल | 329.08 | 465.70 |
6. जिस प्रक्षेत्र के लिये निविदा दी गयी है उनमें अवस्थित माल गोदामों में सुषव संचय और देषी शराब की सैचेटिंग के लिये कैसी व्यवस्था है, तथा कौन-सी प्लान्ट, मषीनरी, संयंत्र आदि लगाये जायेंगे तथा उनकी दैनिक क्षमता क्या होगी, तत्संबंधी स्पष्ट विवरण दिया जाय।
7. (i) वाणिज्य कर विभाग के कर-षोधन प्रमाण-पत्र की संख्या और तारीख दें जो निविदा के साथ संलग्न है। (ii) अद्यतन आयकर रिटर्न एवं पावती की संख्या एवं तारीख जो निविदा के साथ संलग्न है। 8. चरित्र प्रमाण-पत्र संलग्न किया गया है अथवा नहीं। 9. उत्पाद राजस्व का बकायेदार न होने के संबंध में शपथ प्रमाण-पत्र संलग्न है अथवा नहीं। 10. अन्य कोई सूचना जो देय हो।
घोषणा
मैं, ........................................................................................................ उपर्युक्त निविदादाता घोषित करता हूँ कि उपर्युक्त विवरण, जहाँ तक मेरी जानकारी है, सही है और इसके द्वारा इस निविदा सूचना और प्रपत्र 27 में दी जाने वाली अनुज्ञप्तियों की सभी शत्र्तो और बंधेज का पालन करना स्वीकार करता हूँ।
निविदादाता का हस्ताक्षर।
अनुसूची - 3
प्रपत्र -27
इससे अनुबद्व अनुसूची में उल्लिखित क्षेत्र मे देषी शराब बोतल की परिभाषा में परिभाषित सैसेट में विनिर्माण कर उत्पाद प्रपत्र 27(ग) में अनुज्ञप्त थोक विक्रेता को आपूर्ति के लिये अनुज्ञप्ति। इसके द्वारा सर्वश्री ........................................................................................को जिन्हें इसमें अनुज्ञाधारी कहा गया है, अनुबद्व अनुसूची में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों के सामने उल्लिखित प्रकार की शराब की बिक्री के लिये बिहार उत्पाद अधिनियम (बिहार एक्साईज ऐक्ट), 1915 की धारा 13 तथा 20 के उपबन्धों के अधीन इसमें आगे बताई गई शत्र्तो पर तारीख ..........................................से....................................... के लिये अनुज्ञप्ति प्रदान की जाती है।
शत्र्ते 1. इस अनुज्ञप्ति के अधीन बेंची गई शराब उत्पाद आयुक्त द्वारा विहित मानक के अनुसार औसतन अच्छी किस्म की होगी और इससे अनुबद्व अनुसूची में विनिर्दिष्ट किसी सामग्री से बनी रहेगी, परन्तु सतत् यह भी है कि अनुज्ञप्ति के चालू रहने की अवधि में किसी समय अन्य सामग्रियों से भी बना कोई शराब अनुज्ञप्तिधारी आपूर्ति कर सकेगा, बषत्र्ते कि उत्पाद आयुक्त सामान्य या विषेष आदेष द्वारा उसे ऐसा करने की अनुमति दे देें।
2. इस अनुज्ञप्ति के अधीन अनुसूची में विनिर्दिष्ट विर्निमाणषाला इसके अधीन शराब की बिक्री के लिये उक्त क्षेत्र में आगे खोले जाने वाले और तत्काल आयुक्त उत्पाद /समाहत्र्ता द्वारा स्वीकृत गोदामों से भिन्न किसी अन्य स्थान में कोई भी शराब बेंची न जाय।
3. इस अनुज्ञप्ति के अधीन बिक्री के लिये उक्त गोदामों में रखी गयी शराब का समाहत्र्ता या उत्पाद आयुक्त के आदेष द्वारा या अधीनस्थ पदाधिकारी द्वारा आवधिक विष्लेषण किया जायेगा और अनुज्ञप्तिधारी उसमें पाई गई किसी त्रुटि केा जिसे आयुक्त उत्पाद महत्वपूर्ण समझें, सुधारनें के लिये बाध्य होगा और उसके बारे में उनका लिखित निर्णय अंतिम होगा।
4. अनुज्ञप्तिधारी बिहार उत्पाद (षुल्क) अधिनियम, 1915 से और उसके अधीन बनाये गये नियमों से जहाँ तक उनका इससे संबंध हो, आबद्ध रहेगा। वह जिस क्षेत्र में शराब की बिक्री करना चाहते हैं उस क्षेत्र की प्रत्याभूत मात्रा पर 1/-रू0 एल0 पी0 ली0 की दर से अनुज्ञप्ति शुल्क (लाइसेंस फीस) एक मुष्त जमा करेगा। यदि वित्तीय वर्ष में प्रत्याभूत मात्रा से अधिक आपूर्ति होती है तो उतनी ही अधिक मात्रा के लिए अधिक अनुज्ञप्ति शुल्क लाईसेंस फी देय होगा।
5. इसकेे अनुबद्व अनुसूची में बताई गई शराब के विभिन्न प्रकारों में विनिर्दिष्ट विर्निमाणषाला से बिक्री की दषा में वही कीमत ली जायेगी जो ऐसी अनुसूची में ऐसे विर्निमाणषाला से इंगित किमतोेंं और शराब के प्रकारों के सामने उल्लिखित शक्ति के अनुरूप निकाली जाय। उपर्युक्त शत्र्त 2 के उपबंधानुसार आगे मंजुर किये जाने वाला किसी विर्निमाणषाला या विर्निमाणषालाओं से या उपर्युक्त शत्र्त-1 के अधीन उत्पाद आयुक्त के विषेष आदेष द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सामग्री से बनी किसी शराब की बिक्री होने पर उसकी कीमत वही होगी जो यथा स्थिति ऐसी अनुमति देने पर उत्पाद आयुक्त नियत करेगें या ऐसी अनुमति में विनिर्दिष्ट हो अथवा (इस प्रकार नियत कीमत के बारे में अनुज्ञप्तिधारी द्वारा आपत्ति करने पर) राजस्व पर्षद निर्धारित करे।8 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009 6. उक्त विर्निमाणषाला से शराब की बिक्री बोतल में भरकर की जायेगी। शराब की शक्ति, माप तथा बोटलिंग की प्रक्रिया वही होगी जो राजस्व पर्षद् समय-समय पर विषेष या सामान्य आदेष देकर नियत करेंगे।
7. इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री समय-समय पर केवल उन्हीं व्यक्तियों (थोक प्राप्त बिक्रेता के रूप में विनिर्दिष्ट) के साथ की जायेगी, जो विहित प्रपत्र में पारक पेष करेंगे और जिसमें उनके हाथ शराब बेचने का प्राधिकार दिया गया हो और उनकी हाथ केवल उसी प्रकार/प्रकारों और उतनी ही मात्रा में शराब की बिक्री की जायेगी जो ऐसे पारकों में उल्लिखित हों, उससे अधिक नहीं।
8.(क) अनुज्ञप्तिधारी को उस विर्निमाणषाला से जहाँ उसे अनुज्ञप्ति के अधीन समय-समय पर शराब बेंचने की अनुमति दी गई हो, अनुज्ञप्ति प्राप्त विक्रेताओं द्वारा पेष किये गये पारकों में उल्लिखित मात्रा या मात्राओं में और प्रकार/प्रकारों की शराब की बिक्री के तौर पर आपूर्ति करने के लिये बाध्य होगा।
(ख) उपर्युक्त शत्र्त-7 में विनिर्दिष्ट शराब की आपूर्ति में चूक करने पर उत्पाद आयुक्त के निदेषानुसार अर्थदंड लगाया जायेगा। अर्थदंड की रकम उतनी तक हो सकती है जो अनुज्ञप्ति प्राप्त थोक बिक्रेताओं द्वारा माँगी गई किन्तु आपूर्ति की गयी शराब पर लगने वाले उत्पाद कर तथा आपूर्ति में चूक के चलते सरकार को होने वाले राजस्व की हानी की रकम हो।
(ग) अनुज्ञप्तिधारी, समाहत्र्ता या उत्पाद आयुक्त के आदेषानुसार अन्य किसी अनुज्ञप्तिधारी के विर्निमाणषाला को उस अनुज्ञप्तिधारी के खर्च पर शराब की आपूर्ति करेगा जो निर्धारित मात्रा में शराब की आपूर्ति करने में विफल रहा है। आयुक्त उत्पाद अपने विवेक से ऐसे विफल अनुज्ञप्तिधारी पर अर्थदंड लगा सकते है। (घ) यदि किसी प्रक्षेत्र के नियुक्त ठेकेदार द्वारा शराब की आपूर्ति नहीं की जा रही हो तो समाहर्ता या उत्पाद आयुक्त के आदेष पर नियुक्त ठेकेदार द्वारा शराब की आपूर्ति नहीं की जा रही हो तो उस प्रक्षेत्र के अगल-बगल के प्रक्षेत्र में कार्यरत ठेकेदारों द्वारा निर्धारित दर पर उस अनुज्ञप्तिधारी को देषी शराब की आपूर्ति करना बाध्यकारी होगा।
(ड़) अनुज्ञप्तिधारी उन सभी सामान्य या विषेष आदेषों से आबद्ध होगा जो उत्पाद आयुक्त, समय-समय पर जारी करें।
9. हरेक निर्माणषाला में जहाँ अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री तत्काल अनुमत हों, विभिन्न शक्तियों एवं मापों की शराब भरी सैचेट में शराब की ऐसी न्यूनतम मात्रा (स्कंध) रखी जायेगी जो समय-समय पर उत्पाद आयुक्त/जिला समाहत्र्ता नियत करे और अनुज्ञप्तिधारी को लिखित रूप में संसूचित करें। यदि कभी भी इस विहित न्यूनतम मात्रा से स्कंध कम हो जाय तो अनुज्ञप्तिधारी इसे विहित न्यूनतम मात्रा तक तुरन्त पूरा कर देगा। यदि वह समाहत्र्ता या विनिर्माणषाला के प्रभारी पदाधिकारी से ऐसा करने की नोटिस मिलने के बाद 7 (सात) दिनों के भीतर ऐसा नहीं करें तो समाहत्र्ता किसी भी स्त्रोत से, जो वह उचित समझे इसे पूरा करने के लिये अपेक्षित शराब (जिसमें विभिन्न शक्तियों एवं मापों की शराब की सैचेट भी शामिल है) प्राप्त कर सकेगा। अनुज्ञप्तिधारी माँग करने पर समाहत्र्ता को इस प्रकार प्राप्त किसी शराब का कोई ऐसा खर्च भी देने का भागी होगा जो उसकी बिक्री से कीमत के रूप में वसूली गई रकम से ज्यादा हो, इस खर्च में मार्ग व्यय भी शामिल है।
10. अनुज्ञप्तिधारी ऐसे सभी निर्माणषाला को जो अनुज्ञप्तिधारी की संपत्ति है और जहाँ अनुज्ञप्ति के अधीन सैसे में शराब बेचने की तत्काल अनुमति दी गई हो, जलापूर्ति संबंधी स्त्रोतों और साधनों की व्यवस्था एवं समय-समय पर यथोचित और पर्याप्त मरम्मत एवं अनुरक्षण अपनी खर्च पर करेगा और उन्हें अच्छी चालू स्थिति में रखेगा। अनुबद्व अनुसूची विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में अपेक्षित सभी नए निर्माणषाला अनुज्ञप्तिधारी के खर्च से बनाये और अनुरक्षित किये जायेगे। यदि ऐसे निर्माणषाला जहाँ इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री के लिये तत्काल अनुमति दी गई हो, सरकारी संपत्ति हो, तो उन्हें सरकारी निदेषानुसार और सरकारी खर्च से अनुरक्षित किया जायेगा किन्तु अनुज्ञप्तिधारी उन सरकारी मकानों की, जिनमें प्रभारी सरकारी पदाधिकारियों के क्वाटर भी है, दखल में रखने के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित दर से किराये का भुगतान करेगा। साथ ही, वह उचित टूट-फूट को छोड़कर सरकारी मकानों और उसमें लगी सरकारी संपत्ति की हुई क्षतियों के लिये जिसमें आग से क्षति भी शामिल है की भरपाई करेगा। इस पर समाहर्ता का निर्णय अंतिम होगा। जहाँ तक नगरपालिका करों का संबंध है, गृह कर (सामान्य नगरपालिका कर) का सरकार भुगतान करेगी।
सभी अतिरिक्त करों का भुगतान अनुज्ञप्तिधारी करेंगे, भले ही वे कर, शुल्क या स्थानीय कर के रूप में उल्लेखित हो। अनुज्ञप्तिधारी निर्माणषाला से संलग्न कार्यालयों में लिपिकों, पदाधिकारियों तथा निरीक्षण पदाधिकारियों के उपयोग के लिये उपर्युक्त फर्नीचर रखेगा। उसे आवष्यकतानुसार ऐसे सभी फर्नीचरों की मरम्मत और बदलाव भी करना होगा।
11. इस अनुज्ञप्ति की समाप्ति या उसके किसी नवीकरण की अवधि बीतने पर अनुज्ञप्तिधारी उत्पाद आयुक्त के चाहने पर :- (क) अपने उत्तराधिकारी को कोई ऐसा मकान जिसे इस अनुज्ञप्ति के अनुसार बनाया या अर्जित किया गया हो, उतने मूल्य पर जिस पर वह और उसके उत्तराधिकारी सहमत हों, सौंपने के लिये बाध्य होगा। यदि वे सहमत नहींं हो सकें तब उत्पाद आयुक्त द्वारा नियत मूल्य पर उसे सौंप देने के लिये वह बाध्य होगा।9 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009 (ख) अपने उत्तराधिकारी को शराब की आपूर्ति, संचय, प्रबंधन (हैंडलिंग) सैचेटिंग और निर्गमन के लिये व्यवहृत ऐसे संयंत्र जिन्हें उत्पाद आयुक्त विनिर्दिष्ट करें उत्पाद आयुक्त द्वारा निर्धारित मूल्य पर सौंप देने के लिये बाध्य होगा और अनोबर्वत अनुज्ञप्तिधारी को इन संयंत्रों को उस मूल्य पर स्वीकार करना पड़ेगा। पट्टेदारी पर लिए गये परिसर में संचालित मद्य भंडागार के मामले में यदि पट्टीदार इस पट्टेे की समाप्ति के पूर्व किसी समय किसी सार्वजनिक प्रयोजन हेतु उक्त पट्टान्तरित परिसर या उसके किसी भाग पर अपना कब्जा करने का इच्छूक हो तथा समाहत्र्ता के स्वीकृति से अपनी ऐसी इच्छा की नोटिस पट्टाधारी पर तामिल करें, तो पट्टाधारी उपर्युक्त नोटिस मिलने की तारीख से तीन महीनों के भीतर उक्त पट्टान्तरित परिसर अथवा उसके ऐसे भाग को खाली कर देगा जो उक्त नोटिस में विनिर्दिष्ट हो। यदि पट्टीदार उत्पाद आयुक्त की सहमति से बनाये गये किसी भवन या किये गये किसी सुधार के लिए पट्टीदारी को किसी क्षतिपूत्र्ति का दावा प्रस्तुत करें और उपर्युक्त क्षतिपूत्र्ति के रकम के बारे में मदभेजद हो तब उस पर उत्पाद आयुक्त का निर्णय अंतिम होगा।
12. इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की आपूर्ति मापों, प्रबंधन (हैण्डलिंग), सैचेटिंग, बिक्री और निर्गमन के लिये आवष्यक या उचित अथवा उनसे संबंधित या उनके लिये उपर्युक्त सभी जगहों और चीजों की जिनमें कुन्ड, टंकी पम्प पाईप, टांटी, मापी, और बर्तन आदि भी है कि अनुज्ञप्तिधारी उन निर्माणषाला में उपयोग के लिये लाइसेंसधारी व्यवस्था करेगा जहाँ इस लाइसेंस के अधीन शराब की बिक्री के लिये तत्काल अनुज्ञप्ति दी गयी है। ऐसे निर्माणषाला में शराब के संचय या निर्गमन के लिये भैट, टंकियों और पीपे उतनी संख्या में और उतनी क्षमता के होंगे और उस डिजाइन के अनुसार बैठाए जायेंगे जैसा उत्पाद आयुक्त समय-समय पर निदेष दें। उपर्युक्त में निपजन दंड (डिपिंग रॉड) भी लगे रहेंगे। शराब के संचय या उपचयन के लिये नए कुंड काठ/लोहे के बने होंगे। अनुज्ञप्तिधारी पर ऐसे सभी गोदामों में अपचयन के लिये जल पहुँचाने की और शराब के सम्मिश्रण के पहले जल पहुँचाने और उस जल का यथोचित इसके बारे में समाहत्र्ता का लिखित आदेष निर्णायक होगा। फीलटरेषन और शोधन कराने तथा सैसे हेतु ऐसी क्षमता के संयंत्र लगाने की अनुज्ञप्तिधारी की जिम्मेवारी होगा जो उस भंडागार से होने वाली निर्गमन के अनुरूप हो। वह इस संबंध में समाहत्र्ता/उपायुक्त के सभी लिखित निदेषों को प्राप्त होने के बाद तुरन्त पालने के लिये बाध्य होगा।
13. इसमें सरकार को यह आदेष सुरक्षित रहेगा कि यदि वह चाहें तो किसी जिला के सभी निर्माणषालाया किसी एक गोदाम से सैचेटिंग कर देषी शराब की आपूत्र्ति की व्यवस्था किसी अवधि विषेष में लागू करें। एसे करने पर अनुज्ञप्तिधारी किसी भी क्षतिपूत्र्ति का हकदार नहीं होगा। अनुज्ञप्ति के अधीन सभी सैचेटिंग प्लान्टों में शराबों का संचय/अपचयन, सैचेटिंग और बिक्री निर्गमन निर्माणषाला के प्रभारी सरकारी पदाधिकारी के सतमें पर्यवेक्षण में किया जायेगा। अनुज्ञप्तिधारी हरेक गोदाम में एक अंग्रेजी जानने वाला लिपिक रखेगा जो शक्ति निकालने वास्ते शराब के अपचयन तथा सभी छीजनों (वेस्टेजों) और संकीचनों के लिये जिम्मेवार होगा। अनुज्ञप्तिधारी की मार्गस्थल एवं कार्यकारी क्षति देय नहीं होगा।
14. उत्पाद आयुक्त द्वारा कोई ऐसा आदेष जिससे निर्माणषाला भवनों में या शराब के संचय/अपचयन सम्मिश्रणों सैचेटिंग और निर्गमन या जलापूर्ति की व्यवस्था में मौजूद कोई त्रूटि दूर करने की अपेक्षा की गई हो, अनुज्ञप्तिधारी उसका तुरन्त पालन करेगा और आदेष में विनिर्दिष्ट तारीख के भीतर उसे त्रुटि को अवष्य दूर कर देगा। ऐसा न करने पर उसे वह अर्थदंड जिसका उत्पाद आयुक्त आदेष दें तथा उन सभी खर्च का भी जो इन त्रुटियों को दूर करने में लगेगा भुगतान करना पड़ेगा।
15. इस विषेषाधिकार के अन्तर्गत सभी ठेकेदारों को बंध के अधीन ही पारक के आधार पर आसवनगृह से सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। किन्तु यदि देय कर का भुगतान का सरकार द्वारा आदेष हो जाये तब तदनुसार कर की राशि पूर्व आदायगी के उपरांत ही सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। इस संबंध में उत्पाद आयुक्त, बिहार का निदेश का पालन करना होगा।
16. विर्निमाण अनुज्ञप्तिधारी थोक अनुज्ञाधारी से कर एवं देषी शराब का लागत मूल्य बैंक ड्राफ्ट प्राप्त कर बोतल में देषी शराब की निकासी देंगे। इस प्रकार प्राप्त की गयी राषि के अलग-अलग रसीद अनुज्ञप्तिधारी द्वारा थोक अनुज्ञाधारी को दी जायेगी जो भंडागार के गार्डफाइल में सुरक्षित रखेज जायेंगे। 17. बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 27 के अधीन लगाये गये उत्पाद-कर (डियूटी) की दरों में कोई फेर-बदल होने से इस अनुज्ञप्ति की शत्र्तो पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
18. यदि समाहत्र्ता या उत्पाद आयुक्त आदेष दें तो अनुज्ञप्तिधारी इसके साथ अनुबद्व अनुसूची में उल्लिखित हरेक निर्माणषाला में शेष बची शराब की उतनी मात्रा जो पूर्ववत्र्ती वर्ष के दौरान औसतन प्रतिमाह बेची गई उसी मूल्य पर लेने के लिए बाध्य होगा जिस मूल्य पर यह पूर्ववत्र्ती वर्ष में बची गई थी परन्तु यदि अनुज्ञप्तिधारी इस मूल्य को स्वीकार नहीं करें तो उत्पाद आयुक्त इसे निर्धारित करेगें जो अनुप्तिधारी को मान्य होगा।
19. राजस्व पर्षद् /सरकार किसी ठेका अवधि का उस कालावधि के लिये विस्तार कर सकती है जिसे वह ठेका समाप्ति के समय विद्यमान परिस्थितियों में उचित समझें और कार्यरत ठेकेदार विस्तारित अवधि में निविदा/अनुज्ञा की शत्र्तो के अनुसार आपूर्ति जारी रखने के लिये बाध्य होंगे।10 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009 20. इस अनुज्ञप्ति की समाप्ति के बाद चाहे या इसकी किसी नवीकरण की अवधि बीत जाने पर अनुज्ञप्तिधारी की उक्त अनुज्ञप्ति के तहत अवषेष बचे सुषव/षराब का निष्पादन राजस्व पर्षदीय नियमावली के नियमों के अनुसार किया जायेगा। अवषेष बचे सुषव एवं शराब अनुवर्ती अनुज्ञप्तिधारी द्वारा लेने से इनकार की स्थिति में इसकी बिक्री उस दर पर लगायी जायेगी। जो उत्पाद आयुक्त नियत करें।
21. अनुज्ञप्तिधारी इन शत्र्तो के पालन की प्रतिभूति स्वरूप ऐसे हरेक निर्माणषाला के संबंध में जहाँ इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री के लिये तत्काल अनुमति दी गइ्र है, उत्पाद आयुक्त के पास सरकारी प्रोमिसरी नोट के रूप में या (उसके द्वारा अनुमोदित किसी अन्य रूप में ) ऐसी रकम जमा करेगा जो वे निदेषित करेंं।
22. बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 93 के उपबंधों पर प्रतिकुल प्रभाव डाले बिना अर्थदंड और अन्य रकमों जिनका अनुज्ञप्तिधारी उस अधिनियम के उपबंधों के अधीन भागी हो उपर्युक्त प्रतिभूति से वसूलनीय होगें।
23. सरकार का यह अधिकार सुरक्षित है कि वह अपनी मद्य निषेध नीति के अनुसार या अन्य कोई विषेष कारण से किसी भी क्षेत्र में देषी शराब की आपूर्ति बन्द कर दे या आपूर्ति प्रणाली, यथा सैचेटिंग की व्यवस्था में परिवर्तन किया करें, अनुज्ञप्तिधारी उससे बाध्य होगा एवं किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा।
24. निविदा की शत्र्तो और बंधेज इस अनुज्ञप्तिध की शत्र्ते बंधेज माने जायेंगे और पूर्ववर्ती कंडिकाओं में सन्निविष्ट इस अनुज्ञप्ति की शत्र्तो और बंधेज जहाँ तक वे उपर्युक्त निविदा की शत्र्तो और बंधेज से असंगत हों, उपरोक्त दषा में रूपभेदित समझें जायें।
25. यदि ठेकेदार या उसके एजेंट उस अनुज्ञप्ति की किन्ही शत्र्तो का उल्लंधन या अपालन करें तो उक्त अधिनियम की धारा 42 के अधीन यह अनुज्ञप्ति रद्द या निलम्बित कर दिया जायेगी, और उक्त अधिनियम की धारा 57 के अधीन अनुज्ञप्तिधारी अर्थदंड का भागी होगें।
26. अनुज्ञाधारी बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 तथा उसके अंतर्गत बनायी गयी नियमावलियों एवं राजस्व पर्षद/उत्पाद आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्गत सामान्य या विशेष अनुदेशों का पालन करने को बाध्य होगा।
समाहत्र्ता
प्रतिरूप करार - पत्र
मैं, ........................................उपर्युक्त अनुज्ञप्तिधारी अपने तथा अपने वारिसों, वैद्य प्रतिनिधियों और सुनिवेषितियों की ओर से इसके द्वारा करार करता हूँ कि इसके पहले लिखित और व्यक्त सभी शत्र्तो और बंधेजों का पालन करूँगा और उससे बाध्य रहूँगा।
तारीख : गवाह : हस्ताक्षर11 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 26 फरवर(cid:15) 2009
अनुसूची - 4
फार्म 2 ए बैंक का प्रतिवेदन
अधिसूचित बैंक द्वारा प्रदत्त सम्पन्नता प्रमाण-पत्र।
प्रमाणित किया जाता है कि हमारी जानकारी एंव सूचनानुसार मेसर्स/श्री (नाम) ................................................
जो हमारे बैंक के एक आदर्ष ग्राहक है, और इनपर किसी व्यवसाय के लिये रू0 ........................................ (अंको में) ....................................................(षब्दों में) तक के लिये सक्षम माना जा सकता है।
मेसर्स (आवेदक का नाम) के नाम अभी वर्तमान में इस बैंक में रू0 ...........................(अंको में) ..........................
............................(षब्दों में) की राशि जमा है एवं आवेदक को इस राषि से रू0 ...........................(अंको में) .......................
...............................(षब्दों में) .................................. तक की अधिक राशि की निकासी की सुविधा उपलब्ध है।
हस्ताक्षर एवं बैंक की मुहर।
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