िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 27272727 चैऽ चैऽ चैऽ चैऽ 1931 1931 1931 1931 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 111121212121)))) पटनापटनापटनापटना, , , , शुबवारशुबवारशुबवारशुबवार, , , , 11117777 अूीलअूीलअूीलअूील 2009200920092009 (सं0 2/सी3-3047/96-2265 ) कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग ----- संकल्प 25 मार्च 2009
श्री शषि भूषण सिंह, बि0प्र0से0 कोटि क्रमांक-692/08 तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी महिषी एवं सलखुआ, सहरसा के पद पर पदस्थापित थे, तो उनके विरूद्ध तत्कालीन जिला पदाधिकारी, सहरसा के द्वारा रोकड़ पंजी का संधारण नहीं करने/स्थानान्तरण के बावजूद पूर्व पद पर रहकर पीछे की तिथि से आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका की नियुक्ति करने/सरकार के नियमों विभागीय अनुदेषों एवं अपने उच्चाधिकारियों के आदेष का उल्लंघन करने एवं वित्तीय गबन जैसे गंभीर आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2. उक्त प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में कार्मिक प्रषासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड रांची के आदेष-1642 दिनांक 08.03.02 द्वारा असैनिक सेवायें (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 1930 के नियम-49(ए) के तहत श्री सिंह को निलंबित किया गया। कार्मिक प्रषासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड रांची के संकल्प संख्या-1648 दिनांक 08.03.02 द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन के निमित आयुक्त, पलामू प्रमंडल डालटेनगंज को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
राज्य विभाजन में श्री सिंह का अंतिम आबंटन बिहार राज्य हो गया किन्तु विभागीय कार्यवाही पूर्ण नहीं हो सका। श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित गंभीर आरापों की जांच हेतु तत्पष्चात् विभागीय संकल्प संख्या-4722 दिनांक 11.07.03 द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त कोषी प्रमंडल सहरसा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त कर पुनः जांच संचालित किया गया। 2 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 17 अूील 2009 नियमावली 2005 के नियम-14(viii) निहित प्रावधानों के आलोक में अनिवार्य सेवानिवृति करने का निर्णय लिया गया।
5. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-18(2) के तहत संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाचं प्रतिवेदन की प्रति श्री सिंह को भेजते हुए विभागीय पत्रांक-5105 दिनांक 30.05.06 एवं पत्रांक-7911 दिनांक 03.08.07 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री सिंह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा की समीक्षोपरांत पाया गया कि इनके द्वारा समर्पित कारण पृच्छा में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, बल्कि पूर्व के तथ्यों को ही दुहराया गया है। अतएव सम्यक् विचारोपरांत द्वितीय कारण पृच्छा को अस्वीकृत करते हुए श्री सिंह को सेवा से अनिवार्य सेवानिवृति संबंधी पूर्व में लिये गये निर्णय को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।
6. उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में श्री सिंह को अनिवार्य सेवानिवृति करने के सरकार के निर्णय के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार पटना को प्रस्ताव भेजते हुए उनसे परामर्ष/सहमति की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग पटना ने श्री सिंह की सेवा से अनिवार्य सेवानिवृति में अपनी सहमति प्रदान की।
7. श्री सिंह की अनिवार्य सेवा निवृति के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार पटना की सहमति प्राप्त की गयी जो मद संख्या (2) द्वारा स्वीकृत किया गया। श्री सिंह के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के लिए अनिवार्य सेवा निवृति का दंड संसूचित किया जाता है। आदेषः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री शषि भूषण सिंह, बि0प्र0से0 एवं अन्य संबंधित को दी जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।