िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 4444 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1931 1931 1931 1931 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 111177778888)))) पटनापटनापटनापटना, , , , शुबवारशुबवारशुबवारशुबवार, , , , 24242424 अूीलअूीलअूीलअूील 2009200920092009 योजना एवं विकास विभाग ——— अधिसूचना 7 अप्रील, 2009
सं0 यो0-5(वि0)3/2002-989/यो0वि0वि0—भारत का संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल एतद् द्वारा बिहार योजना सेवा में भर्त्ती की पद्धति एवं सेवा शर्त्तों को विनियमित करने के लिए निम्नलिखित नियमावली बनाते हैंः- बिहार योजना सेवा नियमावली, 2009
अध्याय : 1
प्रारंभिक
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ ।-
(1) यह नियमावली बिहार योजना सेवा नियमावली, 2009 कही जा सकेगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा।
(3) यह तुरत प्रवृत्त होगी।
2. परिभाषाएँ ।- इस नियमावली में जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो- (i) 'आयोग' से अभिप्रेत है बिहार लोक सेवा आयोग ; (ii) 'राज्यपाल' से अभिप्रेत है बिहार के राज्यपाल ; (iii) 'सदस्य' या 'सेवा के सदस्य' से अभिप्रेत है बिहार योजना सेवा में नियुक्त व्यक्ति; (iv) 'अनुसूची' से अभिप्रेत है इस नियमावली के साथ संलग्न अनुसूची ; (v) 'सेवा' से अभिप्रेत है बिहार योजना सेवा ; (vi) 'राज्य सरकार' से अभिप्रेत है बिहार सरकार तथा2 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण), 24 अूील 2009 (vii) 'अधीनस्थ सेवा' से अभिप्रेत है बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के नियंत्रणाधीन कार्यरत जिला योजना कार्यालयों के लिए नियुक्त वरीय सांख्यिकी सहायक/सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी (सम्परिवर्त्तित अवर योजना पदाधिकारी)।
3. सेवा का गठन ।-यह सेवा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रयोजनार्थ राज्य सेवा समझी जायेगी।
4. सेवा की संरचना ।-
(i) यह सेवा योजना एवं विकास विभाग के प्रशासी नियंत्रण में होगा। (ii) इस सेवा की विभिन्न कोटि के पदों का विवरण अनुसूची 1 में दिया गया है। (iii) राज्य सरकार समय-समय पर इस सेवा की विभिन्न कोटियों के बल एवं पदनाम का निर्धारण राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित करके कर सकेगी और स्वीकृत पदों के अतिरिक्त इस सेवा में स्थायी/अस्थायी पदों के सृजन/विलोपन की स्वीकृति दे सकेगी।
(vi) इस नियमावली के प्रवृत्त होने की तिथि से अनुसूची में उल्लिखित पदों पर पूर्व से नियुक्त एवं कार्यरत पदाधिकारी स्वतः इस सेवा के सदस्य समझे जायेंगे।
5. पद स्थिति ।-बिहार योजना सेवा के सदस्य राजपत्रित होंगे।
अध्याय :- 2
भर्त्ती
6. भर्त्ती का स्रोत ।-अन्यथा उपबंधित के सिवाय, इस सेवा में भर्त्ती निम्न प्रकार से की जायेगीः- (क) इस नियमावली के अध्याय-3 के अनुसार सीधी भर्त्ती द्वारा।
(ख) इस नियमावली के अध्याय-4 के अनुसार प्रोन्नति के द्वारा।
7. आरक्षण ।- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों तथा अन्य पिछड़े वर्गों के सदस्यों के लिए आरक्षण राज्य सरकार द्वारा राज्य सेवाओं के लिए समय-समय पर विहित नियम एवं प्रक्रिया के अनुसार होगा।
8. रिक्तियों का निर्धारण एवं आयोग को सूचित करना ।-प्रशासी विभाग प्रत्येक वर्ष 1ली अप्रैल को उस वर्ष में इस सेवा में सीधी नियुक्ति एवं प्रोन्नति द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या निर्धारित करेगा तथा इस प्रकार निर्धारित रिक्तियों की सूचना 30 अप्रैल तक आयोग को देगा। परन्तु यदि किसी वर्ष में अधियाचना देने या सीधी नियुक्ति/प्रोन्नति द्वारा पद भरने की कार्रवाई नहीं की जाती, तब भी सीधी नियुक्ति/प्रोन्नति द्वारा भरे जाने वाले पदों की गणना वर्षवार की जाएगी और उसे अगले वर्ष के लिए, पिछले वर्ष की रिक्ति मानते हुए, अग्रणीत किया जायेगा।
अध्याय : 3
सीधी भर्त्ती
9. सीधी भर्त्ती का स्रोत ।- इस सेवा की मूल कोटि के 75 प्रतिशत पद सीधी भर्त्ती से भरे जायेंगे।
10. सीधी भर्त्ती हेतु अहर्त्ता ।-
(i) अभ्यर्थी की आयुः न्यूनतम 21 वर्ष तथा अधिकतम वही होगी जो राज्य सरकार के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जाए। (ii) अभ्यर्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताः किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री होना अनिवार्य होगा ।
11. चयन का आधार ।- इस सेवा की मूल कोटि के पद आयोग के द्वारा समय-समय पर आयोजित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से भरे जायेंगे। मूल कोटि पर नियुक्ति हेतु अभ्यर्थी को आयोग द्वारा संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के लिए निर्धारित लिखित प्रारम्भिक परीक्षा एवं आयोग द्वारा निर्धारित लिखित मुख्य परीक्षा एवं अंतर्वीक्षा में भाग लेना होगा।3 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण), 24 अूील 2009 12. परीक्षा के विषय एवं पाठ्यक्रम ।- परीक्षाओं के लिए विषय, पाठ्यक्रम एवं न्यूनतम अर्हतांक का निर्धारण संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अनुसार होगा परन्तु मुख्य लिखित परीक्षा में एक विषय अर्थशास्त्र/सांख्यिकी/गणित/भौतिकी अनिवार्य होगा।
13. चिकित्सा-परीक्षा ।-नियुक्ति के लिए चुने गये प्रत्येक अभ्यर्थी को राज्य सरकार के द्वारा गठित चिकित्सा बोर्ड के समक्ष चिकित्सा परीक्षा के लिए जाना होगा। पदीय कर्त्तव्यों का दक्षतापूर्वक निष्पादित करने की दृष्टि से जो अभ्यर्थी अपनी अपेक्षित शारीरिक योग्यता के संबंध में चिकित्सा बोर्ड को संतुष्ट करने में असफल होगा उसे नियुक्त नहीं किया जायेगा। चिकित्सा बोर्ड स्वयं इसके लिए वस्तुनिष्ठ मापदण्ड निर्धारित करेगा ।
14. (1) आयोग द्वारा अभ्यर्थियाें की अनुशंसा।-आयोग लिखित तथा मौखिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर एक मेधा सूची तैयार करेगा। ऐसी तैयार की गयी सूची में से आयोग अभ्यर्थियों की उतनी संख्या की अनुशंसा राज्य सरकार को करेगा जितनी संख्या में रिक्तियॉं प्रतिवेदित की गयी हों। किसी अभ्यर्थी के योगदान न करने की स्थिति में रिक्तियॉं अग्रणीत की जायेंगी।
(2) आयोग से प्राप्त मेधा सूची विभाग में प्राप्ति की तिथि से आगामी एक वर्ष तक के लिए ही वैध होगी।
15. वरीयता ।- सीधी भर्त्ती द्वारा नियुक्त कर्मचारियों की आपसी वरीयता का निर्धारण आयोग द्वारा तैयार की गयी क्रमानुसार मेधा सूची के आधार पर किया जायेगा।
अध्याय : 4
प्रोन्नति द्वारा भर्त्ती
16. प्रोन्नति द्वारा भर्त्ती के स्रोत ।-
(1) इस सेवा की मूल कोटि के 25 प्रतिशत पद योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन जिला योजना इकाइयों में कार्यरत सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी (सम्परिवर्त्तित अवर योजना पदाधिकारी) से बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष/सदस्य की अध्यक्षता में गठित विभागीय प्रोन्नति समिति के द्वारा वरीयता-सह-मेधा के आधार पर की गयी अनुशंसा के आलोक में प्रोन्नति द्वारा भरे जायेंगे।
(2) इस सेवा की मूल कोटि से भिन्न पद इस सेवा की मूल कोटि के सदस्यों को वरीयता-सह-मेधा के आधार पर प्रोन्नति देकर भरे जायेंगे।
(3) इस नियमावली के प्रवृत होने के प्रभाव से इस सेवा की मूल कोटि से भिन्न उच्चतर पदों पर पूर्व से सीधे नियुक्त इस सेवा के सदस्यों को संबंधित पद स्तर पर मूलरुप में पदस्थापित समझा जायेगा तथा इससे उच्चतर कोटि के पदों को इनके पद बल के अनुसार वरीयता-सह-मेधा के आधार पर इनकी प्रोन्नति से भरा जायेगा।
17. कालावधि ।-मूल कोटि से उच्चतर कोटि/कोटियों में प्रोन्नति के लिए विचार क्षेत्र में आने के प्रयोजनार्थ कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा कालावधि निर्धारण के संबंध में समय-समय पर निर्गत निदेशों का अनुपालन आवश्यक होगा।
18. विभागीय प्रोन्नति समिति ।-विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा पर प्रोन्नति हेतु विचार किया जा सकेगा। विभागीय प्रोन्नति समिति अलग से कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत संकल्पों/अनुदेशों के आलोक में गठित की जायेगी। अधिकतम वेतनमान के पदों पर प्रोन्नति हेतु विभागीय प्रोन्नति समिति का गठन बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या उनके द्वारा मनोनीत आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में होगा।
19. वरीयता ।-मूल कोटि (बेसिक ग्रेड) में प्रोन्नति के आधार पर नियुक्त इस सेवा का कोई भी सदस्य उसी वर्ष सीधी भर्त्ती द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति से वरीय होगा भले ही सीधी भर्त्ती द्वारा नियुक्ति की प्रक्रिया पहले ही पूर्ण हो गई हो।4 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण), 24 अूील 2009 20. परीक्ष्यमान अवधि ।-
(i) किसी मौलिक पद के विरुद्ध नियुक्त प्रत्येक पदाधिकारी को पदग्रहण की तिथि से दो वर्षों की अवधि तक परिवीक्षा पर रखा जायेगा, परन्तु यदि कोई व्यक्ति स्थानापन्न रुप से या अस्थायी रुप से नियुक्त हो तो राज्य सरकार के आदेश से उस अवधि, जो दो वर्षों से अधिक नहीं हो, की सेवा की गणना परिवीक्षा के रुप में की जा सकती है। (ii) बिहार राज्यपाल परिवीक्षा अवधि के दौरान या उसकी समाप्ति के समय इस सेवा में भर्त्ती किये गये ऐसे किसी पदाधिकारी की नियुक्ति समाप्त कर सकते हैं यदि उक्त पदाधिकारी अन्य कारणों से इस सेवा में नियुक्ति के योग्य न हो।
(iii) प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान से परामर्श कर निर्धारित किया जा सकेगा तथा प्रत्येक प्रशिक्षु को विभिन्न विभागों में विहित अनिवार्य प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।
(iv) विभागीय परीक्षा रुल्स फॉर डिपार्टमेंटल एक्जामिनेशन ऑफ गजेटेड आफिसर्स, 1961 के अनुसार केन्द्रीय परीक्षा समिति (राजस्व पर्षद्) द्वारा ली जायेगी।
(v) सम्पुष्टि, वार्षिक वेतन वृद्धि एवं प्रोन्नति विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण होने के पश्चात् ही देय होगी परन्तु इस नियमावली के प्रवृत्त होने की तिथि के पूर्व नियुक्त इस सेवा के सदस्यों पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा। अध्याय : 5
वेतन एवं दक्षतावरोध
21. वेतन ।- विभिन्न कोटियों के पदों का वेतनमान अनुसूची-1 के अनुसार होगा तथा उनके तत्समान प्रतिस्थापन वेतनमान राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित किये जायेंगे।
अध्याय : 6 सामान्य/प्रकीर्ण
22. कार्यक्षेत्र संबंधी अनुबन्ध ।-
(i) इस सेवा के सदस्य को कार्य के लिए सरकार के किसी भी विभाग के अधीन बिहार राज्य के अंदर या बाहर किसी भी स्थान पर, पदस्थापित किया जा सकेगा।
(ii) राज्य सरकार को यह अधिकार होगा कि वह इस सेवा के किसी भी सदस्य को किसी गैर-संवर्गीय पद पर भी जो उसकी योग्यता के अनुरुप हो, पदस्थापित या प्रतिनियुक्त कर सके।
(iii) इस सेवा के सदस्यों की प्रतिनियुक्ति/पदस्थापना अनुसूची-2 में अंकित विभिन्न विभागों में भी योजना के सूत्रण एवं अनुश्रवण के लिए की जा सकेगी।
23. प्रशिक्षण ।- इस सेवा के सदस्य को प्रशिक्षण के लिए राज्य में अथवा राज्य से बाहर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अवधि के लिए भेजा जा सकेगा। प्रशिक्षण की समाप्ति पर किये गये मूल्यांकन को विभागीय प्रोन्नति समिति द्वारा ध्यान में रखा जा सकेगा।
24. आरक्षण ।- मूल कोटि में सीधी भर्त्ती अथवा एवं प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति तथा उच्चतर कोटियों में प्रोन्नति में आरक्षण अधिनियम तथा उसके तहत निर्गत संकल्पों/अनुदेशों/रोस्टर का अनुपालन अनिवार्य होगा।
25. अन्य सेवा शर्त्तें ।-इस सेवा के लिए अन्य शर्त्तें यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई, छुट्टी, देय सेवानिवृत्ति लाभ इत्यादि, जो इस नियमावली से आच्छादित नहीं है या जो इस सेवा के लिए अलग से अधिसूचित नहीं है, राज्य सरकार के पदाधिकारियों के लिए प्रासंगिक नियमावली में किये गये संबंधित प्रावधानों से नियंत्रित होंगी।
26. योजना एवं विकास विभाग में पूर्व सृजित मूल कोटि के निम्नांकित पद इस नियमावली के प्रवृत्त होने की तिथि से यथा स्तम्भ 3 (तीन) में अंकित सम्परिवर्त्तित पदनाम से जाने जायेंगेः-5 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण), 24 अूील 2009
| क्रमांक | मूल पद नाम | सम्परिवर्त्तित पदनाम |
| 1 | 2 | 3 |
| (i) | साख आयोजक-सह- ग्रामीण विकास विशेषज्ञ | सहायक योजना पदाधिकारी |
| (ii) | वैज्ञानिक पद्धति विश्लेषक | सहायक योजना पदाधिकारी |
| (iii) | कनीय अनुसंधान पदाधिकारी, योजना पर्षद | सहायक निदेशक, योजना पर्षद्् |
27. निरसन एवं व्यावृति :
(1) इस नियमावली के प्रवृत होने की तिथि से बिहार राज्य योजना एवं विकास सेवा नियमावली, 2005 एवं अन्य सभी संबंधित एवं प्रासंगिक परिपत्र/निर्णय निरसित समझे जायेंगे। (2) ऐसे निरसन के बावजूद उक्त नियमावली के अधीन किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई इस नियमावली द्वारा या इसके अधीन किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई समझी जायेगी मानो यह नियमावली उस तिथि को प्रवृत्त थी जिस तिथि को ऐसा कोई कार्य किया गया था या कोई कार्रवाई की गयी थी।
28. राज्य सरकार योजना एवं विकास विभाग के माध्यम से इस नियमावली के किसी प्रावधान को संशोधित करने की शक्ति रखती है तथा किसी भी प्रकार के शंका के निवारण हेतु निर्देश/परिपत्र निर्गत कर सकती है और उसका विनिश्चय अंतिम होगा। प्रशासी विभाग इस नियमावली के प्रावधानों को कार्यरुप देने के लिए वैसी प्रक्रिया निर्धारित कर सकेगा जो इस नियमावली के किसी प्रावधान के प्रतिकूल न हों ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
रामेश्वर सिंह, प्रधान सचिव।
| अनुसूची - '1' | |||
| सेवा के विभिन्न कोटि के पदों का विवरण | |||
| (क) मूल कोटि के पदः- | वेतनमान | 6,500-10,000 | |
| पदनाम | पदों की संख्या | अभ्युक्ति | |
| (1) | सहायक योजना पदाधिकारी (जिला) | 38 | पूर्व स जित ृ पद क मशः ्र साख आयोजक-सह-ग्रामीण विकास विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक पद्धति विश्लेषक नियमावली के प्रवृत होने की तिथि से सहायक योजना पदाधिकारी नामित होंगे । |
| (2) | सहायक निदेशक (मुख्यालय) | 03 | |
| (3) | सहायक निदेशक (योजना पर्षद्) | 04 | पूर्व सृजित पद कनीय अनुसंधान पदाधिकारी नियमावली के प्रवृत होने की तिथि से सहायक निदेशक के रुप में नामित होंगे । |
| कुल पद | 45 | ||
| (ख) प्रोन्नति का प्रथम स्तरः- | वेतनमान | 10,000-15,200 | |
| पदनाम | पदों की संख्या | ||
| (1) | जिला योजना पदाधिकारी | 38 | |
| (2) | वरीय अनुसंधान पदाधिकारी (योजना पर्षद्) | 03 | |
| कुल पद | 41 | ||
| (ग) प्रोन्नति का द्वितीय स्तरः- | वेतनमान | 12,000-16,500 | |
| पदनाम | पदों की संख्या | ||
| (1) | उप निदेशक (मुख्यालय) | 06 | |
| (2) | उप निदेशक (योजना पर्षद्) | 06 | |
| (3) | उप निदेशक (विभिन्न विभागों में) 'विभागों की सूची अनुसूची '2' पर संलग्न है ।' | 14 | |
| (4) | क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी (प्रमंडल स्तर) | 09 | |
| कुल पद | 35 | ||
| (घ) प्रोन्नति का तृतीय स्तरः- | वेतनमान | 14,300-18,300 | |
| पदनाम | पदों की संख्या | ||
| (1) | स य ं क्त निदेशक ु (मुख्यालय) | 04 | |
| (2) | स य ं क्त निदेशक ु (योजना पर्षद्) | 04 | |
| कुल पद | 08 | ||
| (घ) प्रोन्नति का चतुर्थ स्तरः- | वेतनमान | 16,400-20,000 | |
| पदनाम | पदों की संख्या | ||
| (1) | अपर निदेशक (मुख्यालय) | 03 | |
| (2) | अपर निदेशक (योजना पर्षद्) | 03 | |
| कुल पद | 06 |
अनुसूची '2'
विभिन्न विभागों की सूची जहॉं योजना सेवा के पदाधिकारी पदस्थापित/प्रतिनियुक्त होंगेः-
1. पथ निर्माण विभाग 2. ग्रामीण कार्य विभाग 3. ऊर्जा विभाग 4. ग्रामीण विकास विभाग 5. जल संसाधन विभाग 6. नगर विकास एवं आवास विभाग 7. समाज कल्याण विभाग 8. उद्योग विभाग 9. मानव संसाधन विकास विभाग 10. स्वास्थ्य विभाग 11. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग 12. गृह विभाग 13. विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग 14. पंचायती राज विभाग8 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण), 24 अूील 2009
vuqlwph&3
बिहार योजना सेवा की पदावली
16400-20000
06
अपर निदेशक (मुख्यालय)(03)
अपर निदेशक (योजना पर्षद)(03)
14300-18300
08
संयुक्त निदेशक (मुख्यालय)(04)
संयुक्त निदेशक (योजना पर्षद)(04)
35 12000-16500 उप निदेशक (मुख्यालय)(06)
उप निदेशक
(योजना पर्षद)(06)
उप निदेशक (अन्य विभाग)(14)
क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी (प्रमण्डल स्तर)(09) 10000-15200
41
वरीय अनुसंधान पदाधिकारी (योजना पर्षद) (3)
जिला योजना पदाधिकारी (प्रत्येक जिला में एक-एक) (38)
| सहायक योजना पदाधिकारी (प्रत्येक जिला में एक-एक) (38) | सहायक निदेशक (मुख्यालय) (3) | सहायक निदेशक (योजना पर्षद) (4) | 45 |
.
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,