िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 14141414 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1931 1931 1931 1931 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 111188883333)))) पटनापटनापटनापटना, , , , सोमवारसोमवारसोमवारसोमवार, , , , 4444 मईमईमईमई 2009200920092009 सं॰-एम-4-07/2009/3727/वि॰(2) वित्त विभाग ———
संकल्प
30 vizhy 2009
विषयविषयविषयविषय—विभिन्न न्यायिक वादो में सरकार की ओर से विभिन्न न्यायिक वादो में सरकार की ओर से उत्तर समर्पित करने उत्तर समर्पित करने उत्तर समर्पित करने उत्तर समर्पित करने में होनेमें होनेमें होनेमें होने वाली कठिनाईवाली कठिनाईवाली कठिनाईवाली कठिनाई विभिन्न न्यायिक वादो में सरकार की ओर से विभिन्न न्यायिक वादो में सरकार की ओर से को को को को देखते हुए तथ्य विवरणदेखते हुए तथ्य विवरणदेखते हुए तथ्य विवरणदेखते हुए तथ्य विवरणी तैयार करने हेतु अधिवक्ताओं/ी तैयार करने हेतु अधिवक्ताओं/ी तैयार करने हेतु अधिवक्ताओं/ी तैयार करने हेतु अधिवक्ताओं/सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त सेवानिवृत्त पदाधिकारियों कापदाधिकारियों कापदाधिकारियों कापदाधिकारियों का चयन चयन चयन चयन करने की शक्ति ।करने की शक्ति ।करने की शक्ति ।करने की शक्ति ।
आए दिन विभिन्न न्यायालयों में सरकार के विरुद्व दायर न्यायिक वादो यथा सी0 डव्ल्यु0 जे0 सी0, सिविल सूट विवाचन इत्यादि में प्रतिशपथ पत्र/कारण पृच्छा/उत्तर दायर करने में विभिन्न प्रशासनिक कारणों से विलम्व होने की सूचना प्राप्त होती है ।ससमय उत्तर दायर नही हो पाने पर सरकार को विषम स्थिति का सामना करना पडता है तथा कई वार माननीय न्यायालयो के द्वारा एकपक्षीय आदेश पारित कर दिया जाता है या फिर कतिपय मामलो में सरकारी विभागों/पदाधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणिया दर्ज कर दी जाती है । यह स्थिति वांछनीय नही है । 2 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 4 मई 2009 आवेदन पत्र दायर करने, आई0ए0 दायर करने, एल0पी0ए0 एवं एस0एल0पी0 आदि दायर करने के लिए भी तैयार कराई जा सकेगी । 3. प्रत्येक तथ्य विवरणी तैयार करने के लिए संबंधित अधिवक्ता/सेवानिवृत्त सरकारी सेवक को अधिकतम तीन सौ रुपये तक भुगतान किया जा सकेगा तथा प्रारुप की अग्रेजी प्रति टंकित कराने हेतु (आशु लेखन सहित) अधिकतम एक सौ रुपये का भुगतान किया जा सकेगा जिसकी स्वीकृति देने हेतु सरकार के प्रधान सचिव/सचिव /प्रमंडलीय आयुक्त/जिला पदाधिकारी सक्षम होगें । 4. यह भुगतान ''13 05 विधि प्रभार'' मद से किया जायगा । व्यय उपलव्ध वजट उपबंध के अन्तर्गत सीमित रहेगा ।
5. इस संबंध में अन्य विभागो द्वारा पूर्व निर्गत आदेशों को इस हद तक संशोधित समझा जाय ।
आदेश- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को सर्वसाधारण की जानकारी के लिए बिहार गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से
अरुनीश चावला, अपर वित्त आयुक्त (व्यय)।