(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 21212121 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1931 1931 1931 1931 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0 0 0 0 पटना पटना पटना पटना 111188888888)))) पटनापटनापटनापटना, , , , सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार, , , , 11111111 मईमईमईमई 2009200920092009 i'kq ,oa eRL; lalk/ku foHkkx
¼i'kqikyu½
vkns'k
&&&&&
8 vizhy 2009
सं0 3-नि0गो0(2)13/07-प0पा0-80-डा0 गया प्रसाद त्रिापाठी, तदेन सहायक कुक्कुट पदाधिकारी, चाईबासा, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, चाईबासा ( सम्प्रति निलंबित) जिनकी जन्म-तिथि 07 जुलाई 1950, सरकारी सेवा में नियुक्ति की तिथि 21 जनवरी 1978 एवं संभावित सेवानिवृति की तिथि 31 जुलाई 2010 है, को अवैध रूप से सरकारी राशि की निकासी (वित्तीय अनियमितता) करने अथवा उसमें सहयोग करने के आरोप में इस विभाग के आदेश संख्या 148-नि0शा0 दिनांक 17 फरवरी 1997 द्वारा निलंबित किया गया था। सम्प्रति निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, रॉंची निर्धारित है।
सी0बी0आई0 द्वारा चारा घोटाला जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर अनियमितता एवं अवैध निकासी की वित्तीय अनियमितता हुई है, की जॉंच के उपरांत अनियमितताओं में सलिप्त लोगों के विरूद्ध अनेक आपराधिक कांड दर्ज कराए गए हैं। इस क्रम में सी0बी0आई द्वारा डा0 त्रिापाठी के विरूद्ध भी दस आपराधिक कांड संख्या आर0सी0 66(ए)/96, आर0सी0 2 (cid:18)बहार गजट, (असाधारण)] 11 मई 2009 आपराधिक कांड संख्या आर0सी0 66(ए)/96 में माननीय विशेष न्यायाधीश IV, सी0बी0आई0 (ए0एच0डी0स्कैम केसेज), रॉंची द्वारा पारित न्यायादेश द्वारा डा0 त्रिापाठी के विरूद्ध लाए गए आरोपों को प्रमाणित पाया गया है तथा उन प्रमाणित आरोपों के आलोक में डा0 त्रिापाठी को 6 (छः) वर्षों का सश्रम कारावास की सजा दी गयी है।
उक्त न्यायादेश के आलोक में डा0 त्रिापाठी से उनको भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 (2)(ए) के प्रावधानों के तहत सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का अनुशासनिक दण्ड दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव पर कारण पृच्छा की गयी । उक्त कारण पृच्छा की नोटिस डा0 त्रिापाठी को केन्द्रीय कारा, रॉंची में, जहां वे सजा काट रहे थे, तामिला हेतु भेजा गया। अपने कारण पृच्छा उत्तर में डा0 त्रिापाठी द्वारा उल्ल्ेख किया गया है कि सी0बी0 आई0 न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड में अपील दायर की गयी है, अतः अग्रेतर कोई कार्रवाई नहीं की जाय। डा0 त्रिापाठी द्वारा समर्पित कारण पृच्छा की उत्तर की समीक्षा सरकार द्वारा की गयी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Dy. Director colligiate Vs Nagoor Mera (1995) 3 SSC 377 में दिए गए आदेश के अनुसार अपील दायर कर देने मात्रा से बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं रोका जा सकता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस अभिमत के आलोक में डा0 त्रिापाठी की कारण पृच्छा के उत्तर को अस्वीकृत करते हुए राज्य सरकार ने डा0 गया प्रसाद त्रिापाठी, तदेन सहायक कुक्कुट पदाधिकारी, चाईबासा, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, चाईबासा को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (ए) तथा बिहार सरकारी सेवक ( वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (x) एवं नियम 20(1) के प्रावधानों के तहत तत्कालिक प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार डा0 गया प्रसाद त्रिापाठी, तदेन सहायक कुक्कुट पदाधिकारी, चाईबासा को इस आदेश के निर्गत होने की तिथि के प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
इस आदेश के निर्गत होने की तिथि से डा0 त्रिापाठी का इस विभाग में ग्रहणाधिकार नहीं रहेगा । यह भी निर्णय लिया जाता है कि निलंबन की तिथि 17 फरवरी 1997 से लेकर बर्खास्त किए जाने की तिथि की अवधि के लिए डा0 त्रिापाठी को निलंबन भत्ता के अलावे अन्य किसी प्रकार का वेतन भत्ते का भुगतान नहीं किया जायेगा।