िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
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2. सरकार न्यूनतम या कोई भी निविदा स्वीकार करने के लिये बाध्य नहीं होगी। अन्य सभी बातें एक समान रहने पर उन कार्यरत निविदादाताओं को ठेका की स्वीकृति में प्राथमिकता दी जा जायेगी जिनका अपना भंडागार/निर्माणाषाला हो तथा कार्यकलाप (आपूर्ति) संतोषप्रद रहा हो। चूकि आसवनगृहों को पूर्व में राज्य में कार्य करने का अवसर नहीं रहा है। अतः आसवनगृह के मामले में यह शत्र्त षिथिल रहेगा। सरकार को यह अधिकार होगा कि निविदादाताओं से बातचीत (निगोषियेषन) द्वारा निविदा का निपटारा कर अनुज्ञप्ति की स्वीकृति करें। बिना कारण बताये कोई भी अथवा सभी निविदा अस्वीकृत की जा सकती है। निविदा स्वीकृति प्राधिकार द्वारा निर्धारित अवधि से कम अवधि के लिये भी निविदा स्वीकार की जा सकेगी।
(क) सरकार को यह अधिकार सुरक्षित होगा कि निविदादाता की निविदा स्वीकार किये जाने की स्थिति में एक से अधिक योग्य पाये गये निविदादाता को अनुबद्ध अनुसूचि (1) में उल्लेखित प्रक्षेत्र सम्पूर्ण बिहार राज्य का विषेष विषेषाधिकार का ठेका स्वीकृत करें।
(ख) निविदादाता (कार्यरत आसवनगृह को छोड़कर) से भिन्न वैसे निविदादाता यथा निजी व्यक्ति/पार्टनरसीप फर्म/कम्पनी जिन्हें मसालेदार देषी शराब के निर्माण एवं आपूर्ति के कार्य में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव हो, के द्वारा ही समर्पित निविदा पर विचार किया जा सकेगा। कार्यरत आसवनगृह के मामलेे में उपरोक्त शत्र्त लागू नहीं होंगे।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009 3.(क) प्रत्येक इच्छुक निविदादाता ''0039''-राज्य उत्पाद शुल्क-''देषी स्पिरिट भट्ठी-स्पिरिट शुल्क'' बजट शीर्ष के अधीन कोषागार चालान द्वारा या आयुक्त उत्पाद, बिहार के पदनाम से थातीकृत राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र/डिमान्ड ड्राफ्ट/किसान विकास पत्र के द्वारा सम्पूर्ण राज्य एक प्रक्षेत्र के लिये जमानत की राषि के रूप में 3,00,000/-(तीन लाख) रूपये जमा करेगा तथा उसे निविदा के साथ उपस्थापित करेगा। जिस निविदा के साथ यथाविहित युक्त जमानत जमा करने के प्रमाण स्वरूप कोषागार चालान अथवा राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र/डिमान्ड ड्राफ्ट/किसान विकास पत्र संलग्न नहीं रहेगा उस निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा। असफल निविदादाताओं को जमानत की राषि लौटा दी जायेगी, किन्तु सफल निविदादाताओं की जमानत की राषि पूरे ठेका अवधि के लिये जमानत के रूप में रखी जायेगी।
सफल निविदादाता यदि प्रतिभूति राषि के रूप में डिमान्ड ड्राफ्ट जमा करता है तो उक्त स्थिति में निविदा की स्वीकृति के पश्चात उन्हें डिमान्ड ड्राफ्ट के स्थान पर थातिकृत राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र या किसान विकास पत्र उतने ही राषि का जमा करना होगा।
(ख) यदि किसी विषेष विषेषाधिकार के प्रक्षेत्र जो सम्पूर्ण राज्य के लिए एक होगा के लिए कोई योग्य निविदादाता नहीं पाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में राज्य सरकार को पुनः निविदा प्रकाषित कराने का सर्वाधिकार सुरक्षित रहेगा।
(ग) मसालेदार देषी शराब की आपूर्त्ति हेतु निविदादाताओं से एतद द्वारा सम्पूर्ण राज्य के लिए एक समान दर की निविदा आमंत्रित की जाती है। मसालेदार देषी शराब की आपूर्त्ति हेतु चुने गये निविदादाताओं को निगोषियेसन द्वारा सम्पूर्ण राज्य के लिए मात्र एक दर पर मसालेदार देषी शराब की आपूर्त्ति करनी होगी।
(घ) मसालेदार देषी शराब के विनिर्माण की अनुज्ञप्ति उत्पाद प्रपत्र-27 क में निर्गत की जायेगी। ठेकेदार सरकार को प्रत्येक निर्माणषाला के अनुज्ञप्ति के लिए 10 (दस) लाख रू0 प्रतिवर्ष एक मुष्त अग्रिम अनुज्ञाषुल्क के वतौर भुगतान करेगा।
(ड.) निविदादाता निविदा के लिये आवेदन देते समय आपूर्ति हेतु आवष्यक संयंत्रों एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित एक सुस्पष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट समर्पित करेंगे, जिसमें यह उल्लेख रहेगा कि प्रस्तावित क्षेत्र में कहां-कहां कितनी क्षमता के बोटलिंग प्लान्ट लगें हैं अथवा लगायेंगे और बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति में किन-किन मदों पर अनुमानित कितना आवर्तक और अनावर्तक व्यय होगा। साथ ही उन्हें आपूर्त्ति प्रक्षेत्र की निविदा के लिये राष्ट्रीयकृत/अनुसूचित बैंक द्वारा निर्गत किया हुआ 35 लाख रूपये की पूॅजी की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र (अनुसूची 4 संलग्न प्रपत्र में) समर्पित करना होगा।
(च) प्रोजेक्ट रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख रहेगा कि आवेदक उस निमित्त पूॅजी की व्यवस्था कहाँ से करेगें तथा संयंत्रों आदि की व्यवस्था कहाँ से करने का विचार रखते हैं। पूँजी की व्यवस्था निजी स्श्रोत से की जानी हो या ऋण से दोनों के ही समर्थन में प्रमाण स्वरूप आवष्यक दस्तावेज संलग्न किया जायेगा। साथ ही ऋण मिल सकेगा ऐसा स्पष्ट बिना किसी शत्र्त का आष्वासन-पत्र भी संलग्न किया जायेगा। प्राईवेट पार्टी से ऋण प्राप्त किये जाने की स्थिति में उक्त पार्टी की वित्तीय क्षमता के समर्थन में भी बैंक का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा। (छ) जिन व्यक्तियों की निविदा स्वीकृत की जाती है वे निविदा स्वीकृति के दो महीने के भीतर बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति करने हेतु आवष्यक व्यवस्था पूरी कर लेगें। यदि दो महीने के भीतर उनके द्वारा इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी तो उनकी निविदा को विखंडित करने की कार्रवाई की जा सकती है तथा जमानत की राषि भी जप्त की जा सकती हैं।
(ज) उत्पाद प्रपत्र-27 क (अनुसूची 3) में विहित अनुज्ञप्ति में उल्लिखित शत्र्तो को इस निविदा सूचना का अंग माना जायेगा, मानो वे शत्र्ते इसमें उस हद तक छोड़कर, जिस हद तक इस निविदा सूचना द्वारा रूपभेदित की गई हो इस निविदा सूचना में सम्मिलित है, और निविदादाता रूप भेदित शत्र्तो सहित उस सभी शत्र्तो से भी सहमत हैं।
(झ) बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की विर्निमाण एवं आपूर्ति के लिये जिस व्यक्ति/ कम्पनी/ पार्टनरसीप फर्म/आसवनगृह की निविदा स्वीकार कर ली जाय वह उत्पाद प्रपत्र 27क में मसालेदार देषी शराब को निर्माण एवं आपूर्ति के लिये अनुज्ञप्ति की शत्र्तो का इस निविदा सूचना द्वारा यथा रूपभेदित सीमा तक छोड़कर पालन करेगा और उससे आबद्व रहेगा।
(ण) जिस निविदादाता की निविदा स्वीकार कर ली जाती है, वह अपनी निविदा की स्वीकृति का आदेष संसूचित किये जाने की तारीख से 15 दिनों के भीतर उत्पाद प्रपत्र 27क में अनुज्ञप्ति के लिये आयुक्त उत्पाद, बिहार/संबंधित जिले के समाहत्र्ता को आवेदन देगा। इस काम में चूक करने पर आयुक्त उत्पाद निविदादाता को कारण बताये बिना ही, उनकी निविदा की स्वीकृति रद्द कर देगा एवं उसकी जमानत की राषि जप्त कर लेगा और उसके जोखिम पर किसी अन्य निविदादाता को अनुज्ञप्ति प्रदान करेगा। यदि निविदादाता की ऐसी चूक या इंकार के कारण3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009 सरकार को कोई घाटा होता हो, तो उससे (जमानत की राषि की जप्ती के अतिरिक्त) घाटे के रकम लोक माँग के रूप में वसूली जायेगी।
(ट) नयी निर्माणषाला का नक्षा निविदा स्वीकृति के पन्द्रह दिनों के अंदर देना होगा तथा आयुक्त उत्पाद, बिहार के अनुमोदन के उपरांत निर्माणषाला/भंडागार में मसालेदार देषी शराब का विनिर्माण किया जाएगा। तत्पष्चात आपूर्ति की जायेगी। मसालेदार देषी शराब की बोटलिंग बिहार देषी शराब बोटलिंग नियमावली, 2004 के अधीन की जायेगी।
4.(i)(क) निविदादाता को अपनी निविदा में इसका स्पष्ट उल्लेख कर देना चाहिए कि वह किस आसवनगृह से सुषव प्राप्त कर बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति करेगा। (ख) इस विषेष विषेषाधिकार के अन्तर्गत सम्पूर्ण राज्य में ठीकेदारों को बोटलिंग प्लान्ट बैठाने तथा प्रक्षेत्र (सम्पूर्ण बिहार राज्य) के अन्तर्गत पड़ने वाले जिलों में बिहार राज्य ब्रिवरेज कॉरपोरेषन लि0 द्वारा स्थापित गोदाम में बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति करने का विषेषाधिकार प्रदान किया जा सकता है।
(ग) इस विषेष विषेषाधिकार के अन्तर्गत सभी ठेकेदारों (आसवनगृहपति अथवा गैर आसवनगृहपति) को बंध के अधीन ही पारक के आधार पर आसवनगृह से सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। किन्तु यदि सरकार उत्पाद कर के पूर्व भुगतान का आदेष दें, तब तदनुसार उत्पाद कर की राशि पूर्व आदायगी के उपरांत ही सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। इस संबंध में उत्पाद आयुक्त, बिहार के निदेश का पालन करना होगा।
(घ़) मसालेदार देषी शराब के निर्माण एवं उसके आपूर्तिकत्र्ता आयुक्त उत्पाद/समाहत्र्ता द्वारा सम्पूर्ण राज्य एक प्रक्षेत्र में आदेषित स्थल पर निर्माणषाला एवं मद्य भंडागार स्थापित कर वहाँ बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 के द्वारा स्थापित गोदाम में बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति करेंगे।
(ड.) निविदा स्वीकृत होने की स्थिति में माँग के अनुसार ठेकेदार 600 मि0 ली0, 300 मि0 ली0 एवं 200 मि0 ली0 के शीषे के बोतल में 35 यू0 पी0 शक्ति की मसालेदार देषी शराब की बोतल (षीषा/पेट) बंदी कर आपूर्ति करेंगे।
(च) मसालेदार देषी शराब का विनिर्माण उस किस्म के, और उन उपादानों से किया जायेगा एवं भंडागारों से उनकी आपूत्र्ति उस डिजाइन की लगाई गई सम्यक लेबल वाली बोतल में की जायेगी, जैसा अनुबद्ध अनुसूची-5 में वर्णित है। मसालेदार देषी शराब के विनिर्माण के लिए संषोधित सुषव गे्रड-1 या साइलेंट स्पिरिट उत्पाद कर का पूर्व भुगतान न होने की स्थिति में बंध के अन्तर्गत ही निर्माणषाला में लायी जायेंगी।
(ii) निविदादाता द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित गोदामों से तथा उसके बाद खोले जाने वाले किसी अतिरिक्त गोदाम से इस निविदा सूची के साथ संलग्न अनुसूची 3 में निहित शत्र्तो के अनुसार बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 कोे दी जायेगी। ठेकेदार मसालेदार देषी शराब पर लागू कर आदि तथा उसकी थोक कीमत बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 सेे बैंक ड्राफ्ट सीधे प्राप्त करेगा। वह इस प्रकार प्राप्त की गयी राषि की रसीद बिहार राज्य ब्रिवरेजेज कॉ0 लि0 को देगा जो भंडागार में गार्ड फाईल में सुरक्षित रखी जायेगी। कर आदि एवं मसालेदार देषी शराब लागत मूल्य की प्राप्त राषि की रसीद ठेकेदार द्वारा अलग-अलग दी जायेगी।
(iii)(क) निविदादाता को उत्पाद आयुक्त द्वारा यथाविहित प्रत्येक माल गोदाम में मसालेदार देषी शराब की निर्धारित शक्ति एवं मापों की शराब भरी बोतल का पर्याप्त स्टॉक रखना होगा, ताकि शराब की निकासी के समय स्कन्ध उपलब्ध रहे।
(ख) सफल निविदादाता को विनिर्माणषाला/भंडागार में निम्नलिखित प्रबंध/सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा :- (i) 15 दिनों की निकासी की मात्रा के बराबर संचय क्षमता। (ii) बोतलों की सफाई हेतु मोटरचालित सेमी-ऑटोमेटिक अथवा ऑटोमेटिक बोतल वाषिंग मषीन।
(iii) वैक्यूम फिल्टर मषीन। (iv) सेमी ऑटोमेटिक अथवा ऑटोमेटिक फिलिंग मषीन। (v) मोटरचालित सेमी-ऑटोमेटिक अथवा ऑटोमेटिक कैपस्यूलिंग मषीन। (vi) बिजली की कमी की पूत्र्ति के लिए जेनरेटर की व्यवस्था। (vii) पर्याप्त विखनिजीकृत जल की व्यवस्था। (viii) पर्यवेक्षण के लिए पदस्थापित उत्पाद पदाधिकारियों/कर्मचारियों के कार्यालय एवं आवास की समुचित व्यवस्था।
(ix) बिहार राज्य अग्निषाम विभाग द्वारा सुनिष्चित मापदंडों के अनुसार अग्निषमन की व्यवस्था।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009 (x) प्रत्येक भंडागार की बीमा, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बीमा कम्पनियों द्वारा कराना अनिवार्य होगा।
(iv) ठेकेदार मसालेदार देषी शराब की बोतल (षीषा/पेट) बंदी कर एवं उसकी आपूर्ति आवंटित सम्पूर्ण राज्य प्रक्षेत्र के इंगित मद्य भंडागारों के परिसर में मसालेदार देषी शराब की बोतल (षीषा/पेट) के निमित संयंत्र, साजो-सामान, प्लान्ट एवं मषीनरी एवं भंडारण की व्यवस्था करेगा। ठेकेदार यदि चाहे तो आयुक्त उत्पाद की पूर्वा अनुमति प्राप्त कर प्रक्षेत्र के अन्तर्गत एक से अधिक जिलों में मसालेदार देषी शराब का विनिर्माण कर आपूर्ति हेतु आवष्यक संयत्र साजो समान, प्लान्ट एवं मषीनरी एवं भंडारण की व्यवस्था करेगा, परन्तु ऐसे प्लान्ट से मसालेदार देषी शराब बिहार राज्य बिवरेजेज कॉ0 लि0 के विहित गोदामों में पहुॅचाने का दायित्व ठेकेदार का होगा तथा उसके लिए उन्हें कोई परिवहन व्यय एवं क्षति मान्य नहीं होगा। ठेकेदार के बोटलिंग प्लान्ट इस निविदा के अधिन मसालेदार देषी शराब के अधिन आपूर्ति हेतु पूर्णतया समर्पित होंगे।
(v) वर्ष 2007-2008 में राज्य के अन्य प्रत्येक जिले से कितनी मसालेदार देषी शराब की अपूर्ति की गयी है यह अनुसूची-1 में दर्ज है। ठीकेदारों द्वारा बिहार राज्य बिवरेजेज कॉ0 लि0 के प्रत्येक गोदाम में बोतल (षीषा/पेट) में मसालेदार देषी शराब की निर्धारित शक्ति एवं मापों की ही मसालेदार देषी शराब का (वार्षिक खपत के आधार पर कम-से-कम एक सप्ताह का) स्टॉक रखना अनिवार्य होगा। इसमें चूक करने पर सरकार कारण बताने का अवसर दिये बिना निविदा की स्वीकृति रद्द कर देगा, उसकी जमानत की राषि जप्त कर लेगा और उनके जोखिम पर ठेका को पुनः बन्दोबस्त करेगा तथा किसी अन्य व्यक्ति को अनुज्ञप्ति दे सकेगा।
(vi)(क) सफल ठेकेदार द्वारा भंडागार एवं बोटलिंग प्लांट स्थापित करने के लिए परिसर, भवन, संयंत्र, साज-सामान आदि की व्यवस्था निर्धारित समय के अंदर करना उनका दायित्व होगा। मद्य भंडागार एवं बोटलिंग प्लांट में प्रतिनियुक्त उत्पाद पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उचित कार्यालय एवं आवासीय व्यवस्था प्रदान करने एवं उसका खर्च के वहन करने का दायित्व ठीकेदार का होगा।
(ख) ऐसे सभी मामलों में जहाँ ठीका वत्र्तमान ठेकेदारों से भिन्न व्यक्तियों को दिया जाये, नये ठेकेदार को ठीका की शर्तो के अनुसार वहिर्गामी ठेकेदारों के सभी संयंत्र साज-समान और ऐसे भवन जिन्हें आयुक्त उत्पाद, के द्वारा अनुमोदित किया गया हो, जिला समार्हाा द्वारा आदेष करने पर खरीद लेने पड़ेंगे। ऐसे सभी मामलों में संबंधित भूमि भवन के स्वामी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने का दायित्व नये ठेकेदार का होगा। यदि वहिर्गामी और अन्तर्गामी ठेकेदार संयंत्र और भवन आदि के मूल्यांकन पर सहमत नहीं हो सके तो उस जिलें के समाहत्र्ता उसकी कीमत तय करेंगे, विवाद की स्थिति में उस पर उत्पाद आयुक्त का निर्णय अंतिम होगा। निविदा स्वीकृत होते ही सफल निविदादाता वहिर्गामी ठेकेदार को भुगतान निमित्त सभी संयंत्र आदि का प्राक्कलन मूल्य ऐसी अवधि के भीतर उत्पाद आयुक्त के पास जमा कर देगा जो उत्पाद आयुक्त निष्चित करेंगे इसमें चूक होने पर इसे ठीका और अनुज्ञप्ति की शत्र्तो का उल्लंधन माना जायेगा और ऐसे ठीकों को रद्द किया जा सकता है।
(vii) ठेकेदारों को प्रत्येक गोदाम के लिये अग्निषमन व्यवस्था, बिहार राज्य अग्निषमन विभाग द्वारा सुनिष्चित मापदंडों के अनुसार सुनिष्ति करनी होगी।
5.(i)(क) सरकार को किसी ठीका की अवधि का उस कालावधि के लिये विस्तार करने का अधिकार होगा, जिसे वह ठीका की समाप्ति के समय विद्यमान परिस्थितियों में उचित समझे और कार्यरत ठेकेदार विस्तारित अवधि में निविदा की शर्तो के अनुसार आपूर्ति जारी रखने के लिये बाध्य होंगे। (ख) यदि निविदादाता को ऐसी किसी चूक या इन्कार के कारण सरकार को कोई घाटा होगा तो उसकी जमानत की जप्ती के अलावा घाटे की रकम लोक माँग के रूप में उससे वसूल की जायेगी। ठेका और उसकी अनुज्ञप्ति की शर्तो का पालन न करने पर अनुज्ञप्ति की शर्तो के अनुसार की जाने वाली किसी अन्य कार्रवाई पर कोई विपरीत प्रभाव डाले बिना प्रतिभूति की रकम जप्त कर ली जायेगी।। ठेका अवधि में जो नए गोदाम खोले जायेंगे वहां ठेकेदार ऐसा न्यूनतम स्कंध रखेगा जो उत्पाद आयुक्त निर्धारित करेंगें।
(ii) सरकार को यह अधिकार सुरक्षित है कि वह अपनी मद्य निषेध नीति अथवा अन्य नीतिगत निर्णय के अनुसरण में या अन्य अपरिहार्य कारणों से पूरे राज्य में या किसी क्षेत्र विषेष में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति का वत्र्तमान ठेका को समाप्त कर दें उससे अनुज्ञाधारी बाध्य होगा एवं किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा।
(iii) ठेकेदारों को प्रत्येक गोदाम का बीमा भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बीमा एजेंसियों द्वारा कराना अनिवार्य होगा।
(iv) निविदादाता को निविदा के साथ निम्नलिखित अद्यतन प्रमाण-पत्र में संलग्न करना आवष्यक होगा अन्यथा उनकी निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा :-
(क) नवीनतम दायर आयकर रिटर्न, आयकर विभाग द्वारा प्रदा पावती रसीद के साथ, जो चार्टर्ड एकाउन्टेंट द्वारा सत्यापित मूल प्रति होना चाहिए।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009 (ख)(i) निविदादाता को निविदा के साथ बिहार बिक्री कर के तहत निबंधित होने का प्रमाण पत्र संबंधित अंचल के प्रभारी द्वारा सत्यापित मूल प्रति देना होगा, अनिबंधित निविदादाता की निविदा स्वीकार नहीं होगी।
(ii) वाणिज्यकर आयुक्त, बिहार या उनके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा प्रदत्त वाणिज्यकर शोधन/ अनापत्ति प्रमाण पत्र जो निविदा प्रकाषन के तिथि के बाद निर्गत किया गया हो। अगर वाणिज्यकर विभाग द्वारा शोधन प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो निविदा प्रकाषन के पूर्व निर्गत शोधन प्रमाण पत्र की मान्यता दी जायेगी, परन्तु यदि निविदा स्वीकृति के बाद भी निविदादाता के विरूद्ध किसी प्रकार का बकाया प्रतिवेदन वित्त वाणिज्यकर विभाग द्वारा प्रतिवेदित किया गया है तो निर्धारित समय सीमा के अंदर बकाया राषि का भुगतान नहीं करने पर निविदा की प्रदत स्वीकृति रद्द कर दी जायेगी।
(ग) चरित्र प्रमाण-पत्र जो स्थायी निवास स्थान अथवा नियमित कारोबार से संबंधित क्षेत्र के जिलाधिकारी द्वारा मूल रूप में प्रदत्त होना चाहिए और निविदा प्रकाषन की तिथि के बाद निर्गत किया गया हो। यदि निविदादाता कोई निबंधित फार्म या कम्पनी हो तब उल्लेखित चरित्र प्रमाण-पत्र की आवष्यकता नहीं है। अपितु सक्षम पदाधिकारी (रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी) का इस बिन्दु पर प्रमाण-पत्र मूल में संलग्न हो कि कम्पनी परिसमापन (लिक्वीडेषन) में नहीं है, तो यह चालू हालत में है। यह प्रमाण पत्र निविदा प्रकाशन के बाद का निर्गत किया गया हो।
निविदा के साथ समर्पित कोई विहित प्रमाण-पत्र अगर फर्जी पाये जाये तब निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा और यदि इस बीच निविदा स्वीकृत की गई हो तब भी निर्गत ठीका अथवा अनुज्ञप्ति रद्द कर जमानत की राषि एवं अन्य कोई जमा राषि जप्त की जा सकेगी। (v) निविदादाता के विरूद्व किसी प्रकार का अपराधिक मामला दर्ज अथवा लंबित न हो तथा फौजदारी न्यायालय द्वारा वह सजायफ्ता न हो, इस आषय का शपथ-पत्र निविदा के साथ संलग्न करना आवष्यक होगा अन्यथा निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा।
यदि निविदादाता कोई निबंधित फार्म या कम्पनी हो तब उल्लिखित शपथ-पत्र समर्पित करने की आवष्यकता नहीं है।
(vi) यदि विगत 5 वर्षो में पूर्व उत्पाद अनुज्ञाधारी के रूप में निविदादाता को पूर्व प्रदत्त उत्पाद अनुज्ञप्ति रद्द कर दी गई हो तो तब उनकी निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा। प्रत्येक निविदादाता को इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि उनके विरूद्ध उत्पाद राजस्व का कोई बकाया नहीं है। यदि निविदा स्वीकृति के बाद भी उनके विरूद्ध किसी प्रकार के उत्पाद राजस्व बकाया की सूचना मिलती है तो उत्पाद आयुक्त द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंदर बकाये का पूर्ण भुगतान नहीं करने पर निविदा की स्वीकृति रद्द कर दी जायेगी।
(vii) निविदा के अनुसूची -2 के प्रपत्र ''क'' में निविदादाताओं द्वारा अपने स्थायी निवास एवं व्यवसाय का पता अंकित करना आवष्यक होगा। यदि निविदादाता कोई निबंधित फर्म या कम्पनी हो तो सभी पार्टनर/निदेषकों की सूची (उनके पूरे पते के साथ) फर्म/कम्पनी के निबंधन-पत्र/पार्टनरषीप डीड तथा मेमोरेन्डम ऑफ आर्टिकल्स आदि अभिलेखों को निविदा के साथ संलग्न करना आवष्यक होगा।
(viii) प्रसंगाधीन पूर्ण अवधि के लिए सफल निविदादाताओं को निहित प्रत्येक वित्तीय वर्ष की अनुज्ञप्ति प्राप्त करने/नवीकृत कराने के पूर्व पूर्वगामी कंडिका के अधीन पुनः अद्यतन वाणिज्य कर शोधन/प्रमाण पत्र तथा कंडिका 15 के अधीन अद्यतन उत्पाद राजस्व बकाया शोधन शपथ पत्र दायर करना होगा।
(ix) इस निविदा के सभी शत्र्ते अनुज्ञप्ति की शत्र्ते मानी जायेगी। (x) सफल निविदादाता बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 उसके अंतर्गत बनी नियमावलियों, निर्गत अनुदेशों तथा उन सभी सामान्य या विषेष आदेषों से आबद्व रहेंगे जो उत्पाद विभाग, बिहार, सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत किये जायेंगे।
सरकार के आदेषानुसार, एन0 विजयलक्ष्मी, आयुक्त उत्पाद।6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009
अनुसूची -1
सम्पूर्ण बिहार राज्य एक प्रक्षत्र
| क्रमांक | प्रक्षेत्र का नाम | एम0 जी0 क्यू0 (लाख एल0 पी0 लीटर में) वर्ष 2008-2009 |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | सम्पूर्ण बिहार राज्य | 60.54 |
अनुसूची - 2
प्रपत्र (क)
आवेदन का प्रपत्र
दिनांक 1 अगस्त 2009 से 31 मार्च 2012 तक की अवधि के लिये बोतल में मसालेदार देषी शराब की थोक आपूर्ति करने के लिए निविदा। 1. (क) निविदादाता का नाम :- (ख) निविदादाता के पिता का नाम :- (ग) निवास, गाँव, थाना, जिला और राज्य :- (घ) कारोबार का स्थान और उसका पूरा पता :- (ड़) निविदादाता अगर कम्पनी फर्म हैं तो उसके निदेषकों की एक सूची, नाम एवं पूर्ण पता के साथ अलग से संलग्न किया जाये
2. जोन का नाम जिसके लिये निविदा दी जा रही है - 3. जमानत के रूप में प्रत्येक विषेष विषेषाधिकार प्रक्षेत्र के लिये 3,00,000.00 (तीन लाख) रूपये जमा करने के प्रमाण स्वरूप मूल कोषागार चालान या राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र की संख्या और तारीख जो निविदा के साथ संलग्न है।
4. (क) यदि बिहार में निविदादाता को अपनी डिस्टीलरी हो, जहाँ से सुषव प्राप्त कर बोतल में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति करेंगे उसका पूरा विवरण दें।
(ख) यदि निविदादाता को बिहार में अपनी डिस्टीलरी नहीं हो तो जिस स्रोत से सुषव प्राप्त कर मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति करेंगे उसका पूरा विवरण दें।
(ग) बतायें कि निविदादाता के अपना अथवा अपने नियंत्रण में मद्य भंडागार, बोटलिंग प्लांट है अथवा नहीं, अगर हाँ तो नाम के साथ विवरण दें।
(घ) बतायें कि निविदा कि साथ सूचना की शर्त 2 (घ) की अपेक्षानुसार सम्पूर्ण बिहार राज्य एक जोन के लिये निविदा दे रहे हैं उस जोन में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति सैसें में कराने हेतु आवष्यक संयंत्रों तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर में संबंधित स्पष्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट दिया गया है या नहीं। बतावें कि संयंत्रों एवं अन्य कार्यो के लिये क्या व्यवस्था की गयी है तथा कहाँ से वे पूंजी एवं संयंत्रों की व्यवस्था करेंगे। आष्वासन पत्र के रूप में राष्ट्रीकृत/अनुसूचित बैंक द्वारा निर्गत 35 लाख रूपये का आर्थिक सक्षमता का प्रमाण-पत्र (विहित प्रपत्र में) संलग्न करें।
5. बतावें कि शुद्व छोआ से बनी शराब निविदा-सूचना की अनुसूची-1 के स्तम्भ 6 में उल्लिखित वांछित गोदामों से निविदा-सूचना की अनुसूची-3 में दिये गये निर्देष के अनुसार सैसे में विहित आकार एवं शक्तियों को मसालेदार देषी शराब प्रति बोतल किस कीमत पर खुदरा अनुज्ञाधारियों को आपूर्ति करेंगे। जिसमें बोटलिंग खर्च, सुषव की लागत, कर सहित अन्य लागत भी सम्मिलित हों।
6. जिस जोन के लिये निविदा दी गयी है उनमें अवस्थित माल गोदामों में सुषव संचय और मसालेदार देषी शराब की वोटलिंग के लिये कैसी व्यवस्था है, तथा कौन-सी प्लान्ट, मषीनरी, संयंत्र आदि लगाये जायेंगे तथा उनकी दैनिक क्षमता क्या होगी, तत्संबंधी स्पष्ट विवरण दिया जाय।
7. (i) वाणिज्य कर विभाग के कर-षोधन प्रमाण-पत्र की संख्या और तारीख दें जो निविदा के साथ संलग्न है।
(ii) अद्यतन आयकर रिटर्न एवं पावती की संख्या एवं तारीख जो निविदा के साथ संलग्न है। 8. चरित्र प्रमाण-पत्र संलग्न किया गया है अथवा नहीं । 9. उत्पाद राजस्व का बकायेदार न होने के संबंध में शपथ प्रमाण-पत्र संलग्न है अथवा नहीं । 10. अन्य कोई सूचना जो देय हो ।
घोषणा
मैं, ........................................................................................................ उपर्युक्त निविदादाता घोषित करता हूँ कि उपर्युक्त विवरण, जहाँ तक मेरी जानकारी है, सही है और इसके द्वारा इस निविदा सूचना और प्रपत्र 27 में दी जाने वाली अनुज्ञप्तियों की सभी शत्र्तो और बंधेज का पालन करना स्वीकार करता हूँ ।
निविदादाता का हस्ताक्षर।8 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009
अनुसूची - 3
प्रपत्र -27
इससे अनुबद्व अनुसूची में उल्लिखित क्षेत्र मे मसालेदार देषी शराब बोतल में विनिर्माण कर उत्पाद प्रपत्र 27(ग) में अनुज्ञप्त थोक विक्रेता को आपूर्ति के लिये अनुज्ञप्ति।
इसके द्वारा सर्वश्री ........................................................................................को जिन्हें इसमें अनुज्ञाधारी कहा गया है, अनुबद्व अनुसूची में विनिर्दिष्ट जो के लिए मसालेदार शराब की बिक्री के लिये बिहार उत्पाद अधिनियम (बिहार एक्साईज ऐक्ट), 1915 की धारा 13 तथा 20 के उपबन्धों के अधीन इसमें आगे बताई गई शत्र्तो पर तारीख .............. ............................से....................................... के लिये अनुज्ञप्ति प्रदान की जाती है।
शत्र्ते 1. इस अनुज्ञप्ति के अधीन बेंची गई शराब उत्पाद आयुक्त द्वारा विहित मानक के अनुसार औसतन अच्छी किस्म की होगी और इससे अनुबद्व अनुसूची में विनिर्दिष्ट किसी सामग्री से बनी रहेगी, परन्तु सतत् यह भी है कि अनुज्ञप्ति के चालू रहने की अवधि में किसी समय अन्य सामग्रियों से भी बना कोई शराब अनुज्ञप्तिधारी आपूर्ति कर सकेगा, बषत्र्ते कि उत्पाद आयुक्त सामान्य या विषेष आदेष द्वारा उसे ऐसा करने की अनुमति दे देें।
2. इस अनुज्ञप्ति के अधीन अनुसूची में विनिर्दिष्ट विर्निमाणषाला इसके अधीन शराब की बिक्री के लिये उक्त क्षेत्र में आगे खोले जाने वाले और तत्काल आयुक्त उत्पाद /समाहत्र्ता द्वारा स्वीकृत गोदामों से भिन्न किसी अन्य स्थान में कोई भी शराब बेंची न जाय।
3. इस अनुज्ञप्ति के अधीन बिक्री के लिये उक्त गोदामों में रखी गयी शराब का समाहत्र्ता या उत्पाद आयुक्त के आदेष द्वारा या अधीनस्थ पदाधिकारी द्वारा आवधिक विष्लेषण किया जायेगा और अनुज्ञप्तिधारी उसमें पाई गई किसी त्रुटि केा जिसे आयुक्त उत्पाद महत्वपूर्ण समझें, सुधारनें के लिये बाध्य होगा और उसके बारे में उनका लिखित निर्णय अंतिम होगा।
4. अनुज्ञाधारी बिहार उत्पाद (षुल्क) अधिनियम, 1915 से और उसके अधीन बनाये गये नियमों से जहाँ तक उनका इससे संबंध हो, आबद्ध रहेगा। वह जिस क्षेत्र में शराब की बिक्री करना चाहते हैं उस क्षेत्र में अवस्थित प्रत्येक निर्माणषाला के लिये 1.50 (एक लाख पचास हजार रू0) वार्षिक की दर से अनुज्ञप्ति शुल्क (लाइसेंस फीस) जमा करगा।
5. इसकेे अनुबद्व अनुसूची में बताई गई शराब के विभिन्न प्रकारों में विनिर्दिष्ट विर्निमाणषाला से बिक्री की दषा में वही कीमत ली जायेगी जो ऐसी अनुसूची में ऐसे विर्निमाणषाला से इंगित किमतोेंं और शराब के प्रकारों के सामने उल्लिखित शक्ति के अनुरूप निकाली जाय। उपर्युक्त शत्र्त 2 के उपबंधानुसार आगे मंजुर किये जाने वाला किसी विर्निमाणषाला या विर्निमाणषालाओं से या उपर्युक्त शत्र्त-1 के अधीन उत्पाद आयुक्त के विषेष आदेष द्वारा अनुमति प्राप्त किसी सामग्री से बनी किसी शराब की बिक्री होने पर उसकी कीमत वही होगी जो यथा स्थिति ऐसी अनुमति देने पर उत्पाद आयुक्त नियत करेगें या ऐसी अनुमति में विनिर्दिष्ट हो अथवा (इस प्रकार नियत कीमत के बारे में अनुज्ञप्तिधारी द्वारा आपत्ति करने पर) राजस्व पर्षद निर्धारित करे। 6. उक्त विर्निमाणषाला से शराब की बिक्री बोतल में भरकर की जायेगी। शराब की शक्ति, माप तथा बोटलिंग की प्रक्रिया वही होगी जो राजस्व पर्षद् समय-समय पर विषेष या सामान्य आदेष देकर नियत करेंगे। 7. इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री समय-समय पर केवल उन्हीं व्यक्तियों (थोक प्राप्त बिक्रेता के रूप में विनिर्दिष्ट) के साथ की जायेगी, जो विहित प्रपत्र में पारक पेष करेंगे और जिसमें उनके हाथ शराब बेचने का प्राधिकार दिया गया हो और उनकी हाथ केवल उसी प्रकार/प्रकारों और उतनी ही मात्रा में शराब की बिक्री की जायेगी जो ऐसे पारकों में उल्लिखित हों, उससे अधिक नहीं।
8. (क) अनुज्ञप्तिधारी को उस विर्निमाणषाला से जहाँ उसे अनुज्ञप्ति के अधीन समय-समय पर शराब बेंचने की अनुमति दी गई हो, अनुज्ञप्ति प्राप्त विक्रेताओं द्वारा पेष किये गये पारकों में उल्लिखित मात्रा या मात्राओं में और प्रकार/प्रकारों की शराब की बिक्री के तौर पर आपूर्ति करने के लिये बाध्य होगा।
(ख) उपर्युक्त शत्र्त-7 में विनिर्दिष्ट शराब की आपूर्ति में चूक करने पर उत्पाद आयुक्त के निदेषानुसार अर्थदंड लगाया जायेगा। अर्थदंड की रकम उतनी तक हो सकती है जो अनुज्ञप्ति प्राप्त थोक बिक्रेताओं द्वारा माँगी गई किन्तु आपूर्ति की गयी शराब पर लगने वाले उत्पाद कर तथा आपूर्ति में चूक के चलते सरकार को होने वाले राजस्व की हानि की रकम हो।
(ग) अनुज्ञप्तिधारी, समाहत्र्ता या उत्पाद आयुक्त के आदेषानुसार अन्य किसी अनुज्ञप्तिधारी के विर्निमाणषाला को उस अनुज्ञप्तिधारी के खर्च पर शराब की आपूर्ति करेगा जो निर्धारित मात्रा में शराब की आपूर्ति करने में विफल रहा है। आयुक्त उत्पाद अपने विवेक से ऐसे विफल अनुज्ञप्तिधारी पर अर्थदंड लगा सकते है। (घ) अनुज्ञप्तिधारी उन सभी सामान्य या विषेष आदेषों से आबद्ध होगा जो उत्पाद आयुक्त, समय-समय पर जारी करें।
9. हरेक निर्माणषाला में जहाँ अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री तत्काल अनुमत हों, विभिन्न शक्तियों एवं मापों की शराब भरी सैचेट में शराब की ऐसी न्यूनतम मात्रा (स्कंध) रखी जायेगी जो समय-समय पर उत्पाद9 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009 आयुक्त/जिला समाहत्र्ता नियत करे और अनुज्ञप्तिधारी को लिखित रूप में संसूचित करें। यदि कभी भी इस विहित न्यूनतम मात्रा से स्कंध कम हो जाय तो अनुज्ञप्तिधारी इसे विहित न्यूनतम मात्रा तक तुरन्त पूरा कर देगा। यदि वह समाहत्र्ता या विनिर्माणषाला के प्रभारी पदाधिकारी से ऐसा करने की नोटिस मिलने के बाद 7 (सात) दिनों के भीतर ऐसा नहीं करें तो समाहत्र्ता किसी भी स्त्रोत से, जो वह उचित समझे इसे पूरा करने के लिये अपेक्षित शराब (जिसमें विभिन्न शक्तियों एवं मापों की शराब की सैचेट भी शामिल है) प्राप्त कर सकेगा। अनुज्ञप्तिधारी माँग करने पर समाहत्र्ता को इस प्रकार प्राप्त किसी शराब का कोई ऐसा खर्च भी देने का भागी होगा जो उसकी बिक्री से कीमत के रूप में वसूली गई रकम से ज्यादा हो, इस खर्च में मार्ग व्यय भी शामिल है।
10. अनुज्ञप्तिधारी ऐसे सभी निर्माणषाला को जो अनुज्ञप्तिधारी की संपत्ति है और जहाँ अनुज्ञप्ति के अधीन बोतल में शराब बेचने की तत्काल अनुमति दी गई हो, जलापूर्ति संबंधी स्त्रोतों और साधनों की व्यवस्था एवं समय-समय पर यथोचित और पर्याप्त मरम्मत एवं अनुरक्षण अपनी खर्च पर करेगा और उन्हें अच्छी चालू स्थिति में रखेगा। अनुबद्व अनुसूची विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में अपेक्षित सभी नए निर्माणषाला अनुज्ञप्तिधारी के खर्च से बनाये और अनुरक्षित किये जायेगे। यदि ऐसे निर्माणषाला जहाँ इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री के लिये तत्काल अनुमति दी गई हो, सरकारी संपत्ति हो, तो उन्हें सरकारी निदेषानुसार और सरकारी खर्च से अनुरक्षित किया जायेगा किन्तु अनुज्ञप्तिधारी उन सरकारी मकानों की, जिनमें प्रभारी सरकारी पदाधिकारियों के क्वाटर भी है, दखल में रखने के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित दर से किराये का भुगतान करेगा। साथ ही, वह उचित टूट-फूट को छोड़कर सरकारी मकानों और उसमें लगी सरकारी संपत्ति की हुई क्षतियों के लिये जिसमें आग से क्षति भी शामिल है की भरपाई करेगा। इस पर समाहर्ता का निर्णय अंतिम होगा। जहाँ तक नगरपालिका करों का संबंध है, गृह कर (सामान्य नगरपालिका कर) का सरकार भुगतान करेगी।
सभी अतिरिक्त करों का भुगतान अनुज्ञप्तिधारी करेंगे, भले ही वे कर, शुल्क या स्थानीय कर के रूप में उल्लेखित हो। अनुज्ञप्तिधारी निर्माणषाला से संलग्न कार्यालयों में लिपिकों, पदाधिकारियों तथा निरीक्षण पदाधिकारियों के उपयोग के लिये उपर्युक्त फर्नीचर रखेगा। उसे आवष्यकतानुसार ऐसे सभी फर्नीचरों की मरम्मत और बदलाव भी करना होगा।
11. इस अनुज्ञप्ति की समाप्ति या उसके किसी नवीकरण की अवधि बीतने पर अनुज्ञप्तिधारी उत्पाद आयुक्त के चाहने पर :-
(क) अपने उत्तराधिकारी को कोई ऐसा मकान जिसे इस अनुज्ञप्ति के अनुसार बनाया या अर्जित किया गया हो, उतने मूल्य पर जिस पर वह और उसके उत्तराधिकारी सहमत हों, सौंपने के लिये बाध्य होगा। यदि वे सहमत नहींं हो सकें तब उत्पाद आयुक्त द्वारा नियत मूल्य पर उसे सौंप देने के लिये वह बाध्य होगा।
(ख) अपने उत्तराधिकारी को शराब की आपूर्ति, संचय, प्रबंधन (हैंडलिंग) वोटलिंग और निर्गमन के लिये व्यवहृत ऐसे संयंत्र जिन्हें उत्पाद आयुक्त विनिर्दिष्ट करें उत्पाद आयुक्त द्वारा निर्धारित मूल्य पर सौंप देने के लिये बाध्य होगा और अनोबर्वत अनुज्ञप्तिधारी को इन संयंत्रों को उस मूल्य पर स्वीकार करना पड़ेगा। पट्टेदारी पर लिए गये परिसर में संचालित मद्य भंडागार के मामले में यदि पट्टीदार इस पट्टेे की समाप्ति के पूर्व किसी समय किसी सार्वजनिक प्रयोजन हेतु उक्त पट्टान्तरित परिसर या उसके किसी भाग पर अपना कब्जा करने का इच्छूक हो तथा समाहत्र्ता के स्वीकृति से अपनी ऐसी इच्छा की नोटिस पट्टाधारी पर तामिल करें, तो पट्टाधारी उपर्युक्त नोटिस मिलने की तारीख से तीन महीनों के भीतर उक्त पट्टान्तरित परिसर अथवा उसके ऐसे भाग को खाली कर देगा जो उक्त नोटिस में विनिर्दिष्ट हो। यदि पट्टीदार उत्पाद आयुक्त की सहमति से बनाये गये किसी भवन या किये गये किसी सुधार के लिए पट्टीदारी को किसी क्षतिपूत्र्ति का दावा प्रस्तुत करें और उपर्युक्त क्षतिपूत्र्ति के रकम के बारे में मतभेद हो तब उस पर उत्पाद आयुक्त का निर्णय अंतिम होगा।
12. इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की आपूर्ति मापों, प्रबंधन (हैण्डलिंग), वोटलिंग, बिक्री और निर्गमन के लिये आवष्यक या उचित अथवा उनसे संबंधित या उनके लिये उपर्युक्त सभी जगहों और चीजों की जिनमें कुन्ड, टंकी पम्प पाईप, टांटी, मापी, और बर्तन आदि भी है कि अनुज्ञप्तिधारी उन निर्माणषाला में उपयोग के लिये लाइसेंसधारी व्यवस्था करेगा जहाँ इस लाइसेंस के अधीन शराब की बिक्री के लिये तत्काल अनुज्ञप्ति दी गयी है। ऐसे निर्माणषाला में शराब के संचय या निर्गमन के लिये भैट, टंकियों और पीपे उतनी संख्या में और उतनी क्षमता के होंगे और उस डिजाइन के अनुसार बैठाए जायेंगे जैसा उत्पाद आयुक्त समय-समय पर निदेष दें। उपर्युक्त में निपजन दंड (डिपिंग रॉड) भी लगे रहेंगे। शराब के संचय या उपचयन के लिये नए कुंड काठ/लोहे के बने होंगे। अनुज्ञप्तिधारी पर ऐसे सभी गोदामों में अपचयन के लिये जल पहुँचाने की और शराब के सम्मिश्रण के पहले जल पहुँचाने और उस जल का यथोचित इसके बारे में समाहत्र्ता का लिखित आदेष निर्णायक होगा। फीलटरेषन और शोधन कराने तथा बोतल हेतु ऐसी क्षमता के संयंत्र लगाने की अनुज्ञप्तिधारी की जिम्मेवारी होगा जो उस भंडागार से होने वाली निर्गमन के अनुरूप हो। वह इस संबंध में समाहत्र्ता/उपायुक्त के सभी लिखित निदेषों को प्राप्त होने के बाद तुरन्त पालने के लिये बाध्य होगा।10 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009 13. इसमें सरकार को यह आदेष सुरक्षित रहेगा कि यदि वह चाहें तो किसी जिला के सभी निर्माणषाला या किसी एक गोदाम से वोटलिंग कर देषी शराब की आपूत्र्ति की व्यवस्था किसी अवधि विषेष में लागू करें। एसे करने पर अनुज्ञप्तिधारी किसी भी क्षतिपूत्र्ति का हकदार नहीं होगा। अनुज्ञप्ति के अधीन सभी वोटलिंग प्लान्टों में शराबों का संचय/अपचयन, सैचेटिंग और बिक्री निर्गमन निर्माणषाला के प्रभारी सरकारी पदाधिकारी के सतमें पर्यवेक्षण में किया जायेगा। अनुज्ञप्तिधारी हरेक गोदाम में एक अंग्रेजी जानने वाला लिपिक रखेगा जो शक्ति निकालने वास्ते शराब के अपचयन तथा सभी छीजनों (वेस्टेजों) और संकीचनों के लिये जिम्मेवार होगा। अनुज्ञप्तिधारी की मार्गस्थल एवं कार्यकारी क्षति देय नहीं होगा।
14. उत्पाद आयुक्त द्वारा कोई ऐसा आदेष जिससे निर्माणषाला भवनों में या शराब के संचय/अपचयन सम्मिश्रणों वोटलिंग और निर्गमन या जलापूर्ति की व्यवस्था में मौजूद कोई त्रूटि दूर करने की अपेक्षा की गई हो, अनुज्ञप्तिधारी उसका तुरन्त पालन करेगा और आदेष में विनिर्दिष्ट तारीख के भीतर उसे त्रुटि को अवष्य दूर कर देगा। ऐसा न करने पर उसे वह अर्थदंड जिसका उत्पाद आयुक्त आदेष दें तथा उन सभी खर्च का भी जो इन त्रुटियों को दूर करने में लगेगा भुगतान करना पड़ेगा।
15. इस विषेषाधिकार के अन्तर्गत सभी ठेकेदारों को बंध के अधीन ही पारक के आधार पर आसवनगृह से सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। किन्तु यदि देय कर का भुगतान का सरकार द्वारा आदेष हो जाये तब तदनुसार कर की राशि पूर्व आदायगी के उपरांत ही सुषव की आपूर्ति प्राप्त करनी होगी। इस संबंध में उत्पाद आयुक्त, बिहार का निदेश का पालन करना होगा।
16. विर्निमाण अनुज्ञप्तिधारी थोक अनुज्ञाधारी से कर एवं देषी शराब का लागत मूल्य बैंक ड्राफ्ट प्राप्त कर बोतल में मसालेदार देषी शराब की निकासी देंगे। इस प्रकार प्राप्त की गयी राषि के अलग-अलग रसीद अनुज्ञप्तिधारी द्वारा थोक अनुज्ञाधारी को दी जायेगी जो भंडागार के गार्डफाइल में सुरक्षित रखे जायेंगे। 17. बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 27 के अधीन लगाये गये उत्पाद-कर (डियूटी) की दरों में कोई फेर-बदल होने से इस अनुज्ञप्ति की शत्र्तो पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
18. यदि समाहत्र्ता या उत्पाद आयुक्त आदेष दें तो अनुज्ञप्तिधारी इसके साथ अनुबद्व अनुसूची में उल्लिखित हरेक निर्माणषाला में शेष बची शराब की उतनी मात्रा जो पूर्ववत्र्ती वर्ष के दौरान औसतन प्रतिमाह बेची गई उसी मूल्य पर लेने के लिए बाध्य होगा जिस मूल्य पर यह पूर्ववत्र्ती वर्ष में बची गई थी परन्तु यदि अनुज्ञप्तिधारी इस मूल्य को स्वीकार नहीं करें तो उत्पाद आयुक्त इसे निर्धारित करेगें जो अनुप्तिधारी को मान्य होगा।
19. राजस्व पर्षद् /सरकार किसी ठेका अवधि का उस कालावधि के लिये विस्तार कर सकती है जिसे वह ठेका समाप्ति के समय विद्यमान परिस्थितियों में उचित समझें और कार्यरत ठेकेदार विस्तारित अवधि में निविदा/अनुज्ञा की शत्र्तो के अनुसार आपूर्ति जारी रखने के लिये बाध्य होंगे।
20. इस अनुज्ञप्ति की समाप्ति के बाद चाहे या इसकी किसी नवीकरण की अवधि बीत जाने पर अनुज्ञप्तिधारी की उक्त अनुज्ञप्ति के तहत अवषेष बचे सुषव/षराब का निष्पादन राजस्व पर्षदीय नियमावली के नियमों के अनुसार किया जायेगा। अवषेष बचे सुषव एवं शराब अनुवर्ती अनुज्ञप्तिधारी द्वारा लेने से इनकार की स्थिति में इसकी बिक्री उस दर पर लगायी जायेगी। जो उत्पाद आयुक्त नियत करें।
21. अनुज्ञप्तिधारी इन शत्र्तो के पालन की प्रतिभूति स्वरूप ऐसे हरेक निर्माणषाला के संबंध में जहाँ इस अनुज्ञप्ति के अधीन शराब की बिक्री के लिये तत्काल अनुमति दी गइ्र है, उत्पाद आयुक्त के पास सरकारी प्रोमिसरी नोट के रूप में या (उसके द्वारा अनुमोदित किसी अन्य रूप में ) ऐसी रकम जमा करेगा जो वे निदेषित करेंं।
22. बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 93 के उपबंधों पर प्रतिकुल प्रभाव डाले बिना अर्थदंड और अन्य रकमों जिनका अनुज्ञप्तिधारी उस अधिनियम के उपबंधों के अधीन भागी हो उपर्युक्त प्रतिभूति से वसूलनीय होगें।
23. सरकार का यह अधिकार सुरक्षित है कि वह अपनी मद्य निषेध नीति के अनुसार या अन्य कोई विषेष कारण से किसी भी क्षेत्र में मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति बन्द कर दे या आपूर्ति प्रणाली, यथा वोटलिंग की व्यवस्था में परिवर्तन किया करें, अनुज्ञप्तिधारी उससे बाध्य होगा एवं किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा।
24. निविदा की शत्र्तो और बंधेज इस अनुज्ञप्तिध की शत्र्ते बंधेज माने जायेंगे और पूर्ववर्ती कंडिकाओं में सन्निविष्ट इस अनुज्ञप्ति की शत्र्तो और बंधेज जहाँ तक वे उपर्युक्त निविदा की शत्र्तो और बंधेज से असंगत हों, उपरोक्त दषा में रूपभेदित समझें जायें।
25. यदि ठेकेदार या उसके एजेंट उस अनुज्ञप्ति की किन्ही शत्र्तो का उल्लंधन या अपालन करें तो उक्त अधिनियम की धारा 42 के अधीन यह अनुज्ञप्ति रद्द या निलम्बित कर दिया जायेगी, और उक्त अधिनियम की धारा 57 के अधीन अनुज्ञप्तिधारी अर्थदंड का भागी होगें।
26. अनुज्ञाधारी बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 तथा उसके अंतर्गत बनायी गयी नियमावलियों एवं राजस्व पर्षद/उत्पाद आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्गत सामान्य या विशेष अनुदेशों का पालन करने को बाध्य होगा।
समाहत्र्ता11 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009
प्रतिरूप करार-पत्र
मैं, ........................................उपर्युक्त अनुज्ञप्तिधारी अपने तथा अपने वारिसों, वैद्य प्रतिनिधियों और सुनिवेषितियों की ओर से इसके द्वारा करार करता हूँ कि इसके पहले लिखित और व्यक्त सभी शत्र्तो और बंधेजों का पालन करूँगा और उससे बाध्य रहूँगा।
तारीख :
गवाह : हस्ताक्षर12 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009
अनुसूची - 3
(प्रपत्र -27 क)
इससे अनुबद्व अनुसूची में उल्लिखित स्थान में मसालेदार देषी शराब के विनिर्माण की अनुज्ञप्ति। बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 13 के उपबंधों के अधीन श्री/सर्वश्री ...................................................
............................ निवास ...................................................को ( जिसे इसमें इसके पश्चात् अनुज्ञाधारी कहा गया है) दिनांक .................................................................से दिनांक ....................................तक की अवधि के लिये निम्नांकित शत्र्तो के अधीन इसमें इसके आगे उल्लिखित प्रकार का मसालेदार देषी शराब के विनिर्माण की अनुज्ञप्ति एतद् द्वारा प्रदान की जाती है :- शर्ते 1. इस अनुज्ञप्ति के अधीन विनिर्मित मसालेदार देषी शराब तत्समय पर्षद् द्वारा निर्मित मानक के अनुरूप होगी और ऐसी सामग्रियों से बनी होगी, जैसा इससे अनुबद्व अनुसूची में विनिर्दिष्ट है। परन्तु यह भी कि अनुज्ञप्ति के अस्तित्व की अवधि में किसी समय अनुज्ञाधारी अन्य सामग्रियों से बनी मसालेदार देषी शराब की विनिर्माण कर सकेगा यदि आयुक्त उत्पाद के सामान्य या विषेष आदेष द्वारा उसे ऐसा करने की स्वीकृति दी गई हो। 2. इस अनुज्ञप्ति के अधीन इससे अनुबद्व अनुसूची में विनिर्दिष्ट स्थान के सिवा कहीं और मसालेदार देषी शराब का विनिर्माण नहीं किया जायेगा।
3. अनुज्ञाधारी सरकार की अनुज्ञाषुल्क के रूप में प्रति वर्ष 1000000.00 (दस लाख) रूपये का एकमुष्त अग्रिम भुगतान करेगा।
4. मसालेदार देषी शराब के विनिर्माण में उपयोग किये जाने के लिये संषोधित सुषव ग्रेड -1 या साइलेंट स्पिरिट बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 27 के अधीन बंध के अन्तर्गत निर्माणषाला में लाया जायेगा। 5. इस अनुज्ञप्ति के अधीन सुषव की संचय और ह्नासकरण तथा सभी प्रकार के मसालेदार देषी शराब का विनिर्माण, बोतलबन्दी और निर्गमन निर्माणषाला के सरकारी प्रभारी पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में किया जायेगा। अनुज्ञाधारी प्रभारी पदाधिकारी की सहायता के लिये प्रत्येक निर्माणषाला में अपना प्रतिनिधि रखेगा।
6. निर्माणषाला में प्रत्येक कमरे, के दरवाजे और स्थान के बाहरी भाग में और निर्माणषाला में रखे प्रत्येक पात्र पर जिस उपयोग में लाये जाने के लिये वह अभिप्रेत हो उसके अनुसार प्रत्येक कमरा, स्थान या पात्र का नाम तैल रंजक (आयल पेन्ट) से लिखा जायेगा और उसे प्रणाली क्रम संख्या द्वारा सुभिन्नित किया जायेगा
7. इससे अनुबद्व अनुसूची में निर्माणषाला के रूप में वर्णित परिसर में केवल सुषव, जल, रंजक और सुवासक द्रव्य तथा बोतलबंदी और पैकिंग के काम में आने वाली सामग्रियाँ रखी जायेगी।
8. स्पिरिट में मिलायी जाने वाली किसी सामग्री के पात्र पर उसकी अन्तवस्तु का सही विवरण स्पष्ट रूप से लिखा रहेगा। मसालेदार देषी शराब के विनिर्माण के लिये प्राप्त सुषव सम्यक् रूप से अन्तर्मापित सुदृढ़ कुंडों में संचित किया जायेगा।
9. अनुज्ञाधारी रंजक और सुवासक द्रव्यों, प्राप्त सुषव, निर्माणषाला में विनिर्मित और उससे आपूर्ति मसालेदार देषी शराब का शुद्व लेखा पृथक-पृथक पंजियों में संधारित करेगा।
10. मसालेदार देषी शराब के विनिर्माण में व्यवहृत सामग्रियों और इससे बनी मसालेदार देषी शराब के नमूने नियमावली के उपबंधों के अनुसार परीक्षण के लिये उत्पाद रसायन परीक्षक के पास भेजें जायेंगे। नमूनों को भेजने के व्यय का वहन और परीक्षण के लये विहित फीस का भुगतान अनुज्ञाधारी द्वारा किया जायेगा। 11. उत्पाद विभाग का कोई भी पदाधिकारी जो उत्पाद अवर निरीक्षक के पंक्ति स ेनीचे का नहीं हो, इस अनुज्ञप्ति में वर्णित परिसरों में पायी गई किसी शराब या सामग्री का नमूना ले सकेगा।
12. इस अनुज्ञप्ति के अधीन विनिर्मित मसालेदार देषी शराब के आपूर्ति अनुज्ञाधारी के परिसरों से बिहार स्टेट बिवरेजेज कॉ0 को ही की जायेगी।
13. इस अनुज्ञप्ति के अधीन विनिर्मित मसालेदार देषी शराब के शक्ति वही होगी जैसा राजस्व पर्षद् द्वारा समय-समय पर विहित होगा।
14. अनुज्ञाधारी जिले के समाहत्र्ता या उत्पाद आयुक्त द्वारा माँग किये जाने पर राज्य के अन्दर किसी अन्य अनुज्ञाधारी के अनुज्ञप्त थोक परिसर में उस अनुज्ञाधारी के खर्च पर मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति करेगा, जिसे ऐसी मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति की गई हो।
15. निर्माणषाला या संचय, समिश्रण, ह्नासकरण, मसालेदार देषी शराब की आपूर्ति, जलापूर्ति आदि में पायी गई किसी त्रुटि को दूर करने का उत्पाद आयुक्त का लिखित आदेष प्राप्त होने पर अनुज्ञाधारी इस पर तुरन्त ध्यान देगा और आदेष में विनिर्दिष्ट तिथि के अन्दर इस त्रुटि को दूर करेगा और ऐसा करने में असफल रहने पर वह ऐसे दंड का भागी होगा जैसा आयुक्त उत्पाद आदेष करें और वह इस प्रकार की त्रुटि को दूर करने में हुए खर्च भी वहन करेगा।
16. सरकार उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 27 के अधीन अधिरोपित कर की दरों मे ंपरिवर्तनों का किसी भी प्रकार का प्रभाव अनुज्ञप्ति की शत्र्तो पर नहीं पड़ेगा।13 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 1 जून 2009 17. सरकार मद्य निषेध के नीति के अनुसरण में मसालेदार देषी शराब का विनिर्माण रोक देने का अधिकार सुरक्षित रखती है। अगर तीन महीने की पूर्व सूचना दिये जाने के बाद विनिर्माण रोक दिया जाता है तो अनुज्ञाधारी किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति का हकदार नहीं होगा।
18. अनुज्ञाधारी, आयुक्त उत्पाद द्वारा समय-समय पर निर्गत सभी सामान्य या विषेष आदेषों का पालन के लिए आबद्व होगा।
19. अनुज्ञाधारी बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 के उपबंधों से और उसके अधीन बनाये गये नियमों से, जहाँ तक उनका उससे संबंध हो, आबद्व रहेगा।
20. निविदा के बंधेज और शत्र्ते जिसके आधार पर यह अनुज्ञप्ति प्रदान की गई है, इसे अनुज्ञप्ति के बंधेज और शत्र्ते मनी जायेंगी।
21. उत्पाद विभाग का कोई भी पदाधिकारी जो अवर निरीक्षक उत्पाद की पंक्ति के नीचे का नहीं हो अनुज्ञप्ति परिसर में प्रवेष कर सकता है और तब तक वहीं रह सकता है जबतक उसका वहाँ रहना अपने कत्र्तव्यों के समुचित पालन के लिये आवष्यक हो और अनुज्ञाधारी किसी पदाधिकारी को अपने कत्र्तव्यों के अनुपालन में बाधा नहीं पहुंचायेगा।
टिप्पणी :- अनुज्ञाधारी या उसके अधिकृत अभिकत्र्ता द्वारा इस अनुज्ञप्ति की किसी भी शर्त का भंग, अपालन या उल्लंघन किये जाने पर उत्पाद अधिनियम, 1915 की धारा 42 के अन्तर्गत उसकी अनुज्ञप्ति विखंडित या निलंबित की जा सकेगी और उक्त अधिनियम की धारा 57 के अधीन अनुज्ञाधारी दंड का भी भागी होगा।
समाहत्र्ता
प्रतिलेख इकरारनामा
मैं श्री/सर्वश्री .......................................................................ऊपरिनामित अनुज्ञाधारी इसमें इसके पूर्व लिखित और व्यक्त बंधेजों और शर्तो के निर्वहन और पालन करने के लिये अपनी ओर से और अपने वारिसों, विधिक प्रतिनिधियों और समूदेषितियों की ओर से करार करता हूँ और अपने को आबद्व करता हूँ।
तारीख :- हस्ताक्षर साक्षी :-
अनुसूची
| निर्माणषाला परिसर का विवरण | समग्री जिससे मसालेदार देषी शराब का विनिर्माण/निर्माण किया जायेगा। | विनिर्माण की जानेवाली मसालेदार देषी शराब की गुणवत्ता |
| ............................................................. | ............................................................... इस संबंध में पर्षद् द्वारा बतलाये गये नियमों से अनुबद्व अनुसूची-1 म यथाविनिर्दिष्ट ं े | ............................................................... इस संबंध में पर्षद् द्वारा बनाये गये नियमों से अनुबद्व अनुसूची-2 में विनिर्दिष्ट। |
अनुसूची - 4
फार्म 2 ए बैंक का प्रतिवेदन
अधिसूचित बैंक द्वारा प्रदत्त सम्पन्नता प्रमाण-पत्र।
प्रमाणित किया जाता है कि हमारी जानकारी एंव सूचनानुसार मेसर्स/श्री (नाम) ................................................
..................... जो हमारे बैंक के एक आदर्ष ग्राहक है, और इनपर किसी व्यवसाय के लिये रू0 ........................................
(अंको में) ......................................................(षब्दों में) तक के लिये सक्षम माना जा सकता है।
मेसर्स (आवेदक का नाम) के नाम अभी वर्तमान में इस बैंक में रू0 ...........................(अंको में) ..........................
...................................................(षब्दों में) की राशि जमा है एवं आवेदक को इस राषि से रू0 ...........................(अंको में) ......................................................(षब्दों में) ............................................................... तक की अधिक राशि की निकासी की सुविधा उपलब्ध है।
हस्ताक्षर एवं बैंक की मुहर।
बैंक का नाम :
पता :
तिथि :