Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 July 2009

Published 08 July 2009

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2009-07-08.25
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 17171717 आषाढआषाढआषाढआषाढ+, , , , 1931931931931111 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 22225555 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ———————— 8888 जुलाईजुलाईजुलाईजुलाई,,,, 2009200920092009 ((((ईईईई0000)))) भाग-1—िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 8ट(cid:15) और अ;य <य(cid:18)3गत सूचनाएं। 2222----11118888 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु@मB के समादेंटाओं के आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के पर(cid:15)Jा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान, आPद।

---

भाग-1-ग—िशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आPद ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आPद। 19191919----22220000 भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच ;यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के उXरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर सिमितयB के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक।

---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क] अनुमित िमल चुक] है। ---

भाग-8—भारत क] संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व^ापन

---

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प_रवहन, सूचनाएं, ;यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इ`याPद। ---

पूरक

---

पूरक-क 22221111----292929292 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3, , , , छु 8ट(cid:15) और अ;यछु 8ट(cid:15) और अ;यछु 8ट(cid:15) और अ;यछु 8ट(cid:15) और अ;य वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

विधि विभाग

———

अधिसूचनाएं

25 जून 2009

एस0ओ0 124, दिनांक 8 जुलाई 2009—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4653जे0, दिनांक 12.11.03 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री कामोद कुमार, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 12.11.08 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी म नाम अंकित े ं होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री कामोद कुमार अधिवक्ता, सीतामढ़ी 12.11.03 बी0 कॉम एल0एल0बी0 सीतामढ़ी जिला

(सं0-ए0नोट-3/02/2386जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— 25 जून 2009 एस0ओ0 125, एस0ओ0 124, दिनांक 8 जुलाई 2009 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-ए0नोट-3/02/2386जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— The 25th June 2009 S.O.124, dated 8th July 2009—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Kamod Kumar and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 1066J. Dated 4653J. to practice as notary again for the next five years from 12.11.2008.

3 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009
Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Kamod Kumar Advocate Sitamadhi 12.11.03 B.Com L.L.B. Sitamadhi District.

(No.-A/Not-3/02-2386 J) By order of the Governor of Bihar, RAJENDRA KUMAR MISHRA, Secretary to Government.

———

26 जून 2009

एस0ओ0 126, दिनांक 8 जुलाई 2009—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4448जे0, दिनांक 21.10.03 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री प्रेस कुमार, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 21.10.08 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अ ं कित होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री प्रेस कुमार व्यवहार न्यायालय, रोहतास, सासाराम 21.10.03 बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 रोहतास जिला

(सं0-ए0नोट-84/99/2387जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

———

26 जून 2009

एस0ओ0 127, एस0ओ0 126, दिनांक 8 जुलाई 2009 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-ए0नोट-84/99/2387जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— The 26th June 2009 S.O.126, dated 8th July 2009—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Pres Kumar and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under4 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 4448J. Dated 21.10.03 to practice as notary again for the next five years from 21-10-2008.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Pres Kumar Civil Court, Rohtas, Sasaram 21.10.03 B.Sc. L.L.B. Rohtas District.

(No.-A/Not-84/99-2387J) By order of the Governor of Bihar, RAJENDRA KUMAR MISHRA, Secretary to Government.

———

30 जून 2009

एस0ओ0 128, दिनांक 8 जुलाई 2009—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4230, दिनांक 29.08.1979 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री रमेश सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 29.06.94 से 28.06.97, दिनांक-29.06.97 से 28.06.2000, दिनांक-29.06.2000 से 28.06.2005 एवं दिनांक-29.06.2005 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री रमेश सिंह अधिवक्ता, व्यवहार न्यायालय, भोजपुर, आरा 29.06.79 बी0ए0 बी0एल0 भोजपरु जिला

(सं0-ए0/ए0बी0-118/82-2443जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— 30 जून 2009 एस0ओ0 129, एस0ओ0 128, दिनांक 8 जुलाई 2009 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-ए0/ए0बी0-118/82-2443जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।5 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 The 30th June 2009 S.O.128, dated 8th July 2009—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ramesh Singh, Advocate and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 4230. Dated 29.06.1979 to practice as notary 29.06.94 to 28.06.97 from 29.06.97 to 28.06.2000, from 29.06.2000 to 28.06.2005 and again for the next five years from 29-06-2005.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Ramesh Singh Advocate, Civil Court, Bhojpur, Ara 29.08.1979 B.A. B. L. Bhojpur Distt.

(No.-A/AB-118/82-2443J) By order of the Governor of Bihar, RAJEDRA KUMAR MISHRA, Secretary to Government.

———

30 जून 2009

एस0ओ0 130, दिनांक 8 जुलाई 2009—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-1276जे, दिनांक 19.04.03 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री अमरेन्द्र कुमार त्रिवेदी जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 19.04.2008 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी म नाम अंकित े ं होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री अमरेन्द्र कुमार त्रिवेदी अधिवक्ता, सहरसा 19.04.2003 बी0ए0 एल0एल0बी0 सहरसा जिला

(सं0-ए0/नोट0-97/98/2444जे) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।6 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 30 जून 2009 एस0ओ0 131, एस0ओ0 130, दिनांक 8 जुलाई 2009 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-ए0/नोट0-97/98/2444जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— The 30th June 2009 S.O. 130, dated 8th July 2009—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Amrendra Kumar Trivedi and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 1276J. Dated 19.04.2003 to practice as notary again for the next five years from 19-04-2008.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Amrendra Kumar Trivedi Advocate, Saharsa 19.04.03 B.A L.L.B. Saharsa Distt.

(No.-A/Not-97/98-2444J) By order of the Governor of Bihar RAJEDRA KUMAR MISHRA, Secretary to Government.

———

30 जून 2009

एस0ओ0 132, दिनांक 8 जुलाई 2009—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3781, दिनांक 29.08.2003 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री तीर्थनाथ शर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 29.08.2008 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी म नाम अंकित े ं होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री तीर्थनाथ शर्मा अधिवक्ता, व्यवहार न्यायालय, भोजपुर (आरा) 29.08.2003 एम0ए0 एल0एल0बी0 भोजपरु जिला

(सं0-ए0/नोट0(एस)-9/2001/2445जे) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।7 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 30 जून 2009 एस0ओ0 133, एस0ओ0 132, दिनांक 8 जुलाई 2009 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-ए0/नोट0(एस)-9/2001/2445जे) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— The 30th June 2009 S.O.132, dated 8th July 2009—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Tirth Nath Sharma, Advocate and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 3781. Dated 29.08.2003 to practice as notary again for the next five years from 29-08-2008.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Tirth Nath Sharma Advocate, Civil Court, Bhojpur, Ara 29.08.03 M.A L.L.B. Bhojpur Distt.

(No.-A/Not(S)-9/2001-2445J) By order of the Governor of Bihar, RAJEDRA KUMAR MISHRA, Secretary to Government.

———

30 जून 2009

एस0ओ0 134, दिनांक 8 जुलाई 2009—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-1066जे0, दिनांक 23.3.96 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री सत्यनारायण सिन्हा, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 23.3.2004 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।8 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री सत्यनारायण सिन्हा अधिवक्ता, सीतामढ़ी 23.03.96 एम0ए0 बी0एल0 सीतामढ़ी जिला

(सं0-ए0नोट-23/93/2446जे)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

———

30 जून 2009

एस0ओ0 135, एस0ओ0 134, दिनांक 8 जुलाई 2009 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-ए0नोट-23/93/2446जे)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— The 30th June 2009 S.O. 134, dated 8th July 2009—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Satya Narain Sinha and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 1066J. Dated 23.3.96 to practice as notary again for the next five years from 23.3.04.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Satya Narain Sinha Advocate Sitamadhi 23.3.96 M.A. B.L. Sihamad hi District.

(No.-A/Not-23/93-2446J) By order of the Governor of Bihar, RAJENDRA KUMAR MISHRA, Secretary to Government.

9 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

30 जून 2009

एस0ओ0 136, दिनांक 8 जुलाई 2009—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-1809जे0, दिनांक 13.04.92 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री सदानन्द यादव जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 13.04.2006 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री सदानन्द यादव अधिवक्ता, सहरसा 13.04.92 बी0ए0 एल0एल0बी0 सहरसा जिला

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— 30 जून 2009 एस0ओ0 137, एस0ओ0 136, दिनांक 8 जुलाई 2009 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-ए0/ए0बी-64/90(अंश)/2448जे) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— The 30th June 2009 S.O.136, dated 8th July 2009—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sada Nand Yadav and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 1809J. Dated 13.04.92 to practice as notary again for the next five years from 13-04-2006.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Sada Nand Yadav Advocate, Saharsa 13.04.92 B.A L.L.B. Saharsa Distt.

( No.-A/AB-64/90(P)-2448J) By order of the Governor of Bihar, RAJEDRA KUMAR MISHRA, Secretary to Government.

10 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

वित्त विभाग ——— अधिसूचना 19 मई 2009 सं0-1/स्था.-11/08-4252/वि॰(2)—श्री वीरेन्द्र कान्त ठाकुर, निदेशक, निदेशक(प्रसार)-सह-उप सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना को बिहार राज्य सरकारी कर्मचारी सेवा-शर्त्त(सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 के प्रावधानों के अधीन 24 वर्षो की नियमित सेवा पूरी होने के फलस्वरूप दिनांक 04 नवम्बर 2005 के प्रभाव से वेतनमान रु0 14,300-400-18,300 में द्वितीय वित्तीय उन्नयन की स्वीकृति दी जाती है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ए0 के0 चौधरी, उप सचिव ।

———

मामीण (cid:18)वकास (cid:18)वभाग

———

अिधसूचना

30 जून 2009

सं0 मा0(cid:18)व0-2/ःथा0-1-04/09Ñ5554Ñ(cid:18)बहार ूशासिनक सेवा के िनdनांPकत पदािधका_रयB का ःथानांतरण/पदःथापन िनdनांPकत eप से ूखंड (cid:18)वकास पदािधकार(cid:15)/सहायक प_रयोजना पदािधकार(cid:15) के पद पर Pकया जाता है :-

M  :ूच  :ूच  :ूच  :ूच   प4    A प4    Acccc?व वL प4    A प4    A ?व वLcccc ?व वL ?व वL fPMA  /Sल fPMA cccc/Sल fPMA  fPMA  वLA प456 वLA प456 पपपप वLA प456 $खH=वSल $ $ $ खH=वSल %%%% खH=वSल खH=वSल वप456 प56 वप456 वप456 वप456 प56  प56 प56 $खH=वSल $ $ $ खH=वSल %%%% खH=वSल खH=वSल
 & & & & # # # #     ' ' ' '
1g '''& iी: ु A Ai!   ? !&'c *! \ खHव  प4  ! $व 4 %   प_ f  प4  ! S b व :भ !  ?ु
2g '''# iीवपु A  4व!   ? !&**c *! भ लपु खHव  प4  ! व?लीखड़पु $Aु ?%  व प4 ! प  $पूवkचप Y%
# ''' iी ? ु A l !   ? !'*c *!   खHव  प4  ! प $पूवkचप Y%  व प4 ! $व 4 %

2. उपर क] अिधसूचनाओं एवं इसके पूवL मZ िनगLत अिधसूचनाओं मZ कोई (cid:18)वरोधाभाष हो तो वतLमान मZ िनगLत अिधसूचना ह(cid:15)ं ूभावी होगी और एतh (cid:24)ारा उनसे संबंिधत पूवL के अिधसूचना (cid:18)वलो(cid:18)पत क] जाती है । 3. ःथानांत_रत/ पदःथा(cid:18)पत पदािधकार(cid:15) अ(cid:18)वलंब (cid:18)वरिमत होकर अपने नव पदःथा(cid:18)पत ःथान पर योगदान देकर ूभार महण करZगे ।

(cid:18)बहार-राQयपाल के आदेश से,

ह0/-अःपंट,

सरकार के उप सिचव।11 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

सहकारिता विभाग

———

अधिसूचनाएं

29 जून 2009

सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1832—श्री मो॰ अमजद हयात वर्क, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ(प्रषिक्षु), बक्सर अंचल, बक्सर को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, हिलसा अंचल, हिलसा के पद पर पदस्थापित किया जाता है। इनका मुख्यालय हिलसा रहेगा। सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1833—श्री सुभाष कुमार, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), नवादा अंचल, नवादा को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, सिकरहना अंचल, मोतिहारी के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

इनका मुख्यालय मोतिहारी रहेगा। सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1834—श्री षषि षेखर, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), बिहार षरीफ अंचल, बिहार षरीफ को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, नवगठिया अंचल, नवगछिया के पद पर पदस्थापित किया जाता है। इनका मुख्यालय नवगछिया रहेगा। सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1835—श्री इंदिवर पाठक, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), औरंगाबाद अंचल, औरंगाबाद को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, पुपरी अंचल, पुपरी के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

इनका मुख्यालय पुपरी रहेगा। सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1836—श्री विद्याभूषण मिश्र, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), सहरसा अंचल, सहरसा को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, मसौढ़ी अंचल, मसौढ़ी के पद पर पदस्थापित किया जाता है। यह आदेष दिनांक 13.07.2009 की तिथि से प्रभावी होगा।

इनका मुख्यालय मसौढ़ी रहेगा। सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1837—श्री निकेष कुमार, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), समस्तीपुर अंचल, समस्तीपुर को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, सासाराम अंचल, सासाराम के पद पर पदस्थापित किया जाता है । यह आदेष दिनांक 03.07.2009 की तिथि से प्रभावी होगा।

इनका मुख्यालय सासाराम रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1838—श्री समरेष कुमार, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ(प्रषिक्षु), दरभंगा अंचल, दरभंगा को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बगहा अंचल, बगहा के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

इनका मुख्यालय बगहा रहेगा। सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1839—सुश्री षषिवाला रावल, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), आरा अंचल, आरा को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, दलसिंहसराय अंचल, दलसिंहसराय के पद पर पदस्थापित किया जाता है। इनका मुख्यालय दलसिंहसराय रहेगा। सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1840—श्री मो॰ साहनवाज आलम, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), मुजफ्‌फरपुर अंचल, मुजफ्‌फरपुर को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, डुमराँव अंचल, डुमराँव के पद पर पदस्थापित किया जाता है। यह आदेष दिनांक 03.07.2009 की तिथि से प्रभावी होगा।

इनका मुख्यालय डुमराँव रहेगा।12 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1841—श्री मो॰ जैनुल आवदीन, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), गोपालगंज अंचल, गोपालगंज को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, पटोरी अंचल, पटोरी के पद पर पदस्थापित किया जाता है। यह आदेष दिनांक 04.07.2009 की तिथि से प्रभावी होगा।

इनका मुख्यालय पटोरी रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1842—श्री अजय कुमार भारती, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ(प्रषिक्षु), मुंगेर अंचल, मंुंगेर को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, षेरघाटी अंचल, शेरघाटी के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

इनका मुख्यालय शेरघाटी रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1843—श्री अरबिन्द कुमार पासवान, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), सिकरहना अंचल, सिकरहना को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, वीरपुर अंचल, वीरपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है। इनका मुख्यालय वीरपुर रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1844—श्री मणिभूषण किषोर, सहायक निबंधक, सहयोग समितियां (प्रषिक्षु), गया अंचल, गया को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, झंझारपुर अंचल, झंझारपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है। यह आदेष दिनांक 04.07.2009 की तिथि से प्रभावी होगा।

इनका मुख्यालय झंझारपुर रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰(3)-15/2008सह॰-1845—श्री नयन प्रकाष, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (प्रषिक्षु), सीतामढ़ी अंचल, सीतामढ़ी को 2 वर्षों की परिक्ष्यमान अवधि पूरा करने के आलोक में स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, उदाकिसनगंज अंचल, उदाकिसनगंज के पद पर पदस्थापित किया जाता है। इनका मुख्यालय उदाकिसनगंज रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ललन राय, उप सचिव।

———

29 जून 2009

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1820—श्री जितेन्द्र कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, दरभंगा को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, गया के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

श्री कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, औरंगाबाद एवं नवादा के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय गया रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1821—श्री संजय कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, गया को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, पष्चिमी चम्पारण, बेतिया के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय मोतिहारी रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1822—श्री मुकेष कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, सहरसा को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, मुजफ्फरपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, सीतामढ़ी के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय मुजफ्फरपुर रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1823—श्री अरविन्द कुमार अजय, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, बेगुसराय को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, भागलपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।13 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 श्री अजय, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, मुंगेर के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय भागलपुर रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1824—श्री अमिताभ कुमार गुप्ता, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, मुजफ्फरपुर को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, दरभंगा के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री गुप्ता, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰ स॰, मधुबनी के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय दरभंगा रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1825—श्री कामेष्वर ठाकुर, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, गोपालगंज को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री ठाकुर, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, नालंदा के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय पटना रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1826—श्री कृष्णकांत शर्मा, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, भागलपुर को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, बेगुसराय के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री शर्मा, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, समस्तीपुर के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय बेगुसराय रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1827—श्री मनोज कुमार साह, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, पूर्वी चम्पारण को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, सहरसा के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री साह, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, खगड़िया के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय सहरसा रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1828—सुश्री पूनम कुमारी, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, छपरा को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, भोजपुर, आरा के पद पर पदस्थापित किया जाता है। सुश्री कुमारी, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, रोहतास, सासाराम के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगी। इनका मुख्यालय आरा रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1829—श्रीमती अनिता कुमारी, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, भोजपुर को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, वैषाली के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्रीमती कुमारी, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, सारण के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगी। इनका मुख्यालय हाजीपुर रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1830—श्री धनंजय कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, रोहतास को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, गोपालगंज के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, सीवान के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय गोपालगंज रहेगा।

सं0 1/रा॰स्था॰ (अंके॰) पदस्थापन-18/2007-1831—श्री वैद्यनाथ राय, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, वैषाली को स्थानांतरित करते हुए प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, कटिहार के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री राय, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, स॰स॰, पूर्णिया के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। इनका मुख्यालय कटिहार रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ललन राय, उप सचिव।14 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) ——— अधिसूचनाएं 30 जून 2009 सं0 IV/स्था0 (रा0)/ई1-802/2009-1553-श्री राजकुमार झा, जिला अवर निबंधक, बक्सर को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक जिला अवर निबंधक, गोपालगंज के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

15 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

सं0 IV/स्था0 (रा0)/ई1-802/2009-1566-श्री (डा0) संजय कुमार, अवर निबंधक, ढ़ाका को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक अवर निबंधक, लालगंज के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

सं0 IV/स्था0 (रा0)/ई1-802/2009-1567-श्री यमुना प्रसाद, अवर निबंधक, मीरगंज को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक अवर निबंधक, पारू के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

सं0 IV/स्था0 (रा0)/ई1-802/2009-1568-श्री रत्नेश झा, अवर निबंधक, परिहार को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक अवर निबंधक, मसौढ़ी के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

16 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

सं0 6/गो0 34-01/2008-2305/वा0क0—श्री प्रभात कुमार वर्मा, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, नवादा अंचल, नवादा को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, लखीसराय अंचल, लखीसराय के पद पर नियुक्त किया जाता है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2306/वा0क0—श्री गोपाल नारायण प्रसाद सिन्हा, बि0वि0से0, सम्प्रति सहायक आयुक्त, भविष्य निधि निदेषालय, पटना की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, प्रभारी, रक्सौल अंचल, रक्सौल के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2307/वा0क0—श्री विष्वनाथ पासवान, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, लखीसराय की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, अन्वेषण ब्यूरो, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पद पर नियुक्त किया जाता है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2308/वा0क0—श्री राजेष कान्त झा, बि0वि0से0,सम्प्रति वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, प्रभारी, रक्सौल अंचल, रक्सौल को स्थानांतरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, दरभंगा अंचल, दरभंगा के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2309/वा0क0—श्री कमलेष कुमार विभूति, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, सीतामढी, की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, मुंगेर अंचल, मुंगेर के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2310/वा0क0—श्री शारदानन्द झा, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, कटिहार की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, पटनासिटी पष्चिमी अंचल के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2311/वा0क0—श्री मुकेष कुमार वर्मा, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, अररिया की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, कटिहार अंचल, कटिहार के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2312/वा0क0—श्री परमहंस कुमार सिंह, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, मुख्यालय, बिहार, पटना को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, अंकेक्षण, गया के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2313/वा0क0—सुश्री अफषां अजीम, बि0वि0से0,सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, मुख्यालय, बिहार, पटना को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, अंकेक्षण, पटना के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2314/वा0क0—श्रीमती सरिता सिन्हा, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, गया अंचल, गया को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, अन्वेषण-ब्यूरो, मगध प्रमंडल, गया के पद पर नियुक्त किया जाता है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2315/वा0क0—श्री अरविन्द कुमार उपाध्याय, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, पटनासिटी पष्चिमी अंचल को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पद पर नियुक्त किया जाता है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2316/वा0क0—श्री मनोज कुमार वर्मा, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, पटना मध्य अंचल, पटना को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, फारबिसगंज अंचल, फारबिसगंज के पद पर नियुक्त किया जाता है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2317/वा0क0—श्री संजीत कुमार, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, पटना मध्य अंचल, पटना को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पष्चिमी अंचल, मुजफ्फरपुर के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2318/वा0क0—श्री षरत चन्द्र, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, नवादा अंचल, नवादा को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, बिहारषरीफ अंचल, बिहारषरीफ के पद पर नियुक्त किया जाता है।17 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 सं0 6/गो0 34-01/2008-2319/वा0क0—श्री षषिभूषण कुमार, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, गोपालगंज की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, मधेपुरा अंचल, मधेपुरा के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं॰ 6/गो0 34-01/2008-2320/वा0क0—श्री कैसर तौहीद, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, सासाराम की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, अन्वेषण ब्यूरो, तिरहुत एवं सारण प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पद पर नियुक्त किया जाता है। सं॰ 6/गो0 34-01/2008-2321/वा0क0—श्री संजय कुमार वर्मा, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, गोपालगंज अंचल, गोपालगंज को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, तेघड़ा अंचल, तेघड़ा के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2322/वा0क0—श्रीमती सीमा भारती, बि0वि0से0, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, अन्वेषण ब्यूरो, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को स्थानान्तरित करते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, पटना मध्य अंचल, पटना के पद पर नियुक्त किया जाता है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2323/वा0क0—श्री अरविन्द झा, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, नालंदा की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, पटना मध्य अंचल, पटना के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2324/वा0क0—श्री विपिन कुमार ंझा, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, शेखपुरा की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, दानापुर अंचल, दानापुर के पद पर नियुक्त किया जाता है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2325/वा0क0—श्री योगेन्द्र प्रसाद, बि0वि0से0, सम्प्रति कोषागार पदाधिकारी, गया की सेवा विा विभाग से वापस लेते हुए, अगले आदेष तक के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी, सासाराम अंचल, सासाराम के पद पर नियुक्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, लाल बाबू गुप्ता, अवर सचिव।

———

26 जून 2009

सं0 6/गो0 34-01/2008-2326/वा0क0—श्री नागेन्द्र चौधरी, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, लखीसराय अंचल, लखीसराय को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2327/वा0क0—श्री राजेन्द्र सहनी, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, सहरसा अंचल, सहरसा को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2328/वा0क0—श्री नागेष्वर राम, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, समस्तीपुर अंचल, समस्तीपुर को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2329/वा0क0—श्री षिवषंकर, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, गया अंचल, गया को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है।

सं0 6/गो0 34-01/2008-2330/वा0क0—श्री सुरेन्द्र प्रसाद, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, पटना दक्षिणी अंचल, पटना को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2331/वा0क0—श्री विनोद कुमार झा, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, मुंगेर अंचल, मुंगेर को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है।18 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 सं0 6/गो0 34-01/2008-2332/वा0क0—श्री सत्येन्द्र कुमार सिन्हा, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, बेगुसराय अंचल, बेगुसराय को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2333/वा0क0—श्री कामेष्वर ओझा, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, सासाराम अंचल, सासाराम को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2334/वा0क0—श्री रिपुंजय झा, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, कटिहार अंचल, कटिहार को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2335/वा0क0—श्री पंकज कुमार, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, पटना मध्य अंचल, पटना को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है। सं0 6/गो0 34-01/2008-2336/वा0क0—श्री रामजी रविदास, बिहार विा सेवा के पदाधिकारी, सम्प्रति वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, पटना दक्षिणी अंचल, पटना को स्थानांनतरित करते हुए अगले आदेश तक के लिए उनकी सेवाएॅ विा विभाग के अन्तर्गत लेखा सेवा में पदस्थापन हेतु सौंपी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, लाल बाबू गुप्ता, अवर सचिव।

ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 16Ñ571+50-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in19 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राQयराQयराQयराQयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश,,,, अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

वित्त विभाग

——— अधिसूचना

19 मई 2009

सं॰ को॰ प्र॰/विविध-22/07-4260 वि॰(2)—जल संसाधन विभाग के अन्तर्गत कार्यपालक अभियंता का कार्यालय, उत्तर कोयल वितरणी प्रमंडल, कुर्था जिला अरबल, जो पूर्व में जहानाबाद जिला कोषागार, जहानाबाद से संबद्ध था, को वर्त्तमान वित्तीय वर्ष 2009-10 से अरबल जिला कोषागार, अरबल से संबद्ध किया जाता है। उक्त कार्यालय का सम्पूर्ण सरकारी कार्यों (भुगतान सहित) का निष्पादन दिनांक 1 अप्रील 2009 से अरबल जिला कोषागार, अरबल से किया जायेगा।

पूर्व में वित्त विभागीय पत्रांक 8896 वि॰ (2), दिनांक 22 अक्तूबर 2008 द्वारा जहानाबाद कोषागार को सूचना दी जा चूकी है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

अरुनीश चावला, सचिव (व्यय)।20 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

वाणिज्य-कर विभाग

———

अधिसूचना

शुद्धि-पत्र

27 जून 2009

सं0 6/गो0 34-01/2008-2337/वा0क0—विभागीय अधिसूचना संख्या 2315, दिनांक 26 जून 2009 के शब्द समूह ''केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना'' के स्थान पर ''अन्वेषण ब्यूरो, पटना पूर्वी एवं पष्चिमी प्रमंडल, पटना'' पढा जाय।

2. इस हद तक उक्त अधिसूचना को संषोधित समझा जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

लाल बाबू गुप्ता, अवर सचिव।

———— अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।

(cid:18)बहार गजट, 16-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

21 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

काकाकाका

पूपूपूपूरकरकरकरक((((अअअअ0000))))

ूािधकार(cid:15)ूािधकार(cid:15)ूािधकार(cid:15)ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत(cid:24)ारा ूकािशत(cid:24)ारा ूकािशत(cid:24)ारा ूकािशत

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

जल संसाधन विभाग

———

अधिसूचना

26 मई 2009

सं0 22 नि0 सि0(ल0सि00)-05-02/2000/424-श्री जर्नादन प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, लधु सिंचाई प्रमण्डल, सिमडेगा के पदस्थापन अवधि में रानीकुदर एवं कुड़पानी मध्यम सिंचाई योजना, जिसका प्राक्कलन क्रमशः रूपये 4.98 लाख एवं रूपये 4.53 लाख था का निर्माण कार्य क्रमशः मार्च 1986 एवं अपै्रल 1983 को पूरा किया गया जो क्रमशः दिनांक 29.8.87 एवं 25.7.85 को टूट गया। उक्त निर्माण कार्य में गंभीर त्रुटि बरतने, योजनाओं के अल्प अवधि में ही टूटकर बह जाने, प्राक्कलन के अनुसार काटे गये पत्थर का अधिक भुगतान करने आदि अनियमितताओं एवं कदाचार संबंधी आरोपों के लिए प्रथम द्रष्टया दोषी पाये जाने के कारण श्री सिंह को विभागीय आदेश सं0-37 दिनांक 27.2.91 द्वारा निलंबित किया गया। तदुपरान्त श्री सिंह के विरूद्व लधु सिंचाई विभाग के संकल्प सं0-6051 दिनांक 7.9.91 एवं 3420 दिनांक 1.7.92 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस संबंध में श्री नवल किशोर प्रसाद तत्कालीन मुख्य अभियन्ता लधु सिंचाई, रॅाची के पत्रांक-1764 दिनांक 29.12.92 एवं 1787 दिनांक 30.12.92 द्वारा प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाया गया।

2. रानीकुदर एवं कुड़पानी मध्यम सिंचाई योजनाओं के संबंध में प्राक्कलन के विपरीत स्पीलवे के्रस्ट की लम्बाई को 125 फीट से 100 फीट करने के लिए न तो उनके वरीय पदाधिकारी का आदेश था और न इनके द्वारा इस संबंध में पूर्वानुमति ली गयी थी और साथ ही स्पीलवे पर जल प्रवाह की गणना भी ठीक ठंग से नहीं की गयी थी क्योंकि अधिक जल प्रवाह होने से स्पीलवे पर कुप्रभाव को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है। स्पीलवे तल की चौड़ाई 5 फीट रखे जाने के संबंध में पाया गया कि स्पीलवे क्रेसट के निर्माण हेतु फाउंडेशन डेप्थ के लिए कोई गणना नहीं की गयी थी परिमाणस्वरूप तल की 5 फीट चौड़ाई जो अांकी गयी थी उसे पर्याप्त नहीं माना जा सकता है।

3. मोर्टार मिश्रण में सिमेंट का अनुपात निर्घारित सीमा के कम था जिसके कारण जुड़ाई कमजोर हुई और योजना की संरचना अल्पावधि में ही ध्वस्त हो गयी।

4. रानीकुदर एवं कुड़पानी मध्यम सिंचाई योजनाओं के प्राक्कलन में परिवर्तन के पूर्व अपने नियंत्री पदाधिकारी से लिखित पूर्वानुमति नहीं प्राप्त की गयी थी और स्थल का पर्यवेक्षण/निरीक्षण भी ठीक ठंग से नहीं किया गया था जिसके कारण जुड़ाई में सीमेंट का प्रयोग सही अनुपात में नहीं किया गया फलतः योजना अल्पावधि में ही ध्वस्त हो गयी। उक्त आरोपों के लिए बर्खास्तगी का दण्ड अनुमोदन किये जाने के परिपे्रक्ष्य में श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा विभागीय पत्रांक-928 दिनांक 5.4.94 द्वारा पूछा गया तथा उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त श्री सिंह को दोषी पाया गया।

5. अतः सरकार द्वारा श्री सिंह को गंभीर कदाचार, धोर अनियमितताओं जिसके कारण राजकीय घन एवं लोकहित की क्षति हुई कार्य के प्रति घोर उपेक्षा, तकनीकी सूझबूझ में कमी, कार्य निरीक्षण/पर्यवेक्षण का अभाव, दायित्वपूर्ण कार्य करने में पूर्ण अक्षम, अभिभवी नियमों का उल्लंघन करने एवं घोर अनुशासनहीनता आदि आरोपों के लिए दोषी पाये जाने पर इन्हें सरकारी सेवा से जनहित में बिहार एवं उड़ीसा सबोर्डिनेट सर्विसेज (रिविजन एण्ड अपील) रूल्स 1935 के22 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 नियम-2(VIII) मिसलेनियस रूल्स बोर्ड अॅाफ रेभेन्यू के नियम 167 के तहत विभागीय आदेश सं0-1124 ज्ञापांक-3128 दिनांक 25.9.97 द्वारा आदेश निर्गत होने की तिथि से सेवा से बर्खास्त किया गया।

6. विभागीय दण्ड के विरूद्व श्री जर्नादन प्रसाद सिह, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता (सेवा से बर्खास्त) द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0 जे0 सी0 सं0- 2196/98 दायर किया गया जिसमें दिनांक 31.8.98 को माननीय न्यायालय द्वारा न्याय निर्णय पारित करते हुए निदेश दिया गया कि श्री सिंह महामहिम राज्यपाल के समक्ष अपील दायर कर सकते है। माननीय न्यायालय द्वारा पारित उक्त न्याय निर्णय के आलोक में श्री सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता (सेवा से बर्खास्त) द्वारा महामहिम राज्यपाल के समक्ष अपीलीय अभ्यावेदन दिनांक 27.09.99 को प्रस्तुत किया। श्री सिंह द्वारा अपीलीय अभ्यावेदन में उठाये गये विन्दुओं की सम्यक समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरान्त बिहार मंत्रिपरिषद द्वारा श्री सिंह के अपीलीय अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया गया जिसपर महामहिम राज्यपाल का अनुमोदन प्राप्त था। तदुपरान्त विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-1525 दिनांक 10.12.02 द्वारा श्री सिंह के अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया गया।

7. उक्त बर्खास्तगी दण्ड के विरूद्व श्री सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-8681/2000 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उक्त वाद में दिनांक 24.04.08 को न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय दण्डादेश 1124 दिनांक 25.09.97 एवं अपील अस्वीकृत करने संबंधी अधिसूचना ज्ञापांक-1525 दिनांक 10.12.02 को निरस्त कर दिया गया है एवं विभाग को द्वितीय कारण पृच्छा के प्रक्रम से कार्यवाही करने की छूट प्रदान की गयी है।

8. अतएव माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 24.04.08 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश सं0-1124 दिनांक 25.9.97 एवं अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने संबंधाी विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-1525 दिनांक 10. 12.02 को इस शर्त के साथ निरस्त किया जाता है कि श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा का जबाब प्राप्त होने के उपरान्त उसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की जायेगी एवं समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा लिये जानेवाले निर्णय से उक्त अधिसूचना प्रभावित होगा। उक्त निर्णय श्री जर्नादन प्रसाद सिंह, तत्कालीीन अधीक्षण अभियन्ता (सेवा से बर्खास्त) को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

——— 1 अप्रील 2009 सं0 22/नि0सि0(गया0)-17ए-05/2008/223-श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, अधीक्षण अभियन्ता, जल पथ अंचल, गया आई0 डी0 सं0-3483 के उक्त प्रमण्डल में पदस्थापन अवधि मेेंं जहानाबाद जिलान्तर्गत मखदमपुर प्रखण्ड के दानुबिगहा कचनावा सबदलपुर तक दरघा नदी के बाये जमींदारी बॉध की निगरानी विभाग के तकनिकी परिक्षक कोषांग द्वारा की गई औचक जॉच में जहानाबाद जिला अंतर्गत मकदुमपुर प्रखंड के दानुबिगहा कचनावा सबदलपुर नदी के जमीन्दारी बॅाध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यो में बरती गयी अनियमितता के लिए प्रथम द्रष्टया आरोपित पाये जाने के कारण श्री अमन, अधीक्षण अभियन्ता, को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 के अन्तर्गत निलंबित करते हुए उक्त नियमावली के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। उक्त निर्णय के आलोक में श्री अमरेन्द्र कुमार अमन, अधीक्षण अभियन्ता, जल पथ अंचल, गया कोे निलंबित किया जाता हैं। 2. श्री अमन का निलंबन अवधि में मुख्यालय मुख्य अभियन्ता का कार्यालय, पटना निर्धारित किया जाता है। 3. श्री अमन को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 4. उक्त के संबंध में विभागीय कार्यवाही हेतु संकल्प अलग से निर्गत किया जायेगा। 5. यह आदेश तत्कालीक प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

——— 1 अप्रील 2009 सं0 22/नि0सि0(गया0)-17ए-05/2008/224-श्री जय किशोर सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, जहानाबाद आई0 डी0 सं0-2143 सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता (चालू प्रभार) उत्तर कोयल नहर प्रमण्डल, नवीनगर के उक्त प्रमण्डल के पदस्थापन अवधि में जहानाबाद जिलान्तर्गत मखदुमपुर प्रखण्ड के दानुबिगहा कचनावा सबदलपुर तक दरधा नदी के बाये जमींदारी बॅाध की निगरानी विभाग के तकनीकि परीक्षक कोषांग द्वारा की गयी औचक जॅाच में जहानाबाद जिला अन्तर्गत मखदमपुर प्रखण्ड के दानु बिगहा कचनावा सबदलपुर नदी के जमीन्दारी बॅाध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यो में बरती गयी अनियमिता के लिए प्रथम द्रष्टया आरोपित पाये जाने के कारण श्रीि सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, जहानाबाद सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता (चालू प्रभार) को बिहार सरकारी सेवक23 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबित करते हुए उक्त नियमावली के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। उक्त निर्णय के आलोक में श्री जय किशोर सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, जल पथ प्रमण्डल, जहानाबाद सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता (चालू प्रभार) उत्तर कोयल नहर प्रमण्डल, नवीनगर को निलंबित किया जाता हैं 2. श्री सिंह का निलंबन अवधि में मुख्यालय मुख्य अभियन्ता का कार्यालय, पटना निर्धारित किया जाता है। 3. श्री सिंह को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 4. उक्त के संबंध में विभागीय कार्यवाही हेतु संकल्प अलग से निर्गत किया जायेगा। 5. यह आदेश तत्कालिक प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

——— 2 अप्रील 2009 सं0 22 नि.सि. (मुक0) सिवान 19-40/2001/255—श्री मन्ना प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सारण नहर प्रमण्डल, मढ़ौरा के विरूद्ध कतिपय आरोपों की जॉंच विभागीय उड़नदस्ता से करायी गयी। समीक्षा के क्रम में कतिपय आरोपों के लिए विभागीय संकल्प सं0-1006, दिनांक 11.05.93 द्वारा इन पर विभागीय कार्यवाही चलायी गयी थी। पुनः दिनांक 23.06.93 को कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता अंचल-2, पटना के कार्यालय कक्ष में उनके द्वारा सारण नहर प्रमण्डल, मढ़ौरा में बरती गयी अनियमितता की जॉंच कार्य में बाधा पहुॅंचाने एवं अषोभनीय व्यवहार करने आदि आरोपों के लिए विभागीय आदेष सं0-543 दिनांक 27.10.83 द्वारा निलंबित किया गया। विभागीय कार्यवाही में प्राप्त संचालन पदाधिकारी के जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी तथा पाया गया कि उनके विरूद्ध लगाये गये कतिपय आरोप प्रमाणित होते हैं। इन प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा उन्हें दंडित करने का निर्णय लिया गया। फलस्वरूप श्री मन्ना प्रसाद, कार्यपालक अभियंता को आदेष निर्गत की तिथि से निलंबन से मुक्त करते हुए अधिसूचना संख्या-1474, दिनांक 20.07.96 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः-

1. निन्दन की सजा जिसकी प्रविष्टि अनके चारित्री वर्ष 93-94 में की जायेगी। 2. उनकी 7 वार्षिक वेतन वृद्धियॉं असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रहेगी। 3. देय तिथि से 7 वर्षों के लिए प्रोन्नति पर रोक। 4. श्री प्रसाद को निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा परन्तु निलंबन अवधि की गणना पेंषन, उपादान आदि कार्यों के लिए की जायेगी।

उक्त आदेष के विरूद्ध श्री मन्ना प्रसाद द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 11447/2001 दायर किया गया जिसमें दिनांक 17.10.2008 को माननीय न्यायालय द्वारा न्यायादेष पारित करते हुए याचिका को डिसमिस कर दिया गया।

तत्पष्चात्‌ श्री प्रसाद द्वारा उक्त न्यायादेष के विरूद्ध एल0पी0ए0 सं0-910/2008 दायर किया गया जिसमें दिनांक 20.11.2008 को पारित न्यायादेष में विभागीय अधिसूचना संख्या-474, दिनांक 20.07.96 में अंकित दंड के निम्न बिन्दुओं पर नये सिरे से विचार करने का निदेष हैः-

''अंसचयात्मक प्रभाव से 7 वेतन वृद्धियों पर रोक या देय तिथि से 7 वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक, इन दो दंडों में से किसी एक दंड देने पर विचार किया जाय।'' माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेष के आलोक में विभाग द्वारा समीक्षा की गयी तथा समीक्षोपरांत अधिसूचना सं0-1474 दिनांक 20.07.96 के खंड-3 में उल्लेखित दंड यथा ''देय तिथि से 7 वर्षो के लिए प्रोन्नति पर रोक'' को विलोपित करने का निर्णय लिया गया है। शेष दंड यथावत्‌ रहेगा। उक्त निर्णय श्री मन्ना प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप सचिव।

——— 7 अप्रील 2009 सं0 22/नि0सि0(ल0सिं0)-5-1/2000/268-कोशी कमाण्ड के अन्तर्गत खेत विकास प्रमण्डल, सहरसा के अधीन पदस्थापन की अवधि में बरती गयी कतिपय वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमिता के लिये प्रबंध निदेशक द्वारा श्री पवन कुमार टिवड़ेवाल सहायक अभियन्ता से स्पष्टीकरण किया गया जो अप्राप्त रहा। कालान्तर में विभाग द्वारा कृषि विशेष कार्यक्रम विभाग के पत्रांक-676 दिनांक 8.10.91 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में श्री पवन कुमार टिबड़ेवाल सहायक अभियन्ता को विभागीय आदेश सं0-52 दिनांक 30.10.91 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-167 दिनांक 2.2.93 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।24 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 2. विभागीय कार्यवाही के जॅाच पदाधिकारी सह मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, पूर्णिया से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री टिबड़ेवाल, सहायक अभियन्ता द्वारा पर्यवेक्षण में शिथिलता के कारण निम्नस्तर का कार्य हुआ जिससे लोक निधि का अपव्यय हुआ। कराये गये कार्यो के भुगतान की अनुशंसा करने के पूर्व उनके द्वारा वास्तविक मापी की जॅाच नहीं की गयी और कनीय अभियन्ता द्वारा उपस्थापित विपत्र पर हस्ताक्षर किया जाता रहा। निरीक्षण में क्रम में पाया गया कि निर्मित नालियॅा विशिष्टिओं से निम्न स्तर पर की है और अधिकांश का प्लास्टर टूट गया था। जॅाच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि 0.5, 0.23, 1.25, 1.80 बेलदौर वितरणी की मापी के चैकड लिखकर श्री टिबड़ेवाल द्वारा हस्ताक्षर किया गया जबकि चेकड के साथ इंनिशियल करना चाहिए था। मापी पुस्ती सं0-85 के पृष्ट 513 पर उनके द्वारा मापी की जॅाच नहीं की गयी। इस संबंध में श्री टिबड़ेबाल के विरूद्व पॅाच वेतनवृद्वियों संचयात्मक प्रभाव से अवरू, किये जाने तथा निन्दन के साथ वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम पर लाने संबंधी अनुमोदित दंड के परिपे्रक्ष्य में विभागीय पत्रांक-3290 दिनांक 21.11.94 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।

3. श्री टिबड़ेवाल से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाब के समीक्षा के क्रम में पाया गया कि निर्मित नाली की गुणवता भयानक रूप से खराब थी। नाली का निर्माण धोषित लम्बाई से कम पायी गयी। निर्माण के बाद कम दिनों में ही नाले ध्वस्त हो गये। इस प्रकार श्री टिबड़ेवाल सरकारी राशि की बर्बादी खेतों को पानी उचित रूप से देने में नाकामयााब तथा प्रशासनिक अराजकता फैलाने के दोषी पाये गये।

4. अतः सरकार द्वारा पूर्व विचारोपरान्त श्री टिबड़ेबाल सहायक अभियन्ता को निलंबन से मुक्त करते हुए विभागीय आदेश सं0-66 ज्ञापांक-488 दिनांक 18.3.96 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया-

(1) निन्दन की सजा जिसकी प्रविष्टी श्री पवन कुमार टिबड़ेवाल सहायक अभियन्ता की चारित्री वर्ष 1989-90 में दर्ज की जायेगी।

(2) पॅाच वेतनवृद्वियों पर संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्व रहेगी। (3) वेतनमान के न्यूनतम प्रक्रम पर लाया जायेगा। (4) निलंबन अवधि के लिये जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा। 5. उक्त दण्ड के विरूद्व श्री टिबड़ेवाल द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन को सम्यक समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक-695 दिनांक 13. 7.07 द्वारा अस्वीकृत किया गया।

6. श्री टिबडेवाल द्वारा उपर्युक्त विभागीय दंड आदेश के विरूद्व माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-7727/2000 दायर किया गया जिसमें दिनांक 24.4.08 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय दंड आदेश सं0-66 ज्ञापांक-488 दिनांक 18.3.96 तथा अपील अभ्यावेदन अस्वीकृृत करने का पत्रांक-695 दिनांक 13.7.07 को निरस्त कर दिया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उक्त न्याय निर्णय के आलोक में सरकार द्वारा विभागीय आदेश सं0-66 ज्ञापांक-488 दिनांक 18.3.96 को निरस्त करते हुए श्री टिबड़ेवाल के लंबित वेतनादि का भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री टिबड़ेवाल सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

——— 9 अप्रील 2009 सं0 22/नि0सि0(औ0)-17-04/2000/288-श्री विनोद कुमार दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमण्डल, औरंगाबाद द्वारा उक्त प्रमण्डल, के पदस्थापन अवधि में पूर्वी लिंक नहर एवं पटना मुख्य नहर के 0.00 मील से 6.00 एवं 13 मील से 21 मील तक सेवापथ पर पक्की रोड के निर्माण एवं पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमण्डल, औरंगाबाद के अन्तर्गत बारून शिविर में निर्मित चाहारदीवारी के निर्माण कार्यो में बरती गयी अनियमिता की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता से करायी गयी। उड़नदस्ता के जॅाच प्रतिवेदन में प्रथम द्रष्टया आरोप श्री दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमण्डल, औरंगाबाद के विरूद्व प्रमाणित पाये गये। प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1589 दिनांक 24.8.2001 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के निियम-55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। जिसके क्रम में संचालन पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 637 दिनांक 13.10.2006 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी तथा सम्यक समीक्षोपरान्त जॅाच पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन से निम्न बिन्दुओं पर असहमति व्यक्त करते हुए विभागीय पत्रांक-678 दिनांक 20.8.08 द्वारा द्वितीय कारण पूच्छा की गयीःः- 1. जॅाच पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-4 प्रमाणित नहीं पाया गया है, परन्तु आरोप में उल्लेखित क्षति की राशि 11. 23 लाख की गणना गलत बताते हुए मात्र 1.22 लाख बताया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि शिविर के चाहरदीवारी के अॅाधी में ध्वस्त हो जाने के बाद बिना उसका पुर्न निर्माण कराये दिनांक 20.6.2000 को मापी अंकित करने एवं दिनांक 10.7. 2000 को भुगतान करके सरकार को 11.23 लाख रूपरूे की जगह 1.22 लाख रूपये की क्षति पहुचायी गयी है। 2. आरोप सं0-5, जो सीमेंट की गुणवता के प्रतिवेदन के स्ट्रथ में कमी पाये जाने के वावजूद भी सीमेंट की आपूर्तिकत्र्ता को वापस नहीं करके उसी सीमेंट से कार्य कराने से संबंधित है, के संबंध में जॅाच पदाधिकारी द्वारा सीमेंट गुणवता की जॅाच प्रतिवेदन कार्य समाप्ति के पश्चात प्रमण्डल को प्राप्त हुआ के फलस्वरूप आरोप अप्रमाणित पाया गया है,25 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 परन्तु वस्तुतः सीमेंट की गुणवता में कमी पायी गयी और उनके द्वारा आपूर्तिकत्र्ता के विरूद्व कोई कारवाई नहीं की गयी। अतः यह आरोप भी प्रमाणित है। उक्त द्वितीय कारण पृच्छा के क्रम में श्री दास कार्यपालक अाियन्ता द्वारा दिनांक 21.8.2008 को समर्पित जबाव भी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि जॅाच पदाधिकारी ने भी क्षति की राशि भी गणना में त्रुटि बताते हुए 1.22 लाख रूपये की क्षति की बात कही है साथ ही सीमेंट की गुणवता का रिर्पोट योजना पूर्ण होने के बाद प्राप्त होना आरोप मुक्त नहीं करता हे, यह प्रमाणित करता है कि योजना में घटिया सीमेंट का उपयोग हुआ है। अतः आरोपित पदाधिकारी श्री विनोद कुमार दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमण्डल, औरंगाबाद द्वारा योजना के कार्यान्वयन के अपने दायित्व के निर्वहन में गंभीर अनियमितता बरती जाने एवं सरकार को वितीय क्षति पहुॅचाने के कारण सरकार द्वारा निम्न दण्ड अघिरोपित करने का निर्णय लिया गया हैः- 1. निन्दन वर्ष 1999-2000 एवं 2. दो वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड श्री विनोद कुमार दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमण्डल, औरंगाबाद सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, डेहरी प्रमण्डल, डेहरी को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

——— 9 अप्रील 2009 सं0 22/नि0सि0(यॅा0)-4-102/99/287-श्री अमरेन्द्र कुमार ठाकुर, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, (यॅात्रिक) यॅात्रिक प्रमण्डल रॅाची सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता यांत्रिक के द्वारा जल पथ प्रमण्डल, रॉची के पदस्थापन अवधि में जल पथ प्रमण्डल, बुण्डू (वर्तमान में जल पथ प्रमण्डल सं0-1 सिमडेगा) एवं यांत्रिक प्रमण्डल रॅाची द्वारा लिए गए 31,820/- रूपये अस्थायी अग्रिम के समायोजन हेतु विभागीय पत्रांक-860 दिनांक 13.4.99 पत्रांक-1265 दिनांक 3.6.99 द्वारा श्री ठाकुर को निदेश निर्गत किया गया था कि अस्थायी अग्रिम की राशि की वापसी चालान के ामध्यम से कर सरकार एवं सबंधित प्रमण्डल को सूचित करें। इसके विरूद्व श्री ठाकुर ने पूर्नविचार अभ्यावेदन दिया, जिसे सरकार के निर्णय के पश्चात विभागीय पत्रांक-2015 दिनांक 21.9.99 के द्वारा श्री ठाकुर का अपील अभ्यावेदन अस्वीकृत कर दिया गया। उपर्युक्त परिपे्रक्ष्य में विभागीय आदेश सं0-105 दिनांक 20.4.2000 द्वारा सरकारी द्वारा यह निर्णय लिया गया कि श्री ठाकुर 15 दिनों के अन्दर जल पथ प्रमण्डल सं0-1, सिमडेगा में 10,000/- रूपये ( दस हजार रूपये मात्र) जमा करें एवं यांत्रिक प्रमण्डल, रॅाची में 21,820/- रूपये (इक्कीस हजार आठ सौ बीस रूपये) जमा करें अन्यथा उनके वेतन से यह राशि वसूल कर ली जाए। तदनुसार श्री ठाकुर को 31,820/- रूपये अस्थायी अग्रिम की वसूली का आदेश संसूचित किया गया। उक्त दण्डादेश में सन्निहित वसूली की राशि के संबंध में श्री ठाकुर तत्कालीन सहायक अभियन्ता, यांत्रिक द्वारा वसूली की रूपये 3000/- रूपये प्रतिमाह किश्त की दर से करने का अनुरोध किया गया। विभागीय आदेश सं0-656 दिनांक 19.7.2001 द्वारा श्री ठाकुर के अनुरोध पर सम्यक विचार करते हुए उनसे अस्थायी अग्रिम की वसूलनीय राशि 31,820/- रूपये की वसूली निम्न किस्तों में करने का निर्णय लिया गया- (क) 3000/-रूपये (तीन हजार रूपये) प्रतिमाह 10 (दस) किस्तों में। (ख) शेष राशि 1820/- रूपये ( एक हजार आठ सौ बीस रूपये) की वसूली 11 वें किस्त में। उक्त विभागीय निर्णय के विरूद्व श्री ठाकुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में सी0डब्लू0 जे0 सी0 सं0-109/2002 दायर किया गया। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 4.8.05 को न्याय निर्णय पारित किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रियान्वयन हेतु विभाग द्वारा इसकी प्रति मुख्य अभियन्ता, यांत्रिक पटना को भेजी गयी। सी. डब्लू0 जे0 सी0 सं0-109/2002 में दिनांक 4.8.2005 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय पर श्री ठाकुर द्वारा सिविल रिभ्यू सं0-197/2005 दायर किया गया, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 19.9.08 को पारित न्याय निर्णय में विभागीय आदेश को निरस्त करते हुए वसूली रकम की वापसी का आदेश दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा सिविल रिभ्यु सं0-197/2005 में दिनांक 19.9.2008 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में सरकार द्वारा विभागीय आदेश सं0 860 दिनांक 13.4.99 एवं विभागीय आदेश सं0-1265 दिनांक 3.6.99 को निरस्त करने का निर्णय लिया गया हैं उक्त निर्णय श्री अमरेन्द्र कुमार ठाकुर, तत्कालीन सहायक अभियन्ता यांत्रिक सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।26 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009

14 मई 2009

सं0 22 नि0 सि0/(ल0सि0)-05-102/94/384-श्री बृज मोहन सिंह तत्कालीन सहायक अभियन्ता द्वारा लघु सिंचाई प्रमण्डल, सिमडेगा के पदस्थापन अवधि में रानीघाघ मध्यम सिंचाई योजना जिसका प्राक्कलन 16.41 लाख रू0 था का निर्माण कार्य फरवरी 1987 में पूरा हुआ और दिनांक 29.8.87 की रात्रि में योजना का स्पीलवे और बॅाध भाग टूटकर बह गया। उक्त निर्माण कार्य में गंभीर त्रुटि बरतने, योजना का अल्प अवधि में ही टूट कर बह जाने, रूपांकण में परिवर्तन किये जाने एवं विशिष्टियों के अनुरूप कार्य नहीं किये जाने आदि अनियमितताओं एवं कदाचार संबंधी आरोपों के लिये प्रथम द्रष्टया दोषी पाये जाने के परिपेक्ष्य में श्री सिंह, सहायक अभियन्ता को विभागीय आदेश सं0-163 दिनांक 3.7.90 द्वारा निलंबित किया गया। तदुपरान्त श्री सिंह के विरूद्व लघु सिंचाई विभाग के संकल्प सं0-5961 दिनांक 4.9.91 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही के जॅाच पदाधिकारी सह मुख्य अभियन्ता, लघु सिंचाई विभाग, रॅाची के पत्रांक-160 दिनांक 9.2.93 द्वारा प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरारन्त श्री सिंह के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाये गयेः-

(क) स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार स्पीलवें की लम्बाई 125 फीट होनी चाहिये थी, जिसके विरूद्व स्पीलवे कुल 100 फीट लम्बाई में ही बनाया गया है। कम लम्बाई में स्पीलवे के निर्माण के कारण नदी के अधिकतम रूपांकित जलश्राव को प्रवाहित करना संभव नहीं था और जब काफी वर्षा हुई तो स्पीलवे क्षतिग्रस्त हो गया।

(ख) टूटे हुए स्पीलवे संरचना तथा स्थल-स्थल पर कराये गये कंक्रीट में सीमेंट की मात्रा निर्धारित मात्रा से कम पायी गयी।

उक्त प्रमाणित आरोपों के लिये बर्खास्तगी का दण्ड अनुमोदन किये जाने के परिपेक्ष्य में श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा विभागीय पत्रांक 1376 दिनांक 10.5.94 द्वारा किया गया। उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं मामले के समीक्षोपरान्त श्री सिंह को दोषी पाया गया।

अतः सरकार द्वारा श्री सिंह को गंभीर कदाचार, घोर अनियमितताओं जिसके कारण राजकीय धन एवं लोकहित की क्षति हुई, कार्य के प्रति घोर उपेक्षा तकनीकी सुझबुझ में कमी, कार्य निरीक्षण/पर्यवेक्षण का अभाव, दायित्वपूर्ण कार्य करने में पूर्ण अक्षम अभिभावी नियमों का उल्लंघन करने एवं घोर अनुशासनहीनता बरतने आदि आरोपों के लिये दोषी पाये जाने पर इन्हें सरकारी सेवा से जनहित में बिहार एण्ड उड़ीसा सबोर्डिनेट सर्विसेज (डिसमिसल एण्ड अपील) रूल्स 1935 के नियम 2 (viii) मिसलेनियस रूल्स, बोर्ड अॅाफ रेभेन्यू के नियम 167 के तहत अर्थात निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। श्री सिंह, सहायक अभियन्ता के सेवा बर्खास्तगी दण्ड के प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग एवं मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त की गयी।

तदनुसार अधिसूचना ज्ञापांक-287 दिनांक 01.02.99 द्वारा श्री सिंह को सेवा से बर्खास्त किया गया। 2. उपरोक्त संसूचित दण्डादेश के परिपे्रक्ष्य में दिनांक 10.7.99 को तत्कालीन सहायक अभियन्ता श्री बृजमोहन सिंह से एक अपील अभ्यावेदन विभाग में प्राप्त हुआ। प्राप्त अपील अभ्यावेदन पर विभाग द्वारा विचार करने के दौरान संभावित विलम्ब के कारण श्री बृजमोहन सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड रॅाची में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-2085/2000(पी) यांचिका दायर किया गया जिसमें दिनांक 4.12.06 को माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, रॅाची द्वारा न्याय निर्णय पारित करते हुए श्री सिंह से प्राप्त अपील अभ्यावेदन को निष्पाादित करने का निर्देश दिया गया। 3. विभाग में प्राप्त उनके अपील अभ्यावेदन पर विचारोपरान्त निम्नांकित तथ्य पाये गयेः- (1) रानीघाघ, मध्यम सिंचाई योजना का कार्य फरवरी 1987 में समाप्त हुआ, जबकि श्री सिंह द्वारा संबंधित प्रमण्डल में दिनांक 15.1.87 को अपना योगदान दिया गया अर्थात कार्य समाप्ति के मात्र एक माह पूर्व ही इन्होंने अपना कार्यभार ग्रहण किया था।

(2) योजना के रूपांकण कार्य से श्री सिंह सम्बद्व नहीं थें। (3) विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा उपर्युक्त दोनों कारणो से श्री सिंह के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया है।

उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर पाया गया है कि श्री सिंह हालॅाकि कार्य समाप्ति के मात्र एक माह पूर्व उस प्रमण्डल में योगदान किये थे, फिर भी उनके द्वारा योजना में 73,930/-रू0 (तिहतर हजार नौ सौ तीस रूपये) मात्र का भुगतान किया गया साथ ही पूर्व के कार्य को त्रुटिहीन मानकर प्रमाणित करते हुए अंतिम भुगतान किया गया है। अतः श्री सिंह को आरोपों से पूणतया मुक्त नहीं किया जा सकता। चूॅकि श्री सिंह के विरूद्व गठित आरोप पूर्णतया प्रमाणित नहीं होता है अतएव पूर्व में निर्गत बर्खास्तगी दण्डादेश अधिसूचना सं0-287 दिनांक 01.02.99 को निरस्त करते हुए विभागीय अधिसूचना सं0-389 दिनांक 20.5.08 द्वारा श्री सिंह को निम्नांकित दंड संसूचित किया गया जिसपर मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्राप्त हैः- (1) निन्दन वर्ष 1987-88 (2) संचयात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्वि पर रोक। (3) निलंबन अवधि में निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन के प्रयोजनार्थ की जायेगी।

(4) श्री सिंह के बर्खास्तगी अवधि के वेतनादि का भुगतान ऐसे मामलों में माननीय उच्चतम/उच्च न्यायालयों द्वारा पारित न्यायादेश के आधार पर किया जायेगा।27 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 4. उक्त दण्डादेश के आलोक में श्री सिंह द्वारा निलंबन अवधि एवं बर्खास्तगी अवधि के वेतन आदि भुगतान हेतु समर्पित अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना सं0-658 दिनांक 11.8.08 द्वारा श्री सिंह के निलंबन अवधि दिनांक 3.7.90 से 31.01.99 तक की अवधि के लिये जीवन निर्वाह भत्ता जो उन्होंने प्राप्त कर लिया है एवं बर्खास्तगी अवधि दिनांक 01.02.99 से सेवा में वापसी की तिथि 20.5.08 के लिये पचास प्रतिशत वेतन भुगतान का आदेश संसूचित किया गया। 5. इस बीच सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-2085/2000(पी) में दिनांक 26.8.08 एवं 17.9.08 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा अन्तिम रूप से न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय दण्डादेश को निरस्त कर दिया गया है तथा बर्खास्तगी अवधि एवं निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन देने का आदेश है। ऐसी स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में श्री बृजमोाहन सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के विरूद्व पूर्व संसूचित दण्ड अधिसूचना सं0-389 दिनांक 20.5.08 को निरस्त करते हुए उनके निलंबन अवधि एवं बर्खास्तगी अवधि का पूर्ण वेतन भुगतान का आदेश दिया जाता है।

उक्त निर्णय श्री बृजमोहन सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

———

18 मई 2009

सं0 22 नि0 सि0/(वीर0)-07-11/08/403-श्री चन्देश्वर लाल कर्ण्ा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता (अवर प्रमण्डल पदाधिकारी) पूर्वी मिट्‌टी बॅाध अवर प्रमण्डल, भीमनगर, शि0-वीरपुर को कोशी उच्चस्तरीय समिति की उप समिति के समक्ष पूर्वी बायॅा बॅाध के कि0मी0 0.00 से 11.90 के बीच कटाव निरोधक योजनाए तैयार करने हेतु उनकी खोज करने पर अनुपस्थित रहने के कारण विभागीय अधिसूचना सं0-862 दिनांक 20.10.08 द्वारा निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-883 दिनांक 31.10.08 द्वारा उनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा विभाग द्वारा की गई। श्री कर्ण द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण, साक्ष्य एवं जॅाच पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री चन्देश्वर लाल कर्ण, सहायक अभियन्ता को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

तदनुसार श्री कर्ण का निलंबन समाप्त करते हुए उन्हें उक्त आरोपों के लिए दोषमुक्त किया जाता है। उक्त निर्णय श्री चन्देश्वर लाल कर्ण, सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है। 2. श्री कर्ण पदस्थापन हेतु मुख्यालय विभाग में योगदान देंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप सचिव।

———

25 मई 2009

सं0 22 नि0 सि0/(मुक0)ल0 सि0-19-1029/96-415-श्री भुनेश्वर शर्मा, कार्यपालक अभियन्ता, सेवानिवृत द्वारा लधु सिंचाई प्रमण्डल, नालन्दा के पदस्थापन अवधि में जिला ग्रामीण भूमि नियोजन गारंटी कार्यक्रम के अन्तर्गत योजनाओं के कार्यान्वयन में रूपया 18,57,087.38/- के गलत भुगतान संबंधी आरोपों के परिपे्रक्ष्य में जिला पदाधिकारी, नालन्दा द्वारा घारा 420, 467, 468, 471, 120 भा0 द0 वि0 एवं 13 भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम के तहत फौजदारी मुकदमा थाना काण्ड सं0-501/85 दायर किया गया। उक्त आरोपों के लिये लघु सिंचाई विभाग के आदेश सं0-7652 दिनांक 29.12.92 द्वारा श्री शर्मा को निलंबित करते हुए लधु सिंचाई विभाग के संकल्प सं0-2259 दिनांक 24.3.93 द्वारा श्री शर्मा के विरूद्व आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त लधु सिंचाई विभाग द्वारा सभी आरोप प्रमाणित पाये गये जिसके लिये लधु सिंचाई विभाग द्वारा श्री शर्मा से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री शर्म द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का स्पष्टीकरण नहीं उपलब्ध कराये जाने के परिपे्रक्ष्य में लधु सिंचाई विभाग द्वारा एकपक्षीय रूप से निर्णय लेते हुए श्री शर्मा के विरूद्व सेवा बर्खास्तगी का दण्ड अनुमोदित किया गया।

श्री शर्मा द्वारा अपने निलंबन के विरूद्व माननीय उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-4336/94 एवं 5451/96 दायर किया गया। उक्त रिट याचिका के पारित फैसले के आलोक में श्री शर्मा को निलंबन से मुक्त किया गया।

श्री शर्मा के बर्खास्तगी का कैबिनेट मेमों मंत्रिमंडल सचिवालय भेजा गया था लेकिन कुछ पृच्छाओं के साथ यह वापस आया। इसी बीच श्री भुवनेश्वर शर्मा, कार्यपालक अभियन्ता दिनांक 31.7.97 को सेवानिवृत हो गये।

श्री शर्मा के मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा श्री शर्मा पर निम्न आरोप प्रमाणित पाया गयाः- (क) एन0 आर0 ई0 पी. के नियमों का बिना पालन किये हुए तथा सक्षम पदाधिकारी के बिना स्वीकृति प्राप्ति के 10.60 लाख रू0 की सामग्री का अनियमित क्रय किया गया तथा अनियमित भुगतान किया गया जिसका न तो एम0 बी0 ही उपलब्ध है और न प्रमाणक ही।28 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 (ख) मेसर्स चन्दन मेटल इन्डस्ट्रीज बिहार शरीफ से सामानों की आपूर्ति लिया गया जबकि इस तरह का कोई फर्म ही अस्तित्व में नहीं है।

(ग) नाम पटल की खरीदगी बाजार दर से (अधीक्षण अभियन्ता से स्वीकृत दर) अधिक दर से किया गया मेसर्स चन्दन मेटल इन्डस्ट्रीज शाखा बिहार शरीफ से।

(ध) मेसर्स चन्दन मेटल इन्डस्टी्रज के मालिक श्री अशोक सिंह है, जो उनके सौतेले साला के लड़के है। अतः इनके निकट संबंधी होने का प्रमाण पाया गया।

यदि श्री भुवनेश्वर शर्मा, कार्यपालक अभियन्ता सेवा में रहते तो इन प्रमाणित कदाचार के लिये बर्खास्तगी का दण्ड पाते। अतएव सरकार द्वारा निर्णयोपरान्त श्री भुवनेश्वर शर्मा, कार्यपालक अभियन्ता (सेवानिवृत) को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत विभागीय आदेश सं0-192 ज्ञापांक-384 दिनांक 24.1.98 द्वारा निम्नदण्ड संसूचित की गयी :-

''श्री शर्मा के पेंशन एवं उपादान पर शत प्रतिशत सदा के लिये रोक''। श्री शर्मा द्वारा उक्त विभागीय दण्ड के विरूद्व माननीय पटना उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-3446/98 दायर किया गया जिसे माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20.5.08 को पारित न्याय निर्णय मेे डिसमिस कर दिया गया। माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-3446/98 में पारित उक्त न्याय निर्णय के विरूद्व श्री शर्मा द्वारा एल0 पी0 ए0 सं0 571/08 दायर किया गया जिसमें माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 7.4.09 को न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय आदेश सं0-192 दिनांक 24.1.98 को निरस्त कर दिया गया एवं सरकार को यह छूट प्रदान किया गया है कि वह दिनांक 27.7.98 के आदेश के आलोक में नियमानुकूल कार्रवाई कर सकती है। यदि सरकार द्वारा कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाता है तो उसे वादी श्री शर्मा के 90 प्रतिशत औपबंधिक पेंशन बकाया सहित तीन महीने के अन्दर भुगतान करना होगा और वादी के विरूद्व 43 बी0 के तहत संचालित कार्रवाई को न्याय निर्णय पारित होने की तिथि से 6 माह के अन्दर निष्पादित करना होगा। यदि उपरोक्त कार्रवाई निर्धारित अवधि के अन्दर पूरा नहीं होता है तो वादी को पूर्ण पेंशन एवं गे्रच्यूटी का भुगतान औपबंधिक पेंशन की राशि को धटाकर करना होगा। माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा एल0 पी0 ए0 571/08 में पारित न्याय निर्णय के आलोक में सरकार द्वारा श्री शर्मा के विरूद्व पूर्व संसूचित दण्ड आदेश सं0-192 ज्ञापांक- 384 दिनांक 24.1.98 को इस शर्त के साथ निरस्त किया जाता है कि श्री शर्मा के विरूद्व बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 बी0 के तहत विभागीय आदेश, ज्ञापांक-396, दिनांक 27.1.98 के अन्तर्गत संचालित विभागीय कार्रवाई के फलाफल से प्रभावित होगा।

उक्त निर्णय श्री भुवनेश्वर शर्मा, सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

———

25 मई 2009

सं0 22 नि0 सि0/(पट0)-03-17/08/416-श्री राम कैलाश दास तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, गुण नियंत्रण प्रमण्डल, अनिसाबाद, पटना के पदस्थापन अवधि वर्ष 2005-06 में कार्य के प्रति लापारवाही बरतने, अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण नहीं रख पाने आदि प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए इनके विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 कें नियम-17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञाप सं0-509 दिनांक 4.7.08 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा के क्रम में कार्य में विलम्ब के लिए समेकित रूप से कार्यालय पर नियंत्रण नहीं होने के लिए दोषी पाते हुए सरकार द्वारा निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया हैः-

(1) चेतावनी। (2) एक वेतन वृद्वि पर असंचयात्मकक प्रभाव से रोकं उक्त निर्णय श्री राम कैलास दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, गुण नियंत्रण प्रमण्डल, अनिसाबाद, पटना सम्प्रति कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, सहरसा को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

———

25 मई 2009

सं0 22 नि0 सि0/(पट0)-03-15/08/417-श्री विष्णु प्रसाद झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, पटना के पदस्थापन वर्ष 1985 में बरती गयी कतिपय आरोपों के लिए इनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का प्रस्ताव संयुक्त सचिव (बजट) के स्तर से प्राप्त हुआ।

प्राप्त प्रस्ताव की सरकार के स्तर पर सम्यक समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि श्री झा के विरूद्व जो आरोप लगाया जा रहा है, वह वर्ष 1985 का है तथा श्री झा दिनांक 31.10.91 को अधीक्षण अभियन्ता के पद से सेवानिवृत हो चुके है। बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 बी0 के तहत सेवानिवृत सरकारी सेवक के विरूद्व कार्रवाई29 (cid:18)बहार गजट, 8 जुलाई 2009 करने का प्रावधान है, परन्तु सेवानिवृति के बाद किसी सरकारी सेवक के विरूद्व किसी ऐसी घटना के संबंध में विभागीय कार्रवाई आरम्भ नहीं की जायेगी जो कार्रवाई प्रारम्भ किये जाने के चार (4) वर्ष पूर्व धारित हुई है।

सम्यक विचारोपरान्त सरकार द्वारा श्री झा के मामले में अभिलेख पर अगे्रतर कार्रवाई समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

उक्त निर्णय श्री विष्णु प्रसाद झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पुनपुन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, पटना को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप सचिव।

——— समाज कल्याण विभाग ——— अधिसूचना 24 जून 2009 सं0 3/क0म0आ0-02/06-1828-श्रीमती संगीता सिंह एवं श्रीमती शायरा बानो, सदस्य, महिला आयोग, बिहार के विरूद्ध पद के दुरूपयोग कर एक गैर सरकारी संस्था 'विमेन राइट कॉउन्सिल' के माध्यम से विज्ञापन प्रकाषित कर नियोजन का लोभ देकर लोगों से कपटपूर्ण ढंग से राषि की वसूली किये जाने का आरोप लगाया गया था। इन आरोपों की जाँच राज्य सरकार के निगरानी विभाग के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा की गयी और जाँच में यह पाया गया कि श्रीमती संगीता सिंह एवं श्रीमती शायरा बानो, सदस्य, महिला आयोग के विरूद्ध लगाये गये आरोपों के संबंध में प्रथम द्रष्टवा साक्ष्य उपलब्ध है। अतएव राज्य सरकार का इस बात से समाधान हो गया है कि इन दोनों सदस्यों को जनहित विरोधी कार्य करने के लिये सदस्यता के अयोग्य करार दिया जाय क्योंकि महिला आयोग अधिनियम, 1999 की धारा-4 की उपधारा-2 के अनुच्छेद-'छ' के प्रावधान इस मामले में पूरी तरह आकर्षित हो रहे हैं। इसलिये राज्य सरकार महिला आयोग अधिनियम, 1999 की धारा-4 की उपधारा-2 के अनुच्छेद-'छ' के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेष देती है कि इस अधिसूचना के निर्गत होने की तिथि से श्रीमती संगीता सिंह एवं श्रीमती शायरा बानो, सदस्य, महिला आयोग दोनों ही को उक्त आयोग की सदस्य नहीं रह जायेंगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामलखन रविदास, संयुक्त सचिव।

———— अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।

(cid:18)बहार गजट, 16-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 July 2009. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2009-07-08.25/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2009-07-08.25.