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ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ^=2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 12 अगःत 2009 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2009 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2009 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2009 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2009
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बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 का (बिहार अधिनियम 11, 2007) का संशोधन करने के लिए विधेयक। भारत गणराज्य के साठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और आरंभः- (1) यह अधिनियम बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2009 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा।
(3) यह तुरंत प्रवृत होगा।
2. बिहार अधिनियम 11, 2007 की धारा-12 का संशोधनः-
(i) उक्त अधिनियम की धारा-12 (2) की कंडिका (क) के द्वितीय कण्डिका में शब्द ''विहित रीति से'' के पश्चात् शब्द ''दो क्रमिक आम निर्वाचन के पश्चात्'' अन्तः स्थापित किये जायेंगे। (ii) उक्त अधिनियम की धारा-12 (2) (क) की तृतीय कंडिका के दूसरे वाक्य में शब्द ''उत्तरवर्त्ती चुनावों में'' के पश्चात् शब्द ''दो क्रमिक आम निर्वाचन के पश्चात्'' अन्तः स्थापित किये जायेंगे। (iii) उक्त अधिनियम की धारा-12 (2) (घ) में शब्द ''यथाविहित रीति से'' के पश्चात् शब्द ''दो क्रमिक आम निर्वाचन के पश्चात्'' अन्तः स्थापित किये जायेंगे।
(iv) उक्त अधिनियम की धारा-12 (2) (घ) के पश्चात् उल्लेखित स्पष्टीकरण ''शंकाओं के निवारण हेतु एतद् द्वारा घोषणा की जाती है कि इस उप-धारा के अधीन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पदों के आरक्षण के प्रयोजनार्थ चक्रानुक्रम सिद्धान्त बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 1995, पटना नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, 1995 के प्रारंभ होने के पश्चात् हुए प्रथम निर्वाचन से प्रारंभ होगा।'' निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जायगी, यथा-
''शंकाओं के निवारण हेतु एतद् द्वारा घोषणा की जाती है कि इस उप-धारा के अधीन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, पिछड़े वर्गों की महिलाओं तथा अनारक्षित श्रेणी की महिलाओं के पदों के आरक्षण के प्रयोजनार्थ चक्रानुक्रम सिद्धान्त बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रारंभ होने के पश्चात् हुए प्रथम निर्वाचन से प्रारंभ होगा।''
3. बिहार अधिनियम 11, 2007 की धारा-29 का संशोधनः-
(i) उक्त अधिनियम की धारा-29 (1) (क) की द्वितीय कंडिका में शब्द ''विहित रीति से'' के पश्चात् शब्द ''दो क्रमिक आम निर्वाचन के पश्चात्'' अन्तःस्थापित किये जायेंगे। ़़़
(ii) उक्त अधिनियम की धारा-29 (1) (क) की तृतीय कंडिका के दूसरे वाक्य में शब्द ''उत्तरवर्त्ती निर्वाचनों में'' के पश्चात् शब्द ''दो क्रमिक आम निर्वाचन के पश्चात्'' अन्तःस्थापित किये जायेंगे। (iii) उक्त अधिनियम की धारा-29 (1) (घ) में शब्द ''विहित रीति से'' के पश्चात् शब्द ''दो क्रमिक आम निर्वाचन के पश्चात्'' अन्तः स्थापित किये जायेंगे।
(iv) उक्त अधिनियम की धारा-29 (1) (घ) के पश्चात् उल्लेखित स्पष्टीकरण ''शंकाओं के निवारण हेतु एतद् द्वारा घोषणा की जाती है कि इस उप-धारा के अधीन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पदाें के आरक्षण के प्रयोजनार्थ चक्रानुक्रम सिद्धान्त बिहार नगरपालिका (संशोधन)3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 12 अगःत 2009 अधिनियम, 1995 एवं पटना नगर निगम (संशोधन) अधिनियम, 1995 के प्रारंभ होने के पश्चात् हुए प्रथम निर्वाचन से प्रारंभ होगा।'' निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जायगी, यथा-
'' शंकाओं के निवारण हेतु एतद् द्वारा घोषणा की जाती है कि इस उप-धारा के अधीन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, पिछड़े वर्गाें की महिलाओं तथा अनारक्षित श्रेणी की महिलाओं के पदों के आरक्षण के प्रयोजनार्थ चक्रानुक्रम सिद्धान्त बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रारंभ होने के पश्चात् हुए प्रथम निर्वाचन से प्रारंभ होगा।''
4. बिहार अधिनियम 11, 2007 की धारा-75 का संशोधन।-
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम 11,2007) की धारा-75 के परन्तुक के पश्चात् निम्नांकित एक और परन्तुक जोड़ा जायेगाः-
''परन्तु यह और भी कि विभाग उपरोक्त व्यय सीमा में समय-समय पर अधिसूचना द्वारा परिवत्र्तन कर सकेगा।''
5. बिहार अधिनियम 11, 2007 की धारा-79 का संशोधन।-
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम 11,2007) की धारा-79 (2) के पश्चात् निम्नांकित एक परन्तुुक जोड़ा जायेगाः-
''परन्तु यह कि राज्य सरकार नगर निकायों को उनके क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए उनके क्षेत्र के अन्तर्गत किसी कार्यक्रम या परियोजना या किसी अन्य कार्य को करने हेतु, जो भारतीय संविधान की बारहवीं अनुसूची में है, जिसमें किसी एजेंसी को चिन्हित करने का कार्य भी सम्मलित है, के संबंध में उचित निदेश देने के लिए सक्षम होगी, चाहे उसके लिए निधि का स्रोत कोई भी हो।
धारा-79 की उप-धारा-(2) का परन्तुक बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम, 11, 2007) के लागू होने की तिथि से प्रवृत माना जायेगा तथा इसके अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई उक्त परन्तुक के द्वारा प्रदत्त शक्ति के अन्तर्गत की गई कार्रवाई मानी जायेगी।''4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 12 अगःत 2009
उद्ेदश्य एवं हेतुउद्ेदश्य एवं हेतुउद्ेदश्य एवं हेतुउद्ेदश्य एवं हेतु
बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक के द्वारा बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम, 11, 2007) की धारा-12, धारा-29, में संशोधन कर शहरी नगर निकायों में कमजोर वर्ग एवं महिलाओं के लिये आरक्षण की व्यवस्था को दो क्रमिक आम निर्वाचन तक यथावत् रखने की व्यवस्था की गई है, जिसकी गणना बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रारंभ होने के पश्चात् हुये प्रथम निर्वाचन से की जानी है। आरक्षण की यही व्यवस्था नगर निकाय के मुख्य पार्षद के पद के लिये भी की गई है। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-75 एवं धारा-79 में संशोधन कर योजनाओं के कार्यान्वयन एवं वित्तीय मामलों में नगर निकायों को निदेश देने की शक्ति राज्य सरकार को प्रदान की गई है।
उक्त संशोधनों के फलस्वरूप आरक्षण की व्यवस्था का लाभ लक्ष्य वर्गों को और अधिक कारगर ढंग से मिल सकेगा तथा नगर निकायों की योजनाओं और वित्त पर एक हद तक सरकार को भी निदेश दे सकेगी। उपर्युक्त के लिए प्रावधानों का उपबंध करना ही इस विधेयक का मुख्य उदे्दश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का मुख्य अभीष्ठ है।
(सुशील कुमार मोदी)(सुशील कुमार मोदी)(सुशील कुमार मोदी)(सुशील कुमार मोदी)
भार साधक सदस्य iVuk%
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———— अधी)क, सिचवालय मुिणालय,