िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
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---
भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Iाओं के पर(cid:15)Iा-फल, कायKबम, छाऽवृ(cid:18)N ूदान, आOद।
---
भाग-1-ग—िशIा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Iाफल आOद ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राPयपाल और कायाKQयI@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आOद। 5-6 भाग-3—भारत सरकार, पRSम बंगाल सरकार और उUच 9यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राPय गजट@ के उWरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Oकये जानेवाले ूवर सिमितय@ के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवK ूकािशत (cid:18)वधेयक।
---
भाग-7—संसद के अिधिनयम Rजनपर रांशपित क^ अनुमित िमल चुक^ है। ---
भाग-8—भारत क^ संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय@ के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय@ के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवK ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व_ापन
---
भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवKसाधारण सूचनाएं इaयाOद। ---
पूरक
---
पूरक-क 7-112 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)0श(cid:18)0श(cid:18)0श(cid:18)0, , , , छु 6ट(cid:15) और अ9यछु 6ट(cid:15) और अ9यछु 6ट(cid:15) और अ9यछु 6ट(cid:15) और अ9य वैय(cid:18)0वैय(cid:18)0वैय(cid:18)0वैय(cid:18)0क सूचनाएंक सूचनाएंक सूचनाएंक सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
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सूचना भवन, पटना।
———
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1 flrEcj 2009
सं॰ 4394 अनु0—गृह (आरक्षी) विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना संख्या 5461, दिनांक 31 अगस्त 2009 के आलोक में श्री अनिल कुमार सिन्हा, भा0प्र0से0 (1979) अपर पुलिस महानिदेशक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के देश से बाहर अपनी पुत्री से मिलने, संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा की स्वीकृति एवं यात्रा हेतु अखिल भारतीय सेवायें (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन दिनांक 31 अगस्त 2009 से 24 सितम्बर 2009 तक कुल 25 (पच्चीस) दिनों का उपार्जित अवकाश की स्वीकृति तथा दिनांक 29 अगस्त 2009 एवं 30 अगस्त 2009 Prefix तथा दिनांक 25 सितम्बर 2009 से 28 सितम्बर 2009 तक Suffix अनुमति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आर0 के0 जैन, संयुक्त सचिव।
——— निर्वाचन विभाग ——— अधिसूचना 28 अगस्त 2009 सं॰ का0आ0सं0-ई2-2015/91-60—बिहार सेवा संहिता के नियम 227 एवं 248 के अधीन श्री कृश्ण कुमार पाठक, तदेन अवर निर्वाचन पदाधिकारी, शेरघाटी अनुमंडल, गया (अरवल अनुमंडल, अरवल में प्रतिनियुक्त), सम्प्रति अवर निर्वाचन पदाधिकारी, गया सदर अनुमंडल, गया को दिनांक 6 अगस्त 2008 से 1 अक्तूबर 2008 तक कुल 57 (सत्तावन) दिन उपार्जित अवकाष की स्वीकृति दी जाती है। 2. इस प्रस्ताव में आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार-सह- सरकार के प्रधान सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार -सह-सरकार के प्रधान सचिव के आदेष से, राम कृश्ण प्रसाद, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार -सह-सरकार के उप सचिव।
———
सहकारिता विभाग
———
अधिसूचनाएं
26 अगस्त 2009
सं॰ 1/रा0स्था0 (2) प्रो0-11/2008 सह0-3400—बिहार सहकारिता सेवा ( प्रशासनिक प्रभाग) के उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, वेतनमान 10000-15200/- कोटि के कॉलम-2 उल्लिखित निम्न पदाधिकारियों को कॉलम-4 वर्णित तिथि में वैचारिक तथा कॉलम-5 वर्णित तिथि से वास्तविक रूप में भूतलक्षी प्रभाव से संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, वेतनमान 12000-16500/-रू0 (अपुनरीक्षित), के पद पर प्रोन्नति प्रदान की जाती हैः-3 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009
| क्र0 क्र0 क्र0 क्र0 सं0सं0सं0सं0 | नाम एवं पदाधिकारी का नाम एवं पदाधिकारी का नाम एवं नाम एवं वरीयता क्रम | वर्त्तमान धारित पद | वैचारिक वैचारिक वैचारिक प्रोन्नति की प्रोन्नति की प्रोन्नति की प्रोन्नति की तिथि | वास्तविक वास्तविक वास्तविक वास्तविक प्रोन्नति की प्रोन्नति की प्रोन्नति की प्रोन्नति की तिथि | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | श्री प्रकृति प्रासन्न ओझा, वरीयता क्रमांक-4 | प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, पटना। | - | 01.01.2000 | |
| 2 | श्री गोविन्द राम, वरीयता क्रमांक-5 | स वानिव्त्त संयुक्त निबंधक, स॰स॰ े (गव्य), बिहार, पटना। | - | 01.01.2000 | |
| 3 | श्री त्रिवेणी प्रसाद सिन्हा, वरीयता क्रमांक-7 | स युक्त निबंधक, स॰स॰ भागलपुर ं प्रमंडल, भागलपुर। | - | 01.01.2000 | |
| 4 | श्री अनिस्द्ध सिंह, वरीयता क्रमांक-9 | स युक्त निबंधक, स॰स॰ तिरहुत ं प्रमंडल, मुजफ्फरपुर। | 25.02.2004 | 26.07.2005 | |
| 5 | श्री श्रीराम, वरीयता क्रमांक-11 | स वानिवृत्त विशेष पदाधिकारी े (उपभेक्ता), बिहार, पटना। | - | 25.02.2004 | |
| 6 | श्री रामायण चौबे, वरीयता क्रमांक-15 | स युक्त निबंधक, स॰स॰ सारण ं प्रमंडल, छपरा। | - | 25.02.2004 | |
| 7 | श्री गोपाल कृष्ण, वरीयता क्रमांक-16 | स युक्त निबंधक, स॰स॰ पटना ं प्रमंडल, पटना। | - | 19.04.2004 | |
| 8 | श्री राम रक्षा ठाकुर, वरीयता क्रमांक-17 | स वानिवृत्त संयुक्त निबंधक, स॰स॰ े दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा। | 01.10.2004 | 01.08.2007 | |
| 9 | श्री धनेश्वर राम, (अ॰ज॰) वरीयता क्रमांक-20 | स वानिवृत्त संयुक्त निबंधक, स॰स॰ े भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर। | - | 20.02.2004 | |
| 10 | श्री प्रदीप कुमार सिन्हा, वरीयता क्रमांक-21 | स युक्त निबंधक, स॰स॰ (पणन) ं बिहार, पटना। | - | 26.07.2005 | |
| 11 | श्री रामायण चौधरी, वरीयता क्रमांक-24 | स वानिवृत्त संयुक्त निबंधक, स॰स॰ े बिहार, पटना। | 01.02.2008 | 01.07.2008 | |
| 12 | श्री महेश प्रसाद, वरीयता क्रमांक-31 | स युक्त ं निबंधक, स॰स॰ प र्णियां ू प्रमंडल, पूर्णियां । | - | 01.02.2008 |
2. उपर्युक्त भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति प्रस्ताव में वित्त विभाग के परिपत्र संख्या-7020 वि(2), दिनांक 24 दिसम्बर 2005 के तहत वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।4 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009 3. ए॰सी॰पी॰ स्कीम नियमावली, 2003 के तहत संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां के पद पर प्रोन्नति की तिथि से पूर्व द्वितीय ए॰सी॰पी॰ लाभ प्राप्त पदाधिकारियों को उपर्युक्त नियमावली के नियम 8(2) के अनुसार वेतन नियतिकरण का कोई लाभ देय नहीं होगा।
4. शुद्धि-पत्र अधिसूचना ज्ञापांक-3637, दिनांक 28 अगस्त 2008 के साथ पठित विभागीय अधिसूचना संख्या 2017, दिनांक 20 मई 2008 के तहत पूर्व में अधिक भुगतान प्राप्त की जा चुकी राशि का संमायोजन सभी संबंधित पदाधिकारियों को देय वेतन से कर लिया जायेगा।
5. सहकारी संस्थाओं/बाह्य नियोजन अवधि का बकाया भुगतान संबंधित संस्थाओं द्वारा किया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जय नारायण सिंह, सररकार के संयुक्त सचिव।
———
26 अगस्त 2009
सं॰ 1/रा॰स्था॰(2) प्रो॰-37/2007-सह॰-3402—श्री त्रिशुलधारी प्रसाद, सेवा निवृत बिहार सहकारिता सेवा (प्रशासनिक प्रभाग), वेतनमान 12000-16500/-रू॰ को 15 नवम्बर 2000 से 31 जनवरी 2001 सेवा निवृत्ति की तिथि तक उत्तरवर्ती बिहार के अपर निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना वेतनमान 14300-18300/- रू॰ के एकल पद पर प्रोन्नति दी जाती है।
सं॰ 1/रा॰स्था॰(2) प्रो॰-37/2007-सह॰-3403—श्री विमल सिंहा, सेवा निवृत बिहार सहकारिता सेवा (प्रशासनिक प्रभाग), वेतनमान 12000-16500/-रू॰ को 28 अप्रील 2001 से सेवा निवृत्ति तिथि 31 जुलाई 2002 तक अपर निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना के वेतनमान 14300-18300/- रू॰ के एकल पद पर प्रोन्नति दी जाती है। 2. भूतलक्षी प्रभाव से उपर्युक्त दोनों प्रस्ताव में वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जय नारायण सिंह, सररकार के संयुक्त सचिव।
ÑÑÑÑ अधीIक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुOित। (cid:18)बहार गजट, 25Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in5 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009
भागभागभागभाग----2222
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राPयराPयराPयराPयपाल और कायाKQयपाल और कायाKQयपाल और कायाKQयपाल और कायाKQयI@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमI@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमI@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमI@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूचनाएं और िनयम आOद।अिधसूचनाएं और िनयम आOद।अिधसूचनाएं और िनयम आOद।अिधसूचनाएं और िनयम आOद।
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laŒ fo¼27½&is0dks0&54@09&714 foRr foHkkx ——— ladYi 28 vxLr 2009 विषयः- बिहार विधान परिषद के 24 स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों का द्विवार्षिक निर्वाचन-2009 में प्रतिनियुक्त कर्मियों की हिंसात्मक घटनाओं या दुर्घटना या अन्य कारण से हुई मृत्यु या अपंगता की स्थिति में देय अनुग्रह अनुदान के संबंध में ।
लोक सभा/विधान सभा आम/उप-चुनाव में प्रतिनियुक्त होने वाले कर्मियों के संबंध में पूर्व में निर्गत संकल्प संख्या 2796, दिनांक 1 अप्रील 2009 में निहित प्रावधान बिहार विधान परिषद् के 24 स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों का द्विवार्षिक निर्वाचन 2009 के लिए भी यथारूप लागू रहेगा । आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रबीन्द्र पवांर, सचिव, संसाधन।
——— सं॰ 5/सह॰/फ॰बी॰-15/07-1708 सहकारिता विभाग ——— संकल्प 23 जून 2009 विषय :- पैक्सों के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का कार्यान्वयन। सहकारिता विभाग के संकल्प संख्या 6140, दिनांक 14 दिसम्बर 2007 द्वारा एग्रीकल्चर इंष्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड की सहमति से उक्त संकल्प में निहित शर्तों के अनुरूप पैक्सों को फसल बीमा योजना के लिए बीमा एजेन्सी के रूप में कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्ष 2009 के खरीफ मौसम में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के कार्यान्वयन हेतु अधिसूचना संख्या 1369, दिनांक 2 जून 2009 निर्गत की गई है। :-
2. राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत गठित राज्यस्तरीय समन्वय समिति की दिनांक 7 अप्रील 2009 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में उपर्युक्त प्रासंगिक संकल्प के तहत गैर ऋणी कृषकों का आच्छाादन बढ़ाने के उद्देष्य से खरीफ 2009 मौसम में पैक्सों को बीमा एजेन्सी के रुप में कार्य करने हेतु निम्न शर्त्ते निर्धारित की जाती है :- (i) उपर्युक्त प्रासंगिक संकल्प की कंडिका 2(i) के तहत् वैसे पैक्स योग्य होंगे जिन्हें वर्ष 2008-09 के पूर्व बैंकिंग व्यवसाय प्रारंभ किया हो तथा जिसकी जमा पूंजी 31 मार्च 2009 को 10.00 लाख से अधिक थी। (ii) उपर्युक्त प्रासंगिक संकल्प की कंडिका 2(ii) के तहत् वैसे पैक्स बीमा कराने के योग्य होगें जिन्होने वित्तीय वर्ष 2008-09 के पूर्व बैंकिंग व्यवसाय प्रारंभ किया हो तथा वर्त्तमान में भी बैंकिंग व्यवसाय कर रहें हों। 3. उक्त संकल्प की अन्य शर्ते पूर्ववत रहेंगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय नारायण सिंह, संयुक्त सचिव।6 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009
सहकारिता विभाग
———
अधिसूचनाएं
31 जुलाई 2009
सं॰ 5/सह॰/फ॰बी॰-18/06-2537—राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत खरीफ 2009 मौसम की फसलों के बीमा हेतु विभागीय अधिसूचना संख्या 1369, दिनांक 2 जून 2009 निर्गत की गयी है, जिसमें गैर ऋणी कृषकों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2009 निर्धारित है। उक्त निर्धारित अवधि को एक माह के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष विचाराधीन था।
भारत सरकार, कृषि मंत्रालय, कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के पत्रांक 13011/29/1999-Credit-II (Pt) दिनांक 28 जुलाई 2009 के आलोक में राज्य के गैर ऋणी कृषकों के निमित्त खरीफ 2009 मौसम की बीमा हेतु चयनित फसलों के लिए बीमा कराने की अवधि को 31 अगस्त 09 तक निम्नांकित शर्तों के अधीन विस्तारित किया जाता हैः-
(क) गैर ऋणी कृषक द्वारा फसल की बुआई 1 अगस्त 2009 से 31 अगस्त 2009 के बीच किया रहना चाहिए। (ख) घोषणा पत्र जमा करने की तिथि को बीमित फसल की स्थिति सामान्य हैं, इसका उल्लेख एतद संबंधी घोषणा-पत्र में कृषकों द्वारा किया जाना है।
(ग) गैर ऋणी कृषक बुआई क्षेत्र की संपुष्टि से संबंधित प्रमाण-पत्र प्रखंड के कृषि/राजस्व कार्यालय से प्राप्त कर बीमा प्रस्ताव के साथ संलग्न करेंगे। संबंधित बैंक प्रस्ताव स्वीकृत करने के पूर्व इसे सत्यापित कर लेंगे एवं इसे अभिलेख के तौर पर संभाल कर रखा जायेगा।
(घ) कृषक प्रति हेक्टेयर निर्धारित उपज दर के मुल्य की सीमा तक ही फसलों का बीमा करा सकेंगे। अधिसूचना संख्या 1369, दिनांक 2 जून 2009 की अन्य सभी शर्तें पूर्ववत रहेंगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय नारायण सिंह, संयुक्त सचिव।
———
12 अगस्त 2009
सं॰ 5/सह॰/फ॰बी॰-18/06-2856—राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत खरीफ 2009 मौसम की फसलों के बीमा हेतु ऋणी कृषकों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2009 को विस्तारित करते हुए बीमा की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2009 करने हेतु विभागीय अधिसूचना संख्या 2537, दिनांक 31 जुलाई 2009 निर्गत की गयी है। वस्तुतः एतद संबंधी विस्तार मात्र अगहनी धान फसल के लिए ही अनुमान्य है, इसे पुनः स्पष्ट किया जाता है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय नारायण सिंह, संयुक्त सचिव।
———
17 अगस्त 2009
सं॰ 5/सह॰/फ॰बी॰-18/06-2899—राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत खरीफ 2009 मौसम की चयनित फसलों का बीमा सुनिष्चित करने हेतु विभागीय अधिसूचना संख्या 1369, दिनांक 2 जून 2009 निर्गत की गयी है। गैर ऋणी कृषकों के फसलों का बीमा करने के क्रम में बैंकों को दिये गये निदेष की कंडिका 6 (ख) में उल्लेखित है कि "कृषक का बचत खाता बैंक में चलन में हो"। इस चलन शब्द का अभिप्राय मात्र इतना है कि कृषक का खाता बैंक में संधारित हों, जिसके माध्यम से प्रीमियम की राषि बैंक में जमा किया जा सके। यदि पूर्व से बैंक में खाता संधारित न हो तो, खाता खोलकर ही प्रीमियम की राषि कृषक जमा करेंगे। बचत खाता खोलने में उन सभी प्रक्रियाअेां को पूर्ण करना है जो एक सामान्य ग्राहक से अपेक्षा की जाती है।
उक्त अधिसूचना की संख्या 11 में फसल कटनी प्रयोग के आंकड़े उपलब्ध कराने का उल्लेख है। इस क्रम में स्पष्ट करना है कि फसल कटनी प्रयोग का क्रियान्वयन जेनरल क्रॉप इस्टीमेषन सर्वे के आधार पर किया जाना है न कि आनावारी/पैसावाारी के आधार पर।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय नारायण सिंह, संयुक्त सचिव।
———— अधीIक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुOित।
(cid:18)बहार गजट, 25-571+200-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
7 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत
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सं॰ 3नि0गो0(4)17/06-प0पा0- 210-नि0गो0
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (पशुपालन)
——— संकल्प
4 अगस्त 2009
पशुपालन घोटाले (जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई थी) के उजागर होने के पश्चात् सी0बी0आई0 द्वारा जॉंच की गयी। जॉंच के उपरांत सी0बी0आई0 ने डा0 नलिनी रंजन प्रसाद सिन्हा, तदेन प्रबन्धक, सूकर प्रजनन प्रक्षेत्रा, होटवार, रॉंची ( सम्प्रति सेवानिवृत) को चारा घोटाला कांड संख्या आर0सी0 31(ए)/96, आर0सी0 35(ए)/96 (ii), आर0सी0 47(ए)/96, आर0सी049(ए)/96 तथा आर0सी0 04(ए)/2000पैट में आरोपित किया है। इनमें से कांड संख्या आर0सी004(ए)/2000पैट में माननीय विशेष न्यायाधीश VI, सी0बी0आई0(ए0एच0डी0 स्कैम) न्यायालय, रॉंची द्वारा दिनांक 22 नवम्बर 2005 को पारित न्याय निर्णय द्वारा डा0 सिन्हा को उनके विरूद्ध लाए गए आरोप को प्रमाणित पाते हुए चार वर्षों का सश्रम कारावास तथा 1 लाख (एक लाख ) रुपये का अर्थदंड तथा दंड की सजा दी गयी है।
स्पष्ट है कि संदर्भित कांड में गठित आरोप/आरोपों के प्रमाणित पाए जाने के बाद ही डा0 सिन्हा को माननीय सक्षम न्यायालय द्वारा सजा दी गयी है। न्यायिक कार्यवाही में सजा दिये जाने के कारण इनका भविष्य सदाचार पूर्णतः खण्डित हो जाता है, जबकि यह पेंशन प्रदान किए जाने हेतु यह एक मानी हुई शर्त्त है।
अतः उपर वर्णित परिस्थितियों में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(ए) के तहत राज्य सरकार ने पूर्ण विचारोपरान्त डा0 सिन्हा के पूर्ण पेंशन एवं उपादान का भुगतान स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में सरकार के निर्णय के आलोक में प्रस्तावित दण्ड पर डा0 सिन्हा से की गयी कारणपृच्छा तथा कारणपृच्छा के आलोक में डा0 सिन्हा से प्राप्त स्पष्टीकरण पर सरकार द्वारा समीक्षोपरान्त डा0 सिन्हा का पूर्ण पेंशन एवं उपादान स्थायी रूप से रोकने सम्बन्धी अनुशासनिक दण्ड को यथावत् रखा गया है, जिसपर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। अतः सरकार के निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग के सहमति के आधार पर डा0 नलिनी रंजन प्रसाद सिन्हा, तदेन प्रबन्धक, सूकर प्रजनन प्रक्षेत्रा, होटवार, रॉंची जो दिनांक 31 जनवरी 1995 को सेवानिवृत हो गये हैं, को भविष्य में पेंशन तथा उपादान का भुगतान स्थायी रूप से नहीं किया जायेगा ।8 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009 vkns'k :-आदेश दिया जाता है कि संकल्प की प्रतियॉं सभी प्राधिकार/ संबंधित पदाधिकारी को अवश्य भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
एस0के0 तिवारी, संयुक्त सचिव।
———
सं॰ 3नि0गो0(4)43/06-प0पा0-211-नि0गो0
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (पशुपालन)
——— संकल्प
4 अगस्त 2009
पशुपालन घोटाले (जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई थी) के उजागर होने के पश्चात् सी0बी0आई0 द्वारा जॉंच की गयी। जॉंच के उपरांत सी0बी0आई0 ने डा0 बजरंग देव नारायण सिन्हा, तदेन भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, दुमका ( सम्प्रति सेवानिवृत) को चारा घोटाला कांड संख्या आर0सी0 39(ए)/96, आर0सी0 40(ए)/96 एवं आर0सी0 45(ए)/96 में आरोपित किया है। इनमें से कांड संख्या आर0सी040(ए)/96 में माननीय विशेष न्यायाधीश VII, सी0बी0आई0(ए0एच0डी0 स्कैम) न्यायालय, रॉंची द्वारा दिनांक 26 सितम्बर 2006 को पारित न्याय निर्णय द्वारा डा0 सिन्हा को उनके विरूद्ध लाए गए आरोप को प्रमाणित पाते हुए छः वर्षों का सश्रम कारावास तथा 1.50 लाख (एक लाख पचास हजार) रुपये का अर्थदंड तथा दंड की सजा दी गयी है।
स्पष्ट है कि संदर्भित कांड में गठित आरोप/आरोपों के प्रमाणित पाए जाने के बाद ही डा0 सिन्हा को माननीय सक्षम न्यायालय द्वारा सजा दी गयी है। न्यायिक कार्यवाही में सजा दिये जाने के कारण इनका भविष्य सदाचार पूर्णतः खण्डित हो जाता है, जबकि पेंशन प्रदान किए जाने हेतु यह एक मानी हुई शर्त्त है।
अतः उपर वर्णित परिस्थितियों में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(ए) एवं 43(बी) के तहत राज्य सरकार द्वारा पूर्ण विचारोपरान्त डा0 सिन्हा के पूर्ण पेंशन एवं उपादान का भुगतान स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में सरकार के निर्णय के आलोक में प्रस्तावित दण्ड पर डा0 सिन्हा से की गयी कारणपृच्छा तथा कारणपृच्छा के आलोक में डा0 सिन्हा से प्राप्त स्पष्टीकरण पर सरकार द्वारा समीक्षोपरान्त डा0 सिन्हा का पूर्ण पेंशन एवं उपादान स्थायी रूप से रोकने सम्बन्धी अनुशासनिक दण्ड को यथावत् रखा गया है, जिसपर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। अतः सरकार के निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग के सहमति के आधार पर डा0 बजरंग देव नारायण सिन्हा, तदेन भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, दुमका जो दिनांक 31 अक्तूबर 1996 को सेवानिवृत हो गये हैं, को भविष्य में पेंशन तथा उपादान का भुगतान स्थायी रूप से नहीं किया जायेगा । साथ ही डा0 सिन्हा के निलंबन की तिथि दिनांक 14 फरवरी 1996 से दिनांक 31 अक्तूबर 1996 के अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कोई राशि देय नहीं होगा।
vkns'k :-आदेश दिया जाता है कि संकल्प की प्रतियॉं सभी प्राधिकार/ संबंधित पदाधिकारी को अवश्य भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
एस0के0 तिवारी, संयुक्त सचिव।9 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009
सं॰ 3नि0गो0(4)43/06-प0पा0-212-नि0गो0
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (पशुपालन)
——— संकल्प
4 अगस्त 2009
पशुपालन घोटाले (जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई थी) के उजागर होने के पश्चात् सी0बी0आई0 द्वारा जॉंच की गयी। जॉंच के उपरांत सी0बी0आई0 ने डा0 हेमेन्द्र नाथ वर्मा, तदेन जिला पशुपालन पदाधिकारी, दुमका ( सम्प्रति सेवानिवृत) को चारा घोटाला कांड संख्या आर0सी0 35(ए)/96(ii), आर0सी0 39(ए)/96, आर0सी040(ए)/96 एवं आर0सी0 45(ए)/96 में आरोपित किया है। इनमें से कांड संख्या आर0सी040(ए)/96 में माननीय विशेष न्यायाधीश VII, सी0बी0आई0(ए0एच0डी0 स्कैम) न्यायालय, रॉंची द्वारा दिनांक 26 सितम्बर 2006 को पारित न्याय निर्णय द्वारा डा0 वर्मा को उनके विरूद्ध लाए गए आरोप को प्रमाणित पाते हुए छः वर्षों का सश्रम कारावास तथा 1.80 लाख (एक लाख अस्सी हजार) रुपये का अर्थदंड तथा दंड की सजा दी गयी है।
स्पष्ट है कि संदर्भित कांड में गठित आरोप/आरोपों के प्रमाणित पाए जाने के बाद ही डा0 वर्मा को माननीय सक्षम न्यायालय द्वारा सजा दी गयी है। न्यायिक कार्यवाही में सजा दिये जाने के कारण इनका भविष्य सदाचार पूर्णतः खण्डित हो जाता है, जबकि पेंशन प्रदान किए जाने हेतु यह एक मानी हुई शर्त्त है।
अतः उपर वर्णित परिस्थितियों में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(ए) तथा 43(बी) के तहत राज्य सरकार द्वारा पूर्ण विचारोपरान्त डा0 वर्मा के पूर्ण पेंशन एवं उपादान का भुगतान स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में सरकार के निर्णय के आलोक में प्रस्तावित दण्ड पर डा0 वर्मा से की गयी कारणपृच्छा तथा कारणपृच्छा के आलोक में डा0 वर्मा से प्राप्त स्पष्टीकरण पर सरकार द्वारा समीक्षोपरान्त डा0 वर्मा का पूर्ण पेंशन एवं उपादान स्थायी रूप से रोकने सम्बन्धी अनुशासनिक दण्ड को यथावत् रखा गया है, जिसपर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। अतः सरकार के निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग के सहमति के आधार पर डा0 हेमेन्द्र नाथ वर्मा, तदेन जिला पशुपालन पदाधिकारी, दुमका जो दिनांक 30 सितम्बर 2002 को सेवानिवृत हो गये हैं, को भविष्य में पेंशन तथा उपादान का भुगतान स्थायी रूप से नहीं किया जायेगा। साथ ही डा0 वर्मा को उनके निलंबन की तिथि दिनांक 1 फरवरी 1996 से दिनांक 30 सितम्बर 2002 के अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कोई राशि देय नहीं होगा।
vkns'k :-आदेश दिया जाता है कि संकल्प की प्रतियॉं सभी प्राधिकार/ संबंधित पदाधिकारी को अवश्य भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
एस0के0 तिवारी, संयुक्त सचिव।
———
सं॰ 3नि0गो0(4)04/07-प0पा0-245-नि0गो0
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (पशुपालन)
——— संकल्प
28 अगस्त 2009
पशुपालन घोटाले (जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई है) की जॉंच के उपरांत सी0बी0आई0 ने डा0 विन्देश्वर नारायण श्रीवास्तव , तदेन परियोजना पदाधिकारी, फ्रोजेन सीमेन बैंक, होटवार, रॉंची को आपराधिक कांड संख्या- आर0सी0 46(ए)/96 (ii) एवं आर0सी0 5(ए)/2000 में अभियुक्त बनाया है। उक्त आपराधिक कांडों में से कांड संख्या- आर0सी0 5(ए)/2000 में माननीय विशेष न्यायाधीश II] सी0बी0आई0(ए0एच0डी0 स्कैम) न्यायालय, रॉंची के दिनांक 27 अप्रील 2006 को10 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009 पारित न्याय निर्णय द्वारा डा0 श्रीवास्तव के विरूद्ध लाए गए आरोपों को प्रमाणित पाया है तथा प्रमाणित आरोपों के आधार पर छः वर्षों का सश्रम कारावास तथा 4.45 लाख (चार लाख पैतालीस हजार) रुपये का अर्थदंड की सजा दी है।
संदर्भित कांड में डा0 श्रीवास्तव के विरूद्ध गठित आरोप/आरोपों को माननीय सी0बी0आई0 न्यायालय द्वारा प्रमाणित पाए जाने तथा सजा दिए जाने के आलोक में इनका भविष्य सदाचार पूर्णतः खण्डित हो जाता है, जबकि सरकारी सेवक को पेंशन प्रदान किए जाने हेतु यह एक मानी हुई शर्त्त है।
अतः उपर वर्णित परिस्थितियों में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(ए) एवं 43(बी) के तहत राज्य सरकार द्वारा पूर्ण विचारोपरान्त डा0 श्रीवास्तव के पूर्ण पेंशन एवं उपादान का भुगतान स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में सरकार द्वारा निर्धारित दण्ड के आलोक में दण्डादेश निर्गत करने से पूर्व डा0 श्रीवास्तव से की गयी कारणपृच्छा तथा कारणपृच्छा के आलोक में डा0 श्रीवास्तव से प्राप्त स्पष्टीकरण पर सरकार द्वारा समीक्षोपरान्त अस्वीकार करते हुए उनके विरूद्ध प्रस्तावित दंड को यथावत् रखा गया है, जिसमें बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति प्राप्त है। अतः सरकार के निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग के सहमति के आधार पर डा0 विन्देश्वर नारायण श्रीवास्तव , तदेन परियोजना पदाधिकारी, फ्रोजेन सीमेन बैंक, होटवार, रॉंची जो दिनांक 28 फरवरी 2003 को सेवानिवृत हो गये हैं, को भविष्य में पेंशन एवं उपादान का भुगतान स्थायी रूप से नहीं किया जायेगा । साथ ही डा0 श्रीवास्तव को उनके निलंबन अवधि दिनांक 22 नवम्बर 2000 से उनके सेवानिवृति की तिथि 28 फरवरी 2003 के बीच के अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त अन्य कोई भी राशि देय नहीं होगा।
vkns'k :-आदेश दिया जाता है कि संकल्प की प्रतियॉं सभी सक्षम प्राधिकार/ संबंधित पदाधिकारी को अवश्य उपलब्ध करा दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
एस0के0 तिवारी, संयुक्त सचिव।
———
सं॰ 3नि0गो0(2)11/07-प0पा0-246-नि0गो0
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (पशुपालन)
——— संकल्प
28 अगस्त 2009
पशुपालन घोटाले (जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई थी) के उजागर होने के पश्चात् सी0बी0आई0 द्वारा जॉंच की गयी। जॉंच के उपरांत सी0बी0आई0 ने डा0 सच्चिदानन्द वर्मा, तदेन प्रबन्धक, बत्तख प्रजनन फार्म, होटवार, रॉंची को चारा घोटाला कांड संख्या आर0सी048(ए)/96 तथा आर0सी0 43(ए)/96 में आरोपित किया है। इनमें से कांड संख्या आर0सी043(ए)/96 में माननीय विशेष न्यायाधीश I, सी0बी0आई0(ए0एच0डी0 स्कैम) न्यायालय, रॉंची द्वारा दिनांक 31 जुलाई 2007 को पारित न्याय निर्णय द्वारा डा0 वर्मा को उनके विरूद्ध लाए गए आरोप को प्रमाणित पाते हुए तीन वर्षों का सश्रम कारावास तथा 0.80 लाख (अस्सी हजार) रुपये का अर्थदंड तथा दंड की सजा दी गयी है।
स्पष्ट है कि संदर्भित कांड में गठित आरोप/आरोपों के प्रमाणित पाए जाने के बाद ही डा0 वर्मा को माननीय सक्षम न्यायालय द्वारा सजा दी गयी है। न्यायिक कार्यवाही में सजा दिये जाने के कारण इनका भविष्य सदाचार पूर्णतः खण्डित हो जाता है, जबकि पेंशन प्रदान किए जाने हेतु यह एक मानी हुई शर्त्त है।
अतः उपर वर्णित परिस्थितियों में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(ए) एवं 43(बी) के तहत राज्य सरकार द्वारा पूर्ण विचारोपरान्त डा0 वर्मा के पूर्ण पेंशन एवं उपादान का भुगतान स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में सरकार के निर्णय के आलोक में प्रस्तावित दण्ड पर डा0 वर्मा से की गयी कारणपृच्छा तथा कारणपृच्छा के आलोक में डा0 वर्मा से प्राप्त स्पष्टीकरण पर सरकार द्वारा समीक्षोपरान्त डा0 वर्मा का पूर्ण पेंशन एवं उपादान स्थायी रूप से रोकने सम्बन्धी अनुशासनिक दण्ड को यथावत् रखा गया है, जिसपर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। अतः सरकार के11 (cid:18)बहार गजट, 9 िसत'बर 2009 निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग के सहमति के आधार पर डा0 सच्चिदानन्द वर्मा, तदेन प्रबन्धक, बत्तख प्रजनन फार्म, होटवार, रॉंची जो दिनांक 30 सितम्बर 1995 को सेवानिवृत हो गये हैं, को भविष्य में पेंशन तथा उपादान का भुगतान स्थायी रूप से नहीं किया जायेगा ।
vkns'k :-आदेश दिया जाता है कि संकल्प की प्रतियॉं सभी प्राधिकार/ संबंधित पदाधिकारी को अवश्य भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
एस0के0 तिवारी, संयुक्त सचिव।
———
सं॰ 3नि0गो0(4)04/07-प0पा0-247-नि0गो0
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (पशुपालन)
——— संकल्प
28 अगस्त 2009
पशुपालन घोटाले (जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई है) की जॉंच के उपरांत सी0बी0आई0 ने डा0 बदरूल इस्लाम, तदेन कृत्रिाम प्रजनन प्रणाली पदाधिकारी, फ्रोजेन सीमेन बैंक, होटवार, रॉंची को आपराधिक कांडों में से कांड संख्या आर0सी0 46(ए)/96(ii) एवं आर0सी0 5(ए)/2000 में अभियुक्त बनाया है। उक्त आपराधिक कांडों में से कांड संख्या आर0सी0 5(ए)/2000 में माननीय विशेष न्यायाधीश II, सी0बी0आई0(ए0एच0डी0 स्कैम) न्यायालय, रॉंची के दिनांक 27 अप्रील 2006 को पारित न्याय निर्णय द्वारा डा0 इस्लाम केे विरूद्ध लाए गए आरोप को प्रमाणित पाया है तथा प्रमाणित आरोपों के आधार पर चार वर्षों का सश्रम कारावास तथा 0.95 लाख (पंचानवे हजार) रुपये का अर्थदंड की सजा दी गयी है।
संदर्भित कांड में डा0 इस्लाम के विरूद्ध गठित आरोप/आरोपों को माननीय सी0बी0आई0 न्यायालय द्वारा प्रमाणित पाए जाने तथा सजा दिये जाने के आलोक में इनका भविष्य सदाचार पूर्णतः खण्डित हो जाता है, जबकि सरकारी सेवक को पेंशन प्रदान किए जाने हेतु यह एक मानी हुई शर्त्त है।
अतः वर्णित परिस्थितियों में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(ए) एवं 43(बी) के तहत राज्य सरकार द्वारा पूर्ण विचारोपरान्त डा0 इस्लाम के पूर्ण पेंशन एवं उपादान का भुगतान स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में सरकार द्वारा निर्धारित दण्ड के आलोक में दण्डादेश निर्गत करने से पूर्व डा0 इस्लाम से की गयी कारणपृच्छा तथा कारणपृच्छा के आलोक में डा0 इस्लाम से प्राप्त स्पष्टीकरण का सरकार द्वारा समीक्षोपरान्त अस्वीकार करते हुए उनके विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड को यथावत् कायम रखा गया है, जिसमें बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति प्राप्त है। अतः सरकार के निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग के सहमति के आधार पर डा0 बदरूल इस्लाम, तदेन कृत्रिाम प्रजनन प्रणाली पदाधिकारी, फ्रोजेन सीमेन बैंक, होटवार, रॉंची जो दिनांक 31 जनवरी 1999 को सेवानिवृत हो गये हैं, को भविष्य में पेंशन तथा उपादान का भुगतान स्थायी रूप से नहीं किया जायेगा ।
आदेश ः-आदेश दिया जाता है कि संकल्प की प्रतियॉं सभी सक्षम प्राधिकार/संबंधित पदाधिकारी को अवश्य भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
एस0के0 तिवारी, संयुक्त सचिव।
———— अधीIक, सिचवालय मुिणालय,