िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
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(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 1 1 1 1 आ(cid:30)(cid:31)नआ(cid:30)(cid:31)नआ(cid:30)(cid:31)नआ(cid:30)(cid:31)न, , , , 1931931931931 1 1 1 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 33336666 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ———————— 23232323 िसत)बिसत)बिसत)बिसत)बरररर,,,, 2009 2009 2009 2009 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)2, पदःथापन, बदली, श(cid:18)2, छु 8ट(cid:15)
भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत
(cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत और अ;य <य(cid:18)2गत सूचनाएं। 2-4
या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर भाग-1-क—ःवयंसेवक गु@मB के समादेंटाओं के
सिमितयB के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान आदेश।
---
मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0,
(cid:18)वधेयक।
---
बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0,
भाग-7—संसद के अिधिनयम (cid:30)जनपर रांशपित क^ एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2,
अनुमित िमल चुक^ है। ---
एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन-
एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के
भाग-8—भारत क^ संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, पर(cid:15)Jा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान,
संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के आPद।
---
ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर
सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ भाग-1-ग—िशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आPद ---
पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयJB (cid:24)ारा
भाग-9—(cid:18)व`ापन
---
िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं
भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
और िनयम आPद। 5-5
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, पaरवहन सूचनाएं, भाग-3—भारत सरकार, प(cid:30)Sम बंगाल सरकार और
;यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण उUच ;यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं
और िनयम, 'भारत गजट' और राQय
सूचनाएं इbयाPद। 7-8 गजटB के उWरण। ---
पूरक
---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पूरक-क 9-152 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापपपपनननन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2, , , , छु 8ट(cid:15) और अ;यछु 8ट(cid:15) और अ;यछु 8ट(cid:15) और अ;यछु 8ट(cid:15) और अ;य वैय(cid:18)2क सूचनाएंवैय(cid:18)2क सूचनाएंवैय(cid:18)2क सूचनाएंवैय(cid:18)2क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग
———
अधिसूचनाएं
21 अगस्त 2009
सं॰7/स्था0-1-3-05/2009का0&8322—महानिबंधक, उच्च न्यायालय, पटना के पत्रांक-10242, दिनांक 7 जुलाई 2009 एवं विधि विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0 ए0/एक्ट-15/07/1477/जे0, दिनांक 27 अप्रील 2009 के आलोक में अखिलेश सिंह (वल्द-नारायण सिंह) के विरूद्ध लंबित वादों के विचारण हेतु मंडल कारा, नवादा के अन्दर बैठे जाने वाले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में श्री राम प्रवेश चौबे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अधिसूचित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नवादा) को नामित किया जाता है ।
सं॰7/स्था0-1-3-05/2009का0&8323—महानिबंधक, उच्च न्यायालय, पटना के पत्रांक-10242, दिनांक 7 जुलाई 2009 एवं विधि विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0-ए0/एक्ट-15/07/1478/जे0, दिनांक 27 अप्रील 2009 के आलोक में अखिलेश सिंह (वल्द-नारायण सिंह) के विरूद्ध लंबित वादों के विचारण हेतु मंडल कारा, नवादा के अन्दर बैठे जाने वाले न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के न्यायालय में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में श्री ओम सागर, न्यायिक दंडाधिकारी, मधेपुरा (अधिसूचित न्यायिक दंडाधिकारी, नवादा) को नामित किया जाता है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव।
———
21 अगस्त 2009
सं॰7/पी0-4-4-01/2007-का0-8324—भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम, 1988 (1988 का अधिनियम-49) की धारा-3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल, श्री किषोरी राम, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, पटना को, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अन्वेषित धारा के अन्तर्गत ट्रैप केसेज (Trap cases) में पकड़े गये अभियुक्तों से संबंधित धावा मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु पटना में गठित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष के विषेष न्यायालय के लिए, विषेष न्यायाधीष (निगरानी) के रूप में नियुक्त करते हैं। 2. विषेष न्यायाधीष का क्षेत्राधिकार विधि विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0-2563, दिनांक 11 जून 2007 के आलोक में सम्पूर्ण बिहार राज्य होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव लोचन, विशेष सचिव।
———
मानव संसाधन विकास विभाग
———
अधिसूचना
12 अगस्त 2009
सं॰ 2/मु1-29/08-1193—अवमाननावाद संख्या 1174/08 जगतपति चौधरी बनाम राज्य सरकार एवचं अन्य, सी0डब्ल्यू0जे0सी0 नं0 2312/05 अमेरिका प्रसाद बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, सी0डब्ल्यू0जे0सी0 नं0 1755/02 रतीश कुमार झा बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा सी0डब्ल्यू0जे0सी0 नं0 7367/94 अशोक कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा विभिन्न तिथियों को पारित आदेश के आलोक में बिहार शिक्षा सेवा के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनसे कनीय पदाधिकारियों को दी गयी प्रोन्नति की तिथि से कनीय प्रवर कोटि वेतनमान 3000-4500 (अपुनरीक्षित) में भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति दी जाती हैः-3 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009
| Øekad | inkf/kdkjh dk uke | ojh;rk Øekad | duh; izoj dksfV esa izsUufr dh frfFk |
| 1. | श्री जगतपति चौधरी | 289/85 | 01.7.1995 |
| 2. | श्री अमेरिका प्रसाद | 185/95 | 30.6.1995 |
| 3. | श्री रतीश कुमार झा | 171ए/95 | 30.6.1995 |
| 4. | श्री अशोक कुमार | 176/95 | 30.6.1995 |
2. वित्त विभाग के संकल्प संख्या 2074, दिनांक 4 अप्रील 1985 में वर्णित प्रावधान के अनुसार भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति का आर्थिक लाभ वित्त विभाग की सहमति प्राप्त कर दी जायेगी तथा मौद्रिक लाभ अधिसूचना निर्गत की तिथि से दी जायेगी। 3. माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेश के आलोक में जन शिक्षा सेवा के पदाधिकारियों को बिहार शिक्षा सेवा वर्ग-2 में सामंजन करते हुए वर्ष 1986 से वरीयता दी गयी है। इसके अलावा दिनांक 1 जनवरी 1977 के प्रभाव से अवर शिक्षा सेवा (प्राथमिक शाखा) के पदाधिकारियों को बिहार शिक्षा सेवा वर्ग-2 में प्रोन्नति दी गयी है। दिनांक 1 अप्रील 1981 को कार्यरत पदाधिकारियों की वरीयता सूची तैयार की गयी है। वरीयता सूची के आलोक में पूर्व में दी गयी प्रवर कोटि में प्रोन्नति की समीक्षा विभाग द्वारा की जायेगी। समीक्षोपरांत यदि किसी पदाधिकारी की प्रोन्नति प्रभावित होती है अथवा प्रोन्नति की तिथि में परिवर्त्तन करने की आवश्यकता प्रतीत होती है तो उक्त पदाधिकारी की प्रोन्नति तद्नुसार प्रभावित होगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से अनिल कुमार वर्मा, निदेशक (प्र0)-सह-संयुक्त सचिव ।
———
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (पशुपालन)
——— अधिसूचना
16 सितम्बर 2009
सं0 1 स्था0 (2) 06/ 2008-प0पा0-3350—वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या 4685 वि0 (2), दिनांक 25 जून 2003 तथा अधिसूचना संख्या 1802, दिनांक 23 मार्च 2006 के आलोक में बिहार पशुपालन सेवा वर्ग-2 के निम्नांकित पदाधिकारियों को बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 एवं बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना) (संशोधन) नियमावली 2006 के प्रावधानों के अन्तर्गत वेतनमान रू0 10,000-325-15,200/-एवं वेतनमान 12,000-375-16,500/- रू0 में उनकें नाम के सामने स्तम्भ-5 एवं 6 में अंकित तिथि के प्रभाव से क्रमशः प्रथम वित्तीय उन्नयन एवं द्वितीय वित्तीय उन्नयन की स्वीकृति प्रदान की जाती है -
| क्र0 | वरीयता क्रमांक | औडिट क्रमांक | पदाधिकारी का नाम | प्रथम वित्तीय उन्नयन की प्रभावी तिथि | द्वितीय वित्तीय उन्नयन की प्रभावी तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | 333 | 887 | डा0 सच्चिदानन्द दास (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 2 | 365 | 927 | डा0 कन्हैया सिंह (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 3 | 475 | 1080 | डा0 मो0 उमैर मल्लिक (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 4 | 537 | 1127 | डा0 श्री भगवान प्रसाद (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 5 | 803 | 1328 | डा0 योगेन्द्र कुमार (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 6 | 839 | 1343 | डा0 कमल किशोर (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 7 | 870 | 1524 | डा0 रामावतार प्रसाद सिंह(से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 8 | 872 | 1526 | डा0 लाल बहादुर सिंह (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 9 | 897 | 1551 | डा0 इन्द्रजीत प्रसाद (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 10 | 1006 | 1675 | डा0 नवल किशोर शर्मा (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 11 | 1038 | 1706 | डा0 धनराज प्रसाद (से0नि0) | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 12 | 1155 | 1849 | डा0 ब्रजेन्द्र कुमार सिंहा (से0नि0) | 09.08.1999 | 11.08.1999 |
| 13 | 1230 | 1942 | डा0 अब्दुल रकीब (से0नि0) | 09.08.1999 | 05.10.2000 |
| 14 | 1316 | 2040 | डा0 ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह (से0नि0) | 09.08.1999 | 26.08.2001 |
| 15 | 1319 | 2045 | डा0 राम पुकार सिंह | 09.08.1999 | 05.05.2004 |
| 16 | 1323 | 2049 | डा0 सुधाकर झा | 09.08.1999 | 16.05.2001 |
| 17 | 1345 | 2075 | डा0 मनमोहन सिंह | 09.08.1999 | 24.10.2001 |
| 18 | 1346 | 2076 | डा0 रामचन्द्र चौधरी | 09.08.1999 | 28.10.2001 |
| 19 | 1373 | 1957 | डा0 अभय कुमार सिंह (से0नि0) | 09.08.1999 | 27.04.2001 |
| 20 | 1516 | 2285 | स्व0 डा0 मधुसूदन प्रसाद सिंह, मृत, 31.10.03 | 09.08.1999 | 18.05.2003 |
| 21 | 89 बैच | - | डा0 सैयद शौकत हुसैन | 17.11.2001 | अदेय |
को प्रदत्त ए0 सी0 पी0 योजना के लाभ से संबंधित आदेश को रद्द / संशोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हें भुगतान की गयी राशि की वसूली/ प्रतिपूर्त्ति कर ली जायेगी।
3. वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या 1802, दिनांक 23 मार्च 2006 में निहित प्रावधान के आलोक में उपरोक्त सभी कर्मियों का वेतन निर्धारण मौलिक नियमावली के नियम 22 (i) ए (i) के अनुसार किया जायगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश में,
राजेश गुप्ता, प्रधान सचिव।
———
प्रभार प्रतिवेदन
4 सितम्बर 2009
सं॰ 829—अद्योहस्ताक्षरी मैं नरेन्द्र प्रताप सिंह, परीक्ष्यमान, वाणिज्य-कर पदाधिकारी, बिहार सरकार वाणिज्य-कर विभाग की अधिसूचना-06/नि॰/प्रतिनि॰-01-001/2009-3520, दिनांक 1 सितम्बर 2009 के अनुपालन में आज दिनांक 4 सितम्बर 2009 के पूर्वाह्नन में वाणिज्य कर संयुक्त आयुक्त ( प्रशासन), दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा कार्यालय में अपना योगदान करता हूँ।
योगदान पदाधिकारी,
नरेन्द्र प्रताप सिंह, परीक्ष्यमान वाणिज्य-कर पदाधिकारी,
दरभंगा प्रमंडल दरभंगा।
ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 27Ñ571+140-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in5 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009
भागभागभागभाग----2222
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राQयराQयराQयराQयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।
ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
जल संसाधन विभाग
———
शुद्वि पत्र
8 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(ल0सि00)-05-02/2000/496—विभागीय अधिसूचना सं0-424, दिनांक 26 मई 2009 के कंडिका 8 में अंकित अंश ''को इस शर्त के साथ निरस्त किया जाता है कि श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब प्राप्त होने के उपरांत उसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की जायेगी एवं समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा लिये जाने वाले निर्णय से उक्त अधिसूचना प्रभावित होगा'' के स्थान पर ''को निरस्त किया जाता है'' पढ़ा जाय। शेष अंश यथावत् रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।
ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 27Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in6 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009 7 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009
भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))
और सवLसाधारण सूचनाएं इbयाऔर सवLसाधारण सूचनाएं इbयाऔर सवLसाधारण सूचनाएं इbयाऔर सवLसाधारण सूचनाएं इbयाPद।Pद।Pद।Pद। ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
अधीक्षक का कार्यालय
पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल
———
निविदा सूचना
सं॰ 8894-वर्ष 2009-2010 में पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, पटना के प्रयोजनार्थ भर्त्ती मरीजों के व्यवहार में आने वाले गन्दे कपड़ों की धुलाई हेतु सेवा कर में निबंधित इच्छुक निविदादाता से निविदा प्रकाशन की तिथि से 30 (तीस) दिनों के अन्दर निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट के द्वारा निविदा आमंत्रित किया जाता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु बिहार सरकार के वेबसाईट सं॰-www.prdbihar.org तथा www.pmch.in पर देखा जा सकता है। साथ ही साथ निविदा से संबंधित पूर्ण जानकारी एवं सूची प्राप्ति हेतु किसी भी कार्यदिवस को अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
स्थान-पटना
(ह॰) अस्पष्ट,
दिनांक-12 सितम्बर 2009
अधीक्षक।।।।
निविदा शर्त एवं कपड़ों की सूची :---- निविदा शर्त एवं कपड़ों की सूची : निविदा शर्त एवं कपड़ों की सूची : निविदा शर्त एवं कपड़ों की सूची :
1. निविदा दो प्रकार की होगी, तकनीकी एवं वित्तीय जो अलग-अलग लिफाफे में मुहरबन्द दिया जायेगा। एक ही लिफाफे में दोनों निविदा देने पर स्वतः रद्द समझा जायेगा।
2. तकनीकी एवं वित्तीय लिफाफे पर निविदादाता स्पष्ट रूप से निविदा का विषय अंकित करेंगे।
3. निविदादाता का नाम, पूरा पता एवं दूरभाष संख्या तनीकी निविदा में अंकित करना होगा।
4. निविदादाता का तकनीकी निविदा में सेवा कर में निबंधन एवं अद्यतन चुकता प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। 5. निविदादाता को तकनीकी निविदा में जाति, चरित्र एवं आवासीय प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। 6. आयकर में निबंधन एवं अद्यतन चुकता प्रमाण पत्र।
7. क्रयसमिति में तकनीकी निविदा की स्वीकृति के पश्चात् ही वित्तीय निविदा खोला जायेगा एवं क्रयसमिति को किसी भी निविदा को बिना कारण बताये रद्द करने का अधिकार सुरक्षित होगा।
8. किसी भी विवाद का न्यायिक क्षेत्र पटना होगा।
9. निविदा टंकित एवं मुहरबंद होगा। हस्तलिखित पर विचार नहीं किया जायेगा।
10. 10,000/- (दस हजार) रुपये का एन॰एस॰सी॰/बैंक ड्राफ्ट जो अधीक्षक के नाम प्रतिभूत कर संलग्न करना होगा।
11. स्वीकृत दर पर कपड़ों की धुलाई नहीं करने पर जमानत की राशि जब्त कर ली जायेगी एवं फर्म को काली काली सूची में डाल दिया जायेगा।
12. किसी भी विभाग से धुलाई से संबंधित षिकायत प्राप्त होने पर अधीक्षक/उपाधीक्षक द्वारा आर्थिक दण्ड दिया जायेगा, जिसकी राषि आपके विपत्र से कटौति कर ली जायेगी।8 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009 सूची सूची सूची सूची :-ः-ः-ः-
(1) चादर
(2) गाउन/पैजामा कुर्ता/स्पेन
(3) तकीया खोल
(4) सभी प्रकार का सूती कपड़ा-छोटा या बड़ा
(5) कम्बल
(6) दरी
(7) टेरी कोटेन कपड़ा
(8) मच्छरदानी
(ह॰) अस्पष्ट, अधीक्षक।।।।
———— अधीJक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।
(cid:18)बहार गजट, 27-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in9 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत
ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
जल संसाधन विभाग
———
अधिसूचनाएं
3 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0/(मु0)-सिवान-19-14/07/476—श्री राम प्रवेश त्रिवेदी, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (उप निदेशक) वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमंडल सं0-3, सिवान द्वारा उनके उक्त प्रमंडल के पदस्थापन अवधि में श्री चन्द्रभूषण प्रसाद सिंह, सेवा निवृत सहायक अभियंता के सेवा निवृत पावनाओं का भुगतान करने में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने, गुम हो गयी सेवा पुस्त के बदले द्वितीय प्रति तैयार करने के लिए ससमय कार्रवाई नहीं करने, पदाधिकारी को आवश्यक सहयोग नहीं करने, अनुशासनहीनता एवं कत्र्तव्यहीनता आदि प्रथम दृष्टया आरोपों के लिए विभागीय आदेश सं0 67, दि0 17 जुलाई 2004 द्वारा निलंबित करते हुए उनके विरूद्व विभागीय संकल्प सं0 582, दि0 12 अगस्त 2004 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना सं0 644, दि0 21 जून 2006 द्वारा श्री त्रिवेदी, कार्यपालक अभियन्ता को निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दंड संसूचित किया गया-
1. निन्दन वर्ष- 2003-04 उपरोक्त आदेश में श्री त्रिवेदी, कार्यपालक अभियन्ता के निलंबन अवधि के संबंध में बाद में निर्णय संसूचित करने का उल्लेख किया गया था। अतः पुनः विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-1171, दिनांक 16 नवम्बर 2006 द्वारा निलंबन अवधि के संबंध में निम्नांकित निर्णय लिया गया-
श्री त्रिवेदी के निलंबन अवधि में निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा परन्तु उक्त अवधि पेंशनादि के प्रयोजनार्थ गणना की जायेगी।
उपरोक्त निर्णय/श्री राम प्रवेश त्रिवेदी, कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया गया जिसके विरूद्व श्री त्रिवेदी द्वारा दायर वाद सं0 CWJC No-7207/07 में पारित न्यायादेश दिनांक 15 जनवरी 2009 के आलोक में दंडादेश अधिसूचना सं0 1171, दि0 16 नवम्बर 2006 को निरस्त किया जाता है, तथा श्री त्रिवेदी को निलंबन अवधि के लिए पूर्णवेतनादि के भुगतान का आदेश दिया जाता है।
तद्नुसार श्री त्रिवेदी सम्प्रति सेवा निवृत को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से
कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव ।10 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009
3 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0/(ल0सि0)-05-116/94/481—श्री एस0 पी0 वर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (यॉत्रिक) नलकूप प्रमंडल, छपरा के उक्त पदस्थापन अवधि में बरती गयी अनियमितता की जॉच मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग द्वारा की गयी। मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग के जॉच प्रतिवेदन के आलोक में उनके विरूद्व असैनिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 ए के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। तद्नुसार उनसे विभागीय पत्रांक 1126, दिनांक 21 मार्च 1998 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी और पूर्ण समीक्षोपरान्त श्री वर्मा के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाये गये :-
1. छटनीग्रस्त डेली वेजेज की कार्य भारित में अनियमित नियुक्ति करना। 2. मेसर्स विधुत प्रसाधन केन्द्र, सलेमपुर छपरा, जो सिर्फ मोटर वाईडिंग कार्य के लिये एस0एस0आई में पंजीकृत है, उनसे भी बिजली के सामान की आपूर्ति का कार्य कराना।
3. श्री विजय कुमार जयसवाल को करीब 37,000/- (सैंतीस हजार रूपये) का कार्य तीन वर्ष में बिना किसी निविदा के एवं बिना विहित प्रक्रिया अपनायें देना एवं भुगतान करना। अतएव उक्त प्रमाणित आरोपों के लिये सरकार द्वारा श्री वर्मा, कार्यपालक अभियन्ता (यॉत्रिक) को विभागीय अधिसूचना सं0 1364, दिनांक 14 नवम्बर 2000 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित किया गया : (क) देय तिथि से दो वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक। (ख) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्वि पर रोक।
सं0 996/2001 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा उक्त वाद में दिनांक 9 मई 2008 को न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय दण्ड (अधिसूचना ज्ञापांक 1364, दिनांक 14 नवम्बर 2000) को निरस्त कर दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय, द्वारा पारित उक्त न्याय-निर्णय के आलोक में सरकार द्वारा श्री वर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (यॉत्रिक) को पूर्व संसूचित दंड, अधिसूचना सं0 1364, दिनांक 14 नवम्बर 2000 को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार श्री वर्मा को देय वरीयता, सभी मौद्रिक लाभों के साथ नियमानुसार देय होगा।
उक्त निर्णय श्री एस0 पी0 वर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (यॉत्रिक) को संसूचित किया जाता है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से
शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।
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5 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0/(औ0)-17-15/2006/493—श्री राधा राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता उतर कोयल नहर अंचल, औरंगाबाद द्वारा उक्त अंचल में पदस्थापन अवधि वर्ष 2006-07 में बरती गयी कदाचार, अनुशासनहीनता के संबंध में जिला पदाधिकारी एवं समाहर्त्ता, औरंगाबाद तथा मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, औरंगाबाद द्वारा प्रतिवेदित प्रतिवेदन के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही, विभागीय संकल्प ज्ञापांक 82, दिनांक 6 फरवरी 2007 द्वारा प्रारंभ की गयी। जिसके क्रम में संचालन पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 456 दिनांक 19 जून 2007 द्वारा जॉच प्रतिवेदन समर्पित किया, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त जॉच पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के प्रथम आरोप से संबंधित मंतव्य से सहमत होते हुए द्वितीय आरोप के संबंध में जॅाच पदाधिकारी के मंतव्य से निम्न कारणों से असहमति व्यक्त की गयी। दिनांक 24 अगस्त 2006 को जिला के प्रभारी मंत्री, माननीय अजित कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभाकक्ष में सूखा से संबंधित बुलाई गयी बैठक में सिंचाई से संबंधित समस्याओं पर विचार विमर्श के दौरान माननीय मंत्री द्वारा उनके विरूद्व प्राप्त लापरवाही की शिकायत पर पूछताछ के दौरान उनके द्वारा उत्तेजित होकर सारे पदाधिकारियों के समक्ष बैठक छोड़कर चले जाना अत्यंत ही मर्यादाहीन एवं अनुशासनहीनता पूर्वक की गयी व्यवहार की संपुष्टि जिला पदाधिकारी औरंगाबाद के पत्रांक 2414 (गो0) दिनांक 25 सितम्बर 2006 द्वारा एवं माननीय श्री अजित कुमार, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) परिवहन विभाग के गै0स0प्रे0 सं0 1133, दिनांक 25 अगस्त 2006 से होता है।
उक्त असहमति के विन्दु अंकित करते हुए प्रतिवेदित जॉच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए प्रोन्नति पर पॉच वर्षो तक रोक का प्रस्तावित दण्ड के साथ विभागीय पत्रांक 114, दिनांक 25 जनवरी 2008 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री राधा राम द्वारा दिनांक 9 फरवरी 2008 को समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा की स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरांत निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गया-
1. निन्दन वर्ष 2006-07 उक्त निर्णय के आलोक में उक्त दंड श्री राधा राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता औरंगाबाद को अधिसूचना ज्ञापांक 391, दिनांक 20 मई 2008 द्वारा संसूचित किया गया।
उक्त दंडादेश के विरूद्व श्री राधा राम, अधीक्षण अभियन्ता द्वारा महामहिम राज्यपाल, बिहार, पटना के समक्ष अपीलीय अभ्यावेदन दिनांक 26 मई 2008 को समर्पित किया गया। समर्पित अपील अभ्यावेदन में दिये गये सभी तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। अपील अभ्यावेदन में ऐसा कोई नया तथ्य नहीं पाया गया जिसपर नये सिरे से11 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009 विचार किया जाय। अपील अभ्यावेदन में उठाये गये सभी तथ्य विभागीय कार्यवाही के दौरान जॉच पदाधिकारी के समक्ष रखे गये थे। जिसकी पूर्ण समीक्षा जॉच पदाधिकारी एवं सरकार द्वारा की गयी तथा दंड संसूचित किया गया है। उक्त के आलोक में श्री राधा राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, उत्तर कोयल नहर अंचल, औरंगाबाद के अपीलीय अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 10 दिसम्बर 2008 में मद सं0-4 के रूप में सम्मलित करते हुए विभागीय प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गयी। मंत्रिपरिषद के द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 1057, दिनांक 31 दिसम्बर 2008 द्वारा राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना को मंत्रिपरिषद के द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में महामहिम राज्यपाल महोदय का नियमानुसार आदेश प्राप्त करते हुए विभाग को अवगत कराने हेतु अनुरोध किया। जिसके क्रम में राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के पत्रांक अपील-2/08-1911-21 दिनांक 20 मई 2009 द्वारा संसूचित किया गया कि विभागीय प्रस्ताव पर विचारोपरान्त मंत्रिमंडल के दिनांक 10 दिसम्बर 2008 के निर्णय से सहमति व्यक्त करते हए महामहिम द्वारा श्री राघा राम, अधीक्षण अभियन्ता, शीर्ष कार्य अंचल, बागमती, सीतामढ़ी के अपील को अस्वीकृत किया गया है।
अतः उक्त के आलोक में श्री राधा राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, उत्तर कोयल नहर अंचल, औरंगाबाद को अधिसूचना सं0 391, दिनांक 20 मई 2008 द्वारा संसूचित दण्ड के विरूद्व समर्पित अपील अभ्यावेदन दिनांक 26 मई 2008 को अस्वीकृत किया जाता है तथा श्री राधा राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, उत्तर कोयल नहर अंचल, औरंगाबाद सम्प्रति शीर्ष कार्य अंचल, बागमती नगर, सीतामढ़ी को सूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से
शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।
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11 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(पू0)-1-10/05/505—बाढ़ 2004 के दौरान बारण्डी दॅाया तटबंध पर कराये गये बाढ़ संघर्षात्मक कार्य का प्राक्कलन कार्यपालक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, काढ़ागोला द्वारा स्वीकृति के लिए दिनांक 28 अक्तूबर 2004 को अंचल कार्यालय भेजा गया। परन्तु श्री देवेन्द्र कुमार, तत्कालीन, अधीक्षण अभियन्ता, महानन्दा बाढ़ नियंत्रण अंचल, कटिहार द्वारा उक्त प्राक्कलन की स्वीकृति वित्तिय वर्ष के अन्तिम दिन (दिनांक 31 मार्च 2005) को संध्या में देते हुए प्राक्कलन वापस किया गया।
अतः प्राक्कलन को पॅाच माह तक अपने पास रखने एवं वित्तिय वर्ष के अन्तिम दिन संध्या में प्राक्कलन स्वीकृत करने, विकास कार्य के लिए आवंटित राशि को व्ययगत कराने इत्यादि कतिपय आरोपों के लिए श्री देवेन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, महानन्दा बाढ़ नियंत्रण अंचल, कटिहार के विरूद्व सरकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-19 के तहत स्पष्टीकरण पुछने का निर्णय लिया गया। तदनुसार विभागीय पत्रांक 680, दिनांक 20 अगस्त 2008 द्वारा श्री देवेन्द्र कुमार से नियम-19 के तहत स्पष्टीकरण पूछा गया।
श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री कुमार के विरूद्व सभी आरोप प्रमाणित पाये गये। फलस्वरूप प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री कुमार को निम्नांकित दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गया हैः-
(1) निन्दन वर्ष 2004-05 (2) दो वेतन वृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। सरकार का उक्त निर्णय श्री देवेन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, महानन्दा बाढ़ नियंत्रण अंचल, कटिहार को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव ।
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15 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(पट0)-03-01/2009/508—श्री विजय कुमार सिन्हा, आई0 डी0 -2271 सहायक अभियन्ता, गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, दीधा, पटना प्रतिनियुक्त कुसहा तटबंध को निगरानी थाना कांड सं0-015/09 दिनांक 20. 2.09 के क्रम में हिरासत की अवधि में विभागीय अधिसूचना सं0-115 दिनांक 4.3.09 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 के तहत निलंबित करने तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। श्री सिन्हा सम्प्रति जमानत पर रिहा होकर केन्द्रीय रूपांकण संगठन, मुख्य अभियन्ता का कार्यालय, जल संसाधन विभाग, पटना में योगदान देकर अपने निलंबन अवधि के लिए निर्धारित मुख्यालय में है।
श्री सिन्हा के विरूद्व निगरानी विभाग द्वारा दायर मुकदमा चल रहा है साथ ही इनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही भी चल रही है। उक्त स्थिति में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 के उप-नियम (i) एवं (ii) के तहत इनका योगदान स्वीकृत करते हुए योगदान करने की तिथि से पुनः निलंबित करने का12 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009 निर्णय लिया गया है तथा निलंबन अवधि में पूर्ववत् इनका मुख्यालय मुख्य अभियन्ता, केन्द्रीय रूपांकण संगठन, जल संसाधन विभाग, पटना का कार्यालय निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।
उक्त विभागीय निर्णय के आलोक में श्री सिन्हा का योगदान स्वीकृत करते हुए योगदान करने की तिथि 24 अप्रील 2009 से इन्हें पुनः निलंबित किया जाता है।
2. निलंबन अवधि में श्री सिन्हा का मुख्यालय मुख्य अभियन्ता का कार्यालय, केन्द्रीय रूपांकण संगठन, जल संसाधन विभाग, पटना का कार्यालय निर्धारित किया जाता है।
3. निलंबन अवधि में श्री सिन्हा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से
शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।
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16 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(औ0)-17-08/2005/511—आयुक्त एवं सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना द्वारा दिये गये आदेश के आलोक में जल संसाधन विभाग के उड़नदस्ता अंचल, पटना द्वारा दिनांक 13 नवम्बर 2005 से 15 नवम्बर 2005 तक उत्तर कोयल बॅाध निर्माण अंचल, मंडल, (डाल्टेनगंज) उत्तर कोयल बराज अंचल, मोहम्मदगंज एवं अन्य कार्यालयों की जॅाच कर जॅाच प्रतिवेदन पत्रांक-40, दिनांक 18नवम्बर 2005 द्वारा विभाग में समर्पित किया गया। उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त श्री सुरेश चौधरी, तत्तकालीन अधीक्षण अभियन्ता, उत्तर कोयल बराज अंचल, मोहम्मदगंज, डाल्टेनगंज से विभागीय पत्रांक 1125, दिनांक 3 नवम्बर 2006 द्वारा दिनांक 28 अक्तूबर 2005 से 15 नवम्बर 2005 तक कार्यालय से लगातार अनुपस्थित पाये गये क्योंकि उनके कार्यालय के निर्गत एवं आगत पंजी में दिनांक 28 अक्तूबर 2005 के बाद का कोई पत्र हस्ताक्षरित नहीं पाया गया के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के क्रम में श्री सुरेश चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता द्वारा पत्रांक 517, दिनांक 18 नवम्बर 2006 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया जिसमें अनुपस्थिति के लिए कोई ठोस आघार नहीं दिया गया है। अतः उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को अमान्य करते हुए दिनांक 28 अक्तूबर 2005 से 14 नवम्बर 2005 तक अनाधिकृत अनुपस्थित मानते हुए निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया हैः-
1. दिनांक 28 अक्तूबर 2005 से 14 नवम्बर 2005 तक की अवधि का वेतन पर रोक परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जायेगी।
2. चेतावनी। 3. एक वेतन वृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
अतः उक्त निर्णय के क्रम में श्री सुरेश चौधरी, तत्तकालीन अधीक्षण अभियन्ता, उत्तर कोयल बराज अंचल, मोहम्मदगंज, डाल्टेनगंज सम्प्रति बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़िया को उक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से
शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।
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23 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(दर0)-16-05/2005/538—श्री बबन पाण्डेय, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पष्चिमी कोषी नहर प्रमण्डल, बेनीपट्टी, षि0- केवटी द्वारा उक्त पदस्थापन काल में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 2298/04 मेसर्स षान्ति कंस्ट्रक्सन कम्पनी बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दाखिल प्रतिषपथ पत्र में सही बात को स्पष्ट रूप से प्रतिवेदित नहीं करने के कारण माननीय उच्च न्यायालय, पटना के आदेष के आलोक में विभाग को कुल 1,28,496/- रूपये का भुगतान करना पड़ा। अतः सरकार को हुए उक्त क्षति के कारण श्री पाण्डेय के विरूद्व सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेषन कण्ट्रोल एण्ड अपील रूल्स के नियम-55 ''ए'' के तहत स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री पाण्डेय से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त पाया गया कि ''मेसर्स षान्ति कंस्ट्रक्सन कम्पनी द्वारा एकरारनामा के तहत लंबित भूगतान हेतु माननीय न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-2298/04 दायर करने के फलस्वरूप कथित लंबित भुगतान के दावे का निर्घारण हेतु दिनांक 31 अगस्त 2004 को दायित्व समिति की बैठक हुई, जिसमें एकरारनामें के तहत निर्धारित अवधि में 15 जून 1990 तक कार्य पूरा नहीं करने एवं अंतिम विपत्र की नापी की तिथि 19 जून 1992 तक समय वृद्वि स्वीकृत नहीं रहने एवं विभागीय आदेष सं0-1745 दिनांक 15 नवम्बर 1990 द्वारा कार्य बन्द करने के आदेष के आलोक में लंबित दावे के भूगतान को अमान्य कर दिया गया। कार्यपालक अभियन्ता द्वारा याचिका में दाखिल प्रतिषपथ पत्र के कंडिका -5 में उक्त तथ्य की चर्चा नहीं कर संवेदक को भुगतान नहीं होने का कारण निधि की अनुपलब्धता कहीं गई। फलस्वरूप न्यायादेष के आलोक में विभाग को कुल 1,28,496/- रूपये का भुगतान करना पडा''। उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री बबन पाण्डेय, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता को सरकार द्वारा निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गया हैः- (1) निन्दन 2004-0513 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009 (2) संवेदक को भुगतान की राषि-1,28,496/- रूपये की वसूली। सरकार का उक्त निर्णय श्री बबन पाण्डेय, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पष्चिमी कोषी नहर प्रमण्डल, बेनीपट्टी, षि0- केवटी को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव ।
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24 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(सिवान0)-11-10/2005/545—श्री अरूण प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सारण नहर प्रमण्डल, गोपालगंज के विरूद्व वर्ष 2004-05 के पदस्थापन अवधि में कतिपय अनियमितता के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-19 के अन्तर्गत विभागीय पत्रांक 940, दिनांक 13 सितम्बर 2006 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा उन्हें दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
तदनुसार श्री अरूण प्रसाद, कार्यपालक अभियन्ता, सारण नहर प्रमण्डल, गोपालगंज को उक्त निर्णय संंसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव ।
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30 जून 2009
सं॰ 22 नि0 सि0/(सम0)-02-12/04/591—श्री सागर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़िया (सम्प्रति सेवानिवृत) से बी0 एन0 तटबंंध के 29.30 कि0मी0 बसुआ वीरवास स्थल पर बाढ ़अवधि दिनांक 29 जुलाई 2002 को हुए टुटान को गंभीरता से नहीं लेने, बाढ़ संघर्षात्मक कार्य का व्यवस्या ठीक ठंग से नहीं करने एवं पर्यवेक्षण में विफलता इत्यादि कतिपय आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक-995, दिनांक 23 सितम्बर 2006 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा कटाव रोकने की कारगर कार्रवाई की गई थी। तदनुसार इनके स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हुए दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का उक्त निर्णय श्री सागर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़ीया सम्प्रति सेवानिवृत मुख्य अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव ।
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15 जुलाई 2009
सं॰22 नि0 सि0(सम0)-02-11/2009/669—श्री सुनील कुमार, सहायक अभियन्ता (आई0 डी0 जे0-8104) बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, नरूआर द्वारा वायॅा कमला बलान तटबंध के 50.90 ेिक0मी0 पर सम्पादित हो रहे कटाव निरोधक कार्य के उपयोग में लाई जा रही लेईंग रजिस्टर में दिनांक 23 मई 2009, 25 मई 2009, 27 मई 2009 तथा 28 मई 2009 को मुख्यालय तथा कार्यस्थल से बाहर रहने के बावजूद हस्ताक्षर करने, माप पुस्त सं0-849 के पृ0-23 से 30 तक पर अनुपस्थित अवधि के दिनों में भी हस्ताक्षर कर अपने को उपस्थित दिखाने का प्रयास करना कटाव निरोधक कार्यो का दैनिक प्रगति प्रतिवेदन न देकर सप्ताहांत 17 मई 2009 के बाद सीधे सप्ताहांत 28 मई 2009 को तैयार कर प्रमण्डल कार्यालय में जमा करने, तथा कार्यपालक अभियन्ता द्वारा स्पष्टीकरण पूछने पर अपने स्थानान्तरण एवं बचाव हेतु अधीक्षण अभियन्ता एवं मुख्य अभियन्ता के माध्यम से पत्र न लिखकर सरकारी नियमों के विपरित एवं सीधे प्रघान सचिव को पत्र लिखने इत्यादि अनुशासनहीनता एवं कदाचार के लिए सरकार द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया हैं।
सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री सुनील कुमार, सहायक अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, नरूआर (बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल सं0-2, झंझारपुर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
2. निलंबन अवधि में श्री कुमार का मुख्यालय, मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, पटना निर्धारित किया जाता है।
3. निलंबन अवधि में श्री कुमार को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 4. विभागीय कार्यवाही का संकल्प अलग से निर्गत किया जा रहा है। 5. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव ।14 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009
20 जुलाई 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(दर0)-16-04/2009/692—श्री कामेश्वर नाथ सिंह, कार्यपालक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, खुटौना, (आई0डी0-1787) प्रतिनियुक्त कुसहा तटबंध जो निगरानी थाना काण्ड सं0-014/2009 के प्राथमिकी अभियुक्त है, तथा जिन्हें निगरानी अन्वेषण व्यूरो के गठित जॅाच दल द्वारा 8,20,000/- (आठ लाख बीस हजार) रूपये नगद अवैध राशि के साथ दिनांक 20 फरवरी 2009 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था को विभागीय अधिसूचना सं0-177, दिनांक 23 माार्च 2009 द्वारा न्यायिक हिरासत की तिथि 20 फरवरी 2009 के प्रभाव से निलंबित किया गया।
श्री सिंह दिनांक 23 अप्रील 2009 के अपराह्न में न्यायिक हिरासत से मुक्त होने के पश्चात दिनांक 24 अप्रील 2009 को विभाग में योगदान किए।
2. श्री सिंह के विरूद्व निगरानी विभाग द्वारा दायर मुकदमा चल रहा है तथा इनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही भी चल रही है। अतएव सम्यक विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 के उप नियम-3 के खण्ड-1 एवं 11 के अन्तर्गत योगदान की स्वीकृति करते हुए श्री सिंह को योगदान की तिथि से पुनः निलंबित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।
सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री कामेश्वर नाथ सिंह, कार्यपालक अभियन्ता को दिनांक 24 अप्रील 2009 के प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
3. निलंबन अवधि में श्री सिंह का मुख्यालय मुख्य अभियन्ता, केन्द्रीय रूपांकण संगठन, पटना का कार्यालय निर्धारित किया जाता है।
4. श्री सिंह को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव ।
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24 जुलाई 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(पट0)-03-10/2006/718—कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर प्रमण्डल, खगौल द्वारा किये जा रहे धांधली (घोटाला) के संबंध में प्राप्त परिवाद की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता अंचल, पटना से करायी गयी, जिसमें कतिपय कार्यो के लिए श्री परमेश्वर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, गंगा सोन बाढ़ सुरक्षा अंचल, पटना भी कतिपय कार्यो के लिए प्रथम द्रष्टया दोषी पाये गये।
विभागीय पत्रांक 831, दिनांक 12 अगस्त 2006 द्वारा श्री परमेश्वर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता से सोन नहर प्रमण्डल, खगौल में बरती गयी अनियमितताओं के संबंध में स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री प्रसाद सेवानिवृत हो चुके हैं एवं इनके विरूद्व किसी प्रकार के वित्तीय अनियमितता एवं आर्थिक क्षति का मामला नहीं बनता है।
समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के अन्तर्गत कार्रवाई से मुक्त रखने का निर्णय लिया गया है।
उक्त निर्णय श्री प्रसाद को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।
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24 जुलाई 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(डि0)-14-22/2008/719—श्री रामायण सिंह , तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सोन नहर प्रमण्डल, आरा को दिनांक 12.11.2008 को निगरानी विभाग द्वारा अपने कार्यालय के पत्राचार लिपिक से 2000/- (दो हजार रूपये) रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने एवं श्री सिंह के विरूद्व निगरानी थाना कांड सं0-089/2008 दिनांक 12 नवम्बर 2008 घारा 7/13(2) सह पठित घारा-13(1) डी0, भ्र0 नि0 अधि0 1988 दर्ज करते हए न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तिथि 12 नवम्बर 2008 के प्रभाव से विभागीय अधिसूचना सं0 965, दिनांक 28 नवम्बर 2008 द्वारा निलंबित किया गया।
श्री रामायण सिंह, कार्यपालक अभियन्ता (निलंबित) आदर्श कारा बेउर से रिहा होने के बाद मुख्यालय में दिनांक 20 मई 2009 को योगदान किये है।
श्री रामायण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व निगरानी थाना कांड सं0-089/2008 दिनांक 12 नवम्बर 2008 घारा 7/13(2) सह पठित घारा 13(1) डी0, भ्र0 नि0 अधि0-1988 के अन्तर्गत अपराधिक मामला विचारण में है, साथ ही बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ रहने के फलस्वरूप श्री सिंह को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 उप-नियम-3(1) के तहत इनके योगदान की तिथि 20 मई 2009 को योगदान स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त नियमावली के उप-नियम-3(2) के अन्तर्गत न्यायायिक हिरासत से छुटने की तिथि से पुनः निलंबित किया जाता है।15 (cid:18)बहार गजट, 23 िसत)बर 2009 2. निलंबन अवधि में श्री सिंह का मुख्यालय मुख्य अभियन्ता का कार्यालय, केन्द्रीय रूपांकण संगठन, पटना निर्धारित किया जाता है।
3. निलंबन अवधि में श्री सिंह को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।
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27 जुलाई 2009
सं॰ 22 नि0 सि0(दर0)-16-34/2007/736—श्री सच्चिदानन्द शरण, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल सं0-2, मधुबनी को उग्रनाथ शाखा नहर के आर0 डी0 30 से 35.40 के बीच कराये गये मिट्टी कार्य में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर उनके विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत संकल्प ज्ञापांक-978, दिनांक 28 नवम्बर 2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। श्री शरण के विरूद्व विभागीय कार्यवाही का भार विभागीय जॅाच आयुक्त को सौपा गया, परन्तु श्री एस0 पी0 केशव, विभागीय जॅाच आयुक्त का स्थानान्तरण कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग बिहार के अधिसूचना सं0-4620, दिनांक 23 मई 2009 द्वारा करते हए उन्हें अध्यक्ष सह सदस्य, राजस्व पर्षद बिहार के पद पर पदस्थापित किया गया। नये विभागीय जॅाच आयुक्त द्वारा सूचित किया गया है कि चूंकि पूर्व में विभागीय जॉच आयुक्त द्वारा दिनांक 12 मई 2009 को मामले की सुनवाई पुरी कर मंतव्य हेतु सुरक्षित रखा गया है, अतः उन्हें ही इस विभागीय कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाय। 2. चूॅकि पूर्व जॅाच आयुक्त (संचालन पदाधिकारी) के द्वारा विभागीय कार्यवाही की सुनवाई पुरी कर ली गई है और मात्र उनका मंतव्य अपेक्षित है, अतः इस कार्यवाही को पूर्ण करने हेतु उन्हें ही संचालन पदाधिकारी नियुक्त कर मंतव्य लेखापित किये जाने जाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। 3. सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री एस0 पी0 केशव, पूर्व विभागीय जॅाच आयुक्त सम्प्रति अध्यक्ष सह सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार, पटना को इस कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 4. कार्यवाही से संबंधित अभिलेख अलग से भेजा जा रहा है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, श्रीकृष्ण श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव ।
———— अधीJक, सिचवालय मुिणालय,