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संकल्प
11 जून 2009 विषय—विमुक्त बंध्ुआ मजदूरों के पुनर्वास योजना का सरलीकरण के संबंध् में। बंध्ुआ मजदूरी प्रथा के उन्मूलन एवं विमुक्त कराए गए बंध्ुआ मजदूरों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प है। इसी क्रम में विमुक्त कराए गए प्रत्येक बंध्ुआ मजदूर के पुनर्वास के लिए रु0 10,000 राज्यांश एवं रु0 10,000 केन्द्रांश, कुल रु0 20,000 कर्णांकित है। इस राशि से विमुक्त कराए गए बंध्ुआ मजदूरों को स्वरोजगार हेतु परिसम्पत्तियां उपलब्ध् कराई जाती हैं। इसके अतिरिक्त सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा देय सुविधएं भी उन्हें उपलब्ध् कराई जाती हैं, ताकि उन्हें पूर्ण रूपेण पुनर्वासित किया जा सके। इस संबंध् में विभागीय पत्राांक सं0 2/बी0एल0-1024/96 श्र0 नि0 19, दिनांक 10 जनवरी 1997 द्वारा सभी जिला पदाध्किारियों को समुचित निदेश दिया गया है। परन्तु ऐसा देखा जा रहा है कि विमुक्त बंध्ुआ मजदूरों को स्वरोजगार हेतु परिसम्पत्तियां क्रय कर उपलब्ध् कराने में कठिनाईयां उत्पन्न हो रही हैं एवं इस कारण उन्हें पुनर्वासित करने के कार्य में अनावश्यक देर हो रही है। बंध्ुआ मजदूर मूलतः समाज के हाशिए पर ठिठका मानव होता है जिसका पुनर्वास विमुक्त कराए जाने के तुरंत बाद नहीं हो पाने पर उसके पुनः बंध्ुआ बन जाने की पूरी संभावना रहती है।
अतएव सभी पहलुओं पर भली भांति सम्यक विचारोपरान्त उपरोक्त रु0 20,000 की राशि से विमुक्त कराए गए बंध्ुआ मजदूरों को स्वरोजगार हेतु परिसम्पत्तियां उपलब्ध् कराकर उनका त्वरित पुनर्वास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार निम्नलिखित निर्णय लेती है—
;1द्ध बंध्ुआ मजदूरों के पुनर्वास हेतु कर्णांकित राज्यांश की राशि रु0 10,000 एवं केन्द्रांश की राशि रु0 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 16 अ.तूबर 2009 उनके खाते में अविलंब स्थानांतरित कर दी जाएगी। साथ ही लाभुक को परिसम्पत्तियाें के क्रय एवं लागत आदि के संबंध् में जिला पदाध्किारी द्वारा उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। ;2द्ध जिला पदाध्किारी ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे कि लाभुक अपनेे खाते में स्थानांतरित राशि से जीवकोपार्जन हेतु परिसम्पत्तियों का क्रय 30 दिनों के अंतर्गत कर लेंगे और इसकी लिखित सूचना जिला पदाध्किारी अथवा उनके द्वारा नामित पदाध्किारी को दे देंगे।
;3द्ध लाभुक द्वारा सूचना प्राप्त होने के उपरांत जिला पदाध्किारी क्रय की गई परिसम्पत्ति का सत्यापन करा कर संतुष्ट हो लेंगे कि लाभुक द्वारा अपने स्वरोजगार की दिशा में उचित कदम उठाया गया है। ;4द्ध यदि लाभुक द्वारा निर्धरित समय तक परिसम्पत्तियां नहीं क्रय की जा सकी हों तो जिला पदाध्किारी उचित मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि लाभुक शीघ्रातिशीघ्र परिसम्पति क्रय कर लें। इस कार्य में ग्राम पंचायतों की भी सहायता ली जाएगी।
;5द्ध परिसम्पत्तियों के क्रय हो जाने के बाद जिला पदाध्किारी उचित मॉनेटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि लाभुक उसके माध्यम से जीवकोपार्जन कर रहे हैं एवं उनकी परिसम्पत्ति कोई हड़प नहीं रहा है।
;6द्ध उपरोक्त रु0 20,000 के माध्यम से विमुक्त बंध्ुआ मजदूरों के पुनर्वास कीे इस व्यवस्था के साथ विभागीय पत्राांक संख्या 2/बी0एल0 1024/96 श्र0 नि0 19, दिनांक 1 जनवरी 1997 के द्वारा पुनर्वास हेतु निर्गत सभी अन्य अनुदेशों के अनुसार विमुक्त बंध्ुआ मजदूरों के पुनर्वास हेतु त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
;7द्ध उपरोक्त व्यवस्था उन सभी पूर्व में विमुक्त बंध्ुआ मजदूरों के मामले में लागू होगी जिन्हें अभी तक पुनर्वासित नहीं कराया जा सका है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
;ह0द्ध अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव।
———— अधी0क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु6ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 547-571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in