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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 25 November 2009

Published 25 November 2009

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2009-11-25.45
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 4 4 4 4 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण, , , , 1931931931931 1 1 1 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 44445555 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ———————— 25252525 नव)बनव)बनव)बनव)बरररर,,,, 2009 2009 2009 2009 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)2, पदःथापन, बदली, श(cid:18)2, छु 8ट(cid:15)

भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मY पुर:ःथा(cid:18)पत

(cid:18)वधेयक, उ[त (cid:18)वधान मंडल मY उपःथा(cid:18)पत और अ:य ;य(cid:18)2गत सूचनाएं। 2-21

या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर भाग-1-क—ःवयंसेवक गु?मA के समादेंटाओं के

सिमितयA के ूितवेदन और उ[त (cid:18)वधान आदेश।

---

मंडल मY पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0,

(cid:18)वधेयक।

---

बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0,

भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क] एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2,

अनुमित िमल चुक] है। ---

एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन-

एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के

भाग-8—भारत क] संसद मY पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, पर(cid:15)Jा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान,

संसद मY उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयA के आPद।

---

ूितवेदन और संसद मY उपःथा(cid:18)पत ूवर

सिमितयA के ूितवेदन और संसद मY भाग-1-ग—िशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आPद ---

पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयJA (cid:24)ारा

भाग-9—(cid:18)व_ापन

---

िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

और िनयम आPद। 23-38

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और

:यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण उVच :यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं

सूचनाएं इaयाPद। ---

और िनयम, 'भारत गजट' और राQय

गजटA के उXरण। ---

पूरक

---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पूरक-क 39-582 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2, , , , छु 8ट(cid:15) और अछु 8ट(cid:15) और अछु 8ट(cid:15) और अछु 8ट(cid:15) और अ:य:य:य:य वैय(cid:18)2क सूचनाएंवैय(cid:18)2क सूचनाएंवैय(cid:18)2क सूचनाएंवैय(cid:18)2क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

जल संसाधन विभाग

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अधिसूचनाएं

20 जुलाई 2009

सं॰ 7/एल6-1025/08-2009—श्री रामेश्वर राम, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल सं0 2, झंझारपुर (मधुबनी) को बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 228 एवं 230 के अन्तर्गत दिनांक 21 जुलाई 2007 से 30 सितम्बर 2007 तक कुल 72 (बहत्तर) दिनों का उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. यदि श्री राम, उक्त अवधि में अवकाश में नहींं रहते तो अपने कर्त्तव्य पर बने रहते।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, अवर सचिव (प्रबंधन)।

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22 जुलाई 2009

सं॰ 7/एल6-1028/08-2025—श्री नागेन्द्र प्रसाद ठाकुर, प्राक्कलन पदाधिकारी, तिरहुत नहर प्रमंडल सं0 1, मोतिहारी को बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 228 एवं 230 के अन्तर्गत दिनांक 16 जून 2008 से 2 अक्तूबर 2008 तक कुल 109 (एक सौ नौ) दिनों का उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. यदि श्री ठाकुर उक्त अवधि में अवकाश में नहीं रहते तो अपने कर्त्तव्य पर बने रहते।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, अवर सचिव (प्रबंधन)।

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22 जुलाई 2009

सं॰ 7/एल6-1008/09-2026—मो0 कमरे आलम, सहायक अभियंता, तिरहुत नहर अंचल, मोतिहारी को बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 228 के अन्तर्गत दिनांक 27 अगस्त 2008 से 28 दिसम्बर 2008 तक कुल 124 (एक सौ चौबीस) दिनों का उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. यदि मो0 आलम उक्त अवधि में अवकाश में नहीं रहते तो अपने कर्त्तव्य पर बने रहते।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, अवर सचिव (प्रबंधन)।

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6 अक्तूबर 2009

सं॰ 7/एल6-1004/09-2724—श्री विनोद कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई अवर प्रमंडल मलियाबाग-3 अन्तर्गत, सिंचाई प्रमंडल नावानगर (बक्सर) को स्वयं की चिकित्सा हेतु अवकाश का उपभोग किये जाने के कारण बिहार सेवा संहिता के नियम 234 के अधीन दिनांक 22 अगस्त 2008 से 17 नवम्बर 2008 तक कुल 88 (अठ्‌ठासी) दिनों का रूपांतरित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

अंजनी कुमार सिंह, अवर सचिव (प्रबंधन)।3 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

14 जुलाई 2009

सं॰ 7/एल6-1002/09-1918—स्व0 आनंदी कुमार, भूतपूर्व सहायक अभियंता, सिंचाई प्रमंडल, जल संसाधन विभाग, नरपतगंज (अररिया) का दिनांक 14 दिसम्बर 2004 से दिनांक 26 जनवरी 2007 तक की अवधि को निम्नरूपेण विनियमित किया जाता है।

(क) बिहार सेवा संहिता के नियम 99 के अन्तर्गत न्यायिक हिरासत अवधि दिनांक 14 दिसम्बर 2004 से 24 जुलाई 2005 तक मात्र जीवन निर्वाह भत्ता के रूप में,

(ख) बिहार सेवा संहिता के नियम 243 के अन्तर्गत 25 जुलाई 2005 से 24 फरवरी 2006 तक 12 (बारह) महीने के आधे औसत वेतन पर विशेष अवकाश के रूप में एवं

(ग) दिनांक 14 अगस्त 2006 से 26 जनवरी 2007 तक असधारण अवकाश के रूप में।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

अंजनी कुमार सिंह, अवर सचिव (प्रबंधन)।

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1 सितम्बर 2009

सं॰सं॰ 8/पी॰3-026/08-3406—बिहार लोक-सेवा आयोग के पत्रांक 226, दिनांक 16 मई 2008 द्वारा अनुशंसित एवं पथ निर्माण विभाग के पत्रांक 7984(एस) दिनांक 13 जून 2008 द्वारा जल संसाधन विभाग आवंटित सामान्य/ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन-जाति/अत्यन्त पिछड़ा वर्ग/पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ी महिला कोटि को विभागीय अधिसूचना संख्या 2362, दिनांक 6 अगस्त 2008 द्वारा बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 के अन्तर्गत सहायक अभियंता (असै॰) के पद पर वेतनमान रु॰ 6500-200-10500 में समय समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आदेय भत्ताें के साथ जल संसाधन विभाग में अस्थायी रुप से नियुक्त किया गया। इनमें से एक सहायक अभियंता श्री प्रमोद कुमार का योगदान स्वीकृत करते हुए उनके नाम के सामने अंकित कार्यालय में निम्नरूपेण पदस्थापन किया जाता है।

क्र0 आवेदक का नाम पिता का नाम स्थायी पता आयोग का मेघा क्रमांक जन्म-तिथि अभ्यर्थी का कोटि पदस्थापित कार्यालय का नाम
मुख्य अभियंता परिक्षेत्र कार्यालय का नाम
1 2 3 4 5 6 7
1 श्री प्रमोद कुमार, श्री रामेश्वर चौधरी सेल्स टैक्स ऑफ़िसर, मु0- क़मरूद्दीनगंज, पो0- बिहारशरीफ़, ज़िला- नालंदा, बिहार, पिन- 803101 46 05/06/1978 अनुसूचित जाति म ु ख्य अभियंता, सिवान प्राक्कलन पदाधिकारी, सारण नहर प्रमंडल, मैरवा (रिक्त पद पर)

पदस्थापन का शर्त निम्नवत्‌ है :- 1. यह नियुक्ति बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताओं नोटिस को समाप्त की जा सकती है, जिसके लिए उनका कोई दावा अनुमान्य नहीं होगा ।

2. नवनियुक्त सहायक अभियंता अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 15(पन्द्रह) दिनों के अन्दर सम्बन्धित कार्यालय में अपना योगदान देंगे और यदि वे निर्धारित अवधि में अपना योगदान नहीं देंगे तो उनकी नियुक्ति स्वतः रद्‌द समझी जायगी।

3. मेडिकल बोर्ड द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र एवं अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा सत्यापन की प्रत्याशा में यह नियुक्ति की जा रही है । इन दोनों श्रोतों में से किसी एक का भी अनुकूल प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने की दशा में नियुक्ति रद्‌द कर दी जायेगी ।

4. योगदान एवं पदग्रहण करने के लिए कोई यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा ।4 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 5. नवनियुक्त सहायक अभियंता (असै॰) के मूल प्रमाण-पत्र अवैध पाये गये तो सहायक अभियंता के पद पर अस्थायी नियुक्ति समाप्त कर दी जायेगी। सम्बन्धित कार्यपालक अभियंता नवनियुक्त सहायक अभियंता (असै0) का मूल शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र/जन्म-तिथि प्रमाण-पत्र की जॉंच अवश्य कर लेंगे और इसकी सूचना विभाग को भी देंगे ।

6. नवनियुक्त सहायक अभियंता (असै॰) के अनिवार्य प्रशिक्षणार्थ प्रथम तीन वर्षाें तक उन्हें निरुपण/अन्वेषण एवं गुण नियंत्रण से संबंधित पदों पर क्रमशः एक-एक वर्ष के लिए पदस्थापित किया जायेगा ।

7. नवनियुक्त सहायक अभियंता(असै॰) को निदेशक(मुख्य अभियंता), जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान, वाल्मी, फुलवारीशरीफ, पटना में जी॰आई॰एस॰ / टोटल स्टेशन/मैथेमेटिकलमोडलिंग/रीभरइन्टरलिंकिंग/डी॰पी॰आर॰/ड्रेनेज योजनाआें एवं अन्य विभागीय तकनीकी कार्याें का प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा ।

8. नियुक्ति का प्रभाव, वेतन एवं भत्ते का भुगतान प्राक्कलन पदाधिकारी, सारण नहर प्रमंडल, मैरवा के पद पर प्रभार ग्रहण की तिथि से अनुमान्य होगा।

9. नवनियुक्त सहायक अभियंता (असै॰) को इस स्पष्ट शर्त के साथ नियुक्त किया जाता है कि इस नियुक्ति को अंतिम मानते हुए भविष्य में नियुक्ति संबंधी कोई दावा मान्य नहीं होगा तथा सहायक अभियंता(असै॰) के पद पर वरीयता बिहार लोक सेवा आयोग के मेधा क्रमांक के अनुसार रहेगा ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

श्रीकृष्ण श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव।

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गृह (विषेष) विभाग

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अधिसूचनाएं

11 नवमबर 2009

सं॰ के/कारा/वि0प0प्र0-19/2004-9046—वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या 4685, दिनांक 25 जून 2003 के आलोक में प्रोबेषन सेवा सम्वर्ग के निम्नांकित सेवा-निवृत प्रधान प्रोबेषन पदाधिकारियों को बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त (सुनिष्चित वृति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 के प्रावधानों के तहत्‌ उनके नाम के सामने स्तम्भ-3 में अंकित तिथि से वेतनमान रु0-7500-250-12000 में द्वितीय वित्तीय उन्नयन की स्वीकृति दी जाती है :-

क्र0क्र0क्र0क्र0 सेवानिवृत प्रधान प्रोबेषन पदा0 का नाम/कार्यालय का नाम द्वितीय वृति उन्नयन की तिथि
1 2 3
1 श्री राम नरेष सिंह, सेवा निवृत प्रधान प्रोबेषन पदाधिकारी 9-08-1999
2 मो0 शमीम खॉ, सेवा निवृत प्रधान प्रोबेषन पदाधिकारी 10-01-2002

वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या 1802, दिनांक 23 मार्च 2006 में निहित प्रावधान के आलोक में उपर्युक्त सभी सेवा निवृत प्रधान प्रोबेषन पदाधिकारियों का वेतन निर्धारण मौलिक नियमावली के नियम 22(1)ए(1) के अनुसार किया जायेगा। उपर्युक्त किसी भी पदाधिकारी के संबंध में किसी प्रकार की त्रुटियॉ/पार्थक्य पाये जाने पर संबंधित आदेष को रद्द/संषोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हें भुगतान की गई राषि की वसूली/प्रतिपूर्ति कर ली जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मो0 सउद, उप-सचिव।

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12 नवमबर 2009

सं॰ के/कारा/वि0प0प्र0-19/2004-9063—वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या 4685, दिनांक 25 जून 2003 के आलोक में प्रोबेषन सेवा सम्वर्ग के निम्नांकित प्रोबेषन पदाधिकारियों को बिहार राज्य कर्मचारी सेवा-शर्त (सुनिष्चित वृति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 के प्रावधानों के तहत्‌ उनके नाम के सामने स्तम्भ-3 में अंकित तिथि से वेतनमान रु॰ 6500-200-10500 में प्रथम वित्तीय उन्नयन की स्वीकृति दी जाती है :-

5 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009
क्र॰क्र॰क्र॰क्र॰ प्रोबेषन पदाधिकारी का नाम/कार्यालय का नाम प्रथम वृति उन्नयन की तिथि
1 2 3
1. श्री अनिल कुमार सिन्हा, जिला प्रोबेषन कार्यालय, आरा 26-07-2002
2. श्री राजीव रंजन कर्ण, अनुमंडल प्रोबेषन कार्यालय, लखीसराय 18-07-2002
3. श्री कृष्ण कुमार चन्द्र, जिला प्रोबेषन कार्यालय, नवादा 25-07-2002
4. श्री विनोद कुमार सिंह, जिला प्रोबेषन कार्यालय, सीवान 10-07-2004
5. श्री जयप्रकाष दास, कारा निरीक्षणालय, बिहार, पटना 07-07-2004

वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या 1802, दिनांक 23 मार्च 2006 में निहित प्रावधान के आलोक में उपर्युक्त सभी प्रोबेषन पदाधिकारियों का वेतन निर्धारण मौलिक नियमावली के नियम 22 (1)ए(1) के अनुसार किया जायेगा। उपर्युक्त किसी भी पदाधिकारी के संबंध में किसी प्रकार की त्रुटियॉ/पार्थक्य पाये जाने पर संबंधित आदेष को रद्द/संषोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हें भुगतान की गई राषि की वसूली/प्रतिपूर्ति कर ली जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मो0 सउद, उप-सचिव।

——— निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) ——— अधिसूचना 4 नवमबर 2009

सं॰ IV/स्था0 (रा0)/ई1-803/2009-2863—श्री सत्यनारायण चौधरी, अवर निबंधक, छौड़ादानो, जिला पूर्वी चम्पारण को जिला अवर निबंधक के पद पर नियमित प्रोन्नति के फलस्वरूप स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक जिला अवर निबंधक, मधुबनी के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन प्रसाद, संयुक्त सचिव।

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आदेश

6 नवमबर 2009

सं॰ I/ए2-401/2008 (खण्ड)-2901—बिहार लोक-सेवा आयोग के पत्रांक 364, दिनांक 8 अप्रील 2008 के द्वारा प्राप्त 36 वीं0 संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की संशोधित अनुशंसा सूची के द्वारा बिहार प्रशासनिक सेवा संवर्ग में नियुक्ति हेतु अनुशंसित किए जाने के फलस्वरूप कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की अधिसूचना संख्या 7080, दिनांक 22 जुलाई 2009 के द्वारा श्री अरविन्द कुूमार खाँ, बिहार निबंधन सेवा को बिहार प्रशासनिक सेवा में नियुक्त किया गया। श्री खाँ को बिहार प्रशासनिक सेवा संवर्ग में योगदान में देने हेतु विभागीय आदेश संख्या 2128, दिनांक 21 अगस्त 2009 के द्वारा विरमित किया गया।

श्री अरविन्द कुमार खाँ, 36वीं0 संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार सूचना सेवा के लिए चयनित हुए थे, लेकिन 37 वीं0 संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार निबंधन सेवा के लिए अनुशंसित होने के फलस्वरूप सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग से विरमित होकर इन्होंने बिहार निबंधन सेवा में योगदान दिया है एवं उस आधार पर कार्यरत है। चूँकि संवर्ग परिर्वान का मामला 36वीं0 संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित है। श्री खाँ ने बिहार निबंधन सेवा में बने रहने हेतु अपना आवेदन समर्पित किया है, अतः सम्य्‌क विचारोपरान्त विभागीय आदेश संख्या 2128, दिनांक 21 अगस्त 2009 को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है। श्री खाँ अपने पद पर अगले आदेश तक बने रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन प्रसाद, संयुक्त सचिव।6 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

भवन निर्माण विभाग

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अधिसूचना

13 नवम्बर, 2009

सं॰ भवन/स्था.1-विविध-583/06-9551(भ)—भवन निर्माण विभाग की अधिसूचना संख्या 10298(भ), दिनांक 28 नवम्बर 2008 को रद्‌द करते हुए भवन प्रमंडल, खगड़िया के अन्तर्गत कार्यरत अवर प्रमंडल, नवगछिया को भवन प्रमंडल, भागलपुर के अधीन स्थानान्तरित किया जाता है।

2. स्थानान्तरित अवर प्रमंडल, नवगछिया का कार्य क्षेत्र पूर्ववत्‌ होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

एच.एन.झा, अपर सचिव।

——— निगरानी विभाग सूचना भवन, पटना ——— अधिसूचना 11 नवम्बर 2009 सं॰ 5662—जल संसाधन विभाग की अधिसूचना संख्या 2018, दिनांक 18 जून 2009 के आलोक में श्री सुनील कुमार, सहायक अभियंता को निगरानी विभाग के अधीन तकनीकी परीक्षक कोषांग, पटना में सहायक अभियंता के रिक्त पद के विरूद्ध उनके योगदान की तिथि 23 जून 2009 (अपराह्न) से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आर0 के0 जैन, संयुक्त सचिव।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

29 अक्तूबर 2009

सं॰ 6/सं0-4-01/2008-4434/(वा0क0)-बिहार विा सेवा के श्री रामवचन सिंह 'अजय' (वर्ष 2007 की औपबंधिक वरीयता क्रमांक 243), सम्प्रति वाणिज्य-कर पदाधिकारी, बगहा अंचल, बगहा को वाणिज्य-कर पदाधिकारी (वेतनमान्‌ रु0 6,500-200-10,500) के पद पर दिनांक 6 जुलाई 2006 से सेवा सम्पुष्ट किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 शमीम, अवर सचिव।

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पथ निर्माण विभाग

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अधिसूचनाएं

18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4786(एस)—श्री योगेन्द्र सिंह (वरीयता क्रमांक 283) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेष तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4787(एस)—श्री गगन बिहारी दास (वरीयता क्रमांक 396) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008- 4788(एस)—श्री सुभाष कुमार (वरीयता क्रमांक 399) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4789(एस—श्री अरसद आलम (वरीयता क्रमांक 406) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4790(एस)—श्री सुनील चौधरी (वरीयता क्रमांक 429) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4791(एस)—श्री उमेश कुमार (वरीयता क्रमांक 439) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है।7 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4792(एस)—श्री रामइकबाल पंजियार (वरीयता क्रमांक 442) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4793(एस)—श्री श्रवण कुमार सिंह (वरीयता क्रमांक 446) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4794(एस)—श्री हामिद हुसैन खाँ (वरीयता क्रमांक 447) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को साैंंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4795(एस)—श्री गिरेन्द्र कुमार सिहं (वरीयता क्रमांक 448) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4796(एस)—श्री कृष्ण कांत कुमार (वरीयता क्रमांक 450) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को साैंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4797(एस)—श्री वरूण कुमार सिंह (वरीयता क्रमांक 465) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4798(एस)—श्री रविन्द्र प्रसाद सिंह (वरीयता क्रमांक 469) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को साैंंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4799(एस)—श्री राम सागर प्रसाद (वरीयता क्रमांक 489) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सांैंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4800(एस)—श्री ओम प्रकाश प्रसाद (वरीयता क्रमांक 491) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को साैंंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4801(एस)—श्री तारणी दास (वरीयता क्रमांक 650) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4802(एस)—श्री राजेन्द्र प्रसाद (वरीयता क्रमांक 704) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4803(एस)—श्री रामा शंकर चौधरी (वरीयता क्रमांक 813) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4804(एस)—श्री हरि नारायण राम (वरीयता क्रमांक 817) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को साैंंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4805(एस)—श्री जनार्दन प्रसाद (वरीयता क्रमांक 623) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को साैंंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4806(एस)—श्री कलेन्द्र राम (वरीयता क्रमांक 2596/94) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4807(एस)—श्री कश्यप कुमार गुप्ता (वरीयता क्रमांक 2099/94) कार्यपालक अभियंता सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को साैंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4808(एस)—श्री संतोष कुमार (वरीयता क्रमांक-467) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक भवन निर्माण विभाग को सौंपी जाती है। उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4810(एस)—श्री शंकर दयाल शुक्ला (वरीयता क्रमांक 394) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4811(एस)—श्रीमती सविता सिन्हा (वरीयता क्रमांक 398) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008- 4812(एस)—श्री रमेश प्रसाद (वरीयता क्रमांक 407) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4813(एस)—श्री राकेश कुमार (वरीयता क्रमांक 415) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है।8 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4814(एस)—श्री अशोक कुमार गुप्ता (वरीयता क्रमांक 417) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4815(एस)—श्री विजय कुमार तिवारी (वरीयता क्रमांक 421) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4816(एस)—श्री रामेश्वर चौधरी (वरीयता क्रमांक 426) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4817(एस)—श्री उदय कांत मिश्रा (वरीयता क्रमांक 435) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4818(एस)—श्री भोगेन्द्र मंडल (वरीयता क्रमांक 436) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4819(एस)—श्री चौधरी सुधीर कुमार राय (वरीयता क्रमांक 441) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4820(एस)—श्री प्रेम सागर (वरीयता क्रमांक 455) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4821(एस)—श्री नुरूल एन0 इसरत (वरीयता क्रमांक 462) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4822(एस)—श्री अजय कुमार तिवारी (वरीयता क्रमांक 466) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें ंकार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4823एस)—श्री कुमार राकेश (वरीयता क्रमांक 475) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4824(एस)—श्री नंद किशोर कुमार (वरीयता क्रमांक 480) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4825(एस)—श्री राम नरेश राय (वरीयता क्रमांक 481) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4826(एस)—श्री सीताराम साहू (वरीयता क्रमांक 487) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4827(एस)—मो0 शाहीद आजम (वरीयता क्रमांक 502) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4828(एस)—श्री सत्यनारायण सिंह (वरीयता क्रमांक 506) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4829(एस)—श्री नरेश कुमार गुप्ता (वरीयता क्रमांक 512) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4830(एस)—मो0 सैफुल्ला (वरीयता क्रमांक 513) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4831(एस)—श्री गोरे लाल यादव (वरीयता क्रमांक 518) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4832(एस)—मो0 मसउद आलम (वरीयता क्रमांक 523) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवाये कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4833(एस)—श्री छोटे लाल प्रसाद (वरीयता क्रमांक 530) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4834(एस)—श्री सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा (वरीयता क्रमांक 554) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4835(एस)—श्री राज किशोर प्रसाद सिंह (वरीयता क्रमांक 556) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को साैंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4836(एस)—श्री अरूण कुमार सिंह (वरीयता क्रमांक 560) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4837(एस)—श्री अरूण कुमार (वरीयता क्रमांक 645) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है।9 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4838(एस)—श्री सुशील कुमार प्रसाद (वरीयता क्रमांक 651) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4839(एस)—श्री रजनीकांत चौधरी (वरीयता क्रमांक 761) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4840(एस)—श्री कपिल देव प्रसाद (वरीयता क्रमांक 764) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4841(एस)—श्री राम प्रवेश प्रसाद (वरीयता क्रमांक 765) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को साैंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4842(एस)—श्री जय मंगल रवि दास (वरीयता क्रमांक 812) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को साैंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4843(एस)—श्री नन्द लाल राम (वरीयता क्रमांक 814) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4844(एस)—श्री राजेन्द्र प्रसाद राम (वरीयता क्रमांक 818) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4845(एस)—श्री पुनेश्वर रजक (वरीयता क्रमांक 825) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4846(एस)—श्री राधे श्याम राम (वरीयता क्रमांक 826) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4847(एस)—श्री राम सेवक कुमार (वरीयता क्रमांक 828) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को साैंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4848(एस)—श्री रणविजय राम (वरीयता क्रमांक 829) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4849(एस)—श्री विष्णु देव चौधरी (वरीयता क्रमांक 831) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4850(एस)—श्री उपेन्द्र नारायण (वरीयता क्रमांक 1881/94) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4851(एस)—श्री श्याम किशोर प्रसाद (वरीयता क्रमांक 2183/94) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4852(एस)—श्री अशोक कुमार (वरीयता क्रमांक 2607/94) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4853(एस)—श्री बांके बिहारी सिंह, कार्यपालक अभियंता सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4854(एस)—श्री अविनाश प्रसाद सिंह, कार्यपालक अभियंता सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु अगले आदेश तक ग्रामीण कार्य विभाग को सौंपी जाती है। उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4856(एस)—श्री नवीन कुमार सिंह (वरीयता क्रमांक 285) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4857(एस)—श्री लक्ष्मी नारायण सिंह (वरीयता क्रमांक 408) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4858(एस)—श्री अवधेश शर्मा (वरीयता क्रमांक 434) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को साैंपी जाती है।10 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4859(एस)—श्री ओम प्रकाश सिंह (वरीयता क्रमांक 470) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4860(एस)—श्री राजेन्द्र मिश्रा (वरीयता क्रमांक 515) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4861(एस)—श्री रामाशंकर प्रसाद (वरीयता क्रमांक 519) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को साैंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4862(एस)—श्री रामविलास राम (वरीयता क्रमांक 816) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4863(एस)—श्री सियाराम राम (वरीयता क्रमांक 819) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को साैंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4864(एस)—श्री गिरिजा राम (वरीयता क्रमांक 824) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक नगर विकास विभाग, बिहार, को सौंपी जाती है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4866(एस)—श्री रधुनन्दन शरण (वरीयता क्रमांक 404) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4867(एस)—श्री मिथिलेश कुमार मिश्रा (वरीयता क्रमांक 423) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4868(एस)—श्री बिनोद कुमार झा (वरीयता क्रमांक 452) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पटना को साैंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4869(एस)—श्री रामदयालु यादव (वरीयता क्रमांक 495) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4870(एस)—श्री मिथिलेश्वर झा (वरीयता क्रमांक 497) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पटना को सांैंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4871(एस)—श्री ईश्वर चन्द्र पासवान (वरीयता क्रमांक 698) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4872(एस)—श्री रामचन्द्र मंडल (वरीयता क्रमांक 760) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, पटना को साैंपी जाती है।11 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4874(एस)—श्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह (वरीयता क्रमांक 402) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4875(एस)—श्री इन्दु शेखर राय (वरीयता क्रमांक 409) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, लि0 पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4876(एस)—श्री ब्रज कुमार ओझा (वरीयता क्रमांक 412) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4877(एस)—श्री मधुसूदन कुमार (वरीयता क्रमांक 427) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4878(एस)—श्री आलोक कुमार (वरीयता क्रमांक 459) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4879(एस)—श्री शाकीर अली (वरीयता क्रमांक 461) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4880(एस)—श्री अजय कुमार (वरीयता क्रमांक 524) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना को साैंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4881(एस)—श्री बहादुर चौधरी (वरीयता क्रमांक 810) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना को साैंपी जाती है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4883(एस)—श्री जय नाथ (वरीयता क्रमांक 411) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4884(एस)—श्री रणजीत कुमार मिश्र (वरीयता क्रमांक 413) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4885(एस)—श्री ज्योति भूषण श्रीवास्तव (वरीयता क्रमांक 428) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4886(एस)—श्री आनन्द भैरव प्रसाद (वरीयता क्रमांक 438) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।12 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4887(एस)—श्री दीनानाथ प्रसाद (वरीयता क्रमांक 445) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4888(एस)—श्री विवेकानंद यादव (वरीयता क्रमांक 449) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4889(एस)—श्री गिरीश चन्द्र मिश्र (वरीयता क्रमांक 468) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4890(एस)—श्री सूर्यमणि सिंह (वरीयता क्रमांक 476) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4891(एस)—श्री प्रभा शंकर कोकिल (वरीयता क्रमांक 504) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवाये ंकार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4892(एस)—श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह (वरीयता क्रमांक 509) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें ंकार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4893(एस)—श्री विजय कुमार (वरीयता क्रमांक 516) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4894(एस)—श्री मुकेश कुमार (वरीयता क्रमांक 648) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पथ विकास निगम को सौंपी जाती है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4896(एस)—श्री भुवनेश्वर यादव (वरीयता क्रमांक-521) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4898(एस)—श्री बाबु लाल प्रसाद (वरीयता क्रमांक 545) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4899(एस)—श्री काशी नाथ साव (वरीयता क्रमांक 547) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना को सौंपी जाती है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।13 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4901एस)—श्री रामस्वार्थ सिंह (वरीयता क्रमांक 555) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक पटना नगर निगम, पटना को सौंपी जाती है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4902एस)—श्री इन्द्रदेव प्रसाद (वरीयता क्रमांक 557) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक पटना नगर निगम, पटना को सौंपी जाती है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4904(एस)—श्री अशोक कुमार पासवान (वरीयता क्रमांक 820) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता की सेवायें कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेश तक बिहार राज्य पर्यटन विकास निमम, पटना को सौंपी जाती है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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18 मई 2009

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4906(एस)—श्री उमेश कुमार (वरीयता क्रमांक 284) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल गोपालगंज के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4907(एस)—श्री आलोक कुमार (वरीयता क्रमांक 397) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल जमुई के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008- 4908 (एस)—श्री सैयद सिकन्दर आजम (वरीयता क्रमांक 422) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल बांका के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008- 4909(एस)—श्री मो0 शब्बीर अंसारी (वरीयता क्रमांक 529) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता, रा0उ0प0 प्रमंडल, खगड़िया के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008- 4910(एस)—श्री राजेश्वर प्रसाद सिंह (वरीयता क्रमांक 473) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राज्य उच्च पथ प्रमंडल, मोतिहारी एट हाजीपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4911(एस)—श्री संजय कुमार सिंह (वरीयता क्रमांक 390) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राज्य उच्च पथ प्रमंडल, गया के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4912(एस)—श्री शमीम अहमद (वरीयता क्रमांक 391) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, छपरा के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4913(एस)—श्री अनिल कुमार सिन्हा (वरीयता क्रमांक 410) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, नवादा के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4914(एस)—श्री सच्चिदानन्द प्रसाद यादव (वरीयता क्रमांक 424) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राज्य उच्च पथ प्रमंडल, नवादा के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।14 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4915(एस)—श्री चन्द्रमोहन कुमार मिश्र (वरीयता क्रमांक 432) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल सुपौल, के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4916(एस)—श्री सुनील कुमार सिन्हा, न0.2 (वरीयता क्रमांक 433) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्‌फरपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4917(एस)—श्री ओम प्रकाश सिंह (वरीयता क्रमांक 451) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ, पटना पूर्वी, प्रमंडल के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4918(एस)—श्री ओम प्रकाश गुप्ता (वरीयता क्रमांक 534) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ, प्रमंडल गोपालगंज के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4919(एस)—श्री अरबिन्द कुमार वर्मा (वरीयता क्रमांक 563) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ, प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्‌फरपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4920(एस)—श्री राकेश कुमार चौधरी, कार्यपालक अभियंता सम्प्रति पदस्थापन के प्रतीक्षा में, को कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4921(एस)—श्री तुलसी राम (वरीयता क्रमांक 702) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, जयनगर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4922(एस)—श्री नवल किशोर शरण (वरीयता क्रमांक 1465/94) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, पूर्णिया के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4923(एस)—श्री अनिल कुमार सिन्हा (वरीयता क्रमांक 2059/94) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मोतिहारी के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4924(एस)—श्री प्रदीप कुमार कार्यपालक अभियंता अनुश्रवण, पथ अंचल भागलपुर, को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ, प्रमंडल सीतामढ़ी के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4925(एस)—श्री आनन्द किशोर प्रसाद, कार्यपालक अभियंता मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता पथ, प्रमंडल खगड़िया के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4926(एस)—श्री शैलेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या 1, पथ निर्माण विभाग को स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, पूर्णिया के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4927(एस)—श्री ब्रजेश प्रसाद, उप निदेशक (क्रय एवं परिवहन), पथ निर्माण विभाग, पटना को स्थानान्तरित करते हुए, राज्य उच्च पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4928(एस)—श्री लक्ष्मी कान्त पटेल, तकनीकी सलाहकार, मगध पथ अंचल, गया को स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4929(एस)—श्री दिनेश्वर प्रसाद शर्मा, कार्यपालक अभियंता मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना को स्थानान्तरित करते हुए विशेष पदाधिकारी (यातातयात) के तकनीकी सलाहकार, पथ निर्माण विभाग, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है। सं॰ 1/स्था0-73/2008-4930(एस)—श्री अशोक कुमार (वरीयता क्रमांक 478) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को उप निदेशक परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।15 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4931(एस)—श्री रधुनन्दन प्रसाद (वरीयता क्रमांक 558) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता, अनुश्रवण, पथ अंचल पूर्णिया, के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4932(एस)—श्री सुरेश प्रसाद सिंह (वरीयता क्रमांक 559) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता, अनुश्रवण, पथ अंचल भागलपुर, के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4933(एस)—श्री संतकुमार झा (वरीयता क्रमांक 414) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को कार्यपालक अभियंता, मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण, पटना, के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4934(एस)—श्री बालेश्वर पासवान (वरीयता क्रमांक 2500/94) नवप्रोन्नत कार्यपालक अभियंता को तकनीकी सलाहकार, उत्तर बिहार अंचल, मुजफ्‌फरपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4935(एस)—श्री राजेन्द्र पासवान, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल गोपालगंज को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, गंगा पुल परियोजना कार्य प्रमंडल भागलपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4936(एस)—श्री संतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल छपरा को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थनांतरित करते हुए तकनीकी सलाहकार, भागलपुर पथ अंचल, भागलपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4937(एस)—श्री उमाकान्त ठाकुर, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल नवादा को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थनांतरित करते हुए तकनीकी सलाहकार, गंगा पुल परियोजना अंचल संख्या- 2 भागलपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4938(एस)—श्री चन्द्रशेखर ठाकुर, कार्यपालक अभियंता, राज्य उच्च पथ प्रमंडल नवादा को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थानान्तरित करते हुए मुख्यालय में योगदान करने का निदेश दिया जाता है। सं॰ 1/स्था0-73/2008- 4939(एस)—श्री जय प्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियंता, राज्य उच्च पथ प्रमंडल बिहारशरीफ को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, अनुश्रवण, भोजपुर पथ अंचल आरा के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4940(एस)—श्री वीरेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में कोे प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में तकनीकी सलाहकार, रूपांकन-सह-याँत्रिक अंचल, गंगा पुल परियोजना, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4941(एस)—मो0 सोहैल अख्तर, कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल मोतिहारी को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थनांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, निरूपण एवं गुण नियंत्रण प्रमंडल संख्या- 2, राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4942(एस)—मो0 नकीब आलम, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल खगड़िया को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थानान्तरित करते हुए तकनीकी सलाहकार उच्च पथ योजना एवं अन्वेषण अंचल केन्द्रीय निरूपण संगठन, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4943(एस)—श्री दिलीप कुमार सिन्हा, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल बिहारशरीफ को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, गंगा पुल परियोजना गुलजारबाग, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4944(एस)—श्री चन्द्रशेखर, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल पटना पश्चिम, पटना को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में स्थनांतरित करते हुए उप निदेशक (क्रय एवं परिवहन), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4945(एस)—श्री सुबोध कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में तकनीकी सलाहकार, मगध पथ अंचल, गया के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-73/2008-4946(एस)—श्री सुनीलधारी प्रसाद सिंह, कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में कार्यपालक अभियंता, मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।16 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-73/2008-4947(एस)—श्री राजीव रंजन प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, खगड़िया को प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं कार्यहित में कार्यपालक अभियंता, अनुश्रवण, पथ अंचल पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

उपर्युक्त स्थानान्तरण/पदस्थापन के प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4450, दिनांक 10 अप्रील 2009 द्वारा सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

——— 14 अगस्त 2009 सं॰ 2/स्था0/विविध-12-21/09-8768(एस)—बिहार पुर्नगठन अधिनियम, 2000 की धारा-72 की उप-धारा (2) के अधीन कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के आदेश संख्या 43 ब (झा)/2007-सह-पठित सं0 28/4/2009 एस0 आर0एस0 (एस), दिनांक 3 जून 2009 द्वारा इसके साथ संलग्न सूची के ठीक पहले बिहार राज्य के क्रिया कलापों के संबंध में सेवा कर रहा हो एवं उपर्युक्त अधिनियम की धारा-72 की उप-धारा (1) के अधीन उारर्वाी बिहार राज्य या झारखण्ड राज्य के क्रिया कलापों के संबंध में यथास्थिति 15 नवम्बर 2000 से ही अंतिम रूप से सेवा कर रहा हो, को 15 नवम्बर 2000 से सेवा के लिए, अंतिम रूप से उारर्वाी झारखंड राज्य आवंटित समझने का आदेश निर्गत है 2. तद्‌नुसार गृह (विशेष) विभाग के पत्र संख्या स्टे0/झा0/वि0-555/2006-4697/सी0, दिनांक 3 जुलाई 2009 के आलोक में पथ निर्माण विभाग, बिहार के अधीन निम्नांकित सहायक अभियंता (असैनिक)/सम्प्रति कार्यपालक अभियंता की सेवाएँ अंतिम रूप से उारर्वाी झारखंड राज्य को सौंपी जाती है-

क्र॰ भारत सरकार के प्रासंगिक आदेश के साथ संलग्न सूची का क्रमांक नाम जन्म तिथि र्वामान धारित पदनाम स्थान जहाँ पदस्थापित है।
1 1 श्री राम प्रवेश प्रसाद 25-12-1958 तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रति कार्यपालक अभियंता एन॰आर॰ई॰पी॰ सीवान
2 2 श्री अनिल कुमार 21-06-1965 सहायक अभियंता बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, पटना।
3 3 श्री कुण्डल कुमार 01-01-1972 सहायक अभियंता झारखण्ड
4 4 श्री उपेन्द्र कुमार 06-03-1957 सहायक अभियंता झारखण्ड
5 5 श्री सदानंद प्रसाद 22-07-1958 सहायक अभियंता झारखण्ड
6 6 श्री स र ु न्द्र े प्रसाद सिंह 04-02-1959 सहायक अभियंता झारखण्ड
7 7 श्री शिवशंकर सिंह 21-09-1953 सहायक अभियंता झारखण्ड
8 8 श्री विजय कुमार सिंह 30-01-1963 सहायक अभियंता झारखण्ड
9 9 श्री सुनील क मार ु सिंह 04-01-1961 सहायक अभियंता झारखण्ड
10 10 श्री विनय कुमार 15-06-1961 सहायक अभियंता झारखण्ड
17 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

3. उपर्युक्त सूची के अधीन उारर्वाी बिहार राज्य में सम्प्रति पदस्थापित सभी संबंधित सहायक अभियंता/कार्यपालक अभियंता (सम्प्रति) को निदेश दिया जाता है कि वे अपने नियंत्री पदाधिकारी द्वारा किये गये स्थानीय व्यवस्था के तहत नियमानुसार दिनांक 30 जुलाई 2009 के अपराह्न तक प्रभार देकर विरमित हो जायें एवं पथ निर्माण विभाग, झारखंड राँची को अपना योगदान दें। उक्त तिथि तक विरमित नहीं होने पर दिनांक 7 अगस्त 2009 से स्वतः विरमित समझे जायेंगे। इन्हें माह अगस्त, 2009 का वेतन भुगतान आवंटित राज्य झारखंड, राँची से होगा। 4. परंतु ऐसे पदाधिकारी जिन्होंने न्यायालय के आलोक स्थगन आदेश प्राप्त किया हो उनका अंतिम आवंटन, न्यायालय के स्थगन आदेश के रद्द होने के बाद भी प्रभावी होगा अथवा जहाँ न्यायालय के द्वारा इस संबंध में कोई निर्देश दिया गया हो, ऐसे पदाधिकारी का आवंटन न्यायालय के अंतिम आदेश के अधीन होगा। 5. परंतु ऐसे पदाधिकारी जिन्होंने न्यायालय से आवंटन से मुक्त रहने का स्थगन आदेश प्राप्त किया हो, का न्यायालय के आदेश प्रभावी रहने तक आवंटन नहीं समझा जायेगा। 6. सभी संबंधित कार्यालयों से अनुरोध है कि उक्त सूची में अंकित जन्म-तिथि इत्यादि के संबंध में कार्रवाई के पूर्व संबंधित मूल प्रमाण पत्र/अभिलेख से संतुष्ट हो लेना चाहेंगे। 7. उल्लेखित सूची में किसी प्रकार की त्रुटि के आधार पर निर्धारित अवधि के भीतर विरमित नहीं होने का दावा अनुमान्य नहीं होगा। अगर कोई त्रुटि दृष्टिगोचर होता है तो संबंधित पदाधिकारी निर्गत तौर पर तुरंत इसका लिखित सूचना सीधे अद्योहस्ताक्षरी को उपलब्ध करायेंगे ताकि तदनुरूप त्वरित कर्रवाई करते हुए इसका निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकें।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अमरेन्द्र भूषण सिंह, उप-सचिव (प्र0को0)।

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18 मई 2009

सं॰ प्र॰2/स्था॰-07-12/2009-9554(एस)—पथ निर्माण विभाग के निम्नांकित नवप्रोन्नत सहायक निदेशकों को उनके नाम सामने अंकित स्थान पर प्रभार ग्रहण करने तिथि से आगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है :-

क्र॰ सं॰ नवप्रोन्नत सहायक निदेशक का नाम/पदनाम स्थान जहाँ पदस्थापित किया जाता है।
1 2 3
1 श्री बच्चू लाल, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, पटना।
2 श्री मो॰ रफी अहमद, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, खगड़िया।
3 श्री कमल किशोर सिन्हा, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, नवादा।
4 श्री मकसूद आलम, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना।
5 श्री उमेश राम, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, सीतामढ़ी।
6 श्री वीरेन्द्र नाथ गुप्ता, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। राष्ट्रीय उच्च पथ, गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन।
7 श्री रणधीर कुमार सिन्हा, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। गुण नियंत्रण, अवर प्रमंडल, लक्खीसराय।
8 श्री राजेन्द्र प्रसाद साह-1, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। भवन निर्माण विभाग।
9 श्री कमल किशोर प्रसाद सिंह, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। राष्ट्रीय उच्च पथ, गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, कोचस एट मोहनियॉ।
10 श्री विनोद कुमार सिन्हा, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। भवन निर्माण विभाग।
11 श्री अंजनी कुमार, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। गुण नियंत्रण, अवर प्रमंडल, जहानाबाद।
12 श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। परीक्षण एवं शोध संस्थान, पटना।
13 श्री जय प्रकाश सिंह, नवप्रोन्नत सहायक निदेशक। ग्रामीण कार्य विभाग।
18 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अमरेन्द्र भूषण सिंह, उप-सचिव (प्र0को0)।

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18 मई 2009

सं॰ 01/स्था0-28/2009-10029(एस)—पथ निर्माण विभाग संवर्ग के निम्नांकित सहायक अभियंता (असैनिक) को बिहार अभियंत्रण सेवा संवर्ग-1 के अधीन कार्यपालक अभियंता (असैनिक) के पद पर वेतनमान रु॰ 10,000-325-15,200 अपुनरीक्षित में पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोेन्नत किया जाता हैः-

क्रंमाक नाम सहायक अभियंता का वरीयता क्रमांक (वर्ष 2008)
1 श्री विनोद बिहारी शर्मा 389
2 श्री कमर आलम ं 550(xii)
3 श्री अशोक कुमार झा 550(xiii)
4 श्री सुधांशु श्ेाखर राय 550(xiv)
5 श्री हीरा नन्द झा 550(xv)
6 श्री सत्येन्द्र सिंह 550(xvi)
7 श्री प्रभाकर नारायण सिंह 550(xvii)
8 श्री शरद चन्द 550(xviii)
9 श्री संत कुमार 550(xix)
10 श्री श्यामा शरण तिवारी 550(xx)
11 श्री उदय सिंह 550(xxi)
12 श्री कृष्णानन्द प्रसाद सिंह 550(xxii)
13 श्री संजीव कुमार 550(xxiii)
14 श्री रधुवीर प्रसाद 550(xxiv)
15 श्री सुशील कुमार पाण्डेय 550(xxv)
16 श्री अरविन्द कुमार सिन्हा 550(xxvi)
17 श्री प्रकाश गुप्ता 550(xxvii)
18 श्री हरिन्द्र कुमार 550(xxix)
19 श्री व़िद्यानन्द झा 565
20 श्री नरेश कुमार 567
21 श्री नागेन्द्र भगत 568
22 श्री रघुनन्दन विश्वास 570
23 श्री उमाकान्त रजक (अनुसूचित जाति) 697(vi)
24 श्री योगेन्द्र राम (अनुसूचित जाति) 832
25 श्री राजेन्द्र पासवान (अनुसूचित जाति) 1964/94
19 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

2. वरीयता के बिन्दु पर गृह (विशेष) विभाग द्वारा निर्गत परिपत्र/परामर्श के आलोक में पारस्परिक स्थानान्तरण के फलस्वरूप वरीयता संशोधित होने पर संबंधित पदाधिकारियों की प्रोन्नति भी तदनुसार प्रभावित होगी।

3. प्रोन्नति के बिन्दु पर माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन याचिका में पारित न्याय निर्णय के फलाफल से उक्त प्रोन्नति प्रभावित होगी।

4. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के संकल्प सं0 7457, दिनांक 11 सितम्बर 2002 में निहित प्रावधान के आलेाक में सामान्य वर्ग में क्रमांक 2 से 22 तक के कुल 21 (ईक्कीस) सहायक अभियंता (असैनिक) तथा अनुसूचित जाति वर्ग20 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 में 23 एवं 24 कुल 2 (दो) सहायक अभियंता (असैनिक) को कार्यपालक अभियंता (असैनिक) के पद पर स्थानापन्न प्रोन्नति दी जा रही है।

5. जिन पदाधिकारियों की प्रोन्नति आरोप के कारण लंबित रखी गयी है, उन्हें भविष्य में प्रोन्नति के योग्य पाए जाने पर प्रोन्नति दी जाती है, तो वैसे स्थिति में प्रावधानानुसार कनिष्ठतम पदाधिकारी को पदावनत किया जा सकेगा। 6. श्री राजेन्द्र पासवान (अनुसूचित जाति) कार्यपालक अभियंता (सहायक अभियंता का वरीयता क्रमांक 1964/94) को 11 जुलाई 1995 के भूतलक्षी प्रभाव से कार्यपालक अभियंता के पद पर प्रोन्नति वित्त विभाग की सहमति के बाद दी जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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10 सितम्बर 2009

सं॰ 01/स्था0-28/2009-10031(S)—पथ निर्माण विभाग के शोध संवर्ग के सहायक निदेशक श्री सुधांशु किशोर सिन्हा को बिहार अभियंत्रण सेवा संवर्ग-1 के अधीन उपनिदेशक के पद पर वेतनमान रु॰ 10,000-325-15,200 अपुनरीक्षित में पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोेन्नत किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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30 सितम्बर 2009

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10724(एस)—श्री शैलेष मिश्र, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को कार्यपालक अभियंता, राज्य उच्च पथ प्रमंडल, गया के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10725(एस)—श्री अरविन्द प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, मधुबनी के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10726(एस)—श्री यज्ञनारायण मिश्र, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, बिहारषरीफ-1 के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10727(एस)—श्री ब्रज कुमार ओझा, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में की सेवाएं कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेष तक नगर विकास विभाग, बिहार को सौपीं जाती है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10728(एस)—श्री रघुनाथ प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को तकनीकी सलाहकार, पथ अंचल, दरभंगा के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10729(एस)—श्री गोबिन्द प्रसाद जयसवाल, तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, डेहरी ऑनसोन को स्थानान्तरित करते हुए तकनीकी सलाहकार पथ अंचल, पूर्णियां के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10730(एस)—श्री विनोद कुमार आन्नद, उप-निदेषक प्रषिक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, राज्य उच्च पथ प्रमंडल, पूर्णिया के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10731(एस)—श्री कृष्ण कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल जहानाबाद को स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10732(एस)—श्री नीरज सक्सेना, कार्यपालक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना की सेवा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड से वापस लेते हुए उप-निदेषक प्रषिक्षण एवं शोध संस्थान पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10733(एस)—श्री दीनानाथ प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में की सेवाएं कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेष तक बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना को सौपीं जाती है।21 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 सं॰ 1/स्था0-19/2009-10734(एस)—श्री विवेकानन्द यादव, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार समप्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल गोपालगंज के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10735(एस)—श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, अररिया के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10736(एस)—श्री जयनाथ, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, लखीसराय के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10737(एस)—श्री राजेन्द्र सरदार, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में की सेवाएं कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु प्रतिनियुक्ति पर अगले आदेष तक पटना विष्वविद्यालय, पटना को सौपीं जाती है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10738(एस)—श्री कृष्ण चन्द्र ठाकुर, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10739(एस)—श्री ओमप्रकाष गुप्ता, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, डेहरी ऑन-सोन के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/स्था0-19/2009-10740(एस)—श्री विजय कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में को कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल संख्या 2, मुजफ्फरपुर के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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30 सितम्बर 2009

सं॰ 1/स्था0-37/2009-11741(एस)—श्री सुधांशु किशोर सिन्हा, नवप्रोन्नत उप-निदेशक, पथ निर्माण विभाग, बिहार को उप-निदेशक, प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने कि तिथि से अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

2. श्री नीरज सक्सेना को अधिसूचना संख्या 10732(S), दिनांक 30 सितम्बर 2009 द्वारा उप-निदेशक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापन हेतु अधिसूचित किया गया है, उक्त अधिसूचना श्री सुधांशु किशोर सिन्हा उप-निदेशक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग की सेवानिवृति (दिनांक 31 दिसम्बर 2009) के बाद दिनांक 1 जनवरी 2010 से प्रभावी होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0पी0 पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 36Ñ571+15-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in22 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 23 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राQयराQयराQयराQयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , ,

अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।

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ऊर्जा विभाग

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अधिसूचना

12 अक्तूबर 2009

सं॰ प्र-1रा0स्था0-04/09-16-3928—विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के अर्द्धसरकारी पत्र संख्या-32018/3/2008 भी0 एण्ड एस0 दिनांक 16 फरवरी 2009 के आलोक में विद्युत प्रक्षेत्र में स्थानीय अधिस्ठापनों के सुरक्षा हेतु प्रधान सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सुरक्षा समन्वय समिति का गठन निम्न प्रकार से किया जाता हैः- (1) प्रधान सचिव, गृह विभाग, बिहार सरकार, पटना - अध्यक्ष (2) प्रधान सचिव/सचिव, ऊर्जा विभाग अथवा उनके द्वारा नामित संयुक्त सचिव से अन्यून स्तर के पदाधिकारी। - सदस्य (3) पुलिस महानिदेशक द्वारा नामित अपर पुलिस महानिदेशक - सदस्य (4) अपर पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा),बिहार, पटना - सदस्य (5) अध्यक्ष अथवा अध्यक्ष, बिहार राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा नामित मुख्य अभियंता से अन्यून स्तर के पदाधिकारी। - सदस्य (6) संयुक्त निदेशक, आसूचना ब्यूरो (आई0बी0), पटना - सदस्य (7) प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य जल विद्युत निगम, पटना - सदस्य (8) एन0टी0पी0सी0 के प्रतिनिधि - सदस्य समिति की बैठक तीन महीने में कम-से-कम एक बार आयोजित की जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।

——— सूचना एवं जन संपर्क विभाग ——— अधिसूचना 13 नवम्बर 2009

सं॰ स्था (मु॰)1-601/2008 (पार्ट-V)-79-783—भारत के संविधान के अनुच्छेद-309 के परन्तुक द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के प्रमण्डलीय जन-सम्पर्क इकाइयों, बिहार सूचना केंद्र एवं मुख्यालय स्तर के आशुटंककों के पदों पर र्भाी, प्रोन्नति और अन्य सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए निम्नलिखित नियमावली गठित करते हैंः-

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ-

(1) यह नियमावली सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग आशुटंकक (भर्ती, प्रोन्नति एवं सेवा) संवर्ग नियमावली 2009 कही जा सकेगी।

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तुरत प्रवृा होगी।

2. परिभाषाएं - इस नियमावली में जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो :-

(क) 'राज्यपाल' से अभिप्रेत है बिहार के राज्यपाल, (ख) 'सरकार' से अभिप्रेत है बिहार सरकार, (ग) 'आयोग' से अभिप्रेत है बिहार कर्मचारी चयन आयोग, (घ) 'नियुक्ति पदाधिकारी' से अभिप्रेत है निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क, बिहार,24 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 (ड.) 'विभाग' से अभिप्रेत है सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, तथा 'संवर्ग' से अभिप्रेत है सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के प्रमण्डलीय जन-सम्पर्क

(च) इकाइयों, बिहार सूचना केंद्र और मुख्यालय स्तर में कार्यरत आशुटंककों का संवर्ग।

3. संवर्ग की रचना :-

(क) जो कर्मी वर्तमान में प्रमण्डलीय जन-सम्पर्क इकाइयों , बिहार सूचना केंद्र एवं मुख्यालय में आशुटंकक के पद पर नियुक्त एवं कार्य कर रहे हैं, का स्वतः इस संवर्ग में विलय हो जायेगा।

(ख) यह संवर्ग राज्य स्तरीय होगा तथा सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेगा। (ग) विभिन्न कोटि के आशुटंककों की संख्या का आकलन उनके स्वीकृत बल के आधार पर होगा। (घ) आशुटंककों के स्वीकृत बल की संख्या राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर बढ़ाई या घटाई जा सकेगी। (च) आशुटंकक संवर्ग के पद सोपान निम्न रूपेण विहित किये जायेंगे :-

क्र0क्र0क्र0क्र0 ग्रेडग्रेडग्रेडग्रेड व व े े व व तनमान े े स्तर
1 2 3 4
अ अ.... अ अ ग्रेड - III 4,000-100-6,000 मूल कोटि
ब ब.... ब ब ग्रेड - II 5,000-150-8,000 प्रोन्नति का प्रथम स्तर
स स.... स स ग्रेड - I 5,500-175-9,000 प्रोन्नति का द्वितीय स्तर

4. नियुक्ति की प्रक्रिया :-

(क) आशुटंकक ग्रेड-III के पद पर नियुक्ति हेतु निम्नतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिकुलेशन के अलावे आशुलेखन, टंकण एवं कम्प्यूटर में दक्षता होगी।

(ख) न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष एवं अधिकतम आयु-सीमा वही होगा जो राज्य सरकार (कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग) द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जाय।

(ग) नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा प्रत्येक वर्ष की 1ली अप्रील को रिक्तियों की गणना करेगा और इस प्रकार परिगणित आरक्षण कोटिवार वास्तविक रिक्तियों के आधार पर अधियाचना आयोग को 30 अप्रील तक भेजेगा।

(घ) आयोग लिखित प्रतियोगिता परीक्षा में न्यूनतम अर्हता प्राप्तांक एवं व्यावहारिक दक्षता जाँच के आधार पर अभ्यर्थियों की एक मेधा सूची तैयार करेगा तथा अपनी अनुशंसा नियुक्ति पदाधिकारी को भेजेगा। लिखित प्रतियोगिता परीक्षा का पाठ्‌यक्रम एवं अर्हता प्राप्तांक का आकलन आयोग विभाग से विचार कर करेगा। आशुलेखन जाँच की अर्हता स्तर 80 शब्द प्रति मिनट, टंकण एवं कम्प्यूटर दक्षता 30 शब्द प्रति मिनट होगी। सफल होने के लिए आशुलेखन में 10 प्रतिशत एवं टंकण में 1.5 प्रतिशत से अधिक अशुद्धि मान्य नहीं होगी।

(च) मेधा सूची के विभाग में प्राप्त होने के एक वर्ष तक उसकी विधिमान्यता रहेगी,

5. परीक्ष्यमान काल—नियुक्ति परीक्ष्यमान के आधार पर होगी, जो दो वर्षों के लिए होगी। अगर नियुक्त कर्मी की सेवा एवं आचार संतोषप्रद नहीं होगा तो उनकी परीक्ष्यमान अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ाई जा सकती है। अगर नियुक्त कर्मी की सेवा और आचार विस्तारित अवधि में भी संतोषप्रद नहीं रहा तो वैसे कर्मी की सेवा समाप्त कर दी जायेगी। 6. प्रशिक्षण—परीक्ष्यमान काल की अवधि में कर्मी को प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान या कोई अन्य संस्थान जो कि राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित है, के मॉडर्न ऑफिस प्रैक्टिस के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना होगा।

7. विभागीय परीक्षा एवं सम्पुष्टि :-

(क) राजस्व पर्षद की केन्द्रीय परीक्षा समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष विभागीय परीक्षा आयोजित की जायेगी। (ख) विभागीय परीक्षा आशुलेखन, टंकण एवं कम्प्यूटर दक्षता की जाँच के लिये होगी, जिसमें आशुलेखन एवं टंकण/कम्प्यूटर की गति क्रमशः 80 एवं 30 शब्द प्रति मिनट होगी। सफल होने के लिए आशुलेखन में 10 प्रतिशत तथा टंकण में 1.5 प्रतिशत से अधिक अशुद्धि नहीं होनी चाहिए। विभागीय परीक्षा में असफल होने पर प्रथम वेतनवृद्धि के बाद आगे की वेतनवृद्धि विभागीय परीक्षा पास होने तक रोक दी जायेगी। (ग) नियुक्त कर्मी परीक्ष्यमान काल एवं प्रशिक्षण पूरा करने तथा विभागीय परीक्षा में सफल होने पर संवर्ग में सम्पुष्ट किये जा सकेंगे।

(घ) नियमावली के प्रवृा होने की तिथि को जिनकी आयु 50 वर्ष से अधिक हो उनपर उप-नियम (ख) लागू नहीं होगा।25 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 8. प्रोन्नति :-

(क) संवर्ग में सम्पुष्ट आशुटंककों की प्रोन्नति ग्रेड-III से ग्रेड-II एवं ग्रेड-II से ग्रेड-I में दक्षता-सह-वरीयता के आधार पर विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा पर होगी, वार्षिक गोपनीय अभियुक्ति के आकलन एवं स्वच्छ सेवा इतिहास के आधार पर योग्यता का निर्धारण होगा।

(ख) एक ग्रेड से दूसरे ग्रेड में प्रोन्नति के समय कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा समय-समय पर निर्धारित कालावधि का पूरा रहना आवश्यक होगा।

9. आरक्षण-राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अनुशंसित आरक्षण नीति का नियुक्ति एवं प्रोन्नति में अनुपालन किया जायेगा।

10. पदस्थापन—(क) नियुक्त आशुटंककों का पदस्थापन बिहार सूचना केंद्र, नई दिल्ली, प्रमण्डलीय जन सम्पर्क इकाइयों एवं मुख्यालय स्तर पर होगा और निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग द्वारा क्षेत्राधीन उपर्युक्त कार्यालयों में स्थानान्तरण किया जा सकेगा।

11. इस नियमावली में जिन विषयों का प्रावधान नहीं हो सका है, उनके लिए राज्य सरकार की प्रासंगिक संहिता/नियमावली/संकल्प/अनुदेश के प्रावधान लागू होंगे।

12. निरसन एवं व्यावृति—इस नियमावली के प्रभाव में आने की तिथि से पूर्व के प्रासंगिक संकल्प/परिपत्र आदि निरसित समझे जायेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेश भूषण, सचिव।

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The 13th November 2009

No.- Stha (Mu.) 1-601/2008 Part-V -79-783—In exercise of the powers conferred by the proviso of Article- 309 of the Constitution of India the Governor of Bihar makes the following rules for regulation of recruitment, promotion and other service conditions to the posts of steno-typists in Divisional Public Relations Units, Bihar Information Centre and at Headquarter level of Information and Public Relations Department :-

1. Short title, extent and commencement.—

(1) These Rules may be called Information and Public Relations Department Steno-Typist (Recruitment, Promotion and Service) Cadre Rules-2009

(2) It shall extend to whole of the State of Bihar. (3) It shall come into force with immediate effect.

2. Definitions.—Unless otherwise required in the context, in these Rules:-

(a) 'Governor' means the governor of Bihar. (b) 'Government' means the Government of Bihar. (c) 'Commission' means the Bihar Staff Selection Commission. (d) 'Appointing Authority' means the Director, Information and Public relations Department.

(e) 'Department' means the Information and Public Relations Department. (f) 'Cadre' means the cadre of steno-typists working at Divisional Public Relations Units, Bihar Information Centre and Headquarter of Information and Public Relations Department. 3. Composition of the cadre: -

(a) The employees employed and working at present to the post of steno-typist at the Divisional Public Relations Units, Bihar Information Centre and headquarter shall automatically be merged in this cadre.

(b) It shall be a State Cadre under administrative Control of the Information And Public Relations Department.

(c) The number of steno-typists in different grades shall be determined on the basis of their sanctioned strength.

(d) The State Government may increase or decrease the sanctioned strength of the steno- typists from time to time.

26 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

(e) The hierarchy of the steno-typist cadre shall be prescribed as follows :-

Sl. No Grade Pay Scale Level
1 2 3 4
A Grade-III 4000-100-6000 Basic Grade
B Grade-II 5000-150-8000 First ladder of promotion
C Grade-I 5500-175-9000 Second ladder of promotion

4. Procedure of appointment :-

(a) The minimum educational qualification for appointment to the post of steno-typist grade- III shall be matriculation along with efficiency in stenography, typing and computer.

(b) The minimum age limit shall be 18 years and the maximum to be the same as may be determined by the State Government (Personnel and Administrative Reforms Department) from time to time.

(c) The appointing authority shall determine the vacancies on 1st April of every year and the requisition shall be sent to the Commission up to 30th April on the basis of the grade wise actual vacancies as per reservation determined as such.

(d) The Commission shall prepare a merit list on the basis of minimum qualifying marks obtained in the written competitive examination and practical skill test and send its recommendation to the appointing authority. The Commission may determine the syllabus of written competitive examination and qualifying marks in consultation with the Department. The Qualifying level of stenography shall be 80 words per minute and computer efficiency to be 30 words per minute. For being successful not more than 10% error in stenography and 1.5% in typing shall be permissible.

(e) Merit list to remain valid for a period up to 1 year from the date of its receipt by the Appointing Authority.

5. Probation period.— The appointment shall be on probation for two years. The probation period may be extended for one year in case the service and conduct of the appointed employee is not found satisfactory. Even in the extended period the service is not found to be satisfactory the service of such employee shall be terminated.

6. Training.— The employee shall have to undergo in the training programme Modern Office Practice in Administrative Training Institute and any other institute recommended by the State Government during the probation period.

7. Departmental examination and confirmation :-

(a) The departmental examination shall be conducted every year by the Central Examination Board of Revenue.

(b) The Departmental examination shall be conducted for testing the efficiency in stenography, typing and computer in which the speed of typing/ computer must be 80 and 30 words per minute respectively. For being successful the error must not be more than 10% in stenography and 1.5 % in typing. On being unsuccessful in the departmental examination the further increment after the first increment shall be withheld till the passing of the examination.

(c) The appointment employee may be confirmed in the cadre after completion of probation period and training and on being successful in departmental examination.

27 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

(d) The sub-rule (b) shall not be applicable to those who have completed more that 50 years of age on the date of commencement of the Rules.

8. Promotion :-

(a) The confirmed steno-typist in the cadre shall be promoted from Grade III to Grade II and Grade II to Grade I on the recommendations of Departmental Promotion Committee and on the basis of efficiency-cum-seniority basis, that is by assessing annual confidential remarks and clean service record.

(b) At the time of promotion from one grade to another the qualifying period (kalawadhi) determined by the Personnel and Administrative Reforms Department from time to time must be completed.

9. Reservation.—The reservation policy recommended by the State Government form time to time shall be followed in the appointment and promotion.

10. Posting :- (a) The appointed steno-typist shall be posted at Bihar Information Centre, New Delhi, Divisional Public Relations Units and Headquarter and maybe transferred to the above mentioned offices under the control of Information And Public Relations Department.

11. The provisions of the relevant codes/rules /resolutions/instructions of the State Government shall be applicable on the subjects which are not covered in these Rules.

12. Repeal and Saving.—All relevant resolutions/ circulars issued prior to the commencement of these Rules shall deemed to the repealed.

By the order of the Governor of Bihar,

RAJESH BHUSHAN, Secretary to the Government.

——— अनु0 जाति एवं अनु0 जन-जाति कल्याण विभाग ——— अधिसूचना 7 जुलाई 2008

सं॰ 5/विविध-13/2005-2456—केन्द्र सरकार द्वारा अनुसूचित जन-जाति और परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 का अनुसूचित जन-जाति और परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता, नियम, 2007 जिसे दिनांक 1 जनवरी 2008 को भारत सरकार के गजट में प्रकाशित किया गया है, के आलोक में निम्नप्रकार से समितियों का गठन किया जाता है। :- 1. ग्राम वन अधिकार समिति- (1) ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभाओं का संयोजन किया जाएगा और उसके पहले अधिवेशन मे वह अपने सदस्यों में से कम-से-कम दस किन्तु पंद्रह से अनधिक व्यक्तियो को वन अधिकार समिति के सदस्यों के रुप में निर्वाचित करेंगे जिसमें कम-से-कम एक-तिहाई सदस्य अनुसूचित जनजातियों के होंगे। परन्तु ऐसे सदस्यों में से कम-से-कम एक तिहाई सदस्य महिलाएं होगी : परन्तु यह और कि जहां कोई अनुसूचित जन-जातियां नही है वहां ऐसे सदस्यों में से कम-से-कम एक तिहाई सदस्य महिलाएं होगी। (2) वन अधिकार समिति अध्यक्ष और सचिव का विनिश्चय करेगी और उसकी सूचना अनुमंडल स्तर की वन अधिकार समिति को देगी। (3) जब वन अधिकार समिति का कोई सदस्य व्यष्टि वन अधिकार का दावेदार भी है तब वह उसकी सूचना समिति को देगा और जब उसके दावे पर विचार किया जाएगा तब वह सत्यापन कार्यवाहियों में भाग नहीं लेगा। 2. ग्राम वन अधिकार समिति के कृत्य- (1) ग्राम सभा समिति -

(क) वन अधिकारों की प्रकृति और सीमा का अवधारण करने के लिए कार्यवाही आरंभ करेगी और उससे संंबंधित दावों की सुनवाई करेगी,

(ख) वन अधिकारों के दावेदारों की सूची तैयार करेगी और दावेदारों और उनके दावों के ऐसे ब्यौरों का एक रजिस्टर रखेगी जो केन्द्रीय सरकार आदेष द्वारा अवधारित करें,

(ग) वन अधिकारों के संबंध में दावों पर संकल्प, हितबद्व व्यक्तिों और संबंधित प्राधिकारियों को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात पारित करेगी और उन्हें अनुमंडल स्तर की समिति को भेज देगी। (घ) अधिनियम की धारा-4 की उप-धारा (2) के खंड (ड़) के अधीन पुनव्र्यवस्थापन पैकेजों पर विचार करेगी, और28 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 (ड़) अधिनियम की धारा-5 के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए वन्यजीव, वन और जैव विविधता के संरक्षण के लिए अपने सदस्यों में से समितियों का गटन करेगी।

(2) ग्राम सभा के अधिवेषन में गणपूर्ति ऐसी ग्राम सभा के सभी सदस्यों के दो तिहाई से अन्यून सदस्यों द्वारा होगी, परन्तु जहां किसी गांव में अनुसूचित जन-जातियों और गैर-अनुसूचित जन-जातियों की विषम जनसंख्या है वहां अनुसूचित जन-जाति, आदिम जन-जातीय समूहों और कृषि पूर्व समुदायों के सदस्यों का पर्याप्त रुप से प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

(3) ग्र्राम सभा को राज्य के प्राधिकारियों द्वारा आवष्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 3. अनुमंडल स्तर की वन अधिकार समिति - राज्य सरकार निम्नलिखित सदस्यों के साथ अनुमंडल स्तर की समिति का गठन किया जाता है :-

(क) अनुमंडल पदाधिकारी या समतुल्य अधिकारी-अध्यक्ष (ख) अनुमंडल का भारसाधक, वन अधिकारी या समतुल्य अधिकारी-सदस्य (ग) ब्लॉक या तहसील स्तर की पचायतों के तीन सदस्य जिन्हें जिला पंचायत द्वारा नाम निर्देषित किया जाएगा जिनमें से कम-से-कम दो अनुसूचित जन-जातियों के होेंगं जो अधिमानतः ऐसे सदस्य होंगे जा वन निवासी है या जो आदिम जन-जातीय समूह के है और जहां कोई अनुसूचित जन-जातियां नहीं है वहां ऐसे दो सदस्य जो अधिमानतः अन्य परम्परागत वन निवासी है और एक महिला सदस्य होगी, या संविधान की छठी अनुसूची के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्रों में तीन सदस्य स्वषासी जिला परिषद या प्रादेषिक परिषद या अन्य सूचित जोनल स्तर की परिषद द्वारा नाम निदेषित किए जाएंग जिनमें से कम-से-कम एक महिला सदस्य होगी, और

(घ) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन-जाति कल्याण विभाग का अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी या भारसाधक अधिकारी या जहां ऐसा अधिकारी उपलब्ध नहीं है वहां जनजातीय कार्य का भारसाधक अधिकारी। 4. अनुमंडल स्तर की वन अध्ािकार समिति के कृत्य - अनुमंडल स्तर की समिति-

(क) प्रत्येक ग्राम सभा का नाजूक पेड-पौधे और जीव-जन्तु के संदर्भ में, जिन्हें सुरक्षित और संरक्षित रखे जाने की आवष्यकता है, वन्य जीव, वन और जैंव विधिता के संरक्षण के संबंध में उनके कर्तव्यों और वन आधिकारों के धारक के कर्त्तव्यों तथा अन्य के कर्त्तव्यों के बारे में जानकरी उपलब्ध कराएगी। (ख) ग्राम सभा और वन अधिकार समिति को वन और राजस्व मानचित्र और मतदात सूची उपलब्ध कराएगी। (ग) संबद्व ग्राम सभाओं के सभी संकल्पों को एक साथ मिलाएगी, (घ) ग्राम सभाओं द्वारा उपलब्ध कराए गये मानचित्रों और ब्योरों को समेकित करेगी। (ड़) दावों की सच्चाई को सुनिष्चित करने के लिए ग्राम सभाओं के संकल्पों और मानचित्रों की परीक्षा करेगी, (च) किन्हीं वन अधिकारों की प्रकृति और सीमा के संबंध में ग्राम सभाओं के बीच विवादों की सुनवाई करेगी और उनका न्यायनिर्णयन करेगी,

(छ) ग्राम सभाओं के संकल्पों से व्यथित व्यक्तियों, जिनके अंतर्गत राज्य अभिकरण भी है अर्जियों की सुनवाई करेगी।

(ज) अतः अनुमंडल दावों के लिए अनुमंडल स्तर की समितियों के साथ समन्वय करेगी, (झ) सरकारी अभिलेखों में सामंजस्य के पश्चात प्रस्तावित वन अधिकारों के ब्लॉक या तहसील वार प्रारुप अभिलेख तैयार करेगी,

(ञ) प्रस्तावित वन अधिकारों के प्रारुप अभिलेख के साथ दावों को अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से जिला स्तर की समिति को अंतिम विनिष्चय के लिए अग्रोषित करेगी,

(ट) वन निवासियों में अधिनियम के अधीन और नियमों में अधिकथित उद्देष्यों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरुकता पैदा करेगी,

(ठ) दावेदारों की दावों के इन नियमो के उपबंध-1 (प्रारुप क और ख ) में यथा उपबंधित प्रोफार्मा की आसानी से और निःषुल्क उपलब्धता सुनिष्चित करेगी,

(ड) यह सुनिष्चत करेगी कि ग्राम सभा के अधिवेषन अपेक्षित गणपूर्ति के साथ, मुक्त, खुली और निष्पक्ष रीति में किए जाते है।

5. जिला सतर की वन अधिकार समिति :- राज्य सरकार द्वारा निम्नलिखित सदस्यों के साथ जिला स्तर की समिति का गठन की जाती हैंः-

(क) जिला कलक्टर - अध्यक्ष (ख) संबद्व खंड वन अधिकारी या संबंद्व उपवन संरक्षक - सदस्य (ग) जिला स्तर की पंचायत के तीन सदस्य जिन्हें जिला पंचायत द्वारा नामनिर्देषत किया जाएगा जिनमें से कम-से-कम दो अनुसूचित जन-जातियों के होंंगे जो अधिमानतः ऐसे सदस्य होेंंगे जो वन निवासी है या जो आदिम जन-जातीय समूहों के है और जहां कोई अनुसूचित जन-जातियां नहीं है वहां ऐसे दो सदस्य जो अधिमानतः अन्य परंपरागत वन निवासी है और एक महिला सदस्य होगी, या संविधान की छठी अनुसूची29 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में तीन सदस्य स्वषासी जिला परषिद्‌ या प्रादेषिक परिषद्‌ या समूचित जोनल स्तर की परिषद्‌ द्वारा नाम निर्देषित किए जाएंगे जिनमें से कम-से-कम एक महिला सदस्य होगी, और (घ) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन-जाति कल्याण विभाग का जिले का जिला कल्याण पदाधिकारी या जहां ऐसा अधिकारी उपलब्ध नहीे है वहां जिला कल्याण पदाधिकारी के कार्य का भरसाधक अधिकारी। 6. जिला स्तर की वन अधिकार समिति के कृत्य- जिला स्तर की समिति - (क) यह सुनिष्चित करेगी कि नियम 6 के खंड (ख) अधीन अपेक्षित जानकारी ग्राम सभा या वन अधिकार समिति को उपलब्ध करा दी गई है,

(ख) इस बारे में परीक्षा करेगी कि क्या सभी दावों, विषेषकर आदिम जनजातीय समूहों, पशु चारकों और यायावर जन-जातियों के सभी दावों का अधिनियम के उद्देष्यों को ध्यान मे रखते हुए समाधान कर दिया गया है,

(ग) अनुमंडल स्तर की वन अधिकार समिति द्वारा तैयार किए गए वन अधिकारों के दावों और अभिलेख पर विचार करेगी और अंतिम रूप से उनका अनुमोदन करेगी,

(घ) अनुमंडल स्तर की समिति के आदेषों से व्यथित व्यक्तियों से अर्जियों की सुनवाई करेगी, (ड़) अंतःजिला दावों के संबंध में अन्य जिलों के साथ समन्वय करेगी, (च) सुसंगत सरकारी अभिलेखों, जिनके अंतर्गत अधिकारों का अभिलेख भी है, में वन अधिकारों के समावेषन के लिए निदेष जारी करेगी,

(छ) जैसे ही अभिलेख को आंतिम रूप दे दिया जाए, वन अधिकारों के अभिलेख का प्रकाषन सुनिष्चित करेगी, और

(ज) यह सुनिष्चत करेगी कि अधिनियम के अधीन और इन नियमों के उपाबंध 2 और 3 में यथा विर्निदिष्ट वन अधिकारों और हक के अभिलेख की अधिप्रमाणित प्रति संबद्ध दावेदार और संबंधित ग्राम सभा को दे दी गई है ।

7. राज्य स्तर की वन अधिकार निगरानी समिति-राज्य सरकार द्वारा निम्नलिखित सदस्यों के साथ राज्य स्तर की वन अधिकार निगरानी समिति का गठन किया जाता है :-

- अध्यक्ष, (क) मुख्य सचिव (ख) प्रधान सचिव/सचिव,राजस्व एवं भुमि सुधार विभाग - सदस्य, (ग) प्रधान सचिव/सचिव,अनु0जाति एवं अनु0 जनजाति कल्याण विभाग - सदस्य (घ) प्रधान सचिव/सचिव, पर्यावरण एवं वन विभाग - सदस्य (ड़) प्रधान सचिव/सचिव,पंचायती राज विभाग - सदस्य (च) प्रधान मुख्य वन संरक्षक - सदस्य (छ) श्री जय प्रकाष उरॉव, कोर्ट स्टेषन, न्यजे0पी0नगर,पूर्णियां - सदस्य (ज) श्री के0पी0मंडल,बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी,कंकड़बाग,पटना - सदस्य (झ) श्री षिवषंकर सिंह,पुराना थाना के समाने,बुद्धा कॉलोनी,पटना - सदस्य (ञ) प्रधान सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन-जाति कल्याण विभाग - सदस्य-सचिव। 8. राज्य स्तर की वन अधिकार निगरानी समिति के कृत्य- राज्य स्तर की निगरनी समिति-

(क) वन अधिकारों की मान्यता और उनके निहित होने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए मानदंड और संकेतक तय करेगी,

(ख) राज्य में वन अधिकारों की मान्यता, सत्यापन और उनके निहित होने की प्रक्रिया की निगराणी करेगी, (ग) वन अधिकारों की मान्यता, सत्यापन और उनके निहित होने की प्रक्रिया के संबंध में छह मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और नोडल अभिकरण को ऐसी विवरणियां और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी जिनकी नोडल अभिकरण द्वारा मांग की जाए,

(घ) अधिनियम की धारा-8 में यथावर्णित सूचना की प्राप्ति पर अधिनियम के अधीन संबद्व प्राधिकारियोें के विरूद्ध समुचित कार्रवाई करेगी,

(ड़) अधिनियम की धारा-4 की उप-धारा (2) के अधीन पुनस्र्थापन की निगरानी करेगी।

समिति आवष्यकता अनुसार किसी अन्य सरकारी पदाधिकारी/विषेषज्ञ या अन्य व्यक्ति को बैठकों में आमंत्रित कर सकेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।30 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

जल संसाधन विभाग

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शुद्वि-पत्र

30 अक्तूबर 2009

सं॰ 22/नि0सि0(मुक0)ल0 सि0-19-1029/96 पार्ट/1173—विभागीय अधिसूचना संख्या 1037 दिनांक 8 अक्तूबर 2009 के पृष्ठ-''2'' के प्रथम पंक्ति में अंकित ''न्याय निर्णय हस्ताक्षरित होने की तिथि (दिनांक 9 अप्रील 2009) को कृपया ''न्याय निर्णय पारित होने की तिथि (दिनांक 7 अप्रील 2009)'' पढ़ा जाय। शेष पूर्ववत्‌ है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव।

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जल संसाधन विभाग

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अधिसूचना

4 अगस्त 2009

सं0 7/एम-1-1038/97-2132—लोक निर्माण विभाग के परिपत्र सं0 11380, दिनांक 31 मई 1971 के अनुसरण में जल संसाधन विभाग के लिए गठित परीक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में जल संसाधन विभाग, बिहार में कार्यरत्‌ निम्नांकित अभियंताओं (असैनिक) को दिनांक 7 फरवरी 2009 से 8 फरवरी 2009 तक आयोजित प्रथम अर्द्ध-वार्षिक व्यवसायिक परीक्षा 2008 में उत्तीर्ण घोषित किया जाता हैः-

प्रथम अर्द्ध-वार्षिक व्यवसायिक परीक्षा 2008 में उत्तीर्ण असैनिक अभियंताओं की सूची।

क्र0 सं0 नाम पदनाम पदस्थापन रौल नं0 अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
1 ई0 धर्मवीर कुमार सहायक अभियंता योजना एवं मोनिटरिंग अंचल-2, पटना 01 उर्त्तीण
2 ई0 अमिता सिंह सहायक अभियंता योजना अन्वेषण एवं प्रोजेक्ट प्रीपरेशन अंचल, पटना 02 उर्त्तीण
3 ई0 अभिजीत कुमार सहायक अभियंता योजना एवं मोनिटरिंग अंचल-2, पटना 03 उर्त्तीण
4 ई0 अभय कुमार चन्दन सहायक अभियंता योजना अन्वेषण एवं प्रोजेक्ट प्रीपरेशन अंचल, पटना 04 उर्त्तीण
5 ई0 निहारिका स्वराज सहायक अभियंता योजना एवं मोनिटरिंग अंचल-1, जल स साधन विभाग, पटना ं 05 उर्त्तीण
6 ई0 बिन्दिया गुप्ता सहायक अभियंता योजना एवं मोनिटरिंग अंचल-1, जल स साधन विभाग, पटना ं 06 उर्त्तीण
7 ई0 रामानन्द राम सहायक अभियंता जलपथ प्रमंडल, गया 08 उर्त्तीण
8 ई0 श्रवण कुमार ब्यास सहायक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, समस्तीपुर 10 उर्त्तीण
9 ई0 राज कुमार सिंह सहायक अभियंता ग ामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, पटना ्र 11 उर्त्तीण
10 ई0 शंकर प्र0 चौधरी सहायक अभियंता सोन नहर आधुनिकरण प्रमंडल, सासाराम, शिविर-डिहरी (रोहतास) 13 उर्त्तीण
11 ई0 दीपेन्द्र कुमार रजक सहायक अभियंता नहर अंचल, जल संसाधन विभाग, पूर्णियाँ 14 उर्त्तीण
12 ई0 राजेश कुमार चौधरी सहायक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, बनमनखी, पूर्णियाँ 15 उर्त्तीण
13 ई0 गजेन्द्र कुमार चौधरी सहायक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, मुरलीगंज (मधेपुरा) 18 उर्त्तीण
14 ई0 राजेन्द्र कुमार सहायक अभियंता नहर अंचल, पूर्णियाँ 19 उर्त्तीण
15 ई0 अनील कुमार सहायक अभियंता जल निस्सरण एवं अनुसंधान प्रमंडल, पूर्णियाँ 23 उर्त्तीण
16 ई0 दीपक कुमार सहायक अभियंता बाढ़ नियंत्रण रूपांकण प्रमंडल सं0-4, अनिसाबाद, पटना 24 उर्त्तीण
17 ई0 संजय कुमार सुमन सहायक अभियंता ग ण नियंत्रण प्रमंडल, डिहरी (रोहतास) ु 26 उर्त्तीण
18 ई0 खु़र्शिद अहमद सहायक अभियंता (प्राक्कलन पदा0) जलपथ अंचल, बिहारशरीफ,़ नालंदा 28 उर्त्तीण
19 ई0 प्रेम प्रकाश सहायक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, त्रिवेणीगंज, सुपौल 29 उर्त्तीण
20 ई0 जनार्दन पासवान सहायक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, त्रिवेणीगंज, सुपौल 30 उर्त्तीण
21 ई0 आदित्य प्रकाश सहायक अभियंता (प्राक्कलन पदा0) तिरहुत नहर प्र0 सं0-1, मुज़फ़्फ़रपुर 31 उर्त्तीण
22 ई0 रंजीत कुमार रंजन सहायक अभियंता तिरहुत नहर प्र0 सं0-1, मुज़फ़्फ़रपुर 32 उर्त्तीण
23 ई0 कुमार ब्रजेश सहायक अभियंता जलपथ प्रमंडल, मोहनियाँ (कैमुर) 33 उर्त्तीण
24 ई0 संजीव नयन सहायक अभियंता जल निस्सरण अंचल, पूर्णियाँ 34 उर्त्तीण
25 ई0 विनोद कुमार सहायक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, नावानगर 36 उर्त्तीण
26 ई0 अमरेन्द्र कुमार सहायक अभियंता जल निस्सरण प्रमंडल, समस्तीपुर 37 उर्त्तीण
27 ई0 अशोक कुमार सहायक अभियंता जलपथ अवर प्रमंडल, सकरीपौरा, बिहारशरीफ़ 38 उर्त्तीण
28 ई0 प्रमोद कुमार 'भारती' सहायक अभियंता ग ण नियंत्रण प्रमंडल, डिहरी (रोहतास) ु 47 उर्त्तीण
29 ई0 मो0 अफ़ज़ाल आलम सहायक अभियंता जलपथ अंचल, बिहारशरीफ़, नालंदा 48 उर्त्तीण
30 ई0 अनीश रंजन सहायक अभियंता सिंचाई प्र0सं0-1, लक्ष्मीपुर, जमुई 51 उर्त्तीण
31 ई0 विजेन्द्र कुमार सहायक अभियंता (प्राक्कलन पदा0) तिरहुत नहर अंचल, मुज़फ़्फ़रपुर 52 उर्त्तीण
32 ई0 राजेश कुमार आर्या प्राक्कलन पदा0 (सहायक अभियंता) जल निस्सरण अनुसंधान प्रमंडल, मुज़फ़्फ़रपुर 54 उर्त्तीण
33 ई0 नुतेश कुमार प्राक्कलन पदा0 (सहायक अभियंता) बाढ़ नियंत्रण प्र0सं0-1, झंझारपुर 55 उर्त्तीण
34 ई0 प्रवीण कुमार सहायक अभियंता शीर्ष कार्य प्र0सं0-4, वाल्मीकिनगर, प0 चम्पारण 56 उर्त्तीण
35 ई0 राम पुकार सिंह सहायक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बेगुसराय 58 उर्त्तीण
36 ई0 संजय कुमार प्राक्कलन पदा0 (सहायक अभियंता) तिरहुत नहर अंचल, बेतिया 59 उर्त्तीण
37 ई0 हिमांशु शेखर सहायक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बेगुसराय 60 उर्त्तीण
38 ई0 उमेश कुमार सहायक अभियंता योजना एवं रूपांकण प्र0सं0-1, रतवारा 61 उर्त्तीण
39 ई0 प्रिय रंजन सहायक अभियंता (प्राक्कलन पदा0) सिंचाई प्रमंडल, वीरपुर 66 उर्त्तीण
40 ई0 रामजी चौधरी तकनीकी सलाहकार (सहायक अभियंता) उत्तर कोयल बराज अंचल, मोहम्मदगंज, पलामू 67 उर्त्तीण
41 ई0 सुशील प्रकाश सहायक अभियंता (प्रा0) सिंचाई अंचल सं0-2, जमुई 68 उर्त्तीण
42 ई0 शैलेश कुमार सिंह प्राक्कलन पदा0 (सहायक अभियंता) रूपांकण प्र0सं0-1, भागलपुर 69 उर्त्तीण
43 ई0 सुरेश राम सहायक अभियंता (प्राक्कलन पदा0) उत्तर कोयल बराज अंचल, मोहम्मदगंज 70 उर्त्तीण
44 ई0 अजय कुमार सहायक अभियंता सिंचाई अंचल सं0-2, जमुई 71 उर्त्तीण
45 ई0 रवीन्द्र सिंह प्राक्कलन पदा0 (सहायक अभियंता) सिंचाई प्रमंडल, दरखा, शिविर-पकरीबरावां, नवादा 72 उर्त्तीण
46 ई0 मनीष कुमार भारती सहायक अभियंता योजना एवं रूपांकण प्र0सं0-2, मुज़फ़्फ़रपुर 78 उर्त्तीण
31 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 32 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 33 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, अवर सचिव(प्रबंधन)।

——— मुख्य अभियंता का कार्यालय जल संसाधन विभाग, सिवान। ——— कार्यालय आदेश 26 अक्तूबर 2009

सं॰ का0आ0सं0-1स्था0अनु0-12-107/2008-82—समाहर्ता-सह-अध्यक्ष जिला अनुकंपा समिति ,सारण (छपरा) के पत्रांक 1230/स्था0, दिनांक 29 सितम्बर 2009 द्वारा जिला स्तर पर गठित अनुकंपा समिति सारण (छपरा) की दिनांक 23 जून 2009 की बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में श्री उपेन्द्र राम पिता स्व0 राम बहादूर राम, भूतपूर्व मुहर्रिर, सारण नहर प्रमंडल, मढौरा की अनुकंपा के आधार पर वेतनमान रु॰ 2550-55-2660-60-3200 एवं समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत भत्ते सहित अनुसेवक के पद पर नियुक्त किया जाता है। उन्हें आदेश दिया जाता है कि वे अपना योगदान कार्यपालक अभियंता, सारण नहर प्रमंडल मढौरा के कार्यालय में दिनांक 21 नवम्बर 2009 तक निश्चित रूप से दें दें अन्यथा उनकी नियुक्ति रद्‌द समझी जायेगी। यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थाई है। 2. अगर इनकी नियुक्ति के पूर्व से नियुक्ति के लिए संबंधित पदाधिकारी के अधीन कोई सूची तैयार की गई हो तो उनकी वरीयता उक्त सूची में अंकित व्यक्तियों के बाद होगी। 3. स्व0 राम बहादूर राम के आश्रित परिवार के सदस्यों का भरण-पोषण का दायित्व श्री उपेन्द्र राम पर होगी। उत्तरदायित्व का निर्वाह पूरी तत्परता के साथ नहीं करने पर गंभीर कदाचार माना जायेगा। इसके लिए उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जायेगी। इसके अलावा दायित्व की अवहेलना की संपुष्टि होने पर उनकी परिलब्धियों को एक अंश सरकारी सेवक के आश्रित सदस्यों को देने का आदेश सरकार दे सकती हे। 4. नियुक्त पद पर योगदान करते समय उन्हें जिला सारण (छपरा) के असैनिक शल्य चिकित्सक का स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र हर हालत में प्रस्तुत करना होगा। 5. अगर श्री उपेन्द्र राम की नियुक्ति आरक्षित कोटा से रोस्टर पर हुई हो तो उक्त आरक्षितन कोटा के पद को अग्रणित कर दिया जायेगा। 6. योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता किसी भी परिस्थिति में देय नहीं होगी। 7. किसी तरह की गलत सूचना अथवा धोखाधडी के आधार पर नियुक्ति प्राप्त कर लेने पर उन्हें सेवा से विमुक्त कर दिया जायेगा तथा समुचित कार्रवाई नियमानुसार की जायेगी। 8 अनुकंपा के आधार पर किसी पद पर नियुक्त होने पर उन्हें अनुकंपा का दोबारा लाभ लेते हुए प्रोन्नति अथवा संवर्ग परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। 9. नियुक्त पद पर योगदान करते समय उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता का मूल प्रमाण-पत्र एवं वास्तविक जन्म-तिथि से संबंधित प्रमाण-पत्र मूल में संबंधित पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। जिसकी जॉच कर संतुष्ट होकर उनके द्वारा इनका योगदान स्वीकृत किया जायेगा तथा इसकी सूचना तुरत अधोहस्ताक्षरी को दी जायेगी। 10. योगदान लेने के साथ ही संबंधित पदाधिकारी श्री उपेन्द्र राम, से भरण-पोषण-पत्र एवं विवाह में तिलक दहेज नहीं लेने देने का प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लेंगे। 11. उप-सचिव, वित्त विभाग के फासं0-1964, दि0 31 अगस्त 2005 के अनुसार दिनांक 1 सितम्बर 2005 एवं उसके बाद नियुक्त राज्य कर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगा ।

आदेश से,

राम पुकार रंजन, मुख्य अभियंता ।34 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 पथ निर्माण विभाग ——— शुद्धि-पत्र 14 अगस्त 2009 सं॰ ई॰ 3/एस-101/2000 अंश-8766 (S)—पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के अन्तर्गत बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-02 (असैनिक) सहायक अभियंताओं की पारस्परिक औपबन्धिक वरीयता सूची विभागीय अधिसूचना संख्या 6027(एस), दिनांक 30 अप्रील 2008 द्वारा प्रकाशित की गयी थी। इस औपबन्धिक वरीयता सूची पर संबंधित पदाधिकारियों से आपत्तियाँ आमंत्रित की गयी थी।

2. पथ निर्माण विभाग में उक्त औपबन्धिक वरीयता सूची पर प्राप्त आपत्तियों का निराकरण इसके लिए गठित समिति द्वारा भली भाँति विचार करने के पश्चात्‌ बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-02 के सहायक अभियंता (असैनिक) के उपरोक्त औपबन्धिक वरीयता सूची अधिसूचना संख्या 6027(एस), दिनांक 30 अप्रील 2008 में उल्लिखित नियमों एवं सिद्धान्तों के आधार पर अन्तिम वरीयता सूची का प्रकाशन विभागीय अधिसूचना संख्या 8695(एस) अनु॰, दिनांक 3 जुलाई 2008 द्वारा की गयी है। 3. विभागीय कार्यालय आदेश संख्या 138 सहपठित ज्ञापांक 1640 (ई॰), दिनांक 14 मई 2009 द्वारा कनीय अभियंताओं का निर्गत अंतिम वरीयता सूची के आलोक में अनु॰ जाति संवर्ग के कनीय अभियंताओं से प्रोन्नत सहायक अभियंताओं से प्राप्त अभ्यावेदन में उठाए गये बिन्दुओं का भली-भाँती समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या 8695(एस), दिनांक 3 जुलाई 2008 द्वारा निर्गत सहायक अभियंता की अंतिम वरीयता सूची में अनु॰ जाति संवर्ग के निम्नलिखित प्रोन्नत सहायक अभियंता का वरीयता क्रमांक निम्नरूप से संशोधित किया जाता हैः-

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम कनीय अभियंता का वर्ष 2000 का वरीयता कनीय अभियंता का वर्ष 2003 का वरीयता वर्ष 2009 मेें कनीय अभियंता में वरीयता क्रमांक (1640 ई॰, दिनांक 19.05.2009) वर्ष 2008 का सहायक अभियंता का वरीयता क्रमांक संशोधित वरीयता क्रमांक
1 2 3 4 5 6 7
1 श्री कपिलदेव प्रसाद 2033 2051 1819 764 1005 (xxxiv)
2 श्री जयमंगल रविदास 1939 1977 1847 812 1005 (xxxvii)
3 श्री रामाशंकर चौधरी 1940 1978 1791 813 1005 (xiii)
4 श्री हरि नारायण राम 1948 1983 1792 817 1005 (xiv)
5 श्री अशोक कुमार पासवान 1953 1986 1793 820 1005 (xv)
6 श्री उपेन्द्र साफी 1955 1987 1794 821 1005 (xvi)
7 श्री सकलदेव पासवान 1968 1994 1795 823 1005 (xvii)
8 श्री गिरिजा राम 1969 1995 1726 824 1005 (i)
9 श्री पुनेश्वर रजक 1970 1996 1796 825 1005 (xviii)
10 श्री राम सेवक राम 1974 1999 1729 828 1005 (ii)
11 श्री रणविजय राम 1975 2000 1797 829 1005 (xix)
12 श्री राजेन्द्र महतो 1976 2003 1800 830 1005 (xxi)
13 श्री विष्णुदेव चौधरी 1977 2002 1799 831 1005 (xx)
14 श्री दुलारचन्द्र राम 1982 2006 1802 833 1005 (xxii)
15 श्री केदार नाथ चौधरी 1985 2010 1732 835 1005 (iii)
16 श्री अशोक कुमार लाल 1986 2009 1804 836 1005 (xxiv)
17 श्री भोला चौधरी 1987 2011 1805 837 1005 (xxv)
18 श्री अजय कुमार सुधांशु 1991 2014 1806 838 1005 (xxvi)
19 श्री रधुवीर साफी 1996 2018 1807 841 1005 (xxvii)
20 श्री राजेन्द्र दास 2000 2019 1808 844 1005 (xxviii)
21 श्री उपेन्द्र कुमार राम 2001 2022 1809 845 1005 (xxix)
22 श्री राम नरेश चौधरी 2003 2026 1741 847 1005 (v)
23 श्री योगेन्द्र महतो 2005 2119 1784 851 1005 (xii)
24 श्री आनन्द कुमार महतो 2006 2029 1743 852 1005 (vi)
25 श्री पाँचू पासवान 1983 2008 1803 853 1005 (xxiii)
26 श्री सुरेश रविदास 2009 2032 1813 854 1005 (xxx)
27 श्री हरि नारायण चौधरी 2010 2015 1735 855 1005 (iv)
28 श्री वेस लाल राम 2012 2033 1745 856 1005 (vii)
29 श्री तपेश्वर राम 2016 2036 1814 857 1005 (xxxi)
30 श्री कमलेश्वर राम 2019 2041 1751 858 1005 (viii)
31 श्री अम्बिका प्रसाद 2021 2044 1752 859 1005 (ix)
32 श्री सियाराम पासवान 2022 2045 1816 860 1005 (xxxii)
33 श्री श्याम सुन्दर प्रसाद 2024 2047 1753 861 1005 (x)
34 श्री सुरेश प्रसाद 2026 2115 1843 862 1005 (xxxvi)
35 श्री राम जन्म प्रसाद 2028 2048 1754 863 1005 (xi)
36 श्री राम प्रसाद पासवान 2029 2049 1818 864 1005 (xxxiii)
37 श्री भोला राम 2034 2052 1820 865 1005 (xxxv)
35 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 36 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

4. नियमित वरीयता सूची में जिनका नाम, पदनाम, जन्म-तिथि, संवर्ग अथवा अन्य टंकण भूलवश त्रुटि हो गई है को प्राप्त अभ्यावेदन के आलोक में शुद्ध कर दिया गया है जिसकी सूची निम्न है :- (i) अन्तिम वरीयता सूची के क्रमांक 822 पर अंकित श्री शशि भूषण चौधरी, जन्म-तिथि- 7 जनवरी 1957 के स्थान पर श्री शशि भूषण कुमार चौधरी, जन्मतिथि 7 जनवरी 1957 पढ़ा जाय।

(ii) अन्तिम वरीयता सूची के क्रमांक 1023 में अंकित श्री हेमन्त कुमार के प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1437 (एस), दिनांक 17 मार्च 2009 के स्थान पर नियुक्ति अधिसूचना संख्या 1437 (एस), दिनांक 17 मार्च 1993 पढ़ा जाय एवं तद्‌नुसार वरीयता क्रमांक 709A निर्धारित किया जाता है।

(iii) अंतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 498 श्री रामानन्द मंडल पुर्नजीवित नियुक्ति अधिसूचना संख्या- 4658, दिनांक 6 अक्तूबर 1987 द्वारा इनकी नियुक्ति अधिसूचना संख्या 234, दिनांक 24 जून 1987 के क्रम में हुई है। अतः इनकी वरीयता क्रमांक दिनांक 16 जून 1987 के बाद नियुक्ति होने के कारण तदनुसार इनकी वरीयता क्रमांक 477A पर निर्धारित किया जाता है।

(iv) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 394 पर अंकित श्री शंकर दयाल गुप्ता के स्थान पर श्री शंकर दयाल शुक्ला पढ़ा जाय।

(v) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 1584 पर अंकित श्री प्रदीप कुमार सिंह के स्थान पर श्री प्रवीण कुमार सिंह पढ़ा जाय।

(vi) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 454 पर अंकित नाम श्री जितेन्द्र प्रसाद सिंह के स्थान पर श्री जिवेन्द्र प्रसाद सिंह पढ़ा जाय।

(vii) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 396 पर अंकित श्री गगन बिहारी दास का जन्म-तिथि 5 जून 1953 के स्थान पर 5 जून 1955 पढ़ा जाय।

(viii) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 1305 पर अंकित नाम-श्री सुभाष कुमार गुप्ता के स्थान पर श्री सुभाष कुमार गुप्त एवं जन्म-तिथि 22 अगस्त 1968 के स्थान पर 22 सितम्बर 1968 पढ़ा जाय। (ix) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 520 पर अंकित श्री नरेन्द्र कुमार के जन्म-तिथि 11 सितम्बर 2008 के स्थान पर 9 नवम्बर 1959 पढ़ा जाय।

(x) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 731 पर अंकित श्री आनंद किशोर राय के स्थान पर आनंद किशोर पढ़ा जाय (अधिसूचना संख्या 1109(एस), दिनांक 25 मार्च 1992)।

(xi) अन्तिम वरीयता सूची के क्रमांक 1242 में अंकित श्री रवीन्द्र नाथ प्रसाद के प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 2471 (एस), दिनांक 30 मार्च 1996 के स्थान पर नियुक्ति अधिसूचना संख्या-3648 (एस), दिनांक 12 जुलाई 1995 पढ़ा जाय एवं तद्‌नुसार वरीयता क्रमांक 968A पर निर्धारित किया जाता है।

(xii) अन्तिम वरीयता सूची के क्रमांक 1022 में अंकित श्री जंग बहादुर सिंह के प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 4434 (एस), दिनांक 4 अगस्त 1992 के स्थान पर नियुक्ति अधिसूचना संख्या 4434 (एस), दिनांक 4 अगस्त 1992 पढ़ा जाय एवं तद्‌नुसार वरीयता क्रमांक 848A पर निर्धारित किया जाता है।

(xiii) अन्तिम वरीयता सूची के क्रमांक 883 में अंकित श्री राजा ओम प्रकाश जिनकी प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 7024 (एस), दिनांक 4 नवम्बर 1993 द्वारा अधिसूचना संख्या 671(एस), दिनांक 6 फरवरी 1993 के क्रम में दी गई थी का वरीयता 850A पर निर्धारित किया जाता है।

(xiv) श्री मनोज कुमार सिंह जिनकी नियुक्ति अधिसूचना संख्या 5765(एस), दिनांक 21 अक्तूबर 1991 द्वारा हुई है की वरीयता मेघा क्रमानुसार श्री शशि भूषण सिंह, वरीयता क्रमांक 721 के उपर 720A पर निर्धारित किया जाता है।37 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 (xv) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 1308 पर अंकित श्री विजय शंकर प्रसाद के जन्म-तिथि 1 जुलाई 1959 के स्थान पर 30 नवम्बर 1955 पढ़ा जाय।

(xvi) अन्तिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 1140 के स्तम्भ 2 में श्री दरभंगी राम, अनु॰ जाति पढ़ा जाय। (xvii) अन्तिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 88 के स्तम्भ 2 में श्री सुरेश प्रसाद के स्थान पर श्री सुरेन्द्र प्रसाद पढ़ा जाय।

(xviii) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 575 पर अंकित श्री गोपाल प्रसाद सिंह के जन्म-तिथि 21 दिसम्बर 1959 के स्थान पर 2 दिसम्बर 1959 पढ़ा जाय।

(xix) अतिम वरीयता सूची के वरीयता क्रमांक 700 पर अंकित श्री पार्थ प्रीतम घोष के स्थान पर श्री पार्थ प्रतीम घोष पढ़ा जाय।

(xx) श्री सिद्धेश्वर प्रसाद सिंहा जिनकी नियुक्ति अधिसूचना संख्या 2170 (एस), दिनांक 25 जून 1985 एवं नियमितिकरण अधिसूचना संख्या 148(एस), दिनांक 12 जनवरी 1987 द्वारा हुई है कि वरीयता श्री विनोद कुमार आनन्द, वरीयता क्रमांक 207 के नीचे 207A पर निर्धारित किया जाता है।

5. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना के ज्ञाप संख्या 15784, दिनांक 24 अगस्त 1972 द्वारा निर्गत निदेश के आलोक में नियमित वरीयता सूची में प्रोन्नत सहायक अभियंताओं को प्रोन्नति वर्ष में ऊपर एवं नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को नीचे किया गया है जिसकी सूची निम्न है :-

वर्ष 2008 का स॰अ॰ का वरीयता क्रमांक संशोधित वरीयता क्रमांक नाम जन्म-तिथि बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 में प्रवेश की तिथि प्रोन्नति में कनीय अभियंता का वरीयता क्रमांक
1 2 3 4 5 6
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1267 (एस) दिनांक 24 मार्च 2005
1602 1577(i) श्री गणेश चौधरी (अ॰जा॰) 02-02-1956 24-03-2005 2042/2003
1603 1577(ii) श्री गिरिजा प्रसाद रजक (अ॰जा॰) 05-01-1958 24-03-2005 2043/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1789 (एस) दिनांक 12 अप्रील 2005
1604 1577(iii) श्री भरत चौधरी (अ॰जा॰) 01-09-1955 12-04-2005 2056/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 6215 (एस) दिनांक 25 अगस्त 2005
1605 1577(iv) श्री रामजीत राम (अ॰जा॰) 12-11-1961 25-08-2005 2059/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1789 (एस) दिनांक 12 अप्रील 2005
1606 1577(v) श्री जवाहर प्रसाद (अ॰जा॰) 30-01-1958 12-04-2005 2069/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 6215 (एस) दिनांक 25 अगस्त 2005
1607 1577(viii) श्री उदय नारायण राम (अ॰जा॰) 11-11-1956 25-08-2005 2073/2003
1608 1577(ix) विजय नारायण मांझी (अ॰जा॰) 25-08-2005 2080/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1267 (एस) दिनांक 24 मार्च 2005
1609 प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1791 (एस) दिनांक 12 अप्रील 2005 1577(x) श्री अक्षय लाल रजक (अ॰जा॰) 20-12-1963 24-03-2005 2269/2003
1610 1577(xi) श्री संजय कुमार (अ॰जा॰) 11-01-1960 12-04-2005 2482/2003
1611 1577(xii) श्री रणधीर कुमार (अ॰जा॰) 07-10-1962 12-04-2005 2641/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1267 (एस) दिनांक 24 मार्च 2005
1612 1577(xiii) श्री चन्द्रशेखर प्रसाद (अ॰जा॰) 18-01-1961 24-03-2005 2655/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1789 (एस) दिनांक 12 अप्रील 2005
1613 1577(xiv) श्री सचीन्द्र महथा (अ॰जा॰) 28-10-1961 12-04-2005 2660/2003
1614 1577(xv) श्री गोर्बधन राम (अ॰जा॰) 07-02-1959 12-04-2005 2661/2003
1615 1577(xviii) श्री शिवचन्द्र कुमार (अ॰जा॰) 10-01-1963 12-04-2005 2665/2003
1616 1577(xix) श्री कामदेव दास 20-06-1962 12-04-2005 2673/2003
प्रोन्नति अधिसूचना संख्या 1789 (एस) दिनांक 12 अप्रील 2005
1617 1577(xx) श्री दीप नारायण दास (अ॰जा॰) 15-10-1962 12-04-2005 2676/2003
38 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अमरेन्द्र भूषण सिंह, उप-सचिव (प्र॰को॰)।

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(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 36Ñ571+220-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in39 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

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पथ निर्माण विभाग ——— अधिसूचनाएं 17 अगस्त 2009 सं॰ निग/सारा-1(पथ)-65/08-8868(S)—श्री नन्द लाल बैठा, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, भागलपुर संप्रति निलंबित को पथ प्रमंडल, भागलपुर के पदस्थापन काल में बरती गई अनियमितता के लिये अधिसूचना संख्या 11004(एस), दिनांक 20 अगस्त 2008 द्वारा निलंबित किया गया तथा संकल्प ज्ञापांक 16494(एस), दिनांक 22 दिसम्बर 2008 द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। श्री बैठा द्वारा निलंबन आदेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी॰डब्लू॰जे॰सी॰ संख्या-1562/09 दायर किया गया, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 19 मार्च 2009 को यह आदेश दिया गया है कि विभागीय कार्यवाही को तीन माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाय और यदि इस अवधि में विभागीय काय्रवाही पूरी नहीं की जाती है तो निलंबन आदेश को वापस ले लिया जाय।

2. सी॰डब्लू॰जे॰सी॰ सं॰ 1562/09 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 19 मार्च 2009 को पारित आदेश के आलोक में श्री नन्द लाल बैठा, सहायक अभियंता को तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया जाता है।

3. इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही पूर्ववत्‌ जारी रहेगी।

4. निलंबन से मुक्त होने के उपरांत श्री बैठा अपना योगदान अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना में समर्पित करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

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16 अक्तूबर 2009

सं॰ निग/सारा-3(एन0एच0)-एस-29/2008-11588(S)—श्री सुरेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता,राष्ट्‌्रीय उच्च पथ प्रमंडल संख्या 1, भागलपुर सम्प्रति निलंबित कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना जिन्हें रा0उ0प0 प्रमंडल संख्या 1, भागलपुर के पदस्थापनकाल में गेरूआ नदी पर निर्मित पीपा पुल के सुरक्षा एंव संघारण में बरती गयी अनियमितता के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या 11930(एस), दिनांक 17 अक्तूबर 2006 द्वारा निलंबित किया गया था तथा विभागीय संकल्प संख्या 13197(एस) अनु0, दिनांक 25 नवम्बर 2006 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी । संचालन के पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन पर समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 3455(एस), दिनांक 13 अप्रील 2009 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री प्रसाद के पत्रांक शून्य दिनांक 24 अप्रील 2009 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा पर संसूचित किए जानेवाले दंड सम्प्रति प्रक्रियाधीन है। सरकार के निर्णयानुसार निम्न निर्णय लिए जाते हैं :-

40 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

(1) इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलम्बन से मुक्त किया जाता है ।

(2) निलम्बन अवधि के विनियमन के सम्बन्ध में बाद में निर्णय लिया जाएगा। (3) निलम्बन से मुक्ति के पश्चात पथ निर्माण विभाग में योगदान करेगें।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

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जल संसाधन विभाग

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अधिसूचनाएं

12 अगस्त 2009

सं॰ 22/नि0सि0 (मुक0) वीर0-19-57/98/795—श्री लक्ष्मी नारायण सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जब वर्ष 1990-91 में पष्चिमी कोषी तटबंध प्रमण्डल, निर्मली में पदस्थापित थे, तो उनके विरूद्ध प्राप्त परिवाद पत्रों की जॉंच मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, वीरपुर एवं विभागीय उड़नदस्ता से कराई गई है। प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा विभागीय स्तर पर की गई। समीक्षोपरांत निम्नांकित प्रथम दृष्टया आरोपों के लिए विभागीय पत्र सं0 2386, दिनांक 6 नवम्बर 1991 द्वारा श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण पूछा गयाः- (क) जिन बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की वृहत शीर्ष-2711 (गैर-योजना) में उपलब्घ निधि से कराया जाना था, उससे न कराकर अनाधिकृत रूप से व्यय का वहन वृहद्‌ शीर्ष-4711 (योजना मद) से किया गया। इस पुनर्वियोग की शक्तियॉं कार्यपालक अभियंता को प्राप्त नहीं है। (ख) वर्ष 1988-89 के दायित्वमद की रू॰ 12,16,625 का भुगतान नियमों तथा वरीय पदाधिकारियों के आदेषों की अवहेलना कर किया गया। उक्त आरोपों के संबंध में श्री सिन्हा कार्यपालक अभियंता से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभाग एवं सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरांत श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता का उत्तर तथ्यों पर आधारित न पाकर सरकार द्वारा उन्हें उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए निलंबित कर विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0 16, दिनांक 22 अप्रील 1993 द्वारा उन्हें निलंबित किया गया एवं सिविल सर्विसेज (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय कार्यवाही का संकल्प ज्ञापांक 940 दिनांक 30 अप्रील 1993 द्वारा आरोप गठित कर विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई। श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के द्वारा उक्त निलम्बन एवं विभागीय कार्यवाही के आदेषों के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 5496/93 दायर की गई। उक्त याचिका की सुनवाई के पष्चात्‌ माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 11 जनवरी 1994 को न्याय निर्णय पारित करते हुए विभाग को निम्नांकित निदेष दिया गयाः- (I) आरोप-पत्र आरोपी को दो सप्ताह में प्राप्त होना चाहिए। (II) वादी (आवेदक) को उत्तर एक सप्ताह के अन्दर देना है। (III) विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के लिए तीन माह समय सीमा निर्धारण अथवा निलम्बन आदेष निरस्त हो जाएगा।

विभागीय कार्यवाही का जॉंच प्रतिवेदन दिनांक 13 अप्रील 1994 को प्राप्त हुआ। अतः माननीय उच्च न्यायालय के न्याय निर्णय के आलोक में चूंॅकि विभागीय कार्यवाही का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के अन्दर नहीं हो सका। अतः मामले के समीक्षोपरांत न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय आदेष सं0 388, दिनांक 17 जून 1994 (ज्ञापांक 1757, दिनांक 17 जून 1994) द्वारा दिनांक 14 अप्रील 1994 के प्रभाव से उन्हें निलम्बन से मुक्त किया गया। विभागीय कार्यवाही में जॉंच पदाधिकारी से जॉंच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाये गये। प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर भी की गई, जिसमें दोनों आरोप प्रमाणित पाये गये। तदुपरांत सरकार द्वारा श्री सिन्हा को उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सेवा से बर्खास्त किए जाने का निर्णय लिया गया। सरकार द्वारा लिए गये उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्र सं0 772, दिनांक 1 जून 1995 द्वारा श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। परन्तु अनेक स्मारों के बावजूद द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर उनसे अप्राप्त रहा। तदुपरांत मामले की समीक्षा विभाग एवं सरकार के स्तर पर हुई और कार्यपालक अभियंता के सेवा से बर्खास्तगी के दण्ड को बहाल रखा गया। श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के बर्खास्तगी के दण्ड लागू करने के निमित्त नियामनुकूल प्रक्रिया के तहत विभागीय पत्र सं0 1435, दिनांक 6 मई 1997 द्वारा सेवा से बर्खास्तगी दण्ड के प्रस्ताव की बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति हेतु भेजा गया। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा (उनके पत्रांक 1610 दिनांक 20 नवम्बर 1997) उक्त सेवा से बर्खास्तगी के विभागीय प्रस्ताव में सहमति प्रदान की गई। तदुपरांत श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के सेवा से बर्खास्तगी के दण्ड प्रस्ताव को संलेख के माध्यम से मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति हेतु भेजा गया। दिनांक 30 जून 1998 को मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक में उक्त विभागीय प्रस्ताव में स्वीकृति प्रदान की गई।41 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 तदुपरांत श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 2006, दिनांक 10 जुलाई 1998 द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उक्त बर्खास्तगी आदेष के विरूद्ध श्री सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 10828/98 दायर किया गया, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 27 नवम्बर 2008 को न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय दण्डादेष अधिसूचना सं0 2006, दिनांक 10 जुलाई 1998 को निरस्त करते हुए पुनः नये सिरे से विभागीय कार्यवाही चलाने का निदेष दिया गया। जिसके क्रम में मामले के समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना सं0 51, दिनांक 11 फरवरी 2009 द्वारा अधिसूचना सं0 2006, दिनांक 10 जुलाई 1998 को निरस्त किया गया एवं श्री सिन्हा के पूर्व के वेतनादि का भुगतान उनके विरूद्ध नये सिरे से प्रारंभ की जानेवाली विभागीय कार्यवाही के फलाफल पर निर्भर करने का निर्णय लिया गया। माननीय उच्च न्यायालय के न्याय निर्णय के आलोक में श्री सिन्हा के विरूद्ध पुनः विभागीय संकल्प ज्ञापांक 58, दिनांक 12 फरवरी 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई। विभागीय कार्यवाही में जॉंच पदाधिकारी द्वारा जॉंच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। तदुपरांत प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक्‌ समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत हेाते हुए आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने के फलस्वरूप श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री लक्ष्मी नारायण सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता पश्चिमी कोशी तटबंध प्रमंडल, निर्मली, जो दिनांक 31 मार्च 2001 को सेवा-निवृत हो चुके है, को आरोपमुक्त का निर्णय संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप सचिव।

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20 अगस्त 2009

सं॰ 22/नि0सि0(यॅा0)-04-01/2000/817—श्री कृष्ण कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, (यॅा0) सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, छपरा के पदस्थापन अवधि 1999-2000 में बरती गयी अनियमितताओं की जॅाच उड़नदस्ता अंचल-1, पटना से करायी गयी। उड़नदस्ता अंचल-1, पटना से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त प्रथम दष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री कृष्ण कुमार सिंह को विभागीय आदेश 13, दिनांक 19 जनवरी 2000 द्वारा निलंबित करते हुए उनके विरूद्व असैनिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय संकल्प सं0 113, दिनांक 27 जनवरी 2000 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री सिंह के विरूद्व विभागीय कार्यवाही इनके सेवाकाल में पूरी नहीं की जा सकी। अतः उक्त कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43बी0 में परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही की गयी। विभागीय कार्यवाही में नियुक्त जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के आधार पर प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह के विरूद्व निम्नांकित दण्ड का प्रस्ताव प्रस्तावित किया गयाः-

(1) शत प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक। (2) 8.04 लाख रूपये की वसूली इनके पावनाओं से की जायेगी। (3) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। 2. उक्त प्रस्ताव के लिए श्री सिंह, कार्यपालक अभियन्ता (यांत्रिक) से द्वितीय कारण पृच्छा विभागीय पत्रांक 792, दिनांक 7 अप्रील 2001 द्वारा की गयी। श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व विभागीय ज्ञापांक 1870, दिनांक 24 सितम्बर 2001 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित किया गयाः-

(क) बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत शतप्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक तथा 8.04 लाख रूपये की वसूली गे्रच्चुटी एवं लीभ सेलरी से।

(ख) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।

3. उक्त संसूचित दण्डादेश के विरूद्व श्री सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0 जे0 सी0 सं0 14447/2001 कृष्ण कुमार सिंह बनाम राज्य सरकार एवं अन्य से संबंधित याचिका दायर किया गया। उक्त सी0 डब्लू0 जे0 सी0 में दिनांक 9 मार्च 2006 को माननीय न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश में विभागीय आदेश को निरस्त करते हुए विभाग को फ्रेश कार्रवाई करने की छूट दी गयी।

4. तदनुसार विभागीय आदेश सं0 75, दिनांक 26 मई 2006 द्वारा वादी के विरूद्व विभागीय कार्यवाही पुनः संचालित की गयी तथा सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 14447/01 में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार द्वितीय कारण पृच्छा से संबंधित नोटिश (विभागीय पत्रांक 792, दिनांक 7 अप्रील 2001) एवं दण्डादेश (अधिसूचना सं0 1870, दिनांक 24 सितम्बर 2001 को विभागीय आदेश सं0 89, दिनांक 29 मई 2009 द्वारा निरस्त किया गया।

5. विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विस्तृत रूप से सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि आरोपों की जॅाच पूर्व में विशेष दल भेजकर भी करायी गयी थी, जिसमें राशि के गबन की पुष्टि हुई। श्री कृष्ण कुमार सिंह के विरूद्व गठित आरोप दूसरी बार जॅाच एवं समीक्षा के क्रम में भी प्रमाणित पाये42 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 गये है। इस प्रकार प्रमाणित आरोपों के लिए श्री कृष्ण कुमार सिंह को निम्नांकित दण्ड संसूचन का निर्णय प्रस्तावित किया गयाः-

(1) शत प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक। (2) रु॰ 8,04,304 की वसूली जिसमें रु॰ 4,05,792 की वसूली हो चूकी है, शेष राशि की वसूली हेतु सट्रिफिकेट केस हो चुकी है, उसे बरकरार रखा जाए।

6. उक्त प्रस्तावित निर्णय पर माननीय मंत्री, जल संसाधन विभाग बिहार, पटना/माननीय मुख्य मंत्री, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।

7. उक्त प्रस्तावित दण्ड पर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। 8. संलेख की कंडिका 5 में निहित प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्राप्त हे। उक्त निर्णय श्री कृष्ण कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (यॅा0) सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, छपरा सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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21 अगस्त 2009

सं॰ 22/नि0सि0(वीर0)-07-10/09/825—पूर्वी कोशी मुख्य नहर का पुनस्र्थापन कार्य कराने हेतु कुल चार गु्रपों में बाटकर निविदा आमंत्रित की गयी थी। कार्यावंटन के बाद एकरारनाम करने के पूर्व उक्त रीचो में पूर्व के कराये गये कार्यो का अन्तिम विपत्र तैयार कर एवं उसे पारित करने का निदेश दिया गया। ग्रुप सं0 1, 3 एवं 4 में सभी औपचारिकताए पूरी कर कार्य का प्रारम्भ कर दिया गया। परन्तु ग्रुप सं0-2 से संबंधित पूर्व के कराये गये कार्यो का न तो अन्तिम विपत्र तैयार किया गया और न ही अंतिम विपत्र पारित किया गया। फलस्वरूप उक्त ग्रुप सं0 2 का कार्य समय पर प्रारम्भ नहीं किया जा सका। कार्य नहीं प्रारम्भ नहीं होने के कारण पूर्वी कोशी नहर में खरीफ 2009 के पूर्व पटवन के कार्यक्रम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है जिसके लिए श्री प्रदीप कुमार दास, कार्यपालक अभियन्ता, अनुसंधान एवं शोध प्रमण्डल, वीरपुर पूर्णतः दोषी पाये गये है।

अतएव उक्त आरोपों के लिए श्री प्रदीप कुमार दास, कार्यपालक अभियन्ता को निलंबित कर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया।

सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री प्रदीप कुमार दास, कार्यपालक अभियन्ता, अनुशंधान एवं शोध प्रमण्डल, वीरपुर को निलंबित किया जाता है।

2. निलंबन अवधि में श्री दास का मुख्यालय मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, अनीसाबाद, पटना निर्धारित किया जाता है।

3. निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 4. श्री दास के विरूद्व विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने हेतु संकल्प अलग से निर्गत किया जा रहा है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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28 अगस्त 2009

सं॰ 22/नि0सि0(जम0)-12-05/2005/862—श्री दुर्गा नंद चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, शीर्ष कार्य प्रमण्डल, वाल्मीकीनगर के पदस्थापन अवधि वर्ष 2002 बाढ़ के समय वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के एफलेक्स बॅाध क्षतिग्रस्त होने के बाद उसके मरम्मति के लिए कार्रवाई नहीं करने, टुटान के संबंध में गलत बयानबाजी कर स-समय प्राक्कलन उपलब्ध नहीं कराने तथा टुटे हुए भाग के मरम्मति कार्य में अनियमितता आदि के लिए श्री चौधरी को विभागीय अधिसूचना सं0 ज्ञापांक 882, दिनांक 1 फरवरी 2003 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञाप सं0 1807, दिनांक 4 मार्च 2003 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर हुई। समीक्षोपरान्त विभाग द्वारा निम्नलिखित विन्दुओं पर असहमति व्यक्त की गयी :-

(1) संबंधित स्थल का सर्वेक्षण कार्य समय पर नहीं करा पाना, जिसके फलस्वरूप प्राक्कलन नक्षा आड़ीकाट, लम्बकाट समय पर तैयार नहीं किया जाना।

(2) विषेषज्ञ समिति के द्वारा दिये गये मौखिक निदेष का अनुपालन नहीं किया जाना। (3) इतने बड़े संरचना के आकास्मिक बचाव के लिए कोई सुरक्षरात्मक सामग्री स्थल पर उपलब्ध नहीं होना। (4) प्री-लेवेल सत्यापित (अन्य पदाधिकारी से) किये वगैर ही कार्य सम्पादित किया जाना जिससे गलत मंषा की पुष्टि होती है।

(5) माननीय मंत्री एवं सचिव महोदय द्वारा स्थल निरीक्षण के समय प्राक्कलन आडीकाट, लम्बकाट एवं नक्षा इत्यादि उपलब्ध नहीं कराया जाना।43 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 2. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन संलग्न करते हुुए उपरोक्त असहमति के विन्दुओं पर विभागीय पत्रांक 1437, दिनांक 17 नवम्बर 2005 द्वारा श्री चौधरी कार्यपालक अभियन्ता, निलंबित से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया।

3. विभाग द्वारा किये गये निलंबन आदेष के विरूद्व श्री चौधरी कार्यपालक अभियन्ता, निलंबित द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 14865/06 दायर किया गया। उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 12 जनवरी 2007 को पारित न्यायादेष के आलोक में श्री दुर्गानन्द चौधरी कार्यपालक अभियन्ता, निलंबित को विभागीय अधिसूचना सं0 641, दिनांक 31 मई 2007 द्वारा दिनांक 12 मार्च 2007 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। 4. श्री दुर्गा नंद चौधरी कार्यपालक अभियंता से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा की सम्यक्‌ समीक्षा सरकार के स्तर पर हुई। समीक्षोपरान्त इनके विरूद्व निम्नलिखित आरोप प्रमाणित पाये गये :-

(1) संबंधित स्थल का सर्वेक्षण कार्य समय पर नहीं करा पाना, जिसके फलस्वरूप प्राक्कलन नक्षा आड़ीकाट, लम्बकाट समय पर तैयार नहीं किया गया।

(2) विषेषज्ञ समिति के द्वारा दिये गये मौखिक निदेष का अनुपालन नहीं किया जाना। (3) इतने बड़े संरचना के आकास्मिक बचाव के लिए कोई सुरक्षरात्मक सामग्री स्थल पर उपलब्ध नहीं होना। (4) प्री-लेवेल सत्यापित (अन्य पदाधिकारी से) किये वगैर ही कार्य सम्पादित किया जाना जिससे गलत मंषा की पुष्टि होती है।

(5) माननीय मंत्री एवं सचिव महोदय द्वारा स्थल निरीक्षण के समय प्राक्कलन आडीकाट, लम्बकाट एवं नक्षा इत्यादि उपलब्ध नहीं कराया जाना।

5. उपरोक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री दुर्गा नंद चौधरी कार्यपालक अभियंता को निम्ननांकित दंड विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 710, दिनांक 19 जुलाई 2007 द्वारा संसूचित किया गया :-

(1) निन्दन वर्ष 2002-2003 (2) तीन वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक। (3) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु उक्त अवधि की गणना वेतनवृद्वि एवं पेंषन आदि के लिए की जाएगी।

6. उक्त दंड के विरूद्व श्री चौधरी द्वारा समर्पित अपीलीय अभ्यावेदन दिनांक 8 नवम्बर 2007 की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा के दौरान अपील अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य नहीं पाये गये जिसपर अलग से विचार किया जा सके, फलतः श्री चौधरी के अपील अभ्यावेदन को सरकार द्वारा अस्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। 7. उक्त निर्णय श्री दुर्गा नंद चौधरी, तत0 कार्यपालक अभियंता, शीर्ष कार्य प्रमंडल बाल्मििकीनगर को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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3 सितम्बर 2009

सं॰ 22/नि0सि0 (मुक0) वीर0-19-28/09/883—श्री लक्ष्मी नारायण सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जब वर्ष 1990-91 में पष्चिमी कोषी तटबंध प्रमण्डल, निर्मली में पदस्थापित थे, तो उनके विरूद्ध प्राप्त परिवाद पत्रों की जॉंच मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, वीरपुर एवं विभागीय उड़नदस्ता से कराई गई है। प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा विभागीय स्तर पर की गई। समीक्षोपरांत निम्नांकित प्रथम दृष्टया आरोपों के लिए विभागीय पत्र सं0 2386, दिनांक 6 नवम्बर 1991 द्वारा श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण पूछा गयाः-

(क) जिन बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की वृहत शीर्ष-2711 (गैर-योजना) में उपलब्घ निधि से कराया जाना था, उससे न कराकर अनाधिकृत रूप से व्यय का वहन वृहद्‌ शीर्ष-4711 (योजना मद) से किया गया। इस पुनर्वियोग की शक्तियॉं कार्यपालक अभियंता को प्राप्त नहीं है।

(ख) वर्ष 1988-89 के दायित्वमद की 12,16,625/- का भुगतान नियमों तथा वरीय पदाधिकारियों के आदेषों की अवहेलना कर किया गया।

उक्त आरोपों के संबंध में श्री सिन्हा कार्यपालक अभियंता से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभाग एवं सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरांत श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता का उत्तर तथ्यों पर आधारित न पाकर सरकार द्वारा उन्हें उक्त प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए निलंबित कर विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0 16, दिनांक 22 अप्रील 1993 द्वारा उन्हें निलंबित किया गया एवं सिविल सर्विसेज (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय कार्यवाही का संकल्प ज्ञापांक 940, दिनांक 30 अप्रील 1993 द्वारा आरोप गठित कर विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई। श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के द्वारा उक्त निलम्बन एवं विभागीय कार्यवाही के आदेषों के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 5496/93 दायर की गई। उक्त याचिका की सुनवाई के पष्चात्‌ माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 11 जनवरी 1994 को न्याय निर्णय पारित करते हुए विभाग को निम्नांकित निदेष दिया गयाः-44 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 (I) आरोप पत्र आरोपी को दो सप्ताह में प्राप्त होना चाहिए। (II) वादी (आवेदक) को उत्तर एक सप्ताह के अन्दर देना है। (III) विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के लिए तीन माह समय सीमा निर्धारण अथवा निलम्बन आदेष निरस्त हो जाएगा।

विभागीय कार्यवाही का जॉंच प्रतिवेदन दिनांक 13 अप्रील 1994 को प्राप्त हुआ। अतः माननीय उच्च न्यायालय के न्याय निर्णय के आलोक में चूंॅकि विभागीय कार्यवाही का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के अन्दर नहीं हो सका। अतः मामले के समीक्षोपरांत न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय आदेष सं0 388, दिनांक 17 जून 1994 (ज्ञापांक 1757, दिनांक 17 जून 1994) द्वारा दिनांक 14 अप्रील 1994 के प्रभाव से उन्हें निलम्बन से मुक्त किया गया।

विभागीय कार्यवाही में जॉंच पदाधिकारी से जॉंच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाये गये। प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा विभागीय स्तर पर भी की गई, जिसमें दोनों आरोप प्रमाणित पाये गये। तदुपरांत सरकार द्वारा श्री सिन्हा को उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सेवा से बर्खास्त किए जाने का निर्णय लिया गया। सरकार द्वारा लिए गये उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्र सं0 772, दिनांक 1 जून 1995 द्वारा श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। परन्तु अनेक स्मारों के बावजूद द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर उनसे अप्राप्त रहा। तदुपरांत मामले की समीक्षा विभाग एवं सरकार के स्तर पर हुई और कार्यपालक अभियंता के सेवा से बर्खास्तगी के दण्ड को बहाल रखा गया।

श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के बर्खास्तगी के दण्ड लागू करने के निमित्त नियामनुकूल प्रक्रिया के तहत विभागीय पत्र सं0 1435, दिनांक 6 मई 1997 द्वारा सेवा से बर्खास्तगी दण्ड के प्रस्ताव की बिहार लोक-सेवा आयोग की सहमति हेतु भेजा गया। बिहार लोक-सेवा आयोग द्वारा (उनके पत्रांक 1610, दिनांक 20 नवम्बर 1997) उक्त सेवा से बर्खास्तगी के विभागीय प्रस्ताव में सहमति प्रदान की गई। तदुपरांत श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता के सेवा से बर्खास्तगी के दण्ड प्रस्ताव को संलेख के माध्यम से मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति हेतु भेजा गया। दिनांक 30 जून 1998 को मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक में उक्त विभागीय प्रस्ताव में स्वीकृति प्रदान की गई।

तदुपरांत श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 2006, दिनांक 10 जुलाई 1998 द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

उक्त बर्खास्तगी आदेष के विरूद्ध श्री सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 10828/98 दायर किया गया, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 27 नवम्बर 2008 को न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय दण्डादेष अधिसूचना सं0 2006, दिनांक 10 जुलाई 1998 को निरस्त करते हुए पुनः नये सिरे से विभागीय कार्यवाही चलाने का निदेष दिया गया। जिसके क्रम में मामले के समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना सं0 51, दिनांक 11 फरवरी 2009 द्वारा अधिसूचना सं0 2006, दिनांक 10 जुलाई 1998 को निरस्त किया गया एवं श्री सिन्हा के पूर्व के वेतनादि का भुगतान उनके विरूद्ध नये सिरे से प्रारंभ की जानेवाली विभागीय कार्यवाही के फलाफल पर निर्भर करने का निर्णय लिया गया। माननीय उच्च न्यायालय के न्याय निर्णय के आलोक में श्री सिन्हा के विरूद्ध पुनः विभागीय संकल्प ज्ञापांक 58, दिनांक 12 फरवरी 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई। विभागीय कार्यवाही में जॉंच पदाधिकारी द्वारा जॉंच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। तदुपरांत प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक्‌ समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत हेाते हुए आरोप प्रमाणित नहीं पाये जाने के फलस्वरूप श्री सिन्हा, कार्यपालक अभियंता को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया।

उक्त निर्णय श्री लक्ष्मी नारायण सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को विभागीय ज्ञापांक 795 दिनांक 12 अगस्त 2009 के द्वारा संसूचित किया गया। तत्पष्चात्‌ सम्यक विचारोपरांत श्री सिन्हा को भुगतान के संबंध में निम्नलिखित निर्णय लिया गया :-

(1) निलंबन अवधि दिनांक 22 अप्रील 1993 से दिनांक 13 अप्रील 1994 तक के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के बाद बची अंतर राषि देय होगा।

(2) दिनांक 10 जुलाई 1998 से दिनांक 31 मार्च 2001 के लिए पूर्ण वेतनादि भुगतान देय होगा। उक्त निर्णय श्री लक्ष्मी नारायण सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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7 सितम्बर 2009

सं0 22/नि0सि0(जम0) 12-05/2005/898—श्री चन्द्र कुमार दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, गिरीडीह, झारखंड सम्प्रति सेवानिवृत, जब उक्त कार्यालय में कार्यपालक अभियंता के पद पर पदस्थापित थे तब उनको कोदाय बॉंक बॉंध निर्माण में बरती गयी अनियमितता के आरोपों में प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के फलस्वरूप जल संसाधन विभाग, झारखंड, रॉंची के आदेष संख्या 3562, दिनांक 27 अगस्त 2002 द्वारा निलंबित किया गया।

2. जल संसाधन विभाग, झारखंड, रॉंची के संकल्प संख्या 2861, दिनांक 5 सितम्बर 2002 द्वारा श्री दास तत्का0 का0अ0 (निलंबित) के विरूद्ध असैनिक सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 1930 के नियम 55 के तहत विभागीय45 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 कार्यवाही प्रारम्भ की गई। जॉंच पदाधिकारी के पत्रांक 1462, दिनांक 11 नवम्बर 2003 द्वारा जॉंच प्रतिवेदन झारखंड सरकार को प्राप्त कराया गया।

3. जॉंच पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन की समीक्षा झारखंड सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा के क्रम में झारखंड सरकार द्वारा पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाया गया है।

(I) प्रषासनिक स्वीकृति के लिए प्राक्कलन में प्रषासनिक स्वीकृति के उपरांत कार्य के महत्वपूर्ण अवयवों में बिना तकनीकी औचित्य के हेरफेर कर कार्यकारी प्राक्कलन तैयार करना जिस पर तकनीकी स्वीकृति दी गयी। (II) प्रषासनिक स्वीकृति की राषि से भिन्न राषि की तकनीकी स्वीकृति का प्रस्ताव उपस्थापित करना। (III) बिना प्राक्कलन की तकनीकी स्वीकृति के परिमाण विपत्र की स्वीकृति के प्रस्ताव देने एवं बिना परिमाण विपत्र की स्वीकृति कराए निविदा आमंत्रण करने के लिए श्री दास को दोषी पाया गया। साथ ही इनके द्वारा बिना कार्य का एकरारनामा कराये एवं बिना लीड चार्ट स्वीकृत कराए हुए, संवेदक से कार्य कराया गया तथा प्रथम चालू विपत्र तैयार की गयी।

(IV) डैम फील कार्य में मिट्‌टी का लेयरवाइज कम्पैक्सन (Layerwise compaction) नहीं कराना एवं अन्य गुण नियंत्रण कार्य समुचित ढंग से नहीं कराना।

(V) उड़नदस्ता के जॉंच प्रतिवेदन में बॉंध के टूटे हुए भाग के बे्रड में बड़े-बड़े बोल्डर पाये गये, जिसमें स्पष्ट है कि या तो श्री दास द्वारा बॉंध के प्री सेक्सन की जॉंच शत-प्रतिषत नहीं किया गया अन्यथा निजी लाभ के लिए अनियमित कार्य को प्रोत्साहित किया गया।

(VI) इनके द्वारा न तो प्रभावकारी स्थलीय पर्यवेक्षण करना न ही अपने अधिनस्थ पदाधिकारियों को समुचित निदेष देना।

(VII) योजना के रूपांकण एवं कार्यान्वयन में श्री दास द्वारा बरती गयी अनियमितताओं के कारण सरकारी राषि के गबन एवं दुरूपयोग की स्थिति उत्पन्न हुई एवं बॉंध क्षतिग्रस्त हुआ।

झारखंड सरकार द्वारा समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री दास के देख-रेख में उक्त वर्णित बॉंध का रूपांकण ऑंकड़ों का संकलन हुआ एवं उन्हीं के पर्यवेक्षण में योजना का निर्माण कराया गया। उड़नदस्ता द्वारा अपने प्रतिवेदन में रूपांकण ऑंकड़ों का संकलन एवं स्थल पर का वास्तविक निर्माण कार्य, दोनों ही त्रुटिपूर्ण पाया गया।

4. कंडिका (3) में वर्णित प्रमाणित आरोपों के लिए जल संसाधन विभाग झारखंड, रॉंची द्वारा श्री दास तत्का0 का0अ0 (निलंबित) को निम्न दण्ड देने का निर्णय प्रस्तावित किया गया-

(क) निलम्बन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। (ख) बर्खास्तगी (डिसमिसल)।

5. जल संसाधन विभाग, झारखंड, रॉंची के पत्रांक 297, दिनांक 30 जनवरी 2004 द्वारा उक्त प्रस्तावित दंड की सूचना देते हुए श्री दास से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। जिसका जवाब श्री दास द्वारा दिनांक 22 अप्रील 2004 को जल संसाधन विभाग, झारखंड, रॉंची को समर्पित किया गया। श्री दास से प्राप्त जवाब की समीक्षा झारखंड सरकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत झारखंड सरकार द्वारा श्री दास के स्पष्टीकरण को अस्वीकृत करते हुए पूर्व में प्रस्तावित दंड के आलोक में इन्हें निम्न दंड संसूचित करने का निर्णय लिया गया-

(क) निलम्बन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। (ख) बर्खास्तगी (डिसमिसल)।

6. इस बीच श्री दास का अंतिम कैडर बॅंटवारा होने के उपरांत बिहार राज्य संवर्ग आवंटित हो जाने के फलस्वरूप जल संसाधन विभाग, झारखंड, रॉंची के अधिसूचना संख्या 3734, दिनांक 4 सितम्बर 2004 द्वारा जल संसाधन विभाग, बिहार में योगदान देने हेतु निलंबित अवस्था में ही इन्हें विरमित कर दिया गया, जिसके संदर्भ में इनके द्वारा जल संसाधन विभाग, बिहार में योगदान दिया गया।

7. जल संसाधन विभाग, झारखंड के पत्रांक 1266, दिनांक 31 मई 2007 द्वारा श्री दास के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही से संबंधित संचिका संख्या 8/ज0सं0 (नि0)-ल0सिं0-48/02 की छाया प्रति, जल संसाधन विभाग, बिहार को प्राप्त कराते हुए उक्त वर्णित दंड संसूचित करने का अनुरोध किया गया।

8. झारखंड सरकार से प्राप्त कराये गये संचिका में उपलब्ध अभिलेखों की समीक्षा बिहार सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि जॉंच प्रतिवेदन में जॉंच पदाधिकारी द्वारा श्री दास के विरूद्ध गठित आरोप प्रमाणित पाया गया है। झारखंड सरकार द्वारा श्री दास के विरूद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित पाये जाने के उपरान्त ही उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। वर्णित स्थिति में बिहार सरकार द्वारा भी झारखंड सरकार द्वारा लिये गए निर्णय के आलोक में श्री दास को निम्न दण्ड संसूचित करने का प्रस्तावित किया गया।

(क) बर्खास्तगी (डिसमिसल)। (ख) निलम्बन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

9. श्री दास के सेवा से बर्खास्तगी के प्रस्ताव पर नियमानुसार बिहार लोक-सेवा आयोग से सहमति प्राप्त करने हेतु विभागीय पत्रांक 519, दिनांक 9 जुलाई 2008 द्वारा सचिव, बिहार लोक-सेवा आयोग से अनुरोध किया गया। बिहार लोक-सेवा आयोग से सहमति प्राप्त नहीं हो सकी। इस बीच श्री दास दिनांक 31 जुलाई 2008 को सेवा निवृत हो गये। तत्पष्चात्‌ बिहार लोक-सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 2373, दिनांक 25 अगस्त 2008 द्वारा प्रस्ताव बिना मंतव्य के वापस कर दिया गया।46 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 10. मामले की पुनः समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत इन्हेें सेवा निवृति की तिथि 31 जुलाई 2008 से निलम्बन से मुक्त करते हुए बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 ''बी'' के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय आदेष संख्या 119, दिनांक 14 अक्तूबर 2008 द्वारा इन्हें निलंबन से मुक्त करने का आदेष तथा विभागीय आदेष संख्या 120, दिनांक 14 अक्तूबर 2008 द्वारा बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 ''बी'' के तहत कार्रवाई करने का आदेष निर्गत किया गया।

11. उक्त निर्णय के आलोक में बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 ''बी'' के तहत विभागीय पत्रांक 844 दिनांक 14 अक्तूबर 2008 द्वारा श्री दास से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उपलब्ध अभिलेखाें के आधार पर मामले की सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री दास द्वारा उन्हीं तथ्यों को रखा गया है कि जिन तथ्यों को पूर्व में विभागीय कार्यवाही के क्रम में रखा गया था। समीक्षोपरांत सरकार द्वारा उक्त वर्णित आरोप प्रमाणित पाया। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए इन्हें निम्न दंड संसूचित करने का निर्णय प्रस्तावित किया गया -

(क) शत-प्रतिषत पेंषन एवं उपादान पर सदा के लिए रोक। (ख) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।

12. श्री दास को उक्त वर्णित दंड देने के प्रस्ताव पर नियमानुसार बिहार लोक-सेवा आयोग, पटना से सहमति प्राप्त करने हेतु विभागीय पत्रांक 31, दिनांक 20 जनवरी 2009 द्वारा सचिव, बिहार लोक-सेवा आयोग पटना से अनुरोध किया गया, जिसके संदर्भ में बिहार लोक-सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 848, दिनांक 16 जुलाई 2009 द्वारा उक्त दंड के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई। उक्त वर्णित दंड के प्रस्ताव पर बिहार लोक-सेवा आयोग, पटना के सहमति के उपरान्त मामले को सरकार के स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त उक्त वर्णित प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा मंत्रिपरिषद के अनुमोदनोपरान्त श्री दास सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता को बर्खास्तगी के समतुल्य निम्नांकित दंड देने का निर्णय लिया गया।

(क) शत प्रतिशत पेंशन एवं उपादान पर सदा के लिए रोक। (ख) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।

उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री चन्द्र कुमार दास, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, लधु सिंचाई प्रमण्डल, गिर्रीडिह सम्प्रति सेवानिवृत को बर्खास्तगी के समतुल्य बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत निम्न दंड दिया जाता है। (क) शत प्रतिशत पेंशन एवं उपादान पर सदा के लिए रोक। (ख) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।

उक्त दंड श्री दास सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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8 सितम्बर 2009

सं0 22/नि0सि0(डि0)14-01/2003/902—श्री रवीन्द्र झा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, नासरीगंज को सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, नासरीगंज में 736 (सात सौ छतीस) बोरा सीमेंट के गबन के संबंध में विभागीय उड़़नदस्ता से जॅाच करायी गयी। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन में प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री रवीन्द्र झा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन आधुनिकीकरण प्रमण्डल, नासरीगंज के विरूद्व विभागीय संकल्प सं0 354, दिनांक 12 मार्च 2003 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय कार्यवाही चालाई गयी। जॅाच पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 52, दिनांक 27 फरवरी 2004 द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी तथा सरकार द्वारा समीक्षोपरान्त श्री झा, सहायक अभियन्ता के विरूद्व निम्नलिखित आरोप प्रमाणित पाये गयेः-

1. आवंटित 2200 (दो हजार दो सौ) बोरा सीमेंट की जगह 3000 (तीन हजार) बोरा सीमेंट चालान पंजी पर हस्ताक्षर कर प्राप्त करना।

2. अतिरिक्त 800 (आठ सौ) बोरा सीमेंट का लेखा में नहीं होना। 3. कार्य स्थल से संबंधित कनीय अभियन्ता के रहते हुए भी पत्राचार लिपिक से भंडार प्राप्ति, भंडार संधारण एवं लेखा संधारण का कार्य लेना।

उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री झा, सहायक अभियन्ता को विभागीय आदेश सं0 50, दिनांक 30 जून 2006 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय पत्रांक 519, दिनांक 22 जुलाई 2004 द्वारा सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्तावित दंड पर संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री झा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर नहीं समर्पित करने पर विभागीय पत्रांक 77 दिनांक 23 जनवरी 2006 द्वारा सात दिनों के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा पर उत्तर संबंधित अभिलेख/साक्ष्य निश्चित रूप से उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। जिसके क्रम में श्री झा सहायक अभियन्ता, निलंबित ने अपने पत्रांक शून्य दिनांक 7 फरवरी 2004 द्वारा कतिपय कागजात जो पूर्व में उपलब्ध करायी गयी थी, के अभाव में द्वितीय कारण पृच्छा का जबाब समर्पित नहीं करने का उल्लेख किया गया। विभागीय पत्रांक 465 दिनांक 4 मई 2006 द्वारा पुनः मांगी गयी अभिलेख की छाया प्रति संलग्न करते हुए द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित47 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 करने का निदेश दिया गया। तदोपरान्त श्री झा सहायक अभियन्ता निलंबित ने अपने पत्रांक शून्य दिनांक 26 जून 2006 एवं दिनांक 5 जुलाई 2006 द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया। जिसकी समीक्षा सरकार द्वारा की गयी तथा समीक्षोपरान्त निम्न प्रमाणित आरोपों के लिए श्री झा सहायक अभियन्ता, निलंबित को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। (1) 2200 ( दो हजार दो सौ) बोरा सीमेंट की जगह 3000 (तीन हजार) बोरा सीमेंट प्राप्त करना। (2) अतिरिक्त 800 (आठ सौ) बोरा सीमेंट का लेखा में नहीं लिया जाना। भंडार का भौतिक सत्यापन मात्र 64 बोरा सीमेंट के पाये जाने के कारण प्रमाणित होना।

(3) कार्य स्थल से संबंधित कनीय अभियन्ताओं के रहते हुए पत्राचार लिपिक श्री विजय सिंह को सीमेंट प्राप्त करने का आदेश देना तथा भंडार संधारण कार्य कराना जो नियम के विरूद्व है। बस गबन के लिए श्री झा, सहायक अभियन्ता, निलंबित की गलत मंशा स्पष्ट होती है। सहायक अभियन्ता को सीमेंट के लेखा की निरीक्षण भी प्रतिदिन करना चाहिए था जो नहीं किया गया जिसके लिए भी सहायक अभियन्ता स्पष्ट रूप से दोषी है। श्री झा की उक्त वर्णित दण्ड देने के प्रस्ताव पर नियमानुसार बिहार लोक-सेवा आयोग, पटना से सहमति प्राप्त करने हेतु विभागीय पत्रांक 269, दिनांक 7 अप्रील 2009 द्वारा सचिव, बिहार लोक-सेवा आयोग, पटना से अनुरोध किया गया, जिसके संदर्भ में बिहार लोक-सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 847, दिनांक 16 जुलाई 2009 द्वारा विभागीय प्रस्ताव पर सहमति दी गयी।

उक्त के आलोक में श्री रवीन्द्र झा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, नासरीगंज, निलंबित को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की सहमति हेतु संलेख भेजा गया। उक्त प्रस्ताव पर दिनांक 2 सितम्बर 2009 को मंत्रिपरिषद की सहमति प्राप्त हुई।

अतः सरकार के निर्णयानुसार श्री रवीन्द्र झा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सोन नहर आधुनिकीकरण प्रमण्डल, नासरीगंज सम्प्रति निलंबित को निलंबन से मुक्त करते हुए इस आदेश के निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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5 अक्तूबर 2009

सं0 22/नि0सि0(मोति0) 08-06/2009/919—श्री ब्रज किशोर झा, कार्यपालक अभियन्ता, घोड़ासहन नहर प्रमण्डल, रक्सौल को रक्सौल रेल थाना कांड सं0 006/2009 में अभियुक्त होने एवं दिनांक 18 जुलाई 2009 से न्यायिक हिरासत में रहने के कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 09 के तहत निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हे।

सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री ब्रज किशोर झा, कार्यपालक अभियन्ता, घोड़ासहन नहर प्रमण्डल, रक्सौल को दिनांक 18 जुलाई 2009 के प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

2. निलंबन अवधि में श्री झा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 3. विभागीय कार्यवाही का संकल्प अलग से निर्गत किया जा रहा है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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11 सितम्बर 2009

सं0 22/नि0सि0(यॅा0) 04-01/2004/921—श्री गिरिजानन्दन झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता(यॅा0) सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल सं0 2, वीरपुर के पदस्थापन अवधि (1999-2003) में बरती गयी वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में प्राप्त परिवाद की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता से करायी गयी, जिसमें श्री झा तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सेवानिवृत के विरूद्व प्रथम द्रष्टया आरोप प्रमाणित पाए जाने के फलस्वरूप उनके विरूद्व पूर्व की अस्थायी अग्रिम समायोजित कराए बिना नया अस्थायी अग्रिम स्वीकृत करने जो अस्थायी अग्रिम स्वीकृति करने के मान्य नियमों के तहत नहीं है के आरोपों के लिए विभागीय संकल्प सं0 309, दिनांक 3 जून 2004 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। पुनः विभागीय संकल्प सं0 797, दिनांक 13 जुलाई 2005 द्वारा प्रतिस्थानी आदेश के तहत श्री शंकर राम, मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, वीरपुर को इस कार्य हेतु संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन में श्री झा तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सम्प्रति सेवानिवृत अधीक्षण अभियन्ता के विरूद्व आरोप प्रमाणित पाये गये। समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई तथा सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री झा द्वारा पूर्व में स्वीकृत अस्थायी अग्रिम को समायोजित किए बिना नया अस्थायी अग्रिम की स्वीकृति बिना वित्तीय नियमों का पालन करते हुए दी गयी है, जिससे सरकार को भारी आर्थिक क्षति हुई है।48 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (यॅा0) सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल सं0-2, वीरपुर को उनके पेंशन से दस प्रतिशत की राशि की संचयात्मक कटौती करने का निर्णय संचालन पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए निम्न कारणों से लिया गयाः-

(1) अस्थाई अग्रिम स्वीकृति बिना समायोजन के ही प्रदान करना। (2) वित्तीय नियमों एवं विभागीय निदेशों का अनुपालन नहीं करना। (3) अस्थाई अग्रिम की स्वीकृति के क्रम में सरकार को भारी क्षति पहुॅचाना।

उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0 655, दिनांक 23 जून 2006 द्वारा श्री झा तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता(यॅा0) सम्प्रति सेवानिवृत अधीक्षण अभियन्ता को दस प्रतिशत पेंशन से संचयात्मक कटौती का दण्ड संसूचित किया गया। उक्त निर्णय के विरूद्व श्री झा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 8594/2005 दायर किया जिसमें दिनांक 12 जुलाई 2006 को पारित न्यायादेश में पेंशन कटौती पर कोई मंतव्य न्यायालय द्वारा नहीं दिया गया है। श्री झा द्वारा विभाग में भी अपील अभ्यावेदन समर्पित किया गया। उनके अपील अभ्यावेदन पर सरकार के स्तर पर समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित पाया गया। वित्तीय मामलों में वित्तीय नियम के प्रावधानों के प्रतिकूल अधिक राशि बिना प्रथम अग्रिम के समायोजन के कार्यहित कह कर इसका बचाव नहीं किया जा सकता है। समीक्षोपरान्त पूर्व में प्रमाणित आरोपों के लिए दिये गये दण्ड को यथावत रखने का निर्णय लिया गया है जिस पर माननीय मुख्यमंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त है। उक्त निर्णय श्री गिरिजानन्दन झा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, यात्रिक सम्प्रति सेवानिवृत अधीक्षण अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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10 सितम्बर 2009

सं0 22/नि0सि0(यॉ0) 4-151/94/1005—श्री रविन्द्र प्रसाद, कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, चाण्डिल के पदस्थापन अवधि में बरती गयी अनियमितताओं की जॅाच विभागीय उड़नदस्ता अंचल-1, जल संसाधन विभाग से करायी गयी। उड़नदस्ता अंचल-1 से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के आलोक में श्री प्रसाद के विरूद्व असैनिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55'ए' के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। तद्‌नुसार उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाये गयेः-

(क) भारी मशीनों को संवेदकों को उनके एकरारनामा के कार्य के लिए दिया गया तथा संवेदकों के साथ गलत नियम से मिलजूल कर अनुचित लाभ दिया जाना तथा विभाग को भारी क्षति पहुॅचानां

(ख) 10 एकरारनामा (15 मशीनों) जो न्यूनतम गारण्टी के आधार पर संवेदक के साथ किया गया उसके हायर चार्ज का विपत्र वास्तविक कार्यकारी घंटा के आधार पर तैयार किया जाना अर्थात संवेदक के साथ मिली भगत का गलत मंशा से संवेदक को लाभ देने के लिए एकरारनामा के अनुसार विपत्र नहीं बनाना।

क्र0 मशीन का नाम संवेदक राशि
1 93 एम0 शावेल डी0 के0 रोडलाईन्स 29,48,778/-
2 होलमैन कंबे सर-3614 ्र उपेन्द्र ब्रदर्स 24,156/-
3 बैगन ड्रील मशीन डी0 के0 रोडलाईन्स 2,22,516/-
4 के0 जी0 खोसला एयर कंपे सर-6406 ्र डी0 के0 रोडलाईन्स .................
5 90 सी0 के0 वोकलेन-0159 एम0 बी0 सिंह 3,36,420/-
6 टेरेक्स डम्पर-1510 वही 1,00,200/-
7 टरेक्स डम्पर-1512 वही 1,20,240/-
8 टरेक्स डोजर 3062 एम0 बी0 सिंह 11,09,016/-
9 व्हील डोजर 46 वही ................
10 व्हील डोजर44 ग ैमन इण्टर प्राईजेज 12,51,037/-
11 व्हील डोजर43 डी0 के0 रोडलाईन्स 4,51,369/-
12 व टेक्स डम्पर 1508 ं े वही 18,02,892/-
13 व टेक्स डम्पर 1509 े ं वही एम0 बी0 सिंह 18,17,088/- 1,80,360/-
14 डी0 50 डोजर 8360 भूपेन्द्र ब्रदर्स 3,96,720/-
15 डी0 50 डोजर 8357 प चम सिंह ं 69,600/-
49 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009

Amount of here charges of machines as per agreement (Minimum Working hour) during

period March, 87 to May, 88 under Mechanical Division, Chandil.

Sl No. Name of Agency No. of Machines Amount of bill as per MWH for period 3/87- 5/88 Amount Realised Amt. yet to be Realised
1 M/s D.K. Roadlines 06 72.42 0.00 72.42
2 M/s Bhupendra Brothers 02 4.21 0.44 3.77
3 M/s Pancham Singh 01 0.70 Rs. 4.16 Lakh of Security Money is pending with govt.
4 M/s M.B. Singh 05 18.45 3.75 14.70
5 M/s Geyman (India) Enterprises 01 12.51 0.00 12.51
Total 15 108.29

उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार ने विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 1131, दिनांक 13 जून 2001 द्वारा श्री प्रसाद को निम्न दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गयाः-

(क) निन्दन की सजा प्रविष्टि उनकी चारित्री वर्ष 1987-88 में की जायेगी। (ख) सात वर्षो तक देय प्रोन्नति पर रोक। (ग) पॅाच लाख रूपये की वसूली।

उक्त राशि की वसूली श्री प्रसाद की सेवा अवधि तक रु॰ 2000 प्रत्येक माह की दर से की जायेगी। यदि उपर्युक्त राशि की वसूली उनके सेवाकाल में पूरी नहीं हो पाती है तो वैसी स्थिति में शेष राशि की वसूली उनके सेवानिवृति के पश्चात देय पावनाओं से एक मुश्त में कर ली जायेगी।50 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 उक्त दण्ड के विरूद्व श्री प्रसाद द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 5424/2002 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उक्त वाद में अन्तरिम आदेश से रु॰ 2,000 प्रतिमाह की दर से वसूली को स्थगित कर दिया गया तथा अंतिम रूप से दिनांक 8 सितम्बर 2005 को आदेश पारित करते हुए विभागीय दण्डादेश 1131, दिनांक 13 जून 2001 को निरस्त करते हुए आदेश दिया गया है " The authorities will be at liberty, if so advised, to proceed in the matter in accordance with law." माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उक्त आदेश एवं दिये गये निदेश के आलोक में समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा विभागीय अधिसूचना सं0 1131, दिनांक 13 जून 2001 को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। अतः उक्त के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0 1131, दिनांक 13 जून 2001 को निरस्त किया जाता है एवं उक्त आशय से श्री रविन्द्र प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई यांत्रिक प्रमण्डल, चाण्डिल को संसूचित किया जाता हैं। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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8 अक्तूबर 2009

सं॰ 22/नि0सि0(मुक0)ल0 सि0-19-1029/96/1037—श्री भुवनेश्वर शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल नालंदा, द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में जिला ग्रामीण भूमि नियोजन गारंटी कार्यक्रम के अन्तर्गत योजनाओं के कार्यान्वयन में रू0 18,57,087.38 के गलत भुगतान संबंधी आरोपों के परिपे्रक्ष्य में जिला पदाधिकारी, नालन्दा द्वारा धारा-420, 467, 468, 471, एवं 120 भ0 द0 वि0 एवं 13 भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम के तहत फौजदारी मुकदमा थाना काण्ड सं0 501/85 दायर किया गया। उक्त आरोपों के लिये लधु सिंचाई विभाग के आदेश सं0 7652, दिनाक 29 दिसम्बर 1992 द्वारा श्री शर्मा को निलंबित करते हुए लधु सिंचाई विभाग के संकल्प, ज्ञापांक 2259, दिनांक 24 मार्च 1993 द्वारा श्री शर्मा के विरूद्व आरोप गठित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त लधु सिंचाई विभाग द्वारा सभी आरोप प्रमाणित पाये गये जिसके लिये लधु सिंचाई विभाग द्वारा श्री शर्मा से द्धितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री शर्मा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का स्पष्टीकरण नहीं उपलबध कराये जाने के परिपे्रक्ष्य में लधु सिंचाई विभाग द्वारा एक पक्षीय निर्णय लेते हुए श्री शर्मा के विरूद्व ''सेवा बर्खास्तगी का दण्ड'' अनुमोदन हेतु जल संसाधन विभाग को उपलब्ध कराया गया।

श्री शर्मा द्वारा अपने निलंबन के विरूद्व माननीय उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका सी0डब्लू0जे0सी0सं0 5451/96 दायर किया गया। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में श्री शर्मा को निलंबन से मुक्त किया गया।

श्री शर्मा के बर्खास्तगी का कैबिनेट मेमो मंत्रिमंडल सचिवालय भेजा गया था लेकिन कुछ पृच्छाओं के साथ यह वापस आ गया। इसी बीच श्री भुवनेश्वर शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, दिनांक 31 जुलाई 1997 को सेवानिवृत हो गये। श्री शर्मा के मामले की सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा उनके विरूद्व निम्न आरोप प्रमाणित पाये गयेः-

(क) एन0 आर0 ई0 पी0 के नियमों का बिना पालन किये तथा सक्षम पदाधिकारी के बिना स्वीकृति प्राप्त किये 10.60 लाख रूपये की सामग्री का अनियमित क्रय किया गया तथा अनियमित भुगतान किया गया जिसका न एम0 बी0 ही उपलब्ध है और न प्रमाणक ही।

(ख) मेसर्स चन्दन मेटल इन्डस्ट्रीज, बिहार शरीफ से सामानों की आपूर्ति लिया गया जबकि इस तरह का कोई फर्म ही अस्तित्व में नही है।

(ग) नाम पटल की खरीदगी बाजार दर से (अधीक्षण अभियन्ता से स्वीकृत दर) अधिक दर से मेसर्स चन्दन मेटल इन्डस्ट्रीज शाखा बिहार शरीफ से किया गया।

(ध) मेसर्स चन्दन मेटल इन्डस्ट्रीज के मालिक श्री अशोक सिंह है, जो उनके सौतेले साला के लड़के है। अतः इनके निकट संबंधी होने का प्रमाण पाया गया।

यदि श्री भुवनेश्वर शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता सेवा में रहते तो इन प्रमाणित कदाचार के लिये बर्खास्तगी का दण्ड पाते। अतएव सरकार द्वारा निर्णयोपरान्त श्री भुवनेश्वर शर्मा, सेवानिवृत कार्यपालक अभियन्ता को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत विभागीय आदेश सं0-192 सह पठित ज्ञापांक 384, दिनांक 24 जनवरी 1998 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः-

'' श्री शर्मा के पेंशन एवं उपादान पर शतप्रतिशत सदा के लिए रोक''। श्री शर्मा द्वारा उक्त विभागीय दण्ड के विरूद्व माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 3446/98 वाद दायर किया गया जिसे माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 20 मई 2008 को पारित न्याय निर्णय में खारिज कर दिया गया। माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा उक्त वाद में दिनांक 20 मई 2008 को पारित न्यायादेश के विरूद्व वादी श्री शर्मा द्वारा एल0 पी0 ए0 सं0 571/08 दायर किया गया जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा न्याय निर्णय पारित करते हुए विभागीय आदेश सं0 192-सह-पठित ज्ञापांक 384, दिनांक 24 जनवरी 1998 को निरस्त कर दिया गया एवं सरकार को यह छूट प्रदान किया गया कि विभागीय आदेश सं0 194, दिनांक 27 जनवरी 1998 के आलोक में नियमानुकूल कार्रवाई कर सकती है। यदि सरकार द्वारा दिनांक 27 जनवरी 1998 के विभागीय आदेश के आलोक में वादी के विरूद्व कार्रवाई करने का51 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 निर्णय लिया जाता है तो उसे वादी श्री शर्मा को 90 प्रतिशत औपबंधिक पेंशन बकाया सहित तीन महीने के अन्दर भुगतान करना होगा और वादी के विरूद्व नियम 43 बी0 के तहत संचालित कार्रवाई को न्याय निर्णय हस्ताक्षरित होने की तिथि (दिनांक 9 अप्रील 2009)से 6 माह के अन्दर निष्पादित करना होगा। यदि उपरोक्त कार्रवाई निर्धारित अवधि के अन्दर पूरा नहीं होता है तो वादी को पूर्ण पेंशन एवं उपादान की राशि का भुगतान उनको भुगतान की गयी औपबंधिक पेंशन की राशि को धटाकर करना होगा।

माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा एल0 पी0 ए0 सं0 571/08 में पारित न्याय निर्णय के आलोक में सरकार द्वारा श्री शर्मा के विरूद्व पूर्व संसूचित दण्ड आदेश सं0192 सह पठित ज्ञापांक 384 दिनांक 24 जनवरी 1998 को विभागीय अधिसाूचना सं0 415, दिनांक 25 मई 2009 द्वारा इस शर्त के साथ निरस्त किया गया कि श्री शर्मा के विरूद्व बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत विभागीय आदेश ज्ञापांक 396, दिनांक 27 जनवरी 1998 के अन्तर्गत संचालित विभागीय कार्यवाही के फलाफल से प्रभावित होगा। तदनुसार श्री शर्मा के विरूद्व विभागीय आदेश ज्ञापांक 396 दिनांक 27 जनवरी 1998 के प्रक्रम से विभागीय संकल्प ज्ञापांक 418 दिनांक 25 मई 2009 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करते हुए विभागीय पत्रांक 443 सह पठित ज्ञापांक 443 दिनांक 29 मई 2009 द्वारा श्री शर्मा को 90 प्रतिशत औपबंधिक पेंशन का भुगतान बकाया सहित करने हेतु संयुक्त सचिव, प्रबंधन को निदेश दिया गया। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हंए सरकार द्वारा श्री भुवनेश्वर शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, लधु सिंचाई प्रमण्डल, नालन्दा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्व प्रमाणित आरोपों के लिये निम्नांकित दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः-

(क) श्री शर्मा की सेवानिवृति की तिथि 31 जुलाई 1997 के प्रभाव से शत प्रतिशत पेंशन एवं उपादान पर सदा के लिये रोक।

(ख) श्री शर्मा को औपबंधिक पेंशन एवं उपादान की भुगतान की गयी राशि की वसूली मनीसूट दायर कर किया जाना।

उक्त निर्णय श्री भुवनेश्वर शर्मा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, लधु सिंचाई प्रमण्डल, नालन्दा सम्प्रति सेवानिवृत को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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9 अक्तूबर 2009

सं॰ 22/नि0सि0(भाग0)-09-08/2007/1042—श्री विश्वनाथ प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, सिकन्दरा सम्प्रति सेवानिवृत को सिकन्दरा थाना काण्ड सं॰ 154/07 में कार्रवाई के दौरान दिनांक 6 जुलाई 2007 से 19 जुलाई 2007 तक कारावास में रखे जाने के कारण बिहार सेवा संहिता के नियम 99 के प्रावघानों के तहत उक्त अवधि के लिये विभागीय अधिसूचना सं0 1076, दिनांक 21 नवम्बर 2007 द्वारा निलंबित किया गया।

श्री सिन्हा को उक्त पदस्थापन अवधि वर्ष 2007-08 के दौरान लोअर किउल वैली योजना के बाये नहर प्रणाली के गरसंडा वितरणी में सही ठंग से मेजरमेंट नहीं लेने, संबंधित अधीक्षण अभियन्ता के आदेश के विपरीत संयुक्त लेवल लेने, नियंत्री पदाधिकारी के आदेश का उल्लंधन करने, 1.49 करोड़ रूपये का चेक प्रमण्डल का प्रभार सौंपने के बाद बैक डेट से हस्ताक्षारित करने आदि अनियमितताओं के लिये विभागीय अधिसूचना सं0 1075, दिनांक 21 नवम्बर 2007 द्वारा पुनः निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1099, दिनांक 3 दिसम्बर 2007 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी।

विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त श्री सिन्हा के विरूद्व आर0 एस0 वी0 वाई0 योजनान्तर्गत विभागीय स्वीकृति के बिना लोअर किउल बैली योजना के बाये नहर प्रणाली में योजनाओं का कार्य कराने का आरोप प्रमाणित पाया गया। फलस्वरूप सरकार द्वारा उक्त प्रमाणित आरोपों के लिये श्री सिन्हा को निलंबन से मुक्त करते हुए ''एक वेतनवृद्वि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक एवं निलंबन अवधि में निलंबन भत्तता के अतिरिक्त कुछ देय नहरीं होगा, परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशनादि के लिये की जायेगी'' का दण्ड देने का निर्णय लिया गया। सरकार का उक्त निर्णय विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 62, दिनांक 13 फरवरी 2009 द्वारा श्री सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया गया।

तदनुपरान्त श्री सिन्हा द्वारा अपने कारावास अवधि (दिनांक 6 जुलाई 2007 से 19 जुलाई 2007 के मध्य) का जीवन यापन-भत्ता का भुगतान करने, विभागीय निलंबन अधिसूचना ज्ञापांक 1075, दिनांक 21 नवम्बर 2007 इन्हें विलम्ब से प्राप्त होने के कारण श्री सिन्हा द्वारा दिनांक 30 नवम्बर 2007 को प्रमण्डल का प्रभार देने एवं दिनांक 1 दिसम्बर 2007 तथा दिनांक 2 दिसम्बर 2007 राजपत्रित अवकाश रहने के कारण इनके द्वारा दिनांक 3 दिसम्बर 2007 को मुख्य अभियन्ता का कार्यालय जल संसाधन विभाग, पटना में योगदान करने के कारण दिनांक 21 नवम्बर 2007 से 2 दिसम्बर 2007 की अवधि को कर्तव्य पर मानते हुए पूर्ण वेतन देने तथा निलंबन की अवधि एक वर्ष से अधिक होने के कारण दिनांक 21 नवम्बर 2008 से52 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 13 फरवरी 2009 के बीच जीवन यापन-भत्ता 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत करने हेतु एक अभ्यावेदन विभाग में समर्पित किया गया।

श्री सिन्हा द्वारा समर्पित उक्त अभ्यावेदन में निगरानी से संबंधित विन्दुओं की समीक्षा विभाग के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त निम्नांकित निर्णय लिया गया हैः-

(क) श्री सिन्हा के कारावास अवधि (दिनांक 6 जुलाई 2007 से 19 जुलाई 2007 तक) का जीवन यापन-भत्ता इन्हें देय होगा।

(ख) निलंबन आदेश प्राप्त नहीं होने के कारण दिनांक 21 नवम्बर 2007 से 2 दिसम्बर 2007 की अवधि में इन्हें कर्तव्य पर नहीं माना जा सकता, क्योंकि निलंबन आदेश दिनांक 21 नवम्बर 2007 से प्रभावी है। फलतः उक्त अवधि का निलबन भत्ता ही इन्हें देय होगा।

(ग) निलंबन अवधि के एक वर्ष व्यतीत होने के उपरान्त श्री सिन्हा द्वारा जीवन यापन भत्ता में बढ़ोत्तरी हेतु अभ्यावेदन दिया गया जबकि निलंबन अवधि में ही जीवन यापन भत्ता में वृद्वि के लिए आवेदन दिया जाना था। अतएव भूतलक्षी प्रभाव से जीवन यापन-भत्ता में बढ़ोतरी का आदेश नहीं दिया जा सकता है। उक्त निर्णय श्री विश्वनाथ प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल सिकन्दरा को संसूचित किया जाता है। यहॅा यह भी उल्लेखनीय है कि श्री सिन्हा के विरूद्व सिकन्दरा थाना काण्ड सं0 154/07 में अभियोजन का स्वीकृत्यादेश विधि विभाग के आदेश सं0 एस0पी0 26/08/3499/जे0, दिनांक 3 सितम्बर 2009 द्वारा दिया गया है, जो विभागीय पत्रांक 961 दिनांक 22 सितम्बर 2009 द्वारा आवश्यक कार्रवाई हेतु पुलिस अधीक्षक, जमुई को पे्रषित की जा चुकी है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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7 अक्तूबर 2009

सं0 22/नि0सि0(दर0) 16-07/2006/1018—पश्चिमी कोशी नहर प्रणाली के अन्तर्गत निर्मित एक पथीय पुलों के निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितताओं की जॅाच उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त पुल पुलियों के निर्माण कार्य में संरचनाओं के कार्य की गुणवता विशिष्टि के अनुरूप नहीं रहने, एकरारनामा के राशि की गलत गणना करने, पुलियों के निर्माण का पर्यवेक्षण नहीं करने, घटीया कार्य को सही प्रतिवेदित करने आदि प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सह ज्ञापांक 253, दिनांक 19 मार्च 2007 द्वारा श्री परमानन्द सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमण्डल, झंझारपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 606, दिनांक 18 जून 2007 द्वारा श्री सिंह कार्यपालक अभियन्ता के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई।

विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। फलतः सरकार द्वारा निम्न निर्णय लिया गया है। 1. श्री परमानन्द सिंह, कार्यपालक अभियन्ता (निलंबित) को निलम्बन से मुक्त करते हुए निलम्बन अवधि कर्तव्य अवधि मानते हुए पूर्ण वेतनादि का भुगतान किया जाएगा। पूर्ण वेतनादि के भुगतान में निलम्बन अवधि में प्राप्त भुगतान का सामंजन करते हुए अन्तर राशि का भुगतान होगा। सरकार का उक्त निर्णय श्री परमानन्द सिंह, कार्यपालक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

निलम्बन से मुक्त होने के पश्चात श्री सिंह, मुख्यालय, जल संसाधन विभाग,बिहार, पटना में योगदान करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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12 अक्तूबर 2009

सं0 22/नि0सिं0(पू0) 1-09/2004/1052—श्री शंभू शरण सिन्हा, तत्कालीन प्रभारी उप-समाहत्र्ता (सहायक अभियन्ता) राजस्व सिंचाई प्रमण्डल, पूर्णियॅा द्वारा उक्त पदस्थापन अवधि में बरती गई गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं सरकारी राशि के गबन संबंधी कतिपय आरोपों के लिए सरकार द्वारा इनके विरूद्व विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में निम्नांकित आरोप गठित कर श्री सिन्हा के विरूद्व सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत (विभागीय संकल्प ज्ञापांक 811, दिनांक 16 जुलाई 2005) विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गईः-

1. जलकर रोकड़बही एवं हस्त पावती पत्र का संधारण नहीं करना। हर माह प्राप्ति एवं व्यय मद में शुन्य दर्शाना, व्यवहारिक एवं वैधानिक (निर्धारित) प्रक्रिया का पूर्णतः अनदेखी एवं अवहेलना करना, कपटपूर्ण तरीके से रोकड़वही के अंतशेष में हेरफेर कर कुल रु॰ 48,97,656 का गबन करना।

2. वित्तीय प्रावधानानुसार एक अस्थायी अग्रिम के रहते बिना समायोजन के दूसरा अग्रिम देय नहीं है। जिस माह अस्थायी अग्रिम दिया गया हो उसी माह उसका समायोजन हो जाने के पश्चात्‌ ही दूसरा अग्रिम दिया जाना है। श्री सिन्हा53 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 द्वारा ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और अंचल कार्यालय को अग्रिम के रहते हुए भी अन्य अग्रिम दिया गया। अग्रिम के समायोजन हेतु कभी प्रयास नहीें करना। इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया कि प्रमण्डल कार्यालय द्वारा दिये गये अग्रिमों को अंचल कार्यालय के रोकड़बही में दर्ज किया गया अथवा नहीं। वित विभाग के अंकेक्षण जॅाच दल द्वारा नमुना जॅाच के क्रम में पाया गया कि प्रमण्डल द्वारा हस्तपावती के माध्यम से भिन्न-भिन्न अंचलों को अस्थायी अग्रिम दिया गया, किन्तु उक्त अग्रिम, अंचल के रोकड़बही में दर्ज नहीं था। कुछ अग्रिम अंचल के रोकड़बही में दर्ज था, किन्तु प्रमण्डलीय रोकड़बही में दर्ज नहीं था। इस प्रकार कुल रु॰ 24,76,421 प्रमण्डल द्वारा हस्तपावती पर अंचल कार्यालय को उपलब्ध कराया गया, जो अंचल कार्यालय के रोकड़बही में दर्ज नहीं होने एवं अंचल कार्यालय द्वारा उक्त राशि को अस्वीकार करने से स्पष्ट है कि रु॰ 24,76,421 का गबन करने एवं वित्तीय नियमाें के उल्लंघन के लिए श्री सिन्हा दोषी है।

3. दिनांक 2 मई 2002 को प्रमण्डल द्वारा कुल बीस विपत्रों के माध्यम से रु॰ 16,84,941 की निकासी की गई, किन्तु उक्त तिथि को रोकड़बही के प्राप्ति भाग में मात्र रु॰ 16,29,661 दर्शाया गया। रु॰ 55,280 रोकड़बही में कम राशि प्राप्ति दिखाकर उक्त राशि का गबन करना।

4. श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह, प्रभारी उप-समाहत्र्ता, राजस्व प्रमण्डल, सहरसा के नेतृत्व में एक जॅाच दल द्वारा श्री सिन्हा के कार्यकाल में हुई वित्तीय अनियमितता की जॅाच की गई जिसमें रु॰ 1,40,74,463 के गबन का मामला प्रतिवेदित किया गया। जॅाच दल द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त वित्तीय अनियमितता के लिए श्री सिन्हा एवं तत्कालीन रोकड़पाल के विरूद्व स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जिसका केस नं0 104/04, दिनांक 8 अप्रील 2004 है, जिसमें आई0 पी0 सी0 धारा-409, 420, 467, 471, 120 लगाया गया। जिसका अनुसंधान जारी है।

5. राजस्व प्रमण्डल, पूर्णियॅा के वर्ष 2003-04 के रोकड़बही में पाया गया कि 31 मार्च 2003 के कुल अंतशेष की राशि रु॰ 2,29,24,184.44 को रोकड़बही सं0 59 से रोकड़बही सं0 60 में रु॰ 7,42,004 को आरम्भ शेष के रूप में बिना यह सत्यापित किए दिनांक 1 अप्रील 2004 से 6 अप्रील 2004 तक कोई लेन-देन नहीं हुआ, किया गया। दिनांक 20 अप्रील 2003 को नए उप-समाहत्र्ता प्रभार ग्रहण किए एवं उक्त तिथि को अंतशेष के रूप में रु॰ 83,38,955.44 था।

6. श्री शाहिद लतीफ अंसारी ''तमन्ना'', तत्कालीन रोकड़पाल दिनांक 30 अप्रील 2003 को सेवानिवृत हुए फिर भी उनके द्वारा सेवानिवृति के उपरान्त भी रोकड़ का प्रभार नये रोकड़पाल को नहीं सौपा गया। श्री सिन्हा द्वारा न तो कोई अनुशासनिक कार्रवाई की गई और न ही तत्कालीन रोकड़पाल के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज की गई।

7. सिंचाई राजस्व प्रमण्डल, पूर्णिया द्वारा दिनांक 7 अप्रील 2003 से 30 अप्रील 2003 तक के लिए संधारित रोकड़बही के नमूना जॅाच लेखा परीक्षा समिति के क्रम में पाया गया कि दिनांक 7 अप्रील 2003 को विभिन्न अंचलाधिकारियों के यहॉ लंबित अग्रिम में से रु॰ 1,45,91,294 के अग्रिम का समायोजन लूज-ए-रौल के माध्यम से किया गया है। परन्तु लेखा परीक्षा समिति को इन समायोजनों के लिए किए गये भुगतान से संबंधित लूज-ए-रौल/प्रमाणक नहीं दिखाया गया। किस परिस्थिति में बिना प्रमाणक के उक्त राशि का समायोजन किया गया, के लिए श्री सिन्हा दोषी है।

8. भरपाई पंजी सं0 164 का पृष्ट सं0 82/831 एवं 110-111 जॅाच दल द्वारा सत्यापन के क्रम में गायब पाया गया। इसके साथ ही भरपाई पंजी सं0 159 के पृ0सं0 273 से 276 तक पन्ने गायब पाए गये। जिससे संबंधित राशि रूपया 16,500 के भूगतान का सत्यापन नहीं हो सका।

9. कोषागार से निकासी की गई राशि को रोकड़बही सं0 59 के पृ0सं0 07 पर दिनांक 2 मई 2002 को कुल 20 अद्‌द विपत्रों में सन्निहित राशि रु॰ 16,84,941 रूपया मात्र की जगह रु॰ 16,29,661 दर्ज किया गया है। इस प्रकार रूपया 55,290 को रोकड़बही में दर्ज नहीं किया गया जो वित्तिय नियमों की धज्जियॅा उड़ाने जैसा है। चेक पजी, विपत्र पंजी (जो बाद में तैयार किया गया) का संधारण प्रमण्डल में नहीं किया गया।

10. जॅाच दल द्वारा रोकड़बही में गड़बड़ी आदि के लिए श्री शाहिद लतिफ अंसारी तमन्ना, तत्कालीन रोकड़पाल को जिम्मेवार बताया गया, जो रोकड़ को निजी जागीर समझ कर सरकारी पैसे का निजी लाभ/व्यवहार में उपभोग करते रहे परन्तु श्री सिन्हा कार्यालय प्रघान होने के नाते इतनी बड़ी-बड़ी गलतियों को नजरदांज करते रहे।

(2) विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी द्वारा जॅाच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जॅाच पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8 एवं 9 पूर्णतः प्रमाणित पाया गया। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि सभी आरोप वित्तिय अनियमितता के है एवं सरकार की भारी राशि का गबन किया गया है तथा गबनित राशि के लिए श्री सिन्हा के विरूद्व खजांची हाट थाना, पूणियॅा में प्राथमिकी भी दर्ज है। अतः प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिन्हा को ''सेवा से बर्खास्त'' का दण्ड देने का निर्णय लिया गया। तदुपरान्त सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में प्रस्तावित दण्ड के लिए विभागीय पत्रांक 577, दिनांक 25 जुलाई 2008 द्वारा श्री सिन्हा से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। श्री सिन्हा से लम्बी अवधि के पश्चात भी द्वितीय कारण पृच्छा का जबाब अप्राप्त रहा। तदुपरान्त मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त चूकि विभागीय कार्यवाही में कुल नौ आरोपों में से आठ आरोप प्रमाणित54 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 पाये गये थे एवं सभी आरोप वित्तीय गबन से संबंधित थे, अतः पूर्व प्रस्तावित दण्ड ''सेवा से बर्खास्तगी'' को यथावत रखने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।

(3) तदुपरान्त श्री सिन्हा को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव में विभागीय पत्रांक 78, दिनांक 24 फरवरी 2009 द्वारा बिहार लोक-सेवा आयोग की सहमति प्राप्त करने का अनुरोध किया गया। बिहार लोक-सेवा आयोग ने अपने पत्रांक 849 दिनांक 16 जुलाई 2009 द्वारा श्री सिन्हा को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव में सहमति प्रदान की ।

(4) पुनः श्री सिनहा को सेवा से बर्खास्त करने से संबंधित विभागीय प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की स्वीकृति हेतु भेजा गया। मंत्रिपरिषद द्वारा दिनांक 22 सितम्बर 2009 कीद बैठक में श्री सिन्हा को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव में स्वीकृति प्रदान की गई है।

अतः सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री शंभु शरण सिन्हा, तत्कालीन प्रभारी उप समाहत्र्ता सहायक अभियन्ता, राजस्व सिंचाई प्रमण्डल, पूणियॅा (सम्प्रति लधु सिंचाई विभाग में पदस्थापित) को आदेश निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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13 अक्तूबर 2009

सं0 22/नि0सि0(मोति0) 08-08/2009/1075—श्री ब्रज किशोर झा, कार्यपालक अभियन्ता, घोड़ासहन नहर प्रमण्डल, रक्सौल को रक्सौल रेल थाना कांड सं0 006/2009 में अभियुक्त होने एवं दिनांक 18 जुलाई 2009 से न्यायिक हिरासत में रहने के कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 09 के तहत निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया। तदनुसार विभागीय अधिसूचना सं0 919, दिनांक 10 सितम्बर 2009 द्वारा श्री झा को निलंबित कर दिया गया। श्री झा के जेल से जमानत पर दिनांक 22 अगस्त 2009 को रिहा होने के बाद दिनांक 24 अगस्त 2009 को अधीक्षण अभियन्ता, तिरहुत नहर अंचल, रक्सौल को दिये गये योगदान के आलोक में योगदान स्वीकृत करते हुए योगदान की तिथि से श्री झा को पुनः निलंबित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।

तदनुसार जेल से रिहा होने के बाद श्री झा द्वारा दिनांक 24 अगस्त 2009 को दिये गये योगदान स्वीकृत करते हुए पुनः उसी तिथि 24 अगस्त 2009 से निलंबित किया जाता है।

2. निलंबन अवधि में श्री झा का मुख्यालय मुख्य अभियन्ता, केन्द्रीय रूपांकण संगठन, पटना का कार्यालय निर्धारित किया जाता है।

3. निलंबन अवधि में श्री झा को नियमानुसार अनुमान्य निर्वाह भत्ता देय होगा।

4. विभागीय कार्यवाही से संबंधित संकल्प अलग से निर्गत किया जा रहा है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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14 अक्तूबर 2009

सं0 22/नि0सि0(विभा0) 03-1019/90/1090—श्री राजबल्लभ यादव, तत्कालीन सहायक अभियन्ता फुलवरिया नहर प्रमण्डल, सिरदल्ला, नवादा द्वारा वर्ष 86-87, 87-88 एवं 88-89 की अवधि में नहरों की मरम्मति, सुदृढ़ीकरण, नहरटूट, अनियमित भुगतान आदि आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 1454, दिनांक 21 जून 1991 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री यादव से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा विभाग के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त नहरों की मरम्मति, कार्यपालक अभियन्ता एवं संवेदक के मिलीभगत से निजी स्वार्थ हेतु कार्यो का टुकड़ा-टुकड़ा कर प्राक्कलन बनाने, अनियमित भुगतान आदि आरोप प्रमाणित पाये गयें।

उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार ने विभागीय आदेश सं0 951, दिनांक 9 सितम्बर 1997 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गयाः-

(1) ''निन्दन'' की सजा, जिसकी प्रविष्टि उनकी चारित्री वर्ष 87-88 में की जायेगी। (2) देय तिथि से प्रोन्नति पर सात वर्षो तक रोक। उक्त संसूचित दण्डादेश के विरूद्व लगभग दस वर्षो के पश्चात श्री यादव द्वारा दिनांक 6 मार्च 2008 को अपील अभ्यावेदन विभाग में समर्पित किया गया। उनसे प्राप्त अपील अभ्यावेदन की समीक्षा विभाग के स्तर पर की गयी। समीक्षा के55 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 क्रम में मामला कालबाधित होने के चलते विभागीय आदेश सं01031, दिनांक 22 दिसम्बर 2008 द्वारा उनके अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत कर दिया गया।

पुनः श्री यादव द्वारा दिनांक 12 जनवरी 2009 को विभाग में रिभीजन अपील समर्पित किया गया। श्री यादव से प्राप्त रिभीजन अभ्यावेदन अपील की पुनः समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री यादव को निन्दन वर्ष 1987-88 की सजा को यथावत रखते हुए, देय प्रोन्नति पर सात वर्षो तक रोक की सजा को विलापित करने का निर्णय लिया गया।

उक्त के आलोक में विभागीय आदेश सं0 951, दिनांक 9 सितम्बर 1997 की कंडिका-2 देय तिथि से प्रोन्नति पर सात वर्षों तक रोक को विलोपित किया जाता है।

उक्त निर्णय श्री यादव को संसूचित किया जाता हैं।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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14 अक्तूबर 2009

सं0 22/नि0सि0(पू0) 01-11/2008/1091—श्री सुभाष सिंह, अवर प्रमण्डल पदाधिकारी मुख्य नहर अवर प्रमण्डल, बथनाहा (सिंचाई प्रमण्डल, नरपतगंज के अधीन) अतिरिक्त प्रभार अवर प्रमण्डल मुख्यालय, नरपतगंज द्वारा बाढ़ अवधि में अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता आदि कतिपय आरोपों के कारण विभागीय आदेश-सह-ज्ञापांक 6265, दिनांक 25 अगस्त 2008 द्वारा आदेश निर्गत की तिथि से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में श्री सुभाष सिंह, अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, बथनाहा के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत संकल्प ज्ञापांक 959, दिनांक 26 नवम्बर 2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई।

विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्व आरोप प्रमाणित नहीं पाए जाने के कारण इन्हें निलंबन से मुक्त करते हुए दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है।

सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री सुभाष सिंह, तत्कालीन मुख्य नहर अवर प्रमण्डल, पदाधिकारी बथनाहा को निलंबन से मुक्त करते हुए दोषमुक्त किया जाता है।

2. निलंबन से मुक्त होने के पश्चात श्री सिंह, मुख्यालय, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना में योगदान देंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कृष्ण कुमार प्रसाद, उप-सचिव।

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15 अक्तूबर 2009

सं॰ 22/नि0सि0(यॅा0) 04-126/94/1097—श्री हरिशंकर ठाकुर, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता (यॅात्रिक) द्वारा यांत्रिक प्रमण्डल के विभिन्न पदस्थापन अवधि में बरती गयी कतिपय अनियमितताओं एवं प्रमाणित आरोपों के लिए श्री ठाकुर के विरूद्व निम्नलिखित दण्ड अधिरोपित हैः-

1. श्री हरिशंकर ठाकुर, कार्यपालक अभियन्ता यांत्रिक पर वर्ष 1988 में भूकम्प के पश्चात रेलवे पटरी एव प्ंलेटफार्म की मरम्मति में कतिपय अनियमितताएॅ बरतने के आरोपों की जॅाच करायी गयी। प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन एवं श्री ठाकुर से प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त श्री ठाकुर द्वारा बिना निविदा आमंत्रित किये कार्य कराने तथा वरीय पदाधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना ही कार्य को छोटे-छोटे टुकड़ों में बॅाटकर अपने अधिकार क्षेत्र में लाने के प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के निर्णयानुसार श्री ठाकुर को विभागीय आदेश सं0 317, दिनांक 31 अक्तूबर 1990 सह पठित ज्ञापांक 2040, दिनांक 31 अक्तूबर 1990 द्वारा निन्दन की सजा संसूचित की गयी।

2. श्री हरिशंकर ठाकुर, कार्यपालक अभियन्ता यॅात्रिक द्वारा यांत्रिक प्रमण्डल के पदस्थापन अवधि में बरती गयी अनियमितताओं यथा 100 कि0वा0 के स्कोड़ा जेनरेटिंग सेट के गर्वनर एवं फ्‌यूल मरम्मति हेतु मेसर्स पावर मैक्स इंजीनयरिंग कारपोरेशन, कलकत्ता भेजा गया जो उक्त फार्म से वापस नहीं लिया गया। मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, डालटेनगंज के प्रतिवेदन के आधार पर बिहार सिविल सर्विसेज क्लासि फिकेशन कन्ट्रोल एण्ड अपील रूल 55 ''ए'' के अन्तर्गत विभागीय पत्रांक 2101, दिनांक 29 अगस्त 1990 के द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री ठाकुर से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयीं सम्यक समीक्षोपरान्त श्री ठाकुर, कार्यपालक अभियन्ता, यॅात्रिक पर निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाये गये।

100 कि0वा0 के स्कोड़ा जेनरेटिंग सेट के गर्वनर एवं फ्‌यूल पम्प की मरम्मति हेतु मेसर्स पावर मैक्स इंजीनियरिंग कारपोरेशन, कलकत्ता को दिनांक 8 जुलाई 1977 को कार्यादेश दिया गया, मरम्मति होकर यंत्र लौटा लेकिन पुनः डिफेक्ट के लिए उसी को भेज दिया गया। उक्त दो पार्टी को फार्म से वापस नहीं लेने के चलते सरकार को रु॰ 20,000 की क्षति हुई तथा जेनरेटिंग सेट बेकार पड़ा रहा।56 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 अतः उपरोक्त आरोपों के लिए सरकार के निर्णयानुसार श्री ठाकुर को विभागीय आदेश सं0 857, दिनांक 27 जुलाई 1998 द्वारा निम्नांकित दंड देने का निर्णय लिया गयाः-

(क) श्री हरिशंकर ठाकुर, कार्यपालक अभियन्ता (यॅात्रिक) के चारित्री वर्ष 1977-78 में निन्दन की प्रविष्टि अंकित की जायेगी।

(ख) श्री ठाकुर से रु॰ 6677 (छः हजार छः सौ सतहतर रूपये) मात्र की वसूली की जाए। (ग) तीन वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।

उक्त दण्ड श्री ठाकुर को संसूचित किया गया। श्री हरिशंकर ठाकुर कार्यपालक अभियन्ता यॅात्रिक द्वारा नलकूप प्रमण्डल, खगड़िया के पदस्थापन अवधि में जिला कार्यक्रम (खगड़िया) कार्यान्वयन समिति (20-सूत्री) की दिनांक 22 सितम्बर 1997 की बैठक तथा भगलपुर में जिला एवं विकास तकनीकी समान्वय समिति की दिनांक 15 नवम्बर 1997 की बैठक में भाग नहीं लेने के प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार के निर्णयानुसार विभागीय आदेश सं0 50, दिनांक 16 जनवरी 1999 के द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गयाः- चेतावनी जिसकी प्रविष्टि उनके चारित्री वर्ष 97-98 में की जायेगी। उपरोक्त संसूचित तीनों दण्डादेश क्रमांक 1 से 3 तक के विरूद्व श्री ठाकुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में क्रमशः सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 2040/2000 सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 2041/2000 एवं 2043/2000 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त तीनों वादों को सम्मिलित कर संयुक्त न्याय निर्णय दिनांक 11 जनवरी 2008 को पारित किया गया। दिनांक 11 जनवरी 2008 को पारित अपने संयुक्त न्याय निर्णय में माननीय न्यायालय ने विभाग द्वारा निर्गत तीनों दण्डादेश को निरस्त करते हुए श्री ठाकुर को दिनांक 31 दिसम्बर 1997 को हुई बिहार लोक सेवा आयोग की बैठक की कार्यवाही के आलोक में प्रोन्नति देने का निदेश है।

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उक्त न्यायादेश के आलोक मेें सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-2040/2000 में दण्डादेश सं0 317, दिनांक 3 अक्तूबर 1990 सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 2041/2000 में दण्डादेश सं0 857, दिनांक 27 जुलाई 1998 एवं सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 2043/2000 में दण्डादेश सं0 50 दिनांक 16 जनवरी 2009 को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।

तदनुसार उक्त तीनों दण्डादेश को निरस्त किया जाता हैं; एतद्‌ संबंधी निर्णय श्री हरिशंकर ठाकुर को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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16 अक्तूबर 2009

सं॰ 22/नि0सि0(ल0सि0)-05-102/94 छाया/1104—श्री तारकेश्वर राय, तत्कालीन सहायक अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल, सिमडेगा के पदस्थापन अवधि में रानीकुदर एवं कुरपानी मध्यम सिंचाई योजना, जिसका प्राक्कलन क्रमशः 4.98 लाख एवं 4.53 लाख था, का निर्माण कार्य क्रमशः मार्च 1986 तथा अप्रील 1983 में पूरा किया गया था, वे क्रमशः दिनांक 29 अगस्त 1987 तथा दिनांक 25 जुलाई 1985 को टूट गया। उक्त निर्माण कार्य में गंभीर त्रुटि बरतने, योजना के अल्प अवधि में ही टूटकर बह जाने, रूपांकण में परिवर्तन किये जाने एवं विशिष्टियों के अनुरूप कार्य नहीं किये जाने के परिपे्रक्ष्य में श्री राय, तत्कालीन सहायक अभियन्ता को लधु सिंचाई विभाग के आदेश सं0 160, दिनांक 3 जुलाई 1990 द्वारा निलंबित किया गया। निलंबन के उपरान्त श्री राय के विरूद्व लधु सिंचाई विभाग के संकल्प ज्ञापांक 5959, दिनांक 4 सितम्बर 1991 द्वारा विभागीय कार्यवाही गठित की गयी। जॅाच पदाधिकारी सह मुख्य अभियन्ता, लधु सिंचाई विभाग, रॅाची के पत्रांक-1763, दिनांक 19 दिसम्बर 1992 द्वारा प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन में जॅाच पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। लधु सिंचाई विभाग द्वारा जॅाच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त श्री राय को ''चेतावनी'' का दण्ड अनुशंसित करते हुए संचिका जल संसाधन विभाग को भेजी गयी। जल संसाधन विभाग द्वारा विभागीय अधिसूचना सं0 821, दिनांक 17 अप्रील 1993 द्वारा श्री राय को निलंबन से मुक्त करते हुए जल संसाधन विभाग में योगदान करने हेतु निदेश दिया गया। तदुपरान्त जल संसाधन विभाग द्वारा मामले की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त श्री राय के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाया गयाः-

(क) कुरपानी मध्यम सिंचाई योजना में स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार स्पीलवे की लम्बाई 110 फीट होनी चाहिए थी, जिसके विरूद्व स्पीलवे की लम्बाई कुल 14 फीट ही पाया गया। कम लम्बाई मेें स्पीलवे के निर्माण के कारण नदी के अधिकतम जलग्रोथ को प्रवाहित करना संभव नहीं था।

(ख) कुरपानी स्पीलवे निर्माण में कुल प्राक्कलित मात्र 14,400 घनफीट के बदले पत्थर कटाई मद में 25,691 घनफीट के भुगतान हेतु विपत्र की अनुशंसा करना, जिसके आधार पर भुगतान हुआ।

(ग) रानीकुदर मध्यम सिंचाई योजना के रूपांकण में स्पीलवे क्रेस्ट तल की चौड़ाई 5 फीट रखी गयी थी, जो अत्यंत अपर्याप्त थी।57 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 उक्त आरोपों के लिये बर्खास्तगी का दण्ड अनुमोदित किये जाने के परिपे्रक्ष्य में श्री राय से द्वितीय कारण पृच्छा विभागीय पत्रांक 1379, दिनांक 10 मई 1994 द्वारा किया गया। उनसे प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर एवं मामले के समीक्षोपरान्त श्री राय को दोषी पाया गया। अतएव सरकार द्वारा श्री राय के गंभीर कदाचार, घोर अनियमितताओं के कारण राजकीय धन एवं लोकहित की क्षति हुई। कार्य के प्रति धोर उपेक्षा, तकनीकी सूझबूझ में कमी कार्य निरीक्षण/पर्यवेक्षण का अभाव, दायित्वपूर्ण कार्य करने में पूर्ण अक्षम, अभिभावी नियमों का उल्लंधन करने एवं घोर अनुशासनहीनता बरतने आदि आरोपों के लिये दोषी पाये जाने पर सरकारी सेवा से जनहित में बिहार एण्ड उड़ीसा सबोर्डिनेट (डिसीप्लीन एण्ड अपील) रूल्स 1935 के नियम 2(viii) मिसलेनियस रूल्स बोर्ड अॅाफ रेवेन्यू के नियम 167 के तहत आदेश निर्गत होने की तिथि से विभागीय ज्ञापांक 286 दिनांक 1 फरवरी 1999 द्वारा श्री राय को सेवा से बर्खास्त करने का दण्ड संसूचित किया गया। श्री राय, तत्कालीन सहायक अभियन्ता के सेवा से बर्खास्त करने के दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग एवं मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त थी। उक्त विभागीय दण्ड आदेश के विरूद्व श्री राय द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, रॅाची में सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 5812/99 वाद दायर किया गया जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, रॅाची द्वारा दिनांक 6 मई 2008 को न्यायादेश पारित करते हुए श्री तारकेश्वर राय, सेवा से बर्खास्त सहायक अभियनता के विरूद्व संसूचित विभागीय आदेश ज्ञापांक 286, दिनांक 1 फरवरी 1999 को निरस्त कर दिया गया एवं श्री राय को लगातार सेवा में मानते हुए सेवा में पुनस्र्थापित करने एवं बर्खास्तगी अवधि का 50 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश पारित किया गया। अतएव सम्यक समीक्षोपरान्त सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 5812/99 में माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, रॅाची द्वारा दिनांक 6 मई 2008 को पारित न्यायादेश के अनुपालन के क्रम में श्री तारकेश्वर राय, सेवा से बर्खास्त सहायक अभियन्ता के विरूद्व निर्गत विभागीय बर्खास्तगी दण्ड अधिसूचना सं0 286 दिनांक 1 फरवरी 1999 को विभागीय अधिसूचना सं0-516, दिनांक 9 जुलाई 2008 द्वारा निरस्त करते हुए श्री राय को सेवा में पुनस्र्थापित किया गया। साथ ही बर्खास्तगी अवधि का 50 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश पारित किया गया। तदुपरान्त श्री तारकेश्वर राय, सहायक अभियन्ता के पत्रांक 03 दिनांक 4 सितम्बर 2008 द्वारा निलंबन अवधि के पूर्ण वेतन भुगतान के साथ निलंबन अवधि के विनियमन हेतु प्राप्त अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने की सूचना विभागीय पत्रांक-1041, दिनांक 29 दिसम्बर 2008 द्वारा श्री राय को संसूचित किया गया। श्री राय के निलंबन अवधि एवं बर्खास्तगी अवधि के वेतन के विनियमन के संदर्भ में महालेखाकार (ले0 ए0 ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना द्वारा की गयी पृच्छा के आलोक में श्री राय के निलंबन एवं बर्खास्तगी अवधि में वार्षिक वेतनवृद्वि देय होगा अथवा नहीं, के विन्दु पर विधि विभाग के माध्यम से महाघिवक्ता, बिहार का मंतव्य प्राप्त किया गया। महाघिवक्ता बिहार से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री तारकेश्वर राय, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, लधु सिंचाई प्रमण्डल, सिमडेगा सम्प्रति सहायक अभियन्ता (अवकाश सुरक्षित) बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल सं0 2, आरा के निलंबन अवधि एवं बर्खास्तगी अवधि के संबंध में विभाग द्वारा निम्नांकित निर्णय लिया गया।ः- (क)(1) श्री राय के निलंबन अवधि में निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। (2) निलंबन अवधि की गणना पेंशन के प्रयोजनार्थ की जायेगी। (3) निलंबन अवधि में वेतनवृद्वि देय नहीं होगा। (ख) 1. श्री राय के बर्खास्तगी अवधि दिनांक 1 फरवरी 1999 से सेवा में पुनः स्थापन की तिथि 9 जुलाई 2008 की अवधि में वार्षिक वेतनवृद्वि देय होगा।

2. श्री राय को उक्त अवधि में कुल देय राशि का 50 प्रतिशत भुगतेय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

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26 अक्तूबर 2009

सं॰ 22/नि0सि0(भाग0)-09-05/2003/1139—श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, भागलपुर से उनके उक्त पदस्थापन अवधि, वर्ष 2000-01 के दौरान बबूरा शाखा नहर के चेन सं0-235 (आर) पर आपात्त मरम्मती कार्य में सभी भुगतान विभागीय नियमों के प्रतिकूल किये जाने के कारण विभागीय उड़नदस्ता के जॅाच प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिये सिविल सर्विसेज (क्लासीफिकेशन, कंट्‌्रोल एण्ड अपील) रूल्स 1956 के नियम 55'ए' के तहत विभागीय पत्रांक 337 दिनांक 10 जून 2004 के द्वारा स्पष्टीकरण किया गया। 2. श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा श्री सिंह को विभागीय अधिसूचना सं0 38, दिनांक 22 जनवरी 2009 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित किया गया-

(क) ''निन्दन'' वर्ष 2000-01 (ख) दो वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।58 (cid:18)बहार गजट, 25 नव)बर 2009 3. उपरोक्त विभागीय दण्ड अधिसूचना सं0 38, दिनांक 22 जनवरी 2009 के विरूद्व श्री सिंह द्वारा अपील अभ्यावेदन विभाग में समर्पित किया गया। श्री सिंह के अपील अभ्यावेदन में अंकित विन्दुओं की सम्यक समीक्षा सरकार केे स्तर पर की गयी एवं यह पाया गया कि बबूरा शाखा नहर के चेन-235(आर) पर आपात्त मरम्मति कार्य के संदर्भ में श्री सिंह के विरूद्व गठित आरोप निराघार है। अतएव सरकार द्वारा श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, भागलपुर को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री विजय कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियनता, सिंचाई प्रमण्डल, भागलपुर को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशि भूषण तिवारी, उप-सचिव ।

ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 36Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 25 November 2009. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2009-11-25.45/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2009-11-25.45.