Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 30 December 2009

Published 30 December 2009

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2009-12-30.50
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 9 9 9 9 पौषपौषपौषपौष, , , , 1931931931931 1 1 1 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 50505050 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ———————— 30303030 'दस)ब'दस)ब'दस)ब'दस)बरररर,,,, 2009 2009 2009 2009 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)2, पदःथापन, बदली, श(cid:18)2, छु 7ट(cid:15)

भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मY पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ[त (cid:18)वधान मंडल मY उपःथा(cid:18)पत और अ:य ;य(cid:18)2गत सूचनाएं। 2-7

या उपःथा(cid:18)पत 'कये जानेवाले ूवर भाग-1-क—ःवयंसेवक गु?मA के समादेंटाओं के

सिमितयA के ूितवेदन और उ[त (cid:18)वधान आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0,

मंडल मY पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक।

---

बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0,

भाग-7—संसद के अिधिनयम Rजनपर रांशपित क] एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2,

अनुमित िमल चुक] है। ---

एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन-

भाग-8—भारत क] संसद मY पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के

संसद मY उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयA के पर(cid:15)Jा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान,

ूितवेदन और संसद मY उपःथा(cid:18)पत ूवर आ'द।

---

भाग-1-ग—िशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आ'द ---

सिमितयA के ूितवेदन और संसद मY पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राPयपाल और कायाLQयJA (cid:24)ारा

भाग-9—(cid:18)व_ापन

---

िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

और िनयम आ'द। 9-10

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, भाग-3—भारत सरकार, पRSम बंगाल सरकार और

उUच :यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं

:यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इaया'द। ---

और िनयम, 'भारत गजट' और राPय गजटA के उWरण। ---

पूरक

---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पूरक-क 11-152 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2, , , , छु 7ट(cid:15) और अ:यछु 7ट(cid:15) और अ:यछु 7ट(cid:15) और अ:यछु 7ट(cid:15) और अ:य वैवैवैवैय(cid:18)2क सूचनाएंय(cid:18)2क सूचनाएंय(cid:18)2क सूचनाएंय(cid:18)2क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

कार्मिक विभाग

———

अधिसूचनाएं

10 दिसम्बर 2009

संख्या 7 पी 4-2-24/2007-13265-का॰—दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973(ऐक्ट 2, 1974) की धारा-21 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल अनुबद्ध अनुसूची के द्वितीय स्तम्भ में उल्लिखित पदाधिकारियों को दिनांक 31 अगस्त 2009 से 31 मार्च 2010 तक अनुबद्ध अनुसूची के तृतीय स्तम्भ में उल्लिखित जिले के लिए विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी नियुक्त करते है और निदेश देते है कि उक्त पदाधिकारी उक्त जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) के अन्तर्गत कार्यपालक दण्डाधिकारी को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे।

राज्यपाल उक्त पदाधिकारियों को धारा-144, दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत शक्यिां प्रदान करते है। कटिहार जिलान्तर्गत पदस्थापित पदाधिकारियों/पर्यवेक्षी पदाधिकारियों का नाम एवं पदनाम

वर्ष 2009-10

क्र॰ पदाधिकारी का नाम पदनाम पदस्थापन स्थल
1 2 3 4
1 श्री अमरदीप तिवारी वरीय सांख्यिकी सहायक, जिला योजना कार्यालय कटिहार
2 श्री मुकेश कुमार वर्मा वाणिज्य कर सहायक आयुक्त कटिहार
3 श्री अनिल कुमार शर्मा जिला शिक्षा उपाधीक्षक कटिहार
4 श्री उदय नारायण गुप्ता स0अ0, भवन प्रमण्डल कटिहार
5 श्री बिन्देश्वरी शर्मा कनीय अभि0, भवन प्रमण्डल कटिहार
6 श्री नरेश प्रसाद सिंह कनीय अभि0, भवन प्रमण्डल कटिहार
7 श्री रामजी पंडित कनीय अभि0, भवन प्रमण्डल कटिहार
8 श्री शिव शंकर कोषागार पदाधिकारी कटिहार
9 श्री रमेश प्र0 सिंह सहायक अभियंता, डूडा कटिहार
10 श्री प्रेमचन्द्र साहू अधीक्षक, उत्पाद कटिहार
11 श्री मनोज कुमार सिंह अवर निरीक्षक, उत्पाद कटिहार
12 श्री देवेन्द्र नायक जिला मत्स्य पदाधिकारी कटिहार
13 श्री दिवाकर झा मत्स्य प्रसार पर्य॰, मत्स्य कार्यालय कटिहार
14 श्री शंकर कुमार झा जिला कृषि पदाधिकारी कटिहार
15 श्री कृष्णदेव झा अनुमण्डल उद्यान पदाधिकारी कटिहार
16 श्री बिन्देश्वरी प्रसाद जिला कार्यपालक पदाधिकारी, अजाविनी कटिहार
17 श्री अर्जुन प्रसाद कनीय अभियंता, पथ प्रमण्डल कटिहार/बारसोई
18 श्री रघुवीर शरण स0अ0, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल कटिहार
19 श्री सुभाष राय तदैव कटिहार
20 श्री दुर्गा प्रसाद तदैव कटिहार
21 श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव प्रा0 पदा0, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल कटिहार
22 श्री भुवनेश्वर यादव कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल कटिहार
23 श्री बैजनाथ राय जिला अंकेक्षण पदाधिकारी कटिहार
24 श्री विमल कुमार बनो के क्षेत्र पदाधिकारी कटिहार/बारसाई
25 श्री कमरे आलम सहकारिता प्रसार पदा॰ (मु॰) कटिहार
26 श्री प्रभाकर भारती सहा॰ नियंत्रक, माप और तौल कटिहार
27 श्री सुरेश प्रसाद शूर कार्यपालक अभियंता, पी॰एच॰ई॰डी॰ कटिहार
28 श्री हरि नन्दन सिंह कनीय अभियंता, पी॰एच॰ई॰डी॰ कटिहार/कोढ़ा
29 श्री रंजन कुमार सिंह कनीय अभियंता, सिंचाई प्रमण्डल कटिहार
30 श्री लक्ष्मण प्रसाद कनीय अभियंता, ग्रा0का0 प्रमण्डल-2 कटिहार
31 श्री छोटेलाल प्रसाद कनीय अभियंता, ग्रा0का0 प्रमण्डल-2 कटिहार
32 श्री बिजय कुमार लाल स॰अ॰, ग्रा0का0 प्रमण्डल-2 कटिहार
33 श्री विश्वनाथ प्र0 वर्मा कनीय अभियंता, ग्रा0का0 प्रमण्डल-2 कटिहार
34 श्री अजय चौधरी सहायक अभियंता, ग्रा0का0 प्रमण्डल-2 कटिहार
35 श्री रविन्द्र मिश्र कनीय अभियंता, ग्रा0का0 प्रमण्डल-2 कटिहार
36 श्री शशि भूषण महाराज सहायक अभियंता, नलकूप अवर प्रमण्डल कटिहार
37 श्रीमती अमृता वर्मा महिला पर्यवेक्षिक, बाल विकास परि॰ पदा॰ कटिहार
38 श्रीमती आशारानी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कटिहार ग्रामीण
39 श्री निवास राम प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कटिहार
40 श्री आशुतोष कुमार रंजन स॰अ॰, एन॰आर॰ई॰पी॰ हसनगंज/डण्डखोरा
41 श्री सदानन्द साह कार्य निरीक्षक हसनगंज
42 श्री राम स्वरूप प्रसाद प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी हसनगंज
43 श्री हरिशंकर प्र0 सिंह सहा0 अभियंता कोढ़ा/आजमनगर/मनसाही
44 श्री विन्देश्वरी प्र0 राम कनीय अभियंता कोढ़ा
45 श्री नौशाद आलम प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारी कोढ़ा
46 श्री रामदेव ठाकुर प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी कोढ़ा
47 श्री शंकर रजक प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कोढ़ा
48 श्री रमानन्द मण्डल प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी डण्डखोरा
49 श्रीमती सुनीता कुमारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी फलका
50 श्री शंकर प्रसाद प्र॰स॰प्र॰ पदाधिकारी बरारी
51 श्री शंकर प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी बरारी
52 श्री राजेन्द्र कुमार स॰अ॰, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल काढ़ागोला
53 श्री क्रान्ति कुमार शर्मा अवकाश रक्षित, स॰अ॰, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल काढ़ागोला
54 श्री दीपक कुमार सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल काढ़ागोला
55 श्री अरविन्द कुमार तदैव काढ़ागोला
56 श्री उमेश कुमार वर्मा कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल काढ़ागोला
57 श्री सिया राम यादव प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी कुर्सेला
58 श्री राजा राम चौधरी कार्य निरीक्षक कुर्सेला
59 श्री दयानन्द प्रसाद प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कुर्सेला
60 श्रीमती सीमा कुमारी महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परि॰ कार्यालय कुर्सेला/कोढ़ा
61 श्री ईसरारूल हक प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी समेली
62 मो0 मुस्ताक अहमद प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी समेली
63 श्री जय प्रकाश जयसवाल प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी प ाणपुर पूर्व ्र
64 श्री सुधीर कुमार सहकारिता प्रसार पदाधिकारी प्राणपुर
65 श्री रंजू रानी साहा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मनसाही
66 श्री राजेन्द्र कुमार प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मनसाही
67 श्रीमती नीलम सिन्हा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बारसोई
68 श्री राधिका रमण शर्मा प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी बारसोई
69 श्री सुरेश राम प्रखण्ड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी बारसोई/आजमनगर
70 श्रीमती रिंकू कुमारी मोदक महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परि॰ कार्यालय बारसोई
71 श्री सैयद जमाल हुसैन सहकारिता प्रसार पदाधिकारी बलरामपुर
72 मो॰ अ॰ हमीद सिद्दिकी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी (प्र॰) बलरामपुर
73 श्रीमती सुनीता वर्मा महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परि॰ कार्यालय आजमनगर
74 श्री केदार प्रसार सिंह कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल सालमारी
75 श्री अर्जुन कुमार सिंह सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल सालमारी
76 श्री अर्जुन प्रसाद सिंह कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल सालमारी
77 श्री नरेश चौधरी प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी कदवा
78 श्री कामेन्द्र कुमार कामेश प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कदवा
79 श्री कामेश्वर प्रसाद सहकारिता प्रसार पदाधिकारी मनिहारी
80 श्रीमती कामिनी सिन्हा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अमदाबाद
81 श्री ललन पाण्डेय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अमदाबाद
82 श्री प्रकाश मनि विश्वास प्रखण्ड सांख्यिकी पदाधिकारी मनिहारी
3 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 4 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 5 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अजय कुमार सिन्हा, उप-सचिव।

———

गृह (विषेष) विभाग

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अधिसूचनाएं

16 दिसम्बर 2009

सं॰ स्टेट्‌स/झा0/वि0-307/2007-10375—कार्मिक, लोक षिकायत तथा पेंषन मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रषिक्षण विभाग) भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्र संख्या-14/279/2002 एस॰आर॰(एस॰), दिनांक 15 सितम्बर 2004 की कंडिका-2 में दिये गये दिषा-निदेष तथा उत्तरवर्ती झारखंड एवं बिहार सरकार की सहमति के आलोक में बिहार पुनर्गठन अधिनियम-2000 की घारा-72 की उप-धारा के अन्र्तगत केन्द्रीय सरकार द्वारा अंतिम रूप से आवंटित पथ निर्माण विभाग के निम्नांकित कर्मियों को आपसी सहमति के आधार पर पारस्परिक स्थानान्तरण निम्न रूप में किया जाता है :-

क्र॰क्र॰क्र॰क्र॰ स ं ॰सं॰सं॰सं॰ पदाधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं पदाधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं पदाधिकारी/कर्मचारी पदाधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं का नाम एवं पदनाम जन्म तिथि अंतिम आवंटन से संबंधित अंतिम आवंटन से संबंधित अंतिम आवंटन से संबंधित अंतिम आवंटन से संबंधित केन्द्र सरकार के आदेष केन्द्र सरकार के आदेष केन्द्र सरकार के आदेष केन्द्र सरकार के आदेष स स ं ं स स ख्या एवं तिथि ं ं केन्द्र सरकार केन्द्र सरकार द्वारा अंतिम द्वारा अंतिम द्वारा अंतिम द्वारा अंतिम रूप से रूप से रूप से रूप से आवंटित राज्य पारस्परिक पारस्परिक स्थानान्तरण के स्थानान्तरण के आधार पर आधार पर आधार पर आधार पर स्थानान्तरित स्थानान्तरित स्थानान्तरित स्थानान्तरित राज्य
1 2 3 4 5 6
1 (I) श्री रामू चौधरी, सहायक अभियंता ( I) श्री इन्द्रजीत कुमार आर्य, सहायक अभियंता 05.12.1962 0 1.01.1970 आदेश सं॰-76(झा0)/2006 दिनांक-13.09.2006 आदेश सं॰-76(बि॰)/2006 दिनांक-13.09.2006 झारखंड ि बहार बिहार झ ारखंड

2. पारस्परिक स्थानान्तरण में कार्मिक, प्रषासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, झारखंड, राँची के पत्रांक 2072, दिनांक 1 जुलाई 2005, पथ निर्माण विभाग, झारखंड, राँची के पत्रांक 4608, दिनांक 21 जून 2008 एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 12531, दिनांक 6 नवम्बर 2009 के द्वारा दोनों राज्य सरकारों की सहमति प्राप्त है। पारस्परिक स्थानान्तरण में यात्रा भत्ता देय नहीं होगा तथा गृह (विषेष) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 277, दिनांक 3 फरवरी 2009 के आलोक में वरीयता निर्धारण होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सुश्री अष्विनी दत्तात्रेय ठकरे,

विषेष कार्य पदाधिकारी।6 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009

17 दिसम्बर 2009

सं॰ स्टेट्‌स/झा0वि0-581/2006-10438—कार्मिक, लोक षिकायत तथा पेंषन मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रषिक्षण विभाग) भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्र संख्या-14/279/2002 एस॰आर॰(एस॰) दिनांक 15 सितम्बर 2004 की कंडिका-2 में दिये गये दिषा-निदेष तथा उत्तरवर्ती झारखंड एवं बिहार सरकार की सहमति के आलोक में बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 की घारा-72 की उप-धारा (2) के अन्र्तगत केन्द्रीय सरकार द्वारा अंतिम रूप से आवंटित जल संसाधन विभाग के निम्नांकित कर्मियों को आपसी सहमति के आधार पर पारस्परिक स्थानान्तरण निम्न रूप में किया जाता है :-

क्र॰क्र॰क्र॰क्र॰ स ं ॰सं॰सं॰सं॰ पदाधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं पदाधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं पदाधिकारी/कर्मचारी का नाम एवं का नाम एवं पदनाम जन्म तिथि अंतिम आवंटन से अंतिम आवंटन से अंतिम आवंटन से अंतिम आवंटन से संबंधित केन्द्र सरकार संबंधित केन्द्र सरकार संबंधित केन्द्र सरकार संबंधित केन्द्र सरकार के आदेष संख्या एवं के आदेष संख्या एवं के आदेष संख्या एवं के आदेष संख्या एवं तिथि केन्द्र सरकार केन्द्र सरकार केन्द्र सरकार केन्द्र सरकार द्वारा अंतिम रूप द्वारा अंतिम रूप द्वारा अंतिम रूप द्वारा अंतिम रूप स स े े स स आवंटित राज्य े े पारस्परिक पारस्परिक स्थानान्तरण के स्थानान्तरण के आधार पर आधार पर आधार पर आधार पर स्थानान्तरित स्थानान्तरित स्थानान्तरित स्थानान्तरित राज्य
1 2 3 4 5 6
1 (I) श्री षिव कुमार देव, सहायक अभियंता ( I) श्री प्रीत रंजन, सहायक अभियंता 01.10.1960 1 4.05.1952 आदेश सं॰-6(बि)/2004 दिनांक-29.07.2004 आदेश सं॰-6(झा॰)/2004 दिनांक-29.07.2004 बिहार झ ारखंड झारखंड ि बहार

2. पारस्परिक स्थानान्तरण में कार्मिक प्रषासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, झारखंड, राँची के पत्रांक 2092, दिनांक 1 जुलाई 2005 जल संसाधन विभाग, बिहार के पत्रांक 1678, दिनांक 24 जून 2009 एवं जल संसाधन विभाग, झारखंड, राँची के पत्रांक 3477, दिनांक 23 अगस्त 2007 के द्वारा दोनो राज्य सरकारों की सहमति प्राप्त है। पारस्परिक स्थानान्तरण में यात्रा भत्ता देय नहीं होगा तथा गृह (विषेष) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 277, दिनांक 3 फरवरी 2009 के आलोक में वरीयता निर्धारण होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सुश्री अष्विनी दत्तात्रेय ठकरे,

विषेष कार्य पदाधिकारी।

——— राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ——— अधिसूचनाएं 23 दिसम्बर 2009

सं0 सं0-4/क्षे0स्था0-विविध-जन0-02/09-703(4)रा॰—भारत का राजपत्र सं0 362, दिनांक 27 फरवरी, 2009 तथा संख्या 588, दिनांक 8 अप्रील 2009 सर्व साधारण की सूचना के लिए इसके द्वारा पुनः प्रकाशित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सी0 अशोकवर्धन, प्रधान सचिव ।

गृह मंत्रालय (भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय) अधिसूचना नई दिल्ली, 20 फरवरी, 2009 का.आ. 562 (अ).-जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) को धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार, एतद्‌ द्वारा, यह घोषणा करती है कि वर्ष 2011 के दौरान भारत की जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनगणना के लिए संदर्भ तारीख, जम्मू और कश्मीर राज्य तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों को छोड़कर, मार्च 2011 का प्रथम दिवस, 00.00 बजे होगी : परन्तु जम्मू और कश्मीर राज्य तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तारीख, अक्तूबर, 2010 का प्रथम दिवस, 00.00 बजे होगी।

[फा.सं. 9/7/2009/सी.डी. (सेन)]

देवेन्द्र कुमार सीकरी, भारत के महारजिस्ट्रार

एवं जनगणना आयुक्त।7 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 MINISTRY OF HOME AFFAIRS (OFFICE OF THE REGISTRAR GENERAL, INDIA) NOTIFICATION New Delhi, the 20th February, 2009 S.O. 562 (E)- In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Census Act, 1948, (37 of 1948), the Central Government hereby declares that a census of the population of India shall be taken during the year 2011. The reference date for the census shall, except for the State of Jammu and Kashmir and snow bound non-synchronous areas of Himachal Pradesh and Uttarakhand, be 00.00 hours of the first day of March, 2011: Provided that for the State of Jammu and Kashmir and snow bound non-synchronous areas of Himachal Pradesh and Uttarakhand, the reference date shall be 00.00 hours of the first day of October, 2010.

[F.No. 9/7/2009-CD (GEN)] D.K. SIKRI, Registrar General and Census Commissioner, India.

——— गृह मंत्रालय (भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय) ——— अधिसूचना नई दिल्ली, 2 अप्रैल, 2009 का.आ. 929 (आ).- जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 17 क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार, एतद्‌ द्वारा भारत की जनगणना 2011 का पूर्व-परीक्षण करने के लिए उक्त अधिनियम के प्रावधानों का विस्तार करती है। पूर्व-परीक्षण का कार्य सभी राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों में 28 जून, 2009 से 17 अगस्त, 2009 तक किया जाएगा।

[फा.सं. 9/7/2009/सी.डी. (सेन)], देवेन्द्र कुमार सीकरी, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त।

MINISTRY OF HOME AFFAIRS (OFFICE OF THE REGISTRAR GENERAL, INDIA) NOTIFICATION New Delhi, the 20th February, 2009

S.O. 929 (E)- In exercise of the powers conferred by Section 17 A of the Census Act, 1948 (37 of 1948), the Central Government hereby extends the provisions of the said Act, for conduct of pre-test of Census of India 2011. The pre-test shall be conducted from 28 th June, 2009 to 17th August, 2009 in all the States and Union Territories.

[F.No. 9/7/2009-CD (CEN)]

D.K. SIKRI, Registrar General and

Census Commissioner, India.

ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु'ित। (cid:18)बहार गजट, 41Ñ571+120-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in8 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 9 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राPयराPयराPयराPयपाल और कायाLQयपाल और कायाLQयपाल और कायाLQयपाल और कायाLQयJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूचनाएं और िनयम आ'द।अिधसूचनाएं और िनयम आ'द।अिधसूचनाएं और िनयम आ'द।अिधसूचनाएं और िनयम आ'द।

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समाज कल्याण विभाग ——— शुद्वि-पत्र 16 दिसम्बर 2009 सं॰ स0क0स्था0 10-31/07-4563-विभागीय अधिसूचना सं0 4522, दिनांक 14 दिसम्बर 2009 की कंडिका 1 (एक) में अंकित श्री अजीत कुमार जयसवाल, तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को कुरू गढ़वा के स्थान पर तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कुड़ू, लोहरदग्गा एवं विभागीय अधिसूचना सं0 5293, दिनांक 24 सितम्बर 2006 के स्थान पर अधिसूचना सं0 5293, दिनांक 24 सितम्बर 1996 पढ़ा जाय। 2. उक्त अधिसूचना को इस हद तक संशोधित समझा जाय एवं शेष अंश यथावत रहेगें।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मृत्युंजय गुप्ता, उप सचिव।

——— परिवहन विभाग ——— अधिसूचना 14 दिसम्बर 2009 सं॰ 2/सी0एम0टी0-33/2001-6109—मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 200 के तहत शक्यिों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से छः माह के लिए निम्नांकित पदाधिकारियों को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 178, 179, 180, 181, 182, 183, 184, 185, 186, 187, 188, 189 एवं 190ं के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट दण्डनीय अपराधों के शमन के लिए प्राधिकृत करती है। शमन की राशि उक्त धाराओं में विहित राशि से कम नहीं होगीः-

क्र0सं0 पदाधिकारियों का नाम कार्यक्षेत्र
1 2 3
1. थानाध्यक्ष, कोतवाली कोतवाली थाना क्षेत्र
2. थानाध्यक्ष, पीरबहोर पीरबहोर थाना क्षेत्र
3. थानाध्यक्ष, सुलतानगंज सुलतानगंज थाना क्षेत्र
4. थानाध्यक्ष, हवाईअड्‌डा हवाईअड्‌डा थाना क्षेत्र
5. थानाध्यक्ष, फतुहॉं फतुहॉं थाना क्षेत्र
6. थानाध्यक्ष, दीदारगंज दीदारगंज थाना क्षेत्र
7. थानाध्यक्ष, बाईपास बाईपास थाना क्षेत्र
8. थानाध्यक्ष, रामकृष्णनगर रामकृष्णनगर थाना क्षेत्र
9. थानाध्यक्ष, दानापुर दानापुर थाना क्षेत्र
10. थानाध्यक्ष, पाटलीपुत्रा पाटलीपुत्रा थाना क्षेत्र
10 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009

2. शक्ति प्रदत्त सभी संबंधित पदाधिकारी अपने कार्य का मासिक प्रतिवेदन अलग-अलग परिवहन मुख्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेगें।

3. इस संबंध में पूर्व में निर्गत सभी अधिसूचना इस हद तक संशोधित समझे जायेगें, शेष यथावत रहेंगें।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, सचिव।

ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु'ित। (cid:18)बहार गजट, 41Ñ571+30-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in11 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत

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समाहरणालय, खगड़िया ( स्थापना शाखा ) आदेश 14 नवम्बर 2009 सं॰ 07/मु0/स्था0-576-अंचल अधिकारी चौथम के पत्रांक 535, दिनांक 7 अक्तूबर 2005 से सूचित किया गया कि श्री राम सिंह, राजस्व कर्मचारी, चौथम अंचल सम्प्रति अलौली अंचल द्वारा पंजी II के जमाबंंदी नम्बर 59 में रैयत का नाम व पिता का नाम मिटाकर रैयत के नाम की जगह धानुक शब्द जोड़ दिया गया फिर उसे काट दिया गया। इस संबंध में सक्षम पदाधिकारी का कोई आदेश नहीं लिया गया और न तो उनके द्वारा कोई सूचना ही दी गई। साथ ही, जमाबन्दी में रकवा एवं मांग के नीचे Closed शब्द लिख दिया गया। इस संबंध में भी किसी सक्षम पदाधिकारी का आदेश नहीं लिया गया। वर्त्तमान में पंजी-II में ललित नाम कटा हुआ है एवं धानुक पे0 दिलवार धानुक का नाम दर्ज है तथा 1968 एवं 1983 की लगान वसूली दर्शाते हुए 2001-2002 में लगान रसीद काटा गया है। गलत जमाबन्दी कायम कर और रैयतों को परेशान करने एवं सरकारी रजिस्टर में हेर-फेर करने के लिए तत्कालीन जिला पदाधिकारी, खगड़िया के गोपनीय शाखा के आदेश ज्ञापांक 671/गो0 दिनांक 11 मई 2006 द्वारा तत्कालिक प्रभाव से श्री राम सिंह राजस्व कर्मचारी को निलम्बित कर निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बेलदौर अंचल किया गया एवं बिहार सेवा संहिता के सुसंगत नियमों के तहत्‌ देय जीवन यापन भत्ता से संबंधित आदेश पारित किया गया । स्थापाना उपसमाहर्त्ता, खगड़िया के पत्रांक 402 स्थापना दिनांक 10 अगस्त 2006 के द्वारा अंचल अधिकारी चौथम को निदेशित किया गया कि श्री राम सिंह राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध सभी आरोपों को विधिवत आरोप-पत्र, प्रपत्र 'क' में गठित कर भेजना सुनिश्चत किया जाय ताकि उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही चलाई जा सके। अंचल अधिकारी चौथम के पत्रांक 788, दिनांक 6 सितम्बर 2006 के द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर भेजा गया। प्रपत्र "क" में सरकारी रजिस्टर में हेर-फेर करना, गलत जमाबन्दी कायम कर रैयतों को परेशान करने का आरोप आरोपित किया गया है। प्रपत्र 'क' के आधार पर तत्कालीन जिला पदाधिकारी, खगड़िया के ज्ञापांक 735 स्थापना दिनांंक 8 दिसम्बर 2006 द्वारा तत्कालीन अनुमण्डल पदाधिकारी, खगड़िया श्री कामेश्वर सिंह को संचालन पदाधिकारी के रुप में नियुक्त किया गया। इसकी प्रति अंचल अधिकारी चौथम, निलम्बित राजस्व कर्मचारी श्री राम ंिसंह को प्रपत्र 'क' के साथ हस्तगत कराया गया। जिला पदाधिकारी, खगड़िया के पत्रांक 492/ स्था0 दिनांक 2 अगस्त 2008 के द्वारा श्री कामेश्वर प्रसाद सिंह अनुमण्डल पदधिकारी-सह-संचालन पदाधिकारी खगड़िया को विभागीय कार्यवाही का प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु स्मारित किया गया। श्री कामेश्वर प्रसाद सिंह के स्थानान्तरण के फलस्वरुप जिला पदाधिकारी, खगड़िया के ज्ञापांक 775/स्था0 दिनांक 18 दिसम्बर 2008 के द्वारा संचालन पदाधिकारी के रुप में वर्त्तमान अनुमण्डल पदाधिकारी, खगड़िया श्री राजेन्द्र प्रसाद को नियुक्त किया गया। जिला पदाधिकारी, खगड़िया के ज्ञापांक 735 दिनांक 8 दिसम्बर 2006 के द्वारा श्री सिंह के विरुद्ध चल रही विभागीय कार्यवाही में प्रपत्र 'क' में गठित आरोप, आरोपों के संदर्भ में संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एंव आरोपी श्री सिंह के द्वारा संचालन पदाधिकारी को समर्पित कारण पृच्छा में निहित तथ्य आरोप वार निम्न प्रकार है। आरोप कंडिका-आरोप कंडिका-आरोप कंडिका-आरोप कंडिका- I—आरोपी पर यह आरोप है कि मौजा बोरनेपट्‌टी, कैथी, तौजी न0-540, अराजी-0-19-10 (उन्नीस कट्‌ठा दस धूर) जिसकी जमाबन्दी सं0 59 है की जमाबन्दी में जमाबन्दी रैयत एवं बल्दियत के अंकित पूर्व नाम को आपके द्वारा मिटा दिया गया है। अंचल निरीक्षक की जाँच से यह स्पष्ट हुआ कि रैयत का नाम, पिता का नाम मिटाने के12 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 लिए सर्व प्रथम धिसा गया या केमिकल इत्यादि का प्रयोग किया गया। रैयत के नाम की जगह नाम मिटा कर सिर्फ धानुक शब्द जोड़ दिया गया। मिटाया गया नाम अपठनीय है।

आरोपी का स्पष्टीकरणआरोपी का स्पष्टीकरणआरोपी का स्पष्टीकरणआरोपी का स्पष्टीकरण—आरोपी ने अपने स्पष्टीकरण में उल्लेख किया है कि उनके विरूद्ध लगाया गया आरोप निराधार एवं असत्य है। लगान वसुली के क्रम में ग्राम कैथी के जमावंदी रैयत के वारिसान पुरानी मालगुजारी रसीद लेकर आये थे। आरोपी ने पंजी-II से मिलान कर सही किया है, अर्थात रैयत द्वारा की गई मालगुजारी का भुगतान पुराने मालगुजारी रसीद को देखकर मांग व वसूली दर्ज कर उनके द्वारा लधु हस्ताक्षर किया गया है।

संचालन पदाधिकारी का मंतव्यसंचालन पदाधिकारी का मंतव्यसंचालन पदाधिकारी का मंतव्यसंचालन पदाधिकारी का मंतव्य—वर्त्तमान में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी श्री दिलीप देव तिवारी से जमाबन्दी सं0- 59 की पंजी-II का मिलान हेतु लाया गया एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा पंजी-II के अवलोकन के उपरान्त पाया गया कि पूर्व में जमाबन्दी रैयत का नाम मिटाकर नब्बू धानुक जोड़ा गया। इस प्रकार आरोपी का स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं है एवं आरोप सही प्रतीत होता है।

कंडिका-कंडिका-कंडिका-कंडिका-2222—आरोपित पर पुनः आरोप है कि मूल रैयत के नाम मिटाकर रैयत के नाम की जगह ललित नाम जोड़ दिया गया। वर्त्तमान में ललित नाम कटा हुआ है। नब्बू धानुक पे0 दिलावर धानुक का नाम दर्ज है तथा 1968 एवं 1983 की लगान वसूली दर्शाते हुए 2001-2002 में लगान वसूली दर्शाया गया । प्राधिकारी कॉलम में पूर्व लगान रसीद की वसूली संबंधी उदाहरण दर्शाते हुए आरोपी राजस्व कर्मचारी द्वारा लधु हस्ताक्षर किया गया है। जमाबन्दी के रकवा एवं मांग के नीचे Closed शब्द लिखा हुआ एवं कटा हुआ प्रतीत होता है, वगैर सक्षम पदाधिकारी के आदेश से यह कार्य किया गया है। आरोपी का स्पष्टीकरणआरोपी का स्पष्टीकरणआरोपी का स्पष्टीकरणआरोपी का स्पष्टीकरण—आरोपी ने अपना स्पष्टीकरण में बताया है कि नब्बू धानुक पे0 दिलावर धानुक का नाम पुराने मालगुजारी रसीद देखकर नाम को सुस्पष्ट किया गया है इसकी विवेचना आरोपी द्वारा पूर्व में की गई है। पंजी-II में Closed काटा हुाआ पाया गया है तो आरोपी दोषी नहीं है। प्रमाण स्वरुप मूल जमाबन्दी नं0- 59 रकवा- 19 कट्‌ठा 10 धूर की छाया प्रति अभिलेख के साथ संलग्न जब मूल रकवा में परिवर्त्तन नहीं है तो जमाबन्दी Closed का प्रश्न नहीं उठता है। कारण कि मूल रकवा का खारिज दाखिल हुआ रहता तो उसकी विवेचना यथा दाखिल खारिज वाद सं0 एवं नये जमावन्दी नं0 भी अंकित रहता।

संचालन पदाधिकारी का मंतव्यसंचालन पदाधिकारी का मंतव्यसंचालन पदाधिकारी का मंतव्यसंचालन पदाधिकारी का मंतव्य —आरोपी के विरुद्ध लगाये गये आरोप सही प्रतीत होते है क्योेंकि जमाबन्दी सं0-59 के पंजी-II की मूल प्रति के अवलोकनोपरान्त पाया गया कि गठित आरोप सही है एवं मूल रैयत का नाम मिटाकर ललित नाम पाया गया एवं जमाबन्दी के रकवा एवं मांग के नीचे Closed लिखा हुआ एवं काटा हुआ है। निष्कर्षनिष्कर्षनिष्कर्षनिष्कर्ष—बिना सक्षम पदाधिकारी के आदेश के एवं मनमाने ढ़ग से जमाबन्दी का सृजन निश्चित रुप में राजस्व कागजातों में हेरा-फेरी का मामला बनता है। आरोपी इस हेतु पूर्ण रुपेण दोषी है। साथ ही उनके —त्य को देखते हुए ऐसा लगता है कि सरकार द्वारा स्थापित नियमों का अनुपालन करने में ये अक्षम रहे।

संचालन पदाधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदनों के आलोक में आरोपी श्री सिंह के विरुद्ध लगाये गये उपरोक्त सभी आरोप प्रमाणित होने के फलस्वरुप उन्हे अपने बचाव के निमित एक अवसर प्रदान करते हुए इस कार्यालय के ज्ञापांक 439/ स्थापना दिनांक- 06.10.09 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित करने की सूचना निर्गत की गई। उक्त आलोक में श्री सिंह ने दिनांक- 16.10.09 को अपनी द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित किया। द्वितीय कारण पृच्छा में उल्लेखित तथ्यों का अवलोकन किया गया। सर्वप्रथम द्वितीय कारण पृच्छा की प्रथम कंडिका में श्री सिंह ने अपने उपर लगाये गये आरोपों का जिक्र किया है जिसकी चर्चा पूर्व में कर दी गई है। इनका यह कहना है कि चौथम अंचल में इनका पदस्थापन माह जुलाई 2000 में हुआ था तथा जून 2005 में उनका स्थानान्तरण हो गया। स्थानान्तरण के लगभग 1 साल के बाद इनके ऊपर आरोपो को आरोपित किया गया है।

श्री सिंह का यह आरोप वेबुनियाद एवं सत्य से परे है। पंजी-II में जो हेरा-फेरी की गई है इनके पदस्थापन कार्य अवधि में ही इन्ही के द्वारा की गई है। संचालन पदाधिकारी ने इस आरोप को अपने संचालन कार्यवाही के दौरान सिद्ध प्रमाणित किया है।इसके अतिरिक्त आरोपी श्री सिंह ने अपने प्रथम कारण पृच्छा के कंडिका-1. में स्वीकार किया है कि उन्होने मैंने पंजी-।। से मिलान कर स्याहा कर दिया और प्राधिकार वाली स्तम्भ में उपर्युक्त टिप्पणी दर्ज कर अपना लद्यु हस्ताक्षर कर दिया।

आरोपी श्री सिंह ने विशेष रूप से तत्कालीन मुखिया श्री अनिल कुमार सिंह ग्राम पंचायत मध्य बोरने पर आरोप का उल्लेख किया है कि मुखिया से इनकी व्यक्तिगत दुश्मनी थी। उन्हें जान से मारने की धमकी मुखिया के द्वारा दी गयी। मुखिया के विरुद्ध चौथम थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी जिसका काण्ड सं0 101/2002 दिनांक 4 अगस्त 2002 धारा, 341, 383, 332, 353, 379, 504, एवं 506, 34 भा0 द0 वि0 अंकित किया गया। मुखिया द्वारा उनके ऊपर लगाया गया आरोपो में तत्कालीन अंचल निरीक्षक की संलिप्तता रहीं है।

श्री सिंह के द्वारा उपर की कंडिका में जो आरोप तत्कालीन मुखिया श्री अनिल कुमार सिंह के विरूद्ध लगाया गया है, आरोप अपराधिक मामला से संबंधित है। वर्त्तमान आरोप पंजी।। की जमावंदी संख्या 59 में कटिंग, अपलेखन एवं हेरा-फेरी से संबंधित है। जहॉ तक तत्कालीन अंचल निरीक्षक की संलिप्तता के बारे में आरोप का प्रश्न है, इस संदर्भ में श्री सिंह के द्वारा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। विषयवस्तु से हट कर इन्होंने दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया है, ताकि ये आरोप से बच सकें।13 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 आरोपी का यह भी कहना है कि दिनांक-11-05-2006.को उन्हें निलंवित किया गया एवं दिनांक 8 दिसम्बर 2006.

को आरोप गठित किया गया। यह कार्रवाई नियम-4(7) सी0सी0 ए0 नियमावली-2005.के विरूद्ध है। लगभग ढ़ाई वर्ष तक जॉच की कार्रवाई लंबित रही फलस्वरूप माननीय उच्च न्यायालय, पटना में रिट याचिका दायर करने के सिवा कोई उपाय नहीं रहा। श्री सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा दिये गये नियमावली का उल्लेख किया है यथा-वर्ष-2000.(।) पी0एल0 जे0आर0-116. एल0के0वर्मा वनाम बिहार सरकार में पारित आदेश का उल्लेख अपने द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर की कंडिका-9. में किया है। जॉच के क्रम में पर्याप्त समय देकर क्रोस एक्जामिनेशन एवं गवाहों से गवाही लेने इत्यादि प्रक्रिया अपनाये जाने का प्रावधान है। द्वितीय कारण पृच्छा की कंडिका-10 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना के प्रतिवेदित वाद-2008(4), पी0एल0जे0आर-315 का उल्लेख किया गया है कि स्वयं जॉच पदाधिकारी को गवाह के रूप में नहीं माना जा सकता है। इससे जॉच निष्पक्ष नहीं हो सकता है। इसी तरह आरोपी द्वारा 2008.(3) पी0एल0जे0आर-97 पवन कुमार टिकरेवाल वनाम बिहार सरकार एवं अन्य तथा ए0आई0आर-1984 एस0सी0-1356 अर्जुन चौबे बनाम युनियन ऑफ इण्डिया एवं अन्य में अपनाये गये सिद्वांत का उल्लेख किया गया है। उक्त प्रतिवेदन ए0आई0आर0 में उल्लेखित है कि जॉच प्रतिवेदन Vitiate कर जाता है, जब जाँच पदाधिकारी स्वयं गवाह भी बन जाते है। श्री सिंह का यह भी कहना है कि कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी की भी नियुक्ति नहीं की गई है। संचालन पदाधिकारी प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रुप में कार्य किया है जो नियम के विरुद्ध है। अतः निलम्बित राजस्व कार्मचारी श्री सिंह द्वारा अनुरोध किया गया है कि इन्हे विभागीय कार्यवाही एवं निलम्बन से मुक्त किया जाय।

श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा में यह भी उल्लेख किया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक11 मई 2009 को उक्त रिट याचिका में आदेश पारित किया गया है, जिसमें जिला पदाधिकारी, खगड़िया को आदेश की प्रति प्राप्त करने अथवा आदेश की प्रति उपस्थापन की तिथि से 1-माह के अन्तर्गत संचालन पदाधिकारी की नियुक्ति करने, संचालन पदाधिकारी को 4-माह के अन्तर्गत कार्यवाही पूरी करने, जिला पदाधिकारी को 2-माह के अन्तर्गत अन्तिम आदेश पारित करने का निदेश है। साथ ही इनके द्वारा एल0पी0ए0 नं0-/2009. दायर किया गया है। श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा में कुछ नियमों का उल्लेख किया गया है। श्री सिंह का कहना है कि जॉच पदाधिकारी द्वारा किसी भी मौके पर साक्ष्य, गवाहों की सूची नहीं प्राप्त की गई है तथा क्रॉस एक्जामिनेशन नहीं किया गया है। मात्र अंचल अधिकारी के प्रतिवेदन पर कार्रवाई हुई है। जॉच पदाधिकारी द्वारा पंजी-।। का अवलोकन किया गया है तथा दोष सिद्ध किया गया है, जबकि संचालन पदाधिकारी के द्वारा किसी भी तरह की जॉच साक्ष्य के आधार पर नहीं किया गया है।

आरोप इतना स्पष्ट है कि आरोप को सिद्ध करने के लिए संचालन पदाधिकारी को किसी गवाह की आवश्यकता नहीं पड़ी। गवाह तथा वाह्‌य साक्ष्य की आवश्यकता तब होती है जब आरोप का स्वरूप ऐसा हो कि इसे सिद्ध गवाह के माघ्यम्‌ से ही संभव होता हो। वर्त्तमान आरोप दस्तावेजी साक्ष्य पर आधारित है। साक्ष्य की पुष्टि स्वरूप आरोपी का लद्यु हस्ताक्षर पंजी-।। में अंकित है। द्वितीय कारण पृच्छा की कंडिका-। में इन्होनें स्वयं स्वीकार किया है कि पंजी-।। में जमावंदी रैयत का नाम स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था रैयत द्वारा दिये गये पुराने मालगुजारी रसीद को देख कर अद्यतन मालगुजारी रसीद दिया गया। पुरानी मालगुजारी रसीद संख्या-863303 है। यह रसीद जमावंदी संख्या-77. से संबंधित है न कि जमावंदी संख्या-59. से।

संचालन पदाधिकारी सह अनुमण्डल पदाधिकारी, खगड़िया के उपरोक्त जाँच प्रतिवेदन के अतिरिक्त श्रीमति उषा सहनी माननीय स0 वि0 प0 (बिहार विधान परिषद) के द्वारा खगड़िया जिला अन्तर्गत चौथम अंचल के मौजा बोरने पट्‌टी कैथी के जमाबंदी सं0-59 में की गई गड़वड़ी को दूर करने हेतु निवेदन के संदर्भ में अंचल अधिकारी चौथम के पत्रांक-361 दिनांक 14 मई 2007 (जो अपर समाहर्त्ता को संबोधित है) के माध्यम से प्रेषित उत्तर सामग्री भी आरोपित राजस्व कर्मचारी श्री सिंह के विरूद्ध लगाये गये आरोपों को प्रमाणित करता है। उक्त निवेदन के उत्तर स्वरुप जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उस में भी यह स्पष्ट है कि श्री सिंह द्वारा जामाबंदी सं0-59 से संबंधित प्रविष्टियों का अपलेखन कर मौजा बोरने के दूसरे रैयत की जमाबंदी एवं रसीद यथा मूलतः जमाबंदी सं0-77 अकबर मियॉ एवं जमाबंदी सं0-104 अशर्फी शर्मा के नाम से क्रमशः लगान रसीद सं0 863303 दिनांक 31 मार्च 2008 एवं लगान रसीद सं0 33422, दिनांक 2 नवम्बर 1983 को आधार मानते हुए श्री सिंह द्वारा जमाबंदी स0-59 में अपलेखन कर प्रविष्टि अंकित की गई है।

उपर्युक्त सारे तथ्यो,ं संचालन पदाधिकारी के द्वारा विभागीय कार्यवाही पूर्ण कर लेने के पश्चात प्रेषित अभिलेख, उपलब्घ कागजातों एवं साक्ष्यों पर जाँचोंपरान्त निलंबित राजस्व कर्मचारी श्री राम सिंह पर लगाये गये दोनों आरोप सही सिद्ध होते हैं। वस्तुतः पंजी-II संधारित जमाबंदी के आलोक में निर्गत रसीद किसी भी रैयत का जमीन पर दखल साबित करता है। सक्षम पदाधिकारी के आदेश के बिना पंजी-II में किसी भी प्रकार की प्रविष्टि करने का अधिकार राजस्व कर्मचारी को नहीं है। श्री सिंह द्वारा जिस तरह पंजी-II में अपलेखन का कार्य किया गया है, यह गंभीर आरोप की श्रेणी में आता है। इससे भूमि विवाद उत्पन्न होते हैं। किसी रैयत की जमाबंदी पर किसी दूसरे रैयत का नाम अंकित करना गंभीर अपराध है। इससे शांति व्यवस्था भंग होती है, समाज में अशांति पैदा होती है, एवं खून खरावा तक की संभावना बनी रहती है। निलम्बित राजस्व कर्मचारी श्री राम सिंह को सरकारी सेवा से वर्खास्त किये जाने के यथेष्ट कारण है, तथा उपर्युक्त तथ्यों, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाये गये आरोपों एवं आरोपी से श्री सिंह राजस्व कर्मचारी द्वारा समर्पित प्रथम एवं द्वितीय कारण पृच्छा तथा अभिलेख में पोषित अन्य कागजातों, पंजी-II, गलत जमाबन्दी कायम कर रैयतों को परेशान करना, सरकारी रजिस्टर में हेरा-फेरी भयावह रुप से करना,आदि की विवेचन से यह स्पष्ट रुप से प्रमाणित होता है कि इनके ऊपर14 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 लगाये गये सभी आरोप सही है तथा यह सुनियोजित षड़यंत्र, जालसाजी बेईमानी, कदाचार के तहत किया गया है। इनके द्वारा अपने कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान सरकारी सेवा में शील तथा कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा नहीं रखी गई तथा इनका आचरण बिहार सरकारी आचार नियमावली-1976 के नियम-12 का सर्वथा उल्लंधन है।

उपरोक्त आरोप इतने गंभीर है कि इन्हे यदि कठोरतम दण्ड नहीं दिया जाता है, तो उपरोक्त जधन्य कुु—त्य को रोकना संभव नहीं है तथा जनहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी उचित नहीं होगा। उक्त परिपेक्ष्य में श्री सिंह की द्वितीय कारण पृच्छा को अस्वीकृत किया जाता है। वोर्ड प्रकीर्ण नियमावली 1958 के नियम 65 के तहत स्पष्ट किया गया है कि कपट, बेईमानी लगातार और जानबूझ कर की जानेवाली उपेक्षा और नैतिक कलंक के सभी अपराधों का समुचित दण्ड वर्खास्तगी है। आरोपी का यह अपराध Rarest of the Rare Case की श्रेणी में आता है। अतः उपरोक्त आरोपों के प्रमाणित होने के कारण बिहार वोर्ड प्रकीर्ण नियमावली के नियम 165 एवं 166 तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 एवं 18, संशोधित नियमावली 2007 के नियम 14 (II) में विनिदिष्ट शक्तियों के आलोक में मैं अभय कुमार सिंह, भा0प्र0से0 जिला दंडाधिकारी-सह-समाहत्र्ता, खगड़िया श्री राम सिंह निलम्बित राजस्व कर्मचारी चौथम अंचल वर्त्तमान मुख्यालय खगड़िया अंचल को आदेश निर्गत की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त Dismis करता हूँ।

मेरे हस्ताक्षर एवं कार्यालय के मोहर से आज दिनांक 14 नवम्बर 2009 को निर्गत किया गया। श्री राम सिंह से संबंधित व्योरा निम्न प्रकार हैः- 1. सरकारी सेवक का नाम - श्री राम सिंह 2. पिता का नाम - श्री राज बल्लभ सिंह 3. पदनाम - राजस्व कर्मचारी 4. कार्यालय का नाम - अंचल कार्यालय चौथम सम्प्रति खगड़िया अंचल 5. जन्म तिथि - 15 दिसम्बर 1963 6. सेवा में प्रथम नियुक्ति की तिथि- 5 जून 1986 7. वेतन मान्‌ - 3050-75-3950-80-4590 8. स्थायी पता - सा0 थाना - उचका गांव, जिला- गोपालगंज

(ह॰) अस्पष्ट, जिला दण्डाधिकारी एवं समाहर्त्ता, खगड़िया।

——— समाज कल्याण विभाग ——— अधिसूचना 14 दिसम्बर 2009 सं॰ स0क0 स्था0- 10-31/07- 4522—श्री अजीत कुमार जयसवाल तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कुरू गढ़वा सम्प्रति जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, कैमूर (भभुआ) के विरूद्ध उपायुक्त, लोहरदग्गा से प्राप्त आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के आलांक में विभागीय अधिसूचना संख्या 5293 दिनांक 24 सितमबर 2006 द्वारा निलंबित किया गया था तथा विभागीय संकल्प संख्या 6398 दिनांक 27 नवम्बर 1999 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया था। श्री जयसवाल द्वारा निलंबन अवधि में अपने निर्धारित मुख्यालय में दिनांक 10 जनवरी 1997 को योगदान किया गया। दिनांक 14 नवम्बर 2000 को बिहार विभाजन के फलस्वरूप समवर्ग विभाजन में औपबंधिक आवंटन झारखण्ड में हो जाने के कारण उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित संचिका झारखण्ड सरकार को पृष्ठांकित किया गया था। झारखण्ड सरकार द्वारा श्री जयसवाल के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही पर अंतिम निर्णय नहीं लिऐ जाने तथा संवर्ग विभाजन में अंतिम आवंटन बिहार किये जाने के फलस्वरूप झारखण्ड सरकार द्वारा श्री जयसवाल को निलंबन की स्थिति में ही बिहार में योगदान हेतु विरमित कर दिया गया।

2. श्री जयसवाल द्वारा अपने निलंबन के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 5697/05 दायर किया गया जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा श्री जयसवाल को निलंबन से मुक्त करने का आदेष पारित किया गया। माननीय न्यायालय के आदेष के अनुपालन में विभागीय अधिसूचना संख्या 5707 दिनांक 20 सितम्बर 2006 द्वारा दिनांक 1 फरवरी 2006 से श्री जयसवाल को निलंबन से मुक्त किया गया तथा निलंबन अवधि के संबंध में अलग से निर्णय लिये जाने का आदेष निर्गत किया गया। माननीय न्यायालय नें श्री जयसवाल को दोष मुक्त कर दिया गया। झारखण्ड सरकार द्वारा श्री जयसवाल के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही का संचालन नहीं किये जाने के कारण उपायुक्त, लोहरदग्गा द्वारा गठित आरोप पत्र, प्रपत्र 'क' के अनुसार श्री जयसवाल के विरूद्ध पुनः विभागीय कार्यवाही संचाालित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के अनुसार श्री जयसवाल के विरूद्ध आरोप प्रमाणित नहीं हुए तथा उन्हें दोषमुक्त पाया गया।15 (cid:18)बहार गजट, 30 'दस)बर 2009 3. माननीय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी लोहरदग्गा के न्यायालय द्वारा श्री जयसवाल को दोषमुक्त पाये जाने एवं उनके विरूद्ध संचालित विभागयी कार्यवाही में निर्दोष पाये जाने पर विभागीय कार्यवाही समाप्त कर दी गई। उपयुक्त तथ्यों के आधार पर श्री जयसवाल के निलंब अवधि के मामलें में सम्यक विचारोपरांत दिनांक 10 जनवरी 1997 से 31 जनवरी 2006 तक निलंबन अवधि को बिहार सेवा संहिता के नियम 97(2) के तहत कर्त्तव्य अवधि मानते हुए वेत्तन भुगतान की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से। मृत्युंजय गुप्ता, उप सचिव।

ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु'ित। (cid:18)बहार गजट, 41Ñ571+30-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 30 December 2009. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2009-12-30.50/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2009-12-30.50.