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विषयः—कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अधीन ''बिहार विरासत विकास समिति'' के गठन के संबंध में।
बिहार के विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक/ऐतिहासिक विरासत के बहुआयामी समुचित सुरक्षण,संरक्षण, संवर्द्धन, उन्नयन, सौन्दर्यीकरण, शोध कार्य, देशी-विदेशी पर्यटकों में आकर्षण एवं विरासत को संसाधन के रूप में विकसित कर जनमानस में विरासत के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन ''बिहार विरासत विकास समिति'' नामक एक स्वशासी संस्थान का गठन किया जाता है। 2. उक्त समिति के निम्नांकित उद्देश्य होंगे : 2.1. बिहार के पुरातात्विक विरासत का अन्वेषण, सर्वेक्षण, सूचीकरण, संरक्षण, संवर्द्धन एवं उन्नयन कर आमजनों को अपने विरासत के प्रति जागरूक करना।
2.2. आवश्यकतानुसार ऐसे पुरातात्विक स्थलों का उत्खनन कर तत्कालीन सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक एवं तकनीकी आदि परिवेश की जानकारी प्राप्त करना।
2.3. पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त पुरावशेषों को उपचारित कर, सुरक्षित करना एवं विभिन्न संग्रहालयों में इसे प्रदर्शित करना।
2.4 पुरातात्विक स्मारकों, अवशेषों एवं धरोहर-भवनों का संरक्षण, संवर्द्धन एवं उन्नयन हेतु विशिष्ट परियोजना तैयार करना।
2.5 पुरातात्विक स्थलों के उत्खनन से प्राप्त अथवा ऐसे धरोहरों के अद्यतन अध्ययन से प्राप्त पुरावशेषों से
P.T.O. ….2 सम्बन्धित प्रतिवेदन प्रकाशित करना।
2.6 पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त पुरावशेषों/कला-निधियों को सुरक्षित रूप से प्रदर्शित करने हेतु आवश्यकतानुसार संग्रहालय का निर्माण करना।
2.7 ऐसे स्थलों को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित कर, जनसामान्य को इसके प्रति आकर्षित करना। 2.8 पुरातात्विक महत्व के स्थलों/स्मारकों को संसाधन के रूप में विकसित करना, जिससे वहाँ की जनता लाभान्वित हो सके एवं उनकी रूचि विरासत की रक्षा के प्रति जागृत हो।
2.9 आमजनों को विरासत के परिरक्षण/संरक्षण के प्रति उत्प्रेरित करना।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 3 फरवर(cid:15) 2010 2.10 परिरक्षण/संरक्षण हेतु पुरातात्विक विरासत लीज पर लेना अथवा इसके अधिग्रहण हेतु सरकार को सलाह देना।
2.11 पुरातात्विक महत्व के टीलों/स्मारकों/विरासत-भवनों/कला-निधियों को चिह्नित करना। 2.12 राष्ट्रीय एवं क्षे़त्रीय संस्थाओं के साथ आपसी सहयोग करना एवं बौद्धिक तथा तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान करना।
2.13 विरासत के संरक्षण से सम्बन्धित कार्यशाला, गोष्ठियाँ एवं व्याख्यान आयोजित करने की व्यवस्था कराना। 2.14 विरासत के संरक्षण/परिरक्षण हेतु वित्तीय, तकनीकी एवं बौद्धिक रूप से विरासत-बैंक की तरह कार्य करना।
2.15 विरासत संरक्षण से संबंधित तकनीकी एवं वैज्ञानिक शोध कार्यों को उत्प्रेरित करना। 2.16 विरासत के संरक्षण एवं शोध कार्यों से संबंधित- शोध पत्रिका, पुस्तक, लघु पुस्तिका, समाचार लेख, एवं पोस्टर आदि का प्रकाशन करना।
2.17 विरासत एवं संस्कृति के अध्ययन हेतु अत्याधुनिक पुस्तकालय एवं सूचना केन्द्र की स्थापना करना। 2.18 संरक्षण संबंधी कार्य सम्पादन हेतु क्षेत्रीय कार्यालयों/शाखाओं को स्थापित करना। 2.19 इस संस्था के चल-अचल सम्पाि एवं आमदनी ऐसे उद्देश्यों की पूर्ति में उपयोग करना। 2.20 विरासत एवं उससे सम्बद्ध विषयों पर बिहार सरकार को परामर्श देगा। 2.21 वैसे सभी विधि सम्मत कार्य करना, जो उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति के प्रसंग में सहायक हो। 3. इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु समिति के निम्नांकित कृत्य एवं दायित्व होंगेः- 3.1 ऐसे पुरावशेषों/धरोहर-भवनों/स्मारकों के अन्वेषण, सर्वेक्षण, सूचीकरण, संरक्षण, संवर्द्धन एवं उन्नयन के लिए अपेक्षित कार्रवाई करेगी।
3.2 अपने उद्देश्यों को पूरा करने हेतु यह समिति अधिनियमों/नियमों/परिपत्रों को ध्यान में रखते हुए, आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार करेगी।
3.3 ऐसे पुरास्थलों/स्मारकों/धरोहर-भवनों के संरक्षण, संवर्द्धन, उन्नयन, पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार हेतु विशिष्ट प्रवृाि की परियोजना तैयार करेगी।
3.4 पुरातात्विक स्थल/स्मारक/पुरावशेष एवं धरोहर-भवनों के संबंध में संरक्षण, संवर्द्धन, उन्नयन के संबंध में आमजनों को जागरूक करेगी, ताकि ऐसे कलात्मक भवनों/स्थलों/पुरावशेषों को नष्ट होने से बचाया जा सके।
3.5 अपने उद्देश्य एवं दायित्व को पूरा करने हेतु आवश्यकतानुसार समय-समय पर प्रबंध परिषद् एवं कार्यकारिणी की बैठक करेगी।
3.6 ऐसे स्थलों का संवर्द्धन एवं उन्नयन कर जनता को लाभान्वित करने हेतु मार्ग प्रशस्त करेगी 3.7 विरासत एवं उससे सम्बद्ध विषयों पर बिहार सरकार को परामर्श देगी। 3.8 अपने उद्देश्यों को पूरा करने हेतु अधिनियम के प्रावधानों के ध्यान में रखकर, अन्य अपेक्षित कार्रवाई करेगी। 4. बिहार विरासत विकास समिति के शासी निकाय एवं कार्यकारिणी समिति का गठन निम्नांकित रूप से किया जाता हैः-
4.1 शासी निकाय :—
(1) विकास आयुक्त, बिहार - अध्यक्ष (2) प्रधान सचिव/ सचिव, विा विभाग, बिहार - सदस्य (3) प्रधान सचिव/सचिव, मानव संसाधन विकास विभाग, बिहार - सदस्य (4) प्रधान सचिव/ सचिव, पर्यटन विभाग, बिहार - सदस्य (5) प्रधान सचिव/ सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार - सदस्य (6) प्रधान सचिव/ सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार - सदस्य (7) प्रधान सचिव/ सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग, बिहार - सदस्य (8) प्रधान सचिव/ सचिव, खान एवं भू-तत्व विभाग, बिहार - सदस्य (9) प्रधान सचिव/ सचिव, नगर विकास विभाग, बिहार - सदस्य (10) प्रधान सचिव/ सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार - सदस्य (11) सरकार द्वारा मनोनीत चार विशेषज्ञ - सदस्य (12) सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग - सदस्य सचिव (13) समिति के कार्यपालक निदेशक
- सदस्य 4.2 कार्यकारिणी समिति :—
(1) सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार - अध्यक्ष (2) संयुक्त सचिव/उप-सचिव/अवर सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, - सदस्य बिहार
(3) निदेशक, पुरातत्व निदेशालय, बिहार - सदस्य (4) निदेशक, संग्रहालय, बिहार
- सदस्य3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 3 फरवर(cid:15) 2010 (5) निदेशक, के.पी.जायसवाल शोध संस्थान, पटना - सदस्य (6) निदेशक, अभिलेखागार, बिहार - सदस्य (7) निदेशक, खुदाबख्ष ओरियन्टल पब्लिक लाइब्रेरी, पटना - सदस्य (8) निदेशक, नवनालन्दा महाविहार, मान्य विश्वविद्यालय नालन्दा - सदस्य (9) अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, पटना अंचल, पटना - सदस्य (10) उप-अधीक्षण अभियंत्रण, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, पटना अंचल, पटना - सदस्य (11) विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, पटना - सदस्य विश्वविद्यालय, पटना
(12) विभागाध्यक्ष, प्राचीन शरतीय एवं एषियाई अध्ययन विभाग, मगध - सदस्य विष्वविद्यालय, बोधगया
(13) स्मिति के उप-कार्यपालक निदेशक - सदस्य (14) निदेशक विा एवं लेखा - सदस्य (15) विा विभाग के प्रतिनिधि - (16) सरकार द्वारा मनोनीत चार विशेषज्ञ - सदस्य (17) समिति के कार्यपालक निदेशक
- सदस्य सचिव आवश्यकतानुसार प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी अथवा अन्य विशेषज्ञों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। उपर्युक्त क्रमांक 7, 8, 9 एवं 10 में अंकित सदस्यों को सम्बन्धित विभाग/संस्थान से अनापाि प्रमाण-पत्र प्राप्त कर ही समिति में सम्मिलित किया जायेगा।
4.3 कार्यपालक निदेशक एवं उप-कार्यपालक निदेशक के पद नियमित एवं वेतनभोगी होंगे, जिनकी नियुक्ति चयन समिति द्वारा की जायगी। इस चयन समिति का निर्धारण षासी निकाय करेगा। कार्यपालक निदेषक की अनुपस्थिति में षासी निकाय, उप-कार्यपालक निदेशक को कार्यभार दे सकता है।
4.4 निदेशक, विा एवं लेखा के पद पर भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा अथवा बिहार विा सेवा के सेवारत/सेवा-निवृा पदाधिकारी को प्रतिनियुक्ति/अनुबंध के आधार पर मनोनयन/नियुक्त किया जायेगा।
5. बिहार विरासत विकास समिति का उप-नियम एवं स्मृति-पत्र तैयार कर ''सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन ऐक्ट, 1860'' के अधीन विधिवत् रूप से इसका निबन्धन कराया जायेगा।
6. इस समिति के प्रारंभिक गतिविधियाँ प्रारंभ करने हेतु राज्य सरकार द्वारा इसे सहायक अनुदान दिया जायेगा। यह समिति अपने नियमावली के अनुरूप राज्य सरकार के अतिरिक्त अन्य श्रोतों से भी निधि प्राप्त करने हेतु स्वतंत्र होगी। प्राप्त निधि के उपयोग हेतु नियमावली में प्रक्रिया निर्धारित किया जायेगा। आदेश—आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में तुरंत प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रति सरकार के सभी विभागों/विभागाध्यक्षों/सभी प्रमंडलायुक्तों/सभी जिलाधिकारियों को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित की जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विवेक कुमार सिंह, सरकार के सचिव।
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अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 87-571+200-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in