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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 22 February 2010

Published 22 February 2010

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-02-22.149
Languages
English, Hindi

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गृह विभाग

(विषेष)

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संकल्प

17 फरवरी 2010

विषयः-आतंकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा, सामूहिक हिंसा/एवं हिंसा की घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान के संबंध में नीति निर्धारण।

राज्यान्तर्गत आतंकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा, सामूहिक हिंसा/एवं अन्य हिंसा की घटनाएँ घटित होती हैं और ऐसे हमलों/हिंसा के षिकार प्रायः निर्दोष व्यक्ति एवं उनके आश्रित होते हैं। कभी-कभी तो ऐसी घटनाओं में पूरा परिवार प्रायः समाप्त हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में कल्याणकारी राज्य की सरकार होने के नाते आतंकवादी/उग्रवादी/ साम्प्रदायिक/जातीय विरोधाभाव/निर्वाचन संबंधी हिंसा, सामूहिक हिंसा/एवं अन्य हिंसा की हत्या से प्रभावित व्यक्तियों एवं उनके आश्रितों को राहत/अनुग्रह अनुदान एवं अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने की सरकार की नीति रही है। इस निमित प्रभावित परिवारों को राहत देने हेतु राज्य सरकार द्वारा पूर्व में परिपत्र सं0-1701 दिनांक 21 सितम्बर 1987 एवं 25/सी 12 जनवरी 2001 निर्गत किए गये थे। 2. न्यायालय द्वारा उक्त परिपत्रों के कतिपय प्रावधानो को त्रुटिपूर्ण बताया गया एवं साथ ही अनुग्रह अनुदान की नीति को पारदर्षी एवं युक्ति-युक्त बनाने का निदेष भी दिया गया है। 3. इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर सम्यक विचारोपरान्त आतंकवादी/ उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय हमलों/निर्वाचन संबंधी/सामूहिक हत्या एवं हिंसा/उग्र भीड़ द्वारा निर्दोष की पिटाई की घटना/बिहार सरकार के किसी कार्यालय परिसर/पुलिस हाजत/सिविल कोर्ट इत्यादि में हुई हिंसक घटनाओं में मारे गये व्यक्तियों के आश्रितों एवं घायल/पीड़ित व्यक्तियों को देय अनुग्रह-अनुदान एवं अन्य राहत/सहायता राषि प्रदान करने की नीति निम्न प्रकार होगी :-

(।ं) अनुग्रह-अनुदान की राषि

(क) प्रति मृतक समान रूप से रु0 1,00,000/- (एक लाख रुपये) की दर से अनुग्रह-अनुदान देय होगा। (ख) स्थायी रुप से अपंग हुए प्रत्येक व्यक्ति को रु0 50,000/- (पचास हजार रुपये) मात्र का अनुग्रह-अनुदान देय होगा।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 22 फरवर(cid:15) 2010 (ग) गंभीर रुप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम रु0 20,000/- (बीस हजार रुपये) का अनुग्रह अनुदान देय होगा। 4. (क) अनुग्रह-अनुदान का लाभ किसी भी ऐसे व्यक्ति अथवा उनके आश्रित को नहीं मिलेगा, जो उग्रवादी/आतंकवादी हो अथवा सूचीबद्ध अपराधी हो या किसी वैध पुलिस मुठभेड़ या पुलिस फायरिंग या नाजायज मजमा के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई में मारा गया हो अथवा अपंग/घायल हुआ हो। सूचीबद्ध अपराधियों से तात्पर्य होगा वैसे अपराधी जिनका नाम संबंधित थाना में एवं जिला पुलिस अभिलेख में दर्ज हो। वैसे व्यक्ति को भी अपराधी माना जायेगा, जिनके विरुद्ध संज्ञेय अपराधिक मामला दर्ज हो। वैसे व्यक्ति को भी आतंकवादी/उग्रवादी या सूचीबद्ध अपराधी माना जायेगा जो देष अथवा राज्य में सक्रिय प्रतिबंधित संगठनों, गिरोहों एवं उसके सहयोगी उग्र संगठनों/संस्थानों से जुडे हाें या उसके सदस्य हों/साथ ही राज्य के वैसे व्यक्ति जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय उग्रवादी/आतंकवादी/अपराधी तथा प्रतिबंधित संगठनों के सदस्य/सदस्यों को आश्रय एवं सहयोग (आर्थिक/सामाजिक) किया करते हों, भी इस श्रेणी के अन्तर्गत आयेंगे। (ख) कंडिका-। की उप कंडिका (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित अनुग्रह-अनुदान की स्वीकृति एवं भुगतान करने की शक्ति संबंधित जिला पदाधिकारी में निहित रहेगी तथा इसके लिए वित्त विभाग, बिहार अथवा गृह विभाग, बिहार की पूर्व सहमति/आदेष की आवष्यकता नहीं होगी। (ग) इस अनुदेष के अन्तर्गत दहेज/आपसी भूमि विवाद/पारिवारिक विवाद में मृत व्यक्तियों के आश्रित को अथवा घायलों को अनुग्रह-अनुदान अनुमान्य नहीं होगा।

(।ंं।ं) क्षतिग्रस्त भवनों मकानों के लिए अनुदान आतंकवादी/उग्रवादी/साम्प्रदायिक/जातीय/उग्र भीड़ द्वारा सामूहिक रुप से हमला किये जाने के क्रम में भवनों/मकानों (आवासीय/व्यापार परिसर/अन्य कामगार स्थान) के क्षतिग्रस्त होने पर निम्नांकित रुप से मकान/भवन/परिसर मालिक को निम्न रुप से अनुग्रह अनुदान देय होगाः- (क) पूर्ण रूप से नष्ट/ध्वस्त होने पर शहरी/ग्रामीण क्षेत्र के लिए - पक्का मकान - अधिकतम रु0 1,00,000 (एक लाख रुपये)तक।

कच्चा मकान - अधिकतम रु0 50,000 (पचास हजार रुपये) तक। (ख) गंभीर क्षति होने पर शहरी/ग्रामीण क्षेत्र के लिए - रु0 30,000 (तीस हजार रुपये) तक। (ग) मामूली क्षति होने पर - रु0 5,000 (पाँच हजार रुपये)

उक्त क्षति का आक्‌लन क्षति के परिमाण एवं मूल्यांकन के आधार पर किया जायेगा।

लेकिन, जिस भवन का बीमा हुआ हो और उसे बीमा कम्पनी से क्षतिपूर्ति मिलने वाली हो, उसके लिए उपर्युक्त अनुदान अनुमान्य नहीं होगा। जो भवन लोक भूमि पर अतिक्रमण कर बनाया गया हो, उसके लिए भी उपर्युक्त अनुदान देय नहीं होगा। (।ंं।ं।ं) सामान्य अनुदेष (क) घटना की संवेदनषीलता एवं गंभीरता को देखते हुए संबंधित जिला-पदाधिकारी का कर्तव्य होगा कि पूरी पारदर्षिता बरतते हुए मृतक/पीड़ितों को उपर्युक्त अनुदेषों के अन्तर्गत अनुग्रह-अनुदान स्वीकृति की कार्रवाई की जाए तथा पुलिस प्रतिवेदन/पोस्टमार्टम रिपोर्ट इत्यादि की जांच के उपरान्त घटना के 15 दिनों के अन्दर अनुग्रह-अनुदान का भुगतान कर दिया जाय। इस बात का ध्यान रखा जाए कि इसमें किसी तरह की षिथिलता नहीं होने पाये। उक्त अनुदेष के तहत स्वविवेक से लिया गया निर्णय अंतिम होगा तथा इसके लिए वित्त विभाग, बिहार अथवा गृह विभाग, बिहार से किसी मार्गदर्षन/अनुमोदन/स्वीकृति की आवष्यकता नहीं होगी। (ख) यदि उपर्युक्त प्रकार के प्रभावित वर्ग व्यापारी समुदाय का हो, जिनका किसी बैंक के माध्यम से कारोबार होता हो, तो उन्हें अपने व्यवसाय में पुनः स्थापित करने एवं बैंक से ऋण दिलाने में जिला प्रषासन पहल करेगा। (ग) जहॉं प्रभावित व्यक्तियों को बीमा कंपनियों से कुछ दावों का भुगतान होने वाला हो, वैसे मामलों में भी त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित जिला-पदाधिकारी, बीमा कंपनियों से सम्पर्क कर आवष्यक कार्रवाई करायेंगे। (घ) उपर्युक्त मदों में भुगतान हेतु यथावष्यक राषि का आवंटन गृह विभाग द्वारा जिला पदाधिकारी को उपलब्ध करा दी जायेगी। निधि का आवंटन यथा पूर्ववत्‌ ''बजट मुख्य शीर्ष-2235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण, उप मुख्य शीर्ष-60-अन्य सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण कार्यक्रम, लघुषीर्ष-200-अन्य कार्यक्रम, उपषीर्ष-0004-दंगा से प्रभावित व्यक्तियों को राहत'' के अन्तर्गत किया जायेगा। इस मामले में गृह (विषेष) विभाग, नोडल विभाग होगा, जहॉं से नीति विषयक सभी मार्गदर्षक सिद्धांत निर्गत किये जायेंगे तथा राहत कार्यों का अनुश्रवण किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रत्येक उक्त बजट शीर्ष का लेख संधारण किया जायेगा तथा वित्तीय वर्ष के अन्त में शेष राषि का प्रत्यर्पण यथासमय गृह (विषेष) विभाग, बिहार को कर दिया जायेगा। (ड) संविधान की धारा-14 का समादर करते हुए तथा विधि अनुमान्यता नहीं होने के कारण किसी भी परिस्थिति में क्षेत्रीय स्तर पर किसी मृतक के आश्रित को सरकारी सेवा में नौकरी प्रदान करने संबंधी घोषणा/आष्वासन अथवा अनुषंसा नहीं की जायेगी तथा ऐसी कार्रवाई अमान्य समझी जाएगी।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 22 फरवर(cid:15) 2010 (च) इस मामले में सदन के आसन से दिए गये निर्णय/सदन में की गयी सरकारी घोषणाओं/आष्वासनों तथा सरकार द्वारा विषेष परिस्थिति में लिए गये निर्णयों से संबंधित कार्रवाई गृह (विषेष) विभाग, बिहार द्वारा की जायेगी एवं तद्‌नुरुप लिए गये निर्णयों का संचरण संबंधित जिला-प्रषासन को कार्यान्वयन हेतु किया जायेगा। 5. यह आदेष तात्कालिक प्रभाव से लागू होगा। पूर्व निर्गत परिपत्र सं0-1701, दिनांक 21.09.1987, परिपत्र सं0-1972, दिनांक 9 अगस्त 2000, परिपत्र सं0-25/सी0 दिनांक 12 जनवरी 2001 एवं परिपत्र सं0-2544, दिनांक 8 सितम्बर 2001 के प्रावधान (सरकारी नौकरी में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान को छोड़कर) वर्तमान परिपत्र के लागू होने की तिथि तक की घटनाओं में यथावत्‌ प्रभावी रहेंगे। तात्पर्य यह है कि इस संकल्प के निर्गत होने के तिथि के पूर्व उपर्युक्त परिपत्रों से आच्छादित मामलों में तत्समय प्रभावी अनुग्रह अनुदान की राषि की ही स्वीकृति प्रदान की जायेगी। आदेशः-आदेष दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी हेतु इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित कराया जाए और इसकी प्रति सभी विभागीय प्रधान सचिवों/सचिवों/सभी विभागाध्यक्षों/पुलिस महानिदेषक, बिहार/सभी प्रक्षेत्रीय अपर पुलिस महानिदेषकों/पुलिस महानिरीक्षकों/सभी प्रमंडलीय आयुक्तों/सभी क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों/सभी जिला-पदाधिकारियों/सभी पुलिस अधीक्षकों/सभी समादेष्टा, सैन्य पुलिस बल को सूचनार्थ एवं आवष्यक कार्रवाई हेतु भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अनूप मुखर्जी, मुख्य सचिव।

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अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु0ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 149-571+1500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 22 February 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-02-22.149/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-02-22.149.