Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 03 March 2010

Published 03 March 2010

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-03-03.9
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 12121212 फा(cid:31)गुफा(cid:31)गुफा(cid:31)गुफा(cid:31)गुनननन, , , , 1931931931931 1 1 1 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 00009 9 9 9 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ———————— 3333 माच)माच)माच)माच),,,, 2020202010101010 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)1, पदःथापन, बदली, श(cid:18)1, छु 7ट(cid:15)

भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मW पुर:ःथा(cid:18)पत

(cid:18)वधेयक, उYत (cid:18)वधान मंडल मW उपःथा(cid:18)पत और अ:य ;य(cid:18)1गत सूचनाएं। 2-14

या उपःथा(cid:18)पत Lकये जानेवाले ूवर भाग-1-क—ःवयंसेवक गु(cid:31)म? के समादेंटाओं के

सिमितय? के ूितवेदन और उYत (cid:18)वधान आदेश।

---

मंडल मW पुर:ःथापन के पूव) ूकािशत भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0,

(cid:18)वधेयक।

---

बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0,

भाग-7—संसद के अिधिनयम Oजनपर रांशपित क[ एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2,

अनुमित िमल चुक[ है। ---

एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन-

भाग-8—भारत क[ संसद मW पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के

संसद मW उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के पर(cid:15)Hा-फल, काय)बम, छाऽवृ(cid:18)K ूदान,

ूितवेदन और संसद मW उपःथा(cid:18)पत ूवर आLद।

---

सिमितय? के ूितवेदन और संसद मW भाग-1-ग—िशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आLद ---

पुर:ःथापन के पूव) ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राMयपाल और काया)NयH? (cid:24)ारा

भाग-9—(cid:18)व]ापन

---

िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क[ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

और िनयम आLद। 15-22

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं, भाग-3—भारत सरकार, पOPम बंगाल सरकार और

:यायालय सूचनाएं और सव)साधारण उRच :यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं

और िनयम, 'भारत गजट' और राMय

सूचनाएं इ_याLद। 23-24 गजट? के उTरण। ---

पूरक

---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पूरक-क 25-272 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)1िनयु(cid:18)1िनयु(cid:18)1िनयु(cid:18)1, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)1श(cid:18)1श(cid:18)1श(cid:18)1, , , , छु 7ट(cid:15) और अ:यछु 7ट(cid:15) और अ:यछु 7ट(cid:15) और अ:यछु 7ट(cid:15) और अ:य वैय(cid:18)1क सूचनाएंवैय(cid:18)1क सूचनाएंवैय(cid:18)1क सूचनाएंवैय(cid:18)1क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

विधि विभाग

———

अधिसूचनाएं

25 फरवरी 2010

एस0ओ0 30 दिनांक 3 मार्च 2010—नोटरीज अधिनियम, 1952 (53, 1952) की धारा-10 की उप-धारा (बी) एवं (एफ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल, श्री कामेश्वर झा, नोटरी, शिवहर जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप संख्या-518जे0, दिनांक 17 फरवरी 2004 द्वारा की गयी थी, के नोटरी अनुज्ञप्ति को आदेश निर्गत की तिथि से निरस्त करते हुए, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित पंजी से इनका नाम हटाने का आदेश देते हैं तथा विशेष परिस्थिति में अभी तक इनके द्वारा किये गए कार्योें को नियमित करते हैं।

(संचिका सं0-ए./नोट-45/98/870/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मजहर इमाम, प्रभारी सचिव।

——— 25 फरवरी 2010 एस0ओ0. 31 एस0ओ0. 30 दिनांक 3 मार्च 2010 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार-राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड(3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(संचिका सं0-ए./नोट-45/98/870/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मजहर इमाम, प्रभारी सचिव।

——— The 25th February 2010 S.O. 30 dated the 3rd March 2010—In exercise of the powers conferred under sub section (b) and (f) of Section -10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to repeal the notary licence with effect from the date of issue of the order and to remove the name of Sri Kameshwar Jha, Notary, Sheohar, who was appointed as notary under Law Department's Notification memo no.-518J dated 12th February 2004 from the register maintained for Notaries under section 4 of the Notaries Act, 1952 and in special circumstances regularise the acts done by him uptill now

(File No.-A/Not -45/98/870/J.) By Order of the Governor of Bihar, MAZHAR IMAM, I/C Secretary.

———

18 फरवरी 2010

एस0ओ0 32 दिनांक 3 मार्च 2010—नोटरीज एक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3861/जे0, दिनांक 25 अगस्त 2004 के द्वारा3 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री विनोद कुमार नं0-1 जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, को दिनांक 25 अगस्त 2009 से पुनः आगामी पांच वर्षों के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री विनोद कुमार नं0-1 अधिवक्ता, अनुमंडलीय न्यायालय, बाढ़ 25.08.04 बी0ए0 एल0एल0बी0 बाढ़ अनुमण्डल

(सं0सं0-ए0/नोट0-एस0-82/2002/743/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

———

18 फरवरी 2010 एस0ओ0. 33 एस0ओ0. 32 दिनांक 3 मार्च 2010 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट0-एस0-82/2002/743/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव ।

———

The 18th February 2010

S.O.32 dated the 3rd march 2010—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Binod Kumar No.-1 and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no.3861/J, dated 25th August 2004 to practice as notary again for the next five years from 25th August 2009.

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Binod Kumar (No.-1) Advocate, Sub- Divisional Court, Barh 25-08-04 B.A. L.L.B. Barh Sub- Division

(File no.-A/Not(S)-82/2002/743/J) By order of the Governor of Bihar, RAJENDRA KUMAR MISHRA, Secretary.

4 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

19 फरवरी 2010

एस0ओ0 34 दिनांक 3 मार्च 2010—नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-5(2) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज एक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4754जे0, दिनांक 27 अक्तूबर 2004 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री राम भरोस साह, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्यौरा नीचे अंकित है, जो दिनांक 27 अक्तूबर 2009 से पुनः आगामी पॉंच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रूप में कार्य करने के लिए

लेख्य प्रमाणक के नाम आवासीय एवं व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि अर्हता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है अभ्युक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री राम भरोस साह व्यवहार न्यायालय, समस्तीपुर 27.10.04 बी0कॉम0 एल0एल0बी0 समस्तीपुर

(सं0सं0-ए0/नोट0-14/2001/775/जे0)

बिहार राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

——— 19 फरवरी 2010 एस0ओ0. 35 एस0ओ0. 34 दिनांक 3 मार्च 2010 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड-3 के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट0-14/2001/775/जे0) बिहार राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र कुमार मिश्र, सचिव।

———

The 19th February 2010

S.O.34 the 3rd March 2010—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ram Bhrosh Sah and whose detail according to Notary Register, is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification no. 4754J, dated 27th October 2004 to practice as notary again for the next five years from 27th October 2009

Name of Notary Residential/ Professional address Date of which the name of Notary has been entered in the Register Qualification Area in which Notary to practice. Remarks
1 2 3 4 5 6
Sri Ram Bhrosh Sah Civil Court, Samastipur 27.10.04 B.Com L.L.B Samastipur

(File no.-A/Not.-14/2001/775/J) By order of the Governor of Bihar, RAJEDRA KUMAR MISHRA, Secretary.

5 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

कृषि विभाग

———

अधिसूचनाएं

10 फरवरी 2010

सं॰1/ए॰जी॰-01/2010-742/—॰—बिहार —षि अधीनस्थ सेवा कोटि- 3 (रसायन) अन्तर्गत सहायक अनुसंधान पदाधिकारी के पदों पर कार्यरत कर्मियों को उसी कोटि के बिहार —षि सेवा वर्ग-2 के वेतनमान 6500-10500 रू॰ में विभागीय अधिसूचना संख्या-1/ए॰जी॰-16/2005-8563, दिनांक 30 दिसम्बर 2009 द्वारा पद ग्रहण करने की तिथि से दी गई नियमित प्रोन्नति के फलस्वरूप कॉलम-2 में अंकित निम्नांकित पदाधिकारियों को स्थानान्तरित करते हुए कॉलम-3 में दर्शाये गये पद एवं पदस्थापन स्थान पर तात्कालिक प्रभाव से पदस्थापित किया जाता है।

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम एवं वर्त्तमान पदस्थान प्रोन्नत पद एवं नव पदस्थापन स्थान
1 2 3
1 श्री जय नारायण सिंह, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी, गुण नियंत्रण प्रयोगशाला, पटना सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, केन्द्रीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, पटना
2 श्री विनय कुमार पाण्डेय, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी, आरा सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, दरभंगा
3 श्री पूर्णेन्दू नाथ झा, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, सारण (छपरा)
4 श्री जीवकान्त झा, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी, उपयोगी अनुसंधान, बिहार, पटना सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, मुंगेर
5 श्री दिनेश कुमार, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी, हाजीपुर (वैशाली) सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, गया
6 श्री सुबोध कुमार, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी, मुंगेर सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, सहरसा

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।

———

13 नवम्बर 2009

सं॰1/ए॰जी॰-(प्रो॰)-38/2009/5777-—॰—बिहार —षि सेवा कोटि-9 (सांख्यिकी) वर्ग-2 (वेतनमान रुपये 6500-10,500) के निम्नांकित पदाधिकारियों को उसी कोटि के वर्ग-1 के वेतनमान रुपये 10,000-15,200 के चिह्नित पद, यथा उप —षि निदेशक (सांख्यिकी) एवं समकक्षीय पदों पर अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से नियमित प्रोन्नति दी जाती है। 1. श्री रामबली चौधरी - जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, सहरसा। 2. श्री सुशील कुमार - जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, पटना। 3. डा॰ राजेश कुमार शर्मा - सहायक —षि निदेशक (सांख्यिकी) मुख्यालय, पटना।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।6 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 23 अक्तूबर 2009 सं॰ 1/ए॰जी॰ प्रो॰-38/09-5343/—॰—बिहार कृषि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 के पदाधिकारी श्री मानकी राम, सम्प्रति अपर —षि निदेशक (प्रसार), बिहार, पटना को उसी कोटि के कनीय प्रवर कोटि वेतनमान-3000-4500 रू0 (अपुनरीक्षित) में दिनांक 27 अक्तूबर 1991 के प्रभाव से प्रोन्नति दी जाती है। 2. उक्त प्रोन्नति के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी को वित्तीय लाभ, वित्त विभाग के संकल्प संख्या-660, दिनांक 8 फरवरी 1999 के आलोक में दिनांक 31 दिसम्बर 1995 या सेवा निवृत्ति/मृत्यु की तिथि, जो पहले हो तक हीं देय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।

———

23 अक्तूबर 2009

सं॰ 1/ए॰जी॰-प्रो॰-38/09-5342/—॰—वित्त विभाग के संकल्प संख्या 10770, दिनांक 30 दिसम्बर 1981 में निहित प्रावधान के आलोक में बिहार —षि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 वेतनमान 2200-4000 रु॰ (अपुनरीक्षित) के निम्नांकित पदाधिकारियों को विभागीय प्रोन्नति/स्क्रीनिंग समिति द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर उनके नाम के सामने अंकित तिथि से वेतनमान 3000-4500 रु॰ (अपुनरीक्षित) में प्रथम कालबद्ध प्रोन्नति दी जाती हैः-

क्रमांक पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम प्रथम कालबद्ध प्रोन्नति की देय तिथि
1 श्री अवधेश नारायण सिंह, सेवा निवृत्त अनुमंडल —षि पदाधिकारी (सामान्य), जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड दिनांक 01.10.1990
2 श्री दिनेश चन्द्र प्रसाद वर्मा, सेवा निवृत्त परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, कटिहार दिनांक 12.10.1990
3 श्री वीरेन्द्र कुमार, सेवा निवृत्त विषय वस्तु विशेषज्ञ, मुजफ्फरपुर पूर्वी दिनांक 01.10.1990
4 श्री पशुपति नाथ वर्मा, सेवा निवृत्त, अनुमंडल —षि पदाधिकारी (सामान्य), सीतामढ़ी पश्चिम। दिनांक 01.10.1990

2. उक्त कालबद्ध प्रोन्नति के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारियों को वित्तीय लाभ वित्त विभाग के संकल्प संख्या 660, दिनांक 8 फरवरी 1999 के आलोक में दिनांक 31 दिसम्बर 1995 या सेवा निवृत्ति की तिथि जो भी पहले हो तक ही देय होगा। 3. भविष्य में यदि पाया गया कि दी गई प्रथम कालबद्ध प्रोन्नति गलत है, और इसके चलते अधिक राशि का भुगतान हुआ है तो अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जायेगी। 4. इस प्रोन्नति से पारस्परिक वरीयता प्रभावित नहीं होगी। 5. यह कालबद्ध प्रोन्नति इस शर्त्त के साथ दी जा रही है कि मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग, बिहार, पटना से यदि संबंधित पदाधिकारी के संबंध में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है, तो उनको दी गई कालबद्ध प्रोन्नति नियमानुसार वापस कर ली जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।

———

23 अक्तूबर 2009

सं॰ 1/ए॰जी॰-प्रो॰-38/2009-5341/—॰—वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या-4685-वि॰(2) दिनांक 25 जून 2003 के आलोक में बिहार —षि सेवा कोटि- 8 (माप एवं तौल) वर्ग- 2, वेतनमान 6500-10500 रु॰ में कार्यरत निम्नांकित पदाधिकारियों को बिहार राज्य सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत उनके नाम के सामने अंकित तिथि से प्रोन्नति के द्वितीय स्तर के पद यथा उप —षि निदेशक एवं समकक्ष कोटि के वेतनमान 10,000-325-15.200 रु॰ में विभागीय प्रोन्नति/स्क्रीनिंग समिति द्वारा दिनांक 6 अक्तूबर 2009 को सम्पन्न बैठक में की गई अनुशंसा के आलोक में प्रथम वित्तीय उन्नयन की स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-7 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

क्र॰ सं॰ पदाधिकारी का नाम/पदनाम एवं कोटि वरीयता क्रमांक सरकारी सेवा में प्रथम नियुक्ति की तिथि वर्त्तमान संवर्ग में योगदान की तिथि प्रथम/द्वितीय वित्तीय उन्नयन की देय तिथि एवं वेतनमान
1 2 3 4 5
1 श्री अनिल कुमार, सहायक नियंत्रक, माप-तौल, मोतिहारी-48/04 13.02.97 03.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 03.04.2009 10,000-15,200
2 श्री सत्येन्द्र प्रसाद राय, सहायक नियंत्रक, माप-तौल, गोपालगंज-49/05 13.02.97 04.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 04.04.2009 10,000-15,200
3 श्री अरूण कात्यायन सहायक नियंत्रक, माप-तौल, बेगुसराय-50/06 13.02.97 09.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 09.04.2009 10,000-15.200
4 श्री निर्मल कुमार प्रसाद सहायक नियंत्रक, माप-तौल, मुंगेर-51/07 13.02.97 04.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 04.04.2009 10,000-15.200
5 श्री गणेश कुमार, सहायक नियंत्रक, माप-तौल, द्वितीय मानक प्रयोगशाला, मुजफ्फरपुर-52/08 13.02.97 04.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 04.04.2009 10,000-15,200
6 श्री —ष्ण प्रकाश, सहायक नियंत्रक, माप-तौल, मधुबनी, 53/09 13.02.97 03.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 03.04.2009 10,000-15,200
7 श्री अंजनी कुमार, सहायक नियंत्रक, माप-तौल, बिहारशरीफ (नालन्दा)-54/10 13.02.97 03.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 03.04.2009 10,000-15,200
8 श्री अजय कुमार सहनी, सहायक नियंत्रक, माप-तौल, सहरसा-56/11 13.02.97 08.08.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 08.08.2009 10,000-15,200
9 श्री संजय कुमार, उप नियंत्रक, माप-तौल, अंशाकन दल, मुख्यालय, पटना-61/12 13.02.97 03.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 03.04.2009 10,000-15,200
10 श्री प्रभाकर भारती, सहायक नियंत्रक, माप-तौल, कटिहार-62/13 13.02.97 03.04.97 प्रथम ए॰सी॰पी॰ 03.04.2009 10,000-15,200

2. वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप कर्मी का वेतन नियतीकरण, सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना नियमावली के नियम 8(1) के अनुसार किया जायेगा। यदि कोई कर्मी प्रवर कोटि या कालबद्ध प्रोन्नति योजना, जो पहले विद्यमान था, के अधीन वेतन नियतन का लाभ ले चुके हों, तो उच्चतर वेतनमान में उनका वेतन नियतन मौलिक नियमावली के नियम 22(I) ए( II) के प्रावधानों के अनुसार होगा। किन्तु जिन्हें पूर्व में प्रवर कोटि या कालबद्ध प्रोन्नति योजना के अधीन वेतन नियतन का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, उनका वेतन नियतन मौलिक नियमावली के नियम-22(I) ए(I) के प्रावधानों के अनुसार होगा। 3. वित्तीय उन्नयन का लाभ प्राप्त करने के बाद भी पदधारक की पदीय स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा अर्थात संबंधित पदाधिकारी को उच्चतर वेतनमान के पदनाम कर्त्तव्य और दायित्व प्राप्त नहीं होंगे। 4. ए॰सी॰पी॰ योजना के अधीन उच्चतर वेतनमान की यह स्वी—ति इस शर्त के अधीन है कि भविष्य में नियमित प्रोन्नति के पद जब उपलब्ध होंगे तो संबंधित पदाधिकारी को उसे स्वीकार करना होगा। नियमित प्रोन्नति के पद पर प्रोन्नति को अस्वीकार करने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को मूल कोटि के वेतनमान में प्रत्यावर्तित कर दिया जायेगा। 5. इस योजना के अधीन यह वित्तीय उन्नयन विशुद्ध रूप में व्यक्तिगत लाभ होगा एवं इसका वरीयता से कोई संबंध नहीं होगा। अतः संवर्ग में कनीय पदाधिकारियों के ए॰सी॰पी॰ योजनान्तर्गत उच्चतर वेतनमान प्राप्त होने के आधार पर वरीय पदाधिकारी को अतिरिक्त वित्तीय उन्नयन/वेतन संरक्षण देय नहीं होगा।8 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 6. भविष्य में सम्बद्ध पदाधिकारी के सम्वर्ग से संबंधित वित्त विभाग, बिहार, पटना अथवा सक्षम प्राधिकार द्वार इनके वेतनमान से संबंधित यदि कोई निर्णय लिये जाते हैं तो यह वित्तीय उन्नयन तदनुसार प्रभावित होते हुए रूपभेदित किया जा सकेगा। 7. उपर्युक्त किसी भी पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या पार्थक्य पाये जाने अथवा यदि वित्त विभाग/सक्षम प्राधिकार के द्वारा इस वित्तीय उन्नयन के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति उठायी जाएगी या मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग, बिहार, पटना से यदि किसी पदाधिकारी के संबंध में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है तो संबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त ए॰सी॰पी॰ योजना के लाभ से संबंधित आदेश को नियमानुसार अवक्रमित/संशोधित कर दिया जाएगा तथा उन्हें भुगतान की गयी राशि तदनुसार वसूली/सामंजन कर ली जाएगी। 8. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी की वरीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा वह पूर्ववत बनी रहेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।

———

23 अक्तूबर 2009

सं॰ 1/ए॰जी॰-प्रो॰-38/2009-5340-—॰—वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या-4685-वि॰(2) दिनांक 25 जून 2003 के आलोक में बिहार —षि सेवा कोटि-2 (—षि अभियंत्रण) वर्ग-2, वेतनमान-6500-10500 रू॰ के पदाधिकारी श्री रघुनाथ प्रसाद सिंह, कर्मशाला अधीक्षक, पटना को बिहार राज्य सेवा शर्त्त अन्तर्गत सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना नियमावली 2003 में निहित प्रावधानों के आलोक में दिनांक 9 अगस्त 1999 के प्रभाव से वेतनमान 10,000-15,200 रू॰ में द्वितीय वित्तीय उन्नयन की स्वी—ति प्रदान की जाती है।

2. वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप कर्मी का वेतन नियतीकरण, सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना नियमावली के नियम 8(1) के अनुसार किया जायेगा। यदि ये प्रवर कोटि या कालबद्ध प्रोन्नति योजना, जो पहले विद्यमान था, के अधीन वेतन नियतन का लाभ ले चुके हों, तो उच्चतर वेतनमान में इनका वेतन नियतन मौलिक नियमावली के नियम 22(I) ए(II) के प्रावधानों के अनुसार होगा। यदि इन्हेंं पूर्व में प्रवर कोटि या कालबद्ध प्रोन्नति योजना के अधीन वेतन नियतन का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, इनका वेतन नियतन मौलिक नियमावली के नियम-22(I) ए(I) के प्रावधानों के अनुसार होगा।

3. वित्तीय उन्नयन का लाभ प्राप्त करने के बाद भी पदधारक की पदीय स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा अर्थात संबंधित पदाधिकारी को उच्चतर वेतनमान के पदनाम कर्त्तव्य और दायित्व प्राप्त नहीं होंगे।

4. ए॰सी॰पी॰ योजना के अधीन उच्चतर वेतनमान की यह स्वी—ति इस शर्त के अधीन है कि भविष्य में नियमित प्रोन्नति के पद जब उपलब्ध होंगे तो संबंधित पदाधिकारी को उसे स्वीकार करना होगा। नियमित प्रोन्नति के पद पर प्रोन्नति को अस्वीकार करने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को मूल कोटि के वेतनमान में प्रत्यावर्तित कर दिया जायेगा। 5. इस योजना के अधीन यह वित्तीय उन्नयन विशुद्ध रूप में व्यक्तिगत लाभ होगा एवं इसका वरीयता से कोई संबंध नहीं होगा। अतः संवर्ग में कनीय पदाधिकारियों के ए॰सी॰पी॰ योजनान्तर्गत उच्चतर वेतनमान प्राप्त होने के आधार पर वरीय पदाधिकारी को अतिरिक्त वित्तीय उन्नयन/वेतन संरक्षण देय नहीं होगा।

6. भविष्य में सम्बद्ध पदाधिकारी के सम्वर्ग से संबंधित वित्त विभाग, बिहार, पटना अथव सक्षम प्राधिकार द्वार इनके वेतनमान से संबंधित यदि कोई निर्णय लिये जाते हैं तो यह वित्तीय उन्नयन तदनुसार प्रभावित होते हुए रूपभेदित किया जा सकेगा।

7. उपर्युक्त पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या पार्थक्य पाये जाने अथवा यदि वित्त विभाग/सक्षम प्राधिकार के द्वारा इस वित्तीय उन्नयन के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति उठायी जाएगी या मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग, बिहार, पटना से यदि किसी पदाधिकारी के संबंध में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है तो संबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त ए॰सी॰पी॰ योजना के लाभ से संबंधित आदेश को नियमानुसार अवक्रमित/संशोधित कर दिया जाएगा तथा उन्हें भुगतान की गयी राशि तदनुसार वसूली/सामंजन कर ली जाएगी।

8. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी की वरीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा वह पूर्ववत बनी रहेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।9 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

23 अक्तूबर 2009

सं॰ 1/ए॰जी॰ (प्रो॰)-38/09-5339-—॰—बिहार —षि सेवा कोटि-5 (पौधा संरक्षण) वर्ग-2 के निम्नांकित पदाधिकारियों को उसी कोटि के वर्ग-1 (वेतनमान 10,000-15,200 रू॰) के चिह्नित पदों, यथा उप —षि निदेशक (पौधा संरक्षण) के पद पर अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से नियमित प्रोन्नति दी जाती है।

1. श्री रविरंजन प्रसाद केशरी - कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी, नालन्दा, बिहारशरीफ; 2. श्री श्री—ष्ण सिंह - सर्वेलेन्स पदाधिकारी, पटना; 3. श्री प्रभात कुमार - कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी, वैशाली, हाजीपुर; 4. डा॰ प्रमोद कुमार - सहायक —षि निदेशक (गुण नियंत्रण), बिहार, पटना; 5. श्री अविनाश कुमार - कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी, गया।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।

———

15 सितम्बर 2009

सं॰ 4690-—॰——षि विभाग की अधिसूचना संख्या 848, दिनांक 8 फरवरी 2008 को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए —षि विभाग के प्रशासी नियंत्रण के अन्तर्गत स्थापित बिहार राज्य —षि उद्योग विकास निगम के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएसन के नियम 72 एवं नियम 84 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा नामित पदाधिकारी डा॰ एन॰ सी॰ दिवाकर, डाइरेक्टर, डाइरेक्टोरेट ऑफ राइस डेवलपमेन्ट, पटना को बिहार राज्य —षि उद्योग विकास निगम के निदेशक पर्षद में निदेशक के पद पर तात्कालिक प्रभाव से नियुक्त किये जातें हैं।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विश्वनाथ सिंह, विशेष सचिव।

——— आदेश 27 अगस्त 2009 आ0 सं0- 04/सचिवा0-विविध-01/05-4230/कृ0—कृषि विभागीय आदेश संख्या-1163 सचिवा0, दिनांक 21 फरवरी 2008 को निरस्त करते हुए श्री नथुनी शरण, अवर सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यो के अतिरिक्त विशुद्ध कार्यकारी व्यवस्था के तहत मुख्य लेखा पदाधिकारी, कृषि विभाग के र्काव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन हेतु प्राधिकृत किया जाता है। इसमें कृषि उत्पादन आयुक्त का अनुमोदन प्राप्त है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विश्वनाथ सिंह, विशेष सचिव।

———

अधिसूचनाएं

18 अगस्त 2009

सं॰ 01/ए0जी0-65/08-4009/—॰—बाट और माप मानक (प्रर्वान) अधिनियम-1985 की धारा-3 (सी) तथा 5 (i) द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल, विभागीय अधिसूचना संख्या-3619, दिनांक 27 जुलाई 2009 द्वारा संयुक्त कृषि निदेशक-सह-नियंत्रक, माप एवं तौल, बिहार, पटना के पद पर अधिसूचित श्री जय प्रकाश नारायण को सम्पूर्ण बिहार राज्य में नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान की सभी शक्तियों का प्रयोग एवं र्काव्यों का निर्वहन करने के लिए नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान, बिहार, नियुक्त करते है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।

——— 23 जुलाई 2009 सं॰ 1/ए॰ कोर्ट- 35/99-3507/कृ॰—C.W.J.C. No.- 1391/1999- मोस्मात उर्मा वर्मा पत्नी स्व॰ विपिन बिहारी वर्मा बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में पारित न्यायादेश के अनुपालन में बिहार कृषि सेवा कोटि-1 (शष्य) के पदाधिकारी, श्री विपिन बिहारी वर्मा (अब स्वर्गीय) को विभागीय अधिसूचना संख्या 7393, दिनांक 21 अगस्त 1991 द्वारा उसी कोटि के वरीय प्रवर कोटि वेतनमान 1575-2300 रु॰ (अपुनरीक्षित), 3700-5000 रु॰ (पुनरीक्षित) में दिनांक 27 दिसम्बर 1986 के प्रभाव से10 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 दी गयी वैचारिक लाभ के साथ नियमित प्रोन्नति के बदले उक्त तिथि से विशेष परिस्थिति में आर्थिक लाभ के साथ प्रोन्नति दी जाती है। 2. इसमें विा विभाग की सहमति प्राप्त है। 3. इसे पूर्वोंदाहरण नहीं माना जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामवृक्ष ठाकुर, अवर सचिव।

———

14 जुलाई 2009

सं॰ 1/ए॰जी॰-विविध-21/2009-3209-—॰—वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या 4685-वि॰(2), दिनांक 25 जून 2003 के आलोक में बिहार —षि सेवा कोटि-1 (शष्य) एवं कोटि-5 (पौधा संरक्षण) वर्ग-2 वेतनमान-6500-10500 रू॰ के सेवा-निवृत्त/बर्खास्त निम्नांकित पदाधिकारियों को बिहार राज्य सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत उनके नाम के सामने अंकित तिथि से प्रोन्नति के द्वितीय स्तर के पद यथा उप —षि निदेशक एवं समकक्ष कोटि के वेतनमान 10,000-325-15.200 रू॰ में विभागीय प्रोन्नति/स्क्रीनिंग समिति द्वारा दिनांक 16 जून 2009 को सम्पन्न बैठक में की गई अनुशंसा के आलोक में द्वितीय वित्तीय उन्नयन की स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-

क्र॰ सं॰। पदाधिकारी का नाम/पदनाम एवं कोटि वरीयता क्रमांक। सरकारी सेवा में प्रथम नियुक्ति की तिथि। वर्त्तमान संवर्ग में प्रोन्नति की तिथि। प्रथम/द्वितीय वित्तीय उन्नयन की देय तिथि एवं वेतनमान।
कोटि-1 (शष्य)ः-
1 श्री अगस्त तिग्गा, बर्खास्त- 09/803 08.05.79 27.10.86 द्वितीय ए॰सी॰पी॰ 08.05.2003 10,000-15,200
कोटि-5 (पौधा संरक्षण)ः-
2 श्री अचलेश्वर पाण्डेय, सेवा निवृत्त उप-—षि निदेशक (पौ॰ सं॰), पटना प्रमंडल, पटना- 39 25.05.65 03.10.83 द्वितीय ए॰सी॰पी॰ 09.08.99 10,000-15,200
3 श्री उदय नारायण सिंह, सेवा-निवृत्त सहायक —षि निदेशक (पौधा संरक्षण), सर्वेलेन्स (मु॰) पटना- 51 18.05.65 03.10.83 द्वितीय ए॰सी॰पी॰ 09.08.99 10,000-15.200
4 श्री राजेन्द्र मिश्र, स वा-निवृत्त े उप-—षि (पौधा संरक्षण) निदेशक 18.05.65 03.10.83 द्वितीय ए॰सी॰पी॰ 09.08.99 10,000-15.200

2. वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप कर्मी का वेतन नियतीकरण, सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना नियमावली के नियम 8(1) के अनुसार किया जायेगा। यदि कोई कर्मी प्रवर कोटि या कालबद्ध प्रोन्नति योजना, जो पहले विद्यमान था, के अधीन वेतन नियतन का लाभ ले चुके हों, तो उच्चतर वेतनमान में उनका वेतन नियतन मौलिक नियमावली के नियम 22(I) ए(II) के प्रावधानों के अनुसार होगा। किन्तु जिन्हें पूर्व में प्रवर कोटि या कालबद्ध प्रोन्नति योजना के अधीन वेतन नियतन का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, उनका वेतन नियतन मौलिक नियमावली के नियम-22(I) ए(I) के प्रावधानों के अनुसार होगा। 3. वित्तीय उन्नयन का लाभ प्राप्त करने के बाद भी पदधारक की पदीय स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा अर्थात संबंधित पदाधिकारी को उच्चतर वेतनमान के पदनाम कर्त्तव्य और दायित्व प्राप्त नहीं होंगे।11 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 4. ए॰ सी॰ पी॰ योजना के अधीन उच्चतर वेतनमान की यह स्वी—ति इस शर्त के अधीन है कि भविष्य में नियमित प्रोन्नति के पद जब उपलब्ध होंगे तो संबंधित पदाधिकारी को उसे स्वीकार करना होगा। नियमित प्रोन्नति के पद पर प्रोन्नति को अस्वीकार करने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को मूल कोटि के वेतनमान में प्रत्यावर्तित कर दिया जायेगा। 5. इस योजना के अधीन यह वित्तीय उन्नयन विशुद्ध रूप में व्यक्तिगत लाभ होगा एवं इसका वरीयता से कोई संबंध नहीं होगा। अतः संवर्ग में कनीय पदाधिकारियों के ए॰सी॰पी॰ योजनान्तर्गत उच्चतर वेतनमान प्राप्त होने के आधार पर वरीय पदाधिकारी को अतिरिक्त वित्तीय उन्नयन/वेतन संरक्षण देय नहीं होगा। 6. भविष्य में सम्बद्ध पदाधिकारी के सम्वर्ग से संबंधित वित्त विभाग, बिहार, पटना अथव सक्षम प्राधिकार द्वार इनके वेतनमान से संबंधित यदि कोई निर्णय लिये जाते हैं तो यह वित्तीय उन्नयन तदनुसार प्रभावित होते हुए रूपभेदित किया जा सकेगा। 7. उपर्युक्त किसी भी पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि या पार्थक्य पाये जाने अथवा यदि वित्त विभाग/सक्षम प्राधिकार के द्वारा इस वित्तीय उन्नयन के संबंध में किसी प्रकार की आपत्ति उठायी जाएगी या मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग, बिहार, पटना से यदि किसी पदाधिकारी के संबंध में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है तो संबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त ए॰सी॰पी॰ योजना के लाभ से संबंधित आदेश को नियमानुसार अवक्रमित/संशोधित कर दिया जाएगा तथा उन्हें भुगतान की गयी राशि तदनुसार वसूली/सामंजन कर ली जाएगी। 8. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी की वरीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा वह पूर्ववत बनी रहेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामवृक्ष ठाकुर, अवर सचिव।

———

14 जुलाई 2009

सं॰ 01/ए0जी0विविध-21/09-3208/—॰—बिहार कृषि सेवा कोटि-2 (कृषि अभियंत्रण) वर्ग-2 के निम्नांकित पदाधिकारियों को उसी कोटि के वर्ग-1 (वेतनमान 10,000-15,200 रु0) को चिह्नित पदों यथा उप-कृषि निदेशक (कृषि अभियंत्रण) एवं समकक्ष पदों पर उनके नाम के सामने अंकित तिथि से नियमित प्रोन्नति दी जाती है।

क्र0 सं0 पदाधिकारी का नाम प्रोन्नति की तिथि
1. श्री लाल बाबू प्रसाद दिनांक 25.02.2008
2. श्री राधवेन्द्र पाल सिंह दिनांक 25.02.2008
3. श्री रवीन्द्र कुमार वर्मा दिनांक 25.02.2008

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामवृक्ष ठाकुर, अवर सचिव।

———

14 जुलाई 2009

सं॰ 1/ए॰जी॰-विविध-21/2009-3207/—॰—बिहार —षि सेवा कोटि-7 (उद्यान) वर्ग-2 के पदाधिकारी श्री पवन कुमार को उसी कोटि में वर्ग-1 के चिह्नित पद यथा उप —षि निदेशक (उद्यान) एवं समकक्ष पद वेतनमान 10,000-15,200/- में नियमित प्रोन्नति दी जाती है।

2. यह आदेश अधिसूचना निर्गत होने के पश्चात श्री कुमार द्वारा उक्त प्रोन्नत पद का प्रभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामवृक्ष ठाकुर, अवर सचिव।

———

14 जुलाई 2009

सं॰ 1/ए॰जी॰-विविध-21/09-3206/—॰—वित्त विभाग के संकल्प संख्या 10770, दिनांक 30 दिसम्बर 1981 के निहित प्रावधान के आलोक में बिहार —षि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 वेतनमान 2200-4000 रू॰ के निम्नांकित पदाधिकारियों को विभागीय प्रोन्नति/स्क्रीनिंग समिति द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर उनके नाम के सामने अंकित तिथि से वेतनमान 3000-4500 रू॰ में औपबंधिक रूप से प्रथम कालबद्ध प्रोन्नति दी जाती हैः-12 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

क्रमांक पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम प्रथम कालबद्ध प्रोन्नति की देय तिथि।
1 2 3
1 श्री अखिलेश्वर सहाय, सेवा-निवृत्त जिला —षि पदाधिकारी, साहेबगंज दिनांक 01.10.1990
2 श्री साधुशरण प्रसाद, सेवा-निवृत्त जिला —षि पदाधिकारी, नालन्दा दिनांक 01.01.1988

2. उक्त कालबद्ध प्रोन्नति के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारियों को वित्तीय लाभ वित्त विभाग के संकल्प संख्या 660, दिनांक 8 फरवरी 1999 के आलोक में दिनांक 31 दिसम्बर 1995 या सेवा-निवृत्ति की तिथि जो भी पहले हो तक ही देय होगा। 3. —षि विभाग द्वारा सम्पुष्टि के क्रम में यदि पाया जायेगा कि औपबंधिक रूप से दी गई प्रथम कालबद्ध प्रोन्नति गलत है, और इसके चलते अधिक राशि का भुगतान हुआ है तो अधिक भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जायेगी। कालबद्ध प्रोन्नति का वित्तीय लाभ सम्पुष्टि के उपरान्त हीं देय होगा। 4. इस प्रोन्नति से पारस्परिक वरीयता प्रभावित नहीं होगी। 5. यह कालबद्ध प्रोन्नति इस शर्त्त के साथ दी जा रही है कि मंत्रिमंडल (निगरानी) विभाग, बिहार, पटना से यदि संबंधित पदाधिकारी के संबंध में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है, तो उनको दी गई कालबद्ध प्रोन्नति नियमानुसार वापस कर ली जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामवृक्ष ठाकुर, अवर सचिव।

———

14 जुलाई 2009

सं॰ 01/ए0जी0विविध-21/09-3205/—॰—बिहार कृषि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 को सेवा निवृत पदाधिकारी डा0 कपिलेश्वर प्रसाद सिन्हा, की वरीयता संशोधित होने के फलस्वरूप उन्हें पूर्व में दिनांक 1 फरवरी 1983 के प्रभाव से उसी कोटि के वेतनमान 1350-2000 रू0 में की गई कनीय प्रवर कोटि में प्रोन्नति की तिथि के बदले दिनांक 1 अप्रील 1981 के प्रभाव से कनीय प्रवर कोटि में नियमित प्रोन्नति की जाती है। 2. इस संबंध में पूर्व में निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 12677, दिनांक 27 सितम्बर 1989 को इस हद तक संशोधित समझा जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामवृक्ष ठाकुर, अवर सचिव।

——— स0ं 01/ए0जी0-16/2005-69/कृ0 कृषि विभाग ——— संकल्प 7 जनवरी 2010 विषयः- बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा तथा बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 के कोटि-1 (शष्य), कोटि-2 (कृषि अभियंत्रण), कोटि-3 (रसायन), कोटि-5 (पौधा संरक्षण), कोटि-7 (उद्यान), कोटि-8 (माप-तौल) एवं कोटि-9 (सांख्यिकी) में नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता तथा इन कोटियों के अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु प्रावधान के संबंध में ।

कृषि विभाग के अन्तर्गत बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा तथा बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 के कोटि-1 (शष्य), कोटि-2 (कृषि अभियंत्रण), कोटि-3 (रसायन), कोटि-5 (पौधा संरक्षण), कोटि-7 (उद्यान), कोटि-8 (माप-तौल) एवं कोटि-9 (सांख्यिकी) में नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता तथा इन कोटियों के अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु पूर्ण विचारोपरान्त राज्य सरकार ने निम्नलिखित निर्णय लिया हैः-13 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

बिहार कृषि सेवा। अधीनस्थ सेवा तथा वर्ग-2 में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता तथा अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु शैक्षणिक अहर्ता।
1 2
कोटि-1 (शष्य) (क) बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा में नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक होगा। (ख) बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक होगा। (ग) अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं होगी, चूंकि प्रोन्नति अनुभव एवं कार्यकुशलता के आधार पर दी जानी है।
कोटि-2 (कृषि अभियंत्रण) (क) बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि अभियंत्रण में स्नातक होगा। (ख) बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि अभियंत्रण में स्नातक होगा।
कोटि- 3 (रसायन) (क) बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा में नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक/विज्ञान में स्नातक, रसायन के साथ होगा। (ख) बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक/विज्ञान में स्नातक, रसायन के साथ होगा। (ग) अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं होगी, चूंकि प्रोन्नति अनुभव एवं कार्यकुशलता के आधार पर दी जानी है।
कोटि-5 (पौधा स रक्षण) ं (क) बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा में नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक/विज्ञान में स्नातक, जीव विज्ञान (वनस्पति/जंतु विज्ञान)के साथ होगा । (ख) बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक/विज्ञान में स्नातक, जीव विज्ञान(वनस्पति/जंतु विज्ञान) के साथ होगा । (ग) अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं होगी, चूंकि प्रोन्नति अनुभव एवं कार्यकुशलता के आधार पर दी जानी है ।
कोटि- 7 (उद्यान) (क) बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा में नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक/उद्यान स्नातक होगा । (ख) बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि विज्ञान में स्नातक/उद्यान स्नातक होगा । (ग) अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं होगी, चूंकि प्रोन्नति अनुभव एवं कार्यकुशलता के आधार पर दी जानी है ।
कोटि- 8 (माप-तौल) (क) निरीक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता विज्ञान में स्नातक (भैतिकी) के साथ/प्रौद्योगिकी या अभियंत्रण में स्नातक/अभियंत्रण में डिप्लोमा तीन वर्ष का व्यावहारिक अनुभव के साथ होगा । (ख) विभागीय संकल्प सं0 2995 दिनांक 4 मार्च 1989 द्वारा निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति का प्रावधान यथावत होगा । (ग) सहायक नियंत्रक, उप नियंत्रक एवं नियंत्रक के पद पर नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता विज्ञान/अभियंत्रण या कृषि में स्नातक होगा । (घ) अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं होगी, चूंकि प्रोन्नति अनुभव एवं कार्यकुशलता के आधार पर दी जानी है ।
कोटि-9 (सांख्यिकी) (क) बिहार कृषि अधीनस्थ सेवा में नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि में स्नातक/सांख्यिकी अथवा गणित के साथ स्नातक होगा । (ख) बिहार कृषि सेवा वर्ग-2 में सीधी नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता कृषि में स्नातक/सांख्यिकी अथवा गणित के साथ स्नातक होगा । (ग) अधीनस्थ सेवा से वर्ग-2 में प्रोन्नति हेतु शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं होगी, चूंकि प्रोन्नति अनुभव एवं कार्यकुशलता के आधार पर दी जानी है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, के0 सी0 साहा, कृषि उत्पादन आयुक्त।14 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

सहकारिता विभाग

———

अधिसूचना

18 फरवरी 2010

सं॰ 1/रा॰स्था॰(मु॰)-01/2006-748—विभागीय अधिसूचना सं॰ 274, दिनांक 4 फरवरी 2006 के क्रमांक 1 जिसमें सचिव, सहकारिता विभाग के सचिवालय प्रभाग के अन्तर्गत लोक सूचना पदाधिकारी के आदेष के विरूद्ध अपील सुनने के लिए अपीलीय पदाधिकारी के रूप में अधिसूचित किया गया था, में आंषिक संषोधन करते हुए संयुक्त सचिव, सहकारिता विभाग को अपीलीय प्राधिकार के रूप में अधिसूचित किया जाता है।

शेष अंष यथावत रहेंगे।

2. यह तुरंत प्रवृत होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ललन राय, उप-सचिव।

———

उद्योग विभाग

———

अधिसूचना

24 नवम्बर 2009

सं॰ सू0को0उद्योग (01)02/06-4874—श्री कौशलाधीश उपाध्याय, अवर सचिव-सह-नामित लोक सूचना पदाधिकारी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के स्थानान्तरण के फलस्वरुप श्री रवि भूषण प्रसाद, उप उद्योग निदेशक (तकनीकी), तकनीकी विकास निदेशालय, बिहार, पटना को श्री उपाध्याय के स्थान पर लोक सूचना पदाधिकारी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के रूप में नामित (designate) किया जाता है।

2. यह आदेश तत्कालिन प्रभाव से लागू होगा।

3. पूर्व में निर्गत आदेश इस हद तक संशोधित समझे जायेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।

———

भवन निर्माण विभाग

———

अधिसूचना

22 फरवरी 2010

सं॰ भवन/स्था.-1-पदा.-01/07-1316(भ.)—श्री कमलाकान्त झा, नव प्रोन्नत (नियमित रूप से) अधीक्षण अभियंता, जिनकी सेवा पथ निर्माण विभाग की अधिसूचना संख्या-1117(S) दिनांक 21 जनवरी 2010 द्वारा पदस्थापन हेतु भवन निर्माण विभाग को प्राप्त है, को अगले आदेश तक अधीक्षण अभियंता, पटना भवन अंचल, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से हृदय नारायण झा, विशेष सचिव।

ÑÑÑÑ अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुLित। (cid:18)बहार गजट, 50Ñ571+600-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in15 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राMयराMयराMयराMयपाल और काया)Nयपाल और काया)Nयपाल और काया)Nयपाल और काया)NयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , ,

अिधसूचनाएं और िनयम आLद।अिधसूचनाएं और िनयम आLद।अिधसूचनाएं और िनयम आLद।अिधसूचनाएं और िनयम आLद।

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन-जाति कल्याण विभाग ——— कार्यालय आदेश 21 अगस्त 2009

सं॰ 2/अनुकंपा-100-02/2009-3552—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822 दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974, दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्री विकल सारंगधर, पिता स्व0 नागेन्द्र प्रसाद शर्मा, प्रखंड कल्याण पर्यवेक्षक, जिला कल्याण कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण के अन्तर्गत निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान्‌ 3050-80-4590 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परिवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्री विकल सारंगधर की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे उप-निदेषक, कल्याण, पटना प्रमंडल, पटना के कार्यालय में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।16 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

21 अगस्त 2009

सं॰ 2/अनुकंपा-100-03/08-3553—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822, दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974, दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति रोहतास से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्री राजीव कुमार, पिता स्व0 राजकिषोर सिंह, सहायक षिक्षक, रा0 अनुसूचित जन-जाति आ0 म0 वि0, बुधुआ, रोहतास के अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, रोहतास के अन्तर्गत निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान्‌ 3050-4590 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परिवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्री राजीव कुमार की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे उप-निदेषक, कल्याण, पटना प्रमंडल, पटना के कार्यालय में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।

———

21 अगस्त 2009

सं॰ 2/क्षे0 स्था0-20-08/2001-3554—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822 दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974 दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति पूर्णिया से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्रीमती सुनीता देवी पति स्व0 मनोज कुमार सिंह, भूतपूर्व सहायक जिला कल्याण कार्यालय, के अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, पूर्णिया के अन्तर्गत निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान्‌ 3050-4590 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परिवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्रीमती सुनीता देवी की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे उप-निदेषक, कल्याण, पटना प्रमंडल, पटना के कार्यालय में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी।17 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी, पूर्णिया अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।

———

21 अगस्त 2009

सं॰ 2/अनुकंपा-100-04/08-3555—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822 दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974, दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति मधुबनी से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर मो0 ललिता देवी, पति स्व0 जर्नादन पासवान, भूतपूर्व प्रधानाध्यापक आवासीय बालिका उच्च विद्यालय, मधुबनी केे अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, मधुबनी के अन्तर्गत चतुर्थवर्ग के पद पर वेतनमान्‌ 2550-55- 2660-60-3200 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्रीमती ललिता देवी की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे जिला कार्यालय, मधुबनी जिला में योगदान करेगें। 4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी, मधुबनी अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।18 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

24 अगस्त 2009

सं॰ 2/नि0 मु0 अनुकंपा-16-103/07-3565—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822, दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974, दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति पटना, से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्री विद्यानन्द कुमार, पिता स्व0 गंगा राम पासवान को अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, पटना के अन्तर्गत निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान्‌ 3050-80-4590 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परिवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्री विद्यानन्द कुमार की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे उप-निदेषक, कल्याण, पटना प्रमंडल, पटना के कार्यालय में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी, पटना अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।

———

31 अगस्त 2009

सं॰ 2/अनुकम्पा-100-02/08-3689—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822, दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974, दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति किषनगंज से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्री अषोक कुमार पासवान, पिता स्व0 राम विलास पासवान, अनुसेवक राजकीय अनुसूचित जाति आवासीय उच्च विद्यालय, किषनगंज को अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, किषनगंज के अन्तर्गत चतुर्थवर्ग के पद पर वेतनमान्‌ 2550-55-2660-6-3200 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परिवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्री अषोक कुमार पासवान, की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे जिला कल्याण कार्यालय, किषनगंज में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी19 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी, किषनगंज अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।

———

3 सितम्बर 2009

सं॰ 2/क्षे0 स्था0 15-10/05-3780—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822, दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974, दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति वैषाली से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्री/श्रीमती प्रमिला देवी पत्नी स्व0 षिव कुमार राम, पाचक-सह-रसोईया जिला कल्याण शाखा हाजीपुर (वैषाली) को अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, हाजीपुर के अन्तर्गत चतुर्थवर्गीय के पद पर वेतनमान्‌ 2550-55-2660-60-3200 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्रीमती प्रमिला देवी की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे उप-निदेषक, कल्याण, पटना प्रमंडल, पटना के कार्यालय में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी, वैषाली अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।20 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

4 सितम्बर 2009

सं0 2/अनुकंपा-100-05/2009-3818—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822, दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974 दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति मुजफ्‌फरपुर से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्री अरूण कुमार, पिता स्व0 कन्त लाल साह को अनुकम्पा के आधार पर उपनिदेषक, कल्याण, तिरहुत प्रमंडल के अन्तर्गत वर्ग-3 के पद पर वेतनमान्‌ 3050-75-3950-80-4590 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है। 1. इनके ऊपर आश्रित परवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्री अरूण कुमार की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे उप-निदेषक, कल्याण, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्‌फरपुर के कार्यालय में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा। 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर उप-निदेषक, कल्याण, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्‌फरपुर अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।

———

17 सितम्बर 2009

सं॰ 2/क्षे0 स्था0-20-25/07-4035—कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्र सं0 2822, दिनांक 27 अप्रील 1995 तथा कल्याण विभाग के पत्रांक-5974, दिनांक 8 नवम्बर 1995 के आलोक में जिला अनुकम्पा समिति रोहतास से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर श्रीमती शगुफता जहॉ, पति स्व0 अताउल हक स0 षि0, रा0 अनु0 जाति/जनजाति आ0 उ0 वि0, सोली, रोहतास को अनुकम्पा के आधार पर जिला कल्याण कार्यालय, रोहतास सासाराम के अन्तर्गत निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान्‌ 3050-75-3950-80-4590 रु0 में समय-समय पर सरकार द्वारा अनुमान्य देय भत्ते के साथ निम्नांकित शत्र्तों के साथ अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है।

1. इनके ऊपर आश्रित परिवार के भरण-पोषण का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा।

2. श्रीमती शगुफता जहॉ की नियुक्ति के संबंध में दिनांक 1 सितम्बर 2005 से प्रभावी ''बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005'' लागू होगी।

3. नियुक्ति आदेश निर्गत की तिथि से 21 दिनों के अन्दर वे उप-निदेषक, कल्याण, पटना प्रमंडल, पटना के कार्यालय में योगदान करेगें।

4. इनके शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित स्थान से कराकर ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जायेगी। 5. योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रों की किसी राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित प्रति समर्पित करना अनिवार्य होगा।21 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 6. योगदान के साथ दिये गये सभी प्रमाण-पत्रों के संबंध में उम्मीदवार को कार्यपालक दण्डधिकारी द्वारा इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा कि उनके द्वारा दिये गये सभी प्रमाण-पत्र सत्य हैं तथा जांचोपरांत गलत पाये जाने पर उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। साथ ही उनके द्वारा सरकारी कोष से प्राप्त राशि की वसूली की जायेगी एवं उनके विरूद्व अनुशासनिक कार्रवाई भी की जायेगी।

7. योगदान के समय इस आशय का घोषणा-पत्र समर्पित करना होगा कि अपने शादी-व्याह में किसी प्रकार के तिलक-दहेज का लेन-देन नहीं करेंगे।

(क) योगदान की तिथि से वेतन देय होगा।

(ख) योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा-भत्ता देय नहीं होगा।

8. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र में किसी प्रकार की त्रुटि अथवा नियुक्ति में संदिग्धता पाये जाने पर जिला कल्याण पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम अविलम्ब विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

9. विभाग द्वारा निर्गत नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि तीन माह के अन्दर कराना अनिवार्य होगा।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, निदेषक।

——— उद्योग विभाग ——— शुद्धि-पत्र 25 नवम्बर 2009 सं॰ 4904—अधिसूचना संख्या 4874, दिनांक 24 नवम्बर 2009 में नामित लोक सूचना पदाधिकारी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना श्री रवि भूषण प्रसाद, उप उद्योग निदेशक (तकनीकी), तकनीकी विकास निदेशालय, बिहार, पटना को श्री रवि भूषण प्रसाद सिन्हा, उप-निदेशक (तकनीकी), तकनीकी विकास निदेशालय, बिहार, पटना पढ़ा जाय। शेष कंडिका यथावत रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।

———

कृषि विभाग

———

अधिसूचना

9 सितम्बर 2009

सं॰ 4/सचिवा॰ विविध-106/06-4538/—॰—बिहार राज्य बीज प्रमाणन एजेन्सी के शासी निकाय के गठन के संबंध में निर्गत पूर्ववर्त्ती अधिसूचना संख्या 2328, दिनांक 5 जून 2003 द्वारा गठित शासी निकाय का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। एजेन्सी के नियम-6 के अधीन तात्कालिक प्रभाव से निम्नांकित पदाधिकारियों/व्यक्तियों को उनके नाम के सामने अंकित बिहार राज्य बीज प्रमाणन एजेन्सी में शासी निकाय के अध्यक्ष/सदस्य के रूप में मनोनयन करते हुये शासी निकाय का पुनर्गठन किया जाता है।

1 —षि उत्पादन आयुक्त, बिहार, पटना अध्यक्ष
2 —षि निदेशक, बिहार, पटना सदस्य
3 निदेशक, उद्यान, बिहार, पटना सदस्य
4 उप-—षि निदेशक (बीज), बिहार, पटना सदस्य
5 उप-—षि निदेशक, बीज निरीक्षण, बिहार, पटना सदस्य
6 उप-—षि निदेशक, बीज विश्लेषण, बिहार, पटना सदस्य
7 कुलपति, राजेन्द्र —षि विश्वविद्यालय, पूसा द्वारा मनोनित एक प्राचार्य सदस्य
8 निदेशक, अनुसंधान, राजेन्द्र —षि विश्वविद्यालय, पूसा सदस्य
9 भारत सरकार, —षि मंत्रालय द्वारा मनोनित प्रतिनिधि (श्री एन॰सी॰ दिवाकर, निदेशक, राइस निदेशालय)। सदस्य
10 अपर सचिव/संयुक्त सचिव, —षि विभाग सदस्य
11 बिहार राज्य बीज निगम लि॰, पटना के प्रतिनिधि सदस्य
12 मेसर्स रत्नागिरी सीड्‌स एण्ड फार्म, द्वारा-नीरज चौबे, ग्राम-सिकरौल, पोस्ट-सिकरौल, प्रखंड-चौसा, जिला-बक्सर। सदस्य
13 मेसर्स सोन गंगा सीड्‌स, इन्डस्ट्रियल एरिया, विक्रमगंज, द्वारा-बृज बिहारी चौधरी, ग्रामपोस्ट- विक्रमगंज, जिला-रोहतास। सदस्य
14 निदेशक, बिहार राज्य बीज प्रमाणन एजेन्सी सदस्य सचिव
22 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

शासी निकाय का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से दो वर्षों का होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विश्वनाथ सिंह, विशेष सचिव।

——— —षि विभाग ——— शुद्धि-पत्र 6 नवम्बर 2009 सं॰ 1/ए॰जी॰-108/2004-5649/—0—विभागीय अधिसूचना संख्या 1334 (सचिवा॰), दिनांक 13 अप्रील 2005 के क्रमांक-11 में अंकित पदाधिकारी श्री धनन्जय पति त्रिपाठी के नाम के सामने उल्लेखित कॉलम यथा सरकारी सेवा में प्रथम नियुक्ति की तिथि एवं वर्त्तमान संवर्ग में नियुक्ति/प्रोन्नति की तिथि 8 फरवरी 1988 के स्थान पर दिनांक 10 फरवरी 1988 तथा तदनुसार प्रथम/द्वितीय वित्तीय उन्नयन की देय तिथि 8 फरवरी 2000 के स्थान पर दिनांक 10 फरवरी 2000 पढ़ा जाय। उक्त विभागीय अधिसूचना को इस हद तक संशोधित समझा जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नथुनी शरण, अवर सचिव।

ÑÑÑÑ अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुLित। (cid:18)बहार गजट, 50Ñ571+120-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in23 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))

और सव)साधारण सूचनाएं इ_याऔर सव)साधारण सूचनाएं इ_याऔर सव)साधारण सूचनाएं इ_याऔर सव)साधारण सूचनाएं इ_याLद।Lद।Lद।Lद।

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

अधीक्षक का कार्यालयअधीक्षक का कार्यालयअधीक्षक का कार्यालयअधीक्षक का कार्यालय, , , , पटना मेडिकल कॅालेज पटना मेडिकल कॅालेज पटना मेडिकल कॅालेज पटना मेडिकल कॅालेज अस्पताल,अस्पताल,अस्पताल,अस्पताल, पटनापटनापटनापटना

———

निविदा आमंत्राण सूचना

सं॰ 2292सं॰ 2292सं॰ 2292सं॰ 2292—पटना मेडिकल कॅालेज अस्पताल, पटना में मशीनों के हित को ध्यान में रखते हुए 125 KVA का आवाज एवं धुंऑ रहित जेनरेटर, चालक, तेल सहित प्रतिमाह किराया पर चलाने हेतु इछुक निविदादाताओं से समाचार पत्र में निविदा प्रकाशन की तिथि से 15 दिनों के अन्दर मुहरबंद टंकित निविदा निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट से आमंत्रित किया जाता है। निविदा के सम्बन्ध में सारी जानकारी पटना मेडिकल कॅालेज अस्पताल, पटना के वेब साईड www.Prd Bihar.Org & www.PMCH.in पर निविदा प्रकाशन की तिथि के पश्चात्‌ डाउन लोड कर देखा जा सकता है।

स्थान—पटना

(ह0) अस्पष्ट,

दिनांक—23 फरवरी 2010

अधीक्षक।

निविदा शर्तः-निविदा शर्तः-निविदा शर्तः-निविदा शर्तः-

1. निविदाताओ को बिहार वाणिज्य-कर एवं सर्विस टैक्स से निबंधित होना चाहिए। 2. निविदा दो भागो में तकनीकी एवं वित्तीय निविदा अलग-अलग लिफाफे में विषयांकित करते हुए मुहरबंद होगा। 3. तकनीकी निविदा के साथ निविदाताओ को अग्रधन के रूप में 25000/- (पचीस हजार) रूपये का बैंक ड्राफ्ट जो अधीक्षक, पटना मेडिकल कॅालेज अस्पताल,पटना के पदनाम से संलग्न करना होगा।

4. बिहार वाणिज्य-कर विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र के साथ निविदाता आवासीय प्रमाण-पत्र एवं चरित्र प्रमाण-पत्र संबंधित थाना प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के माध्यम से निर्गत प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा।

5. क्रमांक 1 से 4 तक प्रमाण पत्र तकनीकी निविदा में संंलग्न करना आवश्यक है।

6. वित्तीय निविदा में निविदाता जेनरेटर एवं चालक एवं उसके रख रखाव मरम्मति के अतिरिक्त तेल सहित प्रतिमाह की दर से अंकित करना है।

7. निविदा स्वीकृत के उपरान्त आदेश प्राप्त होने पर 15 दिनो के भीतर चार जेनरेटर अस्पताल प्रशासन के द्वारा निर्धारित (1) एक्स-रे विभाग (2) हथुआ वार्ड (3) शिशु विभाग (4) लेबर रूम स्थल पर अधिष्ठापित कर संबंधित विभाग में लाईन देकर चालू करना होगा।

8. जेनरेटर 24 घंटे जब-जब लाईन नहीं रहने पर चालू रखना होगा ऐसा नहीं करने पर प्रशासन द्वारा आपको प्रतिदिन प्रति जेनरेटर 500 (पॉच सौ) रुपये आर्थिक दण्ड के रूप में विपत्र से कटौति की जायेगी।

9. जेनरेटर मशीन निविदाता का ही होगा जो अवधि समाप्त होने के बाद उसे हटा देगें।24 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 10. निविदा की अवधि एक वर्ष की होगी कार्य संतोष जनक होने पर इसका अवधि विस्तार किया जायेगा। 11. आवंटन प्राप्त रहने पर विपत्र का भुगतान किया जायेगा तथा विलम्ब के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क देय नहीं होगा।

स्थान—पटना दिनांक—23 फरवरी 2010

(ह0) अस्पष्ट, अधीक्षक।

ÑÑÑÑ अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुLित। (cid:18)बहार गजट, 50Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in25 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

काकाकाका

पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000))))

ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

कार्यालय जिला पदाधिकारी, अररिया (जिला राजस्व प्रशाखा) ——— आदेश 17 दिसम्बर 2009 सं0 1571-रा0—अपर समाहत्र्ता-सह-उप-निदेशक चकबन्दी, किशनगंज के पत्रांक 25/चक दिनांक 4 मार्च 2009 द्वारा श्री तरूण कुमार यादव, तत्कालीन अमीन-सह-नाजीर चकबन्दी कार्यालय किशनगंज सम्प्रति राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय, फारबिसगंज के विरूद्व चकबन्दी कार्यालय किशनगंज में सेवा-निवृत कर्मियों का जालसाजी से हस्ताक्षर कर 372598.00 (तीन लाख बहत्तर हजार पॉच सौ अनठानवे) रूपये गबन का आरोप है, जिसके संबंध में प्रपत्र ''क'' पत्रांक 246/चक दिनांक 1 दिसमबर 2008 के द्वारा साक्ष्य सहित प्रेषित किया गया है। अंचल अधिकारी, फारबिसगंज ने अपने पत्रांक 105/दिनांक 7 मार्च 2009 एवं 107/ दिनांक 9 मार्च 2009 से प्रतिवेदित किया गया है कि राहत वितरण के दौरान श्री यादव के द्वारा अनियमितता बरती गयी जिसके फलस्वरूप इनके विरूद्व प्राथमिकी दर्ज किया गया एवं उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उक्त आरोप के आलोक में बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 की धारा-9(2)(क) के अन्तर्गत श्री तरूण कुमार यादव, राजस्व कर्मचारी, फारबिसगंज को कारानिरोध की तिथि 7 मार्च 2009 के प्रभाव से निलंबित किया गया। कारा से मुक्त होने के पश्चात इन्हें निलंबित अवधि में मुख्यालय जिला राजस्व कार्यालय अररिया निर्धारित किया गया । श्री यादव के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालन का निर्णय किया गया तथा श्रीमति मधु रानी ठाकुर, अनुमंडल पदाधिकारी, अररिया को संचालन पदाधिकारी एवं जफर रकीब भुमि सुधार उप समाहत्र्ता, अररिया को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा विधिवत सूचना एवं प्रपत्र ''क'' श्री यादव को पत्रांक 470/सा0दिनांक 13 मई 2009 द्वारा आरोप-पत्र उपलब्ध कराते हुए दिनांक 15 मई 2009 तक कारणपृच्छा दाखिल करने का आदेश दिया गया। श्री यादव के द्वारा दिनांक 20 मई 2009 को अपना कारण पृच्छा संचालन पदाधिकारी को समर्पित किया गया। प्रपत्र ''क'' एवं समर्पित कारण पृच्छा पर संचालन पदाधिकारी द्वारा विचारोपरांत प्रतिवेदन पत्रांक 1279, दिनांक 10 अगस्त 2009 द्वारा भेजा गया। गठित आरोप प्रपत्र''क'' एवं संचालन पदाधिकारी का प्रतिवेदन एवं आपके द्वारा समर्पित कारण पृच्छा एवं द्वितीय कारण पृच्छा असंतोषप्रद पाया गया तथा श्री यादव के विरूद्व निम्न आरोप प्रमाणित पाया गया जिसका विवरण निम्न हैः-

आरोप संख्या 01आरोप संख्या 01आरोप संख्या 01आरोप संख्या 01—मो0 सादिक से0नि0 प्रारूपक चकबन्दी कार्यालय किशनगंज की ओर से अधोहस्ताक्षरी को दो परिवाद-पत्र प्राप्त हुआ जिसमें उन्होने आपके विरूद्व आरोप लगाया है कि वे दिनांक 30.09.2000 को सेवा-निवृत हुए और सेवा-निवृति के उपरांत उन्हें मात्र छुटृी एवं ग्रेच्युटी का ही भुगतान किया गया लेकिन शेष सेवांत लाभ तथा सा0भ0निधि ग्रुप बीमा औपबंधिक पेंशन आदि की राशि उन्हें प्राप्त नहीं हुई हैं। वेतन भुगतान पंजी के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि26 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 सा0भ0निधि मद से विपत्र सं0 05/2001-02 के द्वारा मो0 166915.00 (एक लाख छियासठ हजार नौ सो पन्द्रह) रूपये गु्रप बीमा मद में विपत्र सं015/2001-02 के द्वारा मो0 46691.00 (छियालीस हजार छः सौ एक्यानवे) रूपये तथा उपादान मद के बकाया राशि में विपत्र सं0 10/2001-02 के द्वारा मो0 4265.00 रूपये कुल 217871.00 (दो लाख सतरह हजार आठ सौ एक्हतर) रूपये की निकासी के अतिरिक्त 23 अन्य मदों में जिसका विवरण अंकित पत्र मे है, साथ ही संलग्न सूची की छाया प्रति में भी उल्लखित है कि कुल 154727.00 (एक लाख चौवन हजार सात सौ सैताईस) रूपये का है इस तरह दोनों मिलाकर 372598.00 (तीन लाख बहत्तर हजार पॉच सौ अनठानवे) रूपये की निकासी की गई है। जिसका भविष्य निधि लेखा सं0 PUR/REV /733 है, तथा राशि पारित का हस्ताक्षर भी अंकित है लेकिन आवेदक ने उक्त मामले में वेतन भुगतान पंजी में राशि पारित कर उनका स्वयं का हस्ताक्षर रहने से इन्कार किया है। इस अवधि में चकबन्दी कार्यालय, किशनगंज में आप अमीन-सह-प्रभारी नाजीर के पद पर पदस्थापित थे। ऐसा प्रतीत होता है कि आपने मो0 सादिक सेवा निवृत प्रारूपक के यथा वर्णित सेवांत लाभों की मो0 372598.00 रूपये बाजाप्ता की निकासी कर तथा वेतन भुगतान पंजी पर मो0 सादिक का जाली हस्ताक्षर बनाकर राशि का गबन कर लिया गया है।

आराआराआराआरोप संख्या 02ेप संख्या 02ेप संख्या 02ेप संख्या 02—इसकेे विरूद्व दूसरा आरोप श्री मुनी लाल उरॉव तत्कालीन कडीपाल चकबन्दी कार्यालय किशनगंज के भ0नि0 लेखा सं0 PUR/REV /765 से फर्जी निकासी करने के आरोप के संबंध में है श्री उरॉव ने आपके विरूद्व आरोप लगाया है कि आपने उनके भविष्य निधि लेखा सं0 PUR/REV /765 विपत्र सं0 13/2000-2001 से मो0 20000.00 (बीस हजार) रूपये तथा विपत्र सं0 20/2000-2001 से 20000.00 (बीस हजार) रूपये तथा विपत्र सं0 21/ 2000-2001 से 15000.00 (पन्द्रह हजार) कुल 55000.00 (पचपन हजार) रूपये का जाली हस्ताक्षर बनाकर सम्पूर्ण राशि का गबन कर लिया है श्री उरॉव ने उक्त निकासी की गई राशि पर वेतन भुगतान पंजी में उनका स्वयं का हस्ताक्षर रहने से इन्कार किया है उक्त अवधि में आप नाजीर के प्रभार में थे तथा कर्मियों के वेतनादि की निकासी कर नगद रूप में आपके द्वारा भुगतान किया जाता था श्री उरॉव द्वारा लगाये गये आरोप से यह साफ परिलक्षित होता है कि आपने उनके भविष्य निधि खाते से मो 55000.00 (पचपन हजार) रूपये का फर्जी निकासी कर भुगतान पंजी पर उनका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर राशि गबन किया है।

आरोप संख्या 03आरोप संख्या 03आरोप संख्या 03आरोप संख्या 03—उपर्युक्त वर्ण्ाित दोनों मामलों के संंबंध में वस्तु स्थिति स्पष्ट करने का अवसर आपको दिया गया, लेकिन आपने अपना कोई प्रतिउत्तर नहीं भेजा और न ही स्वयं उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट की पुनः उप-निदेशक चकबन्दी किशनगंज के पत्रांक 96/चक दि0 22 जून 2007 के द्वारा वर्णित मामले स्थिति स्पष्ट करने का निदेश पुनः आपको दिया गया जिसे आपके द्वारा दिनांक 22 जून 2007 को ही आपके द्वारा प्राप्त किया गया है। लेकिन इसके वाबजूद भी आपने अब तक कोई जबाब नहीं दिया है इससे यह स्पष्ट होता है कि आपके विरूद्व लगाये गाये आरोप सही है और वास्तव में आपने यथा वर्णित राशि का गबन किया है। बार-बार लिखित सूचना दिये जाने के बाद भी आपके द्वारा कोई जबाब नहीं दिया गया जो उच्चाधिकारी के आदेश का स्पष्ट उल्लंधन है।

आरोप संख्या 04आरोप संख्या 04आरोप संख्या 04आरोप संख्या 04—इस स्तर से संदर्भित मामलों में पूछे गये स्पष्टीकरण का कोई जबाब आपसे प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप मामले को गबन मानते हुए श्री सादिक के मामले में किशनगंज थाना में पी0एस0 केश न0 205/2007 दिनांक 14 सितम्बर 2007 धारा 409, 420, 467, 468 एवं 471 दर्ज कराये गये है जबकि श्री मुनी लाल उरॉव के मामले में किशनगंज थाना काण्ड सं0 275/07 दिनांक 8 नवम्बर 2007 धारा 409, 420, 467, 468 एवं 471 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज करायी गई है।

आरोप संख्या 05आरोप संख्या 05आरोप संख्या 05आरोप संख्या 05—अंचल पदाधिकारी, फारबिसगंज के द्वारा द्वितीय बाढ राहत वितरण में मझुआ पंचायत के बाढ प्रभावित परिवारों के बीच राहत वितरण कार्य पंचायत भवन/सरकारी भवन के बजाय निजी आवास में राशि गबन के उद्देश्य से वितरण किया जाना सरकारी आदेश का अवहेलना है जिसके विरूद्व प्राथमिकी दर्ज करायी गई तथा थाना अध्यक्ष फारबिसगंज के द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया । उपरोक्त गठित पॉच आरोपों पर विभागीय कार्यवाही का संचालन श्रीमति मधु रानी ठाकुर, अनुमंडल पदाधिकारी, अररिया द्वारा संचालित किया गया आरोप के संबंध में श्री यादव के द्वारा दिनांक 20 मई 2009 एवं पूरक आरोप के संबंध में दिनांक 6 जून 2009 को अपना प्रतिउत्तर दाखिल किया गया है प्रस्तुत कारण पृच्छा संतोषप्रद नहीं पाया गया तथा उप निदेशक चकबंदी किशनगंज के पत्रांक 86/चक दिनांक 23 जुलाई 2009 द्वारा समर्पित वेतन भुगतान पंजी के अवलोकन के पश्चात श्री यादव पर विपत्र सं0 13/2001, 20/2001,एवं 21/2001 राशि क्रमशः 20000.00, 20000.00 एवं 15000.00 कुल 55000.00 राशि जो मुनि लाल उरॉव से संबंधित है को जाली हस्ताक्षर कर गबन करने का आरोप सही पाया गया। इसी प्रकार मो0 सादिक से0नि0 प्रारूपक चकबन्दी कार्यालय के नामित विपत्र 5/2001-02, 15/2001-02 एवं 10/2001-02 राशि क्रमशः 166915.00, 46691.00 एवं 4265.00 कुल 217871.00 रूपये27 (cid:18)बहार गजट, 3 माच) 2010 कुल राशि 372598372598372598372598....00000000 (तीन लाख बहत्तर हजार पॉच से अन्ठानवें) रूपया श्री तरूण कुमार यादव तत्कालीन नाजीर द्वारा वेतन भुगतान पंजी पर जाली हस्ताक्षर कर राशि गबन किया गया प्रमाणित पाया गया इनका द्वितीय कारण पृच्छा को असंतोषजनक पाया गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा श्री यादव के विरूद्व उपरोक्त प्रमाणित आरोपों के लिए कठोर दण्ड दिये जाने की अनुशंसा की गई है। श्री यादव द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा में किसी प्रकार का बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। उपरोक्त तथ्यों, संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन/आरोप/प्रस्तुत साक्ष्य के अवलोकन से स्पष्ट है कि श्री तरूण कुमार यादव के द्वारा जाली हस्ताक्षर कर मो0 372598.00 (तीन लाख बहत्तर हजार पॉच सौ अनठानवे) रूपये का गबन किया गया है साथ ही इनके द्वारा बाढ राहत कार्यों में अनियमितता बरतने के उद्देश्य से अपने निजी आवास पर राहत वितरण करने का दोषी पाया गया जिसके फलस्वरूप इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। ऐसे गम्भीर आरोपों के कारण इन्हें सरकारी सेवा में रखना उचित प्रतीत नहीं होता है। अतः बिहार बोर्ड प्रर्कीण नियमावली 1958 के नियम 165, 166 बिहार सरकरी सेवक वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 के नियम 17, एवं 18 मे निहित प्रावधानो के तहत मै एम0 सरवणनएम0 सरवणनएम0 सरवणनएम0 सरवणन, भा0प्र0से0, समाहत्र्ता एवं जिला दण्डाधिकारी, अररिया यथा वर्णित आरोपों के प्रमाणित होेने के कारण श्री तरूण कुमार यादव निलंबित राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय फारबिसगंज, जिला अररिया (निलंबन अवधि में मुख्यालय) को आदेश निर्गत होने की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (बर्खास्त (बर्खास्त (बर्खास्त (Dismiss)))) करता हूॅं। कुमार यादव से संबंधित पूर्ण विवरण निम्न प्रकार हैः- श्री तरूण श्री तरूण श्री तरूण श्री तरूण कुमार यादव से संबंधित पूर्ण विवरण निम्न प्रकार हैः- कुमार यादव से संबंधित पूर्ण विवरण निम्न प्रकार हैः- कुमार यादव से संबंधित पूर्ण विवरण निम्न प्रकार हैः-

1 नाम - श्री तरूण कुमार यादव 2 पिता का नाम - श्री सीतावरी प्रसाद यादव 3 पदनाम- तात्कालिन अमीन-सह-प्रभारी नाजिर चकबन्दी कार्यालय, किशनगंज सम्प्रति राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय, फारबिसगंज। 4 जन्म तिथि - 16 जून 1952 5 नियुक्ति की तिथि - 14 जनवरी 1977 6 वेतनमान - 3200-85-4900 7 स्थायी पताः- ग्राम-खैरा कोशकापुर, पो0-कोशकापुर, भाया-फारबिसगंज, जिला-अररिया

आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, समाहत्र्ता एवं जिला दण्डाधिकारी, अररिया।

ÑÑÑÑ अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुLित। (cid:18)बहार गजट, 50Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 03 March 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-03-03.9/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-03-03.9.