िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 17171717 चैऽ चैऽ चैऽ चैऽ 1932193219321932 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 247247247247) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 7777 अूीलअूीलअूीलअूील 2020202010101010 ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=äÑéçâóX=
CCCCCCCCC=
îÑLäïéìâ=
PM=Éâéw=OMNM=
ä~M= Ñç∫ä∫Ñç∫CNN]OMNMCNNSP]Ñç∫ä∫^—{{ÑÅÖâà= ÇâëÑé~ñ= ä~icââì= EÑìX~ZâKâ= Iç~= ÑçÑìXÉìF= ÑçLëXÇz= OMNMGG=íâë=ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=Éë~=Ñåìâ~Ç=PM=Éâéwz=OMNM=Çâë=áèàBicââÑáê=Öèîâ=cââz=ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=ÇÜ=áòÑÕXâ=êcââ= ÇâXw=ä~éâóì=ÑìXÉâçóÜ=Çë=ÑìXÉ=NNS=Çë=îrêñwê=ã∞ëDX=îâpà=Öëêè=äÑÖê=áòÇâÑDâê=ÑÇXâ=íâêâ=Öp=^=
äèàër‹=áòäâå=DâÉâwz=
äÑéçz=
ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ^=2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 7 अूील 2010 [Ñç¥ä¥Ñç¥CNR]OMNM⁄=
बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2010
प्रस्तावना :- विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं एवं पाठ्यक्रमों की तैयारी तथा विशिष्ट संस्थानों आदि में प्रवेश हेतु बेहतर शैक्षिक अनुसमर्थन प्रदान करने के लिए राज्य के निजी कोचिंग संस्थाओं के नियंत्रण तथा विनियमन का उपबंध करने के लिए विधेयक।
भारत गणराज्य के इकसठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
अध्याय-1
प्रारम्भिक
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।- (1) यह अधिनियम बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम 2010 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा।
(3) यह तुरत प्रवृत्त होगा।
2. परिभाषाएँ।- जब तक कोई बात विषय या प्रसंग के विरूद्ध नहीं हो इस नियमावली में -
(i) ''सरकार'' से अभिप्रेत है ''बिहार सरकार'';
(ii) ''निबंधन'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन किया गया निबंधन;
(iii) ''निबंधित कोचिंग संस्था'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन निबंधित कोचिंग संस्थान;
(iv) ''निबंधन संख्या'' से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन दी गई निबंधन संख्या;
(v) ''नियमावली'' से अभिप्रेत है धारा-9 के अधीन बनायी गयी नियमावली;
(vi) ''शिक्षण फीस'' से अभिप्रेत है, शैक्षिक अनुसमर्थन के लिए निबंधित कोचिंग संस्था द्वारा नामांकित छात्रों से ली जानेवाली राशि, यथा- नामांकन फीस, शिक्षण फीस आदि;
(vii) ''प्राधिकार'' से अभिप्रेत है, जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित निबंधन समिति;
(viii) ''अपीलीय प्राधिकार'' से अभिप्रेत है प्रमण्डलीय आयुक्त;
(ix) ''कोचिंग संस्थान'' से अभिप्रेत है, किसी निजी / निबंधित संस्था अथवा ट्रस्ट द्वारा इस अधिनियम की धारा-3 के अधीन 10 से अधिक छात्र/छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षा अथवा शैक्षिक अनुसमर्थन के लिए तैयारी का उपबंध करने हेतु निबंधित संस्था;
(x) ''पाठ्यक्रम'' से अभिप्रेत है, अखिल भारतीय/राज्य स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा/विभिन्न बोर्ड द्वारा विहित पाठ्यक्रम;
(xi) ''निबंधन फीस'' से अभिप्रेत है, कोचिंग संस्थान के निबंधन हेतु अपेक्षित फीस;
(xii) ''निबंधन प्रमाण-पत्र'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन निर्गत निबंधन प्रमाण-पत्र;
(xiii) ''विहित'' से अभिप्रेत है, नियमावली, विनियमावली और अधिसूचनाओं द्वारा विहित;
(xiv) ''छात्र/छात्रा'' से अभिप्रेत है, कोचिंग संस्थान में नामांकित छात्र/छात्रा;
(xv) ''उल्लंघन'' से अभिप्रेत है, कोचिंग संस्थान के संचालन हेतु अधिनियम / नियमावली के प्रावधानों एवं संबंधित अधिसूचनाओं का उल्लंघन।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 7 अूील 2010
अध्याय-2
कोचिंग संस्था का निबंधन / कोचिंग संस्थान द्वारा विहित पाठ्यचर्या / प्रतियोगिता परीक्षा / शैक्षिणक अनुसमर्थन / नामांकन फीस / निबंधन फीस।
3. विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा एवं पाठयक्रमों की तैयारी के लिए शैक्षणिक अनुसमर्थन हेतु कोचिंग संस्था की स्थापना/निबंधन।- (1) इस अधिनियम के आरम्भ होने के एक माह के भीतर पूर्व से संचालित कोचिंग संस्थाओं को निबंधन कराना होगा।
(2) इस अधिनियम के आरंभ होने के बाद, कोई भी कोचिंग संस्थान बिना वैध निबंधन प्रमाण-पत्र प्राप्त किये न तो स्थापित किया जायेगा और न चलाया जायेगा।
(3) निबंधन की अवधि तीन वर्षों की होगी।
(4) इस अधिनियम के आरम्भ होने के बाद कोई व्यक्ति, जो कोचिंग संस्थान स्थापित करने या चलाने का इच्छुक हो, निबंधन प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए जिला पदाधिकारी को निम्नांकित सूचनाओं के साथ विहित प्रपत्र में, 5,000 (पाँच हजार) रूपये निबंधन फीस के साथ, आवेदन देगा।
(क) पाठ्यक्रम का निर्धारण।- (1) विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक अनुसमर्थन के लिए पाठ्यक्रम एवं पाठ्यक्रम पूर्ण करने की अवधि स्पष्ट की जायगी।
(2) प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम छात्रों की संख्या उल्लिखित की जायगी।
(ख) शैक्षिक योग्यता।- न्यूनतम स्नातक योग्यताधारी गैर-सरकारी शिक्षकों अथवा सेवा-निवृत्त शिक्षकों द्वारा अध्यापन का कार्य सम्पन्न किया जायगा। शिक्षकों के जीवन-वृत के साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव उल्लिखित किया जायेगा।
(ग) शिक्षण फीस।- (1) कोचिंग संस्थान को विभिन्न पाठ्यचर्या / पाठ्यक्रम पूर्ण करने की अवधि का उल्लेख करते हुए शिक्षण फीस के साथ प्रोस्पेक्टस निर्गत करना होगा।
(2) पाठ्यक्रम के अधीन प्रोस्पेक्टस में व्याख्यान, ट्युटोरियल की संख्या, ग्रुप डिस्कशन आदि का उल्लेख करना आज्ञापक होगा।
(घ) भौतिक अधिसंरचना-(1) कोचिंग संस्था की आधारभूत संरचना के अधीन वर्ग कक्ष का न्यूनतम क्षेत्र प्रति छात्र न्यूनतम 1 (एक) वर्गमीटर होगा।
(2) अन्य सुविधाएँ।- इसके अधीन प्रत्येक कोचिंग संस्था द्वारा निम्नलिखित सुविधाएँ उपलब्ध करायी जायेगी :-
(i) समुचित उपस्कर (बेंच/डेस्क आदि);
(ii) पर्याप्त प्रकाशीय व्यवस्था (विद्युतीकरण);
(iii) पेयजल की सुविधा;
(iv) शौचालय की सुविधा;
(v) जलमल निकासी और स्वच्छता सुविधाएँ;
(vi) अग्निशमन की व्यवस्था;
(vii) आकस्मिक चिकित्सा सुविधा; और
(viii) साईकिल/वाहन की पार्किंग की सुविधा।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 7 अूील 2010 नोटः-राज्य सरकार उपलब्ध आधारभूत संरचना को विशिष्ट शर्त्तों एवं बंधेज पर किसी कोचिंग संस्थान को कोचिंग संचालन हेतु दे सकेगी।
4. प्राधिकार।- (1) जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित निम्न समिति द्वारा धारा-3 के अधीन निबंधन शर्त्तों के आधार पर जाँचोपरान्त आवेदित तिथि से (30) तीस दिन के भीतर निबंधन प्रमाण-पत्र दिया जा सकेगा। निबंधन प्रमाण-पत्र हेतु समर्पित आवेदन को नामंजूर किए जाने की स्थिति में, तत्संबंधी सकारण आदेश की प्रति आवेदक को दी जाएगी। निम्नलिखित को मिलाकर एक निबंधन समिति का गठन किया जायेगा :-
(क) जिला पदाधिकारी - अध्यक्ष
(ख) पुलिस अधीक्षक - सदस्य
(ग) जिला शिक्षा पदाधिकारी - सदस्य सचिव
(घ) प्राचार्य, (अंगीभूत महाविद्यालय) - सदस्य
नोटः—जिला मुख्यालय अवस्थित अंगीभूत महाविद्यालय के प्राचार्य सदस्य होंगे, एक से अधिक महाविद्यालय होने पर चक्रानुक्रम से अधिकतम एक वर्ष के लिए उन्हें जिला पदाधिकारी द्वारा नामित किया जायेगा।
(2) कोचिंग संस्था के निबंधित होने के तिथि से तीन वर्षों के तुरंत बाद निबंधन के नवीकरण हेतु विहित प्रपत्र में, 3,000 (तीन हजार) रू॰ निबंधन फीस के साथ, आवेदन किया जा सकेगा।
5. कोचिंग संस्थान के कार्यकलाप की जाँच।- जिला पदाधिकारी, अनमुंडल पदाधिकारी से अन्यून पंक्ति के पदाधिकारी द्वारा कोचिंग संस्थान के निबंधन के लिए विहित अर्हता पूर्ण करने तथा कार्यकलाप संतोषजनक होने के संबंध में जाँच करा सकेंगे।
अध्याय-3
शास्ति
6. शास्ति।- (1) इस अधिनियम के अधीन, प्राधिकार को व्यवहार न्यायालयों की शक्ति होगी। प्राधिकार को वही शक्तियाँ प्राप्त होगी, जो किसी वाद के विचारण के लिए सिविल प्रकिया संहिता 1908 (1908 का V) के अधीन न्यायालय में निहित हो यथाः-
(i) शपथ-पत्र द्वारा साक्ष्य सहित साक्ष्य ग्रहण करना;
(ii) किसी व्यक्ति का सम्मन करना और हाजिर कराना और शपथ पर उसका परीक्षण करना;
(iii) दस्तावेजों को उपस्थापन के लिए विवश करना; और
(iv) खर्चा अवार्ड करना।
(2) कोचिंग संस्थान इस अधिनियम के या इसके अधीन बनाई गई नियमावली अथवा इस अधिनियम के अधीन निर्गत अधिसूचना के किसी प्रावधान के उल्लंघन करने पर निम्नलिखित शास्ति के दायी होगें :-
(i) प्रथम अपराध के लिए 25,000 (पच्चीस हजार) रूपये
(ii) द्वितीय अपराध के लिए 1,00,000 (एक लाख) रूपये
(iii) द्वितीय अपराध के बाद, निबंधन हेतु गठित समिति द्वारा, कोचिंग संस्थान के विरूद्ध आरोप प्रमाणित होने की स्थिति में, कारण-पृच्छा और सुनवाई का समुचित अवसर देने के बाद निबंधन रद्द किया जा सकेगा।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 7 अूील 2010
अध्याय- 4
अपीलीय प्राधिकार एवं परिवादों का निपटारा
7. परिवादों का निपटारा।- कोचिंग संस्थानों के छात्र/छात्रा अथवा कोचिंग संस्थान के कर्मियों द्वारा कोचिंग संस्थान के विरूद्ध अथवा कोचिंग संस्थान द्वारा छात्र/छात्राओं के विरूद्ध अनुमण्डल पदाधिकारी के समक्ष परिवाद दायर किया जा सकेगा। परिवादाें का निपटारा 30 (तीस) दिनों के भीतर, अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में निम्नलिखित को मिलाकर गठित समिति द्वारा किया जायेगा-
(क) अनुमंडल पदाधिकारी - अध्यक्ष;
(ख) अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी /उपाधीक्षक - सदस्य;
(ग) अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी - सदस्य सचिव।
समिति जाँच के बाद निबंधन प्राधिकार को यथास्थिति शास्ति अधिरोपण या निबंधन रद्दकरण के लिए अपना प्रतिवेदन देगा।
8. अपीलीय प्राधिकार।- व्यथित कोचिंग संस्थान द्वारा धारा-4, 5, 6 एवं 7 के अधीन की गई कार्रवाई के विरूद्ध प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष 30 (तीस) दिनों के भीतर अपील संस्थित किया जा सकेगा। प्रमंडलीय आयुक्त अपील दायर होने के 45 (पैतालीस) दिनों के भीतर अपील का निपटारा कर देगा। प्रमण्डलीय आयुक्त का निर्णय अंतिम होगा।
अध्याय- 5
प्रकीर्ण
9. नियमावली बनाने और अधिसूचना निर्गत करने की शक्ति।- सरकार, पूर्व प्रकाशन के अध्यधीन, इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजनार्थ नियमावली एवं विनियमावली बना सकेगी और अधिसूचना निर्गत कर सकेगी।
10. संदेहों एवं कठिनाईयों का सुधार करने की शक्ति।- इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने में, यदि कोई संदेह या कठिनाई उत्पन्न हो, तो सरकार, इस अधिनियम अथवा उसके अधीन बनायी गयी नियमावली के उपबंधों और निर्गत अधिसूचनाओं से संगत ऐसा कोई स्पष्टीकरण निर्गत कार्य कर सकेगी, जिसे संदेह या कठिनाईयों को दूर करने के लिए आवश्यक समझें।6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 7 अूील 2010
उद्देश्य एवं हेतु
विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं एवं पाठ्यक्रमों की तैयारी तथा विशिष्ट संस्थानों आदि में प्रवेश हेतु शैक्षणिक अनुसमर्थन के लिए कोचिंग संस्थानों द्वारा विभिन्न तरह के कोर्स चलाये जाते हैं ।
इन संस्थानों पर सरकार का नियंत्रण नहीं होने के कारण बहुधा इन संस्थानों के स्वेच्छाचारिता के कई मामले प्रकाश में आये हैं । जिस कारण वहाँ अध्ययनरत छात्र/छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को काफी कठिनाईयों का समाना करना पड़ता है । फलस्वरूप कुछ अप्रिय घटनाएँ भी घट जाती है । ऐसी स्थिति में राज्य के मेधावी छात्र/छात्राओं को अन्य राज्यों में शैक्षिक पलायन से रोकने तथा अपने ही राज्य में बेहतर शैक्षिक अनुसमर्थन एवं प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराने के लिए इन कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण एवं आवश्यक समर्थन अपेक्षित प्रतित होता है ।
किसी निजी/निबंधित संस्था अथवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित कोचिंग संस्थानों के स्वेच्छाचारितापर रोक एवं सरकार के नियंत्रण हेतु अधिनियम बनाना समीचीन प्रतीत होता है । इन संस्थानों को नियंत्रण एवं विनियमन हेतु बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2010 बनायी गई है ।
इस विधेयक को अधिनियमित करने का मुख्य उद्देश्य यही है कि राज्य में विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं एवं पाठ्यक्रमों की तैयारी तथा विशिष्ट संस्थानों आदि में प्रवेश हेतु बेहतर शैक्षिक अनुसमर्थन प्रदान करने के लिए राज्य के निजी कोचिंग संस्थाओं के नियंत्रण तथा विनियमन का उपबंध करने के लिए विधेयक को अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ठ है ।
¼gfjukjk;.k flag½
Hkkjlk/kd lnL;
पटनाः
सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा, दिनांक 30 मार्च, 2010
सचिव,
बिहार विधान-सभा।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु0ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 247-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in