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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 July 2010

Published 05 July 2010

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-07-05.446
Languages
English, Hindi
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अच्छी गुणवत्ता वाली दवाओं एवं उपकरणों का न्यूनतम दर पर क्रय स्वास्थ्य प्रक्षेत्र को प्रभावशाली बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । सम्प्रति यह कार्य बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा किया जा रहा है । यह देखते हुए कि दवाओं एवं उपकरणों का क्रय एक विशिष्ट कार्य है, यह आवश्यक है कि ये कार्य ऐसी एजेन्सी से कराया जाए जिसे इसमें निपुणता प्राप्त हो ।

2. राज्य में स्वास्थ्य प्रक्षेत्र की आधारभूत संरचना में कई गुना वृद्धि होनी है । राज्य के सभी प्रखंडों (अनुमंडलीय तथा जिला मुख्यालय को छोड़कर) में अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 30 शय्‌या के अस्पताल में उत्क्रमित किया जाना है । राज्य में लगभग 1500 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन के निर्माण की आवश्यकता है । लगभग दस हजार से भी अधिक स्वास्थ्य उप केन्द्रों के भवन का निर्माण भी किया जाना है । यदि इन कार्यो को सन 2012 तक पूरा नहीं किया जाता है तो राज्य सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत इस निमित्त मिलनेवाली राशि से वंचित हो जायेगा ।

3. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के Implementation frame work में भी राज्यों में क्रय आदि की क्षमता की कमी को इंगित किया गया है और तमिलनाडु चिकित्सा आपूर्ति निगम (Tamilnadu Medical Supplies Corporation) के अनुरूप राज्यों को सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी/निगम बनाने की सलाह दी गयी है।4. उपर्युक्त के आलोक में भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 617 के अन्तर्गत बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम ( Bihar Medical Services & Infrastructure Corporation) का गठन किया जाना है । यह निगम गुणवत्तायुक्त दवा, उपकरण, सेवाओं एवं निर्माण कार्यो की न्यूनतम दर पर व्यवस्था सुनिश्चित करायेगा । इस निगम को बिहार वित्त नियमावली के नियम 129 के अन्तर्गत दवा, उपकरण, सेवाएं एवं निर्माण कार्यो की अधिप्राप्ति के लिए ''राज्य क्रय संगठन'' नामित किया जाता है । 5. इस निगम के गठन के लिए सरकार द्वारा मेमोरेंडम ऑफ एसोसियेशन और आर्टिकल ऑफ एसोसियेशन अनुमोदित किया गया है तथा निगम के गठन तथा संचालन की कार्यवाही तदनुरूप की जायेगी । 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 5 जुलाई 2010 6.(क) इस निगम में निदेशकों की संख्या कम से कम पांच तथा अधिक से अधिक चौदह होगी । निदेशकों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा निम्नांकित में से की जाएगी :- 1. विकास आयुक्त - अध्यक्ष 2. बिहार सरकार द्वारा नियुक्त पदाधिकारी - प्रबंध निदेशक 3. प्रधान सचिव/सचिव, वित्त विभाग, बिहार - सदस्य 4. प्रधान सचिव/सचिव, स्वास्थ्य विभाग - सदस्य 5. कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार - सदस्य 6. स्वतंत्र निदेशक (चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ) - सदस्य 7. स्वतंत्र निदेशक (अभियंत्रण क्षेत्र के विशेषज्ञ) - सदस्य 8. महाप्रबंधक (प्रोक्योरमेंट (ड्रग्स एवं एक्वीपमेंट्‌स) - सदस्य 9. महाप्रबंधक, वक्र्स - सदस्य 10. महाप्रबंधक, वित्त - सदस्य

(ख) प्रबंध निदेशक के पद पर राज्य सरकार, भा0प्र0से0 के सुपरटाईम वेतनमान में उपयुक्त पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति करेगी या खुले बाजार से वैसे व्यक्ति का चयन किया जायेगा जिसे संबंधित क्षेत्र में कम से कम दस वर्ष का अनुभव हो तथा जो चार्टेड एकाउंटेंट हो अथवा लब्धप्रतिष्ठित संस्थान से एम0बी0ए0 की डिग्री प्राप्त हो।

(ग) इस निगम में अभियंत्रण कोषांग सहित प्रारम्भ में सत्रह पद होगें जिनपर नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन के माध्यम से आवेदन पत्र प्राप्त किये जायेगें तथा योग्यता के आधार पर अथवा खुले बाजार से नियुक्ति की जायेगी ।

(घ) आवश्यकतानुसार इस निगम के बोर्ड द्वारा अन्य कर्मियों के पदों को चिन्हित किया जायेगा एवं इन पदों का सृजन तथा चयन प्रक्रिया सरकार की पूर्वानुमति से निर्धारित की जायेगी । निगम द्वारा की जाने वाली सभी नियुक्तियों पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा ।

(च) निगम की वित्तीय सूचना प्रकट करने में पारदर्शिता बनाए रखने तथा आन्तरिक नियंत्रण और अंकेक्षण के लिए अंकेक्षण बोर्ड का गठन किया जायेगा । अंकेक्षण बोर्ड कम्पनी के वित्तीय विवरण प्रकटीकरण का निरीक्षण भी करेगा ।

(छ) निगम को क्रय और अनुबंध के प्रबंधन के लिए सेवा शुल्क अनुमान्य होगा जो 5 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा । जहां तक निर्माण कार्य का प्रश्न है यह निगम निर्माण कार्य हेतु निविदा प्राप्त कर उपयुक्त एजेन्सी का चयन करेगा । निर्माण कार्य हेतु निगम को अधिकतम सात प्रतिशत सेवा शुल्क अनुमान्य होगा ।

(ज) निगम को वित्तीय स्थिरता प्रदान करने हेतु औषधि तथा उपकरण क्रय के लिए किसी वित्तीय वर्ष में उपबंधित राशि के 90 प्रतिशत पर उपरोक्त कंडिका 'छ' के अनुसार सेवा शुल्क की राशि देय होगा ।

(झ) तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम की भांति दवाओं एवं उपकरणों के क्रय हेतु बजट की राशि निगम को स्थानान्तरित कर दी जायेगी ताकि उक्त संस्थान द्वारा बिना विलम्ब के आपूर्तिकर्ता को भुगतान आदि की कार्रवाई की जा सके ।

(ट) राज्य सरकार द्वारा निगम को प्रारंभिक कैपिटल के रूप में दस करोड़ की राशि हिस्सा पूंजी के रूप में दी जायेगी । तत्पश्चात निगम को सारी आवश्यकतायें अपने द्वारा सम्पादित किये गये कार्यो से अर्जित कमीशन या सेवा शुल्क से ही पूरी करनी होगी ।

7. इस निगम के कार्य संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग प्रशासी विभाग होगा ।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी हेतु उपर्युक्त संकल्प की पांच सौ प्रतियां बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में प्रकाशित की जाए तथा विभाग को उपलब्ध करायी जाए ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम कुमार पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

———— अधी0क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 446-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 July 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-07-05.446/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-07-05.446.