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अधिसूचना
25 जून 2010
सं0 निग/सारा-4 (पथ)-46/03-9416 (एस)—श्री बांके बिहारी सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल पूर्णियाँ सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, मुख्य अभियंता का कार्यालय, बिहार, पटना को पथ प्रमंडल पूर्णियाँ के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितताओं के लिए अधिसूचना संख्या 3965 (एस) सह पठित ज्ञापांक 3966, दिनांक 10 अप्रील 2006 द्वारा निलंबित किया गया तथा संकल्प ज्ञापांक 4659 (एस) दिनांक 06 मई 2006 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। श्री सिंह द्वारा निलंबन आदेश के विरूद्ध दायर याचिका सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 16374/07 में दिनांक 27 फरवरी 2008 को पारित आदेश के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या 7882 (एस) दिनांक 12 जून 2008 द्वारा श्री सिंह को निलंबन से मुक्त किया गया। श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में इनके विरूद्ध गठित 4 आरोपों में से आरोप संख्या-1, 3 एवं 4 को अप्रमाणित तथा आरोप संख्या-2 को प्रमाणित माना गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक 6790 (एस), दिनांक 23 जून 2009 द्वारा प्रमाणित आरोप के लिए द्वितीय कारण पृच्छा के साथ पत्रांक 9149 (एस), दिनांक 21 अगस्त 2009 द्वारा निलंबन अवधि में देय जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने के संबंध में कारण पृच्छा की मांग की गयी। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 9 जुलाई 2010 पाया गया कि आरोप संख्या-2 को प्रमाणित माने जाने के संबंध में संचालन पदाधिकारी का मंतव्य पूर्णतः विश्लेषित है तथा श्री सिंह द्वारा दायित्व सृजन के संबंध में कोई भी ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया। इस प्रकार श्री सिंह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर एवं निलंबन अवधि के संबंध में कारण-पृच्छा उत्तर को असंतोषजनक पाते हुए सम्यक रूप से विचारोपरांत प्रमाणित आरोप के लिए तीन वेतन वृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से रोक एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने के दंड पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 13728 (एस) अनु0 दिनांक 26 नवम्बर 2009 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। 3. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 480, दिनांक 04 जून 2010 से प्राप्त परामर्श में सरकार द्वारा निर्णीत दंड पर आयोग द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। अतएव श्री बांके बिहारी सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल पूर्णियाँ सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, मुख्य अभियंता का कार्यालय, बिहार, पटना के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता हैः-
(क) तीन वेतन वृद्धियां संचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है।
4. निलंबन अवधि में देय जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं होगा परन्तु पेंशन प्रयोजनार्थ निलंबन अवधि कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जायेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
(ह0)-अस्पष्ट,
सरकार के संयुक्त सचिव
———— अधी0क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 456-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in