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अधिसूचना
2 जुलाई 2010
सं0 निग/सारा-06-02/2006- 9775 (एस)—श्री गणेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, शेखपुरा सम्प्रति सेवा-निवृत्त, गंगजला, वीर कुँअर सिंह हाई स्कूल के नजदीक, पो0जिला-सहरसा द्वारा कार्य प्रमंडल, शेखपुरा के पदस्थापन काल में राजस्व मद की राशि रु0 14,18,689 का गबन/दुर्विनियोग करने जैसी अनियमिता के मामले में प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), बिहार, पटना के जांच प्रतिवेदन के आधार पर ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3741, दिनांक 09 सितम्बर 2005 द्वारा की गयी अनुशंसा एवं प्राप्त आरोप-पत्र के आलोक में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7016 (एस) अनु0, दिनांक 06 जुलाई 2006 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
2. आरोपी पदाधिकारी का संचालन पदाधिकारी के समझ उपस्थित नहीं होने के कारण संचालन पदाधिकारी ने अपनेे पत्रांक 371, दिनांक 17 दिसम्बर 2007, पत्रांक 06, दिनांक 07 जनवरी 2008, पत्रांक 19, दिनांक 21 जनवरी 2008 द्वारा आरोपी पदाधिकारी को उपस्थित होकर अपना बचाव बयान दिये जाने हेतु स्मारित किया गया। आरोपी पदाधिकारी द्वारा दिनांक 13 फरवरी 2008 को संचालन पदाधिकारी के समझ उपस्थित होकर बचाव बयान समर्पित किये जानेे हेतु एक माह का समय की याचना की गयी। परन्तु उसके पश्चात भी आरोपी 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 12 जुलाई 2010 2008 द्वारा जांच प्रतिवेदन विभाग को समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी ने अपने जांच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी को बिहार लोक लेखा संहिता की कंडिका-35 एवं बिहार वित्त नियमावली खंड-1, अध्याय-3 प्रकरण-1 नियम-37 में दिये गये निदेशों की अवहेलना तथा सरकारी राजस्व रुपया 14,18,689 के गबन एवं पुनर्वियोग का दोषी माने जाने का मंतव्य दिया गया।
3. संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए श्री सिंह से विभागीय पत्रांक 9280, अनु0 दिनांक 17 जुलाई 2008 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री सिंह ने अपने पत्रांक शून्य, दिनांक 20 अगस्त 2008 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर समर्पित किया। श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 526 (एस) दिनांक 21 जनवरी 2009 द्वारा कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल, शेखपुरा से मंतव्य की मांग की गयी। कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल शेखपुरा ने अपने पत्रांक 708, अनु0, दि0 20 मई 2009 द्वारा श्री गणेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए उनके विरुद्ध गठित आरोप को प्रमाणित होने तथा श्री सिंह द्वारा उक्त राशि का गबन/दुर्विनियोग किये जाने का मंतव्य दिया गया।
4. श्री सिंह के द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पर कार्यपालक अभियंता कार्य प्रमंडल, शेखपुरा से प्राप्त मंतव्य के विभागीय समीक्षोपरांत श्री गणेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति सेवा-निवृत्त के विरुद्ध गठित आरोप को प्रमाणित पाते हुए उनके द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अमान्य करते हुए उनके पेंशन को शून्य करने के दंड प्रस्ताव पर सरकार के आदेशोपरांत विभागीय पत्रांक 11324 (एस) अनु0, दिनांक 12 अक्तूबर 2009 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 341, दिनांक 26 मई 2010 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गयी।
5. अतः बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त अनुशंसा/सहमति एवं सरकार के निर्णय के आलोक में श्री गणेश प्रसाद सिंह, तात्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल शेखपुरा सम्प्रति सेवा-निवृत्त को निम्न दंड संसूचित किया जाता हैः-
(1) उनके पेंशन को शून्य पर संधारित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह0)-अस्पष्ट,
संयुक्त सचिव।
———— अधी0क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 468-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in