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वित्त विभाग
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संकल्प
5 जुलाई 2010
विषयः—बिहार न्यायायिक सेवा के पदाधिकारियों को न्यायमूर्ति पद्मनाभन समिति की अनुशंसा के क्रम में वेतन पुनरीक्षण के संबंध में ।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटिशन (सिविल) 1022/89, अखिल भारतीय न्यायिक सेवा संघ बनाम भारत संघ एवं अन्य में पारित आदेश के आलोक में भारत सरकार द्वारा प्रथम राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग (शेट्टी आयोग) का गठन किया गया था ।
2. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 25 नवम्बर 2002 को पारित आदेश के आलोक में बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए प्रथम राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग द्वारा अनुशंसित वेतनमान वित्त विभाग के संकल्प 1915 वि0 (2), दिनांक 12 मार्च 2003 द्वारा लागू किया गया ।
3. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 28 अप्रील 2009 के आदेश द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों को न्यायमूर्ति शेट्टी आयोग के प्रतिवेदन (प्रथम राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग) द्वारा अनुशंसित वेतनमान के पुनरीक्षण हेतु न्यायमूर्ति पद्मनाभन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया था । पद्मनाभन समिति द्वारा प्रतिवेदन 17 जुलाई 2009 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में समर्पित किया गया ।
4. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 04 मई 2010 को पारित आदेश के क्रम में बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए पद्नाभन आयोग द्वारा अनुशंसित वेतनमान लागू करने का विषय सरकार के विचाराधीन था ।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 13 जुलाई 2010 5. सम्यक् विचारोपरांत राज्य सरकार ने बिहार न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के लिए पद्नाभन आयोग द्वारा अनुशंसित वेतनमान दिनांक 01 जनवरी 2006 के प्रभाव से निम्न रूपेण लागू करने का निर्णय लिया हैः-
| क्र0 स0 | पदनाम | अपुनरीक्षित वेतनमान | पुनरीक्षित वेतनमान |
| 1. | मुंसिफ (मूल कोटि) (असैनिक न्यायाधीश कनीय वर्ग) प्रवेश बिन्दु | 9000-14550 | 27700-770-33090-920-40450-1080-44770 |
| 2. | असैनिक न्यायाधीश कनीय वर्ग, प्रथम ए0सी0पी0 | 10750-14900 | 33090-920-40450-1080-45850 |
| 3. | असैनिक न्यायाधीश कनीय वर्ग, द्वितीय ए0सी0पी0 | 12850-17550 | 39530-920-40450-1080-49090- 1230-54010 |
| 4. | असैनिक न्यायाधीश वरीय वर्ग (प्रवेश बिन्दु) | 12850-17550 | 39530-920-40450-1080-49090- 1230-54010 |
| 5. | असैनिक न्यायाधीश वरीय वर्ग, प्रथम ए0सी0पी0 | 14200-18350 | 43690-1080-49090-1230-56470 |
| 6. | असैनिक न्यायाधीश वरीय वर्ग, द्वितीय ए0सी0पी0 | 16750-20500 | 51550-1230-58930-1380-63070 |
| 7 | जिला न्यायाधीश प्रवेश बिन्दु | 16750-20500 | 51550-1230-58930-1380-63070 |
| 8. | जिला न्यायाधीश प्रवर कोटि | 18750-22850 | 57700-1230-58930-1380-67210- 1540-70290 |
| 9. | जिला न्यायाधीश अधिकाल वेतनमान | 22850-24850 | 70290-1540-76450 |
6. पुनरीक्षित वेतनमान का मास्टर वेतनमान निम्नांकित हैः-
27700-770-33090-920-40450-1080-49090-1230-58930-1380-67210-1540-76450
अपुनरीक्षित वेतनमान के विभिन्न स्टेज तथा वेतनवृद्धि का पुनरीक्षित वेतनमान में सुसंगत स्टेज तथा वेतनवृद्धि निम्नांकित हैं :-
| क्र0 सं0 | अपुनरीक्षित वेतनमान | पुनरीक्षित वेतनमान | ||
| वेतन | वेतनवृद्धि | वेतन | वेतनवृद्धि | |
| 1 | 9,000 | 250 | 27,700 | 770 |
| 2. | 9,250 | 250 | 28,470 | 770 |
| 3. | 9,500 | 250 | 29,240 | 770 |
| 4. | 9,750 | 250 | 30,010 | 770 |
| 5. | 10,000 | 250 | 30,780 | 770 |
| 6. | 10,250 | 250 | 31,550 | 770 |
| 7. | 10,500 | 250 | 32,320 | 770 |
| 8. | 10,750 | 300 | 33,090 | 920 |
| 9. | 11,050 | 300 | 34,010 | 920 |
| 10. | 11,350 | 300 | 34,930 | 920 |
| 11. | 11,650 | 300 | 35,850 | 920 |
| 12. | 11,950 | 300 | 36,770 | 920 |
| 13. | 12,250 | 300 | 37,690 | 920 |
| 14. | 12,550 | 300 | 38,610 | 920 |
| 15. | 12,850 | 300 | 39,530 | 920 |
| 16. | 13,150 | 350 | 40,450 | 1080 |
| 17. | 13,500 | 350 | 41,530 | 1080 |
| 18. | 13,850 | 350 | 42,610 | 1080 |
| 19. | 14,200 | 350 | 43,690 | 1080 |
| 20. | 14,550 | 350 | 44,770 | 1080 |
| 21. | 14,900 | 350 | 45,850 | 1080 |
| 22. | 15,250 | 350 | 46,930 | 1080 |
| 23. | 15,600 | 350 | 48,010 | 1080 |
| 24. | 15,950 | 400 | 49,090 | 1230 |
| 25. | 16,350 | 400 | 50,320 | 1230 |
| 26. | 16,750 | 400 | 51,550 | 1230 |
| 27. | 17,150 | 400 | 52,780 | 1230 |
| 28. | 17,550 | 400 | 54,010 | 1230 |
| 29. | 17,950 | 400 | 55,240 | 1230 |
| 30. | 18,350 | 400 | 56,470 | 1230 |
| 31. | 18,750 | 400 | 57,700 | 1230 |
| 32. | 19,150 | 450 | 58,930 | 1380 |
| 33. | 19,600 | 450 | 60,310 | 1380 |
| 34. | 20,050 | 450 | 61,690 | 1380 |
| 35. | 20,500 | 450 | 63,070 | 1380 |
| 36. | 20,950 | 450 | 64,450 | 1380 |
| 37. | 21,400 | 450 | 65,830 | 1380 |
| 38. | 21,850 | 500 | 67,210 | 1540 |
| 39. | 22,350 | 500 | 68750 | 1540 |
| 40. | 22,850 | 500 | 70,290 | 1540 |
| 41. | 23,350 | 500 | 71,830 | 1540 |
| 42. | 23,850 | 500 | 73,370 | 1540 |
| 43. | 24,350 | 500 | 74,910 | 1540 |
| 44. | 24,850 | 76,450 |
7. न्यायिक सेवा के पदाधिकारियों के परिलब्धियों की गणना पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन निर्धारण के लिए निम्नरूपेण की जाएगीः-
(क) 01 जनवरी 2006 को न्यायिक पदाधिकारियों को प्राप्त वेतन का पुनरीक्षण एवं निर्धारण उपर्युक्त अंकित मास्टर वेतनमान के 1 से 44 स्तर में निर्धारित होगा । फिटमेंट या वेतन निर्धारण में कोई अतिरिक्त वेतनवृद्धि या अतिरिक्त वेतन पुनर्निधारण का लाभ पुनरीक्षित वेतनमान में देय नहीं होगा ।
(ख) ऐसे न्यायिक पदाधिकारी जिनका वेतन पुनरीक्षित वेतनमान में 01 जनवरी 2006 को पुनरनिर्धारित किया गया है को पुनरीक्षित वेतनमान में अगली वेतनवृद्धि की तिथि वही होगी जो उनके अपुनरीक्षित वेतनमान में थी ।
(ग) माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ वास्तविक रूप से 01 जनवरी 2006 से दिया जाना है ।
आदेश निर्गत होने की तिथि के संबंधित माह से पुनरीक्षित वेतन का लाभ इन न्यायिक पदाधिकारियों को दिया जा सकेगा ।
जहाँ तक 01 जनवरी 2006 से बकाये वेतन तथा जीवनयापन भत्ता के भुगतान का प्रश्न है बकाये राशि का 40 प्रतिशत चालू वित्तीय वर्ष में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित न्यायिक पदाधिकारियों के सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा किया जायेगा, जिसकी निकासी अगली तीन वर्षो के बाद की जा सकेगी । शेष 60 प्रतिशत राशि में से आधी राशि का नकद भुगतान वित्तीय वर्ष 2011-12 में एवं शेष आधी राशि का भुगतान वित्तीय वर्ष 2012-13 में किया जायेगा ।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 13 जुलाई 2010 वैसे न्यायिक पदाधिकारी जो नयी अंशदायी पेंशन योजना से आच्छादित है, उनकी कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा किया जाना संभव नहीं है इस राशि को वर्ष 2013-14 में उन्हें नकद भुगतान किया जायेगा । शेष 60% की आधी राशि 2011-12 तथा आधी राशि 2012-13 में भुगतेय होगा ।
(घ) पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन वैसे सभी पदाधिकारियों को मान्य होगा जो दिनांक 01/01/2006 को सेवा में थे अथवा 01 जनवरी 2006 या उसके बाद नियुक्त हुए हों, परन्तु वैसे पदाधिकारी जो 01 जनवरी 2006 को निलंबित या छुट्टी पर थे या कर्त्तव्य पर नहीं थे उन पर पुनरीक्षित वेतनमान कर्त्तव्य पर आने की तिथि से प्रभावी होगा ।
8. 01 जनवरी 2006 को या उसके बाद नियुक्त न्यायिक पदाधिकारी वैचारिक रूप से पुनरीक्षित वेतनमान में नियुक्त माने जाएंगे परन्तु आर्थिक लाभ उपर्युक्त कंडिका में वर्णित शर्त्तों के अधीन होगा ।
9. पुनरीक्षित वेतनमान में समय-समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ता के दर का भुगतान किया जायेगा । 01 जनवरी 2006 के बाद से समय-समय पर स्वीकृत महँगाई भत्ता की दर से संबंधित विवरणी (अनुलग्नक-I) में अंकित किया गया है। आदेशः—आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मदन मोहन प्रसाद, विशेष सचिव ।
———— अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 476-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in