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केन्द्रीय षष्टम वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में केन्द्रीय कर्मियों के वेतन एवं भत्ताें का पुनरीक्षण किया गया था साथ ही रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना भी प्रभावी किया गया । उक्त के आलोक में केन्द्रीय कर्मियों की भांति राज्य कर्मियों को पुनरीक्षित वेतन तथा भत्ते आदि पर सम्यक अनुशंसा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा वेतन समिति का गठन किया गया । 2. वेतन समिति के अनुशंसा का अध्ययन कर उसमें निहित अनुशंसाओं के क्रियान्वयन के संबंध में परामर्श देने हेतु विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया गया । वेतन समिति की अनुशंसा तथा त्रिसदस्यीय समिति की समीक्षात्मक प्रतिवेदन के आधार पर रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना को लागू करने के लिए योजना प्रारूप पर सरकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। जो निम्नांकित हैः— 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरंभः—
(I) यह योजना बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त "रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना 2010" कही जाएगी ।
(II) यह योजना पूर्व की "बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना) नियमावली, 2003 को अधिक्रमित कर बनायी गयी है तथा समूह 'क' की संगठित सेवा के पदाधिकारियों को छोड़कर बिहार सरकार के ग्रुप 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी' श्रेणी के पदों पर नियमित रूप से नियुक्त सभी असैनिक कर्मचारियों पर लागू होगी ।
(III) यह 01 जनवरी 2009 के प्रभाव से प्रवृत्त होगी ।
2. परिभाषाएँः- इस योजना में, जबतक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः-
(I) "संवर्ग" से अभिप्रेत है एक पृथक इकाई के रूप में किसी सेवा या पदों का समूह; (II) "उत्क्रम" से अभिप्रेत है योजना के अधीन परिलक्षित किये गए मूल कोटि से उच्चतर कोटि का ग्रेड-पे;
2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 16 जुलाई 2010(III) "सीमित प्रतियोगिता परीक्षा" से अभिप्रेत है संवर्ग/सेवा योजना में यथोपबंधित अधीनस्थ सेवा या संवर्ग के सदस्यों के बीच से उच्चतर संवर्ग के लिए चयन हेतु परीक्षा ।
(IV) "स्कीम" से अभिप्रेत है इस योजना के अधीन रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना ।
3. बिहार सरकार के समूह 'ए', 'बी', 'सी' एवं 'डी' के नियमित कर्मचारियों के लिए रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना (एम0ए0सी0पी0एस0, 2010) के रूप में जानी जाएगी । समूह 'ए' के एकाकी पदों पर भी लागूू की जा सकेगी । यह योजना राजकीयकृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं राज्य सरकार द्वारा पूर्ण या आंशिक अनुदान प्रदत्त स्वायत्त संस्थाओं या लोक उपक्रमों पर लागू नहीं होगी । यह योजना पूर्व की ए0सी0पी0 नियमावली, उसके सभी संशोधनों एवं स्पष्टीकरण को अधिक्रमित कर बनायी गयी है । इस योजना को प्रभावी करने तथा वित्तीय उन्नयन स्वीकृत करने की शर्त्तें एवं प्रक्रिया परिशिष्ट-I में दी गई हैं । 4. इस योजना के अधीन वित्तीय उन्नयन की स्वीकृति के मामलों पर वही समिति विचार करेगी जो संप्रति सुनिश्चित वृत्ति योजना में वित्तीय उन्नयन पर विचार करती है । यह ध्यान रखा जाएगा कि समिति के सदस्य वैसे पदाधिकारी होंगे जो एम0ए0सी0पी0 के विचारणीय ग्रेड से कम-से-कम एक गे्रड ऊपर के पद धारण करते हों तथा वह सरकार में उप-सचिव के समकक्ष पद से अन्यून पंक्ति के न हों । अध्यक्ष समिति के सदस्यों के गे्रड से कम-से-कम एक ग्रेड ऊपर का होगा । 5. जहाँ समिति विभाग में गठित की जाती है वहाँ स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसाएँ विभागीय सचिव के समक्ष अथवा अन्य मामलों में संगठन के प्रधान/सक्षम प्राधिकार के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जायेंगी । 6. प्रशासनिक तंत्र पर अनावश्यक दबाव हटाने के लिए स्क्रीनिंग समिति एक समय सीमा का पालन करेगी तथा एक वित्तीय वर्ष में दो बार, अधिमानतः जनवरी के प्रथम सप्ताह और जुलाई के प्रथम सप्ताह मे उसकी बैठक उस छमाही में परिपक्व होने वाले मामलों पर अग्रिम विचार करने के लिए होगी । तदनुसार किसी वित्तीय वर्ष की प्रथम छमाही (अप्रैल-सितम्बर) के दौरान परिपक्व होनेवाले मामलों पर जनवरी के प्रथम सप्ताह में होनेवाली स्क्रीनिंग समिति की बैठक में विचार किया जाएगा । ठीक इसी तरह किसी वित्तीय वर्ष के जुलाई के प्रथम में होनेवाली स्क्रीनिंग समिति की बैठक मे उन्हीं मामलों पर विचार किया जाएगा जो उसी वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही (अक्तूबर-मार्च) में परिपक्व होंगे । 7. किन्तु एम0ए0सी0पी0 योजना को लागू करने के लिए संवर्ग नियंत्री प्राधिकारी एम0ए0सी0पी0 योजना के अधीन लाभों की स्वीकृति के लिए 30 जून, 2009 तक परिपक्व मामलों पर विचार करने हेतु इन अनुदेशों के निर्गत होने की तारीख से एक माह के अन्दर पहली स्क्रीनिंग समिति गठित करेगा । 8. एम0ए0सी0पी0 योजना के उपबंधों के दायरे एवं अभिप्राय के बारे मे संंदेह होने पर उसका निर्वचन/स्पष्टीकरण वित्त विभाग द्वारा किया जाएगा । यह योजना 01 जनवरी 2009 के प्रभाव से लागू होगी । दूसरे शब्दों मे पूर्व की ए0सी0पी0 योजना नियमावली 2003 के उपबंधों के अनुसार वित्तीय उन्नयन 31 दिसम्बर 2008 तक स्वीकृत किए जायेंगे । 9. एम0ए0सी0पी0 योजना के अन्तर्गत वेतन निर्धारण के कारण किसी कनीय कर्मचारी को वरीय कर्मचारी से अधिक वेतन मिलने की दशा में वेतन बैंड में वेतन अथवा ग्रेड वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा । 10. यह स्पष्ट किया जाता है कि कोई पुराना मामला पुनः खोला नहीं जाएगा । आगे, रूपांतरित एम0ए0सी0पी0 योजना को लागू करते समय एक ही संवर्ग मे पुरानी ए0सी0पी0 योजना नियमावली 2003 तथा एम0ए0सी0पी0 योजना के अधीन वित्तीय उन्नयन की स्वीकृति के फलस्वरूप वेतनमान में अंतर, विसंगति नहीं मानी जाएगी ।
परिशिष्ट-I रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना (रू0सु0वृ0उ0यो0) में वित्तीय उन्नयन स्वीकृत करने की शर्त्तें एवम् प्रक्रिया । 1. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन सीधी भर्त्ती वाले गे्रड में क्रमशः 10, 20 और 30 वर्षाें की सेवा पूरी करने पर तीन वित्तीय उन्नयन दिए जाएंगे । जब कभी कोई व्यक्ति एक ही ग्रेड वेतन में लगातार 10 वर्ष की सेवा पूरी कर लेगा तब उसे इस योजना के अधीन वित्तीय उन्नयन अनुमान्य होगा ।
2. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना अंतर्गत वित्तीय उन्नयन वित्त विभाग के वेतन पुनरीक्षण संकल्प 630, दिनांक 21 जनवरी 2010 की अनुसूची-I में वर्णित ग्रेड-पे की श्रृंखला में महज उपर के ग्रेड-पे में दिया जाएगा । इस प्रकार रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उन्नयन के समय, जहाँ दो आनुक्रमिक गे्रडों के बीच नियमित प्रोन्नति नहीं होती हो, कतिपय ऐसे मामले में ग्रेड वेतन उससे भिन्न हो सकता है जो नियमित प्रोन्नति के समय उपलब्ध होता हो । ऐसे मामले मे संबद्ध संवर्ग/संगठन के पद सोपान में अगली प्रेान्नति से जुड़ा उच्चतर गे्रड वेतन नियमित प्रोन्नति के समय ही दिया जाएगा ।
3. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उन्नयन वेतन बैंड-4 मे उच्चतम ग्रेड वेतन 12000 रु0 तक अनुमान्य होगा ।
4. इस योजना के अधीन वित्तीय उन्नयन देते समय वेतन निर्धारण का वही लाभ दिया जाएगा जो नियमित प्रोन्नति के समय दिया जाता है । इसलिए, ऐसे उन्नयन के पूर्व वेतन बैंड और ग्रेड वेतन में मिलने वाले कुल वेतन में 3 izfr'kr की वृद्धि की जाएगी । किन्तु, यदि रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन स्वीकृत गे्रड वेतन वहीं हो जो नियमित प्रोन्नति के समय का ग्रेड-वेतन हो तो नियमित प्रोन्नति के समय कोई वेतन निर्धारण नहीं किया जाएगा । वास्तविक प्रोन्नति के समय यदि यह उससे उच्चतर ग्रेड-वेतन वाला पद हो जो रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के समय मिला था, तब भी कोई वेतन निर्धारण नहीं होगा और मात्र गे्रड वेतन की अन्तर राशि जोडी़ जाएगी । उदाहरणार्थ, यदि कोर्ई सरकारी सेवक वेतन बैंड-1 के गे्रड वेतन 1900 रु0 में सीधी भर्ती के माध्यम से योगदान करता है और उसे 103 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 16 जुलाई 2010 वर्ष की सेवा पूरी करने तक कोई प्रोन्नति नहीं मिलता हो तो रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उसे अगले उच्चतर ग्रेड वेतन 2000 रु0 में वित्तीय उन्नयन प्रदान किया जाएगा एवं उसका वेतन निर्धारण एक वेतन वृद्धि के साथ-साथ ग्रेड-पे के अंतर (अर्थात् 100 रू0) को जोड़कर निर्धारित किया जाएगा । रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उन्नयन प्राप्त कर लेने के बाद यदि वह सरकारी सेवक अपने संवर्ग के ऊपरी पद सेापान में नियमित प्रोन्नति प्राप्त करता हो जिसका ग्रेड वेतन 2400 रु0 हो तो, नियमित प्रोन्नति मिलने पर उसे मात्र गे्रड वेतन 2400 रु0 और 2000 रु0 की अन्तर राशि ही प्रदान की जाएगी । इस प्रक्रम पर उसे कोई अतिरिक्त वेतन-वृद्धि नहीं दी जाएगी ।
5. वेतन समिति द्वारा अनुशंसित वेतनमानों के आमेलन/पदों के उत्क्रमण के कारण जिन ग्रेडों का अब ग्रेड वेतन एक ही हो गया है उन ग्रेडों की पूर्व में अर्जित प्रोन्नति सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन स्वीकृत उत्क्रमणों को रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उत्क्रमण प्रदान करने के प्रयोजनार्थ नजरअंदाज कर दिया जाएगा । यह बाद में दिए गए उदाहरण से स्पष्ट हो जाएगा ।
किसी संगठन विशेष में पुनरीक्षण पूर्व पदसोपान (आरोही क्रम में) निम्न प्रकार थाः— (क) कोई सरकारी सेवक जिसकी नियुक्ति पद सोपान के 5000-8000 रू0 के वेतनमान में हुई थी और 01 जनवरी 2006 के पूर्व 25 वर्षो की सेवा के बाद भी कोई प्रोन्नति नहीं मिली, उसके मामले में उसे सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन अपने संवर्ग के पद सोपान के अगले ग्रेडों में दो वित्तीय उन्नयन मिला होता, अर्थात् उसे 5500-9000 रु0 और 6500-10,500 रु0 का पुनरीक्षण पूर्व वेतनमान मिलता ।
(ख) दूसरा, सरकारी सेवक उसी पद सोपान के 5000-8000 रु0 के वेतनमान में नियुक्त हुआ, उसने भी 25 वर्ष की सेवा पूरी की, किन्तु इस अवधि में उसे 5500-9000 रु0 और 6500-10,500 रु0 के अगले उच्चतर गे्रडों मे दो प्रोन्नतियां मिली ।
उपर्युक्त (क) और (ख) दोनों मामले में सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन 01 जनवरी 2006 के पूर्व 5500-9000 रु0 तथा 6500-10,500 रु0 के पुनरीक्षण पूर्व वेतनमान मे स्वीकृत प्रोन्नति/वित्तीय उत्क्रमण को वेतन समिति द्वारा अनुशंसित पुनरीक्षण पूर्व वेतनमानों 5000-8000 रू0, 5500-9000 रु0 और 6500-10,500 रु0 के आमेलन के मद्देनजर नजरअंदाज कर दिया जाएगा । वेतन समिति की अनुशंसा पर वित्त विभाग के संकल्प 630 दिनांक 21 जनवरी 2010 के अनुसार उन दोनो को वेतन बैंड-2 में ग्रेड वेतन 4200 रु0 प्रदान किया जाएगा । रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना लागू किये जाने पर उपर्युक्त (क) और (ख) दोनों मामलों मे वेतन बैंड-2 में दो उच्चतर ग्रेड वेतन 4600 रू0 और 4800 रु0 का दो वित्तीय उत्क्रमण प्रदान किया जाएगा ।
6. 31 दिसम्बर 2005 तक सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उत्क्रमण प्राप्त सभी कर्मचारियों के मामले में, उनका पुनरीक्षित वेतन सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उन्हें स्वीकृत वेतनमान के संदर्भ में निर्धारित किया जाएगा ।
6.1 01 जनवरी 2006 और 31 दिसम्बर 2008 के बीच सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उत्क्रमण प्रदान किए जाने की दशा में, राज्य सरकार के कर्मचारी को वित्त विभाग के संकल्प 630 दिनांक 21 जनवरी 2010 के अधीन यह विकल्प होगा कि वह वेतन पुनरीक्षित वेतन संरचना के अधीन अपना वेतन निर्धारण या तो (क) 01 जनवरी 2006 के प्रभाव से 01 जनवरी 2006 को अपने पुनरीक्षण पूर्व वेतनमान के संदर्भ में करावे, या (ख) सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन स्वीकृत पुनरीक्षण पूर्व वेतनमान के संदर्भ में सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन अपने वित्तीय उत्क्रमण की तारीख के प्रभाव से करावे । यदि विकल्प (ख) का चयन किया जाता है तो वह अपने बकाए वेतन को प्राप्त करने का हकदार अपने विकल्प की तारीख से ही होगा अर्थात सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उत्क्रमण की तारीख से ।
6.2 वैसे मामलों में जहाँ सरकारी सेवकों को सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना नियमावली 2003 के उपबंधो के अनुसार अपने संवर्ग के पदसोपान में अगले उच्चतर वेतनमान में वित्तीय उत्क्रमण स्वीकृत किया गया था, किन्तु जहाँ वेतन समिति की अनुशंसाओं के कार्यान्वयन के फलस्वरूप संवर्ग के पद सोपान में अगला उच्चतर पद उच्चतर ग्रेड वेतन स्वीकृत किए जाने से उत्क्रमित कर दिया गया हो वहाँ ऐसे कर्मचारयों की पुनरीक्षित वेतन संरचना उस पद के लिए स्वीकृत उच्चतर गे्रड वेतन के संदर्भ में निर्धारित की जाएगी । किन्तु, रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना लागू किये जाने की तारीख से इस योजना के अधीन सभी वित्तीय उत्क्रमण वेतन समिति की अनुशंसा एवं वेतन पुनरीक्षण संकल्प, 2010 द्वारा यथा अनुसूचित वेतन बैंंडों के ग्रेड वेतनों के सेापान के अनुसार ही किया जाए ।
7. प्रोन्नति दिए जाने/रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उत्क्रमण प्रदान किए जाने पर वेतन निर्धारण के संदर्भ में सरकारी सेवक को एफ0आर0 22 (1) (क) के अधीन यह विकल्प होता है कि वह अपना वेतन उच्चतर पद/ग्रेड वेतन में या तो अपनी प्रोन्नति/उत्क्रमण की तारीख से निर्धारित करावे या अपनी वेतन-वृद्धि की अगली तारीख, अर्थात् वर्ष की पहली जुलाई से करावे । वेतन तथा अगली वेतन-वृद्धि की तारीख वेतन पुनरीक्षण संकल्प के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित की जाएगी ।
8. भर्ती नियमावली के अनुसार प्रोन्नति श्रृखंला में समान गे्रड वेतन वाले पद में अर्जित प्रोन्नति की गणना रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के प्रयोजनार्थ की जाएगी ।
8.1 वेतन समिति की अनुशंसाओं को लागू किए जाने के फलस्वरूप, 5400 रु0 का गे्रड वेतन अब दो वेतन बैंडों यथा वेतन बैंड-2 और वेतन बैंड-3 में है । रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उत्क्रमण स्वीकृत4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 16 जुलाई 2010 करने के प्रयोजनार्थ वेतन बैंड-2 के ग्रेड वेतन 5400 रु0 तथा वेतन बैंड-3 में ग्रेड वेतन 5400 रु0 को पृथक गे्रड वेतनों के रूप में माना जाएगा ।
9. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के प्रयोजनार्थ "नियमित सेवा" नियमित आधार पर सीधी भर्ती वाले गे्रड के पद पर योगदान की तिथि से प्रारंभ होगी चाहे वह सीधी भर्ती के माध्यम से हुई हो या समायोजन/पुनर्नियोजन के माध्यम से, नियुक्ति पूर्व प्रशिक्षण पर नियमित नियुक्ति के पूर्व तदर्थ/संविदा के आधार पर की गई सेवा की गणना नहीं की जाएगी । किन्तु, नए विभाग में नियमित नियुक्ति के पूर्व एक ही ग्रेड वेतन वाले पद पर दूसरे सरकारी विभाग की पिछली लगातार नियमित सेवा, जो टूट रहित हो उसे भी रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के प्रयोजनार्थ (न कि नियमित प्रोन्नतियों के प्रयोजनार्थ) अर्हक नियमित सेवा के रूप में गिनी जाएगी । किन्तु ऐसे मामले में रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन लाभ देने पर तबतक विचार नहीं किया जाएगा जबतक कि नए पद पर परिवीक्षा अवधि को संतोषप्रद ढंग से पूरा न कर लिया जाए ।
10. राज्य सरकार में नियुक्ति के पूर्व राज्यकीयकृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं राज्य सरकार द्वारा पूर्ण या आंशिक अनुदान प्रद्त्त स्वायत्त संस्थाओं या लोक उपक्रमों में किसी सरकारी सेवक द्वारा की गई पिछली सेवा की गणना नियमित सेवा के रूप में नहीं की जाएगी ।
11. नियमित सेवा में प्र्रतिनियुक्ति/वाह्य सेवा में बिताई गई सभी अवधि, अघ्ययन अवकाश तथा सक्षम प्राधिकार द्वारा स्वीकृत अन्य प्रकार की सभी छुटि्टयाँ शामिल होंगी ।
12. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना कार्यभारित कर्मचारियों के लिए भी लागू होगी, यदि उनकी सेवा-शर्त्तें नियमित स्थापना के कर्मचारियों से तुलनीय हों ।
13. रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना मात्र राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रत्यक्षतः लागू होगी । यह किसी विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन राज्य सरकार द्वारा पूर्ण या आंशिक अनुदान प्रद्त स्वायत्त संस्थाओं या लोक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए लागू नहीं होगा ।
14. यदि कर्मचारियों के अयोग्य होने के कारण या विभागीय कार्यवाही आदि के कारण रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना आस्थगित/विलम्बित रखा जाता हो और किसी ग्रेड वेतन में 10 वर्षों के बाद नहीं दिया जाता हो, इसका परिणामी प्रभाव उत्तरवर्ती (बाद के) वित्तीय उत्क्रमण पर भी पडे़गा और वह भी उस हद तक आस्थगित/विलम्बित हो जाएगा जितनी देर प्रथम वित्तीय उत्क्रमण प्रदान करने में होगी ।
15. इस योजना के अधीन वित्तीय उत्क्रमण प्रदान किए जाने पर पदनाम, वर्गीकरण या उच्चतर हैसियत में कोई परिवर्त्तन नहीं होगा । किन्तु वित्तीय तथा कतिपय अन्य लाभ, जो कर्मचारी को प्राप्त वेतन से जुडे़ हुए हैं, यथा गृह निर्माण अग्रिम, सरकारी आवास का आवंटन, दिए जाएंगे ।
16. योग्यता के अध्यधीन, वित्तीय उत्क्रमण वेतन बैंड-1 के अन्तर्गत गे्रड वेतन के सोपान मे गैर कार्यात्मक (नन् फंक्सनल) होगा । तत्पश्चात्, रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उत्क्रमण के लिए वेतन बैंड-3 के ग्रेड वेतन 6600 रु0 तक बेंचमार्क (अच्छा) लागू होगा 7600 रु0 तथा उपर के ग्रेड वेतन तक के वित्तीय उत्क्रमण के लिए बेंचमार्क (बहुत अच्छा) लागू होगा ।
17. अनुशासनिक/शस्ति वाली कार्यवाहियों के मामले में, रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन लाभ प्रदान किया जाना सामान्य प्रोन्नति को विनियमित करने वाले नियमों के अध्यधीन होगा ।
18. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना में मात्र व्यक्तिगत आधार पर ठीक उच्चतर ग्रेड वेतन में केवल वित्तीय उत्क्रमण प्रदान करने की बात है और इससे संबद्ध कर्मचारियों को वास्तविक/कार्यात्मक प्रोन्नति नहीं मिलती । इसलिए, रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना पर कोई आरक्षण आदेश/रोस्टर लागू नहीं होगा और इसका लाभ समान रूप से सभी पात्र अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन-जाति के कर्मचारियों को भी मिलेगा । किन्तु नियमित प्रोन्नति के समय प्रोन्नति में आरक्षण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा ।
19. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उत्क्रमण कर्मचारी विशेष के लिए पूर्णतः व्यक्तिगत होगा और उसकी वरीयता की स्थिति पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा । इसलिए, वरीय कर्मचारियों को इस आधार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय उत्क्रमण नहीं होगा कि उस ग्रेड में कनीय कर्मचारी ने रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना उच्चतर वेतन/ग्रेड वेतन प्राप्त कर लिया है ।
20. वेतन बैंड में प्राप्त वेतन तथा रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन स्वीकृत ग्रेड वेतन सेवा-निवृत होने वाले कर्मचारी की बाबत सेवांत लाभ के निर्धारण के लिए आधार के रूप में लिया जाएगा ।
21. यदि समूह 'क' का सरकारी कर्मचारी, जो सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन आच्छादित नहीं था, 30 वर्षों की नियमित सेवा पूरी करने के कारण अब यदि सीधे तृतीय वित्तीय उत्क्रमण का हकदार हो गया हो तो उसका वेतन पुनरीक्षित वेतन बैंड और ग्रेड वेतन के सोपान में क्रमशः ठीक अगले तीन उच्चतर ग्रेड वेतन में निर्धारित किया जाएगा और हर स्तर पर उसे 3 प्रतिशत का वेतन निर्धारण लाभ दिया जाएगा । इसी प्रकार द्वितीय वित्तीय उत्क्रमण के लिए पात्र हो गए व्यक्तियों का वेतन भी तद्नुसार निर्धारित किया जाएगा ।
22. यदि किसी कर्मचारी को अपने संगठन में अतिरेक घोषित कर दिया जाता हो और उस की नियुक्ति नए संगठन में उसी वेतनमान या निम्नतर वेतनमान में की जाती हो तो पिछले संगठन में उसके द्वारा की गई नियमित सेवा की गणना रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन नए संगठन में उसे वित्तीय उत्क्रमण देने के प्रयोजनार्थ नियमित सेवा के रूप में की जाएगी ।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 16 जुलाई 2010 23. यदि कोई कर्मचारी प्रोन्नति/सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन प्राप्त करने के बाद निम्नतर पद या निम्नतर वेतनमान में एक पक्षीय स्थानान्तरण चाहता हो तो वह नए संगठन के पद पर अपनी प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन 20/30 वर्षों की नियमित सेवा पूरी करने पर यथास्थिति द्वितीय और तृतीय वित्तीय उत्क्रमण का ही हकदार होगा ।
24. वित्तीय उत्क्रमण का हकदार होने के पूर्व यदि किसी कर्मचारी को नियमित प्रोन्नति का ऑफर दिया गया हो किन्तु उसके द्वारा ऑफर ठुकरा दिया गया हो तो ऐसे कर्मचारी को कोई वित्तीय उत्क्रमण स्वीकृत नहीं किया जाएगा क्योंकि अवसर के अभाव के कारण वह गत्यावरोध की स्थिति में नहीं रहा । किन्तु, यदि गत्यावरोध के कारण वित्तीय उत्क्रमण स्वीकृत किया गया हो और बाद में कर्मचारी ने प्रोन्नति अस्वीकार कर दिया हो तो वित्तीय उत्क्रमण वापस लेने का यह आधार नहीं बनेगा । किन्तु वह आगे वित्तीय उत्क्रमण दिए जाने के लिए विचार करने का तबतक पात्र नहीं होगा जबतक कि वह पुनः प्रोन्नति दिए जाने पर विचार करने के लिए राजी न हो जाए तथा द्वितीय एवं अगले वित्तीय उत्क्रमण भी अस्वीकार किए जाने के कारण विवर्जन की अवधि के हद तक अस्थागित कर दिया जाएगा ।
25. अन्य व्यक्तियों के साथ-साथ, पूर्णतः तदर्थ आधार पर उच्चतर पद धारण करने वाले व्यक्ति के मामले पर भी स्क्रीनिंग समिति द्वारा विचार किया जाएगा । कनीय पद पर प्रत्यावर्तन होने पर अथवा यदि तदर्थ आधार पर प्राप्त वेतन की अपेक्षा यह अधिक लाभकारी होने पर उन्हें भी वित्तीय उत्क्रमण स्वीकृत किया जा सकेगा ।
26. रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वित्तीय उत्क्रमण का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले कर्मचारियों को अपने पैतृक विभाग में प्रत्यावर्तित होने की आवश्यकता नहीं है । वे अपने द्वारा धारित पद के वेतन बैंड और ग्रेड वेतन या रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उन्हे अनुमान्य वेतन और ग्रेड वेतन का योग जो भी लाभकारी हो, प्राप्त करने के लिए नए सिरे से विकल्प दे सकेंगे ।
उदाहरणः— (क) (1) यदि वेतन बैंड-1, ग्रेड वेतन 1900 रु0 वाला कोई सरकरी सेवक (नि0व0लि0) 8 वर्षों की सेवा पूरी करने पर अपना प्रथम नियमित प्रोन्नति (उ0व0लि0) के वेतन बैंड-1, ग्रेड वेतन-2400 रू0 प्राप्त करता हो और तब उसी गे्रड वेतन में आगे 10 वर्षों तक बिना किसी प्रोन्नति के बना रहता हो तो वह 18 वर्षों (8+10 वर्ष) की सेवा पूरी करने के बाद रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन वेतन बैंड-1, गे्रड वेतन 2800 रू0 में द्वितीय वित्तीय उत्क्रमण का पात्र होगा ।
(2) यदि वह तत्पश्चात कोई प्रोन्नति नहीं प्राप्त करता हो तो वह आगे 10 वर्षेा की सेवा पूरी करने पर अर्थात 28 वर्ष (8+10+10) की सेवा पूरी करने पर वेतन बैंड-2 ग्रेड वेतन 4200 में तृतीय वित्तीय उत्क्रमण प्राप्त करेगा । (3) किन्तु यदि वह आगे पांच वर्षों की सेवा के बाद अर्थात 23 वर्ष (8+10+5) की सेवा पूरी करने पर द्वितीय प्रोन्नति वेतन बैंड-2, ग्रेड वेतन 4200 रू0 (सहायक गे्रड/गे्रड-ग) में प्राप्त कर लेता हो तो वह 30 वर्षाें की सेवा पूरी करने पर अर्थात द्वितीय सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन के 10 वर्ष बाद तृतीय वित्तीय उत्क्रमण वेतन बैंड-2 ग्रेड वेतन 4600 रू0 में प्राप्त करेगा ।
उपर्युक्त परिदृश्य में ऐसा उत्क्रमण के पूर्व प्राप्त वेतन बैंड और ग्रेड वेतन के योग के 3 प्रतिशत देकर उसका वेतन बढ़ा दिया जाएगा । किन्तु यदि नियमित प्रोन्नति उसी ग्रेड वेतन या उच्चतर ग्रेड वेतन में होती हो तो उस समय पुनः कोई वेतन निर्धारण नहीं किया जाएगा । प्रोन्नतियों के समय मात्र गे्रड वेतन की अंतर राशि अनुमान्य होगी । (ख) यदि किसी वेतन बैंड-1, ग्रेड वेतन 1900 वाले सरकारी सेवक (नि0व0लि0) को 10 वर्षों की सेवा पूरी करने पर वेतन बैंड-1, ग्रेड वेतन 2000 रू0 में रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन प्रथम वित्तीय उत्क्रमण स्वीकृत किया जाता हो और 5 वर्ष बाद वह वेतन बैंड-1, ग्रेड वेतन 2400 रु0 में प्रथम नियमित प्रोन्नति (उ0व0लि0) में प्राप्त करता हो तो 20 वर्षों की सेवा पूरी करने पर रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन उसे अगले उच्चतर ग्रेड वेतन अर्थात सरकारी सेवक द्वारा धारित ग्रेड वेतन से उपर का वेतन बैंड-1 गे्रड वेतन 2800 रू0 में द्वितीय वित्तीय उत्क्रमण प्रदान किया जाएगा । 30 वर्षों की सेवा पूरी करने पर वह गे्रड वेतन 4200 रु0 में तृतीय सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन प्राप्त करेगा । किन्तु 20 वर्षों की सेवा पूरी करने के पूर्व यदि वह दो प्रोन्नतियाँ प्राप्त कर लेता है तो द्वितीय प्रोन्नति की तारीख से उस ग्रेड वेतन मे 10 वर्षाें की सेवा पूरी करने पर या सेवा के 30वें वर्ष में, जो भी पहले हो, तृतीय वित्तीय उत्क्रमण अनुमान्य होगा । यदि सरकारी सेवक को दो नियमित प्रोन्नति दी गई हो अथवा 24 वर्षों की नियमित सेवा पूरी करने के बाद अगस्त, 1999 की सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना द्वितीय वित्तीय उत्क्रमण दिया गया हो तो उसे 30 वर्षों की सेवा पूरी करने पर रूपान्तरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के अधीन मात्र तृतीय वित्तीय उत्क्रमण अनुमान्य होगा, बशर्ते कि अपने पद सोपान में वह तृतीय प्रोन्नति प्राप्त न किया हो ।
27. इस योजना का अभिभावी प्रभावः- किसी अन्य नियमावली में इस योजना के प्रतिकूल किसी बात के होने पर भी इस योजना के प्रावधानों का अभिभावी प्रभाव होगा ।
28. निरसन एवं व्यावृत्तिः— (1) बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त्त (सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना) नियमावली, 2003 के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया कोई कार्य या की गई कोई कार्रवाई इस योजना द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए किया गया कोई कार्य या की गई कोई कार्रवाई समझी जाएगी, मानो यह योजना उस तिथि को प्रवृत्त था जिस तिथि को ऐसा कार्य किया गया था या कोई कार्रवाई की गई थी ।6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 16 जुलाई 2010 (2) इस योजना का कोई भी प्रावधान किसी व्यक्ति को योजना के प्रवृत्त होने के पूर्व पारित किसी आदेश के संबंध में अपील करने के अधिकार से वंचित नहीं करेगा, जो उसे प्राप्त होता, यदि यह योजना लागू नहीं होती । 29. शंकाओं का निराकरणः— यदि इस योजना के किसी उपबंध के निर्वचन के संबंध में कोई शंका उत्पन्न हो, तो इस मामले को सरकार के वित्त विभाग को निर्देशित किया जायेगा, और उसका विनिश्चय अंतिम होगा । आदेशः—आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।
———— अधी0क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 480-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in