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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
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संकल्प
23 जुलाई 2010
श्री कौशल किशोर सिंह, सेवा-निवृत, मुन्सरीम, बन्दोवस्त कार्यालय पटना के भविष्य निधि की राशि मो0- 1,33,753 (एक लाख तेंतीस हजार सात सौ तिरपन) रुपये का गलत भुगतान करने के संबंध में श्री वसंत प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन स0व0प0 (मु0) सम्प्रति चकवंदी पदाधिकारी राजपुर बक्सर के विरुद्ध आरोप है कि प्रधान सहायक द्वारा लगाये गये आपत्ति पर गंभीरतापूर्वक विचार किये बिना उनके द्वारा दिनांक 31 मार्च 2006 को श्री सिंह के भुगतेय राशि से संबंधित प्राधिकार-पत्र में संशोधन का निर्णय अपने स्तर से लिया गया है जो नियम के प्रतिकूल है। आपके द्वारा उक्त लिये गये निर्णय की स्वीकृति में वरीय पदाधिकारी एवं बन्दोवस्त पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी की स्वीकृति प्राप्त नहीं किया जाना आपके मनमानीपूर्ण कार्य को उजागर करता है। श्री सिन्हा द्वारा अपने स्पष्टीकरण में स्वीकार किया गया है कि "मेरे द्वारा अगर सेवापुस्त, पेंशन कागजात की छानबीन आदेश पािरत करने के पूर्व कर ली जाती तो गलत भुगतान नहीं हो पाता," जबकि प्रधान सहायक द्वारा उठाये गये आपत्ति पर भी इन्होंने ध्यान (जाँच) देना आवश्यक नहीं समझा। स्पष्ट है कि गलत भुगतान के लिए इनको दोषी मानने का पर्याप्त आधार है। उक्त आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(क) के तहत विभागीय पत्रांक 475 नि0को0, दिनांक 01 जुलाई 2008 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया। आरोपों की 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 29 जुलाई 2010 2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 01/गो0, दिनांक 02 जनवरी 2009 से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन पर जिला पदाधिकारी, पटना से मंतव्य की मांग की गई जो विभाग को अप्राप्त है। कालान्तर में श्री सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर याचिका सं0 16840/09 में दिनांक 27 जनवरी 2010 को पारित न्यायादेश के आलोक में विभागीय पत्रांक 297 नि0को0, दिनांक 07 अप्रील 2010 द्वारा श्री सिन्हा को निलम्बन से मुक्त किया गया। श्री सिन्हा के विरुद्ध कुल तीन आरोप प्रतिवेदित थे। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री सिन्हा के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोप सं0 3- इनके द्वारा स्पष्टीकरण में स्वीकार किया गया है कि अगर इनके द्वारा सेवापुस्त, पेंशन आदि कागजात की छानबीन आदेश पारित करने के पूर्व कर ली जाती तो गलत भुगतान नहीं हो पाता, .....................................को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया।
3. श्री सिन्हा के विरुद्ध गठित आरोपों, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं मंतव्य के आलोक में मामले की समीक्षा की गई। सम्यक् समीक्षोपरांत श्री सिन्हा को प्रमाणित आरोपों के लिए ''निन्दन'' की सजा एवं मो0 1,33,753 (एक लाख तेंतीस हजार सात सौ तिरपन) रु0 की वसूली श्री सिन्हा से करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।
अतः सरकार के निर्णयानुसार श्री वसंत प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन स0ब0प0(मु0) बन्दोवस्त कार्यालय, पटना सम्प्रति स0व0प0 बन्दोवस्त कार्यालय भोजपुर को निन्दन की सजा संसूचित किया जाता है, जिसकी प्रविष्टि उनके वर्ष 2006-2007 के गोपनीय चारित्री में की जायेगी। साथ ही साथ मो0 1,33,753 रु0 की वसूली श्री सिन्हा से की जायेगी।
4. श्री सिन्हा के निलम्बन अवधि में दिये गये जीवन निर्वाह-भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा। 5. आदेशः—आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह0)-अस्पष्ट,
प्रधान सचिव।
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 515-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in